MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध

MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध

विपणन प्रबंध Important Questions

विपणन प्रबंध लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विपणन क्या है ? वस्तु एवं सेवाओं की विनिमय प्रक्रिया में इसके क्या कार्य हैं ? समझाइए।
उत्तर:
विपणन का अर्थ-विपणन के अंतर्गत वस्तुओं व सेवाओं के उत्पादन से पूर्व की क्रियाओं से लेकर उनके विक्रय के बाद तक की क्रियाएँ शामिल की जाती हैं। इस प्रकार विपणन में वे सभी कार्य सम्मिलित किये जाते हैं। जिनके द्वारा मानवीय आवश्यकताओं को ज्ञात किया जाता है तथा उनकी संतुष्टि के लिए वस्तुओं का नियोजन, मूल्य निर्धारण, संवर्द्धन एवं वितरण किया जाता है।
परिभाषाएँ-

  1. प्रो.पॉल मजूर के अनुसार-“समाज को जीवन-स्तर प्रदान करना ही विपणन है।’
  2. प्रो. मैकनियर के अनुसार-“जीवन स्तर का सृजन करना एवं उसकी पूर्ति करना ही विपणन है ।’

विपणन का मुख्य केन्द्र वस्तुओं व सेवाओं के विनिमय पर होता है । फिलिप कोटलर ने विपणन प्रबंध को इस प्रकार परिभाषित किया है “लक्षित बाजारों का चुनाव करने और प्राप्त करने, प्रबंध के विशिष्ट ग्राहक मूल्यों के संप्रेषण और सुपुर्दगी के सृजन द्वारा ग्राहकों को बनाने और वृद्धि करने की कला और विज्ञान” यदि हम इस परिभाषा को तोड़ते हैं तो हम कह सकते हैं कि विपणन प्रबंध में निम्नलिखित क्रियाएँ शामिल होती हैं

1. विशिष्ट मूल्य का सृजन करना-विपणन प्रबंध प्रक्रिया का अगला चरण प्रतिस्पर्धी के उत्पादों की बजाय अपने उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए उत्पादों में कुछ विशिष्ट मूल्य का सृजन करना होता है।

2. एक लक्षित बाजार का चुनाव करना-विपणन प्रबंध की क्रियाएँ लक्षित बाजार को निश्चित करने द्वारा आरंभ होती है, उदाहरण के लिए औषधि निर्माता के लिए लक्षित बाजार, चिकित्सालय, डॉक्टर, दवाई की दुकानें इत्यादि।

3. लक्षित बाजार में ग्राहकों की वृद्धि करना-एक लक्षित बाजार के चुनाव करने के बाद विपणन प्रक्रिया में अगला चरण ग्राहकों की आवश्यकताओं, इच्छाओं और माँग का विश्लेषण करके ग्राहकों की संख्या में वृद्धि करने के लिए कदम उठाना और ग्राहकों की संतुष्टि को महत्व देना होता है।

प्रश्न 2.
विपणन की उत्पाद अवधारणा एवं उत्पादन अवधारणा में अंतर बताइए।
उत्तर:
विपणन की उत्पाद अवधारणा एवं उत्पादन अवधारणा में निम्न अंतर हैं

1. उत्पादन अवधारणा (Production concept) – विपणन की यह एक पुरानी अवधारणा है। यह अवधारणा उस समय प्रचलित थी जब माल का उत्पादन कम होता था और बाजार की स्थिति विक्रेता प्रधान होती थी। माँग अधिक व पूर्ति कम होने से विक्रय की कोई समस्या नहीं थी। उत्पादक यह सोचता था कि जिस माल का वह उत्पादन करेगा वह स्वतः ही बिक जायेगा। फलतः उत्पादक विक्रय के लिये कोई प्रयास नहीं करता था। आज भी तीसरे विश्व (Third World) के कुछ अविकसित राष्ट्रों में जहाँ उत्पादन कम होता है यही विचारधारा प्रचलित है।

2. उत्पाद (वस्तु) अवधारणा (Product concept) – यह विचारधारा वस्तु की किस्म, गुण, डिजाइन आदि पर बल देती है। इस धारणा का मानना है कि ग्राहक केवल वस्तु की किस्म, गुण, डिजाइन व आकर्षकता पर जोर देता है तथा ग्राहक सदैव श्रेष्ठ माल चाहते हैं। अतः सदैव उत्तम किस्म एवं आकर्षक माल तैयार करना चाहिए।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
‘उत्पाद उपयोगिताओं का समूह होता है। क्या आप इससे सहमत हैं ? विवेचना कीजिए।
उत्तर:
उत्पाद अवधारणा, शब्द सर्वप्रथम थियोडोर लेविट द्वारा प्रयोग में लाया गया था। उनके अनुसार
“उत्पाद अवधारणा से आशय उपयोगिताओं के योग से है जिसमें विभिन्न उत्पाद विशेषताएँ तथा सेवाएँ सम्मिलित होती है” एक प्रस्तावना को विकसित करते समय एक विपणनकर्ता उत्पाद स्तरों की अवधारणा का अनुसरण कर सकता है

(1) प्रथम स्तर पर मूलभूत लाभ होते हैं अर्थात् आधारभूत या आधारिक लाभ जिसे ग्राहक उस उत्पाद या सेवा से प्राप्त करते हैं जिसे वे क्रय करते हैं । उदाहरण के लिए एक कार द्वारा प्रदान किए जाने वाले मूलभूत लाभ परिवहन सुविधा है।

(2) उत्पाद या सेवा का द्वितीय स्तर ग्राहक उस उत्पाद या सेवा से क्या आशा करता है जिसे वह क्रय कर रहा है। उदाहरण के लिए एक ग्राहक आशा करता है कि कार चलाने में सुविधाजनक हो, बेहतर औसत, अच्छा आकार और शैली इत्यादि हो।

(3) उत्पाद या सेवा का तृतीय स्तर वृद्धि अवधारणा है अर्थात् प्रतिस्पर्धी के उत्पाद से बेहतर कैसे है। वृद्धि का अर्थ है अतिरिक्त विशेषताएँ जिन्हें एक विपणनकर्ता को उत्पाद या सेवा में जोड़ना चाहिए जो ग्राहक की मूलभूत आकांक्षा से अधिक हो, उदाहरण के लिए, कार में विपणनकर्ता मुफ्त बीमा, मुफ्त सीट कवर या विक्रय बाद की सेवा प्रदान कर सकता है।

प्रश्न 4.
औद्योगिक उत्पाद क्या है ? यह उपभोक्ता उत्पादों से किस प्रकार भिन्न है ? समझाइए।
उत्तर:
औद्योगिक उत्पाद का अर्थ-औद्योगिक उत्पाद उपभोक्ताओं के उपभोग हेतु नहीं होते बल्कि कारखानों में उपभोक्ता माल बनाने के काम आते हैं।
परिभाषा –
अमेरिकन मार्केटिंग एसोसिएशन की परिभाषा समिति के अनुसार- “औद्योगिक उत्पाद वे हैं जो मुख्यतः अन्य माल के उत्पादन में अथवा सेवाएँ प्रदान करने में प्रयोग हेतु बनाये जाते हैं। इनमें साज-सामान, संघटक हिस्से, अनुरक्षण, मरम्मत, परिचालन आपूर्तियाँ, कच्चा माल और गढ़ी हुई सामग्रियाँ सम्मिलित हैं।”

औद्योगिक उत्पाद बनाम उपभोक्ता उत्पाद विपणन हैं। औद्योगिक उत्पाद और उपभोक्ता उत्पाद एकदूसरे से भिन्न हैं। औद्योगिक उत्पादों की माँग को प्रायः व्युत्पन्न माँग की संज्ञा दी जाती है। इसके अतिरिक्त उपभोक्ता के संबंध में जानकारी की आवश्यकता के संबंध में भी औद्योगिक और उपभोक्ता के उत्पादों में भिन्नता की जा सकती है। अतः औद्योगिक उत्पादों के संबंध में वैयक्तिक विक्रय पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके विपरीत उपभोक्ता उत्पादों के संबंध में अधिकांश विज्ञापन अवैयक्तिक विक्रय द्वारा किया जाता है।
औद्योगिक उत्पाद एवं उपभोक्ता उत्पाद में भिन्नता
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 11

प्रश्न 5.
सुविधा उत्पाद एवं प्रतिदिन के उपयोगी उत्पादों में अंतर कीजिए।
उत्तर:
सुविधा उत्पाद-सुविधाजनक उत्पाद वे हैं जिन्हें उपभोक्ता बार-बार ; तुरंत एवं न्यूनतम तुलना करके और बहुत कम क्रय मूल्यों पर खरीदता है जैसे-साबुन, अखबार, माचिस, सिगरेट, बीड़ी, दवाइयाँ इत्यादि। ऐसे उत्पाद टिकाऊ नहीं होते हैं और उपभोक्ता द्वारा इसे शीघ्रता से खत्म कर दिया जाता है। ऐसे उत्पादों को उपभोक्ता द्वारा बार-बार क्रय किया जाता है और इसे प्रायः उपभोक्ता अग्रिम रूप से खरीदकर नहीं रखते हैं।

प्रतिदिन उत्पाद (बिक्रीगत उत्पाद)-प्रतिदिन उत्पाद या बिक्रीगत उत्पाद वे होते हैं जिनका चुनाव और क्रय करने से पूर्व उपभोक्ता उपयुक्तता, किस्म, कीमत और शैली आदि आधारों पर विभिन्न निर्माताओं के उत्पादों से तुलना करता है । इन उत्पादों में फर्नीचर, जूते, बढ़िया चीनी के बर्तनों के सेट, महिला परिधान, कीमती साड़ियाँ आदि को सम्मिलित किया जा सकता है। प्रतिदिन उत्पादों में क्रेता बाजार में घूम-फिर कर विभिन्न भंडारों पर कीमत और किस्म की तुलना करने के पश्चात् ही क्रय करते हैं।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
उत्पादों के विपणन में लेबलिंग के कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विपणन में लेबलिंग के कार्य- लेबलिंग के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं

1. उत्पाद के प्रवर्तन में सहायता-लेबलिंग का प्रमुख कार्य विक्रय संवर्द्धन करना है। एक आकर्षक लेबल ग्राहकों को उत्पाद खरीदने के लिए अभिप्रेरित करता है। आज लेबलिंग का विक्रय संवर्द्धन का एक महत्वपूर्ण उपाय के रूप में प्रयोग किया जाता है।

2. उत्पाद का विवरण एवं विषय-वस्तु-लेबल पर निर्माता उत्पादन से संबंधित पूर्ण जानकारी प्रदान करता है। लेबल पर दी जाने वाली मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

  1. वस्तु किन-किन चीजों को मिलाकर तैयार की गई
  2. इसकी प्रतियोगिता
  3. प्रयोग करने में सावधानियाँ
  4. प्रयोग करते समय ध्यान रखने वाली बातें
  5. उत्पादन तिथि
  6. बैच नंबर आदि।

3. उत्पाद अथवा ब्राण्ड की पहचान कराना-लेबल अनेक वस्तुओं में से किसी एक विशेष वस्तु को पहचानना संभव बनाता है। उदाहरण के लिए एक ढेर में अनेक साबुनें रखी हैं । आप लिरिल साबुन लेना चाहते हैं। लेबल की मदद से इच्छित साबुन को पहचानना संभव होता है।

4. कानून सम्मत जानकारी देना-लेबलिंग का एक और महत्वपूर्ण कार्य कानूनी रूप से अनिवार्य वैधानिक चेतावनी देना है। सिगरेट के पैकेट पर ‘सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तथा पान मसाले के पैकैट पर ‘तंबाकू चबाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।’ लिखा जाना वैधानिक चेतावनी के उदाहरण है।

5. उत्पादों का श्रेणीकरण-जब एक ही उत्पाद की कई क्वालिटी होती हैं तो लेबल ही यह बताता है कि किस पैक में किस क्वालिटी का उत्पाद है। उदाहरण के लिए-हिन्दुस्तान लीवर लिमि. तीन किस्म की चाय बनाती है। प्रत्येक किस्म की चाय की अलग पहचान करने के लिए हरे, लाल व पीले रंग के लेबल का प्रयोग किया जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
उपभोक्ता एवं गैर टिकाऊ उत्पादों के वितरण में मध्यस्थों की भूमिका का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गैर टिकाऊ उत्पादों, अस्थायी उत्पादों जैसे-टूथपेस्ट, साबुन, डिटर्जेंट इत्यादि के वितरण के लिए द्वि-स्तरीय माध्यम का प्रयोग किया जाता है। इस माध्यम में उत्पादों को बेचने के लिए फर्मों द्वारा बिचौलियों को शामिल किया जाता है। जैसे इसे निम्न चित्र द्वारा समझा जा सकता है
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 12
निर्माता थोक विक्रेता को अधिक मात्रा में वस्तुएँ बेचता है और थोक विक्रेता फुटकर विक्रेता को कम मात्रा में बेचता है, फुटकर विक्रेता इन्हें अंतिम ग्राहकों को बेचता है।

प्रश्न 8.
वितरण के माध्यमों के चयन में निर्धारक तत्वों को समझाइए।
उत्तर:
वितरण के माध्यमों के चयन में निर्धारक तत्व-निर्माताओं अथवा उत्पादकों को अपनी वस्तुओं को अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के लिए वितरण के किसी उपयुक्त माध्यम का चुनाव करना पड़ता है। वितरण के उपयुक्त माध्यम को निर्धारित करने वाले घटक अग्र हैं –

(I) बाजार अथवा विपणि संबंधी-बाजार संबंधी निम्न बातें वितरण माध्यम के चुनाव पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती हैं।

1. संभावित ग्राहकों की संख्या-यदि वस्तु विशेष का संभावित बाजार विस्तृत (जैसे-कपड़ा, अनाज, साइकिल आदि) है तो मध्यस्थों की सेवाओं का सहारा लेना होगा। इसके विपरीत यदि वस्तु का बाजार देशव्यापी है तो ऐसी स्थिति में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के विक्रय के तरीकों को अपनाना होगा।

2. आदेशों का आकार-यदि आदेश कम किंतु बड़ी मात्रा में आते हैं तो प्रत्यक्ष विक्रय के तरीकों को अपनाना चाहिए। इसके विपरीत यदि आदेश बहुत अधिक आते हैं किंतु आदेशित वस्तुओं की मात्रा कम होती है तो थोक व्यापारियों की सहायता लेनी होगी।
3. ग्राहकों की क्रय करने संबंधी आदतें-ये भी वितरण के माध्यम को प्रभावित करती हैं जैसे-उधार क्रय करने की इच्छा, क्रय के उपरांत की सेवा, व्यय करने की आदत आदि।

(II) वस्तु या उत्पादक संबंधी बातें-वस्तु की प्रकृति तथा निम्न विशेषताएँ वितरण में मध्यस्थों की संख्या आदि को निश्चित वितरण में मध्यस्थों की संख्या आदि को निश्चित एवं प्रभावित करती हैं। इस प्रकार यह वितरण के माध्यमों को प्रभावित करती है

1. वस्तु का स्वभाव-शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं के लिए कम-से-कम मध्यस्थों की जरूरत होती है। शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं का जल्दी विक्रय करना जरूरी होता है नहीं तो इनके खराब होने का भय होता है। अतः ऐसी वस्तु का फुटकर व्यापारियों द्वारा विक्रय करना ही उचित होता है। जबकि टिकाऊ वस्तुओं का बाजार विस्तृत होता है। इसलिए इसके विक्रय के लिए मध्यस्थों की आवश्यकता होगी।

2. मूल्यवान व भारी वस्तुओं का विक्रय-जैसे कूलर, फ्रीज, पंखे, स्कूटर, मोटर, अलमारी आदि। ऐसे विक्रेता मध्यस्थों को चुनना चाहिए जिनके पास संग्रहालय की सुविधा हो। इनके बिक्री के लिए कम मध्यस्थों की आवश्यकता होती है।

3. सरकारी नियमन-वस्तु के वितरण माध्यम पर सरकारी नियंत्रण होने पर उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेताओं की आवश्यकता होगी।

(III) मध्यस्थों संबंधी बातें-मध्यस्थ संबंधी बातें भी वितरण पर प्रभाव डालती हैं जैसे-(1) वितरण की लागत, (2) भावी विक्रय की मात्रा, (3) मध्यस्थों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ।

प्रश्न 9.
भौतिक वितरण के घटकों को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर-
भौतिक वितरण के घटक-भौतिक वितरण सेवा प्रदान करने हेतु प्रबंध को मुख्यतः चार निर्णय लेने पड़ते हैं
1. आदेश प्रक्रिया-इस प्रक्रिया से आशय ग्राहक से आदेश प्राप्त करने और आदेशानुसार वस्तुओं की सुपुर्दगी में लगने वाले समय और अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से है। सामान्य रूप से आदेश प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हैं-

  1. विक्रयकर्ता को आदेश देना
  2. विक्रयकर्ता द्वारा आदेश कंपनी को भेजना
  3. कंपनी द्वारा ग्राहक की साख की जाँच
  4. कंपनी द्वारा स्टॉक मात्रा
  5. आदेश के अनुसार वस्तुओं की सुपुर्दगी करना इत्यादि।

2. परिवहन-परिवहन का आशय है कि उत्पादन के स्थान से वस्तुओं को भौतिक रूप से आवश्यकता वाले स्थान पर पहुँचाना। परिवहन उस स्थान पर, जहाँ वस्तुओं की आवश्यकता होती है, पहुँचाने द्वारा वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि करता है। उदाहरण के लिए चाय का दार्जिलिंग, गंगटोक, असम इत्यादि में उत्पादन किया जाता है परंतु इसका परिवहन पूरे देश में किया जाता है और साथ ही चाय उत्पादन क्षेत्र की तुलना में दूसरे देशों में इसका मूल्य उच्च होता है।

3. भंडारणं-जो भी उत्पादित किया जाता है, उसको तुरंत बेचा नहीं जाता। इसीलिए प्रत्येक कंपनी को निर्मित वस्तुओं को संग्रह करने की आवश्यकता होती है जब तक उन्हें बाजार में बेचा नहीं जाता। कुछ फसलों का संग्रह करना जरूरी होता है क्योंकि उनकी माँग वर्ष भर होती है और इनका उत्पादन भी मौसमी होता है इसलिए इसे पूरे वर्ष आपूर्ति के लिए भंडारण करना आवश्यक होता है। .

4. स्टॉक मात्रा-इससे अभिप्राय वस्तुओं के स्टॉक को रखने या उसके अनुरक्षण से है। स्टॉक को बनाए रखने की आवश्यकता होती है ताकि जब भी वस्तुओं की माँग हो उनकी पूर्ति की जा सके। उचित स्टॉक अनुरक्षण उत्पाद उपलब्धता को सुनिश्चित करता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
विज्ञापन की परिभाषा दीजिए।इसकी मुख्य विशेषताएँ क्या हैं ? समझाइए।
उत्तर:
विज्ञापन का अर्थ-विज्ञापन शब्द दो शब्दों विज्ञापन से मिलकर बना है जिसका आशय क्रमशः विशेष एवं जानकारी देने से लगाया जाता है। इस प्रकार विज्ञापन शब्द से तात्पर्य विशिष्ट जानकारी प्रदान करना है। इसके अंतर्गत उत्पादित वस्तुओं व सेवाओं की जानकारी उपभोक्ता तक पहुँचाना एवं विज्ञापन के माध्यम से ही उपभोक्ता की रुचि व आदत को ज्ञात करना शामिल है।
परिभाषाएँ

1. डॉ. जॉन्स के अनुसार – “विज्ञापन उत्पादन को बहुत बड़ी मात्रा में विक्रय करने की एक मशीन है जो विक्रेता की वाणी और व्यक्तित्व को सहायता पहुँचाती है।”

2. लस्कर के अनुसार – “विज्ञापन मुद्रण के रूप में विक्रय कला है।” विज्ञापन की विशेषताएँ-विज्ञापन की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं

1. अवैयक्तिक संचार – विज्ञापन पूर्णतः अव्यक्तिगत संचार होता है अर्थात् विज्ञापन किसी विशिष्ट व्यक्ति के लिए नहीं किया जाता अपितु यह जनसामान्य के लिए किया जाता है।

2. विज्ञापन प्रकाशन से भिन्न है – विज्ञापन खुला होता है जबकि प्रकाशन बंद रहता है। विज्ञापन व प्रकाशन दोनों के स्वभाव, उद्देश्य अलग-अलग होते हैं।

3. व्यापक संचार – विज्ञापन व्यापक संचार है। पत्र, तार, टेलीफोन, वैयक्तिक विक्रय के साथ-साथ पत्र-पत्रिकाएँ, समाचार पत्र, टेलीविजन, आकाशवाणी आदि के माध्यम से विज्ञापन किया जाता है। अतः विज्ञापन में व्यापक संचार साधनों का प्रयोग किया जाता है।

4. ग्राहक बनाना उद्देश्य – विज्ञापन का एक प्रमुख उद्देश्य है ग्राहक बनाना। नये ग्राहक बनाना, पुराने ग्राहकों को स्थायी ग्राहक बनाकर अपनी वस्तु का अधिकतम विक्रय करना विज्ञापन का उद्देश्य है।

MP Board Solutions

प्रश्न 11.
विपणन के उद्देश्य लिख़िये।।
उत्तर:
विपणन प्रबन्धक के उद्देश्य-

  1. विपणन कार्यों का नियोजन करना
  2. विपणन व्ययों में कमी लाना
  3. विपणन का उचित संगठन करना
  4. विपणन का उचित नेतृत्व करना
  5. विपणन कार्यों में समन्वय बनाना
  6. विपणन कार्यों का मूल्यांकन करना
  7. रोजगार एवं क्रय शक्ति में वृद्धि करना
  8. सामाजिक जीवन स्तर को बढ़ाना
  9. माँग व पूर्ति के मध्य समन्वय बनाना
  10. माँग का पूर्वानुमान लगाना
  11. नये बाजार की खोज करना।

प्रश्न 12.
विपणन व विक्रयण में अन्तर स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
विपणन व विक्रयण में अन्तर
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 13

प्रश्न 13.
विपणन के कार्य लिखिये।
उत्तर:
विपणन के कार्य –

(अ) नियोजन सम्बन्धी कार्य –

  1. विपणन अनुसन्धान
  2. वस्तु नियोजन एवं विकास
  3. वस्तु का प्रमापीकरण
  4. पैकेजिंग
  5. वस्तु विविधीकरण।

(ब) वितरण सम्बन्धी कार्य –

  1. क्रय एवं संग्रहण
  2. भण्डारण
  3. परिवहन
  4. बीमा
  5. बाजार वर्गीकरण।

(स) विक्रय सम्बन्धी कार्य –

  1. विज्ञापन
  2. मूल्य निर्धारण
  3. व्यक्तिगत विक्रय
  4. विक्रय शर्तों का निर्धारण
  5. उधार वसूली
  6. विक्रय पश्चात् सेवा।

प्रश्न 14.
विज्ञापन के छः उद्देश्य लिखिए।
उत्तर:
विज्ञापन के उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  1. नयी माँग उत्पन्न करना
  2. ख्याति में वृद्धि करना
  3. नये ग्राहक आकर्षित करना
  4. विक्रयकर्ता की सहायता
  5. प्रतिस्पर्धा का सामना करना
  6. उत्पादन लागत में कमी करना।

प्रश्न 15.
विपणन मिश्रण को प्रभावित करने वाले तत्वों को समझाइये।
उत्तर:
विपणन मिश्रण को प्रभावित करने वाले तत्व निम्नलिखित हैं

(अ) बाजार संबंधी तत्व –

  1. उपभोक्ता का व्यवहार
  2. प्रतिस्पर्धा
  3. सरकारी नियंत्रण।

(ब) विपणन संबंधी तत्व –

  1. उत्पाद नियोजन
  2. ब्राण्ड नीति
  3. संवेष्ठन नीति
  4. वितरण वाहिकाएँ
  5. विज्ञापन नीति
  6. विक्रय संवर्धन
  7. भौतिक वितरण
  8. बाजार अनुसंधान।

प्रश्न 16.
विक्रय संवर्द्धन से क्या आशय है ? इसके कोई चार उद्देश्य बताइये।
उत्तर:
विक्रय संवर्द्धन-किसी वस्तु के सामान्य विक्रय की मात्रा में वृद्धि करने की क्रियायें विक्रय संवर्द्धन कहलाती हैं । इसके अन्तर्गत कूपन, पोस्टर्स, प्रदर्शनी, प्रसार-प्रचार, संपर्क, ईनामी योजना, मूल्य वापसी, गारण्टी, प्रीमियम एवं प्रतियोगिताओं को शामिल किया जाता है।
उद्देश्य-

  1. नये ग्राहकों को वस्तुओं एवं सेवा के संबंध में जानकारी प्रदान कर क्रय हेतु प्रेरित करना।
  2. आम लोगों में वस्तु को लोकप्रिय बनाना
  3. वर्तमान ग्राहकों को स्थायी बनाना।
  4. उपभोक्ताओं, विक्रेताओं को वस्तु से परिचित कराकर उनका ज्ञान बढ़ाना।

प्रश्न 17.
एक अच्छे पैकेजिंग की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
पैकेजिंग की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  1. पैकेजिंग एक कला व विज्ञान है।
  2. इसका संबंध उत्पादन नियोजन से है।
  3. इसका उद्देश्य वस्तु को सुरक्षित रखकर उपभोग के योग्य बनाये रखना होता है।
  4. इसके अन्तर्गत लेबलिंग व ब्राण्डिंग की क्रियाएँ स्वतः शामिल हो जाती हैं।
  5. यह विज्ञापन का कार्य करता है।

प्रश्न 18.
अच्छे ब्राण्ड का नाम चयन करते समय किन-किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
अथवा
एक अच्छे ब्राण्ड के आवश्यक तत्वों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
एक अच्छे ब्राण्ड के लिए अग्रलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  1. ब्राण्ड का नाम छोटा व सामान्य होना चाहिए।
  2. नाम का उच्चारण सरल होना चाहिए।
  3. नाम स्मरणीय होना चाहिए।
  4. ब्राण्ड का नाम आकर्षक होना चाहिए।
  5. ब्राण्ड का नाम पंजीकरण योग्य होना चाहिए।
  6. ब्राण्ड के नाम से वस्तु की जानकारी होने का गुण होना चाहिए।

प्रश्न 19.
निम्न को संक्षेप में समझाइये

(अ) लेबलिंग
(ब) विक्रय संवर्धन
(स) विज्ञापन।

उत्तर:

(अ) लेबलिंग-लेबिल शब्द का आशय एक ऐसी पर्ची या पत्र से है जिसमें कुछ सूचना या विवरण दिया रहता है। इस सूचना पत्र में पूर्ण विवरण के साथ उपयोग की विधि, उत्पादक का नाम, कीमत व जीवन अवधि आदि का उल्लेख रहता है।
मैसन एवं रथ के अनुसार -“लेबिल सूचना देने वाली चिट, लपेटने वाला कागज या सील है जो वस्तु या पैकेज से जुड़ी रहती है।”
लेबिल के प्रकार निम्नलिखित होते हैं

1. ब्रांड लेबिल- इस प्रकार के लेबिल में ब्रांड का नाम या चिन्ह या कोई डिजाइन हो सकता है जैसेरेडलेबिल चाय का ब्रांड या बुक ब्रांड इंडिया लिमिटेड आदि।

2. वर्ग लेबिल- इस प्रकार के लेबिल संख्यात्मक होते हैं । वर्ग लेबिल में संख्याएं वस्तु की क्वालिटी या किसी विशिष्ट वर्ग की जानकारी प्रदान करते हैं । जैसे- गेहूँ के बैग में PR-20 K-68 ‘7’ ° clock ब्लेड ग्रेड ए आदि वर्ग आदि वर्ग के लेबिल लगे रहते हैं।

3. विवरणात्मक लेबिल- इस प्रकार के लेबिलों में उत्पाद के संबंध में पूर्ण जानकारी दी जाती है। जैसे- वस्तु का मिश्रण, तैयार करने की विधि, वस्तु के प्रयोग करने का ढंग, वस्तु का अधिकतम दाम, वस्तु की प्रभावी अवधि की जानकारी आदि।

(ब) विक्रय संवर्धन- इसके लिए लघु उत्तरीय प्रश्न क्रमांक 16 देखिये।

(स) विज्ञापन-विज्ञापन शब्द का तात्पर्य विशिष्ट जानकारी प्रदान करना है। वर्तमान में विज्ञापन शब्द काफी विस्तृत अर्थ से लिया जाने लगा है जिसके अंतर्गत उत्पादित वस्तु की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुँचाना एवं उपभोक्ता की रुचि व आदत की जानकारी प्राप्त करता है।
लस्कर के अनुसार- “विज्ञापन मुद्रण के रूप में विक्रय कला है।’
विज्ञापन की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

1. अवैयक्तिक संचार-विज्ञापन पूर्णतः अवैयक्तिगत संचार होता है अर्थात् विज्ञापन किसी विशिष्ट व्यक्ति के लिए नहीं होता अपितु जनसामान्य के लिये किया जाता है।

2. व्यापक संचार-विज्ञापन व्यापक संचार है। पत्र, तार, टेलीफोन, वैयक्तिक विक्रय के साथ-साथ पत्र-पत्रिकाएँ, समाचार पत्र, टेलीविजन, आकाशवाणी आदि के माध्यम से विज्ञापन किया जाता है। अतः विज्ञापन में व्यापक संचार साधनों का प्रयोग किया जाता है।

3. दैनिक व्यावसायिक क्रिया-विज्ञापन व्यवसाय का अंग बन गया है। व्यवसाय की अन्य क्रियाओं की भाँति विज्ञापन भी दैनिक व्यावसायिक क्रिया बन गई है।

MP Board Solutions

प्रश्न 20.
ब्राण्डिंग तथा ट्रेडमार्क में भेद स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ब्राण्डिंग तथा ट्रेडमार्क में भेद –
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 14

