MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2

प्रश्न 1.
एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 7 cm, ∠B = 75° और AB + AC = 13 cm है। (2018, 19)
हल:
रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2 1
चित्र 11.18
(i) BC = 7 cm का रेखाखण्ड खींचिए।
(ii) रेखाखण्ड BC के बिन्दु B पर ∠DBC = 75° का कोण बनाते हुए एक किरण BX खींचिए।
(iii) किरण BX में से BD = 13 cm का रेखाखण्ड लीजिए।
(iv) DC को मिलाइए।
(v) DC का लम्ब समद्विभाजक EF खींचिए।
(vi) जो BD को बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करता है।
(vii) AC को मिलाइए।
यही ∆ABC अभीष्ट त्रिभुज है।

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प्रश्न 2.
एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 8 cm, ∠B = 45° और AB – AC = 3.5 cm है।
हल:
रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2 2
चित्र 11.19
(i) BC = 8 cm का एक रेखाखण्ड खींचिए।
(ii) BC के साथ बिन्दु B पर ∠DBC = 45° का कोण बनाते हुए किरण BX खींचिए।
(iii) किरण BX में से BD = 3.5 cm का रेखाखण्ड लीजिए।
(iv) DC को मिलाइए।
(v) DC का लम्ब समद्विभाजक EF खींचिए जो Bx को B बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करता है।
(vi) AC को मिलाइए।
यही ∆ABC अभीष्ट त्रिभुज है।

प्रश्न 3.
एक त्रिभुज PQR की रचना कीजिए जिसमें OR = 6 cm, ∠Q= 60° और PR – PQ = 2 cm हो।
हल:
रचना :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2 3
चित्र 11.20
(i) एक रेखाखण्ड QR = 6 cm खींचिए।
(ii) रेखाखण्ड QR के साथ 60° का कोण बनाते हुए किरण Qx खींचिए।
(iii) QS = 2 cm का एक रेखाखण्ड किरण Qx में से काटिए।
(iv) SR को मिलाइए।
(v) SR का लम्ब समद्विभाजक AB खींचिए जो Qx को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है।
(vi) PR को मिलाइए। यही ∠∆POR अभीष्ट त्रिभुज है।

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प्रश्न 4.
एक त्रिभुज XYZ की रचना कीजिए जिसमें ∠Y = 30°, ∠Z = 90° और XY+ YZ + ZX = 11 cm हो।
हल:
रचना:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2 4
चित्र 11.21
(i) एक रेखाखण्ड PO = 11 cm खींचिए।
(ii) बिन्दु P पर 30° एवं बिन्दु O पर 90° का कोण बनाते हुए किरण PR एवं Qs खींचिए।
(iii) ∠RPO एवं ∠SOP के समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु X पर प्रतिच्छेद करते हैं।
(iv) PX एवं QX के लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो PQ को क्रमशः Y और Z बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं।
(v) XY एवं XZ को मिलाइए। यही ∆XYZ अभीष्ट त्रिभुज है।

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प्रश्न 5.
एक समकोण त्रिभुज की रचना कीजिए जिसका आधार 12 cm और कर्ण तथा अन्य भुजा का योग 18 cm है।
हल:
एक समकोण ∆ABC की रचना करनी है जिसका ∠B समकोण है, आधार BC = 12 cm है तथा कर्ण AC + भुजा AB = 18 cm.
रचना:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 11 रचनाएँ Ex 11.2 5
चित्र 11.22
(i) BC = 12 cm का एक रेखाखण्ड खींचिए।
(ii) BC के बिन्दु B पर BC के साथ समकोण (90° का कोण) बनाते हुए एक किरण BP खींचिए।
(iii) किरण BP में से BD = 18 cm का एक रेखाखण्ड काटिए।
(iv) DC को मिलाइए।
(v) DC का लम्ब समद्विभाजक OR खींचिए जो BD को बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करता है।
(vi) AC को मिलाइए।
यह ∆ABC अभीष्ट समकोण त्रिभुज है।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2

प्रश्न 1.
एक पार्क चतुर्भुज ABCD के आकार का है जिसमें ∠C = 90°, AB = 9 m, BC = 12 m, CD = 5 m और AD = 8 m है। इस पार्क का कितना क्षेत्रफल है ?
हल:
दिए हुए पार्क का आकार संलग्न चित्र में प्रदिर्शित है जिसमें
∠C = 90°, AB = 9 m, BC = 12 m, CD = 5 m और AD = 8 m है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 1
चित्र 12.7
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 1a
पार्क का कुल क्षेत्रफल = ar (ABD) + ar (BCD)
= 6 √35 + 30 = 6 x 5.916 + 30 [समी. (1) + (2) से]
⇒ ar (ABCD) = 35.496 + 30 = 65-496 ≈ 65.5 m2 (लगभग)
अतः पार्क का अभीष्ट क्षेत्रफल = 65.5 m2.(लगभग)

प्रश्न 2.
एक चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसमें AB = 3 cm, BC = 4 cm, CD = 4 cm, DA = 5 cm और AC = 5 cm है।
हल:
चतुर्भुज ABCD का आकार संलग्न चतुर्भुज में दिखाया गया है
जिसमें AB = 3 cm, BC = 4 cm, CD = 4 cm, AD = 5 cm और AC = 5 cm है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 2
चित्र 12.8
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 2a
ar (ABCD) = ar (ABD) + ar (ADC)
= 6 + 2√21
= 6 + 9.165
= 15.165 cm2
= 15.2 cm2 (लगभग)
अतः चतुर्भुज ABCD का अभीष्ट क्षेत्रफल = 15.2 cm2.(लगभग)।

प्रश्न 3.
राधा ने एक रंगीन कागज से एक हवाई जहाज का चित्र बनाया जैसा संलग्न चित्र में दिखाया गया है। प्रयोग किए गए कागज का कुल क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
चित्र कुल 5 भागों में बँटा हुआ है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 3
चित्र 12.9
I भाग एक समद्विबाहु त्रिभुजाकार है जिसकी भुजाएँ 5 cm, 5 cm. 1 cm।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 3a
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 3b
II भाग एक आयत है जिसकी भुजाएँ 6-5 cm एवं 1 cm हैं।
⇒ ar (II) = 6.5 x 1 = 6.5 cm2 …(2)
III भाग एक समलम्ब चतुर्भुज है जिसकी समान्तर भुजाएँ 1 cm और 2 cm है तथा असमान्तर भुजाएँ 1 cm और 1 cm हैं। मान लीजिए दोनों समान्तर भुजाओं के बीच की दूरी में है तो के अनुसार
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 3c
चित्र 12.10
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 3d
IV एवं V भाग दो समान विमाओं के समकोण त्रिभुज हैं जिनकी समकोण बनाने वाली भुजाएँ 6 cm एवं 1.5 cm हैं।
⇒ ar (IV & V) = 2 x \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 6 x 1.5
= 9.0 cm2 ….(4)
ar (हवाई जहाज) = ar (I) + ar (II) + ar (III) + ar (IV &V)
⇒ ar (हवाई जहाज) = 2.5 + 6.5 + 1.3 + 9.0 = 19.3 cm2 (लगभग)
अतः प्रयोग किए गए रंगीन कागज का अभीष्ट क्षेत्रफल = 19.3 cm2.(लगभग)

प्रश्न 4.
एक त्रिभुज और एक समान्तर चतुर्भुज का एक ही आधार है और क्षेत्रफल भी एक ही है। यदि त्रिभुज की भुजाएँ 26 cm, 28 cm और 30 cm हैं तथा समान्तर चतुर्भुज 28 cm के आधार पर स्थित है तो उसकी संगत ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 4
चित्र 12.9
ज्ञात है : एक ही आधार AB = 28 cm पर एक समान्तर AL
चतुर्भुज ABCD एवं त्रिभुज EAB स्थित हैं जिसमें
AE = 30 cm एवं BE = 26 cm है।
ar (EAB) = ar (ABCD)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 4A
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 4B
मान लीजिए समान्तर चतुर्भुज की संगत ऊँचाई = d cm है।
चूँकि ar (ABCD) = ar (EAB) (दिया है)
28 x d = 336
d = \(\frac { 336 }{ 28 }\) = 12 cm
अतः समान्तर चतुर्भुज की अभीष्ट संगत ऊँचाई = 12 cm.

प्रश्न 5.
एक समचतुर्भुजाकार घास के खेत में 18 गायों के चरने के लिए घास है। यदि इस समचतुर्भुज की प्रत्येक भुजा 30 m है और बड़ा विकर्ण 48 m है, तो प्रत्येक गाय को चरने के लिए इस घास के खेत का कितना क्षेत्रफल प्राप्त होगा? (2018)
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 5
चित्र 12.12
ज्ञात है : एक सम चतुर्भुजाकार घास का मैदान ABCD जिसकी भुजा AB = BC = CD = DA = 30 m एवं दीर्घ विकर्ण AC = 48 m, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। विकर्ण AC समचतुर्भुज ABCD को बराबर के क्षेत्रफल वाले ar (ABC) = ar (DAC) में विभक्त करता है।
अब ∆ABC की भुजाएँ क्रमशः 30 m, 30 m, एवं 48 m हैं।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 5A
= 24 x 6 x 3 = 432 m2
चूँकि ar (ABCD) = 2 x ar (ABC)
= 2 x 432 = 864 m2
एक गाय के लिए उपलब्ध क्षेत्रफल = 800 = 48 m2
अतः एक गाय के चरने के लिए उपलब्ध घास के खेत का अभीष्ट क्षेत्रफल = 48 m2.

प्रश्न 6.
दो विभिन्न रंगों के कपड़ों के 10 त्रिभुजाकार टुकड़ों को सीकर एक छाता बनाया गया है (देखिए संलग्न चित्र)। प्रत्येक टुकड़े की माप 20 cm, 50 cm और . 50 cm है। छाते में प्रत्येक रंग का कितना कपड़ा लगा है ?
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 6
चित्र 12.13
ज्ञात है : 10 त्रिभुजाकार समान क्षेत्रफल वाले दो रंग के कपड़े के टुकड़े जिनकी विमाएँ प्रत्येक 20 cm, 50 cm और 50
cm हैं तथा प्रत्येक रंग के 5 टुकड़े हैं।
एक त्रिभुजाकार टुकड़े के लिए,
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 6A
⇒ प्रत्येक रंग के 5 टुकड़ों का क्षेत्रफल = 5 x 200√6 cm2
= 1000√6 cm2
अतः प्रत्येक रंग के कपड़े का अभीष्ट क्षेत्रफल = 1000√6 cm2.

प्रश्न 7.
एक पतंग तीन भिन्न-भिन्न शेडों (Shades) के कागजों से बनी है। इन्हें संलग्न चित्र में I, II और III से दर्शाया गया है। पतंग का ऊपरी भाग 32 cm विकर्ण का एक वर्ग है और निचला भाग 6 cm, 6 cm और 8 cm भुजाओं का एक समद्विबाहु त्रिभुज है। ज्ञात कीजिए कि प्रत्येक शेड का कितना कागज प्रयुक्त किया गया है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 7
चित्र 12.14
ज्ञात है : एक पतंग जिसमें ABCD एक वर्ग है जिसके विकर्ण DB = CA = 32 cm तथा AEF एक समद्विबाहु त्रिभुज जिसमें AE = AF = 6 cm एवं EF = 8 cm है। मान लीजिए विकर्ण DB एवं CA बिन्दु 0 पर परस्पर लम्ब समद्विभाजक हैं। (वर्ग के प्रगुण के अनुसार)
यह पतंग तीन अलग-अलग रंग के भागों
I∆CDB, II ∆DAB और III ∆ AEF में विभाजित है।
ar (∆CDB) = ar (∆DAB) (वर्ग का विकर्ण वर्ग को समद्विभाजित करता है)
भाग I-अब ∆ CDB में आधार DB = 32 cm एवं शीर्षलम्ब
CO = \(\frac { 1 }{ 2 }\) = CA = \(\frac { 1 }{ 2 }\) = x 32 = 16 cm है।
ar (CDB) = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 32 x 16 = 256 cm2
भाग II-चूँकि ar (DAB) = ar (CDB) (बराबर त्रिभुज हैं)
= 256 cm2 (∵ ar (CDB) = 256 cm2 ज्ञात कर चुके हैं)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 7A
अतः I भाग का अभीष्ट क्षेत्रफल = II भाग का अभीष्ट क्षेत्रफल = 256 cm2 एवं III भाग का अभीष्ट क्षेत्रफल = 17.92 cm2.

प्रश्न 8.
फर्श पर एक फूलों का डिजायन 16 त्रिभुजाकार टाइलों से बनाया गया है जिनमें से प्रत्येक की भुजाएँ 9 cm, 28 cm और 35 cm हैं (देखिए संलग्न चित्र)।. इन टाइलों को 50 पैसे प्रति cm की दर से पॉलिश कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 8
चित्र 12.15
दिया है : संलग्न चित्र में 16 त्रिभुजाकार टाइलों से बना डिजायन, प्रत्येक की भुजाएँ 9 cm, 28 cm और 35 cm हैं।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 8A
⇒ 16 टाइलों का क्षेत्रफल = 16∆ = 16 x 36√6 cm2
चूँकि टाइलों पर पॉलिश का व्यय = दर x क्षेत्रफल
⇒ कुल व्यय = ₹ 70 x 16 x 36√6
= ₹ 705.60
अत: टाइलों पर पॉलिश का अभीष्ट व्यय = ₹ 705.60.

प्रश्न 9.
एक खेत एक समलम्ब के आकार का है जिसकी समान्तर भुजाएँ 25 m और 10 m है। इसकी असमान्तर भुजाएँ 14 m और 13 m हैं। इस खेत का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 9
चित्र 12.16
ज्ञात है : एक समलम्ब के आकार का खेत जिसमें AB|| DC,
AB = 25 m, DC = 10 m, BC = 14 m एवं DA = 13 m है।
CE || DA एवं CF ⊥ AB खींचिए।
चूँकि AECD एक समान्तर चतुर्भुज है [DC || AB (दिया है) और CE || DA (रचना से)]
⇒ CE = DA = 13 cm (समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ हैं)
चूंकि EB = AB – AE = AB – DC (AE = DC समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)
⇒ EB = 25 – 10 = 15 m
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 9a
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 12 हीरोन का सूत्र Ex 12.2 9b
अत: समलम्ब खेत का का अभीष्ट क्षेत्रफल = 196.0 m2

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MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र : पठन एवं अंकन

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र : पठन एवं अंकन

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
मानचित्र में कौन-सा तत्व आनुपातिक दूरी दर्शाने से सम्बन्धित है?
(i) मापक
(ii) अक्षांश व देशान्तर रेखाओं का जाल
(iii) रंगों का उपयोग
(iv) रूढ़ चिह्नों का उपयोग।
उत्तर:
(i) मापक

प्रश्न 2.
मानचित्र का प्रकार नहीं है.
(i) केरल का भौतिक मानचित्र
(ii) राजनैतिक मानचित्र
(iii) भारत का रेखाचित्र
(iv) वितरण मानचित्र।
उत्तर:
(iii) भारत का रेखाचित्र

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प्रश्न 3.
कौन-सा मापक प्रदर्शक भिन्न (R.F.) है?
(i) एक इंच बराबर दस मील,
(ii) 1 सेमी = 1 किमी
(iii) दस किलोमीटर के लिए एक सेमी
(iv) 1 : 1,00,000
उत्तर:
(iv) 1 : 1,00,000

प्रश्न 4.
रूढ़ चिह्नों को मान्यता प्रदान करता है
(i) केन्द्रीय सूचना विभाग,
(ii) भारतीय संविधान
(iii) सर्वेक्षण विभाग
(iv) भारतीय संसद।
उत्तर:
(iii) सर्वेक्षण विभाग

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 1
उत्तर:

  1. → (ङ)
  2. → (ग)
  3. → (घ)
  4. → (ख)
  5. → (क)।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानचित्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
मानचित्र, पृथ्वी या उसके किसी भाग के चुने हुए तथ्यों व लक्षणों का एक निश्चित मापक तथा प्रक्षेप पर उपयुक्त रूढ़ चिह्नों द्वारा किसी समतल पटल पर प्रदर्शन है।

प्रश्न 2.
मानचित्र के आवश्यक तत्व/अंग कौन-कौनसे हैं? लिखिए।
उत्तर:
एक भौगोलिक मानचित्र में जिन बातों का होना आवश्यक है, उन्हें ही मानचित्र के तत्व कहते हैं। एक पूर्ण मानचित्र में निम्नलिखित तत्व सम्मिलित होते हैं-

  1. दिशा संकेत
  2. शीर्षक व उपशीर्षक
  3. रूढ़ चिह्न।

प्रश्न 3.
मापक कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. कथनात्मक मापक
  2. रेखात्मक मापक
  3. प्रदर्शक भिन्न।

प्रश्न 4.
भौतिक मानचित्र में क्या दर्शाया जाता है?
उत्तर:
इन मानचित्रों में धरातलीय तथ्य व लक्षण; यथा-पर्वत, पठार, मैदान, घाटियाँ आदि समोच्च रेखाओं के अनुरूप विभिन्न रंगों (यथा- भूरा, पीला, हरा) द्वारा दर्शाए जाते हैं।

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रेखाचित्र व मानचित्र में अन्तर स्पष्ट कीजिए। (2016)
उत्तर:
मानचित्र हमारे समक्ष पृथ्वी के विभिन्न भागों का चित्र प्रस्तुत करते हैं। मानचित्रों के द्वारा ही संसार के महाद्वीपों को प्रदर्शित किया जा सकता है। जबकि रेखाचित्र किसी विशेष लक्ष्य, भू-आकार आदि को बताने के लिए बनाये जाते हैं।

प्रश्न 2.
मानचित्र में मापक का क्या महत्त्व है?
उत्तर:

  1. मापक द्वारा किसी विस्तृत भूखण्ड का छोटे कागज पर छोटे आकार में प्रदर्शन कर पाना सम्भव होता है।
  2. मापक को घटा-बढ़ाकर आवश्यकतानुसार मानचित्रों को छोटा या बड़ा बनाया जा सकता है।
  3. मापक से ही मानचित्र का कोई मूल्य होता है इसके अभाव में वह केवल चित्र रह जाता है। चित्र की दूरियों से धरातल की वास्तविक दूरी का पता नहीं लग सकता है और पृथ्वी के धरातल से मानचित्र का सही अन्तर्सम्बन्ध नहीं आंका जा सकता है।

प्रश्न 3.
प्रदर्शक भिन्न क्या है?
उत्तर:
प्रदर्शक भिन्न-इसको प्रतिनिधि भिन्न भी कहते हैं। इसमें मानचित्र पर मापी गई दूरी तथा भूमि पर मापी गई दूरी का अनुपात ऐसी भिन्न द्वारा प्रदर्शित किया जाता है जिसका अंश सदैव 1 (एक) रहता है। अंश मानचित्र पर मापी गई दूरी बताता है और हर भूमि पर मापी गई दूरी का ज्ञान कराता है। इसमें हर और अंश मापक की एक ही इकाई में होते हैं। अतः इस विधि में मापक का प्रदर्शन किसी मापक की इकाई में नहीं किया जाता बल्कि इसको किसी भी इकाई में पढ़ सकते हैं। इसी गुण के कारण यह मापक संसार में सर्वमान्य है। इसलिए सभी मानचित्रों में मापक प्रदर्शक भिन्न द्वारा दर्शाया जाता है और साथ में देश विशेष में उपयुक्त माप की इकाई में रेखात्मक मापक भी बनाया जाता है।

प्रश्न 4.
कथनात्मक मापक क्या है? समझाइए।
उत्तर:
कथनात्मक मापक-इस विधि में मापक शब्दों में व्यक्त किया जाता है। कथन द्वारा लिखा गया मापक; जैसे-एक सेमी बराबर दस किमी अथवा 10 किमी के लिए 1 सेमी कथनात्मक मापक कहलाता है। यह मापक बताता है कि मानचित्र पर 1 सेमी की दूरी धरातल पर 10 किमी की वास्तविक दूरी है।

प्रश्न 5.
मानचित्र पठन से क्या लाभ है?
उत्तर:
मानचित्र पठन एक कला है। इसके निरन्तर अभ्यास से हम मानचित्रों का पठन सफलतापूर्वक कर सम्बन्धित भू-भाग के विषय में उचित ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। मानचित्र पठन अत्यन्त रोचक विषय है। दो या तीन व्यक्ति भी एक साथ मानचित्र पठन का कार्य कर सकते हैं। मानचित्र द्वारा किसी स्थान की स्थिति, उच्चावच, जलवायु, वनस्पति तथा मानव जीवन का सही ज्ञान प्राप्त हो जाता है।

प्रश्न 6.
समोच्च रेखाएँ किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी स्थान की ऊँचाई-नीचाई को समुद्र तल से नापा जाता है। समुद्र तल से समान ऊँचाई के स्थानों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को समोच्च रेखा या कन्टूर लाइन कहते हैं। समोच्च रेखाओं की ऊँचाई मीटर में समुद्र तल से नापी जाती है। इस तल को आधार तल कहते हैं। यहाँ ऊँचाई सदैव शून्य मानकर इस आधार रेखा के सन्दर्भ में स्थल की ऊँचाई-नीचाई को मापा जाता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उपयोगिता के आधार पर मानचित्र कितने प्रकार के होते हैं? (2014)
उत्तर:
उपयोगिता के आधार पर मानचित्र-उपयोगिता के आधार पर बनाये जाने वाले मानचित्रों को निम्नलिखित चार भागों में बाँटा जा सकता है –

  • भौतिक मानचित्र :
    इस प्रकार के मानचित्रों में धरातलीय तथ्य व लक्षण; जैसे-पर्वत, पठार, धाटियाँ, मैदान आदि समोच्च रेखाओं के अनुरूप विभिन्न रंगों; जैसे- भूरा, हरा, पीला द्वारा प्रदर्शित किए जाते हैं।
  • वितरण मानचित्र :
    इन मानचित्रों में पृथ्वी, महाद्वीप, देश या उसके किसी भाग में पाये जाने वाले तथ्यों का वितरण दर्शाया जाता है। इन मानचित्रों में वर्षा, ताप, वायुदाब, जलवायु, कृषि उत्पादन, वनस्पति, खनिज, उद्योग, व्यापार, परिवहन के साधन, जनसंख्या, पर्यटन स्थल आदि का वितरण दर्शाया जाता है।
  • विशेष मानचित्र :
    इस प्रकार के मानचित्र किसी विशेष उद्देश्य से बनाए जाते हैं इनका उपयोग विशिष्ट जानकारी के लिए होता है। इनके अन्तर्गत अनेक प्रकार के मानचित्र आते हैं; जैसे-भू-आकृतिक मानचित्र, भूगर्भीय मानचित्र, नगर योजना मानचित्र, मौसम मानचित्र, सैन्य मानचित्र, समुद्री मार्ग व वायुमार्ग आदि।
  • राजनीतिक मानचित्र :
    इनमें विभिन्न राष्ट्रों तथा राज्यों की सीमाएँ और उनके उपविभाग प्रदर्शित किये जाते हैं। राज्यों, उनकी राजधानियों एवं नगरों को तथा सड़कें, रेलें तथा अन्य आवश्यक जानकारियों को भी इनमें दर्शाया जाता है। भौतिक व सांस्कृतिक स्वरूप भी पृष्ठभूमि में कभी-कभी परिलक्षित किये जाते हैं।

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प्रश्न 2.
मानचित्र क्या है? मानचित्र के महत्त्व को लिखिए।
अथवा
मानचित्र के पाँच महत्त्व लिखिए। (2017, 18)
उत्तर:
मानचित्र का आशय-मानचित्र पृथ्वी या उसके किसी भाग का समतल कागज या धरातल पर एक विशेष अनुपात में लघु चित्रण होता है। धरातल का रूप जो ऊपर से दिखायी देता है, मानचित्र में उसी की आकृति बनायी जाती है। धरातल पर पायी जाने वाली ऊँचाई मानचित्र में नहीं दिखायी जाती। इस प्रकार पर्वत, पठार तथा मैदान आदि मानचित्र पर नहीं दिखाये जाते परन्तु इनको दिखाने के लिए कुछ विधियाँ अपनायी जाती हैं।

मानचित्रों का महत्त्व

  1. मानचित्र अल्प समय में चिह्नों द्वारा अधिक से अधिक जानकारी सुलभ कराने की कला है।
  2. मानचित्र के द्वारा किसी स्थान का अध्ययन घर बैठे ही किया जा सकता है। मानचित्र के द्वारा उन स्थानों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जहाँ जाना कठिन होता है।
  3. मानचित्र भूगोलवेत्ता का एक प्रमुख यन्त्र है। भूगोल का सही ज्ञान कराने में मानचित्र बहुत सहायक होते हैं। मानचित्रों द्वारा किसी स्थान की स्थिति, उच्चावच, जलवायु, वनस्पति तथा मानव जीवन का सही ज्ञान प्राप्त हो जाता है।
  4. मानचित्र किसी तथ्य को रोचक तरीके व सारांश में उसके सही स्थान पर प्रस्तुत करने की तकनीक है।
  5. दो सीमावर्ती राष्ट्रों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए मानचित्र एक प्रामाणिक दस्तावेज होता है।
  6. प्रादेशिक योजनाओं को तैयार करने के लिए स्थलाकृति (भू-पत्रक) मानचित्रों का उपयोग किया जाता है।
  7. किसी क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों को मानचित्र में उनकी स्थिति दर्शाकर क्षेत्र का औद्योगिक विकास किया जा सकता है।
  8. राज्य पुनर्गठन आयोग के लिए मानचित्र की उपयोगिता उस समय बढ़ जाती है जब किसी नए राज्य, नए जिले या नई तहसीलों का सीमांकन किया जाता है।
  9. पर्यटन उद्योग के लिए पर्यटन स्थलों और पहुँचने के मार्गों को दर्शाने में मानचित्र बहुत उपयोगी होते हैं।

