MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 15 दक्षिण अमेरिका का भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 15 दक्षिण अमेरिका का भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Chapter 15 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के उत्तर से दक्षिण के बीच विस्तार कितने किलोमीटर है ?
(क) 6406 किमी
(ख) 6640 किमी
(ग) 4066 किमी
(घ) 6064 किमी।
उत्तर:
(ख) 6640 किमी

(2) दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली सबसे हल्की लकड़ी का नाम है –
(क) वाल्सा
(ख) हीविया
(ग) सिनकोना
(घ) हाईवुड
उत्तर:
(क) वाल्सा।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) दक्षिण अमेरिका क्षेत्रफल की दृष्टि से संसार का …………. बड़ा महाद्वीप है।
(2) दक्षिण अमेरिका का अधिकांश भाग …………….. कटिबन्ध में है।
(3) ………….. संसार की दूसरी सबसे लम्बी नदी है।
(4) एण्डीज पर्वत का सबसे ऊँचा शिखर ………….. है।
(5) दक्षिण अमेरिका के उत्तर में …………… सागर है।
उत्तर:

  1. चौथा
  2. उष्ण
  3. अमेजन
  4. अकांकागुआ
  5. कैरिबियन।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 15 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) वलित पर्वत किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी की आन्तरिक शक्तियों द्वारा विपरीत दिशाओं के दबाव से निर्मित पर्वत ‘वलित पर्वत’ कहलाते हैं।

(2) जल विभाजक से क्या आशय है ?
उत्तर:
पृथ्वी का ऐसा ऊँचा पर्वतीय या पठारी भाग जिसकी नदियों का जल दो विपरीत दिशाओं में बहकर जाता है वह जल विभाजक कहलाता है।

(3) ग्रान चाको किसे कहते हैं ?
उत्तर:
उत्तरी अर्जेन्टाइना तथा पश्चिमी पराग्वे के निचले भागों में ग्रीष्म ऋतु होने के कारण घने वन और घास के मैदान हैं। इन्हें ‘ग्रान चाको’ कहा जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 15 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) दक्षिण अमेरिका का अक्षांशीय तथा देशान्तरीय विस्तार लिखिए।
उत्तर:
दक्षिण अमेरिका 12 डिग्री उत्तर अक्षांश से 55 डिग्री दक्षिण अक्षांश तथा 35 डिग्री पश्चिमी देशान्तर से 81 डिग्री पश्चिमी देशान्तर के बीच स्थित है।

(2) अमेजन बेसिन में पाये जाने वाले प्रमुख वृक्षों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अमेजन बेसिन में रबड़, हाईवुड, हीविया, कैस्टीलोआ, सिनकोना, रोजवुड, ताड़ आदि वृक्ष प्रमुख रूप से पाये जाते हैं।

(3) लाप्लाटा’ बेसिन की नदियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
‘लाप्लाटा बेसिन’ में पराना, पराग्वे तथा उरुग्वे नदियाँ प्रमुख हैं।

(4) पैटेगोनिया मरुस्थल बनने के कारण लिखिए।
उत्तर:
एण्डीज पर्वत के पश्चिमी भाग में पछआ पवनों द्वारा पर्याप्त वर्षा होती है। परन्तु जब ये पवनें पर्वत पार कर पूर्वी भाग में उतरती हैं तो शुष्क हो जाती हैं, जिससे वर्षा नहीं हो पाती। सम्पूर्ण क्षेत्र अर्थात् पैटेगोनिया का पठार वृष्टि छाया प्रदेश में आ जाता है और इस प्रकार पैटेगोनिया के मरुस्थल का निर्माण होता है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 15 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की जलवायु का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दक्षिण अमेरिका का अधिकांश भाग उष्ण कटिबन्ध में स्थित है। इसलिए इस महाद्वीप की जलवायु सामान्यतया गर्म है। यहाँ सालभर तापमान ऊँचा रहता है। अमेजन नदी की घाटी विषुवत रेखा के निकट होने से इस भाग की जलवायु विषुवतीय है। यहाँ साल भर संवाहनिक वर्षा होने से यहाँ की जलवायु उष्ण एवं आर्द्र है।

यहाँ अधिकांश भागों में 100 से 200 सेमी वर्षा होती है, कुछ भागों में 200 सेमी से भी अधिक वर्षा होती है। महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग, दक्षिणी ब्राजील, पराग्वे तथा उत्तरी अर्जेन्टाइना के निम्न भूमि प्रदेशों में ग्रीष्म ऋतु में 50 से 100 सेमी के लगभग वर्षा होती है और शीत ऋतु शुष्क रहती है। दक्षिणी पेरू तथा उत्तरी चिली में अटाकामा मरुस्थल की जलवायु गर्म और शुष्क है। यहाँ वर्षा नाममात्र की कई वर्षों से कभी-कभार ही होती है।

(2) एण्डीज पर्वतमाला की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
एण्डीज पर्वतों में अनेक ऊँचे-ऊँचे शिखर हैं। ये विषुवत् रेखीय गर्म जलवायु में स्थित होते हुए भी अधिक ऊँचाई के कारण सालभर बर्फ से ढके रहते हैं। एण्डीज का सबसे ऊँचा शिखर अकांकागुआ है, जो समुद्री तल से 6,960 मीटर ऊँचा है। एण्डीज पर्वतमाला पर अनेक सक्रिय, प्रसुप्त और मृत ज्वालामुखी हैं। इस पर्वतमाला पर प्रायः ज्वालामुखियों के विस्फोट और भूकम्प होते ही रहते हैं। एण्डीज पर्वत से अमेजन, ओरिनीको, पिल्कोमायो, कोलोरेडो आदि नदियाँ निकलती हैं।

(3) दक्षिण अमेरिका की वनस्पति और जीव-जन्तुओं पर एक लेख लिखिए।
उत्तर:
वनों एवं जीव-जन्तुओं को विविधता की दृष्टि से दक्षिण अमेरिका बहुत समृद्ध महाद्वीप है। यहाँ अमेजन बेसिन में संसार का सबसे बड़ा वर्षा वन है। इन वनों में लगभग 44,000 प्रजाति के पेड़-पौधे मिलते हैं। इस वन क्षेत्र की नदियों में 2,500 प्रकार की मछलियाँ और वनों में 1500 प्रजाति के पक्षी मिलते हैं। गैलेपेगास नामक कछुआ समुद्र किनारे मिलता है जो 272 किग्रा वजन तक का होता है। यहाँ के मकड़ा बन्दर और गिलहरी बन्दर विशेष किस्म के होते हैं। ऐनाकोंडा नामक अजगर 10 मीटर तक लम्बा होता है।

दलदली हिरण, दरियाई घोड़े, चिम्पैंजी और मगरमच्छ यहाँ के विशेष जानवर हैं। अमेजन के दक्षिण में कम वर्षा के कारण सवाना प्रकार के लम्बी घास के मैदान हैं। उत्तरी अर्जेन्टाइना तथा पश्चिमी पराग्वे के निचले भागों में ग्रीष्म ऋतु में वर्षा होने के कारण घने वन और घास के मैदान हैं। यहाँ का चींटियाँ खाने वाला विचित्र प्राणी ‘ऐंट ईटर’ प्रसिद्ध है। यहाँ प्यूमा और जैगुआर जैसे खतरनाक जानवर भी मिलते हैं। यहाँ कौंडोर नामक संसार का सबसे बड़ा शिकारी पक्षी भी पाया जाता है।

(4) दक्षिण अमेरिका को किन-किन भौतिक विभागों में बाँटा गया है ? किसी एक का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
धरातलीय बनावट के आधार पर दक्षिण अमेरिका महाद्वीप को चार भौतिक भागों में बाँटा जा सकता है –

  1. पश्चिमी तटीय पट्टी
  2. पश्चिमी पर्वतमाला
  3. मध्यवर्ती मैदान
  4. पूर्वी उच्च भूमि।

(1) पश्चिमी तटीय पट्टी-महाद्वीप के पश्चिमी भाग में प्रशान्त महासागर के तटीय भाग और एण्डीज पर्वत माला के मध्य में मैदानी भूमि एक संकरी पट्टी के रूप में उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है। इस तटीय मैदान के मध्य में आटाकामा नामक मरुस्थल है जो संसार का सबसे शुष्क, गर्म मरुस्थल है। इस तटीय मैदान की चौड़ाई सब जगह एकसमान नहीं है।

मानचित्र कौशल
प्रश्न 6.
दक्षिण अमेरिका के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए

  1. एण्डीज पर्वतमाला, कोटापैक्सी।
  2. ओरीनोको, पराग्वे तथा अमेजन नदियाँ।
  3. ब्राजील, गुयाना तथा बोलीविया के पठार।
  4. सेल्वास, पंपास, लानोस घास के मैदान।
  5. हार्न अंतरीप व सान डियेगो अंतरीप।
  6. कैरेबियन सागर, पनामा नहर।
  7. टीटीकाका झील, एंजिल जलप्रपात, अटाकामा व पैटेगोनिया मरुस्थल।

उत्तर:

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 15 दक्षिण अमेरिका का भौगोलिक स्वरूप img 1

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 5 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 73-74

सूचनाओं की खोज में –

प्रश्न 1.
क्या आपको उन विभिन्न प्रकारों के आलेखों के बारे में कुछ याद है जो हमने पिछली कक्षाओं में पढ़े थे?
उत्तर:
हाँ, याद है।

प्रश्न 2.
एक चित्रालेख (pictograph): संकेतों का प्रयोग करते हुए, आँकड़ों का चित्रीय निरूपण:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-1

  1. जुलाई के महीने में कितनी कारों का उत्पादन हुआ?
  2. किस महीने में कारों का अधिकतम उत्पादन हुआ?

उत्तर:
चित्रालेख से स्पष्ट है कि –

  1. जुलाई के महीने में 250 कारों का उत्पादन हुआ।
  2. कारों का अधिकतम उत्पादन सितम्बर माह में हुआ (400 कारें)

प्रश्न 2.
एक दण्ड आलेख (bar graph): एक समान चौड़ाई के दण्डों का प्रयोग करते हुए, सूचना प्रदर्शन, जिसमें दण्डों की लम्बाइयाँ (ऊँचाइयाँ) क्रमशः उनके मानों के समानुपातिक होती हैं।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-2

  1. इस दण्ड आलेख द्वारा क्या सूचना दी गई है?
  2. किस वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या में अधिकतम वृद्धि हुई?
  3. किस वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या अधिकतम है?
  4. बताइए कि यह सत्य है या असत्य : “2005 – 06 में विद्यार्थियों की संख्या 2003-04 की संख्या की दुगुनी है।”

उत्तर:

  1. यह दण्ड आलेख विभिन्न शैक्षिक वर्षों में कक्षा VIII के विद्यार्थियों की संख्या दर्शाता है।
  2. वर्ष 2004 – 05 में विद्यार्थियों की संख्या में अधिकतम वृद्धि हुई।
  3. वर्ष 2007 – 08 में विद्यार्थियों की संख्या अधिकतम है।
  4. यह असत्य है कि 2005 – 06 में विद्यार्थियों की संख्या 2003 – 04 की संख्या की दुगुनी है।

प्रश्न 3.
द्वि-दण्ड आलेख (double bar graph): आँकड़ों के दो समूहों को एक साथ दर्शाने वाला दण्ड आलेख
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-3

  1. इस द्वि-दण्ड आलेख द्वारा क्या सूचना दी गई है?
  2. किस विषय में विद्यार्थी के प्रदर्शन में सबसे अधिक सुधार हुआ है?
  3. किस विषय में प्रदर्शन में गिरावट आई है?
  4. किस विषय में प्रदर्शन समान रहा है?