प्रश्न 21.
विज्ञापन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
विज्ञापन की उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर निम्न विशेषताएँ दी जा सकती हैं

1. व्यापक संचार-विज्ञापन व्यापक संचार है। पत्र, तार, टेलीफोन, पत्र-पत्रिकाओं में, समाचार पत्र, टेलीविजन, आकाशवाणी के माध्यम से विज्ञापन किया जाता है।

2. विज्ञापन व्यय का भुगतान-विज्ञापन व्यय को वह व्यक्ति वहन करता है जिसके द्वारा विज्ञापन कराया जाता है। सामान्यतः विज्ञापन से लाभान्वित पक्ष ही विज्ञापन व्यय का भुगतान करता है।

3. विज्ञापन प्रकाशन से भिन्न है-विज्ञापन खुला होता है जबकि प्रकाशन बन्द रहता है। विज्ञापन व प्रकाशन दोनों के स्वभाव, उद्देश्य अलग-अलग होते हैं।

4. अवैयक्तिक संचार-विज्ञापन पूर्णत: अवैयक्तिगत संचार होता है अर्थात् विज्ञापन किसी विशिष्ट व्यक्ति के लिये नहीं किया जाता अपितु यह जन सामान्य के लिए किया जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 22.
विज्ञापन एवं विक्रय सवर्द्धन में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
विज्ञापन एवं विक्रय सवर्द्धन में अन्तर निम्नलिखित हैं
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 15

प्रश्न 23.
मूल्य का अर्थ बताइए एवं उसे प्रभावित करने वाले घटक कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
मूल्य का अर्थ-मूल्य से आशय किसी उत्पाद या सेवा के लिए ग्राहक से वसूल की जाने वाली मुद्रा से है। दूसरे शब्दों में, यह उत्पाद का विनिमय मूल्य है अर्थात् ग्राहक को उत्पाद के बदले में देता है।
परिभाषा – वॉल्टन हैमिल्टन के अनुसार – “मूल्य उन सभी दशाओं का मौद्रिक सार है जो एक उत्पाद को मूल्यन प्रदान करता है।”
मूल्य निर्धारण को प्रभावित करने वाले घटक-मूल्य या मूल्य निर्धारण को प्रभावित करने वाले निम्न घटक हैं

1. उत्पादन लागत-उत्पादन लागत मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण घटक है। कोई भी व्यवसायी अपने उत्पाद को उत्पादन लागत में जोड़ दिया जाता है।

2. लाभ दर-लाभ की दर भी मूल्य को प्रभावित करती है। व्यवसायी चाहे तो लाभ की अधिक दर निर्धारित कर सकता है अथवा लाभ की कम दर निर्धारित कर सकता है, जैसे-लाभ की 5% दर अथवा 10% दर। इसे भी उत्पाद की लागत में जोड़ दिया जाता है।

3. प्रतिस्पर्धा-बाजार में विद्यमान प्रतिस्पर्धा भी उत्पाद के मूल्य के निर्धारण को प्रभावित करती है। इसमें प्रतियोगी फर्मों के मूल्य पर विचार करना आवश्यक है।

4. अपनाई गई विपणन विधियाँ-विक्रेता द्वारा किसी उत्पाद के विपणन के संबंध में अपनाई जाने वाली विधियाँ भी मूल्य निर्धारण को प्रभावित करती है। इस पर होने वाले व्यय को भी मूल्य में जोड़ दिया जाता है; जैसे-विक्रय के उपरांत ग्राहकों को अर्पित की जाने वाली सेवाओं पर होने वाला खर्च तथा मध्यस्थों की सेवाएँ लेने पर दिया जाने वाला कमीशन।

MP Board Solutions

प्रश्न 24.
ब्राह्य विज्ञापन से क्या आशय है ? उसके विभिन्न प्रारूपों को समझाइए।
उत्तर:
ब्राह्य विज्ञापन का अर्थ-ब्राह्य विज्ञापन से आशय दीवारों, गली के कोनों, सड़कों के किनारों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैण्डों, चलते-फिरते वाहनों आदि पर विज्ञापन करने से होता है। . ब्राह्य विज्ञापन के प्रारूप- इसके प्रारूप निम्नलिखित हैं

1. पोस्टर्स- पोस्टर्स से हमारा आशय विज्ञापन का संदेश रखने वाले ऐसे छपे हुए कागजों, कार्ड-बोर्डों तथा धातु या लकड़ी की प्लेटों से होता है जो चौराहों, रेलवे स्टेशनों, सड़क एवं गलियों के किनारे तथा दुकानों के बाहर एवं अंदर लगे रहते हैं।

2. विज्ञापन बोर्ड-विज्ञापन बोर्ड को साइन बोर्ड भी कहा जाता है। अपितु साइन बोर्ड वे होते हैं जिन्हें स्टील की चादर पर बड़े-बड़े अक्षरों में आकर्षक ढंग से लिखवाकर चौराहे पर या दुकान के ऊपर टाँग दिया जाता है।

3. बिजली द्वारा सजावट-विज्ञापन बोर्डों को जब बिजली द्वारा सजावट कर दी जाती है तब इसे बिजली द्वारा सजावट के विज्ञापन कहते हैं । इसमें बोर्ड के आसपास झालर या छोटे-छोटे बल्ब, ट्यूब लाइटों के अक्षरों के बोर्ड, जलते-बुझते बल्ब या लाईन से एक के बाद एक जलने वाली सीरीज आदि प्रमुख होते हैं।

4. सैण्डविच मैन विज्ञापन-बाह्य विज्ञापन का एक महत्वपूर्ण व विशिष्ट विज्ञापन माध्यम है। इसमें किसी व्यक्ति को विचित्र व असामान्य कपड़े पहनाकर शरीर पर अद्भुत पोस्टर लगा दिये जाते हैं। साथ ही सिर पर एक लंबी नोक वाली टोपी पहना दी जाती है इस प्रकार इस व्यक्ति को शहर की गलियों में, मेलों में या जहाँ भीड़ हो ऐसे स्थलों पर घुमाया जाता है। साथ में एक ढोल भी रहता है, ढोल की विशिष्ट आवाज व असामान्य व्यक्ति आकर्षण का केंद्र बन जाता है। जैसे बीड़ी, सिगरेट, दवाएँ व अन्य सामग्री के विज्ञापन के लिए यह अच्छी विधि है।

प्रश्न 25.
विपणन की विशेषताएँ बताइये।
उत्तर:
विपणन की विशेषताएँ (Features of marketing)

1. आवश्यकताएँ (Needs) – विपणन प्रक्रिया के द्वारा ग्राहकों को अपनी आवश्यकता की वस्तुएँ तथा सेवाएँ प्राप्त होती हैं । आवश्यकता से अभिप्राय ग्राहक की मानसिक स्थिति है जिसमें यदि उसकी वह आवश्यकता की पूर्ति न हो तो वह अपने आपको बेचैन महसूस करता है।

2. बाजार में माँगी जाने वाली वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन करना (Creating a market offering) – बाजार में माँगी जाने वाली वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन से अभिप्राय उन वस्तुओं का उत्पादन करना है जो एक निश्चित कीमत पर ग्राहकों द्वारा अपनी चाहतों तथा इच्छाओं की पूर्ति हेतु माँगी जाती हैं।

3. उपभोक्ता मूल्य (Customer value) – उत्पादक कौन-सी वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन करे तथा किन वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुँचाए, इस तथ्य का निर्धारण उपभोक्ता करते हैं । उन्हें कौन से पदार्थ से अधिक संतुष्टि मिलती है अथवा उन्हें पहले कौन-सी वस्तु या सेवा की आवश्यकता है इसका निर्णय उपभोक्ता करते हैं। उत्पादक उसी के अनुसार वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन कर ग्राहकों तक पहुँचाते हैं।
4.हस्तांतरण प्रक्रिया (Exchange mechanism) – विपणन का आधार एक्सचेंज प्रक्रिया है। ग्राहक उत्पादकों को उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं का मूल्य देते हैं परिणामतः वे ग्राहकों की आवश्यकताओं की संतुष्टि करने का प्रयास करते हैं।

प्रश्न 26.
हस्तांतरण प्रक्रिया की आवश्यक शर्तों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
हस्तांतरण प्रक्रिया की आवश्यक शर्ते (Essential conditions of exchange mechanism) –

  1. दो पक्षों अर्थात् ग्राहक तथा उत्पादकों की आवश्यकता होती है।
  2. दोनों पक्षों में एक-दूसरे की आवश्यकताओं को संतुष्ट करने की क्षमता होनी चाहिए।
  3. दोनों पक्षों में एक-दूसरे से संप्रेषण करने की योग्यता होनी चाहिए। संप्रेषण के अभाव में कोई भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।
  4. दोनों पक्षों में एक-दूसरे के विचारों को अपनाने या छोड़ने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए।

प्रश्न 27.
विपणन प्रबंध से क्या अभिप्राय है ? इसकी प्रक्रिया लिखिए।
उत्तर:
विपणन प्रबंध (Marketing management)- विपणन संबंधी समस्त क्रियाओं के नियोजन, संगठन तथा नियंत्रण को विपणन प्रबंध कहते हैं।
विपणन प्रबंध की प्रक्रिया (Process of marketing management)-

  1. एक उपयुक्त बाजार का चुनाव।
  2. उस बाजार के ग्राहकों की आवश्यकताओं को भली-भाँति समझकर उनको पूरा करना। 3. अधिक-से-अधिक मात्रा में क्रेताओं को वस्तुएँ तथा सेवाएँ खरीदने के लिए प्रेरित करना।

प्रश्न 28.
विपणन धारणा के कौन-से स्तंभ हैं ?
उत्तर:
विपणन धारणा के स्तंभ (Pillars of marketing concept)-

  1. बाजार अथवा ग्राहकों का पता लगाना जिन्हें विपणन के प्रयासों का लक्ष्य बनाया जा सके।
  2. लक्ष्य वाले बाजार में ग्राहकों की आवश्यकताओं एवं इच्छाओं को समझना।
  3. लक्ष्य वाले बाजार की आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए उत्पादों अथवा सेवाओं का विकास करना।

प्रश्न 29.
ब्रांडिंग में उपयोग होने वाली विभिन्न व्यूह रचनाओं को समझायें।
उत्तर:
विभिन्न प्रकार की व्यूह रचना (Strategy) जिनका ब्रांडिंग में प्रयोग किया जाता है

  1. ब्रांड (Brand)- इसके अंतर्गत प्रत्येक उत्पाद के लिए फर्म द्वारा अलग-अलग ब्रांड का प्रयोग किया जाता है जिससे वह अपने ब्रांड को दूसरी कंपनियों के ब्रांड से अलग रख सके।
  2. ब्रांड को नाम देना (Brand name)- ब्रांड को जिस नाम से पुकारा अथवा बुलाया जाता है उसे ब्रांड का नाम कहा जाता है।
  3. ब्रांड मार्क (Brand mark)- जब ब्रांड के साथ में कोई निशान अथवा मार्क बनाया जाता है उसे ब्रांड मार्क कहा जाता है।
  4. व्यापार चिन्ह (Trade mark)- व्यापार का वह चिह्न जिसे कोई जानी-मानी हस्ती चलाती है, व्यापार चिन्ह कहलाता है। यह सामान्य रूप में एक चिन्ह, प्रतीक, निशान, शब्द या कई शब्द होते हैं । व्यापार चिन्ह उत्पाद को उसी श्रेणी के दूसरे उत्पादों से अलग रखता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 30.
बिक्री संवर्धन के विभिन्न उपायों को बताइये।
उत्तर:
बिक्री संवर्धन के विभिन्न उपाय (Techniques of sales promotion)

  1. मुफ्त नमूने बाँटना (Distribution of free samples) – दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओं के नमूने विशिष्ट व्यक्तियों में बाँटकर उन्हें लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जाता है।
  2. कूपन (Coupon)- कूपन एक ऐसी पर्ची है जिसके आधार पर उपभोक्ता वस्तु खरीदते समय कुछ बचत कर सकता है।
  3. प्रीमियम (Premium)- इसका अर्थ है- एक वस्तु क्रय करने वाले को एक अन्य वस्तु मुफ्त देना।
  4. व्यापारिक टिकटें (Trading stamps)- इसके अंतर्गत वस्तु की खरीद पर प्रायः 20 प्रतिशत की दर से टिकटें दी जाती हैं। उपभोक्ता वे टिकटें एकत्रित करता रहता है। जब टिकटें 100 रु. से अधिक की हो जाती हैं तो वह इनके बदले की उतनी राशि की कोई वस्तु निर्धारित दुकान से प्राप्त कर लेता है।
  5. इनामी प्रतियोगिता (Prize contests)- उत्पादक अक्सर प्रतियोगिताएँ आयोजित करते रहते हैं।

प्रश्न 31.
वितरण के माध्यम के कार्य बताइये।
उत्तर:
वितरण माध्यम के कार्य (Functions of distribution channels)

  1. छाँटना (Sorting)- वितरण के माध्यम के द्वारा अलग-अलग वस्तुओं को क्वालिटी, रंग, किस्म इत्यादि गुणों के आधार पर छाँटा जाता है।
  2. एकत्रित करना (Accumulation)- छाँटने के बाद एक गुण वाले सभी पदार्थों को बड़े-बड़े कंटेनर्स अथवा जगहों पर एकत्रित किया जाता है।
  3. छोटे-छोटे वर्गों में बाँटना (Allocation)- एक जैसे पदार्थों को एक जगह पर एकत्रित करने के बाद संभालने के दृष्टिकोण से तथा ग्राहकों में बेचने के लिए तथा लेबलिंग व ब्रांडिंग के दृष्टिकोण से छोटे-छोटे समूहों में बाँटा जाता है।
  4. अन्य पदार्थों को भी साथ में मिलाना (Assortment)- केवल एक पदार्थ को वितरित करने से न उपभोक्ता की आवश्यकताएँ पूरी होती हैं और न ही वितरण के माध्यम अपनी लागत निकालने में सफल होते हैं। अतः वे तीन अथवा चार अधिक वस्तुओं के समूहों को वितरित करते हैं।

प्रश्न 32.
विपणन अवधारणा की विशेषताएँ बताइए। – उत्तर– विपणन अवधारणा की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

1. विपणन धारणा उपभोक्ता मूलक है जिसमें विपणन प्रक्रिया उत्पादन से पहले प्रारंभ हो जाती है और वस्तुओं या सेवाओं के हस्तांतरण के बाद भी चलती रहती है।

2. इसके अंतर्गत उपभोक्ताओं की इच्छाओं तथा आवश्यकताओं का अध्ययन किया जाता है और उन्हों वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन किया जाता है जो माँग के अनुरूप हों। इसलिए आजकल विपणन शोध एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य बन गया है।

3. इस विचारधारा को कार्यान्वित करने के लिए ग्राहक को सर्वोच्च स्थान देना होगा और ग्राहक के दृष्टिकोण से ही समस्त व्यावसायिक क्रियाओं का संचालन तथा समन्वय किया जाना चाहिए। ग्राहक का सृजन एवं संतुष्टि ही व्यवसाय का औचित्य समझा जाता है।

4. विपणन अवधारणा के अंतर्गत विपणन का अर्थ अधिकतम लाभ कमाना नहीं बल्कि उत्पादक या व्यापारी तथा ग्राहक दोनों की संतुष्टि करना है।

MP Board Solutions

प्रश्न 33.
‘ग्राहक को उत्पाद के अनुसार ढालना’ तथा ‘ग्राहक की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद विकसित करना’ विपणन प्रबंध की दो महत्वपूर्ण अवधारणायें हैं। इन अवधारणाओं की पहचान कर दोनों में अंतर्भेद कीजिये।
उत्तर:
‘ग्राहक को उत्पाद के अनुसार ढालना’ विक्रय अवधारणा है जबकि ‘ग्राहक की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद विकसित करना’ विपणन अवधारणा है।
विक्रय अवधारणा तथा विपणन अवधारणा में अंतर- प्रश्न क्र. 35 का उत्तर देखें।

प्रश्न 34.
पैकेजिंग तथा लेबलिंग अवधारणाओं में अंतर्भेद कीजिये।
उत्तर-
पैकेजिंग तथा लेबलिंग में अंतर- पैकेजिंग का अर्थ है उत्पाद के लिए पात्र या रेपर तैयार करना ताकि उत्पाद को परिवहन, बिक्री और उपयोग के लिये तैयार किया जा सके। पैकेजिंग उत्पाद की रक्षा करती है। इससे वस्तु की पहचान होती है। यह स्वतः विज्ञापन का कार्य करता है। यह एक मूक विक्रयकर्ता के रूप में कार्य करता है। यह वस्तुओं को सुरक्षित रखता है। इसके विपरीत लेबलिंग का अर्थ है पैकेज पर पहचान चिन्ह अंकित करना। यह किसी पैकेज का वह भाग है जो उत्पाद तथा उत्पादक के बारे में सूचनायें देता है।

लेबलिंग उत्पाद को पहचान देता है। इस पर उत्पाद का मूल्य लिखा होता है। यह उत्पाद की विभिन्न श्रेणियों को बताता है।

प्रश्न 35.
“आवश्यकताओं को ढूंढ़िए एवं उनकी पूर्ति कीजिए” तथा “वस्तुएँ बनाइए एवं उनकी बिक्री कीजिये ये विपणन प्रबंध की दो महत्वपूर्ण अवधारणायें हैं। पहचान कर दोनों अवधारणाओं में अंतर्भेद कीजिये।
उत्तर:
“आवश्यकताओं को दूँढ़िए एवं उनकी पूर्ति कीजिए” यह विपणन अवधारणा है तथा “वस्तुएँ बनाइए एवं उनकी बिक्री कीजिये” यह विक्रय अवधारणा है।
विपणन अवधारणा तथा विक्रय अवधारणा में अंतर
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 16

प्रश्न 36.
विपणन प्रबंध क्या है ? विपणन प्रबंध के विभिन्न उद्देश्यों को बताइये।
उत्तर:
विपणन प्रबंध का अर्थ-विपणन प्रबंधन, प्रबंध की एक शाखा है। विपणन किसी संस्था के विपणन कार्यों को नियोजित, सुव्यवस्थित व नियंत्रित करता है। –
परिभाषा-

1. फिलिप कोटलर के अनुसार-“संगठनात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए बनाये गये विपणन कार्यक्रमों का विश्लेषण नियोजन, क्रियान्वयन एवं नियंत्रण ही विपणन प्रबंध है। ।

2. विलियन जे.स्टैन्टन के अनुसार-“विपणन विचार का क्रियात्मक रूप ही विपणन प्रबंध होता है।’ विपणन प्रबन्ध के उद्देश्य (Objectives of Marketing Management) –
विपणन एक विस्तृत शब्द है जिसमें उत्पादन से लेकर विक्रय व विक्रय पश्चात् सेवा ( Service after sales) भी शामिल है। इन सभी क्रियाओं के लिये उचित संगठन, नियोजन, नियंत्रण, सम्प्रेषण व समन्वय की कार्यवाही प्रबन्ध के अन्तर्गत आती है। विपणन प्रबन्ध के प्रमुख उद्देश्य निम्नांकित हैं

1. विपणन कार्यों का नियोजन करना – विपणन के अन्तर्गत क्रेताओं की खोज करना, उपभोक्ता के अनुकूल वस्तुओं का निर्माण करना, उचित मूल्य निर्धारित करना, उचित परिवहन एवं भण्डारण व्यवस्था करना, वितरण की उचित व्यवस्था करना, बाजार सूचना आदि महत्वपूर्ण कार्य आते हैं । इन सभी कार्यों को एक योजना के तहत् सम्पादित करने के लिये विपणन प्रबन्ध आवश्यक है। अत: विपणन प्रबन्ध का प्राथमिक उद्देश्य विपणन कार्यों को नियोजित ढंग से करना है।

2. विपणन व्ययों में कमी लाना – वर्तमान प्रतियोगी बाजार में वस्तु की लागत कम-से-कम करने का प्रयास किया जाता है। किसी भी वस्तु की कीमत उत्पादन लागत से काफी अधिक होती है क्योंकि उत्पादन के पश्चात् वितरण एवं विक्रय के समस्त व्यय भी जोड़ दिये जाते हैं। अत: इन व्ययों में कमी लाना विपणन प्रबन्ध का महत्वपूर्ण उद्देश्य होता है।

3. विपणन का उचित संगठन करना-बिना विपणन संगठन के विपणन कार्य आसानी से नहीं किया जा सकता है। अत: विपणन के समस्त कार्यों में उचित संगठन व्यवस्था का विकास करना विपणन प्रबन्ध का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

4. विपणन का उचित नेतृत्व करना- खराब नेतृत्व अच्छे से अच्छे संगठन व्यवस्था को नष्ट कर देता है। विपणन कार्यों का निष्पादन सही एवं योग्य व्यक्तियों के द्वारा सम्पन्न कराना विपणन प्रबन्ध का उद्देश्य होता है।

प्रश्न 37.
विपणन के विभिन्न कार्यों को संक्षिप्त में समझाइए।
उत्तर:
विपणन के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं

1. विपणन अनुसन्धान (Marketing research) – विपणन अनुसन्धान के अन्तर्गत, उपभोक्ताओं की संख्या, उनकी रुचि, फैशन, आदत, आवश्यकता व माँग की जानकारी ज्ञात की जाती है ताकि उसी के अनुरूप वस्तुओं का उत्पादन किया जा सके।

2. वस्तु नियोजन एवं विकास (Product planning and development) – उपभोक्ता की सन्तुष्टि व रुचि के अनुरूप वस्तु का विक्रय करने पर ही विक्रेता अधिक लाभ की आशा रख सकता है। वस्तु का निर्माण व विक्रय दो बातों पर निर्भर है, प्रथम-उपभोक्ताओं की पसन्द की वस्तु निर्मित करना और द्वितीय समय-समय पर वस्तु का आकार-प्रकार व रंग में परिवर्तन करना। ये कार्य पूर्व में इंजीनियरिंग व अन्य अनुसंधान विभाग द्वारा किये जाते थे, वर्तमान में इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी विपणन की है, अतः वर्तमान में विपणन वस्तु का नियोजन व विकास दोनों कार्य करता है।

3. प्रमापीकरण एवं श्रेणीयन (Standardization and grading) – प्रमापीकरण विपणन का महत्वपूर्ण कार्य है, क्योंकि प्रमाप के आधार पर वस्तु को वर्गीकृत किया जाता है, तत्पश्चात् ही उसका विक्रय सरलतापूर्वक किया जा सकता है। उत्पादक द्वारा विभिन्न ब्रान्ड एवं गुण (Brand and Quality) की वस्तुएँ तैयार की जाती हैं, अतः वस्तु के प्रमाप के अनुरूप उसका वर्गीकरण सम्बन्धी कार्य विपणन द्वारा ही किया जाता है।

4. पैकेजिंग (Packaging) – विक्रय एवं वितरण प्रमापी में अब पैकिंग का विशेष महत्व है अच्छी सी अच्छी वस्तु खराब पैकिंग के कारण कम मूल्य की हो जाती है। इसी कारण वर्तमान में वस्तु की पैकिंग कर उपभोक्ता को देने का एक फैशन चल पड़ा है। वस्तु खराब न हो या उसकी उपयोगिता नष्ट न हो उसके लिए डिब्बों, हार्डबोर्ड, प्लास्टिक की थैलियाँ या पुढे के डिब्बों में पैकिंग कार्य किया जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 38.
विक्रय संवर्द्धन एवं वैयक्तिक विक्रय में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
विक्रय संवर्द्धन एवं वैयक्तिक विक्रय में अन्तर
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 17

प्रश्न 39.
वैयक्तिक विक्रय की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
वैयक्तिक विक्रय की विशेषताएँ (Characteristics of Personal Selling)

1. प्रत्यक्ष विक्रय (Direct sales) – प्रत्यक्ष विक्रय में विक्रेता स्वयं प्रत्यक्ष रूप से वस्तु का विक्रय करता है स्वयं सामग्री को लेकर क्रेता से मूल्य प्राप्तकर वस्तु की सुपुर्दगी देती है।

2. वैयक्तिक सम्बन्ध (Personal relation) – वैयक्तिक विक्रय में क्रेता व विक्रेता के मध्य सीधे वैयक्तिक सम्बन्ध होते हैं। क्रेता व विक्रेता के मध्य कोई कड़ी (Chain) नहीं होती है। वैयक्तिगत सम्बन्धों में व्यक्तिगत भेंट एवं निजी अनुरोध उसके सार तत्त्व हैं । बर्नाड लेस्टर के अनुसार “यह एक मस्तिष्क से दूसरे मस्तिष्क तक सम्पर्क है (Mind to mind approach)

3. वस्तु का ज्ञान (Knowledge of product)—इसमें विक्रेता को वस्तु के गुणों की सम्पूर्ण जानकारी रहती है। अत: वह वस्तु बेचने तक सीमित न रहकर वस्तु का उपयोग, उसके लाभ आदि जानकारी भी क्रेता को देता है।

4. सृजनात्मक कला (Creative art)-वैयक्तिक विक्रय, विक्रय लक्ष्यों की पूर्ति के लिये नये ग्राहक, नयी माँग, नये बाजारों व नये विक्रय व्यवहारों के सृजन की कला है। इसमें विक्रेता नई-नई आवश्यकताओं व माँग को विकसित करता है।

प्रश्न 40.
उत्पादों में अंतर करने में ब्रांडिंग किस प्रकार से सहायक होती है ? क्या यह वस्तु एवं सेवाओं के विपणन में भी सहायता करती है ? समझाइए।
उत्तर:
ब्रांड एक उत्पादन की पहचान होती है। यह एक नाम चिन्ह या डिजाइन के रूप में हो सकता है। ब्रांड निर्धारण न केवल विक्रेता या उत्पादक को पहचानने के लिए किया जाता है बल्कि आपके उत्पाद को प्रतिस्पर्धी के उत्पाद की तुलना में श्रेष्ठ बनाने के लिए भी किया जाता है।

ब्रांड निर्धारण एक पहचान चिन्ह से कहीं अधिक होता है । यह क्रेता की आशाओं को संतुष्टि प्रदान करने और गुणवत्ता की सुपुर्दगी करने का विक्रेता का वचन होता है। ब्रांड के साथ हम आसानी से पहचान सकते हैं कि विशिष्ट कंपनी से संबंधित सभी उत्पाद कौन से हैं। जब फर्मे किस्म के बारे में अच्छी प्रसिद्धि विकसित करती हैं। तब ब्रांड विश्वस्तता विकसित करने में उनकी सहायता करता है।
ब्रांड वस्तु एवं सेवाओं के विपणन में सहायक

1. उत्पाद में अंतर्भेद करने में सहायक-ब्रांड के कारण विज्ञापन सरल हो जाता है यह न केवल उत्पाद के बारे में जागरूकता फैलाता है अपितु ब्रांड को भी प्रचलित करता है।

2. नये उत्पादों को परिचित करवाना-ब्रांडिंग एक कंपनी के नये उत्पादों को बाजार में परिचित करवाने का काम करता है। यदि एक कंपनी का ब्रांड नाम प्रसिद्ध हो जाए तो वह कंपनी उसी नाम से अपने किसी अन्य उत्पाद को आसानी से बाजार में उतार सकती है। जैसे-Samsung एक सफल ब्रांड है और इसने इसी ब्रांड का प्रयोग अपने अन्य उत्पादों को बाजार में लाने के लिए किया जैसे-LED;A.C., Computer, Washing Machine इत्यादि।

3. विभेदात्मक मूल्य निश्चित करना-प्रसिद्ध ब्रांड नाम के कारण कंपनी अपने उत्पाद का मूल्य अन्य कंपनियों से भिन्न निश्चित कर सकती है। यदि ग्राहक को एक बार आपका ब्रांड पसंद आ जाए तो भविष्य में वह इसका अधिक मूल्य देने में भी संकोच नहीं करेगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 41.
एक अच्छे विक्रेता के गुण बताइए।
उत्तर:
एक अच्छे विक्रेता के आवश्यक गुण निम्नलिखित हैं

1. व्यक्तित्व-एक अच्छे विक्रेता का एक अच्छा व्यक्तित्व होना चाहिए जैसे एक फूल के लिए उसकी खुशबू। व्यक्ति का अच्छा व्यक्तित्व दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। एक आकर्षक व्यक्तित्व हमेशा एक अच्छा प्रभाव बनाता है। इसके लिए अच्छा स्वास्थ्य, आकर्षक स्वरूप और प्रभावशाली आवाज होना चाहिए। उन्हें बाध्यकारी और लंगड़ा आदि जैसे शारीरिक बाधाओं से पीड़ित नहीं होना चाहिए।

2. हँसमुख स्वभाव-उसका मुस्कुराता हुआ चेहरा होना चाहिए। यह सही कहा जाता है कि मुस्कुराते हुए चेहरे के बिना एक आदमी को दुकान नहीं खोलना चाहिए। ग्राहकों को प्रभावित करने के लिए उन्हें हमेशा हँसमुख और मीठे स्वभाव का होना चाहिए। उचित पोशाक पहनना चाहिए क्योंकि अच्छे पोशाक व्यक्ति के व्यक्तित्व की पहचान होती है।

3. सौजन्य-एक विक्रेता को हमेशा अपने ग्राहकों के प्रति विनम्र और सरल होना चाहिए। इसके लिए कुछ भी लागत नहीं लगती है, बल्कि बिक्री के लिए स्थायी ग्राहकों के मन को जीतता है। उन्हें सही – सही विकल्प बनाने या उत्पादों को चुनने में ग्राहकों की सहायता करनी चाहिए।

4. धैर्य और दृढ़ता-एक विक्रेता के पास विभिन्न प्रकार के ग्राहक आते हैं उनमें से कुछ उत्पादों के बारे में अप्रासंगिक प्रश्न पूछकर कुछ भी नहीं खरीदते हैं और समय बर्बाद करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में, उसे गुस्सा नहीं करना चाहिए तथा ग्राहकों की बातें सुननी चाहिए।

