MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि

MP Board Class 9th Science Chapter 12 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 182

प्रश्न 1.
किसी माध्यम में ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ आपके कानों तक कैसे पहुँचता है?
उत्तर:
ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ माध्यम (वायु) के सम्पीडनों एवं विरलनों के द्वारा हमारे कानों तक पहुँचता है।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 182

प्रश्न 1.
आपके विद्यालय की घण्टी, ध्वनि कैसे उत्पन्न करती है?
उत्तर:
जब हम विद्यालय की घण्टी पर हथौड़े से चोट मारते हैं तो वह कम्पन करने लगता है जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है। इस प्रकार ध्वनि उत्पन्न होती है।

प्रश्न 2.
ध्वनि तरंगों को यान्त्रिक तरंगें क्यों कहते हैं?
उत्तर:
ध्वनि तरंगों को यान्त्रिक तरंगें कहते हैं क्योंकि इसके संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3.
मान लीजिए आप अपने मित्र के साथ चन्द्रमा पर गए हुए हैं? क्या आप अपने मित्र द्वारा उत्पन्न ध्वनि को सुन पायेंगे?
उत्तर:
नहीं।

प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 186

प्रश्न 1.
तरंग का कौन-सा गुण निम्नलिखित को निर्धारित करता है?
1. प्रबलता
2. तारत्व
उत्तर:

  1. आयाम
  2. आवृत्ति।

प्रश्न 2.
अनुमान लगाइए कि निम्न में से किस ध्वनि का तारत्व अधिक है?
(a) गिटार
(b) कार का हॉर्न।
उत्तर:
(a) गिटार का।

MP Board Solutions

प्रश्न श्रृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 186

प्रश्न 1.
किसी ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति, आवर्तकाल तथा आयाम से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
तरंगदैर्घ्य:
“दो क्रमागत सम्पीडनों अथवा दो क्रमागत विरलनों के मध्य की दूरी तरंग की तरंगदैर्घ्य कहलाती है।” इसे लैम्डा (λ) से निरूपित करते हैं।

आवृत्ति:
“प्रति एकांक समय में पूर्ण किए गए दोलनों (अर्थात् गुजरने वाले संपीडनों तथा विरलनों) की संख्या को तरंग की आवृत्ति कहते हैं।” इसे न्यू (ν) से प्रदर्शित करते हैं।”

आवर्तकाल:
“दो क्रमागत संपीडनों या दो क्रमागत विरलनों को किसी निश्चित बिन्दु से गुजरने में लगे समय को तरंग का आवर्तकाल कहते हैं।” इसे T से प्रदर्शित करते हैं।

आयाम:
“किसी माध्यम में मूल स्थिति के दोनों ओर अधिकतम विक्षोभ को तरंग का आयाम कहते हैं।” इसे a से प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 2.
किसी ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति उसके वेग से किस प्रकार सम्बन्धित है?
उत्तर:
ध्वनि तरंग का वेग (v) = तरंग की आवृत्ति (ν) x तरंगदैर्घ्य (λ)।

प्रश्न 3.
किसी दिए हुए माध्यम में एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 220 Hz तथा वेग 440 ms-1 है। इस तरंग की तरंगदैर्घ्य का परिकलन कीजिए।
हल:
∵ ज्ञात है:
आवृत्ति ν = 220
वेग v = 440 m s-1
ज्ञात करना है:
तरंगदैर्घ्य λ = ?
v = νλ
⇒ 440 = 220 λ
λ = \(\frac{440}{220}\) = 2 m
अतः अभीष्ट तरंगदैर्घ्य = 2 m.

प्रश्न 4.
किसी ध्वनि स्त्रोत से 450 m दूरी पर बैठा हुआ कोई मनुष्य 500 Hz की ध्वनि सुनता है। स्रोत से मनुष्य के पास तक पहुँचने वाले दो क्रमागत संपीडनों में कितना समय अन्तराल होगा?
उत्तर:
मान लीजिए दो क्रमागत संपीडनों के मध्य समय अन्तराल (आवर्तकाल) = T
ध्वनि की आवृत्ति ν = 500 (दिया है)
अब T = \(\frac{1}{ν}\) = \(\frac{1}{500}\) = 0.002 s
अत: अभीष्ट समय 0.002 s लगेगा।

MP Board Solutions

प्रश्न शृंखला-5 # पृष्ठ संख्या 187

प्रश्न 1.
ध्वनि की प्रबलता तथा तीव्रता में अन्तर बताइए।
उत्तर:
प्रबलता ध्वनि के लिए कानों की संवेदनशीलता की माप है, जबकि तीव्रता एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकण्ड गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा है। दो ध्वनियों की समान तीव्रता होते हुए भी उनकी प्रबलता अलग-अलग हो सकती है।

प्रश्न शृंखला-6 # पृष्ठ संख्या 188

प्रश्न 1.
वायु, जल या लोहे में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज चलती है?
उत्तर:
लोहे में।

प्रश्न श्रृंखला-7 # पृष्ठ संख्या 189

प्रश्न 1.
कोई प्रतिध्वनि 3 s पश्चात् सुनाई देती है। यदि ध्वनि की चाल 342 m s-1 हो तो स्रोत तथा परावर्तन पृष्ठ के बीच कितनी दूरी होगी?
हल:
ज्ञात है:
ध्वनि की चाल v = 342 m s-1
समय-अन्तराल t = 3 s
माना स्रोत एवं परावर्तक तल के बीच की ध्वनि = x m
तो ध्वनि द्वारा चली गई कुल दूरी s = 2x
तो 2x = चली दूरी (S) = वेग (v) x समय अन्तराल (t)
⇒ 2x = 342 x 3 = 1026
⇒ x = 1026/2 = 513 m
अत: अभीष्ट दूरी = 513 m.

प्रश्न श्रृंखला-8 # पृष्ठ संख्या 190

प्रश्न 1.
कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार क्यों होती है?
उत्तर:
कंसर्ट हॉल की छतें वक्राकार बनाई जाती हैं जिससे कि परावर्तन के पश्चात् ध्वनि हॉल के सभी भागों में पहुँच जाय।

प्रश्न श्रृंखला-9 # पृष्ठ संख्या 191

प्रश्न 1.
सामान्य मनुष्य के कानों के लिए श्रव्यता परिसर (सीमा) क्या है?
उत्तर:
20 Hz से लेकर 20 हजार Hz तक।

प्रश्न 2.
निम्न से सम्बन्धित आवृत्तियों का परिसर क्या है?
1. अवश्रव्य ध्वनि
2. पराश्रव्य ध्वनि।
उत्तर:

  1. 20 Hz से कम
  2. 20 हजार Hz से अधिक।

प्रश्न श्रृंखला-10 # पृष्ठ संख्या 193

प्रश्न 1.
एक पनडुब्बी सोनार स्पन्द उत्सर्जित करती है, जो पानी के अन्दर एक खड़ी चट्टान से टकराकर 1.02 5 के पश्चात् वापस लौटता है। यदि खारे पानी में ध्वनि की चाल 1531 m s-1 हो, तो चट्टान की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
ध्वनि की चाल y = 1531 m s-1
एवं समय अन्तराल t = 1.02 s
माना चट्टान की दूरी = x m
तो चली गई कुल दूरी = 2x m
दूरी 2x = वेग (v) x समय अन्तराल (t)
⇒ 2x = 1531 x 1.02
⇒ \(x=\frac{1531 \times 1 \cdot 02}{2}\)
⇒ 780.81 m
अतः चट्टान की अभीष्ट दूरी = 780.81 m.

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 12 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
ध्वनि क्या है? यह कैसे उत्पन्न होती है?
उत्तर:
ध्वनि:
“ऊर्जा का एक रूप जो हमारे कानों में श्रवण का संवेदन उत्पन्न करती है, ध्वनि कहलाती है।” ध्वनि स्रोत के कम्पन करने से उत्पन्न होती है।

प्रश्न 2.
एक चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए कि ध्वनि के स्रोत के निकट वायु में सम्पीडन एवं विरलन कैसे उत्पन्न होते हैं?
उत्तर:
जब कोई ध्वनि स्रोत कम्पन करता है तो वह अपने सामने की वायु को धक्का देकर सम्पीडित करती है और एक उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस क्षेत्र को सम्पीडन (C) कहते हैं। यह सम्पीडन कम्पमान वस्तु से आगे की ओर गति करता है। जब स्रोत पीछे की ओर कम्पन करता है तो एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है जिसे विरलन (R) कहते हैं। इस प्रकार स्रोत के निकट वायु में सम्पीडन एवं विरलन उत्पन्न होते हैं।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 1

प्रश्न 3.
किस प्रयोग से यह दर्शाया जा सकता है कि ध्वनि संचरण के लिए एक द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है?
उत्तर:
“ध्वनि संचरण के लिए द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता होती है” दर्शाने हेतु प्रयोग:
प्रयोग:
एक बेलजार लेकर चित्रानुसार उसका सम्पर्क निर्वात पम्प से कर देते हैं तथा कॉर्क की सहायता से उसमें एक विद्युत घण्टी लटका देते हैं।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 2
जब हम घण्टी का स्विच दबाते हैं तो घण्टे के बजने की स्पष्ट आवाज सुनाई देती है। अब पम्प द्वारा धीरे-धीरे वायु निकालते हैं तो देखते हैं कि स्विच दबाने पर आवाज धीमी होती जाती है और जब बेलजार में पूर्ण निर्वात हो जाता है तब घण्टी की आवाज सुनाई देना बन्द हो जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 4.
ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्घ्य क्यों होती है?
उत्तर:
ध्वनि तरंगों का संचरण सम्पीडनों एवं विरलनों के माध्यम से होता है तथा संचरण माध्यम में दाब तथा घनत्व में परिवर्तन होता है और ये अनुदैर्घ्य तरंगों के अभिलक्षण (प्रगुण) हैं। इसलिए ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्घ्य होती है।

प्रश्न 5.
ध्वनि का कौन-सा अभिलक्षण किसी अन्य अंधेरे कमरे में बैठे आपके मित्र की आवाज पहचानने में आपकी सहायता करता है?
उत्तर:
ध्वनि की गुणता वह अभिलक्षण है जो मित्र की आवाज को पहचानने में हमारी मदद करता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
तड़ित की चमक तथा गर्जन साथ-साथ उत्पन्न होते हैं लेकिन चमक दिखाई देने के कुछ सेकण्ड पश्चात् गर्जन सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
चमक (प्रकाश) का वेग गर्जन (ध्वनि) के वेग से पर्याप्त मात्रा में अधिक होता है। इसलिए चमक (प्रकाश) हम तक पहले पहुँच जाती है तथा गर्जन (ध्वनि) को पहुँचने में कुछ समय अधिक लग जाता है।

प्रश्न 7.
किसी व्यक्ति का औसत श्रव्य परिसर 20 Hz से 20 kHz है। इन दो आवृत्तियों के लिए ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए। वायु में ध्वनि का वेग 344 m s-1 लीजिए।
हल:
ज्ञात है:
निम्न परिसर की आवृत्ति ν(l) 20 Hz
उच्च परिसर की आवृत्ति νu = 20 kHz
ध्वनि का वेग v = 344 m s-1
हम जानते हैं कि
v = νλ
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 3
अतः अभीष्ट तरंगदैर्घ्य क्रमशः 17.2 m एवं 17.2 x 10-3m है।

प्रश्न 8.
दो बालक किसी ऐलुमिनियम पाइप के दो सिरों पर हैं। एक बालक पाइप के एक सिरे पर पत्थर से आघात करता है। दूसरे सिरे पर स्थित बालक तक वायु तथा ऐलुमिनियम से होकर जाने वाली ध्वनि तरंगों द्वारा लिए गए समय का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल:
ऐलुमिनियम में ध्वनि का वेग v(Al) = 6420 m s-1 एवं
वायु में ध्वनि का वेग v(a) = 346 m s-1
मान लीजिए कि ऐलुमिनियम के पाइप की लम्बाई x m है तथा ध्वनि द्वारा वायु एवं ऐलुमिनियम में लिया गया समय क्रमशः t(a) एवं t(Al) है तो
दूरी x = वेग x समय = v x t
v(a) x t(a) = v(Al) x t(Al)
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 4
अतः लिए गए समयों में अभीष्ट अनुपात 18.55 : 1 है।

प्रश्न 9.
किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति 100 Hz है। एक मिनट में यह कितनी बार कम्पन करेगा?
हल:
कम्पनों की कुल संख्या = आवृत्ति x समय (सेकण्ड में)
= 100 x 60 = 6000 कम्पन
अतः अभीष्ट कम्पनों की संख्या = 6000.

प्रश्न 10.
क्या ध्वनि परावर्तन के उन्हीं नियमों का पालन करती है जिनका पालन प्रकाश की तरंगें करती हैं? इन नियमों को बताइए।
उत्तर:
हाँ, ध्वनि तरंगें भी परावर्तन के उन्हीं नियमों का पालन करती हैं जिनका पालन प्रकाश की तरंगें करती हैं।
परावर्तन के नियम:

  1. आपतन कोण = परावर्तन कोण
  2. आपाती किरण, परावर्तित किरण एवं अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।

प्रश्न 11.
ध्वनि का एक स्रोत किसी परावर्तक पृष्ठ के सामने रखने पर उसके द्वारा प्रदत्त ध्वनि तरंग की प्रति ध्वनि सुनाई देती है। यदि स्रोत तथा परावर्तक पृष्ठ की दूरी पर स्थिर रहे तो किस दिन प्रतिध्वनि अधिक शीघ्र सुनाई देगी –
1. जिस दिन ताप अधिक हो,
2. जिस दिन ताप कम हो।
उत्तर:
1. जिस दिन ताप अधिक हो।

प्रश्न 12.
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लिखिए।
उत्तर:
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के व्यावहारिक उपयोग –

  1. मेगाफोन, लाउडस्पीकर आदि द्वारा ध्वनि विस्तारण में।
  2. स्टेथोस्कोप द्वारा हृदय की धड़कनों को डॉक्टर के कानों तक पहुँचाने में।

MP Board Solutions

प्रश्न 13.
500 मीटर ऊँची किसी मीनार की चोटी से एक पत्थर मीनार के आधार पर स्थित एक पानी के तालाब में गिराया जाता है। पानी में उसके गिरने की ध्वनि चोटी पर कब सुनाई देगी? (g = 10 m s-1 तथा ध्वनि की चाल = 340 m s-1)
हल:
ज्ञात है:
मीनार की ऊँचाई h = 500 m
पत्थर का प्रारम्भिक वेग u = 0 m s-1
गुरुत्वीय त्वरण g = 10 m s-2
ध्वनि की चाल v = 340 m s-1
पत्थर को जल तक पहुँचने में लगा समय = t1 है तो पत्थर के मुक्त पतन में,
h = ut1 + 2gt12
500 = 0 (t1) + \(\frac{1}{2}\) x 10 x t12
⇒ t12 = 100 ⇒ t1 = \(\sqrt{100}\) = 10 s
माना ध्वनि को चोटी तक पहुँचने में लगा समय t2 है तो
दूरी = वेग x समय
500 = 340 x t2
⇒ t2 = 500/340 = 1.47 s
कुल समय t = t1 + t2 = 10 s + 1-47 s = 11.47 s
अत: अभीष्ट ध्वनि 11.47 5 बाद सुनाई देगी।

प्रश्न 14.
एक ध्वनि तरंग 339 m s-1 की चाल से चलती है। यदि इसकी तरंगदैर्घ्य 1.5 cm हो, तो तरंग की आवृत्ति कितनी होगी? क्या यह श्रव्य होगी?
हल:
ज्ञात है:
ध्वनि की चाल v = 339 m s-1
तरंगदैर्घ्य λ = 1.5 cm
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 5
अतः तरंग की अभीष्ट आवृत्ति = 22,600 Hz होगी तथा यह श्रव्य नहीं पराश्रव्य होगी।

प्रश्न 15.
अनुरणन क्या है ? इसे कैसे कम किया जा सकता है? (2018)
उत्तर:
अनुरणन:
“किसी बड़े हॉल की दीवारों से ध्वनि के बार-बार परावर्तन के कारण ध्वनि काफी समय तक बनी रहती है। इस प्रकार क्रमिक परावर्तनों के फलस्वरूप सुनी गयी ध्वनि अर्थात् ध्वनि, निर्बन्ध अनुरणन कहलाता है।”

अनुरणन को कम करने के उपाय:
इसे कम करने के लिए हॉल की दीवारों एवं छतों पर ध्वनि अवशोषक लगाये जाते हैं।

प्रश्न 16.
ध्वनि की प्रबलता से क्या अभिप्राय है? यह किन कारकों पर निर्भर करती है?
उत्तर:
ध्वनि की प्रबलता:
“अधिक ऊर्जा युक्त ध्वनि तरंगें अधिक दूरी तक जाती हैं। ध्वनि के इस गुण को ध्वनि की प्रबलता कहते हैं।” ध्वनि की प्रबलता इसके आयाम पर निर्भर करती है।

प्रश्न 17.
चमगादड़ अपना शिकार पकड़ने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे करते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
चमगादड़ द्वारा अन्धकार में अपना शिकार ढूँढ़ने की युक्ति:
चमगादड़ अन्धकार में अपना शिकार ढूँढ़ने के लिए सोनार युक्ति का उपयोग करते हैं। वे उड़ते समय पराध्वनि तरंगें उत्सर्जित करते हैं जो उच्च आवृत्ति के कारण अवरोधों एवं कीटों से परावर्तित होकर चमगादड़ के कानों तक पहुँचती हैं जिनका चमगादड़ संसूचन करते हैं। इन परावर्तित स्पन्दों की प्रकृति से चमगादड़ को पता चल जाता है कि उसका शिकार कहाँ है तथा किस प्रकार का है।

प्रश्न 18.
वस्तुओं को साफ करने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे करते हैं?
उत्तर:
वस्तुओं को साफ करने के लिए पराध्वनि का उपयोग:
पराध्वनि प्रायः उन भागों को साफ करने में उपयोग में लाई जाती है जिन तक पहुँचना बहुत कठिन होता है। जिन वस्तुओं की सफाई करनी होती है उन्हें साफ करने वाले विलयन में रखकर उसमें पराध्वनि प्रेषित की जाती है। उच्च आवृत्ति के विक्षोभ के कारण चिकनाई, धूल कण एवं गन्दगी के कण अलग होकर विलयन में आ जाते हैं और इस प्रकार वस्तु पूर्णतया साफ हो जाती है। इस विधि का उपयोग प्रायः विषम आकार के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक अवयव आदि को साफ करने में किया जाता है।

प्रश्न 19.
सोनार की कार्यविधि तथा उपयोगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सोनार की कार्यविधि:
सोनार में एक प्रेषित्र एवं एक संसूचक लगा होता है। जहाज पर लगे प्रेषित्रों द्वारा नियमित समय अन्तरालों पर पराश्रव्य ध्वनि के शक्तिशाली स्पन्दों अर्थात् सिग्नलों को लक्ष्य तक भेजा जाता है। ये तरंगें जल में गति करती हैं तथा लक्ष्य से टकराने के बाद परावर्तित होकर संसूचक द्वारा ग्रहण कर ली जाती हैं। संसूचक पराध्वनि को विद्युत संकेतों में बदल देता है जिनकी व्याख्या कर ली जाती है। जल में ध्वनि की चाल तथा पराध्वनि के प्रेषण एवं अधिग्रहण के समय को ज्ञात करके लक्ष्य की दूरी की गणना कर ली जाती है।

सोनार के उपयोग:
सोनार के निम्नांकित प्रमुख उपयोग हैं –

  1. चमगादड़ द्वारा अन्धकार में अपना शिकार ढूँढ़ने में।
  2. चमगादड़ का रात्रि में उड़ते समय अवरोधों से टकराने से बचाव करने में।
  3. पॉरपॉइस मछलियों द्वारा अंधेरे में अपने भोजन की खोज करने में।
  4. समुद्र में डूबे हुए जहाज एवं पनडुब्बियों का पता लगाने में तथा समुद्र की गहराई ज्ञात करने में।
  5. समुद्र के अन्दर स्थित चट्टानों, घाटियाँ, हिम शैलों एवं अन्य अवरोधों की स्थिति पता करने में।

MP Board Solutions

प्रश्न 20.
एक पनडुब्बी पर लगी सोनार युक्ति, संकेत भेजती है और उनकी प्रतिध्वनि 5 s पश्चात् ग्रहण करती है। यदि पनडुब्बी से वस्तु की दूरी 3625 m हो तो ध्वनि की चाल की गणना कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
पनडुब्बी से वस्तु की दूरी d=3625 m
प्रतिध्वनि में लगा समय t=5 s
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 6
अतः ध्वनि की अभीष्ट चाल = 1450 m s-1.

प्रश्न 21.
किसी धातु के ब्लॉक में दोषों का पता लगाने के लिए पराध्वनि का उपयोग कैसे किया जाता है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
धातु के ब्लॉक में दोषों का पता लगाने में पराध्वनि का उपयोग-पराध्वनि तरंगों को धातु ब्लॉक से प्रेषित किया जाता है और प्रेषित तरंगों का पता लगाने के लिए संसूचकों का उपयोग किया जाता है। दोष होने पर पराध्वनि परावर्तित होकर दोष की उपस्थिति को दर्शाती है।

प्रश्न 22.
मनुष्य का कान किस प्रकार कार्य करता है? विवेचना कीजिए।
उत्तर:
निर्देश:
परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 3 देखिए।

MP Board Class 9th Science Chapter 12 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
स्वर एक ऐसी ध्वनि है –
(a) जिसमें कई आवृत्तियाँ होती हैं
(b) जिसमें केवल दो आवृत्तियाँ होती हैं
(c) जिसमें एकल आवृत्ति होती है
(d) जिसको सुनना सदैव दुखद होता है
उत्तर:
(c) जिसमें एकल आवृत्ति होती है

प्रश्न 2.
यान्त्रिक पियानो की किसी कुंजी को पहले धीरे से और फिर जोर से दबाया गया। दूसरी बार उत्पन्न ध्वनि –
(a) पहली ध्वनि से प्रबल होगी लेकिन इसका तारत्व भिन्न नहीं होगा
(b) पहली ध्वनि से प्रबल होगी और इसका तारत्व भी अपेक्षाकृत उच्च होगा
(c) पहली ध्वनि से प्रबल होगी परन्तु इसका तारत्व अपेक्षाकृत निम्न होगा
(d) प्रबलता और तारत्व दोनों ही प्रभावित नहीं होंगे
उत्तर:
(a) पहली ध्वनि से प्रबल होगी लेकिन इसका तारत्व भिन्न नहीं होगा

प्रश्न 3.
सोनार (SONAR) में हम उपयोग करते हैं –
(a) पराश्रव्य तरंगें
(b) अवश्रव्य तरंगें
(c) रेडियो तरंगें
(d) श्रव्य तरंगें
उत्तर:
(a) पराश्रव्य तरंगें

प्रश्न 4.
ध्वनि वायु में गमन करती है यदि –
(a) माध्यम के कण एक स्थान से दूसरे स्थान पर गमन कर रहे हों
(b) वायुमण्डल में आर्द्रता न हो
(c) विक्षोभ गमन करे
(d) कण एवं विक्षोभ दोनों ही एक स्थान से दूसरे स्थान को गमन करें
उत्तर:
(c) विक्षोभ गमन करे

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
किसी क्षीण ध्वनि को प्रबल ध्वनि में परिवर्तित करने के लिए किसमें वृद्धि करनी होगी?
(a) आवृत्ति
(b) आयाम
(c) वेग
(d) तरंगदैर्घ्य
उत्तर:
(b) आयाम

प्रश्न 6.
दर्शाए गए वक्र में आधी तरंगदैर्घ्य है –
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 7
(a) AB
(b) BD
(c) DE
(d)AE
उत्तर:
(b) BD

प्रश्न 7.
भूकम्प मुख्य प्रघाती तरंगों से पहले किस प्रकार की ध्वनि उत्पन्न करते हैं?
(a) पराश्रव्य तरंगें
(b) अवश्रव्य तरंगें
(c) श्रव्य ध्वनि
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(b) अवश्रव्य तरंगें

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से कौन अवश्रव्य ध्वनि सुन सकता है?
(a) कुत्ता
(b) चमगादड़
(c) राइनोसेरस (गैंडा)
(d) मनुष्य
उत्तर:
(c) राइनोसेरस (गैंडा)

प्रश्न 9.
किसी संगीत समारोह में वृंद वाद्य बजाने से पूर्व कोई सितार वादक तनाव को समायोजित करते हुए डोरी को उचित प्रकार से झंकृत करने का प्रयास करता है। ऐसा करके वह क्या समायोजित करता है?
(a) केवल ध्वनि की तीव्रता
(b) केवल ध्वनि का आयाम
(c) सितार की डोरी की आवृत्ति को अन्य वाद्य यन्त्रों की आवृत्ति के साथ
(d) ध्वनि की प्रबलता
उत्तर:
(c) सितार की डोरी की आवृत्ति को अन्य वाद्य यन्त्रों की आवृत्ति के साथ

प्रश्न 10.
v, ν एवं 2 में सम्बन्ध है –
(a) v = νλ
(b) ν = vλ
(c) λ = vλ
(d) v νλ = 1
उत्तर:
(a) v = νλ

प्रश्न 11.
चमगादड़ द्वारा उत्सर्जित तरंग होती है – (2018, 19)
(a) अवश्रव्य
(b) श्रव्य
(c) पराध्वनि
(d) प्रतिध्वनि
उत्तर:
(c) पराध्वनि

प्रश्न 12.
सोनार तकनीक में किस प्रकार की ध्वनि तरंगों को प्रयोग में लाया जाता है?
(a) श्रव्य
(b) अवश्रव्य
(c) पराश्रव्य
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) पराश्रव्य

प्रश्न 13.
पराश्रव्य तरंगों की आवृत्ति होती है –
(a) 20 Hz से कम
(b) 20 से 20,000 Hz के बीच
(c) 20,000 Hz से अधिक
(d) शून्य
उत्तर:
(c) 20,000 Hz से अधिक

प्रश्न 14.
ध्वनि तरंगें होती हैं – (2018, 19)
(a) चुम्बकीय तरंगें
(b) विद्युत तरंगें
(c) विद्युत चुम्बकीय तरंगें
(d) यान्त्रिक तरंगें
उत्तर:
(d) यान्त्रिक तरंगें

प्रश्न 15.
अधिकतम सहनीय ध्वनि है –
(a) 0 db
(b) 10 db
(c) 60 db
(d) 120 db
उत्तर:
(d) 120 db

MP Board Solutions

प्रश्न 16.
ध्वनि का वेग सबसे अधिक होता है – (2019)
(a) ठोस में
(b) द्रव में
(c) गैस में
(d) इन सभी में
उत्तर:
(a) ठोस में

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. ध्वनि तरंगें ……………. तरंगें होती हैं।
2. एक दोलन में लिया गया समय …………….. कहलाता है।
3. एक सेकण्ड में पूर्ण दोलनों की संख्या ……………. कहलाती है।
4. ……………. तरंगें श्रृंग एवं गर्त के द्वारा आगे बढ़ती हैं।
5. …………….. तरंगें सम्पीडन एवं विरलन के द्वारा आगे बढ़ती हैं।
6. प्रतिध्वनि, अवरोधक पृष्ठों से ध्वनि के …………… के कारण होती है।
7. ध्वनि मापन की …………… इकाई है। (2019)
8. श्रव्य तरंगों की परास …………….. होती है। (2019)
उत्तर:

  1. यान्त्रिक
  2. दोलन काल
  3. आवृत्ति
  4. अनुप्रस्थ
  5. अनुदैर्घ्य
  6. परावर्तन
  7. डेसीबल
  8. 20 Hz से 20,000 Hz.

