MP Board Class 10th Hindi Book Solutions वासंती, नवनीत

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MP Board Class 10th Hindi Book Solutions Vasanti

Here we have given MP Board Class 10 General Hindi Vasanti Solutions Hindi Samanya Kaksha 10 (वासंती हिंदी सामान्य कक्षा 10).

Vasanti Hindi Book Class 10 Solutions

MP Board Class 10 General Hindi व्याकरण

MP Board Class 10th Hindi Book Solutions Navneet

Here we have given MP Board Class 10 Special Hindi Navneet Solutions Hindi Vishisht Kaksha 10 (नवनीत हिंदी विशिष्ट कक्षा 10).

Navneet Hindi Book Class 10 Solutions

पद्य खण्ड

गद्य खण्ड

MP Board Class 10 Special Hindi सहायक वाचन Solutions

MP Board Class 10 Special Hindi व्याकरण

MP Board Class 10 General Hindi Syllabus & Marking Scheme

समय : 3 घण्टे
पूर्णांक : 100

क्रम विषय सामग्री अंक कालखण्ड
1. पद्य खण्ड-
एक पद्यांश की व्याख्या
सौंदर्य-बोध पर आधारित प्रश्न
विषय-वस्तु पर आधारित प्रश्न
25 40
2. गद्य खण्ड-
अर्थ ग्रहण संबंधी प्रश्न
विषय-वस्तु पर आधारित बोध प्रश्न
25 40
3. गद्य की विद्याएँ
प्रमुख विधाओं का सामान्य परिचय
05 10
4. व्याकरण-
संधि-भेद
समास-भेद
तत्सम, तद्भव, देशज एवं आगत शब्द
पर्यायवाची शब्द
वाक्य के प्रकार-रचना, अर्थ के आधार पर
वाक्य शुद्ध करना
विराम चिह्न
मुहावरे लोकोक्तियाँ
20 30
5. अपठित बोध-
गद्यांश, पद्यांश-शीर्षक सारांश एवं प्रश्न
10 15
6. पत्र लेखन 05 10
7. निबंध लेखन 10 15
पुनरावृत्ति 20
योग 100 180

पाठ्य पुस्तक-वासंती (गद्य-पद्य संकलन)

पद्य खण्ड (25 Marks)

  • पद्य पाठों पर आधारित एक पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या (5 Marks)
    (कविता का नाम, कवि का नाम, अर्थ)
  • काव्य-सौंदर्य पर आधारित प्रश्न (10 Marks)
  • विषय-वस्तु पर आधारित बोध-प्रश्न (10 Marks)

गद्य खण्ड (25 Marks)

  • गद्य पाठों पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न (10 Marks)
  • विषय-वस्तु पर आधारित प्रश्न (15 Marks)

गद्य की विधाएँ (5 Marks)

  • प्रमुख विधाओं के सामान्य परिचय पर प्रश्न (5 Marks)

भाषा-बोध (20 Marks)

  • संधि-भेद, परिभाषा, उदाहरण आदि पर प्रश्न (2 Marks)
  • समास-भेद, परिभाषा, उदाहरण आदि पर प्रश्न (2 Marks)
  • तत्सम, तद्भव, देशज तथा आगत शब्द पर प्रश्न (2 Marks)
  • पर्यायवाची शब्द पर प्रश्न (2 Marks)
  • विलोम शब्द पर प्रश्न (2 Marks)
  • वाक्यांशों के लिए एक शब्द पर प्रश्न (2 Marks)
  • वाक्य के प्रकार (रचना और अर्थ के आधार पर) प्रश्न (2 Marks)
  • विराम चिह्न पर प्रश्न (2 Marks)
  • वाक्य शुद्ध करना पर प्रश्न (2 Marks)
  • मुहावरे/लोकोक्तियाँ पर प्रश्न (2 Marks)

अपठित बोध (10 Marks)

  • गद्यांश-शीर्षक, सारांश/प्रश्न (5 Marks)
  • पद्यांश-शीर्षक, सारांश प्रश्न (5 Marks)

पत्र लेखन (5 Marks)

  • अनौपचारिक पत्र, औपचारिक पत्र, निमंत्रण पत्र, पारिवारिक पत्र (5 Marks)

निबंध लेखन (10 Marks)

  • वर्णनात्मक विचारात्मक एवं समसामयिक विषयों पर निबंध लेखन (10 Marks)

प्रायोजना कार्य-

  1. क्षेत्रीय बोली-पहेलियाँ, चुटकुले, लोक गीत, लोक कथाओं का परिचय तथा खड़ी बोली में उनका अनुवाद।
  2. दूरदर्शन/आकाशवाणी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रियाएँ/विश्लेषण।
  3. हिन्दी साहित्य का स्वतन्त्र पठन/टिप्पणी एवं प्रेरणाएँ।
  4. हस्तलिखित पत्रिका तैयार करना।
  5. म.प्र. से प्रकाशित होने वाली हिन्दी भाषा की पत्र-पत्रिकाओं की जानकारी।

टिप्पणी-
प्रायोजना कार्य से संबंधित विषय-वस्तु पर (अंक आवंटित न होने के कारण) परीक्षा में प्रश्न पूछे जाना अपेक्षित नहीं है।
निर्धारित पाठय-पुस्तक-वासंती (गद्य-पद्य संकलन)
मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संकलित एवं निर्मित तथा मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित।

MP Board Class 10 Special Hindi Syllabus & Marking Scheme

समय : 3 घण्टा
पूर्णांक : 100

क्रम विषय सामग्री अंक कालखण्ड
1. पद्य खण्ड –
पद्य साहित्य का विकास
कवि परिचय, व्याख्या, सौन्दर्य बोध एवं भाव तथा विषय-वस्तु पर आधारित प्रश्न
4 + 23 = 27 40
2. गद्य खण्ड –
गद्य की विधाएँ
लेखक परिचय, व्याख्या, विषय-वस्तु एवं विचार बोध पर प्रश्न
4 + 19 = 23 35
3. सहायक वाचन –
विविध पाठों पर आधारित प्रश्न
आंचलिक भाषा के पाठों में से प्रश्न
6 + 4 = 10 15
4. भाषा बोध –
सन्धि, समास-भेद सहित
वाक्य के प्रकार (अर्थ के आधार पर), वाक्य परिवर्तन
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
10 15
5. काव्य बोध –
काव्य की परिभाषा
भेद-मुक्तक काव्य, प्रबन्ध काव्य (महाकाव्य, खण्डकाव्य)
रस-परिभाषा, अंग, भेद, उदाहरण
अलंकार-वक्रोक्ति, अतिश्योक्ति, अन्योक्ति
छन्द-गीतिका, हरिगीतिका, उल्लाला, रोला
10 15
6. अपठित बोध 05 10
7. पत्र-लेखन 05 10
8. निबंध-लेखन 10 20
पुनरावृत्ति 20
सम्पूर्ण योग (पूर्णांक) 100 180

पाठ्य पुस्तक-नवनीत

पद्य खण्ड (27 Marks)

  • पद्य साहित्य का विकास-रीतिकाल तथा आधुनिक
    काल का सामान्य परिचय पर दो प्रश्न (2 + 2 = 4 Marks)
  • पद्य पाठों पर आधारित कवि का संक्षिप्त परिचय-रचनाएँ, काव्यगत विशेषताओं पर एक प्रश्न (5 Marks)
  • दो पद्यांश में से एक की सप्रसंग व्याख्या पर एक प्रश्न (5 Marks)
  • सौन्दर्य बोध पर आधारित दो प्रश्न (4 + 3 = 7 Marks)
  • भाव एवं विषय-वस्तुं पर आधारित दो प्रश्न (3 + 3 = 6 Marks)

गद्य खण्ड (23 Marks)

  • गद्य की विधाओं के विकास क्रम पर आधारित एक प्रश्न (4 Marks)
  • लेखक का संक्षिप्त परिचय, (रचनाएँ, भाषा-शैली) पर एक प्रश्न (5 Marks)
  • दो गद्यांश में से एक की सप्रसंग व्याख्या पर एक प्रश्न (5 Marks)
  • विचार बोध पर आधारित दो प्रश्न (3 + 2 = 5 Marks)
  • विषय बोध पर आधारित एक प्रश्न (4 Marks)

सहायक वाचन (10 Marks)

  • पाठों की विषय-वस्तु पर आधारित दो प्रश्न (3 + 3 = 6 Marks)
  • आंचलिक भाषा के पाठों पर आधारित दो प्रश्न (2 + 2 = 4 Marks)

भाषा बोध (10 Marks)

  • सन्धि भेद पर एक प्रश्न (2 Marks)
  • समास भेद पर एक प्रश्न (2 Marks)
  • वाक्य के प्रकार (अर्थ के आधार पर) पर एक प्रश्न (2 Marks)
  • वाक्य परिवर्तन पर एक प्रश्न (2 Marks)
  • अनेक शब्दों के लिए एक शब्द पर एक प्रश्न (2 Marks)

काव्य बोध (10 Marks)

  • काव्य की परिभाषा-भेद, मुक्तक काव्य, प्रबन्ध काव्य (महाकाव्य, खण्डकाव्य) पर एक प्रश्न (4 Marks)
  • रस-परिभाषा, अंग, भेद और उदाहरण पर एक प्रश्न (2 Marks)
  • अलंकार-वक्रोक्ति, अतिश्योक्ति, अन्योक्ति पर एक प्रश्न (2 Marks)
  • छन्द-गीतिका, हरिगीतिका, उल्लाला, रोला पर एक प्रश्न (2 Marks)

अपठित बोध (5 Marks)

  • गद्यांश/पद्यांश पर एक प्रश्न
  • शीर्षक, सारांश/प्रश्न पर एक प्रश्न

पत्र-लेखन (5 Marks)

  • पारिवारिक, विद्यालयीन एवं कार्यालयीन पत्र पर एक प्रश्न

निबन्ध-लेखन (10 Marks)

  • वर्णनात्मक, विचारात्मक, सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक एवं समसामयिक विषयों पर निबन्ध-लेखन पर एक प्रश्न

प्रायोजना कार्य

  1. क्षेत्रीय बोली—पहेलियाँ, चुटकुले, लोकगीत, लोक कथाओं का परिचय तथा खड़ी बोली में उनका अनुवाद।
  2. दूरदर्शन/आकाशवाणी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रियाएँ/विश्लेषण।
  3. हिन्दी साहित्य का स्वतन्त्र पठन/टिप्पणी एवं प्रेरणाएँ।
  4. हस्तलिखित पत्रिका तैयार करना।
  5. म. प्र. से प्रकाशित होने वाले हिन्दी भाषा के पत्र-पत्रिकाओं की जानकारी।

टिप्पणी- प्रायोजना कार्य से सम्बन्धित विषय-वस्तु पर (अंक आबण्टित न होने के कारण) परीक्षा में प्रश्न पूछे जाना अपेक्षित नहीं है।

MP Board Class 10 General Hindi Blue Print of Question Paper

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MP Board Class 10th English The Rainbow Solutions Chapter 1 Goodwill

MP Board Class 10th English Solutions The Rainbow Chapter 1 Goodwill (Yajurveda (V-S)

Mp Board Class 10 English Chapter 1 Goodwill Question Answer

Class 10 English Chapter 1 Mp Board Goodwill Vocabulary

Question 1.
All the three stanzas of the hymn begin with the word “May’ why?
Answer:
All the three stanzas of the hymn are invocations to the divine Essence (‘the peerless Spirit’ and ‘the deathless Flame’). Therefore, all of them begin with the word ‘May’.

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Question 2.
Make a list of the verbs used in the poem.
Answer:
The following verbs have been used in the poem: perform done controls lies guides abides resolve

Question 3.
Say the following words and use them in different contexts:
spirit, may, mind, flame
Answer:
Spirit-
(i) He is dead but his spirit lives in.
(ii) My uncle is the leading spirit behind the reform movement.
(iii) You lack team spirit.
(iv) You should work in the right spirit.
(v) Do you drink spirits?

May-
(i). A son was born to Rajni in the month of May.
(ii) You may accompany us if you wish.
(iii) May he live long!
(iv) Her words may be true.

Mind-
(i) Mind your own business.
(ii) She has a dull mind.
(iii) Please don’t mind my remarks.

Flame-
(i) The cigarette lighter gave out a dim flame.
(ii) She owns a flame red car.
(iii) She was burning with a flame of passion.
(iv) The flame of the fire enguļfed the entire village.

Comprehension

A. Answer the following questions in about 25 words.

Question 1.
Explain: That peerless Spirit that lies in all creatures, may that my Mind resolve in what is good.
Answer:
The unique Spirit (Divine Soul) resides in all creatures. The poet invokes it to urge his mind to perform good deeds.
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Question 2.
Does “the deathless Flame” in Stanza II, line 2, refer to an everlasting flame, the flame of knowledge, or to the soul that lies in all creatures? Give reasons.
Answer:
‘The deathless Flame’ refers to the everlasting flame, the flame of knowledge. The following lines make it clear. May that which is deep knowledge, intellect, memory that which is the deathless Flame in living beings.

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Question 3.
In what sense is the word ‘Mind’ used in the poem? (M.P. Board 2009)
Answer:
The word ‘Mind’ is used in the sense of individual soul (jivatma) in the poem. The poet has related mind to Spirit.

Question 4.
Why is the Mind likened to a charioteer in the poem?
Answer:
The charioteer controls the fleet-footed horses. The mind controls the fleshly desires of the human beings. The mind is likened to a charioteer because both of them act as controllers.

B. Answer the following questions in about 50 words.

Question 1.
Write the significance of the title ‘Goodwill’.
Answer:
Goodwill means pure conscience. A saintly mind seeks pleasure in performing noble deeds. He never hopes for a reward or the return for his deeds. The Moon and the Sun spread their light and shine on all without any discrimination. A man of goodwill is not only selfless but helpful to others also.

Question 2.
What is the central idea of ‘Goodwill’?
Answer:
‘Goodwill means pure mind and pure intention. One who is true in word, deed and thought alone can develop goodwill. Goodwill is another name for pure and malice-free conscience. A man of goodwill is never envious of others’ progress or pursuit. He feels delighted in others’ prosperity. He Controls his senses and guides man like a charioteer and works only for what is good.

Speaking Skill

Question 1.
Following are some quotations from great philosophers. Discuss about them with your friend.

  • Real beauty is the beauty of soul.
  • How we live is important not how long we live.
  • To reach very far we must start from very near.
  • The first step is the everlasting step.

Question 2.
Quote verbally some wise sayings of the other philosophers like Swami Vivekanand, Maharishi Aurobindo, Mahatma Gandhi, Socrates, Plato etc.
Answer:

  1. The fountain of all knowledge is in every one of us. – Swami Vivekananda
  2. O son of immortality, live not thou according to nature, but according to God, and compel her also to live according to duty within thee. – Maharishi Aurobindo
  3. The golden light came down into my heart smiting my life with thy eternity. Now has it grown a temple there/ Thou art and all its passions point towards only Thee.
    – Maharishi Aurobindo
  4. Water the roots of the tree and the whole tree is watered. – Swami Vivekananda
  5. A friendship, its exactness, oneness of opinion and conduct, is not worth much.
    – M.K. Gandhi
  6. Speed is not the end of life, man sees more and lives more truly by walking to his duty. – M.K. Gandhi
  7. The shortest and surest way to live with honour in the world is to be in reality what we would appear to be. -Socrates
  8. Contentment is natural wealth, luxury is artificial poverty. – Socrates
  9. Self-conquest is the greatest of victories. – Plato
  10. Every man is a poet when he is in love. – Plato

Writing Skill

Question 1.
Write a paragraph on the importance of morning prayer in life. (50 words)
Answer:
A morning prayer has a soothing effect on our mind. It regulates our life. Morning prayer requires cleanliness of body. It purifies our heart. We pray to God to give us our due and bring us a good day. It diverts the minds of the people towards noble thoughts, speech and action.

Question 2.
Observe and write about certain activities of your daily life which people consider good and which make you feel good. (150 words)
Answer:
I get up early in the morning. I revise my lesson and do my homework. Then I take some exercise in the open. After sometime I take a bath. Then I go to the temple to hear the sermons of the saints. Then I help my mother in the kitchen to prepare morning breakfast. After taking breakfast I go to the school. Being the monitor of my class I help the teacher in maintaining discipline. I share my lunch packet with any student who has not brought his lunch. I help certain girls who have not done their homework or learnt their lesson well. In the evening, I read some religious book to my grandmother. People around me consider my activities good. This makes me feel good.

Think It Over

Question 1 .
Our body is the chariot, senses are the horses, and our Mind is the charioteer. If we don’t control the senses they will lead us to disaster. Think over this chariot of the Mind. On which path would you like to keep the chariot? Write.
Answer:
The body is the chariot of the Mind. It can go astray if the mind wavers. Those who have a flickering mind easily become thieves, robbers, dacoits and criminals. Senses run after sense objects. The eyes take pleasure to look at beautiful objects. The tongue relishes delicious and sweet objects. Hands get impatient to do foul deeds. It is the duty of the mind to put reins on the senses. A loose mind has no hold over strong senses. Therefore, the mind should be strong to check the senses from going astray. If the senses are controlled, the body will also be controlled. It will save us from disaster. At the same time, it will lead us to noble deeds.

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Question 2.
Wise men opt for what is good, others for what is pleasurable. Both these options lead to different paths. Think and classify your options:
good – pleasurable
Answer:
Wise men opt for what is good. A thing of beauty is a joy forever. Good things are those which are always considered good irrespective of change in moods or climes. Service to humanity, charity to the poor and thinking about others’ welfare are good activities. The path of goodness is not a bed of roses. It is full of hardships. In spite of that, wise men opt for this path because it is related to a noble mind. What others opt for is pleasurable. They wish to ride vehicles, eat tasty things, view romantic films and visit places of scenic beauty. Such pleasure seeking persons are governed by their senses and so fell a victim to sense objects.

Things To Do

1. Great men have always advised their coming generations to enlighten their mind. Go to the library and collect such; guidelines that will help you in your studies.
2. Share those guidelines with your friends and write them on a sheet with colourful sketch pens. Read them every day at least once.
Ans.
Do yourself.

Goodwill Additional Important Questions

A. Read the following extract carefully and answer the questions given below it. (M.P. Board 2012)

1. May that by which wise men, skilful in rituals
and steady in assemblies, perform their tasks
that peerless spirit that lies in all creatures,
may that my mind resolve on what is good.
May that which is deep knowledge, intellect, memory

that which is the deathless Flame in living beings,
without which nothing whatever is done,
may that my Mind resolve on what is good. (Page 1)

Questions:
(i) Identify the poem and its source.
(ii) What is the central idea of this poem?
(iii) Explain “that peerless……………what is good.”
(iv) What does ‘deathless flame’ refer to?
Answers:
(i) The poem is ‘Goodwill’ which is an extract from Yajurveda.
(ii) The central idea of the poem is that one who is true in word, deed and thought alone can develop goodwill.
(iii) It means that the unique spirit (Divine Soul) resides in all creatures.
(iv) It refers to the everlasting flame, the flame of knowledge.

2. May that which guides men like a good charioteer
who controls fleet-footed horses with the reins,
that which abides in the heart, most swift and active,
may that my Mind resolve on what is good. (Page 1) (M.P. Board 2009)

Questions:
(a) The poem from which these lines have been taken is:
(i) Goodwill
(ii) If?
(iii) To the Cuckoo
(iv) The Bridge Builder
Answer:
(i) Goodwill

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(b) The word used for a long narrow band usually of leather by which a horse is controlled’, in the extract is:
(i) abide
(ii) fleet
(iii) reins
(iv) charioteer
Answer:
(iii) reins

(c) In what sense is the word ‘Mind’ used in this poem:
(i) intellect
(ii) swift
(iii) inner sense (conscience)
(iv) active
Answer:
(iii) inner sense (conscience)

I. Match the following:

1. Wiseman – (a) lies in all creatures
2. Peerless spirit – (b) in living beings
3. Mind – (c) controls fleet-footed horses
4. A good charioteer – (d) skilful in rituals
5. Deathless flame – (e) resolve on what is good
Ans.
1. (d), 2. (a), 3. (e), 4. (c), 5. (b).

II. Pick-up the correct choice.

(i) A. Wisemen are unskilled in rituals.
B. Foolish persons are skilful in rituals.
C. The peerless spirit lies in a few creatures.
D. Wisemen are skilful in rituals.
Ans.
D. Wisemen are skilful in rituals.

(ii) A. Foolish persons perform their task.
B. May my mind resolve on what is good.
C. A good fighter guides men.
D. All the hearts are slow and idle.
Ans.
B. May my mind resolve on what is good.

III. Write ‘True’ or ‘False’.

1. ‘Goodwill’ is an extract from Samaveda.
2. The Vedas are regarded as ancient books.
3. The date of the Vedas is known.
4. The Vedas deal with the ‘deity’, ‘creation’ and ‘existence’.
5. Divine nature of the spirit of man is also a part of the Divine Essence (Spirit of God).
Ans.
1. False, 2. True, 3. False, 4. True, 5. True.

IV. Fill up the following blanks.

1. And steady in ………… perform their task.
2. May that my mind ………………. on what is good.
3. That which abides in the ……….. most swift and active.
4. A good ………..controls fleet footed horses with the reins.
5. That which is the ………. in living beings.
Ans.
1. assemblies
2. resolve
3. heart
4. charioteer.
5. deathless flame.

B. Short Answer Type Questions (In about 25 words)

Question 1.
Define the Mind.
Ans.
It is the cerebral part of the body. It is the source of one’s thoughts and feelings. It has the ability to reason.

Question 2.
What do you understand by the ‘peerless spirit’?
Ans.
The ‘peerless spirit’ is another name for the ‘Divine Essence’. It activates and motivates the human bodies to perform actions. It is not only active but swift too.