प्रश्न 42.
विज्ञापन एवं वैयक्तिक विक्रय में अंतर कीजिए।
उत्तर:
विज्ञापन एवं व्यक्तिगत विक्रय में स्पष्ट अंतर –
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 18

प्रश्न 43.
किसी वस्तु अथवा सेवा की कीमत निर्धारण को प्रभावित करने वाले तत्व कौन-कौन से हैं ? समझाइए।
उत्तर:
वस्तु अथवा सेवा की कीमत निर्धारण को प्रभावित करने वाले तत्व –

1. वस्तु की माँग-किसी वस्तु की माँग पर उसकी कीमत का सीधा प्रभाव पड़ता है अर्थात् जिस वस्तु की माँग अधिक होगी उसकी कीमत भी अधिक होगी। कीमत अधिक रहने पर भी उसकी बिक्री होती रहेगी। जबकि मांग कम या सामान्य रहने पर कीमत भी कम या सामान्य रखना उचित होगा।
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 19

2. वस्तु की विशेषताएँ – वस्तु की विशेषताओं के अंतर्गत वस्तु का जीवन, वैकल्पिक वस्तु की प्राप्ति, वस्तु की माँग का स्थगन आदि प्रमुख है। यदि वस्तु नाशवान किस्म की है तो उसके सड़ने – गलने या खराब होने के पूर्व कम से कम दाम में विक्रय करना उचित होता है वैकल्पिक वस्तु की प्राप्ति के अंतर्गत यदि एक वस्तु के अन्य विकल्प हैं तो कीमत कम रखना उचित होगा जबकि वैकल्पिक वस्तु न रहने से दाम कितने भी ऊँचे रखे जा.सकते हैं । इसी प्रकार ऐसी कोई वस्तु जिसकी माँग को स्थगित रखा जा सकता है जैसे कार, फ्रिज या टी.वी. खरीदना आदि। इस प्रकार वस्तु की विशेषताएँ भी उसकी कीमत को प्रभावित करती हैं।

3. वस्तु की लागत – किसी वस्तु की लागत प्रत्यक्ष रूप से कीमत को प्रभावित करती है जिस वस्तु की लागत अधिक होगी उस वस्तु की कीमत अधिक होना स्वाभाविक है। यही कारण है कि वर्तमान में उत्पादक वस्तु की लागत कम-से-कम करने के उपाय खोजते रहते हैं।

4. वस्तु के वितरण मार्ग – वस्तु के वितरण मार्ग का स्वभाव उसकी कीमत निर्धारण को प्रभावित करता है। यदि वितरण में मध्यस्थ अधिक है तो उन सभी का लाभ जोड़ते हुए अधिक कीमत निर्धारण करना होगा। जबकि वितरण मार्ग कम रहने पर कीमत कम निर्धारित होगी।

MP Board Solutions

प्रश्न 44.
वितरण के माध्यम से आप क्या समझते हैं ? वस्तु एवं सेवाओं के वितरण में इनके क्या कार्य हैं ? समझाइए।
उत्तर:
वितरण के माध्यम का आशय-“किसी भी वस्तु का उत्पादन उपभोग करने के लिए किया जाता है। वर्तमान समय में उत्पादन व उपभोग काफी दूर-दूर होने के कारण वस्तु को उपभोक्ता तक पहुँचाने में विभिन्न माध्यमों का सहारा लेना आवश्यक होता है जिसमें वितरक, थोक व्यापारी, फुटकर व्यापारी, प्रतिनिधि आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहता है ये माध्यम या मध्यरूप की वाहिकाएँ कहलाती हैं या इसे वितरण का माध्यम भी कहा जाता है।
वस्तु एवं सेवाओं के वितरण में इनका कार्य-वस्तु एवं सेवाओं के वितरण में ‘वितरण माध्यम’ के निम्नलिखित कार्य हैं

1. छाँटना-मध्यस्थ विभिन्न निर्माताओं से वस्तुएँ उत्पादित करते हैं और तब उसकी छंटाई करते हैं अर्थात् गुणवत्ता, आकार या कीमत के अनुसार उनकी पुनः पैकिंग करना।

2.विविधता-मध्यस्थ विभिन्न प्रकार के वस्तु अपने पास रखते हैं। वे विभिन्न निर्माताओं से वस्तुएँ प्राप्त करते हैं ताकि ग्राहक केवल एक स्थान पर जाकर अपनी आवश्यकता को पूरा कर सके।

प्रश्न 45.
विपणन व विक्रयण में अन्तर स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
विपणन व विक्रयण में अन्तर
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 11 विपणन प्रबंध IMAGE - 20

प्रश्न 46.
विपणन के कार्य लिखिये।
उत्तर:
विपणन के कार्य-

(अ) नियोजन सम्बन्धी कार्य –

  1. विपणन अनुसन्धान
  2. वस्तु नियोजन एवं विकास
  3. वस्तु का प्रमापीकरण
  4. पैकेजिंग
  5. वस्तु विविधीकरण।

(ब) वितरण सम्बन्धी कार्य –

  1. क्रय एवं संग्रहण
  2. भण्डारण
  3. परिवहन
  4. बीमा
  5. बाजार वर्गीकरण।

(स) विक्रय सम्बन्धी कार्य –

  1. विज्ञापन
  2. मूल्य निर्धारण
  3. व्यक्तिगत विक्रय
  4. विक्रय शर्तों का निर्धारण
  5. उधार वसूली
  6. विक्रय पश्चात् सेवा।

प्रश्न 47.
लेबलिंग के लाभ बताइये।(कोई चार)
उत्तर:
लेबलिंग के लाभ निम्नलिखित हैं

  1. वस्तु की जानकारी-लेबलिंग से ग्राहक को उस वस्तु के बारे में जानकारी प्राप्त होती है तथा उसका उपयोग किस प्रकार करना है उसकी जानकारी मिलती है।
  2. ग्राहक के प्रति सेवा-लेबलिंग के माध्यम से ग्राहकों की सेवा की जाती है। यह एक पर्ची या पत्र है जिसमें कुछ सूचना या वितरण दिया रहता है।
  3. गुणवत्ता-लेबलिंग के माध्यम से वस्तु की गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध होती है।
  4. विज्ञापन-लेबलिंग के द्वारा विज्ञापन सरलता से किया जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 48.
विक्रय संवर्द्धन की विधियों का वर्णन कीजिये।
अथवा
विक्रय संवर्द्धन विधि की ग्राहक संवर्धन विधि के चार बिन्दु लिखिए।
उत्तर:
विक्रय संवर्द्धन की विधियाँ –

I. ग्राहक संवर्द्धन विधियाँ –

  1. नमूना
  2. कूपन
  3. प्रीमियम
  4. प्रतियोगिताएँ
  5. कम मूल्य पर विक्रय
  6.  प्रदर्शन
  7. मेले एवं प्रदर्शनियाँ
  8. प्रतिभाओं का सम्मान
  9. छूट या रिबेट
  10. उधार या किस्तों में विक्रय
  11. धन वापसी प्रस्ताव
  12. एक्सचेंज ऑफर ।

II. व्यापार संवर्द्धन विधियाँ –

  1. विक्रय प्रतियोगिताएँ
  2. व्यापारियों को सुविधाएँ
  3. विक्रय सामग्री को उपलब्ध करना
  4. विक्रय रैली का आयोजन
  5. उत्पाद मॉडल देना।

प्रश्न 49.
विज्ञापन के माध्यम का चुनाव करते समय ध्यान रखने योग्य घटकों (कारकों) का वर्णन कीजिये।
उत्तर:
एक विज्ञापनकर्ता को अपनी वस्तु का विज्ञापन करते समय या विज्ञापन करने के पूर्व निम्न बिन्दुओं पर ध्यान देना चाहिये

1. बाजार का स्वभाव – बाजार के स्वभाव से अर्थ है कि वस्तु के ग्राहक किस स्थान पर रहते हैं। अतः विज्ञापन ऐसे साधन से कराया जाना चाहिए कि वह उन तक पहुँच सके। यदि ग्राहक सम्पूर्ण देश में रहते हैं तो विज्ञापन राष्ट्रीय स्तर पर रेडियो, टेलीविजन आदि से कराया जा सकता है।

2. वितरण व्यवस्था – साधन का चुनाव करते समय वितरण व्यवस्था को भी ध्यान में रखना चाहिए। जिन स्थानों पर विज्ञापनकर्ता की वस्तु के बेचने वाले नहीं हैं वहाँ पर विज्ञापन कराना व्यर्थ ही होता है।

3. सन्देश सम्बन्धी आवश्यकताएँ-विज्ञापन सन्देशों को सभी प्रकार के माध्यमों में एक – सा प्रसारित नहीं किया जा सकता है जैसे-यदि किसी विज्ञापन में चित्र दिखाना या प्रदर्शन करना आवश्यक है तो ऐसा विज्ञापन टेलीविजन से करना उचित होगा।

4. वस्तुओं की प्रकृति – वस्तुएँ कई प्रकार की होती हैं। जैसे-खाद्य वस्तुएँ, व्यापारिक वस्तुएँ। इन विभिन्न वस्तुओं के लिए विभिन्न प्रकार के माध्यम प्रभावी एवं उचित रहते हैं। अतः विज्ञापन का चुनाव करते समय वस्तु की प्रकृति को ध्यान में अवश्य रखना चाहिए।

MP Board Solutions

प्रश्न 50.
विपणन मिश्रण को प्रभावित करने वाले तत्वों को समझाइये।
उत्तर:
विपणन मिश्रण को प्रभावित करने वाले तत्व निम्नलिखित हैं

(अ) बाजार संबंधी तत्व –

  1. उपभोक्ता का व्यवहार
  2. प्रतिस्पर्धा
  3. सरकारी नियंत्रण।

(ब) विपणन संबंधी तत्व –

  1. उत्पाद नियोजन
  2. ब्राण्ड नीति
  3. संवेष्ठन नीति
  4. वितरण वाहिकाएँ
  5. विज्ञापन नीति
  6. विक्रय संवर्धन
  7. भौतिक वितरण
  8. बाजार अनुसंधान।

प्रश्न 51.
विक्रय संवर्द्धन से क्या आशय है ? इसके कोई चार उद्देश्य बताइये।
उत्तर:
विक्रय संवर्द्धन-किसी वस्तु के सामान्य विक्रय की मात्रा में वृद्धि करने की क्रियायें विक्रय संवर्द्धन कहलाती हैं। इसके अन्तर्गत कूपन, पोस्टर्स, प्रदर्शनी, प्रसार – प्रचार, संपर्क, ईनामी योजना, मूल्य वापसी, गारण्टी, प्रीमियम एवं प्रतियोगिताओं को शामिल किया जाता है।
उद्देश्य:

  1. नये ग्राहकों को वस्तुओं एवं सेवा के संबंध में जानकारी प्रदान कर क्रय हेतु प्रेरित करना।
  2. आम लोगों में वस्तु को लोकप्रिय बनाना।
  3. वर्तमान ग्राहकों को स्थायी बनाना।
  4. उपभोक्ताओं, विक्रेताओं को वस्तु से परिचित कराकर उनका ज्ञान बढ़ाना।
  5. प्रतिस्पर्धा में आगे रहना।
  6. किसी विशिष्ट नये बाजार में बिक्री प्रारंभ करना।
  7. मध्यस्थों एवं व्यापारियों को अधिकाधिक माल बेचने के लिए प्रेरित करना।

MP Board Class 12 Business Studies Important Questions

MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी

MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी

तरंग-प्रकाशिकी NCERT पाठ्यपुस्तक के अध्याय में पाठ्यनिहित प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
589 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य का एकवर्णीय प्रकाश वायु से जल की सतह पर आपतित होता है—(a) परावर्तित तथा (b) अपवर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति तथा चाल क्या होगी? जल का अपवर्तनांक 1.33 है।
हल :
दिया है, वायु में तरंगदैर्घ्य λa = 589 नैनोमीटर = 589 × 10-9 मीटर,
anw = 1.33
वायु में प्रकाश की चाल c = 3 × 108 मीटर/सेकण्ड
∴ प्रकाश की आवृत्ति \(v=\frac{c}{\lambda_{a}}=\frac{3 \times 10^{8}}{589 \times 10^{-9}}\)= 5.1 × 1014 हर्ट्स

(a) ∵ एक ही माध्यम में गति करते समय तरंग की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति तथा चाल में कोई परिवर्तन नहीं होता,
अतः परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य λa= 589 नैनोमीटर,
आवृत्ति v = 5.1 × 1014 हर्ट्स,
चाल c = 3 × 108 मीटर/सेकण्ड।

(b) यदि जल में अपवर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य λω तथा चाल । है तो
\(a n_{w}=\frac{\lambda_{a}}{\lambda_{w}}=\frac{c}{v}\)
∴ जल में तरंगदैर्घ्य \(a n_{w}=\frac{\lambda_{a}}{\lambda_{w}}=\frac{c}{v}=443\) नैनोमीटर।
जल में प्रकाश की चाल \(v=\frac{c}{a^{n} w}=\frac{3 \times 10^{8}}{1.33}\) = 2. 26 x 108 मीटर सेकस
∵ तरंग के एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर आवृत्ति में कोई बदलाव नहीं आता है। :.
∴ प्रकाश की आवृत्ति v = 5.1 × 1014 हर्ट्स।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित दशाओं में प्रत्येक तरंगाग्र की आकृति क्या है?
(a) किसी बिन्दु स्रोत से अपसरित प्रकाश।
(b) उत्तल लेन्स से निर्गमित प्रकाश, जिसके फोकस बिन्दु पर कोई बिन्दु स्रोत रखा है।
(c) किसी दूरस्थ तारे से आने वाले प्रकाश तरंगाग्र का पृथ्वी द्वारा अवरोधित (intercepted) भाग।
उत्तर :
(a) बिन्दु स्रोत से अपसरित प्रकाश के लिए तरंगाग्र गोलीय होगा।
(b) ∵ बिन्दु स्रोत लेन्स के फोकस पर स्थित है, अत: लेन्स से निर्गमित प्रकाश के लिए तरंगाग्र समतल होगा।
(c) ∵ बड़े गोले के पृष्ठ का छोटा भाग लगभग समतलीय होता है। यद्यपि तारे से उत्सर्जित तरंगाग्र गोलीय है परन्तु बहुत दूर आने पर पृथ्वी द्वारा अवरोधित इस तरंगाग्र का छोटा भाग समतलीय होगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
(a) काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। काँच में प्रकाश की चाल क्या होगी? (निर्वात में प्रकाश की चाल 3.0 × 108 मीटर/सेकण्ड है।)
(b) क्या काँच में प्रकाश की चाल, प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है? यदि हाँ, तो लाल तथा बैंगनी में से कौन-सा रंग काँच के प्रिज्म में धीमा चलता है?
हल :
(a) निर्वात में प्रकाश की चाल c = 3 × 108 मीटर/सेकण्ड तथा ang = 1.5
∴ काँच में प्रकाश की चाल \(v=\frac{c}{a^{n} g}\) [∵ ang = \(\frac{c}{v}\)]
= \(\frac{3 \times 10^{8}}{1.5}\) = 2.0 × 108 मीटर/सेकण्ड।

(b) हाँ, चूँकि किसी माध्यम का अपवर्तनांक, प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है तथा माध्यम में प्रकाश की चाल v = \(\frac{c}{n}\) = [ अर्थात् v = \(\frac{c}{v}\)] होती है। अत: काँच में प्रकाश की चाल स्पष्टतया तरंगदैर्घ्य अर्थात् रंग पर निर्भर करती है।
∵ nv > np, अत: काँच के प्रिज्म में बैंगनी रंग का प्रकाश लाल रंग के प्रकाश की तुलना में धीमा चलता है। ·

प्रश्न 4.
यंग के द्विझिरी प्रयोग में झिर्रियों के बीच की दूरी 0.28 मिमी है तथा परदा 1.4 मीटर की दूरी पर रखा गया है। केन्द्रीय दीप्त फ्रिज एवं चतुर्थ दीप्त फ्रिन्ज के बीच की दूरी 1.2 सेमी मापी गई है। प्रयोग में उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, d = 0.28 मिमी = 2.8 × 10-4 मीटर, D= 1.4 मीटर
चतुर्थ दीप्त फ्रिन्ज की केन्द्रीय फ्रिज से दूरी x4 = 1.2 सेमी = 1.2 × 10-2 मीटर
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 1

प्रश्न 5.
यंग के द्विझिरी प्रयोग में, λ तरंगदैर्घ्य का एकवर्णीय प्रकाश उपयोग करने पर, परदे के एक बिन्दु पर . जहाँ पथान्तर λ है, प्रकाश की तीव्रता K इकाई है। उस बिन्दु पर प्रकाश की तीव्रता कितनी होगी जहाँ पथान्तर \(\frac{\lambda}{3}\) है?
हल :
प्रथम बिन्दु पर पथान्तर Δx = λ, I1 = K
दूसरे बिन्दु पर पथान्तर Δx = \(\frac{\lambda}{3}\) I2 = ?
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 2

प्रश्न 6.
यंग के द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण फ्रिन्जों को प्राप्त करने के लिए 650 नैनोमीटर तथा 520 नैनोमीटर तरंगदैर्यों के प्रकाश पुंज का उपयोग किया गया।
(a) 650 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य के लिए परदे पर तीसरे दीप्त फ्रिन्ज की केन्द्रीय उच्चिष्ठ से दूरी ज्ञात कीजिए।
(b) केन्द्रीय उच्चिष्ठ से उस न्यूनतम दूरी को ज्ञात कीजिए जहाँ दोनों तरंगदैर्यों के कारण दीप्त फ्रिन्ज संपाती (coincide) होते हैं। (दिया है : D = 120 सेमी तथा d = 2 मिमी)
हल :
(a) यहाँ λ = 650 नैनोमीटर = 650 × 10-9 नैनोमीटर
जबकि D = 1.20 मीटर, d = 2 × 10-3 मीटर
∴ केन्द्रीय उच्चिष्ठ से तीसरी दीप्त फ्रिन्ज की दूरी
\(x_{3}=\frac{3 D \lambda}{d}=\frac{3 \times 1.20 \times 650 \times 10^{-9}}{2 \times 10^{-3}}\) = 1.17 × 10-3 मीटर = 1.17 मिमी।

(b) माना λ1 = 650 नैनोमीटर व λ2 = 520 नैनोमीटर
माना प्रथम तरंगदैर्घ्य के कारण m1वीं दीप्त फ्रिन्ज दूसरी तरंगदैर्घ्य के कारण m2 वीं दीप्त फ्रिज के साथ सम्पाती है, तब
\(x=\frac{m_{1} D \lambda_{1}}{d}=\frac{m_{2} D \lambda_{2}}{d}\) ……………………(1)
⇒  m1λ1 = m2λ2 (∵ λ12)
अतः m1 < m2
स्पष्ट है कि दूरी x न्यूनतम होगी यदि m1 = m2 +1 (दोनों में न्यूनतम 1 का अन्तर होना चाहिए)
∴  m1λ1 = (m1 + 1)λ2
या  m1 × 650 = (m1 + 1) × 520
या  m1 × 5 = (m1 + 1) × 4
⇒  m1 = 4
समीकरण (1) से अभीष्ट न्यूनतम दरी \(x=\frac{4 D \lambda_{1}}{d}=\frac{4 \times 1.20 \times 650 \times 10^{-9}}{2 \times 10^{-3}}=1.56\) मिमी।

प्रश्न 7.
एक द्विझिरी प्रयोग में एक मीटर दूर रखे परदे पर एक फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई 0.2° पायी गई है। उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्घ्य 600 नैनोमीटर है। यदि पूरा प्रायोगिक उपकरण जल में डुबो दिया जाए तो फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई क्या होगी? जल का अपवर्तनांक \(\frac{4}{3}\) लीजिए।
हल :
दिया है, D = 1.0 मीटर, वायु में λa = 600 नैनोमीटर = 600 x 10-9 मीटर
वायु में फ्रिज की कोणीय चौड़ाई θa = 0.2° anw = \(\frac{4}{3}\),
जल में फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई θw = ?
माना जल में प्रकाश की तरंगदैर्घ्य λw है, तब
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 3

प्रश्न 8.
वायु से काँच में संक्रमण (transition) के लिए बूस्टर कोण क्या है? (काँच का अपवर्तनांक = 1.5)।
हल :
दिया है : ang = 1.5, ब्रूस्टर कोण = ? यदि ब्रूस्टर कोण iB है तो tan iB = ang
⇒ tan iB = 1.5
∴ ब्रूस्टर कोण iB = tan -1(1.5) = 56.3°.

प्रश्न 9.
5000 Å तरंगदैर्घ्य का प्रकाश एक समतल परावर्तक सतह पर आपतित होता है। परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य एवं आवृत्ति क्या है? आपतन कोण के किस मान के लिए परावर्तित किरण आपतित किरण के लम्बवत् होगी?
हल :
∵ प्रकाश के परावर्तन में प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति तथा चाल में कोई परिवर्तन नहीं होता,
अतः परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य λ = 5000 Å = 5000 × 10-10 मीटर।
परावर्तित प्रकाश की चाल c = 3 × 108 मीटर/सेकण्ड
प्रकाश की आवृत्ति \(v=\frac{c}{\lambda}=\frac{3 \times 10^{8}}{5000 \times 10^{-10}}\) = 6 × 1014 हर्टस।
यदि परावर्तित किरण आपतित किरण के लम्बवत् है तो
i + r = 90°
परन्तु परावर्तन के नियम से, r = i
अत: i + i= 90°
⇒ अभीष्ट आपतन कोण i = 45°

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
उस दूरी का आकलन कीजिए जिसके लिए किसी 4 मिमी के आकार के द्वारक तथा 400 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य के प्रकाश के लिए किरण प्रकाशिकी सन्निकट रूप से लागू होती है।
हल :
दिया है, λ = 400 नैनोमीटर = 400 × 10-9 मीटर, d = 4 × 10-3 मीटर ।
माना एकल झिरी विवर्तन प्रतिरूप में प्रथम निम्निष्ठ केन्द्रीय उच्चिष्ठ से θ1 कोण पर प्राप्त होता है, तब
sin θ1 = \(\frac{\lambda}{d}\)
यदि θ1 छोटा है तो sin θ1 = θ1
∴ θ1 = \(\frac{\lambda}{d}\)
यदि पर्दे की रेखाछिद्र से दूरी D है तो केन्द्रीय उच्चिष्ठ की रेखीय चौड़ाई
x = Dθ1 = \(\frac{D \lambda}{d}\)
माना किरण प्रकाशिकी अधिकतम Z*F दूरी तक लागू होती है, तब
D = ZF पर x = d
∴ \(d=\frac{Z_{F}^{2} \times \lambda}{d}\)
⇒ \(Z_{F}=\frac{d^{2}}{\lambda}=\frac{\left(4 \times 10^{-3}\right)^{2}}{400 \times 10^{-9}}\) = 40 मीटर।

प्रश्न 11.
एक तारे में हाइड्रोजन से उत्सर्जित 6563 Å की H∝←alpha लाइन में 15Å का अविरक्त-विस्थापन (red-shift) होता है। पृथ्वी से दूर जा रहे तारे की चाल का आकलन कीजिए।
हल :
दिया है, λ = 6563Å, अविरक्त विस्थापन Δλ = 15 Å,
तारे की चाल υ = ?, प्रकाश की चाल c = 3 × 108 मीटर/सेकण्ड
सूत्र Δλ = \(v=\frac{c \Delta \lambda}{\lambda}=\frac{3 \times 10^{8} \times 15}{6563}\) = 6.86 × 105 मीटर/सेकण्ड।

प्रश्न 12.
किसी माध्यम (जैसे जल) में प्रकाश की चाल निर्वात में प्रकाश की चाल से अधिक है। न्यूटन के कणिका सिद्धान्त द्वारा इस आशय की भविष्यवाणी कैसे की गई? क्या जल में प्रकाश की चाल प्रयोग द्वारा ज्ञात करके इस भविष्यवाणी की पुष्टि हुई? यदि नहीं, तो प्रकाश के चित्रण का कौन-सा विकल्प प्रयोगानुकूल है?
* एकल झिरी से परदे की वह दूरी, जिस पर केन्द्रीय उच्चिष्ठ की केन्द्र से एक ओर की चौड़ाई झिरी की चौड़ाई के बराबर हो जाती है, फ्रेनल दूरी कहलाती है जिसे ZF से प्रदर्शित करते हैं।
उत्तर :
न्यूटन के कणिका सिद्धान्त के अनुसार जब प्रकाश किसी विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करता है तो प्रकाश कणिकाओं पर, माध्यमों की सीमा पृष्ठ के अभिलम्बवत् दिशा ये एक आकर्षण बल (विरल से सघन माध्यम की ओर) कार्य करने लगता है। इस बल के कारण कणिकाओं का, सीमा पृष्ठ के अभिलम्बवत् घटक बढ़ने लगता है, जबकि सीमा पृष्ठ के समान्तर घटक अपरिवर्तित रहता है। इससे प्रकाश किरण अभिलम्ब की ओर झुकती हुई सघन माध्यम में अपवर्तित हो जाती है।
∵ सीमा पृष्ठ का समान्तर घटक अपरिवर्तित रहता है। अतः
v1 sin i = v2 sin r
⇒ \(\frac{\sin i}{\sin r}=\frac{v_{2}}{v_{1}}\)  = 1n2
∵ दूसरा माध्यम सघन है, अत: 1n2 > 1
∴ v1 > v2

परन्तु प्रयोग द्वारा न्यूटन की इस भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं हो पाई अपितु इसके विपरीत प्रयोग द्वारा यह ज्ञात हुआ कि सघन माध्यम में प्रकाश की चाल विरल माध्यम की तुलना में कम होती है। इससे न्यूटन के कणिका सिद्धान्त को अमान्य करार दिया गया और हाइगेन्स के तरंगिका सिद्धान्त को मान्यता मिल गई।
इससे ज्ञात होता है कि हाइगेन्स का तरंगिका सिद्धान्त प्रयोग संगत है। –

प्रश्न 13.
आप मूल पाठ में जान चुके हैं कि हाइगेन्स का सिद्धान्त परावर्तन और अपवर्तन के नियमों के लिए किस प्रकार मार्गदर्शक है? इसी सिद्धान्त का उपयोग करके प्रत्यक्ष रीति से निगमन (deduce) कीजिए कि समतल दर्पण के सामने रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब आभासी बनता है, जिसकी दर्पण से दूरी, बिम्ब से दर्पण की दूरी के बराबर होती है।
उत्तर :
एक बिन्दु बिम्ब तथा एक समतल दर्पण लीजिए। बिन्दु बिम्ब को केन्द्र मानते हुए तथा दर्पण को स्पर्श करते हुए एक वृत्त खींचिए। यह बिम्ब से चलकर दर्पण तक पहुँचने वाले गोलीय तरंगाग्र का समतलीय भाग है। अब t समय पश्चात् दर्पण की उपस्थिति में तथा अनुपस्थिति में इस तरंगाग्र की स्थितियाँ आरेखित कीजिए। इस प्रकार दर्पण के दोनों ओर सर्वत्रसम चाप प्राप्त होंगे। इनमें से एक परावर्तित तरंगाग्र है (पहचानिए)। सरल ज्यामिति के उपयोग से देखा जा सकता है कि परावर्तित तरंगाग्र का केन्द्र (बिम्ब का प्रतिबिम्ब) दर्पण से बिम्ब के बराबर दूरी पर है।

प्रश्न 14.
तरंग संचरण की चाल को प्रभावित कर सकने वाले कुछ सम्भावित कारकों की सूची है –
(i) स्त्रोत की प्रकृति,
(ii) संचरण की दिशा
(iii) स्रोत और/या प्रेक्षक की गति,
(iv) तरंगदैर्घ्य तथा
(v) तरंग की तीव्रता। बताइए कि –
(a) निर्वात में प्रकाश की चाल
(b) किसी माध्यम (माना काँच या जल ) में प्रकाश की चाल इनमें से किन कारकों पर निर्भर करती है?
उत्तर :
(a) निर्वात में प्रकाश की चाल एक सार्वत्रिक नियतांक है जो उपर्युक्त में से किसी भी कारक पर निर्भर नहीं करती। यहाँ तक कि स्रोत व प्रेक्षक के बीच आपेक्षिक गति पर भी नहीं।
(b) किसी माध्यम में प्रकाश की चाल
(i) स्रोत की प्रकृति, (ii) संचरण की दिशा, (iii) स्रोत तथा माध्यम के बीच आपेक्षिक गति तथा (v) तरंग की तीव्रता पर निर्भर नहीं करती।
परन्तु यह (iii) माध्यम तथा प्रेक्षक के बीच आपेक्षिक गति तथा (iv) प्रकाश की तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करती है।

प्रश्न 15.
ध्वनि तरंगों में आवृत्ति विस्थापन के लिए डॉप्लर का सूत्र निम्नलिखित दो स्थितियों में थोड़ा-सा भिन्न है-(i) स्रोत विरामावस्था में तथा प्रेक्षक गति में हो तथा (ii) स्रोत गति में परन्तु प्रेक्षक विरामावस्था में हो। जबकि प्रकाश के लिए डॉप्लर के सूत्र निश्चित रूप से निर्वात में, इन दोनों स्थितियों में एकसमान हैं। ऐसा क्यों है? स्पष्ट कीजिए। क्या आप समझते हैं कि ये सूत्र किसी माध्यम में प्रकाश गमन के लिए भी दोनों स्थितियों में पूर्णतः एकसमान होंगे?
उत्तर :
निर्वात में गतिमान प्रकाश के लिए डॉप्लर प्रभाव में प्रेक्षक द्वारा ग्रहण किए गए प्रकाश की आभासी आवृत्ति दोनों ही दशाओं में समान होती है। भले ही दर्शक, स्थिर स्रोत की ओर गति कर रहा हो अथवा स्रोत समान चाल से दर्शक की ओर गतिमान हो। इस प्रकार प्रकाश में डॉप्लर प्रभाव सममित है।

