MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4

प्रश्न 1.
उत्तरोत्तर आवर्धन करके संख्या रेखा पर 3.765 को देखिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4 1
अत: अभीष्ट संख्या 3.765 संख्या रेखा पर चित्र 1.2 (c) में बिन्दु ‘x’ द्वारा प्रदर्शित है।
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प्रश्न 2.
4 दशमलव स्थानों तक संख्या रेखा पर \(4.\overline { 26 }\) को देखिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4 2
अतः अभीष्ट संख्या \(4.\overline { 26 }\)…. दशमलव के चार अंकों तक संख्या रेखा चित्र 1.3 (d) में बिन्दु x द्वारा प्रदर्शित है।

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MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 5 विद्या-महिमा

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MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 5 विद्या-महिमा

MP Board Class 6th Sanskrit Chapter 5 अभ्यासः

Class 6 Sanskrit Chapter 5 MP Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत(एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) विद्या कि ददाति? (विद्या क्या देती है?)
उत्तर:
विनयम् (विनम्रता)

(ख) कः सर्वत्र पूज्यते? (किसकी सभी जगह पूजा की जाती है?)
उत्तर:
विद्वान् (विद्यावान्)

(ग) देवैः कः पूज्यते? (देवताओं के द्वारा किसी पूजा की जाती है?)
उत्तर:
विद्यावान् (विद्या से युक्त)

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(घ) विदेशेषु विद्या किम् भवति? (विदेशों में विद्या क्या होती है?)
उत्तर:
धनम् (धन)।

MP Board Class 6 Sanskrit Chapter 5 प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत(एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) कस्मात् पात्रतां याति? (किससे पात्रता (योग्यता) आती है?)
उत्तर:
विनयाद् पात्रतां याति। (विनय (नम्रता) से योग्यता आती है।)

(ख) परलोके धनं किम्? (परलोक में धन क्या है?)
उत्तर:
परलोके धनं धर्मः। (परलोक में धर्म ही धन है।)

(ग) स्वदेशे कः पूज्यते? (अपने देश में किसकी पूजा होती है?)
उत्तर:
स्वदेशे राजा पूज्यते। (अपने देश में राजा की पूजा होती है।)

(घ) केषां बलं विद्या? (किसका बल विद्या होती है?)
उत्तर:
निर्बलानां बलं विद्या। (बलहीनों का बल विद्या होती है।)

Class 6 Sanskrit Surbhi Chapter 5 प्रश्न 3.
उचितं योजयत (उचित को जोडिए)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 5 विद्या-महिमा 1
उत्तर:
(क) → 3
(ख) → 5
(ग) → 1
(घ) → 2
(ङ) → 4

Class 6 Sanskrit Chapter 5 Vidya Mahima प्रश्न 4.
रिक्तस्थानानि पूरयत (रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए)
(क) पात्रत्वाद् …………. , आप्नोति ………….. धर्मः।
(ख) पुस्तकस्था तु या ………..।
(ग) स्वदेशे ……… पूज्यते। ……. सर्वत्र पूज्यते।
(घ) …………. सर्वस्य भूषणम्।
उत्तर:
(क) धनम्, धनाद्;
(ख) विद्या परहस्तगतं धनम्
(ग) राजा, विद्वान्;
(घ) विद्याः।

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MP Board Class 6th Sanskrit Chapter 5 प्रश्न 5.
कोष्ठकात् चित्वा विलोमशब्दैः मेलयत (कोष्ठक से चुनकर विलोम शब्दों से मिलाओ)
(अ) (क) सुखम्
(ख) विदेशेषु
(ग) इहलो के
(घ) महाधनः
(ङ) सुन्दरः
(च) निर्बलः
(छ) विद्वान्
(ज) मित्रम्
(झ) कुलीनः
(ञ) सुशीलः।

(ब) (अकुलीनः, शत्रुः, निर्धनः, दुःखम्, कुरूपः, स्वदेशेषु, दुःशीलः, परलोके, सबलः, मूर्खः।)
उत्तर:
(क) सुखम् – दु:खम्
(ख) विदेशेषु – स्वदेशेषु
(ग) इहलोके – परलोके
(घ) महाधन: – निर्धनः
(ङ) सुन्दरः – कुरूंपः
(च) निर्बल: – सबलः
(छ) विद्वान् – मूर्खः
(ज) मित्रम् – शत्रुः
(झ) कुलीनः – अकुलीनः
(ञ) सुशील: – दुःशीलः।।

Surbhi Class 6 Chapter 5 प्रश्न 6.
उदाहरणानुगुणं अन्वयपूर्ति कुरुत (उदाहरण के अनुसार अन्वय की पूर्ति करो)
(क) कुरूपाणां …………. विद्या, …………. धनं (विद्या) तथा। निर्बलानां बलं …………. अतः ………… साधनीया।
(ख) विदेशेषु ……… धनं, व्यसनेषु मतिः………। परलोके ………….. धनं, ………… सर्वत्र वै धनम्।
उत्तर:
अन्वय-
(क) कुरूपाणां रूपं विद्या, निर्धनानां धनं (विद्या) तथा। निर्बलानां बलं विद्या अतः प्रयत्नेन साधनीया।
(ख) विदेशेषु विद्या धनं, व्यसनेषु मतिः धनम्। परलोके धर्म: धनं, शीलंः सर्वत्र वै धनम्।

Class 6th Sanskrit Chapter 5 Question Answer प्रश्न 7.
‘विद्या’ विषये संस्कृते पञ्च वाक्यानि लिखत। (‘विद्या’ विषय पर संस्कृत में पाँच वाक्यों लिखो।)
उत्तर:
‘विद्या’

  1. विद्याधनं सर्वधनं प्रधानमस्ति।
    विद्या धन सभी धनों में प्रधान होता है।
  2. विद्या एव मानवस्य भूषणमस्ति।
    विद्या ही मनुष्य का आभूषण है।
  3. विद्या तु सदा उपार्जनीया अस्ति।
    विद्या तो सदा ही प्राप्त करने योग्य होती है।
  4. विद्याविहीनः जनः पशुः भवति।
    विद्या से रहित मनुष्य पशु होता है।
  5. विद्या विनयम् ददाति।
    विद्या विनय देती है।

योग्यताविस्तारः
पाठस्थ श्लोकान् कण्ठस्थीकुरुत।
(पाठ में आये श्लोकों को कण्ठाग्र करो।)

‘विद्या’ इति शब्दमधिकृत्य अन्यश्लोकानाम् सङ्ग्रहणं शिक्षकस्य साहाय्येन कुरुत।
(‘विद्या’ शब्द पर आधारित अन्य श्लोकों का संग्रह शिक्षक की सहायता से करो।)
उत्तर:
(1) नक्षत्रभूषणो चन्द्रो, नारीणाम् भूषणं पतिः।
पृथिवीभूषणं राजा, विद्या सर्वस्य भूषणम्॥

(2) अपूर्वः कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति।
व्ययतो वृद्धिमायाति क्षयमायाति संचयात्।।

(3) विद्या नाम नरस्य रूपमधिक,प्रच्छन्न गुप्तं धनम्।
विद्या भोगकरी यशः सुखकरी, विद्या गुरुणां गुरुः॥

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विद्या-महिमा हिन्दी अनुवाद

(1) विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्।
पात्रत्वाद् धनमाप्नोति, धनाद् धर्मः ततः सुखम्॥

अनुवाद :
विद्या नम्रता देती है। नम्रता से पात्रता (योग्यता) आती है। पात्रता से धन प्राप्त होता है। धन से धर्म और धर्म से सुख प्राप्त होता है।

(2) विदेशेषु धनं विद्या, व्यसनेषु धनं मति।
परलोके धनं धर्मः, शीलं सर्वत्र वै धनम्॥

अनुवाद :
विदेश में विद्या ही धन है। विकारों में बुद्धि ही धन है। परलोक में धर्म ही धन है और शील तो सभी स्थानों पर धन है।

(3) सुन्दरोऽपि सुशीलोऽपि कुलीनोऽपि महाधनः।
शोभते न बिना विद्या, विद्या सर्वस्य भूषणम्॥

अनुवाद :
बिना विद्या के मनुष्य शोभायमान नहीं लगता, चाहे वह सुन्दर, सुशील, अच्छे कुल का एवं बहुत धनवान भी हो। अतः विद्या सबका भूषण है।

(4) विद्या रूपं कुरूपाणाम्, निर्धनानां धनं तथा।
निर्बलानां बलं विद्या, साधनीया प्रयत्नतः॥

अनुवाद :
कुरूपों का रूप विद्या होती है तथा निर्धनों का धन (विद्या) होती है। बलहीनों का बल विद्या ही होती है जो प्रयत्नपूर्वक प्राप्त की जा सकती है।

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(5) विद्वत्वं च नृपत्वं च, नैव तुल्यं कदाचन।
स्वदेशे पूज्यते राजा, विद्वान् सर्वत्र पूज्यते॥

अनुवाद :
विद्वान और राजा की कभी तुलना नहीं की जा सकती है। (क्योंकि) राजा की पूजा अपने देश में होती है (किन्तु) विद्वान सर्वत्र पूजा जाता है।

(6) अलसस्य कुतो विद्या, अविद्यस्य कुतो धनम्।
अधनस्य कुतो मित्रम्, अमित्रस्य कुतो सुखम्॥

अनुवाद :
आलसी को विद्या कहाँ? विद्याहीन के पास धन कहाँ? धनहीन के मित्र कहाँ और बिना मित्र वाले पुरुष को सुख कहाँ?

(7) पुस्तकस्था तु या विद्या, परहस्तगतम् धनम्।
कार्यकाले समुत्पन्ने न सा विद्या न तद् धनम्॥

अनुवाद :
पुस्तक में स्थित विद्या (अर्थात् बिना याद की हुई विद्या) और दूसरे के हाथ में गया हुआ धन। कार्य पड़ने पर (आवश्यकता होने पर) न तो वह विद्या काम आती है और न ही वह धन।

(8) किं कुलेन विशालेन, विद्याहीनस्य देहिनः।
अकुलीनोऽपि विद्यावान, देवैरपि सः पूज्यते॥

अनुवाद :
विशाल कुल में उत्पन्न होने से क्या, यदि मनुष्य विद्याहीन है (और) निम्न कुल में उत्पन्न होने पर भी जो विद्यावान है, देवता भी उसकी पूजा करते हैं।

विद्या-महिमा शब्दार्थाः

पुस्तकस्था = पुस्तक में लिखी हुई। परहस्तगतं = दूसरे के हाथ में गया हुआ। अकुलीनोऽपि = अच्छे कुल में जन्म लेने पर भी। देहिनः = शरीर में। ददाति = देती है। साधनीया = अर्जित करनी चाहिए। कदाचन = कभी भी। विद्याहीनस्य = विद्या से रहित। या = जो। पात्रत्वात् = योग्यता से। नैव = नहीं। कुरूपाणाम् = कुरूपों का। प्रयत्नतः = प्रयत्नपूर्वक। अविद्यस्य = विद्या रहित का। अमित्रस्य = मित्र रहित का। व्यसनेषु = विकारों में। शीलं = चरित्र। निर्बलानां = शक्तिहीनों का। महाधनः = बहुत धनी। अलसस्य = आलसी का। कुतो = कैसे। शोभते = सुशोभित होता है। विद्वत्वं = विद्वान। नृपत्व = राजा।

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions

MP Board Class 8th General English Revision Exercises 1

MP Board Class 8th General English Solutions Revision Exercises 1

Read and Learn
(पढ़ो और याद करो):
Answer:
Do Yourself.

Word Power
(शब्द सामर्थ्य):

(a) Write the antonyms of the following words:
(निम्नलिखित शब्दों के विलोम लिखें:)

  1. often
  2. win
  3. despair
  4. end.

Answer:

  1. seldom
  2. lose
  3. hope
  4. begin.

(b) Write the following words in the order in which they appear in a dictionary:
(निम्न शब्दों को शब्दकोश में दिए क्रम से लिखें:)
Answer:

  1. abundance
  2. administered
  3. attraction
  4. beautiful
  5. ferocious
  6. furnished
  7. perform
  8. pocket.

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(c) Write what we call them:
(इन्हें हम क्या कहते हैं, लिखें:)

  1. One,who sells jewellery
  2. One who treats patients
  3. One who travels.

Answer:

  1. Jeweller
  2. Doctor
  3. Traveller.

(d) Use the following pairs of words in sentences to show the difference in their meanings:
(शब्दों के निम्नलिखित जोड़ों को उनके अर्थ में भिन्नता दिखाने के लिए वाक्यों में प्रयोग करोः)
Answer:
1. seen – I have seen your brother.
scene – I saw a beautiful scene yesterday.

2. hear-I hear with my ears.
here-Please come here.

3. sun-Sun gives us heat and light.
son-My son is 6 years old.

(e) Pick out the silent letters in the following words:
(मूक अक्षरों को निम्न शब्दों में छौंटो:)

  1. Wednesday
  2. hour
  3. knife
  4. comb
  5. sign.

Answer:

  1. d
  2. h
  3. k
  4. b
  5. g.