उत्तर:

  1. यह द्वि-दण्ड आलेख एक विद्यार्थी द्वारा वर्ष 2005 – 06 और 2006 – 07 में विभिन्न विषयों में प्राप्त अंकों की तुलना दर्शाता है।
  2. गणित विषय में विद्यार्थी के प्रदर्शन में अधिक सुधार हुआ है।
  3. अंग्रेजी विषय में प्रदर्शन में गिरावट आई है।
  4. हिन्दी विषय में प्रदर्शन समान रहा है।

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 75

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 5.1)

प्रश्न 1.
यदि हम एक दण्ड आलेख के दण्डों में से किसी एक की स्थिति बदल दें, तो क्या प्रदर्शित जानकारी में कोई बदलाव या परिवर्तन होगा? क्यों?
उत्तर:
दण्ड आलेख के दण्डों में से किसी एक की स्थिति बदल दें तो प्रदर्शित जानकारी में कोई परिवर्तन नहीं होगा क्योंकि प्रेक्षणों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.1)

दी गई सूचना को निरूपित करने के लिए एक उपयुक्त आलेख खींचिए।

प्रश्न 1.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-4
हल:
दी गई सूचनाओं को दण्ड आलेख द्वारा निरूपित किया जा सकता है। वर्गांकित कागज पर दो लम्बवत् रेखाएँ खींचकर X-अक्ष तथा Y-अक्ष का निर्धारण करते हैं। X-अक्ष पर महीने तथा Y-अक्ष पर बेची गई घड़ियों की संख्या निरूपित करते हैं।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-5

प्रश्न 2.
बच्चों की संख्या जिन्हें –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-6
हल:
दिए हुए आँकड़ों को दण्ड आलेख द्वारा निरूपित किया जा सकता है। वर्गांकित कागज पर दो लम्बवत् रेखाएँ खींचकर X-अक्ष तथा Y-अक्ष का निर्धारण करते हैं। X-अक्ष पर बच्चों की पसन्द तथा Y-अक्ष पर बच्चों की संख्या दर्शाते हैं। तीन स्कूल A, B, C के लिए हम दो स्थान निर्धारण करते हैं। इन दोनों स्थानों पर समान चौड़ाई के आयत बनाते हैं। आयतों की ऊँचाई आँकड़ों के समानुपाती दर्शायी गई हैं।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-7

प्रश्न 3.
8 सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट टीमों द्वारा ODI में जीतने का प्रतिशत –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-8
हल:
दिए हुए आँकड़ों को दण्ड आलेख द्वारा निरूपित किया जा सकता है। वर्गांकित कागज पर दो लम्बवत् रेखाएँ खींचकर X-अक्ष तथा Y-अक्ष का निर्धारण करते हैं। X-अक्ष पर प्रत्येक टीम को दर्शाते हैं तथा Y-अक्ष पर वर्ल्ड कप एवं पिछले 10 ODI जीतने का प्रतिशत निरूपित है। वर्ल्ड कप 2006 तक को [] सेतथा पिछले 10 ODIZ को [//] द्वारा निरूपित किया गया है।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-9

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 76

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.2)

प्रश्न 1.
विद्यार्थियों के एक समूह से यह बताने को कहा गया कि वे किस पशु को सबसे अधिक घर में पालना पसन्द करेंगे। इसके परिणाम नीचे दिए गए हैं:

कुत्ता, बिल्ली, बिल्ली, मछली, बिल्ली, खरगोश, कुत्ता, बिल्ली, खरगोश, कुत्ता, बिल्ली, कुत्ता, कुत्ता, कुत्ता, बिल्ली, गाय, मछली, खरगोश, कुत्ता, बिल्ली, कुत्ता, बिल्ली, बिल्ली, कुत्ता, खरगोश, बिल्ली, मछली, कुत्ता,

उपर्युक्त के लिए एक बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए।

हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-10

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 78

प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.3)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित बारम्बारता बंटन सारणी का अध्ययन कीजिए और उसके नीचे दिए हुए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-11

  1. वर्ग अन्तराल की माप क्या है?
  2. किस वर्ग की सबसे अधिक बारम्बारता है?
  3. किस वर्ग की सबसे कम बारम्बारता है?
  4. वर्ग अन्तराल 250 – 275 की उच्च सीमा क्या है?
  5. किन दो वर्गों की बारम्बारता एक ही है?

उत्तर:

  1. वर्ग अन्तराल की माप 25 है।
  2. वर्ग 200 – 225 की बारम्बारता सबसे अधिक है।
  3. वर्ग 300 – 325 की बारम्बारता सबसे कम है।
  4. वर्ग अन्तराल 250 – 275 की उच्च सीमा 275
  5. वर्ग 150 – 175 और 225 – 250 की बारम्बारता एक ही है।

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प्रश्न 2.
अन्तरालों 30 – 35, 35 – 40, इत्यादि का प्रयोग करते हुए एक कक्षा के 20 विद्यार्थियों के भारों (kg में) के निम्नलिखित आँकड़ों के लिए एक बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए:
40, 38, 33, 48, 60, 53, 31,46, 34, 36, 49, 41, 55, 49, 65, 42, 44, 47, 38, 39.
हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-12

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 79

प्रश्न 1.
निम्नलिखित आलेख एक स्कूल के 25 अध्यापकों की आयु दर्शाता है:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-13
इस आयत चित्र के दण्डों से हम निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं –

  1. कितने अध्यापकों की आयु 45 वर्ष या उससे अधिक है परन्तु 50 वर्ष से कम है?
  2. 35 वर्ष से कम आयु वाले अध्यापकों की संख्या कितनी है?

उत्तर:

  1. आयत चित्र से, 45 वर्ष या उससे अधिक परन्तु 50 वर्ष से कम आयु वाले अध्यापक 5 हैं।
  2. 35 वर्ष से कम आयु वाले अध्यापकों की संख्या 4 + 5 + 6 = 15.

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 80

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.4)

प्रश्न 1.
आयत चित्र को देखिए और उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Intext Questions img-14

  1. इस आयत चित्र द्वारा क्या सूचना दी जा रही है?
  2. किस वर्ग में अधिकतम लड़कियाँ हैं?
  3. कितनी लड़कियों की लम्बाई 145 cm या उससे अधिक है?
  4. यदि हम लड़कियों को निम्नलिखित तीन श्रेणियों में विभाजित करें, तो प्रत्येक में कितनी लड़कियाँ होंगी?
    • 150 cm या उससे अधिक – समूह A
    • 140 cm या उससे अधिक परन्तु
    • 150 cm से कम – समूह B
    • 140 cm से कम – समूह C

उत्तर:

  1. इस आयत चित्र द्वारा कक्षा VII की लड़कियों की ऊँचाई (cm में) के बारे में सूचना दी जा रही है।
  2. वर्ग 140 – 145 में अधिकतम लड़कियाँ हैं।
  3. 7 लड़कियों की लम्बाई 145 cm या उससे अधिक है।
  4. समूह A में 2 + 1, अर्थात् 3 लड़कियाँ हैं।
  5. समूह B में 7 + 4, अर्थात् 11 लड़कियाँ हैं।
  6. समूह C में 1 + 2 + 3, अर्थात् 6 लड़कियाँ हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 14 उत्तर अमेरिका का आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 14 उत्तर अमेरिका का आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Chapter 14 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) किस फसल के लिए प्रेयरी के मैदान को संसार की रोटी की डलिया’ कहा जाता है ?
(क) चावल
(ख) मक्का
(ग) गेहूँ
(घ) जौ।
उत्तर:
(ग) गेहूँ

(2) निम्न में से कौन-सा नगर मोटर कार निर्माण के लिए विख्यात है ?
(क) शिकागो
(ख) डेट्राइट
(ग) पिट्सबर्ग
(घ) न्यूयार्क।
उत्तर:
(ख) डेट्राइट।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) …………. द्वीप के आस-पास बहुतायत से मछलियाँ – पकड़ी जाती हैं।
(2) ………….. को भट्टियों का नगर कहा जाता है।
(3) जनसंख्या की दृष्टि से ……….. सिटी स्पैनिशभाषी जनसंख्या वाला विश्व का सबसे बड़ा नगर है।
उत्तर:

  1. न्यू फाउन्डलैण्ड
  2. पिट्सबर्ग
  3. मैक्सिको।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) कनाडा में वनों पर आधारित उद्योग कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
कागज उद्योग, लुग्दी उद्योग, फर्नीचर उद्योग व समूर उद्योग आदि कनाडा में वनों पर आधारित उद्योग हैं।

(2) उत्तर अमेरिका में फसलों की तीन पेटियों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  • प्रेयरी के मैदान-‘गेहूँ की पेटी’।
  • संयुक्त राज्य का मध्यवर्ती भाग-‘मक्का की पेटी’।
  • संयुक्त राज्य का दक्षिणी पूर्वी भाग-‘कपास की पेटी’।

(3) उत्तर अमेरिका के किस भाग में जनसंख्या अधिक
उत्तर:
उत्तर अमेरिका के उत्तर पूर्वी भाग तथा ग्रेट लेक्स के आस-पास के भाग में जनसंख्या अधिक है।

(4) क्यूबा को शक्कर का घर’ क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
विपुल उत्पादन और अधिक मात्रा में शक्कर की प्राप्ति के कारण क्यूबा को ‘शक्कर का घर’ कहा जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) उत्तर अमेरिका के तीन प्रमुख महाद्वीपीय रेलमार्गों के नाम प्रारम्भ व अन्त के स्टेशन सहित लिखिये।
उत्तर:

  • केनेडियन पेसिफिक रेलमार्ग-हेलिफेक्स से वेनकुवर तक।
  • यूनियन एण्ड सेन्ट्रल पेसिफिक रेलमार्ग-न्यूयार्क से सेन फ्रांसिस्को तक।
  • दक्षिण पेसिफिक रेलमार्ग-न्यूयार्क से लॉस एन्जिल्स तक।

(2) कनाडा के प्रमुख उद्योगों के नाम उनके केन्द्रों सहित लिखिए।
उत्तर:

  • ओटावा – लुग्दी उद्योग, कागज उद्योग व अस्त्र-शस्त्र उद्योग।
  • मॉन्ट्रियल – लोहा इस्पात उद्योग, कागज उद्योग व जलयान निर्माण उद्योग।
  • वेनकुवर – खनिज तेल शोधन उद्योग व मछली पालन उद्योग।
  • विनिपेग – कागज उद्योग, लुग्दी उद्योग व खनिज तेल शोधन उद्योग।
  • टोरन्टो – लोहा इस्पात उद्योग, कपड़ा उद्योग व कागज उद्योग।

(3) संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख उद्योगों और उनके केन्द्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:
फिल्म उद्योग व मछली पालन उद्योग (लॉस एन्जिलिस), परिवहन उद्योग व हवाई जहाज निर्माण उद्योग (न्यूयार्क), लोहा इस्पात उद्योग व माँस उद्योग (शिकागो), लोहा इस्पात उद्योग व धातु प्रगलन उद्योग (पिट्सबर्ग), खनिज तेल शोधन उद्योग, रासायनिक उद्योग व मशीन उद्योग (वाशिंगटन डीसी), मोटर निर्माण उद्योग (डेट्राइट)।

(4) उत्तर अमेरिका में परिवहन के साधन कौन-कौनसे हैं ? उनका विस्तार कहाँ तक है?
उत्तर:
प्रमुख परिवहन के साधन निम्न प्रकार से हैं –

  1. रेलमार्ग – यहाँ के तीन प्रमुख अन्तर्महाद्वीपीय रेलमार्ग हैं –
    • केनेडियन पेसिफिक रेलमार्ग-हेलिफेक्स से वनकुवर तक।
    • यूनियन एण्ड सेन्ट्रल पेसिफिक रेलमार्ग-न्यूयार्क से सेन फ्रांसिस्को तक।
    • दक्षिण पेसिफिक रेलमार्ग-न्यूयार्क से लॉस एन्जिलिस तक।
  2. वायुमार्ग – महाद्वीप में अन्तर्देशीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय वायुमार्ग बड़े पैमाने पर विकसित हैं जहाँ से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ा जा सकता है।
  3. जलमार्ग – पाँच झीलों के समूह, सेंट लारेन्स और मिसीसीपी नदियों और तटीय भागों के जल परिवहन का प्रचुर विकास हुआ है जहाँ शेष विश्व से जोड़ने वाले अन्तर्राष्ट्रीय बन्दरगाह हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) उत्तर अमेरिका में कृषि की उन्नति के क्या कारण हैं?
उत्तर:
यहाँ मध्यवर्ती प्रेयरी के मैदान एवं नदी घाटियों में कृषि की जाती है तथा उन्नत कृषि के निम्न कारण हैं –

  • खेतों का आकार बहुत बड़ा है।
  • कृषि कार्य में बड़ी-बड़ी मशीनों का उपयोग किया जाता है।
  • कृषि में नवीन वैज्ञानिक विधियाँ अपनाई जाती हैं।
  • कुछ विशेष फसलों के लिए विशेष क्षेत्र निर्धारित हैं।

महाद्वीप का विस्तार अधिक होने के कारण यहाँ विविध प्रकार की मिट्टियाँ और जलवायु दशाएँ पाई जाती हैं।

(2) उत्तर अमेरिका के पूर्वी भाग में अधिक जनसंख्या होने के मुख्य कारण लिखिए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका के पूर्वी भाग में अधिक जनसंख्या होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं –

  • पूर्वी भाग में जलवायु मानव विकास के लिए अधिक अनुकूल है।
  • इस क्षेत्र में खनिज आदि प्रचुरता से उपलब्ध हैं।
  • यूरोप महाद्वीप इस क्षेत्र के अधिक निकट है।
  • उत्तर अमेरिका के अधिकांश उद्योग इसी क्षेत्र में स्थापित हैं।
  • इस क्षेत्र में यातायात के साधनों का विकास भी अधिक हुआ है और जीवनयापन की सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में सुलभ हैं।

(3) प्राकृतिक संसाधनों ने उत्तर अमेरिका को बहुत धनी बनाया है, कारण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका के विकास में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान वहाँ के प्राकृतिक संसाधनों का रहा है जिनका कारण सहित वर्णन इस प्रकार है –
1. कृषि संसाधन – उत्तर अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कृषि की महती भूमिका है। यह महाद्वीप कई कृषि उत्पादनों में संसार में अग्रणी है। यहाँ अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं जो इसकी सम्पन्नता का प्रमुख कारण है।

2. वन संसाधन – वन प्रकृति के अमूल्य उपहार हैं। उत्तर अमेरिका में विविध प्रकार के वन विशाल क्षेत्र में फैले हुए हैं। कागज उद्योग, लुग्दी उद्योग, फर्नीचर उद्योग, समूर उद्योग वनों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण उद्योग हैं। घास के मैदानों में पशु पाले जाते हैं जो इसे अग्रणी बनाते हैं।

