MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.4

 MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.4

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 88

प्रश्न 1.
त्रिभुज ABC का एक रफ चित्र खींचिए। इस त्रिभुज के अभ्यन्तर में एक बिन्दु P अंकित कीजिए और उसके बहिर्भाग में एक बिन्दु Q अंकित कीजिए। बिन्दु A इसके अभ्यन्तर में स्थित है या बहिर्भाग में स्थित है ?
हल :
संलग्न चित्र में ABC एक त्रिभुज है।
(i) बिन्दु P, ∆ABC के अभ्यन्तर में है।
(ii) बिन्दु Q त्रिभुज के बहिर्भाग में है।
(iii) नहीं, बिन्दु A न तो इसके अभ्यन्तर में स्थित है और न ही इसके बहिर्भाग में।

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.4 image 1

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प्रश्न 2.
(a) संलग्न आकृति में तीन त्रिभुजों की पहचान कीजिए।
(b) ज्ञात कोणों के नाम लिखिए।
(c) इसी आकृति में छः रेखाखण्डों के नाम लिखिए।
(d) किन दो त्रिभुजों में ∠B उभयनिष्ठ है ?

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हल :
(a) तीन त्रिभुज- ∆ABC, ∆ABD, ∆ADC
(b) सात कोण- ∠B, ∠C, ∠BAC, ∠BAD, ∠CAD, ∠ADB, ∠ADC
(c) छः रेखाखण्ड- \(\overline{A B}, \overline{A C}, \overline{B C}, \overline{A D}, \overline{B D}, \overline{D C}\)
(d) ∆ABC और ∆ABD में ∠B उभयनिष्ठ है।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 87

प्रश्न 1.
नीचे दी आकृति में, कोणों के नाम लिखिए :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 1
हल :
∠A अथवा ∠DAB ; ∠B अथवा ∠ABC ; ∠C अथवा ∠BCD; ∠D अथवा ∠CDA

प्रश्न 2.
संलग्न आकृति में, वे बिन्दु लिखिए जो
(a) ∠DOE के अभ्यन्तर में स्थित हैं।
(b) ∠EOF के बहिर्भाग में स्थित हैं।
(c) ∠EOF पर स्थित हैं।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 2
हल :
(a) ∠DOE के अभ्यंतर में बिन्दु A है।
(b) ∠EOF के बहिर्भाग में बिन्दु A,C और D हैं।
(c) ∠EOF पर स्थित बिन्दु हैं, E,B,O और F।

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प्रश्न 3.
दो कोणों की रफ आकृतियाँ खींचिए जिससे
(a) उनमें एक बिन्दु उभयनिष्ठ हो।
(b) उनमें दो बिन्दु उभयनिष्ठ हों।
(c) उनमें तीन बिन्दु उभयनिष्ठ हों।
(d) उनमें चार बिन्दु उभयनिष्ठ हों।
(e) उनमें एक किरण उभयनिष्ठ हो।
हल :
(a) ∠PQS और ∠RQS में एक बिन्दु Q उभयनिष्ठ है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 3

(b) ∠AOB और ∠ODC में दो बिन्दु O तथा D उभयनिष्ठ है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 4

(c) ∠ABC और ∠QPR में तीन बिन्दु D, E तथा F उभयनिष्ठ हैं। .
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 5

(d) ∠BAC और ∠PQR में चार बिन्दु E, F G तथा H उभयनिष्ठ हैं।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 6

(e) ∠RQS और ∠PQS में किरण QS उभयनिष्ठ है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.3 image 7

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 80-81

प्रश्न 1.
संलग्न आकृति का प्रयोग करके, निम्न के नाम लिखिए :
(a) पाँच बिन्दु
(b) एक रेखा
(c) चार किरणें
(d) पाँच रेखाखण्ड
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 1
हल :
(a) पाँच बिन्दु-O, B, C, D, E
(b) एक रेखा-इसमें कई रेखाएँ हो सकती हैं \(\stackrel{\leftrightarrow}{D E}, \stackrel{\leftrightarrow}{D O}, \stackrel{\leftrightarrow}{D B}, \overrightarrow{E O}\) आदि।
(c) चार किरणें- \(\overrightarrow{D B}, \overrightarrow{D E}, \overrightarrow{E B}, \overrightarrow{O E}\) आदि (अनेक किरणें हो सकती हैं)।
(d) पाँच रेखाखण्ड- \(\overline{D E}, \overline{D O}, \overline{E O}, \overline{O B}, \overline{E B}\) आदि (अनेक रेखाखण्ड हो सकते हैं)।

प्रश्न 2.
संलग्न आकृति में दी हुई रेखा के सभी सम्भव प्रकारों के नाम लिखिए। आप इन चार बिन्दुओं में से किसी भी बिन्दु का प्रयोग कर सकते हैं।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 2
हल :
रेखाओं को निम्न नामों से व्यक्त कर सकते हैं
\(\stackrel{\leftrightarrow}{AB}, \stackrel{\leftrightarrow}{AC}, \stackrel{\leftrightarrow}{AD}, \stackrel{\leftrightarrow}{BA}, \stackrel{\leftrightarrow}{BC}, \stackrel{\leftrightarrow}{BD}, \stackrel{\leftrightarrow}{CA}, \stackrel{\leftrightarrow}{CB}, \stackrel{\leftrightarrow}{CD}, \stackrel{\leftrightarrow}{DA}, \stackrel{\leftrightarrow}{DB}, \stackrel{\leftrightarrow}{DC}\)

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति को देखकर नाम लिखिए :
(a) रेखाएँ जिसमें बिन्दु E सम्मिलित हैं
(b) A से होकर जाने वाली रेखा
(c) वह रेखा जिस पर O स्थित है
(d) प्रतिच्छेदी रेखाओं के दो युग्म
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 3
हल :
(a) ऐसी बहुत सी रेखाएँ है, जिनमें से एक है, \(\stackrel{\leftrightarrow}{EF}\) (या \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\) )
(b) ऐसी बहुत सी रेखाएँ है, जिनमें से एक है, \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\)
(c) \(\stackrel{\leftrightarrow}{CO}\) या \(\stackrel{\leftrightarrow}{CO}\)
(d) \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\) और \(\stackrel{\leftrightarrow}{CO}\); \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\) और \(\stackrel{\leftrightarrow}{EF}\)

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित से होकर कितनी रेखाएँ खींची जा सकती हैं ?
(a) एक बिन्दु
(b) दो बिन्दु
हल :
(a) एक बिन्दु से अनगिनत रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
(b) दो बिन्दुओं से केवल एक रेखा खींची जा सकती है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक के लिए एक रफ (Rough) आकृति बनाइए और चित रूप से उसे नामांकित कीजिए :
(a) बिन्दु P रेखाखण्ड \(\overline{A B}\) पर स्थित है।
(b) रेखाएँ XY और PQ बिन्दु M पर प्रतिच्छेद करती हैं।
(c) रेखा l पर E और F स्थित हैं, परन्तु D स्थित नहीं है।
(d) \(\stackrel{\leftrightarrow}{OP}\) और \(\stackrel{\leftrightarrow}{OQ}\) बिन्दु O पर मिलती हैं।
हल:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 4

प्रश्न 6.
रेखा \(\stackrel{\leftrightarrow}{MN}\) की संलग्न आकृति को देखिए। इस आकृति के सन्दर्भ में बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 5
(a) Q, M, O और P रेखा \(\stackrel{\leftrightarrow}{MN}\) पर स्थित बिन्दु हैं।
(b) M, O और N रेखाखण्ड \(\overline{MN}\) पर स्थित बिन्दु हैं।
(c) M और N रेखाखण्ड \(\overline{MN}\) के अन्त बिन्दु हैं।
(d) O और N रेखाखण्ड \(\overline{OP}\) के अन्त बिन्दु हैं।
(e) M रेखाखण्ड \(\overline{QO}\) को दोनों अन्त बिन्दुओं में से एक बिन्दु है।
(f) M किरण \(\overrightarrow{OP}\) पर एक बिन्दु है।
(g) किरण \(\overrightarrow{OP}\) किरण \(\overrightarrow{QP}\) से भिन्न है।
(h) किरण \(\overrightarrow{O P}\) वही है जो किरण \(\overrightarrow{O M}\) है।
(i) किरण \(\overrightarrow{O M}\) किरण \(\overrightarrow{O P}\) के विपरीत (opposite) नहीं है।
(j) O किरण \(\overrightarrow{O P}\) का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।
(k) N किरण \(\overrightarrow{N P}\) और \(\overrightarrow{N M}\) का प्रारम्भिक बिन्दु है।
उत्तर-
(a) सत्य,
(b) सत्य,
(c) सत्य
(d) असत्य,
(e) असत्य,
(f) भसत्य,
(g) सत्य,
(h) असत्य,
(i) असत्य,
(j) असत्य,
(k) सत्य।

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 83

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
निम्न की सहायता से बहुभुज बनाने का प्रयत्न कीजिए :
1. माचिस की पाँच तीलियाँ
2. माचिस की चार तीलियाँ
3. माचिस की तीन तीलियाँ
4. माचिस की दो तीलियाँ
उपर्युक्त में से किस स्थिति में यह सम्भव नहीं हुआ ? क्यों?
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 6
4. माचिस की दो तीलियाँ-कोई बहुभुज सम्भव नहीं। चूँकि बहुभुज रेखाखण्डों से घिरी बन्द आकृति है। यह सम्भव नहीं कि दो रेखाखण्डों से एक बन्द घिरी हुई आकृति बनाई जाए। इसलिए दो माचिस की तीलियों से बहुभुज बनाना सम्भव नहीं है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 84

प्रश्न 1.
B और C इसके अन्य दो शीर्ष हैं। क्या आप इन बिन्दुओं पर मिलने वाली भुजाओं के नाम लिख सकते हैं?
हल :
इन भुजाओं के नाम हैं जिनके शीर्ष B और C हैं :
AB और BC, BC और CD

प्रश्न 2.
क्या AB और BC आसन्न भुजाएँ हैं? AE और DC के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
हल :
चूँकि AB और BC में एक उभयनिष्ठ अंत बिन्दु है, इसलिए ये बहुभुज की आसन्न भुजाएँ हैं। AE और DC आसन्न भुजाएँ नहीं हैं। क्योंकि इनका उभयनिष्ठ अन्त बिन्दु नहीं है।

प्रश्न 3.
क्या रेखाखण्ड \(\overline{B C}\) एक विकर्ण है? क्यों या क्यों नहीं?
हल :
नहीं, रेखाखण्ड \(\overline{B C}\) विकर्ण नहीं है क्योंकि BC आसन्न शीर्षों को मिलाने वाला रेखाखण्ड है।

प्रश्न 4.
क्या आप आसन्न शीर्षों को जोड़कर विकर्ण प्राप्त कर सकते हैं?
हल :
नहीं, हम आसन्न शीर्षों को जोड़कर विकर्ण प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 75

