MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत

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MP Board Class 10th Science Chapter 12 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 222

प्रश्न 1.
विद्युत् परिपथ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
विद्युत् परिपथ:
“किसी विद्युत् धारा के सतत बन्द पथ को विद्युत् परिपथ कहते हैं।”

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प्रश्न 2.
विद्युत् धारा के मात्रक की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
विद्युत् धारा का S.I. मात्रक ऐम्पियर होता है।
एक ऐम्पियर:
“यदि किसी चालक के परिच्छेद से प्रति सेकण्ड 1 कूलॉम आवेश प्रवाहित हो जाता है, तो उस चालक में बहने वाली विद्युत् धारा की मात्रा 1 ऐम्पियर कहलाती है।”

प्रश्न 3.
एक कूलॉम आवेश की रचना करने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या परिकलित कीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 224

प्रश्न 1.
उस युक्ति का नाम लिखिए जो किसी चालक के सिरों पर विभवान्तर बनाए रखने में सहायता करती है?
उत्तर:
विद्युत् सेल या बैटरी।

प्रश्न 2.
यह कहने का क्या तात्पर्य है कि दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 17 है?
उत्तर:
जब एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक 1 कूलॉम धनावेश को ले जाने में 1 जूल कार्य करना पड़े तो उन दोनों बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 1 वोल्ट (1 V) होता है।

प्रश्न 3.
6V बैटरी से गुजरने वाले हर एक कूलॉम आवेश को कितनी ऊर्जा दी जाती है?
उत्तर:
6 जूल ऊर्जा।

प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 232

प्रश्न 1.
किसी चालक का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?
उत्तर:
किसी चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर निर्भर करता है –

  1. चालक की लम्बाई।
  2. चालक की अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल।
  3. चालक के पदार्थ की प्रकृति पर।

प्रश्न 2.
समान पदार्थ के दो तारों में यदि एक पतला है तथा दूसरा मोटा हो तो इनमें से किसमें विद्युत् धारा आसानी से प्रवाहित होगी जबकि उन्हें समान विद्युत् स्रोत में संयोजित किया जाता है? क्यों?
उत्तर:
मोटे तार में होकर क्योंकि इसका विद्युत् प्रतिरोध कम है।

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प्रश्न 3.
मान लीजिए किसी वैद्युत अवयव के दो सिरों के बीच विभवान्तर को उसके पूर्व के विभवान्तर की तुलना में घटाकर आधा कर देने पर भी उसका प्रतिरोध नियत रहता है। तब उस अवयव से प्रवाहित होने वाली विद्युत् धारा में क्या परिवर्तन होगा?
उत्तर:
विद्युत् धारा का मान आधा रह जायेगा।

प्रश्न 4.
विद्युत् टोस्टरों तथा विद्युत् इस्तरियों के तापन अवयव शुद्ध धातु के न बनाकर किसी मिश्रातु के क्यों बनाये जाते हैं?
उत्तर:
शुद्ध धातुओं की अपेक्षा किसी मिश्रातु की प्रतिरोधकता अधिक होती है। इसलिए अधिक प्रतिरोध उत्पन्न करने के लिए विद्युत् टोस्टरों तथा विद्युत् इस्तरियों के तापन अवयव शुद्ध धातु के न बनाकर मिश्रातु के बनाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ्य-पुस्तक की तालिका 12.2 में दिए गए आँकड़ों के आधार पर दीजिए –

  1. आयरन (Fe) तथा मरकरी (Hg) में कौन अच्छा विद्युत् चालक है?
  2. कौन-सा पदार्थ सर्वश्रेष्ठ चालक है?

उत्तर:

  1. आयरन (Fe) तथा मरकरी (Hg) में आयरन (Fe) अच्छा विद्युत् चालक है।
  2. सर्वश्रेष्ठ चालक सिल्वर (Ag) है।

प्रश्न श्रृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 237

प्रश्न 1.
किसी विद्युत् परिपथ का व्यवस्था आरेख खींचिए जिसमें 2V के तीन सेलों की बैटरी, एक 5 Ω प्रतिरोधक, एक 8 Ω प्रतिरोधक, एक 12 Ω प्रतिरोधक तथा एक प्लग कुंजी सभी श्रेणीक्रम में संयोजित हों?
उत्तर:
विद्युत् परिपथ का अभीष्ट व्यवस्था आरेख –
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प्रश्न 2.
प्रश्न 1 का परिपथ दुबारा खींचिए तथा इसमें प्रतिरोधकों से प्रवाहित विद्युत् धारा को मापने के लिए अमीटर तथा 12 Ω के प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवान्तर मापने के लिए वोल्टमीटर लगाइए। अमीटर तथा वोल्टमीटर के क्या पाठ्यांक होंगे?
उत्तर:
विद्युत् परिपथ का अभीष्ट व्यवस्था आरेख –
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संख्यात्मक भाग –
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प्रश्न श्रृंखला-5 # पृष्ठ संख्या 240

प्रश्न 1.
जब (a) 1 Ω तथा 106 Ω, (b) 1 Ω, 103 Ω तथा 106 Ω के प्रतिरोध पार्श्वक्रम में संयोजित किए जाते हैं तो इनके तुल्य प्रतिरोध के सम्बन्ध में आप क्या निर्णय लेंगे?
उत्तर:
दोनों ही अवस्था में तुल्य प्रतिरोध का मान 1 Ω से कम होगा।

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प्रश्न 2.
100 Ω का एक विद्युत् लैम्प, 50 Ω का एक विद्युत् टोस्टर तथा 500 Ω का एक जल फिल्टर 220 V के एक विद्युत् स्रोत से पार्यक्रम में संयोजित है। उस विद्युत् इस्तरी का प्रतिरोध क्या है जिसे यदि समान स्रोत के साथ संयोजित कर दें तो वह उतनी ही विद्युत् धारा लेती है जितनी तीनों युक्तियाँ लेती हैं। यह भी ज्ञात कीजिए कि इस विद्युत् इस्तरी से कितनी विद्युत् धारा प्रवाहित होती है?
हल:
दिया है: R1 = 100 Ω, R2 = 50 Ω एवं R3 = 500 Ω तथा V = 220 V मान लीजिए कि इस्तरी का प्रतिरोध R Ω है।
चूँकि इस्तरी समान स्रोत से जुड़ने पर तीनों युक्तियों के तुल्य विद्युत् धारा लेती है अतः इस्तरी का प्रतिरोध तीनों युक्तियों के तुल्य प्रतिरोध के बराबर होगा और चूँकि ये युक्ति पार्यक्रम में संयोजित है।
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उत्तर – अतः इस्तरी का अभीष्ट प्रतिरोध \(\frac { 125 }{ 4 } \) Ω अर्थात् 31.25 Ω है तथा इसमें से अभीष्ट धारा = 7.04A प्रवाहित होगी।

प्रश्न 3.
श्रेणीक्रम में संयोजित करने के स्थान पर वैद्युत् युक्तियों को पार्यक्रम में संयोजित करने के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
श्रेणीक्रम में संयोजित युक्तियों में समान धारा प्रवाहित होती है जबकि प्रत्येक युक्ति को उनके ठीक प्रकार कार्य सम्पादन हेतु अलग-अलग धाराओं की आवश्यकता होती है जो पार्श्वक्रम में ही सम्भव है श्रेणीक्रम में नहीं।

इसके अतिरिक्त एक युक्ति के खराब होने पर श्रेणीक्रम में सभी युक्तियाँ कार्य करना बन्द कर देंगी जबकि पार्श्वक्रम में एक युक्ति के खराब होने या बन्द होने की स्थिति में अन्य युक्तियाँ कार्य करती रहेंगी।

श्रेणीक्रम में हम इच्छानुसार एक या अधिक युक्तियों को प्रयोग में नहीं ला सकते, सभी युक्तियों को एक साथ ही प्रयोग में लाना होगा जबकि पार्श्वक्रम में हम ऐसा कर सकते हैं। इसलिए युक्तियों को पार्श्वक्रम में संयोजित करते हैं।

प्रश्न 4.
2 Ω, 3 Ω तथा 6 Ω के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध –
(a) 4 Ω, (b) 1 Ω हो?
उत्तर:
(a) 3 Ω एवं 6 Ω के प्रतिरोधकों को पार्यक्रम में संयोजित करेंगे जिससे इनका तुल्य प्रतिरोध R’ प्राप्त होगा।
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फिर इस संयोजन को 2 Ω के प्रतिरोध से श्रेणीक्रम में संयोजित करेंगे इससे कुल तुल्य प्रतिरोध –
Ra = 2 Ω + 2 Ω = 4 Ω प्राप्त होगा।

(b) तीनों प्रतिरोधकों को हम पार्श्वक्रम में संयोजित करेंगे जिससे तुल्य प्रतिरोध Rb प्राप्त होगा निम्न प्रकार है –
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प्रश्न 5.
4 Ω, 8 Ω, 12 Ω तथा 24 Ω प्रतिरोध की चार कुण्डलियों को किस प्रकार संयोजित करें कि संयोजन से –
(a) अधिकतम, (b) निम्नतम प्रतिरोध प्राप्त हो सके?
उत्तर:
(a) अधिकतम प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए चारों कुण्डलियों को हम श्रेणीक्रम में संयोजित करेंगे।

(b) निम्नतम प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए हम चारों कुण्डलियों को पार्यक्रम में संयोजित करेंगे।

प्रश्न श्रृंखला-6 # पृष्ठ संख्या 242

प्रश्न 1.
किसी विद्युत् हीटर की डोरी क्यों उत्तप्त नहीं होती जबकि उसका तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है।
उत्तर:
विद्युत् हीटर की डोरी का प्रतिरोध नगण्य होता है। इसलिए वह उत्तप्त नहीं होती जबकि उसके तापन अवयव का प्रतिरोध अधिक होने से उसमें अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है और वह उत्तप्त हो जाता है।

प्रश्न 2.
एक घण्टे में 50 V विभवान्तर से 96000 कूलॉम आवेश को स्थानान्तरित करने में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।
हल:
दिया है: V = 50 V एवं q= 96000 C
ऊष्मा = V × q = 50 V × 96000 C = 48,00,000 J
अतः अभीष्ट उत्पन्न ऊष्मा = 48,00,000 J अर्थात् 4,800 kJ – उत्तर

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प्रश्न 3.
20 Ω प्रतिरोध की कोई विद्युत् इस्तरी 5 A विद्युत्धारा लेती है, 30 s में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।
हल:
दिया है: R = 20 Ω, I = 5 A, t = 30s
चूँकि
उत्पन्न ऊष्मा = I2Rt = (5)2 × 20 × 30 J = 15,000 J अर्थात् 15 kJ.
अत: अभीष्ट उत्पन्न ऊष्मा = 15,000 J अर्थात् 15 kJ – उत्तर

प्रश्न शृंखला-7 # पृष्ठ संख्या 245

प्रश्न 1.
विद्युत् धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण कैसे किया जाता है?
उत्तर:
विद्युत् धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण विद्युत् धारा की मात्रा एवं विभवान्तर के गुणनफल के द्वारा किया जाता है।
अर्थात्
प्रदत्त विद्युत् ऊर्जा की दर = विद्युत् सामर्थ्य
P = विभवान्तर V × विद्युत् धारा I ⇒ P = VI

प्रश्न 2.
कोई विद्युत् मोटर 220 V के विद्युत् स्रोत से 5.0 A की विद्युत् धारा लेता है। मोटर की शक्ति निर्धारित कीजिए तथा 2 घण्टे में मोटर द्वारा उपयुक्त ऊर्जा परिकलित कीजिए।
हल:
दिया है:
विभवान्तर V = 220 V, विद्युत् धारा i = 5.0 A, समय t = 2 घण्टे।
चूँकि मोटर की शक्ति P = VI = 220 × 5.0 = 1100 W
\(\frac { 1100 }{ 1000 } \) = 1.1 kW
2 घण्टे में उपयुक्त ऊर्जा = 2 × 1.1 = 2.2 kWh
अतः मोटर की अभीष्ट सामर्थ्य = 1.1 kW एवं 2 घण्टे में उपयुक्त ऊर्जा की अभीष्ट मात्रा = 2.2 kWh – उत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 12 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रतिरोध R के किसी तार के टुकड़े को पाँच बराबर भागों में काटा जाता है। इन टुकड़ों को फिर पार्यक्रम में संयोजित कर देते हैं। यदि संयोजन का तुल्य प्रतिरोध R’ है, तो R/R’ अनुपात का मान क्या है?
(a) 1/25
(b) 1/5
(c) 5
(d) 25
उत्तर:
(d) 25

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा पद विद्युत् परिपथ में विद्युत् शक्ति को निरूपित नहीं करता?
(a) I2R
(b) IR2
(c) VI
(d) V2/R
उत्तर:
(b) IR2

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प्रश्न 3.
किसी विद्युत् बल्ब का अनुमतांक 220 V : 100 W है। जब इसे 110 V पर प्रचलित करते हैं तब इसके द्वारा उपयुक्त शक्ति कितनी होगी?
(a) 100 W
(b) 75 W
(c) 50 W
(d) 25 W
उत्तर:
(d) 25 W

प्रश्न 4.
दो चालक तार जिनके पदार्थ, लम्बाई तथा व्यास समान हैं, किसी विद्युत् परिपथ में पहले श्रेणीक्रम में और फिर पार्श्वक्रम में संयोजित किये जाते हैं। श्रेणीक्रम तथा पार्श्वक्रम संयोजन में उत्पन्न ऊष्माओं का अनुपात क्या होगा?
(a) 1 : 2
(b) 2 : 1
(c) 1 : 4
(d) 4 : 1
उत्तर:
(c) 1 : 4

प्रश्न 5.
किसी विद्युत् परिपथ में दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर मापने के लिए वोल्टमीटर को किस प्रकार संयोजित किया जाता है?
उत्तर:
समान्तर क्रम (पावक्रम) में।

प्रश्न 6.
किसी ताँबे के तार का व्यास 0.5 mm तथा प्रतिरोधकता 1.6 × 10-8 Ωm है। 10 Ω प्रतिरोध का प्रतिरोधक बनाने के लिए कितने लम्बे तार की आवश्यकता होगी? यदि इससे दो गुने व्यास का तार लें तो प्रतिरोध में क्या अन्तर आयेगा?
हल:
दिया है:
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प्रश्न 7.
किसी प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवान्तर V के विभिन्न मानों के लिए उससे प्रवाहित विद्युत् धाराओं के संगत मान निम्नवत् हैं –

I(ऐम्पियर मे) 0.5 1.0 2.0 3.0 4.0
V(वोल्ट में) 1.6 3.4 6.7 10.2 13.2

V और I के बीच ग्राफ खींचकर इस प्रतिरोधक का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
हल:
विभवान्तर V एवं विद्युत् धारा I में ग्राफ –
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प्रश्न 8.
किसी अज्ञात प्रतिरोध के प्रतिरोधक के सिरों से 12 V की बैटरी को संयोजित करने पर परिपथ में 2.5 m A विद्युत् धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोधक का प्रतिरोध परिकलित कीजिए।
हल:
दिया है:
विभवान्तर V = 12 V, विद्युत् धारा I = 2.5 mA = 2.5 × 10-3 A
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प्रश्न 9.
9 V की किसी बैटरी को 0.2 Ω, 0.3 Ω,0.4 Ω,0.5 Ω तथा 12 Ω के प्रतिरोधकों के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है। 12 Ω के प्रतिरोधक से कितनी विद्युत् धारा प्रवाहित होगी?
हल:
दिया है:
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चूँकि प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में है इसलिए सभी प्रतिरोधकों में होकर समान धारा प्रवाहित होगी।
अतः 12 Ω प्रतिरोधक से प्रवाहित अभीष्ट विद्युत् धारा = 0.67 A

प्रश्न 10.
176 Ω प्रतिरोध के कितने प्रतिरोधकों को पार्यक्रम में संयोजित करें कि 220 V के विद्युत् स्रोत के संयोजन से 5 A विद्युत् धारा प्रवाहित हो।
हल:
दिया है:
विभवान्तर V = 220 V, विद्युत् धारा i = 5 A
मान लीजिए प्रत्येक R = 176 Ω के n प्रतिरोधक पार्श्वक्रम में संयोजित किए गए हैं तो पार्श्वक्रम में तुल्य प्रतिरोध यदि Rp है तो –
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अतः प्रतिरोधकों की अभीष्ट संख्या = 4 – उत्तर

प्रश्न 11.
यह दर्शाइए कि आप 6 Ω प्रतिरोधक के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करोगे? प्राप्त संयोजन का प्रतिरोध –
(i) 9 Ω
(ii) 4 Ω हो।
हल:
(i) दो प्रतिरोधकों को पार्यक्रम में तथा इस संयोजन को तीसरे प्रतिरोधक के श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं।
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AC के मध्य तुल्य प्रतिरोध R = 3 Ω + 6 Ω = 9 Ω

(ii) दो प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में तथा तीसरे को उक्त संयोजन के पार्श्वक्रम में संयोजित करते हैं।
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प्रश्न 12.
220 V की विद्युत् लाइन पर उपयोग किए जाने वाले बहुत से बल्बों का अनुमतांक 10 W है। यदि 220 V लाइन से अनुमत अधिकतम विद्युत् धारा 5 A है तो इस लाइन के दो तारों के बीच कितने बल्ब पार्यक्रम में संयोजित किए जा सकते हैं?
हल:
दिया है:
प्रत्येक विद्युत् बल्ब का अनुमतांक P1 = 10 W; विद्युत् लाइन का विभवान्तर V = 220 V, अधिकतम अनुमत विद्युत् धारा I = 5 A है।
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प्रश्न 13.
किसी विद्युत् घण्टी की तप्त प्लेट दो प्रतिरोधक कुण्डलियों A तथा B की बनी हुई हैं जिनमें प्रत्येक का प्रतिरोधक 24 Ω है तथा इन्हें पृथक-पृथक श्रेणीक्रम में अथवा पार्श्वक्रम में संयोजित करके उपयोग किया जा सकता है। यदि यह भट्टी 220 V विद्युत् स्रोत से संयोजित की जाती है तो तीनों प्रकरणों में विद्युत् धाराएँ क्या हैं?
हल:
दिया है:
Ra = Rb = R = 24 Ω, V = 220 V
मान लीजिए समान्तर क्रम में तुल्य प्रतिरोध = Rs
तथा पार्श्वक्रम में तुल्य प्रतिरोध = Rp, है तो
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अतः अभीष्ट विद्युत् धाराएँ क्रमश: 9.2 A (लगभग), 4.6 A (लगभग) एवं 18.3 A (लगभग) – उत्तर

प्रश्न 14.
निम्नलिखित परिपथों में प्रत्येक में 2 Ω प्रतिरोधक द्वारा उपमुक्त शक्तियों की तुलना कीजिए –
(i) 6 V की बैटरी से संयोजित 1 Ω तथा 2 Ω प्रतिरोधक श्रेणीक्रम संयोजन।
(ii) 4 V बैटरी से संयोजित 12 Ω तथा 2 Ω पार्श्वक्रम संयोजन।
हल:
(i) V = 6 V, R1 = 1 Ω एवं R2 = 2 Ω
मान लीजिए श्रेणीक्रम में तुल्य प्रतिरोधक = Rs तो
Rs = R1 + R2 = 1 Ω + 2 Ω = 3 Ω
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अतः अभीष्ट शक्ति क्रमशः (i) 8 W एवं (ii) 8 W – उत्तर

प्रश्न 15.
दो विद्युत् लैम्प जिनमें से एक का अनुमतांक 100 W : 220 V तथा दूसरे का 60 W : 220 V है। विद्युत् मेन्स के साथ पार्श्वक्रम में संयोजित है। यदि विद्युत् आपूर्ति की वोल्टता 220 V है, तो विद्युत् में से कितनी धारा ली जाती है?
हल:
दिया है:
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प्रश्न 16.
किसमें अधिक विद्युत् ऊर्जा उपमुक्त होती है; 250 W टी. वी. सैट जो एक घण्टे तक चलाया जाता है अथवा 120 W का विद्युत् हीटर जो 10 मिनट के लिए चलाया जाता है।
हल:
दिया है:
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प्रश्न 17.
8 Ω प्रतिरोध का कोई विद्युत् हीटर विद्युत् मेन्स से 2 घण्टे तक 15 A विद्युत् धारा लेता है। हीटर में उत्पन्न ऊर्जा की दर परिकलित कीजिए।
हल:
दिया है:
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प्रश्न 18.
निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए –
(a) विद्युत् लैम्पों के तन्तुओं के निर्माण में प्रायः एक मात्र टंगस्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है?
(b) विद्युत् तापन युक्तियों जैसे ब्रेड-टोस्टर तथा विद्युत् इस्तरी के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्रातुओं के क्यों बनाए जाते हैं?
(c) घरेलू विद्युत् परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?
(d) किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल में परिवर्तन के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है?
(e) विद्युत् संचारण के लिए प्रायः कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर:
(a) बल्बों के तन्तु बनाने में बहुत पतले टंगस्टन के तारों का उपयोग होता है क्योंकि इनका गलनांक अति उच्च होता है। ये गर्म अवस्था में ऑक्सीकृत नहीं होते तथा ऊष्मा को रोककर प्रकाश उत्पन्न करते हैं।

(b)
1. 3 Ω एवं 6 Ω के प्रतिरोधकों को पार्यक्रम में संयोजित करेंगे जिससे इनका तुल्य प्रतिरोध R’ प्राप्त होगा।
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फिर इस संयोजन को 2 Ω के प्रतिरोध से श्रेणीक्रम में संयोजित करेंगे इससे कुल तुल्य प्रतिरोध –
Ra = 2 Ω + 2 Ω = 4 Ω प्राप्त होगा।

2. तीनों प्रतिरोधकों को हम पार्श्वक्रम में संयोजित करेंगे जिससे तुल्य प्रतिरोध Rb प्राप्त होगा निम्न प्रकार है –
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(c) श्रेणीक्रम में संयोजित युक्तियों में समान धारा प्रवाहित होती है जबकि प्रत्येक युक्ति को उनके ठीक प्रकार कार्य सम्पादन हेतु अलग-अलग धाराओं की आवश्यकता होती है जो पार्श्वक्रम में ही सम्भव है श्रेणीक्रम में नहीं।

इसके अतिरिक्त एक युक्ति के खराब होने पर श्रेणीक्रम में सभी युक्तियाँ कार्य करना बन्द कर देंगी जबकि पार्श्वक्रम में एक युक्ति के खराब होने या बन्द होने की स्थिति में अन्य युक्तियाँ कार्य करती रहेंगी।

श्रेणीक्रम में हम इच्छानुसार एक या अधिक युक्तियों को प्रयोग में नहीं ला सकते, सभी युक्तियों को एक साथ ही प्रयोग में लाना होगा जबकि पार्श्वक्रम में हम ऐसा कर सकते हैं। इसलिए युक्तियों को पार्श्वक्रम में संयोजित करते हैं।

(d) किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल A के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात् क्षेत्रफल बढ़ने पर प्रतिरोध कम होता है तथा कम होने पर बढ़ता है।

(e) विद्युत् संचारण के लिए प्राय: कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग किया जाता है क्योंकि इनकी प्रतिरोधकता बहुत कम है। अत: ये अतितप्त नहीं होते।

MP Board Class 10th Science Chapter 12 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रतिरोध का मात्रक है –
(a) ऐम्पियर।
(b) वाट।
(c) ओम।
(d) वोल्ट।
उत्तर:
(c) ओम।

प्रश्न 2.
विद्युत् धारा का S.I. मात्रक है –
(a) जूल।
(b) ऐम्पियर।
(c) वोल्ट।
(d) वाट।
उत्तर:
(b) ऐम्पियर।

प्रश्न 3.
विद्युत् शक्ति का अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति में मात्रक है –
(a) अश्व शक्ति।
(b) वाट।
(c) किलोवाट घण्टा।
(d) ये सभी। (2019)
उत्तर:
(b) वाट।

प्रश्न 4.
विभवान्तर का मात्रक है –
(a) ऐम्पियर।
(b) वोल्ट।
(c) ओम।
(d) वाट।
उत्तर:
(b) वोल्ट।

प्रश्न 5.
विभवान्तर का मापक यन्त्र है –
(a) अमीटर।
(b) वोल्टमीटर।
(c) लैक्टोमीटर।
(d) शुष्क सेल।
उत्तर:
(b) वोल्टमीटर।

प्रश्न 6.
विद्युत् धारा का मापक यन्त्र है –
(a) अमीटर।
(b) वोल्टमीटर।
(c) लैक्टोमीटर।
(d) शुष्क सेल।
उत्तर:
(a) अमीटर।

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प्रश्न 7.
एक सेल, एक प्रतिरोध, एक कुंजी एवं एक अमीटर निम्न तीन प्रकार से परिपथ में संयोजित किए गए हैं –
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तो अमीटर से प्रेक्षित की गई विद्युत् धारा का मान –
(a) (i) में अधिकतम होगा।
(b) (ii) में अधिकतम होगा।
(c) (iii) में अधिकतम होगा।
(d) सभी में समान होगा।
उत्तर:
(d) सभी में समान होगा।

प्रश्न 8.
निम्न परिपथों में 12 वोल्ट की बैटरी से संयोजित प्रतिरोध या प्रतिरोध संयोजन में उत्पन्न ऊष्मा का मान होगा –
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(a) सभी स्थितियों में समान।
(b) (i) में अधिकतम।
(c) (ii) में अधिकतम।
(d) (iii) में अधिकतम।
उत्तर:
(d) (iii) में अधिकतम।

प्रश्न 9.
किसी धातु के तार की प्रतिरोधकता निर्भर करती है –
(a) इसकी लम्बाई पर।
(b) इसकी मोटाई पर।
(c) इसकी आकृति पर।
(d) इसके पदार्थ की प्रकृति पर।
उत्तर:
(d) इसके पदार्थ की प्रकृति पर।

प्रश्न 10.
एक विद्युत् बल्ब की तन्तु ने 1 A विद्युत् धारा ली। इस तन्तु के परिच्छेद से 16 s में प्रवाहित इलेक्ट्रॉनों की लगभग संख्या होगी
(a) 1020
(b) 1016
(c) 1018
(d) 1023
उत्तर:
(a) 1020

प्रश्न 11.
जाँच कीजिए कि निम्न चित्रों में किस परिपथ में विद्युत् अवयवों का सही संयोजन किया गया है?
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उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 25

प्रश्न 12.
पाँच प्रतिरोधक तारों के संयोजन से कितना अधिकतम प्रतिरोध प्राप्त किया जा सकता है जबकि प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध 1/5 Ω है?
(a) 1/5 Ω
(b) 10 Ω
(c) 5 Ω
(d) 1 Ω
उत्तर:
(d) 1 Ω

प्रश्न 13.
पाँच प्रतिरोधकों के संयोजन से न्यूनतम कितना प्रतिरोध प्राप्त किया जा सकता है जबकि प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध 1/5 Ω है –
(a) 1/5 Ω
(b) 1/25 Ω
(c) 1/10 Ω
(d) 25 Ω
उत्तर:
(b) 1/25 Ω

प्रश्न 14.
अधिकतम विभवान्तर प्राप्त करने के लिए चार सेलों का श्रेणीक्रम में संयोजन निम्न प्रकार किया गया। निम्न में कौन-सा संयोजन सही स्थिति को प्रदर्शित करता है?
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उत्तर:
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प्रश्न 15.
निम्न में कौन विभवान्तर को प्रदर्शित करता है?
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उत्तर:
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प्रश्न 16.
एक/लम्बाई एक समान परिच्छेद क्षेत्रफल A वाला चालक तार का प्रतिरोध R है। दूसरे चालक की लम्बाई 2 l तथा प्रतिरोध R है समान पदार्थ का बना है तो उसका परिच्छेद होगा –
(a) A/2
(b) 3 A/2
(c) 2 A
(d) 3 A
उत्तर:
(c) 2 A

प्रश्न 17.
संलग्न चित्र में V – I ग्राफ तीन नमूनों नाइक्रोम तार के जिनके प्रतिरोध R1, R2 एवं R3 पर एक छात्र द्वारा किए गए प्रयोग के आधार पर खींचे गए हैं। निम्न में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) R1 = R2 = R3
(b) R1 > R2 > R3
(c) R1 > R2 > R3
(d) R1 >R2 > R3
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 29

प्रश्न 18.
यदि किसी प्रतिरोधक में होकर बहने वाली धारा I को दुगुना कर दिया जाय अर्थात् 100% बढ़ा दिया जाय तो उसकी विद्युत् सामर्थ्य में वृद्धि होगी (जबकि उसका तापमान नियत रहता है) –
(a) 100%
(b) 200%
(c) 300%
(d) 400%
उत्तर:
(c) 300%

प्रश्न 19.
किसी चालक की प्रतिरोधकता परिवर्तित नहीं होती यदि –
(a) चालक का पदार्थ परिवर्तित कर दिया जाय।
(b) चालक का ताप परिवर्तित कर दिया जाय।
(c) चालक का आकार बदल दिया जाय।
(d) दोनों पदार्थ एवं ताप परिवर्तित कर दिया जाय।
उत्तर:
(c) चालक का आकार बदल दिया जाय।

प्रश्न 20.
एक विद्युत् परिपथ में 2 Ω एवं 4 Ω के दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में एक 6 V बैटरी के साथ संयोजित किए गए हैं तो 4 Ω के प्रतिरोधक से 5 s में ऊष्मा प्राप्त होगी –
(a) 5 J
(b) 10 J
(c) 20 J
(d) 30 J
उत्तर:
(c) 20 J

प्रश्न 21.
एक बिजली की केतली जब 220 V पर प्रयोग की जाती है तो 1 kW विद्युत् सामर्थ्य लेती है। किस दर का एक फ्यूज तार इसके लिए प्रयुक्त होना चाहिए?
(a) 1 A
(b) 2 A
(c) 4 A
(d) 5 A
उत्तर:
(d) 5 A

प्रश्न 22.
एक विद्युत् परिपथ में तीन विद्युत् बल्ब A, B एवं C क्रमश: 40 W, 60 W एवं 100 W क्षमता के समान्तर क्रम में विद्युत् स्रोत से संयोजित किए जाते हैं। उनकी रोशनी के सन्दर्भ में निम्न में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) सभी समान रोशनी देंगे।
(b) बल्ब A की रोशनी सर्वाधिक होगी।
(c) बल्ब B की रोशनी बल्ब A से अधिक होगी।
(d) बल्ब C की रोशनी बल्ब B से कम होगी।
उत्तर:
(c) बल्ब B की रोशनी बल्ब A से अधिक होगी।

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प्रश्न 23.
जब 2 Ω एवं 4 Ω प्रतिरोध के दो प्रतिरोधक एक बैटरी से संयोजित किए जाते हैं तो –
(a) उनमें समान विद्युत् धारा प्रवाहित होगी जब उनको समान्तर क्रम में संयोजित किया जाय।
(b) उनमें समान विद्युत् धारा प्रवाहित होगी जब उनको श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाय।
(c) उनके सिरों पर समान विभवान्तर होगा जब उनको श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाय।
(d) उनके सिरों पर अलग-अलग विभवान्तर होगा जब उनको समान्तर क्रम में संयोजित किया जाय।
उत्तर:
(b) उनमें समान विद्युत् धारा प्रवाहित होगी जब उनको श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाय।

प्रश्न 24.
विद्युत् सामर्थ्य का मात्रक इस प्रकार भी प्रदर्शित किया जा सकता है –
(a) वोल्ट-ऐम्पियर।
(b) किलोवाट-घण्टा।
(c) वाट-सेकण्ड।
(d) जूल-सेकण्ड।
उत्तर:
(a) वोल्ट-ऐम्पियर।

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. शुद्ध जल विद्युत् का ……. होता है।
  2. एक अश्व शक्ति = … वाट।
  3. किसी तार का प्रतिरोध उसकी लम्बाई के ……. होता है।
  4. किसी तार का प्रतिरोध उसके परिच्छेद के ………… होता है।
  5. किसी तार की प्रतिरोधकता पर उसकी आकृति का ……… पड़ता है।

उत्तर:

  1. कुचालक
  2. 746
  3. अनुक्रमानुपाती
  4. व्युत्क्रमानुपाती
  5. कोई प्रभाव नहीं।

जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 30
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

सत्य/असत्य कथन

  1. अधिकतम प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में संयोजित करना चाहिए।
  2. I = V R अर्थात् विद्युत् धारा = विभवान्तर × प्रतिरोध।
  3. न्यूनतम प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए प्रतिरोधकों को समान्तर क्रम में संयोजित करना चाहिए।
  4. हॉर्स पावर विद्युत् ऊर्जा का मात्रक है।
  5. किसी चालक में प्रवाहित विद्युत् धारा एवं उसके सिरों के मध्य विभवान्तर के परस्पर सम्बन्ध का पता ओम ने लगाया था।

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. सत्य।
  4. असत्य।
  5. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

  1. विभवान्तर (V), विद्युत् धारा (I) एवं प्रतिरोध (R) में सम्बन्ध बताइए।
  2. तीन प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में संयोजित करने पर उनके परिणामी तुल्य प्रतिरोध का सम्बन्ध लिखिए।
  3. तीन प्रतिरोधकों को समान्तर क्रम में जोड़ने पर उनके परिणामी तुल्य प्रतिरोध का सूत्र लिखिए।
  4. आवेश एवं विद्युत् धारा में क्या सम्बन्ध है? सूत्र के रूप में लिखिए।
  5. एक इलेक्ट्रॉन पर कितना आवेश होता है?

उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 31

MP Board Class 10th Science Chapter 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विद्युत् विभव किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए।
उत्तर:
विद्युत् विभव:
“एकांक धनावेश को अनन्त से विद्युत् क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में किए गए कार्य को इस बिन्दु का विद्युत् विभव कहते हैं।” इसका मात्रक वोल्ट है।

प्रश्न 2.
विद्युत् धारा किसे कहते हैं? इसका S.I. मात्रक लिखिए। (2019)
उत्तर:
विद्युत् धारा:
“आवेश प्रवाह की दर को विद्युत् धारा कहते हैं।” दूसरे शब्दों में “एकांक समय में चालक तार में प्रवाहित आवेश की मात्रा को विद्युत् धारा कहते हैं।”
आवेश  MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 32

प्रश्न 3.
विभवान्तर किसे कहते हैं? इसका मात्रक (S.I.) लिखिए। (2019)
उत्तर:
विभवान्तर:
“विद्युत् क्षेत्र में एकांक धनावेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने में जो कार्य किया जाता है, दोनों बिन्दुओं के बीच विभवान्तर कहलाता है।”
अर्थात्
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 33
इसका मात्रक वोल्ट है।

प्रश्न 4.
एक वोल्ट विभव से क्या समझते हो?
उत्तर:
एक वोल्ट विभव:
“एकांक धनावेश को अनन्त से विद्युत् क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में यदि एक जूल कार्य करना पड़ता है तो विद्युत् क्षेत्र के उस बिन्दु पर विभव का मान एक वोल्ट होगा।”

प्रश्न 5.
ओम का नियम लिखिए। (2019)
उत्तर:
ओम का नियम:
“किसी बन्द परिपथ में संयोजित चालक में, जिसकी भौतिक परिस्थितियाँ अपरिवर्तित रहती हों, विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो उसके सिरों के मध्य विभवान्तर और उसमें प्रवाहित विद्युत् धारा की तीव्रता में एक निश्चित अनुपात होता है, जिसे विद्युत् प्रतिरोध कहते हैं अर्थात्
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 34

प्रश्न 6.
विद्युत् प्रतिरोध किसे कहते हैं? इसका मात्रक क्या है?
उत्तर:
विद्युत् प्रतिरोध:
“चालक की परमाणु संरचना के कारण इलेक्ट्रॉन प्रवाह में उत्पन्न अवरोध के परिमाण को चालक का विद्युत् प्रतिरोध कहते हैं।” इसका मात्रक ओम होता है।

प्रश्न 7.
“एक ओम प्रतिरोध” से क्या समझते हो?
उत्तर:
एक ओम प्रतिरोध:
“यदि किसी चालक के सिरों पर एक वोल्ट का विभवान्तर आरोपित करने पर उस चालक में एक ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही हो तो उस चालक का प्रतिरोध एक ओम होता है।”

प्रश्न 8.
विद्युत् प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए।
उत्तर:
विद्यत् प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध):
“एक मीटर लम्बे तथा एक वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट वाले चालक तार का प्रतिरोध, उस चालक पदार्थ की विद्युत् प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) कहलाता है।” इसका मात्रक ओम-मीटर है।

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प्रश्न 9.
विद्युत् शक्ति को परिभाषित कीजिए। इसका मात्रक क्या है?
उत्तर:
विद्युत् शक्ति: “किसी विद्युत् उपकरण में विद्युत् ऊर्जा के व्यय की दर विद्युत् शक्ति कहलाती है।”

प्रश्न 10.
“एक वाट विद्युत् शक्ति” क्या होती है?
उत्तर:
एक वाट विद्युत् शक्ति:
“यदि किसी विद्युत् परिपथ में एक जूल प्रति सेकण्ड की विद्युत् ऊर्जा की हानि हो रही है तो परिपथ की विद्युत् शक्ति एक वाट कहलाती है।”

प्रश्न 11.
विद्युत् शक्ति के विभिन्न पदों में व्यंजक (सूत्र) लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 35

प्रश्न 12.
विद्युत् ऊर्जा अथवा उससे उत्पन्न ऊष्मा को विभिन्न पदों में व्यंजक (सूत्र) लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 36

प्रश्न 13.
किसी चालक के प्रतिरोध R एवं उसकी प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) p में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
विशिष्ट प्रातराध (प्रातराधकता)
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 37

प्रश्न 14.
एक किलोवाट घण्टा (kWh) अथवा विद्युत् यूनिट से क्या समझते हो?
उत्तर:
किलोवाट घण्टा (kWh) अथवा विद्युत् यूनिट:
“परिपथ में 1000 वाट का उपकरण 1 घण्टे में जितनी विद्युत् ऊर्जा व्यय करता है उसे एक किलोवाट घण्टा (kWh) या एक विद्युत् यूनिट कहते हैं।”
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 38

प्रश्न 15.
विद्युत् धारा के ऊष्मीय प्रभाव से क्या समझते हो?
उत्तर:
विद्युत् धारा का ऊष्मीय प्रभाव:
“जब किसी प्रतिरोधक में विद्युत् धारा प्रवाहित की जाती है तो ऊष्मा उत्पन्न होती है, विद्युत् धारा के द्वारा ऊष्मा उत्पन्न होने की यह परिघटना विद्युत् धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहलाती है।”

प्रश्न 16.
विद्युत् धारा के ऊष्मीय प्रभाव के अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर:
विद्यत धारा के ऊष्मीय प्रभाव के अनप्रयोग:
विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का अनुप्रयोग विद्युत् ऊष्मीय युक्तियों में होता है; जैसे-विद्युत् आयरन, विद्युत् हीटर, गीजर, इलेक्ट्रिक केतली आदि घरेलू उपकरणों में तथा बल्बों में प्रकाश के लिए होता है। इसके अतिरिक्त फ्यूज के तार में विद्युत् उपकरणों को बचाने के लिए भी होता है।

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प्रश्न 17.
अमापी का प्रतिरोध कम या अधिक क्या होना चाहिए?
उत्तर:
अमापी (अमीटर) के प्रतिरोध को शून्य के निकटतम होना चाहिए बल्कि आदर्श स्थिति में इसका मान शून्य होना चाहिए अन्यथा यह विद्युत् धारा का वास्तविक मापन नहीं कर सकता।

प्रश्न 18.
फ्यूज वायर किस प्रकार विद्युत् उपकरणों को नष्ट होने से बचाता है?
उत्तर:
जब भी विद्युत् परिपथ में अतिभारक या लघु पाथन के कारण धारा का मान बढ़ता है तो फ्यूज वायर में ऊष्मा उत्पन्न होने के कारण उसका ताप बढ़ जाता है तथा फ्यूज वायर पिघल जाता है जिसमें परिपथ टूट जाता है और उपकरण बच जाते हैं।

प्रश्न 19.
विद्युत् ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक क्या है? इसे जूल के पदों में लिखिए।
उत्तर:
विद्युत् ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलोवाट घण्टा (kWh) होता है।
1 kWh = 3.6 × 106 J

प्रश्न 20.
घरेलू परिपथ में समान्तर क्रम में उपकरणों का संयोजन क्यों किया जाता है?
उत्तर:
घरेलू परिपथ में विद्युत् उपकरणों का संयोजन समान्तर क्रम में इसलिए किया जाता है ताकि उन सभी उपकरणों को समान विभवान्तर उपलब्ध हो सके।

MP Board Class 10th Science Chapter 12 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ठोस चालक के लिए विद्युत् प्रतिरोध का मान किन-किन बातों पर निर्भर करता है और किस प्रकार?
उत्तर:
ठोस चालक के विद्युत् प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक:
ठोस चालक का विद्युत् प्रतिरोध निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है –

  1.  चालक की लम्बाई पर:
    चालक का प्रतिरोध R, चालक की लम्बाई l के अनुक्रमानुपाती (समानुपाती) होता है अर्थात्
    R ∝ l
  2. चालक के अनुप्रस्थ काट (क्षेत्रफल) पर:
    चालक का प्रतिरोध R, चालक के अनुप्रस्थ काट (क्षेत्रफल) A के व्युत्क्रमानुपाती (विलोमानुपाती) होता है अर्थात्
    R ∝ \(\frac { 1 }{ A } \)
  3. चालक के ताप पर:
    चालक का ताप बढ़ाने पर प्रतिरोध बढ़ जाता है तथा घटाने पर घट जाता है।
  4. चालक के पदार्थ की प्रकृति पर:
    चालक का प्रतिरोध उसके पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करता है।

प्रश्न 2.
प्रतिरोधकों को श्रेणी क्रम संयोजन में जोड़ने पर संयोजन में कुल प्रतिरोध का व्यंजक ज्ञात कीजिए।
अथवा
तीन प्रतिरोधकों R1, R2 एवं R3 को श्रेणी क्रम में जोड़ा गया है। संयोजन के कुल प्रतिरोध की गणना कीजिए।
उत्तर:
मान लीजिए तीन प्रतिरोधक R1, R2 एवं R3 को चित्रानुसार श्रेणी क्रम में जोड़ा गया है तथा इनका तुल्य प्रतिरोध R है। इस परिपथ को बैटरी से V वोल्ट का विभवान्तर दिया गया है जिससे परिपथ में –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 39
धारा I ऐम्पियर बह रही है। चूँकि प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में संयोजित है, इसलिए प्रत्येक प्रतिरोधक में I ऐम्पियर धारा प्रवाहित होगी। पुनः मान लीजिए कि प्रतिरोधकों के सिरों के विभवान्तर क्रमश: V1, V2 एवं V3 हैं, तो –
V=V1 + V2 + V3
IR =IR1 + IR2 + IR3 [ओम के नियम से]
IR = I (R1 + R2 + R3)
R = R1 + R2 + R3
अतः प्रतिरोधकों को श्रेणी क्रम संयोजन में जोड़ने पर संयोजन का कुल प्रतिरोध उनके अलग-अलग प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।

प्रश्न 3.
प्रतिरोधकों को समानान्तर क्रम संयोजन में जोड़ने पर संयोजन के कुल प्रतिरोध का व्यंजक ज्ञात कीजिए।
अथवा
तीन प्रतिरोधकों R1, R2 एवं R3 को समानान्तर क्रम में जोड़ा गया है। संयोजन के कुल प्रतिरोध की गणना कीजिए।
उत्तर:
मान लीजिए तीन प्रतिरोधक R1, R2 एवं R3 को चित्रानुसार समानान्तर क्रम में जोड़ा गया है तथा उनका तुल्य प्रतिरोध R है। इस परिपथ को बैटरी द्वारा V वोल्ट का विभवान्तर दिया गया है, जिससे परिपथ में धारा I ऐम्पियर बह रही है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 40
चूँकि प्रतिरोधक समानान्तर क्रम में संयोजित है इसलिए प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों का विभवान्तर V वोल्ट होगा।
पुनः मान लीजिए कि प्रतिरोधकों में धारा क्रमश: I1, I2 एवं I3 ऐम्पियर बह रही है तो
I = I1 + I2 + I3
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 41
अतः प्रतिरोधकों को समानान्तर क्रम संयोजन में जोड़ने पर संयोजन के कुल प्रतिरोध का व्युत्क्रम उन प्रतिरोधकों के प्रतिरोधों के अलग-अलग व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है।

प्रश्न 4.
जूल के तापन नियम की व्याख्या कीजिए।
अथवा
जूल के तापन नियम को समझाइए।
उत्तर:
जूल का तापन नियम:
जब किसी प्रतिरोधक R में I विद्युत् धारा t समय तक प्रवाहित की जाती है तो उस प्रतिरोधक में विद्युत् धारा के ऊष्मीय प्रभाव से उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा (H):
H = I2Rt यदि I ऐम्पियर में, R ओम में तथा t सेकण्ड में हो तो H का मान जूल में होता है। इस नियम को जूल का तापन नियम कहते हैं।
इस नियम के अनुसार:

  1. प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा H, उसमें प्रवाहित धारा I के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है। अर्थात्,
    H ∝ I2
  2. प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H, उसके प्रतिरोध R के अनुक्रमानुपाती होती है। अर्थात्,
    H ∝ R
  3. प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H, समय t के अनुक्रमानुपाती होती है। अर्थात्
    H ∝ t

प्रश्न 5.
विद्युत् धारा के ऊष्मीय प्रभाव को समझाइए।
उत्तर:
विद्युत् धारा का ऊष्मीय प्रभाव:
जब किसी प्रतिरोधक में विद्युत् धारा प्रवाहित होती है, तो आवेश को उस प्रतिरोधक के एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाने में कार्य करना पड़ता है। यह कार्य ऊष्मा के रूप में परिवर्तित हो जाता है जिससे प्रतिरोधक गर्म हो जाता है। प्रतिरोधक का प्रतिरोध जितना अधिक होगा, ऊष्मा का मान भी उतना ही अधिक होगा।
मान लीजिए R प्रतिरोधक में I धारा t सेकण्ड के लिए प्रवाहित की जाती है, तब t सेकण्ड में तार में बहने वाला आवेश
q = It ………(1) [विद्युत् धारा की परिभाषा से]
मान लीजिए q आवेश के प्रतिरोध में एक सिरे से दूसरे सिरे तक प्रवाहित होने में किया गया कार्य W है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 42
अतः H = VIt
चूँकि V=IR [ओम के नियम से]
H =I2 Rt

प्रश्न 6.
एक छात्र ने ओम के नियम के अध्ययन के लिए एक विद्युत् परिपथ का रेखाचित्र बनाया जो निम्न चित्र में दिया गया है। उसके अध्यापक ने कहा कि यह परिपथ का रेखाचित्र कुछ संशोधन चाहता है। परिपथ के रेखाचित्र का अध्ययन कीजिए और इसमें सभी संशोधन करके पुनः विद्युत् परिपथ का रेखाचित्र बनाइए।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 43
उत्तर:
सही संशोधित नवीन परिपथ का रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 44

प्रश्न 7.
प्रत्येक 2 Ω प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधक A, B एवं C संलग्न चित्र के अनुसार संयोजित किए गए हैं उनमें से प्रत्येक विद्युत् ऊर्जा को व्यय करता है तथा अधिकतम विद्युत् सामर्थ्य (शक्ति) 18 W तक बिना पिघले हुए प्रयुक्त कर सकता है। इन तीनों प्रतिरोधकों में प्रत्येक द्वारा अधिकतम प्रवाहित धारा का परिकलन कीजिए।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 45
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 46

प्रश्न 8.
एक विद्युत् परिपथ का रेखाचित्र खींचिए जिसमें एक सेल, एक की (कुंजी), एक अमीटर, एक प्रतिरोधक जिसका प्रतिरोध 2 Ω है, समान्तर क्रम में संयोजित दो प्रतिरोधक प्रति 4 Ω प्रतिरोध तथा समान्तर क्रम में संयोजन के सिरों पर वोल्ट-मीटर है। क्या 2 Ω प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवान्तर समान्तर क्रम में संयोजित प्रतिरोधकों के सिरों के बीच विभवान्तर के बराबर है? कारण दीजिए।
उत्तर:
अभीष्ट विद्युत् परिपथ का रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 47
हाँ, 2 Ω प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवान्तर 4-4 ओम प्रतिरोध के समान्तर क्रम में संयोजित दो प्रतिरोधों के सिरों के बीच विभवान्तर के बराबर होगा क्योंकि उनका तुल्य प्रतिरोध भी 2 Ω के बराबर है।

प्रश्न 9.
प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) क्या है? एक विद्युत् परिपथ में श्रेणीक्रम में एक धात्विक तार से बने प्रतिरोधक से संयोजित अमीटर का पाठ्यांक 5 A है। अमीटर का पाठ्यांक आधा हो जाता है जब उस प्रतिरोधक की लम्बाई दूनी कर दी जाती है।
उत्तर:
प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध):
“एक मीटर लम्बे तथा एक वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट वाले चालक तार का प्रतिरोध, उस चालक पदार्थ की विद्युत् प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) कहलाता है।” इसका मात्रक ओम-मीटर है।

चूँकि प्रतिरोधक तार की लम्बाई दूनी कर दी गयी है तो उसका प्रतिरोध भी दूना हो जायेगा और चूँकि I = \(\frac { V }{ R } \)
अर्थात् I ∝ R
अतः प्रतिरोध दूना होने पर धारा का मान आधा रह जाता है इसलिए अमीटर का पाठयांक आधा रह गया।

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प्रश्न 10.
(i) जब एक विद्युत् परिपथ में एक विद्युत् बल्ब, एक 5 Ω प्रतिरोधक का चालक एवं एक 10 V विभवान्तर की बैटरी श्रेणीक्रम में संयोजित है तो प्रवाहित विद्युत् धारा 1 A होती है तो विद्युत् बल्ब का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
(ii) अब यदि 10 Ω प्रतिरोध का प्रतिरोधक चालक इस श्रेणीक्रम संयोजन के साथ समान्तर क्रम में संयोजित किया जाता है तो 5 Ω प्रतिरोध के चालक से होकर प्रवाहित धारा में एवं विद्युत् बल्ब के सिरों के बीच विभवान्तर में क्या परिवर्तन होगा? (यदि हो)
हल:
(i) मान लीजिए कि विद्युत् बल्ब का प्रतिरोध r Ω है तो परिपथ का कुल प्रतिरोध
R = r +5 Ω एवं धारा I = 1 A
दिया है: वान्तर V= 10 V
चूँकि
V = IR
⇒ 10 = 1 × (r + 5)
⇒ r + 5 = 10
⇒ r = 10 – 5 = 5 Ω
अतः विद्युत् बल्ब का अभीष्ट प्रतिरोध = 5 Ω है। – उत्तर

(ii) परिपथ में 10 Ω का प्रतिरोध समान्तर क्रम में बल्ब एवं प्रतिरोधक के तुल्य प्रतिरोध 10 Ω के साथ संयोजित है। समान्तर क्रम में संयोजन से दोनों संयोजनों को बराबर उतना ही विभवान्तर 10 V ही प्राप्त होगा। अत: चालक में प्रवाहित धारा एवं बल्ब के सिरों के बीच विभवान्तर में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

प्रश्न 11.
B1, B2 एवं B3 तीन सर्वांगसम विद्युत् बल्ब हैं जिनको संलग्न चित्र के अनुसार संयोजित किया गया है। जब तीनों बल्ब प्रकाशित होते हैं तो अमीटर A के द्वारा 3 A धारा को प्रेक्षित किया –
(i) जब बल्ब B1 फ्यूज हो जाता है तो अन्य दो बल्बों के प्रकाशित होने का क्या होगा?
(ii) जब बल्ब B2 फ्यूज हो जाता है तो A1, A2, A3 एवं A के पाठ्यांकों का क्या होगा?
(ii) जब तीनों बल्ब एक साथ प्रकाशित होते हैं तो सम्पूर्ण परिपथ में कितनी विद्युत् सामर्थ्य का लोड होगा?
हल:
दिये हुए चित्र के अनुसार तीन समान प्रतिरोध वाले बल्ब B1, B2 एवं B3 तीन अमीटरों A1, A2, एवं A3 के साथ समान्तर क्रम में परिपथ जुड़े हैं जिनको 4.5 V की बैटरी से विद्युत् धारा प्रदान चित्र 12.17 की जा रही है जो मुख्य अमीटर A द्वारा 3 A प्रेक्षित की गयी है। अतः प्रत्येक बल्ब में समान धारा 1 A प्रवाहित होगी।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 48
(i) जब बल्ब B1 फ्यूज हो जाता है तो वह बुझ जायेगा लेकिन अन्य दो बल्ब B2 एवं B3 यथावत् प्रकाशित होते रहेंगे।
(ii) जब बल्ब B2 फ्यूज हो जाता है तो उस परिपथ में धारा प्रवाह नहीं होगा तथा शेष दो परिपथों में धारा प्रवाह यथावत् बना रहेगा। कुल धारा प्रवाह 2 A हो जायेगा। अत: A1, A2, A3 एवं A के पाठ्यांक क्रमशः 1 A, 0 A, 1 A एवं 2 A होंगे।
(iii) जब तीनों बल्ब एक साथ प्रकाशित होते हैं तो कुल परिपथ का विभवान्तर V = 4.5 V एवं कुल धारा I = 3 A होगी।
और चूँकि विद्युत् सामर्थ्य P = VI
P = 4.5 V × 3 A = 13.5 W
अतः परिपथ द्वारा ग्रहण की गयी कुल विद्युत् सामर्थ्य = 13.5 W