सही जोड़ी बनाना
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 8
उत्तर:

  1. → (iii)
  2. → (vi)
  3. → (v)
  4. → (i)
  5. → (ii)
  6. → (iv).

सत्य/असत्य कथन

1. पराश्रव्य तरंगों को कुत्ते सुन लेते हैं।
2. चमगादड़ अवश्रव्य तरंगें उत्पन्न करती है तथा सुनती है।
3. यान्त्रिक तरंगों के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है।
4. वायु में अनुप्रस्थ एवं अनुदैर्घ्य दोनों प्रकार की तरंगें संचरित होती हैं।
5. किसी द्रव्यात्मक माध्यम में उत्पन्न विक्षोभ को तरंग कहते हैं।
6. अनुप्रस्थ व अनुदैर्घ्य तरंगों को प्रगामी तरंग कहते हैं।
उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. सत्य
  6. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
ध्वनि तरंगें किस प्रकार की तरंगें होती हैं?
उत्तर:
अनुदैर्घ्य यान्त्रिक तरंगें।

प्रश्न 2.
ठोस, द्रव एवं गैस किसमें ध्वनि वेग सर्वाधिक होता है?
उत्तर:
ठोस में।

प्रश्न 3.
आवर्तकाल (T) एवं आवृत्ति (ν) में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
Tν = 1.

प्रश्न 4.
तरंग वेग (v), आवृत्ति (ν) एवं तरंगदैर्घ्य (λ) में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
v = νλ.

प्रश्न 5.
तरंग वेग (v), आवर्तकाल (T) एवं तरंगदैर्घ्य (λ) में सम्बन्ध लिखिए।
उत्तर:
vT = 2.

प्रश्न 6.
प्रतिध्वनि के लिए ध्वनि उत्पादक एवं परावर्तक तल के बीच न्यूनतम कितनी दूरी होगी?
उत्तर:
17.2 m.

प्रश्न 7.
अवश्रव्य तरंगों को सुनने वाले जन्तु का नाम लिखिए।
उत्तर:
गेंडा।

प्रश्न 8.
पराश्रव्य (पराध्वनि) को सुनने वाले जन्तु का नाम लिखिए।
उत्तर:
चमगादड़ अथवा कुत्ता।

प्रश्न 9.
श्रव्य तरंगों की परास लिखिए।
उत्तर:
20 Hz से 20 हजार Hz।

प्रश्न 10.
अवश्रव्य तरंगों की परास लिखिए।
उत्तर:
20 Hz से कम।

प्रश्न 11.
पराश्रव्य तरंगों की परास लिखिए।
उत्तर:
20 हजार Hz से अधिक।

प्रश्न 12.
SONAR का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर:
Sound Navigation And Ranging.

प्रश्न 13.
SONAR में किस प्रकार की तरंगें प्रयोग की जाती हैं?
उत्तर:
पराश्रव्य (पराध्वनिक)।

प्रश्न 14.
कौन-सी तरंगें दाब तरंगें कहलाती हैं?
उत्तर:
ध्वनि तरंगें।

प्रश्न 15.
निर्वात में ध्वनि की चाल कितनी होती है?
उत्तर:
शून्य (0)।

प्रश्न 16.
यदि किसी झील की तली में कोई विस्फोट हो तो जल में किस प्रकार की प्रघात तरंगें उत्पन्न होंगी?
उत्तर:
अनुदैर्घ्य तरंगें।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यान्त्रिक तरंगें किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
यान्त्रिक तरंगें:
“जो तरंगें किसी द्रव्यात्मक माध्यम में उसके कणों के दोलन करने के कारण उत्पन्न होती हैं, वे यान्त्रिक तरंगें कहलाती हैं।

प्रश्न 2.
अनुदैर्घ्य तरंगें किसे कहते हैं?
उत्तर:
अनुदैर्घ्य तरंगें:
“वे तरंगें जिनमें माध्यम के कणों के दोलन की दिशा एवं तरंगों के संचरण की दिशा एक ही होती है, अनुदैर्घ्य तरंगें कहलाती हैं।

प्रश्न 3.
अनुप्रस्थ तरंगें किसे कहते हैं?
उत्तर:
अनुप्रस्थ तरंगें:
“वे तरंगें जिनमें माध्यम के कणों के दोलन की दिशा तरंग संचरण की दिशा के लम्बवत् होती है, अनुप्रस्थ तरंगें कहलाती हैं।”

प्रश्न 4.
पराश्रव्य ध्वनि या पराध्वनि क्या है?
उत्तर:
पराश्रव्य ध्वनि या पराध्वनि:
“जिन ध्वनियों की आवृत्ति 20 हजार Hz से अधिक होती है, वे पराश्रव्य ध्वनि या पराध्वनि कहलाती हैं।”

प्रश्न 5.
अवश्रव्य ध्वनि क्या है?
उत्तर:
अवश्रव्य ध्वनि:
वह ध्वनि जिसकी आवृत्ति परिसर 20 Hz से कम होती है, अवश्रव्य ध्वनि कहलाती है।”

प्रश्न 6.
श्रव्य ध्वनि किसे कहते हैं?
उत्तर:
श्रव्य ध्वनि:
“वह ध्वनि जिसको सुनने के लिए हमारे कान संवेदनशील होते हैं तथा जिनकी आवृत्ति परिसर 20 Hz से 20 हजार Hz होती है, श्रव्य ध्वनि कहलाती है।”

प्रश्न 7.
ध्वनि के परावर्तन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
ध्वनि का परावर्तन:
“जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम में संचरण करते हुए किसी पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौट आती है तो इस घटना को ध्वनि का परावर्तन कहते हैं।”

प्रश्न 8.
प्रतिध्वनि किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्रतिध्वनि:
“ध्वनि के परावर्तन के कारण ध्वनि के बार-बार सुनाई देने की घटना प्रतिध्वनि ‘कहलाती है।”

प्रश्न 9.
पराध्वनिक से क्या समझते हो?
उत्तर:
पराध्वनिक:
“जब कोई पिण्ड ध्वनि की चाल से अधिक चाल से चलता है तो उस पिण्ड को पराध्वनिक कहते हैं।”

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
ध्वनि बूम से क्या तात्पर्य है? (2019)
उत्तर:
ध्वनि बूम:
“जब कोई पिण्ड पराध्वनिक चाल से चलता है तो प्रघाती तरंगें उत्पन्न होती हैं। इन तरंगों के कारण वायुदाब में अत्यधिक परिवर्तन के कारण एक प्रकार का विस्फोट या कड़क ध्वनि उत्पन्न होती है, जिसे ध्वनि बूम कहते हैं।”

प्रश्न 11.
ध्वनि बूम के क्या परिणाम हैं? (2019)
उत्तर:
ध्वनि बूम के परिणाम:
ध्वनि बूम के कारण आस-पास रखी काँच की वस्तुएँ एवं खिड़कियों के शीशे टूट जाते हैं।

प्रश्न 12.
सोनार (SONAR) क्या है?
उत्तर:
“एक ऐसी औद्योगिक युक्ति जिसमें ध्वनि की पराश्रव्य तरंगों का उपयोग करके जल में स्थित पिण्डों की दूरी, दिशा तथा स्थिति का पता लगाया जाता है, सोनार कहलाती है।”

प्रश्न 13.
ध्वनि को दाब तरंगें क्यों कहते हैं?
उत्तर:
ध्वनि के संचरण से माध्यम में दाब विभिन्नता उत्पन्न हो जाती है इसलिए ध्वनि को दाब तरंगें कहते हैं।

प्रश्न 14.
संलग्न ग्राफ चित्र में 1500 m s-1 वेग से गतिमान किसी विक्षोभ का विस्थापन-समय सम्बन्ध दर्शाया गया है। इस विक्षोभ की तरंगदैर्घ्य परिकलित कीजिए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 9
हल:
ग्राफ से,
दिया है:
आवर्तकाल T = 2 x 10-6 s
ध्वनि का वेग v = 1500 m s-1
हम जानते हैं कि
तरंगदैर्घ्य (λ) = वेग (v) x आवर्तकाल (T)
= 1500 x 2 x 10-6 = 3 x 10-3 m
अतः अभीष्ट तरंगदैर्घ्य = 3 x 10-3 m.

प्रश्न 15.
संलग्न चित्र में दर्शाए गए दो ग्राफों (a) अथवा (b) में निरूपित मानव ध्वनियों में से कौन-सी ध्वनि पुरुष की हो सकती है? अपने उत्तर का कारण दीजिए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 10
हल:
ग्राफ से प्रकट हो रहा है कि ग्राफ a का आवर्तकाल b से अधिक है। अत: a की आवृत्ति b से कम है। इसलिए ग्राफ a की ध्वनि पुरुष की है। क्योंकि पुरुष के स्वर का तारत्व (आवृत्ति) स्त्रियों के स्वर के तारत्व (आवृत्ति) से कम होता है।

प्रश्न 16.
हम भिनभिनाती मधुमक्खी की ध्वनि सुन लेते हैं, जबकि हमें लोलक के दोलन की ध्वनि सुनाई नहीं देती। क्यों?
उत्तर:
भिनभिनाती मधुमक्खियाँ अपने पंखों को फड़फड़ाकर जो ध्वनि उत्पन्न करती है वह श्रव्य ध्वनि की परिसर में होती हैं। इसलिए हम उसे सुन लेते हैं जबकि लोलक के दोलन की आवृत्ति अवश्रव्य ध्वनि की परिसर में आती है अर्थात् उसकी आवृत्ति 20 Hz से कम होती है इसलिए हमें सुनाई नहीं देती।

MP Board Solutions

प्रश्न 17.
किसी तड़ित झंझा द्वारा उत्पन्न ध्वनि तड़ित दिखाई देने के 10 s बाद सुनाई देती है। गर्जन मेघ की सन्निकट दूरी परिकलित कीजिए। दिया है-ध्वनि की चाल = 340 m s-1
हल:
ज्ञात है:
ध्वनि की चाल v =340 m s-1
समय अन्तराल t = 10 s
गर्जन मेघ की दूरी
S = ध्वनि की चाल v x समय t
= दूरी S = 340 m s-1 x 10 s
= 3400 m = 3.4 km
अत: गर्जन मेघ की सन्निकट अभीष्ट दूरी = 3400 m अर्थात् 3.4 km.

प्रश्न 18.
संलग्न चित्र में कान द्वारा घड़ी की टिक-टिक की प्रबलतम ध्वनि सुनने के लिए कोण r ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 11
हल:
परावर्तन के नियम से
कोण r = कोण i
⇒ ∠r = 90° – 50° (चित्रानुसार)
= 40°
अतः r का अभीष्ट मान = 40°.

प्रश्न 19.
अच्छे सम्मेलन कक्षों अथवा कंसर्ट हॉलों की छत तथा मंच के पीछे की दीवारें वक्राकार क्यों बनाई जाती हैं?
उत्तर:
अच्छे सम्मेलन कक्षों अथवा कंसर्ट हॉलों की छत तथा मंच के पीछे की दीवारें वक्राकार इसलिए बनाई जाती हैं ताकि इनसे परावर्तन के पश्चात् ध्वनि हॉल में बैठे सभी दर्शकों तक सुस्पष्ट रूप से पहुँच सके।

MP Board Class 9th Science Chapter 12 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी तरंग की गुणधर्म लिखिए।
उत्तर:
किसी तरंग के गुणधर्म-किसी तरंग के गुणधर्म निम्न हैं –

  1. तरंग, कम्पन करते स्रोत द्वारा आवर्ती (Periodic) विक्षोभ के कारण होता है।
  2. तरंग के कारण ऊर्जा का स्थानान्तरण होता है, न कि पदार्थ का।
  3. तरंग के माध्यम के कण संचरित नहीं होते, वे अपनी मूल स्थिति में ही कम्पन करते हैं एवं अपने आस-पास के कणों में ऊर्जा का स्थानान्तरण करते हैं।
  4. तरंग की गति माध्यम की प्रकृति पर निर्भर करती है, तरंग स्रोत की गति या कम्पन पर नहीं।
  5. यदि तरंग स्रोत के चारों तरफ का माध्यम एकसमान (समांगी) है तो तरंग गति भी सभी दिशाओं में समान रहती है।

प्रश्न 2.
अनुप्रस्थ तरंग को रेखाचित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
अनुप्रस्थ तरंगें:
“वे तरंगें जिनमें माध्यम के कणों की गति की दिशा तरंग संचरण की दिशा के लम्बवत् होती है, अनुप्रस्थ तरंगें कहलाती हैं।” ये तरंगें श्रृंग और गर्त के रूप में संचरण करती हैं।

किसी रस्सी का एक सिरा किसी जगह बाँध कर उसके दूसरे सिरे को हाथ से ऊपर नीचे हिलाने पर रस्सी में अनुप्रस्थ तरंगें उत्पन्न होती हैं।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 12

प्रश्न 3.
अनुप्रस्थ तथा अनुदैर्ध्य तरंगों में अन्तर लिखिए। (2019)
उत्तर:
अनुप्रस्थ एवं अनुदैर्घ्य तरंगों में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 13

प्रश्न 4.
ध्वनि के परावर्तन के व्यावहारिक उपयोग लिखिए। (2019)
उत्तर:
ध्वनि के परावर्तन के व्यावहारिक उपयोग-ध्वनि के परावर्तन के प्रमुख व्यावहारिक उपयोग अग्रलिखित हैं –

  1. मेगाफोन, लाउडस्पीकर, हॉर्न, तुरही तथा शहनाई जैसे वाद्ययन्त्रों द्वारा ध्वनि विस्तार में।
  2. स्टेथोस्कोप द्वारा हृदय की धड़कनों को डॉक्टर के कानों तक पहुँचाने में।
  3. बड़े हॉलों एवं सभाकक्षों में वक्राकार छठों द्वारा ध्वनि को परावर्तित करके कक्षों के प्रत्येक हिस्से में ध्वनि को प्रेषित करने में।
  4. कर्ण, तुरही जैसी श्रवण सहाय युक्तियों के कार्य करने में।

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
ध्वनि का वेग या चाल v, आवृत्ति ν एवं तरंगदैर्घ्य 2 में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।
उत्तर:
∵ 1 कम्पन में तरंग चली दूरी = λ
ν कम्पन में तरंग द्वारा चली दूरी = νλ
चूँकि ν आवृत्ति है अत: यह 1 सेकण्ड में कम्पनी की संख्या है।
इसलिए 1 सेकण्ड में तरंग द्वारा चली गई दूरी = νλ
चूँकि 1 सेकण्ड में चली गई दूरी को वेग कहते हैं।
अतः v = νλ

प्रश्न 6.
यदि ध्वनि का वायु में वेग 340 m s-1 हो, तो
(a) 256 Hz आवृत्ति के लिए तरंगदैर्घ्य तथा
(b) 0.85 m तरंगदैर्घ्य के लिए आवृत्ति परिकलित कीजिए।
हल:
ज्ञात है:
ध्वनि का वेग = 340 m s-1
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 14
अत: अभीष्ट आवृत्ति = 400 Hz.

प्रश्न 7.
12 m x 12 m साइज के किसी पार्क के मध्य में कोई लड़की बैठी है। इस पार्क के दाहिनी ओर लगा हुआ भवन है तथा पार्क के बाँई ओर एक सड़क है। सड़क पर पटाखा फटने की ध्वनि होती है। क्या लड़की इस ध्वनि की प्रतिध्वनि सुन सकती है? अपना उत्तर स्पष्ट कीजिए।
हल:
भवन से टकराकर लड़की तक पहुँचने के लिए ध्वनि द्वारा चली कुल अतिरिक्त दूरी = 6 m + 6 m = 12 m.
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 15
चूँकि प्रतिध्वनि सुनने के लिए आवश्यक है कि मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के मध्य आवश्यक समय अन्तराल = 0.1 s हो। इसलिए प्रतिध्वनि निर्मित होने के लिए परावर्तित ध्वनि तरंग द्वारा चली गई आवश्यक न्यूनतम दूरी –
= ध्वनि वेग x समय अन्तराल
= 344 x 0.1 = 34.4 मीटर
इस प्रकरण में परावर्तित ध्वनि तरंग द्वारा चली गई कुल दूरी 12 मीटर है जो आवश्यक दूरी से बहुत कम है। अतः प्रतिध्वनि सुनाई नहीं देगी।

प्रश्न 8.
ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ के लिए दूरी के सन्दर्भ में दाब या घनत्व के परिवर्तनों को दर्शाने के लिए कोई वक्र खींचिए। इस वक्र पर संपीडन एवं विरलन की स्थितियाँ दर्शाइए। इस वक्र का उपयोग करके तरंगदैर्घ्य एवं आवर्तकाल की परिभाषा दीजिए।
हल:
दूरी के सन्दर्भ में दाब या घनत्व परिवर्तन दर्शाने के लिए ग्राफ:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 16
तरंगदैर्घ्य:
“दो क्रमागत सम्पीडनों अथवा दो क्रमागत विरलनों के बीच की दूरी तरंगदैर्घ्य होती है।”

आवर्तकाल:
“दो क्रमागत सम्पीडनों अथवा दो क्रमागत विरलनों के बीच की दूरी को तय करने में लगने वाला समय आवर्तकाल होता है।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 12 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ध्वनि संचरण की सचित्र व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
ध्वनि के संचरण की व्याख्या-ध्वनि के संचरण के लिए वायु अच्छा माध्यम है। जब कोई कम्पायमान वस्तु आगे की ओर कम्पन करती है तो वह अपने सामने की वायु को संपीडित करती है और इस
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 17
प्रकार एक उच्च वायुदाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस क्षेत्र को सम्पीडन (Compression) कहते हैं। यह सम्पीडन कम्पायमान वस्तु के आगे की ओर गति करता है। जब कम्पायमान वस्तु पीछे की ओर कम्पन करती है तो आगे की ओर एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है जिसे विरलन (Rarefaction) कहते हैं। ये संपीडन और विरलन ही तरंग बनाते हैं जो वायु (माध्यम) से होकर हमारे कानों तक पहुँचते हैं। इस प्रकार संचरण से माध्यम में दाब विभिन्नता उत्पन्न हो जाती है।

प्रश्न 2.
पराध्वनि (पराश्रव्य ध्वनि) के कोई चार अनुप्रयोग लिखिए। (2018, 19)
उत्तर:
पराध्वनि (पराश्रव्य ध्वनि) के अनुप्रयोग-पराध्वनि (पराश्रव्य ध्वनि) के प्रमुख अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं –

  1. विषम आकार के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक अवयव आदि की सफाई करने में इनका उपयोग किया जाता है।
  2. चमगादड़ इनका उपयोग रात्रि विचरण में अपने को अवरोधों से टकराने से बचाने में करता है।
  3. अन्धकार में चमगादड़ एवं पॉरपॉइस मछलियाँ अपना भोजन या शिकार की खोज करने में इन ध्वनियों का उपयोग करती है।
  4. इन ध्वनियों का उपयोग समुद्र में डूब जहाजों, चट्टानों, पनडुब्बियों का पता लगाने में किया जाता है।
  5. समुद्र की गहराई ज्ञात करने में इनका उपयोग होता है।
  6. इन तरंगों का उपयोग हृदय रोगी की जाँच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी नामक तकनीक में किया जाता है।
  7. अल्ट्रासोनोग्राफी का उपयोग यकृत, पित्ताशय, गुर्दे, गर्भाशय आदि की जाँच में तथा गर्भकाल में भ्रूण की जाँच करने में किया जाता है।
  8. चिमनियों की सफाई करने में इनका उपयोग होता है।
  9. जासूसी के कार्यों में इनका उपयोग गुप्त संकेत भेजने में किया जाता है।
  10. भवनों, पुलों, बाँधों, मशीनों, वैज्ञानिक उपकरणों के दोषों का पता लगाने में इनका उपयोग किया जाता है।
  11. बहुमूल्य धातुओं, रत्नों, जवाहरातों के दोषों का पता लगाने में इनका उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 3.
मानव कर्ण की संरचना एवं क्रियाविधि का सचित्र वर्णन कीजिए। (2019)
उत्तर:
मानव कर्ण की संरचना एवं क्रियाविधि-मानव कर्ण (कान) श्रवणेन्द्रिय है। इसको प्रमुखतः निम्नलिखित तीन भागों में विभाजित किया जाता है –

1. बाहरी कर्ण (External Ear):
बाहरी कर्ण को कर्ण पल्लव या पिन्ना (Ear Flap) कहते हैं जो परिवेश से ध्वनि को एकत्रित करने का कार्य करता है। एकत्रित ध्वनि श्रवण नलिका (Auditory Canal or Ear Canal) से होती हुई कर्ण पट्ट से टकराती है जिससे कर्णपट्ट (Diaphragm) कम्पन करने लगता है।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 18
2. मध्य कर्ण (Mid Ear):
मध्य कर्ण में तीन अस्थियाँ होती हैं जिन्हें मेलियस (Malleus), इन्कस (Incus) एवं स्टैप्स (Stapes) कहते हैं। ये अस्थियाँ ध्वनि कम्पनों को कई गुना बढ़ा देती है। मध्य कर्ण इन तरंगों को आन्तरिक कर्ण तक पहुँचा देता है।

3. आन्तरिक कर्ण (Internal Ear):
आन्तरिक कर्ण में कर्णावर्त (Cochlea) द्वारा दाब परिवर्तनों को विद्युत संकेतों से परिवर्तित कर दिया जाता है। ये संकेत श्रवण तन्त्रिकाओं (Auditory nerves) द्वारा मस्तिष्क को प्रेषित कर दिये जाते हैं। इस प्रकार मस्तिष्क के द्वारा ध्वनि का अनुभव होता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रकरणों को दो पृथक् आरेखों द्वारा ग्राफीय रूप में निरूपित कीजिए –
1. दो ध्वनि तरंगें जिनके आयाम समान परन्तु आवृत्तियाँ भिन्न हों।
2. दो ध्वनि तरंगें जिनकी आवृत्तियाँ समान परन्तु आयाम भिन्न हों।
3. दो ध्वनि तरंगें जिनके आयाम एवं तरंगदैर्घ्य दोनों भिन्न हों।
हल:
1. समान आयाम तथा भिन्न आवृत्ति:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 19
2. समान आवृत्ति तथा भिन्न आयाम:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 20
3. भिन्न आयाम एवं भिन्न तरंगदैर्घ्य (आवृत्ति):
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 12 ध्वनि image 20

MP Board Class 9th Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 14 वैभव एवं विलासिता का युग

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 14 वैभव एवं विलासिता का युग

MP Board Class 7th Social Science Chapter 14 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) अपने शासन काल के आरम्भ में जहाँगीर को किसके विद्रोह का सामना करना पड़ा?
(अ) खुसरो
(ब) खुर्रम
(स) सलीम
(द) शुजा।
उत्तर:
(अ) खुसरो

