MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत

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MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत

जीव जगत NCERT प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
जीवों को वर्गीकृत क्यों करते हैं ?
उत्तर:
जैव-वर्गीकरण का उद्देश्य बड़ी संख्या में ज्ञात पादपों और जन्तुओं को ऐसे वर्गों में व्यवस्थित करना है, कि उन्हें नाम प्रदान किया जा सके एवं अध्ययन में सरलता हो। जीवों को वर्गीकृत करने से निम्नलिखित लाभ हैं –

  1. इसके कारण विश्व के विविध प्रकार, असंख्य जीवों के अध्ययन में सुविधा होती है।
  2. इसके कारण जन्तु पादपों के सम्बन्धों का पता चलता है।
  3. इसके कारण जीवों को पहचानने में सरलता होती है।
  4. जीवों की उत्पत्ति तथा दूसरे जीवों से सम्बन्ध का पता चलता है।
  5. इसके कारण जीवों के विकास के क्रम एवं प्रमाण का पता लगता है।

प्रश्न 2.
वर्गीकरण प्रणाली को बार-बार क्यों बदलते हैं ?
उत्तर:
वर्गीकरण प्रणाली को बार-बार बदलने का प्रमुख कारण जैव – विकास है। जीवों में सतत् चलने वाली विकास प्रक्रिया के कारण नई-नई विभिन्न प्रजातियों के पादप एवं जन्तु पहले से मौजूद जीव-विविधता (Bio – diversity) से जुड़ते जाते हैं। इन नवीन जीवों को पहचानकर वर्गीकरण प्रणाली से संबद्ध किया जाता है। विकास के कारण पादप एवं जन्तुओं की जातियाँ (Species) बदलती रहती हैं। अत: इसके कारण प्रचलित वर्गीकरण प्रणाली को परिवर्तित कर जीवों को उनके क्रम में रखना पड़ता है।

प्रश्न 3.
जिन लोगों से प्रायः आप मिलते रहते हैं, आप उन्हें किस आधार पर वर्गीकृत करना पसंद करेंगे?(संकेत-ड्रेस, मातृभाषा, प्रदेश जिसमें वे रहते हैं, आर्थिक स्तर आदि)।
उत्तर:
सबसे पहले हम मातृभाषा के आधार पर अपने से मिलने वाले लोगों का वर्गीकरण करते हैं, उसके पश्चात् प्रदेश जहाँ वह रहता है तथा अन्त में उसकी वेशभूषा, धर्म, जाति, शारीरिक रंगरूप की बनावट, आर्थिक स्थिति के आधार पर हम वर्गीकृत करना पसंद करेंगे।

प्रश्न 4.
व्यष्टि तथा समष्टि की पहचान से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर:
व्यष्टि (Individual) तथा समष्टि (Population) की पहचान से वर्तमान के सभी जीवों के परस्पर संबंधों के बारे में जानकारी मिलती है। इसमें हमें समान प्रकार के जीवों तथा अन्य प्रकार के जीवों में समानता तथा विभिन्नता को पहचानने में मदद मिलती है। उदाहरण-आलू की दो विभिन्न जातियाँ (Species) हैं –

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प्रश्न 5.
आम का वैज्ञानिक नाम निम्नलिखित है-इसमें से कौन-सा सही है? मैगिफेरा इंडिका (Mangifera indica) या मैंगिफेरा इंडिका (Mangifera indica)
उत्तर:
आम के वैज्ञानिक नाम को लिखने की सही विधि है-मैगिफेरा इंडिका (Mangifera indica)।

प्रश्न 6.
टैक्सॉन की परिभाषा दीजिए। विभिन्न पदानुक्रम स्तर पर टैक्सा के कुछ उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
टैक्सॉन (Taxon) जीवों का एक समूह है जो कि किसी भी स्तर की वर्गिकी पदानुक्रम (Hierarchical classification) में पाया जाता है। टैक्सॉन मुख्यत: जीवों के समान लक्षणों पर आधारित होता है।