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Comprehension
(बोध प्रश्न):

(A) Answer the following questions:
(निम्न प्रशनें को उत्तर दें:)

Class 8 English Revision Exercise 1 Question 1.
(a) Why do we wish for another chance?
(व्हाय डू वी विश फॉर एनदर चान्स ?)
हम एक और मौके की इच्छा क्यों करते हैं?
Answer:
We wish for another chance to change our failure into winning.
(वी विश फॉर एनदर चान्स टू चेंज आवर फेल्यर इन्टू विनिंग।)
हम एक और मौके की इच्छा इसलिए करते हैं ताकि हम अपनी हार को जीत में बदल सकें।

Revision Exercise 1 Class 8 English Question 2.
What is Kanha Kisli ?
(व्हॉट इज कान्हा किसली?)
कान्हा किसली क्या है ?
Answer:
Kanha Kisli is a beautiful National Park.
(कान्हा किसली इज अ ब्यूटीफुल नेशनल पार्क।)
कान्हा किसली एक सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान है।

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MP Board Class 8 English Revision Exercise 1 Question 3.
How did the tiger, the monkey and the snake help the woodcutter ?
(हाउ डिड द टाइगर, द मंकी एण्ड द स्नेक हैल्प द वुडकटर ?)
बाघ, बन्दर और साँप ने लकड़हारे की कैसे मदद की ?
Answer:
The tiger once gave the woodcutter a set of gold ornaments, the monkey gave him sweet fruits one day when he was very hungry and the snake helped him in coming out of the prison.
(द टाइगर वन्स गेव द वुडकटर अ सैट ऑफ गोल्ड और्नामेन्ट्स, द मंकी गेव हिम स्वीट फ्रूट्स वन डे व्हेन ही वॉज वेरी हंगरी एण्ड द स्नेक हैल्प्ड हिम इन कमिंग आउट ऑफ द प्रिजन।)
बाघ ने एक दिन लकड़हारे को सोने के आभूषण दिये, बन्दर ने उसे मीठे फल दिये जब वह बहुत भूखा था और साँप ने उसे जेल से निकलवाने में मदद की।

Class 8th English Revision Exercise 1 Question 4.
What was the only pleasure of the miser?
(व्हॉट वॉज़ द ओन्ली प्लेज़र ऑफ द माइजर ?)
कंजूस का एकमात्र आनन्द क्या था ?
Answer:
His only pleasure was to see his treasure everyday.
(हिज ओन्ली प्लेज़र वॉज टु सी हिज़ ट्रेजर एवरीडे।)
उसे अपने खज़ाने को रोज देखने में आनन्द मिलता था।

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Class 8 English Revision Exercise 1 MP Board Question 5.
What is the work of “Dasohli Gram Swarajya Mandal ?”
(व्हॉट इट द वर्क ऑफ “दसोहली ग्राम स्वराज्य मण्डल’)
“दसोहली ग्राम स्वराज्य मण्डल” का क्या कार्य है ?
Answer:
This organisation works to regenerate the degraded forests.
(दिस ऑर्गेनाइजेशन वर्क्स टु रीजनरेट द डिग्रेडिड फॉरेस्ट्स।)
ये संस्था उन जंगलों को नवजीवन प्रदान करने का कार्य करती है जिनका पतन हो गया है।

Class 8 English MP Board Revision Exercise 1 Question 6.
Why did the miser make a terrible clatter?
(व्हॉय डिड द माइज़र मेक अ टेरिबल क्लैटर ?)
कंजूस ने भयानक शोर क्यों मचा दिया ?
Answer:
The miser made a terrible clatter because his treasure was gone.
(द माइज़र मेड अ टेरिबल क्लैटर बिकॉज़ हिज़ ट्रैज़र वॉज़ गॉन।)
कंजूस ने शोर इसलिए मचा दिया क्योंकि उसका खजाना गायब था।

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Class 8 English Revision Exercise 1 Hindi Medium Question 7.
Why was the woodcutter put in prison ?
(व्हॉय वॉज द वुडकटर पुट इन प्रिजन ?)
लकड़हारे को जेल में क्यों डाला गया ?
Answer:
The woodcutter was put in the prison because the ornaments which the tiger gave him were the lost ornaments of the queen. So, thinking him to be the thief, he was arrested.
(दवुडकटर वॉज पुट इन द प्रिजन बिकॉज, द ऑर्नामेन्ट्स विच द टाइगर गेव हिम वर द लॉस्ट ऑनर्नामेन्ट्स ऑफ द क्वीन। सो, थिंकिंग हिम टू बी द,श्रीफ, ही वॉज अरैस्टिड।)
लकड़हारे को जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि जो सोने के आभूषण उसे बाघ ने दिये थे वे रानी के थे और लकड़हारे को चोर मानते हुए कैद कर लिया गया।

English Reader Class 8 Revision Exercise 1 Question 8.
When did Kanha National Park come into existence?
(व्हेन डिड कान्हा नेशनल पार्क कम इन्ट्र एग्जिस्टेन्स ?)
यह कब बना ?
Answer:
Kanha National Park came into existence in 1955.
(कान्हा नेशनल पार्क केम इन्टू एग्जिस्टेन्स इन 19551)
यह 1955 में बना।

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(B) Tick the correct option:
(सही विकल्प चिहनित करें:)

Class 8 Subject English Revision Exercise 1 Question 1.
The poem “Another Chance” tells us:
(a) to be sad
(b) to make money
(c) never to give up in despair
(d) to be happy.
Answer:
(c) never to give up in despair.

Class 8 English Reader Revision Exercise 1 Question 2.
Where is Kanha Kisli?
(a) Maharashtra
(b) Madhya Pradesh
(d) Uttarakhand.
Answer:
(b) Madhya Pradesh.

English Revision Exercise 1 Question 3.
What happened to the ungrateful jeweller?
(a) He got jewels
(b) He was put in prison
(c) He was rewarded
(d) He felt ashamed.
Answer:
(d) He felt ashamed.

Class 8 Revision Exercise 1 English Question 4.
The ‘Chipko Movement started in:
(a) Madhya Pradesh
(b) Chhattisgarh
(c) Uttarakhand
(d) Rajasthan
Answer:
(c) Uttarakhand.

Class 8 MP Board English Revision Exercise 1 Question 5.
The miser came to the hole to see his:
(a) hens
(6) coins
(c) treasure
(d) pots.
Answer:
(c) treasure.

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Let’s Learn
(आओ याद करें):

(a) Rewrite these sentences after changing the 41. gender of the nouns:
Answer:
1. The poetess received the prize from the king
2. the heroine of the mare away.

(b) Write the Comparative and the Superlative degrees of the following words:
(निम्नलिखित शब्दों के Comparative व Superlative degree लिखे:)
Answer:
1. Difficult       more difficult     most difficult
2. few               fewer                      fewest .

(c) Give the plural form of the following words:
(निम्न शब्द के बहुवचन लिखे:)
Answer:

  1. man – servant → men – servants
  2. mouse → mice
  3. dozen→ dozens
  4. tooth → teeth
  5. glass → glasses
  6. cargo → cargoes.

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(d) Fill in the blanks with the correct form of the verbs given in brackets.
(कोष्ठक में दिए क्रियाओं के सही रूपों से रिक्त स्थान भरिये:)
Answer:

  1. When they arrived, the party had already begun.
  2. The bell had rung before we entered the class.
  3. I went for a walk after I had eaten my dinner.
  4. The train had left when she arrived.”
  5. Did you post the letter after you had written it?
  6. Mona enjoyed the food as soon as she tasted it.
  7. I hurried to see him after I heard the news.

(e) Use the appropriate articles to fill in the blank spaces:
(उचित से रक्त स्थान भरें:)
Answer:
Once a tortoise was walking alone very slowly. He met a hare. The hare made fun of him. The tortoise said that he could beat him in a race. The hare laughed. They set out. The swift hare was soon out of sight. The tortoise came on slowly but steadily. The day was hot. The hare thought he would take a little nap. He lay down and soon fell fast asleep. Meanwhile the tortoise jogged slowly on. When the hare awoke, he ran like a tiger. He reached the finishing point. He found that the tortoise was already there and smiling. The tortoise had won the race.

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Let’s Read
(आओ पढ़ें):

(A) Read the given poem:
(दी गई कविता को पढ़े:)

Now answer the following questions:
(अब निम्न प्रशों के उत्तर दें:)

MP Board Class 8 English Reader Revision Exercise 1 Question 1.
What should we pack?
Answer:
We should pack our troubles in old kit bag.

Class 8 English Revision Exercise First Question 2.
Why should we not worry?
Answer:
We should not worry because it is not worth while.

Class 8 English Revision Exercise-1 Question 3.
Give a suitable title to the poem.
Answer:
Suitable title to the poem is ‘Keep Smiling’.

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(B) Read the given passage carefully. Now answer the question given below:
(दिये गये पद्यांश को पढ़ें। और अब नीचे दिये प्रश्नों के उत्तर दें:)

MP Board Class 8th English Revision Exercise 1 Question 1.
What organ of their body do the flies use to taste things?
Answer:
Flies use their feet to taste things.

Revision Exercise Class 8 Question 2.
Where do the flies’ collect germs from?
Answer:
Flies collect germs from rotten food and plants.

Class 8 English Revision Exercise 1 Ncert Question 3.
How do germs get into the fly’s stomach?
Answer:
The fly might such food that has germs in it. Thus the germs get into the fly’s stomach.

Revision Exercise 1 Class 8 Question 4.
How do germs get into a man’s body?
Answer:
If the fly pumps some of its stomach juice on our food, the germs get on the food. If we eat it, the germs get into our body.

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Let’s Write
(आओ लिखो):

(A) Write a letter to you friend informing him/her about your visit to your favorable park/picnic spot.
(अपने मित्र को अपने प्रिय पार्क/पिकनिक स्थल की सैर के बारे में सूचित करते हुए एक पत्र लिखें:)
Answer:

Ram Pal Singh
26 / 102, Ashok Nagar,
Kanpur
4 – 3 – 20 …….

Dear Raj,
I am fine here and hope the same at your end 1. also. As our exams are over, what are your plans for your vacations. I am planning to go for a picnic to the Kanha Kisli National Park on 14th of this month. If you wish, you may also join us. Rest is fine. Pay my regards to elders and love to younger. Waiting for your letter,

Yours
Ramesh

(B) Write a short note about any great man.
(किसी सहा यक्ति के बारे में संक्षिप्त नोट लिखें:)
Answer:
Mahatma Gandhi:

Mahatma Gandhi was one of the greatest souls of India. His full name was Mohan Das Karam Chand Gandhi. He was born on 2nd October, 1869 at Probandar in Gujarat. After his schooling in India, for further studies, he was sent to England. He proved himself to be a freedom fighter and a brave soldier.

He loved Ahimsa. On 15th August, 1947, India got freedom. He asked Indians to boycott foreign goods. He lived for country men and died for them. He was shot dead on 30th January, 1948 by Nathu Ram Godse. He is an immortal soul of the world.

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MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः

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MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 3 सर्वनामशब्दाः

MP Board Class 6th Sanskrit Chapter 3 अभ्यासः

सर्वनामशब्दाः भाग – १

पुल्लिङ्गम्
प्रथमपुरुषः – सः तौ ते, एषः एतौ एते, कः? कौ? के?

Class 6 Sanskrit Chapter 3 MP Board प्रश्न 1.
उचितं मेलयत (उचित मिलाओ):
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 1
उत्तर:
(क) → 4
(ख) → 6
(ग) → 8
(घ) → 2
(ङ) → 3
(च) → 7
(छ) → 5
(ज) → 1

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MP Board Class 6 Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 2.
पठित्वा वाक्यानि रचयत
(पढ़कर वाक्यों की रचना करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 2
उत्तर:
(1) सः अस्ति।
(2) तौ स्तः।
(3) ते सन्ति।
(4) एषः नरः गच्छति।
(5) कः गच्छति?
(6) एषः कः अस्ति।
(7) तौ नरौस्तः।
(8) एतौ नरौ गच्छतः।
(9) एतौ को स्तः?
(10) नरौ गच्छतः।
(11) ते गच्छन्ति।
(12) के गच्छन्ति?
(13) एते नराः सन्ति।
(14) ते के सन्ति?
(15) नराः गच्छन्ति।

पुल्लिङ्गम् हिन्दी अनुवाद :

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 3

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 4
Class 6 Sanskrit Surbhi Chapter 3 प्रश्न 1.
सः कः?
उत्तर:
सः वानरः।

Class 6 Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 2.
वह कौन है?
उत्तर:
वह बन्दर है।

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 5
MP Board Class 6th Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 1.
तौ को?
उत्तर:
तौ गोलदीपौ।

Class 6 Sanskrit Chapter 3 Sarvanam Shabd प्रश्न 2.
वे दो कौन हैं?
उत्तर:
वे दो विद्युत दीप हैं।

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 6
Sanskrit Class 6 Chapter 3 प्रश्न 1.
ते के?
उत्तर:
ते खगाः।

Class 6th Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 2.
वे सब कौन हैं?
उत्तर:
वे सब पक्षी हैं।

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स्त्रीलिङ्गम्
प्रथमपुरुषः-सा ते ताः, एषा एते एताः, का? के? काः?

स्त्रीलिङ्गम् अभ्यास :

Surbhi Class 6 Chapter 3 प्रश्न 1.
उचितं मेलयत (उचित का मिलान करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 7
उत्तर:
(क) → 3
(ख) → 4
(ग) → 1
(घ) → 6
(ङ) → 5
(च) → 8
(छ) → 7
(ज) → 2

कक्षा 6 संस्कृत पाठ 3 हिंदी अनुवाद प्रश्न 2.
पठित्वा वाक्यानि रचयत (पढ़कर वाक्यों की रचना करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 8
उत्तर:
(1) सा बालिका गच्छति।
(2) एषा का?
(3) सा लेखनी अस्ति।
(4) का बालिका गच्छति?
(5) बालिका गच्छति।
(6) ते बालिके गच्छतः।
(7) एते के बालिके स्तः?
(8) एते लेखन्यौ स्तः।
(9) के गच्छतः?
(10) ते गच्छतः।
(11) ता: लेखन्यः सन्ति।
(12) एताः का: बालिकाः सन्ति?
(13) का: बालिकाः गच्छन्ति?
(14) ता: गच्छन्ति।
(15) बालिकाः गच्छन्ति।

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स्त्रीलिङ्गम्  हिन्दी अनुवाद :

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 9

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 10

अनुवाद :
एकवचन :
वह, यह, कौन?, वह छात्रा, वह माला, यह महिला, यह पेटी (सन्दूकची), कौन-सी घड़ी?, कौन-सी माला?, वह कलम, यह नदी।

द्विवचन :
वे दो, ये दो, कौन-सी दो ? वे दो छात्राएँ, वे दो मालाएँ, ये दोनों महिलाएँ, ये दोनों पेटियाँ (सन्दूकें), कौन-सी दो घड़ियाँ?, कौन-सी दो मालाएँ?, वे दो कलमें, ये दोनों नदियाँ।

बहुवचन :
वे सब, ये सब, कौन-सी सब?, वे सभी छात्राएँ, वे सभी मालाएँ, ये सभी महिलाएँ, ये सभी पेटियाँ (सन्दूकें), कौन-सी घड़ियाँ?, कौन-सी मालाएँ?, वे सभी कलमें, ये सभी नदियाँ।
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 11
MP Board Class 6 Sanskrit प्रश्न 1.
एषा का?
उत्तर:
एषालेखनी।

MP Board Sanskrit Class 6 प्रश्न 2.
यह क्या है?
उत्तर:
यह लेखनी (कलम) है।

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MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 12
Surbhi Class 6 प्रश्न 1.
एते के?
उत्तर:
एते पुस्तके।

Sanskrit Class 6 Chapter 3 Question Answer प्रश्न 2.
ये दोनों क्या हैं?
उत्तर:
ये दो पुस्तकें हैं।

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 13
Sanskrit Class 6 MP Board प्रश्न 1.
एताः का?
उत्तर:
एताः घट्यः।

Sanskrit 6th Class Chapter 3 प्रश्न 2.
ये सब क्या हैं?
उत्तर:
ये सब घड़ियाँ हैं।

नपुंसकलिङ्गम्
प्रथमपुरुष:-तत् ते तानि, एतत् एते एतानि, किम्? के? कानि?