इस प्रकार मानचित्र आधुनिक सभ्यता के विशेष साधन हैं। इनका प्रयोग केवल भूगोलवेत्ता एवं भूगोल के विद्यार्थी ही नहीं करते बल्कि नाविक, यात्री, वैज्ञानिक, शासक, योजनाकार, राजनीतिज्ञ, इतिहासकार, व्यापारी, अर्थशास्त्री, इंजीनियर तथा प्रत्येक नागरिक करता है। सैनिकों की तो यह आँख है। मानचित्र के बिना वह आगे बढ़ ही नहीं सकते। युद्ध की सभी योजनाएँ मानचित्रों पर आधारित होती हैं।

प्रश्न 3.
मानचित्र अंकन प्रणाली क्या है ? समझाइए।
उत्तर:
पृथ्वी का धरातल सर्वत्र समान नहीं होता है। इसमें अनेक प्रकार की विविधताएँ पाई जाती हैं। इन विविध भू-आकृतियों का चित्रण ही मानचित्र अंकन (उच्चावच प्रदर्शन) कहलाता है।

मानचित्र अंकन प्रणाली :
छोटे मापक के मानचित्रों, जैसे-दीवार मानचित्र या एटलस में उच्चावच प्रदर्शन विभिन्न रंगों द्वारा किया जाता है। सामान्यतः नीचे भागों से ऊँचे भागों की ओर क्रमशः हरा, पीला, भूरा, लाल तथा बैंगनी रंगों का प्रयोग करते हैं। हिम क्षेत्रों को सफेद रंग द्वारा दर्शाया जाता है या खाली छोड़ दिया जाता है। ऊँचाई को मीटर या फीट द्वारा व्यक्त किया जाता है। समुद्र की गहराई को नीले रंग की विभिन्न आभाओं द्वारा व्यक्त किया जाता है। सभी प्रकार के बड़े मापक के मानचित्रों, जैसे-स्थलाकृति मानचित्र में उच्चावच प्रदर्शन समोच्च रेखाओं द्वारा किया जाता है।

समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को मानचित्र में समोच्च रेखाओं द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। किसी एक क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सर्वेक्षण द्वारा ऊँचाई ज्ञात कर मानचित्र में समोच्च रेखाएँ बनाई जाती हैं। मानचित्र पर इन सर्वेक्षित स्थानों की ऊँचाई अंकित कर समोच्च रेखा अन्तर्वेशन विधि द्वारा समोच्च रेखाएँ खींची जाती हैं। इनके मध्य रेखा अन्तराल निश्चित रहता है। यह 20, 50 या 100 मीटर हो सकता है। यह सदैव शून्यांत अंकों में होना चाहिए। समोच्च रेखाओं का पास-पास होना, तीव्र ढाल को और दूर-दूर होना, मन्द ढाल को प्रदर्शित करता है।
कुछ प्रमुख स्थलाकृति लक्षणों को कन्टूर आकृतियों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है जिससे इनका ढाल समझने में आसानी होती है।

प्रश्न 4.
मापक के प्रकारों को उनकी उपयोगिता के आधार पर समझाइए।
उत्तर:
मापक को पैमाना या मापनी भी कहा जाता है। किसी भू-भाग का मानचित्र बिना मापक के बनाना सम्भव नहीं है। धरातल बहुत व्यापक है। इतना बड़ा कागज उपलब्ध होना असम्भव है। इसलिए सुविधाजनक मानचित्र बनाने के लिए मापक का प्रयोग किया जाता है। जिसके अनुसार धरातल के चुनिन्दा तथ्य व लक्षणों को एक छोटे समतल पर नियमानुसार बना लिया जाता है। मानचित्र की दूरियों व धरातल की वास्तविक दूरियों के बीच एक अनुपात होता है, यह अनुपात ही मापक कहलाता है। उदाहरणार्थ-यदि किन्हीं दो स्थानों की धरातलीय दूरी 100 किमी. है और मानचित्र पर उन स्थानों की दूरी 1 सेमी है तो उस मानचित्र का मापक 1 सेमी है अर्थात् मानचित्र का मापक 1 सेमी = 100 किमी होगा।
मापक के प्रकार-मापक प्रदर्शित करने की निम्नलिखित तीन विधियाँ हैं-

(1) कथनात्मक मापक :
कथनात्मक मापक-इस विधि में मापक शब्दों में व्यक्त किया जाता है। कथन द्वारा लिखा गया मापक; जैसे-एक सेमी बराबर दस किमी अथवा 10 किमी के लिए 1 सेमी कथनात्मक मापक कहलाता है। यह मापक बताता है कि मानचित्र पर 1 सेमी की दूरी धरातल पर 10 किमी की वास्तविक दूरी है।

(2) रेखात्मक मापक :
इस विधि में मापक की दूरियाँ, एक निश्चित रेखा द्वारा प्रदर्शित की जाती हैं। इस रेखा को समान भागों एवं उपविभागों में बाँट दिया जाता है तथा उस पर दूरियाँ अंकित कर दी जाती हैं। मापनी रेखा के प्रथम भाग (बाईं ओर से) जिसमें गौण भागों का उपविभाजन किया जाता है, को छोड़कर 0 (शून्य) का अंकन किया जाता है। उसके आगे वाले भाग में (दाईं ओर से) क्रमशः वास्तविक दूरियों के मान विभाजन के अनुसार लिखे जाते हैं और शून्य के बाईं ओर गौण भागों के मान क्रमशः विभाजन के अनुसार लिख दिये जाते हैं।

(3) प्रदर्शक भिन्न :
प्रदर्शक भिन्न-इसको प्रतिनिधि भिन्न भी कहते हैं। इसमें मानचित्र पर मापी गई दूरी तथा भूमि पर मापी गई दूरी का अनुपात ऐसी भिन्न द्वारा प्रदर्शित किया जाता है जिसका अंश सदैव 1 (एक) रहता है। अंश मानचित्र पर मापी गई दूरी बताता है और हर भूमि पर मापी गई दूरी का ज्ञान कराता है। इसमें हर और अंश मापक की एक ही इकाई में होते हैं। अतः इस विधि में मापक का प्रदर्शन किसी मापक की इकाई में नहीं किया जाता बल्कि इसको किसी भी इकाई में पढ़ सकते हैं। इसी गुण के कारण यह मापक संसार में सर्वमान्य है। इसलिए सभी मानचित्रों में मापक प्रदर्शक भिन्न द्वारा दर्शाया जाता है और साथ में देश विशेष में उपयुक्त माप की इकाई में रेखात्मक मापक भी बनाया जाता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रादेशिक योजनाओं को तैयार करने के लिए प्रयोग किया जाता है
(i) वितरण मानचित्र
(ii) भू-पत्रक मानचित्र
(iii) रूढ़ चिह्न
(iv) विशेष मानचित्र।
उत्तर:
(ii) भू-पत्रक मानचित्र

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प्रश्न 2.
सामान्यतः उत्तर दिशा को किस अक्षर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है?
(i) ‘N’
(ii) ‘S’
(iii) ‘L’
(iv) ‘P’
उत्तर:
(i) ‘N’

रिक्त स्थान पूर्ति

  1. भूगोल के अध्ययन में ………… का विशेष महत्त्व है।
  2. मानचित्र सैनिकों को …………. उपयोगी होते हैं।
  3. उत्तर दिशा को …………. अक्षर से प्रकट किया जाता है।
  4. सुविधाजनक मानचित्र बनाने के लिए ………… का प्रयोग करते हैं।
  5. वर्षा, कृषि उपज, वनस्पति, उद्योगों को ………… मानचित्रों में दर्शाया जाता है।

उत्तर:

  1. मानचित्र
  2. युद्ध के समय
  3. ‘N’
  4. मापक
  5. वितरण।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
समुद्र की गहराई को नीले रंग की विभिन्न आभाओं द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
देश का मानचित्र बनाने का कार्य भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जाता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
मानचित्र पठन एक विज्ञान है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
पृथ्वी का धरातल चौकोर है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 5.
मानचित्र में मापक का विशेष महत्त्व है।
उत्तर:
सत्य

सही जोड़ी मिलाइए

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 2

उत्तर:

  1. → (ग)
  2. → (घ)
  3. → (क)
  4. → (ख)।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
किसी भू-भाग का चित्रात्मक स्वरूप कहलाता है।
उत्तर:
मानचित्र

प्रश्न 2.
देशान्तर व अक्षांश रेखाओं के जाल का जो चित्र बनाया जाता है।
उत्तर:
प्रक्षेप

प्रश्न 3.
धरातलीय तथ्यों व लक्षणों को दिखाये जाने वाले चिह्न को कहते हैं।
उत्तर:
रूढ़ चिह्न

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प्रश्न 4.
‘N’ का संकेत चिह्न क्या दर्शाता है?
उत्तर:
उत्तर दिशा को।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रक्षेप किसे कहते हैं?
उत्तर:
गोलाकार धरातल या उसके किसी अंश को समतल कागज या कपड़े पर दर्शाने हेतु किसी मापक और नियमों के अनुसार अक्षांश व देशान्तर रेखाओं के जाल का जो चित्र बनाया जाता है, उसे प्रक्षेप कहते हैं।

प्रश्न 2.
रूढ़ चिह्न क्या है?
उत्तर:
मानचित्र में धरातलीय तथ्यों व लक्षणों को दर्शाने हेतु कुछ चिह्न व संकेत तय किए गए हैं जिन्हें रूढ़ चिह्न कहते हैं।

प्रश्न 3.
दिशा संकेत क्या है?
उत्तर:
धरातल पर विभिन्न दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर व दक्षिण) का बोध कराने हेतु मानचित्र में किसी उपयुक्त स्थान पर दिशा संकेत का चिह्न होता है। सामान्यत: उत्तर दिशा को ‘N’ अक्षर या ‘उ’ वर्ण या ‘उत्तर’ शब्द से प्रदर्शित किया जाता है।

प्रश्न 4.
मापक से क्या आशय है?
उत्तर:
मानचित्र के किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की दूरी और धरातल पर उन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की वास्तविक दूरी के अनुपात को मापक कहते हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानचित्र की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मानचित्र की आवश्यकता-किसी राष्ट्र या भू-भागका भौगोलिक अध्ययन मानचित्र के बिना अधूरा है, क्योंकि मानचित्र भू-भाग का चित्रात्मक स्वरूप प्रस्तुत करता है। भूगोल में हम केवल पृथ्वी का प्राकृतिक स्वरूप ही नहीं पढ़ते वरन् धरातल पर निवास करने वाले मनुष्य और प्रकृति दोनों की गतिविधियों व उनके परस्पर प्रभाव का भी अध्ययन करते हैं। यह परस्पर प्रभाव जानने के लिए मानचित्र और उसकी समझ बहुत आवश्यक है। धरातल के भौतिक, राजनैतिक तथा अन्य स्वरूप सम्बन्धी लेखों को समझने में मानचित्र बहुत सहायक हैं अर्थात् भूगोल के अध्ययन में मानचित्र का विशेष महत्त्व है।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
मानचित्रों में रूढ़ चिह्नों के प्रयोग की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
स्थलाकृति मानचित्रों में विभिन्न भू-आकृतियों; जैसे- पर्वत, नदी, झील, रेलमार्ग, सड़क, मन्दिर, मस्जिद, नगर आदि को प्रदर्शित किया जाता है किन्तु ये मानचित्र इतने छोटे होते हैं कि इनमें सभी वस्तुओं का नाम लिख पाना सम्भव नहीं है। अतः धरातलीय वस्तुओं के मानचित्र में कुछ चिह्न या संकेत निर्धारित कर लिये गये हैं जिन्हें रूढ़ चिह्न कहते हैं। रूढ़ चिह्नों का प्रयोग मानचित्र को सूचनात्मक तथा अधिकतम पठनीय बनाने के लिए किया जाता है। सर्वेक्षण विभाग रूढ़ चिह्नों की सूची जारी करता है।

प्रश्न 3.
छोटे मापक पर कौन-से मानचित्र बनाये जाते हैं? इनको कैसे प्रदर्शित किया जाता
उत्तर:
छोटे मापक पर पर्वत, पठार और मैदान के मानचित्र बनाये जाते हैं। छोटे मापक के मानचित्रों, जैसे-दीवार मानचित्र या एटलस में उच्चावच प्रदर्शन विभिन्न रंगों द्वारा किया जाता है। सामान्यतः नीचे भागों से ऊँचे भागों की ओर क्रमशः हरा, पीला, भूरा, लाल तथा बैंगनी रंगों का प्रयोग करते हैं। अधिक ऊँचे भागों (हिम क्षेत्रों) को रिक्त छोड़ दिया जाता है या सफेद रंग से दर्शाया जाता है। ऊँचाई को मीटर या फीट में प्रदर्शित किया जाता है। समुद्र की गहराई को नीले रंग की विभिन्न आभाओं द्वारा व्यक्त किया जाता है। अधिक गहरी आभा समुद्र के गहरे भाग को प्रदर्शित करती है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 8 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानचित्र पठन हेतु हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
मानचित्र पठन एक रोचक विषय है। किसी जिले के स्थलाकृतिक पत्रक को निम्न प्रकार पढ़ा जा सकता है –

  • शीर्षक :
    मानचित्र के शीर्षक से यह ज्ञात हो जाता है कि मानचित्र किसलिए खींचा गया है।
  • मापक :
    मापक द्वारा स्थानों के बीच की दूरी का ज्ञान होता है।
  • निर्देश :
    निर्देश द्वारा मानचित्र में दिखाये गये चिह्नों का बोध होता है।
  • प्रक्षेप :
    पृथ्वी की गोल आकृति को समतल कागज पर बनाने के लिए अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के भिन्न-भिन्न प्रकार के ग्रिड बनाये जाते हैं जिनको प्रक्षेप कहते हैं। अतः मानचित्रों को आवश्यकतानुसार किसी एक प्रक्षेप पर बनाना पड़ता है।
  • धरातलीय स्वरूप-:
    स्थलाकृतिक मानचित्र में समोच्च रेखाओं की ऊँचाई के आधार पर धरातलीय स्वरूप पहचाना जा सकता है।
  • परम्परागत चिह्न :
    पृथ्वी के विभिन्न स्वरूपों, नदियों, झीलों, सड़कों, आवास आदि को प्रदर्शित करने के लिए परम्परागत चिह्नों का प्रयोग किया जाता है। ये चिह्न अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त होते हैं।
  • दिशा :
    प्रत्येक मानचित्र पर तीर का निशान हमें भौगोलिक उत्तर या चुम्बकीय उत्तर की दिशा बतलाता है।
  • वन क्षेत्र :
    पत्रक में वन क्षेत्र को हरे रंग से दर्शाया जाता है। इस प्रकार स्थलाकृतिक मानचित्र के पठन से हम किसी क्षेत्र विशेष की भौगोलिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित के रूढ़ चिह्न बनाइए
मन्दिर (2009, 10, 12, 13, 14, 16, 18), मस्जिद (2009, 11, 13, 15), चर्च (2009), राज्य की सीमा (2011, 14), पक्की सड़क (2011, 12, 14, 16, 18), कच्ची सड़क (2015, 17), अन्तर्राष्ट्रीय सीमा (2011, 15), बड़ी रेल लाइन (2011, 13, 15, 18), झरना (2009), कुँआ (2009, 12, 14, 17), नदी (2009, 13, 15, 17), प्रकाश स्तम्भ रेलवे लाइन छोटी (2009, 12, 16), ईदगाह (2009), पगडण्डी (2010), तालाब (2010, 12, 14, 18), जिले की सीमा (2010, 17), उद्यान (2010, 16), पेड़ (2013), बसाहट (2016, 18)
उत्तर:
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 3
प्रश्न 3.
भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित क्षेत्रों को दर्शाइए।

  1. उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन एवं ज्वारीय वन।
  2. भरतपुर पक्षी अभ्यारण्य एवं साइलेण्ट वैली।
  3. कान्हा किसली (2015) एवं कार्बेट नेशनल पार्क। (2008, 09)
  4. नन्दा देवी (2008), नीलगिरि (2008,09, 12, 15), सुन्दर वन, जैव आरक्षित क्षेत्र, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (2008)

उत्तर:
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 4

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प्रश्न 4.
भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए

  1. कराकोरम पर्वतमाला, सतपुड़ा (2008, 09, 10), अरावली (2008, 13)
  2. शिवालिक श्रेणियाँ, विन्ध्याचल पर्वत श्रेणियाँ (2012)
  3. भारत में हिमालय का सर्वोच्च शिखर (माउण्ट एवरेस्ट) (2009)
  4. छोटा नागपुर का पठार, महादेव श्रेणी (2010)
  5. गंगा (2008, 09, 15), ताप्ती, कृष्णा नदी (2008, 09), ब्रह्मपुत्र, कावेरी (2013), नर्मदा, (2008, 09)
  6. थार का मरुस्थल (2008,09)
  7. गोदावरी नदी, महानदी (2008)
  8. चिल्का झील (2009)
  9. अरब सागर (2008,09)
  10. नाथुला दर्रा, हिमालय (2012)
  11.  मालवा का पठार (2013)।

उत्तर:
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 5

प्रश्न 5.
भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए

  1. दिल्ली (2008, 09), विशाखापट्टनम्, भिलाई, भोपाल (2008, 09, 12, 15), चेन्नई (2009), मुम्बई (2008, 09, 13) अहमदाबाद, कोच्चि, इन्दौर, लखनऊ व कोलकाता
  2. चावल उत्पादक क्षेत्र
  3. सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान (चेरापूँजी)
  4. बंगाल की खाड़ी (2008, 09)।

उत्तर:
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 6

प्रश्न 6.
भारत के मानचित्र में निम्नांकित को दर्शाइए

  1. कर्क रेखा (2008, 09, 15)
  2. कच्छ का रन
  3. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (2009)
  4. भाखड़ा-नंगल बाँध, हीराकुंड बाँध (2008), गाँधी सागर बाँध (2008, 09), सरदार सरोवर बाँध (2008, 09)।

उत्तर:
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 7

प्रश्न 7.
भारत के राजनैतिक मानचित्र में निम्नलिखित राज्यों को दर्शाइए

  1. जम्मू और कश्मीर
  2. असम
  3. कर्नाटक
  4. गुजरात
  5. मध्य प्रदेश
  6. लक्षद्वीप (2013)।

उत्तर:
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 8 मानचित्र पठन एवं अंकन - 8

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.3

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.3

प्रश्न 1.
एक शंकु के आधार का व्यास 10.5 cm है और इसकी तिर्यक ऊँचाई 10 cm है। इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : शंकु के आधार का व्यास d = 10.5 cm ⇒ त्रिज्या r = 5.25 cm तथा तिर्यक ऊँचाई l = 10 cm है।
शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 5.25 x 10 = \(\frac { 1155 }{ 7 }\) = 165 cm²
अत: शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 165 cm².

प्रश्न 2.
एक शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी तिर्यक ऊँचाई 21.0 m है और आधार का व्यास 24 m है।
हल :
दिया है : एक शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = 21 m, आधार का व्यास d = 24 m ⇒ त्रिज्या r = 12 m
अब शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = πr (r + l)
= \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 12 x (12 + 21)
= \(\frac{22 \times 12 \times 33}{7}\)
= 1244.57 m²
अतः शंकु का अभीष्ट कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 1244.57 m².

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प्रश्न 3.
एक शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 308 cm² और इसकी तिर्यक ऊँचाई 14 cm है। ज्ञात कीजिए :
(i) आधार की त्रिज्या,
(ii) शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल।
हल :
दिया है : शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल Sc = 308 cm² एवं तिर्यक ऊँचाई l = 14 cm ; मान लीजिए आधार की त्रिज्या = r cm
(i) चूँकि शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल Sc = πrl
\(\frac { 22 }{ 7 }\) x r x 14 = 308
⇒ 44r = 308
⇒ r = \(\frac { 308 }{ 44 }\) = 7 cm
अतः शंकु के आधार की अभीष्ट त्रिज्या = 7 cm.

(ii) चूँकि शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल Sw = πr (r + 1)
= \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 7 (7 + 14) = 22 x 21 = 462 cm²
अतः शंकु का अभीष्ट कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 462 cm².

प्रश्न 4.
शंकु के आकार का एक तम्बू 10 m ऊँचा है और उसके आधार की त्रिज्या 24 m है तो ज्ञात कीजिए:
(i) तम्बू की तिर्यक ऊँचाई (2019)
(ii) तम्बू में लगे कैनवास की लागत यदि 1 m² केनवास की लागत Rs 70 है।
हल :
दिया है : शंक्वाकार तम्बू की ऊँचाई h = 10 m एवं उसके आधार की त्रिज्या r = 24 m तथा
कैनवास की लागत दर = Rs 70 प्रति m²
(i) तिर्यक ऊँचाई \(l=\sqrt{r^{2}+h^{2}}=\sqrt{(24)^{2}+(10)^{2}}\) (पाइथागोरस प्रमेय)
\(=\sqrt{576+100}=\sqrt{676}\)
= 26 m
अतः शंकु के आकार के लम्बू की अभीष्ट तिर्यक ऊँचाई = 26 m.

(ii) कैनवास का क्षेत्रफल = शंकु का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल
= \(\pi r l=\frac{22}{7} \times 24 \times 26=\frac{13728}{7} \mathrm{m}^{2}\)
कैनवास की कुल लागत = लागत दर – पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल
= \(70 \times \frac{13728}{7}\)
= Rs 137280
अतः तम्बू बनाने में कुल अभीष्ट लागत = Rs 137280.

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प्रश्न 5.
8 मीटर ऊँचाई और आधार की त्रिज्या 6 m वाले एक शंकु के आकार का तम्बू बनाने में 3 मीटर चौड़े तिरपाल की कितनी लम्बाई लगेगी? यह मानकर चलिए कि इसकी सिलाई और
कटाई में 20 cm तिरपाल अतिरिक्त लगेगा। (π = 3.14 का प्रयोग करें।)
हल :
दिया है : शंक्वाकार तम्बू की ऊँचाई h = 8 m, त्रिज्या r = 6 m एवं तिरपाल की चौड़ाई = 3 m
तथा तिरपाल की अतिरिक्त लम्बाई = 20 cm = 0.2 m
शंक्वाकार तम्बू की तिर्यक ऊँचाई \(l=\sqrt{r^{2}+h^{2}}=\sqrt{(6)^{2}+(8)^{2}}\)
\(l=\sqrt{36+64}=\sqrt{100}=10 \mathrm{m}\)
तम्बू का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl = 3.14 x 6 x 10.
= 188.4 m²
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.3 image 1
तिरपाल की कुल लम्बाई = 62.8 m + 0.2 m
= 63 m
अतः तिरपाल की अभीष्ट लम्बाई = 63 m.

प्रश्न 6.
शंकु के आकार की एक गुम्बज की तिर्यक ऊँचाई और आधार का व्यास क्रमशः 25 m और 14 m है। इसकी वक्र पृष्ठ पर Rs 210 प्रति 100 m² की दर से सफेदी कराने का व्यय ज्ञात
कीजिए।
हल :
दिया है : शंक्वाकार गुम्बज की तिर्यक ऊँचाई l = 25 m और व्यास d = 14 m ⇒ त्रिज्या \(r=\frac { 14 }{ 2 }\) = 7 m एवं सफेदी कराने का व्यय = Rs 210 प्रति 100 m²
शंक्वाकार गुम्बज का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
= \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 7 x 25 = 550 m²
सफेदी कराने का कुल व्यय = दर x क्षेत्रफल = \(\frac { 210 }{ 100 }\) x 550 = Rs 1,155
अतः शंक्वाकार गुम्बज पर सफेदी कराने का अभीष्ट व्यय = Rs 1,155.

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प्रश्न 7.
एक जोकर की टोपी एक शंकु के आकार की है, जिसके आधार की त्रिज्या 7 cm और ऊँचाई 24 cm है। इसी प्रकार की 10 टोपियाँ बनाने के लिए आवश्यक गत्ते का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। हल :
दिया है : शंक्वाकार टोपी के आधार की त्रिज्या = 7 cm तथा ऊँचाई h = 24 cm एवं टोपियों की संख्या = 10
चूँकि टोपी की तिर्यक ऊँचाई, \(l=\sqrt{(7)^{2}+(24)^{2}}\) (पाइथागोरस प्रमेय से)
⇒ \(l=\sqrt{49+576}=\sqrt{625}=25 \mathrm{cm}\)
चूँकि टोपी का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल Sc = πrl (सूत्र से)
⇒ Sc = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 7 x 25 = 550 cm²
⇒ 10 टोपियों का कुल पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = 10 x 550 = 5500 cm²
अतः आवश्यक गत्ते का अभीष्ट क्षेत्रफल = 5500 cm².