उदाहरण:
कीट, संघ ऑर्थोपोडा के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है। सभी कीटों में एक समान लक्षण तीन जोड़ी युग्मित उपांग पाये जाते हैं। टैक्सा के प्रमुख उदाहरण हैं – जगत, संघ, वर्ग, गण, कुल, जाति एवं वंश। ये सभी टैक्सा (संवर्ग) मिलकर वर्गिकी पदानुक्रम बनाते हैं।

उदाहरण – मनुष्य का टैक्सा (संवर्ग) है –

  1. संघ – कॉर्डेटा
  2. वर्ग – स्तनधारी
  3. गण – प्राइमेट्स
  4. कुल – होमिनिडी
  5. वंश – होमो
  6. जाति – सैपियन्स।

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प्रश्न 7.
क्या आप वर्गिकी संवर्ग का सही क्रम पहचान सकते हैं –
(अ) जाति (स्पीशीज) → गण ( ऑर्डर) → संघ (फाइलम) → जगत (किंगडम)
(ब) वंश (जीनस) → जाति → गण → जगत
(स) जाति → वंश → गण → संघ।
उत्तर:
वर्गिकी संवर्ग (Taxonomical categories) का सही क्रम है –
(स) जाति → वंश → गण → संघ।

प्रश्न 8.
जाति शब्द के सभी मानवीय वर्तमान कालिक अर्थों को एकत्र कीजिए। क्या आप अपने शिक्षक से उच्च कोटि के पौधों तथा प्राणियों तथा बैक्टीरिया की स्पीशीज का अर्थ जानने के लिए चर्चा कर सकते हैं ?
उत्तर:
जाति वर्गीकरण की सबसे छोटी इकाई है। मेयर (1942) के अनुसार, “जाति आपस में संकरण या संयोग करने वाले एक समान जीवों का समूह है।” आधुनिक विचारधारा के अनुसार, निम्नलिखित लक्षण वाले जीवों को जाति (Species) कहते हैं –

  1. इनके सदस्यों में अन्तरा प्रजनन की क्षमता पायी जाती है।
  2. इस समूह या आबादी में एक समान जीन पूल (जीन समूह) पाया जाता है।
  3. प्रत्येक जाति में वातावरण के साथ अनुकूलन एवं प्राकृतिक चयन चलता रहता है।
  4. प्रत्येक जाति में जैव विकास के द्वारा नयी जाति पैदा करने की क्षमता पायी जाती है।
  5. प्रत्येक जाति में पृथक्करण के कुछ ऐसे कारक पाये जाते हैं, जो निकट सम्बन्धी जाति के सदस्यों से प्रजनन करने में रुकावट पैदा करते हैं।

मैंगिफेरा इंडिका (आम), सोलेनम ट्यूबरोसम (आलू), तथा पैंथेरा लियो (शेर) उच्चकोटि के पौधे तथा प्राणी के उदाहरण हैं। इन सभी नामों में ” इंडिका, ट्यूबरोसम'” तथा “लियों” जाति संकेत के पद हैं। जबकि पहले शब्द ” मैंगिफेरा’, “सोलेनम” तथा ” पैंथेरा” वंश के नाम हैं और यह टैक्सा अथवा संवर्ग का भी निरुपण करते हैं। प्रत्येक वंश में एक अथवा एक से अधिक जाति के संकेत पद हो सकते हैं जो विभिन्न जीवों जिनमें आकारिकी गुण समान हों को प्रदर्शित करते हैं। उदाहरणार्थ “पैंथेरा” में एक अन्य जाति संकेत पद है जिसे टिग्रिस कहते हैं। सोलेनेम’ वंश में नाइग्रम, मैलान्जेना भी आते हैं। लेकिन बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर चार वर्ग समूहों में रखा जाता है-गोलाकार, छड़नुमा, कॉमा एवं तर्कुरूपी। अतः इस प्रकार का अर्थ उच्च जीवों के लिए है, बैक्टीरिया के लिए अलग-अलग है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित शब्दों को समझाइए तथा परिभाषित कीजिए –