प्रश्न 12.
तीन विद्युत् बल्ब प्रत्येक 100 वाट के एक परिपथ में श्रेणीक्रम में संयोजित है तथा दूसरे परिपथ में तीन अन्य प्रत्येक 100 वाट के समान्तर क्रम में संयोजित हैं। दोनों परिपथों को एक ही विद्युत् स्त्रोत से विद्युत् धारा प्रदान की जाती है।
(i) क्या दोनों परिपथों के बल्ब समान रूप से प्रकाशित होंगे? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
(ii) अब प्रत्येक परिपथ से एक बल्ब फ्यूज हो जाता है तब क्या दोनों परिपथों का प्रत्येक बल्ब प्रकाशित होता रहेगा? कारण दीजिए।
उत्तर:
मान लीजिए प्रत्येक बल्ब का प्रतिरोध R Ω तथा स्रोत का विभवान्तर V है।
(i) श्रेणीक्रम में बल्बों का तुल्य प्रतिरोध = 3 R अतः विद्युत् धारा = \(\frac { V }{ R } \) A प्रत्येक बल्ब से प्रवाहित होगी जबकि समान्तर क्रम में प्रत्येक बल्ब को V वोल्टेज विभवान्तर मिलेगा। अतः उनमें प्रत्येक बल्ब से \(\frac { V }{ R } \) A धारा प्रवाहित होगी अर्थात् श्रेणीक्रम के बल्ब से तीन गुना अधिक। इसलिए समान्तर क्रम के बल्ब अधिक रोशनी (चमक) से प्रकाशित होंगे।

(ii) जब प्रत्येक परिपथ से एक-एक बल्ब फ्यूज हो जाता है तो श्रेणीक्रम के बल्ब तो प्रकाशित होना बन्द कर देंगे क्योंकि धारा प्रवाह रुक जायेगा तथा समान्तर क्रम के बल्ब यथावत् प्रकाशित होते रहेंगे।

प्रश्न 13.
विद्युत् परिपथ आरेख में उपयोग होने वाले निम्नलिखित अवयवों के रूढ़ चिह्न बनाइए।
(a) विद्युत् सेल।
(b) तार सन्धि।
(c) विद्युत् बल्ब।
(d) वोल्टमीटर। (2019)
उत्तर:
(a) विद्युत् सेल।
(b) तार संधि।
(c) विद्युत् बल्ब।
(d) वोल्टमीटर।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 49

MP Board Class 10th Science Chapter 12 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ओम के नियम की परिभाषा दीजिए। इसका प्रायोगिक सत्यापन कैसे करोगे? विस्तार से बतलाइए क्या यह नियम हर स्थिति में सही साबित होता है? समीक्षा कीजिए।
अथवा
प्रयोगशाला में ओम के नियम का सत्यापन करने सम्बन्धी प्रयोग का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों में कीजिए –
(अ) सिद्धान्त।
(ब) परिपथ का रेखाचित्र।
(स) प्रयोग विधि।
(द) प्रेक्षण तालिका।
(य) ग्राफ।
(र) निष्कर्ष (परिणाम)।
(ल) सावधानियाँ।
अथवा
ओम के नियम के सत्यापन की व्याख्या निम्न शीर्षकों में कीजिए –
(i) सिद्धान्त (नियम एवं सूत्र)।
(ii) उपकरण का नामांकित चित्र।
(iii) प्रेक्षण तालिका।
(iv) प्रमुख सूत्र।
(v) प्रमुख सावधानियाँ।
उत्तर:
प्रयोगशाला में ओम के नियम का सत्यापन करनानियम:
“किसी बन्द परिपथ में संयोजित चालक में, जिसकी भौतिक परिस्थितियाँ अपरिवर्तित रहती हों, विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो उसके सिरों के मध्य विभवान्तर और उसमें प्रवाहित विद्युत् धारा की तीव्रता में एक निश्चित अनुपात होता है, जिसे विद्युत् प्रतिरोध कहते हैं अर्थात्

(अ) सिद्धान्त:
\(\frac { V }{ I } \) = नियतांक
जहाँ,
V = चालक के सिरों का विभवान्तर तथा
I = चालक में प्रवाहित विद्युत् धारा की सामर्थ्य

(ब) परिपथ का रेखाचित्र (उपकरण का नामांकित चित्र):
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 50

(स) प्रयोग विधि:

  1. चित्रानुसार उपकरण का संयोजन किया।
  2. अमीटर और वोल्टमीटर के अल्पतमांक ज्ञात किये।
  3. परिवर्ती प्रतिरोध (धारा नियन्त्रक) की सहायता से धारा की सामर्थ्य को न्यूनमान से बढ़ाते गये।
  4. प्रत्येक स्थिति में अमीटर एवं वोल्टमीटर के पाठ्यांक लेते गये।
  5. प्राप्त मानों को प्रेक्षण तालिका में प्रविष्ट कर लिया।
  6. गणना द्वारा प्रत्येक प्रेक्षण के लिए \(\frac { V }{ I } \) का मान ज्ञात किया।
  7. V और I में ग्राफ खींचा।

(द) प्रेक्षण:

  1. अमीटर का अल्पतमांक = …… ऐम्पियर
  2. वोल्टमीटर का अल्पतमांक = …… वोल्ट
  3. अमीटर एवं वोल्टमीटर के पाठ्यांकों की प्रेक्षण सारणी
क्रमांक अमीटर का पाठ्यांक I(ऐम्पियर में) वोल्टमीटर का पाठ्यांक V (वोल्ट में) \(\frac { V }{ I } \) = R (ओम में)
1
2
3
4
5

(य) V – I ग्राफ:
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(र) निष्कर्ष (परिणाम):

  1. गणना से \(\frac { V }{ I } \) स्थिरांक आया है, अतः ओम के नियम की पुष्टि होती है।
  2. V – I ग्राफ एक सरल रेखा है अत: ओम के नियम का सत्यापन होता है।

(ल) सावधानियाँ:

  1. सभी तारों को सभी संयोजक स्थलों पर ठीक प्रकार से कस लेना चाहिए।
  2. अमीटर को परिपथ में श्रेणीक्रम में तथा वोल्टमीटर को प्रतिरोध तार के समानान्तर क्रम में संयोजित करना चाहिए।
  3. परिपथ में देर तक धारा प्रवाहित नहीं करनी चाहिए तथा प्रत्येक पाठ के बाद मार्ग कुंजी को हटा देना चाहिए।
  4. परिपथ में उच्च धारा प्रवाहित नहीं करनी चाहिए।
  5. बैटरी का (+) सिरा, वोल्टमीटर एवं अमीटर के (+) सिरों से जुड़ा होना चाहिए।

ओम का नियम सभी स्थितियों में कसौटी पर खरा नहीं उतरता। इसमें चालक की भौतिक अवस्थाएँ जैसे तापक्रम आदि अपरिवर्तन रहना चाहिए।

प्रश्न 2.
किसी पदार्थ की विद्युत् प्रतिरोधकता क्या है? इसका मात्रक क्या है? एक प्रयोग का वर्णन कीजिए जिसके द्वारा उन कारकों का अध्ययन किया जा सके जो चालक तार के प्रतिरोध को प्रभावित करते हैं।
उत्तर:
पदार्थ की विद्युत् अवरोधकता एवं उसका मात्रक:
“एक मीटर लम्बे तथा एक वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट वाले चालक तार का प्रतिरोध, उस चालक पदार्थ की विद्युत् प्रतिरोधकता (विशिष्ट प्रतिरोध) कहलाता है।” इसका मात्रक ओम-मीटर है।

प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन हेतु प्रयोग –
(A) चालक की लम्बाई का प्रभाव-इसके लिए समान धातु के समान अनुप्रस्थ परिच्छेद वाले चालक के तीन या अधिक अलग-अलग लम्बाई के तार लेते हैं और निम्न परिपथ में क्रमशः एक-एक करके उन तारों को पेंच P एवं Q के मध्य संयोजित करके उनका प्रतिरोध ज्ञात करते हैं और नोटबुक में नोट कर लेते हैं। धारा नियन्त्रक की सहायता से धारा बदल-बदलकर अनेक प्रेक्षण लेते हैं।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 52
प्रेक्षित मानों के अवलोकन से ज्ञात होता है कि लम्बे तार का प्रतिरोध छोटे तार की अपेक्षा अधिक होता है और हम यह भी पाते हैं कि ज्यों-ज्यों तार की लम्बाई बढ़ाते जाते हैं, प्रतिरोध बढ़ता जाता है अतः इससे निष्कर्ष निकलता है कि
चालक प्रतिरोध R ∝ चालक की लम्बाई l

(B) चालक के अनुप्रस्थ परिच्छेद का प्रभाव:
इसके लिए एक ही धातु के बने समान लम्बाई के तीन या अधिक विभिन्न मोटाई के चालक तार लेते हैं तथा उक्त परिपथ में पेच P एवं Q के मध्य बारी-बारी से लगाकर उनका प्रतिरोध ज्ञात करते हैं। संकलित आँकड़ों से पता चलता है कि जो तार मोटा है उसका प्रतिरोध कम आता है तथा जो तार पतला है उसका प्रतिरोध अधिक आता है। इससे निष्कर्ष निकलता है कि –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 53

प्रश्न 3.
एक प्रयोग के आधार पर आप कैसे निष्कर्ष निकालेंगे कि किसी परिपथ में श्रेणीक्रम में संयोजित तीन प्रतिरोधक चालकों में से प्रत्येक में होकर समान धारा प्रवाहित हो रही है?
उत्तर:
श्रेणीक्रम में संयोजित प्रतिरोधकों में होकर समान धारा प्रवाहित होने की जाँच हेतु प्रयोग:
हम तीनों प्रतिरोधकों R1, R2, एवं R3 को अमीटरों A1, A2 एवं A3 के साथ क्रमशः श्रेणीक्रमों में संयोजित करके
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 54
धारा नियन्त्रक (Rh), एक कुंजी (K), बैटरी (B) एवं अमीटर (A) के साथ चित्र के अनुसार श्रेणीक्रम में संयोजित करके परिपथ बनाते हैं। परिपथ में धारा प्रवाहित करके चारों अमीटरों का पाठ्यांक लेते हैं तथा धारा नियन्त्रक के उपयोग से परिपथ में धारा की मात्रा को बदल-बदलकर अनेक प्रेक्षण लेते हैं।

प्रेक्षणों के अवलोकन से पता चलता है कि सभी अमीटरों का पाठयांक हर बार बराबर-बराबर (समान) आता है। इससे निष्कर्ष निकलता है कि श्रेणीक्रम में जुड़े सभी प्रतिरोधक चालकों में समान विद्युत् धारा प्रवाहित होती है।

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प्रश्न 4.
आप यह कैसे निष्कर्ष निकालेंगे कि समान्तर क्रम में संयोजित तीन प्रतिरोधक चालकों के सिरों के मध्य विभवान्तर समान होगा? जब इस संयोजन को किसी बैटरी से संयोजित किया जाता है? इसके लिए एक प्रयोग का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
समान्तर क्रम में जुड़े प्रतिरोधकों के सिरे के विभवान्तर समान होने की जाँच हेतु प्रयोग-तीन प्रतिरोधकों R1, R2, एवं R3 को समान्तर क्रम में संयोजित करके एक धारा नियन्त्रक (Rh), एक बैटरी (B), एक अमीटर (A) तथा एक कुंजी (K) के साथ में संयोजित कर देते हैं। प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर क्रमशः वोल्टमीटर V1,V2 एवं V3 संयोजित करते हैं। देखिए संलग्न चित्र।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 12 विद्युत 55
धारा नियन्त्रक की सहायता से परिपथ में विभिन्न धारा प्रवाहित करके वोल्टमीटरों के पाठ्यांक प्रत्येक बार लेते हैं। प्राप्त आँकड़ों के अध्ययन से यह ज्ञात होता है कि हर बार तीनों वोल्टमीटरों के पाठ्यांक समान आते हैं।
इससे निष्कर्ष निकलता है कि समान्तर क्रम में किसी परिपथ से जुड़े सभी प्रतिरोधक चालकों के सिरों का विभवान्तर समान होता है।

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MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है

MP Board Class 10th Science Chapter 8 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 142

प्रश्न 1.
डी. एन. ए. प्रतिकृति का प्रजनन में क्या महत्व है?
उत्तर:
जनन की मूल घटना डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनना है। जनन में एक कोशिका द्वारा डी.एन.ए. की प्रतिकृति का निर्माण तथा अतिरिक्त कोशिकीय संगठन का सृजन होता है।

प्रश्न 2.
जीवों में विभिन्नता स्पीशीज के लिए तो लाभदायक है परन्तु व्यष्टि के लिए आवश्यक नहीं है, क्यों?
उत्तर:
अन्य जैव प्रक्रमों के विपरीत किसी जीव (व्यष्टि) के अपने अस्तित्व या अनुरक्षण के लिये जनन या डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाना आवश्यक नहीं परन्तु विभिन्न स्पीशीज (प्रजाति) की समष्टि के स्थायित्व के लिए लाभदायक है क्योंकि विभिन्नता के होते हुए भौतिक वातावरण में परिवर्तन होने पर उस प्रजाति के कुछ व्यष्टि नवीन परिस्थितियों के अनुकूल जीवित रह सकते हैं तथा जनन द्वारा वृद्धि कर सकते हैं।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 146

प्रश्न 1.
द्विखण्डन, बहुखण्डन से किस प्रकार भिन्न है? (2019)
उत्तर:
द्विखण्डन में एक कोशा प्रायः दो समान भागों में विभक्त होकर दो जीवों को एक साथ जन्म देती है जबकि बहुविखण्डन में एक कोशा अनेक संतति कोशिकाओं में एक साथ विखण्डित होकर अनेक जीवों को एक साथ जन्म देती है।

प्रश्न 2.
बीजाणु द्वारा जनन से जीव किस प्रकार लाभान्वित होता है?
उत्तर:
बीजाणुजनन की प्रक्रिया में एक बार में बहुत संख्या में बीजाणुओं का निर्माण होता है तथा ये बीजाणु वायु के द्वारा आसानी से दूर-दूर तक चले जाते हैं। इस प्रकार स्पर्धा से बचते हैं। इसके अतिरिक्त बीजाणुओं के चारों ओर एक मोटी भित्ति होती है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में उसकी रक्षा करती है तथा अनुकूल परिस्थिति में नम सतह के सम्पर्क में आने पर बीजाणु वृद्धि करने लगते हैं। इस प्रकार बीजाणु द्वारा जनन से जीव अधिक सुरक्षित रहते हैं। इस कारण ये इस विधि से लाभान्वित होते हैं।

प्रश्न 3.
क्या आप कुछ कारण सोच सकते हैं, जिससे पता चलता हो कि जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नयी संतति उत्पन्न नहीं कर सकते?
उत्तर:
जटिल संरचना वाले जीवों में विभिन्न क्रियाकलापों के लिए विभिन्न ऊतक, अंग या अंगतन्त्र होते हैं। जब इन जटिल संरचना वाले जीवों के किसी अंग के किसी भाग को काट दिया जाता है तो विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं एवं ऊतकों का निर्माण नहीं होता तथा इनमें पुनरुद्भवन की प्रक्रिया नहीं होती। इसलिए जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नयी संतति उत्पन्न नहीं कर सकते।

प्रश्न 4.
कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर:
कुछ पौधों में ऐसी क्षमता होती है कि उनके कुछ भाग; जैसे-जड़, तना तथा पत्तियाँ उपयुक्त परिस्थितियों में विकसित होकर नया पौधा बना लेती हैं। इस प्रक्रिया में नये पौधे शीघ्र तथा आसानी से उत्पन्न हो जाते हैं तथा ऐसे पौधे भी इस विधि से उगाये जा सकते हैं जो बीज उत्पन्न करने की क्षमता खो चुके होते हैं। इसके अतिरिक्त इस प्रकार से उत्पन्न पौधे आनुवांशिक रूप से जनक पौधे के समान होते हैं। इसलिए कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 5.
डी. एन. ए. की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए आवश्यक क्यों है?
उत्तर:
डी.एन.ए. के अणुओं में आनुवंशिक गुणों का संदेश होता है जो जनक से संतति पीढ़ी तक स्थानान्तरित होता है, अतः जनन की मूल घटना डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाना है। इसलिए जनन के लिए डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाना आवश्यक है।

प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 154

प्रश्न 1.
परागण क्रिया निषेचन से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
परागण, परागकणों का पुंकेसर के परागकोश से किसी भी विधि द्वारा स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र तक पहुँचने की क्रिया है। जबकि निषेचन परागकणों में उपस्थित नर युग्मक का अण्डाशय में स्थित मादा युग्मक से मिलना है।

प्रश्न 2.
शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रंथि की क्या भूमिका है?
उत्तर:
शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रन्थि से होने वाला स्राव शुक्राशय में जाकर शुक्राणुओं को एक तरल माध्यम प्रदान करता है। इससे इनका स्थानान्तरण सरलता से होता है तथा यह स्राव शुक्राणुओं को पोषण भी प्रदान करता है।

प्रश्न 3.
यौवनारम्भ के समय लड़कियों में कौन-से परिवर्तन दिखाई देते हैं?
उत्तर:
काँख और जाँघों के मध्य जननांगी क्षेत्र में बालगुच्छ निकल आते हैं। स्तनों के आकार में वृद्धि होने लगती है। रजोधर्म प्रारम्भ हो जाता है। इस प्रकार यौवनावस्था के समय लड़कियों में उपर्युक्त परिवर्तन दिखाई देते हैं।

प्रश्न 4.
माँ के शरीर में गर्भस्थ भ्रूण को पोषण किस प्रकार प्राप्त होता है?
उत्तर:
माँ के शरीर में गर्भस्थ भ्रूण को पोषण माँ के रुधिर से होता है। इसके लिए विशेष संरचना होती है जिसे प्लेसेण्टा कहते हैं। यह माँ से भ्रूण को ग्लूकोज, ऑक्सीजन एवं अन्य पदार्थों की आपूर्ति माँ के रक्त से करता है।

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प्रश्न 5.
यदि कोई महिला कॉपर-टी का प्रयोग कर रही है तो क्या यह उसकी यौन-संचरित रोगों से रक्षा करेगा?
उत्तर:
नहीं।

MP Board Class 10th Science Chapter 8 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है –
(a) अमीबा में।
(b) यीस्ट में।
(c) प्लाज्मोडियम में।
(d) लेस्मानिया में।
उत्तर:
(b) यीस्ट में।

प्रश्न 2.
निम्न में से कौन मानव में मादा जनन जन्त्र का भाग नहीं है?
(a) अण्डाशय।
(b) गर्भाशय।
(c) शुक्रवाहिनी।
(d) डिम्बवाहिनी।
उत्तर:
(c) शुक्रवाहिनी।

प्रश्न 3.
परागकोश में होते हैं –
(a) बाह्यदल।
(b) अण्डाशय।
(c) अण्डप।
(d) परागकण।
उत्तर:
(d) परागकण।

प्रश्न 4.
अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
लैंगिक जनन के लाभ (महत्व) – अलैंगिक जनन की अपेक्षा:

  1. लैंगिक जनन में सन्तति में नए गुणों के विकास की सम्भावना होती है जो अलैंगिक जनन में नहीं।
  2. नवीन संतति में विभिन्नता का विकास होता है जो अलैंगिक जनन में नहीं। लैंगिक जनन के फलस्वरूप उत्पन्न विभिन्नताएँ उस स्पीशीज के अस्तित्व को बनाए रखने में सहायक होती हैं जो अलैंगिक जनन में सम्भव नहीं। अतः अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के अनेक लाभ हैं।

प्रश्न 5.
मानव में वृषण के क्या कार्य हैं?
उत्तर:
मानव में वृषण के कार्य:
मानव वृषण में नर जनन कोशा शुक्राणुओं का निर्माण होता है। इसके अतिरिक्त टेस्टोस्टेरॉन नामक हॉर्मोन का स्राव होता है जो शुक्राणु उत्पादन के नियन्त्रण के अतिरिक्त लड़कों में यौवनावस्था के लक्षणों का भी नियन्त्रण करता है।

प्रश्न 6.
ऋतु स्राव क्यों होता है?
उत्तर:
जब अण्ड निषेचन नहीं होता तो गर्भाशय की भित्ति में बनने वाली परत का कोई उपयोग नहीं रहता। अत: यह परत धीरे-धीरे टूट कर योनि मार्ग से रुधिर एवं म्यूकस के रूप में निष्कासित होती है। इसलिए ऋतु स्राव होता है।

प्रश्न 7.
पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का नामांकित चित्र बनाइए। (2019)
उत्तर:
पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का नामांकित चित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 1

प्रश्न 8.
गर्भ निरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर:
गर्भ निरोधन की विभिन्न विधियाँ:

  1. यान्त्रिक विधियाँ: पुरुषों द्वारा कण्डोम का उपयोग तथा स्त्रियों में लूप या कॉपर टी को गर्भाशय में स्थापित करना।
  2. शल्य क्रिया विधियाँ: पुरुषों में शुक्रवाहिकाओं को अवरुद्ध करना तथा स्त्रियों में अण्डवाहिनी को अवरुद्ध करना।
  3. शल्य क्रिया द्वारा अनचाहे गर्भ का समापन लेकिन इस विधि का दुरुपयोग हो रहा है जो गैर-कानूनी है।
  4. हॉर्मोन संतुलन द्वारा: इसके लिए गोलियों का सेवन किया जाता है।
  5. प्राकृतिक विधि: आत्म संयम द्वारा ऋतु स्राव अवधि के 10वें दिन से 17वें दिन तक यौन सम्बन्ध से दूर रहना।

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प्रश्न 9.
एककोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में क्या अन्तर है?
उत्तर:
एककोशिक जीवों में प्रजनन केवल अलैंगिक विधि से होता है जबकि बहुकोशिक जीवों में अलैंगिक तथा लैंगिक दोनों प्रकार से जनन हो सकता है।

प्रश्न 10.
जनन किसी स्पीशीज की समष्टि के स्थायित्व में किस प्रकार सहायक है?
उत्तर:
जनन के कारण जीवन की निरंतरता बनी रहती है। जनन में जीव लगभग अपने जैसे जीवों को जन्म देता है। इस कारण उस स्पीशीज की जनसंख्या बढ़ती जाती है। अनुकूल विभिन्नताओं का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संवहन जनन द्वारा ही सम्भव है। जनन का विकास में भी योगदान है। जनन किसी स्पीशीज की समष्टि का संरक्षण कर उसके स्थायित्व में सहायक है।

प्रश्न 11.
गर्भ निरोधक युक्तियाँ अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:
यौन (लैंगिक) क्रिया द्वारा गर्भ धारण की सम्भावना सदैव ही बनी रहती है। गर्भ धारण की अवस्था में स्त्री के शरीर एवं भावनाओं की मांग एवं आपूर्ति बढ़ जाती है एवं यदि वह इसके लिए तैयार नहीं है, तो इसका उसके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त स्त्री की शारीरिक अस्वस्थता एवं असमर्थता भी उसे गर्भ धारण न करने के लिए बाध्य करती है। इस कारण गर्भ निरोधक युक्तियाँ अपनानी पड़ती हैं।

MP Board Class 10th Science Chapter 8 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 8 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय

प्रश्न 1.
एक विद्यार्थी से राजमा के बीज के भ्रूण का प्रेक्षण करके उसके विभिन्न भागों की पहचान करने को कहा गया। उसने भ्रूण के भागों को पहचान कर नीचे दी गयी सूची बनाई –
(i) अन्तःकवच।
(ii) बीजचोल।
(iii) बीजपत्र।
(iv) मूलांकुर।
(v) प्रांकुर।
इनमें से सही पहचाने गए भाग हैं –
(a) (i), (ii) एवं (iii)
(b) (ii), (iii) एवं (iv)
(c) (iii), (iv) एवं (v)
(d) (i), (iii) (iv) एवं (v)
उत्तर:
(c) (iii), (iv) एवं (v)

प्रश्न 2.
प्रयोगशाला में मटर के बीज के भ्रूण का प्रेक्षण करते समय किसी छात्र ने नीचे दिए गए अनुसार भ्रूण के विभिन्न भागों की अपनी नोट बुक में सूची बनाईबीजावरण, अन्तःकवच, मूलांकुर, प्रांकुर, बीजाण्ड द्वार, बीजपत्र। उपर्युक्त सूची में से सही तीन भाग हैं –
(a) बीजावरण, मूलांकुर, बीजपत्र।
(b) अन्त:कवच, मूलांकुर, बीजाण्डद्वार।
(c) बीजपत्र, प्रांकुर, बीजावरण।
(d) मूलांकुर, बीजपत्र, प्रांकुर।
उत्तर:
(d) मूलांकुर, बीजपत्र, प्रांकुर।

प्रश्न 3.
द्विबीजपत्री बीज के भ्रूण के विभिन्न भागों को पहचानने का प्रयोग करने के लिए सर्वप्रथम आपको कोई द्विबीजपत्री बीज चाहिए। निम्नलिखित समूह में से द्विबीजपत्री बीज चुनिएगेहूँ, चना, मक्का, मटर, जौ, मूंगफली।
(a) गेहूँ, चना और मटर।
(b) चना, मटर और मूंगफली।
(c) मक्का, मटर और जौ।
(d) चना, मक्का और मूंगफली।
उत्तर:
(b) चना, मटर और मूंगफली।

प्रश्न 4.
निम्न जीवों की सूची में से अलैंगिक जनन करने वाले जीव हैं –
(i) बनाना।
(ii) कुत्ता।
(iii) यीस्ट।
(iv) अमीबा।
(a) (ii) एवं (iv)
(b) (i), (iii) एवं (iv)
(c) (i) एवं (iv)
(d) (ii), (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(d) (ii), (iii) एवं (iv)

प्रश्न 5.
एक पुष्प में नर युग्मक एवं मादा युग्मक बनाने वाले भाग हैं –
(a) पुंकेसर एवं परागकोश।
(b) पुतन्तु एवं वर्तिकाग्र।
(c) परागकोश एवं अण्डाशय।
(d) पुंकेसर एवं स्त्रीकेसर।
उत्तर:
(c) परागकोश एवं अण्डाशय।

प्रश्न 6.
पुष्यों में लैंगिक जनन की प्रक्रिया में घटनाओं का सही क्रम क्या है?
(a) परागण, निषेचन, अंकुरण, भ्रूण।
(b) अंकुरण, भ्रूण, निषेचन, परागण।
(c) परागण, निषेचन, भ्रूण, अंकुरण।
(d) भ्रूण, अंकुरण, परागण, निषेचन।
उत्तर:
(c) परागण, निषेचन, भ्रूण, अंकुरण।

प्रश्न 7.
अलैंगिक जनन से उत्पन्न नवजातों में परस्पर अधिक समानताएँ होती हैं, क्योंकि –
(i) अलैंगिक जनन में केवल एक जनक होता है।
(ii) अलैंगिक जनन में युग्मकों की कोई भूमिका नहीं है।
(iii) अलैंगिक जनन लैंगिक जनन से पहले होता है।
(iv) अलैंगिक जनन लैंगिक जनन की बाद में होता है।
(a) (i) एवं (ii)
(b) (i) एवं (iii)
(c) (i) एवं (iv)
(d) (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(a) (i) एवं (ii)

प्रश्न 8.
जो गुण जनकों से शिशुओं (नवजातों) में स्थानान्तरित होते हैं, वे होते हैं –
(a) साइटोप्लाज्म में।
(b) राइबोसोम्स में।
(c) गॉल्जी बॉडी में।
(d) जीन्स में।
उत्तर:
(d) जीन्स में।

प्रश्न 9.
जो गुण जनन के समय जनकों से नवजातों में स्थानान्तरित होते हैं, वे प्रदर्शित करते हैं –
(a) जनकों से केवल समानताएँ।
(b) जनकों से केवल असमानताएँ।
(c) जनकों से समानताएँ एवं असमानताएँ दोनों
(d) जनकों से न तो समानताएँ और नही असमानताएँ।
उत्तर:
(c) जनकों से समानताएँ एवं असमानताएँ दोनों

प्रश्न 10.
अमीबा, स्पाइरोगायरा एवं यीस्ट के जनन में एकसमान बात तो यह है कि –
(a) वे सभी अलैंगिक प्रजनन करते हैं।
(b) वे सभी एककोशिकीय हैं।
(c) वे सभी केवल लैंगिक जनन करते हैं।
(d) वे सभी बहुकोशिकीय हैं।
उत्तर:
(a) वे सभी अलैंगिक प्रजनन करते हैं।

प्रश्न 11.
स्पाइरोगायरा में अलैंगिक जनन निम्न के द्वारा होता है –
(a) फिलामेण्ट का छोटे-छोटे टुकड़ों में विखण्डन होना।
(b) एक कोशा का दो कोशिकाओं में विभाजन होना।
(c) एक कोशा का अनेक कोशिकाओं में विभाजन होना।
(d) पुरानी कोशिकाओं से युवा कोशिकाओं का बनना।
उत्तर:
(a) फिलामेण्ट का छोटे-छोटे टुकड़ों में विखण्डन होना।

प्रश्न 12.
प्लाज्मोडियम में जनन के समय एक कोशिका का अनेक कोशिकाओं में विखण्डित होना कहलाता है –
(a) मुकुलन (कलिकायन)।
(b) निम्नीकरण विभाजन।
(c) द्विविखण्डन।
(d) बहुविखण्डन।
उत्तर:
(d) बहुविखण्डन।

प्रश्न 13.
पुष्पी पादप में जनन स्तरों का सही क्रम है –
(a) युग्मक, युग्मनज, भ्रूण, अंकुरण।
(b) युग्मनज, युग्मक, भ्रूण, अंकुरण।
(c) अंकुरण, भ्रूण, युग्मनज, युग्मक।
(d) युग्मक, भ्रूण, युग्मनज, अंकुरण।
उत्तर:
(a) युग्मक, युग्मनज, भ्रूण, अंकुरण।

प्रश्न 14.
क्रोमोसोम्स (गुणसूत्रों) की संख्या जनकों एवं नवजातों में समान रहती है निम्न के कारण –
(a) युग्मनज बनने के बाद गुणसूत्रों की संख्या द्विगुणित हो जाती है।
(b) युग्मक बनते समय गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है।
(c) युग्मक बनने के बाद गुणसूत्रों की संख्या द्विगुणित हो जाती है।
(d) युग्मक बनने के बाद गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है।
उत्तर:
(b) युग्मक बनते समय गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है।

प्रश्न 15.
राइजोपस में नालिकीय धागे की तरह संरचना जिसके सिरों पर स्पोरेन्जिया होते हैं, कहलाती है –
(a) तन्तु।
(b) हाइफा।
(c) राइजोइड।
(d) जड़ें।
उत्तर:
(b) हाइफा।

प्रश्न 16.
नवीन पौधे तैयार करने के लिए वर्षी प्रजनन की प्रक्रिया निम्नलिखित भागों से होती है –
(a) तना, जड़ एवं फूल।
(b) तना, जड़ एवं पत्तियाँ।
(c) तना, पुष्प एवं फल।
(d) तना, पत्तियाँ एवं पुष्प।
उत्तर:
(b) तना, जड़ एवं पत्तियाँ।

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प्रश्न 17.
ब्रेड-स्लाइसों में ब्रेड-मोल्ड को तेजी से फैलाने वाले उत्तरदायी कारक हैं –
(i) स्पोर की बड़ी संख्या।
(ii) ब्रेड में नमी (आर्द्रता) एवं पोषकों की उपलब्धता।
(iii) नलिकामय शाखान्वित हाइफा की उपस्थिति।
(iv) गोलाकार स्पोरेंजिया का बनना।
(a) (i) एवं (iii)
(b) (ii) एवं (iv)
(c) (i) एवं (ii)
(d) (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(c) (i) एवं (ii)

प्रश्न 18.
पराग नलिका की लम्बाई निम्न के बीच दूरी पर निर्भर करती है –
(a) परागकण एवं वर्तिकाग्र का ऊपरी तल।
(b) वर्तिकाग्र के ऊपरी सिरे तल पर स्थित परागकण एवं बीजाण्ड।
(c) परागकोश में परागकण एवं वर्तिकाग्र का ऊपरी तल।
उत्तर:
(b) वर्तिकाग्र के ऊपरी सिरे तल पर स्थित परागकण एवं बीजाण्ड।

प्रश्न 19.
पुष्यों के लिए निम्न में कौन-से कथन सत्य हैं?
(i) पुष्प सदैव द्विलिंगी होते हैं।
(ii) पुष्प लैंगिक जननांग है।
(iii) पुष्प पादपों के सभी समूहों में उत्पन्न होते हैं।
(iv) निषेचन के बाद पुष्प फलों में विकसित हो जाते हैं।
(a) (i) एवं (iv)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (i) एवं (iii)
(d) (ii) एवं (iv)
उत्तर:
(d) (ii) एवं (iv)

प्रश्न 20.
एकलिंगी पुष्यों के लिए निम्न में कौन-से कथन सत्य हैं?
(i) उनमें पुंकेसर एवं स्त्रीकेसर दोनों होते हैं।
(ii) उनमें या तो पुंकेसर होते हैं अथवा स्त्रीकेसर।
(iii) उनमें पर-परागण होता है।
(iv) वे एकलिंगी पुष्प जिनमें केवल पुंकेसर होता है, फल नहीं बना सकते।
(a) (i) एवं (iv)
(b) (ii), (iii) एवं (iv)
(c) (iii) एवं (iv)
(d) (i), (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(b) (ii), (iii) एवं (iv)

प्रश्न 21.
पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन के सन्दर्भ में कौन-से कथन निम्न में से सत्य हैं?
(i) इसके लिए दोनों प्रकार के युग्मकों की आवश्यकता है।
(ii) निषेचन एक आवश्यक घटना है।
(iii) इसका परिणाम सदैव युग्मनज बनाना है।
(iv) नवजात क्लोन होते हैं।
(a) (i) एवं (iv)
(b) (i), (ii) एवं (iv)
(c) (i), (ii) एवं (iii)
(d) (i), (ii) एवं (iv)
उत्तर:
(c) (i), (ii) एवं (iii)

प्रश्न 22.
संलग्न चित्र में भाग A, B एवं c हैं क्रमश:
(a) बीजपत्र, प्रांकुर एवं मूलांकुर।
(b) प्रांकुर, मूलांकुर एवं बीजपत्र।
(c) प्रांकुर, बीजपत्र एवं मूलांकुर।
(d) मूलांकुर, बीजपत्र एवं प्रांकुर।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 2
उत्तर:
(c) प्रांकुर, बीजपत्र एवं मूलांकुर।

प्रश्न 23.
लैंगिक जनन के परिणामस्वरूप उत्पन्न नवजात अधिक असमानताओं का प्रदर्शन करते हैं, क्योंकि –
(a) लैंगिक जनन एक लम्बी प्रक्रिया है।
(b) जनन सामग्री एक ही जाति के दो जनकों से प्राप्त होती है।
(c) जनन सामग्री दो विभिन्न जाति के जनकों से प्राप्त होती है।
(d) जनन सामग्री अनेक जनकों से प्राप्त होती है।
उत्तर:
(b) जनन सामग्री एक ही जाति के दो जनकों से प्राप्त होती है।

प्रश्न 24.
जैव जगत के लिए जनन अति आवश्यक है –
(a) जीव को जीवित रखने के लिए।
(b) उनकी ऊर्जा की आवश्यकता की पूर्ति के लिए।
(c) वृद्धि को बनाए रखने के लिए।
(d) पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनी जाति को बनाए रखने के लिए।
उत्तर:
(d) पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनी जाति को बनाए रखने के लिए।

प्रश्न 25.
युवावस्था के दौरान मानव शरीर में अनेक परिवर्तन होते हैं। निम्न में एक परिवर्तन जो लैंगिक परिपवक्ता से सम्बन्धित हो, चुनिए –
(a) दूध के दाँतों का टूटना।
(b) लम्बाई में वृद्धि।
(c) आवाज का भारी होना।
(d) भार में वृद्धि।
उत्तर:
(c) आवाज का भारी होना।

प्रश्न 26.
महिलाओं (मादा मानवों) में वह घटना जो उन्हें जनन के लिए परिपक्वता का प्रदर्शन करती है –
(a) शरीर का विकास।
(b) बालों के पेटर्न में बदलाव।
(c) आवाज में परिवर्तन।
(d) ऋतुस्राव (मासिक धर्म)।
उत्तर:
(d) ऋतुस्राव (मासिक धर्म)।

प्रश्न 27.
नर मानवों में वृषण, वृषणकोश में रहते हैं, क्योंकि यह सहायक है –
(a) मैथुन की प्रक्रियाएँ में।
(b) शुक्राणु के निर्माण में।
(c) युग्मकों के आसान स्थानान्तरण में।
(d) उपर्युक्त सभी में।
उत्तर:
(b) शुक्राणु के निर्माण में।

प्रश्न 28.
निम्नलिखित में से कौन-सा यौवनारम्भ के समय वृषण का कार्य नहीं है?
(i) शुक्राणु कोशाओं का निर्माण करना।
(ii) टेस्टोस्टेरॉन का स्रावण करना।
(iii) प्लेसेण्टा का विकास करना।
(iv) एस्ट्रोजन का स्रावण।
(a) (i) एवं (ii)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (iii) एवं (iv)
(d) (i) एवं (iv)
उत्तर:
(c) (iii) एवं (iv)

प्रश्न 29.
नर जनन तन्त्र में शुक्राणुओं के संवहन (गमन) में सहायक अंगों का सही क्रम है –
(a) वृषण – शुक्रवाहिनी – शिश्न।
(b) वृषण-मूत्रनली – शिश्न।
(c) वृषण – शिश्न – मूत्रनली।
(d) वृषण – शुक्रवाहिनी – मूत्रनली।
उत्तर:
(a) वृषण – शुक्रवाहिनी – शिश्न।

प्रश्न 30.
निम्न रोगों में से कौन-सा रोग मैथुन के द्वारा फैलने वाला (यौन-जनित) रोग नहीं है?
(a) सिफलिस।
(b) हिपेटाइटिस।
(c) HIV-AIDS।
(d) गोनेरिया।
उत्तर:
(b) हिपेटाइटिस।

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. मनुष्य में वृषण …… में पाए जाते हैं।
  2. मनुष्य में ………….. जनन होता है।
  3. अपुष्पी पादपों में ………….. जनन होता है।
  4. मादा और गर्भस्थ शिशु के बीच जैविक सम्बन्ध स्थापित करने वाला ऊतक ………….. कहलाता है।
  5. नर युग्मक एवं मादा युग्मक के संलयन की क्रिया ………… कहलाती है।

उत्तर:

  1. वृषणकोश।
  2. लैंगिक।
  3. अलैंगिक।
  4. प्लेसेण्टा।
  5. निषेचन।

जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 3
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

सत्य/असत्य कथन

  1. निषेचन के तुरन्त बाद युग्मनज बनता है।
  2. बहुविखण्डन की प्रक्रिया अलैंगिक जनन की है।
  3. एकलिंगी पुष्पों में स्वपरागण होता है।
  4. द्विलिंगी पुष्पों में स्वपरागण अथवा पर-परागण कुछ भी हो सकता है।
  5. एककोशीय जीवों में लैंगिक जनन होता है।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।
  5. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

  1. परागकोश से परागणकणों का वर्तिकाग्र तक पहुँचने की घटना क्या कहलाती है?
  2. नर युग्मक एवं मादा युग्मकों के संलयन को क्या कहते हैं?
  3. मनुष्य में शुक्राणु जनन क्रिया कहाँ होती है?
  4. मनुष्य में अण्डाणु जनन क्रिया कहाँ होती है?
  5. किसी जीव के उस जैव प्रक्रम का नाम लिखिए जो उसकी समष्टि की वृद्धि में सहायता करता है।
  6. जब कोई कोशिका जनन करती है तो उसके DNA का क्या होता है?
  7. क्या होता है जब कोई परिपक्व स्पाइरोगाइरा तन्तु काफी लम्बा हो जाता है?

उत्तर:

  1. परागण।
  2. निषेचन।
  3. वृषण।
  4. अण्डाशय में।
  5. जनन।
  6. भिन्नता आ जाती है।
  7. विखण्डित होकर नवजातों को जन्म देता है।

MP Board Class 10th Science Chapter 8 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जनन क्या है?
उत्तर:
जनन:
“सजीवों की अपने समान आकृति, रंग-रूप एवं गुणों के नए जीव उत्पन्न करने की क्षमता जनन कहलाती है।”

प्रश्न 2.
अलैंगिक जनन किसे कहते हैं?
उत्तर:
अलैंगिक जनन:
जीवों में जनन की वह प्रक्रिया जिसमें युग्मकों का निर्माण नहीं होता बल्कि जनन जैव के अलैंगिक भागों (अंगों) के द्वारा होता है, अलैंगिक जनन कहलाता है।”

प्रश्न 3.
कायिक प्रवर्धन क्या होता है? (2019)
उत्तर:
कायिक प्रवर्धन:
“जब मनुष्य कृत्रिम रूप से पौधों के विभिन्न भागों (रचनाओं) से नवीन पौधे पैदा करता है तो इस प्रक्रिया को कायिक प्रवर्धन या कृत्रिम अलैंगिक जनन कहते हैं।”

प्रश्न 4.
मुकुलन क्या है?
उत्तर:
मुकुलन:
कुछ जीवों में उनके शरीर पर कुछ उभार उत्पन्न हो जाते हैं जो परिपक्व होने पर जीव से अलग होकर नए जीव को जन्म देते हैं। जनन की यह प्रक्रिया मुकुलन (कलिकायन) कहलाती है।”

प्रश्न 5.
पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) से क्या समझते हो?
उत्तर:
पुनरुद्भवन (पुनर्जनन):
“शरीर के नवनिर्माण की वह शक्ति जिसके अन्तर्गत शरीर के टूट जाने पर उसकी मरम्मत हो जाती है और प्रत्येक टुकड़ा पूर्ण होकर नया जीव बनाता है, पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) कहलाता है।”

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प्रश्न 6.
द्विखण्डन (द्वि-विखण्डन) क्या है?
उत्तर:
द्विखण्डन:
“एककोशिकीय जीवों में कोशिका विभाजन द्वारा दो बराबर भागों में विभक्त हो जाती है तथा प्रत्येक भाग एक नए जीव को जन्म देता है। इस प्रक्रिया को द्विखण्डन (द्वि-विखण्डन) कहते हैं।”

प्रश्न 7.
बहुखण्डन (बहुविखण्डन) क्या है?
उत्तर:
बहुखण्डन:
“कुछ एककोशिकीय जीवों में एक कोशिका अनेक संतति कोशिकाओं में एक साथ विभाजित हो जाती है तथा अनेक नवजीवों को उत्पन्न करती है। यह प्रक्रियो बहुखण्डन (बहुविखण्डन) कहलाती है।”

प्रश्न 8.
खण्डन क्या है?
उत्तर:
सरल संरचना वाले बहुकोशिकीय जीव विकसित होकर छोटे-छोटे टुकड़ों में खण्डित हो जाते हैं। ये टुकड़े (खण्ड) वृद्धि करके नए जीव में विकसित हो जाते हैं यह प्रक्रिया खण्डन कहलाती है।

प्रश्न 9.
बीजाणु समासंघ क्या होता है?
उत्तर:
बीजाणु समासंघ:
“अनेक सरल बहुकोशिकीय जीवों में विशिष्ट संरचनाएँ पाई जाती हैं जो बीजाणुधानी कहलाती हैं जिनमें बीजाणु पाए जाते हैं जो अनुकूल परिस्थितियाँ होने पर नए जीव उत्पन्न करते हैं। अलैंगिक जनन की यह प्रक्रिया बीजाणु समासंघ कहलाती है।

प्रश्न 10.
लैंगिक जनन किसे कहते हैं?
उत्तर:
लैंगिक जनन:
“नर जनन कोशा एवं मादा जनन कोशा के संयोग (सम्मिलन) से होने वाले जनन को लैंगिक जनन कहते हैं।”

प्रश्न 11.
परागण किसे कहते हैं? (2019)
उत्तर:
परागण:
“वह प्रक्रिया जिसमें परागकोश से परागकण वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं परागण कहलाती है।” अर्थात् “परागकणों का किसी भी माध्यम से परागकोश से वर्तिकाग्र तक पहुँचने की प्रक्रिया परागण कहलाती है।”

प्रश्न 12.
स्वपरागण क्या होता है?
उत्तर:
स्वपरागण:
“जब किसी एक पुष्प के पुंकेसर परागकोश से परागकण उसी पुष्प की स्त्रीकेसर की वर्तिकान पर पहुँचते हैं तो परागण की यह प्रक्रिया स्वपरागण कहलाती है।”

प्रश्न 13.
पर-परागण क्या है?
उत्तर:
पर-परागण:
“जब एक पुष्प के परागकोश से परागकण दूसरे पुष्प की वर्तिकाग्र तक किसी भी माध्यम की सहायता से पहुँचते हैं तो परागण की यह प्रक्रिया पर-परागण कहलाती है।”

प्रश्न 14.
निषेचन किसे कहते हैं?
उत्तर:
निषेचन: “नर युग्मक एवं मादा युग्मक का संयोग (सम्मिलन) निषेचन कहलाता है।”

प्रश्न 15.
अंकुरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
अंकुरण:
“बीजों में भावी पौधा भ्रूण होता है जो अनुकूल परिस्थितियों में नवोद्भिद् में विकसित हो जाता है। इस प्रक्रिया को अंकुरण या बीजों का अंकुरण कहते हैं।”

प्रश्न 16.
ऋतुस्राव या रजोधर्म किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऋतुस्राव या रजोधर्म:
“अण्ड के निषेचन न होने की अवस्था में गर्भाशय की दीवारों पर जमी माँसल पर्त धीरे-धीरे टूट कर योनि मार्ग से रुधिर एवं म्यूकस के रूप में निष्कासित होती है। इसे ऋतुस्राव अथवा रजोधर्म कहते हैं।”

प्रश्न 17.
एक द्विलिंगी पुष्य में से पुंकेसरों को काटकर निकाल दिया जाता है। इसके बाद भी वह पुष्प फल उत्पन्न करता है? ऐसी स्थिति की उचित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
पुष्प में स्त्रीकेसर है और फल स्त्रीकेसर बनाती है तथा पर-परागण द्वारा उसे नर जनन कोशा परागकण निषेचन के लिए प्राप्त हो जाते हैं, फलस्वरूप वे फल बनाते हैं।

प्रश्न 18.
क्या आप एककोशीय जीवों में कोशिका विभाजन को जनन का प्रकार समझते हैं? एक कारण दीजिए।
उत्तर:
हाँ, एककोशीय जीवों में कोशिका विभाजन एक प्रकार का अलैंगिक जनन है, क्योंकि उस कोशिका विभाजन से नवजातों का जन्म होता है। इस प्रकार जीवों की संतति बढ़ती है।

प्रश्न 19.
क्लोन क्या होते हैं? अलैंगिक जनन के फलस्वरूप उत्पन्न नवजातों में काफी अधिक सम्मानताएँ क्यों पाई जाती है?
उत्तर:
क्लोन:
“किसी जीव के अलैंगिक जनन से उत्पन्न एकदम समरूप नवजात उस जीव के क्लोन कहलाते हैं।”
चूँकि उनका एकल जनक होता है और उनका DNA उनके जनक के DNA से एकदम मेल खाता है। इसलिए उनमें काफी अधिक समानताएँ पाई जाती हैं।

प्रश्न 20.
लैंगिक जनन से उत्पन्न नवजातों में गुणसूत्रों की संख्या उनके जनकों के गुणसूत्रों की संख्या के समान क्यों होती है?
उत्तर:
युग्मक बनने की प्रक्रिया में अर्द्धसूत्री विभाजन के कारण युग्मकों (नर एवं मादा दोनों) में गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है और जब ये युग्मक निषेचन के लिए आपस में संयुक्त होते हैं तो उनके गुणसूत्र मिलकर संख्या पुनः जनकों के गुणसूत्रों के बराबर हो जाती है। यही कारण है कि लैंगिक जनन से उत्पन्न नवजातों में गुणसूत्रों की संख्या अपने जनकों के गुणसूत्रों के समान होती है।

प्रश्न 21.
यीस्ट की कॉलोनी-जल में द्विगुणित होने में असफल हो जाती है, लेकिन शक्कर के विलयन में द्विगुणित होती है। क्यों? इसके लिए एक कारण दीजिए।
उत्तर:
शक्कर के घोल में यीस्ट के प्रजनन के लिए आवश्यक ऊर्जा पर्याप्त मात्रा में मिलती है जिससे वे द्विगुणित होते हैं, लेकिन जल में अपर्याप्त ऊर्जा मिलने के कारण ये द्विगुणित होने में असफल हो जाते हैं।

प्रश्न 22.
ब्रेड-मोल्ड नम ब्रेड स्लाइस पर अधिक तेजी से उगती है, जबकि सूखी ब्रेड स्लाइस पर नहीं, क्यों?
उत्तर:
हाइफा की वृद्धि के लिए नमी (आर्द्रता) अति-आवश्यक है। भीगी या नम (आर्द्र) ब्रेड स्लाइस ब्रेड-मोल्ड के लिए पर्याप्त नमी एवं पोषक उपलब्ध कराती है, जबकि सूखी ब्रेड स्लाइस केवल पोषक ही उपलब्ध कराती है। इसलिए नम ब्रेड स्लाइस पर ब्रेड-मोल्ड अधिक तेजी से उगती है, पर सूखी ब्रेड-स्लाइस पर नहीं।

प्रश्न 23.
लैंगिक जनन से प्राप्त नवजातों में विषमताएँ होने के दो कारण दीजिए।
उत्तर:

  1. लैंगिक जनन में दो जनक भाग लेते हैं जिनके गुण भिन्न होते हैं।
  2. युग्मकों में गुणसूत्रों का संयोग भिन्न-भिन्न होता है।

प्रश्न 24.
अगर प्लेनेरिया को ऊर्ध्वाधरतः दो भागों में काट दिया जाए तो क्या वे कटे भाग दो अलग जीवों में पुनर्जनित हो जाएंगे? निम्नलिखित आकृति में D एवं E को पुनर्जनित भाग को दर्शाते हुए पूरा कीजिए।
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उत्तर:
हाँ! संलग्न चित्र में D एवं E के छायांकित भाग पुनर्जनित भाग हैं।
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प्रश्न 25.
तम्बाकू के पौधे में नर युग्मक में 24 गुणसूत्र हैं। मादा युग्मक में कितने गुणसूत्र होंगे? युग्मनज में गुणसूत्रों की संख्या क्या होगी?
उत्तर:
मादा युग्मक में गुणसूत्रों की संख्या = 24 युग्मनज में गुणसूत्रों की संख्या = 48.