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Question 3.
What do you know about the Vedas?
Ans.
Vedas are the most ancient holy texts of the Hindus. They were revealed to the rishis in meditation. There are four Vedas named Rigveda, Samaveda, Yajurveda and Atharvaveda. They deal with the ‘Deity’, ‘Creation’ and ‘Existence’.

Question 4.
What is the function of the mind in the body?
Answer.
Mind has the ability to reason. It also retains past memory. It controls our fleshly desires. A logical mind discards us from any misdeeds.

C. Class 10 English Chapter 1 Mp Board Long Answer Type Question (In about 50 words)

Question 1.
What happens in the absence of ‘Goodwill’?
Answer.
Goodwill promotes good actions. In this sense we can say that if there is no goodwill, there are no good actions. It is a matter of great regret that goodwill is hardly seen on earth. Absence of goodwill shows progress in crimes against persons and property. Forgery, fraud and perjury, adultery rape and black marketing becoming the order of the day.

Goodwill Introduction

This is an extract from Yajurveda which is one of the four Vedas. The essence of this hymn is that man should be controlled by his mind and not by his fleshly desires.

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Class 10 English Chapter 1 Goodwill Summary

The divine Essence, ‘the peerless Spirit’ and ‘the deathless Flame’. are invoked in this poem. The peerless spirit resides in all creatures. It is the deathless flame in living beings. It activates the bodies to perform various actions. It is very swift and active. May that all knowing peerless spirit put the ‘will’ in the Mind (individual soul) to do only what is good. It is possible only when the Mind controls the fleshly desires.

Goodwill Summary in Hindi

इस कविता में दैवी तत्त्व (सार)- ‘अनुपम आत्मा’ तथा ‘मरण-रहित’ (न बुझने वाली) ज्योति की स्तुति की गई है। अनुपम आत्मा, सभी प्राणियों में निवास करती है। यह जीवित प्राणियों में अमिट (अमर) ज्वाला है। यह शरीर को कार्य करने के लिए सक्रिय करती है। यह सर्वाधिक तीव्रगति वाला तथा कार्यशील है। भगवान करे कि वह सर्वज्ञ अनुपम आत्मा, केवल शुभ कर्म करने के लिए हमारे मन में इच्छा (संकल्प) पैदा करे। यह तभी सम्भव होगा जब मन (जीवात्मा/मस्तिष्क), भौतिक इच्छाओं पर नियन्त्रण कर ले।

Goodwill Word-Meanings
MP Board Class 10th English The Rainbow Chapter 1 Goodwill 1
MP Board Class 10th English The Rainbow Chapter 1 Goodwill 2

Some Important Pronunciations
MP Board Class 10th English The Rainbow Chapter 1 Goodwill 3

MP Board Class 10th English Solutions

MP Board Class 10th English Book Solutions The Rainbow, The Spring Blossom

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MP Board Class 10th English Book Solutions

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The Rainbow Textbook Special English Class 10th Solutions

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The Rainbow Workbook Special English Class 10th Solutions

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MP Board Class 10th Special English Reading Skills

MP Board Class 10th Special English Reading Unseen Passages

MP Board Class 10th Special English Writing Skills

Short Composition

Long Composition

MP Board Class 10th Special English Grammar

The Spring Blossom Textbook General English Class 10th Solutions

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MP Board Class 10th General English Reading Unseen Passages

MP Board Class 10th General English Writing Skills

MP Board Class 10th General English Grammar

MP Board Class 10th General English Syllabus & Marking Scheme

Time: 3.00 Hours
Maximum Marks: 100

Unitwise Weightage

Section Topics Marks
A Reading Skills
Reading Unseen Passages
15
B Writing Skills 20
C Grammar 20
D Prescribed Text Book 45
Total 100

Section A
Reading (15 Marks, 27 Periods)

A1, A2 & A3 Three unseen passages of total 450 words with a variety of questions including 3 marks for vocabulary.
The prose passage will be
Factual passage, e.g. instruction, description, report etc.
Discursive passage e.g. argumentative, interpretative, persuasive etc and
Literary passage, e.g. fiction, poetry, interview, biography etc in nature.
About 150 words in length (5 Marks)
About 150 words in length (5 Marks)
About 150 words in length (5 Marks)
There will be questions for local comprehension besides questions on vocabulary and comprehension of higher-level skills such as drawing inferences and conclusions.

Section B
Writing (20 Marks, 36 Periods)

B1 – Letter writing: One letter based on provided verbal stimulus and context. (6 Marks)
Types of Letter: informal: personal – such as to family and friends
Formal: letters of complaints, enquiries, requests, applications.

B2 – Note making and summarising: 6 Marks
(a) Students will be asked to make notes on the passage given (100 words). (3 Marks)
(b) The students will be asked to prepare a summary looking at the given notes. (3 Marks)

B3 – Composition: A short writing task based on a verbal and/or visual stimulus (diagram, picture, graph, map, chart, table, flow chart etc) (80 words) (8 Marks)
OR
an essay in about 200 words on topics of day to day life.
After given an example practice to a student to write an original composition for two or three years, the option of ‘Essay’ may be eliminated.

Section C
Grammar and Translation (20 Marks, 36 Periods)

A variety of short questions involving the use of particular structures within a context. Test Types used will include cloze, gap-filling, sentence completion, sentence- re-ordering, editing, dialogue-completion and sentence transformation. The grammar syllabus for this class will include the following areas for teaching:

  1. Use of non-finite
  2. Sentence connectives: as, since, while, then, just because, just until
  3. Clauses with what, where and how
  4. Past Tense
  5. Modals: can, could, may, must, might
  6. Translation (from Hindi to Eng) (05 marks)

Note: All other areas covered in Class IX will be tested in Class X as this is an integrated course for this area of learning.

Section D
Text Books (45 Marks, 81 Periods)

Prose (20 Marks)
D1 and D2 – Two extracts from different prose lessons included in the textbook (approximately 100 words each) (5 × 2 = 10 marks)
These extracts chosen from different lessons will be literary and discursive in nature. Each extract will be of 5 marks. One mark in each extract will be for vocabulary. 4 marks in each passage will be used for testing local and global comprehension besides a question on interpretation.

D3 – One out of two questions: extrapolative in nature based on any one of the prose lessons from the textbook to be answered in about 50 to 80 words. (6 Marks)

D4 – One out of two questions on drama text (local and global comprehension questions) (25-30 words) (4 Marks)

Poetry (10 Marks)
D5 – One out of two extracts from different poems from the prescribed reader, each followed by two or three questions to test the local and global comprehension of the set text. (3 Marks)

D6 – One out of two short answer type questions on the interpretation of themes and ideas contained in the poems to be answered in about 20-25 words each. (3 Marks)

D7 and D8 – Two out of three short answer type questions on the appreciation of the poems. (4 Marks) (15 Marks)

D9 – One out of two questions from supplementary Materials to interpret, evaluate and analyse character, the plot or situations occurring in the lessons to be answered in about 100 words. (7 Marks)

D10 & D11 – Two out of three short answer type questions of interpretative and evaluative nature based on lessons (2 × 2 = 4 Marks)

D12 & D13 – Two out of three short answer type questions based on factual aspects of the lessons. (2 × 2 = 4 Marks)

Book Prescribed:

  1. Text Book – The Spring Blossom
  2. WorkBook – The Spring Blossom

Compiled by M.P. Rajya Shiksha Kendra and Published by M.P. Text Book Corporation.

MP Board Class 10th Special English Syllabus & Marking Scheme

Time: 3.00 Hours
Maximum Marks: 100

Unitwise Weightage

Section Topics Marks
A Reading Skills (Reading Unseen Passages) 30
B Writing Skills 30
C Grammar 15
D Prescribed TextBook 25
Total 100

Section A: Reading (30 Marks)

Three unseen passages with a variety of comprehension questions, including 5 marks for word attack skills such as word formation and inferring meaning: (54 Periods)

  1. About 150 words in length (8 marks)
  2. About 200 words in length (8 marks)
  3. About 300 words in length (14 marks)

The total of the passages will be about 650 words. The passage will include one each of the following types:
Factual passage, e.g., instruction, description, report.
Discursive passage involving opinion, e.g., argumentative, persuasive or interpretative text.
Literary passage, e.g., extract from fiction, drama, poetry essay or biography.
In the case of a poetry extract, the text may be shorter than 150 words.

Section B: Writing (30 Marks)

Four writing tasks as indicated below: (54 Periods)

  1. A linguistically controlled task, where a student builds up a composition with guidance (5 marks)
  2. Short composition of not more than 50 words, e.g., a note or notice, message, telegram, short postcard.
  3. Composition based on a verbal and/or visual stimuli such as an advertisement; notice, newspaper cutting, table, diary extracts, notes, letter or other forms of correspondence (10 marks)
  4. Composition based on a verbal and/or visual stimuli such as a diagram, picture, graph, map, cartoon, or flow chart. (10 marks)

One of the longer (10 marks) compositions will draw on the thematic content of the Main Course Book…
At least one task will involve the production of a form of correspondence, e.g., a letter, postcard, note or notice.
One task will involve the production of discursive text in which the student is required to express his/her point of view on the topic given.

Section C: Grammar (15 Marks)

A variety of short questions involving the use of particular structures within a context (i.e., not in isolated sentences). Test types will include, for example., cloze (gap filling exercise with blanks at regular interval), sentences-completion, sentence-recording, editing, dialogue. Completion and sentence transformation. (27 Periods)
The grammar syllabus will be sampled each year, with marks allotted for different areas of the content of the syllabus prescribed for class IX as well as X as detailed below:
By the end of the course, students should be able to use the following accurately and appropriately in context.

1. Verbs forms
Tenses: Present/Past forms, Simple/Continuous forms, Perfect forms, Future time reference, Modals, Active and Passive Voice, Subject-Verb agreement, Non-finite verb forms (infinitive and participles)

2. Sentence Structure
Connectors, Types of Sentences: affirmative/interrogative sentences, negation exclamations, Types of phrases and clauses, Finite and non-finite clauses, noun clauses and phrases, adjective clauses and phrases, adverb and phrases, Indirect Speech, Comparison, Nominalisation

3. Other Areas
Determiners, Pronouns, Prepositions.

  1. Two extracts from different poems from the prescribed readers, each followed by two or three questions to test local and global comprehension of the set text. Each extract will carry four marks. (8 marks)
  2. One or two questions based on one of the drama texts from the prescribed reader to test local and global comprehension of the set text. An extract may or may not be used. (5 marks)
  3. One questions based on one of the prose text from the prescribed reader to test global comprehension and extrapolation beyond the set text. (4 marks)
  4. One extended questions based on one of the prose texts from the prescribed reader to test global comprehension and extrapolation beyond the set text. (8 marks)

Questions will test comprehension at different levels; literal inferential and evaluative.
At the end of class X, the Board’s three-hour examination will test reading and writing skills specified in the teaching/testing objectives together with representative samples of the literature and grammar objectives. The structure of the class X examination paper will be in accordance with the sample paper given in Grammar WorkBook.

Book Prescribed:

  1. Textbook – The Rainbow
  2. Workbook – The Rainbow

Compiled by M.P. Rajya Shiksha Kendra and Published by M.P. Text Book Corporation. Bhopal.

MP Board Class 10 Special English Blue Print of Question Paper

You can download MP Board Class 10th English Blueprint and Marking Scheme 2019-2020 in Hindi and English medium.

MP Board Class 10 English Blue Print of Question Paper 2

MP Board Class 10 General English Blue Print of Question Paper

MP Board Class 10 English Blue Print of Question Paper 1

MP Board Class 10 Special English Format of Question Paper Design

MP Board Class 10 English Format of Question Paper 2

MP Board Class 10 General English Format of Question Paper Design

MP Board Class 10 English Format of Question Paper 1

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India: Soil, Water, Forest and Wild Life

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India: Soil, Water, Forest and Wild Life

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Text book Exercise

Objective Type Questions

Question 1.
Multiple Choice Questions
(Choose the correct answer from the following)

Question 1.
Which factor does not help in the formation of the soil?
(a) Wind and water
(b) Decomposed plants and animals
(c) Rocks and temperature
(d) Water accumulation.
Answer:
(a) Wind and water

MP Board 10th Maths Solution

Question 2.
Which soil is generally found in the delta region of Andhra Pradesh and Orissa and the plains of Ganges?
(a) Red soil
(b) Alluvial soil
(c) Black soil
(d) Laterite soil.
Answer:
(b) Alluvial soil

MP Board Solutions

Question 3.
In which region, the method of making contour bunds is used for soil conservation?
(a) Delta region
(b) Plateau region
(c) Hills
(d) Plains
Answer:
(c) Hills

Question 4.
Man uses the most?
(a) underground water
(b) Oceanic Water
(c) Surface Water
(d) Atmospheric Water
Answer:
(a) underground water

Question 5.
Which of the following states is known as Tiger state?
(a) Rajasthan
(b) Madhya Pradesh
(c) Uttarakhand
(d) Assam.
Answer:
(b) Madhya Pradesh

Question 6.
The founder of Vanmahostava was?
(a) Mahatma Gandhi
(b) Pt.Jawaharlal Nehru
(c) K.M. Munshi
(d) Acharya Vinobha Bhave
Answer:
(c) K.M. Munshi

Question 7.
Most forested state is –
(a) Madhya Pradesh
(b) Uttar Pradesh
(c) Assam
(d) Tamil Nady.
Answer:
(c) Assam

Question 8.
Ghana Bird Santuary is located in –
(a) Kerala
(b) Rajasthan
(c) West Bengal
(d) Madhya Pradesh
Answer:
(b) Rajasthan

MP Board Solutions

Question 2.
Fill in the blanks:

  1.  ………………. has an important place in Joint Forest Management System.
  2.  Social Forestry Scheme is getting financial assistance from ……………….
  3.  Forest Fire Control Project is working in association with ……………….
  4.  ……………….. and are ……………… established to protect and conserve wild life.

Answer:

  1.  Forest protection
  2.  World Bank
  3.  W.W.F.
  4.  Sancturay, Naitonal Parks.

Question 3.
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India Soil Water Forest and Wild Life 1
Answer:

  1. (a)
  2. (c)
  3. (b)
  4. (e)
  5. (d)

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What is meant by soil erosion?
Answer:
Removal of soil at a large scale from one place to another by some natural agent is known as soil erosion.

Question 2.
What do you mean by soil conservation?
Answer:
The ever increasing population resulted in the destruction of natural resources. Therefore, to prevent destruction soil conservation is necessary. There are various methods of soil conservation.

Question 3.
What are the sources of underground water?
Answer:
Rain water is a main source of underground water. Some part of rain water is soaked by the land. Rest of the water percolates and is collected below the surface as underground water.

Question 4.
What is the basis of modified forest policy of 1988?
Answer:
The main basis of modified forest policy is to maintain environmental stability, to conserve the natural heritage and to check on soil erosion.

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Question 5.
What is the basis of the success of social forestry?
Answer:
This programme of plantation has been started in association with World Bank. It aims to plant useful trees in waste lands, road side and canal embankments near villages. One tree for every child’ this slogan is developed in schools and colleges. People’s participation is increased by publishing Vanmahotsava and by farm forestry, by planting trees road side, railway side and canal embankments.

Question 6.
Why Indian Institute of Forest Management had been established?
Answer:
This institute had been established in Ahemdabad in 1978 in collaboration with a Swidish Company for the development of the forest. Central Government has also established Indian Institute of Forest Management in Bhopal for training, research and consultancy purposes.

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Short Answer Type Questions

Question 1.
What is meant by soil profile? Explain?
Answer:
Soil profile is the sequence, colour, texture and nature of the horizons (layers) superimposed one above the other and exposed in a pit – section dug through the soil mantle,

  1.  Upper most layer is top soil
  2.  Second layer is sub soil
  3.  Third layer is weathered parent rock material
  4.  Fourth layer consists of parent rocks.

Top soil of the upper most layer is the real soil. Its important characteristic is the presence of humans and organic matter. Second layer is sub soil which consists of rocks, sand particles and clay. Third layer consists of weathered parent rock material and the fourth layer is made of parent rocks.

Question 2.
What is importance of soil in human life? Explain?
Answer:
Soil is very important for human life, especially for farmers. Human life depends on soil. All living organisms get their food directly or indirectly from soil. We get cotton, silk, jute and wool for making
clothes from soil, either directly or indirectly, e.g. sheep eats grass and gives us wool, silk worms survive on vegetation and vegetation grows in soil. Our industries like animal rearing, agriculture and forest – based industries all depend on soil. So soil is the basis of our life. According to Wil Cox, ‘The history of civilization is the history of the soil and the education of the individual begins from the soil.’

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Question 3.
Differentiate between Red Soil and Laterite Soil ?
Answer:
Red Soil:

  1. Red soil is formed due to weathering of igneous and metamorphic rocks.
  2. It is highly porous and less fertile but where it is deep it is fertile.
  3. It is less crystalline.
  4. It is red in colour due to the presence of iron in it.
  5. It occurs in part of Tamilnadu, Karnataka, Orissa, Jharkhand and Andhra Pradesh.

Laterite Soil:

  1. Laterite soil is formed by the leaching process in the heavy rainfall areas of tropical India.
  2. It is less fertile, only grass grows on it in abundance.
  3. It is crystalline.
  4. It is red in colour due to little clay and much gravel of red sandstones.
  5. It is found is hills of the Deccan, Karnataka, Orissa, Assam, Megha­laya and Kerala.

Question 4.
What are the measures of water conservation?
Answer:
The judicious utilization, conservation and management of water resources is necessary. In the view of the limited water available, increasing demand and its uneven availability it has become imperative to conserve the water resources. Following three steps are essential in this direction:

  1.  To collect the rainwater and stop it from draining off.
  2.  Scientific management of the water resources of all the river watersheds minor to major.
  3.  Prevention of water resources from pollution.

Question 5.
Rain water harvesting is important. Why?
Answer:
Natural water is precious but abundantly available during rainy season. But due to carelessness of the people it goes wasted. We know that the crisis of fresh and pure water has became a world wide problem. So it is call of time to collect such a huge quantity of water by constructing reservoir on the roof or nearby the house or roadways.

Question 6.
Conservation of forest is necessary, why?
Answer:
Conservation of forests is necessary, because of the following:

  1. Plants provide food for men and animals.
  2. They help in the maintenance of ecosystem.
  3. They give oxygen necessary for the survival of men and animals.
  4. They provide us timber for building, doors, houses, etc.
  5. They give us herbal medicines.
  6.  They help in soil erosion.

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Question 7.
Explain forest based industries?
Answer:
Forests provide a large number of minor produce which are essential for industries such as lac, tanning materials, gum, honey, katha, wax, resins, bamboo, medicinal herbs, horn and hides of animals etc. Forests provide materials for basic industries i.e., wood is useful raw material for several industries like paper, match, lac, leather, oil and herbal medicines. Small scale industries developed from the minor forest provide like tendupatta, cane, honey, wax, etc.

Question 8.
How does forest control the climate?
Answer:
It is necessary for a country to have a proper echological balance. A country should therefore have at least one third of its land area covered with the forests. A larger area under forest is must for absorption of carbon – di – oxide, the accumulation of which is likely to accentuate green house effect. This ‘effect’ may further give rise to general increase in temperature globally and ultimately melt the icecaped areas of the world. This would cause great loss to the life and property of the people living in low lying areas of the world. Thus, the forests would vanish by these natural calamities brought by the man.

Question 9.
Write down the chief characteristics of Forests Policy of December 1988?
Answer:
The following are the chief characteristics of the Forests Policy of Decemeber 1988:

  1. Substantial increase in forest tree cover through massive forestation and social forestry programmes.
  2. Steps to meet requirements of fuel wood, fodder and minor forest produce and timber for tribal and rural populations.
  3. Increase in productivity of forest to meet the national needs.
  4. Encouragement of efficient utilisation of forest produce and optimum substitution of wood.
  5. Steps to massive people’s movement with involvement of women to achieve the objective and minimise pressure on existing forests.

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Question 10.
What is Social Forestry Scheme?
Answer:
Social Forestry Scheme means the scheme for an awareness of tree plantation with the help of government and non – governmental institution. There is a known slogan ‘one tree for every child’ geared up to the students of schools and colleges is a serious measure to implement this variety of ecological scheme. This scheme of plantation is started in association with World Bank.

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Long Answer Type Questions

Question 1.
What is soil? Describe different types of soil, their characteristics and distribution?
Answer:
The – uppermost layer of the earth’s crust, which is useful for cultivations and the basic resource of agriculture is called soil. The soils of India are:

  1. Alluvial soil
  2. Black soil
  3. Red soil, and
  4. Laterite soil.

1. Alluvial Soil:
Alluvial soil is considered to be a most fertile soil which forms the largest and the most important soil group of India. It contributes the largest share to the country’s agricultural production.

(a) Area:
Alluvial soil covers about 43.7% of the total land area under cultivation. The entire northern plain of India is made up of alluvial soil.

(b) Composition:
These soils are made up of new alluvium and old alluvium. These soils contain fine particles of soil called alluvium. The soil is called new and old depending upon their period of deposit.

(c) Fertility:
Alluvium soils are very fertile soils as they contain adequate amount of potash, phosphoric acid and lime. All the river basin generally have alluvial soils. It supports over half the Indian population.

2. Black Soil:
These soils are black in colour and are very suitable for the cultivation of cotton.

(a) Area:
These soils are spread all over the Deccan trap and are made up of lava flows. They cover the plateaus of Maharashtra, Saurastra, Malwa and southern Madhya Pradesh and extend eastwards in the south along the Godavari and Krishan Valley.

(b) Composition:
The Regur soils or Black soils contain calcium carbonate, magnesium carbonate, potash and lime. They are generally poor in phosphoric content. The soils consisting of extremely fine clay material known for their sticky characteristics are also called Black soils.

(c) Fertility:
Regur soils are very important and suitable for the cultivation of cotton, that is why they are sometimes also called cotton soil.