प्रश्न 8.
किसी बस स्टाप को पुराने गत्ते से बने 50 खोखले शंकुओं द्वारा सड़क से अलग किया हुआ है। प्रत्येक शंकु के आधार का व्यास 40 cm है और ऊँचाई 1 m है। यदि इन शंकुओं की बाहरी पृष्ठों को पेंट करवाना है और पेंट की दर Rs 12 प्रति m² है तो इसका पेंट करवाने में कितनी लागत आयेगी? (π = 3.14 और √1.04 = 1.02 का प्रयोग कीजिए।)
हल :
दिया है : 50 खोखले शंकु जिनके आधार का व्यास d = 40 cm = 0.4 m ⇒ r = 0.2 m,
ऊँचाई h = 1 m और पेंट कराने की दर = Rs 12 प्रति m²
खोखले शंकु की तिर्यक ऊँचाई \(l=\sqrt{r^{2}+h^{2}}\) (पाइथागोरस प्रमेय से)
⇒ \(l=\sqrt{(0.2)^{2}+(1)^{2}}=\sqrt{0 \cdot 04+1}=\sqrt{1 \cdot 04}=1 \cdot 02 \mathrm{m}\)
चूँकि खोखले शंकु का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
⇒ Sc = 3.14 x 0.2 x 1.02 = 0.64056 m²
⇒ 50 खोखले शंकुओं का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = 50 x 0.64056 m²
S = 32.028 m²
पेंट कराने में व्यय = दर x क्षेत्रफल
= Rs 12 x 32.028
= Rs 384.34
अतः खोखले शंकुओं पर पेंट कराने का अभीष्ट व्यय = Rs 384.34.

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MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

MP Board Class 9th Science Chapter 9 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 131

प्रश्न 1.
निम्न में किसका जड़त्व अधिक है –
1. एक रबर की गेंद एवं उसी आकार का पत्थर?
2. एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी?
3. पाँच रुपए का एक सिक्का एवं एक रुपए का एक सिक्का?
उत्तर:

  1. रबर गेंद से पत्थर का जड़त्व अधिक है क्योंकि पत्थर का द्रव्यमान अधिक है।
  2. रेलगाड़ी का जड़त्व साइकिल से अधिक है क्योंकि रेलगाड़ी का द्रव्यमान अधिक है।
  3. पाँच रुपए के सिक्के का जड़त्व अधिक है क्योंकि पाँच रुपए का द्रव्यमान अधिक है।

प्रश्न 2.
नीचे दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें?
फुटबॉल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है। दूसरा खिलाड़ी किक लगाकर उस गेंद को गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है। विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है।” इसके साथ ही उस कारण की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है।
उत्तर:
चार बार।

  1. पहले खिलाड़ी द्वारा किक लगाने पर गेंद का विरामावस्था से गति अवस्था में बदलना।
  2. दूसरे खिलाड़ी द्वारा किक लगाकर गेंद की गति की दिशा में परिवर्तन।
  3. गोलकीपर द्वारा गेंद को पकड़कर विरामावस्था में लाना।
  4. गोलकीपर द्वारा किक लगाकर गेंद को अपने साथी खिलाड़ी की ओर गति प्रदान करना।

प्रश्न 3.
किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती है, क्यों?
उत्तर:
पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर पत्तियाँ जड़त्व के कारण गति का विरोध करती हैं और झड़ जाती हैं।

प्रश्न 4.
जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर हो जाते हैं, क्यों?
उत्तर:
जब हम गतिशील बस में बैठे होते हैं, तो हमारा शरीर भी बस के साथ उसी दिशा में गतिमान रहता है। जब बस रुकती है तो हमारे शरीर का निचला भाग तो बस के रुकने के साथ-साथ रुक जाता है लेकिन शरीर का ऊपरी भाग जड़त्व के कारण आगे गतिमान रहता है और हम आगे की ओर झुक जाते हैं। जब हम विरामावस्था वाली बस में बैठे होते हैं तो हमारा सम्पूर्ण शरीर भी बस के साथ-साथ विरामावस्था में होता है और बस के एकाएक चलने पर हमारे शरीर का निचला भाग गतिमान हो जाता है लेकिन ऊपरी भाग जड़त्व के कारण विरामावस्था में ही रहता है इसलिए हम पीछे की ओर हो जाते हैं।

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प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 140

प्रश्न 1.
यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर होती है तो स्पष्ट कीजिए कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है। (2019)
उत्तर:
घोड़ा गाड़ी को खींचने के लिए अपनी पिछली टाँगों से जमीन को पीछे की ओर धक्का मारता है प्रतिक्रियास्वरूप जमीन आगे की ओर धक्का लगाती है जिससे धोड़ा गाड़ी को खींच पाता है।

प्रश्न 2.
एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबर की नली को पकड़ने में कठिनाई क्यों होती है? स्पष्ट करें।
उत्तर:
जब रबर की नली से तीव्र गति से पानी निकलता है तो वह प्रतिक्रियास्वरूप पीछे की ओर धक्का मारती है इसलिए अग्निशमन कर्मचारी को तीव्रगति से पानी फेंकने वाली रबर की नली को पकड़ने में कठिनाई होती है।

प्रश्न 3.
एक 50 g द्रव्यमान की गोली 4 kg द्रव्यमान की राइफल से 35 m s-1 के प्रारम्भिक वेग से छोड़ी जाती है। राइफल के प्रारम्भिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
गोली का द्रव्यमान m1 = 50 g
गोली का वेग v1 = 35 m s-1
राइफल का द्रव्यमान m2 = 4 kg
= 4000g
ज्ञात करना है:
राइफल का प्रारम्भिक प्रतिक्षेपित वेग v2 = ?
संवेग संरक्षण के नियम से हम जानते हैं कि
m2v2 = m1v1
⇒ 4000 x v2 = 50 x 35
⇒ \(v_{2}=\frac{50 \times 35}{4,000}\)
= 0 – 4375 m s-1
अतः राइफल का अभीष्ट प्रारम्भिक प्रतिक्षेपित वेग = 0 – 4375 m s-1.

प्रश्न 4.
100g और 200 g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 m s-1 और 1 m s-1 की वेग से गति कर रही हैं। दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात् प्रथम वस्तु का वेग 1.67 m s-1 हो जाता है तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें।
हल:
ज्ञात है:
प्रथम वस्तु का द्रव्यमान m1 = 100 g
द्वितीय वस्तु का द्रव्यमान m2 = 200 g
टक्कर से पूर्व प्रथम वस्तु का वेग u1 = 2 m s-1
टक्कर से पूर्व द्वितीय वस्तु का वेग u2 = 1 m s-1
टक्कर के बाद प्रथम वस्तु का वेग v1 = 1.67 m s-1
ज्ञात करना है:
टक्कर के बाद द्वितीय वस्तु का वेग v = ?
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार हम जानते हैं कि
m1v1 + m2v2 = m1u1 + m2u2
⇒ 100 x 1.67 + 200v2 = 100 x 2 + 200 x 1
⇒ 167 + 200v2 = 200 + 200 = 400
⇒ 200v2 = 400 – 167 = 233
⇒ \(v_{2}=\frac{233}{200}=1 \cdot 165 \mathrm{ms}^{-1}\).
अतः दूसरी वस्तु का अभीष्ट वेग = 1.165 m s-1

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MP Board Class 9th Science Chapter 9 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
कोई वस्तुशून्य बाह्य असन्तुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना सम्भव है? यदि हाँ, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं तो कारण स्पष्ट करें।
उत्तर:
नहीं। क्योंकि वस्तु की गति के लिए उस पर असन्तुलित बल लगना आवश्यक है और यह वस्तु शून्य असुन्तुलित बल का अनुभव कर रही है।

प्रश्न 2.
जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।
उत्तर:
छड़ी से पीटने पर दरी (कार्पेट) के कण गति में आ जाते हैं तथा धूल के कण जड़त्व के कारण स्थिर अवस्था में ही रहना चाहते हैं इसलिए बाहर आ जाते हैं।

प्रश्न 3.
बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
उत्तर:
जब बस स्थिर अवस्था में है तो उसकी छत पर रखा सामान भी स्थिर अवस्था में रहेगा और जब बस एकाएक चल देगी तो उसकी छत पर रखा सामान स्थिर अवस्था के जड़त्व के कारण पीछे की तरफ गिर जायेगा। इसलिए बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से बाँधा जाता है।

प्रश्न 4.
किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि –
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असन्तुलित बल कार्यरत नहीं है, अत: गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है।
उत्तर:
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।

प्रश्न 5.
एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन है, तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें। (1 टन = 1000 kg)
हल:
ज्ञात है:
ट्रक का प्रारम्भिक वेग u = 0 m s-1
ट्रक द्वारा चली गई दूरी s = 400 m
दूरी तय करने में लगा समय t = 20 s
दूरी का द्रव्यमान m = 7 टन
=7x 1000
= 7000 kg
ज्ञात करना है:

  1. ट्रक का त्वरण a = ?
  2. ट्रक पर लगा बल F = ?

हम जानते हैं कि-(गति के द्वितीय समीकरण से)
s =ut + \(\frac{1}{2}\)at2
⇒ 400 = 0 x 20 + = \(\frac{1}{2}\)a (20)2
⇒ 400 = 200a
⇒ a = \(\frac{400}{200}\) = 2 m s-2
ओर F = m x a = 7000 x 2 न्यूटन
= 14000 न्यूटन
अतः दूक का अभीष्ट त्वरण = 2 m s-2 एवं उस पर
लगने वाला बल = 14000 न्यूटन

प्रश्न 6.
1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 m s-1 के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
पत्थर का द्रव्यमान m = 1 kg
पत्थर का प्रारम्भिक वेग u = 20 m s-1
पत्थर का अन्तिम वेग v = 0 m s-1
पत्थर द्वारा बर्फ पर चली दूरी s = 50 m
ज्ञात करना है:
घर्षण बल F = ?
हम जानते हैं कि:
2as =v2-u2 (गति का तृतीय समीकरण)
⇒ 2a (50) = (0)2 – (20)2
⇒ 100a = 0 – 400 = 400
⇒ a = – \(\frac{400}{100}\) = – 4 m s-2
पत्थर एवं बर्फ के मध्य लगा घर्षण बल
F = ma = 1 x (-4)
= – 4 न्यूटन
घर्षण बल ऋणात्मक होता है।
अतः अभीष्ट घर्षण बल का परिमाण = 4 न्यूटन (गति की विपरीत दिशा में)।

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प्रश्न 7.
एक 8,000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2,000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40,000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5,000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें –
(a) नेट त्वरण बल
(b) रेल का त्वरण
(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल।
हल:
ज्ञात है:
इन्जन का द्रव्यमान m1 = 8,000 kg
प्रति डिब्बे का द्रव्यमान m2 = 2,000 kg
डिब्बों की संख्या n = 5
इन्जन द्वारा आरोपित बल F1 = 40,000 N
पटरी द्वारा आरोपित घर्षण बल
F2 = 5,000 N
ज्ञात करना है:
(a) नेट त्वरण बल = ?
(b) रेल का त्वरण = ?
(c) पहले डिब्बे द्वारा दूसरे डिब्बे पर लगा बल = ?
(a)
नेट त्वरण बल F = F1 – F2
= 40,000 – 5,000
= 35,000 N

(b)
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 1
(c)
पहले डिब्बे द्वारा दूसरे डिब्बे पर लगा बल = शेष चारों डिब्बों का द्रव्यमान x रेल का त्वरण
=4 x 2,000 x 3.5 = 28.000 N
अतः
(a) अभीष्ट नेट त्वरण बल = 35,000N
(b) रेल का अभीष्ट त्वरण = 3.5m s-2 एवं
(c) पहले डिब्बे द्वारा
दूसरे डिब्बे पर आरोपित अभीष्ट बल = 28,000 N

प्रश्न 8.
एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि गाड़ी को 1.7 m s-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?
हल:
ज्ञात है:
रेलगाड़ी का द्रव्यमान m = 1500 kg
गाड़ी का ऋणात्मक त्वरण a = 1.7 m s-2
चूँकि घर्षण बल (F) = गाड़ी का द्रव्यमान (m) x ऋणात्मक त्वरण (a)
= 1500 x 1.7 N
= 2550 N
अतः अभीष्ट घर्षण बल = 2550 N. (गाड़ी की गति के विपरीत दिशा में)

प्रश्न 9.
किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है, का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2
(b) mv2
(c) \(\left(\frac{1}{2}\right)\)mv2
(d) mv. (उपर्युक्त में से सही विकल्प चुनिए)।
उत्तर:
(d) mv.

प्रश्न 10.
हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?
उत्तर:
इस अवस्था में सीमान्त घर्षण बल होगा जोकि 200 N होगा।

प्रश्न 11.
दो वस्तुएँ, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 kg है, एक सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 m s-1 है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?
हल:
ज्ञात है:
प्रत्येक वस्तु का द्रव्यमान m1 = m2 = 1.5 kg
पहली वस्तु का वेग v1 = v m s-1
दूसरी वस्तु का वेग v2 = – v m s-1
ज्ञात करना है:
टक्कर के बाद सम्मिलित वेग V = ?
संवेग संरक्षण के नियम से हम जानते हैं कि
m1v1 + m2v2 = (m1 + m2)V
⇒ 1.5 v+ 1.5 (-v) = (1.5 + 1.5)V
⇒ 1.5 v – 1.5 v = 3 V = 0
⇒ v = \(\frac{0}{3}\) = 0 m s-1
अतः अभीष्ट सम्मिलित वेग = 0 m s-1.

प्रश्न 12.
गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है। सम्भवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं होने पायेगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं, जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?
उत्तर:
विद्यार्थी द्वारा दिया गया तर्क सही नहीं है क्योंकि दो बराबर एवं विपरीत बल एक-दूसरे को तभी निरस्त करते हैं जबकि वे एक ही वस्तु पर लगें। जबकि क्रिया-प्रतिक्रिया में लगे बल विभिन्न वस्तुओं पर आरोपित होते हैं जो कि एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते। सही कारण है-ट्रक का जड़त्व (द्रव्यमान) बहुत अधिक होता है और हमारे द्वारा आरोपित बल बहुत कम होता है इसलिए वह ट्रक में त्वरण उत्पन्न नहीं कर पाता। अतः ट्रक गतिशील नहीं हो पाता।

प्रश्न 13.
200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 m s-1 से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 m s-1 के वेग से अपने प्रारम्भिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाण का परिकलन कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
गेंद का द्रव्यमान m = 200 g = 0.2 kg
गेंद का प्रारम्भिक वेग u = 10 m s-1
गेंद का अन्तिम वेग v = – 5 m s-1
(∵ वेग की दिशा विपरीत है।)
∵ संवेग परिवर्तन ∆p = m (v – u)
⇒ संवेग परिवर्तन = 0 – 2 (-5 – 10)
⇒ ∆p = 0 – 2 (-15)
= – 3.0 kg m s-1
(यहाँ ऋणात्मक चिन्ह संवेग परिवर्तन की दिशा को व्यक्त करता है।)
अतः अभीष्ट संवेग परिवर्तन का परिमाण = 3 kg m s-1.

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प्रश्न 14.
10 g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 m s-1 के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है? गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
गोली का द्रव्यमान m = 10 g = 0.01 kg
गोली का प्रारम्भिक वेग u = 150 m s-1
गोली का अन्तिम वेग v = 0 m s-1
गोली को रुकने में लगा समय t = 0.03 s
त्वरण a = \(\frac{v-u}{t}=\frac{0-150}{0 \cdot 03}\)
= – 5000 m s-2
s = ut + \(\frac{1}{2}\)at2
= 150 x 0.03 + \(\frac{1}{2}\) (-5000) x (0.03)2
= 4.5 – 2.25 = 2.25 m
अब लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगा बल F = ma
⇒ F = 0.01 x (-5000) = – 50 N
अतः अभीष्ट दूरी = 2.25 m एवं अभीष्ट बल का परिमाण = 50 N.

प्रश्न 15.
एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg है, 10 ms-1 के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए विरामावस्था में रखे 5 kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट्ट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।
हल:
ज्ञात है:
वस्तु का द्रव्यमान m1 = 1 kg
वस्तु का वेग v1 =10 m s-1
लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान m2 = 5 kg
लकड़ी के गुटके का वेग v2 = 0 m s-1
संयोजन का वेग V =?
वस्तु का संवेग = m1v1
P1 = 1 x 10 = 10 kg m s-1
लड़की के गुटके का संवेग = m1v2
P2 = 5 x 0 = 0 kg m s-1
संघट्ट से पहले सम्पूर्ण संवेग
P(i) = 10 + 0 = 10 kg m s-1
संवेग संरक्षण के नियम से
P(f) संघट्ट के बाद कुल संवेग = संघट्ट से पहले कुल संवेग
⇒ (m1 + m2) x V = 10 kg m s-1 (जहाँ V संयोजन का वेग है।)
(1 + 5) x V = 10 ⇒ 6 V = 10
v = \(\frac{10}{5}\) = 5 m s-1
अतः संघट्ट से पहले अभीष्ट कुल संवेग = 10 kg m s-1
संघट्ट के बाद अभीष्ट कुल संवेग = 10 kg m s-1
एवं संघट्ट के बाद संयोजन का वेग = \(\frac{5}{3}\) अर्थात् 1 – 67 m s-1

प्रश्न 16.
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 5 में 5 m s-1 से 8 m s-1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।
हल:
ज्ञात है:
वस्तु का द्रव्यमान m = 100 kg
वस्तु का प्रारम्भिक वेग u = 5 m s-1
वस्तु का अन्तिम वेग v = 8 m s-1
यात्रा का समय t = 6s
वस्तु का प्रारम्भिक संवेग
P1 = mu = 100 x 5 = 500 kg m s-1
वस्तु का बाद का संवेग
P2 = mv = 100 x 8 = 800 kg m s-1
संवेग परिवर्तन ∆P = P2 – P1
= 800 – 500 = 300 kg m s-1
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 2
अतः वस्तु के अभीष्ट प्रारम्भिक एवं अन्तिम संवेग क्रमश: 500 kg m s-1 एवं 800 kg m s-1 हैं, तथा वस्तु पर आरोपित अभीष्ट बल = 50 N.

प्रश्न 17.
अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं। अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है)।

अख्तर ने कहा कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गयी। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर आप अपनी प्रतिक्रिया दें।
उत्तर:
राहुल का तर्क सही प्रतीत होता है क्योंकि पूरे तन्त्र पर कोई भी बाहरी बल नहीं लगा है तथा संवेग संरक्षण के सिद्धान्त के अनुसार टक्कर के समय तन्त्र का कुल संवेग संरक्षित रहता है। अतएव कीड़ा एवं कार, दोनों पर समान बल लगेगा तथा दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन होगा।

प्रश्न 18.
एक 10 kg द्रव्यमान की घण्टी 80 cm ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घण्टी द्वारा फर्श पर स्थानान्तरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सहायता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 m s-2 लें।
हल:
ज्ञात है:
घण्टी का द्रव्यमान m = 10 kg
घण्टी का प्रारम्भिक वेग u = 0 m s-1
घण्टी की ऊँचाई h = 80 cm
= 0.80 m
नीचे की ओर त्वरण g = 10 m s-2
हम जानते हैं कि (गति के तृतीय समीकरण से)
v2 = u2 + 2gh
= (0)2 + 2 x 10 x 0.8 = 16
⇒ v = √16 = 4 m s-1
टकराते समय घण्टी का संवेग
P = mv = 10 x 4 = 40 kg m s-1
चूँकि टकराने के बाद घण्टी का संवेग शून्य हो जाता है।
इसलिए स्थानान्तरित संवेग = 40 – 0 = 40 kg m s-1
अतः अभीष्ट स्थानान्तरित संवेग = 40 kg m s-1

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अतिरिक्त अभ्यास- # पृष्ठ संख्या 144

प्रश्न A1.
एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी-समय सारणी निम्नवत् है –
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 3
(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? क्या यह नियत है? बढ़ रहा है? घट रहा है? या शून्य है?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
उत्तर:
(a) त्वरण बढ़ रहा है।
(b) वस्तु पर लगा बल बढ़ रहा है अतः परिवर्तनशील है।

प्रश्न A2.
1200 kg द्रव्यमान की कार को एक समतल सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं। उसी कार को तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देकर 0.2 m s-2 का त्वरण उत्पन्न किया जाता है। कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धकेल पाता है। (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं।)
हल:
ज्ञात है:
कार का द्रव्यमान ma = 1200 kg
तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देने पर उत्पन्न
त्वरण a = 0.2 m s-2
तीन व्यक्तियों द्वारा लगाया गया बल F = ma = 1200 x 0.2
= 240 N
चूँकि तीनों व्यक्तियों में से प्रत्येक व्यक्ति समान पेशीय बल का उपयोग कर रहा है। इसलिए प्रत्येक समान बल से कार को धकेल पाता है।
अतः कार को धकेलने में प्रत्येक व्यक्ति द्वारा आरोपित अभीष्ट बल = 240 N.

प्रश्न A3.
500 g द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 m s-1 वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है। कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.015 में ही रोक दिया जाता है। कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल का परिकलन करें।
हल:
ज्ञात है:
हथौड़े का द्रव्यमान m = 500 g.
= 0.5 kg
हथौड़े का प्रारम्भिक वेग u = 50 m s-1
हथौड़े का अन्तिम वेग v = 0 m s-1
समय अन्तराल t = 0.01 s
हम जानते हैं कि
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 4
F = – \(\frac{25}{0.01}\) = – 2500 N
(ऋणात्मक चिह्न बल की दिशा बताता है कि बल कील ने लगाया)
अतः कील द्वारा हथौड़े पर लगा अभीष्ट बल = 2500 N.

प्रश्न A4.
एक 1200 kg द्रव्यमान की मोटर कार 90 km/h के वेग से एक सरल रेखा के अनुदिश चल रही है। उसका वेग बाहरी असन्तुलित बल लगने के कारण 4 s में घटकर 18 km/h हो जाता है। त्वरण और संवेग में परिवर्तन का परिकलन करें। लगने वाले बल के परिमाण का भी परिकलन करें।
हल:
ज्ञात है:
मोटर कार का द्रव्यमान m = 1200 kg
कार का प्रारम्भिक वेग u = 90 kg/h
कार का अन्तिम वेग v = 18 km/h
समय अन्तराल t=4 s
वेग में परिवर्तन v – u = (90 – 18) km/h
= 72 x \(\frac{5}{18}\) = 20 m/s
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 5
संवेग परिवर्तन P = m (v – u)
= 1200 x 20 = 24000 kg m s-1
बल (F) = द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)
= 1200 x 5= 6,000 N.
अतः अभीष्ट त्वरण = 5 m s-2, संवेग में परिवर्तन = 24000 kg m s-1
एवं लगने वाला बल = 6000 N.