दूसरी ओर ध्वनि तरंगों को चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, इसलिए भले ही चाहे उक्त दोनों स्थितियों में प्रेक्षक तथा स्रोत के बीच समान आपेक्षिक गति होने के कारण ये स्थितियाँ समान प्रतीत होती हैं परन्तु वे समान नहीं हैं। ऐसा इस कारण से है कि दोनों दशाओं में प्रेक्षक का माध्यम के सापेक्ष वेग भिन्न-भिन्न है, अत: उक्त दोनों दशाओं में सुनी गई ध्वनि की आभासी आवृत्तियाँ समान नहीं हो सकती।

यदि किसी माध्यम में प्रकाश की गति की बात की जाए तो पुनः दोनों स्थितियाँ अलग-अलग हो जाएँगी चूंकि दोनों स्थितियों में प्रेक्षक का माध्यम के सापेक्ष वेग भिन्न-भिन्न होगा। अत: इस दशा में प्रेक्षक द्वारा ग्रहण किए गए प्रकाश की आवृत्ति के भिन्न डॉप्लर सूत्रों की अपेक्षा की जानी चाहिए।

MP Board Solutions

प्रश्न 16.
द्विझिरी प्रयोग में, 600 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य का प्रकाश करने पर, एक दूरस्थ पर्दे पर बने फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई 0.1° है। दोनों झिर्रियों के बीच कितनी दूरी है?
हल :
दिया है, λ = 600 नैनोमीटर = 600 × 10-9 मीटर
फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई θ = 0.1° = \(\frac{0.1 \times \pi}{180}\) रेडियन
झिर्रियों के बीच की दूरी d = ?
फ्रिज की कोणीय चौड़ाई θ = \( \frac{\lambda}{d}\)
∴ झिर्रियों के बीच की दूरी, \(d=\frac{\lambda}{\theta}=\frac{600 \times 10^{-9}}{0.1 \times \pi} \times\) 180 मीटर
\(\frac{600 \times 180}{0.1 \times 3.14} \times 10^{-9}\) मीटर = 0.34 मिमी।

प्रश्न 17.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) एकल झिरौं विवर्तन प्रयोग में, झिरी की चौड़ाई मूल चौड़ाई से दोगुनी कर दी गई है। यह केन्द्रीय विवर्तन बैण्ड के साइज तथा तीव्रता को कैसे प्रभावित करेगी?
(b) द्विझिरी प्रयोग में, प्रत्येक झिरों का विवर्तन, व्यतिकरण पैटर्न से किस प्रकार सम्बन्धित है?
(c) सुदूर स्रोत से आने वाले प्रकाश के मार्ग में जब एक लघु वृत्ताकार वस्तु रखी जाती है तो वस्तु की छाया के मध्य एक प्रदीप्त बिन्दु दिखाई देता है। स्पष्ट कीजिए, क्यों?
(d) दो विद्यार्थी एक 10 मीटर ऊँची कक्ष विभाजक दीवार द्वारा 7 मीटर के अन्तर पर हैं। यद्यपि ध्वनि और प्रकाश दोनों प्रकार की तरंगें वस्तु के किनारों पर मुड़ सकती हैं तो फिर भी वे विद्यार्थी एक-दूसरे को देख नहीं पाते यद्यपि वे आपस में आसानी से वार्तालाप किस प्रकार कर पाते हैं?
(e) किरण प्रकाशिकी, प्रकाश के सीधी रेखा में गति करने की संकल्पना पर आधारित है। यद्यपि विवर्तन प्रभाव (जब प्रकाश का संचरण एक द्वारक/झिरी या वस्तु के चारों ओर प्रेक्षित किया जाए) इस संकल्पना को नकारता है तथापि किरण प्रकाशिकी की संकल्पना प्रकाशकीय यन्त्रों में प्रतिबिम्बों की स्थिति तथा उनके दूसरे अनेक गुणों को समझने के लिए सामान्यतः उपयोग में लायी जाती है। इसका क्या औचित्य है?
उत्तर :
(a)
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 4
झिरी की चौड़ाई अत: झिरी की चौड़ाई दोगुनी करने पर, केन्द्रीय विवर्तन बैण्ड की चौड़ाई आधी रह जाएगी, जबकि तीव्रता चार गुनी (∵ तीव्रता ∝ झिरों का क्षेत्रफल) हो जाएगी।
(b) द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण पैटर्न की फ्रिज एकल झिरी विवर्तन पैटर्न की फ्रिन्जों के साथ अध्यारोपित होती हैं।
(c) वृत्तीय अवरोध के किनारों से विवर्तित तरंगें जब वस्तु की छाया के मध्य-बिन्दु पर मिलती हैं तो वहाँ पथान्तर शून्य होने के कारण परस्पर संपोषी व्यतिकरण करती हैं, अतः वहाँ चमकदार बिन्दु दिखाई पड़ता है।
(d) ∵ दीवार की ऊँचाई 10 मीटर, ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्घ्य की कोटि की है, अतः यह ध्वनि तरंगों में पर्याप्त विवर्तन उत्पन्न करती है और एक विद्यार्थी की ध्वनि दीवार से विवर्तित होकर दूसरे विद्यार्थी तक पहुँच जाती है।
वहीं प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, दीवार की ऊँचाई की तुलना में अत्यन्त सूक्ष्म है, अत: दीवार प्रकाश तरंगों में पर्याप्त विवर्तन उत्पन्न नहीं कर पाती। इसी कारण विद्यार्थी एक-दूसरे को नहीं देख पाते।
(e) सामान्यत: प्रकाशिक यन्त्रों में प्रयुक्त लेन्सों के द्वारकों का साइज प्रकाश की तरंगदैर्घ्य की तुलना में काफी बड़ा होता है; अत: इन यन्त्रों द्वारा बने प्रतिबिम्बों में विवर्तन का प्रभाव नगण्य ही रहता है। यही कारण है कि प्रतिबिम्बों की स्थिति तथा अन्य गुणों को समझने के लिए प्राय: किरण प्रकाशिकी का ही प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 18.
दो पहाड़ियों की चोटी पर दो मीनारें एक-दूसरे से 40 किमी की दूरी पर हैं। इनको जोड़ने वाली रेखा मध्य में आने वाली किसी पहाड़ी के 50 मीटर ऊपर से होकर गुजरती है। उन रेडियो तरंगों की अधिकतम तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए, जो मीनारों के मध्य बिना पर्याप्त विवर्तन प्रभाव के भेजी जा सकें?
हल :
एक मीनार से पहाड़ी की दूरी = \(\frac{40}{2}\) किमी = 20 × 103 मीटर
स्पष्ट है कि एक मीनार से दूसरी मीनार की ओर भेजे गए सिग्नल विवर्तन प्रभाव से मुक्त होंगे, यदि पहाड़ी तक पहुँचने तक नीचे की ओर 50 मीटर की रेखीय दूरी तक न फैल पाएँ।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 5
अर्थात् ZF = 20 किमी = 20 × 103 मीटर,
a = 50 मीटर
सूत्र ZF = \(\frac{a^{2}}{\lambda}\) से, λ = \(\frac{a^{2}}{Z_{F}}\)
अधिकतम तरंगदैर्घ्य λ = \(\frac{50 \times 50}{20 \times 10^{3}}\) मीटर = 12.5 सेमी।

MP Board Solutions

प्रश्न 19.
500 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य का एक समान्तर प्रकाशपुंज एक पतली झिरी पर गिरता है तथा 1 मीटर दूर परदे पर परिणामी विवर्तन पैटर्न देखा जाता है। यह देखा गया कि पहला निम्निष्ठ परदे पर केन्द्र से 2.5 मिमी दूरी पर है। झिरों की चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, λ = 500 नैनोमीटर = 500 × 10-9मीटर, D= 1 मीटर
प्रथम निम्निष्ठ की केन्द्रीय उच्चिष्ठ से दूरी x = 2.5 × 10-3 मीटर
∵ प्रथम निम्निष्ठ की केन्द्रीय उच्चिष्ठ से दूरी x = \(\frac{D \lambda}{a}\)
∴ झिरी की चौड़ाई \(a=\frac{D \lambda}{x}=\frac{1 \times 500 \times 10^{-9}}{2.5 \times 10^{-3}}\) मीटर = 0.2 मिमी।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- .
(a) जब कम ऊँचाई पर उड़ने वाला वायुयान ऊपर से गुजरता है तो हम कभी-कभी टेलीविजन के पर्दे पर चित्र को हिलते हुए पाते हैं। एक सम्भावित स्पष्टीकरण सुझाइए।
(b) जैसा कि आप मूल पाठ में जान चुके हैं कि विवर्तन तथा व्यतिकरण पैटर्न में तीव्रता का वितरण समझने का आधारभूत सिद्धान्त तरंगों का रेखीय प्रत्यारोपण है। इस सिद्धान्त की तर्कसंगति क्या है?
उत्तर :
(a) ऐसा टेलीविजन के एन्टीना तक सीधे पहुँचने वाले तथा हवाई जहाज से टकराकर एन्टीना तक पहुँचने वाले संकेतों के बीच होने वाले व्यतिकरण के कारण होता है।
(b) तरंग गति को नियन्त्रित करने वाले अवकल समीकरण का चरित्र रेखीय होता है। यदि 11 तथा 12 ऐसे किसी समीकरण के दो अलग-अलग हल हैं तो 1 + ye भी इस समीकरण का एक हल होगा (रेखीय अवकल समीकरण का गुण)। यही गुण तरंगों के रेखीय प्रत्यारोपण को तर्कसंगत ठहराता है।

प्रश्न 21.
एकल झिरी विवर्तन पैटर्न की व्युत्पत्ति में कथित है कि \(\frac{nλ}{a}\) कोणों पर तीव्रता शून्य है। इस निरसन (cancellation) को, झिरी को उपयुक्त भागों में बाँटकर सत्यापित कीजिए।
उत्तर :
मानो की d चौड़ाई की एक झिरी n छोटी झिरियों में विभाजित है।
इसलिए, प्रत्येक झिरी की चौड़ाई, d’ = d/n
विवर्तन के कोण की आंकलन d = d / d ‘λ / d = λ / d’ द्वारा किया जा सकता है,
अब, इनमें से प्रत्येक असीम रूप से छोटी झिरी दिशा θ में शून्य तीव्रता भेजती है। इसलिए, इन झिरियों का संयोजन शून्य तीव्रता देगा।

तरंग-प्रकाशिकी NCERT भौतिक विज्ञान प्रश्न प्रदर्शिका (Physics Exemplar Problems) पुस्तक से चयनित महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के हल

तरंग-प्रकाशिकी बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
चित्र-10.2 में दर्शाए एक प्रकाश किरण पुंज पर विचार करें जो वायु से काँच की सिल्ली पर बूस्टर कोण पर आपतित होती है। निर्गत किरण के मार्ग में बिन्दु P पर एक पोलेरॉइड रखा गया है और इसे इसके तल के लम्बवत् तथा इसके केन्द्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः घुमाया जाता है।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 6
(a) एक विशिष्ट अभिविन्यास के लिए पोलेरॉइड से देखने पर अँधेरा दिखाई देगा
(b) पोलेरॉइड से देखे जाने वाले प्रकाश की तीव्रता घूर्णन पर निर्भर नहीं होती ।
(c) पोलेरॉइड से देखे जाने वाली प्रकाश की तीव्रता पोलेरॉइड के दो अभिविन्यासों के लिए न्यूनतम होगी लेकिन शून्य नहीं होगी
(d) पोलेरॉइड से देखने पर प्रकाश की तीव्रता पोलेरॉइड के चार अभिविन्यासों के लिए न्यूनतम होगी।
उत्तर :
(c) पोलेरॉइड से देखे जाने वाली प्रकाश की तीव्रता पोलेरॉइड के दो अभिविन्यासों के लिए न्यूनतम होगी लेकिन शून्य नहीं होगी

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
104 Å चौड़ाई की एक झिरी पर आपतित होने वाले सूर्य के प्रकाश पर विचार करें। छिद्र से देखने
(a) केन्द्र पर श्वेत वर्ण की एक पतली तीक्ष्ण झिरीं दिखाई देगी
(b) केन्द्र पर दीप्त श्वेत झिरी जैसा होगा जो कोरों पर शून्य तीव्रता में विसरित हो जाएगी
(c) केन्द्र पर दीप्त श्वेत झिरी जैसा होगा जो विभिन्न वर्गों के क्षेत्रों में विसरित हो जाएगी
(d) केवल श्वेत वर्ण की विसरित झिरी दिखाई देगी।
उत्तर :
(a) केन्द्र पर श्वेत वर्ण की एक पतली तीक्ष्ण झिरीं दिखाई देगी

प्रश्न 3.
यंग के द्विझिरीं प्रयोग में स्रोत श्वेत प्रकाश का है। एक छिद्र को लाल फिल्टर से ढक दिया गया है। इस अवस्था में –
(a) लाल तथा नीले रंग के एकान्तर व्यतिकरण पैटर्न होंगे
(b) लाल तथा नीले रंग के पृथक्-पृथक् सुस्पष्ट व्यतिकरण पैटर्न होंगे
(c) कोई भी व्यतिकरण फ्रिन्जे नहीं होंगी
(d) लाल रंग से बना व्यतिकरण पैटर्न नीले रंग से बने पैटर्न से मिश्रित होगा।
उत्तर :
(c) कोई भी व्यतिकरण फ्रिन्जे नहीं होंगी

प्रश्न 4.
चित्र-10.3 में S1,S2 झिर्रियों के साथ एक मानक द्विझिरी व्यवस्था को दर्शाया गया है। P1 तथा P2, P के दोनों ओर दो
+पहला परदा निम्निष्ठ बिन्दु हैं। परदे पर P2 एक छिद्र है और P2 के पीछे एक दूसरी द्विझिरी व्यवस्था S3 तथा S4 झिर्रियों के साथ है और उनके पीछे एक दूसरा परदा है।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 7
(a) दूसरे परदे पर कोई व्यतिकरण पैटर्न नहीं होगा किन्तु वह प्रकाशित होगा
(b) दूसरा परदा पूर्ण रूप से अदीप्त होगा
(c) दूसरे परदे पर एक एकल दीप्त बिन्दु होगा
(d) दूसरे परदे पर एक नियमित द्विझिरी पैटर्न होगा।
उत्तर :
(d) दूसरे परदे पर एक नियमित द्विझिरी पैटर्न होगा।

तरंग-प्रकाशिकी अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
क्या हाइगेन्स का सिद्धान्त अनुदैर्घ्य ध्वनि तरंगों के लिए वैध है?
उत्तर :
हाँ, हाइगेन्स का सिद्धान्त अनुदैर्घ्य ध्वनि तरंगों के लिए भी वैध है।

प्रश्न 2.
किसी अभिसारी लेन्स के फोकस बिन्दु पर स्थित एक बिन्दु पर विचार कीजिए। कम फोकस दूरी का एक दूसरा अभिसारी लेन्स इसके दूसरी ओर रखा है। अन्तिम प्रतिबिम्ब से निकलने वाले तरंगाग्र की प्रकृति क्या है? ।
उत्तर :
अन्तिम प्रतिबिम्ब से निकलने वाले तरंगाग्र गोलीय होंगे।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 8

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
सूर्य के प्रकाश के लिए पृथ्वी पर तरंगाग्र की आकृति कैसी होती है?
उत्तर :
सूर्य के प्रकाश के लिए पृथ्वी पर तरंगाग्र की आकृति गोलीय होती है, परन्तु इनकी त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या की तुलना में बहुत अधिक होने के कारण यह लगभग समतलीय प्रतीत होती है।

प्रश्न 4.
दैनिक अनुभव में प्रकाश तरंगों की अपेक्षा ध्वनि तरंगों का विवर्तन क्यों अधिक प्रत्यक्ष होता है?
उत्तर :
प्रकाश तरंगों की तरंगदैर्घ्य 10-7 मीटर कोटि की तथा ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्घ्य लगभग 15 मीटर से 15 मिमी कोटि की होती है। विवर्तन के लिए अवरोध या झिरों की चौड़ाई तरंग की तरंगदैर्घ्य की कोटि की होनी चाहिए। हमारे चारों ओर स्थित वस्तुओं से ध्वनि तरंगों का विवर्तन हो जाने के कारण दैनिक अनुभव में हमें इन तरंगों का विवर्तन ही अधिक प्रत्यक्ष होता है।

प्रश्न 5.
एक पोलेरॉइड (I) को किसी एकवर्णी स्रोत के सामने रखा गया है। दूसरा पोलेरॉइडर (II) इस पोलेरॉइड (I) के सामने रखा गया है तथा इसे घुमाया जाता है जब तक कि इससे कोई प्रकाश नहीं गुजरता। अब एक तीसरा पोलेरॉइड (III), (I) तथा (II) के बीच रखा जाता है। क्या इस स्थिति में पोलेरॉइड (II) से प्रकाश बाहर निकलेगा? व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
पोलेरॉइड (I) तथा पोलेरॉइड (II) परस्पर. क्रॉसित हैं। उनके बीच पोलेरॉइड (III) रखने पर इसकी अक्ष पोलेरॉइड I या II की अक्ष के समान्तर होने पर बाहर प्रकाश नहीं निकलेगा। शेष सभी स्थितियों के लिए पोलेरॉइड (II) के बाहर प्रकाश निकलेगा।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 9

तरंग-प्रकाशिकी आंकिक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
किसी सूक्ष्मदर्शी द्वारा उसी अभिदृश्यक के लिए दो बिन्दुओं में भेद करने के लिए, उनके बीच न्यूनतम पृथक्क्नों के अनुपात को ज्ञात कीजिए जबकि पदार्थ को प्रदीप्त करने के लिए 5000 Å के प्रकाश का तथा 100 वोल्ट से त्वरित इलेक्ट्रॉनों का उपयोग किया गया हो?
हल :
दो बिन्दुओं में भेद के लिए न्यूनतम पृथक्कन
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 10 तरंग-प्रकाशिकी img 10

MP Board Class 12th Physics Solutions

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 5 Writing

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 5 Writing

5.1 Messages

See WorkbookPages 127-130

Exercises

Write messages on the themes given below:

Question 1.
Shweta is leaving for office when suddenly she realizes that some guests would becoming for dinner. She requires 1 kg of potatoes and some fresh fruits from the market but as she would be late, she leaves a message for her husband who would be returning in the afternoon asking him to buy the same.
Answer:
25th September, 20xx
10 a.m.
Dear Sumit
Some guests are coming to dinner. I may be late. So, please purchase one kilogram of Potatoes and some fresh fruits from the market.

Shweta

Question 2.
‘HelIo, may I speak to Amit, more, please. I am Junaid All.’ Mr. Ah, Pm afraid Amit is not at home. Could I take a message, please? I am his sister, Kirti.
See Workbook Page 7
Answer:
20th September. 20xx
3 p.m.
Amit
Mr. Junaid All had called you to inform that there would be no tuition classes today arid for tomorrow he is going away for two days.

Kirti

Question 3.
You are personal assistant to Mr. S.S. Saxena, the Principal of K.G.N School, Khandwa. Using the following notes from his note-pad, draft a message on his behalf for Mr. Shriniwasan, the Vice-Principal of the school.
See Workbook Page 131
Answer
12th September, 20xx
8 a.m.
Dear Vice-Principal,
The principal wants to meet the entire Science Faculty urgently In the staff room at 2 pm to discuss the event for science exhibition and do the planning for the same.

P. A to Principal

Question 4.
You are Vinita. The students of your class are being taken on an excursion to ‘Sanchi’. our friend Arti was absent on the day when a few instructions were given. Write a message to your friend using the following information.
See Workbook Page 132
Answer:
12th September, 20xx
10 a.m.
Dear Arti
All the students of our class are going on an excursion to Sanchi. Reach the railway station at 9 am. Carry your lunch, water bottle. You need not bring more than 100. We are expected to be back by 6 pm.

Vinita.

MP Board Solutions

Question 5.
You are Arushi. You and your friend Mahuri love to read books. You see the following advertisement in a newspaper and you wanted to visit this Book Fair with ‘our friend. Write a message for your friend inviting her to join you. Also, fix date, time, and place to meet.
See workbook Page 132
Answer:
10th September, 20xx Mahuri
We are going to visit the National Book Fair, Bhopal today at 12 noon. Please meet us at the main gate. We have booked your ticket too.

Arushi.

Question 6.
You are Sahil Kapoor. You have come across the following advertisement for a television Course in Physics, Chemistry and Maths on a banner. You think it will benefit you and your friend, Parag Jam. Write a message using the information given in the advertisement, to suggest to your friend that she joins the course with you.
See book Page 133
Answer:
12th September, 20xx
2 p.m.
Parag
Learner’s Institute offers a Revision Course for the students of 9th to 12th classes. It will run for 30 days, starting from 10th May at 245, Gulmohar Villa, B Sector, Patel Nagar. I think that we should not miss this opportunity. I am going to contact the office tomorrow at 10 am. Come and join me.

Sahil.

5.2 Notices

See Workbook Pages 134-136

Exercises

Write notices on the themes given below:

Question 1.
You are Sunil Agarwal studies in Class XII in Govt. Excellence H.S.S., Barnagar
(Ujjain). You have lost your blazer at the playground bn the Annual Sports Day. Write a notice to be put up on the School Notice Board. (M.P, Board 2010)
Govt. Excellence Higher Secondary School Barnagar, Ujjain
Answer:

Notice
Attention all students and staff

This is to bring to your notice that I have lost my blazer somewhere in the playground on the Annual Sports Day. It is of navy blue color. Anyone who finds it please submit it to the common room office or inform me. I shall be thankful to him/her.

Sunil Aggrawal
Class XII A

Question 2.
You are Abraham John, the Secretary of your school’s Science Club. A science exhibition is being organized in your school. Write a notice for the school notice-board inviting projects and models from the students. Also, encourage them to volunteer their services in managing the event. The exhibition is to be held on 25th September, 20xx.
Answer:

Scindia Sr. Secondary School, Bhopal
Notice
Science Club
Science Exhibition
25th September, 20xx.

Our school is going to organise a Science Exhibition for three days, starting from 2nd October. All the students are hereby invited to submit their projects and models for it. Three best projects and models shall be rewarded. Many eminent personalities shall grace the occasion. The last date for submission is 25th September. For any queries, you may contact the Secretary in the office of the common room, between 2-3 pm.

Abraham John
Secretary, Science Club.

Question 3.
You are Alok Yadav, President of a Cultural Organization called Progressive Theatre, Bhopal. Write a notice for publication in a newspaper inviting interested students between 15 and 17 years for an audition to be held at Ravindra Bhawan, Bhopal on the 15th of June.
Answer:

Progressive Theatre
Bhopal
Notice

The Children of the town between 15 and 17 years of age are invited to come for an audition to be held at Ravindra Bhawan on 25th Oct., 20xx from 10 am to 6 pm. The selected students shall be given a chance to represent the town in the Inter-State Competition to be held in December. The interested candidates are requested to contact the office during office hours.

Alok Yadav
President
Progressive Theatre.

Question 4.
A boy is missing. The police are trying to trace him out. They enquire of his father about his details. Read the conversation between the Policeman and his father. Draft a notice to be broadcast over the T.V. Put the notice in a box.
See Workbook Page 138
Answer:

Missing Notice

A boy, Ronit Arora, aged about 14, a student of class X A is missing. He is about 5 ft, 2 inches and very thin. He is wearing a school uniform. He was last seen at the school gate. If someone traces him out please inform the nearest police station or his father on the Phone No. 9460195287. The informer shall be suitably rewarded.

Amit Rana
A Social Activist.

Question 5.
Ajay Chouhan of class XII B has lost his watch somewhere in the school premises. Besides being valuable, the watch has an emotional valuator. He puts up a notice on the school noticeboard, promising a good reward to one who finds it. Write the notice and put it in a box.
Answer:

ABC School, Jabalpur
Notice

I have lost my watch somewhere in the school premises during recess hours on 25th September. It is a valuable one and l am very emotional about it. If anyone finds it, please submit to the Principal office or meet me. The boy will be given a treat.
Ajay Chouhan
Class XII B

Question 6.
You are Taruna Vyas, incharge of the cultural committee, Paramount Public School,
Sagar. Your Principal gave you a letter about an Inter-School Cultural Competition in which your school has to take part. Taking relevant details from the letter, write a notice asking students to appear for selection.
See Workbook Page 139
Answer:

Paramount Public School, Sagar
Notice
Inter School Cultural Competition

2nd October, 20xx.
This is to be notified to all the students that our school is organising an Inter-School Cultural Competition on 2nd October, 20xx. The event includes music, dance, and skit. Those who want to participate may contact the undersigned in the office between 2-4 pm.

Taruna Vyas
Cultural Committee

Question 7.
Explain the notices below. Where would you happen to find each of these notices?
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 5 Writing img 1
Answer:
On the road – In hospital, clinic, School.

5.3 Articles

See Workbook Pages 141-144

Question 1.
Write an article for your school newsletter on the positive as well as negative aspects of using cell phones. (M.P. Board 2010)
Answer:
Using Cell Phones A Dilemma—by John Abraham
Cell phones have become the basic need of today’s society. Everyone is seen busy with it every time. In a very short duration of not more than a few decades, it has occupied the center stage. It is a boom in communication technology. It has made easy access to the whole, world at fingertips. Now with the advancement of technology, it has become a mini-computer, a complete media house, and a device for social networking. It has made our life connected to everyone all the time but we can’t deny that it has also damaged us. We use it while driving and invite accidents and slow down traffic. We use it in the office and hamper our prime duties. Sticking to cell phones also damages our nervous system to lose concentration. Sometimes, we are vexed. It has both negative and positive aspects. We need to be wise while using it. Great care is needed.

MP Board Solutions

Question 2.
You are Frakash Ojha of class XII. You observe that there is a steep decline in reading habits amongst children. The major cause for this is the T.V. You decide to write an article in a newspaper on ‘Ways to Promote Reading’.
Answer:
Ways To Promote Reading—by PrakashOjha, class XII
Since a few decades it has been a major concern that there has been a rapid decline in the reading habits amongst children. As reading is a bliss and gives the real ecstasy it should be maintained. However due to the thrilling and exciting TV Programmes children are diverted. They pay more attention to TV than on reading. Moreover, books are becoming costly. It also causes this decline. Hence, there is a need to promote reading habit by providing books at low price. Children should be attracted to the library by arranging various entertainment cum education programmes there.

Question 3.
You are Ajay Sinha. You happened to see the following news in a local newspaper and were prompted to write an article describing the rising trends in drowning deaths and lack of concern on the part of authorities near picnic spots.
See Workbook Page 145
Answer:
Drowning Death: Lack Of Concern Of Authorities—by Ajay Sinha
During the last few months a number of drowning cases have been reported. These incidents occur due to the canal located at the Khargaun village. As the canal has developed some ditches and uneven floor, it should be mended but the authorities are blind to this fact. They fail to provide security to the children who go there for swimming. All cries of the people fail to convince them. If this situation continues more deaths shall be caused.

Question 4.
You happened to overhear the following conversation:
See Workbook Page 146
On hearing this dialogue, you decide to write an article in the local daily on the need to provide security at tourist spots. Also, suggest the ways and means to fight terrorism.
Answer:
Security To Tourists—by ABC
Our country has been victimized by terrorism since a few decades, though the whole world is shattered with this problem, India has suffered a lot. We fear to go even out of our house during festivals. Nobody knows what is to happen in the next moment. Even the top security agencies of the government fail to save people. The terrorists are so bold that they send messages through e-mails about their attacks. Even then the government fails to provide protection. Now it is the prime time that the civilians should take their own way to protect themselves. Arms should be generalised.

Question 5.
You are Sonia Nigam, while watching a news channel covering a rally of ‘Green Peace Activists’, you saw the following intriguing posters that prompted you to write an article for a newspaper on ‘It’s Worth, Saving the Earth’.
See Workbook Page 147
Answer:
Saving The Earth—by Sonia Nigam
We live on earth. It is our mother. We get all our resources from it. However, it is our own fault that we are destroying it. Population is growing so rapidly that we are consuming earth’s resources rapidly to compensate our need. The speed of consuming earth and its resources is greater than its capacity to compensate. Hence it is being exhausted and a day will come when it will fail to fulfill our need. Then you can imagine what would happen to our life. Naturally everything will be finished one day. So, we need to be wise to save our earth so that we can love more.

Question 6.
You are Mokit Joshi. Traffic jams and road accidents are a common feature in your city as people don’t follow the traffic rules and don’t drive in proper lanes. As a concerned citizen, you decided to write an article on ‘Art of Safe Driving’. You can take help from the following tips.
See Workbook Page 148
Answer:
Safe Driving: Safe Life—by Mohit Joshi
Reckless and speed driving has been a growing craze among people specially the young generation. It causes accidents and traffic jams. Safe driving saves you a lot. You save time as there is no traffic jam. It also saves petrol consumption. There are no chances of risk, heated arguments, and traffic hazards. You can reach your destination safely and in time too. So, we should follow the norms of safe driving.

MP Board Solutions

Question 7.
You are Preeti Tandon, a resident of a posh colony. Adjacent to the colony is a slum. You are taken aback by the unhygienic conditions prevailing there, specially when you come to know that the garbage of your colony is being dumped in that area. Using the photograph given below as an aid, write an article for a national newspaper highlighting the problems.
See Workbook Page 149
Answer:
Unhygienic Condition Of The Colony—by Preeti Tandon
I live in the locality of Ankur Vihar. There is a slum locality adjacent to it. The hygienic condition of this area has been so affected that living appears to be a curse. The corporation has worsened the situation by making the place a dumping area. It is causing nuisance as it has become a place for pigs and dogs. It is breeding mosquitoes. There is a threat of spreading diseases and deadly hazards. Hence, I wish to attract the attention of the authorities to these hazards.