3. खनिज और ऊर्जा संसाधन – उत्तर अमेरिका खनिज संसाधनों में अति समृद्ध महाद्वीप है। यहाँ संसार का लगभग 32 प्रतिशत जस्ता, 27 प्रतिशत कोयला, 25 प्रतिशत से अधिक पेट्रोलियम निकाला जाता है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि सभी प्रकार के प्राकृतिक संसाधनों के प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने एवं उनके अधिकाधिक दोहन ने उत्तर अमेरिका को बहुत धनी बनाया है।

(4) क्या कारण है कि उत्तर अमेरिका इतना उन्नत महाद्वीप बन गया है?
उत्तर:
भरपूर प्राकृतिक संसाधनों एवं उच्च तकनीकी ज्ञान के आधार पर वर्तमान समय में उत्तर अमेरिका सर्वाधिक सम्पन्न और उन्नत महाद्वीप बन गया है। इसके अन्य प्रमुख कारण इस प्रकार हैं –

  • कृषि संसाधन – (उत्तर संख्या 3 (दीर्घ उत्तरीय) के अनुसार)
  • वन संसाधन – (उत्तर संख्या 3 (दीर्घ उत्तरीय) के अनुसार)
  • खनिज और ऊर्जा संसाधन – (उत्तर संख्या 3 (दीर्घ उत्तरीय) के अनुसार)
  • उद्योग – औद्योगिक दृष्टि से उत्तर अमेरिका विश्व में सबसे अग्रणी महाद्वीप है।

यहाँ प्राकृतिक साधनों का भरपूर दोहन हुआ है। यहाँ पर्याप्त मात्रा में पाये जाने वाले कच्चे माल के अलावा कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और जल विद्युत् का पर्याप्त विकास हुआ है। परिवहन के साधन – उत्तर अमेरिका महाद्वीप में परिवहन के साधनों का सर्वाधिक विकास हुआ है। यहाँ मार्गों तथा रेलमार्गों का सघन जाल है। तटीय और अन्तःस्थलीय जलमार्ग भार परिवहन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मानचित्र कौशल:
प्रश्न 6.
उत्तर अमेरिका के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए

  1.  पनामा नहर
  2. ओटावा
  3. प्रेयरी का मैदान
  4. न्यू फाउण्डलैण्ड
  5. सेन फ्रांसिस्को
  6. केनेडियन पेसिफिक रेलमार्ग
  7. मैक्सिको सिटी
  8. संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी।

उत्तर:

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 5 हमारे राष्ट्रीय लक्ष्य (अ) राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति (ब) लोकतन्त्र एवं नागरिक

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 5 हमारे राष्ट्रीय लक्ष्य (अ) राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति (ब) लोकतन्त्र एवं नागरिक

MP Board Class 8th Social Science Chapter 5 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है –
(क) लोकतन्त्र
(ख) राजतन्त्र
(ग) साम्राज्यवाद
(घ) तानाशाही
उत्तर:
(क) लोकतन्त्र

(2) “हम विश्व में सर्वत्र शान्ति चाहते हैं” किसने कहा था?
(क) सरदार वल्लभ भाई पटेल
(ख) पंडित जवाहर लाल नेहरू
(ग) लाल बहादुर शास्त्री
(घ) महात्मा गाँधी
उत्तर:
(ख) पंडित जवाहरलाल नेहरू

(3) निशस्त्रीकरण क्यों आवश्यक है?
(क) विश्व शान्ति की स्थापना के लिए
(ख) युद्ध के लिए
(ग) सरकार बनाने के लिए
(घ) परमाणु शस्त्रों के लिए
उत्तर:
(क) विश्व शान्ति की स्थापना के लिए

(4) जाति व धर्म के आधार पर मतदान लोकतन्त्र को –
(क) शक्तिशाली बनाता है
(ख) कमजोर बनाता है,
(ग) हमारे अधिकार सुरक्षित करता है
(घ) उपर्युक्त तीनों
उत्तर:
(ख) कमजोर बनाता है

(5) वयस्क मताधिकार के लिए आयु निर्धारित है –
(क) 14 वर्ष
(ख) 18 वर्ष
(ग) 21 वर्ष
(घ) 25 वर्ष
उत्तर:
(ख) 18 वर्ष

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) संविधान में कुल ……….. मौलिक अधिकारों की व्यवस्था की गई है।
(2) लोकतन्त्र ……… का शासन होता है।
(3) पंथ निरपेक्षता में ……….. की स्वतन्त्रता रहती है।
(4) गुट निरपेक्षता का अर्थ है सैनिक संगठनों से ………. रहना।
(5) लोकतन्त्र का मुख्य तत्व …………. समानता और है।
उत्तर:
(1) 6
(2) जनता
(3) अपने पंथ और उपासना
(4) अलग
(5) स्वतन्त्रता, बन्धुत्व

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) स्वतन्त्रता के प्रकार बताइए।
उत्तर:
व्यक्तिगत स्वतन्त्रता, नागरिक स्वतन्त्रता, राजनीतिक स्वतन्त्रता, आर्थिक एवं सामाजिक स्वतन्त्रता और धार्मिक स्वतन्त्रता आदि स्वतन्त्रता के प्रकार हैं।

(2) समानता का अर्थ लिखिए।
उत्तर:
नागरिकों के सम्पूर्ण विकास के लिए राज्य द्वारा समान अवसर उपलब्ध करवाना समानता है।

(3) अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र किसे कहते हैं ?
उत्तर:
ऐसा लोकतन्त्र जहाँ जनता अपने प्रतिनिधि निर्वाचित करके भेजती है, उसे अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र कहते हैं। भारत में अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र है।

(4) लोकतन्त्र में प्रत्येक नागरिक को साक्षर क्यों होना चाहिए?
उत्तर:
लोकतन्त्र में प्रत्येक नागरिक जागरूक और साक्षर होना चाहिए ताकि वह अपने मत का उचित प्रयोग कर सके।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 5 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) वयस्क मताधिकार का अर्थ लिखिए
उत्तर:
जहाँ पर वयस्क व्यक्ति को मत देने का अधिकार प्राप्त हो उसे वयस्क मताधिकार कहते हैं। हमारे देश में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेने वाले हर नागरिक को मत देने का अधिकार प्राप्त है। यह मताधिकार का सबसे अधिक प्रचलित सिद्धान्त है।

(2) हमारे राष्ट्रीय लक्ष्य कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
हमारा देश प्रजातान्त्रिक देश है। अतः हमारे लक्ष्य हैं-लोकतन्त्र, पंथनिरपेक्षता, राष्ट्रीय एकता, स्वतन्त्रता, समानता, । सामाजिक समरसता, अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सहयोग।

(3) न्याय का वास्तविक अर्थ लिखिए।
उत्तर:
न्याय उस सामाजिक स्थिति को कहते हैं जिसमें व्यक्ति के पारस्परिक सम्बन्धों की उचित व्यवस्था की जाती है, जिससे समाज में व्यक्ति के अधिकार सुरक्षित रहें। न्याय की धारणा सत्य और नैतिकता के रूप में भी समझी जाती है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) हमें अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सहयोगकी आवश्यकता क्यों है ?
उत्तर:
विज्ञान ने संसार को आज समेटकर रख दिया है। विश्व के किसी भी कोने में होने वाली घटना का प्रभाव आज सम्पूर्ण विश्व के लोगों पर पड़ता है। अतः हम भी केवल तभी शान्ति से रह सकेंगे जब विश्व भर में शान्ति होगी और हम अपने सम्पूर्ण संसाधनों को तभी जनता के हित एवं विकास में लगा सकेंगे जब देश में शान्ति रहने का विश्वास हो। विश्व का लगभग हर एक भाग दूसरे से भौगोलिक रूप से भिन्न है तथा उसकी अपनी विशेषताएँ हैं। अतः विश्व के प्रायः सभी देशों को अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने के लिये किसी न किसी तरह एक-दूसरे पर निर्भर करना पड़ता है और इस प्रकार हम आपसी सहयोग द्वारा ही अपने जीवन का आनन्द उठा पाते हैं।

(2) लोकतन्त्र की सफलता के लिए आवश्यक शर्ते कौन-सी हैं ?
उत्तर:
लोकतन्त्र की सफलता निम्नलिखित बातों पर निर्भर करती है –
1. शिक्षित जनता:
लोकतन्त्र में जनसामान्य राजनीतिक प्रक्रिया में सहभागी रहता है। जब तक जनसामान्य राजनीतिक प्रश्नों को भलीभाँति नहीं समझेगा। तब तक उसकी सहभागिता न तो प्रभावशाली होगी और न अर्थपूर्ण रहेगी। इसके लिये जनता का शिक्षित होना बहुत आवश्यक है। अत: जनता का शिक्षित होना लोकतन्त्र की पहली आवश्यकता है।

2. राजनैतिक जागरूकता:
लोकतन्त्र में नागरिकों में राजनीतिक प्रश्नों और मुद्दों की जानकारी होनी चाहिए तथा उन मुद्दों पर राजनीतिक दृष्टि से विचार करने की क्षमता होनी चाहिए। नागरिकों की विवेकशीलता के अभाव में प्रजातन्त्र, भीड़तन्त्र में बदल जाता है।

3. स्वतन्त्र प्रेस:
लोकतन्त्र की सफलता के लिए स्वतन्त्र प्रेस का होना आवश्यक है। नागरिकों की स्वतन्त्रता का सरकार द्वारा अतिक्रमण न हो इसके लिये स्वतन्त्र प्रेस का होना अनिवार्य है। स्वतन्त्र प्रेस सरकार के दबाव में आये बिना जनता की माँगों को सरकार के सामने रखती है। अतः प्रेस को प्रजातन्त्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है।

4. सामाजिक और आर्थिक समानता:
समाज में जब तक ऊँच-नीच, गरीब-अमीर और छुआछूत आदि के भेदभाव रहेंगे, लोकतन्त्र अच्छी तरह से कार्य नहीं कर सकता। इसी प्रकार, धनिकों का धन और गरीबों की गरीबी लोकतन्त्र को नष्ट कर देगी। अतः लोकतन्त्र की सफलता के लिए सामाजिक और आर्थिक समानता आवश्यक है।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 13 उत्तर अमेरिका का भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 13 उत्तर अमेरिका का भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Chapter 13 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) किन धाराओं के मिलने से न्यूफाउन्डलैण्ड के निकट घना कोहरा छा जाता है ?
(क) गल्फस्ट्रीम और अलास्का जलधारा
(ख) गल्फस्ट्रीम और कैलीफोर्निया की धारा
(ग) गल्फस्ट्रीम और लेब्रेडोर जलधारा
(घ) लेब्रेडोर और अलास्का की जलधारा।
उत्तर:
(ग) गल्फस्ट्रीम और लेब्रेडोर जलधारा

(2) निम्न में से किस प्रकार की जलवायु प्रदेश में शीत ऋतु में वर्षा होती है ?
(क) उष्ण मरुस्थलीय जलवायु
(ख) भूमध्य सागरीय जलवायु
(ग) टुण्ड्रा जलवायु प्रदेश
(घ) भूमध्य रेखीय जलवायु प्रदेश।
उत्तर:
(ख) भूमध्य सागरीय जलवायु।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) उत्तर अमेरिका का अक्षांशीय और देशान्तरीय विस्तार लिखिए।
उत्तर:
इसका अक्षांशीय विस्तार 10 डिग्री उत्तरी अक्षांश से 80 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक तथा देशान्तरीय विस्तार 20 डिग्री पश्चिम देशान्तर से 170 डिग्री पश्चिमी देशान्तर तक है। –

(2) उत्तर अमेरिका का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर कौन-सा है ?
उत्तर:
उत्तर अमेरिका का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर माउन्ट मैकिन्ले है जो अलास्का में है।

(3) उत्तर अमेरिका की महान झीलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
इनके नाम हैं –

  • सुपीरियर झील
  • मिशीगन झील
  • ह्यूरन झील
  • दूरी झील और
  • ओन्टेरियो झील।

(4) वे कौन-सी चार महासागरीय धाराएँ हैं, जो उत्तर अमेरिका की जलवायु को प्रभावित करती हैं।
उत्तर:

  • गल्फस्ट्रीम
  • अलास्का की गर्म धारा
  • लेब्रेडोर की ठंडी धारा व
  • कैलिफोर्निया की ठंडी धारा उत्तर अमेरिका की जलवायु को प्रभावित करती हैं।

(5) कोणधारी वनों की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
कोणधारी वनों के वृक्षों की शाखाएँ नीचे की ओर झुकी हुई होती हैं तथा इन वृक्षों की पत्तियाँ भी नुकीली होती हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) उत्तर अमेरिका के किन्हीं तीन पठारों के नाम उनकी स्थिति सहित लिखिए।
उत्तर:
कार्डिलेरा के पश्चिमी भाग में अन्तर पर्वतीय पठार ‘ग्रेट बेसिन’ का विस्तार है। पूर्वोत्तर में लेब्रेडोर का पठार तथा दक्षिण पूर्व में अप्लेशियन का पठार शामिल है।

