MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 2 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 26

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प्रश्न 1.
किसी समीकरण का हल केसे ज्ञात करें?
उत्तर:
किसी बीजीय समीकरण में चरों का प्रयोग करते हुए समता ‘=’ का चिह्न होता है। समता चिह्न के बायीं ओर वाला बायाँ पक्ष (L.H.S.) और दाहिनी ओर वाला दायाँ पक्ष (R.H.S.) कहलाता है। हम समीकरण के दोनों पक्षों पर एक जैसी ही गणितीय संख्याएँ करते हैं, जिससे कि समीकरण का सन्तुलन न बिगड़े। तत्पश्चात् समीकरण का अभीष्ट हल प्राप्त करते हैं।

समीकरण 2x – 3 = 7 में,
चर = x
बायाँ पक्ष = 2x – 3,
दायाँ पक्ष = 7

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश

MP Board Class 8th Science Chapter 16 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 199

प्रश्न 1.
क्या आप जानते हैं कि ये सब देखना कैसे सम्भव हो पाता है?
उत्तर:
हाँ, जब किसी वस्तु से प्रकाश हमारी आँख में प्रवेश करता है, तो हम वस्तु को देख पाते हैं।

वस्तुओं को दृश्य कौन बनाता है?

प्रश्न 1.
क्या कभी आपने सोचा है कि हम विभिन्न वस्तुओं को कैसे देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम विभिन्न वस्तुओं को प्रकाश की सहायता से अपने नेत्रों से देखते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप अँधेरे में किसी वस्तु को देख पाते हैं?
उत्तर:
नहीं, किसी वस्तु को देखने के लिए प्रकाश का होना आवश्यक है। जब किसी वस्तु से आने वाला प्रकाश हमारे नेत्रों में प्रवेश करता है, तभी हम वस्तु को देख पाते हैं।

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प्रश्न 3.
क्या आप बता सकते हैं कि किसी पृष्ठ पर पड़ने वाला प्रकाश किस दिशा में परावर्तित होगा?
उत्तर:
जब किसी सतह पर प्रकाश की किरण पड़ती है, तो वह अन्य दूसरी दिशा में परावर्तित हो जाती है।

परावर्तन के नियम

क्रियाकलाप 16.1

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि प्रकाश की किरण दर्पण से टकराने के बाद दूसरी दिशा में परावर्तित हो जाती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 200

प्रश्न 1.
प्रेक्षणों को सारणी में लिखिए।
उत्तर:
सारणी – आपतन कोण तथा परावर्तन कोण क्रम संख्या आपतन कोण परावर्तन कोण
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश 1

प्रश्न 2.
क्या आप आपतन कोण तथा परावर्तन कोणके बीच कोई सम्बन्ध पाते हैं? क्या ये दोनों लगभग बराबर हैं?
उत्तर:
हाँ, आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है। हाँ, ये दोनों लगभग बराबर हैं।

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प्रश्न 3.
यदि दर्पण पर प्रकाश अभिलम्ब के अनुदिश डालें तो क्या होगा?
उत्तर:
प्रकाश अभिलम्ब के अनुदिश ही परावर्तित होगा।

क्रियाकलाप 16.2

प्रश्न 1.
क्या आप अब भी परावर्तित किरण देख पाते हैं?
उत्तर:
नहीं, अब हम परावर्तित किरण नहीं देख पाते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप फिर से परावर्तित किरण को देख पाते हैं? इससे आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम फिर से परावर्तित किरण देख पाते हैं। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब ये सभी एक तल में होते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 201

प्रश्न 1.
पहेली ने उससे उन लक्षणों का स्मरण करने के लिए पूछा क्या प्रतिबिम्ब सीधा या अथवा उल्टा?
उत्तर:
प्रतिबिम्ब सीधा था।

प्रश्न 2.
क्या प्रतिबिम्ब का साइज वस्तु के साइज के बराबर था?
उत्तर:
हाँ, प्रतिबिम्ब का साइज वस्तु के बराबर था।

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प्रश्न 3.
क्या प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर दिखाई दिया था। जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने रखी थी?
उत्तर:
हाँ, प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर दिखाई दिया था जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने रखी थी।

प्रश्न 4.
क्या प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता था?
उत्तर:
नहीं, इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह आभासी प्रतिबिम्ब है।

क्रियाकलाप 16.3

प्रश्न 1.
क्या आप परावर्तित किरणों की दिशा ज्ञात कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम परावर्तित किरणों की दिशा ज्ञात कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
इन्हें आगे की ओर बढ़ाइए। क्या ये मिलती हैं? अब इन्हें पीछे की ओर बढ़ाइए। क्या अब ये मिलती हैं?
उत्तर:
ये किरणें आगे की ओर बढ़ाने पर एक बिन्दु पर नहीं मिलती हैं। इन्हें पीछे की ओर बढ़ाने पर ये एक बिन्दु पर मिलती हैं।

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प्रश्न 3.
क्या परावर्तित किरणें E पर स्थित किसी दर्शक के नेत्र को बिन्दु I से आती हुई प्रतीत होंगी?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश 2
उत्तर:
हाँ, परावर्तित किरणें E पर स्थित किसी दर्शक के नेत्र को बिन्दु I से आती हुई प्रतीत होंगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 202

नियमित तथा विसरित परावर्तन

क्रियाकलाप 16.4

प्रश्न 1.
क्या ये परावर्तित किरणें एक-दूसरे के समान्तर हैं?
उत्तर:
नहीं, ये परावर्तित किरणें एक-दूसरे के समान्तर नहीं हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 203

प्रश्न 1.
मेरे मन में एक प्रश्न है। यदि परावर्तित किरणें किसी अन्य दर्पण पर आपतित हों, तो क्या वे फिर परावर्तित हो सकती हैं?
उत्तर:
हाँ, यदि परावर्तित किरणें किसी अन्य दर्पण पर आपतित हों, तो वे फिर परावर्तित हो सकती हैं।

परावर्तित प्रकाश को पुनः परावर्तित किया जा सकता है?

प्रश्न 1.
क्या आप बता सकते हैं कि अपने सिर के पीछे के बालों को आप कैसे देख सकते हैं?
उत्तर:
हम अपने सिर के पीछे के बालों को अपने सिर के पीछे रखे दर्पण से होने वाले प्रकाश के परावर्तन द्वारा देख सकते हैं।

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प्रश्न 2.
क्या आप बता सकते हैं कि दो दर्पण परावर्तन द्वारा आप उन वस्तुओं को देखने योग्य कैसे बना पाते हैं जिन्हें आप सीधे नहीं देख पाते?
उत्तर:
हाँ, इस प्रक्रिया में एक दर्पण से परावर्तित होने वाली प्रकाश किरण पुनः दूसरे दर्पण से परावर्तित होती है। परिदर्शी द्वारा वस्तुओं को देखने में इसी घटना का उपयोग किया जाता है।

बहु प्रतिबिम्ब

प्रश्न 1.
यदि दो समतल दर्पणों को संयोजन में उपयोग करें तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि दो समतल दर्पणों को एक-दूसरे से किसी कोण में रखें तो उनसे अनेक प्रतिबिम्ब प्राप्त होते हैं।

क्रियाकलाप 16.5

प्रश्न 1.
आपको इस सिक्के के कितने प्रतिबिम्ब दिखाई देते हैं?
उत्तर:
सिक्के के चार प्रतिबिम्ब दिखाई देते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 204

प्रश्न 1.
क्या अब आप यह स्पष्ट कर सकते हैं कि केश प्रसाधक की दुकान पर आप अपने सिर के पीछे के भाग को कैसे देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम अपने सिर के पीछे के भाग को सिर के पीछे रखे दर्पण से प्रकाश के रासन द्वारा देख पाते हैं।

बहुमूर्तिदर्शी

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 205

क्रियाकलाप 16.7

प्रश्न 1.
आप इसकी व्याख्या किस प्रकार करेंगे?
उत्तर:
दर्पण एवं जल संयुक्त रूप से एक प्रिज्म बनाते हैं, यह प्रकाश को उसके सात घटकों में विभक्त कर देता है। प्रकाश का इस प्रकार अपने घटकों में विभाजन होना प्रकाश का विक्षेपण कहलाता है।

क्रियाकलाप 16.8

प्रश्न 1.
क्या आप पुतली के साइज में कोई अन्तर देख पाते हैं? किस स्थिति में पुतली बड़ी थी? क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
हाँ, जब टॉर्च से आँख पर प्रकाश डाला जाता है तो पुतली का साइज छोटा हो जाता है जिससे कि रेटिना पर प्रकाश की मात्रा कम पड़े। जब पुतली पर प्रकाश नहीं पड़ता है, तब इसका साइज कुछ बड़ा होता है, जिससे कि रेटिना पर अधिक प्रकाश जा सके। ऐसा इसलिए होता है कि आँखों में प्रवेश करने वाले प्रकाश को नियन्त्रित किया जा सके।

प्रश्न 2.
किस स्थिति में आपको आँख में अधिक प्रकाश भेजने की आवश्यकता है, मन्द प्रकाश में या तीव्र प्रकाश में?
उत्तर:
जब प्रकाश मन्द होता है, तब आँख में अधिक प्रकाश भेजने की आवश्यकता होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ परख्या # 206

प्रश्न 1.
किस प्रकार का लेंस केन्द्र पर मोटा होता है?
उत्तर:
उत्तल लेंस केन्द्र पर मोटा होता है।

क्रियाकलाप 16.9

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं? क्या गोल चिह्न शीट के किसी दूरी तक आने पर अदृश्य हो जाता है?
उत्तर:
शीट को धीरे-धीरे अपनी ओर लाने पर गोल चिह्न धुंधला होता जाता है। हाँ, एक निश्चित दूरी आने पर वह अदृश्य हो जाता है।

प्रश्न 2.
क्या इस बार क्रॉस अदृश्य हो जाता है?
उत्तर:
हाँ, क्रॉस इस बार भी अदृश्य हो जाता है। इसका कारण है कि रेटिना पर एक बिन्दु ऐसा है जो प्रकाश गिरने पर इसकी सूचना मस्तिष्क तक नहीं पहुँचाता।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 207

क्रियाकलाप 16.10

प्रश्न 1.
गत्ते के घूमते समय क्या आपको पक्षी पिंजरे के अन्दर दिखाई देता है?
उत्तर:
हाँ, गत्ते के घूमते समय हमको पक्षी दिखाई देता है।

MP Board Class 8th Science Chapter 16 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मान लीजिए आप अँधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हम अँधेरे कमरे में वस्तुओं को नहीं देख सकते हैं। क्योंकि अँधेरे कमरे की वस्तुओं को हम उनके द्वारा प्रकाश के परावर्तन द्वारा ही देख सकते हैं जो प्रकाश न होने के कारण अँधेरे कमरे में नहीं होगा। कमरे के बाहर वस्तुओं को हम तभी देख सकते हैं जबकि वहाँ रखी हुई वस्तुओं से परावर्तित प्रकाश हमारी आँखों तक आ सके।

प्रश्न 2.
नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए। क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?
उत्तर:
नियमित परावर्तन:
दर्पण जैसे चिकने पृष्ठ से होने वाले परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते हैं। इस प्रकार के परावर्तन में सभी समान्तर किरणें किसी समतल पृष्ठ से परावर्तित होने के पश्चात् समान्तर हो जाती है।

विसरित परावर्तन:
विसरित परावर्तन खुरदरे पृष्ठ से होता है। इस प्रकार के परावर्तन में सभी समान्तर किरणें किसी समतल पृष्ठ से परावर्तित होने के पश्चात् समान्तर नहीं होती। नहीं, विसरित परावर्तन का अर्थ यह नही है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए। विसरित परावर्तन में भी परावर्तन के नियमों का सफलतापूर्वक पालन होता है।

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प्रश्न 3.
निम्न में से प्रत्येक के स्थान के सामने लिखिए, यदि प्रकाश की एक समान्तर किरण-पुंज इनसे टकराए तो नियमित परावर्तन होगा या विसरित परावर्तन होगा। प्रत्येक स्थिति में अपने उत्तर का औचित्य बताइए।

  1. पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज।
  2. चॉक पाउडर।
  3. गत्ते का पृष्ठ।
  4. संगमरमर के फर्श पर फैला जल।
  5. दर्पण।
  6. कागज का टुकड़ा।

उत्तर:

  1. पॉलिश युक्त लकड़ी की मेज – नियमित परावर्तन क्योंकि मेज की सतह पॉलिश युक्त है।
  2. चॉक का पाउडर – विसरित परावर्तन क्योंकि इसकी सतह खुरदरी है।
  3. गत्ते का टुकड़ा – विसरित परावर्तन क्योंकि इसकी सतह खुरदरी है।
  4. संगमरमर के फर्श पर फैला जल – विसरित परावर्तन क्योंकि यह संगमरमर और जल के संयुक्त होने से प्रिज्म बनेगा।
  5. दर्पण – नियमित परावर्तन – क्योंकि दर्पण की सतह चमकदार तथा पॉलिश युक्त है।
  6. कागज का टुकड़ा – विसरित परावर्तन क्योंकि कागज की सतह खुरदरी होती है।

प्रश्न 4.
परावर्तन के नियम बताइए।
उत्तर:
परावर्तन के दो नियम हैं –

  1. आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
  2. आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।

प्रश्न 5.
यह दर्शाने के लिए कि आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्रयुक्त सामग्री – सफेद कागज की शीट, समतल दर्पण, पैमाना, पेंसिल, ड्राइंग बोर्ड, ड्राइंग पिन, आलपिन, दर्पण स्टैण्ड।

विधि:

  1. सफेद कागज की शीट को ड्राइंग पिनों की सहायता से ड्राइंग बोर्ड पर लगाते हैं।
    MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश 3
  2. इस शीट पर एक सीधी रेखा खींचकर उस पर दर्पण स्टैण्ड की सहायता से समतल दर्पण खड़ा करते हैं।
  3. दर्पण के लिए खींची गई रेखा पर मध्य में एक अभिलम्ब खींचते हैं।
  4. अभिलम्ब के साथ कोई न्यून कोण बनाती हुई रेखा खींचते हैं। इस पर दो आलपिन आपस में थोड़ी दूरी पर लगाते है।
  5. इन दोनों पिनों का प्रतिबिम्ब दर्पण में देखते हुए दो आलपिनें इस प्रकार लगाते हैं कि चारों पिनों के आधार एक सीध में रहें।
  6. शीट पर परावर्तित किरण खींचते हैं।
  7. शीट पर आपतन कोण और परावर्तन कोण खींचते हैं।
  8. अब शीट को बोर्ड से उठाकर परावर्तित किरण की ओर मोड़ते हैं।
  9. शीट को खोलकर देखने पर ज्ञात होता है कि आपतित किरण AO, परावर्तित किरण BO तथा अभिलम्ब ON, आपतन बिन्दु O पर मिलते हैं।

अतः स्पष्ट है कि आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।

प्रश्न 6.
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. एक समतल दर्पण के सामने 1 m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिम्ब से ………….. m दूर दिखाई देगा।
  2. यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ अपने ………….. कान को छुएँ तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान …….. हाथ से छुआ गया है।
  3. जब आप मन्द प्रकाश में देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज ………….. हो जाता है।
  4. रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या ………….. होती है।

उत्तर:

  1. 2
  2. बाएँ, बाएँ।
  3. बड़ा।
  4. अधिक।

प्रश्न 7 तथा 8 में सही विकल्प छाँटिए –

प्रश्न 7.
आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है –

  1. सदैव।
  2. कभी-कभी।
  3. विशेष दशाओं में।
  4. कभी नहीं।

उत्तर:
सदैव।

प्रश्न 8.
समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिम्ब होता है –

  1. आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।
  2. आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर।
  3. वास्तविक, दर्पण के पृष्ठ पर तथा आवर्धित।
  4. वास्तविक, दर्पण की पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर।

उत्तर:
आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिम्ब के साइज के बराबर।

प्रश्न 9.
कैलाइडोस्कोप की रचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कैलाइडोस्कोप गत्ते या मोटे चार्ट पेपर शीट की बनी एक बेलनाकार ट्यूब होती है। इस ट्यूब में दर्पण की तीन
आयताकार पट्टियाँ प्रिज्म की आकृति में जोड़कर दृढ़ता से ट्यूब में लगा देते हैं। ध्यान रहे कि ट्यूब दर्पण की पट्टियों से थोड़ी लम्बी हो। ट्यूब के एक सिरे को एक ऐसी डिस्क से बन्द कर देते हैं जिसमें अन्दर का दृश्य देखने के लिए एक छिद्र बना हो।

इस डिस्क को टिकाऊ बनाने के लिए इसके नीचे पारदर्शी प्लास्टिक की शीट चिपका देते हैं। ट्यूब के दूसरे सिरे पर समतल काँच की एक वृत्ताकार प्लेट दर्पणों को छूते हुए लगा देते हैं। इस प्लेट पर छोटे-छोटे रंगीन काँच के टुकड़े (रंगीन चूड़ियों के टुकड़े) रख देते हैं। ट्यूब के इस सिरे को घिसे हुए काँच की प्लेट से बन्द कर देते हैं। रंगीन टुकड़ों का हिलने-डुलने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। इस प्रकार कैलाइडोस्कोप की रचना कर लेते हैं।
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प्रश्न 10.
मानव नेत्र का नामांकित रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
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प्रश्न 11.
गुरमीत लेजर टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप 16.8 को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया। क्या आप अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, गुरमीत के अध्यापक ने लेजर टॉर्च का प्रयोग करने से इसलिए मना किया क्योंकि लेजर टॉर्च का प्रकाश रेटिना को हानि पहुँचा सकता है, जिससे उसमें स्थाई दृष्टि सम्बन्धी समस्या आ सकती है।