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
अपनी पेंसिल के नुकीले सिरे से एक कागज पर चार बिन्दु अंकित कीजिए तथा उन्हें नाम A, C, P और H दीजिए। इन बिन्दुओं को विभिन्न प्रकार से नाम दीजिए। नाम देने का एक प्रकार संलग्न आकृति के अनुसार हो सकता है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 1
हल :
हम इन बिन्दुओं को निम्न प्रकार से नाम दे सकते हैं :
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प्रश्न 2.
आसमान में एक तारा हमें एक बिन्दु के अवधारण का आभास कराता है। अपने दैनिक जीवन से इसी प्रकार की पाँच स्थितियाँ चुनकर दीजिए।
हल :
पेंसिल की नोंक, सुई की नोंक, कागज का कोना, डेस्क का कोना, वर्ग का कोना।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 76-77

रेखाखण्ड के कुछ उदाहरण – मेज का किनारा, किसी आयत/वर्ग की भुजा, घन/ घनाभ का किनारा, दोनों सिरों पर कसा हुआ धागा, A, B को जोड़ने वाला सबसे छोटा रास्ता।

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
संलग्न आकृति में दिए रेखाखण्डों को नाम दीजिए। क्या A प्रत्येक रेखाखण्ड का एक अन्त बिन्दु है ?
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 3
हल :
दी हुई आकृति में \(\overline{A B}\) (या \(\overline{B A}\) ) तथा \(\overline{A C}\) (या \(\overline{C A}\) ) रेखाखण्ड हैं।
हाँ, A प्रत्येक रेखाखण्ड का अन्त बिन्दु है।

प्रतिच्छेदी रेखा युग्मों के उदाहरण – घन के आसन्न किनारे, श्यामपट की आसन्न भुजाएँ, अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर V तथा L

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 78

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
एक कागज लीजिए। इसे दो बार मोडिए (और मोड़ के निशान बनाइए) ताकि दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ प्राप्त हो जाएँ और चर्चा कीजिए :
(a) क्या दो रेखाएँ एक से अधिक बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं?
(b) क्या दो से अधिक रेखाएँ एक ही बिन्दु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं?
हल :
(a) नहीं, दो रेखाएँ एक से अधिक बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद नहीं कर सकती हैं।
(b) हाँ, दो से अधिक रेखाएँ एक ही बिन्दु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए एवं लिखिए

आप समान्तर रेखाओं को और कहाँ देखते हैं ? इनके 10 उदाहरण ज्ञात करने का प्रयत्न कीजिए।
हल :
हम समान्तर रेखाओं को निम्नांकित में देख सकते हैं
पैमाने के सम्मुख किनारे, आयत के सम्मुख किनारे, श्यामपट के सम्मुख किनारे, खिड़की की सलाखें, रेल की पटरी, मेज के किनारे, घनाभ के किनारे, घन के किनारे, पेज के किनारे, अभ्यास-पुस्तिका/किताब के सम्मुख किनारे आदि।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 79

सोचिए, चर्चा कीजिए एवं लिखिए

प्रश्न 1.
यदि \(\overrightarrow{P Q}\) एक किरण है, तो
(a) इसका प्रारम्भिक बिन्दु क्या है ?
(b) बिन्दु ए किरण पर कहाँ स्थित है ?
(c) क्या हम कह सकते हैं कि ए इस किरण का Q प्रारम्भिक बिन्दु है ?
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 4
हल :
\(\overrightarrow{P Q}\) एक किरण है :
(a) इसका प्रारम्भिक बिन्दु P है।
(b) बिन्दु Q, किरण \(\overrightarrow{P Q}\) पर स्थित है।
(c) नहीं, Q इस किरण का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।
(Q, \(\overrightarrow{Q P}\) का प्रारम्भिक बिन्दु हो सकता है।)

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 80

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
संलग्न दी आकृति में दर्शाई गई किरणों के नाम लिखिए।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 5
हल :
संलग्न चित्र में \(\overrightarrow{T A}, \overrightarrow{T N}, \overrightarrow{T B}\) और \(\overrightarrow{N B}\) किरणें हैं।

प्रश्न 2.
क्या T इन सभी किरणों का प्रारम्भिक बिन्दु है ?
हल :
नहीं, T किरण \(\overrightarrow{N B}\) का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।

संलग्न आकृति में एक किरण OA दी है। यह O से प्रारम्भ होती है और A से होकर जाती है। यह किरण बिन्दु B से होकर भी जाती है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 6

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प्रश्न a.
(i) क्या आप इसे \(\overrightarrow{O B}\) भी कह सकते हैं ? क्यों? यहाँ \(\overrightarrow{O A}\) और \(\overrightarrow{O B}\) एक ही किरण को दर्शाते हैं।
(ii) क्या हम किरण \(\overrightarrow{O A}\) को किरण \(\overrightarrow{A O}\) लिख सकते हैं ? क्यों ? या क्यों नहीं ?
(iii) पाँच किरणें खींचिए और उनके उचित नाम लिखिए।
इन किरणों के सिरे पर लगे तीर क्या दर्शाते हैं ?
हल :
(i) हाँ, हम इसे \(\overrightarrow{O B}\) भी कह सकते हैं। क्योंकि एक किरण की कोई निश्चित लम्बाई नहीं होती है। किरण को अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है। इसलिए \(\overrightarrow{O A}\) और \(\overrightarrow{O B}\) समान किरणें हैं।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 7

(ii) यहाँ, \(\overrightarrow{O A}\) एक किरण है, जिसका प्रारम्भिक बिन्दु O हैं। इसे O से A की दिशा में अनिश्चित रूप से बढ़ाया गया है। दूसरी किरण \(\overrightarrow{A O}\) है, जिसका प्रारम्भिक बिन्दु A है। इसे A से O की दिशा में अनिश्चित रूप से बढ़ाया गया है।
अतः \(\overrightarrow{A O}\) और \(\overrightarrow{O A}\) अलग-अलग किरणें हैं। इस प्रकार \(\overrightarrow{O A}\) को \(\overrightarrow{A O}\) नहीं लिखा जा सकता है।

(iii) पाँच किरणें निम्नलिखित हैं
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 8
किरणों के सिरों पर लगे तीर दर्शाते हैं कि इन किरणों को तीर की दिशा में अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।

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MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः

1. संज्ञा-शब्द-रूपाणि

किसी वस्तु अथवा व्यक्ति के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे-राम, सीता, पुस्तक, कलम इत्यादि। संज्ञा शब्दों के रूपों में तीनों लिंग (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग) सभी विभक्तियाँ (प्रथमा से सम्बोधन तक) एवं तीनों वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) होते हैं। जिन संज्ञा शब्दों के अन्त में स्वर हो उन्हें स्वरान्त (अजन्त) कहते हैं; जैसे-राम, रमा, पितृ, मधु इत्यादि और जिन संज्ञा शब्दों के अन्त में व्यंजन हो उन्हें व्यञ्जनान्त (हलन्त) कहते हैं; जैसे-चन्द्रमस, मरुत, राजन, महत् इत्यादि। नीचे पाठ्यक्रम में निर्धारित एवं अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप दिये जा रहे हैं-

I. अजन्त पुल्लिङ्ग

अकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘राम’ शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 1

विशेषः :
‘राम’ के समान ही बालक, नर, गज, वानर, नृप, छात्र, मनुष्य, सिंह, पुत्र इत्यादि अकरान्त पुल्लिग। शब्दों के रूप चलेंगे।

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इकारान्तः पुल्लिङ्ग हरि’ (विष्णु) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 2

विशेषः :
‘हरि’ के समान ही कपि, मुनि, रवि, नृपति, अग्नि, ऋषि इत्यादि इकारान्त पुल्लिग शब्द के रूप चलेंगे।

उकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘भानु’ (सूर्य) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 3

विशेषः :
‘भानु’ शब्द के समान ही गुरु, शिशु, तरु, पशु, साधु, विष्णु इत्यादि उकारान्त पुल्लिग शब्दों के रूप चलेंगे।

ऋकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘पितृ’ (पिता) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 4

विशेष: :
‘पितृ’ शब्द के समान ही भ्रातृ, जामातृ, इत्यादि ऋकारान्त पुल्लिग शब्दों के रूप चलेंगे।

ऋकारान्तः पुल्लिङ्ग कर्तृ’ (करने वाला, कर्ता) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 5

विशेषः :
कर्तृ’ शब्द के समान ही धातृ, दातृ, सवितृ, नेतृ इत्यादि शब्दों के रूप चलेंगे।

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II. अजन्त स्त्रीलिंग

आकारान्तः स्त्रीलिङ्ग ‘रमा’ (लक्ष्मी) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 6

विशेषः :
‘रमा’ शब्द के समान ही सीता, लता, कन्या, बालिका, माला, विद्या, पाठशाला इत्यादि आकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

इकारान्त स्त्रीलिङ्ग ‘मति’ ( बुद्धि) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 7

विशेष :
‘मंति’ शब्द के समान ही भूमि, शान्ति, बुद्धि, भक्ति, मूर्ति, कीर्ति इत्यादि इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

इकारान्त स्त्रीलिङ्ग ‘नदी’ (नदी) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 8

विशेषः :
‘नदी’ शब्द के समान ही पृथ्वी, जननी, कुमारी, भगिनी, सखी, स्त्री, पत्नी, नारी इत्यादि इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

ऋकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘मातृ’ (माता) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 9

विशेषः :
‘मातृ’ शब्द के रूप ‘पितृ’ के समान ही चलते हैं। अन्तर केवल इतना है कि द्वितीया के बहुवचन में ‘पितृन्’ होता है, किन्तु ‘मातृ’ में ‘मातृः’।

III. अजन्त नपुंसकलिंग

अकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘फल’ (फल) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 10

विशेषः :
‘फल’ शब्द के समान ही मित्र, पुस्तक, गृह, उद्यान, वस्त्र, पुष्प, नेत्र, नगर, जल, पत्र इत्यादि अकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

इकारान्तः नपुंसकलिंग ‘वारि’ (जल) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 11

विशेष :
‘वारि’ शब्द के समान ही सुरभि (सुगन्धित), शुचि (स्वच्छ) इत्यादि इकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

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उकारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘मधु’ (शहद) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 12

विशेष: :
‘मधु’ शब्द के समान ही वपु, वस्तु, अम्बु, अश्रु! इत्यादि उकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के रूप में चलेंगे।

IV. हलन्त पुल्लिंग

सकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘चन्द्रमस्’ (चन्द्रमा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 13

तकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘मरुत’ (वायु) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 14

हलन्तः पुल्लिङ्ग ‘राजन्’ (राज) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 15

हलन्तः पुल्लिङ्ग ‘महत्’ (बड़ा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 16

V. हलन्त स्त्रीलिंग

हलन्तः स्त्रीलिङ्गः ‘महती’ (बड़ा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 17

VI. हलन्त नपुंसकलिंग

हलन्तः नपुंसकलिङ्गः ‘महत्’ (बड़ा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 18

विशेषः :
‘महत्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया से सप्तमी तक के रूप पुल्लिंग के समान चलते हैं। सम्बोधनम् हे महत् हे महती! हे महान्ति!