(2) ताजमहल का निर्माण कराया था –
(अ) अकबर ने
(ब) जहाँगीर ने
(स) शाहजहाँ ने
(द) औरंगजेब ने।
उत्तर:
(2) (स) शाहजहाँ ने।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) सर टॉमस रो और कैप्टन हाकिन्स ………. के शासनकाल में भारत आए थे।
(2) मयूर सिंहासन में ………….. जड़ा हुआ था।
(3) ………….. व्यापारी समुद्री डकैती किया करते थे।
(4) ………….. अहमदनगर राज्य का प्रसिद्ध योद्धा और कुशल प्रशासक था।
उत्तर:
(1) जहाँगीर
(2) कोहिनूर हीरा
(3) पुर्तगाली
(4) मलिक अम्बर।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) जहाँगीर ने गुरु अर्जुन देव का वध क्यों करवाया था ?
उत्तर:
गुरु अर्जुन देव से जहाँगीर क्रोधित था क्योंकि उन्होंने विद्रोह के समय खुसरो की आर्थिक सहायता की थी। जहाँगीर ने उन पर आर्थिक दण्ड लगाया जिसे देने से इंकार करने पर जहाँगीर ने उनका वध करा दिया।

(2) सामान्य जनता को सही न्याय मिल सके, इस उद्देश्य से जहाँगीर ने क्या व्यवस्था की थी ?
उत्तर:
सामान्य जनता को सही न्याय मिल सके, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहाँगीर ने अपने राजमहल की दीवार पर सोने की जंजीर वाली घण्टी लगवा दी थी।

(3) नूरजहाँ का शासन पर क्या प्रभाव था ?
उत्तर:
नूरजहाँ सुन्दर और बुद्धिमान स्त्री थी। नूरजहाँ में राज्य का शासन चलाने की अपूर्व क्षमता थी। जहाँगीर उससे इतना अधिक प्रभावित था कि शासन सम्बन्धी महत्वपूर्ण कार्यों में उसकी सलाह लेने लगा। धीरे-धीरे शासन पर नूरजहाँ का प्रभाव बढ़ता ही चला गया। वह शासन में हस्तक्षेप करने लगी। उसने दरबार के नियम निर्धारित कर दिए। सिक्कों पर जहाँगीर के साथ उसका नाम भी लिखा जाने लगा।

(4) शाहजहाँ द्वारा निर्मित प्रमुख इमारतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
शाहजहाँ द्वारा निर्मित प्रमुख इमारतें निम्न हैं –

  • दिल्ली का लाल किला तथा दीवान-ए-आम। दीवान-ए-खास।
  • दिल्ली की जामा मस्जिद।
  • आगरा का ताजमहल।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) जहाँगीर और शाहजहाँ के काल को वैभव एवं विलासिता का युग क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
जहाँगीर और शाहजहाँ के दरबार का जीवन अत्यन्त वैभवशाली एवं विलासितापूर्ण था। इस काल में जहाँगीर तथा शाहजहाँ ने साहित्य तथा कला के विकास को प्रोत्साहित किया। अनेक सुन्दर तथा वैभवशाली इमारतों का निर्माण हुआ। राजपरिवार तथा सामन्त वर्ग में विलासिता बढ़ी। इसलिए भारतीय इतिहास में। उनका शासनकाल वैभव एवं विलासिता का युग कहा जाता है।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 2 दक्षिण भारत के राज्य (800 ई. से 1200 ई. तक)

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 2 दक्षिण भारत के राज्य (800 ई. से 1200 ई. तक)

MP Board Class 7th Social Science Chapter 2 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) पल्लव वंश के किस शासक ने राजा पुलकेशिन द्वितीय को हराकर वातापीकोंड’ की उपाधि धारण की थी?
(अ) महेन्द्र वर्मन
(ब) नरसिंह वर्मन प्रथम
(स) अपराजित वर्मन
(द) यशोवर्मन।
उत्तर:
(ब) नरसिंह वर्मन प्रथम

(2) राष्ट्रकूट वंश के किस शासक ने एलोरा की गुफा में कैलाश मंदिर का निर्माण करवाया ?
(अ) कृष्ण प्रथम
(ब) राजा ध्रुव
(स) कृष्ण द्वितीय
(द) राजेन्द्र प्रथम।
उत्तर:
(अ) कृष्ण प्रथम

(3) तमिल भाषा में रामायण के रचयिता कौन थे ?
(अ) वाल्मीकि
(ब) तुलसीदास
(स) कंबन
(द) आदि शंकराचार्य।
उत्तर:
(स) कंबन।

प्रश्न 2.
कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) पल्लव राज्य की राजधानी ……………… थी। (तिरुअनंतपुरम, तंजौर, कांचीपुरम्)
(2) चोल शासकों द्वारा बनवाया गया राजराजेश्वर (वृहदेश्वर) मन्दिर …………….. में स्थित है। (तिरुअनंतपुरम, तंजौर, कांचीपुरम्)
(3) चोल प्रशासन में प्रांत को ……….. कहा जाता है। (उर, मंडलम्, नगरम्)
उत्तर:
(1) कांचीपुरम्
(2) तंजौर
(3) मंडलम्।

MP Board Solutions 

MP Board Class 7th Social Science Chapter 2 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) उत्तर भारत व दक्षिण भारत के बीच निकटता बढ़ने का एक प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर:
उत्तर भारत व दक्षिण भारत के बीच निकटता बढ़ने का एक प्रमुख कारण दक्षिण भारत के विभिन्न शासकों द्वारा धार्मिक कर्मकाण्डों और अध्ययन – अध्यापन के लिए उत्तर भारत के ब्राह्मण वर्ग को दक्षिण भारत में बसने के लिए आमंत्रित करना था।

(2) ‘मुम्मादी चोल मंडलम’ चोल साम्राज्य के किस प्रांत का नाम था ?
उत्तर:
चोल साम्राज्य के केरल, मदुरै तथा श्रीलंका के उत्तरी भाग का नाम ‘मुम्मादी चोल मंडलम’ था।

(3) चोलकालीन स्थापत्य कला के दो प्रमुख उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
चोलकालीन स्थापत्य कला के उदाहरण

  • राजराजेश्वर मन्दिर के अहाते में ‘गोपुरम’ नामक विशाल प्रवेश द्वार का निर्माण कराना।
  • तंजौर में राजराजेश्वर मन्दिर तथा गंगेकोंड चोलपुरम में अनेक भव्य मन्दिरों का निर्माण कराना।

(4) राष्ट्रकूट वंश के किन्हीं तीन शासकों के नाम बताइए।
उत्तर:
राष्ट्रकूट वंश के तीन शासक कृष्ण प्रथम, राजा ध्रुव व अमोघवर्ष थे।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) चोल प्रशासन की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
चोल प्रशासन की विशेषताएँ –

  1. चोल प्रशासन की प्रशासनिक व्यवस्था में राजा ही राज्य की सर्वोच्च शक्ति होता था। वह मन्त्रिपरिषद् की सहायता से शासन चलाता था।
  2. सम्पूर्ण साम्राज्य प्रान्तों (मंडलम) में विभक्त था तथा प्रान्त जिलों (वलनाडुओं) में विभक्त थे।
  3. प्रशासन की सबसे छोटी इकाई ग्राम होते थे। प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा होती थी। ये ग्राम सभाएँ तीन भागों में विभक्त थीं।
    • उर – ये ग्राम के आम लोगों की सभा होती थी।
    • सभा या महासभा – इस सभा में विद्वान ब्राह्मण होते थे।
    • नगरम् – इसमें व्यापारी, दुकानदार और शिल्पी प्रमुख रूप से होते थे।
  4. गाँव की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अनेक समितियों का गठन किया जाता था, जो न्याय, शिक्षा, संचार साधन, जलाशय, धार्मिक समारोहों, मन्दिर तथा दान आदि की देखभाल का कार्य करती थीं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 13 मुगल साम्राज्य की स्थापना एवं उत्कर्ष

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 13 मुगल साम्राज्य की स्थापना एवं उत्कर्ष

MP Board Class 7th Social Science Chapter 13 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) पानीपत का प्रथम युद्ध किसके बीच हुआ था ?
(अ) अकबर और शेरशाह के बीच
(ब) बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच
(स) हुमायूँ और शेरशाह के बीच
(द) बैरम खाँ और हेम् के बीच।
उत्तर:
(ब) बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच

(2) मुगल साम्राज्य का संस्थापक किसे माना जाता
(अ) हुमायूँ
(ब) अकबर
(स) शेरशाह
(द) बाबर।
उत्तर:
(द) बाबर

(3) खानवा का युद्ध हुआ था
(अ) 1526 ई. में
(ब) 1556 ई. में
(स) 1527 ई. में
(द) 1529 ई. में।
उत्तर:
(स) 1527 ई. में।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(1) बाबर द्वारा लिखी आत्मकथा का नाम ……………. है।
(2) पानीपत का द्वितीय युद्ध सन् ………. में हुआ था।
(3) अकबर का संरक्षक ………. को बनाया गया था।
(4) शेरशाह के बचपन का नाम ………था।
(5) घाघरा का युद्ध बाबर व ………. के बीच हुआ था।
उत्तर:
(1) तुजुक-ए-बाबरी (बाबरनामा)
(2) 1556 ई.
(3) बैरमखौं
(4) फरीद
(5) अफगानों।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) शेरशाह द्वारा जीर्णोद्धार की गई सड़क का नाम लिखिए।
उत्तर:
शेरशाह ने कलकत्ता से पेशावर को जोड़ने वाले राजमार्ग ग्रॉन्ड ट्रंक रोड का जीर्णोद्धार कराया।

(2) हुमायूँ को पुत्ररत्न की प्राप्ति कब और कहाँ हुई ?
उत्तर:
हुमायूँ को पुत्ररत्न की प्राप्ति सन् 1542 ई. में अमरकोट (सिंध) के हिन्दू राजा वीरसाल के महल में हुई।

(3) हल्दीघाटी का युद्ध कब और किसके मध्य हुआ ?
उत्तर:
हल्दीघाटी का युद्ध सन् 1576 ई. में मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुआ।

(4) अकबर के राज्य में आय के प्रमुख साधन क्या थे?
उत्तर:
अकबर के राज्य में आय के दो प्रमुख साधन थे –

  • भूमि का लगान, और
  • व्यापार पर कर।

(5) अकबर के नौ रत्नों के नाम लिखिए।
उत्तर:
अकबर के नौ रत्न –

  • अबुल फजल (विद्वान व सलाहकार)
  • राजा मानसिंह (अनुभवी सेनापति)
  • राजा टोडरमल (प्रसिद्ध भूमि सुधारक)
  • तानसेन (संगीतकार)
  • बीरबल (चतुर विद्वान)
  • हकीम हुक्काम (राजवैद्य)
  • अब्दुल रहीम खानखाना (कवि)
  • फैजी (कवि और दार्शनिक), और
  • मुल्ला दो प्याजा (मनोरंजनकर्ता) थे।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) शेरशाह की शासन व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
शेरशाह की शासन व्यवस्था –
1. केन्द्रीय शासन-केन्द्रीय शासन का सबसे बड़ा अधिकारी स्वयं सम्राट था। उसकी सहायता के लिए अनेक अधिकारी व कर्मचारी होते थे। वह एक उदार शासक था। उसकी दण्ड व्यवस्था कठोर थी। हिन्दुओं के साथ उसका व्यवहार अच्छा था।

2. जिले का शासन – शासन की सुविधा के लिए शेरशाह ने अपने समस्त साम्राज्य को अनेक सरकारों (जिलों) में विभाजित किया, जिन्हें पुनः परगनों में विभाजित किया गया। सरकारों और परगनों के अधिकारियों को समय-समय पर स्थानान्तरित किया जाता था।

3. सैनिक प्रशासन – शेरशाह ने एक विशाल एवं शक्तिशाली सेना का संगठन किया जिसमें पैदल सिपाही, घुड़सवार, तोपखाना व हाथी चार विभाग थे। सैनिकों को नकद वेतन दिया जाता था तथा उनका हुलिया एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता था। घोड़ों को दागने की प्रथा प्रचलित थी।

4. भूमि प्रबन्ध – शेरशाह ने भूमि की नाप कराकर उसे उपज के अनुसार बाँट दिया गया था। किसानों से उपज का चौथाई भाग लगान के रूप में वसूल किया जाता था।

5. न्यायव्यवस्था – सम्राट न्याय विभाग का सर्वोच्च अधिकारी था। वह न्याय में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करता था। साम्राज्य के विभिन्न भागों में काजियों की नियुक्ति की गई।

6. जनता की भलाई के कार्य-शिक्षा के क्षेत्र में उसने मदरसों का निर्माण कराया। उसने यात्रियों की सुविधा के लिए कुँओं और सरायों की व्यवस्था की। अनेक सड़कें बनवाईं तथा उनके किनारे छायादार वृक्ष लगवाए। आज की ग्राण्ड ट्रंक रोड (शेरशाह सूरी मार्ग) उसी की देन है।

(2) अकबर द्वारा निर्मित इमारतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अकबर के काल में फारसी और ईरानी शैलियों के समन्वय से भवन बनाए गए। अकबर ने इलाहाबाद, आगरा तथा लाहौर में किले बनवाए तथा आगरा के निकट फतेहपुर सीकरी नामक शहर बसाया तथा वहाँ सुन्दर इमारतें बनवाई गईं जिनमें दीवान-ए-आम, दीवान – ए – खास, जोधाबाई का महल, बीरबल का महल, जामा मस्जिद, शेख सलीम चिश्ती की दरगाह व बुलन्द दरवाजा उल्लेखनीय हैं।

(3) अकबर की राजपूत नीति को विस्तार से समझाइए।
उत्तर:
अकबर ने साम्राज्य का विस्तार करने के प्रयत्नों से यह समझ लिया कि हिन्दुओं के सहयोग से ही साम्राज्य को स्थिरता प्राप्त होगी। अतः उसने राजपूतों की ओर मित्रता का हाथ बढ़ाया, उनसे वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किया। अपने अधीन राजपूत राजाओं से उसने उदारतापूर्ण व्यवहार किया और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई। राज्य के उच्च पदों पर राजपूतों की नियुक्ति की। अकबर की इस नीति से कुछ राजा आश्वस्त होकर मुगलों की सेवा में आ गए। परिणामस्वरूप मुगल शासन को अनेक वीर राजपूत मिल गए।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
आय स्तर की तुलना का आधार निर्धारण होता है-
(i) निरपेक्ष गरीबी
(ii) सापेक्ष गरीबी
(iii) पूर्ण गरीबी,
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ii) सापेक्ष गरीबी

प्रश्न 2.
भारत में सर्वाधिक गरीबी जनसंख्या वाला राज्य है –
(i) मेघालय
(ii) असम
(iii) बिहार
(iv) मध्य प्रदेश।
उत्तर:
(iii) बिहार

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
रोजगार गारण्टी कानून, 2005 में कम से कम कितने दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है? (2014, 16)
(i) 25 दिन
(ii) 50 दिन
(iii) 75 दिन
(iv) 100 दिन।
उत्तर:
(iv) 100 दिन।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. एक व्यक्ति द्वारा एक वित्तीय वर्ष में प्राप्त औसत आय ……… कहलाती है।
  2. …………. गरीबी से अभिप्राय आय की असमानता से है।
  3. भारतीय अर्थशास्त्री दाण्डेकर ने सर्वप्रथम …………. का विचार दिया।(2018)
  4. मध्य प्रदेश का सबसे गरीब जिला …………. है।
  5. भारत में गरीबी मापने हेतु सापेक्ष और ………… गरीबी है।

उत्तर:

  1. प्रति व्यक्ति आय
  2. सापेक्ष
  3. गरीबी रेखा
  4. झाबुआ
  5. निरपेक्ष।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
जनसंख्या वृद्धि गरीबी को बढ़ाती है। (2016)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
भारत का सबसे गरीब राज्य पंजाब है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
रोजगार गारण्टी अधिनियम के अन्तर्गत 5 किलो अनाज एवं न्यूनतम 20 प्रतिशत मजदूरी दी जाती है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
भारत में शहरी क्षेत्र में 2,100 कैलोरी प्रतिदिन का पोषण प्राप्त न करने वाला व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे माना जाता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
2005 की रिपोर्ट के अनुसार भारत का सबसे गरीब जिला झाबुआ, मध्य प्रदेश है।
उत्तर:
असत्य

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत के समक्ष उपस्थित प्रमुख आर्थिक समस्याएँ कौन-कौन सी हैं? (2011, 14)
उत्तर:
भारत के समक्ष गरीबी, तीव्र गति से बढ़ती हुई जनसंख्या, बेरोजगारी, तेजी से बढ़ती हुई कीमतें अर्थात् महँगाई की समस्या, क्षेत्रीय असन्तुलन एवं बढ़ती हुई आर्थिक असमानताएँ, बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा खाद्यान्न असुरक्षा आदि प्रमुख समस्याएँ हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
गरीबी रेखा से क्या आशय है? (2016, 18)
उत्तर:
भारतीय योजना आयोग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 2400 कैलोरी तथा शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 2100 कैलोरी निर्धारित की गयी है। कोई भी व्यक्ति जो इससे कम पा रहा है, उसे गरीबी रेखा से नीचे माना गया है।

प्रश्न 3.
भारत में सर्वाधिक गरीब जनसंख्या वाले तीन राज्यों के नाम लिखिए। (2014)
उत्तर:
भारत में बिहार, ओडिशा व सिक्किम राज्य में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों की संख्या सबसे अधिक है।

प्रश्न 4.
गरीबी के लिए उत्तरदायी सामाजिक कारण लिखिए। (2010, 13, 16)
उत्तर:
भारत में विद्यमान सामाजिक व्यवस्थाएँ गरीबी का कारण बनी रही हैं। इसमें जन्म, मरण और शादी इत्यादि पर अनावश्यक व्यय और उनके फलस्वरूप ऋण का भार गरीबों को निरन्तर गरीब बनाये रखता है।

भारत में व्याप्त भाग्यवादी दृष्टिकोण में गरीबी को भी किस्मत का खेल’ मान लिया जाता है और उससे बाहर निकलने के लिए अधिक सक्रिय प्रयासों पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार गरीबी बढ़ाती है? समझाइए। (2009, 13, 15)
अथवा
जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार गरीबी को बढ़ाती है? भारत के सर्वाधिक गरीब जनसंख्या वाले तीन राज्यों के नाम लिखिए। (2008)
उत्तर:
जनसंख्या में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि भी गरीबी की स्थिति को गम्भीर बनाने में सहायक होती है। जनसंख्या वृद्धि से गरीबों के उपभोग स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है। इनकी आय का लगभग सम्पूर्ण भाग परिवार के पालन-पोषण पर व्यय हो जाता है और इस प्रकार बचत और निवेश के लिए इनके पास कुछ नहीं बचता। इससे पूँजी निर्माण और आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ जाती है। परिणामस्वरूप गरीबी की समस्या और उलझ जाती है। सर्वाधिक गरीब जनसंख्या वाले तीन राज्यों के नाम हैं-बिहार, उड़ीसा, सिक्किम।

प्रश्न 2.
विगत वर्षों में भारत में गरीबी की स्थिति में क्या परिवर्तन आया है? लिखिए।
उत्तर:
भारत में गरीबी की स्थिति-भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या में निरन्तर कमी आई है। वर्ष 1973-74 में 54.9 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे थे। वर्ष 1983 में गरीबी दर घटकर 44.8 प्रतिशत तथा 1993-94 में 36 प्रतिशत एवं 1999-2000 में देश में गरीबी की दर 26:10 प्रतिशत हो गयी। वर्ष 2007 में 19.3 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है।
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती 1

भारत में लगभग 22 करोड़ लोग, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करते हैं, लेकिन गरीबों की संख्या की तालिका को देखने से पता चलता है कि भारत में गरीबी का प्रतिशत निरन्तर घटता जा रहा है।

प्रश्न 3.
भारत में राज्यवार गरीबी की क्या स्थिति है? समझाइए। (2016)
उत्तर:
भारत में राज्यवार गरीबी :
भारत में विभिन्न राज्यों में गरीबी की व्यापकता समान नहीं है। योजना आयोग द्वारा सितम्बर 2005 को जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत का सबसे गरीब जिला डांग (गुजरात) है। दूसरे स्थान पर राजस्थान का बाँसवाड़ा जिला व तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश का झाबुआ जिला है। भिन्न-भिन्न राज्यों में गरीबी की 2011-12 की अनुमानित स्थिति को निम्न तालिका में दर्शाया गया है –

प्रमुख राज्यों में गरीबी रेखा के नीचे जनसंख्या प्रतिशत

राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश 2011-12
आन्ध्र प्रदेश 9.20
बिहार 33.7
गुजरात 16.6
हरियाणा 11.2
कर्नाटक 20.9
केरल 7.1
मध्य प्रदेश 31.7
महाराष्ट्र 17.4
ओडिशा 32.6
पंजाब 8.3
राजस्थान 14.7
तमिलनाडु 11.3
उत्तर प्रदेश 29.4
प. बंगाल 20.0
सम्पूर्ण भारत 21.9

उपर्युक्त तालिका के अनुसार भारत में बिहार, ओडिशा व मध्य प्रदेश राज्य में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों की संख्या सबसे अधिक है।

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
रोजगार गारण्टी कार्यक्रम, 2005 की प्रमुख विशेषताएँ बताइए। (2009, 11, 12, 15, 18)
उत्तर:
रोजगार गारण्टी कार्यक्रम, 2005 की प्रमुख विशेषताएँ –

  1. यह अधिनियम केवल एक कार्यक्रम ही नहीं है, अपितु एक कानून है जिसके अन्तर्गत रोजगार हासिल करने की कानूनी गारण्टी दी गई है।
  2. इसके नियोजन तथा क्रियान्वयन में पंचायती राज संस्थाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी।
  3. इसका प्रमुख उद्देश्य हर वर्ष प्रत्येक ग्रामीण एवं शहरी गरीब तथा निम्न मध्यम वर्ग के परिवार के एक वयस्क व्यक्ति को कम से कम 100 दिन रोजगार उपलब्ध कराना है।
  4. इसके अन्तर्गत माँग करने पर 15 दिन के अन्दर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
  5. यदि निश्चित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तो सम्बन्धित व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा।

प्रश्न 5.
गरीबी को मापने हेतु कौन से मानदण्ड हैं? बताइए। (2008, 09, 16)
अथवा
निरपेक्ष गरीबी और सापेक्ष गरीबी में क्या अन्तर है? (2011, 12)
अथवा
गरीबी की रेखा से क्या आशय है? गरीबी को मापने हेतु कौन से मापदण्ड हैं? (2008, 09)
उत्तर:
गरीबी की माप-सामान्यतः गरीबी को मापने के लिए दो मानदण्डों का प्रयोग किया जाता है। प्रथम-निरपेक्ष गरीबी; दूसरी-सापेक्ष गरीबी।

  • निरपेक्ष गरीबी :
    निरपेक्ष निर्धनता से आशय किसी राष्ट्र की आर्थिक अवस्था को ध्यान में रखते हुए निर्धनता के माप से है। यह सामान्य जीवन की आवश्यकताएँ जुटाने के लिए संसाधनों के अभाव को इंगित करता है। अन्य शब्दों में मानव की आधारभूत आवयकताओं-खाना, कपड़ा, सामान्य निवास, स्वास्थ्य सहायता आदि की पूर्ति हेतु पर्याप्त वस्तुओं एवं सेवाओं को जुटा पाने की असमर्थता से है।
  • सापेक्ष गरीबी :
    सापेक्ष गरीबी आय की असमानताओं के आधार पर पारिभाषित की जाती है। सापेक्ष गरीबी अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक असमानता या क्षेत्रीय आर्थिक असमानताओं का बोध कराती है। इसका आकलन समय-समय पर (सामान्यतः प्रतिदर्श हर पाँच वर्ष पर) भारतवर्ष में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली जनसंख्या का राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन (एन. एस. ओ) द्वारा करवाया जाता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में गरीबी के लिए उत्तरदायी कारण कौन से हैं? (2008)
अथवा
भारत में निर्धनता के क्या कारण हैं? (2018)
उत्तर:
भारत में गरीबी के कारण-भारत में गरीबी के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारण निम्नलिखित
(1) तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या :
इस समय जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। बढ़ती हुई जनसंख्या का अर्थ है, वस्तुओं की माँग में अपार वृद्धि होना। देश की सम्पत्ति का एक बड़ा भाग अपनी जनसंख्या के पालन में व्यय हो जाता है, जिससे विकास कार्यों को पूँजी नहीं मिल पाती है।

(2) पूँजी निर्माण का अभाव :
पूँजी निर्माण आर्थिक विकास की आधारशिला है, परन्तु पूँजी निर्माण की दर भारत में अपेक्षाकृत कम है।

(3) बेरोजगारी :
निर्धनता का एक प्रमुख कारण बेरोजगारी है। देश में बेरोजगारी की समस्या व्यापक और भीषण है। एक अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। बेरोजगारों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है, जो निर्धनता के लिए एक उत्तरदायी कारण है।

(4) कीमत स्तर में वृद्धि :
कीमतों में वृद्धि परिणामस्वरूप मुद्रा की क्रय-शक्ति कम हो जाने के कारण वास्तविक आय कम हो जाती है जबकि भारत में आय वृद्धि की दर कीमत वृद्धि दर से कम रही है। अतः लोगों के पास उपलब्ध क्रय-शक्ति का ह्रास हुआ है।

