MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3

प्रश्न 1.
संलग्न चित्र में ∆PQR की भुजाओं OP और RO को क्रमशः बिन्दुओं S और T तक बढ़ाया गया है। यदि ∠SPR = 135° है और ∠PQT = 110° है, तो ∠PRQ
ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 1
चित्र 6.23
हल:
∵ ∠PQT + ∠PQR = 180° (रैखिक युग्म अभिगृहीत से)
110° + ∠PQR = 180° ∵ ∠PQT = 110° (दिया हुआ है)]
∠PQR = 180° – 110° = 70°
∵ ∠SPR + ∠QPR = 180° (रैखिक युग्म अभिगृहीत)
135° + ∠QPR = 180° [∵ ∠SPR = 135° (दिया हुआ है)]
∠QPR = 180° – 135° = 45° …..(2)
अब ∆PQR में, :: LOPR + ∠PQR + ∠PRQ = 180° (प्रमेय 6.7, त्रिभुज के तीनों अन्त:कोणों का योग है)
⇒ 45° + 70° + ∠PRQ = 180° [समीकरण (1) एवं समीकरण (2) से]
⇒ ∠PRQ = 180° – 45° – 70°
⇒ ∠PRQ = 180° – 115° = 65°
अतः ∠PRO का अभीष्ट मान = 65°.

प्रश्न 2.
संलग्न चित्र में ∠X = 62° और ∠XYZ = 54° है। यदि YO और ∠O क्रमश: ∠XYZ के ∠XYZ और ∠XZY के समद्विभाजक हैं, तो ∠OZY और ∠YOZ ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 2
हल:
∆XYZ में,
∵ ∠YXZ + ∠XYZ + ∠XZY = 180° [प्रमेय 6.7, त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग है।]
⇒ 62° + 54° + ∠XZY = 180° [∵ ∠YXZ = 62° एवं ∠XYZ = 54° (दिया है)]
⇒∠XZY = 180° – 62° – 54° = 180° – 116° = 64°
∵∠YO, ∠XZY का समद्विभाजक है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 2A
अब ∆OYZ में,
∵∠OYZ+ ∠OZY + ∠YOZ = 180° (प्रमेय 6.7, त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग है)
⇒ 27° + 32° + ∠YOZ = 180°
[∵ ∠OZY = 32° एवं ∠OYZ = 27° (ज्ञात कर चुके हैं)]
∠YOZ = 180° – 27° – 32° = 180° – 59° = 121°
अतः ∠OZY का अभीष्ट मान = 32° एवं ∠YOZ का अभीष्ट मान = 121.

प्रश्न 3.
संलग्न चित्र में यदि AB || DE, ∠BAC = 35° और LCDE = 53°, तो ∠DCE ज्ञात कीजिए। (2019)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 3
चित्र 6.25
हल:
दिया है: AB ||DE, ∠BAC = 35° एवं ∠CDE = 53°
∵ AB || DE एवं AE तिर्यक रेखा है।
⇒ ∠CED = ∠BAC = 35° [एकान्तर कोण हैं तथा/BAC = 35° (दिया है)]
अब ∆CDE में (प्रमेय 6.7 त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग 180° होता है)
∵ ∠DCE + ∠CDE + ∠CED = 180°
⇒ ∠DCE + 53° + 35° = 180° [∵∠CDE = 53° दिया है तथा
∠CED = 35° ज्ञात कर चुके हैं।
⇒ ∠DCE = 180° – 53° – 35° = 180° – 88° = 92°
अत: ∠DCE का अभीष्ट मान = 92°.

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
संलग्न चित्र में यदि रेखाएँ PO और RS बिन्दु T पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करती है कि ∠PRT = 40°, ∠RPT = 95° और ∠TSQ = 75°, तो ∠SQT ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 4
चित्र 6.26
हल:
∆PRT में,
∵ ∠PTR + CRPT + ∠PRT = 180° (प्रमेय 6.7 त्रिभुज के तीनों अन्तः कोण हैं)
⇒ ∠PTR + 95° + 40° = 180° [∵∠RPT = 95° एवं ∠PRT = 40° (दिया है)]
⇒ ∠PTR = 180° – 950 – 40° = 180° – 135° = 450
∵ PQ एवं RS एक-दूसरे को बिन्दु T पर प्रतिच्छेद करती हैं।
⇒ ∠QTS = ∠PTR = 45° (शीर्षाभिमुख कोण हैं और ∠PTR = 45°)
अब ∆QTS में,
∵ ∠SQT + ∠TSQ + ∠OTS = 180°
∵∠SOT + 75° + 45° = 180°
[∵ ∠TSQ = 75° (दिया है) तथा ∠QTS = 45° ज्ञात कर चुके हैं ]
∠SOT = 180° – 75° – 45° = 180° – 120° = 60°
अतः ∠SOT का अभीष्ट मान = 60°.

प्रश्न 5.
संलग्न चित्र में, यदि PQ ⊥ PS, PQ || SR, ∠SOR = 28° और ∠QRT = 65° है, तो x और y के मान ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 5
चित्र 6.27
हल:
∵ PQ ⊥ PS = ∠OPS = 90°
∵ ∠SQR = 28° एवं ∠QRT = 65° (दिए हैं)
∵ PQ || SR को QR तिर्यक रेखा प्रतिच्छेद करती है।
⇒ ∠PQR = ∠QRT (एकान्तर कोण है)
⇒ ∠PQS + ∠SOR = ∠ORT (चित्रानुसार)
⇒ x + 28° = 65° [∵ ∠SOR = 28° एवं ∠QRT = 65° (दिया है)]
⇒ x = 65° – 28° = 37°
अब ∆POS में,
∵ ∠OPS + ∠PQS + ∠PSQ = 180° (प्रमेय 6.7 से A के तीनों अन्तः कोणों का योग है)
⇒ 90° + 37° + y = 180°
⇒ y = 180° – 90° – 37° = 180° – 127° = 53°
[∠QPS = 90° एवं ∠PQS = x = 37° (ज्ञात है)]
अतः x एवं के अभीष्ट मान क्रमशः 37° एवं 53° हैं।

प्रश्न 6.
संलग्न चित्र में, ∆POR की भुजा QR को बिन्दु S तक बढ़ाया गया है। यदि ∠PQR और ∠PRS के समद्विभाजक बिन्दु T पर मिलते हैं तो सिद्ध कीजिए कि
∠QTR = \(\frac { 1 }{ 2 }\)∠QPR.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 6
चित्र 6.28
हल:
∆PQR का बहिष्कोण ∠PRS है।
= ∠PRS = ∠QPR + ∠PQR (प्रमेय 6.8)…(1)
∆TOR का बहिष्कोण ∠TRS है।
⇒ ∠TRS = ∠QTR + ∠TOR (प्रमेय 6.8)…(2)
∵ ∠PQR और ∠PRS के समद्विभाजक क्रमशः OT एवं RT हैं।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 6 रेखाएँ और कोण Ex 6.3 6A

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1

प्रश्न 1.
एक दी हुई किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर 90° के कोण की रचना कीजिए और कारण सहित रचना की पुष्टि कीजिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 1
चित्र 11.9
रचना :
(i) किरण BC के प्रारम्भिक बिन्दु B को केन्द्र मानकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो BC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है।
(ii) P को केन्द्र लेकर इसी त्रिज्या से चाप PQ काटिए।
(iii) Q को केन्द्र लेकर इसी त्रिज्या से पुनः चाप QR काटिए।
(iv) Q और R को क्रमशः केन्द्र लेकर QR के आधे से अधिक की त्रिज्या लेकर चाप खींचिए जो परस्पर A बिन्दु पर प्रतिच्छेद करते हैं।
(v) किरण BA खींचिए।
यही ∠ABC = 90° का अभीष्ट कोण है।
कारण : PQ, QR, BQ एवं BR को मिलाइए।
चूँकि BP = PQ = BQ ⇒ ∆QBP एक समबाहु त्रिभुज है। (रचना से)
⇒ OBP = 60° (समबाहु ∆ का कोण है) ….(1)
चूँकि QB = QR = BR = ∆ BQR एक समबाहु त्रिभुज है (रचना से)
⇒ ∠QBR = 60° (समबाहु ∆ का कोण है) …(2)
चूँकि किरण AB, ∠QBR का अर्द्धक है (रचना से)
⇒ ∠QBA = = x 60° = 30° ….(3)
⇒ ∠QBP + ∠QBA = 60° + 30° = 90°
समीकरण (1) + (3) से]
अतः ABC = 90°. (चित्रानुसार) इति सिद्धम्

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
एक दी हुई किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर 45° के कोण की रचना कीजिए और कारण सहित रचना की पुष्टि कीजिए।
हल:
रचना :
(i) किरण BC के प्रारम्भिक बिन्दु B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो BC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है।
(ii) Pको केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो पूर्व चाप को बिन्दु Q पर प्रतिच्छेद करता है।
(iii) कोण ∠PBQ की समद्विभाजक किरण BR खींचिए जो पूर्व चाप को बिन्दु S पर प्रतिच्छेद करती है।
(iv) कोण ∠ SBQ की समद्विभाजक किरण BA खींचिए।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 2
चित्र 11.10
यही ∠ABC = 45° का अभीष्ट कोण है।
कारण : PQ एवं BQ को मिलाइए।
चूँकि BP = PQ = BQ ⇒ ∆QBP एक समबाहु त्रिभुज है। (रचना से)
⇒ ∠QBP = 60° (समबाहु A का कोण है)
चूँकि किरण BR, ∠QBP की समद्विभाजक है। (रचना से)
⇒ ∠QBR = ∠ RBC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) QBP = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 60° = 30° …(1)
चूँकि किरण BA, ∠QBR की समद्विभाजक है। (रचना से)
⇒ ∠ABR = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x ∠ QBR = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 30° = 15°
∠ABR + ∠RBC = 15° + 30° = 45° . [समी (1) + (2) से]
अतः ∠ABC = 45°. (चित्रानुसार)
इति सिद्धम

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
निम्न मापों के कोणों की रचना कीजिए :
(i) 30° (2018)
(ii) 22 \(\frac { 1 }{ 2 }\)°
(iii) 15°.
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 3
चित्र 11.11
(i) रचना : (a) किरण BC खींचिए।
(b) किरण BC के प्रारम्भिक बिन्दु B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो किरण BC को बिन्द P A पर प्रतिच्छेद करता है।
(c) P को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो पहले चाप को बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करता है।
(d) कोण QBP की समद्विभाजक किरण BA खींचिए। यही ∠ABC = 30° का अभीष्ट कोण है।

(ii) रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 4
चित्र 11.12
(a) किरण BC खींचिए।
(b) B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए A जो BC को P पर प्रतिच्छेद करता है।
(c) P को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए का जो पहले चाप को Q पर प्रतिच्छेद करता है।
(d) ∠OBP की समद्विभाजक किरण BR खींचिए।
(e) ∠RBC की समद्विभाजक किरण BS खींचिए।
(f) ∠ RBS की समद्विभाजक किरण BA खींचिए।
यही ∠ ABC = 22 \(\frac { 1 }{ 2 }\)° का अभीष्ट कोण है।

(iii) रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 8
चित्र 11.13
(a) किरण BC खींचिए।
(b) B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो किरण BC को P पर प्रतिच्छेद करती है।
(c) P को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो पहले चाप को बिन्दु Q पर प्रतिच्छेद करता है।
(d) ∠QBP की समद्विभाजक किरण BR खींचिए।
(e) ∠RBC की समद्विभाजक किरण BA खींचिए। यही ∠ABC = 15° का अभीष्ट कोण है।

प्रश्न 4.
निम्न कोणों की रचना कीजिए और चाँदे द्वारा मापकर पुष्टि कीजिए :
(i) 75° (2019)
(ii) 1050
(iii) 135°.
हल:
(i) रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 9
चित्र 11.14
(a) किरण BC खींचिए।
(b) बिन्दु B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो BC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है।
(c) P को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से चाप PQ तथा Q को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से चाप QR काटिए।
(d) ∠ RBO की समद्विभाजक किरण BS खींचिए।
(e) ∠ SBQ की समद्विभाजक किरण BA खींचिए।
यही ∠ ABC = 75° का अभीष्ट कोण है जिसकी पुष्टि चाँदे से नापने पर होती है।

(ii) रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 10
चित्र 11.15
(a) किरण BC खींचिए।
(b) B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो किरण BC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है।
(c) P को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से PQ चाप एवं ए को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से QR चाप खींचिए।
(d) ∠QBR का समद्विभाजक BS खींचिए।
(e) ∠ SBR का समद्विभाजक BA खींचिए।
यही ∠ABC = 105° का अभीष्ट कोण है जिसकी पुष्टि चाँदे से नापने पर होती है।

(iii) रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 11
चित्र 11.16
(a) किरण BC खींचिए।
(b) B को केन्द्र लेकर किसी त्रिज्या से एक चाप खींचिए जो किरण BC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करती है।
(c) P को केन्द्र लेकर उसी त्रिज्या से PQ, Q को केन्द्र लेकर QR एवं R को केन्द्र लेकर RS चाप खींचिए।
(d) ∠ RBS का समद्विभाजक BT खींचिए।
(e) ∠RBT का समद्विभाजक BA खींचिए।
यही ∠ABC = 135° का अभीष्ट कोण है जिसकी पुष्टि चाँदे से नापने पर होती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
एक समबाहु ∆ की रचना कीजिए जब इसकी भुजा दी हो तथा कारण सहित रचना की पुष्टि कीजिए।
हल:
रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.1 12
चित्र 11.17
(i) दी हुई भुजा की लम्बाई के बराबर लम्बाई का एक रेखाखण्ड BC खींचिए।
(ii) B और C को केन्द्र लेकर BC के बराबर त्रिज्या से क्रमश: चाप खींचिए जो परस्पर A बिन्दु पर प्रतिच्छेद करते हैं।
(iii) AB और AC को मिलाइए। यही ∆ABC अभीष्ट समबाहु त्रिभुज है जिसकी भुजा दी हुई है।
कारण : AB = BC = AC (रचना से)
अत: ∆ABC समबाहु ∆ है।

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3

प्रश्न 1.
दो चरों वाले निम्नलिखित रैखिक समीकरणों में से प्रत्येक का आलेख खींचिए :
(i) x + y = 4
(ii) x – y = 2
(iii) y = 3x
(iv) 3 = 2x + y.
हल:
(i) x + y = 4 ⇒ y = 4 – x.
जब x = 0, तब y = 4 – 0 = 2
जब x = 2, तब y = 4 – 2 = 2
जब x = 4, तब y = 4 – 4 = 2
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 1
MP Board Solutions
अत: PQ अभीष्ट लेखाचित्र है।

(ii) x – y = 2 ⇒ y = x – 2
जब x = 0, तो y = 0 – 2 = – 2
जब x = 2, तो y = 2 – 2 = 0
जब x = 4, तो y = 4 – 2 = 2
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 1A
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 1B
अत: PQ अभीष्ट लेखाचित्र है।

(iii) y = 3x
जब x = 0, तब y = 3 (0) = 0
जब x = 2, तब y = 3 (2) = 6
जब x = -2, तब y = 3 (-2) = -6
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 1C
MP Board Solutions
अत: PQ अभीष्ट लेखाचित्र है।

(iv) 3 = 2x + y ⇒ y = 3 – 2x
जब x = 0, तब y = 3 – 2 (0) = 3 – 0 = 3
जब x = 3, तब y = 3 – 2 (3) = 3 – 6 = -3
जब x = -1, तब y = 3 – 2 (-1) = 3 + 2 = 5
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 1D
अत: PQ अभीष्ट लेखाचित्र है।

प्रश्न 2.
बिन्दु 2 और 14 से होकर जाने वाली दो रेखाओं के समीकरण लिखिए। इस प्रकार की कितनी रेखाएँ खींची जा सकती हैं और क्यों ?
उत्तर:
x + y = 16 एवं y = 2x + 10
अन्ततः अनेक रेखाएँ खींची जा सकती हैं, क्योंकि किसी एक बिन्दु से होकर अन्ततः अनेक रेखाएँ खींची जा सकती हैं।

प्रश्न 3.
यदि बिन्दु (3,4) समीकरण 3y = ax + 7 के आलेख पर स्थित है तो a का मान ज्ञात कीजिए। (2019)
हल:
चूँकि बिन्दु (3, 4) दिए हुए समीकरण के आलेख पर स्थित है, इसलिए यह बिन्दु समीकरण को सन्तुष्ट करेगा। अब,
⇒ 3(4) = a(3) +7
⇒ 12 = 3a + 7
⇒ 3a = 12 – 7 = 5
⇒ a = 5/3
अत: a का अभीष्ट मान = 5/3.
MP Board Solutions

प्रश्न 4.
एक नगर में टैक्सी का किराया निम्नलिखित है : पहले किलोमीटर का किराया ₹ 8 है और उसके बाद की दूरी के लिए प्रति किलोमीटर का किराया ₹ 5 है। यदि तय की गई दूरी x किलोमीटर हो और कुल किराया ₹y हो, तो इसका एक रैखिक समीकरण लिखिए और उसका आलेख बनाइए। (2018, 19)
हल:
चूँकि तय की गई कुल दूरी = x किलोमीटर
पहले किलोमीटर का किराया = ₹8
शेष (x – 1) किलोमीटर का किराया =₹5
प्रति किलोमीटर की दर से = ₹ 5 (x -1)
इसलिए कुल किराया y = 5 (x – 1) + 8
⇒ y = 5x – 5 + 8 = 5x + 3
अतः अभीष्ट समीकरण : y = 5x + 3 है।

अब समीकरण का आलेख खींचना
जब x = 0, तब y = 5(0) + 3 = 0 + 3 = 3
जब x = – 1, तब y = 5(-1) + 3 = -5 + 3 = -2
जब x = 1, तब y = 5(1) + 3 = 5 + 3 = 8
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 2
MP Board Solutions
अत: PQ अभीष्ट लेखाचित्र है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित आलेखों में से प्रत्येक आलेख के लिए दिए गए विकल्पों में से सही समीकरण का चयन कीजिए:
आकृति 4.6 के लिए
(i) y = x
(ii) x + y = 0
(iii) y = 2x
(iv) 2 + 3y = 7x.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 5
हल:
x + y = (1) + (-1) = 0
एवं x + y= (-1) + (1) = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : (ii) x +.y= 0.