प्रश्न 26.
अगर परागण नहीं घटित होता तो पुष्पों में निषेचन की क्रिया क्यों नहीं होती?
उत्तर:
पुष्पों में निषेचन के लिए दोनों नर युग्मक (परागकण) एवं मादा युग्मक (बीजाण्ड) चाहिए और अगर परागण नहीं होगा तो नर युग्मक (परागकणों) की अनुपस्थित में निषेचन भी नहीं होगा।

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प्रश्न 27.
क्या किसी जीव के युग्मनज, भ्रूणीय कोशा एवं जीव में गुणसूत्रों की संख्या सदैव निश्चित होती है? इन तीनों अवस्थाओं में निश्चित संख्या कैसे बनी रहती है?
उत्तर:
हाँ, क्योंकि तीनों अवस्थाओं में कोशिका विभाजन माइटोटिक कोशिका विभाजन होता है।

प्रश्न 28.
निषेचन के बाद पुष्य में कहाँ युग्मनज स्थित होता है?
उत्तर:
निषेचन के बाद पुष्प में युग्मनज अण्डाशय में उपस्थित बीजाण्ड में स्थित होता है।

प्रश्न 29.
“जनन किसी जीव की जनसंख्या (समष्टि) के स्थायित्व से सम्बन्धित होती है।” इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
जनन की प्रक्रिया में DNA एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को स्थानान्तरित होते रहते हैं। ये DNA कुछ सूक्ष्म विभिन्नताओं के साथ कॉपी किए जाते हैं इसलिए जनसंख्या का स्थायित्व बना रहता है।

प्रश्न 30.
अण्ड के निषेचन न होने की स्थिति में गर्भाशय में क्या परिवर्तन दिखाई देता है?
उत्तर:
जब अण्ड का निषेचन नहीं होता तो भावी भ्रूण के पोषण हेतु जमा की गई मोटी माँसल एवं स्पंजी परत का गर्भाशय की दीवार से क्षरण होने लगता है और वह रक्त एवं म्यूकस के रूप में योनि मार्ग से, निष्कासित होती है।

प्रश्न 31.
जब गर्भाशय में निषेचित अण्ड (युग्मनज) स्थापित हो जाता है तो गर्भाशय में क्या परिवर्तन दिखाई देता है?
उत्तर:
गर्भाशय में निषेचित अण्ड (युग्मनज) के स्थापित होने पर गर्भाशय की दीवारें मोटी और स्पंजी हो जाती हैं तथा इनमें भ्रूण के पोषण के लिए रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। एक विशेष ऊतक जिसे प्लेसेण्टा कहते हैं, द्वारा भ्रूण का सम्बन्ध गर्भाशय की दीवारों से हो जाता है जिसके द्वारा भ्रूण को पोषक पदार्थ एवं ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है।

प्रश्न 32.
मैथुन के समय गर्भ निरोधक यान्त्रिक विधियों के उपयोग के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
मैथुन के समय प्रयुक्त यान्त्रिक विधियाँ स्पर्म (शुक्राणुओं) को अण्ड तक जाने से रोकती हैं इसलिए यह गर्भ निरोध की प्रभावी युक्ति है। इसके साथ ही यह संक्रमण होने से भी बचाव करती है।

प्रश्न 33.
एक अण्ड एवं एक भ्रूण के अन्दर गुणसूत्रों की संख्या में क्या अनुपात होगा? एक शुक्राणु एवं एक अण्ड में आनुवंशिक क्या अन्तर है ?
उत्तर:
गुणसूत्रों का अनुपात 1 : 2 होगा। एक शुक्राणु में X एवं Y दोनों प्रकार के गुणसूत्र होते हैं, जबकि अण्ड में केवल X एवं X प्रकार के गुणसूत्र पाए जाते हैं।

MP Board Class 10th Science Chapter 8 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
छात्रों से यीस्ट में मुकुलन के विभिन्न चरणों को दर्शाने वाली स्थायी स्लाइडों का सूक्ष्मदर्शी की उच्च क्षमता में प्रेक्षण करने के लिए कहा गया –
(a) स्लाइडों को फोकस करने के लिए आपको सूक्ष्म समायोजन अथवा रुक्ष समायोजन में से किसे घुमाने के लिए कहा गया?
(b) यीस्ट में मुकुलन को सही क्रम में दर्शाने के लिए तीन आरेख खींचिए।
उत्तर:
(a) स्लाइडों को फोकस करने के लिए हमको सूक्ष्म समायोजन घुमाने के लिए कहा गया।

(b) यीस्ट में मुकुलन के विभिन्न चरण –
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प्रश्न 2.
कोई छात्र यीस्ट में होने वाले अलैंगिक जनन के विभिन्न चरणों को क्रमवार दर्शाने वाली स्थायी स्लाइड का प्रेक्षण कर रहा है। इस प्रक्रिया का नाम लिखिए। जो कुछ वह प्रेक्षण करता है उसे उचित क्रम में, आरेख खींचकर दर्शाइए।
उत्तर:
प्रेक्षण की इस प्रक्रिया का नाम माइक्रोस्कोपिक अवलोकन (परीक्षण) है तथा यीस्ट की अलैंगिक जनन की प्रक्रिया का नाम मुकुलन है।
प्रेक्षित जनन – क्रम का आलेख:

प्रश्न 3.
अमीबा में द्विखण्डन की प्रक्रिया को (चार चरणों द्वारा) क्रमवार आरेख खींचकर दर्शाइए। (2019)
उत्तर:
अमीबा में द्विखण्डन की प्रक्रिया का आरेख:
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प्रश्न 4.
हाइड्रा में अलैंगिक जनन की मुकुलन प्रक्रिया को तीन चरणों के सही क्रम में दर्शाने वाला आरेख खींचिए।
उत्तर:
हाइड्रा में अलैंगिक जनन की मुकुलन प्रक्रिया का चरण वार आरेख –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 8

प्रश्न 5.
इण्टरनेट की सहायता से 5 जन्तु एवं 5 पौधों के गुणसूत्रों की संख्याओं के बारे में सूचना एकत्रित कीजिए। इन गुणसूत्रों की संख्या का उन जीवों के आकार से सम्बन्ध स्थापित कीजिए एवं निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. क्या बड़े जीवों में गुणसूत्रों की संख्या अधिक होती है?
  2. क्या कम गुणसूत्रों की संख्या वाले जीव आसानी से जनन करते हैं उन जीवों की अपेक्षा जिनमें गुणसूत्रों की संख्या अधिक है?
  3. जितनी अधिक गुणसूत्रों की संख्या उतनी अधिक DNA मात्रा। पुष्टि कीजिए।

उत्तर:
निर्देश – प्रथम भाग के लिए छात्र स्वयं सूचना एकत्र करें।

  1. नहीं, क्योंकि गुणसूत्रों की संख्या और जीव के आकार में कोई सम्बन्ध नहीं होता।
  2. नहीं, क्योंकि जनन की प्रक्रिया गुणसूत्रों की संख्या पर कदापि निर्भर नहीं करती वह एक सामान्य प्रक्रिया है।
  3. हाँ, क्योंकि गुणसूत्रों का प्रमुख घटक DNA है। इसलिए अधिक गुणसूत्रों की संख्या अधिक DNA की मात्रा।

प्रश्न 6.
सामान्य शारीरिक वृद्धि एवं लैंगिक परिपक्वता में क्या अन्तर है?
उत्तर:
सामान्य शारीरिक वृद्धि में विभिन्न प्रकार की विकास की प्रक्रियाएँ होती हैं। लम्बाई में वृद्धि, भार में वृद्धि तथा शरीर के प्रत्येक भाग में सामान्य रूप से वृद्धि होती है। कोई नवीन संरचना एवं नवीन प्रक्रियाएँ प्रारम्भ नहीं होती। जबकि लैंगिक परिपक्वता में लैंगिक अंगों एवं प्रक्रियाओं का विकास होता है। जैसे नर में दाढ़ी-मूंछों का आना, आवाज का भारी होना तथा मादाओं में स्तन ग्रंथियों का विकास, मासिक रजोधर्म (ऋतु स्राव) का प्रारम्भ होना तथा सभी में गुप्तांगों एवं काँख में बालों का उगना।

प्रश्न 7.
शुक्राणुओं के मोचन के समय शुक्राणुओं का मार्ग बताइए तथा नर जनन तन्त्र से सम्बन्धित ग्रंथि का नाम एवं उसके कार्य बताइए।
उत्तर:
शुक्राणुओं के मोचन के समय शुक्राणु वृषण से बाहर आकर शुक्रवाहिकाओं की सहायता से मूत्र मार्ग तक पहुँचते हैं।
शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रंथियों द्वारा होने वाले स्राव शुक्राणुओं को स्थानान्तरण के लिए एक तरल माध्यम उपलब्ध करवाते हैं जिससे उनका स्थानान्तरण सरलता से बिना घर्षण के होता है। इसके अतिरिक्त यह स्राव शुक्राणुओं को पोषण भी प्रदान करता है।

प्रश्न 8.
संलग्न चित्र में निम्न भागों के नाम लिखिए तथा उनके कार्य लिखिए –
(a) अण्डों का निर्माण।
(b) निषेचन का स्थान।
(c) युग्मनज की स्थापना का स्थान।
(d) शुक्राणुओं का प्रवेश स्थान।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 9
उत्तर:
(a) अण्डाशय (ओवरी)।
(b) अण्डवाहिका (फैलोपियन ट्यूब)।
(c) गर्भाशय (यूटेरस)।
(d) योनि (वेजाइना)।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 10
(a) अण्डाशय: वह स्थान जहाँ अण्डों का निर्माण होता है।
(b) अण्डवाहिका: वह स्थान जहाँ अण्डों की निषेचन क्रिया होती है।
(c) गर्भाशय: वह स्थान जहाँ निषेचन अण्डों (युग्मनजों) की स्थापना होती है।
(d) योनि: इस मार्ग से ही शुक्राणु प्रवेश करते हैं।

प्रश्न 9.
किसी समाज के लिए जनन स्वास्थ्य के चार महत्वपूर्ण बिन्दुओं की सूची बनाइए। हमारे देश में पिछले 50 वर्षों में जनन स्वास्थ्य से सम्बन्धित जिन क्षेत्रों में सुधार हुआ है, उनमें से किन्हीं दो के नाम लिखिए।
उत्तर:
जनन स्वास्थ्य के चार महत्वपूर्ण बिन्दु या पहलू निम्नलिखित हैं –

  1. शारीरिक स्वास्थ्य।
  2. भावनात्मक स्वास्थ्य।
  3. व्यवहारात्मक स्वास्थ्य।
  4. सामाजिक स्वास्थ्य।

हमारे देश में पिछले 50 वर्षों में भारत सरकार ने जननात्मक स्वास्थ्य से सम्बन्धित अनेक क्षेत्रों में सुधार किया है जिनमें से प्रमुख हैं –

  1. परिवार नियोजन कार्यक्रम।
  2. जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं स्तनपान पर जागरूकता पैदा करना।

प्रश्न 10.
स्व-परागण एवं पर-परागण में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
स्व-परागण एवं पर-परागण में अन्तर –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 11

प्रश्न 11.
प्रजनन के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
प्रजनन का महत्त्व:

  1. प्रजनन के कारण जीवन की निरन्तरता बनी रहती है।
  2. प्रजनन के कारण ही स्पीशीज का संरक्षण रहता है।
  3. प्रजनन ही स्पीशीज की जनसंख्या बढ़ाने का माध्यम है।
  4. अनुकूल विभिन्नताओं का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संवहन प्रजनन द्वारा ही सम्भव है।
  5. प्रजनन का विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान है।

MP Board Class 10th Science Chapter 8 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लैंगिक जनन के विशिष्ट लक्षणों की सूची बनाइए।
उत्तर:
लैंगिक जनन के प्रमुख विशिष्ट लक्षण:

  1. लैंगिक जनन में दो व्यष्टि (एकक जीवों) की भागीदारी होती है।
  2. इसमें नर एवं मादा दोनों लिंगों की आवश्यकता होती है।
  3. एक ही समष्टि के जीवों के दो भिन्न युग्मकों के निषेचन से युग्मनजों का निर्माण होता है।
  4. संतति में विभिन्नताएँ पायी जाती हैं।
  5. संतति में दोनों ही पित्रों नर एवं मादा के गुण उत्पन्न होते हैं।
  6. लैंगिक जनन से नई स्पीशीज उत्पन्न हो सकती है।

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प्रश्न 2.
गुणसूत्र क्या होते हैं? स्पष्ट कीजिए कि लैंगिक जनन करने वाले जीतों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी संतति में गुणसूत्रों की संख्या किस प्रकार समान बनी रहती है ?
उत्तर:
गुणसूत्र:
“कोशिकाओं के केन्द्रक में स्थित धागेनुमा पतली संरचनाएँ जिनका आनुवंशिक पदार्थ DNA कोशिकाद्रव्य में स्वतन्त्र रूप में न रहकर केन्द्रक में कुछ विशिष्ट संरचनाओं के रूप में व्यवस्थित होता है, गुणसूत्र कहलाते हैं।”

लैंगिक जनन करने वाली कोशिकाओं में प्रत्येक जीव में अलग-अलग संख्या में गुणसूत्रों की जोड़ियाँ होती हैं जिनमें लिंग गुणसूत्र वाला जोड़ा निषेचन के लिए युग्मक बनाते समय अर्द्धसूत्री विभाजन के फलस्वरूप दो भागों में विभक्त हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप युग्मकों के गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है।

जब निषेचन होता है तो नर युग्मक मादा युग्मक के साथ संलयित होता है जिससे गुणसूत्रों की संख्या पूर्ववत् हो जाती है। यह क्रम लगातार चलता रहता है। इस प्रकार लैंगिक जनन करने वाले जीवों मैं पीढ़ी-दर-पीढ़ी संतति में गुणसूत्रों की संख्या समान बनी रहती है।

प्रश्न 3.
जनन की परिभाषा लिखिए। स्पीशीज की समष्टि को स्थायित्व प्रदान करने में यह किस प्रकार सहायता करता है?
उत्तर:
जनन:
“सजीवों की अपने समान आकृति, रंग-रूप एवं गुणों के नए जीव उत्पन्न करने की क्षमता जनन कहलाती है।” जनन के कारण जीवन की निरंतरता बनी रहती है। जनन में जीव लगभग अपने जैसे जीवों को जन्म देता है। इस कारण उस स्पीशीज की जनसंख्या बढ़ती जाती है। अनुकूल विभिन्नताओं का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संवहन जनन द्वारा ही सम्भव है। जनन का विकास में भी योगदान है। जनन किसी स्पीशीज की समष्टि का संरक्षण कर उसके स्थायित्व में सहायक है।

प्रश्न 4.
जीवों के जनन के सन्दर्भ में उपयोग होने वाले पद “पुनरुद्भवन” (पुनर्जनन) की व्याख्या कीजिए। संक्षेप में वर्णन कीजिए कि हाइड्रा जैसे बहुकोशिकीय जीवों में पुनरुद्भवन की प्रक्रिया किस प्रकार सम्पन्न होती है?
उत्तर:
पुनरुद्भवन (पुनर्जनन):
“शरीर के नवनिर्माण की वह शक्ति जिसके अन्तर्गत शरीर के टूट जाने पर उसकी मरम्मत हो जाती है और प्रत्येक टुकड़ा पूर्ण होकर नया जीव बनाता है, पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) कहलाता है।”

हाइड्रा में पुनरुद्भवन (पुनर्जनन):
पूर्णरूपेण विभेदित जीवों जैसे हाइड्रा किसी कारणवश क्षत-विक्षत होकर कुछ टुकड़ों में विभक्त हो जाता है तो प्रत्येक खण्ड पुनरुद्भवन की क्षमता के कारण पूर्ण नवीन जीव में विकसित हो जाता है। इस प्रकार हाइड्रा जैसे बहुकोशिकीय जीवों में पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) की क्रिया सम्पन्न होती है। देखिए चित्र।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 12

प्रश्न 5.
(a) लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति में विभिन्नता दृष्टिगोचर होने के दो कारणों की सूची बनाइए।
(b)

  1. आरेख में अंकित भाग ‘A’ का नाम लिखिए।
  2. ‘A’ भाग ‘B’ तक कैसे पहुँचता है?
  3. भाग ‘C’ का महत्व लिखिए।
  4. ‘D’ द्वारा अंकित भाग का निषेचन के बाद क्या होता है?

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 8 जीव जनन कैसे करते है 13
उत्तर:
(a)

  1. लैंगिक जनन में दो जनक भाग लेते हैं जिनके गुण भिन्न होते हैं।
  2. युग्मकों में गुणसूत्रों का संयोग भिन्न-भिन्न होता है।

(b)

  1. भाग ‘A’ का नाम: परागकण (नर जनक) है।
  2. भाग ‘A’ परागकण भाग ‘B’ वर्तिकाग्र तक परागण की प्रक्रिया द्वारा पहुँचता है।
  3. भाग ‘C’ पराग नलिका का महत्व: पराग नलिका के माध्यम से परागकण द्वारा उत्पन्न नर युग्मक बीजाण्ड तक पहुँचता है तथा बीजाण्ड का भेदन करके बीजाण्ड में उत्पन्न अण्ड कोशिका के मादा युग्मक से संलगित होकर निषेचन करता है।
  4. भाग ‘D’ बीजाण्ड निषेचित होकर युग्मनज बनाता है जो बाद में विकसित होकर बीज में परिवर्तित हो जाता है।

प्रश्न 6.
जनन सजीवों का एक महत्वपूर्ण लक्षण है। इस कथन के पक्ष में तीन कारण दीजिए।
उत्तर:
जीवधारियों में अनेक जैविक प्रक्रियाएँ होती हैं, लेकिन वे सभी स्वयं के अस्तित्व के लिए ही होती हैं। हम जानते हैं कि जीव नश्वर है और जब उसने जन्म लिया है तो उसकी मृत्यु भी असम्भावी है।
अपनी समष्टि को इस समष्टि में बनाए रखने के लिए जनन जीवों का एक महत्वपूर्ण लक्षण है, क्योंकि –

  1. जनन के द्वारा जीव अपने जैसे अनेक जीवों को जन्म देता है। इससे उन जीवों की जनसंख्या में वृद्धि होती है तथा जीव की समष्टि का अन्त भी नहीं होता, क्योंकि यदि कुछ जीव मरते भी हैं तो जनन के द्वारा उनकी प्रतिपूर्ति हो जाती है।
  2. जनन के द्वारा जीव अपने गुणों एवं विशेषताओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानान्तरित करते रहते हैं तथा सभी जीवों में जाति की निरन्तरता बनी रहती है।
  3. जनन के द्वारा ही जीवों में विविधता आती है तथा जाति का उद्विकास भी होता है तथा नए-नए जीवों का विकास भी जनन के कारण ही सम्भव है।

प्रश्न 7.
कायिक प्रवर्धन क्या है? इस विधि के दो लाभ और दो हानियाँ लिखिए।
उत्तर:
कायिक प्रवर्धन:
“जब मनुष्य कृत्रिम रूप से पौधों के विभिन्न भागों (रचनाओं) से नवीन पौधे पैदा करता है तो इस प्रक्रिया को कायिक प्रवर्धन या कृत्रिम अलैंगिक जनन कहते हैं।”

कायिक प्रवर्धन के लाभ:

  1. कायिक प्रवर्धन के द्वारा पौधे शीघ्र तैयार हो जाते हैं तथा शीघ्र ही फूलते-फलते हैं।
  2. इस विधि से प्राप्त पुत्री पौधे हर प्रकार से जनक पौधों के समान होते हैं।

कायिक प्रवर्धन से हानियाँ:

  1. कायिक प्रवर्धन सभी पौधों में सम्भव नहीं होता।
  2. कायिक प्रवर्धन से पौधों में विविधता नहीं आती। इस कारण प्रतिकूल परिस्थितियों में उस समष्टि के लुप्त होने का अन्देशा बना रहता है।

प्रश्न 8.
गर्भ धारण को रोकने के लिए विकसित की गई तीन तकनीकों की सूची बनाइए। इनमें से कौन-सी तकनीक पुरुषों के लिए नहीं है? इन तकनीकों का प्रयोग किस प्रकार किसी परिवार के स्वास्थ्य और समृद्धि को सीधे प्रभावित करता है?
उत्तर:
गर्भ धारण रोकने के लिए विकसित नई तकनीकें:

  1. निरोध का उपयोग
  2. शुक्रवाहिकाओं को अवरुद्ध कर देना
  3. हॉर्मोन सन्तुलन के लिए दवाओं का सेवन इनमें तीसरी तकनीक हॉर्मोन सन्तुलन के लिए दवाओं का सेवन पुरुषों के लिए नहीं है।

गर्भ निरोधक तकनीक (परिवार नियोजन) का सीधे परिवार के स्वास्थ्य एवं समृद्धि पर प्रभाव:
बार-बार गर्भ धारण करने पर महिलाओं का स्वास्थ्य बहुत गिर जाता है। परिवार नियोजन तकनीकों के प्रयोग से उनका स्वास्थ्य बना रहता है तथा वे विभिन्न यौन संक्रमण से बची रहती हैं। परिवार नियोजन से सीमित परिवार होने से संसाधनों का अच्छा उपयोग हो सकता है। अच्छा खाना, अच्छा पहनना, अच्छी शिक्षा, अच्छी सुख-सुविधाएँ उपलब्ध हो सकती हैं। आजकल के महंगाई के समय में परिवार नियोजन परिवार की खुशहाली प्रदान करता है तथा इसका सीधा प्रभाव परिवार के स्वास्थ्य एवं समृद्धि पर पड़ता है।

प्रश्न 9.
यौन संक्रमित रोगों का वर्णन कीजिए तथा उनमें बचाव के उपाय लिखिए।
उत्तर:
यौन संक्रमित रोग-“ऐसे सभी रोग जो मैथुन द्वारा संचारित होते हैं, यौन संचरित रोग कहलाते हैं। इन रोगों के लक्षण जनन क्षेत्र (गुप्तांगों) में खुजली, जलन, तरल स्राव तथा दर्द होना है। इनमें प्रमुख रोग हैं – एचआईवी संक्रमण (AIDS), गोनेरिया, सिफलिस, जननांग की हीज आदि। इन रोगों में सर्वाधिक खतरनाक रोग एड्स है। एड्स को छोड़कर प्रायः सभी रोग पूर्ण रूप से उपचार योग्य हैं।

बचाव के उपाय:
चूँकि यौन संक्रमित रोग मैथुन के द्वारा संचरित होते हैं। इसलिए सुरक्षात्मक मैथुन इसका सर्वश्रेष्ठ उपाय है। इसके लिए –

  1. मैथुन के समय गर्भ निरोधक युक्तियों का उपयोग सर्वाधिक सुगम एवं सुरक्षित है।
  2. जननांगों की नियमित स्वच्छता पर विशेष ध्यान।
  3. संक्रमित सुई एवं सिरिंज का प्रयोग न करना।
  4. वैश्यागमन या अनैतिक सम्बन्धों से बचना।
  5. संक्रमित महिलाओं को गर्भधारण न करने देना।
  6. उपयुक्त समयानुकूल टीकाकरण।
  7. बिना परीक्षण रक्त दान न करना।
  8. ड्रग्स एवं नशाखोरी से बचना आदि।

प्रश्न 10.
(a) मादा जनन तन्त्र की निम्नलिखित भागों के कार्यों का उल्लेख कीजिए –

  1. अण्डाशय
  2. गर्भाशय
  3. फैलोपियन ट्यूब।

(b) मानव मादा में प्लेसेण्टा की संरचना और कार्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
(a)

  1. अण्डाशय: इसमें अण्ड कोशिका का निर्माण होता है तथा ये कुछ हॉर्मोन भी सावित करता है।
  2. गर्भाशय: इसमें निषेचित अण्डा या युग्मनज स्थापित होता है तथा उसका विकास एवं पोषण होता है तथा शिशु बनने तक की सभी प्रक्रियाएँ यहाँ पूर्ण होती हैं।
  3. फैलोपियन ट्यूब (अण्डवाहिका): इसमें अण्ड कोशिका का निषेचन होता है तथा यह निषेचित अण्ड कोशिका (युग्मनज) को गर्भाशय में प्रेषित कर देती है।

(b) प्लेसेण्टा की संरचना:
प्लेसेन्टा एक विशेष तस्तरीनुमा संरचना होती है जो गर्भाशय की भित्ति में धंसी रहती है। इसमें भ्रूण की ओर के ऊतक में प्रवर्ध होते हैं जो माँ के ऊतकों में स्थित रिक्त स्थानों से आच्छादित होते हैं।

प्लेसेण्टा के कार्य:

  1. यह माँ के रक्त से भ्रूण के पोषण के लिए ग्लूकोज एवं अन्य पदार्थ तथा श्वसन के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराती है।
  2. भ्रूण में उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों के निपटान में सहायक होती है।

प्रश्न 11.
प्लेसेन्टा क्या है? इसकी संरचना का वर्णन कीजिए। गर्भवती मानव मादा के प्रकरण में इसके कार्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
प्लेसेण्टा:
“मादा के गर्भाशय में भ्रूण और माँ के बीच सम्बन्ध स्थापित करने वाली विशेष संरचना प्लेसेण्टा कहलाती है।”

प्लेसेण्टा की संरचना:
प्लेसेन्टा एक विशेष तस्तरीनुमा संरचना होती है जो गर्भाशय की भित्ति में धंसी रहती है। इसमें भ्रूण की ओर के ऊतक में प्रवर्ध होते हैं जो माँ के ऊतकों में स्थित रिक्त स्थानों से आच्छादित होते हैं।

प्रश्न 12.
(a) मानव नर के उस जननांग का नाम लिखिए जो शुक्राणुओं के उत्पादन के साथ-साथ हॉर्मोन भी स्रावित करता है। स्रावित हॉर्मोन के कार्य लिखिए।
(b) मानव मादा के जनन तन्त्र के उस भाग का नाम लिखिए जहाँ –

  1. निषेचन होता है।
  2. निषेचित अण्डे का आरोपण होता है।
  3. स्पष्ट कीजिए कि माता के शरीर के भीतर भ्रूण का पोषण किस प्रकार होता है?

उत्तर:
(a) मानव नर के वृषण में शुक्राणुओं के निर्माण के साथ-साथ टेस्टोस्टेरॉन नामक हॉर्मोन का उत्पादन एवं स्रावण होता है। हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन का कार्य-यह हॉर्मोन नर मानव में शुक्राणुओं के निर्माण के नियन्त्रण के साथ-साथ लड़कों में यौवनावस्था के लक्षणों का भी नियन्त्रण करता है।

(b)

  1. अण्डवाहिकाएँ (फैलोपियन ट्यूब)।
  2. गर्भाशय।
  3. माता के शरीर के अन्दर भ्रूण का पोषण:
    माता के शरीर के अन्दर भ्रूण का पोषण माता के रक्त से प्लेसेण्टा के माध्यम से होता है। प्लेसेण्टा माता के रक्त के सम्पर्क में रहता है तथा उससे ग्लूकोज, ऑक्सीजन एवं अन्य पदार्थों को अवशोषित करके भ्रूण को उपलब्ध कराता है।

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प्रश्न 13.
मुकुलन (कलिकायन) खण्डन, विखण्डन, पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) ये सभी अलैंगिक प्रकार का जनन क्यों माना जाता है? एक स्वच्छ आकृति (रेखाचित्र) बनाकर प्लेनेरिया में पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) की प्रक्रिया को समझाइए।
उत्तर:
जीवों में मुकुलन (कलिकायन), खण्डन, विखण्डन एवं पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) को अलैंगिक प्रकार का जनन माना जाता है, क्योंकि इसमें जीव के लैंगिक भागों की कोई भूमिका नहीं होती है तथा इसमें नर एवं मादा युग्मक भाग नहीं लेते।

प्लेनेरिया में पुनरुद्भवन की प्रक्रिया द्वारा जनन:
प्लेनेरिया जैसे सरल जीवों में पुनरुद्भवन की क्षमता होती है, अर्थात् यदि किसी कारणवश जीव क्षत-विक्षत होकर अनेक टुकड़ों में विभक्त हो जाता है तो अपनी इस क्षमता के कारण प्रत्येक टुकड़ा एक नए जीव में विकसित हो जाता है। इस प्रकार प्लेनेरिया में पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) द्वारा जनन होता है –
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प्रश्न 14.
अलैंगिक एवं लैंगिक जनन में अन्तर स्पष्ट कीजिए। लैंगिक जनन से उत्पन्न नवजातों में विविधता (विभिन्नताएँ) क्यों पाई जाती हैं? समझाइए।
उत्तर:
अलैंगिक जनन एवं लैंगिक जनन में अन्तर –
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  1. लैंगिक जनन में दो जनक भाग लेते हैं जिनके गुण भिन्न होते हैं।
  2. युग्मकों में गुणसूत्रों का संयोग भिन्न-भिन्न होता है।

प्रश्न 15.
परागण एवं निषेचन में अन्तर स्पष्ट कीजिए। पुष्प में निषेचन कहाँ होता है तथा निषेचन के बाद क्या बनता है? किसी पुष्प की स्त्रीकेसर का स्वच्छ नामांकित आरेख बनाइए जिसमें पराग नलिका की वृद्धि एवं इसकी बीजाण्ड में प्रवेश दिखाया गया हो।
उत्तर:
परागण तथा निषेचन में अन्तर –
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पुष्प में निषेचन स्त्रीकेसर के अण्डाशय में होता है तथा निषेचन के बाद बीजाण्ड बीज में तथा अण्डाशय फल में विकसित होता है। इस प्रकार निषेचन के बाद फलों और बीजों का उत्पादन होता है।

स्त्रीकेसर का निषेचन प्रदर्शित करती आकृति –
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प्रश्न 16.
एक पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए। पुष्प के युग्मक बनाने वाले भागों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का नामांकित आरेख:
  2. पुष्प की अनुदैर्घ्य काट का नामांकित चित्र –
  3. नर युग्मक बनाने वाला अंग: परागकोश (पुंकेसर)।
  4. मादा युग्मक बनाने वाला अंग: अण्डाशय (स्त्रीकेसर)।

प्रश्न 17.
युग्मक एवं युग्मनज में अन्तर स्पष्ट कीजिए। उनकी लैंगिक जनन में भूमिका बताइए।
उत्तर:
युग्मक लैंगिक जनन में जनन कोशिका प्रदर्शित करता है। यह दो प्रकार का होता है-नर जनन कोशिका (नर युग्मक) एवं मादा जनन कोशिका (मादा युग्मक)। युग्मनज निषेचन के परिणामस्वरूप बना उत्पाद होता है जिसमें कि नर युग्मक एवं मादा युग्मक परस्पर संलयित हो जाते हैं।

दो संलयित होने वाले युग्मक अपने DNA में अपने जनक के गुणों से युक्त होते हैं। निषेचन इन दोनों जनकों के गुणों को एक कोशिका युग्मनज में संयुक्त करते हैं। युग्मनज नई संतति (पीढ़ी) की प्रथम प्रारम्भिक कोशा है जो विभाजन की विभिन्न चरणों की प्रक्रिया द्वारा भ्रूण का निर्माण करती है। यह भ्रूण विकास की विभिन्न प्रक्रियाओं से होता हुआ धीरे-धीरे नवजात में विकसित हो जाता है।

प्रश्न 18.
निषेचन की अभिक्रिया किस प्रकार घटित होती है? निषेचन महीने में केवल एक बार ही घटित होता है, क्यों? समझाइए।
उत्तर:
लैंगिक रूप से परिपक्व महिला के अण्डाशय में बनने वाली अण्ड कोशिका प्रति माह एक बार अण्डवाहिनी में प्रवेश करता है। मैथुन के समय नर जनन कोशिका शुक्राणु योनि मार्ग में स्थापित हो जाते हैं जहाँ से ऊपर की ओर यात्रा करके अण्डवाहिका में प्रवेश कर जाते हैं, जहाँ इन शुक्राणुओं में उपस्थित नर युग्मक अण्ड कोशिका में उपस्थित मादा युग्मक से संलयित होकर निषेचन की प्रक्रिया को पूर्ण करती है। यह निषेचित अण्डा अण्डवाहिका द्वारा गर्भाशय में स्थापित हो जाता है।

चूँकि एकान्तर में प्रति माह एक अण्डाशय से एक अण्ड एक अण्ड कोशिका अण्डवाहिका द्वारा ग्रहण की जाती है तथा दूसरे माह दूसरे अण्डाशय से एक अण्ड कोशिका अण्डवाहिका द्वारा ग्रहण की जाती है। इसलिए माह में केवल एक बार ही निषेचन की क्रिया घटित होना सम्भव है।

प्रश्न 19.
जनन जीवों के लिए एक अत्यन्त आवश्यक जैव प्रक्रम है, लेकिन वह किसी जीव के स्वयं के अस्तित्व के लिए नहीं बल्कि उसकी समष्टि के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।
उत्तर:
जनन की मूल घटना डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनना है। जनन में एक कोशिका द्वारा डी.एन.ए. की प्रतिकृति का निर्माण तथा अतिरिक्त कोशिकीय संगठन का सृजन होता है। जनन के कारण जीवन की निरंतरता बनी रहती है। जनन में जीव लगभग अपने जैसे जीवों को जन्म देता है। इस कारण उस स्पीशीज की जनसंख्या बढ़ती जाती है। अनुकूल विभिन्नताओं का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संवहन जनन द्वारा ही सम्भव है। जनन का विकास में भी योगदान है। जनन किसी स्पीशीज की समष्टि का संरक्षण कर उसके स्थायित्व में सहायक है।

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MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास

MP Board Class 10th Science Chapter 9 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 157

प्रश्न 1.
यदि एक ‘लक्षण – A’ अलैंगिक प्रजनन वाली समष्टि के 10 प्रतिशत सदस्यों में पाया जाता है तथा ‘लक्षण – B’ उसी समष्टि में 60 प्रतिशत जीवों में पाया जाता है, तो कौन-सा लक्षण पहले उत्पन्न हुआ होगा?
उत्तर:
लक्षण – B’।

प्रश्न 2.
विभिन्नताओं के उत्पन्न होने से किसी स्पीशीज का अस्तित्व किस प्रकार बढ़ जाता है?
उत्तर:
प्रतिकूल परिस्थितियों में कोई भी स्पीशीज का अस्तित्व समाप्त हो सकता है लेकिन यदि उस स्पीशीज में विभिन्नताएँ होंगी तो कुछ विभिन्नताएँ तो उन परिस्थितियों के अनुकूल होंगी। इससे उस स्पीशीज के अस्तित्व की सम्भावनाएँ बढ़ जायेंगी।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 161

प्रश्न 1.
मेण्डल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं?
उत्तर:
मेण्डल ने अपने प्रयोगों में दो भिन्न गुणों वाले मटर के पौधों में संकरण कराया। जैसे-लम्बे पौधे और बौने पौधे। प्रेक्षण करने पर पता चला कि प्रथम पीढ़ी में केवल लम्बे पौधे प्राप्त हुए लेकिन दूसरी पीढ़ी में सभी पौधे लम्बे नहीं थे, कुछ पौधे बौने भी थे। यहाँ पौधों का लम्बा होना प्रभावी लक्षण तथा बौना होना अप्रभावी लक्षण है। इस प्रकार मेण्डल के प्रयोगों द्वारा पता चलता है कि लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं।

प्रश्न 2.
मेण्डल के प्रयोग से कैसे पता चला कि विभिन्न लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं?
उत्तर:
मेण्डल के द्विसंकर संकरण के प्रयोग में F2 पीढ़ी के अन्तर्गत चार प्रकार की सन्ताने उत्पन्न होती हैं जिनमें दो जनकों के समान तथा दो जनकों के असमान होती हैं। इससे पता चलता है कि लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं।

प्रश्न 3.
एक ‘A-रुधिर वर्ग’ वाला पुरुष एक स्त्री जिसका रुधिर वर्ग ‘O’ है, से विवाह करता है। उसकी पुत्री का रुधिर वर्ग ‘O’ है। क्या यह सूचना पर्याप्त है। यदि यह कहा जाय कि कौन-सा विकल्प लक्षण-रुधिर वर्ग-‘A’ अथवा ‘O’ प्रभावी लक्षण हैं? अपने उत्तर का स्पष्टीकरण दीजिए।
उत्तर:
यह सूचना पर्याप्त नहीं है जिससे यह ज्ञात किया जा सके कि कौन-सा लक्षण-रक्त-समूह ‘A’ अथवा ‘रक्त समूह ‘O’ प्रभावी है क्योंकि हमें सभी सन्तानों के रक्त समूह ज्ञात नहीं हैं।

प्रश्न 4.
मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है?
उत्तर:
मनुष्य में लिंग निर्धारण प्रक्रिया:
उच्च श्रेणी के जन्तुओं में नर एवं मादा जननांग विकसित होते हैं और इनमें ही नर एवं मादा युग्मकों का निर्माण क्रमशः शुक्रजनन एवं अण्डजनन द्वारा होता है। मनुष्य की एक कोशिका में 23 जोड़े गुणसूत्र पाये जाते हैं। 22 जोड़ी गुणसूत्र तो नर एवं मादा में समान होते हैं लेकिन 23वाँ जोड़ा नर एवं मादा में अलग-अलग होता है जिसे लिंग गुणसूत्र कहते हैं। नर में यह ‘XY’ से तथा मादा में यह ‘XX’ से प्रदर्शित होता है।

शुक्रजनन में दो प्रकार के बराबर:
बराबर X गुणसूत्र वाले एवं Y गुणसूत्र वाले शुक्राणु बनते हैं जबकि अण्डाणु समान गुणसूत्र वाले होते हैं। निषेचन की क्रिया के फलस्वरूप जब X गुणसूत्र वाला शुक्राणु X गुणसूत्र वाले अण्डाणु से संयुग्मित होकर XX गुणसूत्र वाला युग्मनज बनाता है, तो सन्तान पुत्री होगी और जब Y गुणसूत्र वाला शुक्राणु X गुणसूत्र वाले अण्डाणु से संयुग्मित होकर XY गुणसूत्र वाला युग्मनज बनाता है, तो सन्तान पुत्र होगा। इस प्रकार पुरुष का गुणसूत्र ‘XY’ लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदायी है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 1
निषेचन की क्रिया के फलस्वरूप जब X-गुणसूत्र वाला शुक्राणु X-गुणसूत्र वाले अण्डाणु से संयुग्मित होकर ‘XX’ गुणसूत्र वाला युग्मनज बनाता है, तो बच्चा लड़की (पुत्री) होती है और जब Y-गुणसूत्र वाला शुक्राणु X-गुणसूत्र वाले अण्डाणु में से युग्मित होकर ‘XY’ गुणसूत्र वाला युग्मनज बनाता है तो बच्चा लड़का (पुत्र) होगा।

प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 165

प्रश्न 1.
वे कौन से विभिन्न तरीके हैं जिनके द्वारा एक विशेष लक्षण वाले व्यष्टि जीवों की संख्या समष्टि में बढ़ सकती है?
उत्तर:
एक विशेष लक्षण वाले व्यष्टि जीवों की संख्या समष्टि की वृद्धि में सहायक उपाय –

  1. प्राकृतिक वरण एवं सर्वश्रेष्ठ का जीवित रहना।
  2. आनुवंशिक लक्षण जो उस समष्टि में स्थानान्तरित होते हैं तथा उस समष्टि में सामान्य हो जाते हैं।
  3. जब लक्षण एक जीव में जीवन-पर्यन्त अर्जित होते रहते हैं।

प्रश्न 2.
एक एकल जीव द्वारा उपार्जित लक्षण सामान्यत: अगली पीढ़ी में वंशानुगत नहीं होते, क्यों?
उत्तर:
एकल जीव द्वारा उपार्जित लक्षण जनन कोशिकाओं में उपस्थित डी. एन. ए. को प्रभावित नहीं करते, इसलिए वे वंशानुगत नहीं होते।

प्रश्न 3.
बाघों की संख्या में कमी आनुवंशिकता के दृष्टिकोण से चिन्ता का विषय क्यों है?
उत्तर:
आनुवंशिकी के दृष्टिकोण से बाघों की कमी होना उसकी समष्टि के विलुप्त होने का संकेत है, इसलिए चिन्ता का विषय है।

प्रश्न शृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 166

प्रश्न 1.
वे कौन से कारक हैं, जो नयी स्पीशीज के उद्भव में सहायक हैं?
उत्तर:
नयी स्पीशीज के उद्भव में सहायक कारक:

  1. आनुवंशिक विचलन (जेनेटिक ड्रिफ्ट)।
  2. प्राकृतिक वरण।
  3. डी. एन. ए. में परिवर्तन।

प्रश्न 2.
क्या भौगोलिक पृथक्करण स्वपरागित स्पीशीज के पौधों के जाति उद्भव का प्रमुख कारण हो सकते हैं? क्यों और क्यों नहीं?
उत्तर:
भौगोलिक पृथक्करण जाति उद्भव का प्रमुख कारण हो सकता है क्योंकि भौगोलिक पृथक्करण परागण को संरक्षित करता है। जबकि पौधों पर-परागित हो लेकिन स्वपरागित पौधों के सन्दर्भ में भौगोलिक पृथक्करण जाति उद्भव का प्रमुख कारण नहीं हो सकता।

प्रश्न 3.
क्या भौगोलिक पृथक्करण अलैंगिक जनन वाले जीवों के जाति उद्भव का प्रमुख कारण हो सकता है? क्यों अथवा क्यों नहीं ?
उत्तर:
भौगोलिक पृथक्करण अलैंगिक जनन वाले जीवों के जाति उद्भव का प्रमुख कारक नहीं हो सकता क्योंकि अलैंगिक जनन में जनक अपने DNA को अपनी संतति में बिना किसी परिवर्तन के स्थानान्तरित करता है।

प्रश्न शृंखला-5 # पृष्ठ संख्या 171

प्रश्न 1.
उन अभिलक्षणों का एक उदाहरण दीजिए जिनका उपयोग हम दो स्पीशीजों के विकासीय सम्बन्ध निर्धारण के लिए करते हैं।
उत्तर:
प्रमुख अभिलक्षण:

  1. समजात अंग।
  2. समरूप (समवृत्ति) अंग।

प्रश्न 2.
क्या एक तितली और चमगादड़ के पंखों को समजात अंग कहा जा सकता है? क्यों और क्यों नहीं?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि चमगादड़ के पंख मुख्यतः उसकी दीर्घित अंगुली के मध्य की त्वचा के फैलाव से बनते हैं जबकि तितली के पंख त्वचा के झिल्लीनुमा विस्तारों के रूप में बने रहते हैं तथा खोखली नलिका रूपी शिराओं द्वारा तने रहते हैं। वास्तव में ये समरूप (समवृत्ति) अंग हैं।

प्रश्न 3.
जीवाश्म क्या हैं? वे जैव विकास प्रक्रम के विषय में क्या दर्शाते हैं ?
उत्तर:
जीवाश्म:
“प्राचीनकालीन अनेक प्रकार के जीव, पौधे एवं जन्तुओं के मृत अवशेष जो चट्टानों में परिरक्षित होते हैं, जीवाश्म कहलाते हैं।”
जीवाश्मों का संग्रह एवं आयु के अनुसार उनका अनुक्रम जैव विकास प्रक्रम के क्रम को दर्शाता है कि किस प्रकार जीवों का विकास शनैः – शनैः हुआ।

प्रश्न श्रृंखला-6 # पृष्ठ संख्या 173

प्रश्न 1.
क्या कारण है कि आकृति, आकार, रंग-रूप में इतने भिन्न दिखाई पड़ने वाले मानव एक ही स्पीशीज के सदस्य हैं?
उत्तर:
आकृति, आकार, रंग-रूप का भेद वाली प्रजातियों का कोई जैविक आधार नहीं है। ये आभासी प्रजातियाँ हैं। DNA अनुक्रम के अध्ययन से पता चलता है कि ये सभी मानव एक ही स्पीशीज के सदस्य हैं जो कालान्तर में भौगोलिक पृथक्करण और अन्य कारकों से आभासी प्रजातियों में बँट गए। यह जैव विकास की घटना है।

प्रश्न 2.
विकास के आधार पर क्या आप बता सकते हैं कि जीवाणु, मकड़ी, मछली तथा चिम्पैंजी में किसका शारीरिक अभिकल्प उत्तम है? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
विकास साधारण रूप से केवल शारीरिक संरचना को जटिल बनाता है। इसका तात्पर्य यह कदापि नहीं कि सरल शारीरिक रचना अक्रियाशील है। वास्तव में बैक्टीरिया की शारीरिक संरचना सरल है फिर भी वह सर्वव्यापी होते हैं अर्थात् वे जल में, थल पर एवं वायु में जीवित रहते हैं। इसलिए बैक्टीरिया (जीवाणु), मकड़ी, मछली एवं चिम्पैंजी विकास की पृथक्-पृथक् शाखाएँ हैं।

MP Board Class 10th Science Chapter 9 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मेण्डल के एक प्रयोग में लम्बे मटर के पौधे जिनके बैंगनी पुष्प थे, का संकरण बौने पौधों जिनके सफेद पुष्प थे, से कराया गया। इनकी संतति के सभी पौधों में पुष्य बैंगनी रंग के थे परन्तु उनमें से लगभग आधे बौने थे इससे कहा जा सकता है कि लम्बे जनक पौधों की आनुवंशिक रचना भिन्न थी –
(a) TTWW
(b) TTww
(c) TUWW
(d) TtWw
उत्तर:
(c) TtWW

प्रश्न 2.
समजात अंगों का उदाहरण है –
(a) हमारा हाथ, कुत्ते के अग्रपाद।
(b) हमारे दाँत, हाथी के दाँत।
(c) आलू एवं घास के उपरिभूस्तारी।
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 3.
विकासीय दृष्टिकोण से हमारी किससे अधिक समानता है?
(a) चीन के विद्यार्थी।
(b) चिम्पैंजी।
(c) मकड़ी।
(d) जीवाणु।
उत्तर:
(a) चीन के विद्यार्थी।

प्रश्न 4.
एक अध्ययन से पता चला कि हल्के रंग की आँखों वाले बच्चों के जनक (माता-पिता) की आँखें भी हल्के रंग की होती हैं। इसके आधार पर क्या हम कह सकते हैं कि आँखों के हल्के रंग का लक्षण प्रभावी है अथवा अप्रभावी है? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
आँखों के हल्के रंग का लक्षण प्रभावी होता है या नहीं, यह हम नहीं बता सकते क्योंकि दिए हुए आँकड़े अपर्याप्त हैं कम से कम तीन पीढ़ियों के सन्दर्भ में आँकड़े होने चाहिए जबकि यहाँ केवल दो पीढ़ियों के आँकड़े ही हैं।

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प्रश्न 5.
जैव विकास तथा वर्गीकरण का अध्ययन क्षेत्र किस प्रकार परस्पर सम्बन्धित है?
उत्तर:
वर्गीकरण में जीवों को आन्तरिक एवं बाह्य संरचना में समानताओं एवं विकास के इतिहास के आधार पर सामान्य रूप से समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।

दो जातियाँ एक-दूसरे से निकट सम्बन्ध रखती हैं यदि उनमें अधिकतर अभिलक्षण समान हों और यदि दो जातियाँ काफी निकट सम्बन्ध रखती हैं तो उनके पूर्वज नवीन ही होंगे।

हम जीवों को उनकी समानताओं के आधार पर जोकि विकास वृक्ष बनाने पर समानता रखता है, वर्गीकृत करते हैं। इस प्रकार हम देखते हैं कि जैव विकास एवं वर्गीकरण के अध्ययन क्षेत्र परस्पर सम्बन्धित होते हैं।

प्रश्न 6.
समजात एवं समरूप अंगों को उदाहरण देकर समझाइए। (2019)
उत्तर:
समजात अंग:
“प्राणियों के शरीर के ऐसे अंग जो उत्पत्ति एवं संरचना में समान होते हैं, लेकिन कार्यों में भिन्न होते हैं, समजात अंग कहलाते हैं।”
उदाहरण:
मनुष्य के हाथ, चमगादड़ एवं पक्षियों के पंख, मगर, छिपकली एवं घोड़े के अग्रपाद आदि समजात अंग हैं।

समवृत्ति अंग:
“प्राणियों के शरीर के ऐसे अंग जो उत्पत्ति एवं संरचना में भिन्न-भिन्न होते हैं लेकिन कार्य में समान होते हैं, समवृत्ति अंग कहलाते हैं।”
उदाहरण:
चमगादड़, पक्षी एवं कीटों के पंख आदि।

प्रश्न 7.
कुत्ते की खाल का प्रभावी रंग ज्ञात करने के उद्देश्य से एक प्रोजेक्ट बनाइए।
उत्तर:
कुत्ते की खाल के रंग को नियन्त्रित करने के लिए कम से कम 11 (ग्यारह) समरूप जीन्स की श्रेणी होती है जो कुत्ते की त्वचा के रंग को प्रभावित करती है। कुत्ते में प्रत्येक जनन से एक जीन वंशागत होता है। प्रभावी जीन फीनोटाइप में प्रदर्शित होता है।

उदाहरणार्थ:
एक कुत्ता आनुवंशिक रूप से B श्रेणी में काला या भूरा (ब्राउन) हो सकता है। मान लीजिए एक जनक समयुग्मजी काला (BB) है तथा दूसरा जनक समप्रभाजी भूरा (ब्राउन) है तो इस स्थिति में प्रथम पीढ़ी की सभी सन्ताने विषमयुग्मजी (Bb) होंगी और चूँकि काला जीन (B) प्रभावी है। इसलिये सभी सन्तानें काली होंगी यद्यपि वे दोनों (B) एवं (b) एलील रखते हैं।

यदि ये विषमयुग्मजी पुनः संकरण करते हैं तो 25% समयुग्मजी काली (BB), 50% विषमयुग्मजी काली (Bb) तथा 25% समयुग्मजी भूरी (ब्राउन) (bb) सन्तानें होंगी।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 2

प्रश्न 8.
विकासीय सम्बन्ध स्थापित करने में जीवाश्म का क्या महत्व है?
उत्तर:
जैव विकास में जीवाश्म का महत्व-जैव विकास में जीवाश्म का प्रमाण बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसमें विभिन्न जीवाश्मों को एकत्रित करके उनकी आयु का निर्धारण कर लिया जाता है। फिर उन्हें आयु के क्रम में व्यवस्थित करके अध्ययन करने से विकास की प्रक्रिया ज्ञात की जा सकती है।

उदाहरणार्थ:
घोड़ों के प्राप्त जीवाश्मों के अध्ययन से ज्ञात हुआ कि घोड़े का विकास इयोसिन काल के 30 सेमी ऊँचे लोमड़ी के आकार के जीव इयोहिप्पस से हुआ। इसके विकास का क्रम जो प्राप्त जीवाश्मों के आधार पर ज्ञात किया, निम्न प्रकार है –
इयोहिप्पस से मीसोहिप्पस, मीसोहिप्पस से मेरीहिप्पस, मेरीहिप्पस से प्लायोहिप्पस तथा प्लायोहिप्पस से इक्वस, जो आधुनिक घोड़े तथा उसके सम्बन्धियों को निरूपित करता है।
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प्रश्न 9.
किन प्रमाणों के आधार पर हम कह सकते हैं कि जीवन की उत्पत्ति अजैविक पदार्थों से हुई है?
उत्तर:
स्टेनले एल. मिलर एवं हैरल्ड सी. मूरे ने सन् 1953 में एक प्रयोग किया जिसमें उन्होंने एक ऐसा वातावरण तैयार किया जिसमें अमोनिया गैस, मीथेन गैस एवं हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के अणु थे लेकिन ऑक्सीजन नहीं थी तथा इस वातावरण को जल के ऊपर एकत्रित किया यह सोचते हुए कि प्राचीनकाल में पृथ्वी पर ऐसा ही वातावरण रहा होगा।

इस वातावरण को 100°C के नीचे तापमान पर स्थापित रखा तथा इसमें विद्युत् स्पार्क पैदा किया जाय ठीक तड़ित की तरह। एक सप्ताह बाद मीथेन का 15% कार्बन, सरल कार्बनिक यौगिक अमीनो अम्लों के साथ तैयार हुआ जो प्रोटीन का निर्माण करता है तथा जीवन को साधारण स्तर पर सहयोग करता है। इससे सिद्ध होता है कि पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति अजैविक पदार्थों से हुई।

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प्रश्न 10.
अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएँ अधिक स्थायी होती हैं। व्याख्या कीजिए। यह लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवों के विकास को किस प्रकार प्रभावित करता है?
उत्तर:
लैंगिक जनन में अधिक स्थायी विभिन्नताएँ पैदा होती हैं। इसके अनेक कारण हैं –

  1. DNA प्रतिकृति में त्रुटियाँ।
  2. युग्मक बनते समय मातृ एवं पितृ गुणसूत्रों का अचानक पृथक्करण।
  3. युग्मनज बनते समय जीन विनिमय।
  4. पीढ़ी-दर-पीढ़ी विभिन्नताओं का लैंगिक जनन द्वारा अन्तर्ग्रहण।

अलैंगिक जनन की स्थिति में DNA की प्रतिकृति में बहुत कम परिवर्तन सन्तान में जाते हैं। इसलिए अलैंगिक जनन से उत्पन्न सन्तानों (नवजातों) में अधिकतर समानताएँ पाई जाती हैं।

इससे निष्कर्ष निकलता है कि अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएँ अधिक स्थायी होती हैं। लैंगिक जनन से उत्पन्न संतति में अधिक विभिन्नताओं से जैव विकास की सम्भावनाएँ भी अधिक होती हैं और इस प्रकार यह उनके विकास को प्रभावित करता है।

प्रश्न 11.
संतति में नर एवं मादा जनकों द्वारा आनुवंशिक योगदान में बराबर की भागीदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है?
उत्तर:
मानव में नर एवं मादा जनकों की समान आनुवंशिक सहभागिता उनकी सन्तानों में दोनों जनकों के समान संख्या में गुणसूत्रों के वंशागत (आहरित) होने से निश्चित की जाती है। मानव में 23 जोड़े गुणसूत्रों होते हैं। सभी मानव गुणसूत्र 23 जोड़ों में से एक जोड़ा गुणसूत्र लिंग-गुणसूत्रों का होता है जो X एवं Y से प्रदर्शित होता है। मादा में यह जोड़ा सम (X, X) एवं नर में विषम (X, Y) होता है।

जनन के लिए मैथुन के समय बने युग्मनज में दोनों जनकों से समान मात्रा में आनुवंशिक पदार्थ गुणसूत्र की सम सहभागिता रहती है। 23 जोड़े गुणसूत्रों में पितृ जनक द्वारा अपनी सन्तान को 22 समान गुणसूत्र तथा एक X तथा एक X या Y गुणसूत्र उपलब्ध कराता है जबकि मातृ जनक 22 समान गुणसूत्र तथा एक X गुणसूत्र उपलब्ध कराता है।

