MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 8 1858 ई. के बाद ब्रिटिश प्रशासन और नीतियाँ

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 8 1858 ई. के बाद ब्रिटिश प्रशासन और नीतियाँ

MP Board Class 8th Social Science Chapter 8 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर. लिखिये –
(1) महारानी विक्टोरिया की घोषणा हुई थी
(क) 1757 ई. में
(ख) 1858 ई. में
(ग) 1957 ई. में
(घ) 1965 ई. में।
उत्तर:
(ख) 1858 ई. में

(2) भारत का प्रशासन इंग्लैण्ड की महारानी को सौंपा गया –
(क) 1858 के अधिनियम द्वारा
(ख) 1861 के अधिनियम के द्वारा
(ग) 1865 के अधिनियम द्वारा
(घ) 1876 के अधिनियम द्वारा।
उत्तर:
(क) 1858 ई. के अधिनियम द्वारा

(3) प्रथम नगर पालिका स्थापित की गई
(क) 1865 ई. में मद्रास में
(ख) 1867 ई. में बंगाल में
(ग) 1868 ई. में उत्तर प्रदेश में
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(क) 1865 में ई. में मद्रास में

(4) भारत सचिवालय का प्रमुख कहलाता था
(क) भारत सचिव
(ख) वायसराय
(ग) गवर्नर जनरल
(घ) सचिव
उत्तर:
(क) भारत सचिव

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) वायसराय की सहायता के लिए …………. सदस्यों की परिषद् का गठन किया गया था।
(2) ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियाँ ………….. के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई थीं।
(3) 1876 ई. में सिविल सेवा में भाग लेने की न्यूनतम आयु कर दी गई थी।
(4) लॉर्ड रिपन के द्वारा वुड के प्रस्तावों को क्रियान्वित करने के लिए ……….. आयोग का गठन किया गया।
उत्तर:
(1) चार
(2) केवल इंग्लैण्ड
(3) 19 वर्ष
(4) हण्टर

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 8 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) किस अधिनियम द्वारा इंग्लैण्ड की महारानी को भारत की साम्राज्ञी घोषित किया गया ?
उत्तर:
1858 ई. के अधिनियम द्वारा इंग्लैण्ड की महारानी को भारत की साम्राज्ञी घोषित किया गया।

(2) 1858 के बाद गवर्नर जनरल को किस नाम से जाना जाने लगा ?
उत्तर:
1858 के बाद गवर्नर जनरल को वायसराय के नाम से जाना जाने लगा।

(3) स्थानीय स्वशासन का जनक किसे कहा जाता था ?
उत्तर:
लॉर्ड रिपन को स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता था।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 8 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4
(1) महारानी की घोषणा का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अपनी घोषणा में महारानी ने कहा था कि –

  • अंग्रेजी राज्य में भारत का अब कोई नवीन क्षेत्र नहीं मिलाया जायेगा।
  • न्याय में समानता, उदारता एवं धार्मिक सहिष्णुता का पालन किया जायेगा।
  • भारत के राजाओं के सम्मान एवं अधिकारों का हनन । नहीं किया जायेगा।
  • भारत के लोगों के लिए नैतिक एवं भौतिक उन्नति के उपाय किये जायेंगे।
  • भारतीय प्रजा को ब्रिटिश प्रजा के समान माना जायेगा।

(2) 1861 ई. के अधिनियम में क्या परिवर्तन किये गये?
उत्तर:
1861 ई. में भारत परिषद् अधिनियम द्वारा गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद् में न्यूनतम 6 सदस्य तथा अधिकतम 12 अतिरिक्त सदस्यों को नियुक्त करने की व्यवस्था की गई। प्रान्तों में विधान परिषदें स्थापित की गईं। विधान परिषदें प्रान्तीय प्रशासन के लिए उत्तरदायी थीं, किन्तु कोई भी कानून बनाने से पूर्व उन्हें गवर्नर जनरल की अनुमति लेना अनिवार्य था। प्रान्तों में गवर्नर सर्वोच्च अधिकारी था।

(3) 1858 ई. के पश्चात् प्रशासनिक विभाजन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
1858 ई. के पश्चात् प्रशासनिक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ। 1861 ई. के अधिनियम से प्रशासनिक व्यवस्था के विभाजन की एक नई प्रक्रिया आरम्भ हुई। प्रान्तों में विधान परिषदें गठित हुईं। 1919 ई. के अधिनियम के साथ दोहरी शासन व्यवस्था लागू की गई। 1935 ई. के अधिनियम के द्वारा प्रान्तीय स्वायत्तता लागू की गई। प्रान्तीय सरकारों को भूमिकर, आबकारी कर, राजकीय स्टाम्प, विधि व न्याय पर नियन्त्रण का अधिकार प्रदान कर दिया गया।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 8 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) 1858 ई. के अधिनियम में लिए गये निर्णय बताइए।
उत्तर:
ब्रिटिश सरकार ने अपनी प्रशासनिक नीतियों में परिवर्तन की सोच को लागू करते हुए सर्वप्रथम 1858 ई. में एक अधिनियम पारित किया, जिसे ‘1858 ई. का अधिनियम कहा जाता है।
इसमें निम्नलिखित निर्णय लिये गये –

  • भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के प्रशासन को समाप्त कर दिया गया।
  • भारत का प्रशासन सीधे इंग्लैण्ड की महारानी के अधीन कर दिया गया।
  • वायसराय को भारत में इंग्लैण्ड की महारानी का प्रतिनिधि बनाया गया।
  • भारतीय प्रशासन पर नियन्त्रण स्थापित करने के लिए इंग्लैण्ड में भारत सचिव एवं उसकी परिषद् का निर्माण किया गया।
  • भारत सचिव को भारत की प्रशासनिक व्यवस्था का उत्तरदायित्व सौंपा गया।

(2) सेना के पुनर्गठन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
भारत में पुनः सैनिक अंग्रेजों के विरुद्ध शस्त्र न उठा सकें। इसलिए भारतीय सेना को संगठित एवं सुदृढ़ किया गया, ताकि वह अंग्रेजी साम्राज्य के प्रसार एवं रक्षा में अपना योगदान दे सकें।
इसी उद्देश्य से सेना में इस प्रकार परिवर्तन किये गये –

  • ईस्ट इण्डिया कम्पनी की यूरोपीय सेना को अंग्रेजी सेना में मिला लिया गया।
  • सेना में भारतीय सैनिकों की संख्या घटा दी गई तथा यूरोपीय सैनिकों की संख्या में वृद्धि की गई।
  • सेना में जातिवाद के आधार पर नियुक्तियाँ आरम्भ कर दी गईं।
  • सेना में प्रान्तीय निष्ठा की भावना भड़काकर पंजाब, गढ़वाल, कुमायूँ, सिख, राजपूत एवं मराठा जैसी रेजीमेंटों का गठन किया गया,
  • ताकि सैनिकों में राष्ट्रीय भावना जाग्रत न हो सके।
  • भारतीयों को लड़ाकू एवं गैर-लड़ाकू जैसे दो वर्गों में बाँट दिया गया।
  • इंग्लैण्ड की सेना के पदाधिकारियों एवं सैनिकों को नियमित रूप से भारत भेजने की व्यवस्था की गई।

(3) स्थानीय प्रशासन के विकास की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर:
1861 ई. के पश्चात् जिला परिषद् एवं नगर पालिका जैसी संस्थाओं की आवश्यकता महसूस की गई, फलस्वरूप 1865 ई. से मद्रास में, 1867 ई. से पंजाब में तथा 1868 ई. से उत्तर प्रदेश में नगर पालिकाएँ स्थापित की गईं। आगे चलकर नगरपालिका अधिनियम पारित कर नगर पालिकाओं को कर लगाकर वित्तीय रूप से स्वावलम्बी बनने का अवसर प्रदान किया गया। इससे एक ओर जहाँ नगरपालिकाओं की आमदनी में वृद्धि।

हुई, वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रक्रिया को बल मिला। 1881- 82 ई. में एक अधिनियम पारित करके स्थानीय स्वशासन के नियमों में वृद्धि की गई। आगामी दो वर्षों में नगर पालिकाओं के संविधान शक्तियों एवं कार्य क्षेत्र में परिवर्तन किया गया। इसमें साधारण व्यक्ति को भी नगरपालिका प्रमुख बनने की अनुमति प्रदान की गई। 1882 ई. के बाद ही ग्रामीण क्षेत्रों में जिला बोर्ड स्थापित किये गये और 1908 में पुनर्गठन आयोग द्वारा पंचायतों एवं जिला बोर्ड के विकास पर बल दिया गया।

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(4) ब्रिटिश आर्थिक नीतियों का संक्षेप में मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:
1858 ई. के बाद भारतीय संसाधनों के पूर्ण दोहन एवं शोषण की नई प्रवृत्ति को अपनाया गया। भारत में स्वतन्त्र व्यापार की अनुमति प्रदान कर दी गई। फलस्वरूप अनेक विदेशी कम्पनियाँ भारत में स्थापित हो गयीं तथा भारत के उद्योग-धन्धे समाप्त होने लगे। भारतीय उद्योगों का शोषण होने लगा। ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियाँ केवल इंग्लैण्ड के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई थीं।

इन नई आर्थिक नीतियों के अन्तर्गत केन्द्रीय एवं प्रान्तीय सरकारों के मध्य आय का बँटवारा किया गया। भारतीय किसानों को भूमिकर तथा पट्टेदारी की नीति अपनाकर जमींदार और पट्टेदार जैसे दो वर्गों में बाँट दिया गया। जिससे ग्रामीणों तथा मजदूरों की स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती चली गई। इसी समय बाल मजदूरी को भी प्रोत्साहित किया गया था जो भारतीयों के हित में नहीं था। इस प्रकार ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आर्थिक क्षेत्र में भारत का विकास पूर्णरूप से रुक गया था।

(5) ब्रिटिश शिक्षा नीति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
18वीं शताब्दी के आरम्भ में ही अंग्रेजी शिक्षा की पहल की जा चुकी थी। 1854 ई. में वुड प्रस्ताव में अंग्रेजी शिक्षा के साथ-साथ भारतीय भाषाओं के अध्ययन का भी सुझाव दिया गया था। इसी प्रस्ताव में अध्यापकों के प्रशिक्षण का सुझाव भी था। 1882 ई. में लॉर्ड रिपन ने वुड प्रस्ताव को क्रियान्वित करने के लिए हण्टर आयोग का गठन किया। इसमें
प्राइमरी शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया था तथा विद्यार्थियों की मानसिक एवं शारीरिक शिक्षा पर जोर दिया गया था।

