MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 23 युग की आशा

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 23 युग की आशा

गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1.

युग की आशा हो,
कुमार!
तुम युग की आशा हो।
रूप तुम्हारा दिव्य चिरन्तन,
सबने तुमको प्यार किया,
तुम भावी के कलाकार हो,
तुमने जग साकार किया।

शब्दार्थ- दिव्य-अति सुन्दर। भावी-भविष्य।

संदर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) के भाग-8 के पाठ-23 ‘युग की आशा’ से ली गई हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने भारतीय बच्चों को युग की आशा बतलाते हुए कहा है कि-

व्याख्या- हे मेरे देश के होनहार बच्चो! तुम से ही इस युग को बड़ी-बड़ी आशाएँ हैं। तुम्हारा रूप-स्वरूप अत्यन्त सुन्दर और मोहंक है। इसीलिए सभी देशवासियों ने अधिक दुलार किया है, प्यार दिया है। तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि तुम्हारीं इस देश के भविष्य के कलाकार-चमत्कार हो। ऐसा इसलिए कि तुमने सारे संसार में अपने श्रेष्ठ गुणों को फैलाया है।

विशेष-

  • बच्चों को महान बनने के लिए प्रेरित किया गया है।
  • भाषा सरल है।

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2.

तुम्हें यशोदा के पलने की,
मुधर थपकियाँ जगा रहीं,
तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ,
वृन्दावन में बुला रहीं।
कौशल्या के मातृमोह के,
बने तुम्ही उच्चारण थे,
तुम वियोगिनी शकुन्तला के,
शीतलता के कारण थे।

शब्दार्थ- यशोदा-माता। सुरभियाँ-गायें। मातृमोह-माता का दुलार।

संदर्भ- पूर्ववत्।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने भारतीय बच्चों को बालक श्रीकृष्ण, राम आदि के विविध चरित्रों के रूप में ढालते हुए कहा हैं कि

व्याख्या- हे मेरे देश के प्यारे बच्चो! तुम्हें इस समय माता यशोदा के पलने की मधुर और सुखद थपकियाँ जगा रही हैं। यही नहीं तुम्हें बाबा नंद की गायें वृन्दावन में पुकार रही हैं। तुम्हें यह अच्छी तरह से याद करना चाहिए कि तुम्ही माता कौशल्य के मातृमोह के उच्चारण थे। यही नहीं तुम्हीं वियोग मे पड़ी हुई शकुन्तला को शीतलता पहुँचाने वाले वीर भरत थे।

विशेष-

  • भाषा आकर्षक है।
  • उदाहरण अलंकार है।

3.

गुरु द्रोण की प्रतिमा पूजक,
चक्रव्यूह के विध्वंसक,
तुम प्रताप के ‘अमर’ तेज,
हो पन्ना के इतिहास प्रशंसक॥
तुम बैजू तुम तानसेन हो,
वाल्मीकि तुम तुलसी,
सूर तुम सृष्टि के आदि-रत्न हो,
नहीं क्षितिज से हो तुम दूर॥

शब्दार्थ-प्रतिमा-मूर्ति। विध्वंसक-विध्वंस (विनाश) करने . वाला। सृष्टि-संसार।

संदर्भ- पूर्ववत्। प्रसंग- पूर्ववत्।

व्याख्या- हे मेरे देश के प्यारे बच्चो! तुम्हें यह अपना रूप-स्वरूप ज्ञात होना चाहिए कि तुम्हीं द्रोणाचार्य की मूर्ति का पूजन एकमात्र धनुर्धर एकलव्य बने थे। तुम्हीं ने अभिमन्यु होकर चक्रव्यूह विनष्ट किए थे। तुम्हीं महाराणा प्रताप के ‘अमर’ तेज हो और तुम्हीं पन्ना के इतिहास की प्रशंसा करने वाले हो। यही नहीं तुम्हीं बैजू हो, तानसेन हो, वाल्मीकि, तुलसीदास और सूरदास हो। इसी प्रकार तुम्हीं इस सृष्टि के आदि रत्न हो। इस प्रकार तुम हर प्रकार से क्षितिज से मिले हुए हो।

विशेष-

  • भाषा-शैली रोचक है।
  • उदाहरण अलंकार है।

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4.

विप्लव के हो क्रांति गीत,
तुम आशाओं की आशा हो,
जीवन की चिर-शांति तुम्ही हो,
यौवन की परिभाषा हो।
युग की आशा हो,
कुमार!
तुम युग की आशा हो।

शब्दार्थ- विप्लव-उपद्रव, उथल-पुथल। क्रांति-बदलाव, उलट-फेर।

संदर्भ- पूर्ववत्। प्रसंग- पूर्ववत्।

व्याख्या-हे मेरे देश के प्यारे बच्चों! तुम्हें स्वयं को यह पहचान याद कर लेनी चाहिए कि तुम्हीं विप्लव के क्रांति-गीत हो। तुम्हीं सभी प्रकार की आशाओं को पूरा करने वाले हो। तुम्ही जीवन की चिर-शांति हो और तुम्ही जवानी क्या होती है, इसे स्पष्ट कर देने वाले हो। इस प्रकार तुम्हीं इस युग की आशा हो। तुम्हीं से यह युग आशा लगाए हुए है।

विशेष-

  • भावों में प्रवाह है।
  • यह अंश प्रेरक और भाववर्द्धक रूप में हैं।

प्रश्न अभ्यास

अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) सही जोड़ी बनाइए
(अ) कौशल्या के मातृमोह के – 1. सुरभियाँ
(ब) शकुंतला की शीतलता के – 2. थपकियाँ
(स) यशोदा के पलने की – 3. उच्चारण
(द) नंद की सकल – 4. कारण
उत्तर-
(अ) – 3
(ब) – 4
(स) – 2
(द) – 1

(ख) सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए(अ) तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ ……………….में बुला रहीं। (मथुरा/वृन्दावन)
(ब) गुरु द्रोण की प्रतिमा पूजक ……………….के विध्वंसक। (चक्रव्यूह/लक्ष्यभेद)
(स) तुम बैजू, तुम तानसेन हो, वाल्मीकि तुम ………………… सूर। – (तुलसी/कबीर)
(द) जीवन की ………………. शांति तुम्ही हो, यौवन की परिभाषा हो। (विचित्र/चिर)
उत्तर-
(अ) वृन्दावन,
(ब) चक्रव्यूह,
(स) तुलसी,
(द) चिर।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) कवि ने ‘कुमार’ संबोधन किसके लिए किया है?
(ब) ‘कौशल्या के मातृमोह के बने तुम्ही उच्चारणप’ से क्या तात्पर्य है?
(स) गुरु द्रोण की प्रतिमा की पूजा कौन करता था?
(द) ‘चक्रव्यूह के विध्वंसक’ संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
(ई) बालक को ‘भविष्य का कलाकार’ किस पंक्ति में कहा गया है?
उत्तर-
(अ) कवि ने ‘कुमार’ संबोधन भारतीय बच्चों के लिए किया है।
(ब) ‘कौशल्या मातृमोह के बने तुम्ही उच्चारण’ से तात्पर्य है-अद्भुत बाल्य सौन्दर्य।
(स) गुरु द्रोण की प्रतिमा की पूजा एकलव्य करता था।
(द) ‘चक्रव्यूह के विध्वंसक’ संबोधन का प्रयोग वीर अभिमन्यु के लिए किया गया है।
(ई) बालक को भविष्य का कलाकार’ निम्नलिखित पंक्तियों में कहा गया है-‘तुम भावी के कलाकार हो।’

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) युग की आशा कहकर कवि ने किन-किन आदर्शों की चर्चा की है?
उत्तर-
युग की आशा कहकर कवि ने देशभक्ति, वीरता और अतीत के गौरव जैसे आदर्शों की चर्चा की है।

(ब) राष्ट्र के बच्चों को साहसी बनाने के लिए किन पंक्तियों में प्रेरित किया गया है?
उत्तर-
राष्ट्र के बच्चों को साहसी बनाने के लिए निम्नलिखित पंक्तियों में प्रेरित किया गया है गुरु द्रोण की प्रतिमा पूजक चक्रव्यूह के विध्वंसक तुम प्रताप के ‘अमर’ तेज हो पन्ना के इतिहास प्रशंसक।

(स) क्रांति गीत में कवि किस भाव को व्यक्त करना चाहता है?
उत्तर-
क्रांति गीत में कवि पुरानी मान्यताओं के स्थान पर नयी और स्वस्थ्य मान्यताओं को लाने के भाव को व्यक्त करना चाहता है।

(द) निम्नलिखित पंक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए
(1) रूप तुम्हारा दिव्य चिरंतन सबने तुमको प्यार किया।
(2) तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ वृन्दावन में बुला रहीं।
उत्तर-
पंक्तियों के भाव
(1) भारतीय बालक के रुप-स्वरूप अत्यन्त आकर्षक हैं। इसलिए वे सबके दुलारे-प्यारे हैं।
(2) भारतीय बालक कृष्णा के समान अत्यंत लोकप्रिय हैं। इसलिए इस युग को उनसे बड़ी-बड़ी आशाएँ हैं।

(ई) कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चहता है?
उत्तर-
विता के माध्यम से कवि भारतीय बच्चों को देश-भक्ति, सच्चरित्रता, अद्भुत वीरता और अद्भुत प्रभावशाली बनने का संदेश देना चाहता है।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिए।
चिरंतन, थपकियाँ, मातृमोह, विध्वंसक, वाल्मीकि, क्षितिज, चिरशांति, विप्लव।
उत्तर-
चिरंतन, थपकियाँ, मातृमोह, विध्वंसक, वाल्मीकि, क्षितिज, चिरशांति, विप्लव।

प्रश्न 2.
सही वर्तनी वाले शब्दों को कोष्ठक में लिखिए
(क) दीव्य, दिव्य, दिवय ()
(ख) वृन्दावन, व्रन्दावन, वनदावन ()
(ग) विधंवसक, विध्वंसक, वीध्वसंक ()
(घ) कृान्ती, क्रान्ति, कृान्ति। ()
उत्तर-
(क) दिव्य
(ख) वृन्दावन
(ग) विध्वंसक
(घ) क्रांति।

प्रश्न 3.
विलाम शब्दों की सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 युग की आशा 1
उत्तर-
विलोम शब्द
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 युग की आशा 2

प्रश्न 4.
उदाहरण के अनुसार दिए गए शब्दों में आवट, आहट प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाइए
उत्तर-
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 युग की आशा 3

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solution Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 1
उत्तर
(अ) 3, (ब) 1, (स) 4, (द) 2