नपुंसकलिङ्गम्  अभ्यास:

Class 6 Sanskrit MP Board प्रश्न 1.
उचितं मेलयत (उचित का मिलान करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 14
उत्तर:
(क) → 2
(ख) → 5
(ग) → 8
(घ) → 7
(ङ) → 1
(च) → 4
(छ) → 9
(ज) → 6
(झ) → 3

MP Board Solutions

Class 6 Sanskrit Chapter 3 Question Answer प्रश्न 2.
उचितं मेलयत (उचित का मिलान करो)-
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 15
उत्तर:
(क) → 2
(ख) → 1
(ग) → 9
(घ) → 6
(ङ) → 10
(च) → 3
(छ) → 4
(ज) → 8
(झ) → 5
(ञ) → 7

Sanskrit Class 6 Chapter 3 Pdf प्रश्न 3.
पठित्वा वाक्यानि रचयत (पढ़कर वाक्यों की रचना करो)-
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 16
उत्तर:
(1) तत् पुस्तकम् अस्ति।
(2) एतत् किम् अस्ति?
(3) ते गच्छन्ति।
(4) एते के स्तः?
(5) ते पुस्तके स्तः।
(6) एते गच्छतः।
(7) याने गच्छतः।
(8) यानम् गच्छति।
(9) के गच्छतः?
(10) एते याने स्तः।
(11) के स्तः?
(12) तानि पुस्तकानि सन्ति।
(13) एतानि कानि सन्ति?
(14) एतानि यानानि गच्छन्ति।
(15) तानि कानि सन्ति?

Chapter 3 Sanskrit Class 6 प्रश्न 4.
वाक्यानि रचयत (वाक्यों की रचना करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 17
उत्तर:
(1) स: शिक्षक : अस्ति।
(2) एषः शिक्षक: गच्छति।
(3) कः पठति?
(4) सा बालिका अस्ति।
(5) एषा बालिका पठति।
(6) का नृत्यति?
(7) बालिका नृत्यति।
(8) एतत् लेखनी अस्ति।
(9) एतत् किम् फलम् अस्ति?
(10) फलम् पतति।
(11) शिक्षकः लिखति।
(12) बालिका लिखति।

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Class 6th Sanskrit Mp Board प्रश्न 5.
वाक्यानि रचयत (वाक्यों की रचना करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 18
उत्तर:
(1) ते बालकाः गच्छन्ति।
(2) एते बालकाः पठन्ति।
(3) के पठन्ति?
(4) ता: महिलाः नृत्यन्ति।
(5) एताः महिला: सन्ति।
(6) काः नृत्यन्ति?
(7) तानि पत्राणि सन्ति।
(8) एतानि पत्राणि पतन्ति।
(9) कानि पतन्ति?
(10) घट्यः सन्ति।

नपुंसकलिङ्गम्  हिन्दी अनुवाद :

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 19

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 20

अनुवाद :
एकवचन :
वह फल है। वह फूल है। वह पत्ता है। यह पंखा है। यह वाहन (सवारी) है। यह घर है। वह क्या है? यह क्या है?

द्विवचन :
वे दो फल हैं। वे दो फूल हैं। वे दो पत्ते हैं। ये दो पंखे हैं। ये दो वाहन (सवारियाँ) हैं। ये दो घर हैं। वे दो कौन हैं? ये दोनों कौन हैं?

बहुवचन :
वे सब फल हैं। वे सब फूल हैं। वे सब पत्ते हैं। ये सब पंखे हैं। ये सब वाहन (सवारियाँ) हैं। ये सब घर हैं। वे सब क्या हैं? ये सब क्या हैं?

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 21
Class 6 Sanskrit Chapter 3 Surbhi प्रश्न 1.
तत् किम्?
उत्तर:
तत् वायुयानम्।

Class 6 Chapter 3 Sanskrit प्रश्न 2.
वह क्या है?
उत्तर:
वह वायुयान है।

प्रश्न 3.
तत् किं गच्छति?
उत्तर:
तत् वायुयानं गच्छति।

प्रश्न 4.
वह कौन जाता है?
उत्तर:
वह वायुयान जाता है।

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MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 22
प्रश्न 1.
ते के?
उत्तर:
ते वायुयाने।

प्रश्न 2.
वे दोनों कौन हैं?
उत्तर:
वे दो वायुयान हैं।

प्रश्न 3.
ते के गच्छतः?
उत्तर:
ते वायुयाने गच्छतः।

प्रश्न 4.
वे दो कौन जाते हैं?
उत्तर:
वे दोनों वायुयान जाते हैं।

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 23
प्रश्न 1.
तानि कानि?
उत्तर:
तानि पुष्पाणि।

प्रश्न 2.
वे सब क्या हैं?
उत्तर:
वे सब फूल हैं।

प्रश्न 3.
तानि कानि विकसन्ति?
उत्तर:
तानि पुष्पाणि विकसन्ति।

प्रश्न 4.
वे सब कौन खिलते हैं?
उत्तर:
वे सब फूल खिलते हैं।

सर्वनामशब्दाः भाग – २

युष्मद् पुल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे च (मध्यमपुरुषः त्वम्, युवाम्, यूयम्)

युष्मद् पुल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे च हिन्दी अनुवाद:

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 24

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अस्मद् पुल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे च (उत्तमपुरुष:-अहम्, आवाम्, वयम्)

अस्मद् पुल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे च अभ्यास:

प्रश्न 1.
उचितं मेलयत (उचित का मिलान करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 25
उत्तर:
(क) → 10
(ख) → 9
(ग) → 8
(घ) → 7
(ङ) → 4
(च) → 5
(छ) → 2
(ज) → 3
(झ) → 1
(ञ) → 6

प्रश्न 2.
पठित्वा वाक्यानि रचयत (पढ़कर वाक्यों की रचना करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 26
उत्तर:
(1) सः पठति।
(2) तौ पठतः।
(3) ते पठन्ति।
(4) त्वम् पठसि।
(5) युवाम् पठथः।
(6) यूयम् पठथ।
(7) अहम् पठामि।
(8) आवाम् पठावः।
(9) वयम् पठामः।

प्रश्न 3.
वाक्यानि रचयत (वाक्यों की रचना करो)
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 27
उत्तर:
1. सः पठति।
2. तौ लिखतः।
3. ते गच्छन्ति।
4. सा बालिका अस्ति।
5. ते बालिके स्तः।
6. ताः सन्ति।
7. तानि व्यजनानि सन्ति।
8. त्वम् महिला असि।
9. युवां धावथः।
10. यूयम् नृत्यथ।
11. अहम् गच्छामि।
12. आवां खादावः।
13. वयम् पठामः।
14. नरः पठति।
15. घट्यः सन्ति।
16. चित्रम् अस्ति।
17. घटी अस्ति।
18. पात्रे स्तः।
19. लेखन्यौ स्तः।
20. त्वम् हससि।
21. युवां स्थः।
22. यूयम् स्थ।
23. वयम् स्मः।
24. आवां स्वः।

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अस्मद् पुल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे च हिन्दी अनुवाद :
MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 3 सर्वनामशब्दाः 28

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 3 अभ्यासः

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 1.
प्रश्नों का एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) सिंहस्य नाम किम् आसीत्? [सिंह का नाम क्या था ?]
उत्तर:
दुर्मुखः

(ख) सिंहः केषां वधं करोति स्म? [सिंह किनका वध किया करता था?]
उत्तर:
पशूनाम्

(ग) सर्वे पशवः कस्य समीपम् अगच्छन्? [सभी पशु किसके पास गये?]
उत्तर:
सिंहस्य

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(घ) सिंहः कूपस्य जले किम् अपश्यत्? [सिंह ने कुएँ के जल में क्या देखा था?]
उत्तर:
स्वप्रतिबिम्बम्

(ङ) अपरं सिंहं मत्वा दुर्मुखः किम् अकरोत्? [दूसरा सिंह मानकर दुर्मुख ने क्या किया?]
उत्तर:
गर्जनम्।

Class 7 Sanskrit Chapter 3 MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) कः पराक्रमशीलः भवति? [पराक्रमशील कौन होता है?]
उत्तर:
सिंहः पराक्रमशीलः भवति। [सिंह पराक्रमशील होता है।]

(ख) एकदा कस्य वारः समायातः? [एक दिन किसकी बारी आई?]
उत्तर:
एकदा शशकस्य वारः समायातः। [एक दिन खरगोश की बारी आई।]

(ग) शशकः सिंहं कुत्र अनयत्? [खरगोश सिंह को कहाँ ले गया?]
उत्तर:
शशकः सिंह कूपम् अनयत्। [खरगोश सिंह को कुएँ पर ले गया।]

(घ) सिंहः कया पीडितः आसीत्? [सिंह किससे पीड़ित था?]
उत्तर:
सिंहः क्षुधया पीडितः आसीत्। [सिंह भूख से पीड़ित था।]

(ङ) सिंहस्यं गर्जनस्य का भवति? [सिंह की गर्जना से क्या होता है?]
उत्तर:
सिंहस्य गर्जनस्य प्रतिध्वनिः भवति। [सिंह की गर्जना से प्रतिध्वनि होती है।]

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Class 7 Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 3.
शुद्ध कथनों के सामने ‘आम् (हाँ)’ (और) अशुद्ध कथनों के सामने ‘न’ लिखो
(क) दुर्मुखः पशुनां वधं न करोति स्म।
(ख) एकः पशुः प्रतिदिनं क्रमेण सिंहस्य समीपं गच्छति स्म।
(ग) सिंह तु क्षुधया पीडितः आसीत्।
(घ) शशक: मार्गे वस्तुतः अपरं सिंहं न अपश्यत्।
(ङ) शशकः दुर्मुखं एकस्य गभीरस्य कूपस्य समीपम् अनयत्।
उत्तर:
(क) ‘न’
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) आम्
(ङ) आम्।

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 4.
विलोम शब्दों को जोड़ो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते img 1
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (5)
(ग) → (1)
(घ) → (2)
(ङ) → (3)

Class 7th Sanskrit Chapter 3 MP Board प्रश्न 5.
अधोलिखित शब्दों का सन्धि विच्छेद करो
(क) सदैव
(ख) मृगेन्द्रः
(ग) बलेनैव
(घ) सूर्योदयः
(ङ) महौजस्वी
(च) यथोक्तम्
(छ) एकैकम्।
उत्तर:
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते img 2
Class 7th Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 6.
अधोलिखित शब्दों में सन्धि कीजिए
(क) देव + एकत्वम्
(ख) राजा + ईशः
(ग) बुध्या + एव
(घ) मद + उन्मत्तः
(ङ) जल + ओधः।
उत्तर:
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते img 3

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Surbhi Class 7 Chapter 3 प्रश्न 7.
कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों को पूरा करो
(क) त्वं किमर्थं सर्वदा पशूनां वधं ………। (करोति/करोषि)
(ख) सः सिंहस्य समीपम् ……….. (अगच्छत्/अगच्छन्)
(ग) अहम् अधुना तस्य भोजनाय …………।
(गच्छति/गच्छामि) (घ) अस्मिन् कूपे सः सिंहः ………। (वसति/वसामि)
उत्तर:
(क) करोषि
(ख) अगच्छत्
(ग) गच्छामि
(घ) वसति।

बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते हिन्दी अनुवाद :

शिक्षकः :
छात्राः! कः पशुः सर्वश्रेष्ठः अस्ति?

रमेश: :
महोदय! सिंहः सर्वश्रेष्ठ अस्ति।

शिक्षकः :
कथम्?

अखिलेश: :
सिंहः पराक्रमशीलः भवति।

शिक्षकः :
शोभनम्, परन्तु बलेनैव कोऽपि सर्वश्रेष्ठः न, अपितु बुध्यैव श्रेष्ठः भवति।

हितेश: :
किं बलापेक्षया बुद्धिः महत्त्वपूर्णा भवति?

शिक्षकः :
आम्, यः बुद्धिमान् स एव बलवान् भवति।

राजेशः :
कथम् एवम्?

शिक्षकः :
शृणोतु

अनुवाद :
शिक्षक :
हे छात्रो! कौन-सा पशु सर्वश्रेष्ठ होता है?

MP Board Solutions

रमेश :
महोदय! शेर सर्वश्रेष्ठ होता है।

शिक्षक :
कैसे?

अखिलेश :
शेर पराक्रमी होता है।

शिक्षक :
बहुत सुन्दर, परन्तु बल से ही कोई भी सर्वश्रेष्ठ नहीं होता है, अपितु बुद्धि से ही श्रेष्ठ होता है।

हितेश :
क्या बल की अपेक्षा बुद्धि महत्त्वपूर्ण होती है?

शिक्षक :
हाँ, जो बुद्धिमान होता है, वही बलवान होता है।

राजेश :
ऐसा किस प्रकार है?

शिक्षक :
सुनो

एकस्मिन् पर्वते दुर्मुखः नाम महौजस्वी सिंह वसति स्म। सः च सदैव बहूनां पशूनां वधं करोति स्म। एकदा सर्वे पशवः सिंहस्य समीपम् अगच्छन् अवदन् च-मृगेन्द्र ! त्वं सदैव पशूनां वधं कथं करोषि? प्रसीद, वयं स्वयं तव भोजनाय प्रतिदिनम् एकैकं पशुं प्रेषयिष्यामः।

ततः सिंह अवदत्-यदि यूयम् एवम् इच्छथ तर्हि तथा कुर्वन्तु। तः प्रभृति एकः पशुः प्रतिदिनं क्रमेण सिंहस्य समीपं गच्छति स्म।

एकदा एकस्य शशकस्य वारः समायातः। सूर्योदयसमये सिंहस्य समीपंगच्छन् स्ः अचिन्तयत्-‘मम मरणंतु निश्चितम् एव, अतः मन्दगत्यैव गच्छामि।’ अनन्तरं स्वजीवनरक्षायै उपायं चिन्तयित्वा सः सिंहस्य समीपम् अगच्छत्।।

अनुवाद :
एक पर्वत पर दुर्मुख नामक महान ओजवान शेर रहा करता था और वह सदा ही बहुत से पशुओं का वध किया करता था। एक दिन सभी पशु शेर के पास गये और बोले-हे मृगराज ! आप सदा ही पशुओं का वध क्यों किया करते हो ? प्रसन्न हो जाइये, हम अपने आप ही आपके भोजन के लिए प्रतिदिन एक-एक पशु भेज दिया करेंगे।

इसके बाद शेर बोला-यदि तुम सब ऐसा चाहते हो तो वैसा ही करें। तब से लेकर एक पशु प्रतिदिन क्रम से (अपनी बारी से) सिंह के पास आ जाया करता था।

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एक दिन एक खरगोश की बारी आयी। सूर्य निकलने के समय शेर के पास जाते हुए उसने विचार किया-“मेरी मृत्यु तो निश्चित है ही, अतः (मैं) धीमी गति से ही चलता हूँ।” इसके बाद अपने जीवन की रक्षा के लिए उपाय पर विचार करके वह शेर के पास गया।