1904 ई. में विश्वविद्यालय अधिनियम पारित कर विश्वविद्यालय की सम्बद्धता एवं विद्यार्थियों की शिक्षा के अनुसार प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई। 1919 ई. के अधिनियम में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी प्रान्तीय विधान मण्डलों को सौंप दी गई। शिक्षा के लिए सार्जेन्ट योजना (1944) के अन्तर्गत स्कूलों में 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की गई थी, आरम्भ में ब्रिटिश शिक्षा नीति का प्रत्यक्ष लाभ भारतीयों को भले ही न मिला हो किन्तु इसने भारतीयों को राष्ट्र के प्रति संगठित एवं समर्पित करने में महती भूमिका निभाई थी।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 24 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का आर्थिक विकास

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 24 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का आर्थिक विकास

MP Board Class 8th Social Science Chapter 24 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) एलुमिनियम किस धातु से बनाया जाता है ?
(क) ताँबा
(ख) बॉक्साइट
(ग) अभ्रक
(घ) टिन।
उत्तर:
(ख) बॉक्साइट

(2) न्यूजीलैण्ड के मूल निवासी हैं –
(क) माओरी
(ख) अबोरिजिनल
(ग) एस्किमो
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(क) मावरी

(3) ऑस्ट्रेलिया की राजधानी है –
(क) सिडनी
(ख) केनबरा
(ग) पर्थ
(घ) वेलिंगटन।
उत्तर:
(क) सिडनी।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की मुख्य फसल ………….. है।
(2) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में अच्छे किस्म की ऊन …………. जाति की भेड़ों से प्राप्त होती है।
(3) ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के पूजा स्थल को ………….. कहते हैं।
(4) ऑस्ट्रेलिया के ……………. प्रतिशत भू-भाग पर खेती होती है।
उत्तर:

  1. गेहूँ
  2. मेरीनो
  3. युलूरू
  4. चार

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 24 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के सबसे बड़े रेलमार्ग का नाम लिखिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े रेलमार्ग का नाम ‘ट्रांस ऑस्ट्रेलियन रेलमार्ग’ है।

(2) ऑस्ट्रेलिया में सोने की प्रसिद्ध खदानों के नाम लिखिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया में सोने की प्रसिद्ध खदानें कालगुर्ली व कुलगार्डी हैं।

(3) ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्व में कौन-सा द्वीप है ?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्व में न्यूजीलैण्ड द्वीप है।

(4) ऑस्ट्रेलिया में भेड़ पालन केन्द्र पर कार्य करने वाले मजदूरों को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया में भेड़ पालन केन्द्र पर कार्य करने वाले मजदूरों को ‘जेकारू’ कहते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 24 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में अंगूर की खेती कहाँ व क्यों होती है ?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में फलों की खेती बहुतायत से होती है। ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के दक्षिण में भूमध्य सागरीय जलवायु काले प्रदेश में अन्य रसदार फलों के साथ अंगूर की बहुतायत में खेती.शराब बनाने के लिए की जाती है।

(2) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में गेहूं की फसल के लिए कौन-कौन सी अनुकूल भौगोलिक दशाएँ हैं ?
उत्तर:
यहाँ बहुत बड़े – बड़े कृषि फार्म हैं। खेती का सारा काम मशीनों द्वारा होता है। ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में गेहूँ शीतकाल में होता है। यहाँ गेहूं की फसल के अनुकूल उपजाऊ मिट्टी, शीतोष्ण जलवायु और साधारण वर्षा होती है।

(3) ऑस्ट्रेलिया में कौन – कौन से प्रमुख खनिज पदार्थ पाये जाते हैं ? उनके उत्पादन क्षेत्र भी लिखिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया में लौह अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज और सोने के भण्डार हैं। इनके अतिरिक्त चाँदी, यूरेनियम, थोरियम, ताँबा, टिन की बड़ी खदानें क्वीन्सलैण्ड में हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में कालगूी एवं कुलगार्डी सोने की संसार प्रसिद्ध खदानें हैं। ऑस्ट्रेलिया में बॉक्साइट अधिक होता है। बॉक्साइट से एलुमिनियम बनाया जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 24 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में भेड़पालन उद्योग क्यों उन्नत
उत्तर:
यहाँ भेड़ों को मुख्यतः ऊन के लिए पाला जाता है तथा कुछ भेड़ें माँस के लिए भी पाली जाती हैं। यहाँ भेड़ों को बड़े-बड़े बाड़ों में रखा जाता है। ये केन्द्र कई किलोमीटर क्षेत्र 1 में फैले रहते हैं। यहाँ के मरे-डार्लिंग नदियों के बीच फैला क्षेत्र भेड़पालन के लिए सबसे उपयुक्त है। न्यूसाउथवेल्स, विक्टोरिया, क्वीन्सलैण्ड तथा न्यूजीलैण्ड में भेड़ें पाली जाती हैं। यहाँ ऊन के लिए सामान्यतः ‘मेरीनो’ जाति की भेड़ें पाली जाती हैं, जिनसे बहुत अच्छे किस्म की ऊन प्राप्त होती है।

भेड़ों को चराने के लिए यहाँ चरागाह बहुतायत में हैं। ऑस्ट्रेलिया में भेड़ों से ऊन उतारने के लिए आधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जाता है। भेड़ों से ऊन उतारने के लिए अधिक मात्रा में कुशल श्रमिकों की जरूरत होती है जो यहाँ पर बहुत बड़ी संख्या में आसानी से मिल जाते हैं। इन्हीं सब कारणों से आस्ट्रेलिया महाद्वीप में भेड़पालन उद्योग इतना उन्नत है।

(2) ऑस्ट्रेलिया में सघन जनसंख्या कहाँ पाई जाती है और क्यों ?
उत्तर:
सामान्यतः ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप संसार का सबसे विरल जनसंख्या वाला देश है, परन्तु ऑस्ट्रेलिया में सघन जनसंख्या दक्षिणी-पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी एवं पूर्वी तटीय प्रदेशों में है। ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के ये क्षेत्र संसार के प्रमुख देशों से वायु परिवहन द्वारा जुड़े हुए हैं। ये क्षेत्र इसके अलावा तटीय क्षेत्र होने से संसार के बड़े और प्रसिद्ध बन्दरगाह भी हैं जहाँ से व्यापार बड़े स्तर पर होता है तथा यह क्षेत्र यातायात के प्रचुर साधनों से आपस में जुड़ा हुआ है।

(3) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के कोई दो प्रमुख उद्योगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में भेड़पालन उद्योग एवं खनिज उत्खनन उद्योग प्रमुख हैं –

(i) भेड़पालन उद्योग:
यहाँ भेड़ों को मुख्यतः ऊन के लिए पाला जाता है तथा कुछ भेड़ें माँस के लिए भी पाली जाती हैं। यहाँ भेड़ों को बड़े-बड़े बाड़ों में रखा जाता है। ये केन्द्र कई किलोमीटर क्षेत्र 1 में फैले रहते हैं। यहाँ के मरे-डार्लिंग नदियों के बीच फैला क्षेत्र भेड़पालन के लिए सबसे उपयुक्त है। न्यूसाउथवेल्स, विक्टोरिया, क्वीन्सलैण्ड तथा न्यूजीलैण्ड में भेड़ें पाली जाती हैं। यहाँ ऊन के लिए सामान्यतः ‘मेरीनो’ जाति की भेड़ें पाली जाती हैं, जिनसे बहुत अच्छे किस्म की ऊन प्राप्त होती है।

भेड़ों को चराने के लिए यहाँ चरागाह बहुतायत में हैं। ऑस्ट्रेलिया में भेड़ों से ऊन उतारने के लिए आधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जाता है। भेड़ों से ऊन उतारने के लिए अधिक मात्रा में कुशल श्रमिकों की जरूरत होती है जो यहाँ पर बहुत बड़ी संख्या में आसानी से मिल जाते हैं। इन्हीं सब कारणों से आस्ट्रेलिया महाद्वीप में भेड़पालन उद्योग इतना उन्नत है।

(ii) खनिज उत्खनन उद्योग:
आस्ट्रेलिया में लौह, अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज़ और सोने के भण्डार हैं। इनके अतिरिक्त चाँदी, यूरेनियम, थोरियम, ताँबा, टिन की भी खदानें हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में कालगूर्ली एवं कुलगार्डी सोने की संसार प्रसिद्ध खदानें हैं। क्वीन्सलैण्ड में भी बड़ी खदानें हैं। ऑस्ट्रेलिया में बॉक्साइट अधिक होता है। इसकी बड़ी मात्रा में खपत देश के कारखानों में होती है यहाँ बॉक्साइट से एलुमिनियम बनाया जाता

मानचित्र कौशल
प्रश्न 6.
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के रेखा मानचित्र में अग्रांकित को दर्शाइए –

  1. कोई एक गेहूँ उत्पादक क्षेत्र।
  2. कालगी, कुलगार्डी सोने की खदानें।
  3. न्यूजीलैण्ड, तस्मानिया द्वीप।
  4. भेड़पालन का एक राज्य।
  5. सिडनी, मेलबोर्न, ब्रिस्बेन नगर।
  6. ट्रांस ऑस्ट्रेलियन रेलमार्ग प्रथम एवं अन्तिम स्टेशन सहित।

उत्तर:

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 24 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का आर्थिक विकास img 1

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 23 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीपका भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 23 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीपका भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 8th Social Science Chapter 23 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के बीचों-बीच से गुजरने वाली मुख्य अक्षांश रेखा है –
(क) कर्क रेखा
(ख) भूमध्य रेखा
(ग) मकर रेखा
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(ग) मकर रेखा

(2) द्वीपीय महाद्वीप किसे कहते हैं ?
(क) अन्टार्कटिका
(ख) ऑस्ट्रेलिया
(ग) एशिया
(घ) उत्तर अमेरिका।
उत्तर:
(ख) ऑस्ट्रेलिया

(3) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीपीय क्षेत्र का एक देश कौन-सा –
(क) फिजी
(ख) क्यूबा
(ग) चिली
(घ) बोर्नियो।
उत्तर:
(क) फिजी

(4) ग्रेट बैरियर रीफ ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के किस क्षेत्र में स्थित है?
(क) दक्षिणी – पूर्वी क्षेत्र
(ख) उत्तर – पूर्वी क्षेत्र
(ग) उत्तरी – पश्चिमी क्षेत्र
(घ) दक्षिण – तटीय क्षेत्र।
उत्तर:
(ख) उत्तर – पूर्वी क्षेत्र।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 23 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) मध्यवर्ती निम्न भूमि मैदान में आयर झील के चारों ओर का क्षेत्र जिसमें कई नदियाँ आकर झीलों में गिरती हैं, क्या कहलाता है ?
उत्तर:
मध्यवर्ती निम्न भूमि मैदान में आयर झील के चारों ओर का क्षेत्र जिसमें कई नदियाँ आकर झीलों में गिरती हैं वह ‘अन्तःस्थलीय अपवाह तन्त्र’ कहलाता है।

(2) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के पूर्वी तट पर ऊँचे-ऊँचे पठारों की संकरी लम्बी पट्टी क्या कहलाती है ?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के पूर्वी तट पर ऊँचे-ऊँचे पठारों की संकरी लम्बी पट्टी ‘ग्रेट डिवाइडिंग रेंज’ कहलाती है।