MP Board Class 9th Science Chapter 9 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 9 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सरल रेखीय पथ के अनुदिश त्वरित गति से गतिमान किसी पिण्ड के लिए नीचे दिए गए कथनों में कौन-सा सही नहीं है?
(a) इसकी चाल परिवर्तित होती रहती है
(b) इसका वेग सदैव परिवर्तित होता है
(c) यह सदैव पृथ्वी से दूर जाता है
(d) इस पर सदैव एक बल कार्य करता है
उत्तर:
(c) यह सदैव पृथ्वी से दूर जाता है

प्रश्न 2.
गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया एवं प्रतिक्रिया –
(a) सदैव एक ही वस्तु पर लगती है
(b) सदैव दो भिन्न वस्तुओं पर विपरीत दिशाओं में कार्य करती है
(c) के परिमाण एवं दिशाएँ समान होती हैं
(d) किसी भी एक वस्तु पर एक-दूसरे के अभिलम्बवत् कार्य करती है
उत्तर:
(b) सदैव दो भिन्न वस्तुओं पर विपरीत दिशाओं में कार्य करती है

प्रश्न 3.
फुटबॉल के खेल में कोई गोलरक्षक गोल पर तीव्र गति से आती बॉल को पकड़ने के पश्चात् अपने हाथों को पीछे की ओर खींचता है। ऐसा करके गोलरक्षक –
(a) बॉल पर अधिक बल लगा पाता है
(b) बॉल द्वारा हाथों पर लगाये गए बल को कम कर पाता है
(c) संवेग परिवर्तन की दर में वृद्धि कर पाता है
(d) संवेग परिवर्तन की दर में कमी कर पाता है
उत्तर:
(b) बॉल द्वारा हाथों पर लगाये गए बल को कम कर पाता है

प्रश्न 4.
किसी पिण्ड का जड़त्व –
(a) उसकी चाल बढ़ाता है
(b) उसकी चाल कम करता है
(c) उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन को प्रतिरोधित करता है
(d) घर्षण के कारण अवमंदित करता है
उत्तर:
(c) उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन को प्रतिरोधित करता है

प्रश्न 5.
कोई यात्री किसी गतिमान रेलगाड़ी में एक सिक्का उछालता है जो उसके पीछे गिरता है। इसका यह अर्थ है कि रेलगाड़ी की गति –
(a) त्वरित है
(b) एकसमान है
(c) अवमंदित है
(d) वृत्ताकार पथ के अनुदिश है
उत्तर:
(a) त्वरित है

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प्रश्न 6.
2 kg द्रव्यमान का कोई पिण्ड किसी घर्षणहीन क्षैतिज मेज पर 4 m s-1 के नियत वेग से फिसल रहा है। इस वस्तु की इसी वेग से गति बनाए रखने के लिए आवश्यक बल है –
(a) 32 N
(b) 0 N
(c) 2 N
(d) 8 N
उत्तर:
(b) 0 N

प्रश्न 7.
रॉकेट किस नियम पर कार्य करता है?
(a) द्रव्यमान संरक्षण नियम पर
(b) ऊर्जा संरक्षण नियम पर
(c) संवेग संरक्षण नियम पर
(d) वेग संरक्षण नियम पर
उत्तर:
(c) संवेग संरक्षण नियम पर

प्रश्न 8.
\(\frac{2}{3}\) ऊँचाई तक जल से भरा कोई टैंकर एकसमान चाल से गतिमान है। अचानक ब्रेक लगाने पर टैंकर में भरा.जल –
(a) पीछे की ओर गति करेगा
(b) आगे की ओर गति करेगा
(c) प्रभावित नहीं होगा
(d) ऊपर की ओर उठेगा
उत्तर:
(b) आगे की ओर गति करेगा

प्रश्न 9.
निम्न में संवेग का सही सूत्र है –
(a) P = mv
(b) m = PV
(c) V = Pm
(d) P = mv2
उत्तर:
(a) P = mv

प्रश्न 10.
घर्षण हमारे लिए है –
(a) लाभदायक
(b) हानिकारक
(c) दोनों
(d) कोई नहीं।
उत्तर:
(c) दोनों

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प्रश्न 11.
जड़त्व की माप है – (2018)
(a) लम्बाई
(b) ताप
(c) समय
(d) द्रव्यमान
उत्तर:
(d) द्रव्यमान

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. गति की अवधारणा को वैज्ञानिक आधार …………….. एवं …………….. ने दिया।
2. न्यूटन का …………… नियम जड़त्व पर आधारित है।
3. बल का S.I. पद्धति में मात्रक ……………. होता है।
4. न्यूटन का गति विषयक तृतीय नियम …………….. का नियम भी कहलाता है।
5. संवेग परिवर्तन की दर लगाए गए ……………. के बराबर होती है।
6. गति का नियम सर्वप्रथम ……………. ने दिया था। (2019)
उत्तर:

  1. गैलीलियो, न्यूटन
  2. प्रथम
  3. न्यूटन
  4. क्रिया-प्रतिक्रिया
  5. बल
  6. न्यूटन।

सही जोड़ी बनाना
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 6
उत्तर:

  1. → (iii)
  2. → (iv)
  3. → (v)
  4. → (i)
  5. → (ii)

सत्य/असत्य कथन

1. बल एक अदिश राशि है।
2. किसी पिण्ड का त्वरण उस पर आरोपित कुल बल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
3. संवेग एक सदिश राशि है।
4. संवेग परिवर्तन उस पर आरोपित बल के बराबर होता है।
5. घर्षण एक आवश्यक बुराई है।
6. बॉल बियरिंग के प्रयोग से घर्षण बढ़ाया जाता है।
7. ग्रीस के प्रयोग द्वारा घर्षण कम किया जाता है।
उत्तर:

  1. असत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. सत्य
  6. असत्य
  7. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
बल (F), द्रव्यमान (m) एवं त्वरण (a) में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
बल (F) = द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)

प्रश्न 2.
संवेग के लिए सूत्र लिखिए।
उत्तर:
संवेग (P) = द्रव्यमान (m) x वेग (v)

प्रश्न 3.
आवेग के लिए व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
आवेग (I) = बल (F) x समय अन्तराल (∆t)

प्रश्न 4.
आवेग एवं संवेग में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
आवेग (I) = संवेग परिवर्तन (∆P) अथवा I =m (v – u)

प्रश्न 5.
संवेग का S.I. मात्रक क्या है?
उत्तर:
kg m s-1 या Ns

प्रश्न 6.
आवेग का S.I. मात्रक क्या है?
उत्तर:
kg m s-1 या Ns

प्रश्न 7.
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम को संवेग के पदों में लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 7

प्रश्न 8.
बल का S.I. मात्रक लिखिए।
उत्तर:
न्यूटन (N).

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MP Board Class 9th Science Chapter 9 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘बल’ को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
बल-“वह बाह्य कारक जो किसी पिण्ड की विराम अवस्था अथवा गति अवस्था में परिवर्तन करे अथवा परिवर्तन की प्रवृत्ति उत्पन्न करे, बल कहलाता है।”

प्रश्न 2.
एक न्यूटन बल से क्या समझते हो?
उत्तर:
एक न्यूटन बल-“बल की वह मात्रा जो एक किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु पर आरोपित करने पर उस वस्तु में 1 m s-2 का त्वरण पैदा कर सके, एक न्यूटन बल कहलाता है।”

प्रश्न 3.
सन्तुलित बल किसे कहते हैं? (2019)
उत्तर:
सन्तुलित बल-“वे बल जो किसी वस्तु पर लगाने से उस वस्तु की गति में कोई परिवर्तन नहीं करते, सन्तुलित बल कहलाते हैं।”

प्रश्न 4.
असन्तुलित बल किसे कहते हैं?
उत्तर:
असन्तुलित बल-“वे बल जो किसी वस्तु पर आरोपित करने पर उस वस्तु की गति में परिवर्तन कर दें, असन्तुलित बल कहलाते हैं।”

प्रश्न 5.
जड़त्व से आप क्या समझते हो? (2019)
उत्तर:
जड़त्व-“वस्तुओं का वह गुण जिसके द्वारा वह उसकी गति या विराम अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, जड़त्व कहलाता है।”

प्रश्न 6.
गैलीलियो के जड़त्व के नियम अथवा न्यूटन के गति विषयक प्रथम नियम का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
गैलीलियो का जड़त्व का नियम अथवा न्यूटन का गति विषयक प्रथम नियम-“यदि कोई वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर ही रहेगी और यदि वह एकसमान गति से गतिमान है, तो वह उसी तरह गतिमान रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाह्य असन्तुलित बल न लगाया जाये।”

प्रश्न 7.
संवेग किसे कहते हैं?
उत्तर:
संवेग:
“किसी वस्तु के द्रव्यमान एवं उसके वेग के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग कहते हैं।” इसे P से व्यक्त करते हैं। अर्थात्
संवेग (P) = संहति (m) x वेग (v)

प्रश्न 8.
न्यूटन के गति विषयक द्वितीय नियम को संवेग के पदों में लिखिए।
उत्तर:
संवेग के पदों में न्यूटन का गति विषयक द्वितीय नियम-“संवेग परिवर्तन की दर लगाए गए बल के बराबर होती है।” अर्थात्
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 8

प्रश्न 9.
न्यूटन के गति विषयक द्वितीय नियम का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
‘न्यूटन का गति विषयक द्वितीय नियम-“किसी वस्तु पर लगाया गया बल उस वस्तु की संहति . एवं उस वस्तु में उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।” अर्थात्
बल (F) = द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)

प्रश्न 10.
संवेग संरक्षण का नियम लिखिए।
उत्तर:
संवेग संरक्षण का नियम-“किसी निकाय का सम्पूर्ण संवेग नियत रहता है यदि उस पर कोई बाह्य बल कार्य न करे।” अर्थात्
m1u1 + m2u2 = m1v1 + m2v2

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प्रश्न 11.
बल के आवेग से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
बल का आवेग-“यदि किसी वस्तु पर कोई बल किसी सूक्ष्म समय अन्तराल के लिए लगाया जाए तो उस बल एवं समय अन्तराल के गुणनफल को उस वस्तु का आवेग कहते हैं।” इसे I से व्यक्त करते हैं। अर्थात्
आवेग (I) = बल (F) ~ समय अन्तराल (∆t)

प्रश्न 12.
न्यूटन के गति विषयक तृतीय नियम अथवा क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
न्यूटन के गति विषयक तृतीय नियम अथवा क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम-“किसी क्रिया के बराबर एक विपरीत प्रतिक्रिया होती है।”

प्रश्न 13.
घर्षण से क्या समझते हो?
उत्तर:
घर्षण-“खुरदरी सतह पर गतिमान किसी वस्तु पर लगने वाले गति विरोधी बल को घर्षण कहते है।”

प्रश्न 14.
आपके पास ऐलुमिनियम, स्टील तथा लकड़ी के बने समान आकृति तथा समान आयतन के तीन ठोस हैं। इनमें से किसका जड़त्व सबसे अधिक है?
उत्तर:
स्टील के बने ठोस का, क्योंकि स्टील का घनत्व सबसे अधिक है और चूँकि सबका आयतन समान है इसलिए स्टील के ठोस का द्रव्यमान सबसे अधिक है। इस कारण स्टील के ठोस का जड़त्व सबसे अधिक है।

प्रश्न 15.
विभिन्न पदार्थों रबर तथा लोहे की बनी दो समान साइज की बॉल किसी गतिमान रेलगाड़ी के चिकने फर्श पर रखी हैं। रेलगाड़ी को रोकने के लिए अचानक ब्रेक लगाए गए। क्या बॉल लुढ़कना आरम्भ करेगी? यदि ऐसा है तो किस दिशा में? क्या ये समान चाल से गति करेंगी? अपने उत्तर का कारण लिखिए।
उत्तर:
हाँ, गेंदें रेलगाड़ी की गति की दिशा में लुढ़कना प्रारम्भ कर देंगी। ये गेंदें समान चाल से गति नहीं करेंगी क्योंकि इनका द्रव्यमान अलग-अलग होने के कारण उनका जड़त्व भी अलग-अलग है।

प्रश्न 16.
दो सर्वसम गोलियों में से एक हल्की राइफल द्वारा तथा दूसरी को किसी भारी राइफल द्वारा समान बल से दागा जाता है। कौन-सी राइफल कंधे पर अधिक आघात करेगी और क्यों?
उत्तर:
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार हल्की राइफल अधिक तेज गति से पीछे लौटेगी। इसलिए कंधे पर अधिक आघात करेगी।

प्रश्न 17.
किसी घोड़ागाड़ी को नियत चाल से चलाने के लिए घोड़े को निरन्तर बल लगाना पड़ता है। स्पष्ट कीजिए, क्यों?
उत्तर:
घर्षण बल को सन्तुलित करने के लिए घोड़े को निरन्तर बल लगाना पड़ता है जिससे घोडागाड़ी नियत चाल से चल सके।

प्रश्न 18.
मान लीजिए m द्रव्यमान की कोई गेंद प्रारम्भिक चाल ” से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गई। उसकी चाल निरन्तर शून्य होने तक घटती जाती है। इसके पश्चात् गेंद नीचे गिरने लगती है तथा पृथ्वी पर गिरने से पूर्व वह पुनः v चाल प्राप्त कर लेती है। इससे यह ध्वनित होता है कि गेंद के आरम्भिक तथा अन्तिम संवेग परिमाण में समान हैं। तथापि, यह संवेग संरक्षण नियम का उदाहरण नहीं है। स्पष्ट कीजिए, क्यों?
उत्तर:
संवेग संरक्षण का नियम केवल उन निकायों पर लागू होता है जिन पर कोई बाह्य बल कार्यरत न हो, लेकिन यहाँ पर गुरुत्वाकर्षण बल कार्यरत है इसलिए यह संवेग संरक्षण नियम का उदाहरण नहीं है।

प्रश्न 19.
दो मित्र रोलर-स्केटों पर एक-दूसरे के सामने 5 m की दूरी पर खड़े हैं। इनमें से एक 2 kg की गेंद को दूसरे की ओर फेंकता है जिसे दूसरा अपने स्थान पर ही खड़े हुए लपक लेता है। इस क्रियाकलाप द्वारा दोनों मित्रों की स्थितियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? अपने उत्तर का स्पष्टीकरण कीजिए।
उत्तर:
दोनों मित्रों के बीच की दूरी में वृद्धि हो जायेगी। चूँकि संवेग संरक्षण के नियम से जो मित्र गेंद फेंकता है वह पीछे की ओर गति करेगा तथा दूसरा मित्र भी जो गेंद लपकता है वह भी अपने पीछे की ओर गति करेगा क्योंकि गतिमान गेंद उस पर नेट बल आरोपित करती है।

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प्रश्न 20.
जैसे ही जल की आपूर्ति होती है, घास के मैदान में जल का छिड़काव करने वाला यन्त्र घूर्णन करने लगता है। इसके कार्य करने का सिद्धान्त स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जल का छिड़काव करने वाले यन्त्र (वॉटर स्प्रिंकलर) की कार्य प्रणाली गति के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया नियम) पर आधारित है। स्प्रिंकलर के नोजल से जल जिस बल से बाहर आता है उतना ही विपरीत बल नोजल पर लगता है जिससे नोजल घूर्णन करने लगता है।

MP Board Class 9th Science Chapter 9 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्रिकेटर बॉल को कैच करते समय अपने हाथ पीछे खींचता है, क्यों? समझाइए।
उत्तर:
क्रिकेट के खेल में क्रिकेटर बॉल को कैच करते समय अपने हाथ पीछे खींचता है ताकि गेंद को पूरी तरह स्थिर होने का समय अन्तराल बढ़ जाये। इससे गेंद द्वारा हथेलियों पर आरोपित बल कम हो जाता है और हाथों को चोट नहीं लगती क्योंकि हम जानते हैं कि –
बल का आवेग = बल x समयान्तर = संवेग में परिवर्तन
आवेग = \(\overrightarrow{\mathrm{F}} \times t=\overrightarrow{\mathrm{P}_{2}}-\overrightarrow{\mathrm{P}_{1}}\)
अर्थात् समयान्तर t का मान जितना अधिक होगा बल \(\overrightarrow{\mathrm{F}}\) का मान उतना ही कम होगा क्योंकि संवेग में परिवर्तन \((\overrightarrow{\mathrm{P}_{2}}-\overrightarrow{\mathrm{P}_{1}})\) स्थिर है।

प्रश्न 2.
घर्षण से क्या हानियाँ हैं?
उत्तर:
घर्षण से हानियाँ-घर्षण से निम्नलिखित हानियाँ हैं –

  1. घर्षण के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे मशीनों के पुर्जे अत्यधिक गर्म होने के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं।
  2. घर्षण के कारण मशीन के पुों में टूट-फूट बहुत होती है तथा वे घिसते रहते हैं। इससे मशीन के पुर्जे जल्दी-जल्दी बदलने पड़ते हैं।
  3. घर्षण से मशीन की दक्षता कम हो जाती है।

प्रश्न 3.
घर्षण से क्या-क्या लाभ होते हैं?
उत्तर:
घर्षण से लाभ-घर्षण के निम्नलिखित लाभ हैं –

  1. घर्षण से आग उत्पन्न होती है इसी आधार पर दियासलाई एवं लाइटर कार्य करते हैं।
  2. घर्षण के कारण ही रेलगाड़ी एवं अन्य वाहन चल पाते हैं।
  3. वाहनों को ब्रेक लगाकर घर्षण के द्वारा ही रोका जा सकता है।
  4. घर्षण के कारण ही हम पृथ्वी पर आसानी से चल पाते हैं।

प्रश्न 4.
घर्षण को कम करने के उपाय लिखिए।
उत्तर:
घर्षण को कम करने के उपाय-घर्षण को निम्नलिखित उपायों से कम किया जा सकता है –

1. स्नहेक का उपयोग करके:
घर्षण कम करने के लिए सम्पर्क पृष्ठों के बीच स्नेहक, जैसे ग्रीस, तेल आदि का उपयोग किया जाता है।

2. पॉलिश करके:
सम्पर्क पृष्ठों को चिकना कर देने से घर्षण कम हो जाता है।

3. बॉल-बियरिंग का उपयोग करके:
बॉल-बियरिंग के उपयोग करने से सम्पर्क क्षेत्रफल कम हो जाता है इससे घर्षण कम हो जाता है।

4. धारारेखीय आकृति:
नाव, जलयान, वायुयान एवं कारों की आकृति विशेष प्रकार की अर्थात् मछली के आकार की बनाई जाती है जिससे पिण्डों के सम्पर्क के तरल (जल एवं वायु) की परतों का प्रवाह धारारेखीय हो जाने से घर्षण कम हो जाता है।

प्रश्न 5.
घर्षण बढ़ाने के उपाय बताइए।
उत्तर:
घर्षण बढ़ाने के उपाय-घर्षण को निम्न प्रकार से बढ़ाया जा सकता है –

  1. घरों के ढाल पर लाइनें डालकर घर्षण बढ़ाया जा सकता है।
  2. चिकनी सतह, जैसे बर्फ, तेल पर सूखी मिट्टी या बालू डालकर घर्षण बढ़ाया जा सकता है।
  3. जूतों के तले खुरदरे या खाँचेदार बनाकर।
  4. वाहनों के टायरों में खाँचे बनाकर।

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प्रश्न 6.
“घर्षण हानिकारक होते हुए भी आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।” कथन की विवेचना कीजिए।
अथवा
“घर्षण एक महत्वपूर्ण बुराई है।” कथन की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
घर्षण हानिकारक है, क्योंकि इससे मशीन की दक्षता कम हो जाती है, उसके पुों की टूट-फूट होती है तथा पुर्जे घिसते रहते हैं। घर्षण से ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे मशीनरी का ताप अत्यन्त बढ़ जाता है जिससे पुर्जे जल्दी खराब हो जाते हैं। घर्षण में इतनी सारी बुराइयाँ होते हुए भी बिना घर्षण के कोई कार्य सम्भव नहीं, क्योंकि घर्षण के बिना हम आसानी से चल नहीं सकते।

घर्षण नहीं होता तो चलते हुए वाहन ब्रेक लगाने से रुकते नहीं तथा घर्षण के बिना रुके हुए वाहन चल नहीं सकते। घर्षण के बिना आग उत्पन्न नहीं होती। अतः हमारे चूल्हे नहीं जलते। इस प्रकार हम देखते हैं कि घर्षण हानिकारक होते हुए भी आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है। अतः हम कह सकते हैं कि घर्षण एक महत्वपूर्ण बुराई है।

प्रश्न 7.
m द्रव्यमान के किसी ट्रक को F बल द्वारा प्रचालित किया गया है। यदि अब इस ट्रक पर ट्रक के द्रव्यमान के बराबर द्रव्यमान m का कोई पिण्ड लादा जाता है, तथा चालक बल आधा कर दिया जाता है, तो त्वरण में क्या परिवर्तन होगा?
हल:
ज्ञात है:
प्रथम स्थिति में ट्रक का कुल
द्रव्यमान m1 = M
आरोपित बल F1 = F
द्वितीय स्थिति में ट्रक का कुल द्रव्यमान m2 = 2m
आरोपित बल F2 = \(\frac{F}{2}\)
हम जानते हैं कि:
बल (F) = द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)
प्रथम स्थिति में:
F1 = m1 x a1
⇒ F = M x a1
⇒ a1 = F/M ……(1)
द्वितीय स्थिति में:
F2 = m2 x a2
⇒ \(\frac{F}{2}\) = 2M x a2
⇒ \(a_{2}=\frac{\mathrm{F}}{2} \times \frac{1}{2 \mathrm{M}}=\frac{1}{4} \frac{\mathrm{F}}{\mathrm{M}}\) ….(2)
समीकरण (1) एवं (2) से,
a2 = \(\frac{1}{4}\)a1
अत: अभीष्ट त्वरण पहले त्वरण का एक चौथाई रह जाएगा।

प्रश्न 8.
कंक्रीट के फर्श पर लुढ़कती 50g द्रव्यमान की किसी गेंद का वेग-समय ग्राफ संलग्न चित्र में दर्शाया गया है। गेंद का त्वरण तथा फर्श द्वारा बॉल पर लगाया गया घर्षण बल परिकलित कीजिए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 9
हल:
ग्राफ द्वारा ज्ञात है:
गेंद का प्रारम्भिक वेग u = 80 m s-1
गेंद का अन्तिम वेग v = 0 m s-1
समय अन्तराल t = 8s
गेंद का द्रव्यमान m = 50 g= 0.05 kg (दिया है)
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 10
एवं बल (F) = ma = 0.05 x (- 10) = – 0.5 N.
अतः अभीष्ट त्वरण = -10 m s-2 एवं घर्षण बल = – 0.5 N.

MP Board Class 9th Science Chapter 9 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गति के दूसरे नियम का उपयोग करके बल-त्वरण के बीच सम्बन्ध F = ma की व्युत्पत्ति कीजिए। (2019)
उत्तर:
माना कोई m द्रव्यमान का पिण्ड ५ वेग से गतिमान है। इस पिण्ड पर बल F आरोपित करने पर t समय बाद इसका वेग v हो जाता है, तो
वस्तु का प्रारम्भिक संवेग = mu
t समय बाद वस्तु का संवेग = mv
t समय में संवेग परिवर्तन = mv – mu
= m (v – u)
संवेग परिवर्तन की दर = \(\frac{m(v-u)}{t}\)
\(\frac{v-u}{t}=a\) [गति के प्रथम समीकरण से]
अतः संवेग परिवर्तन की दर = ma
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से बल ∝ संवेग की परिवर्तन की दर
⇒ F ∝ ma
⇒ F = kma
यदि F, m एवं a का मान 1 मात्रक लें, तो
k = 1
अतः F = ma

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प्रश्न 2.
10 g द्रव्यमान की 103 m s-1 की चाल से गतिमान कोई गोली किसी रेत के बोरे में टकराकर उसमें 5 cm तक धंस जाती है। परिकलित कीजिए –
(i) रेत द्वारा गोली पर लगाया गया अवरोधी बल
(ii) गोली को विराम में आने में लगा समय।
हल:
ज्ञात है:
गोली का द्रव्यमान m = 10 g
= 0.01 kg
गोली का प्रारम्भिक वेग u = 103 m s-1
गोली का अन्तिम वेग v = 0 m s-1
गोली द्वारा बोरे में तय की गयी दूरी s = 5 cm = 0.05 m
(i)
हम जानते हैं कि –
2as = v2 – u2
⇒ 2a (0.05) = (0)2 – (103)2
⇒ 0.1a = -106
⇒ a =-107 ms-2
F = ma = (0.01) x (- 107)
= – 105 N
(ऋणात्मक चिह्न अवरोधी बल को प्रदर्शित करता है।)
अतः अभीष्ट अवरोधी बल = 105N

(ii)
हम जानते हैं कि –
v = u + at
⇒ 0 = 103 + (-107)t
⇒ 107t = 103
⇒ t = \(\frac{10^{3}}{10^{7}}\) = 10-4s
अतः अभीष्ट समय = 10-4

प्रश्न 3.
गति के दूसरे नियम का उपयोग करके बल का मात्रक व्युत्पन्न कीजिए। 5 N का कोई बल द्रव्यमान m1 पर कार्य करके उसमें 8 m s-2 का त्वरण तथा द्रव्यमान m2 पर कार्य करके उसमें 24 m s-2 का त्वरण उत्पन्न करता है। यदि दोनों द्रव्यमानों को बाँध दें तो यही बल कितना त्वरण उत्पन्न करेगा?
हल:
गति के दूसरे नियम के आधार पर हम जानते हैं कि बल F= द्रव्यमान (m) x त्वरण (a)
⇒ बल F का मात्रक = द्रव्यमान (m) का मात्रक – त्वरण (a) का मात्रक = kg x m s-2 = kg m s-2 अर्थात् N
अतः बल का अभीष्ट मात्रक = kg ms-2 अथवा N है।
ज्ञात है:
आरोपित बल F = 5 N .
प्रथम वस्तु का द्रव्यमान = m1
प्रथम वस्तु का त्वरण (a1) = 8 m s-2
द्वितीय वस्तु का द्रव्यमान = m2
द्वितीय वस्तु का त्वरण (a2) = 24 m s-2
संयुक्त द्रव्यमान = (m1 + m2)
संयुक्त त्वरण = a (माना)
संख्यात्मक भाग का हल:
F = ma
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 11
अतः अभीष्ट त्वरण = 6 m s-2.

प्रश्न 4.
संवेग क्या है? इसका S.I. मात्रक लिखिए। संवेग के पदों में बल की व्याख्या कीजिए। निम्नलिखित का ग्राफीय निरूपण कीजिए –
(a) वेग के साथ संवेग में परिवर्तन जबकि द्रव्यमान नियत है
(b) द्रव्यमान के साथ संवेग में परिवर्तन जबकि वेग नियत है।
उत्तर:
संवेग-“किसी वस्तु की संहति (द्रव्यमान) एवं उसके वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं।” अर्थात्
संवेग (P) = द्रव्यमान (m) x वेग (v)
संवेग का S.I. मात्रक:
kg m s-1 अथवा Ns
संवेग के पदों में बल:
“किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर उस वस्तु पर लगाए गए बल के बराबर होती है।” अर्थात्
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 9 बल तथा गति के नियम image 12

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2

(जब तक अन्यथा न कहा जाए तब तक \(\pi=\frac{22}{7}\) लीजिए।)

प्रश्न 1.
ऊँचाई 14 cm वाले एक लम्बवृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 88 cm³ है। बेलन के आधार का व्यास ज्ञात कीजिए। (2018, 19)
हल :
चूँकि वृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल Sc = 2πrh
⇒ \(2 \times \frac{22}{7} \times r \times 14=88\)
⇒ \(r=\frac{88 \times 7}{2 \times 22 \times 14}\)
= 1 cm
∴ व्यास = 2r = 2 x 1 = 2 cm
अत: बेलन का अभीष्ट व्यास = 2 cm.