तत्र सिंहः तु क्षुधया पीडितः आसीत्। अतिक्रुद्धः सः शशकम् अपृच्छत्-त्वं बिलम्वेन कथं आगतवान्? शशकः सविनयम् अवदत्-राजन्! न मम दोषः! मार्गे अपरः सिंहः आसीत्। सः माम् अपश्यत् अवदत् च “अहम् अस्य वनस्य राजा, अहं त्वां भक्षयिष्यामि।” अहं तम् अवदम्-अस्य वनस्य राजा तु दुर्मख नाम सिंहः अस्तिः। सः अद्यैव मां भक्षयिष्यति। अहम् अधुना तस्यैव भोजनाय गच्छामि। अहं तु केनापि प्रकारेण तं वञ्चयित्वा भवतः समीपं आगतः। एतत् श्रुत्वा दुर्मुखः अतिक्रुद्ध अभवत्।

क्रोधोद्धतः दुर्मुखः अवदत्-हे शठ! कुत्र अस्ति सः अपरः सिंहः? तं सत्वरं मां दर्शय। शशकः सिंहम् एकस्य गभीरस्य कूपस्य समीपम् अनयत् अकथयत् च-स्वामिन् पश्यतु! अस्मिन् कूपे एव सः सिंह वसति।।

अनुवाद :
वहाँ शेर तो भूख से बहुत कष्ट पा रहा था। बहुत क्रोधित होकर उसने खरगोश से पूछा-तुम देर से क्यों आए हो? खरगोश विनयपूर्वक बोला-हे राजा! (इसमें) मेरा दोष नहीं है। मार्ग में दूसरा शेर था। उसने मुझे देखा और (वह) बोला-“मैं इस वन का राजा हूँ, मैं तुम्हें खाऊँगा।” मैं उससे बोला-इस वन का राजा तो दुर्मुख नाम का शेर है। वह आज ही मुझको खा लेगा। मैं अब उसके भोजन के लिए ही जा रहा हूँ। मैं तो उसे किसी भी प्रकार से ठग कर (धोखा देकर) आपके पास आया हूँ। इसे सुनकर दुर्मुख बहुत क्रोधित हुआ।

क्रोध से उत्तेजित होकर दुर्मुख बोला-हे दुष्ट। वह दूसरा शेर कहाँ है? मुझे उसको शीघ्र दिखाओ। खरगोश शेर को एक गहरे कुएँ के पास ले गया और बोला-हे स्वामी! देखिए। इसी कुएँ में वह शेर रहता है।

दुर्मुखः तस्य कूपस्य जले स्वप्रतिबिम्बं पश्यति। सः स्वप्रतिबिम्बम् एव अपरं सिंह मत्वा गर्जति। तस्य गर्जनस्य प्रतिध्वनिः भवति। अतः कूपे अपरः सिंह अस्ति इति विचिन्त्य सः कूपे कूर्दति मृत्युं च प्राप्नोति।

यथोक्तम्-
“बुद्धिर्यस्य बलं तस्य, निर्बुद्धेस्तु कुतो बलम्।
पश्य सिंहो मदोन्मत्तः शशकेन निपातितः॥”

सर्वेशः :
अवगतम्, तदेव बलाद् बुद्धिः विशिष्यते। शिक्षकः-आम्, सत्यम्।

अनुवाद :
दुर्मुख उस कुएँ के जल में अपनी परछाईं देखता है। वह अपनी परछाईं को ही दूसरा शेर मानकर दहाड़ लगाता है। उसकी दहाड़ की प्रतिध्वनि होती है (उसकी दहाड़ की गूंज उठती है)। अतः कुएँ में, दूसरा शेर है, ऐसा सोचकर वह कुएँ में कूद पड़ता है और मृत्यु को प्राप्त होता है।

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जैसा कि कहा गया है-
“जिसके पास बुद्धि होती है, उसके पास ही बल होता है, बुद्धिहीन के पास बल कहाँ (होता है)? देखो, मद से मतवाला बना हुआ शेर खरगोश के द्वारा मार दिया गया।”

सर्वेश :
समझ में आ गया, इसीलिए तो बुद्धि बल से बढ़कर होती है।

शिक्षक :
हाँ, सत्य है।

बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते शब्दार्थाः

प्रसीद = प्रसन्न होओ। प्रेषयिष्यामः = भेजेंगे। अचिन्तयत् = सोचा। चिन्तयित्वा = सोचकर। शशकः = खरगोश। अपरः = दूसरा। अद्यैव = आज ही। अधुना = इस समय, अब। श्रुत्वा = सुनकर। सत्वरम् = शीघ्र। क्षुद्यया = भूख से। क्रोधोद्धत = क्रोध से उत्तेजित होकर। मत्वा = मानकर। वञ्चयित्वा = ठगकर। अपश्यत् = देखा। विचिन्त्य = सोचकर। निपातितः = गिराया गया। अनयत् = लाया। ततः प्रभृति = तब से लेकर (अब तक)। मदोन्मत्तः = मद से मतवाला।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 11 सुभाषितानि

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 11 सुभाषितानि

MP Board Class 8th Sanskrit Chapter 11 अभ्यासः

Class 8 Sanskrit Chapter 11 Subhashitani प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) सम्पत्तौ विपत्तौ च केषाम् एकरूपता? (सुख और दुःख में किनकी एकरूपता होती है?)
उत्तर:
महताम्। (बड़े लोगों की)

(ख) अस्तसमये सूर्यस्य वर्णः कः भवति? (अस्त होते समय सूर्य का रंग कैसा होता है?)
उत्तर:
ताम्रः। (लाल)

(ग) नरत्वं दुर्लभं कुत्र? (मानव जन्म कहाँ कठिनता से प्राप्त होता है?)
उत्तर:
लोके। (संसार में)

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(घ) केषां वसुधैवकुटुम्बकम्? (किनका सारा संसार परिवार होता है?)
उत्तर:
उदारचरितानाम्। (उदार हृदय वालों का)

(ङ) परार्थाय वृक्षाः कानि यच्छन्ति? (दूसरों के लिए वृक्ष क्या देते हैं?)
उत्तर:
फलानि। (फलों को)

Class 8 Sanskrit Chapter 11 MP Board प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत(एक वाक्य में उत्तर लिखो-)
(क) सूर्यस्य वर्णः ताम्रः कदा-कदा भवति?
उत्तर:
सूर्यस्य वर्णः ताम्रः उदयकाले अस्तकाले च भवति। (सूर्य का रंग लाल उदय होते समय और अस्त होते समय होता है।)

(ख) भारत्याः कोशः कस्मात् क्षयमायाति? (विद्या का खजाना कैसे घटता है?)
उत्तर:
भारत्याः कोशः सञ्चयात् क्षयमायाति। (विद्या का खजाना एकत्र करने पर घटता है।)

(ग) वृक्षाणां स्वभावः कीदृशः? (पेड़ों का स्वभाव कैसा होता है?)
उत्तर:
वृक्षाणां स्वभावः सत्पुरुष इव। (पेड़ों का स्वभाव सज्जन जैसा होता है।)

(घ) न्याय्यात्पथः पदमपि के न विचलन्ति? (न्याय के मार्ग से एक कदम भी कौन नहीं हटते हैं।)
उत्तर:
न्याय्यात्पथः पदमपि धीराः न विचलन्ति? (न्याय के मार्ग से एक कदम भी धीर नहीं हटते हैं।)

(ङ) लोके विद्या कीदृशी? (संसार में विद्या कैसे प्राप्त होती है?)
उत्तर:
लोके विद्या सुदुर्लभा अस्ति। (संसार में विद्या बहुत कठिनता से प्राप्त होती है।)

MP Board Class 8 Sanskrit Chapter 11 प्रश्न 3.
सन्धिविच्छेदं कुरुत(सन्धि-विच्छेद करो-)
(क) कोशोऽयम्
(ख) यथेष्टम्
(ग) फलान्यपि
(घ) युगान्तरे।
उत्तर:
(क) कोशः + अयम्
(ख) यथा + इष्टम्
(ग) फलानि + अपि
(घ) युग + अन्तरे।

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Sanskrit Chapter 11 Class 8 MP Board प्रश्न 4.
श्लोकम् पूरयत(श्लोक पूरा करो-)
विना वेदं विना गीतां, विना रामायणी कथाम्।
विना कविं कालिदासं, भारतम् भारतं न हि॥

Sanskrit Class 8 Chapter 11 MP Board प्रश्न 5.
उचितं मेलयत्(उचित को मिलाओ-)
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 11 सुभाषितानि 1
उत्तर:
(क) → (ii)
(ख) → (iii)
(ग) → (i)
(घ) → (v)
(ङ) → (iv)

MP Board Class 8th Sanskrit Chapter 11 प्रश्न 6.
अधोलिखितैः शब्दैः वाक्यरचनां कुरुत (नीचे लिखे शब्दों से वाक्य रचना करो-)
(क) देवः
(ख) व्ययतः
(ग) द्रुमः
(घ) लक्ष्मीः
(ङ) फलानि।
उत्तर:
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 11 सुभाषितानि 2

सुभाषितानि हिन्दी अनुवाद

परोक्षेकार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।
वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्॥1॥

अनुवाद :
(पीठ) पीछे कार्य को नष्ट करने वाले और सामने प्रिय बोलने वाले मित्र को वैसे ही त्याग देना चाहिए, जिस प्रकार मुख (ऊपरी हिस्से) में दूध लगे किन्तु अन्दर विष भरे घड़े को त्याग देते हैं।

अपूर्वः कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति।
व्ययतो वृद्धिमायाति क्षयमायाति सञ्चयात्॥2॥

अनुवाद :
हे (विद्या की देवी) सरस्वती! तुम्हारा यह (विद्या का) कोष (खजाना) कुछ अनोखा (अद्भुत) है। जो खर्च करने पर बढ़ता है और एकत्र करने पर घटता है। (अर्थात्। विद्या बाँटनी चाहिए।)

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विना वेदं विना गीतां, विना रामायणीं कथाम्।
विना कविं कालिदासं, भारतं भारतं न हि॥3॥

अनुवाद :
बिना वेदों के, बिना. श्रीमद् भगवत् गीता के बिना रामायणी कथा के, बिना कवि कालिदास के भारत (वास्तव में) भारत नहीं है। (अर्थात् इन सबके बिना भारत की कोई पहचान नहीं है।)

उदये सविता ताम्रस्ताम्र एवास्तमेति च।
सम्पत्तौ च विपत्तौ च, महतामेकरूपता॥4॥

अनुवाद :
सूर्य उदय होते समय लाल होता है और अस्त होते समय भी लाल होता है। उसी प्रकार महान् लोग सम्पत्ति (सुख) और विपत्ति (दुःख) में एक समान रहते हैं।

उद्यमं साहसं धैर्यं बुद्धिः शक्तिः पराक्रमः।
षडेते यत्र वर्तन्ते तत्र देवः सहायकः॥5॥

अनुवाद :
उद्यम (परिश्रम), साहस (बल, हिम्मत), धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम, ये छह जहाँ पर होते हैं वहाँ भगवान् सहायक होते हैं।

नरत्वं दुर्लभं लोके, विद्या तत्र सुदुर्लभा।
कवित्वं दुर्लभं तत्र, शक्तिस्त्र सुदुर्लभा॥6॥

अनुवाद :
संसार में मानव जन्म (नरत्व) कठिनता से प्राप्त। होता है, (यदि मानव जन्म मिल भी जाये तो) उसमें विद्या (ज्ञान) बहुत कठिनता से प्राप्त होती है; (यदि विद्या मिल भी जाये तो) उसमें कवित्व (कविता करना) कठिनता से प्राप्त होता है, (यदि कवित्व मिल भी जाये तो) उसमें (कविता करने की ईश्वर प्रदत्त) शक्ति (क्षमता) बहुत कठिनता से प्राप्त होती है।

अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैवकुटुम्बकम्॥7॥

अनुवाद :
‘यह मेरा है, ‘यह उसका है’, ऐसी छोटे मन वालों की सोच होती है। उदार हृदय वालों के लिए तो सारा संसार ही परिवार होता है।

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छायामन्यस्य कुर्वन्ति तिष्ठन्ति स्वयमातपे।
फलान्यपि परार्थाय वृक्षाः सत्पुरुषा इव॥8॥

अनुवाद :
दूसरों के लिए छाया करते हैं और स्वयं धूप में खड़े रहते हैं। फल भी दूसरों के लिए होते हैं, इसलिए वृक्ष सज्जनों के समान होते हैं। (अर्थात् जैसे सज्जन दूसरों के लिए कष्ट सहन करके भी उपकार करते हैं, उसी प्रकार वृक्ष होते हैं।)

निन्दन्तु नीतिनिपुणाः यदि वा स्तुवन्तु
लक्ष्मीः समाविशतु, गच्छतु वा यथेष्टम्।
अद्यैव वा मरणामस्तु युगान्तरे वा
न्याय्यात्पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः॥9॥

अनुवाद :
धैर्यशील मनुष्यों की, नीति में कुशल विद्वान् निन्दा करें या प्रशंसा करें, इच्छानुसार सम्पत्ति आये अथवा दूर चली जाये (न आये), आज ही मृत्यु हो जाय या दूसरे युग में (बहुत दिनों के बाद) हो, परन्तु वे न्यायोचित मार्ग से एक पग भी विचलित नहीं होते हैं।

सुभाषितानि शब्दार्थाः

सम्पत्तौ = सम्पत्ति (सुख में)। एकरूपता = समानता। विपत्तौ = विपत्ति में। उदये = उदय होते समय में। महताम् = बड़ों का। सविता = सूर्य। ताम्रः = ताँबे के समान लाल। नरत्वम् = मानवता। परोक्षे = पीछे। दुर्लभम् = कठिनता से प्राप्त। वर्जयेत = रोके। कुटुम्बकम् = परिवार। क्षयमायाति = क्षीण होता है। लघुचेतसाम् = छोटे मन वाला। भारति = हे सरस्वती जी। उदारचरितानाम् = उदार हृदय वाला। निन्दन्तु = निन्दा करें। आतपे = धूप में। समाविशतु = अच्छे प्रकार से आये। परार्थाय = दूसरों के लिए। युगान्तरे = दूसरे युग में। सत्पुरुषाः = सज्जन व्यक्ति। यथेष्टम् = इच्छित को। स्तुवन्तु = स्तुति करें।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 6 प्रयत्नो विधेयः

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 6 प्रयत्नो विधेयः

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 6 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 6 MP Board प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) जनानां सद्बुद्धिवृद्धिः केन भवति? [मनुष्यों में सद्बुद्धि की वृद्धि किससे होती है?]
उत्तर:
प्रयत्नेन

(ख) प्रयत्नेन वीराः कान् लङ्घयन्ति? [प्रयत्न से वीर किनको लाँघ जाते हैं?]
उत्तर:
गिरीन्

(ग) प्रयत्नेन के वियत्युत्पतन्ति? [प्रयत्न से कौन आकाश में उड़ते हैं?]
उत्तर:
विज्ञाः

(घ) प्रयत्नेन के विश्वप्रियाः? [प्रयत्न से विश्व में कौन प्रिय हैं?]
उत्तर:
भारतीयाः

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(ङ) प्रयत्नादयोग्याः कीदृशाः भवन्ति? [प्रयत्न से अयोग्य कैसे हो जाते हैं?]
उत्तर:
योग्याः।