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2. सर्वनाम-शब्द-रूपाणि

जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर होता है, उन्हें सर्वनाम कहते हैं, जैसे-मैं (अहम्), तुम (त्वम्), वह (सः, सा, तत्), कौन (कः, का, किम्) इत्यादि।

सर्वनाम शब्दों में सम्बोधन नहीं होता। इनके रूप केवल सप्तमी विभक्ति तक ही चलते हैं।

पुल्लिङ्गः ‘सर्व’ (सब) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 19

स्त्रीलिङ्गः ‘सर्व’ (सब) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 20

नपुंसकलिङ्गः ‘सर्व’ (सब) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 21

विशेषः :
‘सर्व’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिग के समान ही चलते हैं।

‘कति’ (कितने) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 22

विशेष: :
‘कति’ शब्द के रूप केवल बहुवचन में चलते हैं तथा पुल्लिग, स्त्रीलिंग एवं नपुसंकलिंग में एक समान ही चलते हैं।

दकारान्तः पुल्लिङ्ग तद्’ (वह, उस, वे, उन) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 23

दकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘तद्’ (वह, उस, वे, उन) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 24

दकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘तद्’
(वह, उस, वे, उन) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 25

विशेषः :
‘तद्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिग के समान ही चलते हैं।

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सकारान्तः पुल्लिङ्गः ‘अदस्’ (वह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 26

सकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘अदम’ (वह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 27

सकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘अदस्’ (वह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 28

विशेष: :
‘अदस्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिंग के समान ही चलते हैं।

मकारान्तः पुल्लिङ्गः ‘अयम्’ (यह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 29

मकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘इदम्’ (यह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 30

मकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘इदम्’ (यह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 31

विशेषः :
‘इदम्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिंग के समान ही चलते हैं।

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3. धातुरूपाणि

I. परस्मैपदम्

‘पठ्’ (पढ़ना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 32

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 33

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 34

लोट्लकारः (आज्ञा सूचक)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 35

विधिलिङ्गकारः (चाहिए अर्थ में)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 36

‘गम्’ (जाना) धातुः, विधिलिङ्गलकारः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 37

‘वद्’ (बोलना) धातुः, विधिलिङ्गकारः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 38

‘लिख्’ (लिखना) धातुः विधिलिङ्लकारः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 39

विशेष: :
इसी प्रकार जीव, स्मृ, हस्, खाद्, क्रीड्, पत्, रक्ष्, नम्, दृश्, पा इत्यादि धातुओं के रूप चलेंगे।

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II. आत्मनेपदम्

‘लभ’ (पाना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 40

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 41

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 42

‘सेव्’ (सेवा करना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 43

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 44

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 45

‘वृध्’ (बढ़ना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 46

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 47

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 48

विशेषः :
इसी प्रकार रुच्, रम्, भाष्, सह, शिक्ष, वृत्, शुभ, यत् इत्यादि धातुओं के रूप चलते हैं।

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4. संस्कृतसंख्या

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 49

5. सन्धि -परिचय

सन्धि का अर्थ है-‘मिलाना’। दो या दो से अधिक वर्णों का मेल सन्धि है। दो वर्णों या बहुत से वर्गों के संयोग से जो रूप परिवर्तन होता है, वह सन्धि है।
सन्धि के भेद :
सन्धि तीन प्रकार की होती है-
(क) स्वर-सन्धिः या अच्-सन्धिः
(ख) व्यंजन-सन्धिः या हल-सन्धिः
(ग) विसर्ग-सन्धिः।

विशेष :
छठी और सातवीं कक्षा में छात्र ने स्वर एवं व्यंजन सन्धि को विस्तृत रूप से पढ़ा है। अतः आठवीं कक्षा में स्वर और व्यंजन सन्धि संक्षेप में और विसर्ग सन्धि विस्तार से पाठ्यक्रम में है।

(क) स्वर-सन्धिः

दीर्घ-सन्धिः
विद्या + आलय = विद्यालयः (आ + आ = आ)
देव + आश्रमः = देवाश्रमः (अ + आ = आ)
मुनि + इन्द्रः = मुनीन्द्रः (इ + इ = ई)
नदी + ईशः = नदीशः (ई + ई = ई)
साधु + उक्तिः = साधूक्तिः (उ+ उ = ऊ)
पितृ + ऋणम् = पितृणम् (ऋ + ऋ = ऋ)

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गुण-सन्धिः
गज + इन्द्रः = गजेन्द्रः (अ + इ = ए)
महा + ईशः = महेशः (आ + ई = ए)
महा + उत्सवः = महोत्सवः (आ + उ = ओ)
सूर्य + उदयः = सूर्योदयः (अ + उ = ओ)
देव + ऋषिः = देवर्षिः (अ+ ऋ = अर्)
तव + लृकारः = तवल्कारः (अ + लृ = अल्)

वृद्धि-सन्धिः
एक + एकम् = एकैकम् (अ + ए = ऐ)
राज + ऐश्वर्यम् = राजैश्वर्यम् (अ + ऐ = ऐ)
तथा + एव = तथैव (आ + ए = ऐ)
जल + ओघः = जलौघः (अ+ ओ = औ)
तव + औषधम् = तवौषधम् (अ+ औ = औ)
सुख + ऋतः = सुखार्तः (अ + ऋ = आर्)

यण-सन्धिः
यदि + अपि = यद्यपि (इ को य्)
सु + आगतम् = स्वागतम् (उ को व्)
पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा (ऋ को र्)

अयादि-सन्धिः
चे + अनमू = चयनम् (ए को अय्)
नै + अकः = नायकः (ऐ को आय्)
भो + अनम् = भवनम् (ओ को अव्)
भौ + उकः = भावुकः (औ को आव्)

पूर्वरूप-सन्धिः
वने + अपि = वनेऽपि (ए के बाद अ को ऽ)
रामो + अपि = रामोऽपि (ओ के बाद अकोऽ)

(स्व) व्यजन-सन्धिः

श्चुत्व-सन्धिः
(हरिः) हरिस् + शेते = हरिश्शेते (स् को श्)
सत् + चरित्रम् = सच्चरित्रम् (त् को च्)
सत् + जनः = सज्जनः (त् को ज्)

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ष्टुत्व-सन्धिः
(रामः) रामस् + षष्ठः = रामष्षष्ठः (स् को ए)
(दुः) दुष् + तः = दुष्टः (त् को ट्)
उत् + डीनः = उड्डीनः (त् को ड्)

जशत्व-सन्धिः
सत् + आचारः = सदाचारः (त् को द्)
अच् + अन्तः = अजन्तः (च को ज्)
दिक् + गजः = दिग्गजः (क् को ग्)
षट् + दर्शनम् = षड्दर्शनम् (ट् को ड्)

चव-सन्धिः
सद् + कारः = सत्कारः (द् को त्)
तद् + परः = तत्परः (द् को त्)

अनुस्वार-सन्धिः
धर्मम् + चर = धर्मंचर (म् को)
पुस्तकम् + पठति = पुस्तकं पठति (म् को)

अनुनासिक-सन्धिः
जगत् + नाथः = जगन्नाथः (त् को न्)
एतत् + मुरारिः = एतन्मुरारिः (त् को न्)

लत्व-सन्धिः
तत् + लयः = तल्लयः (त् को ल्)
उत् + लेखः = उल्लेखः (त् को ल्)

(ग) विसर्ग-सन्धि

परिभाषा :
विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन का मेल होने से जो विकार (परिवर्तन) होता है, वह विसर्ग सन्धि है, जैसे
मनः + रथः = मनोरथः।
मनः + हरः = मनोहरः।

विसर्ग-सन्धि के नियम :
नियम 1.
विसर्ग के बाद ‘च’ या ‘छ्’ हो तो विसर्ग के स्थान पर ‘श्’ होता है।
उदाहरण :
रामः + चलति = रामश्चलति
बालकः + चलति = बालकश्चलति

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नियम 2.
यदि विसर्ग के बाद ‘त्’ अथवा ‘थ्’ हो तो विसर्ग के स्थान पर ‘स्’ हो जाता है।
उदाहरण :
रामः + तिष्ठति = रामस्तिष्ठति
नमः + ते = नमस्ते नियम

नियम 3.
यदि विसर्ग से पहले और बाद में ‘अ’ हो तो विसर्ग और ‘अ’ के स्थान पर ‘ओ’ हो जाता है तथा ‘अ’ के स्थान पर अवग्रह (ऽ) हो जाता है।
उदाहरण :
कः + अयम् = कोऽयम्
कः + अपि = कोऽपि

नियम 4.
यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो तथा बाद में ह्रस्व ‘अ’ को छोड़कर अन्य कोई भी स्वर वर्ण हो तो विसर्ग का लोप हो जाता है।
उदाहरण :
कः + आगच्छति = क आगच्छति
देवः + इति = देव इति

नियम 5.
यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो और बाद में कोई मृदु व्यजन वर्ण हो अर्थात् किसी भी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण तथा य, र, ल, व्, छ हो तो पूर्व ‘अ’ के स्थान पर ‘ओ’ हो जाता है।
उदाहरण :
शिवः + वन्द्यः = शिवो वन्द्यः
रामः + गच्छति = रामो गच्छति

नियम 6.
यदि विसर्ग से पहले ‘आ’ हो और बाद में कोई स्वर अथवा कोई मृदु व्यंजन हो अर्थात् किसी भी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण य, र, ल, व्, ह होता है तो विसर्ग का लोप हो जाता है।
उदाहरण :
देवाः + आगताः = देवा आगताः
नराः + यान्ति = नरा यान्ति

नियम 7.
विसर्ग से पहले ‘अ’,’आ’ वर्गों को छोड़कर कोई स्वर होता है तथा विसर्ग के बाद कोई स्वर या मृदु व्यञ्जन वर्ण अर्थात् किसी भी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण य, र, ल, व्, ह होता है तो विसर्ग के स्थान पर ‘र’ होता है। यदि बाद में स्वर होता है तो ‘र’ स्वर के साथ मिलता है तथा बाद में व्यंजन वर्ण होता है तो ‘र’ वर्ण का ऊर्ध्वगमनं (रेफा) होता है।
उदाहरण :
भानुः + उदेति = भानुरुदेति
कवेः + गमनम् = कवेर्गमनम्

नियम 8.
‘स:’ और ‘एषः’ इन दोनों विसर्ग के बाद व्यंजन वर्ण होता है तो विसर्ग का लोप होता है।
उदाहरण :
सः + पठति = स पठति
सः + लिखित = स लिखति

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6. समास-परिचय

दो या दो से अधिक शब्दों की विभक्ति हटाकर और उन्हें एक साथ जोड़कर एक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं। इस प्रकार मिला हुआ पद ‘समस्त पद’ कहलाता है।

समास का अर्थ है’संक्षेप’ करना, अर्थात् दो या दो से अधिक शब्दों को इस प्रकार रख देना, जिससे उनके आकार में कुछ कमी हो जाय और अर्थ पूरा-पूरा निकले। जैसे-
राज्ञः पुरुषः = राजपुरुषः
(राजा का पुरुष) = (राजपुरुष)

समास के भेद-समास के छ: भेद होते हैं-
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 50

संस्कृत के एक याचक की उक्ति में इन सभी समासों का नाम आ गया है। यह उक्ति बहुत प्रसिद्ध है-
द्वन्द्वो द्विगुरपि चाहं मद्गेहे नित्यमव्ययीभावः।
तत्पुरुष कर्मधारय येनाहं स्याम् बहुव्रीहिः॥

