MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) ओला होता है –
(अ) द्रव
(ब) ठोस
(स) लचीला
(द) गैसीय।
उत्तर:
(ब) ठोस

(2) पश्चिमोत्तर भारत में चक्रवातीय वर्षा किस ऋतु में होती है?
(अ) ग्रीष्म ऋतु
(ब) शीत ऋतु
(स) बसन्त ऋतु
(द) वर्षा ऋतु।
उत्तर:
(ब) शीत ऋतु।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) जल के वाष्प में बदलने की क्रिया को ………….. कहते हैं।
(2) जलवाष्प के पुनः द्रव या ठोस रूप में बदलने को ………….. कहते हैं।
(3) वर्षा मापने वाले यन्त्र को ……………… कहते हैं।
उत्तर:
(1) वाष्पीकरण
(2) संघनन
(3) वर्षामापी यन्त्र।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) जलवाष्य किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वायुमण्डल में फैले हुए छोटे-छोटे गैसीय जल कणों को जलवाष्प कहते हैं।

(2) वाष्पीकरण क्यों घटता-बढ़ता है?
उत्तर:
तापमान के घटने-बढ़ने से वाष्पीकरण घटता-बढ़ता

(3) बादल कैसे बनते हैं ?
उत्तर:
वाष्प युक्त गर्म हवा जब हल्की होकर ऊपर की ओर उठती है और फैलकर ठण्डी होती है तो इससे बादल बनते हैं।

(4) हिमपात किसे कहते हैं ?
उत्तर:
अधिक ऊँचाई पर पहुँच कर वाष्प अधिक ठण्डी होने से हिम कणों में बदल जाती है। हिम या बर्फ के रूप में हिमकणों के धरातल पर गिरने को हिमपात कहते हैं।

(5) चक्रवातीय वर्षा किसे कहते हैं ?
उत्तर:
गर्म और ठण्डी हवाओं के मिलने पर गर्म हवाएँ ऊपर की ओर उठती हैं और ठण्डी हवाएँ तेजी से कम दबाव की ओर आती हैं। पृथ्वी की गति के कारण ये हवाएँ चक्र की भाँति घूमने लगती हैं जिन्हें चक्रवात कहते हैं। चक्रवात के मध्य की हवाएँ ऊपर उठकर ठण्डी होने पर वर्षा करती हैं। इसे चक्रवातीय वर्षा कहते हैं।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) संघनन क्या है? इसके विभिन्न रूपों को लिखिए।
उत्तर:
जलवाष्प के पुनः द्रव या ठोस रूप में बदलने को संघनन कहते हैं। इसके विभिन्न रूप निम्नलिखित हैं
(i) ओस-रात में जब वायु का ताप ओसांक से कम हो जाता है तो वायु में रहने वाली जल वाष्प ठण्डी होकर पानी की बूंदों के रूप में पत्तियों तथा घास पर जमा हो जाती है, जिसे ओस कहते हैं।

(ii) पाला-जब वायु का तापमान 0° सेल्सियस से कम हो जाता है तो जल वाष्प हिम कणों में बदल जाती है और आस-पास की वस्तुओं पर बैठ जाती है, जिसे पाला कहते हैं।

(iii) कुहरा-जब आर्द्र वायु काफी ठण्डी हो जाती है, तो जल वाष्प हवा में फैले हुए धूल और धुएँ के कणों पर छोटी-छोटी बूंदों के रूप में द्रवित हो जाती है और चारों ओर का वातावरण धुंधला हो जाता है। इस धुंधलेपन को कुहरा कहते हैं।

(iv) धुन्ध-यह कुहरे का हल्का रूप है। धुन्ध में जलकण हवा में तैरते रहते हैं।

(v) बादल या मेघ-वाष्पयुक्त गर्म वायु जब हल्की होकर ऊपर उठती है और फैलकर ठण्डी होकर बादल का रूप धारण कर लेती है। जल कणों के बड़े-बड़े समूह बादल या मेघ कहलाते हैं। ये काफी ऊँचाई पर होते हैं।

(vi) वर्षा-बादलों के जल कण आपस में मिलकर बूंदों का रूप धारण कर लेते हैं और भारी हो जाते हैं। भारी होने के कारण ये हवा में उड़ नहीं पाते। यही जलकण वर्षा के रूप में बरसने लगते हैं, इन्हीं को वर्षा कहते हैं।

(vii) हिमपात-अधिक ऊँचाई पर पहुँचने पर जलवाष्प अधिक ठण्डी होकर हिमकणों में बदल जाती है। ये हिमकण धरातल पर हिम या बर्फ के रूप में बरसते हैं, इन्हें हिमपात कहते हैं।

(viii) ओले-ऊँचे आकाश में पानी की बूंदै जमकर ठोस आकार ग्रहण कर छोटे-छोटे हिमकण बन जाते हैं तथा वर्षा के साथ पृथ्वी पर गिर जाते हैं। इन्हें ओला कहते हैं।

(2) वर्षा कितने प्रकार की होती है ? सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वर्षा तीन प्रकार की होती है –

  1. संवहनीय वर्षा
  2. पर्वतीय वर्षा
  3. चक्रवातीय वर्षा।

1. संवहनीय वर्षा – समुद्रों व अन्य जलाशयों से तेज गर्मी के कारण पानी वाष्प (भाप) बन जाता है। ये वाष्प गर्म हवाओं के साथ ऊपर काफी ऊँचाई पर पहुँचकर संघनित होकर बूंदों के रूप में बरसती हैं। इस क्रिया को ‘संवहन’ कहते हैं, इसलिए इस वर्षा को संवहनीय वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-1

2. पर्वतीय वर्षा – समुद्र से स्थल की ओर आने वाली वाष्पयुक्त हवाएँ पर्वतों की ऊँचाई को पार करके उनके सहारे ऊपर उठने लगती हैं। अधिक ऊँचाई पर पहुँचने पर ये हवाएँ ठण्डी होकर पर्वतों पर जल के रूप में बरसने लगती हैं। ऐसी वर्षा को पर्वतीय वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-2

3. चक्रवातीय वर्षा-गर्म और ठण्डी हवाओं के मिलने पर गर्म हवाएँ ऊपर की ओर उठती हैं और ठण्डी हवाएँ तेजी से कम दबाव की ओर आती हैं। पृथ्वी की गति के कारण ये हवाएँ चक्र की भाँति घूमने लगती हैं जिन्हें चक्रवात कहते हैं। चक्रवात के मध्य की हवाएँ ठण्डी होने पर वर्षा करती हैं। इसे चक्रवाती वर्षा कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-3

(3) आर्द्रता क्या है ? आर्द्रता के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वायुमण्डल में पाई जाने वाली नमी या जलवाष्प वायुमण्डल की आर्द्रता कहलाती है। संघनन की क्रिया द्वारा आर्द्रता : विभिन्न रूपों में बदल जाती है। जलवाष्प के पुनः द्रव या ठोस रूप में बदलने को संघनन कहते हैं। इसके विभिन्न रूप निम्नलिखित हैं –

1. ओस-रात में जब वायु का ताप ओसांक से कम हो जाता है तो वायु में रहने वाली जल वाष्प ठण्डी होकर पानी की बूंदों के रूप में पत्तियों तथा घास पर जमा हो जाती है, जिसे ओस कहते हैं।

2. पाला-जब वायु का तापमान 0° सेल्सियस से कम हो जाता है तो जल वाष्प हिम कणों में बदल जाती है और आस-पास की वस्तुओं पर बैठ जाती है, जिसे पाला कहते हैं।

3. कुहरा-जब आर्द्र वायु काफी ठण्डी हो जाती है, तो जल वाष्प हवा में फैले हुए धूल और धुएँ के कणों पर छोटी-छोटी बूंदों के रूप में द्रवित हो जाती है और चारों ओर का वातावरण धुंधला हो जाता है। इस धुंधलेपन को कुहरा कहते हैं।

4. धुन्ध-यह कुहरे का हल्का रूप है। धुन्ध में जलकण हवा में तैरते रहते हैं।

5. बादल या मेघ-वाष्पयुक्त गर्म वायु जब हल्की होकर ऊपर उठती है और फैलकर ठण्डी होकर बादल का रूप धारण कर लेती है। जल कणों के बड़े-बड़े समूह बादल या मेघ कहलाते हैं। ये काफी ऊँचाई पर होते हैं।

6. वर्षा-बादलों के जल कण आपस में मिलकर बूंदों का रूप धारण कर लेते हैं और भारी हो जाते हैं। भारी होने के कारण ये हवा में उड़ नहीं पाते। यही जलकण वर्षा के रूप में बरसने लगते हैं, इन्हीं को वर्षा कहते हैं।

7. हिमपात-अधिक ऊँचाई पर पहुँचने पर जलवाष्प अधिक ठण्डी होकर हिमकणों में बदल जाती है। ये हिमकण धरातल पर हिम या बर्फ के रूप में बरसते हैं, इन्हें हिमपात कहते हैं।

8. ओले-ऊँचे आकाश में पानी की बूंदै जमकर ठोस आकार ग्रहण कर छोटे-छोटे हिमकण बन जाते हैं तथा वर्षा के साथ पृथ्वी पर गिर जाते हैं। इन्हें ओला कहते हैं।

(4) वर्षा मापक का चित्र बनाइए।
उत्तर:

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 आर्द्रता एवं वर्षा-4

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 27 भारत की जनजातियाँ

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 27 भारत की जनजातियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 27 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) भोजन के लिए जनजातीय लोग निर्भर रहते हैं –
(अ) वर्षा पर
(ब) कृषि पर
(स) जंगलों पर
(द) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(स) जंगलों पर,

(2) उड़ीसा की एक तिहाई जनजाति किन क्षेत्रों में निवास करती है?
(अ) मोनपास, मिजिस
(ब) कोरापुट, मयूरभंज
(स) अकास, रखवास
(द) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ब) कोरापुट, मयूरभंज

(3) मध्य प्रदेश में मानव संग्रहालय स्थित है –
(अ) इन्दौर
(ब) उज्जैन
(स) भोपाल
(द) जबलपुर।
उत्तर:
(स) भोपाल

(4) हस्तशिल्प द्वारा निर्मित कौन सी चीजों की माँगहै?
(अ) चूड़ियाँ
(ब) शालें, कम्बल
(स) चप्पल
(द) सूती कपड़े।
उत्तर:
(ब) शालें, कम्बल।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) बिहार की एक पिछड़ी जनजाति ………….. नाम से पहचानी जाती है।
(2) अण्डमान द्वीप समूह के निवासियों को दो वर्गों …………… तथा ………….. में बाँटा गया है।
(3) आन्ध्र प्रदेश की प्रमुख जनजाति …………… है।
(4) आमतौर पर महिलाएँ शरीर पर …………… गुदवाती
उत्तर:
(1) कहार
(2) ओंग, जरावा
(3) चंचुस
(4) गोदने।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 27 भारत की जनजातियाँ
उत्तर:
(1) (c) नायकड़ा
(2) (a) रस्सी, टोकरियाँ बनाना
(3) (b) मध्य प्रदेश

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 27 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) जनजातीय संस्कृति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जनजातियों का जनजीवन, उनकी वेश-भूषा, रंगसज्जा तथा उनका रहन-सहन जनजातीय संस्कृति कहलाती है।

(2) भारत में जनजातियों के रहने के क्षेत्र कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
भारत में जनजातियों के रहने के क्षेत्र झाबुआ, आन्ध्र प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, गुजरात तथा गुजरात के सीमावर्ती जिले, उड़ीसा में कोरापुट, मयूरभंज, सुन्दरगढ़, गंजाम तथा बौध खोंडपल्ल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगड़, अण्डमान द्वीप समूह, नीलगिरी की पहाड़ियाँ, उत्तर-पूर्वी राज्यों में असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश आदि हैं।

(3) जनजातियों का प्रमुख भोजन क्या है ?
उत्तर:
जनजातियों का प्रमुख भोजन मछली है।

(4) पेकान जनजाति किस प्रदेश की है ?
उत्तर:
पेकान जनजाति नीलगिरी की पहाड़ियों में पाए जाने वाली जनजाति है।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 27 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) भारत की क्षेत्रीय जनजातियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  • आन्ध्र प्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ – चेंचुस, जाटापुस, कोलम, नायकपोड़, सवारस आदि।
  •  बिहार और झारखण्ड की प्रमुख जनजातियाँ – कहार, खारियाँ, ओरांव, खरवार आदि।
  • गुजरात की प्रमुख जनजातियाँ – सिरोही, उदयपुर, कोटरा, सरसों, दांता, नायकड़ा।
  • मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की प्रमुख जनजातियाँ – गोंड, बैगा, भील, भिलाला, बरेला, भारिया, कंवर, कनकार, सहरिया आदि।
  • अण्डमान द्वीप समूह की प्रमुख जनजातियाँ – ओंग और जरावा।
  • नीलगिरी की पहाड़ियों में रहने वाली जनजाति – टोडा, पेकान, कदन, कैना, टरल आदि।
  • उत्तर – पूर्वी राज्यों में भी अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं।