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 6 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) प्रयत्नेन भारतीयाः कां गताः? [प्रयत्न करने से भारतीयों ने क्या प्राप्त किया?]
उत्तर:
प्रयत्नेन भारतीयाः ऋद्धिं गताः। [प्रयत्न करने से भारतीयों ने वैभव को प्राप्त किया।]

(ख) प्रयत्नात् कः मृदुत्वं प्रयाति? [कैसे प्रयत्न से कोमलता प्राप्त हो जाती है?]
उत्तर:
कठोरः प्रयत्नात् मृदुत्वं प्रयाति। [कठोर प्रयत्न से कोमलता प्राप्त हो जाती है।]

(ग) अस्माभिः कः विधेयः? [हम सबको क्या करना चाहिए?]
उत्तर:
अस्माभिः प्रयत्नो विधेयः। [हम सबको प्रयत्न करना चाहिए।]

(घ) प्रयत्नेन कुत्र जनानां जयः स्यात्? [प्रयत्न करने से मनुष्यों की कहाँ विजय होती है?]
उत्तर:
प्रयत्नेन युद्धे जनानां जयः स्यात्। [प्रयत्न करने से मनुष्यों की युद्ध में विजय होती है।]

(ङ) प्रयत्नेन भारतीयाः कां श्रिताः? [प्रयत्न करने से भारतीय किससे युक्त हो जाते हैं?]
उत्तर:
प्रयत्नेन भारतीयाः मुक्तिं श्रिताः। [प्रयत्न करने से भारतीय मुक्ति से युक्त हो जाते हैं]

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MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 6 प्रश्न 3.
शुद्ध वाक्यों के समक्ष ‘आम्’ और अशुद्ध वाक्यों के समक्ष ‘न’ लिखो
(क) प्रयत्नेन भारतीयाः मुक्ताः न अभवन्।
(ख) धीराः परिश्रमेण समुद्रं तरन्ति।
(ग) वैज्ञानिकाः प्रयत्नेन आकाशे उड्डयन्ति
(घ) प्रयत्नेन वीराः गिरीन् न लङ्घयन्ति।
(ङ) प्रयत्नेन असाध्यं साध्यं भवति।
उत्तर:
(क) न
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) न
(ङ) आम्

Class 7 Sanskrit Chapter 6 Surbhi प्रश्न 4.
उचित शब्दों से रिक्त स्थानों को भरो
(क) प्रयत्नेन …………. सिद्धिर्जनानाम्।
(ख) …………. धीराः समुद्रं तरन्ति।
(ग) प्रयत्नेन वीराः ………….।
(घ) प्रयत्नेन ………… भारतीयाः।
(ङ) कठोरः ……….. मृदुत्वं प्रयाति।
उत्तर:
(क) कार्येषु
(ख) प्रयत्नेन
(ग) गिरीन् लङ्घयन्ति
(घ) विश्वप्रियाः
(ङ) प्रयत्नात्।

Class 7th Sanskrit Chapter 6 प्रश्न 5.
उदाहरण के अनुसार अधोलिखित शब्दों को एकवचन में बदलो
(क) वीराः
(ख) धीराः
(ग) अयोग्याः
(घ) विश्वप्रियाः
(ङ) श्रिताः
(च) गिरीन्
(छ) कार्येषु।
उत्तर:
(क) वीरः
(ख) धीरः
(ग) अयोग्यः
(घ) विश्वप्रियः
(ङ) श्रितः
(च) गिरि
(छ) कार्ये।

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Sanskrit Class 7 Chapter 6 MP Board प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के मूलशब्द, विभक्ति और वचन लिखो
(क) युद्धे
(ख) जनानाम्
(ग) प्रयत्नात्
(घ) जयः
(ङ) कठोरः
(च) विज्ञाः
(छ) गिरीन्।
उत्तर:
(क) युद्ध-सप्तमी-एकवचन
(ख) जनषष्ठी-बहुवचन
(ग) प्रयत्न-पंचमी-एकवचन
(घ) जयप्रथमा-एकवचन
(ङ) कठोर-प्रथमा-एकवचन
(च) विज्ञप्रथमा-बहुवचन
(छ) गिरि-द्वितीया-बहुवचन।

Class 7th Sanskrit Chapter 6 MP Board प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखो
(क) कठोरः
(ख) अयोग्याः
(ग) सद्बुद्धिः
(घ) धीराः
(ङ) विज्ञाः
(च) गताः।
उत्तर:
(क) मुदः
(ख) योग्याः
(ग) दुर्बुद्धिः
(घ) अधीराः
(ङ) अवज्ञिाः
(च) अगताः।।

Sanskrit Class 7 Chapter 6 Question Answer प्रश्न 8.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थक शब्द लिखो-
(क) परिश्रमेण
(ख) मूर्खाः
(ग) पर्वतान्
(घ) युद्धे
(ङ) प्रयत्नः।
उत्तर:
(क) प्रयत्नेन
(ख) निर्बुद्धयः
(ग) गिरीन्
(घ) संग्रामे
(ङ) प्रयासः।

Sanskrit Class 7th Chapter 6 प्रश्न 9.
उदाहरण के अनुसार अन्वय की पूर्ति करो
(क) प्रयत्नेन ………. समुद्रं ………. , प्रयत्नेन वीराः ……… लङ्घयन्ति, ………. विज्ञाः वियति ……… , प्रयत्नः ………. , ……… विधेयः।
(ख) प्रयत्नेन जनानां ……. , सिद्धिः …….. जनानां …….. वृद्धि, प्रयत्नेन ……. युद्धे …….. स्यात्, …….. विधेयः, प्रयत्नः ……..।
उत्तर:
(क) धीरा, तरन्ति, गिरीन्, प्रयत्नेन, उत्पतन्ति, विधेयः, प्रयत्नः।
(ख) कार्येषु, प्रयत्नेन, सद्बुद्धिः, जनानां, जयः, प्रयत्नाः, विधेयः।

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प्रयत्नो विधेयः हिन्दी अनुवाद

रविः :
श्याम! एषा अतिगभीरा नदी। नद्याम् अपारं जलम् अस्ति मम च भ्राता मोहनः तरति।

श्यामः :
नद्यां मोहनः कथं तरति ? तरणं तु अतिकठिनम्। सः अपारे जले कथं न मज्जति?

रविः :
त्वम् उचितं वदसि यत् तरणम् अतिकठिनं, किन्तु मोहनः तरणस्य प्रयत्नं करोति अतः सः न मज्जति। प्रयत्ने कृते कठिनकार्याणि अपि सरलानि भवन्ति। यथा-

  • प्रयत्नेन एव महाभारतयुद्धे पाण्डवाः जयं प्राप्तवन्तः।
  • अस्माकं भारतदेशः प्रयत्नेन एव परतन्त्रतापाशात् मुक्तः।
  • प्रयत्नेन एव जनाः उत्तुङ्गपर्वतेषु अपि आरोहणं
  • कुर्वन्ति। – प्रयत्नेन एव छात्रः परीक्षायाम् अधिकान् अङ्कान् प्राप्नोति।
  • अतः अस्माभिः पुनः पुनः प्रयत्नः विधेयः। प्रत्यनेन जनाः किं-किं कुर्वन्ति अद्य वयं पाठे पठामः।

अनुवाद :
रवि-श्याम! यह नदी बहुत गहरी है। नदी में अपार जल है और मेरा भाई मोहन तैरता है।

श्याम :
नदी में मोहन कैसे तैरता है? तैरना तो बहुत कठिन है। वह अपार जल में क्यों नहीं डूबता है?

रवि :
तुम उचित कहते हो कि तैरना बहुत कठिन होता है। किन्तु मोहन तैरने का प्रयत्न करता है, अत: वह नहीं डूबता है। प्रयत्न करने पर कठिन कार्य भी सरल हो जाते हैं। जैसे-

  • प्रयत्न करने से ही महाभारत युद्ध में पाण्डवों ने विजय प्राप्त की।
  • हमारा भारत देश प्रयत्न करने से ही पराधीनता के बन्धन से मुक्त हुआ।
  • प्रयत्न से ही लोग ऊँचे पर्वतों पर भी चढ़ाई करते हैं।
  • प्रयत्न से ही छात्र परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करता हैं।
  • इसलिए हमें बार-बार प्रयत्न करना चाहिए। प्रयत्न करने से लोग क्या-क्या करते हैं-आज हम इस पाठ में पढ़ेंगे।

प्रयत्नेन कार्येषु सिद्धिर्जनानां,
प्रयत्नेन सद्बुद्धिवृद्धिर्जनानां।
प्रयत्नेन युद्धे जयः स्याज्जनानां,
प्रयत्नो विधेयः प्रयत्नो विधेयः॥१॥

अनुवाद :
मनुष्यों को प्रयत्न करने से कार्यों में सफलता मिलती है। प्रयत्न करने से मनुष्यों में सद्बुद्धि की वृद्धि होती है। प्रयत्न करने से मनुष्यों को युद्ध में विजय प्राप्त होती है। (इसलिए) प्रयत्न करना चाहिए, प्रयत्न करना चाहिए।

प्रयत्नेन धीराः समुद्रं तरन्ति,
प्रयत्नेन वीराः गिरीन् लङ्घयन्ति।
प्रयत्नेन विज्ञाः वियत्युत्पतन्ति,
प्रयत्नो विधेयः प्रयत्नो विधेयः॥२॥

अनुवाद :
प्रयत्न करने से धैर्यशाली व्यक्ति समुद्र को तैरकर पार कर जाते हैं। प्रयत्न करने से वीर पुरुष पर्वतों को भी लाँघ जाते हैं। प्रयत्नपूर्वक विशेष ज्ञान वाले व्यक्ति आकाश में उड़ते हैं। इसलिए प्रयत्न करना चाहिए, प्रयत्न करना चाहिए।

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कठोरः प्रयत्नात् मृदुत्वं प्रयाति,
प्रयत्नादसाध्यं भवत्येव साध्यम्।
प्रयत्नादयोग्याः सुयोग्या भवन्ति,
प्रयत्नो विधेयः प्रयत्नो विधेयः॥३॥

अनुवाद :
कठोर प्रयत्न करने से मनुष्य कोमलता को प्राप्त हो जाता है। प्रयत्न करने से असाध्य भी साध्य हो जाता है। प्रयत्न करने से अयोग्य व्यक्ति भी योग्य हो जाते हैं। इसलिए प्रयत्न करना चाहिए, प्रयत्न करना चाहिए।

प्रयत्नेन मुक्तिं श्रिताः भारतीयाः,
प्रयत्नेन ऋद्धिं गताः भारतीयाः।
प्रयत्लेन विश्वप्रियाः भारतीयाः,
प्रयत्नो विधेयः प्रयत्नो विधेयः॥४॥

अनुवाद :
प्रयत्न करने से भारतीय लोग मुक्ति से युक्त हो जाते हैं। प्रयत्न करने से भारतीयों ने ऋद्धि (वैभव) को प्राप्त किया। प्रयत्न करने से भारतीय विश्व में प्रिय बन गये। इसलिए प्रयत्न करना चाहिए, प्रयत्न करना चाहिए।

प्रयत्नो विधेयः शब्दाथा:

मज्जति = डूबता है। विधेयः = करना चाहिए। धीराः = धैर्यशाली लोग। विज्ञाः = बुद्धिमान लोग। वियति = आकाश में। मृदुत्वं = कोमलता। असाध्यम् = कठिन। सिद्धिम् = सम्पन्नता को। ऋद्धिम् = वैभव को। सद्बुद्धिवृद्धि = अच्छी बुद्धि की वृद्धि। लङ्घयन्ति = पार कर जाते हैं। उत्प्रतन्ति = उड़ते हैं। प्रयाति = प्राप्त हो जाता है। परतन्त्रतापाशात् = पराधीनता के बन्धन से। उत्तुङ्गपर्वतेषु = ऊँचे पर्वतों पर। स्यात् = होती है।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 5 रक्षाबन्धनम्

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 5 रक्षाबन्धनम्

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 5 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 5 Raksha Bandhan प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) द्वावपि अग्रजौ कुतः गृहं प्रत्यागच्छताम्? [दोनों बड़े भाई कहाँ से घर को लौटकर आये थे?]
उत्तर:
इन्दौरनगरात्

(ख) के उत्सवप्रियाः भवन्ति? [उत्सवप्रिय कौन हुआ करते हैं?]
उत्तर:
जनाः

(ग) कस्य वृद्ध्यर्थं उत्सवाः सहायकाः? [किसकी वृद्धि के लिए उत्सव सहायक होते हैं?]
उत्तर:
सुखस्य

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(घ) श्रावणमासस्य कालः केषां मनांसि आह्लादयति? [श्रावण महीने का समय किनके मन को प्रसन्न करता हैं?]
उत्तर:
जनानां।

Class 7 Sanskrit Chapter 5 Raksha Bandhan प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) कै वर्षागीतानि गायन्ति नृत्यन्ति च? [वर्षा के गीत कौन गाते हैं और नाचते हैं?]
उत्तर:
लोकगायकाः वर्षागीतानि गायन्ति नृत्यन्ति च। [लोकगायक वर्षा के गीतों को गाते हैं और नाचते हैं।]

(ख) का रक्षासूत्रं बध्नाति? [राखी कौन बाँधती है?]
उत्तर:
भगिनी रक्षासूत्रम् बध्नाति। [बहन राखी बाँधती है।]

(ग) कर्मवती के रक्षासूत्रं प्रेषितवती? [कर्मवती ने किसके लिए राखी भेजी थी?]
उत्तर:
कर्मवती हुमायूँ नामाख्यं मुगलशासकं रक्षासूत्रं प्रेषितवती। [कर्मवती ने हुमायूँ नामक मुगलशासक के लिए राखी भेजी थी।]

(घ) के संस्कृति प्रकटी कुर्वन्ति? [संस्कृति को कौन प्रकट करते हैं?]
उत्तर:
उत्सवाः संस्कृति प्रकटी कुर्वन्ति। [उत्सव संस्कृति को प्रकट करते हैं।

Class 7 Sanskrit Chapter 5 Mp Board प्रश्न 3.
नीचे लिखे रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न बनाओ
(क) मयूराः स्वबर्ह प्रसार्य नृत्यन्ति।
(ख) बालिकाः नवयुवतयः दोलनक्रीडया प्रसन्नाः भवन्ति।
(ग) सैनिकाः अहर्निशः देशरक्षां कुर्वन्ति।
(घ) श्रावणमासस्य पौर्णिमायां रक्षाबन्धनपर्वं भवति।
उत्तर:
(क) के स्वबहँ प्रसार्य नृत्यन्ति?
(ख) बालिकाः नवयुवतयः कया प्रसन्नाः भवन्ति?
(ग) सैनिकाः अहर्निशं किम् कुर्वन्ति?
(घ) कस्य मासस्य पौर्णिमायां रक्षाबन्धनपर्वं भवति?