1. तत्पुरुषः-समासः

परिभाषा :
प्रायेण उत्तरपदार्थप्रधानस्तत्पुरुषः।
जहाँ पूर्व पद (पहला शब्द) द्वितीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक होता है उत्तर पद (दूसरा शब्द) प्रथम विभक्ति में होता है वहाँ (व्यधिकरण) तत्पुरुष समास होता है। पूर्व पद की विभक्ति के अनुसार ही समास का नामकरण होता है। जैसे-

(क) द्वितीया तत्पुरुषः-इसमें पहला पद द्वितीया विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप हो जाता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 51

(ख) तृतीया तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद तृतीया विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप हो जाता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 52

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(ग) चतुर्थी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद चतुर्थी विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 53

(घ) पञ्चमी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद पंचमी विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 54

(ङ) षष्ठी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद षष्ठी विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 55

(च) सप्तमी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद सप्तमी विभक्ति का होता है और समासावस्था में उसका लोप हो जाता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 56

2. द्विगु-समासः

परिभाषा :
सङ्ख्यापूर्वो द्विगुः।
जहाँ पहला पद संख्यावाची होता है तथा दूसरे पद की विशेषता बताता है वहाँ द्विगु समास होता है। द्विगु समास में समूहवाचक अर्थ होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 57

3. कर्मधारयसमासः

परिभाषा :
स चासौ कर्मधारयः।
जहाँ प्रथम पद विशेषण या उपमान तथा द्वितीय पद विशेष्य या उपमेय होता है वहाँ कर्मधारय समास होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 58

4. द्वन्द्वसमासः

परिभाषा :
प्रायेणोभयपदार्थप्रधानो द्वन्द्वः।
जहाँ सभी पदों की प्रधानता होती है वहाँ द्वन्द्व समास होता है। ‘चार्थे द्वन्द्वः’ अर्थात् ‘च’ (और) अर्थ में द्वन्द्व समास होता है।’
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 59

5. बहुब्रीहिसमासः

परिभाषा :
प्रायेण अन्यपदार्थप्रधानो बहुब्रीहि।-
जहाँ सामासिक पदों से अन्य का बोध होता है, वह बहुब्रीहि समास होता है। बहुब्रीहि समास के अन्त में ‘यस्य सः’ (जिसका वह) अथवा ‘येन’ (जिसके द्वारा) शब्द होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 60

6. अव्ययीभावसमासः

परिभाषा :
प्रायेण पूर्वपदार्थप्रधानोऽव्ययीभावः।
जहाँ प्रथम पद प्रधान होता है तथा प्रथम पद अव्यय होता है और द्वितीय पद संज्ञावाचक होता है, वह अव्ययीभाव समास होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 61

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7. कारक-परिचयः

परिभाषा :
क्रियान्वयित्वं कारकम् –
अर्थात् जिस पद का सम्बन्ध साक्षात् क्रिया से होता है, वह ‘कारक’ कहलाता है। कारक छह होते हैं ‘सम्बन्ध’ कारक नहीं है, किन्तु विभक्तियाँ सात होती हैं। कारकों के विषय में कहा गया है कि-

कर्ता कर्म च कारणं न सम्प्रदानं तथैव च।
अपादानाधिकरणमिव्याहुः कारकाणि घट्॥
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 62

विशेष :
सम्बोधन में प्रथमा विभक्ति होती है।

कर्ताकारकम् (प्रथमाविभक्तिः) :
क्रिया के करने वाले को कर्ता कहते हैं। कर्ता कारक में प्रथमा विभक्ति होती है। जैसे-

  1. बालकः गच्छति। (बालक जाता है।)
  2. राम पठति। (राम पढ़ता है।)

कर्मकारकम् (द्वितीया विभक्तिः) :

  • कर्ता जिसको सबसे अधिक चाहता है, वह कर्म कारक’ कहा जाता है। कर्म कारक में द्वितीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. रामः पत्रम् लिखति। (राम पत्र लिखता है।)
    2. बालक पुस्तकम् पठति। (बालक पुस्तक पढ़ता है।) कर्मकारक में यह विशिष्ट नियम है’
  • अभितः, परितः, समया, निकषा, प्रति, अनु, विना इत्यादि के योग में भी ‘द्वितीया विभक्ति’ होती है। जैसे-
    1. ग्रामम् अभितः वृक्षाः सन्ति। (गाँव के दोनों ओर वृक्ष हैं।)
    2. ज्ञानम् विना मुक्तिः नास्ति। (ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं है।)
  • ‘गति’ अर्थ वाली धातुओं के योग में ‘द्वितीया विभक्ति’ होती है। जैसे-
    1. सः विद्यालयं गच्छति। (वह विद्यालय जाता है।)
    2. वानरः वृक्षम् आरोहति। (वानर वृक्ष पर चढ़ता है।)

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करणकारकम् (तृतीया विभक्तिः) :

  • जिस साधन से कर्ता अपना कार्य पूर्ण करता है, उस साधन को करण कारक कहते हैं। करण कारक में तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. छात्रः कन्दुकेन क्रीडति। (छात्र गेंद से खेलता है।)
    2. कृष्णः यानेन गच्छति। (कृष्ण विमान से जाता है।) करण कारक में यह विशेष नियम है
  • ‘सह, साकम्, समम्, सार्धम्, अलम् इत्यादि के योग में भी तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. बालकः जनकेन सह गच्छति। (बालक पिता के साथ जाता है।)
    2. अलम् अति रुदितेन। (बहुत ज्यादा मत रोओ।)
  • शरीर के जिस अंग में विकार हो उसमें तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. भिक्षुकः पादेन खञ्जः अस्ति। (भिक्षुक पैर से लँगड़ा है।)
    2. सत्र नेत्रेणः काणः अस्ति।(वह आँख से काना है।)
  • करणबोधक (साधन) शब्दों में तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. श्रमेण सफलता मिलति। (परिश्रम से सफलता मिलती है।)
    2. विद्यया यशः प्राप्यते। (विद्या से यश मिलता है।)

सम्प्रदानकारकम् (चतुर्थी विभक्तिः) :

  • जिसके लिए कोई वस्तु दी जाए अथवा जिसके लिए कोई कार्य किया जाए, वह सम्प्रदान कारक कहलाता है। सम्प्रदान कारक में चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. गीता पुत्राय दुग्धं ददाति।। (गीता पुत्र को दूध देती है।)
    2. बालकः पठनाय विद्यालयं गच्छति।। (बालक पढ़ने के लिए विद्यालय जाता है।)
      सम्प्रदान कारक में यह विशेष नियम है।
  • नमः, स्वस्ति, स्वाहा, स्वधा, अलम्, वषट् के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. श्री गणेशाय नमः। (श्री गणेश को प्रणाम)
    2. विप्रेभ्यः स्वस्ति। (विप्रों का कल्याण हो)
  • ‘रुचि’ अर्थ वाली धातुओं के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. बालकाय मोदकं रोचते। (बालक को लड्डू अच्छा लगता है।)

अपादानकारकम् (पञ्चमी विभक्तिः) :

  • जिस वस्तु से किसी का अलग होना पाया जाता है, उस वस्तु की अपादान संज्ञा होती है। अपादान कारक में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. वृक्षात् पत्रं पतति। (पेड़ से पत्ता गिरता है।)
    2. युवकः अश्वात् पतति। (युवक घोड़े से गिरता है।)
      अपादान कारक के ये विशेष नियम हैं।
  • भय, रक्ष्, अर्थ वाली धातुओं के योग में भी पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. बालकः सिंहात् विभेति। (बालक शेर से डरता है।)
  • जुगुप्सा, विरम, प्रमाद अर्थ वाली धातुओं के योग में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. गुरुः पापात् विरमति। (गुरु पाप से रोकता है।)
  • अन्य, आरात्, इतर, ऋते इत्यादि के योग में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    ज्ञानात् ऋते मुक्तिः नास्ति। (ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं है।)
  • दूरम्, अन्तिकम् (पास) अर्थ में पंचमी या षष्ठी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. ग्रामस्य ग्रामात् वा अन्तिकम्। (गाँव के पास)

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सम्बन्धः (घष्टी विभाजन) :
हेतु शब्द के प्रयोग में षष्ठी विभक्ति होती है। जैसे-
भिक्षुकः अन्नस्य हेतोः वसति। (भिक्षुक अन्न के लिए रहता है।)

अधिकरणकारकम् (नामी विभक्तिः)

  • आधार को अधिकरण कारक कहते हैं। अधिकरण कारक में सप्तमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. सिंहः वने वसति। (शेर वन में रहता है।)
  • साधुः, असाधुः शब्द के प्रयोग में भी सप्तमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. अहं मित्रेषु साधुः शत्रुषु च असाधुः अस्मि। (मैं, मित्रों के लिए अच्छा और शत्रुओं के लिए बुरा हूँ।)

8. प्रत्ययपरिचयः

परिभाषा :
‘प्रतीयते विधीतते अनेन इति प्रत्ययः।’
धातु अथवा प्रातिपदिक शब्द के अन्त में जुड़कर विशेष अर्थ का जो बोध कराता है वह ‘प्रत्यय’ है।
अथवा
प्रातिपदिक शब्दों या धातुओं के अन्त में जो प्रयुक्त होते – हैं, वे प्रत्यय हैं।
यथा-
कृ + क्तवतु = कृतवान् (किया)
लघु + तरप् = लघुतरः (अधिक छोटा)

प्रत्यय के भेद-प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं-
I. कृत् प्रत्यय :
जो धातुओं के अन्त में जोड़े जाते हैं, वे ‘कृत्-प्रत्यय’ कहलाते हैं। जैसे-क्त्वा, ल्यप्, क्तवतु, तुमुन्, क्त, तव्यत्, अनीयर् इत्यादि।

II. तद्धित प्रत्यय :
जो प्रत्यय प्रातिपदिक शब्दों के अन्त में जोड़े जाते हैं, वे ‘तद्धित प्रत्यय’ कहलाते हैं। जैसे-तरप्, तमप् अण् इत्यादि।

I. कृत्प्रत्ययः :

क्त्वा प्रत्यय :
जब एक क्रिया को समाप्त करके दूसरी क्रिया की जाती है, तब समाप्त होने वाली क्रियार्थक धातु से क्त्वा प्रत्यय होता है। इसका हिन्दी अर्थ ‘करके’ या ‘कर’ है।
उदाहरण :
रामः जलं पीत्वा लिखति ।(राम जल पीकर लिखता है।)

ल्यप् प्रत्यय :
जब धातु से पूर्व कोई उपसर्ग या उपसर्ग-स्थानीय पद प्रयुक्त होता है, तो क्त्वा के स्थान पर ‘ल्यप्’ प्रत्यय का प्रयोग होता है।
उदाहरण :
कृष्णः आगत्य पठति। (कृष्ण आकर पढ़ता है।)

