MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर

पुष्पी पादपों का शारीर NCERT प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
विभिन्न प्रकार के मेरिस्टेम की स्थिति तथा कार्य बताइए।
उत्तर:
स्थिति के अनुसार विभज्योतक निम्न प्रकार के होते हैं –
1.शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem):
ये ‘जड़ तथा तने के शीर्ष पर पाये जाते हैं इनकी कोशिकाओं के विभाजन से तने तथा जड़ें लम्बाई में बढ़ती हैं। इनसे जड़ व तनों के सिरों पर वृद्धि बिन्दु का निर्माण होता है।

2. अन्तर्विष्ट विभज्योतक (Intercalary meristem):
वास्तव में यह शीर्षस्थ विभज्योतक से पृथक् हुआ भाग है जो प्ररोह की वृद्धि के समय शीर्षस्थ भाग से अलग हो जाता है और स्थायी ऊतक में परिवर्तित नहीं होता एवं स्थायी ऊतकों के बीच में विभज्योतक ऊतक के रूप में बचा रहता है। यह ऊतक पत्ती के आधार के पास अथवा पर्व के आधार के पास स्थित रहता है। अन्तर्विष्ट विभज्योतक ऊतक सामान्यतः घासों में पर्व के आधार के पास, पुदीने (Mentha) की पर्वसन्धि के नीचे इत्यादि स्थानों पर पाये जाते हैं। ये ऊतक अस्थायी होते हैं लेकिन बाद में स्थायी ऊतकों में परिवर्तित हो जाते हैं। इस ऊतक के कारण पौधा लम्बाई में बढ़ता है।

3. पार्श्व विभज्योतक (Lateral meristem):
ये विभज्योतक ऊतक तनों तथा जड़ों के पार्यों में स्थित हैं, जैसे कि संवहन एधा और कॉर्क एधा। ये ऊतक स्थायी ऊतकों के पुनः विभेदन के कारण बनते हैं। इनके विभाजन से द्वितीयक वृद्धि होती है जिससे जड़ व तने मोटाई में वृद्धि करते हैं।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 1

प्रश्न 2.
कार्क कैंबियम ऊतकों से बनता है, जो कार्क बनाते हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं ? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जब द्विबीजपत्री जड़ और तने के परिधि में वृद्धि होती है तब वल्कुट तथा बाह्य त्वचा की सतहें टूटती जाती है और उन्हें नई संरक्षी कोशिका सतह की आवश्यकता होती है। इसलिए एक दूसरा मेरीस्टेमी ऊतक तैयार हो जाता है जिसे कार्क कैंबियम अथवा कागजन कहते हैं। यह प्रायः वल्कुट क्षेत्र में विकसित होता है इसकी सतह मोटी और सँकरी पतली भित्ति वाली आयताकार कोशिकाओं की बनी होती है। कागजन दोनों ओर की कोशिकाओं को बनाता है।

बाहर की ओर की कोशिकाएँ कार्क अथवा काग में बँट जाती है और अंदर की ओर की कोशिकाएँ द्वितीयक वल्कुट अथवा कागास्तर में विभेदित हो जाती है। कार्क कोशिकाओं में पानी का प्रवेश नहीं होता है क्योंकि इसकी कोशिका भित्ति पर सूबेरिन जमा रहता है। द्वितीयक वल्कुट कोशिकाएँ पैरेकाइमी होती है। कागजन, काग तथा काग मिलकर परिचर्म बनाते हैं । ये बाहरी तथा तने के भीतरी ऊतकों के बीच गैसों का आदान-प्रदान करते हैं। ये अधिकांश काष्ठीय वृक्षों में पाये जाते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
चित्रों की सहायता से काष्ठीय एंजियोस्पर्म के तने में द्वितीयक वृद्धि के प्रक्रम का वर्णन कीजिए। इसकी क्या सार्थकता है?
उत्तर:
द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth):
“कैम्बियम तथा कॉर्क कैम्बियम की क्रियाशीलता के फलस्वरूप क्रमशः स्टील के अन्दर तथा स्टील के बाहर द्वितीयक ऊतकों के बनने के कारण जड़ तथा तने में मोटाई में हुई वृद्धि द्वितीयक वृद्धि कहलाती है।” द्वितीयक वृद्धि के कारण ही आवृतबीजी और द्विबीजपत्री पौधे वृक्ष जैसी रचना बना पाते हैं द्वितीयक वृद्धि के अभाव के कारण ही एकबीजपत्री पादपों में सामान्यतः वृक्ष का अभाव रहता है। अत: कुछ अपवादों को छोड़कर एकबीजपत्री पादपों में द्वितीयक वृद्धि का पूर्णतः अभाव होता है। जबकि द्विबीजपत्री पादपों (जड़ एवं तना) में द्वितीयक वृद्धि पायी जाती है।

द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth in cambium) – एक प्रारूपी द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि निम्न प्रकार से होती है –

(A) कैम्बियम की क्रियाशीलता (Activity of cambium):
आप जानते हैं कि द्विबीजपत्री तने में जाइलम तथा फ्लोएम के बीच एक पट्टी पायी जाती है जिसे पूलीय कैम्बियम (Fascicular cambium) कहते हैं। जब तना वयस्क हो जाता है अर्थात् उसमें द्वितीयक वृद्धि होनी होती है तब पूलीय कैम्बियम क्रियाशील हो जाता है तथा इसके साथ ही दो सम्वहन पूलों के बीच की कैम्बियम की सन्धि वाली कोशिकाएँ, जो मृदूतकी होती हैं, भी विभाजित हो जाती हैं अब इन्हें अन्तरपूलीय कैम्बियम (Interfascicular cambium) कहते हैं। इस प्रकार कैम्बियम का एक वलय बन जाता है जिसे कैम्बियम वलय (Cambium ring) कहते हैं।

अनुकूल परिस्थिति में कैम्बियम कोशिकाएँ विभाजन करने लगती हैं। यह विभाजन स्पर्श रेखीय (Tangential) होता है जिसके कारण वलय के बाहर द्वितीयक फ्लोएम तथा अन्दर द्वितीयक जाइलम का निर्माण होता है। सामान्यतः द्वितीयक फ्लोएम की अपेक्षा द्वितीयक जाइलम अधिक मात्रा में बनता है, इस कारण कैम्बियम का वलय परिधि की ओर खिसकता जाता है।

प्राथमिक जाइलम तथा फ्लोएम इस क्रिया के कारण दूर हो जाते हैं जबकि कैम्बियम क्रियाशीलता के पहले ये पास-पास स्थित होते हैं। इस समय प्राथमिक फ्लोएम दबाव के कारण कुचलकर अवशेष के रूप में रह जाता है जबकि प्राथमिक जाइलम केन्द्रीय मज्जा की ओर आ जाता है। कुछ कैम्बियम कोशिकाएँ द्वितीयक जाइलम तथा फ्लोएम के स्थान पर केवल मृदूतकी कोशिकाओं का निर्माण करने लगती हैं –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 2

जिससे अक्ष के क्षैतिज द्वितीयक जाइलम से द्वितीयक फ्लोएम तक एक पट्टी दिखाई देने लगती है। जिसे द्वितीयक ऊतकों में स्थित होने के कारण द्वितीयक मेड्यूलरी रश्मियाँ (Secondary medulary rays) कहते हैं। ये संवहन ऊतक की जीवित कोशिकाओं से सम्बन्ध स्थापित करती हैं, इन्हीं से होकर फ्लोएम तथा जाइलम की जीवित कोशिकाओं को भोजन सामग्री पहुँचती है। इसके अलावा ये कोशिकाएँ भोजन संग्रह का भी कार्य करती हैं।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 3

(B) कॉर्क कैम्बियम की सक्रियता (Activity of cork cambium):
कैम्बियम द्वारा नये ऊतकों के बनने के कारण तने के बाहरी ऊतकों पर दबाव पड़ता है जिसके कारण बाह्य त्वचा फट जाती है। इसी समय कॉर्टेक्स की बाहरी पर्त विभाजित होकर नयी कोशिकाएँ बनाने लगती हैं इस पर्त को ही कॉर्क कैम्बियम या फेलोजन (Cork cambium or Phellogen) कहते हैं। कॉर्क कैम्बियम अन्दर तथा बाहर दोनों तरफ कोशिकाओं का निर्माण करता है लेकिन बाहर की तरफ अपेक्षाकृत अधिक कोशिकाएँ बनती हैं।

कॉर्क कैम्बियम द्वारा बाहर की ओर जो कोशिकाएँ बनती हैं उन्हें कॉर्क या फेलम (Phellem) तथा अन्दर की तरफ बनी कोशिकाओं को फैलोडर्म कहते हैं। बाहर बनी कोशिकाओं में अन्तराकोशिकीय अवकाश नहीं पाया जाता है तथा ये सुबेरिन का निर्माण कर मृत हो जाती है और तने की छाल (Bark) बनाती हैं। अन्दर की ओर कोशिकाएँ द्वितीयक कॉर्टेक्स बनाती हैं जो मृदूतकी कोशिकाओं का बना होता है जिसमें हरितलवक पाया जाता है। सामान्यत: कॉर्क कैम्बियम द्वारा बनाये ऊतकों को कॉर्क (Cork or Periderm) कहा जाता है जो तने को यांत्रिक सहारा देने के साथ ही रक्षात्मक आवरण बनाता है तथा आन्तरिक ऊतकों से जल हानि को रोकता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में विभेद कीजिए –

  1. वाहिका तथा ट्रैकीड
  2. पैरेनकाइमा तथा कोलेनकाइमा
  3. रसदारु तथा अंत:काष्ठ
  4. खुला तथा बंद संवहन बंडल।

उत्तर:
1. वाहिका एवं वाहिनिका (ट्रैकीड) में अन्तर –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 4

2. पैरेनकाइमा (मृदूतक) तथा कोलेनकाइमा (स्थूलकोण ऊतक) पैरेनकाइमा (Perenchyma):

  1. इसकी कोशिकाएँ जीवित एवं पतली भित्ति वाली होती हैं।
  2. इनकी कोशिका भित्ति सेल्युलोज की बनी होती है।
  3. इनकी कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ संख्या में अधिक होती हैं।
  4. इनकी कोशिकाएँ गोल या बहुभुजी और अन्तराकोशिकीय अवकाश युक्त होती हैं।
  5. इनका मुख्य कार्य भोज्य पदार्थों का संग्रहण करना है।
  6. जब इनमें क्लोरोफिल उपस्थित होता है, तब इन्हें क्लोरेनकायमा कहते हैं। यह प्रकाश-संश्लेषण. का कार्य करता है।
  7. जब इन कोशिकाओं के अन्तराकोशिकीय अवकाश बड़े-बड़े होते हैं तब इन्हें ऐरेनकायमा कहते हैं। ये जलीय पौधों में पाये जाते हैं तथा उनको तैरने में सहायता करते हैं।

स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma):

  1. यह जीवित ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ लम्बी होती हैं।
  2. इनकी कोशिकाओं में अन्तर कोशिकीय अवकाशों का अभाव होता है।
  3. इनकी कोशिकाओं की कोशिका भित्ति के कोने सेल्युलोज एवं पेक्टिन के जमाव के कारण मोटे व स्थूलित हो जाते हैं इसलिए इन्हें स्थूलकोण ऊतक कहा जाता है।
  4. क्लोरोप्लास्ट उपस्थित होने पर ये प्रकाश-संश्लेषण का कार्य करते हैं।
  5. यह पौधे को यांत्रिक मजबूती प्रदान करता है।
  6. लचीला होने के कारण यह अंगों को तनन सामर्थ्य प्रदान करता है।
  7. क्लोरोप्लास्ट उपस्थित होने पर यह प्रकाश-संश्लेषण का कार्य करता है।

3. रसदारु तथा अंतःकाष्ठ में अन्तर।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 5

4. खुला तथा बंद संवहन बंडल

  • खुला संवहन बंडल (Open vascular bundle) – इसमें जायलम तथा फ्लोएम के बीच में कैम्बियम स्थित होता है। इस प्रकार का सम्वहन पूल द्विबीजपत्री तनों में पाया जाता है।
  • बन्द संवहन बंडल (Closed vascular bundle) – इस प्रकार के सम्वहन पूलों में कैम्बियम नहीं पाया जाता। यह एकबीजपत्री पौधों के तनों में पाया जाता है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में शारीरिकी (Anatomy) के आधार पर अंतर बताइए

  1. द्विबीजपत्री मूल तथा एकबीजपत्री मूल।
  2. द्विबीजपत्री तना तथा एकबीजपत्री तना।

उत्तर:
1. एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री जड़ (मूल) की आन्तरिक संरचना में अन्तर –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 6

2. द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री तने में अन्तर –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 8

प्रश्न 6.
आप एक शैशव तने की अनुप्रस्थ काट का सूक्ष्मदर्शी अवलोकन कीजिए।आप कैसे पता करेंगे कि यह एकबीजपत्री तना अथवा द्विबीजपत्री तना है ? इसके कारण बताइए।
उत्तर:

एक शैशव तने की अनुप्रस्थ काट का सूक्ष्मदर्शी में अवलोकन करने के पश्चात् एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री तना को निम्नलिखित संरचनाओं के आधार पर पहचाना जा सकता है –

द्विबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना(Internal structure of dicot stem) – यदि हम सूर्यमुखी के तने की आंतरिक संरचना को देखें तो इसमें निम्न रचनाएँ दिखाई देती हैं –

1. बाह्यत्वचा (Epidermis):
यह सबसे बाहरी एक कोशिकीय स्तर है जिस पर क्यूटिकिल पायी जाती है। इस पर कहीं-कहीं बहुकोशिकीय रोम तथा स्टोमेटा पाये जाते हैं।

2. कॉर्टेक्स (Cortex):
यह बाह्यत्वचा के नीचे के स्तर है जो तीन स्तरों की बनी होती है –

  • अधस्त्व चा (Hypodermis) – यह कोलेनकाइमेटस कोशिकाओं की 3 से 5 परतों की बनी होती है। इन कोशाओं में अन्तराकोशिकीय अवकाश अनुपस्थित तथा हरित लवक उपस्थित होता है।
  • सामान्य कॉर्टेक्स (General cortex) – यह अधस्त्वचा के नीचे स्थित होता है तथा अन्तराकोशिकीय अवकाशों युक्त मृदूतकी कोशिकाओं का बना होता है।
  • अन्तस्त्वचा (Endodermis) – यह कॉर्टेक्स की आन्तरिक एक कोशिकीय स्तर जो ढोलक के समान कोशिकाओं की बनी होती है। जिसमें स्टार्च कण पाये जाते हैं। इसमें कैस्पेरियन स्ट्रिप स्पष्ट दिखाई देती है।

3. पेरिसाइकिल (Pericycle):
यह परत मृदूतकी तथा दृढ़ऊतकी कोशिकाओं के एकान्तर क्रम में व्यवस्थित होने से बनती है और अन्तरस्त्वचा के नीचे स्थित होती है।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 9

4.संवहन पूल (Vascular bundle):
इनके संवहन पूल संयुक्त (Conjoint), कोलेटरल (Collateral), खुले (Open) तथा एक घेरे में व्यवस्थित होते हैं। इनका प्रत्येक संवहन पूल जाइलम, फ्लोएम तथा कैम्बियम का बना होता है। इनका जाइलम वैसेल्स, ट्रैकीड, काष्ठ तन्तु तथा काष्ठ मृदूतक का बना होता है जबकि फ्लोएम चालनी नलिकाओं, सखि कोशिकाओं तथा मृदूतक कोशिकाओं का बना होता है। इनके जाइलम तथा फ्लोएम के बीच में पतली भित्ति वाली कोशिकाओं की एक पट्टी पायी जाती है जिसे कैम्बियम कहते हैं।

5. पिथ (Pith):
तने के मध्य में मृदूतकी कोशिकाओं का बना पिथ पाया जाता है। एकबीजपत्री तने की आंतरिक संरचना (Internal structure of monocot stem) – मक्का सामान्य रूप से पाया जाने वाला एकबीजपत्री पादप है। जिसके अनुप्रस्थ काट में निम्न संरचनाएँ दिखाई देती हैं –

1. बाह्यत्वचा (Epidermis) – इसमें क्यूटिकिल उपस्थित लेकिन रोम अनुपस्थित होते हैं।

2. हाइपोडर्मिस (Hypodermis) – बाह्यत्वचा के नीचे दृढ़ऊतकी कोशिकाओं की दो से चार परतें पायी जाती हैं, जिन्हें हाइपोडर्मिस कहते हैं।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 10

3. भरण ऊतक (Ground tissue):
यह मृदूतकी अन्तराकोशिकीय अवकाश युक्त कोशिकाओं का बना भाग है जो अधस्त्वचा से लेकर तने के केन्द्र तक फैला होता है।

4. संवहन पूल (Vascular bundle):
इनके भरण ऊतक में बहुत – से संयुक्त (Conjoint), कोलेटरल (Collateral) तथा बन्द (Close) संवहन पूल बिखरे होते हैं अर्थात् इनमें कैम्बियम का अभाव होता है। प्रत्येक संवहन पूल के चारों तरफ स्क्लेरेनकाइमा कोशिकाएँ पायी जाती हैं। इनका संवहन पूल जाइलम तथा फ्लोएम का बना होता है। इसका जाइलम वेसेल्स, ट्रैकीड्स तथा जाइलम मृदूतक का बना होता है। जबकि फ्लोएम चालनी नलिकाओं तथा सखि कोशिकाओं का बना होता है। एकबीजपत्री तनों में फ्लोएम पैरेनकाइमा नहीं पायी जाती हैं। एकबीजपत्री तने में मज्जा (Pith) का अभाव होता है।

प्रश्न 7.
सूक्ष्मदर्शी किसी पौधे के भाग की अनुप्रस्थ काट का निम्नलिखित शरीर रचनाएँ दिखाती

  1. संवहन बंडल संयुक्त, फैले हुए तथा उसके चारों ओर स्क्लेरेनकाइमी आच्छद है।
  2. फ्लोएम पैरेनकाइमी है। आप इसे कैसे पहचानेंगे यह किसका है?