(2) मध्य प्रदेश की जनजातियों के बारे में समझाइए।
उत्तर:
मध्य प्रदेश में चालीस से अधिक जनजातियाँ निवास करती हैं। इनमें प्रमुख रूप से गोंड, बैगा, भील, भिलाला, बरेला, । भारिया, कंवर, कनंकार, सहरिया आदि प्रमुख जनजातियाँ हैं। ये लोग प्रकृति की चीजों को अपने देव के वरदान के रूप में स्वीकार करते हैं। ये अत्यन्त मेहनती तथा भोले होते हैं तथा अपनी वीरता।

और मुक्त जीवनशैली के लिए भी प्रसिद्ध हैं। सामुदायिक भावना इनकी विशेषता है। ये सभी सामाजिक कार्यों को सामूहिक रूप से मनाते हैं। स्त्रियाँ चाँदी, काँसा, मोती के जेवरात पहनती हैं तथा गोदने भी गुदवाती हैं। नृत्य एवं संगीत इन्हें अधिक प्रिय है। इनका प्रमुख व्यवसाय कृषि, मछली पकड़ना तथा वनों से फल-फूल एकत्र करना है।

(3) जनजातीय महिलाओं के प्रमुख उद्यमों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनजातीय महिलाएँ बच्चों के खिलौने, कई तरह की घास एकत्र करके उनसे टोकरियाँ तथा रस्सी तैयार करती हैं। ये खेतों तथा जंगलों में भी काम करती हैं। जंगलों से शहद, चिरौंजी तथा फलों को इकट्ठा करके उन्हें बाजार में बेचती हैं। हस्तकरघा में ये शालें, कम्बल, बैग तथा गर्म कपड़े बनाकर बाजार में बेचती हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 32 अफ्रीका महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 32 अफ्रीका महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 32 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) अफ्रीका महाद्वीप में लगभग ……………. देश हैं।
(2) अफ्रीका, एशिया महाद्वीप से ……………. नहर द्वारा पृथक् किया गया है।
(3) अफ्रीका, यूरोप महाद्वीप से …………… जलडमरूमध्य द्वारा पृथक् है।
(4) क्षेत्रफल की दृष्टि से अफ्रीका संसार का ………… बड़ा महाद्वीप है।
उत्तर:
(1) 53
(2) स्वेज
(3) जिब्राल्टर
(4) दूसरा

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 32 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) अफ्रीका की किन्हीं तीन प्रमुख नदियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका की तीन प्रमुख नदियाँ –

  • नील,
  • जायरे, तथा
  • कांगो हैं।

(2) अफ्रीका के प्रमुख मरुस्थलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका के प्रमुख मरुस्थल सहारा व कालाहारी हैं।

(3) अफ्रीका के भूमध्यरेखीय क्षेत्र की जलवायु कैसी है ?
उत्तर:
भूमध्यरेखीय क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु उष्ण, किन्तु शीत ऋतु सामान्य रहती है। यहाँ वर्षा ग्रीष्म ऋतु में होती है।

(4) “सवाना” व “वेल्ड्ज ” से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
भूमध्यरेखीय प्रदेश के उत्तर व दक्षिण में स्थित क्षेत्र सवाना कहलाता है। दक्षिण अफ्रीका में पाये जाने वाला शीतोष्ण घास का मैदान वेल्ड्ज कहलाता है।

(5) अफ्रीका के चारों ओर कौन-कौन से सागर व महासागर हैं ?
उत्तर:
अफ्रीका, पूर्व में हिन्द महासागर से, पश्चिम में अटलाण्टिक महासागर से, उत्तर में भूमध्यसागर, उत्तर-पूर्व में लाल सागर और अरब सागर आदि सागरों व महासागरों से घिरा है।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 32 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) अफ्रीका महाद्वीप की धरातलीय संरचना को समझाइए।
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप का अधिकांश भाग पठारी होने के कारण इसे पठारों का महाद्वीप कहा जाता है। उत्तर-पश्चिम में पठार । कुछ नीचा तथा दक्षिण-पूर्व में ऊँचा है। यह महाद्वीप प्राचीन कठोर। शैलों से बना है। इसके तटीय भागों में सँकरे मैदान मिलते हैं। पूर्वी भाग में भूमध्य रेखा के समीप वर्ष भर बर्फ से ढका रहने वाला ज्वालामुखी पर्वत किलिमंजारो है। उत्तर-पश्चिम की ओर लम्बी एटलस पर्वत श्रृंखला है जो नवीन वलित पर्वत है। दक्षिण – पूर्व में ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत श्रृंखला है।

सहारा मरुभूमि में होगर पर्वत व तिबेस्ती पठार हैं। पश्चिम में कांगो और नाइजर नदी के बीच अदामावा का पठार है। इसका सबसे ऊंचा शिखर केमरून है। उत्तरी-पूर्वी भाग में अबीसीनिया का पठार है। यहाँ की भ्रंश घाटी अफ्रीका के पूर्व में न्यास झील से तुरकाना झील होती हुई लाल सागर और जॉर्डन घाटी तक फैली है। इस घाटी में विक्टोरिया, न्यास, अलबर्ट, टैगानिका झीलें हैं। अफ्रीका के उत्तरी मैदानी भाग में सहारा तथा दक्षिणी भाग में कालाहारी मरुस्थल हैं।

(2) अफ्रीका महाद्वीप की जलवायु एवं वनस्पति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
इस महाद्वीप का अधिकांश भाग उष्ण कटिबन्ध में है। केवल उत्तर-दक्षिण का कुछ भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में फैला हुआ है। यहाँ वर्ष भर ऊँचा तापमान रहता है। लीबिया स्थित अजीजिया विश्व का सबसे गर्म स्थान है। पर्वतीय भागों में साधारण तापमान रहता है। पठारी भागों में दिन का तापमान अधिक तथा रात का तापमान कम रहता है। भूमध्य रेखा के निकट दोनों ओर फैले क्षेत्रों में उष्ण और आर्द्र जलवायु पाई जाती है। यहाँ प्रतिदिन वर्षा होती है। अधिक गर्मी व वर्षा के कारण इस क्षेत्र में ऊँचे-ऊँचे वृक्षों वाले वन पाये जाते हैं। ये वन उष्ण कटिबन्धीय वन या भूमध्यरेखीय वर्षा वन कहलाते हैं।

भूमध्यरेखीय जलवायु प्रदेश के उत्तर व दक्षिण में सवाना क्षेत्र का विस्तार है जहाँ ग्रीष्म ऋतु तथा शीत ऋतु सामान्य रहती है। यहाँ वर्षा ग्रीष्म ऋतु में होती है। इसे सवाना तुल्य जलवायु प्रदेश कहा जाता है। इस प्रदेश में बड़ी-बड़ी घास उगती है, जिसे ‘सवाना’ या हाथी घास’ कहते हैं। सवाना प्रकार की जलवायु के दोनों ओर उत्तर – दक्षिण में मरुस्थलीय जलवायु पाई जाती है।

उत्तर में सहारा तथा दक्षिण में कालाहारी मरुस्थल हैं। यहाँ वर्षा कम होने के कारण कंटीली झाड़ियाँ मिलती हैं। उत्तर – पश्चिम और दक्षिण पश्चिम में भूमध्यसागरीय जलवायु पाई जाती है। यहाँ शीत ऋतु में वर्षा होती है। दक्षिण अफ्रीका में शीतोष्ण घास का मैदान पाया जाता है, जिसे ‘वैल्ड्स’ कहते हैं।

MP Board Solutions

(3) अफ्रीका महाद्वीप के सवाना घास के मैदान व जीव-जन्तु का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भूमध्यरेखीय जलवायु प्रदेश के उत्तर-दक्षिण में सवाना क्षेत्र का विस्तार है। यहाँ ग्रीष्म ऋतु में वर्षा होती है। इस क्षेत्र में उगने वाली बड़ी-बड़ी घास ‘सवाना’ या ‘हाथी घास’ कहलाती है। इस क्षेत्र में घास खाने वाले विभिन्न पशुओं तथा शाकाहारी पशुओं को खाने वाले माँसाहारी पशु बहुतायत में पाये जाते हैं। यह क्षेत्र चिड़ियाघर के रूप में विख्यात है।

अफ्रीका महाद्वीप में वृक्षों पर रहने वाले जीव-जन्तु, बन्दर, लंगूर, साँप, गिरगिट, छिपकली और रंग-बिरंगी तितलियाँ पाई जाती हैं। भूमि पर रहने वाले जीवों में हाथी, गेंडा, जेब्रा, जिराफ, जंगली भैंसा, जंगली सूअर पाये जाते हैं। कालाहारी मरुस्थल में शुतुरमुर्ग चिड़िया मिलती है। यहाँ टेटसी नामक मक्खी भी पाई जाती है जिसके काटने से मनुष्य की मृत्यु भी हो सकती है। पानी में रहने वाले जीवों में मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़ा और विभिन्न प्रकार की मछलियाँ मिलती हैं।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को अफ्रीका के रेखा मानचित्र में दर्शाइए –

  • किलिमंजारो पर्वत
  •  ड्रेकेन्सबर्ग पर्वत
  • सहारा मरुभूमि
  • कांगो व नाइजर नदी
  • रूडॉल्फ झील
  • भ्रंशघाटी क्षेत्र
  • विक्टोरिया जल प्रपात
  • कालाहारी मरुस्थल
  • सवाना घास भूमि
  • वेल्ड्स घास भूमि।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 32 अफ्रीका महाद्वीप - भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप : आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप : आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 33 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) अफ्रीका महाद्वीप की कुल कितने प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है ?
(अ) 10 प्रतिशत
(ब) 20 प्रतिशत
(स) 30 प्रतिशत
(द) 40 प्रतिशत
उत्तर:
(अ) 10 प्रतिशत

(2) अफ्रीका में कृषि का विकास किस क्षेत्र में अधिक हुआ है ?
(अ) सहारा मरुस्थल
(ब) नील नदी की घाटी
(स) मध्य अफ्रीका
(द) दक्षिण अफ्रीका।
उत्तर:
(ब) नील नदी की घाटी

(3) अफ्रीका में विश्व की 90% उपज किस वस्तु की होती है ?
(अ) मूंगफली
(ब) कोको
(स) लौंग
(द) चाय।
उत्तर:
(स) लौंग

(4) केप काहिरा रेलमार्ग की लम्बाई है ?
(अ) 5620 किमी
(ब) 4530 किमी
(स) 6710 किमी
(द) 8800 किमी।
उत्तर:
(द) 8800 किमी।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) संसार का ………………. प्रतिशत हीरा अफ्रीका महाद्वीप में निकाला जाता है।
(2) अफ्रीका में सर्वाधिक कपास …………. देश में उत्पन्न होती है।
(3) ………….. विश्व का प्रसिद्ध जलमार्ग है।
(4) जिम्बाब्वे की राजधानी ……………. है।
(5) अफ्रीका महाद्वीप की जनसंख्या लगभग …………. करोड़ है।
उत्तर:
(1) 95
(2) मिस्र
(3) स्वेज नहर मार्ग
(4) हरारे
(5) 54 करोड़।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप - आर्थिक स्वरूप-1
उत्तर:
(1) (c) अफ्रीका का मुख्य खाद्यान्न
(2) (d) दक्षिण अफ्रीका
(3) (e) मरुस्थल
(4) (a) जनजाति
(5) (b) रेलमार्ग

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 33 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) मिस्त्र में किस प्रकार की कपास उत्पन्न होती है ?
उत्तर:
मिस्र में लम्बे रेशे वाली कपास उत्पन्न होती है।

(2) अफ्रीका के दो महत्वपूर्ण खनिजों के नाम लिखिए
उत्तर:
अफ्रीका के दो महत्वपूर्ण खनिज हीरा व सोना हैं।

(3) अफ्रीका महाद्वीप की आयात और निर्यात की प्रमुख वस्तुएँ कौन-कौन सी हैं.?
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप में आयात होने वाली प्रमुख वस्तुएँ – सूती, ऊनी व रेशमी वस्त्र, शक्कर, सीमेंट, दवाइयाँ, रासायनिक पदार्थ, मशीनें, रेलों का सामान, कागज आदि। अफ्रीका महाद्वीप से निर्यात होने वाली प्रमुख वस्तुएँ-दक्षिण अफ्रीका से सोना, हीरे, मशीनरी, खाद्य पदार्थ। इथियोपिया से कॉफी, दालें, खालें, तिलहन। मिस्र से पेट्रोलियम, कपास, वस्त्र, फल। अल्जीरिया से प्राकृतिक गैस, जैतून, का तेल, मदिरा, मशीनरी। इसके अतिरिक्त चाय, कॉफी, कोको, रबर, गोंद, मसाले, ऊन आदि।