(3) ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर प्रवाल जीवों से निर्मित समुद्री स्थलाकृति किस नाम से जानी जाती है ?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर प्रवाल जीवों से निर्मित समुद्री स्थलाकृति ‘ग्रेट बैरियर रीफ’ के नाम से जानी जाती है।

(4) ऑस्ट्रेलिया का प्रतीक जन्तु व प्रसिद्ध वृक्ष कौन-सा
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया का प्रतीक जन्तु ‘कंगारू’ है व ‘यूकेलिप्टस’ प्रसिद्ध वृक्ष है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 23 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) ऑस्ट्रेलिया का पश्चिमी भाग मरुस्थली क्यों है ?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की धरातलीय बनावट के कारण पूर्वी पर्वतीय तट पर अधिक वर्षा होती है। पूर्वी श्रेणियों के अलावा पश्चिमी व मध्य भाग में कोई ऊँचा पर्वतीय क्षेत्र भी नहीं है जो भाप भरी हवाओं को रोक सके जिससे वर्षा हो। इसलिए ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी भाग में विशाल मरुस्थल पाया जाता है।

(2) ऑस्ट्रेलिया के अन्तःस्थलीय अपवाह क्षेत्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पश्चिमी पठार और पूर्वी श्रेणियों के मध्य एक बड़ा मैदान है। इस निम्न भूमि क्षेत्र में कई नदियाँ प्रवाहित होती हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश नदियाँ समुद्र में न पहुँचकर यहाँ स्थित छोटी-छोटी अन्तःस्थलीय झीलों में गिरती हैं। इस क्षेत्र में इस महाद्वीप की सबसे बड़ी आयर झील भी स्थित है। इस प्रकार मध्यवर्ती निम्न भूमि में आयर झील के चारों ओर का बहुत बड़ा भाग अन्तःस्थलीय अपवाह क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।

(3) ऑस्ट्रेलिया की जलवायु का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित महाद्वीप है। इसलिए यहाँ उत्तरी गोलार्द्ध के विपरीत ऋतुएँ होती हैं। जब भारत में ग्रीष्म ऋतु होती है, उस समय ऑस्ट्रेलिया में शीत ऋतु होती है। ऑस्ट्रेलिया में वर्षा मुख्यतः दक्षिणी-पूर्वी व्यापारिक हवाओं से होती है। पूर्वी श्रेणियों के अलावा पश्चिम और मध्य भाग में कोई ऊँचा पर्वतीय क्षेत्र नहीं है जो भाप भरी हवाओं को रोक सके जिससे यहाँ वर्षा हो सके। उत्तरी तटीय क्षेत्रों में मानसूनी हवाओं द्वारा तथा दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में विशेषकर तस्मानियाँ द्वीप में पछुआ हवाओं द्वारा वर्षा होती है।

(4) ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के प्रमुख जीव-जन्तुओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के प्रमुख जीव-जन्तु इस प्रकार हैं –

  • कंगारू – कंगारू ऑस्ट्रेलिया का प्रतीक चिह्न है। यहाँ यह बहुतायत में पाया जाता है। यह उछल-उछलकर अपने गन्तव्य तक पहुँचता है।
  • ऐमू-बड़े आकार का पक्षी जो उड़ नहीं सकता, लेकिन तेज दौड़ता है।
  • कोकाबर्रा – विचित्र बोली व हँसी के कारण उसे ‘लाफिंग जैकाल’ भी कहते हैं।
  • लायर बर्ड – संसार के सबसे सुन्दर पक्षियों में से एक है। कीवी तथा पेंग्विन न्यूजीलैण्ड के प्रसिद्ध पक्षी हैं।

(5) ‘डाउन्स’ क्या है ? लिखिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में उष्ण कटिबन्धीय घास भूमि और दक्षिण के मरे-डार्लिंग बेसिन में शीतोष्ण घास भूमि है, जिसे ‘डाउन्स’ के नाम से भी जाना जाता है।

(6) न्यूजीलैण्ड द्वीपसमूह के धरातलीय स्वरूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी – पूर्वी क्षेत्र में न्यूजीलैण्ड है। न्यूजीलैण्ड एक पहाड़ी द्वीपसमूह है। उत्तर तथा दक्षिण दोनों द्वीपों में एक पर्वत श्रेणी उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है। दक्षिणी द्वीप में इस पर्वत श्रेणी को ‘दक्षिणी आल्पस’ कहते हैं। न्यूजीलैण्ड के उत्तरी तथा दक्षिणी द्वीपों को संकरी कुक जलसन्धि एक-दूसरे से अलग करती है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 23 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) ऑस्ट्रेलिया के भौतिक विभागों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया को चार भौतिक विभागों में इस प्रकार बाँटा जा सकता है –

1. पश्चिमी पठार – ऑस्ट्रेलिया का पश्चिमी भाग एक विस्तृत पठारी क्षेत्र है, जो महाद्वीप के लगभग दो तिहाई भाग पर उत्तर से दक्षिण तक फैला हुआ है। उत्तरी भाग में ग्रेट सैंडी मरुस्थल तथा दक्षिणी भाग में ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल फैले हैं। यह क्षेत्र पुरानी चट्टानों का बना है।

2. मध्यवर्ती निम्न भूमि – पश्चिमी पठार और पूर्वी पर्वत श्रेणियों के मध्य एक बड़ा मैदान है। यह मैदान उत्तर में कारपेन्ट्रिया की खाड़ी से लेकर दक्षिण में ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण तटीय क्षेत्र तक फैला है। इस निम्न भूमि क्षेत्र में कई नदियाँ प्रवाहित होती हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश नदियाँ समुद्र तक न पहुँचकर यहाँ स्थित छोटी-छोटी अन्तःस्थलीय झीलों में गिरती हैं।

3. पूर्वी पर्वत श्रेणियाँ – महाद्वीप के पूर्वी तट पर उत्तर में केपयार्क प्रायद्वीप से दक्षिण में तस्मानियाँ द्वीप तक तट के समानान्तर इन पर्वत श्रेणियों का विस्तार है। यह ऊँचे-ऊँचे पठारों की लम्बी पट्टी है, जिसे ‘ग्रेट डिवाइडिंग रेंज’ कहते हैं। ये पर्वत श्रेणियाँ दक्षिण में ज्यादा संकरी व ऊँची हैं।

4. तटीय मैदान – महाद्वीप के चारों ओर महासागरीय जल है, इसीलिए महाद्वीप के चारों ओर संकरे समुद्र तटीय मैदान पाये जाते हैं।

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(2) ग्रेट बैरियर रीफ क्या है ? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया के उत्तर – पूर्वी तट के साथ – साथ समुद्र में एक विशाल प्रवालभित्ति (मूंगे की चट्टान) पाई जाती है। इसे ‘ग्रेट बैरियर रीफ’ कहा जाता है। इस विश्व प्रसिद्ध प्रवालभित्ति की लम्बाई 1,920 किमी. है, जो तट से 11 किलोमीटर से लगभग 100 किलोमीटर दूर तक फैली है। प्रवाल एक प्रकार के छोटे समुद्री जीव होते हैं, जो समुद्र की तली के चट्टानों से चिपके रहते हैं। प्रवाल उष्ण कटिबन्धीय समुद्रों के स्वच्छ और उथले जल में ही अच्छी तरह पनपते हैं। प्रवाल जीवों के मरने पर उनके अस्थि-पंजर अपने स्थान पर ही जमे रहते हैं और नये प्रवाल उनके ऊपर जन्म ले लेते हैं। प्रवाल के अस्थि-पंजरों के इस विशाल जमाव को प्रवालभित्ति कहते हैं।

(3) ऑस्ट्रेलिया की वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं को विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
किसी क्षेत्र की जलवायु व धरातलीय स्वरूप का उस क्षेत्र की वनस्पति पर प्रभाव पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में जहाँ अधिक वर्षा होती है वहाँ बड़े-बड़े वृक्ष व वन पाये जाते हैं। पश्चिम एवं मध्यवर्ती शुष्क भागों में कंटीली झाड़ियाँ व घास पाई जाती है। ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी व उत्तरी-पूर्वी क्षेत्रों में अधिक वर्षा व ताप के कारण उष्ण कटिबन्धीय वन मिलते हैं। इनमें देवदार, ताड़, बाँस, बाओबाव व बोतल वृक्ष मुख्य हैं। दक्षिण – पश्चिमी तथा दक्षिणी-पूर्वी भागों में तथा तस्मानियाँ में शीतोष्ण वन पाए जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के इन वनों में मुख्य वृक्ष ‘यूकेलिप्टस’ है।

यहाँ कोआला’ नामक जन्तु पेड़ों पर ही रहता है और यूकेलिप्टस के पेड़ों की पत्तियाँ खाता है।ऑस्ट्रेलिया के मध्यवर्ती भाग के कम वर्षा वाले क्षेत्र में दो प्रकार की घास भूमि मिलती है। उत्तरी क्षेत्र में उष्ण कटिबन्धीय घास भूमि और दक्षिण के मरे-डार्लिंग बेसिन में शीतोष्ण घास भूमि है, जिसे ‘डाउन्स’ के नाम से भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में कंगारू नामक जन्तु की बहुलता है। ऐमू, कोकाबर्रा तथा लायर बर्ड ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न पक्षी हैं।

मानचित्र कौशल:
प्रश्न 5.
ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के रेखा मानचित्र में निम्नांकित को दर्शाइए –

  1.  तस्मानियाँ व न्यूजीलैण्ड द्वीप निया न्यूजाल
  2. पापुआन्यूगिनी देश
  3. ग्रेट विक्टोरिया एवं ग्रेट सैंडी मरुस्थल
  4. मरे व डार्लिंग नदियाँ
  5. ग्रेट डिवाइडिंग रेंज व ग्रेट बैरियर रीफ
  6. डाउन्स घास का मैदान
  7. कुक जल सन्धि।

उत्तर:

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 23 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीपका भौगोलिक स्वरूप img 1

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 3 ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 3 ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष

MP Board Class 8th Social Science Chapter 3 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए
(1) कौन-सा विद्रोह आदिवासी विद्रोह नहीं था ?
(क) वेल्लोर विद्रोह
(ख) भील विद्रोह
(ग) संथाल विद्रोह
(घ) मुण्डा विद्रोह
उत्तर:
(क) वेल्लोर विद्रोह

(2) सन् 1857 ई. के स्वतन्त्रता संग्राम में निम्नलिखित में से किसने भाग नहीं लिया ?
(क) रानी लक्ष्मीबाई
(ख) तात्या टोपे
(ग) बहादुरशाह जफर
(घ) दिलीप सिंह
उत्तर:
(घ) दिलीपसिंह,