  1. संघ
  2. वर्ग
  3. कुल
  4. गण
  5. वंश।

उत्तर:
वर्गीकरण की पदानुक्रमी स्तरें:
जीवों का वर्गीकरण करते समय अध्ययन की सुविधा के लिए इन्हें कई छोटे-बड़े समूहों में रखा गया है, जिन्हें संवर्ग या श्रेणी (Category) कहा जाता है। इन संवर्गों का वर्गीकरण में एक निश्चित स्थान होता है और इन्हें इनके गुणों के आधार पर बढ़ते हुए क्रम में रखा जाता है। इसी क्रम को वर्गीकरण का पदानुक्रम (Hierarchy) कहते हैं। इस पदानुक्रम की सबसे छोटी इकाई जाति तथा बड़ी इकाई जगत है। वर्गीकरण में संवर्गों का क्रम निम्नानुसार होता है –

1. जाति:
यह वर्गीकरण की मूल तथा बहुत छोटी इकाई है। वर्गीकरण की इस इकाई में आपस में संकरण करने वाले जीवों के समूह को रखा जाता है जैसे-सभी प्रकार के मानवों को होमो सैपियन्स में रखा जाता है, जबकि वे बाह्य आकार में विविधता प्रदर्शित करते हैं।

2. वंश:
कुछ एक समान गुणों को प्रदर्शित करने वाली जातियों को एक वंश में रखा जाता है, जैसेशेर, बाघ, चीता को एक वंश पैंथेरा में रखा गया है।

3. कुल:
कुछ एक समान गुणों वाले वंशों को एक कुल में रखते हैं। जैसे-सभी दालों का प्रतिनिधित्व करने वाले पादपों को एक कुल पैपीलियोनेसी में रखा जाता है।

4. गण:
एक या कई मिलते-जुलते गुणों वाले कुलों को एक गण में रखा जाता है। जैसे-जन्तुओं के फेलिडी तथा कैनिडी कुल को कार्निवोरा गण में रखा जाता है।

5. वर्ग:
कुछ सर्वश्रेष्ठ गुणों वाले गणों को एक वर्ग में रखा जाता है।

6. संघ:
कुछ सर्वनिष्ठ गुणों वाले वर्गों को एक संघ में रखा जाता है। जैसे-नोटोकॉड, नर्वकॉर्ड तथा गिल की उपस्थिति के कारण मत्स्य, ऐम्फिबिया, सरीसृप, पक्षी एवं स्तनी वर्ग को संघ कॉर्डेटा में रखा जाता है।

7. जगत:
कई सर्वनिष्ठ गुणों वाले संघों को एक जगत में रखा जाता है। उपर्युक्त वर्णित संवर्ग मुख्य संवर्ग हैं, इन्हें आवश्यकतानुसार कई छोटे संवर्गों में भी बाँटा जाता है।

प्रश्न 10.
जीव के वर्गीकरण तथा पहचान में कुंजी किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर:
पादपों एवं जन्तुओं को पहचानने की रूपरेखा कुंजी (Key) है। वर्गिकी की कुंजियाँ विपरीत लक्षणों पर आधारित होती हैं। कुल, वंश और जाति जैसी वर्गिकी की प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग अलग वर्गिक की कुंजियों की आवश्यकता होती है। यह अज्ञात जीवों की पहचान के लिए अधिक उपयोगी होती है। कुंजियाँ दो प्रकार की होती हैं –

  1. दोहरे प्रलेखधारी अथवा द्विशाखित (Yolked)
  2. कोष्ठधारी कुंजी (Bracketed key)।

1. द्विशाखित कुंजी:
यह एक अन्य साधन सामग्री है, जिसका प्रयोग समानताओं और असमानताओं पर आधारित होकर पौधों तथा प्राणियों की पहचान में किया जाता है।