(4) बुशमैन, तुरेग और पिग्मी (बौने) किस-किस क्षेत्र में पाये जाते हैं ?
उत्तर:
बुशमैन कालाहारी मरुस्थल में, तुरेग सहारा मरुस्थल में तथा पिग्मी (बौने) मध्य अफ्रीका वनों में पाये जाते हैं।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 33 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख फसलों के उत्पादन क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
महाद्वीप के विभिन्न भागों में जलवायु की भिन्नता के कारण अफ्रीका महाद्वीप में निम्नांकित फसलें मुख्य रूप से उगाई जाती हैं –

  • गेहूँ तथा जौ – मिस्र, अल्जीरिया और मोरक्को में।
  • मकई (मक्का) – बेल्जियम, कांगो, अंगोला, केनिया, मोरक्को में।
  • कपास – मिस्र, युगांडा, केन्या और नाइजीरिया में।
  • मूंगफली – नाइजर, सूडान और नाइजीरिया में।
  • कोको – घाना, नाइजीरिया और अंगोला में।
  • चावल – मलागासी, सेनेगल और नाइजीरिया में।
  • लौंग – जंजीबार तथा पेंबा द्वीपों में।

(2) अफ्रीका में औद्योगिक विकास का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अफ्रीका में ऊँची पठारी भूमि व वनों की अधिकता एवं यातायात के साधनों में कमी के कारण औद्योगिक विकास कम हुआ है। कृषि पर आधारित उद्योगों में फलों से शराब बनाना, गन्ने से शक्कर बनाना, कपास से सूती वस्त्र बनाना, सिगरेट बनाना, जैतून का तेल निकालना आदि प्रमुख हैं। पशुपालन के आधार पर चमड़ा एवं ऊनी वस्त्र उद्योग विकसित हुए हैं। बड़े उद्योगों का विकास दक्षिणी अफ्रीका और मिस्त्र में अधिक हआ है। प्रिटोरिया, जोहान्सबर्ग, डरबन, काहिरा और सिकन्दरिया, लोहा-इस्पात, सीमेंट, वस्त्र व धातु के बर्तन बनाने के बड़े औद्योगिक केन्द्र हैं।

MP Board Solutions

(3) अफ्रीका महाद्वीप की खनिज सम्पदा के विषय में लिखिए।
उत्तर:
अफ्रीका महाद्वीप खनिजों के भण्डार में बहुत धनी है, परन्तु उनका उत्पादन कम होता है। इस महाद्वीप के प्रमुख खनिज निम्नांकित हैं –

  • हीरा – विश्व का 95% हीरा अफ्रीका में पाया जाता है। इसके प्रमुख उत्पादक देश जायरे, बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीका हैं।
  • सोना – विश्व का लगभग 50% सोना अफ्रीका में पाया जाता है। इसके प्रमुख उत्पादक देश दक्षिणी अफ्रीका, सेण्ट्रल अफरीकन रिपब्लिक, दक्षिण रोडेशिया व घाना हैं।
  • ताँबा – ताँबे के प्रमुख उत्पादक देश काँगो, जाम्बिया – व दक्षिण अफ्रीका हैं।
  • मैंगनीज – यह दक्षिण अफ्रीका तथा घाना में पाया जाता है।
  • लोहा – यह मोरक्को, अल्जीरिया तथा ट्यूनीशिया में मिलता है।

इसके अतिरिक्त यूरेनियम, जस्ता, सीसा, चाँदी, कोयला, टिन, क्रोमियम आदि इस महाद्वीप के भिन्न-भिन्न देशों में पाये जाते हैं।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को अफ्रीका के मानचित्र में दर्शाइए –

  •  नील नदी घाटी
  • जंजीबार व पेंबा द्वीप
  • स्वेज मार्ग
  • हीरा खनन क्षेत्र
  • दक्षिण अफ्रीका
  • केप काहिरा रेलमार्ग।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 33 अफ्रीका महाद्वीप - आर्थिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 28 एशिया महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 28 एशिया महाद्वीप : भौगोलिक स्वरूप

MP Board Class 7th Social Science Chapter 28 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) संसार का सबसे बड़ा महाद्वीप” ………..”है।
(2) संसार की सबसे ऊँची चोटी ……………. है।
(3) एशिया के उत्तरी भाग के मैदान को ……………. का मैदान कहा जाता है।
(4) एशिया के मध्यवर्ती भाग में ……………… के पठार को ‘दुनिया की छत’ के नाम से भी जाना जाता है।
(5) शीतकाल में एशिया के …………… भाग में उच्च वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है।
(6) …………. विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है।
उत्तर:
(1) एशिया महाद्वीप
(2) माउण्ट एवरेस्ट
(3) साइबेरिया
(4) पामीर
(5) मध्य
(6) मौसिनराम (भारत)।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 28 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) एशिया महाद्वीप किन-किन महासागरों से घिरा है ?
उत्तर:
एशिया महाद्वीप पूर्व में प्रशान्त महासागर, उत्तर में आर्कटिक महासागर तथा दक्षिण में हिन्द महासागर से घिरा है।

(2) एशिया महाद्वीप के किन्हीं दो पर्वत एवं दो पठारों के नाम लिखिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप के दो पर्वत-यूराल एवं हिमालय। एशिया महाद्वीप के दो पठार-पामीर का पठार, तिब्बत का पठार।

(3) एशिया महाद्वीप को कितने प्राकृतिक भागों में बाँटा जाता है? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप को पाँच प्राकृतिक भागों में बाँटा जाता है –

  • उत्तरी निम्न मैदान
  • मध्यवर्ती पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र
  • दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार
  • नदियों के मैदान, तथा
  • द्वीप समूह।

(4) एशिया महाद्वीप की जलवायु को प्रभावित करने वाले दो कारक बताइए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक –

  • मध्यवर्ती भाग में फैली उच्च पर्वतमालाएँ एवं पठार, तथा
  • एशिया का बड़ा आकार तथा विस्तार।

(5) एशिया महाद्वीप के उत्तरी भाग तथा दक्षिणी भाग की वनस्पति के दो अन्तर बताइए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप के उत्तरी भाग तथा दक्षिणी भाग की वनस्पति में अन्तर
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ- 1

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 28 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) एशिया महाद्वीप के धरातलीय भागों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
एशिया महाद्वीप को पाँच धरातलीय भागों में विभाजित किया जाता है –
(i) उत्तरी निम्न मैदान – इसे साइबेरिया का मैदान भी कहते हैं। यह पश्चिम में यूराल पर्वत, पूर्व में लीना नदी तथा दक्षिण में मध्यवर्ती पर्वतों के बीच फैला हुआ है। इस मैदान की ओब, लीना और येनीसी प्रमुख नदियाँ हैं।

(ii) मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्र – उत्तरी मैदान के दक्षिण में तथा महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में कई पर्वत श्रृंखलाएँ हैं जो एक पठारी भू-भाग से बँधी हुई दिखाई देती हैं। यह ऊँचा पठारी भाग ‘पामीर के पठार’ के नाम से जाना जाता है, इसे “दुनिया की छत” भी कहते हैं। पामीर के पठार के पूर्व में तिब्बत का पठार है। यहाँ हिमालय पर्वत की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट एवरेस्ट है, जिसे सागरमाथा भी कहते हैं। थ्यानश्यान और अल्ताई पर्वतमाला के मध्य ‘गोबी का मरुस्थल’ है।

(ii) दक्षिणी पठार – मध्यवर्ती पर्वतमालाओं के दक्षिण में दक्षिण दिशा की ओर फैले हुए प्राचीन शैलों से बने कुछ पठार हैं, ये तीन ओर से पानी से घिरे होने के कारण ‘प्रायद्वीप’ कहलाते हैं। इनमें अरब का पठार, दक्षिण-भारत का पठार, ईरान का पठार मुख्य हैं।

(iv) नदियों के मैदान-नदियों द्वारा लाकर जमा की गई मिट्टियों से बने मैदान प्रायः पूर्वी एवं दक्षिणी एशिया में पाए जाते हैं। पश्चिम एशिया में ये मैदान अरब, ईरान और इराक में दजला-फरात नदियों द्वारा बनाए गए हैं। दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया में सिन्धु, गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान, इरावदी, साल्विन नदियों के मैदान, याँगटिसीक्यांग और ह्वांगहो, मीनांग-मीकांग, अमूर-सर दरिया नदी मैदान प्रमुख मैदान हैं।

(v) द्वीप समूह-एशिया महाद्वीप के पूर्व तथा दक्षिण – पूर्व में तीन प्रमुख द्वीप समूह इण्डोनेशिया, फिलीपींस और जापान द्वीप समूह हैं। इनका मध्यवर्ती भाग पर्वतीय है, जिनके चारों ओर सँकरे तटीय मैदान हैं। इण्डोनेशिया द्वीप समूह, महाद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप समूह है।

(2) एशिया महाद्वीप की जलवायु एवं वनस्पति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जलवायु:
एशिया की जलवायु को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक एशिया का सबसे बड़ा आकार तथा विस्तार = एवं मध्य एशिया में फैली उच्च पर्वतमाला एवं पठार हैं। इस महाद्वीप का उत्तरी भाग वर्ष भर हिमाच्छादित रहता – है तथा दक्षिणी भाग गर्म व आर्द्र रहता है। एशिया महाद्वीप का अधिकांश भाग उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। ग्रीष्म ऋतु में सूर्य के – इस गोलार्द्ध में सीधे चमकने के कारण यहाँ का तापमान अधिक रहता है जिससे मध्य एशिया में निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। इसी समय हिन्द तथा प्रशान्त महासागर में उच्च वायदाब रहता है जिससे समुद्र से भाप भरी हवाएँ एशिया के मध्य भाग की ओर चलती हैं।

इन्हें दक्षिणी – पश्चिमी मानसूनी हवाएँ कहते हैं। इन्हीं हवाओं से यहाँ वर्षा होती है। एशिया महाद्वीप में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान मौसिनराम (भारत) है। अक्टूबर-दिसम्बर में दक्षिणी गोलार्द्ध में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं। अत: यहाँ शात ऋतु होती है। एशिया के मध्य भाग में तापमान गिरने से उच्च वायुदाब क्षेत्र तथा दक्षिणी क्षेत्र में निम्न वायुदाब क्षेत्र बन जाता है। अतः हवाएँ मध्य एशिया से दक्षिण एशिया की ओर चलती हैं जो वर्षा नहीं करती हैं। जिन स्थानों पर हवाएँ समुद्र पर से होकर जाती हैं वहाँ समुद्र के तटवर्ती _ भागों में वर्षा होती है। तमिलनाडु के तट पर इसी तरह की वर्षा शीत ऋतु में होती है।

वनस्पति – महाद्वीप के उत्तरी भाग में कड़ाके की ठण्ड पड़ती है अत: यहाँ ठण्ड को सहन करने वाली वनस्पति लिचेन, झरबेरी, काई आदि पायी जाती हैं। दक्षिण भाग साइबेरिया के मैदान में फर, चीड़, स्यूस जैसे वृक्षों वाली सदाबहार वनस्पति तथा महाद्वीप के मध्य एवं दक्षिण-पश्चिम भाग में मरुस्थली वनस्पति बबूल, खजूर, नागफनी व कँटीली झाड़ियाँ पायी जाती हैं। दक्षिण-पूर्वी एशिया में सागौन, साल, बाँस, चन्दन, आम, बरगद जैसे पतझड़ वन हैं।

मानचित्र कार्य:
निम्नांकित को एशिया के मानचित्र में दर्शाइए –

  • पामीर का पठार
  • दक्कन का पठार
  • हिमालय पर्वत
  • यूराल पर्वत
  • गंगा नदी
  • यांगटिसीक्यांग नदी
  • साइबेरिया का मैदान
  • गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान
  • इण्डोनेशिया द्वीप समूह
  • जापान द्वीप समूह।
    MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 21 समुद्र की गतियाँ- 2

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4

प्रश्न 1.
अमीना एक संख्या सोचती है। वह इसमें से के घटाकर परिणाम को 8 से गुणा करती है। अब जो परिणाम मिलता है वह सोची गई संख्या की तिगुनी है। वह सोची गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि अमीना संख्या x सोचती हैं।
अब, प्रश्नानुसार,
8(x – \(\frac{5}{2}\)) = 3x
या 8x – 20 = 3x
या 8x – 3x = 20
या 5x = 20
या x = \(\frac{20}{5}\) = 4
या x = 4
अतः अमीना द्वारा सोची गई संख्या = 4