(2) उत्तर अमेरिका की वनस्पति में विविधता के कारण लिखिए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका एक ऐसा महाद्वीप है जहाँ विश्व में पाई जाने वाली लगभग सभी प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। जलवायु की विविधता तथा वर्षा के असमान वितरण के कारण वनस्पति में भी विविधता दृष्टिगोचर होती है।

(3) भूमध्य सागरीय वनस्पति की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
यहाँ रसदार फलों के वृक्ष बहुतायत में विकसित होते हैं। वृक्षों की छाल मोटी, पत्तियाँ चिकनी व मोटी होती हैं।

(4) केनियन और कार्डिलेरा में क्या अन्तर है ?
उत्तर:
उत्तर अमेरिका के शुष्क तथा अर्द्धशुष्क प्रदेशों में पाया जाने वाला, खड़े ढालों से निर्मित अपेक्षाकृत संकीर्ण किन्तु बड़े आकार का एक गहरा गॉर्ज जिसकी तली में ऐसी नदी बहती है जो मृदु शैलों का अपरदन करती है, ‘ग्रेट केनियन’ के नाम से विख्यात है। जबकि ऐसी पर्वत श्रृंखला जिसमें अनेक पर्वत श्रेणियाँ एक-दूसरे के समान्तर दूर-दूर तक फैली हुई होती हैं। उत्तर अमेरिका में इनके सम्मिलित रूप को ‘कार्डिलेरा’ कहा जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) उत्तर अमेरिका के भौतिक विभागों के नाम लिखते हुए प्रत्येक का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
धरातलीय उच्चावच के आधार पर उत्तर अमेरिका को निम्न तीन प्रमुख भागों में बाँटा जा सकता है –

1. पश्चिमी पर्वतीय प्रदेश या कार्डिलेरा-पश्चिमी पर्वतीय प्रदेश को ही कार्डिलेरा कहा जाता है। कार्डिलेरा का विस्तार महाद्वीप के पश्चिमी भाग में उत्तर में अलास्का से लेकर दक्षिण में मैक्सिको तक है। कार्डिलेरा के पश्चिमी भाग में अनेक पर्वत श्रेणियाँ समानान्तर उत्तर दक्षिण फैली हुई हैं। पूर्व में रॉकी पर्वतमाला, मध्य में सियेरानिवेदा तथा पश्चिम में तटीय श्रेणी है। इन पर्वत श्रेणियों के बीच में अन्तर पर्वतीय पठार ‘ग्रेट बेसिन’ का विस्तार है।

2. पूर्वी उच्च भूमि-महाद्वीप के पूर्वी भाग में प्राचीन संरचना वाले अपरदित पठार फैले हैं। पूर्वोत्तर में लेब्रेडोर का पठार तथा दक्षिण पूर्व में अप्लेशियन का पठार सम्मिलित है। इनकी ऊँचाई 450 से 2000 मीटर तक है। ये प्राचीन खनिजों के भण्डार हैं। इनमें अनेकों खनिज बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं।

3. मध्यवर्ती निम्न भूमि-पश्चिमी कार्डिलेरा और पूर्वी उच्च भूमि के मध्य निम्न भूमि का विस्तार है। इसका आकार बड़े त्रिभुज जैसा है। इस त्रिभुजाकार मैदान को ‘प्रेयरी का मैदान’ कहा जाता है। इस भाग में विश्व प्रसिद्ध सुपीरियर झील, मिशीगन झील, घुरन झील, इरी झील और ओन्टेरियो झील हैं।

(2) कोणधारी वन तथा उनमें पाये जाने वाले वन्य प्राणियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
टुण्ड्रा के दक्षिण में पूर्व से पश्चिम तक इस सम्पूर्ण चौड़ी पट्टी में नुकीली पत्ती वाले कोणधारी वन पाये जाते हैं। इन वनों के वृक्षों की शाखाएँ नीचे झुकी हुई होने से ऊपरी सिरे का आकार कोण जैसा दिखाई देता है। इस प्रकार के वृक्षों वाले वन को कोणधारी वन कहते हैं। इन वनों में समूर (मुलायम बाल) वाले जीव, जैसे-बीवर, सफेद भालू, लोमड़ी, भेड़िये, खरगोश तथा बारहसिंगा आदि पाये जाते हैं।

(3) उत्तर अमेरिका की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारकों को विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका की जलवायु को मुख्य रूप से निम्नलिखित चार कारक प्रभावित करते हैं –

1. महाद्वीप का अक्षांशीय विस्तार – उत्तर अमेरिका का दक्षिणी भाग उष्ण कटिबन्ध में, मध्य भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में और उत्तरी भाग ध्रुवीय शीत कटिबन्ध में आता है। अतः दक्षिणी भाग अधिक गर्म, मध्य भाग समान रूप से गर्म और ठंडा तथा उत्तरी भाग अत्यधिक ठंडा रहता है।

2. धरातलीय विविधता का प्रभाव – पश्चिम में कार्डिलेरा पछुआ पवनों को रोककर अधिक वर्षा प्राप्त करता है, जबकि पूर्वी ढाल पूर्णतः वृष्टि छाया में आने से बहुत कम वर्षा प्राप्त करता है। जैसे-जैसे हम पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व की ओर के पठारों व पर्वतों की ओर बढ़ते हैं, वर्षा की मात्रा भी बढ़ती जाती है। महाद्वीप के उत्तरी भाग में वर्षा हिमपात के रूप में और कम मात्रा में होती है।

3. स्थाई पवनों का प्रभाव – पश्चिम में कार्डिलेरा और पूर्व में उच्च भूमि, दोनों उत्तर से दक्षिण तक फैली हैं, इन दोनों के बीच विशाल मैदान है। शीतकाल में उत्तर से आने वाली ठंडी ध्रुवीय पवनें तथा ग्रीष्म में दक्षिण से चलने वाली पवनें सम्पूर्ण मैदानी भाग को प्रभावित करती हैं। इसलिए यह शीतकाल में ठंडा व ग्रीष्म में गर्म रहता है।

4. जलधाराओं का प्रभाव – महाद्वीप के दक्षिणी-पूर्वी तट पर गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी पश्चिमी तट पर अलास्का की गर्म धाराएँ बहती हैं। इसके प्रभाव से तटीय भागों का तापमान सदैव ऊँचा रहता है। हवाएँ इनसे गर्म होकर नमी ग्रहण कर वर्षा करती हैं। लेब्रेडोर की ठंडी धारा उत्तर-पूर्वी भाग तथा कैलिफोर्निया की ठंडी धारा दक्षिणी-पश्चिमी भाग के निकट बहती हैं। इससे तटीय क्षेत्रों की जलवायु अधिक ठंडी हो जाती है।

प्रश्न 5.
उत्तर अमेरिका के रेखा मानचित्र में निम्नांकित को दर्शाइएं –

  1. अप्लेशियन पर्वत, रॉकी पर्वत।
  2. मिसीसिपी, सेंट लारेंस, कोलोरेडो नदियाँ।
  3. महान झील क्षेत्र तथा विनिपेग।
  4. मैक्सिको, हडसन और कैलिफोर्निया की खाड़ी।
  5.  प्रेयरी, का मैदान।
  6. एरीजोना मरुस्थल।
  7. लेब्रेडोर का पठार।
  8. गल्फस्ट्रीम, लेब्रेडोर जलधारा।
  9. कर्क रेखा।
  10. पश्चिमी द्वीप समूह, ग्रीनलैण्ड, न्यूफाउण्डलैण्ड।

उत्तर:

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 13 उत्तर अमेरिका का भौगोलिक स्वरूप img 1

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 12 भारत की रक्षा व्यवस्था

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 12 भारत की रक्षा व्यवस्था

MP Board Class 8th Social Science Chapter 12 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) नौ सेना की दक्षिणी कमान का मुख्यालय कहाँ –
(क) मुम्बई
(ख) कोच्चि
(ग) विशाखापट्टनम
(घ) बंगलौर।
उत्तर:
(ख) कोच्चि

(2) थल सेना का मुख्यालय स्थित है –
(क) बंगलौर
(ख) मुम्बई
(ग) विशाखापट्टनम
(घ) नई दिल्ली।
उत्तर:
(घ) नई दिल्ली

(3) तारापुर परमाणु संयन्त्र किस राज्य में स्थित है ?
(क) मध्य प्रदेश
(ख) महाराष्ट्र
(ग) तमिलनाडु
(घ) कर्नाटक
उत्तर:
(ख) महाराष्ट्र।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) वायु सेना का अध्यक्ष ………….. होता है।
(2) विंग कमाण्डर का पद: सेना में होता है।
(3) शान्ति काल में सेना के कार्य करती है।
(4) भारत में परमाणु बम का परीक्षण में किया गया।
उत्तर:

  1. एयर चीफ मार्शल
  2. वायु
  3. समाज, सेवा
  4. 1974, 1998

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) नौ सेना अध्यक्ष के पद (रैंक) का नाम लिखिए।
उत्तर:
नौ सेना अध्यक्ष के पद (रैंक) का नाम ‘एडमिरल’ होता है।

(2) भारतीय सेना के अंगों के नाम बताइए।
उत्तर:
भारतीय सेना के अंग थल सेना, नौसेना व वायुसेना

(3) सन् 2001 में तीनों सेनाओं के संयुक्त कमान की स्थापना कहाँ की गई?
उत्तर:
सन् 2001 में तीनो सेनाओं के संयुक्त कमान की स्थापना अण्डमान निकोबार द्वीप समूह में की गई है।

(4) नेशनल कैडेट कोर की स्थापना क्यों की गई ? .
उत्तर:
विद्यालय के छात्र-छात्राओं में अनुशासन व सैन्य अभिरुचि जगाने हेतु नेशनल कैडेट कोर की स्थापना की गई।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 12 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) भारतीय सेना के प्रमुख अंगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारतीय सेना के प्रमुख तीन अंग निम्नवत् हैं –
1. थल सेना – इस सेना का मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसका सर्वोच्च अधिकारी थल सेना अध्यक्ष होता है जिसका पद जनरलक्के समकक्ष होता है। थल सेना को पाँच क्षेत्रों (कमान) में संगठित किया गया – है-केन्द्रीय, पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी तथा दक्षिणी कमान।

2. नौसेना – नौसेना का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है। इसका सर्वोच्च अधिकारी नौसेना अध्यक्ष (एडमिरल) होता है। नौसेना को पूर्वी नौसेना कमान विशाखापट्टनम, पश्चिमी नौसेना कमान मुम्बई एवं दक्षिणी नौसेना कमान कोच्चि (कोचीन) में संगठित किया गया है।

3. वायुसेना – वायुसेना का मुख्य कार्यालय भी नई दिल्ली में है। इसका सर्वोच्च अधिकारी एयर चीफ मार्शल (रैक) का होता है। इसके छः प्रमुख कमान (क्षेत्र) इस प्रकार हैं-पूर्वी, पश्चिमी, मध्य, दक्षिणी, दक्षिणी-पश्चिमी व प्रशिक्षण।

(2) भारत की जल सीमा का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
भारत एक प्रायद्वीप है। इसकी सीमाएँ तीन दिशाओं से जल को स्पर्श करती हैं। भारत की जल सीमा काफी विस्तृत है। पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी, पश्चिमी दिशा में अरब सागर तथा दक्षिणी में हिन्द महासागर का क्षेत्र स्थित है। अतः विशाल जल सीमा की रक्षा हेतु एक सुगठित व शक्तिशाली नौसेना है।

(3) भारत के प्रमुख प्रक्षेपास्त्रों (मिसाइल) के नाम बताइए।
उत्तर:
अग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल, नाग, आकाश, अस्त्र व ब्रह्मोस आदि भारत के प्रमुख प्रक्षेपास्त्रों (मिसाइलों) के नाम हैं जो रक्षा पंक्ति को मजबूती प्रदान करते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 12 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) शान्तिकाल में रक्षा सेनाओं की भूमिका पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
रक्षा सेना शान्तिकाल में समाज सेवा के अनेक प्रकार के कार्य करती है, जैसे-बाढ़, भूकम्प, अन्य प्राकृतिक प्रकोपों व बड़ी दुर्घटनाओं के समय पर राहत कार्य करना। संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व के विभिन्न देशों में शान्ति स्थापित करने के कार्यों में भी भारतीय सेना ने सहायता की है। हमारी सेनाओं द्वारा कोरिया, गाजा पट्टी, लेबनान, कांगो, यमन आदि स्थानों में किये गये कार्यों की सराहना की गई है। इसके अलावा देश में हो रही विघटनकारी एवं आतंकवादी गतिविधियों का सामना करने में भी सेना का विशेष योगदान रहा है।

(2) वायु सेना के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
किसी भी राष्ट्र की रक्षा व्यवस्था में वायु सेना की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। युद्धकाल में आक्रमणकारी देश के प्रमुख सैनिक ठिकानों पर बमबारी करना एवं उनका यातायात, संचार तन्त्र नष्ट करना वायु सेना का प्रमुख कार्य है। थल सेना को युद्ध भूमि में शस्त्र एवं अन्य युद्ध सामग्री तथा खाद्य सामग्री पहुँचाना भी वायु सेना का कार्य है। वायु सेना नभ से देश की सीमाओं की निगरानी करती है जिसके लिए भारतीय सेना में 1000 से अधिक हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर हैं।

