MP Board Class 12th Special Hindi पत्र-लेखन

   

MP Board Class 12th Special Hindi पत्र-लेखन

आधुनिक युग यद्यपि दूरभाष और मोबाइल संदेशों का है तथापि पत्र-लेखन का महत्त्व आज भी अक्षुण्ण है। आधुनिक युग में तो पत्र-लेखन ने एक कला का रूप धारण कर लिया है। पारिवारिक जीवन तथा सामाजिक जीवन के अनेक कर्तव्यों तथा उत्तर-दायित्वों का निर्वाह करने के लिए हमको प्रतिदिन अनेक प्रकार के पत्र लिखने पड़ते हैं। पारिवारिक पत्र स्नेह सम्बन्धों पर आधारित होते हैं तथा उनमें प्राय: अपनी व्यक्तिगत या परिवार सम्बन्धी बातें ही लिखी जाती हैं। अतः उनको लिखने में कोई कठिनाई नहीं होती तथा लिखने में विशेष सावधानियाँ भी नहीं रखनी पड़तीं। लेकिन जो पत्र सामाजिक, व्यावसायिक तथा व्यापारिक क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं, उनको लिखने में विशेष सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता होती है। पत्र हमारी भावनाओं तथा विचारों की अभिव्यक्ति होता है। अभिव्यक्ति सरल तथा स्पष्ट होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि (1) अपनी बात स्पष्ट रूप से लिखनी चाहिए। इसके लिए संक्षिप्तता पर ध्यान देना चाहिए। अनावश्यक विस्तार से बचना चाहिए। आजकल प्रत्येक व्यक्ति व्यस्त है तथा वह समय का सदुपयोग करता है। अतः लम्बे पत्र पढ़ने का समय किसी के पास नहीं है। (2) सरल तथा प्रवाहपूर्ण भाषा का प्रयोग करना चाहिए। विद्वत्ता या पाण्डित्य-प्रदर्शन के लिए क्लिष्ट शब्दों या समास-प्रधान लम्बे-लम्बे वाक्यों का प्रयोग निरर्थक है। इससे लाभ होने की अपेक्षा हानि अधिक होने की सम्भावना होती है। वाक्य रचना ऐसी होनी चाहिए, जिससे पढ़ने वाला आपके आशय को अच्छी तरह से समझ सके।

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पत्र-लेखन की रूप-रेखा

  1. पत्र प्रेषक का पता और दिनांक।
  2. सम्बोधन।
  3. पत्र का विषय।
  4. अभिवादन।
  5. पत्र का मुख्य भाग।
  6. प्रेषक का आत्मबोधन (हस्ताक्षर से पूर्व प्रयुक्त शब्दावली)।
  7. प्रेषक के हस्ताक्षर और नाम।
  8. पता।

पत्र को ठीक से समझने के लिए उसे अग्रलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता

(1) पत्र प्रेषक का पता और दिनांक-इसके अन्तर्गत आप अपना पता और वह दिनांक लिखते हैं जिस दिन पत्र लिखा गया। ये दोनों बातें पत्र के दाहिने ओर सबसे ऊपर लिखी जाती हैं। अपना पता लिखते समय मकान का नम्बर एवं गली के नाम के बाद अल्प विराम (,) लगाना चाहिए तथा दूसरी पंक्ति में शहर या गाँव का नाम लिखना चाहिए और तब पूर्ण विराम लगाना चाहिए। पते के नीचे दिनांक लिखते समय दिनांक एवं महीना लिखकर अल्प विराम लगाना चाहिए। व्यापारिक पत्रों में इस सबको अब प्राय: बाईं ओर लिखा जाता है। जैसे-
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(2) सम्बोधन-ये दो प्रकार के होते हैं—
(क) निजी अथवा व्यक्तिगत पत्रों के सम्बोधन,
(ख) अन्य पत्रों के सम्बोधन।

व्यक्तिगत पत्रों के लिए (बड़ों के लिए)-श्रद्धेय, परमपूज्य, आदरणीय, पूज्यपाद, माननीय मान्यवर; (स्त्रियों के लिए)-पूज्या, पूज्यपाद, पूजनीया,माननीया आदि।
सम्बोधन इस प्रकार भी लिखते हैं-श्रद्धेय गुरुवर,परमपूज्य पिताजी,आदरणीय माताजी, आदरणीय भ्रातृवर; (बराबर वालों को) -प्रियवर, प्रिय, भाई, मित्रवर, बन्धुवर; (बच्चों के लिए) -आयुष्मान, प्रियवर, परमप्रिय,प्रिय,चिरंजीव आदि।

व्यावसायिक एवं आधिकारिक पत्रों में पहले सम्बन्धित व्यक्ति का उल्लेख करते हैं, जिसको पत्र लिखा जाता है। जैसे