2. कोष्ठधारी कुंजी:
यह कुंजी विपर्यायी लक्षणों (Contrasting:characters), जो प्रायः युग्मों के आधार पर होती है। कुंजी दो विपरीत विकल्पों को चुनने को दिखाती है। इसके परिणामस्वरूप एक को मान्यता तथा दूसरे को अमान्य किया जाता है।

कुंजी में प्रत्येक कथन मार्गदर्शन का कार्य करता है। पहचानने के लिए प्रत्येक वर्गिकी संवर्ग जैसे-कुल, वंश, तथा जाति के लिए अलग-अलग वर्गिकी कुंजी की आवश्यकता होती है।

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प्रश्न 11.
पौधों तथा प्राणियों के उचित उदाहरण देते हुए वर्गिकी पदानुक्रम का चित्रण कीजिए।
उत्तर:
वर्गीकरण (Classification) एकल सोपान प्रक्रम नहीं है बल्कि इसमें पदानुक्रम (Hierarchy) सोपान होते हैं जिसमें प्रत्येक सोपान पद (Rank) अथवा संवर्ग (Category) को प्रदर्शित करता है। चूंकि संवर्ग समस्त वर्गिकी व्यवस्था है इसलिए इसे वर्गीकरण संवर्ग (Taxonomic categories) कहते हैं और सभी संवर्ग मिलकर वर्गिकी पदानुक्रम (Taxonomic hierarchy) बनाते हैं। प्रत्येक संवर्ग वर्गीकरण की एक इकाई को प्रदर्शित करता है, इसे प्रायः वर्गक या टैक्सॉन (Taxon) कहते हैं।

सभी ज्ञात जीवों के वर्गीकीय अध्ययन से सामान्य संवर्ग जैसे-जगत (Kingdom), संघ (Phylum), वर्ग (Class), गण (Order), कुल (Family), वंश (Genus) तथा जाति (Species) का विकास हुआ। पौधे तथा प्राणियों, दोनों में जाति (Species) सबसे निचले संवर्ग में आती है। किसी भी जीव को विभिन्न संवर्गों में रखने के लिए उनके वर्ग के गुणों का ज्ञान होना आवश्यक है। जाति से लेकर जगत तक विभिन्न वर्गिकी संवर्ग को आरोही क्रम में निम्नानुसार दर्शाया जा सकता है –

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उपरोक्त पदानुक्रम अनुसार, जैसे – जैसे हम जाति से जगत की ओर ऊपर जाते हैं वैसे ही समान गुणों में कमी आती जाती है। सबसे नीचे जो टैक्सा होगा, उसके सदस्यों में सबसे अधिक समान गुण होंगे।

तालिका – वर्गिकी संवर्ग सहित कुछ जीव
(Organisms with their Taxanomic Categories)
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जीव जगत अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

जीव जगत वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

1. सजीव जब अपने शत्रुओं से बचने के लिए स्वयं को उस परिस्थिति के अनुसार ढाल लेता है, उसे कहते हैं –
(a) अनुकूलन
(b) मिमिक्री
(c) हीमोलॉजी
(d) एनोलॉजी।
उत्तर:
(a) अनुकूलन

2. जीवों में ऊर्जा प्रवाह तथा ऊर्जा के रूपान्तरण में किस नियम का पालन होता है –
(a) सीमित कारक का नियम
(b) ऊष्मागतिक का नियम
(c) लिबिंग्स के न्यूनतता का नियम
(d) बायोजेनिक के नियम।
उत्तर:
(b) ऊष्मागतिक का नियम

3. बाहरी वातावरण में बदलाव के बाद भी जीवों में उचित आंतरिक अवस्था को बनाए रखना कहलाता है –
(a) एन्थैल्पी
(b) साम्यावस्था
(c) एन्ट्रॉपी
(d) स्थायी अवस्था।
उत्तर:
(b) साम्यावस्था

4. ग्लाइकोजन बहुलक है –
(a) ग्लैक्टोज
(b) ग्लूकोज
(c) फ्रक्टोज
(d) सुक्रोज।
उत्तर:
(b) ग्लूकोज