(ख) दिए गए शब्दों से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए

(अ) हम अपनी बचत की आदत से ……………….रूप से राष्ट्र की सेवा भी करते हैं। (प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष)
(ब) बदलते परिवेश में ……………….के ज्ञान से यौद्धिक विकास होगा। (कम्प्यूटर सिनेमा)
(स) न अधिक रुपया ….में रहेगा और न हो बर्थ की चीजें लेने को जी ललचाएगा।(हाथ/साय)
(द) छोटी-छोटी से बचत निजी बड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति में …………….. होती है। (बाधक/सहायक)
उत्तर
(अ) अप्रत्यक्ष
(ब) कम्प्यूटर
(स) हाथ
(द) सहायक।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
(अ) पवित्रा ने रुपये किस प्रकार एकत्रित किए?
(ब) पवित्रा ने किन रुपयों से कम्प्यूटर खरीदा?
(स) कम्प्यूटर से क्या लाभ हैं?
(द) पुनीत कहाँ रहता था?
उत्तर
(अ) पवित्रा ने थोड़े-थोड़े रुपये एकत्रित किए।
(ब) पवित्रा ने अपव्यय से बचाकर प्रतिमाह कुछ रुपये बचाकर कम्प्यूटर खरीदा।
(स) कम्प्यूटर से आज के तीव्रगामी परिवेश में बौद्धिक क्षमता का विकास होगा, वहीं रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
(द) पुनीत विवेकानंद विद्याभवन, तात्याटोपे नगर, भोपाल (म. प्र.) 462001 में रहता था।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

(अ)
माँ ने पत्र में पुनीत को क्या सलाह दी?
उत्तर
माँ ने पत्र में पुनीत को बचत-खाते में पैसे जमा करने की सलाह दी।

(ब)
हम अपने बचत के पैसे कहाँ-कहाँ जमा करा सकते हैं?
उत्तर
हम अपने बचत के पैसे डाकघर के बचत खाते में जमा करा सकते हैं।

(स)
बचत की राशि से किस प्रकार राष्ट्र-सेवा होती है?
उत्तर
बचत की राशि से विभिन्न सार्वजनिक-हित के कार्यों को सहयोग देने से राष्ट्र की सेवा होती है।

(द)
सोच-समझकर पेसा खर्च करने से क्या-क्या लाभ हैं?
उत्तर
सोच-समझकर पैसा खर्च करने से धन का संग्रह होता है। इससे निजी बड़ी आवश्यकता की पूर्ति में सहायता पहुँच है।

(ई)
इस पत्र में निहित शिक्षा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
इस पत्र में निहित शिक्षा यह है कि जीवन में मितव्ययता का बहुत बड़ा महत्त्व है। अपव्यय से अनेक हानियाँ होती हैं। छोटी-छोटी-सी बचत से हमारी बहुत बड़ी आवश्यकता की पूर्ति होती है।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोतिए और लिखिएश्रेय, व्यवस्था, मितव्ययता, राष्ट्र।
उत्तर
श्रेय, व्यवस्था, मितव्ययता, राष्ट्र। प्रश्न

प्रश्न 2.
शुद्ध वर्तनी बाले शब्द पर गोता लगाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 2
उत्तर
स्थिति, प्रसन्नता, व्यावहारिक, अप्रत्यक्ष।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
एक पंथ दो काज, जिसकी लाठी उसकी भैंस, जी ललचाना, आगा-पीछा सोचना, बूंद-बूंद से घड़ा भरना।
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 3
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 4

प्रश्न 4.
प्रत्यक्ष शब्द में ‘अ’ उपसर्ग लगाने से उसका विलोम शब्द ‘अप्रत्यक्ष’ बनता है। इसी प्रकार निम्नलिखित
शब्दों में ‘अ’ लगाकर विलोम शब्द बनाइए
ज्ञान, संभव, हित, व्यवस्था, व्यावहारिक।
उत्तर
शब्द – विलोम शब्द
ज्ञान – अज्ञान
संभव – असंभव
हित – अहित
व्यवस्था – अव्यवस्था
व्यावहारिक – अव्यावहारिक

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 प्रश्न 5.
उदाहरण के अनुसार सन्धि विच्छेद किजिए

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 5
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 6

गयांश की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. तुम्हें आश्चर्य होगा कि तुम्हारे द्वारा की गई छोटी-छोटी-सी बचत जहाँ तुम्हारी निजी बड़ी आवश्यकता पूर्ति में सहायक होती है, वहीं व्यापक रूप में राष्ट्रीय बचत तथा राष्ट्र के विकास का अंग बनती है। जानते हो, इस बचत राशि का उपयोग विभिन्न सार्वजनिक-हित के कार्यों में होता है। अतः हम अपनी बचत करने की एक छोटी-सी अच्छी आदत से अप्रत्यक्ष रूप में राष्ट्र की सेवा भी करते हैं।

शब्दार्थ- निजी-अपनी।

ब्यापक – बड़े रूप में। अप्रत्यक्ष-परोक्ष, जो दिखाई न दे।

संदर्भ – प्रस्तुत पक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक ‘सुगम भारती (हिंदी सामान्य) भाग-8 के पाठ 20 ‘बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है’ से ली गई हैं।

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने छोटी-छोटी-सी बचत के महत्त्व को बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्य
पवित्रा देवी ने पत्र के माध्यम से अपने बेटे पुनीत को समझाते हुए कहा कि उसके द्वारा जो कुछ भी छोटी-छोटी-सी बचत भी उसकी अपनी एक बड़ी आवश्यकता को पूरा करने में अधिक सहायक होती है। इसके साथ-ही-साथ इससे पूरे राष्ट्र की भी बचत होती है। यही नहीं इससे राष्ट्र के विकास का अंग बनती है। इससे सार्वजनिक हित से संबंधित कामों में गति भी होती है। इसलिए हमें छोटी-सी-छोटी बचत करनी चाहिए। इस अच्छी आदत से परोक्ष रूप में राष्ट्र की सेवा भी हो जाती है।

विशेष

  • भाषा सरल है।
  • छोटी-सी-छोटी बचत की सीख दी गई है।

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 11 आदर्श और वरदान

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 11 आदर्श और वरदान

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) सही जोड़ी बनाइए(अ) प्रातः काल
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 11 आदर्श और वरदान 1
उत्तर
(अ) 5, (ब) 4, (स) 2, (द) 1, (ई) 3

(ख) सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(अ) सुख का समय …………… व्यतीत हो जाता है। (शीघ्रता से, देर से)
(ब) छगन’ और दीनू की मित्रता भी …………… की सी मित्रता थी।. (राम-कृष्ण, कृष्ण-सुदामा)
(स) लिफाफे पर प्रेषक के स्थान पर लिखा था……। (डॉ. छगन चौधरी, दीनानाथ शमा)
(द) मेरे चिराग को तुमने ………….. से बचाया है। (जलने, बुझने)
उत्तर
(अ) शीघ्रता
(ब) कृष्ण-सुदामा
(स) डॉ. छगन चौधरी
(द) बुझने।

प्रश्न 2.
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(अ) दीनू को डूबने से किसने बचाया?
(ब) नर्सिंग होम किसने खोला था?
(स) योग्यता सूची में शीर्ष स्थान पर किसका नाम या?
(द) छगन की पढ़ाई पूरी करवाने की जिम्मेदारी किसने ली?
(ई) नर्सिंग होम किस स्थान पर खोला गया था?
उत्तर-
(अ) दीनू को डूबने से छगन ने बचाया?
(ब) नर्सिंग होम छगन ने खोला था।
(स) योग्यता सूची में शीर्ष स्थान पर छगन का नाम था।
(द) छगन की पढ़ाई पूरी करवाने की जिम्मेदारी दीनानाथ शर्मा ने ली।
(ई) नर्सिंग होम रतनगढ़ में खोला गया था।

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प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न

(अ)
सच्चे मन से की गई मित्रता की क्या विशेषता होती
उत्तर
सच्चे मन से की गई मित्रता टिकाऊ होती है। वह आदर्शमय होती है। वह प्रेरणादायक और वरदान के रूप में होती है। उसमें कोई स्वार्थ और भेदभाव नहीं होता है। वह एक-दूसरे के सुख-दुख की सहभागी बनकर दृढ़ होती है।

(ब)
छगन के चरित्र की कोई चार विशेषताएँ बताइए।
उत्तर
छगन के चरित्र की चार विशेषताएँ हैं

  • विनम्रता
  • मेहनती
  • आत्मीयता
  • कृतज्ञता।

(स)
दीनू और छगन एक-दूसरे को ऋणी क्यों मान रहे थे?
उत्तर
दीनू और छगन एक-दूसरे को ऋणी मान रहे थे। यह इसलिए कि वे दोनों एक-दूसरे के सहयोग को बार-बार याद कर रहे थे।

(द)
छगन की आर्थिक स्थिति कैसी थी?
उत्तर
छगन की आर्थिक स्थिति दयनीय थी। वह बकरियाँ चराता था। उसकी पढ़ाई का खर्चचलना कठिन था।

(ई)
दीनू और छगन की मित्रता की तुलना कृष्ण और सुदामा से क्यों की गई है?
उत्तर
दीनू और छगन की मित्रता की तुलना कृष्ण और सुदामा से की गई है। यह इसलिए कि उसमें निस्वार्थ था। वह निर्मल थी। उसमें अमीरी-गरीबी और ऊँच-नीच का कोई भेदभाव नहीं था। वह हृदय की गहराई और सच्चे मन से की गई थी।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिएछात्रवृत्ति, निःस्वार्थ, स्तब्ध, आचरण, डॉक्टर।
उत्तर
छात्रवृत्ति, निःस्वार्थ, स्तब्ध, आचरण, डॉक्टर।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में ‘स’ ‘श’ ‘घ’ वर्णों को उचित स्थान पर रखकर अशुद्ध शब्दों को शुद्ध कीजिए
उत्तर
अशुद्ध शब्द  – शुद्ध शब्द
बरबश – बरबस
शिश्टता – शिष्टता
सीर्ष – शीर्ष
पुश्टि – पुष्टि
साशन – शासन
रासन – राशन।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों को वर्णक्रमानुसार लिखिए
अचानक, आँखें, उन्हें, ईश्वर, आराम, आचरण, अच्छा, ऊपर, इधर, औकात, एक, उद्वेलित, ऐतिहासिक, अंगूर, अंबर।
उत्तर
अंगुर, अंबर, अच्छा, अचानक, आँखें, आचरण, शिष्टता आराम, इधर, ईश्वर, उद्वेलित, उन्हें, ऊपर, एक, ऐतिहासिक, औकात।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में से तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द अलग-अलग कीजिए
निमंत्रण, दरवाजा, मात्र, वृक्ष, नर्सिंग होम, स्कूल, छात्रवृत्ति, सुबक, छांह, सरपट, स्थानांतरण, तीव्र, पगडण्डी।
उत्तर-तत्सम शब्द-निमंत्रण, मात्र, वृक्ष, छात्रवृत्ति, स्थानान्तरण, तीव्र
तद्भव शब्द-छांह, दरवाजा देशज शब्द-सुबक, पगडण्डी, सरपट विदेशी शब्द-नर्सिंग होम, स्कूल।

प्रश्न 5.
‘आ’ उपसर्ग में ‘चरण’ शब्द जोड़कर बनता है-‘आचरण’। इसी प्रकार ‘आ’ उपसर्ग लगाकर पाँच शब्द बनाइए।
उत्तर
‘आ’ उपसर्ग लगाकर पाँच शब्द-आसमान, आधार, आसान, आहार, आराम।