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 5 प्रश्न 4.
अर्थ के अनुसार जोड़ी का निर्माण करो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 5 रक्षाबन्धनम् img 1
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (1)
(ग) → (2)
(घ) → (3)

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Class 7th Sanskrit Chapter 5 Raksha Bandhan प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों के मूल शब्द, विभक्ति और वचन लिखो
(क) पौर्णिमायां
(ख) स्नेहेन
(ग) सुखस्य
(घ) सहायकाः।
उत्तर:
(क) पूर्णिमा-सप्तमी-एकवचन
(ख) स्नेह- तृतीया-एकवचन
(ग) सुख-षष्ठी-एकवचन
(घ) सहायक-प्रथमा-बहुवचन।

Class 7th Sanskrit Chapter 5 प्रश्न 6.
कोष्ठक से उचित रूप चुनकर रिक्त स्थानों को पूरा करो
(क) अद्य त्वं बह्वाह्लादिता ………….। (अस्ति/असि)
(ख) सर्वे तूष्णी ……….। (भवतु/भवन्तु)
(ग) परश्वः रक्षाबन्धनपर्वं ………। (भविष्यति/भवति)
(घ) वर्षागीतानि गायन्ति ………..। (गायकाः/गायकः)
(ङ) स्वबहँ प्रसार्य नृत्यति ………….। (मयूराः/मयूरः)
उत्तर:
(क) असि
(ख) भवन्तु
(ग) भविष्यति
(घ) गायकाः
(ङ) मयूरः।

Sanskrit Class 7 Chapter 5 प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर वाक्य निर्माण करो
(क) श्रावणमासे
(ख) मयूराः
(ग) सैनिकाः
(घ) लोकगायकाः।
उत्तर:
(क) श्रावणमासे पूर्णिमायाम् रक्षाबन्धनस्य उत्सवः भवति।
(ख) वर्षाकाले मयूराः स्वबर्ह प्रसार्य नृत्यन्ति।
(ग) सैनिकाः देशस्य रक्षार्थम् सर्वस्वम् त्यजन्ति।
(घ) लोकगायकाः श्रावणमासे गीतानि गायन्ति

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Class 7 Sanskrit Chapter 5 Question Answer प्रश्न 8.
पाठसे चुनकर सन्धि युक्त शब्दों को लिखो
(क) गै + अकः
(ख) नाम + आख्यम्
(ग) द्वौ + अपि
(घ) नृत्यन्ति + अपि।
उत्तर:
(क) गायकः
(ख) नामाख्यम्
(ग) द्वावपि
(घ) नृत्यन्त्यपि।

Class 7th Sanskrit Chapter 5 MP Board प्रश्न 9.
निम्नलिखित शब्दों का सन्धि-विच्छेद करो-
(1) नायकः
(2) इत्यादि
(3) उभावपि
(4) राजाज्ञा।
उत्तर:
(1) नै + अकः
(2) इति + आदि
(3) उभौ + अपि
(4) राजा + आज्ञा।

रक्षाबन्धनम् हिन्दी अनुवाद

(कक्षायां छात्राः वार्तालापं कुर्वन्ति)

घनश्यामः :
वर्षे! अद्य त्वं अति-आह्लादिता असि। किं कारणम्?

वर्णा :
आम्! घनश्याम! ह्यः मम द्वावपि अग्रजौ इन्दौरनगरात् गृहं प्रत्यागच्छताम्। नूनं परश्वः रक्षाबन्धनस्य पा. वनपर्व भविष्यति।

मेघावती :
सत्वरं तूष्णी भवन्तु। आचार्यः आगच्छति।
(आचार्यः प्रविशति। छात्राः उत्तिष्ठन्ति अभिवादनं कुर्वन्ति च)

आचार्यः :
उपविशत! अस्माकं देशे के के प्रमुखाः उत्सवाः भवन्ति? मेघावति! त्वं वद।

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मेघावती :
विजयादशमी, दीपावलिः, नवरोज्, ईद, होलिकोत्सवः, बैसाखी, ओणम्, मकर सङ्क्रान्तिः च।

आचार्यः :
उचितम्। सम्प्रति श्रावणमासः। श्रावणमासस्य पौर्णिमायां रक्षाबन्धनपर्व भविष्यति। अद्य वयं रक्षाबन्धनम्’ इति निबन्धं पठिष्यामः।

अनुवाद :
(कक्षा में छात्र वार्तालाप करते हैं)

घनश्याम ;
हे वर्षा! आज तुम बहुत प्रसन्नचित्त हो! कारण क्या है?

वर्षा :
हाँ! घनश्याम! कल मेरे दोनों ही बड़े भाई इन्दौर नगर से घर लौटकर आ गये। निश्चय ही परसों रक्षाबन्धन का त्यौहार होगा।

मेघावती :
जल्दी ही चुप हो जाओ। आचार्य आ रहे हैं।
(आचार्य प्रवेश करते हैं। सभी छात्र खड़े हो जाते हैं और अभिवादन करते हैं।)

आचार्य :
बैठिये। हमारे देश में कौन-कौन से प्रमुख त्यौहार होते हैं। मेघावती! तुम बतलाओ।

मेघावती :
विजयादशमी (दशहरा), दीपावली, नवरोज, ईद, होली का त्यौहार, बैसाखी, ओणम और मकर संक्रान्ति।

आचार्य :
ठीक है। अब सावन का महीना है। सावन महीने की पूर्णमासी को रक्षाबन्धन का त्यौहार होगा। आज हम सब ‘रक्षाबन्धन’ शीर्षक निबन्ध को पढ़ेंगे।

जनाः उत्सवप्रियाः भवन्ति। सामाजिकतायाः विकासे उत्सवाः सहायकाः। सुखस्य वृद्धयर्थम् अपि ते सहायकाः। उत्सवाः समाजस्वभावं संस्कृतिञ्च प्रकटीकुर्वन्ति। भारते अनेके उत्सवाः भवन्ति। तेषु रक्षाबन्धनम् एकः प्रमुखः उत्सवः। अयं कालः जनानां मनासि आह्लादयति। पुनः पुनः वर्षन्त्यः जलधाराः जीवसृष्टि पुलकितां कुर्वन्ति। मयूराः स्वबर्ह प्रसार्य नृत्यन्ति। बालिका: नवयुवतयः च दोलनक्रीडया प्रसन्नाः भवन्ति। लोकगायकाः वर्षागीतानि गायन्ति नृत्यन्त्यपि।

अनुवाद :
मनुष्य उत्सवप्रिय होते हैं। सामाजिकता के विकास में उत्सव सहायक होते हैं। सुख की वृद्धि के लिए भी वे सहायक होते हैं। उत्सव समाज के स्वभाव को तथा संस्कृति को प्रकट करते हैं। भारत में अनेक उत्सव होते हैं। उनमें रक्षाबन्धन एक प्रमुख उत्सव है। यह अवसर मनुष्यों के मनों को प्रसन्न बनाता है। बार-बार बरसती हुई जल की धाराएँ जीवसृष्टि को पुलकायमान करती हैं। मोर अपने पंखों को फैलाकर नाचते हैं। बालिकाएँ और नई युवतियाँ झूलने के खेल से प्रसन्न होती हैं। लोकगायक वर्षा के गीत गाते हैं और नाचते भी हैं।

रक्षाबन्धनं सुरक्षायाः बन्धनं भवति। यस्मै रक्षासूत्रं दीयते सः सुरक्षावचनंददाति तद्वचनं प्राणपणेन पालयति च। वर्तमाने काले भगिनी भ्रातुः मस्तके तिलकं कृत्वा रक्षासूत्रं बध्नाति। तस्मै मिष्ठान्न भोजयति तस्य कृते मङ्गलकामनां च करोति। भ्राता अपि तस्याः रक्षायै वचनबद्धः भवति। कतिपयाः जनाः संस्थाः च सैनिकेभ्यः रक्षासूत्राणि प्रेषयन्ति। सैनिकाः अपि अहर्निशं प्राणर्पणेन देशरक्षां कुर्वन्ति। स्त्रियः बन्धितानां कृते रक्षासूत्रबन्धनार्थं कारागारं गच्छन्ति। सागरतटप्रदेशे जनाः सागरपूजां अपि कुर्वन्ति।

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अनुवाद :
रक्षाबन्धन सुरक्षा का बन्धन होता है। जिसे राखी (रक्षासूत्र) दी जाती है, वह सुरक्षा का वचन देता है और उस वचन का पालन अपनी हथेली पर प्राण रखकर करता है। मौजूदा समय में बहन भाई के माथे पर तिलक करके राखी (रक्षासूत्र) बाँधती है। उसको मिठाई खिलाती है और उसके लिए कल्याण की कामना करती है। भाई भी उसकी रक्षा के लिए वचनबद्ध होता है। कुछ लोग और संस्थाएँ सैनिकों के लिए राखी भेजते हैं। सैनिक भी दिन-रात अपनी हथेली पर प्राण रख कर देश की रक्षा करते हैं। स्त्रियाँ बन्धन में पड़े लोगों के लिए (बन्दियों के लिए) राखी बाँधने के लिए कारागार (बन्दीगृह) जाती हैं। समुद्र के किनारे के प्रदेश में रहने वाले लोग समुद्र की भी पूजा करते हैं।

पुराणे एका कथा अस्ति। देवासुरसंग्रामे विजयप्राप्त्यर्थं इन्द्रपत्नी शची इन्द्रस्य रक्षासूत्रबन्धनम् अकरोत्। तदारभ्य रक्षाबन्धनोत्सवस्य आरम्भः इति। पुरा याज्ञिकाः पुरोहिताः यजमानस्य राज्ञः च कल्याणार्थं तेभ्यः रक्षासूत्रार्पणं कुर्वन्ति स्म।

श्रूयते खलु इतिहासस्य मध्ययुगे साम्राज्ञी कर्मवती हुमायूँ नामाख्यं मुगलशासकंबहुस्नेहेन रक्षासूत्रं प्रेषितवती। सः अपि श्रद्धया तत् स्वीकृतवान्। सः स्नेहेन भ्रातृभगिनीसम्बन्धस्य रक्षां अपि अकरोत्। एवं जातिधर्मनिरपेक्षः अय उत्सवः प्रवर्तते।

अनुवाद :
पुराणों में एक कथा है। देव और असुरों के संग्राम में विजय प्राप्त करने के लिए इन्द्र की पत्नी शची ने इन्द्र का राखी बन्धन किया। तब से लेकर रक्षाबन्धन का त्यौहार आरम्भ हुआ है। प्राचीन काल में यज्ञ कराने वाले पुरोहित यजमान के तथा राजा के कल्याण के लिए उन्हें राखी अर्पित किया करते थे।

सुना जाता है कि इतिहास के मध्य युग में महारानी कर्मवती ने हुमायूँ नामक मुगल शासक के लिए बड़े प्रेम से राखी भेजी। उसने भी श्रद्धा से उसे स्वीकार कर लिया। उसने प्रेमपूर्वक भाई और बहन के सम्बन्ध की रक्षा भी की। इस प्रकार यह उत्सव जाति और धर्म से निरपेक्ष है।

रक्षाबन्धनम् शब्दार्थाः

अति-आह्लादिता = (अति + आह्लादिता) अति प्रसन्न। अग्रजः = बड़ा भाई। प्रत्यागच्छताम् = (प्रति + आ + अगच्छ. ताम्) लौट आये। पावनम् = (पौ + अन्) = पवित्र। रक्षासूत्रं = राखी। आह्लादयति = प्रसन्न करता है। दोलनक्रीड़ा = झूला झूलने का खेल। स्वबर्हम् = अपने पंख को। प्रसार्य = फैलाकर। भोजयति = खिलाती है/खिलाता है। गायकः = (गै + अक:) = गायक। तूष्णीं = चुप होना। प्राणपणेन = हथेली पर प्राण रखकर। प्रवर्तते = होता है। बध्नाति = बाँधती है।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 7 भोपालनगरम्

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 7 भोपालनगरम्

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 7 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 7 Bhopal Nagaram प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) विशालं शिवमंदिरं कुत्र अस्ति? [विशाल शिव मन्दिर कहाँ है ?]
उत्तर:
भोजपुरे

(ख) भोपालनगरं कस्य प्रदेशस्य राजधानी अस्ति? [भोपाल नगर किस प्रदेश की राजधानी है?]
उत्तर:
मध्यप्रदेशस्य

(ग) श्रावणमासे प्रत्येकसोमवासरेका मेलापकः भवति? [सावन के महीने में प्रत्येक सोमवार को कहाँ मेला लगता है?]
उत्तर:
गुफामन्दिरे

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(घ) भोपाले विश्वप्रसिद्ध कलाकेन्द्रं किम् अस्ति? [भोपाल में विश्व प्रसिद्ध कला केन्द्र क्या है?]
उत्तर:
भारतभवनम्

(ङ) भोपाले राजाभोजवायुयानस्थानकं कुत्र अस्ति? [भोपाल में राजा भोज हवाई अड्डा’ कहाँ है?]
उत्तर:
गान्धिनगरे।

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 7 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) पुरा भोपालनगरस्य नाम किम् आसीत्? [प्राचीनकाल में भोपाल नगर का क्या नाम था?]
उत्तर:
भोजपाल

(ख) भोपालनगरस्य जनाः कुत्र नौकाविहारं कुर्वन्ति? [भोपालनगर के लोग कहाँ पर नौका विहार करते है?]
उत्तर:
सरोवरेः

(ग) “इज्तिमा” नामकंधार्मिकसम्मेलनं कुत्र आयोज्यते? [“इज्तिमा” नामक धार्मिक सम्मेलन कहाँ पर आयोजित किया जाता है?]
उत्तर:
ताजुल मस्जेिद

(घ) आञ्चलिकविज्ञानकेन्द्रं कुत्र अस्ति? [आञ्चलिक विज्ञान केन्द्र कहाँ पर है?]
उत्तर:
भोपालनगरे

(ङ) भारतहैवीइलेक्ट्रिकल्सलिमिटेड इति संयन्त्रं कुत्र अस्ति? [भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड नामक संयन्त्र कहाँ पर है?]
उत्तर:
भोपालनगरे।

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Class 7 Sanskrit Chapter 7 MP Board प्रश्न 3.
उचित शब्द से रिक्त स्थान को पूरा करो- लक्ष्मीनारायणमन्दिरम् (बिरला मन्दिरम्), ताजुल मस्जिदः, नौका विहारं, विधानसभा भवनम्, भोजपुरम्)
(क) नूतन भोपालनगरे …………. अस्ति।
(ख) भोपालनगरस्य सरोवरे जनाः ………….. कुर्वन्ति।
(ग) प्राचीन भोपाले …………. अस्ति।
(घ) …………. नूतनभोपाले अस्ति।
(ङ)…………. समीपे अस्ति।
उत्तर:
(क) लक्ष्मीनारायणमन्दिरम् (बिरला मन्दिरम्)
(ख) नौकाविहारं
(ग) ताजुल मस्जिदः
(घ) विधानसभा भवनम्
(ङ) भोजपुरम्।

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 7 प्रश्न 4.
रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न बनाओ (कुत्र, कस्मिन्, कस्य, कानि, केषाम्)
(क) इदं नगरम् सरोवराणां नगरं कथ्यते।
(ख) भीमबेटकायां भित्तिचित्राणि सन्ति।
(ग) भोपालनगरस्य द्वौ भागौ स्तः।
(घ) ‘इन्दिरागान्धि-मानवसङ्ग्रहालयः’ अपि अत्र वर्तते।
उत्तर:
(क) इदं नगरम् केषाम् नगरं कथ्यते?
(ख) कस्मिन् भित्तिचित्राणि सन्ति?
(ग) कस्य नगरस्य द्वौ भागौ स्तः?
(घ) ‘इन्दिरागान्धि-मानव सङ्ग्रहालयः’ अपि कुत्र वर्तते?