5. एक ऑर्किड का पुष्य किसी कीट के मादा के समान दिखाई देता है ताकि उसमें परागण क्रिया आसानी से हो सके, यह घटना कहलाती है-
(a) मिमिक्रीम
(b) स्यूडोकॉपुलेशन
(c) स्यूडोपॉलीनेशन
(d) स्यूडोकार्पोनोकाी।
उत्तर:
(a) मिमिक्रीम

6. जीवन की सबसे छोटी इकाई है –
(a) DNA
(b)RNA
(c) कोशिका
(d) प्रोटीन।
उत्तर:
(a) DNA

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7. निम्न में से किसे होमियोस्टेसिस या साम्यावस्था कहते हैं –
(a) वातावरण के साथ बदलाव लाना
(b) नियंत्रण में बदलाव
(c) बदलाव का प्रतिरोध करना
(d) पादप एवं जन्तु रस का होम्योपैथी उपयोग।
उत्तर:
(b) नियंत्रण में बदलाव

8. शरीर का तापक्रम किसके द्वारा नियंत्रित होता है –
(a) फेफड़ा, पेशी तथा त्वचा
(b) केवल त्वचा
(c) परिसंचरण तंत्र
(d) कंकाल तंत्र।
उत्तर:
(a) फेफड़ा, पेशी तथा त्वचा

9. पसीना बहने का उद्देश्य होता है –
(a) त्वचा पर उपस्थित जीवाणुओं को मारना
(b) शरीर के ताप का नियमन
(c) अधिक लवण का निष्कासन
(d) अधिक जल का निष्कासन।
उत्तर:
(b) शरीर के ताप का नियमन

10. आयोडीन किसका घटक होता है –
(a) नाइट्रेट रिडक्टेज
(b) थायरॉक्सीन हॉर्मोन्स
(c) TSH हॉर्मोन्स
(d) नाइट्रोजिनेज।
उत्तर:
(b) थायरॉक्सीन हॉर्मोन्स

11. जीवित कोशिकाओं के लिए कौन-सा सही है –
(a) पहले ऊर्जा का स्थानांतरण तब ऊर्जा का रूपान्तरण
(b) पहले ऊर्जा का रूपान्तरण तब स्थानांतरण
(c) दोनों का साथ-साथ होना
(d) दोनों का लगातार होना।
उत्तर:
(d) दोनों का लगातार होना।

12. जीवों के सामान्य लक्षण होते हैं –
(a) कोशिकीय संरचना
(b) उपापचय
(c) श्वसन
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी।

13. जीवों की आधारभूत आवश्यकता होती है –
(a) विकास
(b) क्रम
(c) ऊर्जा
(d) वृद्धि।
उत्तर:
(c) ऊर्जा

14. निम्न में से स्टोरेज पॉलीसैकेराइड है –
(a) सुक्रोज
(b) सेल्युलोज
(c) स्टार्च
(d) स्टार्च एवं ग्लाइकोजन।
उत्तर:
(d) स्टार्च एवं ग्लाइकोजन।

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15. जहाँ पर पौधों के नमूने एकत्रित करके रखे जाते हैं, उस स्थान को कहा जाता है –
(a) हरियम
(b) संग्रहालय
(c) वनस्पति उद्यान
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) हरियम

16. जिस स्थान पर जीवित पौधों का संग्रहण किया जाता है, उसे कहा जाता है –
(a) वनस्पति उद्यान
(b) संग्रहालय
(c) हर्बेरियम
(d) जूलॉजिकल पार्क।
उत्तर:
(a) वनस्पति उद्यान

17. जिन स्थानों पर जीवित प्राणी रखे जाते हैं, उसे कहा जाता है –
(a) संग्रहालय
(b) जूलॉजिकल पार्क
(c) वनस्पति उद्यान
(d) हर्बेरियम।
उत्तर:
(b) जूलॉजिकल पार्क

