MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 31 यूरोप महाद्वीप : आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 31 यूरोप महाद्वीप : आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 31 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 31 यूरोप महाद्वीप - आर्थिक स्वरूप-1
उत्तर:
(1) (d) गेहूँ
(2) (a) अंगूर
(3) (b) घड़ियाँ
(4) (e) माल ढुलाई
(5) (c) कम आबादी

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) यूरोप की …………… प्रतिशत से अधिक जनसंख्या कृषि से रोजी-रोटी कमाती है।
(2) ……………. को ‘रोटी की टोकरी’ कहा जाता है।
(3) चुकन्दर से …………. बनाई जाती है।
(4) फ्रांस की राजधानी ………….. है।
(5) यूरोप महाद्वीप के …………… प्रतिशत लोग शिक्षित
उत्तर:
(1) 15
(2) यूक्रेन
(3) शक्कर
(4) पेरिस
(5)90

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 31 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) मिश्रित खेती किसे कहते हैं ?
उत्तर:
खेती का वह प्रणाली जिसमें विभिन्न फसलों के साथ-साथ पशुपालन भी किया जाता है, मिश्रित खेती कहलाती है।

(2) भूमध्यसागरीय जलवायु वाले देशों में कौन-कौन सी खेती अधिक होती है ?
उत्तर:
भूमध्यसागरीय जलवायु वाले देशों में रसीले फलों की खेती अधिक होती है। इसमें जैतून, अंगूर, सेब, अंजीर, मौसमी, संतरा, नींबू आदि की खेती अधिक होती है।

(3) यूरोप के चार कोयला उत्पादक देशों के नाम लिखिए।
उत्तर:
यूरोप के चार कोयला उत्पादक देश जर्मनी, रूस, पोलैण्ड तथा ब्रिटेन हैं।

(4) पवन ऊर्जा का उत्पादन यूरोप के किन-किन देशों में होता है ?
उत्तर:
पवन ऊर्जा का उत्पादन यूरोप के हॉलैण्ड, बेल्जियम और डेनमार्क में होता है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 31 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) यूरोप के औद्योगिक विकास का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यूरोप आधुनिक उद्योगों का जन्मदाता कहा जाता है। यूरोप के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पश्चिम में ब्रिटेन से लेकर पूर्व में पोलैण्ड तक फैले हैं। __ यूरोप का सबसे महत्त्वपूर्ण उद्योग लोहा-इस्पात उद्योग है। यहाँ कोयला तथा कच्चा लोहा अधिक मिलने से इस उद्योग का विकास अधिक हुआ है। लोहा-इस्पात बनाने के कारखाने, रूस, जर्मनी, इटली, फ्रांस, पोलैण्ड, ब्रिटेन, रोमानियाँ, स्पेन, बेल्जियम और चैक गणराज्य में हैं।

महत्त्वपूर्ण वस्तुएँ बनाने के प्रसिद्ध केन्द्र निम्नलिखित हैं –

  • रेल के इंजन व डिब्बे – फ्रांस, बेल्जियम व जर्मनी।
  • मोटर गाड़ियाँ – इटली, रूस, फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम व ब्रिटेन।
  • जलयान – स्काटलैण्ड व नार्वे।
  • हवाई जहाज – ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी।
  • इन्जीनियरिंग के सामान – ब्रिटेन व जर्मनी।
  • सूती वस्त्र उद्योग – ब्रिटेन व जर्मनी।

इसके अतिरिक्त इन देशों में बिजली का सामान, सीमेण्ट आदि अनेक उपभोक्ता वस्तुओं का निर्माण होता है। स्विट्जरलैण्ड, डेनमार्क, बेल्जियम, हॉलैण्ड, ऑस्ट्रिया, चैक गणराज्य जैसे देशों में घड़ियाँ, बिजली का सामान, दवाइयाँ, रासायनिक पदार्थ, फर्नीचर, श्रृंगार का सामान आदि का निर्माण किया जाता है। कृषि पर आधारित उद्योगों में गेहूँ का आटा बनाना, बिस्कुट, डबलरोटी बनना, चुकन्दर से शक्कर बनाना, दूध से मक्खन, पनीर व पाउडर बनाना, माँस को डिब्बों में बन्द करना प्रमुख महत्त्वपूर्ण।

उद्योग हैं। मुलायम लकड़ी से कागज, लुग्दी तथा कृत्रिम रेशा बनाने के उद्योग भी प्रमुख हैं। इस प्रकार यूरोप के लोगों ने प्राकृतिक संसाधनों का भरपूर उपयोग करते हुए कुशल कारीगरों और नवीनतम् मशीनों की सहायता से अत्यधिक विकास किया है। यही कारण है कि यूरोप। विकसित महाद्वीप है। इसके अधिकांश देश भी विकसित देशों की श्रेणी में आते हैं और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार भी करते हैं।

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(2) यूरोप के औद्योगिक विकास में खनिज पदार्थ किस प्रकार सहायक हैं ?
उत्तर:
बहुतायत में खनिज उत्पादन के कारण यूरोप औद्योगिक विकास में सबसे आगे रहा है। कोयला, लोहा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, यूरोप में पाए जाने वाले महत्त्वपूर्ण खनिज हैं, जो औद्योगिक विकास के आधार हैं। विभिन्न खनिजों के उत्पादन में महत्त्वपूर्ण देश निम्नलिखित हैं –

  • कोयला – जर्मनी, रूस, पोलैण्ड, यूक्रेन, ब्रिटेन, चैक गणराज्य।
  • कच्चा लोहा – रूस, स्वीडन, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, चैक गणराज्य।
  • पेट्रोलियम – रूस, पोलैण्ड, ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैण्ड तथा रोमानिया।

इसके अतिरिक्त यूरोप में मैंगनीज, गंधक, अभ्रक, सीसा, सोना, ताँबा, पोटाश, चूना पत्थर आदि का भी उत्पादन होता है। विशेष रूप से हॉलैण्ड, बेल्जियम और डेनमार्क में पवन ऊर्जा का उत्पादन होता है।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को यूरोप के रेखा मानचित्र में दर्शाइए –

  • रसीले फलों की खेती का क्षेत्र
  • यूरोप के प्रमुख वायुमार्ग
  • दुग्ध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध तीन देश
  • पेरिस, लन्दन, रोम, बर्लिन और मैड्रिड नगर।
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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 19 मौसम और जलवायु

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 19 मौसम और जलवायु

MP Board Class 7th Social Science Chapter 19 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) मौसम ……………. क्षेत्र को प्रभावित करता है।
(2) लगभग एक-सी वायुमण्डलीय दशा को कहते हैं।
(3) मौसम और जलवायु की दशा में …………. तत्व शामिल हैं।
उत्तर:
(1) छोटे
(2) ऋतु
(3) छः

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 19 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) मौसम किसे कहते हैं ? मौसम व ऋतु में क्या अन्तर
उत्तर:
किसी स्थान पर तापमान, वायुदाब, हवाएँ, आर्द्रता, वर्षा आदि की दशाओं में शीघ्र परिवर्तन होने की स्थिति को मौसम कहते हैं। मौसम एक छोटे से स्थान तक सीमित रहता है तथा इसमें शीघ्र ही बदलाव होता रहता है जबकि ऋतु एक बड़े भू-भाग पर लगभग समान रहने वाली वायुमण्डलीय अवस्था है। ऋतु में शीघ्र ही बदलाव नहीं होता।