क्त, क्तवतु प्रत्यय :
ये दोनों भूतकाल में प्रयुक्त होते हैं। क्त प्रत्यय का प्रयोग कर्मवाच्य या भाववाच्य में होता है तथा क्तवतु प्रत्यय का प्रयोग कर्तृवाच्य में होता है।
उदाहरण :
मयाः ग्रन्थः लिखितः (मेरे द्वारा ग्रन्थ लिखा गया।)
बालकः लेखं लिखितवान्। (बालक ने लेख लिखा।)

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तुमुन् प्रत्यय :
जाना, जाने को, जाने के लिए, जाने का, जाने में आदि निमित्त अथवा प्रयोजन को प्रकट करने के लिए ‘तुमुन्’ प्रत्यय का प्रयोग होता है। यह चतुर्थी विभक्ति के अर्थ में भी प्रयुक्त होता है।
उदाहरण :
रामः पठितुम् विद्यालयं गच्छति। (राम पढ़ने के लिए विद्यालय जाता है।)

तव्यत्, अनीयर् प्रत्यय :
इन दोनों प्रत्ययों का प्रयोग विधिलिंग लकार का अर्थ प्रकट करने के लिए एवं ‘योग्य’ अर्थ में होता है।
उदाहरण :
रामेण ग्रन्थः ‘पठितव्यः (या) पठनीयः।’ (राम के द्वारा ग्रन्थ पढ़ा जाना चाहिए।)
मध्यप्रदेशः दर्शनीयः अस्ति। (मध्य प्रदेश देखने योग्य है।)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 63

II. तद्धित-प्रत्ययः

तरप्, तमप् प्रत्यय :
विशेषण शब्दों के भाववर्धन के लिए तरप् (तर) और प्रत्ययों का प्रयोग होता है। विशेषण शब्दों की तीन अवस्थाएँ होती हैं-
(क) सामान्य अवस्था-सुन्दरः रामः सुन्दरः बालकः अस्ति।
(ख) उत्तर-अवस्था-सुन्दरतरः रामः मोहनात् सुन्दरतरः अस्ति।
(ग) उत्तम-अवस्था-सुन्दरतमः रामः सर्वेषु बालकेषु सुन्दरतमः अस्ति।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 64
ठक् (इक्) प्रत्यथ इस प्रत्यय का प्रयोग भवावचक संज्ञा बनाने के लिए होता हैं।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 65

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9. अव्ययपरिचयः

सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वासु च विभक्तिषु।
वचनेषु च सर्वेषु यन्नव्येति तदव्ययम्॥

अर्थात् जिन शब्दों में लिंग, कारक और वचन के कारण किसी प्रकार का विकार (परिवर्तन) नहीं होता और जो प्रत्येक दशा में एक समान रहते हैं, उन्हें अव्यय शब्द कहते हैं।

अव्ययों के भेद-
अव्ययों के पाँच भेद हैं-
(I) उपसर्गः
(II) क्रियाविशेषणम्
(III) चादिः
(IV) समुच्चयबोधकः
(V) विस्मयादिबोधकः

I. उपसर्गः
धातु अथवा धातु से बने अन्य शब्दों (संज्ञा, विशेषण) आदि के पूर्व लगने वाले निम्नलिखित 22 शब्दांशों को उपसर्ग कहते हैं
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 66

II. क्रियाविशेषणम्
जिन शब्दों से क्रिया के काल, स्थान आदि विशेषताओं का बोध होता है, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। ये अव्यय हैं, इनके रूप नहीं बनते हैं।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 67
इत्यादि

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III. चादिः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 68
इत्यादि

IV. समुच्चयबोधका:
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 69
इत्यादि

V. विस्मयादिबोधकाः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 70
इत्यादि

10. विलोमशब्दपरिचयः

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 71

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11. पर्यायवाचीशब्दपरिचयः

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 72

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 11 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 177-178

प्रश्न 1.
यह एक आयताकार बगीचे की आकृति है जिसकी लम्बाई 30 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर है। (आकृति 11.2)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-1

  1. इस बगीचे को चारों ओर से घेरने वाली बाड़ की लम्बाई क्या है?
  2. कितनी भूमि बगीचे द्वारा व्याप्त है?
  3. बगीचे के परिमाप के साथ-साथ अन्दर की तरफ एक मीटर चौड़ा रास्ता है जिस पर सीमेंट लगवाना है। यदि 4 वर्ग मीटर (m2) क्षेत्रफल पर सीमेंट लगवाने के लिए एक बोरी सीमेंट चाहिए तो इस पूरे रास्ते पर सीमेंट लगवाने के लिए कितनी सीमेंट की बोरियों की आवश्यकता है?
  4. इस बगीचे में फूलों की दो आयताकार क्यारियाँ हैं जिनमें से प्रत्येक का आकार 1.5 m x 2m है और शेष बगीचे के ऊपर घास है। घास द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:
1. बगीचे की लम्बाई 1 = 30 m,
चौड़ाई b = 20 m
बगीचे को चारों ओर से घेरने वाली बाड़ की लम्बाई
= बाग का परिमाप
= 2 x (लम्बाई + चौड़ाई)
= 2 x (30 m + 20 m)
= 2 x 50 m = 100 m

2. बगीचे द्वारा व्याप्त भूमि = बाग का क्षेत्रफल
= l x b
= 30 m x 20 m = 600 m2

3. यहाँ, बाग की लम्बाई AB = 30 m
चौड़ाई BC = 20 m
बाग ABCD का क्षेत्रफल = l x b
= 30 m x 20 m = 600 m2
अब, लम्बाई PQ = 30 m – 2 m = 28 m
चौड़ाई QR = 20 m-2 m = 18 m
PQRS का क्षेत्रफल = l x b
रास्ते पर सीमेंट लगवाने के बाद क्षेत्रफल
= 28 m x 18 m = 504 m2
अब, सीमेंट वाले रास्ते का क्षेत्रफल
= ABCD का क्षेत्रफल – PQRS का क्षेत्रफल
= 600 m2 – 504 m2
= 96 m2
सीमेंट की बोरियों की संख्या
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-2
अतः उपयोग किए जाने वाले सीमेंट की बोरियों की संख्या = 24

4. 1.5 m x 2 m आकार की 2 फूलों की आयताकार
क्यारियों का क्षेत्रफल = 2 x लम्बाई x चौड़ाई
= 2 x 1.5 m x 2 m = 6 m2
घास द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल = PQRS का क्षेत्रफल
– 2 फूलों की क्यारियों का क्षेत्रफल
= (504 – 6)m2 = 498 m2
अत: घास द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल = 498 m2

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 178

प्रश्न 1.
1. निम्नलिखित का स्मरण करने और मिलान करने का प्रयत्न कीजिए –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-3
2. क्या आप उपर्युक्त आकारों में से प्रत्येक के परिमाप का सूत्र लिख सकते हैं?
उत्तर:

1.

(a) (i) → (iv) ax b
(b) (ii) → (i) ax a
(c) (iii) → (iv) \(\frac{1}{2}\) b x h
(d) (iv) → (ii) b x h
(e) (v) → (iii) πb2.

2. हाँ, हम इन आकारों में से प्रत्येक के परिमाप सूत्र लिख सकते हैं –

(a) आयत का परिमाप = 2 (a + b)
(b) वर्ग का परिमाप = 4a
(c) त्रिभुज का परिमाप = त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लम्बाइयों का योग
(d) समान्तर चतुर्भुज का परिमाप = 2 x संलग्न भुजाओं की लम्बाइयों का योग
(e) वृत्त का परिमाप = 2nb

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 179

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 11.1)

प्रश्न (a)
निम्नलिखित आकृतियों का उनके क्षेत्रफलों से मिलान कीजिए:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-4
(b) प्रत्येक आकार का परिमाप लिखिए।
उत्तर:
(a)

(a’) → (iii)
(b’) → (ii)
(c’) → (i)
(d’) → (ii)
(e’) → (i).

(b) प्रत्येक आकार का परिमाप:
आकृति (a’) का परिमाप = 2(14 + 7) = 2 x 21
= 42cm
आकृति (b’) का परिमाप = (πr + 14)
= (\(\frac{22}{7}\) x 7 + 14) = 36 cm
आकृति (c’) का परिमाप = (a + b + c)
= (11 + 14+ 9)
= 34 cm
आकृति (d’) का परिमाप = 2(l + b)
=2(14 + 7) cm
=2 x 21 cm
=42 cm
आकृति (e’) का परिमाप = 4 x भुजा
= 4 x 7
= 28 cm

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MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 2 Efforts and Successes of Environmental Conservation

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 2 Efforts and Successes of Environmental Conservation

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Text Book Questions

Choose the Correct Answer:

Question 1.
In modem agriculture encouragement is given to –
(a) Organic farming
(b) Use of bio-fertilizers
(c) Use of biological pest control
(d) All the above.
Answer:
(d) All the above.

Question 2.
Last stage of EIA is –
(a) Comprehensive Environmental Assessment
(b) Study of critical aspects
(c) Rapid Environment Assessment
(d) Risk analysis.
Answer:
(a) Comprehensive Environmental Assessment

Question 3.
In India EIA is the responsibility of –
(a) Ministry of Environment and Forest
(b) Ministry of Defense
(c) Ministry of Tourism
(d) Ministry of Agriculture.
Answer:
(c) Ministry of Tourism

Question 4.
Chipko Movement was started in –
(a) Karnataka
(b) Eastern India
(c) Uttarakhand
(d) Kerala.
Answer:
(a) Karnataka

Question 5.
First of all CNG in India was started in –
(a) Mumbai
(b) Delhi
(c) Kolkata
(d) Chennai
Answer:
(b) Delhi

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Fill in the blank:

  1. Silent valley is a small forest of ………………………..
  2. The Chipko Movement was started in ……………………

Answer:

  1. Kerala
  2. 1974

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What is the meaning of environmental conservation? Explain.
Answer:
Environmental conservation is the planned management of the environment and the resources to prevent its destruction and exploitation.

Question 2.
What do you understand by Environmental Impact Assessment?
Answer:
Environmental Impact Assessment is a concept which seeks to find ways to ensure that the developmental process and protection of the environment go in harmony. It aims to achieve sustained development with minimum harm to the environment and to prevent any short-term and long-term adverse effects on the environment.

Question 3.
Which ministry in India is responsible for making EIA?
Answer:
In India, Ministry of Environment and Forest is responsible for making EIA.

Question 4.
What do you understand by organic farming?
Answer:
In this type of farming artificial chemical fertilizers are not used. Instead organic forms of manures such as cow dung or green manures are growing crops.

Question 5.
Name three stages of EIA.
Answer:

  1. Initial Scrutiny.
  2. Rapid Environmental Impact Assessment.
  3. Comprehensive Impact Assessment.

Question 6.
Why do we need environment conservation?
Answer:
We need environmental conservation to restore environmental imbalance, which is the burning problem of the world.

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Short Answer Type Questions

Question 1.
What is the Chipko Movement? What are its basic elements?
Answer:
Chipko Movement is a successful strategy for protecting natural resources. It is a movement to save trees as well as to provide the basis for permanent economic welfare by making demand for a total transformation in land policy. This movement was started in 1974.  Its Basic Elements  Prohibition of cutting trees or forests or protection of trees.  Speeding plantation.