उत्तर:
यह एकबीजपत्री तने (Monocot stem) की अनुप्रस्थ काट की रचना है।

प्रश्न 8.
जाइलम एवं फ्लोएम को जटिल ऊतक क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
जटिल स्थायी ऊतक (Complex permanent tissue) – पौधे के संवहनी ऊतक (Vascular tissues) ही जटिल ऊतक हैं। ये पौधे में पदार्थों को एक-स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का कार्य करते हैं। इसलिए इनका नाम संवहनी ऊतक (Conductive tissue) है। जटिल ऊतक कोशिकाओं का वह समूह होता है जिसमें एक से अधिक प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं लेकिन सब मिलकर एक इकाई की तरह कार्य करती है। जटिल ऊतक के प्रमुख उदाहरण दारू (Xylem) तथा पोषवाह (Phloem) हैं।

ऐसे ऊतक जो पानी और लवणों (Salts) को गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत ऊपर की ओर ले जाते हैं, जाइलम (Xylem or Wood) तथा जो ऊतक प्रकाश-संश्लेषी उत्पादों (Prepared food) के संवहन से सम्बन्धित होते हैं, उन्हें पोषवाह या बास्ट (Pholem or Bast) कहा जाता है। चूँकि कार्य सम्पादन के दृष्टिकोण से दारू और पोषवाह अलंग-अलग काम करते हैं, इसलिए उनकी रचना में भी भिन्नता पाई जाती है। चूंकि ये ऊतक एक.से अधिक ऊतकों के बने होते हैं इसलिए इन्हें जटिल ऊतक कहा जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 9.
रंध्रीय तंत्र क्या है? रंध्र की रचना का वर्णन कीजिए और इसका चिन्हित चित्र बनाइए।
उत्तर:
रंध्र (Stomata) ऐसी रचनाएँ हैं, जो पत्तियों की बाह्यत्वचा पर होते हैं। प्रत्येक रंध्र में दो सेम के आकार की द्वार कोशिकाएँ (Guard cells) होती हैं। द्वार कोशिका की बाहरी भित्ति पतली तथा आंतरिक भित्ति मोटी होती है। द्वार कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट होता है और यह रंध्र के खुलने तथा बंद होने के क्रम को नियमित करता है। कभी-कभी कुछ बाह्यत्वचीय कोशिकाएँ, जो रंध्र के आस – पास पायी जाती हैं, इन्हें सहायक कोशिकाएँ (Subsidiary cells) कहते हैं। रंध्रीय छिद्र, द्वार कोशिका तथा सहायक कोशिकाएँ मिलकर रन्ध्रीय तंत्र (Stomatal system) का निर्माण करती हैं।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 11

प्रश्न 10.
पुष्पीय पौधों के तीन मूलभूत ऊतक तंत्र बताइए। प्रत्येक तंत्र के ऊतक बताइए।
उत्तर:
पुष्पीय पौधों के तीन मूलभूत ऊतक तंत्र निम्नलिखित हैं –

  • साधारण ऊतक
  • जटिल ऊतक
  • विशिष्ट ऊतक।

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 12

प्रश्न 11.
पादप शरीर (Anatomy) का अध्ययन हमारे लिए कैसे उपयोगी है ?
उत्तर:
सजीवों के आकारिकी (Morphology) का अध्ययन करने से उनके केवल बाह्य आकृति, रूप रंग में समानता अथवा भिन्नता का पता चल पाता है, लेकिन बहुत-से जीवों के बाह्य समानता होने के बावजूद उनमें विभिन्नता हो सकती है। जब हम पादपों अथवा जन्तुओं के आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं तब हमें उनकी कोशिका, ऊतकों तथा अंगों में विभिन्नता दिखाई देती है। पादपों के आंतरिक संरचना का अध्ययन, विज्ञान की शरीर शाखा (Anatomy) के अन्तर्गत किया जाता है। शरीर के अध्ययन करने से पादपों की औतिकी, संरचना एवं उनके कार्यों का पता चलता है, जैसे – कि जाइलम एवं फ्लोएम ऊतकों का जल एवं भोज्य पदार्थों का संवहन करना है।

प्रश्न 12.
परिचर्म क्या है ? द्विबीजपत्री तने में परिचर्म कैसे बनता है ?
उत्तर:
कागजन कॉर्क तथा काग मिलकर परिचर्म बनाते हैं। जैसे-जैसे तने की परिधि में वृद्धि होती है वैसे ही बाहरी कॉर्टेक्स तथा बाह्य त्वचा की सतहें टूटती जाती हैं तब उन्हें संरक्षी कोशिकीय सतह की आवश्यकता पड़ती है। इसी कारण एक दूसरा प्रविभाजी ऊतक विकसित होता है जिसे कॉर्क कैम्बियम या कागजन कहते हैं। यह प्राय: कॉर्टेक्स क्षेत्र में विकसित होता है। इसकी सतहें मोटी और सँकरी भित्ति वाले आयताकार कोशिकाओं से बनी होती है।

कागजन दोनों ओर कोशिकाओं को बनाता है। बाहर की ओर की कोशिकाएँ कॉर्क अथवा काग में बँट जाते हैं। अंदर की ओर की कोशिकाएँ द्वितीयक कॉर्टेक्स अथवा काग स्तर में विभेदित हो जाती हैं। कॉर्क की कोशिकाभित्ति में सुबेरिन का जमाव हो जाता है, इस कारण इसमें पानी का प्रवेश नहीं होता है। द्वितीयक कॉर्टेक्स की कोशिकाएँ पैरेनकाइमी होती है। इस प्रकार से तीन रचनाओं कागजन, कॉर्क तथा काग मिलकर परिचर्म बनाते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 13.
पृष्ठाधारी पत्ती की भीतरी रचना का वर्णन चिन्हित चित्रों की सहायता से कीजिए।
उत्तर:
द्विबीजपत्री ( पृष्ठाधारी पत्ती) पत्ती की आन्तरिक संरचना (Internal structure of dicot leaf) – वे पत्तियाँ, जिनकी ऊपरी तथा निचली सतह में संरचनात्मक भिन्नता पायी जाती है पृष्ठाधारी पत्ती कहलाती है। द्विबीजपत्री पादपों में इसी प्रकार की पत्तियाँ पायी जाती हैं। आम एक सामान्य द्विबीजपत्री पौधा है, जिसकी संरचना निम्नानुसार होती है –

1. ऊपरी बाह्यत्वचा (Upper epidermis):
वे एक कोशिका स्तर मोटी पैरेनकाइमेटस कोशिकाओं की बनी होती है, जिसमें क्लोरोप्लास्ट तथा स्टेमेटा नहीं पाये जाते लेकिन उनकी बाहरी सतह पर क्यूटिकिल का एक आवरण पाया जाता है। इनकी कोशिकाएँ ढोलक के समान तथा एक-दूसरे से सटी होती हैं।

2. निचली बाह्यत्वचा (Lower epidermis):
यह एक कोशिका मोटी निचली स्तर है जिसकी संरचना बाह्य त्वचा के समान होती है लेकिन इस स्तर में कुछ विशेष प्रकार के छिद्र पाये जाते हैं जिन्हें स्टोमेटा (Stomata) कहते हैं ये वाष्पोत्सर्जन तथा वायु के आदान-प्रदान में भाग लेते हैं। स्टोमेटा एक कक्ष में खुलते हैं जिसे श्वसन कक्ष कहते हैं।

3. पर्ण मध्योतक (Mesophyll):
ऊपरी तथा निचली त्वचा के बीच के ऊतक को पर्ण मध्योतक कहते हैं। इनमें बाह्यत्वचा से लगे अन्तराकोशीय अवकाशविहीन तथा हरितलवक युक्त ऊतक पाये जाते हैं जिन्हें खम्भ मृदूतक (Palisade parenchyma) कहते हैं। ये प्रकाश-संश्लेषण में भाग लेते हैं। इन ऊतकों के नीचे के ऊतक की कोशिकाएँ अण्डाकार अन्तराकोशीय अवकाश तथा हरितलवकयुक्त होती हैं इन्हें स्पॉन्जी (Spongy parenchyma) कहते हैं।

4. संवहन पूल (Vascular bundle):
पत्तियों में संवहन पूल स्पॉन्जी मृदूतक में बिखरे रहते हैं। जिन पत्तियों में मध्यशिरा पाया जाता है उनकी मध्यशिरा का संवहन पूल सबसे बड़ा होता है। उनके सम्वहन पूल कोलेटरल या बन्द प्रकार के होते हैं तथा उनके चारों तरफ मृदूतकी कोशिकाओं का एक आवरण पाया जाता है जिसे बण्डल छाद (Bundle seath) कहते हैं। इनका जाइलम ट्रैकीड्स, वेसेल्स, काष्ठ तन्तु (Wood fire) तथा जाइलम पैरेनकाइमा का बना होता है तथा जल एवं खनिज लवणों का सम्वहन करता है।

इनका फ्लोएम, चालनी नलिकाओं, सखि कोशिकाओं तथा फ्लोएम पैरेनकाइमा का बना होता है। फ्लोएम भोज्य पदार्थों के सम्वहन का कार्य करता है। इनका जाइलम बाह्यत्वचा की ओर तथा फ्लोएम नीचे की ओर स्थित होता है जाइलम का प्रोटोजाइलम भी बाह्यत्वचा की ओर ही स्थित होता है। इसके सम्वहन पूल के ऊपर तथा नीचे पैरेनकाइमा अथवा कोलेनकाइमा की कोशिकाएँ बाह्यत्वचा तक स्थित होती हैं।
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 13

प्रश्न 14.
त्वक कोशिकाओं की रचना तथा स्थिति उन्हें किस प्रकार विशिष्ट कार्य करने में सहायता करती है ?
उत्तर:
घास में ऊपरी बाह्य त्वचा की कुछ कोशिकाएँ लंबी, खाली तथा रंगहीन होती हैं। इन कोशिकाओं को आवर्ध त्वक कोशिका कहते हैं। जब कोशिकाएँ स्फीत होती हैं, तब ये कोशिकाएँ मुड़ी हुई पत्तियों को खुलने में सहायता करती हैं। वाष्पोत्सर्जन की अधिक दर होने पर ये पत्तियाँ वाष्पोत्सर्जन की दर कम करने के लिए मुड़ जाती हैं।

पुष्पी पादपों का शारीर अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

पुष्पी पादपों का शारीर वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

1. कुछ पादप कोशिकाओं की कोशिकाभित्ति मोटी तथा सिरों पर नुकीली होती है, यह हो सकती –
(a) पैरेनकाइमा
(b) क्लोरेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) ऐरेनकाइमा।
उत्तर:
(c) स्क्लेरेनकाइमा

2. शीर्षस्थ ऊतक के डर्मेटोजन का प्रमुख कार्य है –
(a) उपत्वचा का निर्माण
(b) बाह्यत्वचा का निर्माण
(c) संवहन ऊतक का निर्माण
(d) हाइपोडर्मिस का निर्माण।
उत्तर:
(b) बाह्यत्वचा का निर्माण

3. लेटेक्स वाहिकाएँ पायी जाती हैं –
(a) दारु ऊतक में
(b) पोषवाह ऊतक में
(c) वल्कुट में
(d) उपर्युक्त में से किसी में नहीं।
उत्तर:
(c) वल्कुट में

4. एक ऊतक जिसकी कोशिकाएँ सक्रिय बढ़ने वाले अंगों के यान्त्रिक ऊतकों को बनाती हैं और
इनकी कोशिका भित्तियों में कोशिकाओं के कोनों पर सेल्यूलोजिक, अलिग्नीन स्थूलन पाये जाते हैं, ये हो सकती हैं
(a) स्क्लेरेनकाइमा
(b) पैरेनकाइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) क्लोरेनकाइमा।
उत्तर:
(c) कोलेनकाइमा

MP Board Solutions

5. एकबीजपत्रियों के प्रारूपी संवहन पूल होते हैं –
(a) बहिफ्लोएमी
(b) उभय फ्लोएमी
(c) संकेन्द्री
(d) अरीय।
उत्तर:
(a) बहिफ्लोएमी

6. ऊतक किसे कहते हैं –
(a) कोशिकाओं का अलग-अलग विकसित होने वाला समूह
(b) कोशिकाओं का वह समूह जो रचना, उत्पत्ति तथा कार्य में समान हो
(c) कोशिकाओं का वह समूह जो रचना में समान लेकिन कार्य में भिन्न हो
(d) कोशिकाओं का एकसमान आयु वाला समूह।
उत्तर:
(b) कोशिकाओं का वह समूह जो रचना, उत्पत्ति तथा कार्य में समान हो

7. पैरेनकाइमा (मृदूतकी) ऊतक किसे कहते हैं –
(a) मोटी कोशिकीय भित्ति वाली कोशिकाओं का समूह
(b) मृत कोशिकाओं का समूह
(c) पतली कोशिकीय भित्ति वाली जीवित कोशिकाओं का समूह
(d) लिग्निन युक्त कोशिकाओं का समूह।
उत्तर:
(c) पतली कोशिकीय भित्ति वाली जीवित कोशिकाओं का समूह

8. एक ऊतक जिसकी कोशिकाएँ महीन भित्ति वाली, समव्यासी और अन्तराकोशिकीय स्थान वाली हैं, वह होगा –
(a) पैरेनकाइमा
(b) कोलेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) क्लोरेनकाइमा।
उत्तर:
(a) पैरेनकाइमा

9. डर्मेटोजन, पेरीब्लेम तथा प्लीरोम पाये जाते हैं –
(a) पूर्णाग्र में
(b) तने की गाँठों पर
(c) मूलाग्र तथा तनाग्र में
(d) जायलम तथा फ्लोएम में।
उत्तर:
(c) मूलाग्र तथा तनाग्र में

10. पादपों के जलोत्सर्जक या हाइडेथोड हैं –
(a) वाष्पोत्सर्जन करने वाली रचनाएँ
(b) रसारोहण करने वाली रचनाएँ
(c) म्यूसीलेज स्रावित करने वाली रचनाएँ
(d) जल स्रावित करने वाली रचनाएँ।
उत्तर:
(d) जल स्रावित करने वाली रचनाएँ।

MP Board Solutions

11. रसकाष्ठ होता है –
(a) द्वितीयक जाइलम का बाहरी क्रियाशील भाग
(b) द्वितीयक जाइलम का आंतरिक अक्रियाशील भाग
(c) द्वितीयक जाइलम का आंतरिक तथा बाह्य भाग
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) द्वितीयक जाइलम का बाहरी क्रियाशील भाग

12. पुराने तने में गैस का आदान-प्रदान किसके द्वारा होता है –
(a) स्टोमेटा
(b) हाइडेथोड्स
(c) वातरंध्र
(d) पैलेड कोशिका।
उत्तर:
(c) वातरंध्र

13. पेरीडर्म में होते हैं –
(a) कॉर्क कैम्बियम, कॉर्क, द्वितीयक कॉर्टेक्स
(b) कॉर्क कैम्बियम तथा कॉर्क
(c) कॉर्क
(d) कॉर्क तथा द्वितीयक फ्लोएम।
उत्तर:
(a) कॉर्क कैम्बियम, कॉर्क, द्वितीयक कॉर्टेक्स

14. जैसे-जैसे द्वितीयक वृद्धि होती है किसकी मोटाई में वृद्धि होती है –
(a) अन्त:काष्ठ
(b) रसकाष्ठ
(c) अन्तः एवं रसकाष्ठ
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) अन्त:काष्ठ

15. वृक्ष की आयु का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है –
(a) तने का व्यास मापना
(b) पत्तियों की संख्या की गिनती करना
(c) तने के आधार पर वार्षिक वलयों की गणना
(d) शाखाओं की गणना करना।
उत्तर:
(c) तने के आधार पर वार्षिक वलयों की गणना

16. द्विबीजपत्री तने के काष्ठ में जाइलम का सबसे नया स्तर स्थित होता है –
(a) कैम्बियम के बाहर
(b) कैम्बियम के अंदर
(c) पिथ के बाहर
(d) कॉर्टेक्स के अंदर।
उत्तर:
(b) कैम्बियम के अंदर

17. द्विबीजपत्री तने में संवहन पूल होते हैं –
(a) खुला, कोलैटरल तथा एन्डार्क
(b) बंद, कोलैटरल तथा एन्डार्क
(c) खुला, कोलैटरल तथा एक्सार्क
(d) बंद, कोलैटरल तथा एक्सॉर्क।
उत्तर:
(a) खुला, कोलैटरल तथा एन्डार्क

18. द्विबीजपत्री जड़ में पाये जाने वाले संवहन पूल होते हैं –
(a) रेडियल एक्सॉर्क
(b) संयुक्त एण्डार्क
(c) रेडियल एन्डार्क
(d) संयुक्त एक्सॉर्क।
उत्तर:
(a) रेडियल एक्सॉर्क

MP Board Solutions

19. कॉर्क का निर्माण किससे होता है –
(a) कॉर्क कैम्बियम
(b) संवहन कैम्बियम
(c) फ्लोएम
(d) जाइलम।
उत्तर:
(a) कॉर्क कैम्बियम

20. कॉर्क कैम्बियम का कार्य किसका निर्माण करना होता है –
(a) द्वितीयक जाइलम तथा द्वितीयक फ्लोएम
(b) कॉर्क तथा द्वितीयक कॉर्टेक्स
(c) द्वितीयक कॉर्टेक्स तथा फ्लोएम
(d) कॉर्क।
उत्तर:
(b) कॉर्क तथा द्वितीयक कॉर्टेक्स

21. कैस्पेरियन बैन्ड्स कहाँ पाये जाते हैं:
(a) एपिडर्मिस
(b) एण्डोडर्मिस
(c) पेरीसाइकिल
(d) फ्लोएम।
उत्तर:
(a) एपिडर्मिस

22. वार्षिक वलय का निर्माण किसकी सक्रियता से होता है –
(a) कैम्बियम
(b) जाइलम
(c) फ्लोएम
(d) जाइलम तथा फ्लोएम दोनों।
उत्तर:
(a) कैम्बियम

23. टाइलोसेज किसमें पाये जाते हैं –
(a) द्वितीयक जाइलम
(b) द्वितीयक फ्लोएम
(c) थैलस ऊतक
(d) कॉर्क कोशाएँ।
उत्तर:
(a) द्वितीयक जाइलम

24. वेसेल्स के अंदर मृदूतक कोशिकाओं का बैलून के समान अतिवृद्धि कहलाती है –
(a) हिस्टोजन
(b) टाइलोसेज
(c) फैलोजेन
(d) ट्यूनिका।
उत्तर:
(b) टाइलोसेज

25. एकबीजपत्री पौधों में ग्राफ्टिग संभव नहीं है, क्योंकि –
(a) कैम्बियम नहीं पाया जाता
(b) संवहन पूल बिखरे होते हैं
(c) समान्तर शिराविन्यास पाये जाते हैं
(d) पृथक् अरीय संवहन पूल पाये जाते हैं।
उत्तर:
(a) कैम्बियम नहीं पाया जाता

MP Board Solutions

26. संयुक्त, कोलैटरल, खुला तथा एण्डार्क संवहन पूल किसमें पाये जाते हैं –
(a) एकबीजपत्री तना
(b) एकबीजपत्री जड़
(c) द्विबीजपत्री जड़
(d) द्विबीजपत्री तना।
उत्तर:
(d) द्विबीजपत्री तना।

27. जड़ों में पार्श्व शाखाएँ किससे विकसित होती हैं –
(a) एपिब्लेमा
(b) पेरीसाइकिल
(c) कॉर्टेक्स
(d) एण्डोडर्मिस।
उत्तर:
(b) पेरीसाइकिल

28. कॉर्क कोशिकाएँ किसके जमाव के कारण अपारगम्य होती हैं –
(a) क्यूटिन
(b) लिग्निन
(c) सुबेरिन
(d) काइटिन।
उत्तर:
(b) लिग्निन

29. वेलामेन ऊतक किसमें भाग लेते हैं –
(a) श्वसन
(b) नमी का अवशोषण
(c) वाष्पोत्सर्जन
(d) संरक्षण।
उत्तर:
(b) नमी का अवशोषण

30. एकबीजपत्री तने में संवहन पूल होते हैं –
(a) बाइकोलैटरल तथा बंद
(b) बाइकोलैटरल तथा खुला
(c) (a) एवं (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) बाइकोलैटरल तथा बंद

प्रश्न 2.
एक शब्द में उत्तर दीजिए –

  1. द्वितीयक वृद्धि से बनने वाली रचना जो वातावरण से गैसों का आदान-प्रदान करती है।
  2. पुष्पीय पौधों की पत्तियों के सिरों पर पाई जाने वाली विशेष रचना जिनसे पानी की बूंदों के रूप में स्राव होता है।
  3. एक पार्श्व विभज्योतक ऊतक जिसके कारण पौधों की मोटाई में वृद्धि होती है।
  4. अरीय संवहन पूल किसमें पाये जाते हैं ?
  5. किसी एक बीजपत्री पौधे का नाम जिसमें द्वितीयक वृद्धि होती है।
  6. वृक्ष में हल्के रंग की लकड़ी को क्या कहते हैं?
  7. द्विबीजपत्री जड़ में संवहन पूल की क्या संख्या होती है ?
  8. दो बाह्य त्वचीय अतिवृद्धियों के नाम लिखिये।
  9. रबर क्षीरी, कोशिका वाले पौधे का नाम लिखिये।
  10. कैम्बियम की उपस्थिति वाले संवहन पूल को क्या कहते हैं?
  11. फैलोजन, फैलोडर्म तथा फैलम का सम्मिलित नाम क्या है ?
  12. द्विबीजपत्री तनों के बाह्य भाग में पाया जाने वाला काष्ठीय भाग क्या कहलाता है?
  13. ऐसा संवहन पूल जिसमें जाइलम के दोनों ओर कैम्बियम तथा फ्लोएम पाये जाते हैं ?
  14. तने में एपिडर्मिस के नीचे पाया जाने वाला कोलेनकाइमेटस भाग क्या कहलाता है ?