प्रश्न 2.
दो संख्याओं में पहली संख्या दूसरी की पाँच गुनी है। प्रत्येक संख्या में 21 जोड़ने पर पहली संख्या दूसरी की दुगुनी हो जाती है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्याएँ x तथा 5x हैं।
अब, प्रश्नानुसार,
या (5x + 21) = 2(x + 21)
या 5x + 21 = 2x + 42
या 5x – 2x = 42 – 21
या 3x = 21
या \(\frac{3x}{3}\) = \(\frac{21}{3}\)
या x = 7
अतः अभीष्ट संख्याएँ 7 व 35 हैं।

प्रश्न 3.
दो अंकों वाली दी गई एक संख्या के अंकों का योग है। इस संख्या के अंकों के स्थान बदलकर प्राप्त संख्या, दी गई संख्या से 27 अधिक है दी गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्या का इकाई अंक = x है।
तो दहाई का अंक = (9 – x)
∴ संख्या = 10 (9 – x) + x
= 90 – 10x + x
= 90 – 9x
अंकों के स्थान बदलने पर,
संख्या 10x + (9 – x) = 10x + 9 – x
= 9x + 9
अब, प्रश्नानुसार,
(90 – 9x) + 27 = 9x +9
या 117 – 9x = 9x +9
या – 18x = 9 – 117
या – 18x = – 108
या x = \(\frac{-108}{-18}\) = 6
∴ इकाई का अंक = 6 और दहाई का अंक = 9 – 6 = 3
अतः अभीष्ट संख्या = 36

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
दो अंकों वाली दी गई एक संख्या में एक अंक दूसरे का तीन गुना है। इसके अंकों के स्थान बदलकर प्राप्त संख्या को, दी गई संख्या में जोड़ने पर 88 प्राप्त होता है। दी गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि इकाई का अंक = x तथा दहाई का अंक = 3x
संख्या = 10 x 3x + x = 30x + x
= 31x ….. (1)
अंकों के स्थान बदलने पर संख्या
= 10x + 3x = 13x …(2)
अब, प्रश्नानुसार
31x + 13r = 88
या 44x = 88
x = \(\frac{88}{44}\) = 2
x का मान समीकरण (1) में रखने पर,
अभीष्ट संख्या = 31 x 2 = 62

प्रश्न 5.
शोबो की माँ की आयु, शोबो की आयु की छः गुनी है 15 वर्ष बाद शोबो की आयु, उसकी माँ की वर्तमान आयु की एक तिहाई हो जाएगी। उनकी आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि शोबो की वर्तमान आयु = x वर्ष है
तब,शोबो की माँ की आयु = 6x वर्ष
5 वर्ष बाद शोबो की आयु = (x + 5) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
x = 5 = \(\frac{1}{3}\) x 6x
या 3x + 15 = 6x
या 3x – 6x = – 15
या – 3x = – 15
या = \(\frac{-15}{-3}\) = 5
अतः शोबो की वर्तमान आयु = 5 वर्ष
उसकी माँ की वर्तमान आयु = 6 x 5 = 30 वर्ष

प्रश्न 6.
महूली गाँव में, एक तंग आयताकार भूखण्ड विद्यालय बनाने के लिए सुरक्षित है। इस भूखण्ड की लम्बाई और चौड़ाई में 11 : 4 का अनुपात है। गाँव पंचायत को इस भूखण्ड की बाड़ (fence) कराने में ₹ 100 प्रति मीटर की दर से ₹ 75,000 व्यय करने होंगे। भूखण्ड की माप (dimesion) ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि भूखण्ड की लम्बाई = 11x मीटर
तथा चौड़ाई = 4x मीटर
∴ भूखण्ड का परिमाप = 2 (11x + 4x) मीटर
= 30 मीटर
₹ 100/मी की दर से भूखण्ड की बाड़ कराने में व्यय
= ₹ 100 x 30x
=₹3000x
अब, प्रश्नानुसार,
3000x = 75000
x = \(\frac{75000}{3000}\) = 25
अतः भूखण्ड की लम्बाई = 11 x 25 मीटर
= 275 मीटर
तथा चौड़ाई = 4 x 25 मीटर = 100 मीटर

प्रश्न 7.
हसन स्कूल वर्दी बनाने के लिए दो प्रकार का कपड़ा खरीदता है। इसमें कमीज के कपड़े का भाव ₹ 50 प्रति मीटर तथा पतलून के कपड़े का भाव ₹ 90 प्रति मीटर है। वह कमीज के प्रत्येक 3 मीटर कपड़े के लिए पतलून का 2 मीटर कपड़ा खरीदता है। वह इस कपड़े को क्रमश: 12% तथा 10% लाभ पर बेचकर ₹ 36,600 प्राप्त करता है। उसने पतलून के लिए कितना कपड़ा खरीदा?
हल:
माना कि पतलून के लिए 2x मीटर तथा कमीज के लिए 3x मीटर कपड़ा खरीदा।
पतलून के 2x मीटर कपड़े का क्रय मूल्य = ₹ 90 x 2x
= ₹ 180x
कमीज के 3x मीटर कपड़े का क्रय मूल्य = ₹ 50 x 3x
= ₹ 150x
∵ कमीज के कपड़े पर लाभ = 12%
∴ इसका विक्रय मूल्य = ₹ (150 x \(\frac{112}{100}\))
= ₹ 168x
∵ पतलून के कपड़े पर लाभ = 10%
∴ इसका विक्रय मूल्य = ₹ (180 x \(\frac{110}{100}\))
= ₹ 198x
∴ कुल विक्रय मूल्य = ₹ 168x + ₹ 198x
= ₹ 366x
लेकिन दिया हुआ विक्रय मूल्य ₹ 36,000 है।
∴ 366x = 36600
या x = \(\frac{36600}{366}\) = 100
अतः पतलून के लिए खरीदा गया कपड़ा = 2 x 100 = 200 मीटर

MP Board Solutions

प्रश्न 8.
हिरणों के एक झुण्ड का आधा भाग मैदान में चर रहा है और शेष का तीन चौथाई पड़ोस में ही खेल-कूद रहा है। शेष बचे 9 हिरण एक तालाब में पानी पी रहे हैं। झुण्ड में हिरणों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि झुण्ड में हिरणों की संख्या = x है
∴ मैदान में चरने वाले हिरणों की संख्या = \(\frac{x}{2}\)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4 img-1
पानी पी रहे हिरणों की संख्या = 9
∴ कुल हिरणों की संख्या = \(\frac{x}{2}\) + \(\frac{3x}{8}\) + 9 =x
या 4x + 3x + 72 = 8x
या 7x + 72 = 8x
या 8x – 7x = 72
x = 72
अतः झुण्ड में हिरणों की संख्या = 72

प्रश्न 9.
दादाजी की आयु अपनी पौत्री की आयु की दस गुनी है। यदि उनकी आयु पौत्री की आयु से 54 वर्ष अधिक है तो उन दोनों की आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि पौत्री की आयु = x वर्ष है।
तब, दादाजी की आयु = 10x वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
10x = x + 54
या 9x = 54
या x = \(\frac{54}{9}\) = 6
अतः पौत्री की आयु = 6 वर्ष तथा दादाजी की आयु = 10 x 6 = 60 वर्ष

प्रश्न 10.
अमन की आयु उसके पुत्र की आयु की तीन गुनी है। 10 वर्ष पहले उसकी आयु पुत्र की आयु की पाँच गुनी थी। दोनों की वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि पुत्र की वर्तमान आयु = x वर्ष है।
तब अमन की आयु = 3x वर्ष
10 वर्ष पहले, पुत्र की आयु = (x – 10) वर्ष
तथा अमन की आयु = (3x – 10) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
3x – 10 = 5 (x – 10)
या 3x – 10 = 5x – 50
या 3x – 5x = – 50 + 10
या – 2x = – 40
या x = \(\frac{-40}{-2}\) = 20
अतः पुत्र की आयु = 20 वर्ष तथा अमन की आयु = 3 x 20 = 60 वर्ष

MP Board Class 8th Maths Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 वायुदाब और पवन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) वायुदाब को मापने वाली इकाई कहलाती है –
(अ) मिलीमीटर
(ब) मिलीबार
(स) मिलीग्राम
(द) सेण्टीमीटर।
उत्तर:
(ब) मिलीबार

(2) उत्तरी भारत में गर्मियों में चलने वाली गर्म पवन कहलाती है –
(अ) जल समीर
(ब) लू
(स) थल समीर
(द) व्यापारिक पवनें।
उत्तर:
(ब) लू,

(3) यह स्थानीय पवन का एक उदाहरण है –
(अ) थल समीर
(ब) पछुवा हवा
(स) ध्रुवीय पवन
(द) मानसून।
उत्तर:
(अ) थल समीर।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) वायुदाब को ……………….. यन्त्र द्वारा ज्ञात किया जाता है।
(2) सागरीय सतह पर वायु का दाब ………. होता है।
(3) जल समीर …………से …………….की ओर चलती है।
(4) किसी स्थान विशेष पर चलने वाली पवनों को …………………. पवनें कहा जाता है।
उत्तर:
(1) वायुदाबमापी;
(2) अधिक;
(3) जल, स्थल;
(4) स्थानीय।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) वायुदाबमापी यन्त्र का क्या उपयोग है ?
उत्तर:
वायुदाबमापी यन्त्र द्वारा वायुदाब ज्ञात किया जाता है।

(2) वायुदाब को प्रभावित करने वाले दो कारकों के नाम बताइए।
उत्तर:
वायुदाब को प्रभावित करने वाले दो कारक –

  • समुद्र सतह से ऊँचाई, तथा
  • तापमान।

(3) स्थायी पवनों के प्रकार लिखिए।
उत्तर:
स्थायी पवनों के प्रकार –

  • व्यापारिक पवनें
  • पछुवा पवनें, तथा
  • ध्रुवीय पवनें।

(4) मानसून पवनों से क्या आशय है ?
उत्तर:
मानसून पवनें सामयिक पवनें हैं। किसी विशेष मौसम में चलने वाली हवाओं को मानसूनी पवनें कहते हैं। ग्रीष्म एवं शीत ऋतु के तापमान में अधिक अन्तर होने के कारण ये पवनें छ:-छ: माह बाद दिशा परिवर्तन करती रहती हैं। ये दो प्रकार की होती हैं –

  • ग्रीष्मकालीन मानसूनी पवनें-ये पवनें ग्रीष्म ऋतु में समुद्र से स्थल की ओर चलती हैं।
  • शीतकालीन मानसूनी पवनें-ये पवनें शीत ऋतु में स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं।

(5) फैरल का नियम क्या है ?
उत्तर:
फैरल के अनुसार, “पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण हवाएँ एवं सागरीय जलधाराएँ उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपनी बाईं ओर मुड़ जाती हैं।”

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) पवन किसे कहते हैं ? वायु और पवन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जब वायु धरातल पर क्षैतिजीय दिशा में चलती है तो वह पवन कहलाती है।
वायु और पवन में अन्तर:
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

(2) वायुदाब किसे कहते हैं? वायुदाब की पेटियों का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
पृथ्वी की सतह पर वायुमण्डल अपने भार के कारण जो दबाव डालता है, उसे वायुदाब कहते हैं। चित्र के लिए इस पाठ के प्रश्न 4 के भाग (3) का उत्तर देखें।

(3) वायुदाब की पेटियों का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पृथ्वी पर वायुदाब का वितरण समान नहीं है। पृथ्वी पर वायुदाब दो प्रकार से व्यक्त होता है –
(1) उच्च वायुदाब
(2)निम्न वायुदाब। गर्म वायु में दाब कम तथा ठण्डी वायु में दाब अधिक होता है।
धरातल पर वायुदाब की चार पेटियाँ हैं –
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

  • भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब की पेटी – 0° से 10° अक्षांश तक उत्तरी व दक्षिणी गोलार्डों में।
  • उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ – 30° से 350 अक्षांशों के मध्य दोनों गोलार्डों में।
  • उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ – 600 से 650 अक्षांशों के मध्य दोनों गोलार्डों में।
  • ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटियाँ – 850 से 900 अक्षांशों के मध्य दोनों गोलार्डों में।

(4) चक्रवात और प्रतिचक्रवात क्या हैं ? सचित्र समझाइए।
उत्तर:
चक्रवात – जब कोई क्षेत्र कम वायुदाब का केन्द्र बन जाता है, तो उसके चारों ओर अधिक दबाव वाले क्षेत्रों से हवाएँ केन्द्र की ओर चलने लगती हैं, जिसे चक्रवात कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

प्रतिचक्रवात – चक्रवात के विपरीत इसमें केन्द्र में अधिक। वायुदाब हो जाता है तथा चारों ओर के बाहरी क्षेत्रों में कम दाब। होने से, हवाएँ केन्द्र से बाहर की ओर चलती हैं जिसे प्रति चक्रवात। कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 10 वायुदाब और पवन-1