आकृति 4.7 के लिए
(b) (i) y = x + 2
(ii) y = x – 2
(iii) y = -x + 2
(iv) x + 2y = 6.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 5A
हल:
y = -x + 2 ⇒ x + y = 2
-1 + 3 = 2; 0 + 2 = 2; 2 + 0 = 2
लेखाचित्र के बिन्दु समीकरण y = – x + 2 को सन्तुष्ट कर रहे हैं।
अतः अभीष्ट समीकरण (iii) y = -x + 2.
MP Board Solutions

प्रश्न 6.
एक अचर बल लगाने पर एक पिण्ड द्वारा किया गया कार्य पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी के अनुक्रमानुपाती होता है। इस कथन को दो चरों वाले एक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए और अचर बल 5 मात्रक लेकर इसका आलेख खींचिए। यदि पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी
(i) 2 मात्रक (ii) 0 मात्रक हो, तो आलेख से किया हुआ कार्य ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए x दूरी है तथा y किया गया कार्य तथा बल 5 मात्रक तो प्रश्नानुसार समीकरण :
y = 5x
अब जब x = 0, तब y = 5 x 0 = 0
जब x = – 1, तब y = 5 (-1) = -5
जब x = 1, तब y = 5 (1) = 5
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 6
(i) आलेख से जब x (दूरी) = 2 मात्रक तो किया गया कार्य = 10 मात्रक
(ii) आलेख से जब x (दूरी) = 0 मात्रक तो किया गया कार्य = 0 मात्रक
अतः अभीष्ट समीकरण है : y = 5x, जहाँ y किया गया कार्य एवं x चली गई दूरी तथा अभीष्ट आलेख चित्र 4.8 एवं अभीष्ट कार्य (i) 10 मात्रक, (ii) 0 मात्रक।
MP Board Solutions

प्रश्न 7.
एक विद्यालय की कक्षा IX की छात्राएँ यामिनी और फातिमा ने मिलकर भूकम्प पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रधानमन्त्री राहत कोष में ₹ 100 अंशदान दिया। एक रैखिक समीकरण लिखिए जो इन आँकड़ों को संतुष्ट करती हो। आप उनका अंशदान । ₹x एवं ₹y मान सकते हैं। इस समीकरण का आलेख खींचिए। (2019)
हल:
माना यामिनी का अंशदान = ₹ x
एवं फातिमा का अंशदान = ₹ y है, तो
अभीष्ट समीकरण : x + y = 100
अब y = 100 – x
जब x = ₹0, तो = 100 – 0 = ₹ 100
जब x = ₹ 100, तो y = 100 – 100 = ₹0
जब x = ₹50, तो y= 100 – 50 = ₹ 50
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 7
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 7a
अतः अभीष्ट समीकरण : x + y = 100 एवं अभीष्ट आलेख चित्र 4.9 है।

प्रश्न 8.
अमरीका और कनाडा जैसे देशों में तापमान फॉरेनहाइट में मापा जाता है जबकि भारत जैसे अन्य देशों में तापमान सेल्सियस में मापा जाता है। यहाँ फॉरेनहाइट को सेल्सियस में रूपान्तरित करने वाला एक रैखिक समीकरण दिया गया है:
F = (9/5)C + 32
(i) सेल्सियस को X-अक्ष और फॉरेनहाइट को Y-अक्ष पर मानकर ऊपर दिए गए समीकरण का आलेख खींचिए।
(ii) यदि तापमान 30°C है, तो फॉरेनहाइट में तापमान क्या होगा?
(iii) यदि तापमान 95°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या होगा?
(iv) यदि तापमान 0°C है, तो फॉरेनहाइट में तापमान क्या होगा? और यदि तापमान 0°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या होगा?
(v) क्या ऐसा भी कोई तापमान है, जो फॉरेनहाइट और सेल्सियस दोनों के लिए संख्यात्मकतः समान है, यदि हाँ, तो उसे ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया हुआ समीकरण : F = (\(\frac { 9 }{ 5 }\))C + 32 अर्थात् C = \(\frac { 5 }{ 9 }\) (F – 32)
अब जब C = 0 तब F = \(\frac { 9 }{ 5 }\) = x 0 + 32 = 0 + 32 = 32°F
जब C = – 40 तब F = \(\frac { 9 }{ 5 }\) (-40) + 32 = – 72 + 32 = – 40°F
जब F = 0 तब C = \(\frac { 5 }{ 9 }\) (0 – 32) = \(\frac { -160 }{ 9 }\) = – 17.8°C
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.3 8
MP Board Solutions
अतः अभीष्ट आलेख चित्र 4.10 है।

(ii) यदि C = 30°C, तो F = \(\frac { 9 }{ 5 }\) x 30 + 32 = 54 + 32 = 86° F
अतः अभीष्ट तापमान = 86° F

(iii) यदि F = 95°F, तो C = \(\frac { 5 }{ 9 }\) (95 – 32)= \(\frac { 5 }{ 9 }\) x 63 = 5 x 7 = 35°C
अतः अभीष्ट तापमान = 35°C.

(iv) यदि C = 0°C, तो F = \(\frac { 9 }{ 5 }\)(0) + 32 = 0 + 32 = 32°F.
उत्तर
एवं यदि F = 0°C, तो C = \(\frac { 5 }{ 9 }\) (0 – 30) = –\(\frac { 160 }{ 9 }\) = – 17.8°C
अतः अभीष्ट तापमान 32°F एवं – 17.8°C.

(v) हाँ ऐसा तापमान सम्भव है जो फॉरेनहाइट एवं सेल्सियस दोनों के लिए संख्यात्मकतः समान है।
अब माना C = F = x
तब x = \(\frac { 9 }{ 5 }\) x x + 32
⇒ 5x = 9x + 160
⇒ 9x – 5x = – 160
⇒ 4x = – 160 ⇒ x = \(\frac { -160 }{ 4 }\) = -40°
अतः अभीष्ट तापमान -40°C = -40°F.

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.1

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.1

प्रश्न 1.
उन आँकड़ों के पाँच उदाहरण दीजिए जिन्हें आप दैनिक जीवन में एकत्रित कर सकते हैं। (2018)
उत्तर-

  1. अपनी कक्षा में छात्रों की संख्या।
  2. अपने विद्यालय में पंखों की संख्या।
  3. पिछले दो वर्षों के घर की बिजली के बिल।
  4. टेलीविजन या समाचार पत्रों में प्राप्त चुनाव परिणाम।
  5. शैक्षिक सर्वेक्षण से प्राप्त साक्षरता दर के आँकड़े।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
ऊपर दिए गए प्रश्न 1 के आँकड़ों को प्राथमिक आँकड़ों या गौण आँकड़ों में वर्गीकृत करना।
उत्तर-
प्राथमिक आँकड़े : (1), (2) एवं (3)
गौण आँकड़े : (4) एवं (5).

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 5 भारत : जलवायु

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 5 भारत : जलवायु

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का समय है (2010)
(i) जुलाई से अक्टूबर तक
(ii) जून से सितम्बर तक
(iii) मार्च से मई तक
(iv) दिसम्बर से फरवरी तक।
उत्तर:
(iii) मार्च से मई तक

प्रश्न 2.
किस राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून से वर्षा बहुत कम होती है?
(i) राजस्थान
(ii) तमिलनाडु
(iii) कर्नाटक
(iv) पंजाब।
उत्तर:
(i) राजस्थान

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
भारत के कारोमण्डल तट पर सर्वाधिक वर्षा होती है (2008, 09)
(i) जनवरी-फरवरी में
(ii) जून-सितम्बर में
(iii) मार्च-मई में
(iv) अक्टूबर-नवम्बर में।
उत्तर:
(i) जनवरी-फरवरी में

प्रश्न 4.
वर्षा की मात्रा में सर्वाधिक परिवर्तनशीलता कहाँ पाई जाती है? (2009, 18)
(i) महाराष्ट्र
(ii) असम
(iii) आन्ध्र प्रदेश
(iv) राजस्थान।
उत्तर:
(ii) असम

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 5 भारत जलवायु - 1
उत्तर:

  1. → (घ)
  2. → (ग)
  3. → (ख)
  4. → (क)।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जलवायु से क्या आशय है?
उत्तर:
किसी स्थान के मौसम की दीर्घकालिक औसत वायुमण्डलीय दशाओं को जलवायु कहते हैं।

प्रश्न 2.
भारत को कौन-सी जलवायु का प्रदेश कहते हैं? (2016)
उत्तर:
मानसूनी जलवायु।

प्रश्न 3.
मानसून से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
‘मानसून’ शब्द की उत्पत्ति अरबी भाषा के मौसिम (Mausim) से हुई है, इसका आशय है-मौसम या मौसम के अनुसार हवाओं में होने वाला परिवर्तन, जिसके अनुसार वर्ष में छ: माह तक एक दिशा में तथा छः माह तक विपरीत दिशा में हवाएँ चला करती हैं। इस प्रकार मौसम के परिवर्तन के अनुसार चलने वाली हवाओं को ‘मानसून’ कहते हैं।

प्रश्न 4.
वर्षा ऋतु में मानसून की प्रमुख शाखाएँ कौन-कौन सी हैं? (2016)
उत्तर:
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो शाखाएँ होती हैं-

  1. अरब सागर की मानसून शाखा, जो प्रायद्वीप के अधिकतर भागों में वर्षा करती है, और
  2. बंगाल की खाड़ी की शाखा जो निम्न वायुदाब की ओर गंगा के मैदान में वर्षा करती हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की भू-रचना जलवायु को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर:
यहाँ की भू-रचना न केवल तापमान अपितु वर्षा को भी प्रभावित करती है। देश के उत्तरी भाग में पूरब से पश्चिम तक फैला हुआ विशाल हिमालय पर्वत शीत ऋतु में उत्तर से आने वाली अति ठण्डी हवाओं को रोककर भारत को अत्यधिक शीतल होने से बचाता है। यह पर्वत मानसून पवनों को रोककर वर्षा में भी सहायता करता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
भारत के उत्तरी मैदान की जलवायु विषम क्यों है?
उत्तर:
कर्क रेखा भारत को उष्ण तथा उपोष्ण दो कटिबन्धों में बाँटती है, लेकिन भारत के तापमान के वितरण पर समुद्र से दूरी का स्पष्ट प्रभाव देखा जाता है। भारत के तटीय भागों में समुद्र का समकारी प्रभाव पड़ने से सम जलवायु है, जबकि उत्तरी मैदान समुद्र से दूर होने के कारण यहाँ गर्मी में अधिक गर्मी और सर्दी में अधिक सर्दी पड़ती है। भारत के उत्तरी मैदान में विषम जलवायु (महाद्वीपीय प्रकार) होने का यही कारण है।

प्रश्न 3.
शीत ऋतु में तमिलनाडु तट पर वर्षा क्यों होती है?
उत्तर:
तमिलनाडु राज्य भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है। यहाँ शीतकाल में चलने वाली उत्तर-पूर्वी मानसून पवनें अधिक वर्षा करती है जबकि ग्रीष्मकालीन दक्षिण-पश्चिमी मानसून पवनें कम वर्षा करती हैं। इसका कारण यह है कि ग्रीष्मकाल में मानसून पवनें दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलती हैं। अतः यह क्षेत्र पश्चिमी घाट पर्वत की वृष्टि छाया में पड़ता है जिससे कम वर्षा होती है। शीतकाल में लौटती हुई मानसून पवनें बंगाल की खाड़ी को पार करके नमी ग्रहण कर लेती हैं। ये पवनें पूर्वी घाट की पहाड़ियों से टकराकर तमिलनाडु के तटीय प्रदेश में वर्षा करती हैं। इस प्रकार जाड़े के मौसम में यह प्रदेश आर्द्र पवनों के सम्मुख होने के कारण अधिक वर्षा प्राप्त करता है।

प्रश्न 4.
भारत में अधिक वर्षा वाले क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
अधिक वर्षा वाले क्षेत्र-इसमें वे क्षेत्र हैं, जहाँ 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है। इसके अन्तर्गत पश्चिमी घाट (केरल, गोवा, तटीय कर्नाटक और तटीय महाराष्ट्र) असम, मेघालय तथा पूर्वी हिमालय के क्षेत्र आते हैं।

प्रश्न 5.
भारतीय कृषि को मानसून का जुआ क्यों कहते हैं? (2015)
उत्तर:
भारतीय कृषि मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है। भारत में वर्षा प्रायः अनिश्चित एवं अनियमित होती है। कभी मानसून जल्दी शुरू हो जाता है तो कभी देर से। वर्षा का वितरण भी असमान है। कहीं अधिक वर्षा से बाढ़ आती हैं तो कहीं सूखा पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप कृषि को भारी हानि होती है। वर्षा की मात्रा सामान्य हो, तो कृषि उपज अच्छी होती है। मानसूनी पवनों द्वारा कम या अधिक मात्रा में वर्षा होने से कृषि को भारी क्षति पहुँचती है। अतः भारतीय कृषि को ‘मानसून का जुआ’ कहा जाता है।

प्रश्न 6.
जलवायु स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डालती है?
उत्तर:
जलवायु स्वास्थ्य पर निम्न प्रकार से प्रभाव डालती है –

  1. भारत में उपलब्ध जलवायु दशाओं के कारण सामान्यतः वर्ष भर कृषि हो सकती है। विभिन्न फसलों के लिये यहाँ का तापमान वर्ष भर उपयुक्त है।
  2. जलवायु की विविधता विविध फसलों के उत्पादन के लिये अनुकूल वातावरण उपस्थित करती है, जैसे-उत्तर प्रदेश की जलवायु गेहूँ के लिये, पश्चिम बंगाल की जलवायु पटसन एवं चावल के लिये तथा मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र की जलवायु कपास के लिये उपयुक्त है।
  3. जून, जुलाई तथा अगस्त के महीनों की वर्षा जल्दी पकने वाली फसलों, जैसे- ज्वार, बाजरा, मक्का आदि के लिये लाभदायक होती है।
  4. वर्षा के कारण चारा भी उपलब्ध होता है जिससे पशुपालन को बल मिलता है।
  5. गर्मी के बाद होने वाली वर्षा कई रोगों को जन्म देती है। गड्ढों और तालाबों में जल एकत्र हो जाता है। जिससे मच्छरों का जन्म होता है और रोगों का प्रसार होता है।

प्रश्न 7.
मानसून पवनों की उत्पत्ति कैसे होती है?
उत्तर:
मानसून पवनें बड़े पैमाने पर स्थलीय एवं सामुद्रिक पवनें हैं। जिस प्रकार स्थल भाग एवं समुद्री सतह पर तापमान की सापेक्ष भिन्नता के कारण पवनें दिन में समुद्र से स्थल की ओर तथा रात्रि में स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं, उसी प्रकार ग्रीष्म ऋतु में पवनें सागरीय उच्च दाब से स्थलीय निम्न दाब की ओर तथा शीत ऋतु में इसके विपरीत स्थलीय उच्च दाब से सागरीय निम्न दाब की ओर चलती हैं, जिन्हें मानसून कहा जाता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौनसे हैं?
उत्तर:
भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले अग्रलिखित कारक हैं –

  • स्थिति :
    भारत की जलवायु को प्रभावित करने में देश की अक्षांशीय स्थिति महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत उत्तरी गोलार्द्ध में एशिया महाद्वीप के दक्षिण में स्थित है। कर्क रेखा इसके मध्य से होकर गुजरती है। भारत की इस विशिष्ट स्थिति के कारण इसके दक्षिणी भाग में उष्ण कटिबन्धीय जलवायु तथा उत्तरी भाग में महाद्वीपीय जलवायु पायी जाती है।
  • समुद्र से दूरी :
    भारत के तटीय भागों में समुद्र का समकारी प्रभाव पड़ने से सम जलवायु है, जबकि उत्तरी मैदान समुद्र से दूर होने के कारण वहाँ गर्मी में अधिक गर्मी और सर्दी में अधिक सर्दी पड़ती है। फलस्वरूप वहाँ महाद्वीपीय जलवायु पायी जाती है।
  • भू-रचना :
    भारत की भू-रचना न केवल तापमान अपितु वर्षा को भी प्रभावित करती है। देश के उत्तरी भाग में पूरब से पश्चिम को फैला हुआ विशाल हिमालय पर्वत शीत ऋतु में उत्तर से आने वाली अति ठण्डी हवाओं को रोककर भारत को अत्यधिक शीतल होने से बचाता है। यह पर्वत मानसून पवनों को रोककर वर्षा में मदद करता है।
  • जल और थल का वितरण :
    भारत को तीन ओर से समुद्र घेरता है-पश्चिम में अरब सागर, दक्षिण में हिन्द महासागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी। उत्तर में विशाल मैदान स्थित है। ग्रीष्म काल में इसका पश्चिमी भाग अत्यधिक गर्म हो जाता है और वहाँ निम्न वायुदाब स्थापित हो जाता है जिससे समुद्र की ओर से हवाएँ चलने लगती हैं। ये हवाएँ दो शाखाओं-अरब सागरीय मानसून शाखा और बंगाल की खाड़ी मानसून शाखा में विभाजित हो जाती हैं, इनसे पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण भारत में वर्षा होती है।
  • उपरितन वायुधाराएँ :
    वायुधाराएँ हवाओं से भिन्न होती हैं क्योंकि वे भू-पृष्ठ से बहुत ऊँचाई पर चलती हैं। भारत की जलवायु जेट वायुधाराओं की गति से भी प्रभावित होती है। ऊपरी वायुमण्डल में बहुत तीव्र गति से चलने वाली हवाओं को जेट वायुधाराएँ कहते हैं। शीतकाल में पश्चिमी विक्षोभों को भारतीय उपमहाद्वीप तक लाने में जेट प्रवाह मददगार होते हैं। इस प्रकार उपरितन वायुधाराएँ भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाला महत्त्वपूर्ण कारक है।
  • मानसूनी पवनें :
    हमारा देश व्यापारिक पवनों के प्रवाह क्षेत्र में आता है, किन्तु यहाँ की जलवायु पर मानसूनी पवनों का व्यापक प्रभाव देखा जाता है। ये पवनें हमारे देश में ग्रीष्म ऋतु में समुद्र से स्थल की ओर तथा शीत ऋतु में स्थल से समुद्र की ओर चला करती हैं। मानसूनी हवाओं के इस परिवर्तन के साथ भारत में मौसम और ऋतुओं में परिवर्तन हो जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
मानसून की प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए विभिन्न ऋतुओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानसून की विशेषताएँ

  1. मानसूनी हवाएँ मौसमी हवाएँ हैं। ये मौसम के अनुसार प्रवाहित होती हैं।
  2. ग्रीष्मकाल में चलने वाली मौसमी हवाओं को ग्रीष्मकालीन मानसून एवं शीतकाल में चलने वाली मौसमी हवाओं को शीतकालीन मानसून कहते हैं।
  3. ग्रीष्मकालीन मानसूनी हवाएँ भारत की प्रायद्वीपीय स्थिति के कारण दो भागों में बँट जाती हैं- पहली अरब सागरीय मानसून एवं दूसरी बंगाल की खाड़ी का मानसून।
  4. भारत में ग्रीष्म ऋतु में इन हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर एवं शीत ऋतु में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिमी होती है।
  5. ग्रीष्म ऋतु में ये हवाएँ समुद्र से थल भाग की ओर चलने के कारण उष्ण व आर्द्र होती हैं जबकि शीत ऋतु में ये हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर चलने के कारण ठण्डी व शुष्क होती हैं।
  6. वर्षा का अधिकांश भाग दक्षिणी-पश्चिमी मानसून हवाओं से प्राप्त होता है।
  7. भारत में मानसूनी वर्षा समय के अनुसार निश्चित नहीं होती। कभी मानसूनी पवनें जल्दी और कभी बहुत देर में आती है अर्थात् कई बार मानसून के समय एवं उसकी मात्रा में अन्तर भी आ जाता है।

भारत की ऋतुएँ :
मानसूनी विभिन्नता के आधार पर चार ऋतुओं में बाँटा गया है :

i. उत्तर-पूर्वी मानसून की ऋतुएँ :

  1. शीत ऋतु-दिसम्बर से फरवरी तक,
  2. ग्रीष्म ऋतु-मार्च से मई तक।

ii. दक्षिण-पश्चिमी मानसून की ऋतुएँ :

  1. वर्षा ऋतु-जून से सितम्बर तक,
  2. पीछे हटते मानसून की ऋतु-अक्टूबर से नवम्बर तक।

i.
1. शीत ऋतु :
शीत ऋतु लगभग दिसम्बर से फरवरी तक सम्पूर्ण भारत में रहती है। जनवरी सबसे ठण्डा महीना है। इस ऋतु में उत्तरी मैदानों में उच्च वायुदाब रहता है। इस ऋतु में देश के ऊपर उत्तर-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ चलती हैं। हमारे देश के अधिकांश भागों में ये स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं। परिणामस्वरूप शीत ऋतु शुष्क रहती है। चेन्नई और कालीकट का जनवरी का औसत तापमान लगभग 25° सेल्सियस रहता है तथा उत्तरी मैदानों में औसत तापमान 10° से 15° सेल्सियस रहता है। शीत ऋतु में दिन सामान्यत: उष्ण तथा रातें ठण्डी होती हैं। कुछ ऊँचे स्थानों पर पाला भी पड़ता है।

उत्तर-पूर्वी मानसून शीत ऋतु में बंगाल की खाड़ी में आर्द्रता ग्रहण कर तमिलनाडु के कारोमण्डल तट पर वर्षा करता है। इसे लौटती हुई मानसून की वर्षा कहते हैं।

2. ग्रीष्म ऋतु :
मानसूनी हवाएँ मौसमी हवाएँ हैं। ये मौसम के अनुसार प्रवाहित होती हैं। ग्रीष्मकाल में चलने वाली मौसमी हवाओं को ग्रीष्मकालीन मानसून एवं शीतकाल में चलने वाली मौसमी हवाओं को शीतकालीन मानसून कहते हैं। ग्रीष्मकालीन मानसूनी हवाएँ भारत की प्रायद्वीपीय स्थिति के कारण दो भागों में बँट जाती हैं- पहली अरब सागरीय मानसून एवं दूसरी बंगाल की खाड़ी का मानसून। भारत में ग्रीष्म ऋतु में इन हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर एवं शीत ऋतु में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिमी होती है। ग्रीष्म ऋतु में ये हवाएँ समुद्र से थल भाग की ओर चलने के कारण उष्ण व आर्द्र होती हैं जबकि शीत ऋतु में ये हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर चलने के कारण ठण्डी व शुष्क होती हैं।

ii.
1. वर्षा ऋतु :
भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में तेजी से बढ़ते तापमान के परिणामस्वरूप शीत ऋतु का उच्च दाब अत्यन्त निम्न दाब में बदल जाता है। इस निम्न दाब के क्षेत्र की ओर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से वायु खिंच जाती है। दक्षिण गोलार्द्ध की व्यापारिक पवनें इनके साथ मिलकर दक्षिण-पश्चिम मानसून का निर्माण करती हैं। यह धीरे-धीरे दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ता है और जून के अन्त तक देश के अधिकांश भागों में फैल जाता है।