प्रश्न 6.
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(क) मेहनती व्यक्ति किसी भी काम में जान की …. ……. लगाने में पीछे नहीं हटते। (बाजी, होड़)
(ख) अपने पुत्र को सही सलामत देखकर माँ की आँखें …………. आईं। (भर, तर)
(ग) कृष्ण-सुदामा के मिलन की बड़ी सुखद ……….. थी। (घड़ी, जोड़ी)
(घ) शेर को सामने देख राहुल का कलेजा………. को आ गया। (मुँह, सिर)
(ङ) अतीत के पलों को याद कर आशीष के हों …………….. लगे। (फड़कने, कटने)
उत्तर
(क) बाजी
(ख) भर
(ग) घड़ी
(घ) मुँह
(ङ) फड़कने।

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प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. शर्माजी सरकारी दफ्तर में असफर थे। घर में सभी सुविधाएँ थीं। दीनू की सेवा में नौकर-चाकर लगे ही रहते थे। कहाँ दीनू, और कहाँ गरीब किसान का बेटा छगन! पर मित्रता ऊँच-नीच नहीं देखती है। हृदय की गहराई से एवं सच्चे मन से की गई मित्रता भी निःस्वार्थ एवं निर्मल होती है। एक-दूसरे के सुख-दुःख के सहभागी बनकर ही मित्रता के आदर्श की स्थापना की जा सकती है। छगन और दीनू की मित्रता भी कृष्ण-सुदामा की सी मित्रता थी।

शब्दार्थ:
दफ्तर-कार्यालय। ऊँच-नीच-भेदभाव । निर्मल-पवित्र । सहभागी-सहयोगी।

संदर्भ:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिन्दी सामान्य) भाग-8′ के पाठ-11 आदर्श और वरदान’ से ली गई हैं।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने सच्ची मित्रता की विशेषता बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
यों तो दीनानाथ शर्मा किसी सरकारी कार्यालय में एक अधिकारी थे। फलस्वरूप उन्हें हर प्रकार की सुविधाएँ थीं। उन्हें घर पर भी अपेक्षित साधन-सामग्री प्राप्त थी। उनकी सेवा-सत्कार के लिए किसी प्रकार की असुविधा नहीं थी। नौकर-चाकर उनके बेटे दीनू के लिए हमेशा लगे रहते थे। दूसरी ओर दीनू का दोस्त छगन बड़ा ही गरीव था। फलस्वरूप

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 24 कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 24 कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ

प्रश्न अभ्यास

अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) सही जोड़ी बनाइए
(अ) शरीर के आंतरिक अंग – 1. योग, ध्यान, प्राणायाम
(ब) नकारात्मक भावनाएँ – 2. शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य
(स) सफलता अर्नित करने – 3. हृदय, वृक्क, हेतु आवश्यक पाचन-तंत्र, कंकाल
(द) मानसिक स्वास्थ्य के लिए – 4. क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, किए गए प्रयास तनाव, चिंता, अंहकार, निर्दयता।
उत्तर-
(अ) – 3
(ब) – 4
(स) – 2
(द) – 1

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(ख) सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा ……………….पड़ता है। (परिणाम/प्रभाव)
(ब) एक्सरे से और ………………. से शरीर के भीतरी अंगों के बारे में पता चलता है। (सोनोग्राफी/रेडियोग्राफी)
(स) मनुष्य तभी पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता है जब परिस्थितियों का ……………….के साथ सामना करे। (आत्म-विश्वास/अटल विश्वास)
(द) भावनात्मक रूप से परिपक्व व्यक्ति अपनी भावनाओं ……………….कर विवेकपूर्ण कार्य करता है। (अनियंत्रण/नियंत्रण)
उत्तर-
(अ) प्रभाव,
(ब) सोनोग्राफी,
(स) आत्मविश्वास,
(द) नियंत्रण।

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) बौद्धिक स्वास्थ्य से लेखक का क्या आशय है?
(ब) व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ कब कहा जा सकता है?
(स) व्यक्ति कब हर्ष का अनुभव करता है?
(द) आध्यात्मिक स्वास्थ्य के अच्छे बने रहने के कौन-कौन से लाभ हैं?
उत्तर-
(अ) बौद्धिक स्वास्थ्य से लेखक का आशय है-बुद्धि से संबंधित स्वास्थ्य।
(ब) व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ तब कहा जा सकता है, जब परिस्थितियों का आत्म-विश्वास के साथ सामना करे और भावनात्मक रूप से विचलित न हो।
(स) व्यक्ति इच्छानुसार परिणाम प्राप्त होने पर हर्ष का अनुभव करता है।
(द) अध्यात्मिक स्वास्थ्य के अच्छे बने रहने के कई लाभ हैं, जैसे-विशेष आनंद अनुभव, भावनात्मक संवेगों पर नियंत्रण, शारीरिक व्याधियों पर नियंत्रण आदि।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

(अ) सफलता अर्जित करने के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य अच्छा होना क्यों आवश्यक है?
उत्तर-
सफलता अर्जित करने के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य अच्छा होना आवश्यक है। यह इसलिए कि संयम और धैर्य अच्छे भावनात्मक स्वास्थ्य के सूचक होते हैं, जो पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए भावनाओं के वेग को नियंत्रित करते हैं।

(ब) “भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का शारिरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
“भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।” इस कथन के द्वारा लेखक ने यह कहना चाहा है कि एक अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भावनात्मक मानसिक स्वास्थ्य का होना बहुत आवश्यक है।

(स) शरीर में हारमोन असंतुलित क्यों हो जाते हैं?
उत्तर-
क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष आदि से रक्त-दाब बढ़ जाता है। इससे शरीर में हारमोन असंतुलित हो जाते हैं।

(द) चिंता और तनाव से कौन-कौन से रोग हो सकते हैं?
उत्तर-
चिंता और तनाव से पेट में अम्लता, अल्सर, हृदय रोग, सिर दर्द, थकान आदि रोग हो सकते हैं।

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भाषा की बात

प्रश्न 1. बोलिए और लिखिएसंयम, ईर्ष्या, द्वेष, दृष्टि, स्वास्थ्य, धैर्य।
उत्तर-
संयम, ईर्ष्या, द्वेष, दृष्टि, स्वास्थ्य, धैर्य ।

प्रश्न 2,
निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध वर्तनी पर गोला लगाइए-
अनूभूति, अनुभुति, अनुभूती, अनुभूति। शंतोष, संतोष, सम्तोष, संतोश विषेश, विशेष, विशष्य, विशेश परीणाम, परिनाम, परिणाम, परीनाम।
उत्तर-
अनुभूति, संतोष, विशेष, परिणाम।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिएहृदयाघात, आत्मविश्वास, असंतुलित, परिस्थिति।
उत्तर-
शब्द – वाक्य प्रयोग
हृदय – अत्यधिक खुशी पर दुखी होने से हृदयाघात हो जाता है।
आत्मविश्वास – स्वस्थ व्यक्ति में आत्मविश्वास भरा होता है।
असंतुलित – स्वस्थ व्यक्ति संतुलित व्यवहार करता है।
परिस्थिति – जीवन में कभी-कभी कठिन परिस्थिति भी आ जाती है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों से उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी (तत्सम) शब्द छाँटकर क्रम से लिखिए अखबार, समाचार, एक्सरे, मस्तिष्क, खराबी, खुशी, कंकाल, कमजोर, सोनोग्राफी, हारमोन, मृत्यु, दिल, दिमाग, व्यक्ति, करुण, अल्सर, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज।।
उत्तर-
उर्दू के शब्द-अखबार, खराबी, खुशी, कमजोर, दिल, दिमाग। अंग्रेजी के शब्द-एक्सरे, सोनोग्राफी, हारमोन, अल्सर, ब्लडप्रेशर, डायबिटिज। हिंदी (तत्सम) शब्द-समाचार, मस्तिष्क, कंकाल, मृत्यु, व्यक्ति, करुण।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए-
चारित्रिक, धार्मिक, योग्यता, अम्लता, कुशलता, सहायता, निर्दयता, आंतरिक, पारिवारिक, मानसिक।
उत्तर-
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 24 कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ 1

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♦ गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. स्वस्थ व्यक्ति वही होगा जो नकारात्मक भावनाओं यथा क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, तनाव, चिंता, अंहकार निर्दयता, डर आदि को त्यागकर संतुलित व्यवहार करे और चिंता, तनावों से दूर रहकर साहस के साथ अपने जीवन की समस्याओं का सामना करे। पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति भावनात्मक रूप से परिपक्व माना जाता है। वह जल्दी में कोई दिशाहीन कदम नहीं उठाता, छोटी-छोटी बातों का मन पर बोझ रखकर अपने लक्ष्य से नहीं भटकता है, तथा उन बातों के लिए भी चिंतित नहीं होता, जो उसकी क्षमता के बाहर हैं। भावनात्मक रूप से परिपक्व व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण कर विवेकपूर्ण कार्य करता है।

शब्दार्थ- नकारात्मक-विपरीत। परिपक्व-पका हुआ, अनुभवी। लक्ष्य-उद्देश्य । क्षमता-शक्ति।

संदर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) के भाग-8 के पाठ 24 के ‘कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों के लेखक डॉ. एस. सी. पुरोहित हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने पूर्णस्वस्थ रहने के उपाय बतलाते हुए कहा है कि-

व्याख्या-पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति की अलग ही पहचान होती है। इस प्रकार के व्यक्ति किसी प्रकार की विपरीत सोच-समझ जैसे-क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, तनाव, चिंता, अंहकार, कठोरता, भय आदि को अपने पास नहीं आने देता है। इस प्रकार वह संतुलित और सीमित बातचीत और क्रिया-व्यापार करता है। इससे वह निश्चिंत होकार साहसपूर्वक अपने जीवन की कठिन – से -कठिन समस्याओं का सामना कर लेता है। इस प्रकार वह भावनात्मक रूप से पूरा अनुभवी समझा जाता है। यही कारण है कि वह कोई भी कदम नाप-तौलकर उठाता है। फलस्वरूप उसके मन मस्तिष्क पर किसी प्रकार की हल्की भी बातों को असर नहीं पड़ता है। इसलिए वह उन बातों से बहुत दूर रहता है जिन्हें वह करने में असमर्थ होता है। इस प्रकार वह अपने भावनाओं में बहकता नहीं है। वह तो अपनी भावनाओं पर अपनी बुद्धि-समझ से अकुंश लगाकर अपने लक्ष्य-पथ पर बढ़ता ही जाता है।

विशेष-

  • पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति की पहचान ज्ञानवर्द्धक रूप में दी गई है।
  • यह अंश प्रेरणादायकस्वरूप है।

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न.1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती 1
उत्तर
(अ) 2, (ब) 3, (स) 4, (द) 1

(ख) दिए गए विकल्पों से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) नन्हीं चींटी जब ……………….लेकर चलती है। (खाना/दाना)
(ब) कोशिश करने वालों की ……………….नहीं होती। (हार/जीत)
(स) ……………….एक चुनौती है स्वीकार करो। (सफलता, असफलता)
(द) संघर्षों का मैदान ………………. मत भागो तुम। (छोड़/तोड़)
उत्तर
(अ) दाना
(ब) हार
(स) असफलता
(द) छोड़।