5.4 Speech Writing

See Workbook Pages 150-153

Exercises

Question 1.
As one hailing from rural background, prepare a speech for your morning assembly describing the difference between urban and rural India. You can use the following visual for clues.
See Workbook Page 153
Answer:
A View Of Rural India
Respected Principal, teachers, and my fellow students! It is my privilege to speak on the topic ‘Difference between Urban and Rural India. India is a land of agriculture and most of the v people related to it live in rural areas but it is their ill-luck that they don’t get proper facilities to live a proper life. The government doesn’t pay attention to them. You can just imagine how rural people live. The teledensity of rural areas is only 1.67 percent in comparison to urban which is 25-30 percent. High monthly rentals and poor infrastructure are also to blame. Punjab shines with 87-99 percent of its rural homes wired while it is 17.82 percent for Orissa. Assam gets power for 16 percent of the time. 2,17,000 villages do not get safe drinking water. 71 percent villages in Madhya Pradesh are not connected with township. All these facts I put to show the differences between the rural and urban areas. This disparity compels the rural people to migrate which causes badly to our economy.

Thank you.

Question 2.
You are Sohan/Sonia. You have seen the following news in the newspaper. Using this and your own ideas, write a speech describing both the benefits and drawbacks of using these high-tech devices.
See Workbook Page 154
Answer:
The technologies are growing fast. Science has invented a lot which provide all comforts to us. However it has also invented things like video games, Internet, cell phones, and lots of other things which are causing hazards. No doubt internet is useful but it depends upon its use. These itenus can corrupt one by sensitizing the young generation. The growth of crime is a great danger. The children know a lot through them. Crime and violence grow in them. There is ameed to educate children to use them properly.

Thank You.

Question 3.
You are required to speak on ‘Pollution’ in an inter-school competition. Prepare your speech taking help from the following points.
You are required to speak on “Need for Environmental Consciousness” in an inter-school speech competition. Prepare your speech taking help from the following points: (M.P, Board 2012)
(i) Pollution.
(ii) Sources of pollution.
(iii) Ecological balance.
(iv) Suggestions.
See Workbook Page 155
Answer:
Respected Principal, teachers, and fellow students! Pollution has become a great threat to our life. We have polluted land, water, air, noise. The major sources for it are garbage, smoke, and chemicals. Growing industries create many problems. We are also damaging ecological balance by felling trees, building dams, and congesting localities. We are damaging our own habitats. We need to be conscious in order to enjoying good health. We need plantation, parking, and shifting of factories and mills.

Thank You.

MP Board Solutions

Question 4.
You are Ira/Arun. Write a speech to be delivered at the morning assembly of your school about the increase in road accidents in your city. Use the following data and your own ideas. Also, give suggestions to curb them.

Year- No. of road accidents

  • 2003 – 110
  • 2004 – 155
  • 2005 – 204
  • 2006 – 265
  • 2007 – 316

Answer:
Respected Principal, teachers and fellow students! Today I, Ira will like t:o speak about an increase in road accidents in our city. Accidents have become a day-to-day news of life. Everyday’ we get through them in the newspaper, on TV, or even on roads. In 2007, the reported cases were 316 in comparison to 110 in 2003. The data shows growth in road accidents year after year. There are various causes for it growing number of vehicle, specially small vehicles, reckless driving habits, and improper traffic signal are some of them. If such a thing continues, the situation will be even worse. We need to be alert.

Thank You.

Question 5.
You are Prabhakar Goel. Your class team has conducted a survey to find out how teenagers spend their free time. Following results were observed. Below is; a pie-chart. Using the data given in it together with your own ideas, write a speech on the topic- “How teenagers spend their free time?”
See Workbook Pages 156
Answer:
Respected Principal, teachers and fellow students. I Prabhakar Goel with my class team have got an opportunity to conduct a survey and express my views on ‘How teenagers spend their free time.” So far as the data show 40 percent of them spend it on watching TV while 20 percent on talking to friends and 20 percent on playing indoor and outdoor games. It is a major concern to think that only 10 percent spend their free time on reading course books while 5 percent on reading GK books and 5 percent on doing some creative activities. It is really shocking that the inclination to reading is becoming lesser. TV viewing causes violence in society. It is spoiling our new generation. We need to be alert and take care of our children.

Thank You.

5.5 Letter Writing

See Workbook Pages 157-160

Exercises

Question 1.
You are Rakesh Pandey residing at 69/B Sai Nath Colony, Barwani. Write a letter of complaint to the Supervisor, M.P. Electricity Board, Barwani regarding the frequent break down in electricity supply in your area. (M.P. Board 2011)
Answer:
69/B, Sai Nath Colony Barwani (M.P.)
25th March, 20xx
The Supervisor
M.P. Electricity Board
Subject: Frequent Power-cut.
Dear Sir,
I wish to draw your attention to a very serious problem that we are facing for the last six months. There is an acute shortage of electricity in our area. Frequent power cut has become a regular feature. We can do nothing in day or at night. It is the examination period. Students are Very much distressed. We don’t get power for even two hours in a day. You can imagine the life of people living in this area. We have made several complaints but all of no effect. I request you to take special care to our problem.

Thanking you

Yours sincerely
Rakesh Pandey.

Question 2.
You are Jayant Garg living at 12/F, Silver Hills Colony, Dhar. You are class XII student in St Mary’s Convent School. There was an Annual Sports meet in your school and you had participated in it. Write a letter to your friend Manish Shah describing the Annual Sports held in your school. (M.P. Board 2011)
Answer:
12/F, Silver Hills Colony Dhar
20th March, 20xx
My Dear Manish
I am very excited to share some of the unforgettable moments of my life. I participated in the Annual Sports Meet of my school last week. Every year our school celebrates this occasion with great pomp and show. This time the Sports Minister of State was the Chief. Guest. I participated in many categories and luckily, I won the first prize in four of them. It was really a great moment for me. I missed you on the occasion. I am sending some clips of photographs to you.

Yours
Jayant

Question 3.
You are Naveen Pratap Singh, a resident of 27, Rishi Nagar, Ujjain. You came across the following histogram in a magazine. The histogram shows that deaths due to violence have increased considerably during recent years. Write a letter to the editor of the magazine ‘World Today’, suggesting how educated youth can play a major role in establishing peace in society.
See Workbook Page 160
Answer:
The Editor World Today
Bhopal, Madhya Pradesh-462001 25th September, 20xx
Subject: Deaths due to violence Dear Sir
Through your esteemed magazine, I wish to draw the, concern of the people to the growing violence in society. As the available data shows most deaths caused by violence in 19xx were only 2 in 1000 which doubled to 4 in 20xx and in 20xx it grew to 8. It means the number is doubling very fast. I think the violence among youth is a major cause. We need to be alert. A social awareness camp should be organised every month in schools. Parents need to becoming too. Otherwise, the situation would be more grim.

Thanking You

Yours sincerely
Naveen Pratap Singh

Question 4.
You are Ritesh, a student of class XII, residing in sector A, Tilak Colony, Bhopal. You read the following clipping in a daily newspaper. You are worried as you commute to school by bus. Write a letter to chairman, State Transport Corporation (STC) to reconsider the decision in the interest of the passengers and students.
See Workbook Page 161
Answer:
The Chairman
State Road Transport Corporation Bhopal, Madhya Pradesh-462001
Date
Subject: Hike in Bus Fare.
Dear Sir,
I would like to draw your attention that the decision of 40 per cent hike in bus fare has shattered us. A lot of passengers are being adversely affected due to it. Most of the daily commuters on this route are from middle class and students. Hence, they will have to face great problems. So, I request you to reconsider this decision, otherwise, there may be mass agitation. I will be grateful to you if you ponder over our problem and quick decision in our favour.

Thanking You

Yours sincerely
Ritesh

MP Board Solutions

Question 5.
You are Vartika residing at 275, Railway Colony, Itarsi. You are distressed to see wild-life becoming extinct due to hunting and poaching and its adverse effect on human life, taking ideas from the given poster, write a letter to the editor of a daily newspaper, expressing your concern over the issue offering some suggestions.
See Workbook Page 162
Answer:
The Editor
The Times
Raipur
Dear Sir,
Subject: Saving of Wildlife From Extinction.
I wish to highlight the issue of the extinction of rare species through your esteemed newspaper. Due to the madness of people, we are losing the species which are rare. Animals are dumb. They can’t tell their sufferings. They are an integral part of our ecosystem. If we kill them, we kill ourselves too. We kill them for fun, for.commercial use but we are also damaging nature. We must know they are good creatures and have the right to live as we do. There is a need to spread this concern to protect our life too by putting a ban on hunting and poaching. I will be very grateful to you if you will help in drawing the attention of people through your newspaper by giving data (statistics), posters of life after the extinction of wildlife and conducting various education drives.

Thanking You

Yours sincerely
Vartika

Question 6.
You are Anand Sharma. You live in a rented house which requires special repairs after monsoon. Write a letter to your landlord Mr. Dubey asking him to undertake the repair work immediately. Take the help of these notes and write your letter. (M.P. Board 2012)
See Workbook Page 163
Answer:
275, Anand Apartment Jabalpur
Dear Sir,
I would like to remind you that the house I live in has become completely damaged. It needs reparing after this rain. The roof is leaking, plasters are felling, wiring is damaged, and the switches are loose. It has become very insecure to live now. Please be serious for its repair.

Thanking You

Yours truly,
Anand Sharma

Question 7.
You are Maria of 7, Rajeev Gandhi Nagar, Ratlam. Write a letter to your friend Asma, enclosing this newspaper cutting. Ask her whether she thinks such “so-called researchers” should be given importance in the print media.
See Workbook Page 164
Answer:
7, Rajeev Gandhi Nagar Ratlam
Dear Asma,
Today, I saw a news article about a research paper. The researcher has given a new dimension by showing how dancing calms down hyperactive kids. It is really good news. As you know, kids are becoming hyperactive due to TV and videos. We are very anxious about them. Parents fail to control them. They can’t pay attention to them. They have no time to spare for children. It is a major cause for the kid’s derailment. The new dancing theory can help the kids a lot. It will improve their concentration. It will also encourage their inclination to our culture. Such researchers should be promoted. They should be given opportunity to explore their theory. It will create a new generation. I hope you would agree to my view. Give regards to uncle and aunty and love to Jawed.

Your friend,
Maria.

MP Board Solutions

Question 8.
You are Rajat Sharma, a student of class XII, as you are appearing for the board examination, you are worried on the declaration of power cut from 7 am to 9 pm every day in your area. Write a letter to the Collector to intervene and order the MPSEB authorities to postpone the schedule of power cuts until examinations are over.
Answer:
The Collector Indore
Date
Subject: Power cut in our locality.
Sir,
I would like to draw your attention to the announcement of MPSEB regarding daily power cut between 7 am to 9 am. Please note that there are a number of students appearing for the Board exams. As it is the peak hour of the study the power cut schedule would cause a great problem for us. Please interfere in this matter and divert the schedule for few months till the exams are over or shift the time. I will be highly obliged if you look into this matter as soon as possible and take the decision for the same for the betterment of the student.

Thanking You

Yours sincerely
Rajat Sharma.

MP Board Class 12th English Solutions

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 2 Knowing about Words

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 2 Knowing about Words

2.1 Word Formation

See Workbook Pages 22-26

Exercises

I. Form two new words with a prefix and a suffix from the following, taking them as root words:
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 2 Knowing about Words img 1

II. Notice in the above exercise whether conversion (change of part of speech) is taking place in the
new words. For example
im — (prefix) + pure (adj.) = impure (adj.)
pure (adj.) + Ify (suffix) = purify (verb)
Use all the newly formed words in the above exercise in sentences of your own. For example,
impure (adj.)— Don’t drink impure water.
purify (verb)—We can purify water with potassium permanganate.
Answer:
Do yourself.

III. Frame new; sentences with the underlined words in the given sentences, using them as different parts of speech.

Question 1.
Why don’t ‘you visit Pachmarhi?
Answer:
My visit to Kashmir is a memorable experience.

Question 2.
Nobody can doubt his integrity.
Answer:
Don’t have any doubt about my integrity.

Question 3.
The children were quarreling in the street.
Answer:
Quarreling of children caused a great uproar in society

MP Board Solutions

Question 4.
The apple tasted sour.
Answer:
The taste of this fruit is not good.

Question 5.
My friend wanted a favour.
Answer:
Robert is now a wanted criminal.

IV. Examine and detail the processes involved in the formation of the following words:
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 2 Knowing about Words img 2
Answer:
Do yourself.

V. Using proper nouns in a generic sense (as common nouns) as well as adjectives makes the language effective and impressive. For example:

Bohemian: (a native of Bohemia in erstwhile Czechoslovakia typified by nomadic and informal qualities) My friend is a Bohemian in outlook.

Shylock: (the ruthless usurer in William Shakespeare’s play, “The Merchant of Venice” Modem multinational banks are Shylocks for the common man. Given below is a list of some proper nouns used either as common nouns or adjectives.

Look up a dictionary for their generic sense and use them in sentences of your own.

  1. Philistine
  2. Daniel
  3. Amazon
  4. El Dorado
  5. Hamlet
  6. Samaritan
  7. Santa Claus
  8. Uncle Sam
  9. Puck
  10. Don Juan
  11. Achilles’ heel
  12. Machiavellian
  13. Lilliputian
  14. Sphinx riddle
  15. Aladdin’s lamp
  16. Satan

Answer:
Do yourself.

2.2 British And American English

See Workbook Pages 31 – 36

Exercises

I. Give the American variants for the following words used in British English:

1. toilet
2. queue
3. holiday
4. pavement
5. motorway
6. taxi
7. shop
8. underground
9. trousers
10. eraser.
Answer:

  1. lavatory
  2. line
  3. vacation
  4. sidewalk
  5. highway
  6. cab
  7. trade centre
  8. subway
  9. pants
  10. rubber.

MP Board Solutions

II. Give the English spelling of the following American words:

1. honor
2. valor
3. humor
4. traveler
5. counselor
6. characterize
7. agonize
8. analyze
9. optimize
10. caliber.
Answer:

  1. honour
  2. valour
  3. humour
  4. traveller
  5. counsellor
  6. characterise
  7. agonise
  8. analyse
  9. optimise
  10. calibre

III. Give the American English variants of the following British English sentences:

Question 1.
Have you seen him?
Answer:
Did you see him?

Question 2.
Rina has done a good job.
Answer:
Riña did a good job.

Question 3.
Hasn’t he just finished?
Answer:
Didn’t he just finish?

Question 4.
We have already eaten.
Answer:
We already ate.

Question 5.
Have you got a mobile phone?
Answer:
Did you get a mobile phone?

Question 6.
No, we haven’t got one.
Answer:
No, we didn’t get one.

MP Board Solutions

Question 7.
I have got a new car.
Answer:
I got a new car.

Question 8.
He has bought a new tie.
Answer:
He bought a new tie.

Question 9.
I got just home.
Answer:
I get just house.

Question 10.
I already ate.
Answer:
I already eat.

2.3 What’S The Right Word?

See Workbook Pages 38 – 39

Exercises

I. Select words from brackets fo fill in the blanks:

1. She is a woman with habits. (lovely/lovable)
2 people are not very to praise or blame. (sensitive/sensible)
3. All efforts of the doctor to find the went in (vain/vein)
4. Revising this will my burden. (lessen/lesson)
5. We should not our vote in favour of a candidate who believes in the system. (cast/caste)
6. The wound in the took a long time to (heel/heal)
7. It was difficult for her to remain even for a few minutes. (quiet/quite)
8. A is a man of (principle/principal)
9. The boy creates problems. (knotty/naughty)
10. Please till I have noted down the …… of the first child. (weight/wait)
Answer:

  1. lovely, lovable
  2. sensible, sensitive
  3. vein, vain
  4. lesson, lessen
  5. cast, caste
  6. heel, heal
  7. quite, quiet
  8. principal, principle
  9. naughty, knotty
  10. wait, weight.

II. Fill in the blanks with the suitable Words:

I. I felt insulted when she did not my invitation. (accept/except)
2. The eagle can spot it’s from a great height. (pray/prey)
3. When he reached the hospital he found the baby (all rightfaLright)
4. His conduct did not show that he belonged to a family. (respectable! respectful)
5. Giving dowry is a bad (habit/custom)
6. Indore is an important city of Madhya Pradesh. (industrious/industrial)
7. Sincerity and hard work can make any respectable.(vacation / vocation)
8. 1 the success of your plan. (doubt/suspect)
9. Mother Teresa won many International (awards/rewards)
10. The story has no (moral/morale)
Answer:

  1. accept
  2. prey
  3. all right
  4. respectable
  5. custom
  6. industrial
  7. vocation
  8. doubt
  9. awards
  10. moral

MP Board Class 12th English Solutions

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 4 Reading

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 4 Reading

4.1 Passages

See the following passages carefully and answer the questions given below each passage:

Passage 1

See Workbook Pages 98-99

Question 1.
What objects are called unidentified flying objects?
Answer:
The unexplained aerial phenomena are generally called unidentified flying objects.

Question 2.
Which was the first documented sighting of UFO? How was the phenomenon described by the people?
Answer:
The first documented sighting of the UFO was the one that occurred in 1561 in, Nuremberg, Germany. The people’s description about the phenomena ranged from, glowing wheels to closed balls of light to cigar, disk or crescent-shaped objects.

Question 3.
When was the UFO named as ‘Flying Saucer’? Who first saw it? How did he; describe it?
Answer:
UFO was named as ‘Flying Saucer’ in 1947. Kenneth Arnold, a businessman first saw it. He described that he saw nine objects flying over the mountain information at a speed of more than 1600 miles (2,500 km) per hour. He further said that the objects were moving like a saucer skipping across the water.

Question 4.
Why were the reports on the UFO sightings classified as secret?
Answer:
Because UFOs were considered a potential security risk the reports on these sightings were originally classified as secret.

Question 5.
How did the scientists explain 90 percent of the UFO sightings?
Answer:
The scientists explained that 90 percent of the UFO sightings were celestial objects like stars, bright planets, atmospheric events, or meteors.

Question 6.
What kind of weather conditions prevailed at the time of most of the sightings?
Answer:
Some unusual weather conditions prevailed at the time of most of the sightings.

Question 7.
Why are UFO sightings unreliable?
Answer:
As there is no authentic eyewitness the sightings are unreliable.

Question 8.
What do most of the UFO reports say about the sightings?
Answer:
Most of the UFO reports say that a bright light often appears to move through a clamped telescope or a sighting bar shows it to be fixed.

Question 9.
When can we consider the sightings reliable?
Answer:
We can consider the sightings reliable if there are two or more independent eyewitnesses present.

MP Board Solutions

Question 10.
Find out the words in the passage which have the following meanings:
1. not recognized or known
2. awed shape -that is wide in the middle and pointed at the ends
3. a newspaper printed on large sheets of paper
4. to put things into particular groups according to their features.
5. a large piece of rock from space that passes into the Earth’s atmosphere and appears as a bright light in the sky
6. the experience of seeing or hearing something that is not really there
Answer:

  1. unidentified
  2. disk
  3. broadsheet
  4. classify
  5. meteor
  6. hallucination.

Passage 2

See Workbook Page 100

Question 1.
What inherent qualities are found in all of us?
Answer:
Tamas, Rajas, and Sattva are the three inherent qualities found in all of us.

Question 2.
What is represented by Tamas and Rajas?
Answer:
Tamas is inertia or resistance or transformation while Rajas is aggressiveness, relentlessness or result-oriented action.

Question 3.
What does Sattva denote?
Answer:
Sattva denotes the characteristic of purity inside us.

Question 4.
We get peace of mind from being (choose one)
(a) Rajas
(b) Tamas
(c) Sattvic
(d) none of the above
Answer:
(c) Sattvic.

MP Board Solutions

Question 5.
What do Tamas and Rajas result in?
Answer:
Tamas results in total confusion, problems, and worries while Rajas results in lack of peace.

Question 6.
What are the advantages of following Sattvic life?
Answer:
Sattvic life empowers us to cope with problems in a very systematic way.

Question 7.
How can our minds be preserved?
Answer:
Our minds can be preserved by using the energy of Sattva.

Question 8.
How does Sattva teach us to react to people’s accusations?
Answer:
Sattva teaches us to never allow our inner peace get destroyed to whatever people may say.

Question 9.
The force of divine vibration changes people and situations- Sattva comes out of us in the form of (choose one)
(a) meditation
(b) vibrations
(c) energy
(d) peace.
Answer:
(d) peace.

Question 10.
Find out the words in the passage which have the following meanings:
(a) holy writings of a religion (scriptures)
(b) change – (transformation)
(c) peace – (tranquility)
(d) not decreasing in amount or intensity – (depleting)
(e) to manage -(cope with)
(f) the action of deep thinking – (meditation)
(g) a substance used for preserving- (preservation)
(f) a continuous rapid shaking movement or sensation (vibration)

Question 12.
Give a suitable title to the passage.
Give a suitable title to the passage.
Ans.
Attain Perfection.

Passage 3

See Workbook Page 102

Question 1.
In the passage there occurs the sentence-“One evening she had a visitor”. Who does ‘she’ refer to?
Answer:
‘She’ refers to the narrator’s mother.

Question 2.
Why did Indira’s mother return the dress brought by the visitor?
Answer:
Because it was foreign-made and they preferred wearing hand spun and handwoven material only.

Question 3.
Who said, “I think you have all gone mad?” In what background was it said?
Answer:
The visitor said it. It was said in the background of their choice of wearing khadi clothes and boycotting foreign material.

Question 4.
What were the Indian freedom fighters doing with the foreign articles during the Freedom Movement?
Answer:
They were burning them.

Question 5.
To what extent did Indira, as a child, love her foreign doll?
Answer:
She was passionately fond of the doll.

Question6.
What three things had Indira to struggle between for her attachment to the doll?
Answer:
The three things were: the love of the doll, the pride in the ownership of such a lovely thing and duty towards her country.

Question 7.
What prevailed in the end India’s love for her doll or her conscience?
Answer:
Her conscience prevailed in the end.

Question 8.
Narrate Indira’s inner struggle between her innocent childhood love for the dress and the doll and her mother’s insistence on not using them.
Answer:
Indira passionately loved the doll. On the other hand, she was also in the love of her country Her conscience and duty for nation insisted her not to use the foreign dress and burn the doll finally

Question 9.
Explain the significance of the words’my first encounter with conscience and S- duty’. Can it be a fit title to the passage?
Answer:
It was the sense of conscience and duty that Indira had to face for the first time as a child. It shows how she could keep her sense of duty. It can be a fit title to the passage.

MP Board Solutions

Question 10.
Choose the correct option:
(i) The word ‘encounter’ in the text means
(a) a fight with something or somebody.
(b) to make a counter-attack.
(c) to meet with something difficult.
(d) end and then counter.
Answer:
(c) to meet with something difficult.

(ii) The other word for ‘handspun and handwoven material’ used in the text is.
(a) embroidered dress.
(b) khadi.
(c) mill cloth.
(d) foreign material.
Answer:
(b) khadi.

(iii) In the text, the phrase ‘rest of us’ refers to
(a) all the persons resting in the family.
(b) all including Indira.
(c) all in the family, excluding Indira.
(d) all in the family, excluding the visitor.
Answer:
(d) all in the family, excluding the visitor.

(iv) At first sight, Indira, as a child, had.
(a) a natural temptation to own the dress.
(b) a fear of her mother and so she threw away the dress.
(c) a strong sense of repulsion.
(d) a sense of revolt against the dress.
Answer:
(a) a natural temptation to own the dress.

(v) The expression ‘All right, Miss Saint’ implies a feeling of
(a) appreciation for Indira.
(b) the glorification of Indira’s love for the dress.
(c) thoughtless casualness on the part of the visitor.
(d) sainthood for Indira.
Answer:
(c) thoughtless casualness on the part of the visitor.

(vi) What won in the end?
(a) Indira’s love for the doll.
(b) Indira’s conscience and sense of duty.
(c) the visitor’s point of view.
(d) none of the above.
Answer:
(b) Indira’s conscience and sense of duty.

Passage 4

See Workbook Pages 104-105

Question 1.
Majority of people in India do not speak English, yet it is the second language here. Why?
Answer:
India even after six decades of its independence maintains English as the medium of instruction for approximately half of its total higher education. Hence it is the second language here.

Question 2.
How many people in the world use English as a native language?
Answer:
Nearly three hundred million people in the world use English as a native language.

Question 3.
Define ‘Second language’.
Answer:
Second language means a language necessary for certain official, social, commercial, or educational activities in a country.

Question 4.
Which language is more often used in the general working of the United Nations?
Answer:
English language is more often used in the general working of the United Nations.

Question 5.
In what activities is English generally used as a foreign language?
Answer:
English is used for communication across frontiers or with people who are alien, listening to broadcast, reading books or newspapers, commerce or travel.

Question 6.
How can you say that English is the Universal language of literacy and public communication?
Answer:
As English has overpowered almost all fields of the world it can be said to be the Universal language of literacy and public communication.

Question 7.
Give a suitable title to the above passage.
Answer:
Importance of English.

Question 8.
Say whether the following statements are true or false:
(a) For many Welsh and Irish people English is not the second language.
(b) India is not a commonwealth country.
(c) In India only a few people use English as their native language.
(d) In India almost half of the schools have English as a medium of instructions.
(e) In the passage the term U.N. has been used for America.
(f) In India, majority of people use English as a native language.
Answer:
(a) False (b) False (c) True (d) True (e) False (f) False.

Question 9.
Find antonyms from the text for the words given below. The first letter of the antonym is given against each word.
(1) indistinct: a……
(2) slavery: i ……..
(3) regularly: f…….
(4) foreigner: n
(5) uniformed : d……
(6) secondary : p……
(7) lower: h ………
(8) bigger: s ………..
Answer:

  1. apparent
  2. independence
  3. frequently
  4. native
  5. deformed
  6. primary
  7. higher
  8. smaller

MP Board Solutions

Question 10.
Match the words with their meanings:
Words – Meanings
(i) sole – (a) position
(ii) former – (b) very near to a quality or number
(iii) divergent – (c) one and only
(iv) status – (d) different
(y) notable – (e) of an earlier period or stage
(vi) approximately – (f) remarkable
Answer:
(i) c (ii) e (iii) d (iv) a (v) f (vi) b.

Passage 5

See Workbook Pages 106-107

Question 1.
Give a suitable title to the passage.
Answer:
Ideals of democracy.

Question 2.
What harm may be caused to democracy if we trust a great man and leave our liberties at his will?
Answer:
We may love democracy and liberty.

Question 3.
To what extent should a nation show someone its gratefulness?
Answer:
A nation should show its gratefulness to the extent its liberty is not lost to such a man.

Question 4.
What are the dangers of hero-worship in politics?
Answer:
It leads to degradation and eventual dictatorship.

Question 5.
Explain the term ‘hero-worship’.
Answer:
Hero-worship is one’s devotion to a great man as a God.

Question 6.
What is the counterpart of political democracy which makes it a reality?
Answer:
Social democracy is the counterpart of political democracy.

Question 7.
What are the three fundamentals of social democracy?
Answer:
Liberty, equality, and fraternity are the three fundamentals of social democracy.

Question 8.
Elaborate the statement, “they form a union of trinity.”
Answer:
The principles of liberty, equality, and fraternity are not to be treated as separate items of a trinity. They form a union of trinity in the sense that to divorce one from the other is to defeat the very purpose of democracy.

Question 9.
Point out. the danger of separating equality from liberty, while implementing them.
Answer:
Without equality, liberty would produce the supremacy of the few over the many.

Question 10.
What, according to you, ought to be the constitutional methods of achieving our objectives?
Answer:
We must follow the path of liberty, equality, and fraternity.

Question 11.
Use the following idiomatic expressions in sentences so as to make their meaning clear:

(i) to hold fast to
Answer:
We must hold fast to constitutional ideals for success.

(ii) to play a part in
Answer:
Equality plays a vital part of democracy.

(iii) a great deal of
Answer:
Our country has a great deal of opportunity.

(iv) at the cost of
Answer:
We should not allow him to do it at the cost of our safety.

(v) a way of life
Answer:
He follows a pious way of life.

MP Board Solutions

Question 12.
Form nouns from the following words:
Answer:

  1. require – requirement
  2. maintain – maintenance
  3. obey – obedience
  4. devote – devotion
  5. judge – judgement
  6. recognize – recognition

Question 13.
Fill in the blanks with the words given below:
merely, achieve, interested, subvert, devotion, salvation.
1. To feel the pain of others is a way to the ……….. of soul.
2. He asked me, “Which subjects are you ………..in?”
3. We have no right to ……….. the liberty and dignity of others.
4. Reading ……….. for pleasure is not enough. It must be for gaining knowledge too.
5. A man of strong will power can ……….. success.
6. ……….. to work is the key to success.
Answer:

  1. salvation
  2. interested
  3. subvert
  4. merely
  5. achieve
  6. Devotion.

Question 14.
Find words from the passage for the following expressions. The first letter of each word is given against each word:

(i) Targets aimed at.
Answer:
Objectives

(ii) Brotherly feeling.
Answer:
Fraternity

(iii) Warning for avoiding danger or making mistake.
Answer:
Caution

(iv) A person who loves and is ready to defend his country.
Answer:
Patriot

(v) Liberation from the bonds of earthly existence or sin.
Answer:
Salvation

(vi) Guiding rule for man’s behaviour.
Answer:
Principles

4.2 Poems

Read the following poems carefully and answer the questions that follow:

Poem 1

See the Workbook Page 109

Question 1.
For whom has the word ‘brave’, been used in the poem?
Answer:
Brave is used for a patriot.

Question 2.
How are the brave who die for the nation blessed?
Answer:
They get the blessings of the whole nation.

Question 3.
What is meant by the word’hallow’d mould’?
Answer:
‘Hallow’d mould’ means human body at rest in grave.

MP Board Solutions

Question 4.
In what sense does the poet use the phrase ‘Fancy’s feet’ in the poem? (Choose the right option.)
(a) thinking deeply
(b) imagination
(c) fresh ideas
(d) fancy thoughts and ideas
Answer:
Imagination.

Question 5.
What does the phrase’fairy hands’ mean?
Answer:
It means tender touch of imagination.

Question 6.
Who sings the farewell song at the grave of the brave?
Answer:
A weeping hermit sings a song at the grave of the brave.

Question 7.
In what forms does ‘honour’ come to the place where the brave are laid to rest?
Answer:
The grave is honoured like a pilgrimage.