2. पीछे हटते मानसून की ऋतु :
उत्तर-पश्चिम भारत में बना निम्न वायुदाब का क्षेत्र सूर्य की स्थिति बदलने के कारण कमजोर होकर दक्षिण की ओर खिसकने लगता है। सितम्बर के प्रथम सप्ताह में यह राजस्थान से पीछे हट जाता है। नवम्बर में यह कर्नाटक और तमिलनाडु के ऊपर चला जाता है। दिसम्बर के मध्य तक यह प्रायद्वीप से पूरी तरह हट जाता है। इस पीछे हटते हुए मानसून की ऋतु में प्रायद्वीप के पूर्वी भाग-प्रमुख रूप से तमिलनाडु में व्यापक वर्षा होती है।

प्रश्न 3.
भारत में वर्षा के वितरण को मानचित्र पर दर्शाइए और विभिन्न क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:
वार्षिक वर्षा के आधार पर भारतवर्ष को चार भागों में बाँटा जा सकता है। :

  1. अधिक वर्षा वाले क्षेत्र-लघु उत्तरीय प्रश्न 4 का उत्तर देखें।
  2. मध्यम वर्षा वाले क्षेत्र-इसके अन्तर्गत बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा पश्चिम बंगाल आते हैं। यहाँ औसत वर्षा 100 से 200 सेमी होती है।
  3. साधारण वर्षा वाले क्षेत्र-इसमें 50 सेमी से 100 सेमी तक वर्षा वाले क्षेत्र आते हैं। इसके अन्तर्गत मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु पंजाब तथा हरियाणा आते हैं।
  4. अल्प वर्षा वाले क्षेत्र-इन क्षेत्रों में औसत वर्षा 50 सेमी से कम रहती है। सबसे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में राजस्थान का अधिकांश भाग, लद्दाख का पठार तथा दक्षिणी पठार का वृष्टि छाया प्रदेश आता है।
    MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 5 भारत जलवायु - 2

प्रश्न 4.
भारत की जलवायु का मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
जलवायु का मानव जीवन पर प्रभाव

  1. गर्मी में उच्च तापमान और ग्रीष्मकालीन वर्षा के कारण भारतीय उपमहाद्वीप में कुछ विशिष्ट फसलों की खेती होती है; जैसे-धान, जूट और चाय। ये फसलें मानसूनी जलवायु की उपज हैं।
  2. मानसूनी वर्षा की मात्रा कृषि कार्य के लिए उपयुक्त है।
  3. धान की खेती से अधिकाधिक लोगों का भरण-पोषण सम्भव है, अतः ऐसे क्षेत्र घने आबाद होते हैं।
  4. अधिक गर्मी पड़ने के कारण लोग सुस्त हुआ करते हैं जो आर्थिक विकास के लिए बाधक हैं।
  5. वर्षा के असमान वितरण के कारण सिंचाई व्यवस्था करनी पड़ती है।
  6. पश्चिमोत्तर भारत में शीतकालीन वर्षा के कारण गेहूँ, जौ आदि की अच्छी उपज होती है।
  7. वर्षा के कारण चारा भी उपलब्ध हो जाता है जिससे पशुपालन को बल मिलता है। कहा जाता है कि प्राचीनकाल में भारत में दूध व घी की नदियाँ बहती थीं। यह चारे की पर्याप्त उपलब्धि से ही सम्भव था। लेकिन वर्तमान में वर्ष के कुछ महीनों को छोड़कर शेष महीने शुष्क होते हैं। वर्षाकाल में उगने वाली घास शुष्क महीनों में सूख जाती है, इसलिए यहाँ सदाबहार चरागाह भूमि का अभाव है।
  8. वर्षा की अनिश्चितता का प्रभाव कृषि पर पड़ता है। वर्षा यदि समय पर और पर्याप्त मात्रा में हो जाती है तो कृषि उत्पादन ठीक होता है, लेकिन यदि मानसून आने में देरी हो जाए या पर्याप्त वर्षा न हो तो कृषि उत्पादन पर उसका विपरीत प्रभाव पड़ता है, इसलिए भारतीय कृषि को मानसून का जुआ कहते हैं।
  9. कभी-कभी वर्षा की अधिकता से भयंकर बाढ़ें आती हैं।
  10. चक्रवाती या तूफानी वर्षा से फसलों, पशुओं और निर्धन लोगों को बहुत नुकसान पहुँचता है। ओलों से खड़ी फसल मारी जाती है।

इस प्रकार जलवायु की भिन्नता के फलस्वरूप वन सम्पदा, पशु सम्पदा, परिवहन एवं मानव जीवन में भी विभिन्नता है। ये हमारे आर्थिक जीवन का महत्त्वपूर्ण तत्व है।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अधिक वर्षा वाले राज्य (2011)
(i) बिहार, उड़ीसा
(ii) मेघालय असम
(iii) मध्य प्रदेश, गुजरात
(iv) राजस्थान, पंजाब।
उत्तर:
(iii) मध्य प्रदेश, गुजरात

प्रश्न 2.
मानसूनी हवाओं का सम्बन्ध है (2008)
(i) मौसम
(ii) जलवायु
(iii) ऋतु
(iv) उक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(i) मौसम

रिक्त स्थान पूर्ति

  1. भारत की वर्षा का वार्षिक औसत …………. है। (2008)
  2. जिस क्षेत्र में औसतन तापमान 18° से. से ऊपर रहता है उसे ………… जलवायु कहते हैं। (2009)
  3. ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली हवाओं को …………. कहते हैं। (2015)
  4. अल्प वर्षा वाले क्षेत्रों में औसत वर्षा ………… वार्षिक से कम रहती है।
  5. भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनियमितता तथा अनिश्चितता का कारण …………. का उत्तर और दक्षिण की ओर खिसकना है।

उत्तर:

  1. 105 सेमी,
  2. उष्ण कटिबन्धीय,
  3. लू,
  4. 50 सेमी.
  5. जेट स्ट्रीम।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
आम्रवृष्टि मध्य प्रदेश में होती है। (2008, 09)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
भारतीय मानसून में होने वाली वर्षा अनिश्चित है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
मानसूनी हवाएँ अपनी दिशाएँ नहीं बदलती हैं।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
शीत ऋतु दिसम्बर से शुरू होती है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
ग्रीष्म ऋतु में उत्तर भारत में चलने वाली हवा को लू कहते हैं।
उत्तर:
सत्य

MP Board Solutions

सही जोड़ी मिलाइए

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 5 भारत जलवायु - 3

उत्तर:

  1. → (ख)
  2. -→ (क)
  3. → (घ)
  4. → (ङ)
  5. → (ग)।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
पर्वतीय वायु विमुख क्षेत्र जहाँ वर्षा नहीं होती।
उत्तर:
वृष्टि छाया क्षेत्र

प्रश्न 2.
जहाँ गर्मी में अधिक गर्मी तथा सर्दी में अधिक सर्दी हो, वह जलवायु कहलाती है।
उत्तर:
महाद्वीपीय जलवायु

प्रश्न 3.
हवाएँ छः माह की अवधि में अपनी दिशा बदलती हैं।
उत्तर:
मानसून मौसम सम्बन्धी हवाएँ

प्रश्न 4.
किसी स्थान की दीर्घ अवधि की वायुमण्डलीय दशा कहलाती है।
उत्तर:
जलवायु

प्रश्न 5.
भारत के कोरोमण्डल तट पर सर्वाधिक वर्षा कब होती है? (2014)
उत्तर:
जनवरी-फरवरी में।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मौसम से क्या आशय है?
उत्तर:
मौसम का आशय किसी स्थान विशेष के किसी निर्दिष्ट समय की वायुमण्डलीय दशाओं, तापमान, वायुदाब, हवा, आर्द्रता एवं वर्षा से होता है। वायुमण्डल की उपर्युक्त दशाओं को ही जलवायु और मौसम के तत्व कहते हैं।

प्रश्न 2.
जेट वायु धाराएँ (प्रवाह) किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
ऊपरी वायुमण्डल में तीव्र गति से चलने वाली पवनों को जेट वायुधाराएँ कहते हैं। ये बहुत ही सँकरी पट्टी में चलती हैं।

प्रश्न 3.
मैंगो शावर (आम्रवृष्टि) क्या है?
उत्तर:
मानसून के आने से पूर्व प्रायद्वीपीय पठार में वर्षा होती है जिसे मैंगो शावर (आम्रवृष्टि) कहते हैं। केरल में इसे फूलों वाली बौछार कहा जाता है, क्योंकि इस वर्षा से कहवा उत्पादन वाले क्षेत्रों में फूल खिलने लगते हैं।

प्रश्न 4.
व्यापारिक पवनें किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब कटिबन्ध की ओर दोनों ही गोलार्डों के उपोष्ण उच्च वायुदाब कटिबन्धों से निरन्तर बहने वाली पवन को व्यापारिक पवन कहते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
वृष्टि छाया प्रदेश क्या है?
उत्तर:
पर्वतीय वायु विमुख ढाल क्षेत्र जहाँ वर्षा नहीं हो पाती और वह क्षेत्र शुष्क रह जाता है, वृष्टि छाया क्षेत्र की श्रेणी में आता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दक्षिण-पश्चिमी मानसून की उत्पत्ति का क्या कारण है ?
उत्तर:
ग्रीष्म ऋतु में तापमान बढ़ जाने के कारण भारत के उत्तर-पश्चिमी मैदानों में निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इस समय हिन्द महासागर पर अपेक्षाकृत उच्च वायुदाब का क्षेत्र होता है जिसके कारण हिन्द महासागर में दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं की उत्पत्ति होती है और जहाँ से ये अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी में आ जाती हैं। इसके पश्चात् ये भारत के वायुमण्डल की संरचना का अंग बन जाती हैं। विषुवतीय गर्म धाराओं के ऊपर से गुजरने के कारण ये भारी मात्रा में आर्द्रता ग्रहण कर लेती हैं। विषुवत् वृत्त को पार करते ही इनकी दिशा दक्षिण-पश्चिम हो जाती है। इसीलिए इन्हें दक्षिण-पश्चिमी मानसून कहा जाता है।

प्रश्न 2.
मानसून के रचना-तन्त्र की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
मानसून शब्द अरबी भाषा के ‘मौसिम’ शब्द से बना है जिसका अर्थ है ऋतु या मौसम। इस प्रकार मानसून का अर्थ उन मौसमी हवाओं से है जो मौसमी परिवर्तन के साथ अपनी दिशा पूर्णतया बदल देती हैं। शुष्क और गर्म स्थलीय हवाएँ समुद्री और वाष्पकणों से भरी हुई हवाओं में बदल जाती हैं। ये मानसून हवाएँ हिन्द महासागर में भूमध्य रेखा को पार करते ही दक्षिण-पश्चिम दिशा अपना लेती हैं। जब कभी उत्तरी गोलार्द्ध में प्रशान्त महासागर के विषुवतीय भागों में उच्च दाब होता है तब हिन्द महासागर के दक्षिणी भागों में दबाव कम होता है और यह परिवर्तन का क्रम चलता रहता है। इस प्रकार भूमध्य रेखा के आस-पास की हवाएँ विभिन्न दिशाओं में आती जाती रहती हैं। इन हवाओं की अदला-बदली का मानसून हवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 3.
पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ क्या है?
उत्तर:
पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ :
शीत ऋतु के महीनों में उत्पन्न होने वाला पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ भूमध्य सागरीय क्षेत्र से आने वाले पश्चिमी जेट स्ट्रीम पवनों के कारण होता है। ये प्रायः भारत के उत्तर एवं उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को प्रभावित करते हैं। उष्ण कटिबन्धीय चक्रवात मानसूनी महीनों के अलावा अक्टूबर एवं नवम्बर के महीनों में भी आते हैं एवं देश के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। शीत ऋतु में पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभों के आने से उत्तरी भारत में हल्की वर्षा होती है। इन्हीं विक्षोभों के कारण कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी हिमपात होता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में ग्रीष्म ऋतु में जलवायु की दशाओं की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
ग्रीष्म ऋतु में उत्तरी भारत में तापमान अधिक रहने से वायुदाब कम रहता है। मई माह तक थार मरुस्थल से लेकर छोटा नागपुर पठार तक न्यून वायुदाब क्षेत्र बन जाता है। हिन्द महासागर में उच्च वायुदाब रहता है। पवनें उच्चदाब से न्यूनदाब की ओर चलती हैं। ग्रीष्मकाल में स्थानीय पवनें-लू, वैशाखी (धूल भरी आँधियाँ) सक्रिय हो जाती हैं।

कर्क रेखा भारत के लगभग मध्य भाग से गुजरती है। 21 जून को कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें लम्बवत् गिरती हैं, अत: उत्तरी भारत का तापमान बढ़ने लगता है। देश के उत्तर-पश्चिम भाग में तापमान 45° से 48° सेल्सियस तक हो जाता है। दक्षिण भारत में समुद्र के समकारी प्रभाव के कारण तापमान अधिक नहीं हो पाता है। यह 27° से 30° सेल्सियस तक रहता है। ग्रीष्म ऋतु के अन्त में केरल तथा कर्नाटक के तटीय भागों में मानसून से पूर्व की वर्षा होती है, जिसका स्थानीय नाम आम्रवृष्टि है। इस समय दक्कन के पठार पर अपेक्षाकृत उच्चदाब होने के कारण मानसून से पूर्व की वर्षा का क्षेत्र आगे नहीं बढ़ पाता है। इस ऋतु में बंगाल और असम में भी उत्तर-पश्चिमी तथा उत्तरी पवनों द्वारा वर्षा की तेज बौछारें पड़ती हैं।

MP Board Class 9th Social Science Solutions

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता

MP Board Class 9th Science Chapter 7 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 91

प्रश्न 1.
हम जीवधारियों का वर्गीकरण क्यों करते हैं?
उत्तर:
वर्गीकरण जीवों की विविधता को स्ष्ट करने में सहायक होता है, इसलिए हम जीवधारियों का वर्गीकरण करते हैं।

प्रश्न 2.
अपने चारों ओर फैले जीव रूपों की विविधता के तीन उदाहरण दें।
उत्तर:

  1. हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा स्वयं अपना भोजन बनाते हैं अर्थात् वे स्वपोषी हैं जबकि जन्तु अपने भोजन के लिए पौधों पर निर्भर करते हैं अर्थात् वे परपोषी हैं।
  2. पक्षिगण आकाश में उड़ सकते हैं जबकि कुत्ते, बिल्ली आदि नहीं।
  3. पक्षी अण्डे देते हैं जबकि गाय, भैंस बच्चों को जन्म देती हैं।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 92

प्रश्न 1.
जीवों के वर्गीकरण के लिए सर्वाधिक मूलभूत लक्षण क्या हो सकता है?
(a) उनका निवास स्थान
(b) उनकी कोशिका संरचना।
उत्तर:
(b) उनकी कोशिका संरचना।

प्रश्न 2.
जीवों के प्रारम्भिक विभाजन के लिए किस मूल लक्षण को आधार बनाया गया?
उत्तर:
उनके आवास को।

प्रश्न 3.
किस आधार पर जन्तुओं और वनस्पतियों को एक-दूसरे से भिन्न वर्ग में रखा गया है?
उत्तर:
जन्तु अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते बल्कि बाहर से प्राप्त करते हैं। जबकि वनस्पतियाँ अपना भोजन प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया द्वारा स्वयं बनाती हैं। इसी विविधता के आधार पर जन्तुओं और वनस्पतियों को एक-दूसरे से भिन्न वर्ग में रखा गया है।

प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 93

प्रश्न 1.
आदिम जीव किन्हें कहते हैं ? ये तथाकथित उन्नत जीवों से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर:
आदिम जीव
“जिन जीवों की शारीरिक संरचना में प्राचीन काल से लेकर आज तक कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ उन्हें आदिम जीव कहते हैं।”

आदिम जीवों एवं उन्नत जीवों में भिन्नता
आदिम जीवों की शारीरिक संरचना में आदि काल से अब तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ जबकि उन्नत जीवों में पर्याप्त परिवर्तन हुआ है।

प्रश्न 2.
क्या उन्नत जीव और जटिल जीव एक होते हैं?
उत्तर:
हाँ।

प्रश्न श्रृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 96

प्रश्न 1.
मोनेरा अथवा प्रोटिस्टा जैसे जीवों के वर्गीकरण के मापदण्ड क्या हैं?
उत्तर:
इन जीवों की शारीरिक संरचना में कोशिका भित्ति के होने या न होने के कारण आये परिवर्तन तुलनात्मक रूप से बहुकोशिकीय जीवों में कोशिका भित्ति होने या न होने के कारण आये परिवर्तनों से भिन्न होते हैं। पोषण के स्तर पर ये स्वपोषी या विषमपोषी दोनों हो सकते हैं।

प्रश्न 2.
प्रकाश-संश्लेषण करने वाले एककोशिकीय यूकैरियोटी जीव को आप किस जगत में रखेंगे?
उत्तर:
प्रोटिस्टा जगत में।

प्रश्न 3.
वर्गीकरण के विभिन्न पदानुक्रमों में किस समूह में सर्वाधिक समान लक्षण वाले सबसे कम जीवों को और किस समूह में सबसे ज्यादा संख्या में जीवों को रखा जायेगा?
उत्तर:
सबसे कम जीवों को प्रोकैरियोटी समूह में और सबसे अधिक जीवों को यूकैरियोटी समूह में रखा जाएगा।

प्रश्न श्रृंखला-5 # पृष्ठ संख्या 99

प्रश्न 1.
सरलतम पौधों को किस वर्ग में रखा गया है? उत्तर-थैलोफाइटा वर्ग में। प्रश्न 2. टेरिडोफाइट और फैनेरोगेम में क्या अन्तर है?
उत्तर:
टेरिडोफाइट में जननांग अप्रत्यक्ष होते हैं तथा इनमें बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती जबकि फैनेरोगेम में जनन ऊतक पूर्ण विकसित एवं विभेदित होते हैं तथा जनन प्रक्रिया के पश्चात् बीज उत्पन्न करने की क्षमता होती है।

प्रश्न 3.
जिम्नोस्पर्म और एन्जियोस्पर्म एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर:
जिम्नोस्पर्म में बीज नग्न अर्थात् बिना फलों के होते हैं जबकि एन्जियोस्पर्म में बीज फलों के अन्दर ढके हुए होते हैं।

प्रश्न श्रृंखला-6 # पृष्ठ संख्या 105

MP Board Solutions

प्रश्न 1.
पोरीफेरा एवं सीलेण्ट्रेटा वर्ग के जन्तुओं में क्या अन्तर है?
उत्तर:
पोरीफेरा वर्ग के जन्तुओं के पूरे शरीर पर अनेक छिद्र पाये जाते हैं तथा इनमें ऊतकों का विभेदन नहीं होता जबकि सीलेण्ट्रेटा वर्ग के जन्तुओं में ऊतकीय स्तर का शारीरिक संगठन होता है तथा शरीर कोशिकाओं की दो परतों का बना होता है।

प्रश्न 2.
एनीलिडा के जन्तु आर्थोपोडा के जन्तुओं से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर:
एनीलिडा के जन्तुओं का शरीर समखण्डों में विभाजित होता है जबकि आर्थोपोडा के जन्तुओं का शरीर तीन खण्डों सिर, धड़ एवं उदर में विभाजित होता है तथा इनमें जुड़े हुए पैर पाये जाते हैं।

प्रश्न 3.
जल-स्थलचर और सरीसृप में क्या अन्तर होता है?
उत्तर:
जल-स्थलचर के जन्तुओं के शरीर पर शल्क नहीं पाये जाते तथा इनमें श्वसन क्लोम अथवा फेफड़ों द्वारा होता है जबकि सरीसृप वर्ग के जन्तुओं के शरीर पर शल्क पाये जाते हैं तथा इनमें श्वसन फेफड़ों के द्वारा होता है।

प्रश्न 4.
पक्षी वर्ग और स्तनपायी वर्ग के जन्तुओं में क्या अन्तर है? (कोई चार) (2018)
उत्तर:
पक्षी वर्ग के जन्तु एवं स्तनपायी वर्ग के जन्तुओं में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 1

MP Board Class 9th Science Chapter 7 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
जीवों के वर्गीकरण से क्या लाभ है? (2019)
उत्तर:
वर्गीकरण के लाभ-वर्गीकरण के निम्नलिखित प्रमुख लाभ हैं –