Question 2.
To fulfill which important objectives for Environmental Conservation is necessary? Explain.
Answer:
Environmental Conservation is necessary for a variety of plants and animals living on the earth. Man is the most intelligent and powerful living being, but nature has not given him the right to destroy the resources. It is necessary on our part to use them carefully. Today, environmental imbalance is the biggest problem of the world. Therefore, keeping the future needs in mind, it is necessary to conserve plants, animals, humans and other natural resources such as air, water, minerals etc.

Question 3.
What is the role of EIA? What are the basic contents for preparing EIS? Describe.
Answer:
The EIA aims to achieve sustained development with minimum harm to the environment and to prevent any short-term and long – term adverse effects on the environment.

The basic contents for preparing EIS:

  1. Effect on land including land degradation.
  2. Possibility of earthquakes.
  3. Possible effects on surface and ground water quality, soil and air quality.
  4. Possible effects on plants, wild-life and endangered species.
  5. Estimation of level of noise pollution.
  6. Socioeconomic impact.
  7. Recycling and reduction of waste.
  8. Efficient use of wastes and residuals.
  9. Risk analysis and disaster management.

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Question 4.
What is the meaning of CNG? In which field its use is maximum in India?
Answer:
CNG stands for Compressed Natrual Gas. It is cheaper, more efficient and less polluting energy resource, which is useful for vehicles. In India the use of CNG is maximum in the field of transportation.

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Long Answer Type Questions

Question 1.
What is the meaning of the Chipko Movement? How was it started and what were the reasons of its international fame?
Answer:
Chipko Movement was started in 1974 in Chamoli district of save trees. The women of that district in absence of menfolk came forward to resist cutting of trees by the forest laborer. They were saying that the forest is their parental home. They would not let it cut at any cost. They embraced trees for continuous two days and nights.

This movement was called Chipko Movement, In 1974 an Allahabad-based sports production company named Simond was given contract of cutting trees of Anguspecws in Chamoli district. The decision of auction of hundreds of acres of forest area found in the Renigaon of Chamoli created much dissatisfaction among the people. The forest department tried to pacify their revolt by inviting the menfolk of Renigaon and nearby villages to Chamoli for the payment of compensation for the role they had played during war time.

At the same time forest workers and laborers reached Renigaon to cut trees. The women of that village, in the absence of menfolk, came forward to resist cutting of trees by the forest laborers. They were saying that the forest is their parental home. They embraced trees for continuous two days and nights. They also broke the one arid only bridge of the entrance of the forest.

After this event Rigatoni became the battlefield of Chipko Movement. All over the Uttarakhand, people witnessed a new zeal to protect forests after this event. In order to speed up this movement Sundarlal Bahuguna walked 2800 km. Finally the State Govt, banned felling of forests in Renigaon area. Soon Chipko Movement gained the national publicity.The scope of this movement does not confine to India rather it is extended to Switzerland, Germany and Holland..

Question 2.
Write a note on Silent Valley.
Answer:
Silent Valley is a small forest area of Kerala. It is located in Western Ghat on the south-west slopes, of Nilgiri Hills. Its total area is 90 km2. It is surrounded by high hills from all the sides. Due to unapproachable tracts this area is uninhabited.

This valley is treasure of unique and valuable vegetation and animals. The Kuntipooja river flows the center of the Silent Valley. This valley was declared national park in 1985. Due to public movement the valuable rain forests, rarely available vegetation and animals could be protected.

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Question 3.
Describe in detail t’e efforts for water conservation in Madhya Pradesh.
Answer:
When the forest in Jabua district of Madhya Pradesh were ruthlessly cut, the land begar to decrease its fertility. Consequently soil erosion increases and employment opportunities reduced. It was due to this reason that the local population began to migrate. In the year 1994 the Rajeev Gandhi Water Storage Mission was started to elevate the problems of drought and deforestation.

This mission involves consumer at the end point with land and water conservation programmed, specially stressing on his participation in the ongoing process and in maintenance. Under this mission stop dams and ponds were constructed for water storage on local public demand. As a result the quantity of available water increased, soil erosion was prevented, water became easily available for irrigation, plants and animals.

In 1999 the State Government made it compulsory for the Sarpanch of every Panchayat under ‘Ek Panch Ek Talab’ scheme to construct at least one new pond and reform the old during his office of five years. Thus, about 3412 ponds were rebuilt and 500 new ponds were constructed in a duration of less than 15 months. One-fourth of the cost was borne by the people. In the year 2000 under the ‘Pani Roko Abhiyan’ water storage was increased by making small dams.

This resulted in the development of 7 lacs water catchment area. Under the ‘Gaon Ka Pani Gaon Main Evam Khet Ka Pani Khet Mein’ programme, water was stored in the farms by constructing hedges. The efforts of water conservation made in Madhyi Pradesh were followed by other states too.

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 other important questions

Choose the correct answer:

Question 1.
Pollution-is increasing day by day due to –
(a) Rapid and irrational exploitation
(b) Water scarcity
(c) Plantation
(d) None of the above
Answer:
(a) Rapid and irrational exploitation

Question 2.
Environmental Impact Assessment is conducted in –
(a) Two Stages
(b) Three Stages
(c) Four Stages
(d) Eight stages
Answer:
(a) Two Stages

Question 3.
Sundarlal Bahuguna is associated with –
(a) Pani Roko Abhiyan
(b) Chipko Movement
(c) Non-co-operation Movement
(d) None of the above
Answer:
(b) Chipko Movement

Question 4.
Silent Valley is a small forest area of –
(a) Tamil Nadu
(b) Chennai
(c) Kerala
(d) Gujarat
Answer:
(c) Kerala

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Fill in the blank:

  1. …………… is not only the creator of nature but also component.
  2. …………… is a successful strategy for protecting natural resources.
  3. In India the use of CNG is maximum in the field of …………….
  4. Pollution is in increasing day by day due to …………….. and ………….. demand.
  5. “Pani Roko Abhiyan” was started in ……………..

Answer:

  1. Man
  2. Chipko Movement
  3. transportation
  4. rapid, irrational
  5. 2000.

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What is the burning problem of the world?
Answer:
Environmental imbalance is the burning problem of the world.

Question 2.
How is environmental conservation possible?
Answer:
Environmental conservation is possible only when environmentalists, leaders and policy-makers will make collective efforts.

Question 3.
Name the countries where Chipko Movement became popular.
Answer:
The countries are:
Switzerland, Germany and Holland.

Question 4.
Define environmental conversation.
Answer:
Environment conversation is the planned management of the environment and the resources to prevent its destruction and exploitation.

Question 5.
Name some important days which are necessary to organised.
Answer:
It is necessary to organised world Forest day, Water day, Population day and Environment day with social participation to increase people awareness towards environment.

Question 6.
What is Environmental Impact Assessment (EIA) technique?
Answer:
Environmental Impact Assessment (EIA) is an important technique of maintaining environmental quality.

Question 7.
What are the three stages of Environmental’ Impact Assessment?
Answer:
The three stages of Environment Impact Assessment are – Initial Scrutiny, Rapid Environmental Impact Assessment and Comprehensive Impact Assessment.

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Question 8.
Write the full form of CNG.
Answer:
The full form of CNG is Compressed Natural Gas.

Question 9.
Define bio-fertilizer.
Answer:
Bio-fertilizer are the organisms which bring about enrichment of soil nutrients such as fungi and bacteria.

Question 10.
In which year “Pani Roko Abhiyan” was started?
Answer:
In the year 2000.

Question 11.
What is modern farming?
Answer:
The farming which employs modern technology such as machines, large amount of labor, large area of land, etc. is called modern farming.

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Short Answer Type Questions

Question 1.
What efforts have been done to protect environment?
Answer:
The efforts which have done to protect environment are –

  • Chipko Movement.
  • Silent Valley Project.
  • Use of CNG in Delhi for protection from air pollution.
  • Water catchment and conservation efforts of Madhya Pradesh.

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Question 2.
Mention any five points which are necessary to keep in mind in order to be friendly with nature.
Answer:
The following points are necessary to be kept in mind:

  • Use of family planning and birth control measures to control population growth.
  • Digging out underground water by solar energy.
  • Construction of dams and water dividers for irrigation.
  • Prohibition against use of plastic.
  • Encouragement of plantation.

Question 3.
What are the objectives of Environmental Impact Assessment?
Answer:
Its objectives are as follows –

  • Development without causing damage to environment.
  • Maintenance of quality of environment.
  • Sustainable development so that the present as well as future generations are able to meet their needs.
  • Emphasis on prevention rather than cure of environmental degradation.
  • Use of EIA as an effective tool of design making on development action.

Question 3.
What points are to be kept in mind by a project operator and manager before implementing a developmental project? Describe.
Answer:
There are three points which should be kept in mind by a project operator and manager before implementing a developmental project:

  • The project should maximize economic return.
  • The project should be technically feasible.
  • It should be minimum harmful for the environment.

MP Board Class 9th Social Science Chapter 2 Long Answer Type Questions

Question 1.
Describe the methods of Environmental Impact Assessment
Answer:
Environmental Impact Assessment is conducted in three stages:
Initial Scrutiny, Rapid Environmental Impact Assessment and Comprehensive Impact Assessment. Initial screening of a project is done to decide whether the impact assessment is actually needed for the project being under taken or not. If it is felt that the project is likely to cause some adverse effects on the environmental, it is subjected to Rapid Environmental Assessment.

Rapid Assessment attempts to identity the key issues in a particular project. Issues which are not important enough to require further studies are omitted. Comprehensive Environmental Assessment is undertaken after the Initial and Rapid Impact Assessment have been performed. Critical aspects of the project are taken up at this stage. If needed, the project may not be approved for implementation.