प्रश्न 2.
एकधातु की चादर से 1 m ऊँची और 140 cm व्यास के आधार वाली एक बन्द बेलनाकार टंकी बनाई जानी है। इस कार्य के लिए कितने वर्ग मीटर चादर की आवश्यकता होगी? (2019)
हल :
बेलनाकार टंकी की ऊँचाई h = 1 m = 100 cm, आधार का व्यास d = 140 cm
त्रिज्या r = \(\frac { 140 }{ 2 }\) = 70 cm .
∴ टंकी का सम्पूर्ण पृष्ठ = 2πr (r + h) = 2 x \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 70 (70 + 100)
= 440 x 170
= 74800 cm²
= 7.48 m²
अतः चादर का अभीष्ट क्षेत्रफल = 7.48 m².

प्रश्न 3.
धातु का एक पाइप 77 cm लम्बा है। इसके एक अनुप्रस्थ काट का आन्तरिक व्यास 4 cm है और बाहरी व्यास 4.4 cm है (देखिए संलग्न चित्र)। ज्ञात कीजिए:
(i) आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।
(ii) बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।
(iii) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल।
हल :
दिया है : धातु के पाइप (खोखले बेलन) की लम्बाई (ऊँचाई) h = 77 cm
अनुप्रस्थ काट (वृत्ताकार छल्ला) का बाह्य व्यास d1 = 4.4 cm ⇒ r1 = 2.2 cm एवं आन्तरिक व्यास d2 = 4 cm ⇒ r2 = 2 cm
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 image 1

(i) आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πd2h
= \(\frac{22}{7} \times 4 \times 77\)
= 22 x 44
= 968 cm² …(1)
अतः अभीष्ट आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 968 cm².
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 image 2

(ii) बाह्य वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πd1h
= \(\frac{22}{7} \times 4.4 \times 77\)
= 22 x 4.4 x 11
= 1064.8 cm² ….(2)
अत: अभीष्ट बाह्य वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 1064.8 cm².

(iii) पाइप के दोनों सिरों का क्षेत्रफल = \(2 \pi\left(r_{1}^{2}-r_{2}^{2}\right)=2 \times \frac{22}{7}\left[(2 \cdot 2)^{2}-(2)^{2}\right]\)
= \(2 \times \frac{22}{7}(4 \cdot 84-4)\)
= \(2 \times \frac{22}{7} \times 0.84\)
= 44 x 0.12
= 5.28 cm² …(3)
पाइप का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 968 + 1064.8 + 5.28 . [(1) + (2) + (3) से]
= 2038.08 cm²
अतः पाइप का अभीष्ट कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2038.08 cm².

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प्रश्न 4.
एक रोलर (roller) का व्यास 84 cm है और लम्बाई 120 cm है। एक खेल के मैदान को एक बार समतल करने के लिए 500 चक्कर लगाने पड़ते हैं। खेल के मैदान का मीटर में क्षेत्रफल
ज्ञात कीजिए।
हल :
रोलर का व्यास d = 84 cm तथा लम्बाई h = 120 cm
चूँकि बेलन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = πdh = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 84 x 120 cm²
= 22 x 12 x 120
= 31680 cm²
500 चक्कर में कुल क्षेत्रफल = 500 x 31680 cm²
= \(\frac{500 \times 31680}{10000} \mathrm{m}^{2}\)
= 1584 m²
अतः खेल के मैदान का अभीष्ट क्षेत्रफल = 1584 m².

प्रश्न 5.
किसी बेलनाकार स्तम्भ का व्यास 50 cm है और ऊँचाई 3.5 m है। Rs 12.50 प्रति m² की दर से इस स्तम्भ के वक्र पृष्ठ पर पेंट कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : बेलनाकार स्तम्भ का व्यास, d = 50 cm = 0.5 m
ऊँचाई h = 3.5 m, और पेंट कराने की दर = Rs 12.50 प्रति m²
स्तम्भ का वक्र पृष्ठ = πdh = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 0.5 x 3.5 = 5.50 m²
पेंट कराने का व्यय = दर x क्षेत्रफल = 12.50 x 5.50 = Rs 68.75
अत: पेंट कराने का अभीष्ट व्यय = Rs 68.75.

प्रश्न 6.
एक लम्ब वृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 4.4 m² है। यदि बेलन के आधार की त्रिज्या 0.7 m है तो उसकी ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल Sc = 4.4 m² एवं आधार की त्रिज्या r = 0.7 m
चूँकि बेलन का वक्र पृष्ठ Sc = 2πrh
⇒ \(2 \times \frac{22}{7} \times 0.7 \times h=4 \cdot 4\)
⇒ \(h=\frac{4 \cdot 4 \times 7}{2 \times 22 \times 0.7}=1 \mathrm{m}\)
अतः बेलन की अभीष्ट ऊँचाई = 1 m.

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प्रश्न 7.
किसी वृत्ताकार कुएँ का आन्तरिक व्यास 3.5 m है और यह 10 m गहरा है। ज्ञात कीजिए :
(i) आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।
(ii) Rs 40 प्रति m² की दर से इसके वक्र पृष्ठ पर प्लास्टर कराने का व्यय।
हल :
कुएँ का आन्तरिक व्यास d = 3.5 m तथा गहराई h = 10 m दिया हुआ है तथा पेंट कराने की दर Rs 40 प्रति m² है।
(i) चूँकि कुएँ का आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = \(\pi d \times h=\frac{22}{7} \times 3.5 \times 10\) = 110 m²
अतः कुएँ का अभीष्ट आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 110 m².

(ii) प्लास्टर कराने का व्यय = दर x क्षेत्रफल = 40 x 110 = Rs 4,400
अतः वक्र पृष्ठ पर प्लास्टर कराने का अभीष्ट व्यय = Rs 4,400.

प्रश्न 8.
गर्म पानी द्वारा गर्म रखने वाले एक संयन्त्र में 28 m लम्बाई और 5 cm व्यास वाला एक बेलनाकार पाइप है। इस संयन्त्र में गर्मी देने वाला कुल कितना पृष्ठ है?
हल :
पाइप की लम्बाई h = 28 m एवं व्यास d = 5 cm = 0.05 m
पाइप का वक्र पृष्ठ = \(\pi d h=\frac{22}{7} \times 0.05 \times 28\) = 4.4 m²
अतः संयन्त्र का गर्मी देने वाला अभीष्ट पृष्ठ = 4.4 m².

प्रश्न 9.
ज्ञात कीजिए:
(i) एक बेलनाकार पेट्रोल की बंद टंकी का पार्श्व तल या वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल जिसका व्यास 4.2 m और ऊँचाई 4.5 m है।
(ii) टंकी को बनाने में कुल कितना इस्पात (steel) लगा होगा, यदि कुल इस्पात का \(\frac { 1 }{ 12 }\) भाग बनाने में नष्ट हो जाता है।
हल :
दिया है : बेलनाकार पेट्रोल की टंकी का व्यास d = 4.2 m, ऊँचाई h = 4.5 m और टंकी बनाने में कुल इस्पात का \(\frac { 1 }{ 12 }\) भाग नष्ट होता है अर्थात् \(\frac { 11 }{ 12 }\) भाग प्रयुक्त होता है।
(i) पार्श्व पृष्ठ = \(\pi d h=\frac{22}{7} \times 4 \cdot 2 \times 4 \cdot 5\) = 59.4 m²
अतः टंकी का अभीष्ट पार्श्व तल = 59.4 m².

(ii) टंकी का कुल पृष्ठ = \(2 \pi r(h+r)=2 \times \frac{22}{7} \times 2 \cdot 1(4 \cdot 5+2 \cdot 1)\)
= 2 x 22 x 0.3 x 6.6 m² [d = 4.2 ⇒ r = 2.1]
चूँकि इस्पात का \(\frac { 1 }{ 12 }\) भाग नष्ट हो जाता है अतः \(\frac { 11 }{ 12 }\) भाग प्रयुक्त होता है।
मान लीजिए इस्पात का कुल क्षेत्रफल = x m² है, तो
\(\frac{11}{12} x=2 \times 22 \times 0 \cdot 3 \times 6 \cdot 6\)
\(x=\frac{2 \times 22 \times 0.3 \times 6.6 \times 12}{11}\)
∴ x = 1.2 x 6.6 x 12 = 95.04 m²
अतः इस्पात का अभीष्ट कुल क्षेत्रफल = 95.04 m².

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प्रश्न 10.
संलग्न चित्र में आप एक लैंपशेड का फ्रेम देख रहे हैं। इसे एक सजावटी कपड़े से ढका जाना है। इस फ्रेम के आधार का व्यास 20 cm है और ऊँचाई 30 cm है। फ्रेम के ऊपर और नीचे मोड़ने के लिए दोनों ओर 2.5 cm अतिरिक्त कपड़ा भी छोड़ा जाना है। ज्ञात कीजिए कि लैंपशेड को ढकने के लिए कुल कितने कपड़े की आवश्यकता होगी?
हल :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 image 3
दिया है : फ्रेम के आधार का व्यास d = 20 cm
एवं ऊँचाई = 30 cm लेकिन दोनों सिरों पर (2.5 cm + 2.5 cm) = 5.0 cm कपड़ा छोड़ा जाना है,
अतः प्रभावी ऊँचाई h = 30 + 5 = 35 cm
कपड़े का क्षेत्रफल = पार्श्व पृष्ठ का प्रभावी क्षेत्रफल
\(=\pi d \times h=\frac{22}{7} \times 20 \times 35=2200 \mathrm{cm}^{2}\)
अतः अभीष्ट कपड़े की आवश्यकता = 2200 cm².

प्रश्न 11.
किसी विद्यालय के विद्यार्थियों से एक आधार वाले बेलनाकार कलमदानों को गत्ते से बनाने और सजाने की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कहा गया। प्रत्येक कलमदान को 3 cm त्रिज्या और 10.5 cm ऊँचाई का होना था। विद्यालय को इसके लिए प्रतिभागियों को गत्ता देना था। यदि इसमें 35 प्रतिभागी थे तो विद्यालय को कितना गत्ता खरीदना पड़ा होगा?
हल :
दिया है : कलमदान के आधार की त्रिज्या, r = 3 cm और ऊँचाई = 10.5 cm तथा कलमदानों की संख्या 35 है।
कलमदान का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh = 2π x 3 x 10.5 = 63.0 π cm²
आधार का क्षेत्रफल = πr² = π x 3² = 9π cm²
एक कलमदान में प्रयुक्त कुल गत्ता = 63π + 9π = 72π cm²
35 कलमदानों में प्रयुक्त कुल गत्ता = 35 x 72π = 35 x 72 x \(\frac { 22 }{ 7 }\) cm²
= 7920 cm²
अत: गत्ते का अभीष्ट क्षेत्रफल = 7920 cm².

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.8

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.8

प्रश्न 1.
उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसकी त्रिज्या निम्न है:
(i) 7 cm (2019)
(ii) 0.63 m.
हल :
(i) गोले की त्रिज्या R = 7 cm (दिया है।)
गोले का आयतन \(V=\frac{4}{3} \pi R^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times(7)^{3} \mathrm{cm}^{3}\)
\(=\frac{88 \times 49}{3}=\frac{4312}{3}\)
= 1437.33 cm³ (लगभग)
अतः गोले का अभीष्ट आयतन = 1437.33 cm³. (लगभग)

(ii) गोले की त्रिज्या R = 0.63 m (दिया है)
गोले का आयतन \(V=\frac{4}{3} \pi R^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times(0.63)^{3} \mathrm{m}^{3}\)
= 88 x 0.63 x 0.63 x 0.03
= 105 m³ (लगभग)
अतः गोले का अभीष्ट आयतन = 1.05 m³.(लगभग)

प्रश्न 2.
उस ठोस गोलाकार गेंद द्वारा हटाए गए (विस्थापित) पानी का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका व्यास निम्न है
(i) 28 cm
(ii) 0.21 m.
हल :
ठोस गेंद द्वारा हटाए गए पानी का आयतन = गेंद का आयतन
(i) गोलाकार गेंद का दिया गया व्यास d = 28 cm ⇒ त्रिज्या R = 14 cm
गोलाकार गेंद का आयतन \(\frac { 1 }{ 2 }\)
\(V=\frac{4}{3} \pi \mathrm{R}^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times(14)^{3}\)
\(=\frac{88}{3} \times 14 \times 14 \times 2\)
V = \(\frac { 34496 }{ 3 }\)
= 11498.67 cm³ (लगभग)
अतः हटाए गए पानी का अभीष्ट आयतन = 11498.67 cm³. (लगभग)

(ii) गोलाकार गेंद का व्यास d = 0.21 m ⇒ त्रिज्या r = 0.105 m
गोलाकार गेंद का आयतन \(V=\frac{4}{3} \pi R^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times(0 \cdot 105)^{3} \mathrm{m}^{3}\)
= 88 x 0.105 x 0.105 x 0.005
= 0.004851 m³
अतः हटाए गए पानी का अभीष्ट आयतन = 0.004851 m³.

प्रश्न 3.
धातु की एक गेंद का व्यास 4.2 cm है। यदि इस धातु का घनत्व 8.9 ग्राम प्रति cm³ है, तो इस गेंद का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : गेंद का व्यास d = 2R = 4.2 cm = R = 2.1 cm एवं धातु का घनत्व D = 8.9g/cm³
गोलाकार गेंद का आयतन \(V=\frac{4}{3} \pi R^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times(2 \cdot 1)^{3} \mathrm{cm}^{2}\)
= 8.8 x 2.1 x 2.1
= 38.808 cm³
धातु का द्रव्यमान = घनत्व – आयतन
= 8.9 x 38.808 g
= 345.39 g (लगभग)
अतः धातु का अभीष्ट द्रव्यमान = 345.39 g. (लगभग)

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प्रश्न 4.
चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक-चौथाई है। चन्द्रमा का आयतन पृथ्वी के आयतन की कौन-सी भिन्न है ? (2019)
हल :
मान लीजिए पृथ्वी का व्यास = d मात्रक है ⇒ चन्द्रमा का व्यास = \(\frac { d }{ 4 }\) मात्रक
पृथ्वी की त्रिज्या \(R_{e}=\frac{d}{2}\) मात्रक एवं चन्द्रमा की त्रिज्या \(R_{m}=\frac{d}{8}\) मात्रक
पृथ्वी का आयतन, \(V_{e}=\frac{4}{3} \pi\left(\mathrm{R}_{\mathrm{e}}\right)^{3}=\frac{4}{3} \pi\left(\frac{d}{2}\right)^{3}=\frac{1}{6} \pi d^{3}\) …(1)
चन्द्रमा का आयतन, \(V_{m}=\frac{4}{3} \pi\left(R_{m}\right)^{3}=\frac{4}{3} \pi\left(\frac{d}{8}\right)^{3}=\frac{\pi d^{3}}{384}\) मात्रको
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.8 image 1
अतः चन्द्रमा का आयतन पृथ्वी के आयतन की अभीष्ट भिन्न = \(\frac { 1 }{ 64 }\).

प्रश्न 5.
व्यास 10.5 cm वाले एक अर्द्धगोलाकार कटोरे में कितने लीटर दूध आ सकता है ?
हल :
अर्द्धगोलाकार कटोरे का व्यास, d = 10.5 cm (दिया गया है।)
त्रिज्या R = \(\frac { 10.5 }{ 2 }\) cm = 5.25 cm
कटोरे की धारिता \(V=\frac{2}{3} \pi R^{3}=\frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times(5 \cdot 25)^{3}\)
= 44 x 5.25 x 5.25 x 0.25
= 303.1875 cm³
= 0.3032 लीटर (लगभग)
अत: कटोरे में अभीष्ट 0.3032 लीटर (लगभग) दूध आ सकता है।

प्रश्न 6.
एक अर्द्धगोलाकार टंकी 1 cm मोटी एक लोहे की चादर (sheet) से बनी है। यदि इसकी आन्तरिक त्रिज्या 1 m है तो इस टंकी के बनाने में लगे लोहे का आयतन ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : टंकी की आन्तरिक त्रिज्या R2 = 1 m एवं लोहे की शीट की मोटाई = 1 cm = 0.01 m
⇒ बाह्य त्रिज्या R1 = 1.01 m
लोहे का आयतन V = टंकी का बाह्य आयतन – टंकी का आन्तरिक आयतन
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.8 image 2
अत: लोहे का अभीष्ट आयतन = 0.06286 m³ (लगभग)।

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प्रश्न 7.
उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154 cm² है।
हल :
चूँकि गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4πR²
\(4 \times \frac{22}{7} R^{2}=154 \Rightarrow R^{2}=\frac{154 \times 7}{4 \times 22}=\left(\frac{7}{2}\right)^{2}\)
\(R=\frac{7}{2} \mathrm{cm}\)
गोले का आयतन \(V=\frac{4}{3} \pi R^{3}=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times\left(\frac{7}{2}\right)^{3}\)
\(=\frac{11}{3} \times 49=\frac{539}{3}=179 \cdot 67 \mathrm{cm}^{3}\)
अतः गोले का अभीष्ट आयतन = 179.67 cm³.

प्रश्न 8.
किसी भवन का गुम्बद एक अर्द्धगोले का आकार का है। अन्दर से इसमें सफेदी कराने में Rs 498.96 व्यय हुए। यदि सफेदी कराने की दर Rs 2 प्रति वर्ग मीटर है तो ज्ञात कीजिए
(i) गुम्बद का आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।
(ii) गुम्बद के अन्दर की हवा का आयतन।
हल :
(i) गुम्बद का आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.8 image 3
अतः गुम्बद का आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 249.48 m².

(ii) अर्द्धगोले का वक्रीय पृष्ठ = 2πR²
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.8 image 4
चूँकि हवा का आयतन V = गुम्बद की धारिता
\(=\frac{2}{3} \pi(R)^{3}=\frac{2}{3} \times \frac{22}{7}(6 \cdot 3)^{3} \mathrm{m}^{3}\)
= 44 x 6.3 x 6.3 x 0.3
= 523.9 m³
अतः हवा का अभीष्ट आयतन = 523.9 m³.

प्रश्न 9.
लोहे के सत्ताईस ठोस गोलों को पिघलाकर जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या r है और पृष्ठीय क्षेत्रफल S है। एक बड़ा गोला बनाया जाता है जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल S’ है। ज्ञात कीजिए:
(i) नये गोले की त्रिज्या r’,
(ii) S और S’ का अनुपात।
हल :
(i) नये गोले का आयतन = 27 पुराने गोलों का आयतन
\(\frac{4}{3} \pi\left(r^{\prime}\right)^{3}=27 \times \frac{4}{3} \pi(r)^{3}\)
(r’)³ = (3r)³ ⇒ r’ = 3r मात्रक
अतः नये गोले की त्रिज्या r’ = 3r मात्रक।।

(ii) S : S’ = 4πr² : 4πr’² = r² : r’²
S : S’ = r² : (3r)² = r² : 9r² = 1 : 9
अतः S : S’ का अभीष्ट अनुपात = 1 : 9.

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प्रश्न 10.
दवाई का एक कैप्सूल (capsule) 3.5 mm व्यास का एक गोला (गोली) है। इस कैप्सूल को भरने के लिए कितनी (mm³) दवाई की आवश्यकता होगी ?
हल :
दवा का आयतन = गोली का आयतन = \(\frac{4}{3} \pi(R)^{3}\)
\(V=\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times\left(\frac{3 \cdot 5}{2}\right)^{3}\) (चूँकि व्यास 2R = 3.5 दिया है)
\(V=\frac{11}{3} \times 3 \cdot 5 \times 3 \cdot 5 \times 0 \cdot 5=\frac{67 \cdot 375}{3}=22 \cdot 46 \mathrm{mm}^{3}\) (लगभग)
अतः कैप्सूल को भरने के लिए आवश्यक दवा = 22.46 mm³. (लगभग)

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MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

MP Board Class 9th Science Chapter 11 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न शृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 164

प्रश्न 1.
किसी वस्तु पर 7 N का बल लगता है। मान लीजिए बल की दिशा में विस्थापन 8 m है (संलग्न चित्र)। मान लीजिए वस्तु के विस्थापन के समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहता है। इस स्थिति में किया हुआ कार्य कितना होगा?
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 1
हल:
∵ कार्य (W) = आरोपित बल (F) x बल की दिशा में विस्थापन
कार्य (W) = 7 N x 8 m = 56 N m = 56 J
अतः अभीष्ट कार्य = 56 J.

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 165

प्रश्न 1.
हम कब कहते हैं कि कार्य किया गया?
उत्तर:
जब बल वस्तु की विस्थापन की दिशा में लगा हो।

प्रश्न 2.
जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
किया हुआ कार्य (W) = आरोपित बल (F) x बल की दिशा में विस्थापन (S)

प्रश्न 3.
1J कार्य को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
एक जूल (1J) कार्य:
“यदि किसी वस्तु पर एक न्यूटन (1 N) का बल आरोपित होने पर वस्तु बल की दिशा में एक मीटर विस्थापित हो तो बल द्वारा उस वस्तु पर किए गए कार्य का परिमाण एक जूल कार्य कहलाता है।”

प्रश्न 4.
बैलों की एक जोड़ी खेत जोतते समय किसी हल पर 140 N बल लगाती है। जोता गया खेत 15 m लम्बा है। खेत की लम्बाई को जोतने में कितना कार्य किया गया? (2019)
हल:
ज्ञात है:
लगाया गया बल
F = 140 N
विस्थापन S= 15 m
ज्ञात करना है:
किया गया कार्य W = ?
किया गया कार्य (W) = बल (F) x बल की दिशा में विस्थापन (S)
⇒ w = 140 N x 15 m
= 2100 Nm (J)
अतः अभीष्ट किया गया कार्य = 2100 J.

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प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 169

प्रश्न 1.
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा क्या होती है? (2018)
उत्तर:
गतिज ऊर्जा:
“किसी वस्तु में उसकी गति के कारण कार्य करने की क्षमता उस वस्तु की गतिज ऊर्जा कहलाती है।”

प्रश्न 2.
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा के लिए व्यंजक लिखिए। (2018)
उत्तर:
गतिज ऊर्जा (Ek) = \(\frac{1}{2} m v^{2}\)

प्रश्न 3.
5 m s-1 के वेग से गतिशील किसी m द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊर्जा 25J है। यदि इसके वेग को दो गुना कर दिया जाय तो उसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जायेगी ? यदि इसके वेग को तीन गुना बढ़ा दिया जाय तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
हल:
गतिज ऊर्जा Ek = \(\frac{1}{2} m v^{2}\)
\(\frac{1}{2}\)m(5)2 = 25
m = \(\frac{25 \times 25}{25}\) =2 kg
जब वेग को दो गुना कर दिया जाय अर्थात् v1 = 2 x 5 = 10 m s-1
गतिज ऊर्जा Ek1 = \(\frac{1}{2}\) x 2 x (10)2 = 100 J
अतः अभीष्ट गतिज ऊर्जा = 100 J.
जब वेग को तीन गुना कर दिया जाय अर्थात् v2 = 3 x 5 = 15 m s-1
गतिज ऊर्जा Ek2 = x 2 x (15)2 = 225 J
अतः अभीष्ट गतिज ऊर्जा = 225 J.

प्रश्न श्रृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 174

प्रश्न 1.
शक्ति को परिभाषित कीजिए। (2018)
उत्तर:
शक्ति:
“किसी वस्तु की कार्य करने की दर उसकी शक्ति कहलाती है।” अर्थात्
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 2

प्रश्न 2.
एक वाट शक्ति को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
एक वाट शक्ति:
“जब कोई वस्तु एक सेकण्ड में एक जूल कार्य करती है तो उस वस्तु की शक्ति एक वाट शक्ति कहलाती है।”

प्रश्न 3.
एक लैम्प 1000 जूल विद्युत ऊर्जा 10s में व्यय करता है। इसकी शक्ति कितनी है? (2019)
हल:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 3
अतः अभीष्ट शक्ति = 100W.

प्रश्न 4.
औसत शक्ति को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
औसत शक्ति-“उपयोग की गयी कुल ऊर्जा एवं उसके उपयोग में लगे कुल समय के अनुपात को औसत शक्ति कहते हैं।” अर्थात्
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 4

MP Board Class 9th Science Chapter 11 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्न सूचीबद्ध क्रियाकलापों को ध्यान से देखिए। अपनी’कार्य’ शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इसमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।
1. सूमा एक तालाब में तैर रही है।
2. एक गधे ने अपनी पीठ पर बोझा उठा रखा है।
3. एक पवन चक्की (विण्ड मिल) कुएँ से पानी उठा रही है।
4. एक हरे पौधे में प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया हो रही है।
5. एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है।
6. अनाज के दाने सूर्य की धूप में सूख रहे हैं।
7. एक पाल-नाव पवन ऊर्जा के कारण गतिशील है।
उत्तर:

  1. कार्य हो रहा है क्योंकि बल भी है और विस्थापन भी।
  2. कार्य नहीं हो रहा क्योंकि बल है, विस्थापन नहीं।
  3. कार्य हो रहा है क्योंकि बल भी है और विस्थापन भी।
  4. कार्य नहीं हो रहा क्योंकि न तो बल है और विस्थापन ही।
  5. कार्य हो रहा है क्योंकि बल भी है और विस्थापन भी।
  6. कार्य नहीं हो रहा है क्योंकि न तो बल है और न विस्थापन ही।
  7. कार्य हो रहा है क्योंकि बल भी है और विस्थापन भी।

प्रश्न 2.
एक पिण्ड को धरती से किसी कोण पर फेंका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस धरती पर आ गिरता है। पिण्ड के पथ के प्रारम्भिक तथा अन्तिम बिन्दु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित हैं। पिण्ड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया गया ?
उत्तर:
शून्य कार्य किया गया क्योंकि गुरुत्व बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर लग रहा है जबकि विस्थापन उसकी क्रियारेखा के लम्बवत् अर्थात् क्षैतिज रेखा में है।

प्रश्न 3.
एक बैटरी बल्ब जलाती है। इस प्रक्रम में होने वाले ऊर्जा परिवर्तन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बैटरी में निहित रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है फिर विद्युत ऊर्जा बल्ब द्वारा प्रकाश ऊर्जा एवं ऊष्मीय ऊर्जा में परिवर्तित होती है।

प्रश्न 4.
20 kg द्रव्यमान पर लगने वाला कोई बल इसके वेग को 5 m s-1 से 2 m s-1 में परिवर्तित कर देता है। बल द्वारा किए गये कार्य का परिकलन कीजिए।
हल:
बल द्वारा किया गया कार्य = वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
w = \(\frac{1}{2}\)mv2 = \(\frac{1}{2}\)m (u2 – v2)
= \(\frac{1}{2}\)x 20 x [(5)2 – (2)]
= 10 x (25 – 4) = 10 x (+21) = + 210 J
अतः बल द्वारा किया गया अभीष्ट कार्य = 210 J.

प्रश्न 5.
10 kg द्रव्यमान का एक पिण्ड मेज पर Aबिन्दु पर रखा है। इसे बिन्दु B तक लाया जाता है। यदि A और B को मिलाने वाली रेखा क्षैतिज है तो पिण्ड पर गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होगा क्योंकि गुरुत्वीय बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर है और विस्थापन इसकी क्रियारेखा के लम्बवत् क्षैतिज दिशा में है।

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प्रश्न 6.
मुक्त रूप से गिरते एक पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है। क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है ? कारण बताइए।
उत्तर:
ऊर्जा संरक्षण के नियम का कोई उल्लंघन नहीं हो रहा है क्योंकि स्थितिज ऊर्जा पिण्ड की गतिज ऊर्जा में परिवर्तित होती जा रही है।

प्रश्न 7.
जब आप साइकिल चलाते हैं तो कौन-कौन से ऊर्जा रूपान्तरण होते हैं?
उत्तर:
पेशीय स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा में रूपान्तरण।

प्रश्न 8.
जब आप सारी शक्ति लगाकर एक बड़ी चट्टान को धकेलना चाहते हैं इसे हिलाने में असफल हो जाते हैं तो क्या इस अवस्था में ऊर्जा का स्थानान्तरण होता है? आपके द्वारा व्यय की गई ऊर्जा कहाँ चली जाती है?
उत्तर:
कोई ऊर्जा रूपान्तरण नहीं हो रहा है। हमारे द्वारा व्यय की गई ऊर्जा चट्टान के जड़त्व के विरुद्ध व्यय हो गयी।

प्रश्न 9.
किसी घर में एक महीने में ऊर्जा की 250 यूनिटें खर्च (व्यय) हुईं। यह ऊर्जा जूल में कितनी होगी?
हल:
चूँकि हम जानते हैं कि ‘एक यूनिट’ ऊर्जा = 3.6 x 106 J
इसलिए 250 यूनिटें = 250 x 3.6 x 106 J = 9 x 108 J
अतः ऊर्जा का जूल में अभीष्ट मान = 9 x 108 J.

प्रश्न 10.
40 kg द्रव्यमान का एक पिण्ड धरती से 5 m की ऊँचाई तक उठाया जाता है। इसकी स्थितिज ऊर्जा कितनी है? यदि पिण्ड को मुक्त रूप से गिरने दिया जाय तो जब पिण्ड ठीक आधे रास्ते पर है उस समय इसकी गतिज ऊर्जा का परिकलन कीजिए। (g = 10 m s-2)
हल:
ज्ञात है:
पिण्ड का द्रव्यमान m = 40 kg
पिण्ड की ऊँचाई h = 5 m
गुरुत्वीय त्वरण g = 10 m s-2
स्थितिज ऊर्जा Ep = mgh
Ep = 40 x 10 x 5 = 2,000 J
आधे रास्ते (आधी ऊँचाई) पर पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा
Ep = 40 x 10 x 2 = 1,000 J
शेष स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
इसलिए
आधे रास्ते पर गतिज ऊर्जा = 2,000 J – 1,000 J = 1,000 J
अतः अभीष्ट स्थितिज ऊर्जा = 2,000 J एवं
आधे रास्ते पर अभीष्ट गतिज ऊर्जा = 1,000 J.

प्रश्न 11.
पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए किसी उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जायेगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।
उत्तर:
गुरुत्व बल द्वारा शून्य कार्य किया जायेगा। क्योंकि गुरुत्व बल के अनुदिश विस्थापन शून्य है।

प्रश्न 12.
क्या किसी पिण्ड पर लगने वाले किसी भी बल की अनुपस्थिति में इसका विस्थापन हो सकता है? सोचिए। इस प्रश्न के बारे में अपने मित्रों तथा अध्यापकों से विचार-विमर्श कीजिए।
उत्तर:
नहीं हो सकता।

प्रश्न 13.
कोई मनुष्य भूसे के एक गट्ठर को अपने सिर पर 30 मिनट तक रखे रहता है और थक जाता है। क्या उसने कुछ कार्य किया या नहीं? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।
उत्तर:
कार्य नहीं किया क्योंकि विस्थापन नहीं हुआ।

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प्रश्न 14.
एक विद्युत हीटर (ऊष्मक) की घोषित शक्ति 1500 W है। 10 घंटे में यह कितनी ऊर्जा उपयोग करेगा?
हल:
ऊर्जा = शक्ति x समय
= 1500 W x 10 घण्टे
15,000 वाट घण्टे = 15 किलोवाट घण्टे (यूनिट)
अतः अभीष्ट प्रयुक्त ऊर्जा -15 यूनिट (kWh).

प्रश्न 15.
जब हम किसी सरल लोलक के गोलक को एक ओर ले जाकर छोड़ते हैं तो यह दोलन करने लगता है। इसमें होने वाले ऊर्जा परिवर्तनों की चर्चा करते हुए ऊर्जा संरक्षण के नियम को स्पष्ट कीजिए। गोलक कुछ समय पश्चात् विराम अवस्था में क्यों आ जाता है। अन्ततः इसकी ऊर्जा का क्या होता है ? क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन है?
उत्तर:
चित्रानुसार जब हम किसी लोलक OA को एक ओर B तक ले जाकर छोड़ते हैं तो वह 8 से A, A से C पुन: C से A तक दोलन करता है।
इस स्थिति में B पर गोलक में अधिकतम स्थितिज ऊर्जा होती है तथा गतिज ऊर्जा शून्य होती है, गोलक को छोड़ने पर वह A की तरफ आता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में कमी होती जाती है। यह कमी गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। स्थिति A पर अधिकतम गतिज ऊर्जा तथा शून्य स्थितिज ऊर्जा होती है। कुल ऊर्जा का योग नियत रहता है। B से C तक गतिज ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित होती जाती है और पुन: C से A तक स्थितिज ऊर्जा गतिज | ऊर्जा में। इस प्रकार यह ऊर्जा संरक्षण नियम का पालन करता है।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 5
कुछ समय पश्चात् लोलक विरामावस्था में आ जाता है क्योंकि उस पर वायु द्वारा घर्षण बल लगता है। अन्ततः इसकी ऊर्जा घर्षण बल के विरुद्ध व्यय हो जाती है।

प्रश्न 16.
m द्रव्यमान का एक पिण्ड नियत वेग v से गतिशील है। पिण्ड पर कितना कार्य करना चाहिए कि वह विराम अवस्था में आ जाये?
उत्तर:
चूँकि पिण्ड की गतिज ऊर्जा Ek = \(\frac{1}{2}\)mv2 है इसलिए इसे विरामावस्था में लाने के लिए \(\frac{1}{2}\)mv2 के बराबर कार्य करना होगा।

प्रश्न 17.
1500 kg द्रव्यमान की कार को, जो 60 km/h के वेग से चल रही है, रोकने के लिए किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल:
कार का वेग = 60 km/h
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 6
अतः कार को रोकने के लिए आवश्यक अभीष्ट कार्य = 208333.3J

प्रश्न 18.
निम्न में से प्रत्येक स्थिति में m द्रव्यमान के एक पिण्ड पर बल F लग रहा है। विस्थापन की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर है जो एक लम्बे तीर से प्रदर्शित की गयी है। चित्रों को ध्यानपूर्वक देखिए और बताइए कि किया गया कार्य ऋणात्मक है, धनात्मक है या शून्य है।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 7
उत्तर:
स्थिति (a) में कार्य शून्य है।
स्थिति (b) में कार्य धनात्मक है।
स्थिति (c) में कार्य ऋणात्मक है।

प्रश्न 19.
सोनी कहती है कि किसी वस्तु पर त्वरण शून्य हो सकता है चाहे उस पर कई बल कार्य कर रहे हों। क्या आप उससे सहमत हैं? बताइए, क्यों?
उत्तर:
हाँ, यह सम्भव है। जब बलों का परिणामी बल शून्य हो अथवा वस्तु के जड़त्व से कम हो।

प्रश्न 20.
चार युक्तियाँ, जिनमें प्रत्येक की शक्ति 500 w है, 10 घण्टे तक उपयोग में लायी जाती हैं। इनके द्वारा व्यय की गयी ऊर्जा kWh में परिकलित कीजिए।
हल:
व्यय ऊर्जा (kWh में) = \(\frac{4 \times 500 \times 10}{1000}\) = 20 kWh

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प्रश्न 21.
मुक्त रूप से गिरता एक पिण्ड अन्ततः धरती तक पहुँचने पर रुक जाता है। इसकी गतिज ऊर्जा का क्या होता है?
उत्तर:
पिण्ड की गतिज ऊर्जा पृथ्वी तल से संघट्ट में व्यय हो जाती है।

MP Board Class 9th Science Chapter 11 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 11 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जब कोई पिण्ड मुक्त रूप से पृथ्वी की ओर गिरता है, तो इसकी कुल ऊर्जा –
(a) बढ़ती है
(b) घटती है
(c) अचर रहती है
(d) पहले बढ़ती है, फिर घटती है
उत्तर:
(c) अचर रहती है

प्रश्न 2.
कोई कार किसी समतल सड़क पर त्वरित होकर अपने प्रारम्भिक वेग का चार गुना वेग प्राप्त कर लेती है। इस प्रक्रिया में कार की स्थितिज ऊर्जा –
(a) परिवर्तित नहीं होती
(b) प्रारम्भिक ऊर्जा की दो गुनी हो जाती है
(c) प्रारम्भिक ऊर्जा की चार गुनी हो जाती है
(d) प्रारम्भिक ऊर्जा की सोलह गुनी हो जाती है।
उत्तर:
(a) परिवर्तित नहीं होती

प्रश्न 3.
ऋणात्मक कार्य के प्रकरण में बल एवं विस्थापन के बीच कोण होता है –
(a) 0°
(b) 45°
(c) 90°
(d) 180°
उत्तर:
(d) 180°

प्रश्न 4.
10 kg द्रव्यमान के लोहे तथा 3.5 kg द्रव्यमान के ऐलुमिनियम के गोलों के व्यास समान हैं। दोनों गोले किसी मीनार से एक साथ गिराये जाते हैं। जब वे भूतल से 10 m ऊपर होते हैं, तब इनके समान होते/होती हैं –
(a) त्वरण
(b) संवेग
(c) स्थितिज ऊर्जा
(d) गतिज ऊर्जा
उत्तर:
(a) त्वरण

प्रश्न 5.
कोई लड़की अपनी पीठ पर 3 kg द्रव्यमान का बस्ता उठाये किसी समतल सड़क पर 300 m की दूरी तय करती है। इसके द्वारा गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध किया जाने वाला कार्य होगा(g = 10 m s-2)
(a) 6 x 103 J
(b) 6J
(c) 0.6 J
(d) शून्य
उत्तर:
(d) शून्य

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में कौन ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
(a) जूल
(b) न्यूटन-मीटर
(c) किलोवाट
(d) किलोवाट घण्टा
उत्तर:
(c) किलोवाट

प्रश्न 7.
किसी पिण्ड पर किया गया कार्य निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता?
(a) विस्थापन
(b) लगाया गया बल
(c) बल एवं विस्थापन के बीच कोण
(d) पिण्ड का प्रारम्भिक वेग।
उत्तर:
(d) पिण्ड का प्रारम्भिक वेग।

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प्रश्न 8.
बाँध के संग्रहीत जल में – (2019)
(a) कोई ऊर्जा नहीं होती
(b) विद्युत ऊर्जा होती है
(c) गतिज ऊर्जा होती है
(d) स्थितिज ऊर्जा होती है
उत्तर:
(d) स्थितिज ऊर्जा होती है

प्रश्न 9.
एक पिण्ड h ऊँचाई से गिर रहा है। h/2 ऊँचाई गिरने के पश्चात् इसमें होगी –
(a) केवल स्थितिज ऊर्जा
(b) केवल गतिज ऊर्जा
(c) आधी स्थितिज ऊर्जा आधी गतिज ऊर्जा
(d) अधिक गतिज ऊर्जा और कम स्थितिज ऊर्जा।
उत्तर:
(c) आधी स्थितिज ऊर्जा आधी गतिज ऊर्जा

प्रश्न 10.
सामर्थ्य P एवं कार्य W में सम्बन्ध होता है –
(a) P = Wt
(b) t = WP
(c) W = Pt
(d) PWt = 1.
उत्तर:
(c) W = Pt

प्रश्न 11.
किलोवाट घण्टा में होते हैं –
(a) 3.6 x 106 वाट
(b) 3.6 x 106 जूल
(c) 3.6 x 106 अर्ग
(d) 3.6 x 106 कैलोरी
उत्तर:
(b) 3.6 x 106 जूल

प्रश्न 12.
स्थितिज ऊर्जा के प्रकार हैं –
(a) गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा
(b) प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
(c) ये दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) ये दोनों

प्रश्न 13.
एक व्यक्ति 10 kg भार सिर पर रखकर 10 मीटर क्षैतिज तल पर दूरी तय करता है। उसके द्वारा किया गया कार्य होगा –
(a) शून्य
(b) 100 kg भार मीटर
(b) 100 जूल
(d) 1 जूल
उत्तर:
(a) शून्य

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प्रश्न 14.
ऊर्जा का S.I. मात्रक होगा – (2019)
(a) वाट
(b) अश्व शक्ति
(c) अर्ग
(d) जूल
उत्तर:
(d) जूल

प्रश्न 15.
कार्य करने की क्षमता को कहते हैं –
(a) ऊर्जा
(b) कार्य
(c) शक्ति
(d) ऊष्मा
उत्तर:
(a) ऊर्जा

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. जब वस्तु का विस्थापन आरोपित बल की दिशा में हो तो कार्य ……………. होता है।
2. जब वस्तु का विस्थापन आरोपित बल के लम्बवत् हो तो कार्य ……………. होता है।
3. विद्युत् ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक ……………. होता है।
4. एक अश्व शक्ति …………… वाट के बराबर होता है।
5. सामर्थ्य का S.I. मात्रक …………… होता है।
6. कार्य का S.I. मात्रक ………….. है।
उत्तर:

  1. महत्तम
  2. शून्य
  3. किलोवाट-घण्टा
  4. 746
  5. वाट
  6. जूल।

सही जोड़ी बनाना
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 8
उत्तर:

  1. → (iii)
  2. → (iv)
  3. → (v)
  4. → (i)
  5. → (ii).

सत्य/असत्य कथन

1. कार्य करने की दर ऊर्जा कहलाती है।
2. गति के कारण कार्य करने की क्षमता गतिज ऊर्जा होती है।
3. सामर्थ्य का S.I. मात्रक अश्व शक्ति होता है।
4. दीवार पर बल लगाने से शून्य कार्य होता है।
5. प्रत्येक प्रकार की ऊर्जा का S.I. मात्रक जूल होता है।
6. गतिज ऊर्जा का सूत्र E = mgh होता है।
उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. असत्य।

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एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
यदि बल F एवं विस्थापन S के मध्य कोण हो तो किये कार्य का व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
कार्य (W) = बल (F) x विस्थापन (S) x cos θ

प्रश्न 2.
कार्य का S.I. मात्रक लिखिए।
उत्तर:
जूल।

प्रश्न 3.
ऊर्जा का S.I. मात्रक लिखिए।
उत्तर:
जूल।

प्रश्न 4.
एक किलोवाट-घण्टा में कितने जूल होते हैं? (2019)
उत्तर:
3.6 x 106 जूल।

प्रश्न 5.
कार्य करने की क्षमता क्या कहलाती है?
उत्तर:
ऊर्जा।

प्रश्न 6.
वस्तु की गति के कारण कार्य करने की क्षमता को क्या कहते हैं?
उत्तर:
गतिज ऊर्जा।

प्रश्न 7.
गतिज ऊर्जा का व्यंजक लिखिए। (2019)
उत्तर:
गतिज ऊर्जा Ek = \(\frac{1}{2}\)m2

प्रश्न 8.
किसी वस्तु की विशेष स्थिति के कारण कार्य करने की क्षमता क्या कहलाती है?
उत्तर:
स्थितिज ऊर्जा।

प्रश्न 9.
गुरुत्वीय बल के कारण कार्य करने की क्षमता क्या कहलाती है?
उत्तर:
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा।

प्रश्न 10.
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के लिए व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा Ep = mgh.

प्रश्न 11.
कार्य करने की दर को क्या कहते हैं?
उत्तर:
शक्ति (सामर्थ्य)।

प्रश्न 12.
सामर्थ्य (शक्ति) का S. I. मात्रक लिखिए।
उत्तर:
वाट।

प्रश्न 13.
कार्य (W) एवं शक्ति (सामर्थ्य P) में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
शक्ति (सामर्थ्य)
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 9

प्रश्न 14.
हॉर्स पावर (अश्व शक्ति) किस भौतिक राशि का मात्रक है? (2019)
उत्तर:
शक्ति (सामर्थ्य) का।

प्रश्न 15.
एक हॉर्स पावर (अश्व शक्ति) में कितने वाट होते हैं?
उत्तर:
746 वाट।

MP Board Class 9th Science Chapter 11 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कार्य को परिभाषित कीजिए तथा मात्रक लिखिए। (2019)
उत्तर:
कार्य-“किसी वस्तु पर लगे बल एवं बल की दिशा में पिण्ड के विस्थापन के गुणनफल को कार्य कहते हैं।” अर्थात्
कार्य (W) = बल (F) x बल की दिशा में विस्थापन (S)
कार्य का मात्रक – जूल।

प्रश्न 2.
ऊर्जा क्या है? ऊर्जा का मात्रक लिखिए। (2019)
उत्तर:
ऊर्जा:
“किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता उस वस्तु की ऊर्जा कहलाती है।”
ऊर्जा का मात्रक – जूल।

प्रश्न 3.
किसी वस्तु की स्थितिज ऊर्जा को परिभाषित कीजिए। (2018)
उत्तर:
स्थितिज ऊर्जा:
“किसी वस्तु की स्थिति के कारण कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।”

प्रश्न 4.
धनात्मक कार्य क्या है?
उत्तर:
धनात्मक कार्य:
“किसी वस्तु पर बल आरोपित करने पर यदि विस्थापन बल की दिशा में हो तो किया गया कार्य धनात्मक कार्य कहलाता है।”

प्रश्न 5.
ऋणात्मक कार्य किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऋणात्मक कार्य:
किसी वस्तु पर बल आरोपित करने पर यदि विस्थापन बल की दिशा के विपरीत दिशा में हो तो किया गया कार्य ऋणात्मक कार्य कहलाता है।

प्रश्न 6.
किसी वस्तु की संहति दोगुनी करने पर या उसका वेग दोगुना करने पर उसकी गतिज ऊर्जा किस स्थिति में अधिक प्रभावित होगी और क्यों?
उत्तर:
उसकी संहति दोगुनी करने पर गतिज ऊर्जा दोगुनी होगी जबकि वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जायेगी।

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प्रश्न 7.
यदि किसी पिण्ड का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा किस प्रकार प्रभावित होगी?
उत्तर:
यदि किसी पिण्ड का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा पहले की दोगुनी हो जायेगी, क्योंकि गतिज ऊर्जा द्रव्यमान के समानुपाती होती है।

प्रश्न 8.
यदि किसी पिण्ड का वेग आधा कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा किस प्रकार प्रभावित होगी?
उत्तर:
यदि किसी पिण्ड का वेग आधा कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा पहले की \(\frac{1}{4}\) (चौथाई) रह जायेगी, क्योंकि गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है।

प्रश्न 9.
ऊर्जा संरक्षण का नियम लिखिए। (2018, 19)
उत्तर:
ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy):
“किसी निकाय की सम्पूर्ण ऊर्जा का योग सदैव नियत रहता है।”

प्रश्न 10.
एक रॉकेट ऊपर की ओर v वेग से गतिमान है। यदि रॉकेट का वेग एकाएक तीन गुना हो जाय तो उसकी प्रारम्भिक एवं अन्तिम गतिज ऊर्जाओं का अनुपात क्या होगा?
हल:
माना राकेट का द्रव्यमान m एवं प्रारम्भिक वेग v है तो राकेट का अन्तिम वेग v’ = 3v होगा।
प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा Eki = \(\frac{1}{2}\)mv2
अन्तिम गतिज ऊर्जा Ekf = \(\frac{1}{2}\)mv’2 = \(\frac{1}{2}\)m (3v)2 = \(\frac{9}{2}\)m2
प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा Eki : अन्तिम गतिज ऊर्जा Ekf = \(\frac{1}{2}\)mv2
Eki : Ekf = 1 : 9
अतः गतिज ऊर्जाओं में अभीष्ट अनुपात = 1 : 9

प्रश्न 11.
अविनाश 10 N के घर्षण बल के विरुद्ध 8 m s-1 की चाल से दौड़ सकता है और कपिल 25 N के घर्षण बल के विरुद्ध 3 m s-1 के वेग से दौड़ सकता है। इनमें कौन अधिक शक्तिशाली है?
हल:
अविनाश की शक्ति (सामर्थ्य)= घर्षण बल x वेग = 10 N x 8 m s-1
PA = 80 N m s
कपिल की शक्ति (सामर्थ्य) = घर्षण बल x वेग = 25 Nx 3 m s-1
PK = 75 N m s-1
अतः अविनाश अधिक शक्तिशाली है।

प्रश्न 12.
क्या किसी पिण्ड का संवेग शुन्य होने पर भी उसमें यान्त्रिक ऊर्जा हो सकती है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हाँ, हो सकती है क्योंकि संवेग शून्य होने पर वेग शून्य होगा तथा गतिज ऊर्जा शून्य हो जाएगी लेकिन स्थितिज ऊर्जा तो हो ही सकती है अत: यान्त्रिक ऊर्जा हो सकती है।

प्रश्न 13.
क्या किसी पिण्ड की यान्त्रिक ऊर्जा शून्य होने पर उसमें संवेग हो सकता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
संवेग नहीं हो सकता क्योंकि यान्त्रिक ऊर्जा शून्य होने से गतिज एवं स्थितिज दोनों ऊर्जाएँ शून्य होंगी। इसलिए वेग भी शून्य होगा, अतः संवेग शून्य होगा।

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प्रश्न 14.
किसी मोटर की शक्ति 2 kW है। यह पम्प प्रति मिनट कितना जल 10 m की ऊँचाई तक उठा सकता है? (दिया है: g= 10 m s-2)
हल:
ज्ञात है:
P = 2 kw = 2000 w
∆t = 1 मिनट = 60 s
g = 10 m s-2
h = 10 m
माना यह पम्प m kg जल उठा सकता है, तो
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 10
= 1200 kg
अतः पम्प प्रति मिनट 1200 kg जल उठा सकता है।

प्रश्न 15.
किसी व्यक्ति का ग्रह A पर भार उसके पृथ्वी पर भार का लगभग आधा है। वह पृथ्वी के पृष्ठ पर 0.4 m की ऊँची छलाँग लगा सकता है। ग्रह A पर वह कितनी ऊँची छलाँग लगाएगा?
उत्तर:
व्यक्ति का भार पृथ्वी की अपेक्षा A ग्रह पर आधा है। इसलिए ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण के मान का आधा होगा। अतः उतने ही पेशीय बल से वह दो गुनी अर्थात् 2 x 0.4 m = 0.8 m ऊँची छलाँग लगा सकेगा।

प्रश्न 16.
क्या यह सम्भव है कि कोई पिण्ड बाह्य बल लगने के कारण त्वरित गति की अवस्था में तो हो, परन्तु इस पर बल द्वारा कोई कार्य न हो रहा हो? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हाँ, यह सम्भव है, यदि पिण्ड वृत्ताकार पथ पर चल रहा है, क्योंकि यहाँ पर बल सदैव विस्थापन की दिशा के लम्बवत् कार्य करता है।

प्रश्न 17.
कोई गेंद 10 m की ऊँचाई से गिरायी जाती है। यदि धरातल से टकराने के पश्चात् गेंद की ऊर्जा 40% कम हो जाती है, तो यह कितनी ऊँचाई तक ऊपर उठेगी ? (g= 10 m s-3)
हल:
टकराते समय गेंद की ऊर्जा = mgh = m x 10 x 10 = 100 mJ
चूँकि ऊर्जा में ह्रास 40% है अतः 60% ऊर्जा शेष रहेगी।
माना गेंद h’ ऊचाई तक ऊपर उठती है तो
mgh’ = 100 m का 60%
10 mh’ = 60 m = h’ ⇒ 6 m
अतः गेंद अभीष्ट ऊँचाई 6 m तक उठेगी।

प्रश्न 18.
यदि 1200 W की विद्युत इस्तरी को प्रतिदिन 30 मिनट उपयोग में लाया जाए तो अप्रैल माह में प्रयुक्त विद्युत ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
हल:
प्रयुक्त विद्युत ऊर्जा
ज्ञात है:
P = 1200w
t = 30, mt = 30/60 hr
दिन = 30
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 11
अतः प्रयुक्त अभीष्ट ऊर्जा = 18 kWh (यूनिट) दिन

प्रश्न 19.
अग्रलिखित कथनों को पढ़िए और बताइए कि कार्य हो रहा है या नहीं? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क भी दीजिए –
(a) आप दस सीढ़ियाँ चढ़ते हैं। प्रत्येक सीढ़ी की ऊर्ध्वाधर ऊँचाई 20 सेमी है।
(b) कोई व्यक्ति अपने सिर पर 10 kg भार उठाए हुए है। वह क्षैतिज समतल पर 20 m जाता है।
उत्तर:
(a) इस स्थिति में कार्य हो रहा है, क्योंकि गुरुत्वीय बल के विपरीत दिशा में 10 x 20 सेमी = 2 मीटर (m) विस्थापन करने में हमको कार्य करना पड़ रहा है।

(b) इस स्थिति में कार्य नहीं हो रहा है, क्योंकि गुरुत्वीय बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर है तथा विस्थापन उसके लम्बवत् क्षैतिज तल में।

प्रश्न 20.
शक्ति (सामर्थ्य) को परिभाषित कीजिए तथा इसका मात्रक लिखिए। (2019)
उत्तर:
शक्ति (सामर्थ्य):
“कार्य करने की दर को शक्ति (सामर्थ्य) कहते हैं।”
शक्ति (सामर्थ्य) का मात्रक – ‘वाट’।

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MP Board Class 9th Science Chapter 11 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गुरुत्व के विरुद्ध सम्पन्न कार्य के लिए व्यंजक ज्ञात कीजिए।
अथवा
h ऊँचाई पर स्थित m द्रव्यमान के पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक स्थापित कीजिए।
उत्तर:
मान लीजिए कि कोई पिण्ड जिसका द्रव्यमान m है तथा जो पृथ्वी तल से h ऊँचाई पर स्थित है तो पिण्ड में सन्निहित स्थितिज ऊर्जा गुरुत्व के विरुद्ध पिण्ड को उठाने में सम्पन्न कार्य के बराबर होगी। चूँकि पिण्ड को उठाने में आवश्यक न्यूनतम बल का मान उसके भार mg के बराबर होगा, जहाँ g गुरुत्वीय त्वरण है।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 12
अतः गुरुत्व के विरुद्ध सम्पन्न कार्य = बल (भार) x बल की दिशा में विस्थापन
W = mgh
⇒ स्थितिज ऊर्जा Ep = mgh

प्रश्न 2.
एक लड़का किसी सीधी सड़क पर 5 N के घर्षण बल के विरुद्ध गतिमान है। 1.5 km की दूरी चलने के बाद वह 100 m त्रिज्या के गोल चक्कर (संलग्न चित्र) पर सही भाग भूल जाता है। परन्तु वह उस वृत्ताकार मार्ग पर डेढ़ चक्कर लगाता है और फिर 2.0 km तक आगे जाता है। उसके द्वारा चित्र 11.5 किया गया कार्य परिकलित कीजिए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 13
हल:
ज्ञात है:
घर्षण बल F = 5 N
दूरी S1 = 1.5 km = 1500 m
चक्कर में सीधी चली गई दूरी
S22 = चक्कर का व्यास
=2 x 100 = 200 m
दूरी S3 = 2.0 km = 2000 m
चूँकि कार्य W = FS
⇒ W = F.(S1 + S2 + S3)
= 5x (1500 + 200 + 2000)
=5 x 3700
= 18500J
अतः अभीष्ट कार्य = 18500 J.

प्रश्न 3.
सरल रेखा में गतिमान किसी पिण्ड पर गति की दिशा में कुछ दूरी तक एक नियत बल F लगाकर इसका वेग बढ़ाया गया है। सिद्ध कीजिए कि पिण्ड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिण्ड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।
हल:
गति के तृतीय समीकरण:
v2 – v2 = 2as से S = \(\frac{v^{2}-u^{2}}{2 a}\) …(1)
F = m.a ….(2)
कार्य W = F.S …(3)
कार्य w = ma \(\left(\frac{v^{2}-u^{2}}{2 a}\right)\)
कार्य w = \(\frac{1}{2}\) mv2 – \(\frac{1}{2}\) mu2 = गतिज ऊर्जा में वृद्धि
अतः पिण्ड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिण्ड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।

प्रश्न 4.
एक हल्का तथा दूसरा भारी, दो पिण्डों के संवेग समान हैं। इनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए। इनमें किसकी गतिज ऊर्जा अधिक है?
हल:
माना दो पिण्डों के द्रव्यमान क्रमशः m1 एवं m2 जहाँ m1 < m2 तथा वेग v1 एवं हैं तो प्रश्न के अनुसार
P1 = P2 ⇒ m1v1 = m2v2 ⇒ \(\frac{m_{1}}{m_{2}}=\frac{v_{2}}{v_{1}}\)
चूँकि m1 < m2 इसलिए, v1 > v2
अब Ek1 : Ek2 = \(\frac{1}{2}\) m1v12 : m2v22
⇒ Ek1 : Ek2 = (m1v1)v1 : (m2v2)v2
लेकिन m1v1 = m2v2 (दिया है)
⇒Ek1 : Ek2 = v1 : v2.
चूँकि v1 > v2 = Ek1 > Ek2
अत: गतिज ऊर्जाओं का अभीष्ट अनुपात = v1 : v2 तथा हल्के पिण्ड की गतिज ऊर्जा अधिक है।

प्रश्न 5.
35 kg द्रव्यमान की एक लड़की 5 kg द्रव्यमान की एक ट्रॉली पर बैठी है। ट्रॉली पर बल लगाकर इसे 4 m s-1 का प्रारम्भिक वेग प्रदान किया जाता है। ट्रॉली 16 m दूर चलकर रुक जाती है –
(a) ट्रॉली पर कितना कार्य किया गया?
(b) लड़की ने कितना कार्य किया?
हल:
ज्ञात है:
लड़की का द्रव्यमान m1 = 35 kg
ट्रॉली का द्रव्यमान m2 = 5 kg
प्रारम्भिक वेग u = 4 m s-1
अन्तिम वेग v = 0 m s-1
तय की गई दूरी S = 16 m
हम जानते हैं कि (तृतीय समीकरण) से
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 14
अब बल F = ma = (m1 + m2) a
= (35 + 5) (-0.5) = 40 (-0.5) = – 20 N

(a)
ट्रॉली पर किया गया कार्य W = F x S = 20 Nx 16 m
= 320 Nm (J)

(b)
लड़की द्वारा किया गया कार्य = 0 J
अतः ट्रॉली पर किया गया अभीष्ट कार्य = 320 J एवं लड़की द्वारा किया गया अभीष्ट कार्य = 0J है।

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प्रश्न 6.
शक्ति क्या है? किलोवाट एवं किलोवाट-घण्टा में क्या अन्तर है? कर्नाटक में जोग फाल्स (झरना) लगभग 20 m ऊँचा है। इससे 1 मिनट में 2000 टन पानी गिरता है। यदि यह सम्पूर्ण ऊर्जा उपयोग में लाई जाये तो समतुल्य शक्ति परिकलित कीजिए। (g = 10 m s-2)
उत्तर:
शक्ति:
“कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।” किलोवाट एवं किलोवाट-घण्टा में अन्तर-किलोवाट शक्ति (सामर्थ्य) का मात्रक है जबकि किलोवाटघण्टा ऊर्जा का मात्रक है।
संख्यात्मक भाग का हल :
ज्ञात है:
झरने की ऊँचाई h = 20 m
समय t = 1 मिनट = 60s
जल का द्रव्यमान
m = 2000 टन
= 2 x 103 x 103 kg
= 2 x 106 kg
g = 10 m s-2
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 15
अतः अभीष्ट शक्ति = 6.7 x 106w.

प्रश्न 7.
शक्ति और वह चाल जिससे कोई वस्तु ऊपर उठायी जाती है, में क्या सम्बन्ध होता है? 100W शक्ति पर कार्य करता हुआ कोई व्यक्ति कितने किलोग्राम द्रव्यमान को 1 m s-1 की नियत चाल से ऊर्ध्वाधरतः ऊपर उठा सकता है।
(g = 10 m s-1)
हल:
शक्ति एवं चाल में सम्बन्ध:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 16
संख्यात्मक भाग:
ज्ञात है:
शक्ति P = 100
चाल v = 1 m s-1
एवं g = 10 m s-2
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 17
अत: जल का अभीष्ट द्रव्यमान = 10 kg.

प्रश्न 8.
वाट की परिभाषा लिखिए। किलोग्राम को जूल प्रति सेकण्ड के पदों में व्यक्त कीजिए। 150 kg का कोई कार का इंजन प्रत्येक kg के लिए 500 W शक्ति विकसित करता है। कार को 20 m s-1 चाल से गति कराने के लिए इंजन को कितना बल लगाना पड़ेगा?
उत्तर:
एक वाट-“किसी युक्ति की वह सामर्थ्य जो 1s में 1 J कार्य करती है, एक वाट कहलाती है।”
1 किलोवाट = 1000 J s-1
संख्यात्मक भाग का हल:
ज्ञात है:
कार इंजन का द्रव्यमान m = 150 kg
प्रति किलोग्राम विकसित शक्ति P = 500 W
कार की चाल v = 20 m s-1
कुल शक्ति = 150 x 500 W
= 7.5 x 104w
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 18
अतः अभीष्ट बल = 3.75 x 103 N अर्थात् 3750 N.

प्रश्न 9.
आगे दिए गए प्रत्येक प्रकरण में गुरुत्व बल के विरुद्ध ऊपर की ओर गति करने की शक्तियों की तुलना कीजिए –
(i) 1.0g द्रव्यमान की तितली 0.5 m s-1 की चाल से ऊपर की ओर उड़ती है।
(ii) 250g की गिलहरी 0.5 m s-1 की दर से पेड़ पर चढ़ती है।
हल:
ज्ञात है:
तितली का द्रव्यमान ma = 1.9g
तितली की चाल v1 = 0.5 m s-1
गिलहरी का द्रव्यमान m2 = 250 g
गिलहरी की चाल v2 = 0.5 m s-1g
शक्ति P = mgv
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 19
= 1.25 W
अतः पेड़ पर चढ़ती गिलहरी की शक्ति उड़ती तितली की शक्ति से बहुत अधिक है।

प्रश्न 10.
चार व्यक्ति 250 kg के बॉक्स को 1 m की ऊँचाई तक उठाते हैं और उसे बिना ऊपर-नीचे किए थामे रखते हैं।
(a) वे व्यक्ति बॉक्स को ऊपर उठाने में कितना कार्य करते हैं।
(b) बॉक्स ऊपर थामे रखने में वे कितना कार्य करते हैं?
(c) बॉक्स को थामे रखने में वे थक क्यों जाते हैं? (g = 10 m s-2)
हल:
ज्ञात है:
बॉक्स का द्रव्यमान m = 250 kg
ऊँचाई में विस्थापन h = 1 m
गुरुत्वीय त्वरण g = 10 m s-2

(a) कार्य (W) = mgh
= 250 x 10 x 1 = 2500J
अतः अभीष्ट कार्य = 2500 J.

(b) अभीष्ट कार्य शून्य क्योंकि थामे रखने में विस्थापन शून्य है।

(c) बॉक्स को पकड़े रखने के प्रयास में व्यक्ति इस पर बल लगाते हैं जो बॉक्स पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल के परिमाण में बराबर होता है और विपरीत दिशा में। यह बल आरोपित करने में पेशियों का आयाम सम्मिलित होता है इसलिए थक जाते हैं।

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प्रश्न 11:
ऊर्जा संरक्षण के नियम को उदाहरण देकर समझाइए। (2018, 19)
उत्तर:
ऊर्जा संरक्षण के नियम की उदाहरण सहित व्याख्या:
1. जब कोई वस्तु (पिण्ड) ऊपर से गिराया जाता है तो उसकी प्रारम्भिक अवस्था में गतिज ऊर्जा शून्य होती है तथा स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है। जैसे-जैसे पिण्ड नीचे गिरता जाता है उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है तथा स्थितिज ऊर्जा घटती जाती है। हर स्थिति में उसकी कुल ऊर्जा का योग नियत रहता है। इससे ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन होता है।

2. दोलन करते हुए सरल लोलक में अन्तर बिन्दुओं पर शून्य गतिज ऊर्जा एवं अधिकतम स्थितिज ऊर्जा होती है तथा मध्यमान स्थिति में अधिकतम गतिज ऊर्जा तथा शून्य स्थितिज ऊर्जा होती है तथा प्रत्येक स्थिति में दोनों ऊर्जाओं का कुल योग नियत रहता है।

प्रश्न 12.
10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु को धरती से 6 मी. की ऊँचाई तक उठाया गया है, इस वस्तु में विद्यमान ऊर्जा का परिकलन कीजिए। जबकि (g = 9.8 m/s2) है। (2019)
हल:
ज्ञात है:
m = 10 kg
g = 9.8 m/s2
h = 6 m
∵ वस्तु में विद्यमान ऊर्जा = mgh
ऊर्जा = 10 x 9.8 x 6 जूल
= 588 जूल
अतः वस्तु में विद्यमान अभीष्ट ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) = 588 जूल।

MP Board Class 9th Science Chapter 11 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सिद्ध कीजिए कि m द्रव्यमान का पिण्ड v वेग से गतिमान है तो उसकी गतिज ऊर्जा होगी –
Ek = \(\frac{1}{2}\)mv2
उत्तर:
मान लीजिए कि वस्तु का द्रव्यमान m है। इस वस्तु पर बल F लगाने पर वस्तु में a त्वरण उत्पन्न हो जाता है तो न्यूटन के गति के दूसरे नियम से –
F = m.a …(i)
यह बल वस्तु में बल की दिशा में 5 विस्थापन उत्पन्न कर देता है तो बल द्वारा वस्तु पर सम्पन्न कार्य
W = F.S. …(ii)
W = mas [समी. (i) एवं (ii) से] …(iii)
माना कि वस्तु का प्रारम्भिक वेग ॥ है तथा बल F लगाने पर वस्तु का वेग v हो जाता है तब गति से तृतीय समीकरण v2 = u2 + 2as से,
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 20
वस्तु पर सम्पन्न कार्य ही उसकी गतिज ऊर्जा के रूप में संचित होता है। अतः
गतिज ऊर्जा Ek = \(\frac{1}{2}\)mv2 यही अभीष्ट व्यंजक है।

प्रश्न 2.
कोई स्वचालित इंजन किसी 1000 kg द्रव्यमान की कार (A) को 36 km h-1 की चाल से समतल सड़क पर खींचता है। यदि वह गति 100 N घर्षण बल के तुल्य है तो इंजन की शक्ति परिकलित कीजिए। अब मान लीजिए 200 m चलने के पश्चात् कार समान द्रव्यमान की किसी दूसरी स्थिर कार (B) से टकराकर स्वयं विरामावस्था में आ जाती है। मान लीजिए उसी क्षण इसका इंजन भी रुक जाता है। अब कार (B) का इंजन चालू नहीं है और संघट्ट के पश्चात् यह उसी समतल सड़क पर चलना प्रारम्भ कर देती है। संघट्ट के तुरन्त पश्चात् कार B की चाल परिकलित कीजिए।
हल:
चूँकि कार A एकसमान चाल से चलती है। इसका अर्थ है कि कार का इंजन घर्षण बल के बराबर बल आरोपित करता है।
ज्ञात है:
m(A) = m(B)
= 1000 kg
v = 36 kmh-1
\(36 \times \frac{5}{18}\)
= 10 m s-1
घर्षण बल F = 100 N
uA = 10 m s-1
uB = 0 m s-1
vA = 0 m s-1
vB = ?
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा image 21
= 100N x 10 m s-1
= 1000w
संघट्ट के पश्चात्
mAuA + mBuB = mAvA + mBvB
⇒ 1000 x 10 + 1000 x 0 = 1000 x 0+ 1000 X vB
⇒ 10.000 + 0 = 0 + 1000 vB
⇒ vB = 10,000/1000 = 10 m s-1
अत: कार B का अभीष्ट वेग = vB = 10 m s-1

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.7

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.7

प्रश्न 1.
उस लम्बवृत्तीय शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसकी
(i) त्रिज्या 6 cm और ऊँचाई 7 cm है। (2018)
(ii) त्रिज्या 3.5 cm और ऊँचाई 12 cm है।
हल :
(i) शंकु का आयतन = \(\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times(6)^{2} \times 7=264 \mathrm{cm}^{3}\)
अत: शंकु का अभीष्ट आयतन = 264 cm³.

(ii) शंकु का आयतन = \(\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times(3 \cdot 5)^{2} \times 12=154 \mathrm{cm}^{3}\)
अतःशंकु का अभीष्ट आयतन = 154 cm³.

प्रश्न 2.
शंकु के आकार के उस बर्तन की लीटरों में धारिता ज्ञात कीजिए, जिसकी
(i) त्रिज्या 7 cm और तिर्यक ऊँचाई 25 cm है।
(ii) ऊँचाई 12 cm और तिर्यक ऊँचाई 13 cm है।
हल :
(i) शंकु की ऊँचाई \(h=\sqrt{l^{2}-r^{2}}=\sqrt{(25)^{2}-(7)^{2}}\)
\(=\sqrt{625-49}=\sqrt{576}\)
= 24 cm
अब शंकु का आयतन \(=\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times(7)^{2} \times 24=1232 \mathrm{cm}^{3}\)
= 1.232 लीटर
अतःशंक्वाकार बर्तन की अभीष्ट धारिता = 1.232 लीटर।

(ii) शंकु की त्रिज्या \(r=\sqrt{l^{2}-h^{2}}=\sqrt{(13)^{2}-(12)^{2}}=\sqrt{169-144}\)
= √25
= 5 cm
अब शंकु का आयतन \(=\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times(5)^{2} \times 12\)
\(=\frac{2200}{7}=314 \cdot 3 \mathrm{cm}^{3}\)
= 0.3143 लीटर (लगभग)
अतः शंक्वाकार बर्तन का अभीष्ट आयतन = 0.3143 लीटर। (लगभग)

प्रश्न 3.
एक शंकु की ऊँचाई 15 cm है। यदि इसका आयतन 1570 cm³ है तो इसके आधार की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 प्रयोग कीजिए। (2019)
हल:
शंकु का आयतन = \(\frac{1}{3} \pi r^{2} h\)
\(\frac{1}{3} \times 3 \cdot 14 \times r^{2} \times 15=1570 \Rightarrow r^{2}=\frac{1570}{15.70}=100 \mathrm{cm}^{2}\)
r = √100 = 10 cm
अत: शंकु के आधार की अभीष्ट त्रिज्या = 10 cm.

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प्रश्न 4.
यदि 9 cm ऊँचाई वाले एक लम्बवृत्तीय शंकु का आयतन 48 π cm³ है तो इसके आधार का व्यास ज्ञात कीजिए।
हल :
लम्बवृत्तीय शंकु का आयतन = \(\frac{1}{3} \pi r^{2} h\)
\(\frac{1}{3} \times \pi \times r^{2} \times 9=48 \pi \Rightarrow r^{2}=16 \Rightarrow r=\sqrt{16}=4 \mathrm{cm}\)
शंकु का व्यास = 2 x r = 2 x 4 = 8 cm
अतः शंकु का अभीष्ट व्यास = 8 cm.

प्रश्न 5.
ऊपरी व्यास 3.5 m वाले एक शंकु के आकार का एक गड्ढा 12 m गहरा है। इसकी धारिता किलोलीटर में कितनी है ?
हल :
दिया है : शंकु का व्यास = 3.5 m ⇒ त्रिज्या r = \(\frac { 3.5 }{ 2 }\) m
शंक्वाकार गड्ढे का आयतन = \(=\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times\left(\frac{3 \cdot 5}{2}\right)^{2} \times 12\)
⇒ गड्ढे का धारिता = 38.5 m³ = 38.5 किलोलीटर
अत: गड्ढे की अभीष्ट धारिता = 38.5 किलोलीटर।

प्रश्न 6.
एक लम्बवृत्तीय शंकु का आयतन 9856 cm³ है। यदि इसके आधार का व्यास 28 cm है. तो ज्ञात कीजिए:
(i) शंकु की ऊँचाई,
(ii) शंकु की तिर्यक ऊँचाई,
(iii) शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।
हल : (i) शंकु के आधार का व्यास d = 28 cm ⇒ त्रिज्या r = 14 cm
शंकु का आयतन \(V=\frac{1}{3} \pi r^{2} h \Rightarrow \frac{1}{3} \times \frac{22}{7}(14)^{2} \times h\)
= 9856
\(h=\frac{9856 \times 3 \times 7}{22 \times 14 \times 14}=\frac{206976}{4312}\)
= 48 cm
अत: शंकु की अभीष्ट ऊँचाई = 48 cm.

(ii) शंकु की तिर्यक ऊँचाई \(l=\sqrt{h^{2}+r^{2}}=\sqrt{(48)^{2}+(14)^{2}}\)
\(l=\sqrt{2304+196}=\sqrt{2500}\)
= 50 cm
अतः शंकु की अभीष्ट तिर्यक ऊँचाई = 50 cm.

(iii) शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 14 x 50 = 2200 cm²
अतः शंकु का अभीष्ट वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2200 cm².

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प्रश्न 7.
भुजाओं 5 cm, 12 cm और 13 cm वाले एक समकोण त्रिभुज ABC को भुजा 12 cm के परितः घुमाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।
हल :
भुजाओं 5 cm, 12 cm और 13 cm वाले समकोण त्रिभुज ABC को 12 cm की भुजा के परितः घुमाने पर बना ठोस एक लम्बवृत्तीय शंकु होगा जिसकी त्रिज्या r = 5 cm और ऊँचाई h = 12 cm होगी।
शंकु का आयतन \(=\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \pi \times(5)^{2} \times 12\)
= 100π cm³ अर्थात् \(\frac { 2200 }{ 7 }\) = 314.29 cm³
अतः शंकु का अभीष्ट आयतन = 314.29 cm³.

प्रश्न 8.
यदि प्रश्न 7 के त्रिभुज ABC को यदि भुजा 5 cm के परितः घुमाया जाए, तो इस प्रकार बने ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए। प्रश्नों 7 और 8 में प्राप्त किए गए दोनों ठोसों के आयतनों का अनुपात भी ज्ञात कीजिए।
हल :
भुजाओं 5 cm, 12 cm और 13 cm वाले समकोण त्रिभुज ABC को 5 cm की भुजा के परितः घुमाने से बना ठोस एक लम्बवृत्तीय शंकु होगा जिसकी त्रिज्या = 12 cm एवं ऊँचाई = 5 cm
अब शंकु का आयतन \(=\frac{1}{3} \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \pi(12)^{2} \times 5=240 \pi \mathrm{cm}^{3}\)
अर्थात् \(240 \times \frac{22}{7}=\frac{5280}{7}\).
= 754.29 cm³
प्रश्न 7 के शंकु और प्रश्न 8 के शंकु के आयतनों में अनुपात
= 100π : 240π = 5 : 12
अतः शंकु का अभीष्ट आयतन = 754.29 cm³
एवं दोनों शंकुओं के आयतनों का अनुपात = 5 : 12.