(2) किसी स्थान की जलवायु को जानने के लिए कितने वर्षों के आँकड़ों का औसत निकालते हैं ?
उत्तर:
किसी स्थान की जलवायु को जानने के लिए लगभग 30 वर्षों के मौसम सम्बन्धी आँकड़ों का औसत निकाला जाता है।

(3) किसी स्थान की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
किसी स्थान की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं –

  • स्थान की अक्षांशीय स्थिति
  • समुद्र तल से ऊँचाई
  • स्थल तथा जल का वितरण
  • समुद्र से दूरी
  • हवाओं – की दिशा
  • वायुदाब की पेटियाँ
  • पर्वतों की स्थिति
  • धरातल का स्वरूप, तथा
  • समुद्री जल धाराएँ।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 19 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) मौसम और जलवायु में अन्तर समझाइए।
उत्तर:
मौसम और जलवायु में अन्तर –
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 19 मौसम और जलवायु-1

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) ओला होता है –
(अ) द्रव
(ब) ठोस
(स) लचीला
(द) गैसीय।
उत्तर:
(ब) ठोस

(2) पश्चिमोत्तर भारत में चक्रवातीय वर्षा किस ऋतु में होती है?
(अ) ग्रीष्म ऋतु
(ब) शीत ऋतु
(स) बसन्त ऋतु
(द) वर्षा ऋतु।
उत्तर:
(ब) शीत ऋतु।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) जल के वाष्प में बदलने की क्रिया को ………….. कहते हैं।
(2) जलवाष्प के पुनः द्रव या ठोस रूप में बदलने को ………….. कहते हैं।
(3) वर्षा मापने वाले यन्त्र को ……………… कहते हैं।
उत्तर:
(1) वाष्पीकरण
(2) संघनन
(3) वर्षामापी यन्त्र।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) जलवाष्य किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वायुमण्डल में फैले हुए छोटे-छोटे गैसीय जल कणों को जलवाष्प कहते हैं।

(2) वाष्पीकरण क्यों घटता-बढ़ता है?
उत्तर:
तापमान के घटने-बढ़ने से वाष्पीकरण घटता-बढ़ता

(3) बादल कैसे बनते हैं ?
उत्तर:
वाष्प युक्त गर्म हवा जब हल्की होकर ऊपर की ओर उठती है और फैलकर ठण्डी होती है तो इससे बादल बनते हैं।

(4) हिमपात किसे कहते हैं ?
उत्तर:
अधिक ऊँचाई पर पहुँच कर वाष्प अधिक ठण्डी होने से हिम कणों में बदल जाती है। हिम या बर्फ के रूप में हिमकणों के धरातल पर गिरने को हिमपात कहते हैं।

(5) चक्रवातीय वर्षा किसे कहते हैं ?
उत्तर:
गर्म और ठण्डी हवाओं के मिलने पर गर्म हवाएँ ऊपर की ओर उठती हैं और ठण्डी हवाएँ तेजी से कम दबाव की ओर आती हैं। पृथ्वी की गति के कारण ये हवाएँ चक्र की भाँति घूमने लगती हैं जिन्हें चक्रवात कहते हैं। चक्रवात के मध्य की हवाएँ ऊपर उठकर ठण्डी होने पर वर्षा करती हैं। इसे चक्रवातीय वर्षा कहते हैं।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) संघनन क्या है? इसके विभिन्न रूपों को लिखिए।
उत्तर:
जलवाष्प के पुनः द्रव या ठोस रूप में बदलने को संघनन कहते हैं। इसके विभिन्न रूप निम्नलिखित हैं
(i) ओस-रात में जब वायु का ताप ओसांक से कम हो जाता है तो वायु में रहने वाली जल वाष्प ठण्डी होकर पानी की बूंदों के रूप में पत्तियों तथा घास पर जमा हो जाती है, जिसे ओस कहते हैं।

(ii) पाला-जब वायु का तापमान 0° सेल्सियस से कम हो जाता है तो जल वाष्प हिम कणों में बदल जाती है और आस-पास की वस्तुओं पर बैठ जाती है, जिसे पाला कहते हैं।

(iii) कुहरा-जब आर्द्र वायु काफी ठण्डी हो जाती है, तो जल वाष्प हवा में फैले हुए धूल और धुएँ के कणों पर छोटी-छोटी बूंदों के रूप में द्रवित हो जाती है और चारों ओर का वातावरण धुंधला हो जाता है। इस धुंधलेपन को कुहरा कहते हैं।

(iv) धुन्ध-यह कुहरे का हल्का रूप है। धुन्ध में जलकण हवा में तैरते रहते हैं।

(v) बादल या मेघ-वाष्पयुक्त गर्म वायु जब हल्की होकर ऊपर उठती है और फैलकर ठण्डी होकर बादल का रूप धारण कर लेती है। जल कणों के बड़े-बड़े समूह बादल या मेघ कहलाते हैं। ये काफी ऊँचाई पर होते हैं।

(vi) वर्षा-बादलों के जल कण आपस में मिलकर बूंदों का रूप धारण कर लेते हैं और भारी हो जाते हैं। भारी होने के कारण ये हवा में उड़ नहीं पाते। यही जलकण वर्षा के रूप में बरसने लगते हैं, इन्हीं को वर्षा कहते हैं।

(vii) हिमपात-अधिक ऊँचाई पर पहुँचने पर जलवाष्प अधिक ठण्डी होकर हिमकणों में बदल जाती है। ये हिमकण धरातल पर हिम या बर्फ के रूप में बरसते हैं, इन्हें हिमपात कहते हैं।

(viii) ओले-ऊँचे आकाश में पानी की बूंदै जमकर ठोस आकार ग्रहण कर छोटे-छोटे हिमकण बन जाते हैं तथा वर्षा के साथ पृथ्वी पर गिर जाते हैं। इन्हें ओला कहते हैं।

(2) वर्षा कितने प्रकार की होती है ? सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वर्षा तीन प्रकार की होती है –

  1. संवहनीय वर्षा
  2. पर्वतीय वर्षा
  3. चक्रवातीय वर्षा।

1. संवहनीय वर्षा – समुद्रों व अन्य जलाशयों से तेज गर्मी के कारण पानी वाष्प (भाप) बन जाता है। ये वाष्प गर्म हवाओं के साथ ऊपर काफी ऊँचाई पर पहुँचकर संघनित होकर बूंदों के रूप में बरसती हैं। इस क्रिया को ‘संवहन’ कहते हैं, इसलिए इस वर्षा को संवहनीय वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-1

2. पर्वतीय वर्षा – समुद्र से स्थल की ओर आने वाली वाष्पयुक्त हवाएँ पर्वतों की ऊँचाई को पार करके उनके सहारे ऊपर उठने लगती हैं। अधिक ऊँचाई पर पहुँचने पर ये हवाएँ ठण्डी होकर पर्वतों पर जल के रूप में बरसने लगती हैं। ऐसी वर्षा को पर्वतीय वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-2

3. चक्रवातीय वर्षा-गर्म और ठण्डी हवाओं के मिलने पर गर्म हवाएँ ऊपर की ओर उठती हैं और ठण्डी हवाएँ तेजी से कम दबाव की ओर आती हैं। पृथ्वी की गति के कारण ये हवाएँ चक्र की भाँति घूमने लगती हैं जिन्हें चक्रवात कहते हैं। चक्रवात के मध्य की हवाएँ ठण्डी होने पर वर्षा करती हैं। इसे चक्रवाती वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-3