उत्तर:

  1. वातरंध्र
  2. जलरंध्र
  3. कैम्बियम
  4. जड़
  5. ड्रैसीना
  6. रसकाष्ठ
  7. 1 से 6 तक
  8. ट्राइकोम्स व सिस्टोलिथ
  9. यूफोर्बिया
  10. खुला संवहन पूल
  11. पेरीडर्म
  12. रसकाष्ठ
  13. बाइकोलैटरल
  14. हाइपोडर्मिस।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. डर्मेटोजन, पेरीब्लेम तथा प्लीरोम …………….. में पाये जाते हैं।
  2. वाहिकाओं के बीच पाई जाने वाली गुब्बारे जैसी रचना को …………. कहते हैं।
  3. वार्षिक वलय …………….. से बनता है।
  4. लेटेक्स वाहिकाएँ …………….. में पाई जाती हैं। ………..
  5. द्विबीजपत्री तने में सबसे पुराना फ्लोएम …………….. में स्थित होता है।
  6. पौधों की ……………. में वृद्धि को द्वितीयक वृद्धि कहते हैं।
  7. द्वितीयक वृद्धि ………….. में सक्रियता के कारण होती है।
  8. कॉर्टेक्स सामान्यतः ……………. कोशिकाओं द्वारा बना होता है।
  9. द्वितीयक संवहनी ऊतकों का निर्माण ……………. में होता है।
  10. तने में वार्षिक वलय ……………. तथा ……………. के कारण होता है।

उत्तर:

  1. मूलाग्र व तनाग्र में
  2. टायलोसिस
  3. स्प्रिंग व ऑटम काष्ठ से
  4. कॉर्टेक्स
  5. प्राथमिक फ्लोएम के अन्दर
  6. मोटाई
  7. कैम्बियम
  8. पैरेन्काइमेट्स
  9. कैम्बियम
  10. वसन्त काष्ठ, शरद काष्ठ।

प्रश्न 4.
उचित संबंध जोडिए –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 14
उत्तर:

  1. (c) संयुक्त कोलेटरल वर्षी पूल
  2. (d) अरीय 6 से कम संवहन पूल
  3. (a) संयुक्त कोलेटरल अवर्धी पूल
  4. (e) अरीय 6 से अधिक संवहन पूल।
  5. (b) दृढ़ोतकी बंडल छाद

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 15
उत्तर:

  1. (d) संयुक्त कोलैटरल बंद पूल
  2. (e) अंत:काष्ठ में अतिवृद्धि।
  3. (a) द्विबीजपत्री पौधा
  4. (b) चौड़ी व बड़ी कोशिकाएँ
  5. (c) सँकरी व छोटी कोशिकाएँ

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 16
उत्तर:

  1. (c) संवहन ऊतक का कोर
  2. (d) कैस्पेरियन पट्टी।
  3. (a) वेलामेन ऊतक
  4. (b) एकबीजपत्री जड़

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 17
उत्तर:

  1. (b) द्वितीयक संवहन ऊतक
  2. (a) पेरीडर्म
  3. (d) टाइलोसेज़।
  4. (c) सखी कोशाएँ

प्रश्न 5.
सत्य / असत्य बताइए

  1. विकसित प्रौढ़ पादपों में द्वितीयक वृद्धि पाई जाती है।
  2. छाल पर वात विनिमय हेतु कुछ विशिष्ट छिद्र होते हैं जिसे जलरंध्र कहते हैं।
  3. ऐसे ऊतक जिनकी कोशिकाओं में विभाजन क्षमता नहीं होती प्रविभाजी ऊतक कहलाते हैं।
  4. किसी तने के अनुप्रस्थ काट में वार्षिक वलयों को गिनकर वृक्ष की उम्र का पता लगाया जाता है।
  5. अपवादस्वरूप कुछ एकबीजपत्री पादपों के तनों में भी द्वितीयक वृद्धि पाई जाती है।
  6. एकबीजपत्री पौधों में द्वितीयक वृद्धि नहीं पाई जाती।
  7. कॉर्क कैम्बियम का निर्माण संवहन पूल में होता है।
  8. कॉर्क कैम्बियम को फैलोजन भी कहा जाता है।
  9. वार्षिक वलय की संख्या के आधार पर पौधे की आयु का पता लगाया जा सकता है।
  10. पेरीडर्म तथा छाल वानस्पतिक रूप से एक समान होते हैं।
  11. तने की छाल पर पाये जाने वाले छिद्र को वातरंध्र कहते हैं।
  12. घावों को भरना पौधे में वैस्कुलर कैम्बियम की सक्रियता के कारण होता है।
  13. पर्ण विलगन के समय विलगन परत का निर्माण होता है।
  14. द्विबीजपत्री तने में अरीय संवहन पूल पाये जाते हैं।
  15. व्यापारिक दृष्टि से अंत:काष्ठ अधिक महत्वपूर्ण होता है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. सत्य
  7. असत्य
  8. सत्य
  9. सत्य
  10. असत्य
  11. सत्य
  12. असत्य
  13. सत्य
  14. असत्य
  15. सत्य।

MP Board Solutions

पुष्पी पादपों का शारीर अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ऊतक क्या है ?
उत्तर:
एकसमान उत्पत्ति एवं विकास वाली कोशिकाओं का ऐसा समूह जो एकसमान कार्य करता हो, ऊतक कहलाता है।

प्रश्न 2.
जाइलम का कार्य बताइए।
उत्तर:

  • जाइलम जल एवं उसमें घुले लवणों का संवहन करता है।
  • यह पौधों को यांत्रिक शक्ति (मजबूती) प्रदान करता है।

प्रश्न 3.
द्वार कोशिकाएँ कहाँ पायी जाती हैं ? इसके क्या कार्य हैं ?
उत्तर:
द्वार कोशिकाएँ (Guard cells) पत्तियों के रन्ध्रों में पायी जाती हैं, ये रन्ध्रों के खुलने एवं बन्द होने की क्रिया को नियंत्रित करती हैं। .

प्रश्न 4.
कैम्बियम क्या है? इसके कार्य बताइए।
उत्तर:
कैम्बियम एक पार्श्व विभज्योतक ऊतक है, जिसके कारण पौधे की मोटाई में वृद्धि होती है।

प्रश्न 5.
स्थायी ऊतक किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऐसे ऊतक जिनमें विभाजन की क्षमता नहीं पायी जाती है, उन्हें स्थायी ऊतक कहते हैं।

प्रश्न 6.
बास्ट रेशा क्या है?
उत्तर:
फ्लोएम के साथ सम्बद्ध दृढ़ोतक कोशिकाएँ बास्ट रेशे कहलाती हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
जायलम ऊतक में पायी जाने वाली कोशिकाओं के नाम बताइए।
उत्तर:
जायलम में निम्नलिखित चार प्रकार की कोशिकाएँ पायी जाती हैं –

  • वाहिनिका (Tracheids)
  • वाहिनी (Vessel or Tracheae)
  • जायलम रेशे या काष्ठ रेशे (Xylem fibres or Wood fibres)
  • जायलम या काष्ठ पैरेनकायमा (Xylem or Wood parenchyma)।

प्रश्न 8.
कैम्बियम कहाँ पाया जाता है?
उत्तर:
कैम्बियम प्रायः द्विबीजपत्री पौधों के संवहन पूलों में पार्श्व विभज्योतक के रूप में संवहन पूलों (V. B.) में जायलम एवं फ्लोएम के बीच पाया जाता है।

प्रश्न 9.
फ्लोएम में पायी जाने वाली कोशिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
फ्लोएम में निम्नलिखित कोशिकाएँ पायी जाती हैं –

  • चालनी नलिका (Sieve tube)
  • सखि कोशिकाएँ (Companian cells)
  • फ्लोएम पैरेनकायमा (Phloem parenchyma)
  • बास्ट रेशे (Bast fibres)।

प्रश्न 10.
ऊतक तंत्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
पुष्पीय पौधों में अनेक प्रकार के स्थायी ऊतक आपस में संयुक्त होकर एक या कई कार्यों का निर्वहन करते हैं। इन संयुक्त ऊतकों से निर्मित तंत्र को ही ऊतक तंत्र (Tissue system) कहते हैं।

प्रश्न 11.
काष्ठ क्या है?
उत्तर:
तनों में उपस्थित द्वितीयक जायलम को काष्ठ (Wood) कहते हैं।

MP Board Solutions

पुष्पी पादपों का शारीर लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रविभाजी / विभज्योतक ऊतक की चार विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
प्रविभाजी विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, जिसमें बार-बार विभाजन की क्षमता होती है। इनमें निम्नलिखित विशेषताएँ पायी जाती हैं –

  • इनकी आकृति बहुभुजी या चौकोर होती है। कोशिकाओं की भित्ति पतली व सेल्युलोज की बनी होती है।
  • कोशिकाओं में बड़े तथा निश्चित केन्द्रक होते हैं। कोशिकाएँ आपस में सटी हुई होती हैं अर्थात् अन्तरकोशिकीय अवकाशों का अभाव होता है।
  • कोशिकाओं में लवण प्राकलवक (Proplastid) अवस्था में होते हैं।
  • इन कोशिकाओं में जीवद्रव्य सघन तथा प्रायः रिक्तिकाहीन होता है। ये कोशिकाएँ सक्रिय उपापचय की अवस्था में रहती हैं।

प्रश्न 2.
जड़ एवं तने के वैस्कुलर बंडल में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
अरीय व संयुक्त वाहिनी पूल में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अरीय व संयुक्त वाहिनी पूल में अन्तर –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 18

प्रश्न 3.
वातरंध्र पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए।
उत्तर:
तने की छाल पर पाये जाने वाले छिद्र को वातरंध्र कहते हैं। इसकी सहायता से वातावरण से गैसों का आदान-प्रदान होता है। द्वितीयक वृद्धि के बाद बनने वाली कॉर्क की कोशाएँ जल तथा वायु के लिए अपारगम्य होती हैं। वातरंध्र बनने के पहले शिशु तने के उन्हीं स्थानों पर स्टोमेटा पाये जाते हैं। इनका निर्माण पेरिडर्म के निर्माण के साथ ही प्रारंभ हो जाता है। इन स्थानों पर फैलोजन की कोशिकाएँ बाहर की ओर कॉर्क कोशिकाओं का निर्माण नहीं कर पातीं। इनके स्थान पर ये पतली भित्ती वाली पैरेनकाइमेटस कोशाएँ बनाती हैं। इन कोशाओं को पूरक कोशाएँ कहते हैं।

इनके दबाव के कारण एपिडर्मिस की कोशिकाएँ टूट जाती हैं तथा छिद्र के समान संरचना बन जाती है इसे वातरंध्र कहते हैं। परक कोशिकाओं के बीच पर्याप्त अंतराकोशिकीय अवकाश पाया जाता है। अनेक स्थितियों में वातरंध्र स्टोमेटा के स्थान पर नये स्थान पर भी बनते हैं। नये तनों की सतह पर वातरंध्र को छोटे – छोटे उभार के रूप में आसानी से देखा जा सकता है। शीतऋतु में सामान्यतः कॉर्क कोशिकाओं द्वारा बँक जाते हैं। बसंत ऋतु आने पर फैलोजेन की सक्रियता के कारण पुरानी कॉर्क कोशिकाएँ नष्ट हो जाती हैं तथा नई कोशिकाएँ तेजी से बनने लगती हैं, इससे वातरंध्र खुल जाते हैं।

प्रश्न 4
द्विबीजपत्री एवं एकबीजपत्री पत्ती की आन्तरिक संरचना में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री की आन्तरिक संरचना में अन्तर –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 19

पुष्पी पादपों का शारीर दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विभिन्न प्रकार के संवहन बण्डलों की रचना समझाइए।
उत्तर:
संवहन पूलों का प्रकार (Types of vascular bundles):
विभिन्न अंगों या ऊतकों का बना वह तन्त्र जो संवहन का कार्य करता है, संवहन तन्त्र कहलाता है। पौधों का सम्वहन तन्त्र अनेक छोटी-छोटी समान इकाइयों का बना होता है, जिन्हें संवहन पूल (Vascular bundle) कहते हैं। प्रत्येक सम्वहन पूल जायलम तथा फ्लोएम या जायलम, फ्लोएम तथा कैम्बियम का बना होता है। जायलम तथा फ्लोएम की स्थिति तथा कैम्बियम की उपस्थिति और अनुपस्थिति के आधार पर सम्वहन पूल निम्नलिखित प्रकार के हो सकते हैं –

1. अरीय (Radial) – इसमें जायलम तथा फ्लोएम एक-दूसरे से अलग – अलग भिन्न – भिन्न त्रिज्याओं पर एकान्तरित क्रम में स्थित होते हैं। यह सम्वहन पूल मुख्यतः जड़ों में पाया जाता है।

2. संयुक्त (Conjoint) – इसमें जायलम तथा फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर एक – दूसरे से जुड़े हुए स्थित होते हैं। यह मुख्यतः तने में पाया जाता है। यह सम्वहन पूल दो प्रकार का होता है –

(a) कोलैटरल (Collateral):
इन सम्वहन पूलों में एक ही त्रिज्या पर फ्लोएम बाहर की तरफ तथा जायलम अन्दर की तरफ स्थित होता है। यह पुनः दो प्रकार का होता है –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 6 पुष्पी पादपों का शारीर - 21

1. कोलैटरल खुला (Collateral open) – इसमें जायलम तथा फ्लोएम के बीच में कैम्बियम स्थित होता है। इस प्रकार का सम्वहन पूल द्विबीजपत्री तनों में पाया जाता है।
2. कोलैटरल बन्द (Collateral closed) – इस प्रकार के सम्वहन पूलों में कैम्बियम नहीं पाया जाता। यह एक बीजपत्री पौधों के तनों में पाया जाता है।

(b) बाइकोलैटरल (Bicollateral):
इस प्रकार के सम्वहन पूल में जायलम बीच में स्थित होता है और इसके दोनों तरफ कैम्बियम तथा फ्लोएम पाये जाते हैं। इस प्रकार यह एक जायलम, दो कैम्बियम तथा दो फ्लोएम का बना होता है। कुकरबिटेसी, सोलेनेसी, कान्वल्वुलेसी और एपोसाइनेसी कुल के पौधों में इस प्रकार का सम्वहन पूल पाया जाता है।

3. संकेन्द्री (Concentric):
इस प्रकार के सम्वहन बण्डल में जायलम तथा फ्लोएम में से एक-दूसरे को पूरी तरह से घेरे रहता है। यह बण्डल बन्द प्रकार का होता है, अर्थात् इसमें कभी भी कैम्बियम नहीं पाया जाता है। यह दो प्रकार का होता है –

(a) एम्फीक्राइबल (Amphicribal):
इसमें जायलम को फ्लोएम पूरी तरह से घेरे रहता है। यह सम्वहन पूल कुछ जलीय पौधों और टेरिडोफाइट्स जैसे – सिलैजिनेला (Selaginella) और लाइकोपोडियम (Lycopodium) में पाया जाता है।

(b) एम्फीवेसल (Amphivasal):
इसमें फ्लोएम को जायलम चारों तरफ से घेरे रहता है। यह कुछ एकबीजपत्री पौधों के तनों में पाया जाता है। जैसे – ड्रैसीना (Dracena), यूक्का (Yucca)।

MP Board Class 11th Biology Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2

प्रश्न 1 से 8 तक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो दिए गए प्रतिबंधों को संतुष्ट करता है।
प्रश्न 1.
x- अक्ष और y- अक्ष के समीकरण लिखिए।
हल:
x- अक्ष का समीकरण y = 0.
तथा y- अक्ष का समीकरण x = 0.

प्रश्न 2.
ढाल \(\frac{1}{2}\) और बिन्दु (- 4, 3) से जाने वाली।
हल:
ढाल m = \(\frac{1}{2}\) , बिन्दु (- 4, 3)
अभीष्ट रेखा का समीकरण
y – y1 = m(x – x1)
y – 3 = \(\frac{1}{2}\) = (x + 4)
या 2y – 6 = x + 4
∴ x – 2y + 10 = 0.

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
बिन्दु (0, 0) से जाने वाली और ढाल m वाली।
हल:
दिया है : बिन्दु (0, 0), ढाल = m
ढाल m, तथा (x1, y1) से जाने वाली रेखा का समीकरण
y – y1 = m(x – x1)
∴ y – 0 = m(x – 0)
अतः अभीष्ट समीकरण y = mx.

प्रश्न 4.
बिन्दु (2, 2\(\sqrt{3}\)) से जाने वाली और x-अक्ष से 75° के कोण पर झुकी हुई।
हल:
चूँकि रेखा x-अक्ष के साथ 75° पर झुकी हुई है, तब रेखा की ढाल
m = tan 75° = tan (45° + 30°)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-1
या (2 + \(\sqrt{3}\))x – y + 2\(\sqrt{3}\) – 4 – 2\(\sqrt{3}\) = 0
अतः (2 + \(\sqrt{3}\))x – y – 4 = 0.

प्रश्न 5.
मूल बिन्दु के बाईं ओर x- अक्ष को 3 इकाई की दूरी पर प्रतिच्छेद करने तथा ढाल – 2 वाली।
हल:
मूल बिन्दु से बाईं ओर 3 इकाई की दूरी पर स्थित बिन्दु (- 3, 0) होगा तथा ढाल m = – 2
m तथा (x1, y1) के द्वारा रेखा का समीकरण,
y – y1 = m(x – x1)
वहाँ x1 = – 3 तथा y1 = 0 रखने पर,
y – 0 = – 2(x + 3)
या y = – 2x – 6
या 2x + y + 6 = 0.

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
मूल बिन्दु से ऊपर y-अक्ष को 2 इकाई की दूरी पर प्रतिच्छेद करने वाली और x-अक्ष की धन दिशा के साथ 30° का कोण बनाने वाली।
हल:
मूल बिन्दु से y-अक्ष पर 2 इकाई की दूरी पर स्थित बिन्दु (0, 2) होगा। x-अक्ष की धन दिशा के साथ रेखा 30° का कोण बनाती है।
∴ m = tan 30° = \(\frac{1}{\sqrt{3}}\)
रेखा का समीकरण,
y – y1 = m (x – x1)
y – 2 = \(\frac{1}{\sqrt{3}}\) (x – 0)
या \(\sqrt{3}\)y – 2\(\sqrt{3}\) = x
या x – \(\sqrt{3}\)y + 2\(\sqrt{3}\) = 0.

प्रश्न 7.
बिन्दुओं (-1, 1) और (2 – 4) से जाते हुए।
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-2
या 3y – 3 = – 5x – 5
अतः 5x + 3y + 2 = 0.

प्रश्न 8.
उस रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसकी मूल बिन्दु से लांबिक दूरी 5 इकाई और लंब धन x-अक्ष से 30° का कोण बनाती है।
हल:
हम जानते हैं कि लंब रूप में रेखा AB का समीकरण,
x cos ω + y sinω = P
यहाँ पर दिया है: ω = 30°, तथा p = 5
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-3
∴ रेखा AB का समीकरण,
x cos 30 + y sin 30 = 5
x.\(\frac{\sqrt{3}}{2}\) + y.\(\frac{1}{2}\) = 5
∴ \(\sqrt{3}\)x + y = 10.

प्रश्न 9.
∆PQR के शीर्ष P(2, 1), Q(- 2, 3) और R(4, 5) हैं। शीर्ष R से जाने वाली माध्यिका का समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल:
PQ का मध्य बिन्दु अर्थात् m (0, 2) है।
∴ दो बिन्दुओं से जाने वाली रेखा का समीकरण,
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-4
अब बिन्दुओं R (4, 5) तथा M(0, 2) से जाने वाली रेखा का समीकरण,
y – 5 = \(\frac{2-5}{0-4}\) = (x – 4)
या 4(y – 5) = 3 (x – 4)
या 3x – 4y + 8 = 0
अतः माध्यिका RM का समीकरण 3x – 4y + 8 = 0.

प्रश्न 10.
(- 3, 5) से होकर जाने वाली और बिन्दु (2, 5) और (- 3, 6) से जाने वाली रेखा पर लंब रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल:
बिन्दु A(2, 5) और B(- 3, 6) से होकर जाने वाली रेखा का ढाल
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-5
यदि PL बिन्दु P(- 3, 5) से AB पर लम्ब डाला गया हो तो उसकी ढाल m2 मान लीजिए।
रेखाएँ PL और AB परस्पर लम्ब हैं।
यदि PL की ढाल × AB की ढाल = – 1
अर्थात m2 × \(\left(-\frac{1}{5}\right)\) = – 1
∴ m2 = 5
PL की ढाल 5 है और P(- 3, 5) से होकर जाती है तो PL का समीकरण,
y – y1 = m2(x – x1)
या y – 5 = 5 (x + 3)
∴ 5x – y + 20 = 0.

प्रश्न 11.
एक रेखा (1, 0) तथा (2, 3) बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखाखंड पर लम्ब है तथा उसको 1 : n के अनुपात में विभाजित करती है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल:
रेखा AB बिन्दु A(1, 0) तथा B(2, 3) से होकर जाती है।
∴ AB की ढाल = \(\frac{3-0}{2-1}=\frac{3}{1}\)
PQ ⊥ AB
AB की ढाल = \(\frac{3}{1}\)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-6
∴ PQ की ढाल, m = \(-\frac{1}{\frac{3}{1}}=-\frac{1}{3}\)
PQ रेखा AB को C पर प्रतिछेदन करती है।
साथ ही बिन्दु C रेखाखंड AB को 1 : n के अनुपात में बांटता है।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-7
या (n + 1)x + 3(n + 1)y = n + 2 + 9 = n + 11
या (n+ 1) x + 3 (n + 1)y = n + 11.

प्रश्न 12.
एक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो निर्देशांक अक्षों से समान अंत:खण्ड काटती है और बिन्दु (2, 3) से जाती है।
हल:
(i) रेखा AB बिन्दु P(2, 3) से होकर जाती है और निर्देशांक अक्षों पर समान अंत: खंड बनाती है।
OA = OB
∠BAO = 45°,
∠BAX = 135°
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-8
AB की ढाल, m = tan 135° = – 1
रेखा का समीकरण, y – y1 = m(x – x1)
जहाँ x1 = 2, Y1 = 3 तथा m = – 1
y – 3 = – (x – 2)
या x + y – 5 = 0
या x + y = 5.