(3) अंग्रेजों की किस नीति के कारण भीलों ने विद्रोह किया था ?
(क) उद्योग नीति
(ख) कृषि नीति
(ग) धार्मिक नीति
(घ) राज्य में हस्तक्षेप
उत्तर:
(ख) कृषि नीति।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 3 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) संन्यासी विद्रोह का उल्लेख किस पुस्तक में मिलता है ?
उत्तर:
संन्यासी विद्रोह का उल्लेख बंकिमचन्द्र चटर्जी की पुस्तक ‘आनन्द मठ’ में मिलता है।

(2) संथाल विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था ?
उत्तर:
संथाल विद्रोह का नेतृत्व नेता सीदो तथा कान्हू ने किया था।

(3) वहाबी आन्दोलन के प्रवर्तक कौन थे ?
उत्तर:
रायबरेली के सैय्यद अहमद वहाबी आन्दोलन के प्रवर्तक थे।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) कोल विद्रोह कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर:
कोल विद्रोह 1831 ई. के आस-पास सिंहभूमि, राँची, पलामू, हजारी बाग, मानभूमि आदि स्थानों पर हुआ था।

(2) भारत के उन क्षेत्रों का नाम बताइए जहाँ सन् 1857 ई. का आन्दोलन काफी व्यापक था ?
उत्तर?:
1857 ई. का आन्दोलन दिल्ली, अवध, रुहेलखण्ड, बुन्देलखण्ड, इलाहाबाद के आस-पास के इलाकों, आगरा, मेरठ और पश्चिमी बिहार में काफी व्यापक और भयंकर था।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) संथाल विद्रोह का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आदिवासियों द्वारा कम्पनी शासन के विरुद्ध किए गए विद्रोह में सबसे सशक्त विद्रोह संथालों का था। भागलपुर से लेकर राजमहल के बीच का क्षेत्र दामन-ए-कोह के नाम से जाना जाता था। यह संथाल बहुल क्षेत्र था। संथालों ने भूमिकर अधिकारियों के दुर्व्यवहार के विरुद्ध विद्रोह किया। यह विद्रोह संथाल नेता सीदो तथा कान्हू के नेतृत्व में आरम्भ हुआ। इन्होंने अपने क्षेत्रों में कम्पनी के शासन के अन्त की घोषणा कर दी। एक कड़े संघर्ष के बाद 1856 ई. में ही इस विद्रोह को दबाया जा सका।

(2) सेना के भारतीय सिपाहियों में असन्तोष फैलने के क्या कारण थे ?
उत्तर:
सेना के भारतीय सिपाहियों में असन्तोष फैलने के निम्नलिखित प्रमुख कारण थे –

  • ब्रिटिश फौज में भारतीय सिपाहियों की तरक्की की कोई भी गुंजाइश नहीं थी।
  • फौज के सभी उच्च पद अंग्रेज अफसरों के लिए सुरक्षित थे। .
  • भारतीय सैनिकों एवं अंग्रेज सैनिकों की आमदनी में अत्यधिक अन्तर था।
  • अंग्रेज भारतीय सैनिकों को हेय दृष्टि से देखते थे।
  • उस समय चर्बी वाले कारतूसों से हिन्दू और मुसलमान सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को बड़ा आघात पहुँचा।
  • सैनिकों के इन कारतूसों के प्रयोग करने से मना करने पर उन्हें कठोर और लम्बी सजा दे दी गई यहाँ तक कि मंगल पांडे को मार डाला गया।

(3) सन् 1857 ई. के आन्दोलन की असफलता के मुख्य कारण क्या थे ?
उत्तर:
सन् 1857 ई. के आन्दोलन की असफलता के मुख्य कारण निम्नलिखित थे –

  • तत्कालीन भारत में राजनैतिक चेतना की कमी एवं एकता का अभाव।
  • आन्दोलनकारियों द्वारा मुगल बादशाह को भारत का सम्राट मान लेना।
  •  विभिन्न आन्दोलनकारियों में एकजुटता एवं आपसी तालमेल का अभाव।
  • ब्रिटिश शासन के प्रति सब जगह तीव्र असन्तोष का अभाव एवं कुछ लोगों द्वारा शासन का साथ देना।
  • विद्रोह का नेतृत्व राजाओं और जमींदारों के हाथों में होना।
  • ब्रिटिश शासन के पास बेहतर हथियार, सेना एवं संचार व्यवस्था का होना आदि।

(4) टिप्पणी लिखिए –
(1) संन्यासी विद्रोह
(2) वहाबी आन्दोलन।
उत्तर:
(1) संन्यासी विद्रोह – नागरिक विद्रोह में महत्वपूर्ण बंगाल के संन्यासियों का विद्रोह था। 1770 ई. में बंगाल में पड़े अकाल ने वहाँ की जनता को कंगाल कर दिया था। अंग्रेजी सरकार की उदासीनता, आर्थिक लूट और तीर्थ स्थानों पर लगे प्रतिबन्धों ने सदैव से शान्त संन्यासियों को भी विद्रोह करने पर विवश कर दिया। उन्होंने आम जनता के साथ मिलकर सरकार की कोठियों, बस्तियों और किलों पर आक्रमण कर दिया। कम्पनी सरकार के गवर्नर वारेन हेस्टिंग्ज के अथक प्रयास के बाद ही संन्यासी विद्रोह को शान्त किया जा सका। संन्यासी विद्रोह का उल्लेख बंकिमचन्द्र चटर्जी ने अपनी पुस्तक ‘आनन्द मठ’ में किया है।

(2) वहाबी आन्दोलन – अंग्रेजी प्रभुसत्ता को सबसे गहरी चुनौती वहाबी आन्दोलन से मिली। वहाबी आन्दोलन 19वीं शताब्दी के चौथे दशक से सातवें दशक तक चला। रायबरेली के सैय्यद अहमद वहाबी इसके प्रवर्तक थे। वह इस्लाम में किसी है भी तरह के परिवर्तन और सुधारों के विरुद्ध थे। सैय्यद अहमद ने पंजाब में सिक्ख राज्य के विरुद्ध विद्रोह कर दिया और 1849 में पंजाब पर कम्पनी के अधिकार से वहाबी आन्दोलन अंग्रेजों के विरुद्ध हो गया।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 22 विश्व के सम्मुख प्रमुख चुनौतियाँ

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 22 विश्व के सम्मुख प्रमुख चुनौतियाँ

MP Board Class 8th Social Science Chapter 22 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला कब हुआ था ?
(क) 10 दिसम्बर, 1999
(ख) 11 सितम्बर, 2001
(ग) 11 नवम्बर, 2002
(घ) 13 दिसम्बर, 2001
उत्तर:
(घ) 13 दिसम्बर, 2001

(2) अलकायदा क्या है ?
(क) एक राजनैतिक दल
(ख) एक आतंकवादी संगठन
(ग) एक पत्रिका
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(ख) एक आतंकवादी संगठन।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 22 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) पर्यावरण किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वह आवरण जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है, पर्यावरण कहलाता है।

(2) आतंकवादी अपने उद्देश्य पूर्ति के लिए कौन-सा तरीका अपनाते हैं ?
उत्तर:
आतंकवादी अपने उद्देश्य पूर्ति के लिए जनता में असुरक्षा की भावना पैदा करने का तरीका अपनाते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 22 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) उदारीकरण का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
उदारीकरण का अर्थ है औद्योगिक, सेवा क्षेत्र और व्यापार से सम्बन्धित नियमों और कानूनों के बन्धनों में ढील देना और विदेशी कम्पनियों को घरेलू क्षेत्र में व्यापारिक और उत्पादन इकाइयाँ लगाने हेतु प्रोत्साहित करना।

(2) ध्वनि प्रदूषण किस प्रकार होता है ?
उत्तर:
वातावरण में इस प्रकार की अवांछित ध्वनि जो मनुष्य के कानों को अप्रिय महसूस हो, के फैलने से ध्वनि प्रदूषण होता है, जिसके कारण मानसिक तनाव बढ़ता है, फलस्वरूप विभिन्न प्रकार के मनोरोग जन्म ले लेते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 22 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) जल को प्रदूषित करने वाले प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल को प्रदूषित करने वाले प्रमुख स्रोत इस प्रकार प्राकृतिक स्रोत-कुछ प्राकृतिक पदार्थ भी जल को प्रदूषित करते हैं। इनमें विभिन्न गैसें, मृदा, खनिज, वनस्पति, मृत जीव-जन्तु आदि हैं। मृदा अपरदन से भी जल प्रदूषित होता है। मानव स्त्रोत-वर्तमान समय में जल प्रदूषण का प्रमुख स्रोत मानवीय क्रियाकलाप ही हैं। नगरीकरण, कृषि, औद्योगिक, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के कारण अनेक प्रकार के प्रदूषक जल को प्रदूषित करते हैं।

मानव द्वारा जल प्रदूषण के प्रमुख कारण निम्नांकित हैं –

  • मल-घरेलू और सार्वजनिक शौचालयों से निकले मल-मूत्र को नदियों एवं जलाशयों में डाला जाता है।
  • घरेलू अपमार्जक-घरों, होटलों में बर्तन, फर्श व कपड़ों की सफाई करने में साबुनों व अपमार्जकों का प्रयोग किया जाता है।
  • औद्योगिक अपशिष्ट-विभिन्न उद्योग जल प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। उद्योगों से निकले जल में अनेक घातक रासायनिक पदार्थ मिले होते हैं। यह प्रदूषित जल सीधे नदी, तालाब आदि में प्रवाहित कर दिया जाता है।

(2) जल एवं वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय बताइए।
उत्तर:
जल प्रदूषण को रोकने के उपाय –

  • उद्योगों के गन्दे एवं अपशिष्टयुक्त जल को नदियों, सागरों, नहरों, झीलों आदि में सीधे न डाला जाय।
  • शवों को जलाने के लिए विद्युत् शवदाह गृहों का निर्माण किया जाना चाहिए।
  • मल विसर्जन से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सुलभ इण्टरनेशनल जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद लेनी चाहिए।

वायु प्रदूषण रोकने के उपाय:

  • उद्योगों में चिमनियाँ अत्यधिक ऊँची बनाई जाएँ तथा प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड से निरीक्षण कराया जाए।
  • कच्चे कोयले व कच्ची लकड़ियों के जलाने पर प्रतिबन्ध लगाया जाय।
  • खुले सीवेज आदि को बन्द किया जाये।
  • जनमानस में जागरूकता लाई जाए तथा वनों को काटने से रोका जाए।
  • प्रभावी कानून बनाया जाए।

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(3) आतंकवादी समस्या पर लेख लिखिए।
उत्तर:
आतंकवाद, लोकतन्त्र और मानवता के विरुद्ध अपराध है। आतंकवादी, शान्ति व्यवस्था भंग करने एवं शासन को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से हिंसात्मक गतिविधियाँ करते हैं तथा चारों ओर रक्तपात, विनाश एवं अराजकता पैदा करते हैं। ये विमान अपहरण, आक्रमण, हत्याएँ, भयदोहन, डाँट-डपट आदि का सहारा लेते हैं। कई बार आतंकवादी धार्मिक उन्माद से ग्रस्त होकर निर्दोष लोगों की जान लेने का कार्य भी करते हैं।