Class 7 Sanskrit Chapter 7 प्रश्न 5.
विलोम शब्दों का मेल कराओ
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 7 भोपालनगरम् img 1
उत्तर:
(क) → (5)
(ख) → (4)
(ग) → (6)
(घ) → (2)
(ङ) → (3)
(च) → (1)

Class 7th Sanskrit Chapter 7 प्रश्न 6.
शुद्ध कथन के सामने आम्’ और अशुद्ध कथन के सामने ‘न’ लिखो
(क) प्राचीनभोपालनगरे लक्ष्मीनारायणमन्दिरम् (बिरला मन्दिरम्) अस्ति।
(ख) ताजुलमस्जिदः एशिया-महाद्वीपस्य विशालतमः मस्जिदः अस्ति।
(ग) भोपालनगरस्य प्राकृतिक सौन्दर्यं दर्शनीयम्।।
(घ) भोपालनगरस्य जनाः उत्सवप्रियाः न सन्ति।
(ङ) ‘नेहरूक्रीडाङ्गणं’ नगरवासिनाम् क्रीडानुरागम् दर्शयति।
(च) भोपालनगरं भारतदेशस्य मध्यभागे अस्ति।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) न
(ङ) न
(च) आम्।

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Sanskrit Class 7 Chapter 7 MP Board प्रश्न 7.
उदाहरण के अनुसार जोड़ो-
(क) औद्योगिकक्षेत्रे + अपि
(ख) विष्णो + अव।
उत्तर:
(क) औद्योगिक क्षेत्रोऽपि
(ख) विष्णोऽव।

Sanskrit Class 7 Chapter 7 प्रश्न 8.
निर्देशानुसार धातुरूप लिखो
(क) वृत् (वर्त) – प्रथम पुरुष
(ख) लभ् – प्रथम पुरुषः
(ग) रम् – मध्यम पुरुषः
(घ) वृत् (वर्त) – मध्यम पुरुषः
(ङ) लभ् – उत्तम पुरुषः
(च) रम् – उत्तम पुरुषः।
उत्तर:
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 7 भोपालनगरम् img 2

भोपालनगरम् हिन्दी अनुवाद

(सन्दीपः स्कूटरयानेन मार्गे गच्छन् सुनीलं पश्यति? ततः स्कूटरयानात् अवतीर्य सुनीलस्य समीपं गच्छति, पृच्छति च।)

सन्दीप: :
भो सुनील! त्वम् अत्र किं करोषि?

सुनील: :
हे सन्दीप! अहम् अस्य सरोवरस्य सौन्दर्य पश्यामि।

सन्दीप: :
मित्र! अयं सरोवरः तु अस्माकं भोपालनगरस्य वैशिष्ट्यम् अस्ति।

सुनीलः :
किं कथयसि? अहं तु न जानामि। यतोऽहं अत्र भोपालनगरं प्रथमवारम् एव आगतः।

सन्दीपः :
यद्येवं तर्हि आगच्छ अहं त्वां भोपालनगरं दर्शयामि। पुरा “भोजपालः” इति भोपालनगरस्य नाम आसीत् । भोपालनगरं मध्यप्रदेशस्य राजधानी अस्ति। अस्य नगरस्य महत्वं प्राचीनकालादेव वर्तते। किं त्वं नौकाविहारं कर्तुम् इच्छसि?

अनुवाद :
(सन्दीप स्कूटर से मार्ग में जाते हुए सुनील को देखता है। उसके बाद स्कूटर से उतरकर सुनील के पास जाता है और पूछता है।)

सन्दीप :
हे सुनील! तुम यहाँ क्या करते हो?

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सुनील :
हे सन्दीप! मैं इस सरोवर की सुन्दरता को देखता हूँ।

सन्दीप :
मित्र! यह सरोवर तो हमारे भोपाल नगर की विशेषता है।

सुनील :
क्या कहते हो? मैं तो नहीं जानता हूँ। क्योंकि मैं यहाँ भोपाल शहर में पहली बार ही आया हूँ।

सन्दीप :
यदि ऐसा है, तो आओ-मैं तुम्हें भोपाल शहर दिखाता हूँ। प्राचीन काल में भोपाल शहर का नाम ‘भोजपाल’ था। भोपाल नगर मध्य प्रदेश की राजधानी है। इस नगर का महत्त्व प्राचीन काल से ही है। क्या तुम नौका विहार करना चाहते हो?

सुनीलः :
आम, आगच्छ आवां नौकाविहारं कुर्वन्तावेव भोपालनगरस्य सौन्दर्यं पश्यावः।

सन्दीपः :
इदं नगरं सरोवराणां नगरं इति कथ्यते। अत्रस्थः विशालतम सरोवरः देशे एकः एव अस्ति। सरोवरे नौकाविहारः अस्य सौन्दर्य द्विगुणयति। वर्षाकाले तु नगरस्य हरीतिमां दृष्ट्वा नगरवासिनः पर्वतीयस्थानानि (हिलस्टेशन् इति) विस्मृत्य अत्रैव रमन्ते। अस्य नगरस्य प्राकृतिक सौन्दर्यं दर्शनीयम्। ‘मयूर उद्यानम्’, ‘नेहरू उद्यानम्’, चिनार उद्यानम्’, ‘बालोद्यानम्’, ‘वनविहारः’ च नगरस्य प्राकृतिकशोभां संवर्धयन्ति।

सनीलः :
सन्दीप! साञ्ची, भोजपुरम, भीमबैटका इत्यादीनि ऐतिहासिकस्थानानि अस्य नगरस्य समीपे एव सन्ति।

सन्दीपः :
आम्, भोजपुरे विशालं शिवमन्दिरं अस्ति। साञ्चीस्तूपः तु विश्वप्रिसद्धः एव। भीमबेटकायां शैलचित्राणि सन्ति। एतानि स्थानानि दृष्ट्वा जनाः मुदिताः चकिता: च भवन्ति। ते दूरतः एवं अत्र आगच्छन्ति।

सुनील: :
अन्यत् किम?

अनुवाद :
सुनील-हाँ आओ, हम दोनों नौका विहार करते हुए ही भोपाल नगर की सुन्दरता को देखें।

सन्दीप :
यह नगर सरोवरों का नगर कहा जाता है। यहाँ पर स्थित सबसे विशाल सरोवर देश में एक ही है। सरोवर में नौका विहार इसकी सुन्दरता को दोगुना कर देता है। बरसात के मौसम में तो नगर की हरियाली को देखकर नगर के रहने वाले लोग पर्वतीय स्थानों को भूलकर यहाँ ही रम जाते हैं। इस नगर का प्राकृतिक सौन्दर्य देखने योग्य है। मयूर उद्यान, नेहरू उद्यान, चिनार उद्यान, बालोद्यान और वन विहार तो नगर की प्राकृतिक शोभा को बढ़ा देते हैं।

सुनील :
सन्दीप! साँची, भोजपुर, भीमबेटका इत्यादि ऐतिहासिक स्थान इस नगर के समीप ही हैं।

सन्दीप :
हाँ, भोजपुर में विशाल शिव मन्दिर है। साँची के स्तूप तो विश्वप्रसिद्ध ही हैं। भीमबेटका में शैल चित्र हैं। इन सभी स्थानों को देखकर मनुष्य प्रसन्न और चकित हो जाते हैं। वे सभी दूर से ही यहाँ आते हैं।

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सुनील :
दूसरे अन्य क्या हैं?

सन्दीपः :
भोपालनगरस्य द्वौ भागौ स्तः। नूतनभोपाल नगरम् अपरं च प्राचीनभोपालनगरम्। विधानसभाभवनं, लक्ष्मीनारायणमन्दिरं (बिरलामन्दिरं), सचिवालयः, मन्त्रालयश्च नूतनभोपालनगरे सन्ति। प्राचीनभोपालनगरे ताजुलमस्जिदः, मोतीमस्जिदः, नेवरीमन्दिरं, गुफामन्दिरम्, इत्यादयः सन्ति।

गुफामन्दिरे प्रतिवर्ष श्रावणमासे प्रत्येकसोमवारे मेलापकः भवति। ताजुलमस्जिदः एशिया महाद्वीपस्य विशालतमः मस्जिदः अस्ति। अत्र प्रतिवर्षं ‘इज्तिमा’ नामकं धार्मिक सम्मेलनं भवतिः यस्मिन् देशविदेशेभ्यः धार्मिकाः आगच्छन्ति।

प्राचीन भोपालनगरे आभूषणानां, धान्यानां, वस्त्राणां, पुस्तकानां च असंख्याः आपणाः सन्ति।

अनुवाद :
सन्दीप-भोपाल नगर के दो भाग हैं। नया भोपाल नगर तथा अन्य प्राचीन भोपाल नगर। विधानसभा भवन, लक्ष्मीनारायण मन्दिर (बिरला मन्दिर), सचिवालय, और मन्त्रालय नये भोपाल नगर में हैं। प्राचीन भोपाल नगर में ताजुल मस्जिद, मोती मस्जिद, नेवरी मन्दिर, गुफा मन्दिर इत्यादि हैं।

गुफा मन्दिर में प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में प्रत्येक सोमवार के दिन मेला होता है। ताजुल मस्जिद एशिया महाद्वीप की सबसे विशाल मस्जिद है। यहाँ प्रतिवर्ष ‘इज्तिमा’ नामक धार्मिक सम्मेलन होता है जिसमें देश-विदेशों से धार्मिक लोग आते हैं।

प्राचीन भोपाल नगर में आभूषणों की, अनाजों की, वस्त्रों की और पुस्तकों की असंख्य दुकानें हैं।

सुनीलः :
सन्दीप! मम शिक्षक: मां ‘भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स’ इति विषये किमपि उक्तवान् तत् किम?

सन्दीपः :
उद्योगक्षेत्रेऽपि इदं नगरं प्रसिद्धम्। अस्मिन् नगरे एक महत् विद्युत्संयन्त्रं स्थापितम्। इदं संयन्त्रम् एव ‘भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ इति नाम्ना प्रसिद्धम् अस्ति। भोपालनगरस्य समीपे मण्डीदीपं स्थानं औद्योगिकनगरम् इति प्रसिद्धम् अस्ति।

भारतभवनम् अत्रस्थं विश्वप्रसिद्ध कलाकेन्द्रम् अस्ति। नेहरुक्रीडाङ्गणं नगरवासिनां क्रीडानुरागं दर्शयति। ‘आञ्चलिकविज्ञानकेन्द्रम्’ नगरस्य महत्वं सूचयति। इन्दिरागान्धिमानवसङ्ग्रहालयः अपि अत्र विद्यते।

प्रारम्भिकशिक्षायाः केन्द्रम् अपि अस्मिन् नगरे अस्ति। गान्धिनगरे ‘राजाभोजवायुयान स्थानकम्’ अपि अस्ति।
(सुनीलः सन्दीपः च भ्रमन्तौ तात्याटोपेनगरम् आगतौ)

अनुवाद :
सुनील-सन्दीप! मेरे शिक्षक ने मुझको भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स’ इस विषय पर कुछ बतलाया था, वह क्या है?

सन्दीप :
उद्योग के क्षेत्र में भी यह नगर प्रसिद्ध है। इस नगर में एक विशाल विद्युत संयन्त्र स्थापित किया है। यही संयन्त्र ‘भारत हैवी इलैक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ नाम से प्रसिद्ध है। भोपाल नगर के पास मण्डी द्वीप स्थान औद्योगिक नगर नाम से प्रसिद्ध है। ‘भारत भवन’ जो यहाँ स्थित है, वह विश्वप्रसिद्ध कला केन्द्र है। नेहरू क्रीड़ास्थल नगर के रहने वाले लोगों के खेल के प्रति अनुराग को दिखाता है। ‘आञ्चलिक विज्ञान केन्द्र’ नगर के महत्व को सूचित करता है। इन्दिरा गांधी मानव संग्रहालय भी यहाँ मौजूद है।

प्रारम्भिक शिक्षा का केन्द्र भी इस नगर में है। गांधीनगर में ‘राजाभोज वायुयान’ अड्डा भी है।

(सुनील और सन्दीप घूमते हुए तात्याटोपे नगर में आ जाते हैं।)

सुनीलः :
रे सन्दीप! इदं तु किमपि रोचकस्थानं दृश्यते।

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सन्दीप: :
नगरस्य सर्वेषां प्रियं स्थान हट्टं च ‘न्यूमार्केट’ इति अस्ति। अत्र अबालवृद्धाः स्वमनोरञ्जनार्थम् आवश्यकवस्तूनि क्रेतुं च आगच्छन्ति। आवाम् अपि मधुराणि रसगोलकानि क्रीत्वा खादावः।

सुनीलः :
शोभनम् अस्ति भोपालनगरम्।

अनुवाद :
सुनीलः :
अरे सन्दीप। यह स्थान तो कुछ रोचक प्रतीत होता है।

सन्दीप :
नगर का सबसे प्रिय स्थान और बाजार (हाट) ‘न्यूमार्केट’ है। यहाँ बालक से लेकर बूढ़े व्यक्ति तक अपने मनोरंजन के लिए और अपनी आवश्यकता की वस्तुएँ खरीदने के लिए आते हैं। हम दोनों भी मीठे रसगुल्ले खरीदकर जाएँगे।

सुनील :
भोपालनगर (अति) सुन्दर है।

भोपालनगरम् शब्दार्थाः

स्कूटरयानेन = स्कूटर से। वैशिष्ट्यम् = विशेषता। कुर्वन्नेव = करते हुए ही। विस्मृत्य = भूलकर। उक्तवान् = कहा था। वायुयानस्थानकम् = हवाई अड्डा। अवतीर्य = उतरकर। दर्शयामि = दिखाता हूँ। अत्रस्थः = यहाँ का। इत्थम् = ऐसा। रसगोलकानि = रसगुल्ले। यद्येवं = यदि ऐसा है। द्विगुणयति = दोगुना कर देता है।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 10 आजादचन्द्रशेखरः