(5) जल समीर एवं थल समीर का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल समीर – दिन के समय स्थल भाग जल की ! अपेक्षा शीघ्र गर्म हो जाता है, जिससे वहाँ पर निम्न वायुदाब और सागरीय भाग पर उच्च वायुदाब निर्मित हो जाता है। अत: जल से। स्थल की ओर पवनें चलने लगती हैं, इन्हें जल समीर कहते हैं।

थल समीर – थल की अपेक्षा जल देर से गर्म और देर से । ठण्डा होता है। अतः रात्रि में स्थल भाग ठण्डा और जल भाग गर्म । रहता है। थल भाग पर उच्च वायुदाब तथा सागरीय भाग पर निम्न वायुदाब के कारण पवनें थल भाग से जल भाग की ओर चलती हैं, जिन्हें थल समीर कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
खरीफ की फसल है (2009, 13)
(i) गेहूँ
(ii) चना
(iii) धान
(iv) जौ।
उत्तर:
(iii) धान

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अंग है
(i) जूते की दुकान
(ii) सोने-चाँदी की दुकान
(iii) राशन की दुकान
(iv) किराने की दुकान।।
उत्तर:
(iii) राशन की दुकान

प्रश्न 3.
लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सम्बन्ध है
(i) महिलाओं से
(ii) पुरुषों से
(iii) निर्धनता की रेखा के नीचे रहने वालों से
(iv) उपरोक्त में से किसी से नहीं।
उत्तर:
(iii) निर्धनता की रेखा के नीचे रहने वालों से

प्रश्न 4.
अन्त्योदय अन्न योजना के अन्तर्गत कितना खाद्यान्न दिया जाता है? (2014)
(i) 5 किलोग्राम
(ii) 10 किलोग्राम
(iii) 15 किलोग्राम
(iv) 25 किलोग्राम।
उत्तर:
(iv) 25 किलोग्राम।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मोटे अनाज के नाम लिखिए।
उत्तर:
मोटे अनाज में निम्नलिखित खाद्यान्न सम्मिलित किये जाते हैं- ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी तथा जौ आदि।

प्रश्न 2.
भारत को किन वर्षों में अकाल का सामना करना पड़ा था ?
उत्तर:
भारत को निम्नलिखित अकालों का सामना करना पड़ा था जिसमें लाखों लोग भूख से मारे गये थे-

  1. सन् 1835 का उड़ीसा अकाल
  2. सन् 1877 का पंजाब और मध्य प्रदेश का अकाल
  3. सन् 1943 का बंगाल का अकाल।

प्रश्न 3.
रोजगार आश्वासन योजना क्या है?
उत्तर:
रोजगार आश्वासन योजना के अन्तर्गत 18 से 60 वर्ष के अकुशल व्यक्तियों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा सके जिससे लोग आय प्राप्त करके नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न खरीद सके।

प्रश्न 4.
समर्थन मूल्य किसे कहते हैं?
उत्तर:
समर्थन मूल्य की घोषणा सरकार द्वारा की जाती है। इसके अन्तर्गत सरकार कृषि उपजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है। जब खाद्यान्नों का बाजार भाव सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से नीचे चला जाता है, तो सरकार स्वयं घोषित समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न खरीदने लगती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
खाद्य सुरक्षा हेतु संचालित किन्हीं दो योजनाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
खाद्यान्न सुरक्षा द्वारा संचालित प्रमुख दो योजनाएँ निम्नलिखित हैं-

  1. अन्त्योदय अन्न योजना
  2. काम के बदले अनाज योजना।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
खाद्यान्न-सुरक्षा के मुख्य घटक कौन-कौन से हैं? लिखिए। (2009)
उत्तर:
सामान्यतः खाद्यान्न सुरक्षा के अन्तर्गत समस्त जनसंख्या को खाद्यान्नों की न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराना माना जाता है। खाद्यान्न सुरक्षा के निम्नलिखित घटक हैं –

  1. देश की समस्त जनसंख्या को भोजन की उपलब्धता।
  2. उपलब्ध खाद्यान्न को खरीदने के लिए पर्याप्त धन।
  3. खाद्यान्न उस मूल्य पर उपलब्ध हो जिस पर सभी उसे खरीद सकें।
  4. खाद्यान्न हर समय उपलब्ध होना चाहिए।
  5. उपलब्ध खाद्यान्न की किस्म अच्छी होनी चाहिए।

एक विकासशील अर्थव्यवस्था में निरन्तर परिवर्तन होते रहते हैं। निरन्तर होने वाले परिवर्तन के फलस्वरूप इसकी निम्नलिखित अवस्थाएँ (घटक) भी हो सकती हैं। –

  1. पर्याप्त मात्रा में अनाज की उपलब्धता।
  2. पर्याप्त मात्रा में अनाज और दालों की उपलब्धता।
  3. अनाज और दालों के साथ दूध और दूध से बनी वस्तुओं की उपलब्धता।
  4. अनाज, दालें, दूध एवं दूध से बनी वस्तुएँ, सब्जियाँ, फल आदि की उपलब्धता।

प्रश्न 2.
बफर-स्टॉक क्या है? समझाइए। (2008, 09, 11)
उत्तर:
यदि देश में खाद्यान्न का उत्पादन कम होता है तो ऐसी संकटकालीन स्थिति का सामना करने के लिए तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न वितरित करने के लिए सरकार द्वारा बनाया खाद्यान्न भण्डार ‘बफर-स्टॉक’ कहलाता है। बफर स्टॉक भारतीय खाद्य निगम (E.C.I.) के माध्यम से सरकार द्वारा अधिप्राप्त अनाज गेहूँ और चावल का भण्डार है। भारतीय खाद्य निगम अधिक उत्पादन वाले राज्यों में किसानों से गेहूँ और चावल खरीदता है। किसानों को उनकी फसल के लिए पहले से घोषित मूल्य दे दिया जाता है। इस मूल्य को ‘न्यूनतम समर्थित मूल्य’ कहते हैं। क्रय किया हुआ खाद्यान्न खाद्य भण्डार में रखा जाता है। इसे संकटकाल में अनाज की समस्या से निपटने के लिए प्रयोग किया जाता है। गत वर्षों से देश में उपलब्ध ‘बफर-स्टॉक’ निर्धारित न्यूनतम मात्रा से अधिक रहा है। जनवरी 2012 में न्यूनतम निर्धारित सीमा 25 मिलियन टन थी। जबकि भारत का वास्तविक स्टॉक 55-3 था जो भारत की मजबूत खाद्य-सुरक्षा को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 3.
नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है? समझाइए।
अथवा
नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विशेषताएँ लिखिए। (2017)
उत्तर:
जनवरी 1992 से पूर्व में चल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संशोधन करके देश के दुर्गम, जनजातीय, पिछड़े, सूखाग्रस्त एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामवासियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू की गयी। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  1. सूखा प्रवृत्त क्षेत्रों, रेगिस्तानी क्षेत्रों, पर्वतीय क्षेत्रों तथा शहरी गन्दी बस्तियों में निवास करने वाले लोगों को प्राथमिकता प्रदान की गयी है।
  2. इस प्रणाली में अपेक्षाकृत कम कीमत और अधिक मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा जाता है।
  3. इस प्रणाली में छः प्रमुख आवश्यक वस्तओं (गेहूँ, चावल, चीनी, आयातित खाद्य तेल, मिट्टी का तेल एवं कोयला) के अतिरिक्त चाय, साबुन, दाल, आयोडीन नमक जैसी वस्तुओं को शामिल किया गया है।
  4. इस योजना में शामिल विकास खण्डों में रोजगार आश्वासन योजना प्रारम्भ की गई, इसके अतिरिक्त 18 से 60 वर्ष के अकुशल बेरोजगार व्यक्तियों को 100 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। जिससे लोग आय प्राप्त करने नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अन्न खरीद सकें।

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को समझाइए।
उत्तर:
लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली 1 जून, 1997 से लागू की गयी। इस प्रणाली में गरीबी रेखा के नीचे (BPL) तथा गरीबी रेखा से ऊपर (APL) के लोगों के लिए गेहूँ तथा चावल के भिन्न-भिन्न निर्गम मूल्य निर्धारित किये गये हैं।
केन्द्रीय निर्गम मूल्य
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा - 1

लक्ष्य निर्धारित वितरण प्रणाली (TDPS) में निर्धन लोगों को विशेष राशन कार्ड जारी करके विशेष रूप से कम कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। यह विश्व की सबसे बड़ी खाद्य परियोजना है।

लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TDPS) को गरीबों के प्रति और अति संकेन्द्रित और लक्षित करने के लिए दिसम्बर 2000 में अन्त्योदय अन्न योजना प्रारम्भ की गई। इस योजना में प्रतिमाह प्रत्येक परिवार को गेहूँ 2 रुपये प्रति किग्रा. व चावल 3 रुपये प्रति किग्रा. के निम्न मूल्य पर 25 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रावधान है। अन्त्योदय परिवारों के लिए खाद्यान्नों का अनुमानित वार्षिक आबण्टन 30 लाख टन है, जिसमें 2.315 करोड़ रुपये की सब्सिडी शामिल है।

प्रश्न 5.
खाद्य-सुरक्षा में सहकारिता की क्या भूमिका है? समझाइए। (2008, 09)
अथवा
खाद्य सुरक्षा और सहकारिता का क्या सम्बन्ध है? (2010)
उत्तर:
सहकारिता ऐसे व्यक्तियों का ऐच्छिक संगठन है जो समानता, स्व सहायता तथा प्रजातान्त्रिक व्यवस्था के आधार पर सामूहिक हित के कार्य करता है। भारत में खाद्य-सुरक्षा उपलब्ध कराने में सहकारिता की भूमिका अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। यह कार्य उपभोक्ता सहकारी समितियों द्वारा निर्धन लोगों के लिए खाद्यान्न बिक्री हेतु राशन की दुकान खोलकर किया जाता है। भारत में उपभोक्ता सहकारिता के राष्ट्रीय, राज्य, जिलों व ग्राम स्तर पर भिन्न-भिन्न व्यवस्थाएँ हैं। 30 राज्य सहकारी उपभोक्ता संगठन इस परिसंघ के साथ जुड़े हैं। केन्द्रीय या थोक स्तर पर 794 उपभोक्ता सहकारी स्टोर हैं। प्रारम्भिक स्तर पर 24,078 प्राथमिक स्टोर हैं।

ग्रामीण इलाकों में लगभग 44,418 ग्राम स्तरीय प्राथमिक कृषि की ऋण समितियाँ अपने सामान्य व्यापार के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं के वितरण में संलग्न है। उपभोक्ता सहकारी समितियों द्वारा शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में लगभग 37,226 खुदरा बिक्री केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। सरकार द्वारा 2000 में ‘सर्वप्रिय’ योजना का प्रारम्भ किया है। इस योजना में आम जनता को बुनियादी आवश्यकताओं की वस्तुएँ सस्ते मूल्य पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

प्रश्न 6.
खरीफ और रबी फसलों में क्या अन्तर है ? लिखिए। (2008, 09, 14)
उत्तर:
खरीफ और रबी की फसल में अन्तर

खरीफ रबी
1. यह फसल मानसून ऋतु के आगमन के साथ ही शुरू होती है। 1. यह फसल मानसून ऋतु के बाद शरद ऋतु के साथ शुरू होती है।
2. इसकी प्रमुख फसलें चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, पटसन और मूंगफली आदि हैं। 2. इसकी मुख्य फसलें गेहूँ, जौ, चना, सरसों और अलसी जैसे तेल निकालने के बीज आदि हैं।
3. इन फसलों के पकने में कम समय लगता है। 3. इन फसलों के पकने में अपेक्षाकृत अधिक समय
लगता है।
4. इन फसलों का प्रति हेक्टेअर उत्पादन कम होता है। 4. इन फसलों का प्रति हेक्टेअर उत्पादन अधिक होता है।
5. ये फसलें सितम्बर-अक्टूबर में काटी जाती हैं। 5. ये फसलें मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत के मुख्य खाद्यान्न कौन से हैं ? विवरण दीजिए। (2008, 14, 18)
अथवा
भारत की प्रमुख खाद्य फसलों को लिखिए। (2015)
उत्तर:
भारत की खाद्यान्न फसलें भारत में खाद्यान्न पैदावार अलग-अलग समय पर अलग-अलग होती है। अतः समय के अनुसार इन खाद्यान्न फसलों को निम्नलिखित भागों में बाँटा जा सकता है
I.खरीफ की फसलें :
ये फसलें जुलाई में बोई तथा अक्टूबर में काटी जाती हैं। इसके अन्तर्गत मुख्य फसलें चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, पटसन और मूंगफली आदि हैं।