Question 8.
Who shall come to the grave as a mourning saint?
Answer:
A hermit.

Question 9.
What type of poem is this? (Choose the right option.) ‘
(a) a nature poem
(b) a romantic poem
(c) a patriotic poem
(d) a descriptive poem
Answer:
(c) a patriotic poem

Question 10.
Find words for the following expressions from the text:

(a) a season of colours, flowers and joy
Answer:
Spring.

(b) to come back
Answer:
Return.

(c) made pious/consecrated
Answer:
Bless.

(d) unsubstantial heavenly creature
Answer:
Fairy.

(e) a song of mourning sung on the death of somebody ‘
Answer:
Dirge.

(f) a man who goes to visit the religious places
Answer:
Pilgrim.

Poem 2

See Workbook Page 110

Question 1.
What has knowledge been compared to?
Answer:
Knowledge has been compared to wealth.

Question 2.
What does knowledge bring in silently?
Answer:
It brings peace.

Question 3.
Is knowledge a safe treasure? If yes, how?
Answer:
No robber can rob it, while giving away it gains and when the world perishes away; it survives.

Question 4.
Who cherish knowledge?
Answer:
The wisemen cherish knowledge.

Question 5.
Whose fall is survived by knowledge?
Answer:
World’s fall is survived by knowledge.

Question 6.
Whose pride has been referred to in the poem?
Answer:
The king’s pride has been referred to in the poem.

Question 7.
……… to give it is gain. It then grows most when parted with, ” What does the poet imply in these
lines?
Answer:
The poet means to say that knowledge regains much when it is parted with. It multiplies when distributed.

Question 8.
Why does the poet say,’ with sleepless hand fills gloriously its lord’?
Answer:
The poet says so because the lord of knowledge fills gloriously and regularly.

Question 9.
What qualities of human beings have been referred to in the poetic passage?
Answer:
Wisdom, pride, royalty.

Question 10.
Personification is a figure of speech in which the attributes of human beings are ascribed to inanimate or abstract things. Mention the lines in which we find instances of personification.
Answer:
Not this which dies / It cherishes / It then grows.

MP Board Solutions

Question 11.
Match the words in column A with their meaning in column B.
A – B
(i) cherish- (a) to compete
(ii) unutterably – (b) related to king or queen
(iii) survive – (c) to keep fresh in memory :
(iv) vie – (d) to live or exist after someone or something
(v) royalty – (e) silently
Answer:
(i) c (ii) e (iii) d (iv) a (v)b.

Poem 3

See Workbook Pages 111-112

Question 1.
Pick out the phrases used by the poet to describe the following features of Kuroop:
Answer:

  • Colour- greeny-brown
  • Grin – gentle grin
  • Legs – stubby legs
  • Skin – scaly skin
  • Eyes – tepid eyes

Question 2.
Why did the crocodile test the water, when he saw his prey of large size?
Answer:
He did it in order to know the taste of his prey.

Question 3.
What, according to the poet, was the prime pleasure of Kuroop’s life?
Answer:
When he grabs, snaps and sips his prey dead, he feels the prime pleasure of life.

Question 4.
Find the words in the poem that mean:

(a) a piece of land surrounded by water on all sides.
Answer:
Isle.

(b) move forward suddenly.
Answer:
Glide.

(c) large in amount or value.
Answer:
Substantial.

(d) the dead body of an animal.
Ans.
Carcass.

Question 5.
The poet says “On the Ganga’s greenest isle “. In the word ‘isle’ the sound of the letter ‘s’ is silent. Write two more such words from the poem.
Answer:
Island.

Question 6.
How did the crocodile catch his prey?
Answer:
The crocodile glides slowly like a floating log. He remains completely silent till he comes nearer and nearer and then it grabs the prey in a single length and kills it.

Question 7.
Why does the poet compare the crocodile with a tadpole?
Answer:
As it remains completely silent only with a raised head the poet compares it with a tadpole.

Question 8.
Give the antonyms of the following words:
(1) thin
(2) above
(3) alive
(4) far
(5) harsh
(6) noisy.
Answer:

  1. fat
  2. beLow
  3. dead
  4. near
  5. gentle
  6. silent.

Poem 4

Workbook Pages 113-114

Question 1.
The poem is titled ‘A Psalm of Life’. In what way may it be called a psalm?
Answer:
It is a song of life.

Question 2.
What is the poet’s attitude to life expressed in the first stanza? Use the words ‘empty dream’, ‘real’ and ‘earnest’ in your answer.
Answer:
The poet’s attitude to life is optimistic. He says that life is not an empty dream. It is real and earnest.

Question 3.
How can a man make the best use of life? Use the word ‘striving’ in your answer.
Answer:
A man can make the best use of life by working and striving to achieve his goal.

Question 4.
What should be a man’s approach towards the past which is dead and the future of which is rosy?
Answer:
One should learn from the lives of great men.

Question 5.
What should be a man’s approach towards the present?
Answer:
One should work With devotion.

Question 6.
Explain the metaphors contained in the words, “In the world’s broad field of battle” and say what a man is like In it.
A man is a soldier in the world’s broad field of battle.

Question 7.
How should a man act in the world’s battlefield?
Answer:
He should fight with courage and hope.

Question 8.
Explain what the poet means when he says, “Be not like dumb, driven cattle!”
Answer:
The poet says to us to be conscious and alert. He doesn’t want people follow anyone blindly.

Question 9.
What has life been compared to in the line ‘Sailing over life’s solemn main’?
Answer:
Here it is compared to the journey of a boatman whose ship is wrecked.

Question 10.
How do great men Inspire us?
Answer:
They teach us to have patience and make an effort. Success is sure. We can also make our life sublime.

MP Board Solutions

Question 11.
Make nouns from the following adjectives:
(1) broad
(2) real
(3) brave
(4) earnest
(5) solemn
(6) long.
Answer:

  1. breadth
  2. reality
  3. bravery
  4. earnestness
  5. solemnity
  6. length.

Question 12.
Use each of the following words first as a noun and then as a verb:

  • act: This drama has three ac. He acted well in the play.
  • beat: Today the postman’s beat is not in this area. Don’t beat him.
  • battle: Alexander won many battles. He battled bravely.
  • present: I gave him a fine present. I presented a fine speech.
  • sail: The boat was on sail. I sailed across the sea.

Question 13.
Make sentences with the following expressions:

  • an empty dream: Life is not an empty dream.
  • destined end: Death is the destined end of life.
  • stout and brave: Be stout and brave and you will win all battles.
  • sands of time: Don’t re on sands of time they are fleeting.
  • a hero in the strife: Prove yourself to be a hero in the strife.

Question 14.
Find out words with the following meanings in the text:

  • sad: mournful
  • swiftly moving: fleeting
  • temporary camp without tents: bivouac
  • without the power of speech: dumb
  • extremely good and beautiful: sublime

Poem 5

See Workbook Pages 116-117

Question 1.
How many ways of laughing have been mentioned in the poem? Bring out the distinction between them.
Answer:
Three ways of laughing have been mentioned in the poem. ‘Laughing with hearts means’inner pleasure,’Laughing with eyes’means expression of pleasure and . ‘laughing with teeth’ means weak laugh.

Question 2.
Which parts of human anatomy have been referred to in the poem?
Answer:
Anatomy of face and heart has been referred to in the poem.

Question 3.
Why does the poet say, ‘they only laugh with their teeth’?
Ans.
Now they have no inner strength. So, they express they’re laughing only by showing their teeth.

Question 4.
What do these expressions convey?
Answer:

  • ice-block cold eyes: tired and exhausted
  • a snake’s bare fangs: rage without effect.

Question 5.
What attitude do the expressions,’ feel at home and come again’ suggest?
Answer:
The express unwilling welcome to someone.

Question 6.
What does the poet want to be like and why?
Answer:
The poet wants to be what he used to be as a child.

Question 7.
What does the expression, ‘there will be no thrice’ imply?
Answer:
It implies that a frequent visit bores them.

Question 8.
What has the poet learnt to do?
Answer:
The poet has learnt to wear many faces like dresses.

Question 9.
What does the poet want to relearn?
Answer:
The poet wants to relearn how to laugh.

Question 10.
What message does the poem convey?
Answer:
The poem conveys that the world is very materialistic and professional. There is just a formal relationship.

4.3 Pictures, Pie Charts, Bar Diagrams Etc.

I. Read the poster carefully. On the basis of the information provided in the poster and using your own imagination, answer the questions that follow:

See Workbook Page 119

Question 1.
What is the goal of Sarva Shiksha Abhiyan?
Answer:
The goal of Sarva Shiksha Abhiyan is to spread quality elementary education.

Question 2.
What strategy is being adopted for bridging social and gender gaps?
Answer:
The strategy is to focus on girls, especially belonging to SC/ST communities and other minority groups.

Question 3.
Is this poster designed for a specific section of the population (target group)? If yes, mention the group.
Answer:
The group is of the girls from SC/ST and other minority groups.

Question 4.
Give your suggestions for improving the layout of the poster.
Answer:
This poster should highlight some avenues that one can explore after getting. education. The layout can be improved by images of hazards already prevalent in the society of the lack of education.

Question 5.
How can you help the State in Sarva Shiksh Abhiyan?
Answer:
We can spare some of our time for educating the children. We can also donate our used books and stationery for them.

Question 6.
Enlist the facilities being offered to the girl child?
Answer:

  • Free textbooks
  • Special coaching remedial classes with congenial environment
  • Special funds for innovative projects for girls education
  • Recruitment of female teachers

Question 7.
What does sensitisation of the teachers aim at?
Answer:
It aims at encouraging the girls coming to school.

Question 8.
Why are 50 percent of posts of teachers being reserved for women?
Answer:
They are more tolerant and can cooperate with the children with their motherly care.

MP Board Solutions

II. The following process diagram gives the stepwise process of asthma attacks. Read it carefully and answer the questions that follow.

See Workbook Page 121

Question 1.
What causes an asthma attack?
Answer:
An asthma attack is caused by an allergic reaction to pollin, smog or other substances.

Question 2.
What is the normal function of the lungs? How do they work?
Answer:
The normal functions of the lungs is to inhale fresh oxygen. Oxygen travels through bronchial tubes and enters blood through the alveoli walls. Carbon dioxide passes from blood into alveoli and is exhaled from blood.

Question 3.
Write three factors hindering normal breathing process.
Ans.
The complex process that is under both conscious and uncondouscontrol.lt involves three factors are: inhalation, exhalation and rest period.

Question 4.
What are:
(a) Bronchiole: Smaller branch of bronchial tube.
(b) Alveoli: Air sacs.
(c) Trachea: Wind pipe

Question 5.
How do the two pictures of the bronctual tube differ?
Answer:
One shows a healthy bronctual while the other is diseased.

MP Board Solutions

III. Read the dictionary entries from the Webster’s Student Dictionary on the word ‘ship’ and y related words.
See Workbook Page 123

Now answer the following questions:

Question 1.
What are the three different meanings given for the wordship used as a noun.
Answer:

  1. Any large vessel suitable for deep water navigation.
  2. The crew and officers of such a vessel.
  3. An aircraft or spacecraft.

Question 2.
What is the old English word (indicated by the abbreviation OE) for ship?
Answer:
Scip.

Question 3.
Give one word for:

(a) The captain of a merchant ship.
Answer:
Shipmaster.

(b) One whose work is to construct or repair ships.
Answer:
Shipbuilder.

(c) A fellow sailor.
Answer:
Shipmate.

(d) One who ships goods.
Answer:
Shipper.

Question 4.
Write three other words derived from the word’ship’? ‘
Answer:
Shipping, shipwreck, shipyard

Question  5.
Read the entry-ship, where ship is used as a suffix. Now try to define the word ‘workmanship’ (a workman is one who earns his living by working with his hands).
Answer:
Friendship

Question 6.
Write three other words where ‘ship’ is used as a suffix.
Answer:
Scholarship, Studentship, Apprenticeship.

MP Board Solutions

IV. The pie chart given below shows the results of a health check-up conducted in a school

See Workbook Page 124

Read it carefully and answer the questions given below on the basis of the information given in the chart and using your own imagination.

Question 1.
Which problem is most severe among the school children?
Answer:
Dental problem is the most severe.

Question 2.
Which is the least severe problem?
Answer:
Underweight.

Question 3.
Which problems are directly related to the eating habits of the children? Give reasons to support your answer.
Answer:
Underweight and obesity are the problems directly related to the food habits of children because if they eat less or improper, they become underweight and if they eat more then they become obese.

Question 4.
Which problems are related to hygiene? Give reasons to support your answer.
Answer:
Skin problem and dental problem. They are caused due to hygienic habits.

Question 5.
How many children are obese and how many are underweight?
Answer:
Ten percent are obese while ten percent underweight.

Question 6.
Which problem is a less serious-dental problem or eye problem?
Answer:
The dental problem is less serious.

MP Board Solutions

V. On the basis of the flowchart given below answer the questions that follow:

See Workbook Page 125

Question 1.
What is the ultimate source of energy? Why?
Answer:
Sun is the ultimate source of energy because every object on this earth gets energy from it.

Question 2.
Trace the relationship between solar and hydro-electric energy.
Answer:
Solar energy is directly gained from the sun while hydro-electric energy is produced by water which processes through solar energy.

Question 3.
How is energy stored in plants rendered as heat energy?
Answer:
Through photosynthesis.

Question 4.
How is hydro-electricity is produced?
Answer:
Hydro-electricity is produced through the current of flowing water.

Question 5.
Plants use light for the process of photosynthesis. How is this energy changed in muscular energy?
Answer:
Through animals.

Question 6.
How is gobar gas obtained?
Answer:
Gobar gas is obtained by processing the animal waste.

Question 7.
What are the different sources of heat energy?
Answer:
Wind, tide, sea waves, water are the sources of heat energy.

MP Board Class 12th English Solutions

MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था

MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 15 संचार व्यवस्था

संचार व्यवस्था  अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

संचार व्यवस्था  विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
संचार व्यवस्था क्या है? इसके कितने मूल अवयव हैं? स्पष्ट कीजिए।
अथवा रेडियो संचार व्यवस्था का नामांकित ब्लॉक आरेख बनाइए। [2014, 16, 17]
अथवा संचार व्यवस्था के मुख्य अवयव कौन-कौन से हैं? एक ब्लॉक आरेख द्वारा प्रदर्शित कीजिए। [2017]
अथवा संचार व्यवस्था का योजनाबद्ध आरेख खींचिए तथा इसके विभिन्न अवयवों का उल्लेख कीजिए। [2016, 18]
उत्तर :
संचार व्यवस्था (Communication System)-“सूचनाओं अथवा सन्देशों के एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानान्तरण की प्रक्रिया संचार कहलाती है।” इस प्रकार सन्देशों अथवा सूचनाओं को किसी विधि द्वारा (विद्युतचुम्बकीय तरंगों द्वारा अथवा केबिल्स द्वारा) एक स्थान से सम्प्रेषित करके दूसरे स्थान पर ग्रहण करने की व्यवस्था को संचार व्यवस्था कहते हैं।

संचार व्यवस्था के अवयव (Elements of a Communication System)-संचार व्यवस्था किसी भी प्रकृति की हो, इसके तीन प्रमुख अवयव होते हैं-

  1. प्रेषित्र (transmitter),
  2. संचार माध्यम (communication channel) तथा
  3. अभिग्राही (receiver)।

1. प्रेषित्र (Transmitter)- इसे सम्प्रेषण चैनल भी कहते हैं क्योंकि यह मूल सन्देश (जैसे—भाषण, सूचना) सिग्नल को एक उचित सिग्नल में बदलता है। जब कोई वक्ता व श्रोता के बीच की दूरी बहुत अधिक होती है तो तारें (केबिल्स) सम्प्रेषण चैनल का कार्य नहीं कर पाती हैं। इस स्थिति में पहले ध्वनि को माइक्रोफोन द्वारा विद्युत सिग्नलों में बदलते हैं तथा इनकी शक्ति को ऐम्पिलीफायर द्वारा बढ़ाकर इनको रेडियो आवृत्ति की वाहक तरंगों के साथ मॉडुलित करके ऐन्टिना द्वारा विद्युतचुम्बकीय तरंगों के रूप में अन्तरिक्ष में प्रेषित कर देते हैं।

2. संचार माध्यम (Communication Channel)- संचार माध्यम ऐसा भौतिक माध्यम (अथवा मुक्त आकाश) है जिसके द्वारा प्रेषित्र से भेजी गई विद्युतचुम्बकीय तरंगों के रूप में सूचना अथवा भाषण अभिग्राही के ऐन्टिना पर पहुँचती है, संचार माध्यम कहलाता है। यह तारों का एक युग्म अर्थात् केबिल तथा बेतार अर्थात् मुक्त आकाश में से कुछ भी हो सकता है।

3. अभिग्राही (Receiver)- अभिग्राही प्रेषित्र द्वारा भेजे गए परिवर्तित सिग्नल को वास्तविक सिग्नल में बदलता है। इस प्रक्रिया को विमॉडुलन (demodulation) अथवा डिमॉडुलन कहते हैं। जब अभिग्राही के ऐन्टिना पर मॉडुलित तरंगें पहुँचती हैं तो वहाँ पर पहले श्रव्य तरंगों को अलग कर लेते हैं फिर इन्हें प्रवर्धित कर लाउडस्पीकर को भेज देते हैं। यहाँ पर इन्हें पुन: ध्वनि तरंगों में परिवर्तित कर देते हैं।

संचार व्यवस्था का नामांकित आरेख चित्र-15.3 में प्रदर्शित है
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 1

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
इलेक्ट्रॉनिक संचार व्यवस्था में प्रयुक्त होने वाली मूल शब्दावली को परिभाषित कीजिए।
उत्तर
इलेक्ट्रॉनिक संचार व्यवस्थाओं में उपयोग होने वाली मूल शब्दावली (Basic Terms Used in Electronic Telecommunication System)-किसी भी संचार व्यवस्था को समझने के लिए उसकी मूल शब्दावली को समझना आवश्यक है। संचार व्यवस्था की मूल शब्दावली में सम्मिलित मुख्य शब्द निम्न प्रकार हैं

1. ट्रान्सड्यूसर (Transducer)- ट्रान्सड्यूसर वह युक्ति है जो ऊर्जा के एक रूप को दूसरे रूप में परिवर्तित कर देती है। इलेक्ट्रॉनिक संचार व्यवस्थाओं में प्रायः ऐसी युक्तियाँ प्रयुक्त होती हैं जिनका निवेश (input) अथवा निर्गत (output) विद्युतीय रूप में होता है। विद्युतीय ट्रान्सड्यूसर एक ऐसी युक्ति है जो कुछ भौतिक चरों जैसे दाब, विस्थापन, बल, ताप आदि को अपने निर्गत (output) पर विद्युतीय सिग्नल में रूपान्तरित कर देती है।

2. सिग्नल (Signal)- प्रेषण के लिए उपयुक्त विद्युत रूप में रूपान्तरित सूचना को सिग्नल या संकेत कहते हैं। सिग्नल अनुरूप (analog) अथवा अंकीय (digital) प्रकार का हो सकता है। अनुरूप सिग्नल में वोल्टता तथा धारा निरन्तर परिवर्तित होते हैं जो अनिवार्यतः समय के एकल मान वाले फलन होते हैं। टेलीविजन के ध्वनि तथा दृश्य सिग्नल, अनुरूप सिग्नल होते हैं। अंकीय सिग्नल में वोल्टता तथा धारा क्रमवार विविक्त मान प्राप्त करते हैं। अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी में मुख्य रूप से द्विआधारी पद्धति (binary system) प्रयुक्त होती है जिसमें किसी सिग्नल के केवल दो स्तर होते हैं। वोल्टता-धारा के निम्न स्तर को ‘0’ से तथा वोल्टता-धारा के उच्च स्तर को ‘1’ से प्रदर्शित किया जाता है।

3. शोर (Noise)- शोर का अर्थ है अवांछनीय सिग्नल जो किसी संचार व्यवस्था में सन्देश सिग्नलों के प्रेषण तथा अभिग्रहण में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयत्न करता है।

4. प्रेषित्र (प्रेषी) (Transmitter)- प्रेषित्र वह युक्ति है जो सूचनाओं के विद्युत सिग्नलों.को संसाधित कर वाहक तरंगों (carrier waves) पर अध्यारोपण के पश्चात् उसे संचार माध्यम से होकर प्रेषण तथा अभिग्राही पर अभिग्रहण के लिए उपयुक्त बनाती है।

5. अभिग्राही (Receiver)- अभिग्राही वह युक्ति है जो संचार माध्यम के निर्गत (output) पर प्राप्त सिग्नल से वांछनीय सन्देश सिग्नलों को प्राप्त करता है।

6. क्षीणता (Attenuation)- संचार माध्यम से संचरण के समय सिग्नल की प्रबलता में क्षति होने की प्रक्रिया क्षीणता कहलाती है।

7.प्रवर्धन (Amplification)- किसी इलेक्ट्रॉनिक परिपथ द्वारा सिग्नल की प्रबलता बढ़ाने की प्रक्रिया प्रवर्धन कहलाती है। संचार व्यवस्था में क्षीणता के कारण होने वाले क्षय की क्षतिपूर्ति के लिए प्रवर्धन आवश्यक है।

8. परास (Range)- प्रेषित्र तथा अभिग्राही के सिरों के बीच की वह अधिकतम दूरी है जहाँ तक सिग्नल को उसकी पर्याप्त प्रबलता के साथ अथवा मॉडुलेशन से प्राप्त किया जा सकता है, परास कहलाती है।

9. बैण्ड-चौड़ाई (Bandwidth)- बैण्ड-चौड़ाई से तात्पर्य उस आवृत्ति परास से है जिस पर कोई उपकरण कार्य करता है अथवा सिग्नल में उपस्थित तरंगों की आवृत्ति-परास को बैण्ड-चौड़ाई कहते हैं।

10. मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन (Modulation)- निम्न आवृत्ति की विद्युतचुम्बकीय तरंगों को बहुत अधिक दूरियों तक प्रेषित नहीं किया जा सकता है। इसीलिए प्रेषित्र पर, निम्न आवृत्ति की विद्युतचुम्बकीय तरंगों को उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों पर अध्यारोपित कराया जाता है। इस प्रक्रिया को मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन कहते हैं।

11. विमॉडुलन अथवा डिमॉडुलेशन (Demodulation)- वह प्रक्रिया जिसमें अभिग्राही से प्राप्त मॉडुलित तरंगों में से मूल विद्युतचुम्बकीय तरंगों को अलग किया जाता है, उन्हें विमॉडुलन अथवा डिमॉडुलेशन कहते हैं।

12. पुनरावर्तक (Repeater)- पुनरावर्तक अभिग्राही तथा प्रेषित्र का संयोजन होता है। पुनरावर्तक का उपयोग किसी संचार व्यवस्था का परास बढ़ाने के लिए किया जाता है। पुनरावर्तक प्रेषित से सिग्नल प्राप्त करके उसे प्रवर्धित करता है तथा उसे अभिग्राही को पुनः प्रेषित कर देता है।

प्रश्न 3.
सिग्नलों की बैण्ड-चौड़ाई से क्या तात्पर्य है? समझाइए।
उत्तर
सिग्नलों की बैण्ड-चौड़ाई (Bandwidth of Signals)-किसी संचार व्यवस्था द्वारा प्रेषित किया जाने वाला सन्देश सिग्नल, कोई आवाज, संगीत, दृश्य अथवा डिजिटल आँकड़ा हो सकता है। इन सिग्नलों में प्रत्येक का आवृत्ति परास भिन्न-भिन्न होता है। किसी दिए गए सिग्नल की संचार प्रक्रिया के लिए किस प्रकार की संचार व्यवस्था होनी चाहिए यह उस सिग्नल के आवृत्ति बैण्ड पर निर्भर करता है। किसी सिग्नल की आवृत्ति परास उस सिग्नल की आवृत्ति बैण्ड कहलाती है तथा बैण्ड में . सम्मिलित उच्चतम तथा न्यूनतम आवृत्तियों का अन्तर बैण्ड-चौड़ाई कहलाता है। बैण्ड-चौड़ाई के आधार पर सिग्नल दो प्रकार के होते हैं

1. वाक् सिग्नल (Speech Signals)-ध्वनि तरंगों की आवृत्ति का श्रव्य परिसर 20 हर्ट्स से 20 किलोहर्ट्स तक है। वाक् सिग्नलों के लिए उपयुक्त आवृत्ति परास 300 हर्ट्स से 3100 हर्ट्स है। अत: वाक् सिग्नलों के व्यापारिक टेलीफोन संचार के लिए बैण्ड-चौड़ाई 3100 हर्ट्स – 300 हर्ट्स = 2800 हर्ट्स है। वाद्य यन्त्र उच्च आवृत्तियों के स्वर उत्पन्न करते हैं, अत: संगीत के प्रेषण के लिए बैण्ड-चौड़ाई लगभग 20 किलोहर्ट्स होती है।

2. टी० वी० सिग्नल (T.V. Signals)-दृश्यों के प्रसारण (प्रेषण) के लिए वीडियो सिग्नलों को 4.2 मेगाहर्टस बैण्ड-चौड़ाई की आवश्यकता होती है। T.V. सिग्नलों में दृश्य तथा श्रव्य दोनों अवयव होते हैं तथा उनके प्रेषण के लिए प्रायः 6 मेगाहर्ट्स बैण्ड-चौड़ाई आवंटित की जाती है। विभिन्न सिग्नलों के आवृत्ति परास तथा बैण्ड-चौड़ाई सारणी-1 में दिए गए हैं
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 2

प्रश्न 4.
प्रेषण माध्यम की बैण्ड-चौड़ाई को समझाइए।
उत्तर
प्रेषण माध्यम की बैण्ड-चौड़ाई (Bandwidth of Transmission Mediator)-सन्देश सिग्नलों की ही भाँति अलग-अलग प्रकार के प्रेषण माध्यमों के लिए भिन्न-भिन्न बैण्ड-चौड़ाई की आवश्यकता होती है। सामान्यतया प्रेषण में प्रयुक्त होने वाले माध्यम-तार, मुक्त आकाश तथा प्रकाशिक तन्तु केबिल हैं।

1. तारें (Wires)-माध्यम के रूप में समाक्षी केबिल (coaxial cable) व्यापक रूप से प्रयुक्त किया जाता है जो सामान्यत: 18 गीगाहर्ट्स आवृत्ति से नीचे कार्य करता है तथा जिसके लिए बैण्ड-चौड़ाई लगभग 750 मेगाहर्ट्स है।

2. मुक्त आकाश (Free Space)-संचार माध्यम के रूप में मुक्त आकाश से रेडियो तरंगों का विस्तृत आवृत्ति परास संचरित होता है। रेडियो तरंगों के विभिन्न आवृत्ति परिसर को अलग-अलग सेवाएँ प्रदान करने के लिए आवंटित किया गया है जिन्हें सारणी-2 में प्रदर्शित किया गया है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 3

प्रश्न 5.
पृथ्वी के वायुमण्डल की विभिन्न परतों तथा उनका संचार में उपयोग समझाइए।
उत्तर
पृथ्वी का वायुमण्डल (Earth’s Atmosphere)-पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित गैसों के आवरण को वायुमण्डल कहते हैं। वायुमण्डल में मुख्यत: नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, गैसें तथा अल्प मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, आर्गन गैसें व जलवाष्प तथा सल्फर के यौगिक तथा धूल के कण होते हैं। पृथ्वी तल से ऊँचाई के साथ वायुमण्डल का घनत्व धीरे-धीरे घटता जाता है। पृथ्वी के वायुमण्डल की कोई स्पष्ट सीमा रेखा नहीं है, फिर भी इसे विभिन्न परतों में विभाजित किया जाता है जो निम्न प्रकार हैं

1. क्षोभमण्डल (Troposphere)-इस भाग का विस्तार पृथ्वी तल से 10 किमी की ऊँचाई तक होता है। इस क्षेत्र में पृथ्वी तल से ऊँचाई के साथ ताप 15°C से -50°C तक घटता है। हमारे पर्यावरण को प्रभावित करने वाली अधिकांश मौसमी घटनाएँ इसी क्षेत्र में उत्पन्न होती हैं।

2. समतापमण्डल (Stratosphere)-इस भाग का विस्तार पृथ्वी तल से 10 किमी से 50 किमी तक होता है। यह भाग धूल रहित, जल-वाष्प रहित होता है। इस भाग में ऊपर की ओर चलने पर ताप – 50°C से बढ़कर 10°C तक हो जाता है तथा वायु का घनत्व घटकर पृथ्वी तल पर घनत्व की तुलना में 10-3 हो जाता है। समतापमण्डल में पृथ्वी तल से 30 किमी से लेकर 50 किमी तक के भाग को ओजोन परत (ozone layer) कहते हैं। यह परत सूर्य से आने वाले अधिकांश पराबैंगनी विकिरणों का अवशोषण कर लेता है और इस प्रकार पृथ्वी के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है।

3. मध्यमण्डल (Mesosphere)-इस भाग का विस्तार पृथ्वी तल से 50 किमी ऊँचाई से 80 किमी ऊँचाई तक होता है। इस भाग में ऊपर की ओर जाने पर ताप एकसमान रूप से 10°C से घटकर -90°C हो जाता है तथा वायु का घनत्व घटकर पृथ्वी तल पर घनत्व की तुलना में 10-3 से 10- हो जाता है। यह क्षेत्र उच्च आवृत्ति (H.F.) की विद्युतचुम्बकीय तरंगों के एक भाग को अवशोषित कर शेष भाग को अपने में से होकर पृथ्वी की ओर आने देता है।

4. आयनमण्डल (Ionosphere)-इस भाग का विस्तार पृथ्वी तल से 80 किमी ऊँचाई से 400 किमी ऊँचाई तक होता है। इस भाग में ऊपर की ओर जाने पर ताप एकसमान रूप से -93°C से 427°C तक बढ़ता है तथा वायु का घनत्व पृथ्वी तल पर घनत्व की तुलना में 10-5 से घटकर 10-10 गुना रह जाता है। आयनमण्डल के इस भाग को तापमण्डल (thermosphere) कहते हैं। सूर्य से आने वाली पराबैंगनी तथा X-किरणें इस भाग में आयनन (ionisation) उत्पन्न करती हैं, इसी कारण इस भाग में अधिकांशत: मुक्त इलेक्ट्रॉन व धन आयन होते हैं।