  • सेवा में,
  • प्रधानाचार्य,
  • शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
  • शिवपुरी।
  • इसके बाद नीचे महोदय, मान्यवर, प्रिय महोदय आदि लिखते हैं।

(3) पत्र का विषय-आधिकारिक पत्रों में प्रायः महोदय या प्रिय महोदय आदि के ऊपर पत्र का विषय लिखते हैं जिससे पत्र को सम्बन्धित व्यक्ति के पास भेजने में विभाग को सुविधा रहती है। अब व्यावसायिक पत्रों में भी इसका प्रयोग होने लगा है।

(4) अभिवादन-आधिकारिक एवं व्यावसायिक पत्रों में अभिवादन की परम्परा नहीं है। व्यक्तिगत पत्रों में; (बड़ों को) प्रणाम, सादर प्रणाम, चरण स्पर्श, सादर चरण स्पर्श, नमस्ते, नमस्कार आदि; (बराबर वालों को) नमस्ते, नमस्कार, जय राम जी की,जय हिन्द तथा; (छोटों को)-आशीर्वाद,शुभाशीष,प्रसन्न रहो, सौभाग्यवती रहो आदि लिखते हैं।

(5) पत्र का मुख्य भाग-पत्र का मुख्य भाग सबसे महत्त्वपूर्ण होता है। व्यक्तिगत पत्रों में कुशल समाचार लिखने के बाद जो भी समाचार या सूचनाएँ देनी होती हैं,वे इसी भाग में होती हैं। व्यापारिक और (सरकारी) आधिकारिक पत्रों में संक्षेप में औपचारिकता का पूरा निर्वाह करते हुए अपनी बात कही जाती है। इस भाग की समाप्ति प्रायः कुछ वाक्यों या शब्दों से की जाती है। व्यक्तिगत पत्रों में ‘शेष फिर’, ‘शेष मिलने पर’, ‘प्रणाम सहित’, दर्शन की प्रतीक्षा में’;(बड़ों के लिए-आशीर्वाद सहित; (छोटों के लिए-साधुवाद आदि तथा व्यापारिक और आधिकारिक पत्रों में ‘सधन्यवाद’, धन्यवाद सहित’, ‘साभार’ आदि लिखते हैं।

(6) प्रेषक का आत्मबोधन (हस्ताक्षर से पूर्व प्रयुक्त शब्दावली)-निजी पत्रों में अपने सम्बन्ध के अनुसार पत्र लिखकर पत्र के अन्त में हस्ताक्षर से पूर्व एक या एक से अधिक सम्बन्ध द्योतक शब्दों का प्रयोग करते हैं। (बड़ों के लिए-आज्ञाकारी, विनीत, आपका दास, भवदीय, आपका सेवक, कृपाकांक्षी, स्नेहभाजन आदि; (बराबर वालों के लिए—आपका, आपका ही, तुम्हारा, सस्नेह तुम्हारा तथा (छोटों के लिए)-तुम्हारा शुभचिन्तक, शुभैषी, शुभेच्छु, शुभाकांक्षी आदि लिखते हैं। आवेदन पत्रों में भवदीय,प्रार्थी आदि लिखते हैं।

(7) प्रेषक के हस्ताक्षर और नाम बड़ों को लिखे गये पत्रों में विनम्रतापूर्वक प्रायः नाम लिखने की परम्परा है। नाम के साथ शर्मा, गुप्ता, तिवारी, सिंह आदि नहीं लिखा जाता। अन्य पत्रों में पूरा नाम लिखते हैं। व्यापारिक एवं आधिकारिक पत्रों एवं आवेदन-पत्रों में तो पूरा नाम अवश्य ही लिखा जाना चाहिए।

(8) पता-निजी पत्र के अन्त में पता नहीं लिखा जाता। अन्य पत्रों के अन्त में पता लिखा जाता है। पता ऊपर बताये अनुसार ही लिखें।

विभिन्न प्रकार के पत्रों में प्रयोग किये जाने वाले सम्बोधन, निवेदन आदि।
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यहाँ पर अभ्यास हेतु आवेदन-पत्रों, स्थानीय निकाय से सम्बन्धित पत्रों एवं सम्पादक के नाम पत्रों (अपनी रचना प्रकाशन हेतु, समसामयिक विषयों पर परिचर्चा तथा समसामयिक समस्याओं के समाधान हेतु पत्र) के कुछ उदाहरण दिये जा रहे हैं। इनके आधार पर विद्यार्थियों को पत्र-लेखन का अभ्यास करना चाहिए, जिससे वे इस कला में पारंगत हो सकें।