(5) असमान वितरण :
उत्पादन के साधनों तथा आय का असमान वितरण भी निर्धनता के लिए उत्तरदायी है। सम्पत्ति का चन्द हाथों में केन्द्रीयकरण हो गया है। स्वभावतः इन्हें अपार आय प्राप्त होती है जबकि अधिकांश लोगों को गरीबी की रेखा से नीचे रहना पड़ता है।

(6) प्रति व्यक्ति निम्न आय ;
भारत में प्रति व्यक्ति आय कम होने से यहाँ गरीबी व्याप्त है। विश्व के विकसित देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति आय का स्तर भारत में बहुत कम है। विश्व बैंक की वर्ष 2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति आय मात्र 5,497 डॉलर है, जबकि भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति आय अमेरिका में 52, 947, जर्मनी में 43,919 तथा ब्राजील में 15,175 डालर है।

(7) दोषपूर्ण विकास :
रणनीति-भारत में निर्धनता तथा आय की विषमताओं के लिए विकास की दोषपूर्ण रणनीति भी बहुत सीमा तक उत्तरदायी है क्योंकि अर्थव्यवस्था के विकास का लाभ कुछ व्यक्तियों तक ही सीमित हो गया है। परिणामस्वरूप निर्धन और निर्धन हो रहा है और अमीर और अधिक अमीर हो रहे हैं। शिक्षित व सुविधा सम्पन्न व्यक्तियों के पास आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि धनाभाव के कारण निर्धन व्यक्ति उच्च व तकनीक शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं। शासन द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं लेकिन रोजगार के अवसरों में बहुत ही धीमी वृद्धि हुई है।

(8) सामाजिक कारण :
भारत में प्रचलित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाएँ निर्धनता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। समाज में व्याप्त जाति प्रथा, उत्तराधिकार का नियम, निरक्षरता, भाग्यवादिता तथा धार्मिक रूढ़िवादिता, लोगों को नये विचार तथा तकनीकों को अपनाने से रोकता है। सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और झूठी प्रतिष्ठा को प्राप्त करने हेतु लोग फिलूजखर्ची करते हैं और निर्धन बने रहते हैं।

प्रश्न 2.
भारत में गरीबी निवारण के प्रमुख कार्यक्रमों को संक्षेप में लिखिए। (2009)
अथवा
‘स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार’ को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
अन्त्योदय अन्न योजना क्या है? स्पष्ट कीजिए। (2009, 15, 17)
अथवा
भारत में गरीबी निवारण के कौन-कौन से प्रमुख कार्यक्रम हैं? (कोई चार) (2010, 17)
अथवा
जनश्री योजना क्या है? (2018) [संकेतः जनश्री योजना शीर्षक देखें।]
उत्तर:
भारत में गरीबी निवारण के प्रमुख कार्यक्रम-गरीबी निवारण के प्रमुख कार्यक्रम निम्नलिखित
(1) प्रधानमन्त्री रोजगार योजना :
यह योजना 2 अक्टूबर, 1993 से प्रारम्भ की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तथा छोटे शहरों के 18 से 35 वर्ष के शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

(2) ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम :
अप्रैल 1995 में यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों तथा छोटे कस्बों में परियोजनाएँ लगाने और रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिए आरम्भ की गई।

(3) स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) :
यह योजना 1 अप्रैल, 1999 को आरम्भ की गई थी। इस योजना में पूर्व की अनेक स्वरोजगार तथा सम्बद्ध कार्यक्रमों की योजनाओं; जैसे IRDP, TRYSEM, DWACRA आदि का विलय कर दिया गया है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के निर्धनों को रोजगार देने के उद्देश्य से सूक्ष्म तथा लघु उद्योग की स्थापना की जाती है। इन उद्योगों में कार्य करने वाले लोगों को स्वरोजगारी कहा जाता है। इस योजना का प्रारम्भिक लक्ष्य सहायता प्राप्त परिवारों को 3 वर्ष की अवधि में गरीबी की रेखा से ऊपर उठाना था।

(4) जवाहर ग्राम समृद्धि योजना (1999) :
यह योजना भी सन् 1999 में पुरानी जवाहर रोजगार योजना को पुनर्गठित करके आरम्भ की गई थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों का जीवन-स्तर सुधारना तथा उन्हें लाभप्रद रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके अन्तर्गत सरकार द्वारा ग्रामीण गरीबों को ग्राम पंचायतों द्वारा शुरू किये निर्माण कार्यों अथवा परियोजना में रोजगार दिया जाता है।

(5) सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एस. जी. आर. वाई.) :
सुनिश्चित रोजगार योजना और जवाहर ग्राम समृद्धि योजना, दोनों का 25 सितम्बर, 2001 को सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में विलय कर दिया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न सुरक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए स्थायी सामुदायिक परिसम्पत्तियों का निर्माण करना है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों विशेषकर महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व खतरनाक व्यवसायों से हटाये गये बच्चों के अभिभावकों को विशेष सुरक्षा प्रदान करना है।

(6) स्वर्ण जयन्ती शहरी रोजगार योजना :
स्वतन्त्रता के स्वर्ण जयन्ती वर्ष में केन्द्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में निर्धनता निवारण की एक नई योजना 1 दिसम्बर, 1997 से लागू की गई। इस योजना का उद्देश्य शहरी निर्धनों को स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा सवेतन रोजगार सृजन हेतु उत्पादक परिसम्पत्तियों का निर्माण करना है।

(7) जनश्री योजना :
निर्धन वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से अगस्त 2000 में इस योजना को प्रारम्भ किया गया। योजना में लाभार्थी को स्वाभाविक मृत्यु की दशा में 20,000 रुपये, दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 50,000 रुपये तथा आंशिक विकलांगता पर 25,000 रुपये दिये जाते हैं।

(8) अंत्योदय अन्न योजना :
यह योजना 25 दिसम्बर, 2000 को प्रारम्भ की गई। इस योजना का उद्देश्य लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत शामिल निर्धनता रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इस योजना में देश के 1.50 करोड़ निर्धन परिवारों को प्रतिमाह 35 किग्रा. अनाज विशेष रियायती कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है।

(9) रोजगार गारण्टी अधिनियम, 2005 :
2 फरवरी, 2006 से प्रारम्भ इस योजना के अन्तर्गत देश के 200 चयनित जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के वयस्क सदस्य को वर्ष में न्यूनतम 100 दिन अकुशल श्रम वाले रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। योजना का 33 प्रतिशत लाभ महिलाओं को मिलेगा। यह योजना रोजगार के अन्य कार्यक्रमों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह मात्र एक योजना नहीं, बल्कि एक कानून है जो रोजगार की वैधानिक गारण्टी प्रदान करता है। योजना के अन्तर्गत रोजगार के इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति द्वारा पंजीकरण कराने के 15 दिन के भीतर रोजगार नहीं दिये जाने पर निर्धारित दर से बेरोजगारी भत्ता केन्द्र सरकार द्वारा दिये जाने का प्रावधान है।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
“भारत एक सम्पन्न देश है, किन्तु इसके निवासी निर्धन हैं।” इस कथन को समझाइए। (2008, 09)
उत्तर:
भारत एक धनी देश है, परन्तु यहाँ के निवासी निर्धन हैं –
भारत में प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता एवं समृद्धता इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि भारत एक धनी देश है, जबकि देश की अधिकांश जनता की निर्धनता और निम्न जीवन-स्तर की स्थिति इस बात का संकेत है कि भारतवासी निर्धन हैं। अतः इस विरोधाभास को स्पष्ट करने के लिए यह आवश्यक है कि कथन के दोनों पहलुओं-प्रथम भारत एक धनी देश है तथा द्वितीय यहाँ के निवासी निर्धन हैं-का अध्ययन करना होगा।

भारत एक धनी देश है :
प्राचीन काल से ही भारत की गणना एक धनी देश के रूप में होती रही है। प्राकृतिक एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता के आधार पर इस देश को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था। भारत को धनी देश कहने के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं –

(1) भौगोलिक स्थिति :
देश के उत्तर में स्थित हिमालय पर्वत की उच्च शृंखलाएँ उत्तरी ठण्डी हवाओं से देश की रक्षा करती हैं तथा हिन्द महासागर से चलने वाली जलवायु हवाओं को रोककर देश में वर्षा कराने से सहायक होती हैं। हिन्द महासागर पर स्थित होने के कारण भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों का संगम है। वायु मार्ग की दृष्टि से भारत की स्थिति काफी लाभप्रद है। यह विश्व का सातवाँ बड़ा देश है जिसका क्षेत्र 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर है जो विश्व के क्षेत्रफल का 2.4 प्रतिशत हैं।

(2) जलवायु :
जलवायु की विषमताओं के कारण भी भारत एक धनी देश है। ब्लैण्ड फोर्ड के शब्दों में-“सम्पूर्ण विश्व में जलवायु की इतनी अधिक विषमताएँ कहीं नहीं मिलती जितनी की भारत में। भारत में अनेक प्रकार की वनस्पति, पशु तथा खनिज सम्पत्तियाँ मिलती हैं।” मार्सडेन ने लिखा है कि “विश्व की समस्त जलवायु भारत में मिल जाती है।”

(3) जल भण्डार :
भारत में जल के विपुल स्रोत हैं। यहाँ बारहमासी बहने वाली नदियाँ हैं जिनमें अपार जल है। इस जल को रोककर फसलों की सिंचाई तथा विद्युत् उत्पादन के काम में लाया जा सकता है। इस विषय में किये गये प्रयास से भारत में सिंचाई की सुविधाओं में वृद्धि हुई है, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ा है। विद्युत् उत्पादन में वृद्धि से औद्योगीकरण में सहायता मिली है।

(4) वन सम्पदा :
भारत के प्राकृतिक साधनों में वन सम्पदा का महत्त्वपूर्ण स्थान है। भारत में वनों का क्षेत्रफल लगभग 6.70 करोड़ हेक्टेअर है। जलवायु और प्राकृतिक रचना के अनुसार देश में विभिन्न प्रकार के वन पाये जाते हैं। इन वनों से हमें चीड़, देवदार, शीशम, साल, सागौन, आबनूस आदि की उपयोगी लकड़ियाँ प्राप्त होती हैं जिनका उपयोग इमारती सामान, फर्नीचर, रेलों के स्लीपर आदि बनाने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त कई महत्त्वपूर्ण उद्योगों; जैसे-कागज या दियासलाई उद्योग आदि के लिए कच्चा माल भी हमें वनों से ही प्राप्त होता है।

(5) अपार जन-शक्ति :
जन-शक्ति की दृष्टि से भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है। क्योंकि भारत में जनसंख्या 121.07 करोड़ है। यदि इस अपार जन-शक्ति को काम में लाया जाए तो देश उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है और राष्ट्र के भाग्य को बदल सकता है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि, “प्राकृतिक साधनों की दृष्टि से भारत एक धनी देश है, परन्तु यहाँ के निवासी निर्धन हैं।” भारत में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 19:3 प्रतिशत जनसंख्या निर्धनता की रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है। वर्तमान में 5 करोड़ व्यक्ति बेरोजगार हैं। बेरोजगारी तथा कम आय के कारण भारतीय लोगों का जीवन स्तर भी बहुत नीचा है।

भारतवासी निर्धन हैं –

1. तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या :
इस समय जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। बढ़ती हुई जनसंख्या का अर्थ है, वस्तुओं की माँग में अपार वृद्धि होना। देश की सम्पत्ति का एक बड़ा भाग अपनी जनसंख्या के पालन में व्यय हो जाता है, जिससे विकास कार्यों को पूँजी नहीं मिल पाती है।

2. पूँजी निर्माण का अभाव :
पूँजी निर्माण आर्थिक विकास की आधारशिला है, परन्तु पूँजी निर्माण की दर भारत में अपेक्षाकृत कम है।

3. बेरोजगारी :
निर्धनता का एक प्रमुख कारण बेरोजगारी है। देश में बेरोजगारी की समस्या व्यापक और भीषण है। एक अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। बेरोजगारों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है, जो निर्धनता के लिए एक उत्तरदायी कारण है।

4. कीमत स्तर में वृद्धि :
कीमतों में वृद्धि परिणामस्वरूप मुद्रा की क्रय-शक्ति कम हो जाने के कारण वास्तविक आय कम हो जाती है जबकि भारत में आय वृद्धि की दर कीमत वृद्धि दर से कम रही है। अतः लोगों के पास उपलब्ध क्रय-शक्ति का ह्रास हुआ है।

5. असमान वितरण :
उत्पादन के साधनों तथा आय का असमान वितरण भी निर्धनता के लिए उत्तरदायी है। सम्पत्ति का चन्द हाथों में केन्द्रीयकरण हो गया है। स्वभावतः इन्हें अपार आय प्राप्त होती है जबकि अधिकांश लोगों को गरीबी की रेखा से नीचे रहना पड़ता है।

6. प्रति व्यक्ति निम्न आय ;
भारत में प्रति व्यक्ति आय कम होने से यहाँ गरीबी व्याप्त है। विश्व के विकसित देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति आय का स्तर भारत में बहुत कम है। विश्व बैंक की वर्ष 2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति आय मात्र 5,497 डॉलर है, जबकि भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति आय अमेरिका में 52, 947, जर्मनी में 43,919 तथा ब्राजील में 15,175 डालर है।

7. दोषपूर्ण विकास :
रणनीति-भारत में निर्धनता तथा आय की विषमताओं के लिए विकास की दोषपूर्ण रणनीति भी बहुत सीमा तक उत्तरदायी है क्योंकि अर्थव्यवस्था के विकास का लाभ कुछ व्यक्तियों तक ही सीमित हो गया है। परिणामस्वरूप निर्धन और निर्धन हो रहा है और अमीर और अधिक अमीर हो रहे हैं। शिक्षित व सुविधा सम्पन्न व्यक्तियों के पास आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि धनाभाव के कारण निर्धन व्यक्ति उच्च व तकनीक शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं। शासन द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं लेकिन रोजगार के अवसरों में बहुत ही धीमी वृद्धि हुई है।

8. सामाजिक कारण :
भारत में प्रचलित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाएँ निर्धनता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। समाज में व्याप्त जाति प्रथा, उत्तराधिकार का नियम, निरक्षरता, भाग्यवादिता तथा धार्मिक रूढ़िवादिता, लोगों को नये विचार तथा तकनीकों को अपनाने से रोकता है। सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और झूठी प्रतिष्ठा को प्राप्त करने हेतु लोग फिलूजखर्ची करते हैं और निर्धन बने रहते हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत किस प्रकार की अर्थव्यवस्था वाला राष्ट्र है?
(i) विकसित अर्थव्यवस्था
(ii) विकासशील अर्थव्यवस्था
(iii) अल्पविकसित अर्थव्यवस्था
(iv) नियन्त्रित अर्थव्यवस्था।
उत्तर:
(ii) विकासशील अर्थव्यवस्था

प्रश्न 2.
ग्रामीण भारत में निवास कर रहे एक व्यक्ति को निर्धन कहा जाएगा यदि इसका दैनिक कैलोरी उपभोग निम्नलिखित से कम है
(i) 2600 कैलोरी
(ii) 2500 कैलोरी
(iii) 2400 कैलोरी
(iv) 2800 कैलोरी।
उत्तर:
(iii) 2400 कैलोरी

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
भारत में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली जनसंख्या का आंकलन किसके द्वारा किया जाता है?
(i) भारतीय रिजर्व बैंक
(ii) केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन
(iii) राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन
(iv) वित्त मन्त्रालय।
उत्तर:
(iii) राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन

प्रश्न 4.
भारत का सबसे गरीब जिला है
(i) बाँसवाड़ा
(ii) झाबुआ
(iii) डांग
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(iii) डांग

प्रश्न 5.
नवीनतम आँकड़ों के अनुसार कुल जनसंख्या का कितना भाग गरीबी रेखा के नीचे रहता है?
(i) 24 प्रतिशत
(ii) 22.5 प्रतिशत
(iii) 20.8 प्रतिशत
(iv) 21.8 प्रतिशत।
उत्तर:
(iv) 21.8 प्रतिशत।

प्रश्न 6.
‘गरीबी रेखा’ का विचार सर्वप्रथम दिया
(i) लकड़वाला
(ii) दाण्डेकर
(iii) एम. एन. राय
(iv) एम. विश्वेश्वरैया।
उत्तर:
(ii) दाण्डेकर

प्रश्न 7.
प्रधानमन्त्री रोजगार योजना प्रारम्भ हुई
(i) 2 अक्टूबर, 1993
(ii) 2 अक्टूबर 1995
(iii) 2 अक्टूबर, 1997
(iv) 2 अक्टूबर, 2000
उत्तर:
(i) 2 अक्टूबर, 1993

सत्य/ असत्य

प्रश्न 1.
अन्त्योदय अन्न योजना के अन्तर्गत 5 किग्रा. खाद्यान्न दिया जाता है। (2008)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
भारतवर्ष में अर्थव्यवस्था मूलतः कृषि पर आधारित है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
भारत की भौगोलिक स्थिति विकास की दृष्टि से अनुकूल नहीं है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
पूँजी निर्माण आर्थिक विकास की आधारशिला है। (2015)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
भारत का सबसे गरीब राज्य पंजाब है। (2017, 18)
उत्तर:
असत्य।

MP Board Solutions

सही जोड़ी मिलाइए

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती - 1
उत्तर:

  1. →(ङ)
  2. →(घ)
  3. →(ख)
  4. →(ग)
  5. →(क)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
व्यापार चक्र की मन्दी के समय उत्पन्न बेरोजगारी क्या कहलाती है?
उत्तर:
चक्रीय बेरोजगारी

प्रश्न 2.
भारत का सबसे गरीब जिला कौन-सा है?
उत्तर:
डांग

प्रश्न 3.
ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम कब प्रारम्भ किया गया?
उत्तर:
अप्रैल 1995

प्रश्न 4.
किसी फर्म के उत्पादन के मूल्य तथा अन्य फर्मों से खरीदे गये आदानों की लागत का अन्तर कहलाता है।
उत्तर:
मूल्य वृद्धि

प्रश्न 5.
प्रकृति द्वारा मनुष्य को प्रदान किये गये वे निःशुल्क उपहार जो आर्थिक विकास में सहायक होते हैं।
उत्तर:
प्राकृतिक संसाधन।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अल्प रोजगार से आप क्या समझते हैं? (2010)
उत्तर:
अल्प रोजगार-जब व्यक्ति अपनी कार्यक्षमता के अनुसार कार्य न पाकर अपनी योग्यता एवं क्षमता से कम स्तर वाला कार्य करता है, तब अल्प रोजगार की श्रेणी में आता है।

प्रश्न 2.
योजना आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश का सबसे गरीब जिला कौन-सा है?
उत्तर:
मध्य प्रदेश का झाबुआ सबसे गरीब जिला है।

प्रश्न 3.
नवीनतम आँकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या का कितना भाग गरीबी रेखा के नीचे रहता है?
उत्तर:
मध्य प्रदेश का 29.52 प्रतिशत भाग गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहा है।

प्रश्न 4.
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में किस प्रकार की बेरोजगारी विद्यमान है?
उत्तर:
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में अल्प रोजगार के साथ अदृश्य बेरोजगारी विद्यमान है।

प्रश्न 5.
अदृश्य बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? (2015)
उत्तर:
अदृश्य बेरोजगारी-कृषि क्षेत्र में पाई जाने वाली यह बेरोजगारी उस स्थिति का सूचक है जब श्रमिकों की सीमान्त उत्पादकता शून्य होती है, अर्थात् इन व्यक्तियों को कृषि क्षेत्रों से हटाकर अन्यत्र भेजे जाने पर कृषि क्षेत्र की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
मुद्रा प्रसार क्या है?
उत्तर:
मुद्रा प्रसार या मुद्रा स्फीति वह अवस्था है, जिसमें मुद्रा का मूल्य गिर जाता है और कीमतें बढ़ जाती हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गरीबी से क्या आशय है? (2010)
उत्तर:
गरीबी का अर्थ-धन का अभाव निर्धनता को जन्म देता है। केवल कुछ व्यक्तियों की निम्न आर्थिक स्थिति ही गरीबी को जन्म नहीं देती है, बल्कि किसी समाज में व्यक्तियों का बहुत बड़ा भाग जब जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ रहता है, तब इस स्थिति को ‘गरीबी’ के नाम से जाना जाता है। आशय यह है कि समाज में अधिकांश व्यक्तियों को रहने, खाने और पहनने की अति आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध न हों तो इस प्रकार की स्थिति को ‘गरीबी’ के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 2.
गरीबी की पहचान किस प्रकार कर सकते हैं?
उत्तर:
गरीबी की पहचान तो बहुत सरल है, किन्तु इसको परिभाषित करना कठिन है। जब हम अपने आस-पास टूटे झोंपड़ों एवं झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों, रेलवे स्टेशनों और चौराहों पर भीख माँगते भिखारियों, खेतों में काम करने वाले श्रमिकों को देखते हैं तो उनके अभावग्रस्त जीवन को देखकर गरीबी को पहचान सकते हैं। गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले व्यक्ति ‘गरीबी’ की परिभाषा में आते हैं। ‘गरीबी रेखा’ से आशय नागरिकों के उस न्यूनतम आर्थिक स्तर से है, जो उसके जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक होता है।

प्रश्न 3.
अन्नपूर्णा योजना क्या है? संक्षिप्त विवरण दीजिए। (2009)
उत्तर:
अन्नपूर्णा योजना-यह योजना ग्रामीण विकास मन्त्रालय द्वारा 1 अप्रैल, 2000 से प्रारम्भ की गई है। इसके अन्तर्गत 65 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के ऐसे असाध्य वृद्ध नागरिक आते हैं, जो राष्ट्रीय पेंशन योजना के पात्र तो हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना में प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 10 किग्रा. खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाता है। वर्ष 2002-03 में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को इस योजना में मिला दिया गया।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“निर्धनता सभी बुराइयों की जड़ है।” विवेचना कीजिए।
अथवा
निर्धनता के दुश्चक्र से आप क्या समझते हैं? (2008, 11)
उत्तर:
निर्धनता के दुश्चक्र से आशय-निर्धनता का दुश्चक्र एक ऐसी वृत्ताकार प्रक्रिया है, जिसका प्रारम्भ भी निर्धनता से होता है और अन्त भी निर्धनता के रूप में होता है।

प्रो. नर्कसे (Nurkse) के शब्दों में, “निर्धनता के दुश्चक्र का आशय नक्षत्र मण्डल के समान वृत्ताकार ढंग से घूमती हुई ऐसी शक्तियों से है जो एक-दूसरे पर इस प्रकार क्रिया-प्रतिक्रिया करती हैं कि एक निर्धन देश निर्धनता की अवस्था में ही बना रहता है।”

निर्धनता के दुश्चक्र की विशेषताएँ –

  1. निर्धनता का कारण व परिणाम स्वयं निर्धनता है।
  2. निर्धनता अपने प्रारम्भिक बिन्दु से अन्तिम बिन्दु तक वृत्ताकार ढंग से क्रिया व प्रतिक्रिया करती हुई बढ़ती है।
  3. इनका प्रभाव संचयी (Cumulative) होता है अर्थात् एक स्तर पर पायी जाने वाली निर्धनता अगले स्तर पर और भी अधिक हानिकारक होने लगती है।
  4. यह एक ऐसी निरन्तर प्रक्रिया है जो सम्बन्धित घटकों को सदैव नीचे की ओर धकेलती है।

प्रो. नर्कसे का कहना है कि इस सम्बन्ध में ध्यान रखने योग्य बात यह है कि वास्तविक आय का निम्न स्तर, वस्तुओं की माँग व पूर्ति के निम्न स्तर का कारण व परिणाम दोनों हैं। वास्तविक आय के कम होने का प्रभाव, एक ओर वस्तुओं की माँग पर पड़ता है और दूसरी ओर लोगों द्वारा की जाने वाली बातों पर पड़ता है जैसा कि निम्न चित्र द्वारा स्पष्ट किया गया है –
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती - 2

MP Board Class 9th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 1 भारत और विश्व

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 1 भारत और विश्व

MP Board Class 7th Social Science Chapter 1 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(1) भारत में मध्यकाल का आरम्भ …………..से माना जाता है।
(2) चोल राज्य के व्यापारिक सम्बन्ध …………. देशों से थे।
(3) कुतुबनुमा (कम्पास) का आविष्कार …………… में हुआ था।
उत्तर:
(1) आठवीं शताब्दी
(2) चीन तथा दक्षिण एशिया के अन्य
(3) चीन।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 1 भारत और विश्व-1
उत्तर:
(1) (d) तेरहवीं से अठारहवीं
(2) (c) राजेंद्र प्रथम
(3) (b) चीन
(4) (a) वंशानुगत दास

MP Board Solutions 

MP Board Class 7th Social Science Chapter 1 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) भारतीय इतिहास के मध्यकाल को कितने भागों में विभाजित गया है ? उनके नाम और काल लिखिए।
उत्तर:
भारतीय इतिहास के मध्यकाल को दो भागों में विभाजित किया गया है –

  • पूर्व मध्यकाल – आठवीं से बारहवीं शताब्दी तक।
  • उत्तर मध्यकाल – तेरहवीं से अठारहवीं शताब्दी तक।

(2)  मध्यकाल के साहित्यिक स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मध्यकाल के साहित्यिक स्रोत ताड़पत्रों और भोज पत्रों पर लिखा विवरण था।

(3) यूरोप के मध्यकाल में सामन्तों की जीवन शैली कैसी थी?
उत्तर:
यूरोप के मध्यकाल में सामन्त विलासितापूर्ण जीवन व्यतीत करते थे और किसानों पर अत्याचार करते थे। गरीब किसान वंशानुगत दास (सर्फ) बने रहते थे।

(4)  संगठित होकर अरबों ने अपने राज्य का विस्तार कहाँ तक किया ?
उत्तर:
संगठित होकर अरबों ने अपने राज्य का विस्तार भारत की उत्तर – पश्चिमी सीमा तक किया।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.