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) किसकी हार नहीं होती?
(ब) गहरे पानी में से खाली हाथ लौटने पर गोताखोर क्या करता है?
(स) कवि चैन की नींद त्यागने के लिए क्यों कह रहा है?
(द) असफलता को किस रूप में स्वीकार करना चाहिए?
उत्तर
(अ) कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
(ब) गहरे पानी में से खाली हाथ लौटने पर गोताखोर फिर इस दोगुने उत्साह से डुबकी लगाता है कि बड़ी आसानी से मोती नहीं मिलते हैं।
(स) कवि चैन की नींद त्यागने के लिए सफलता की प्राप्ति तक संघर्ष करने के लिए कह रहा है।
(द) असफलता को चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

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लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) कोशिश करते रहने की जीवन में क्या उपयोगिता है?
(य) नन्हीं चींटी किस प्रकार संघर्ष करती है?
(स) असफलता मिलने पर हमें क्या करना चाहिए?
(द) गोताखोर समुद्र में बार-बार डुबकी क्यों लगाता है?
(ई) सफलता पाने के लिए हमें क्या काम करना चाहिए?
उत्तर
(अ) कोशिश करते रहने की जीवन में बहुत बड़ी उपयोगिता है। इससे सफलता मिलती हा है।
(ब) नन्हीं चींटी दीवार पर दाना लेकर चढ़ते समय एक नहीं, दो बार नहीं बल्कि सौ बार फिसलती है। अंत में उसे सफलता मिल ही जाती है।
(स) असफलता मिलने पर हमें यह देखना चाहिए कि हमारी कोशिश में क्या कमी रह गयी है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है।
(द) सफलता पाने के लिए हमें कोशिश करते रहना चाहिए।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिए
नौका, कोशिश, मैदान, विश्वास, सिंधु, हैरानी, संघर्षों, डुबकियाँ, असफलता।
उत्तर
नौका, कोशिश, मैदान, विश्वास, सिंधु, हैरानी, संघर्षों, डुवकियाँ, असफलता।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में ‘ए’ और ‘ऐ की मात्रा संबंधी अशुद्धियाँ हैं, उन्हें सही कीजिए
उत्तर
अशुद्धियाँ – शुद्धियाँ
तेरता – तैरता
गहरै – गहरे
हेरानी – हैरानी
चेन – चौन
सेनिक – सैनिक

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में से एक बचन तथा बहुवचन छाँटकर लिखिए
रंग, डुबकियाँ, संघर्षों, कपड़ा, गाय, कथाएँ, गुड़िया
उत्तर
एकवचन – बहुवचन
रंग – इबकियाँ
कपड़ा – संघर्षों
गाय – कथाएँ
गुड़िया

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प्रश्न 4.
निम्ननिखित शब्दों में से शुद्ध शब्द छाँटकर लिखिए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती 2

प्रश्न 5.
पढ़िए, समझिए और उदाहरण के अनुसार लिखिए
उत्तर
फिसलती – फिसलना, फिसलता, फिसला
सिसकती – सिसकना, सिसकता, सिसका
लहराती – लहराना, लहराता, लहरता
अखरती – अखरना, अखरता, अखरा।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों में से शब्द और उनके विलोम शब्दों को छाँटकर जोड़ी बनाइए
हार, गिरना, असफलता, जीत, स्वीकार, सफलता, उठना, अस्वीकार, अविश्वास, भरा, विश्वास, खाली।
उत्तर
शब्द – विलोम शब्द
हार – जीत
गिरना – उठना
असफलता – सफलता
स्वीकार – अस्वीकार
अविश्वास – विश्वास
भरा – खाली

प्रश्न 7.
‘क’ वर्ग में लिखित शब्द समूहों का सही अर्थ ‘ख’ वर्ग से छाँटकर सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती 3
उत्तर
(अ) 5, (ब) 1, (स) 4, (द) 3, (ई) 2

प्रश्न 8.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
साहस, मेहनत, उत्साह, चुनौती, संघर्ष।
उत्तर
शब्द वाक्य-प्रयोग
साहस – साहस से काम करना चाहिए।
मेहनत – मेहनत से सफलता मिलती है।
उत्साह – उत्साह से निराशा समाप्त होने लगती है।
चुनौती – असफलता एक चुनौती है।
संघर्ष – संघर्ष करने से जीत हासिल होती है।

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पयांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती,
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सो बार फिसलती है,
मन को विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है,
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती।

शब्दार्य
नौका-नाव । रगो में-नसों में। अखरता-बुरा लगता।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-8 के पाठ-19 ‘हार नहीं होती’ से ली गई हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने कोशिश करके ही विजय प्राप्त होती है। इसे बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
लहरों के थपेड़ों से अगर कोई नाविक डर जाए, तो वह अपनी नौका को इस पास से उस पार नहीं लगा सकता है। उसे यह विश्वास कर लेना चाहिए कि जो कोशिश करते हैं, उनकी कभी हार नहीं होती है।
कवि का पुनः कहना है कि जब नन्हीं-सी चींटी दाना लेकर दीवार पर चढ़ती है, तो वह एक नहीं, दो नहीं बल्कि सो बार फिसलती है। फिर भी चढ़ने में सफल हो जाती है। अगर नसों में मन का विश्वास भरा हो तो उससे साहस मिलता है। चढ़कर गिरना लेकिन गिरकर फिर न चढ़ना बुरा लगता है। इस प्रकार जो मेहनत करते हैं, उनको आखिर में सफलता मिलती है। उनकी मेहनत बेकार नहीं जाती है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोशिश करने वालों की हार कभी नहीं होती है।

विशेष

  • यह अंश उत्साहवर्द्धक है।
  • वीर रस का प्रवाह है।

2. डुबकियाँ सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा-जाकर खाली हाथ लौट कर आता है।
मिलते न सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दूना उत्साह इसी हेरानी में,
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

शब्दार्थ
सिंधु-समुद्र । दूना-दो गुना।

संदर्भ – पूर्ववत्।

प्रसंग- पूर्ववत्।

व्याख्या
गोताखोर समुद्र में गहरी डुबकियाँ लगाता है। फिर भी कभी-कभी नह खाली हाथ लौटकर आता है। लेकिन वह यह भलीभाँति जानता है कि समुद्र की गहराई में इतनी आसानी से मोती नहीं मिलते हैं। वह इसी बात को समझकर हैरान हो जाता है। इस प्रयास में उसका उत्साह दो गुना बढ़ – जाता है कि उसकी मुट्ठी हर बार खाली नहीं लौटेगी। इस प्रकार कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है।

विशेष

  • भाषा में प्रभाव है।
  • वीर रस का संचार है।

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3. असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो, क्या कमी रह गयी, देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नीद चन का त्यागा तुम,
संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागो तुम ।
कुछ किये बिना ही जय-जयकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

संदर्भ – पूर्ववत्

प्रसंग – पूर्ववत्।

व्याख्या
असफलता कोशिश करने वालों के लिए एक चुनौती है। ऐसा मानकर उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए। इसके लिए उन्हें यह छानबीन करनी चाहिए। उनकी कोशिश में क्या कमी रह गयी और उसे अब कैसे दूर करके कदम बढ़ाना चाहिए। ऐसा सोच-विचार कर फिर कोशिश करनी चाहिए। इस प्रकार जब तक सफलता न मिले, चैन की नींद नहीं आनी चाहिए। इस दृढ़ संकलप के साथ संघर्षों के मैदान में डटे रहना चाहिए। यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए श्रेष्ठ और अटूट कर्मों से ही जय-जयकार होती है। यही नहीं, जो कोशिश करते है, उन्हें विजय प्राप्त होती है, हार नहीं।

विशेष

  • वीर रस प्रवाह है।
  • यह अंश प्रेरक हैं।

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 10 अमीर खुसरो

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 10 अमीर खुसरो

प्रश्न अभ्यास

प्रश्न 1.
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 10 अमीर खुसरो 1
उत्तर
(अ) 4, (ब) 3, (स) 5, (द) 1, (ई) 2

(ख) सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(अ) खुसरो के पिता ……………. थे। (मालदार, जागीरदार)
(ब) अमीर खुसरो पर ……………. संस्कारों का प्रभाव था। (विदेशी, भारतीय)
(स) पिता की मृत्यु के बाद खुसरो अपने … के घर आकर रहने लगे। (नाना, दादा).
(द) खुसरो ने ……………. में काव्य रचा। (मातृभाषा, लोकभाषा)
(ई) अमीर खुसरो का परिवार …………… देश से आकर भारत में बसा था। (तुर्की, पुर्तगाल)
उत्तर
(अ) खुसरो के पिता जागीरदार थे।
(ब) अमीर खुसरो पर भारतीय संस्कारों का प्रभाव था।
(स) पिता की मृत्यु के बाद खुसरो अपने नाना के घर आकर रहने लगे।
(द) खुसरो ने लोक भाषा में काव्य रचा।
(ई) अमीर खुसरो का परिवार तुर्की देश से आकर भारत में बसा था।

प्रश्न 2.
अति लघु उत्तरीय प्रश्न

(अ)अमीर खुसरो का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
(ब) खुसरो के गुरु कौन थे?
(स) अमीर खुसरो के मन को छूने वाले गीत कौन-से हैं?
(द) अमीर खुसरो को वैराग्य कब हुआ?
(ई) सूफी मत के अनुसार ईश्वर-प्राप्ति का क्या मार्ग है?
उत्तर
(अ) जागीरदार
(व) भारतीय
(स) नान
(द) लोकभाषा
(ई) तुर्की।

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प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न

(अ) खुसरो की कृतियाँ हमें क्या शिक्षा देती हैं?
उत्तर
खुसरो की कृतियाँ हमें धर्म-निरपेक्षता, देश-प्रेम और इंसानी बराबरी की शिक्षा देती हैं। ते परस्पर नफ़रत नहीं, अपितु मेल-मिलाप और सच्चे हिन्दुस्तानी की तरह रहने की भी शिक्षा देती हैं।

(ब)
भारत देश की प्रशंसा अमीर खुसरो किस रूप में करते हैं?
उत्तर
भारत देश की प्रशंसा अमीर खुसरो ने माँ के रूप में करते हैं। वे भारत को अपने वतन के रूप में वर्णित करते हुए खूब प्रशंसा करते हैं।

(स)
खुसरो की रचनाओं में कौन-कौन से दर्शन समाहित हैं?
उत्तर
खुसरो की रचनाओं में वेदान्त, बौद्ध और इस्लाम दर्शन समाहित हैं।

(द)
‘मुकरी’ का उदाहरण देते हुए उसका अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
मकरी-‘मुकरी’ शब्द मकरना से बना है। मकरना का अर्थ है-कहकर बदल जाना या वादा करके बाद में कही गई बात से इनकार करना। मुकरी ऐसी पद्य रचना है जिसमें ‘हाँ’ कहकर ‘न’ कहा जाता है। जैसे’बह आवे तो शादी होय, उस बिन दूजा ओर न कोय। मीठे लागे बाके बोल, क्यों सखि साजन, ना सखि ढोला’ ऐसा लगता है जैसे सखि के साजन आ रहे हैं, किंतु कवि उसे साजन मानने से इनकार करता है और कहता है ‘साजन नहीं’ ढोल आ रहा है।