II. रबी की फसलें :
ये फसलें अक्टूबर में बोई जाती हैं तथा मार्च के अन्त या अप्रैल में काटी जाती हैं। इसके अन्तर्गत गेहूँ, जौ, चना, सरसों और अलसी आदि हैं। भारत के प्रमुख खाद्यान्नों (अनाज) का विवरण निम्न प्रकार है –
(1) चावल :
यह खरीफ की फसल है। यह भारतवासियों का प्रिय भोजन है। भारत में कुल खाद्य-फसलों को बोये गये क्षेत्रफल के 25 प्रतिशत भाग पर चावल बोया जाता है। चीन के बाद चावल के उत्पादन में भारत का दूसरा स्थान है। संसार के कुल उत्पादन का 11.4 प्रतिशत चावल भारत में होता है।

भारत में चावल का उत्पादन आन्ध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व असम राज्यों में होता है। भारत में चावल के उत्पादन में निरन्तर वृद्धि रासायनिक उर्वरकों और उन्नत बीजों के प्रयोग के कारण हो रही है। इस समय देश चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ इसका निर्यात भी कर रहा है।

(2) गेहूँ :
चावल के पश्चात् गेहूँ भारत का सबसे महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न है। गेहूँ रबी की फसल है। विश्व में भारत गेहूँ उत्पादन की दृष्टि से चीन व संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर व क्षेत्रफल की दृष्टि से पाँचवें स्थान पर है। भारत में मुख्यतः दो प्रकार का गेहूँ उगाया जाता है।

  • वल्गेयर गेहूँ :
    यह चमकीला, मोटा और सफेद होता है। इसे साधारणतः रोटी का गेहूँ कहते हैं।
  • मैकरानी गेहूँ :
    यह लाल छोटे दाने वाला और कठोर होता है। देश में गेहूँ उत्पादक प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान तथा गुजरात हैं। भारत गेहूँ के उत्पादन में आत्मनिर्भर है। यद्यपि चालू वर्ष में संचित स्टॉक में कमी के कारण भारत को गेहूँ का आयात करना पड़ा।

(3) ज्वार :
यह दक्षिण भारत में किसानों का मुख्य भोजन है। उत्तरी भारत में यह पशुओं को खिलायी जाती है। ज्वार से अरारोट बनाया जाता है जिसके अनेक आर्थिक उपयोग होते हैं। उत्तर भारत में यह खरीफ की फसल है, लेकिन दक्षिण में यह खरीफ एवं रबी दोनों की फसल है। भारत के कुल ज्वार उत्पादन का लगभग 87 प्रतिशत भाग मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में होता है।

(4) बाजरा :
विश्व में बाजरा उत्पादन में भारत का प्रथम स्थान है। राजस्थान, मध्य प्रदेश व गुजरात में इसका प्रयोग खाद्यान्न के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। यह उत्तर भारत में खरीफ की फसल है। दक्षिण भारत में यह रबी और खरीफ दोनों की फसल है। देश के कुल उत्पादन का 96 प्रतिशत भाग राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश व पंजाब में उत्पादित किया जाता है।

(5) मक्का :
मक्का मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों की उपज है। इसका उपयोग पशुओं के चारे और खाने के लिए किया जाता है। मानव भी मक्के के विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ उपयोग करता है। इससे स्टार्च और ग्लूकोज तैयार किया जाता है। यह हमारे देश के लगभग सभी राज्यों में उत्पादित किया जाता है, लेकिन प्रमुख रूप से यह उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात व कर्नाटक में उत्पादित किया जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
खाद्य-सुरक्षा क्या है एवं खाद्य-सुरक्षा क्यों आवश्यक है? समझाइए। (2009)
अथवा
खाद्य-सुरक्षा के आन्तरिक कारणों का वर्णन कीजिए। (2013)
अथवा
खाद्य-सुरक्षा क्यों आवश्यक है? खाद्य-सुरक्षा में सहकारिता की क्या भूमिका है ?(2008,09)
अथवा
खाद्य सुरक्षा क्यों आवश्यक है? समझाइए। (2017)
उत्तर:
खाद्य-सुरक्षा से आशय-खाद्यान्न-सुरक्षा का सम्बन्ध मानव की भोजन सम्बन्धी आवश्यकताओं से है। सरल शब्दों में खाद्यान्न सुरक्षा का आशय है सभी लोगों को पौष्टिक भोजन की उपलब्धता। साथ ही यह भी आवश्यक है कि व्यक्ति के पास भोजन-व्यवस्था करने के लिए क्रय-शक्ति (पैसा) हो तथा खाद्यान्न उचित मूल्य पर उपलब्ध रहे। विश्व विकास रिपोर्ट 1986 के अनुसार, “खाद्यान्न-सुरक्षा सभी व्यक्तियों के लिए सही समय पर सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त भोजन की उपलब्धता है।” खाद्य एवं कृषि संस्थान के अनुसार, “खाद्यान्न-सुरक्षा सभी व्यक्तियों को सही समय पर उनके लिए आवश्यक बुनियादी भोजन के लिए भौतिक एवं आर्थिक दोनों रूप में उपलब्धि का आश्वासन है।”

खाद्य-सुरक्षा की आवश्यकता :
भारत की वर्तमान स्थिति में खाद्यान्न-सुरक्षा का महत्त्व बहुत अधिक हो गया है। एक ओर तो हमारी जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है, और दूसरी ओर अर्थव्यवस्था विकासशील है। अत: खाद्यान्नों की बढ़ती हुई माँगों की पूर्ति के लिए खाद्यान्न-सुरक्षा आवश्यक हो गई है। इसके कारणों को हम दो भागों में विभाजित कर सकते हैं –

I. आन्तरिक कारण-इसमें वे सभी कारण आते हैं जो देश के भीतर की परिस्थितियों से सम्बन्धित हैं।

  • जीवन का आधार :
    भारत एक विशाल जनसंख्या वाला राष्ट्र है, साथ ही जन्म-दर भी ऊँची है। यहाँ प्रति वर्ष लगभग डेढ़ करोड़ व्यक्ति बढ़ जाते हैं; जबकि खाद्यान्नों के उत्पादन में उच्चावचन होते रहते हैं। इस कारण खाद्यान्न-सुरक्षा अत्यन्त आवश्यक है।
  • कम उत्पादकता :
    भारत में खाद्यान्न उत्पादकता प्रति हैक्टेअर तथा प्रति श्रमिक दोनों ही दृष्टि से कम है। इस दृष्टि से भी खाद्यान्न-सुरक्षा आवश्यक है।
  • प्राकृतिक संकट :
    समय-समय पर प्राकृतिक संकट; जैसे-सूखा, बाढ़, अत्यधिक वर्षा एवं फसलों के शत्रु कीड़े-मकोड़े आदि भी फसलों को हानि पहुँचाकर खाद्य संकट में वृद्धि करते हैं। राष्ट्रीय व्यावहारिक आर्थिक शोध परिषद् के अनुमानों के अनुसार इन कीड़े-मकोड़ों, चूहों एवं अन्य पशु-पक्षियों द्वारा कुल खाद्यान्नों के उत्पादन का 15 प्रतिशत भाग नष्ट कर दिया जाता है। प्राकृतिक संकटों का सामना करने के लिए खाद्यान्न-सुरक्षा अत्यन्त आवश्यक है।
  • बढ़ती महँगाई :
    खाद्यान्न की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिसके फलस्वरूप भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस समस्या का सामना करने के लिए खाद्य-सुरक्षा आवश्यक हो जाती है।
  • राष्ट्र की प्रगति में आवश्यक :
    खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त किये बिना कोई भी राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। इस हेतु खाद्यान्न-सुरक्षा आवश्यक होती है।

II. बाह्य कारण :
बाह्य कारणों के अन्तर्गत वे कारण शामिल किये जाते हैं जो दूसरे राष्ट्र के सम्बन्धों से जुड़े होते हैं। प्रमुख कारण निम्न प्रकार हैं –

  • विदेशों पर निर्भरता :
    देश में जब खाद्यान्नों की पर्याप्त पूर्ति नहीं हो पाती है, तब इस प्रकार की स्थिति में हमें विदेशों पर निर्भर होना पड़ता है। फिर खाद्यान्न महँगे हों या सस्ते या उनकी गुणवत्ता अच्छी हो या न हो हमें खाद्यान्न आयात करना पड़ता है व विदेशों पर निर्भरता बढ़ जाती है।
  • विदेशी मुद्रा कोष में कमी :
    जब हम विदेशों से खाद्यान्न वस्तुएँ मँगाते हैं तो अनावश्यक रूप से हमारी विदेशी मुद्रा खर्च हो जाती है। खाद्यान्न की पूर्ति हम स्वयं ही कर सकते हैं परन्तु खाद्य-सुरक्षा के अभाव में नहीं कर पाते। परिणाम यह होता है कि बहुत अनिवार्य वस्तुएँ खरीदने हेतु हमारे पास विदेशी मुद्रा नहीं बच पाती है।
  • विदेशी दबाव :
    जो राष्ट्र खाद्यान्नों की पूर्ति करते हैं वे प्रभावशाली हो जाते हैं और फिर अपनी नीतियों को दबाव द्वारा मनवाने का प्रयास करते हैं। ऐसे राष्ट्र खाद्यान्न का आयात करने वाले राष्ट्रों पर हावी हो जाते हैं, और आयातक देश विदेश नीति निर्धारण करने में स्वतन्त्र नहीं रह पाते। कई बार खाद्यान्न संकटों के दौरान भारत ने यह अनुभव किया कि राष्ट्र के नागरिकों को भुखमरी से बचाने, विकास करने, स्वाभिमान, सम्मान और सम्प्रभुता की रक्षा के लिए खाद्य-सुरक्षा अनिवार्य है।

प्रश्न 3.
सरकार गरीबों को किस प्रकार खाद्य-सुरक्षा प्रदान करती है? समझाइए। (2009, 12, 13, 15, 18)
उत्तर:
सरकार गरीबों को निम्न प्रकार खाद्य-सुरक्षा प्रदान करती है –
(1) सार्वजनिक वितरण प्रणाली :
सार्वजनिक वितरण प्रणाली सार्वजनिक रूप से उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमतों पर उचित मात्रा में उपभोक्ता वस्तुएँ वितरित करने से सम्बन्धित है। मुख्य रूप से यह व्यवस्था कमजोर वर्ग के सदस्यों के लिए उपयोग में लायी गयी है। उपभोक्ताओं को आवश्यक उपभोग वस्तुएँ उचित कीमत पर उपलब्ध कराना एवं वितरण व्यवस्था को सुचारु रूप प्रदान करना इस प्रणाली का मुख्य लक्ष्य है।

(2) नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली :
जनवरी 1992 से पूर्व में चल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संशोधन करके देश के दुर्गम, जनजातीय, पिछड़े, सूखाग्रस्त एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामवासियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नवीनीकृत सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू की गयी।

(3) लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली :
लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली 1 जून, 1997 से लागू की गयी। इस प्रणाली में गरीबी रेखा के नीचे (BPL) तथा गरीबी रेखा से ऊपर (APL) के लोगों के लिए गेहूँ तथा चावल के भिन्न-भिन्न निर्गम मूल्य निर्धारित किये गये हैं।

इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा समन्वित राज्य विकास कार्यक्रम, पाठशाला में अध्ययनरत छात्रों के लिए मध्यान्ह भोजन योजना, खाद्यान्न अन्त्योदय अन्न योजना तथा काम के बदले अनाज आदि योजनाओं के माध्यम से खाद्य-सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रश्न 4.
खाद्यान्न वृद्धि के लिए सरकार ने कौन-कौन से प्रयास किये हैं? (2008, 09, 12, 16)
अथवा
न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है? (2008)
[संकेत : ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ शीर्षक देखें।]
उत्तर:
खाद्य-सुरक्षा के लिए सरकारी प्रयास
भारत में प्राकृतिक संकट या किसी अन्य कारण से उत्पन्न होने वाले खाद्यान्न संकट के समय एवं सामान्य परिस्थितियों में निर्धनों तथा अन्य लोगों को खाद्यान्न उचित कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए खाद्य-सुरक्षा प्रणाली का विकास किया गया है। इस व्यवस्था के महत्त्वपूर्ण अंग निम्न प्रकार हैं –

(1) खाद्यान्नों का उत्पादन बढ़ाना :
खाद्यान्न सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि देश में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का उत्पादन हो। इस कार्य में हरित क्रान्ति का योगदान महत्त्वपूर्ण है। इसके अन्तर्गत कृषि का यन्त्रीकरण, अच्छे बीजों का प्रयोग, उर्वरकों का प्रयोग, कीटनाशकों के प्रयोग तथा सिंचाई सुविधाओं का प्रयास किया गया। साथ ही चकबन्दी और मध्यस्थों के उन्मूलन कार्यक्रम के परिणामस्वरूप आज भारत खाद्यान्नों के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बन गया है। भारत में खाद्यान्नों के उत्पादन की प्रगति को निम्न तालिका द्वारा स्पष्ट किया गया है –

भारत में खाद्यान्नों का उत्पादन (करोड़ टन में)1
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा - 2
स्त्रोत-आर्थिक समीक्षा 2017-18 Vol-2, P.A-35 *अनुमानित

(2) न्यूनतम समर्थन मूल्य :
कृषि उत्पादों के मूल्यों में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं। फसल के समय उत्पादन के कारण आपूर्ति अधिक हो जाती है, जिससे मूल्यों में काफी कमी आ जाती है। इस समय निर्धारित सीमा से कम मूल्य होने पर उत्पादकों को अपने उत्पादों की लागत प्राप्त करना कठिन हो जाता है। इसलिए सरकार कृषि उपजों हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है, जिसके अन्तर्गत जब खाद्यान्नों का बाजार भाव सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से नीचे चला जाता है, तो सरकार स्वयं घोषित समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न खरीदने लगती है। इससे किसानों को लाभकारी मूल्य मिलने के साथ सार्वजनिक खाद्य भण्डारण बनाने का दोहरा उद्देश्य पूरा होता है। गत् वर्षों में सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्यों को निम्न तालिका में दर्शाया गया है।

गेहूँ और धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (रुपये प्रति क्वि.)
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा - 3
स्रोत-आर्थिक समीक्षा 2017-18; A82, Vol-2.