अपनी गतिविधियों द्वारा आतंकवादी समाज और देश में अलगाव पैदा करते हैं। आतंकवादी एक व्यक्ति को मारकर दस लोगों को डराना चाहते हैं। यह मनोवैज्ञानिक युद्ध की एक तकनीक है। ये नेताओं, संस्थाओं, पुलिस, सैनिकों आदि पर हमला करते हैं, क्योंकि ये सब राज्य सत्ता के प्रतीक हैं। आतंकवादी जनता में असुरक्षा की भावना पैदा कर सरकार एवं व्यवस्था को बिखेरने का प्रयास करते हैं।

(4) वैश्वीकरण के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वैश्वीकरण से –

  • पूँजी का प्रवाह बढ़ता है,
  • अन्तर्राष्ट्रीय उत्पादन में वृद्धि होती है तथा
  • अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रतियोगिता का विकास होता है

वहीं निम्नलिखित प्रतिकूल प्रभाव भी देखे जाते हैं –

  • घरेलू उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव – वैश्वीकरण के अन्तर्गत शक्तिशाली बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के आगमन से कमजोर घरेलू उद्योग बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ प्रतिस्पर्धा न कर पाने के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं।
  • आय वितरण की विषमता – घरेलू उद्योगों की समाप्ति के कारण रोजगार के अवसरों में कमी आई है, जिससे आय वितरण की विषमता की खाई अधिक चौड़ी हो रही है।
  • उपभोक्तावादी संस्कृति का प्रसार – बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की आक्रामक प्रचार-प्रसार शैली ने देश में उपभोक्तावादी संस्कृति का प्रसार किया है।
  • विलासितापूर्ण वस्तुओं की भरमार – वैश्वीकरण के परिणामस्वरूप आज देश में आम उपभोग की वस्तुओं की तुलना में विलासितापूर्ण वस्तुओं की भरमार हो गई है।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 21 भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 21 भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ

MP Board Class 8th Social Science Chapter 21 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए
(1) संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई थी ?
(क) 24 अक्टूबर, 1945
(घ) 3 दिसम्बर, 1950
(ख) 10 दिसम्बर, 1945
(ग) 1 मई, 1948
उत्तर:
(क) 24 अक्टूबर, 1945

(2) सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य कौन-कौन से देश हैं ?
(क) अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन
(ख) रूस, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान तथा चीन
(ग) सउदी अरब, बॉखादेश, ब्रिटेन, अमेरिका तथा रूस।
(घ) ब्रिटेन, भारत, चीन, फ्रांस तथा अमेरिका।
उत्तर:
(क) अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन तथा चीन।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय ………… में है।
(2) वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देशों की संख्या ………… है।
उत्तर:
(1) न्यूयार्क
(2) 196

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 21 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) सुरक्षा परिषद् के अस्थाई सदस्यों का चुनाव किसके द्वारा किया जाता है ?
उत्तर:
सुरक्षा परिषद् के अस्थाई सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा किया जाता है।

(2) विश्व अदालत किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय को विश्व अदालत कहा जाता है।’

(3) संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रशासनिक अधिकारी को किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रशासनिक अधिकारी को ‘महासचिव’ के नाम से जाना जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 21 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) यूनीसेफ के क्या कार्य हैं ?
उत्तर:
यूनीसेफ सभी बच्चों को बिना किसी जाति या धर्म का भेदभाव किए सहायता देने का काम करता है। यह संगठन बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करता है।

(2) संयुक्त राष्ट्र संघ के दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र संघ के दो उद्देश्य इस प्रकार हैं –

  • अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना एवं इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक कार्यवाही द्वारा शान्ति अवरोधों को रोकना या हटाना।
  • विभिन्न राष्ट्रों में समान मानव अधिकारों तथा आत्मनिर्णय के सिद्धान्तों पर आधारित मैत्रीपूर्ण समन्वय स्थापित करना।

(3) संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र संघ के निम्नलिखित छः अंग हैं –

  • सामान्य सभा
  • सुरक्षा परिषद्
  • आर्थिक और सामाजिक परिषद्
  • न्याय परिषद्
  • अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय
  • सचिवालय

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प्रश्न 5.
(1) संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व शान्ति स्थापना के लिए क्या कार्य किए हैं ? समझाइए।
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य उद्देश्य विश्व में शान्ति स्थापित करना है। अपने 73 वर्षों के अस्तित्व में संयुक्त राष्ट्र को कई विवादों में कार्यवाही करनी पड़ी। संयुक्त राष्ट्र अनेक बार युद्ध टालने में सहायक हुआ। इसने अनेक संकटपूर्ण स्थिति में तनाव कम किए हैं। जिन उपायों को साधारणतया काम में लाया गया वे शान्ति के लिए सैन्य कार्यवाही मिशन इत्यादि। इसने कश्मीर, कांगो, पश्चिम एशिया, साइप्रस और दमन में बड़े स्तर पर युद्ध होने से पूर्ण रोकथाम की। ग्रीस, इण्डोनेशिया, लेबनान, मिस्र, गाजापट्टी, कांगो, कोरिया, गल्फ युद्ध (ईरान-इराक) में शान्ति के लिए किए गए प्रयास संयुक्त राष्ट्र संघ की कुछ महान उपलब्धियाँ हैं।

(2) संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र द्वारा शान्ति के लिए की गई सैन्य कार्यवाही में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संयुक्त राष्ट्र की अपनी कोई निजी सेना नहीं है। कोरिया के युद्ध में घायलों की प्राथमिक चिकित्सा हेतु भारत ने एक चिकित्सकीय दल भेजा था। कोरिया युद्धबन्दियों के आदान-प्रदान की देखरेख का उत्तरदायित्व भारत को दिया गया था। गाजा में संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन सैन्य दल में शामिल करने हेतु सबसे बड़ी टुकड़ी भारत ने भेजी थी। साइप्रस राष्ट्र की सेना के प्रथम दो सेनापति भारतीय थे। कांगो में की गई सैन्य कार्यवाही में भारत ने सबसे बड़ा सैन्य दल भेजने का भार अपने ऊपर लिया, जो इस संकट को समाप्त करने में सहायक हुआ था।

(3) संयुक्त राष्ट्र संघ की किन्हीं तीन संस्थाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र संघ की तीन प्रमुख संस्थाएँ इस प्रकार:

  • संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) – इसकी स्थापना 1946 में हुई। इसका मुख्यालय पेरिस में है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रों के मध्य आपसी सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) – इसकी स्थापना 1948 में हुई। इसका उद्देश्य सभी लोगों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करना है।
  • संयुक्त राष्ट्र अन्तर्राष्ट्रीय बाल आपात कोष (UNICEF) – इसकी स्थापना 1946 में की गई। यूनीसेफ सभी बच्चों को बिना किसी जाति या धर्म का भेदभाव किए सहायता दिए जाने का प्रावधान करता है। यह संगठन स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करता है।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 20 भारत की विदेश नीति एवं पड़ोसी देशों से सम्बन्ध

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 20 भारत की विदेश नीति एवं पड़ोसी देशों से सम्बन्ध

MP Board Class 8th Social Science Chapter 20 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) पंचशील समझौता किन दो देशों के बीच हुआ था ?
(क) भारत और पाकिस्तान
(ख) भारत और चीन
(ग) चीन और पाकिस्तान
(घ) भारत और नेपाल।
उत्तर:
(ख) भारत और चीन

(2) भारत ने 1987 ई. में किस देश में शान्ति सेना भेजी थी?
(क) चीन
(ख) पाकिस्तान
(ग) श्रीलंका
(घ) बांग्लादेश।
उत्तर:
(ग) श्रीलंका।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 20 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) गुटनिरपेक्षता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
गुटनिरपेक्षता का अर्थ है शक्तिशाली गुटों से दूर रहना।

(2) भारत उपनिवेशवाद का विरोध क्यों करता है ?
उत्तर:
क्योंकि भारत लम्बे समय तक ब्रिटिश साम्राज्यवाद के अधीन दासता के दुष्परिणामों से परिचित रहा है।

(3) स्वतन्त्रता प्राप्ति से पहले बांग्लादेश किस नाम से जाना जाता था ?
उत्तर:
स्वतन्त्रता प्राप्ति से पहले पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 20 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) भारत अणु शस्त्रों पर रोक क्यों लगाना चाहता है ?
उत्तर:
भारत के अनुसार केवल निः शस्त्रीकरण ही अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को सुदृढ़ बना सकता है जिसमें अणु शस्त्रों की होड़ आपसी सह – अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसलिए भारत अणु शस्त्रों पर रोक लगाना चाहता है।

(2) पंचशील के क्या नियम हैं ?
उत्तर:
पंचशील के निम्नलिखित पाँच नियम हैं –

  • एक – दूसरे की प्रादेशिक अखण्डता और सम्प्रभुता का आदर,
  • अनाक्रमण
  • एक – दूसरे के आन्तरिक मामलों में अहस्तक्षेप,
  • समानता और पारस्परिक लाभ एवं
  • शान्तिपूर्ण सह – अस्तित्व।

(3) बांग्लादेश की स्वतन्त्रता में भारत ने क्या सहयोग किया था ?
उत्तर:
पूर्वी पाकिस्तान से मुक्ति के लिए शेख मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में चलाये जा रहे स्वतन्त्रता आन्दोलन को भारत ने सहयोग दिया एवं आवश्यकता पड़ने पर बांग्लादेश को सैनिक एवं असैनिक सहायता दी गयी। सर्वोपरि भारत ने बांग्लादेश को एक स्वतन्त्र राष्ट्र के रूप में सर्वप्रथम मान्यता दी।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 20 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) भारत और पाकिस्तान के मध्य विवाद के क्या कारण हैं
उत्तर:
भारत और पाकिस्तान में विभाजन के परिणामस्वरूप प्रारम्भिक समय में तो सम्पत्ति, सीमा, नदी, जल वितरण आदि समस्याओं को लेकर विवाद चलते रहे, किन्तु शीघ्र ही दोनों देशों के बीच राजनीतिक विवाद प्रारम्भ हो गए। कश्मीर को लेकर दोनों देशों के मध्य विवाद पाकिस्तान की स्थापना के कुछ ही दिनों बाद प्रारम्भ हो गया।

इस विवाद के चलते पाकिस्तान ने चार बार भारत पर सैनिक आक्रमण भी किया। पहली बार अक्टूबर, 1947 में सीमावर्ती कबीलाइयों को भड़काकर तथा उन्हें सैनिक सहायता देकर कश्मीर पर आक्रमण करवाया। दूसरी बार सितम्बर, 1965 में कश्मीर पर पाकिस्तान ने व्यापक आक्रमण किया। तीसरी बार 1971 में बांग्लादेश के युद्ध के समय कश्मीर पर आक्रमण किया। चौथी बार 1999 में पुन: पाकिस्तान ने कश्मीर पर आक्रमण किया जो ‘कारगिल युद्ध’ के नाम से मशहूर है।