3. Red Soil:
These soils are derived from crystalline and metamorphic rocks rich in minerals.

(a) Area:
The southern half of peninsular block is covered by red soils of different shades of red and yellow. This type of soil can be seen in Chotanagpur plateau, Orissa, east Madhya Pradesh, Telangana, Nigiries and Tamilnadu plateau. These soil areas are also found northwards in the west along the Konkan coast of Maharashtra.

(b) Composition:
Red soils are loamy in deep depressions and in uplands. They contain loose grave (a highly coarse material and are deficient in phosphoric acid, organic matter and nitrogenous material.

(c) Fertility:
Since these soils are loamy and are made up of coarse material, they are not fertile. They are deficient in the organic matter and nitrogenous material that makes it less fertile.

4. Laterite Soil:
The laterite soil is a result of intense leaching owing to heavy tropical rains.

(a) Area:
They are found in western coastal regions receiving very heavy rainfall. They are also found in patches along the edge of the plateau in the east covering small parts of Tamilnadu and Orissa, a small part of Chotanagpur and Meghalaya in the north east.

(b) Composition:
These soil’s have resulted due to intense leaching owing to heavy tropical rainfall.

(c) Fertility:
These soils are invariably poor and support only pastures and scrub forests.

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Question 2.
What is soil erosion? Explain the causes of soil erosion and methods of conservation of soil?
Answer:
The term erosion means the loosening and removal of soil from its previous resting place by the action of water and other agents. In India, soil erosion is in many places a serious menace. The extent to which erosion is liable to occur will vary with the condition but at any point its incidence is determined by the following factors:

  1. The configuration, and particularly the slope of the land.
  2. The credibility of the soil.
  3. The amount distribution and intensity of the rainfall.
  4. The vegetable cover.
  5. The system of husbandary and soil management practiced.

Causes of soil erosion are:

  1. Deforestation
  2. Overgrazing
  3. Shifting agriculture
  4. Wind erosion
  5. Agriculture by non-scientific methods.

Soil conservation:
The ever increasing population resulted in the destruction of natural resources. Therefore, to prevent destruction, soil conservation is necessary. There are various methods of soil conservation.

  1. Contour farming
  2. To prevent gully erosion by making field ridge.
  3. Prevention of soil erosion by planting trees as wind breaks in deserts which check the velocity of wind. By doing plantation on the follow land and mountain slopes and by controlled grazing.
  4. By collecting the run off water in mountain slopes and uneven areas.
  5. By developing grazing land in the rural areas.

Question 3.
Draw a labelled diagram of soil profile?
Answer:
Soil profile:
Soil profile is the sequence, colour, texture, nature of the horizons (layers) superimposed one above the other and exposed in a pit – section dug through the soil mantle. Top soil of the upper most layer is the real soil. Its important characteristic is the presence of humans and organic matter.

Second layer is sub soil which consists of rocks, sand particles and clay. Third layer consists of weathered parent rock material and the fourth layer is made of parent rocks.
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India Soil Water Forest and Wild Life 3

Question 4.
What are the main sources of water resource? What is importance of water resources in human life?
Answer:
There are four major sources of water.

  1. Surface water
  2. Ground water
  3. Atmospheric water, and
  4. Oceanic Water.

1. Surface water:
The surface water is available in rivers, ponds and lakes. Rivers are the main source of surface water in India. Rivers and its tributaries are found in each and every part of India. Three main rivers are the Indus, the Ganga and the Brahmaputra and they carry nearly 60 percent of the total surface water in India. Among the major rivers of the world, the Brahmaputra and the Ganga are at eighth and tenth places respectively.

2. Ground water:
Some part of rain water is soaked by the land. Only 60 percent reaches the upper layer of the soil, which is very useful for agriculture and vegetation to grow. Rest of the water percolates and is collected below the surface as ground water. It is obtained on the surface through wells and tubewells and is used by human beings for irrigation purposes, gardening and industrial purposes.

3. Atmospheric water:
This is in the form of water vapour therefore, it is not used.

4. Ocean water:
This type of water is mainly used for transport and fishing industry. Arabian Sea, Bay of Bengal and Indian Ocean are in the West, East and South of India respectively. Importance of water in human life is as follows:

  1. To provide irrigational facilities.
  2. To conserve the soil fertility as the flood.
  3. To generate hydro – electric power.
  4. To promote navigation through canals and rivers.
  5. To promote tourism as beach tourism.
  6. To promote fish culture, and
  7. To store water, which can be used when it is in greater demand.

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Question 5.
Describe the methods of water conservation. Why is it necessary?
Or
Why is water conservation necessary? Describe its main methods? (MP Board 2009,)
Answer:
The following are the crucial methods for the water conservation:

  1. To collect rain water and stop it from draining off.
  2. Scientific management of water resources.
  3. Prevention of water resources from industrial and domestic pollution.

The availability of water for agricultural and other purpose is inadequate and irregular in our country. Being the monsoon, the bulk of rainfall is confined to a brief period of three to four months. Even the places of high rainfall like Cherrapunji and Konkan having heavy rainfall face scarcity of water during the dry season.

Secondly the distribution of rainfall is unequal for example our ground water resources are abundant only in the northern and coastal plains and in the other parts of the country its supply is inadequate. The river water of the Country is also not well connected by canals. In short, the supply of water in India depends on Monsoons and also the topography of land.

Therefore we feel that it is necessary to conserve this precious natural resource. Running water of rivers may be used for irrigation by constructing a canal. Similarly, dams may to constructed to produce electricity.

Question 6.
Describe direct and indirect advantages of forests? (MP Board .2009, 2013)
Or
Mention the direct and indirect advantages of forests? (MP Board 2009)
Answer:
Direct advantages of the forests are:
1. Forest provides wood:
Wood from forests is an important fuel. Wood and cow dung produces 34.6 per cent of total power resources. They provide us Teak, Sal, Shisham, Pine, Abnoos, Sandle wood and Deodar. Wood is also used for making furniture.

2. Forests provide minor forest produce:
Forests produce a large number of minor product which are essential for industries such as lac, tanning materials, gum, honey, katha, wax, resins, bamboo, medicinal herbs, horn and hides of animals etc.

Forests provide materials for basic industries i.e., wood is useful raw material for several industries like paper, match, lac, leather, oil and herbal medicines. Small scale industries developed from the minor forest provide like tendupatta, cane, honey, wax, etc.

3. Grazing land for animals:
Forests provide natural pastures for grazing animals.

4. Employment:
About 7.8 crore people depend on forests for their livelihood. Many industries are based on raw materials from forests giving employment to crores of people.

5. Revenue generation:
Government receive crores of rupees from the forests as revenue and royalty. Presently this revenue is 670 crore rupees per annum.

Indirect advantages of the forests are:

1. Control soil erosion:
Trees firmly enclose and considerably reduce soil erosion. Trees hold the fertile top layer of the soil.

2. Control the climate:
Forest act as wind breaks which check the velocity of wind. The climate of forest area remains temperate.

3. Check floods:
Speed of water is reduced by the existence of forests. Water is reduced by the trees. The force of water is reduced by the extensive forest cover.

4. Control expansion of desert areas:
Sardar Patel said, “If expansion of deserts are to be controlled and human civilization is to be prevented then the destruction of forest wealth is to be prevented.”

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Question 7.
Describe the efforts of government in forest conservation?
Answer:
In 1950 after independence, Central Forest Board was established. New forest policy was made. Its four main points were:

  1. Forest area should be increased to 33.3 per cent.
  2. Forestation
  3. Protection of forests
  4. Forestry research.

The policy was revised on 7th December 1988. The main aim of the forest policy of 1988 is protection, conservation and development of forests. Policy holds the following objectives:

  1. Maintenance of environmental stability through preservation and restoration of ecological balance.
  2. Conservation of natural heritage.
  3. Check on soil erosion and denudation in catchment areas of river, lakes and reservoirs.

In 1990, a 20 – year National Forestry Action programme was launched to make National Forest Policy of 1988 functional. For the development of the forests following activities are taking place:

  1. Establishment of Central Forest Commission.
  2. Indian Forest Survey Organisation.
  3. Council of Forestry Research and Education.
  4. Establishment of Wood Craft Training Centre.
  5. State Forest Development Corporations.
  6. Indian Institute of Forest Management.

Question 8.
Why wildlife conservation is necessary? What are the measures of wildlife conservation? (MP Board, 2011)
Answer:
Depletion of forest has endangered plant and wildlife. Several species have already become extinct. In order to preserve natural habitat and protect them from becoming extinct the government has set up many programmes. There are also programmes for conservation of wetland mangroves and coral reefs under the preservation of special ecosystem.

Coral reefs are characterized by high biomass production and rich floral and faunal diversity four coral reefs have been identified for conservation and management. Periodic census of wild animals are undertaken to check the number of certain species getting reduced. The hunting of wild animals and. birds has been banned and hunters are penalised. Conservation of wildlife: Following efforts can be made to protect the wildlife:

  1. Safeguarding the national habitat of the wild animals.
  2. Poaching should be restricted.
  3. Establishing biosphere reserves in forest areas.
  4. Educating public for environmental protection at levels of education.
  5. Implementation of wildlife management programmes.

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Project Work

Question 1.
Prepare a plan for a geographical tour of your area and collect the following information:

  1. Type of soil in your region and its characteristics.
  2. Causes of soil erosion in the area.
  3. What could be the measures to prevent soil erosion in that area.
  4. Characteristics of soil on the basis of crops grown in that area.

Answer:
Do yourself with the help of your subject teacher.

Question 2.
Prepare a map of India and show the following:
Kaziranga, Gir, Gim, Keoladeo, Simlipal National Park, Sunderban, Ranthambore, Savisca, Manas, Corbett Tiger Project, Nilgiri, Nandadevi, Great Nicobar, Pachmarhi Biosphere Reserve.
Answer:
Do yourself with the help of map under the guidance of your subject teacher.

Question 3.
Visit a National Park and prepare a report on the following points:

  1. Wild life
  2. Habitat of wild animals.
  3. Their food and methods of hunting.
  4. Forest produce collected from that park.

Answer:
Do yourself with the help of your subject teacher.

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Additional Important Questions

Objective Type Questions

Question 1.
Multiple Choice Questions:
(Choose the correct answer from the following)

Question (a)
Which soil variety in known a ‘regur’?
(a) Laterite soil
(b) Black soil
(c) Red soil
(d) Alluvial soil.
Answer:
(b) Black soil

Question (b)
Which of the following river is the longest one?
(a) Indus
(b) Narmada
(c) Godavari
(d) Ghagra.
Answer:
(b) Narmada

Question (c)
Indian Institute of Forest Management is in?
(a) Mumbai
(b) Kanpur
(c) Dehradoon
(d) Ahamedabad.
Answer:
(d) Ahamedabad.

Question (d)
Dachigam National Park is located in the state?
(a) Madhya Pradesh
(b) Jammu & Kashmir
(c) Kerala
(d) Uttar Pradesh
Answer:
(c) Kerala

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Question (e)
Project Tiger was started in?
(a) 1971
(b) 1972
(c) 1973
(d) 1974
Answer:
(c) 1973

Question (f)
Which type of soil is found in western Ghats?
(a) Alluvial soil
(b) Black soil
(c) Laterite soil
(d) Red soil
Answer:
(a) Alluvial soil

Question 2.
Fill in the blanks:

  1. Petrol and coal are ………………… resources.
  2. Clay soil is called ………………….. soil.
  3. Deforestation is the cause of soil …………………
  4. The National Forest Policy was formulated in …………………….
  5. Jim Corbett National Park is located in …………………
  6. Central Forest Commission is established in …………………… (MP Board 2009, Set D)
  7. Ghana Bird Sanctuary is located in …………………….. (MP Board 2009, Set C)
  8. All the elements which are capable of fulfilling human wants, are called ……………………..
  9. Soil erosion ocwrs due to ………………… , ……………… and ………………. activities.

Answer:

  1. non – renewable
  2. alluvial
  3. erosion
  4. 1988
  5. Uttarakhand
  6. 1965
  7. Rajasthan
  8. Resources
  9. water, wind, human.

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Question 3.
True and False type questions:

  1. Sunderlal Bahuguna was the founder of Vanmahotsava in 1950.
  2. 33 per cent is the minimum criteria of the forestation as the biological balance.
  3. About 47,000 species are found in India according to Zoological Survey of India.
  4. In 1965, K.M. Munshi started Vanmahostsava. (MP Board 2009, Set C)
  5. Gir National Park is located in Maharashtra.
  6. There are 14 boisphere reserves which have been established in India.

Answer:

  1. False
  2. True
  3. False
  4. False
  5. False
  6. True.

Question 5.
Match the Columns:
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India Soil Water Forest and Wild Life 4
Answer:

  1. (c)
  2. (e)
  3. (d)
  4. (a)
  5. (b)

Question 1.
What per cent of our land area is plain?
Answer:
About 43%.

Question 2.
What per cent of land is mountainous?
Answer:
About 30%.

Question 3.
What is pasture?
Answer:
Land covered with natural grasses is knows as pasture.

Question 4.
Name the most endangered species in India?
Answer:
The tiger, the rhino, the bustard and the lion.

Question 5.
Which is the first biological reserve in India?
Answer:
The first biological reserve was set up in the Nilgiries.

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Question 6.
Where is the Gulf of Mannar?
Answer:
Tamil Nadu.

Question 7.
What percentage of India is covered with forests?
Answer:
About 23.3%.

Question 8.
What are the sources of surface water?
Answer:
Ponds, tanks, rivers and reservoirs, etc.

Question 9.
What do you mean by rain water harvesting?
Answer:
It simply means capturing rains where it falls.

Question 10.
What are the major sources of irrigation in India?
Answer:
Canals, Tanks, Wells and Tubewells.

Question 11.
Which elements enhance the fertility of soil?
Answer:
Fine vegetal and animal remains add to the fertility of the soil.

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Question 12.
What is Bangar?
Answer:
This is the old alluvium soil spread at the outer areas of khadar.

Question 13.
Where are the elephants found in India?
Answer:
Elephants in India are found in the jungles of Assam and those of Kerala and Karnataka.

Question 14.
How many species of animals, birds and fishes are found in India?
Answer:
India has approximately 89000 species of animals, 1200 of birds and 2500 species of fishes.

Question 15.
What is the primary source of water on the earth?
Answer:
The primary source of water on earth is precipitation that comes in the forms of rain and snowfall.

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Name the various elements of nature which contribute to evolution of soil?
Answer:
Changing temperature, running water and wind etc., contribute in the evolution of soil.

Question 2.
Which soil supports over half the Indian population?
Answer:
The alluvial soil. The new alluvium soil near the river banks or the catchment areas is called khadar.

Question 3.
What is National Park?
Answer:
It is a place where wildlife is in their natural setting. It is a place where animals mpve freely. Food for the animals is provided by animals themselves.

Question 4.
What do you mean by hydro – electricity?
Answer:
The electricity derived from the running or falling water. It is one of the neatest, cheapest and pollution free form of energy.

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Question 5.
What are the types of forests according to administration?
Answer:
On the basis of administration, forests are classified into three types:

  1. Reserved Forests
  2. Protected Forests
  3. Unclassified Forests.

Question 6.
What are the main causes of growing scarcity of water?
Answer:
Main causes of growing scarcity of water are:

  1. Rapidly growing population.
  2. Rising demand for. food and cash crops.
  3. Increasing urbanisaffon and rising standard of living.

Question 7.
What is Humus?
Answer:
Deposited organic matter of plants and animals is called humus. It is found in top soil and helps in making soil fertile.

Question 8.
Define weathering?
Answer:
Disintegration of rocks on the earth surface due to weathering.

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Short Answer Type Questions

Question 1.
Write any four characteristics of black soil?
Answer:
Black soil is also known as Regur soil. It is:

  1. most suitable for the cultivation of cotton.
  2. made up of extremely fine material.
  3. known for its capacity to hold moisture.
  4. rich in soil nutrients such as calcium carbonate, magnesium carbonate, potash and lime.

Question 2.
Why should we increase the land under forest?
Answer:
India has only 19 per cent of forest cover out its total land area. It is far below the scientific norms which prescribes minimum availability of forest to be 33 per cent. The forest area in India must therefore be increased to maintain ecological balance and absorption of carbon dioxide. The forests help us to preserve the wild ‘life. They cause precipitation and help us in decreasing the possibility of droughts. Forests regulate the flow of river water.

Question 3.
Write the main differences between Khadar soil and Bangar soil?
Answer:
Khadar Soil:

  1. This is the new alluvial soil deposited by the rivers in the northern plains. The new alluvial soil deposited at the bank of rivers is locally kndwn as khadar.
  2. This is very fertile land and the soil contains adequate amount of potash, phosphoric acid and lime. This has fine particles.

Bangar Soil:

  1. This is the old alluvial soil ‘ deposited by the rivers in the northern plains. The old alluvial soil which is deposited beyond the new alluvium is locally called bangar in the norhtern plains.
  2. This is also fertile soil but not as fertile as the Khadar is. This old alluvium often contains kankar nodules with- calcium carbonate in sub soil.

Question 4.
What is bio – reserve?
Answer:
Efforts are being made on the basis of specific regions to protect and preserve every plant and animal species found in India so that this natural heritage can be transmitted to the future. This concept is known as bio – reserve. Till now there are 14 bio – reserves have been established in India. Nilgiri of Kerala is one of them.

Question 5.
Differentiate between surface water and ground water resources?
Answer:
Surface Water:

  1. Surface water is the volume of water present over the surface of the earth whether in the stationary state or the running state.
  2. The volume of water on the surface changes with the change in the seasons and weather conditions.
  3. The surface water can be used by constructing dams and canals etc.

Ground Water:

  1. The underground water is the volume of water present below the earth surface whether in the stationary state or the running state.
  2. The volume of underground water also depends on the amount of water received on the surface and at the same time, the amount of underground water utilized.
  3. The undergournd water is widely used for drinking and irrigation through well and tube- wells.

Question 6.
Explain the agents of soil formation?
Answer:
Soil is a renewable resource. It takes hundreds of years in the formation of one centimetre thick layer of soil. Plain surface is best for the formation of soil because least problems are created here during the formation. There are different factors which help in formation of soil e.g., parent rocks and topography, climatic conditions which helps in weathering of rocks, plants, animals and there remains.

Question 7.
Write five steps for conervation of wild life?
Answer:

  1. Safeguarding the national habital of the wild animals.
  2. Hunting of wild animals should be restricted.
  3. Establishing Biosphere Reserves in forest areas.
  4. Educating public for environmental protection at levels of education.
  5. Implementation of wildlife management programmes.

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 Long Answer Type Questions

Question 1.
Describe the concept of soil conservation. Outline the measures of soil conservation?
Answer:
Conservation of Soil. Soil is the most important resource to support human life. The soil on which we depend so much for our survival has evolved over thousands and thousands of years. It is therefore necessary to conserve this resource to enable people to produce a variety of crops.

What is needed to day is the scientific management of soil, their proper conservation, avoidance of their erosion and maintainence of their fertility through organic and bio manures.

Soil erosion is one single factor which cause great harm to our agricultural productivity. Secondly, salinity and alkalinity has also spoiled the fertility of the soil in India. Running water and wind have been causing regular soil erosion. So, conservation is necessary to ensure sustained productivity of land.
The soil can be conserved by adopting the following measures:

1. Aforestation and a ban on blind deforestation.

2. Contour Ploughing:
It is the method by which field are ploughed, harrowed and sown along the contours instead of up and down the slopes.

3. Terracing:
This means making a series of winding steps on mountain slope.

4. Strip Cropping:
Cover crop such as grasses and small grains are planted alternately with cultivated crops. Cover crops absorb moisture and hold the soil together.

5. Stopping clearance of forests on a large scale.

6. Preventing overgrazing.

7. Construction of bunds.

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Question 2.
How are forests useful to man?
Answer:
The economical uses of forests are as follows:

  1. Forests maintain environmental stability, ecological balance for the existence of all life forms.
  2. They provide timber and fuel wood. Soft wood is used in furniture, packages, and also other building materials.
  3. Pulp is made from soft wood and is used in paper making.
  4. Forest provide many things to meet our food requirements like wild fruits, nuts, berries, etc. Many tribes are dependent on gathering of these products in forests.
  5. They modify climatic conditions and bring better rainfall in the area.
  6. They reduce wind force and reduce air temperature during summer which have a positive effect on the overall environment.
  7. They add to the forest floor large quantities of leaves, twigs and branches, which after decomposition form humus. This increases the fertility of soil.