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 10 आजादचन्द्रशेखरः

MP Board Class 8th Sanskrit Chapter 10 अभ्यासः

Class 8 Sanskrit Chapter 10 MP Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) चन्द्रशेखरस्य जन्म कस्मिन् ग्रामे अभवत्? (चन्द्रशेखर का जन्म किस गाँव में हुआ था?)
उत्तर:
भाभराग्रामे। (भाभरा गाँव में)

(ख) चन्द्रशेखरस्य जन्म कस्मिन् मण्डले अभवत्? (चन्द्रशेखर का जन्म किस मण्डल में हुआ?)
उत्तर:
झाबुआमण्डले। (झाबुआ मण्डल में)

(ग) चन्द्रशेखरस्य मातुः नाम किम्? (चन्द्रशेखर की माता का नाम क्या था?)
उत्तर:
जगरानी देवी। (जगरानी देवी)

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(घ) चन्द्रशेखरस्य पितुः नाम किम्? (चन्द्रशेखर के पिता का नाम क्या था?)
उत्तर:
सीताराम तिवारी। (सीताराम तिवारी)

(ङ) चन्द्रशेखरः काम् भाषाम् अधीतवान्? (चन्द्रशेखर ने किस भाषा को पढ़ा?)
उत्तर:
संस्कृतभाषाम्। (संस्कृत भाषा को)

MP Board Class 8 Sanskrit Chapter 10 प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो-)
(क) चन्द्रशेखरस्य जन्म कदा अभवत्? (चन्द्रशेखर का जन्म कब हुआ?)
उत्तर:
चन्द्रशेखरस्य जन्म १९०६ ख्रिस्ताब्दे अभवत्। (चन्द्रशेखर का जन्म 1906 ईस्वी में हुआ।)

(ख) चन्द्रशेखरस्य अध्ययनं कुत्र जातम्? (चन्द्रशेखर का अध्ययन कहाँ हुआ?)
उत्तर:
चन्द्रशेखरस्य अध्ययनं वाराणस्याम् एकस्मिन् संस्कृतविद्यालये जातम्। (चन्द्रशेखर का अध्ययन वाराणसी में एक संस्कृत विद्यालय में हुआ।)

(ग) चन्द्रशेखरेण केन नाम्ना सङ्गठनं कृतम्? (चन्द्रशेखर ने किस नाम से संगठन किया?)
उत्तर:
चन्द्रशेखरेण ‘हिन्दुस्तान सोसलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी’ इति नाम्ना संगठनं कृतम्। (चन्द्रशेखर ने ‘हिन्दुस्तान सोसलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी’ नाम से संगठन किया।)

(घ) स्वाधीनतान्दोलने के के चन्द्रशेखरस्यसहायकाः अभवन्? (स्वाधीनता के आन्दोलन में कौन-कौन चन्द्रशेखर के सहायक हुए?)
उत्तर:
स्वाधीनतान्दोलने भगतसिंह-राजगुरु-बटुकेश्वर शिवराम-सुखदेवसदृशाः क्रान्तिकारिणः चन्द्रशेखरस्य सहायकाः अभवन्। (स्वाधीनता के आन्दोलन में भगतसिंह, राजगुरु, बटुकेश्वर, शिवराम, सुखदेव जैसे क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर के सहायक हुए।)

(ङ) चन्द्रशेखरः कथं वीरगतिम् प्राप्नोत्? (चन्द्रशेर ने कैसे वीरगति प्राप्त की?)
उत्तर:
चन्द्रशेखरः स्वहस्तेनैव स्वकीये मस्तके गोलिका-प्रहारेण वीरगतिम् प्राप्नोत्। (चन्द्रशेखर ने अपने हाथ से ही अपने सिर में गोली के प्रहार से वीरगति प्राप्त की।)

Sanskrit Chapter 10 Class 8 MP Board प्रश्न 3.
उचितं मेलयत(उचित को मिलाओ-)
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 10 आजादचन्द्रशेखरः 1
उत्तर:
(क) → (iii)
(ख) → (i)
(ग) → (v)
(घ) → (ii)
(ङ) → (iv)

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Sanskrit Class 8 Chapter 10 MP Board प्रश्न 4.
नामोल्लेखपूर्वकं समास-विग्रहं कुरुत(नाम का उल्लेख करते हुए समास विग्रह करो-)
(क) संस्कृतविद्यालये
(ख) पाषाणखण्डेन
(ग) निग्रहभयात्
(घ) वीरगतिम्।
उत्तर:
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 10 आजादचन्द्रशेखरः 2

Class 8th Sanskrit Chapter 10 MP Board प्रश्न 5.
अधोलिखितैः अव्ययैः वाक्यनिर्माणं कुरुत(नीचे लिखे अव्ययों से वाक्यों का निर्माण करो-)
(क) कदा
(ख) च
(ग) एव
(घ) अपि
(ङ) श्वः।
उत्तर:
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 10 आजादचन्द्रशेखरः 3

आजादचन्द्रशेखरः हिन्दी अनुवाद

(आचार्यः :
कक्षायाम् शिक्षयति) आचार्य:-भो रमे! श्वः कः दिनाङ्क अस्ति?

रमा :
श्वः जुलाईमासस्य त्रयोविंशति-दिनाङ्क अस्ति।

आचार्य :
जुलाईमासस्य त्रयोविंशति-दिनाङ्क किमर्थं प्रसिद्ध?

प्रिया :
अस्मिन्नेव दिनाङ्के आजादचन्द्रशेखरस्य जयन्त्याः उत्सवः आयोज्यते।

आचार्य: :
चन्द्रशेखरस्य जन्म कस्मिन् ख्रिस्ताब्दे अभवत्?

विभुः :
चन्द्रशेखरस्य जन्म १९०६ ख्रिस्ताब्दे अभवत्।

आचार्य: :
सम्यगुक्तं भवता।

अनुवाद :
(आचार्य कक्षा में पढ़ा रहे हैं)

आचार्य :
अरे रमा! कल कौनसी तारीख है?

रमा :
कल जुलाई महीने की 23 तारीख है।

आचार्य :
जुलाई महीने की 23 तारीख किसलिए प्रसिद्ध हैं?

प्रिया :
इसी तारीख को आजाद चन्द्रशेखर की जयन्ती का उत्सव आयोजित किया जाता है।

आचार्य :
चन्द्रशेखर का जन्म किस ईस्वी सन् में हुआ था?

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विभु :
चन्द्रशेखर का जन्म 1906 ईस्वी सन् में हुआ था।

आचार्य :
ठीक कहा आपने। रमा-भो आचार्य! चन्द्रशेखरस्य जन्म कुत्र अभवत्?

आचार्य: :
चन्द्रशेखरस्य जन्म मध्यप्रदेशे झाबुआम्ण्डलान्तर्गते ‘भाभरा’ नामकग्रामे अभवत्।

प्रिया :
भो आचार्य! कौ तस्य पितरौ?

आचार्यः :
सीतारामतिवारी तस्य पिता, जगरानीदेवी च तस्य माता आसीत्।

विभुः :
तस्य अध्ययनं कुत्र अभवत्?

आचर्यः :
वाराणस्याम् एकस्मिन् संस्कृतविद्यालये तस्य अध्ययनं जातम्। सः संस्कृतम् अधीतवान्।

(साश्चर्यम् सर्वे अहो! एषः संस्कृतम् अधीतवान्।)

पीयूषः :
ततः सः किमकरोत्?

आचार्यः :
वाराणस्यां संस्कृतविद्यालये अध्ययनं में कुर्वन् एव पंचदशवर्षीयः चन्द्रशेखरः स्वतन्त्रान्दोलने प्राविशत्। आङग्लैः स्वाधीनतान्दोलनकारिणां दमनकाले सः पाषाणखण्डेन एकं रक्षकम् प्राहरत्।

रमा :
ततः किम् अभवत्?

आचार्यः :
ततः प्रहरी तं निगृह्य न्यायालये प्रस्तुतवान्।

अनुवाद :
रमा-हे आचार्य! चन्द्रशेखर का जन्म कहाँ हुआ था?

आचार्य :
चन्द्रशेखर का जन्म मध्य प्रदेश के झाबुआ। मण्डल के अन्तर्गत ‘भाभरा’ नामक गाँव में हुआ था।

प्रिया :
हे आचार्य! उनके माता-पिता कौन थे?

आचार्य :
सीताराम तिवारी उनके पिता और जगरानी देवी। उनकी माता थीं।

‘विभु :
उनका अध्ययन कहाँ हुआ था?

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आचार्य :
वाराणसी में एक संस्कृत विद्यालय में उनका अध्ययन हुआ था। उन्होंने संस्कृत पढ़ी थी।
(आश्चर्य के साथ सभी ओहो! इन्होंने संस्कृत पढ़ी थीं?)

पीयूष :
उसके बाद उन्होंने क्या किया?

आचार्य :
वाराणसी में संस्कृत विद्यालय में अध्ययन करते हुए ही पन्द्रह वर्ष के चन्द्रशेखर स्वतन्त्रता आन्दोलन में प्रवेश कर गये। अंग्रेजों द्वारा स्वाधीनता आन्दोलन करने वालों के दमन (दबाने) के समय उन्होंने पत्थर के टुकड़े से एक सिपाही पर प्रहार किया।

रमा :
उसके बाद क्या हुआ?

आचार्य :
उसके बाद सिपाही ने उनको पकड़कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

प्रिया :
न्यायालये किं जातम्?

आचार्य: :
न्यायालये न्यायाधीशेन तस्य आयुषोगणनानुसारम् पंचदशवेत्रप्रहारैः सः दण्डितः।

विभुः :
दण्डकाले चन्द्रशेखरस्य का प्रतिक्रिया अभवत्?

आचार्यः :
प्रथमं तु चन्द्रशेखरन्यायाधीशयोः संवाद श्रुणुत.

न्यायाधीश: – किं तव नाम?
चन्द्रशेखरः – ‘आजादः’
न्यायाधीश: – किं तव पितुः नाम?
चन्द्रशेखरः – ‘स्वाधीनः’
न्यायाधीश: – कुत्र तव गृहम्?
चन्द्रशेखरः – कारागारः।

अनुवाद :
प्रिया-न्यायालय में क्या हुआ?

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आचार्य :
न्यायालय में न्यायाधीश ने उनकी उम्र के हिसाब के अनुसार पन्द्रह बैंत के प्रहारों से उन्हें दण्ड दिया। विभु-दण्ड के समय चन्द्रशेखर की क्या प्रतिक्रिया हुई?

आचार्य :
पहले तो चन्द्रशेखर और न्यायाधीश की बातचीत सुनो

न्यायाधीश – तुम्हारा नाम क्या है?
चन्द्रशेखर – ‘आजाद’
न्यायाधीश – तुम्हारे पिता का नाम क्या है?
चन्द्रशेखर – स्वतन्त्रता।
न्यायाधीश – तुम्हारा घर कहाँ है?
चन्द्रशेखर – जेल।
पीयूषः – ततस्ततः?

आचार्य: :
ततस्तु वेत्रप्रहारैः चन्द्रशेखरः मूर्छापर्यन्तं ‘जयतु भारतम्’ इति उच्चैः अघोषयत्। तस्मात् कालादेव सः ‘आजाद-चन्द्रशेखर’ इति नाम्ना प्रसिद्धः।

रमा :
स्वतन्त्रतायै सः किं कृतवान्?

आचार्य: :
तेन ‘हिन्दुस्तान सोसलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी’ इति स्वाधीनतासैनिकानाम् एकं सङ्गठनं कृतम्। तस्मिन् सङ्गठने भगतसिंह-राजगुरु-बटुकेश्वर-शिवराम-सुखदेवसदृशाःक्रान्तिकारिणः तस्यसहायका:अभवन्।काकोरीसाईमनकमीशन-केन्द्रीय-असेम्बलीमध्ये आग्नेयास्त्रप्रक्षेपणादिषुणादिषु सः शिरोमणिः।

अनुवाद :
पीयूष-उसके बाद?

आचार्य :
उसके बाद तो बैंत के प्रहारों से चन्द्रशेखर बेहोश होने तक ‘भारत माता की जय’, ऐसा जोर से कहते रहे। उस समय से ही वह आजाद चन्द्रशेखर’ नाम से प्रसिद्ध हुए।

रमा :
स्वतन्त्रता के लिए उन्होंने क्या किया?

आचार्य :
उन्होंने ‘हिन्दुस्तान सोसलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी’ ऐसा स्वाधीनता के सैनिकों का एक संगठन बनाया। उस संगठन में भगतसिंह, राजगुरु, बटुकेश्वर, शिवराम, सुखदेव जैसे क्रान्तिकारी उनके सहायक हुए। काकोरी, साइमन कमीशन, केन्द्रीय असेम्बली के बीच में बम फेंकने आदि में वह सबसे ऊपर थे।

प्रिया :
कः तस्य आदर्शः?

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आचार्यः :
देशभक्तिः। अपि च तस्य जनकस्य सहायतार्थं मित्रैः प्रदत्तधनमपि सः क्रान्तिकार्येषु व्ययं कृतवान्। विभुः-कथं कदा च तस्य बलिदानम् अभवत्?

आचार्यः :
फरवरी मासस्य सप्तविंशतितमे दिनाङ्के १९३१ ख्रिस्ताब्दे इलाहाबादनगरे (प्रयाग-नगरे) ‘आजाद-उद्यानम्’ (अल्फ्रेड पाक) इति स्थाने आङ्ग्लगुप्तचरेणाधीक्षकेण नॉट-बाबरेण गोलिकाभिः युद्धयमानः यदा आत्मानम् असहायम् अमन्यत तदा निग्रहभयात् स्वहस्तेनैव स्वकीये मस्तके गोलिका-प्रहारेण सः वीरगतिम् प्राप्नोत्।

अनुवाद :
प्रिया-उनका आदर्श क्या था? का आचार्य-देशभक्ति। और उनके पिता की सहायता के लिए। मित्रों द्वारा दिये धन को भी उन्होंने क्रान्ति के कार्यों में व्यय किया।

विभु :
कैसे और कब उनका बलिदान हुआ?

आचार्य :
फरवरी महीने की सत्ताइस (27) दिनांक को 1931 ईस्वी में इलाहाबाद नगर (प्रयाग नगर) में आजाद उद्यान’ (अल्फ्रेड पार्क) नामक स्थान पर अंग्रेज गुप्तचर अधीक्षक नॉट-बाबर से गोलियों से युद्ध करते हुए जब अपने को असहाय माना तब पकड़े जाने के भय से अपने हाथ से ही अपने सिर में गोली के प्रहार से उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

आजादचन्द्रशेखरः शब्दार्थाः

जयन्त्याः = जयन्ती का। सङ्गठनम् = संघ को। ख्रिस्ताब्दे = ईस्वी में। आग्नेयास्त्रम् = बम। सम्यगुक्तम् = ठीक कहा। निग्रहभयात् = पकड़े जाने के भय से। निगृह्य = पकड़कर। वेत्रप्रहारैः = बेंत के प्रहारों से। मूर्छापर्यन्तम् = मूछित होने तक।

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