(3) आर्द्रता क्या है ? आर्द्रता के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वायुमण्डल में पाई जाने वाली नमी या जलवाष्प वायुमण्डल की आर्द्रता कहलाती है। संघनन की क्रिया द्वारा आर्द्रता : विभिन्न रूपों में बदल जाती है। जलवाष्प के पुनः द्रव या ठोस रूप में बदलने को संघनन कहते हैं। इसके विभिन्न रूप निम्नलिखित हैं –

1. ओस-रात में जब वायु का ताप ओसांक से कम हो जाता है तो वायु में रहने वाली जल वाष्प ठण्डी होकर पानी की बूंदों के रूप में पत्तियों तथा घास पर जमा हो जाती है, जिसे ओस कहते हैं।

2. पाला-जब वायु का तापमान 0° सेल्सियस से कम हो जाता है तो जल वाष्प हिम कणों में बदल जाती है और आस-पास की वस्तुओं पर बैठ जाती है, जिसे पाला कहते हैं।

3. कुहरा-जब आर्द्र वायु काफी ठण्डी हो जाती है, तो जल वाष्प हवा में फैले हुए धूल और धुएँ के कणों पर छोटी-छोटी बूंदों के रूप में द्रवित हो जाती है और चारों ओर का वातावरण धुंधला हो जाता है। इस धुंधलेपन को कुहरा कहते हैं।

4. धुन्ध-यह कुहरे का हल्का रूप है। धुन्ध में जलकण हवा में तैरते रहते हैं।

5. बादल या मेघ-वाष्पयुक्त गर्म वायु जब हल्की होकर ऊपर उठती है और फैलकर ठण्डी होकर बादल का रूप धारण कर लेती है। जल कणों के बड़े-बड़े समूह बादल या मेघ कहलाते हैं। ये काफी ऊँचाई पर होते हैं।

6. वर्षा-बादलों के जल कण आपस में मिलकर बूंदों का रूप धारण कर लेते हैं और भारी हो जाते हैं। भारी होने के कारण ये हवा में उड़ नहीं पाते। यही जलकण वर्षा के रूप में बरसने लगते हैं, इन्हीं को वर्षा कहते हैं।

7. हिमपात-अधिक ऊँचाई पर पहुँचने पर जलवाष्प अधिक ठण्डी होकर हिमकणों में बदल जाती है। ये हिमकण धरातल पर हिम या बर्फ के रूप में बरसते हैं, इन्हें हिमपात कहते हैं।

8. ओले-ऊँचे आकाश में पानी की बूंदै जमकर ठोस आकार ग्रहण कर छोटे-छोटे हिमकण बन जाते हैं तथा वर्षा के साथ पृथ्वी पर गिर जाते हैं। इन्हें ओला कहते हैं।

(4) वर्षा मापक का चित्र बनाइए।
उत्तर:

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-4

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 27 भारत की जनजातियाँ

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 27 भारत की जनजातियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 27 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) भोजन के लिए जनजातीय लोग निर्भर रहते हैं –
(अ) वर्षा पर
(ब) कृषि पर
(स) जंगलों पर
(द) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(स) जंगलों पर,

(2) उड़ीसा की एक तिहाई जनजाति किन क्षेत्रों में निवास करती है?
(अ) मोनपास, मिजिस
(ब) कोरापुट, मयूरभंज
(स) अकास, रखवास
(द) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ब) कोरापुट, मयूरभंज

(3) मध्य प्रदेश में मानव संग्रहालय स्थित है –
(अ) इन्दौर
(ब) उज्जैन
(स) भोपाल
(द) जबलपुर।
उत्तर:
(स) भोपाल

(4) हस्तशिल्प द्वारा निर्मित कौन सी चीजों की माँगहै?
(अ) चूड़ियाँ
(ब) शालें, कम्बल
(स) चप्पल
(द) सूती कपड़े।
उत्तर:
(ब) शालें, कम्बल।

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) बिहार की एक पिछड़ी जनजाति ………….. नाम से पहचानी जाती है।
(2) अण्डमान द्वीप समूह के निवासियों को दो वर्गों …………… तथा ………….. में बाँटा गया है।
(3) आन्ध्र प्रदेश की प्रमुख जनजाति …………… है।
(4) आमतौर पर महिलाएँ शरीर पर …………… गुदवाती
उत्तर:
(1) कहार
(2) ओंग, जरावा
(3) चंचुस
(4) गोदने।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 27 भारत की जनजातियाँ
उत्तर:
(1) (c) नायकड़ा
(2) (a) रस्सी, टोकरियाँ बनाना
(3) (b) मध्य प्रदेश

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 27 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) जनजातीय संस्कृति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जनजातियों का जनजीवन, उनकी वेश-भूषा, रंगसज्जा तथा उनका रहन-सहन जनजातीय संस्कृति कहलाती है।

(2) भारत में जनजातियों के रहने के क्षेत्र कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
भारत में जनजातियों के रहने के क्षेत्र झाबुआ, आन्ध्र प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, गुजरात तथा गुजरात के सीमावर्ती जिले, उड़ीसा में कोरापुट, मयूरभंज, सुन्दरगढ़, गंजाम तथा बौध खोंडपल्ल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगड़, अण्डमान द्वीप समूह, नीलगिरी की पहाड़ियाँ, उत्तर-पूर्वी राज्यों में असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश आदि हैं।

(3) जनजातियों का प्रमुख भोजन क्या है ?
उत्तर:
जनजातियों का प्रमुख भोजन मछली है।

(4) पेकान जनजाति किस प्रदेश की है ?
उत्तर:
पेकान जनजाति नीलगिरी की पहाड़ियों में पाए जाने वाली जनजाति है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 27 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) भारत की क्षेत्रीय जनजातियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  • आन्ध्र प्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ – चेंचुस, जाटापुस, कोलम, नायकपोड़, सवारस आदि।
  •  बिहार और झारखण्ड की प्रमुख जनजातियाँ – कहार, खारियाँ, ओरांव, खरवार आदि।
  • गुजरात की प्रमुख जनजातियाँ – सिरोही, उदयपुर, कोटरा, सरसों, दांता, नायकड़ा।
  • मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की प्रमुख जनजातियाँ – गोंड, बैगा, भील, भिलाला, बरेला, भारिया, कंवर, कनकार, सहरिया आदि।
  • अण्डमान द्वीप समूह की प्रमुख जनजातियाँ – ओंग और जरावा।
  • नीलगिरी की पहाड़ियों में रहने वाली जनजाति – टोडा, पेकान, कदन, कैना, टरल आदि।
  • उत्तर – पूर्वी राज्यों में भी अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं।

(2) मध्य प्रदेश की जनजातियों के बारे में समझाइए।
उत्तर:
मध्य प्रदेश में चालीस से अधिक जनजातियाँ निवास करती हैं। इनमें प्रमुख रूप से गोंड, बैगा, भील, भिलाला, बरेला, । भारिया, कंवर, कनंकार, सहरिया आदि प्रमुख जनजातियाँ हैं। ये लोग प्रकृति की चीजों को अपने देव के वरदान के रूप में स्वीकार करते हैं। ये अत्यन्त मेहनती तथा भोले होते हैं तथा अपनी वीरता।