  1. जीवों की पहचान होना।
  2. जीवों की विविधता का ज्ञान होना।
  3. जीवों के आपसी सम्बन्धों का ज्ञान होना।
  4. जीवों की उत्पत्ति की जानकारी होना।
  5. जीवों के विकास के क्रम का ज्ञान होना।

प्रश्न 2.
वर्गीकरण में पदानुक्रम निर्धारण के लिए दो लक्षणों में से आप किस लक्षण का चयन करेंगे?
उत्तर:
जाति (स्पीशीज) का।

प्रश्न 3.
जीवों के पाँच जगत में वर्गीकरण के आधार की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
जीवों के पाँच जगत वर्गीकरण का आधार-यह वर्गीकरण कोशिकीय संरचना, पोषण के स्रोत, और तरीके तथा शारीरिक संगठन के आधार पर किया गया है।

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
पादप जगत के प्रमुख वर्ग कौन हैं ? इस वर्गीकरण का क्या आधार है?
उत्तर:
पादप जगत के प्रमुख वर्ग:

  1. थैलोफाइटा
  2. ब्रायोफाइटा
  3. टेरिडोफाइटा
  4. जिम्नोस्पर्म
  5. एन्जियोस्पर्म।

वर्गीकरण का आधार-पादप शरीर के प्रमुख घटक पूर्णरूपेण विकसित हैं या नहीं, जल अथवा अन्य पदार्थों के संवहन-ऊतकों की उपस्थिति एवं बीजधारण की क्षमता पादपों में है या नहीं, यदि है तो बीज फल के अन्दर विकसित होते हैं अथवा नग्न अवस्था में।

प्रश्न 5.
जन्तुओं और पौधों के वर्गीकरण के आधारों में मूल अन्तर क्या है? (2019)
उत्तर:
जन्तुओं और पौधों के वर्गीकरण के आधारों में मूल अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 2

प्रश्न 6.
वर्टीब्रेटा (कशेरुकी प्राणी) को विभिन्न वर्गों में बाँटने के आधार की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
वर्टीब्रेटा (कशेरुकी प्राणी) को विभिन्न वर्गों में बाँटने का आधार:
अण्डज या जरायुज, हृदय की संरचना, श्वसन प्रक्रिया, त्वचा की संरचना में अन्तर आदि।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 7 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किसमें जल-संवहन के लिए विशेष ऊतक पाए जाते हैं?
(a) थैलोफाइटा
(b) ब्रायोफाइटा
(c) टेरिडोफाइटा
(d) जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी)
उत्तर:
(c) टेरिडोफाइटा

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन बीज उत्पन्न कर सकता है?
(a) थैलोफाइटा
(b) ब्रायोफाइटा
(c) टेरिडोफाइटा
(d) जिम्नोस्पर्म
उत्तर:
(d) जिम्नोस्पर्म

प्रश्न 3.
कौन-सी यथार्थ मछली है?
(a) जैली फिश
(b) स्टार फिश
(c) डॉग फिश
(d) सिल्वर फिश
उत्तर:
(c) डॉग फिश

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में कौन-से प्राणी समुद्रों में पाए जाते हैं?
(a) पोरीफेरा
(b) इकाइनोडर्मेटा
(c) मोलस्का
(d) पिसीज (मत्स्य वर्ग)
उत्तर:
(b) इकाइनोडर्मेटा

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से किसमें खुला परिसंचरण तन्त्र पाया जाता है?
(i) आर्थोपोडा
(ii) मोलस्का
(iii) एनीलिडा
(iv) सीलेण्ट्रेटा

(a) (i) और (ii)
(b) (iii) और (iv)
(c) (i) और (iii)
(d) (ii) और (iv)
उत्तर:
(a) (i) और (ii)

प्रश्न 6.
वह कौन-सा समूह है जिसके प्राणियों में प्रगुहा रुधिर से भरी होती है?
(a) आर्थोपोडा
(b) एनीलिडा
(c) निमेटोडा
(d) इकाइनोडर्मेटा
उत्तर:
(a) आर्थोपोडा

प्रश्न 7.
श्लीपद अर्थात् फीलपाँव रोग निम्नलिखित के द्वारा होता है?
(a) वुचेरेरिया
(b) पिनकृमि
(c) प्लैनेरियन प्राणी
(d) यकृत पर्णाभ कृमि
उत्तर:
(a) वुचेरेरिया

प्रश्न 8.
कशेरुकियों का निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे महत्वपूर्ण अथवा सामान्य लक्षण है?
(a) पृष्ठ रज्जु का पाया जाना
(b) त्रिकोरकी अवस्था का पाया जाना
(c) क्लोम कोष्ठ का पाया जाना
(d) देहगुहा का पाया जाना।
उत्तर:
(a) पृष्ठ रज्जु का पाया जाना

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से किसमें शल्क होते हैं?
(i) ऐम्फिबिया
(ii) पिसीज
(iii) सरीसृप
(iv) स्तनधारी

(a) (i) और (iii)
(b) (iii) और (iv)
(c) (ii) और (iii)
(d) (i) और (ii)।
उत्तर:
(c) (ii) और (iii)

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
टेरिडोफाइटा में कौन-सा अंग नहीं होता?
(a) मूल
(b) तना
(c) पुष्प
(d) पत्तियाँ।
उत्तर:
(c) पुष्प

प्रश्न 11.
पोरीफेरा संघ के सदस्य को पहचानिए –
(a) स्पॉन्जिला
(b) यूग्लीना
(c) पेनिसिलियम
(d) फाइलेरिया
उत्तर:
(a) स्पॉन्जिला

प्रश्न 12.
कौन-सा एक जलीय प्राणी नहीं है?
(a) हाइड्रा
(b) जैलीफिश
(c) कोरल
(d) फाइलेरिया
उत्तर:
(d) फाइलेरिया

प्रश्न 13.
ऐम्फिबियनों में नहीं होता है –
(a) तीन प्रकोष्ठ वाला हृदय
(b) क्लोम या फेफड़ा
(c) शल्क
(d) श्लेष्म ग्रन्थि
उत्तर:
(c) शल्क

प्रश्न 14.
बिना केन्द्रक एवं कोशिकाओं वाले जीव कौन से वर्ग में आते हैं?
(i) कवक
(ii) प्रोटिस्टा
(iii) साइनोबैक्टीरिया
(iv) आर्कीबैक्टीरिया

(a) (i) और (ii)
(b) (iii) और (iv)
(c) (i) और (iv)
(d) (ii) और (iii)
उत्तर:
(b) (iii) और (iv)

प्रश्न 15.
निम्नलिखित में कौन-सा सजीवों के वर्गीकरण के लिए लक्षण मापदण्ड नहीं है?
(a) जीव की देह रचना
(b) अकेले अपना भोजन बनाने की सामर्थ्य
(c) झिल्लीयुक्त केन्द्रक एवं कोशिकांग
(d) पादप की ऊँचाई
उत्तर:
(b) अकेले अपना भोजन बनाने की सामर्थ्य

प्रश्न 16.
‘प्रोटोकॉर्डेटा का जो विशिष्ट लक्षण नहीं है –
(a) पृष्ठ रज्जु का होना
(b) द्विपार्श्व सममित एवं प्रगुहा
(c) संधिपाद
(d) परिसंचारी तन्त्र का होना
उत्तर:
(c) संधिपाद

प्रश्न 17.
इकाइनोडर्मेटा का चलन-अंग है –
(a) नालपाद
(b) पेशीय पाद
(c) संधिपाद
(d) पार्श्वपाद
उत्तर:
(a) नालपाद

प्रश्न 18.
कोरल (प्रवाल) क्या होते हैं?
(a) ठोस आधार से चिपके रहने वाले पोरीफेरा संघ के प्राणी
(b) अकेले रहने वाले निडेरिया संघ के प्राणी
(c) समुद्री तल पर पाये जाने वाले पोरीफेरा संघ के प्राणी
(d) निबह (कॉलोनी) में रहने वाले निडेरिया संघ के प्राणी।
उत्तर:
(d) निबह (कॉलोनी) में रहने वाले निडेरिया संघ के प्राणी।

प्रश्न 19.
जीवों की वैज्ञानिक नाम पद्धति की व्यवस्था किसने प्रस्तुत की?
(a) रॉबर्ट ह्विटेकर
(b) कैरोलस लिनियस
(c) रॉबर्ट हुक
(d) अर्नेस्ट हेकेल
उत्तर:
(b) कैरोलस लिनियस

MP Board Solutions

प्रश्न 20.
दो प्रकोष्ठ वाला हृदय किसमें पाया जाता है?
(a) मगरमच्छ में
(b) मछली में
(c) पक्षी में
(d) उभयचर में
उत्तर:
(b) मछली में

प्रश्न 21.
सम्पूर्ण रूप से उपास्थि का बना कंकाल किसमें होता है?
(a) शार्क में
(b) ट्यूना में
(c) रोहू में
(d) इनमें से किसी में नहीं
उत्तर:
(a) शार्क में

प्रश्न 22.
निम्नलिखित में से कोई एक एनेलिड प्राणी नहीं है –
(a) नेरीज
(b) केंचुआ
(c) जोंक
(d) अर्चिन
उत्तर:
(d) अर्चिन

प्रश्न 23.
‘सिस्टेमा नेचुरी’ नामक पुस्तक निम्नलिखित में से किसके द्वारा लिखी गई थी?
(a) लिनियस
(b) हेकेल
(c) ह्विटेकर
(d) रॉबर्ट ब्राउन
उत्तर:
(a) लिनियस

प्रश्न 24.
कार्ल वॉन लिने का योगदान विज्ञान की किस शाखा में था?
(a) आकारिकी में
(b) वर्गीकरण में
(c) कार्यिकी में
(d) आयुर्विज्ञान में
उत्तर:
(b) वर्गीकरण में

प्रश्न 25.
वास्तविक अंग किस वर्ग में नहीं होते?
(a) मोलस्का में
(b) सीलेण्ट्रेटा में
(c) आर्थोपोडा में
(d) इकाइनोडर्मेटा में
उत्तर:
(b) सीलेण्ट्रेटा में

प्रश्न 26.
कठोर कैल्सियम कार्बोनेट से बनी संरचना का कंकाल के रूप में निम्नलिखित में से किसके द्वारा इस्तेमाल किया जाता है?
(a) इकाइनोडर्मेटा
(b) प्रोटोकॉर्डेटा
(c) आर्थोपोडा
(d) निमेटोडा
उत्तर:
(a) इकाइनोडर्मेटा

प्रश्न 27.
निम्नलिखित में से किसकी खण्डीय व्यवस्था में विभेदन होता है?
(a) जोंक में
(b) स्टार फिश में
(c) घोंघा में
(d) ऐस्केरिस में
उत्तर:
(a) जोंक में

प्रश्न 28.
वर्गिकीय पदानुक्रम में कुल (फैमिली) कौन-से दो के मध्य में आती है?
(a) वर्ग एवं गण
(b) गण एवं वंश
(c) वंश एवं जाति
(d) डिवीजन और वर्ग
उत्तर:
(b) गण एवं वंश

प्रश्न 29.
पाँच-जगत वर्गीकरण की पद्धति निम्नलिखित में से किसके द्वारा प्रस्तुत की गई?
(a) मॉरंगन
(b) आर ह्विटेकर
(c) लिनियस
(d) हेकेल
उत्तर:
(b) आर ह्विटेकर

MP Board Solutions

प्रश्न 30.
सुपरिभाषित केन्द्रक किसमें नहीं पाया जाता है?
(a) नील-हरित शैवाल में
(b) डायटम में
(c) शैवाल में
(d) यीस्ट में
उत्तर:
(a) नील-हरित शैवाल में

प्रश्न 31.
‘जातियों का उद्भव’ नामक पुस्तक निम्नलिखित में से किसके द्वारा लिखी गई?
(a) लिनियस
(b) डार्विन
(c) हेकेल
(d) ह्विटेकर
उत्तर:
(b) डार्विन

प्रश्न 32.
मीना और हरि ने अपने बगीचे में एक जीव देखा। हरि ने इसको कीट बताया जबकि मीना ने कहा यह केंचुआ है। निम्नलिखित में से उस लक्षण को चुनिए जो उसके कीट होने की पुष्टि करता है –
(a) द्विपार्श्व सममिति वाली देह
(b) संधित पाद वाला शरीर
(c) बेलनाकार शरीर
(d) खण्ड युक्त शरीर
उत्तर:
(b) संधित पाद वाला शरीर

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. कवक में …………….. प्रकार की पोषण विधि पाई जाती है।
2. कवक की कोशिका भित्ति …………… की बनी होती है।
3. नील-हरित शैवाल तथा कवक का एक साथ पाया जाना ………….. कहलाता है।
4. काइटिन की रासायनिक प्रकृति ………….. है।
5. …………….. में समान लक्षणों की अधिकतम संख्या के साथ कम जीवों की संख्या होती है।
6. तना, मूल एवं पत्ती में स्पष्ट रूप से विभेदित न होने वाले पादपों को ………….. में रखा गया है।
7. ……………..” को पादप जगत के जल-स्थलचर अर्थात् उभयचर कहा गया है।
8. सजीवों के लिए पाँच जगत वर्गीकरण की पद्धति …………. के द्वारा दी गई।
9. वर्गीकरण की आधारभूत छोटी इकाई ………….. है।
10. प्रोकैरियोटिक जीवों को …………….. संघ के अन्तर्गत रखा गया है।
11. पैरामीशियम को इसके ………….. होने के कारण प्रोटिस्टा जगत में रखा गया है।
12. कवक में ………….. नहीं होता है।
13. …………… नामक कवक को आप बिना सूक्ष्मदर्शी के देख सकते हैं।
14. ब्रेड बनाने में सामान्य कवक ……………. का उपयोग किया जाता है।
15. शैवाल एवं कवक के परस्पर सहजीवी सहवास को …………… कहा जाता है।
16. द्विपार्श्व, पृष्ठाधर सममिति …………….. में पाई जाती है।
17. फीलपाँव रोग उत्पन्न करने वाला ……………. कृमि है।
18. ……. में खुला परिसंचरण तन्त्र पाया जाता है जहाँ प्रगुही गुहा रुधिर से भरी होती है।
19. ……………. को उसमें कूट प्रगुहा होने के कारण जाना जाता है।
उत्तर:

  1. मृतजीवी
  2. काइटिन
  3. लाइकेन
  4. कार्बोहाइड्रेट
  5. जाति
  6. थैलोफाइटा
  7. ब्रायोफाइटा
  8. ह्विटेकर
  9. जाति
  10. मोनेरा
  11. यूकैरियोटिक एककोशीय जीव
  12. पर्णहरित (क्लोरोफिल)
  13. मशरूम
  14. यीस्ट
  15. लाइकेन
  16. लिवर फ्लूक (यकृत पर्णाभ कृमि)
  17. फाइलेरिया,
  18. आर्थोपोडा
  19. निमेटोडा।

सही जोड़ी बनाना
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 3
उत्तर:

  1. → (ii)
  2. → (i)
  3. → (iv)
  4. → (iii)
  5. → (vi)
  6. → (v)
  7. → (vii)

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 4
उत्तर”

  1. → (iii)
  2. → (ii)
  3. → (vi)
  4. → (i)
  5. → (v)
  6. → (iv)

MP Board Solutions

सत्य/असत्य कथन

1. एककोशिकीय यूकैरियोटिक जीवों को प्रोटिस्टा जगत के अन्तर्गत रखा गया है।
2. ह्विटेकर द्वारा कोशिका संरचना, पोषण के स्रोत एवं प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए जीवों को पाँच जगत में वर्गीकृत किया गया है।
3. मोनेरा जगत एवं प्रोटिस्टा जगत दोनों स्वपोषी अथवा विषमपोषी हो सकते हैं।
4. मोनेरा जगत के जीवों में सुस्पष्ट केन्द्रक होता है।
5. एवीज वर्ग के पक्षी समतापी, अण्डे देने वाले तथा हृदय में चार कक्ष वाले होते हैं।
6. एवीज वर्ग के पक्षियों का शरीर परों से ढका होता है। इनके अग्रपाद रूपान्तरित होकर पंख बनाते हैं और ये फेफड़ों के द्वारा साँस लेते हैं।
7. मछलियाँ, जल-स्थलीय जीव (उभयचर) तथा रेंगने वाले जीव (सरीसृप) सभी अण्डे देने वाले (अण्ड प्रजनक) होते हैं।
8. स्तनधारी वर्ग के प्राणी सदैव जरायुज होते हैं, अर्थात् बच्चे को जन्म देते हैं।
9. पाँच जगप्त वर्गीकरण को ह्विटेकर ने प्रस्तुत किया था।
10. मोनेरा जगत को आर्कीबैक्टीरिया तथा यूबैक्टीरिया में विभाजित किया गया है।
11. वर्ग से शुरू करने पर जाति वंश से पहले आती है।
12. ऐनाबीना मोनेरा जगत से सम्बन्धित है।
13. नील-हरित शैवाल प्रोटिस्टा जगत से सम्बन्धित है।
14. सभी प्रोकैरियोट अर्थात् प्राक्केन्द्रकी प्राणियों को मोनेरा जगत के अन्तर्गत वर्गीकृत किया गया है।
15. जिम्नोस्पर्म आवृतबीजों की मौजूदगी के आधार पर ऐन्जियोस्पर्मों से भिन्न होते हैं।
16. अपुष्पी पादप क्रिप्टोगेम कहलाते हैं।
17. ब्रायोफाइट में संवहन ऊतक होते हैं।
18. फ्यूनेरिया एक मॉस है।
19. अनेक फर्न में संयुक्त पत्तियाँ पायी जाती हैं।
20. बीजों के भीतर भ्रूण होता है।
उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. सत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. सत्य
  7. सत्य
  8. असत्य
  9. सत्य
  10. सत्य
  11. असत्य
  12. सत्य
  13. असत्य
  14. सत्य
  15. असत्य
  16. सत्य
  17. असत्य
  18. सत्य
  19. सत्य
  20. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
किसने सम्पूर्ण जैव जगत को पाँच जगतों में वर्गीकृत किया?
अथवा
जीवों का आधुनिक वर्गीकरण किस वैज्ञानिक ने किया?
उत्तर:
आर. एच. ह्विटेकर।

प्रश्न 2.
वर्गीकरण का पिता किसे कहा जाता है?
उत्तर:
कैरोलस लिनियस।

प्रश्न 3.
कैरोलस लिनियस द्वारा रचित पुस्तक का क्या नाम है?
उत्तर:
सिस्टेमा नेचुरी।

प्रश्न 4.
मनुष्य का जन्तु वैज्ञानिक नाम क्या है?
उत्तर:
होमो सेपियन्स।

प्रश्न 5.
आर. एच. ह्विटेकर ने सम्पूर्ण जीव जगत को कितने जगतों में वर्गीकृत किया?
उत्तर:
पाँच।

प्रश्न 6.
अमीबा के चलन अंग का नाम लिखिए।
उत्तर:
कूटपाद।

प्रश्न 7.
युग्लीना के चलन अंग का क्या नाम है?
उत्तर:
फ्लैजिला।

प्रश्न 8.
पैरामीशियम के चलन अंग का नाम लिखिए।
उत्तर:
सीलिया।

प्रश्न 9.
श्रम विभाजन किस जन्तु में होता है?
उत्तर:
हाइड्रा में।

प्रश्न 10.
स्टारफिश में चलन अंग क्या होता है?
उत्तर:
नालपाद (ट्यूब फीट)।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 7 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जीवन की विविधता किसे कहते हैं?
अथवा
‘जैव विविधता’ से आप क्या समझते हो? (2019)
उत्तर:
जैव विविधता या जीवन की विविधता (Diversity of Life):
“जीवों में पाई जाने वाली विभिन्नता या असमानता को जीवन की विविधता या जैव विविधता कहते हैं।”

प्रश्न 2.
जीवों के वर्गीकरण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
जीवों का वर्गीकरण (Classification of Living Organisms):
“जीवों को खोजकर पहचानने, नाम देने तथा इनके गुणों एवं आदतों का पता लगाकर समूहबद्ध करने की क्रिया को जीवों का वर्गीकरण कहते हैं।”

प्रश्न 3.
वर्गिकी से आप क्या समझते हैं?
अथवा
वर्गिकी क्या है? (2019)
उत्तर:
वर्गिकी (Taxonomy):
“विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्तर्गत जीवों के वर्गीकरण का अध्ययन किया जाता है, वर्गिक़ी कहलाती है।”