(1) मध्यकालीन सभ्यता के विकास में अरब व्यापारियों के योगदान का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अरब लोग कुशल व्यापारी थे। राजनैतिक सत्ता स्थापित करने के साथ – साथ उन्होंने भारत, चीन, यूरोप तथा पूर्व से पश्चिम अफ्रीका तक व्यापार किया। उन्होंने व्यापार से धन कमा कर उसका उपयोग कला, साहित्य और विज्ञान को प्रोत्साहन देने में किया। अरबों ने विभिन्न देशों के साथ अपने व्यापारिक संपर्क बढ़ाकर वहाँ के ज्ञान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया।

उन्होंने प्राचीन ग्रीक तथा भारतीय वैज्ञानिक ग्रन्थों का अरबी में अनुवाद कराया। खगोलशास्त्र तथा गणित का उच्चकोटि का ज्ञान पश्चिमी देशों तक पहुँचाया। अरबों ने ही चीन के बारूद, कागज, कुतुबनुमा आदि आविष्कारों का ज्ञान यूरोप के देशों में पहँचाया। यहाँ की सम्पन्नता और उच्च संस्कृति उत्तर – पश्चिम के शासकों के लिए आकर्षण का केन्द्र थी।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 12 सल्तनतकालीन प्रशासन एवं जनजीवन

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 12 सल्तनतकालीन प्रशासन एवं जनजीवन

MP Board Class 7th Social Science Chapter 12 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) सल्तनतकाल की प्रशासनिक व्यवस्था में प्रमुख विभाग कितने थे?
(अ) दो
(ब) पाँच
(स) चार
(द) सात।
उत्तर:
(स) चार

(2) व्यापार का प्रमुख केन्द्र कौन-सा था, जहाँ देश के विभिन्न भागों से सामान आता था ?
(अ) दिल्ली
(ब) बंगाल
(स) गुजरात
(द) मुल्तान।
उत्तर:
(2) (अ) दिल्ली

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए(कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर भरें) –
(1) हिन्दी और फारसी के सम्मिश्रिण से इस काल में एक नई भाषा …………. का जन्म हुआ। (तमिल, उर्दू, कन्नड़)
(2) इस काल के प्रसिद्ध दार्शनिक व साहित्यकार ………. ने अपनी रचनाओं में उर्दू, फारसी व हिन्दी भाषा का प्रयोग किया। (अमीर खुसरो, कबीरदास,नानक, मुइनुद्दीन चिश्ती)
(3) शल्य चिकित्सा के लिए वैद्य ………… व ……………. का नाम प्रसिद्ध था। (सदुद्दीन व अजीमुद्दीन, मच्छेन्द्र व जोग, बद्रुद्दीन व बर्नी)
उत्तर:
(1) उर्दू,
(2) अमीर खुसरो
(3) मच्छेन्द्र व जोग।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की सही जोड़ियाँ बनाइए
MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 12 सल्तनतकालीन प्रशासन एवं जनजीवन`
उत्तर:
1. (b) दिल्ली
2. (a) बीजापुर
3. (d) हिन्दू, मुसलमानों के भेद भावों
4. (c) सिख सम्प्रदाय की स्थापना की थी

MP Board Class 7th Social Science Chapter 12 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) सल्तनत काल की सामाजिक व्यवस्था के कोई दो मुख्य बिन्दु लिखिए।
उत्तर:
सल्तनत काल की सामाजिक व्यवस्था के दो मुख्य बिन्दु निम्न हैं –

  • समाज में मुख्यतः हिन्दू और मुस्लिम जनसंख्या निवास करती थी। समाज में उच्च वर्ग के लोग विलासिता का जीवन व्यतीत करते थे।
  • समाज में बाल विवाह, बहु-विवाह, सती प्रथा का प्रचलन था।

(2) सल्तनत काल में राज्य की आय के प्रमुख साधन क्याथे ?
उत्तर:
सल्तनत काल में भूमिकर, चुंगीकर, खनिज सम्पत्ति कर, सिंचाई कर, मकान कर, तीर्थयात्रा कर आदि राज्य की आय के प्रमुख साधन थे।

(3) सल्तनतकालीन वास्तुकला की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
सल्तनतकालीन वास्तुकला की दो विशेषताएँ निम्न –

  • नुकीले महराब और गुम्बद तथा ऊँची सँकरी मीनारें इस काल की वास्तुकला की महत्वपूर्ण विशेषता थी, जैसे-तुगलकाबाद का किला, अलाई दरवाजा।
  • खपरैलों का प्रयोग, जैसे-लोदी सल्तानों के रंग-बिरंगे खपरैलों की डिजाइनों से सजे मकबरे।

(4) भक्ति आन्दोलन के सन्तों द्वारा दी गई प्रमुख शिक्षाएँ क्या थीं?
उत्तर:
भक्ति आन्दोलन के सन्तों द्वारा दी गई प्रमुख शिक्षाएँ निम्न हैं –

    • ईश्वर के प्रति भक्ति व प्रेम, ईश्वर के निकट पहुँचने का मार्ग है।
    • सभी धर्म समान हैं।
    • कर्मकाण्ड, आडम्बर व धार्मिक कट्टरता का विरोध करना।
    •  समाज की सेवा करना।
    • अन्य धर्मों के प्रति उदार दृष्टिकोण रखना।

MP Board Solutions

MP Board Class 7th Social Science Chapter 12 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) सल्तनतकालीन भाषा एवं साहित्य का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भाषा एवं साहित्य –

  • प्राथमिक शिक्षा केन्द्र मन्दिर व मस्जिद होते थे। कुछ स्थानों पर प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना की गई।
  • उच्च शिक्षा के लिए टोल (महाविद्यालय) व मदरसों की व्यवस्था थी।
  • केन्द्रीय स्तर पर फारसी भाषा का प्रयोग होता था।
  • हिन्दी और फारसी के सम्मिश्रण से ‘उर्दू भाषा का जन्म हुआ।
  • उर्दू भाषा के शब्दकोष में फारसी व हिन्दी भाषाओं के शब्दों का प्रयोग किया।
  • इस काल में क्षेत्रीय भाषाओं का विकास हुआ, जिनमें उत्तम साहित्य की रचना हुई।
  • कुछ हिन्दू राज्यों (विजयनगर आदि) के राज दरबार में संस्कृत भाषा का प्रयोग किया जाता था। संस्कृत ग्रन्थों के अनुवाद भारतीय भाषाओं के साथ-साथ अरबी व फारसी में भी किए गए।
  •  कागज के प्रचलन से अनेक प्राचीन ग्रन्थों का पुनः लेखन हुआ।

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2

प्रश्न 1.
(a) से (d) तक के रेखाचित्रों में निम्नलिखित को कौन दर्शाता है :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 1
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 1a
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 1b
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 1c
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 1d
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 1e
उत्तर:
(i) → (d),
(ii) → (b),
(iii) →(a),
(iv) → (c).

प्रश्न 2.
(a) से (c) तक कुछ चित्र दिए हुए हैं। बताइए उनमें से कौन निम्नलिखित को दर्शाता है ?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 2a
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 2b
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 2c
हल:
(i) ∵ \(\frac{1}{5}=\frac{1}{5}+\frac{1}{5}+\frac{1}{5}=\frac{3}{5}\)
(ii) ∵ \( \frac{1}{3}=\frac{1}{3}+\frac{1}{3}=\frac{2}{3}\)
(iii) ∵ \(\frac{3}{4}=\frac{3}{4}+\frac{3}{4}+\frac{3}{4}=\frac{9}{4}\)
उत्तर:
(i) → (c),
(ii) → (a),
(iii) → (b).

प्रश्न 3.
गुणा करके न्यूनतम रूप में लिखिए और मिश्रित भिन्न में व्यक्त कीजिए-
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 3
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 3a
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 3b

प्रश्न 4.
छायांकित कीजिए-
(i) बक्सा (a) के वृत्तों का \(\frac { 1 }{ 2 }\) भाग
(ii) बक्सा (b) के त्रिभुजों का \(\frac { 2 }{ 3 }\) भाग
(iii) बक्सा (c) के वर्गों का \(\frac { 3 }{ 5 }\) भाग
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 4
हल:
(i) वृत्तों का \(\frac { 1 }{ 2 }\) भाग
∵ वृत्तों की संख्या = 12
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 4a
∴ वृत्तों का \(\frac { 1 }{ 2 }\) भाग = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 12 = 6
अतः हमें 6 वृत्तों को छायांकित करना है।

(ii) त्रिभुजों का \(\frac { 2 }{ 3 }\) भाग
∵ त्रिभुजों की संख्या = 9
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 4b
∴ त्रिभुजों का \(\frac { 2 }{ 3 }\) भाग = \(\frac { 2 }{ 3 }\) x 9 = 6
अतः हमें 6 त्रिभुजों को छायांकित करना है।

(iii) वर्गों का में भाग \(\frac { 3 }{ 5 }\) वर्गों की संख्या = 15
∵ वर्गों का 1 भाग = 1 x 15 = 9
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 4c
∴ त्रिभुजों का \(\frac { 3 }{ 5 }\) भाग = \(\frac { 3 }{ 5 }\) x 15 = 6
अतः हमें 9 वर्गों को छायांकित करना है।

प्रश्न 5.
ज्ञात कीजिए-
(a)
(i) 24 का 1/2
(ii) 46 का 1/2

(b)
(i) 18 का 2/3
(ii) 27 का 2/3

(c)
(i) 16 का 3/4
(ii) 36 का 3/4

(d)
(i) 20 का 4/5
(ii) 35 का 4/5
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 5
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 5a

प्रश्न 6.
गुणा कीजिए और मिश्रित भिन्न के रूप में व्यक्त कीजिए-
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 6
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 6a

प्रश्न 7.
ज्ञात कीजिए-
(a)
(i) 2\(\frac { 3 }{ 4 }\) का \(\frac { 1 }{ 2 }\)
(ii) 4\(\frac { 2 }{ 9 }\) का \(\frac { 1 }{ 2 }\)

(b) (i) 3\(\frac { 5 }{ 6 }\) का \(\frac { 5 }{ 8 }\)
(ii) 9\(\frac { 2 }{ 3 }\) का \(\frac { 5 }{ 8 }\)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 7
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 7a

प्रश्न 8.
विद्या और प्रताप पिकनिक पर गए। उनकी माँ ने उन्हें 5 लीटर पानी वाली एक बोतल दी। विद्या ने कुल पानी का उपयोग किया। शेष पानी प्रताप ने पिया। . (i) विद्या ने कुल कितना पानी पिया ?
(ii) पानी की कुल मात्रा का कितना भिन्न (fraction) प्रताप ने पिया ?
हल:
(i) पानी की कुल मात्रा = 5 लीटर
विद्या द्वारा पानी की उपयोग की गई मात्रा = 5 लीटर का \(\frac { 2 }{ 5 }\) = \(\frac { 2 }{ 5 }\) x 5 लीटर = 2 लीटर
(ii) शेष पानी की मात्रा = प्रताप द्वारा उपयोग की गई पानी की मात्रा
प्रताप द्वारा उपयोग की गई पानी की मात्रा = 5 लीटर – 2 लीटर = 3 लीटर
अतः प्रताप द्वारा उपयोग की गई पानी की मात्रा
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 8

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 39

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
निम्नलिखित बक्सों को भरिए-
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 9
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 9a
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 9b

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 40
प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए – \(\frac{2}{3} \times \frac{4}{5} ; \frac{2}{3} \times \frac{1}{5}\)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 10

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए – \(\frac{8}{3} \times \frac{4}{7} ; \frac{3}{4} \times \frac{2}{3}\)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 10a

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 41

हम पाते हैं
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 11
अतः दो उचित भिन्नों का गुणनफल दोनों भिन्नों में से प्रत्येक से छोटा होता है।

पाँच और उदाहरण बनाकर इसकी जाँच कीजिए।
उदाहरण:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 11a
आइए अब हम दो विषम भिन्नों का गुणा करते हैं।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 12
अतः दो विषम भिन्नों का गुणनफल उनमें से प्रत्येक भिन्न से बड़ा होता है।

ऐसे पाँच और उदाहरण बनाइए और उपर्युक्त कथन को सत्यापित कीजिए।
उदाहरण:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 2 भिन्न एवं दशमलव Ex 2.2 13

MP Board Class 7th Maths Solutions

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

MP Board Class 9th Science Chapter 14 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 217

प्रश्न 1.
शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमण्डल से हमारा वायुमण्डल कैसे भिन्न है?
उत्तर:
शुक्र एवं मंगल ग्रह के वायुमण्डल में प्राणवायु ऑक्सीजन का अभाव है तथा हानिकारक कार्बन डाइ-ऑक्साइड लगभग 95% से 97% तक है। हमारे वायुमण्डल में प्राणवायु ऑक्सीजन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है तथा हानिकारक कार्बन डाइ-ऑक्साइड अत्यल्प मात्रा में।

प्रश्न 2.
वायुमण्डल एक कम्बल की तरह कैसे कार्य करता है? (2018)
उत्तर:
वायु ऊष्मा की कुचालक होती है। इसलिए वायुमण्डल पृथ्वी के औसत तापमान को लगभग नियत रखता है। यह दिन में तापमान को बढ़ने से रोकता है तथा रात के समय ऊष्मा को बाहरी अन्तरिक्ष में जाने से रोकता है। इस तरह वायुमण्डल एक कम्बल की तरह कार्य करता है।

प्रश्न 3.
वायु प्रवाह (पवन) के क्या कारण हैं?
उत्तर:
वायुमण्डल के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान एवं दाब में होने वाले अन्तर के कारण वायु प्रवाह (पवन) होता है।

प्रश्न 4.
बादलों का निर्माण कैसे होता है? (2018)
उत्तर:
बादलों के निर्माण की प्रक्रिया-सूर्य के ताप के कारण जलाशयों (तालाब, झील, नदियाँ एवं समुद्र आदि) का जल वाष्पीकृत हो जाता है। यह जलवाष्प गर्म वायु के साथ ऊपर उठती है और फैलने के कारण ठंडी हो जाती है तथा छोटी-छोटी बूंदों के रूप में संघनित हो जाती है। जलवाष्प का यह संघनित रूप ही बादल होता है।

प्रश्न 5.
मनुष्य के तीन क्रियाकलापों को लिखिए जो वायु प्रदूषण में सहायक हैं। (2018)
उत्तर:
वायु प्रदूषण में सहायक मनुष्य के क्रियाकलाप:

  1. जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग जिससे कार्बन मोनोक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन एवं सल्फर के ऑक्साइडों का उत्सर्जन।
  2. रेफ्रिजरेटरों एवं एयरकण्डीशनरों का उपयोग जिससे हानिकारक ऐरोसॉल (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) का रिसाव।
  3. वनों, वृक्षों का अत्यधिक कटान।

MP Board Solutions

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 219

प्रश्न 1.
जीवों को जल की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
जीवों को जल की आवश्यकता:

  1. सभी कोशिकीय प्रक्रियाएँ जलीय माध्यम में होती हैं।
  2. पदार्थों का संवहन जल के माध्यम से होता है। इसलिए जीवों को जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2.
जिस गाँव/शहर/नगर में आप रहते हैं, वहाँ पर उपलब्ध शुद्ध जल का मुख्य स्रोत क्या है?
उत्तर:
उपलब्ध जल का मुख्य स्रोत जलाशय (कुएँ, तालाब, झील एवं नदियाँ)। (निर्देश-छात्र अपने गाँव/शहर/नगर के जल स्रोत का स्वयं उल्लेख करें।)

प्रश्न 3.
क्या आप किसी क्रियाकलाप के बारे में जानते हैं जो इस जल के स्रोत को प्रदूषित कर रहा है?
उत्तर:
हम अनेक क्रियाकलापों को जानते हैं जिनसे जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं –

  1. पशुओं एवं जानवरों को जलाशयों में नहलाना तथा कपड़े धोना।
  2. शवों, घरेलू अपशिष्टों आदि को जलाशयों में बहाना।

प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 222

प्रश्न 1.
मृदा (मिट्टी) का निर्माण किस प्रकार होता है?
उत्तर:
मृदा (मिट्टी) के निर्माण की प्रक्रिया:

  1. सूर्य की गर्मी से पत्थर गर्म होकर फैलते हैं तथा रात्रि को ठंडे होकर सिकुड़ते हैं। इसलिए पत्थर छोटे-छोटे टुकड़ों में विभक्त हो जाते हैं।
  2. पत्थरों की दरार में जल भर जाता है जो ठंडा होने पर बर्फ बनकर फैलता है जिससे पत्थर दबाव के कारण टूटते हैं। इसके अतिरिक्त बहता हुआ जल पत्थरों से टकराकर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में परिवर्तित कर देता है।

ये पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े जल के बहाव के साथ-साथ बहते रहते हैं तथा आपस में टकरा-टकराकर मृदा में बदल जाते हैं। इसके अतिरिक्त हवाएँ भी पत्थरों को तोड़ने में सहायक होती हैं।

प्रश्न 2.
मृदा अपरदन क्या है?
उत्तर:
मृदा अपरदन:
“आँधी, तूफान, तेज हवा, तीव्र जल प्रवाह एवं बाढ़ के कारण खेत की उपजाऊ मिट्टी (मृदा) का बहकर नष्ट हो जाना मृदा अपरदन कहलाता है।”

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
मृदा अपरदन को रोकने और कम करने के कोई तीन तरीके लिखिए। (2018)
उत्तर:
मृदा अपरदन को रोकने एवं कम करने के उपाय –

  1. वनों के काटने पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाकर तथा वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करके।
  2. पहाड़ों एवं ढलवाँ स्थानों पर सीढ़ीनुमा खेती करके।
  3. खेतों की मेंढ़ बनाकर तथा उस पर विभिन्न पेड़-पौधे उगाकर।

प्रश्न श्रृंखला-4 # पृष्ठ संख्या 226

प्रश्न 1.
जल चक्र के क्रम में जल की कौन-कौन सी अवस्थाएँ पाई जाती हैं?
उत्तर:
जल चक्र के क्रम में जल की निम्न अवस्थाएँ पाई जाती हैं –

  1. ठोस अवस्था (बर्फ)
  2. द्रव अवस्था (पानी)
  3. गैसीय अवस्था (जलवाष्प, बादल, कोहरा आदि)।

प्रश्न 2.
जैविक रूप से महत्वपूर्ण दो यौगिकों के नाम दीजिए जिनमें ऑक्सीजन और नाइट्रोजन दोनों पाये जाते हैं।
उत्तर:

  1. प्रोटीन्स
  2. न्यूक्लिक अम्ल।

प्रश्न 3.
मनुष्य की किन्हीं तीन गतिविधियों को पहचानें जिनसे वायु में कार्बन डाइ-ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है।
उत्तर:

  1. औद्योगिक इकाइयों द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन।
  2. ऑटोमोबाइलों एवं घरेलू चूल्हों में प्रयुक्त जीवाश्म ईंधन का दहन।
  3. श्वसन क्रिया।

प्रश्न 4.
ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है? (2019)
उत्तर:
ग्रीन हाउस प्रभाव (Green House Effect):
ठण्डे प्रदेशों में पौधों को ठण्ड से बचाने के लिए काँच या फाइबर ग्लास के बने पौधाघरों में रखा जाता है।

सूर्य से निकलने वाली छोटी तरंगदैर्घ्य की विकिरण काँच से होकर इसमें प्रवेश कर जाती है तथा वहाँ ये बड़ी तरंगदैर्घ्य की विकिरणों में बदल जाती है जिनको काँच बाहर आने से रोकता है। इस प्रकार पौधाघर का ताप वायुमण्डल के ताप से अधिक रहता है। इस घटना को पौधाघर प्रभाव या ग्रीन हाउस प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 5.
वायुमण्डल में पायी जाने वाली ऑक्सीजन के दो रूप कौन-कौन से हैं?
उत्तर:

  1. ऑक्सीजन गैस (O2)
  2. ओजोन गैस (O3)।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
जीवन के लिए वायुमण्डल क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
जीवन के लिए वायुमण्डल की आवश्यकता-जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन गैस (प्राणवायु) अत्यन्त आवश्यक है। इसके बिना जीवन असम्भव है और ऑक्सीजन वायुमण्डल का ही एक घटक है। इसलिए जीवन के लिए वायुमण्डल की आवश्यकता है।

प्रश्न 2.
जीवन के लिए जल क्यों अनिवार्य है? (2019)
उत्तर:
जीवन के लिए जल की अनिवार्यता –

  1. सभी कोशिकीय प्रक्रियाएँ जलीय माध्यम में होती हैं।
  2. पदार्थों का संवहन जल के माध्यम से होता है। इसलिए जीवों को जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3.
जीवित प्राणी मृदा पर कैसे निर्भर हैं? क्या जल में रहने वाले जीव सम्पदा के रूप में मृदा से पूरी तरह स्वतन्त्र हैं?
उत्तर:
जीवित प्राणी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पोषक तत्व एवं खनिज मृदा से ही प्राप्त करते हैं। इसलिए जीवित प्राणी मृदा पर निर्भर करते हैं। जलीय जीव भी पूर्णरूप से सम्पदा के रूप में मृदा से स्वतन्त्र नहीं

प्रश्न 4.
आपने टेलीविजन पर और समाचार-पत्रों में मौसम सम्बन्धी रिपोर्ट को देखा होगा। क्या आप सोचते हैं कि हम मौसम के पूर्वानुमान में सक्षम हैं?
उत्तर:
हाँ ! हम मौसम के पूर्वानुमान में काफी हद तक सक्षम हैं।

प्रश्न 5.
हम जानते हैं कि बहुत-सी मानवीय गतिविधियाँ वायु, जल एवं मृदा के प्रदूषण स्तर को बढ़ा रही हैं। क्या आप सोचते हैं कि इन गतिविधियों को कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित कर देने से प्रदूषण के स्तर को घटाने में सहायता मिलेगी?
उत्तर:
हाँ ! प्रदूषण के स्तर का घटाने में सहायता अवश्य मिलेगी।

प्रश्न 6.
जंगल वायु, मृदा तथा जलीय स्रोत की गुणवत्ता को कैसे प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
जंगल प्रकाश-संश्लेषण द्वारा वायु को प्रदूषण मुक्त करते हैं। वर्षा को प्रोत्साहित करते हैं, मृदा अपरदन को रोकते हैं। इस प्रकार जंगल वायु, मृदा एवं जलस्रोतों की गुणवत्ता को सुधारने में सहायक होते हैं।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 14 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पृथ्वी का वायुमण्डल जिन विकिरणों द्वारा गर्म होता है वह मुख्यत: है –
(a) सूर्य से आने वाला विकिरण
(b) पृथ्वी से वापस होने वाला विकिरण
(c) जल से बाहर विकिरण
(d) पृथ्वी तथा जल में विकिरण
उत्तर:
(d) पृथ्वी तथा जल में विकिरण

प्रश्न 2.
यदि पृथ्वी के चारों ओर वायुमण्डल नहीं होता तो पृथ्वी का तापमान –
(a) बढ़ता
(b) घटता
(c) दिन के समय बढ़ता तथा रात के समय घटता
(d) अप्रभावित रहता
उत्तर:
(c) दिन के समय बढ़ता तथा रात के समय घटता

प्रश्न 3.
यदि पर्यावरण में उपस्थित सभी ऑक्सीजन ओजोन में परिवर्तित हो जाये, तो क्या होगा?
(a) हम अधिक सुरक्षित होंगे
(b) यह विषाक्त हो जायेगी तथा जीवों को नष्ट करेगी
(c) ओजोन स्थिर नहीं है अतः आविषालु हो जाएगी
(d) यह हानिकारक सूर्य विकिरणों को पृथ्वी पर पहुँचने में मदद करेगी तथा कई प्रकार के जीवों को नष्ट कर देगी।
उत्तर:
(b) यह विषाक्त हो जायेगी तथा जीवों को नष्ट करेगी

प्रश्न 4.
निम्न कारकों में से कौन-सा एक कारक प्रकृति में मृदा बनावट में पहल नहीं करता?
(a) सूर्य
(b) जल
(c) पवन
(d) पॉलिथीन के थैले
उत्तर:
(d) पॉलिथीन के थैले

प्रश्न 5.
वायुमण्डल में मिलने वाली ऑक्सीजन के दो रूप कौन से हैं?
(a) जल तथा ओजोन
(b) जल तथा ऑक्सीजन
(c) ओजोन तथा ऑक्सीजन
(d) जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर:
(c) ओजोन तथा ऑक्सीजन

प्रश्न 6.
जीवाणु द्वारा नाइट्रोजन स्थिरीकरण की क्रिया निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति में नहीं होती है?
(a) हाइड्रोजन का आण्विक रूप
(b) ऑक्सीजन का तत्व रूप
(c) जल
(d) नाइट्रोजन का तत्व रूप
उत्तर:
(b) ऑक्सीजन का तत्व रूप