प्रश्न 13.
बिन्दु (2, 2) से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके द्वारा अक्षों से कटे अंतःखंडों का योग 9 है।
हल:
मान लीजिए P(2, 2) से होकर जाने वाली रेखा से अक्षों पर बने अंतः खंड a तथा b हैं।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-9
अंतः खंड रूप में रेखा का समीकरण
\(\frac{x}{a}+\frac{y}{b}\) = 1
यह रेखा P(2, 2) से होकर जाती है।
∴ \(\frac{2}{a}+\frac{2}{b}\) = 1
दिया है कि अंतः खंडों का योग 9 है।
∴ a + b = 9
b = 9 – a
b का मान (1) में रखने पर,
\(\frac{2}{a}+\frac{2}{9-a}\) = 1
या 2(9 – a) + 2a = a (9 – a)
18 – 2a + 2a = 9a – a2
या a2 – 9a + 18 = 0
या (a – 6)(a – 3) = 0
a = 6, 3
b = 3, 6
जब a = 6 तथा b = 3 हो, तो रेखा का अभीष्ट समीकरण
\(\frac{x}{6}+\frac{y}{3}\) = 1
या 3x + 6y = 18
या x + 2y = 6.
जब a = 3 तथा b = 6 हो, तब रेखा का अभीष्ट समीकरण,
\(\frac{x}{3}+\frac{y}{6}\) = 1
या 6x + 3y = 18
या 2x + y = 6

MP Board Solutions

प्रश्न 14.
बिन्दु (0, 2) से जाने वाली और धन x-अक्ष से \(\frac{2 \pi}{3}\) के कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। इसके समांतर और y-अक्ष को मूल बिन्दु से 2 इकाई नीचे की दूरी पर प्रतिच्छेद करती हुई रेखा का समीकरण भी ज्ञात करो।
हल:
माना एक रेखा PQ बिन्दु P(0, 2) से होकर जाती है और धन x-अक्ष के साथ \(\frac{2 \pi}{3}\) का कोण बनाती है।
∴ PQ की ढाल = tan\(\frac{2 \pi}{3}\)
= – \(\sqrt{3}\)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-10
∴ रेखा PQ का समीकरण, y – y1 = m(x – x1 )
y – 2 = – \(\sqrt{3}\) (x – 0)
या \(\sqrt{3}\)x + y – 2 = 0.
दूसरी रेखा RS रेखा PQ के समांतर है
∴ RS का ढाल = –\(\sqrt{3}\)
यह रेखा (0, – 2) से होकर जाती है।
रेखा RS का समीकरण, y – y1 = m(x – x1)
y + 2 = –\(\sqrt{3}\) (x – 0)
\(\sqrt{3}\)x + y + 2 = 0.

प्रश्न 15.
मूल बिन्दु से किसी रेखा पर डाला गया लम्ब रेखा से बिन्दु (- 2, 9) पर मिलता है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए रेखा AB पर मूल बिन्दु से डाला गया लम्ब AB पर मिलता है।
OP की ढाल = – \(\frac{y_{2}-y_{1}}{x_{2}-x_{1}}\)
= \(\frac{9-0}{-2-0}=-\frac{9}{2}\)
परन्तु AB ⊥ OP
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-11
अब AB की ढाल \(\frac{2}{9}\) है और P(- 2, 9) से होकर जाती है।
∴ AB का समीकरण
y – y1 = m(x – x1)
अर्थात् y – 9 = \(\frac{2}{9}\) = (x + 2) या
या 9y – 81 = 2x +4
या 2x – 9y + 85 = 0.

प्रश्न 16.
तांबे की छड़ की लम्बाई L (सेमी में) सेल्सियस ताप C का रैखिक फलन है। एक प्रयोग में यदि L= 124.942, जब C = 20 और L= 125.134 जब C = 110 हो, तो L को C के पदों में व्यक्त कीजिए।
हल:
L ताप C का रैखिक फलन है।
(20, 124.942), (110, 125.134) इसका रैखिक फलन है। इन दो बिन्दुओं से संतुष्ट फलन
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-12

प्रश्न 17.
किसी दूध भण्डार का स्वामी प्रति सप्ताह 980 लीटर दूध, 14 रू प्रति लीटर के भाव से और 1220 लीटर दूध 16 रू प्रति लीटर के भाव से बेच सकता है। विक्रय मूल्य तथा मांग के मध्य के संबंध को रैखिक मानते हुए ज्ञात कीजिए कि प्रति सप्ताह वह कितना दूध 17 रू प्रति लीटर के भाव से बेच सकता है?
हल:
दूध के भाव और मात्रा में रैखिक सम्बन्ध है। यह रेखा दो बिन्दुओं (14, 980), (16, 1220) से होकर जाती है।
इससे प्राप्त रेखा का समीकरण,
y – y1 = \(\frac{y_{2}-y_{1}}{x_{2}-x_{1}}\) (x – x1)
y – 980 = \(\frac{1220-980}{16-14}\)(x – 14)
= \(\frac{240}{2}\)(x – 14)
= 120(x – 14)
y = 980 + 120 (x – 14)
जब x का मान 17 है तो y का मान नीचे दिया गया है।
y = 980 + 120(17 – 14)
= 980 + 120 × 3
= 980 + 360
= 1340
अतः 17 रू प्रति लीटर भाव का 1340 लीटर दूध बिकेगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 18.
अक्षों के बीच रेखाखंड का मध्य बिंदु P(a, b) है। दिखाइए कि रेखा का समीकरण \(\frac{x}{a}+\frac{y}{b}\) = 2 हैं।
P(a, b)
हल:
माना रेखा AB अक्षों पर p और q अंतःखंड बनते हैं।
∴ बिन्दु A और B के क्रमशः निर्देशांक (p, 0) और (0, q) हैं।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-13
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-14

प्रश्न 19.
अक्षों के बीच रेखाखण्ड को बिन्दु R(h, k), 1 : 2 के अनुपात में विभक्त करता है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल:
अक्षों के बीच रेखाखंड AB को R(h, k) AR : RB = 1 : 2 के अनुपात में विभक्त करता है।
मान लीजिए अक्षों पर अंत:खण्ड OA = a और OB = b है।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-15
a और b के मान रखने पर,
\(\frac{x}{\frac{3 h}{2}}+\frac{y}{3 k}\) = 1
या \(\frac{2 x}{h}+\frac{y}{k}\) = 3
या 2kx + hy = 3hk.

प्रश्न 20.
रेखा के समीकरण की संकल्पना का प्रयोग करते हुए सिद्ध कीजिए कि तीन बिन्दु (3, 0), (-2,-2) और (8, 2) संरेख हैं।
हल:
बिन्दु A(3, 0), B(- 2, – 2) से होकर जाने वाली रेखा का समीकरण
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.2 img-16
बिन्दु C(8, 2) इस रेखा पर पड़ता है तब इसके निर्देशांक इस समीकरण को संतुष्ट करेंगे।
∴ 2 × 8 – 5 × 2 – 6 = 0
या 16 – 16 = 0
अतः दिए हुए बिन्दु A, B, C सरेख हैं।

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत

प्राणि जगत NCERT प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
यदि मूलभूत लक्षण ज्ञात न हो तो प्राणियों के वर्गीकरण में आप क्या परेशानी महसूस करेंगे?
उत्तर:
प्राणियों को वर्गीकृत करने में निम्नलिखित परेशानी हो सकती है –

  • कुछ प्राणियों में कोशिकीय स्तर, कुछ में ऊतक स्तर तथा किसी में अंग स्तर का शारीरिक संगठन पाया जाता है।
  • कुछ प्राणियों में त्रिज्या सममिति तथा कुछ में द्विपाश्वीय सममिति पायी जाती है।
  • कुछ प्राणियों में खुला रक्त परिवहन तंत्र तथा कुछ में बंद प्रकार का रक्त परिवहन तंत्र पाया जाता है।
  • कुछ में बाह्य कोशिकीय तथा कुछ प्राणियों में अन्त:कोशिकीय पाचन पाया जाता है। अत: ऐसे बहुत-से लक्षणों का ज्ञान न होने पर प्राणियों को वर्गीकृत करने में परेशानी होती है।

प्रश्न 2.
यदि आपको एक नमूना (स्पेशीमेन) दे दिया जाये तो वर्गीकरण हेतु आप क्या कदम अपनाएँगे?
उत्तर:
प्राणियों की संरचना एवं आकार में भिन्नता होते हुए भी उनकी कोशिकीय व्यवस्था, शारीरिक सममिति, प्रगुहा की प्रकृति, पाचन तंत्र, परिसंचरण तंत्र व जनन तंत्र की रचना में कुछ आधारभूत समानताएँ पाई जाती हैं। हम वर्गीकरण के समय इन विशेषताओं को वर्गीकरण का आधार बनाकर अपना कदम बढ़ाएंगे।

प्रश्न 3.
देहगुहा एवं प्रगुहा का अध्ययन प्राणियों के वर्गीकरण में किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर:
शरीर में भित्ति तथा आहारनाल के बीच की गुहा की उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति वर्गीकरण का मुख्य आधार है। मध्य त्वचा (Mesoderm) से आच्छादित शरीर गुहा को देहगुहा (Coelom) कहते हैं तथा इससे युक्त प्राणी को प्रगुही (Coelomata) कहा जाता है। उदा.-ऐनेलिडा, मोलस्का, ऑर्थोपोडा, इकाइनोडर्मेटा वर्ग के प्राणी। कुछ प्राणियों में यह गुहा मध्य त्वचा से आच्छादित नहीं होती, बल्कि मध्य त्वचा (Mesoderm), बाह्यत्वचा (Ectoderm) एवं अंत: त्वचा (Endoderm) के बीच बिखरी हुई थैली के रूप में पायी जाती है जिसे कूटगुहिका (Pseudocoelom) कहते हैं, (उदाहरण – ऐस्केरिस)। जिन प्राणियों में शरीर गुहा नहीं पायी जाती है उन्हें अगुहीय (Acoelomata) कहा जाता है, (उदाहरण – प्लेटीहेल्मिन्थीज)।

प्रश्न 4.
अन्तःकोशिकीय एवं बाह्यकोशिकीय पाचन में विभेद कीजिए।
उत्तर:
1. अन्तः कोशिकीय पाचन (Intracellular digestion):
यह कोशिका के अन्दर पाया जाता है। भोजन के कण अन्त:भक्षण (Endocytosis) के द्वारा कोशिका के अन्दर लिये जाते हैं, कोशिकीय अंगक लाइसोसोम से स्रावित एन्जाइम द्वारा भोजन का पाचन कर लिया जाता है। अपचित पदार्थ कोशिकीय वमन क्रिया द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है। उदाहरण- अमीबा, पैरामीशियम, आदि।

2. बाह्य कोशिकीय पाचन (Extracellular digestion):
कोशिका के बाहर उपस्थित पदार्थों का पाचन बाह्य कोशिकीय पाचन कहलाता है। बहुकोशिकीय प्राणियों के पाचन तंत्र में भोज्य पदार्थों का बाह्य कोशिकीय पाचन होता है। उदाहरण – केंचुआ, लाइकेन आदि

प्रश्न 5.
प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष परिवर्धन में क्या अंतर है ?
उत्तर:
1. प्रत्यक्ष परिवर्धन (Direct development):
इस प्रकार के परिवर्धन में लार्वा अवस्था नहीं होती है। युग्मनज (Zygote) का विकास सीधे वयस्क के रूप में होता है। उदाहरण – मनुष्य, चूहा, हाथी, बंदर।

2. अप्रत्यक्ष परिवर्धन (Indirect development):
कुछ जीवों के परिवर्धन में लार्वा की अवस्था आती है। युग्मनज पहले लार्वा में बदलता है, पश्चात् लार्वा का परिवर्धन वयस्क जीव में होता है। उदाहरण – इकाइनोडर्मेटा, ऐस्केरिस, कॉकरोच, आदि।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
परजीवी प्लेटीहेल्पिन्थीज के विशेष लक्षण बताइए।
उत्तर:
चपटे कृमियों (Platyhelminthes) का शरीर इनकी संरचना, आवास तथा प्रकृति के प्रति अनुकूलित होता है। चूँकि इसके शरीर में विकसित संवहन तथा उत्सर्जन तंत्र नहीं पाये जाते हैं, इस कारण इनका शरीर चपटा होता है, जिससे इनके शरीर की सभी कोशिकाएँ शरीर की बाह्य तथा पाचक गुहा की आन्तरिक सतह के करीब पहुँच सके और वहाँ O2 व भोजन को विसरण के द्वारा ग्रहण कर सके। त्वचा और दूसरे CO2 उत्सर्जी पदार्थों को विसरण के ही द्वारा शरीर से बाहर कर सकें। इनमें उत्सर्जन के लिए विशिष्ट शिखा कोशिकाएँ (Flame cells) पायी जाती हैं। इसी प्रकार परजीवी चपटे कृमियों में शरीर के चारों तरफ क्यूटिकल का आवरण, चूषकों की उपस्थिति, शरीर का मुक्त होने वाले स्वतंत्र खण्डों का बना होना, प्रचलन अंग की अनुपस्थिति, आहार नाल का कम विकसित होना तथा तीव्र प्रजनन दर आदि परजीवी अनुकूलन पाये जाते हैं।

प्रश्न 7.
ऑर्थोपोडा प्राणी समूह का सबसे बड़ा वर्ग है, इस कथन के प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर:
ऑर्थोपोडा प्राणी जगत का सबसे बड़ा वर्ग है, जिसमें कीट भी शामिल हैं। निम्नलिखित शारीरिक अनुकूलताओं के कारण ये पृथ्वी में उपस्थित जीवों में से दो तिहाई जीव इसी वर्ग से संबंधित हैं –

  1. पैर छोटे-छोटे खण्डों में विभाजित होते हैं।
  2. ये वायु, जल, स्थल एवं परजीवी चारों अवस्थाओं में पाये जाते हैं। इनका शरीर त्रिस्तरीय, द्विपार्श्व सममित खण्डों में विखण्डित तथा
  3. काइटिन के कवच से ढंका रहता है।
  4. देहगुहा छोटी तथा परिसंचरण तन्त्र खुला होता है।
  5. उत्सर्जन मैल्पिघी नलिकाओं द्वारा होता है।
  6. सिर पर सरल या संयुक्त आँखें पायी जाती हैं।
  7. इनके लिंग अलग-अलग होते हैं।
  8. सामान्यत: शरीर के प्रत्येक खण्ड में एक जोड़ी सन्धित उपांग पाया जाता है।
  9. रुधिर में लाल रुधिर कणिकाएँ तथा हीमोग्लोबिन नहीं पाया जाता है। इसी कारण इनका रुधिर लाल नहीं होता है। हीमोग्लोबिन के स्थान पर हीमोसायनिन वर्णक पाया जाता है। उदाहरण – पेरीप्लेनेटा, पैलीमॉन, तितली।

प्रश्न 8.
जल संवहन – तंत्र किस वर्ग के प्रमुख लक्षण हैं –
(a) पोरीफेरा
(b) टीनोफेरा
(c) इकाइनोडर्मेटा
(d) कॉर्डेटा।
उत्तर:
(c) इकाइनोडर्मेटा

प्रश्न 9.
सभी कशेरुकी वर्टीब्रेट्स, रज्जूकी (कॉर्डेट्स ) हैं, लेकिन सभी रज्जूकी कशेरुकी नहीं हैं। इस कथन को सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
सभी कशेरुकी (वर्टीब्रेट्स) संघ के प्राणियों में तीन मूलभूत लक्षण –

  • पृष्ठ रज्जू
  • पृष्ठ खोखली तंत्रिका रज्जू तथा
  • युग्मित ग्रसनी क्लोम छिद्र पाये जाते हैं।

सभी कशेरुकी द्विपार्वीय सममिति, त्रिकोरकी तथा प्रगुही प्राणी हैं। उनमें अंगतंत्र स्तर का संगठन पाया जाता है। इसमें गुदा-पश्च पूँछ तथा बंद परिसंचरण तंत्र पाया जाता है। उपरोक्त लक्षणों के आधार पर सभी कशेरुकी रज्जूकी कहलाते हैं लेकिन सभी रज्जूकी कशेरुकी नहीं हैं, क्योंकि कशेरुकी प्राणी में पृष्ठ रज्जू भ्रूणीय अवस्था में पायी जाती है। वयस्क अवस्था में पृष्ठ रज्जू अस्थिल अथवा उपास्थिल मेरुदण्ड में परिवर्तित हो जाती है। अत: कहा जा सकता है कि कशेरुकी रज्जूकी भी है, लेकिन सभी रज्जूकी कशेरुकी नहीं होते हैं।

प्रश्न 10.
मछलियों में वायु आशय (एयर ब्लैडर) की उपस्थिति का क्या महत्व है ?
उत्तर:
मछलियों में वायु आशय (एयर ब्लैडर) की उपस्थिति उत्प्लावन (Buoyancy) में सहायता करती है। वायु आशय के कारण मछलियाँ जल के निचले स्तर में जाकर तैर सकती हैं। उदाहरण – हिप्पोकैम्पस, एक्सोसीटस, रोहू, क्लेरियस आदि।

प्रश्न 11.
पक्षियों में उड़ने हेतु क्या-क्या रूपान्तरण हैं?
उत्तर:
पक्षियों के शरीर में उड़ने के लिए निम्नलिखित अनुकुलताएँ पाई जाती हैं –

  • पक्षियों के परों (Wings) में मौजूद शक्तिशाली पेशियाँ उड़ने में सहायता करती हैं।
  • पक्षियों की हड्डियाँ अत्यन्त हल्की होती हैं तथा पेशियों को जोड़ने के लिए अत्यधिक स्थान प्रदान करती हैं।
  • पक्षियों के अग्रपाद रूपान्तरित होकर पंख बनाते हैं।
  • पश्चपाद में सामान्यतः शत्क होते हैं जो रूपान्तरित होकर चलने, तैरने तथा पेड़ों की शाखाओं को पकड़ने में सहायता करते हैं।
  • पक्षियों की त्वचा शुष्क होती है।
  • पूँछ में तेल ग्रन्थि को छोड़कर त्वचा में अन्य कोई ग्रन्थि नहीं पायी जाती है।
  • पक्षियों की नौकाकार आकृति, वायु को पीछे ढकेलने में मदद करती है।

प्रश्न 12.
अंडजनक तथा जरायुज द्वारा उत्पन्न अंडे या बच्चे संख्या में बराबर होते हैं। यदि हाँ तो क्यों? यदि नहीं तो क्यों?
उत्तर:
अंडजनक (Oviparous), वे जंतु हैं, जो अण्डे देते हैं। जरायुज (Viviparous), वे जन्तु हैं, जो शिशुओं को जन्म देते हैं। अंडजनक एवं जरायुज द्वारा उत्पन्न अंडे या बच्चों की संख्या बराबर नहीं होती क्योंकि अंडजनक का निषेचन बाह्य होता है तथा परिवर्धन अप्रत्यक्ष होता है। अंडजनक अत्यधिक संख्या में अंडे उत्पन्न करते हैं किन्तु अंडे से बच्चे निकलने के पश्चात् लंबी परिवर्धन की अवस्थाओं से गुजरने के पश्चात् वयस्क बनते हैं। परिवर्धन की लंबी अवस्था में बहुत से अंडे नष्ट हो जाते हैं। जरायुज मादाओं द्वारा कम संख्या में शिशु उत्पन्न किये जाते हैं। शिशुओं का माता की गर्भाशय में प्रत्यक्ष परिवर्धन होता है। परिवर्धन की प्रक्रिया में कोई भी लार्वा की अवस्था नहीं आती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 13.
निम्नलिखित में से शारीरिक खंडीभवन किसमें पहले देखा गया –
(a) प्लेटीहेल्मिन्थीज
(b) एस्केल्पिन्थीज
(c) ऐनेलिडा
(d) ऑर्थोपोडा।
उत्तर:
(c) ऐनेलिडा

प्रश्न 14.
निम्न का मिलान कीजिए –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत - 1
उत्तर:

  1. (h) ऑस्टिक्थीज
  2. (e) एनेलिडा
  3. (d) रेप्टीलिया
  4. (a) टीनोफेरा
  5. (b) मोलस्का
  6. (g) मैमेलिया
  7. (c) पोरीफेरा
  8. (f) साइक्लोस्टोमेटा एवं कॉन्ड्रिक्थीज

प्रश्न 15.
मनुष्यों में पाए जाने वाले कुछ परजीवों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मनुष्यों में पाये जाने वाले परजीवी निम्नलिखित हैं –

  1. टीनिया सोलियम
  2. ऐसियोला हेपेटीका
  3. एस्केरिस लुम्बीकॉइड्स
  4. वुचेरियन बैन्क्रोफ्टी
  5. एन्साइक्लोस्टोमा।

प्राणि जगत अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्राणि जगत वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –
1. सिफैलोपोडा जन्तुओं का एक वर्ग है, जिसमें
(a) नोटोकॉर्ड सिर तक फैली होती है
(b) सिर, पर, पाद स्थित होता है
(c) सिर, पाद, पर स्थित होता है
(d) सिर, वक्ष से समेकित होता है।
उत्तर:
(c) सिर, पाद, पर स्थित होता है