1. आवेदन-पत्र

प्रश्न 1.
किसी महाविद्यालय में व्याख्याता पद के लिए आवेदन-पत्र दीजिए।
उत्तर-
सेवा में,
प्राचार्य,
महात्मा गाँधी महाविद्यालय,
सागर (म.प्र)।

विषय : हिन्दी व्याख्याता पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन-पत्र।

मान्यवर,
दैनिक ‘नवभारत’ में दिनांक 11-4-20….. के अंक में प्रकाशित विज्ञापन के सन्दर्भ में आपके महाविद्यालय में हिन्दी व्याख्याता के रिक्त स्थान के लिए मैं आपकी सेवा में यह आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ।

मैंने सागर विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए.की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है तथा विश्वविद्यालय की योग्यता-सूची में मुझे द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। इसी विश्वविद्यालय से मैंने पी-एच.डी.की उपाधि प्राप्त की है। मेरे शोध प्रबन्ध का विषय है—’नयी कविता के सन्दर्भ में मुक्तिबोध के काव्य का समग्र मूल्यांकन।’

मैं गत तीन वर्षों से जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय, जगदलपुर में हिन्दी व्याख्याता के पद पर कार्य कर रहा हूँ। यह स्थान मेरे गृह-नगर से अत्यधिक दूर है। अपनी पारिवारिक कठिनाइयों के कारण मैं सागर में ही कार्य करने का आकांक्षी हूँ।

मुझे विश्वास है कि मेरी शैक्षिक योग्यताएँ तथा अनुभव पर विचार करते हुए आप मुझे सेवा करने का अवसर प्रदान कर अनुग्रहीत करेंगे।

भवदीय
डॉ.सुरेन्द्र मोहन
50, इतवारी हिल्स, सागर (म.प्र)

दिनांक : 15-4-20….

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प्रश्न 2.
जिला शिक्षा अधिकारी को उसके अधीन सहायक शिक्षक के रिक्त पद पर नियुक्त किये जाने हेतु आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
जिला शिक्षा अधिकारी,
रायपुर (छत्तीसगढ़)।

विषय : सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु आवेदन-पत्र।

महोदय,
दैनिक भास्कर’ में दिनांक 10-5-20…. को प्रकाशित विज्ञापन के सन्दर्भ में आपके अधीनस्थ सहायक शिक्षक पद के रिक्त स्थान पर नियुक्ति हेतु यह आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा मैंने वर्ष 20…. में रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से बी.ए. की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में 54% अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की है।

मैंने वर्ष 20…. में बी.टी.सी. की परीक्षा उत्तीर्ण की है। मैं 23 वर्ष का एक स्वस्थ युवक हूँ तथा स्काउटिंग, रेडक्रास तथा प्राथमिक चिकित्सा में मैंने अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त किये हैं।

मुझे विश्वास है कि आप अपने अधीन सहायक शिक्षक पद पर मुझे नियुक्त कर सेवा करने का अवसर प्रदान कर अनुग्रहीत करेंगे।

भवदीय
जगदीश कुमार सिंह
363, मालवीय नगर,रायपुर

दिनांक : 17-5-20….

प्रश्न 3.
अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निर्धन छात्र कोष से छात्रवृत्ति हेतु आवेदन-पत्र लिखिए। (2009, 12)
उत्तर-
सेवा में,
प्रधानाध्यापक,
महात्मा गाँधी विद्यालय,
रीवा।

विषय : निर्धन छात्र कोष से छात्रवृत्ति हेतु आवेदन-पत्र। महोदय,
आ है कि इस वर्ष विद्यालय द्वारा कक्षा 12 में पढ़ रहे कुछ निर्धन एवं मेधावी छात्रों को छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जायेंगी। इस सन्दर्भ में, मैं आपकी सेवा में अपना यह आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ।

मैंने वर्ष 20…. में माध्यमिक शिक्षा मण्डल,मध्य प्रदेश की हाईस्कूल परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा विज्ञान तथा गणित विषयों में मैंने 80% से अधिक अंक प्राप्त किये हैं। कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा में मैंने अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मैं विद्यालय की ओर से जनपदीय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में सक्रिय भाग लेता रहा हूँ।

मैं एक सामान्य कृषक परिवार से सम्बन्ध रखता हूँ। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण मुझे पढ़ाने में मेरे पिताजी को कठिनाई हो रही है।

मुझे आशा है कि आप मेरे आवेदन-पत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए छात्रवृत्ति प्रदान करने की महती कृपा करेंगे। इसके लिए मैं आपका आजीवन ऋणी रहूँगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
राकेश मोहन तिवारी
कक्षा 12 (ब)