इसी कारण इस भाग को आयनमण्डल कहते हैं। पृथ्वी तल से लगभग 110 किमी की ऊँचाई पर इलेक्ट्रॉनों की सान्द्रता बहुत अधिक हो जाती है तथा इसका विस्तार लगभग 150 किमी तक ऊपर की ओर होता है, इस परत को E परत अथवा कैनेली हैवीसाइड परत (Kennelly-Heaviside Layer) कहते हैं। इसके पश्चात् पृथ्वी तल से 250 किमी की ऊँचाई तक इलेक्ट्रॉनों की सान्द्रता काफी घट जाती है। इसके ऊपर इलेक्ट्रॉनों की अपेक्षाकृत अधिक सान्द्रता की एक ओर परत होती है, जिसे F-परत अथवा एपल्टन परत (Appleton layer) कहते हैं।

आयनमण्डल की E तथा F परतों से रेडियो तरंगों का परावर्तन होता है। वह अधिकतम आवृत्ति जो आयनमण्डल द्वारा परावर्तित हो सकती है, क्रान्तिक आवृत्ति (critical frequency) कहलाती है, इसे ‘fc‘ से प्रदर्शित करते हैं।
क्रान्तिक आवृत्ति \(f_{c}=9 \sqrt{N_{\max }}\)
जहाँ Nmax आयनमण्डल की उस परत का (जहाँ परावर्तन होता है) अधिकतम इलेक्ट्रॉन घनत्व है।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
वायुमण्डल में वैद्युतचुम्बकीय तरंगों का संचरण किस प्रकार होता है? समझाइए।
अथवा व्योम तरंगें क्या हैं? इनके संचरण का संक्षिप्त विवरण दीजिए।  [2018]
अथवा व्योम तरंग संचरण तथा आकाश तरंग संचरण से क्या तात्पर्य है?  [2014]
अथवा आकाश तरंग संचरण की आवृत्ति परास लिखिए।समझाइए कि इन तरंगों का संचरण कितने प्रकार से किया जाता है? [2018]
अथवा व्योम तरंगों तथा आकाश तरंगों का वर्णन कीजिए।  [2018]
अथवा सिद्ध किजिए कि आकाश तरंगों के संचरण हेतु एक टी०वी० प्रेषी ऐन्टिना जो पृथ्वी तल से h ऊँचाई पर है, का प्रसारण परास \(d=\sqrt{2 R h}\) है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। [2015,17]
अथवा एक टी०वी० ऐन्टिना की ऊँचाई मीटर है। दर्शाइए कि इसके द्वारा पृथ्वी की सतह पर दूरी \(d_{T}=\sqrt{2 h R} \sqrt{10 h}\) तक सिग्नल प्रसारित किया जा सकता है, यहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है।  [2018]
उत्तर
वायुमण्डल में वैद्युतचुम्बकीय तरंगों का संचरण अथवा विभिन्न संचार विधियाँ (Propagation of Electromagnetic Waves in Atmosphere or Different Modes of Propagation)-विभिन्न आवृत्ति परास की सूचना सिग्नलों के संचार के लिए भिन्न-भिन्न संचार विधियाँ प्रयुक्त की जाती हैं जो अग्र प्रकार हैं

1. भू-तरंग संचरण (Ground Wave Propagation)- वह रेडियो तरंग जो पृथ्वी के पृष्ठ के अनुदिश एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक गमन करती हैं, भू-तरंग (ground wave) कहलाती हैं। किसी भी सिग्नल को उच्च दक्षता से विकिरित करने के लिए ऐन्टिना का न्यूनतम आकार सिग्नल की तरंगदैर्घ्य (2) का एक चौथाई (214) होना चाहिए। विद्युतचुम्बकीय तरंगें (रेडियो तरंगें) जिनकी आवृत्ति 500 किलोहर्ट्स से 1500 किलोहर्ट्स तक होती है का संचरण प्रेषित्र से अभिग्राही तक पृथ्वी तल के समीप वायुमण्डल में पृथ्वी सतह की चालकता के कारण समान्तर होता है।

भू-तरंगें गमन करते समय पृथ्वी पर आवेश प्रेरित करती हैं, जो तरंग के साथ आगे बढ़ता है तथा पृथ्वी की सतह पर प्रेरित धारा उत्पन्न करता है। प्रेरित धाराओं के प्रवाह के कारण इन तरंगों की प्रबलता क्षीण होती जाती है। पृथ्वी के समीप संचरित तरंगें ऊर्ध्वाधर तल में ध्रुवित होती हैं, अत: इनका विद्युत क्षेत्र पृथ्वी तल के समान्तर होता है, जिसका अवशोषण, पृथ्वी तल के प्रतिरोध तथा वस्तुओं द्वारा विवर्तन होने के कारण बहुत अधिक होता है।

विवर्तन के कारण ही तरंगों के आगे बढ़ने के साथ उनका झुकाव कोण बढ़ता जाता है और कुछ दूरी तय करने के बाद तरंग नीचे आ जाती है तथा समाप्त हो जाती है। अत: ये बहुत दूरी तक संचरित नहीं होती है। अधिक आवृत्ति की तरंगों का अवशोषण अधिक होने के कारण, अधिक आवृत्ति की रेडियो तरंगों का संचरण इस विधि में नहीं होता है। भू-तरंग संचरण का परास रेडियो तरंगों की आवृत्ति तथा प्रेषित्र की शक्ति पर निर्भर करता है।

2. व्योम तरंग संचरण (Sky Wave Propagation)-वे रेडियो तरंगें जिनका संचरण वायुमण्डल में आयनमण्डल की उपस्थिति के कारण होता है, व्योम तरंगें कहलाती हैं। व्योम तरंगों (sky waves) की आवृत्ति 3 मेगाहर्ट्स से 30 मेगाहर्ट्स तक होती है। ये तरंगें वायुमण्डल के आयनमण्डल द्वारा परावर्तित हो जाती हैं तथा इनसे उच्च आवृत्ति की विद्युतचुम्बकीय तरंगें आयनमण्डल को भेदकर पलायन कर जाती हैं।

इनका प्रेषित्र ऐन्टिना द्वारा वायुमण्डल में प्रसारण होता है तथा वायुमण्डल के आयनमण्डल द्वारा पूर्ण आन्तरिक परावर्तन होने के बाद ये अभिग्राही ऐन्टिना में प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न करती हैं। व्योम तरंग संचरण उच्च आवृत्तियों की लम्बी दूरी तक (4000 किमी तक) संचरित करने के उपयोग में लायी जाती है।

3. आकाश तरंग अथवा क्षोभमण्डलीय संचरण (Space Wave or Tropospheric Propagation)- आकाश तरंगों की आवृत्ति 40 मेगाहर्टस से 300 मेगाहर्टस होती है। आकाश तरंगें प्रेषित्र ऐन्टिना से सीधे, पृथ्वी तल से परावर्तन के पश्चात् अथवा क्षोभमण्डल (troposphere) से परावर्तन के पश्चात् अभिग्राही ऐन्टिना तक पहुँचती है। इसलिए इनके संचरण को क्षोभमण्डलीय संचरण (tropospheric propagation) भी कहते हैं।

आकाश तरंग संचरण में परा उच्च आवृत्ति (UHF), अति उच्च आवृत्ति (VHF) तथा माइक्रोवेव (microwave) तरंगों का उपयोग किया जाता है। उच्च आवृत्ति का संचरण भू-तरंग तथा व्योम तरंग के द्वारा नहीं हो सकता है क्योंकि पृथ्वी की सतह पर बहुत कम दूरी तय करने पर अति उच्च आवृत्ति तथा परा उच्च आवृत्ति की तरंगें पूर्णत: अवशोषित हो जाती हैं तथा ये तरंगें आयनमण्डल से परावर्तित नहीं होतीं वरन् उससे पारगमित हो जाती हैं। आकाश तरंग संचरण दृष्टि रेखा संचार (Line of Sight distance, LOS) तथा पृथ्वी की वक्रता (curvature of the earth) द्वारा सीमित होता है।

इन तरंगों का संचरण निम्न दो प्रकार से किया जा सकता है-

  • भू-स्थिर संचार उपग्रहों के द्वारा संचार उपग्रह सिग्नलों को परावर्तित कर अभिग्राही ऐन्टिना तक प्रेषित कर देता है।
  • सीधे प्रेषित्र ऐन्टिना के द्वारा-इन विधि में प्रेषित्र ऐन्टिना से प्रसारित सिग्नल सीधे अभिग्राही ऐन्टिना तक पहुँच जाता है। दीर्घ दूरी तक प्रसारण के लिए प्रेषित्र ऐन्टिना की ऊँचाई अधिक रखी जाती है।

(a) प्रेषित्र ऐन्टिना की पृथ्वी से ऊँचाई (h) तथा पृथ्वी पर उसके परास (d) में सम्बन्ध [Relation between Height of Transmitting Antenna from Earth (h) and its Range on Earth (d)]-माना प्रेषित्र ऐन्टिना (T) की पृथ्वी से ऊँचाई h है तथा पृथ्वी का केन्द्र 0 व त्रिज्या R है। पृथ्वी की वक्रता के कारण पृथ्वी सतह के बिन्दुओं A व B से दूर सिग्नल प्राप्त नहीं किए जा सकते। यहाँ AT व BT क्रमशः बिन्दुओं A व B पर स्पर्श रेखाएँ हैं। माना d ऐन्टिना के आधार से पृथ्वी की दूरी है जहाँ तक सिग्नल प्राप्त होते हैं।
त्रिभुज TOA में,
OT2 = (OA)2 + (AT)2
जहाँ OT = R+ h, OA = R, AP ≈ AT = d (:: h << R)
अत: (R+ h)2 = R2 +d2
अत: R2 + h2 +2 Rh = R2 +d2
अथवा h2 +2Rh = d2
अथवा 2 Rh = d2
प्रसारण परास \(d=\sqrt{2 R h}\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 4

d वह दूरी है जहाँ तक प्रेषित्र ऐन्टिना से पृथ्वी पर सिग्नल पहुँचता है। यह प्रेषित्र ऐन्टिना की ऊँचाई h पर निर्भर करता है अर्थात् ऊँचाई h अधिक होने पर अधिक तथा कम होने पर कम होता है। . A वह क्षेत्रफल है, जहाँ तक ऐन्टिना द्वारा प्रेषित टी०वी० प्रसारण देखा जा सकता है
A= πd2 = 2πRh
इस क्षेत्र में प्रसारण से लाभान्वित जनसंख्या = जनसंख्या घनत्व – क्षेत्रफल जिनमें TV सिग्नल प्रसारित हो सकता है।

(b) प्रेषित्र ऐन्टिना की ऊँचाई (ht) तथा अभिग्राही ऐन्टिना की ऊँचाई (hR) हो तो इनके मध्य संचरण दृष्टि रेखा (Line of Sight distance, LOS) की अधिकतम

दूरी-40 मेगाह से अधिक आवृत्तियों पर संचार केवल दृष्टि रेखीय (LOS-Line of Sight) द्वारा ही सम्भव है। LOS प्रकृति का संचार चित्र-15.4 में दर्शाया गया है, जिसमें पृथ्वी की वक्रता के कारण सीधी तरंगें किसी बिन्दु P पर अवरोधित हो जाती हैं, यदि सिग्नल को क्षैतिज से आगे (दृष्टि बाधित क्षेत्र में) प्राप्त करना है तो अभिग्राही ऐन्टिना की ऊँचाई hR अधिक रखनी होगी जिससे वह LOS तरंगों को प्राप्त कर सके। यदि प्रेषक ऐन्टिना की ऊँचाई hT,उससे क्षितिज बिन्दु P की दूरी dT तथा अभिग्राही ऐन्टिना की ऊँचाई hR, उससे क्षितिज बिन्दु P की दूरी dR हो (चित्र-15.5) तथा दोनों ऐन्टिनाओं के बीच की अधिकतम दृष्टि रेखा की दूरी dM हो, तो
\(d_{M}=d_{T}+d_{R}=\sqrt{2 R h_{T}}+\sqrt{2 R h_{R}}\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 5

प्रश्न 7.
मॉडुलेशन से क्या तात्पर्य है? इसकी आवश्यकता क्यों पड़ती है? समझाइए। [2015]
अथवा तरंगों के ‘मॉडुलन’ से क्या तात्पर्य है? किसी माध्यम में तरंगों के संचरण में मॉडुलन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए। [2018]
अथवा दो कारणों को लिखिए जिससे किसी सिग्नल के मॉडुलन की आवश्यकता स्पष्ट होती है।  [2014]
अथवा सिग्नल संचरण के लिए मॉडुलेशन की आवश्यकता क्यों है?  [2015]
उत्तर
मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन तथा इसकी आवश्यकता (Modulation and its Need)-निम्न आवृत्ति की वैद्युतचुम्बकीय तरंगों को उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों पर अध्यारोपित करने की प्रक्रिया को मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन कहते हैं। … निम्न आवृत्ति की अध्यारोपित की जाने वाली तरंगों को मॉडुलेटिंग तरंग (modulating waves) उच्च आवृत्ति की तरंगों को जिन पर निम्न आवृत्ति की तरंगें अध्यारोपित की जाती हैं, को वाहक तरंगें (carrier waves) तथा मॉडुलेशन प्रक्रिया के फलस्वरूप प्राप्त परिणामी तरंग को मॉडुलित तरंग (modulated waves) कहते हैं।

संचार निकाय में सन्देश सिग्नल श्रव्य आवृत्ति परास (20 हर्ट्स से 20000 हर्ट्स) के होते हैं। प्रेषित करने से पूर्व इनकों . माइक्रोफोन द्वारा विद्युत सिग्नल में परिवर्तित किया जाता है जिनका आवृत्ति परास भी इतना ही होता है। इन तरंगों को लम्बी दूरी तक प्रसारित नहीं किया जा सकता है इनके निम्नलिखित कारण हैं

1. ऐन्टिना का आकार (Size of Antenna)- किसी सन्देश सिग्नल को प्रेषित करने के लिए ऐन्टिना की आवश्यकता होती है। किसी सिग्नल को प्रसारित करने के लिए ऐन्टिना की लम्बाई सिग्नल की तरंगदैर्घ्य की कोटि की न्यूनतम 21 4 होनी चाहिए। श्रव्य तरंगों की आवृत्ति परास 20 हर्ट्स से 20 किलोहर्ट्स होती है जिनके लिए न्यूनतम तरंगदैर्घ्य λ = \(\frac { c}{ v }\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 6

मीटर=15000 मीटर है। अतः श्रव्य तरंगों को ऐन्टिना से प्रेषित करने के लिए उसकी न्यूनतम लम्बाई \(\frac { 15000 }{ 4 }\) मीटर के क्रम की होनी चाहिए, परन्तु इतनी लम्बाई का ऐन्टिना बनाना व्यावहारिक नहीं है। अत: श्रव्य तरंगों को ऐन्टिना से प्रसारित नहीं किया जा सकता है। यदि इन तरंगों को उच्च आवृत्ति (लगभग 106 हर्ट्स) की वाहक तरंगों पर अध्यारोपित कर दिया जाए तब आवश्यक ऐन्टिना की न्यूनतम लम्बाई \(\frac{\lambda}{4}=\frac{3 \times 10^{8}}{4 \times 10^{6}}\) मीटर होगी जोकि व्यावहारिक है।
अतः प्रेषण से पूर्व निम्न आवृत्ति के सिग्नल को उच्च आवृत्ति की तरंगों के साथ अध्यारोपित करना आवश्यक है।

2. ऐन्टिना द्वारा प्रभावी शक्ति विकिरण (Effective Power Radiation by Antenna)-किसी / लम्बाई के रेखीय ऐन्टिना द्वारा विकिरित शक्ति P तरंगदैर्घ्य 2 के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होती है, अर्थात्
\(P \propto \frac{1}{\lambda^{2}}\)
अत: निम्न आवृत्ति एवं दीर्घ तरंगदैर्घ्य के आधार बैण्ड सिग्नल द्वारा प्रभावी शक्ति का विकिरण कम होगा, अत: अच्छे एवं प्रभावी प्रेषण के लिए उच्च शक्ति चाहिए जो उच्च आवृत्ति एवं कम तरंगदैर्घ्य के आधार बैण्ड सिग्नल से ही सम्भव है। अतः स्पष्ट है कि निम्न आवृत्ति के सिग्नल का उच्च आवृत्ति की तरंगों के साथ मॉडुलेशन करना आवश्यक है।

3. विभिन्न प्रेषित्रों से प्राप्त सिग्नलों का मिश्रण (Mixing of Signals obtained from Different Transmitters)-जब एकसाथ कई आधार बैण्ड सिग्नल प्रेषित किए जाते हैं तो वे परस्पर मिश्रित हो जाते हैं जिनमें विभेद करना सरल नहीं होता है। अत: इस कठिनाई को दूर करने के लिए निम्न आवृत्तिं सिग्नलों को उच्च आवृत्ति की तरंगों के साथ मॉडुलित कर प्रेषित किया जाता है तथा प्रत्येक प्रसारण स्टेशन को एक अलग आवृत्ति बैण्ड आवंटित कर देते हैं।

इस प्रकार स्पष्ट है कि निम्न आवृत्ति के सन्देश सिग्नलों को प्रेषित करने से पूर्व उनका उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों के साथ मॉडुलेशन आवश्यक होता है।

प्रश्न 8.
मॉडुलन कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक को समझाइए।
अथवा आयाम मॉडुलन से क्या तात्पर्य है? एक आयाम मॉडुलक का परिपथ आरेख बनाइए।  [2014, 15]
अथवा आयाम मॉडुलित तरंग के उत्पादन हेतु आवश्यक नामांकित परिपथ आरेख बनाइए।   [2015,17]
अथवा परिपथ चित्र की सहायता से रेडियो प्रसारण में मॉडुलन की प्रक्रिया समझाइए।           [2015]
उत्तर
मॉडुलन के प्रकार (Types of Modulation)-निम्न आवृत्ति के सन्देश सिग्नल को उच्च आवृत्ति की वाहक . तरंगों के किस गुण में परिवर्तन कर अध्यारोपित किया गया है, इस आधार पर मॉडुलेशन निम्नलिखित प्रकार का होता है

1. आयाम मॉडुलन (Amplitude Modulation)- जब उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों के आयाम को निम्न आवृत्ति के श्रव्य सिग्नलों के संगत आयामों के अनुरूप परिवर्तित किया जाता है तो उनके परस्पर अध्यारोपण की प्रक्रिया आयाम मॉडुलन कहलाती है। भारत में अधिकांश रेडियो प्रसारण तथा टेलीविजन प्रसारण में वीडियो संकेतों को आयाम मॉडुलित तरंगों द्वारा प्रसारित किया जाता है। आयाम मॉडुलक का परिपथ आरेख चित्र-16.6 में प्रदर्शित है।

2. आवृत्ति मॉडुलन (Frequency Modulation)- जब उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों की आवृत्ति को श्रव्य संकेतों के संगत आयामों के अनुरूप परिवर्तित किया जाता तो उनके परस्पर अध्यारोपण की प्रक्रिया आवृत्ति मॉडुलन कहलाती है। भारत में कुछ रेडियो स्टेशनों से तथा टेलीविजन प्रसारण में ध्वनि संकेतों को आवृत्ति मॉडुलित कर प्रसारित किया जाता है।

3. कला मॉडुलन (Phase Modulation)- जब उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों की कला (phase) को श्रव्य तरंगों के संगत आयामों के अनुरूप परिवर्तित किया जाता है तो उनके परस्पर अध्यारोपण की प्रक्रिया कला मॉडुलन कहलाती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 9.
आयाम मॉडुलन को स्पष्ट करके मॉडुलन सूचकांक अथवा गुणांक को समझाइए।
उत्तर
आयाम मॉडुलन (Amplitude Modulation)-माना किसी क्षण t पर सूचना सिग्नल (मॉडुलक सिग्नल) की वोल्टता समीकरण निम्नलिखित है –
em = Em sinωmt
जहाँ Em = सिग्नल का आयाम, ωm = सिग्नल की कोणीय आवृत्ति तथा ωm = 2 πvm
जहाँ νm सूचना सिग्नल की आवृत्ति है।
किसी क्षण t पर वाहक तरंग का वोल्टता समीकरण ec = Ec sinωct
जहाँ Ec = वाहक तरंग का आयाम, ωc = वाहक तरंग की कोणीय आवृत्ति तथा ωc= 2 πVc.
जहाँ νc वाहक तरंग की आवृत्ति है।
आयाम मॉडुलेशन में मॉडुलित तरंग का आयाम सूचना सिग्नल (मॉडुलक सिग्नल) के आयाम की भाँति समय के साथ बदलता है, अत: मॉडुलित तरंग का आयाम
E= Ec + em = Ec + Em sinωm t
चित्र-15.6 में परिणामी आयाम मॉडुलित तरंग प्रदर्शित है।
मॉडुलित तरंग का वोल्टता समीकरण
e = E sinωct = (Ec + Em sinωmt) sinωct
\(=E_{c}\left[1+\frac{E_{m}}{E_{c}} \sin \omega_{m} t\right] \sin \omega_{c} t\)
e= Ec(1+ mα sinωmt)sinωct
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 7
जहाँ mα \(\frac{E_{m}}{E_{c}}\) मॉडुलन गुणांक (modulation factor) अथवा मॉडुलन सूचकांक (modulation index)
अथवा मॉडुलन की गहराई (depth of modulation) अथवा मॉडुलन की मात्रा (degree of modulation) कहलाता है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 8
यह मॉडुलित तरंग का समीकरण है तथा इसके वोल्टेज स्वरूप को चित्र-15.6 में प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार आयाम मॉडुलित तरंग में तीन घटक तरंगें उपस्थित हैं
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 9
इस प्रकार स्पष्ट है कि मॉडुलित तरंग में मूल वाहक तरंग की आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है। है तो दो अन्य आवृत्तियों (fc-fm)तथा (fc+fm) की तरंगें उत्पन्न होती है। इन आवृत्तियों को पार्श्व बैण्ड आवृत्तियाँ (side band frequency) कहते हैं। (fc-fm) को निम्न पार्श्व बैण्ड आवृत्ति (Lower Side Band Frequency अर्थात् LSB) तथा (fc+fm) को उच्च पार्श्व बैण्ड आवृत्ति (Upper Side Band Frequency अर्थात् USB) कहते हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 10
आयाम मॉडुलित तरंग का आवृत्ति स्पेक्ट्रम (Frequency Spectrum of Amplitude Modulated Wave)-आयाम मॉडुलित तरंग का आवृत्ति स्पेक्ट्रम चित्र-15.7 में प्रदर्शित किया गया है। जिससे स्पष्ट है कि मॉडुलित तरंग वाहक तरंग की आवृत्ति fc के दोनों ओर समान आवृत्ति अन्तराल fm पर स्थित है।
आयाम मॉडुलित तरंग की बैण्ड-चौड़ाई
= (fc+fm-fc-fm)= 2fm
अतः आयाम मॉडुलित तरंग की बैण्ड-चौड़ाई सूचना सिग्नल (मॉडुलक सिग्नल) की आवृत्ति की दोगुनी होती है।

प्रश्न 10.
आयाम मॉडुलित तरंग का उत्पादन समझाइए। अथवा आयाम मॉडुलन क्या है? परिपथ आरेख द्वारा एक आयाम मॉडुलित तरंग कैसे प्राप्त करते हैं, समझाइए। [2018]
उत्तर
आयाम मॉडुलन-जब उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों के आयाम को निम्न आवृत्ति के श्रव्य सिग्नलों के संगत आयाम के अनुरूप परिवर्तित किया जाता है तो उनके परस्पर अध्यारोपण की प्रक्रिया आयाम मॉडुलन कहलाती है।

आयाम मॉडुलित तरंगों का उत्पादन (Production of Amplitude Modulation)- आयाम मॉडुलित तरंग के उत्पादन के लिए संयोजन को चित्र-15.8 में प्रदर्शित किया गया है। यह परिपथ n-p-n ट्रांजिस्टर वाहक तरंगों के लिए उभयनिष्ठ उत्सर्जक प्रवर्धक की भाँति कार्य करता है। इस परिपथ में वाहक तरंग को आधार B पर लगाया जाता है जोकि संधारित्र C से होकर जाता है। इस प्रकार संधारित्र C केवल AC घटकों को ही जाने देता है। इसके आधार पर मॉडुलक सिग्नल em = Em sinωmt को इस प्रकार लगाया जाता है कि आधार बायस वोल्टेज के साथ मॉडुलक सिग्नल भी निवेशित हो।

इस प्रकार आधार वोल्टता स्थिर नहीं,रहती बल्कि यह मॉडुलक सिग्नल के तात्कालिक मान के अनुसार परिवर्तित होती रहती है। अतः आधार उत्सर्जक के बीच निवेशी वोल्टता, मॉडुलक सिग्नल के अनुसार परिवर्तित होती है जिसके कारण निर्गत वोल्टता भी उसी के अनुसार प्रवर्धित होती है। इस प्रकार निर्गम में आयाम मॉडुलित तरंग प्राप्त हो जाती है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 11

प्रश्न 11.
आयाम मॉडुलित तरंग का संसूचन (अथवा विमॉडुलन) को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
आयाम मॉडुलित तरंग का संसूचन अथवा विमॉडुलन (Demodulation of Amplitude Modulated Wave)-अभिग्राही द्वारा मॉडुलित तरंग से श्रव्य सिग्नल (मूल सिग्नल) प्राप्त करने की प्रक्रिया को विमॉडुलन अथवा संसूचन
कहते हैं।
विमॉडुलन की आवश्यकता- संचार माध्यम से प्रसारित होते समय आयाम मॉडुलित संदेश क्षीण हो जाता है। अतः अभिग्राही ऐन्टिना द्वारा प्राप्त सिग्नल को प्रवर्धित एवं संसूचित करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में निम्नलिखित दो क्रियाएँ होती हैं

  • मॉडुलित तरंग का दिष्टकरण
  • मॉडुलित तरंग से वाहक तरंग घटक को अलग करना।

आयाम मॉडुलित तरंग के लिए डायोड संसूचक- p-n सन्धि डायोड संसूचक सामान्यतया विमॉडुलन के लिए प्रयुक्त किया जाता है। इसका परिपथ चित्र-15.9 में प्रदर्शित है। इसके निवेशी परिपथ में स्वप्रेरकत्व L तथा परिवर्ती संधारित्र C परस्पर समान्तर क्रम में संयोजित होते हैं। इस परिपथ को स्वसरित परिपथ (tuned circuit) कहते हैं। ग्राही ऐन्टिना पर आने वाली विभिन्न रेडियो सिग्नलों में से वांछित रेडियो आवृत्ति सिग्नल को संधारित्र C को समायोजित करके अनुनाद के आधार पर चयन कर लिया जाता है।

p-n सन्धि डायोड इस सिग्नल का दिष्टकरण कर देता है। इस दिष्टकारी सिग्नल को उच्च प्रतिरोध के लोड प्रतिरोध R, तथा उपमार्गी संधारित्र CB (bypass condenser) के समान्तर-क्रम संयोजन पर लगाया जाता है। संधारित्र का प्रतिघात \(\left(X_{C}=\frac{1}{2 \pi f C_{B}}\right)\) उच्च आवृत्तियों के लिए कम तथा निम्न आवृत्तियों के लिए अधिक होता है। अतः संधारित्र का प्रतिघात वाहक तरंगों के लिए कम व श्रव्य तरंगों के लिए अधिक होता है। अत: उच्च आवृत्ति की वाहक रेडियो तरंगों के अवयव उपमार्गी संधारित्र से गुजरकर पृथ्वी में चले जाते हैं तथा निम्न आवृत्ति की श्रव्य तरंगों के अवयव लोड प्रतिरोध (RL) के सिरों पर प्राप्त हो जाते हैं। यह श्रव्य तरंगें हैडफोन में धारा भेजते हैं जिनके संगत मूल श्रव्य सिग्नल उत्पन्न होते हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 12
संसूचन के लिए आवश्यक प्रतिबन्ध- फिल्टर परिपथ से जुड़े संधारित्र की धारिता इतनी होनी चाहिए कि
(1) जब रेडियो आवृत्ति fc के लिए, प्रतिघात \(\left(x_{C}=\frac{1}{2 \pi f_{c} C_{B}}\right)\) प्रतिरोध RL की तुलना में बहुत कम हो,
अर्थात् xc << RL अथवा \(\frac{1}{2 \pi f_{c} C_{B}}<<R_{L}\).