प्रश्न 12.
“केवल वे विभिन्नताएँ जो किसी एकल जीव(व्यष्टि) के लिए उपयोगी होती हैं,समष्टि में अपना अस्तित्व बनाए रखती हैं।” क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्यों और क्यों नहीं?
उत्तर:
हम इस कथन से सहमत हैं कि केवल वे विभिन्नताएँ जो किसी एकल जीव (व्यष्टि) के लिए उपयोगी होती हैं समष्टि में अपना अस्तित्व बनाए रखती हैं। सभी विभिन्नताओं को पर्यावरण में अपना अस्तित्व बनाये रखने का समान अवसर नहीं मिलता है जिसमें वे अपने आपको पाते हैं अथवा जिस पर्यावरण में वे रहते हैं।

किसी विभिन्नता को अपना अस्तित्व बनाए रखने का अवसर उस विभिन्नता की प्रकृति पर निर्भर करता है। विभिन्न जीव विभिन्न प्रकार के लाभ रखते हैं। जो बैक्टीरिया ऊष्मा को सहन कर सकता है वह गर्मी (ऊष्मा) में जीवित रह सकता है। विभिन्नताओं का पर्यावरण द्वारा चयन ही विकास प्रक्रिया के आधार का निर्माण करता है।

MP Board Class 10th Science Chapter 9 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 9 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे बाजार में उपलब्ध कछ सब्जियों की सची दी गई है। इनमें से उन दो सब्जियों को चनिए जिनकी संरचनाएँ समजात हैं: आलू, शकरकंद, अदरक, मूली, टमाटर, गाजर, भिण्डी।
(a) आलू और शकरकंद।
(b) मूली और गाजर।
(c) भिण्डी और शकरकंद।
(d) आलू और टमाटर।
उत्तर:
(b) मूली और गाजर।

प्रश्न 2.
यदि आपसे नीचे दी गयी सब्जियों में से उन दो सब्जियों के समूह को चुनने के लिए कहा जाए जिसकी संरचनाएँ समजात हैं, तो आप इनमें से किसे चुनेंगे?
(a) गाजर और मूली।
(b) आलू और शकरकंद।
(c) आलू और टमाटर।
(d) भिण्डी और आलू।
उत्तर:
(a) गाजर और मूली।

प्रश्न 3.
एक टोकरी में निम्नलिखित सब्जियाँ रखी हैं – आलू, टमाटर, मूली, बैंगन, गाजर, लौकी। इनमें से कौन-सी दो सब्जियाँ समजात संरचनाओं का सही निरूपण करती हैं?
(a) गाजर और टमाटर।
(b) आलू और बैंगन।
(c) मूली और गाजर।
(d) मूली और लौकी।
उत्तर:
(c) मूली और गाजर।

प्रश्न 4.
किसमें जेनेटिक पदार्थों का परस्पर विनिमय होता है?
(a) वर्धी प्रजनन।
(b) अलैंगिक प्रजनन।
(c) लैंगिक प्रजनन।
(d) मुकुलन।
उत्तर:
(c) लैंगिक प्रजनन।

प्रश्न 5.
दो पिंक रंग के पुष्पों में संकरण कराने पर परिणामस्वरूप 1 लाल, 2 पिंक एवं 1 सफेद पुष्प प्राप्त होते हैं तो संकरण की प्रकृति होगी –
(a) द्विनिषेचन।
(b) स्वपरागण।
(c) क्रॉस निषेचन।
(d) निषेचन नहीं।
उत्तर:
(b) स्वपरागण।

प्रश्न 6.
एक लम्बे पौधे (TT) एवं एक बौने पौधे (tt) के बीच क्रॉस कराने पर सन्तान में परिणामस्वरूप सभी लम्बे पौधे प्राप्त हुए, क्योंकि –
(a) लम्बापन प्रभावी लक्षण है।
(b) बौनापन प्रभावी लक्षण है।
(c) लम्बापन अप्रभावी लक्षण है।
(d) T एवं t जीन पौधे की लम्बाई को प्रभावित नहीं करते।
उत्तर:
(a) लम्बापन प्रभावी लक्षण है।

प्रश्न 7.
निम्न में कौन-सा कथन असत्य है?
(a) प्रत्येक हॉर्मोन के लिए एक जीन होता है।
(b) प्रत्येक प्रोटीन के लिए एक जीन होता है।
(c) प्रत्येक एन्जाइम के निर्माण के लिए एक जीन होता है।
(d) वसा के प्रत्येक अणु के लिए एक जीन होता है।
उत्तर:
(d) वसा के प्रत्येक अणु के लिए एक जीन होता है।

प्रश्न 8.
यदि एक गोल हरे बीज वाले मटर के पौधे की एक झुरींदार पीले बीज वाले मटर के पौधे से क्रॉस (संकरण) कराया जाता है तो F2 संतति (सन्तान) में बीज होंगे –
(a) गोल, पीले।
(b) गोल, हरे।
(c) झुरींदार, हरे।
(d) झुरींदार, पीले।
उत्तर:
(a) गोल, पीले।

प्रश्न 9.
मानव में गुणसूत्र में एक को छोड़कर सभी समान युग्मित होते हैं/यह/ये अयुग्मित गुणसूत्र है।
(i) बड़े गुणसूत्र।
(ii) छोटे गुणसूत्र।
(iii) Y-गुणसूत्र।
(iv) X-गुणसूत्र।
(a) (i) एवं (ii)
(b) केवल (iii)
(c) (iii) एवं (iv)
(d) (ii) एवं (iv)
उत्तर:
(c) (iii) एवं (iv)

प्रश्न 10.
किसी शिशु का नर होना निर्धारित होता है –
(a) युग्मनज में X गुणसूत्र द्वारा।
(b) युग्मनज में Y गुणसूत्र द्वारा।
(c) जनन कोशिका का कोशिकाद्रव्य जो लिंग निर्धारण करता है।
(d) लिंग निर्धारण एकाएक होता है।
उत्तर:
(b) युग्मनज में Y गुणसूत्र द्वारा।

प्रश्न 11.
एक युग्मजन जिसमें पिता से प्राप्त X-गुणसूत्र है, विकसित होगा –
(a) लड़के में।
(b) लड़की में।
(c) X गुणसूत्र लिंग निर्धारण नहीं करता है।
(d) या तो लड़के में अथवा लड़की में।
उत्तर:
(b) लड़की में।

प्रश्न 12.
असत्य कथन छाँटिए –
(a) किसी जीन की आवृत्ति अनेक पीढ़ियों के जनसंख्या परिवर्तन में विकास को जन्म देती है।
(b) अकाल के कारण जीवों के भार में कमी को आनुवंशिक रूप से नियन्त्रित किया जाता है।
(c) कम भार वाले जनक अधिक भार वाले नवजातों को जन्म दे सकते हैं।
(d) जो अभिलक्षण पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानान्तरित नहीं होते वे विकास का कारण नहीं बन सकते।
उत्तर:
(b) अकाल के कारण जीवों के भार में कमी को आनुवंशिक रूप से नियन्त्रित किया जाता है।

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प्रश्न 13.
नयी समष्टि (स्पीशीज) का निर्माण हो सकता है, यदि –
(i) जनन कोशिकाओं के DNA में पर्याप्त परिवर्तन हो।
(ii) युग्मकों में गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन हो।
(iii) आनुवंशिक पदार्थों में कोई परिवर्तन न हो।
(iv) मैथुन की घटना घटित न हो।
(a) (i) एवं (ii)
(b) (i) एवं (iii)
(c) (ii), (iii) एवं (iv)
(d) (i), (ii) एवं (iii)
उत्तर:
(a) (i) एवं (ii)

प्रश्न 14.
दो मटर के पौधे जिनमें एक गोल हरे बीजों वाला (RR, YY) दूसरा झुरींदार पीले बीजों वाला (rr, yy) F2 पीढ़ी में नवजातों को जन्म देते हैं जिनके बीज गोल पीले (RrYy) हैं। जब F2 पौधे में स्वपरागण होता है तो F2 पीढ़ी में संतति नये लक्षणों के युग्म से युक्त होगी। निम्न में से नवीन युग्म का चयन कीजिए –
(i) गोले, पीले।
(ii) गोल, हरे।
(iii) झुरींदार, पीले।
(iv) झुरींदार, हरे।
(a) (i) एवं (ii)
(b) (i) एवं (iv)
(c) (ii) एवं (iii)
(d) (i) एवं (iii)
उत्तर:
(b) (i) एवं (iv)

प्रश्न 15.
सही कथन चुनिए –
(a) मटर के पौधे के तन्तु (टैण्ड्रिल) एवं नागफनी के पर्णकाय स्तम्भ (फिल्लोक्लेड) समजात अंग हैं।
(b) मटर के पौधे के तन्तु (टैण्ड्रिल) एवं नागफनी के पर्णकाय स्तम्भ समवृत्ति अंग हैं।
(c) पक्षियों के पंख एवं छिपकली के पैर समवृत्ति अंग हैं।
(d) पक्षियों के पंख एवं चमगादड़ के पंख समजात अंग हैं।
उत्तर:
(a) मटर के पौधे के तन्तु (टैण्ड्रिल) एवं नागफनी के पर्णकाय स्तम्भ (फिल्लोक्लेड) समजात अंग हैं।

प्रश्न 16.
यदि किसी जीव के जीवाश्म पृथ्वी के अन्दर बहुत गहराई में मिलते हैं तो हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि –
(a) जीव अभी हाल ही में विलुप्त हुए हैं।
(b) जीव हजारों वर्ष पूर्व विलुप्त हुए।
(c) जीवाश्म पृथ्वी की परतों में स्थित जीव के विलुप्त होने के समय से कोई सम्बन्ध नहीं रखती है।
(d) जीव के विलुप्त होने का समय हम ज्ञात नहीं कर सकते।
उत्तर:
(b) जीव हजारों वर्ष पूर्व विलुप्त हुए।

प्रश्न 17.
विभिन्नताओं के सन्दर्भ में निम्न में कौन कथन असत्य है?
(a) सभी विभिन्नताएँ जीव के जीवित रहने की समान सम्भावनाएँ रखती हैं।
(b) आनुवंशिक संरचना में परिवर्तन विभिन्नताओं को जन्म देता है।
(c) पर्यावरणीय कारकों द्वारा जीव का वरण विकास प्रक्रिया का आधार होता है।
(d) अलैंगिक जनन में विभिन्नताएँ न्यूनतम होती है।
उत्तर:
(a) सभी विभिन्नताएँ जीव के जीवित रहने की समान सम्भावनाएँ रखती हैं।

प्रश्न 18.
किसी जीव में कोई अभिलक्षण प्रभावित होता है –
(a) केवल पितृ DNA द्वारा।
(b) केवल मातृ DNA द्वारा।
(c) मातृ एवं पितृ दोनों DNA द्वारा।
(d) न मातृ DNA न पितृ DNA द्वारा।
उत्तर:
(c) मातृ एवं पितृ दोनों DNA द्वारा।

प्रश्न 19.
उस समूह का चयन कीजिए जिसमें अधिकतम समानता है –
(a) एक ही जाति (स्पीशीज) के दो जन्तु।
(b) एक ही जीन्स के दो जीव।
(c) एक ही फैमिली के दो जेनेरा।
(d) दो फैमिली के दो जेनेरा।
उत्तर:
(a) एक ही जाति (स्पीशीज) के दो जन्तु।

प्रश्न 20.
विकासवाद (विकास सिद्धान्त) के अनुसार नयी स्पीशीज का निर्माण प्रायः निम्न के द्वारा होता है –
(a) प्रकृति के द्वारा अचानक सृजन।
(b) अनेक पीढ़ियों में होते हुए विभिन्नताओं को अर्जित करके।
(c) अलैंगिक जनन के समय क्लोन का निर्माण।
(d) किसी जीव का एक आवास से दूसरे आवास को जाना।
उत्तर:
(b) अनेक पीढ़ियों में होते हुए विभिन्नताओं को अर्जित करके।

प्रश्न 21.
नीचे दी गई सूची में से उस लक्षण का चयन कीजिए जो अर्जित तो होता है लेकिन आनुवंशिक नहीं –
(a) नेत्र का रंग।
(b) त्वचा का रंग।
(c) शरीर का आकार।
(d) बालों की प्रकृति।
उत्तर:
(c) शरीर का आकार।

प्रश्न 22.
एक अभिलक्षण के दो रूप जोकि नर एवं मादा युग्मकों द्वारा लाये जाते हैं, वे निम्न में होते हैं –
(a) किसी एक गुणसूत्र की प्रतिकृतियों में।
(b) दो भिन्न गुणसूत्रों में।
(c) लिंग गुणसूत्रों में।
(d) किसी भी गुणसूत्र में।
उत्तर:
(a) किसी एक गुणसूत्र की प्रतिकृतियों में।

प्रश्न 23.
उन कथनों का चयन कीजिए जो जीन के लक्षणों की व्याख्या करते हैं –
(i) DNA अणु में जीन विशिष्ट क्रमिक आधार होते हैं।
(ii) एक जीन किसी प्रोटीन को प्रदर्शित नहीं करता।
(iii) एक दी हुई स्पीशीज के जीवों में किसी विभेध गुणसूत्र पर विशिष्ट जीन स्थित होता है।
(iv) प्रत्येक गुणसूत्र पर केवल एक जीन होता है।
(a) (i) एवं (ii)
(b) (i) एवं (iii)
(c) (i) एवं (iv)
(d) (ii) एवं (iv)
उत्तर:
(b) (i) एवं (iii)

प्रश्न 24.
मटर के शुद्ध लम्बे (TT) पौधे को बौने (tt) पौधे के साथ क्रॉस कराया गया है। F2 पीढ़ी में शुद्ध लम्बे पौधों और बौने पौधों का अनुपात होगा –
(a) 1 : 3
(b) 3 : 1
(c) 1 : 1
(d) 2 : 1
उत्तर:
(c) 1 : 1

प्रश्न 25.
मानव युग्मनज में लिंग गुणसूत्रों के जोड़ों की संख्या होगी –
(a) एक।
(b) दो।
(c) तीन।
(d) चार।
उत्तर:
(a) एक।

प्रश्न 26.
प्राकृतिक वरण द्वारा स्पीशीज के विकास का सिद्धान्त निम्न के द्वारा दिया गया था –
(a) मेण्डल।
(b) डार्विन।
(c) मॉर्गन।
(d) लैमार्क।
(b) डार्विन।

प्रश्न 27.
कुछ डायनासोरों में पंख होते थे हालांकि वे उड़ नहीं पाते थे लेकिन पक्षियों में पंख होते हैं जो ‘उनको उड़ने में सहायक होते हैं। विकास के सन्दर्भ में इसका अर्थ है कि –
(a) सरीसृपों का विकास पक्षियों से हुआ था।
(b) सरीसृपों एवं पक्षियों में विकास के सन्दर्भ में कोई सम्बन्ध नहीं है।
(c) दोनों जीवों में पंख समजात अंग हैं।
(d) पक्षियों का विकास सरीसृपों से हुआ।
उत्तर:
(d) पक्षियों का विकास सरीसृपों से हुआ।

प्रश्न 28.
मनुष्य की एक कोशिका में गुणसूत्र पाये जाते हैं –
(a) 23 जोड़े।
(b) 24 जोड़े।
(c) 20 जोड़े।
(d) 22 जोड़े।
उत्तर:
(a) 23 जोड़े।

प्रश्न 29.
आर्कियोप्टेरिक्स उदाहरण है –
(a) समजात अंग का।
(b) समवृत्ति अंग का।
(c) अवशेषी अंग का।
(d) संयोजी कड़ी का।
उत्तर:
(d) संयोजी कड़ी का।

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. पीढ़ी दर पीढ़ी विभिन्न लक्षणों का संचरण ………… कहलाता है।
  2. पीढ़ी दर पीढ़ी संचारित होने वाले लक्षण ……….. कहलाते हैं।
  3. आनुवंशिकता का अध्ययन ………… कहलाता है।
  4. कर्णपल्लव को पेशियाँ, अक्लदाढ़ मानव के ………… अंग कहलाते हैं।
  5. प्राणी अपने भ्रूणीय परिवर्धन में अपने पूर्वजों की ………… अवस्थाओं को दोहराते हैं।
  6. मेण्डल ने ……….. के नियमों का प्रतिपादन किया। (2019)

उत्तर:

  1. आनुवंशिकता।
  2. आनुवंशिक लक्षण।
  3. आनुवंशिकी।
  4. अवशेषी।
  5. भ्रूणीय।
  6. वंशागाते।

जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 4
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

सत्य/असत्य कथन

  1. पुष्प के लाल एवं सफेद रंग में सफेद प्रभावी एवं लाल अप्रभावी होता है।
  2. बीजों के गोल एवं झुरींदार गुणों में गोल प्रभावी तथा झुरींदार अप्रभावी होता है।
  3. जिन अंगों का हम निरन्तर उपयोग करते हैं वे क्षीण होते जाते हैं।
  4. प्रकृति योग्यतम का चयन करती है।
  5. जो गुण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में संचरित नहीं होते, वे आनुवंशिक गुण कहलाते हैं।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।
  5. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

  1. योग्यतम की उत्तरजीविता के प्रवर्तक कौन थे?
  2. आनुवंशिकी के जनन का क्या नाम है?
  3. सरीसृप एवं पक्षी वर्ग की संयोजी कड़ी का नाम लिखिए।
  4. पक्षी वर्ग एवं स्तनधारियों के बीच की कड़ी कौन है?
  5. लिग निर्धारण करने वाले गुणसूत्र को क्या कहते हैं?

उत्तर:

  1. डार्विन।
  2. ग्रेगर जॉन मेण्डल।
  3. आर्कियोप्टेरिक्स।
  4. ऐकेडिना।
  5. लिंग गुणसूत्र।

MP Board Class 10th Science Chapter 9 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आनुवंशिकता क्या है? आनुवंशिक लक्षण किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
आनुवंशिकता:
“जीवधारियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी विभिन्न लक्षणों का संचरण आनुवंशिकता कहलाता है तथा ये लक्षण आनुवंशिक लक्षण कहलाते हैं।”

प्रश्न 2.
आनुवंशिकी से क्या समझते हो?
उत्तर:
आनुवंशिकी:
“विज्ञान की वह शाखा जिसमें आनुवंशिक लक्षणों, उनके संचरण एवं कारणों का अध्ययन किया जाता है, आनुवंशिकी कहलाती है।”

प्रश्न 3.
विभिन्नताएँ (जैव विविधताएँ) क्या होती हैं?
उत्तर:
विभिन्नताएँ:
एक ही जनक की सन्तानों में समानता होते हुए भी वे एक-दूसरे से भिन्न होती हैं, यही विभिन्नता अथवा जैव विविधता कहलाती है।

प्रश्न 4.
आनुवंशिक विभिन्नताएँ किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
आनुवंशिक विभिन्नताएँ-“जो विभिन्नताएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानान्तरित होती हैं, आनुवंशिक विभिन्नताएँ कहलाती हैं।”

प्रश्न 5.
मेण्डल को प्रयोगों द्वारा कैसे ज्ञात हुआ कि लक्षण प्रभावी या अप्रभावी होते हैं?
उत्तर:
मेण्डल ने अपने प्रयोगों में देखा कि संकरण करने पर कुछ गुण प्रदर्शित होते हैं तथा कुछ गुण छिप जाते हैं। जो गुण प्रदर्शित होते हैं, वे प्रभावी तथा जो गुण छिप जाते हैं, वे अप्रभावी होते हैं।

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प्रश्न 6.
प्रभावी लक्षण किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
प्रभावी लक्षण:
“जब विपरीत लक्षणों के जोड़े में क्रॉस कराया जाता है तो पहली पीढ़ी में जो लक्षण प्रदर्शित होते हैं, वे प्रभावी लक्षण कहलाते हैं।”

प्रश्न 7.
अप्रभावी लक्षण किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
अप्रभावी लक्षण:
“जब विपरीत लक्षणों के जोड़े में क्रॉस कराया जाता है तब पहली पीढ़ी में जो लक्षण छिपा रहता है, वह अप्रभावी लक्षण कहलाता है।”

प्रश्न 8.
एकसंकर क्रॉस क्या होता है?
उत्तर:
एकसंकर क्रॉस:
“एक विपरीत लक्षण को साथ लेकर कराये गए संकरण को एकसंकर क्रॉस कहते हैं।”

प्रश्न 9.
द्विसंकर क्रॉस क्या होता है?
उत्तर:
द्विसंकर क्रॉस:
“दो विपरीत लक्षणों को साथ लेकर कराये गए संकरण को द्विसंकर क्रॉस कहते हैं।”

प्रश्न 10.
मेण्डल के प्रभाविता के नियम को समझाइए।
उत्तर:
मेण्डल के प्रभाविता के नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब विपरीत लक्षणों के एक जोड़े को ध्यान में रखकर क्रॉस कराया जाता है, तो पहली पीढ़ी में केवल प्रभावी गुण (लक्षण) दिखाई देते हैं।” गुणों की यह प्रवृत्ति प्रभाविता तथा यह नियम प्रभाविता का नियम कहलाता है।

प्रश्न 11.
मेण्डल का पृथक्करण का नियम समझाइए।
उत्तर:
मेण्डल का पृथक्करण का नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब युग्मकों के निर्माण के समय दो ऐलीलीय जोड़े पृथक्-पृथक् हो जाते हैं और एक युग्मक में एक ही जोड़ा जाता है।” जीन की यह प्रवृत्ति पृथक्करण तथा यह नियम पृथक्करण का नियम कहलाता है।

प्रश्न 12.
मेण्डल के स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम समझाइए।
उत्तर:
मेण्डल का स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम:
इस नियम के अनुसार-जीवों के लक्षण एक-दूसरे से प्रभावित किए बिना स्वतन्त्र रूप से युग्मकों या सन्तान में जाते हैं। अतः उन लक्षणों का पृथक्करण स्वतन्त्र रूप से है अर्थात् एक लक्षण की वंशागति दूसरे लक्षण को प्रभावित नहीं करती, इस प्रवृत्ति को स्वतन्त्र अपव्यूहन एवं इस नियम को स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम कहते हैं।”

प्रश्न 13.
गुणसूत्र क्या है अथवा गुणसूत्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
गुणसूत्र:
“सभी यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केन्द्रक में स्थित लम्बी धागेनुमा पतली संरचनाएँ जिनका आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य में स्वतन्त्र रूप से न रहकर केन्द्रक में कुछ विशिष्ट संरचनाओं के रूप में व्यवस्थित होते हैं, गुणसूत्र कहलाते हैं।”
अथवा
“जीन्स को वहन करने वाली वे वैयक्तिक जीवद्रव्य इकाइयाँ सम्मिलित रूप से उत्तरोत्तर कोशिका विभाजन द्वारा द्विगुणित करती है तथा अपने व्यक्तित्व एवं आकारिकी एवं कार्यिकी को बनाए रखती है, गुणसूत्र कहलाती है।”

प्रश्न 14.
गुणसूत्र का कार्य एवं महत्व समझाइए।
उत्तर:
गुणसूत्र का कार्य एवं महत्व:

  1. आनुवंशिकी में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करना।
  2. शरीर की संरचना एवं क्रियाशीलता में महत्वपूर्ण भाग लेना।
  3. गुणसूत्र के प्रतिकृतिकरण में संतति बनती है जोकि कोशिकाओं में पहुँचकर नए जीवों का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 15.
लिंग निर्धारण में गुणसूत्र की भूमिका को समझाइए।
उत्तर:
मनुष्य में सन्तान के लिंग का निर्धारण जनक (माता-पिता) के 23वें जोड़े के लिंग गुणसूत्र द्वारा ही होता है। इस प्रकार लिंग निर्धारण में गुणसूत्र की अहम् भूमिका है।

प्रश्न 16.
जैव विकास से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जैव विकास अथवा विकास-“अधिक धीमी गति एवं क्रमबद्ध परिवर्तनों की वह प्रक्रिया जिसके द्वारा आधुनिक जीवों (पौधे एवं प्राणियों) की विभिन्न जातियाँ आदिकाल में उपस्थित जातियों से विकसित हुई, जैव विकास या विकास कहलाता है।”
अथवा
“आदिकाल में धीमी गति से होने वाला वह क्रमिक परिवर्तन जिसके कारण आदि-सूक्ष्म सरल जीवों से वर्तमान समय के विकसित एवं जटिल जीवों का निर्माण हुआ, विकास या जैव विकास कहलाता है।”

प्रश्न 17.
अवशेषी अंग क्या हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
अवशेषी अंग:
“प्राणियों के शरीर में पाये जाने वाले ऐसे अंग जोकि कार्य के लिए अनावश्यक होते हैं तथा पूर्ण विकसित नहीं होते हैं, लेकिन किन्हीं अन्य सम्बन्धित प्राणियों में पूर्ण विकसित होते हैं, अवशेषी अंग कहलाते हैं।”
अथवा
“वे अंग जो किसी प्राणी के पूर्वजों में पूर्ण विकसित तथा क्रियाशील अवस्था में पाये जाते रहे हों, परन्तु विकास क्रम में धीरे-धीरे अपकर्षित होकर अपशिष्ट हो गए हों, अवशेषी अंग कहलाते हैं।”
उदाहरण: कर्णपल्लव की पेशियाँ एवं कृमिरूप परिशेषिका।

प्रश्न 18.
संयोजन कड़ियों से क्या आशय है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
संयोजन कड़ियाँ:
“प्राणियों में कुछ ऐसे जन्तु मिलते हैं, जिनमें कुछ कम विकसित लक्षणों के साथ-साथ विकसित लक्षण भी पाये जाते हैं अर्थात् उनमें प्राचीन पूर्वज और आधुनिक रूप से विकसित प्राणी वर्गों के लक्षण पाये जाते हैं, संयोजन कड़ियाँ कहलाते हैं।”
उदाहरण: सरीसृप एवं पक्षी वर्ग की संयोजन कड़ी आर्कियोप्टेरिक्स।

प्रश्न 19.
जीवाश्म किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए। (2019)
उत्तर:
जीवाश्म:
“प्राचीनकालीन अनेक प्रकार के पौधे एवं प्राणियों के मृत अवशेष जो चट्टानों में परिरक्षित रहते हैं, जीवाश्म कहलाते हैं।”
उदाहरण: डायनोसोर्स एवं आर्कियोप्टेरिक्स के जीवाश्म।

प्रश्न 20.
जीवन संघर्ष से क्या समझते हो?
उत्तर:
जीवन संघर्ष:
“जीवों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से उनके जीवित रहने के लिए समस्या बढ़ जाती है। प्रकृति का सन्तुलन बनाए रखने के लिए तथा भोजन, जल, प्रकाश, वायु एवं सुरक्षित निवास के लिए जीवों में संघर्ष होने लगता है, जिसे जीवन संघर्ष कहते हैं।”

प्रश्न 21.
योग्यतम की उत्तरजीविता से क्या समझते हो?
उत्तर:
योग्यतम की उत्तरजीविता:
“ऐसे जीव जिनमें लाभदायक विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं, वे ही जीवन संघर्ष में विजयी होकर जीवित रहते हैं तथा हानिकारक विभिन्नताओं वाले जीव उस जीवन संघर्ष में नष्ट हो जाते हैं। इस घटना को योग्यतम की उत्तरजीविता कहते हैं।”

प्रश्न 22.
प्राकृतिक चयन (वरण) किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्राकृतिक चयन (वरण):
“प्रकृति जीवन संघर्ष के द्वारा योग्यतम का चयन करती रहती है, जिसे प्राकृतिक चयन (वरण) कहते हैं।”

प्रश्न 23.
जातिउद्भवन से क्या समझते हो?
उत्तर:
जातिउद्भवन:
“जब कोई एक जाति (स्पीशीज) के जीव दो वर्गों में बँट जाएँ और उनके DNA में एवं गुणसूत्रों की संख्या में इस प्रकार परिवर्तन हो जाय कि वे परस्पर जनन करने में असमर्थ हों तो नयी जाति (स्पीशीज) का उद्भव होता है। यह घटना जातिउद्भवन कहलाती है।”

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प्रश्न 24.
मानव के नवजात शिशु का लिंग निर्धारण कैसे होता है?
उत्तर:
मनुष्य में पिता से प्राप्त लिंग गुणसूत्र द्वारा बच्चे के लिंग का निर्धारण होता है। यदि बच्चा पिता के ‘X’ गुणसूत्र को ग्रहण करता है तो वह लड़की होगी और यदि वह Y-गुणसूत्र को ग्रहण करता है तो वह लड़का होगा।

प्रश्न 25.
क्या नवजात के लिंग निर्धारण में माँ का लिंग गुणसूत्र युग्म अहम् भूमिका निभाता है?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि माँ के लिंग गुणसूत्र जोड़े में केवल X-गुणसूत्र होते हैं और नवजात चाहे लड़का हो अथवा लड़की वह माँ से केवल X-गुणसूत्र ही ग्रहण करता है।

प्रश्न 26.
मादा मानव में सभी युग्मक केवल X-गुणसूत्र ही रखते हैं, क्यों?
उत्तर:
मादा मानव में लिंग गुणसूत्र युग्म में केवल (XX) गुणसूत्र होते हैं। इसलिए युग्मक बनते समय अर्द्धसूत्र विभाजन के फलस्वरूप केवल X गुणसूत्र ही युग्मक में प्रवेश करता है। अतः प्रत्येक युग्मक में केवल X-गुणसूत्र ही होते हैं।

प्रश्न 27.
मनुष्य में नर बालक या मादा बालिका प्राप्त करने की सांख्यिकीय प्रायिकता 50 : 50 है। उचित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मनुष्य में बालक का लिंग निर्धारण पिता से प्राप्त लिंग गुणसूत्र द्वारा होता है चूँकि नर मनुष्य में X-गुणसूत्र एवं Y-गुणसूत्र की संख्या का अनुपात 50 : 50 है इसलिए नर बालक या मादा बालिका बनने की सांख्यिकीय प्रायिकता भी 50 : 50 होगी।

प्रश्न 28.
किसी समष्टि की छोटी जनसंख्या के विलुप्त होने की अधिक सम्भावनाएँ रहती हैं जबकि बड़ी जनसंख्या वाली स्पीशीज की विलुप्त होने की कम सम्भावनाएँ होती हैं? उचित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
छोटी जनसंख्या वाले जीवों में जनन कम होगा फलस्वरूप उनके अन्दर विभिन्नताएँ (विविधताएँ) भी कम होंगी जबकि किसी जीव की जितनी अधिक जनसंख्या होगी उतनी ही अधिक जनन की सम्भावनाएँ होंगी और फलस्वरूप उतनी ही अधिक विभिन्नताएँ होंगी। प्रतिकूल परिस्थितियों में अधिक विभिन्नताओं वाले जीवों के जीवित रहने की सम्भावनाएँ अधिक होती हैं। इसलिए अधिक जनसंख्या वाले जीवों की अपेक्षा बहुत कम जनसंख्या वाले जीवों के विलुप्त होने की अधिक सम्भावनाएँ होती हैं।

प्रश्न 29.
समजात संरचना क्या होती है? एक उदाहरण दीजिए। क्या यह आवश्यक है कि समजात संरचना वाले जीवों के पूर्वज एक ही होंगे?
उत्तर:
समजात संरचना एवं उसके उदाहरणनिर्देश-पाठान्त प्रश्नोत्तर के प्रश्न 6 का प्रथम भाग देखिए। हाँ, उनके पूर्वज एक ही होंगे लेकिन विभिन्न क्रियाकलापों के लिए विभिन्न रूप से विकसित होंगे।

प्रश्न 30.
क्या पृथ्वी पर जन्तुओं में उत्पन्न विविधता उनके पूर्वजों की विविधता की ओर इशारा करती है? विकास के प्रकाश में इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
यद्यपि पृथ्वी पर जन्तुओं की संरचना में बड़े पैमाने पर विविधता देखने को मिलती है पर शायद उनके पूर्वज समान नहीं होंगे क्योंकि समान पूर्वजों में विविधता को कुछ सीमा तक सीमित किया होता। विविधता युक्त बहुत से जीव आज भी समान आवासों में रहते हैं। उनका भौगोलिक पृथक्करण भी उनका समान नहीं होगा। अतः सभी जीवों के समान पूर्वजों में भी समानता का सिद्धान्त नहीं है।

प्रश्न 31.
निम्न मटर के पौधों के लक्षणों के विपरीत लक्षण लिखिए तथा बताइए उनमें कौन प्रभावी है और कौन अप्रभावी?

  1. पीला बीज।
  2. गोल बीज।

उत्तर:

  1. पीला बीज का विपरीत लक्षण हरा बीज है। यहाँ पीला प्रभावी लक्षण है तथा हरा अप्रभावी।
  2. गोल बीज का विपरीत लक्षण झुरींदार बीज है यहाँ गोल प्रभावी लक्षण है और झुरींदार अप्रभावी।

प्रश्न 32.
एक औरत के केवल लड़कियाँ हैं। इस स्थिति का आनुवंशिक रूप से विश्लेषण कीजिए एवं एक उचित व्याख्या दीजिए।
उत्तर:
औरत (महिला) लिंग गुणसूत्र युग्म में केवल X-गुणसूत्र उत्पन्न करती है जबकि पुरुष के लिंग गुणसूत्र युग्म में X-गुणसूत्र एवं Y-गुणसूत्र दोनों होते हैं जो वास्तव में बच्चे का लिंग निर्धारण करते हैं। हर बार महिला के युग्मकों को पुरुष का X-गुणसूत्र वाला ही युग्मक जनन के लिए प्राप्त हो सका, इसलिए उसके केवल लड़कियाँ ही हैं।

प्रश्न 33.
कारण बताइए कि क्यों उपार्जित गुणों की वंशागति नहीं होती?
उत्तर:
उपार्जित गुणों (लक्षणों) की वंशागति नहीं होती क्योंकि ये लक्षण जनन कोशिकाओं के DNA में कोई परिवर्तन नहीं करते, केवल वे ही लक्षण वंशागत होते हैं जिनका कोई जीन होता है।

प्रश्न 34.
F2 संतति में लक्षणों के नए संयोग बनने का कारण बताइए।
उत्तर:
पौधों का लम्बा या बौना होना, बीजों का गोल या झुरींदार होना आदि लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत हुए हैं।

प्रश्न 35.
निम्न परपरागण एवं F2 में स्वपरागण का अध्ययन कीजिए तथा रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 5
उत्तर:
RrYy गोल, पीले।

प्रश्न 36.
उपर्युक्त प्रश्न-34 में F2 पीढ़ी की सन्तानों में लक्षणों के कौन से संयोग बनेंगे? उनका अनुपात क्या होगा?
उत्तर:

  1. गोल, पीले।
  2. गोल, हरे।
  3. झुर्शीदार, पीले।
  4. झुर्रादार हरे।

अनुपात: 9 : 3 : 3 : 1

प्रश्न 37.
मानव की तुलना में बैक्टीरिया की शारीरिक संरचना काफी सरल है। इसका मतलब यह तो नहीं कि मानव बैक्टीरिया की अपेक्षा अधिक विकसित है? उचित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
यह एक वाद-विवाद का विषय है। यदि शारीरिक जटिलता विकास का परिणाम है तब तो मानव बैक्टीरिया की अपेक्षा अधिक विकसित है। लेकिन जब हम पूरे जीवन की विशेषताओं को ध्यान में रखें तो यह कहना कठिन होगा कि कौन-सा जीव विकसित है।

प्रश्न 38.
विकास आण्विक संरचना को अधिक स्थायी रूप से प्रदर्शित करता है जब इसकी तुलना शारीरिक संरचना से की जाती है। इस कथन पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
जैव जगत में जीवों में आकार, आकृति, संरचना आकारिकी विशेषताओं (लक्षणों) में गहरी विभिन्नताएँ देखने को मिलती हैं लेकिन आण्विक स्तर पर ये विविधता युक्त जीव परस्पर अविश्वसनीय समानताएँ रखते हैं। उदाहरणस्वरूप प्राथमिक तौर-पर जैवीय अणु, जैसे-DNA. RNA, कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स आदि सभी जीवों में अत्यन्त समानता रखते हैं।

प्रश्न 39.
जैव-विविधता किसे कहते हैं? यदि किसी क्षेत्र की जैव-विविधता सुरक्षित नहीं रखी जाए, तो क्या होगा? इसके एक प्रभाव का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
विभिन्नताएँ:
एक ही जनक की सन्तानों में समानता होते हुए भी वे एक-दूसरे से भिन्न होती हैं, यही विभिन्नता अथवा जैव विविधता कहलाती है। यदि किसी क्षेत्र की जैव-विविधता सुरक्षित नहीं रखी जाए, तो प्रतिकूल परिस्थितियों में उस क्षेत्र से उस स्पीशीज की उत्तरजीविता के अभाव में विलुप्त होने की सम्भावना बढ़ जाती है। विभिन्नताओं के प्रभाव के कारण नयी स्पीशीज के उत्पन्न होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

प्रश्न 40.
वंशागति एवं उपार्जित लक्षणों में उदाहरण सहित अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वंशागत लक्षण:
“जो लक्षण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को अर्थात् जनकों से सन्तान को स्थानान्तरित होते हैं, वंशागत लक्षण कहलाते हैं।”
उदाहरण: आँख का रंग, बीज़ों का रंग।

उपार्जित लक्षण:
“जो लक्षण जीवन-पर्यन्त अर्जित किए जाते हैं तथा जनक से सन्तान को स्थानान्तरित नहीं होते, उपार्जित लक्षण कहलाते हैं।”
उदाहरण: मोटापा, किसी दुर्घटना में कटी हुई अंगुलियाँ।

MP Board Class 10th Science Chapter 9 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आनुवंशिक विभिन्नताओं के कारणों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
आनुवंशिक विभिन्नताओं के कारण:

  1. गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन – गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन से आनुवंशिक पदार्थ में भी परिवर्तन आ जाता है, जिस कारण जीव अपने जनक से भिन्न हो जाता है।
  2. जीन उत्परिवर्तन – जीन संरचना में परिवर्तन होने से भी विभिन्नता उत्पन्न होती है।
  3. गुणसूत्रों की संरचना में परिवर्तन – इसमें जीन की संख्या एवं विन्यास में परिवर्तन होने से एक ही जाति के जीवों में विभिन्नता आ जाती है।
  4. लैंगिक जनन – लैंगिक जनन के समय जीन विनिमय के कारण विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 2.
मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए मटर का पौधा ही क्यों चुना? कारणों को समझाइए।
उत्तर:
मेण्डल के द्वारा अपने प्रयोगों के लिए मटर के पौधे का चयन करने के कारण:
मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए मटर के पौधे का निम्न कारणों से चयन किया –

  1. मटर का पौधा आसानी से सर्वत्र उगाया जा सकता है।
  2. मटर का पौधा वार्षिक तथा अल्पकालिक जीवन चक्र वाला होता है।
  3. मटर के पुष्प द्विलिंगी होते हैं तथा पौधे मुख्यतः स्व-परागित होते हैं।
  4. मटर के पौधे में अनेक विरोधी गुण पाये जाते हैं।
  5. मटर में कृत्रिम रूप से परपरागण द्वारा आसानी से संकरण कराया जा सकता है।
  6. स्व:निषेचन के कारण मटर के पौधे समयुग्मजी होते हैं अत: पीढ़ी-दर-पीढ़ी ये शुद्ध लक्षण वाले होते हैं।

प्रश्न 3.
मेण्डल के प्रभाविता के नियम को उदाहरण सहित समझाइए तथा इस नियम की पुष्टि के लिए रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
मेण्डल के प्रभाविता के नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब विपरीत लक्षणों के एक जोड़े को ध्यान में रखकर क्रॉस कराया जाता है, तो पहली पीढ़ी में केवल प्रभावी गुण (लक्षण) दिखाई देते हैं।” गुणों की यह प्रवृत्ति प्रभाविता तथा यह नियम प्रभाविता का नियम कहलाता है।
रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 6

प्रश्न 4.
मेण्डल के पृथक्करण के नियम को उदाहरण सहित समझाइए तथा इस नियम की पुष्टि के लिए रेखाचित्र खींचिए।
उत्तर:
मेण्डल के पृथक्करण का नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब युग्मकों के निर्माण के समय दो ऐलीलीय जोड़े पृथक्-पृथक् हो जाते हैं और एक युग्मक में एक ही जोड़ा जाता है।” जीन की यह प्रवृत्ति पृथक्करण तथा यह नियम पृथक्करण का नियम कहलाता है।
रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 7

प्रश्न 5.
मेण्डल के स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। इस नियम की पुष्टि के लिए द्विगुणित क्रॉस का रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर:
मेण्डल का स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम:
मेण्डल का पृथक्करण का नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब युग्मकों के निर्माण के समय दो ऐलीलीय जोड़े पृथक्-पृथक् हो जाते हैं और एक युग्मक में एक ही जोड़ा जाता है।” जीन की यह प्रवृत्ति पृथक्करण तथा यह नियम पृथक्करण का नियम कहलाता है।
रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 8

प्रश्न 6.
मेण्डल के नियमों का महत्व समझाइए।
उत्तर:
मेण्डल के नियमों का महत्व:

  1. मेण्डलवाद (मेण्डल के नियमों) के आधार पर उच्च लक्षणों वाली सन्तानों को प्राप्त किया जा सकता है।
  2. रोग प्रतिरोधी पौधों की किस्मों का विकास किया जा सकता है।
  3. उन्नत किस्में बनाकर उनके उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।
  4. आनुवंशिक रोगों की खोज एवं उनके निदान में इसका प्रयोग हो सकता है।
  5. आनुवंशिकता के आधुनिक सिद्धान्त बनाने में बहुत मदद मिली है।
  6. जन्तुओं की अच्छी नस्ल पैदा करने में सहायता मिली है।

प्रश्न 7.
जीवों में पाई जाने वाली मूलभूत समानताओं को लिखिए।
उत्तर:
जीवों के संगठन एवं संरचना में समानताएँ:

  1. सभी जीव कोशिकाओं से निर्मित होते हैं।
  2. सभी जीवों का निर्माण जीवद्रव्य से हुआ है, जो उनकी कोशिकाओं में पाया जाता है।
  3. सभी जीवों में प्रजनन की प्रवृत्ति पाई जाती है।
  4. सभी जीवों की अपनी-अपनी जातियाँ होती हैं।

प्रश्न 8.
जैव विकास की परिकल्पना किन तथ्यों पर आधारित होती है?
उत्तर:
जैव विकास की परिकल्पना निम्न तथ्यों पर आधारित होती है –

  1. प्रकृति का वातावरण एवं उसकी दशाएँ कभी भी स्थिर या स्थायी नहीं होती हैं, इनमें निरन्तर परिवर्तन होता रहता है।
  2. आधुनिक समय में पृथ्वी पर जितनी अधिक जीव-जातियाँ पाई जाती हैं, उतनी अधिक संख्या में आदिकाल में नहीं पाई जाती होंगी।
  3. विकास के कारण एक ही जाति से अनेक जीव-जातियों की उत्पत्ति एवं विकास हुआ होगा।
  4. आदिकाल में पायी जाने वाली जीव-जातियों की संरचना, वर्तमान में पाई जाने वाली जीव-जातियों की संरचना से सरल रही होगी।
  5. जीव-जातियों के वंशज एक ही रहे होंगे।

प्रश्न 9.
समजात एवं समवृत्ति अंगों में अन्तर बताइए।
उत्तर:
समजात एवं समवृत्ति अंगों में अन्तर –

समजात अंग समवृत्ति अंग
समजात अंगों की उत्पत्ति समान होती है। समवृत्ति अंगों की उत्पत्ति भिन्न-भिन्न होती है। अर्थात् ये अलग-अलग स्थान से उत्पन्न होते हैं।
समजात अंगों की संरचना समान होती है। समवृत्ति अंगों की संरचना भिन्न-भिन्न होती है।
समजात अंगों के कार्य भिन्न-भिन्न होते हैं अर्थात् प्रत्येक समजात अंग अलग-अलग प्रकार के कार्य करता है। समवृत्ति अंग एक जैसा कार्य करते हैं।

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प्रश्न 10.
आर्कियोप्टेरिक्स के लक्षणों के आधार पर इस तथ्य की पुष्टि कीजिए कि पक्षी वर्ग का विकास सरीसृप वर्ग से हुआ।
उत्तर:
इस पुरातन पक्षी को सरीसृपों एवं पक्षियों के बीच की संयोजी कड़ी माना गया है। यह जुरैसिक कल्प में पाया जाने वाला कौवे के आकार का पक्षी था। इसमें सरीस्प एवं पक्षी वर्ग दोनों के मिश्रित लक्षण थे। इसका सिर छोटा परन्तु मजबूत था। इसके जबड़े में दाँत पाये जाते थे। अपेक्षाकृत कमजोर एवं लम्बी पूँछ पर जोड़ों में पंख व्यवस्थित थे। शरीर पर शल्क पाये जाते थे। पसलियों पर अन्सिनेट प्रवर्ध अनुपस्थित थे। V के आकार की अर्कुला पायी जाती थी। इसके लक्षणों के अध्ययन से इस तथ्य की पुष्टि होती है कि पक्षियों का विकास परीसृप से हुआ।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 9

प्रश्न 11.
प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए कि निम्नलिखित किस प्रकार जीवों के विकास के पक्ष में प्रमाण प्रस्तुत करते हैं?

  1. समजात अंग।
  2. समरूप अंग।
  3. जीवाश्य।

उत्तर:
1. समजात अंग:
सील एवं ह्वेल के अगपाद पक्षों में (तैरने के लिए), चमगादड़ों के पंखों में (उड़ने के लिए), घोड़ों के खुरों वाली टाँगों में (दौड़ने के लिए), मानव के हाथों में (पकड़ने के लिए) अनुकूलित होते हैं। इन सभी समजात अंगों में समान अस्थियों का बना कंकाल समान पेशियाँ आदि पायी जाती हैं। इनकी समजातता प्रमाणित करती है कि इनकी उत्पत्ति सहपूर्वजों से हुई है जो कालान्तर में वातावरण एवं आवश्यकतानुसार विभिन्न रूपों में परिवर्तित हो गए।

2. समरूप अंग (समवृत्ति अंग):
शकरकंद एवं आलूकंद दोनों ही भूमि के अन्दर पायी जाने वाले माँसल कंद होते हैं तथा दोनों ही भोजन का संचय एवं जनन का कार्य करते हैं अत: दोनों ही समरूप (समवृत्ति) अंग हैं क्योंकि दोनों के कार्य समान हैं, रूप समान हैं लेकिन शकरकंद अपस्थानिक जड़ का रूपान्तरण है तथा आलू भुमिगत तने का रूपान्तरण है। अतः इनकी उत्पत्ति सहपूर्वजों से नहीं हुई है।

3. जीवाश्म:
जैव विकास में जीवाश्म का महत्व-जैव विकास में जीवाश्म का प्रमाण बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसमें विभिन्न जीवाश्मों को एकत्रित करके उनकी आयु का निर्धारण कर लिया जाता है। फिर उन्हें आयु के क्रम में व्यवस्थित करके अध्ययन करने से विकास की प्रक्रिया ज्ञात की जा सकती है।

प्रश्न 12.
निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए –

  1. जातिउद्भत।
  2. प्राकृतिक वरण (चयन)।

उत्तर:
1. जातिउद्भवन:
“जब कोई एक जाति (स्पीशीज) के जीव दो वर्गों में बँट जाएँ और उनके DNA में एवं गुणसूत्रों की संख्या में इस प्रकार परिवर्तन हो जाय कि वे परस्पर जनन करने में असमर्थ हों तो नयी जाति (स्पीशीज) का उद्भव होता है। यह घटना जातिउद्भवन कहलाती है।”

2. प्राकृतिक वरण (चयन):
प्राकृतिक चयन (वरण):
“प्रकृति जीवन संघर्ष के द्वारा योग्यतम का चयन करती रहती है, जिसे प्राकृतिक चयन (वरण) कहते हैं।”

प्रश्न 13.
मेण्डल के प्रयोगों द्वारा किस प्रकार दर्शाया कि लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं?
उत्तर:
मेण्डल के अपने प्रयोगों द्वारा दर्शाया कि लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं। इस सन्दर्भ में उन्होंने स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम भी प्रतिपादित किया।
मेण्डल का स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब युग्मकों के निर्माण के समय दो ऐलीलीय जोड़े पृथक्-पृथक् हो जाते हैं और एक युग्मक में एक ही जोड़ा जाता है।” जीन की यह प्रवृत्ति पृथक्करण तथा यह नियम पृथक्करण का नियम कहलाता है।
रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 8

प्रश्न 14.
“अध्ययन के दो क्षेत्र-‘विकास’ और ‘वर्गीकरण’ परस्पर जुड़े हुए हैं।” इस कथन की पुष्टि कीजिए।
अथवा
“जैव विकास तथा जीवों का वर्गीकरण परस्पर सम्बन्धित है।” इस कथन की कारण सहित पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
जैव विकास एवं जैव वर्गीकरण में सम्बन्ध-स्वीडन वैज्ञानिक कैरोलस लीनियस ने वर्गीकरण की द्विनाम पद्धति को प्रस्तुत किया। इसके अनुसार इसमें द्वितीय नाम जाति तथा पहला नाम उस श्रेणी का है जिसमें इस जाति से मिलती-जुलती सभी जातियों को सम्मिलित किया गया है।

जाति पौधों एवं जन्तुओं का ऐसा समूह है जिसके सभी सदस्य परस्पर संकरण द्वारा जननक्षम संतति उत्पन्न करते हैं तथा उनमें संरचनात्मक कार्यिकीय तथा भ्रूणीय समानताएँ पायी जाती हैं। समान जातियों को श्रेण” में समान श्रेणियाँ को कुल में, समान कुलों को गण में, समान गणों को वर्गों में, वर्गों को संघों में तथा संघों का जगत में रखा गया है। दरसे इस कथन की पुष्टि होती है कि जैव विकास तथा जीवों का वर्गीकरण परस्पर सम्बन्धित है।

प्रश्न 15.
मेण्डल ने यह किस प्रकार स्पष्ट किया कि “यह सम्भव है कि कोई लक्षण वंशानुगत हो जाय परन्तु किसी जीव में व्यक्त न हो पाए।”
उत्तर:
मेण्डल ने जब मटर के दो भिन्न लक्षणों वाले पौधों में संकरण कराया तो प्रथम पीढ़ी (संतति) में दोनों के लक्षण वंशागत होते हैं। लेकिन केवल एक लक्षण ही व्यक्त होता है तथा दूसरा लक्षण व्यक्त नहीं होता अर्थात् छिपा रहता है जो अगली पीढ़ी में पुनः व्यक्त होता है। अर्थात् प्रभावी लक्षण प्रकट होता है तथा अप्रभावी लक्षण छिपा रहता है। इससे स्पष्ट होता है कि कोई लक्षण वंशानुगत तो होता है लेकिन व्यक्त नहीं होता।

उदाहरणार्थ:
मटर के लाल पुष्प एवं सफेद पुष्पों वाले पौधों में संकरण कराने पर पहली पीढ़ी में सभी पौधे लाल पुष्प वाले होते हैं जबकि अगली पीढ़ी में लाल एवं सफेद दोनों प्रकार के पुष्पों के पौधे उत्पन्न होते हैं। अर्थात् सफेद रंग वंशानुगत तो हुआ लेकिन पहली पीढ़ी में प्रकट नहीं हुआ।

प्रश्न 16.
जीवाश्म की तीन महत्वपूर्ण विशेषताएँ लिखिए जो हमको विकास के अध्ययन में सहायक हों।
उत्तर:
जीवाश्म की महत्वपूर्ण विशेषताएँ जो विकास के अध्ययन में सहायक होंगी –

  1. जीवाश्म पूर्वज स्पीशीज के संरक्षण के मोड़ को व्यक्त करते हैं अर्थात् उससे जीवाश्मीकरण की प्रक्रिया का पता चलता है।
  2. जीवाश्म जीवों और उनके पूर्वजों के बीच क्रमिक विकसित लक्षणों में सम्बन्ध स्थापित करने में सहायक होते हैं।
  3. जीवाश्म आयु निर्धारण में सहायक होते हैं। कार्बन डेटिंग की प्रक्रिया द्वारा जीवाश्मों के जीवनकाल की गणना की जा सकती है। इससे उन्हें काल
  4. खण्ड के क्रम में व्यवस्थित करके उनके क्रमिक विकास का अध्ययन किया जा सकता है।

प्रश्न 17.
क्या किसी स्पीशीज के जीवों का भौगोलिक पृथक्करण नयी स्पीशीज को जन्म देगा? एक उचित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हाँ, भौगोलिक पृथक्करण धीरे-धीरे समष्टि को विलुप्त होने के कगार पर ले जाता है। यह घटना पृथक्कृत जीवों में लैंगिक जनन के लिए कुछ सीमाएँ बाँध सकते हैं। धीरे-धीरे पृथक्कृत जीव परस्पर जनन करने लगते हैं और नयी विभिन्नताएँ उत्पन्न कर सकते हैं। लगातार उन विभिन्नताओं का संचयन नयी पीढ़ियों द्वारा करते-करते अन्त में नयी स्पीशीज के जनन की ओर बढ़ती है। इस प्रकार नयी स्पीशीज का जन्म होगा।

प्रश्न 18.
सभी मानव प्रजातियाँ जैसे अफ्रीकन, एशियन, यूरोपियन, अमेरिकन एवं अन्य का विकास सह-पूर्वजों से विकसित हुई हो ऐसा हो सकता है। इस विचार की पुष्टि के लिए प्रमाण दीजिए।
उत्तर:
सभी मानव प्रजातियाँ जैसे अफ्रीकन, एशियन, यूरोपियन, अमेरिकन एवं अन्य सभी का विकास एक सह-पूर्वजों से ही हुआ है। इसके प्रमाणस्वरूप निम्न तथ्य महत्वपूर्ण हैं –

  1. समान शारीरिक संरचना।
  2. समान जैव प्रक्रम एवं चयापचय क्रियाएँ।
  3. सभी में समान गुणसूत्रों की संख्या।
  4. समान आनुवंशिक ब्लूप्रिंट इत्यादि।

प्रश्न 19.
निम्न संकरणों में संतति के लक्षण लिखिए –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 10
उत्तर:
(a) (गोल, पीले)
(b)

  1. (गोल, पीले)
  2. (गोल, हरे)
  3. (झुरींदार, पीले)
  4. (झुरींदार, हरे)

(c) (झुरींदार, हरे)
(d) (गोल, पीले)

MP Board Class 10th Science Chapter 9 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जीन संकल्पना की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
जीन संकल्पना की विशेषताएँ:

  1. जीन गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं।
  2. जीन एक भौतिक इकाई है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी जनक (माता-पिता) से सन्तान में वंशागत होते हैं।
  3. जीन गुणसूत्रों पर माला के दाने की तरह विन्यासित होते हैं।
  4. प्रत्येक जीन एक विशिष्ट गुणसूत्र में विशिष्ट स्थान पर स्थित होता है।
  5. कोई भी जीन एक से अधिक अवस्थाओं में मिल सकता है।
  6. जीन जीवों के भौतिक एवं शरीर के क्रियात्मक लक्षणों को निर्धारित करते हैं अर्थात् जीन एक भौतिक क्रियात्मक इकाई है।
  7. जीन पुनरावृत्ति करते हैं।
  8. प्रत्येक जीन एक विशेष प्रोटीन का संश्लेषण करता है।
  9. जीन जटिल कार्बनिक यौगिक होते हैं जो कार्बोहाइड्रेट्स एवं न्यूक्लिक अम्लों के रूप में संयुक्त होते हैं।

प्रश्न 2.
मेण्डल के प्रयोग ने यह कैसे दर्शाया कि –

  1. लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं?
  2. विभिन्न लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं?