Question 1.
Show distribution of soil on a outline map of India?
Answer:
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India Soil Water Forest and Wild Life 7

Question 2.
Show Wildlife and Biosphere Reserves on a outline map of India?
Answer:
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 Resources of India Soil Water Forest and Wild Life 8

MP Board Class 10th Social Science Solutions

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MP Board Class 10th Social Science Syllabus

इकाई 1: भारत में संसाधन : प्रकार (10 Marks)
प्राकृतिक संसाधन-मृदा, बनावट, प्रकार, वितरण और संरक्षण।
वन एवं वन्य प्राणी-वनों के प्रकार एवं उपयोगिता, वनस्पति, वन्य प्राणी एवं उनकी सुरक्षा, समाप्त हो रहे वन्य प्राणी।
कृषि-मुख्य फसलें, कृषि का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान, औषधीय उद्यान विधि, उसकी उपयोगिता एवं सुरक्षा।
जल संसाधन-प्रकार, स्रोत, वितरण एवं उपयोगिता एवं जल सुरक्षा।
खनिज संसाधन-प्रकार, वितरण, उपयोग, संरक्षा एवं आर्थिक महत्व।
शक्ति के साधन-प्रकार, पारम्परिक एवं गैर-पारम्परिक साधन, वितरण, उपयोग एवं संरक्षण।

इकाई 2: उद्योग – प्रकार, विशिष्ट उद्योगों का विवरण, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान, औद्योगिक प्रदूषण एवं उसके नियन्त्रण के उपाय। (5 Marks)

इकाई 3: परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार (5 Marks)
परिवहन-उपयोगिता एवं साधन : रेलमार्ग, सड़कमार्ग, वायुमार्ग, जलमार्ग, पाइप, पोत और पोताश्रय।
संचार-आधुनिक युग में संचार के साधनों की महत्ता, प्रमुख संचार के साधन, विदेशी व्यापार का आर्थिक विकास में योगदान, आयात एवं निर्यात।

इकाई 4: आपदा प्रबन्धन (5 Marks)
प्राकृतिक आपदाएँ – सूखा, बाढ़, भूकम्प, भूस्खलन, सुनामी।
मानवकृत आपदाएँ – आण्विक, जैविक एवं रासायनिक, बम विस्फोट।
सामान्य आपदाएँ – सावधानी एवं सुरक्षा।

इकाई 5: मानचित्र-पठन एवं अंकन (5 Marks)

इकाई 6: प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम एवं उसके पश्चात् (10 Marks)
1857 का प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम एवं प्रमुख क्रान्तिकारियों का परिचय, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का जन्म-उदारवाद एवं अनुदारवाद।

इकाई 7: स्वतन्त्रता आन्दोलन से सम्बन्धित घटनाएँ (10 Marks)
भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाएँ, जैसे-बंगभंग विरोधी आन्दोलन, 1947 में भारत विभाजन एवं प्रमुख विशेषताएँ।
स्वतन्त्रता संग्राम में मध्यप्रदेश का योगदान।

इकाई 8: स्वातन्त्र्योत्तर भारत की प्रमुख घटनाएँ (10 Marks)
कश्मीर समस्या, भारत के सीमावर्ती राष्ट्रों से सम्बन्ध, 1962 का चीन युद्ध, 1965 एवं 1971 के भारत-पाक युद्ध, बांग्लादेश का उदय, भारत में आपातकाल, भारत का आण्विक शक्ति के रूप में उदय।

इकाई 9: भारतीय संविधान (6 Marks)
संविधान सभा का गठन-प्रारूप समिति, भारतीय संविधान की विशेषताएँ।

इकाई 10: भारतीय प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली (7 Marks)
प्रशासनिक व्यवस्था संघात्मक शासन, प्रशासनिक शक्तियों का केन्द्र व राज्य सरकार के मध्य विभाजन, सरकार का स्वरूप व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, स्थानीय प्रशासन।

इकाई 11: प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ (7 Marks)
जनसंख्या विस्फोट, बेरोजगारी, साम्प्रदायिकता, आतंकवाद, मादक पदार्थों का सेवन, प्रजातन्त्र की सफलता में बाधक तत्व एवं उनको दूर करने के उपाय।

इकाई 12: आर्थिक विकास की कहानी (5 Marks)
आर्थिक विकास की प्राचीन एवं अर्वाचीन अवधारणा। राष्ट्रीय एवं प्रति व्यक्ति आय।
मानव विकास के संकेतक भौतिक-अभौतिक उदाहरण सहित, विकसित एवं विकासशील राज्य उदाहरण सहित, भारत में आर्थिक नियोजन, ग्रामीण विकास एवं रोजगार गारण्टी योजना।
मुद्रा एवं वित्तीय प्रणाली-प्राचीन मुद्रा का परिचय, वित्तीय प्रणाली, वित्त संस्थाएँ, जैसे-साहूकार, जमींदार, स्वसहायता समूह, चिट फण्ड, निजी वित्तीय संस्थाएँ एवं विभिन्न बैंक।

इकाई 13: सेवा क्षेत्र (5 Marks)
सेवा क्षेत्र-अर्थ एवं महत्व-आय के घटक के रूप में।
अधोसंरचना-आर्थिक एवं सामाजिक संस्थागत क्षेत्र में भारतीय सेवाओं का विश्व में योगदान।

इकाई 14: उपभोक्ता जागरूकता (5 Marks)
उपभोक्ता जागरूकता-आवश्यकता एवं महत्व-उपभोक्ता शोषण-कारण एवं निदान, वस्तुओं का मानकीकरण, शासन की भूमिका।

इकाई 15: आर्थिक प्रणाली एवं वैश्वीकरण (5 Marks)
आर्थिक प्रणाली-अर्थ, पूँजीवाद, समाजवाद एवं मिश्रित अर्थव्यवस्था के लक्षण, गुण एवं दोष। वैश्वीकरण-अर्थ, आवश्यकता, 1991 से पूर्व विकास एवं 1991 से वर्तमान तक सुधार, वैश्वीकरण के प्रभाव।

MP Board Class 10th Social Science Marking Scheme

इकाई क्र. इकाई का नाम कालखण्ड अंक
1. भारत में संसाधन 20 10
2. उद्योग 07 05
3. परिवहन, संचार एवं विदेशी व्यापार 06 05
4. आपदा प्रबन्धन 05 05
5. मानचित्र-पठन एवं अंकन 05 05
6. प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम एवं उसके पश्चात् 15 10
7. स्वतन्त्रता आन्दोलन से सम्बन्धित घटनाएँ 15 10
8. स्वातंत्र्योत्तर भारत की प्रमुख घटनाएँ 15 10
9. भारतीय संविधान 12 06
10. भारतीय प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली 12 07
11. प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ 12 07
12. आर्थिक विकास की कहानी 10 05
13. सेवा क्षेत्र 08 05
14. उपभोक्ता जागरूकता 08 05
15. आर्थिक प्रणाली और वैश्वीकरण 10 05
पुनरावृत्ति 20
कुल योग (पूर्णांक) 100

MP Board Class 10th Social Science Syllabus in English Medium

सामाजिक विज्ञान कक्षा 10 MP Board

1. Indian Resources:
Types of Resources: Natural resources – Soil Formation types and distribution, soil conservation.
Forest and Wild Life: Forest types, Utility, Wild animals and their conservation Endangered animals.
Agriculture – Main crops. Contribution and Agriculture of National Economy, Flerbal Farms & their utility.
Water Resources – Types, Sources, Distribution of Agriculture, to National Economy Herbal Farms & their utility.
Water Resources – Types, Sources, Distribution, Use, Protection & Conservation.
Mineral Resources – Types, Distribution, Use, Conservation and Economic importance.
Power Resource – Types, Conventional & Non-Conventional, Distribution, Utilisation & Conservation.

2. Industry:
Types, Description of’ Special Industrial, Contribution of Industries to National Economy, Industrial Pollution and efforts for a solution.

3. Transport, Communication and Foreign Trade:
Transport – Utility and types – Railways, Roadways, Airways, Waterways, Pipeline Ports & Harbours.
Communication, Importance of Communication in modern days, Means of Communication. Contribution of foreign Trade to Indian Economy, Imports and Exports.

4. Disaster Management:
Natural Calamities – Drought, Flood, Earthquake, Landslides, Tsunami.
Man-Made Calamities – Nucleic, Biotic and Chemical, Bomb Blast.
General Calamities – Precautions and Security.

5. Maps – Reading and Marking

6. First Struggle of Freedom and after:
The first struggle for Freedom of 1857. Introduction to important revolutionaries, the birth of India National Congress, Moderates and Extremes.

7. Events related to the Independence Revolution
Important events of the Indian struggle for Independence, Revolution of Bange Bhang Partition of India in 1947 and its silent features, Contribution of Madhya Pradesh to the Freedom Struggle.

8. Major events of the Post-Independence period:
Kashmir Problem India’s relation with neighbouring countries, Chinese were with India in 1962, India-Pakistan war of 1965 and 1971, the birth of Bangladesh, emergency in India, Rise of India as atomic power.

9. Indian Constitution:
The organisation of Constitution Draft Committee, Salient Features of Indian Constitution.

10. Working of Indian Democracy:
Federal System, Division of Administrative Power between Centre and States, Organs of Government: Legislature, Executive and Judiciary, Local Administration.

11. Major Challenges before Democracy:
Increase in Population, Unemployment, Communalism, Terrorists, drug addiction;
Major Hindrance in Success of Democracy and measures for removal.

12. Story of Economic Development:
Ancient and modem concept of economic development. National Income & Per-capital Income, Indicators of human development, developing States with examples, Economic Planning in India, physical and non-physical with examples.
Money and Financial System: An Introduction to money in ancient time, Financial Institutions such as money lenders, Zamindars, Self helps groups, chit funds, private financial institutions and different types of banks.

13. Service Sector:
Service Sector – Meaning and Importance as a Component in Income, Infrastructure-Economic and Social Contribution of India’s Service sector in the World.

14. Consumer Awareness:
Consumer Awareness – Need and Importance, Consumer Exploitation, Causes and Remedies, Stadarlisation of Commodities, Government Role.

15. Economic System and Globalisation:
Economic System – Meaning, Capitalism, Socialism and Mixed Economy Characteristics, Merits and Demerties.
Globalisation – Meaning, Needs, Development Earlier to 1991 and Modern Reforms, Impact of Globalisation.

MP Board Class 10th Social Science Marking Scheme in English Medium

Unit Subject content/Lesson Marks Period
1. Resources of India (I) 05 10
Resources of India (II) 05 10
2. Industries in India 05 07
3. Transport Communication and Foreign Trade 05 06
4. Map Reading and Depiction 05 05
5. Disaster Management 05 05
6. The First Freedom Struggle of 1857 05 08
National Awakening and establishment of political organization in India 05 07
7. Freedom Movement and related Events 06 10
Contribution of Madhya Pradesh in Freedom Struggle 04 05
8. Important Events of the Post Independent India 10 15
9. Indian Constitution 06 12
10. The functioning of Indian Democracy 07 12
11. Main Challenges before Democracy 07 12
12. Economic Development & Planning 03 05
Money and Finance System 02 05
13. Economy: Service sector and infrastructure 05 08
14. Consumers Awareness 05 08
15. Economic System 03 06
Globalisation 02 04
Revision 20
Total 100 180

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MP Board Class 10th General Hindi पत्र-लेखन

MP Board Class 10th General Hindi पत्र-लेखन

पत्र-लेखन की आवश्यकता-
हम सब अपने निकट संबंधियों, इष्ट मित्रों से बराबर सम्पर्क रखना चाहते हैं। जो हमारे पास में ही रहते हैं, उनसे तो हम मिलते रहते हैं, किंतु जो हमसे दूर दूसरे नगर या गाँव में रहते हैं, उनको तो हम लिखकर ही अपनी कुशल-क्षेम भेज सकते हैं और लिखकर ही उनकी कुशल-क्षेम मँगा सकते हैं। इस प्रकार लिखकर विचारों का जो आदान-प्रदान किया जाता है, उसे पत्र-लेखन कहते हैं। विद्यालय में भी कई अवसरों पर हमें अपने प्राचार्य को प्रार्थना-पत्र लिखने पड़ते हैं। कभी-कभी हम अपने गाँव या नगर के बाहर के किसी पुस्तक विक्रेता से अपनी जरूरत की पुस्तकें भी मँगाते हैं। इसके लिए भी हमें पत्र लिखना पड़ता है। इस तरह हम यह कह सकते हैं कि पत्र व्यवहार हम सबके लिए अनिवार्य हो गया है।

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  1. अनौपचारिक पत्र (Informal letter)-इस तरह के पत्र अपने सगे-संबंधियों एवं मित्रों को लिखे जाते हैं। जैसे-माता-पिता, भाई-बहन, चाचा-चाची, मित्र आदि के लिए लिखा गया पत्र।
  2. औपचारिक पत्र (Formal Letter)-इस तरह के पत्र कार्यालय से संबंधित होते हैं। जैसे-प्रधानाचार्य, अधिकारी, व्यापारिक वर्ग आदि के लिए इस तरह के पत्र लेखन का प्रयोग होता है।

पत्र लेखन संबंधी कुछ आवश्यक बातें-

  1. पत्र लिखते समय स्थान (जहां से पत्र लिखा जा रहा है), दिनांक, उचित संबोधन का विशेष ध्यान रखना वाहिए।
  2. पत्र की भाषा सरल एवं स्पष्ट होनी चाहिए।
  3. पत्र का विषय सुलझा हुआ होना चाहिए।
  4. अनावश्यक बातों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  5. कम शब्दों में पत्र के उद्देश्य को अधिक से अधिक स्पष्टता के साथ प्रकट करना चाहिए।
  6. भाषा की शालीनता का ध्यान रखना चाहिए।

अनौपचारिक पत्र

1. ‘वार्षिक परीक्षा की तैयारी की सूचना हेतु पिताजी को पत्र’ लिखो।
175, शिवाजी मार्ग
भोपाल
10-5-200…
पूज्य पिताजी!

सादर चरण-स्पर्श,
आपका कृपापत्र हमें 8-5-200… को मिला। पढ़कर मन खुश हुआ। मैं आप सब पूज्य-वृन्दों के आशीर्वाद से सकुशल हूँ। आशा है कि आप सब भी परमात्मा की महाकृपा से ठीक से होंगे।

पूज्य पिताजी! आजकल मैं अपनी वार्षिक परीक्षा की तैयारी में अति व्यस्त हूँ। मेरी वार्षिक परीक्षा 20-5-200… से आरंभ होने वाली है। अब तक मैंने हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विषयों की पूरी तरह से तैयारी कर ली है परीक्षा के दिन तक तो मुझे सारे विषय कंठस्थ हो जाएंगे। इस आधार पर मैं आपको यह विश्वास दिला रहा हूँ कि मैं प्रथम श्रेणी में अवश्य उत्तीर्ण हो जाऊँगा। आशा है कि इससे आप सबको आनंद और उल्लास होगा।

पूज्य माताजी को सादर चरण-स्पर्श और अनुज शशि को शुभाशीर्वाद।

आपका आज्ञाकारी पुत्र
‘रवि’

2. अपने पिताजी को पत्र लिखिए तथा उसमें मासिक जेब खर्च बढ़ाने की मांग कीजिए।
विष्णु गार्डन,
भोपाल
3-3-200…
पूज्य पिताजी,

सादर चरण-स्पर्श
आप सब सकुशल हैं, इसके लिए मैं परमात्मा से सदैव प्रार्थी हूँ, आपके पत्र की प्रतीक्षा करके मैं यह पत्र लिख रहा हूँ। आपको यह ज्ञात हो कि मेरी परीक्षा आगामी माह की 15वीं तारीख से आरंभ होने वाली है। इसके लिए मैंने जी-जान से अध्ययन आरंभ कर दिया है। कुछ पुस्तकें, कापियाँ और कुछ परीक्षोपयोगी आवश्यकताएँ आ गई हैं। इसलिए आप अब 50 रुपये और अधिक भेजते जाइएगा। ऐसा इसलिए कि परीक्षा खर्च के साथ-साथ आवागमन और सम्पर्क हेतु भी पैसे खर्च होंगे। अतएव आप 500 रुपये तो अवश्य बढ़ाकर भेजते रहियेगा। अन्यथा परीक्षा की तैयारी अधूरी रह जाएगी।

माताजी को सादर चरण-स्पर्श, अनुज, दिव्या को शुभाशीर्वाद

आपका आज्ञाकारी पुत्र
‘प्रभाकर’

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3. प्रतिदिन समाचार-पत्र पढ़ने से जो लाभ है, उन्हें अवगत कराते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखिए।
2/2, तिलक नगर
ग्वालियर (म.प्र.)
6-6-200…

प्रिय मित्र, रमेश!
मुझे तुम्हारा पत्र कल ही प्राप्त हुआ। तुमने लिखा है कि आजकल क्या कर रहा हूँ। तो मित्र मैं आजकल दिल-दिमाग से समाचार-पत्रों को पढ़ने में जुट गया हूँ। मैं हिंदी-अंग्रेजी दोनों ही समाचार-पत्रों को नियमित रूप से पढ़ रहा हूँ। मुझे इनसे बहुत लाभ मिल रहा है। इस विषय में बता रहा हूँ।

मित्र समाचार-पत्र पढ़ने से लाभ ही लाभ हैं। देश-विदेश की ही नहीं आस-पड़ोस की पूरी खबर घर बैठे ही मिल जाती है। समाचार-पत्र पढ़ने से अच्छा-खासा मनोरंजन हो जाता है, यही नहीं विविध प्रकार के शब्द-अर्थ और भावों-प्रतिक्रियाओं का भी ज्ञान हो जाता है। समाचार-पत्र में छपे समाचारों से अपनी स्थिति का पता लगता है। इससे न केवल वर्तमान अपितु भूत और भविष्य की भी रूप रेखा समझ में आ जाती है। वास्तव में समाचार-पत्र समाज के सभी वर्गों और जीवन के सभी क्षेत्रों के मार्गदर्शन और सच्चे संवाहक हैं। अतएव समाचार-पत्र की उपयोगिता नहीं भूलनी चाहिए।

आशा है मित्र. आप मेरे सझावानसार नियमित रूप से समाचार-पत्र पढकर लाभ उठाओगे। मेरी ओर से माताजी-पिताजी को सादर चरण-स्पर्श, लघु बन्धुओं को शुभाशीर्वाद।

तुम्हारा अभिन्न मित्र
राकेश

4. पिता को पत्र लिखिए, जिसमें 300 रुपये पुस्तकों में और अन्य खर्चे के लिए मनीऑर्डर द्वारा मँगाइए।
15 टी.टी. नगर
भोपाल
दिनांक : 15-1-200………
पूजनीय पिताजी,

सादर चरण-स्पर्शी,
मैं यहाँ सकुशल हूँ। आशा करता हूँ कि आप सब लोग सकुशल होंगे। आपके निर्देशों का मैं पूरी तरह पालन कर रहा हूँ। मेरा ध्यान ठीक चल रहा है। मेरी छ:माही परीक्षाएँ 15 दिसम्बर से हो रही हैं। मुझे कुछ पुस्तकें और स्टेशनरी आदि खरीदनी हैं। पढ़ाई के लिए मैं एक छोटा टेबिल लैंप भी लेना चाहता हूँ। इन सबके लिए लगभग 300 रुपये की आवश्यकता पड़ेगी। अतः कृपया उक्त धनराशि यथाशीघ्र मनीऑर्डर.. द्वारा भेजने का कष्ट करिएगा।

शेष कुशल है। मधु को प्यार और माताजी को चरण-स्पर्श।

आपका आज्ञाकारी पुत्र
अमित

5. वार्षिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर एक बधाई-पत्र अपने मित्र को लिखिए।
नेहरू. नगर
विलासपुर
26-7-200…

प्रिय मित्र आलोक,
आज माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा प्रकाशित कक्षा IX के परीक्षा परिणाम में तुम्हारा प्रथम श्रेणी में अनुक्रमांक व नाम देखकर हृदय को बड़ी प्रसन्नता हुई। मेरे माता-पिता भी तुम्हारी सफलता पर बहुत प्रसन्न हैं। यह वास्तव में तुम्हारे कठिन परिश्रम का फल है। तुम्हारी सफलता हम सबके लिए गौरव की बात है। मित्र मैं तुम्हें घर पर आकर बधाई देता। किंतु व्यस्तता के कारण तुम तक पहुँच नहीं पा रहा हूँ। इसलिए पत्र द्वारा मैं तुम्हें हार्दिक बधाई भेज रहा हूँ। बधाई स्वीकार करें। कभी घर पर आकर तुमसे मिठाई खाऊँगा। शेष कुशल है।

तुम्हारा अभिन्न मित्र
‘उमेश’

MP Board Solutions

6. जन्मदिवस समारोह में सम्मिलित होने के लिए अपने मित्र को आमंत्रण पत्र लिखिए।
17/15 तिलक नगर:
ग्वालियर
4 फरवरी, 200…..

प्रिय मोहन,
तुम्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि मैं दिनांक 6 फरवरी को अपना जन्मदिवस मना रहा हूँ। घर में इसके लिए अच्छी तैयारियाँ की गई हैं। इस अवसर पर चाय तथा संगीत पार्टी का भी आयोजन किया गया है। गत वर्ष तुम इस अवसर पर बीमार होने के कारण नहीं आ सके परंतु इस बार अवश्य आना। तुम्हारे बिना पार्टी का रंग फीका पड़ जाएगा। आशा है तुम समय से पूर्व आकर काम में भी हाथ बँटाओगे।

पूज्य पिताजी और माताजी को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारा अभिन्न मित्र
रविन्द्र सिंह

औपचारिक पत्र

1. अपने विद्यालय के प्राचार्य को निर्धन छात्र को पुस्तकालय से पुस्तकें प्रदान करने विषयक प्रार्थना पत्र लिखिए। सेवा में,
प्राचार्य
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
इन्दौर (म.प्र.)

महोदय,
सविनय निवेदन है कि प्रार्थी आपके विद्यालय की कक्षा 9वीं ‘द’ का एक छात्र प्रतिनिधि है। प्रार्थी की कक्षा का एक छात्र ‘रमेश’ जिसका अनुक्रमांक 30 है। यह छात्र अत्यंत निर्धन है। यह अनाथ है। जिस किसी तरह से हिम्मत बाँधकर यह अपनी ‘पढ़ाई कर रहा है। पढ़ने में तेज है। यह पुस्तकें खरीदने में असमर्थ है। अतः इसे पुस्तकालय से पुस्तकें दिलवाने की कृपा करें।

आपका आज्ञाकारी छात्र
सुरेश
कक्षा 9वीं ‘द’
अनुक्रमांक 23

दिनांक 22-5-200…

2. अवकाश स्वीकृति हेतु प्राचार्य को प्रार्थना-पत्र।
सेवा में,
प्राचार्य
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
इंदौर (म.प्र.)