और मुक्त जीवनशैली के लिए भी प्रसिद्ध हैं। सामुदायिक भावना इनकी विशेषता है। ये सभी सामाजिक कार्यों को सामूहिक रूप से मनाते हैं। स्त्रियाँ चाँदी, काँसा, मोती के जेवरात पहनती हैं तथा गोदने भी गुदवाती हैं। नृत्य एवं संगीत इन्हें अधिक प्रिय है। इनका प्रमुख व्यवसाय कृषि, मछली पकड़ना तथा वनों से फल-फूल एकत्र करना है।

(3) जनजातीय महिलाओं के प्रमुख उद्यमों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनजातीय महिलाएँ बच्चों के खिलौने, कई तरह की घास एकत्र करके उनसे टोकरियाँ तथा रस्सी तैयार करती हैं। ये खेतों तथा जंगलों में भी काम करती हैं। जंगलों से शहद, चिरौंजी तथा फलों को इकट्ठा करके उन्हें बाजार में बेचती हैं। हस्तकरघा में ये शालें, कम्बल, बैग तथा गर्म कपड़े बनाकर बाजार में बेचती हैं।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 32 अफ्रीका महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 32 अफ्रीका महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 32 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) अफ्रीका महाद्वीप में लगभग ……………. देश हैं।
(2) अफ्रीका, एशिया महाद्वीप से ……………. नहर द्वारा पृथक् किया गया है।
(3) अफ्रीका, यूरोप महाद्वीप से …………… जलडमरूमध्य द्वारा पृथक् है।
(4) क्षेत्रफल की दृष्टि से अफ्रीका संसार का ………… बड़ा महाद्वीप है।
उत्तर:
(1) 53
(2) स्वेज
(3) जिब्राल्टर
(4) दूसरा

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 32 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) अफ्रीका की किन्हीं तीन प्रमुख नदियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका की तीन प्रमुख नदियाँ –

  • नील,
  • जायरे, तथा
  • कांगो हैं।

(2) अफ्रीका के प्रमुख मरुस्थलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका के प्रमुख मरुस्थल सहारा व कालाहारी हैं।

(3) अफ्रीका के भूमध्यरेखीय क्षेत्र की जलवायु कैसी है ?
उत्तर:
भूमध्यरेखीय क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु उष्ण, किन्तु शीत ऋतु सामान्य रहती है। यहाँ वर्षा ग्रीष्म ऋतु में होती है।

(4) “सवाना” व “वेल्ड्ज ” से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
भूमध्यरेखीय प्रदेश के उत्तर व दक्षिण में स्थित क्षेत्र सवाना कहलाता है। दक्षिण अफ्रीका में पाये जाने वाला शीतोष्ण घास का मैदान वेल्ड्ज कहलाता है।

(5) अफ्रीका के चारों ओर कौन-कौन से सागर व महासागर हैं ?
उत्तर:
अफ्रीका, पूर्व में हिन्द महासागर से, पश्चिम में अटलाण्टिक महासागर से, उत्तर में भूमध्यसागर, उत्तर-पूर्व में लाल सागर और अरब सागर आदि सागरों व महासागरों से घिरा है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 32 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) अफ्रीका महाद्वीप की धरातलीय संरचना को समझाइए।
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप का अधिकांश भाग पठारी होने के कारण इसे पठारों का महाद्वीप कहा जाता है। उत्तर-पश्चिम में पठार । कुछ नीचा तथा दक्षिण-पूर्व में ऊँचा है। यह महाद्वीप प्राचीन कठोर। शैलों से बना है। इसके तटीय भागों में सँकरे मैदान मिलते हैं। पूर्वी भाग में भूमध्य रेखा के समीप वर्ष भर बर्फ से ढका रहने वाला ज्वालामुखी पर्वत किलिमंजारो है। उत्तर-पश्चिम की ओर लम्बी एटलस पर्वत श्रृंखला है जो नवीन वलित पर्वत है। दक्षिण – पूर्व में ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत श्रृंखला है।

सहारा मरुभूमि में होगर पर्वत व तिबेस्ती पठार हैं। पश्चिम में कांगो और नाइजर नदी के बीच अदामावा का पठार है। इसका सबसे ऊंचा शिखर केमरून है। उत्तरी-पूर्वी भाग में अबीसीनिया का पठार है। यहाँ की भ्रंश घाटी अफ्रीका के पूर्व में न्यास झील से तुरकाना झील होती हुई लाल सागर और जॉर्डन घाटी तक फैली है। इस घाटी में विक्टोरिया, न्यास, अलबर्ट, टैगानिका झीलें हैं। अफ्रीका के उत्तरी मैदानी भाग में सहारा तथा दक्षिणी भाग में कालाहारी मरुस्थल हैं।

(2) अफ्रीका महाद्वीप की जलवायु एवं वनस्पति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
इस महाद्वीप का अधिकांश भाग उष्ण कटिबन्ध में है। केवल उत्तर-दक्षिण का कुछ भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में फैला हुआ है। यहाँ वर्ष भर ऊँचा तापमान रहता है। लीबिया स्थित अजीजिया विश्व का सबसे गर्म स्थान है। पर्वतीय भागों में साधारण तापमान रहता है। पठारी भागों में दिन का तापमान अधिक तथा रात का तापमान कम रहता है। भूमध्य रेखा के निकट दोनों ओर फैले क्षेत्रों में उष्ण और आर्द्र जलवायु पाई जाती है। यहाँ प्रतिदिन वर्षा होती है। अधिक गर्मी व वर्षा के कारण इस क्षेत्र में ऊँचे-ऊँचे वृक्षों वाले वन पाये जाते हैं। ये वन उष्ण कटिबन्धीय वन या भूमध्यरेखीय वर्षा वन कहलाते हैं।

भूमध्यरेखीय जलवायु प्रदेश के उत्तर व दक्षिण में सवाना क्षेत्र का विस्तार है जहाँ ग्रीष्म ऋतु तथा शीत ऋतु सामान्य रहती है। यहाँ वर्षा ग्रीष्म ऋतु में होती है। इसे सवाना तुल्य जलवायु प्रदेश कहा जाता है। इस प्रदेश में बड़ी-बड़ी घास उगती है, जिसे ‘सवाना’ या हाथी घास’ कहते हैं। सवाना प्रकार की जलवायु के दोनों ओर उत्तर – दक्षिण में मरुस्थलीय जलवायु पाई जाती है।

उत्तर में सहारा तथा दक्षिण में कालाहारी मरुस्थल हैं। यहाँ वर्षा कम होने के कारण कंटीली झाड़ियाँ मिलती हैं। उत्तर – पश्चिम और दक्षिण पश्चिम में भूमध्यसागरीय जलवायु पाई जाती है। यहाँ शीत ऋतु में वर्षा होती है। दक्षिण अफ्रीका में शीतोष्ण घास का मैदान पाया जाता है, जिसे ‘वैल्ड्स’ कहते हैं।

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(3) अफ्रीका महाद्वीप के सवाना घास के मैदान व जीव-जन्तु का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भूमध्यरेखीय जलवायु प्रदेश के उत्तर-दक्षिण में सवाना क्षेत्र का विस्तार है। यहाँ ग्रीष्म ऋतु में वर्षा होती है। इस क्षेत्र में उगने वाली बड़ी-बड़ी घास ‘सवाना’ या ‘हाथी घास’ कहलाती है। इस क्षेत्र में घास खाने वाले विभिन्न पशुओं तथा शाकाहारी पशुओं को खाने वाले माँसाहारी पशु बहुतायत में पाये जाते हैं। यह क्षेत्र चिड़ियाघर के रूप में विख्यात है।