उत्तर:
1. लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं।
मेण्डल ने अपने प्रयोगों द्वारा दर्शाया कि लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशागत होते हैं। इस सन्दर्भ में उन्होंने प्रभाविता का नियम भी प्रतिपादित किया।
मेण्डल के प्रभाविता के नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब विपरीत लक्षणों के एक जोड़े को ध्यान में रखकर क्रॉस कराया जाता है, तो पहली पीढ़ी में केवल प्रभावी गुण (लक्षण) दिखाई देते हैं।” गुणों की यह प्रवृत्ति प्रभाविता तथा यह नियम प्रभाविता का नियम कहलाता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 9

2. विभिन्न लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं।
मेण्डल के अपने प्रयोगों द्वारा दर्शाया कि लक्षण स्वतन्त्र रूप से वंशानुगत होते हैं। इस सन्दर्भ में उन्होंने स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम भी प्रतिपादित किया।
मेण्डल का स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम:
इस नियम के अनुसार – “जब युग्मकों के निर्माण के समय दो ऐलीलीय जोड़े पृथक्-पृथक् हो जाते हैं और एक युग्मक में एक ही जोड़ा जाता है।” जीन की यह प्रवृत्ति पृथक्करण तथा यह नियम पृथक्करण का नियम कहलाता है।
रेखाचित्र –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 9 अनुवांशिकता एवं जैव विकास 8

प्रश्न 3.
विकास की परिभाषा लिखिए। यह किस प्रकार होता है? वर्णन कीजिए कि जीवाश्म किस प्रकार विकास के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करते हैं?
उत्तर:
विकास या जैव विकास:
जैव विकास अथवा विकास-“अधिक धीमी गति एवं क्रमबद्ध परिवर्तनों की वह प्रक्रिया जिसके द्वारा आधुनिक जीवों (पौधे एवं प्राणियों) की विभिन्न जातियाँ आदिकाल में उपस्थित जातियों से विकसित हुई, जैव विकास या विकास कहलाता है।”
अथवा
“आदिकाल में धीमी गति से होने वाला वह क्रमिक परिवर्तन जिसके कारण आदि-सूक्ष्म सरल जीवों से वर्तमान समय के विकसित एवं जटिल जीवों का निर्माण हुआ, विकास या जैव विकास कहलाता है।”

विकास की प्रक्रिया:
वर्तमान जटिल जीवों का विकास पूर्व के सरल जीवों के क्रमिक परिवर्तन, विभिन्नताओं एवं अनुकूलन के द्वारा हजारों-लाखों वर्षों में धीरे-धीरे हुआ। पर्यावरण एवं जीव की आवश्यकताओं के अनुसार धीरे-धीरे जीव का विकास हुआ।

विकास के समर्थन में जीवाश्मों के प्रमाण:
जैव विकास में जीवाश्म का प्रमाण बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसमें विभिन्न जीवाश्मों को एकत्रित करके उनकी आयु का निर्धारण कर लिया जाता है। फिर उन्हें आयु के क्रम में व्यवस्थित करके अध्ययन करने से विकास की प्रक्रिया ज्ञात की जा सकती है।

प्रश्न 4.
प्रत्येक का एक-एक उदाहरण देकर उपार्जित लक्षणों और आनुवंशिक लक्षणों के बीच विभेदन कीजिए। किसी व्यष्टि द्वारा अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में उपार्जित लक्षण/अनुभव अगली पीढ़ी में वंशानुगत क्यों नहीं होते? इस तथ्य का कारण उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उपार्जित लक्षण एवं वंशानुगत (आनुवंशिक) लक्षणों के बीच उदाहरण सहित विभेदन:
“जो लक्षण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को अर्थात् जनकों से सन्तान को स्थानान्तरित होते हैं, वंशागत लक्षण कहलाते हैं।”
उदाहरण: आँख का रंग, बीज़ों का रंग।

उपार्जित लक्षण: “जो लक्षण जीवन-पर्यन्त अर्जित किए जाते हैं तथा जनक से सन्तान को स्थानान्तरित नहीं होते, उपार्जित लक्षण कहलाते हैं।”
उदाहरण: मोटापा, किसी दुर्घटना में कटी हुई अंगुलियाँ।

किसी व्यष्टि द्वारा अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में उपार्जित लक्षण/अनुभव अगली पीढ़ी में वंशानुगत नहीं होते। उपार्जित गुणों (लक्षणों) की वंशागति नहीं होती क्योंकि ये लक्षण जनन कोशिकाओं के DNA में कोई परिवर्तन नहीं करते, केवल वे ही लक्षण वंशागत होते हैं जिनका कोई जीन होता है।

प्रश्न 5.
आनुवंशिकता की तकनीक की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
आनुवंशिकता (वंशानुगत) की प्रमुख विशेषताएँ:

  1. लक्षणों का नियन्त्रण जीन्स के द्वारा होता है।
  2. प्रत्येक जीन एक-एक लक्षण को नियन्त्रित करता है।
  3. जीन दो या अधिक प्रकार रूपों के हो सकते हैं।
  4. एक प्रकार (रूप) दूसरे पर प्रभावी हो सकता है।
  5. जीन गुणसूत्रों (क्रोमोसोम्स) पर उपस्थित होते हैं।
  6. एक जीव के दो प्रकार के जीन्स हो सकते हैं समान या असमान।
  7. युग्मक बनते समय वे दोनों जीन्स के रूप अलग-अलग हो जाते हैं।
  8. वे दोनों रूप युग्मनज बनने के समय साथ-साथ आ जाते हैं।

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MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

MP Board Class 10th Science Chapter 5 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न शृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 91

प्रश्न 1.
क्या डोबेराइनर के त्रिक, न्यूलैण्ड के अष्टक के स्तम्भ में भी पाए जाते हैं? तुलना करके पता कीजिए।
उत्तर:
हाँ, पाए जाते हैं।

प्रश्न 2.
डोबेराइनर के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर:
डोबेराइनर के वर्गीकरण की सीमाएँ-डोबेराइनर केवल तीन ही त्रिक बना सके, अन्य तत्वों का वर्गीकरण त्रिकों में नहीं हुआ।

प्रश्न 3.
न्यूलैण्ड के अष्टक सिद्धान्त की क्या सीमाएँ हैं? (2019)
उत्तर:
न्यूलैण्ड के अष्टक सिद्धान्त की सीमाएँ:

  1. यह सिद्धान्त भारी तत्वों पर लागू नहीं था।
  2. अक्रियशील उत्कृष्ट गैसों को सम्मिलित करने पर अष्टक सिद्धान्त मेल नहीं खाता।
  3. कुछ असमान तत्वों को एक साथ रख दिया गया है।
  4. यह सिद्धान्त केवल कैल्सियम तक लागू होता है।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 94

प्रश्न 1.
मैण्डलीफ की आवर्त सारणी का उपयोग कर निम्नलिखित तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान कीजिए –
K, C, Al, Si, Ba
उत्तर:
ऑक्साइड O की संयोजकता 6 – 8 = – 2 है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 1

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प्रश्न 2.
गैलियम के अतिरिक्त अब तक कौन-कौन से तत्वों का पता चला है जिसके लिए मैण्डलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में खाली स्थान छोड़ दिया था? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:

  1. स्कैण्डियम।
  2. जर्मेनियम।

प्रश्न 3.
मैण्डलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए कौन-सा मापदण्ड अपनाया?
उत्तर:
मैण्डलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए तत्वों के परमाणु द्रव्यमान एवं उनके भौतिक तथा रासायनिक गुणों की आवर्तता का मापदण्ड अपनाया।

प्रश्न 4.
आपके अनुसार उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा गया?
उत्तर:
चूँकि उत्कृष्ट गैसें अक्रियाशील हैं तथा प्रकृति में ये केवल वायुमण्डल में बहुत कम मात्रा में पाई जाती हैं। इनका पता आवर्त सारणी के बनने के बाद चला तथा ये अन्य तत्वों से सर्वदा भिन्न थीं इसलिए आवर्त सारणी को छेड़े बिना इन्हें अलग समूह में रखा गया।

प्रश्न शृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 100

प्रश्न 1.
आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा किस प्रकार से मैण्डलीफ की आवर्त सारणी की विविध विसंगतियों को दूर किया गया?
उत्तर:
आधुनिक सारणी में आधार परमाणु द्रव्यमान के स्थान पर परमाणु क्रमांक को माना गया तथा इसका दीर्घ रूप होने से मैण्डलीफ की आवर्त सारणी की विसंगतियाँ प्रायः दूर हो गईं।

प्रश्न 2.
मैग्नीशियम की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दिखाने वाले दो तत्वों के नाम लिखिए। आपके चयन का क्या आधार है?
उत्तर:

  1. कैल्सियम।
  2. स्ट्रॉन्शियम।

ये दोनों तत्व मैग्नीशियम के साथ समूह दो के तत्व हैं तथा इनकी बाहरी कोश में दो संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। ये धनात्मक संयोजी हैं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित के नाम बताइए –

  1. तीन तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन हो।
  2. दो तत्वों जिनके के सबसे बाहरी कोश में दो इलेक्ट्रॉन हों।
  3. तीन तत्वों जिनका बाहरी कोश पूर्ण हों।

उत्तर:
1.

  • लीथियम (Li)।
  • सोडियम (Na)।
  • पोटैशियम (K)।

2.

  • मैग्नीशियम (Mg)।
  • कैल्सियम (Ca)।

3.

  • हीलियम (He)।
  • निऑन (Ne)।
  • आर्गन (Ar)।

प्रश्न 4.
लीथियम, सोडियम, पोटैशियम ये सभी धातुएँ जल से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। क्या इन तत्वों के परमाणुओं में कोई समानता है?
हीलियम एक अक्रियाशील गैस है, जबकि निऑन की अभिक्रियाशीलता अत्यन्त कम है। इनके परमाणुओं में कोई समानता है?
उत्तर:

  • इनके परमाणुओं के बाह्यतम कोश में एक-एक इलेक्ट्रॉन हैं।
  • इनके परमाणुओं के बाह्यतम कोश संतृप्त हैं।

प्रश्न 5.
आधुनिक आवर्त सारणी में पहले दस तत्वों में कौन-सी धातुएँ हैं?
उत्तर:
पहले दस तत्वों में लीथियम (Li) एवं बेरीलियम (Be) दो धातुएँ हैं।

प्रश्न 6.
आवर्त सारणी में इनके स्थान के आधार पर इनमें से किस तत्व में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण की विशेषता है?
Ga, Ge, As, Se, Be.
उत्तर:
Be.

MP Board Class 10th Science Chapter 5 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आवर्त सारणी में बाईं से दाईं ओर जाने पर, प्रवृत्तियों के बारे में कौन-सा कथन असत्य
(a) तत्वों की धात्विक प्रकृति घटती है।
(b) संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है।
(c) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।
(d) इनके ऑक्साइड अधिक अम्लीय हो जाते हैं।
उत्तर:
(c) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।

प्रश्न 2.
तत्व X, XCl2 सूत्र वाला एक क्लोराइड बनाता है जो एक ठोस है तथा जिसका गलनांक अधिक है। आवर्त सारणी में यह तत्व सम्भवतः किस समूह के अन्तर्गत होगा?
(a) Na
(b) Mg
(c) Al
(d) Si
उत्तर:
(b) Mg

प्रश्न 3.
किस तत्व में –

  1. किस दो कोश हैं तथा दोनों इलेक्ट्रॉनों से पूरित हैं?
  2. इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8, 2 है?
  3. कुल तीन कोश हैं तथा संयोजकता कोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं।
  4. कुल दो कोश हैं तथा संयोजकता कोश में तीन इलेक्ट्रॉन हैं।
  5. दूसरे कोश में पहले कोश से दो गुने इलेक्ट्रॉन हैं।

उत्तर:

  1. निऑन (Ne)।
  2. मैग्नीशियम (Mg)।
  3. सिलिकॉन (Si)।
  4. बोरॉन (B)।
  5. कार्बन (C)।

प्रश्न 4.
(a) आवर्त सारणी में बोरॉन के स्तम्भ के सभी तत्वों के कौन-से गुणधर्म समान हैं?
(b) आवर्त सारणी में फ्लुओरीन के स्तम्भ के सभी तत्वों के कौन-से गुणधर्म समान हैं?
उत्तर:
(a)

  1. इन सभी तत्वों के बाह्यतम कोश में तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं।
  2. ये सभी तीन इलेक्ट्रॉन त्यागकर तीन धनावेशों युक्त धनायन बनाते हैं।
  3. ये सभी त्रिसंयोजक हैं।

(b)

  1. सभी तत्वों के बाह्यतम कोश में सात इलेक्ट्रॉन हैं।
  2. सभी तत्व एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके एक इकाई आवेशयुक्त ऋणायन बनाते हैं।
  3. सभी हैलोजेन कहलाते हैं तथा धातुओं के हैलाइड बनाते हैं।
  4. सभी हाइड्रोजन से संयुक्त होकर हैलोजेनिक अम्ल बनाते हैं।

प्रश्न 5.
एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है –

  1. इस तत्व की परमाणु संख्या क्या है?
  2. निम्नलिखित में किस तत्व के साथ इसकी रासायनिक समानता होती है? (परमाणु संख्या कोष्ठक में दी गई है।): N (7), F (9), P(15), Ar (18)।

उत्तर:

  1. परमाणु संख्या = 17 है।
  2. F(9) जहाँ 9 = 2, 7

प्रश्न 6.
आवर्त सारणी में तीन तत्व A, B तथा C की स्थिति निम्न प्रकार है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 2
अब बताइए कि –
(a) A धातु है या अधातु।
(b) A की अपेक्षा C अधिक अभिक्रियाशील है या कम।
(c) C का साइज B से बड़ा होगा या छोटा।
(d) तत्व A किस प्रकार के आयन धनायन या ऋणायन बनाएगा?
उत्तर:
(a) A अधातु है।
(b) A की अपेक्षा C कम क्रियाशील है।
(c) C का साइज B से छोटा होगा।
(d) A ऋणायन बनाएगा।

प्रश्न 7.
नाइट्रोजन (परमाणु संख्या 7) तथा फॉस्फोरस (परमाणु संख्या 15) आवर्त सारणी के समूह 15 के सदस्य हैं। इन दोनों तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। इनमें से कौन-सा तत्व अधिक ऋण विद्युत होगा? और क्यों?
उत्तर:
N 7 = 2, 5; P 15 = 2, 8, 5
नाइट्रोजन तत्व फॉस्फोरस तत्व से अधिक ऋण विद्युती होगा, क्योंकि इस समूह में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों की इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति कम होती जाती है।

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प्रश्न 8.
तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व की स्थिति से क्या सम्बन्ध है?
उत्तर:
तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों की स्थिति से गहरा सम्बन्ध है। कोशों की कुल संख्या से तत्व का आवर्त निर्धारित होता है और संयोजी इलेक्ट्रॉनों से तत्व का समूह निर्धारित होता है।

प्रश्न 9.
आधुनिक आवर्त सारणी में कैल्सियम (परमाणु संख्या 20) के चारों ओर 12, 19, 21 तथा 38 परमाणु संख्या वाले तत्व स्थित हैं। इनमें से किन तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म कैल्सियम के समान हैं?
उत्तर:
परमाणु संख्या 12 एवं 38 वाले तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म कैल्सियम के समान

प्रश्न 10.
आधुनिक आवर्त सारणी और मैण्डलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए।
उत्तर:
आधुनिक दीर्घाकार आवर्त सारणी में उपसमूह A और B को अलग-अलग कर दिया गया जिससे मैण्डलीफ की आवर्त सारणी में भिन्न गुणों वाली क्षार धातुएँ तथा क्षारीय मुद्रा धातुएँ अलग-अलग हो गईं। इस प्रकार यह विसंगति दूर हो गई। इस सारणी में कुल 18 समूह बनाए गए जिसमें उत्कृष्ट तत्वों (अक्रियशील गैसों) को पृथक् 18वाँ समूह मिल गया। आधुनिक आवर्त सारणी का आधार परमाणु द्रव्यमान के स्थान पर परमाणु क्रमांक को दिया गया जिससे समस्थानिकों एवं समभारिकों की विसंगतियाँ दूर हो गईं तथा भारी तत्वों के पहले आने की विसंगति भी स्वयं दूर हो गई है। शेष हाइड्रोजन, एक्टिनाइड श्रेणी एवं लैन्थेनाइड श्रेणी की यथास्थिति है। सभी बाद में खोजे गए तत्वों को इस सारणी में उपयुक्त स्थान मिल चुका है। इससे 6 के स्थान पर 7 आवर्त हैं।

MP Board Class 10th Science Chapter 5 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किस तत्व तक अष्टक नियम उपयोगी है?
(a) ऑक्सीजन।
(b) कैल्सियम।
(c) कोबाल्ट।
(d) पोटैशियम।
उत्तर:
(b) कैल्सियम।

प्रश्न 2.
मैण्डलीफ के आवर्त नियम के अनुसार तत्वों को आवर्त तालिका में व्यवस्थित किया गया क्रय
(a) बढ़ते परमाणु क्रमांक।
(b) घटते परमाणु क्रमांक।
(c) बढ़ते परमाणु द्रव्यमान।
(d) घटते परमाणु द्रव्यमान।
उत्तर:
(c) बढ़ते परमाणु द्रव्यमान।

प्रश्न 3.
मैण्डलीफ की आवर्त तालिका में कुछ रिक्त स्थान भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों के लिए छोड़े गए। निम्न में से किस तत्व को आवर्त तालिका में स्थान मिला?
(a) जर्मेनियम।
(b) क्लोरीन।
(c) ऑक्सीजन।
(d) सिलिकॉन।
उत्तर:
(a) जर्मेनियम।

प्रश्न 4.
निम्न में से कौन से कथन आधुनिक आवर्त तालिका के सन्दर्भ में असत्य हैं –
(i) आधुनिक आवर्त तालिका में तत्वों को उनके घटते परमाणु क्रमांक के क्रम में व्यवस्थित किया गया है।
(ii) आधुनिक आवर्त तालिका में तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया गया है।
(iii) आवर्त तालिका में समस्थानिकों को आसन्न समूहों में रखा गया है।
(iv) आधुनिक आवर्त तालिका में तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु क्रमांक के क्रम में रखा गया है।
(a) केवल (i)
(b) (i), (ii) एवं (iii)
(c) (i), (ii) एवं (iv)
(d) केवल (iv)।
उत्तर:
(b) (i), (ii) एवं (iii)

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में कौन-सा कथन आधुनिक आवर्त तालिका के सन्दर्भ में सत्य है?
(a) इसमें 18 क्षैतिज पंक्तियाँ हैं जो आवर्त कहलाते हैं।
(b) इसमें 7 ऊर्ध्वाधर स्तम्भ हैं जो आवर्त कहलाते हैं।
(c) इसमें 18 ऊर्ध्वाधर स्तम्भ हैं जो समूह कहलाते हैं।
(d) इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ हैं जो समूह कहलाती हैं।
उत्तर:
(c) इसमें 18 ऊर्ध्वाधर स्तम्भ हैं जो समूह कहलाते हैं।

प्रश्न 6.
दिए हुए तत्वों A, B, C, D एवं E जिनके परमाणु क्रमांक क्रमश: 2, 3, 7, 10 एवं 30 समान समूह के तत्व हैं?
(a) A, B, C
(b) B, C, D
(c) A, D, E
(d) B, D, E
उत्तर:
(b) B, C, D

प्रश्न 7.
दिए हुए तत्व A, B, C, D एवं E के परमाणु क्रमांक क्रमश: 9, 11, 17, 12 एवं 13 हैं। निम्न में से कौन-सा युग्म समान समूह का है?
(a) A एवं B
(b) B एवं D
(c) A एवं C
(d) D एवं E
उत्तर:
(c) A एवं C

प्रश्न 8.
आधुनिक आवर्त तालिका में इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 8 वाले तत्व की क्या स्थिति होगी?
(a) समूह 8
(b) समूह 2
(c) समूह 18
(d) समूह 10
उत्तर:
(c) समूह 18

प्रश्न 9.
सभी कार्बनिक यौगिकों का सबसे अधिक महत्वपूर्ण तत्व सम्बन्धित है –
(a) समूह 1 से।
(b) समूह 14 से।
(c) समूह 15 से।
(d) समूह 16 से।
उत्तर:
(b) समूह 14 से।

प्रश्न 10.
आवर्त 2 के तत्वों की बाह्यतम कक्षा कौन-सी है?
(a) K कोश।
(b) L कोश।
(c) M कोश।
(d) N कोश।
उत्तर:
(b) L कोश।

प्रश्न 11.
निम्न में से कौन-सा तत्व सर्वाधिक संयोजी इलेक्ट्रॉन रखता है?
(a) Na
(b) Al
(c) Si
(d) P
उत्तर:
(d) P

प्रश्न 12.
निम्न में से कौन-सा क्रम तत्वों O, F एवं N की परमाणु त्रिज्याओं के सही बढ़ते क्रम को प्रदर्शित करता है?
(a) O, F, N
(b) N, F, O
(c) O, N, F
(d) F, O, N
उत्तर:
(d) F, O, N

प्रश्न 13.
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व सर्वाधिक परमाणु त्रिज्या रखता है?
(a) Na
(b) Mg
(c) K
(d) Ca
उत्तर:
(c) K

प्रश्न 14.
निम्न में से कौन-सा तत्व आसानी से एक इलेक्ट्रॉन त्यागेगा?
(a) Mg
(b) Na
(c) K
(d) Ca
उत्तर:
(c) K

प्रश्न 15.
निम्न में से कौन-सा तत्व आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागता है?
(a) Na
(b) F
(c) Mg
(d) Al
उत्तर:
(b) F

प्रश्न 16.
निम्न में से कौन-सी विशेषताएँ किसी तत्व के समस्थानिकों से सम्बन्धित हैं?
(i) एक तत्व के सभी समस्थानिकों के परमाणु द्रव्यमान समान होते हैं।
(ii) एक तत्व के सभी समस्थानिकों के परमाणु क्रमांक समान होते हैं।
(iii) एक तत्व के सभी समस्थानिक समान भौतिक गुणों का प्रदर्शन करते हैं।
(iv) एक तत्व के सभी समस्थानिक समान रासायनिक गुणों का प्रदर्शन करते हैं।
(a) (i), (ii) एवं (iii)
(b) (ii), (iii) एवं (iv)
(c) (ii) एवं (iii)
(d) (i) एवं (iv)
उत्तर:
(d) (i) एवं (iv)

प्रश्न 17.
निम्न तत्वों को उनके घटते धात्विक गुणों के क्रम में व्यवस्थित कीजिए Na, Si, Cl, Mg, Al.
(a) Cl > Si >Al > Mg > Na
(b) Na > Mg >Al > Si > Cl
(c) Na > Al > Mg > Cl > Si
(d) Al > Na > Si > Ca > Mg
उत्तर:
(b) Na > Mg >Al > Si > Cl

प्रश्न 18.
निम्न तत्वों को उनके बढ़ते अधात्विक गुणों के क्रम में व्यवस्थित कीजिए Li, O, C, Be, F.
(a) F < O < C < Be < Li
(b) Li < Be < C < O < F
(c) F < O < C < Be < Li
(d) F < O < Be < C < Li
उत्तर:
(b) Li < Be < C < O < F

प्रश्न 19.
ऐकाऐलुमिनियम किस प्रकार का ऑक्साइड बनाता है?
(a) EO3
(b) E3O2
(c) E2O3
(d) EO
उत्तर:
(c) E2O3

प्रश्न 20.
तीन तत्व B, Si एवं Ge हैं –
(a) धातु।
(b) अधातु।
(c) उपधातु।
(d) क्रमश: धातु. अधातु एवं उपधातु।
उत्तर:
(c) उपधातु

प्रश्न 21.
निम्न में से कौन-सा तत्व अम्लीय ऑक्साइड बनाता है?
(a) परमाणु क्रमांक 7 वाला तत्व।
(b) परमाणु क्रमांक 3 वाला तत्व।
(c) परमाणु क्रमांक 12 वाला तत्व।
(d) परमाणु क्रमांक 19 वाला तत्व।
उत्तर:
(a) परमाणु क्रमांक 7 वाला तत्व।

प्रश्न 22.
परमाणु क्रमांक 14 वाला तत्व कठोर है तथा अम्लीय ऑक्साइड एवं सहसंयोजी हैलाइड बनाता है। वह तत्व निम्नलिखित में से किस वर्ग का तत्व है?
(a) धातु।
(b) उपधातु।
(c) अधातु।
(d) वामहस्त तत्व।
उत्तर:
(b) उपधातु।

प्रश्न 23.
निम्न में से कौन एक तत्व की सही परमाणु त्रिज्या को प्रदर्शित करता है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 3
(a) (i) एवं (ii)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (iii) एवं (iv)
(d) (i) एवं (iv)
उत्तर:
(b) (ii) एवं (iii)

प्रश्न 24.
आवर्त तालिका के किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर निम्न में से कौन एक नहीं बढ़ेगा?
(a) परमाणु त्रिज्या।
(b) धात्विक प्रवृत्ति।
(c) संयोजकता।
(d) कोशों की संख्या।
उत्तर:
(c) संयोजकता।

प्रश्न 25.
आवर्त तालिका में एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु का आकार –
(a) बढ़ता है।
(b) घटता है।
(c) परिवर्तित नहीं होता।
(d) पहले बढ़ता है फिर घटता है।
उत्तर:
(b) घटता है।

प्रश्न 26.
निम्न में से कौन-सा तत्वों का समुच्चय उनकी बढ़ती हुई धात्विकता को दर्शाता है?
(a) Be, Mg, Ca
(b) Na, Li, K
(c) Mg, Al, Si
(d) C, O, N
उत्तर:
(a) Be, Mg, Ca

प्रश्न 27.
आवर्त तालिका में आवर्तों की संख्या होती है –
(a) 4
(b) 6
(c) 7
(d) 8
उत्तर:
(c) 7

प्रश्न 28.
कौन-सा हैलोजेन सर्वाधिक क्रियाशील है?
(a) ब्रोमीन।
(b) क्लोरीन।
(c) फ्लुओरीन।
(d) आयोडीन।
उत्तर:
(c) फ्लुओरीन।

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. “मैण्डलीफ के आवर्त नियम के अनुसार तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके ….. के आवर्ती फलन होते हैं।”
  2. आधुनिक आवर्त नियम के अनुसार, तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके ………… के आवर्ती फलन होते हैं।
  3. दीर्घ रूप आवर्त सारणी को ………. आवर्त सारणी कहते हैं।
  4. आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर स्तम्भ …………. कहलाते हैं।
  5. आवर्त सारणी में क्षैतिज पंक्तियाँ ……….. कहलाती हैं।
  6. आधुनिक आवर्त सारणी में ………… समूह हैं। (2019)

उत्तर:

  1. परमाणु द्रव्यमान।
  2. परमाणु क्रमांक।
  3. आधुनिक।
  4. समूह (ग्रुप)।
  5. आवर्त।
  6. अट्ठारह (18)।

जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 4
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

 

सत्य/असत्य कथन

  1. क्षैतिज पंक्तियाँ समूह कहलाती हैं।
  2. समूह एक के तत्व क्षार धातुएँ कहलाती हैं।
  3. ऊर्ध्वाधर स्तम्भ आवर्त कहलाते हैं।
  4. समूह 17 के तत्व हेलोजेन कहलाते हैं।
  5. समूह 2 के तत्व मुद्रा धातुएँ कहलाती हैं।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।
  5. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

  1. आवर्त तालिका का निर्माण किसने किया?
  2. आधुनिक आवर्त तालिका का निर्माण किसने किया?
  3. समूह 2 के तत्वों को क्या कहा जाता है?
  4. प्रथम आवर्त में कितने तत्व हैं?
  5. द्वितीय आवर्त में कितने तत्व हैं?

उत्तर:

  1. मैण्डलीफ।
  2. बोर एवं बरी ने।
  3. क्षारीय मृदा धातुएँ।
  4. दो।
  5. आठ।

MP Board Class 10th Science Chapter 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
डोबेराइनर का त्रिक नियम क्या है?
उत्तर:
डोबेराइनर का त्रिक नियम:
डोबेराइनर ने समान गुण रखने वाले तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में तीन-तीन के समूह बनाए जिन्हें ‘डोबेराइनर के त्रिक’ कहते हैं। उसने एक नियम दिया जिसके अनुसार “यदि समान गुणों वाले तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में तीन-तीन के समूह में व्यवस्थित किया जाए तो बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान शेष दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का लगभग औसत होता है।”

प्रश्न 2.
न्यूलैण्ड का अष्टक नियम क्या है?
उत्तर:
न्यूलैण्ड का अष्टक नियम:
“यदि तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया जाए तो हर आठवाँ तत्व समान गुण रखता है।”

प्रश्न 3.
मैण्डलीफ का आवर्त नियम क्या है?
उत्तर:
मैण्डलीफ का आवर्त नियम-“तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन होते हैं।”

प्रश्न 4.
मैण्डलीफ की आवर्त सारणी से क्या समझते हो?
उत्तर:
मैण्डलीफ की आवर्त सारणी-“मैण्डलीफ ने तत्वों को एक सारणी में उनके गुणों एवं परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया जिसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ हैं जिन्हें आवर्त कहते हैं तथा 9 ऊर्ध्व स्तम्भ हैं जिन्हें समूह (वर्ग) कहते हैं (यद्यपि प्रारम्भ में 8 वर्ग थे, लेकिन बाद में अक्रिय गैसों का शून्य समूह और जोड़ दिया गया) यह सारणी मैण्डलीफ की आवर्त सारणी कहलाती है।”

प्रश्न 5.
आधुनिक आवर्त नियम क्या है? इसको किसने प्रतिपादित किया? अथवा मोजले का आधुनिक आवर्त नियम क्या है?
उत्तर:
आधुनिक आवर्त नियम:
मोजले ने एक नियम का प्रतिपादन किया जिसके अनुसार, “तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।” यह नियम आधुनिक आवर्त नियम कहलाता है।

प्रश्न 6.
नई आधुनिक आवर्त सारणी में समस्थानिकों के स्थान निर्धारण की समस्या कैसे हल होगी?
उत्तर:
चूँकि आधुनिक आवर्त सारणी तत्वों के परमाणु क्रमांकों पर आधारित है और समस्थानिकों के परमाणु क्रमांक समान हैं। इसलिए उनको एक ही समूह में रखना औचित्यपूर्ण है।

प्रश्न 7.
प्रथम एवं द्वितीय समूह के तत्व किस नाम से जाने जाते हैं?
उत्तर:
प्रथम समूह के तत्व क्षार धातुएँ तथा द्वितीय समूह के तत्व क्षारीय मृदा धातुओं के नाम से जाने जाते हैं।

प्रश्न 8.
बाएँ से दाएँ जाने पर किसी आवर्त में आयनन ऊर्जा किस प्रकार परिवर्तित होती है?
उत्तर:
किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर आयनन ऊर्जा में वृद्धि होती है।

प्रश्न 9.
समान गुणों वाले तीन तत्व A, B और C के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः X, Y एवं Z हैं। Yका द्रव्यमान लगभग X एवं Z के द्रव्यमानों का औसत मान है। तत्वों की इस प्रकार की व्यवस्था क्या कहलाती है? ऐसे तत्वों के एक समूह का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
तत्वों की उपर्युक्त व्यवस्था डोबेराइनर के त्रिक नाम से जानी जाती है। उदाहरण-लीथियम, सोडियम एवं पोटैशियम।

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में निम्न प्रकार व्यवस्थित किया गया है – F, Na, Mg, Al, Si, P, S, Cl, Ar, K.
(a) तत्वों के समान गुणों वाले दो समूहों का चयन कीजिए।
(b) तत्वों की व्यवस्था का क्रम तत्वों के वर्गीकरण के किस नियम को प्रदर्शित करता है?
उत्तर:
(a)

  1. F एवं Cl
  2.  Na एवं K

(b) न्यूलैण्ड का अष्टक नियम।

प्रश्न 11.
मैण्डलीफ की आवर्त तालिका में तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया गया फिर कोबाल्ट जिसका परमाणु दव्यमान 58.93 amu है, क्या निकैल जिसका परमाणु द्रव्यमान 58.71 है, से पहले रखा गया? कारण दीजिए।
उत्तर:
यद्यपि आवर्त तालिका का सृजन परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम के आधार पर किया गया, लेकिन गुणों की समानता और उनकी क्रमबद्धता को भी ध्यान में रखा गया इसलिए कोबाल्ट को निकैल से पहले रखा गया।

प्रश्न 12.
“आधुनिक आवर्त तालिका में हाइड्रोजन का एक विशिष्ट स्थान है।” इस कथन का औचित्य कीजिए।
उत्तर:
हाइड्रोजन प्रथम समूह के तत्व क्षार धातुओं एवं 17वें समूह के तत्व हैलोजेनों से गुणों में समानता रखता है। इसलिए इसका आधुनिक आवर्त तालिका में विशिष्ट स्थान है।

प्रश्न 13.
मैण्डलीफ के द्वारा भविष्यवाणी किए गए तत्वों एका सिलिकॉन एवं एका ऐलुमिनियम के क्लोराइडों के सूत्र लिखिए।
उत्तर:
मैण्डलीफ के द्वारा भविष्यवाणी किए गए तत्व क्रमशः एका-सिलिकॉन जरमेनियम Ge है जिसकी संयोजकता 4 है तथा एका-ऐलुमिनियम गैलियम Ga है जिसकी संयोजकता 3 है। अत: इनके क्लोराइड के सूत्र क्रमश: GeCl4 एवं GaCl3 होंगे।

प्रश्न 14.
अगर एक तत्व X समूह 14 में रखा गया है। इसके क्लोराइड का सूत्र एवं बन्ध की प्रकृति क्या होगी?
उत्तर:
चूँकि तत्व X समूह 14 में रखा गया है। अतः इसकी संयोजकता 14 – 10 = 4 होगी। इसलिए इसके क्लोराइड का सूत्र XCl4 होगा तथा इसके बन्धों की प्रकृति सहसंयोजी होगी।

प्रश्न 15.
दो नमूनों X एवं Y की परमाणु त्रिज्याओं की तुलना कीजिए तथा अपने उत्तर का कारण भी दीजिए।

  1. X में 12 प्रोटॉन एवं 12 इलेक्ट्रॉन हैं।
  2. Y में 12 प्रोटॉन एवं 10 इलेक्ट्रॉन हैं।

उत्तर:
नमूना X एक तत्व है, जबकि Y उसका धनायन। इसलिए X की परमाणु त्रिज्या Y की परमाणु त्रिज्या से अधिक होगी।

प्रश्न 16.
निम्नलिखित धातुओं को उनके धात्विक गुणों के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए Mg, Ca, K, Ge, Ga.
उत्तर:
Ge < Ga < Mg < Ca < K.

प्रश्न 17.
संयोजकता को परिभाषित कीजिए। (2019)
उत्तर:
संयोजकता:
“किसी तत्व की दूसरे किसी तत्व से संयुक्त होने की प्रवृत्ति उस तत्व की संयोजकता कहलाती है।” दूसरे शब्दों में, “इलेक्ट्रॉनों की वह संख्या जो किसी तत्व के परमाणु द्वारा स्थायी संरचना प्राप्त करने हेतु दी या ली जाती है अथवा साझा की जाती है, उस तत्व की संयोजकता कहलाती है।”

MP Board Class 10th Science Chapter 5 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दो तत्व ‘P’ और ‘Q’ आधुनिक आवर्त सारणी के एक ही आवर्त के क्रमशः समूह-1 और समूह-2 के सदस्य हैं। इनके निम्नलिखित लक्षणों/गुणधर्मों की तालिका के रूप में तुलना कीजिए –
(a) इनके परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की संख्या।
(b) इनके परमाणुओं का साइज।
(c) इनकी धात्विक प्रकृति।
(d) इनकी इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति।
(e) इनके ऑक्साइडों के सूत्र।
(f) इनके क्लोराइडों के सूत्र।
उत्तर:
तत्व ‘P’ एवं ” के दिए हुए लक्षणों/गुणधर्मों के आधार पर तुलना –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 5

प्रश्न 2.
परमाणु क्रमांक 16 के तत्व का उदाहरण लेकर स्पष्ट कीजिए कि आधुनिक आवर्त सारणी में किसी तत्व का स्थान उस तत्व के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से किस प्रकार सम्बन्धित होता है तथा किसी तत्व के परमाणु क्रमांक के आधार पर उसकी संयोजकता किस प्रकार परिकलित की जाती है।
उत्तर:
परमाणु क्रमांक 16 वाले तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 6 है –
(1) तत्व के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में उपस्थित कोशों (कक्षाओं) की संख्या उस तत्व का आधुनिक आवर्त तालिका में आवर्त की संख्या को निर्धारित करती है। जैसे उक्त तत्व का आवर्त 3 है।

(2) प्रथम आवर्त होने पर अर्थात् केवल एक कोश होने पर यदि संयोजी इलेक्ट्रॉन एक है तो प्रथम समूह और यदि दो संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं तो समूह 18 होगा।
द्वितीय अथवा तृतीय आवर्त अर्थात् दो अथवा तीन कोश होने पर संयोजी इलेक्ट्रॉन 1 से 8 तक क्रमशः प्रथम, द्वितीय, 13वाँ, 14वाँ, 15वाँ, 16वाँ, 17वाँ एवं 18वाँ, समूह होगा।
यहाँ परमाणु संख्या 16 का विन्यास 2, 8, 6 है जो तृतीय आवर्त का तत्व है तथा संयोजी इलेक्ट्रॉन 6 है इसलिए यह 16वें समूह का तत्व है।

(3) परमाणु क्रमांक से उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ज्ञात करने पर यदि संयोजी इलेक्ट्रॉन (बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या) यदि 4 या इससे कम है तो वही संख्या उसकी संयोजकता होगी। यदि 5 या 5 से अधिक है तो उस संख्या में से 8 घटाने पर प्राप्त संख्या ही उसकी संयोजकता होगी।

प्रश्न 3.
कोई तत्व ‘X’ आधुनिक आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त और 16वें समह में स्थित है।
(a) ‘X’ में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा इसकी संयोजकता निर्धारित कीजिए।
(b) ‘X’ की हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया द्वारा बने यौगिक का अणुसूत्र लिखिए तथा इसकी इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना खींचिए।
(c) तत्व ‘X’ का नाम लिखिए तथा उल्लेख कीजिए कि यह तत्व धातु है अथवा अधातु है।
उत्तर:
चूँकि तत्व ‘X’ आधुनिक आवर्त सारणी के तृतीय आवर्त एवं 16वें समूह का तत्व है। इसलिए इसकी परमाणु संख्या एवं इलेक्ट्रॉन संख्या 16 है जिसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 16 = 2, 8, 6 है।
(a) ‘X’ में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
एवं संयोजकता = 6 – 8 = – 2
(b) ‘X’ की हाइड्रोजन के साथ बने यौगिक का अणुसूत्र = H2X
(c) तत्व X का नाम = सल्फर (S)
यह एक अधातु तत्व है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 6

प्रश्न 4.
किसी तत्व ‘X’ की द्रव्यमान संख्या 35 तथा इसके न्यूट्रॉनों की संख्या 18 है। ‘X’ की परमाणु संख्या और उसका इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखिए। ‘X’ की समूह संख्या, आवर्त संख्या और संयोजकता का उल्लेख भी कीजिए।
उत्तर:
चूँकि ‘X’ की द्रव्यमान संख्या A = 35 एवं न्यूट्रॉनों की संख्या n = 18 अत: उसकी परमाणु संख्या Z = A – n
⇒ Z = 35 – 18 = 17
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या = 17
इलेक्ट्रॉन विन्यास 17 = 2, 8, 7
X की समूह संख्या = 17
X की आवर्त संख्या = 3
X की संयोजकता = 7 – 8 = – 1

प्रश्न 5.
आधुनिक आवर्त सारणी में आवों और समूहों की संख्या लिखिए।

  1. किसी आवर्त में बायीं ओर से दायी ओर जाने पर तथा
  2. किसी समूह में ऊपर से नीचे आने पर तत्वों के धात्विक अभिलक्षणों में किस प्रकार का परिवर्तन होता है? अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए।

उत्तर:
आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्तों की संख्या = 7 एवं समूहों की संख्या = 18 है।

  1. किसी आवर्त में बाईं ओर से दाईं ओर जाने पर धात्विक अभिलक्षणों का ह्रास होता है अर्थात् कमी आती है।
  2. किसी समूह में ऊपर से नीचे की ओर जाने पर धात्विक अभिलक्षणों में वृद्धि होती है।

प्रश्न 6.
Na, Mg एवं Al आधुनिक आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त के तत्व हैं जिनकी समूह संख्या क्रमशः 1, 2 और 13 है। इनमें से किस तत्व की –
(a) संयोजकता अधिकतम
(b) परमाणु त्रिज्या अधिकतम
(c) रासायनिक अभिक्रियाशील अधिकतम है?
प्रत्येक के लिए कारण सहित अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
चूँकि Na, Mg एवं Al तृतीय आवर्त के क्रमशः समूह 1, 2 एवं 13 के तत्व हैं। इसलिए इनका परमाणु क्रमांक क्रमश: 11, 12 एवं 13 है, जिनका इलेक्ट्रॉन विन्यास निम्नलिखित है
Na = 11 = 2, 8, 1 में संयोजी इलेक्ट्रॉन = 1 अर्थात् संयोजकता = 1
Mg = 12 = 2, 8, 2 में संयोजी इलेक्ट्रॉन = 2 अर्थात् संयोजकता = 2
Al= 13 = 2, 8, 3 में संयोजी इलेक्ट्रॉन = 3 अर्थात् संयोजकता = 3
अतः
(a) अधिकतम 3 संयोजकता वाला तत्व Al है, क्योंकि इसके संयोजकता कोश में सर्वाधिक संयोजी इलेक्ट्रॉन है।
(b) अधिकतम परमाणु त्रिज्या वाला तत्व Na है, क्योंकि किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर उसका साइज अर्थात् परमाणु त्रिज्या कम होती जाती है।
(c) अधिकतम अभिक्रियाशीलता वाला तत्व Na है, क्योंकि किसी आवर्त में 14वें समूह तक अभिक्रियाशीलता घटती है।

प्रश्न 7.
क्या तत्वों के निम्नलिखित समूह डोबेराइनर के त्रिक की तरह वर्गीकृत किए जा सकते है?
(a) Na, Si, Cl
(b) Be, Mg, Ca.
परमाणु द्रव्यमान क्रमशः Be = 9, Na = 23, Mg = 24, Si = 28, Cl= 35 एवं Ca = 40 हैं। सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
(a) नहीं, क्योंकि ये तत्व समान गुणों वाले नहीं हैं, जबकि डोबेराइनर के त्रिक के लिए समान गुणों वाले तत्व होने चाहिए। यद्यपि सिलिकॉन (Si) का परमाणु द्रव्यमान सोडियम (Na) एवं क्लोरीन (Cl) के परमाणु द्रव्यमानों के औसत के लगभग बराबर है।
(b) हाँ, ये डोबेराइनर के त्रिक के रूप में वर्गीकृत किए जा सकते हैं, क्योंकि ये समान गुणों वाले तत्व हैं तथा Be एवं Ca के परमाणु द्रव्यमानों क्रमशः 9 एवं 40 का औसत द्रव्यमान
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 7
जो Mg के परमाणु द्रव्यमान 24 के लगभग बराबर है।

प्रश्न 8.
तीन तत्व A, B एवं C की बाह्यतम कोश में क्रमशः 3, 4 एवं 2 इलेक्ट्रॉन हैं। इनकी समूह संख्या आधुनिक आवर्त तालिका में क्या होगी जिसमें ये स्थित हैं। इनकी संयोजकताएँ भी बताइए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 8

प्रश्न 9.
निम्न तत्वों को उनके परमाणु त्रिज्याओं के आरोही क्रम (बढ़ते क्रम) में व्यवस्थित कीजिए –
(a) Li, Be, F, N
(b) Cl, At, Br, I.
उत्तर:
(a) चूँकि तत्व Li, Be, F एवं N एक ही आवर्त द्वितीय के तत्व हैं जिनका बाएँ से दाएँ क्रम है Li, Be, N एवं F और चूँकि किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु त्रिज्या (परमाणु साइज) घटती जाती है।
अतः परमाणु त्रिज्या का बढ़ता क्रम F < N < Be < Li है।

(b) चूँकि तत्व Cl, At, Br एवं I एक ही समूह 17 के तत्व हैं जिनका ऊपर से नीचे क्रम है Cl, Br, I एवं At और चूँकि किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु त्रिज्या (परमाणु साइज) बढ़ती जाती है।
अतः परमाणु त्रिज्या का बढ़ता क्रम Cl < Br < I < At है।

प्रश्न 10.
निम्न तत्वों में से जिनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास नीचे दिए गए हैं धातु तत्वों की पहचान करके उनके नाम लिखिए –
(a) 2, 8, 2
(b) 2, 8, 1
(c) 2, 8, 7
(d) 2, 1
उत्तर:
उपर्युक्त में धातु तत्व हैं –
(a) 2, 8, 2
(b) 2, 8, 1
(d) 2, 1
इनके नाम हैं –
(a) मैग्नीशियम।
(b) सोडियम।
(d) लीथियम।

प्रश्न 11.
तत्व A (परमाणु संख्या 19) जब तत्व B (परमाणु संख्या 17) से संयुक्त होकर जो यौगिक बनाता है उसका सूत्र लिखिए। उस यौगिक का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख खींचिए। बनने वाले आबन्ध की प्रकृति बताइए।
उत्तर:
A तत्व का इलेक्ट्रॉन विन्यास 19 = 2, 8, 8, 1
एवं B तत्व का इलेक्ट्रॉन विन्यास 17 = 2, 8, 7
बनने वाले यौगिक का सूत्र = AB
बनने वाले आबन्ध की प्रकृति सहसंयोजी है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 9

प्रश्न 12.
निम्न प्रगुणों वाले तत्वों की पहचान कीजिए। एवं उन्हें अभिक्रियाशीलता के आरोही (बढ़ते हुए) क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(a) एक तत्व जो मुलायम एवं अधिक अभिक्रियाशील है।
(b) चूना पत्थर की महत्वपूर्ण घटक धातु।
(c) कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में रहने वाली धातु।
उत्तर:
(a) सोडियम (Na) अथवा पोटैशियम (K)।
(b) कैल्सियम (Ca) एवं
(c) मरकरी (Hg)।
अभिक्रियाशीलता के आरोही (बढ़ते हुए) क्रम में Hg < Ca < Na < K

प्रश्न 13.
कुछ तत्वों की प्रगुण नीचे दिए गए हैं। आप आधुनिक आवर्त तालिका में इनको कहाँ खोजेंगे?
(a) एक धातु जो मुलायम है तथा मिट्टी के तेल में रखी जाती है।
(b) एक परिवर्तनीय (एक से अधिक) संयोजकता वाला तत्व जो जल के अन्दर रखा जाता है।
(c) एक चतुसंयोजी तत्व जो कार्बनिक रसायन को आधार प्रदान करता है।
(d) परमाणु संख्या 2 वाला अक्रिय गैस तत्व।
(e) एक तत्व जिसके ऑक्साइड की पतली सतह दूसरे तत्व को एनोडाइजिंग प्रक्रिया के द्वारा संक्षारण रहित बनाती है।
उत्तर:
(a) सोडियम (Na) आवर्त तालिका के तृतीय आवर्त एवं प्रथम समूह का तत्व। अथवा पोटैशियम (K) आवर्त तालिका के चतुर्थ आवर्त एवं समूह एक का तत्व।
(b) फॉस्फोरस (P) तृतीय आवर्त एवं 15वें समूह का तत्व।
(c) कार्बन (C) द्वितीय आवर्त एवं 14वें समूह का तत्व।
(d) हीलियम (He) प्रथम आवर्त एवं समूह 18 का तत्व।
(e) ऐलुमिनियम (Al) तृतीय आवर्त एवं 13वें समूह का तत्व।

प्रश्न 14.
तत्वों का कौन-सा समूह आवर्त तालिका में पूर्व में व्यवस्थित तत्वों की स्थिति में व्यवधान डाले बिना मैण्डलीफ की आवर्त तालिका में रखा जा सकता है? कारण दीजिए।
उत्तर:
उत्कृष्ट या अक्रिय गैसें।
मैण्डलीफ के आवर्त वर्गीकरण में परमाणु द्रव्यमान को तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणों का आवर्ती फलन का आधार लेते हुए उनके भौतिक एवं रासायनिक गुणों को ध्यान में रखते हुए आवर्त तालिका में व्यवस्थित किया। उत्कृष्ट गैसें अक्रिय होने के कारण एक पृथक् समूह में रखी जाती है और जिससे वास्तविक व्यवस्था में कोई व्यवधान नहीं होता।

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प्रश्न 15.
मैण्डलीफ द्वारा तत्वों के वर्गीकरण में अपनाई गई प्रक्रिया की एक संक्षिप्त रूपरेखा दीजिए। उसने “आवर्त नियम” की व्यवस्था कैसे की?
उत्तर:
मैण्डलीफ द्वारा तत्वों के वर्गीकरण के समय मात्र 63 तत्व ज्ञात थे इन्हीं तत्वों के गुणों के आधार पर निम्न प्रकार उसने तत्वों का वर्गीकरण किया –

  1. इन तत्वों के ऑक्सीजन एवं हैलोजेनों के साथ बने यौगिकों, ऑक्साइड एवं हैलाइड का अध्ययन किया।
  2. समान गुणों वाले तत्वों को एक साथ एक वर्ग में रखा।
  3. मैण्डलीफ ने प्रेक्षण किया कि तत्व स्वत: ही बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित हो गए। इस प्रकार मैण्डलीफ ने आवर्त नियम की व्यवस्था की।

MP Board Class 10th Science Chapter 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक तत्व आवर्त तालिका के तृतीय आवर्त के समूह द्वितीय का तत्व है, ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलकर क्षारकीय ऑक्साइड बनाता है।
(a) उस तत्व की पहचान कीजिए।
(b) उस तत्व का इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखिए।
(c) जब यह तत्व वायु की उपस्थिति में जलता है तो उस समय होने वाली अभिक्रिया का रासायनिक सूत्र लिखिए।
(d) जब यह ऑक्साइड जल में घुलता है तो होने वाली अभिक्रिया का रासायनिक सूत्र लिखिए।
(e) इस ऑक्साइड के बनने का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख बनाइए।
उत्तर:
(a) उक्त तत्व मैग्नीशियम (Mg) है।
(b) मैग्नीशियम (Mg) का इलेक्ट्रॉन विन्यास
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 10