2. मोती सीप किस वर्ग से सम्बन्धित है –
(a) गैस्ट्रोपोडा
(b) पैलिसीपोडा
(c) स्कैफोपोडा
(d) एम्फीन्यूरा।
उत्तर:
(b) पैलिसीपोडा

3. यूथीरियन स्तनी होते हैं –
(a) अण्डज
(b) जरायुज
(c) अण्डज जरायुज
(d) अण्डज एवं अण्ड जरायुज।
उत्तर:
(b) जरायुज

4. मीजोग्लिया बनी होती है –
(a) अमीबॉइड कोशिका
(b) तन्त्रिका कोशिका
(c) निमैटोसिस्ट
(d) अकोशिकीय जेली।
उत्तर:
(d) अकोशिकीय जेली।

5. निम्न वर्गों में से किसमें सबसे अधिक जन्तु संख्या पायी जाती है –
(a) स्तनी में
(b) मत्स्य में
(c) कीट में
(d) सरीसृप में।
उत्तर:
(c) कीट में

6. क्रे फिश है –
(a) क्रस्टेशियन जन्तु
(b) खाद्य मछली
(c) विषैली मछली
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) क्रस्टेशियन जन्तु

7. निम्न में से कौन कशेरुकियों में नहीं होता है –
(a) द्विपार्श्व सममिति
(b) क्लोम छिद्र
(c) देह शल्क
(d) देश कोरक।
उत्तर:
(d) देश कोरक।

8. निम्न में कौन स्तनी वर्ग का उदाहरण है –
(a) मैनिस
(b) प्लेनार्बिस
(c) हाइड्रोफिश
(d) सिटैकुला।
उत्तर:
(a) मैनिस

MP Board Solutions

9. निम्न में से किसमें झुण्ड बनाकर आवास बदलने की क्रिया पायी जाती है –
(a) मच्छर
(b) घरेलू मक्खी
(c) टिड्डी
(d) पाइरिला।
उत्तर:
(c) टिड्डी

10. स्पांजों में पाचन कहाँ होता है –
(a) स्पांजोसील
(b) ऑस्कुलम
(c) ऑस्टियम
(d) खाघ रिक्तिका।
उत्तर:
(d) खाघ रिक्तिका।

11. चपटे कृमियों में उत्सर्जन अंग होता है –
(a) नेफ्रीडिया
(b) ज्वाला कोशिकाएँ
(c) मैल्पीघियन नलिकाएँ
(d) हरी ग्रंथियाँ।
उत्तर:
(b) ज्वाला कोशिकाएँ

12. समुद्र की तली में पाये जाने वाले जन्तु कहलाते हैं –
(a) लेन्टिक
(b) लांटिक
(c) वेन्टिक
(d) जिलेजिक।
उत्तर:
(c) वेन्टिक

13. कंगारू होता है –
(a) प्रोटोथीरिया
(c) वेन्टिक
(c) यूथीरिया
(d) रेप्टाइलस।
उत्तर:
(c) वेन्टिक

14. निम्न में से कौन अण्डयुज स्तनी जन्तु है –
(a) व्हेल
(b) प्लेटीपस
(c) खरगोश
(d) साँप।
उत्तर:
(b) प्लेटीपस

15. मीजोग्लिया किसका बना होता है –
(a) अमीबीय कोशिकाओं का
(b) तंत्रिका कोशिकाओं का
(c) निमैटोसिस्ट का
(d) कोशिकीय जेली का।
उत्तर:
(d) कोशिकीय जेली का।

16. सिफैलोकॉर्डेटा जन्तु का वह वर्ग है, जिसमें –
(a) नोटोकॉर्ड सिर से पैरों तक होता है
(b) सिर पर पैर पाये जाते हैं
(c) पैरों पर सिर पाया जाता है
(d) सिर, सिफैलोथोरेक्स से जुड़ा रहता है।
उत्तर:
(a) नोटोकॉर्ड सिर से पैरों तक होता है

MP Board Solutions

17. इंक ग्रंथियाँ पाई जाती हैं –
(a) सीपिया में
(b) लोलिंगा में
(c) ऑक्टोपस में
(d) उपर्युक्त सभी में।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी में।

18. मासुपियम का पाया जाना किसका प्रमुख लक्षण है –
(a) मेटाथीरिया
(b) कीटोप्टेरा
(c) रोडेंशिया
(d) कॉर्नीवोरा।
उत्तर:
(a) मेटाथीरिया

19. एवियन हृदय होता है –
(a) दो कोष्ठों युक्त
(b) तीन कोष्ठों युक्त
(c) अधूरे चार कोष्ठों युक्त
(d) चार कोष्ठों युक्त।
उत्तर:
(d) चार कोष्ठों युक्त।

20. स्टारफिश किस संघ का जंतु है –
(a) कॉर्डेटा
(b) एनीलिडा
(c) इकाइनोडर्मेटा
(d) पोरीफेरा।
उत्तर:
(c) इकाइनोडर्मेटा

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. पंख तथा ……………. के आधार पर ऑर्थोपोडा को विभाजित किया गया है।
  2. पेरीपेटस …………….. वर्ग का जंतु है।
  3. सिल्वर फिश …………… संघ में सम्मिलित किया गया है।
  4. उभयचर जीव के हृदय में …………….. वेश्म होते हैं।
  5. पक्षीवर्ग की हड्डियाँ …………. होती हैं।
  6. अधिकांश चपटे कृमि अवायवीय श्वसन करते हैं, यह ……………. अनुकूलन है।
  7. स्टारफिश में …………. सममिति होती है।
  8. संधियुक्त पाद …………. संघ का प्रमुख लक्षण है।

उत्तर:

  1. उपांगों
  2. ओनिकोफोरा
  3. ऑर्थोपोडा
  4. तीन
  5. खोखली
  6. परजीवी
  7. अरीय
  8. ऑर्थोपोडा।

प्रश्न 3.
एक शब्द में उत्तर दीजिए

  1. पक्षियों की सर्वोत्तम परिभाषा है।
  2. यूथीरीयन स्तनी होते हैं।
  3. सीप (मोती) किस वर्ग से संबंधित है ?
  4. मीसोग्लिया किस संघ का लक्षण है?
  5. ऑर्थोपोडा के रुधिर का रंग हल्का नीला किसके कारण होता है?

उत्तर:

  1. परयुक्त चतुष्पादी
  2. जरायुज
  3. पैलिसीपोडा (मोलस्का)
  4. सीलेन्ट्रेटा
  5. हीमोसायनिन

प्रश्न 4.
उचित संबंध जोडिए –
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत - 2
उत्तर:

  1. (d) टारपीडो
  2. (a) इकाइनोडर्मेटा
  3. (b) मोलस्का
  4. (c) पीसीज

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत - 3
उत्तर:

  1. (b) एवीज
  2. (c) मैमेलिया
  3. (d) निमैटोडा
  4. (a) प्लेटीहेल्मिन्थीस

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत - 4
उत्तर:

  1. (d) पेरीप्लेनेटा
  2. (c) केकड़ा
  3. (a) ऑरिलिया
  4. (e) नेरिस
  5. (b) प्लेनेरिया

प्रश्न 5.
सत्य / असत्य बताइए –

  1. कॉर्डेटा संघ के जंतु सीलोमेट तथा नॉन-कॉर्डेटा संघ के जंतु एसीलोमेट, स्यूडोसीलोमेट व यूसीलोमेट होते हैं।
  2. वर्मीकम्पोस्ट के लिए कीड़ों को पाला जाता है।
  3. नोटोकॉर्ड भ्रूण की मीसोडर्म स्तर से बनती है।
  4. चमगादड़ का पंख, पाद एवं पूँछ का फैलाव है।
  5. अंडा देने वाला स्तनी आर्निथोरिन्कस है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. सत्य।

MP Board Solutions

प्राणि जगत अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
त्रिज्यतः सममिति एवं द्विपार्श्व सममिति में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
त्रिज्यतः सममिति एवं द्विपार्श्व सममिति में अन्तर –

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत - 5

प्रश्न 2.
कोई तीन ऐसे लक्षण लिखिए, जिसके कारण चींटी तथा केकड़े को एक ही संघ में सम्मिलित करते हैं।
उत्तर:

  •  दोनों के उपांग (पैर) संधियुक्त होते हैं।
  • दोनों में एक जोड़ी संयुक्त नेत्र पाये जाते हैं।
  • दोनों में शिकार को पकड़ने के लिए पेडीपल्स पाये जाते हैं।

प्रश्न 3.
प्रोटोकॉर्डेट जन्तुओं के तीन लक्षण लिखिए।
उत्तर:

  • इनका नोटोकॉर्ड कशेरुक दण्ड में विकसित नहीं होता है।
  • इनमें मस्तिष्क बॉक्स (Cranium) एवं जबड़ा नहीं पाया जाता है।
  • इनमें जोड़ेदार उपांग नहीं पाये जाते हैं। उदाहरण – हर्डमानिया।

प्रश्न 4.
कोई तीन स्थिर जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:

  • ल्यूकोसोलेनिया
  • साइकॉन
  • ग्रैन्शिया (पोरीफेरा संघ के जन्तु स्थिर होते हैं, उपर्युक्त तीनों जीव संघ पोरीफेरा के ही हैं।)

प्रश्न 5.
ऐसे स्तनधारी का नाम बताइए, जिसके R.B.Cs. में केन्द्रक पाया जाता है।
उत्तर:
ऊँट के R.B.Cs. में केन्द्रक पाया जाता है।

प्रश्न 6.
उप-संघ यूरोकॉर्डेटा के तीन लक्षणों को लिखकर एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
यूरोकॉर्डेटा के लक्षण –

  • इनके प्रौढ़ में नोटोकॉर्ड नहीं पाया जाता, जबकि डिम्भकों में पाया जाता है।
  • ये अपने शरीर के चारों तरफ एक कठोर कंचुक (Tunic) या कवच स्रावित करते हैं।
  • इनमें गिलछिद्र पाये जाते हैं। उदाहरण – हर्डमानिया, डोलिओलम।

प्रश्न 7.
उप-संघ सिफैलोकॉर्डेटा के लक्षण लिखकर एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
सिफैलोकॉर्डेटा के लक्षण –

  • इनमें क्रेनियम तथा जबड़े नहीं पाये जाते हैं।
  • ये मछली के समान होते हैं तथा इनमें नोटोकॉर्ड एवं तन्त्रिका रज्जू शरीर की पूरी लम्बाई में पाये जाते हैं।
  • इनमें कवच नहीं पाया जाता है। उदाहरण – ऐम्फिऑक्सस।

MP Board Solutions

प्रश्न 8.
ग्लास स्पंज किसे कहते हैं ?
उत्तर:
कुछ स्पंजों के कंकाल पारदर्शी होते हैं एवं इनकी कंटिकाएँ सिलिका की बनी होती हैं। पारदर्शी होने के कारण इन्हें ग्लास स्पंज कहते हैं।

प्राणि जगत लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित जन्तुओं के जन्तु वैज्ञानिक नाम लिखिए –

  1. घरेलू मक्खी
  2. हाथी
  3. शुतुरमुर्ग
  4. गोलकृमि
  5. कंगारू

उत्तर:
जन्तुओं के वैज्ञानिक नाम –

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 4 प्राणि जगत - 6

प्रश्न 2.
एसीलोम, स्यूडोसीलोम में अन्तर स्पष्ट कीजिए एवं प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
एसीलोम एवं स्यूडोसीलोम में अन्तर – जन्तु शरीर की आहारनाल और देहभित्ति के बीच एक गुहा पायी जाती है जिसे देहगुहा (सीलोम) कहते हैं। इसका विकास मध्यचर्म (Mesoderm) के दो भागों में बँट जाने के कारण होता है। मध्यचर्म से विकसित देहगुहा वास्तविक देहगुहा कहलाती है। जिन जीवों में देहगुहा नहीं पायी जाती उन्हें एसीलोमेट जीव कहते हैं। जैसे – साइकॉन, हाइड्रा। कुछ जीवों में देहगुहा मध्यचर्म से विकसित न होकर शरीर के किसी दूसरे भाग से विकसित होती है जैसे – ब्लास्टोसील, इस देहगुहा को कूट देहगुहा (स्यूडोसीलोम) कहते हैं। जैसे – फीताकृमि (टीनिया) एव रोटीफर ट्राइलोबस।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित जन्तुओं के संघ का नाम लिखिए –

  1. स्टारफिश
  2. जेलीफिश
  3. डॉग फिश
  4. इक्थियोफिश
  5. हॉर्स फिश
  6. व्हेल फिश
  7. सिल्वर फिश।

उत्तर:
जन्तु – संघ

  • स्टारफिश – इकाइनोडर्मेटा
  •  जेली फिश – सीलेण्ट्रेटा
  • डॉग फिश – कॉर्डेटा
  • इक्थियोफिश – कॉर्डेटा
  • हॉर्स फिश – कॉर्डेटा
  • व्हेल फिश – कॉर्डेटा।
  • सिल्वर फिश – ऑर्थोपोडा

प्रश्न 4.
निम्नलिखित जन्तुओं के प्रचलन अंग का नाम लिखिए –

  • अमीबा
  • केंचुआ
  • पैरामीशियम
  • सर्प
  • स्टारफिश
  • हाइड्रा
  • यूग्लीना।

उत्तर:
जन्तु – प्रचलन अंग

  1. अमीबा – कूटपाद
  2. केंचुआ – सीटी
  3. पैरामीशियम – सिलिया
  4. सर्प – पसली एवं शल्क
  5. स्टारफिश – भुजा
  6. हाइड्रा – स्पर्शक
  7. यूग्लीना – कशाभिका।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित रचनाएँ किन जन्तुओं में पायी जाती हैं, प्रत्येक के सामने केवल एक जन्तु का नाम लिखिए –

  1. संयुक्त नेत्र
  2. कैरापेस
  3. मेड्यूसा
  4. फ्लेम कोशिका
  5. प्लेकॉइड स्केल
  6. ब्लबर
  7. एक अण्डाशय
  8. पैरापोडिया
  9. मिसेण्ट्री
  10. आन्तरिक कवच।

उत्तर:

रचना – वहन करने वाला जन्तु

  1. संयुक्त नेत्र – पेरिप्लेनेटा (तिलचट्टा)
  2. कैरापेस – कैन्सर (केकड़ा)
  3. मेड्यूसा – ऑरेलिया
  4. फ्लेम कोशिका – प्लैनेरिया
  5. प्लेकॉइड स्केल – स्कॉलियोडॉन
  6. ब्लबर – नीला व्हेल (बेलिना)
  7. एक अण्डाशय – पक्षी (कबूतर = कोलम्बा)
  8. पैरापोडिया – नेरीस
  9. मिसेण्ट्री – कोरेलियम
  10. आन्तरिक कवच – सीपिया (सिफैलोपोडा जीव)।

प्रश्न 6.
कोई पाँच जन्तु संघों के नाम एवं उनके एक-एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
पाँच जन्तु संघ निम्नलिखित हैं –

  • पोरीफेरा – उदाहरण – साइकॉन (स्पंज)
  • सीलेण्ट्रेटा – उदाहरण – हाइड्रा
  • प्लेटीहेल्मिन्थीस – उदाहरण – प्लैनेरिया
  • निमैटोहेल्मिन्थीस – उदाहरण – ऐस्केरिस
  • ऐनीलिडा – उदाहरण – फेरेटिमा।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए –

  1. हीमोसील
  2. साइक्लोस्टोमेटा
  3. निमैटोडा।

उत्तर:
(1) हीमोसील:
जीवों की आहारनाल एवं देहभित्ति के बीच एक गुहा पायी जाती है, जिसे देहगुहा कहते हैं। इसमें एक प्रकार का द्रव भरा रहता है, जिसे देहगुहीय द्रव कहते हैं, लेकिन ऑर्थोपोडा संघ तथा दूसरे खुले परिसंचरण वाले जीवों की देहगुहा में देहगुहीय द्रव के स्थान पर रुधिर भरा होता है, इस कारण इनकी देहगुहा को हीमोसील कहते हैं। यह देहगुहा संवहन का कार्य करती है।

(2) साइक्लोस्टोमेटा:
यह संघ कॉर्डेटा का एक वर्ग है, जिसमें निम्नलिखित लश्नाण पाये जाते हैं –

  • इनमें मस्तिष्क बॉक्स उपस्थित, लेकिन जबड़ा अनुपस्थित होता है। मुख चुपक प्रकृति का होता है।
  • इनके उपांग जोड़ में नहीं होते हैं । शरीर बेलनाकार तथा लम्बा होता है।
  • ये मछली जैसे होते हैं, लेकिन त्वचा चिकनी तथा शल्कविहीन होती है।
  • सिर पर केवल एक नासा छिद्र पाया जाता है।

(3) निमैटोडा (निमैटोहेल्मिन्थीस):
यह जन्तु जगत का एक संघ है, जिसमें सूत्र-कृमि या गोल कृमि जन्तुओं को रखा गया है। इस संघ के जीवों में निम्नलिखित लक्षण पाये जाते हैं-

  • इनका शरीर त्रिस्तरीय, गोलाकार होता है।
  • ये जल तथा गीली मिट्टी में या अन्तःपरजीवी के रूप में पाये जाते हैं।
  • इनका शरीर लम्बा, पतला, सिरों पर सँकरा द्विपार्श्व सममित होता है। इसमें सिर का अभाव होता है। शरीर पर क्यूटिकल का आवरण पाया जाता है।
  • शरीर में श्वसन तथा परिसंचरण तन्त्र नहीं पाया जाता, लेकिन जनन-तन्त्र विकसित होता है। उदाहरण – ऐस्केरिस, वाउचेरिया।

MP Board Solutions

प्राणि जगत दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संघ पोरीफेरा के लक्षण तथा दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
संघ पोरीफेरा के लक्षण –

  • इस संघ के जन्तु असममिति अथवा अरीय सममिति के जलीय समुद्री जन्तु होते हैं।
  • इनकी आकृति बेलनाकार, अण्डाकार, अनियमित और शाखित होती है। इनमें ऊतक या अंग नहीं बनते हैं।
  • इनमें देहगुहा (Coelom) का अभाव होता है।
  • शरीर भित्ति में अनेक सूक्ष्म छिद्र (Ostia) होते हैं। शरीर के शीर्ष पर ऑस्कुलम नामक एक छिद्र होता है।
  • शरीर में नाल तन्त्र होता है, जिसमें भोज्य पदार्थों, जल आदि का परिभ्रमण होता है। शरीर का कंकाल अनेक प्रकार की कंटिकाओं (Spicules) का बना होता है। ये कंटिकाएँ CaCO3 (कैल्सियम कार्बोनेट) या सिलिका की बनी होती हैं।
  • जनन अलैंगिक व लैंगिक दोनों प्रकार का होता है। इनमें पुनरुद्भवन की क्षमता होती है।
  • शरीर द्विस्तरीय होता है, दोनों स्तरों के मध्य में जेली के समान मध्य स्तर मीजोडर्म पायी जाती है।
  • शरीर संगठन कोशिकीय स्तर का होता है, लेकिन इनमें ऊतकों का अभाव होता है। उदाहरण – साइकॉन, ल्यूकोसोलेनिया।

प्रश्न 2.
संघ – सीलेण्ट्रेटा के विशिष्ट लक्षण तथा उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
संघ – सीलेण्ट्रेटा के लक्षण:

  • ये अधिकांश समुद्री तथा अलवणीय जल में पाये जाने वाले जन्तु होते हैं।
  • ये बहुकोशिकीय अरीय सममिति के होते हैं।
  • ये द्वि-स्तरीय होते हैं। बाहरी तथा भीतरी स्तर के बीच एककोशिकीय स्तर मीजोग्लिया (Mesoglea) पाया जाता है।
  • शरीर में एक गुहा, आन्तर गुहा (Coelenteron) पायी जाती है।
  • इनमें सिर तथा गुदाद्वार नहीं पाये जाते हैं।
  • पाचक गुहा थैली के समान होती है, गैस्ट्रोवैस्कुलर गुहा बाहर की ओर मुख से सम्बन्धित होती है।
  • मुख को घेरे हुए स्पर्शक पाये जाते हैं, लेकिन सुरक्षा तथा परिवहन तन्त्रों का अभाव होता है।
  • उनमें निमैटोसिस्ट दंशक उपकरण पाया जाता है। उदाहरण – हाइड्रा, ऑरेलिया।

प्रश्न 3.
जन्तु जगत वर्गीकरण की बाह्य रूपरेखा का चित्रण कर प्रत्येक संघ के दो – दो प्रमुख लक्षण एवं दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जन्तु जगत सभी जीवों में सबसे विकसित जगत है, जिसमें लगभग 12 लाख प्रकार के जीवों को रखा गया है। जन्तु जगत को मोटे तौर पर तीन शाखाओं में बाँटा गया है, जिन्हें पुन: कई संघों में बाँटा गया है, जो निम्नानुसार हैं –