प्रश्न 4.
विकासात्मक वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
विकासात्मक वर्गीकरण (Evolutionary Classification):
“जो वर्गीकरण विकास के आधार पर किया जाता है, उसे विकासात्मक वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 5.
सम्पूर्ण जीव जगत को कितने जगतों में विभाजित किया गया है? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
जीव जगत का विभाजन:
सम्पूर्ण जीव जगत को निम्नलिखित दो जगतों में विभाजित किया गया है –

  1. पादप जगत (Plant Kingdom)
  2. जन्तु जगत (Animal Kingdom)।

प्रश्न 6.
द्विजगत वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
द्विजगत वर्गीकरण:
“जिस वर्गीकरण में सम्पूर्ण जीवों को दो जगतों में विभाजित किया गया है, उसे द्विजगत वर्गीकरण कहते हैं।”

प्रश्न 7.
पाँच जगत वर्गीकरण या आधुनिक वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
आधुनिक वर्गीकरण या पाँच जगत वर्गीकरण:
“जिस वर्गीकरण में सम्पूर्ण जीवों को पाँच जगतों में विभाजित किया गया है उस वर्गीकरण को आधुनिक वर्गीकरण या पाँच जगत वर्गीकरण कहते हैं।

प्रश्न 8.
जीवों के नामकरण की पद्धति की क्या आवश्यकता है?
अथवा
जीवों के वैज्ञानिक नामों की क्या आवश्यकता है?
उत्तर:
जीवों को विभिन्न स्थानों पर विभिन्न नामों से पुकारा जाता था। अतः सम्पूर्ण विश्व में अध्ययन के लिए जीवों के ऐसे नामों की आवश्यकता हुई जो विश्व भर में एक समान हों। ऐसे नामों को वैज्ञानिक नाम कहा गया।

प्रश्न 9.
द्विनाम पद्धति क्या है?
उत्तर:
द्विनाम पद्धति (Binomial System):
“जिस पद्धति में जीवों का नाम दो शब्दों में रखा जाता है, जिसमें पहला शब्द वंश (Genus) और दूसरा शब्द उसकी जाति (Species) को बतलाता है, उस पद्धति को द्विनाम पद्धति कहते हैं।”

प्रश्न 10.
त्रिनाम पद्धति क्या है?
उत्तर:
त्रिनाम पद्धति:
“जिस पद्धति में जीवों का नाम तीन शब्दों पर रखा जाता है, जिसमें पहला शब्द वंश, दूसरा शब्द उसकी जाति तथा तीसरा शब्द उसकी उप-जाति को बतलाता है, उस पद्धति को त्रिनाम पद्धति कहते हैं।”

MP Board Solutions

प्रश्न 11.
त्रिनाम पद्धति की आवश्यकता क्यों पड़ी?
उत्तर:
त्रिनाम पद्धति की आवश्यकता:
कभी-कभी अलग-अलग वातावरण में रहने वाले एक ही जाति के जीवों में कुछ भिन्नताएँ आ जाती हैं। इस समस्या के निराकरण के लिए त्रिनाम पद्धति की आवश्यकता पड़ी।

प्रश्न 12.
पादप जगत को कितने प्रभागों में बाँटा गया है ? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
पादप जगत को पाँच प्रभागों में बाँटा गया है। ये हैं –

  1. थैलोफाइटा
  2. ब्रायोफाइटा
  3. टेरिडोफाइटा
  4. जिम्नोस्पर्म
  5. एन्जियोस्पर्म।

प्रश्न 13.
ट्रेकियोफाइटा को कितने उप-प्रभाग में बाँटा गया है? नाम लिखिए।
उत्तर:
ट्रेकियोफाइटा का वर्गीकरण:
ट्रेकियोफाइटा को निम्न तीन उप-प्रभागों में बाँटा गया है –

  1. टेरिडोफाइटा (Pteridophyta)
  2. अनावृतबीजी (Gymnosperms)
  3. आवृतबीजी (Angiosperms)।

प्रश्न 14.
आवृतबीजी पौधों को कितने वर्गों में बाँटा गया है ? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
आवृतबीजी पौधों का वर्गीकरण-आवृतबीजी पौधों को निम्न दो वर्गों में बाँटा गया है –

  1. एकबीजपत्री (Monocotyledons)
  2. द्विबीजपत्री (Dicotyledons)।

प्रश्न 15.
जन्तु जगत को कितने उप-जगतों में विभाजित किया गया है ? उसके नाम लिखिए।
उत्तर:
जन्तु जगत का वर्गीकरण:
जन्तु जगत को निम्नांकित उप-जगत में विभाजित किया गया है –

  1. अपृष्ठवंशी या अकशेरुकी या नॉन-कॉर्डेटा (Non-Chordata)
  2. पृष्ठवंशी या कशेरुकी या कॉर्डेटा (Chordata)।

प्रश्न 16.
संघ-प्रोटोजोआ का प्रमुख लक्षण क्या है?
उत्तर:
संघ-प्रोटोजोआ (Phylum-Protozoa) का प्रमुख लक्षण:
इस संघ के सभी जीव एककोशिकीय होते हैं।

प्रश्न 17.
संघ-पोरीफेरा के एक लक्षण को लिखिए।
उत्तर:
संघ-पोरीफेरा (Phylum-Porifera) का प्रमुख लक्षण:
इस संघ के जीवों के शरीर पर छोटे-छोटे रन्ध्र (छिद्र) पाये जाते हैं।

प्रश्न 18.
मेंढक को ऐम्फिबिया वर्ग में क्यों रखा गया है ?
उत्तर:
मेंढक एक असमतापी उभयचर है जिसमें ऐम्फीबिया वर्ग के लगभग सभी लक्षण मौजूद हैं इसलिए इसे ऐम्फिबिया वर्ग में रखा गया है।

प्रश्न 19.
आपको चना, गेहूँ, लौकी, मक्का, चावल और मटर के बीज दिए गए हैं। इन्हें एकबीजपत्री तथा द्विबीजपत्री में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
एकबीजपत्री-गेहूँ, चावल, मक्का। द्विबीजपत्री-चना, लौकी, मटर।

MP Board Solutions

प्रश्न 20.
अण्डे देने वाले दो स्तनधारियों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. प्लेटीपस
  2. एकिडना।

प्रश्न 21.
मछलियों का अंतःकंकाल ‘अस्थि’ अथवा ‘उपास्थि’ का बना होता है। निम्नलिखित मछलियों को ‘अस्थिल’ अथवा ‘उपास्थिल’ में वर्गीकृत कीजिए –
टारपीडो, दंश रे, डॉग फिश, रोहू, ऐंग्लर फिश एवं एक्सोसीटस।
उत्तर:
अस्थिल-रोहू, एक्सोसीटम। उपास्थिल-टारपीडो, दंश रे, डॉग फिश, ऐंग्लर फिश।

MP Board Class 9th Science Chapter 7 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
द्विजगत वर्गीकरण की कमियाँ बताइए।
उत्तर:
द्विजगत वर्गीकरण की कमियाँ-द्विजगत वर्गीकरण की निम्नलिखित कमियाँ हैं –

  1. एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीवों को साथ-साथ रखना।
  2. प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक को साथ-साथ रखना।
  3. स्वपोषी एवं विषमपोषी जीवों को साथ-साथ रखना।
  4. जन्तु समूहों में कुछ पादपों एवं पादप समूहों में कुछ जन्तुओं को रखना।

प्रश्न 2.
वे पाँच लक्षण कौन-कौन से हैं जिनके आधार पर आधुनिक वर्गीकरण किया गया है?
उत्तर:
निम्नलिखित पाँच लक्षणों के आधार पर आधुनिक वर्गीकरण किया गया –

  1. कोशिका की जटिलता प्रोकैरियोटिक या यूकैरियोटिक।
  2. पोषण विधियाँ।
  3. जीवनशैली।
  4. जीव जगत की संगठनात्मक जटिलता-एककोशिकीयता एवं बहुकोशिकीयता।
  5. जीवों का विकासात्मक या जातिवृत्तीय सम्बन्ध।

प्रश्न 3.
पाँच जगत वर्गीकरण (आधुनिक वर्गीकरण) की कमियाँ बताइए।
उत्तर:
पाँच जगत वर्गीकरण (आधुनिक वर्गीकरण) की कमियाँ-इस वर्गीकरण की निम्नलिखित कमियाँ हैं –

  1. एककोशिकीय शैवालों को अलग रखना।
  2. प्रोटिस्टा जगत का विविधतापूर्ण होना।
  3. जीवों की उत्पत्ति को बहुस्रोत वाला दर्शाना।
  4. विषाणु का स्थान निश्चित न होना।
  5. मिलते-जुलते गुणों वाले जीवों को दूर रखना।

प्रश्न 4.
शैवालों के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
शैवालों के लक्षण:

  1. इनका शरीर शूकायवत् (Thalloid) होता है अर्थात् यह जड़, तना एवं पत्ती में विभेदित नहीं होता है।
  2. ये स्वपोषी जीव होते हैं।
  3. इनके शरीर में संवहनी ऊतक नहीं पाया जाता है।
  4. ये जलीय वातावरण या नम स्थानों में पाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
ब्रायोफाइटा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
ब्रायोफाइटा के लक्षण:

  1. ये असंवहनी (Non-vascular) हरित लवक युक्त पौधे हैं।
  2. इनमें निषेचन के बाद भ्रूण (Embryo) बनता है तथा इनके निषेचन के लिए जल आवश्यक है।
  3. इनमें प्रतिपृष्ठ सतह पर मूलरोमों के समान रचनाएँ पाई जाती हैं जिन्हें मूलाभास (Rhizoids) कहते
  4. कुछ विकसित ब्रायोफाइट्स में तने सदृश रचनाएँ पाई जाती हैं।
  5. ये नम भूमि या पेड़ की छालों आदि पर पाये जाते हैं।

प्रश्न 6.
ट्रेकियोफाइटा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
ट्रेकियोफाइटा के लक्षण:

  1. इनमें संवहनी ऊतक जाइलम (Xylem) एवं फ्लोएम (Phloem) पाये जाते हैं।
  2. इनका शरीर विभिन्न परिस्थितियों में रहने के लिए अनुकूलित होता है।
  3. ये पौधे जड़, तना तथा पत्ती में विभेदित होते हैं।
  4. इनमें श्रम विभाजन पाया जाता है।

प्रश्न 7.
टेरिडोफाइटा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
टेरिडोफाइटा के लक्षण:

  1. इनका शरीर जड़, तना तथा पत्ती में विभेदित होता है।
  2. इनमें संवहनी ऊतक पाया जाता है जो जाइलम एवं फ्लोएम का बना होता है।
  3. ये पुष्पहीन होते हैं अतः इनमें बीज का निर्माण नहीं होता।
  4. इनका मुख्य पौधा बीजाणुद्भिद होता है जिस पर बीजाणु पैदा होते हैं, जो अंकुरित होकर युग्मकोद्भिद पौधे का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 8.
जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) के लक्षण लिखिए। (2019)
उत्तर:
जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) के लक्षण:

  1. इन पौधों के बीजों के चारों तरफ कोई आवरण नहीं पाया जाता है अतः इनके बीज नग्न बीज होते हैं।
  2. इनमें वायु द्वारा परागण होता है।
  3. ये पौधे बहुवर्षी, काष्ठीय तथा मरुद्भिद स्वभाव के होते हैं।
  4. इनका संवहनी ऊतक जाइलम एवं फ्लोएम में विभेदित रहता है।

प्रश्न 9.
एन्जियोस्पर्म (आवृतबीजी) के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
एन्जियोस्पर्म (आवृतबीजी) के लक्षण:

  1. इन पौधों के बीजों के चारों ओर आवरण पाया जाता है।
  2. इनमें दोहरे निषेचन की क्रिया पाई जाती है।
  3. इनमें वातावरण के प्रति बहुत अधिक अनुकूलन पाया जाता है।
  4. ये परजीवी (अमरबेल), मृतजीवी (ऑर्किड), सहजीवी (दाल वाले पादप) तथा स्वपोषी रूप में पाये जाते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
एकबीजपत्री के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
एकबीजपत्री के लक्षण:

  1. इनके बीजों में केवल एक बीजपत्र पाया जाता है।
  2. इनकी पत्तियों में समानान्तर शिराविन्यास पाया जाता है।
  3. इनकी पत्तियाँ अवृन्त रहती हैं।
  4. इनमें प्रायः रेशेदार (झकड़ा) जड़ें होती हैं।
  5. इनके पुष्पों के भाग तीन या इसके गुणांक में होते हैं।

प्रश्न 11.
द्विबीजपत्री के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
द्विबीजपत्री के लक्षण:

  1. इनके बीजों में दो बीजपत्र पाये जाते हैं।
  2. इनकी पत्तियों में जालिकावत् शिराविन्यास होता है।
  3. इनकी पत्तियाँ प्रायः सवृन्त होती हैं।
  4. इनमें मूसला जड़ पाई जाती है।
  5. इनके पुष्प के भाग चार या पाँच या इनके गुणांक में होते हैं।

प्रश्न 12.
पादप जगत के वर्गीकरण का रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
पादप जगत के वर्गीकरण का रेखाचित्र:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 5
MP Board Solutions

प्रश्न 13.
अपृष्ठवंशी या अकशेरुकी या नॉन-कॉर्डेटा के विशिष्ट लक्षण लिखिए।
अथवा
उप-जगत नॉन-कॉर्डेटा के मुख्य लक्षण लिखिए।
उत्तर:
अपृष्ठवंशी (अकशेरुकी) नॉन-कॉर्डेटा (Non-chordata) के विशिष्ट लक्षण:

  1. शरीर में मेरुदण्ड का अभाव होता है।
  2. रक्त में लाल कणिकाओं का अभाव रहता है।
  3. मस्तिष्क ठोस होता है।
  4. हृदय स्पष्ट नहीं होता है। यदि उपस्थित रहता है तो शरीर के पृष्ठ तल पर उपस्थित रहता है।
  5. शरीर पर बाह्यकंकाल (Exoskeleton) पाया जाता है।

प्रश्न 14.
अकशेरुकी (अपृष्ठवंशी या नॉन-कॉर्डेटा) को कितने संघों में विभाजित किया गया है? उनके नाम लिखिए।
अथवा
नॉन-कॉर्डेटा के वर्गों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अकशेरुकी, अपृष्ठवंशी या नॉन-कॉर्डेटा (Non-chordata) का वर्गीकरण-इस उप-जगत को निम्नलिखित 9 संघों में विभाजित किया गया है –

  1. प्रोटोजोआ (Protozoa)
  2. पोरीफेरा (Porifera)
  3. सीलेण्ट्रेटा (Coelenterata)
  4. प्लैटीहेल्मिन्थीज (Platyhelminthes)
  5. निमैटहेल्मिन्थीज (Nemathelminthes)
  6. ऐनेलिडा (Annelida)
  7. आर्थोपोडा (Arthropoda)
  8. मोलस्का (Mollusca)
  9. इकाइनोडर्मेटा (Echinodermata)।

प्रश्न 15.
संघ-पोरीफेरा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-पोरीफेरा (Phylum – Porifera) के लक्षण:

  1. ये जन्तु बहुकोशिकीय होते हैं।
  2. ये जन्तु द्विस्तरीय (Diploblastic) होते हैं।
  3. इस संघ के जन्तुओं में मुख नहीं होता, परन्तु छोटे-छोटे रन्ध्र (Ostia) ही मुख का कार्य करते हैं।

प्रश्न 16.
संघ-सीलेण्ट्रेटा के लक्षण लिखिए। (2019)
उत्तर:
संघ-सीलेण्ट्रेटा (Phylum-Coelenterata) के लक्षण:

  1. ये जन्तु द्विस्तरीय (Diploblastic) होते हैं।
  2. इनके शरीर में लम्बी केन्द्रीय गुहा होती है।
  3. इन जन्तुओं की पीढ़ियों में एकान्तरण होता है।
  4. ये जन्तु द्विलिंगी (Bisexual) होते हैं।
  5. इनमें श्रम विभाजन पाया जाता है।

प्रश्न 17.
संघ-प्लैटीहेल्मिन्थीज के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-प्लैटीहेल्मिन्थीज (Phylum Platyhelminthes) के लक्षण:

  1. ये जन्तु परजीवी (Parasites) होते हैं।
  2. इनके शरीर में कंकाल खण्डरहित होता है।
  3. इनका शरीर द्विपार्श्व सममित होता है।
  4. इनमें गुदा का अभाव होता है।
  5. इनमें देहगुहा का अभाव होता है।

प्रश्न 18.
संघ-निमैटहेल्मिन्थीज के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-निमैटहेल्मिन्थीज (Phylum-Nemathelminthes) के लक्षण:

  1. इन जन्तुओं का शरीर लम्बा, बेलनाकार व खण्डरहित होता है।
  2. ये मनुष्य के आहार नाल में पाये जाते हैं।
  3. इनमें मादा नर से बड़ी होती है।
  4. ये परजीवी होते हैं।
  5. इनमें श्वसन अंगों का अभाव रहता है।

प्रश्न 19.
संघ-ऐनेलिडा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-ऐनेलिडा (Phylum Annelida) के लक्षण:

  1. ये जन्तु लम्बे व बेलनाकार होते हैं।
  2. इनका शरीर समखण्डों में विभाजित होता है।
  3. ये प्रायः उभयलिंगी (Bisexual) होते हैं।
  4. ये जल एवं नम मिट्टी में रहते हैं।

प्रश्न 20.
संघ-आर्थोपोडा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-आर्थोपोडा (Phylum Arthropoda) के लक्षण:

  1. इन जन्तुओं का शरीर सिर, धड़ एवं उदर में बँटा होता है।
  2. इन जन्तुओं में प्रायः संयुक्त आँखें (Compound eyes) पाई जाती हैं।
  3. इन जन्तुओं में निषेचन आन्तरिक होता है।

प्रश्न 21.
संघ-मोलस्का के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-मोलस्का (Phylum-Mollusca) के लक्षण:

  1. इनका शरीर बिना खण्डों वाला एवं कोमल होता है।
  2. इनमें श्वसन क्रिया गलफड़ों द्वारा होती है।
  3. इनके शरीर पर एक कोमल पर्त मैण्टिल होती है।
  4. इनकी देहगुहा विकसित होती है।

प्रश्न 22.
संघ-इकाइनोडर्मेटा के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघ-इकाइनोडर्मेटा (Phylum – Echinodermata) के लक्षण:

  1. इनके शरीर पर कैल्सियम कार्बोनेट के कंटक पाये जाते हैं।
  2. इनका शरीर बेलनाकार एवं सितारे के समान होता है।
  3. इनके शरीर में आहार नाल, संवहन तन्त्र एवं तन्त्रिका तन्त्र विकसित होता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 23.
उप-जगत कॉर्डेटा के मुख्य लक्षण लिखिए।
अथवा
पृष्ठवंशी या कशेरुकी या कॉर्डेटा के लक्षण लिखिए। (2019)
उत्तर:
पृष्ठवंशी या कशेरुकी या कॉर्डेटा (Chordata) के लक्षण:

  1. इन जन्तुओं में जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में नोटोकॉर्ड (Notochord) अवश्य पाई जाती है।
  2. इनके शरीर की पृष्ठ सतह पर खोखली नर्व कॉर्ड पायी जाती है।
  3. इनके जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में ग्रसनीय क्लोम दरारें पायी जाती हैं।
  4. इनका हृदय अधर तल की ओर होता है।

प्रश्न 24.
मत्स्य-वर्ग के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
मत्स्य-वर्ग (Class – Pisces) के लक्षण:

  1. ये सभी असमतापी या शीत रक्त (Cold-blooded) जलीय जन्तु है।
  2. इनका हृदय अलिंद (Auricle) और निलय (Ventricle) में बँटा रहता है। दोनों भाग सदैव अशुद्ध जल – से भरे रहते हैं जिसके कारण इनके हृदय को शिराहृदय (Venous heart) भी कहते हैं।
  3. फेफड़ा मछली को छोड़कर शेष सभी जन्तु गिल्स (Gills) द्वारा श्वसन करते हैं।
  4. इन जन्तुओं का शरीर नाव के आकार का होता है।

प्रश्न 25.
ऐम्फिबिया वर्ग (उभयचरों) के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
वर्ग-उभयचर या ऐम्फिबिया (Class – Amphibia) के लक्षण:

  1. ये जन्तु उभयचर होते हैं अर्थात् ये अपना जीवनयापन जल एवं थल दोनों में करते हैं।
  2. इनकी त्वचा, नम, चिकनी एवं ग्रन्थिमय होती है।
  3. ये असमतापी या शीत रुधिर प्राणी होते हैं।
  4. इनमें बाह्य निषेचन होता है।