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5

निम्नलिखित की रचना कीजिए –

प्रश्न 1.
एक वर्ग READ जिसमें RE = 5.1 cm है।
हल:
रचना के चरण –

  1. एक सर्वप्रथम एक रेखाखण्ड RE = 5.1 cm बनाया।
  2. रेखाखण्ड RE के R के बिन्दु पर ∠XRE = 90° बनाया।
  3. किरण RX से 5.1 cm लम्बा रेखाखण्ड काट लिया।
  4. D तथा E बिन्दुओं के केन्द्र मानकर और 4 cm त्रिज्या लेकर दो चाप लगाए जो एक-दूसरे को A पर काटते हैं।
  5. DA तथा EA को मिलाया। इस प्रकार प्राप्त आकृति READ अभीष्ट वर्ग है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5 img-1

प्रश्न 2.
एक समचतुर्भुज जिनके विकर्णों की लम्बाई 5.2 cm और 6-4 cm है।
हल:
रचना के चरण –

  1. माना कि विकर्ण AC = 5.2 cm तथा BD = 6.4 cm है।
  2. रेखाखण्ड AC = 5.2 cm बनाया।
  3. AC का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो AC को O बिन्दु पर काटता है।
    MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5 img-2
  4. O बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा \(\frac{BD}{2}\) = \(\frac{6.4}{2}\) cm = 3.2 cm त्रिज्या लेकर दो चाप लगाए जो OX को D पर तथा OY को B पर काटता है।
  5. AD, CD, CB और AB को मिलाया।
  6. प्राप्त आकृति ABCD अभीष्ट समचतुर्भुज है।

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प्रश्न 3.
एक आयत जिसकी आसन्न भुजाओं की लम्बाइयाँ 5 cm और 4 cm हैं।
हल:
रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड PQ = 5 cm बनाया।
  2. P बिन्दु पर ZQPX = 90° बनाया।
  3. बिन्दु K को केन्द्र मानकर तथा 4 cm त्रिज्या लेकर चाप लगाया जो XP सेवा को S पर प्रतिच्छेद करता है।
  4. अब S को केन्द्र मानकर तथा 5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप लगाया।
  5. Q बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 4 cm त्रिज्या लेकर एक चाप लगाया। ये दोनों चाप एक दूसरे को बिन्दु R पर प्रतिच्छेद करते हैं।
  6. SR तथा QR को मिलाया। इस प्रकार प्राप्त आकृति PQRS एक अभीष्ट आयत है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5 img-3

प्रश्न 4.
एक समान्तर चतुर्भुज OKAY जहाँ OK = 5.5 cm और KA = 4.2 cm है। क्या यह अद्वितीय है?
हल:
किसी चतुर्भुज की रचना के लिए पाँच मापों का होना आवश्यक है।

यहाँ समान्तर चतुर्भुज की रचना के लिए दो आसन्न भुजाएँ दी गई हैं। अर्थात् चार भुजाएँ दी गई हैं। सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं। अतः चतुर्भुज की रचना के लिए एक और माप आवश्यक है। यह माप दो आसन्न भुजाओं के बीच का कोण हो सकता है या अद्वितीय चतुर्भुज के लिए यह एक विकर्ण हो सकता है।

अतः दी गई चार मापों से अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज की रचना नहीं हो सकती है।

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 4 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 64

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
क्या एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना के लिए कोई भी पाँच माप (भुजाओं और कोणों की) पर्याप्त हैं?
उत्तर:
हाँ, किसी भी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना के लिए कोई भी पाँच माप पर्याप्त हो सकती हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 4.1) –

प्रश्न 1.
अरशद के पास एक चतुर्भुज ABCD की पाँच माप हैं। ये माप AB = 5 cm, ∠A = 50°, AC = 4 cm, BD = 5 cm और AD = 6 cm हैं। क्या वह इन मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज बना सकता है? अपने उत्तर के कारण दीजिए।
उत्तर:
दी गई मापों से चतुर्भुज ABCD नहीं बन सकता है। कारण निम्न हैं –

  1. विकर्ण AC =4 cm लेने पर ∆ABC की रचना सम्भव है परन्तु ∆ACD की रचना सम्भव नहीं है। अतः चतुर्भुज ABCD नहीं बन सकता है।
  2. विकर्ण BD = 5 cm लेने पर AABD एवं ABCD सम्भव नहीं है। अतः चतुर्भुज ABCD बनना असम्भव है।

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 66

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 4.2) –

प्रश्न 1.
हमने देखा कि एक चतुर्भुज की पाँच मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है। क्या आप सोचते हैं कि चतुर्भुज की किन्हीं पाँच मापों से ऐसी रचना की जा सकती है?
उत्तर:
हाँ, एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना करने के लिए पाँच मापों का होना आवश्यक है। परन्तु इन मापों का अद्वितीय होना भी आवश्यक है। अद्वितीय चतुर्भुज की रचना के लिए निम्न मापों का होना आवश्यक है –

  1. चारों भुजाएँ और एक विकर्ण।
  2. दो विकर्ण और तीन भुजाएँ।
  3. दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोण।
  4. तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोण।
  5. अन्य विशिष्ट गुण।

प्रश्न 2.
क्या आप एक समान्तर चतुर्भुज BATS की रचना कर सकते हैं जिसमें BA = 5 cm, AT = 6 cm और AS = 6.5 cm हो? क्यों?
उत्तर:
हाँ, इन मापों से समान्तर चतुर्भुज BATS की रचना की जा सकती है। इन मापों से ∆BAS और ∆SAT की रचना करके समान्तर चतुर्भुज BATS की रचना की जा सकती है।

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प्रश्न 3.
क्या आप एक समचतुर्भुज (Rhombus) ZEAL की रचना कर सकते हैं जिसमें ZE = 3.5 cm विकर्ण EL= 5 cm है ? क्यों ?
उत्तर:
हाँ, दी गई मापों से सम-चतुर्भुज ZEAL की रचना कर सकते हैं। समचतुर्भुज की रचना ∆ZEL तथा ∆LEA की रचना करके की जा सकती है।

प्रश्न 4.
एक विद्यार्थी चतुर्भुज PLAY की रचना करने का प्रयास करता है जिसमें PL = 3 cm, LA = 4 cm, AY = 4.5 cm, PY = 2 cm और LY = 6 cm है, परन्तु वह इसकी रचना नहीं कर सका। कारण बताइए।
हल:
चतुर्भुज PLAY की रचना करने के लिए इसे दो त्रिभुजों ∆PLY तथा ∆LAY में विभाजित किया। दी हुई मापों से ∆LAY की रचना की। ∆PLY की रचना दी गई मापों से असम्भव है, क्योंकि PL + PY < LY अर्थात् 3 + 2 < 6 अतः ∆PLY की रचना सम्भव नहीं है। अत: चतुर्भुज PLAY को दो त्रिभुजों में विभाजित नहीं किया जा सकता। इसलिए चतुर्भुज PLAY की रचना नहीं की जा सकती है।
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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 2 ब्रिटिश प्रशासन, नीतियाँ और प्रभाव

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 2 ब्रिटिश प्रशासन, नीतियाँ और प्रभाव

MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) ब्रिटिश संसद ने रेग्यूलेटिंग एक्ट कब पारित किया था?
(क) 1750 ई.
(ख) 1773 ई.
(ग) 1857 ई.
(घ) 1940 ई.
उत्तर:
(ख) 1773 ई.

(2) एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना कब हुई थी ?
(क) 1784 ई. में
(ख) 1790 ई. में
(ग) 1801 ई. में
(घ) 1901 ई. में
उत्तर:
(क) 1784 ई.

(3) सन् 1793 ई. में स्थाई बन्दोबस्त व्यवस्था किसके द्वारा लागू की गई थी?
(क) विलियम पिट के द्वारा
(ख) राबर्ट क्लाइव के द्वारा
(ग) वारेन हेस्टिंग्ज के द्वारा
(घ) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा
उत्तर:
(घ) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा

(4) सन् 1813 ई. में कौन-सा एक्ट पारित किया गया ?
(क) चार्टर एक्ट
(ख) पिट इण्डिया एक्ट
(ग) रेग्यूलेटिंग एक्ट
(घ) सिविल सर्विस एक्ट
उत्तर:
(क) चार्टर एक्ट

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) क्लाइव ने निजामत का कार्य ……………. पर छोड़ दिया था।
(2) सन् 1772 ई. में …………… बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया था।
(3) भारत में सिविल सर्विस की स्थापना …………….. ने की थी।
(4) रैयतवाड़ी व्यवस्था सर्वप्रथम ……………… और बम्बई (मुम्बई) में शुरू की गई।
(5) आधुनिक डाकतार (संचार) व्यवस्था को ………………. ने शुरू किया था।
उत्तर:

  1. बंगाल के नवाब
  2. वारेन हेस्टिंग्ज को
  3. लॉर्ड कार्नवालिस
  4. चेन्नई
  5. डलहौजी।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) भूमिकर वसूल करने के लिए कम्पनी द्वारा किसे नियुक्त किया गया था ?
उत्तर:
भूमिकर वसूल करने के लिए कम्पनी द्वारा जमींदारों को नियुक्त किया गया था।

(2) कॉर्नवालिस द्वारा किये गये सुधारों को किस पुस्तक में संग्रहीत किया गया है ?
उत्तर:
कॉर्नवालिस द्वारा किये गये सुधारों को कॉर्नवालिस संहिता’ नामक पुस्तक में संग्रहीत किया गया है।

(3) किसान का भूमि पर अधिकार किस व्यवस्था के अन्तर्गत समाप्त कर दिया गया था ?
उत्तर:
महालवाड़ी व्यवस्था के अन्तर्गत किसान का भूमि पर से अधिकार समाप्त कर दिया गया था।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) दोहरी शासन व्यवस्था का बंगाल की जनता पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
बंगाल के नवाब के पास शासन का सम्पूर्ण दायित्व था, परन्तु उसके पास न तो शक्ति थी और न ही धन था। कम्पनी के पास सेना और कोष दोनों थे, किन्तु शासन और सुरक्षा के प्रति उसकी जिम्मेदारी नहीं थी। परिणामस्वरूप बंगाल की दोहरी शासन व्यवस्था ने बंगाल की जनता को अपार कष्टों में डाल दिया।

(2) रेग्यूलेटिंग एक्ट के प्रमुख उद्देश्य क्या थे?
उत्तर:
कम्पनी की गतिविधियों पर नियन्त्रण रखने के लिए ब्रिटिश संसद ने सन् 1773 ई. में रेग्यूलेटिंग एक्ट पारित किया।
इस एक्ट के दो प्रमुख उद्देश्य थे –

  • कम्पनी के संगठन के दोषों को दूर करना, और
  • भारत में कम्पनी के शासन के दोषों का निराकरण करना।

(3) पिट इण्डिया एक्ट की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:
इस एक्ट ने कम्पनी के मामलों और भारत में उसके प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार को अधिकाधिक नियन्त्रण का अधिकार दे दिया था। इस एक्ट की विशेष बात यह थी कि इसके द्वारा भारत में कम्पनी के आक्रामक युद्धों को नियन्त्रित कर दिया तथा गवर्नर जनरल एक शासक की भूमिका में आ गया था। इस एक्ट में कहा गया कि भारत में साम्राज्य का विस्तार इस राष्ट्र की इच्छा, सम्मान तथा नीति के विरुद्ध है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों का भारतीय उद्योगों पर क्या प्रभाव पड़ा ? समझाइए।
उत्तर:
भारतमें कम्पनीकीआर्थिकनीतियों के कारणव्यापारवाणिज्य, उद्योग-धन्धों तथा भू-राजस्व प्रणाली और कृषि व्यवस्था में अनेक बदलाव आये थे। अंग्रेजों ने अपने हितों में जो नीतियाँ अपनाई थीं, उनसे भारतीय अर्थव्यवस्था का परम्परागत ढाँचा चरमरा गया। भारतीय कृषि, उद्योग तथा व्यापार पर ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों का अत्यन्त बुरा प्रभाव पड़ा।

(2) स्थाई बंदोबस्त से क्या तात्पर्य है ? उसके क्या दुष्परिणाम हुए ?
उत्तर:
इस व्यवस्था में जींदारों को भू-स्वामी मान लिया गया। भूमि पर उनका वंशानुगत अधिकार हो गया था। चेन्नई और मुम्बई क्षेत्र में रैयतवाड़ी व्यवस्था लागू की गई। इसमें भूमि जोतने वाले को भू – स्वामी माना गया। इनसे कम्पनी सीधे कर लेती थी। लगान न देने पर किसानों का भूमि पर से अधिकार समाप्त कर दिया जाता था। इस व्यवस्था से कृषि का उत्पादन बहुत घट गया, किसानों पर अत्याचार बढ़ गए, किन्तु सरकारी राजस्व में भारी वृद्धि हुई। इसके चलते कुटीर उद्योग, दस्तकार और शिल्पकार पतन के गर्त में चले गये।

(3) 18वीं सदी में भारतीय समाज में कौन-कौन सी कुरीतियाँ व्याप्त थीं एवं सरकार द्वारा उनके सुधार हेतु क्या प्रयास किए गए ?
उत्तर:
18वीं सदी में भारतीय समाज में कन्यावध की कुप्रथा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित थी। कन्या को जन्म लेते ही मार दिया जाता था। इन कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने अनेक कानूनों का निर्माण किया। भारतीय समाज में स्त्रियों की स्थिति भी दयनीय थी। पर्दा प्रथा, बाल विवाह, सती प्रथा, स्त्री अशिक्षा आदि के कारण स्त्रियों की स्थिति शोचनीय होती गई। सरकार ने सन् 1829 ई. के एक कानून द्वारा सती प्रथा पर रोक लगाई समाज में दास प्रथा के रूप में एक अन्य कुरीति पनप रही थी। गरीबी के कारण लोग अपने बच्चों को बेचने पर विवश थे। सरकार ने सन् 1843 ई. में कानून बनाकर दास प्रथा पर रोक लगाई

(4) ब्रिटिश प्रशासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए गए और उसके क्या परिणाम हुए ?
उत्तर:
ब्रिटिश प्रशासन द्वारा आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने स्तर पर शुरूआत की गई। कुछ भारतीयों ने इस प्रयास में उनका सहयोग भी किया। सन् 1781 ई. में कलकत्ता मदरसा की स्थापना की गई। इसमें अरबी और फारसी की शिक्षा दी जाती थी। इसी क्रम में सन् 1784 ई. में सर विलियम जोंस ने एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना की। इसके माध्यम से प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण प्रयास किए गए। सन् 1791 ई. में वाराणसी में हिन्दू विधि (कानून) और दर्शन के लिए संस्कृत कॉलेज की स्थापना की गई।

इसी तरह सन् 1800 ई. में कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की गई। सरकार द्वारा खोले गए कुछ स्कूलों में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया। धीरे-धीरे शिक्षा का प्रसार भारत में बढ़ता गया। अंग्रेजी के सम्पर्क में आने से भारतीय आधुनिक शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, स्वतन्त्रता, समानता, जनतन्त्र, राष्ट्रीयता, विशिष्ट क्रान्तियाँ और आधुनिक विचारों के सम्पर्क में आने से उनमें जागृति पैदा हुई।

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MP Board Class 8th General Hindi निबन्ध लेखन

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विज्ञान के चमत्कार

प्रस्तावना-अनेक वर्षों से विज्ञान निरंतर उन्नति कर रहा है। विज्ञान का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। रामायण काल में भी पुष्पक विमान, अग्नि बाण, ब्रह्मास्त्र आदि ऐसे साधन थे; जिनके मुकाबले अभी भी विज्ञान पीछे है। वैसे 19वीं एवं 20वीं सदी में विज्ञान में नवीन आविष्कार हुए और आज हम विज्ञान से इतने संबद्ध हो चुके हैं कि इसके बिना हमारा जीवन ही अधूरा रह जाएगा।

आधुनिक युग का विज्ञान-आधुनिक युग के विज्ञान को देखा जाए, तो इसे हम आविष्कारों के युग की संज्ञा दे सकते हैं। सुई से हवाई जहाज़ तक के निर्माण में हमें विज्ञान की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। विज्ञान ने मानव में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। भाप, बिजली एवं अणु शक्ति को वश में करने वाला मानव आज वैभव की चरम सीमा पर आरूढ़ है। तेज़ गति से चलने वाले वाहन, समुद्री जहाज़ एवं आकाश में वायुवेग से चलने वाले हवाई जहाज़, चंद्रलोक की यात्रा करने वाला रॉकेट आदि कुछ ऐसे उदाहरण हैं, जिन्होंने प्रकृति पर मानव की विजय का उज्जवल दृष्टांत प्रस्तुत किया है।

संचार साधनों में वृद्धि-विज्ञान ने हमारे जीवन में तार, टेलीफोन, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा और ग्रामोफोन आदि ने हमारे जीवन में अनेक सुविधाएँ प्रदान की हैं। इन सुविधाओं की कल्पना हमारे पूर्वजों के लिए कठिन थी।

विज्ञान वरदान के रूप में-हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। इसी प्रकार विज्ञान के भी दो पहलू हैं। यदि हम विज्ञान के लाभकारी परिणामों पर दृष्टिपात करें, तो हम पायेंगे कि यह हमारे लिए ईश्वरीय वरदान है। प्रारंभ में मनुष्यों का अधिकांश समय उदर पूर्ति हेतु ही व्यतीत हो जाता था, परंतु आज के वैज्ञानिक युग में व्यक्ति के पास इतने अधिक काम और समय की कमी रहती है कि वह अपना काम बिना विज्ञान की सहायता के कर भी नहीं सकता। बड़ी-बड़ी मशीनों की सहायता से दिन भर का काम घंटों में निपटा लिया जाता है। मशीनीकरण से कीमती समय की बचत हो जाती है तथा कम समय में अधिक उत्पादन कर हम अपना एवं अपने देश का आर्थिक विकास संभव बनाते हैं। अतः हम कह सकते हैं कि विज्ञान मनुष्य को ईश्वरीय वरदान के रूप में प्राप्त है। इसमें किंचित् मात्रा भी संदेह भी नहीं कि विज्ञान हमारे जीवन का एक अमूल्य अंश है।

विज्ञान अभिशाप के रूप में-जिस प्रकार घोड़े की लगाम पकड़ कर हम घोड़े को सही मार्ग पर चलने को विवश करते हैं, उसी प्रकार विज्ञान भी हमारे हाथ की कठपुतली है। इसका उपयोग यदि निर्माण कार्यों में किया जाए, तो हमारे लिए वरदान है। वहीं यदि इसका प्रयोग अनुचित साधन के रूप में किया जाए, तो यह सर्वनाश का प्रबल प्रतीक बन सकती है, जैसे हिरोशिमा व नागासाकी का भयंकर विस्फोट विज्ञान के अभिशाप का एक सशक्त उदाहरण है।

प्रथम एवं द्वितीय विश्व-युद्ध के मध्य जन-धन का जितना विनाश विज्ञान के द्वारा हुआ, उतना विकास हम जीवनपर्यंत नहीं कर सकते। 40 साल बाद भी वहाँ इसका कुपरिणाम दिखाई दे जाता है। छोटा-सा उदाहरण बिजली को ही लें। वही बिजली बल्ब में जलकर घर के अंधकार को दूर करती है, तो असावधानीवश बिजली के करेंट द्वारा व्यक्ति मृत्यु के मुख में जाकर कुल के दीपक को बुझा कर विज्ञान के दुष्परिणामों को उजागर करता है।

उपसंहार-विज्ञान हमारे लिए वरदान भी है, और अभिशाप भी। हमें चाहिए कि विज्ञान का उपयोग विध्वंसात्मक रूप से न करके रचनात्मक रूप से करें। मानव विज्ञान का स्वामी है अतः उस पर अंकुश लगाए रहें, ताकि विज्ञान द्वारा होने वाले सर्वनाश से बचा जा सके। अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि मनुष्य विज्ञान का उपयोग विध्वंसात्मक रूप से न कर सृजनात्मक रूप से करे, जिससे आसानी से इक्कीसवीं शताब्दी में पदार्पण करें।
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धार्मिक त्योहार : दीपावली

प्रस्तावना-भारतीय त्योहारों में दशहरा, दीपावली, रक्षाबंधन, होली, विजयादशमी आदि का महत्त्वपूर्ण स्थान है। इसमें दीपावली अपने ढंग का एक अनोखा त्योहार है। इस दिन लोग अपनी प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए दीपकों द्वारा सारे संसार को प्रकाशित करते हैं। इसीलिए इस त्योहार का नाम दीपावली पड़ा।

ऐतिहासिक महत्त्व-इस त्योहार के साथ अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक गाथायें जुड़ी हुई हैं। ऐसी जनश्रुति है कि भगवान् श्रीराम, रावण पर विजय प्राप्त करने के पश्चात् इसी दिन अयोध्या वापस आए थे। अयोध्यावासियों ने उनका दीपों द्वारा स्वागत किया था। कुछ पौराणिक गाथाओं के अनुसार भगवान विष्णु ने इसी दिन नरकासुर का वध कर खुशियाँ मनाई थीं। दीपावली के मनाने का सामाजिक कारण भी है। वैदिककाल में जब फसल काटकर धान्य घर पर आ जाता था, तो किसान इसे बड़े प्रेम से अपने इष्ट देव को अर्पित करता था, यज्ञ होते थे तथा रात्रि में दीपों के प्रकाश से सारा वातावरण प्रकाशमय हो जाता था। वैज्ञानिक दृष्टि से भी इसका महत्त्व है। बरसात में गंदे पानी के कारण हानिकर कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं। दीपों को जलाकर उन्हें भस्म कर दिया जाता है।

पूर्व तैयारी-दीपावली से कई दिन पूर्व तैयारी आरंभ हो जाती है। लोग अपने घरों की लिपाई-पुताई करवाते हैं एवं घरों को रंगीन चित्रों द्वारा सजाते हैं। पुताई से मच्छर, मक्खी एवं अन्य हानिकारक जीव नष्ट हो जाते हैं और कई तरह की बीमारियाँ होने से लोग बचे रहते हैं। कच्चे मकानों की मरम्मत भी इसी समय की जाती है तथा सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।

पंच दिवसीय कार्यक्रम-यह त्योहार पाँच दिनों का होता है। इस त्योहार का आरंभ कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से होता है। यह दिन धन तेरस के नाम से मनाया जाता है। लोग नये बर्तन एवं वस्त्र आदि का क्रय करते हैं। दूसरे दिन नरक चतुर्दशी का आयोजन होता है। तीसरे दिन दीपावली का मुख्य आयोजन होता है। लोग शाम के समय लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती आदि का पूजन कर दीपकों द्वारा घरों को प्रकाशित करते हैं। चौथे दिन गोवर्धन पूजा एवं पाँचवें दिन भाई दूज या यम द्वितीया के साथ इस त्योहार का समापन होता है।

दीपावली का पूजन-कार्तिक मास की अमावस्या को व्यापारी अपने बहीखातों का पूजन करते हैं तथा इष्ट मित्रों सहित लक्ष्मी जी का पूजन कर प्रसाद वितरण करते हैं। लक्ष्मी पूजन के उपरांत रात्रि में चारों ओर दीपकों का प्रकाश जगमगा उठता है। नगरों में दियों के स्थान पर मोमबत्तियों एवं बिजली की झालरों द्वारा प्रकाश किया जाता है। आतिशबाजी एवं पटाखों की ध्वनि से सारा आकाश गूंज उठता है। बालक-बालिकाएँ उमंग के साथ नया वस्त्र धारण कर प्रसाद वितरण एवं मिठाइयों का वितरण करते हैं। कुछ लोग रात में जुआ भी खेलते हैं, परंतु यह बुरी बात है। जुआ का दुष्परिणाम हम महाभारत में स्पष्ट रूप से देख चुके हैं, अतः इस आयोजन से हमें बचना चाहिए। बच्चों को खील, मिठाई, आतिशबाजी आदि की प्रसन्नता प्रदान करते हैं। इस दिन चारों ओर एक अनोखी छटा रहती है। चलह-पहल एवं प्रकाश से सारा वातावरण आनान्दित रहता है।

लाभ-हानि-इस त्योहार से जहाँ हमें लाभ होते हैं, वहीं नुकसान भी होते हैं। आतिशबाजी में जलकर लोग प्राण तक गंवा बैठते हैं, एवं जुए में कई घर बरबाद हो जाते हैं।

उपसंहार-यह हमारा धार्मिक त्योहार है। इसे उचित रूप से मनाया जाना चाहिए। इस दिन हमें शुभ मार्ग पर चलने की शपथ लेनी चाहिए। बुरे मार्ग पर चलने से अपने को बचाना चाहिए। आतिशबाजी आदि पर अधिक पैसा व्यय नहीं करना चाहिए।

महापुरुषों की जीवनी : महात्मा गांधी

प्रस्तावना-महात्मा गांधी हमारे देश के महान् नेताओं में अपना प्रमुख स्थान रखते हैं। सारा राष्ट्र उन्हें ‘राष्ट्रपिता’ और ‘बापू’ के नाम से जानता है। आपका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। आपने अहिंसा और सत्याग्रह के बल पर भारत को स्वतंत्र कराने का बीड़ा उठाया था। विश्व इतिहास में आपका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाता रहेगा।

जन्म-महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1869 में गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान में हुआ था। आप के. पिता का नाम करमचंद था और वे राजकोट के राजा के दीवान थे। आपकी माता का नाम पुतलीबाई था। आपकी माता धार्मिक एवं सती साध्वी महिला थीं। उनकी शिक्षाओं का प्रभाव महात्मा गाँधी पर आजीवन रहा।

शिक्षा-दीक्षा-महात्मा गाँधी की प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में हुई। मैट्रिक तक का अध्ययन आपने स्थानीय विद्यालयों में ही किया। तेरह वर्ष की अवस्था में आपका विवाह सुयोग्य कस्तूरबा के साथ हुआ। तदनंतर आप कानूनी शिक्षा प्राप्त करने के लिए विलायत गए। वहाँ से बैरिस्टरी की परीक्षा पास कर आप स्वदेश वापस आ गए। आपने अपना वकालत का पेशा बंबई नगर में आरंभ किया। कुछ विशेष मुकद्दमों के मामले में आपको पैरवी करने के लिए दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका में हो रहे भारतीयों पर अत्याचार को देखकर गाँधी जी का मन परिवर्तित हो गया और वे वकालत का धंधा छोड़कर राष्ट्रीय सेवा में संलग्न हो गए।

आंदोलनों का आरंभ-सन 1915 में जब महात्मा गाँधी आफ्रीका से भारत आए, तो यहाँ अंग्रेजों का दमन-चक्र अपनी चरम स्थिति पर था। रोलट एक्ट जैसा काला कानून भारत में संरक्षण पा रहा था। सन् 1919 में घटित जलियांवाला बांग हत्याकाण्ड से सारा देश क्षुब्ध था। इन सारी परिस्थितियों का अवलोकन कर महात्मा गाँधी के हृदय में शांत किंतु क्रांतिकारी परिवर्तन आया। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन की बागडोर अपने हाथों में ले ली तथा इतिहास में एक नए युग का आरंभ हुआ।

गांधी युग का आरंभ-सन् 1920 में महात्मा गाँधी ने अंग्रेजों के विरुद्ध असहयोग आंदोलन आरंभ किया। भारतीय जनता ने इनका अपूर्व सहयोग दिया और लाखों लोग विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार में कूद पड़े। अंग्रेज़ों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों ने सरकारी कार्यालयों की होली जलाई। शासकीय संस्थाओं में पढ़ने वाले छात्र इस आंदोलन में कूद पड़े। परिणामस्वरूप भारतीय स्वतंत्रता के प्रति एक नए वातावरण का निर्माण हुआ।

सन् 1928 में ‘साइमन कमीशन’ भारत आया। गाँधी जी ने इस कमीशन का भी बहिष्कार किया। इस आंदोलन में भी उन्हें जनता का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने इस बीच देश को उचित नेतृत्व प्रदान किया।

सन् 1930 में महात्मा गाँधी ने नमक-कर के विरोध में नामक आंदोलन का संचालन किया। उनके साथ असंख्य भारतीय दाण्डी पहुँचे और वहाँ नमक बनाकर कानून को तोड़ा।

भारत छोड़ो आंदोलन का श्री गणेश-द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के साथ ही 1942 में गाँधी जी ने भारत छोड़ो आंदोलन का श्री गणेश कर दिया। महात्मा गांधी के अनुसार यह उनकी अन्तिम लड़ाई थी। इस आन्दोलन में गाँधी जी तथा अनेक भारतीय गाँधी नेता और असंख्य आंदोलनकारी देश की विभिन्न जेलों में गिरफ्तार हुए। अंत में अंग्रेजों को इस आंदोलन के सम्मुख झुकना पड़ा एवं 15 अगस्त, 1947 को भारत पूर्ण रूप से आजाद हो गया।

अंतिम यात्रा-बापू के पूजा करने हेतु जाते समय नाथूराम गोडसे नामक एक युवक ने 30 जनवरी, 1948 को उन्हें गोली मार दी, जिसके कारण बापू ‘हे राम!’ कहकर चिर निद्रा में लीन हो गए। भारत में सर्वत्र शोक की लहर व्याप्त हो गयी। एक युग का सूर्य क्षण भर में अस्त हो गया। बापू मरकर भी अपने यशस्वी शरीर से अमर हो गए।

उपसंहार-बापू का नाम भारतीयों में तब तक आदर के साथ लिया जाता रहेगा, जब तक एक-एक भारतवासी के हृदय में देश-प्रेम है। उनका नाम भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। हम बापू के कार्यों का स्मरण कर धन्य हो जाते है।
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विद्यार्थी जीवन और अनुशासन

प्रस्तावना-अनुशासन देश का आधार स्तंभ है और विद्यार्थी के लिए इसकी अत्यंत आवश्यकता होती है। अनुशासन शब्द अनु और शासन शब्दों से मिलकर बना है। अनु का अर्थ पीछे चलना एवं शासन से तात्पर्य आज्ञा पालन अर्थात् किसी आदेश के अनुसार चलना ही अनुशासन है। जब तक बालक घर की चारदीवारी में रहता है, तब तक वह माँ-बाप के अनुशासन में रहता है।

अनुशासन का महत्त्व-बालक जो कुछ अपनी छात्रावस्था में गुण ग्रहण करता है और क्षमता प्राप्त करता है, वह उसकी सम्पत्ति बन जाती है। इस सम्पत्ति का लाभ वह जीवन पर्यंत उठाता रहता है। विद्यार्थी का जीवन समाज एवं देश की अमूल्य निधि होता है। समाज एवं देश की उन्नति मात्र विद्यार्थियों पर ही निर्भर है। यही आगे चलकर देश के कर्णधार बनते हैं।

अनुशासन को हम सफलता के मार्ग का सोपान मान सकते हैं। अनुशासन जीवन को उन्नत बनाने का मूल मंत्र है। अनुशासन से बालकों को अपने माता-पिता, गुरु एवं बड़े, लोगों का स्नेह प्राप्त होता है। स्नेह बालक के जीवन के भावी विकास में सहायक सिद्ध होता है। यह स्नेह जिस बालक को जितना प्राप्त होता है, उसका उतना ही चारित्रिक विकास संभव होता है। अनुशासन से बालक के विकास के स्मस्त मार्ग खुल जाते हैं। विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का तात्पर्य है-‘विद्यार्थी का अपने से बड़ों की आज्ञा का पालन’। बालक को बड़ों की आज्ञा के विपरीत कोई काम नहीं करता चाहिए। क्योंकि माता-पिता, गुरु एवं परिजन ही उसके वास्तविक शुभचिंतक होते हैं; ये उसे कभी बुरे मार्ग पर जाने की सलाह नहीं देंगे। विद्यार्थी के अनुशासन का तात्पर्य यह भी है कि उसे समय से उठना, समय से सोना, खेलना, पढ़ना, पाठशाला जाना, गृह-कार्य करना, घर के काम आना आदि समयबद्ध तरीके से करना चाहिए। अर्थात् जीवन में उसे समय की कीमत का ध्यान करना चाहिए।

जो विद्यार्थी अपने अध्यापकों की आज्ञा का पालन कर समय से पढ़ते-लिखते और खेलते हैं, वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण होते हैं और उनका भविष्य सुखद एवं उज्जवल बनता है।

अनुशासन के प्रकार-अनुशासन को हम दो वर्गों में विभक्त कर सकते हैं। प्रथम आंतरिक अनुशासन एवं द्वितीय बाह्य अनुशासन। आन्तरिक अनुशासन में विद्यार्थी अपने शरीर, मन एवं बुद्धि पर पूर्ण नियन्त्रण रखता है, जबकि बाह्य अनुशासन भय या लोभ वश किया जाता है। आत्म-अनुशासित व्यक्ति ही अपने जीवन में महान् बन सकता है। दुनिया में जितने भी महान् व्यक्तित्व हुए हैं, आत्म-अनुशासित ही थे। जबकि बाह्य अनुशासन बालकों को डरपोक एवं रिश्वतखोर बनाता है। यह हमारे जीवन के लिए हानिकर हो सकता है।

अनुशासनहीनता के दुष्परिवास-आजकल के विद्यार्थियों में अनुशासन का अभाव है। वे अपने माता-पिता एवं गुरुओं की आज्ञा का कम ही पालन करते हैं। स्कूल, कॉलेजों में हड़ताल, आंदोलन, परीक्षा में नकल आदि की गंदी प्रवृत्तियाँ उनमें पनपने लगती हैं। ये उनके लिए घातक है। विद्यार्थियों को इन बुराइयों से बचना चाहिए, क्योंकि इनसे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। जिससे समाज में बेकारी एवं अव्यवस्था फैल जाती है।

उपसंहार-विद्यार्थी के जीवन के पूर्ण विकास के लिए अनुशासन का विशेष महत्त्व है। अनुशासित व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपना मानसिक संतुलन बनाए रखता है। सभी लोग अनुशासन प्रिय व्यक्ति पर विश्वास करते हैं। दायित्व का कार्य करने में ऐसे व्यक्ति पूर्ण सक्षम होते हैं। अनुशासन से हमारा जीवन सुंदर बनता है। सुंदर जीवन सभी सुखों का आधार होता है तथा सुखी जीवन स्वस्थ मानसिकता का निर्माण करता है। अतः विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का विशेष महत्त्व है।

स्वतंत्रता दिवस : 15 अगस्त

प्रस्तावना-15 अगस्त, 1947 का दिन हम भारतवासियों के लिए एक अविस्मरणीय दिन रहेगा। इस दिन को इतिहास कभी भुला नहीं सकता। सदियों की गुलामी के बाद आज ही के दिन हम भारवासी आजाद हुए थे। सब ने शांति एवं सुख का अनुभव किया था। इस दिन का प्रभाव कुछ अद्भुत यादें संजोए हुए आया था। लोग जब सोए तो परतंत्र थे; परंतु जब प्रातः उनकी आँख खुली, तो वे पूर्ण स्वतंत्र नागरिक थे। यह हमारे लिए एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय त्योहार है।

अनेक बलिदान-भारत सदियों तक अंग्रेजों का गुलाम रहा। आजादी प्राप्ति के लिए अनेक लोगों को अपनी कुर्बानी देनी पडी। अनेक वीरों की गाथाएँ इस आजादी के साथ जड़ी हुई हैं। देश की आजादी के लिए लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने हमें नारा दिया ‘स्वाधीनता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और इसे लेकर ही रहेंगे, इस हेतु उन्होंने महाराष्ट्र में गणेशोत्सव एवं शिवाजी उत्सव का आयोजन किया, जिसकी आड़ में लोगों में स्वतंत्रता में चिनगारी फॅकी। लाला लाजपत राय ने लाठियों के वार सहकार भी अपना आंदोलन बंद न किया। उनका कहना था कि “मेरी पीठ पर पड़ा एक-एक लाठी का प्रहार अंग्रेजों के कफन में कील का काम करेगा।” वास्तव में हुआ भी ऐसा ही। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने क्रांतिकारी नारा दिया ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।’ उनका कहना था कि बिना आत्म-बलिदान के आजादी प्राप्त करना असंभव है।

स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गाँधी का योगदान-महात्मा गाँधी का राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक विशेष महत्त्व था। वे अहिंसा एवं सत्याग्रह पर विश्वास करते रहे। वे सन् 1928 से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में कूदे और अंत तक अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन करते रहे। इन्होंने अहिंसा को अपना सबसे बड़ा अस्त्र बनाया। इन्होंने देश के लोगों को अहिंसा के बल पर आज़ादी प्राप्ति हेतु प्रेरित किया। महात्मा गाँधी के सत्य, अहिंसा एवं त्याग सम्मुख अंग्रेजों को नत मस्तक होना पड़ा। फलस्वरूप 15 अगस्त, 1947 को देश आजाद हुआ। नेहरू परिवार का योगदान भी आजादी के लिए अविस्मरणीय रहेगा। पं. मोतीलाल नेहरू, पं. जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गाँधी आदि ने आज़ादी पाने के लिए अनेक प्रयत्न किए। इन्हें कई बार जेल यात्राएं भी करनी पड़ीं एवं न जाने कितनी यातनाओं का सामना करना पड़ा। पं. जवाहरलाल नेहरू ने सन 1929 में लाहौर में रावी नदी के तट पर भारत को पूर्ण स्वतंत्र कराने की पहली ऐतिहासिक घोषणा की। इन्होंने निरंतर अठारह वर्ष तक अंग्रेजों के साथ संघर्ष किया। अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा और हम आजाद हुए।

विविध आयोजन-यह उत्सव भारत के प्रत्येक ग्राम, नगर एवं शहर में बड़े धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। शालाओं में आज के दिन विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रगीत गाया जाता है एवं सारा वातावरण उल्लासमय रहता है। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी अपना राष्ट्रीय पर्व सोल्लास मानते हैं। दिल्ली के लाल किले एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर तिरंगा झंडा लहराया जाता है एवं विभिन्न शालाओं में प्रभात फेरियों का आयोजन किया जाता है।

उपसंहार-15 अगस्त के दिन हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि देश की अखंडता, एकता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर भारतवासी समान रूप से समर्थ है। यह त्योहार हमें देश-भक्ति की प्रेरणा देता है। तथा अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सफलता की प्रेरणा प्रदान करता है। यह हमारे लिए एक महान् राष्ट्रीय पर्व है।
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किसी खेल का वर्णन
(मेरी शाला का हॉकी मैच)

खेल विद्यार्थियों के लिए स्फूर्तिदायक टॉनिक का कार्य करते हैं। अतः स्कूलों में विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन होता रहता है। इनमें प्रमुख हैं-हॉकी, फुटबॉल वालीबॉल, कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट आदि। मेरे विद्यालय में एक हॉकी टीम भी है। एक दिन मेरे स्कूल एवं आदर्श बुनियादी शाला में हॉकी मैच खेलने का निर्णय लिया गया। दोनों ही टीमें अपने-अपने क्षेत्र में एक से बढ़कर एक थीं। यह फाइनल मैच था अतः सभी खेल प्रेमियों की दृष्टि इसी खेल पर अड़ी थी। आखिर वह शुभ घड़ी आ ही गयी, जब दोनों टीमें आमने-सामने आकर अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार थीं। .. मैच का आयोजन स्टेडियम ग्राउंड में किया गया। लोग पहले से ही आकर वहाँ काफी संख्या में बैठ चुके थे। हमारे स्कूल के छात्र भी जुलूस के रूप में स्टेडियम ग्राउंड पहुंचे। हम लोगों में उत्साह का अपार सागर हिलोरें ले रहा था।