अफ्रीका महाद्वीप में वृक्षों पर रहने वाले जीव-जन्तु, बन्दर, लंगूर, साँप, गिरगिट, छिपकली और रंग-बिरंगी तितलियाँ पाई जाती हैं। भूमि पर रहने वाले जीवों में हाथी, गेंडा, जेब्रा, जिराफ, जंगली भैंसा, जंगली सूअर पाये जाते हैं। कालाहारी मरुस्थल में शुतुरमुर्ग चिड़िया मिलती है। यहाँ टेटसी नामक मक्खी भी पाई जाती है जिसके काटने से मनुष्य की मृत्यु भी हो सकती है। पानी में रहने वाले जीवों में मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़ा और विभिन्न प्रकार की मछलियाँ मिलती हैं।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को अफ्रीका के रेखा मानचित्र में दर्शाइए –

  • किलिमंजारो पर्वत
  •  ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत
  • सहारा मरुभूमि
  • कांगो व नाइजर नदी
  • रूडॉल्फ झील
  • भ्रंशघाटी क्षेत्र
  • विक्टोरिया जल प्रपात
  • कालाहारी मरुस्थल
  • सवाना घास भूमि
  • वेल्ड्स घास भूमि।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 32 अफ्रीका महाद्वीप - भौगोलिक स्वरूप

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप : आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप : आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 33 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) अफ्रीका महाद्वीप की कुल कितने प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है ?
(अ) 10 प्रतिशत
(ब) 20 प्रतिशत
(स) 30 प्रतिशत
(द) 40 प्रतिशत
उत्तर:
(अ) 10 प्रतिशत

(2) अफ्रीका में कृषि का विकास किस क्षेत्र में अधिक हुआ है ?
(अ) सहारा मरुस्थल
(ब) नील नदी की घाटी
(स) मध्य अफ्रीका
(द) दक्षिण अफ्रीका।
उत्तर:
(ब) नील नदी की घाटी

(3) अफ्रीका में विश्व की 90% उपज किस वस्तु की होती है ?
(अ) मूंगफली
(ब) कोको
(स) लौंग
(द) चाय।
उत्तर:
(स) लौंग

(4) केप काहिरा रेलमार्ग की लम्बाई है ?
(अ) 5620 किमी
(ब) 4530 किमी
(स) 6710 किमी
(द) 8800 किमी।
उत्तर:
(द) 8800 किमी।

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) संसार का ………………. प्रतिशत हीरा अफ्रीका महाद्वीप में निकाला जाता है।
(2) अफ्रीका में सर्वाधिक कपास …………. देश में उत्पन्न होती है।
(3) ………….. विश्व का प्रसिद्ध जलमार्ग है।
(4) जिम्बाब्वे की राजधानी ……………. है।
(5) अफ्रीका महाद्वीप की जनसंख्या लगभग …………. करोड़ है।
उत्तर:
(1) 95
(2) मिस्र
(3) स्वेज नहर मार्ग
(4) हरारे
(5) 54 करोड़।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप - आर्थिक स्वरूप-1
उत्तर:
(1) (c) अफ्रीका का मुख्य खाद्यान्न
(2) (d) दक्षिण अफ्रीका
(3) (e) मरुस्थल
(4) (a) जनजाति
(5) (b) रेलमार्ग

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 33 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) मिस्त्र में किस प्रकार की कपास उत्पन्न होती है ?
उत्तर:
मिस्र में लम्बे रेशे वाली कपास उत्पन्न होती है।

(2) अफ्रीका के दो महत्वपूर्ण खनिजों के नाम लिखिए
उत्तर:
अफ्रीका के दो महत्वपूर्ण खनिज हीरा व सोना हैं।

(3) अफ्रीका महाद्वीप की आयात और निर्यात की प्रमुख वस्तुएँ कौन-कौन सी हैं.?
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप में आयात होने वाली प्रमुख वस्तुएँ – सूती, ऊनी व रेशमी वस्त्र, शक्कर, सीमेंट, दवाइयाँ, रासायनिक पदार्थ, मशीनें, रेलों का सामान, कागज आदि। अफ्रीका महाद्वीप से निर्यात होने वाली प्रमुख वस्तुएँ-दक्षिण अफ्रीका से सोना, हीरे, मशीनरी, खाद्य पदार्थ। इथियोपिया से कॉफी, दालें, खालें, तिलहन। मिस्र से पेट्रोलियम, कपास, वस्त्र, फल। अल्जीरिया से प्राकृतिक गैस, जैतून, का तेल, मदिरा, मशीनरी। इसके अतिरिक्त चाय, कॉफी, कोको, रबर, गोंद, मसाले, ऊन आदि।

(4) बुशमैन, तुरेग और पिग्मी (बौने) किस-किस क्षेत्र में पाये जाते हैं ?
उत्तर:
बुशमैन कालाहारी मरुस्थल में, तुरेग सहारा मरुस्थल में तथा पिग्मी (बौने) मध्य अफ्रीका वनों में पाये जाते हैं।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 33 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख फसलों के उत्पादन क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
महाद्वीप के विभिन्न भागों में जलवायु की भिन्नता के कारण अफ्रीका महाद्वीप में निम्नांकित फसलें मुख्य रूप से उगाई जाती हैं –

  • गेहूँ तथा जौ – मिस्र, अल्जीरिया और मोरक्को में।
  • मकई (मक्का) – बेल्जियम, कांगो, अंगोला, केनिया, मोरक्को में।
  • कपास – मिस्र, युगांडा, केन्या और नाइजीरिया में।
  • मूंगफली – नाइजर, सूडान और नाइजीरिया में।
  • कोको – घाना, नाइजीरिया और अंगोला में।
  • चावल – मलागासी, सेनेगल और नाइजीरिया में।
  • लौंग – जंजीबार तथा पेंबा द्वीपों में।

(2) अफ्रीका में औद्योगिक विकास का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अफ्रीका में ऊँची पठारी भूमि व वनों की अधिकता एवं यातायात के साधनों में कमी के कारण औद्योगिक विकास कम हुआ है। कृषि पर आधारित उद्योगों में फलों से शराब बनाना, गन्ने से शक्कर बनाना, कपास से सूती वस्त्र बनाना, सिगरेट बनाना, जैतून का तेल निकालना आदि प्रमुख हैं। पशुपालन के आधार पर चमड़ा एवं ऊनी वस्त्र उद्योग विकसित हुए हैं। बड़े उद्योगों का विकास दक्षिणी अफ्रीका और मिस्त्र में अधिक हआ है। प्रिटोरिया, जोहान्सबर्ग, डरबन, काहिरा और सिकन्दरिया, लोहा-इस्पात, सीमेंट, वस्त्र व धातु के बर्तन बनाने के बड़े औद्योगिक केन्द्र हैं।

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(3) अफ्रीका महाद्वीप की खनिज सम्पदा के विषय में लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप खनिजों के भण्डार में बहुत धनी है, परन्तु उनका उत्पादन कम होता है। इस महाद्वीप के प्रमुख खनिज निम्नांकित हैं –