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प्रश्न 12.
वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे?
उत्तर:
अपने नेत्रों की देखभाल हम निम्न प्रकार कर सकते हैं –

  1. नेत्रों से सम्बन्धित कोई समस्या होने पर हमें नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
  2. हमें नेत्रों की नियमित जाँच कराते रहना चाहिए।
  3. बहुत अधिक और बहुत कम प्रकाश नेत्रों के लिए हानिकारक है। हमें सूर्य या शक्तिशाली लैम्प के अत्यधिक तीव्र प्रकाश अथवा लेजर टॉर्च के प्रकाश से बचना चाहिए। लेजर टॉर्च का प्रकाश रेटिना को क्षति पहुँचा सकता है।
  4. हमें सूर्य अथवा शक्तिशाली प्रकाश स्रोत को कभी भी सीधा नहीं देखना चाहिए।
  5. हमें अपने नेत्रों को कभी नहीं रगड़ना चाहिए। नेत्रों में धूल का कण गिर जाने पर नेत्रों को स्वच्छ जल से धोना चाहिए। सुधार न होने पर डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए।
  6. हमें पठन सामग्री अथवा पुस्तक को सदैव दृष्टि की सामान्य दूरी पर रखना चाहिए।

प्रश्न 13.
यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
उत्तर:
आपतन कोण का मान 45° होगा।

प्रश्न 14.
यदि दो समान्तर दर्पण एक-दूसरे से 40 cm के अन्तराल पर रखे हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिम्ब बनेंगे?
उत्तर:
मोमबत्ती के अनगिनत प्रतिबिम्ब बनेंगे।

प्रश्न 15.
दो दर्पण एक-दूसरे के लम्बवत् रखे हैं। प्रकाश की एक किरण एक दर्पण पर 30° के कोण पर आपतित होती हैं जैसा कि चित्र 16.5 में दर्शाया गया है। दूसरे दर्पण से परावर्तित होने वाले परावर्तित किरण बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश 6

प्रश्न 16.
निम्नांकित चित्र में दर्शाए अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है? क्या वह P, Q, तथा R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिम्ब भी देख सकता है?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 16 प्रकाश 7
उत्तर:
बूझो स्वयं को दर्पण में नहीं देख सकता। वह P तथा Q पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिम्ब देख सकता है। वह R पर स्थित वस्तु का प्रतिबिम्ब नहीं देख सकता है।

प्रश्न 17.

  1. A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण से बनने वाले प्रतिबिम्ब की स्थिति ज्ञात कीजिए उपर चित्र को देख सकता है।
  2. क्या स्थिति B से पहली प्रतिबिम्ब को देख सकती है?
  3. क्या स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिम्ब को देख सकता है?
  4. जब पहेली B से C पर चली जाती है तो A का प्रतिबिम्ब किस ओर खिसक जाता है?

उत्तर:

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  1. A पर स्थित किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनेगा जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने रखी है।
  2. हाँ, स्थिति B से पहेली प्रतिबिम्ब देख सकती है।
  3. हाँ, स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिम्ब को देख सकता है।
  4. A का प्रतिबिम्ब उसी स्थान पर रहेगा। प्रतिबिम्ब केवल उसी स्थिति में खिसकेगा जबकि वस्तु या दर्पण खिसके।

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं को संख्या रेखा पर निरूपित कीजिए:
(i) \(\frac{7}{4}\)
(ii) \(\frac{-5}{6}\)
उत्तर:
(i)
यहाँ हमें 0 के दाहिनी ओर \(\frac{1}{4}\) की समान दूरी पर 7 बिन्दु अंकित करने हैं।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-1
बिन्दु P परिमेय संख्या \(\frac{7}{4}\) को निरूपित करता है।

(ii)
यहाँ हमें 0 के बायीं ओर \(\frac{1}{6}\) की समान दूरी पर 5 बिन्दु अंकित करने हैं।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-2
बिन्दु B परिमेय संख्या 1 को निरूपित करता है।

प्रश्न 2.
\(\frac{-2}{11}\), \(\frac{-5}{11}\), \(\frac{-9}{11}\), को संख्या रेखा पर निरूपित कीजिए।
हल:
यहाँ, संख्या रेखा को 0 के बायीं ओर 11 समान भागों में विभक्त करेंगे। प्रत्येक भाग \(\frac{1}{11}\) भाग को निरूपित करेगा।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-3
परिमेय संख्याओं को \(\frac{-2}{11}\), \(\frac{-5}{11}\) और \(\frac{-9}{11}\) को क्रमशः बिन्दु A, B तथा C द्वारा निरूपित किया गया है।

प्रश्न 3.
ऐसी पाँच परिमेय संख्याएँ लिखिए जो 2 से छोटी हों।
उत्तर:
2 से छोटी पाँच परिमेय संख्याएँ –
1, \(\frac{1}{2}\), 0, \(\frac{-1}{2}\), -1

प्रश्न 4.
\(\frac{-2}{5}\) और \(\frac{1}{2}\) के मध्य दस परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-4
हम जानते हैं कि, – 8 < – 7, < – 6 < 5, …… 9, < 10
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-5
अतः \(\frac{-2}{5}\) तथा \(\frac{1}{2}\) के बीच परिमेय संख्याएँ
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-6

प्रश्न 5.
(i) \(\frac{2}{3}\) और \(\frac{4}{5}\)
(ii) \(\frac{-3}{2}\) और \(\frac{5}{3}\)
(iii) \(\frac{1}{4}\) और \(\frac{1}{2}\) के बीच मध्य पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
(i)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-7
हम जानते हैं कि 40 < 41 < 42 < 43 < 44 < 45 < ……. < 48
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-8
अतः \(\frac{2}{5}\) और \(\frac{4}{5}\) के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-9
(ii)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-10
हम जानते हैं कि -9 < – 8 < – 7 < – 6 < – 5 < …… < 0 < 1 < 2 < …… < 9 < 10
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-11
अतः \(\frac{-3}{2}\) और \(\frac{5}{3}\) के मध्य पाँच परिमेय संख्याएँ \(\frac{-8}{6}\), \(\frac{-7}{6}\), 0, \(\frac{1}{6}\), \(\frac{2}{6}\) हैं।

(iii)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-12
हम जानते हैं कि 8 < 9 < 10 < 11 < 12 < 13 < 14 < 15 < 16
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-13
अतः \(\frac{1}{4}\) और \(\frac{1}{2}\) के मध्य पाँच परिमेय संख्याएँ \(\frac{9}{32}\), \(\frac{10}{32}\), \(\frac{11}{32}\), \(\frac{12}{32}\), \(\frac{13}{32}\) हैं।
(इसके अतिरिक्त और भी परिमेय संख्याएँ हो सकती हैं)

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प्रश्न 6.
-2 से बड़ी पाँच परिमेय संख्याएँ लिखिए।
हल:
– 2 से बड़ी पाँच परिमेय संख्याएँ \(\frac{-3}{2}\), -1, \(-\frac{-2}{5}\), 0, 1, \(\frac{1}{2}\) हैं।
(इसके अतिरिक्त और भी परिमेय संख्याएँ हो सकती हैं)

प्रश्न 7.
3 और 2 के मध्य दस परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-14
हम जानते हैं कि
96 < 97 < 98 < 99 < 100 < 101 < ……. <118 < 119 < 120
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-15
अतः हैं और है के मध्य दस परिमेय संख्याएँ
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 1 परिमेय संख्याएँ Ex 1.2 img-16
(इसके अतिरिक्त और भी परिमेय संख्याएँ हो सकती हैं)

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर

MP Board Class 8th Science Chapter 10 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 113

प्रश्न 1.
मानव किसी निश्चित आयु के बाद ही क्यों जनन कर सकते हैं?
उत्तर:
मानव में एक निश्चित आयु के बाद ही जनन अंग परिपक्व होते हैं। इसलिए वे एक निश्चित आयु के बाद ही जनन कर सकते हैं। मनुष्य का वह जीवन काल जबकि शरीर में परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आती है, किशोरावस्था कहलाती है। यह अवस्था 11 वर्ष की आयु से 19 वर्ष की आयु तक रहती है।

किशोरावस्था एवं यौवनारम्भ

प्रश्न 1.
शरीर में होने वाले इस परिवर्तन की अवधि कब तक रहती है?
उत्तर:
शरीर में होने वाले इस परिवर्तन की अवधि लगभग 11 वर्ष की आयु से 18 – 19 वर्ष की आयु तक रहती है।

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प्रश्न 2.
जीवन का यह ऐसा अजीव काल है कि इसमें आप न तो बच्चे रहते हैं और न ही बड़े। मैं जिज्ञासु हूँ कि क्या बाल्यकाल एवं युवावस्था के मध्य की इस अवधि का कोई विशेष नाम है?
उत्तर:
बाल्यकाल एवं युवावस्था के मध्य की इस अवधि को किशोरावस्था कहते हैं। किशोरावस्था अंग्रेजी में teens (thirteen से eighteen/nineteen वर्ष की आयु) तक होती है, किशोरों को टीनेजर्स भी कहते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 114

प्रश्न 1.
पहेली और बूझो को एहसास होता है कि लम्बाई में एकाएक वृद्धि एवं लड़कों में हलकी दाढ़ी-मूंछों का आना किशोरावस्था के लक्षण हैं। वे यौवनारम्भ में होने वाले अन्य परिवर्तनों के विषय में जानना चाहते हैं।
उत्तर:
यौवनारम्भ में होने वाले अन्य परिवर्तन निम्न हैं –
1. लड़कों में:
आवाज में परिवर्तन आ जाता है। आवाज फटने/भर्राने लगती है। चेहरे पर बाल उगने लगते हैं अर्थात् दाढ़ी-मूंछ आने लगती है। वृषण एवं शिश्न पूर्णतः विकसित हो जाते हैं। वृषण से शुक्राणुओं का उत्पादन भी प्रारम्भ हो जाता है। कन्धे व सीना पहले की अपेक्षाकृत चौड़े हो जाते हैं। वे स्वतन्त्र और अपने प्रति अधिक सचेत हो जाते हैं।

2. लड़कियों में:
कमर का निचला भाग चौड़ा हो जाता है। लड़कियों का स्वर उच्च तारत्व वाला होता है। स्तनों का विकास होने लगता है एवं अण्डाशय के साइज में वृद्धि हो जाती है तथा अण्ड परिपक्व होने लगते हैं। अण्डाशय से अण्डाणुओं का निर्मोचन प्रारम्भ हो जाता है।

क्रियाकलाप 10.2

प्रश्न 1.
क्रियाकलाप 10.1 में दिए गए आँकड़ों का उपयोग करके एक ग्राफ बनाइए। आयु को ‘X-अक्ष’ पर तथा लम्बाई में वृद्धि का प्रतिशत ‘Y-अक्ष’ पर लीजिए। अपनी आयु को ग्राफ पर विशिष्ट रूप से चिह्नित कीजिए। आप जिस लम्बाई के प्रतिशत को प्राप्त कर चुके हैं, उसका पता लगाइए। आप अन्ततः जिस लम्बाई को प्राप्त कर सकेंगे, उसका परिकलन कीजिए। आप अपने ग्राफ की तुलना निम्न ग्राफ से कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 1
चित्र मेरी वर्तमान आयु = 13 वर्ष; लम्बाई = 120 सेमी
13 वर्ष की आयु पर पूर्ण लम्बाई का प्रतिशत = 88% (चार्ट में दिए गए मान के अनुसार)
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 115

प्रश्न 1.
मैं चिन्तित हूँ। यद्यपि मैं लम्बी हो गई हूँ, परन्तु शरीर की तुलना में मेरा चेहरा छोटा है।
उत्तर:
पहेली को चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है। शरीर के सभी अंग समान दर से वृद्धि नहीं करते।

शारीरिक आकृति में परिवर्तन

प्रश्न 1.
क्या आपने ध्यान दिया है कि आपकी कक्षा के छात्रों के कन्धे एवं सीना निचली कक्षा के छात्रों की अपेक्षा अधिक चौड़े होते हैं?
उत्तर:
हाँ, हमारी कक्षा के छात्रों के कंधे एवं सीना निचली कक्षा के छात्रों की अपेक्षा अधिक चौड़े होते हैं। इसका कारण यह है कि वे यौवनारम्भ में प्रवेश कर चुके होते हैं और वृद्धि के कारण उनके कंधे और सीना निचली कक्षा के छात्रों की अपेक्षा चौड़े हो जाते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 116

स्वर में परिवर्तन

प्रश्न 1.
मेरे अनेक सहपाठियों की फटी आवाज है। अब में जान गया हूँ, ऐसा क्यों है?
उत्तर:
इसका कारण है कि किशोर लड़कों में कभी-कभी स्वरयन्त्र की पेशियों में अनियन्त्रित वृद्धि हो जाती है। अतः उनकी आवाज फटी होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 117

गौण लैंगिक लक्षण

प्रश्न 1.
बूझो और पहेली दोनों ही जानना चाहते हैं कि यौवनारम्भ में होने वाले इन परिवर्तनों का प्रारम्भ कौन करता है?
उत्तर:
यौवनारम्भ में होने वाले इन परिवर्तनों का प्रारम्भ हॉर्मोन करते हैं।

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प्रश्न 2.
परन्तु वे जानना चाहते हैं कि क्या जनन काल एक बार प्रारम्भ होने के बाद जीवन-पर्यन्त तक चलता है या कभी समाप्त होता है?
उत्तर:
नहीं, जनन काल एक बार प्रारम्भ होने के बाद यह जीवन-पर्यन्त नहीं चलता है। सामान्यतः यह 45 वर्ष से 50 वर्ष की आयु तक चलता रहता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 118

मानव में जनन काल की अवधि

प्रश्न 1.
पहेली कहती है कि स्त्रियों में जनन काल की अवधि रजोदर्शन से रजोनिवृत्ति तक होती है। क्या वह सही है?
उत्तर:
हाँ, वह बिल्कुल सही है।

संतति का लिंग निर्धारण किस प्रकार होता है?

प्रश्न 1.
मुझे यह जानने की उत्सुकता है कि इस बात का निर्धारण कैसे होता है कि निषेचित अण्डाणु लड़के में अथवा लड़की में विकसित होगा?
उत्तर:
मनुष्य के केन्द्रक में 23 जोड़े गुणसूत्र पाए जाते हैं। इनमें से 2 गुणसूत्र (एक जोड़ी) लिंग-सूत्र होते हैं। स्त्री में दो X गुणसूत्र होते हैं और पुरुष में एक X और एक Y गुणसूत्र होते हैं। युग्मक (अण्डाणु और शुक्राणु) में गुणसूत्रों का एक जोड़ा होता है जो लिंग का निर्धारण करता है।

अनिषेचित अण्डाणु में सदैव एक X गुणसूत्र होता है। परन्तु शुक्राणु दो प्रकार के होते हैं जिनमें एक प्रकार में X गुणसूत्र एवं दूसरे प्रकार में Y गुणसूत्र होता है। जब X गुणसूत्र वाला शुक्राणु अण्डाणु में निषेचित करता है तो युग्मनज में दो X गुणसूत्र होंगे तथा वह मादा शिशु (लड़की) में विकसित होगा। यदि अण्डाणु को निषेचित करने वाले शुक्राणु में Y गुणसूत्र है तो युग्मनज नर शिशु (लड़का) में विकसित होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 120-121

प्रश्न – क्या अन्य जन्तुओं में भी हॉर्मोन स्रावित होते हैं? क्या जनन प्रक्रिया में उनका कोई योगदान है?
उत्तर:
हाँ, अन्य जन्तुओं में भी हॉर्मोन स्रावित होते हैं और जनन प्रक्रिया में उनका योगदान होता है।

कीट एवं मेंढक में जीवन-चक्र पूर्ण करने में हॉर्मोन का योगदान।

प्रश्न – यदि व्यक्ति के आहार में पर्याप्त आयोडीन न हो तो क्या उन्हें थायरॉक्सिन की कमी के कारण ‘गॉयटर’ हो जाएगा?
उत्तर:
हाँ, यदि व्यक्ति के आहार में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं होगा, तो उन्हें गॉयटर हो जाएगा।

क्रियाकलाप 10.3

प्रश्न 1.
किसी पत्रिका अथवा डॉक्टर से सूचना एकत्र कर आयोडीन युक्त नमक के उपयोग पर एक नोट तैयार कीजिए। आप इसकी जानकारी इण्टरनेट पर भी देख सकते हैं।
उत्तर:
आहार में आयोडीन की मात्रा मनुष्य को गॉयटर से बचाती है। यह थायरॉइड ग्रन्थि का रोग है। जब थायरॉइड ग्रन्थि थायरॉक्सिन हार्मोन का निर्माण नहीं करती तब यह रोग हो जाता है। थायरॉक्सिन निर्माण के लिए आहार अथवा जल में आयोडीन की उपस्थिति आवश्यक है। आहार में आयोडीन की कमी से गॉयटर रोग हो जाता है।

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प्रश्न 2.
सन्तुलित आहार क्या है?
उत्तर:
सन्तुलित आहार का अर्थ है भोजन में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन एवं खनिज लवणों का पर्याप्त मात्रा में
होना।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 121

प्रश्न – अपने दोपहर एवं रात्रि के भोजन के खाद्य पदार्थों की जाँच कीजिए। क्या भोजन सन्तुलित एवं पोषक है? क्या इसमें ऐसे खाद्यान्न हैं जो ऊर्जा प्रदान करते हैं तथा क्या इनमें दूध, माँस, नट एवं दालें भी शामिल हैं जो वृद्धि हेतु प्रोटीन प्रदान करते हैं? क्या इसमें वसा एवं शक्कर भी शामिल हैं, जो ऊर्जा प्रदान करते हैं? फल एवं सब्जियों का क्या स्थान है जो रक्षी भोजन हैं?
उत्तर:
मैं अपने दोपहर एवं रात्रि के भोजन में रोटी, दाल, चावल, तरकारी आदि लेता हूँ। दोपहर एवं रात्रि के भोजन के बाद में सेब, केला, अंगर आदि मौसमी फल लेता हूँ। सोने से पूर्व में एक गिलास दूध लेता हूँ। हाँ, मैं सोचता हूँ मेरा भोजन सन्तुलित एवं पोषक है। हाँ, इसमें ऐसे भी खाद्यान्न हैं जो ऊर्जा प्रदान करते हैं। मेरे भोजन में दूध, नट एवं दालें शामिल हैं जो वृद्धि हेतु प्रोटीन प्रदान करते हैं। हाँ, इसमें वसा एवं शक्कर भी शामिल है, जो ऊर्जा प्रदान करते हैं।

क्रियाकलाप 10.4

प्रश्न – अपने मित्रों के साथ एक समूह बनाइए। उन खाद्य पदार्थों के नाम लिखिए जो आपने पिछले दिन (कल) नाश्ते, दोपहर के भोजन एवं रात्रिकालीन भोजन में खाए थे। उन खाद्य पदार्थों की पहचान कीजिए जो समुचित वृद्धि के लिए उत्तरदायी हैं। ‘जंक फूड’ की भी पहचान कीजिए जो आपने पिछले दिन खाया था?
उत्तर:
मेरे तीन मित्र हैं, गुरुचरन सिंह, पंजाबी सिख, एस. एच. बेकन, ईसाई, तथा कुन्जु नटराजन, दक्षिण भारतीय यह मेरा एक समूह है जिसमें मैं स्वयं भी हूँ। नाश्ते, दोपहर के भोजन एवं रात्रिकालीन भोजन में खाद्य पदार्थों का विवरण निम्न प्रकार है –
(1) मेरा स्वयं का:

  1. नाश्ता: ब्रेड, 1 चपाती, तरकारी और एक गिलास दूध।
  2. दोपहर का भोजन: चपाती, चावल, दाल, तरकारी, दही, सेब।
  3. रात्रि का भोजन: चपाती, दाल, तरकारी, खीर, एक फल एवं एक गिलास दूध। किसी सीमा तक मेरा भोजन सन्तुलित भोजन है,जो मेरी समुचित वृद्धि के लिए काफी है।

(2) गुरुचरन सिंह:

  1. नाश्ता: पूड़ी, सब्जी एवं चाय अथवा छोले-भटूरे एवं चाय।
  2. दोपहर का भोजन: चपाती, दाल, माँस/मछली आदि और दही।
  3. रात्रि का भोजन: चपाती, मछली/अण्डा, कढ़ी एवं दही।

उपर्युक्त भोजन एक सीमा तक सन्तुलित आहार है। इससे समुचित वृद्धि सम्भव है।

(3) एस. एच. ब्रेकन:

  1. नाश्ता: ब्रेड, मक्खन एवं चाय। दोपहर का भोजन-चावल, माँस एवं तली हुई तरकारी।
  2. रात्रि का भोजन: चपाती, दाल, चावल, सब्जी एवं दही।

यह भी किसी सीमा तक सन्तुलित आहार है। अतः समुचित वृद्धि के लिए ठीक है।

(4) कुन्जु नटराजन:

  1. नाश्ता: सांभर, बड़ा/इडली एवं चाय।
  2. दोपहर का भोजन: चावल, सांभर, चटनी एवं दही।
  3. रात्रि का भोजन: चावल, सांभर, चटनी, दही एवं चपाती।

यह भोजन एक सन्तुलित आहार नहीं है। इस भोजन से समुचित वृद्धि सम्भव नहीं है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 122

क्रियाकलाप 10.6

प्रश्न – अपनी कक्षा में उन सहपाठियों के आँकड़े एकत्र कीजिए जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तथा उनके आँकड़े भी एकत्रित कीजिए जो व्यायाम नहीं करते। क्या आपको उनकी चुस्ती एवं स्वास्थ्य में कोई अन्तर दिखाई देता है? नियमित व्यायाम के लाभ पर एक रिपोर्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
विभिन्न प्रकार के व्यायाम करने से हमारा शरीर हष्ट-पुष्ट रहता है, अंगों में फुर्ती आती है तथा मस्तिष्क की कार्य शक्ति बढ़ जाती है। शरीर रक्त परिभ्रमण की क्रिया सुचारु रूप से होती है। व्यायाम मनुष्य के लिए वरदान है।

हाँ, हमको व्यायाम करने वाले छात्रों और व्यायाम न करने वाले छात्रों में अन्तर दिखाई देता है। व्यायाम न करने वाले छात्र तन्दुरुस्त नहीं हैं, आलसी हैं तथा अधिकतर बीमार रहते हैं। उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता।

नियमित व्यायाम करने से लाभ:

  1. नियमित व्यायाम करने से शरीर सुन्दर एवं सुडौल बनता है।
  2. माँसपेशियाँ क्रियाशील रहती हैं।
  3. रुधिर का संचार सुचारु रूप से होता है तथा कार्यक्षमता बढ़ती है।
  4. शरीर से विषैले पदार्थ जैसे, यूरिया, यूरिक अम्ल आदि पसीने के रूप में बाहर निकल जाते हैं।
  5. मस्तिष्क में रक्त संचार होने से मस्तिष्क की कार्य शक्ति बढ़ती है।
  6. हृदय एवं श्वास रोग होने की सम्भावना कम हो जाती

MP Board Class 8th Science Chapter 10 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
शरीर में होने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित पदार्थ का क्या नाम है?
उत्तर:
शरीर में होने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित पदार्थ का नाम हॉर्मोन है।

प्रश्न 2.
किशोरावस्था को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
जीवन काल की वह अवधि जब शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आती है, किशोरावस्था कहलाती है। किशोरावस्था लगभग 11 वर्ष की आयु से प्रारम्भ होकर 18 – 19 वर्ष की आयु तक रहती है।

प्रश्न 3.
ऋतुस्राव क्या है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्त्रियों में यौवनारम्भ पर अण्डाणु परिपक्व होने लगते हैं। अण्डाणुओं में एक अण्डाणु परिपक्व होता है तथा लगभग 28 से 30 दिनों के अन्तराल पर किसी एक अण्डाशय द्वारा निर्मोचित होता है। इस अवधि में गर्भाशय की दीवार मोटी हो जाती है जिससे वह अण्डाणु के निषेचन के पश्चात् युग्मनज को ग्रहण कर सके। यदि अण्डाणु का निषेचन नहीं होता तो अण्डाणु तथा गर्भाशय का मोटा स्तर उसकी रुधिर वाहिकाओं सहित निस्तारित हो जाता है। इससे स्त्रियों में रक्तस्राव होता है, जिसे ऋतुस्त्राव अथवा रजोधर्म कहते हैं।

प्रश्न 4.
यौवनारम्भ के समय होने वाले शारीरिक परिवर्तनों की सूची बनाइए।
उत्तर:
यौवनारम्भ के समय होने वाले शारीरिक परिवर्तनों की सूची:

  1. लम्बाई में वृद्धि।
  2. शारीरिक आकृति में परिवर्तन।
  3. स्वर में परिवर्तन।
  4. स्वेद एवं तैल ग्रन्थियों की क्रियाशीलता में वृद्धि।
  5. जनन अंगों का विकास।
  6. मानसिक, बौद्धिक एवं संवेदनात्मक परिपक्वता।

प्रश्न 5.
दो कॉलम वाली एक सारणी बनाइए जिसमें अन्तःस्रावी ग्रन्थियों के नाम तथा उनके द्वारा स्रावित हॉर्मोन के नाम दर्शाए गए हों।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 3

प्रश्न 6.
लिंग हॉर्मोन क्या है? उनका नामकरण इस प्रकार क्यों किया गया? उनके प्रकार्य बताइए।
उत्तर:
हमारे शरीर में अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ, वृषण, अण्डाशय लैंगिक हॉर्मोन स्रावित करते हैं। ये हॉर्मोन गौण लैंगिक लक्षणों के लिए उत्तरदायी हैं जो लड़कों को लड़कियों से पहचानने में सहायता करते हैं। इसलिए इन्हें लिंग हॉर्मोन कहते हैं। ये पीयूष ग्रन्थि द्वारा स्रावित हॉर्मोन के नियन्त्रण में रहते हैं।

प्रकार्य:
लिंग हॉर्मोन रासायनिक पदार्थ हैं। ये अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा अथवा अन्तःस्रावी तन्त्र द्वारा स्रावित किए जाते हैं।
(1) यौवनारम्भ के साथ ही वृषण पौरुष हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन स्रावित करना प्रारम्भ कर देता है। यह लड़कों में परिवर्तन का कारक है। जैसे-चेहरे पर बालों का आना।

(2) यौवनारम्भ के साथ लड़कियों में अण्डाशय स्त्री हॉर्मोन एस्ट्रोजन स्रावित करना प्रारम्भ कर देता है, जिससे स्तन एवं दुग्ध ग्रन्थियाँ विकसित हो जाती हैं। इन हॉर्मोनों के उत्पादन का नियन्त्रण पीयूष ग्रन्थि द्वारा स्रावित हॉर्मोन द्वारा होता है।

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प्रश्न 7.
सही विकल्प चुनिए –
(क) किशोर को सचेत रहना चाहिए कि वह क्या खा रहे हैं? क्योंकि –

  1. उचित भोजन से उनके मस्तिष्क का विकास होता है।
  2. शरीर में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि के लिए उचित आहार की आवश्यकता होती है।
  3. किशोर को हर समय भूख लगती है।
  4. किशोर में स्वाद कलिकाएँ (ग्रन्थियाँ) भली भाँति विकसित होती है।

(ख) स्त्रियों में जनन आयु (काल) का प्रारम्भ उस समय होता है जब उनके –

  1. ऋतुस्राव प्रारम्भ होता है।
  2. स्तन विकसित होना प्रारम्भ करते हैं।
  3. शारीरिक भार में वृद्धि होने लगती है।
  4. शरीर की लम्बाई बढ़ती है।

(ग) निम्न में से कौन-सा आहार किशोर के लिए सर्वोचित है –

  1. चिप्स, नूडल, कोक।
  2. रोटी, दाल, सब्जियाँ।
  3. चावल, नूडल्स, बर्गर।
  4. शाकाहारी टिक्की, चिप्स तथा लेमन पेय।

उत्तर:
(क) शरीर में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि के लिए उचित आहार की आवश्यकता होती है।

(ख) ऋतुस्राव प्रारम्भ होता है।

(ग) रोटी, दाल, सब्जियाँ।

प्रश्न 8.
निम्न पर टिप्पणी लिखिए –

  1. ऐडॅम्स ऐपॅल।
  2. गौण लैंगिक लक्षण।
  3. गर्भस्थ शिशु में लिंग निर्धारण।

उत्तर:
1. ऐडम्स ऐपॅल:
किशोरावस्था में लड़कों का स्वरयन्त्रविकसित होकर अपेक्षाकृत बड़ाहो जाता है। लड़कों में बढ़ा हुआ स्वरयन्त्र गले के सामने की ओर सुस्पष्ट उभरे भाग के रूप में दिखाई देता है, जिसे ऐडॅम्स ऐपॅल (कण्ठमणि) कहते हैं।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 4

2. गौण लैंगिक लक्षण:
युवावस्था में लड़कियों में स्तनों का विकास होने लगता है तथा लड़कों के चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आने लगती है। ये लक्षण लड़कियों को लड़कों से पहचानने में सहायता करते हैं, अतः इन्हें गौण लैंगिक लक्षण कहते हैं। लड़कों के सीने पर बाल आ जाते हैं। लड़के व लड़कियों दोनों में ही बगल तथा प्यूबिक क्षेत्र में भी बाल आ जाते हैं। ये सभी परिवर्तन हॉर्मोन द्वारा नियन्त्रित होते हैं और हॉर्मोन अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित होते हैं।

3. गर्भस्थ शिशु में लिंग निर्धारण:
सभी मनुष्यों की कोशिकाओं के केन्द्रक में 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं। इनमें से 2 गुणसूत्र (1 जोड़ा) लिंग निर्धारण करता है। युग्मक (अण्डाणु तथा शुक्राणु) में गुणसूत्रों का एक जोड़ा होता है। अण्डाणु में सदा X गुणसूत्र होता है परन्तु शुक्राणु दो प्रकार के होते हैं जिसमें एक प्रकार में X गुणसूत्र एवं दूसरे प्रकार में Y गुणसूत्र होता है। जब X गुणसूत्र वाला शुक्राणु अण्डाणु को निषेचित करता है तो युग्मनज में दो X गुणसूत्र होंगे तथा वह मादा शिशु में विकसित होगा। यदि अण्डाणु को निषेचित करने वाले शुक्राणु में Y गुणसूत्र हैं तो युग्मनज नर शिशु में विकसित होता है। इस प्रकार गर्भस्थ शिशु में लिंग-निर्धारण के लिए पिता के लिंग गुणसूत्र उत्तरदायी हैं।

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प्रश्न 9.
शब्द पहेली: शब्द बनाने के लिए संकेत सन्देश का प्रयोग कीजिए –
बाईं से दाईं ओर:
3. एड्रिनल ग्रन्थि से स्रावित हॉर्मोन।
4. मेंढक में लारवा से वयस्क तक होने वाला परिवर्तन।
5. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित पदार्थ।
6. किशोरावस्था को कहा जाता है।

ऊपर से नीचे की ओर:
1. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों का दूसरा नाम।
2. स्वर पैदा करने वाला अंग।
3. स्त्री हॉर्मोन।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 5

प्रश्न 10.
नीचे दी गई सारणी में आयु वृद्धि के अनुपात में लड़के एवं लड़कियों की अनुमानित लम्बाई के आँकड़े दर्शाए गए हैं। लड़के व लड़कियों दोनों की लम्बाई एवं आयु को प्रदर्शित करते हुए एक ही ग्राफ कागज पर ग्राफ खींचिए। इस ग्राफ से आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 6
उत्तर:
ग्राफ से स्पष्ट है कि जन्म के समय दोनों की लम्बाई समान होती है। 4-8 वर्ष के अन्तराल में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों की लम्बाई अधिक तेजी से बढ़ती है। 8-12 वर्ष के अन्तराल में लड़कियों की लम्बाई लड़कों से ज्यादा होती है। 16 वर्ष तक पहुँचते-पहुँचते दोनों की = लम्बाई समान हो जाती है। परन्तु 16-20 वर्ष की आयु में लड़कों की लम्बाई लड़कियों की लम्बाई से अधिक हो जाती है।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

MP Board Class 8th Science Chapter 4 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 44

प्रश्न 1.
पदार्थों की दिखावट और कठोरता के आधार पर सारणी पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 1

प्रश्न 2.
क्या आप उन पदार्थों के नाम बता सकते हैं जो धातु हैं?
उत्तर:
हाँ, आयरन (लोहा), ऐलुमिनियम, कॉपर (ताँबा) आदि धातुएँ हैं।

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प्रश्न 3.
क्या आपने लोहार को लोहे के टुकड़े अथवा लोहे से निर्मित वस्तु, जैसे-फावड़ा, बेलचा, कुल्हाड़ी आदि को पीटते हुए देखा है? क्या इन वस्तुओं के पीटने पर आप इनके आकार में कोई परिवर्तन पाते हैं? क्या कोयले के टुकड़े को पीटने पर भी वैसे ही परिवर्तन की अपेक्षा करते हैं?
उत्तर:
हाँ, हमने लोहार को लोहे के टुकड़े/लोहे से निर्मित वस्तु को पीटते हुए देखा है। हाँ, हम इन वस्तुओं के पीटने पर उनके आकार में परिवर्तन पाते हैं। कोयले के टुकड़े को पीटने पर हम वैसे ही परिवर्तन की अपेक्षा नहीं करते। यदि कोयले के टुकड़े को पीटा जाता है, तो उसके आकार में परिवर्तन नहीं होगा बल्कि उसके टुकड़े-टुकड़े हो जाएँगे।

क्रियाकलाप 4.1

प्रश्न 1.
अपने प्रेक्षणों को निम्नांकित सारणी में रिकॉर्ड करिए।
उत्तर:
सारणी: पदार्थों की आघातवर्धनीयता:

वस्तु/पदार्थ आकार में परिवर्तन (चपटा हो गया/टुकड़े हो गए)
लोहे की कील चपटी हो गई
कोयले का टुकड़ा टुकड़े हो गए
ऐलुमिनियम की तार चपटा हो गया
पेन्सिल लेड टुकड़े हो गए

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 45-46

प्रश्न 1.
क्या आप कोयला और पेन्सिल लेड जैसे पदार्थों को धातु कह सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम इन्हें धातु नहीं कह सकते हैं।

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प्रश्न 2.
क्या आप बिना प्लास्टिक या लकड़ी के हत्थे वाले गर्म धातु के पात्र को, स्वयं को बिना आघात पहुँचाए पकड़ सकते हैं? शायद नहीं! क्यों?
उत्तर:
नहीं, हम बिना प्लास्टिक या लकड़ी के हत्थे वाले गर्म धातु के पात्र को बिना आघात (बिना जले) पहुँचाए नहीं
पकड़ सकते हैं। प्लास्टिक और लकड़ी ऊष्मा के कुचालक हैं। इनके लगे होने से गर्मी धातु के पात्र से हमारे हाथों तक नहीं आएगी इससे हमारे हाथ नहीं जलेंगे।

प्रश्न 3.
कुछ अनुभवों की सूची बनाने का प्रयास कीजिए जिसमें एक लकड़ी या प्लास्टिक का हत्था आपको घायल होने से बचाता है। इन अनुभवों के आधार पर आप लकड़ी, प्लास्टिक द्वारा ऊष्मा के चालन के विषय में क्या कह सकते हैं?
उत्तर:
केतली, तवा, फ्राई पेन इत्यादि। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि धातुओं द्वारा ऊष्मा का चालन होता है तथा ऊष्मा की कुचालक वस्तुओं द्वारा ऊष्मा का चालन नहीं होता है।

प्रश्न 4.
आपने एक विद्युत् कमी को पेचकस से काम करते देखा होगा। उसका हत्था किस प्रकार का होता है? क्यों?
उत्तर:
पेचकस का हत्था प्लास्टिक का होता है क्योंकि यह विद्युत् का कुचालक है। इसमें होकर विद्युत् का प्रवाह उसके शरीर में नहीं होगा।

प्रश्न 5.
आप ऐलुमिनियम और ताँबे के तारों का उपयोग कहाँ देखते हैं? क्या आपने कोयले की तारें देखी हैं?
उत्तर:
हम ऐलुमिनियम और ताँबे के तारों का उपयोग घरेलू विद्युत् फिटिंग में देखते हैं, नहीं, हमने कोयले की तारें नहीं देखी हैं।

प्रश्न 6.
क्या आपने कभी लोहे की शीट/प्लेट, धातु का सिक्का और एक कोयले का टुकड़ा फर्श पर गिराकर उनसे उत्पन्न ध्वनि के अन्तर पर ध्यान दिया है? क्या आप उत्पन्न ध्वनियों में अन्तर पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, उनसे उत्पन्न ध्वनि के अन्तर पर ध्यान दिया है। लोहे की शीट/प्लेट और धातु के सिक्के को जब फर्श पर गिराया जाता है तो वे निनाद ध्वनि (ringing sound) उत्पन्न करते हैं। लेकिन जब कोयले को फर्श पर गिराते हैं तो वह ध्वनि उत्पन्न नहीं करता। हाँ, हम उत्पन्न ध्वनियों में अन्तर पाते हैं।

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प्रश्न 7.
क्या आपने मन्दिरों में लकड़ी की घन्टियाँ देखी हैं? क्या आप इसका कारण बता सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, हमने मन्दिरों में लकड़ी की घन्टियाँ नहीं देखी हैं क्योंकि ये निनाद ध्वनि (ringing sound) उत्पन्न नहीं करती हैं।

प्रश्न 8.
माना कि आपके पास दो समान दिखने वाले डिब्बे हैं, एक लकड़ी से निर्मित और दूसरा धातु से। क्या आप दोनों डिब्बों पर चोट करके बता सकते हैं कि कौन-सा डिब्बा धातु का बना हुआ है?
उत्तर:
हाँ, जब हम डिब्बों पर चोट करते हैं तो धातु के डिब्बे पर चोट मारने पर हमें गायन ध्वनि सुनाई पड़ती है जबकि लकड़ी के डिब्बे पर चोट मारने से हमें गायन ध्वनि सुनाई नहीं पड़ती है।

क्रियाकलाप 4.2

प्रश्न 1.
प्रेक्षण लीजिए और इन पदार्थों को सुचालकों और कुचालकों में वर्गीकृत करिए।
उत्तर:

पदार्थ सुचालक/कुचालक
लोहे की छड़/कील सुचालक
गन्धक कुचालक
कोयला कुचालक
ताँबे के तार सुचालक

धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुण

प्रश्न 1.
जंग लगने की अभिक्रिया का स्मरण करिए।
उत्तर:
आयरन में जंग तब लगता है जबकि वह वातावरण की वायु की नमी के सम्पर्क में आता है। अभिक्रिया –
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 2
Fe3O4 आयरन पर जंग के रूप में रहता है।

प्रश्न 2.
आयरन और मैग्नीशियम की ऑक्सीजन के साथ अभिक्रियाओं को पूरा करिए।
आयरन (Fe) + ऑक्सीजन (O2) + जल (H2O)?
मैग्नीशियम (Mg) + ऑक्सीजन (O2) →?
उत्तर:
3Fe + O2 + 2H2O → Fe3O4 + 2H2
2Mg + O2 → 2MgO

क्रियाकलाप 4.3

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं? विलयन अम्लीय है या क्षारीय?
उत्तर:
हम देखते हैं कि लाल लिटमस पत्र विलयन में डालने पर नीला हो जाता है। इससे निष्कर्ष निकलता है कि विलयन क्षारीय प्रकृति का है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 47

प्रश्न 1.
क्या कॉपर में भी जंगलगता है? मैंने कॉपर के बर्तनों की सतह पर हरा पदार्थ जमा हुआ देखा है।
उत्तर:
नहीं, कॉपर में जंग नहीं लगती है। कॉपर को नम वायु में खुला रखने पर उस पर एक हल्की हरी परत जम जाती है। यह हरा पदार्थ कॉपर हाइड्रॉक्साइड और कॉपर कार्बोनेट का मिश्रण होता है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 3

प्रश्न 2.
विलयन अम्लीय है या क्षारीय? आप इसको किस प्रकार सुनिश्चित करेंगे?
उत्तर:
यदि विलयन में लाल लिटमस पेपर नीला हो जाता है, तो विलयन की प्रकृति क्षारीय है और यदि नीला लिटमस पेपर लाल हो जाए तो विलयन की प्रकृति अम्लीय होगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 48

क्रियाकलाप 4.4

प्रश्न 1.
विलयन का परीक्षण क्रमशः लाल और नीले लिटमस पत्रों से कीजिए।
उत्तर:
अम्लों और क्षारों में धातु और अधातु:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 4

क्रियाकलाप 4.5

प्रश्न – आप क्या अनुभव करते हैं? क्या बीकर गर्म हो गया? विलयन का लाल और नीले लिटमस पत्रों से परीक्षण कीजिए। विलयन अम्लीय है या क्षारीय?
उत्तर:
हाँ, बीकर बहुत गर्म हो जाता है। विलयन क्षारीय है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 49

क्रियाकलाप 4.6

प्रश्न – निम्न सारणी को पूरा कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 5a

प्रश्न 1.
क्या धातु और अधातु अम्लों से भिन्न प्रकार से अभिक्रिया करते हैं? परखनलियों के मुँह के पास जलती हुई माचिस की तीली लाने पर कुछ में ‘पॉप’ ध्वनि क्यों उत्पन्न हुई थी?
उत्तर:
हाँ, धातु और अधातु अम्लों से भिन्न प्रकार से अभिक्रिया करती हैं। सामान्यतः अधातु अम्लों से अभिक्रिया नहीं करी परन्तु धातु अम्लों से अभिक्रिया करती हैं और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं जो परखनली के मुख पर जलती हुई माचिस की तीली लाने पर ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 50

प्रश्न 1.
‘पॉप’ ध्वनि क्या दर्शाती है?
उत्तर:
‘पॉप’ ध्वनि हाइड्रोजन की उपस्थिति दर्शाती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 51

प्रश्न 1.
मैंने बीकर A और B में होने वाली अभिक्रियाओं को समझ लिया है। परन्तु मैं अभी भी भ्रमित हूँ कि बीकर C, D और E में कोई परिवर्तन क्यों नहीं हुआ?
उत्तर:
बीकर C में कॉपर, जिंक सल्फेट से जिंक को प्रतिस्थापित करने में सक्षम नहीं है क्योंकि जिंक कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है। बीकर D में कॉपर, आयरन सल्फेट से आयरन को प्रतिस्थापित करने में सक्षम नहीं है क्योंकि आयरन, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है।

बीकर E में आयरन, जिंक सल्फेट से जिंक को प्रतिस्थापित करने में सक्षम नहीं है क्योंकि जिंक आयरन से अधिक अभिक्रियाशील है। यहाँ जिंक, आयरन और कॉपर से अधिक अभिक्रियाशीलहै तथा आयरन कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है। अतः बीकर C, D और E में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

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प्रश्न 2.
क्या आप जिंक, आयरन और कॉपर के मध्य अधिक अभिक्रियाशील से कम अभिक्रियाशील धातु के क्रम का अनुमान लगा सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, अधिक अभिक्रियाशील से क्रम अभिक्रियाशील धातु का क्रम है –
Zn > Fe > Cu
धातु और अधातुओं के उपयोग

प्रश्न 3.
यहाँ कुछ रोचक उपयोग दिए जा रहे हैं। हमें विश्वास है कि आप उनका सही अनुमान लगा पायेंगे –

  1. अधातु जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है और जिसे सभी सजीव श्वसन के समय अन्दर लेते हैं।
  2. अधातु जिनका उपयोग उर्वरकों में पौधों की वृद्धि हेतु किया जाता है।
  3. अधातु जिसका उपयोग जल शुद्धिकरण प्रक्रम में किया जाता है।
  4. अधातु जिसका बैंगनी रंग का विलयन एंटीबायोटिक के रूप में घावों पर लगाया जाता है।
  5. पटाखों में प्रयुक्त होने वाले अधातु।

उत्तर:

  1. ऑक्सीजन।
  2. सल्फर, पोटैशियम, नाइट्रोजन।
  3. क्लोरीन।
  4. पोटैशियम परमैंगनेट।
  5. सल्फर, पोटैशियम।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 52

प्रश्न 1.
मैंने सना है कि पौधों में मैग्नीशियम पाया जाता है। यह उनमें किस रूप में पाया जाता है?
उत्तर:
पौधों में मैग्नीशियम फलों और तरकारी के रूप में पाया जाता है।

प्रश्न 2.
डॉक्टर ने मेरे शरीर में आयरन की कमी बताई है। मेरे शरीर में आयरन कहाँ है?
उत्तर:
मेरे शरीर में आयरन लाल रक्त कणिकाओं में है।

MP Board Class 8th Science Chapter 4 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किसको पीटकर पतली चादर में परिवर्तित किया जा सकता है?
(क) जिंक।
(ख) फॉस्फोरस।
(ग) सल्फर।
(घ) ऑक्सीजन।
उत्तर:
(क) जिंक को पीटकर पतली चादर में परिवर्तित किया जा सकता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(क) सभी धातुएँ तन्य होती हैं।
(ख) सभी अधातुएँ तन्य होती हैं।
(ग) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।
(घ) कुछ अधातुएँ तन्य होती हैं।
उत्तर:
(ग) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. फॉस्फोरस बहुत ………. अधातु है।
  2. धातुएँ ऊष्मा और ………. की ………… होती हैं।
  3. आयरन, कॉपर की अपेक्षा ………. अभिक्रियाशील
  4. धातुएँ, अम्लों से अभिक्रिया कर ……… गैस बनाती हैं।

उत्तर:

  1. सक्रिय।
  2. विद्युत्, सुचालक।
  3. अधिक।
  4. हाइड्रोजन।

प्रश्न 4.
यदि कथन सही है तो “T” और यदि गलत है तो कोष्ठक में “F” लिखिए।

  1. सामान्यतः अधातु अम्ला स आभाक्रया करते है। ( )
  2. सोडियम बहुत अभिक्रियाशील धातु है। ( )
  3. कॉपर, जिंक सल्फेट के विलयन से जिंक विस्थापित करता है। ( )
  4. कोयले को खींचकर तारें प्राप्त की जा सकती हैं। ( )

उत्तर:

  1. ‘F’
  2. ‘T’
  3. ‘F’
  4. ‘F’

प्रश्न 5.
नीचे दी गई सारणी में गुणों की सूची दी गई है। इन गुणों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में अन्तर कीजिए –
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 6

प्रश्न 6.
निम्नलिखित के कारण दीजिए –

  1. ऐलुमिनियम की पन्नी का उपयोग खाद्य सामग्री को लपेटने में किया जाता है।
  2. निमज्जन छड़ें (इमरशन रॉड) धात्विक पदार्थों से निर्मित होती हैं।
  3. कॉपर, जिंक को उसके लवण के विलयन से विस्थापित नहीं कर सकता।
  4. सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

उत्तर:

  1. ऐलुमिनियम की पन्नी का उपयोग खाद्य सामग्री को लपेटने में इसलिए किया जाता है क्योंकि इसे आसानी से मोड़कर खाने को अच्छी तरह बन्द किया जा सकता है जिससे बाहरी वायु एवं संदूषक पदार्थों का भोजन पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। इससे भोजन सुरक्षित एवं कुछ देर तक गर्म रहता है।
  2. निमज्जन छड़ें धातु से निर्मित होती हैं क्योंकि धातु विद्युत की सुचालक होती हैं और इनमें विद्युत् प्रवाह करने पर ये जल्दी गर्म हो जाती हैं।
  3. कॉपर, जिंक से कम अभिक्रियाशील हैं। अतः यह जिंक को उसके लवण के विलयन से विस्थापित नहीं कर सकता। केवल अधिक अभिक्रियाशील धातु ही कम अभिक्रियाशील धातु को विस्थापित कर सकती है।
  4. सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ हैं और ये ऑक्सीजन और जल के साथ अत्यन्त तीव्र अभिक्रिया करती हैं। अभिक्रिया में बहुत अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है। इसलिए इन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

प्रश्न 7.
क्या आप नींबू के अचार को ऐलुमिनियम के पात्रों में रख सकते हैं? स्पष्ट करिए।
उत्तर:
नहीं, नींबू के अचार को हम ऐलुमिनियम के पात्रों में नहीं रख सकते क्योंकि जब हम कोई अचार आदि इसमें डालते हैं तो वह अभिक्रिया करता है और भोजन/अचार को विषाक्त बना देता है, जिसको खाने से मृत्यु तक हो सकती है।

प्रश्न 8.
नीचे दी गई सारणी के कॉलम-I में कुछ पदार्थ दिये गये हैं।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 7
उत्तर:

  1. → (d)
  2. → (e)
  3. → (c)
  4. → (f)
  5. → (b)
  6. → (a)

प्रश्न 9.
क्या होता है जब –

  1. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल कॉपर प्लेट पर डाला जाता है?
  2. लोहे की कील, कॉपर सल्फेट के विलयन में रखी जाती है।
  3. सम्बन्धित अभिक्रियाओं के शब्द समीकरण लिखिए।

उत्तर:
1. जब तनु सल्फ्यूरिक अम्ल को कॉपर प्लेट पर डाला जाता है तो कॉपर सल्फेट बनता है व हाइड्रोजन गैस निकलती है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 8

2. जब लोहे की कील कॉपर सल्फेट के विलयन में रखी जाती है तो लोहा कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 9

प्रश्न 10.
सलोनी ने लकड़ी के कोयले का एक जलता हुआ टुकड़ा लिया और उससे उत्सर्जित होने वाली गैस को एक परखनली में इकट्ठा किया?

  1. वह गैस की प्रकृति कैसे ज्ञात करेगी?
  2. इस प्रक्रम में होने वाली सभी अभिक्रियाओं के शब्द समीकरण लिखिए।

उत्तर:
1. वह इस गैस की जाँच निम्न प्रकार करेगी –
वह इस गैस को एक नली के माध्यम से चूने के पानी में प्रवाहित करेगी। इससे चूने के पानी का रंग दूधिया हो जाएगा। चूने के पानी का रंग कैल्सियम कार्बोनेट बनने के कारण दूधिया हो जाता है जो कार्बन डाइऑक्साइड और चूने के पानी की प्रतिक्रिया से बनता है। इससे स्पष्ट होता है कि परखनली में एकत्रित की गई गैस कार्बन डाइऑक्साइड है।

2.
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 10

प्रश्न 11.
एक दिन रीता अपनी माँ के साथ आभूषण विक्रेता की दुकान पर गई। उसकी माँ ने सुनार को पॉलिश करने हेतु सोने के पुराने आभूषण दिए। अगले दिन जब वह आभूषण वापस लाई तो उन्होंने पाया कि उनका भार कुछ कम हो गया है। क्या आप भार में कमी का कारण बता सकते हैं?
उत्तर:
सुनार ने आभूषण को पॉलिश करने के लिए सल्फ्यूरिक अम्ल में डाल दिया होगा जिसके कारण आभूषण से सोने का कुछ अंश इस अम्ल से क्रिया करके विलयन में घुल गया होगा। इस कारण आभूषण के भार में कमी आ गयी।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु 11

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4

प्रश्न 1.
अमीना एक संख्या सोचती है। वह इसमें से के घटाकर परिणाम को 8 से गुणा करती है। अब जो परिणाम मिलता है वह सोची गई संख्या की तिगुनी है। वह सोची गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि अमीना संख्या x सोचती हैं।
अब, प्रश्नानुसार,
8(x – \(\frac{5}{2}\)) = 3x
या 8x – 20 = 3x
या 8x – 3x = 20
या 5x = 20
या x = \(\frac{20}{5}\) = 4
या x = 4
अतः अमीना द्वारा सोची गई संख्या = 4

प्रश्न 2.
दो संख्याओं में पहली संख्या दूसरी की पाँच गुनी है। प्रत्येक संख्या में 21 जोड़ने पर पहली संख्या दूसरी की दुगुनी हो जाती है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्याएँ x तथा 5x हैं।
अब, प्रश्नानुसार,
या (5x + 21) = 2(x + 21)
या 5x + 21 = 2x + 42
या 5x – 2x = 42 – 21
या 3x = 21
या \(\frac{3x}{3}\) = \(\frac{21}{3}\)
या x = 7
अतः अभीष्ट संख्याएँ 7 व 35 हैं।

प्रश्न 3.
दो अंकों वाली दी गई एक संख्या के अंकों का योग है। इस संख्या के अंकों के स्थान बदलकर प्राप्त संख्या, दी गई संख्या से 27 अधिक है दी गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्या का इकाई अंक = x है।
तो दहाई का अंक = (9 – x)
∴ संख्या = 10 (9 – x) + x
= 90 – 10x + x
= 90 – 9x
अंकों के स्थान बदलने पर,
संख्या 10x + (9 – x) = 10x + 9 – x
= 9x + 9
अब, प्रश्नानुसार,
(90 – 9x) + 27 = 9x +9
या 117 – 9x = 9x +9
या – 18x = 9 – 117
या – 18x = – 108
या x = \(\frac{-108}{-18}\) = 6
∴ इकाई का अंक = 6 और दहाई का अंक = 9 – 6 = 3
अतः अभीष्ट संख्या = 36

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प्रश्न 4.
दो अंकों वाली दी गई एक संख्या में एक अंक दूसरे का तीन गुना है। इसके अंकों के स्थान बदलकर प्राप्त संख्या को, दी गई संख्या में जोड़ने पर 88 प्राप्त होता है। दी गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि इकाई का अंक = x तथा दहाई का अंक = 3x
संख्या = 10 x 3x + x = 30x + x
= 31x ….. (1)
अंकों के स्थान बदलने पर संख्या
= 10x + 3x = 13x …(2)
अब, प्रश्नानुसार
31x + 13r = 88
या 44x = 88
x = \(\frac{88}{44}\) = 2
x का मान समीकरण (1) में रखने पर,
अभीष्ट संख्या = 31 x 2 = 62

प्रश्न 5.
शोबो की माँ की आयु, शोबो की आयु की छः गुनी है 15 वर्ष बाद शोबो की आयु, उसकी माँ की वर्तमान आयु की एक तिहाई हो जाएगी। उनकी आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि शोबो की वर्तमान आयु = x वर्ष है
तब,शोबो की माँ की आयु = 6x वर्ष
5 वर्ष बाद शोबो की आयु = (x + 5) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
x = 5 = \(\frac{1}{3}\) x 6x
या 3x + 15 = 6x
या 3x – 6x = – 15
या – 3x = – 15
या = \(\frac{-15}{-3}\) = 5
अतः शोबो की वर्तमान आयु = 5 वर्ष
उसकी माँ की वर्तमान आयु = 6 x 5 = 30 वर्ष

प्रश्न 6.
महूली गाँव में, एक तंग आयताकार भूखण्ड विद्यालय बनाने के लिए सुरक्षित है। इस भूखण्ड की लम्बाई और चौड़ाई में 11 : 4 का अनुपात है। गाँव पंचायत को इस भूखण्ड की बाड़ (fence) कराने में ₹ 100 प्रति मीटर की दर से ₹ 75,000 व्यय करने होंगे। भूखण्ड की माप (dimesion) ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि भूखण्ड की लम्बाई = 11x मीटर
तथा चौड़ाई = 4x मीटर
∴ भूखण्ड का परिमाप = 2 (11x + 4x) मीटर
= 30 मीटर
₹ 100/मी की दर से भूखण्ड की बाड़ कराने में व्यय
= ₹ 100 x 30x
=₹3000x
अब, प्रश्नानुसार,
3000x = 75000
x = \(\frac{75000}{3000}\) = 25
अतः भूखण्ड की लम्बाई = 11 x 25 मीटर
= 275 मीटर
तथा चौड़ाई = 4 x 25 मीटर = 100 मीटर

प्रश्न 7.
हसन स्कूल वर्दी बनाने के लिए दो प्रकार का कपड़ा खरीदता है। इसमें कमीज के कपड़े का भाव ₹ 50 प्रति मीटर तथा पतलून के कपड़े का भाव ₹ 90 प्रति मीटर है। वह कमीज के प्रत्येक 3 मीटर कपड़े के लिए पतलून का 2 मीटर कपड़ा खरीदता है। वह इस कपड़े को क्रमश: 12% तथा 10% लाभ पर बेचकर ₹ 36,600 प्राप्त करता है। उसने पतलून के लिए कितना कपड़ा खरीदा?
हल:
माना कि पतलून के लिए 2x मीटर तथा कमीज के लिए 3x मीटर कपड़ा खरीदा।
पतलून के 2x मीटर कपड़े का क्रय मूल्य = ₹ 90 x 2x
= ₹ 180x
कमीज के 3x मीटर कपड़े का क्रय मूल्य = ₹ 50 x 3x
= ₹ 150x
∵ कमीज के कपड़े पर लाभ = 12%
∴ इसका विक्रय मूल्य = ₹ (150 x \(\frac{112}{100}\))
= ₹ 168x
∵ पतलून के कपड़े पर लाभ = 10%
∴ इसका विक्रय मूल्य = ₹ (180 x \(\frac{110}{100}\))
= ₹ 198x
∴ कुल विक्रय मूल्य = ₹ 168x + ₹ 198x
= ₹ 366x
लेकिन दिया हुआ विक्रय मूल्य ₹ 36,000 है।
∴ 366x = 36600
या x = \(\frac{36600}{366}\) = 100
अतः पतलून के लिए खरीदा गया कपड़ा = 2 x 100 = 200 मीटर

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प्रश्न 8.
हिरणों के एक झुण्ड का आधा भाग मैदान में चर रहा है और शेष का तीन चौथाई पड़ोस में ही खेल-कूद रहा है। शेष बचे 9 हिरण एक तालाब में पानी पी रहे हैं। झुण्ड में हिरणों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि झुण्ड में हिरणों की संख्या = x है
∴ मैदान में चरने वाले हिरणों की संख्या = \(\frac{x}{2}\)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4 img-1
पानी पी रहे हिरणों की संख्या = 9
∴ कुल हिरणों की संख्या = \(\frac{x}{2}\) + \(\frac{3x}{8}\) + 9 =x
या 4x + 3x + 72 = 8x
या 7x + 72 = 8x
या 8x – 7x = 72
x = 72
अतः झुण्ड में हिरणों की संख्या = 72

प्रश्न 9.
दादाजी की आयु अपनी पौत्री की आयु की दस गुनी है। यदि उनकी आयु पौत्री की आयु से 54 वर्ष अधिक है तो उन दोनों की आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि पौत्री की आयु = x वर्ष है।
तब, दादाजी की आयु = 10x वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
10x = x + 54
या 9x = 54
या x = \(\frac{54}{9}\) = 6
अतः पौत्री की आयु = 6 वर्ष तथा दादाजी की आयु = 10 x 6 = 60 वर्ष

प्रश्न 10.
अमन की आयु उसके पुत्र की आयु की तीन गुनी है। 10 वर्ष पहले उसकी आयु पुत्र की आयु की पाँच गुनी थी। दोनों की वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि पुत्र की वर्तमान आयु = x वर्ष है।
तब अमन की आयु = 3x वर्ष
10 वर्ष पहले, पुत्र की आयु = (x – 10) वर्ष
तथा अमन की आयु = (3x – 10) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
3x – 10 = 5 (x – 10)
या 3x – 10 = 5x – 50
या 3x – 5x = – 50 + 10
या – 2x = – 40
या x = \(\frac{-40}{-2}\) = 20
अतः पुत्र की आयु = 20 वर्ष तथा अमन की आयु = 3 x 20 = 60 वर्ष

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 15 कुछ प्राकृतिक परिघटनाएँ

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 15 कुछ प्राकृतिक परिघटनाएँ

MP Board Class 8th Science Chapter 15 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 184

प्रश्न 1.
मुझे आश्चर्य है कि उन्हें इस समानता को ज्ञात करने में इतने वर्ष क्यों लगे?
उत्तर:
इस समानता को ज्ञात करने में इतने वर्ष इसलिए लगे क्योंकि किसी वस्तु का परिणाम जानने के लिए वैज्ञानिक खोजें करते हैं। खोज करने के लिए उन्हें लम्बे समय तक कठिन परिश्रम करना पड़ता है तब उनके परिश्रम का परिणाम निकलता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 185

रगड़ द्वारा आवेशन

क्रियाकलाप 15.2

प्रश्न 1.
सारणी में दी गई वस्तुएँ तथा पदार्थ एकत्र कीजिए। इनमें से प्रत्येक वस्तु को सारणी में दिए अनुसार पदार्थ के साथ रगड़कर आवेशित कीजिए। अपने अनुभवों को नोट कीजिए। आप इस सारणी में और अधिक वस्तुएँ जोड़ सकते है।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 15 कुछ प्राकृतिक परिघटनाएँ 1

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 186

क्रियाकलाप 15.3

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
गुब्बारे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।

प्रश्न 2.
क्या गिलास में रखे रिफिल पर कोई प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
हाँ, गिलास में रखे रिफिल पर प्रभाव पड़ता है।

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प्रश्न 3.
क्या ये दोनों रिफिल एक-दूसरे को आकर्षित अथवा प्रतिकर्षित करते हैं?
उत्तर:
हाँ, वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।

प्रश्न 4.
यदि भिन्न पदार्थों से बनी दो आवेशित वस्तुओं को एक-दूसरे के निकट लाएँ तो क्या होगा?
उत्तर:
वे एक-दूसरे को आकर्षित करेंगी।

आवेशों के प्रकार तथा इनकी अन्योन्य क्रिया

प्रश्न 1.
क्या यह इंगित करता है कि गुब्बारे पर आवेश रिफिल के आवेश से भिन्न प्रकार का है?
उत्तर:
हाँ, यह इंगित करता है कि गुब्बारे पर आवेश रिफिल के आवेश से भिन्न प्रकार का है।

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प्रश्न 2.
क्या फिर हम यह कह सकते हैं कि आवेश दो प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
हाँ, आवेश दो प्रकार के होते हैं। धन आवेश तथा ऋण आवेश।

प्रश्न 3.
क्या हम यह भी कह सकते हैं कि सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं?
उत्तर:
हाँ, यह सत्य है कि सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित तथा विजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 187

प्रश्न 1.
आपके विचार से प्लास्टिक स्ट्रॉ पर किस प्रकार का आवेश होना चाहिए?
उत्तर:
प्लास्टिक स्ट्रॉ पर ऋणात्मक आवेश होना चाहिए।

आवेश का स्थानान्तरण

क्रियाकलाप 15.4

प्रश्न 1.
प्रेक्षण कीजिए क्या होता है? क्या पन्नी की पट्टियों पर कोई प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
हाँ, पन्नी की पट्टियाँ फैल जाती हैं।

प्रश्न 2.
क्या वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं अथवा आकर्षित करती हैं?
उत्तर:
हाँ, वे एक-दसरे को प्रतिकर्षित करती हैं।

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प्रश्न 3.
क्या हर बार पन्नी की पट्टियाँ समान रूप से व्यवहार करती हैं?
उत्तर:
हाँ, वे हर बार समान रूप से व्यवहार करती हैं।

प्रश्न 4.
क्या इस उपकरण का उपयोग यह पहचान करने के लिए कर सकते हैं कि कोई वस्तु आवेशित है अथवा नहीं? व उत्तर:
हाँ, इस उपकरण का उपयोग हम यह पहचान करने के लिए कर सकते हैं कि कोई वस्तु आवेशित है या नहीं।

प्रश्न 5.
क्या आप यह स्पष्ट कर सकते हैं कि पन्नी की पट्टियाँ एक-दूसरे को क्यों प्रतिकर्षित करती हैं?
उत्तर:
पन्नी की पट्टियाँ आवेशित वस्तुओं से समान आवेश प्राप्त करती हैं। समान आवेश वाली पट्टियाँ एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं और वे फैल जाती हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 189

तड़ित झंझा के समय क्या करें क्या न करें।

प्रश्न 1.
क्या आपको याद है कि तड़ित एक विद्युत् विसर्जन है?
उत्तर:
हाँ, याद है कि तड़ित एक विद्युत् विसर्जन है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 191

क्रियाकलाप 15.5

प्रश्न 1.
इन भूकम्पों द्वारा लोगों को हुई क्षति से सम्बन्धित संक्षिप्त रिपोर्ट बनाइए।
उत्तर:
पृथ्वी का अचानक काँपना अथवा थरथराना भूकम्प कहलाता है। यह एक प्राकृतिक आपदा है। भूकम्प के अन्तर्गत पृथ्वी अचानक थरथराने लगती है। इसका पहले से आभास नहीं होता है। भूकम्प के आने पर जनजीवन तथा सम्पत्ति की अपार क्षति होती है। इसके परिणामस्वरूप, भवन, सड़क, पुल, बाँध आदि नष्ट हो जाते हैं। जब भूकम्प काफी शक्तिशाली होते हैं तो जनजीवन और सम्पत्ति की बहुत अधिक हानि होती है। भूकम्प के आने से क्षेत्र सम्पूर्ण रूप से नष्ट हो जाते हैं। इसके आने से बाढ़, भूस्खलन, सुनामी आदि का खतरा बढ़ जाता है।

भूकम्प क्या होता है?

प्रश्न 1.
भूकम्प क्या होता है?
उत्तर:
पृथ्वी का अचानक काँपना अथवा थरथराना भूकम्प कहलाता है।

प्रश्न 2.
जब यह आता है तो क्या होता है?
उत्तर:
भूकम्प के आने से जनजीवन और सम्पत्ति की अपार हानि होती है। इसके आने से भवन, सड़क, पुल, बाँध आदि नष्ट हो जाते हैं। भूकम्प के आने से बाढ़, भूस्खलन तथा सुनामी आदि जैसी अन्य प्राकृतिक आपदाएँ आने की सम्भावना रहती है।

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प्रश्न 3.
इसके प्रभाव को कम करने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
भूकम्प के प्रभाव को कम करने के लिए निम्न उपाय कर सकते हैं –

  1. भवनों का निर्माण ऐसा हो कि वे बड़े भूकम्पों के झटकों को सहन कर सकें। भवनों के ढाँचे सरल हों ताकि वे ‘भूकम्प निरापाद’ हों।
  2. सभी भवनों विशेषकर ऊँची इमारतों में अग्निशमन के सभी उपकरण कार्यकारी स्थिति में होने चाहिए।
  3. भूकम्प प्रतिरोधी भवनों का निर्माण कराना चाहिए।
  4. दीवार घड़ी, फोटो फ्रेम, जल तापक आदि को दीवार पर लगाते समय सावधानी रखनी चाहिए ताकि वे भूकम्प आने पर लोगों के ऊपर न गिरें।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 192

क्रियाकलाप 15.6

प्रश्न 1.
अपने माता-पिता अथवा परिवार के अन्य बड़े-बूढ़ों अथवा पास-पड़ौस से भारत में सुनामी के कारण हुए नुकसान की जानकारी एकत्र कीजिए।
उत्तर:
प्राणघातक सुनामी लहरें हिन्द महासागर में 26 दिसम्बर, 2004 को आई थीं। इसमें लाखों लोगों की जीवनलीला समाप्त हो गई। इस आपदा से आर्थिक, जैविक तथा भावनात्मक असीमित हानि हुई। तमिलनाडु राज्य के दक्षिण-पूर्व समुद्री क्षेत्र तथा संघीय प्रदेश अण्डमान एवं निकाबार द्वीप समूह में हजारों मछुहारों तथा कई गाँवों से मानव सम्पदा समाप्त हो गई। तटीय क्षेत्र नष्ट हो गए। नागापट्टिनम शहर के कई मछुआरों के समुदाय समाप्त हो गए। वास्तव में ये इतनी ज्वारिक लहरें थीं जिसने हिंसक तांडवीय रूप धारण कर लिया था।

भूकम्प का क्या कारण है?

प्रश्न 1.
मेरी दादी ने मुझे बताया था कि पृथ्वी किसी सांड के एक सींग पर टिकी है तथा जब सांड़ उसे दूसरे सींग पर ले जाता है, तो भूकम्प आता है। यह कैसे सत्य हो सकता है?
उत्तर:
यह असत्य है। प्राचीन काल में लोग भूकम्प आने का सही कारण नहीं जानते थे। अतः उनकी धारणा मनगढन्त कथाओं द्वारा व्यक्त की जाती थी।

प्रश्न 2.
पृथ्वी के अन्दर भू-कंपन के क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:
पृथ्वी के अन्दर की सबसे ऊपरी सतह भूपर्पटी में विक्षोभ के कारण भू-कंपन होते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 193

प्रश्न 1.
यदि वैज्ञानिक भूकम्प के बारे में इतना अधिक जानते हैं तो क्या वे आने वाले भूकम्प के समय तथा स्थान की भविष्यवाणी कर सकते हैं?
उत्तर:
यद्यपि वे भूकम्प के बारे में बहुत अधिक जानते हैं परन्तु अभी तक यह सम्भव नहीं हो सका है कि आने वाले भूकम्प के समय और स्थान की भविष्यवाणी कर सकें। ये अचानक आते हैं।

MP Board Class 8th Science Chapter 15 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1 व 2 में सही विकल्प का चयन कीजिए –

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किसे घर्षण द्वारा आसानी से आवेशित नहीं किया जा सकता?

  1. प्लास्टिक का पैमाना।
  2. ताँबे की छड़।
  3. फूला हुआ गुब्बारा।
  4. ऊनी वस्त्र।

उत्तर:
ताँबे की छड़।

प्रश्न 2.
जब काँच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ते हैं तो छड़ –

  1. तथा कपड़ा दोनों धनावेश अर्जित कर लेते हैं।
  2. धनावेशित हो जाती है तथा कपड़ा ऋणावेशित हो जाती है।
  3. तथा कपड़ा दोनों ऋणावेश अर्जित कर लेते हैं।
  4. ऋणावेशित हो जाती है तथा कपड़ा धनावेशित हो जाता है।

उत्तर:
धनावेशित हो जाती है तथा कपड़ा ऋणावेशित हो जाती है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथनों के सामने सही के सामने ‘T’और गलत के सामने ‘F’ लिखिए।

  1. सजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते (T/F)
  2. आवेशित काँच की छड़ आवेशित प्लास्टिक स्ट्रॉ को आकर्षित करती है। (T/F)
  3. तड़ित चालक किसी भवन की तड़ित से सुरक्षा नहीं कर सकता। (T/F)
  4. भूकम्प की भविष्यवाणी की जा सकती है। (T/F)

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. असत्य।
  4. असत्य।

प्रश्न 4.
सर्दियों में स्वेटर उतारते समय चट-चट की ध्वनि सुनाई देती है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
सर्दियों में जब हम स्वेटर उतारते हैं तो वह हमारी चा से रगड़ खाकर आवेशित हो जाता है। स्वेटर पर आवेश आने के कारण चट-चट की आवाज सुनाई देती है तथा चिंगारी भी दिखाई देती है। वास्तव में यह तड़ित के समान ही एक परिघटना है।

प्रश्न 5.
जब हम किसी आवेशित वस्तु को हाथ से छूते हैं तो वह अपना आवेश खो देती है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हमारा शरीर विद्युत् का सुचालक है। जब हम किसी आवेशित वस्तु को हाथ से छूते हैं तो उसका आवेश हमारे शरीर में होकर पृथ्वी में चला जाता है और आवेशित वस्तु अनावेशित हो जाती है।

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प्रश्न 6.
उस पैमाने का नाम लिखिए जिस पर भूकम्पों की विनाशी ऊर्जा मापी जाती है। इस पैमाने पर किसी भूकम्प की माप 3 है। क्या इसे भूकम्प लेखी (सीसमोग्राफी) से रिकॉर्ड किया जा सकेगा? क्या इससे अधिक हानि होगी?
उत्तर:
भूकम्पों की विनाशकारी ऊर्जा को रिक्टर पैमाने पर मापा जाता है। हाँ, इसे भूकम्पलेखी, (सीसमोग्राफ) से रिकॉर्ड किया जा सकेगा। नहीं, इससे अधिक हानि नहीं होगी।

प्रश्न 7.
तड़ित से अपनी सुरक्षा के तीन उपाय सुझाइए।
उत्तर:
तड़ित से सुरक्षा के उपाय:
तड़ित के समय टेलीफोन व विद्युत् के तारों तथा धातु के पाइपों को नहीं छूना चाहिए।
बहते जल के सम्पर्क से बचने के लिए स्नान नहीं करना चाहिए।
घर में अन्दर होने पर कम्प्यूटर, टी.वी. आदि जैसे विद्युत् उपकरणों के प्लगों को सॉकेट से निकाल देना चाहिए।

प्रश्न 8.
आवेशित गुब्बारा दूसरे आवेशित गुब्बारे को प्रतिकर्षित करता है, जबकि अनावेशित गुब्बारा आवेशित गुब्बारे द्वारा आकर्षित किया जाता है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
आवेशित गुब्बारा दूसरे आवेशित गुब्बारे को प्रतिकर्षित करता है क्योंकि दोनों गुब्बारों पर सजातीय आवेश है। हम जानते हैं कि सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। परन्तु आवेशित गुब्बारा अनावेशित गुब्बारे को आकर्षित करता है और अपने आवेश में से कुछ आवेश दूसरे गुब्बारे को दे देता है। हम जानते हैं कि आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को आकर्षित करती है।

प्रश्न 9.
चित्र की सहायता से किसी ऐसे उपकरण का वर्णन कीजिए जिसका उपयोग किसी आवेशित वस्तु की पहचान में होता है।
उत्तर:
साधारण विद्युतदर्शी एक ऐसा उपकरण है जिससे किसी वस्तु में आवेश की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है कि वस्तु पर आवेश है या नहीं। साधारण विद्युतदर्शी काँच का एक बोतल या जार होता है जिसके मुँह पर कॉर्क का एक ढक्कन लगा होता है। कॉर्क के मध्य में एक छेद करके धातु की एक छड़ लगा दी जाती है। छड़ के निचले सिरे पर सोने/ऐलुमिनियम की 4 cm × 1 cm आकार की दो पट्टियाँ लगा दी जाती हैं। छड़ के ऊपरी सिरे पर धातु की एक चकती लगा दी जाती है। जब आवेशित वस्तु के सिरे को धातु की चकती से स्पर्श कराते हैं तो आवेश पट्टियों पर चला जाता है। पट्टियों पर समान आवेश होने से वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं और फैल जाती हैं। इस प्रकार इसका उपयोग करके ज्ञात किया जा सकता है कि वस्तु आवेशित है या नहीं।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 15 कुछ प्राकृतिक परिघटनाएँ 2

प्रश्न 10.
भारत के उन तीन राज्यों (प्रदेशों) की सूची बनाइए जहाँ भूकम्पों के झटके अधिक सम्भावित हैं।
उत्तर:
भारत के तीन राज्य जहाँ भूकम्पों के झटके अधिक सम्भावित हैं –

  1. राजस्थान।
  2. कश्मीर।
  3. कच्छ का रन (गुजरात)।

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प्रश्न 11.
मान लीजिए आप घर से बाहर हैं तथा भूकम्प के झटके लगते हैं। आप अपने बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतेंगे?
उत्तर:
यदि हम घर के बाहर हैं और भूकम्प के झटके लगते हैं तो हम निम्न सावधानियाँ बरतेंगे –

  1. भवनों, वृक्षों तथा ऊपर जाती हुई विद्युत् लाइनों से दूर किसी खुले स्थान को खोजकर धरती पर लेट जाएँगे।
  2. यदि हम किसी वाहन (कार/बस) में होंगे तो बाहर नहीं निकलेंगे और धीरे-धीरे किसी खुले हुए सुरक्षित स्थान पर पहुँचेंगे।

प्रश्न 12.
मौसम विभाग यह भविष्यवाणी करता है कि किसी निश्चित दिन तड़ित झंझा की सम्भावना है और मान लीजिए उस दिन आपको बाहर जाना है। क्या आप छतरी लेकर जाएँगे? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
तड़ित झंझा की सम्भावना होने पर उस दिन हम छतरी लेकर बाहर नहीं जाएँगे क्योंकि छतरी की डण्डी धातु की बनी होती है, इसलिए तड़ित उसकी डण्डी पर आघात कर सकती है।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

MP Board Class 8th Science Chapter 14 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 172

प्रश्न 1.
क्या आप जानते हैं कि गीले हाथों से किसी विद्युत् साधित्र को छूना क्यों खतरनाक है?
उत्तर:
हाँ, हम जानते है कि गीले हाथों से किसी विद्युत् साधित्र को छूने से हमारे शरीर में विद्युत् प्रवाहित हो सकती है।

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प्रश्न 2.
क्या आपको याद है कि इसे सुनिश्चित करने में संपरीक्षित्र ने हमारी किस प्रकार सहायता की थी?
उत्तर:
हाँ, याद है। यदि संपरीक्षित्र (टेस्टर) में धारा प्रवाहित हो जाती है, तो बल्व दीप्त हो जाता है। यदि बल्ब दीप्त
नहीं होता है तो इसका अर्थ है कि विद्युत् धारा प्रवाहित नहीं हो रही है।

प्रश्न 3.
क्या द्रव भी विद्युत् चालन करते हैं?
उत्तर:
हाँ, कुछ द्रव जैसे, नलों का पानी, नींबू का रस, अम्ल, क्षार, लवण इत्यादि विद्युत् का चालन करते हैं।

क्रियाकलाप 14.1

प्रश्न 1.
क्या आप.इसके सम्भावित कारण बता सकते हैं? क्या यह सम्भव है कि तारों के संयोजन शिथिल हों या बल्ब फ्यूज हो गया हो अथवा आपके सेल बेकार हो गए हों?
उत्तर:
हाँ, यह सम्भव है कि तारों के संयोजन शिथिल हों या बल्ब फ्यूज हो गया हो अथवा सेल बेकार हो गये हों।

क्रियाकलाप 14.2

प्रश्न 1.
क्या संपरीक्षित्र का बल्ब दीप्त होता है? क्या नींबू का रस या सिरका विद्युत् का चालन करता है?
उत्तर:
हाँ, संपरीक्षित्र का बल्ब दीप्त होता है। हाँ, नींबू का रस या सिरका विद्युत् का चालन करता है।

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प्रश्न 2.
नींबू के रस या सिरके को आप सुचालक या हीन चालक में से किस वर्ग में रखेंगे?
उत्तर:
हम इन्हें सुचालक वर्ग में रखेंगे।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 173

प्रश्न 1.
कुछ स्थितियों में द्रव के चालक होने पर भी सम्भव हो सकता है कि बल्ब दीप्त न हो। ऐसा क्रियाकलाप 14.2 में भी हो सकता है। इसका क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
इसका कारण हो सकता है कि परिपथ में प्रवाहित धारा इतनी दुर्बल हो कि बल्ब का तन्तु पर्याप्त गर्म न हो पाने के कारण दीप्त न हो।

प्रश्न 2.
क्या आपको याद है कि बल्ब से विद्युत् प्रवाहित होने पर वह दीप्त क्यों होता है?
उत्तर:
हाँ, याद है। विद्युत् धारा के ऊष्मीय प्रभाव के कारण बल्ब का तन्तु उच्च ताप तक गर्म होकर दीप्त हो जाता है।

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प्रश्न 3.
अब आप यह जानना चाहेंगे किसी परिपथ में विद्युत् धारा दुर्बल कब होती है?
उत्तर:
किसी परिपथ में विद्युत् धारा दुर्बल उस स्थिति में हो सकती है जब कोई द्रव विद्युत् का चालन ठीक प्रकार से न कर पाता हो।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 174

प्रश्न 1.
क्या हम कोई ऐसा अन्य संपरीक्षित्र बना सकते हैं जो दुर्बल धारा को भी संसूचित कर सके?
उत्तर:
हाँ, हम दुर्बल धारा संसूचित करने के लिए प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) उपयोग कर सकते हैं। यह दुर्बल धारा प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है।

प्रश्न 2.
क्या आपको याद है कि विद्युत् धारा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करती है?
उत्तर:
हाँ, याद है विद्युत् धारा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करती है।

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प्रश्न 3.
जब किसी तार में विद्यत धारा प्रवाहित होती है तो उसके पास रखी चुम्बकीय सुई पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जब किसी तार में विद्युत् धारा प्रवाहित होती है तो उसके पास रखी चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो जाती है।

प्रश्न 4.
क्या हम विद्युत् धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके कोई संपरीक्षित्र बना सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम विद्युत् धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके संपरीक्षित्र (टेस्टर) बना सकते हैं। यदि तार में धारा कम भी बहेभी तब भी चुम्बकीय सुई में विक्षेप हो जायेगा।

क्रियाकलाप 14.3

प्रश्न 1.
क्या संपरीक्षित्र के स्वतन्त्र सिरों को नींबू के रस में डुबोते ही आपको चुम्बकीय सुई में विक्षेप दिखाई देता है?
उत्तर:
नहीं, जब तार के स्वतन्त्र सिरों के बीच में खाली | स्थान रहेगा तो विद्युत् परिपथ पूरा नहीं होगा। इस स्थिति में
चुम्बकीय सुई में विक्षेप नहीं होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 175

प्रश्न 1.
प्रत्येक स्थिति में देखिए कि चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है अथवा नहीं। अपने प्रेक्षणों को सारणी में अंकित कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 1a

प्रश्न 2.
पहेली यह जानना चाहती है कि क्या हर अवस्था में वायु विद्युत् की हीन चालक होती है।
उत्तर:
हाँ, वायु विद्युत् की हीन चालक होती है लेकिन जब यह आर्द्र होती तब यह विद्युत् की सुचालक होती है।

प्रश्न 3.
इसी से प्रेरित होकर बूझो यह जानना चाहता है कि क्या हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थिति में अपने में से विद्युत् को प्रवाहित होने देते हैं?
उत्तर:
नहीं, हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थिति में अपने में से विद्युत् धारा प्रवाहित कर सकते हैं।

क्रियाकलाप 14.4

प्रश्न 1.
संपरीक्षित्र का उपयोग करके परीक्षण कीजिए कि आसुत जल विद्युत् चालन करता है अथवा नहीं। आप क्या पाते हैं? क्या आसुत जल विद्युत् चालन करता है?
उत्तर:
जब संपरीक्षित्र को आसुत जल में रखते हैं तो संपरीक्षित्र,का बल्ब दीप्त नहीं होता। इससे स्पष्ट है कि आसुत जल विद्युत् चालन नहीं करता है।

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प्रश्न 2.
अब एक चुटकी साधारण नमक लेकर इसे आसुत जल में घोलिए फिर परीक्षण कीजिए। इस बार आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर:
जब संपरीक्षित्र को नमक मिले आसुत जल में डालते हैं तो संपरीक्षित्र का बल्ब दीप्त हो जाता है। यह दर्शाता है कि जब आसुत जल में चुटकी भर नमक घोल देते हैं तो वह विद्युत् का अच्छा चालक बन जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 176

प्रश्न 1.
वे कौन-से अन्य पदार्थ हैं जो आसुत जल में घुलने पर इसे चालक बना देते हैं?
उत्तर:
अम्ल, क्षार और लवण ऐसे पदार्थ हैं जिन्हें आसुत जल में घोलने पर इसे चालक बना देते हैं।

प्रश्न 2.
जब विद्युत् धारा किसी चालक विलयन से प्रवाहित होती है तो क्या वह उस विलयन में कोई प्रभाव उत्पन्न करती है।
उत्तर:
जब विद्युत् धारा चालक-विलयन से प्रवाहित होती है तो वह रासायनिक प्रभाव उत्पन्न करती है।

क्रियाकलाप 14.5

प्रश्न 1.
आपको क्या परिणाम प्राप्त होते हैं?
उत्तर:
हम पाते हैं कि जब अम्लों, क्षारकों और लवणों के विलयनों को आसुत जल में मिलाते हैं तो इन विलयनों में होकर विद्युत् का चालन होता है। इसका अर्थ है कि जब अम्लों, क्षारकों और लवणों को आसुत जल में मिलाते हैं तो आसुत जल में विद्युत् धारा का चालन हो जाता है अर्थात आसुत जल चालक विलयन बन जाता है।

विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 1.
आपने विद्युत् धारा के कछ प्रभावों के बारे में सीखा था। क्या आप इन प्रभावों की सूची बना सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, विद्युत् धारा के कुछ प्रभाव हैं –

  1. विद्युत् धारा का ऊष्मीय प्रभाव।
  2. विद्युत् धारा का चुम्बकीय प्रभाव।
  3. विद्युत् धारा का रासायनिक प्रभाव।

क्रियाकलाप 14.6

प्रश्न 1.
क्या आप इलेक्ट्रोडों के समीप किसी गैस के बुलबुले देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम इलेक्ट्रोडों के समीप ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन गैसों के बुलबुले देखते हैं।

प्रश्न 2.
क्या हम विलयन में हो रहे परिवर्तनों को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम विलयन में हो रहे परिवर्तनों को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 178

विद्युत लेपन

प्रश्न 1.
क्या आप जानते हैं कि एक धातु की सतह के ऊपर दूसरी धातु की परत किस प्रकार निक्षेपित कर दी जाती है?
उत्तर:
हाँ, हम जानते हैं कि एक धातु की सतह के ऊपर दूसरी धातु की परत विद्युत् लेपन प्रक्रिया द्वारा निक्षेपित की जाती है।

प्रश्न 2.
विद्युत् लेपन के क्रियाकलाप को करने के पश्चात् पहेली ने इलेक्ट्रोड़ों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराया। आपके विचार से इस बार क्या प्रेक्षण करेगी?
उत्तर:
इस बार विद्युत् लेपन की प्रक्रिया नहीं होगी।

प्रश्न 3.
विलयन से कॉपर के क्षय की पूर्ति कैसे होती है?
उत्तर:
दूसरा इलेक्ट्रोड जो ताँबे की प्लेट का बना है उससे समान मात्रा का कॉपर विलयन में घुल जाता है। इस प्रकार विलयन से जो कॉपर कम होता है, वह विलयन में पुनः स्थापित हो जाता है, यह प्रक्रिया चलती रहती है। इस प्रकार विद्युत् लेपन प्रक्रिया में एक इलेक्ट्रोड से कॉपर दूसरे इलेक्ट्रोड पर स्थानान्तरित होता है।

क्रियाकलाप 14.7

प्रश्न 1.
क्या आप उनमें से किसी एक में कुछ अन्तर पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम एक इलेक्ट्रोड में अन्तर पाते हैं। एक इलेक्ट्रोड पर ताँबा जमा हो गया है।

प्रश्न 2.
क्या आप इस पर कोई परत चढ़ी देखते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम इस पर एक परत चढ़ी देखते हैं।

प्रश्न 3.
इस परत का रंग कैसा है?
उत्तर:
इस परत का रंग हरा-नीला है।

प्रश्न 4.
बैटरी के उस टर्मिनल को नोट कीजिए जिससे यह इलेक्ट्रोड संयोजित है।
उत्तर:
यह इलेक्ट्रोड बैटरी के ऋण टर्मिनल से संयोजित है?

MP Board Class 8th Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. विद्युत् चालन करने वाले अधिकांश द्रव ………….. तथा ……… के विलयन होते हैं।
  2. किसी विलयन से विद्युत्. धारा प्रवाहित होने पर …… प्रभाव उत्पन्न होता है।
  3. यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ……….. टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होती है।
  4. विद्युत् धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को ……….. कहते हैं।

उत्तर:

  1. अम्लों, क्षारकों, लवणों।
  2. चुम्बकीय।
  3. ऋण।
  4. विद्युत् लेपन।

प्रश्न 2.
जब किसी संपरीक्षित्र के स्वतन्त्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं। जब किसी संपरीक्षित्र (टेस्टर) के स्वतन्त्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय. सुई विक्षेपित होने का कारण है कि विद्युत् धारा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करती है। विद्युत् धारा दुर्बल होने पर भी चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। चुम्बकीय सुई का विक्षेपण धारा की प्रबलता पर निर्भर करता है। धारा जितनी प्रबल होगी चुम्बकीय सुई उतना ही अधिक विक्षेपित होगी।

प्रश्न 3.
तीन ऐसे द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण निम्नांकित चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो सके।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 2

  1. कॉपर सल्फेट का विलयन।
  2. नींबू का रस।
  3. नल की टोंटी का जल।

प्रश्न 4.
निम्नांकित चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप सम्भावित कारणों की सूची बना सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 3
उत्तर:
दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब के न जलने के निम्न सम्भावित कारण हो सकते हैं।

  1. बल्ब फ्यूज हो सकता है।
  2. विद्युत् धारा इतनी दुर्बल हो कि बल्ब का तन्तु पर्याप्त गर्म न हो पाता हो फलस्वरूप बल्ब नहीं जलता हो।
  3. सेल से धारा प्रवाहित ही न हो रही हो।
  4. परिपथ में तारों का संयोजन ढीला हो।

प्रश्न 5.
दो द्रवों A और B के विद्युत् चालन की जाँच करने के लिए एक संपरीक्षित्र का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरीक्षित्र का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B के लिए अत्यन्त धीमा दीप्त हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि –

  1. द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
  2. द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक है।
  3. दोनों द्रवों की चालकता समान है।
  4. द्रवों को चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती।

उत्तर:
द्रव A, द्रव B, से अच्छा चालक है।

प्रश्न 6.
क्या शुद्ध जल विद्युत् का चालन करता है? यदि नहीं, तो इसे चालक बनाने के लिए इसमें अम्ल या क्षार या लवण घोलना चाहिए।
उत्तर:
नहीं, शुद्ध जल विद्युत् का चालन नहीं करता है। इसे चालक बनाने के लिए इसमें अम्ल या क्षार या लवण घोलना चाहिए।

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प्रश्न 7.
आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बन्द कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं?
उत्तर:
आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति इसलिए बन्द कर देते हैं कि साधारण पानी विद्युत् का सुचालक होता है। यदि पानी का छिड़काव करते समय यदि पानी विद्युत् बोर्ड आदि में चला गया तो सारे क्षेत्र में विद्युत् धारा फैलने का खतरा रहता है जिससे जान-माल की हानि हो सकती है।

प्रश्न 8.
तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित्र से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप दर्शाती है। क्या आप उसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप इसलिए दिखाती है क्योंकि समुद्र का पानी पीने के पानी से अधिक अच्छा विद्युत् का चालक है, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में लवण घुले रहते हैं।

प्रश्न 9.
क्या तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
नहीं, तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं है क्योंकि पानी विद्युत् का सुचालक है। तेज वर्षा के समय जरा भी विद्युत् लीक होने की दशा में लाइनमैन को करेंट लग सकता है और उसकी जान तक जा सकती है।

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प्रश्न 10.
पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षा का जल एकत्रित करके संपरीक्षित्र से उसका परीक्षण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है। इसका क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
चुम्बकीय सुई द्वारा विक्षेप दर्शाने के निम्न कारण हो सकता है-वर्षा का जल वास्तव में एक अच्छा आसुत जल है लेकिन जब ये वायुमण्डल में आता है तो इसमें धूल, मिट्टी के कण तथा अन्य अशुद्धियाँ मिल जाती हैं जो विद्युत् का सुचालक बना देती हैं। अतः जब पहेली अपने संपरीक्षित्र से वर्षा के जल का परीक्षण करती है तो चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है।

प्रश्न 11.
अपने आस-पास उपलब्ध विद्युत् लेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
आस-पास की कुछ विद्युत् लेपित वस्तुएँ:

  1. नकली आभूषण।
  2. स्नान गृह की टोंटी।
  3. गैस बर्नर।
  4. सोफे के फ्रेम।
  5. साइकिल के पार्ट्स।
  6. कार के पार्ट्स।
  7. दरवाजों के हैण्डिल।
  8. ट्रेक्टर के पार्ट्स।
  9. मकान में लगी ग्रिल आदि।

प्रश्न 12.
जो प्रक्रिया आपने क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती है। कौन-सा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिलन से संयोजित किया जाए। कारण भी लिखिए।
उत्तर:
अशुद्ध कॉपर की छड़ को इलेक्ट्रोड के रूप में बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित करना चाहिए क्योंकि अशुद्ध छड़ का कॉपर विलयन में मिलेगा तथा कॉपर ऋण टर्मिलन से जुड़े शुद्ध कॉपर की छड़ पर जमा हो जायेगा।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका – संरचना एवं प्रकार्य

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका – संरचना एवं प्रकार्य

MP Board Class 8th Science Chapter 8 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 90

प्रश्न 1.
सभी सजीव कुछ मूलभूत कार्य सम्पादित करते हैं। क्या आप इन कार्यों की सूची बना सकते हैं?
उत्तर:
सजीवों के मूलभूत कार्य हैं-वृद्धि और विकास, गति, पाचन, श्वसन, उत्सर्जन एवं प्रजनन आदि।

कोशिका

प्रश्न 1.
मुर्गी का अण्डा आसानी से दिखाई दे जाता है। क्या यह एकल कोशिका है अथवा कोशिकाओं का एक समूह?
उत्तर:
हाँ, यह एक एकल कोशिका है। यह आकार में बड़ा है, अतः इसे नग्न आँखों से देखा जा सकता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 91

सजीवों में कोशिका की संख्या, आकृति

प्रश्न 1.
वैज्ञानिक किस प्रकार सजीव कोशिकाओं का प्रेक्षण एवं अध्ययन करते हैं?
उत्तर:
वैज्ञानिक सजीव कोशिकाओं का प्रेक्षण व अध्ययन सूक्ष्मदर्शी की सहायता से करते हैं तथा कोशिका की संरचना का अध्ययन अभिरंजक का उपयोग करके करते हैं।

कोशिकाओं की संख्या

प्रश्न 1.
क्या आप किसी लम्बे वृक्ष अथवा हाथी जैसे विशाल जन्तु के शरीर में पाई जाने वाली कोशिकाओं की संख्या का अनुमान लगा सकते हो?
उत्तर:
हाँ, इनकी संख्या अरबों-खरबों में हो सकती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 92

कोशिका की आकृति

प्रश्न 1.
अमीबा की आकृति को आप किस प्रकार परिभाषित करेंगे?
उत्तर:
अमीबा की आकृति सुनिश्चित नहीं होती, यह अनियमित होती है। अमीबा अपनी आकृति बदलता रहता है।

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प्रश्न 2.
अपनी आकृति बदलने से अमीबा को क्या लाभ होता है?
उत्तर:
अमीबा की बदलती हुई आकृति उसे गति प्रदान करने एवं भोजन ग्रहण करने में सहायता करती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 93

प्रश्न 1.
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि कोशिका का कौन-सा भाग आकृति को प्रदान करता है?
उत्तर:
कोशिका के विभिन्न संघटक एक झिल्ली द्वारा परिबद्ध होते हैं। यह झिल्ली पौधों एवं जन्तुओं की कोशिकाओं को आकृति प्रदान करती है।

कोशिका का साइज क्रियाकलाप 8.2

प्रश्न – मुर्गी का एक अण्डा उबालिए। उसका छिलका अलग कीजिए। आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि एक सफेद पदार्थ पीले भाग को घेरे हुए है। सफेद भाग एल्ब्यूमिन है जो उबालने पर ठोस में परिवर्तित हो जाता है। पीला भाग योक है, यह एक एकल कोशिका का भाग है।

प्रश्न 1.
क्या हाथी की कोशिकाएँ चूहे की कोशिकाओं से बड़ी होती हैं?
उत्तर:
नहीं, कोशिका के आकार का सम्बन्ध जन्तु के आकार से नहीं होता। कोशिका के साइज का सम्बन्ध उसके प्रकार्य से होता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 94

कोशिका के भाग क्रियाकलाप 8.3

प्रश्न 1.
सूक्ष्मदर्शी के नीचे स्लाइड का प्रेक्षण कीजिए। इसका आरेख बनाकर नामांकित कीजिए। आप इसकी तुलना पुस्तक में दिये चित्र से कीजिए।
उत्तर:
प्याज की कोशिका की सीमा कोशिका झिल्ली द्वारा परिबद्ध होती है जो एक दृढ़ आवरण द्वारा आबद्ध होती है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं। कोशिका के केन्द्र में घनी एवं गोलाकार संरचना होती है जिसे केन्द्रक कहते हैं। केन्द्रक एवं कोशिका झिल्ली के मध्य जैली के समान कोशिकाद्रव्य पाया जाता है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 1

प्रश्न 1.
मैं जानना चाहता हूँ कि पौधों को कोशिका भित्ति की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
पौधों को कोशिका भित्ति की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि यह कोशिका को दृढ़ता एवं आकार प्रदान करती है तथा यह पौधों की ताप में परिवर्तन, तीव्र गति से चलने वाली वायु, वायुमण्डलीय नमी आदि विभिन्न परिवर्तनों से पौधों की सुरक्षा करती है।

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प्रश्न 2.
पहेली ने बूझो से पूछा है कि क्या वह जन्तु कोशिका का भी प्रेक्षण कर सकता है?
उत्तर:
हाँ, वह जन्तु कोशिका भी प्रेक्षण कर सकता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 95 केन्द्रक

प्रश्न 1.
पहेली जानना चाहती है कि क्या पौधों, जन्तु और जीवाणु की कोशिका में केन्द्रक की संरचना एक समान होती है?
उत्तर:
नहीं, पौधों, जन्तु और जीवाणु की कोशिका में केन्द्रक की संरचना एक समान नहीं होती। पौधों और जन्तुओं में केन्द्रक झिल्ली युक्त होते हैं। जीवाणु में केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 96

पादप और जन्तु कोशिका की तुलना

प्रश्न 1.
पादप और जन्तु कोशिका की समानताओं और अन्तर को सूचीबद्ध करें।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 2

MP Board Class 8th Science Chapter 8 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्न कथन सत्य (T) हैं अथवा असत्य (F) –

  1. एककोशिक जीव में एक ही कोशिका होती है। (T/F)
  2. पेशी कोशिका शाखान्वित होती है। (T/F)
  3. किसी जीव की मूल संरचना अंग हैं। (T/F)
  4. अमीबा की आकृति अनियमित होती है। (T/F)

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।

प्रश्न 2.
मानव तन्त्रिका कोशिका का रेखाचित्र बनाइए। तन्त्रिका कोशिकाओं द्वारा क्या कार्य किया जाता है?
उत्तर:
मानव तन्त्रिका कोशिका –
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 3
कार्य:
तन्त्रिका कोशिका सन्देश प्राप्त कर उनका स्थानान्तरण करती है जिसके द्वारा यह शरीर में नियन्त्रण तथा समन्वय करती है।

प्रश्न 3.
निम्न पर संक्षिप्त नोट लिखिए –

  1. कोशिकाद्रव्य।
  2. कोशिका का केन्द्रक।

उत्तर:
1. कोशिकाद्रव्य: यह एक जैली जैसा पदार्थ होता है जो कोशिका झिल्ली एवं केन्द्रक के बीच पाया जाता है।
2. कोशिका का केन्द्रक:
यह सामान्यतः कोशिका के मध्य में होता है तथा गोलाकार होता है, परन्तु पादप कोशिका में कभी-कभी यह परिधि की ओर होता है। यह कोशिकाद्रव्य से एक झिल्ली द्वारा अलग रहता है। केन्द्रक में छोटी सघन संरचना होती है जिसे केन्द्रिका या न्यूक्लिओलस कहते हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्रक में धागे के समान संरचनाएँ होती हैं जो क्रोमोसोम या गुणसूत्र कहलाते हैं। ये जीन के धारक हैं तथा आनुवंशिक गुणों को अगली पीढ़ी में स्थानान्तरित करते हैं।

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प्रश्न 4.
कोशिका के किस भाग में कोशिकांग पाए जाते हैं?
उत्तर:
कोशिकांग कोशिकाद्रव्य में पाए जाते हैं।

प्रश्न 5.
पादप कोशिका एवं जन्तु कोशिका के रेखाचित्र बनाकर उनमें तीन अन्तर लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 4
पादप कोशिका एवं जन्तु कोशिका में अन्तर:

पादप कोशिका जन्तु कोशिका
इसमें कोशिका भित्ति पायी जाती है। इसमें कोशिका भित्ति नहीं पायी जाती है।
केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है। केन्द्रक झिल्ली उपस्थित होती है।
प्लास्टिड पाया जाता है। प्लास्टिड नहीं पाया जाता है।

प्रश्न 6.
यूकैरियोट्स तथा प्रोकैरियोट्स में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
यूकैरियोट्स तथा प्रोकैरियोट्स में अन्तर:

यूकैरियोट्स प्रोकैरियोट्स
इन जीवों की कोशिकाओं में झिल्ली युक्त सुसंगठित केन्द्रकं पाया जाता है। इन जीवों की कोशिकाओं में केन्द्रक पदार्थ केन्द्रक झिल्ली के बिना होता है।

प्रश्न 7.
कोशिका में क्रोमोसोम अथवा गुणसूत्र कहाँ पाए जाते हैं? इनका कार्य बताइए।
उत्तर:
कोशिका में क्रोमोसोम अथवा गुणसूत्र केन्द्रक में पाए जाते हैं। ये धागे के समान संरचनाएँ होती हैं। ये जीन के धारक हैं तथा आनुवंशिक गुणों अथवा लक्षणों को जनक से अगली पीढ़ी में स्थानान्तरित करते हैं। ये कोशिका विभाजन के समय ही दिखाई देते हैं।

प्रश्न 8.
“सजीवों में कोशिका मूलभूत संरचनात्मक इकाई है।” समझाइए।
उत्तर:
जिस प्रकार भवन निर्माण के लिए ईंटों का प्रयोग होता है, उसी प्रकार सजीव जगत के जीव भिन्न-भिन्न होते हुए भी कोशिकाओं के बने होते हैं। इसीलिए यह कहा जाता है कि कोशिका सजीवों की मूलभूत इकाई है। कोशिकाओं के आधार पर सजीवों को दो भागों में विभाजित किया जाता है –

  1. एककोशिक।
  2. बहुकोशिक।

बहुकोशिक सजीवों में विभिन्न कोशिकाएँ मिलकर ऊतक तथा विभिन्न ऊतक मिलकर अंगों का निर्माण करते हैं। विभिन्न कार्यों के लिए विभिन्न अंगों का उपयोग होता है। एककोशिक जीवों में सभी कार्य एक कोशिका द्वारा ही किए जाते हैं। अतः यह कहा जा सकता है कि कोशिका सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक इकाई है।

प्रश्न 9.
बताइए कि क्लोरोप्लास्ट अथवा हरितलवक केवल पादप कोशिकाओं में ही क्यों पाए जाते हैं?
उत्तर:
हरितलवक केवल पादप कोशिकाओं में इसलिए पाए जाते हैं क्योंकि ये सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया की सहायता से अपना भोजन स्वयं बनाते उत्तरहैं जबकि जन्तु अपने भोजन के लिए अन्य जन्तुओं अथवा पौधों पर निर्भर रहते हैं।

प्रश्न 10.
बाईं से दाईं ओर:
4. यह कोशिकाद्रव्य से एक झिल्ली द्वारा अलग होता है।
3. कोशिकाद्रव्य के बीच रिक्त स्थान।
1. सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक इकाई।

ऊपर से नीचे की ओर:
2. यह प्रकाश-संलेषण के लिए आवश्यक है।
1. कोशिका झिल्ली और केन्द्रिका झिल्ली के बीच पदार्थ।
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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

MP Board Class 8th Science Chapter 3 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 32

प्रश्न 1.
क्या आप कुछ प्राकृतिक रेशों के नाम बता सकते हैं?
उत्तर”
हाँ, प्राकृतिक रेशे कपास, रेशम और ऊन आदि हैं।

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प्रश्न 2.
निम्नांकित सारणी को भरिए –
उत्तर:
प्राकृतिक और कृत्रिम रेशे –

वस्तु का नाम रेशे का प्रकार
प्राकृतिक/कृत्रिम
सूती कपड़े प्राकृतिक रेशे
ऊनी स्वेटर प्राकृतिक रेशे
नाइलॉन की साड़ी कृत्रिम रेशे
साडी सिल्क की प्राकृतिक रेशे
बरसाती कृत्रिम रेशे

प्रश्न 3.
आपने कुछ वस्तुओं को कृत्रिम चिह्नित क्यों किया है?
उत्तर:
क्योंकि ये प्राकृतिक रेशे नहीं हैं। इन्हें मनुष्यों द्वारा बनाया गया है। ये कृत्रिम रूप से बनाए गए हैं। अतः मानव द्वारा निर्मित होने के कारण इन वस्तुओं को कृत्रिम चिह्नित किया है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 33

नाइलॉन

प्रश्न 1.
क्या नाइलॉन के रेशे सचमुच इतने मजबूत होते हैं कि हम उससे पैराशूट और चट्टानों पर चढ़ने की रस्सी का निर्माण कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, नाइलॉन के रेशे सचमुच बहुत मजबूत होते हैं। हम इनसे पैराशूट और चट्टानों पर चढ़ने की रस्सी का निर्माण कर सकते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 34

क्रियाकलाप 3.1

प्रश्न 1.
आँकड़ों को निम्नांकित सारणी की भाँति सारणीबद्ध करिए।
उत्तर:
प्रेक्षण सारणी

धागे/रेशे के प्रकार धागे को तोड़ने हेतु आवश्यक कुल भार
कपास 50 ग्राम
ऊन 100 ग्राम
रेशम 120 ग्राम
नाइलॉन 200 ग्राम

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 35

प्रश्न 1.
मेरी माँ सदैव पेट (PET) बोतलें और चावल तथा चीनी संचयन के लिए पेट जार खरीदती हैं। मैं जानने के लिए उत्सुक हूँ कि आखिर यह पेट क्या है?
उत्तर:
पेट (PET) एक प्रकार का पॉलिएस्टर है। इसका उपयोग बोतलें, बर्तन, फिल्म, तार तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं के निर्माण हेतु किया जाता है।

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प्रश्न 2.
चारों ओर दृष्टि घुमाइए और पॉलिएस्टर से निर्मित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
पॉलिएस्टर से निर्मित वस्तुएँ-कमीज, पेण्ट, साड़ी, धागे, छाते, चादर, स्वेटर आदि।

प्रश्न 3.
ओह! अब मैं समझी कि मेरी माँ रसोई में काम . करते समय पॉलिएस्टर से बने वस्त्र क्यों नहीं पहनतीं?
उत्तर:
पॉलिएस्टर से बने वस्त्र गर्म करने पर पिघल जाते हैं। ये आग को शीघ्र पकड़ लेते हैं। रसोई घर में इन वस्त्रों में आग लगने का खतरा रहता है। आग लगने पर कपड़ा पिघल जाता है और पहनने वाले व्यक्ति के शरीर से चिपक जाता है। ये स्थिति बहुत कष्टदायक होती है। यही कारण है कि वह पॉलिएस्टर से बने वस्त्र रसोईघर में काम करते समय नहीं पहनी।

प्रश्न 4.
कल्पना करिए कि आज वर्षा का दिन है। आप किस प्रकार का छाता प्रयोग में लाएँगे और क्यों?
उत्तर:
हम संश्लेषित कपड़े से बना छाता प्रयोग में लायेंगे क्योंकि ये शीघ्र सूखते हैं, अधिक समय तक चलते हैं, कम महँगे होते हैं तथा आसानी से उपलब्ध और रख-रखाव में सुविधाजनक हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 36

प्रश्न 1.
क्या संश्लेषित रेशे प्राकृतिक रेशों की अपेक्षा कम जल सोखते हैं? क्या वे सूखने में कम समय लेते हैं?
उत्तर:
हाँ, संश्लेषित रेशे प्राकृतिक रेशों की अपेक्षा कम जल सोखते हैं। हाँ, वे सूखने में कम समय लेते हैं।

प्रश्न 2.
यह क्रियाकलाप आपको संश्लेषित कपड़ों के गुणधर्मों के बारे में क्या बतलाता है?
उत्तर:
यह बतलाता है कि संश्लेषित रेशों से बने कपड़े सूखने में कम समय लेते हैं जबकि प्राकृतिक रेशों से बने कपड़े सूखने में अधिक समय लेते हैं। इसी प्रकार प्राकृतिक रेशों से बने कपड़े अधिक जल सोखते हैं जबकि संश्लेषित रेशों से बने कपड़े कम कम जल सोखते हैं।

प्रश्न 3.
अपने माता-पिता से इन कपड़ों के प्राकृतिक रेशों की तुलना में चिरस्थायित्व (टिकाऊपन), मूल्य और रख-रखाव के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों से बने कपड़े, प्राकृतिक रेशों से बने कपड़ों की तुलना में अधिक टिकाऊ, सस्ते और रख-रखाव में सुविधाजनक हैं।
प्लास्टिक

प्रश्न 4.
क्या आपको आश्चर्य नहीं होता कि यह कैसे सम्भव है?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि प्लास्टिक को आसानी से साँचों में ढाला जा सकता है और इसका पुनःचक्रण हो सकता है। इसे पुनः प्रयुक्त किया जा सकता है। इसे रंगा और पिघलाया जा सकता है। इसे किसी भी रूप में ढालकर उपयोग में लाया जा सकता है।

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प्रश्न 5.
क्या सभी प्लास्टिक वस्तुएँ सरलतापूर्वक मोड़ी जा सकती हैं?
उत्तर:
नहीं, सभी प्लास्टिक वस्तुएँ मोड़ी नहीं जा सकती।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 37

प्लास्टिक, हल्का, प्रबल और चिरस्थायी है –

प्रश्न 1.
किस पदार्थ की बनी बाल्टियाँ और मग आज आप उपयोग में ले रहे हैं?
उत्तर:
आजकल हम प्लास्टिक की बनी बाल्टियाँ और मग उपयोग में ले रहे हैं।

प्रश्न 2.
प्लास्टिक पात्रों को उपयोग में लाने के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
प्लास्टिक पात्रों को उपयोग में लाने के निम्नलिखित लाभ हैं –

  1. प्लास्टिक पात्र बहुत हल्के, प्रबल और चिरस्थायी होते
  2. ये विभिन्न आकारों और साइजों में ढाले जा सकते हैं।
  3. ये धातुओं को पात्रों की अपेक्षा सस्ते होते हैं।
  4. ये उद्योगों और घरेलू कार्यों में विभिन्न उद्देश्यों हेतु उपयोग में लाए जा सकते हैं।

प्रश्न 3.
विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक पात्रों की सूची बनाइए जिन्हें आप दैनिक जीवन में उपयोग में लाते हैं।
उत्तर:
प्लास्टिक पात्र-बाल्टी, मग, गंगा सागर, पानी की टंकी, सामान ले जाने वाली थैलियाँ (कैरी बैग), पाइप, बर्तन, डस्टबिन, मेज, कुर्सी आदि।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 38

प्रश्न 1.
प्लास्टिक का निस्तारण एक प्रधान समस्या है। क्यों?
उत्तर:
प्लास्टिक एक जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ है जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं (जैसे-जीवाणुओं) द्वारा विघटित नहीं होता। इसलिए प्लास्टिक का निस्तारण एक प्रधान समस्या है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 39

प्रश्न 1.
कुछ और तरीके भी सुझाइए जिनके द्वारा आप प्लास्टिक पदार्थों के उपयोग को कम करने में सहयोग दे सकते हैं।
उत्तर:
प्लास्टिक पदार्थों के उपयोग को कम करने के लिए हम 4R सिद्धान्त को अपना कर सहयोग दे सकते हैं। उपयोग करिए, पुनः उपयोग करिए, पुनः चक्रित करिये और पुनः प्राप्त करिए। हमें इस प्रकार की आदतें विकसित करनी चाहिए जो पर्यावरण हितैषी हों।

MP Board Class 8th Science Chapter 3 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
कुछ रेशे संश्लेषित क्यों कहलाते हैं?
उत्तर:
कुछ रेशे संश्लेषित इसलिए कहलाते हैं क्योंकि ये मनुष्यों द्वारा बनाए जाते हैं।

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प्रश्न 2.
सही उत्तर को चिह्नित (✓) कीजिए –
रेयॉन एक संश्लेषित रेशा नहीं है, क्योंकि –
(क) इसका रूप रेशम समान होता है।
(ख) इसे काष्ठ लुग्दी से प्राप्त किया जाता है।
(ग) इसके रेशों को प्राकृतिक रेशों के समान बुना जा सकता है।
उत्तर:
(ख) इसे काष्ठ लुग्दी से प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 3.
उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. संश्लेषित रेशे ……. अथवा ……… रेशे भी कहलाते हैं।
  2. संश्लेषित रेशे कच्चे माल से संश्लेषित किए जाते हैं, है जो ……. कहलाता है।
  3. संश्लेषित रेशे की भाँति प्लास्टिक भी एक ………. है।

उत्तर:

  1. कृत्रिम, मानव निर्मित।
  2. संश्लेषण।
  3. बहुलक।

प्रश्न 4.
नाइलॉन रेशों से निर्मित दो वस्तुओं के नाम बताइए जो नाइलॉन रेशे की प्रबलता दर्शाती हों।
उत्तर:

  1. पैराशूट।
  2. चट्टानों पर चढ़ने वाली रस्सी।

प्रश्न 5.
खाद्य पदार्थों का संचयन करने हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के तीन प्रमुख लाभ बताइए।
उत्तर:
प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के प्रयुक्त लाभ:

  1. ये हल्के होते हैं।
  2. ये प्रबल होते हैं।
  3. ये चिरस्थायी होते हैं।

प्रश्न 6.
थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के मध्य अन्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक में अन्तर:

थर्मोप्लास्टिक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
यह ऐसा प्लास्टिक है जो गर्म करने पर आसानी से विकृत हो जाता है और सरलतापूर्वक मुड़ जाता है। ये ऐसे प्लास्टिक हैं जिन्हें एक बार साँचे में ढाल दिया जाता है तो इन्हें ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता। जैसे – पॉलीथीन, पी.वी.सी. जैसे-बैकेलाइट, मेलामाइन। (PVC)

प्रश्न 7.
समझाइए,थर्मोसेटिंगप्लास्टिक से निम्नलिखित क्यों बनाए जाते हैं?

  1. डेगची के हत्थे।
  2. विद्युत् प्लग/स्विच/प्लग बोर्ड।

उत्तर:

  1. डेगची के हत्थे: थर्मोसेटिंग प्लास्टिक ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए डेगची के हत्थे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के बनाए जाते हैं।
  2. विद्युत् प्लग/स्विच/प्लग बोर्ड: क्योंकि थर्मोसेटिंग प्लास्टिक विद्युत् का कुचालक है, इसलिए विद्युत् प्लग/स्विच/ प्लगबोर्ड थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के बनाए जाते हैं।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित पदार्थों को “पुनः चक्रित किए जा सकते हैं” और “पुनः चक्रित नहीं किए जा सकते हैं” में वर्गीकृत कीजिए –
टेलीफोन यन्त्र, प्लास्टिक के खिलौने, कुकर के हत्थे, सामग्री लाने वाले थैले, बॉल प्वॉइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत् तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ, विद्युत् स्विच।
उत्तर:
पदार्थ जो पुनः चक्रित किए जा सकते हैं – प्लास्टिक खिलौने, सामग्री लाने वाले थैले, बॉल प्वॉइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत् तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ। पदार्थ जो पुनः चक्रित नहीं किए जा सकते हैं – टेलीफोन यन्त्र, कुकर के हत्थे, विद्युत् स्विच।

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प्रश्न 9.
राणा गर्मियों के लिए कमीजें खरीदना चाहता है। उसे सूती कमीजें खरीदनी चाहिए या संश्लेषित? कारण सहित राणा को सलाह दीजिए।
उत्तर:
राणा को गर्मियों के लिए सूती कमीजें खरीदनी चाहिए क्योंकि संश्लेषित कमीजें जल्दी गर्म हो जाती हैं और शरीर से चिपकने लगती हैं। इनके पहनने से पसीना भी अधिक आता है। ये हवा को अन्दर-बाहर नहीं आने देती हैं। इसके विपरीत सूती कमीजों से हवा अन्दर-बाहर आती-जाती है और पसीना सुखा देती है।

प्रश्न 10.
उदाहरण देकर प्रदर्शित कीजिए कि प्लास्टिक की प्रकृति असंक्षारक होती है।
उत्तर:
प्लास्टिक जल और वायु से अभिक्रिया नहीं करते, अतः इनका संक्षारण आसानी से नहीं होता। अतः इनकी प्रकृति असंक्षारक होती है।

उदाहरण:
घर में उपयोग में आने वाले प्लास्टिक के डिब्बे, बाल्टियाँ आदि को कई महीनों तक उपयोग में लाया जाता है उनमें न तो जंग लगती है और न ही उनके सामान्य रूप में बदलाव आता है।

प्रश्न 11.
क्या दाँत साफ करने के ब्रुश का हैण्डल और शूक (ब्रिस्टल) एक ही पदार्थ के बनाने चाहिए? अपना उत्तर स्पष्ट करिये।
उत्तर:
नहीं, दाँत साफ करने के ब्रुश का हैण्डल और शूक एक ही पदार्थ के नहीं बनाने चाहिए क्योंकि दाँत साफ करने के लिए नर्म वस्तु (नाइलॉन) की आवश्यकता होती है जिससे कि दाँत साफ करते समय दाँत और मसूड़ों को कोई नुकसान न हो। इसके विपरीत ब्रुश का हैण्डल सख्त वस्तु (प्लास्टिक) का होना चाहिए ताकि उसे आसानी से सही ढंग से पकड़ा जा सके।

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प्रश्न 12.
“जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए”, इस कथन पर सलाह दीजिए।
उत्तर:
प्लास्टिक अनभिक्रियाशील, हल्का, प्रबल और चिरस्थायी होता है। यह ऊष्मा और विद्युत् का कुचालक है, इसलिये यह बहुत उपयोगी है, परन्तु प्लास्टिक जैव अनिम्नीकरणीय है यह प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से विघटित नहीं होता है। इसलिए इसका प्रयोग करते समय 4R सिद्धान्त को ध्यान में रखना चाहिए:

  1. उपयोग कम करिए (Reduce)
  2. पुनः उपयोग करिए (Reuse)
  3. पुनः चक्रित करिए (Recycle)
  4. पुनः प्राप्त करिए (Recover)

प्रश्न 13.
कॉलम A के पदों का कॉलम B में दिए गए वाक्य खण्डों से सही मिलान कीजिए –
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 1
उत्तर:

  1. → (d)
  2. → (c)
  3. → (a)
  4. → (b)

प्रश्न 14.
“संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण | वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है।” टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों को पौधों और जन्तुओं से प्राप्त नहीं किया जाता है। इन्हें रासायनिक पदार्थों का उपयोग करके बनाया जाता है। ये मानव निर्मित कृत्रिम रेशे हैं। इसलिए इनके निर्माण में पेड़-पौधों को काटने की आवश्यकता नहीं होती जबकि प्राकृतिक रेशों को प्राप्त करने के लिए पेड़-पौधों को काटना पड़ता है वहीं संश्लेषित रेशों के लिए इनकी आवश्यकता नहीं होती। अतः यह कहा जा सकता है कि संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है।

प्रश्न 15.
यह प्रदर्शन करने हेतु एक क्रियाकलाप का वर्णन करिए कि थर्मोप्लास्टिक विद्युत् का कुचालक है।
उत्तर:
थर्मोप्लास्टिक ऐसे प्लास्टिक हैं जो गर्म करने पर आसानी से विकृत हो जाते हैं और मुड़ जाते हैं। जैसे-पॉलिथीन, पीवीसी (PVC)। सर्वप्रथम हम थर्मोप्लास्टिक से बनी वस्तु, एक सेल और एक टॉर्च बल्ब लेकर विद्युत् परिपथ बनाते हैं। जब हम एक सेल के साथ एक बल्ब और एक थर्मोप्लास्टिक की वस्तु को चित्रानुसार जोड़ते हैं, तो हम देखते हैं कि बल्ब नहीं जलता है। यदि हम इस परिपथ में से थर्मोप्लास्टिक की वस्तु को हटा देते हैं तो बल्ब जलने लगता है। अतः इससे निष्कर्ष निकलता है कि थर्मोप्लास्टिक विद्युत् का कुचालक है इसमें होकर विद्युत् प्रवाहित नहीं होती है।
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