प्रश्न 26.
सरीसप या रेप्टीलिया वर्ग के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
वर्ग-सरीसृप या रेप्टीलिया (Class-Reptilia) के लक्षण:

  1. ये जन्तु असमतापी तथा रेंगकर चलने वाले जलचर एवं स्थलचर होते हैं।
  2. इनके हृदय में दो अलिन्द एवं एक निलय अर्थात् तीन कोष्ठ पाये जाते हैं।
  3. इनकी त्वचा रूखी एवं ग्रन्थिविहीन होती है लेकिन इनकी त्वचा पर शल्क पाये जाते हैं।

प्रश्न 27.
पक्षी वर्ग के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
पक्षी वर्ग (Class-Aves) के लक्षण:

  1. ये समतापी या गर्म रक्त प्राणी है।
  2. इनका शरीर सिर, धड़ एवं पूँछ में बँटा होता है।
  3. इनके हृदय में चार कोष्ठ अर्थात् दो अलिंद एवं दो निलय पाये जाते हैं।
  4. इनके कंकाल में छोटे-छोटे कोष्ठ पाये जाते हैं जिनमें हवा भरी होती है अर्थात् इनकी हड्डियाँ खोखली एवं हल्की होती हैं। इनसे इन जन्तुओं को उड़ने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 28.
स्तनी वर्ग या मैमेलिया वर्ग के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
स्तनी वर्ग या मैमेलिया वर्ग (Class – Mammalia) के लक्षण:

  1. इनकी मादाओं में अपने बच्चों के दूध द्वारा पोषण के लिए स्तन ग्रन्थियाँ पाई जाती हैं।
  2. ये नियततापी या समतापी या गर्म रक्त (Warm-blooded) जन्तु होते हैं।
  3. इस वर्ग के अधिकतर जन्तु बच्चों को जन्म देते हैं।
  4. इनमें चार प्रकार के दाँत पाये जाते हैं अतः इनका दन्तक्रम विषमदन्ती (Heterodont) होता है।

प्रश्न 29.
संघ कॉर्डेटा के वर्गीकरण को एक चार्ट के रूप में बनाइए। (2019)
उत्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 6

MP Board Solutions

प्रश्न 30.
निम्नलिखित जीवों को उनमें यथार्थ प्रगुहा के होने अथवा न होने के आधार पर वर्गीकृत कीजिए –
स्पॉन्जिला, समुद्री ऐनीमोन, प्लैनेरिया, यकृत पर्णाभ कृमि, वुचेरेरिया, ऐस्केरिस, नेरीस, केंचुआ, बिच्छू, पक्षी, मछली और घोड़ा।
उत्तर:
1. अगुहिक:
स्पॉन्जिला, यकृत पर्णाभ कृमि, समुद्री ऐनीमोन एवं प्लैनेरिया।

2. कूट प्रगुहिक:
वुचेरेरिया एवं ऐस्केरिस।

3. प्रगुहिक:
नेरीस, बिच्छू, केंचुआ, पक्षी, मछली एवं घोड़ा (अश्व)।

प्रश्न 31.
निम्नलिखित को उनके हृदय में उपस्थित प्रकोष्ठों की संख्या के आधार पर वर्गीकृत कीजिए –
रोहू, स्कोलियोडॉन, मेंढक, सेलामेण्डर, उड़न छिपकली, नागराज, मगरमच्छ, शुतुरमुर्ग, कबूतर, चमगादड़, ह्वेल।
उत्तर:
1. दो प्रकोष्ठ वाले:
रोहू एवं स्कोलियोडॉन।

2. तीन प्रकोष्ठ वाले:
मेंढक, सेलामेण्डर, उड़न छिपकली एवं नागरांज।

3. चार प्रकोष्ठ वाले:
मगरमच्छ, शुतुरमुर्ग, कबूतर, चमगादड़ एवं ह्वेल।

प्रश्न 32.
रोहू, स्कोलियोडॉन, उड़न छिपकली, नागराज, मगरमच्छ, मेंढक, सेलामेण्डर, शुतुरमुर्ग, कबूतर, चमगादड़ एवं ह्वेल को असमतापी/समतापी प्राणियों में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
1. असमतापी जीव:
रोहू, स्कोलियोडॉन, मेंढक, सेलामेण्डर, उड़न छिपकली, नागराज एवं मगरमच्छ।

2. समतापी जीव:
शुतुरमुर्ग, कबूतर, चमगादड़ एवं ह्वेल।

प्रश्न 33.
(a) नीचे दिए गए चित्र में a, b, c तथा d के नाम लिखिए।
(b) का कार्य बताइए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 7
उत्तर:

(a) पृष्ठ पख
(b) पुच्छ पख
(c) श्रोणि पख
(d) अंस पख

(b) पुच्छ पख का कार्य:
पुच्छ पख जल में मछली की गति को सन्तुलित रखने में सहायता करता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 34.
कुछ थैलोफाइट पादपों के नाम लिखिए। स्पाइरोगाइरा का एक आरेख बनाइए।
उत्तर:
थैलोफाइट पादपों के उदाहरण:

  1. यूलोथ्रिक्स
  2. स्पाइरोगाइरा
  3. क्लेडोफोरा
  4. अल्वा
  5. कारा।

स्पाइरोगाइरा का नामांकित चित्र:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 8

प्रश्न 35.
निम्नलिखित शब्दों को परिभाषित कीजिए और प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए –
(a) द्विपार्श्व सममिति
(b) प्रगुहा
(c) त्रिकोरकी।
उत्तर:

(a) द्विपार्श्व सममिति:
“कुछ जन्तुओं में बाएँ तथा दाएँ अर्धांश समान रचना वाले होते हैं, उनकी यह विशेषता द्विपाव सममिति कहलाती है।”
उदाहरण – लिवरफ्लूक।

(b) प्रगुहा:
“देहगुहा, देहभित्ति और अंतरंग अंगों के बीच आन्तरिक गुहा होती है जिसमें सुविकसित अंग व्यवस्थित हो सकते हैं, इस आन्तरिक गुहा को प्रगुहा कहते हैं।”
उदाहरण – तितली।

(c) त्रिकोरकी:
“वे प्राणी जिनमें त्रिस्तरीय कोशिकाएँ होती हैं और जिनसे विभेदित ऊतक बन सकते हैं, त्रिकोरकी कहलाते हैं।”
उदाहरण – स्टार फिश (तारा मछली)।

प्रश्न 36.
आपको जोंक, नेरीस, स्कोलोपेण्ड्रा, झींगा एवं बिच्छू दिए गए हैं और ये सभी सखंड देह रचना वाले प्राणी हैं। क्या आप इन्हें एक समूह में वर्गीकृत करेंगे? यदि नहीं, तो उन महत्वपूर्ण लक्षणों को लिखिए जिनके आधार पर इन प्राणियों को विभिन्न समूहों में पृथक् करेंगे।
उत्तर:
प्रश्न में दिए गए सभी जीव एक समूह के अन्तर्गत नहीं आते हैं बल्कि –

(1) जोंक एवं नेरीस ऐनेलिडा संघ के अन्तर्गत आते हैं क्योंकि इनका शरीर मेटामेरिक (खण्ड वाला) होता है अर्थात् इनका शरीर अन्दर से सेप्टा (पट) के द्वारा खण्डों में बँटा होता है। देहखण्ड सिर से लेकर पुच्छ तक एक के बाद एक पंक्तिबद्ध होते हैं।
(2) स्कोलोपेण्ड्रा, झींगा एवं बिच्छू आर्थोपोडा संघ में आते हैं क्योंकि इनमें संधित पाद एवं खुला परिसंचारी तंत्र होता है।

प्रश्न 37.
जीवाणु, मशरूम तथा आम का वृक्ष में से कौन-सा जीव अधिक जटिल और विकसित है ? कारण दीजिए।
उत्तर:
आम का वृक्ष अधिक जटिल एवं विकसित है क्योंकि यह यूकैरियोटिक (सुकेन्द्रकी), स्वपोषी एवं आवृतबीजों वाला, स्थलीय, बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पादप है। जबकि जीवाणु एककोशिक, प्रोकैरियोट है और मशरूम (कवक) विषमपोषी तथा बिना ऊतक तन्त्र वाले साधारण थैलोफाइट हैं।

प्रश्न 38.
बिल्ली, चूहा तथा चमगादड़ में कुछ सामान्य विशेषताओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
बिल्ली, चूहा तथा चमगादड़ स्तनधारी समूह में आते हैं तथा इनमें निम्नलिखित सामान्य विशेषताएँ पायी जाती हैं –

  1. जीवन चक्र की कुछ अवस्थाओं तक सभी में पृष्ठ रज्जु होती है।
  2. सभी समतापी हैं अर्थात् इनके शरीर का ताप सदैव स्थिर रहता है।
  3. सभी में चार कक्ष वाला हृदय पाया जाता है।
  4. सभी की त्वचा पर बाल होते हैं तथा तेल एवं स्वेद ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं।

प्रश्न 39.
कछुआ तथा सर्प दोनों को हम एक ही वर्ग में क्यों रखते हैं?
उत्तर:
कछुआ तथा सर्प दोनों को हम एक ही वर्ग सरीसृप वर्ग में रखते हैं क्योंकि दोनों में सामान्य विशेषताएँ पाई जाती हैं जो निम्नलिखित हैं –

  1. दोनों असमंतापी जीव हैं क्योंकि इनके रक्त का ताप वायुमण्डल के ताप से प्रभावित होता रहता है।
  2. दोनों के शरीर पर शल्क पाये जाते हैं।
  3. दोनों ही फुफ्फुस (फेफड़ों) से श्वसन करने वाले जीव हैं।
  4. दोनों का हृदय तीन कक्ष वाला होता है।
  5. दोनों ही कठोर आवरण युक्त अण्डे देने वाले जीव हैं।

प्रश्न 40.
जल स्थल चर और सरीसृप में क्या अन्तर है ? (कोई चार) (2018)
उत्तर:
जल स्थल चर और सरीसृप में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 8

MP Board Solutions

प्रश्न 41.
पोरीफेरा एवं सीलेण्ट्रेटा वर्ग के जन्तुओं में अन्तर लिखिए। (2019)
उत्तर:
पोरीफेरा एवं सीलेण्ट्रेटा वर्ग के जन्तुओं में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 10

प्रश्न 42.
कशेरुकी जन्तुओं के लक्षण तथा इनका वर्गीकरण संक्षिप्त में लिखिए। (2019)
उत्तर:
पृष्ठवंशी या कशेरुकी या कॉर्डेटा (Chordata) के लक्षण:

  1. इन जन्तुओं में जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में नोटोकॉर्ड (Notochord) अवश्य पाई जाती है।
  2. इनके शरीर की पृष्ठ सतह पर खोखली नर्व कॉर्ड पायी जाती है।
  3. इनके जीवन की किसी-न-किसी अवस्था में ग्रसनीय क्लोम दरारें पायी जाती हैं।
  4. इनका हृदय अधर तल की ओर होता है।

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 11

प्रश्न 43.
अनावृतबीजी एवं आवृतबीजी में अन्तर लिखिए। (2019)
उत्तर:
अनावृतबीजी एवं आवृतबीजी में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 12

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अग्रांकित चित्र के बॉक्सों में उचित अभिलक्षणों/पादपों के नाम लिखिए –
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 13
उत्तर:

  • (a) थैलोफाइटा
  • (b) विशिष्ट संवहन ऊतक रहित
  • (c) टेरिडोफाइटा
  • (d) पुष्पोद्भिद
  • (e) अनावृतबीजों को धारण करने वाले
  • (f) एन्जियोस्पर्म (आवृतबीजी)
  • (g) दो बीजपत्रों वाले बीज होते हैं
  • (h) एकबीजपत्री।

प्रश्न 2.
थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा एवं टेरिडोफाइटा “क्रिप्टोगैम” कहलाते हैं। जिम्नोस्पर्म एवं ऐन्जियोस्पर्म “फैनेरोगेम” कहलाते हैं। चर्चा कीजिए क्यों ? जिम्नोस्पर्म का एक उदाहरण देते हुए आरेख बनाइए।
उत्तर:
थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा एवं टेरिडोफाइटा “क्रिप्टोगैम” कहलाते हैं क्योंकि इन समूहों के जननांग आवृत अथवा छिपे हुए रहते हैं तथा इनमें बीज नहीं होते हैं। दूसरी ओर जिम्नोस्पर्म एवं ऐन्जियोस्पर्म “फैनेरोगेम” (पुष्पोद्भिद) कहलाते हैं क्योंकि इनमें स्पष्ट रूप से विभेदित जनन ऊतक एवं संग्रहीत भोजन के साथ भ्रूण होते हैं। इनमें भ्रूण, बीज में विकसित होता है।
जिम्नोस्पर्म का उदाहरण – पाइनस।

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 14

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
उड़न छिपकली तथा पक्षी के बीच अन्तर बताइए। इनके आरेख भी बनाइए।
उत्तर:
उड़न छिपकली एवं पक्षी में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 15
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 7 जीवों में विविधता image 16

MP Board Class 9th Science Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Chapter 15 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Maths Chapter 15 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दो पाँसों को एक साथ 500 बार फेंका जाता है। प्रत्येक बार उनके ऊपर आई संख्याओं के योग को ज्ञात करके नीचे दी गई सारणी के अनुसार रिकॉर्ड किया गया है

योग बारम्बारता
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
14
30
42
55
72
75
70
53
46
28
15

यदि इन पाँसों को एक बार पुनः फेंका जाए तो निम्नलिखित योग ज्ञात करने की क्या प्रायिकता है ?
(i) 3,
(ii) 10 से अधिक,
(iii) 5 से कम या उसके बराबर,
(iv) 8 और 12 के बीच।
हल :
(i) चूँकि E1 = 30 एवं n = 500 (प्रश्नानुसार)
प्रायिकता \(P\left(E_{1}\right)=\frac{E_{1}}{n}=\frac{30}{500}=0 \cdot 060\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.060.

(ii) चूँकि E2 = 10 से अधिक योग वाले = 28 + 15 = 43 एवं n = 500
प्रायिकता \(P\left(E_{2}\right)=\frac{E_{2}}{n}=\frac{43}{500}=0 \cdot 086\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.086.

(iii) 5 से कम या बराबर E3 = 55 + 42 + 30 + 14 = 141 एवं n = 500 (प्रश्नानुसार)
प्रायिकता \(P\left(E_{3}\right)=\frac{E_{3}}{n}=\frac{141}{500}=0.282\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.282.

(iv) 8 और 12 के मध्य संख्याओं का योग = 53 + 46 + 28 = 127
इस प्रकार E4 = 127 एवं n = 500
प्रायिकता \(P\left(E_{4}\right)=\frac{E_{4}}{n}=\frac{127}{500}=0 \cdot 254\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.254.

प्रश्न 2.
पिछले 200 कार्य दिवसों में किसी मशीन द्वारा निर्मित खराब पुों की संख्या निम्नलिखित सारणी में दी गई है:

खराब पुजों की संख्या 0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
दिन 50 32 22 18 12 12 10 10 10 8 6 6 2 2

इनकी प्रायिकता निर्धारित कीजिए कि कल के उत्पादन में :
(i) कोई खराब पुर्जा नहीं होगा,
(ii) न्यूनतम एक खराब पुर्जा होगा,
(iii) 5 से अधिक खराब पुर्जे नहीं होंगे,
(iv) 13 से अधिक खराब पुर्जे नहीं होंगे।
हल :
(i) चूँकि E1 = शून्य खराब पुर्जे = 50 एवं n = 200
प्रायिकता \(P\left(E_{1}\right)=\frac{E_{1}}{n}=\frac{50}{200}=0 \cdot 25\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.25.

(ii) न्यूनतम एक खराब पुर्जा = 200 – 50 = 150
E2 = 150 एवं n = 200
प्रायिकता \(P\left(E_{2}\right)=\frac{E_{2}}{n}=\frac{150}{200}=0 \cdot 75\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.75.

(iii) 5 से अधिक खराब पुर्जे नहीं होंगे अर्थात् 5 तक खराब पुर्जे होंगे जिनका योग E3 = 50 + 32 + 22 + 18 + 12 + 12 = 146 एवं n = 200 (प्रश्नानुसार)
प्रायिकता \(P\left(E_{3}\right)=\frac{E_{3}}{n}=\frac{146}{200}=0 \cdot 73\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.73.

(iv) चूँकि 13 से अधिक खराब पुर्जे नहीं हैं E4 = 0 एवं n = 200
प्रायिकता \(P\left(E_{4}\right)=\frac{E_{4}}{n}=\frac{0}{200}=0\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.

प्रश्न 3.
कुछ समय पहले ही किए गए एक सर्वेक्षण में यह पाया गया कि एक फैक्टरी के श्रमिकों की आयु का बंटन निम्नलिखित है:

आयु (वर्षों में) 20 – 29 30 – 39 40 – 49 50 – 59 60 और उससे ऊपर
श्रमिकों की संख्या 38 27 86 46 3

यदि इनमें से एक व्यक्ति यदृच्छिक रूप से चुना जाता है तो इसकी क्या प्रायिकता है कि वह व्यक्ति:
(i) 40 वर्ष या उससे अधिक आयु का होगा ?
(ii) 40 वर्ष से कम आयु का होगा?
(iii) 30 और 39 वर्ष के बीच की आयु का होगा?
(iv) 60 वर्ष से कम आयु का होगा परन्तु 39 वर्ष से अधिक होगा?
हल :
प्रत्येक स्थिति से कुल श्रमिकों की संख्या (n) = 38 + 27 + 86 + 46 + 3
n = 200 .
(i) 40 वर्ष या उससे अधिक श्रमिक (E1) = 86 + 46 + 3 = 135
प्रायिकता \(P\left(E_{1}\right)=\frac{E_{1}}{n}=\frac{135}{200}=0 \cdot 675\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.675.

(ii) 40 वर्ष से कम आयु के श्रमिकों की संख्या (E2) = 38 + 27 = 65
प्रायिकता \(P\left(E_{2}\right)=\frac{E_{2}}{n}=\frac{65}{200}=0 \cdot 325\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.325.

(iii) 30 और 39 वर्ष के बीच श्रमिकों की संख्या (E3) = 27
प्रायिकता \(P\left(E_{3}\right)=\frac{E_{3}}{n}=\frac{27}{200}=0 \cdot 135\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.135.

(iv) 60 वर्ष से कम और 39 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की संख्या (E4) = 86 + 46 = 132
प्रायिकता \(P\left(E_{4}\right)=\frac{E_{4}}{n}=\frac{132}{200}=0 \cdot 66\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = 0.66.

प्रश्न 4.
एक पाँसे को 1000 बार फेंकने पर प्राप्त परिणामों की सारणी इस प्रकार हैं:

परिणाम 1 2 3 4 5 6
बारम्बारता 180 150 160 170 150 190

प्रत्येक परिणाम के प्राप्त होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। (2019)
हल :
ज्ञात है : n (E) = 1000 तो प्रश्नानुसार,
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Additional Questions image 1
अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ हैं : P1 = 0.18, P2 = 0.15, P3 = 0.16, P4 = 0.17, P5 = 0.15 एवं P6 = 0.19.