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.3

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.3

प्रश्न 1.
विभाज्यता की जाँच के नियमों का प्रयोग करते हुए, पता कीजिए कि निम्नलिखित संख्याओं में से कौन-सी संख्याएँ 2 से विभाज्य हैं; 3 से विभाज्य हैं; 4 से विभाज्य हैं; 5 से विभाज्य है; 6 से विभाज्य हैं; 8 से विभाज्य है; 9 से विभाज्य हैं; 10 से विभाज्य हैं या 11 से विभाज्य हैं (हाँ या नहीं कहिए):
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.3 1MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.3 image 1

प्रश्न 2.
विभाज्यता की जाँच के नियमों द्वारा ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ 4 से विभाज्य हैं और कौन-सी 8 से विभाज्य हैं :
(a) 572
(b) 726352
(c) 5500
(d) 6000
(e) 12159
(f) 14560
(g) 21084
(h) 31795072
(i) 1700
(j) 2150
हल :
4 से विभाज्यता-यदि किसी संख्या के दहाई और इकाई के अंकों से बनी संख्या 4 से विभाज्य है, तो वह संख्या 4 से विभाज्य होगी।
(a) 572 में 72, 4 से विभाज्य है। अत: 572, 4 से विभाज्य है।
(b) 726352 में 52, 4 से विभाज्य है। अत: 726352, 4 से विभाज्य है।
(c) 5500 में 00, 4 से विभाज्य है। अतः 5500, 4 से विभाज्य है।
(d) 6000 में 00, 4 से विभाज्य है। अत: 6000, 4 से विभाज्य है।
(e) 12159 में 59, 4 से विभाज्य नहीं है। अत: 12159, 4 से विभाज्य नहीं है।
(f) 14560 में 60, 4 से विभाज्य है। अतः 14560, 4 से विभाज्य है।
(g) 21084 में 84, 4 से विभाज्य है। अत: 21084, 4 से विभाज्य है।
(h) 31795072 में 72, 4 से विभाज्य है। अतः 31795072, 4 से विभाज्य है।
(i) 1700 में 00, 4 से विभाज्य है। अतः 1700, 4 से विभाज्य है।
(j) 2150 में 50, 4 से विभाज्य है। अतः 2150, 4 से विभाज्य है।

8 से विभाज्यता – यदि किसी संख्या के सैकड़े, दहाई व इकाई के अंकों से बनी संख्या 8 से विभाज्य है तो वह संख्या 8 से विभाज्य होगी।
(a) 572 में 572, 8 से विभाज्य नहीं है। अतः 572, 8 से विभाज्य नहीं है।
(b) 726352 में 352, 8 से विभाज्य है। अतः 726352, 8 से विभाज्य है।
(c) 5500 में 500, 8 से विभाज्य नहीं है। अतः 5500, 8 से विभाज्य नहीं है।
(d) 6000 में 000, 8 से विभाज्य है। अतः 6000, 8 से विभाज्य है।
(e) 12159 में 159, 8 से विभाज्य नहीं है। अत: 12159, 8 से विभाज्य नहीं है।
(f) 14560 में 560, 8 से विभाज्य है। अतः 14560, 8 से विभाज्य है।
(g)21084 में 084,8 से विभाज्य नहीं है। अत: 21084, 8 से विभाज्य नहीं है।
(h) 31795072 में 072, 8 से विभाज्य है। अतः 31795072, 8 से विभाज्य है।
(i) 1700 में 700, 8 से विभाज्य नहीं है। अतः 1700, 8 से विभाज्य नहीं है।
(j) 2150 में 150, 8 से विभाज्य नहीं है। अत: 2150, 8 से विभाज्य नहीं है।

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प्रश्न 3.
विभाज्यता की जाँच के नियमों द्वारा ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ 6 से विभाज्य हैं:
(a) 297144
(b) 1258
(c) 4335
(d) 61233
(e) 901352
(f) 438750
(g) 1790184
(h) 12583
(i) 639210
(j) 17852
हल :
कोई भी संख्या 6 से विभाज्य होती है यदि वह 2 और 3 से विभाज्य हो।
(a) संख्या 297144 में इकाई का अंक 4 है इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 2 + 9 + 7 + 1 + 4 + 4 + 4 = 27 जो कि 3 से विभाज्य है।
∴297144, 6 से विभाज्य है।

(b) संख्या 1258 में इकाई का अंक 8 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 1 + 2 + 5 + 8 = 16 जो कि 3 से विभाज्य नहीं है।
∴1258, 6 से विभाज्य नहीं है।

(c) संख्या 4335 में इकाई का अंक 5 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य नहीं है।
∴4335, 6 से भी विभाज्य नहीं है।

(d) संख्या 61233 में इकाई का अंक 3 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य नहीं है।
∴61233, 6 से भी विभाज्य नहीं है।

(e) संख्या 901352 में इकाई का अंक 2 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 9 + 0 + 1 + 3 + 5 + 2 = 20 जो कि 3 से विभाज्य नहीं है।
∴901352, 6 से विभाज्य नहीं है।

(f) संख्या 438750 में इकाई का अंक 0 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 4 + 3 + 8 + 7 + 5 + 0 = 27 जो कि 3 से विभाज्य है।
∴438750, 6 से विभाज्य है।

(g) संख्या 1790184 में इकाई का अंक 4 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 1 + 7 + 9 + 0 + 1 + 8 + 4 = 30 जो कि 3 से विभाज्य है।
∴1790184, 6 से विभाज्य है।

(h) संख्या 12583 में इकाई का अंक 3 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य नहीं है।
∴12583, 6 से विभाज्य नहीं है।

(i) संख्या 639210 में इकाई का अंक शून्य है। इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 6 + 3 + 9 + 2 + 1 + 0 = 21, जोकि 3 से विभाज्य है।
∴639210, 6 से विभाज्य है।

(j) संख्या 17852 से इकाई का अंक 2 है। इसलिए यह 2 से विभाज्य है।
इसके अंकों का योग = 1 + 7 + 8 + 5 + 2 = 23 जो कि 3 से विभाज्य नहीं है।
∴17852, 6 से विभाज्य नहीं है।

प्रश्न 4.
विभाज्यता की जाँच के नियमों द्वारा ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ 11 से विभाज्य हैं :
(a) 5445
(b) 10824
(c) 7138965
(d) 70169308
(e) 10000001
(f) 901153
हल :
किसी संख्या के दायें से विषम स्थानों के अंकों का योग और सम स्थानों के अंकों का योग का अन्तर 0 हो या 11 से विभाज्य हो, तो वह संख्या 11 से विभाज्य होगी।
(a) संख्या 5445
दायें से, विषम स्थानों के अंकों का योग = 5 + 4 = 9
सम स्थानों के अंकों का योग = 4 + 5 = 9
∵अंकों के योग का अन्तर = 9 – 9 = 0
∴5445, 11 से विभाज्य है।

(b) संख्या 10824
दायें से, विषम स्थानों के अंकों का योग
= 4 + 8 + 1 = 13
सम स्थानों के अंकों का योग = 2 + 0 = 2
∴इन दोनों योगों का अन्तर = 13 – 2 = 11
जो कि, 11 का गुणज है।
∴10824, 11 से विभाज्य है।

(c) संख्या 7138965
दायें से, विषम स्थानों के अंकों का योग
= 5 + 9 + 3 + 7 = 24
सम स्थानों के अंकों का योग = 6 + 8 + 1 = 15
∴इन दोनों योगों का अन्तर = 24 – 15 = 9
जो कि 11 का गुणज नहीं है।
∴7138965, 11 से विभाज्य नहीं है।

(d) संख्या 70169308 दायें से, विषम स्थानों के अंकों का योग
= 8 + 3 + 6 + 0 = 17
सम स्थानों के अंकों का योग = 0 + 9 + 1 + 7 = 17
∴इन दोनों योगों का अन्तर = 17 – 17 = 0
∴70169308, 11 से विभाज्य है।

(e) संख्या 10000001 दायें से विषम स्थानों के अंकों का योग
= 1 + 0 + 0 + 0 = 1
सम स्थानों के अंकों का योग = 0 + 0 + 0 + 1 = 1
∴इन दोनों योगों का अन्तर = 1 – 1 = 0
∴10000001, 11 से विभाज्य है।

(f) संख्या 901153
दायें से, विषम स्थानों के अंकों का योग
= 3 + 1 + 0 = 4
समस्थानों के अंकों का योग = 5 + 1 + 9 = 15
∴इन दोनों योगों का अन्तर = 15 – 4 = 11
जो कि 11 का गुणज है।
∴901153, 11 से विभाज्य है।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित में रिक्त स्थानों में सबसे छोटा अंक तथा सबसे बड़ा अंक लिखिए, जिससे संख्या 3 से विभाज्य हो :
(a)….. 6724
(b) 4765 …..2
हल :
यदि किसी संख्या के अंकों का योग 3 से विभाज्य है तो वह संख्या 3 से विभाज्य होगी।
(a)…… 6724 के अंकों का योग = 6 + 7 + 2 + 4 = 19
यदि इसमें 2 जोड़ दें तो 21 प्राप्त होगा जो कि 3 से विभाज्य है।
यदि इसमें 8 जोड़ दें तो 27 प्राप्त होगा जो कि 3 से विभाज्य है।
∴सबसे छोटा अंक 2 और सबसे बड़ा अंक 8 है।

(b) 4765……2 के अंकों का योग = 4 + 7 + 6 + 5 + 2 = 24
जो कि 3 से विभाज्य है। इसलिए सबसे छोटा अंक 0 है।
यदि 24 में 9 जोड़ दें तो 33 आएगा जो कि 3 से विभाज्य है।
∴सबसे छोटा अंक 0 और सबसे बड़ा अंक 9 है। उत्तर

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में रिक्त स्थानों में ऐसा अंक लिखिए, ताकि संख्या 11 से विभाज्य हो :
(a) 92 – 389
(b) 8 – 9484
हल :
(a) 92 – 389 में, दायें से
विषम स्थानों के अंकों का योग = 9 + 3 + 2 = 14
सम स्थानों के अंकों का योग = 8 + अभीष्ट अंक + 9
= 17 + अभीष्ट अंक
इन दोनों योगों का अन्तर = अभीष्ट अंक + 17 -14
= अभीष्ट अंक + 3
∵यह संख्या 11 का गुणज होनी चाहिए
∴अभीष्ट अंक + 3 = 11
अभीष्ट अंक = 11 – 3 = 8

(b) 8 – 9484 में, दायें से
विषम स्थानों के अंकों का योग = 4 + 4 + अभीष्ट अंक
= 8 + अभीष्ट अंक
सम स्थानों के अंकों का योग = 8 + 9 + 8 = 25
इन दोनों योगों का अन्तर = 25 – (8 + अभीष्ट अंक)
= 17 – अभीष्ट अंक
∴यह संख्या 11 का गुणज होनी चाहिए।
∴17 – अभीष्ट अंक = 11
अत : अभीष्ट अंक = 17 – 11 = 6

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 62

प्रयास कीजिए

प्रश्न a.
निम्न युग्मों के उभयनिष्ठ या सार्व गुणनखण्ड क्या हैं ?
(a) 8, 20
(b) 9, 15
हल :
(a) 8 = 1 x 8, 8 = 2 x 4
∴8 के गुणनखण्ड = 1, 2, 4 और 8 …(1)
पुनः 20 = 1 x 20, 20 = 2 x 10, 20 = 4 x 5
∴20 के गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 5, 10 और 20 …(2)
(1) और (2) से,
8 और 20 के उभयनिष्ठ गुणनखण्ड हैं : 1, 2 और 4

(b) 9 = 1 x 9,9 = 3 x 3
∴9 के गुणनखण्ड = 1, 3 और 9 ….(1)
पुनः 15 = 1 x 15, 15 = 3 x 5
∴15 के गुणनखण्ड = 1, 3 और 5
(1) और (2) से,
9 और 15 के उभयनिष्ठ गुणनखण्ड = 1 और 3

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प्रश्न 1.
और 16 के सार्व गुणनखण्ड क्या हैं ?
हल :
7 = 1 x 7;
16 = 1 x 16 = 2 x 8 = 4 x 4
स्पष्ट है कि 7 और 16 का सार्व गुणनखण्ड 1 है।

प्रश्न 2.
निम्न के सार्व गुणनखण्ड ज्ञात कीजिए :
(a) 8, 12, 20
(b) 9, 15, 21.
हल :
(a) 8 के गुणनखण्ड = 1, 2, 4, और 8
12 के गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4,6 और 12
20 के गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 5, 10 और 20
अत : 8, 12 और 20 के सार्व गुणनखण्ड = 1, 2 और 4