प्रश्न 7.
वर्षा प्रतिमान किस पर निर्भर करता है?
(a) भूमिगत जल स्तर
(b) किसी क्षेत्र में जलाशयों की संख्या
(c) किसी क्षेत्र की मानव समष्टि का घनत्व प्रतिमान
(d) किसी क्षेत्र का प्रमुख मौसम
उत्तर:
(b) किसी क्षेत्र में जलाशयों की संख्या

MP Board Solutions

प्रश्न 8.
उर्वरक और पीड़कनाशी की अधिक मात्रा के उपयोग की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि –
(a) वे पारि हितैषी हैं
(b) कुछ समय बाद खेत को बंजर कर देते हैं
(c) वे मृदा के लाभदायक अवयवों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं
(d) वे मृदा की उर्वरकता को नष्ट कर देते हैं
उत्तर:
(a) वे पारि हितैषी हैं

प्रश्न 9.
वायु में उपस्थित नाइट्रोजन के अणु निम्नलिखित के कारण नाइट्रेट अथवा नाइदाइट में परिवर्तित हो जाते हैं –
(a) मृदा में पाये जाने वाले नाइट्रोजन स्थिरकारी जीवाणुओं की जैविक प्रक्रिया द्वारा
(b) मृदा में पाई जाने वाले कार्बन स्थिरकारी कारक की जैविक प्रक्रिया द्वारा
(c) नाइट्रोजन यौगिक बनाने वाले किसी उद्योग के द्वारा
(d) उन पौधों के द्वारा जिन्हें खेत में अनाज फसलों के लिए उगाया जाता है
उत्तर:
(a) मृदा में पाये जाने वाले नाइट्रोजन स्थिरकारी जीवाणुओं की जैविक प्रक्रिया द्वारा

प्रश्न 10.
प्रकृति में चल रहे जल चक्र में निम्नलिखित में से कौन-सी एक क्रिया सम्मिलित नहीं है?
(a) वाष्पन
(b) वाष्पोत्सर्जन
(c) अवक्षेपण
(d) प्रकाश-संश्लेषण
उत्तर:
(d) प्रकाश-संश्लेषण

प्रश्न 11.
‘जल प्रदूषण’ शब्द की परिभाषा कई प्रकार से दी जा सकती है। निम्नलिखित में से किस कथन में उचित परिभाषा नहीं है?
(a) जलाशयों में अवांछित पदार्थों का मिलाया जाना
(b) जलाशयों से वांछनीय पदार्थों का निकाला जाना
(c) जलाशयों के दाब में परिवर्तन
(d) जलाशयों के ताप में परिवर्तन
उत्तर:
(c) जलाशयों के दाब में परिवर्तन

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन-सी ग्रीन हाउस गैस नहीं है? (2019)
(a) मीथेन
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) कार्बन मोनोक्साइड
(d) अमोनिया
उत्तर:
(d) अमोनिया

प्रश्न 13.
कार्बन चक्र में कौन-सा चरण सम्मिलित नहीं है?
(a) प्रकाश-संश्लेषण
(b) वाष्पोत्सर्जन
(c) श्वसन
(d) जीवाश्म ईंधन को जलाना
उत्तर:
(b) वाष्पोत्सर्जन

प्रश्न 14.
ओजोन छिद्र का अर्थ है –
(a) ओजोन पर्त में एक बड़े आकार का छिद्र
(b) ओजोन पर्त का पतला होना
(c) ओजोन पर्त में छितरे हुए छोटे छिद्र
(d) ओजोन पर्त में ओजोन का मोटा होना।
उत्तर:
(b) ओजोन पर्त का पतला होना

MP Board Solutions

प्रश्न 15.
ओजोन पर्त का ह्रास हो रहा है क्योंकि –
(a) मोटरगाड़ियों का अत्यधिक उपयोग
(b) औद्योगिक इकाइयों का अत्यधिक निर्माण
(c) मनुष्य निर्मित यौगिकों जिनमें क्लोरीन और फ्लोरीन दोनों शामिल हैं, का अत्यधिक उपयोग होना
(d) वनों की अत्यधिक कटाई।
उत्तर:
(c) मनुष्य निर्मित यौगिकों जिनमें क्लोरीन और फ्लोरीन दोनों शामिल हैं, का अत्यधिक उपयोग होना

प्रश्न 16.
निम्नलिखित में से पर्यावरण की कौन-सी समस्या हाल ही में उत्पन्न हुई है?
(a) ओजोन पर्त का ह्रास
(b) ग्रीन हाउस का प्रभाव
(c) वैश्विक ऊष्मन
(d) ये सभी
उत्तर:
(d) ये सभी

प्रश्न 17.
जब हम साँस लेते समय वायु अन्दर लेते हैं तो ऑक्सीजन के साथ नाइट्रोजन भी अन्दर जाती है। इस नाइट्रोजन का क्या होता है?
(a) यह ऑक्सीजन के साथ कोशिकाओं में भ्रमण करती है
(b) यह साँस छोड़ते समय कार्बन डाइऑक्साइड के साथ बाहर आ जाती है
(c) यह केवल नासिका कोशिकाओं द्वारा अवशोषित हो जाती है
(d) कोशिकाओं में नाइट्रोजन का सान्द्रण पहले ही इतना अधिक है कि यह अवशोषित नहीं हो पाती।
उत्तर:
(b) यह साँस छोड़ते समय कार्बन डाइऑक्साइड के साथ बाहर आ जाती है

प्रश्न 18.
उपरि मृदा में निम्नलिखित में से विद्यमान होता है –
(a) केवल ह्यूमस तथा सजीव
(b) केवल ह्यूमस तथा मृदा कणिकाएँ
(c) ह्यूमस सजीव तथा पादप
(d) ह्यूमस सजीव तथा मृदा कणिकाएँ
उत्तर:
(d) ह्यूमस सजीव तथा मृदा कणिकाएँ

प्रश्न 19.
सही क्रम का चयन कीजिए –
(a) वायुमण्डल में CO2 → अपघटक → जन्तुओं में जैव कार्बन → पादपों में जैव कार्बन
(b) वायुमण्डल में CO2 → पादपों में जैव कार्बन → जन्तुओं में जैव कार्बन → मृदा में अकार्बनिक कार्बन
(c) जल में अकार्बनिक कार्बोनेट → पादपों में जैव कार्बन → जन्तुओं में जैव कार्बन → अपमार्जक
(d) जन्तुओं में जैव कार्बन → अपघटक → वायुमण्डल में CO2 → पादपों में जैव कार्बन
उत्तर:
(b) वायुमण्डल में CO2 → पादपों में जैव कार्बन → जन्तुओं में जैव कार्बन → मृदा में अकार्बनिक कार्बन

प्रश्न 20.
मृदा में खनिज का मुख्य स्रोत कौन-सा है?
(a) जनक शैल जिससे मृदा बनती है
(b) पादप
(c) जन्तु
(d) जीवाणु
उत्तर:
(a) जनक शैल जिससे मृदा बनती है

MP Board Solutions

प्रश्न 21.
पृथ्वी के कुल धरातल का कितना भाग जल से ढका है?
(a) 75%
(b) 60%
(c) 85%
(d) 50%
उत्तर:
(a) 75%

प्रश्न 22.
जैवमण्डल के जैविक घटक का निर्माण किसके द्वारा नहीं होता है?
(a) उत्पादक
(b) उपभोक्ता
(c) अपघटक
(d) वायु
उत्तर:
(d) वायु

प्रश्न 23.
वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि से क्या नहीं होगा?
(a) पर्यावरण में अधिक ऊष्मा को रोका जा सकता है
(b) पौधों में प्रकाश-संश्लेषण की वृद्धि
(c) वैश्विक ऊष्मन
(d) मरुस्थली पादपों की प्रचुरता
उत्तर:
(d) मरुस्थली पादपों की प्रचुरता

प्रश्न 24.
ऑक्सीजन मुख्यतः किसके द्वारा वायुमण्डल में वापस आती है?
(a) जीवाश्म ईंधन के जलने से
(b) श्वसन से
(c) प्रकाश-संश्लेषण से
(d) कवक से।
उत्तर:
(c) प्रकाश-संश्लेषण से

प्रश्न 25.
ठंडे मौसम में कम दृश्यता का कारण –
(a) जीवाश्म ईंधन का निर्माण
(b) बिना दहन हुए कार्बन कण या वायु में निलम्बित हाइड्रोकार्बन
(c) पर्याप्त विद्युत आपूर्ति में कमी
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(b) बिना दहन हुए कार्बन कण या वायु में निलम्बित हाइड्रोकार्बन

प्रश्न 26.
बंजर शैल पर लाइकेन की वृद्धि के बाद किसकी वृद्धि होती है?
(a) मॉस
(b) फर्न
(c) जिम्नोस्पर्म
(d) शैवाल
उत्तर:
(a) मॉस

प्रश्न 27.
जलीय पर्यावरण में विशेष तापक्रम परिवर्तन प्रभावित कर सकता है –
(a) जन्तुओं में प्रजनन
(b) जलीय पौधों में अधिक वृद्धि
(c) जन्तुओं में पाचन की प्रक्रिया
(d) पोषकों की उपलब्धता
उत्तर:
(a) जन्तुओं में प्रजनन

MP Board Solutions

प्रश्न 28.
मृदा अपरदन इसके द्वारा रोका जा सकता है –
(a) वनों का विकास करके
(b) वनों की कटाई
(c) उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग
(d) जन्तुओं द्वारा अति चारण
उत्तर:
(a) वनों का विकास करके

प्रश्न 29.
वनस्पति रहित मृदा पर जब वर्षा होती है तो क्या होता है?
(a) वर्षा का जल मृदा के भीतर भली-भाँति रिस जाता है
(b) वर्षा का जल मृदा की सतह को हानि पहुँचाता है
(c) वर्षा का जल मृदा की उर्वरकता को बढ़ाता है
(d) वर्षा का जल मृदा में कोई परिवर्तन नहीं करता है
उत्तर:
(b) वर्षा का जल मृदा की सतह को हानि पहुँचाता है

प्रश्न 30.
ऑक्सीजन निम्नलिखित में से किसके लिए हानिकारक है?
(a) फर्न
(b) नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु
(c) चारा
(d) आम का वृक्ष।
उत्तर:
(b) नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु

प्रश्न 31.
वायु प्रदूषक है –
(a) गैसीय अपशिष्ट
(b) वाहित मल
(c) कृषि अपशिष्ट
(d) शोर
उत्तर:
(a) गैसीय अपशिष्ट

प्रश्न 32.
जल प्रदूषक है –
(a) गैसीय अपशिष्ट
(b) रेडियोधर्मी विकिरण
(c) वाहित मल
(d) शोर
उत्तर:
(c) वाहित मल

प्रश्न 33.
नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जीवाणु का नाम है –
(a) स्यूडोमोनास
(b) नाइट्रोसोमोनास
(c) राइजोबियम
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) राइजोबियम

MP Board Solutions

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. पृथ्वी के चारों ओर गैसीय आवरण …………… कहलाता है।
2. पृथ्वी पर जो भाग जल से ढका है वह ………… कहलाता है।
3. समस्त जीवों से मिलकर बने तन्त्र को …………… कहते हैं।
4. अजैविक एवं जैविक घटकों को …………… कहते हैं। (2019)
अथवा
जैविक एवं अजैविक घटक मिलकर …………… बनाते हैं। (2019)
5. प्रदूषकों का वायु में मिलना ………….. प्रदूषण कहलाता है।
6. प्रदूषकों का जल में मिलना …………… प्रदूषण कहलाता है।
7. कीटनाशकों से ………… प्रदूषण फैलता है।
8. शोर से ……….. प्रदूषण होता है।
9. ध्वनि मापन की इकाई ……………. है।
10. CFC का पूरा नाम ………. है। (2019)
11. जीवाश्म ईंधन …………… है। (2019)
उत्तर:

  1. वायुमण्डल
  2. जलमण्डल
  3. जैव तन्त्र
  4. पारिस्थितिक तन्त्र
  5. वायु
  6. जल
  7. मृदा
  8. ध्वनि
  9. डेसीबल
  10. क्लोरोफ्लोरोकार्बन
  11. L.P.G. एवं कोयला।

सही जोड़ी बनाना
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा image 1
उत्तर:

  1. → (iii)
  2. → (iv)
  3. → (v)
  4. → (i)
  5. → (ii)
  6. → (vii)
  7. → (vi)

सत्य/असत्य कथन

1. खनिज ईंधन के जलने से प्रदूषण नहीं फैलता।
2. 60 डेसीबल से ऊपर की ध्वनि ध्वनि-प्रदूषण पैदा करती है।
3. प्रदूषित जल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
4. क्लोरोफ्लोरोकार्बन ओजोन परत में छेद कर रहे हैं।
5. ताप पारितन्त्र का अजैव घटक है।
6. जैवमण्डल की क्रियात्मक इकाई पारितन्त्र है।
7. वायुमण्डल में नाइट्रोजन 28% होती है।
उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. असत्य
  7. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
ऐरोसॉल का रासायनिक नाम क्या है?
उत्तर:
क्लोरोफ्लोरोकार्बन।

प्रश्न 2.
क्लोरोफ्लोरोकार्बन का रासायनिक सूत्र क्या है?
उत्तर:
CCl2F2.

प्रश्न 3.
सम्पूर्ण विश्व में मनुष्य के क्रियाकलापों से वातावरण का तापमान बढ़ने की घटना क्या कहलाती है?
उत्तर:
ग्लोबल वार्मिंग।

प्रश्न 4.
ध्वनि की इकाई क्या है?
उत्तर:
डेसीबल।

प्रश्न 5.
नाइट्रोजन चक्र में नाइट्रोजन स्थिरीकरण में भाग लेने वाले जीवाणु का नाम लिखिए।
उत्तर:
ऐजोटोबैक्टर एवं राइजोबियम।

प्रश्न 6.
नाइट्रोजन चक्र में अमोनीकरण में भाग लेने वाले जीवाणु का नाम लिखिए।
उत्तर:
नाइट्रोसोमोनास।

प्रश्न 7.
नाइट्रोजन चक्र में नाइट्रीकारक बैक्टीरिया का नाम लिखिए।
उत्तर:
नाइट्रोबैक्टर।

प्रश्न 8.
नाइट्रोजन चक्र में विनाइट्रीकारक जीवाणु का नाम लिखिए। (2019)
उत्तर:
स्यूडोमोनास।

प्रश्न 9.
किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम ‘पारितन्त्र’ शब्द का प्रयोग किया?
उत्तर:
टेन्सले।

प्रश्न 10.
ऐरोसॉल वायुमण्डल की किस परत का क्षरण करने के लिए उत्तरदायी है?
उत्तर:
ओजोन परत का।

प्रश्न 11.
शुष्क बर्फ किसे कहते हैं? (2019)
उत्तर:
ठोस कार्बन डाइऑक्साइड।

प्रश्न 12.
ओजोन का रासायनिक सूत्र लिखिए। (2019)
उत्तर:
O3.

प्रश्न 13.
ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करने वाली प्रमुख गैस का नाम लिखिए। (2019)
उत्तर:
कार्बन डाइऑक्साइड।

MP Board Solutions

MP Board Class 9th Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ओजोन परत क्या है? इसके क्या लाभ हैं? (2019)
उत्तर:
ओजोन परत:
“हमारे वायुमण्डल में समुद्र की सतह से 32 से 80 किमी की दूरी तक ओजोन गैस की एक मोटी परत पाई जाती है जिसे ओजोन परत कहते हैं।

ओजोन परत का लाभ:
ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है।

प्रश्न 2.
वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) से क्या समझते हो? (2019)
उत्तर:
वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग):
मनुष्यों के क्रियाकलापों के फलस्वरूप ग्रीन हाउस प्रभाव से सम्पूर्ण पृथ्वी का तापमान बढ़कर सामान्य तापमान से अधिक हो रहा है। इस घटना को वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) कहते हैं।”

प्रश्न 3.
नदियाँ खनिजों को भूमि से लेकर समुद्री जल तक ले जाती हैं। चर्चा कीजिए।
उत्तर:
जल एक अच्छा विलायक है इसलिए अनेक खनिजों को घोलने में सक्षम होता है। जब नदियों का जल पहाड़ों से प्रवाहित होता है तो अपने रास्ते में पड़ने वाली मृदा से अनेक खनिजों को घोलकर समुद्र तक ले जाता है।

प्रश्न 4.
जल के प्रदूषित हो जाने पर जल में रहने वाले जीव का जीवन कैसे प्रभावित होता है?
उत्तर:
पीड़कनाशी, उर्वरक, घरेलू एवं औद्योगिक कचरा एवं अन्य विषैले पदार्थ जल में घुलकर उसे विषैला और प्रदूषित कर देते हैं। इसके साथ ही जल में घुली ऑक्सीजन की मात्रा भी कम कर देते हैं। इससे जलीय जीवों का जीवन दूभर हो जाता है और अधिकतर जीव मर जाते हैं।

प्रश्न 5.
यदि गर्मियों में आप झील के निकट जाएँ तो आप गर्मी से राहत महसूस करेंगे, क्यों?
उत्तर:
चूँकि जलाशयों (झील) के निकट की वायु उसके जल के वाष्पीकरण के कारण ठंडी हो जायेगी। इसलिए उसके निकट जाने पर गर्मी में राहत महसूस होगी।

प्रश्न 6.
तटीय क्षेत्रों में, दिन में पवन धाराएँ समुद्र से भूमि की ओर, लेकिन रात में भूमि से समुद्र की ओर चलती हैं। कारण बताइए।
उत्तर:
दिन के समय भूमि के ऊपर की हवा जल्दी गर्म होने से हल्की होकर ऊपर उठ जाती है और नीचे दाब कम हो जाता है। इससे समुद्र के ऊपर की हवा भूमि की ओर प्रवाहित होती है। रात्रि के समय भूमि की हवा जल्दी ठंडी होती है और समुद्र के ऊपर की हवा अपेक्षाकृत गर्म रहती है और ऊपर उठती है तथा नीचे दाब कम हो जाता है। इसलिए भूमि से समुद्र की ओर पवन धाराएँ चलती हैं।

प्रश्न 7.
नीचे कुछ जीव दिए गए हैं –
(a) लाइकेन
(b) मॉस
(c) आम का वृक्ष
(d) कैक्टस।
उपर्युक्त में से पत्थर पर कौन उग सकता है और मृदा निर्माण में भी सहायता करता है? मृदा बनाने की इसकी क्रिया पद्धति पर लेख लिखिए।
उत्तर:
(a) लाइकेन एवं
(b) मॉस ऐसे पौधे हैं जो पत्थर पर उग सकते हैं तथा ऐसे रासायनिक पदार्थों का स्रावण करते हैं जो पत्थर को तोड़कर छोटे-छोटे कणों में बदल देते हैं। यही कण मृदा का निर्माण करते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 8.
मृदा का निर्माण जैव तथा अजैव दोनों प्रकार के कारक करते हैं। अजैव तथा जैव के रूप में वर्गीकरण करते हुए कारकों के नाम की सूची बनाइए।
उत्तर:
मृदा निर्माण के जैव कारक-लाइकेन, मॉस एवं वृक्ष। मृदा निर्माण के अजैव कारक-सूर्य, जल एवं पवन।

प्रश्न 9.
सभी जीव मूलरूप से C, N, S, P, H तथा O से बने होते हैं। ये तत्व जीवों में किस प्रकार प्रवेश करते हैं? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
पेड़-पौधे अपनी जड़ों के माध्यम से जल एवं लवण अवशोषित करते हैं तथा प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते हैं। जन्तु पेड़-पौधों से भोजन ग्रहण करते हैं। इस तरह ये सभी तत्व सभी जीवों में प्रवेश करते हैं।

प्रश्न 10.
ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों का प्रतिशत वायुमण्डल में सदैव एक जैसा क्यों रहता है?
उत्तर:
इन गैसों का वायुमण्डल में सदैव एक जैसा प्रतिशत बना रहता है क्योंकि इन गैसों के चक्रों में आपस में संगतता बनी रहती है।

प्रश्न 11.
चन्द्रमा के तापक्रम में बहुत सर्द और बहुत गर्म तापमान की विविधताएँ पाई जाती हैं। उदाहरण के लिए-190°C से 110°C तक, हालांकि सूर्य से इसकी दूरी पृथ्वी के ही बराबर है। ऐसा क्यों होता है ?
उत्तर:
चन्द्रमा पर वायु एवं जल का अभाव होता है जो तापक्रम नियन्त्रण में सहायक हो सकते थे इसलिए जब यह सूर्य की ओर आता है तो तापक्रम 110°C तक पहुँच जाता है और उससे दूर होने पर -190°C तक गिर जाता है।

प्रश्न 12.
समुद्र तट के निकट लोग पतंग उड़ाना क्यों पसन्द करते हैं?
उत्तर:
समुद्र के पास दिन में पवन का निर्माण होता है जो पतंग उड़ाने के लिए आवश्यक है इसलिए लोग समुद्र के किनारे पतंग उड़ाना पसन्द करते हैं।

प्रश्न 13.
मथुरा रिफाइनरी ताजमहल के लिए क्यों एक समस्या बनी हुई है?
उत्तर:
मथुरा रिफाइनरी विषाक्त गैसें जैसे सल्फर डाइ-ऑक्साइड आदि छोड़ती है जो वर्षा के जल से मिलकर एसिड (अम्ल) बनाती है और अम्ल वर्षा (एसिड रेन) करने का कारण बनती है जो ताजमहल के संगमरमर का क्षरण करती है।

प्रश्न 14.
दिल्ली में लाइकेन क्यों नहीं मिलते हैं जबकि मनाली या दार्जिलिंग में आमतौर पर उगते हैं?
उत्तर:
लाइकेन एक जैव संकेतक है तथा SO2 आदि प्रदूषकों के लिए अति संवेदनशील होता है। दिल्ली में स्वचालित वाहनों की अत्यधिक संख्या एवं औद्योगिक संस्थानों के कारण यहाँ की वायु अति प्रदूषित होती है जबकि मनाली एवं दार्जिलिंग प्रायः प्रदूषण रहित हैं इसलिए लाइकेन दिल्ली में नहीं पाया जाता जबकि मनाली एवं दार्जिलिंग में खूब उगता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 15.
जल संरक्षण की क्यों आवश्यकता है जबकि भूखण्डों को विशाल समुद्र घेरे हुए है?
उत्तर:
लवणयुक्त समुद्री जल मनुष्य और पादपों के लिए प्रत्यक्ष रूप से लाभदायक नहीं होता तथा लवण विहीन जल के संसाधन सीमित हैं तथा माँग अधिक। इसलिए माँग की आपूर्ति हेतु जल संरक्षण की आवश्यकता है।

प्रश्न 16.
लाइकेन वनस्पतिहीन चट्टानों पर सबसे पहले आने वाले जीव कहलाते हैं। ये मृदा बनाने में किस प्रकार सहायक होते हैं?
उत्तर:
लाइकेन चट्टानों पर उगने वाले सबसे पहले जीव हैं। लाइकेन रासायनिक पदार्थ छोड़ते हैं जो पत्थरों को छोटे-छोटे कणों में बदलकर मृदा का निर्माण करते हैं। उसके बाद में मॉस जैसे छोटे-छोटे पौधे उगते हैं जो पत्थरों को तोड़ने में सक्षम होते हैं। इस तरह से चट्टानों को मृदा में बदल देते हैं।

प्रश्न 17.
उर्वरक मृदा में ह्यूमस बड़ी मात्रा में होती है, क्यों?
उत्तर:
उर्वरक मृदा में अनेक प्रकार के जीव मौजूद होते हैं जो मृत कार्बनिक पदार्थों को विघटित करके ह्यूमस बना देते हैं। ह्यूमस खनिज प्रदान करती है, जल का अवशोषण करती है और मृदा को छिदिल बनाकर उर्वरक मृदा बना देती है।

प्रश्न 18.
पहाड़ों पर सोपानी कृषि (Step farming) आमतौर पर क्यों पाई जाती है?
उत्तर:
ढलान पर जलधारा द्वारा मृदा अपरदन होता है। उसे रोकने के लिए पहाड़ों पर सोपानी कृषि आमतौर पर पाई जाती है।

प्रश्न 19.
जड़ों में पायी जाने वाली मूल ग्रन्थिकाएँ पौधों के लिए क्यों लाभदायक होती हैं?
उत्तर:
जड़ों में पायी जाने वाली मूल ग्रन्थिकाओं में नाइट्रोजन स्थिरकारी जीवाणु राइजोबियम होते हैं जो वायुमण्डलीय नाइट्रोजन को नाइट्रोजन के लवणों में बदल देते हैं जिससे मृदा की उर्वरकता बढ़ जाती है।

प्रश्न 20.
“धूल एक प्रदूषक है।” इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
वायु में उपस्थित धूल निलम्बित कणों के रूप में एलर्जी या दूसरे श्वसन रोग पैदा करती है। पौधों की पत्तियों पर एकत्रित होकर उसके रन्ध्रों को बन्द कर पादप वृद्धि में व्यवधान डालती है। इसलिए यह एक प्रदूषक है।