दिनांक : 10-7-20……

प्रश्न 4.
अपने विद्यालय के प्राचार्य को विद्यालय में खेलों की समुचित व्यवस्था तथा पर्याप्त खेल-सामग्री उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में आवेदन-पत्र लिखिए। [2013]
उत्तर-
सेवा में,
श्रीमान् प्राचार्य,
महात्मा गाँधी उच्च माध्यमिक विद्यालय,
इन्दौर (म.प्र)।

विषय : विद्यालय में खेलों की समुचित व्यवस्था तथा पर्याप्त खेल-सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आवेदन-पत्र।

महोदय,
विनम्र निवेदन है कि हमारे विद्यालय में खेलों की व्यवस्था का हाल वर्तमान में काफी खराब है। न तो विद्यार्थी संख्या के अनुपात में खेल-सामग्री विद्यालय में मौजूद है और न ही विभिन्न खेलों के नियमित प्रशिक्षण की ही कोई व्यवस्था है। साथ ही, विद्यालय के शैक्षिक कैलेण्डर में भी खेलों के लिए कोई स्थान नहीं है। इसका दुष्परिणाम यह है कि विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है जबकि विद्यार्थी जीवन में खेलों के महत्व से हम सभी भली-भाँति परिचित हैं।

अतएव आपसे नम्र प्रार्थना है कि आप अपने स्तर से क्रीडाध्यापक महोदय को आवश्यक निर्देश देते हुए विद्यालय में खेलों की समुचित व्यवस्था तथा पर्याप्त खेल-सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहें। आपकी अति कृपा होगी।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
प्रवेश सोलंकी
कक्षा 12 (अ)

दिनांक : 10-8-20…….

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प्रश्न 5.
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र., भोपाल को कक्षा 12वीं की अंक-सूची की द्वितीय प्रति भेजने के सम्बन्ध में आवेदन-पत्र लिखिए। (2009, 11, 15, 17)
उत्तर-
सेवा में,
सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल,म.प्र.,
भोपाल।

विषय : अंक-सूची की द्वितीय प्रति भेजने के सम्बन्ध में।

महोदय,
मेरी 12वीं परीक्षा 20….. की अंक-सूची खो गयी है। अतः मुझे द्वितीय प्रति भेजने का कष्ट करें। इसके लिए मैं 20 रुपये का बैंक ड्राफ्ट नं.37701 आपके नाम से भेज रहा हूँ।

मुझसे सम्बन्धित जानकारी निम्नानुसार है-
MP Board Class 12th Special Hindi पत्र-लेखन img-3

दिनांक : 17 जुलाई,20…..

विनीत
रवीन्द्र मोहन

प्रश्न 6.
पिता के स्थानान्तरण होने पर प्राचार्य को शाला त्याग-प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
प्राचार्य,
आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय,
टी.टी. नगर, भोपाल (म.प्र)।

विषय : शाला स्थानान्तरण-प्रमाण-पत्र (टी.सी) प्राप्त करने विषयक।

महोदय,
निवेदन है कि मेरे पिता का स्थानान्तरण भोपाल से छिंदवाड़ा हो गया है। अतः अब मैं वहीं पर अध्ययन करूँगा। आपसे प्रार्थना है कि मेरी शाला स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र शीघ्र देने की कृपा करें। मुझसे सम्बन्धित विवरण निम्नानुसार हैं
नाम : राजीव माथुर
पिता का नाम : श्री चन्द्रमोहन माथुर
कक्षा एवं वर्ग : 12 ‘ब’
प्रवेश वर्ष एवं कक्षा : 20….., 11वीं

दिनांक : 12-2-20…..

भवदीय
राजीव माथुर
7, हर्ष नगर,
भोपाल

प्रश्न 7.
अपने विद्यालय के प्राचार्य को चरित्र प्रमाण-पत्र प्रदान करने हेतु आवेदन-पत्र लिखिए। [2010]
उत्तर-
सेवा में,
प्राचार्य, महात्मा गाँधी उच्च माध्यमिक विद्यालय
विदिशा (म.प्र)।

विषय : चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन-पत्र।

महोदय,
निवेदन है कि मेरा चयन पी.एम.टी. में हो गया है। प्रवेश के लिए आवश्यक कागजों में मुझे अन्तिम संस्था प्रमुख का चरित्र प्रमाण-पत्र लगाना आवश्यक है। मैंने इसी वर्ष आपके विद्यालय से 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। मेरा विस्तृत विवरण निम्नवत् है
नाम : संजय कुमार
कक्षा : 12 (स)
पिता का नाम : नीरज कुमार
छात्र रजिस्टर संख्या : 10/239

मैं कक्षा 6 से ही प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होता रहा हूँ। खेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य पाठ्य-सहगामी क्रिया-कलापों में भी मैं बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता रहा हूँ और कई पुरस्कार जीतता रहा हूँ। मैंने सदैव अपने गुरुजनों,साथियों एवं विद्यालय के अन्य कर्मचारियों के साथ सम्मानित एवं भद्र व्यवहार किया है। मैं विद्यालय का एक अनुशासित छात्र रहा हूँ।

कृपया मुझे चरित्र प्रमाण-पत्र प्रदान करने की कृपा करें।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
संजय कुमार
75, मालवीय कुंज, विदिशा

दिनांक : 13-06-20…..

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प्रश्न 8.
उत्तर-पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन हेतु सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म. प्र., भोपाल को आवेदन-पत्र लिखिए। [2009, 12, 14, 16]
उत्तर-
सेवा में,
सचिव,
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र., भोपाल

विषय-उत्तर-पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के सन्दर्भ में।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैंने हाल ही में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल से कक्षा 10वीं की परीक्षा अनुक्रमांक 30708 के साथ अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की है किन्तु अंग्रेजी विषय में आशानुरूप अंक न आने के कारण मैं प्रथम श्रेणी नहीं पा सका हूँ। मेरी अंग्रेजी की परीक्षा काफी अच्छी हुई थी और मैंने शत-प्रतिशत प्रश्न हल किये थे। मेरे आंकलन के अनुसार मेरे कम-से-कम 90-95 अंक आने चाहिये थे, जबकि आये हैं मात्र 42.

अतः श्रीमान जी से विनम्र प्रार्थना है कि वे प्रार्थी की अंग्रेजी विषय की उत्तर-पुस्तिका खुलवाने व उसका पुनर्मूल्यांकन करवाने की व्यवस्था करें। आपकी अति कृपा होगी।

प्रार्थी
सौरभ सिंह
44, गाँधी कॉलोनी,
भोपाल

2. स्थानीय निकाय से सम्बन्धित
पत्र (शिकायती-पत्र)

शिकायती-पत्र साधारण जनता की ओर से सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को लिखे जाते हैं। इसमें उनके अधीनस्थ कर्मचारियों की शिकायत की जाती है। यहाँ पर नमूने के लिए कुछ पत्र दिये जा रहे हैं।

प्रश्न 1.
नगर निगम अध्यक्ष को शिकायती पत्र लिखिए, जिसमें मोहल्ले की नियमित सफाई न होने की बात कही गई हो। [2017]
उत्तर-
सेवा में,
अध्यक्ष,
नगर निगम, इंदौर।

विषय : मोहल्ले की सफाई के सम्बन्ध में।

महोदय,
निवेदन है कि मैं वार्ड क्रमांक चार का निवासी हूँ। इस मोहल्ले में सफाई का कार्य पूरीसरह से उपेक्षित है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी 15 दिन में एक बार इस वार्ड में आते हैं। शेष दिनों में कूड़ा-कचरा गलियों तथा सड़कों पर बिखरा रहता है। इस मोहल्ले में नालियों की सफाई भी नियमित नहीं होती जिसके कारण मच्छरों के प्रकोप से बीमारियाँ फैलने का डर है। साथ ही स्थान- स्थान पर कूड़ा-कचरा फैला रहने से मोहल्ले की स्थिति नारकीय हो गई है।

आपसे विनम्र निवेदन है कि आप स्वयं इस मोहल्ले का निरीक्षण करें तथा सार्वजनिक हित में आप नगर निगम के कर्मचारियों को इस मोहल्ले की नियमित सफाई करने का निर्देश दें क्योंकि सफाई की उपेक्षा से मोहल्लेवासियों को बहुत कष्ट है तथा सफाई की समुचित व्यवस्था न होने पर वे आन्दोलन प्रारम्भ कर सकते हैं। कृपया इस शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराने का कष्ट करें। आपका अति आभारी रहूँगा।

भवदीय
रमेश साहू
54- शुभ कॉलोनी, इंदौर

दिनांक : 17 मार्च,20……

प्रश्न 2.
अपने नगर के पोस्ट मास्टर को मनीआर्डर न मिलने की शिकायत कीजिए।
उत्तर-
सेवा में,
पोस्ट मास्टर,
हैड पोस्ट ऑफिस,
होशंगाबाद।

विषय : मनीआर्डर न मिलने की शिकायत।

महोदय,
निवेदन है कि मैंने 20 अगस्त,20….. को 101:00 रुपये का मनीआर्डर अपनी बड़ी बहन श्रीमती आशारानी,54, सातवीं लाइन,इटारसी को भेजा था, जिसका रसीद क्रमांक 3370 है। यह मनीआर्डरदो माह बीत जाने पर भी उनको नहीं मिला। ऐसा लगता है कि आपके पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी की लापरवाही से वह मनीआर्डर खो गया है। रसीद मेरे पास सुरक्षित है। कृपया आप इस सम्बन्ध में छानबीन कीजिए अन्यथा जनता को पोस्ट ऑफिस की कार्य-प्रणाली पर सन्देह होगा। आप मनीआर्डर का भुगतान उपर्युक्त पते पर करायें,अथवा राशि मुझे लौटाने का कष्ट करें।

भवदीय
विष्णुकान्त तिवारी
नर्मदा मन्दिर मार्ग होशंगाबाद

दिनांक : 22-10-20…..

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प्रश्न 3.
परीक्षाकाल में ध्वनि विस्तारक यन्त्र (लाउडस्पीकर) के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाने हेतु जिलाधीश को पत्र लिखिए। [2009, 15]
उत्तर-
सेवा में,
जिलाधीश,
उज्जैन (म.प्र)।

विषय : परीक्षा-अवधि में ध्वनि विस्तारक यन्त्र (लाउडस्पीकर) पर प्रतिबन्ध लगाने के सम्बन्ध में।

महोदय.
निवेदन है कि माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षाओं का समय निकट है। हम छात्र अपने अध्ययन में व्यस्त हैं,परन्तु जगह-जगह लाउडस्पीकरों की आवाजों से हमारे अध्ययन में व्यवधान पड़ता है। इसके पूर्व महाविद्यालयों के छात्रों ने आपको एक प्रार्थना-पत्र इसी सम्बन्ध में दिया है। धार्मिक कार्यक्रमों,सभा और दुकानों पर निर्बाध रूप से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे हैं। इससे ध्वनि-प्रदूषण होता है और हम एकाग्रचित्त होकर अध्ययन नहीं कर सकते। अतः नगर के हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्रातिशीघ्र ध्वनि विस्तारक यन्त्रों के परीक्षा-अवधि में प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाने सम्बन्धी आदेश जारी करें। आपकी अति कृपा होगी।

भवदीय
राजेश रावल
अध्यक्ष, छात्रसंघ
शास.बालक उ.मा.शाला, उज्जैन

दिनांक : 10 मार्च,20….

प्रश्न 4.
शिवपुरी के पोस्ट मास्टर को एक पत्र लिखकर कमलागंज मुहल्ले के डाकिए (पोस्टमैन) द्वारा नियमित डाक वितरण नहीं किये जाने की शिकायत कीजिए।
उत्तर-
सेवा में,
पोस्ट मास्टर, हैड पोस्ट ऑफिस,
शिवपुरी (म.प्र)।

विषय : कमलागंज मुहल्ले में डाक-वितरण की अनियमितता के सम्बन्ध में।

महोदय,
मैं आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ कि मेरे मुहल्ले कमलागंज में क्षेत्र के पोस्टमैन द्वारा डाक का वितरण नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है। इससे मुहल्लावासियों को अत्यधिक परेशानी हो रही है। आवश्यक पत्र देर से मिलने के कारण कभी-कभी बहुत नुकसान भी हो जाता है।

आशा है कि आप मुहल्लावासियों की परेशानी पर ध्यान देते हुए क्षेत्र के पोस्टमैन को . नियमित रूप से डाक वितरण किये जाने का निर्देश देंगे। आपकी अति कृपा होगी।

भवदीय
हरिशंकर वर्मा
105, कमलागंज, शिवपुरी

दिनांक : 15-2-20…..

प्रश्न 5.
नगरपालिका अध्यक्ष को जल की अनियमित पूर्ति के सम्बन्ध में शिकायती-पत्र लिखिए। [2013]
उत्तर-
सेवा में.
नगरपालिका अध्यक्ष,
सागर।

विषय : नगर में जल की अनियमित आपूर्ति के सम्बन्ध में।

महोदय,
मैं आपका ध्यान नगर की जल आपूर्ति की समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। गर्मी के इस मौसम में जबकि पानी की अधिक आवश्यकता होती है,नगर की जल आपूर्ति प्रायः ठप्प रहती है। प्रातः तथा सायं केवल एक-दो घण्टे ही नलों में पानी आता है तथा दबाव इतना कम होता है कि ऊँचे स्थानों पर रहने वालों को पानी मिल ही नहीं पाता। अनेक बार इस सम्बन्ध में पूर्व में भी अधिकारियों को लिखा गया, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। कृपया इस बार हमें निराश मत कीजिएगा। आपका आभारी रहूँगा।

भवदीय
नरेन्द्र कुमार
इतवारी बाजार, सागर

दिनांक : 15-5-20……

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प्रश्न 6.
नगर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सूचित कीजिए कि आपके मोहल्ले में चोरी की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, पुलिस गश्त बढ़ाई जाये। [2009, 11, 14]
उत्तर-
नगर पुलिस अधीक्षक,
ग्वालियर।

विषय : तानसेन नगर में चोरी की घटनाओं में वृद्धि के सम्बन्ध में।

महोदय,
मैं आपका ध्यान नवविकसित कॉलोनी तानसेन नगर में चोरी की घटनाओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। गत एक पखवाड़े से इस कॉलोनी में चोरी की अनेक घटनाएँ घट चुकी हैं तथा घटनाओं में कमी के स्थान पर निरन्तर वृद्धि ही होती जा रही है। इस कारण से कॉलोनी निवासी भय से त्रस्त हैं। चोरी की घटनाओं ने उनका रात-दिन का चैन छीन लिया है। . अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कॉलोनी में रात्रिकालीन पुलिस गश्त को और अधिक सक्रिय बनाया जाये तथा पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या में तैनाती की जाये, जिससे हम नागरिक निश्चिन्त होकर अपना जीवन-यापन कर सकें।

भवदीय
पवन कुमार बंसल
सचिव, तानसेन नगर आवासीय संघ, ग्वालियर

दिनांक : 15 मार्च,20….

प्रश्न 7.
अपने जिले के जिलाधिकारी को अपने क्षेत्र में सिंचाई-सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
जिलाधिकारी,
रीवा।

विषय : सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के सम्बन्ध में।

महोदय,
मैं आपका ध्यान जनपद के ग्रामीण क्षेत्र की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। चित्रकूट धार्मिक क्षेत्र होने के कारण पूरे देश में जितना प्रसिद्ध है,उतना ही आर्थिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में कृषि ही लोगों की आजीविका का एकमात्र साधन है, लेकिन सिंचाई की पर्याप्त सुविधाएँ न होने के कारण यह क्षेत्र कृषि में पिछड़ा हुआ है। क्षेत्र में यदि छोटे-छोटे बाँध तथा बड़े जलाशयों का निर्माण करके सिंचाई की अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध करा दी जायें तो इस क्षेत्र में कृषि की बहुत उन्नति होगी। इससे किसानों के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आप जिला योजना मण्डल तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में विस्तार करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्देश प्रदान कर अनुगृहीत करें।

भवदीय
राजीव नारायण तिवारी
ग्राम सिबरी,तहसील रीवा

दिनांक : 23-1-20…..

3. सम्पादक के नाम पत्र

इन पत्रों के अन्तर्गत किसी समाचार-पत्र अथवा पत्रिका के सम्पादक को अपनी रचना प्रकाशन हेतु, समसामयिक विषयों पर परिचर्चा हेतु, समसामयिक समस्याओं के समाधान हेतु, किसी विषय पर जनता को अपने विचारों से अवगत कराने हेतु,खेलों पर अपनी राय प्रकट करने हेतु,टिप्पणी या आलोचना करने हेतु अथवा फिल्म या फिल्म जगत के लोगों के बारे में जानकारी देने हेतु पत्र लिखे जाते हैं।

यहाँ नमूने के लिए कुछ पत्र दिये गये हैं

प्रश्न 1.
स्थानीय समाचार-पत्र के सम्पादक को एक पत्र लिखिए जिसमें उनसे अपनी रचना के प्रकाशन हेतु निवेदन किया गया हो।
उत्तर-
सेवा में,
सम्पादक,
दैनिक नवभारत,
भोपाल (म.प्र)।

विषय : रचना के प्रकाशन के सम्बन्ध में।

महोदय,
आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से मैं समाज में व्याप्त नारी की दुर्दशा पर एक लेख भेज रहा हूँ। आशा है आप इसे प्रकाशित करने की कृपा करेंगे।

धन्यवाद सहित,
दिनांक : 20-05-20….

भवदीय
संजय कुमार सीठा
महाराणा प्रताप नगर, भोपाल

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
किसी स्थानीय समाचार-पत्र के सम्पादक को ‘सम्पादक के नाम पत्र’ कॉलम में प्रकाशन हेतु एक पत्र लिखिये जिसमें बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों का वर्णन करते हुए क्षेत्र के प्रभारी मन्त्री से समस्या के निदान हेतु शीघ्र कार्यवाही किये जाने का निवेदन किया गया हो।
उत्तर-
सेवा में,
सम्पादक, दैनिक भास्कर,
भोपाल (म.प्र)।

विषय : बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों के सन्दर्भ में।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के लोकप्रिय कॉलम ‘सम्पादक के नाम पत्र के माध्यम से क्षेत्रीय प्रभारी मन्त्री के संज्ञान में यह लाना चाहता हूँ कि तानसेन नगर, भोपाल में बिजली प्रायः गुल रहती है। गर्मी के भीषण मौसम में दिनचर्या को सुचारु रूप से चलाना भी अत्यन्त दुष्कर है। अनेक बार क्षेत्रीय अभियन्ता से शिकायत की जा चुकी है लेकिन परिणाम शून्य है।
अत: मन्त्री जी से सानुरोध प्रार्थना है कि जनता की परेशानी को ध्यान में रखकर सम्बन्धित अधिकारियों को उचित निर्देश देने की कृपा करें।

सधन्यवाद,
दिनांक : 12-09-20….

भवदीय
कनिष्क
तानसेन नगर, भोपाल

प्रश्न 3.
किसी समाचार-पत्र के सम्पादक को ‘सम्पादक के नाम पत्र’ कॉलम में प्रकाशन हेतु एक पत्र लिखिए जिसमें शासकीय चिकित्सालय में निर्धन रोगियों के प्रति हो रही उपेक्षा को लेकर क्षेत्र के प्रभारी सचिव से शिकायत दर्ज की गई हो तथा उनसे इस समस्या के शीघ्रताशीघ्र निवारण हेतु निवेदन किया गया हो।
उत्तर-
सेवा में,
सम्पादक, हिन्दुस्तान,
भोपाल (म.प्र)।

विषय : निर्धन रोगियों के प्रति हो रही उपेक्षा के सन्दर्भ में।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के लोकप्रिय कॉलम ‘सम्पादक के नाम पत्र’ के माध्यम से क्षेत्रीय प्रभारी सचिव, शासकीय चिकित्सालय, भोपाल (म.प्र) के संज्ञान में यह लाना चाहता हूँ कि शासकीय चिकित्सालय, भोपाल में निर्धन रोगियों की चिकित्सा की उपेक्षा की जाती है। उन्हें यथा-समय कोई भी सम्बन्धित चिकित्सक देखने नहीं आता है और न ही उन्हें उचित एवं आवश्यक औषधियाँ ही प्रदान की जाती हैं।

आपसे विनम्र अनुरोध है कि उचित एवं त्वरित कार्यवाही करते हुए कृपया शीघ्रताशीघ्र पीड़ित रोगियों को पर्याप्त चिकित्सा-सेवा व देखभाल सुनिश्चित करने का कष्ट करें।

सधन्यवाद,
दिनांक 15-12-20….

भवदीय
मोहन राव, अरेरा कॉलोनी,
भोपाल

विविध पत्र

प्रश्न 1.
आपके मित्र की रचना विद्यालय की वार्षिक पत्रिका में प्रकाशित हुई है। अतएव उसे बधाई देते हुए पत्र लिखिए तथा प्रकाशित रचना की एक प्रति भेजने का भी अनुरोध कीजिए। [2010]
उत्तर-
10/105, राष्ट्रीय नगर,
हरदा (म.प्र)।

प्रिय मित्र किशोर,
सप्रेम प्रणाम।
विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘वाणी’ में तुम्हारी रचना ‘राष्ट्र-दीप’ के प्रकाशित होने का समाचार सुनकर मुझे आश्चर्यमिश्रित प्रसन्नता हुई। वास्तव में,मुझे तुम्हारी इस प्रतिभा का भान ही नहीं था। इस हेतु मेरी बधाई स्वीकार करो। साथ ही, मैं तुम्हारी उक्त कविता को पढ़ने के लिए बेहद उत्सुक हूँ, इसलिए कृपया मुझे उसकी एक प्रति भेज देना। माताजी व पिताजी को चरण स्पर्श व भावना को स्नेह।

तुम्हारा
कपिल वाष्र्णेय

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
अपने बड़े भाई के विवाह समारोह में सम्मिलित होने के लिए मित्र को निमन्त्रण-पत्र लिखिए। [2016]
उत्तर-
26, माधव कुंज,
धार।
10 जनवरी,20…..

प्रिय मित्र संतोष,
सस्नेह नमस्कार,
शुभ समाचार यह है कि मेरे बड़े भैया हर्ष कुमार का शुभ विवाह दिनांक 20 जनवरी, 20….. को होना निश्चित हुआ है। तुम तो जानते ही हो कि ऐसे शुभ अवसर पर तुम्हारा आगमन मेरे लिए कितना सुखद और आनन्ददायक होगा। तुम्हें इस विवाह में कम से कम चार दिन पूर्व जरूर आना होगा। पत्र के साथ निमन्त्रण-पत्र संलग्न है। तुम्हें प्रत्येक कार्यक्रम में शामिल होना है। मुझे तुम्हारे आगमन की प्रतीक्षा रहेगी।

पिताजी और माताजी को चरण स्पर्श एवं छोटू को बहुत-सा प्यार।

तुम्हारा अभिन्न
जितेन्द्र कुमार

MP Board Class 12th Hindi Solutions

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