18. जीवधारियों को वैज्ञानिक नाम दिये जाते हैं, क्योंकि –
(a) प्रत्येक तकनीकी ज्ञान की शाखा की अपनी शब्दावली होती है
(b) वैज्ञानिक लोगों पर अपना अमिट प्रभाव डालना चाहते थे
(c) वैज्ञानिक नहीं चाहते थे कि आम आदमी जीव विज्ञान पढ़ सके
(d) बिना किसी संशय के वैज्ञानिकों में विचार-विनिमय हो सके।
उत्तर:
(d) बिना किसी संशय के वैज्ञानिकों में विचार-विनिमय हो सके।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. त्वचा का धूप में काला होना ………….. अनुकूलन है।
  2. जैव संगठन का सूक्ष्मतम जैविक स्तर …………. है।
  3. जीवन का भौतिक आधार …………… है।
  4. समष्टि के कुल जीन समूह को …………… कहते हैं।
  5. वह तंत्र जिसमें पदार्थों का विनिमय वातावरणीय परिवेश से नहीं होता ………….. कहलाता है।
  6. ………….. जीवधारियों के शरीर में होने वाली समस्त क्रियाओं के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराता है।
  7. जीवधारियों में वातावरण के अनुसार परिवर्तित होने की क्रिया …………… कहलाती है।
  8. ………….. पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है, जो सबसे छोटी जैविक इकाई का निर्माण करता है।
  9. जीवों के शरीर में पाये जाने वाली समस्त क्रियाओं को सामूहिक रूप से …………… कहते हैं।
  10. जीवों में पाये जाने वाले स्थिर अवस्था को …………… कहते हैं।

उत्तर:

  1. अल्पकालिक
  2. आण्विक स्तर
  3. जीवद्रव्य
  4. जीन पूल
  5. बंद तंत्र
  6. ATP
  7. अनुकूलन
  8. परमाण
  9. उपापचय
  10. साम्यावस्था।

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प्रश्न 3.
एक शब्द में उत्तर दीजिए –

  1. ऊतकों व अंग तंत्रों की कार्यक्षमता में बढ़ती उम्र के कारण होने वाले ह्रास को क्या कहते हैं ?
  2. जैव-संगठन के उच्चतम स्तर का नाम लिखिए।
  3. जीवों में आनुवंशिक अणु किसे कहते हैं ?
  4. वातावरण के परिवर्तन को जीवों द्वारा अनुभव करने की क्षमता को क्या कहते हैं ?
  5. जैव-मण्डल के अपघटक जीवों का नाम दीजिए।

उत्तर:

  1. वयता या जरण
  2. जीव जगत (समष्टि)
  3. D.N.A.
  4. संवेदनशीलता
  5. विषाणु, जीवाणु, कवक (सूक्ष्मजीव)।

प्रश्न 4.
उचित संबंध जोडिए –

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उत्तर:

  1. (c) जनन क्रिया न होने से
  2. (d) वृद्धि
  3. (a) स्टार्च व मंड के रूप में संग्रहण
  4. (b) जल

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उत्तर:

  1. (c) वंश
  2. (e) कुल
  3. (d) गण
  4. (a) जगत
  5. (b) संघ

प्रश्न 5.
सत्य / असत्य बताइये –

  1. पौधे तथा प्राणियों दोनों में जाति (Species) सबसे निचले संवर्ग में आती है।
  2. जीवों के वर्ग जिसमें मौलिक समानता होती है, उसे जाति कहते हैं।
  3. मानव का वैज्ञानिक नाम “मैंगिफेरा इंडिका’ है।
  4. वंश (Genus) समीपस्थ संबंधित जातियों का समूह है।
  5. कुल (Family) के वर्गीकरण का आधार पौधों के कायिक तथा जनन गुण हैं।
  6. वर्ग (Class) संवर्ग में प्राइमेट गण जिसमें बंदर, गोरिल्ला तथा गिब्बन आते हैं।
  7. मानव का वर्ग इंसेक्टा है।
  8. कुंजी में प्रत्येक कथन मार्गदर्शन का कार्य करता है। पहचानने के लिए प्रत्येक वर्गिकी संवर्ग जैसे – कुल, वंश, तथा जाति के लिए अलग, वर्गिकी कुंजी की आवश्यकता होती है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. सत्य
  7. असत्य
  8. सत्य।