(A) शाखा मीसोजोआ – कोशिकाओं का समूह मात्र होता है, इनमें केवल एक संघ आता है –
1. संघ-मीसोजोआ:

  • शरीर कोशिका समूह का बना होता है।
  • जल में पाये जाते हैं। उदाहरण – डाइसिमा।

(B) शाखा पैराजोआ – इनमें कोशिकीय स्तर का संगठन पाया जाता है। इनका एक संघ प्रमुख है –
2. संघ-पोरीफेरा:

  • शरीर पर असंख्य छिद्र पाये जाते हैं।
  • ये स्थिर तथा जलीय होते हैं। उदाहरण-साइकॉन, ग्रैन्शिया।

(C) शाखा मेटाजोआ –
इनमें ऊतकीय, अंगीय तथा तंत्रीय स्तर का संगठन पाया जाता है। इनके प्रमुख संघ निम्नानुसार हैं –

3. संघ-सीलेण्ट्रेटा:

  • शरीर के मध्य में एक खोखली गुहा पायी जाती है।
  • इनमें दंशक कोशिकाएँ पायी जाती हैं। उदाहरण – हाइड्रा, ऑरेलिया।

4. संघ – प्लेटीहेल्मिन्थीस –

  • शरीर चपटा व त्रिस्तरीय होता है।
  • इसमें देहगुहा नहीं पायी जाती है। उदाहरण-टीनिया, प्लैनेरिया।

5. संघ – निमैटोहेल्मिन्थीस –

  • इनका शरीर लम्बा, त्रिस्तरीय, गोलाकार कृमि के समान होता है।
  • शरीर में नलिका के अन्दर नलिका व्यवस्था पायी जाती है। उदाहरण – ऐस्केरिस, वाउचेरिया।

6. संघ-ऐनीलिडा:

  • शरीर पतला, लम्बा तथा छोटे-छोटे छल्ले समान खण्डों का बना होता है।
  • प्रचलन, शूकों द्वारा होता है। उदाहरण-फेरिटिमा, लुम्ब्रिकस।

MP Board Solutions

7. संघ – मोलस्का

  • शरीर कोमल, त्रिस्तरीय तथा खण्डहीन होता है।
  • शरीर के चारों तरफ कवच पाया जाता है। उदाहरण-पाइला, यूनियो।

8. संघ – ऑर्थोपोडा:

  • शरीर त्रिस्तरीय तथा खण्डों में बँटा होता है।
  • शरीर से संधित पैर जुड़े होते हैं। उदाहरण-पेरीप्लेनेटा, पैलीमॉन।

9. संघ – इकाइनोडर्मेटा:

  • शरीर अरीय सममिति वाला होता है।
  • शरीर भुजाओं में बँटा होता है तथा इनकी बाह्य त्वचा पर कंटिकाएँ पायी जाती हैं। उदाहरण – ऐस्टेरियास, कुकुमेरिया।

10. संघ – हेमीकॉर्डेटा –

  • शरीर प्रोबोसिस, कॉलर व धड़ में विभेदित होता है।
  • प्रोबोसिस में नोटोकॉर्ड जैसी रचना पायी जाती है।
  • शरीर कृमि जैसा होता है। समुद्री कीचड़ में रहते हैं। उदाहरण – बैलेनोग्लॉसस, रेब्डोप्ल्यूरा।

11. संघ-कॉर्डेटा:

  • जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में नोटोकॉर्ड, नर्वकॉर्ड एवं गिल छिद्र अवश्य पाये जाते हैं।
  • सभी तन्त्र विकसित होते हैं। उदाहरण – राना टिग्रिना, होमो सैपिएन्स।

प्रश्न 4.
कॉर्डेटा संघ का वर्गीकरण एवं प्रत्येक के दो-दो लक्षण एवं दो – दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
कॉर्डेटा संघ का वर्गीकरण-संघ कॉर्डेटा को मोटे तौर पर निम्नलिखित 7 वर्गों में बाँटते हैं –
1. वर्ग-साइक्लोस्टोमेटा:

  • मस्तिष्क बॉक्स उपस्थित, लेकिन जबड़ा अनुपस्थित होता है।
  • शरीर पर जोड़ेदार उपांग नहीं पाये जाते हैं। उदाहरण – पेट्रोमाइजॉन, मिक्सिन। अधिवर्ग – मत्स्य वर्ग-इसके अन्तर्गत निम्न दो वर्ग हैं –

2. वर्ग-कॉण्ड्रिक्थीस –

  • इस वर्ग में वे मछलियाँ आती हैं, जिनका कंकाल उपास्थि का बना होता है।
  • श्वसन, गलफड़े (गिल) द्वारा होता है, लेकिन इस पर ऑपरकुलम नहीं पाया जाता है। उदाहरण – स्कॉलियोडॉन, टॉरपिडो।

3. वर्ग-ऑस्टिक्थीस –

  • इन मछलियों का अन्त:कंकाल अस्थि का बना होता है।
  • शरीर अस्थि शल्कों से ढंका रहता है। उदाहरण- लैबियो, हिप्पोकैम्पस।।

4. वर्ग-एम्फिबिया –

  • इस वर्ग के कशेरुकी जीव जल एवं स्थल दोनों में रह सकते हैं, लेकिन उनका भ्रूणीय विकास जल में ही होता है।
  • इनमें चार पैर पाये जाते हैं। उदाहरण-राना टिग्रिना, ब्यूफो (भेक), सेलामेंडर।

MP Board Solutions

5. वर्ग-सरीसृप –

  • ये जमीन पर रेंगकर चलते हैं।
  • इसकी त्वचा सूखी होती है। उदाहरणकैलोटिस, नाजा।

6. पक्षी वर्ग –

  • अग्र पाद पंखों में रूपान्तरित होता है तथा पूरा शरीर परों से ढंका रहता है।
  • इनकी अस्थियों में वायु कोष्ठ पायी जाती है। उदाहरण – कोलम्बा, पेसर।

7. स्तनी वर्ग –

  • चमड़ी पर बाल तथा सिर में बाह्य कर्ण पाये जाते हैं।
  • इनमें स्तन ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं। उदाहरण – मैक्रोपस, होमो सैपिएन्स।

प्रश्न 5.
स्तनधारी जन्तु समूह के प्रमुख लक्षणों का वर्गीकरण करते हुए प्रमुख स्तनधारियों का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
अथवा
प्रोटोथीरिया एवं मेटाथीरिया में अन्तर दीजिए।
उत्तर:
स्तनधारी जन्तुओं के लक्षण-जन्तु-जगत का स्तनधारी समूह पृथ्वी का सबसे अधिक विकसित जन्तु समूह है, जिसमें निम्नलिखित लक्षण पाये जाते हैं –

  • शरीर रोयें या बालों से ढंका रहता है। त्वचा में स्वेद तथा तेल ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं।
  • मादा में बच्चों को दूध द्वारा पोषण देने के लिए स्तन ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं, जो नर में कम विकसित होती हैं।
  • करोटि की अस्थियाँ सीवनों द्वारा जुडी होती हैं। इनमें दो अस्थि कन्द पाये जाते हैं।
  • हृदय चार कोष्ठों का बना होता है तथा R.B.Cs. में केन्द्रक नहीं पाया जाता। ऊँट के R.B.Cs. में केन्द्रक पाये जाते हैं।
  • देहगुहा एक लचीले मध्यपट द्वारा पृष्ठीय वक्षगुहा तथा प्रतिपृष्ठीय उदर गुहा में विभाजित होती है।
  • ग्रैव कशेरुकाओं की संख्या हमेशा सात होती है।
  • ये नियततापी (Warm blooded) होते हैं।
  • इनकी कशेरुकाएँ अगर्ती होती हैं। उदाहरण – होमो सैपिएन्स, रैटस रैटस।

स्तनियों के प्रकार या स्तनियों का वर्गीकरण-स्तनियों को मोटे तौर पर 3 भागों में बाँटते हैं –
(i) प्रोटोथीरिया- इस उप-वर्ग के स्तनियों में निम्नलिखित गुण पाये जाते हैं

  • इनकी स्तन ग्रन्थियों में चूषक नहीं पाये जाते हैं।
  • इनकी मादा अण्डे देती है। इनमें बाह्य कर्ण नहीं होते हैं।
  • नर का वृषण, उदर गुहा में स्थित होता है।
  • इनमें गर्भाशय तथा योनि नहीं पाए जाते हैं। उदाहरण – डकबिल्ड, प्लेटिपस, ऐकिडना।

(ii) मेटाथीरिया – इस उप-वर्ग में निम्नलिखित गुण पाये जाते हैं –

  • ये अपरिपक्व बच्चे देते हैं। बच्चे का शेष विकास मार्क्सपियल थैली में होता है।
  • स्तनों में चूषक पाये जाते हैं।
  • इनमें बाह्य कर्ण पाये जाते हैं।
  • इनमें गर्भाशय तथा योनि पाये जाते हैं। उदाहरण – मैक्रोपस, डाइडेल्फिस।

(iii) यूथीरिया ये सबसे विकसित स्तनी हैं, इनके प्रमुख लक्षण निम्नानुसार हैं –

  • मादा परिपक्व शिशुओं को जन्म देती है तथा बच्चे का पूरा विकास गर्भाशय में ही होता है।
  • स्तन ग्रन्थियाँ विकसित चूषक युक्त होती हैं।
  • गर्भाशय तथा योनि विकसित होते हैं। उदाहरण – छछूदर(Talpa), खरगोश (Lepus), मनुष्य (Homo sapiens)।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए –

  1. पक्षी वर्ग
  2. सरीसप वर्ग
  3. मत्स्य वर्ग।

उत्तर:
(1) पक्षी वर्ग – यह संघ कॉर्डेटा का प्रमुख वर्ग है, जिसका शरीर उड़ने के लिए अनुकूलित होता है। इनके जीवन काल में नोटोकॉर्ड, नर्वकॉर्ड तथा गिल्स जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में पाये जाते हैं। इनके अलावा इनमें निम्नलिखित लक्षण पाये जाते हैं –

  • ये गर्म रक्त वाले जन्तु हैं। इनका शरीर परों से ढंका रहता है और सिर, धड़ एवं पूँछ में बँटा रहता है।
  • अग्रपाद का उड़ने के लिए पंखों में परिवर्तन हो जाता है। जबड़ों में दाँत नहीं पाये जाते हैं।
  • श्वसन फेफड़ों द्वारा होता है, जो वायुकोषों में बँटा होता है।
  • हृदय चार कोष्ठों का बना होता है।
  • कंकाल में छोटे-छोटे कोष्ठ पाये जाते हैं, जिन्हें वायु कूपिकाएँ कहते हैं। इनमें वायु भरी होती है।
  • इनमें केवल एक महाधमनी पायी जाती है।
  • खोपड़ी की हड्डियाँ आपस में संयुग्मित होती हैं।
  • नर में मैथुन अंग पाया जाता है। इनमें अन्त:निषेचन पाया जाता है, मादा अण्डे देती है, जिन्हें वह सेती है। उदाहरण-कोलम्बा, पैसर।

(2) सरीसृप वर्ग – इस वर्ग में संघ कॉर्डेटा के उन जन्तुओं को रखा जाता है, जो रेंगकर चलते हैं। इनके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं –

  • ये असमतापी तथा रेंगकर चलने वाली जलीय या स्थलीय जीव हैं।
  • इनकी त्वचा रूखी तथा शल्कयुक्त होती है।
  • इनका कंकाल अस्थिमय होता है, इनकी R.B.Cs. में केन्द्रक पायी जाती है।
  • हृदय में तीन कोष्ठ पाये जाते हैं।
  • इनमें आन्तरिक निषेचन होता है। उदाहरण-छिपकली, साँप, मगरमच्छ घड़ियाल।

(3) मत्स्य वर्ग-मत्स्य वर्ग कॉर्डेटा का प्रमुख वर्ग है अर्थात् इसमें नोटोकॉर्ड, नर्वकॉर्ड एवं गिल्स जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में अवश्य पाये जाते हैं। ये जलीय होते हैं इनके प्रमुख लक्षण निम्न हैं –

  • ये अनियततापी या शीत रुधिर (Cold blooded) जलीय जन्तु हैं।
  • इनका शरीर पार्श्व में चपटा तथा शल्कों से ढंका होता है।
  • फेफड़ा मछलियों को छोड़कर सभी में गिल द्वारा श्वसन होता है।
  • इनमें कर्णपटह कला नहीं पायी जाती है।
  • शरीर के पार्श्व में पार्श्व रेखा पायी जाती है जिसमें ज्ञानेन्द्रियाँ स्थित होती हैं।
  • हृदय आलिंद व शिरा दो भागों में बँटा होता है। उदाहरण – क्लाइमेटियस, स्कॉलियोडॉन, टॉरपिडो, रोहू।

MP Board Class 11th Biology Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1

प्रश्न 1.
कार्तीय तल में एक चतुर्भुज खींचिए जिसके शीर्ष (- 4, 5), (0, 7), (5, – 5) और (- 4, – 2) हैं। इसका क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए।
हल:
दिए गए बिन्दुओं (- 4, 5), (0, 7), (5, -5) और (- 4, – 2) क्रमशः A, B, C, D द्वारा दर्शाया गया है। चतुर्भुज ABCD को दो भागों में बाँटा गया है। जो ∆ABD तथा ∆BDC के रूप में हैं।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-1
∆ABD के शीर्ष A(- 4, 5), B(0, 7), D(- 4, – 2) हैं।
∴ ∆ABD का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\)|[ – 4(7 + 2) +0(- 2 – 5)+ (- 4)(5 – 7)]|
= \(\frac{1}{2}\)|[-36+8]|= \(\frac{1}{2}\) x 28
= 14 वर्ग इकाई
∆BDC के शीर्ष B(0, 7), D(-4, – 2), C ( 5, – 5) हैं।
∆BDC का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\)[0(- 2 + 5) – 4( – 5 – 7) + 5(7 + 2)]
= \(\frac{1}{2}\) [48 +45] = = \(\frac{1}{2}\) × 93
= 46.5 वर्ग इकाई
∴ चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल = ∆ABD का क्षेत्रफल + ∆BDC का क्षेत्रफल
= 14+ 46.5
= 60.5 वर्ग इकाई।

प्रश्न 2.
2a भुजा के समबाहु त्रिभुज का आधार y-अक्ष के अनुदिश इस प्रकार है कि आधार का मध्य बिन्दु मूल बिन्दु पर है। त्रिभुज के शीर्ष ज्ञात कीजिए।
हल:
माना ∆ABC की भुजा BC, y- अक्ष के अनुदिश है जिसका मध्य बिन्दु मूल बिन्दु O है।
⇒ B और C के शीर्ष बिन्दु (0, a) और (0, – a) हैं।
बिन्दु A, x- अक्ष पर है, AB = 2a, OB = a
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-2
समकोण त्रिभुज OAB में,
OA2 = AB2 – OB2 = (2a)2 – a2
= 4a2 – a2 = 3a2
∴ OA = \(\sqrt{3}\)a
∴ A के निर्देशांक (\(\sqrt{3}\)a,0) हैं।
अतः AABC के निर्देशांक (\(\sqrt{3}\)a,0), (0, a), (0 – a) हैं।

प्रश्न 3.
P(x1,y1) और Q(x2, Y2) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए जब :
(i) PQ,y- अक्ष के समांतर है,
(ii) PQ, x- अक्ष के समांतर है।
हल:
(i) जब कोई रेखा y-अक्ष के समांतर होती है तो उस पर जितने भी बिन्दु होंगे उनके x- निर्देशांक बराबर होते हैं अर्थात् X1 = X2.
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-3
(ii) जब कोई रेखा x-अक्ष के समांतर होती है तो उसके प्रत्येक बिन्दु का y- निर्देशांक बराबर होता है।
अर्थात् y1 = Y2
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-4

प्रश्न 4.
x- अक्ष पर एक बिन्दु ज्ञात कीजिए जो (7, 6) और (3, 4) बिन्दुओं से समान दूरी पर है।
हल:
मान लीजिए x- अक्ष पर बिन्दु A(a, 0), बिन्दु B(7, 6) और C(3, 4) से समान दूरी पर है।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-5
अर्थात् AB = AC
या AB2 = AC2
या (a – 7)2 + (0 – 6)2 = (a – 3)2 + (0 – 4)2
∴ a2 – 14a + 49 + 36 = a2 – 6a + 9+ 16
– 14a + 6a = 25 – 85
= – 60
या – 8a = – 60
या a = \(\frac{60}{8}=\frac{15}{2}\)
अतः बिन्दु 4 के निर्देशांक \(\left(\frac{15}{2}, 0\right)\) है।

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
रेखा की ढाल ज्ञात कीजिए जो मूल बिन्दु और P(0, -4) तथा B(8, 0) बिन्दुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिन्दु से जाती है।
हल:
बिन्दु P(0, – 4) और B(8, 0) को मिलाने वाले रेखाखंड का मध्य बिन्दु
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-6
⇒ PB का मध्य बिन्दु M के निर्देशांक (4, -2) है।
मूल बिन्दु 0 के निर्देशांक (0, 0) हैं।
∴ OM की ढाल = \(\frac{y_{2}-y_{1}}{x_{2}-x_{1}}=\frac{-2-0}{4-0}=\frac{-2}{4}=-\frac{1}{2}\).

प्रश्न 6.
पाइथागोरस प्रमेय के प्रयोग बिना दिखलाइए कि बिन्दु (4, 4), (3, 5) और (- 1, – 1) एक समकोण त्रिभुज के शीर्ष हैं।
हल:
माना दिए गए बिन्दु A(4, 4), B(3, 5) और C(- 1, – 1) हैं, तब
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-7
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-8

प्रश्न 7.
उस रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो y- अक्ष की धन दिशा से वामावर्त्त मापा गया 30° का कोण बनाती है।
हल:
माना रेखा OP, y- अक्ष से वामावर्त्त 30° का कोण बनाती है।
∴ x- अक्ष की धन दिशा से 90° + 30° = 120° का कोण बनाती है।
⇒ रेखा OP की ढाल = tan 120 = – \(\sqrt{3}\)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-9
यह रेखा मूल बिन्दु (0, 0) से होकर जाती है। रेखा का बिन्दु ढाल रूप है
y – y1 = m(x – x1)
∴ OP का समीकरण y – 0 = – \(\sqrt{3}\) (x – 0)
या y = – \(\sqrt{3}\)x.

MP Board Solutions

प्रश्न 8.
x का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए बिन्दु (x,- 1), (2, 1) और (4, 5) सरेख हैं।
हल:
मान लीजिए बिन्दु A (x, – 1), B(2, 1), C(4, 5) संरेख हैं यदि
AB की ढाल = \(\frac{y_{2}-y_{1}}{x_{2}-x_{1}}=\frac{1+1}{2-x}=\frac{2}{2-x}\) …(1)
BC की ढाल = \(\frac{5-1}{4-2}=\frac{4}{2}\) = 2 …(2)
∴ समीकरण (1) और (2) से,
\(\frac{2}{2-x}\) = 2
या 1 = 2 – x .
x = 1.

प्रश्न 9.
दूरी सूत्र का प्रयोग किए बिना दिखलाइए कि बिन्दु (-2,-1), (4,0), (3, 3) और (-3, 2) एक समांतर चतुर्भुज के शीर्ष हैं।
हल:
मान लीजिए एक चतुर्भुज के शीर्ष A(- 2, – 1), B(4, 0), C(3, 3), तथा D(- 3, 2) हैं।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-10
अर्थात् BC || AD
अतः AB || DC, BC || AD
अतः ABCD एक मांस चतुर्भुज है।

प्रश्न 10.
x- अक्ष और (3, – 1) और (4, – 2) बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।
हल:
माना 4(3, – 1), B(4, – 2) को मिलाने वाली रेखा AB की ढाल = \(\frac{-2+1}{4-3}=\frac{-1}{1}\) = – 1
यदि x- अक्ष और AB के बीच θ कोण हो, तो
tan θ = – 1 = tan 135°
θ = 135°.