(b) 9 के गुणनखण्ड = 1, 3 और 9
15 के गुणनखण्ड = 1, 3, 5 और 15
21 के गुणनखण्ड = 1, 3,7 और 21
अत: 9,15 और 21 के सार्व गुणनखण्ड = 1 और 3

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.2

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 56-57

प्रश्न 1.
बताइए कि किन्हीं दो संख्याओं का योग सम होता है या विषम होता है, यदि वे दोनों
(a) विषम संख्याएँ हों
(b) सम संख्याएँ हों।
हल :
(a) दो विषम संख्याओं का योग सम होता है।
(b) दो सम संख्याओं का योग सम होता है।

प्रश्न 2.
बताइए कि निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य है और कौन-सा असत्य :
(a) तीन विषम संख्याओं का योग सम होता है।
(b) दो विषम संख्याओं और एक सम संख्या का योग सम होता है।
(c) तीन विषम संख्याओं का गुणनफल विषम होता है।
(d) यदि किसी सम संख्या को 2 से भाग दिया जाए तो भागफल सदैव विषम होता है।
(e) सभी अभाज्य संख्याएँ विषम हैं।
(f) अभाज्य संख्याओं के कोई गुणनखण्ड नहीं होते।
(g) दो अभाज्य संख्याओं का योग सदैव सम होता है।
(h) केवल 2 ही एक सम अभाज्य संख्या है।
(i) सभी सम संख्याएँ भाज्य संख्याएँ हैं।
(j) दो सम संख्याओं का गुणनफल सदैव सम होता है।
उत्तर-
(a) असत्य
(b) सत्य
(c) सत्य
(d) असत्य
(e) असत्य
(f) असत्य
(g) असत्य
(h) सत्य
(i) असत्य
(j) सत्य।

प्रश्न 3.
संख्या 13 और 31 अभाज्य संख्याएँ हैं। इन दोनों संख्याओं में दो अंक 1 और 3 हैं। 100 तक की संख्याओं में ऐसे अन्य सभी युग्म ज्ञात कीजिए।
हल :
100 तक की अभाज्य संख्याएँ हैं : 2 3 5 7 11 13 17 19 23 29 31 37 41 43 47 53 59 61 67 71 73 79 83 89 97
इनमें से समान इकाई वाली अभाज्य संख्याओं के युग्म हैं-17 और 71; 37 और 73; तथा 79 और 97

प्रश्न 4.
20 से छोटी सभी अभाज्य और भाज्य संख्याएँ अलग-अलग लिखिए।
हल :
20 से छोटी अभाज्य संख्याएँ हैं-2, 3, 5, 7, 11, 13, 17 और 19
20 से छोटी भाज्य संख्याएँ हैं-4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16 और 18

प्रश्न 5.
1 और 10 के बीच में सबसे बड़ी अभाज्य संख्या लिखिए।
उत्तर-
1 और 10 के बीच में सबसे बड़ी अभाज्य संख्या = 7

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित को दो विषम अभाज्य संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त कीजिए :
(a) 44
(b) 36
(c) 24
(d) 18
हल :
(a) 44 = 13 + 31
या 44 = 3 + 41 या 44 = 37 + 7

(b) 36 = 5 + 31
36 = 23 + 13 या 36 = 17 + 19

(c) 24 = 11 + 13 या
24 = 5 + 19 या 24 = 7 + 17

(d) 18 = 7 + 11 या 18 = 5 + 13

प्रश्न 7.
अभाज्य संख्याओं के ऐसे तीन युग्म लिखिए जिनका अंतर 2 हो।
हल :
अभाज्य संख्याओं के तीन युग्म जिनका अन्तर 2 हैं-
(i) 3 और 5,
(ii) 5 और 7
(iii) 11 और 13

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ अभाज्य संख्याएँ हैं?
(i) 23
(ii) 51
(iii) 37
(d) 26
हल :
(a)∵23 = 1 x 23
∴23 अभाज्य संख्या है।

(b)∵51 = 1 x 51 = 3 x 17
∴51 के गुणनखण्ड = 1, 3, 17 और 51
(दो से अधिक गुणनखण्ड)
∴51 अभाज्य संख्या नहीं है।

(c)∵37 = 1 x 37
∴37 अभाज्य संख्या है।

(d)∵26 = 1 x 26 = 2 x 13
∴26 के गुणनखण्ड = 1, 2, 13 और 26
(दो से अधिक गुणनखण्ड)
∴26 अभाज्य संख्या नहीं है।

प्रश्न 9.
100 से छोटी सात क्रमागत भाज्य संख्याएँ लिखिए जिनके बीच में कोई अभाज्य संख्या नहीं है।
हल :
100 से छोटी सात क्रमागत भाज्य संख्याएँ जिनके बीच में कोई अभाज्य संख्या नहीं है
90, 91, 92, 93, 94, 95 और 96

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प्रश्न 10.
निम्नलिखित संख्याओं में से प्रत्येक को तीन अभाज्य संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त कीजिए :
(a) 21
(b) 31
(c) 53
(d) 61
हल :
(a) 21 = 3 + 5 + 13
(b) 31 = 3 + 5 + 23
(c) 53 = 13 + 17 + 23
(d) 61 = 7 + 13 + 41

प्रश्न 11.
20 से छोटी अभाज्य संख्याओं के ऐसे पाँच युग्म लिखिए जिनका योग 5 से विभाज्य (divisible) हो। (संकेत : 3 + 7 = 10)
हल :
20 से छोटी अभाज्य संख्याएँ हैं- 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17 और 19.
2 + 3 = 5, 5, 5 से विभाज्य है।
3 + 7 = 10, 10, 5 से विभाज्य है।
2 + 13 = 15, 15, 5 से विभाज्य है।
7 + 13 = 20, 20, 5 से विभाज्य है।
3 + 17 = 20, 20, 5 से विभाज्य है।
अत: अभीष्ट अभाज्य संख्याओं के युग्म : 2 और 3; 3 और 7; 2 और 13; 7 और 13; तथा 3 और 17

प्रश्न 12.
निम्न में रिक्त स्थानों को भरिए:
(a) वह संख्या जिसके केवल दो गुणनखण्ड हों ……… कहलाती है।
(b) वह संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखण्ड हों एक …… कहलाती है।
(c) 1 न तो …… है और न ही ……. ।
(d) सबसे छोटी अभाज्य संख्या ……… है।
(e) सबसे छोटी भाज्य संख्या …….. है।
(f) सबसे छोटी सम संख्या …. है।
उत्तर-
(a) अभाज्य संख्या,
(b) भाज्य संख्या,
(c) अभाज्य संख्या, भाज्य संख्या
(d) 2,
(e) 4
(f) 2.

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प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं के सभी गुणनखण्ड लिखिए :
(a) 24
(b) 15
(c) 21
(d) 27
(e) 12
(f) 20
(g) 18
(h) 23
(i) 36
हल :
(a)∵ 24 = 1 x 24
24 = 2 x 12
24 = 3 x 8
24 = 4 x 6
∴ 24 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12 और 24

(b)∵ 15 = 1 x 15
15 = 3 x 5
∴ 15 के सभी गुणनखण्ड = 1, 3, 5 और 15

(c)∵ 21 = 1 x 21
21 = 3 x 7
∴ 21 के सभी गुणनखण्ड = 1, 3, 7 और 21

(d)∵ 27 = 1 x 27
27 = 3 x 9
∴ 27 के सभी गुणनखण्ड = 1, 3, 9 और 27

(e)∵ 12 = 1 x 12
12 = 2 x 6
12 = 3 x 4
∴ 12 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 6 और 12

(f)∵ 20 = 1 x 20
20 = 2 x 10
20 = 4 x 5
∴ 20 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 5, 10 और 20

(g)∵ 8 = 1 x 18
18 = 2 x 9
18 = 3 x 6
∴ 18 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 6, 9, और 18

(h)∵ 23 = 1 x 23
∴ 23 के सभी गुणनखण्ड = 1 और 23

(i)∵ 36 = 1 x 36
36 = 2 x 18
36 = 3 x 12
36 = 4 x 9
36 = 6 x 6
∴ 36 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 6, 9, 12, 18 और 36

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प्रश्न 2.
निम्न संख्याओं के प्रथम पाँच गुणज लिखिए :
(a)5
(b)8
(c)9
हल :
(a) 5 x 1 = 5,
5 x 2 = 10,
5 x 3 = 15,
5 x 4 = 20,
5 x 5 = 25
अत: 5 के गुणज = 5, 10, 15, 20 और 25

(b) 8 x 1 = 8,
8 x 2 = 16,
8 x 3 = 24,
8 x 4 = 32,
8 x 5 = 40
अत: 8 के गुणज = 8, 16, 24, 32 और 40

(c) 9 x 1 = 9,
9 x 2 = 18,
9 x 3 = 27
9 x 4 = 36,
9 x 5 = 45
अत : 9 के गुणन = 9, 18, 27, 36 और 45

प्रश्न 3.
स्तम्भ 1 की संख्याओं का स्तम्भ 2 के साथ मिलान कीजिए:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.1 image 1
उत्तर-
(i) → (b),
(ii) → (d),
(iii) → (a),
(iv) → (f),
(v) → (e).

प्रश्न 4.
9 के सभी गुणज ज्ञात कीजिए जो 100 से कम हों।
हल:
∵ 9 x 1 = 9
9 x 2 = 18
9 x 3 = 27
9 x 4 = 36
9 x 5 = 45
9 x 6 = 54
9 x 7 = 63
9 x 8 = 72
9 x 9 = 81
9 x 10 = 90
9 x 11 = 99
∴ 9 के 100 से कम गुणज = 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72, 81, 90 और 99

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 55

प्रश्न 1.
क्या 15 एक भाज्य संख्या है? 18 तथा 25 के बारे में आप क्या सोचते हैं ?
हल :
(i) 15 के सम्भावित गुणनखण्ड = 1, 3, 5 और 15
∵ 15 के दो से अधिक गुणनखण्ड हैं।
∴ 15 भाज्य संख्या है।

(ii) 18 के सम्भावित गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 6, 9 और 18
∵ 18 के दो से अधिक गुणनखण्ड हैं।
∴ 18 भाज्य संख्या है।

(iii) 25 के सम्भावित गुणनखण्ड = 1, 5, 25
∵ 25 के दो से अधिक गुणनखण्ड हैं।
∴ 25 भाज्य संख्या है।

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ध्यान दीजिए कि 2 x 3 + 1 = 7 एक अभाज्य संख्या है। यहाँ 2 के एक गुणज में 1 जोड़कर एक अभाज्य संख्या प्राप्त की गई है। क्या आप इस प्रकार से कुछ और अभाज्य संख्याएँ ज्ञात कर सकते हैं ?
हल :
2 x 2 + 1 = 5, जो कि एक अभाज्य संख्या है।
2 x 5 + 1 = 11, जो कि एक अभाज्य संख्या है।
2 x 6 + 1 = 13, जो कि एक अभाज्य संख्या है।
2 x 8 + 1 = 17, जो कि एक अभाज्य संख्या है।
2 x 9 + 1 = 19, जो कि एक अभाज्य संख्या है।
2 x 11 + 1 = 23, जो कि एक अभाज्य संख्या है।

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