(2) भारत की विदेश नीति के क्या लक्ष्य हैं ?
उत्तर:
भारत की विदेश नीति की जड़ें विगत कई शताब्दियों से विकसित सभ्यताओं के मूल में छिपी हुई हैं। इस विदेश नीति के प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित प्रकार से हैं –

  • भारत को विश्व की प्रभावशाली शक्ति बनाना
  • भारत के औद्योगिक विकास के लिए दूसरे क्षेत्रों से आर्थिक सहायता प्राप्त करना
  • उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद का विरोध करना
  • एशिया और अफ्रीका के देशों के स्वतन्त्रता आन्दोलन का समर्थन करना
  • राष्ट्रमण्डल के देशों से घनिष्ठ सम्बन्ध बनाए रखना
  • राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करना
  • वैदेशिक व्यापार के विकास हेतु आवश्यक दशाओं का
  • पारस्परिक आर्थिक तथा जनहित के रक्षार्थ एशियाई अफ्रीकी देशों को संगठित करना
  • संयुक्त राष्ट्र संघ का समर्थन तथा सहयोग करना।

(3) भारत और चीन के सम्बन्धों पर लेख लिखिए।
उत्तर:
भारत और चीन के सम्बन्ध हजारों वर्ष पुराने हैं। ईसा से पूर्व तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक के समय से चीन में बौद्ध धर्म का विकास हुआ। अशोक काल के बाद अनेक विद्वान चीन गए। चीनी यात्रा भी भारत आते रहे हैं। चीनी विद्यार्थी नालन्दा विश्वविद्यालयों में पढ़ने आया करते थे। वर्तमान काल में भारत ने चीन में साम्यवादी क्रान्ति का स्वागत किया और चीन की नई सरकार से अच्छे सम्बन्ध स्थापित करने की पहल की जो काफी कुछ सफल भी हुई। साम्यवादी चीन को सबसे पहले मान्यता देने वालों में भारत प्रमुख था। भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ में चीन को सदस्य बनाने में काफी महत्वपूर्ण पहल की।

भारत और चीन ने 1954 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जो पंचशील समझौते के नाम से पूरे संसार में जाना जाता है। पारस्परिक सम्बन्धों को निर्धारित करने वाले इन पाँच सिद्धान्तों को दोनों देशों ने स्वीकार किया, पर कुछ समय बाद चीन ने भारत-चीन सीमा के बहुत बड़े भाग पर अपना दावा प्रस्तुत किया तथा 1962 में भारत पर चीन ने आक्रमण कर दिया। भारत ने चीन के इस आक्रमण का विरोध किया और अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए युद्ध किया। युद्ध के बाद भारत-चीन सम्बन्ध तनावपूर्ण हो गए और काफी समय तक सामान्य नहीं रहे।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 19 राष्ट्रीय आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता प्राप्ति

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 19 राष्ट्रीय आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता प्राप्ति

MP Board Class 8th Social Science Chapter 19 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) रॉलेट एक्ट कब पारित हुआ था ?
(क) 7 अप्रैल, 1819
(ख) 8 मार्च, 1919
(ग) 2 जनवरी, 1872
(घ) 6 मार्च, 1919।
उत्तर:
(ख) 8 मार्च, 1919

(2) जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड के समय पंजाब का लेफ्टीनेन्ट गवर्नर कौन था ?
(क) लॉर्ड डलहौजी
(ख) लॉर्ड मैकाले
(ग) जनरल आर. डायर
(घ) ओ. डायर।
उत्तर:
(घ) ओ. डायर

(3) स्वराज्य दल के अध्यक्ष कौन थे ?
(क) मोतीलाल नेहरू
(ख) चितरंजन दास
(ग) गोपाल कृष्ण गोखले
(घ) दादाभाई नौरोजी।
उत्तर:
(ख) चितरंजन दास

(4) नमक सत्याग्रह आन्दोलन कब हुआ?
(क) 5 मार्च, 1931
(ख) 8 अगस्त, 1942
(ग) 12 मार्च, 1930.
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ग) 12 मार्च, 1930

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) 6 अप्रैल, 1919 का दिन ………… के रूप में मनाया गया।
(2) साइमन कमीशन ………….. में भारत आया।
(3) नमक कानून तोड़ने के लिए गाँधीजी ने ………… यात्रा की।
(4) सन् 1940 ई. में मुस्लिम लीग का वार्षिक अधिवेशन ……….. में हुआ।
उत्तर:

  1. राष्ट्रीय अपमान दिवस’
  2. फरवरी, 1928 ई.
  3. दाण्डी
  4. लाहौर।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 19 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) अंग्रेजों द्वारा गाँधीजी को कौन-सी उपाधि दी गई ?
उत्तर:
अंग्रेजों को दिए गए सहयोग के कारण गाँधीजी को ‘कैसर-ए-हिन्द’ की उपाधि दी गई।

(2) स्वराज्य दल के प्रमुख नेताओं के नाम बताइए।
उत्तर:
स्वराज्य दल के प्रमुख नेता पण्डित मोतीलाल नेहरू, चितरंजन दास एवं विट्ठल भाई आदि थे।

(3) द्वितीय विश्व युद्ध कब प्रारम्भ हुआ?
उत्तर:
1 सितम्बर, 1939 ई. को द्वितीय विश्व युद्ध प्रारम्भ हुआ।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 19 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) खिलाफत आन्दोलन क्यों चलाया गया ?
उत्तर:
प्रथम विश्व युद्ध में इंग्लैण्ड ने तुर्की को पराजित कर वहाँ की जनता पर अत्याचार किए। खलीफा को उसके पद से हटाने का निर्णय लिया गया। तुर्की में किए गए ब्रिटेन के इस कार्य की भारत के मुसलमानों ने घोर निन्दा करते हुए अंग्रेजों की खिलाफत में खिलाफत आन्दोलन चलाया।

(2) स्वराज्य दल के प्रमुख उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर:
स्वराज्य दल के प्रमुख उद्देश्य निम्नांकित थे –

  • स्वराज प्राप्त करना
  • सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करना
  • अंग्रेजों की नीतियों का विरोध करना
  • राष्ट्रीय चेतना का विकास करना
  • चुनाव लड़कर कौंसिलों में प्रवेश करना।

(3) गाँधीजी के द्वारा असहयोग आन्दोलन किस घटना के कारण स्थगित कर दिया गया ?
उत्तर:
5 फरवरी को उत्तर प्रदेश में चौरी-चौरा नामक स्थान पर क्रुद्ध भीड़ ने एक थानेदार व 21 पुलिसकर्मियों को थाने में बन्द कर जिन्दा जला दिया। इस घटना से दुःखी होकर गाँधीजी ने असहयोग आन्दोलन स्थगित कर दिया।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 19 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पंजाब में दो लोकप्रिय नेताओं को पुलिस ने बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया। जिसके विरोध में जनता ने एक शान्तिपूर्ण जुलूस निकाला। पुलिस ने जनता को आगे बढ़ने से रोका लेकिन सफल न होने पर गोली चलाने का आदेश दिया गया। इस पर जुलूस ने उग्र रूप धारण कर लिया और सरकारी इमारतों में आग लगा दी। अमृतसर की स्थिति से घबराकर सरकार ने 10 अप्रैल, 1919 ई. को शहर का प्रशासन सैन्य अधिकारी ओ. डायर को सौंप दिया।

सभा के आयोजनों एवं प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई। मगर इसकी सूचना जनता को नहीं दी गई। 13 अप्रैल, सन् 1919 ई. को बैशाखी के दिन शाम को करीब साढ़े चार बजे अमृतसर के जलियाँवाला बाग में एक आम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 10,000 लोग सम्मिलित हुए। जनरल डायर लगभग 400 हथियारबन्द सैनिकों के साथ सभा स्थल पर पहुँचा और बिना पूर्व चेतावनी के भीड़ पर तब तक गोलियाँ चलाईं जब तक गोलियाँ समाप्त नहीं हो गईं, जिसमें हजारों लोग मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।

(2) असहयोग आन्दोलन के प्रमुख कार्यक्रम क्या थे ?
उत्तर:
असहयोग आन्दोलन कार्यक्रम के दो पक्ष थे बहिष्कार का पक्ष –

  • सरकारी पद और उपाधियों का परित्याग
  • सरकारी स्कूलों-कॉलेजों का बहिष्कार
  • न्यायालयों का बहिष्कार,
  • कर न देने का निर्णय
  • विदेशी वस्तुओं और वस्त्रों का बहिष्कार आदि।

रचनात्मक पक्ष –

  • राष्ट्रीय स्कूल-कॉलेजों की स्थापना
  • पंचायतों द्वारा विवादों का निर्णय
  • सत्य और अहिंसा पर बल
  • कताई-बुनाई को बढ़ावा देने के लिए चरखे को प्रोत्साहन
  • आन्दोलन को सफल बनाने के लिए 1 करोड़ स्वयंसेवकों की भर्ती आदि।

(3) सविनय अवज्ञा आन्दोलन को समझाइए।
उत्तर:
ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक कर में अत्यधिक वृद्धि कर दी गई थी। निर्धन लोगों के लिए नमक खरीदना कठिन हो गया। गाँधीजी ने नमक को आन्दोलन का आधार बनाने का निश्चय किया। गाँधीजी ने सरकार को 11 सूत्री माँगें लिखकर भेजी, जिसमें नमक कर को कम करना प्रमुख माँग थी। माँगें न माने जाने की स्थिति में 12 मार्च, 1930 ई. को गाँधीजी द्वारा नमक कानून तोड़ने के लिए दाण्डी यात्रा प्रारम्भ की गई।

उनके साथ 78 यात्रियों ने साबरमती आश्रम से 12 मार्च को गण्डी के लिए यात्रा आरम्भ की, 6 अप्रैल, 1930 ई. की; ल को गुजरात में दाण्डी समुद्र तट पर नमक बनाकर गाँ जी ने नमक कानून भंग कर दिया और इस प्रकार सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ हो गया जिसमें शासन को कर न दिया जाना भी सम्मिलित था।

(4) क्रिप्स मिशन क्या था ? उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेज भारत के सक्रिय एवं पूर्ण सहयोग के लिए बेचैन थे। भारत की दक्षिणी-पूर्वी सीमाओं पर जापानी खतरा बढ़ रहा था। दूसरी ओर रंगून में स्थित इण्डियन नेशनल आर्मी, बर्मा (म्यांमार) के रास्ते भारत पर आक्रमण करने के लिए तैयार थी। इस परिस्थिति में इंग्लैण्ड के युद्धकालीन मन्त्रिमण्डल के सदस्य सर स्टेफोर्ड क्रिप्स को भारतीयों के लिए वर्तमान में ‘स्वशासन’ और भविष्य के लिए कुछ ठोस आश्वासन के साथ भारत भेजा गया। क्रिप्स प्रस्ताव द्वारा भारत को युद्धोपरान्त अधिराज्य का दर्जा दिया जाना था। एक संविधान सभा भी प्रस्तावित थी, परन्तु लगभग सभी दलों ने अलग-अलग कारणों से इस घोषणा को अस्वीकार कर दिया।

(5) भारत छोड़ो आन्दोलन पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
8 अगस्त, 1942 ई. को बम्बई में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने एक प्रस्ताव में घोषणा की कि भारत में ब्रिटिश सरकार को जल्दी समाप्त करना अति आवश्यक हो गया है। गाँधीजी ने ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा दिया। 9 अगस्त, 1942 ई. की सुबह कांग्रेस के अधिकांश नेता गिरफ्तार कर लिए गए। उन्हें देश की विभिन्न जेलों में बन्द कर दिया गया। परिणामस्वरूप आन्दोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया। गोलियाँ चली, लाठीचार्ज हुए और सारे देश में गिरफ्तारियाँ हुईं। लगभग ‘हजारों लोग घायल हुए। अन्ततः आक्रोशित जनता भी हिंसा पर उतर आयी।

बलिया और सतारा जैसे कुछ स्थान अंग्रेजी दासता से मुक्त हो गए। मगर सरकारी दमन चक्र की उग्रता अपनी सभी सीमाएँ तोड़ गईं। हवाई जहाजों से बम बरसाए गए। गोलियाँ चलाई गईं। बड़ी संख्या में लोग मारे गए। सभी बड़े नेता बन्दीगृह में थे जो बाहर थे वे भूमिगत हो गए। सरकारी दमन चक्र के कारण भारत छोड़ो आन्दोलन अधिक समय नहीं चल सका।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में क्रान्तिकारी आन्दोलन

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में क्रान्तिकारी आन्दोलन

MP Board Class 8th Social Science Chapter 18 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) विदेशों में क्रान्तिकारी कार्य करने वाले भारतीयों में कौन नहीं था ?
(क) श्यामजी वर्मा
(ख) सरदार अजीत सिंह
(ग) मदनलाल ढींगरा
(घ) विनायक दामोदर सावरकर।
उत्तर:
(ख) सरदार अजीत सिंह

(2) जर्मनी में 1907 ई. में भारतीय ध्वज किसने फहराया ?
(क) श्रीमती भीकाजी कामा
(ख) लाला हरदयाल
(ग) श्रीमती ऐनी बेसेण्ट
(घ) लाला लाजपत राय।
उत्तर:
(क) श्रीमती भीकाजी कामा

(3) चन्द्रशेखर आजाद का जन्म मध्य प्रदेश के किस जिले में हुआ था ?
(क) अलीराजपुर
(ख) मंडला
(ग) रायसेन
(घ) पन्ना।
उत्तर:
(क) अलीराजपुर

(4) ‘आजाद हिन्द फौज’ की स्थापना की
(क) सुभाषचन्द्र बोस
(ख) कैप्टन मोहन सिंह
(ग) कैप्टन प्रेमकुमार सहगल
(घ) शहनवाज खाँ।
उत्तर:
(क) सुभाषचन्द्र बोस।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) श्यामजी वर्मा ने 1905 ई. में  ……………… लन्दन में की स्थापना की।
(2) 1908 ई. में खुदीराम बोस ने ……………….  पर बम फेंका था।
(3) देवनारायण तिवारी को ……………. फाँसी दी गई थी।
उत्तर:

  1. ‘इण्डिया हाउस’
  2. एक बग्घी
  3. जबलपुर

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 18 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) मध्य प्रदेश के प्रमुख क्रान्तिकारियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
चन्द्रशेखर आजाद, ठाकुर यशवन्त सिंह, देव नारायण तिवारी एवं दलपत राव मध्य प्रदेश के प्रमुख क्रान्तिकारी थे।

(2) वासुदेव बलवन्त फड़के ने कौन-कौन से ग्रामों पर कब्जा कर लिया था ?
उत्तर:
क्रान्तिकारी वासुदेव फड़के ने घामरी, बल्टे, पलस्पे आदि ग्रामों पर कब्जा कर लिया था।

(3) चाफेकर बन्धुओं द्वारा किसकी हत्या कर दी गई थी?
उत्तर:
बालकृष्ण चाफेकर बन्धुओं ने प्लेग समिति के प्रधान रैण्ड एवं लैफ्टिनेन्ट एयर्स्ट की हत्या कर दी थी।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 18 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) विदेशों में क्रान्तिकारी गतिविधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सबसे पहले श्यामजी वर्मा ने 1905 ई. में लन्दन में ‘इण्डिया हाउस’ की स्थापना की। यह विदेशों में क्रान्तिकारी गतिविधियों का केन्द्र बना। संयुक्त राज्य अमेरिका में 1913 ई. में गदर पार्टी की स्थापना की गई। लाला हरदयाल इस पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता थे। गदर नामक पत्रिका का भी प्रकाशन हुआ जिसमें अंग्रेजों के अत्याचार और शोषण का खुला विरोध किया जाता था।1907 ई. में जर्मनी के स्टुटगार्ड में अन्तर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में सर्वप्रथम मैडम कामा ने भारत की स्वतन्त्रता की कल्पना के साथ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

(2) काकोरी काण्ड क्या था ? बताइए।
उत्तर:
9 अगस्त, 1925 ई. में सहारनपुर – लखनऊ रेलवे लाइन पर काकोरी रेलवे स्टेशन पर क्रान्तिकारी सरकारी खजाने को लूटने में सफल हुए। इस घटना में भारी संख्या में युवकों को गिरफ्तार किया गया और उन पर मुकदमा चला। अशफाक उल्ला खाँ, रामप्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह, राजेन्द्र लाहिड़ी को फाँसी दे दी गई। 17 लोगों को लम्बी सजाएँ सुनाई गईं।

(3) द्वितीय चरण के प्रमुख क्रान्तिकारी संगठनों के नाम लिखिए।
उत्तर:
क्रान्तिकारी गतिविधियों के द्वितीय चरण में युवाओं ने कई क्रान्तिकारी संगठन बनाये। जैसे-भगतसिंह, यशपाल तथा छबीलदास ने ‘नौजवान सभा’ की स्थापना की। 1928 ई. में चन्द्रशेखर आजाद, शचीन्द्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल आदि ने मिलकर ‘हिन्दुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन’ का नाम बदलकर ‘हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन’ रखा तथा सुभाषचन्द्र बोस ने ‘आजाद हिन्द फौज’ की स्थापना की।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 18 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) क्रान्तिकारी आन्दोलन के उदय के क्या कारण थे ?
उत्तर:
क्रान्तिकारी आन्दोलन किसी एक कारण के परिणाम नहीं थे वरन् अनेक कारणों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं –
1. आर्थिक असन्तोष – उन्नीसवीं सदी के अन्त में तथा बीसवीं सदी के प्रारम्भिक वर्षों में भारत में अनेक बार अकाल और महामारी का प्रकोप हुआ। ऐसे अवसरों पर ब्रिटिश सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति से भारतीयों में असन्तोष बढ़ा।

2. लॉर्ड कर्जन की प्रतिक्रियावादी नीति – लॉर्ड कर्जन की इस नीति ने भारतीयों में असन्तोष को बढ़ा दिया। भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 ई. में सीनेट की व्यवस्था से शिक्षित भारतीयों में असन्तोष उत्पन्न हो गया। सरकारी गोपनीयता अधिनियम और कलकत्ता के कारपोरेशन अधिनियम ने जनसाधारण में असन्तोष बढ़ा दिया।

3. बंगाल विभाजन – कर्जन का सबसे घृणित कार्य बंगाल को दो भागों में विभाजित करना था। इस घटना से सारा राष्ट्र उत्तेजित हो गया था। इससे भारतीय युवाओं में त्याग व बलिदान की भावना जागृत हुई।

4. अन्तर्राष्ट्रीय घटनाओं का प्रभाव – उन्नीसवीं सदी में विश्व के अनेक देशों में क्रान्तियाँ हुईं और उनमें राष्ट्रीयता और स्वतन्त्रता प्राप्ति की होड़ लग गई। अमेरिका, फ्रांस, इटली, जर्मनी, आयरलैण्ड के स्वाधीनता संग्राम और उनके परिणाम भारतीय क्रान्तिकारियों के लिए प्रेरणादायक बने।

(2) क्रान्तिकारियों द्वारा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कौन-से तरीके अपनाये गये ?
उत्तर:
क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध पहले उदारवादी तथा बाद में अनुदारवादी नीति अपनाई।

  • शिक्षित भारतीयों में दासता के विरुद्ध घृणा की भावना उत्पन्न करने के लिए समाचार-पत्रों एवं पेम्पलेटों का वितरण किया।
  • लोगों में स्वराज्य के प्रति प्रेम व अंग्रेजों का विरोध जगाने के लिए गणपति उत्सव तथा शिवाजी उत्सव जैसे कार्यक्रम पुनः प्रारम्भ किये गये।
  • युवाओं को बहिष्कार एवं स्वदेशी प्रचार में लगाये रखा तथा आम भारतीयों में राष्ट्र प्रेम की भावना जगाने के लिए जुलूसों आदि का आयोजन किया गया।
  • छोटी-छोटी टुकड़ियों में युवाओं को संगठित कर शस्त्र प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
  • देश में बमों और शस्त्र का निर्माण तथा विदेशों से हथियार खरीदे एवं एकत्रित किये।
  • क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विदेशों में भी जागरूकता फैलाई।
  • क्रान्तिकारियों ने नवयुवकों को स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेने के लिए तथा आत्मबलिदान के लिए प्रेरित किया।
  • क्रान्तिकारियों ने उद्देश्य प्राप्ति हेतु बैंकों की लूट तथा सरकारी खजानों पर कब्जा किया।
  • अन्त में ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई कठोर कार्यवाही (ईंट) का जवाब पत्थर से दिया।

(3) टिप्पणी लिखिए –

  1. आजाद हिन्द फौज
  2. चन्द्रशेखर आजाद।

उत्तर:
1. आजाद हिन्द फौज-रास बिहारी बोस की पहल पर कैप्टन मोहन सिंह ने ब्रिटिश सेना के उन भारतीय सैनिकों को जिन्हें जापानियों ने पकड़ लिया था, मिलाकर भारत की स्वतन्त्रता के लिए ‘आजाद हिन्द फौज’ की स्थापना की। सुभाषचन्द्र बोस ने फौज में नई जान फूंकी। नेताओं ने नारा दिया – ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा।’

23 अक्टूबर को आजाद हिन्द फौज के सेनापति की हैसियत से भारत की अस्थाई सरकार सिंगापुर में बनाई तथा देश को स्वतन्त्र करने के लिए रक्त की आखिरी बूंद बहा देने की शपथ ली। 1944 ई. में आजाद हिन्द फौज भारत की पूर्वी सीमा तक पहुँचने में सफल रही। 1944 ई. में कोहिमा में भारतीय झण्डा फहराया, परन्तु 1944 ई. में विश्व की राजनीति में जापान की स्थिति कमजोर हो गई, अतः आजाद हिन्द फौज भी बिखरने लगी।

2. चन्द्रशेखर आजाद – चन्द्रशेखर आजाद मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाबरा गाँव के निवासी थे। वे 14 वर्ष की अवस्था में असहयोग आन्दोलन से जुड़े। गिरफ्तार होने पर अपना नाम आजाद बताया। काकोरी काण्ड, साण्डर्स को मारने तथा असेम्बली बम केस में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्त में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस द्वारा घेरे जाने के कारण अपनी अन्तिम गोली से स्वयं शहीद हो गए।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 17 राष्ट्रीय आन्दोलन (1885-1918)

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) गरम दल के प्रमुख नेता थे
(क) गोपाल कृष्ण गोखले
(ख) विपिन चन्द्र पाल
(ग) पं. मोतीलाल नेहरू
(घ) फिरोजशाह मेहता।
उत्तर:
(ख) विपिनचन्द्र पाल

(2) “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’, यह किसने कहा था ?
(क) व्योमेश चन्द्र चटर्जी
(ख) दादाभाई नौरोजी
(ग) बालगंगाधर तिलक
(घ) सरदार भगतसिंह।
उत्तर:
(ग) बाल गंगाधर तिलक

(3) बंगाल विभाजन किया गया
(क) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा
(ख) लॉर्ड कर्जन द्वारा
(ग) लॉर्ड हेस्टिंग्स द्वारा
(घ) लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा।
उत्तर:
(ख) लॉर्ड कर्जन द्वारा

(4) 1908 ई. में बाल गंगाधर तिलक को गिरफ्तार करके कहाँ निष्कासित किया गया था ?
(क) श्रीलंका
(ख) चीन
(ग) बर्मा (म्यांमार)
(घ) जापान।
उत्तर:
(ग) बर्मा (म्यांमार)

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) कलकत्ता (कोलकाता) में सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने …………. की स्थापना की थी।
(2)  …………….. ने कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
(3) …………… के नेतृत्व में एक मुस्लिम शिष्टमण्डल वायसराय मिण्टो से मिला।
(4) महात्मा गाँधी का जन्म गुजरात राज्य के …………… नामक स्थान में हुआ था।
(5) गाँधीजी ने अत्याचारों के खिलाफ लड़ने का अपना एक तरीका विकसित किया। इसे …………… कहा जाता है।
उत्तर:

  1. इण्डियन एसोसियेशन
  2. ए. ओ. ह्यूम
  3. आगा खान
  4. पोरबन्दर
  5. सत्याग्रह।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कहाँ हुआ था ?
उत्तर:
कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन बम्बई (मुम्बई) के गोकुलदास तेजपाल, संस्कृत कॉलेज में आयोजित हुआ।

(2) बंगाल विभाजन की घटना किस वायसराय के समय घटित हुई थी?
उत्तर:
बंगाल विभाजन की घटना वायसराय लॉर्ड कर्जन के समय घटित हुई थी।

(3) चम्पारण आन्दोलन का नेतृत्व किसके द्वारा किया गया था ?
उत्तर:
चम्पारण आन्दोलन का नेतृत्व महात्मा गाँधी द्वारा किया गया था।

(4) मुस्लिम लीग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले किन्हीं दो नेताओं के नाम लिखिए। .
उत्तर:
आगा खान और नवाब सली मुल्लाह मुस्लिम लीग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले दो प्रमुख नेता थे।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) बाल गंगाधर तिलक ने जनता में चेतना जागृत करने के लिए किन उत्सवों को पुनर्जीवित किया ?
उत्तर:
बाल गंगाधर तिलक ने जनता को राजनैतिक दृष्टि से जागृत करने के लिए ‘गणपति’ और ‘शिवाजी’ उत्सवों को पुनर्जीवित किया।

(2).बंगाल विभाजन के कारण लिखिए।
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन के समय बंगाल सहित भारत के अनेक भागों में क्रान्तिकारी एवं राष्ट्रवादी गतिविधियों में वृद्धि हो रही थी, इसके लिए उसने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई। अतः उसने 1905 ई. में बंगाल को दो भागों में विभाजित कर दिया।

(3) मुस्लिम लीग के गठन का उद्देश्य बताइए।
उत्तर:
मुस्लिम लीग के गठन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे –

  • मुसलमानों में ब्रिटिश सरकार के प्रति वफादारी की भावना जगाना।
  • मुसलमानों के मन में यदि कोई गलतफहमी हो तो उसे दूर करना तथा उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को आदर के साथ सरकार के सामने रखना।
  • भारतीय मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों और हितों की रक्षा की घोषणा करना तथा दूसरे समुदायों के प्रति किसी भी प्रकार के विरोध की भावना को रोकना।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व विकसित संगठनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व विकसित कुछ प्रमुख संगठन इस प्रकार थे 1851 ई. – कलकत्ता (कोलकाता) में ‘ब्रिटिश इण्डियन एसोसिएशन’ 1852 ई. – बम्बई (मुम्बई) में ‘बम्बई एसोसिएशन’। 1852 ई. – मद्रास (चेन्नई) में ‘मद्रास नेटिव एसोसिएशन’ इनके बाद ऐसे कई संगठन बने जो इन एसोसिएशनों की अपेक्षा जनता का अधिक प्रतिनिधित्व करते थे। ऐसे कुछ संगठन थे 1870 ई. – पुणे सार्वजनिक सभा। 1876 ई.-इण्डिया एसोसिएशन 1884 ई. – मद्रास महाजन सभा। 1885 ई. – बॉम्बे प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन।

(2) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्य आरम्भिक माँगें क्या थीं?
उत्तर:
अपनी स्थापना के आरम्भिक वर्षों में कांग्रेस ने नरम नीतियाँ अपनाईं इसलिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्य आरम्भिक माँगें अग्र प्रकार थीं-

  • प्रान्तीय और केन्द्रीय विधायी परिषदों में भारतीयों का प्रतिनिधित्व।
  • भारत में इण्डियन सिविल सर्विस परीक्षाओं का आयोजन और इसके लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाना।
  • शिक्षा का प्रचार-प्रसार
  • भारत का औद्योगिक विकास।
  • किसानों को कर्ज में राहत।
  • हथियार कानून में संशोधन।

(3) कांग्रेस में गरम पंथ के उदय का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बीसवीं सदी के आरम्भिक वर्षों में ‘गरम पंथ’ नामक नई प्रवृत्ति का विकास हुआ। इस नई प्रवृत्ति के प्रभाव के कारण राष्ट्रवाद आन्दोलन ने केवल प्रार्थना करने की परम्परा छोड़ दी। इन नई प्रवृत्तियों को उभारने वाले नेता थो-बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और विपिन चन्द्र पाल। भारतीय जनमानस में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गर्व की भावना जगाने के लिए उन्होंने देश के अतीत का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में सुधारों की माँग करना पर्याप्त नहीं है। भारतीय जनता का उद्देश्य होना चाहिए-स्वराज प्राप्त करना।

तिलक ने प्रसिद्ध नारा दिया-‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है – और मैं इसे लेकर रहँगा।’ इसके लिए जनता में काम करना और राजनीतिक आन्दोलनों में जनता को सहभागी बनाना जरूरी था। तिलक का ‘केसरी’ पत्र राष्ट्रवादियों के इस नए समूह का प्रवक्ता बना। इन राष्ट्रवादियों ने जनता को राजनीतिक दृष्टि से जागृत करने के लिए ‘गणपति’ और ‘शिवाजी’ उत्सवों को पुनर्जीवित किया। उन्होंने हड़तालों और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार जैसे राजनीतिक आन्दोलन के नए तरीके भी अपनाए।

(4) होमरूल आन्दोलन की स्थापना कब हुई एवं इसका भारतीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
अप्रैल, 1916 ई. में बाल गंगाधर तिलक ने इण्डियन होमरूल लीग तथा एनी बेसेण्ट ने सितम्बर, 1916 ई. में होमरूल लीग की स्थापना की, जिसका लक्ष्य ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत भारतीयों के लिए स्वशासन प्राप्ति था। इस आन्दोलन के महत्व का उल्लेख करते हुए विपिन चन्द्र पाल ने लिखा है-‘होमरूल आन्दोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने भावी राष्ट्रीय आन्दोलन के लिए जुझारू योद्धा तैयार किए।’ होमरूल आन्दोलन सोसायटी के पं. मोतीलाल नेहरू, चितरंजन दास, तेज बहादुर सपू, रामास्वामी अय्यर, मोहम्मद अली, मूलाभाई देसाई आदि सदस्य थे।

(5) चम्पारण, अहमदाबाद एवं खेड़ा आन्दोलन में गाँधीजी की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
1917 ई. और 1918 ई. के आरम्भ में गाँधीजी ने तीन संघर्षों – चम्पारण आन्दोलन (बिहार), अहमदाबाद और खेड़ा आन्दोलन (गुजरात) का नेतृत्व किया। ये संघर्ष स्थानीय आर्थिक माँगों से जोड़कर लड़े गये। 19वीं सदी के आरम्भ में गोरे बागान मालिकों ने किसानों से एक अनुबन्ध करा लिया। जिसके तहत किसानों को अपनी जमीन के एक हिस्से में नील की खेती करना अनिवार्य था। इसे ‘तिनकठिया’ पद्धति कहते थे। अंग्रेज, भारतीय नील उगाने वाले किसानों पर अत्याचार करते थे। इन किसानों को अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए 1917 . ई. में गाँधीजी चम्पारण गए। वहाँ उन्हें चम्पारण छोड़ने का आदेश दिया गया, किन्तु गाँधीजी ने उसे नहीं माना।

उन्होंने किसानों पर हुए अत्याचारों की जाँच के लिए और उसका अन्त करने के लिए सरकार को मजबूर कर दिया। 1918 ई. में उन्होंने अहमदाबाद के कपड़ा मिल मजदूरों और खेड़ा के किसानों को न्याय दिलाया। अहमदाबाद के मिल मजदूर वेतन में वृद्धि की माँग कर रहे थे और खेड़ा के किसान फसल बरबाद हो जाने के कारण राजस्व वसूली रोक देने की माँग कर रहे थे। – चम्पारण (बिहार), अहमदाबाद और खेड़ा (गुजरात) आन्दोलन ने संघर्ष के गाँधीवादी तरीकों को आजमाने और गाँधीजी को देश की जनता के नजदीक आने का अवसर दिया।

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