प्रश्न 21.
मृदा के बनने में सूर्य की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
सूर्य शैलों को गरम करता है और इस प्रकार दिन में ये फैलती हैं तथा रात्रि में ठण्ड पड़ने पर सिकुड़ती हैं। परिणामस्वरूप शैल टूट जाते हैं और छोटे-छोटे कणों में विभक्त होकर मृदा का निर्माण करते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 22.
कार्बन डाइऑक्साइड पौधों के लिए आवश्यक है। हम इसे प्रदूषक क्यों मानते हैं?
उत्तर:
कार्बन डाइऑक्साइड पौधों के लिए प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा भोजन बनाने में सहयोग प्रदान करती है इसलिए पौधों के लिए अति आवश्यक है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सान्द्रण वायु प्रदूषण पैदा करता है इसलिए हम इसे प्रदूषक मानते हैं।

प्रश्न 23.
ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक ऊष्मीकरण) के प्रमुख कारण लिखिए। (2019)
उत्तर:
वैश्विकऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) के प्रमुख कारण-विभिन्न निम्न मानवीय क्रियाकलापों के कारण वायुमण्डल का तापमान निरन्तर बढ़ता जा रहा है –

  1. शहरीकरण एवं औद्योगीकरण के कारण वृक्षों का अत्यधिक कटान।
  2. जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग।

प्रश्न 24.
अम्ल वर्षा क्या है? (2019)
उत्तर:
अम्ल वर्षा-“जीवाश्म ईंधन के जलने से वायुमण्डल में विभिन्न प्रकार की अम्लीय गैसें; जैसे-कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड वायुमण्डल में एकत्रित होते हैं जो जलवाष्प से मिलकर अम्ल बनाकर वर्षा के साथ बरसते हैं। इस वर्षा को अम्ल वर्षा कहते हैं।”

MP Board Class 9th Science Chapter 14  लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु प्रदूषण के कारण लिखिए।
अथवा
वायु प्रदूषण के मानव निर्मित स्रोतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण के कारण अथवा वायु प्रदूषकों के मानव निर्मित स्रोत –

  1. घर, कल-कारखानों एवं वाहनों में ईंधन के दहन से उत्पन्न प्रदूषक गैसें वायुमण्डल में मिल जाती हैं।
  2. रेफ्रिजरेटरों एवं एयर कण्डीशनरों में प्रयुक्त क्लोरोफ्लोरोकार्बन (ऐरोसॉल) रिसाव के कारण वायुमण्डल में मिल जाती है।
  3. कृषि रसायनों (कीटनाशक, फंगसनाशक, खरपतवारनाशक, पीड़कनाशक) के छिड़काव के कारण उनसे निकले गैसीय रसायन वायुमण्डल में मिल जाते हैं।
  4. वनों की कटाई, बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण एवं खनन आदि के कारण भी वायु प्रदूषक वायुमण्डल में मिलकर उसे प्रदूषित करते हैं।

प्रश्न 2.
वायु प्रदूषण के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण के प्रभाव-मानव जीवन पर विभिन्न वायु प्रदूषकों के निम्न प्रभाव पड़ते हैं –

1. नाइट्रोजन ऑक्साइड के प्रभाव:
फेफड़ों के ऊतकों में सूजन आना, न्यूमोनिया होना, ऑक्सीजन परिवहन क्षमता में कमी होना, फेफड़ों का कैंसर होना, आँखों में जलन होना एवं प्रतिरोधक क्षमता में कमी होना।

2. सल्फर डाइ:
ऑक्साइड के प्रभाव-कफ, खाँसी, सिरदर्द एवं आँखों में जलन होना।

3. कार्बन मोनो:
ऑक्साइड के प्रभाव-सिरदर्द एवं उल्टी होना, साँस लेने में कठिनाई होना, उल्टी आना, ऑक्सीजन की परिवहन क्षमता में कमी, पेशीय कमजोरी होना।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
वायु प्रदूषण के नियन्त्रण के उपाय लिखिए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण के नियन्त्रण के उपाय –

  1. उद्योगों एवं कल-कारखानों को आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थापित करना चाहिए।
  2. कारखानों की चिमनियों को काफी ऊँचा बनाना चाहिए।
  3. वाहनों के धुआँ निकलने वाले पाइप (साइलेंसर) के मुँह पर फिल्टर लगाना चाहिए।
  4. धूम्रपान से बचना चाहिए।
  5. प्रदूषण रहित ईंधन का उपयोग करना चाहिए तथा सस्ते ईंधन से बचना चाहिए।

प्रश्न 4.
जल प्रदूषण के प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
जल प्रदूषण के प्रभाव:
जीवों पर जल प्रदूषण के निम्न प्रभाव पड़ते हैं –

1. मानव पर प्रभाव:
प्रदूषित जल से मानव में विभिन्न घातक बीमारियाँ; जैसे हैजा, टायफाइड, डायरिया, पेचिश, पीलिया एवं हेपेटाइटिस आदि हो जाती हैं। जल प्रदूषण मानव अंगों; जैसे-मस्तिष्क, यकृत, फेफड़े एवं वृक्क आदि पर घातक प्रभाव डालते हैं।

2. प्राणियों पर प्रभाव:
प्रदूषित जल के कारण प्राणियों के अण्डे, लार्वा आदि नष्ट हो जाते हैं। प्राणियों का जीवन खतरे में आ जाता है। प्रदूषित जल में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, फलस्वरूप मछलियाँ आदि जलीय जीवों की मृत्यु हो जाती है।

3. वनस्पति पर प्रभाव:
प्रकाश-संश्लेषण की दर में कमी आ जाती है। पेस्टीसाइड एवं कीटनाशकों के कारण नील-हरित शैवाल मर जाते हैं। जल में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

प्रश्न 5.
जल प्रदूषण के कारणों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
जल प्रदूषण के कारण:

  1. घरेलू अपशिष्ट एवं वाहित मल का जलस्रोतों में मिलना।
  2. औद्योगिक जलीय अवशिष्टों का जलस्रोतों में मिलना।
  3. अपमार्जक एवं साबुन युक्त (नहाने एवं कपड़े धोने के कारण प्रदूषित) जल का जलाशयों में मिलना।
  4. कृषि रसायनों (उर्वरक, खरपतवारनाशी, कीटनाशी, फंगसनाशी, पीड़कनाशी आदि) का वर्षा जल के साथ बहकर जलस्रोतों में मिलना।
  5. रेडियोधर्मी पदार्थों का जलस्रोतों में मिलना।

प्रश्न 6.
जल प्रदूषण के नियन्त्रण (रोकने) के उपाय लिखिए। (2019)
उत्तर:
जल प्रदूषण के नियन्त्रण के उपाय:

  1. वाहित मल को जल में प्रवाहित करने से पहले उसे उपचारित कर लेना चाहिए।
  2. औद्योगिक अपशिष्टों को जलाशयों में मिलाने से पहले उपचारित करके हानिरहित बना लेना चाहिए।
  3. ठोस अपशिष्टों को जलाशयों में नहीं फेंकना चाहिए।
  4. जैविक अपशिष्टों को जलाशयों में नहीं फेंकना चाहिए।
  5. जलाशयों में जानवरों के नहाने एवं कपड़े धोने पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए।

प्रश्न 7.
ध्वनि प्रदूषण किसे कहते हैं? इसके क्या प्रभाव पड़ते हैं?
उत्तर:
ध्वनि प्रदूषण:
“विभिन्न प्रकार की अवांछित तीव्र ध्वनियों द्वारा पर्यावरण में उत्पन्न अशान्ति, ध्वनि प्रदूषण कहलाती है।”

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव:

  1. श्रव्य क्षमता कम हो जाती है तथा व्यक्ति बहरा तक हो जाता है।
  2. सिरदर्द होने लगता है तथा चिड़चिड़ापन आ जाता है।
  3. इससे दौरे पड़ने लगते हैं।
  4. गर्भस्थ शिशु पर कुप्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 8.
ध्वनि प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय बताइए।
उत्तर:
ध्वनि प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय:

  1. उद्योग व कारखानों को शहर से दूर स्थापित करना चाहिए।
  2. वाहनों में गुणवत्ता वाले ईंधन का उपयोग करना चाहिए।
  3. वाहनों एवं जनरेटरों में साइलेंसर का उपयोग करना चाहिए।
  4. कारखानों के कलपुर्जी का उचित रख-रखाव करना चाहिए।
  5. रेडियो, टेलीविजन आदि को धीमी आवाज में बजाना चाहिए।
  6. लाउडस्पीकर एवं डीजे आदि पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए।

प्रश्न 9.
मृदा प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मृदा प्रदूषण के स्त्रोत:

1. औद्योगिक कार्य:
उद्योगों से निकले त्याज्यों को मृदा में मिला दिया जाता है।

2. शहरी अपशिष्ट:
शहर से निकलने वाला घरेलू एवं व्यावसायिक अपशिष्ट, सूखा, कीचड़, कूड़ा-करकट, ईंधन अवशेष, गले, कागज, पॉलीथीन की थैलियाँ, फल-सब्जियों के छिलके आदि मृदा में डाल दिए जाते हैं।

3. कृषि कार्य:
कृषि कार्य में प्रयुक्त उर्वरक, कीटनाशक, फंगीनाशक, खरपतवार नाशक, पीड़कनाशक आदि रासायनिक पदार्थ मृदा की उर्वरक शक्ति को नष्ट करते हैं तथा उसे विषैला एवं प्रदूषित करते हैं।

4. मृदा अवसाद:
आँधी, तूफान, तेज हवा एवं बाढ़ के कारण खेत की उपजाऊ मिट्टी (मृदा) अपरदन द्वारा नष्ट हो जाती है तथा गन्दगी भरे दलदली पदार्थ मृदा में एकत्रित हो जाते हैं।

प्रश्न 10.
मृदा प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डालिए। (2019)
उत्तर:
मृदा प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव:

  1. ठोस अपशिष्ट (कूड़ा-करकट) में मच्छर एवं मक्खियाँ पनपती हैं जो रोगवाहक होते हैं।
  2. उद्योगों से निकला अपशिष्ट मृदा की उर्वरक शक्ति को क्षीण करता है तथा उसकी अम्लीयता एवं क्षारीयता के सन्तुलन को बिगाड़ देता है। इससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है।
  3. अम्ल वर्षा से पृथ्वी की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है तथा फसल उत्पादन प्रभावित होता है।
  4. मृदा अपरदन से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।
  5. रासायनिक उर्वरकों, कृषि रसायन (जैसे-कीटनाशक, पीड़कनाशक, फंगीनाशक एवं खरपतवारनाशक) खाद्य श्रृंखला के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं।
  6. वाहित मल और कचरा, पर्यावरण को बदबूदार बनाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 11.
मृदा प्रदूषण रोकने के उपाय लिखिए।
उत्तर:
मृदा प्रदूषण रोकने के उपाय:

  1. कार्बनिक खाद का उपयोग करके।
  2. फसल चक्रण का उपयोग करके।
  3. वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करके तथा वृक्षों को अत्यधिक कटान को प्रतिबन्धित करके।
  4. ढलानों पर सीढ़ीदार आकार बनाकर।
  5. कृषि रसायनों (उर्वरक एवं अन्य) का कम से कम उपयोग करके।

प्रश्न 12.
नाइट्रोजन चक्र में जीवों की भूमिका क्या है?
उत्तर:
नाइट्रोजन चक्र में जीवों की भूमिका अथवा जीवों द्वारा नाइट्रोजन स्थिरीकरण के प्रमुख चरण (Biotic Role in Nitrogen Cycle or Nitrogen Fixation by Organism):
“नाइट्रोजन चक्र में जीवों की भूमिका अथवा जीनों द्वारा नाइट्रोजन स्थिरीकरण को विभिन्न चरणों में निम्नांकित तालिका से समझ सकते हैं –
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा image 2

प्रश्न 13.
प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र समझाइए।
अथवा
ऑक्सीजन चक्र का रेखीय चित्र बनाकर वर्णन कीजिए। (2019)
उत्तर:
प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र (Oxygen Cycle in Nature):
श्वसन हेतु वायुमण्डलीय ऑक्सीजन का उपयोग स्थलीय जन्तुओं द्वारा तथा जल में घुली हुई ऑक्सीजन का उपयोग जलीय जन्तु द्वारा किया जाता है तथा कोशिकीय श्वसन के फलस्वरूप कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल बनता है। जल एवं कार्बन डाइऑक्साइड हरे पेड़-पौधों द्वारा ग्रहण की जाती है तथा प्रकाश-संश्लेषण द्वारा ऑक्सीजन मुक्त होती है जो वायुमण्डल में चली जाती है। मृत जीवों के अपघटन से भी ऑक्सीजन मुक्त होती है। इस प्रकार ऑक्सीजन चक्र चलता रहता है।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा image 3

प्रश्न 14.
पदार्थों के चक्रण में अपघटकों की भूमिका संक्षेप में बताइए।
अथवा
जीवमण्डल में अपघटकों की अनुपस्थिति के क्या परिणाम हो सकते हैं?
अथवा
पारितन्त्र में अपघटकों की भूमिका समझाइए।
उत्तर:
पदार्थों के चक्रण में अपघटकों की भूमिका (Role of Decomposers in Cycling of Materials):
अपघटक जीवाणु, कवक तथा फंगस आदि सूक्ष्मजीव होते हैं जो मृत पेड़-पौधों (उत्पादकों) एवं मृत जन्तुओं (उपभोक्ताओं) का अपघटन करते हैं। वे उन जीवों में उपस्थित जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं। इन सरल अकार्बनिक पदार्थों का पुन: उपयोग उत्पादकों द्वारा कर लिया जाता है तथा जटिल कार्बनिक पदार्थों में रूपान्तरित कर दिया जाता है।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा image 4
इन जटिल कार्बनिक पदार्थों का उपयोग पुनः उपभोक्ताओं द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कर लिया जाता है। यदि जीवमण्डल में अपघटक अनुपस्थित जड़ों द्वारा हो जाएँ तो पदार्थों के चक्रण की सभी प्रक्रियाएँ बन्द हो जाएँगी और मृत पेड़-पौधों और जन्तुओं की भरमार से पर्यावरण असन्तुलित हो जाने से भयंकर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस प्रकार के पदार्थों के चक्रण में अपघटकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

प्रश्न 15.
प्रकृति में जल-चक्र को सचित्र समझाइए।
अथवा
जलीय चक्र किसे कहते हैं ? इसके चरण एवं प्रकृति में जलीय चक्र को चित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर:
प्रकृति में जल-चक्र (Water Cycle or Hydrological Cycles in Nature):
पौधे जड़ों द्वारा मृदा से जल ग्रहण करते हैं तथा जन्तु भोजन के साथ। पौधों से जल वाष्पोत्सर्जन की क्रिया द्वारा जलवाष्प के रूप में तथा जन्तुओं में पसीने के द्वारा जलवाष्प के रूप में वायुमण्डल में चला जाता है। जन्तु मूत्र विसर्जन में भी जल त्यागते हैं जो मृदा में मिल जाता है। तालाबों, झीलों, नदियों और समुद्रों का जल वाष्पन द्वारा वायुमण्डल में पहुँचता है। वायुमण्डल में बादल बनते हैं जो निम्न ताप पर वर्षा या हिम के रूप में बरसते हैं। इस प्रकार जल पृथ्वी पर वापस आ जाता है।

प्रश्न 16.
उपरिमृदा की हानि को हम कैसे रोक सकते हैं?
उत्तर:
उपरिमृदा की हानि को रोकने के उपाय:
उपरिमृदा की हानि को रोकने के लिए हम निम्न उपाय करेंगे –

  1. अधिकाधिक वानस्पतिक वृद्धि करके अर्थात् वृक्षारोपण द्वारा।
  2. वृक्षों के कटान पर प्रतिबन्ध लगाकर।
  3. पशुचारण एवं वनस्पति काटने पर प्रतिबन्ध लगाकर।
  4. ढलानों पर सोपानी कृषि (सीढ़ीदार कृषि) करके।

MP Board Solutions

प्रश्न 17.
एक तालाब में मछलियाँ बड़ी संख्या में मरी पाई गईं। क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:
एक तालाब में बड़ी संख्या में मछलियाँ मरी पाई गईं। इसके मुख्य कारण निम्न हैं –

  1. जलाशयों में अनैच्छिक विषैले पदार्थों का मिलना। ये पदार्थ औद्योगिक अपशिष्ट, वाहित मल, पीड़कनाशक आदि हो सकते हैं।
  2. जलाशयों में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा में कमी आना जिससे श्वसन बाधित होना।
  3. जलाशयों में पोषक तत्वों की कमी होना।
  4. जलाशय के तापमान में परिवर्तन होना अर्थात् ऊष्मीय प्रदूषण।
  5. प्रदूषकों के कारण क्लोमों का अवरुद्ध होना।

प्रश्न 18.
“मृदा जल से बनती है” यदि आप इस कथन से सहमत हैं तो कारण बताइए।
उत्तर:
मृदा जल से बनती है क्योंकि जल पत्थरों से निम्न प्रकार मृदा बनाने में सहायक होता है –

  1. दीर्घकाल तक पत्थरों की घिसाई करता है।
  2. पत्थरों को एक-दूसरे से टकराने एवं रगड़ने में सहायता करता है।
  3. पत्थरों की विदरिकाओं (झिर्रियों) में जल भर जाता है जो जमने के कारण फैलता है तो पत्थरों को तोड़कर टुकड़े-टुकड़े करता है।
  4. जल के बहाव के साथ पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े आपस में टकराते, रगड़ते और घिसते हैं।

प्रश्न 19.
जीवाश्म ईंधन किस प्रकार वायु प्रदूषण फैलाता है?
उत्तर:
जीवाश्म ईंधन से वायु प्रदूषण का फैलना:
जब जीवाश्म ईंधन स्वचालित वाहनों, औद्योगिक इकाइयों, भट्टियों तथा चूल्हों में जलता है तो कार्बन डाइ-ऑक्साइड, कार्बन मोनो-ऑक्साइड, लैड के ऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड आदि बनते हैं जो वायुमण्डल में प्रवेश करके उसे प्रदूषित करते हैं। इसके अतिरिक्त अधजले कार्बन के कण एवं धुआँ भी वायुमण्डल में प्रवेश करता है। ये सभी अवांछित एवं विषैले होते हैं। इस प्रकार जीवाश्म ईंधन वायु प्रदूषण फैलाता है। इसके अतिरिक्त निलम्बित कणों की उपस्थिति के कारण दृश्यता कम हो जाती है।

प्रश्न 20.
मोटर कार जिसके शीशे पूरी तरह से बन्द किए हुए हैं, धूप में पार्क कर दी जाती है। कार के अन्दर का तापक्रम तेजी से बढ़ता है। समझाइए, क्यों?
उत्तर:
सूर्य के प्रकाश की अवरक्त विकिरण काँच से प्रवेश कर जाती है तथा कार के अन्दर का तापमान बढ़ा देती है क्योंकि काँच सूर्य से आने वाली कम तरंगदैर्घ्य वाली अवरक्त किरणों के लिए पारगम्य है, जबकि कार के अन्दर से बाहर आने वाली अवरक्त किरणों जिनकी तरंगदैर्घ्य अपेक्षाकृत अधिक होती है के लिए पारगम्य नहीं होता। इस प्रकार कार के शीशे सूर्य से आने वाली ऊष्मीय विवरण को अन्दर तो जाने देते हैं लेकिन अन्दर की ऊष्मीय विकिरण को बाहर नहीं आने देते इसलिए कार के अन्दर का तापक्रम तेजी से बढ़ता है।

MP Board Class 9th Science Chapter 14  दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जल प्रदूषण के क्या कारण हैं? आप जल प्रदूषण को कम करने में किस प्रकार योगदान कर सकते हैं?
उत्तर:
जल प्रदूषण के कारण:

  1. घरेलू अपशिष्ट एवं वाहित मल का जलस्रोतों में मिलना।
  2. औद्योगिक जलीय अवशिष्टों का जलस्रोतों में मिलना।
  3. अपमार्जक एवं साबुन युक्त (नहाने एवं कपड़े धोने के कारण प्रदूषित) जल का जलाशयों में मिलना।
  4. कृषि रसायनों (उर्वरक, खरपतवारनाशी, कीटनाशी, फंगसनाशी, पीड़कनाशी आदि) का वर्षा जल के साथ बहकर जलस्रोतों में मिलना।
  5. रेडियोधर्मी पदार्थों का जलस्रोतों में मिलना।

जल प्रदूषण के नियन्त्रण के उपाय:

  1. वाहित मल को जल में प्रवाहित करने से पहले उसे उपचारित कर लेना चाहिए।
  2. औद्योगिक अपशिष्टों को जलाशयों में मिलाने से पहले उपचारित करके हानिरहित बना लेना चाहिए।
  3. ठोस अपशिष्टों को जलाशयों में नहीं फेंकना चाहिए।
  4. जैविक अपशिष्टों को जलाशयों में नहीं फेंकना चाहिए।
  5. जलाशयों में जानवरों के नहाने एवं कपड़े धोने पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
प्रकृति में नाइट्रोजन चक्र को चित्र की सहायता से समझाइए।
अथवा
नाइट्रोजन चक्र कैसे पूरा होता है? समझाइए।
उत्तर:
नाइट्रोजन चक्र के विभिन्न चरण (Different Steps of Nitrogen Cycle):
नाइट्रोजन चक्र निम्नांकित चरणों में पूर्ण होता है –

1. नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation):
इसमें वायुमण्डलीय नाइट्रोजन को उपयुक्त सरल नाइट्रोजन लवणों में बदला जाता है जिनका उपयोग पौधे कर सकें। यह प्रक्रिया कई प्रकार से होती है –
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा image 5
(i) तड़ित द्वारा (By Thundering):
वायुमण्डल की नाइट्रोजन वायु को ऑक्सीजन से तड़ित की उपस्थिति में क्रिया करके नाइट्रोजन के ऑक्साइड बनाती है। ये ऑक्साइड वर्षा के जल में घुलकर नाइट्रिक अम्ल बनाते हैं जो मृदा से क्रिया करके नाइट्रेट बनाते हैं।

(ii) सहजीवी जीवाणुओं द्वारा (By Symbiotic Bacteria):
द्वि-दलीय पौधों की जड़ में कुछ गाँठें होती हैं जिनमें उपस्थित जीवाणु वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके नाइट्रेट में बदल देते हैं।

(iii) कृत्रिम विधि द्वारा (ByArtificial Method):
कृत्रिम रूप से वायुमण्डल की नाइट्रोजन को हैबर विधि से अमोनिया में फिर अमोनिया लवण में बदला जाता है जो उर्वरक के रूप में पौधों को उपलब्ध कराया जाता है।

2. जन्तु एवं पौधों में नाइट्रोजन का प्रोटीन के रूप में संग्रहण (Storage of Nitrogen in Animals and Plants in the Form of Protein):
पौधों में यह नाइट्रोजन जटिल कार्बनिक पदार्थों (प्रोटीनों) में बदल जाता है। पेड़-पौधों को शाकाहारी जन्तु खाते हैं। शाकाहारी जन्तुओं को माँसाहारी जन्तु खाते हैं। इस प्रकार प्रोटीन के रूप में नाइट्रोजन पौधों और जन्तुओं में उपस्थित होती है।

3. अमोनीकरण (Ammonification):
मृत पेड़-पौधों एवं जन्तुओं के मल-मूत्र के अपघटन द्वारा प्रोटीन यूरिया तथा यूरिक अम्ल अमोनिया में परिवर्तित होता है। यह प्रक्रिया नाइट्रोसोमोनास जीवाणुओं द्वारा होती है।

4. नाइट्रीकरण (Nitrification):
नाइट्रोबैक्टर द्वारा अमोनिया को नाइट्रेट में बदला जाता है जिसका कुछ भाग पौधों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है।

5. विनाइट्रीकरण (Denitrification):
शेष नाइट्रेट को स्यूडोमोनास जीवाणुओं द्वारा नाइट्रोजन से मुक्त कर दिया जाता है जो वायुमण्डल को वापस मिल जाता है। इस प्रकार नाइट्रोजन चक्र पूर्ण होता है।

प्रश्न 3.
जीवमण्डल में कार्बन चक्र (कार्बन डाइऑक्साइड चक्र) किस प्रकार है ? विवरण रेखाचित्र सहित दीजिए।
अथवा
प्रकृति में कार्बन डाइऑक्साइड चक्र को चित्र की सहायता से समझाइए।
अथवा
कार्बन चक्र को समझाइए।
उत्तर:
जीवमण्डल में कार्बन-चक्र अथवा कार्बन डाइऑक्साइड चक्र (Carbon Cycle or Carbon Dioxide Cycle in Biosphere):

  1. वायुमण्डल की कार्बन डाइऑक्साइड का कुछ भाग जल में घुल जाता है जिसका उपयोग जलीय पौधे एवं वायुमण्डल की शेष CO2 का उपयोग स्थलीय पौधे प्रकाश-संश्लेषण में करते हैं। इस प्रकार CO2 के रूप में उपस्थित कार्बन भोजन के रूप में पौधों में एकत्रित हो जाता है।
  2. पौधों से यह कार्बन शाकाहारी जन्तुओं और फिर उनसे माँसाहारी जन्तुओं में भोजन के रूप में पहुँचता है।
  3. पौधों एवं जन्तुओं के श्वसन से तथा मृतजीवों (पौधे एवं जन्तुओं) के अपघटन से CO2 बनती है जो वायुमण्डल में वापस चली जाती है।
  4. पौधों से कोयला बनता है तथा पौधों और जन्तुओं से पृथ्वी के गर्त में पेट्रोलियम बनता है।
  5. कोयले के जलने तथा पेट्रोलियम के दहन से पुन: CO2 बनती है जो वायुमण्डल में चली जाती है।

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा image 6
इस प्रकार जीवमण्डल में कार्बन चक्र अथवा कार्बन डाइ-ऑक्साइड चक्र पूर्ण होता है।

MP Board Class 9th Science Solutions

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 2 न्यग्रोधवृक्षः

In this article, we will share MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 2 न्यग्रोधवृक्षः Pdf, These solutions are solved subject experts from the latest edition books.