प्रश्न 2.
एक तत्व X (परमाणु क्रमांक 17) दूसरे तत्व Y (परमाणु क्रमांक 20) से अभिक्रिया करके द्वि-संयोजी हैलाइड बनाता है।
(a) X और Y तत्वों को आवर्त तालिका में कहाँ रखा गया है?
(b) तत्व X एवं Y को धातु, अधातु एवं उपधातु में वर्गीकृत कीजिए।
(c) तत्व Y के ऑक्साइड की प्रकृति कैसे होगी? बनने वाले यौगिक में आबन्ध की प्रकृति बताइए।
(d) द्वि-संयोजी हैलाइड का इलेक्ट्रॉन बिन्दु-आरेख खींचिए।
उत्तर:
(a) X आवर्त तालिका के समूह 17 एवं आवर्त तृतीय का तत्व है, जबकि Y समूह 2 के चतुर्थ आवर्त का तत्व है।
(b) X एक अधातु तत्व है एवं Y एक धातु तत्व है।
(c) ऑक्साइड क्षारकीय प्रकृति का है तथा इसमें बनने वाले आबन्ध की प्रकृति विद्युत् संयोजी (आयनिक) बन्ध है।
(d) द्वि-संयोजी हैलाइड का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 11

प्रश्न 3.
नीचे कुछ तत्वों की परमाणु संख्या दी है – 10, 20, 7, 14
(a) इन तत्वों की पहचान कीजिए।
(b) इन तत्वों के आवर्त सारणी में समूहों की पहचान कीजिए।
(c) इन तत्वों के आवर्त सारणी में आवों की पहचान कीजिए।
(d) इन तत्वों में प्रत्येक का इलेक्ट्रॉन विन्यास क्या होना चाहिए?
(e) इन तत्वों की संयोजकता ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 12

प्रश्न 4.
मैण्डलीफ ने कुछ ऐसे तत्वों की भविष्यवाणी की जो उस समय उपलब्ध ही नहीं थे एवं उनमें से दो के नाम एका-सिलिकॉन एवं एका-ऐलुमिनियम रखा।
(a) उन तत्वों के नाम लिखिए जिन्होंने इन तत्वों का स्थान ग्रहण किया।
(b) आधुनिक आवर्त तालिका में इन तत्वों की समूह संख्या एवं आवर्त संख्या लिखिए।
(c) इन तत्वों को धातु/अधातु/उपधातु में वर्गीकृत कीजिए।
(d) इनमें से प्रत्येक में कितने संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 13

प्रश्न 5.
(a) तत्वों की विद्युत् धनात्मकता समूह में नीचे जाने पर बढ़ती है तथा आवर्त में दाएँ जाने पर घटती है।
(b) तत्वों की विद्युत् ऋणात्मकता समूह में नीचे जाने पर घटती है तथा आवर्त में दाएँ जाने पर बढ़ती है।
(c) परमाणु साइज समूह में नीचे जाने पर बढ़ती है तथा आवर्त में दाएँ जाने पर घटती है।
(d) धात्विक प्रकृति (धात्विकता) समूह में नीचे जाने पर बढ़ती है तथा आवर्त में दाएँ जाने पर घटती है।
आवर्त तालिका के उपर्युक्त लक्षणों को ध्यान में रखकर परमाणु संख्या 3 से 9 के तत्वों के सन्दर्भ में निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(i) उनमें अधिकतम इलेक्ट्रो-धनात्मक तत्व का नाम बताइए।
(ii) उनमें अधिकतम इलेक्ट्रो-ऋणात्मक तत्व का नाम बताइए।
(iii) उनमें न्यूनतम परमाणु साइज वाले तत्व का नाम बताइए।
(iv) उस तत्व का नाम बताइए जो उपधातु है।
(v) उस तत्व का नाम बताइए जिसकी संयोजकता सर्वाधिक है।
उत्तर:
(i) लीथियम (Li) परमाणु संख्या: 3
(ii) फ्लु ओरीन (F) परमाणु संख्या: 9
(iii) फ्लु ओरीन (F) परमाणु संख्या: 9
(iv) बोरॉन (B) परमाणु संख्या: 5
(v) कार्बन (C) परमाणु संख्या: 6, क्षमता संयोजकता (4)

प्रश्न 6.
एक पीला एवं कमरे के ताप पर ठोस तत्व श्रृंखलन क्षमता एवं बहरूपता के गुण प्रदर्शित करता है। X तत्व दो प्रकार के ऑक्साइड बनाता है जो फेरस सल्फेट के क्रिस्टलों के ऊष्मीय अपघटन के समय भी बनते हैं एवं बहुत बड़े वायु प्रदूषक भी हैं।
(a) तत्व X की पहचान कीजिए।
(b) तत्व X का इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखिए।
(c) फेरस सल्फेट के क्रिस्टलों के ऊष्मीय अपघटन में होने वाली अभिक्रिया का संतुलित समीकरण लिखिए।
(d) बनने वाले ऑक्साइड की प्रकृति (अम्लीय/क्षारकीय) क्या है?
(e) आधुनिक आवर्त तालिका में उस तत्व की स्थिति बताइए।
उत्तर:
(a) अभीष्ट तत्व X सल्फर (S) है जिसकी परमाणु संख्या 16 है।
(b) X का इलेक्ट्रॉन विन्यास 16 = 2K, 8L, 6M
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 16
(d) X के दोनों ऑक्साइड (SO2 एवं SO3) की प्रकृति अम्लीय है।
(e) आधुनिक आवर्त तालिका में तत्व X की स्थिति तृतीय आवर्त के समूह 16 में है।

प्रश्न 7.
आवर्त तालिका के समूह 15 का एक तत्व X द्वि-परमाण्विक अणु के रूप में रहता है एवं हाइड्रोजन से 773 K तापमान पर उत्प्रेरक की उपस्थिति में संयोग करके एक यौगिक अमोनिया का निर्माण करता है जिसकी विशिष्ट तीव्र गंध होती है।
(a) उस तत्व X की पहचान कीजिए। इसमें कितने संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं।
(b) तत्व X के द्वि-परमाण्विक अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए। इसमें किस प्रकार का आबन्ध बनता है ?
(c) अमोनियम के अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना का आरेख बनाइए। अमोनिया में किस प्रकार के आबन्ध हैं।
उत्तर:
(a) तत्व X नाइट्रोजन (N) तत्व है, जिसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2, 5 है अतः इसके संयोजी इलेक्ट्रॉन की संख्या 5 है।
(b) नाइट्रोजन अणु (N) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना का आरेख –
आबंधों की प्रकृति – त्रिसहसंयोजी आबन्ध।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 14
(c) अमोनिया (NH3) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना का आरेख –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण 15
आबन्धों की प्रकृति – तीन एकल सहसंयोजी आबन्ध।

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MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु

MP Board Class 10th Science Chapter 3 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 45

प्रश्न 1.
ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो –
(i) कमरे के ताप पर द्रव होती है।
(ii) चाकू से आसानी से काटी जा सकती है।
(iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।
(iv) ऊष्मा की कुचालक होती है।
उत्तर:
(i) पारद (मर्करी)
(ii) सोडियम
(ii) सिल्वर एवं कॉपर
(iv) लेड एवं मर्करी

प्रश्न 2.
‘आघातवर्थ्य’ तथा ‘तन्य’ का अर्थ बताइए।
उत्तर:
आघातवर्ध्य: “वे धातुएँ जो पीटने पर पतली चादर की तरह फैल जाती हैं, आघातवर्ध्य कहलाती हैं।
तन्य: वे धातुएँ जिनके तार खींचे जा सकते हैं, तन्य कहलाती हैं।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 51

प्रश्न 1.
सोडियम को कैरोसीन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
उत्तर:
सोडियम धातु वायुमण्डल की नमी (आर्द्रता) के प्रति अतिक्रियाशील होती है। इसलिए इसे कैरोसीन में डुबोकर रखा जाता है, ताकि यह नमी के सम्पर्क में न आए।

प्रश्न 2.
निम्न अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए –

  1. भाप के साथ आयरन।
  2. जल के साथ कैल्सियम तथा पोटैशियम।

उत्तर:
1. 3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2
2. Ca + 2H2O → Ca(OH)2 + H2
2K + 2H2O → 2KOH + H2

प्रश्न 3.
A, B, C एवं D चार धातुओं के नमूनों को लेकर एक – एक करके निम्न विलयन में डाला गया। इसमें प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 1
इस सारणी का उपयोग करके धातु A, B, C एवं D के सम्बन्ध में निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन – सी है?
  2. धातु B को कॉपर (II) सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो क्या होगा?
  3. धातु A, B, C एवं D को क्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में लिखिए।

उत्तर:

  1. सबसे अधिक क्रियाशील धातु: ‘B’ है।
  2. जब धातु B को कॉपर (II) सल्फेट के नीले विलयन में डाला जाता है तो विलयन का रंग उड़ जाता है तथा धातु ‘B’ पर एक भूरे रंग की कॉपर की परत चढ़ जाती है तथा BSO4 का रंगहीन विलयन प्राप्त होता है।
  3. क्रियाशीलता के घटते क्रम में: B > A > C > D

प्रश्न 4.
अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है, तो कौन – सी गैस निकलती है? आयरन के साथ तनु H2SO4 की रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
जब अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो हाइड्रोजन गैस निकलती है।

आयरन के साथ तनु H2SO4 की अभिक्रिया:
जब आयरन के साथ तनु H2SO4 की अभिक्रिया करायी जाती है तो आयरन सल्फेट (फेरस सल्फेट) का हरा विलयन प्राप्त होता है और हाइड्रोजन गैस निकलती है।
Fe + dil. H2SO4 → FeSO4 + H2

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प्रश्न 5.
जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होता है? इसकी रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
आयरन (II) सल्फेट विलयन का रंग उड़ जाता है तथा रंगहीन जिंक सल्फेट का विलयन बनता है तथा जिंक पर आयरन की परत चढ़ जाती है।
Zn + FeSO4 → ZnSO4 + Fe

प्रश्न शृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 54

प्रश्न 1.

  1. सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना लिखिए।
  2. इलेक्ट्रॉन के स्थानान्तरण के द्वारा Na2O एवं MgO का निर्माण दर्शाइए।
  3. इन यौगिकों में कौन – से आयन उपस्थित हैं?

उत्तर:
1. सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 2
2.
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 3
3. Na2O में 2Na+ आयन एवं एक O2- आयन है।
MgO में एक Mg2+ आयन एवं एक O2- आयन है।

प्रश्न 2.
आयनिक यौगिकों के उच्च गलनांक क्यों होते हैं? (2019)
उत्तर:
चूँकि प्रबल अन्तर:
आयनिक आकर्षण को तोड़ने के लिए ऊर्जा की पर्याप्त मात्रा की आवश्यकता होती है। इसलिए आयनिक यौगिकों के उच्च गलनांक होते हैं।

प्रश्न शृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 59

प्रश्न 1.
निम्न पदों की परिभाषा दीजिए –

  1. खनिज।
  2. अयस्क (2019)।
  3. गेंग (2019)।

उत्तर:

  1. खनिज: “पृथ्वी से प्राप्त वे प्राकृतिक पदार्थ, जिनमें धातुएँ या उनके यौगिक किसी न किसी रूप में समाहित होते हैं, खनिज कहलाते हैं।”
  2. अयस्क: “ऐसे खनिज जिनसे धातुओं का आसानी से तथा लाभदायक तरीके से निष्कर्षण किया जा सकता है, अयस्क कहलाते हैं।”
  3. गेंग: “अयस्क में उपस्थित व्यर्थ पदार्थ (रेत, मिट्टी आदि) गेंग कहलाते हैं”।

प्रश्न 2.
दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
उत्तर:

  1. सोना।
  2. चाँदी।

प्रश्न 3.
धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
अपचयन का।

प्रश्न शृंखला-5 # पृष्ठ संख्या 61

प्रश्न 1.
जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को अग्र धातुओं के साथ गर्म किया गया –

धातु धातु जिंक मैग्नीशियम कॉपर
जिंक ऑक्साइड
मैग्नीशियम ऑक्साइड
कॉपर ऑक्साइड

किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी?
उत्तर:
जब कॉपर ऑक्साइड मैग्नीशियम के साथ गर्म किया जाता है तो विस्थापन होगा।

प्रश्न 2.
कौन – सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती है?
उत्तर:
गोल्ड (सोना)।

प्रश्न 3.
मिश्रातु क्या होते हैं?
उत्तर:
मिश्रातु:
“दो या दो से अधिक धातुओं के समांगी मिश्रण को मिश्रातु कहते हैं।”

MP Board Class 10th Science Chapter 3 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में कौन – सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है?
(a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु।
(b) MgCl2 विलयन एवं ऐलुमिनियम धातु।
(c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु।
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु।
उत्तर:
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु।

प्रश्न 2.
लोहे के फ्राइंग पैन (Frying pan) को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से कौन – सी विधि उपयुक्त है?
(a) ग्रीस लगाकर।
(b) पेंट लगाकर।
(c) जिंक की परत चढ़ाकर।
(d) ये सभी।
उत्तर:
(c) जिंक की परत चढ़ाकर।

प्रश्न 3.
कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्व क्या हो सकता है?
(a) कैल्सियम।
(b) कार्बन।
(c) सिलिकन।
(d) लोहा।
उत्तर:
(a) कैल्सियम।

प्रश्न 4.
खाद्य पदार्थों के डिब्बों पर जिंक के बजाय टिन का लेप होता है, क्योंकि?
(a) टिन की अपेक्षा जिंक महँगा है।
(b) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है।
(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।
(d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है।
उत्तर:
(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।

प्रश्न 5.
आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है –
(a) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों के बीच आप विभेद कैसे कर सकते हैं?
(b) धातुओं और अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिताओं का आकलन कीजिए।
उत्तर:
(a) (i) हम दिए गए हथौड़े से दिए हुए नमूनों पर प्रहार करेंगे अगर वे टुकड़े – टुकड़े होकर बिखर गए तो अधातु तथा यदि चादर की तरह फैल गए तो धातु है।
(ii) बैटरी, बल्ब, स्विच को तार के माध्यम से श्रेणीक्रम में जोड़कर दोनों नमूनों में होकर विद्युत् धारा प्रवाहित करेंगे। विद्युत् धारा जिस नमूने में होकर प्रवाहित हो जाती है अर्थात् बल्ब जल जाता है वह धातु है अन्यथा अधातु।
(b) उपर्युक्त परीक्षण एकदम विश्वस्त नहीं है, क्योंकि कुछ धातुएँ भंगुर होती हैं तथा ग्रेफाइट अधातु होते हुए भी विद्युत् धारा की सुचालक होती है।

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प्रश्न 6.
उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
उभयधर्मी ऑक्साइड:
“जो ऑक्साइड अम्लीय एवं क्षारकीय दोनों गुणों को प्रदर्शित करते हैं, वे उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।”
अथवा
“जो ऑक्साइड अम्लों एवं क्षारों, दोनों से अभिक्रिया करके लवण एवं जल बनाते हैं, वे उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।”
उदाहरण:

  1. ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)।
  2. जिंक ऑक्साइड (ZnO)।

प्रश्न 7.
दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगी तथा दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकतीं।
उत्तर:
तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित करने वाली धातुएँ –

  1. मैग्नीशियम (Mg)।
  2. जिंक (Zn)।

तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं कर सकने वाली धातुएँ –

  1. कॉपर (Cu)।
  2. सिल्वर (Ag)।

प्रश्न 8.
किसी धातु M के विद्युत् अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड, कैथोड एवं विद्युत् अपघटन किसे बनाएँगे?
उत्तर:
कैथोड – शुद्ध M धातु, ऐनोड – अशुद्ध M धातु एवं विद्युत् अपघट्य – धातु M के किसी विलेय यौगिक का जलीय विलयन।

प्रश्न 9.
प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पैचुला में लेकर गर्म किया। संलग्न आकृति के अनुसार एक परखनली को उल्टा करके उसने उत्सर्जित गैस को एकत्रित किया
(a) गैस की क्रिया क्या होगी?
(i) सूखे लिटमस पत्र पर? सल्फर पाउडर
(ii) आदें लिटमस पत्र पर?
(b) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 4
(a)
(i) सूखे लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
(ii) आर्द्र नीले लिटमस को लाल कर देती है, क्योंकि एकत्रित गैस सल्फर डाइऑक्साइड है जो पानी से क्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल बनाती है।
(b)
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 5

प्रश्न 10.
लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए। (2019)
उत्तर:
लोहे को जंग से बचाने के दो तरीके:

  1. यशदलेपन – लोहे पर जस्ते की परत चढ़ा देते हैं।
  2. क्रोमियम लेपन – लोहे पर क्रोमियम की परत चढ़ा देते हैं।

प्रश्न 11.
ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ कैसा ऑक्साइड बनाती हैं? (2019)
उत्तर:
ऑक्सीजन अधातुओं से संयुक्त होकर प्रायः अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं, लेकिन कुछ ऑक्साइड उदासीन भी होते हैं।

प्रश्न 12.
कारण बताइए –

  1. प्लेटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है। (2019)
  2. सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अन्दर संग्रहीत किया जाता है।
  3. ऐलुमिनियम अत्यन्त अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोगखाना बनाने में किया जाता है।
  4. निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।

उत्तर:

  1. प्लेटिनम, सोना एवं चाँदी अत्यन्त ही क्षीण क्रियाशील होती हैं तथा इनका संक्षारण नहीं होता इसलिए इनका उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
  2. सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम अतिक्रियाशील धातुएँ हैं और वायुमण्डल की आर्द्रता (नमी) से भी क्रिया कर सकती हैं। इसलिए इन्हें बचाने के लिए इनको तेल के अन्दर संग्रहीत किया जाता है ताकि ये नमी के सम्पर्क में न आएँ।
  3. ऐलुमिनियम ऊष्मा की अच्छी चालक है तथा इसका गलनांक उच्च होता है। यह खौलते जल से भी अभिक्रिया नहीं करती तथा हल्के अम्लों से भी नहीं। इनकी क्रियाशीलता क्षारों के प्रति अधिक होती है जो खाना बनाने में प्रयुक्त नहीं होते। इसलिए अत्यन्त अभिक्रियाशील होते हुए भी इनका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तनों को बनाने में किया जाता है।
  4. कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्कों को निष्कर्षण प्रक्रम में ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है क्योंकि ऑक्साइडों का अपचयन करके धातु आसानी से निष्कर्षित की जा सकती है।

प्रश्न 13.
आपने ताँबे के मलीन बर्तनों को नींबू या इमली के रस से साफ करते अवश्य देखा होगा। यह खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में क्यों प्रभावी हैं?
उत्तर:
ताँबे के बर्तनों के ऊपर क्षारकीय ऑक्साइडों की परत जम जाने के कारण वे मलीन हो जाते हैं। नींबू, इमली या अन्य खट्टे पदार्थों में हल्का अम्ल होता है जो क्षारकीय परत से अभिक्रिया करके उसे उदासीन कर देता है और हटा देता है जिससे ताँबे के बर्तन चमकने लगते हैं। इसलिए खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में प्रभावी हैं।

प्रश्न 14.
रासायनिक गुणधर्म के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए। (2019)
उत्तर:
रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 6

प्रश्न 15.
एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचाया। कोई संदेह किए बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है, जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं, लेकिन उनका वजन अत्यन्त कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात् उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, बता सकते हैं। वह विलयन एक तीव्र विलायक है जो सोने को अपने अन्दर घोल लेता है। इसका नाम अम्लराज (ऐक्वा रेजिया) कहलाता है।

प्रश्न 16.
गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है, परन्तु इस्पात (लोहे की मिश्रातु) का नहीं। इसका कारण बताइए।
उत्तर:
ताँबा इस्पात (लोहे की एक मिश्रातु) से कहीं अधिक ऊष्मा का चालक होता है। इसलिए गर्म पानी का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है, परन्तु इस्पात (लोहे का एक मिश्रातु) का नहीं।

MP Board Class 10th Science Chapter 3 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न में कौन – सा गुण प्रायः धातुओं द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जाता?
(a) विद्युत् संचालन।
(b) ध्वानिक प्रकृति।
(c) चमकहीनता।
(d) तन्यता।
उत्तर:
(c) चमकहीनता।
प्रश्न 2.
पतले तारों में धातुओं के खींचे जा सकने की क्षमता कहलाती है –
(a) तन्यता।
(b) आघातवर्ध्यता।
(c) ध्वानिकता।
(d) चालकता।
उत्तर:
(a) तन्यता।

प्रश्न 3.
ऐलुमिनियम का प्रयोग खाना बनाने के बर्तन बनाने में होता है। ऐलुमिनियम का निम्न में से कौन – सा गुण इसके उपयुक्त है?
(i) ऊष्मा की प्रचालकता।
(ii) विद्युत् की सुचालकता।
(iii) तन्यता।
(iv) उच्च गलनांक।
(a) (i) एवं (ii)।
(b) (i) एवं (iii)।
(c) (ii) एवं (iii)।
(d) (i) एवं (iv)।
उत्तर:
(d) (i) एवं (iv)।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन – सी धातु ठंडे एवं गर्म जल में अभिक्रिया नहीं करती है?
(a) Na
(b) Ca
(c) Mg
(d) Fe
उत्तर:
(d) Fe

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से आयरन के कौन से ऑक्साइड आयरन का स्टीम के साथ लम्बी अभिक्रिया के फलस्वरूप प्राप्त होंगे?
(a) FeO
(b) Fe2O3
(c) Fe3O4
(d) Fe2O3 ta Fe3O4
उत्तर:
(c) Fe3O4

प्रश्न 6.
जब कैल्सियम की अभिक्रिया जल में होती है तो क्या होता है?
(i) यह जल से अभिक्रिया नहीं करती।
(ii) यह जल से तीव्रता से अभिक्रिया करती है।
(iii) यह जल से कम तीव्रता से अभिक्रिया करती है।
(iv) हाइड्रोजन के बनने वाले बुलबुले कैल्सियम की सतह पर चिपक जाते हैं।
(a) (i) एवं (iv)।
(b) (ii) एवं (iii)।
(c) (i) एवं (ii)।
(d) (iii) एवं (iv)।
उत्तर:
(d) (iii) एवं (iv)।

प्रश्न 7.
सामान्यतः धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया करके लवण एवं हाइड्रोजन गैस देती हैं। निम्नलिखित में से कौन – सा अम्ल धातुओं से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस नहीं देता (Mn एवं Mg को छोड़कर) –
(a) H2SO4
(b) HCl
(c) HNO3
(d) ये सभी।
उत्तर:
(c) HNO3

प्रश्न 8.
अम्लराज (ऐक्वा रेजिया) का संघटन है?
(a) तनु HCl: सान्द्र HNO3 = 3 : 1
(b) सान्द्र HCl: तनु HNO3 = 3 : 1
(c) सान्द्र HCl: सान्द्र HNO3 = 3 : 1
(d) तनु HCl: तनु HNO3 = 3 : 1
उत्तर:
(c) सान्द्र HCl: सान्द्र HNO3 = 3 : 1

प्रश्न 9.
निम्न में कौन आयनिक यौगिक नहीं है?
(i) KCl
(ii) HCl
(iii) CCl4
(iv) NaCl
(a) (i) एवं (ii)।
(b) (ii) एवं (iii)।
(c) (iii) एवं (iv)।
(d) (i) एवं (iii)।
उत्तर:
(b) (ii) एवं (iii)

प्रश्न 10.
निम्न में से किस गुण का प्रदर्शन सामान्यतः आयनिक यौगिकों द्वारा नहीं किया जाता है?
(a) जल में विलेयता।
(b) ठोस अवस्था में विद्युत् चालकता।
(c) उच्च गलनांक एवं क्वथनांक।
(d) पिघली अवस्था में विद्युत् चालकता।
उत्तर:
(b) ठोस अवस्था में विद्युत् चालकता

प्रश्न 11.
निम्नलिखित में कौन-सी धातु प्रकृति में स्वतन्त्र अवस्था में मिलती है?
(i) Cu
(ii) Au
(iii) Zn
(iv) Ag
(a) (i) एवं (ii)।
(b) (ii) एवं (iii)।
(c) (ii) एवं (iv)।
(d) (iii) एवं (iv)।
उत्तर:
(c) (ii) एवं (iv)।

प्रश्न 12.
धातुओं का निष्कर्षण अनेक विधियों से होता है। निम्न में से किन धातुओं का निष्कर्षण विद्युत् निष्कर्षण से होता है?
(i) Au
(ii) Cu
(iii) Na
(iv) K
(a) (i) एवं (ii)
(b) (i) एवं (iii)
(c) (ii) एवं (iii)
(d) (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(a) (i) एवं (ii)

प्रश्न 13.
वायु में अधिक समय तक खुला छोड़ देने पर चाँदी की वस्तुएँ काली पड़ जाती हैं। यह निम्न बनने के कारण होता है –
(a) Ag3N
(b) Ag2O
(c) Ag2S
(d) Ag3N
उत्तर:
(c) Ag2S

प्रश्न 14.
यशदलेपन, लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर निम्न की परत चढ़ाने की प्रक्रिया है।
(a) गेलियम।
(b) ऐलुमिनियम।
(c) जिंक।
(d) चाँदी।
उत्तर:
(c) जिंक।

प्रश्न 15.
स्टेनलेस स्टील हमारे जीवन के लिए अत्यन्त उपयोगी है। स्टेनलेस स्टील में आयरन के साथ मिला होता है –
(a) Ni एवं Cr
(b) Cu एवं Cr
(c) Ni एवं Cu
(d) Cu एवं Au
उत्तर:
(a) Ni एवं Cr

प्रश्न 16.
यदि कॉपर को वायु में खुला छोड़ दिया जाता है तो धीरे – धीरे यह अपनी ब्राउन चमकीली सतह को खोता जाता है और उस पर एक हरी परत जमती जाती है जो निम्न के बनने के कारण होती है –
(a) CuSO4
(b) CuCO3
(c) Cu(NO3)2
(d) CuO
उत्तर:
(b) CuCO3

प्रश्न 17.
प्रायः धातुएँ ठोस होती हैं। निम्न में कौन धातु कमरे के ताप पर दव अवस्था में पायी जाती है?
(a) Na
(b) Fe
(c) Cr
(d) Hg
उत्तर:
(d) Hg

प्रश्न 18.
निम्न में कौन – सी धातुएँ उनके क्लोराइडों के पिघली अवस्था में विद्युत् अपघटन से प्राप्त होती है?
(i) Na
(ii) Ca
(iii) Fe
(iv) Cu
(a) (i) एवं (iv)।
(b) (iii) एवं (iv)।
(c) (i) एवं (iii)।
(d) (i) एवं (ii)।
उत्तर:
(d) (i) एवं (ii)।

प्रश्न 19.
सामान्यतः अधातुएँ चमकहीन होती हैं, लेकिन निम्नलिखित में से कौन – सी अधातु में चमक
होती है?
(a) सल्फर।
(b) ऑक्सीजन।
(c) नाइट्रोजन।
(d) आयोडीन।
उत्तर:
(d) आयोडीन।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित चार धातुओं में से कौन – सी धातु अपने विलयन में से अन्य तीन धातुओं से विस्थापित होगी?
(a) Mg
(b) Ag
(c) Zn
(d) Cu
उत्तर:
(b) Ag

प्रश्न 21.
सान्द्र HCl, सान्द्र HNO3 एवं सान्द्र HCl तथा सान्द्र HNO3 के 3:1 के अनुपात वाले मिश्रण में से प्रत्येक से 2 ml लेकर तीन अलग – अलग परखनलियों क्रमश: A, B एवं C में डाला फिर एक धातु का टुकड़ा प्रत्येक परखनली में डाला तो हम देखते हैं कि परखनली A एवं परखनली B में कोई परिवर्तन नहीं हुआ लेकिन धातु परखनली C में घुल गई तो वह धातु हो सकती है –
(a) Al
(b) Au
(c) Cu
(d) Pt
उत्तर:
(b) Au

प्रश्न 22.
एक मिश्रातु है –
(a) एक तत्व।
(b) एक यौगिक।
(c) एक समांग मिश्रण।
(d) एक विषमांग मिश्रण।
उत्तर:
(c) एक समांग मिश्रण

प्रश्न 23.
एक इलेक्ट्रोलाइटिक सेल में होता है –
(a) धनावेशित कैथोड।
(b) ऋणावेशित एनोड।
(c) धनावेशित ऐनोड।
(d) ऋणावेशित कैथोड।
उत्तर:
(b) ऋणावेशित एनोड

प्रश्न 24.
जिंक के इलेक्ट्रोलाइटिक शोधन में यह होता है –
(a) कैथोड पर एकत्रित
(b) ऐनोड पर एकत्रित
(c) कैथोड एवं ऐनोड दोनों पर एकत्रित
(d) विलयन में रहता है।
उत्तर:
(a) कैथोड पर एकत्रित

प्रश्न 25.
एक तत्व A मुलायम है और चाकू से काटा जा सकता है। यह वायु के प्रति अतिक्रियाशील है और यह हवा में खुला नहीं रखा जा सकता। यह जल से बहुत तीव्र अभिक्रिया करता है। निम्नलिखित में से उस तत्व A की पहचान कीजिए –
(a) Mg
(b) Na
(c) P
(d) Ca
उत्तर:
(b) Na

प्रश्न 26.
मिश्रातु एक धातु एवं दूसरी धातु अथवा अधातु के समांगी मिश्रण होते हैं। निम्न में कौन मिश्रातु में एक अधातु अवयव होता है?
(a) पीतल।
(b) कॉपर।
(c) अमलगम।
(d) स्टील।
उत्तर:
(d) स्टील।

प्रश्न 27.
मैग्नीशियम धातु के लिए निम्न में कौन – सा कथन असत्य है?
(a) यह ऑक्सीजन में चमकदार सफेद ज्वाला के साथ जलता है।
(b) यह ठंडे जल के साथ क्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है और हाइड्रोजन गैस निकालता है।
(c) यह गर्म जल के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है और हाइड्रोजन गैस देता है।
(d) यह जलवाष्प से अभिक्रिया करके मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है और हाइड्रोजन गैस देता है।
उत्तर:
(b) यह ठंडे जल के साथ क्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है और हाइड्रोजन गैस निकालता है।

प्रश्न 28.
निम्न मिश्रातुओं में से किसमें मरकरी (पारा) एक अवयव की तरह होता है?
(a) स्टेनलेस स्टील।
(b) एल्नीको।
(c) सोल्डर।
(d) जिंक अमलगम।
उत्तर:
(d) जिंक अमलगम।

प्रश्न 29.
X एवं Y के मध्य अभिक्रिया के फलस्वरूप एक यौगिक Z बनता है। X इलेक्ट्रॉन खोता है तथा Y इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। निम्नलिखित में कौन – सा गुण Z प्रदर्शित नहीं करता है?
(a) उच्च गलनांक।
(b) निम्न गलनांक।
(c) गलित अवस्था में विद्युत् चालन।
(d) ठोस अवस्था में प्राप्ति।
उत्तर:
(b) निम्न गलनांक।

प्रश्न 30.
तीन तत्वों X, Y एवं 2 के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न हैं – X → 2, 8, Y → 2, 8, 7 एवं Z → 2, 8, 2. निम्न में कौन – सा कथन सत्य है?
(a) X एक धातु है।
(b) Y एक धातु है।
(c) Z एक अधातु है।
(d) Y अधातु तथा Z धातु है।
उत्तर:
(d) Y अधातु तथा Z धातु है।

प्रश्न 31.
यद्यपि धातुएँ क्षारकीय ऑक्साइड बनाती हैं, लेकिन निम्नलिखित में कौन-सी धातु उभयधर्मी ऑक्साइड बनाती है?
(a) Na
(b) Ca
(c) Al
(d) Cu
उत्तर:
(c) Al

प्रश्न 32.
सामान्यतः अधातुएँ विद्युत् की अचालक होती हैं, लेकिन निम्नलिखित में कौन विद्युत् की सुचालक है?
(a) हीरा।
(b) ग्रेफाइट।
(c) सल्फर।
(d) फुलैरिन।
उत्तर:
(b) ग्रेफाइट।

प्रश्न 33.
विद्युत् तारों पर एक अचालक पदार्थ की परत चढ़ी होती है। सामान्यतः इसके लिए प्रयुक्त पदार्थ होता है –
(a) सल्फर।
(b) ग्रेफाइट।
(c) PVC।
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(c) PVC।

प्रश्न 34.
निम्न में से कौन अधातु द्रव होती है?
(a) कार्बन।
(b) ब्रोमीन।
(c) फॉस्फोरस।
(d) सल्फर।
उत्तर:
(b) ब्रोमीन।

प्रश्न 35.
निम्न में से कौन रासायनिक अभिक्रिया करेगा?
(a) MgSO4 + Fe
(b) ZnSO4 + Fe
(c) MgSO4 + Pb
(d) CuSO4 + Fe
उत्तर:
(d) CuSO4 + Fe

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. धातुएँ प्रायः ऊष्मा एवं विद्युत की …………. होती हैं।
  2. आघातवर्ध्यनीयता एवं तन्यता ………….. का प्रमुख गुण है।
  3. भंगुरता प्रायः …….. का प्रमुख गुण है।
  4. अधातुएँ प्रायः विद्युत् की ………….. होती हैं।
  5. …… का उपयोग थर्मामीटर एवं बैरोमीटर में किया जाता है।

उत्तर:

  1. सुचालक।
  2. धातुओं।
  3. अधातुओं।
  4. अचालक।
  5. पारा (मर्करी)।

जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 7
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

सत्य/असत्य कथन

  1. सोडियम अतिक्रियाशील धातु है।
  2. दो अधातुओं के समांग मिश्रण को मिश्रातु कहते हैं।
  3. धातुओं के ऑक्साइड प्रायः क्षारकीय प्रकृति के होते हैं।
  4. स्टैनलैस स्टील में ताँबा मिला होता है।
  5. अधातुओं के ऑक्साइड प्रायः अम्लीय प्रकृति के होते हैं।

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. सत्य।
  4. असत्य।
  5. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

  1. जो धातुएँ कठोर सतह से टकराने पर ध्वनि उत्पन्न करती हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
  2. धातुओं की सतह चमकदार होती है, यह गुण क्या कहलाता है?
  3. पारे की मिश्रातु क्या कहलाती है?
  4. अयस्कों में उपस्थित मिट्टी एवं रेत की अशुद्धियाँ क्या कहलाती हैं?
  5. जब कोई तत्व प्रकृति में विभिन्न रूपों में पाया जाता है तो इस गुण को क्या कहते हैं?

उत्तर:

  1. ध्वानिक (सोनोरस)।
  2. धात्विक चमक।
  3. अमलगम।
  4. गेंग।
  5. अपररूपता।

MP Board Class 10th Science Chapter 3 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ध्वानिक (सोनोरस) किन्हें कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ध्वानिक (सोनोरस):”वे धातुएँ किसी कठोर सतह से टकराती हैं, तो वे ध्वनि करती हैं। उन धातुओं को ध्वानिक (सोनोरस) कहते हैं।
उदाहरण: मंदिर के घंटों एवं स्कूल की घंटी का धातु।

प्रश्न 2.
‘भर्जन’ से क्या समझते हो?
उत्तर:
भर्जन:
“सल्फाइड अयस्क को वायु की उपस्थिति में अधिक ताप पर गर्म करने से वह सम्बन्धित धातु के ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाती है। इस प्रक्रिया को भर्जन कहते हैं”।

प्रश्न 3.
‘निस्तापन’ में क्या समझते हो?
उत्तर:
निस्तापन:
“कार्बोनेट अयस्कों को वायु की सीमित मात्रा में उच्च ताप पर गर्म करने पर वह सम्बन्धित धातु के ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है। इस प्रक्रिया को निस्तापन कहते हैं”।

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प्रश्न 4.
‘ऐनोड पंक’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऐनोड पंक:
“जब धातुओं का विद्युत् अपघटनी परिष्करण (शोधन) किया जाता है तो अशुद्ध ऐनोड विद्युत् अपघटय में घुल जाता है तथा उसमें उपस्थित अविलेय अशुद्धियाँ ऐनोड की तली में एकत्रित हो जाती हैं, जिसे ऐनोड पंक कहते हैं।”

प्रश्न 5.
‘सक्रियता श्रेणी’ से क्या समझते हो?
उत्तर:
सक्रियता श्रेणी:
“वह सूची जिसमें धातुओं को उनकी क्रियाशीलता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, सक्रियता श्रेणी कहलाती है।”

प्रश्न 6.
अपररूपता से क्या समझते हो? कार्बन के दो प्रमुख अपररूपों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अपररूपता:
“जब कोई तत्व प्रकृति में विभिन्न रूपों में मिलता है जिनके भौतिक गुणों में भिन्नता होती है, लेकिन रासायनिक गुण समान होते हैं, तो उनको उस तत्व के अपररूप एवं उनके इस गुण को अपररूपता कहते हैं”।

कार्बन के प्रमुख अपररूप:

  1. ग्रेफाइट।
  2. डायमण्ड (हीरा)।

प्रश्न 7.
यशदलेपन से क्या समझते हो?
उत्तर:
यशदलेपन:
“लोहा एवं इस्पात को जंग लगने (संक्षारण) से बचाने के लिए उस पर जिंक (जस्ते) की परत चढ़ा दी जाती है। इस प्रक्रिया को यशदलेपन कहते हैं”।

प्रश्न 8.
अमंलगम क्या होता है?
उत्तर:
अमलगम:
“जब किसी धातु जैसे जस्ता आदि पर पारे का लेप कर दिया जाता है तो वह धातु पारे से मिलकर पारे की मिश्रातु बनाती है, जिसे अमलगम कहते हैं।”

प्रश्न 9.
थर्मिट अभिक्रिया किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
थर्मिट अभिक्रियाएँ:
“वे धातु विस्थापन अभिक्रियाएँ जिनमें अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे विस्थापित धातु गलित अवस्था में प्राप्त होती है, थर्मिट अभिक्रियाएँ कहलाती हैं”।

प्रश्न 10.
अयस्कों से धातुओं के निष्कर्षण की प्रक्रिया में उनके सल्फाइड एवं कार्बोनेट अयस्कों को धातुओं के ऑक्साइड में क्यों परिवर्तित करना चाहिए?
उत्तर:
धातुओं के सल्फाइड एवं कार्बोनेटों की अपेक्षा उनके ऑक्साइड से धातुएँ अपचयन द्वारा प्राप्त करना अधिक आसान है।

प्रश्न 11.
सामान्यतः जब धातुएँ खनिज अम्लों से अभिक्रिया करती हैं तो हाइड्रोजन गैस निकलती है, लेकिन Mn एवं Mg को छोड़कर अन्य धातुएँ जब NHO3 से अभिक्रिया करती हैं तो हाइड्रोजन गैस उत्पन्न क्यों नहीं होती है?
उत्तर:
चूँकि HNO3 एक प्रबल ऑक्सीकारक है। इसलिए यह हाइड्रोजन गैस को जल में उपचयित कर देता है और इस कारण वह Mn एवं Mg को छोड़कर अन्य किसी धातु से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस नहीं देता।

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प्रश्न 12.
एक अधातु तत्व X दो रूपों Y एवं Z में प्राप्त होती है। इनमें Y कठोरतम तत्व है और Z एक विद्युत् का सुचालक है। X, Y एवं Z की पहचान कीजिए।
उत्तर:
X → कार्बन, Y = हीरा (डायमण्ड) एवं Z → ग्रेफाइट है।

प्रश्न 13.
सोल्डर मिश्रातु के अवयव (घटक) कौन – कौन से हैं? सोल्डर का कौन – सा गुण इसे बिजली के तारों की वेल्डिंग करने के योग्य बनाता है?
उत्तर:
सोल्डर मिश्रातु के घटक लेड एवं टिन हैं। सोल्डर मिश्रातु का निम्न गलनांक इसे इलेक्ट्रिक तार की वेल्डिंग के योग्य बनाता है।

प्रश्न 14.
एक तत्व A, A2O3 ऑक्साइड बनाता है जोकि स्वभाव (प्रकृति) से अम्लीय है। A की पहचान धातु एवं अधातु के रूप में कीजिए।
उत्तर:
चूँकि तत्व A का ऑक्साइड प्रकृति से अम्लीय है। इसलिए तत्व A एक अधातु तत्व होगा।

प्रश्न 15.
जब ऐलुमिनियम पाउडर MnO2 के साथ गर्म किया जाता है तो निम्न अभिक्रिया होती है –
3MnO2(s) + 3Al(s) → 3Mn(l) + 2Al2O3(l) + ऊष्मा

  1. क्या ऐलुमिनियम का अपचयन हो रहा है?
  2. क्या MnO2 का उपचयन हो रहा है?

उत्तर:

  1. नहीं, ऐलुमिनियम का उपचयन हो रहा है, क्योंकि ऑक्सीजन संयुक्त हो रही है।
  2. नहीं, MnO2 का अपचयन हो रहा है, क्योंकि ऑक्सीजन की हानि हो रही है।

प्रश्न 16.
ऊष्मा की सुचालक एवं कुचालक प्रत्येक प्रकार की धातुओं के दो – दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ऊष्मा की सुचालक धातुएँ: Ag एवं Cu.
ऊष्मा की कुचालक धातुएँ: Pb एवं Hg.

MP Board Class 10th Science Chapter 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
इकबाल ने एक चमकीले द्विसंयोजी तत्व M की सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करायी, उसने अभिकारक मिश्रण में अभिक्रिया के समय बुलबुले उठते प्रेक्षित किए। उसने जब इस तत्व की अभिक्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से करायी, तब भी वह प्रेक्षित किया जो पहले किया। उत्पन्न गैस की वह पहचान कैसे करें ? बताइए। दोनों अभिक्रियाओं के लिए रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
वह गैस हाइड्रोजन हो सकती है जिसकी पहचान के लिए जब जलती तीली उसके पास लाते हैं तो वह फक-फक की ध्वनि के साथ जलती है।
M + 2NaOH → Na2MO2 + H2(g)
M + 2HCl → MCl + H2(g) वह तत्व M एक धातु तत्व है।

प्रश्न 2.
धातु निष्कर्षण की प्रक्रिया के समय शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रोलाइटिक शोधन की प्रक्रिया को अपनाया जाता है –

  1. सिल्वर धातु के शोधन में ऐनोड एवं कैथोड किस पदार्थ के बने होते हैं?
  2. एक उपयुक्त इलेक्ट्रोलाइट (विद्युत् अपघट्य) बताइए।
  3. इस इलेक्ट्रोलाइटिक सेल में विद्युत् धारा प्रवाहित करने पर हमको शुद्ध सिल्वर कहाँ प्राप्त होगी?

उत्तर:

  1. ऐनोड – अशुद्ध सिल्वर, कैथोड – शुद्ध सिल्वर।
  2. विद्युत् अपघट्य – किसी सिल्वर लवण का विलयन; जैसे – AgNO3 एवं AgCl2 इत्यादि।
  3. हम कैथोड पर शुद्ध सिल्वर धातु प्राप्त करेंगे।

प्रश्न 3.
एक यौगिक X एवं ऐलुमिनियम का प्रयोग रेल लाइनों को जोड़ने के काम में लाया जाता है।

  1. यौगिक X की पहचान कीजिए।
  2. इस अभिक्रिया का नाम लिखिए।
  3. इस अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर:

  1. यौगिक X है – आयरन (III) ऑक्साइड, Fe2O3
  2. अभिक्रिया का नाम हैं – थर्मिट अभिक्रिया
  3. Fe2O3 + 2Al → 2Fe + Al2O3

प्रश्न 4.
जब कोई धातु X ठण्डे जल से अभिक्रिया करती है तो यह एक क्षारकीय लवण Y देता है जिसका अणुसूत्र XOH (अणु द्रव्यमान = 40) एवं एक गैस Z निकालता है जो आसानी से आग को पकड़ लेती है। X, Yएवं Z की पहचान कीजिए तथा होने वाली अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
X → Na, Y → NaOH एवं Z → H2
2Na + 2H2O → 2NaOH + H2 + ऊष्मा

प्रश्न 5.
एक धातु A जो थर्मिट प्रक्रिया में प्रयुक्त होती है, जब ऑक्सीजन के साथ गर्म की जाती है तो एक ऑक्साइड B बनाती है जो उभयधर्मी प्रकृति का है। A एवं B की पहचान कीजिए। ऑक्साइड B की HCl एवं NaOH के साथ अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
A → ऐलुमिनियम (Al)
B → ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) है।
Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 2H2O
Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O

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प्रश्न 6.
एक धातु जो कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में रहती है, इसके सल्फाइड को ऑक्सीजन की उपस्थिति में गर्म करके प्राप्त की जाती है। इस धातु एवं इसके अयस्क की पहचान कीजिए तथा होने वाली अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
सक्रियता श्रेणी में निम्न सक्रियता वाली धातुओं को उनके ऑक्साइड एवं सल्फाइड अयस्कों को गर्म करके प्राप्त की जा सकती है और केवल एक ही धातु मरकरी (Hg) कमरे ताप पर द्रव अवस्था में होती है। अतः अभीष्ट धातु मरकरी (Hg) है। यह अयस्क सिनेबार (HgS) को ऑक्सीजन की उपस्थिति में गर्म करके प्राप्त की जा सकती है।
रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 8

प्रश्न 7.
निम्नलिखित जोड़ों के संयोजन से बनने वाले यौगिकों के अणु सूत्र लिखिए –

  1. Mg एवं N2
  2. Li एवं O2
  3. AI एवं Cl2
  4. K एवं O2

उत्तर:

  1. Mg3N2
  2. Li2O
  3. AlCl3
  4. K2O

प्रश्न 8.
क्या होता है, जबकि –
(a) ZnCO3 को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है।
(b) Cu2O एवं Cu2S के एक मिश्रण को गर्म किया जाता है। रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
(a) जब ZnCO3 को ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है तो निस्तापन की प्रक्रिया द्वारा ZnO बनता है और CO2 गैस निकल जाती है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 9
(b) जब Cu2O एवं Cu2S के मिश्रण को गर्म किया जाता है तो SO2 गैस निकल जाती है तथा कॉपर धातु (Cu) प्राप्त होती है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 10

प्रश्न 9.
एक अधातु तत्व A हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण अवयव (घटक) है। यह दो ऑक्साइड B एवं C बनाता है। ऑक्साइड B विषाक्त है तथा C वैश्विक ऊष्मता का कारक है –
(a) A, B एवं C की पहचान कीजिए।
(b) अधातु A आवर्त तालिका के किस समूह का तत्व है?
उत्तर-हमारे भोजन का महत्वपूर्ण घटक अधातु तत्व कार्बन (C) होता है तथा कार्बन दो ऑक्साइड CO एवं CO2 बनाता है जिनमें CO विषाक्त एवं CO2 वैश्विक ऊष्मता का कारक होता है। अतः
(a) A → कार्बन (C)
B → कार्बन मोनोक्साइड (CO)
C → कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) है।

(b) कार्बन अधातु तत्व आवर्त तालिका (सारणी) के समूह 14 का तत्व है।

प्रश्न 10.
कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में रहने वाली एक धातु एवं एक अधातु का नाम लिखिए तथा ऐसी दो धातुओं के भी नाम लिखिए जिनका गलनांक 310 K (37°C) से कम है।
उत्तर:
द्रव धातु – मरकरी (Hg)।
द्रव अधातु – ब्रोमीन (Br)।
310 K (37°C) से कम गलनांक वाली दो धातुएँ हैं –

  1. सीजियम (Cs)।
  2. गैलियम (Ga)।

प्रश्न 11.
एक तत्व A जल से अभिक्रिया करके एक यौगिक B बनाता है जोकि सफेदी करने के काम आता है। यौगिक B गर्म करने पर एक ऑक्साइड C बनाता है जो पानी से अभिक्रिया करके पुनः B बनाता है। A, B एवं C की पहचान कीजिए एवं अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
चूँकि B सफेदी करने के काम आता है और सफेदी करने में बुझा चूना [Ca(OH2)] प्रयुक्त होता है अत: B बुझा चूना [Ca(OH)2] है चूँकि तत्व कैल्सियम की जल से अभिक्रिया के फलस्वरूप हमको बुझा चूना मिलता है अतः तत्व A कैल्सियम धातु (Ca) है।
चूँकि B बुझा चूना [Ca(OH)2] गर्म करने पर कैल्सियम ऑक्साइड [CaO] देता है अत: C कैल्सियम ऑक्साइड [CaO] है, जो पानी से अभिक्रिया करके पुनः B बुझा चूना [Ca(OH)2] बनाता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 11

प्रश्न 12.
एक क्षारीय धातु A जल में अभिक्रिया करके एक यौगिक B (अणु – द्रव्यमान = 40) देती है जब यौगिक B की अभिक्रिया ऐलुमिनियम ऑक्साइड के साथ होती है तो विलेय यौगिक C बनता है। A, B एवं C की पहचान कीजिए एवं अभिक्रियाओं के समीकरण दीजिए।
उत्तर:
क्षारीय धातु A सोडियम (Na) हो सकता है जो जल में अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) यौगिक B बनाता है जिसका अणु – द्रव्यमान 40 है जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) से अभिक्रिया करता है तो विलेय लवण C सोडियम ऐलुमिनेट (NaAlO2) बनाता है। इस प्रकार –
A → सोडियम (Na), B → सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) एवं C → सोडियम ऐलुमिनेट (NaAlO2) है।
2Na + 2H2O → 2NaOH + H2(g)
Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O

प्रश्न 13.
जिंक को उसके अयस्क से निष्कर्षण में होने वाली अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए –
(a) जब जिंक अयस्क का भर्जन किया जाता है।
(b) जब जिंक अयस्क का निस्तापन किया जाता है।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 12

प्रश्न 14.
एक धातु M अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस नहीं देती है, लेकिन ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके काला पदार्थ बनाती है। उस धातु M की एवं उस काले उत्पाद की पहचान कीजिए एवं ऑक्सीजन के साथ उस धातु की अभिक्रिया को समझाइए।
उत्तर:
चूँकि कॉपर अम्लों से अभिक्रिया करके कभी भी हाइड्रोजन गैस नहीं देती तथा ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके काला पदार्थ कॉपर ऑक्साइड (CuO) बनाती है अतः
M= कॉपर धातु (Cu) है तथा काला पदार्थ कॉपर ऑक्साइड (CuO) है।
अभिक्रिया का समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 13

प्रश्न 15.
कॉपर सल्फेट (CuSO4) का एक विलयन लोहे के बर्तन में रखा गया। कुछ दिन बाद लोहे के बर्तन में अनेक छेद पाए गए। सक्रियता के आधार पर इसके कारण की व्याख्या कीजिए तथा अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
चूँकि सक्रियता श्रेणी में लोहे (आयरन), ताँबे के ऊपर आता है अर्थात् लोहे की सक्रियता ताँबे से अधिक है। इसलिए लोहा (आयरन Fe) कॉपर सल्फेट के विलयन से कॉपर को विस्थापित करके आयरन सल्फेट बनाता है जो विलेय है। इसलिए विलयन में घुल जाता है और बर्तन में छेद हो जाते हैं। अभिक्रिया का समीकरण
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)

प्रश्न 16.
तीन धातुओं X, Y एवं Z में से X ठण्डे पानी से अभिक्रिया करती है। Y गर्म पानी के साथ तथा Z केवल जलवाष्प के साथ अभिक्रिया करती है। X, Y एवंz की पहचान कीजिए एवं उनको बढ़ती हुई सक्रियता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर:
चूँकि X ठण्डे पानी से अभिक्रिया करती है। इसलिए X कोई क्षार धातु Na या K है। चूंकि Y गर्म पानी के साथ अभिक्रिया करती है। इसलिए Y कोई क्षारीय मृदा धातु Mg या Ca है।
चूँकि Z जलवाष्प से अभिक्रिया करती है अत: Z = आयरन (Fe) है।
सक्रियता के आरोही क्रम में –
Z < Y < X अर्थात् Fe < Mg या Ca < Na या K

MP Board Class 10th Science Chapter 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक अधातु A जो वायुमण्डल का सबसे बड़ा घटक है, जब यह हाइड्रोजन (H2) के साथ 1 : 3 के अनुपात में Fe उत्प्रेरक की उपस्थिति में गर्म किया जाता है तो गैस B बनाता है। जब इसे ऑक्सीजन के साथ गर्म करने पर यह एक ऑक्साइड C देता है। यदि यह ऑक्साइड जल में हवा की उपस्थिति में प्रवाहित किया जाता है तो यह एक अम्ल D बनाता है जो एक प्रबल ऑक्सीकारक की तरह कार्य करता है।
(a) A, B, C एवं D की पहचान कीजिए।
(b) यह अधातु आवर्त तालिका के किस समूह का तत्व है?
उत्तर:
चूँकि वायुमण्डल का सबसे बड़ा घटक नाइट्रोजन (N) है जो एक अधातु A है और यह आयरन (Fe) उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन के साथ 1 : 3 के अनुपात में गर्म करने पर एक गैस (B) देता है, जो अमोनिया (NH3) है। नाइट्रोजन गैस ऑक्सीजन के साथ गर्म करने पर एक ऑक्साइड (C) देती है जो नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) है। यह ऑक्साइड हवा की उपस्थिति में जल में प्रवाहित किया जाता है तो यह एक प्रबल ऑक्सीकारक (उपचायक) अम्ल (D) देती है जो नाइट्रिक अम्ल (HNO3) है, अतः
(a) A → (N2), B → (NH3), C → (NO), D → (HNO3)
(b) अधातु तत्व A अर्थात् नाइट्रोजन (N) आवर्त सारणी के समूह-15 का तत्व है।

प्रश्न 2.
निम्न एवं मध्यम सक्रियता वाली धातुओं को उनके सम्बन्धित सल्फाइड अयस्कों से निष्कर्षण की प्रक्रिया के चरण लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 14

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की व्याख्या कीजिए –

  1. ऐलुमिनियम (Al) की सक्रियता घटती जाती है यदि इसको HNO3 में डुबाया जाता है।
  2. कार्बन, सोडियम या मैग्नीशियम के ऑक्साइड को अपचयित नहीं कर सकता।
  3. सोडियम क्लोराइड NaCl ठोस अवस्था में विद्युत् का सुचालक नहीं होता, जबकि गलित अवस्था में अथवा जलीय विलयन में यह विद्युत् प्रवाहित करता है।
  4. आयरन की वस्तुएँ यशदीकृत की जाती हैं।
  5. धातुएँ जैसे Na, K, Ca एवं Mg कभी भी प्रकृति में स्वतन्त्र अवस्था में प्राप्त नहीं होती हैं।

उत्तर:

  1. HNO3 एक उपचायक (ऑक्सीकारक) है जब इसमें ऐलुमिनियम को डुबाया जाता है तो ऐलुमिनियम ऑक्साइड बनता है जिसकी परत ऐलुमिनियम पर चढ़ जाती है और इसके कारण ऐलुमिनियम की सक्रियता घटती जाती है।
  2. सोडियम (Na) या मैग्नीशियम (Mg) कार्बन (C) की अपेक्षा अधिक क्रियाशील है। इसलिए कार्बन सोडियम या मैग्नीशियम के ऑक्साइड को अपचयित नहीं कर पाता।
  3. ठोस अवस्था में सोडियम क्लोराइड आयनित नहीं होता, जबकि गलित अवस्था में अथवा जलीय विलयन में Na+ एवं Cl आयनों में आयनित हो जाता है। इन आयनों की उपस्थिति के कारण यह विद्युत् धारा को प्रवाहित कर देता है, जबकि ठोस अवस्था में नहीं कर पाता।
  4. आयरन अपने सम्पर्क में आने वाली वायु, नमी (आर्द्रता) एवं अम्लों से संक्षारित हो जाता है। इस कारण इसकी बनी वस्तुओं पर यशदीकरण द्वारा जिंक की परत चढ़ा दी जाती है जो इसे संक्षारित होने से रोकता है।
  5. चूँकि धातुएँ जैसे Na, K, Ca एवं Mg अत्यधिक क्रियाशील होती हैं। इसलिए ये प्रकृति में स्वतन्त्र अवस्था में प्राप्त नहीं होती हैं।

प्रश्न 4.
(1) कॉपर को उसके अयस्क से निष्कर्षण के निम्न चरण दिए गए हैं इनकी अभिक्रियाएँ लिखिए –
(a) कॉपर (I) सल्फाइड का भर्जन।
(b) कॉपर (I) ऑक्साइड का कॉपर (I) सल्फाइड के साथ अपचयन।
(c) विद्युत् अपघटनी शोधन।
(2) एक स्वच्छ नामांकित चित्र कॉपर के विद्युत् अपघटनी शोधन का बनाइए।
उत्तर:
(1) विभिन्न चरणों की रासायनिक अभिक्रियाएँ:
(a) कॉपर के सल्फाइड (Cu2S) अयस्क के भर्जन से SO2 गैस निकल जाती है तथा Cu2O प्राप्त होता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 15
(b) Cu2O का Cu2S के साथ गर्म करके अपचयन द्वारा कॉपर (Cu) प्राप्त होता है तथा SO2 गैस निकलती है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 16
(c) विद्युत् अपघटनी शोधन में हमको कैथोड पर शुद्ध कॉपर धातु (Cu) प्राप्त होता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 17
(2) विद्युत् अपघटनी शोधन का चित्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 19

प्रश्न 5.
एक तत्व (A) सुनहरी पीली ज्वाला के साथ वायु में जलता है। यह दूसरे तत्व (B) से जिसका परमाणु क्रमांक 17 है, अभिक्रिया करता है और उत्पाद C बनाता है। उत्पाद C का जलीय विलयन विद्युत् अपघटन की अभिक्रिया में यौगिक D देता है तथा हाइड्रोजन गैस निकालता है। A, B, C, एवं D की पहचान कीजिए। अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
धातु सोडियम सुनहरी पीली ज्वाला के साथ जलता है अतः (A) सोडियम (Na) है। परमाणु क्रमांक 17 वाला तत्व (B) क्लोरीन (Cl) है। सोडियम (Na) एवं क्लोरीन (Cl) परस्पर अभिक्रिया करके उत्पाद सोडियम क्लोराइड (NaCl) बनाता है। अतः (C) सोडियम क्लोराइड (NaCl) है। NaCl का जलीय विलयन विद्युत् अपघटन के फलस्वरूप यौगिक सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) बनाता है। अतः (D) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) है।
अतः (A) → (Na), (B) → (Cl), (C) → (NaCl) एवं (D) → (NaOH)
रासायनिक समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 19

प्रश्न 6.
दो अयस्क (A) एवं (B) लिए गए। गर्म करने पर अयस्क (A) कार्बन डाइऑक्साइड (CO) देता है, जबकि अयस्क (B) सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) देता है। आप उनको धातुओं में बदलने के लिए क्या चरण अपनाएंगे?
उत्तर:
चूँकि अयस्क (A) गर्म करने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) देता है अत: यह धातु का कार्बोनेट अयस्क (MCO3) है। अयस्क MCO3 जिसका निस्तापन करने पर ऑक्साइड MO देता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) निकलती है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 20
धातु ऑक्साइड (MO) कार्बन के साथ अपचयित होकर धातु (M) देता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 21
इस प्रकार अयस्क (A) से धातु (M) प्राप्त हो जाती है।
चूँकि अयस्क (B) गर्म करने पर सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) गैस देता है अतः यह धातु का सल्फाइड अयस्क (MS) है जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में भर्जन करने पर ऑक्साइड (MO) देता है तथा सल्फर डाइऑक्साइड गैस (SO2) निकलती है –
2MS + 3O2 → 2MO + 2SO2
धातु ऑक्साइड (MO) कार्बन (C) के साथ गर्म करने पर अपचयित होकर धातु (M) देता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 3 धातु एवं अधातु 22
इस प्रकार अयस्क (B) से धातु (M) प्राप्त होती है।

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MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक

MP Board Class 10th Science Chapter 4 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न शृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 68

प्रश्न 1.
CO2 सूत्र वाले कार्बन डाइऑक्साइड की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होगी? (2019)
उत्तर:
CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 1

प्रश्न 2.
सल्फर के आठ परमाणुओं से बने सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होगी? (संकेत: सल्फर के आठ परमाणु एक अंगूठी के रूप में आपस में जुड़े होते हैं।)
उत्तर:
आठ परमाणु वाले सल्फर अणु Sg की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 2

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 76

प्रश्न 1.
पेण्टेन के लिए आप कितने संरचनात्मक समावयवों का चित्रण कर सकते हैं?
उत्तर:
तीन का।

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प्रश्न 2.
कार्बन के दो गुणधर्म कौन-से हैं जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है?
उत्तर:
कार्बन के गुण जिनके कारण कार्बनिक यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है –

  • चतुःसंयोजकता।
  • श्रृंखलन क्षमता।

प्रश्न 3.
साइक्लोपेन्टेन का सूत्र एवं इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होंगे?
उत्तर:
साइक्लोपेन्टेन का सूत्र: C5H10
साइक्लोपेन्टेन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 3

प्रश्न 4.
निम्न यौगिकों की संरचनाएँ चित्रित कीजिए –

  1. एथेनॉइक अम्ल। (2019)
  2. ब्रोमोपेन्टेन।
  3. ब्यूटेनोन।
  4. हेक्सेनेल।

क्या ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयव सम्भव हैं?
उत्तर:
1. एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH) की संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 4

2. ब्रोमोपेन्टेन (C5H11Br) की संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 5
हाँ, ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयव सम्भव हैं।

3. ब्यूटेनोन (C3H8CO अथवा C2H5COCH3) की संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 6

4. हेक्सेनल (C5H11CHO) की संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 7

प्रश्न 5.
निम्न यौगिकों का नामकरण कैसे करेंगे?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 8
उत्तर:
(i) ब्रोमोएथेन।
(ii) मेथेनल।
(iii) हेक्साइन।

प्रश्न शृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 79

प्रश्न 1.
एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन को ऑक्सीकरण अभिक्रिया क्यों कहते हैं?
उत्तर:
क्योंकि एथेनॉल ऑक्सीजन से जुड़कर एथेनॉइक अम्ल बनाता है। इसलिए इसे ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहते हैं।

प्रश्न 2.
ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण का दहन वैल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि एथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?
उत्तर:
वायु में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है तथा वायु में उपस्थित नाइट्रोजन ऑक्सीजन की क्रियाशीलता को नियन्त्रित करती है। वायु एवं एथाइन के मिश्रण की ज्वाला में बहुत उच्च ताप प्राप्त नहीं होता जो वैल्डिंग के लिए आवश्यक है। इसलिए एथाइन एवं वायु की मिश्रण का उपयोग नहीं करते हैं।

प्रश्न श्रृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 83

प्रश्न 1.
प्रयोग द्वारा आप ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में कैसे अन्तर कर सकते हैं?
उत्तर:
प्रयोग द्वारा ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में अन्तर (पहचान) करना –

  1. हम दो परखनली लेते हैं। दिए हुए नमूनों में से प्रत्येक की कुछ मात्रा एक-एक परखनली में डालते हैं फिर इनमें नीला लिटमस पेपर डुबोते हैं। जिस परखनली में डाला गया नीला लिटमस लाल हो जाता है, वह कार्बोक्सिलिक अम्ल है तथा दूसरा ऐल्कोहॉल।
  2. प्रत्येक परखनली में हम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट की कुछ मात्रा डालते हैं।
    जिस परखनली में से बुदबुदाहट के साथ झाग देती हुई रंगहीन एवं गन्धहीन गैस निकलती है उस परखनली में कार्बोक्सिलिक अम्ल है तथा दूसरी में ऐल्कोहॉल है।

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प्रश्न 2.
ऑक्सीकारक क्या है?
उत्तर:
ऑक्सीकारक:
“जो पदार्थ अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता रखते हैं, वे ऑक्सीकारक कहलाते हैं।”

प्रश्न शृंखला-5 # पृष्ठ संख्या 85

प्रश्न 1.
क्या आप डिटरजेन्ट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है या नहीं?
उत्तर:
नहीं बता सकते, क्योंकि डिटर्जेन्ट कठोर एवं मृदु दोनों प्रकार के जल के साथ समान रूप से झाग देता है।

प्रश्न 2.
लोग विभिन्न प्रकार से कपड़े धोते हैं। सामान्यतः साबुन लगाने के बाद लोग कपड़े को पत्थर पर पटकते हैं, डंडे से पीटते हैं, ब्रुश से रगड़ते हैं या वाशिंग मशीन में कपड़े रगड़े जाते हैं। कपड़ा साफ करने के लिए उसे रगड़ने की क्यों आवश्यकता होती है?
उत्तर:
कपड़ा रगड़ने से साबुन के झाग अधिक बनते हैं तथा कपड़ों का मैल साबुन के अधिक सम्पर्क में आ जाता है तथा अघुलनशील पदार्थ (स्कम) जो कपड़ों में जमा हो जाता है वह कपड़ा रगड़ने से बाहर आ जाता है और कपड़े ठीक प्रकार से साफ हो जाते हैं।

MP Board Class 10th Science Chapter 4 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
एथेन का आण्विक सूत्र C2H6 है। इसमें –
(a) 6 सहसंयोजक आबन्ध हैं।
(b) 7 सहसंयोजक आबन्ध हैं।
(c) 8 सहसंयोजक आबन्ध हैं।
(d) 9 सहसंयोजक आबन्ध हैं।
उत्तर:
(b) 7 सहसंयोजक आबन्ध हैं।

प्रश्न 2.
ब्यूटेनॉन चतुर्कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह है –
(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल।
(b) ऐल्डिहाइड।
(c) कीटोन।
(d) ऐल्कोहॉल।
उत्तर:
(b) कीटोन।

प्रश्न 3.
खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है, तो इसका मतलब है –
(a) भोजन पूरी तरह से नहीं पका है।
(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
(c) ईंधन आर्द्र है।
(d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है।
उत्तर:
(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।

प्रश्न 4.
CH3Cl में आबन्ध निर्माण का उपयोग कर सहसंयोजक आबन्ध की प्रकृति समझाइए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 9
सहसंयोजक आबन्ध की प्रकृति एकल है।

प्रश्न 5.
इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए –
(a) एथेनॉइक अम्ल।
(b) H2S
(c) प्रोपेनोन।
(d) F2
उत्तर:
(a) एथेनॉइक अम्ल की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 10

(b) H2S की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 11

(c) प्रोपेनोन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 12

(d) F2 की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 13

प्रश्न 6.
समजातीय श्रेणी क्या है? उदाहरण के साथ समझाइए। (2019)
उत्तर:
समजातीय श्रेणी:
“यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह प्रतिस्थापित करता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है।”
उदाहरण:
CH3OH, C2H5OH, C3H7OH, आदि।

प्रश्न 7.
भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथेनॉल एंव एथेनॉइक अम्ल में आप कैसे अन्तर करेंगे?
उत्तर:
भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथेनॉल एवं एथेनॉइक अम्ल में अन्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 14

प्रश्न 8.
जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा?
उत्तर:
साबुन के अणुओं के दोनों सिरों की विपरीत जलरागी एवं जलविरागी प्रकृति के कारण मिसेल का निर्माण होता है। ऐथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में इसका निर्माण नहीं होगा।

प्रश्न 9.
कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है?
उत्तर:
कार्बन एवं उसके यौगिक हमारे ईंधन के प्रमुख स्रोत हैं। ये दहन के फलस्वरूप ऊष्मीय ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। इसलिए इनका अनुप्रयोग अधिकतर ईंधन के रूप में होता है।

प्रश्न 10.
कठोर जल में साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाइए।
उत्तर:
साबुन कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम एवं मैग्नीशियम लवणों से अभिक्रिया करता है। ऐसे में झाग उत्पन्न करने के लिए अधिक मात्रा में साबुन का प्रयोग करना पड़ता है।

प्रश्न 11.
यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?
उत्तर:
लाल लिटमस पत्र नीला हो जाएगा क्योंकि साबुन का विलयन क्षारीय होता है।

प्रश्न 12.
हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है?
उत्तर:
उपयुक्त उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन असंतृप्त कार्बनिक यौगिकों से संयुक्त होकर उन्हें संतृप्त करने की प्रक्रिया हाइड्रोजनीकरण कहलाती है। हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया का औद्योगिक अनुप्रयोग निकैल (Ni) उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों की हाइड्रोजन से अभिक्रिया कराके वनस्पति घी बनाने में होता है।

प्रश्न 13.
दिए गए हाइड्रोकार्बन C2H6 C3H8, C3H6, C2H2 एवं CH4 में किसमें संकलन अभिक्रिया होती है?
उत्तर:
C3H6 एवं C2H2 में संकलन अभिक्रिया होती है।

प्रश्न 14.
मक्खन एवं खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अन्तर समझाने के लिए एक परीक्षण बताइए।
उत्तर:
इसके लिए हम ज्वाला परीक्षण करते हैं। एक स्पैचुला पर बारी-बारी से मक्खन एवं खाना पकाने वाले तेल को लेकर जलाते हैं यदि ज्वाला धुआँदार है तो पदार्थ खाना पकाने वाला तेल (असंतृप्त वसा) है और यदि ज्वाला धुआँ रहित स्वच्छ है तो पदार्थ मक्खन (संतृप्त वसा) है।

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प्रश्न 15.
साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।
उत्तर:
साबुन की सफाई प्रक्रिया-साबुन का अणु दो भागों से बना होता है – पहला लम्बा हाइड्रोकार्बन वाला भाग (R) तथा दूसरा Na+ युक्त छोटा अम्लीय भाग (-COONa+)। इसमें R जलविरागी तथा एक आयनिक अम्लीय सिरा जलरागी होता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 15
जब गंदे कपड़ों को पानी में साबुन के साथ मिलाया जाता है तो साबुन के अणु का आयनिक भाग जलरागी होने के कारण जल में विलेय हो जाता है, जबकि साबुन के अणु का दूसरा भाग जलविरागी होने के कारण तेल या ग्रीस वाले भाग से संलग्न हो जाता है। गंदे कपड़ों को साबुन विलयन में खगालने पर साबुन के अणुओं से संलग्न गंदगी के कण जल में घुलकर बाहर निकल जाते हैं। इस प्रकार कपड़े साफ हो जाते हैं।

MP Board Class 10th Science Chapter 4 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 10th Science Chapter 4 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वायुमण्डल में कार्बन निम्न रूप में उपस्थित है –
(a) केवल कार्बन मोनोक्साइड।
(b) अल्प मात्रा में कार्बन मोनोक्साइड एवं कार्बन डाइऑक्साइड।
(c) केवल कार्बन डाइऑक्साइड।
(d) कोल।
उत्तर:
(b) अल्प मात्रा में कार्बन मोनोक्साइड एवं कार्बन डाइऑक्साइड।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में कौन-से कथन प्रायः कार्बन यौगिकों के सन्दर्भ में सत्य हैं?
(i) वे विद्युत् के सुचालक हैं।
(ii) वे विद्युत् के कुचालक हैं।
(iii) वे अपने अणुओं के मध्य प्रबल आकर्षण बल रखते हैं।
(iv) वे अपने अणुओं के मध्य प्रबल आकर्षण बल नहीं रखते हैं।
(a) (i) एवं (iii)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (i) एवं (iv)
(d) (ii) एवं (iv)
उत्तर:
(i) वे विद्युत् के सुचालक हैं।

प्रश्न 3.
अमोनिया के एक अणु (NH3) में है –
(a) केवल एकल बन्ध।
(b) केवल द्विबन्ध।
(c) केवल त्रिबन्ध।
(d) दो द्विबन्ध एवं एक एकल बन्ध।
उत्तर:
(a) केवल एकल बन्ध।

प्रश्न 4.
बकमिंस्टर फुलेरीन एक अपररूप है –
(a) फॉस्फोरस का।
(b) सल्फर का।
(c) कार्बन का।
(d) टिन का।
उत्तर:
(c) कार्बन का

प्रश्न 5.
निम्न में कौन ब्यूटेन का सही संरचनात्मक समावयव है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 16
(a) (i) एवं (ii)
(b) (ii) एवं (iv)
(c) (i) एवं (iii)
(d) (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(c) (i) एवं (iii)

प्रश्न 6.
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 17
अभिक्रिया में क्षारीय KMnO4 है –
(a) अपचायक।
(b) उपचायक।
(c) उत्प्रेरक।
(d) निर्जलीकारक।
उत्तर:
(b) उपचायक

प्रश्न 7.
उत्प्रेरक पेलेडियम या निकैल (Ni) की उपस्थिति में तेल हाइड्रोजन से अभिक्रिया करके वसा बनाते हैं। यह उदाहरण है –
(a) संयोजन अभिक्रिया।
(b) प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
(c) विस्थापन अभिक्रिया।
(d) उपचयन अभिक्रिया।
उत्तर:
(a) संयोजन अभिक्रिया

प्रश्न 8.
निम्न में से किस यौगिक में -OH एक क्रियात्मक समूह है?
(a) ब्यूटेनॉन।
(b) ब्यूटेनॉल।
(c) ब्यूटेनोइक अम्ल।
(d) ब्यूटेनल।
उत्तर:
(b) ब्यूटेनॉल।

प्रश्न 9.
साबुन के अणुओं में होता है –
(a) जलरागी सिर एवं जलविरागी पूँछ।
(b) जलविरागी सिर एवं जलरागी पूँछ।
(c) जलविरागी सिर एवं जलविरागी पूँछ।
(d) जलरागी सिर एवं जलरागी पूँछ।
उत्तर:
(a) जलरागी सिर एवं जलविरागी पूँछ

प्रश्न 10.
निम्नलिखित में कौन नाइट्रोजन बिन्दु आरेख का सही निरूपण है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 18
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 19

प्रश्न 11.
इथाइन का संरचना सूत्र है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 20
उत्तर:
(a) H – C ≡ C – H

प्रश्न 12.
निम्न में से असंतृप्त यौगिकों को पहचानिए –
(i) प्रोपेन
(ii) प्रोपीन
(iii) प्रोपाइन
(iv) क्लोरोप्रोपेन
(a) (i) एवं (ii)
(b) (ii) एवं (iv)
(c) (iii) एवं (iv)
(d) (ii) एवं (iii)
उत्तर:
(d) (ii) एवं (iii)

प्रश्न 13.
क्लोरीन कमरे के ताप पर संतृप्त हाइड्रोकार्बन से क्रिया करती है –
(a) सौर प्रकाश की अनुपस्थिति में।
(b) सौर प्रकाश की उपस्थिति में।
(c) जल की उपस्थिति में।
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की उपस्थिति में।
उत्तर:
(b) सौर प्रकाश की उपस्थिति में

प्रश्न 14.
सोप मिसेल में होता है –
(a) आयनिक सिरा तल पर तथा कार्बन श्रृंखला अन्दर की ओर।
(b) आयनिक सिरा अन्दर की ओर तथा कार्बन श्रृंखला तल पर।
(c) आयनिक सिरा तथा कार्बन श्रृंखला दोनों अन्दर की ओर।
(d) आयनिक सिरा तथा कार्बन शृंखला दोनों तल पर।
उत्तर:
(a) आयनिक सिरा तल पर तथा कार्बन श्रृंखला अन्दर की ओर।

प्रश्न 15.
पेन्टेन का आण्विक सूत्र C5H12 है। इसमें हैं –
(a) 5 सहसंयोजी बन्ध।
(b) 12 सहसंयोजी बन्ध।
(c) 16 सहसंयोजी बन्ध।
(d) 17 सहसंयोजी बन्ध।
उत्तर:
(c) 16 सहसंयोजी बन्ध।

प्रश्न 16.
एथेनॉल सोडियम से अभिक्रिया करके निम्न दो उत्पाद बनाता है –
(a) सोडियम एथेनॉइट एवं हाइड्रोजन।
(b) सोडियम एथेनॉइट एवं ऑक्सीजन।
(c) सोडियम एथॉक्साइड एवं हाइड्रोजन।
(d) सोडियम एथॉक्साइड एवं ऑक्सीजन।
उत्तर:
(c) सोडियम एथॉक्साइड एवं हाइड्रोजन।

प्रश्न 17.
ब्यूटेनोइक अम्ल का सही संरचना सूत्र है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 21
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 22

प्रश्न 18.
सिरका (विनेगर) एक विलयन है –
(a) 50% – 60% ऐसीटिक अम्ल का ऐल्कोहॉल में
(b) 5% – 8% ऐसीटिक अम्ल का ऐल्कोहॉल में
(c) 5% – 8% ऐसीटिक अम्ल का जल में।
(d) 50% – 60% ऐसीटिक अम्ल का जल में।
उत्तर:
(c) 5% – 8% ऐसीटिक अम्ल का जल में।

प्रश्न 19.
खनिज अम्ल कार्बोक्सिलिक अम्लों की अपेक्षा प्रबल होते हैं, क्योंकि –
(i) खनिज अम्ल पूर्ण रूप से आयनित हो जाते हैं।
(ii) कार्बोक्सिलिक अम्ल पूर्ण रूप से आयनित हो जाते हैं।
(iii) खनिज लवण आंशिक रूप से आयनित हो जाते हैं।
(iv) कार्बोक्सिलिक अम्ल आंशिक रूप से आयनित हो जाते हैं।
(a) (i) एवं (iv)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (i) एवं (ii)
(d) (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(a) (i) एवं (iv)

प्रश्न 20.
कार्बन अपने चार संयोजी इलेक्ट्रॉनों का चार एकल संयोजी परमाणुओं से साझ करके चार सहसंयोजी बन्ध बनाता है। चार सहसंयोजी बन्ध बनाने के बाद यह निम्न की इलेक्ट्रॉनिक संरचना प्राप्त करता है –
(a) हीलियम।
(b) निऑन।
(c) आर्गन।
(d) क्रिप्टन।
उत्तर:
(b) निऑन।

प्रश्न 21.
जल के अणु का सही इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 23
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 24

प्रश्न 22.
निम्न में से कौन सरल रेखीय श्रृंखला का हाइड्रोकार्बन नहीं है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 25
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 26

प्रश्न 23.
निम्न में से कौन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 27
(a) (i) एवं (iii)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (ii) एवं (iv)
(d) (iii) एवं (iv)
उत्तर:
(c) (ii) एवं (iv)

प्रश्न 24.
निम्न में से कौन समान सजातीय श्रेणी का सदस्य नहीं है?
(a) CH4
(b) C2H6
(c) C3H8
(d) C4H8
उत्तर:
(d) C4H8

प्रश्न 25.
यौगिक CH3 – CH2 – CHO का नाम है –
(a) प्रोपेनल।
(b) प्रोपेनॉन।
(c) प्रोपेनॉल।
(d) एथेनल।
उत्तर:
(a) प्रोपेनल।

प्रश्न 26.
CH3 – CH2 – O – CH2 – CH2Cl में विषम परमाणु है –
(i) ऑक्सीजन।
(ii) कार्बन।
(iii) हाइड्रोजन।
(iv) क्लोरीन।
(a) (i) एवं (ii)
(b) (ii) एवं (iii)
(c) (iii) एवं (iv)
(d) (i) एवं (iv)
उत्तर:
(d) (i) एवं (iv)

प्रश्न 27.
निम्नलिखित से कौन-सा साबुनीकरण अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 28
उत्तर:
(d) CH3COOC2H5 + NaOH → CH3COONa + C2H5OH

प्रश्न 28.
ऐल्काइन सजातीय श्रेणी का सदस्य है –
(a) एथाइन।
(b) एथीन।
(c) प्रोपेन।
(d) मेथेन।
उत्तर:
(a) एथाइन।

प्रश्न 29.
साबुन बनाते समय प्रायः वनस्पति तेल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड अभिक्रिया मिश्रण में थोड़ी मात्रा में साधारण नमक मिलाया जाता है। साधारण नमक मिलाने का निम्नलिखित में से क्या उद्देश्य है?
(a) साबुन की क्षारीय प्रकृति को घटाना।
(b) साबुन को उदासीन बनाना।
(c) साबुन की सफाई की क्षमता को बढ़ाना।
(d) साबुन के अवक्षेपण में सहायता करना।
उत्तर:
(d) साबुन के अवक्षेपण में सहायता करना।

प्रश्न 30.
प्रयोगशाला में साबुन बनाने के लिए हमें कोई तेल और कोई क्षार चाहिए। साबुन बनाने के लिए तेल और क्षार का नीचे दिया गया कौन-सा संयोजन सबसे उपयुक्त रहेगा?
(a) एरण्ड का तेल और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड।
(b) तारपीन का तेल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड।
(c) एरण्ड का तेल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड।
(d) सरसों का तेल और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड।
उत्तर:
(c) एरण्ड का तेल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड।

प्रश्न 31.
साबुनीकरण अभिक्रिया का अध्ययन करते समय आप बीकर में जब समान मात्रा में किसी रंगहीन वनस्पति तेल में NaOH का 20% जलीय विलयन मिलाते हैं, तो क्या प्रेक्षण करते हैं?
(a) मिश्रण का रंग मध्य गहरा भूरा हो जाता है।
(b) बीकर में तीव्र बुदबुदाहट होती है।
(c) बीकर का बाहरी पृष्ठ गर्म हो जाता है।
(d) बीकर का बाहरी पृष्ठ ठंडा हो जाता है।
उत्तर:
(c) बीकर का बाहरी पृष्ठ गर्म हो जाता है।

प्रश्न 32.
बेन्जीन का संरचना सूत्र है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 29
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 30

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. कार्बन की संयोजकता …………… है।
  2. …………… में श्रृंखलन क्षमता अधिक होती है।
  3. सिरका में …………… होता है।
  4. शराब (वाइन) में …………. होता है।
  5. ………….. यौगिकों में समावयवता का गुण पाया जाता है।

उत्तर:

  1. चार।
  2. कार्बन।
  3. ऐसीटिक अम्ल (एथेनॉइक अम्ल)।
  4. एथिल ऐल्कोहॉल (एथेनॉल)।
  5. कार्बनिक।

जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 31
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

सत्य/असत्य कथन

  1. R – CHO ऐल्डिहाइड (ऐल्केनल) का सामान्य सूत्र है।
  2. कार्बन, विद्युत् संयोजी बन्ध बनाता है।
  3. R – CO – R’ कीटोन (ऐल्केनोन) का सामान्य सूत्र है।
  4. कार्बनिक यौगिक विद्युत् के कुचालक होते हैं।
  5. ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं।

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. सत्य।
  4. असत्य।
  5. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

  1. ऐल्केन समजातीय श्रेणी के प्रथम सदस्य का नाम एवं सूत्र लिखिए।
  2. ऐल्कीन समजातीय श्रेणी के प्रथम सदस्य का नाम एवं सूत्र लिखिए।
  3. ऐल्काइन समजातीय श्रेणी के प्रथम सदस्य का नाम एवं सूत्र लिखिए।
  4. ऐल्केनॉल समजातीय श्रेणी के प्रथम सदस्य का नाम एवं सूत्र लिखिए।
  5. ऐल्केनॉइक अम्ल के प्रथम सदस्य का नाम एवं सूत्र लिखिए।

उत्तर:

  1. मेथेन (CH4)।
  2. एथीन (C2H4)।
  3. एथाइन (C2H2)।
  4. मेथेनॉल (CH3OH)।
  5. मेथेनोइक अम्ल (HCOOH)।

MP Board Class 10th Science Chapter 4 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सहसंयोजी आबन्ध किसे कहते हैं? कार्बनिक यौगिकों के मध्य किस प्रकार के आबन्ध होते हैं?
उत्तर:
सहसंयोजन आबन्ध:
“दो परमाणुओं के बीच बराबर इलेक्ट्रॉनों के युग्मों की साझेदारी द्वारा बनने वाले आबन्ध सहसंयोजी आबन्ध कहलाते हैं तथा इस प्रकार बनने वाले यौगिक सहसंयोजी यौगिक कहलाते हैं। कार्बन यौगिकों की मध्य सहसंयोजी आबन्ध होते हैं।”

प्रश्न 2.
हाइड्रोकार्बन क्या है? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
हाइड्रोकार्बन – ऐसे कार्बनिक यौगिक जो केवल कार्बन एवं हाइड्रोजन से मिलकर बने होते. हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।

उदाहरण:
मेथेन (CH4), एथेन (C2H6), एथीन (C2H4), एथाइन C2H2 एवं बेन्जीन C6H6 आदि।

प्रश्न 3.
संतृप्त एवं असंतृप्त हाइड्रोकार्बन क्या होते हैं?
उत्तर:
संतृप्त एवं असंतृप्त हाइड्रोकार्बन-वे हाइड्रोकार्बन जिनमें केवल एकल सहसंयोजी आबन्ध होते हैं, संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं तथा वे हाइड्रोकार्बन जिनमें एक या अधिक द्विबन्ध या त्रिबन्ध होते हैं, असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।

प्रश्न 4.
‘ऐल्केन’, ‘ऐल्कीन’, एवं ‘ऐल्काइन’ से आप क्या समझते हो?
उत्तर:
‘ऐल्केन’, ‘ऐल्कीन’ एवं ‘ऐल्काइन’ – वे हाइड्रोकार्बन जिनमें सभी आबन्ध एकल होते हैं। ऐल्केन, जिनमें कम-से-कम एक आबन्ध द्विबन्ध हो ऐल्कीन एवं जिनमें कम से कम एक आबन्ध त्रिबन्ध हो, ऐल्काइन कहलाते हैं।

प्रश्न 5.
प्रकार्यात्मक (क्रियात्मक या क्रियाशील) समूह किसे कहते हैं? चार विभिन्न उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
प्रकार्यात्मक (क्रियात्मक या क्रियाशील) समूह:
“किसी कार्बनिक यौगिक में विशिष्ट प्रकार से जुड़ा परमाणु या परमाणुओं का वह समूह जो उस कार्बनिक यौगिक के अभिलाक्षणिक गुणों के लिए उत्तरदायी होता है, प्रकार्यात्मक (क्रियात्मक या क्रियाशील) समूह कहलाता है।”
उदाहरण:

  1. OH (ऐल्कोहॉलिक)
  2. COOH (कार्बोक्सिलिक) ऐसीटिक
  3. CHO (ऐल्डिहाइडिक)
  4. = C = 0 (कीटोनिक)।

प्रश्न 6.
विषम परमाणु क्या कहलाते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
विषम परमाणु:
“किसी कार्बनिक यौगिक से हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करने वाले तत्वों को विषम परमाणु कहते हैं।” ये प्रायः कार्बन एवं हाइड्रोजन के अतिरिक्त तत्व होते हैं।
उदाहरण:
हैलोजन, ऑक्सीजन, सल्फर, नाइट्रोजन आदि।

प्रश्न 7.
‘समावयवी’ एवं ‘समावयवता’ से आप क्या समझते हो?
उत्तर:
‘समावयवी’ एवं समावयवता’:
“जब एक ही अणुसूत्र द्वारा दो या दो से अधिक कार्बनिक यौगिक प्रदर्शित किए जाते हैं तो वे कार्बनिक यौगिक समावयवी यौगिक तथा उनका यह गुण समावयवता कहलाता है।”

प्रश्न 8.
संरचनात्मक समावयवता से आप क्या समझते हो ?
उत्तर
संरचनात्मक समावयवता:
“जब किसी कार्बनिक यौगिक का अणुसूत्र एक होते हुए उसकी संरचना विभिन्न रूपों में होती है तो इस प्रकार की समावयवता संरचनात्मक समावयवता कहलाती है तथा उसके वे समावयव संरचनात्मक समावयवी कहलाते हैं।”

प्रश्न 9.
प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ-जब किसी कार्बनिक यौगिक से एक हाइड्रोजन परमाणु को विस्थापित करके कोई विषम परमाणु या परमाणुओं का समूह उसके स्थान को ग्रहण कर लेता है तो ऐसी अभिक्रियाएँ प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।”

प्रश्न 10.
एस्टरीकरण अभिक्रियाएँ किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
एस्टरीकरण अभिक्रियाएँ-“कार्बनिक अम्ल एवं ऐल्कोहॉल भी अभिक्रिया के फलस्वरूप जल के अतिरिक्त बनने वाले पदार्थ एस्टर कहलाते हैं तथा उनके बनने की यह अभिक्रियाएँ एस्टरीकरण अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।”

प्रश्न 11.
किण्वन से क्या समझते हो?
उत्तर:
किण्वन:
“एन्जाइम की उपस्थिति में होने वाली जैवरासायनिक अभिक्रियाएँ किण्वन कहलाती हैं।” दूसरे शब्दों में “वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें जटिल कार्बनिक यौगिक एन्जाइम की उपस्थिति में धीरे-धीरे कार्बनिक यौगिकों में अपघटित होते हैं, किण्वन कहलाती है।”

प्रश्न 12.
‘साबुनीकरण’ से क्या समझते हो? इसका समीकरण लिखिए।
उत्तर:
साबुनीकरण:
“क्षारों की वसा अथवा तेलों के जल-अपघटन की अभिक्रिया स्वरूप साबुन बनने का प्रक्रम साबुनीकरण कहलाता है।” दूसरे शब्दों में अकार्बनिक क्षारों की वसीय कार्बोक्सिलिक अम्लों की अभिक्रिया स्वरूप सोडियम एवं पोटैशियम के कार्बनिक यौगिक साबुन कहलाते हैं तथा उनके बनने की यह प्रक्रिया साबुनीकरण कहलाती है।

प्रश्न 13.
एथेन के अणु में सहसंयोजी आबन्धों की संख्या लिखिए तथा उसकी संरचना दीजिए।
उत्तर:
एथेन के अणु में सहसंयोजी आबन्धों की संख्या = 7 एथेन का संरचना सूत्र
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 32

प्रश्न 14.
उस ऐल्कोहॉल का नाम एवं संरचना सूत्र लिखिए जिसके अणु में तीन कार्बन परमाणु है?
उत्तर:
तीन कार्बन परमाणु वाले ऐल्कोहॉल का नाम = प्रोपेनॉल प्रोपेनॉल का संरचना सूत्र
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 33

प्रश्न 15.
उस सजातीय श्रेणी के द्वितीय एवं तृतीय सदस्य का आण्विक सूत्र लिखिए जिसका प्रथम सदस्य मेथेन है।
उत्तर:
प्रथम सदस्य मेथेन वाली समजातीय श्रेणी ऐल्केन है।
ऐल्केन के द्वितीय सदस्य का सूत्र – CH6
ऐल्केन के तृतीय सदस्य का सूत्र – C3H8

प्रश्न 16.
जब आप एक परखनली में ऐसीटिक अम्ल लेकर उसमें सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट मिलाते हैं, तब तुरन्त ही तीव्र बुदबुदाहट के साथ कोई गैस निकलती है। इस गैस का नाम लिखिए। इस गैस के परीक्षण की विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गैस का नाम – कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)।
गैस CO2 की परीक्षण विधि – जब इस गैस को चूने के पानी Ca(OH)2 में प्रवाहित किया जाता है तो अविलेय CaCO3 बनने के कारण चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O

MP Board Solutions

प्रश्न 17.
कोई छात्र एक चम्मच सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट चूर्ण फ्लास्क में लिए गए एथेनॉइक अम्ल में मिलाता है। उन दो प्रेक्षणों की सूची बनाइए, जिन्हें फ्लास्क में होने वाली अभिक्रिया के विषय में अपनी नोटबुक में लिखना चाहिए। होने वाली रासायनिक अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
नोटबुक में लिखने हेतु दो प्रेक्षण:

  1. तुरन्त अभिक्रिया होती है तथा फ्लास्क में बुदबुदाहट के साथ झाग निकालती हुई गैस बाहर आती है।
  2. गैस रंगहीन एवं गंधहीन है।
    NaHCO3 + CH3COOH → CH3COONa + H2O + CO2

प्रश्न 18.
प्रयोगशाला में साबुन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री (रासायनिक पदार्थ) का उल्लेख कीजिए। साबुनीकरण के अभिक्रिया मिश्रण की प्रकृति (अम्लीय/क्षारीय) को निर्धारित करने वाला परीक्षण आप किस प्रकार करेंगे? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
साबुन बनाने के लिए आवश्यक रासायनिक पदार्थ:

  1. वसीय वानस्पतिक तेल।
  2. सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)।
  3. जल।
  4. साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड – NaCl)।

अभिक्रिया मिश्रण की प्रकृति की पहचान – बारी-बारी से मिश्रण में नीला एवं लाल लिटमस पत्र डुबोते हैं यदि –

  1. नीला लिटमस पत्र लाल हो जाता है तो मिश्रण अम्लीय प्रकृति का है।
  2. लाल लिटमस पत्र नीला हो जाता है तो मिश्रण क्षारीय प्रकृति का है।

प्रश्न 19.
डिटर्जेन्ट साबुन की अपेक्षा अच्छे सफाई कारक हैं, क्यों?
उत्तर:
साबुन कठोर जल में झाग नहीं नहीं दे पाते क्योंकि वे कैल्सियम एवं मैग्नीशियम लवणों से क्रिया करने में व्यय होते हैं, जबकि डिटर्जेन्ट कठोर जल में अच्छे झाग देते हैं। इसलिए साबुन की अपेक्षा कपड़ों की धुलाई अधिक दक्षता से कर पाते हैं तथा चिकनाई के धब्बे भी आसानी से हटा देते हैं।

प्रश्न 20.
एथेनॉल से एथीन कैसे प्राप्त की जाती है? होने वाली अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
जब एथेनॉल को सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की अधिकता में 443 K तापक्रम पर गर्म किया जाता है तो एथेनॉल के निर्जलीकरण के फलस्वरूप एथीन गैस प्राप्त होती है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 34

प्रश्न 21.
मेथेनॉल की थोड़ी-सी भी मात्रा लेना बेहोश करने वाला और हानिकारक या खतरनाक हो सकता है। समझाइए।
उत्तर:
मेथेनॉल यकृत के अन्दर मेथेनल में उपचयित (ऑक्सीकृत) हो जाता है जो तेजी से कोशिकीय अवयवों से अभिक्रिया करके प्रोटोप्लाज्म को कोएगूलेट कर देता है तथा ऑप्टिक तन्त्रिकाओं को प्रभावित करके मनुष्य को अन्धा बना देता है।

प्रश्न 22.
जब एथेनॉल सोडियम से अभिक्रिया करता है तो एक गैस निकलती है। निकलने वाली गैस का नाम लिखिए तथा अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
निकलने वाली गैस का नाम – हाइड्रोजन (H2)।
अभिक्रिया का समीकरण:
2CH3CH2OH + 2Na → 2CH3CH2ONa + H2O

प्रश्न 23.
जब एथेनॉल को सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की अधिकता में 443 K तापक्रम पर गर्म किया जाता है तो एथीन गैस प्राप्त होती है। सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की इस क्रिया में क्या भूमिका है? अभिक्रिया का संतुलित समीकरण भी दीजिए।
उत्तर:
सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल का इस अभिक्रिया में निर्जलीकरण का कार्य करता है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 35

प्रश्न 24.
कार्बन आवर्त तालिका के समूह 14 का तत्व है जोकि बहुत से तत्वों के साथ यौगिक बनाने के लिए जाना जाता है। निम्न के साथ बनने वाले यौगिकों का उदाहरण दीजिए –

  1. क्लोरीन (आवर्त तालिका के समूह 17 का तत्व)।
  2. ऑक्सीजन (आवर्त तालिका के समूह 16 का तत्व)।

उत्तर:

  1. कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl4)।
  2. कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)।

प्रश्न 25.
इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना में संयोजी इलेक्ट्रॉनों को बिन्दुओं या क्रॉसों के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

  1. क्लोरीन की परमाणु संख्या 17 है। इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखिए।
  2. क्लोरीन अणु का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख खींचिए।

उत्तर:

  1. Cl का इलेक्ट्रॉन विन्यास 17 = 2, 8, 7।
  2. Cl2 (क्लोरीन अणु) का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख।
    MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 36

प्रश्न 26.
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणुओं के बीच बहुसहसंयोजी बन्ध होते हैं। इसलिए ये संयोजी अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं। एथेन को एथीन से अन्तर स्पष्ट करने के लिए परीक्षण दीजिए।
उत्तर:
जब एथेन को ज्वाला में जलाते हैं तो वह स्वच्छ नीली ज्वाला (लौ) के साथ जलती है, जबकि एथीन जलाने पर पीली धुंआदार ज्वाला (लौ) के साथ जलती है। अत: एथेन संतृप्त हाइड्रोकार्बन है और एथीन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।

प्रश्न 27.
साबुन एवं अपमार्जक में कोई दो अन्तर लिखिए। (2019)
उत्तर:
साबुन एवं अपमार्जक में अन्तर:

साबुन अपमार्जक
साबुन सोडियम एवं पोटैशियम के फैटी अम्लों के लवण स्टीयरेट एवं पामीटेट आदि होते हैं। अपमार्जक लम्बी कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रृंखला के अमोनियम एवं सल्फोनेट लवण होते हैं।
साबुन कठोर जल में अधिक प्रभावी नहीं होते। अपमार्जक कठोर जल में भी अत्यन्त प्रभावी होते हैं।

साबुन की सफाई प्रक्रिया:
साबुन का अणु दो भागों से बना होता है – पहला लम्बा हाइड्रोकार्बन वाला भाग (R) तथा दूसरा Na+ युक्त छोटा अम्लीय भाग (-COONa+)। इसमें R जलविरागी तथा एक आयनिक अम्लीय सिरा जलरागी होता है।

जब गंदे कपड़ों को पानी में साबुन के साथ मिलाया जाता है तो साबुन के अणु का आयनिक भाग जलरागी होने के कारण जल में विलेय हो जाता है, जबकि साबुन के अणु का दूसरा भाग जलविरागी होने के कारण तेल या ग्रीस वाले भाग से संलग्न हो जाता है। गंदे कपड़ों को साबुन विलयन में खगालने पर साबुन के अणुओं से संलग्न गंदगी के कण जल में घुलकर बाहर निकल जाते हैं। इस प्रकार कपड़े साफ हो जाते हैं।

साबुन कठोर जल में झाग नहीं दे पाते क्योंकि साबुन कठोर जल में घुले कैल्सियम एवं मैग्नीशियम अभिक्रिया करके अविलेय लवण बनाते हैं जो कपड़ों से चिपक कर साबुन की शोधन क्षमता को कम कर देते हैं। इस कारण साबुन कठोर जल में झाग का निर्माण नहीं करते हैं।

साबुनों की तुलना में अपमार्जकों का उपयोग करने में उत्पन्न समस्याएँ निम्न हैं –

  • अपमार्जकों से कपड़े धोने के लिए अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है। इसलिए जलाभाव वाले क्षेत्रों में उनका उपयोग कठिन हो जाता है।
  • कपड़े धोने के बाद हाथों में कुछ चिपचिपाहट पैदा हो जाती है।

प्रश्न 28.
CH4 की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए। (2019)
उत्तर:
CH4 की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 37

MP Board Class 10th Science Chapter 4 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी ऐल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल में भेद करने के लिए दो प्रायोगिक परीक्षणों की सूची बनाइए और वर्णन कीजिए कि ये परीक्षण कैसे किए जाते हैं?
उत्तर:
ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्लों में भेद के लिए परीक्षण:

  1. लिटमस पत्र द्वारा।
  2. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट द्वारा।

प्रयोग द्वारा ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में अन्तर (पहचान) करना –
1. हम दो परखनली लेते हैं। दिए हुए नमूनों में से प्रत्येक की कुछ मात्रा एक-एक परखनली में डालते हैं फिर इनमें नीला लिटमस पेपर डुबोते हैं। जिस परखनली में डाला गया नीला लिटमस लाल हो जाता है, वह कार्बोक्सिलिक अम्ल है तथा दूसरा ऐल्कोहॉल।
2. प्रत्येक परखनली में हम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट की कुछ मात्रा डालते हैं।
जिस परखनली में से बुदबुदाहट के साथ झाग देती हुई रंगहीन एवं गन्धहीन गैस निकलती है उस परखनली में कार्बोक्सिलिक अम्ल है तथा दूसरी में ऐल्कोहॉल है।

प्रश्न 2.
एथाइन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना का चित्रण कीजिए। एथाइन और ऑक्सीजन के मिश्रण का दहन वैल्डिंग के लिए किया जाता है। आपके विचार से इस कार्य के लिए एथाइन और वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?
उत्तर:
एथाइन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 38
वायु में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है तथा वायु में उपस्थित नाइट्रोजन ऑक्सीजन की क्रियाशीलता को नियन्त्रित करती है। वायु एवं एथाइन के मिश्रण की ज्वाला में बहुत उच्च ताप प्राप्त नहीं होता जो वैल्डिंग के लिए आवश्यक है। इसलिए एथाइन एवं वायु की मिश्रण का उपयोग नहीं करते हैं।

प्रश्न 3.
एथेनॉल का संरचना सूत्र लिखिए। क्या होता है जब इसे सान्द्र H2SO4 के आधिक्य में 443 K पर गर्म किया जाता है। अभिक्रिया का समीकरण लिखिए तथा इस अभिक्रिया में सान्द्र H2SO4 की भूमिका का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
एथेनॉल का संरचना सूत्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 39
जब एथेनॉल को सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की अधिकता में 443 K ताप पर गर्म किया जाता है तो एथीन गैस बनती है।
अभिक्रिया का समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 40
इस अभिक्रिया में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की भूमिका निर्जलीकारक की है।

प्रश्न 4.
प्रत्येक के लिए रासायनिक समीकरण की सहायता से एस्टरीकरण और साबुनीकरण अभिक्रियाओं के बीच विभेदन कीजिए। एस्टरों और साबुनीकरण प्रक्रिया का एक-एक उपयोग लिखिए।
उत्तर:
कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐल्कोहॉलों की अभिक्रिया द्वारा सुगन्धित कार्बनिक यौगिक, एस्टर बनने की प्रक्रिया एस्टरीकरण होती है –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 41
जबकि एस्टर एवं सोडियम हाइड्रॉक्साइड (एक क्षार) की अभिक्रिया स्वरूप कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण एवं ऐल्कोहॉल बनने की प्रक्रिया साबुनीकरण होती है।
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 42
एस्टर का उपयोग: इनका उपयोग इत्र (सुगंध) बनाने तथा स्वाद उत्पन्न करने में होता है।
साबुनीकरण का उपयोग: इस प्रक्रिया का उपयोग साबुन बनाने में होता है।

प्रश्न 5.
एथेनॉइक अम्ल की निम्नलिखित के साथ अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण दीजिए –

  1. सोडियम।
  2. सोडियम हाइड्रॉक्साइड।
  3. एथेनॉल।

उत्तर:
1. एथेनॉइक अम्ल की सोडियम के साथ अभिक्रिया:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 43

2. एथेनॉइक अम्ल की सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 44

3. एथेनॉल के साथ एथेनॉइक अम्ल की अभिक्रिया:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 45

प्रश्न 6.
किसी ऐल्डिहाइड एवं किसी कीटोन दोनों को समान अणुसूत्र C3H6O द्वारा निरूपित किया जा सकता है। इनकी संरचनाएँ एवं नाम लिखिए। विज्ञान की भाषा में इन दोनों के बीच सम्बन्ध का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 46
ऐल्डिहाइड ‘ईनोल रूप’ है तथा कीटोन कीटो रूप’।

प्रश्न 7.
एथाइन का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख एवं संरचना सूत्र बनाइए।
उत्तर:
एथाइन का इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 47

प्रश्न 8.
निम्न यौगिकों के नाम लिखिए –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 48
उत्तर:
(a) पेन्टेनोइक एसिड।
(b) ब्यूटाइन।
(c) हेप्टानल।
(d) पेन्टेनॉल।

प्रश्न 9.
निम्न प्रकार्यात्मक समूह की पहचान कीजिए और उसका नाम लिखिए –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 49
उत्तर:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 50

प्रश्न 10.
कार्बोक्सिलिक एसिड एवं एक ऐल्कोहॉल की कुछ बूंद H2SO4 की उपस्थिति में अभिक्रिया के फलस्वरूप एक यौगिक X बनता है। ऐल्कोहॉल क्षारीय KMnO4 से उपचयित होकर अम्लीकरण से वही कार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त होता है जो इस अभिक्रिया में प्रयुक्त हुआ।

  1. कार्बोक्सिलिक अम्ल
  2. ऐल्कोहॉल एवं
  3. यौगिक x के नाम एवं संरचना दीजिए तथा अभिक्रिया के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।

उत्तर:
1. कार्बोक्सिलिक अम्ल एथेनोइक अम्ल है।
संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 51
2. ऐल्कोहॉल एथेनॉल है।
संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 52
3. यौगिक X एथिल एथेनोएट है।
संरचना:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 53
रासायनिक समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 54

प्रश्न 11.
निम्न यौगिकों में उपस्थित प्रक्रियात्मक समूहों के नाम लिखिए –

  1. CH3COCH2CH2CH2CH3
  2. CH2CH2CH2COOH
  3. CH3CH2CH2CH2CHO
  4. CH3CH2OH

उत्तर:

  1. कीटोन।
  2. कार्बोक्सिलिक एसिड।
  3. ऐल्डिहाइड।
  4. ऐल्कोहॉल।

प्रश्न 12.
श्रृंखलन एक परमाणु की उसी तत्व के दूसरे परमाणु के साथ बन्धन बनाने की क्षमता को कहते हैं। यह दोनों तत्वों कार्बन एवं सिलिकॉन द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इन दोनों तत्वों की श्रृंखलन क्षमता की तुलना कीजिए।
उत्तर:
कार्बन, सिलिकॉन अथवा अन्य ऐसे तत्वों की अपेक्षा श्रृंखलन (कैटीनेशन) की क्षमता अधिक रखता है, क्योंकि इसका आकार बहुत छोटा है जिसके कारण C – C बन्ध अधिक प्रबल होता है, जबकि Si – Si बन्ध अपने बड़े आकार के कारण तुलनात्मक रूप से कमजोर होता है।

प्रश्न 13.
स्तम्भ ‘A’ में दी हुई अग्र अभिक्रियाओं को स्तम्भ ‘B’ में दिए हुए नामों से मिलान कीजिए –
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 55
उत्तर:

  1. → (d)।
  2. → (a)।
  3. → (b)।
  4. → (c)।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं में तीर के चिह्न पर लिखे धातु तत्व या अभिकारकों की क्या भूमिका है?
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 56
उत्तर:
(a) Ni, एक उत्प्रेरक की भूमिका में है।
(b) सान्द्र H2SO4 एक उत्प्रेरक की भूमिका में है।
(c) क्षारीय KMnO4 एक उपचायक (ऑक्सीकारक) की भूमिका में है।

प्रश्न 15.
एक लवण X प्राप्त होता है तथा एक गैस निकलती है जब एथेनॉइक अम्ल की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ होती है। बनने वाले लवण X का नाम तथा निकलने वाली गैस का नाम लिखिए। यह सिद्ध करने के लिए कि निकलने वाली गैस वही है जिसका आपने नाम लिया है एक क्रियाकलाप दीजिए। होने वाली अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण भी दीजिए।
उत्तर:
चूँकि सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट किसी भी अम्ल में अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस देता है और उस अम्ल का सोडियम लवण बनाता है। इसलिए निकलने वाली गैस कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एवं लवण X सोडियम एथेनॉइट (CH3COONa) होगा। गैस के परीक्षण के लिए हम गैस को चूने के पानी [Ca(OH)2] में प्रवाहित करते हैं तो हम देखते हैं कि यह अविलेय CaCO3 बनने के कारण दूधिया हो जाता है अतः गैस कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) ही है यह निश्चित हो जाता है।
अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 57
Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O

प्रश्न 16.
संतृप्त एवं असंतृप्त हाइड्रोकार्बनों में संरचनात्मक अन्तर दीजिए। प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
संतृप्त हाइड्रोकार्बनों की संरचना में कार्बन परमाणुओं के मध्य तथा सभी एकल बन्ध होते हैं।
उदाहरणार्थ:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 58
जबकि असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कम-से-कम एक द्वि-बन्ध या त्रि-बन्ध अवश्य होता है।
उदाहरणार्थ:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 59

प्रश्न 17.
वानस्पतिक तेलों को वानस्पतिक वसा (घी) में परिवर्तित करने के लिए सामान्यतः प्रयुक्त अभिक्रिया का नाम लिखिए। इसमें प्रयुक्त (होने वाली) अभिक्रिया को विस्तार से समझाइए। अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण भी दीजिए।
उत्तर:
वानस्पतिक तेलों को वानस्पतिक वसा (घी) में बदलने के लिए जो अभिक्रिया प्रयोग की जाती है उसे हम हाइड्रोजनीकरण कहते हैं। वानस्पतिक तेलों में असंतृप्त कार्बनिक यौगिक होते हैं। जब इनको निकैल के बारीक चूर्ण की उपस्थिति में हाइड्रोजन के साथ गर्म किया जाता है तो संलयन अभिक्रिया के फलस्वरूप हाइड्रोजन से मिलकर वे संतृप्त कार्बनिक यौगिक बनाते हैं। यहाँ निकैल का चूर्ण उत्प्रेरक का कार्य करता है।
अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 60
[निर्देश: यहाँ दिए गए सूत्र सांकेतिक है।

प्रश्न 18.
कार्बन टेट्राक्लोराइड का सूत्र लिखिए तथा उसका इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख बनाइए।
उत्तर:
कार्बन टेट्राक्लोराइड –
सूत्र – CCl4 (अणुसूत्र)
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 61

प्रश्न 19.
निम्न परिवर्तन आप कैसे करेंगे? प्रयुक्त प्रक्रिया का नाम एवं सम्बन्धित अभिक्रिया एवं उसका रासायनिक समीकरण लिखिए

  1. एथेनॉल से एथीन।
  2. प्रोपेनॉल में प्रोपेनोइक अम्ल।

उत्तर:
1. प्रयुक्त प्रक्रिया का नाम:
निर्जलीकरण गर्म सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) की उपस्थिति में जब ऐथेनॉल (C2H5OH) को गर्म किया जाता है तो निर्जलीकरण के फलस्वरूप एथीन गैस (C2H4) बनती है।
समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 62

2. प्रयुक्त प्रक्रिया का नाम – उपचयन (ऑक्सीकरण)।
ऑक्सीकारक क्षारीय KMnO4 की उपस्थिति में प्रोपेनॉल को गर्म करने पर उपचयन (ऑक्सीकरण) की प्रक्रिया के फलस्वरूप प्रोपेनोइक अम्ल प्राप्त होता है।
रासायनिक समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 63

MP Board Class 10th Science Chapter 4 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हेक्सेन के सभी सम्भावित समावयवों के संरचना सूत्र लिखिए।
उत्तर:
हेक्सेन के सम्भावित समावयवों के संरचना सूत्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 64

प्रश्न 2.
अणुसूत्र C3H6 वाले यौगिक के सम्भावित सभी समावयवों के नाम एवं संरचना सूत्र बनाइए तथा उनके इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख बनाइए।
उत्तर:
अणुसूत्र C3H6 वाले यौगिक के सम्भावित समावयव हैं –
(1) प्रोपेनॉन (CH3COCH3):
संरचना सूत्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 65
इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 68

(2) प्रोपेनल (CH3 – CH2 – CHO):
संरचना सूत्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 67
इलेक्ट्रॉन बिन्दु आरेख:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 68

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं को उदाहरण सहित समझाइए –

  1. हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया।
  2. ऑक्सीकरण (उपचयन) अभिक्रिया।
  3. प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
  4. साबुनीकरण अभिक्रिया।
  5. दहन अभिक्रिया।

उत्तर:
1. हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया:
“असंतृप्त हाइड्रोकार्बन निकैल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन से संयुक्त होकर संतृप्त हाइड्रोकार्बन देते हैं। यह अभिक्रिया हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।”
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 69

2. ऑक्सीकरण (उपचयन) अभिक्रिया:
“एथेनॉल क्षारीय KMnO4 की उपस्थिति में गर्म करने पर ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके एथेनॉइक अम्ल में ऑक्सीकृत (उपचयित) हो जाते हैं। यह अभिक्रिया ऑक्सीकरण (उपचयन) अभिक्रिया कहलाती है।”
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 70

3. प्रतिस्थापन अभिक्रिया:
“सौर प्रकाश की उपस्थिति में हाइड्रोकार्बन क्लोरीन से अभिक्रिया करते हैं तथा हाइड्रोजन के परमाणु को विस्थापित करके स्वयं उसके स्थान को ग्रहण कर लेते हैं। यह अभिक्रिया प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।”
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 71

4. साबुनीकरण अभिक्रिया:
एस्टर सोडियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया करके सोडियम के कार्बनिक लवण बनाते हैं। यह अभिक्रिया साबुनीकरण कहलाती है।
CH3COOC2H5 + NaOH → CH3COONa + C2H5OH

5. दहन अभिक्रिया:
“अधिकतर कार्बनिक यौगिक वायु में जलने पर प्रकाश एवं ऊष्मा उत्पन्न करते हैं। यह अभिक्रिया दहन अभिक्रिया कहलाती है।”
CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा + प्रकाश

प्रश्न 4.
एक कार्बनिक यौगिक A सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) के साथ गर्म करने पर एक यौगिक B बनाता है जो एक अणु हाइड्रोजन से निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में संयुक्त होकर यौगिक C बनाता है। C यौगिक का एक अणु जलने पर दो अणु CO2 एवं 3 अणु जल (H2O) देता है। यौगिक A, B, एवं C की पहचान कीजिए एवं सम्बन्धित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
उत्तर:
चूँकि यौगिक C का एक अणु जलने पर 2 अणु CO2 एवं 3 अणु H2O देता है। इससे स्पष्ट होता है कि यौगिक C का अणुसूत्र C2H6 (एथेन) होगा। एथेन C का एक अणु हमको एक अणु H2 को यौगिक B से संयोग के द्वारा मिलता है। अतः यौगिक B का अणुसूत्र C2H4 (एथीन) होना चाहिए। चूँकि यौगिक B हमको सान्द्र H2SO4 के साथ यौगिक A को गर्म करने से प्राप्त होता है। इसलिए यौगिक A C2H5OH (एथेनॉल) होना चाहिए।
अभिक्रियाएँ:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 72

प्रश्न 5.
एक परखनली A में सोडियम कार्बोनेट लेकर इसमें एथेनॉइक अम्ल डालते हैं। इससे निकलने वाली गैस को एक निकास नली के द्वारा दूसरी परखनली B में रखे चूने का पानी [Ca(OH)2] कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (विलयन) में प्रवाहित किया जाता है। निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1.  परखनली B में रखे कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन में आप क्या परिवर्तन होते प्रेक्षित करेंगे।
  2. परखनली A एवं परखनली B में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं को रासायनिक समीकरणों के साथ लिखिए।
  3. यदि एथेनॉइक अम्ल के स्थान पर एथेनॉल लिया जाए तो आप क्या परिवर्तन अपेक्षित करते हैं?
  4. चूने का पानी प्रयोगशाला में कैसे बनाया जाता है?

उत्तर:
1. परखनली B में रखे कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन दूधिया हो जाता है तथा अधिकता में गैस प्रवाहित करने पर दूधिया रंग गायब हो जाता है।

2. परखनली A में अभिक्रिया के फलस्वरूप CO2 गैस निकलती है।
2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2
परखनली B में अभिक्रियाएँ:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 73

3. C2H5OH एवं Na2CO3 आपस में अभिक्रिया नहीं करते। इसलिए पहले जैसा परिवर्तन अपेक्षित नहीं है।

4. चूना (कैल्सियम ऑक्साइड) को जल में घोला जाता है। घोल को कुछ समय तक रखा जाता है फिर ऊपर के द्रव को निथार लिया जाता है। इस प्रकार चूने का पानी प्रयोगशाला में प्राप्त हो जाता है।

प्रश्न 6.
कुछ कार्बनिक यौगिक हाइड्रोकार्बन क्यों कहलाते हैं? एल्केन, एल्कीन और एल्काइन की समजातीय श्रेणियाँ के सामान्य सूत्र लिखिए तथा प्रत्येक श्रेणी के प्रथम सदस्य की संरचना भी खींचिए। एल्कीन को एल्केन में परिवर्तित करने की अभिक्रिया का नाम लिखिए और रासायनिक समीकरण द्वारा इस अभिक्रिया के होने के लिए आवश्यक परिस्थितियों को भी दर्शाइए।
उत्तर:
कुछ कार्बनिक यौगिक हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं, क्योंकि उनमें केवल कार्बन एवं हाइड्रोजन दो ही तत्व होते हैं।

  • ऐल्केन की समजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र: CnH2n+2
  • ऐल्कीन की समजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र: CnH2n
  • ऐल्काइन की समजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र: CnH2n-2

ऐल्केन श्रेणी का प्रथम सदस्य मेथेन (CH4) है। अत: मेथेन का संरचना सूत्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 74
ऐल्कीन श्रेणी का प्रथम सदस्य एथीन (C2H4) है।
अत: एथीन का संरचना सूत्र:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 75
ऐल्काइन श्रेणी का प्रथम सदस्य एथाइन (C2H2) है।
अतः एथाइन का संरचना सूत्र:
H-C≡C-H
ऐल्कीन को ऐल्केन में परिवर्तित करने की अभिक्रिया हाइड्रोजनीकरण कहलाती है।
रासायनिक समीकरण:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 76

प्रश्न 7.
साबुन तथा अपमार्जक दोनों ही एक प्रकार के लवण हैं। इनमें क्या अन्तर है? साबुन की सफाई प्रक्रिया का संक्षेप में वर्णन कीजिए। साबुन कठोर जल में झाग का निर्माण क्यों नहीं करते? साबुनों की तुलना में अपमार्जकों का उपयोग करने से उत्पन्न दो समस्याओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
साबुन एवं अपमार्जक में अन्तर:

साबुन अपमार्जक
साबुन सोडियम एवं पोटैशियम के फैटी अम्लों के लवण स्टीयरेट एवं पामीटेट आदि होते हैं। अपमार्जक लम्बी कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रृंखला के अमोनियम एवं सल्फोनेट लवण होते हैं।
साबुन कठोर जल में अधिक प्रभावी नहीं होते। अपमार्जक कठोर जल में भी अत्यन्त प्रभावी होते हैं।

साबुन की सफाई प्रक्रिया:
साबुन का अणु दो भागों से बना होता है – पहला लम्बा हाइड्रोकार्बन वाला भाग (R) तथा दूसरा Na+ युक्त छोटा अम्लीय भाग (-COONa+)। इसमें R जलविरागी तथा एक आयनिक अम्लीय सिरा जलरागी होता है।

जब गंदे कपड़ों को पानी में साबुन के साथ मिलाया जाता है तो साबुन के अणु का आयनिक भाग जलरागी होने के कारण जल में विलेय हो जाता है, जबकि साबुन के अणु का दूसरा भाग जलविरागी होने के कारण तेल या ग्रीस वाले भाग से संलग्न हो जाता है। गंदे कपड़ों को साबुन विलयन में खगालने पर साबुन के अणुओं से संलग्न गंदगी के कण जल में घुलकर बाहर निकल जाते हैं। इस प्रकार कपड़े साफ हो जाते हैं।

साबुन कठोर जल में झाग नहीं दे पाते क्योंकि साबुन कठोर जल में घुले कैल्सियम एवं मैग्नीशियम अभिक्रिया करके अविलेय लवण बनाते हैं जो कपड़ों से चिपक कर साबुन की शोधन क्षमता को कम कर देते हैं। इस कारण साबुन कठोर जल में झाग का निर्माण नहीं करते हैं।

साबुनों की तुलना में अपमार्जकों का उपयोग करने में उत्पन्न समस्याएँ निम्न हैं –

  • अपमार्जकों से कपड़े धोने के लिए अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है। इसलिए जलाभाव वाले क्षेत्रों में उनका उपयोग कठिन हो जाता है।
  • कपड़े धोने के बाद हाथों में कुछ चिपचिपाहट पैदा हो जाती है।

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प्रश्न 8.
कोई कार्बन यौगिक ‘P’ आधिक्य सान्द्र H2SO4 के साथ गर्म किए जाने पर कोई अन्य यौगिक ‘Q’ बनाता है जो निकैल उत्प्रेरक की उपस्थित में हाइड्रोजन से संकलन करके कोई संतप्त यौगिक ‘R’ बनाता है। ‘R’ का एक अणु, दहन होने पर, कार्बन डाइऑक्साइड के दो अणु तथा जल के तीन अणु बनाता है। PQ और R को पहचानिए और सम्मिलित अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
चूँकि यौगिक C का एक अणु जलने पर 2 अणु CO2 एवं 3 अणु H2O देता है। इससे स्पष्ट होता है कि यौगिक C का अणुसूत्र C2H6 (एथेन) होगा। एथेन C का एक अणु हमको एक अणु H2 को यौगिक B से संयोग के द्वारा मिलता है। अतः यौगिक B का अणुसूत्र C2H4 (एथीन) होना चाहिए। चूँकि यौगिक B हमको सान्द्र H2SO4 के साथ यौगिक A को गर्म करने से प्राप्त होता है। इसलिए यौगिक A C2H5OH (एथेनॉल) होना चाहिए।
अभिक्रियाएँ:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 4 कार्बन एवं इसके यौगिक 72

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1

MP Board Class 8 Maths Chapter 12 Question 1.
Evaluate
(i) 3-2
(ii) (-4)-2
(iii) \(\)
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 1

MP Board Solutions

Practice Set 12.1 Class 8 Question 2.
Simplify and express the result in power notation with positive exponent.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 2
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 50
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 3
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 4

MP Board Solutions

Exponents And Powers Class 8 Question 3.
Find the value of
(i) (30 + 4-1) × 22
(ii) (2-1 × 4-1) ÷ 2-2
(iii) \(\left(\frac{1}{2}\right)^{-2}+\left(\frac{1}{3}\right)^{-2}+\left(\frac{1}{4}\right)^{-2}\)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 5
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 6
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 7

MP Board Class 8 English Chapter 12 Question 4.
Evaluate
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 9
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 10
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 11

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MP Board Class 8 Maths Chapter 12 Factorisation Question 5.
Find the value of m for which 5m ÷ 5-3 = 55.
Solution:
We have, 5m ÷ 5-3 = 55
⇒ 5m-(-3) = 55 [∵ am + an =am + n]
⇒ 5m + 3 = 55
⇒ m + 3 = 5 [∵ am = an ⇒ m = n]
⇒ m = 5 – 3 = 2

MP Board Solutions

Class 8 Chapter 12 Exercise 12.1 Question 6.
Evaluate
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 12
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 13

Chapter 12 Maths Class 8 Hindi Medium Solutions Question 7.
Simplify.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 14
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 15
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 12 Exponents and Powers Ex 12.1 16

MP Board Class 8th Maths Solutions

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti विविध प्रश्नावली 2

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions विविध प्रश्नावली 2

Class 6 Hindi Vividh Prashnavali 2 प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए-

(क) 13 वर्ष की आयु में 1300 (तेरह सौ) पंक्तियों की मर्मस्पर्शी कविता लिखी थी
(i) अहिल्याबाई ने,
(ii) सरोजनी नायडू ने,
(iii) तारा दत्त ने,
(iv) लक्ष्मीबाई ने।।
उत्तर-
(ii) सरोजनी नायडू ने,

(ख) भाभा अणु-शक्ति अनुसन्धान केन्द्र स्थित है
(i) भोपाल में,
(ii) हैदराबाद में
(iii) जिनेवा में,
(iv) ट्रॉम्बे में।
उत्तर-
(iv) ट्रॉम्बे में,

MP Board Solutions

(ग) पृथ्वी पर रहने वाले जीव कहलाते हैं
(i) नभचर,
(ii) जलचर,
(iii) थलचर,
(iv) उभयचर।
उत्तर-
(iii) थलचर,

(घ) महात्मा गाँधी ने आकाश तत्व को संज्ञा दी है
(i) निर्मल आकाश,
(ii) आरोग्य सम्राट,
(iii) प्रसिद्ध विचारक,
(iv) स्वास्थ्य विशेषज्ञ।
उत्तर-
(ii) आरोग्य सम्राट।

Mirabai Ne Apne Pati Ki Kya Nishani Batai Hai प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(क) बीमारी का निदान कराने के बजाय बीमार न पड़ना ही ………………………………. है।
(ख) अकबर ने तानसेन को ………………………………. राग सुनाने का आदेश दिया।
(ग) डॉ. भाभा को भारत सरकार ………………………………. द्वारा पद्वी से अलंकृत किया।
(घ) बूढ़े ……………………………….” में भी आई फिर से नई जवानी थी।
(ङ) जो दिल खोजा आपना ……………………………….” बुरा न कोय।
उत्तर-
(क) बुद्धिमता,
(ख) दीपक,
(ग) पद्म भूषण,
(घ) भारत,
(ङ) मुझसे।

Prithvi Per Rahane Wale Jeev Kahlate Hain प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए

(क) सूर्य की किरणें हमारे शरीर में किस विटामिन की वृद्धि करती हैं?
उत्तर-
सूर्य की किरणें हमारे शरीर में विटामिन-डी की वृद्धि करती हैं।

(ख) मीराबाई ने अपने पति की क्या निशानी बताई है?
उत्तर-
मीराबाई ने अपने पति की निशानी बताई है कि वह अपने सिर पर मोर-मुकुट धारण करता है।

(ग) बसन्त के स्वागत में कौन गाती थी?
उत्तर-
बसन्त के स्वागत में कोयल गाती थी।

(घ) राग मेघ मल्हार से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-
वर्षा ऋतु में गाया जाने वाला राग जो बादलों को आमन्त्रित करता है।

(ङ) झाँसी की रानी की कहानी हमने किसके मुँह से सुनी है?
उत्तर-
झाँसी की रानी की कहानी हमने बुन्देलखण्ड के हरबोलों के मुख से सुनी है।

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Kaksha 6 Prashnawali प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्यों में लिखिए

(क) अकबर ने स्वामी हरिदास के गायन की प्रशंसा में क्या कहा?
उत्तर-
अकबर ने स्वामी हरिदास के गायन को सुनने के लिए सेवक का वेष धारण किया। सम्राट् उनके आश्रम में पहुंचा। संगीत से भाव-विभोर हुआ तथा इस तरह उनका संगीत सुनकर मुक्त कण्ठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वामी जी आपका संगीत सचमुच ही जन्नत का संगीत है।

(ख) रानी लक्ष्मीबाई का बचपन कैसा बीता?
उत्तर-
रानी लक्ष्मीबाई का बचपन बहुत अच्छे वातावरण में बीता। उनका बचपन का नाम छबीली था। वे अपने पिता की इकलौती सन्तान थीं। वह नाना साहब के साथ ही पढ़ती थीं और खेल भी उनके साथ खेलती थीं। बरछी, ढाल, तलवार और कटारों से खेलना उनका प्रिय खेल था। वे बड़ी साहसी थीं। उन्होंने अपने बचपन में ही वीर शिवाजी की वीरता से भरी कहानियाँ याद की हुई थीं।

(ग) कबीर ने कमाल को क्या सीख दी है?
उत्तर-
कबीर ने अपने पुत्र कमाल को यह शिक्षा (सीख) दी है कि उसे ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए। साथ ही, जो व्यक्ति दीन और भूखा हो, उसे भिक्षा देनी चाहिए (उसे भोजन आदि करा देना चाहिए)। भूख से पीड़ित व्यक्ति को भोजन देने से बढ़ कर कोई पुण्य नहीं होता है।

(घ) रहीम के अनुसार सच्चे मित्र की क्या पहचान है?
उत्तर-
रहीम के अनुसार सुख-सम्पत्ति के समय में बहुत से लोग अनेक प्रकार से सगे-सम्बन्धी बन जाते हैं। लेकिन विपत्ति रूपी कसौटी पर कसे जाने पर ही सच्चे मित्र की पहचान होती है। शुद्ध सोने की परख कसौटी पर घिसकर की जाती है। उसी तरह सच्चे मित्र की पहचान भी उस समय होती है जब वह किसी की सहायता विपत्ति काल में करने को तत्पर रहता है।

Kaksha Chhathvin Vishay Hindi प्रश्न 5.
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए
(क) अँसुअन जल सींच-सींच, प्रेम-बेलि बोई।
अब तो बेलि फैल गई आनन्द फल होई।।
(ख) अभी उम्र कुल तेईस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी।
(ग) हरे भरे जंगल सब तुमने तो काट दिए,
घर मेरा उजाड़कर अपनों में बाँट दिए।
(घ) रहिमन चुप द्वै बैठिए, देखि दिनन के फेर।
जब नीके दिन आई हैं, बनत न लगिहैं बेर॥
उत्तर-
(क) शब्दार्थ-आपनों = अपना। छाँड़ि दई = छोड़ दी। कुल = परिवार। कानि = इज्जत, कुल मर्यादा। ढिंग = पास। खोई – मिटा दी। लाज = शर्म, लज्जा। चूनरी = चूंदरी, चादर। लोई = लोई नामक वस्त्र जिसे प्रायः त्यागी, साधु-सन्त ओढ़ते हैं। वन-माला = वन के फूल और पत्तियों की माला। पोई = पिरो कर। प्रेम बेलि = प्रेम की लता। होई = लग रहे हैं। मथनियाँ = मथानी, रई। बिलोई = दही मथने का काम किया। जतन से = प्रयत्न से। काढ़ि लियो = निकाल लिया। छाछ = मट्ठा। पियो कोई = कोई भी पीता रहे। राजी भई = प्रसन्न हुई। जगत देखि रोई = संसार के बन्धनों को देखकर दुःखी होने लगी। तारो = उद्धार करो। मोही = मेरा, या मुझे।

सन्दर्भ-प्रस्तुत पद ‘पद और दोहे’ नामक पाठ से लिया गया है। यह पद मीराबाई की रचना है।

प्रसंग-मीरा ने स्वयं को श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन कर दिया है। वह चाहती है कि उसके इष्ट भगवान कृष्ण उसका भवसागर से उद्धार कर दें।

व्याख्या-मीराबाई कहती है कि मेरे प्रभु, तो गोवर्धन पर्वत को धारण करने वाले, गौ का पालन करने वाले श्रीकृष्ण हैं। उनके अतिरिक्त मेरा कोई अन्य प्रभु नहीं है। अपने सिर पर जो मोर-मुकुट धारण करते हैं, वही मेरे पति हैं। माता-पिता, भाई-बन्धु (सरो सम्बन्धी) अपने तो कोई भी नहीं हैं। मैंने कुल मर्यादा छोड़ दी है, मेरा कोई क्या कर सकेगा। साधु-सन्तों की संगति में बैठना शुरू कर दिया है, मैंने लोक-लाज भी खो दी है। प्रतिष्ठित घर की बहू जिस चादर को ओढ़ कर चलती है, उस चादर के मैंने दो टुकड़े कर दिए हैं, (फाड़ दी है)। लोई पहन ली है। मोती-मूंगे धारण करना छोड़ दिया है। वन के फूलों की माला (सहज में प्राप्त फूलों की माला) पिरों कर पहनने लगी हूँ। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में आँसू बहाते हुए, उनके प्रति प्रेम की बेलि को बोया है और लगातार सींचा है। वह बेलि अब फूलकर फैल चुकी है। उस पर अब तो आनन्द के फल लगने शुरू हो गए हैं। प्रेम की मथानी से प्रयत्नपूर्वक बिलोने पर (अमृत रूपी) सम्पूर्ण घी निकाल लिया है। शेष छाछ (मट्ठा) रह गया है, उसे कोई भी पीता रहे (संसार छोड़ा हुआ मट्ठा है-तत्वहीन पदार्थ है। जो उसे पीना चाहे वह पीता रहे।) मैं प्रभु भक्तों की संगति में आनन्दित हो रही हूँ। संसार को देखकर अत्यधिक दुःखी होती हूँ। मीराबाई वर्णन करती हैं कि मैं तो गिरधर लाल श्रीकृष्ण की दासी हूँ। हे प्रभो ! आप मेरा उद्धार कीजिए।

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(ख) शब्दार्थ-सैन्य = सेना। विषम = भयानक। सवार = घुड़सवार सैनिक। वीरगति = युद्ध में बहादुरी से लड़ते हुए मृत्यु को प्राप्त हो जाना।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-झाँसी पर जब अंग्रेजों ने आक्रमण किया तो रानी लक्ष्मीबाई ने उनका बड़ी बहादुरी से मुकाबला किया। रानी का घोड़ा कालपी में आकर मर गया तब उन्होंने नया घोड़ा लिया और अंग्रेजों की सेना में मार-काट मचा दी।

व्याख्या-रानी शत्रुओं से घिरी हुई थी किन्तु वह बड़ी वीरता से उन्हें मारकर अपने लिये रास्ता निकाल लेती थी किन्तु, एक नाले के पास घोड़े के अड़ जाने से शत्रुओं ने उसे फिर से घेरने का मौका पा लिया। युद्ध में रानी बुरी तरह घायल हो गई। इस प्रकार वह बहादुर सिंहनी लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गई। बुन्देले हरबोले आज भी उसकी गौरव गाथा गाकर बताते हैं कि रानी लक्ष्मीबाई ने बड़ी बहादुरी से युद्ध किया था।

(ग) शब्दार्थ-उजाड़कर = बरबाद करके।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-‘बसन्त’ आ गया है, ऐसा क्यों नहीं लगता ? इस प्रश्न का उत्तर बसन्त देता है।

व्याख्या-बसन्त ने उत्तर देते हुए कहा कि मैं कहाँ पर आऊँ, क्योंकि मेरे ठहरने के स्थान हरे-भरे पेड़-पौधे थे, उन सबको तुमने काट दिया है। बताओ तो मैं अब कहाँ ठहरूँ ? हरियाली से परिपूर्ण जंगलों को तुमने काट दिया है। हरे-भरे वन ही मेरे निवास स्थान थे, उन्हें ही काटकर मेरा घर बरबाद कर दिया है। हे मनुष्यो! तुमने ही हरे-भरे वनों को काट कर अपनों में आपस में बाँट लिया है। मेरे लिए तो रहने का स्थान छोड़ा ही नहीं है।

(घ)
(1) रहीम जी कहते हैं कि एक ईश्वर की साधना करने से सब कुछ प्राप्त करने में सफलता मिल जाती है। सब (ईश्वर और संसार) की साधना करने से सब कुछ मिट जाता है। इसलिए मूल (जड़) की सिंचाई करने से वृक्ष पर फूल-फल पूर्ण सन्तुष्ट करने के लिए लगना प्रारम्भ हो जाता है।

(2) रहीम जी सलाह देते हैं कि बड़े लोगों की संगति पाकर छोटे आदमियों का अपमान कभी भी नहीं करना चाहिए। उदाहरण देते हुए कि जो काम (सिलाई आदि) छोटी सी सुई से किया जा सकता है, वही काम तलवार (बड़ी वस्तु) से नहीं किया जा सकता अर्थात् छोटे आदमी ही कभी-कभी महत्वपूर्ण होते हैं।

(3) रहीम जी कहते हैं कि दिनों के परिवर्तन से (समय के बदल जाने पर-विपरीत समय पर) किसी भी कार्य की सिद्धि न हो सकने की दशा में शान्तिपूर्वक बैठ जाना चाहिए। (खराब समय में शान्ति से विचार करने लग जाना चाहिए, अधीर नहीं होना चाहिए) क्योंकि जब अच्छा समय आएगा, तो बात बनते (काम होने में) देर नहीं लगती।

(4) रहीम जी कहते हैं कि जो व्यक्ति अच्छे स्वभाव का होता है, उसके ऊपर बुरी संगति का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। देखिए चन्दन के वृक्ष पर अनेक सर्प लिपटे रहते हैं, लेकिन उस वृक्ष पर उन सॉं के जहर का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता। चन्दन वृक्ष शीतलता और शीलवानपन का प्रतीक है।

(5) रहीम जी कहते हैं कि सम्पत्ति काल में बहुत से लोग अनेक तरह से सगे-सम्बन्धी बनने लगते हैं। (परन्तु सच्चे मित्र सिद्ध नहीं होते)। सच्चे मित्र तो वही होते हैं जो विपत्ति रूपी कसौटी पर कसे जाने पर साथ रहते हैं। अर्थात् विपत्ति में जो साथ देते हैं, वे ही सच्चे मित्र होते हैं।

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Raag Megh Malhar Se Aap Kya Samajhte Hain प्रश्न 6.
निम्नांकित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए

(क) यह वह मिट्टी है, जहाँ के लोगों ने मानवता की रक्षा के लिए खुशी-खुशी अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
उत्तर-
प्रेरक प्रसंगों से अवतरित इस पंक्ति का आशय यह है कि पुड़िया में दूत द्वारा लाई गई मिट्टी उस स्थान की है, जहाँ के लोगों ने सदैव से मानवता की रक्षा की। साथ ही आवश्यकता पड़ी तो अपनी इच्छा से , प्रसन्नतापूर्वक अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। अतः वह मिट्टी बहुत ही महत्वपूर्ण और सम्माननीय है।

(ख) “हम सबके चेहरे पर अभावों की धुन्ध छाई है।”
उत्तर-
‘क्या ऐसा हो सकता है? ‘ से अवतरित इस पंक्ति का आशय यह है कि इस दुनिया में अधिकतर मनुष्यों के चेहरों से यह प्रतीत हो जाता है कि उसके पास किसी न किसी वस्तु की कमी है। हम लोग उस कमी को छिपाने का ढोंग करते हैं, परन्तु उस अभाव की अभिव्यक्ति मनुष्य के चेहरे पर हो ही जाती है। यह अभाव एक धुंधलापन है जो मनुष्य की वास्तविकता को छिपा लेता है।

(ग) “पंचभौतिक शरीर को पंचभौतिक तत्वों से ही स्वस्थ रखा जा सकता है।”
उत्तर-
‘हम बीमार ही क्यों हों? पाठ से ली गई इस पंक्ति का आशय यह है कि हमारे शरीर की रचना पंच भूतों से हुई है।
ये पंचभूत-पाँच तत्व कहे जाते हैं, वे हैं-

  1. पृथ्वी,
  2. जल,
  3. अग्नि,
  4. आकाश,
  5. समीर (वायु)।

इन पाँच भौतिक तत्वों के सम पर रहने से ही इस पंचभूत शरीर को पूर्ण स्वस्थ रखा जा सकता है। किसी भी तत्व के भाग में विषमता आ जाती है, तो हम रोगी हो जाते हैं।

(घ) “राजमहल का सम्मान और नवरत्नों में स्थान मिल जाना सदा सुखकारी नहीं होता।”
उत्तर-
संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास’ पाठ से अवतरित इस पंक्ति का आशय यह है कि किसी भी राजा या शासन द्वारा राज भवन में प्राप्त सम्मान अथवा राज दरबार के प्रमुख ‘नवरत्नों’ में स्थान किसी कारण मिल भी जाता है, परन्तु यह ध्यान रखना होगा कि यह सम्मान सदैव सुख देने वाला नहीं होता है। कभी-कभी इस प्राप्त किए गए सम्मान की परीक्षा देनी होती है। उस परीक्षा में प्राण भी जा सकते हैं, अत: यह उक्ति अक्षरशः सत्य है जिसे स्वामी हरिदास ने अपने शिष्य तानसेन के प्रति कहा है।

भाषा भारती कक्षा 5 Solutions Chapter 12 Mera Naya Bachpan प्रश्न 7.
बसन्त में कौन-कौन से फूल खिलते हैं? सूची बनाइए।
उत्तर-
बसन्त ऋतु में अन्य कई प्रकार के फूलों के साथ-साथ मुख्य रूप से चम्पा, चमेली और गेंदे के फूल खिलते हैं।

Krishna Prashnavali In Hindi प्रश्न 8.
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
नरेन्द्रनाथ की मुलाकात स्वामी रामकृष्ण परमहंस से हुई। स्वामी जी उच्चकोटि के विचारक व सुधारक थे। उन्होंने बालक की अलौकिक शक्तियों को परखा। नरेन्द्रनाथ ने उनके सामने प्रश्न रखा क्या आपने ईश्वर को देखा है?
उत्तर-
मिला-हाँ, जैसे मैं तुम्हें देख रहा हूँ। स्वामी जी ने अपना हाथ उनके मस्तक पर रखा। स्वामी के वरदहस्त का स्पर्श होते ही नरेन्द्र को एक अलौकिक चेतना की अनुभूति हुई। गुरु ने शिष्य को, शिष्य ने गुरु को पहचाना। यह सत्संग बढ़ता ही गया, परिणाम यह हुआ कि पिता की मृत्यु के बाद नरेन्द्रनाथ ने संन्यास ले लिया। सारा विश्व ही उनके लिए उनका परिवार बन गया। अब वे स्वामी विवेकानन्द बन गए। स्वामी विवेकानन्द को गुरु का आदेश मिला-‘जनसेवा ही प्रभु सेवा है।

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उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- .

(i) नरेन्द्रनाथ के गुरु का नाम बताइए।
उत्तर-
नरेन्द्रनाथ के गुरु का नाम ‘स्वामी रामकृष्ण परमहंस’ था।

(ii) स्वामी जी ने गुरु से कौन-सा प्रश्न किया?
उत्तर-
स्वामीजी (विवेकानन्द) ने अपने गुरु के सामने प्रश्न रखा कि क्या उन्होंने ईश्वर को देखा है?’

(iii) विवेकानन्द को गुरु ने क्या आदेश दिया?
उत्तर-
विवेकानन्द को गुरु ने आदेश दिया कि उन्हें जन सेवा करनी चाहिए, क्योंकि जन सेवा ही प्रभु सेवा है। .

(iv) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर-
उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक ‘स्वामी विवेकानन्द और उनके गुरु’ ही है।

Chhathvin Class प्रश्न 9.
अपने ग्राम की सफाई के लिए ग्राम पंचायत को एक पत्र लिखिए।
अथवा
अपने मित्र को स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर-
खण्ड-4 ‘पत्र लेखन’ में देखिए।

Godaliya Se Aap Kya Samajhte Hain प्रश्न 10.
किसी विषय पर 100 शब्दों में निबन्ध लिखिए
(1) गणतन्त्र दिवस,
(2) होली,
(3) पुस्तकालय,
(4) बसन्त ऋतु।
उत्तर-
खण्ड-5 ‘निबन्ध लेखन’ में देखिए।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 3 उपहार

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 3 उपहार

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 3 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न
MP Board Class 7th Hindi Chapter 3 प्रश्न 1.
MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 3 उपहार 1
उत्तर
1. (ख), 2. (ग), 3. (घ), 4. (क)

Class 7 Hindi Chapter 3 MP Board प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. दीनू राजकुमार को उपहार देने हेतु ……………. लेकर गया। (रोटी खिलौने)
2. दरबार में उपस्थित सभी लोग ……………. कर हंस पड़े। (खिलखिला/ठिलठिला)
3. उपहार के लिए एक रोटी ही ……………. है। (कम/काफी)
4. दीनू घर से …………….. लेकर चला। (उपहार/हार)
उत्तर
1. रोटी
2. खिलखिला
3. काफी
4. उपहार

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 3 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

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Class 7 Hindi Lesson 3 Question Answer प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए

(क) राजा का स्वभाव कैसा था?
उत्तर
राजा दयालु और न्यायप्रिय था। .

(ख) सेठ साहूकारों ने राजा के बेटे को उपहार देने हेतु सुंदर खिलौने किन किन धातुओं से बनवाए थे?
उत्तर
सेठ-साहूकारों ने सोने-चाँदी के सुंदर खिलौने गा सग जीनें नन्नाई।

(ग) उपहार के बहाने दीनू किनको देखना चाहता था?
उत्तर
उपहार के बहाने दीनू राजकुमार और भव्य महल को देखना चाहता था।

(घ) टीनू को राजा ने कितनी जमीन दी?
उत्तर
दीनू को राजा ने दस एकड़ जमीन दी।

(ङ) राज दरबार जाते समय दीनू ने रास्ते में किन-2 लोगों की सहायता की?
उत्तर
दीनू ने रास्ते में भिखारी, कुत्तों और गाय को रोटी देकर मदद की। लघु उत्तरीय प्रश्न

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

6th Standard Hindi Lesson Uphar Question Answer प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्यों में लिखिए

(क) जरूरतमंदों को सहायता न मिलने पर राजा क्या करता था?
उत्तर
कभी-कभी उसे लगता कि मेरे कर्मचारी कामचोर हो रहे हैं या जरूरतमंद को सहायता नहीं पहुंचा रहे हैं तो खुद कोई न कोई मुक्ति भिड़ाकर रास्ता निकल लेता था।

(ख) दीनू राज दरबार में जाकर आश्चर्यचकित क्यों हो गया?
उत्तर
राज दरबार में पहुँचकर वह हक्का -बक्का रह गया। वहाँ की भव्यता देखकर उसे अपने कपड़ों और अपनी रोटी पर शर्म आने लगी। बड़े-बड़े लोग सुंदर उपहार लाए थे।

(ग) राजाज्ञा क्या थी?
उत्तर
राजाज्ञा थी कि दस हजार स्वर्ण मुद्राएँ दीनू को दी जाती हैं, साथ ही जीवन भर के लिए इसका और रमके परिवार का भरण-पोषण भी गेजकोष मेटोगा।
इसे राजाज्ञा समझा जाए। इसे दस एकड़ जमीन भी दी जाती है, जिस पर वह खेती करे और जरूरतमंद लोगों को रोटी दे।

(घ) दीनू का उपहार सबसे अच्छा क्यों घोषित किया
उत्तर
राजा ने उसे कुर्सी पर बैठाया और सभी जनों के बीच ऐलान किया कि आज सबसे अच्छा उपहार दीनू लाया है। सोने-चाँदी की हमारे खजाने में भी कमी नहीं है। दीनू जो उपहार घर से लेकर चला था। उसमें से रास्ते में जिन-जिन भूखों की भूख इसने बुझाई है, उनकी दुआएँ भी वह राजकुमार के लिए लाया है, अतः दीनू का उपहार सबसे अच्छा घोषित किया गया। भाषा की बात

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भाषा की बात

Class 7 Hindi Chapter 3 Short Answers प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए।
जरूरतमंद, सर्वश्रेष्ठ, आशीर्वादों, वृत्तांत, स्वर्ण-मुद्राएँ।
उत्तर
छात्र स्वयं करें।

Class 7 Hindi Chapter 3 प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए।
नमसकार, आर्शीवाद, आश्चर्य, हतपिरभ, उपधित, राजकोश।
उत्तर
शुद्ध वर्तनी-नमस्कार, आशीर्वाद, हतप्रभ, उपस्थित, राजकोष।

Class 7th Hindi Sugam Bharti प्रश्न 6.
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए
“थोड़ी देर बाद वर्षा होने लगी। माँ ने प्रगति से कहा-शोरगुल मत करो, भाई को पढ़ने दो। मैं तुम्हें खाने को अभी फल ला देती हूँ। फल खाकर उसने पानी पी लिया और मां से बोली-मैं बाहर जाना चाहती हूँ।” ऊपर रेखांकित शब्द क्रिया को प्रकट कर रहे हैं। एक वाक्य में दो क्रियाएँ आई हैं। बाद वाली क्रिया पूर्व क्रिया की सहायता कर रही है। ‘होना’ क्रिया वाक्य में ‘होने’ तथा ‘लगना’ क्रिया ‘लगी’ के रूप में आई है। इस प्रकार हम देखते हैं कि जहाँ वाक्य में दो क्रियाएँ इस प्रकार आती हैं जिसमें एक मुख्य तथा दूसरी उसकी सहायक होती है वहाँ ये क्रियाएँ संयुक्त क्रिया कहलाती हैं।

Class 7th Hindi Chapter 3 Meri Vasiyat प्रश्न (क)
निम्नलिखित में से संयुक्त क्रिया वाले वाक्य छाँट कर लिखिए तथा बताइए कि उनमें कौन-कौन सी संयुक्त क्रियाएँ आई हैं?
उत्तर

  1. तुम दूरदर्शन देखते होगे
  2. शीला पढ़ती है
  3. उसका नाम प्रदीप है।
  4. वह दूध पी चुका होगा
  5. अभी हंसने लगेगा।

MP Board Class 7 Hindi Chapter 3 प्रश्न (ख)
संयुक्त क्रिया वाले चार वाक्य बनाकर लिखिए।
उत्तर

  1. कुछ देर के बाद आध्यापक पढ़ाने लगे
  2. पिताजी तुम्हें खाने को अभी आइसक्रीम ला देते हैं।
  3. हम आपकी सेवा करना चाहते हैं।
  4. राम को हसने दो

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Sugam Vigyan Class 7 Chapter 3 Question Answer प्रश्न 7.
निम्नलिखित योजक चिह वाले शब्दों को बाक्यों में प्रयोग कीजिए
कभी-कभी, बड़े-बड़े, सुंदर-सुंदर, चलते-चलते, दो-दो।
उत्तर
योजक चिंह वाले शब्द

  1. कभी-कभी = पिताजी कभी-कभी बहुत याद आते हैं।
  2. बड़े-बड़े = दक्षिण भारत में बड़े-बड़े मंदिर हैं।
  3. सुंदर-सुंदर = उनके बड़े सुंदर-सुंदर बच्चे हैं
  4. चलते-चलते= अब हमारा ग्रूप चलते-चलते थक चुका है।
  5. दो-दो = अब तुम दो-दो करके आ सकते

उपहार पाठ का परिचय

प्रस्तुत कहानी के माध्यम से कहानीकार ने दयालुता और न्यायप्रियता को उजागर किया है। राजा ने घोषणा में कहा कि राजकुमार के जन्मदिन पर श्रेष्ठतम उपहार लाने वाले को इनाम दिया जाएगा। गरीब दीनू भी कुछ रोटियां लेकर राजा से मिलने निकला। रास्ते में उसने कुछ भूखों और जरुरतमंदों को एक रोटी छोड़कर सारी रोटियां खिला दी। जब राजा ने उससे केवल एक रोटी लाने का कारण पूछा तो उसने सारा किस्सा कह सुनाया। राजा उसकी इमानदारी और नेकदिली पर प्रसन्न हुआ और उसे इनाम प्रदान किया।

उपहार संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. पूरे राज्य में ….. कौन पूछेगा?”

शब्दार्थ-सर्वश्रेष्ठ सबसे अच्छा।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-9 ‘उपहार’ कहानी से ली गई हैं। इसके रचयिता प्रेमकोमल बृदिया हैं।

प्रसंग-इसमें दीनू महल में जाने के लिए रोटियाँ बनवाता है।

व्याख्या-इनाम की घोषणा सुनते ही सभी लोग

सुंदर-सुंदर खिलौने और कपड़े बनवाने लगे। सभी इनाम की होड़ में तरह-तरह के तोहफे तैयार करने लगे। इधर गरीब दीनू के पास रोटियों के

विशेष-गरीब दीनू भी उपहार में रोटियाँ लेकर गए।

2. राजा ने उसे …………………… आश्चर्यचकित थे।

शब्दार्थ-ऐलान घोषणा, हतप्रभ आश्चर्यचकित

संदर्भ-पूर्ववत्। प्रसंग-राजा ने दीनू को स्वर्ण-मुद्राएँ इनाम में दी।

व्याख्या-राजा ने दीनू की सदाचारी और पवित्र हृदय देख उसे कुर्सी पर बैठाते हुए घोषणा की कि सबसे श्रेष्ठ उपहार दीनू का है इसलिए उसे ईनाम में दस हजार स्वर्ण मुद्राएँ दी जाती हैं, साथ ही जीवन भर के लिए इसका और इसके परिवार का भरण-पोषण भी राजकोष से होगा। सभा में सभी हैरान थे।

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

MP Board Class 7th Science Chapter 11 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

Jantu Aur Padap Mein Parivahan प्रश्न 1.
कॉलम A में दी गई संरचनाओं का कॉलम B में दिए गए प्रक्रमों से मिलान कीजिए –
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन 1
उत्तर:
(क) → (ii)
(ख) → (iv)
(ग) → (i)
(घ) → (iii)

11 जंतुओं और पादप में परिवहन प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. हृदय से रक्त का शरीर के सभी अंगों में परिवहन के …. द्वारा होता है।
  2. हीमोग्लोबिन …… कोशिकाओं में पाया जाता है।
  3. धमनियाँ और शिराएँ ………. के जाल द्वारा जुड़ी रहती हैं।
  4. हृदय का लयबद्ध विस्तार और संकुचन ……….. कहलाता है।
  5. मानव शरीर के प्रमुख उत्सर्जित उत्पाद ……………. है।
  6. पसीने में जल और ………. होता है।
  7. वृक्क अपशिष्ट पदार्थों को द्रव रूप में बाहर निकालते हैं, जिसे हम …………. कहते हैं।
  8. वृक्षों में बहुत अधिक ऊँचाइयों तक जल पहुँचाने के कार्य में द्वारा ……….. उत्पन्न चूषण अभिकर्षण बल सहायता करता है।

उत्तर:

  1. धमनियों।
  2. लाल रक्त।
  3. कोशिकाओं।
  4. हृदय स्पंदन।
  5. मूत्र।
  6. लवण।
  7. यूरिया।
  8. वाष्पोत्सर्जन।

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कक्षा 7 विज्ञान पाठ 11 के प्रश्न उत्तर प्रश्न 3.
सही विकल्प का चयन करिए :
(क) पादपों में जल का परिवहन होता है –

  1. जाइलम के द्वारा।
  2. फ्लोएम के द्वारा
  3. रन्ध्रों के द्वारा।
  4. मूल रोमों के द्वारा।

(ख) मूलों द्वारा जल के अवशोषण की दर को बढ़ाया जा सकता है, उन्हें –

  1. छाया में रखकर।
  2. मंद प्रकाश में रखकर।
  3. पंखे के नीचे रखकर।
  4. पॉलीथीन की थैली में रखकर।

उत्तर:
(क) जाइलम के द्वारा।

(ख) मन्द प्रकाश में रखकर।

जंतुओं एवं पौधों में परिवहन Class 7 प्रश्न 4.
पादपों अथवा जन्तुओं में पदार्थों का परिवहन क्यों आवश्यक है? समझाइए।
उत्तर:
पादप तथा जन्तुओं में परिवहन द्वारा रक्त के माध्यम से भोजन, जल, ऑक्सीजन एवं अन्य महत्वपूर्ण उपयोगी पदार्थों को शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाया जाता है जिससे मनुष्य जैविक क्रियाएँ करता है। परिवहन द्वारा उन अंगों में उत्पन्न हानिकारक पदार्थों जैसे- कार्बन डाइऑक्साइड, पसीना, मूत्र आदि को शरीर से बाहर निकाला जाता है। अतः पादपों और जन्तुओं में पदार्थों का परिवहन आवश्यक है।

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MP Board Class 7 Science Chapter 11 प्रश्न 5.
क्या होगा यदि रक्त में पट्टिकाणु नहीं होंगे?
उत्तर:
पट्टिकाणु चोट लगने पर थक्का जमाने में सहायक हैं। रक्त में यदि पट्टिकाणु नहीं होंगे तो चोट लगने पर थक्का नहीं जमेगा। थक्का न जमने से शरीर से अधिक रक्त बह जायेगा जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

MP Board Class 7th Science Chapter 11 प्रश्न 6.
रन्ध्र क्या हैं? रन्धों के दो कार्य बताइए।
उत्तर:
पादप की पत्तियों में गैसों के विनिमय के लिए सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जो रन्ध्र कहलाते हैं।

रन्ध्रों के कार्य:
पादपों में उपस्थित अतिरिक्त जल, वाष्प बनकर उड़ता रहता है।
रन्ध्रों से पत्तियों ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान करती हैं।

Jantuon Aur Padapon Mein Parivahan प्रश्न 7.
क्या वाष्पोत्सर्जन पादपों में कोई उपयोगी कार्य करता है?
उत्तर:
वाष्पोत्सर्जन से चूषण अभिकर्षण बल उत्पन्न होता है जिसके कारण मूलों द्वारा अवशोषित जल तने और पत्तियों तक पहुँचता है। यह पादपों का ठण्डा भी रखता है।

विज्ञान कक्षा 7 पाठ 11 प्रश्न 8.
रक्त के घटकों के नाम बताइए।
उत्तर:
रक्त के घटक: प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएँ (RBC), श्वेत रक्त कोशिकाएँ (WBC), तथा पट्टिकाणु (प्लैटलेट्स) हैं।

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Class 7 Science Chapter 11 Question Answer In Hindi प्रश्न 9.
शरीर के सभी अंगों को रक्त की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:

  1. रक्त ऑक्सीजन, भोजन, हार्मोन्स एवं अन्य:आवश्यक पदार्थों को शरीर के विभिन्न भागों में ले जाता है।
  2. कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य उत्सर्जी पदार्थों को शरीर के विभिन्न भागों से लाकर फेफड़ों एवं अन्य उत्सर्जी अंगों की सहायता से निष्कासित करता है।
  3. उपापचय में बने विषैले एवं हानिकारक पदार्थों को हानिरहित बनाने के लिए यकृत में भेजता है।

इस प्रकार सभी अंगों को रक्त की आवश्यकता होती है।

Kaksha 7 Vigyan Paath 11 प्रश्न 10.
रक्त लाल रंग का क्यों दिखाई देता है?
उत्तर:
रक्त में लाल रंग का वर्णक होता है जिसे हीमोग्लोबिन कहते हैं। हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण ही रक्त का रंग लाल होता है।

Jantu Or Padap Me Parivahan प्रश्न 11.
हृदय के कार्य बताइए।
उत्तर:
हृदय के कार्य:

  1. हृदय शरीर के समस्त अंगों एवं कोशिकाओं में शुद्ध रक्त प्रवाहित करता है।
  2. अशुद्ध रक्त को अंगों से एकत्रित करके फेफड़ों, वृक्क एवं यकृत में शुद्ध होने के लिए प्रवाहित करता है।
  3. हृदय रक्त के माध्यम से सभी कोशिकाओं को जल एवं अन्य उपयोगी पदार्थों का संवहन करता है।

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विज्ञान भारती कक्षा 7 पाठ 11 प्रश्न 12.
शरीर द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को उत्सर्जित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
शरीर में जैविक क्रियाओं के अन्तर्गत कुछ हानिकारक पदार्थों का निर्माण होता है। इनका शरीर से बाहर निकलना अत्यन्त आवश्यक है अन्यथा शरीर में विष उत्पन्न हो जाएगा जिससे मृत्यु हो सकती है।

MP Board Class 7th Science प्रश्न 13.
मानव का उत्सर्जन तन्त्र का चित्र बनाइए और उसके विभिन्न भागों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
मानव का उत्सर्जन तन्त्र:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन 2

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