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 9वीं ‘स’ का छात्र हूँ। मेरा अनुक्रमांक 23 है, दिनांक 13.5.2004 से मैं मलेरिया-ज्वर से अधिक पीड़ित हूँ। इस कारण मैं विद्यालय आने में असमर्थ हूँ। चिकित्सक के अनुसार मुझे 13-5-2004 से लेकर 16.5.2004 तक स्वस्थ तक स्वस्थ होने में समय लगेगा। अतः आप इतने दिनों तक मुझे अवकाश देने की कृपा करें। सधन्यवाद

आपका आज्ञाकारी छात्र
सुमन
कक्षा 9वीं ‘स’
अनुक्रमांक 23

दिनांक 13.5.2004

3. अपने विद्यालय के प्राचार्य को दो दिन का बीमारी के कारण अवकाश देने के लिए प्रार्थना पत्र लिखिए।
सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय सुभाष उ.मा.वि.
शिवाजी नगर, भोपाल

महोदय,
निवेदन है कि गत रात्रि से मैं सर्दी और बुखार से पीड़ित हूँ। डॉक्टर ने मुझे दो दिन पूर्ण विश्राम के लिए सलाह दी है। अतः मैं दो दिन विद्यालय में उपस्थित नहीं हो सकूँगा। कृपया दिनांक 8 एवं 9 अगस्त का अवकाश स्वीकृत करने का कष्ट करें।

धन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी शिष्य
परसराम पाण्डेय,
कक्षा 9-ब

8-12-2004

MP Board Solutions

4. शाला (विद्यालय छोड़ने का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु प्राचार्य महोदय को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
विषय-शाला (विद्यालय) छोड़ने का प्रमाण-पत्र हेतु प्राचार्य को प्रार्थना-पत्र।
सेवा में,
प्राचार्य
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
भोपाल (म.प्र.)

सविनय निवेदन है कि प्रार्थी आपके विद्यालय की कक्षा 9वीं ‘अ’ अनुक्रमांक 11 का भूतपूर्व छात्र है। प्रार्थी ने आपके विद्यालय से उपर्युक्त कक्षा को द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण करके अध्ययन छोड़ दिया है जिसके प्रमाण-पत्र की आज अत्यंत आवश्यकता आ गई है। अतः आपसे प्रार्थना है कि आप उपर्युक्त प्रमाण-पत्र देने की कृपा करें।

प्रार्थी
सुरेन्द्र कुमार
कक्षा 9 ‘अ’
अनुक्रमांक 11

दिनांक 4-4-2002

5. शिक्षक पद हेतु एक आवेदन-पत्र संचालक शिक्षा विभाग के नाम लिखिए।
श्रीमान् संयुक्त संचालक महोदय,
शिक्षा विभाग
संभाग ग्वालियर (म.प्र.)
दिनांक 15-10-200……..
सेवा में,

विषय-शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु आवेदन-पत्र।

महोदय,
सेवा में सविनय निवेदन है कि प्रार्थी को दैनिक-पत्र आचरण व स्वदेश में प्रकाशित एक विज्ञापन से ज्ञात हुआ है कि आपके अधीनस्थ ग्रामीण अंचलों के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। अतः माध्यमिक विद्यालय हेतु शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए मैं अपना आवेदन-पत्र कर रहा हूँ। अतः आपसे अनुरोध है कि मेरी निम्नलिखित योग्यताओं को देखते हुए आप मेरी नियुक्ति शिक्षक पद पर करने की कृपा करें।
मेरी शैक्षणिक योग्यता का विवरण इस प्रकार है-
(1) शैक्षणिक योग्यता-बी.एस.सी.-द्वितीय श्रेणी
(2) प्रशिक्षण योग्यता-बी.एड.-द्वितीय श्रेणी
(3) हायर सेकेण्ड्री परीक्षा-प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण
(4) अन्य योग्यता-हॉकी व क्रिकेट खेल में विशेष रुचि
(5) प्रार्थी की जन्मतिथि एवं चरित्र का प्रमाण-पत्र प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न है। अतः श्रीमान् से पुनः निवेदन है कि प्रार्थी को विभाग में सेवा का अवसर प्रदान करें।

पता- प्रार्थी
दर्पण कॉलोनी ठाठीपुर मुरार। कमल किशोर अष्ठाना

MP Board Solutions

6. पाठ्य-पुस्तक निगम भोपाल से निर्धारित पाठ्य पुस्तकें मँगवाने हेतु एक पत्र संचालक के नाम लिखिए।
सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
रतलाम
दिनांक 7-7-200

श्रीमान् संचालक महोदय,
पाठ्य-पुस्तक महोदय,
भोपाल (म.प्र.)

महोदय,
सेवा में निवेदन है कि पाठ्य-पुस्तक निगम भोपाल (म.प्र.) द्वारा प्रकाशित कक्षा 9 की पुस्तकें हैं हमारे नगर के पुस्तक विक्रेताओं के पास उपलब्ध नहीं हैं। जिन दुकानों पर कुछ पुस्तकें हैं वे दुकानदार अधिक मूल्य पर पुस्तकें बेचना चाहते हैं। अतः आपसे निवेदन है कि निम्नलिखित विषयों की पुस्तकें शासकीय दर पर कमीशन काट कर भेजने की कृपा करें।

(1) विशिष्ट हिंदी – कक्षा XI – 1 प्रति
(2) विशिष्ट अंग्रेजी – कक्षा IX – 1 प्रति
(3) गणित – कक्षा IX – 1 प्रति
(4) भौतिक शास्त्र – कक्षा IX – 1 प्रति
(5) रसायन शास्त्र – कक्षा IX – 1 प्रति

भवदीय
अशोक कुमार गौड़

MP Board Class 10th Hindi Solutions

MP Board Class 10th Sanskrit Book Solutions दूर्वा

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MP Board Class 10 Science Solutions

MP Board Class 10th Sanskrit Book Solutions Durva

Durva Sanskrit Book Class 10 Solutions

MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरणखण्डः

MP Board Class 10th Sanskrit Syllabus

‘क’ खण्डः (अपठितअवबोधनम्)
(सरल-गद्यांश-आधारितं कार्य-गद्यांशद्वयम्)

1. 40-50 शब्दपरिमितः गद्यांशः (एकसरलगद्यांशः)

  • एकपदेन पूर्णवाक्येन च प्रश्नोत्तारिण।
  • भाषिक-कार्यम्।

2. 80-130 शब्दपरिमितः गद्यांशः (एकसरलगद्यांशः) (सरलकथा-घटनावर्णनं वा)

  • एकपदेन पूर्णवाक्येन च प्रश्नोत्तराणि।
  • समुचितशीर्षकप्रदानम्।
  • व्युत्क्रमेण कथालेखनमपि।

भाषिक-कार्यम्

  • वाक्ये क्रियापदचयनम्।
  • विशेषण-विशेष्य-अन्टितिः।
  • अनुच्छेदे प्रदत्तानां पर्याय-विलोमपदचयनम्।
  • विशेषाः विशेष्य, कर्ता-क्रिया, अन्विति, पर्यायवाचिनः विलोमशब्दाः संज्ञास्थाने, सर्वनाम-प्रयोगः।
  • कर्तृक्रिया अन्वितिः।
  • संज्ञास्थाने सर्वनामप्रयोग अथवा सर्वनामस्थाने संज्ञाप्रयोगः।

‘ख’ खण्डः (अनुप्रयुक्तव्याकरणम्)
(प्रस्तावितपाठ्यपुस्तकाधारितम्)

  1. सङ्केताधारितम् आनौपचारिकपत्रम्।
  2. सङ्केताधारितं संवादलेखनम्।
  3. चित्राधारितं वर्णनम्।

‘ग’ खण्डः (अनुप्रयुक्तव्याकरणम्)
(प्रस्तावितपाठ्यपुस्तकाधारितम्)

1. संधिकार्यम

  • स्वरसन्धिः – दीर्घः, गुणः, वृद्धिः, यण, अयादि, पूर्वरूपम्।
  • व्यञ्जनसन्धिः – परसवर्णः, छत्वः, तुक्, आगमः, अनुस्वरः, वर्गीयप्रथमाक्षराणां तृतीयवणे परिवर्तनम्, प्रथमवर्णस्य पञ्चं वर्णे परिवर्तनम्।
  • विसर्गसन्धिः – विसर्गस्य उत्वं. रत्वं, लोपः विसर्गस्थाने स, श।

2. समास: (वाक्येषु समस्तपदानां विग्रहः विग्रहपदानां च समासः)

  • तत्पुरुषः (विभक्तिः नन्, उपपदः)।
  • कर्मधारयः (विशेषणम्-विशेष्यम्, उपमान-उपमेयम्)।
  • द्विग:
  • द्वन्द्वः (इतरेतर, समाहारः एकशेषः)।
  • बहुव्रीहिः (समानाधिकरणम्)
  • अव्ययीभावः (अनु, उप, स, निर, प्रति, यथा।)

3. कारकाणां प्रयोगः (सोदाहरणम्)।

4. प्रत्ययाः अधोलिखितप्रत्यययोगैः वाक्यसंयोजनं रिक्तस्थानपूर्तिः।

  • कृदन्ताः – तव्यत्, अनीयर्, शतृ, शानच्, क्त, क्तवतु, क्त्वा, ल्यप्, तुमुन्, क्तिन्।
  • तद्धिता – मतुप, इन्, ठक्, त्व, त्रल्।
  • स्त्रीप्रत्ययाः – टाप, डीए, ङीप्, ङीन्।

5. अन्यपदानि (कथयाम् अनुच्छेदे संवादे वा अव्यानां प्रयोगः)।
अपि, इस, मा, इतस्ततः, यत्-तत्, अत्र-तत्र-तत्र, यदा-कदा, यथा-तथा, यावत्-तावत्, शनै।

6. घाटिका-चित्र- अङ्गानां स्थाने समयनेखम् (सामान्य, संपाद, मार्थ, पादोन)

7. सङ्ख्या एकतः पञ्चपर्यन्तं वाक्यप्रयोगः, एकतः शत्पर्यन्तम् सङ्ख्याज्ञानम्।

8. वचन-लिङ्ग-पुरुष-लकार-दृष्टया संशोधनम्।

9. उपपदविभक्तिनां प्रयोगः।

  • द्वितीय: अभितः, परितः, उभयतः, समया, निकषा, प्रति, धिक्, विना।
  • तृतीया: विना, अलम्, सह, हीनः।
  • चतुर्थी: नमः, स्वस्ति, स्वाहा, स्वधा, अलम्, रुच, दा, क्रुध, स्पृह, असूय।

10. प्रादयः द्वाविंशतिः उपसर्गाः।

11. शब्दरूपाणि

  • अजन्त: राम, रमा, कवि, साधु, पितृ।
  • हलन्त: नामन्, भवत्, राजन्।
  • सर्वनाम: अस्मद्, युष्मद्, तत्, एतत्, किम्, लिङ्ग त्रये।

12. धातुरूपाणि

  • पञ्चलकाराः लट्, लोट्, लङ्, विधिलिङ्, लुट च।
  • भ्वादिगणीयः (प्रथमगणः) धातवः।
  • परस्मैपदी-भू (भव), गम् (गच्छ्), दृश् (पश्य), पच्, पा (पिब्)।
  • आत्मनेपदी-लभ, सेव्, वृध, वृत्।
  • उभयपदी-नी, ह, याच्।

‘घ’ खण्डः (पठितअवबोधनम्)

1. पठित-सामग्रीम् आधृत्य अवबोधनकार्यम्

  • गद्यांशः
  • पद्यांशः
  • नाट्यांशः
  • प्रति-अंशम् आधारितम् अवबोधनकार्यम् (एकपदेन पूर्णवाक्येन च प्रश्नोत्तराणि, रिवतस्थानपूर्तिः)।
  • भाषिक-कार्यम्।
    (अ) वाक्ये क्रियापदचयनम्।
    (ब) कर्तृक्रिया-अन्वितिः
    (स) विशेषण-विशेष्य-अन्वितिः।
    (द) संज्ञास्थाने सर्वनाम-प्रयोगः अथवा सर्वनाम स्थाने संज्ञाप्रयोगः।
    (ङ) अनुच्छेदे प्रदत्तानां पर्याय-विलोम-पदचयनम्।

2. भावावबोधनम् (अंशद्वयम्)
(रिक्तस्थानपूर्ति द्वारा, विकल्पचयनेन, शुद्ध-अशुद्धमाध्येन, सूक्तिमाध्यमे च)।
3. अन्वये रिक्तस्थानपूर्तिः।
4. प्रश्ननिर्माणम्
5. क्रमरहित कथाक्रमसंयोजनं कथापूर्तिः वा।
6. सन्दर्भशब्दानां प्रयोगः शब्दार्थ-मेलनम् च (उत्तराणि केवलं संस्कतेन लेखितव्यानि)।

उद्देश्यः अंक कालखण्डाः
ज्ञानम् 35 65
अवबोधः 50 90
अनुप्रयोगकौशलञ्च 15 25
योगः 100 170

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MP Board Class 10th Social Science Book Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 पाठान्त अभ्यास

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
कौन-सा कारक मृदा के निर्माण में सहयोगी नहीं है ? (2009, 16)
(i) वायु और जल,
(ii) सड़े-गले पेड़-पौधे तथा जीव-जन्तु,
(iii) शैल और तापमान,
(iv) पानी का इकट्ठा होना।
उत्तर:
(iv) पानी का इकट्ठा होना।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
आन्ध्र प्रदेश और उड़ीसा के डेल्टा क्षेत्रों तथा गंगा के मैदानों में सामान्यतः कौन-सी मिट्टी पाई जाती (2017)
(i) लाल मिट्टी
(ii) जलोढ़ मिट्टी
(iii) काली मिट्टी
(iv) लेटेराइट मिट्टी।
उत्तर:
(ii) जलोढ़ मिट्टी

MP Board 10th Maths Solution

प्रश्न 3.
मृदा संरक्षण के लिए समोच्च रेखा बन्ध बनाने की विधि प्रायः किस क्षेत्र में उपयोग में लायी जाती है?
(i) डेल्टा प्रदेश
(ii) पठारी प्रदेश
(iii) पहाड़ी क्षेत्र
(iv) मैदानी क्षेत्र।
उत्तर:
(i) डेल्टा प्रदेश

प्रश्न 4.
मानव सर्वाधिक उपयोग करता है
(i) भौम जल
(ii) महासागरीय जल
(ii) पृष्ठीय जल,
(iv) वायुमण्डलीय जल।
उत्तर:
(iii)

प्रश्न 5.
केवलादेव घाना पक्षी विहार स्थित है (2009)
(i) केरल में
(ii) राजस्थान में
(iii) पश्चिम बंगाल में,
(iv) मध्य प्रदेश में।
उत्तर:
(ii)

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. संयुक्त वन प्रबन्धन व्यवस्था में ………… का महत्वपूर्ण स्थान है। (2015, 17)
  2. सामाजिक वानिकी योजना को ………… से वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है। (2014)
  3. वन अग्नि नियन्त्रण परियोजना ………… के सहयोग से संचालित है। (2016, 18)
  4. वन्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु ………. एवं ………….. की स्थापना की गई है।

उत्तर:

  1. वन सुरक्षा समितियों
  2. विश्व बैंक
  3. यू. एन. डी. पी.
  4. राष्ट्रीय उद्यानों, वन्य जीव अभयारण्यों।

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I 1

उत्तर:

  1. → (क)
  2. → (ग)
  3. → (ख)
  4. → (ङ)
  5. → (घ)

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा अपरदन से क्या तात्पर्य है ? (2014, 18)
उत्तर:
बहते हुए जल, हवा तथा जीव-जन्तुओं व मानव की क्रियाओं द्वारा भू-पटल के ऊपरी उपजाऊ मिट्टी की परत के कट जाने, बह जाने और उड़कर अन्यत्र रूपान्तरित हो जाने को मिट्टी का कटाव या मृदा अपरदन कहा जाता है।

प्रश्न 2.
मृदा संरक्षण से आप क्या समझते हैं ? (2015)
उत्तर:
मिट्टी के अपरदन या क्षय को रोकना ही मृदा का संरक्षण है। बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण प्राकृतिक संसाधनों का बड़े पैमाने पर विनाश हुआ है। इसलिए मृदा संरक्षण द्वारा विनाश रोकना आवश्यक है।

प्रश्न 3.
भौम जल पाने के स्रोत क्या हैं ? (2017)
उत्तर:
इसे कुओं व ट्यूबवेलों के द्वारा धरातल पर लाया जाता है तथा मानवीय उपयोग के अतिरिक्त कृषि भूमि की सिंचाई, बागवानी, उद्योग आदि के लिए उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 4.
संशोधित वन नीति 1988 का मुख्य आधार क्या है ?
उत्तर:
7 दिसम्बर, 1988 को नवीन वन नीति घोषित की गई जिसके मुख्य आधार निम्न हैं –

  1. पर्यावरण में स्थिरता लाना
  2. जीव-जन्तुओं व वनस्पति जैसी प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा करना
  3. लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना।

प्रश्न 5.
सामाजिक वानिकी योजना की सफलता का आधार क्या है ?
उत्तर:
सामाजिक वानिकी योजना की सफलता के आधार निम्नलिखित हैं –

  1. वन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करके हरे-भरे वृक्षों को काटने पर रोक लगाना।
  2. हिमालय क्षेत्र में वृक्षों की कटाई को रोकने एवं पशुओं की मुक्त चराई पर उचित रोकथाम की व्यवस्था करना।

प्रश्न 6.
भारतीय वन प्रबन्धन संस्थान की स्थापना क्यों की गई है ?
उत्तर:
वन संसाधन व प्रबन्धन व्यवसाय की नवीन बातों की जानकारी देने हेतु 1978 में स्वीडिश कम्पनी की सहायता से अहमदाबाद में इस संस्थान की स्थापना की गई। केन्द्र सरकार ने भोपाल में भी भारतीय वन प्रबन्ध संस्थान की स्थापना की है। यहाँ स्नातकोत्तर व डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की जाती है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा-परिच्छेदिका से क्या तात्पर्य है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मृदा की क्रमिक क्षैतिज परतों, विन्यास और उनकी स्थितियों को दिखाने वाली ऊर्ध्व काट को मृदा परिच्छेदिका कहते हैं। इस प्रकार मृदा के परतों के विन्यास को मृदा परिच्छेदिका कहते हैं-
(i) ऊपरी परत को ऊपरी मृदा
(ii) दूसरी परत को उप मृदा
(iii) तीसरी परत को अपक्षयित मूल चट्टानी पदार्थ, तथा
(iv) चौथी परत में मूल चट्टानें होती हैं। ऊपरी परत की ऊपरी मृदा ही वास्तविक मृदा की परत है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसमें ह्यूमस तथा जैव पदार्थों का पाया जाना है। दूसरी परत में उपमृदा होती है, जिसमें चट्टानों के टुकड़े, बालू, गाद और चिकनी मिट्टी होती है, तीसरी परत में अपक्षयित मूल चट्टानी पदार्थ तथा चौथी परत में मूल चट्टानी पदार्थ होते हैं।

प्रश्न 2.
मानव जीवन में मृदा का क्या महत्व है ? समझाइए। (2017)
उत्तर:
मानव जीवन में मृदा का अत्यधिक महत्व है, विशेषकर किसानों के लिए। सम्पूर्ण मानव जीवन मृदा पर निर्भर करता है। सम्पूर्ण प्राणी जगत का भोजन प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में मृदा से प्राप्त होता है। हमारे वस्त्रों के निर्माण में प्रयुक्त कपास, रेशम, जूट व ऊन प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हमें मृदा से ही मिलते हैं; जैसे-भेड़, मृदा पर उगी घास खाती है और हमें ऊन देती है। रेशम के कीड़े वनस्पति पर निर्भर हैं और वनस्पति मृदा पर उगती है। भारत में लाखों घर मिट्टी के बने हुए हैं। हमारा पशुपालन उद्योग, कृषि और वनोद्योग मृदा पर आधारित हैं। इस प्रकार मृदा हमारे जीवन का प्रमुख आधार है।. विलकॉक्स ने मृदा के विषय में कहा है कि, “मानव-सभ्यता का इतिहास मृदा का इतिहास है और प्रत्येक व्यक्ति की शिक्षा मृदा से ही प्रारम्भ होती है।”

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
लाल मिट्टी एवं लैटेराइट मिट्टी में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
लाल मिट्टी

  1. यह मिट्टी शुष्क और तर जलवायु में प्राचीन रवेदार और परिवर्तित चट्टानों की टूट-फूट से बनती है।
  2. यह मिट्टी लाल, पीली एवं चाकलेटी रंग की होती है। इस मिट्टी में लोहा, ऐल्युमिनियम और चूना अधिक होता है। यह मिट्टी अत्यन्त रन्ध्रयुक्त है।
  3. यह मिट्टी उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड से लेकर दक्षिण के प्रायद्वीप तक पायी जाती है। यह मध्य प्रदेश, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, मेघालय, नगालैण्ड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में मिलती है।
  4. इस मिट्टी में बाजरा की फसल अच्छी पैदा होती है, किन्तु गहरे लाल रंग की मिट्टी कपास, गेहूँ, दालें और मोटे अनाज के लिए उपयुक्त है।

लैटेराइट मिट्टी

  1. इस मिट्टी का निर्माण ऐसे भागों में हुआ है, जहाँ शुष्क व तर मौसम बारी-बारी से होता है। यह लैटेराइट चट्टानों की टूट-फूट से बनती है।
  2. यह मिट्टी चौरस उच्च भूमियों पर मिलती है। इसमें वनस्पति का अंश पर्याप्त होता है। गहरी लेटेराइट मिट्टी में लोहा, ऑक्साइड और पोटाश की मात्रा अधिक होती है।
  3. यह तमिलनाडु के पहाड़ी भागों और निचले क्षेत्रों, कर्नाटक के कुर्ग जिले, केरल राज्य के चौड़े समुद्री तट, महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले, पश्चिम बंगाल के बेसाइट और ग्रेनाइट पहाड़ियों के बीच तथा उड़ीसा के पठार के ऊपरी भागों में मिलती है।
  4. यह मिट्टी चावल, कपास, गेहूँ, दाल, मोटे अनाज, सिनकोना, चाय, कहवा आदि फसलों के लिए उपयोगी है।