MP Board Solutions

प्रश्न 11.
एक रेखा की ढाल दूसरी रेखा की ढाल का दुगुना है। यदि दोनों के बीच के कोण की स्पर्शज्या (tangent) \(\frac{1}{3}\) है तो रेखाओं की ढाल ज्ञात कीजिए।
हल:
माना रेखाओं की ढाल m1, m2 हों, तब
∴ m1 = 2m2 यदि दोनों रेखाओं के बीच कोण हो, तो
tan θ = \(\frac{1}{3}\)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-11
– ve चिन्ह लेने पर, \(1+2 m_{2}^{2}=-3 m_{2}\) या \(2 m_{2}^{2}+3 m_{2}\) +1 = 0
या (m2 + 1) (2m2 + 1) = 0 अर्थात् m2 = – 1, – \(\frac{1}{2}\)
∴ रेखा की ढाल – 2, – 1, तथा – 1, – \(\frac{1}{2}\)

MP Board Solutions

प्रश्न 12.
एक रेखा (x1, y1) और (h, k) से जाती है। यदि रेखा की ढाल m है तो दिखाइए
k – y1 = m(h – x1).
हल:
माना रेखा AB बिन्दु A(x1, y1) और B(h, k) से गुजरती हो, तब
∴ AB की ढाल = \(\frac{k-y_{1}}{h-x_{1}}\) = m
अर्थात् k – y1 = m(h – x1)

प्रश्न 13.
यदि तीन बिन्दु (h, 0), (a, b) और (0, k) एक रेखा पर हैं तो दिखाइए कि \(\frac{a}{h}+\frac{b}{k}\) = 1
हल:
मान लीजिए बिन्दु A (h, 0), B(a, b), तथा C(0, k) एक रेखा पर हों, तब
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-12
या (a – h) (k – b) = – ab
या ak – ab – hk + hb = – ab
∴ ak + hb = hk
hk से भाग देने पर, \(\frac{a}{h}+\frac{b}{k}\) = 1

प्रश्न 14.
जनसंख्या और वर्ष के निम्नलिखित लेखाचित्र पर विचार कीजिए। (देखिए आकृति में) रेखा AB की ढाल ज्ञात कीजिए और इसके प्रयोग से बताइए कि वर्ष 2010 में जनसंख्या कितनी होगी ?
हल:
दी गयी आकृति में रेखा AB बिन्दु A(1985, 92) और B(1995,97) से होकर जाती है।
∴ AB की ढाल = \(\frac{97-92}{1995-1985}=\frac{5}{10}=\frac{1}{2}\)
मान लीजिए सन् 2010 में जनसंख्या y1 करोड़ होगी जो बिन्दु P(2010, y1), AB पर पड़ता है।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 10 सरल रेखाएँ Ex 10.1 img-13
∴ ABP सरेखीय हैं।
या AB की ढाल = BP की ढाल
\(\frac{1}{2}=\frac{y_{1}-97}{2010-1995}=\frac{y_{1}-97}{15}\)
∴ 2(y1 – 97) = 15
2y1 = 15 + 2 × 97
= 15 + 194 = 209
∴ y1 = \(\frac{209}{2}\) = 104.5
सन् 2010 में जनसंख्या 104.5 करोड़ होगी।

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 1 समुच्चय Ex 1.3

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 1 समुच्चय Ex 1.3

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों में प्रतीक ⊂ या ⊄ को भर कर सही कथन बनाइए :
(i) {2, 3, 4}…. {1, 2, 3, 4, 5}
(ii) {a, b, c}….. {b, c, d}
(iii) {x : x आपके विद्यालय की कक्षा XI का एक विद्यार्थी है }…. {x : x आपके विद्यालय का एक विद्यार्थी है।
(iv) {x : x किसी समतल में स्थित एक वृत है}….. {x : x एक समान समतल में एक वृत्त है जिसकी त्रिज्या 1 इकाई है}
(v) {x : x किसी समतल में स्थित एक त्रिभुज है}….. {x : x किसी समतल में स्थित एक आयत है!
(vi) {x: x किसी समतल में स्थित एक समबाहु त्रिभुज है } …..{x : x किसी समतल में स्थित एक त्रिभुज
(vii) {x : x एक सम प्राकृत संख्या है}…..{x : x एक पूर्णांक है}
हल:
(i) अवयव 2, 3, 4 ϵ {1, 2, 3, 4, 5}
अतः {2, 3, 4} ⊂ {1, 2, 3, 4, 5}
(ii) {a, b, c} का अवयव a ∉ {b, c, d}
अतः {a, b, c} ⊄ {b, c, d}
(iii) जो विद्यार्थी विद्यालय की कक्षा XI में हैं वे विद्यालय में भी हैं।
अतः {x : x विद्यालय की कक्षा XI का विद्यार्थी} ⊂ {x : x आपके विद्यालय का विद्यार्थी
(iv) समुच्चय {x : x समतल में एक वृत्त} के एक अवयव वृत्त की त्रिज्या 1 से भिन्न हो सकती है।
अतः x : x समतल में वृत्त} ⊄ {x : x वृत्त की त्रिज्या 1 इकाई है}
(v) त्रिभुजों का समुच्चय आयतों के समुच्चय से बिल्कुल भिन्न है।
अत: {x : x समतल में एक त्रिभुज} ⊄ {x : x समतल में एक आयत}
(vi) प्रत्येक समबाहु त्रिभुज एक त्रिभुज है।
अतः {x : x समतल में एक समबाहु त्रिभुज} ⊂ {x : x समतल में एक त्रिभुज}
(vii) प्रत्येक सम प्राकृत संख्या एक पूर्णाक है।
अत: {x : x एक सम प्राकृत संख्या} ⊂ {x : x एक पूर्णाक}

प्रश्न 2.
जाँचिए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य हैं :
(i) {a, b} ⊄ {b, c, a}
(ii) {a, e} ⊂ {x : x अंग्रेजी वर्णमाला का एक स्वर है।}
(iii) {1, 2, 3} ⊂ {1, 3, 5}
(iv) {a} ⊂ {a, b, c}
(v) {a} ϵ {a, b, c}
(vi) {x : x संख्या 6 से कम एक सम प्राकृत संख्या है| ⊂ {x : x एक प्राकृत संख्या है, जो संख्या 36 को विभाजित करती है।
हल:
(i) समुच्चय {a, b} के अवयव a, b दोनों समुच्चय {b, c, a} में है।
∴ {a, b} ⊄ {b, c, a}
अतः उपरोक्त कथन असत्य है।
(ii) a, e दोनों ही स्वर हैं।
∴ {a, e} ⊂ {x : x, अंग्रेजी वर्णमाला का एक स्वर है:
अतः यह कथन सत्य है।
(iii) समुच्चय {1, 2, 3} और {1, 3, 5} में अवयव 2 समुच्चय {1, 3, 5} नहीं है।
∴ {1, 2, 3} ⊂ {1, 3, 5} कथन असत्य है।
(iv) a ϵ {a, b, c}
∴ {a} ϵ {a, b, c}, यह कथन सत्य है।
(v) {a} समुच्चय है, अवयव नही है।
∴ {a} ϵ {a, b, c} कथन असत्य है।
(vi) सम प्राकृत संख्या 2, 4 संख्या 6 से कम है तथा 36 को विभाजित करती है।
∴ {x : x एक सम प्राकृत संख्या है जो 6 से कम है} ⊂ {x : x एक सम प्राकृत संख्या 36 को विभाजित करती है।
अतः यह कथन सत्य है।

प्रश्न 3.
मान लीजिए कि A = {1, 2, {3, 4}, 5}, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है और क्यों?
(i) {3, 4} ⊂ A
(ii) {3, 4} ϵ A
(iii) {{3, 4}} ⊂ A
(iv) 1 ϵ A
(v) 1 ⊂ A
(vi) {1, 2, 5} ⊂ A
(vii) {1, 2, 5} ϵ A
(viii) {1, 2, 3} ⊂ A
(ix) ϕ ϵ A
(x) ϕ ⊂ A
(xi) {ϕ} ⊂ A
हल:
(i) सही नहीं है। समुच्चय {3, 4} एक अवयव है।
(ii) सही है। क्योंकि {3, 4} समुच्चय A का एक अवयव है।
(iii) सही है। ∵ A के अवयव {3, 4} का एक उपसमुच्चय है।
(iv) 1 ϵ A, सही है।
(v) 1 ⊂ A सही नहीं है क्योंकि 1 एक समुच्चय नहीं है।
(vi) {1, 2, 5} ⊂ A सही है। समुच्चय {1, 2, 5} के अवयव 1, 2, 5 समुच्चय A में है।
(vii) {1, 2, 5} ϵ सही नहीं है। {1, 2, 5} अवयव नहीं है। यह एक समुच्चय है।
(viii) {1, 2, 3} ⊂ A सही नहीं है। अवयव 3 समुच्चय में नही है।
(ix) ϕ ϵ A, सही नहीं है। ϕ एक समुच्चय है, अवयव नहीं है।
(x) {ϕ} ⊂ A सही है। ϕ सभी समुच्चयों का उपसमुच्चय है।
(xi) {ϕ} ⊂ A सही नहीं है। {ϕ} समुच्चय का समुच्चय है।

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
निम्नलिखित समुच्चयों के सभी उपसमुच्चय लिखिए।
(i) {a}
(ii) {a, b}
(iii) {1, 2, 3}
(iv) ϕ
हल:
(i) ϕ , {a}
(ii) ϕ , {a}, {b}, {a, b}
(iii) ϕ , {1}, {2}, {3}, {1, 2}, {2, 3}, {1, 3}, {1, 2, 3},
(iv) ϕ

प्रश्न 5.
P (A) के कितने अवयव हैं, यदि A= ϕ
हल:
A = ϕ, P(A) = ϕ इस प्रकार P (4) का 2° = 1 अवयव है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित को अंतराल रूप में लिखिए :
(i) { x : x ϵ R, -4 < x ≤ 6}
(ii) {x : x ϵ R, – 12 < x < -10}
(iii) {x : x ϵ R, 0 ≤ x < 7}
(iv) {x : x ϵ R, 3 ≤ x ≤ 4}
हल:
वांछित अंतराल इस प्रकार हैं।
(i) (-4, 6)
(ii) (- 12, – 10)
(iii) (0, 7)
(iv) [3, 4]

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
निम्नलिखित अंतरालों को समुच्चय निर्माण रूप में लिखिए :
(i) (-3, 0)
(ii) [6, 12]
(iii) (6, 12)
(iv) [-23, 5]
हल:
(i) (-3, 0) = {x : x ϵ R, -3 < x < 0}
(ii) [6, 12] = {x : x ϵ R, 6 ≤ x ≤ 12}
(iii) (6, 12] = {x : x ϵ R, 6 < x ≤ 12}
(iv) [- 23, 5] = {x : x ϵ R, -23 ≤ x ≤ 5}

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए आप कौन सा सार्वत्रिक समुच्चय प्रस्तावित करेंगे?
(i) समकोण त्रिभुजों का समुच्चय
(ii) समद्विबाहु त्रिभुजों का समुच्चय
हल:
दोनों समुच्चयों के लिए सार्वत्रिक समुच्चय :
{x : x समतल में स्थित एक त्रिभुज}

MP Board Solutions

प्रश्न 9.
समुच्चय A = {1, 3, 5}, B = {2, 4, 6} और C = {0, 2, 4, 6, 8} प्रदत्त हैं। इन तीनों समुच्चयों A, B और C के लिए निम्नलिखित में से कौन सा (से) सार्वत्रिक समुच्चय लिए जा सकते हैं?
(i) {0, 1, 2, 3, 4, 5, 6}
(ii) ϕ
(iii) {0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10}
(iv) {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8}
हल:
समुच्चय (iii),
तीनों समुच्चय A, B, C के लिए {0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10} सार्वत्रिक समुच्चय हैं।

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 1 समुच्चय Ex 1.2

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 1 समुच्चय Ex 1.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन से रिक्त समुच्चय के उदाहरण है?
(i) 2 से भाज्य विषम प्राकृत संख्याओं का समुच्चय
(ii) सम अभाज्य संख्याओं का समुच्चय
(iii) {x : x एक प्राकृत संख्या है, x < 5 और साथ ही साथ x > 7}
(iv) {y : y किन्हीं भी दो समांतर रेखाओं का उभयनिष्ठ बिन्दु है}
हल:
(i) 2 से भाज्य कोई भी विषम प्राकृत संख्याएँ नहीं हैं। अत: यह एक रिक्त समुच्चय है।
(ii) सम अभाज्य संख्या का समुच्चय {2} है। यह एक रिक्त समुच्चय नहीं है।
(iii) x < 5 और x > 7 कोई प्राकृत संख्या नहीं है। अतः यह एक रिक्त समुच्चय है।
(iv) समांतर रेखाएँ कहीं भी नहीं मिलती हैं। अतः यह एक रिक्त समुच्चय है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित समुच्च्यों में से कौन परिमित और कौन अपरिमित हैं?
(i) वर्ष के महीनों का समुच्चय।
(ii) {1, 2, 3, …..}
(iii) {1, 2, 3, ….. 99, 100}
(iv) 100 से बड़े धन पूर्णांकों का समुच्चय
(v) 99 से छोटे अभाज्य पूर्णांकों का समुच्चय
हल:
(i) ∵ वर्ष में 12 महीने होते हैं। अतः यह एक परिमित समुच्चय है।
(ii) समुच्चय {1, 2, 3, ……} में अनंत अवयव हैं।
अतः यह एक अपरिमित समुच्चय है।
(iii) समुच्चय {1, 2, 3, …… 99, 100} में कुल 100 अवयव हैं।
अतः यह एक परिमित समुच्चय है।
(iv) 100 से बड़े पूर्णाकों का समुच्चय {101, 102, 103, …..} है जिसमें अनंत अवयव हैं।
अतः यह एक अपरिमित समुच्चय है।
(v) 99 से छोटे अभाज्य पूर्णांकों का समुच्चय {2, 3, 5, 7, …… 97} है जिसमें अवयवों की संख्या निश्चित है।
अतः यह एक परिमित समुच्चय है।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
निम्नलिखित समुच्चयों में से प्रत्येक के लिए बताइए कि कौन परिमित है और कौन अपरिमित है?
(i) x-अक्ष के समांतर रेखाओं का समुच्चय।
(ii) अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों का समुच्चय।
(iii) उन संख्याओं का समुच्चय जो 5 के गुणज हैं।
(iv) पृथ्वी पर रहने वाले जानवरों का समुच्चय
(v) मूल बिन्दु (0, 0) से होकर जाने वाले वृत्तों का समुच्चय।
हल:
(i) x-अक्ष के समांतर अनंत रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
अतः यह एक अपरिमित समुच्चय है।
(ii) अंग्रेजी वर्णमाला में कुल 26 अक्षर होते हैं।
इन अक्षरों से बनने वाला समुच्चय परिमित होगा।
(iii) 5 से विभाजित होने वाली संख्याओं का समुच्चय {5, 10, 15, 20, ….} है, जिसमें अनंत अवयव हैं।
अतः यह एक अपरिमित समुच्चय है।
(iv) पृथ्वी पर रहने वाले जानवरों का समुच्चय परिमित होगा।
(v) मूल बिन्दु को केन्द्र मानकर अनन्त वृत्त दींचे जा सकते हैं।
अतः यह अपरिमित होगा।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में बताइए कि A = B है अथवा नहीं है:
(i) A = {a, b, c, d}, B = {d, c, b, a}
(ii) A = {4, 8, 12, 16}, B = {8, 4, 16, 18}
(iii) A = {2, 4, 6, 8, 10}, B = {x : x सम धन पूर्णांक है और x ≤ 10}
(iv) A = {x : x संख्या 10 का एक गुणज है}, B = {10, 15, 20, 25, 30, …}
हल:
(i) A और B दोनों समुच्चयों के अवयव a, b, c, d हैं ∴ A = B.
(ii) A में अवयव 12 है परन्तु B में नहीं है अत: A ≠ B.
(iii) A और B दोनों समुच्चयों में अवयव 2, 4, 6, 8 और 10 हैं। अत: A = B.
(iv) A = {10, 20, 30, 40, …..}, B = {10, 15, 25, 30, ….}
∵ 10 के गुणजों में 5, 15, 25 नहीं आता है। अतः A ≠ B.

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
क्या निम्नलिखित समुच्चय युग्म समान हैं ? कारण सहित बताइए।
(i) A = {2, 3}
B = {x : x समीकरण x2 + 5x + 6 = 0 का एक हल है!
(ii) A = {x : x शब्द ‘FOLLOW’ का एक अक्षर है।
B = {y : y शब्द ‘WOLF’ का एक अक्षर है}
हल:
(i) A = {2, 3,}, B = x : x समीकरण x2 + 5x + 6 = 0} = {-2, -3} स्पष्ट है कि समुच्चय A और B के अवयव भिन्न हैं।
अत: A≠ B.
(ii) A = {F, O, L, W}, B = {W, O, L, F}
समुच्च्य A और B के अवयव समान हैं। अत: A = B.

प्रश्न 6.
नीचे दिए गए समुच्चयों में से समान समुच्चयों का चयन कीजिए :
A = {2, 4, 8, 12}
B = {1, 2, 3, 4},
C = {4, 8, 12, 14}
D = {3, 1, 4, 2}
E = {- 1, 1,}
F = {0, a}
G = {1, -1}
H = {0, 1}
हल:
यहाँ समुच्चय B और D के अवयव 1, 2, 3, 4, हैं।
∴ B = D
तथा समुच्चय E और G में – 1, 1 अवयव समान हैं।
∵ E = G

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 1 समुच्चय Ex 1.1

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 1 समुच्चय Ex 1.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में कौन से समुच्चय हैं? अपने उत्तर का औचित्य बताइए।
(i) j अक्षर से प्रारम्भ होने वाले वर्ष के सभी महीनों का संग्रह।
(ii) भारत के दस सबसे अधिक प्रतिभाशाली लेखकों का संग्रह।
(iii) विश्व के सर्वश्रेष्ठ ग्यारह बल्लबाजों का संग्रह।
(iv) आप की कक्षा के सभी बालकों का संग्रह।।
(v) 100 से कम सभी प्राकृत संख्याओं का संग्रह।
(vi) लेखक प्रेमचन्द द्वारा लिखित उपन्यासों का संग्रह।
(vii) सभी सम पूर्णाकों का संग्रह।
(viii) इस अध्याय में आने वाले प्रश्नों का संग्रह।
(ix) विश्व में सबसे अधिक खतरनाक जानवरों का संग्रह।
हल:
(i) j से शुरु होने वाले महीनों के नाम : जनवरी, जून व जुलाई।
अतः यह एक समुच्चय है।
(ii) प्रतिभाशाली लेखक को परिभाषित नहीं किया जा सकता।
इसीलिए यह एक समुच्चय नहीं है।
(iii) सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को परिभाषित नहीं कर सकते।
अतः यह एक समुच्चय नहीं है।
(iv) कक्षा के सभी विद्यार्थियों की संख्या निश्चित होती है।
अत: यह एक समुच्चय है।
(v) 100 से कम प्राकृत संख्याएँ 1, 2, 3, ……. 99 हैं।
अतः यह एक समुच्चय है।
(vi) लेखक प्रेमचन्द्र द्वारा लिखित उपन्यासों का संग्रह गबन, गोदान आदि द्वारा परिभाषित हैं।
अतः यह एक समुच्चय है।
(vii) समपूर्णांक {…. . – 6. – 4. 2, 4, 6, ….} हैं।
इसलिए यह एक समुच्चय है।
(viii) इस अध्याय के प्रश्न परिभाषित हैं।
अतः यह एक समुच्चय है।
(ix) संसार के सबसे अधिक खतरनाक पशुओं के संग्रह को परिभाषित नही किया जा सकता।
इसलिए यह एक समुच्चय नहीं है।

प्रश्न 2.
मान लीजिए A = {1, 2, 3, 4, 5, 6}. रिक्त स्थानों में उपयुक्त प्रतीक ϵ अथवा ∉ भरिए।
(i) 5…… A
(ii) 8 …….. A
(iii) 0 ……… A
(iv) 4……. A
(v) 2 …….. A
(vi) 10 ……. A
हल:
(i) 5 ϵ A
(ii) 8 ∉ A
(iii) 0 ∉ A
(iv) 4 ϵ A
(v) 2 ϵ A
(vi) 10 ∉ A

प्रश्न 3.
निम्नलिखित समुच्चयों को रोस्टर रूप में लिखिए :
(i) A = {x : x एक पूर्णांक है और -3 < x < 7}
(ii) B = {x : x संख्या 6 से कम एक प्राकृत संख्या है?
(iii) C = {x: x दो अंको की ऐसी प्राकृत संख्या है जिसके अंकों का योगफल 8 है।
(iv) D = {x : x एक अभाज्य संख्या है जो 60 की भाजक है?
(v) E = TRIGONOMETRY शब्द के सभी अक्षरों का समुच्चय
(vi) F = BETTER शब्द के सभी अक्षरों का समुच्च्य
हल:
(i) A = {-2, – 1, 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6}
(ii) B = {1, 2, 3, 4, 5}
(iii) C = {17, 26, 35, 44, 53, 62, 71, 80}
(iv) D = {2, 3, 5}
(v) E = {T, R, I, G, O, N, M, E, Y}
(vi) F = {B, E, T, R}

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
निम्नलिखित समुच्चयों को समुच्चय निर्माण रूप में व्यक्त कीजिए :
(i) {3, 6, 9, 12}
(ii) {2, 4, 8, 16, 32}
(ii) {5, 25, 125, 625}
(iv) {2, 4, 6, ….}
(v) {1, 4, 9, …… 100}
हल:
(i) {x : x = 3n और 1 ≤ n ≤ 4}
(ii) {x : x = 2n और 1 ≤ n ≤ 5}
(iii) {x : x = 5n और 1 ≤ n ≤ 4}
(iv) {x : x एक सम प्राकृत संख्या है?
(v) {x : x = n2, 1 ≤ n ≤ 10}