  • हीरा – विश्व का 95% हीरा अफ्रीका में पाया जाता है। इसके प्रमुख उत्पादक देश जायरे, बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीका हैं।
  • सोना – विश्व का लगभग 50% सोना अफ्रीका में पाया जाता है। इसके प्रमुख उत्पादक देश दक्षिणी अफ्रीका, सेण्ट्रल अफरीकन रिपब्लिक, दक्षिण रोडेशिया व घाना हैं।
  • ताँबा – ताँबे के प्रमुख उत्पादक देश काँगो, जाम्बिया – व दक्षिण अफ्रीका हैं।
  • मैंगनीज – यह दक्षिण अफ्रीका तथा घाना में पाया जाता है।
  • लोहा – यह मोरक्को, अल्जीरिया तथा ट्यूनीशिया में मिलता है।

इसके अतिरिक्त यूरेनियम, जस्ता, सीसा, चाँदी, कोयला, टिन, क्रोमियम आदि इस महाद्वीप के भिन्न-भिन्न देशों में पाये जाते हैं।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को अफ्रीका के मानचित्र में दर्शाइए –

  •  नील नदी घाटी
  • जंजीबार व पेंबा द्वीप
  • स्वेज मार्ग
  • हीरा खनन क्षेत्र
  • दक्षिण अफ्रीका
  • केप काहिरा रेलमार्ग।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप - आर्थिक स्वरूप

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 28 एशिया महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 28 एशिया महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 28 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) संसार का सबसे बड़ा महाद्वीप” ………..”है।
(2) संसार की सबसे ऊँची चोटी ……………. है।
(3) एशिया के उत्तरी भाग के मैदान को ……………. का मैदान कहा जाता है।
(4) एशिया के मध्यवर्ती भाग में ……………… के पठार को ‘दुनिया की छत’ के नाम से भी जाना जाता है।
(5) शीतकाल में एशिया के …………… भाग में उच्च वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है।
(6) …………. विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है।
उत्तर:
(1) एशिया महाद्वीप
(2) माउण्ट एवरेस्ट
(3) साइबेरिया
(4) पामीर
(5) मध्य
(6) मौसिनराम (भारत)।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 28 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) एशिया महाद्वीप किन-किन महासागरों से घिरा है ?
उत्तर:
एशिया महाद्वीप पूर्व में प्रशान्त महासागर, उत्तर में आर्कटिक महासागर तथा दक्षिण में हिन्द महासागर से घिरा है।

(2) एशिया महाद्वीप के किन्हीं दो पर्वत एवं दो पठारों के नाम लिखिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप के दो पर्वत-यूराल एवं हिमालय। एशिया महाद्वीप के दो पठार-पामीर का पठार, तिब्बत का पठार।

(3) एशिया महाद्वीप को कितने प्राकृतिक भागों में बाँटा जाता है? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप को पाँच प्राकृतिक भागों में बाँटा जाता है –

  • उत्तरी निम्न मैदान
  • मध्यवर्ती पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र
  • दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार
  • नदियों के मैदान, तथा
  • द्वीप समूह।

(4) एशिया महाद्वीप की जलवायु को प्रभावित करने वाले दो कारक बताइए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक –

  • मध्यवर्ती भाग में फैली उच्च पर्वतमालाएँ एवं पठार, तथा
  • एशिया का बड़ा आकार तथा विस्तार।

(5) एशिया महाद्वीप के उत्तरी भाग तथा दक्षिणी भाग की वनस्पति के दो अन्तर बताइए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप के उत्तरी भाग तथा दक्षिणी भाग की वनस्पति में अन्तर
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ- 1

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 28 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) एशिया महाद्वीप के धरातलीय भागों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप को पाँच धरातलीय भागों में विभाजित किया जाता है –
(i) उत्तरी निम्न मैदान – इसे साइबेरिया का मैदान भी कहते हैं। यह पश्चिम में यूराल पर्वत, पूर्व में लीना नदी तथा दक्षिण में मध्यवर्ती पर्वतों के बीच फैला हुआ है। इस मैदान की ओब, लीना और येनीसी प्रमुख नदियाँ हैं।

(ii) मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्र – उत्तरी मैदान के दक्षिण में तथा महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में कई पर्वत श्रृंखलाएँ हैं जो एक पठारी भू-भाग से बँधी हुई दिखाई देती हैं। यह ऊँचा पठारी भाग ‘पामीर के पठार’ के नाम से जाना जाता है, इसे “दुनिया की छत” भी कहते हैं। पामीर के पठार के पूर्व में तिब्बत का पठार है। यहाँ हिमालय पर्वत की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट एवरेस्ट है, जिसे सागरमाथा भी कहते हैं। थ्यानश्यान और अल्ताई पर्वतमाला के मध्य ‘गोबी का मरुस्थल’ है।

(ii) दक्षिणी पठार – मध्यवर्ती पर्वतमालाओं के दक्षिण में दक्षिण दिशा की ओर फैले हुए प्राचीन शैलों से बने कुछ पठार हैं, ये तीन ओर से पानी से घिरे होने के कारण ‘प्रायद्वीप’ कहलाते हैं। इनमें अरब का पठार, दक्षिण-भारत का पठार, ईरान का पठार मुख्य हैं।

(iv) नदियों के मैदान-नदियों द्वारा लाकर जमा की गई मिट्टियों से बने मैदान प्रायः पूर्वी एवं दक्षिणी एशिया में पाए जाते हैं। पश्चिम एशिया में ये मैदान अरब, ईरान और इराक में दजला-फरात नदियों द्वारा बनाए गए हैं। दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया में सिन्धु, गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान, इरावदी, साल्विन नदियों के मैदान, याँगटिसीक्यांग और ह्वांगहो, मीनांग-मीकांग, अमूर-सर दरिया नदी मैदान प्रमुख मैदान हैं।

(v) द्वीप समूह-एशिया महाद्वीप के पूर्व तथा दक्षिण – पूर्व में तीन प्रमुख द्वीप समूह इण्डोनेशिया, फिलीपींस और जापान द्वीप समूह हैं। इनका मध्यवर्ती भाग पर्वतीय है, जिनके चारों ओर सँकरे तटीय मैदान हैं। इण्डोनेशिया द्वीप समूह, महाद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप समूह है।

(2) एशिया महाद्वीप की जलवायु एवं वनस्पति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जलवायु:
एशिया की जलवायु को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक एशिया का सबसे बड़ा आकार तथा विस्तार = एवं मध्य एशिया में फैली उच्च पर्वतमाला एवं पठार हैं। इस महाद्वीप का उत्तरी भाग वर्ष भर हिमाच्छादित रहता – है तथा दक्षिणी भाग गर्म व आर्द्र रहता है। एशिया महाद्वीप का अधिकांश भाग उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। ग्रीष्म ऋतु में सूर्य के – इस गोलार्द्ध में सीधे चमकने के कारण यहाँ का तापमान अधिक रहता है जिससे मध्य एशिया में निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इसी समय हिन्द तथा प्रशान्त महासागर में उच्च वायदाब रहता है जिससे समुद्र से भाप भरी हवाएँ एशिया के मध्य भाग की ओर चलती हैं।