(3) बफर स्टॉक :
कृषि मूल्यों में उच्चावचनों को रोकने के उद्देश्य से सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम की स्थापना की गई थी। यह निगम सरकार की ओर से खाद्यान्नों का स्टॉक करता है। इस प्रयोजन हेतु यह निगम खाद्यान्न की सरकारी खरीद करता है तथा उनका भण्डारण करता है इसी को बफर स्टॉक कहते हैं। यह स्टॉक राशन की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को वितरित कर दिया जाता है। इससे आपदा काल में अनाज की कमी की समस्या हल करने में मदद मिलती है। गत वर्षों में देश में उपलब्ध बफर-स्टॉक की स्थिति को निम्न तालिका में स्पष्ट किया गया है।
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा - 4
स्रोत-आर्थिक समीक्षा 2011-12; पृष्ठ 197.

बफर स्टॉक की तालिका से स्पष्ट होता है कि गत वर्षों में भारत में स्टॉक निर्धारित न्यूनतम मात्रा से अधिक ही रहा है। जो मजबूत खाद्य-सुरक्षा का प्रतीक है।

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है व इसके मुख्य अंग कौन-कौन से हैं? (2008, 16)
उत्तर:
सार्वजनिक वितरण प्रणाली से आशय-सार्वजनिक वितरण प्रणाली से आशय उस प्रणाली से है, जिसके अन्तर्गत सार्वजनिक रूप से उपभोक्ताओं विशेषकर कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमतों पर उचित मात्रा में विभिन्न वस्तुओं (गेहूँ, चावल, चीनी, आयातित खाद्य तेल, कोयला, मिट्टी का तेल आदि) का विक्रय राशन की दुकान व सहकारी उपभोक्ता भण्डारों के माध्यम से कराया जाता है। इन विक्रेताओं के लिए लाभ की दर निश्चित रहती है तथा इन्हें निश्चित कीमत पर निश्चिम मात्रा में वस्तुएँ राशन कार्ड धारकों को बेचनी होती हैं। राशन कार्ड तीन-तीन प्रकार के होते हैं-बी. पी. एल. कार्ड, ए. पी. एल. कार्ड एवं अन्त्योदय कार्ड।

बी. पी. एल. कार्ड गरीबी रेखा के नीचे के लोगों के लिए ए. पी. एल. कार्ड गरीबी रेखा से ऊपर वाले लोगों के लिए तथा अन्त्योदय कार्ड गरीब में भी गरीब लोगों के लिए होता है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंग :
भारत के सन्दर्भ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रमुख अंग निम्न हैं –

  • राशन या उचित मूल्य की दुकानें :
    सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्नों तथा अन्य आवश्यकताओं की वस्तुओं को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। इन दुकानों पर से आवश्यकता की वस्तुओं; जैसे-गेहूँ, चावल, चीनी, मैदा, खाद्य तेल, मिट्टी का तेल एवं अन्य वस्तुएँ; जैसे-कॉफी, चाय, साबुन, दाल, माचिस आदि को वितरित किया जाता है।
  • सहकारी उपभोक्ता भण्डारण :
    सहकारी उपभोक्ता भण्डार भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंग हैं। इन भण्डारों के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ नियन्त्रित वस्तुओं की भी बिक्री की जाती है। कुछ बड़े-बड़े उद्योगों ने भी अपने श्रमिकों को उचित मूल्य पर वस्तु उपलब्ध कराने के लिए सहकारी उपभोक्ता भण्डार खोले हैं।
  • सुपर बाजार-कुछ बड़े :
    बड़े नगरों में सुपर बाजारों की स्थापना की गई है। यहाँ आवश्यकताओं की वस्तुओं को उपभोक्ताओं के लिए उचित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाता है।

प्रश्न 6.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन किस प्रकार किया जाता है? वर्णन कीजिए। (2009)
उत्तर :
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन केन्द्र तथा राज्य सरकारें मिलकर करती हैं। केन्द्र द्वारा राज्यों को खाद्यान्न एवं अन्य वस्तुओं का आवंटन किया जाता है एवं इन वस्तुओं का विक्रय मूल्य भी निर्धारित किया जाता है। राज्य को केन्द्र द्वारा निर्धारित मूल्य में परिवहन व्यय आदि सम्मिलित करने का अधिकार है। इस प्रणाली के अन्तर्गत प्राप्त वस्तुओं का परिवहन, संग्रहण, वितरण व निरीक्षण राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। राज्य सरकारें चाहें तो अन्य वस्तुएँ भी जिन्हें वे खरीद सकती हैं; सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सम्मिलित कर सकती हैं।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने का काम मुख्य रूप से भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा किया जाता है। 1965 में स्थापित भारतीय खाद्य निगम खाद्यान्नों व अन्य खाद्य सामग्री की खरीददारी, भण्डारण व संग्रहण, स्थानान्तरण, वितरण तथा बिक्री का कार्य करता है। निगम एक ओर तो यह निश्चित करता है कि किसानों को उनके उत्पादन की उचित कीमत मिले (जो सरकार द्वारा निर्धारित वसूली/ समर्थन कीमत से कम न हो) तथा दूसरी ओर यह निश्चित करता है कि उपभोक्ताओं को भण्डार से एक-सी कीमतों पर खाद्यान्न उपलब्ध हो। निगम को यह भी उत्तरदायित्व सौंपा गया है कि वह सरकार की ओर से खाद्यान्नों के बफर स्टॉक बना कर रखे।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
चावल उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?
(2009)
(i) प्रथम
(ii) द्वितीय
(iii) तृतीय
(iv) चतुर्थ।
उत्तर:
(ii) द्वितीय

प्रश्न 2.
विश्व के कुल चावल उत्पादन का लगभग कितना प्रतिशत चावल भारत में होता है?
(i) 21.5 प्रतिशत
(ii) 31.4 प्रतिशत
(iii) 11.4 प्रतिशत
(iv) 7.5 प्रतिशत।
उत्तर:
(iii) 11.4 प्रतिशत

प्रश्न 3.
गेहूँ उत्पादन की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?
(i) पहला
(ii) दूसरा
(iii) तीसरा
(iv) चौथा।
उत्तर:
(iii) तीसरा

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
विश्व में बाजरा उत्पादन में भारत का कौन-सा स्थान है?
(i) पहला
(ii) दूसरा
(iii) तीसरा
(iv) चौथा।
उत्तर:
(i) पहला

प्रश्न 5.
न्यूनतम समर्थन मूल्य नीति सरकार द्वारा कब अपनायी गयी?
(i) 1960
(ii) 1963
(iii) 1962
(iv) 1965
उत्तर:
(iv) 1965

प्रश्न 6.
गरीबों में भी गरीब लोगों के लिये किस प्रकार के राशन कार्ड की व्यवस्था है?
(i) बी. पी. एल. कार्ड,
(ii) अन्त्योदय कार्ड
(iii) ए. पी. एल. कार्ड
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ii) अन्त्योदय कार्ड

प्रश्न 7.
भारतीय खाद्य निगम (E.C.I.) की स्थापना कब हुई थी?
(i) 1955
(ii) 1965
(iii) 1967
(iv) 1968
उत्तर:
(ii) 1965

प्रश्न 8.
खाद्यान्न अन्त्योदय अन्य योजना का शुभारम्भ कब किया गया था?
(i) 25 दिसम्बर, 2000
(ii) 25 दिसम्बर, 1995
(iii) 25 दिसम्बर, 2005
(iv) 25 दिसम्बर, 1993।
उत्तर:
(i) 25 दिसम्बर, 2000

रिक्त स्थान पूर्ति

  1. समय के अनुसार खाद्यान्न फसलों को ………… तथा ………… भागों में बाँटा गया है। (2008)
  2. चावल के उत्पादन में भारत का विश्व में …………. स्थान है। (2009)
  3. ज्वार उत्तर भारत में ……….. की फसल है।
  4. खाद्यान्न उचित कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए ……….. का विकास किया गया है।
  5. गरीबों में भी गरीब लोगों के लिए ………… कार्ड।

उत्तर:

  1. रबी तथा खरीफ
  2. दूसरा
  3. खरीफ
  4. खाद्य सुरक्षा प्रणाली
  5. अन्त्योदय।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
गेहूँ उत्पादन की दृष्टि से भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। (2008, 09)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
विश्व के कुल चावल उत्पादन का 10% से कम चावल भारत में होता है। (2008)
उत्तर:
असत्य

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
विश्व में बाजरा उत्पादन में भारत का प्रथम स्थान है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 4.
सरकार ने जुलाई 2003 में ‘सर्वप्रिय’ नाम की एक योजना प्रारम्भ की। (2011)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 5.
खरीफ की फसल गेहूँ है।
उत्तर:
असत्य

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 18 भारत में खाद्यान्न सुरक्षा - 5
उत्तर:

  1. → (ग)
  2. → (क)
  3. → (घ)
  4. → (ख)
  5. → (ङ)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अंग है।
उत्तर:
उचित मूल्य की दुकान

प्रश्न 2.
खाद्यान्न वितरित करने के लिए सरकार द्वारा बनाया गया भण्डार कहलाता हैं।
उत्तर:
बफर स्टॉक

प्रश्न 3.
अक्टूबर में बोकर मार्च-अप्रैल के अन्त में काटी जाने वाली फसल है। (2015)
उत्तर:
रबी

प्रश्न 4.
वह भुगतान जो सरकार द्वारा किसी उत्पादक को बाजार कीमत की अनुपूर्ति के लिए किया जाता है।
उत्तर:
अनुदान (सब्सिडी)

प्रश्न 5.
रोजगार आश्वासन योजना में कितने दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है?
उत्तर:
100 दिन।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानव जीवन की प्रमुख आवश्यकताएँ कौन-सी हैं?
उत्तर:
मानव जीवन की तीन प्रमुख आवश्यकताएँ रोटी, कपड़ा और मकान हैं।

प्रश्न 2.
खाद्यान्न सुरक्षा से क्या आशय है?
उत्तर:
विश्व विकास रिपोर्ट 1986 के अनुसार, “खाद्यान्न सुरक्षा सभी व्यक्तियों के लिये सही समय पर सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिये पर्याप्त भोजन की उपलब्धता है।”

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
वर्तमान में खाद्यान्न सुरक्षा का महत्त्व अधिक क्यों है?
उत्तर:
वर्तमान में एक ओर तो हमारी अर्थव्यवस्था विकासशील है दूसरी ओर जनसंख्या तीव्रता से बढ़ रही है। अतः खाद्यान्नों की बढ़ती हुई माँग की पूर्ति के लिये खाद्यान्न सुरक्षा बहुत आवश्यक है।

प्रश्न 4.
भारत ने किस वर्ष भयंकर सुखे का सामना किया था व किस देश से गेहूँ आयात किया था?
उत्तर:
भारत ने सन् 1965-66 और 1966-67 में मानसून की विफलता के कारण भयंकर सूखे का सामना किया था तथा अमेरिका से गेहूँ आयात किया था।

प्रश्न 5.
खरीफ की फसलों से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
खरीफ की फसलें जुलाई में बोई तथा अक्टूबर में काटी जाती है। इसके अन्तर्गत चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि खाद्यान्न फसलें आती हैं।

प्रश्न 6.
रबी की फसल से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
रबी की फसल अक्टूबर में बोई जाती है तथा मार्च के अन्त में या अप्रैल में काट ली जाती है। इसके अन्तर्गत गेहूँ, जौ, चना आदि खाद्यान्न फसलें शामिल की जाती है।

प्रश्न 7.
भारत में प्रमुख चावल उत्पादक राज्य कौन से हैं?
उत्तर:
भारत में प्रमुख चावल उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ तथा असम हैं।