दोनों टीमें आमने-सामने आयीं। निश्चित समय पर खेल आरंभ हुआ। सीटी बजते ही टीम के बालकों में उत्साह का संचार हो गया। शालेय छात्रों ने भी हाथ हिलाकर अपने-अपने दल वालों का हौसला बुलंद किया। खेल आरंभ हुआ। खिलाड़ी गेंद के पीछे-पीछे भागने लगे और दर्शकों की आँखें साथ-ही-साथ दौड़ने लगीं। खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी उत्तम था। इनकी कार्य कुशलता पर लोगों के मुँह से स्वतः ही ‘वाह-वाह’ की ध्वनि निकल जाती थी। तालियों की गड़गड़ाहट से सारा आकाश बीच-बीच में निनादित हो जाया करता था। खेल बड़े उत्तम तरीके से चल रहा था। दोनों टीमें अपने लिए अवसर खोज रही थीं। परंतु यह काम इतना आसान न था। खेल का लगभग आधा समय समाप्त हो गया परंतु किसी भी टीम को अभी तक कोई सफलता प्राप्त न हो सकी। निर्णायक महोदय ने सीटी बजाई और दोनों टीमों ने खेल बंद कर दिया। आराम करने के लिए अवकाश हो गया। प्राचार्य महोदय ने खिलाड़ियों को फल आदि खिलाकर आवश्यक नियमों से उन्हें अवगत कराया।

अवकाश का समय समाप्त हुआ। पुनः निर्णायक की सीटी सुनाई दी और खिलाड़ी दूने उत्साह में भर कर मैदान की ओर लपके। इस बार खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया। – ऐसा लगता था जैसे खिलाड़ी गेंद के साथ उड़े जा रहे हों। दर्शकों का उत्साह भी दुगुना हो रहा था। बच्चे बीच-बीच में शोरगल भी मचा रहे थे, परंतु इससे खेल में कोई व्यावधान नहीं पड़ रहा था।

खेल समाप्त होने में कुछ ही देर थी, परंतु अभी किसी भी टीम को कोई सफलता प्राप्त न हो सकी थी। हमारी शाला के विद्यार्थियों ने आक्रामक रुख अपनाया और उन्हें एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला। बस क्या था, टीम के कप्तान ने रेखा पर गेंद रख कर इस प्रकार कुशल प्रहार किया कि गेंद गोल पोस्ट के भीतर हो गयी। सारा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट एवं बच्चों के शोरगुल से गूंज उठा। प्रतिद्वंद्वी टीम के हौसले पस्त हो गए। इसी बीच एक और पेनाल्टी कॉर्नर मिला और अगले ही हिट में गेंद पुनः गोल पोस्ट में प्रविष्ट हो गयी। पुनः तालियों की गड़गड़ाहट से सारा आकाश गूंज उठा। अगले ही क्षण सीटी बज उठी और निर्णायक ने हमारे विद्यालय को 2 गोल से विजयी घोषित किया। प्राचार्य जी ने पुरस्कार वितरण किया और अगले दिन की छुटी भी घोषित की। हम सभी प्रसन्नतापूर्वक अपने घर आ गए।

उपसंहार-खेलों का नियम ही एक पक्ष को जय तथा दूसरे को पराजय है। हमें जय या पराजय को उतना महत्त्वपूर्ण नहीं मानना चाहिए जितना महत्त्वपूर्ण कौशल को माना जाता
है। हमें पराजय के पश्चात् भी अपने मार्ग से विचलित नहीं __ होना चाहिए, सफलता अवश्य ही हमारे कदमों तले आ गिरेगी,
इसमें संदेह उन्हीं है।

बाल दिवस

हमारे विद्यालय में प्रतिवर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस का आयोजन किया जाता है। बाल दिवस पूज्य चाचा नेहरू का जन्मदिवस है। चाचा नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। वे स्वतंत्रता संग्राम के महान् सेनानी थे। उन्होंने अपने देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। अपने जीवन _ के अनेक अमूल्य वर्ष देश की सेवा में बिताए। अनेक वर्षों तक विदेशी शासकों ने उन्हें जेल में बंद रखा। उन्होंने साहस नहीं छोड़ा और देशवासियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे।

पं. नेहरू बच्चों के प्रिय नेता थे। बच्चे उन्हें प्यार से ‘चाचा’ कहकर संबोधित करते थे। उन्होंने देश में बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाओं का विस्तार कराया। उनके अच्छे भविष्य के लिए अनेक योजनाएँ आरंभ की। वे कहा करते थे ‘कि आज के बच्चे ही कल के नागरिक बनेंगे। यदि आज उनकी अच्छी देखभाल की जाएगी तो आगे आने वाले समय में वे अच्छे डॉक्टर, इंजीनियर, सैनिक, विद्वान, लेखक और वैज्ञानिक बनेंगे।’ इसी कारण उन्होंने बाल कल्याण की अनेक योजनाएँ बनाईं। अनेक नगरों में बालघर और मनोरंजन केंद्र बनवाए। प्रतिवर्ष बाल दिवस पर डाक टिकटों का प्रचलन किया। बालकों के लिए अनेक प्रतियोगिताएँ आरंभ कराईं। वे देश-विदेश में जहाँ भी जाते बच्चे उन्हें घेर लेते थे। उनके जन्मदिवस को भारत में बाल-दिवस के रूप में मनाया जाता है।

हमारे विद्यालय में प्रतिवर्ष बाल-दिवस के अवसर पर बाल मेले का आयोजन किया जाता है। बच्चे अपनी छोटी-छोटी दुकानें लगाते हैं। विभिन्न प्रकार की विक्रय योग्य वस्तुएँ अपने हाथ से तैयार करते हैं। बच्चों के माता-पिता और मित्र उस अवसर पर खरीददारी करते हैं। सारे विद्यालय को अच्छी प्रकार सजाया जाता है। विद्यालय को झंडियों, चित्रों और रंगों की सहायता से आकर्षक रूप दिया जाता है। – बाल दिवस के अवसर पर खेल-कूद प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। बच्चे मंच पर आकर नाटक, गीत, कविता, नृत्य और फैंसी ड्रेस शो का प्रदर्शन करते हैं। सहगान, बाँसुरी वादन का कार्यक्रम दर्शकों का मन मोह लेता है। तत्पश्चात् सफल और अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरण किए जाते हैं। बच्चों को मिठाई का भी वितरण किया जाता है। इस प्रकार दिवस विद्यालय का एक प्रमुख उत्सव बन जाता है।
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अगर मैं प्रधानमंत्री होता

किसी आजाद मुल्क का नागरिक अपनी योग्यताओं का विस्तार करके अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकता है, वह कोई भी पद, स्थान या अवस्था को प्राप्त कर सकता है, उसको ऐसा होने का अधिकार उसका संविधान प्रदान करता है। भारत जैसे विशाल राष्ट्र में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के पद को प्राप्त करना यों तो आकाश कुसुम तोड़ने के समान है फिर भी ‘जहाँ चाह वहाँ राह’ के अनुसार यहाँ का अत्यंत सामान्य नागरिक भी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन सकता है। लालबहादुर शास्त्री और ज्ञानी जैलसिंह इसके प्रमाण हैं।

यहाँ प्रतिपाद्य विषय का उल्लेख प्रस्तुत है कि ‘अगर मैं प्रधानमंत्री होता’ तो क्या करता? में यह भली-भाँति जानता हूँ कि प्रधानमंत्री का पद अत्यंत विशिष्ट और महान् उत्तरदायित्वपूर्ण पद है। इसकी गरिमा और महानता को बनाए रखने में किसी एक सामान्य और भावुक व्यक्ति के लिए संभव नहीं है फिर मैं महत्त्वाकांक्षी हूँ और अगर मैं प्रधानमंत्री बन गया तो निश्चय समूचे राष्ट्र की काया पलट कर दूंगा। मैं क्या-क्या राष्ट्रोत्थान के लिए कदम उठाऊँगा, उसे मैं प्रस्तुत करना पहला कर्तव्य मानता हूँ जिससे मैं लगातार इस पद पर बना रहूँ।

सबसे पहले शिक्षा-नीति में आमूल चूल परिवर्तन लाऊँगा। मुझे सुविज्ञात है कि हमारी कोई स्थायी शिक्षा-नीति नहीं है जिससे शिक्षा का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है, यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण से हम शिक्षा के क्षेत्र में बहुत. पीछे हैं, बेरोजगारी की जो आज विभीषिका आज के शिक्षित युवकों को त्रस्त कर रही है, उनका मुख्य कारण हमारी बुनियादी शिक्षा की कमजोरी, प्राचीन काल की गुरु-शिष्य परंपरा की गुरुकुल परिपाटी की शुरुआत नये सिरे से करके धर्म और राजनीति के समन्वय से आधुनिक शिक्षा का सूत्रपात कराना चाहूँगा। राष्ट्र को बाह्य शक्तियों के आक्रमण का खतरा आज भी बना हुआ है। हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा अभी अपेक्षित रूप में नहीं है। इसके लिए अत्याधुनिक युद्ध के उपकरणों का आयात बढ़ाना होगा। मैं खुले आम न्यूक्लीयर विस्फोट का उपयोग सृजनात्मक कार्यों के लिए ही करना चाहूँगा। मैं किसी प्रकार ढुलमुल राजनीति का शिकार नहीं बनूँगा अगर कोई राष्ट्र हमारे राष्ट्र की ओर आँख उठाकर देखें तो मैं उसका मुँहतोड़ जवाब देने में संकोच नहीं करूंगा। मैं अपने वीर सैनिकों का उत्साहवर्द्धन करते हुए उनके जीवन को अत्यधिक संपन्न और खुशहाल बनाने के लिए उन्हें पूरी समुचित सुविधाएँ प्रदान कराऊँगा जिससे वे राष्ट्र की आन-मान पर न्योछावर होने में पीछे नहीं हटेंगे।

हमारे देश की खाद्य समस्या सर्वाधिक जटिल और दुखद समस्या है। कृषि प्रधान राष्ट्र होने के बावजूद यहाँ खाद्य संकट हमेशा मँडराया करता है। इसको ध्यान में रखते हुए मैं नवीनतम कृषि यंत्रों, उपकरणों और रासायनिक खादों और सिंचाई के विभिन्न साधनों के द्वारा कृषि-दशा की दयनीय स्थिति को सबल बनाऊँगा। देश की जो बंजर और बेकार भूमि है उसका पूर्ण उपयोग कृषि के लिए करवाते हुए कृषकों को एक-से-एक बढ़कर उन्नतिशील बीज उपलब्ध कराके उनकी अपेक्षित सहायता सुलभ कराऊँगा।

यदि मैं प्रधानमंत्री हँगा तो देश में फैलती हई राजनीतिक अस्थिरता पर कड़ा अंकुश लगाकर दलों के दलदल को रोक दूंगा। राष्ट्र को पतन की ओर ले जाने वाली राजनीतिक अस्थिरता के फलस्वरूप प्रतिदिन होने वाले आंदोलनों, काम-रोको और विरोध दिवस बंद को समाप्त करने के लिए पूरा प्रयास करूँगा। देश में गिरती हुई अर्थव्यवस्था के कारण मुद्रा प्रसार पर रोक लगाना अपना मैं प्रमुख कर्त्तव्य समझूगा। उत्पादन, उपभोग और विनियम की व्यवस्था को पूरी तरह से बदलकर देश को आर्थिक दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व प्रदान कराऊँगा।

देश को विकलांग करने वाले तत्त्वों, जैसे-मुनाफाखोरी और भ्रष्टाचार ही नव अवगुणों की जड़ है। इसको जड़मूल से समाप्त करने के लिए अपराधी तत्त्वों को कड़ी-से-कड़ी सजा दिलाकर समस्त वातावरण को शिष्ट और स्वच्छ व्यवहारों से भरने की मेरी सबल कोशिश होगी। यहीं आज धर्म और जाति को लेकर तो साम्प्रदायिकता फैलाई जा रही है वह राष्ट्र को पराधीनता की ओर ढकेलने के ही अर्थ में हैं, इसलिए ऐसी राष्ट्र विरोधी शक्तियों को आज दंड की सजा देने के लिए मैं सबसे संसद के दोनों सदनों से अधिक-से-अधिक मतों से इस प्रस्ताव को पारित करा करके राष्ट्रपति से सिफारिश करके संविधान में परिवर्तन के बाद एक विशेष अधिनियम जारी कराऊंगा जिससे विदेशी हाथ अपना बटोर सकें।

संक्षेप में यही कहना चाहता हूँ कि यदि मैं प्रधानमंत्री हूँगा तो राष्ट्र और समाज के कल्याण और पूरे उत्थान के लिए मैं एड़ी-चोटी का प्रयास करके प्रधानमंत्रियों की परम्परा और इतिहास में अपना सबसे अधिक लोकापेक्षित नाम स्थापित करूँगा। भारत को सोने की चिड़िया बनाने वाला यदि मैं प्रधानमंत्री होता तो कथनी और करनी को साकार कर देता।

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