प्रश्न 5.
निम्नलिखित समुच्चयों के सभी अवयवों (सदस्यों) को सूचीबद्ध कीजिए।
(i) A = {x : x एक विषम प्राकृत संख्या है?
(ii) B = {x : x एक पूर्णांक है, \(-\frac{1}{2}\) < x < \(\frac{9}{2}\)}
(iii) C = {x : x एक पूर्णांक है, x2 ≤ 4}
(iv) D = {x : x, LOYAL शब्द का एक अक्षर है?
(v) F = {x : x वर्ष का एक ऐसा महीना है, जिसमें 31 दिन नहीं होते हैं।
(vi) F = {x : x अंग्रेजी वर्णमाला का एक व्यंजन है, जो k से पहले आता है।
हल:
(i) A = {1, 3, 5, 7, ………..}
(ii) B = { 0, 1, 2, 3, 4}
(iii) C = {-2, – 1, 0, 1, 2}
(iv) D = {L, O, Y, A}
(v) E = {फरवरी, अप्रैल, जून, सितम्बर, नवम्बर}
(vi) F = {b, c, d, f, g, h, j}

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
बाई ओर रोस्टर रूप में लिखित और दाईं ओर समुच्चय निर्माण रूप में वर्णित समुच्चयों का सही मिलान कीजिए:
(i) {1, 2, 3, 6} – (a) {x : x एक अभाज्य संख्या है और 6 की भाजक है}
(ii) {2, 3} – (b) {x : x संख्या 10 से कम एक विषम प्राकृत संख्या है?
(iii) {M, A, T, H, E, I, C, S} – (c) {x : x एक प्राकृत संख्या है और 6 की भाजक है}
(iv) {1, 3, 5, 7, 9} – (d) {x : x MATHEMATICS शब्द का एक अक्षर है।
हल:
(i) ↔ (c)
(ii) ↔ (a)
(iii) ↔ (d)
(iv) ↔ (b)

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4

प्रश्न 1 से 7 तक प्रत्येक श्रेणी के n पदों का योग ज्ञात कीजिए :
प्रश्न 1.
1 × 2 + 2 × 3 + 3 × 4 + 4 × 5 + ….
हल:
1 × 2 + 2 × 3 + 3 × 4 + 4 × 5 +……
प्रत्येक पद के दो गुणनखण्ड हैं।
पहले गुणनखंडों से बनी श्रेढ़ी 1, 2, 3, 4……
∴ n वाँ पद = n
दूसरे गुणनखंडों से बनी श्रेढ़ी 2, 3, 4, 5……
n वाँ पद = (n + 1)
1 × 2 + 2 × 3 + 3 × 4+…. का n वाँ पद = n(n + 1) = n2 + n
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-1

प्रश्न 2.
1 × 2 × 3 + 2 × 3 × 4+ 3 × 4 × 5 +…..
हल:
1 × 2 × 3 + 2 × 3 × 4 + 3 × 4 × 5 +……
पहले गुणनखंडों की श्रेढ़ी 1, 2, 3, 4, …..n
n वाँ पद = n
दूसरे गुणनखंडों की श्रेढ़ी 2, 3, 4, 5,….
n वाँ पद = (n + 1)
तीसरे गुणनखंडों की श्रेढ़ी. 3, 4, 5….
n वाँ पद = (n + 2)
∴ 1 × 2 × 3 + 2 × 3 × 4 + 3 × 4 × 5 +…… का n वाँ पद
= n(n + 1)(n + 2) = n(n2 + 3n + 2)
=n3+ 3n2 + 2n
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-2

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
3 × 12 + 5 × 22 + 7 × 32 +……
हल:
3 × 12 + 5 × 22 + 7 × 32 +…..
पहले गुणनखंड 3, 5, 7,….. का n वाँ पद = 3 + (n – 1). 2 = 2n + 1
दूसरे गुणनखंड 12, 22, 32….. का nवाँ पद = n2
∴ 3 × 12 + 5 × 22 + 7 × 32 +…… का गवाँ पद
= (2n + 1) n2 = 2n3 + n2
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-3
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-4

प्रश्न 4.
\(\frac{1}{1 \times 2}+\frac{1}{2 \times 3}+\frac{1}{3 \times 4}\) +…….
हल:
\(\frac{1}{1 \times 2}+\frac{1}{2 \times 3}+\frac{1}{3 \times 4}\) +…….
1, 2, 3,….. का गवाँ पद = n
2, 3, 4,……का n वाँ पद = (n + 1)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-5

प्रश्न 5.
52 + 62 + 72 +….+ 202.
हल:
n वें पद वाली इस श्रेणी में,
(n + 4)2 = n2 + 8n + 16
Sn = ΣTn = Σn2 + 8 Σn + (16 + 16 +……n. पदों तक)
= \(\frac{n(n+1)(2 n+1)}{6}\) + 8 × \(\frac{n(n+1)}{2}\) + 16n
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-6

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
3 × 8 + 6 × 11 + 9 × 14 +…..
हल:
3 × 8 + 6 × 11 + 9 × 14 +….
3, 6, 9 का n वाँ पद = 3n
8, 11, 14,…..का n वाँ पद = 8 + (n – 1). 3 = 3n + 5
∴ 3 × 8 + 6 × 11 + 9 × 14 +……का nवाँ पद = 3n(3n + 5)
= 3 (3n2 + 5n)
दी हुई श्रेढ़ी के n पदों का योगफल
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-7

प्रश्न 7.
12 + (12 + 22) + (12 + 22 + 32) +…..
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-8
दी हुई श्रेढ़ी के n पदों का योगफल
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-9

प्रश्न 8 से 10 तक प्रत्येक श्रेणी के n पदों का योग ज्ञात कीजिए जिसका nवाँ पद दिया है :
प्रश्न 8.
n(n + 1)(n + 4).
हल:
Tn = n(n + 1)(n + 4) = n(n2 + 5n + 4)
= n3 + 5n2 + 4n
दी हुई श्रेढ़ी के n पदों का योग = Σn3 + 5Σn2 + 4Σn
= \(\frac{n^{2}(n+1)^{2}}{4}+\frac{5 n(n+1)(2 n+1)}{6}+\frac{4 n(n+1)}{2}\)
= \(\frac{n(n+1)}{12}\)[3n(n + 1) + 10(2n + 1) + 24]
= \(\frac{n(n+1)}{12}\)[3n2 + 3n + 20n + 10 + 24]
= \(\frac{n(n+1)}{12}\)[3n2 + 23n + 34]

प्रश्न 9.
n2 + 2n.
हल:
दी हुई श्रेढ़ी के n पदों का योग
= Σn2 + Σ2n
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-10

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
(2n – 1).
हल:
Tn = (2n – 1)2 = 4n2 – 4n + 1
दी हुई श्रेढ़ी के n पदों का योग
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.4 img-11

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1

प्रश्न 1 से 6 तक के अनुक्रमों में प्रत्येक के प्रथम पाँच पद लिखिए, जिनका गवाँ पद दिया गया है :
प्रश्न 1.
an = n(n+ 2).
हल:
an = n(n + 2)
n का मान 1, 2, 3, 4, 5 रखने पर
a1 = 1 x 3 = 3, a2 = 2 x 4 = 8, a3 = 3 x 5 = 15, a4 = 4 x 6 = 24, a5 = 5 x 7 = 35
अतः दिए गए अनुक्रम के पाँच पद 3, 8, 15, 24, 35 हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
an = \(\frac{n}{n+1}\)
हल:
an = \(\frac{n}{n+1}\)
n का मान 1, 2, 3, 4, 5 रखने पर
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-1

प्रश्न 3.
an = 2n.
हल:
an = 2n में n का मान 1, 2, 3, 4, 5 रखने पर
\(a_{1}=2^{1}=2, a_{2}=2^{2}=4, a_{3}=2^{3}=8, a_{4}=2^{4}=16, a_{5}=2^{5}=32\)
अतः अनुक्रम के पाँच पद 2, 4, 8, 16, 32 हैं।

प्रश्न 4.
an = \(\frac{2 n-3}{6}\)
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-2

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
an = \((-1)^{n-1} 5^{n+1}\).
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-3

प्रश्न 6.
an = \(n \frac{n^{2}+5}{4}\)
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-4

निम्नलिखित प्रश्न 7 से 10 तक के अनुक्रमों में प्रत्येक का वांछित पद ज्ञात कीजिए, जिनका n वाँ पद दिया गया है:
प्रश्न 7.
an = 4n – 3, 417, a24.
हल:
an = 4n – 3
n = 17 लेने पर,
a17 = 4 x 17 – 3 = 68 – 3 = 65
n = 24 लेने पर,
a24 = 4 x 24 – 3 = 96 – 3 = 93.

MP Board Solutions

प्रश्न 8.
\(a_{n}=\frac{n^{2}}{2^{n}}\) : a7
हल:
\(a_{n}=\frac{n^{2}}{2^{n}}\)
n= 7 रखने पर,
\(a_{7}=\frac{7^{2}}{2^{7}}=\frac{49}{128}\)

प्रश्न 9.
an = \((-1)^{n-1} n^{3}\); an.
हल:
an = \((-1)^{n-1} n^{3}\),
n = 9 रखने पर,
a9 = \((-1)^{9-1} 9^{3}\) = 729.

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
an = \(\frac{n(n-2)}{n+3}\) : a20.
हल:
an = \(\frac{n(n-2)}{n+3}\),
n = 20 लेने पर,
\(a_{20}=\frac{20 \times 18}{23}=\frac{360}{23}\)

प्रश्न 11 से 13 तक प्रत्येक अनुक्रम के पाँच पद लिखिए तथा संगत श्रेणी ज्ञात कीजिए:
प्रश्न 11.
\(a_{1}=3, a_{n}=3 a_{n-1}+2\) सभी n > 1 के लिए।
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-5

प्रश्न 12.
\(a_{1}=-1, a_{n}=\frac{a_{n-1}}{n}\), जहाँ n ≥ 2.
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-6
प्रश्न 13.
a1 = a2 = 2, \(a_{n}=a_{n-1}-1\), जहाँ n > 2.
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-7

प्रश्न 14.
Fibonacci अनुक्रम निम्नलिखित रूप में परिभाषित है :
\(1=a_{1}=a_{2}\), तथा \(a_{n}=a_{n-1}+a_{n-2}, n>2\) तो, \(\frac{a_{n+1}}{a_{n}}\) ज्ञात कीजिए जबकि n = 1, 2, 3, 4, 5.
हल :
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-8
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.1 img-9

MP Board Class 11th Maths Solutions

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2

MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2

प्रश्न 1.
1 से 2001 तक के विषम पूर्णांकों का योग ज्ञात कीजिए।
हल:
श्रेणी 1 + 3 + 5 + 7 +….+ 2001
मान लीजिए n वाँ पद 2001 तब
2001 = a + (n – 1)d
= 1+ (n – 1). 2
= 1001
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-1

प्रश्न 2.
100 तथा 1000 के मध्य उन सभी प्राकृत संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए जो 5 के गुणज हों।
हल:
100 और 1000 के बीच की संख्याएँ जो 5 की गुणज हैं उनका योगफल
= 105 + 110 + 115 + ….+ 995
मान लीजिए 995, n वाँ पद है।
n वाँ पद = a + (n – 1) d
⇒ 995 = 105 + (n – 1)5
5. (n – 1) = 995 – 105
= 890
n – 1 = \(\frac{890}{5}\) = 178
या n = 179
अतः योगफल, S179 = \(\frac{179}{2}\) [2 × 105 + (179 – 1). 5]
= \(\frac{179}{2}[2 \times 105+178 \times 5]\)
= 179 [105 + 89 × 5]
= 98450.

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
किसी समांतर श्रेणी में प्रथम पद 2 है तथा प्रथम पांच पदों का भागफल, अगले पांच पदों के योगफल का एक चौथाई है। दर्शाइए कि 20 वाँ पद – 112 है।
हल:
मान लीजिए, d सार्वअंतर है जबकि a = 2 .
प्रथम पाँच पदों का योगफल = \(\frac{5}{2}\)[2 × 2 + 4 × d]
= 5 [2 + 2d] = 10 (1 + d)
तथा 6 वाँ पद = 2 + (6 – 1). d = 2 + 5d
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-2

प्रश्न 4.
समांतर श्रेढ़ी – 6, –\(\frac{11}{2}\),- 5… के कितने पदों का योगफल – 25 है?
हल:
दिया है: a = – 6, d = –\(\frac{11}{2}\) + 6 = \(\frac{1}{2}\)
मान लीजिए n पदों का योगफल – 25 है।
– 25 = \(\frac{n}{2}\left[2 \times(-6)+(n-1) \times \frac{1}{2}\right]\)
– 50 = n [- 12 + \(\frac{1}{2}\)(n – 1)]
= – 12n + \(\frac{1}{2}\) n(n – 1)
– 2 से गुणा करने पर, 100 = 24n – n (n- 1)
= 24n – n2 + n .
n2 – 25n + 100 = 0 या (n – 5) (n – 20) = 0
n = 5, 20
अतः अभीष्ट पदों की संख्या = 5 या 20.

प्रश्न 5.
किसी समांतर श्रेढ़ी का p वाँ पद \(\frac{1}{q}\) तथा q वाँ पद \(\frac{1}{p}\) हो, तो सिद्ध कीजिए कि प्रथम pq पदों का योग \(\frac{1}{2}\)(pq + 1) होगा, जहाँ p ≠ q.
हल:
मान लीजिए प्रथम पद = a
और सार्व अंतर = d
∴ p वाँ पद = a + (p – 1) d = \(\frac{1}{q}\) …..(1)
q वाँ पद = a + (q – 1)d = \(\frac{1}{p}\) …..(2)
समी (2) को (1) में से घटाने पर,
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-3
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-4

प्रश्न 6.
यदि किसी समांतर श्रेणी 25, 22, 19,…. के कुछ पदों का योगफल 116 है तो अंतिम पद ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है:
a = 25, d = 22 – 25 = – 3
मान लीजिए इस श्रेणी में n पद हैं।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-5
अतः 8वाँ पद = a + (n – 1)d
= 25 + (8 – 1) (- 3)
= 25 – 21
= 4

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
उस समांतर श्रेणी के n पदों का योगफल ज ज्ञात कीजिए जिसका वॉ पद 5k +1 है।
हल :
दिया है, k वाँ पद = Tk = 5k+1
k = 1, 2 रखने पर
T1 = 5 × 1 +1
= 5 + 1 = 6
T2 = 5 × 2 +1
= 10 + 1 = 11
d = T2 – T1
= 11 – 6 = 5
∴ n पदों का योगफल = \(\frac{n}{2}\)[2a + (n – 1) d]
= \(\frac{n}{2}\)[2 x 6 + (n – 1). 5]
= \(\frac{n}{2}\)[12 + 5n -5]
= \(\frac{n}{2}\)[5n + 7].

प्रश्न 8.
यदि किसी समांतर श्रेणी के पदों का योगफल pn+ar है, जहाँ p तथा अचर हों तो सार्वअंतर ज्ञात कीजिए।
हल:
n पदों का योगफल = \(S_{n}=p n+q n^{2}\)
n = 1, 2 रखने पर
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-6

प्रश्न 9.
दो समांतर श्रेणियों के n पदों के योगफल का अनुपात 5n + 4 : 9n + 6 हो, तो उनके 18 वें पदों का अनुपात ज्ञात करो।
हल:
मान लीजिए समातर श्रेणियों के प्रथम पद a1, a2, तथा सार्वअंतर d1 और d2 हैं। यदि Sn Sn‘ उनके संगत योगफल हैं। T18 और T18 उनके संगत 18 वें पद हैं।
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-7
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-8

प्रश्न 10.
यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रथम p पदों का योग, प्रथम q पदों के योगफल के बराबर हो, तो प्रथम (p + q) पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए a प्रथम पद व d सार्व अंतर है।
∴ p पदों का योगफल = \(\frac{p}{2}\)[2a + (p – 1)d] …. (1)
q पदों का योगफल = \(\frac{q}{2}\)[2a + (q – 1)d] ….(2)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-17

MP Board Solutions

प्रश्न 11.
यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रथम p, q, r पदों का योगफल क्रमशः a, b, c, हो तो सिद्ध कीजिए कि:
\(\frac{a}{p}(q-r)+\frac{b}{q}(r-p)+\frac{c}{r}(p-q)\) = 0
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-10
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-11

प्रश्न 12.
किसी समांतर श्रेणी के m तथा n पदों के योगफलों का अनुपात m2 : n2 है तो दर्शाइए कि m वें तथा n वें पदों का अनुपात (2m – 1) : (2n – 1) है।
हल:
मान लीजिए समांतर श्रेणी का पहला पद a और सार्व अंतर d है।
∴ m पदों का योगफल = \(\frac{m}{2}\)[2a + (m – 1)d]
n पदों का योगफल = \(\frac{n}{2}\)[2a + (n – 1)d]
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-12

प्रश्न 13.
यदि किसी समांतर श्रेणी के n पदों का योगफल 3n2 + 5n है तथा इसका m वाँ पद 164 है तो m का मान ज्ञात करो।
हल:
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-13

प्रश्न 14.
8 और 26 के बीच ऐसी 5 संख्याएँ डालिए ताकि प्राप्त अनुक्रम एक समांतर श्रेणी बन जाए।
हल:
माना A1, A2, A3, A4, A5, संख्या 8 और 26 के बीच डाली गई हैं। जिससे 8, A1, A2, A3, A4, A5, 26 समांतर श्रेणी का रूप है।
इस अनुक्रम के कुल पद = 7
पहला पद = 8,
अंतिम पद = 26, यदि सार्व अंतर d हो, तो
26 = a + (n – 1)d = 8 + (7 – 1)d
6d = 26 – 8 = 18,
d = \(\frac{18}{6}\) = 3
दूसरा पद = A1 = 8 + 3 = 11
A2 = 11 + 3 = 14
A3 = 14 +3 = 17
A4 = 17 + 3 = 20
A5 = 20 + 3 = 23
अतः A1, A2, A3, A4, A5, के मान क्रमशः 11, 14, 17, 20, 23 हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 15.
यदि \(\frac{a^{n}+b^{m}}{a^{n-1}+b^{n-1}}\), a तथा b के मध्य समांतर माध्य हो, तो n का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
a और b के बीच समांतर माध्य = \(\frac{a+b}{2}\)
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-14

प्रश्न 16.
m संख्याओं को 1 तथा 31 के बीच रखने पर प्राप्त अनुक्रम एक समांतर श्रेणी है। और 7वीं एवं (m – 1) वीं संख्याओं का अनुपात 5 : 9 है, तो m का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए 1, A1, A2,…., Am, 31, समांतर श्रेणी है।
कुल पद = m + 2
अंतिम पद = 31
31 = a + (m + 2 – 1)d = 1 + (m + 1)d
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-15
MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 9 अनुक्रम तथा श्रेणी Ex 9.2 img-16

प्रश्न 17.
एक व्यक्ति ऋण का भुगतान 100 रुपए की प्रथम किश्त से शुरू करता है। यदि वह प्रत्येक किश्त में 5 रुपए प्रति माह बढ़ाता है, तो 30 वीं किश्त की राशि क्या होगी?
हल:
पहली किश्त a = 100 रु.
हर माह किश्त में बढ़ोत्तरी = सार्व अंतर = 5 रु.
30वीं किश्त = समांतर श्रेणी का 30वाँ पद
= a + (n – 1)d = 100 + (30 – 1) 5
= 100 + 29 × 5 = 100 + 145 = 245 रु.।

MP Board Solutions

प्रश्न 18.
एक बहुभुज के दो क्रमिक अंत: कोणों का अंतर 5° है। यदि सबसे छोटा कोण 120° हो, तो बहुभुज की भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
एक n भुजाओं वाले बहुभुज के अंतः कोणों का योग
= 180n – 360 …(1)
दिया है कि एक अंतः कोण = समांतर श्रेणी का पहला पद = 120°
क्रमिक अंतः कोणों का अंतर = समांतर श्रेणी का सार्व अंतर = d = 5
∴ n अंतः कोणों का योग = समांतर श्रेणी के n पदों का योग ।
= \(\frac{n}{2}\)[2a + (n – 1)d]
= \(\frac{n}{2}\)[2 x 120 + (n – 1) x 5]
= \(\frac{n}{2}\)[240 + 5n – 5]
= \(\frac{n}{2}\)[5n + 235] …(2)
समी (1) और (2) से, \(\frac{n}{2}\)[5n + 235] = 180n – 360
या 5n2 + 235 n = 360n – 720
या 5n2 – 125n + 720 = 0
या n2 – 25n + 144 = 0
∴ (n – 16) (n – 9) = 0
∴ n = 16, 9
n ≠ 16 इसलिए n = 9.

MP Board Class 11th Maths Solutions