जीव जगत अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्गीकरण विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर:
कैरोलस लिनीयस (1707 – 1778) को वर्गीकरण विज्ञान का जनक कहा जाता है।

प्रश्न 2.
स्वयंपोषी से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
वे जीव, जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उन्हें स्वयंपोषी जीव कहते हैं। उदाहरण – समस्त हरे पौधे।

प्रश्न 3.
पाँच जगत वर्गीकरण के प्रणेता कौन हैं ?
उत्तर:
पाँच जगत वर्गीकरण के प्रणेता आर. एच. ह्विटैकर (1969) हैं।

प्रश्न 4.
जाति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
मेयर (1942) के अनुसार, “आपस में संकरण करने वाले जीवों के समूह को जाति (Species) कहते हैं।”

प्रश्न 5.
वर्गीकरण की प्राकृतिक पद्धति क्या है ?
उत्तर:
वर्गीकरण वह पद्धति है, जिसमें गुणों के एक विस्तृत समूह को वर्गीकरण का आधार बनाया जाता है।

प्रश्न 6.
वर्गीकरण की कृत्रिम पद्धति क्या है ?
उत्तर:
वर्गीकरण की वह पद्धति जिसमें एक या कुछ गुणों को वर्गीकरण का आधार बनाया जाता है कृत्रिम पद्धति कहलाती है। यह वर्गीकरण की अप्राकृतिक पद्धति है।

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प्रश्न 7.
लिनीयस द्वारा लिखित दो पुस्तकों तथा उनके दो योगदानों को लिखिए।
उत्तर:
लिनीयस द्वारा लिखित पुस्तकें –

  • जेनेरा प्लाण्टेरम
  • सिस्टेमा नैचुरी।

लिनीयस के दो प्रमुख योगदा –

  • द्वि – जगत वर्गीकरण को प्रस्तुत करना।
  • जीवों के लिए द्वि – नामकरण पद्धति को प्रस्तुत करना।

प्रश्न 8.
वर्गक एवं संवर्ग को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
वर्गक (Texa):
जीवों के वर्गीकरण में प्रयुक्त विभिन्न समूहों को वर्गक कहते हैं, चाहे वर्गीकरण में इनका स्थान कुछ भी हो, जैसे-शैवाल, कीट, मछली आदि।

संवर्ग या श्रेणी (Category):
वर्गीकरण में प्रयुक्त समूहों की विभिन्न स्तरों को संवर्ग या श्रेणी या वर्गीकरण की इकाई कहते हैं। वर्गीकरण का सबसे छोटा संवर्ग जाति तथा बड़ा संवर्ग जगत है।

जीव जगत लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित जीवों के वैज्ञानिक नाम लिखिए –

  1. प्याज
  2.  मनुष्य
  3. हाथी
  4. फीताकृमि
  5. मेढक
  6. गेहूँ
  7. चावल
  8. सरसों
  9. मटर
  10. आम।

उत्तर:
सामान्य नाम – वैज्ञानिक नाम

  1. प्याज – एलियम सेपा
  2. मनुष्य – होमो सैपियन्स
  3. हाथी – एलिफस इन्डीकस
  4. फीताकृमि – टीनिया सोलियम
  5. मेढक – राना टिग्रिना
  6. गेहूँ – ट्रिटिकम एस्टीवम
  7. चावल – ओराइजा सटाइवा
  8. सरसों – ब्रेसिका कम्पेस्ट्रीस
  9. मटर – पाइसम सटाइवम
  10. ‘आम – मैंगिफेरा इंडिका।