प्रश्न 4.
जल संरक्षण के प्रमुख उपाय क्या हैं ?
उत्तर:
जल एक मूल्यवान सम्पदा है। इससे हमारी मूलभूत आवश्यकताएँ पूर्ण होती हैं। पृथ्वी पर जीवन का आधार जल ही है। जल संसाधनों की सीमित आपूर्ति तेजी से बढ़ती हुई माँग और इनकी असमान उपलब्धता के कारण इनका संरक्षण आवश्यक है। इसके प्रमुख उपाय निम्न प्रकार हैं –

  1. वर्षा जल संग्रहण तथा इसके अपवाह को रोकना।
  2. छोटे-बड़े सभी नदी जल संभरों का वैज्ञानिक प्रबन्ध करना।
  3. जल को प्रदूषण से बचाना।

प्रश्न 5.
वर्षा जल का संग्रहण क्यों जरूरी है ? (2018)
उत्तर:
वर्षा जल संग्रहण का आशय है कि वर्षा के जल का उसी स्थान पर प्रयोग किया जाए जहाँ यह भूमि पर गिरता है। जल का प्रथम स्रोत वर्षा ही है। पानी के अन्य विभिन्न स्रोतों; जैसे-कुँओं, नल-कूपों, तालाबों, झरनों का मुख्य आधार वर्षा ही है। इसके प्रमुख लाभ निम्न हैं –

  1. इसे साफ करके स्थानीय लोगों की जल उपयोग की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है।
  2. इसे वर्षा के कम होने या न होने के समय खेतों की सिंचाई करने के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है।
  3. इस ढंग से जल संग्रहण के परिणामस्वरूप आस-पास के भागों में बाढ़ की भी स्थिति नहीं रहती।
  4. इस जल का एक लाभ यह भी होता है कि धरातल के नीचे पानी का स्तर ऊँचा रहता है जिसे कुँओं और ट्यूबवेलों द्वारा बाहर निकाल कर प्रयोग में लाया जा सकता है।

प्रश्न 6.
वनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है ? (2017)
उत्तर:
वन प्रकृति की अमूल्य देन हैं। यह महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। ऐसा अनुमान है कि प्रारम्भ में पृथ्वी का एक चौथाई भाग (25 प्रतिशत) वनों से ढका हुआ था, किन्तु मानव विकास के साथ खेती, आवास तथा कल-कारखानों के लिए भूमि प्राप्त करने हेतु वनों की बड़े पैमाने पर कटाई कर दी गई। फलस्वरूप अब पृथ्वी के केवल 15 प्रतिशत भाग पर ही वन पाये जाते हैं। वनों की इस कमी के कारण भू-अपरदन, अनावृष्टि, बाढ़ आदि समस्याएँ आज मानव के समक्ष आ खड़ी हुई हैं। अत: वनों का संरक्षण आवश्यक है।

प्रश्न 7.
वन आधारित उद्योगों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
वन हमारे उद्योग-धन्धों की आधारशिला हैं। ये उद्योगों को कच्चा माल प्रदान करते हैं। अनेक उद्योग-धन्धे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वनों पर निर्भर हैं। वनों पर निम्न उद्योग-धन्धे निर्भर हैं-वनों से प्राप्त लकड़ी, घास, सनोवर तथा बाँस से कागज उद्योग; चीड़, स्पूस तथा सफेद सनोवर से दियासलाई उद्योग; लाख से लाख उद्योग; मोम से मोम उद्योग; महुआ की छालें व बबूल से गोंद; चमड़ा उद्योग; चन्दन, तारपीन और केवड़ा से तेल उद्योग; जड़ी-बूटियों से औषधि उद्योग विकसित हुए हैं। इसके अलावा वनों से प्राप्त वस्तुओं; जैसे-तेंदूपत्ता, बेंत, शहद, मोम आदि से लघु उद्योगों का विकास हुआ है।

प्रश्न 8.
वन जलवायु को कैसे नियन्त्रित करते हैं ?
उत्तर:
वन जलवायु को प्रभावित करते हैं। वन ठण्डी वायु के प्रवाह को रोकते हैं, गरम व तेज हवाओं के प्रवाह को कम करते हैं। इससे वन क्षेत्र की जलवायु समशीतोष्ण बनी रहती है। साथ ही वनों को वर्षा का संचालक कहा जाता है। वन बादलों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं जिससे वर्षा होती है। इस प्रकार वन जलवायु को नियन्त्रित करते हैं।

प्रश्न 9.
दिसम्बर, 1988 की वन नीति की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
7 दिसम्बर, 1988 को घोषित वन नीति की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं –

  1. वनों की उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए।
  2. पहाड़ी, घाटियों व नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में वन बढ़ाए जाएँ।
  3. जंगलों पर आदिवासियों और निर्धनों के पारस्परिक अधिकार बरकरार रखे जाएँ।
  4. ग्रामीण व आदिवासी इलाकों के लोगों को ईंधन, चारा, छोटी इमारती लकड़ी की पूर्ति पर ध्यान दिया जाए।
  5. ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को छोड़कर वन पर आधारित उद्योगों को अनुमति न दी जाए।
  6. उद्योगों को रियायती दर पर वन उत्पाद प्राप्त करने पर रोक लगायी जाए।
  7. वर्तमान वनों को कटाई से बचाया जाए और पर्यावरण सन्तुलन बनाये रखा जाए।

प्रश्न 10.
सामाजिक वानिकी योजना क्या है ? (2018)
उत्तर:
सामाजिक वानिकी योजना-वृक्षारोपण की यह योजना विश्व बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त है। इसमें चक वानिकी, विस्तार वानिकी एवं शहरी वानिकी के अन्तर्गत खेतों, सड़कों, रेल लाइन के किनारे वृक्षारोपण किया गया है।

‘हर बच्चे के लिए एक पेड़’ स्कूलों व कॉलेजों में यह नारा विकसित किया गया है। वन महोत्सव का प्रचार-प्रसार कर फार्म वृक्षारोपण, सड़कों, नहरों एवं रेल लाइनों के किनारे वृक्षारोपण कर जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। वन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करके हरे-भरे वृक्षों को काटने पर रोक लगाई गई है। हिमालय क्षेत्र में वृक्षों की कटाई को रोकने एवं पशुओं की मुक्त चराई पर उचित रोकथाम की व्यवस्था की गई है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में मिट्टियों के विभिन्न प्रकार, उनकी विशेषताएँ एवं वितरण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत में मिट्टियों का वर्गीकरण
(1) जलोढ़ मिट्टी-यह अत्यन्त महत्वपूर्ण मिट्टी है। भारत के काफी बड़े क्षेत्रों में यही मिट्टी पायी जाती है। इसके अन्तर्गत 40 प्रतिशत भाग सम्मिलित हैं। वास्तव में सम्पूर्ण उत्तरी मैदान में यही मिट्टी पायी जाती है। यह मिट्टी हिमालय से निकलने वाली तीन बड़ी नदियों-सतलुज, गंगा तथा ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों द्वारा बहाकर लायी गयी है और उत्तरी मैदान में जमा की गयी है। हजारों वर्षों तक सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए नदियों ने अपने मुहानों पर मिट्टी के बहुत बारीक कणों को जमा किया है। मिट्टी के इन बारीक कणों को जलोढ़क कहते हैं। जलोढ़ मिट्टियाँ सामान्यतः सबसे अधिक उपजाऊ होती हैं।

विशेषताएँ –

  1. इस मिट्टी में विभिन्न मात्रा में रेत, गाद तथा मृत्तिका (चौक मिट्टी) मिली होती है।
  2. यह मिट्टी संबसे अधिक उपजाऊ होती है।
  3. इस मृदा में साधारणतया पोटाश, फॉस्फोरिक अम्ल तथा चूना पर्याप्त मात्रा में होता है।
  4. इसमें नाइट्रोजन तथा जैविक पदार्थों की कमी होती है।
  5. इसमें कुएँ खोदना और नहरें निकालना सरल होता है, अत: यह कृषि के लिए बहुत ही उपयोगी है।

(2) काली मिट्टी – इस मिट्टी का रंग काला है। अतः इसे काली मिट्टी कहते हैं। इस मिट्टी का निर्माण लावा के प्रवाह से हुआ है। इस मिट्टी में मैग्मा के अंश, लोहा व ऐलुमिनियम की प्रधानता पायी जाती है। इस मिट्टी में नमी बनाये रखने की अद्भुत क्षमता होती है। इस मिट्टी का स्थानीय नाम ‘रेगड़’ है।

विशेषताएँ –

  1. काली मिट्टी का निर्माण बहुत ही महीन मृत्तिका (चीका) के पदार्थों से हुआ है।
  2. इसकी अधिक समय तक नमी धारण करने की क्षमता प्रसिद्ध है।
  3. इसमें मिट्टी के पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। कैल्सियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम कार्बोनेट, पोटाश और चूना इसके मुख्य पोषक तत्व हैं।
  4. यह मिट्टी कपास की फसल के लिए बहुत उपयुक्त है। अत: इसे कपास वाली मिट्टी भी कहा जाता है।

(3) लाल मिट्टी – यह मिट्टी लाल, पीली, भूरी आदि विभिन्न रंगों की होती है। यह कम उपजाऊ मिट्टी है। इस प्रकार की मिट्टी अधिकतर प्रायद्वीपीय भारत में पायी जाती है। इस मिट्टी में फॉस्फोरिक अम्ल, नाइट्रोजन तथा जैविक पदार्थों की कमी होती है।

विशेषताएँ –

  1. यह मिट्टी लाल, पीले या भूरे रंग की होती है। इस मिट्टी में लोहे के अंश अधिक होने के कारण उसके ऑक्साइड में बदलने से इसका रंग लाल हो जाता है।
  2. इसका विकास प्राचीन क्रिस्टलीय शैलों से हुआ है।
  3. गहरे निम्न भू-भागों में यह दोमट है तथा उच्च भूमियों पर यह असंगठित कंकड़ों के समान है।
  4. लाल मिट्टी में फॉस्फोरिक अम्ल, जैविक पदार्थों तथा नाइट्रोजन पदार्थों की कमी होती है।

(4) लैटेराइट मिट्टी – यह कम उपजाऊ मिट्टी है। यह घास और झाड़ियों के पैदा होने के लिए उपयुक्त है। प्रायद्वीपीय पठार के पूर्वी भाग में तमिलनाडु के कुछ भाग, उड़ीसा तथा उत्तर में छोटा नागपुर के कुछ भागों में इस मिट्टी का विस्तार पाया जाता है। मेघालय में भी लेटेराइट मिट्टी मिलती है।

विशेषताएँ –

  1. यह मिट्टी लेटेराइट चट्टानों की टूट-फूट से बनती है।
  2. इसमें चूना, फॉस्फोरस और पोटाश कम मिलता है, किन्तु वनस्पति का अंश पर्याप्त होता है।
  3. यह मिट्टी चावल, कपास, गेहूँ, दाल, मोटे अनाज, सिनकोना, चाय, कहवा आदि फसलों के लिए उपयोगी है।

(5) मरुस्थलीय मिट्टी – यह मिट्टी दक्षिण-पश्चिम मानसून द्वारा कच्छ के रन की ओर से उड़कर भारत के पश्चिमी शुष्क प्रदेश में जमा हुई है। इस प्रकार की मिट्टी शुष्क प्रदेशों में विशेषकर पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, दक्षिणी पंजाब, दक्षिणी हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिलती है।

विशेषताएँ –

  1. यह मिट्टी दक्षिण-पश्चिम मानसून द्वारा कच्छ के रन की ओर से उड़कर भारत के पश्चिमी शुष्क प्रदेश में जमा हुई है।
  2. यह बालू प्रधान मिट्टी है जिसमें बालू के कण मोटे होते हैं।
  3. इसमें खनिज नमक अधिक मात्रा में पाया जाता है।
  4. इसमें नमी कम रहती है तथा वनस्पति के अंश भी कम ही पाये जाते हैं, किन्तु सिंचाई करने पर यह उपजाऊ हो जाती है।
  5. सिंचाई की सुविधा उपलब्ध न होने पर यह बंजर पड़ी रहती है।
  6. इस मिट्टी में गेहूँ, गन्ना, कपास, ज्वार, बाजरा, सब्जियाँ आदि पैदा की जाती हैं।

(6) पर्वतीय मिट्टी – यह मिट्टी हिमालयी पर्वत श्रेणियों पर पायी जाती है। यह मिट्टी कश्मीर, उत्तर प्रदेश के पर्वतीय भाग के अतिरिक्त असम, पश्चिम बंगाल, कांगड़ा आदि में भी पायी जाती है।

विशेषताएँ –

  1. यह मिट्टी पतली, दलदली और छिद्रमयी होती है।
  2. नदियों की घाटियों और पहाड़ी ढालों पर यह अधिक गहरी होती है।
  3. यह मिट्टी चावल, गेहूँ व आलू की फसल के लिए उपयुक्त है। कहीं-कहीं चाय की खेती भी की जाती है। .

प्रश्न 2.
मृदा अपरदन के कारण तथा संरक्षण के प्रमुख तरीकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मृदा अपरदन के कारण
मृदा अपरदन के प्रमुख कारण अग्र प्रकार हैं –
(1) वनों का नाश-कृषि के लिये भूमि का विस्तार करने तथा जलाने व इमारती लकड़ी की बढ़ती हुई माँग को पूरा करने के लिए पिछले वर्षों से वनों का विनाश हो रहा है। फलतः पानी को नियन्त्रित करने की शक्ति घटी है और भूमि का कटाव बढ़ गया है।

(2) अत्यधिक पशु चारण-पशु चारण पर नियन्त्रण न रखने से भी जंगलों की घास काट ली जाती है अथवा जानवरों द्वारा चर ली जाती है। इससे भूमि की ऊपरी परत हट जाती है और भूमि कटाव होने लगता है।

(3) आदिवासियों द्वारा झूमिंग कृषि करना-हमारे देश में अनेक स्थानों पर आदिवासी जंगलों को साफ करके खेती करते हैं। फिर उस भूमि को छोड़कर दूसरे स्थानों पर चले जाते हैं जिससे पहले वाली भूमि पर कटाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

(4) पवन अपरदन-इस तरह का कटाव वनस्पति का आवरण हटने से होता है। भू-गर्भ में पानी की सतह से अत्यधिक नीचे चले जाने से भी वायु अपरदन होता है।

(5) भारी वर्षा-मिट्टी का कटाव भारी वर्षा से होता है, क्योंकि मिट्टी कटकर बह जाती है। वास्तव में पानी से होने वाला कटाव तीन तरह से होता है-पहला परत का कटाव फिर नाली का कटाव और अन्त में बाढ़ का कटाव।

मृदा संरक्षण
बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण प्राकृतिक संसाधनों का बड़े पैमाने पर विनाश हुआ है। अनेक प्राकृतिक संसाधनों के नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है। इसलिए मृदा संरक्षण द्वारा विनाश रोकना आवश्यक है। मृदा संरक्षण के लिए निम्न उपाय किये जा सकते हैं –

  1. मिट्टी की उर्वरता बनाये रखने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना।
  2. मिट्टी की उर्वरता को बनाये रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक खादों को भी प्रयोग में लाना।
  3. वृक्ष लगाकर मृदा अपरदन को रोकना।
  4. नदियों पर बाँध बनाकर जल के तीव्र प्रवाह को रोककर भूमि के कटावों को रोकना।
  5. पर्वतीय भागों में सीढ़ीनुमा खेत बनाना।
  6. खेतों की ऊँची मेंड़ बनाना।
  7. ग्रामीण क्षेत्रों में चारागाहों का विकास करना।

प्रश्न 3.
मृदा-परिच्छेदिका का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
मृदा-परिच्छेदिका का नामांकित चित्र –
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I 2

प्रश्न 4.
जल संसाधन के प्रमुख स्रोत क्या हैं ? जल संसाधन का मानव जीवन में क्या महत्व है? (2011)
उत्तर:
जल संसाधन के प्रमुख स्त्रोत
जल के चार प्रमुख स्रोत हैं –
(1) पृष्ठीय जल
(2) भौम जल
(3) वायुमण्डलीय जल
(4) महासागरीय जल।

(1) पृष्ठीय जल – नदियों, झीलों व छोटे-बड़े जलाशयों का जल पृष्ठीय जल कहलाता है। पृष्ठीय जल के प्रमुख स्रोत नदियाँ, झीलें, तालाब आदि हैं। भारत में कुल पृष्ठीय जल का लगभग 60 प्रतिशत भाग तीन प्रमुख नदियों-सिन्ध, गंगा और ब्रह्मपुत्र में से होकर बहता है। भारत की प्रमुख नदियों व झीलों का विवरण निम्न प्रकार है –

भारत की प्रमुख नदियाँ व प्रमुख झीलें
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I 3

(2) भौम जल-वर्षा के जल का कुछ भाग भूमि द्वारा सोख लिया जाता है। इसका 60 प्रतिशत भाग ही मिट्टी की ऊपरी सतह तक पहुँचता है। कृषि व वनस्पति उत्पादन में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है। शेष सोखा हुआ जल धरातल के नीचे अभेद्य चट्टानों तक पहुँचकर एकत्र हो जाता है। इसे कुँओं व ट्यूबवेलों के द्वारा धरातल पर लाया जाता है तथा मानवीय उपयोग के अतिरिक्त कृषि भूमि की सिंचाई, बागवानी, उद्योग आदि के लिए उपयोग किया जाता है। देश में भौम जल का वितरण बहत असमान है। समतल मैदानी भाग भौम जल की मात्रा अधिक है। जबकि दक्षिण भारत में भौम जल की कमी पाई जाती है।

(3) वायुमण्डलीय जल-यह वाष्प रूप में होता है। अतः इसका उपयोग नहीं हो पाता है।

(4) महासागरीय जल-देश के पश्चिम, पूर्व व दक्षिण में क्रमशः अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिन्द महासागर है। इस जल का उपयोग मुख्यत: जल परिवहन और मत्स्योद्योग में होता है।

जल संसाधन का महत्व
मानव शरीर के लिए जल अत्यन्त आवश्यक है। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए जल का उपयोग पीने के पानी के लिए किया जाता है। जीवन जीने के लिए भोजन एक आवश्यक अनिवार्यता है। भोजन की प्राप्ति कृषि उपज एवं वनस्पति द्वारा होती है। कृषि हेतु जल आवश्यक है। विद्युत शक्ति उत्पादन के लिए जल एक सस्ता एवं महत्वपूर्ण साधन है। परिवहन साधनों एवं औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति आदि में भी इसकी उपयोगिता महत्वपूर्ण है। इस प्रकार जल का महत्व जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विकास के प्रत्येक आयामों में है। अतः जल ही. जीवन है। यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है।

प्रश्न 5.
जल संरक्षण क्यों आवश्यक है ? इसके उपायों का वर्णन कीजिए। (2009, 16)
उत्तर:
जल संरक्षण क्यों आवश्यक
जल संसाधन सम्बन्धी अनेक प्रकार की समस्याएँ हैं जिनका सम्बन्ध संसाधन की उपलब्धता, उपयोग,गुणवत्ता तथा प्रबन्धन से है। स्वतन्त्रता के समय सिंचाई व उद्योगों के लिए जल पर्याप्त रूप से उपलब्ध था परन्तु अब जनसंख्या वृद्धि के कारण हर क्षेत्र में कमी हो रही है। गर्मियों में जल संसाधन का अभाव प्रायः सम्पूर्ण दक्षिण भारत में होता है, जबकि वर्षा ऋतु में जल की कमी नहीं पाई जाती। जिन प्रदेशों में नलकूपों से सिंचाई होती है वहाँ विद्युत प्रदाय की स्थिति पर जल संसाधन की उपलब्धता निर्भर है। इन कारणों से जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, संरक्षण और प्रबन्धन आवश्यक हो गया है।
जल संरक्षण के उपाय – लघु उत्तरीय प्रश्न 4 का उत्तर देखें।

प्रश्न 6.
वनों से होने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ कौन-कौनसे हैं ? वर्णन कीजिए। (2009, 13, 16)
अथवा
“वन भारत के लिए वरदान हैं।” सत्यापित कीजिए।
अथवा
वनों से होने वाले छः प्रत्यक्ष लाभ लिखिए। (2012)
उत्तर:
वनों का महत्व
डॉ. पी. एच. चटरवक के अनुसार, “वन राष्ट्रीय सम्पत्ति हैं और सभ्यता के लिए इनकी नितान्त आवश्यकता है। ये केवल लकड़ी ही प्रदान नहीं करते, बल्कि कई प्रकार के कच्चे माल, पशुओं के लिए चारा तथा राज्य के लिए आय भी उत्पन्न करते हैं। इसके परोक्ष लाभ तो और भी अधिक महत्वपूर्ण हैं।”

भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में वनों के महत्व को दो भागों में बाँट सकते हैं –
I. प्रत्यक्ष लाभ
II. अप्रत्यक्ष लाभ।

I. वनों से प्रत्यक्ष लाभ

  1. लकड़ी की प्राप्ति-वनों से प्राप्त लकड़ी एक महत्वपूर्ण ईंधन है। वृक्षों से सागौन, साल, देवदार, चीड़, शीशम, आबनूस, चन्दन आदि की लकड़ी प्राप्त होती है।
  2. गौण पदार्थों की प्राप्ति-वनों से अनेक प्रकार के गौण पदार्थ प्राप्त होते हैं, जिनमें बाँस, बेंत, लाख, राल, शहद, गोंद, चमड़ा रंगने के पदार्थ तथा जड़ी-बूटियाँ प्रमुख हैं।
  3. आधारभूत उद्योगों के लिए सामग्री-वनों से प्राप्त लकड़ी, घास, सनोवर तथा बाँस से कागज उद्योग; चीड़, स्यूस तथा सफेद सनोवर से दियासलाई उद्योग; लाख से लाख उद्योग; मोम से मोम उद्योग; महुआ की छालें व बबूल से गोंद; चमड़ा उद्योग, चन्दन, तारपीन और केवड़ा से तेल उद्योग; जड़ी-बूटियों से औषधि उद्योग विकसित हुए हैं।
  4. चारागाह-वन क्षेत्र जानवरों के लिए उत्तम चारागाह स्थल हैं। वनों से जानवरों के लिए घास व पत्तियाँ मिलती हैं।
  5. रोजगार-वनों पर 7.8 करोड़ व्यक्तियों की आजीविका आश्रित है। वनों से जो कच्चे पदार्थ मिलते हैं उनसे बहुत से उद्योग चल रहे हैं और करोड़ों व्यक्तियों को रोजगार मिला हुआ है।
  6. राजस्व की प्राप्ति-सरकार को वनों से राजस्व व रॉयल्टी के रूप में करोड़ों रुपये की प्राप्ति होती
  7. विदेशी मुद्रा का अर्जन-वनों से प्राप्त लाख, तारपीन का तेल, चन्दन का तेल, लकड़ी से निर्मित कलात्मक वस्तुओं का निर्यात करने से विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होती है।