प्रश्न 8.
भारत के प्रमुख गेहूँ उत्पादक राज्यों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भारत के प्रमुख गेहूँ उत्पादक राज्य निम्न हैं-उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तराखण्ड व गुजरात।

प्रश्न 9.
लक्ष्य आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली कब प्रारम्भ की गयी?
उत्तर:
गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को खाद्यान्न की न्यूनतम मात्रा सुनिश्चित रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1997 में यह प्रणाली प्रारम्भ की गई।

प्रश्न 10.
राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
राशन कार्ड तीन प्रकार के होते हैं-

  1. बी. पी. एल. कार्ड
  2. ए. पी. एल. कार्ड
  3. अन्त्योदय कार्ड।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मोटे अनाज के अन्तर्गत किस अनाज को सम्मिलित किया जाता है? ये अनाज कहाँ-कहाँ पैदा होते हैं? (2011)
उत्तर:
पाठान्त अभ्यास के अन्तर्गत दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 1 में ज्वार, बाजरा तथा मक्का शीर्षक देखें।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
सरकार द्वारा जुलाई 2000 में प्रारम्भ की गई ‘सर्वप्रिय’ योजना से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
आम जनता को बुनियादी आवश्यकताओं की वस्तुएँ सस्ते मूल्य पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने 21 जुलाई, 2000 को यह योजना शुरू की। इसके अन्तर्गत राशन की दुकानों से खाद्यान्नों के अतिरिक्त 11 अन्य वस्तुएँ आम जनता को उपलब्ध करायी जा रही हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 18 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की खाद्यान्न फसलों को कितने भागों में बाँटा जा सकता है? वर्णन कीजिए। (2010)
उत्तर:
भारत की खाद्यान्न फसलें भारत में खाद्यान्न पैदावार अलग-अलग समय पर अलग-अलग होती है। अतः समय के अनुसार इन खाद्यान्न फसलों को निम्नलिखित भागों में बाँटा जा सकता है
I.खरीफ की फसलें :
ये फसलें जुलाई में बोई तथा अक्टूबर में काटी जाती हैं। इसके अन्तर्गत मुख्य फसलें चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, पटसन और मूंगफली आदि हैं।

II. रबी की फसलें :
ये फसलें अक्टूबर में बोई जाती हैं तथा मार्च के अन्त या अप्रैल में काटी जाती हैं। इसके अन्तर्गत गेहूँ, जौ, चना, सरसों और अलसी आदि हैं। भारत के प्रमुख खाद्यान्नों (अनाज) का विवरण निम्न प्रकार है –
(1) चावल :
यह खरीफ की फसल है। यह भारतवासियों का प्रिय भोजन है। भारत में कुल खाद्य-फसलों को बोये गये क्षेत्रफल के 25 प्रतिशत भाग पर चावल बोया जाता है। चीन के बाद चावल के उत्पादन में भारत का दूसरा स्थान है। संसार के कुल उत्पादन का 11.4 प्रतिशत चावल भारत में होता है।

भारत में चावल का उत्पादन आन्ध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व असम राज्यों में होता है। भारत में चावल के उत्पादन में निरन्तर वृद्धि रासायनिक उर्वरकों और उन्नत बीजों के प्रयोग के कारण हो रही है। इस समय देश चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ इसका निर्यात भी कर रहा है।

(2) गेहूँ :
चावल के पश्चात् गेहूँ भारत का सबसे महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न है। गेहूँ रबी की फसल है। विश्व में भारत गेहूँ उत्पादन की दृष्टि से चीन व संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर व क्षेत्रफल की दृष्टि से पाँचवें स्थान पर है। भारत में मुख्यतः दो प्रकार का गेहूँ उगाया जाता है।

  • वल्गेयर गेहूँ :
    यह चमकीला, मोटा और सफेद होता है। इसे साधारणतः रोटी का गेहूँ कहते हैं।
  • मैकरानी गेहूँ :
    यह लाल छोटे दाने वाला और कठोर होता है। देश में गेहूँ उत्पादक प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान तथा गुजरात हैं। भारत गेहूँ के उत्पादन में आत्मनिर्भर है। यद्यपि चालू वर्ष में संचित स्टॉक में कमी के कारण भारत को गेहूँ का आयात करना पड़ा।

(3) ज्वार :
यह दक्षिण भारत में किसानों का मुख्य भोजन है। उत्तरी भारत में यह पशुओं को खिलायी जाती है। ज्वार से अरारोट बनाया जाता है जिसके अनेक आर्थिक उपयोग होते हैं। उत्तर भारत में यह खरीफ की फसल है, लेकिन दक्षिण में यह खरीफ एवं रबी दोनों की फसल है। भारत के कुल ज्वार उत्पादन का लगभग 87 प्रतिशत भाग मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में होता है।

(4) बाजरा :
विश्व में बाजरा उत्पादन में भारत का प्रथम स्थान है। राजस्थान, मध्य प्रदेश व गुजरात में इसका प्रयोग खाद्यान्न के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। यह उत्तर भारत में खरीफ की फसल है। दक्षिण भारत में यह रबी और खरीफ दोनों की फसल है। देश के कुल उत्पादन का 96 प्रतिशत भाग राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश व पंजाब में उत्पादित किया जाता है।

(5) मक्का :
मक्का मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों की उपज है। इसका उपयोग पशुओं के चारे और खाने के लिए किया जाता है। मानव भी मक्के के विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ उपयोग करता है। इससे स्टार्च और ग्लूकोज तैयार किया जाता है। यह हमारे देश के लगभग सभी राज्यों में उत्पादित किया जाता है, लेकिन प्रमुख रूप से यह उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात व कर्नाटक में उत्पादित किया जाता है।

MP Board Class 9th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 9 तापमान

MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 तापमान

MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) निम्न में से किस ऊँचाई पर ताप एक अंश कम होता –
(अ) 651 मीटर
(ब) 156 मीटर
(स) 165 मीटर
(द) 561 मीटर।
उत्तर:
(1) (स) 165 मीटर,
(2) वायु के गर्म होकर ऊपर उठने की क्रिया कहलाती है –
(अ) संचलन क्रिया
(ब) विकिरण क्रिया
(स) संवहन क्रिया
(द) परावर्तन क्रिया।
उत्तर:
(2) (स) संवहन क्रिया।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) सूर्य द्वारा ताप के विसर्जन को ………….. कहते हैं।
(2) पृथ्वी द्वारा पुनः विसर्जित ताप को ……………. कहते हैं।
(3) अधिकतम और निम्नतम ताप के बीच के अन्तर को …………. कहा जाता है।
उत्तर:
(1) सौर विकिरण
(2) पार्थिव विकिरण
(3) तापान्तर।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) तापमान किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वायुमण्डल में उपस्थित ताप की मात्रा के मापन को तापमान कहते हैं।

(2) वायु गर्म होने की तीन क्रियाएँ कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर:
वायु गर्म होने की तीन क्रियाएँ संचलन, संवहन और विकिरण हैं।

(3) सौर विकिरण और पार्थिव विकिरण में क्या अन्तर
उत्तर:
सौर विकिरण में ताप का विसर्जन सूर्य द्वारा होता है जबकि पार्थिव विकिरण में सूर्य द्वारा पृथ्वी पर आए ताप को पृथ्वी द्वारा पुनः विसर्जित किया जाता है।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 9 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) ताप को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ताप को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं –
(i) सूर्य की किरणों का झुकाव – सूर्य से आने वाली किरणें प्रायः समान्तर होती हैं किन्तु पृथ्वी की गोलाई के कारण उसके विभिन्न भागों में अलग-अलग कोणों से पहुँच कर प्रभाव डालती। हैं। भूमध्य रेखा पर सीधी और ध्रुवों पर तिरछी किरणें पड़ती हैं। लम्बवत् किरणें कम क्षेत्रों पर पड़ती हैं, अत: इनके द्वारा अधिक ताप मिलता है। तिरछी किरणें अधिक क्षेत्र में फैलती हैं जिससे ताप का प्रभाव फैलकर कम हो जाता है।

(ii) वायुमण्डल में किरणों द्वारा तय की गई दूरी-तिरछी किरणों को लम्बवत् किरणों की अपेक्षा वायुमण्डल में अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। अधिक दूरी तय करने से उनका बिखराव, परावर्तन, अवशोषण आदि अधिक होगा जिससे ताप की तीव्रता कम हो जाएगी।

(iii) समुद्र सतह से ऊँचाई-समुद्र तल से जैसे-जैसे ऊँचाई पर जाते हैं, तापमान में कमी आती जाती है। सामान्यतः प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 10 सेल्सियस ताप कम हो जाता है।

(iv) दिन की अवधि-दिन की अवधि जितनी लम्बी होगी सूर्य से प्राप्त ताप की मात्रा उतनी ही अधिक होगी। ग्रीष्म ऋतु में दिन की अवधि बढ़ जाने से ताप अधिक प्राप्त होता है।

(2) साधारण तापमापी का नामांकित रेखाचित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
तापमान मापने के लिए तापमापी अथवा थर्मामीटर का प्रयोग किया जाता है। यह काँच की मोटी दीवार वाली केशिकानली का बना होता है। इसका निचला सिरा घुण्डीनुमा होता है। इसका आविष्कार सेल्सियस नामक वैज्ञानिक ने किया था। यह तापमापी 0° से 100° सेल्सियस तक 100 समान भागों में बँटा रहता है। इसमें जल के हिमांक के लिए 0°C तथा क्वथनांक के लिए 100°C लिखा जाता है।
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 9 तापमान
तापमापी

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ

MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(1) पृथ्वी अपनी धुरी पर ……………….. घण्टे में एक बार घूमती है।
(2) पृथ्वी सूर्य की एक परिक्रमा …………….. दिन में करती है।
(3) दिन व रात का होना पृथ्वी की ……… का परिणाम है।
(4) पृथ्वी को ………….. से ताप प्राप्त होता है।
(5) अक्षतल से पृथ्वी का अक्ष ……………. अंश झुका है।
उत्तर:
(1) 24
(2) 3654
(3) घूर्णन
(4) सूर्य
(5) 662.

प्रश्न 2.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए –
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-1
उत्तर:
(1) (b) विषुवत रेखा
(2) (c) कर्क रेखा
(3) (a) मकर रेखा

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) घूर्णन गति से क्या आशय है ?
उत्तर:
पृथ्वी अपनी अक्ष पर घूमते हुए 24 घण्टे में एक चक्कर पूर्ण कर लेती है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन गति कहते हैं। पृथ्वी पर दिन-रात इसी गति के कारण होते हैं।

(2) पृथ्वी की परिक्रमण गति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए एक अण्डाकार मार्ग पर सूर्य के चारों ओर 3651 दिन में एक चक्कर लगा लेती है। पृथ्वी की इस गति को परिक्रमण गति कहते हैं। इस गति के कारण ऋतु परिवर्तन होते हैं।

(3) ऋतु परिवर्तन पृथ्वी की किस गति का परिणाम है ?
उत्तर:
ऋतु परिवर्तन पृथ्वी की परिक्रमण गति का परिणाम है।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) पृथ्वी की गतियों को सचित्र समझाइए।
उत्तर:
पृथ्वी अन्तरिक्ष में अपने अक्ष पर घूमने के साथ – साथ अण्डाकार मार्ग पर सूर्य की परिक्रमा करती है। इस प्रकार पृथ्वी की दो गतियाँ होती हैं –

  • घूर्णन अथवा दैनिक गति
  • परिक्रमण अथवा वार्षिक गति।

(i) घूर्णन गति – पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए 24 घण्टे में एक चक्कर पूर्ण कर लेती है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन गति कहते हैं

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-2
                   पृथ्वी की घूर्णन गति

(ii) परिक्रमण गति – पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमते हुए एक अण्डाकार मार्ग पर सूर्य के चारों ओर 365 दिन में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। पृथ्वी की इस गति को परिक्रमण गति कहते हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-3
          परिक्रमण गति

(2) पृथ्वी पर दिन-रात किस प्रकार होते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 1 झुकी हुई निरन्तर घूमती रहती है तथा एक पूर्ण चक्कर 24 घण्टे में पूरा कर लेती है। यह पृथ्वी की दैनिक गति अथवा घूर्णन गति कहलाती है। पृथ्वी की इस गति के कारण ही पृथ्वी पर दिन-रात होते हैं। पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन करने के साथ-साथ सूर्य का परिक्रमण भी करती है। पृथ्वी की इन गतियों में पृथ्वी का जो भाग सूर्य के सामने पड़ जाता है वहाँ दिन तथा जो भाग पीछे छाया में रहता है, वहाँ रात होती है।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-4
पृथ्वी पर रात और दिन

(3) पृथ्वी के ऋतु परिवर्तन का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
ऋतु परिवर्तन
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 7 पृथ्वी की गतियाँ-5
                            ऋतु परिवर्तन

MP Board Class 7th Social Science Solutions