(ई)
खुसरो की अंतिम रचना कौन-सी थी, वह किस घटना से संबंधित थी?
उत्तर
खुसरो की अंतिम रचना थी
गोरी सोवे सेज पर, मुख पर डारे केस।
चल खुसरो घर आपने, रेन भई चहुँ देस।।
खुसरो की यह अंतिम रचना उनके गुरु के निधन
से उत्पन्न दुखद घटना से संबंधित थी।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिए
आत्मीय, कुशात्र, साहित्यिक, समन्वय, धर्मनिरपेक्षता, अश्रुधारा, वैराग्य।
उत्तर:
आत्मीय, कुशाग्र, साहित्यिक, समन्वय, धर्मनिरपेक्षता, अश्रुधारा, वैराग्य।

प्रश्न 2.
नीचे दिए शब्दों की वर्तनी सुधारिएप्रसतुत, गुरू क्रपा, ननीहाल, जलवायू, अनुयाई।
उत्तर
प्रस्तुत, गुरुकृपा, ननिहाल, जलवायु, अनुयायी।

प्रश्न 3.
नीचे दिए वाक्यों में उपयुक्त विराम चिह लगाइए
(क) गांधी जी ने कहा था सदा सत्य बोलो
(ख) राम मोहन सौरभ और कमल घूमने गए
(ग) झूठ बोलना पाप की जड़ है शिक्षक ने कहा
(घ) बाजार से सब्जी ले आए इन्हें डलिया में रख दो
उत्तर
(क) गांधी जी ने कहा था, “सदा सत्य बोलो।”
(ख) राम, मोहन, सौरभ और कमल घूमने गए
(ग) “झूठ बोलना पाप की जड़ है” शिक्षक ने कहा
(घ) बाजार से सब्जी ले आए। इन्हें इलिया में रख दो।

प्रश्न 4.
नीचे दिए विग्रह पदों के साभासिक शब्द बनाइए
उत्तर-
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 10 अमीर खुसरो 2

प्रश्न 5.
विलोम शब्दों की सही जोड़ी बनाइए
उत्तर-
प्रशंसा – निन्दा
रुचि – अरुचि
प्रेम – घृणा
नारी – पुरुप
प्रभावित – अप्रभावित

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यों में शब्दों को सही क्रम में लिखिए
(क) एक जागीरदार थे पिता के खुसरो।
(ख) खुसरो ने काव्य रचा लोकभाषा में।
(ग) अंतिम रचना थी उनकी यह।
(घ) गुरु के संपर्क में आए वे यहीं।
(ङ) खुसरो भी मत अनुयायी इसी के बन गए।
उत्तर
(क) खुसरो के पिता एक जागीरदार थे।
(ख) खुसरो ने लोकभाषा में काव्य रचा।
(ग) उनकी यह अंतिम रचना थी।
(घ) वे यहीं गुरु के सम्पर्क में आए।
(ङ) खुसरो भी इसी मत के अनुयायी बन गए।

प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएं

1. “परमात्मा जब मुझसे पूछेगा कि तुम मेरे लिए क्या लाए हो, तो मैं खुसरो को पेश कर दूंगा।” ये उद्गार प्रसिद्ध संत हजरत निजामुद्दीन औलिया के अपने शिष्य के प्रति थे। गुरु कहा करते ये-“अगर कब्र में दो लोगों को दफन किया जाता, तो मैं चाहता कि खुसरो को मेरे साथ ही दफन किया जाए। ऐसी आत्मीय गुरुकृपा के पात्र थे अमीर खुसरो।

शब्दार्थ:
पेश-प्रस्तुत। उद्गार विचार। आत्मीय अपने लोग।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिन्दी सामान्य) भाग-8′ के पाठ-10 ‘अमीर खुसरो’ से ली गई हैं।

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने अमीर खुसरों की महान्ता को बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या:
अमीर खुसरो के गुरु महान् और प्रसिद्ध सत हजरत निजामुद्दीन औलिया थे। वे खुसरो के प्रति अपार और एकमात्र प्रेमभाव रखते थे। इससे सस्पष्ट करने के लिए उन्होंने एक बार कहा भी था-जब वे परमात्मा के पास जायेंगे और परमात्मा उनसे पूछेगा कि वे उसके लिए क्या लायेंगे, तो वे उससे यही कहेंगे कि वे खुसरो को उसके लिए लाये हैं। गुरु संत हजरत निजामुद्दीन औलिया का प्रेमभाव और अपनापन खुसरो के प्रति एकमात्र भरा हुआ था। वे इसे सुस्पष्ट रूप से कहा करते थे-‘यों तो एक कब्र में एक ही आदमी को ही दफ़न किया जाता है। अगर एक ही जगह दो आदमियों को दफन किया जाना संभव हो तो ये चाहेंगे कि उनके साथ ही खसरो को भी दफ़न कर दिया जाए। इससे यह सिद्ध होता है कि खुसरी अपने गुरु के अनन्य एकमात्र सबसे बड़ा कृपा-पात्र थे।

विशेष:

  • खुसरो की बेजोड़ विशेषता बतलायी गयी है।
  • भाव आकर्षक है।

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti विविध प्रश्नावली 3

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions विविध प्रश्नावली 3

प्रश्न 1.
सही जोड़ी बनाइए
(अ) अलगू चौधरी ने कहा – 1. बुढ़िया न जाने कब तक जिएगी।
(ब) जुम्मन की पत्नी ने कहा – 2. दोस्ती के लिए कोई अपना ईमान नहीं बेचता।
(स) मौसी ने कहा – 3. रुपये क्या यहाँ फलते
(द) जुम्मन ने कहा – 4. जुम्मन मेरा मित्र है।
उत्तर-
(अ) – 4
(ब) – 1
(स) – 2
(द) – 3

प्रश्न 2.
सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए

(अ) शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए शरीर के आंतरिक एवं बाह्य ……………….का स्वस्थ रहना अनिवार्य है। (अंगों/रंगों)
(ब) दोपहर का समय था। सूरज ………………. उगल रहा था। (झाग/आग)
(स) अब इस दीप से और सैकड़ों ……………….जलाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। (दीप/मशाल)
(द) मैं यह जरूर चाहूँगी कि खर्च करने से पूर्व ………… सोच लेना चाहिए।(ऊपर-नीचे/आगे-पीछे)
(ई) लगता है, उठे हुए बाजार की तरह मेरे ………………. का ठाठ उठ चुका है। (गाँव/शहर)
उत्तर-
(अ) अंगों,
(ब) आग,
(स) दीप,
(द) आगे-पीछे,
(ई) गाँव।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 3.
(क) रहीम के अनुसार चतुर व्यक्तियों के हृदय में किस बात की हूक लगी रहती है?
(ख) नितिन ने आंटी से किस बात का अनुरोध किया?
(ग) गोताखोर का उत्साह दूना क्यों बढ़ जाता है?
(घ) अपव्यय पर रोक लगाने से क्या फायदा होता है?
(ङ) अब नदी का चेहरा किस प्रकार का हो चुका था?
(च) समझू ने जुम्मन को सरपंच क्यों चुना?
(छ) कवि के अनुसार कुमार का रूप कैसा है?
(ज) सफल जीवन के लिए किस बात को समझना आवश्यक
उत्तर-
(क) रहीम के अनुसार चतुर व्यक्तियों के हृदय में समय की चूक की हूक लगी रहती है।
(ख) नितिन ने आंटी से आगे से अपने घर का रोजमर्रा का सामान उसके द्वारा दिए गए कपड़े के झोले में रखकर लाने का अनुरोध किया।
(ग) गोताखोर का उत्साह इस बात को सोचकर दूना बढ़ जाता है कि गहरे पानी में सहज में मोती नहीं मिलते हैं।
(घ) अपव्यय पर रोक लगाने से बहुत बड़ी बचत होती है। उससे बड़ी आवश्यकता की पूर्ति होती है।
(ङ) अब नदी का चेहरा उभरे हुए दर्द की तरह रेत हो चुका था।
(च) समझू ने जुम्मन को सरपंच चुना। यह इसलिए कि उसको अलगू और जुम्मन के बैर का हाल मालूम था।
(छ) कवि के अनुसार कुमार का रूय दिव्य (अति सुंदर) और लंबे समय से चला आने वाला है।
(ज) सफल जीवन के लिए दूरगामी उद्देश्यों की हमारी दृष्टि लगातार बनी रहे। निरंतर उसी ओर बढ़ते रहने का अनुभव होता रहे।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(क) सफलताएँ किस प्रकार के व्यक्ति की प्रतीक्षा करती हैं?
उत्तर-
सफलताएँ योग क्रियाएँ, संतुलित आहार, सदाचरण और भावनात्मक सोच-विचार रखने वाले व्यक्ति की प्रतीक्षा करती हैं।

(ख) कवि ने कुमार को आशाओं की आशा क्यों कहा
उत्तर-
कवि ने कुमार को आशाओं की आशा इसलिए कहा है कि उनमें अपार देशभक्ति, वीरता और अतीतकालीन गौरव के भाव भरे हैं।

(ग) अलगू चौधरी और जुम्मन शेख की गाढ़ी मित्रता किस प्रकार की थी?
उत्तर-
अलगू चौधरी और जुम्मन शेख की गाढ़ी मित्रता एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करने और गाढ़े समय में परस्पर खुलकर साथ देने की थी।

(घ) रहीम के अनुसार विपत्ति आने पर धन की क्या स्थिति हो जाती है?
उत्तर-
रहीम के अनुसार विपत्ति आने पर धन नहीं रहता है। वह तो वैसे गायब हो जाता है जैसे भोर होने पर आकाश से तारे।

(ङ) हम अपनी छोटी-सी सुविधा के लिए पर्यावरण को किस प्रकार प्रदूषित करते हैं?
उत्तर-
हम अपनी छोटी-सी सुविधा के लिए पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली चीजों का धड़ाधड़ प्रयोग करके प्रदूषित करते हैं।

(च) “असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो” इस कथन की पुष्टि में कवि ने किस-किस के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं?
उत्तर-
“असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो” इस कथन की पुष्टि में कवि ने दाना लेकर चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती चींटियों और समुद्र की गहराई में डुबकियाँ लगाने के बावजूद खाली हाथ लौटकर आते गोताखोर के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।

(छ) “बूंद-बूंद से घड़ा भरता है” पत्र में माँ ने पुनीत को कौन-कौन-सी सीख दी हैं?
उत्तर-
“बूंद-बूंद से घड़ा भरता है” पत्र में माँ ने पुनीत को थोड़ी-थोड़ी बचत करने और मितव्ययता के गुण अपनाने की सीख दी है।

(ज) गाँवों में अब नदी की स्थिति क्या हो गई है?
उत्तर-
गाँवों में अब नदी की स्थिति उभरे हुए दर्द की तरह रेत बन गई है।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ लिखिए-
तुम्हें यशोदा के पलने की,
मधुर थपकियाँ जगा रहीं,
तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ,
वृन्दावन में बुला रहीं॥
उत्तर-
देखें व्याख्या भाग।

प्रश्न 6.
आप अपने जीवन में किसके व्यक्तित्व से प्रभावित हैं? और क्यों? दस वाक्यों में लिखिए।
उत्तर-
हम अपने जीवन में अपने कक्षाध्यापक के व्यक्तित्व से प्रभावित हैं। यह इसलिए कि वे एक गिने-चुने आदर्श अध्यापक हैं। वे चरित्र के धनी हैं। उनमें अपना कर्मण्यता है। वे बढ़े ही आस्तिक हैं। वे भारतीयता के प्रतीक हैं। उनमें अत्यधिक साहस और धैर्य हैं। वे समय के सदुपयोगी हैं। उनमें उदारता है। उनमें आत्मनिर्भरता और कर्त्तव्यनिष्ठता है। वे अपने कर्म और चरित्र से पहली मुलाकात में ही किसी का मन मोह लेते हैं।

प्रश्न 7.
(अ) निम्नलिखित शब्दों के शुद्ध रूप लिखिएनिशेश, दीव्य, पड़ोसीन, परसन्नता, अपरत्यक्ष, दुषित।
उत्तर-
(अ) अशुद्ध शब्द – शुद्ध शब्द
विशेश – विशेष
दीव्य – दिव्य
पड़ोसीन – पड़ोसिन
परसन्नता – प्रसन्नता
अपरत्यक्ष – अप्रत्यक्ष दुषित

(ब) निम्नलिखित शब्दों के हिंदी रूप लिखिए-
प्लीज, पोस्टमैन, होमवर्क, आंटी, प्रिंसीपल, फैक्ट्री।
उत्तर-
(ब) शब्द – हिन्दी रूप
प्लीज – कृपया
पोस्टमैन – डाकिया
होमवर्क – गृहकार्य
आंटी – चाची
प्रिंसीपल – प्रधानाध्यापक
फैक्ट्री – कारखाना

(स) निम्नलिखित शब्दों में से एक शब्द का अर्थ समान है उस पर गोला लगाइए-
प्रगति – उन्नति, अवनति, प्रतीति।
संघर्ष – मजबूर, मुकाबला, मजदूर।
मोहरे – मुहावरे, मोगरा, गोटियाँ
दिव्य – अलौकिक, लौकिक, सार्वभौमिक।
उत्तर-
(स) प्रगति – उन्नति
संघर्ष – मुकाबला
मोहरे – गोटियाँ
दिव्य – अलौकिक।

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प्रश्न 8.
(अ) दिए हुए गद्यांश में उचित स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए-
उत्तर-
शाम तक वे कहीं मिल जाते हैं तो चौंककर कहते हैं अरे मैं तो भूल ही गया तुम्हें बड़ी परेशानी हुई होगी न मुझे सख्त अफसोस है अच्छा कल आठ बजे आ जाओ मैं तुम्हारा इंतजार करूँगा।

(ब) निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
आत्मविश्वास, व्यवस्था, पर्यावरण, ईमान, श्रेय, राष्ट्र
उत्तर-
शब्द वाक्य-प्रयोग
आत्मविश्वास – स्वस्थ आदमी आत्मविश्वास भरा होता है।
व्यवस्था – उसके घर में अच्छी व्यवस्था है।
पर्यावरण – पर्यावरण दिन-प्रतिदिन प्रदूषित हो रहा है।
ईमान – लाभ के लिए ईमान नहीं बेचना चाहिए।
श्रेय – उसे सफल बनाने में उसकी माँ का ही श्रेय है।
राष्ट्र – राष्ट्रवासियों को राष्ट्रभक्त होना ही चाहिए।

प्रश्न 9.
अपने पिताजी को पत्र लिखकर अपनी पढ़ाई की जानकारी दीजिए।
उत्तर-
देखें- ‘पत्र-लेखन’

प्रश्न 10.
क्रिसी एक विषय पर निबंध लिखिए-
प्रमुख राष्ट्रीय त्यौहार, किसी ऐतिहासिक स्थान की यात्रा का वर्णन।
उत्तर-
देखें- ‘निबंध-लेखन’

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले

(क) सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 1
उत्तर
(अ) 4, (ब) 3, (स) 1, (द) 2

(ख) सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) सूरज ……………….उगल रहा था। (पानी, आग)
(ब) ……………….की थैलियाँ खाकर अब कोई गाय नहीं मरनी चाहिए। (पॉलिथीन, कागज)
(स) अब इस दीप से और ……………….दीप जलाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। (सैकड़ों, हजारों)
(द) अनगिनत ………………उसकी आँखों में झिलमिला उठे। (तारे, दीप)
उत्तर
(अ) आग
(ब) पॉलिथीन
(स) सैकड़ों
(द) दीप

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अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) नितिन के बैग में क्या भरा था?
(ब) जलाने पर पॉलिथीन से कैसा धुआँ निकलता है?
(स) नितिन दोपहर में ही क्यों गया था?
(द) नितिन ने रमा को क्या सलाह दी?
उत्तर
(अ) नितिन के बैग में कपड़े का सिला हुआ एक झोला था।
(ब) जलाने पर पॉलिथीन से विषैला धुंआ निकलता था।
(स) नितिन दोपहर में गया था। यह इसलिए कि वही समय उसके पास खाली रहता था।
(द) नितिन ने रमा को यह सलाह दी कि अपने घर का रोजमर्रा का सामान कपड़े के झोले में ही लाया करें।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) पॉलिथीन की थैलियाँ पर्यावरण को कैसे प्रभावित करती हैं?
उत्तर
(अ) पॉलिथीन की थैलियाँ पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत घातक हैं। ये जमीन का उपजाऊपन नष्ट करके उसे बंजर बना देती है। जलाने पर इससे निकलने वाला विषैला धुंआ हमारे वायुमण्डल को जहरीला बना देता है।

(ब)
नितिन ने जन्मदिन पर कौन-सा उपहार चाहा और क्यों?
उत्तर
नितिन ने जन्मदिन पर कपड़ों से सिले झोलों को उपहार लेना चाहा। यह इसलिए कि वह इन झोलों को अधिक-से-अधिक घरों में पहुँचायेगा।

(स)
नितिन की बात सुनकर रमा ने कौन-सा संकल्प लिया?
उत्तर
नितिन की बात सुनकर रमा ने यह संकल्प किया कि वह भी उसी की तरह दूसरों में पर्यावरण के चेतना जगाएगी।

(द)
नितिन को पर्यावरण प्रदूषण के विरुद्ध अभियान चलाने की प्रेरणा कैसे मिली?
उत्तर
नितिन को पर्यावरण प्रदूषण के विरुद्ध अभियान चलाने की प्रेरणा हो रहे प्रदूषण के खतरनाक परिणामों को देखकर समझने से मिली।

(इ)
‘दीप से दीप जले’ से लेखिका का क्या आशय है?
उत्तर
दीप से दीप जले’ से लेखिका का आशय है-पर्यावरण की शुद्धता के लिए देशवासियों को प्रेरित करना।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिएविषम, पर्यावरण, वायुमण्डन, विषैला।
उत्तर
विषम, पर्यावरण, वायुमण्डल, विषैला।

प्रश्न 2.
सही वर्तनी वाले शब्दों को कोष्ठक में लिखिए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 2
उत्तर
अनुरोध, धुआँ, दूषित, ठहरिए।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के हिंदी रूप लिखिएप्लीज, पोस्टमैन, होमवर्क, आंटी, प्रिंसीपल । उत्तर
शब्द – हिंदी रूप
प्लीज – कृपया
पोस्टमैन – डाकिया
होमवर्क – आंटी
चाची प्रिंसीपल – प्रधानाध्यापक

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में से एक शब्द का अर्थ असमान है।
असमान शब्द पर गोला लगाइए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 3

प्रश्न 5.
विलोम शब्दों को चुनकर जोड़ी बनाइए
उत्तर
विषम – सम
खरीदना – बेचना
प्रशंसा – निंदा
सुरखा – असुरक्षा
सुखद – दुखद

प्रश्न 6.
उदाहरण के अनुसार निम्नलिखत शब्दों में ‘दार’ प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाइए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 4
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 4a

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए
सूरज, धुओं, आग, गर्मी।
उत्तर
शब्द – तत्सम शब्द
सूरज – सूर्य
धुओं – धूम्र
आग – अग्नि
गर्मी – ग्रीष्म

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प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. सचमुच में ये पॉलिथीन की थैलियाँ हमारे पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत घातक हैं। जमीन का उपजाऊपन नष्ट करके यह उसे बंजर बना रही है। जलाने पर इनसे निकलने वाला विषेला धुआँ हमारे वायुमण्डल को जहरीला बना | रहा है। ये बैलियों पर की मोरियों और नदी-नाले में जाकर | पानी का बहाव रोकती हैं। जानबर के पेट में जाकर उनके प्राण | ले लेती हैं, फिर भी हम बाजार से सारा सामान इन्हीं थैलियों में लाना पसंद करते हैं। हम अपनी छोटी-सी सुविधा के लिए पर्यावरण को कितना दूषित कर रहे हैं।। |

शब्दार्थ
पर्यावरण-वातावरण। घातक-हानिकारक । बंजर-ऊसर, अनुपजाऊ।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियों हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) के भाग-8 के पाठ-18 के ‘दीप से दीप जले’ से ली गई है। इसकी लेखिका डॉ उषा यादव हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में लेखिका ने पॉलिथीन की धैलियों से होने वाली हानियों के बारे में बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
वास्तव में पॉलिथीन की थैलियों जहाँ हमारे दैनिक जीवन के प्रयोग में सुविधाजनक हैं, वहीं दूसरी ओर वे हमारी जीवन सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही हानिकारक हैं। ये उपजाऊ जमीन की शक्ति को समाप्त करके उसे अनुपजाऊ बना देती हैं। अगर इन्हें जलाया जाता है, इनसे जो धुंआ निकलता है, वह साधारण नहीं होता है, अपितु बहुत ही जहरीला होता है। इससे हमारा वातावररण स्वाभाविक रूप से विषैला बना देता है। पॉलिथीन थैलियों पानी के बहाव को रोक लेती हैं। इस प्रकार घर की मोरियाँ ही नहीं, अपितु नदी-नाले के पानी के बहाव को रोक लेती हैं। अगर इन्हें कोई जानवर खा लेता है तो ये उसकी आँत में रुक जाती है। फलस्वरूप उसकी मौत हो जाती है। ऐसी जानकारी होने के बावजूद भी हम खाने-पीने की चीजें बाहर से इन्हीं पॉलिथीन की थैलियों में लाने में अधिक रुचि दिखाते हैं। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि अपनी इस प्रकार की छोटी-सी इच्छा की पूर्ति करके पर्यावरण को किस प्रकार खराव कर रहे हैं।

विशेष

  • भाषा प्रभावशाली है।
  • यह अंश ज्ञानवर्द्धक है।

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti विविध प्रश्नावली 2

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions विविध प्रश्नावली 2

लघुउत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti विविध प्रश्नावली 2 1
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti विविध प्रश्नावली 2 2
उत्तर
(अ) 4, (ब) 1, (स) 2, (द) 3

प्रश्न 2.
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(1) हम पंछी उन्मुक्त ……………….के पिंजरबद्ध न ___गा पाएँगे।(चमन, गगन)
(2) अमीर खुसरो ने मन को छू लेने वाले …. लिखे। (गीत, लेख)
(3) दीनानाथ को विचारों में खोया देख उनकी पत्नी .. …………….. बोली। (मधुमती, मधुमिता)
(4) जो लोग समय तय करके भी घर नहीं मिलते हैं, वे मुझे भगवान के……. मालूम होते
(प्रेजेंट, एजेंट)
(5) ऐसा न कहिए जेलर साहब! मैं ………….. तरह अटल हूँ। (चटूटान, फौलाद)
उत्तर
(1) गगन
(2) गीत
(3) मधुमती
(4) एजेंट
(5) चट्टान।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न तर

प्रश्न 3.
1. बिस्मिल की माँ को किस बात का अफसोस था?
2. साँची में हर्षित कहाँ रुका था?
3. गाँव में सब्जियों की बेलें किस पर छाई हुई हैं?
4. बड़े सवाल का छोटा-सा जवाब पाने पर लेखक को कैसा लगता है?
5. छगन अचानक एक दिन किस समाचार को सुनकर उदास हो गया?
6. अपने गुरु के प्रतति खुसरो के मन में कौन-सा प्रेरक __ भाव था?
7. कवि किस प्रकार के पंखों के टूटने की बात कह रहा है?
उत्तर-
1. बिस्मिल की माँ को इस बात का अफ़सोस था कि उसका दूसरा बेटा अभी छोटा क्यों है?
2. साँची में हर्षित मध्य-प्रदेश पर्यटन विभाग के पर्यटक आवास गृह में रुका था।
3. गाँव में सब्जियों की बेलें खपरैलों पर छाई हुई हैं।
4. बड़े सवाल का छोटा-सा जवाब पाने पर लेखक को लगता है कि वह बच्चा है और किसी बुजुर्ग के सामने बक-बक कर रहा है।
5. छगन अचानक एक दिन यह समाचार सुनकर उदास हो गया कि शर्मा जी का स्थानांतर अन्य शहर में हो गया है।
6. अपने गुरु के प्रति खुसरो के मन में समर्पण का प्रेरक भाव था।
7. कवि पुलकित पंखों के टूटने की बात कह रहा है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 4.
(क) ‘हम बहता जल पीने वाले मर जाएँगे भूखे-प्यासे’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
(ख) ईश्वर प्राप्ति के संबंध में खुसरों के गुरु के क्या विचार थे?
(ग) नर्सिंग होम के उद्घाटन के समय किस प्रकार का वातावरण था?
(घ) हरिशंकर परसाई के अनुसार किस प्रकार के लोगों की चर्चा करना व्यर्थ है?
(ङ) ‘ग्राम्य जीवन’ कविता के आधार पर लिखिए कि “गाँव के लोग परिश्रमी होते हैं।”
(त) अपने साथियों को बढ़ने के लिए स्कूल जाते देखकर लिंकन क्या सोचते थे?
(य) बिस्मिल की माँ अन्य साधारण स्त्रियों से किस प्रकार भिन्न थी?
(द) हर्षित ने साँची के संग्रहालय में क्या-क्या देखा?
उत्तर
(क) ‘हम बहता जल पीने वाले मर जायेंगे भूखे-प्यासे’ कवि ने ऐसा इसलिए कहा है कि स्वतंत्रता परतंत्रता के बंधन से समाप्त हो जाती है। उसके सारे अरमान और शक्तिक्षमता एक-एक करके व्यर्थ हो जाती हैं।
(ख) ईश्वर-प्राप्ति के संबंध में खुसरो के गुरु के विचार बहुत उत्तम थे। उनके अनुसार ईश्वर को अलौकिक प्रेम से ही प्राप्त किया जा सकता है।
(ग) नर्सिंग होम के पास पंडाल लगा था। अतिथियों का आगमन शुरू हो चुका था। चारों ओर हँसी-खुशी का वातावरण दिखाई दे रहा था।
(घ) हरि शंकर परसाई के अनुसार ऐसे लोगों की चर्चा करना व्यर्थ है जो समय पर घर मिलते हैं और समय पर दूसरे के घर भी जाते हैं। ये घर में रहेंगे तो टाइमपीस देखते रहेंगे और बाहर होंगे तो हाथ घड़ी देखते रहेंगे।
(ङ) गाँव के लोग घोर परिश्रम करते हैं। इसलिए वे आलसी नहीं होते हैं। वे दिन-भर खेतों में काम करते रहते हैं। इस प्रकार वे आत्मनिर्भर होते हैं।
(त) अपने अमीर साथियों को पढ़ने के लिए स्कूल जाते लिंकन देखता तो सोचता ये पढ़ने जाते हैं। इनके पास सुख के अनेक साधन हैं। ये बड़े होकर कुर्सी पर बैठेंगे।
(थ) बिस्मिल की माँ अन्य साधारण स्त्रियों की तरह रोने-चीखने वाली नहीं थीं। उसने अपने बेटे बिस्मिल को बचपन से त्याग, वीरता और देश-प्रेम का पाठ पढ़ाया था।
(द) हर्षित ने संग्रहालय में अनेक पुरातत्त्व महत्त्व की वस्तुएँ देखीं। उसने अनेक मूर्तियों और मंदिरों के भग्नावशेषों व कलाकृतियों को देखा। उसने अशोक स्तंभ का सिंह-चिह्न और बौद्ध-भिक्षुओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले पात्रों को भी देखा।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ लिखिएनीड़ न दो, चाहे टहनी का आश्रय छिन्न-भिन्न कर डालो, लेकिन पंख दिये हैं, तो आकुल उड़ान में विघ्न न डालो।
उत्तर
पंक्षी मनुष्य से कह रहा है कि उसे टहनी का आश्रय भले न हो और उसे छिन्न-भिन्न कर डालो। लेकिन उसे विष्ट पता ने उड़ने के लिए पंख दिए हैं, तो उसे उड़ने से मत रोको। उसे स्वतंत्र उड़ान भरने दो।

प्रश्न 6.
आपके द्वारा देखे गए किसी दर्शनीय स्थल का तिथिवार वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर
इस प्रश्न को छात्र/छात्रा अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से हल करें।

प्रश्न 7.
(अ) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिएसाक्षर, शिष्टता, निंदा, सुविधा अल्पायु।
उत्तर-
(अ) शब्द – विलोम शब्द
साक्षर – निरक्षर
शिष्टता – धृष्टता
निंदा – स्तुति
सुविधा – असुविधा
अल्पायु – दीर्घायु

(ब) निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची लिखिए
विश्व, शाम, घर, माँ, जमीन, देश।
उत्तर-
विश्व – संसार, जगत
शाम – संध्या, साँझ
माँ – जननी, जन्मदात्री
जमीन – भूमि, भू
देश – राष्ट्र, वतन

(स) निम्नलिखित मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
जी चाहना, आँखों से परनाले बहना, कदम डगमगाना।
उत्तर-
(स) जी चाहना-पुत्र को देखने के लिए माँ का जी चाहता है। आँखों से परनाले बहना-पुत्र को जेल की कोठरी में देखकर माँ की आँखों से परनाले बहने लगे। कदम डगमगाना-अदालत में बयान देते समय अपराधी के कदम डगमगाने लगे।

(द) निम्नलिखित वाक्यों में से सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य पहचानकर लिखिए-
अपनी भारत माँ की अच्छी तरह सेवा करना। मेरे देश को आजादी मिले और मेरे देशवासी उस दिन आँसू बहाएँ यह मुझसे सहन नहीं हो सकेगा माँ। मेरी इच्छा है कि तू मातृभूमि की रक्षा करे।
उत्तर-
(द) अपनी भारत माँ की अच्छी तरह सेवा करना – सरल वाक्य।_मेरे देश को आजादी मिले और मेरे देशवासी उस दिन आँसू बहाएँ, यह मुझसे सहन नहीं हो सकेगा माँ-संयुक्त वाक्य। मेरी इच्छा है कि तू मातृभूमि की रक्षा करे-मिश्रित वाक्य।

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प्रश्न 8.
(अ) नीचे लिखे शब्दों से विशेषण शब्द अलग करके लिखिए
(1) बूढ़ा नीम
(2) फटे जूते
(3) सूखा घास
(4) मीठी बातें
उत्तर-
(अ) शब्द – विशेषण शब्द
बूढ़ा नीम – बूढ़ा
फटे जूते – फटे
सूखा घास – सूखा
मीठी बातें – मीठी

(ब) पाठ्य पुस्तक में पढ़ी हुई किसी कविता की चार पंक्तियाँ लिखिए।

(घ) स्वर्ण-शृंखला के बंधन में
अपनी गति, उड़ान सब भूलें,
बस सपनों में देख रहे हैं,
तरु की फुनगी पर के झूले।

प्रश्न 9.
अपने प्रधान अध्यापक को फीस माफ करने विषयक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर
देखें पत्र-भाग।

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 9 हमें न बाँघें प्राचीरों में

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MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 9 हमें न बाँघें प्राचीरों में

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 9 हमें न बाँघें प्राचीरों में 1
उत्तर
(अ) 2, (ब) 1, (स) 4, (द) 3

(ख) सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. हम पंछी उन्मुक्त …………………. (गगन, चमन)
2. नीड़ ने दो चाहे …………………. का (डाली, टहनी)
3. आश्रय …………………. कर डालो (छिन्न-भिन्न, तहस-नहस)
4. या तो ……………… मिलन बन जाता। (आकाश, क्षितिज)
उत्तर
1. गगन,
2. टहनी,
3. छिन्न-भिन्न,
4. क्षितिज

प्रश्न 2.
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(अ)पिंजरे में बंद होकर पक्षी क्यों नहीं गा पाएँगे?
(ब) पंछी क्या चाहता है?
(स) पंछी का क्या अरमान है?
(द) पंछी स्वप्न में क्या देखता है?
उत्तर
(अ) पिंजरे में बंद होकर पंक्षी नहीं गा पाएँगे; क्योंकि वे स्वतंत्र आसमान में उड़ने वाले जीव हैं।
(ब) पंछी चाहता है कि उसकी उड़ान में कोई बाधा न डाले।
(स) पंछी का अरमान है कि वह नीले आसमान की सीमा पा ले।
(द) पंछी स्वप्न में तरु (पेड़) की फुनगी पर के झूले को देखता है।

प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न

(अ)
पक्षी को सोने की सलाखों के पिंजरे में किस बात का भय बना रहता है और क्यों?
उत्तर
पक्षी को सोने की सलाखों के पिंजरे में इस बात का भय बना रहता है कि वह अपनी गति उड़ान आदि न भूल जाए। चूंकि पिंजरे का जीवन स्वतंत्र नहीं है। पक्षी को स्वतंत्रता चाहिए, जो उन्हें उन्मुक्त गगन में ही मिल सकता है, पिंजरे में नहीं। पक्षी उन्मुक्त गगन में उड़ान भरकर काफी खुश होंगे। पिंजरे की सुख-सुविधा उन्हें नहीं चाहिए।

(ब)
स्वतंत्र जीवन जीने वाले कैसे होते हैं?
उत्तर
स्वतंत्र जीवन जीने वाले स्वाभिमानी होते हैं। उनके बड़े-बड़े अरमान होते हैं। वे इसके लिए कुछ भी कर गुजरने से नहीं रुकते हैं। वे स्वतंत्र जीवन को ही एकमात्र अपना जीवन-लक्ष्य मानकर इसको दृढ़तापूर्वक सिद्ध करने में कोई कोई कसर नहीं छोड़ते हैं।

(स)
‘कनक-कटोरी की मैदा’ और ‘कटुक-निबौरी’ में से पक्षी को कौन-सी वस्तु भली लगती है और क्यों? लिखिए।
उत्तर
‘कनक-कटोरी की मैदा’ और ‘कटक-निबौरी’ में से पक्षी को ‘कटुक-निबौरी’ ही वस्तु भली लगती है। यह इसलिए कि इसमें उसकी स्वतंत्रता है, परतंत्रता नहीं।

(द)
पिंजरे की सुविधाएँ पंछी को क्यों पसंद नहीं हैं?
उत्तर
पिंजरे की सविधाएं पंछी को पसंद नहीं हैं। यह इसलिए कि इसमें उसकी स्वतंत्रता नहीं परतंत्रता है। चूंकि वह बहता जल पीने वाला है। खुले आकाश में अपनी उड़ान भरने वाला है। मनपसंद फल खाने वाला है। ये स्वतंत्रता (सुख-सुविधाएँ) उसे पिंजरे में नहीं मिल सकती हैं।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों को बोलिए और लिखिए
उन्मुक्त, पिंजरबद्ध, कटुक-निवौरी, श्रृंखला, फुनगी, नीड़, आश्रय, नील-गगन, क्षितिज।
उत्तर
उन्मुक्त, पिंजरबद्ध, कटुक-निबौरी, शृंखला, फुनगी; नीड़ आश्रय, नील-गगन, क्षितिज।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पंक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए
(क) पुलकित पंख टूट जाएँगे।
(ख) स्वर्ण-शृंखला के बंधन में, अपनी गति, उड़ान सब भूले।
(ग) नील-गगन से होड़ा-होड़ी।
उत्तर
(क) पुलकित पंख टूट जाएँगे।
इन पंक्तियों में कवि ने यह कहना चाहा है कि परतंत्रता बड़ी कठोर होती है। वह स्वतंत्रता की सरसता के पर को कतर-कतर उसका जीना कठिन कर देती है।

(ख) स्वर्ण-शृंखला के बंधन में अपनी गति उड़ान सब भूले।
इन पंक्तियों में कवि ने यह कहना चाहा है कि परतंत्रता स्वतंत्रता की सभी अच्छाइयों और रूपों को भूल जाने के लिए मजबूर कर देती है। इस तरह परतंत्रता की सुख-सुविधाएँ स्वतंत्रता के महत्त्व को समाप्त नहीं कर सकती हैं।

(ग) इन पंक्तियों में कवि ने यह कहना चाहा है कि स्वतंत्रता बेरोक-टोक होती है। वह बड़े-बड़े अरमानों को पूरा करने के लिए हमेशा कोशिश करती रहती है। इस दिशा में वह किसी से सामना करने से पीछे नहीं हटती है।

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प्रश्न 3.
कविता में ‘नील-गगन’ शब्द आया है। इसमें योजक चिह्न (-) का प्रयोग हुआ है।
निम्नलिखित शब्दों को योजक चिह लगाकार लिखिए कनक तीलियों, भूखे प्यासे, कटुक निबौरी, कनक कटोरी, होड़ा होड़ी, भिन्न भिन्न।
उत्तर
कनक-तीलियों, भूखे-प्यासे, कटुक-निबोरी, कनक-कटोरी, होड़ा-होड़ी, भिन्न-भिन्न। विलोम शब्द देश

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए
उत्तर
शब्द  विलोम शब्द
आकाश –  धरती
स्वाधीन –
पराधीन
सुबह –
शाम
अमृत – विष

प्रश्न 5.
नीचे दिए गए शब्दों के लिंग परिवर्तन कीजिए
उत्तर
शब्द लिंग – परिवर्तन
चूहा – चूहिया
बालक –
बालिका
सेवक – सेविका
पापी –
पाप
बंदर –
बंदरिया
घोड़ा –
घोड़ी
लेखक –
लेखिका।

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प्रमुख पद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. हम पंक्षी उन्मुक्त गगन के
पिंजरबद्ध न गा पाएंगे
कनक-तीलियों से टकराकर
पुलकित पंख टूट जाएंगे।
हम बहता जल पीने वाले
मर जाएंगे भूखे-प्यासे’
कहीं भली है कटुक निबोरी
कनक-कटोरी की मैदा से।

शब्दार्थ:
उन्मुक्त-स्वतंत्र। गगन-आसमान । पिंजरबद्ध-पिंजरे में बंद। कनक- तीलियों-सोने की तीलियों। पुलकित-आनंदित। कटुक-तीखा। निबौरी-नीम के फल : कनक-कटोरी-सोने की कटोरी।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियां हमारी पाठ्य पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिन्दी सामान्य) भाग-8 के पाठ-9 ‘हमें न बाँधों प्राचीरों में’ से ली गई हैं। इसके रचयिता हैं शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ ।

प्रसंग- इसमें कवि पंछी के मनोभावों को व्यक्त कर रहा है।

व्याख्या:
स्वतंत्रता सबको प्यारी लगती है। मानव ही नहीं, पशु-पक्षी भी स्वतंत्र वातावरण में रहना चाहते हैं। इन पंक्तियों में पंछियों के मनोभावों को व्यक्त करते हुए कवि कहता है

कि ये स्वतंत्र आसमान में उड़ने वाले जीव हैं। इन्हें पिंजरे में बंद होना कतई अच्छा नहीं लगता। पंछी कहते हैं कि सोने की तीलियों (जिससे पिंजड़ा बना है) से टकराकर उसके पंख टूट जाएंगे। वे उड़ नहीं पाएंगे, क्योंकि पेंजड़े का दायरा काफी छोटा है। उडान भरते हए जब कभी उन्हें प्यास लगती है. वे नदी-तालाबों में से पानी पी लेते हैं। यहां पिंजड़े में वे भखे-प्यासे मः जाएंगे। स्वतंत्र रहते हुए अगर उन्हें नीम के तीखे फल (निया भी मिले तो उन्हें अच्छा लगेगा, किंतु पिंजरे में बंद कर जर कोई उन्हें सोने की कटोरी में स्वादिष्ट भोजन भी ला है । उन्हें वह बिल्कुल रास नहीं आएगा।

विशेष:
स्वतंत्रता मनुष्यों और पशु-पक्षियों का समान रूप स प्रिय है। कनक-तीलियों में रूपक अलंकार और पुलकित पंख एवं . कनक-कटोरी में अनुप्रास अलंकार है।

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2. स्वर्ण-शृंखला के बंधन में
अपनी गति, उड़ान सब भूले,
बस सपनों में देख रहे हैं,
तरु की फुनगी पर के झूले।
ऐसे थे अरमान कि उड़ते
नीले नम की सीमा पाने,
लाल-किरण-सी चोंच खोल
चुगते तारक अनार के दाने।

शब्दार्थ :
स्वर्ण-शृंखला-सोने की कड़ी। तरु-पेड़। फुनगी-पेड़ की चोटी। अरमान-इच्छा, आकांक्षा । नभ-आकाश, आसमान। चुगते-चुगना।

संदर्भ – पूर्ववत्।

प्रसंग – इसमें कवि पिंजड़े में बंद पंछियों की व्यथा को व्यक्त कर रहा है।

व्याख्या
पिंजड़े में बंद पंछी काफी दुःखी हैं। उन्हें डर है कि वे अपनी उड़ान न भूल जाएं। उन्हें लगता है कि पेड़ों के ऊपरी सिरे पर झुलने का उनका सपना यूं ही बेकार हो जाएगा। पंछी नीले आसमान की सीमा पाने का अरमान रखते हैं, जहां वे ताड़ों जैसे अनार के दाने चुग सकें। लेकिन पिंजड़े की स्वर्ण शृंखला ने उनकी सारी इच्छाओं पर पानी फेर दिया है। वे परतंत्र हैं। उन्मुक्त होकर उड़ नहीं सकते। शायद इसीलिए वे दुःखी हैं, व्यथित हैं।

विशेष
लाल किरण-सी चोंच में उपमा अलंकार और तारक-अनार में रूपक अलंकार है।

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3. होती सीमाहीन क्षितिज से
इन पंखों की होड़ा-होड़ी
या तो क्षितिज मिलन बन जाता
या तनती सांसों की डोरी।
नीड़ न दो, चाहे टहनी का
आश्रय छिन्न-भिन्न कर डालो,
लेकिन पंक्ष दिए हैं तो
आकुल उड़ान में विघ्न न डालो।

शब्दार्थ: सीमाहीन
जिसकी कोई सीमा न हो। क्षितिज-वह स्थान जहां पृथ्वी एवं आकाश मिलते दिखाई देते हैं। होड़ा-होड़ी-प्रतियोगिता, होड़ । तनती सांसों की डोरी-सांसें टूट जातीं। नीड़-घोंसला। टहनी-पेड़ का तना। आश्रय-रहने का स्थान। छिन्न-भिन्न-नष्ट। आकुल-बेचैन। विघ्न-बाधा।

संदर्भ – पूर्ववत्।

प्रसंग – प्रथम चार पंक्तियों में कवि पंछियों की सुखद कल्पना को व्यक्त कर रहा है अर्थात अगर वे पिंजरे में बंद नहीं होते तो क्या करते। बाद की चार पंक्तियों में कवि उनके द्वारा मानव के किए गए अनुरोध का जिक्र कर रहा है।

व्याख्या:
उड़ान भरने को व्याकुल पंछी पिंजड़े में पड़े हुए सोचते हैं कि अगर वे स्वतंत्र होते, तो सीमाहीन आसमान में उड़ते रहते। अनंत क्षितिज को छूने के लिए इनमें होड़ लगती जहां या तो क्षितिज से मिलन हो जाता या इनकी सांसें टूट जातीं।
अंत में पंछी हम मानव से अनुरोध करते हैं कि भले ही हम वृक्षों को काटकर उनके आश्रय (घोंसला) को नष्ट कर दें, लेकिन उनकी उड़ान में कोई बाधा न डालें। उनके लिए दो पंख काफी हैं। इन पंखों के सहारे वे खुशी-खुशी अपना जीवन बिता सकते हैं।

विशेष:
होड़ा-होड़ी, तनती सांसों की डोरी, छिन्न-भिन्न कर डालो, जैसे मुहावरों के प्रयोग से कविता की सुंदरता बढ़ गई