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II. वनों से अप्रत्यक्ष लाभ
जे. एस. कॉलिन्स के अनुसार, “वृक्ष पर्वतों को थामे रहते हैं। वे तूफानी वर्षा को दबाते हैं। नदियों को अनुशासन में रखते हैं, झरनों को बनाये रखते हैं और पक्षियों का पोषण करते हैं।” वनों के अप्रत्यक्ष लाभ निम्न प्रकार हैं –

  1. जलवायु को सम बनाये रखना-वन जलवायु को मृदुल बनाते हैं। वन गर्मी और सर्दी की तीव्रता को कम करने में सहायक होते हैं।
  2. वर्षा में सहायक-वनों की नमी से उन पर से गुजरने वाले बादल नमी प्राप्त करके वर्षा कर देते हैं।
  3. बाढ़ों से रक्षा-वन पानी के वेग को कम कर देते हैं, बाढ़ के पानी को सोख लेते हैं। बाढ़ का पानी वन क्षेत्रों में फैलकर धीरे-धीरे नदियों में जाता है। इससे बाढ़ नियन्त्रण होता है।
  4. रेगिस्तान के प्रसार पर नियन्त्रण-सरदार पटेल ने कहा था कि, “यदि रेगिस्तान के बढ़ते हुए प्रसार को रोकना है और मानव सभ्यता की रक्षा करनी है तो वन सम्पदा के क्षय को अवश्य रोकना होगा।” अत: वन मरुस्थलों के विस्तार को पूरी तरह रोके रखते हैं।
  5. भूमि के कटाव को रोकते हैं-वनों के कारण मृदा की ऊपरी सतह नहीं बह पाती है। इससे मृदा के पोषक तत्वों में कमी नहीं होती एवं उपजाऊ बनी रहती है।
  6. उर्वरा शक्ति में वृद्धि-वनों द्वारा भूमि की उर्वरता में अत्यधिक वृद्धि होती है, क्योंकि वृक्षों कीपत्तियाँ, घास व पेड़-पौधे, झाड़ियाँ आदि भूमि पर गिरकर व सड़कर ह्यूमस रूप में भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं।
  7. प्राकृतिक सौन्दर्य-वनों से देश के प्राकृतिक सौन्दर्य में वृद्धि होती है। वे देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

प्रश्न 7.
सरकार द्वारा वन संरक्षण के लिए किये गये प्रयासों का वर्णन कीजिए। (2014)
उत्तर:
सरकार द्वारा वन संरक्षण के प्रयास भारत में ब्रिटिश सरकार ने 1894 में वन नीति अपनायी थी, जिसके अनुसार वनों की देखरेख एवं विकास हेतु हर राज्य में वन विभाग की स्थापना की गई। इस नीति के दो मुख्य उद्देश्य थे-राजस्व प्राप्ति और वनों का संरक्षण।

स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात् सरकार द्वारा निम्न प्रयास किए गए –

I. सरकार ने 1950 में एक केन्द्रीय वन बोर्ड की स्थापना की। वनों के सम्बन्ध में नवीन नीति बनाई गई। इसकी चार प्रमुख बातें थीं –

  1. वनों के क्षेत्रफल को बढ़ाकर 33.3 प्रतिशत करना
  2. नये वनों को लगाना
  3. वनों को सुरक्षित करना
  4. वनों के सम्बन्ध में अनुसन्धान करना।

II.7 दिसम्बर, 1988 को नवीन वन नीति घोषित की गई, जिसके प्रमुख उद्देश्य थे –

  1. पर्यावरण में स्थिरता लाना
  2. जीव-जन्तुओं व वनस्पति जैसी प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा करना
  3. लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना।

III. वर्ष 1988 की घोषित राष्ट्रीय वन नीति को क्रियाशील बनाने के लिए 1999 में एक 20-वर्षीय राष्ट्रीय वानिकी कार्य योजना लागू की गई। वन विकास हेतु निम्न कार्य किये जा रहे हैं –

  1. केन्द्रीय वन आयोग की स्थापना-केन्द्र सरकार ने 1965 में केन्द्रीय वन आयोग की स्थापना की। इसका कार्य आँकड़े व सूचनाएँ एकत्रित करना, तकनीकी सूचनाओं को प्रसारित करना, बाजारों का अध्ययन करना और वन विकास में लगी संस्थाओं के कार्यों को समन्वित करना है।
  2. भारतीय वन सर्वेक्षण संगठन-वनों में क्या-क्या वस्तुएँ उपलब्ध हैं उनका पता लगाने हेतु 1971 में इस संगठन की स्थापना की गई।
  3. वन अनुसन्धान संस्थान की स्थापना-देहरादून में वनों से प्राप्त वस्तुओं तथा वनों के सम्बन्ध में अनुसन्धान एवं शिक्षा देने के लिए इस संस्था को स्थापित किया गया। इसके चार क्षेत्रीय केन्द्र-बंगलुरू, कोयम्बटूर, जबलपुर और बू!हट हैं।
  4. क्राफ्ट कला प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना-राज्य सरकार के वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लकड़ी काटने का प्रशिक्षण देने के लिए 1965 में देहरादून में क्राफ्ट कला प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया।
  5. भारतीय वन प्रबन्ध संस्थान की स्थापना-वन संसाधन व प्रबन्धन व्यवसाय की नवीन बातों की जानकारी देने हेतु 1978 में स्वीडिश कम्पनी की सहायता से अहमदाबाद में इस संस्थान की स्थापना की गयी है। केन्द्र सरकार ने मध्य प्रदेश के भोपाल में भारतीय वन प्रबन्ध संस्थान की स्थापना की है।
  6. वन महोत्सव-वनों के क्षेत्रफल को बढ़ाने व जनता में वृक्षारोपण की प्रवृत्ति पैदा करने के लिए भारत के तत्कालीन कृषि मन्त्री के. एम. मुन्शी ने 1950 में वन महोत्सव “अधिक वृक्ष लगाओ आन्दोलन” प्रारम्भ किया। प्रतिवर्ष देश में 1 से 7 जुलाई तक वन महोत्सव कार्यक्रम मनाया जाता है।
  7. सामाजिक वानिकी-लघु उत्तरीय प्रश्न 10 का उत्तर देखें।
  8. वन अग्नि नियन्त्रण परियोजना-देश में वनों में आग लगने के कारणों का पता लगाने तथा रोकथाम के लिए चन्द्रपुर (महाराष्ट्र) एवं हल्द्वानी, नैनीताल (उत्तराखण्ड) में यू. एन. डी. पी. के सहयोग से एक आधुनिक वन अग्नि नियन्त्रण परियोजना शुरू की गई जो देश के 10 राज्यों में चलाई जा रही है।
  9. संयुक्त वन प्रबन्ध-देश के राज्यों में संयुक्त वन प्रबन्धन व्यवस्था को अपनाया गया है। इसके अन्तर्गत 70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के नष्ट हुए वनों के विकास हेतु 35,000 ग्रामीण वन सुरक्षा समितियों की स्थापना की गई है।
  10. वन संरक्षण अधिनियम-1980 में भारत सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम पारित करके किसी भी वनभूमि को सरकार की अनुमति के बिना कृषि भूमि में परिवर्तित नहीं करने का प्रावधान निश्चित किया है। सरकार ने वनों को चार वर्गों में बाँटा है – (i) सुरक्षित वन, (ii) राष्ट्रीय वन, (iii) ग्राम्य वन, (iv) वृक्ष समूह। प्रबन्धन की दृष्टि से वनों के तीन वर्ग हैं आरक्षित वन 52 प्रतिशत, सुरक्षित वन 32 प्रतिशत, अवर्गीकृत वन 16 प्रतिशत।

प्रश्न 8.
वन्य प्राणी संरक्षण क्यों आवश्यक है ? वन्य प्राणी संरक्षण के उपाय बताइए। (2011, 15)
उत्तर:
वन्य प्राणी का संरक्षण क्यों आवश्यक है ?
वनों के साथ-साथ वन्य जीव भी मानव के लिए महत्वपूर्ण संसाधन हैं। वन्य जीवों से माँस, खाल, हाथी-दाँत आदि प्राप्त होते हैं। वन के साथ-साथ मानव ने वन्य प्राणियों का भी बेदर्दी से विनाश किया है। इससे वन्य जीवों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। बाघ, सिंह, हाथी, गैंडे आदि की संख्या में निरन्तर कमी आ रही है। आने वाले कुछ ही वर्षों में वन्य प्राणियों की कुछ प्रजातियाँ पूर्णतः लुप्त हो जाने का खतरा है। इस प्राकृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों तक ज्यों-का-त्यों पहुँचाना प्रत्येक नागरिक का धर्म और कर्त्तव्य है। इसलिए वन्य जीव-जन्तुओं को उनके मूल प्राकृतिक स्वरूप में पनपने देने के लिए वन्य जीवों का संरक्षण अनिवार्य है।

वन्य प्राणी संरक्षण के उपाय

वन्य प्राणियों के संरक्षण हेतु निम्नलिखित प्रयास किये जा सकते हैं –

  1. वन्य जीवों के प्राकृतिक आवासों को बिना हानि पहुँचाए नियन्त्रित करना।
  2. वन्य जीवों के शिकार पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगाना।
  3. वन्य क्षेत्रों में जैवमण्डल रिजर्व की स्थापना करना।
  4. लुप्त हो रहे जीवों का पुनर्विस्थापन के लिए राष्ट्रीय पार्क, अभयारण्यों की स्थापना करना।
  5. वन्य जीव प्रबन्धन की योजनाओं को ईमानदारी से लागू करना।
  6. वन्य जीवों के प्रति लोगों की मानसिकता में परिवर्तन हेतु शिक्षा एवं जागरूकता का विकास करना।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय

प्रश्न 1.
वन संसाधन की प्रमुख समस्या है –
(i) मछली पालन
(ii) रेगिस्तान का विस्तार
(iii) वनों में लगने वाली आग
(iv) आदिवासी गतिविधियाँ
उत्तर:
(iii)

प्रश्न 2.
पश्चिमी घाट प्रदेश में किस प्रकार की मिट्टी पाई जाती है ?
(i) जलोढ़ मिट्टी
(ii) काली मिट्टी
(iii) लैटेराइट मिट्टी
(iv) लाल मिट्टी।
उत्तर:
(ii)

प्रश्न 3.
किसी पौधे या पेड़ की अनुपस्थिति में मृदा की कौन-सी परत बड़ी पतली होती है ?
(i) ऊपरी परत
(ii) अपमृदा
(iii) अपक्षयित शैल,
(iv) आधारी शैल।
उत्तर:
(i)

प्रश्न 4.
भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है –
(i) कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान
(ii) गिर राष्ट्रीय उद्यान
(iii) कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान,
(iv) माधव राष्ट्रीय उद्यान।
उत्तर:
(i)

प्रश्न 5.
इसे टाइगर राज्य के रूप में जाना जाता है
(i) राजस्थान
(ii) मध्य प्रदेश
(iii) उत्तराखण्ड
(iv) असम।
उत्तर:
(iv)

प्रश्न 6.
वन महोत्सव के जन्मदाता हैं –
(i) महात्मा गांधी
(ii) पं. जवाहरलाल नेहरू
(iii) के. एम. मुंशी
(iv) आचार्य विनोबा भावे।
उत्तर:
(iii)

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. ‘हर बच्चे के लिए एक पेड़’ ……………. में यह नारा विकसित किया गया है।
  2. केन्द्र सरकार ने वर्ष ……….. में केन्द्रीय वन आयोग की स्थापना की। (2009)
  3. पुरानी जलोढ़ मिट्टी को ………… कहते हैं।

उत्तर:

  1. स्कूलों, कॉलेजों
  2. 1965
  3. बाँगर।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
वे सभी पदार्थ जो मानव भी आवश्कताओं की पूर्ति में सहायक हैं, संसाधन कहे जाते हैं।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
सन् 1965 में के. एम. मुंशी ने वन महोत्सव’ प्रारम्भ किया। (2009)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
अब पृथ्वी के केवल 25 प्रतिशत भाग पर ही वन पाये जाते हैं।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
भारत में वन सम्पदा देश के भौगोलिक क्षेत्रफल का 20.64 प्रतिशत है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
भारतीय वन सर्वेक्षण संगठन की स्थापना 1971 में की गई।
उत्तर:
सत्य

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I 4
उत्तर:

  1. → (ख)
  2. → (क)
  3. → (घ)
  4. → (ग)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं के सड़े-गले अवशेषों को क्या कहते हैं ? (2010)
उत्तर:
ह्यूमस

प्रश्न 2.
नवीन जलोढ़क का स्थानीय नाम बताइए।
उत्तर:
खादर

प्रश्न 3.
रेगड़ या कपास वाली मिट्टी को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
काली मिट्टी

प्रश्न 4.
डेल्टाई भागों में सामान्यतः कौन-सी मिट्टी पायी जाती है ? (2010)
उत्तर:
जलोढ़ मिट्टी

प्रश्न 5.
नवीन वन नीति कब घोषित की गई ?
उत्तर:
7 दिसम्बर, 1988,

प्रश्न 6.
क्राफ्ट कला प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना कब और कहाँ की गई ?
उत्तर:
1965 में देहरादून

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
केन्द्रीय वन आयोग क्या है ?
उत्तर:
केन्द्र सरकार ने 1965 में केन्द्रीय वन आयोग की स्थापना की। इसका कार्य आँकड़े व सूचनाएँ एकत्रित करना, तकनीकी सूचनाओं को प्रसारित करना, बाजारों का अध्ययन करना और वन विकास में लगी संस्थाओं के कार्यों को समन्वित करना है।

प्रश्न 2.
भौम जल क्या है ?
उत्तर:
धरातल के नीचे मिट्टी के छिद्रों, दरारों एवं तल शैलों में जो जल भरा होता है, उसे भौम जल कहते हैं। भौम जल का स्रोत वर्षा है।

प्रश्न 3.
बाँगर क्या है ?
उत्तर:
पुरानी जलोढ़ मिट्टी को बाँगर कहते हैं। यह नदियों द्वारा निर्मित प्राचीन मिट्टी है। ऊँचे भागों में पाये जाने वाली यह मिट्टी उन क्षेत्रों में मिलती है जहाँ नदियों की बाढ़ का जल नहीं पहुँच पाता। बाँगर स्लेटी रंग की चिकनी मिट्टी होती है। यह कम उपजाऊ होती है। इसमें प्रायः कंकड़ (कैल्शियम कार्बोनेट) पाये जाते हैं।

प्रश्न 4.
भारत में पाई जाने वाली मिट्टियों के नाम लिखिए। (2015)
उत्तर:
भारत में पाई जाने वाली मिट्टियाँ हैं –

  1. जलोढ़ मिट्टी
  2. काली या रेगड़ मिट्टी
  3. लाल मिट्टी
  4. लैटेराइट मिट्टी
  5. मरुस्थलीय मिट्टी
  6. पर्वतीय मिट्टी।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संसाधन से क्या आशय है ? इनका हमारे जीवन में क्या महत्व है ?
उत्तर:
कोई वस्तु या तत्व तभी संसाधन कहलाता है जब उससे मानव की किसी आवश्यकता की पूर्ति होती है; जैसे-जलं एक संसाधन है क्योंकि इससे मनुष्यों व अन्य जीवों की प्यास बुझती है, खेतों में फसलों की सिंचाई होती है और यह स्वच्छता प्रदान करने, भोजन पकाने आदि कार्यों में हमारे लिए आवश्यक होता है। इसी प्रकार, वे सभी पदार्थ जो मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक हैं, संसाधन कहलाते हैं।
महत्व – संसाधन मानव जीवन को सुखद व सरल बनाते हैं। आदिकाल में मानव पूर्णतः प्रकृति पर निर्भर था। धीरे-धीरे मानव ने अपने बुद्धि-कौशल से प्रकृति के तत्वों का अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अधिकाधिक उपयोग किया। आज विश्व के वे राष्ट्र अधिक उन्नत व सम्पन्न माने जाते हैं जिनके पास अधिक संसाधन हैं। आज संसाधन की उपलब्धता हमारी प्रगति का सूचक बन गई है। इसीलिए संसाधनों का हमारे जीवन में बड़ा महत्व है।

प्रश्न 2.
पुन आधार पर संसाधनों का वर्गीकरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
पुनः पूर्ति के आधार पर संसाधन – पुनः पूर्ति के आधार पर संसाधनों का वर्गीकरण निम्न प्रकार किया जा सकता है –

  1. योग्य संसाधन-वे संसाधन जिनका उपयोग होने पर भी उनके गुणों को बनाये रखा जा सकता है; जैसे-खाद के उपयोग द्वारा कृषि भूमि को कृषि योग्य बनाये रखना।
  2. पुनः आपूर्तिहीन संसाधन-वे संसाधन जो एक बार उपयोग होने के बाद समाप्त हो जाते हैं; यथा-पेट्रोल, कोयला आदि।
  3. बारम्बार प्रयोग वाले संसाधन-वे संसाधन जिनका उपयोग एक बार होने के बाद भी आवश्यक संशोधन के साथ पुन: उपयोग में लिया जाता है; जैसे-धात्विक खनिज, लोहा, ताँबा आदि।
  4. सनातन प्राकृतिक संसाधन-इस प्रकार के संसाधन जो उपयोग होने पर भी नष्ट नहीं होते; जैसे-सौर ऊर्जा, महासागर इत्यादि।

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प्रश्न 3.
जलोढ़ एवं काली मिट्टी में अन्तर बताइए।
उत्तर:
जलोढ़ एवं काली मिट्टी में अन्तर

जलोढ़ मिट्टी

  1. इस मिट्टी का रंग हल्का भूरा होता है।
  2. नदियों द्वारा बहाकर लायी गयी मिट्टी को जलोढ़ मृदा कहते हैं।
  3. यह देश की भूमि के 40 प्रतिशत भाग में फैली हुई है। दक्षिण भारत में महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी नदियों व आन्ध्र प्रदेश में यह मिट्टी पायी जाती है।
  4. इस मिट्टी में ह्यूमस तथा चूने का अंश अधिक होती है।

काली मिट्टी

  1. यह मिट्टी काले रंग की होती है।
  2. काली मिट्टी का निर्माण ज्वालामुखी उद्गार से निकले लावा द्वारा होता है।
  3. यह देश की भूमि के 18.5 प्रतिशत भाग में फैली हुई है। यह मुख्यतः महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश और कर्नाटक में पायी जाती है।
  4. इसमें मैग्मा के अंश, लोहा व ऐलुमिनियम की प्रधानता पायी जाती है।

प्रश्न 4.
पृष्ठीय जल तथा भौम जल में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
पृष्ठीय जल तथा भौम जल में अन्तर

पृष्ठीय जल

  1. वर्षा का जल जो धरातल पर प्रवाहित रहता है या धरातल पर ठहरा रहता है पृष्ठीय जल कहलाता है।
  2. नदी, झील, तालाब का जल धरातलीय जल से आता है।
  3. पृष्ठीय जल आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
  4. जहाँ पृष्ठीय जल-सम्पदा की मात्रा विपुल है उन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास सम्भव है।

भौम जल

  1. वर्षा का जो जल पारगम्य चट्टानों में से भूमिगत हो जाता है, भौम जल कहलाता है।
  2. कुंआ, झरना आदि का जल भूमिगत जल से आता है।
  3. भौम जल, कुँआ अथवा ट्यूबवेल खोदकर निकाला जाता है।
  4. भौम जल का उपयोग कृषि, घरेलू कार्यों व उद्योगों में होता है। इससे ऊर्जा का निर्माण नहीं किया जाता।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत के रेखा मानचित्र में निम्न को दर्शाइए –

  1. काँप मिट्टी
  2. काली मिट्टी
  3. लाल मिट्टी
  4. लैटेराइट मिट्टी
  5. शुष्क व मरुस्थलीय मिट्टी
  6. वन व पर्वतीय मिट्टी
  7. दलदली मिट्टी
  8. लवणयुक्त मिट्टी।

उत्तर:
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 1 भारत के संसाधन I 5
चित्र 1.2

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Board Name Madhya Pradesh Board of School Education
Class Name SSLC/ 10th Class
Name of Exam Public Exams
Category Board Exam Question Papers
Location Madhya Pradesh
Official Site mpbse.nic.in

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MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 18 The Tables Turned

MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 18 The Tables Turned

The Tables Turned Textual Exercises

Word Power

1. (a) Make a list of the describing words in the poem.
Answer:
The adjectives used in the poem are freshening, mellow, green, dull and endless, sweet, blithe, mean, ready, spontaneous, vernal, moral, meddling, beauteous, barren.

(b) Now change five adjectives, from the above list into nouns and use them in your sentences.
Answer:
Adjective             Noun
sweet                 sweetness
moral                 morality
green                 greenery
spontaneous     spontaneousness
ready                 readiness

Sentences :
1. The sweetness of music allures my mind.
2. Morality is absent in today’s youth.
3. The greenery in the village freshens my mood.
4. Spontaneousness of crimes these days is leading to a great crisis.
5. We prepared a room and meal in readiness for their arrival.