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Maths Chapter 15 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यहाँ एक जन्म-मृत्यु दर सारणी का एक अंश दिया गया है:

आयु (वर्षों में) 60 61 62 63 64 65
जीवित व्यक्तियों की संख्या एक मिलियन के प्रतिदर्श में से 16,090 11,490 8,012 5,448 3,607 2,320

(i) इस सूचना के आधार पर 60 वर्ष की आयु के व्यक्ति की एक वर्ष के अन्दर मृत्यु हो जाने की प्रायिकता क्या है ?
(ii) इसकी प्रायिकता क्या है कि 61 वर्ष की आयु वाला व्यक्ति 4 वर्ष तक जीवित रहेगा ?
हल :
(i) हम देखते हैं कि 60 वर्ष की आयु वाले कुल 16,090 व्यक्तियों में से (16,090 – 11,490)
अर्थात् 4,600 व्यक्ति 61वें वर्ष के होने से पहले ही मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। यहाँ E1 = 4600 एवं n = 16,090 है।
प्रायिकता \(P\left(E_{1}\right)=\frac{E_{1}}{n}=\frac{4600}{16,090}=\frac{460}{1,609}\)
अतः 60 वर्ष की आयु के व्यक्ति को एक वर्ष के अन्दर मृत्यु हो जाने की अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 460 }{ 1609 }\)

(ii) 61 वर्ष की आयु वाले व्यक्तियों की संख्या = 11,490, इनमें से चार वर्ष तक जीवित बचने वाले व्यक्तियों की संख्या = 2,320 अर्थात् E2 = 2320 एवं n = 11,490
प्रायिकता \(P\left(E_{2}\right)=\frac{E_{2}}{n}=\frac{2,320}{11,490}=\frac{232}{1,149}\)
अतः 61 वर्ष की आयु वाले व्यक्ति के 4 वर्ष तक जीवित रहने की अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 232 }{ 1149 }\)

प्रश्न 2.
एक कम्पनी ने 4,000 परिवारों को यदृच्छिक रूप से चुना तथा उनके आय स्तर और घर में स्थित टी. वी. सेटों की संख्या में सम्बन्ध ज्ञात करने हेतु एक सर्वेक्षण किया। इस प्रकार प्राप्त सूचनाओं को निम्नलिखित सारणी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है :

मासिक आय (Rs में) टी.वी. सेटों/परिवारों की संख्या 
0 1 2 2 से अधिक
<10,000
10,000 – 14,999
15,000 – 19,999
20,000 – 24,999
25,000 और उससे अधिक
20
10
0
0
0
80
240
380
520
1100
10
60
120
370
760
0
0
30
80
720

निम्नलिखित की प्रायिकता ज्ञात कीजिए :
(i) एक परिवार की आय Rs 10,000 से Rs 14,999 होने और घर में ठीक एक टी. वी. सेट होना।
(ii) एक परिवार की आय Rs 25,000 और उससे अधिक होने और घर में दो टी. वी. सेट होना।
(iii) एक परिवार में एक भी टी. वी. सेट नहीं होना।
हल :
(i) चूँकि यहाँ E1 = 240 एवं n= 4,000 (प्रश्नानुसार)
प्रायिकता \(P\left(E_{1}\right)=\frac{E_{1}}{n}=\frac{240}{4,000}=\frac{3}{50}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 3 }{ 50 }\)

(ii) चूँकि यहाँ E2 = 760 एवं n = 4,000 (प्रश्नानुसार)
प्रायिकता \(P\left(E_{2}\right)=\frac{E_{2}}{n}=\frac{760}{4,000}=\frac{19}{100}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 19 }{ 100 }\)

(iii) चूँकि E3 = बिना टी. वी वाले परिवार = 20 + 10 = 30 एवं n = 4,000
प्रायिकता \(P\left(E_{3}\right)=\frac{E_{3}}{n}=\frac{30}{4,000}=\frac{3}{400}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 3 }{ 400 }\)

प्रश्न 3.
पैक किए गए प्रत्येक डिब्बे में बल्बों की संख्या 90 है। इनमें से 700 डिब्बों के खराब बल्बों की संख्या ज्ञात करने के लिए जाँच की गई तथा इसके परिणाम निम्नलिखित सारणी में दिए गए हैं:

खराब बल्बों की संख्या 0 1 2 3 4 5 6 6 से अधिक
बारम्बारता 400 180 48 41 18 8 3 2

इन डिब्बों में से एक डिब्बा यादृच्छिक रूप से चुना जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि इस डिब्बे में:
(i) कोई बल्ब खराब नहीं होगा ?
(ii) खराब बल्बों की संख्या 2 से 6 तक होगी ?
(iii) 4 से कम खराब बल्ब होंगे ?
हल :
(i) यहाँ n = 700 एवं E1 = शून्य खराब बल्ब वाले डिब्बे = 400
प्रायिकता \(P\left(E_{1}\right)=\frac{E_{1}}{n}=\frac{400}{700}=\frac{4}{7}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 4 }{ 7 }\)

(ii) यहाँ n = 700 एवं E2 = 2 से 6 तक खराब बल्बों वाले डिब्बों की कुल संख्या
E2 = 48 + 41 + 18 + 8 + 3 = 118
प्रायिकता \(P\left(E_{2}\right)=\frac{E_{2}}{n}=\frac{118}{700}=\frac{59}{350}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 59 }{ 350 }\)

(iii) यहाँ n = 700 एवं E3 = 4 से कम खराब बल्बों वाले डिब्बों की संख्या
E3 = 400 + 180 + 48 + 41 = 669
प्रायिकता \(P\left(E_{3}\right)=\frac{E_{3}}{n}=\frac{669}{700}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 669 }{ 700 }\)

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Maths Chapter 15 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्या किसी घटना की प्रायोगिक प्रायिकता एक ऋणात्मक संख्या हो सकती है ? यदि नहीं तो क्यों?
उत्तर-
प्रायिकता ऋणात्मक संख्या नहीं हो सकती, क्योंकि उन अभिप्रयोगों की जिनमें कोई घटना हो सकती है, ऋणात्मक नहीं हो सकती तथा कुल अभिप्रयोगों की संख्या भी ऋणात्मक नहीं हो सकती।

प्रश्न 2.
क्या किसी घटना की प्रायोगिक प्रायिकता 1 से अधिक हो सकती है ? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
उत्तर-
किसी घटना की प्रायोगिक प्रायिकता 1 से अधिक कभी भी नहीं हो सकती, क्योंकि उन अभिप्रयोगों की संख्या जिनमें कोई घटना हो सकती है कभी भी अभिप्रयोगों की कुल संख्या से अधिक नहीं हो सकती।

प्रश्न 3.
जैसे-जैसे एक सिक्के के उछालों की संख्या बढ़ती जाती है चितों की संख्या और पटों की संख्या का अनुपात \(\frac { 1 }{ 2 }\) हो जाता है। क्या यह सही है ? यदि नहीं तो इसे सही रूप में लिखिए।
उत्तर-
कथन असत्य है, क्योंकि जैसे-जैसे एक सिक्के के उछालों की संख्या बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे चितों की संख्या और कुल उछालों की संख्या में \(\frac { 1 }{ 2 }\) के निकटतम होता जाता है, ठीक \(\frac { 1 }{ 2 }\) नहीं होता।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Maths Chapter 15 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पाँसे को 1000 बार फेंका गया और परिणाम निम्नलिखित प्रकार से रिकॉर्ड किए गए:

परिणाम 1 2 3 4 5 6
बारम्बारता 180 150 160 170 150 190

यदि पाँसे को एक बार और फेंका जाए तो इसकी प्रायिकता कि यह 5 दर्शाएगा :
(a) \(\frac { 9 }{ 50 }\)
(b) \(\frac { 3 }{ 20 }\)
(c) \(\frac { 4 }{ 25 }\)
(d) \(\frac { 7 }{ 25 }\)
उत्तर:
(b) \(\frac { 3 }{ 20 }\)

प्रश्न 2.
642 व्यक्तियों पर किए गए एक प्रतिदर्श अध्ययन में यह पाया गया कि 514 व्यक्तियों के पास हाईस्कूल सर्टिफिकेट हैं। यदि इनमें से एक व्यक्ति को यादृच्छिक रूप से चुना जाए तो इसकी प्रायिकता कि उस व्यक्ति के पास हाईस्कूल सर्टिफिकेट है:
(a) 0.5
(b) 0.6
(c) 0.7
(d) 0.8.
उत्तर:
(d) 0.8.

प्रश्न 3.
19 – 36 महीने की आयु वाले 364 बच्चों पर किए गए एक सर्वे में यह पाया गया कि 91 बच्चे आलू के चिप्स खाना पसंद करते हैं। इनमें से एक बच्चा यदि यादृच्छिक रूप से चुना जाता है, तो इसकी प्रायिकता कि वह बच्चा आलू के चिप्स पसंद नहीं करेगा, है :
(a) 0.25
(b) 0.50
(c) 0.75
(d) 0.80.
उत्तर:
(c) 0.75

प्रश्न 4.
किसी कक्षा के विद्यार्थियों की एक मेडीकल परीक्षा में निम्नलिखित रक्त समूह रिकॉर्ड किए गए:

रक्त समूह A AB B O
विद्यार्थियों की संख्या 10 13 12 5

इस कक्षा में से एक विद्यार्थी यादृच्छिक रूप से चुना जाता है। इस विद्यार्थी का रक्त समूह B होने की प्रायिकता है:
(a) \(\frac { 1 }{ 4 }\)
(b) \(\frac { 13 }{ 40 }\)
(c) \(\frac { 3 }{ 10 }\)
(d) \(\frac { 1 }{ 8 }\)
उत्तर:
(c) \(\frac { 3 }{ 10 }\)

प्रश्न 5.
दो सिक्कों को 1000 बार उछाला जाता है और इनके परिणाम निम्नलिखित प्रकार से रिकॉर्ड किए जाते हैं:

चितों की संख्या 2 1 0
बारम्बारता 200 550 250

इस सूचना के आधार पर अधिकतम एक चित की प्रायिकता है :
(a) \(\frac { 1 }{ 5 }\)
(b) \(\frac { 1 }{ 4 }\)
(c) \(\frac { 4 }{ 5 }\)
(d) \(\frac { 3 }{ 4 }\)
उत्तर:
(c) \(\frac { 4 }{ 5 }\)

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
एक संग्रह में से 80 बल्ब यदृच्छिक रूप से चुने जाते हैं और उनके जीवनकालों (घण्टों में) को निम्नलिखित बारम्बारता सारणी के रूप में रिकॉर्ड किया गया:

जीवनकाल (घण्टों से) 300 500 700 900 1100
बारम्बारता 10 12 23 25 10

इस संग्रह में से एक बल्ब यादृच्छिक रूप से चुना जाता है। इस बल्ब का जीवनकाल 1150 घण्टा होने की प्रायिकता है:
(a) \(\frac { 1 }{ 80 }\)
(b) \(\frac { 7 }{ 16 }\)
(c) 0
(d) 1
उत्तर:
(c) 0

प्रश्न 7.
एक संग्रह में से 80 बल्ब यदृच्छिक रूप से चुने जाते हैं और उनके जीवनकालों (घण्टों में) को निम्नलिखित बारम्बारता सारणी के रूप में रिकॉर्ड किया गया:

जीवनकाल (घण्टों से) 300 500 700 900 1100
बारम्बारता 10 12 23 25 10

इस संग्रह में से एक बल्ब यदृच्छिक रूप से चुने जाने पर इसका जीवनकाल 900 घण्टे से कम होने की प्रायिकता है:
(a) \(\frac { 11 }{ 40 }\)
(b) \(\frac { 5 }{ 16 }\)
(c) \(\frac { 7 }{ 16 }\)
(d) \(\frac { 9 }{ 16 }\)
उत्तर:
(d) \(\frac { 9 }{ 16 }\)

प्रश्न 8.
एक सिक्के को उछालने पर हैड (चित) आने की प्रायिकता है :
(a) 0
(b) 3
(c) \(\frac { 1 }{ 2 }\)
(d) \(-\frac { 1 }{ 3 }\)
उत्तर:
(c) \(\frac { 1 }{ 2 }\)

प्रश्न 9.
किसी घटना के घटित होने की सम्भावनाओं के परिणाम को कहते हैं
(a) मध्यमान
(b) आवृत्ति
(c) परास
(d) प्रायिकता।
उत्तर:
(d) प्रायिकता।

प्रश्न 10.
एक सिक्के के एक बार उछालने पर पट आने से प्रायिकता होगी :
(a) \(\frac { 1 }{ 4 }\)
(b) \(\frac { 1 }{ 2 }\)
(c) 1
(d) \(\frac { 3 }{ 4 }\)
उत्तर:
(b) \(\frac { 1 }{ 2 }\)

प्रश्न 11.
किसी पाँसे की फेंक में 7 आने की प्रायिकता होगी :(2019)
(a) \(\frac { 1 }{ 6 }\)
(b) 1
(c) 0
(d) \(\frac { 1 }{ 7 }\)
उत्तर:
(c) 0

MP Board Solutions

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. दो सिक्कों को एक साथ उछालने पर कम-से-कम एक चित आने की प्रायिकता ………… होगी। (2018)
2. एक घनाकार पाँसे को फेंकने पर विषम अंक आने की प्रायिकता ………… होगी।
3. सभी सम्भव प्रायिकताओं का योग सदैव …………. होता है।
4. किसी भी घटना के न घटने की प्रायिकता सदैव ……….. होती है।
5. एक सिक्के को असंख्य बार फेंकने पर पट आने की प्रायिकता ……….. होती है।
6. किसी पाँसे के फेंकने पर 1 अंक ऊपर आने की प्रायिकता ……….. होती है। (2019)
7. किसी असम्भव घटना की प्रायिकता ……….. होती है। (2019)
उत्तर-
1. \(\frac { 3 }{ 4 }\)
2. \(\frac { 1 }{ 2 }\)
3. 1,
4. 0 (शून्य),
5. \(\frac { 1 }{ 2 }\)
6. \(\frac { 1 }{ 6 }\)
7. 0 (शून्य)।

जोड़ी मिलान

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Additional Questions image 2
उत्तर-
1. (c)
2. (d)
3. (e)
4. (a)
5. (b).

सत्य/असत्य कथन

1. किसी घटना की प्रायिकता का मान ऋणात्मक भी हो सकता है।
2. एक पाँसे को फेंकने पर उसके फलक पर 7 आने की प्रायिकता शून्य होती है।
3. किसी घटना की प्रायिकता एक से अधिक भी हो सकती है।
4. असम्भव घटनाओं की प्रायिकता सदैव एक होती है।
5. एक सिक्के को उछालने पर चित आने की प्रायिकता 1 होती है।
6. किसी निश्चित घटना की प्रायिकता सदैव एक होती है। (2019)
उत्तर-
1. असत्य,
2. सत्य,
3. असत्य,
4. असत्य,
5. असत्य,
6. सत्य।

MP Board Solutions

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

1. किसी घटना के घटित होने की सम्भावनाओं का परिमाणबोधक या संख्यात्मक निरूपण क्या कहलाता है? (2018)
2. किसी घटना के घटने की प्रायिकता क्या हो सकती है?
3. प्रायिकता का अनुप्रयोग किस क्षेत्र में किया जाता है।
4. किसी पाँसे को फेंकने पर फलक पर 7 का अंक आने की प्रायिकता क्या होगी?
5. प्रायिकता का सूत्र लिखिए।
6. एक निश्चित घटना की प्रायिकता क्या होगी? (2019)
7. एक सिक्का उछाला गया, तब हेड आने की प्रायिकता क्या होगी? (2019)
8. किसी पासे की फेंक में अंक 2 आने की प्रायिकता क्या होगी? (2019)
उत्तर-
1. प्रायिकता,
2. 0 से 1 के बीच (जिसमें 0 और 1 भी सम्मिलित हैं) होती है,
3. भौतिकी, वाणिज्य, जीव विज्ञान, खगोलशास्त्र, ज्योतिष और मौसम विभाग में,
4. शून्य,
5.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Additional Questions image 3
6.1 (एक),
7. \(\frac { 1 }{ 2 }\)
8. \(\frac { 1 }{ 6 }\)

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सत्य है, और क्यों ?
y = 3x + 5 का
(i) एक अद्वितीय हल है
(ii) केवल दो हल हैं
(iii) अपरिमित रूप से अनेक हल हैं।
उत्तर:
(iii) अपरिमित रूप से अनेक हल हैं।
क्योंकि x के विभिन्न मानों के लिए y के विभिन्न मान प्राप्त होंगे, इसके अतिरिक्त इस समीकरण का आलेख एक सरल रेखा है जिसका प्रत्येक बिन्दु उस समीकरण का हल होगा।
MP Board Solutions

प्रश्न 2.
निम्नलिखित समीकरण में से प्रत्येक के लिए चार हल लिखिए :
(i) 2x +y = 7 (2019)
(ii) nx +y = 9 (2018)
(iii) x = 4y.
हल:
(i) 2x + y = 7 ⇒ y = 7 – 2x
जब x = 0, तब y = 7 – 2 x 0 = 7
जब x = 1, तब y = 7 – 2 x 1 = 7 – 2 = 5
जब x = 2, तब y = 7 – 2 x 2 = 7 – 4 = 3
जब x = 3, तब y = 7 – 2 x 3 = 7 – 6 = 1
अतः अभीष्ट चार हल हैं : (0, 7), (1,5), (2, 3) एवं (3, 1).

(ii) πx + y = 9 ⇒ y = 9 – πx
जब x = 0, तब y = 9 – π (0) = 9
जब x = 1, तब y = 9 – π (1) =  9 – π
जब x = -1, तब y = 9 – π (-1) =  9 + π
जब x = 1, तब y = 9 – 2 x 9/π = 9 – 9 = 0.
अतः अभीष्ट चार हल हैं : (0, 9), (1, 9 – π), (-1, 9 + π) एवं (9/π,0).

(iii) x = 4y
जब y = 0, तब x = 4 x 0 = 0
जब y = 1, तब x = 4 (1) = 4
जब y= – 1, तब x = 4 (-1)=-4
जब y = 1/4 तब x = 4 x 1/4 = 1
अतः अभीष्ट चार हल हैं : (0, 0), (4, 1), (-4, – 1) एवं (1, 1/4).

प्रश्न 3.
बताइए कि निम्नलिखित हलों में कौन-कौन समीकरण x – 2y = 4 के हल नहीं हैं ?
(i) (0, 2) (2018)
(ii) (2,0)
(iii) (4,0)
(iv) (√2,4√2)
(v) (1, 1).
हल:
दिया गया समीकरण : x – 2y = 4 ⇒ x – 2y – 4 = 0.
(i) बिन्दु (0, 2) पर : 0 – 2 (2) – 4 = – 4 – 4 = -8 ≠ 0.
(ii) बिन्दु (2, 0) पर : 2 – 2 (0) – 4 = 2 – 0 – 4 = – 2 ≠ 0.
(iii) बिन्दु (4, 0) पर : 4 – 2 (0) – 4 = 4 – 0 – 4 = 4 – 4 = 0.
(iv) बिन्दु (√2, 4√2) पर : √2 – 2(4√2) – 4 = √2 – 8√2 – 4 = – 7√2 – 4 ≠ 0.
(v) बिन्दु (1, 1) पर : 1 – 2 (1) – 4 = 1 – 2 – 4 = 1 – 6 = – 5 ≠ 0.
अतः बिन्दु (0, 2), (2, 0), (√2, 4√2) एवं (1, 1) दिए समीकरण x – 2y = 4 के हल नहीं हैं।
MP Board Solutions

प्रश्न 4.
k का मान ज्ञात कीजिए जबकि x = 2,y = 1 समीकरण 2x + 3y = k का एक हल हो। (2018)
हल:
चूँकि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y = k का हल है, इसलिए x एवं y के मान समीकरण को सन्तुष्ट करेंगे।
⇒ 2 (2) + 3 (1) = k.
⇒ 4 + 3 = k – k = 7
अतः k का अभीष्ट मान = 7.

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Chapter 10 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Maths Chapter 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यदि PO और R क्रमशः एक त्रिभुज की भुजाओं BC. CA और AB के मध्य-बिन्दु हैं तथा AD शीर्ष A से BC पर लम्ब है तो सिद्ध कीजिए कि P, Q, R और D चक्रीय
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 1
चित्र 10.27
दिया है : P Q और R क्रमश: ∆ABC की भुजाओं BC, CA एवं AB के मध्य-बिन्दु हैं तथा AD I BC है।
सिद्ध करना है : P, Q, R और D चक्रीय हैं।
रचना : PO, QR और RD को मिलाया।
उपपत्ति : चूँकि R और Q क्रमश: ∆ABC की भुजाओं AB और AC के मध्य-बिन्दु हैं।
⇒ RQ || BC …(1)
एवं बिन्दु P और Q क्रमश: ∆ABC की भुजाओं BC और AC के मध्य-बिन्दु हैं।
⇒ PQ || BA …(2)
⇒ PQRB एक समान्तर चतुर्भुज है।
⇒∠RBP = ∠RQP …(3) (समान्तर चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं)
समकोण ∆ADB में कर्ण AB के मध्य-बिन्दु R को शीर्ष D से मिलाया।
⇒ RD = RB (RD कर्ण AB की आधी है)
⇒ ∠RBD = ∠ RDB (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं)
⇒ ∠RDB = ∠RBD = ∠RQP (समान्तर चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं)
लेकिन LRDB + ∠ RDP = 180° (BC के बिन्दु D पर एक ओर के कोण हैं)
∠RQP + ∠ RDP = 180° (∠RDB = ∠RQP)
अतः P, Q, R और D चक्रीय हैं। (PQRD के सम्मुख कोण सम्पूरक हैं।)

प्रश्न 2.
ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। A और B से होकर एक वृत्त इस प्रकार खींचा गया है कि यह AD को P पर और BC को Q पर प्रतिच्छेद करता है। सिद्ध कीजिए कि P, Q, C और D चक्रीय हैं।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 2
चित्र 10.28
दिया है : ABCD एक समान्तर चतुर्भुज जिसके शीर्ष A और B से होकर एक वृत्त खींचा गया है, जो AD को P पर तथा BC को Q पर प्रतिच्छेद करता है।
सिद्ध करना है : P Q, C और D चक्रीय हैं।
उपपत्ति : चूँकि ∠ABQ + ∠APQ = 180°…(1) (चक्रीय चतुर्भुज ABOP के सम्मुख कोण हैं)
चूँकि ∠DCQ+ ∠ABQ = 180° …(2) (AB || DC एवं तिर्यक रेखा BC के एक ओर के अन्तः कोण हैं)
चूँकि ∠APO + ∠DPO = 180° …(3) (AD के बिन्दु P पर बने एक ओर के कोण)
⇒ ∠DCQ + ∠ABQ + ∠APQ + ∠DPQ = 360° [समीकरण (2) + (3) से] …(4)
⇒ ∠DCQ + ∠DPQ = 180° [समीकरण (4) – (1) से]
अत: P, Q, C और D चक्रीय हैं। (□ PQCD के सम्मुख कोण सम्पूरक है) इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
एक वृत्त की दो बराबर जीवाएँ AB और CD बढ़ाने पर बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करती हैं। सिद्ध कीजिए कि PB = PD.
हल:
ज्ञात है : एक वृत्त की दो जीवाएँ AB = CD बढ़ाने पर बिन्दु P पर मिलती हैं।
सिद्ध करना है : PB = PD
रचना : AD एवं BC को मिलाया।
उपपत्ति : चूँकि ∠ABC = ∠ADC ….(1) (एक ही वृत्तखण्ड के कोण हैं)
चूँकि ∠CBD = ∠ADB ….(2) (बराबर जीवाओं द्वारा शेष परिधि पर बने कोण हैं)
⇒ ∠ABC + ∠CBD = ∠ADC + ∠ADB [समीकरण (1) और (2) से]
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 3
चित्र 10.29
⇒ ∠ABD = ∠CDB (चित्रानुसार)
⇒ ∠ PBD = ∠PDB (बराबर कोणों के सम्पूरक बराबर होते हैं)
अतः PB = PD. (बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ हैं) इति सिद्धम्

MP Board Class 9th Maths Chapter 10 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
A, B और C किसी वृत्त पर स्थित तीन बिन्दु हैं। सिद्ध कीजिए कि AB, BC और CA के लम्ब समद्विभाजक वृत्त के केन्द्र से होकर जाते हैं।
हल:
ज्ञात है : एक वृत्त पर स्थित तीन बिन्दु A, B और C। AB, BC और CA को मिलाया गया है।
मान लीजिए AB और AC के लम्बार्धक बिन्दु O पर मिलते हैं। OD ⊥ BC खींचा गया है।
सिद्ध करना है : OD, BC का लम्बार्द्धक है तथा O वृत्त का केन्द्र है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 4
चत्र 10.30
रचना:
OA, OB और OC को मिलाइए।
उपपत्ति : चूँकि बिन्दु O भुजा AB के लम्बार्द्धक पर स्थित है।
⇒ OA = OB …(1) (किसी रेखाखण्ड के लम्बार्द्धक का प्रत्येक बिन्दु रेखाखण्ड के सिरों से बराबर दूरी पर होता है)
चूँकि बिन्दु O भुजा AC के लम्बार्द्धक पर स्थित है।।
⇒ OA = OC …(2) (किसी रेखाखण्ड के लम्बार्द्धक का प्रत्येक बिन्दु रेखाखण्ड के सिरों पर बराबर दूरी पर होता है)
⇒ OB = OC [समीकरण (1) और (2) से]
⇒ O भुजा BC के लम्बार्द्धक पर स्थित होगा
OD ⊥ BC ज्ञात है।
⇒ OD भुजा BC का लम्बार्द्धक है।
चूँकि वृत्त की त्रिज्याएँ OA = OB = OC समीकरण (1) और (2) से]
अत: AB, BC और CA के लम्बार्द्धक वृत्त के केन्द्र से होकर जाते हैं। इति सिद्धम्

प्रश्न 2.
AB और AC वृत्त की दो बराबर जीवाएँ हैं। सिद्ध कीजिए कि ∠BAC का समद्विभाजक वृत्त के केन्द्र से होकर जाता है।
हल:
ज्ञात है : वृत्त पर दो जीवाएँ AB = AC दी हैं तथा AD, ∠BAC का समद्विभाजक है जो BC से मिलाने पर उसे बिन्दु D पर मिलता है।
सिद्ध करना है : AD वृत्त के केन्द्र से होकर जायेगा।
उपपत्ति: ∆ADB और ∆ADC में,
चूँकि AB = AC (दिया है)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 5
चित्र 10.31
∠BAD = ∠CAD
एवं AD = AD (उभयनिष्ठ है)
⇒ ∆ADB ≅ ∆ADC (SAS सर्वांगसमता प्रमेय)
⇒ ∠ADB = ∠ADC एवं BD = CD (CPCT)
लेकिन ∠ADB + ∠ADC = 180° (BC के बिन्दु D पर एक ओर बने कोण हैं)
∠ADB = ∠ADC = 90°
⇒ AD जीवा BC पर लम्ब समद्विभाजक है।
अतः AD वृत्त के केन्द्र से होकर जाता है। इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
यदि वृत्त की दो जीवाओं के मध्य-बिन्दुओं को मिलाने वाला , रेखाखण्ड वृत्त के केन्द्र से होकर जाता है, तो सिद्ध कीजिए कि दोनों जीवाएँ समान्तर हैं।
हल:
ज्ञात है : केन्द्र O वाला एक वृत्त जिसकी दो जीवाएँ AB और CD के मध्य-बिन्दु क्रमशः M और N हैं। MN वृत्त के केन्द्र O से होकर जाता है।
सिद्ध करना है : AB || CD
उत्पत्ति : चूँकि जीवा AB के मध्य-बिन्दु M को केन्द्र O से मिलाया गया है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 6
चित्र 10.32
⇒ OM ⊥AB अर्थात् ∠AMO= ∠BMO = 90°
चूँकि जीवा CD के मध्य बिन्दु N को केन्द्र Oसे मिलाया गया है।
⇒ ON ⊥ CD अर्थात् ∠CNO =∠DNO = 90°.
चूँकि दो रेखाओं AB और CD को एक तिर्यक रेखा MN प्रतिच्छेद कर रही है और
∠AMO + ∠CNO = 90° + 90° = 180°
अतः AB || CD. (एक ही ओर के अन्तः कोण है) इति सिद्धम्

प्रश्न 4.
एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और AC क्रमशः 90° और 150° के कोण अन्तरित करती है। ∠BAC ज्ञात कीजिए, यदि AB और AC केन्द्र के विपरीत ओर स्थित है।
हल:
ज्ञात है: केन्द्र O वाले एक वृत्त की जिसकी दो जीवाएँ AB और AC वृत्त के केन्द्र के विपरीत स्थित हैं तथा केन्द्र पर क्रमश: 90° और 150° के कोण अन्तरित करती हैं।
∠BAC का मान ज्ञात करना है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 7
चित्र 10.33
चूँकि ∠AOB + ∠AOC + ∠ BOC = 360° (एक बिन्दु पर बने कोण है)
⇒ 90° + 150° + ∠BOC = 360°
⇒ ∠BOC = 360° – 240° = 120°
∠ BAC = \(\frac { 1 }{ 2 }\)BOC (किसी चाप द्वारा शेष परिधि पर बना कोण उसी चाप द्वारा केन्द्र पर बने कोण का आधा होता है)
⇒ ∠BAC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 120° = 60° (∠ BOC = 120° ज्ञात कर चुके हैं)
अत: ∠ BAC का अभीष्ट मान = 60°.

प्रश्न 5.
यदि BM और CN त्रिभुज ABC की भुजाओं AC और AB पर खींचे गए लम्ब हैं, तो सिद्ध कीजिए कि बिन्दु B, C, M और N चक्रीय हैं।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 8
चित्र 10.34
ज्ञात है : ∆ABC की भुजाओं AC और AB पर क्रमशः BM और CN लम्ब खींचे गए हैं।
सिद्ध करना है : B, C, M और N चक्रीय हैं।
उपपत्ति: ∠BNC = 90° …(1) (CN ⊥ AB) ।
एवं ∠CMB = 90° …(2) (BM ⊥ AC)
∠BNC = ∠ CMB = 90° [समीकरण (1) और (2) से]
जब कोई दो बिन्दु अपने एक ही ओर अन्य दो बिन्दुओं पर बराबर कोण अन्तरित करें, तो चारों बिन्दु चक्रीय होते हैं।
अंत: B, C, M और N चक्रीय हैं। इति सिद्धम्

प्रश्न 6.
यदि किसी समद्विबाहु त्रिभुज के आधार के समान्तर कोई रेखा उसकी बराबर भुजाओं को प्रतिच्छेद करने के लिए खींची जाये, तो सिद्ध कीजिए कि इस प्रकार बना चतुर्भुज चक्रीय होता है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 9
चित्र 10.35
ज्ञात है : समद्विबाहु ∆ABC जिसमें AB = AC तथा DE || BC भुजाओं AB और AC को क्रमशः D और E बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है।
सिद्ध करना है : □BCED एक चक्रीय चतुर्भुज है।
उपपत्ति : चूँकि ∠ABC = ∠ACB …(1) (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं)
चूँकि ∠ABC + ∠BDE = 180° (BC || DE द्वारा तिर्यक रेखा AB के एक ही ओर बने अन्त:खण्ड हैं) …(2)
∠ACB + ∠BDE = 180° [ समीकरण (1) और (2) से]
अतः चतुर्भुज BCED चक्रीय चतुर्भुज है। (सम्मुख ∠ACB एवं ∠ BDE सम्पूरक है) इति सिद्धम्

प्रश्न 7.
किसी वृत्त की एक जीवा उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस जीवा द्वारा दीर्घ वृत्तखण्ड में किसी बिन्दु पर अन्तरित कोण ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 11
चित्र 10.36
ज्ञात है : एक वृत्त जिसकी जीवा AB = OA = OB वृत्त की त्रिज्या तथा दीर्घ वृत्तखण्ड पर कोई बिन्दु P है।
ज्ञात करना है : ∠APB का मान।
∆OAB में, OA = OB = AB (दिया है)
⇒ ∠AOB = 60° (समद्विबाहु त्रिभुज का एक कोण है)
चूँकि ∠APB = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠AOB (किसी जीवा द्वारा शेष परिधि
पर बना कोण उसके द्वारा केन्द्र पर बने कोण का आधा होता है)
⇒ ∠APB = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 60° = 30°
अत: ∠APB का अभीष्ट मान = 30°.

MP Board Class 9th Maths Chapter 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

निम्नलिखित में प्रत्येक के लिए सत्य या असत्य लिखिए और अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।

प्रश्न 1.
एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और CD में से प्रत्येक केन्द्र से 4 cm की दूरी पर हैं। तब AB = CD है।
उत्तर:
कथन सत्य है, क्योंकि केन्द्र से बराबर दूरी पर स्थित जीवाएँ बराबर होती हैं।

प्रश्न 2.
केन्द्र O वाले वृत्त की दो जीवाएँ AB और AC, OA के विपरीत ओर स्थित हैं। तब ∠AOB = ∠AOC है।
उत्तर:
कथन असत्य है, क्योंकि कोण तभी बराबर होंगे जब AB = AC.

प्रश्न 3.
O और O’ केन्द्रों वाले दो सर्वांगसम वृत्त A और B दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं। तब ∠AOB = ∠AO’B
उत्तर:
कथन सत्य है, क्योंकि सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ संगत केन्द्रों पर बराबर कोण अन्तरित करती हैं।

प्रश्न 4.
तीन संरेख बिन्दुओं से होकर एक वृत्त खींचा जा सकता है।
उत्तर:
कथन असत्य है, क्योंकि किन्हीं दो बिन्दुओं से होकर जाने वाला वृत्त इन दोनों बिन्दुओं के संरेख तीसरे बिन्दु से होकर नहीं जा सकता।

प्रश्न 5.
दो बिन्दुओं A और B से होकर 3 cm त्रिज्या का एक वृत्त खींचा जा सकता है यदि AB = 6 cm है।
उत्तर:
कथन सत्य है, तब AB इसका व्यास होगा।

प्रश्न 6.
AOB वृत्त का एक व्यास है तथा C वृत्त पर स्थित कोई बिन्दु है। तब AC2 + BC2 = AB2 है।
उत्तर:
कथन सत्य है, क्योंकि ∆ACB कोण C पर एक समकोण त्रिभुज है। (पाइथागोरस प्रमेय से)

प्रश्न 7.
ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसमें ∠A = 90°, LB = 70°, ∠C = 95° और ∠D = 105° हैं।
उत्तर:
कथन असत्य है, क्योंकि ∠A + ∠C = 90° + 95° = 185° + 180°.

प्रश्न 8.
यदि A, B, C और D चार बिन्दु इस प्रकार हैं कि ∠ BAC = 30° और ∠ BDC = 60° है, तो D उस वृत्त का केन्द्र है, जो A, B और C बिन्दुओं से होकर खींचा जाता है।
उत्तर:
कथन असत्य है, क्योंकि ऐसे अनेक बिन्दु D हो सकते हैं कि ∠BDC = 60° हो जिनमें से प्रत्येक बिन्दु A, B और C से खींचे जाने वाले वृत्त का केन्द्र नहीं हो सकता।

प्रश्न 9.
यदि A, B, C और D चार बिन्दु इस प्रकार हैं कि ∠ BAC = 45°, और ∠ BDC = 45° है, तो A, B,C और D चक्रीय है।
उत्तर:
कथन सत्य है, क्योंकि ∠BAC और ∠BDC एक ही वृत्तखण्ड के कोण हैं।

MP Board Class 9th Maths Chapter 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. किसी वृत्त का AD एक व्यास है और AB एक जीवा है। यदि AD = 34 cm, AB = 30 cm है, तो वृत्त के केन्द्र से AB की दूरी है :
(a) 17 cm
(b) 15 cm
(c) 4 cm
(d) 8 cm.
उत्तर:
(d) 8 cm.

प्रश्न 2.
यदि AB = 12 cm, BC = 16 cm और AB रेखाखण्ड BC पर लम्ब है, तो A, B और C से होकर जाने वाली वृत्त की त्रिज्या है :
(a) 6 cm
(b) 8 cm
(c) 10 cm
(d) 12 cm.
उत्तर:
(c) 10 cm

प्रश्न 3.
ABCD एक ऐसा चक्रीय चतुर्भुज है कि AB इस चतुर्भुज के परिगत वृत्त का एक व्यास है तथा ∠ADC = 140° है। तब ∠BAC बराबर है :
(a) 80°
(b) 50°
(c) 40°
(d) 30°.
उत्तर:
(b) 50°

प्रश्न 4.
तीन असंरेख बिन्दुओं से होकर अधिकतम वृत्त खींचे जा सकते हैं :
(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) अनेक।
उत्तर:
(a) एक

प्रश्न 5.
अर्द्धवृत्त पर बना कोण होता है :
(a) 180°
(b) 90°
(c) 45°
(d) 270°.
उत्तर:
(b) 90°

प्रश्न 6.
5 cm त्रिज्या वाले वृत्त के केन्द्र से 3 cm की दूरी पर स्थित जीवा की लम्बाई होगी :
(a) 4 cm
(b) 10 cm
(c) 6 cm
(d) 8 cm.
उत्तर:
(c) 6 cm

प्रश्न 7.
किसी चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग होता है :
(a) 360°
(b) 90°
(c) 180°
(d) 60°.
उत्तर:
(c) 180°

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा को …….. कहते हैं।
2. वृत्त के एक ही खण्ड (अवधा) के कोई दो कोण ………… होते हैं।
3. अर्द्धवृत्त का कोण ……….. होता है। (2019)
4. वृत्त की परिधि के किन्हीं दो बिन्दुओं को मिलाने वाले रेखाखण्ड को वृत्त की ……. कहते हैं।
5. वृत्त के केन्द्र से वृत्त की जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को ……….. करता है।
6. यदि किसी वृत्त की त्रिज्याएँ बराबर हों तो वे …….. होते हैं।
7. चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग ……….. होता है।
8. दो वृत्त सदैव ……… होते हैं। (2019)
उत्तर:
1. व्यास,
2. बराबर,
3. समकोण,
4. जीवा,
5. समद्विभाजित,
6. बराबर (सर्वांगसम),
7. 180°,
8. समरूप।

जोड़ी मिलान

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 10
उत्तर:
1. → (c),
2. → (f),
3. → (e),
4. → (a),
5. → (b),
6. → (d).

सत्य/असत्य कथन
1. दीर्घ वृत्तखण्ड में अन्तरित कोण न्यूनकोण होता है।
2. वृत्त की समान जीवाएँ केन्द्र पर समान कोण अन्तरित करती हैं।
3. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा त्रिज्या कहलाती है।
4. अर्द्धवृत्त में अन्तरित कोण समकोण होता है।
5. यदि दो वृत्तों की त्रिज्याएँ समान हों, तो वे वृत्त सर्वांगसम होते हैं।
6. तीन असरेख बिन्दुओं से होकर एक वृत्त खींचा जा सकता है।
उत्तर:
1. सत्य,
2. सत्य,
3. असत्य,
4. सत्य,
5. सत्य,
6. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर
1. अर्द्धवृत्त में अन्तरित कोण कैसा होता है ?
2. दीर्घ वृत्तखण्ड में अन्तरित कोण कैसा होता है ?
3. लघु वृत्तखण्ड में अन्तरित कोण कैसा होता है ?
4. चक्रीय समान्तर चतुर्भुज क्या कहलाता है?
5. चक्रीय समचतुर्भुज क्या कहलाता है ?
6. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा क्या कहलाती है? (2019)
उत्तर:
1. समकोण,
2. न्यूनकोण,
3. अधिक कोण,
4. आयत,
5. वर्ग,
6. व्यास।

MP Board Class 9th Maths Solutions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.1

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.1

प्रश्न 1.
एक नोट बुक की कीमत एक कलम की कीमत से दो गुनी है। इस कथन को निरूपित करने के लिए दो चरों वाला एक रैखिक समीकरण लिखिए। (2018)
हल:
मान लीजिए एक कलम की कीमत = x तथा नोट बुक की कीमत = y है
तो प्रश्नानुसार, y = 2x
अतः अभीष्ट समीकरण : y = 2x.

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
निम्नलिखित रैखिक समीकरणों को ax + by + c = 0 के रूप में व्यक्त कीजिए और प्रत्येक स्थिति में a, b और c के मान बताइए :
(i) 2x + 3y = \(9.3\overline { 5 }\).
(i) x – y/5 – 10 = 0
(iii) -2x + 3y = 6 (2018)
(iv) x = 3y
(v) 2x = -5y
(vi) 3x + 2 =0
(vii) y – 2 = 0
(viii) 5 = 2x.
हल:
(i) 2x + 3y = \(9.3\overline { 5 }\) ⇒ 2x + 3y – \(9.3\overline { 5 }\) = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : 2x + 3y – \(9.3\overline { 5 }\) = 0, जहाँ a = 2, b = 3 एवं c = \(9.3\overline { 5 }\).

(ii) x – y/5 – 10 = 0 ⇒ 5x – y – 50 = 0
अत: अभीष्ट समीकरण : 5x – y – 50 = 0, जहाँ a = 5, b = -1 एवं c = -50.

(iii) – 2x + 3y = 6 ⇒ 2x – 3y + 6 = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : 2x – 3y + 6 = 0, जहाँ a = 2, b = – 3 एवं c= 6.

(iv) x = 3y ⇒ x – 3y + 0 = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : x – 3y + 0 = 0, जहाँ a = 1, b = – 3 एवं c = 0.

(v) 2x = – 5y = 2x + 5y + 0 = 0.
अत: अभीष्ट समीकरण : 2x + 5y + 0 = 0, जहाँ a = 2, b = 5 एवं c = 0.
MP Board Solutions

(vi) 3x + 2 = 0 = 3x + 0.y + 2 = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : 3x + 0.y + 2 = 0, जहाँ a = 3, b = 0 एवं c = 2.

(vii) y – 2 = 0 ⇒ 0.x + y – 2 = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : 0.x + y – 2 = 0, जहाँ a = 0, b = 1 एवं c = – 2.

(viii) 5 = 2x ⇒ 2x + 0.y – 5 = 0
अतः अभीष्ट समीकरण : 2x + 0.y – 5 = 0, जहाँ a = 2, b = 0 एवं c = -5.

MP Board Class 9th Maths Solutions