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Durva Chapter 2 न्यग्रोधवृक्षः (कथा) (कथावल्लरीतः)

MP Board Class 10th Sanskrit Chapter 2 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत-(एक पद में उत्तर लिखिए)।
(क) ग्रामे कः वृक्षः आसीत्? (गाँव में कौन-सा पेड़ था?)
उत्तर:
न्यग्रोधवृक्षः (बरगद का पेड़)

MP Board Solutions

(ख) के मार्गायासं परिहरन्ति स्म? (कौन रास्ते की थकान दूर करते थे?)
उत्तर:
पथिकाः (राहगीर)

(ग) कस्य ध्वनिः अन्तरिक्षम् अस्पृशत्? (किसकी आवाज अंतरिक्ष को छू रही थी?)
उत्तर:
काकस्य (कौए की)

(घ) प्रकृतिदत्तः वरः कः? (प्रकृति का दिया हुआ वरदान क्या था?)
उत्तर:
वृक्षः (पेड़)

(ङ) तरोः पत्राणि खादन् कः नन्दति स्म? (पेड़ के पत्ते खाकर कौन प्रसन्न होता था?)
उत्तर:
अजापुत्रः (बकरी का बच्चा)

You can download MP Board 10th sanskrit solution to help you to revise complete syllabus and score more marks in your examinations.

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत-(एक वाक्य में उत्तर लिखिए-)
(क) सर्वैः कस्य निर्णयः स्वीकृतः? (सबने किसका निर्णय माना?)
उत्तर:
सर्वैः अजस्य निर्णयः स्वीकृतः। (सबने बकरे का निर्णय माना।)

(ख) कः वृष्टिं वर्षति? (कौन वर्षा करता है?)
उत्तर:
वरुणदेवः वृष्टिं वर्षति। (वरुणदेव वर्षा करते हैं।)

(ग) वृक्षस्य आधारभूता का? (वृक्ष का आधार कौन है?)
उत्तर:
वृक्षस्य आधारभूता भूमाता। (पेड़ का आधार धरती है।)

(घ) अस्माभिः का वर्धनीया? (हमें क्या बढ़ाना चाहिए?)
उत्तर:
अस्माभिः वृक्षसम्पत् वर्धनीया। (हमें वृक्ष-सम्पत्ति को बढ़ाना चाहिए।)

(ङ) किं महत् पापम् अस्ति? (क्या बहुत बड़ा पाप है?)
उत्तर:
वृक्षाणां छेदनं महत् पापम् अस्ति । (पेड़ों को काटना बहुत बड़ा पाप है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत- (नांचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)
(क) शकः किम् अवदत्? (तोते ने क्या कहा?)
उत्तर:
शुकः अवदत्-“अस्य वृक्षस्य फलानि खादन् जन्मतः अहम् अत्रेव वर्ते। नाहम् इमं द्रुमं परित्यक्तुमिच्छामि मदीय एवायं न्यग्रोधवृक्षः।” इति। (तोते ने कहा- “इस पेड़ के फल खाता हुआ मैं जन्म से यहीं हूँ। मैं इस पेड़ को नहीं छोड़ना चाहता। यह मेरा ही बरगद का पेड़ है।)

MP Board Solutions

(ख) कीटः किं प्रत्यवदत्? (कीड़े ने क्या जवाब दिया?)
उत्तर:
कीटः प्रत्यवदत्-“मदीयैः अर्भकैः सार्द्धम् अहं बहुवर्षेभ्यः अत्रैव उषितवानस्मि। अतः अयं वृक्षः ममैव” इति।

(कीड़े ने कहा-“मेरे पुत्रों के साथ मैं बहुत सालों से यहीं रह रहा हूँ। इसलिए यह पेड़ मेरा ही है।”)

(ग) वृक्षच्छेदनविषये काष्ठच्छेदकः किम् अवदत्? (वृक्ष काटने के विषय पर लकड़हारे ने क्या कहा?)
उत्तर:
वृक्षच्छेदनविषये काष्ठछेदकः अवदत्-“पूर्वम् अहं वृक्षान् छिनद्मि स्म। अधुना तादृशे कृत्सिते कर्मणि न व्यापारयामि। वृक्षाणां छेदनं महत् पापमिति मयाअधिगतमस्ति अतः न्यग्रोधवृक्षस्य छेदन अहं न करष्यिामि’ इति।

(वृक्ष काटने के विषय पर लकड़हारे ने कहा-“मैं पहले पेड़ काटता था पर अब यह बुरा काम नहीं करता। पेड़ काटना बहुत बड़ा पाप है, यह मैं जान गया हूँ, इसलिए मैं पेड़ नहीं काटूंगा।”)

प्रश्न 4.
प्रदत्तशब्दैः रिक्तस्थानानि पूरयत
(दिए गए शब्दों से रिक्त स्थान भरिए-)
(नीडानि, अनिलं, मार्गायासं, सूर्यदेवः, चंक्रम्य)
(क) शाखान्तरं …………….. एकः कीटः अवदत्
(ख) पथिकाः …………….. परिहरन्ति स्म।
(ग) पक्षिणः शाखासु …………….. विरच्य वसन्ति स्म।
(घ) वायुः …………….. ददाति।
(ङ) …………….. प्रकाशं प्रयच्छति।
उत्तर:
(क) चंक्रम्य
(ख) मार्गायासं
(ग) नीडानि
(घ) अनिलं
(ङ) सूर्यदेवः

प्रश्न 5.
यथायोग्यं योजयत
(उचित रूप से जोड़िए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 2 न्यग्रोधवृक्षः img 1
उत्तर:
(क) 2
(ख) 3
(ग) 1
(व) 5
(ङ) 4

प्रश्न 6.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्धवाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत
(शुद्ध वाक्यों के सामने ‘आम्’ और अशुद्ध वाक्यों के सामाने ‘न’ लिखिए-)
(क) शुकस्य ध्वनिः अन्तरिक्षम् अस्पृशत्।
(ख) कीटः अर्भकैः सार्द्धम् वसति स्म।
(ग) वृक्षच्छेदकः वृक्षं खण्डशः कृतवान्।
(घ) वृक्षाणां छेदनं महत् पापम्।
(ङ) सूर्यदेवः वृष्टिं वर्षति।।
उत्तर:
(क) न
(ख) आम्
(ग) न
(घ) आम्
(ङ) न।

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
अधोलिखितपदानां प्रकृतिं प्रत्ययं च पृथक्कुरुत
(नीचे लिखे पदों की प्रकृति व प्रत्यय अलग कीजिए-)
यथा-भक्षयित्वा – भक्ष्+ क्त्वा
(क) कुर्वन्
(ख) विभज्य
(ग) छेत्तुम
(घ) विस्मृत्य
उत्तर:
(क) कुर्वन् – कृ+शतृ
(ख) विभज्य – वि+भ+ल्यप्
(ग) छेत्तुम – छिद्+तुमुन्
(घ) विस्मृत्य – वि+स्मृ+ल्यप्

प्रश्न 8.
अधोलिखितपदानां सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धिनाम लिखत
(नीचे लिखे पदों के सन्धि-विच्छेद करके सन्धि का नाम लिखिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 2 न्यग्रोधवृक्षः img 2
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 2 न्यग्रोधवृक्षः img 3

प्रश्न 9.
अधोलिखितपदानां पर्यायशब्दान् लिखत
(नीचे लिखे पदों के पर्यायवाची शब्द लिखिए-)
यथा- वृक्षः – तरुः
(क) काकः
(ख) सर्पः
(ग) पिताः
(घ) पुत्रः
उत्तर:
(क) काकः – वायतः
(ख) सर्पः – भुजङ्गः
(ग) पिता – जनकः
(घ) पुत्रः – अर्भकः

प्रश्न 10.
अव्ययैः वाक्यरचनां कुरुत- (अव्ययों के द्वारा वाक्य बनाइए-)
यथा- एव – ईश्वरः एव रक्षकः अस्ति
(क) अपि
उत्तर:
अपि-पुत्रः अपि पित्रा सह गच्छति। (पुत्र भी पिता के साथ जाता है।)

(ख) तहिं
उत्तर:
तर्हि-यदि सः परिश्रमं करिष्यति तर्हि सफलं भविष्यति।
(यदि वह मेहनत करेगा तभी सफल होगा।)

MP Board Solutions

(ग) ततः
उत्तर:
ततः-ततः पार्वे उपवनम् अस्ति। (उसके पास में एक बगीचा है।)

योग्यताविस्तार

“वृक्षः” इति विषयमधिकृत्य संस्कृते निबन्धं लिखत।
‘वृक्ष’ इस विषय के आधार पर संस्कृत में निबन्ध लिखिए।

पर्यावरणसंरक्षणार्थम् उपायान् लिखत।
पर्यावरण संरक्षण के लिए उपाय लिखिए।

न्यग्रोधवृक्षः पाठ का सार

प्रस्तुत पाठ में पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरुकता एक कथा के माध्यम से दाई गई है। इस कथा में वृक्ष का महत्त्व बताया गया है तथा उसे काटने से होने वाली हानियों का वर्णन किया गया है, जिससे वन-सरंक्षण किया जा सके।

न्यग्रोधवृक्षः पाठ का अनुवाद

1. कस्मिंश्चित ग्रामे एकःप्राचीनः विशालः त्च न्यग्रोधवृक्षः आसीत्। सः पशुपक्षिभ्यः बहुविधेभ्यः जीवजन्तुभ्यः मनुष्येभ्यः अपि नित्यं बहूपकारकः आसीत्। पथिकाः तस्य वृक्षस्य छायायां पाथेयं भक्षयित्वा मार्गायासं परिहरन्ति स्म। पशवः छायार्थं वृक्षमिमम् आश्रयन्ति स्म। पक्षिणः तस्य शाखासु नीडानि विरच्य वसन्ति स्म। साश्च तत्रत्येषु वल्मीकेषु वासं कुर्वन्ति स्म। एवं स वृक्षः सर्वप्रिय सर्वहितः सर्वापेक्षितः च आसीत्।

शब्दार्था :
न्यग्रोधवृक्षः-बरगद का पेड़-A banyan tree; बहुविधेभ्यः-अनेक प्रकार के-in various (different) ways; पथिकाः -राहगीर-travellers,passers by; way farers; पाथेयम्-रास्ते का भोजन-foodstuff; मार्गायासम्-रास्ते की थकान को-fatigue of the way;नीडानि-घोंसले-nests; विरच्य-बनाकर-making, building; वल्मीकेषु-बिलों में-holes (white ant; termite).

हिन्दी अनुवाद :
किसी गाँव में एक पुराना और विशाल बरगद का पेड़ था। वह पशु-पक्षियों व अनेक प्रकार के जीव-जन्तुओं तथा मनुष्यों के लिए भी सदा बहुत उपकारक था। राहगीर उस वृक्ष की छाया में रास्ते का भोजन खाकर रास्ते की थकान दूर करते थे। पशु छाया के लिए इस वृक्ष का आश्रय लेते थे। पक्षी उसकी शाखाओं पर घोंसले बनाकर रहते थे। और साँप वहीं पर बिलों में रहते थे। इस प्रकार वह वृक्ष सबका प्यारा, सबका हित करने वाला तथा सबके द्वारा अपेक्षित था।

2. तस्य न्यग्रोधवृक्षस्य शाखायाम् एकः काकः बहुकालात् वसन्नासीत्। कस्मिंश्चित् दिने स वायसः किमपि स्मरन् इतस्ततः दृष्ट्वा एवम् उच्चैः अरटत्-“हे बन्धवः श्रूयतां-श्रूयतां मे वचः। अहम् अस्मिन् वृक्षे चिरात् वसामि। अतः अस्योपरि ममैव अधिकारः वर्तते। अयं मदीयः वृक्षः इति। काकस्य ध्वनि क्रमेण अन्तरिक्षम् अस्पृशत्।

शब्दार्था :
वायसः-कौआ-Crow;अरटत-रटने लगा (लगातार) cawed persistently; चिरात्-बहुत समय से-since a long time; मदीयः-मेरा-mite, my.

अनुवाद :
उस बरगद के वृक्ष की शाखा पर एक कौआ बहुत समय से रहता था। किसी (एक) दिन वह कौआ कुछ याद कर इधर-उधर देखकर ही जोर से रटने लगा-‘हे बन्धुओ। सुनो, सुनो मेरी बात। मैं इस पेड़ पर बहुत समय से रहता हूँ। अतः इसके ऊपर मेरा ही अधिकार है। यह मेरा वृक्ष (पेड़) है। कौए की आवाज, क्रम से अन्तरिक्ष को छू रही थी।

English :
A crow lived in the tree; proclaimed himself as sole owner of the tree. Made a loud cry and tall claim over the tree.

3. काकस्य रटनं श्रुत्वा वृक्षस्य समीपे चरन्तः वृक्षाग्रे डयमानाः वृक्षस्य कोटरेषु निवसन्तः च सर्वे प्राणिनः पशवः पक्षिणः साश्च समायाताः। तेषां मध्ये प्रथमं सर्पः फटाटोपं कुर्वन् न्यगदत् “पितृपितामहान कालादपि अहम् अत्रैव निवसामि अतोऽयं वृक्षः मदीय एद” इति। ततः शाखातः शाखान्तरं चंक्रम्य एकः कीटः प्रत्यवदत् “मदीयैः अर्भकैः सार्द्धम् अहं बहुवर्षेभ्यः अत्रैव उषितवानस्मि। अतोऽयं वृक्षः ममैव” इति।

शब्दार्था :
डयमानाः-उड़ते हुए-flying; समायाताः-आ गए-gathered; assembled; flocked; फटाटोपम्-फण् से क्रोध को-showing anger by spreading its hood; न्यगदत्-बोला-uttered;spoke out; अर्भकैः-पुत्रों के साथ-with male issues.

अनुवाद :
कौए की रट को सुनकर पेड़ के पास में चरते हुए, पेड़ के आगे (ऊपर) उड़ते हुए और पेड़ के बिल में रहते हुए सभी प्राणी पशुओं, पक्षी और साँप वहाँ आ गए। उनके बीच में से पहले साँप फण से क्रोध प्रकट करते हुए बोला- “मेरे बाप-दादा के समय से ही मैं यहीं रह रहा हूँ, इसलिए यह मेरा ही पेड़ है।” तब एक शाखा से दूसरी शाखा पर घूमते हुए एक कीड़ा बोला-“मेरे पुत्रों के साथ मैं बहुत सालों से यहीं रह रहा हूँ। इसलिए यह मेरा ही पेड़ है।”

English :
All creatures flocked near the banyan tree. The snake spread its hood and called himself the possessor of the tree. An insect proclaimed its possession of the tree because of the long stay of his family in it.

MP Board Solutions

4. अनन्तरं शुकः “अस्य वृक्षस्य फलानि खादन् जन्मतः अहमत्रैव वर्ते। नाहमिमं द्रुमं परित्यक्तुमिच्छामि। मदीय एवायं न्यग्रोधवृक्षः” इति उच्चैः अभणत्। ततश्च तत्रत्याः अपरिमिताः कृमयः कीटाश्च “अयं तरुः अस्मदीय एव” इत्युक्त्वा वृक्षस्योपरि स्वं स्वम् अधिकार घोषयन् विचित्रतरं कोलाहलम् अकुर्वन्।

शब्दार्था :
द्रुमम्-पेड़ को-the tree; परित्यक्तुम्-छोड़ना-to leave; अभणत्बोला-repeated, uttered; तत्रत्याः -वहाँ के-living there; अपरिमिताः-न मापने योग्य-numberless; कृमयः-कीड़े-मकोड़े-insects (worms).

अनुवाद :
इसी बीच में तोता जोर से बोला-“इस पेड़ के फलों को खाता हुआ जन्म से ही मैं यहीं हूँ। मैं इस पेड़ को छोड़ना नहीं चाहता हूँ। यह बरगद का पेड़ मेरा ही है।” और तब वहाँ के सब छोटे-छोटे कीड़े-मकोड़े “यह पेड़ हमारा ही है” ऐसा कहकर पेड़ पर अपने-अपने अधिकार की घोषणा करते हुए अजीब-सा शोर करने लगे।

English :
Parrot lived in the banyan since its birth. Claimed the tree its own. The worms and insects also declared their claim, created a strange bediam (clamour) scene of confusion).

5. अत्रान्तरे कश्चित् अजापुत्रः तत्रागतः। सोऽपि तस्य तरोः पत्राणि खादन नन्दति स्म। तं दृष्ट्वा सर्वे प्राणिनः न्यायनिर्णयं कर्तुं तं प्रार्थयन्त। सर्वेषां वचनानि श्रुत्वा स अजः अवदत्-“अस्तु मया समेषां समस्या समाकर्णिता। इदानीं मम चचनानि यूयं शृणुत। काश्चन शाखाः काकेभ्यः, शाखान्तराणि च कृमिकीटेभ्यः, मूलं सर्वेभ्यः अनेन प्रकारेण सर्वेभ्योऽपि वृक्षं विभज्य दापयिष्यामि। अस्मिन्नेव ग्रामे कश्चित् वृक्षच्छेदकः मे मित्रमस्ति। तम् आह्वयामि इमं वृक्षं खण्डशः कर्तुम्” इति।

शब्दार्था :
अजापुत्रः-बकरी का बच्चा-Kid; नन्दति-प्रसन्न होता है-rejoices; समेषाम्-सभी की-of one and all; समाकर्णिता-सुन ली है-have heard; दापयिष्यामि-दिलवाऊँगा-cause to be given; वृक्षच्छेदकः-लकड़हारा-a woodcutter; आह्वयामि-बुलाता हूँ-call.

अनुवाद :
तभी यहाँ कोई बकरी का बच्चा आता है। वह भी उस पेड़ के पत्तों को खाकर प्रसन्न होता था। उसे देखकर सभी प्राणियों ने न्यायनिर्णय करने की उससे प्रार्थना की। सबके वचनों को सुनकर वह बकरा बोला-“ठीक है, मेरे द्वारा सारी समस्या सुन ली गई है। अब मेरी बात तुम सब सुनो। कोई शाखा कौओं के लिए, शाखाओं के अन्दर का भाग कीड़े-मकोड़ों के लिए और जड़ सबके लिए इस प्रकार से सबको ही पेड़ को विभाजित कर दिलवाऊँगा। इसी गाँव में ही कोई लकड़हारा मेरा मित्र है। उसे इस पेड़ के टुकड़े-टुकड़े करने के लिए बुलाता हूँ।

English :
A kid arrives there. All the creatures asked him to give its judgement on the claimant of the tree. He proposed that the tree should be cut into pieces. (branches for crows, inner portion for worms and insects and root for all).

6. अजस्य निर्णयः सर्वैः स्वीकृतः अतः सर्वेऽपि वृक्षच्छेदकस्य समीपं गत्वा न्यग्रोधवृक्षं छित्वा तस्य भागानाम् वितरणार्थं प्रार्थयन्त। परं सोऽयं काष्ठच्छेदकः अवदत् “पूर्वम् अहं वृक्षान् छिनमि स्म। अधुना तादृशे कुत्सिते कर्मणि न व्यापारयानि। वृक्षाणां छेदनं महत् पापमिति मया अधिगतमस्ति अतः न्यग्रोधवृक्षस्य छेदनं अहं न करिष्यामि” इति।

शब्दार्था :
वितरणार्थम्-बाँटने के लिए-to make a division; कुल्सिते-बुरे में-evil, vicious, sinful; अधिगतम्-जान गया-have known.

अनुवाद :
बकरे का निर्णय सब ने मान लिया, इसलिए सभी ने लकड़हारे के पास जाकर बरगद के पेड़ को काटकर उसके टुकड़ों को बाँटने की प्रार्थना की। पर उस लकड़हारे ने कहा-‘पहले मैं पेड़ काटता था। अब उस बुरे काम (में) को नहीं करता हूँ’ पेड़ों को काटना बहुत बड़ा पाप है, मैं यह जान गया हूँ। इसलिए मैं बरगद का पेड़ नहीं काटूंगा।”

English :
Everyone honoured the kid’s decision. All approached the woodcutter to cut the tree into pieces; the woodcutter declined to do the sinful job of cutting a tree.

7. तथापि सर्वे प्राणिनः तं वृक्षं छेत्तुं यदा निर्बन्धम् अकुर्वन् सदा स धीमान् इदमाह-“अस्तु तर्हि प्रथमं मे वचः शृणुत-यूयं सर्वेऽपि अनेन वृक्षण उपकृताः एव। वृक्षस्य उपकारं स्वीकृत्य युष्माभिः कः प्रत्युपकारः कृतः? युष्माकं मध्ये कः वृक्षस्य जलसेचनम् अकरोत्? कः तस्य॑ रक्षणं विहितवान्? न कोऽपि किञ्चिदपि अकरोत्। वरुणदेवः वृष्टि वर्षति। सूर्यदेवः प्रकाशं प्रयच्छति। भूमाता वृक्षस्य आधारभूता अस्ति। वायुः अनिलं ददाति। ते सर्वे वृक्षं पालयन्ति पोषयन्ति रक्षन्ति च। ते न कदापि “मम अधिकारः वर्तते।” इति अवदन्। ते सर्वे परोपकारिणः। परं यूयं सर्वे परापकारिणः वृक्षस्य साहाय्यं स्वीकृत्य तमेव नाशयितुं कृतसङ्कल्पा यूयं स्वाश्रयमेव नाशयथ। अस्मिन् वृक्षे छिन्ने सति यूयं कुत्र गच्छथ?

शब्दार्था :
निर्बन्धम्-अत्यधिक आग्रह करना-Appealed repeatedly; insisted; प्रत्युपकारः-उपकार का बदला उतारना-to repay the gratitude; सेचनम्-सींचना-to sprinkle, वृष्टिम्-वर्षा को-rain.

अनुवाद :
तभी भी सब प्राणियों ने जब उसको पेड़ काटने के लिए अत्यधिक आग्रह किया, तब उस बुद्धिमान् ने कहा-“ठीक है, तो पहले मेरी बात सुनो-तुम सभी उस पेड़ के द्वारा उपकृत (उ कार करवाया जाना) हो। पेड़ के उपकार को लेकर तुम सब ने क्या प्रत्युपकार (उपकार बदला) किया? तुम सब के बीच में से किसने पेड़ को जल से सींचा? किसने इसकी रक्षा की? किसी ने भी कुछ भी नहीं किया। वरुण देव ने वर्षा की। सूर्यदेव ने प्रकाश दिया। भूमि माता पेड़ का आधार है। वायु ने हवा दी। उन सब ने पेड़ को पाला, पोषण किया और रक्षा की। उन्होंने कभी नहीं कहा कि “मेरा अधिकार है।” वे सब परोपकारी हैं। पर तुम सभी परापकारी हो, पेड़ की सहायता स्वीकार करके उसे ही नष्ट करने का सङ्कल्प कर तुम सब अपने आश्रय को ही नष्ट कर रहे हो। इस पेड़ के कट जाने पर तुम सब कहाँ जाओगे?

English :
Being insisted repeatedly the woodcutter reminded them of their ungrate fulness. They were out at harming themselves by cutting the tree reared by the divine powers. They would lose their own refuge.

8. सर्वमिदं श्रुत्वा पशुपक्षिणः “आम्। सत्यम्। वयं स्वकर्त्तव्यं विस्मृत्य अधिकारार्थं कोलाहलं कुर्मः। वृक्षः प्रकृतिदत्तः वरः अस्ति। स न कस्यापि एकस्य सम्पत् भवितुमर्हति। अस्माभिः सर्वैः मिलित्वा वृक्षस्य संरक्षणं संवर्धनं समारोपणं च कर्त्तव्यम्। न तु विनाशः कार्यः” इति दृढनिश्चयम् अकुर्वन्। अस्माभिः मानवैः अपि वृक्षसम्पत् वर्धनीया ननु।

शब्दार्था :
विस्मृत्य-भूलकर-forgetting; दत्तः-दिया हुआ-given;सम्पत्-संपत्तिproperty; संवर्धनम्-बढ़ाने का-growing (rearing).

अनुवाद :
यह सब सुनकर पशु-पक्षियों ने-“हाँ। सत्य है। हम सब अपने कर्तव्य को भूलकर अधिकार के लिए शोर कर रहे हैं। पेड़ प्रकृति का दिया हुआ वरदान है। वह किसी भी एक की सम्पत्ति नहीं हो सकती। हम सब को मिल कर पेड़ की रक्षा करनी चाहिए, बढ़ाना चाहिए और उगाना चाहिए। न कि विनाश करना चाहिए” ऐसा दृढ़निश्चय किया। हम मानवों के द्वारा भी वृक्ष सम्पत्ति को बढ़ाना चाहिए।

English :
All the creatures realised their folly. They had no claim on the tree which is a gift of nature. They should grow more trees and protect them. It is an object lesson to human beings also.

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions