MP Board Class 7th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

MP Board Class 7th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) गुलाम वंश का संस्थापक था
(अ) मोहम्मद गौरी
(ब) इल्तुतमिश
(स) कुतुबुद्दीन ऐबक
(द) अलाउद्दीन खिलजी।
उत्तर:
(स) कुतुबुद्दीन ऐबक

(2) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है ?
(अ) प्रधानमन्त्री
(ब) राष्ट्रपति
(स) राज्यपाल
(द) मुख्यमन्त्री।
उत्तर:
(ब) राष्ट्रपति

(3) पानीपत का प्रथम युद्ध हुआ था –
(अ) 1526 ई. में
(ब) 1556 ई. में
(स) 1529 ई. में
(द) 1527 ई. में।
उत्तर:
(अ) 1526 ई. में

(4) हमारी पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर थलमण्डल –
(अ) 71%
(ब) 72%
(स) 28%
(द) 29%
उत्तर:
(द) 29%

(5) दीर्घ ज्वार आता है –
(अ) पंचमी को
(ब) पूर्णिमा को
(स) अष्टमी को
(द) चतुर्थी को।
उत्तर:
(ब) पूर्णिमा को।

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) खिलजी वंश का संस्थापक …………. था।
(2) गुरुनानक देव का जन्म …………… गाँव में हुआ था।
(3) भारत के उपराष्ट्रपति का कार्यकाल ………….. वर्ष का होता है।
(4) वर्षा मापने वाले यन्त्र को ………… कहते हैं।
(5) भारत में ऋतुओं की संख्या …………..’ हैं।
उत्तर:
(1) जलालुद्दीन खिलजी
(2) तलवण्डी
(3) 5
(4) वर्षा मापक
(5) तीन।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2
उत्तर:
(1) (b) ताँबे की मुद्रा का प्रचलन
(2) (c) पहेलियाँ-मुकरियाँ
(3) (a) इक्ता प्रणाली तुगलक
(4) (e) चतुर, वाकपटु, सलाहकार
(5) (d) लहरें

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –
(1) अलाउद्दीन खिलजी की बाजार नियन्त्रण व्यवस्था को समझाइए।
उत्तर:
धन की पूर्ति हेतु उसने बाजार नियन्त्रण नीति को लागू किया था। उसने वस्तुओं की कीमतें निश्चित कर दी। व्यापारियों पर नियन्त्रण रखने के लिए उसने कुशल तथा ईमानदार कर्मचारियों की नियुक्ति की। दुकानदारों द्वारा बाजार के नियमों का पालन न करने पर उन्हें कठोर दण्ड दिया जाता था। बाजार भावों पर गुप्तचरों द्वारा निगरानी रखी जाती थी। अकाल पड़ने पर सरकारी गोदामों से खाद्यान्नों की पूर्ति की जाती थी।

(2) ज्वार – भाटे से कौन-कौन से लाभ हैं, लिखिए।
उत्तर:
ज्वार-भाटे से निम्नलिखित लाभ हैं –

  •  ज्वारीय शक्ति से जल विद्युत उत्पन्न की जा सकती है।
  • अनेक प्रकार की सीमें, शंख, मोती आदि वस्तुएँ किनारों पर आ जाती हैं।
  • नदियों के मुहानों की गंदगी साफ हो जाती है तथा नौकायन में सहायता मिलती है।
  • ज्वार के समय उथले बन्दरगाहों की गहराई बढ़ जाती है, जिससे बड़े-बड़े जलयान बन्दरगाह तक पहुँच जाते हैं और भाटे के साथ लौट आते हैं। इससे व्यापारिक माल ढोने में सहायता मिलती है।

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(3) अध्यादेश से क्या आशय है ?
उत्तर:
जब विधानसभा की बैठकें नहीं चल रही हों और किसी कानून की तुरन्त आवश्यकता हो तो राज्यपाल द्वारा जारी आदेश अध्यादेश कहलाता है। अध्यादेश कानून के ही समान होते हैं।

(4) शाहजहाँ के शासनकाल में स्थापत्य कला की प्रगति को लिखिए।
उत्तर:
शाहजहाँ ने अपने शासन काल में दिल्ली का लाल किला, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, जामा मस्जिद, ताजमहल आदि का निर्माण कराया। उसकी शान-शौकत और ऐश्वर्य का प्रतीक मयूर सिंहासन भी है जिसमें विख्यात कोहिनूर हीरा भी जड़ा हुआ था।

(5) चक्रवातीय वर्षा पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
चक्रवातीय वर्षा – गर्म और ठण्डी हवाओं के मिलने पर गर्म हवाएँ ऊपर की ओर उठती हैं और ठण्डी हवाएँ तेजी से कम दबाव की ओर आती हैं। पृथ्वी की गति के कारण ये हवाएँ चक्र की भाँति घूमने लगती हैं जिन्हें चक्रवात कहते हैं। चक्रवात के मध्य की हवाएँ ठण्डी होने पर वर्षा करती हैं। इसे चक्रवाती वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-3

(6) अकबर की मनसबदारी व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
अकबर की मनसबदारी व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  • गुप्तचर व डाक व्यवस्था में सुधार करना।
  • प्रशासनिक तन्त्र को सैन्य स्तर पर संगठित करना।
  • सरकारी सेवारत अधिकारियों को सैन्य पद (मनसबदार) पर नियुक्त करना।
  • मनसबदारों को नकद वेतन देना तथा सेना के रख-रखाव के लिए भूमि (जागीर) देना।

(7) भक्ति आन्दोलन का जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:

  • भक्ति आन्दोलन ने धर्म व समाज में व्याप्त आडम्बर और कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया।
  • समाज में हिन्दू व मुसलमानों के भेद व अलगाव को दूर कर दोनों को निकट लाने का प्रयास किया।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए
(1) समुद्री धाराओं का मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है ? लिखिए।
उत्तर:
जल धाराओं के उत्पन्न होने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

  1. स्थायी पवनों का प्रभाव-स्थायी पवनों के प्रभाव से जलधाराएँ उत्पन्न होकर इन हवाओं की दिशा की ओर बहने लगती हैं।
  2. तापमान में भिन्नता का प्रभाव-विषुवत रेखा के आस-पास तापमान अधिक रहने के कारण समुद्री जल गर्मी पाकर फैलता है और जलधाराएँ ध्रुवों की ओर बढ़ने लगती हैं।विषुवत रेखा के समीप खाली स्थान को भरने के लिए ध्रुवों की ओर से ठण्डी जलधाराएँ विषुवत रेखा की ओर बहने लगती हैं। इस प्रकार तापमान की भिन्नता जलधाराओं को उत्पन्न करती हैं।
  3. पृथ्वी की दैनिक परिभ्रमण गति का प्रभाव-पृथ्वी। अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर 24 घण्टे में घूर्णन गति द्वारा एक चक्कर पूरा करती है जिससे जलधाराएँ उत्तरी गोलार्द्ध में। अपने दायीं ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायीं ओर मुड़ जाती हैं।
  4. स्थल भू-भाग का प्रभाव-बहती हुई धारा के सामने जब कोई विशाल स्थल भाग आ जाता है, तो वह अपनी दिशा। स्थल के अनुरूप बदल लेती हैं।
  5. समुद्र की लवणता का प्रभाव-कुछ धाराएँ जल के घनत्व में अन्तर होने से भी उत्पन्न होती हैं। जलधाराओं का मानव जीवन पर प्रभाव – इन धाराओं का जलवायु, आवागमन, वर्षा और मत्स्य उद्योग पर प्रभाव पड़ता है –
    • गर्म जलधाराएँ अपने तटवर्ती स्थानों का तापमान बढ़ा देती हैं तथा ठण्डी धाराएँ निकटवर्ती क्षेत्रों का सामान्य तापमान कम कर देती हैं।
    • समुद्रों में जहाँ गर्म और ठण्डी धाराएँ मिलती हैं, तो वहाँ घना कोहरा उत्पन्न हो जाता है।
    • गर्म जलधारा के कारण ऊँचे अक्षांशों में स्थित बन्दरगाह वर्षभर खुले रहते हैं। गर्म धाराओं के ऊपर बहने वाली हवाएँ गर्म होकर
      आर्द्रता ग्रहण कर लेती हैं और निकटवर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा । कर देती हैं।

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(2) शेरशाह के शासन प्रबन्ध का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शेरशाह की शासन व्यवस्था –

  • केन्द्रीय शासन-केन्द्रीय शासन का सबसे बड़ा अधिकारी स्वयं सम्राट था। उसकी सहायता के लिए अनेक अधिकारी व कर्मचारी होते थे। वह एक उदार शासक था। उसकी दण्ड व्यवस्था कठोर थी। हिन्दुओं के साथ उसका व्यवहार अच्छा था।
  • जिले का शासन – शासन की सुविधा के लिए शेरशाह ने अपने समस्त साम्राज्य को अनेक सरकारों (जिलों) में विभाजित किया, जिन्हें पुनः परगनों में विभाजित किया गया। सरकारों और परगनों के अधिकारियों को समय-समय पर स्थानान्तरित किया जाता था।
  •  सैनिक प्रशासन – शेरशाह ने एक विशाल एवं शक्तिशाली सेना का संगठन किया जिसमें पैदल सिपाही, घुड़सवार, तोपखाना व हाथी चार विभाग थे। सैनिकों को नकद वेतन दिया जाता था तथा उनका हुलिया एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता था। घोड़ों को दागने की प्रथा प्रचलित थी।
  • भूमि प्रबन्ध – शेरशाह ने भूमि की नाप कराकर उसे उपज के अनुसार बाँट दिया गया था। किसानों से उपज का चौथाई भाग लगान के रूप में वसूल किया जाता था।
  • न्यायव्यवस्था – सम्राट न्याय विभाग का सर्वोच्च अधिकारी था। वह न्याय में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करता था। साम्राज्य के विभिन्न भागों में काजियों की नियुक्ति की गई।
  • जनता की भलाई के कार्य-शिक्षा के क्षेत्र में उसने मदरसों का निर्माण कराया। उसने यात्रियों की सुविधा के लिए कुँओं और सरायों की व्यवस्था की। अनेक सड़कें बनवाईं तथा उनके किनारे छायादार वृक्ष लगवाए। आज की ग्राण्ड ट्रंक रोड (शेरशाह सूरी मार्ग) उसी की देन है।

(3) विधानसभा के गठन की प्रक्रिया को समझाइए।
उत्तर:
वित्तीय कार्य:
विधानसभा राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर नियंत्रण रखती है। प्रतिवर्ष विधान सभा में वित्तमन्त्री द्वारा राज्य का आय-व्यय विधेयक (बजट) प्रस्तुत होता है। विधानसभा द्वारा बजट पारित होने पर इसे राज्यपाल के हस्ताक्षर हेतु भेजा जाता है। राज्यपाल के हस्ताक्षर होने के बाद सभी वित्तीय कार्य संचालित होते हैं। इसके अतिरिक्त विधान सभा कार्य विभिन्न माध्यमों से जनहित के कार्यों, सरकारी योजनाओं, विभागीय कार्यवाहियों आदि के सम्बन्ध में जानकारियाँ प्राप्त करना है।

विधानसभा की शक्तियाँ:
विधान सभा सरकारी विभागों द्वारा किए गए कार्यों पर नियन्त्रण रखती है। यह कार्य विधानसभा सदस्य विभिन्न प्रस्तावों के माध्यमों से करते हैं। ऐसे प्रस्ताव काम रोको प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण, प्रश्न पूछना, बजट में कटौती प्रस्ताव आदि हैं। गम्भीर स्थिति उत्पन्न होने पर सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया जा सकता है।

(4) महासागरों से कौन-कौन से लाभ हैं ? लिखिए।
उत्तर:
महासागरों से निम्नलिखित लाभ हैं –

  • भूमि पर वर्षा – भूमि पर समस्त वर्षा समुद्र के पानी के वाष्पन से उत्पन्न भाप से होती है, जो वनस्पति, जीव-जन्तु एवं मानव जीवन के लिए उपयोगी है।
  • तापमान का सन्तुलन – महासागर धरातल पर तापमान का सन्तुलन बनाने में उपयोगी हैं।
  • आवागमन के साधन – महासागर विभिन्न महाद्वीपों को जोड़ते हैं जो अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में सहायक हैं।
  • अन्य – इसके अतिरिक्त महासागर खनिजों के भण्डार, सुरक्षा के उत्तम साधन, मछलियों के भण्डार एवं प्राकृतिक सौन्दर्य से भी परिपूर्ण हैं।

(5) सल्तनतकालीन वास्तुकला की प्रमुख विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर:
सल्तनतकालीन वास्तुकला की प्रमुख विशेषताएँ निम्न हैं –

  • नुकीले मेहराब और गुम्बद तथा ऊँची सँकरी मीनारें इस काल की वास्तुकला की महत्वपूर्ण विशेषता थी।
  • इस काल के अनेक शासकों ने उल्लेखनीय निर्माण कार्य करवाए। दिल्ली की कुतुबमीनार, फिरोजशाह का दुर्ग, अलाई दरवाजा, लाल महल, तुगलकाबाद का किला, लोदी सुल्तानों के रंग-बिरंगे खपरैलों की डिजाइनों से सजे मकबरे आदि का निर्माण कराया।
  • दक्षिण के शासकों ने किले के अन्दर शानदार – इमारतें बनवायीं। दौलताबाद एवं गोलकुण्डा के किले इनमें प्रमु ख हैं।
  • सुदूर दक्षिण में विजयनगर के शासकों द्वारा मन्दिरों का निर्माण व जीर्णोद्धार कराया गया। इनके द्वारा

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MP Board Class 7th Social Science आदर्श प्रश्न-पत्र

MP Board Class 7th Social Science Solutions आदर्श प्रश्न-पत्र

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
1. इब्नबतूता किसके शासनकाल में आया था?
(अ) मोहम्मद बिन तुगलक
(ब) रजिया
(स) अलाउद्दीन खिलजी
(द) इब्राहिम लोदी।
उत्तर:
(अ) मोहम्मद बिन तुगलक

2. मुगलकाल में लोगों का प्रमुख व्यवसाय था –
(अ) कृषि
(ब) काष्ठ उद्योग
(स) विदेशी व्यापार
(द) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(अ) कृषि

3. मध्य प्रदेश में मानव संग्रहालय स्थित है –
(अ) इन्दौर
(ब) जबलपुर
(स) भोपाल
(द) उज्जैन।
उत्तर:
(स) भोपाल

4. वायुदाब को मापने वाली इकाई कहलाती है –
(अ) मिलीमीटर
(ब) मिलीबार
(स) मिलीग्राम
(द) सेण्टीमीटर।
उत्तर:
(ब) मिलीबार।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए –
(अ)                                                   (ब)
(1) नुकीली पत्ती वाले वन          (a) गोमतेश्वर की जैन मूर्ति
(2) श्रवणबेलगोला                    (b) राष्ट्रपति
(3) सहारा                               (c) टैगा
(4) क्षमादान का अधिकार          (d) मरुस्थल
उत्तर:
(1) (c) टैगा
(2) (a) गोमतेश्वर की जैन मूर्ति
(3) (d) मरुस्थल
(4) (b) राष्ट्रपति

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) समुद्र तली के ………….. में मछलियाँ सर्वाधिक पाई जाती हैं।
(2) मध्य प्रदेश की विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या …………. है।
(3) बाबर द्वारा लिखी आत्मकथा का नाम …………. है।
उत्तर:
(1) महाद्वीपीय निमग्न तट
(2) 230
(3) तुजुकए-बाबरी (बाबरनामा)

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निर्देश : निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर लगभग 10-20 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक के लिए 3-3 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न 4.
मध्यकालीन इतिहास के साहित्यिक स्त्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मध्यकाल के साहित्यिक स्रोत ताड़पत्रों और भोज पत्रों पर लिखा विवरण था।

प्रश्न 5.
भारतीय संविधान सभा के किन्हीं तीन सदस्यों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भारतीय संविधान सभा के तीन सदस्य डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पं. जवाहरलाल नेहरू एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल थे।

प्रश्न 6.
पृथ्वी की कौन-कौन सी गतियाँ हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी अन्तरिक्ष में अपने अक्ष पर घूमने के साथ – साथ अण्डाकार मार्ग पर सूर्य की परिक्रमा करती है। इस प्रकार पृथ्वी की दो गतियाँ होती हैं-

  • घूर्णन अथवा दैनिक गति
  • परिक्रमण अथवा वार्षिक गति।

घूर्णन गति:
पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए 24 घण्टे में एक चक्कर पूर्ण कर लेती है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन गति कहते हैं –

MP Board Class 7th Social Science आदर्श प्रश्न-पत्र - 1
पृथ्वी की घूर्णन गति

निर्देश : निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30-40 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक के लिए 5-5 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न 7.
चोलकालीन स्थापत्य कला के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
चोलकालीन स्थापत्य कला के उदाहरण:

  • राजराजेश्वर मन्दिर के अहाते में ‘गोपुरम’ नामक विशाल प्रवेश द्वार का निर्माण कराना।
  • तंजौर में राजराजेश्वर मन्दिर तथा गंगेकोंड चोलपुरम में अनेक भव्य मन्दिरों का निर्माण कराना।

प्रश्न 8.
अकबर की धार्मिक नीति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मुगल सम्राट इस्लाम धर्म के कट्टर अनुयायी थे। विभिन्न धर्मों के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर उसने दीन-ए-इलाही नामक पंथ चलाया। औरंगजेब ने जजिया तथा तीर्थयात्रा कर लगाए। हिन्दुओं में वैष्णव, शैव मत अधिक प्रचलित थे। जैन धर्म का समाज में अधिक महत्व था। जैन और हिन्दुओं में तीर्थयात्रा का प्रचलन था। बौद्ध धर्म का लगभग ह्रास हो चुका था।

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प्रश्न 9.
प्रमुख बाल अधिकारों को लिखिए।
उत्तर:
मनुष्यों को निम्नलिखित मानव अधिकार प्राप्त हैं –

  • जीवन की स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • समानता का अधिकार।
  • सम्पत्ति का अधिकार।
  • देश के शासन में भाग लेने तथा सरकारी सेवाओं में चयन हेतु समानता का अधिकार।
  • अपराध प्रमाणित न होने तक निर्दोष समझे जाने का अधिकार।
  • बिना किसी जाँच के बन्दी बनाए जाने, नजरबन्द करने, देश से निकालने से स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका द्वारा सुनवाई का अधिकार।
  • मत व अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • शान्तिपूर्वक सभा आयोजित करने का अधिकार।
  • दासता, विवेक और धर्म की स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • उत्पीड़न अथवा क्रूर अमानुषिक या अपमानजनक व्यवहार या दण्ड से स्वतन्त्रता का अधिकार।।
  • उचित व अनुकूल व्यवस्थाओं के अन्तर्गत काम करने का अधिकार।
  • समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार।
  • अवकाश व विश्राम का अधिकार।
  • शिक्षा का अधिकार व समाज के सांस्कृतिक जीवन में भाग लेने का अधिकार।

इन अधिकारों की भावनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक व सामाजिक परिषद् कार्य करती है।

प्रश्न 10.
मौसम और जलवायु में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मौसम और जलवायु में अन्तर –
MP Board Class 7th Social Science आदर्श प्रश्न-पत्र - 2
प्रश्न 11.
मिश्रित खेती किसे कहते हैं ?
उत्तर:
खेती का वह प्रणाली जिसमें विभिन्न फसलों के साथ-साथ पशुपालन भी किया जाता है, मिश्रित खेती कहलाती है।

प्रश्न 12.
विधान सभा सदस्य बनने के लिए निर्धारित अर्हताओं को लिखिए।
उत्तर:
विधानसभा सदस्य बनने के लिए निर्धारित अर्हताएँ निम्नलिखित हैं –

  • वह भारत का नागरिक हो।
  • वह 25 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
  • वह दिवालिया अथवा पागल न हो।
  • वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन लाभ के पद पर न हो।

निर्देश : निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर लगभग 80-100 शब्दों में लिखिए। प्रत्येक के लिए 10-10 अंक निर्धारित हैं।
प्रश्न 13.
शिवाजी में उच्चकोटि की प्रशासनिक क्षमताएँ थीं।’ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शिवाजी के शासन प्रबन्ध का मुख्य उद्देश्य प्रजा की सुख-समृद्धि तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए श्रेष्ठ सेना का गठन करना था। शिवाजी राज्य के सर्वेसर्वा थे। असीम निरंकुश शक्तियों के होते हुए भी शिवाजी ने उनका उपयोग जन-कल्याण के कार्यों के लिए किया। वे वीर सेनानायक, कूटनीतिज्ञ व उत्तम शासक थे। धार्मिक सहिष्णुता, उच्चकोटि का चरित्र, न्यायप्रियता और कुशल प्रशासन के कारण, वे महान शासक के रूप में प्रसिद्ध हुए। उच्चकोटि की प्रशासनिक क्षमता के कारण शिवाजी ने अपना शासन सुचारु रूप से चलाया। अतः हम कह सकते हैं कि शिवाजी में उच्चकोटि की प्रशासनिक क्षमता थी।

अथवा
सल्तनतकालीन भाषा, साहित्य एवं विज्ञान का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भाषा एवं साहित्य –

  • प्राथमिक शिक्षा केन्द्र मन्दिर व मस्जिद होते थे। कुछ स्थानों पर प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना की गई।
  • उच्च शिक्षा के लिए टोल (महाविद्यालय) व मदरसों की व्यवस्था थी।
  • केन्द्रीय स्तर पर फारसी भाषा का प्रयोग होता था।
  • हिन्दी और फारसी के सम्मिश्रण से ‘उर्दू भाषा का जन्म हुआ।
  • उर्दू भाषा के शब्दकोष में फारसी व हिन्दी भाषाओं के शब्दों का प्रयोग किया।
  • इस काल में क्षेत्रीय भाषाओं का विकास हुआ, जिनमें उत्तम साहित्य की रचना हुई।
  • कुछ हिन्दू राज्यों (विजयनगर आदि) के राज दरबार में संस्कृत भाषा का प्रयोग किया जाता था। संस्कृत ग्रन्थों के अनुवाद भारतीय
  • भाषाओं के साथ-साथ अरबी व फारसी में भी किए गए।
  • कागज के प्रचलन से अनेक प्राचीन ग्रन्थों का पुनः लेखन हुआ।

प्रश्न 14.
भारत के राष्ट्रपति को प्राप्त शक्तियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रपति को निम्नलिखित शक्तियाँ प्राप्त हैं –

  • राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री की नियुक्ति करते हैं तथा प्रधानमन्त्री के सुझाव पर अन्य मन्त्रियों की भी नियुक्ति करते हैं।
  • राष्ट्रपति राज्यों के राज्यपाल, सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं।
  • राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है।
  • राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने का अधिकार है। ऐसे अध्यादेशों को कानून के ही समान मान्यता प्राप्त है।
  • राष्ट्रपति को क्षमादान का अधिकार प्राप्त है। न्यायालय द्वारा दिए गए किसी व्यक्ति के मृत्युदण्ड को राष्ट्रपति चाहे तो माफ कर सकते हैं या सजा को आजीवन कारावास में बदल सकते हैं।

अथवा

भारत के नागरिकों को प्राप्त स्वतन्त्रताओं को लिखिए।
उत्तर:
स्वतन्त्रता के अधिकार के अन्तर्गत हमें निम्न स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं –

  • विचार व्यक्त करने की स्वतन्त्रता – भारत के सभी नागरिकों को विचार व्यक्त करने, भाषण देने, अपने तथा दूसरे व्यक्तियों के विचारों को जानने और प्रचार करने, समाचार-पत्र में लेख आदि लिखने की स्वतन्त्रता है।
  • सम्मेलन करने की स्वतन्त्रता – हमें अपने विचारों को समझाने के लिए सभा करने तथा जुलूस निकालने की स्वतन्त्रता है। लेकिन जुलूस शान्तिपूर्ण होना चाहिए। वे सभी व्यक्ति जो किसी बात पर एक समान विचार रखते हों, अपने अधिकारों के लिए इकट्ठे होकर संगठन बना सकते हैं।
  • भ्रमण की स्वतन्त्रता – भारत के सभी नागरिकों को बिना किसी विशेष अधिकार पत्र के देश में कहीं भी आने-जाने की स्वतन्त्रता है।
    निवास एवं बसने की स्वतन्त्रता – भारत के सभी नागरिकों को अपनी इच्छानुसार अस्थायी या स्थायी रूप से भारत के किसी भी स्थान पर बसने एवं निवास करने की स्वतन्त्रता एवं अधिकार है।
  • व्यापार एवं व्यवसाय की स्वतन्त्रता – प्रत्येक नागरिक को कानूनी सीमा में रहकर अपनी इच्छानुसार कार्य तथा व्यवसाय करने की स्वतन्त्रता है।
  • जीवन तथा व्यक्तिगत स्वतन्त्रता-समस्त अधिकारों का महत्व केवल तब तक है जब तक कि व्यक्ति सुरक्षित एवं जीवित है। संविधान के अनुसार व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं नहीं ले जाया जा सकता है। संविधान जीवन व सुरक्षा का अधिकार प्रदान करता है।

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प्रश्न 15.
अफ्रीका महाद्वीप के धरातलीय स्वरूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप का अधिकांश भाग पठारी होने के कारण इसे पठारों का महाद्वीप कहा जाता है। उत्तर-पश्चिम में पठार । कुछ नीचा तथा दक्षिण-पूर्व में ऊँचा है। यह महाद्वीप प्राचीन कठोर। शैलों से बना है। इसके तटीय भागों में सँकरे मैदान मिलते हैं। पूर्वी भाग में भूमध्य रेखा के समीप वर्ष भर बर्फ से ढका रहने वाला ज्वालामुखी पर्वत किलिमंजारो है। उत्तर-पश्चिम की ओर लम्बी एटलस पर्वत श्रृंखला है जो नवीन वलित पर्वत है। दक्षिण – पूर्व में ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत श्रृंखला है।

सहारा मरुभूमि में होगर पर्वत व तिबेस्ती पठार हैं। पश्चिम में कांगो और नाइजर नदी के बीच अदामावा का पठार है। इसका सबसे ऊंचा शिखर केमरून है। उत्तरी-पूर्वी भाग में अबीसीनिया का पठार है। यहाँ की भ्रंश घाटी अफ्रीका के पूर्व में न्यास झील से तुरकाना झील होती हुई लाल सागर और जॉर्डन घाटी तक फैली है। इस घाटी में विक्टोरिया, न्यास, अलबर्ट, टैगानिका झीलें हैं। अफ्रीका के उत्तरी मैदानी भाग में सहारा तथा दक्षिणी भाग में कालाहारी मरुस्थल हैं।

अथवा

यूरोप की जलवायु तथा वनस्पति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यूरोप की जलवायु – यूरोप शीतोष्ण जलवायु वाला महाद्वीप है। इसका अधिकांश भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में है। यहाँ की जलवायु पर समुद्र की समीपता, पर्वतों, पठारों, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह तथा पछुआ हवाओं का गहरा प्रभाव पड़ता है। साल भर चलने वाली पछुआ हवाओं और समुद्री धाराओं के प्रभाव से पश्चिम में पर्याप्त वर्षा होती है। पश्चिम से पूर्व की ओर जाने वाली वर्षा कम होती जाती है तथा ठण्ड बढ़ती जाती है। इस प्रकार की जलवायु महाद्वीपीय जलवायु कहलाती है।

यहाँ गर्मियों में अधिक गर्मी तथा जाड़ों में अधिक ठण्ड पड़ती है। पर्वतीय भागों में वर्षा 100 से 200 सेमी तक होती है। दक्षिणी यूरोप भूमध्यसागरीय जलवायु वाला क्षेत्र है। यहाँ गर्मी प्रायः सूखी निकल जाती है तथा जाड़ों में वर्षा होती है। यूरोप का उत्तरी भाग आर्कटिक वृत्त में आ जाने से यहाँ ठण्ड अधिक पड़ती है और वर्षा बहुत कम होती है। रूस और नार्वे के उत्तरी भाग में तेज ठण्डी हवाओं के कारण लगभग साल भर बर्फ जमी रहती है। इसे टुण्ड्रा की जलवायु कहते हैं।

वनस्पति – यूरोप के लगभग एक चौथाई भाग में वन हैं –

  • टुण्ड्रा के वन – महाद्वीप के सबसे उत्तरी भाग में नार्वे देश के उत्तर में टुण्ड्रा प्रदेश है। यहाँ साल भर बर्फ जमे रहने के कारण वनों का अभाव है। गर्मियों में बर्फ पिघलने पर लिचेन, काई तथा मॉस नामक छोटी झाडियाँ उग आती हैं।
  • टैगा के वन – टुण्ड्रा के दक्षिण में कोणधारी पेड़ों के वन पाए जाते हैं, जिन्हें टैगा कहते हैं। यहाँ के पेड़ों की आकृति कोण के समान तथा पत्तियाँ नुकीली होती हैं। मुख्य वृक्ष फर,। पाइन, स्यूस, लार्च आदि हैं।
  • मिश्रित वन – यूरोप के मध्यवर्ती व पश्चिमी भाग में कोणधारी व चौड़ी पत्ती वाले मिश्रित वन हैं। यह वन टैगा वनों के दक्षिण में पाए जाते हैं जिनमें ओक, ऐस, पोपलर आदि वृक्ष मुख्य हैं।
  • स्टेप्स के घास के मैदान – यूरोप के दक्षिणी-पूर्वी भाग में कम वर्षा के क्षेत्र में छोटी घास विशेष रूप से पैदा होती है।
  • भूमध्यसागरीय वनस्पति – यूरोप के दक्षिण में भूमध्य सागर के पास विशेष प्रकार की भूमध्य सागरीय वनस्पति पाई जाती है। गहरी जड़ों वाले छोटे पौधे इस जलवायु में विशेष रूप से पैदा होते हैं। ये छोटी, मोटी और चमकीली पत्तियों वाले वृक्ष होते हैं।

प्रश्न 16.
निम्नांकित को एशिया महाद्वीप के रेखा मानचित्र में दर्शाइए

(1) हिमालय पर्वत
(2) साइबेरिया का मैदान
(3) रबर उत्पादक देश
(4) ट्रान्स साइबेरियन रेलमार्ग
(5) स्वेज नहर।
उत्तर:

MP Board Class 7th Social Science आदर्श प्रश्न-पत्र - 3

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MP Board Class 7th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 3

MP Board Class 7th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) पानीपत का तृतीय युद्ध किस-किस के मध्य हुआ था ?
(अ) मराठों और अहमदशाह अब्दाली
(ब) औरंगजेब और तुर्कों
(स) सिक्खों और अहमदशाह अब्दाली
(द) सिक्खों और मराठों।
उत्तर:
(अ) मराठों और अहमदशाह अब्दाली

(2) अकबर के शासनकाल में साम्राज्य कितने सूबों में विभक्त था ?
(अ) 20
(ब) 22
(स) 18
(द) 11
उत्तर:
(स) 18

(3) आन्ध्र प्रदेश की प्रमुख जनजाति है –
(अ) कहार
(ब) चंचुस
(स) भील
(द) सहरिया।
उत्तर:
(ब) चेंचुस

(4) वियना में मानव अधिकारों पर विश्व सम्मेलन किस वर्ष में हुआ था ?
(अ) 1997
(ब) 1991
(स) 1993
(द) 2001
उत्तर:
(स) 1993

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) क्षेत्रफल की दृष्टि से यूरोप का विश्व में स्थान है।
(2) अफ्रीका में जनसंख्या का घनत्व …………. व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
(3) सिक्ख धर्म के प्रणेता …………… थे।
(4) छिन्दवाड़ा के तामिया में ………. दर्शनीय स्थल है।
(5) उच्चतम न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा ……….” अन्य न्यायाधीश होते हैं।
उत्तर:
(1) छटवाँ
(2) 21
(3) गुरुनानक
(4) पातालकोट
(5) 30

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए –
MP Board Class 7th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 3
उत्तर:
(1) (b) कम आबादी
(2) (a) मरुस्थल
(3) (d) सूरसागर
(4) (e) बुलन्द दरवाजा
(5) (c) टोडा जनजाति

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MP Board Class 7th Social Science विविध प्रश्नावली 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) एशिया महाद्वीप के अक्षांशीय व देशान्तरीय विस्तार को लिखिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप को पाँच धरातलीय भागों में विभाजित किया जाता है –

1. उत्तरी निम्न मैदान – इसे साइबेरिया का मैदान भी कहते हैं। यह पश्चिम में यूराल पर्वत, पूर्व में लीना नदी तथा दक्षिण में मध्यवर्ती पर्वतों के बीच फैला हुआ है। इस मैदान की ओब, लीना और येनीसी प्रमुख नदियाँ हैं।

2. मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्र – उत्तरी मैदान के दक्षिण में तथा महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में कई पर्वत श्रृंखलाएँ हैं जो एक पठारी भू-भाग से बँधी हुई दिखाई देती हैं। यह ऊँचा पठारी भाग ‘पामीर के पठार’ के नाम से जाना जाता है, इसे “दुनिया की छत” भी कहते हैं। पामीर के पठार के पूर्व में तिब्बत का पठार है। यहाँ हिमालय पर्वत की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट एवरेस्ट है, जिसे सागरमाथा भी कहते हैं। थ्यानश्यान और अल्ताई पर्वतमाला के मध्य ‘गोबी का मरुस्थल’ है।

3. दक्षिणी पठार – मध्यवर्ती पर्वतमालाओं के दक्षिण में दक्षिण दिशा की ओर फैले हुए प्राचीन शैलों से बने कुछ पठार हैं, ये तीन ओर से पानी से घिरे होने के कारण ‘प्रायद्वीप’ कहलाते हैं। इनमें अरब का पठार, दक्षिण-भारत का पठार, ईरान का पठार मुख्य हैं।

4. नदियों के मैदान-नदियों द्वारा लाकर जमा की गई मिट्टियों से बने मैदान प्रायः पूर्वी एवं दक्षिणी एशिया में पाए जाते हैं। पश्चिम एशिया में ये मैदान अरब, ईरान और इराक में दजला-फरात नदियों द्वारा बनाए गए हैं। दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया में सिन्धु, गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान, इरावदी, साल्विन नदियों के मैदान, याँगटिसीक्यांग और ह्वांगहो, मीनांग-मीकांग, अमूर-सर दरिया नदी मैदान प्रमुख मैदान हैं।

5. द्वीप समूह-एशिया महाद्वीप के पूर्व तथा दक्षिण – पूर्व में तीन प्रमुख द्वीप समूह इण्डोनेशिया, फिलीपींस और जापान द्वीप समूह हैं। इनका मध्यवर्ती भाग पर्वतीय है, जिनके चारों ओर सँकरे तटीय मैदान हैं। इण्डोनेशिया द्वीप समूह, महाद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप समूह है।

(2) यूरोप महाद्वीप की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
यूरोप महाद्वीप की प्रमुख विशेषताएँ –

  • यूरोप महाद्वीप अफ्रीका, एशिया, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका महाद्वीपों के मध्य स्थित है। अतः यहाँ से इन महाद्वीपों को जाने के लिए समुद्री मार्ग की सुविधा है
  • यहाँ का अधिकांश भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में है अतः यहाँ की जलवायु जनजीवन के लिए अनुकूल है।
  • यूरोप महाद्वीप के बहुत कटे-फटे समुद्री तट आन्तरिक जल यातायात की सुविधा प्रदान करते हैं तथा मछलियाँ पकड़ने | के लिए आदर्श स्थान प्रदान करते हैं।

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(3) अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख जलवायु विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख जलवायु विशेषताएँ निम्न हैं –

  • इस महाद्वीप का अधिकांश विस्तार उष्ण कटिबन्ध है। यहाँ वर्ष भर ऊँचा तापमान रहता है तथा पर्वतीय भागों में । साधारण तापमान रहता है।
  • पठारी भागों में दिन का तापमान अधिक और रात का तापमान कम हो जाता है।
  • भूमध्य रेखा के निकट दोनों ओर फैले क्षेत्रों में उष्ण और आर्द्र जलवायु पाई जाती है।
  • भूमध्यरेखीय जलवायु प्रदेश के उत्तर व दक्षिण में ग्रीष्म ऋतु उष्ण तथा शीत ऋतु सामान्य रहती है। वर्षा ग्रीष्म ऋतु में  होती है। इस जलवायु के कारण इस क्षेत्र में लम्बी-लम्बी ‘हाथी घास’ उग आती है।

(4) पुरन्दर की सन्धि किस-किस के मध्य हुई थी ? लिखिए।
उत्तर:
पुरन्दर की सन्धि शिवाजी और राजा जयसिंह के मध्य हुई थी।

(5) किन्हीं तीन बाल अधिकारों को लिखिए।
उत्तर:
बाल अधिकार –

  • जीवन जीने का अधिकार,
  •  शिक्षा का अधिकार,
  • शोषण से सुरक्षा का अधिकार।

(6) अफ्रीका महाद्वीप में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
महाद्वीप के विभिन्न भागों में जलवायु की भिन्नता के कारण अफ्रीका महाद्वीप में निम्नांकित फसलें मुख्य रूप से उगाई जाती हैं –

  • गेहूँ तथा जौ – मिस्र, अल्जीरिया और मोरक्को में।
  • मकई (मक्का) – बेल्जियम, कांगो, अंगोला, केनिया, मोरक्को में।
  • कपास – मिस्र, युगांडा, केन्या और नाइजीरिया में।
  • मूंगफली – नाइजर, सूडान और नाइजीरिया में।
  • कोको – घाना, नाइजीरिया और अंगोला में।
  • चावल – मलागासी, सेनेगल और नाइजीरिया में।
  • लौंग – जंजीबार तथा पेंबा द्वीपों में।

MP Board Class 7th Social Science विविध प्रश्नावली 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) एशिया महाद्वीप के भौतिक भू-भागों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप को पाँच धरातलीय भागों में विभाजित किया जाता है –
1. उत्तरी निम्न मैदान – इसे साइबेरिया का मैदान भी कहते हैं। यह पश्चिम में यूराल पर्वत, पूर्व में लीना नदी तथा दक्षिण में मध्यवर्ती पर्वतों के बीच फैला हुआ है। इस मैदान की ओब, लीना और येनीसी प्रमुख नदियाँ हैं।

2. मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्र – उत्तरी मैदान के दक्षिण में तथा महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में कई पर्वत श्रृंखलाएँ हैं जो एक पठारी भू-भाग से बँधी हुई दिखाई देती हैं। यह ऊँचा पठारी भाग ‘पामीर के पठार’ के नाम से जाना जाता है, इसे “दुनिया की छत” भी कहते हैं। पामीर के पठार के पूर्व में तिब्बत का पठार है। यहाँ हिमालय पर्वत की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट एवरेस्ट है, जिसे सागरमाथा भी कहते हैं। थ्यानश्यान और अल्ताई पर्वतमाला के मध्य ‘गोबी का मरुस्थल’ है।

3. दक्षिणी पठार – मध्यवर्ती पर्वतमालाओं के दक्षिण में दक्षिण दिशा की ओर फैले हुए प्राचीन शैलों से बने कुछ पठार हैं, ये तीन ओर से पानी से घिरे होने के कारण ‘प्रायद्वीप’ कहलाते हैं। इनमें अरब का पठार, दक्षिण-भारत का पठार, ईरान का पठार मुख्य हैं।

4.  नदियों के मैदान – नदियों द्वारा लाकर जमा की गई मिट्टियों से बने मैदान प्रायः पूर्वी एवं दक्षिणी एशिया में पाए जाते हैं। पश्चिम एशिया में ये मैदान अरब, ईरान और इराक में दजला-फरात नदियों द्वारा बनाए गए हैं। दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया में सिन्धु, गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान, इरावदी, साल्विन नदियों के मैदान, याँगटिसीक्यांग और ह्वांगहो, मीनांग-मीकांग, अमूर-सर दरिया नदी मैदान प्रमुख मैदान हैं।

5. द्वीप समूह – एशिया महाद्वीप के पूर्व तथा दक्षिण – पूर्व में तीन प्रमुख द्वीप समूह इण्डोनेशिया, फिलीपींस और जापान द्वीप समूह हैं। इनका मध्यवर्ती भाग पर्वतीय है, जिनके चारों ओर सँकरे तटीय मैदान हैं। इण्डोनेशिया द्वीप समूह, महाद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप समूह है।

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(2) प्रमुख मानव अधिकारों को लिखिए।
उत्तर:
मनुष्यों को निम्नलिखित मानव अधिकार प्राप्त हैं –

  • जीवन की स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • समानता का अधिकार।
  • सम्पत्ति का अधिकार।
  • देश के शासन में भाग लेने तथा सरकारी सेवाओं में चयन हेतु समानता का अधिकार।
  • अपराध प्रमाणित न होने तक निर्दोष समझे जाने का अधिकार।
  • बिना किसी जाँच के बन्दी बनाए जाने, नजरबन्द करने, देश से निकालने से स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका द्वारा सुनवाई का अधिकार।
  • मत व अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • शान्तिपूर्वक सभा आयोजित करने का अधिकार।
  • दासता, विवेक और धर्म की स्वतन्त्रता का अधिकार।
  • उत्पीड़न अथवा क्रूर अमानुषिक या अपमानजनक व्यवहार या दण्ड से स्वतन्त्रता का अधिकार।।
  • उचित व अनुकूल व्यवस्थाओं के अन्तर्गत काम करने का अधिकार।
  • समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार।
  • अवकाश व विश्राम का अधिकार।
  • शिक्षा का अधिकार व समाज के सांस्कृतिक जीवन में भाग लेने का अधिकार।

इन अधिकारों की भावनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक व सामाजिक परिषद् कार्य करती है।

(3) यूरोप महाद्वीप के प्राकृतिक भागों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यूरोप को चार भागों में बाँटा जा सकता है –

1.  उत्तरी – पश्चिमी उच्च भूमि – महाद्वीप के उत्तरीपश्चिमी भाग में पर्वत और पठार हैं। इनका विस्तार नार्वे तथा स्वीडन देशों में अधिक है। अतः इन्हें नार्वे और स्वीडन के पर्वत और पठार भी कहते। इन्हें स्केन्डिनेवियन पर्वत भी कहा जाता है। नार्वे के समुद्री तट बहुत कटे-फटे, सँकरे और अधिक ढालू हैं, जिन्हें फियोर्ड तट कहते हैं।

2. मध्य के विशाल मैदान-ये मैदान पश्चिम में अटलांटिक महासागर के तट पर फ्रांस से लेकर पूर्व में यूराल पर्वत तक यूरोपीय रूस में फैले हुए हैं। मैदानों की चौड़ाई रूस में सबसे अधिक है और ये पश्चिम की ओर क्रमश: सँकरे होते गए हैं। उत्तर में श्वेत सागर से लेकर दक्षिणी पर्वतमाला तक इन मैदानों का विस्तार सामाणिकपशाग है। नदियों के कछार बनने के कारण यहाँ की मिट्टी उपजाऊ है। मैदान के पूर्वी भाग में वोल्गा नदी तथा पश्चिम में डेन्यूब नदी है जो क्रमशः कैस्पियन सागर तथा काला सागर में गिरती हैं।

3. मध्यवर्ती पठार – यूरोप के मैदानी भाग के दक्षिण में पठारों और कम ऊँचे पर्वतों की श्रृंखला फैली हुई है। इनमें फ्रांस का मैसिफ, ब्लैक फॉरेस्ट और बोहेमियाँ के पठार हैं। पुर्तगाल व स्पेन में भी पठारों का विस्तार है। अधिकांश भाग चट्टानी तथा अनुपजाऊ है।

4.  दक्षिणी अल्पाइन पर्वतमाला – दक्षिण में ऊँचे नवीन पर्वतों की श्रृंखला भी है। यह श्रृंखला पश्चिम में अटलांटिक महासागर से पूर्व में कैस्पियन सागर तक फैली है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण आल्पस पर्वत की श्रृंखला है, जिसकी सबसे ऊँची चोटी माउण्ट ब्लैक है। अन्य पर्वत श्रेणियों में पेरेनीज, एपीनाइन, डिनारिक, कार्पेशियन और कॉकेशस हैं। कॉकेशस की सबसे ऊँची चोटी एलब्रुस चोटी है।

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(4) शिवाजी के शासन प्रबन्ध की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
शिवाजी के शासन प्रबन्ध की प्रमुख विशेषताएँ अग्रलिखित हैं –

  • शिवाजी के शासन प्रबन्ध का मुख्य उद्देश्य प्रजा की सुख-समृद्धि तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए श्रेष्ठ सेना का गठन करना था।
  • शिवाजी अत्यन्त कल्याणकारी शासक थे। उन्होंने अपनी शक्तियों का उपयोग जन-कल्याण के कार्यों के लिए किया।
  • शासन का प्रबन्ध उनके द्वारा बनाई गई आठ मन्त्रियों की परिषद् के परामर्श से होता था।
  •  सैनिकों पर कठोर अनुशासन व नियन्त्रण रहता था।
  • रामायण, गीता, कुरान आदि पवित्र ग्रन्थों की रक्षा करना सैनिकों का प्रमुख कर्त्तव्य था।
  • स्त्रियों, बच्चों एवं वृद्धों का अत्यन्त सम्मान किया। जाता था।
  • आक्रमण के समय कृषि को हानि नहीं पहुँचायी जाती थी।

(5) मुगल साम्राज्य के पतन के लिए औरंगजेब को दोषी ठहराना कहाँ तक उचित है ? समझाइए।
उत्तर:
औरंगजेब इस्लाम धर्म का कट्टर अनुयायी तथा अविश्वासी स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी अनुदार व असहिष्णुतापूर्ण धार्मिक नीति के कारण सिक्खों, जाटों, सतनामियों, राजपूतों तथा मराठों आदि से अपने धर्म की रक्षा के लिए उसके निरन्तर संघर्ष होते रहे। इन संघर्षों के प्रयास में युद्ध होते रहे, इसके परिणामस्वरूप मुगल साम्राज्य का पतन हुआ।

औरंगजेब के अन्तिम समय में लगभग 25 वर्षों तक दक्षिण भारत में युद्ध होता रहा, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर भारत में प्रशासन पर मुगलों की पकड़ ढीली हो गई। अनेक युद्धों के कारण राजकोष भी खाली हो गया। औरंगजेब अन्तिम समय तक अपने विरुद्ध होते विद्रोह का दमन न कर सका। फलस्वरूप मुगल साम्राज्य का पतन हुआ। अत: मुगल साम्राज्य के पतन में औरंगजेब की गलत नीतियाँ प्रमुख कारण हैं।

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(6) मुगलकालीन सामाजिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  • मुगलकाल में समाज हिन्दू व मुस्लिम दो प्रमुख समाजों में बँटा हुआ था। समाज में सामंत, अमीर वर्ग तथा जागीरदारों का वर्चस्व था।
  • मध्यम वर्ग में शासकीय कर्मचारी, शिल्पकार, छोटे-छोटे दुकानदार, सामान्य व्यापारी तथा निम्न वर्ग में कृषक, श्रमिक व दैनिक मजदूरी के कारीगर व सेवक आदि सम्मिलित थे।
  • हिन्दू समाज जाति-प्रथा पर आधारित था। ब्राह्मण व क्षत्रियों का समाज में ऊँचा स्थान था। मुसलमानों में शिया व सुन्नी मतभेद बढ़ रहे थे।
  • समाज में स्त्रियों की दशा में गिरावट आई। पर्दा प्रथा, सती प्रथा, बहु-विवाह, बाल-विवाह, जौहर प्रथा जैसी बुराइयाँ समाज में व्याप्त थीं। उच्च कुल की लड़कियाँ ही अपने घरों में शिक्षा पाती थीं।
  • समाज में शाकाहारी तथा माँसाहारी दोनों प्रकार का भोजन प्रचलित था।
  • सूती, ऊनी, रेशमी, रंगीन व सफेद कपड़ों का प्रचलन था। नुकीली जूतियाँ तथा खड़ाऊँ का उपयोग किया जाता था।
  • पोलो, शिकार, घुड़सवारी, पशुदौड़, शतरंज, चौपड़, ताश, मेले व त्यौहार आदि मनोरंजन के प्रमुख साधन थे।

(7) लोक रुचिवाद पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
सामान्य जन की भलाई के लिए हमारी सरकार । प्रतिबद्ध है। यदि अनजाने में किसी का उत्पीड़न होता है अथवा । किसी व्यक्ति अथवा समूह को किसी कारणवश कोई क्षति होती । है तो ऐसे लोगों को न्याय दिलाने और उनकी रक्षा के लिए हमारी न्यायपालिका प्रतिबद्ध है। ऐसे लोगों की पीड़ा को कोई व्यक्ति अथवा समाजसेवी संगठन पत्र लिखकर न्यायालय तक पहुँचा सकता है। न्यायपालिका ऐसे लोगों की सुनवाई करती है। इसे लोक रुचिवाद कहते हैं।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.2

प्रश्न 1.
पहले चर को पृथक् करने वाला चरण बताइए और फिर समीकरण को हल कीजिए :
(a) x – 1 = 0
(b) x + 1 = 0
(c) x – 1 = 5
(d) x + 6 = 2
(e) y – 4 = -7
(f) y – 4 = 4
(g) y + 4 = 4
(h) y + 4 = -4
हल:
(a) x – 1 = 0
दोनों ओर 1 जोड़ने पर, हम प्राप्त करते हैं :
∴ x – 1 + 1 = 0 + 1
या x = 1
∴समीकरण का अभीष्ट हल : x = 1 होगा।

(b) x + 1 = 0
दोनों ओर 1 घटाने पर,
∴ x + 1 – 1 + = 0 – 1
या x = -1
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = -1

(c) x – 1 = 5
दोनों ओर 1 जोड़ने पर,
∴ x – 1 + 1 = 5 + 1 या
x = 6
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = 6

(d) x + 6 = 2
दोनों ओर से 6 घटाने पर,
x + 6 – 6 = 2 – 6
x = -4
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = -4

(e) y – 4 = -7
दोनों ओर 4 जोड़ने पर,
y – 4 + 4 = -7+4
y = -3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = -3

(f) y – 4 = 4
दोनों ओर 4 जोड़ने पर,
∴ y – 4 + 4 = 4 + 4
y = 8
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = 8

(g) y + 4 = 4.
दोनों ओर से 4 घटाने पर,
∴ y + 4 – 4 = 4 – 4
y = 0
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = 0

(h) y + 4 = -4
दोनों ओर से 4 घटाने पर,
∴ y + 4 – 4 = – 4 – 4
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = -8

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प्रश्न 2.
पहले चर को पृथक् करने के लिए प्रयोग किए जाने वाले चरण को बताइए और फिर समीकरण को हल कीजिए:
(a) 3l = 42
(b) \(\frac { b }{ 2 }\) = 6
(c) \(\frac { p }{ 7 }\) = 4
(d) 4x = 25
(e) 8y = 36
(f) \(\frac { z }{ 3 }\) = \(\frac { 5 }{ 4 }\)
(g) \(\frac { a }{ 5 }\) = \(\frac { 7 }{ 15 }\)
(h) 20t = – 10
हल:
(a) 3l = 42
दोनो पक्षों को 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3l }{ 3 }\) = \(\frac { 42 }{ 3 }\)
l = 14
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : l = 14

(b) \(\frac { b }{ 2 }\) = 6
दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर,
\(\frac { b }{ 2 }\) x 2 = 6 x 2
b = 12
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :
b = 12

(c) \(\frac { p }{ 7 }\) = 4 दोनों पक्षों को 7 से गुणा करने पर,
\(\frac { p }{ 7 }\) x 7 = 4 x 7
p = 28
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :
p = 28

(d) 4x = 25
दोनों पक्षों को 4 से भाग देने पर,
\(\frac { 4x }{ 4 }\) = \(\frac { 25 }{ 4 }\)
x = \(\frac { 25 }{ 4 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = \(\frac { 25 }{ 4 }\)

(e) 8y = 36
दोनों पक्षों को 8 से भाग देने पर,
\(\frac { 8y }{ 8 }\) = \(\frac { 36 }{ 8 }\)
या y = \(\frac { 36 }{ 8 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = \(\frac { 36 }{ 8 }\)

(f) \(\frac { z }{ 3 }\) = \(\frac { 5 }{ 4 }\)
दोनों पक्षों को 3 से गुणा करने पर,
\(\frac { z }{ 3 }\) x 3 = \(\frac { 5 }{ 4 }\) x 3
या z = \(\frac { 15 }{ 4 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = \(\frac { 15 }{ 4 }\)

(g) \(\frac { a }{ 5 }\) = \(\frac { 7 }{ 15 }\)
दोनों पक्षों को 5 से गुणा करने पर,
\(\frac { a }{ 5 }\) x 5 = \(\frac { 7 }{ 15 }\) x 5 = \(\frac { 7 }{ 3 }\)
या a = \(\frac { 7 }{ 3 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : a = \(\frac { 7 }{ 3 }\)

(h) 20t = – 10
दोनों पक्षों को 20 से भाग देने पर,
\(\frac { 20t }{ 20 }\) = \(\frac { -10 }{ 20 }\)
t = – 1/2
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : t = \(\frac { -1 }{ 2 }\)

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प्रश्न 3.
चर को पृथक करने के लिए, जो आप चरण प्रयोग करेंगे, उसे बताइए और फिर समीकरण को हल कीजिए:
(a) 3n – 2 = 46
(b) 5m + 7 = 17
(c) 20p = 40
(d) 3p = 6
हल:
(a) 3n – 2 = 46
चरण (i) : दोनों पक्षों में 2 जोड़ने पर,
3n – 2 + 2 = 46 + 2
या 3n = 48

चरण (ii) : दोनो पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3n }{ 3 }\) = \(\frac { 48 }{ 3 }\)
या n = 16
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : n = 16

(b) 5m + 7 = 17
चरण (i) : दोनों पक्षों में से 7 घटाने पर,
5m + 7 – 7 = 17 – 7
या 5m = 10 चरण

चरण (ii): दोनों पक्षों में 5 से भाग देने पर,
\(\frac { 5m }{ 5 }\) = \(\frac { 10 }{ 5 }\)
या m = 2
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : m = 2

(c) \(\frac { 20p }{ 3 }\) = 40
चरण (i) : दोनों पक्षों में 3 से गुणा करने पर,
\(\frac { 20p }{ 3 }\) x 3 = 40 x 3
या 20p = 120

चरण (ii) : दोनों पक्षों में 20 से भाग देने पर,
\(\frac { 20p }{ 20 }\) = \(\frac { 120 }{ 20 }\)
या p = 6
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 6

(d) \(\frac { 3p }{ 10 }\) = 6
चरण (i) : दोनों पक्षों में 10 से गुणा करने पर,
\(\frac { 3p }{ 10 }\) x 10 = 6 x 10
3p = 60
चरण (ii) : दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3p }{ 3 }\) = \(\frac { 60 }{ 3 }\)
या p = 20
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 20

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित समीकरणों को हल कीजिए:
(a) 10p = 100
(b) 10p +10 = 100
(c) \(\frac { p }{ 4 }\) = 5
(d) \(\frac { -p }{ 3 }\) = 5
(e) \(\frac { 3p }{ 4 }\) = 6
(f) 3s = -9
(g) 3s + 12 = 0
(h) 3s = 0
(i) 2q = 6
(j) 2q – 6 = 0
(k) 2q + 6 = 0
(l) 2q + 6 = 12
हल:
(a) 10p = 100
दोनों पक्षों को 10 से भाग देने पर,
\(\frac { 10p }{ 10 }\) = \(\frac { 100 }{ 10 }\)
या p = 10
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p= 10

(b) 10p + 10 = 100
दोनों पक्षों में से 10 घटाने पर,
10p + 10 – 10 = 100 – 10
या 10p = 90
दोनों पक्षों में 10 से भाग देने पर,
\(\frac { 10p }{ 10 }\) = \(\frac { 90 }{ 10 }\)
या p = 9
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 9

(c) \(\frac { 90 }{ 10 }\) = 5
दोनों पक्षों में 4 से गुणा करने पर,
\(\frac { p }{ 4 }\) x 4 = 5 x 4
या p = 20
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 20

(d) \(\frac { -p }{ 3 }\) = 5
दोनों पक्षों में – 3 से गुणा करने पर,
\(\frac { -p }{ 3 }\) x (-3) = 5 x (-3)
∴ p = – 15
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = -15

(e) \(\frac { 3p }{ 4 }\) = 6
दोनों पक्षों में 4 से गुणा करने पर,
\(\frac { 3p }{ 4 }\) x 4 = 6 x 4
या 3p = 24
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3p }{ 3 }\) = \(\frac { 24 }{ 3 }\)
या p = 8
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 8

(f) 3s = -9
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
∴ \(\frac { 3s }{ 3 }\) = \(\frac { -12 }{ 3 }\)
या s = -3
समीकरण का अभीष्ट हल : s = -3

(g) 3s + 12 = 0
दोनों पक्षों में से 12 घटाने पर,
3s + 12 – 12 = 0 – 12
या 3s = -12
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3s }{ 3 }\) = \(\frac { -12 }{ 3 }\)
या s = -4
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : s = -4

(h) 3s = 0
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3s }{ 3 }\) = 0
या s = 0
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : s = 0

(i) 2q = 6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
\(\frac { 2q }{ 2 }\) = \(\frac { 6 }{ 2 }\)
या q = 3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : q = 3

(j) 2q – 6 = 0
दोनों पक्षो में 6 जोड़ने पर,
2q – 6 + 6 = 0 + 6
या 2q = 6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
या \(\frac { 2q }{ 2 }\) = \(\frac { 6 }{ 2 }\)
या q = 3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :q = 3

(k) 2q+ 6 = 0
दोनों पक्षों में से 6 घटाने पर,
2q + 6 – 6 = 0 – 6
या 2q = -6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
या \(\frac { 2q }{ 2 }\) = \(\frac { -6 }{ 2 }\)
या q = -3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :q = -3

(l) 2q + 6 = 12
दोनों पक्षों में से 6 घटाने पर,
2q + 6 – 6 = 12 – 6
या 2q = 6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
या
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : q = 3

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 99

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
उसी.चरण x = 5 से प्रारम्भ कीजिए और इससे दो भिन्न समीकरण बनाइए। अपनी कक्षा के दो सहपाठियों से इन समीकरणों को हल करने के लिए कहिए। जाँच कीजिए कि क्या उनका हल x = 5 है ?
हल:
(I) x = 5
दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर,
2x = 10
दोनों पक्षों में 6 जोड़ने पर,
2x + 6 = 10 + 6
या 2x + 6 = 16 एक समीकरण है। …(i)

समीकरण (i) को हल करने पर,
2x + 6 = 16
दोनों पक्षों में से 6 घटाने पर,
2x + 6 – 6 = 16 – 6
या 2x = 10
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
\(\frac { 2x }{ 2 }\) = \(\frac { 10 }{ 2 }\)
या x = 5

II. x = 5
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { x }{ 3 }\) = \(\frac { 5 }{ 3 }\)
दोनों पक्षों में से 2 घटाने पर,
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.2 1

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
दो संख्या पहेलियों को बनाने का प्रयास कीजिए, एक हल 11 लेकर, तथा दूसरा हल 100 लेकर।
हल:
(i) एक पहेली का हल 11 है।
कोई अंक सोचिए। उसे 3 से गुणा कीजिए और गुणनफल में 2 जोड़िए। यदि जोड़ 35 आता है तो संख्या 11 है।
(ii) एक पहेली का हल 100 है।
कोई अंक सोचिए। उसे 4 से भाग दीजिए और 5 जोड़िए। अब बताइए क्या प्राप्त होता है? यदि आप 30 प्राप्त करते हैं, तो संख्या 100 है।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 23 मुगलकालीन प्रशासन तथा जनजीवन

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 23 मुगलकालीन प्रशासन तथा जनजीवन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 23 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) मुगलकाल में दीवान या वजीर क्या काम सँभालता था ?
(अ) आय-व्यय का हिसाब रखता था
(ब) सैन्य विभाग की देखभाल करता था
(स) घरेलू विभाग का हिसाब करता था
(द) न्याय विभाग का प्रमुख होता था।
उत्तर:
(अ) आय-व्यय का हिसाब रखता था

(2) मुगलकाल में लोगों का प्रमुख व्यवसाय क्या था ?
(अ) कृषि
(ब) काष्ठ उद्योग
(स) विदेशी व्यापार
(द) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(अ) कृषि

(3) अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता के आधार पर कौन-सा नया पंथ चलाया था ?
(अ) दीन-ए-इलाही
(ब) भक्ति आन्दोलन
(स) सिक्ख सम्प्रदाय
(द) ये सभी।
उत्तर:
(अ) दीन-ए-इलाही।

प्रश्न 2.
कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों में लिखिए –
(1) अकबर के काल में भारतीय संगीत के महान गायक …………….. प्रसिद्ध थे। (तानसेन, तुलसीदास, रैदास, मीरा)
(2) शाहजहाँ द्वारा बनाए गए …………..को विश्वदाय भाग में शामिल कर लिया गया है। (जामा-मस्जिद, लाल-किला, ताजमहल, हवामहल)
उत्तर:
(1) तानसेन
(2) ताजमहल।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 23 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर:
मुगलकालीन साम्राज्य में सम्राट सर्वोपरि था उसकी सहायता हेतु प्रधानमन्त्री तथा अन्य मन्त्री होते थे। दीवान या वजीर राज्य की आय-व्यय का हिसाब रखता था, मीरबख्शी सैन्य विभाग का अध्यक्ष तथा खान-ए-सामां घरेलू विभाग का प्रधान होता था। मुगल साम्राज्य 18 सूबों में विभक्त था, जिनमें केन्द्र के शासन के समान व्यवस्था थी।

(2) मुगलकाल में आयात-निर्यात की जाने वाली वस्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
मुगल काल में सूती वस्त्र, मलमल, गरम मसाले, हल्दी, नमक, शोरा, नील, अफीम, चीनी, मिश्री, गोंद, हीरे-मोती, औषधियाँ आदि का निर्यात तथा सोना, चाँदी, ताँबा, सीसा, इस्पात, कांच, दर्पण, शराब, घोड़े, मूंगा, पारा आदि का आयात किया जाता था।

(3) अकबर की धार्मिक नीति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मुगल सम्राट इस्लाम धर्म के कट्टर अनुयायी थे। विभिन्न धर्मों के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर उसने दीन-ए-इलाही नामक पंथ चलाया। औरंगजेब ने जजिया तथा तीर्थयात्रा कर लगाए। हिन्दुओं में वैष्णव, शैव मत अधिक प्रचलित थे। जैन धर्म का समाज में अधिक महत्व था। जैन और हिन्दुओं में तीर्थयात्रा का प्रचलन था। बौद्ध धर्म का लगभग ह्रास हो चुका था।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 23 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) मुगलकाल में स्थापत्य कला के विकास का उदाहरण सहिन वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मुगल शासक स्थापत्य कला के प्रेमी थी। इस काल के भवनों में हिन्दू-मुस्लिम स्थापत्य शैलियों का मिश्रण है। दिल्ली में हुमायूँ का मकबरा इस काल का प्रमुख उदाहरण है। अकबर द्वारा फतेहपुर-सीकरी नगर बसाया गया, जिसमें बुलन्द दरवाजा सहित अनेक उत्कृष्ट व सुन्दर इमारतों का निर्माण करवाया गया। अकबर द्वारा भवन निर्माण कार्य में लाल बलुआ पत्थरों का उपयोग करवाया गया।

नूरजहाँ द्वारा अपने पिता एतमादुदौला के मकबरे का निर्माण मूल्यवान रत्नों को लगाकर कराया गया। शाहजहाँ द्वारा अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया गया जिसे विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। इसमें सफेद संगमरमर पत्थरों का उपयोग किया गया है। शाहजहाँ ने आगरा में जामा मस्जिद, दिल्ली में लाल किला, शीशमहल, मोती मस्जिद आदि का सुन्दर निर्माण कराया।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 औरंगजेब तथा मुगल साम्राज्य का पतन

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 औरंगजेब तथा मुगल साम्राज्य का पतन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) जाटों का निवास मुख्य रूप से किन नगरों के आस-पास था ?
(अ) दिल्ली और आगरा
(ब) आगरा और मथुरा
(स) मथुरा और भरतपुर
(द) आगरा और झाँसी।
उत्तर:
(ब) आगरा और मथुरा

(2) पानीपत का तृतीय युद्ध किस वर्ष में हुआ था ?
(अ) सन् 1526
(ब) सन् 1556
(स) सन् 1560
(द) सन् 1761
उत्तर:
(द) सन् 1761

(3) यूरोपीय देशों में भारत की किन वस्तुओं की विशेष माँग थी?
(अ) वस्त्र और मसाले
(ब) वस्त्र और चाँदी
(स) मसाले और रत्न
(द) मसाले और घोड़े।
उत्तर:
(अ) वस्त्र और मसाले।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) औरंगजेब के विरुद्ध विद्रोह करने वाले बुन्देले नेता ………….. तथा ……………. थे।
(2) गुरुद्वारा शीशगंज …………..के बलिदान स्थान पर स्थित है।
(3) नादिरशाह का आक्रमण सन् …………… में हुआ था।
(4) औरंगजेब की ………….. फलस्वरूप मुगल प्रशासन ढीला पड़ गया।
उत्तर:
(1) चम्पतराय, छत्रसाल
(2) गुरुतेगबहादुर
(3) सन् 1739
(4) धार्मिक कट्टरता के।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) औरंगजेब ने हिन्दुओं पर कौन से कर लगाए थे ?
उत्तर:
औरंगजेब ने हिन्दुओं पर जजिया और तीर्थयात्रा कर लगाए थे।

(2) सतनामियों के विषय में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर:
सतनामी सत्य के नाम के उपासक थे तथा पुजारी जैसी वेशभूषा पहनते थे। इनका मुख्य केन्द्र नारनौल और मेवाड़ था। औरंगजेब के धार्मिक अत्याचारों के विरुद्ध इन्होंने विद्रोह किया।

(3) औरंगजेबकी किसनीति के कारण उसके उत्तराधिकारी अयोग्य रह गए ?
उत्तर:
औरंगजेब के अविश्वासी स्वभाव के कारण उसके उत्तराधिकारी अयोग्य रह गए।

(4) नादिरशाह तथा अहमदशाह अब्दाली के आक्रमणों के क्या परिणाम हुए ?
उत्तर:
इन दोनों के आक्रमणों से मुगल शासक तथा मराठे पराजित हो गए तथा मुगल साम्राज्य दिल्ली के आस-पास के क्षेत्र तक सीमित रह गया।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) मुगल साम्राज्य के पतन के कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मुगल साम्राज्य के पतन के कारण:
(1) साम्राज्य का बड़ा होना – मुगल साम्राज्य के अत्यधिक विशाल हो जाने के कारण सम्पूर्ण साम्राज्य पर नियन्त्रण करना कठिन था तथा उसके अयोग्य उत्तराधिकारी साम्राज्य की रक्षा नहीं कर सके।

(2) उत्तराधिकार के नियम का अभाव – उत्तराधिकार के लिए कोई नियम नहीं था। प्रत्येक शासक की मृत्यु के पश्चात् उनके पुत्रों में राज्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष होता रहा जिससे साम्राज्य भी कमजोर होता गया।

(3) औरंगजेब का अविश्वासी स्वभाव एवं कट्टर धार्मिक नीति – औरंगजेब को अपने पुत्रों पर भी विश्वास नहीं था। वह अपने पुत्रों को राजनैतिक एवं सैनिक शिक्षा प्रदान नहीं कर सका जिससे वे अयोग्य रह गए। औरंगजेब की अनुदार व असहिष्णुतापूर्ण धार्मिक नीति के कारण सिक्खों, जाटों, सतनामियों, मराठों आदि के द्वारा अपने धर्म की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों को कुचलने के प्रयास में निरन्तर युद्ध चलते रहे, इसके फलस्वरूप मुगल साम्राज्य का पतन हुआ।

(4) औरंगजेब की दक्षिण भारत नीति – औरंगजेब के अन्तिम 25 वर्ष दक्षिण भारत में युद्ध में व्यतीत हुए जिससे उत्तर भारत में प्रशासन पर मुगलों की पकड़ कम हो गई तथा युद्धों के कारण राजकोष भी खाली हो गया।

(5) विलासी शासक एवं सरदार – मुगल शासकों की विलासिता और स्थापत्य-प्रेम के कारण साम्राज्य की आर्थिक स्थिति लड़खड़ाने लगी। राजसी ठाठ-बाट व भवन निर्माण में अत्यधिक धन व्यय किया गया। मुगल सरदारों की विलासिता, चारित्रिक दुर्बलता, सम्राट के प्रति निष्ठा में कमी तथा आपसी गुटबाजी मुगल साम्राज्य के पतन का कारण बनी।

(6) विदेशी आक्रमण – मुगल साम्राज्य की दुर्बलता का लाभ उठाकर ईरान के शासक नादिरशाह ने सन् 1739 में आक्रमण कर दिया। उसने दिल्ली में कत्लेआम कराया तथा शाहजहाँ का तख्ते ताऊस, कोहिनूर हीरा तथा 70 करोड़ की सम्पदा ईरान ले गया। 14 जनवरी, 1761 ई. के दिन नादिरशाह के सेनापति अहमदशाह अब्दाली तथा मराठों के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध हुआ, इसमें मराठे पराजित हो गए। इन दोनों के आक्रमणों से मुगल साम्राज्य दिल्ली के आस-पास तक सीमित रह गया।

(7) अंग्रेजों का कब्जा – अंग्रेज व्यापारी धीरे-धीरे एक राजनैतिक सत्ता बन गए। अंग्रेजी ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भारत के सभी मुगल साम्राज्य वाले भागों पर कब्जा कर लिया।

(8) नौ सैना की कमी – यूरोप की शक्तिशाली नौसेना के आगे मुगल ठहर न सके। मुगल साम्राज्य में नौ सेना की कमी उन्हें घातक सिद्ध हुई।

(9) यूरोपीय शक्तियाँ – यूरोप में भारतीय वस्त्र और मसालों की बहुत माँग थी अतः पुर्तगाल, हॉलैण्ड, फ्रांस और इंग्लैण्ड के व्यापारियों ने भारत से व्यापार करने के प्रयास तेज कर दिए। उन्होंने व्यापारिक कम्पनियाँ तथा सामान रखने के लिए गोदाम स्थापित किए और सेना भी रखने लगे। मुगल साम्राज्य के दुर्बल होते ही स्वतन्त्र राज्यों में संघर्ष होने लगे। इसका लाभ उठाकर । विदेशी अपनी नौ सेना तथा शक्ति के बल पर भारत की राजनीति । में दखल देने लगे।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 21 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) लहरें उत्पन्न होने का सबसे प्रमुख कारक है
(अ) पृथ्वी की घूर्णन गति
(ब) ज्वार-भाटा
(स) पवन
(द) जल में ताप की भिन्नता।
उत्तर:
(स) पवन

(2) लघु ज्वार आता है –
(अ) अष्टमी को
(ब) पूर्णिमा को
(स) अमावस्या को
(द) चतुर्थी को।
उत्तर:
(2) (अ) अष्टमी को।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) गर्म और ठण्डी जल धारा के मिलने से समुद्री तट पर …………….. होता है।
(2) ………….. लहरें सबसे अधिक विनाशकारी होती हैं।
(3) उत्तरी गोलार्द्ध में धाराएँ अपनी ……………. ओर मुड़ जाती हैं।
उत्तर:
(1) कोहरा
(2) सुनामी
(3) दायीं।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 21 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) समुद्री जल में कौन-कौन सी गतियाँ होती हैं ?
उत्तर:
समुद्री जल में तीन प्रकार की गतियाँ होती हैं –

  • लहरें
  • धाराएँ, तथा
  • ज्वार-भाटा।

(2) लहर किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वायु के प्रभाव से समुद्री सतह के जल का ऊपर-नीचे होना लहरें कहलाता है।

(3) जलधारा किसे कहते हैं ?
उत्तर:
समुद्रों में नियमित रूप से एक निश्चित दिशा की ओर, क्षैतिज रूप से प्रवाहित होने वाली विशाल जलराशि को जलधारा कहते हैं।

(4) ज्वार – भाटा किसे कहते हैं ?
उत्तर:
चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति के कारण समुद्र के जल का ऊपर उठकर किनारों की ओर बढ़ना ‘ज्वार’ तथा किनारों के पीछे हटना ‘भाटा’ कहलाता है।

(5) ज्वार – भाटे से कोई तीन लाभ बताइए।
उत्तर:
ज्वार-भाटे से लाभ –

  • ज्वारीय शक्ति से जल विद्युत उत्पन्न की जा सकती है।
  • अनेक प्रकार की सीमें, शंख, मोती आदि वस्तुएँ किनारों पर आ जाती हैं।
  • नदियों के मुहानों की गन्दगी साफ हो जाती है तथा नौकायन में सहायता मिलती है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 21 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) लहर और धारा में क्या अन्तर है ? समझाइए।
उत्तर:
लहर और धारा में अन्तर

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ-1

(2) दीर्घ ज्वार और लघु ज्वार का नामांकित रेखाचित्र बनाते हुए समझाइए।
उत्तर:
दीर्घ ज्वार-जिस दिन सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक सरल रेखा में होते हैं, उस दिन सूर्य और चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति के प्रभाव से पृथ्वी पर अन्य दिनों की अपेक्षा ऊँचा ज्वार आता है। इसे दीर्घ ज्वार कहते हैं। दीर्घ ज्वार अमावस्या तथा पूर्णिमा के दिन आता है।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ-2
लघु ज्वार – शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की सप्तमी या अष्टमी के दिन सूर्य और चन्द्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति समकोण बनाती हुई होती है। इस कारण जल में खिंचाव एक-दूसरे के विपरीत होता है। जिससे ज्वार का उभार अपेक्षाकृत कम होता है। इस समकोणीय स्थिति से उत्पन्न ज्वार को लघु ज्वार कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ-3

(3) जलधाराओं के उत्पन्न होने के प्रमुख कारण लिखते हुए मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को लिखिए।
उत्तर:
जल धाराओं के उत्पन्न होने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

  1.  स्थायी पवनों का प्रभाव-स्थायी पवनों के प्रभाव से जलधाराएँ उत्पन्न होकर इन हवाओं की दिशा की ओर बहने लगती हैं।
  2. तापमान में भिन्नता का प्रभाव-विषुवत रेखा के आस-पास तापमान अधिक रहने के कारण समुद्री जल गर्मी पाकर फैलता है और जलधाराएँ ध्रुवों की ओर बढ़ने लगती हैं।विषुवत रेखा के समीप खाली स्थान को भरने के लिए ध्रुवों की ओर से ठण्डी जलधाराएँ विषुवत रेखा की ओर बहने लगती हैं। इस प्रकार तापमान की भिन्नता जलधाराओं को उत्पन्न करती हैं।
  3. पृथ्वी की दैनिक परिभ्रमण गति का प्रभाव-पृथ्वी। अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर 24 घण्टे में घूर्णन गति
    द्वारा एक चक्कर पूरा करती है जिससे जलधाराएँ उत्तरी गोलार्द्ध में। अपने दायीं ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायीं ओर मुड़ जाती हैं।
  4. स्थल भू-भाग का प्रभाव-बहती हुई धारा के सामने जब कोई विशाल स्थल भाग आ जाता है, तो वह अपनी दिशा । स्थल के अनुरूप बदल लेती हैं।
  5. समुद्र की लवणता का प्रभाव-कुछ धाराएँ जल के घनत्व में अन्तर होने से भी उत्पन्न होती हैं।
    जलधाराओं का मानव जीवन पर प्रभाव – इन धाराओं का जलवायु, आवागमन, वर्षा और मत्स्य उद्योग पर प्रभाव पड़ता है –
    • गर्म जलधाराएँ अपने तटवर्ती स्थानों का तापमान बढ़ा देती हैं तथा ठण्डी धाराएँ निकटवर्ती क्षेत्रों का सामान्य तापमान कम कर देती हैं।
    • समुद्रों में जहाँ गर्म और ठण्डी धाराएँ मिलती हैं, तो वहाँ घना कोहरा उत्पन्न हो जाता है।
    • गर्म जलधारा के कारण ऊँचे अक्षांशों में स्थित बन्दरगाह वर्षभर खुले रहते हैं। गर्म धाराओं के ऊपर बहने वाली हवाएँ गर्म होकर
      आर्द्रता ग्रहण कर लेती हैं और निकटवर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा कर देती हैं।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 20 जलमण्डल

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 20 जलमण्डल

MP Board Class 7th Social Science Chapter 20 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) संसार का सबसे बड़ा महासागर है –
(अ) अटलांटिक महासागर
(ब) प्रशान्त महासागर
(स) हिन्द महासागर
(द) आर्कटिक महासागर।
उत्तर:
(ब) प्रशान्त महासागर

(2) हमारी पृथ्वी के कितने भाग पर जल है ?
(अ) 51 प्रतिशत
(ब) 61 प्रतिशत
(स) 71 प्रतिशत
(द) 81 प्रतिशत।
उत्तर:
(2) (स) 71 प्रतिशत।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) पृथ्वी के ……….. गोलार्द्ध में जल भाग अधिक है।
(2) संसार का सबसे बड़ा गर्त …………….।
उत्तर:
(1) दक्षिणी
(2) मैरियाना।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 20 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) संसार के प्रमुख महासागरों के नाम लिखिए।
उत्तर:
संसार के प्रमुख महासागर हैं – प्रशान्त महासागर, अटलाण्टिक महासागर, हिन्द महासागर तथा आर्कटिक महासागर।

(2) महासागरों से कोई तीन लाभ लिखिए।
उत्तर:
महासागरों से निम्नलिखित लाभ हैं –

  • भूमि पर वर्षा – भूमि पर समस्त वर्षा समुद्र से उठी भाप से होती है, जो वनस्पति, जीव-जन्तु एवं मानव जीवन के लिए उपयोगी है।
  • तापमान का सन्तुलन – महासागर धरातल पर तापमान का सन्तुलन बनाने में उपयोगी हैं।
  • आवागमन के साधन – महासागर विभिन्न महाद्वीपों को जोड़ते हैं जो अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में सहायक हैं।

(3) जलमण्डल किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी का जल से घिरा हुआ भाग जलमण्डल र कहलाता है। पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल है।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 20 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) जलचक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
नदियाँ, नाले, तालाब, झीलें, भूमिगत जल, बर्फीले क्षेत्र, सागर, महासागर आदि जल के प्रमुख स्रोत हैं। गर्मी में इन स्रोतों से पानी का वाष्पीकरण होता रहता है। ये जलवाष्प ठण्डी होकर बादलों के रूप में परिवर्तित हो जाती है। इन बादलों से बूंदों के रूप में वर्षा होती है। वर्षा जल का कुछ भाग भूमि में समा जाता है तथा शेष भाग नदी नालों आदि द्वारा महासागरों में पहुँच जाता है। इस प्रकार जल जलमण्डल से वायुमण्डल, वायुमण्डल से थलमण्डल और थलमण्डल से जलमण्डल में लगातार आता । जाता रहता है। जल के इस आवागमन को ‘जलचक्र’ कहते हैं –

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 20 जलमण्डल-1

(2) महासागरीय तली के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए व नामांकित रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
महासागरीय तली को बनावट के आधार पर चार भागों में बाँटा जा सकता है –