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2. Match the words with their meanings.
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 18 The Tables Turned 1
Answer:
1. → (c)
2. → (d)
3. → (e)
4. → (a)
5. → (b)

3. Express the idea contained in the following line.
Books! ’tis a dull and endless strife
Answer:
The poet talks about books in this line. He says that the journey with books is boring and at the same time it is continuous (i.e., never ending)

4. Find out action words in the first two stanzas of the poem.
Answer:
quit, grow, clear, spread.

5. Complete the following lines of the poem.
Answer:
Enough of science and of Art;
Close up those barren leaves;
Come forth, and bring with you a heart
That watches and receives.

How Mach I Understood?

A. Answer the following questions. (One or two sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
What does the poet say in the first stanza of the poem?
(व्हॉट डज़ द पोऍट से इन द फर्स्ट स्टैन्ज़ा ऑफ द पोऍम?)
कविता के प्रथम पद्यांश में कवि क्या कहता है?
Answer:
In the first stanza the poet says to leave books and stop reading too much as it would make one bent and tired. He asks to remove the expression of thought and perplexity that comes from reading.
(इन द फर्स्ट स्टैन्जा द पोऍट सेज़ टू लीव बुक्स एण्ड स्टॉप रीडिंग टू मच एज इट वुड मेक वन बेन्ट एण्ड टायर्ड। ही आस्कस् टू रिमूव एक्सप्रेशन ऑफ थॉट एण्ड पर्पलैक्सिटी दैट कम्स फ्रॉम रीडिंग।)
कविता के प्रथम पद्यांश में कवि किताबों को छोड़ने व ज्यादा न पढ़ने के लिए कहता है क्योंकि इससे व्यक्ति की देह झुक जायेगी और वह थक जायेगा। वह अपने चेहरे से पढ़ने के कारण उत्पन्न सोचनीय व जटिल भाव को हटाने के लिए कहता है।

Question 2.
Why does the poet want bis readers to leave their books?
(व्हायडज़ द पोऍट वॉन्ट हिज़ रीडर्सट्र लीव देयर बुक्स?)
कवि अपने पाठकों से किताबों को छोड़ने के लिए क्यों कहता है?
Answer:
The poet wants his readers to leave their books because they make one bent and appear tensed, troubled and perplexed due to thinking after reading.
(द पोऍट वॉन्ट्स हिज़ रीडर्स टू लीव देयर बुक्स बिकॉज़ दे मेक वन बेन्ट एण्ड अपीयर टेन्स्ड्, ट्रबल्ड् एण्ड पप्लैक्स्ड् ड्यू टू थिंकिंग आफ्टर रीडिंग।)
कवि चाहता है कि उसके पाठक किताबें पढ़ना छोड़ दें क्योंकि पढ़ने के बाद सोचने से उनकी देह झुक जायेगी तथा वे चिन्तित, परेशान व जटिल लगेंगे।

Question 3.
What does the poet say about books?
(व्हॉट डज़ द पोऍट से अबाऊट बुक्स?)
कवि किताबों के बारे में क्या कहता है?
Answer:
The poet says that books are dull and endless strife.
(द पोऍट सेज़ दैट बुक्स आर डल एण्ड ऍन्ड्ले स स्ट्राइफ।)
कवि कहता है कि किताबें नीरस व न खत्म होने वाला संघर्ष हैं।

Question 4.
Who should be our teacher according to the poet?
(हू शुड बी अवर टीचर एकॉर्डिंग टू द पोऍट?)
कवि के अनुसार हमारा शिक्षक कौन होना चाहिए?
Answer:
According to the poet nature should be our teacher.
(एकॉर्डिंग टू द पोऍट नेचर शुड बी अवर टीचर।)
कवि के अनुसार प्रकृति हमारी शिक्षक होनी चाहिए।

Question 5.
What can the forest teach us?
(व्हॉट कैन द फॉरेस्ट टीच अस)
वन हमें क्या सिखा सकता है?
Answer:
The forest can teach us about the difference between good and evil more than any sage.
(द फॉरेस्ट कैन टीच अस अबाऊट द डिफ्रेन्स बिटवीन गुड एण्ड ईविल मोर दैन एनी सेज।)
वन किसी भी साधु से ज्यादा हमें अच्छाई व बुराई के भेद को समझा सकते हैं।

Question 6.
What does Nature bring and man destroy?
(व्हॉट डज़ नेचर ब्रिग एण्ड मैन डिस्ट्रॉय)
प्रकृति क्या देती है व मानव क्या नष्ट करता है?
Answer:
Nature brings us wisdom, health and knowledge while a man destroys natural beings provided by nature.
(नेचर ब्रिग्स अस विज़डम, हैल्थ एण्ड नॉलेज व्हाइल अ मैन डिस्ट्रॉइज़ नेचुरल बीइंग्स प्रोवाइडेड बाइ नेचर।)
प्रकृति हमें विवेक, स्वास्थ्य व ज्ञान देती है व मनुष्य प्राकृतिक जीवों का नाश करता है।

Question 7.
What type of heart does the poet want?
(व्हॉट टाइप ऑफ हार्ट डज़ द पोऍट वॉन्ट?)
कवि किस प्रकार का दिल चाहता है?
Answer:
The poet wants the heart that watches or observes natural beauty and receives natural wealth.
(द पोऍट वॉन्ट्स द हार्ट दैट वॉचेज़ और ऑब्जर्व नैचुरल ब्यूटी एण्ड रिसीव्स नैचुरल वैल्थ।)
‘कवि वो दिल चाहता है जो प्राकृतिक सुन्दरता को देखे या उसका अवलोकन करे व प्राकृतिक सम्पदा को पाये।

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B. Answer the following questions. (Three or four sentences.)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
Why does the poet urge the readers to leaves their books?
(व्हाय डज़ द पोऍट अर्ज द रीडर्स टू लीव देयर बुक्स?)
Answer:
The poet asks the readers to leave their books because it is better to know and enjoy nature than to seek learning and wisdom in books. Excessive reading of books provides tensed, perplexed and troublesome look and makes one bent while nature adds to one’s health.

(द पोऍट आस्कस् द रीडर्स टू लीव देयर बुक्स बिकॉज़ इट इज़ बैटर टू नो एण्ड एन्जॉय नेचर दैन टू सीक लर्निग एण्ड विज़डम इन बुक्स। एक्सेसिव रीडिंग ऑफ बुक्स प्रोवाइड्स् टेन्सड, पप्लैक्सड् एण्ड ट्रबलसम लुक एण्ड मेक्स वन बेन्ट व्हाइल नेचर ऐड्स टू वन्स हैल्थ।)

कवि पाठकों से किताबों को छोड़ने के लिए कहता है क्योंकि किताबों से ज्ञान व विवेक प्राप्त करने के बजाय प्रकृति का जानना व उसका आनन्द लेना ज्यादा बेहतर है। अत्यधिक किताबों को पढ़ने से व्यक्ति परेशान व जटिल नजर आता है। व उसकी देह झुक जाती है। जबकि प्रकृति उसके स्वास्थ्य का सुधार करती है।

Question 2.
What sort of lessons, according to the poet, can Nature teach us?
(व्हॉट सॉर्ट ऑफ लैसन्स एकार्डिंग टू द पोऍट, कैन नेचर टीच अस?)
कवि के अनुसार, प्रकृति हमें क्या सिखा सकती है?
Answer:
Nature teaches us to be happy and have wisdom. The sweet music of throstle and linnet is so enjoyable that it gives all happiness and wisdom. By observing and enjoying nature one can learn more than what he learns from books.

(नेचर, टीचेज़ अस टू बी हैप्पी एण्ड हैव विज़डम। द स्वीट म्यूजिक ऑफ थ्रॉस्ल एण्ड लिनेट इज़ सो एन्जॉयेबल दैट इट गिव्स ऑल हैप्पिनेस एण्ड विज़डम। बाइ ऑब्जविंग एण्ड एन्जॉइंग नेचर वन कैन लर्न मोर दैन व्हॉट ही लर्स फ्रॉम बुक्स।)

प्रकृति हमें खुश रहने व विवेकशील होने की शिक्षा देती है। चिड़ियों का मनोरम संगीत इतना आनन्दमय होता है कि वह सारी खुशी व विवेक दे देता है। प्रकृति का आनन्द लेने व उसको निहारने से एक व्यक्ति किताबों से कहीं ज्यादा ज्ञान अर्जित कर सकता है।

Question 3.
What sort of things does Nature have?
(व्हॉट सॉर्ट ऑफ थिंग्स डज़ नेचर हेव?)
प्रकृति के पास किस प्रकार की वस्तुएँ हैं?
Answer:
Nature has wealth of beauty that blesses our minds and hearts, wisdom that comes from good health, and truth that comes from cheerfulness.
(नेचर हैज़ वैल्थ ऑफ ब्यूटी दैट ब्लैसेस अवर माइन्ड्स एण्ड हार्टस्, विज़डम दैट कम्स फ्रॉम गुड हैल्थ एण्ड टूथ दैट कम्स फ्रॉम चीयरफुलनेस।)
प्रकृति के पास खूबसूरती का खजाना है जो हमारे दिलोदिमाग को प्रफुल्लित करता है, विवेक है जो अच्छे स्वास्थ्य से आता है व सच है जो प्रसन्नता से आता है।

Question 4.
What does our meddling intellect do?
(व्हॉट डज़ अवर मेडलिंग इन्टलेक्ट डू?)
हमारी हस्तक्षेप वाली प्रकृति क्या करती है?
Answer:
Our meddling intellect destroys the natural beauty. It kills natural beings.
(अवर मेडलिंग इन्टलेक्ट डिस्ट्रॉयज़ द नैचुरल ब्यूटी। इट किल्स नैचुरल बीइंग्स।)
हमारी हस्तक्षेप वाली प्रकृति प्राकृतिक सुन्दरता को नष्ट करती है। वह प्राकृतिक जीवों का नाश करती है।

Question 5.
Describe the advantages of being close to Nature than being busy reading books.
(डिस्क्राइब द एडवेन्टिजिज़ ऑफ बीइंग क्लोज़ टू नेचर दैन बीइंग बिज़ी रीडिंग बुक्स।)
किताबें पढ़ने में व्यस्त रहने के बजाय प्रकृति के करीब रहने से होने वाले फायदों का वर्णन करिए।
Answer:
Being close to nature gives peace and happiness to one’s mind and heart. Apart from giving health it also provides truth, cheerfulness and wisdom. Natural beauty soothes one’s mind, heart and adds to one’s beauty. Confinement to books makes one isolated and perplexed. It drives away health and freshness from one’s face.

(बीइंग क्लोज़ टू नेचर गिव्स पीस एण्ड हैप्पिनेस टू वन्स माइन्ड एण्ड हार्ट। अपार्ट फ्रॉम गिविंग हैल्थ इट ऑल्सो प्रोवाइड्स ट्रथ, चीयरफुलनेस एण्ड विज़डम। नैचुरल ब्यूटी सूदेज़ वन्स माइण्ड, हार्ट एण्ड ऐड्स टू वन्स ब्यूटी। कन्फाइनमेण्ट टू बुक्स मेक्स वन आइसोलेटिड एण्ड पर्पलैक्सड् इट ड्राइव्स अवे हैल्थ एण्ड फ्रेशनेस फ्रॉम वन्स फेस।)

प्रकृति के करीब रहने से व्यक्ति के दिलोदिमाग को शान्ति व सुकून मिलता है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य को सुधारने के अलावा उसे सच, प्रसन्नता व विवेक भी प्रदान करती है। प्राकृतिक सुन्दरता से व्यक्ति के दिलोदिमाग को सुकून मिलता है व उसकी स्वयं की सुन्दरता में बढ़ावा होता है। जबकि किताबों में सिमटकर रहने से व्यक्ति अकेला व जटिल हो जाता है। उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है व उसके चेहरे की सुन्दरता चली जाती है।

Question 6.
How does Nature keep us healthy?
(हाउ डज़ नेचर कीप अस हैल्दी?)
प्रकृति हमें कैसे स्वस्थ रखती है?
Answer:
Nature keeps us healthy by soothing our mind and heart with its beauty. In the lap of nature one forgets all his tensions and troubles. The brightness of sun, the green fields, sweet songs of birds all give us peace and happiness adding to our health and beauty.

(नेचर कीप्स अस हैल्दी बाइ सूदिंग अवर माइन्ड एण्ड हार्ट विद इट्स् ब्यूटी। इन द लैप ऑफ नेचर वन फॉरगेट्स् ऑल हिज़ टेन्शन्स एण्ड ट्रबल्स। द ब्राइटनेस ऑफ सन, द ग्रीन फील्ड्स, स्वीट साँग्स ऑफ बर्ड्स ऑल गिव अस पीस एण्ड हैप्पिनेस ऐडिंग टू अवर हैल्थ एण्ड ब्यूटी।)

प्रकृति हमारे दिलोदिमाग को सुकून देकर हमें स्वस्थ रखती है। प्रकृति की गोद में व्यक्ति अपनी सारी चिन्ताएँ व परेशानियाँ भूल जाता है। सूर्य की चमक, हरे-भरे खेत, चिड़ियों का मीठा संगीत सब उसे शान्त व प्रसन्न करते हैं व उसके स्वास्थ्य व सुन्दरता को बढ़ाते हैं।

Question 7.
Write the central idea of the poem.
(राईट द सैण्ट्रल आइडिया ऑफ द पोऍम।)
कविता का केन्द्रीय भाव लिखिए।
Answer:
In this poem the poet says that it is better to know and enjoy Nature than to seek learning and wisdom in books. We should allow our minds and hearts to be shaped and formed by Nature than to try to analyse and reason out things. We kill beauty and life when we dissect other beings created by Nature.

Listening Time

The teacher will read the examples given in the book and students will repeat them.
(पुस्तक में दिये गये उदाहरणों को दोहराओ।)
Answer:
Sentences along with their pronunciations are given here as an aid to the students.

1. He’ll come at nine.
ही विल कम एट नाइन।

2. Come for coffee.
कम फॉर कॉफी।

3. Come for a game of chess.
कम फॉर अ गेम ऑफ चेस।

4. I’ve come from Delhi.
आई हैव कम फ्रॉम डेल्ही।

5. He is a friend of my brother.
ही इज़ अ फ्रेन्ड् ऑफ माइ ब्रदर।

6. He’s gone to market.
ही हैज़ गौन टू मार्केट।

7. Try to ask him.
ट्राइ टू आस्क् हिम।

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Speaking Time

Which school subjects are you good at? Read the table given in the book and talk to your partner about these subjects.
(पुस्तक में दी गई तालिका को पढ़कर अपने सहपाठी से बात कशे)
Answer:
Students can do themselves.
(छात्र स्वयं करें।)

Writing Time

Write the poem in prose form in your own words.
(कविता को अपने शब्दों में लिखो।)
Answer:
It is better that one should leave the books and enjoy the beauty of nature. Reading of books makes one bent and adversely affects the physical beauty. Books provide dullness and perplexity while nature is freshening and beauteous. It soothes one’s mind and heart. The sunshine, song of birds, green fields, all are natural wealth which provide us comfort, cheerfulness and wisdom. Natural beauty can teach us more than books and saints. Nature provides us so much but humans intrude in it and destroy it by killing natural beings.

Things to do

Discuss with your friends your experience and joy that you got from watching the beauty of the sky, the rivers, the mountains etc. and share your experiences with your friends.
(अपने मित्रों के साथ अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के आनन्द को बाँटें।)
Answer:
Students can share their experience of enjoying natural beauty with their friends themselves.
(छात्र अपने मित्रों के साथ अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के आनन्द का अनुभव बाँटें।)

The Tables Turned Central Idea of the Poem

In this poem the poet says that it is better to know and enjoy Nature than to seek learning and wisdom in books. We should allow our minds and hearts to be shaped and formed by Nature than to try to analyse and reason out things. We kill beauty and life when we dissect other beings created by Nature.

The Tables Turned Difficult Word Meanings

MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 18 The Tables Turned 2

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The Tables Turned Summary, Pronunciation & Translation

Up! up! my Friend, and quite your books;
Or surely you’ll grow double:
Up ! Up! my Friend and clear your looks;
Why all this toil and trouble?

(अप! अप! माई फ्रेण्ड, ऐण्ड क्विट यॉर बुक्सः
ऑर श्योरली यू विल ग्रो डबल:
अप! अप! माई फ्रेण्ड ऐण्ड क्लीयर यॉर लुक्स;
व्हाई ऑल दिस टॉएल ऐण्ड ट्रबल)

अनुवाद :
उठो!उठो !मेरे मित्र,और छोड़ोअपनीपुस्तकों को;
नहीं तो निश्चित रूप से दोहरे हो जाओगे (अत्यधिक पढ़ाई के कारण झुकी हुई काठी का हो जाना।)
उठो! उठो! मेरे मित्र और चेहरे पर हँसी लाओ (चेहरे से गम्भीरता के भाव हटाओ)
किसलिए इतना कठिन श्रम और परेशानी?

The sun, above the mountain’s head,
A freshening lustre mellow
Through all the long green fields has spread,
His first sweet evening yellow.

(द सन, अबव द माऊण्टेन्स हैड,
अ फ्रेशनिंग लस्टर मेलो
श्रू ऑल द लॉन्ग ग्रीन फील्ड्स हैज़ स्प्रेड,
हिज़ फर्स्ट स्वीट ईवनिंग यलो.)

अनुवाद :
पर्वत की चोटी के ऊपर दिख रहा सूर्य
ताज़गी भरी रंगीन आभा लिए
उसने दूर तक फैले खेतों-मैदानों में बिखरा दिया है
अपना साँझ का प्रथम मृदुल पीत रंग (पीला प्रकाश)

Books! ’tis a dull and endless strife:
Come, hear the woodland linnet,
How sweet his music! on my life,
There’s more wisdom in it.

(बुक्स! टिस अ डल ऐण्ड एण्डलेस स्ट्राईफ:
कम, हीयर द वुडलैण्ड लिनेट,
हाऊ स्वीट हिज़ म्यूजिक! ऑन माई लाईफ,
देयर्स मोर विज़डम इन इट.)

अनुवाद :
पुस्तकें! हैं एक नीरस, अन्तहीन संघर्ष
आओ, वन के लिनेट पक्षी को सुनो
कितना मधुर है उसका संगीत (गान)! कसम से,
कहीं ज़्यादा ज्ञान है उसके गान में।

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And hark! how blithe the throstle sings!
He too, is no mean preacher:
Come forth into the light of things,
Let Nature be your teacher.

(ऐण्ड हार्क! हाऊ ब्लाईद द थ्रॉसल सिंग्ज़!
ही टू,’इज़ नो मीन प्रीचरः
कम फोर्थ इण्ट्र द लाईट ऑफ थिंग्ज़,
लेट नेचर बी यॉर टीचर.)

अनुवाद :
और सुनो ध्यान से! कैसे प्रफुल्लित हो कस्तूरी पक्षी गा रही है
वह भी कोई कमतर उपदेशक नहीं है:
आओ आगे चीज़ों की रोशनी में (जीवन को सरल बनाओ)
और प्रकृति को गुरु बनाओ।

She has a world of ready wealth,
Our minds and hearts to bless
Spontaneous wisdom breathed by health,
Truth breathed by cheerfulness.

(सी हैज़ अ वर्ल्ड ऑफ रेडी वेल्थ,
आवर माईण्ड्स ऐण्ड हार्स टू ब्लेस
स्पॉन्टेनिअस विजडम ब्रीद्ड बाई हैल्थ,
ट्रथ ब्रीड बाई चीयरफुलनेस.)

अनुवाद :
उसके (प्रकृति) के पास ज्ञान रूपी धन का भण्डार है,
है आशीर्वाद हमारे मन व हृदय के लिए
है स्वास्थ्य रूपी सहज स्वाभाविक ज्ञान,
और है प्रसन्नचित्तता।

One impulse from a vernal wood
May teach you more of man,
Of moral evil and of good,
Than all the sages can.

(वन इम्पल्स फ्रॉम अ वर्नल वुड
मे टीच यू मोर ऑफ मैन,
ऑफ मोरल ईविल ऐण्ड ऑफ गुड,
दैन ऑल द सेजिस कैन.)

अनुवाद :
बसन्ती वन का एक संवेग
तुम्हें मनुष्य के बारे में अधिक सिखा देगा,
नैतिकता, दुष्टता और अच्छाई के बारे में,
सभी ऋषि-मुनियों से अधिक।

Sweet is the lore which Nature brings
Our meddling intellect
Mis-shapes the beauteous forms of things:
We murder to dissect.

(स्वीट इज़ द लोर व्हिच नेचर ब्रिग्ज़;
आवर मेडलिंग इन्टलेक्ट
मिस-शेप्स द ब्यूटियस फॉर्स ऑफ थिंग्ज़:
वी मर्डर टू डिसेक्ट.)

अनुवाद :
मधुर है वो ज्ञान जो प्रकृति देती है;
हमारी हस्तक्षेप करने वाली अक्ल (समझ)
चीज़ों की खूबसूरत आकृतियों को बिगाड़ देती है;
जिनकी हम विच्छेदन हेतु हत्या करते हैं।
(जीव-जन्तुओं का विच्छेदन कर अन्दर के अंगों की जानकारी हासिल करना।)

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Enough of Science and of Art;
Close up those barren leaves;
Come forth, and bring with you a heart
That watches and receives.

(एनफ ऑफ साईन्स ऐण्ड ऑफ आर्ट;
क्लोज़ अप दोज़ बैरन लीव्ज़;
कम फोर्थ, ऐण्ड ब्रिग विद यू अ हार्ट
दैट वॉचेस ऐण्ड रिसीव्ज़.)

अनुवाद :
विज्ञान और कला की पढ़ाई बहुत हुई;
बन्द करो पुस्तकों के उन सूखे ऊसर पन्नों को;
आगे जाओ, और साथ में लाओ अपना ऐसा हृदय
जो देखता भी है और ग्रहण भी करता है।

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