इन्हें दक्षिणी – पश्चिमी मानसूनी हवाएँ कहते हैं। इन्हीं हवाओं से यहाँ वर्षा होती है। एशिया महाद्वीप में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान मौसिनराम (भारत) है। अक्टूबर-दिसम्बर में दक्षिणी गोलार्द्ध में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं। अत: यहाँ शात ऋतु होती है। एशिया के मध्य भाग में तापमान गिरने से उच्च वायुदाब क्षेत्र तथा दक्षिणी क्षेत्र में निम्न वायुदाब क्षेत्र बन जाता है। अतः हवाएँ मध्य एशिया से दक्षिण एशिया की ओर चलती हैं जो वर्षा नहीं करती हैं। जिन स्थानों पर हवाएँ समुद्र पर से होकर जाती हैं वहाँ समुद्र के तटवर्ती _ भागों में वर्षा होती है। तमिलनाडु के तट पर इसी तरह की वर्षा शीत ऋतु में होती है।

वनस्पति – महाद्वीप के उत्तरी भाग में कड़ाके की ठण्ड पड़ती है अत: यहाँ ठण्ड को सहन करने वाली वनस्पति लिचेन, झरबेरी, काई आदि पायी जाती हैं। दक्षिण भाग साइबेरिया के मैदान में फर, चीड़, स्यूस जैसे वृक्षों वाली सदाबहार वनस्पति तथा महाद्वीप के मध्य एवं दक्षिण-पश्चिम भाग में मरुस्थली वनस्पति बबूल, खजूर, नागफनी व कँटीली झाड़ियाँ पायी जाती हैं। दक्षिण-पूर्वी एशिया में सागौन, साल, बाँस, चन्दन, आम, बरगद जैसे पतझड़ वन हैं।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को एशिया के मानचित्र में दर्शाइए –

  • पामीर का पठार
  • दक्कन का पठार
  • हिमालय पर्वत
  • यूराल पर्वत
  • गंगा नदी
  • यांगटिसीक्यांग नदी
  • साइबेरिया का मैदान
  • गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान
  • इण्डोनेशिया द्वीप समूह
  • जापान द्वीप समूह।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ- 2

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 वायुदाब और पवन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) वायुदाब को मापने वाली इकाई कहलाती है –
(अ) मिलीमीटर
(ब) मिलीबार
(स) मिलीग्राम
(द) सेण्टीमीटर।
उत्तर:
(ब) मिलीबार

(2) उत्तरी भारत में गर्मियों में चलने वाली गर्म पवन कहलाती है –
(अ) जल समीर
(ब) लू
(स) थल समीर
(द) व्यापारिक पवनें।
उत्तर:
(ब) लू,

(3) यह स्थानीय पवन का एक उदाहरण है –
(अ) थल समीर
(ब) पछुवा हवा
(स) ध्रुवीय पवन
(द) मानसून।
उत्तर:
(अ) थल समीर।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) वायुदाब को ……………….. यन्त्र द्वारा ज्ञात किया जाता है।
(2) सागरीय सतह पर वायु का दाब ………. होता है।
(3) जल समीर …………से …………….की ओर चलती है।
(4) किसी स्थान विशेष पर चलने वाली पवनों को …………………. पवनें कहा जाता है।
उत्तर:
(1) वायुदाबमापी;
(2) अधिक;
(3) जल, स्थल;
(4) स्थानीय।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) वायुदाबमापी यन्त्र का क्या उपयोग है ?
उत्तर:
वायुदाबमापी यन्त्र द्वारा वायुदाब ज्ञात किया जाता है।

(2) वायुदाब को प्रभावित करने वाले दो कारकों के नाम बताइए।
उत्तर:
वायुदाब को प्रभावित करने वाले दो कारक –

  • समुद्र सतह से ऊँचाई, तथा
  • तापमान।

(3) स्थायी पवनों के प्रकार लिखिए।
उत्तर:
स्थायी पवनों के प्रकार –

  • व्यापारिक पवनें
  • पछुवा पवनें, तथा
  • ध्रुवीय पवनें।

(4) मानसून पवनों से क्या आशय है ?
उत्तर:
मानसून पवनें सामयिक पवनें हैं। किसी विशेष मौसम में चलने वाली हवाओं को मानसूनी पवनें कहते हैं। ग्रीष्म एवं शीत ऋतु के तापमान में अधिक अन्तर होने के कारण ये पवनें छ:-छ: माह बाद दिशा परिवर्तन करती रहती हैं। ये दो प्रकार की होती हैं –

  • ग्रीष्मकालीन मानसूनी पवनें-ये पवनें ग्रीष्म ऋतु में समुद्र से स्थल की ओर चलती हैं।
  • शीतकालीन मानसूनी पवनें-ये पवनें शीत ऋतु में स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं।

(5) फैरल का नियम क्या है ?
उत्तर:
फैरल के अनुसार, “पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण हवाएँ एवं सागरीय जलधाराएँ उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपनी बाईं ओर मुड़ जाती हैं।”

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) पवन किसे कहते हैं ? वायु और पवन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जब वायु धरातल पर क्षैतिजीय दिशा में चलती है तो वह पवन कहलाती है।
वायु और पवन में अन्तर:
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

(2) वायुदाब किसे कहते हैं? वायुदाब की पेटियों का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
पृथ्वी की सतह पर वायुमण्डल अपने भार के कारण जो दबाव डालता है, उसे वायुदाब कहते हैं। चित्र के लिए इस पाठ के प्रश्न 4 के भाग (3) का उत्तर देखें।

(3) वायुदाब की पेटियों का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पृथ्वी पर वायुदाब का वितरण समान नहीं है। पृथ्वी पर वायुदाब दो प्रकार से व्यक्त होता है –
(1) उच्च वायुदाब
(2)निम्न वायुदाब। गर्म वायु में दाब कम तथा ठण्डी वायु में दाब अधिक होता है।
धरातल पर वायुदाब की चार पेटियाँ हैं –
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

  • भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब की पेटी – 0° से 10° अक्षांश तक उत्तरी व दक्षिणी गोलार्डों में।
  • उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ – 30° से 350 अक्षांशों के मध्य दोनों गोलार्डों में।
  • उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ – 600 से 650 अक्षांशों के मध्य दोनों गोलार्डों में।
  • ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटियाँ – 850 से 900 अक्षांशों के मध्य दोनों गोलार्डों में।

(4) चक्रवात और प्रतिचक्रवात क्या हैं ? सचित्र समझाइए।
उत्तर:
चक्रवात – जब कोई क्षेत्र कम वायुदाब का केन्द्र बन जाता है, तो उसके चारों ओर अधिक दबाव वाले क्षेत्रों से हवाएँ केन्द्र की ओर चलने लगती हैं, जिसे चक्रवात कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

प्रतिचक्रवात – चक्रवात के विपरीत इसमें केन्द्र में अधिक। वायुदाब हो जाता है तथा चारों ओर के बाहरी क्षेत्रों में कम दाब। होने से, हवाएँ केन्द्र से बाहर की ओर चलती हैं जिसे प्रति चक्रवात। कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

(5) जल समीर एवं थल समीर का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल समीर – दिन के समय स्थल भाग जल की ! अपेक्षा शीघ्र गर्म हो जाता है, जिससे वहाँ पर निम्न वायुदाब और सागरीय भाग पर उच्च वायुदाब निर्मित हो जाता है। अत: जल से। स्थल की ओर पवनें चलने लगती हैं, इन्हें जल समीर कहते हैं।

थल समीर – थल की अपेक्षा जल देर से गर्म और देर से । ठण्डा होता है। अतः रात्रि में स्थल भाग ठण्डा और जल भाग गर्म । रहता है। थल भाग पर उच्च वायुदाब तथा सागरीय भाग पर निम्न वायुदाब के कारण पवनें थल भाग से जल भाग की ओर चलती हैं, जिन्हें थल समीर कहते हैं।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 9 तापमान

MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 तापमान

MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) निम्न में से किस ऊँचाई पर ताप एक अंश कम होता –
(अ) 651 मीटर
(ब) 156 मीटर
(स) 165 मीटर
(द) 561 मीटर।
उत्तर:
(1) (स) 165 मीटर,
(2) वायु के गर्म होकर ऊपर उठने की क्रिया कहलाती है –
(अ) संचलन क्रिया
(ब) विकिरण क्रिया
(स) संवहन क्रिया
(द) परावर्तन क्रिया।
उत्तर:
(2) (स) संवहन क्रिया।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) सूर्य द्वारा ताप के विसर्जन को ………….. कहते हैं।
(2) पृथ्वी द्वारा पुनः विसर्जित ताप को ……………. कहते हैं।
(3) अधिकतम और निम्नतम ताप के बीच के अन्तर को …………. कहा जाता है।
उत्तर:
(1) सौर विकिरण
(2) पार्थिव विकिरण
(3) तापान्तर।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) तापमान किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वायुमण्डल में उपस्थित ताप की मात्रा के मापन को तापमान कहते हैं।

(2) वायु गर्म होने की तीन क्रियाएँ कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर:
वायु गर्म होने की तीन क्रियाएँ संचलन, संवहन और विकिरण हैं।

(3) सौर विकिरण और पार्थिव विकिरण में क्या अन्तर
उत्तर:
सौर विकिरण में ताप का विसर्जन सूर्य द्वारा होता है जबकि पार्थिव विकिरण में सूर्य द्वारा पृथ्वी पर आए ताप को पृथ्वी द्वारा पुनः विसर्जित किया जाता है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) ताप को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ताप को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं –
(i) सूर्य की किरणों का झुकाव – सूर्य से आने वाली किरणें प्रायः समान्तर होती हैं किन्तु पृथ्वी की गोलाई के कारण उसके विभिन्न भागों में अलग-अलग कोणों से पहुँच कर प्रभाव डालती। हैं। भूमध्य रेखा पर सीधी और ध्रुवों पर तिरछी किरणें पड़ती हैं। लम्बवत् किरणें कम क्षेत्रों पर पड़ती हैं, अत: इनके द्वारा अधिक ताप मिलता है। तिरछी किरणें अधिक क्षेत्र में फैलती हैं जिससे ताप का प्रभाव फैलकर कम हो जाता है।

(ii) वायुमण्डल में किरणों द्वारा तय की गई दूरी-तिरछी किरणों को लम्बवत् किरणों की अपेक्षा वायुमण्डल में अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। अधिक दूरी तय करने से उनका बिखराव, परावर्तन, अवशोषण आदि अधिक होगा जिससे ताप की तीव्रता कम हो जाएगी।

(iii) समुद्र सतह से ऊँचाई-समुद्र तल से जैसे-जैसे ऊँचाई पर जाते हैं, तापमान में कमी आती जाती है। सामान्यतः प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 10 सेल्सियस ताप कम हो जाता है।

(iv) दिन की अवधि-दिन की अवधि जितनी लम्बी होगी सूर्य से प्राप्त ताप की मात्रा उतनी ही अधिक होगी। ग्रीष्म ऋतु में दिन की अवधि बढ़ जाने से ताप अधिक प्राप्त होता है।

(2) साधारण तापमापी का नामांकित रेखाचित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
तापमान मापने के लिए तापमापी अथवा थर्मामीटर का प्रयोग किया जाता है। यह काँच की मोटी दीवार वाली केशिकानली का बना होता है। इसका निचला सिरा घुण्डीनुमा होता है। इसका आविष्कार सेल्सियस नामक वैज्ञानिक ने किया था। यह तापमापी 0° से 100° सेल्सियस तक 100 समान भागों में बँटा रहता है। इसमें जल के हिमांक के लिए 0°C तथा क्वथनांक के लिए 100°C लिखा जाता है।
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 9 तापमान
तापमापी

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(1) पृथ्वी अपनी धुरी पर ……………….. घण्टे में एक बार घूमती है।
(2) पृथ्वी सूर्य की एक परिक्रमा …………….. दिन में करती है।
(3) दिन व रात का होना पृथ्वी की ……… का परिणाम है।
(4) पृथ्वी को ………….. से ताप प्राप्त होता है।
(5) अक्षतल से पृथ्वी का अक्ष ……………. अंश झुका है।
उत्तर:
(1) 24
(2) 3654
(3) घूर्णन
(4) सूर्य
(5) 662.

प्रश्न 2.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए –
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-1
उत्तर:
(1) (b) विषुवत रेखा
(2) (c) कर्क रेखा
(3) (a) मकर रेखा

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) घूर्णन गति से क्या आशय है ?
उत्तर:
पृथ्वी अपनी अक्ष पर घूमते हुए 24 घण्टे में एक चक्कर पूर्ण कर लेती है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन गति कहते हैं। पृथ्वी पर दिन-रात इसी गति के कारण होते हैं।

(2) पृथ्वी की परिक्रमण गति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए एक अण्डाकार मार्ग पर सूर्य के चारों ओर 3651 दिन में एक चक्कर लगा लेती है। पृथ्वी की इस गति को परिक्रमण गति कहते हैं। इस गति के कारण ऋतु परिवर्तन होते हैं।

(3) ऋतु परिवर्तन पृथ्वी की किस गति का परिणाम है ?
उत्तर:
ऋतु परिवर्तन पृथ्वी की परिक्रमण गति का परिणाम है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) पृथ्वी की गतियों को सचित्र समझाइए।
उत्तर:
पृथ्वी अन्तरिक्ष में अपने अक्ष पर घूमने के साथ – साथ अण्डाकार मार्ग पर सूर्य की परिक्रमा करती है। इस प्रकार पृथ्वी की दो गतियाँ होती हैं –

  • घूर्णन अथवा दैनिक गति
  • परिक्रमण अथवा वार्षिक गति।

(i) घूर्णन गति – पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए 24 घण्टे में एक चक्कर पूर्ण कर लेती है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन गति कहते हैं

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-2
                   पृथ्वी की घूर्णन गति

(ii) परिक्रमण गति – पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए एक अण्डाकार मार्ग पर सूर्य के चारों ओर 365 दिन में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। पृथ्वी की इस गति को परिक्रमण गति कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-3
          परिक्रमण गति

(2) पृथ्वी पर दिन-रात किस प्रकार होते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 1 झुकी हुई निरन्तर घूमती रहती है तथा एक पूर्ण चक्कर 24 घण्टे में पूरा कर लेती है। यह पृथ्वी की दैनिक गति अथवा घूर्णन गति कहलाती है। पृथ्वी की इस गति के कारण ही पृथ्वी पर दिन-रात होते हैं। पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन करने के साथ-साथ सूर्य का परिक्रमण भी करती है। पृथ्वी की इन गतियों में पृथ्वी का जो भाग सूर्य के सामने पड़ जाता है वहाँ दिन तथा जो भाग पीछे छाया में रहता है, वहाँ रात होती है।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-4
पृथ्वी पर रात और दिन

(3) पृथ्वी के ऋतु परिवर्तन का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
ऋतु परिवर्तन
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-5
                            ऋतु परिवर्तन

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