  • महाद्वीपीय निमग्न तट-महाद्वीपों के चारों ओर तट के पास की भूमि, जो जल में डूबी होती है, उसे “महाद्वीपीय निमग्न तट” कहते हैं। ये मछलियों के भण्डार माने जाते हैं।
  • महाद्वीपीय निमग्न ढाल-महाद्वीपीय निमग्न तट की समाप्ति के बाद महाद्वीपीय निमग्न ढाल प्रारम्भ हो जाता है। इसकी गहराई निमग्न तट से अधिक है।
  • महासागरीय गहरे मैदान-महाद्वीपीय निमग्न ढाल के बाद गहरे मैदान प्रारम्भ होते हैं। ये मैदान समुद्र की तली का सबसे अधिक भाग घेरे रहते हैं। इनमें समुद्री जीव-जन्तुओं के अवशेष एवं सूक्ष्म वनस्पति के अंश पाए जाते हैं।
  • महासागरीय गर्त-समुद्र की तली में कहीं-कहीं गहरे खड्डे पाए जाते हैं, जिन्हें महासागरीय गर्त कहते हैं।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 20 जलमण्डल-2

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 3 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 3.4

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 3 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 3.4

प्रश्न 1.
बताइए कि निम्नलिखित में किसका होना निश्चित है, किसका होना असम्भव है तथा कौन हो भी सकता है, परन्तु निश्चित रूप से नहीं-
(i) आज आप कल से अधिक आयु के हैं।
(ii) एक सिक्के को उछालने पर चित आएगा।
(iii) एक पासे को फेंकने पर 8 आएगा।
(iv) एक ट्रैफिक लाइट हरी दिखेगी।
(v) कल बादल घिरे होंगे।
हल:
(i) निश्चित है,
(ii) यह हो सकता है, परन्तु निश्चित रूप से नहीं,
(iii) असम्भव है,
(iv) हो भी सकता है, परन्तु निश्चित रूप से नहीं,
(v) हो भी सकता है, परन्तु निश्चित रूप से नहीं।

प्रश्न 2.
एक डिब्बे में 6 कंचे हैं, जिन पर 1 से 6 संख्याएँ अंकित हैं :
(i) संख्या 2 वाले कंचे को इसमें से निकालने की प्रायिकता क्या है ?
(ii) संख्या 5 वाले कंचे हो इसमें से निकालने की प्रायिकता क्या है ?
हल:
कुल कंचों की संख्या = 6
घटना घटित होने की कुल स्थितियाँ = 6
(i) संख्या 2 वाले कंचे को निकालने की प्रायिकता p(2) = \(\frac { 1 }{ 6 }\)
(ii) संख्या 5 वाले कंचे को निकालने की प्रायिकता P(5) = \(\frac { 1 }{ 6 }\)

प्रश्न 3.
यह निर्णय लेने के लिए कि कौन-सी टीम खेल प्रारम्भ करेगी, एक सिक्का उछाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि आपकी टीम खेल प्रारम्भ करेगी ?
हल:
सिक्के को उछालने पर चित या पट आ सकते हैं।
∴ घटना घटित होने की स्थिति (Chance) = 1
घटना घटित होने की कुल स्थितियाँ = 2
∴ अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 1 }{ 2 }\)

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 30 यूरोप महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 30 यूरोप महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 30 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 30 यूरोप महाद्वीप - भौगोलिक स्वरूप-1
उत्तर:
(1) (b) कैस्पियन सागर
(2) (e) टैगा
(3) (a) एलब्रुस चोटी
(4) (c) रेण्डियर
(5) (d) माउण्ट ब्लैक

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) क्षेत्रफल की दृष्टि से यूरोप ……………. महाद्वीप से बड़ा है।
(2) यूरोप की सबसे बड़ी नदी ……………. है।
(3) यूरोप महाद्वीप का अधिकांश भाग कटिबन्ध में फैला है।
(4) आल्पस पर्वत का सबसे ऊँचा शिखर ……………” है।
(5) यूरोप की पूर्वी सीमा ……………. पर्वत बनाता है।
उत्तर:
(1) आस्ट्रेलिया
(2) वोल्गा
(3) शीतोष्ण
(4) माउण्ट ब्लैक
(5) यूराल।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 30 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) यूरोप महाद्वीप का अक्षांशीय विस्तार लिखिए।
उत्तर:
यूरोप महाद्वीप 35° उत्तरी अक्षांश से 72° उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है।

(2) यूरोप की कौन-सी महत्त्वपूर्ण नदी काला सागर में गिरती है ?
उत्तर:
यूरोप की डेन्यूब नदी काला सागर में गिरती है।

(3) यूरोप की जलवायु पर किन हवाओं का प्रभाव सबसे अधिक है ?
उत्तर:
यूरोप की जलवायु पर पछुआ हवाओं का प्रभाव सबसे अधिक पड़ता है।

(4) भूमध्यसागरीय वनस्पति की विशेषताएँ क्या हैं ?
उत्तर:
भूमध्यसागरीय वनस्पति की विशेषताएँ –

  • ये गहरी जड़ों वाले छोटे पौधे होते हैं।
  • ये छोटी, मोटी और चमकीली पत्तियों वाले वृक्ष होते हैं।

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 30 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4
(1) यूरोप की जलवायु तथा वनस्पति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यूरोप की जलवायु – यूरोप शीतोष्ण जलवायु वाला महाद्वीप है। इसका अधिकांश भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में है। यहाँ की जलवायु पर समुद्र की समीपता, पर्वतों, पठारों, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह तथा पछुआ हवाओं का गहरा प्रभाव पड़ता है। साल भर चलने वाली पछुआ हवाओं और समुद्री धाराओं के प्रभाव से पश्चिम में पर्याप्त वर्षा होती है। पश्चिम से पूर्व की ओर जाने वाली वर्षा कम होती जाती है तथा ठण्ड बढ़ती जाती है। इस प्रकार की जलवायु महाद्वीपीय जलवायु कहलाती है।

यहाँ गर्मियों में अधिक गर्मी तथा जाड़ों में अधिक ठण्ड पड़ती है। पर्वतीय भागों में वर्षा 100 से 200 सेमी तक होती है। दक्षिणी यूरोप भूमध्यसागरीय जलवायु वाला क्षेत्र है। यहाँ गर्मी प्रायः सूखी निकल जाती है तथा जाड़ों में वर्षा होती है। यूरोप का उत्तरी भाग आर्कटिक वृत्त में आ जाने से यहाँ ठण्ड अधिक पड़ती है और वर्षा बहुत कम होती है। रूस और नार्वे के उत्तरी भाग में तेज ठण्डी हवाओं के कारण लगभग साल भर बर्फ जमी रहती है। इसे टुण्ड्रा की जलवायु कहते हैं।

वनस्पति – यूरोप के लगभग एक चौथाई भाग में वन हैं।
(i) टुण्ड्रा के वन – महाद्वीप के सबसे उत्तरी भाग में नार्वे देश के उत्तर में टुण्ड्रा प्रदेश है। यहाँ साल भर बर्फ जमे रहने के कारण वनों का अभाव है। गर्मियों में बर्फ पिघलने पर लिचेन, काई तथा मॉस नामक छोटी झाडियाँ उग आती हैं।

(ii) टैगा के वन – टुण्ड्रा के दक्षिण में कोणधारी पेड़ों के वन पाए जाते हैं, जिन्हें टैगा कहते हैं। यहाँ के पेड़ों की आकृति कोण के समान तथा पत्तियाँ नुकीली होती हैं। मुख्य वृक्ष फर,। पाइन, स्यूस, लार्च आदि हैं।

(iii) मिश्रित वन – यूरोप के मध्यवर्ती व पश्चिमी भाग में कोणधारी व चौड़ी पत्ती वाले मिश्रित वन हैं। यह वन टैगा वनों के दक्षिण में पाए जाते हैं जिनमें ओक, ऐस, पोपलर आदि वृक्ष मुख्य हैं।

(iv) स्टेप्स के घास के मैदान – यूरोप के दक्षिणी-पूर्वी भाग में कम वर्षा के क्षेत्र में छोटी घास विशेष रूप से पैदा होती है।

(v) भूमध्यसागरीय वनस्पति – यूरोप के दक्षिण में भूमध्य सागर के पास विशेष प्रकार की भूमध्य सागरीय वनस्पति पाई जाती है। गहरी जड़ों वाले छोटे पौधे इस जलवायु में विशेष रूप से पैदा होते हैं। ये छोटी, मोटी और चमकीली पत्तियों वाले वृक्ष होते हैं।

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(2) यूरोप के प्राकृतिक विभागों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यूरोप को चार भागों में बाँटा जा सकता है –

(i) उत्तरी – पश्चिमी उच्च भूमि – महाद्वीप के उत्तरीपश्चिमी भाग में पर्वत और पठार हैं। इनका विस्तार नार्वे तथा स्वीडन देशों में अधिक है। अतः इन्हें नार्वे और स्वीडन के पर्वत और पठार भी कहते। इन्हें स्केन्डिनेवियन पर्वत भी कहा जाता है। नार्वे के समुद्री तट बहुत कटे-फटे, सँकरे और अधिक ढालू हैं, जिन्हें फियोर्ड तट कहते हैं।

(ii) मध्य के विशाल मैदान-ये मैदान पश्चिम में अटलांटिक महासागर के तट पर फ्रांस से लेकर पूर्व में यूराल पर्वत तक यूरोपीय रूस में फैले हुए हैं। मैदानों की चौड़ाई रूस में सबसे अधिक है और ये पश्चिम की ओर क्रमश: सँकरे होते गए हैं। उत्तर में श्वेत सागर से लेकर दक्षिणी पर्वतमाला तक इन मैदानों का विस्तार सामाणिकपशाग है। नदियों के कछार बनने के कारण यहाँ की मिट्टी उपजाऊ है। मैदान के पूर्वी भाग में वोल्गा नदी तथा पश्चिम में डेन्यूब नदी है जो क्रमशः कैस्पियन सागर तथा काला सागर में गिरती हैं।

(iii) मध्यवर्ती पठार – यूरोप के मैदानी भाग के दक्षिण में पठारों और कम ऊँचे पर्वतों की श्रृंखला फैली हुई है। इनमें फ्रांस का मैसिफ, ब्लैक फॉरेस्ट और बोहेमियाँ के पठार हैं। पुर्तगाल व स्पेन में भी पठारों का विस्तार है। अधिकांश भाग चट्टानी तथा अनुपजाऊ है।

(iv) दक्षिणी अल्पाइन पर्वतमाला – दक्षिण में ऊँचे नवीन पर्वतों की श्रृंखला भी है। यह श्रृंखला पश्चिम में अटलांटिक महासागर से पूर्व में कैस्पियन सागर तक फैली है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण आल्पस पर्वत की श्रृंखला है, जिसकी सबसे ऊँची चोटी माउण्ट ब्लैक है। अन्य पर्वत श्रेणियों में पेरेनीज, एपीनाइन, डिनारिक, कार्पेशियन और कॉकेशस हैं। कॉकेशस की सबसे ऊँची चोटी एलब्रुस चोटी है।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को यूरोप के रेखा मानचित्र में दर्शाइए –

  • आल्पस और स्केन्डिनेवियन पर्वत
  • सीन, राइन और वोल्गा नदी
  • टैगा वनों का क्षेत्र
  • आइसलैण्ड, नार्वे
  • वाल्टिक सागर, भूमध्य सागर, काला सागर, श्वेत सागर।
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