प्रश्न 9.
गेहूँ की एक ढेरी 10.5m व्यास और ऊँचाई 3 m वाले शंकु के आकार की है। इसका आयतन ज्ञात कीजिए। इस ढेरी को वर्षा से बचाने के लिए कैनवास से ढका जाना है। वांछित कैनवास का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : शंक्वाकार ढेरी के आधार का व्यास d = 10.5 m
⇒ त्रिज्या, r = \(\frac { 10.5 }{ 2 }\) = 5.25 m और ऊँचाई h = 3 m
तिर्यक ऊँचाई \(l=\sqrt{r^{2}+h^{2}}=\sqrt{(5 \cdot 25)^{2}+(3)^{2}}\)
\(=\sqrt{27 \cdot 5625+9}=\sqrt{36 \cdot 5625}\)
= 6.05 (लगभग)
शंक्वाकार गेहूँ की ढेरी का आयतन \(V=\frac{1}{3} \times \pi r^{2} h=\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times(5 \cdot 25)^{2} \times 3 \mathrm{m}^{3}\)
= 22 x 5.25 x 0.75
= 86.625 m³.
शंक्वाकार गेहूँ की ढेरी का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
⇒ \(S_{c}=\frac{22}{7} \times 5.25 \times 6.05=\frac{698.775}{7}=99.825 \mathrm{m}^{2}\)
= 99.825 m²
अतः गेहूँ की शंक्वाकार ढेरी का अभीष्ट आयतन = 86.625 m³
एवं ढेरी को ढकने के लिए आवश्यक कैनवास का क्षेत्रफल = 99.825 m².

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Chapter 7 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Maths Chapter 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = BC और AD = CD। दर्शाइए कि BD दोनों कोणों ABC और ADC को समद्विभाजित करता है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 14
चित्र 7.34
दिया है : एक चतुर्भुज ABCD जिससे
AB = BC और AD = CD। BD चतुर्भुज ABCD का एक विकर्ण है।
अब ∆ABD और ∆CBD में,
चूँकि AB = BC (दिया है)
AD = CD (दिया है)
एवं BD = BD (उभयनिष्ठ है)
⇒ ∆ABD ≅ ∆CBD (SSS सर्वांगसमता प्रमेय)
⇒ ∠ABD ≅ ∠CBD एवं ∠ADB = ∠CDB (CPCT)
अत: BD दोनों कोण ∠ABC एवं ∠ADC को समद्विभाजित करता है। इति सिद्धम्

प्रश्न 2.
ABC एक समकोण त्रिभुज है जिससे AB = AC, CA का समद्विभाजक BC से D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि BC = 2AD.
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 15
चित्र 7.34
दिया है: ABC एक समकोण त्रिभुज जिसमें AB = AC, ∠A समकोण है जिसका समद्विभाजक AD, BC को बिन्दु D पर मिलता है।
अब ∠CAD = ∠BAD = 45° (∵ ∠A समकोण है तथा AD इसका समद्विभाजक है) …(1)
∠ACB = ∠ABC = 45° ..(2) (∵AB = AC के सम्मुख चित्र 7.35 कोण हैं तथा ∠A = 90°)
∠CAD = ∠BAD= ∠ACB = ∠ABC = 45° ….(3) [समी. (1) एवं (2) से]
अब ∆ABD में, ∠BAD = ∠ABC [समीकरण (3) से]
BD = AD (समान कोणों की सम्मुख भुजाएँ हैं) …(4)
एवं ∆ACD में, ∠CAD = ∠ACB [समीकरण (3) से]
⇒ CD = AD (समान कोणों की सम्मुख भुजाएँ हैं) …(5)
⇒ BD + CD = AD + AD = 2AD [समीकरण (4) और (5) से]
अत: BC = 2AD. (∵ BD + CD = BC चित्रानुसार) इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिससे AC = BC ⊥ AD और BE क्रमशः BC और AC पर शीर्ष लम्ब हैं। सिद्ध कीजिए कि AE = BD.
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 16
चित्र 7.36
दिया है : ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज जिससे AC = BC एवं AD ⊥ BC तथा BE ⊥ AC
∠ADC = ∠BEC = 90° [∵ AD ⊥ BC एवं BE ⊥ AC (दिया है)]
अब ∆ADC और ∆BEC में,
चूँकि ∠ADC = ∠BEC [समीकरण (1) से]
∠C = ∠C (उभयनिष्ठ है)
एवं AC = BC (दिया है)
⇒ ∆ADC = ∆BEC (ADS सर्वांगसमता प्रमेय)
⇒ CD = CE अर्थात् EC = DC (CPCT) …(2)
लेकिन AC = BC (दिया है) …(3)
⇒ AC – EC = BC – DC [समीकरण (3) और (2) से]
अतः AE = BD. (चित्रानुसार AC – EC = AE एवं BC – DC = BD) इति सिद्धम्

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प्रश्न 4.
एक त्रिभुज ABC में, D भुजा AC का मध्य-बिन्दु है, जहाँ BD = \(\frac { 1 }{ 2 }\)AC है। दर्शाइए कि ∠ABC एक समकोण है।
हल:
दिया है : ∆ABC में D, AC का मध्य-बिन्दु एवं BD = \(\frac { 1 }{ 2 }\)AC.
AD = CD = \(\frac { 1 }{ 2 }\)AC …(1)
(D, AC का मध्य-बिन्दु दिया है)
BD = \(\frac { 1 }{ 2 }\)AC (दिया है) …(2)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 17
चित्र 7.37
⇒ AD = CD = BD [समी. (1) और (2) से] …(3)
∆ABD में, AD = BD [समीकरण (3) से]
⇒ ∠ABD = ∠BAD (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं) …(4)
एवं ∆CBD में, CD = BD [समीकरण (3) से]
∠CBD = ∠BCD …(5) (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं)
∠ABD+ ∠CBD = ∠BAD+ ∠BCD [समी. (4) और (5) से]
∠ABC = ∠BAC + ∠BCA (चित्रानुसार) लेकिन
∠ABC + ∠BAC + ∠BCA = 180° (त्रिभुज के अन्त: कोण)
∠ABC = ∠BAC + ∠BCA = 180°/2 = 90°
अतः ∠ABC एक समकोण है। इति सिद्धम्

प्रश्न 5.
ABCD एक चतुर्भुज इस प्रकार है कि विकर्ण AC दोनों कोणों A और C को समद्विभाजित करता हैं। सिद्ध कीजिए कि
AB = AD और CB = CD है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 18
चित्र 7.38
दिया है : एक चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC कोण A और C का समद्विभाजक है अर्थात्
∠DAC = ∠BAC …(1)
और ∠DCA = ∠BCA …(2)
अब ∆ADC और ∆ABC में, चूँकि
∠DAC = ∠BAC [समी. (1) से]
∠DCA = ∠BCA [समी. (2) से]
एवं AC = AC (उभयनिष्ठ है)
⇒ ∆ADC ≅ ∆ABC (ASA सर्वांगसमता प्रमेय)
AB = AD और CB = CD. (CPCT) इति सिद्धम्

MP Board Class 9th Maths Chapter 7 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है तथा BD और CE इसकी दो मध्यिाकाएँ हैं। दर्शाइए कि BD = CE.
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 19
चित्र 7.39
दिया है : एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC जिसमें AB = AC तथा BD एवं CE इसमें दो मध्यिकाएँ हैं, अर्थात्
AE = EB = \(\frac { 1 }{ 2 }\)AB TO AD = DC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AC
⇒ EB = DC
अब ∆EBC और ∆DBC में,
चूँकि EB = DC (सिद्ध कर चुके हैं)
∠EBC = ∠DCB (AB = AC के सम्मुख कोण हैं)
एवं BC = BC (उभयनिष्ठ है)
⇒ ∆EBC ≅ ∆DBC (SAS सर्वांगसमता प्रमेय)
अतः BD = CE. (CPCT) इति सिद्धम्

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प्रश्न 2.
संलग्न चित्र में D और E त्रिभुज ABC की भुजा BC पर दो बिन्दु इस प्रकार स्थित हैं कि BD = CE और AD = AE है। तो दर्शाइए कि ∆ABD ≅ ∆ACE है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 20
चित्र 7.40
दिया है : ∆ABC की भुजा BC पर दो बिन्दु D एवं E इस प्रकार हैं कि BD = CE और AD = AE.
∠ADE = ∠AED
⇒ ∠ADB = ∠AEC. (बराबर कोण के सम्पूरक. कोण हैं)
अब ∆ADB और ∆AEC में,
चूँकि AD = AE (दिया है)
∠ADB = ∠AEC (सिद्ध कर चुके हैं)
एवं BD = EC
अतः ∆ABD ≅ ∆ACE. (SAS सर्वांगसमता प्रमेय) इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
संलग्न चित्र में BA ⊥ AC और DE ⊥ DF इस प्रकार हैं कि BA = DE और BF = EC हैं। दशाईए कि ∆ABC ≅ ∆DEF.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 21
हल:
चूँकि BF = EC (दिया है)
⇒ BF + FC = EC + FC (बराबर संख्याओं में समान संख्या का योग)
⇒ BC = FE (चित्रानुसार) .
∴ समकोण ∆ABC और समकोण ∆DEF में, कर्ण BC = FE (सिद्ध कर चुके हैं)
एवं BA = DE (दिया है)
अतः ∆ABC ≅ ∆DEE (RHS सर्वांगसमता प्रमेय) इति सिद्धम्

प्रश्न 4.
एक ∆PSR की भुजा SR पर एक बिन्दु 0 इस प्रकार स्थित है कि PQ = PR है। सिद्ध कीजिए कि- PS >PQ.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 22
चित्र 7.42
हल:
त्रिभुज PSR में SR पर बिन्दु ए इस प्रकार दिया है कि PQ = PR
⇒ ∠PQR = ∠PRQ (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं)
लेकिन ∠PQR > ∠PSQ (बहिष्कोण है)
⇒ ∠PRS > ∠PSR (∠PRS = ∠PRO = ∠PQR एवं ∠PSR = ∠PSQ)
⇒ PS > PQ. (बड़े कोण की सम्मुख भुजा है।)
अतः (PQ > PR) इति सिद्धम्

प्रश्न 5.
∆PQR की भुजा QR पर कोई बिन्दु स्थित है। दर्शाइए कि PQ + QR + RP> 2PS.
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 23
चित्र 7.43
हल:
प्रश्नानुसार (संलग्न चित्र से)
∆PQS में, PQ + QS > PS (दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा होता है)…(1)
एवं ∆PSR में, RP + SR > PS (दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा होता है) …(2)
⇒ PQ+ QS + RP + SR > PS + PS [समीकरण (1) और (2) से]
⇒ PQ + QS + SR + RP > 2PS
अतः PQ+ QR + RP > 2PS. (QS + SR = QR चित्रांनुसार) इति सिद्धम्

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प्रश्न 6.
AB = AC वाले एक ∆ABC की भुजा AC पर कोई बिन्दु D स्थित है। दर्शाइए कि CD < BD है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 24
चित्र 7.44
∆ABC में, AB = AC तथा AC पर बिन्दु D है।
∠ABC = ∠ACB (AB = AC के सम्मुख कोण हैं)
लेकिन ∠DBC < ∠ABC (किसी संख्या का अंश संख्या से कम होता है)
= ∠DBC < ∠ACB (∵ ∠ABC = ∠ACB)
अतः CD < BD. (छोटे कोण के सामने की भुजा छोटी होती है) इति सिद्धम्

प्रश्न 7.
संलग्न चित्र में l || m है तथा m रेखाखण्ड AB का मध्य-बिन्दु है। दर्शाइए M किसी भी रेखाखण्ड CD का मध्य-बिन्दु है जिसके अन्तःबिन्दु क्रमशः l और m पर स्थित हों।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 25
चित्र 7.45
हल:
l || m को तिर्यक रेखाखण्ड AB क्रमशः A और B पर मिलती है। ∠CAB = ∠ABD (एकान्तर कोण हैं) …(1)
l ||m को तिर्यक रेखाखण्ड CD क्रमश: C और D पर मिलती है। ∠ACD = ∠BDC (एकान्तर कोण है) …(2)
अब ∆AMC और ∆BMD में, चूँकि ∠CAM = ∠MBD [समी. (1) और ∠CAB = ∠CAM एवं ∠MBD = ∠ABD]
AM = BM (AB का मध्य-बिन्दु M दिया है)
एवं ∠ACM = ∠BDM [समी. (2) और ∠ACD = ∠ACM एवं ∠BDC = ∠BDM]
∆AMC ≅ ∆BMD (ASA सर्वांगसमता प्रमेय) CM = DM . (CPCT)
अत: M किसी भी रेखाखण्ड CD का भी मध्य-बिन्दु है। इति सिद्धम्

प्रश्न 8.
AB = AC वाले एक समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों B और C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। BO को एक बिन्दु M तक बढ़ाया गया है। सिद्ध कीजिए ∠MOC = ∠ABC है।
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4 26
चित्र 7.46
ज्ञात है : AB = AC ⇒ ∠ABC = ∠ACB (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं) चूँकि BO एवं CO क्रमश:
∠B एवं ∠C के समद्विभाजक है।
⇒ ∠OBC = \(\frac { 1 }{ 2 }\)ABC
एवं ∠OCB = \(\frac { 1 }{ 2 }\)∠ACB
⇒ ∠MOC = ∠OBC + ∠OCB (∠MOC, ∆OBC का बहिष्कोण है)
⇒ ∠MOC = \(\frac { 1 }{ 2 }\)∠ABC + \(\frac { 1 }{ 2 }\)∠ACB
अतः ∠MOC = ∠ABC. (∠ABC = ∠ACB सिद्ध कर चुके हैं) इति सिद्धम्

MP Board Class 9th Maths Chapter 7 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
त्रिभुजों ABC और POR में ∠A = 20 और ∠B = ∠R हैं। ∆POR की कौन-सी भुजा ∆ABC की भुजा AB के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हों ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजि
उत्तर:
QR, क्योंकि यह AB के संगत भुजा है। (ASA सर्वांगसमता)।

प्रश्न 2.
त्रिभुजों ABC और POR में ∠A = Q और ∠B = ∠R। POR की कौन-सी भुजा ∆ABC की BC भुजा के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हों ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
RP, क्योंकि यह BC के संगत भुजा है। (AAS सर्वांगसमता)

प्रश्न 3.
“यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है ? क्यों ?
उत्तर:
कथन असत्य है, क्योंकि भुजाओं के अंतर्गत कोण होना चाहिए।

प्रश्न 4.
“यदि किसी त्रिभुज के दो कोण एक भुजा, दूसरे त्रिभुज के दो कोण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है ? क्यों ?
उत्तर:
कथन असत्य है, क्योंकि भुजाएँ संगत होनी चाहिए।

प्रश्न 5.
क्या भुजाओं की लम्बाइयों 4 सेमी, 3 सेमी और 7 सेमी लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
त्रिभुज की रचना नहीं की जा सकती, क्योंकि यहाँ दो भुजाओं का योग तीसरी के बराबर है (यथा 4 + 3 = 7) जबकि यह बड़ा होना चाहिए।

प्रश्न 6.
∆ABC ≅ ∆RPQ दिया हुआ है। क्या यह कहना सत्य है कि BC = QR ? क्यों ?
उत्तर:
कथन सत्य नहीं है, क्योंकि भुजाएँ संगत होनी चाहिए।

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प्रश्न 7.
यदि ∆POR ≅ ∆EDF है तो क्या यह कहना सत्य है कि PR = EF ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
कथन सत्य है, क्योंकि ये संगत भुजाएँ हैं।

प्रश्न 8.
∆POR में ∠P = 70° और ∠R = 30° है। उस त्रिभुज की कौन-सी भुजा सबसे लम्बी है ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
भुजा PR सबसे लम्बी है, क्योंकि ∠Q = 180° – 70° – 30° = 80° सबसे बड़ा है।

प्रश्न 9.
AD किसी त्रिभुज ABC की माध्यिका है। क्या यह कहना सत्य है कि AB + BC + CA > 2AD ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
कथन सत्य हैं, क्योंकि AB + BD > AD एवं AC + CD > AD.

प्रश्न 10.
M किसी त्रिभुज ABC की भुजा BC पर स्थित एक बिन्दु ऐसा है कि AM कोण BAC का समद्विभाजक है। क्या यह कहना सत्य है कि त्रिभुज का परिमाप 2AM से अधिक है ? अपने
उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
कथन सत्य है, क्योंकि AB + BM > AM एवं AC + CM > AM.

प्रश्न 11.
क्या भुजाओं की लम्बाइयाँ 9 सेमी, 7 सेमी और 17 सेमी लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है ? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
त्रिभुज की रचना नहीं की जा सकती, क्योंकि 9 + 7 < 17 जबकि दो भुजाओं का योग तीसरी से बड़ा होना चाहिए।

प्रश्न 12.
क्या भुजाओं की लम्बाइयों 8 सेमी, 7 सेमी और 4 सेमी लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है ? अपने उत्तर का कारण दीजिए।
उत्तर:
हाँ, रचना की जा सकती है। क्योंकि प्रत्येक स्थिति दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा है।

MP Board Class 9th Maths Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन त्रिभुजों की सर्वांगसमता की एक कसौटी नहीं है :
(a) SAS
(b) ASA
(C) SSA
(d) SSS.
उत्तर:
(C) SSA

प्रश्न 2.
यदि AB = QR एवं BC = PR और CA = PQ है, तो :
(a) ∆ABC ≅ ∆PQR
(b) ∆CBA ≅ ∆PRQ
(c) ∆BAC ≅ ∆RPQ
(d) ∆PQR ≅ ∆BCA.
उत्तर:
(b) ∆CBA ≅ ∆PRQ

प्रश्न 3.
∆ABC में AB = AC और ∠B = 50° है तब ∠C बराबर है:
(a) 40°
(b) 50°
(c) 80°
(d) 130°.
उत्तर:
(b) 50°

प्रश्न 4.
∆ABC में BC = AB और ∠B = 80° तब ∠A बराबर है :
(a) 80°
(b) 40°
(c) 50°
(d) 100°.
उत्तर:
(c) 50°

प्रश्न 5.
∆POR में ∠R= ∠P तथा QR = 4 cm और PR = 5 cm है, तब PQ की लम्बाई है:
(a) 4 cm
(b) 5 cm
(c) 2 cm
(d) 2.5 cm.
उत्तर:
(a) 4 cm

प्रश्न 6.
D एक त्रिभुज ABC की भुजा BC पर एक बिन्दु इस प्रकार स्थित है कि AD कोण BAC को समद्विभाजित करता है। तब :
(a) BD = CD
(b) BA > BD
(c) BD > BA .
(d) CD > CA.
उत्तर:
(b) BA > BD

प्रश्न 7.
यह दिया है कि ∆ABC ≅ ∆FDE है तथा AB = 5 cm, ∠B = 40° एवं ∠A= 80° तब :
(a) DF = 5 cm, ∠F = 60°
(b) DF = 5 cm, ∠E = 60°
(c) DE = 5 cm, ∠F = 60°
(d) DE = 5 cm, ∠D = 40°.
उत्तर:
(b) DF = 5 cm, ∠E = 60°

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प्रश्न 8.
एक त्रिभुज की दो भुजाओं की लम्बाइयाँ 5 cm और 1.5 cm है। इस त्रिभुज की तीसरी भुजा की लम्बाई निम्नलिखित नहीं हो सकती :
(a) 3.6 cm
(b) 4.1 cm
(c) 3.8 cm
(d) 3.4 cm.
उत्तर:
(d) 3.4 cm.

प्रश्न 9.
∆POR में यदि ∠P< ∠ R > ∠Q है, तो :
(a) QR > PR
(b) PQ > PR
(c) PQ < PR (d) QR > PR.
उत्तर:
(b) PQ > PR

प्रश्न 10.
∆ABC और ∆PQR में AB = AC, ∠C = ∠P और ∠B = 20 हैं। ये दोनों त्रिभुज हैं :
(a) समद्विबाहु परन्तु सर्वांगसम नहीं
(b) समद्विबाहु, सर्वांगसम
(c) सर्वांगसम परन्तु समद्विबाहु नहीं
(d) न तो सर्वांगसम और न हीं समद्विबाहु।
उत्तर:
(a) समद्विबाहु परन्तु सर्वांगसम नहीं

प्रश्न 11.
त्रिभुजों ABC और DEF में AB = FD तथा ∠A = ∠D है। दोनों त्रिभुज SAS अभिगृहीत से सर्वांगसम होंगे यदि :
(a) BC = EF
(b) AC = DE
(c) AC = EF
(d) BC = DE.
उत्तर:
(b) AC = DE

प्रश्न 12.
समान आकार एवं समान आकृति वाली आकृतियाँ होती हैं :
(a) बराबर
(b) समान
(c) सर्वांगसम
(d) समरूप।
उत्तर:
(c) सर्वांगसम

प्रश्न 13.
समकोण त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा होती है :
(a) लम्ब
(b) आधार
(c) कर्ण
(d) रेखा।
उत्तर:
(c) कर्ण

प्रश्न 14.
समबाहु त्रिभुज के प्रत्येक कोण का मान होता है : (2019)
(a) 90°
(b) 30°
(c) 60°
(d) 120°.
उत्तर:
(c) 60°

प्रश्न 15.
पाइथागोरस प्रमेय किस त्रिभुज के लिए प्रसिद्ध है :
(a) समबाहु त्रिभुज
(b) सर्वांगसम त्रिभुज
(c) समद्विबाहु त्रिभुज
(d) समकोण त्रिभुज।
उत्तर:
(d) समकोण त्रिभुज

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रिक्त स्थानों की पूर्ति
1. समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण ……… होता है।
2. किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से ……….. होता है।
3. समकोण त्रिभुज की सबसे बड़ी भुजा ………… होती है।
4. त्रिभुज के तीनों अन्तः कोणों का योग ………….. होता है।
5. समान आकार एवं समान आकृति वाली आकृतियाँ ……… होती हैं।
6. किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ असमान हों तो, बड़ी भुजा के सामने का कोण ………. होता है।
7. किसी त्रिभुज की समान भुजाओं के सम्मुख कोण ………….. होते हैं।
8. किसी त्रिभुज में बड़े कोण के सामने की भुजा ………….. होती है।
उत्तर:
1. 60°,
2. बड़ा,
3. कर्ण,
4. 180°,
5. सर्वांगसम,
6. बड़ा,
7. बराबर,
8. बड़ी।

जोड़ी मिलान
स्तम्भ ‘A’                                                         स्तम्भ ‘B’
1. त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ समान हों     (a) अधिक कोण त्रिभुज
2. त्रिभुज जिसकी दो भुजाएँ समान हों        (b) न्यूनकोण त्रिभुज
3. त्रिभुज जिसका एक कोण 90° हो           (c) समबाहु त्रिभुज
4. त्रिभुज जिसका एक कोण अधिक कोण हो (d) केन्द्रक
5. त्रिभुज जिसका प्रत्येक कोण न्यूनकोण हो (e) समकोण त्रिभुज
6. माध्यिकाओं के संगमन बिन्दु को कहते हैं (2018) (f) समद्विबाहु त्रिभुज
उत्तर:
1. → (c),
2. → (1),
3. → (e),
4. → (a),
5. → (b),
6. → (d).

सत्य/असत्य कथन
1. समद्विबाहु त्रिभुज के तीनों कोण बराबर होते हैं। (2018)
2. किसी त्रिभुज के बड़े कोण के सामने की भुजा छोटी होती है।
3. किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग, तीसरी भुजा से बड़ा होता है।
4. किसी रेखा के बाहर स्थित किसी बिन्दु से रेखा तक जितने रेखाखण्ड खींचे जा सकते हैं उनमें लम्ब सबसे छोटा होता है।
5. सभी वृत्त सर्वांगसम होते हैं।
6. यदि दो त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर हों, तो त्रिभुज बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। (2019)
7. त्रिभुजों के तीनों कोणों का योग 180° होता है। (2019)
8. सर्वांगसम त्रिभुज में संगत भाग बराबर होते हैं। (2019)
उत्तर:
1. असत्य,
2. असत्य,
3. सत्य,
4. सत्य,
5. असत्य,
6. सत्य,
7. सत्य,
8. सत्य।

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एक शब्द/वाक्य में उत्तर

1. किसी त्रिभुज में अधिकतम कितने समकोण हो सकते हैं ?
2. किसी त्रिभुज में अधिकतम कितने अधिक कोण हो सकते हैं ?
3. किसी त्रिभुज में कम-से-कम कितने न्यूनकोण हो सकते हैं ?
4. किसी त्रिभुज के बहिष्कोण और अन्तः कोणों में क्या सम्बन्ध होता है ?
5. समकोण समद्विबाहु त्रिभुज के प्रत्यके न्यूनकोण का मान कितना होता है ?
उत्तर:
1. एक,
2. एक,
3. दो,
4. त्रिभुज का बहिष्कोण सम्मुख अन्त:कोणों के योग के बराबर है अर्थात् प्रत्येक सम्मुख अन्तः कोण से बड़ा होता है,
5. 45° ।

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