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प्रश्न 2.
द्विपद नामकरण पद्धति से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
द्विपद नामकरण पद्धति जीवों के नामकरण की एक ऐसी पद्धति है, जिसमें प्रत्येक जीव का नाम दो शब्दों का होता है। इसका प्रथम शब्द जीव के वंश तथा दूसरा शब्द उसकी जाति को व्यक्त करता है। इस पद्धति का आविष्कार कैरोलस लिनीयस ने किया था। इसमें नाम के अक्षर इटैलिक में छापे जाते हैं या लिखते समय इनके नीचे रेखाएँ खींचते हैं।

प्रथम शब्द का पहला अक्षर कैपिटल लेटर तथा शेष सभी छोटे अक्षरों में ही होते हैं। दूसरे शब्द के सभी अक्षर छोटे अक्षरों में होते हैं। जैसे-मेढक का इस पद्धति में नाम Rana tigrina होता है। इसमें राना वंश तथा टिग्रिनाजाति को प्रदर्शित कर रहा है। यह नाम रखने का अधिकार उस जीव के आविष्कारकर्ता को होता है।

दो जीवों के वैज्ञानिक नाम –
सामान्य नाम – वैज्ञानिक नाम

  1. मेढक – राना टिग्रिना
  2. मनुष्य – होमो सेपियन्स।

प्रश्न 3.
जातिवृत्तीय रेखा को समझाइए।
उत्तर:
किसी एक जाति के विकासात्मक इतिहास को जातिवृत्ति कहते हैं। जातिवृत्ति की विभिन्न जातियों के क्रम को जातिवृत्ति रेखा (Phylogenic – line) कहते हैं। जातिवृत्तीय रेखा किसी जाति विकास के क्रम को प्रदर्शित करती है। जिस प्रकार विकसित जीवों का जीवन एक कोशिका से शुरू होता है, धीरे – धीरे इस कोशिका में परिवर्तन होता रहता है और कुछ समय बाद इसी एक कोशिका से विशालकाय जीव बन जाता है।

ठीक इसी तरहं इस पृथ्वी पर सबसे पहले एककोशिकीय जीव बना। इसके बाद वातावरण के अनुसार, इसमें परिवर्तन होता गया और विविध प्रकार की जातियाँ बनीं। इस प्रकार जातिवृत्तीय रेखा में सबसे पहले मोनेरा जगत के जीव बनें, जिन्होंने विकसित होकर प्रोटिस्टा जगत के जीव बनाए। प्रोटिस्टा जगत के जीवों ने कई दिशाओं में विकसित होकर पादप कवक एवं जन्तु जगतों का निर्माण किया।

जीव जगत दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वानस्पतिक उद्यान को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
वानस्पतिक उद्यान मानव द्वारा स्थापित प्राकृतिक स्थल होते हैं जहाँ पर पौधों को जीवित अवस्था में संरक्षित रखा जाता है। यहाँ पर पौधों के विभिन्न प्रजातियों का समुचित प्रबंध किया जाता है। एक आधुनिक वानस्पतिक उद्योग में निम्न प्रकार के पौधे लगाये जाते हैं –

  1. कृषि में उपयोगी पौधे की विभिन्न प्रजातियाँ
  2. औषधीय एवं अन्य महत्व वाले पौधे
  3. विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में पाये जाने वाले पौधे
  4. धर्म ग्रंथों एवं साहित्यों में उल्लेखित पौधे।

वानस्पतिक उद्यान मूलतः जीवित पौधों का एक खुला संग्रह होता है जिससे हमें विभिन्न प्रकार के पौधों के बारे में मूलभूत जानकारियाँ प्राप्त होती हैं।

प्रमुख वानस्पतिक उद्यान:

  1. रॉयल बॉटनिकल गार्डन, किव (इंग्लैंड)
  2. इंडियन बॉटनिकल गार्डन, शिबपुर (कोलकाता)
  3. लॉयड बॉटनिकल गार्डन, दार्जिलिंग
  4. नेशनल बॉटनिकल गार्डन, लखनऊ
  5. वन अनुसंधान संस्थान, वानस्पतिक उद्यान, देहरादून।

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