(2) जब श्रव्य आवृत्ति fm के लिए, प्रतिघात, प्रतिरोध RL की तुलना में बहुत अधिक हो,
अर्थात् \(\frac{1}{\omega_{m} C_{B}}>>R_{L}\) अथवा \(\frac{1}{2 \pi f_{m} C_{B}}>>R_{L}\)

MP Board Solutions

संचार व्यवस्था  लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
संचार व्यवस्था से क्या तात्पर्य है? इसके कौन-कौन से अवयव है?
उत्तर
संचार व्यवस्था-सन्देशों अथवा सूचनाओं को किसी विधि द्वारा एक स्थान से सम्प्रेषित करके दूसरे स्थान पर ग्रहण करने की व्यवस्था को संचार व्यवस्था कहते हैं। इसके तीन अवयव हैं-

  • प्रेषित्र
  • संचार चैनल तथा
  • अभिग्राही।

प्रश्न 2.
ट्रान्सड्यूसर क्या है?
उत्तर
ट्रान्सड्यूसर-एक ऐसी युक्ति जो ऊर्जा के एक रूप को दूसरे में परिवर्तित कर देती है, ट्रान्सड्यूसर कहलाती है।

प्रश्न 3.
सिग्नल की बैण्ड-चौड़ाई से आप क्या समझते हैं? [2014, 17]
उत्तर
बैण्ड-चौड़ाई-अधिकतम तथा न्यूनतम आवृत्तियों के अन्तर को आवृत्ति परास अथवा सिग्नल की बैण्ड-चौड़ाई कहते हैं।

प्रश्न 4.
क्षीणता क्या होती है?
उत्तर
क्षीणता-संचार माध्यम में संचरण के समय सिग्नल की प्रबलता में क्षति होने की प्रक्रिया क्षीणता कहलाती है।

प्रश्न 5.
मॉडुलेशन से क्या तात्पर्य है? [2015]
अथवा मॉडुलन का क्या अर्थ है?[2015, 16, 17]
उत्तर
मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन-वह क्रिया जिसमें प्रेषित्र (प्रेषी) पर, निम्न आवृत्ति की विद्युतचुम्बकीय तरंगों को उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों पर अध्यारोपित कराया जाता है, मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन कहलाती है।

प्रश्न 6.
मॉडुलित तरंग क्या है? [2014]
उत्तर
मॉडुलित तरंग- मॉडुलन अथवा मॉडुलेशन की प्रक्रिया के फलस्वरूप प्राप्त परिणामी तरंग मॉडुलित तरंगा कहलाती है।

प्रश्न 7.
आयाम मॉडुलन का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2014, 16, 17]
उत्तर
आयाम मॉडुलन (AM)-किसी उच्च आवृत्ति की वाहक तरंग के आयाम को ध्वनि तरंग के आयाम के अनुसार, परिवर्तित कर अध्यारोपित करने की प्रक्रिया आयाम मॉडुलन कहलाती है।

प्रश्न 8.
आवृत्ति मॉडुलन (FM) से आप क्या समझते हैं? [2016]
उत्तर
आवृत्ति मॉडुलन (FM)—जब उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों की आवृत्ति को श्रव्य संकेतों के संगत आयामों के अनुरूप परिवर्तित किया जाता है तो उनके परस्पर अध्यारोपण की प्रक्रिया आवृत्ति मॉडुलन कहलाती है। भारत में कुछ रेडियो स्टेशनों से तथा टेलीविजन प्रसारण में ध्वनि संकेतों को आवृत्ति मॉडुलित कर प्रसारित किया जाता है।

प्रश्न 9.
विमॉडुलन का क्या अर्थ है? [2015,17]
उत्तर
विमॉडुलन अथवा डिमॉडुलेशन-वह प्रक्रिया जिसमें अभिग्राही से प्राप्त मॉडुलेटिड तरंगों में से मूल वैद्युतचुम्बकीय तरंगों को अलग कर दिया जाता है विमॉडुलन अथवा डिमॉडुलेशन कहलाती है।

प्रश्न 10.
आयाम मॉडुलेशन संचार व्यवस्था में बैण्ड-चौड़ाई का सूत्र क्या है? [2017]
उत्तर
आयाम मॉडुलित तरंग की बैण्ड-चौड़ाई = (fc + fm)- (fc – fm)= 2fm.

MP Board Solutions

प्रश्न 11.
वाहक तरंगें क्या होती हैं? समझाइए। [2018]
उत्तर
वाहक तरंगें उच्च आवृत्ति तथा नियत आयाम की वे विद्युतचुम्बकीय तरंगें जो पृथ्वी तल पर श्रव्य आवृत्ति की तरंगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं वाहक तरंगें कहलाती हैं। .

प्रश्न 12.
प्रसारण से पूर्व ध्वनि तरंगों को मॉडुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर
ध्वनि तरंगों को बिना मॉडुलित किए प्रसारित करने के लिए अधिक ऊँचाई (7.5 किमी) के प्रसारण ऐन्टिना की आवश्यकता होती है, जिसे लगा पाना असम्भव है। इसके अतिरिक्त इन तरंगों की ऊर्जा कुछ दूरी तक जाते-जाते समाप्त हो जाती है।

प्रश्न 13.
भू-तरंगें क्या हैं?
उत्तर
भू-तरंगें- यदि प्रेषित्र ऐन्टिना से कोई रेडियो तरंग अभिग्राही ऐन्टीना पर सीधे अथवा पृथ्वी से परावर्तित होकर पहुँचती है तो वे भू-तरंगें कहलाती हैं।

प्रश्न 14.
ट्रान्सपोंडर किसे कहते हैं?
उत्तर
ट्रान्सपोंडर-ट्रान्सपोंडर संचार उपग्रह में लगाई जाने वाली एक ऐसी युक्ति है जो सिग्नल को ग्रहण करके उन्हें प्रवर्धित करती है तथा उनका पुनः प्रसारण करती है।

प्रश्न 15.
भू-स्थैतिक (geo-stationary) अथवा तुल्यकाली उपग्रह का क्या अर्थ है?
उत्तर
भू-स्थैतिक अथवा तुल्यकाली उपग्रह- यह एक ऐसा उपग्रह होता है जो पृथ्वी के किसी एक स्थान के सापेक्ष स्थिर रहता है। इस उपग्रह का पृथ्वी के विषुवत् तल में परिक्रमण काल 24 घण्टा होता है। इसे तुल्यकाली उपग्रह (geo-synchronus satellite) भी कहते हैं।

प्रश्न 16.
क्या लम्बी दूरी के दूरदर्शन प्रसारण के लिए उपग्रह को प्रयोग करना आवश्यक है?
उत्तर
हाँ, दूरदर्शन प्रसारण में अति उच्च आवृत्ति की (UHF) तरंगों का प्रयोग किया जाता है। ये तरंगें पृथ्वी के आयनमण्डल को पार करके अन्तरिक्ष में निकल जाती हैं। अतः इन्हें पृथ्वी पर वापस भेजने के लिए उपग्रहों का उपयोग करना आवश्यक है।

प्रश्न 17.
अधिकतम दृष्टि रेखा दूरी के लिए सूत्र लिखिए।
उत्तर
अधिकतम दृष्टि रेखा दूरी dm = dT + dR = \(\sqrt{2 R h_{T}}+\sqrt{2 R h_{R}}\)

प्रश्न 18.
आकाश तरंगों का संचरण किन विधियों से किया जाता है? [2017]
उत्तर

  • भू-स्थिर संचार उपग्रहों के द्वारा तथा
  • सीधे प्रेषित ऐन्टिना के द्वारा।

प्रश्न 19.
क्रान्तिक आवृत्ति से क्या तात्पर्य है?
उत्तर
क्रान्तिक आवृत्ति-वह अधिकतम आवृत्ति, जो आयनमण्डल द्वारा परावर्तित हो सकती है क्रान्तिक आवृत्ति कहलाती है। इसे ‘fc‘ से प्रदर्शित करते हैं। \(f_{c}=9 \sqrt{N_{\mathrm{max}}}\)
जहाँ Nmax आयनमण्डल की उस परत का (जहाँ पर परावर्तन होता है) अधिकतम इलेक्ट्रॉन घनत्व है।

प्रश्न 20. सिद्ध कीजिए कि आकाश तरंगों के संचरण हेतु एक टी०वी० प्रेषी ऐन्टिना जो पृथ्वी तल से ऊँचाई पर है, का प्रसारण परास \(d=\sqrt{2 R h}\) है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। [2015]
उत्तर
प्रेषित्र ऐन्टिना की पृथ्वी से ऊँचाई (h) तथा पृथ्वी पर उसके परास (d) में सम्बन्ध-माना प्रेषित्र ऐन्टिना (T) की । पृथ्वी से ऊँचाई h है तथा पृथ्वी का केन्द्र 0 व त्रिज्या R है। पृथ्वी की वक्रता के कारण पृथ्वी सतह के बिन्दुओं A व B से दूर सिग्नल प्राप्त नहीं किए जा सकते। यहाँ AT व BT क्रमशः बिन्दुओं A व B पर स्पर्श रेखाएँ हैं। माना d ऐन्टिना के आधार से पृथ्वी की दूरी है जहाँ तक सिग्नल प्राप्त होते हैं।
त्रिभुज TOA में,
OT2 = (OA)2 + (AT)2
जहाँ OT = R+ h, OA = R, AP ≈ AT = d ∵ h << R
अतः (R+ h)2 = R2 + d2
अतः R2 + h2 +2Rh = R2 +d2
अथवा h2 +2Rh = d2
अथवा  2Rh ≈ d2
प्रसारण परास \(d=\sqrt{2 R h}\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 13

संचार व्यवस्था  अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
संचार से क्या तात्पर्य है?
उत्तर
संचार-सूचना के प्रसारण तथा अभिग्रहण की प्रक्रिया को संयुक्त रूप से संचार कहा जाता है।

प्रश्न 2.
संचार व्यवस्था का नाम बताइए जिसमें\

  • सिग्नल, सूचना अथवा संदेश के समरूप तथा सतत होते हैं,
  • सिग्नल, मूल सूचना के द्विआधारी पद्धति में परिवर्तित रूप में होते हैं।

उत्तर

  • ऐनालोग (analog) संचार व्यवस्था,
  • डिजिटल (digital) संचार व्यवस्था।

प्रश्न 3.
दिए गए ब्लॉक आरेख में संचार व्यवस्था के x तथा Y भागों को पहचानिए [2017]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 14
उत्तर
X-सूचना स्रोत, Y-चैनल।

प्रश्न 4.
मॉडुलन सूचकांक क्या है? इसकी क्या महत्ता है? अथवा मॉडुलन गुणांक की परिभाषा दीजिए। [2017]
उत्तर
मॉडुलन सूचकांक अथवा गुणांक-मॉडुलक तरंग के आयाम (Em) तथा वाहक तरंग के आयाम (Ec) के अनुपात को मॉडुलन सूचकांक अथवा गुणांक कहते हैं। इसे ‘ma‘ से प्रदर्शित करते हैं।
\(m_{a}=\frac{E_{m}}{E_{c}}\)
महत्ता- मॉडुलन सूचकांक, मॉडुलन तरंग की गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 5.
मॉडुलक का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
मॉडुलक- किसी उच्च आवृत्ति की वाहक तरंग को मॉडुलित करने वाली युक्ति मॉडुलक कहलाती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
आयाम मॉडुलन का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2014, 16]
उत्तर
आयाम मॉडुलन- किसी उच्च आवृत्ति की वाहक तरंग के आयाम को ध्वनि तरंग के आयाम के अनुसार परिवर्तित कर अध्यारोपित करने की प्रक्रिया आयाम मॉडुलन कहलाती है।

प्रश्न 7.
ध्वनि सिग्नल के व्यापार प्रसारण में कौन-सा मॉडुलन प्रयोग किया जाता है?
उत्तर
आयाम मॉडुलन।

प्रश्न 8.
दूरदर्शन के प्रसारण में कौन-सा मॉडुलन प्रयोग किया जाता है?
उत्तर
आवृत्ति मॉडुलन।

प्रश्न 9.
ऐन्टिना का क्या कार्य है? इसकी न्यूनतम लम्बाई कितनी होती है? [2017]
उत्तर
ऐन्टिना का कार्य–ऐण्टिना तरंगों को प्रेषित व ग्रहण करने के लिए प्रेषित व अभिग्राही में प्रयुक्त किया जाता है। ऐन्टिना की न्यूनतम लम्बाई = \(\frac { λ }{ 4 }\)

प्रश्न 10.
ऐन्टिना द्वारा प्रभावी विकिरित शक्ति तरंगदैर्घ्य के साथ किस प्रकार परिवर्तित होती है?
उत्तर
\(P \propto \frac{1}{\lambda^{2}}\)

प्रश्न 11.
वाहक तरंगों की आवृत्ति कितनी होनी चाहिए?
उत्तर
वाहक तरंगों की आवृत्ति उच्च (किलोहर्ट्स से गीगाहर्ट्स की परास में) होनी चाहिए।

प्रश्न 12.
आयाम मॉडुलेशन संचार व्यवस्था में बैण्ड-चौड़ाई का सूत्र क्या है?
उत्तर
आयाम मॉडुलित तरंग की बैण्ड-चौड़ाई = (fc + fm) – (fc – fm)= 2fm.

प्रश्न 13.
आयाम मॉडुलित तरंग में तीन आवृत्तियाँ कौन-सी हैं? अथवा आयाम मॉडुलित तरंगों में उपस्थित आवृत्तियों का उल्लेख कीजिए। [2016]
उत्तर
तीन आवृत्तियाँ हैं
निम्न पार्श्व बैण्ड आवृत्ति (fc – fm) उच्च पार्श्व बैण्ड आवृत्ति (fc + fm) तथा वाहक तरंग की आवृत्ति (fc) जहाँ (fm) मॉडुलन तरंग की आवृत्ति है।

प्रश्न 14.
LSB तथा USB क्या हैं?
उत्तर
निम्न पार्श्व बैण्ड आवृत्ति LSB = (fc – fm) तथा उच्च पार्श्व बैण्ड आवृत्ति USB = (fc + fm)

प्रश्न 15.
आवृत्ति मॉडुलन (FM) से आप क्या समझते हैं? [2016]
उत्तर
आवृत्ति मॉडुलन (FM)- जब उच्च आवृत्ति की वाहक तरंगों की आवृत्ति को श्रव्य संकेतों के संगत आयामों के अनुरूप परिवर्तित किया जाता तो उनके परस्पर अध्यारोपण की प्रक्रिया आवृत्ति मॉडुलन कहलाती है। भारत में कुछ रेडियो स्टेशनों से तथा टेलीविजन प्रसारण में ध्वनि संकेतों को आवृत्ति मॉडुलित कर प्रसारित किया जाता है।

प्रश्न 16.
विमॉडुलन का क्या अर्थ है? [2015]
उत्तर
विमॉडुलन अथवा डिमॉडुलेशन-वह प्रक्रिया जिसमें अभिग्राही से प्राप्त मॉडुलेटिड तरंगों में से मूल विद्युतचुम्बकीय तरंगों को अलग कर दिया जाता है विमॉडुलन अथवा डिमॉडुलेशन कहलाती है।

प्रश्न 17.
टी०वी० संकेतों का आवृत्ति परास कितना है इनका सम्प्रेषण किस प्रकार करते हैं?
उत्तर
30 मेगाहर्ट्स से 300 मेगाहर्ट्स तक। इनका सम्प्रेषण ऐनालोग की संचार विधि से करते हैं।

प्रश्न 18.
15 किलोहर्ट्स से उच्च आवृत्ति की तरंगों का प्रसारण भू-तरंगों द्वारा क्यों सम्भव नहीं है?
उत्तर
15 किलोह से उच्च आवृत्ति की तरंगें थोड़ी ही दूरी पर पृथ्वी की सतह द्वारा अवशोषित कर ली जाती हैं। अत: इनका प्रसारण भू-तरंगों द्वारा सम्भव नहीं है।

प्रश्न 19.
30 मेगाहर्ट से उच्च आवृत्ति की तरंगों का प्रसारण व्योम तरंगों द्वारा सम्भव नहीं है, क्यों?
उत्तर
30 मोगाहर्ट्स से उच्च आवृत्ति की तरंगें पृथ्वी के आयनमण्डल द्वारा वापस पृथ्वी की ओर परावर्तित नहीं होती, अपितु आयनमण्डल को पार करके अन्तरिक्ष से निकल जाती हैं। इसी कारण इनका प्रसारण व्योम तरंगों द्वारा सम्भव नहीं है।

प्रश्न 20.
व्योम तरंगें क्या है? इसकी आवृत्ति परास बताइए। [2014, 17]
उत्तर
व्योम तरंगें (Sky waves)-वे रेडियो तरंगें जो पृथ्वी के आयनमण्डल द्वारा वापस पृथ्वी की ओर परावर्तित कर दी जाती हैं, व्योम तरंगें कहलाती हैं। इनकी आवृत्ति 3 मेगाहर्ट्स से 30 मेगाहर्ट्स के बीच होती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 21.
व्योम तरंग का संचरण क्या है?
उत्तर
व्योम तरंग का संचरण-व्योम तरंगों का संचरण वायुमण्डल में उपस्थित आयनमण्डल के कारण होता है जिसके गुण समय के साथ-साथ बदलते रहते हैं। इस प्रकार व्योम तरंगों द्वारा संचरण अविश्वसनीय है। आयनमण्डल की ऊँचाई पृथ्वी की सतह से लगभग 80 किमी से 400 किमी तक होती है।

प्रश्न 22.
आकांश तरंगें क्या हैं? इन तरंगों के संचरण के लिए प्रयुक्त आवृत्ति परास क्या है? [2014, 15, 17]
उत्तर
आकाश तरंगें (Space Waves)-आकाश तरंगें प्रेषी ऐन्टिना से सीधे, पृथ्वी तल से परावर्तन के पश्चात् अभिग्राही पर लौट आती हैं, इसीलिए इनके संचरण को क्षोभमण्डलीय संचरण भी कहते हैं। इनकी आवृत्ति 40 मेगाहर्ट्स से 300 मेगाहर्ट्स होती है।

प्रश्न 23.
आकाश तरंग संचरण क्या है?
उत्तर
आकाश तरंग संचरण-तरंग संचरण की वह प्रक्रिया, जिसमें आकाश तरंगें, प्रेषण ऐन्टिना से अभिग्राही ऐन्टिना तक दृष्टि रेखा पथ पर गमन करती हैं, आकाश तरंग संचरण कहलाता है।

प्रश्न 24.
तरंगसंचरण में ‘दृष्टि रेखा पथ (LOS) से क्या तात्पर्य है? किन तरंगों में इसका प्रयोग होता है? [2008]
उत्तर
दृष्टि रेखा पथ (LOS)-प्रेषी से ग्राही तक तरंगों के सीधे सरल रेखीय पथ को दृष्टि रेखा पथ (LOS) कहते हैं। आकाश तरंग संचरण दृष्टि रेखा पथ (LOS) से सीमित होता है।

प्रश्न 25.
भू-तरंगों की आवृत्ति कितनी होती है?
उत्तर
500 किलोह से 1500 किलोहर्ट्स तक।

प्रश्न 26.
विद्युतचुम्बकीय तरंगों के संचरण की तीन विधियाँ लिखिए। [2015]
उत्तर

  • भू-तरंगों का संचरण
  • व्योम तरंगों का संचरण तथा
  • आकाश तरंगों का संचरण।

प्रश्न 27.
सूक्ष्म तरंगों (microwaves) के संचार में बार-बार अभिग्रहण तथा पुनः प्रसारण की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर
क्योंकि ये तरंगें दृष्टि रेखा संचार व्यवस्था द्वारा प्रसारित होती हैं।

प्रश्न 28.
सम्पूर्ण पृथ्वी को दूर संचार सिग्नलों से आच्छादित करने के लिए कितने भू-स्थैतिक उपग्रह आवश्यक हैं?
उत्तर
कम-से-कम तीन।

प्रश्न 29.
कौन-सी तरंगों का प्रसारण दृष्टि रेखा संचरण के द्वारा होता है?
उत्तर
आकाश तरंगों का।

प्रश्न 30.
प्रकाशिक तन्तु (optical fibre) का सिद्धान्त बताइए।
उत्तर
प्रकाशिक तन्तु पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के सिद्धान्त पर कार्य करता है।

संचार व्यवस्था आंकिक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
एक दूरदर्शन टावर की ऊँचाई 75 मीटर है। अधिकतम दूरी क्या है जो यह दूरदर्शन प्रसारण ग्रहण कर सकता है? [2015]
हल
अधिकतम दूरी d = \(\sqrt{2 R h}=\sqrt{2 \times 6.4 \times 10^{6} \times 75}\)
= 30.98 × 103 मीटर।

प्रश्न 2.
प्रेषण एन्टिना की ऊँचाई क्या होगी यदि टी०वी० प्रसारण 128 किमी तक पहुँचाना है? [2018]
हल
दिया है, d = 128 किमी = 128 × 103 मीटर, R= 6.4 × 106 मीटर
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 15

प्रश्न 3.
एक टी०वी० टावर की ऊँचाई 45 मीटर है। इसकी विस्तार दूरी क्या होगी? इन संकेतों को 40 किमी की दूरी पर प्राप्त करने के लिए अभिग्राही ऐन्टिना की न्यूनतम ऊँचाई क्या होगी? (पृथ्वी की त्रिज्या = 6400 किमी)
हल
दिया है, टी०वी० टावर की ऊँचाई (hT) = 45 मीटर, पृथ्वी की त्रिज्या (R) = 6400 किमी = 6400 × 103 मीटर
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 16
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 17

प्रश्न 4.
किसी प्रेषी एन्टिना की ऊँचाई 72 मीटर है। यदि पृथ्वी की त्रिज्या 6250 किमी ली जाए तो एन्टिना द्वारा प्रसारण के लिए प्रसारण क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। [2018]
हल :
प्रसारण क्षेत्रफल (A) = πd2 = π × 2 Rh
= 3.14 × 2 × 6250 x 103 × 72 = 2.826 × 109 मीटर2
= 2826 किमी2

प्रश्न 5.
एक टी०वी० टावर की ऊँचाई एक दिए गए स्थान पर 500 मीटर है। यदि पृथ्वी की त्रिज्या 6400 किमी हो, तो – इसके प्रसारण परास की गणना कीजिए। [2015, 17]
हल
दिया है, h = 500 मीटर, R= 6400 किमी = 6400 × 103 मीटर
प्रसारण परास = \(\sqrt{2 h R}=\sqrt{2 \times 500 \times 6400 \times 10^{3}}\)
= 80 × 103 मीटर = 80 किमी।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
एक वाहक तरंग प्रदर्शित की जाती है
C(t) = 4 sin (8πt) वोल्ट
यदि मॉडुलक सिग्नल तरंग का आयाम 1.0 वोल्ट हो, तब मॉडुलन सूचकांक का मान क्या है?
उत्तर
दिया है, Em = 1.0 वोल्ट, Ec = 4.0 वोल्ट, mα = ?
मॉडुलन सूचकांक mα = \(\frac{E_{m}}{E_{c}}\) = \(\frac { 1 }{ 4 }\) ≈ 0.25.

प्रश्न 7.
किसी मॉडुलित वाहक तरंग का समीकरण e = 100 (1+ 0.5 cos 3000 π t) cos 4 × 106 π t है। ज्ञात कीजिए,

  1. वाहक तरंग की आवृत्ति।
  2. इस आवृत्ति पर आवश्यक एन्टिना की लम्बाई। [2018]]

हल
दी गई समीकरण की तुलना e = Ec (1+ mα cos ωmt) cos ωct से करने पर,
ωc= 4 x 106
1. वाहक तरंग की आवृत्ति (fc) = \(\frac{\omega_{c}}{2 \pi}=\frac{4 \times 10^{6}}{2 \times 3.14}\)= 6. 37x 105 हर्टस।

2. तरंग की तरंगदैर्घ्य λ = \(\frac{c}{f_{c}}=\frac{3 \times 10^{8}}{6.37 \times 10^{5}}\) = 471 मीटर
एन्टिना की लम्बाई l =\(\frac { λ }{ 4 }\)= \(\frac { 471 }{ 4 }\)= 117.75 मीटर।

प्रश्न 8.
2 × 105 हर्ट आवृत्ति तथा अधिकतम वोल्टेज 60 वोल्ट के वाहक तरंग को श्रव्य तरंग em = 30 sin 2 π X 2500 t वोल्ट द्वारा मॉडुलित किया जाता है। ज्ञात कीजिए-

  1. मॉडुलन प्रतिशतता तथा
  2. मॉडुलित तरंग के घटकों की आवृत्ति। [2017]

हल
1. मॉडुलित प्रतिशतता = \(\frac{E_{m}}{E_{c}}\) x 100 = \(\frac { 30 }{ 60 }\) = 50%

2. fc= 2×105 हर्ट्स = 200 kHz
fm = 2500 हर्ट्स = 2.5 kHz
USB= fc + fm = 200+ 2.5 = 202.5 kHz
LSB= fc– fm = 200 – 2.5 = 197.5 kHz.

प्रश्न 9.
आयाम मॉडुलित वोल्टेज का मान e = 150[1+0. 5cos 3250t]cos5x105t से दिया जाता है। गणना कीजिए

  1. मॉडुलन सूचकांक,
  2. मॉडुलन आवृत्ति,
  3. वाहक आवृत्ति तथा
  4. वाहक आयाम। ‘

हल
आयाम मॉडुलित वोल्टेज की सामान्य समीकरण
e = Ec (1+ mα cosωmt)cosωct से दी गयी समीकरण
e = 150 [1+ 0.5cos 3250 t]cos 5×105t की तुलना करने पर,
Ec = 150 वोल्ट, mα = 0.5, ωm = 3250, ωc= 5×105

  1. मॉडुलन सूचकांक ma = 0.5 = 50%.
  2. मॉडुलन आवृत्ति (fm) = \(\frac{\omega_{m}}{2 \pi}=\frac{3250}{2 \times 3.14}\)= 517.5 हर्ट्स।
  3. वाहक आवृत्ति (fc) = \(\frac{\omega_{c}}{2 \pi}=\frac{5 \times 10^{5}}{2 \times 3.14}\)= 79.6×103 हर्ट्स = 79.6 किलोहर्ट्स।
  4. वाहक आयाम Ec = 150 वोल्ट।

प्रश्न 10.
मॉडुलित वाहक तरंग के अधिकतम व न्यूनतम आयाम क्रमशः 900 मिर वोल्ट तथा 300 मिलीवोल्ट हैं। मॉडुलन प्रतिशत ज्ञात कीजिए। [2015]
हल
दिया है, मॉडुलित वाहक तरंग के लिए Emax = 900 मिलीवोल्ट, Emin = 300 मिलीवोल्ट
मॉडलन गणांक (mα) =
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 19
∴ मॉडुलन प्रतिशत = 0.5 x 100 = 50%.

प्रश्न 11.
किसी दिन आयनमण्डल से परावर्तित अधिकतम आवृत्ति 10 मेगाहर्ट्स है। किसी दूसरे दिन यह घटकर 8 मेगाहर्ट्स पायी जाती है। इन दो दिनों में आयनमण्डल के अधिकतम इलेक्ट्रॉन घनत्वों की निष्पत्ति बताइए।
हल
क्रान्तिक आवृत्तियाँ (fc)1 = 10 मेगाहर्ट्स, (fc)2 = 8 मेगाहर्ट्स
क्रान्तिक आवृत्ति fc = \(9 \sqrt{N_{\max }}\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 20

प्रश्न 12.
एक वाहक तरंग जिसकी शिखर वोल्टता 12 वोल्ट है किसी संदेश सिग्नल को प्रेषित करने के लिए उपयोग की जाती है। मॉडुलित सिग्नल की शिखर वोल्टता क्या होनी चाहिए जिससे मॉडुलन सूचकांक 75% प्राप्त हो? [2014]
हल
दिया है, वाहक तरंग की शिखर वोल्टता (Ec) = 12 वोल्ट
मॉडुलन सूचकांक (mα) = 75% = 0.75
मॉडुलन सूचकांक (mα)= \(\frac{E_{m}}{E_{c}}\)
मॉडुलन सिग्नल की शिखर वोल्टता Em = mα x Ec = 0.75 x 12 = 9 वोल्ट।

प्रश्न 13.
एक मॉडुलित तरंग का अधिकतम आयाम 11 वोल्ट तथा न्यूनतम आयाम 3 वोल्ट है। मॉडुलन सूचकांक ज्ञात कीजिए। [2014]
हल
दिया है, Emax = 11 वोल्ट, Emin = 3 वोल्ट, mα = ?
∴ Emax = Ec + Em = 11 वोल्ट तथा Emin = Ec – Em = 3 वोल्ट
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 21

प्रश्न 14.
एक आयाम मॉडुलित वाहक तरंग का अधिकतम एवं न्यूनतम आयाम क्रमशः 8 वोल्ट तथा 2 वोल्ट है। मॉडुलेशन सूचकांक का मान ज्ञात कीजिए। [2016]
हल
दिया है, Emax= 8 वोल्ट, Emin = 2 वोल्ट, mα = ?
मॉडलेशन सूचकांक (mα) = \(\frac{E_{\max }-E_{\min }}{E_{\max }+E_{\min }}\)
=\(\frac { 8-2 }{ 8+2 }\)= \(\frac { 6 }{ 10 }\) = 0.6.

प्रश्न 15.
एक वाहक तरंग का आयाम 500 मिलीवोल्ट है। मॉडुलक सिग्नल के कारण यह 200 मिलीवोल्ट से 800 मिलीवोल्ट तक बदलता है। मॉडुलन गुणांक तथा प्रतिशत मॉडुलन की गणना कीजिए। [2018]
हल
दिया है, Ec = 500 मिली वोल्ट, Emin = 200 मिलीवोल्ट, Emax = 800 मिली वोल्ट
Emax = Ec + Em
Em = Emax – Ec
= 800 – 500 = 300 मिलीवोल्ट
मॉडुलन गुणांक (mα) =
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 22
प्रतिशत मॉडुलन = 0.6 x 100 = 60%
अथवा मॉडलेशन गणांक (mα) = \(\frac{E_{\max }-E_{\min }}{E_{\max }+E_{\min }}\) = \(\frac { 800-200 }{ 800+200 }\) = \(\frac { 600 }{ 1000 }\) =0.6
प्रतिशत मॉडुलन = 0.6 × 100 = 60%.

MP Board Solutions

प्रश्न 16.
एक मॉडुलक सिग्नल एक वर्गाकार तरंग है। वाहक तरंग e(t)= 2 sin (8πt) वोल्ट है। आयाम मॉडुलित तरंग का रेखाचित्र खींचिए। [2014]
हल
चित्र-15.11 में एक मॉडुलक सिग्नल एक वर्गाकार तरंग प्रदर्शित है
दिया है, e (t) = 2 sin (8πt)
यहाँ Ec = 2 वोल्ट
तथा Em = 1 वोल्ट
अतः Ec + Em = 2 + 1 = 3 वोल्ट
तथा Ec – Em = 2 – 1 = 1 वोल्ट
ωc = 8π, अत: 2 π fc = 8π
अथवा fc = 4 प्रति सेकण्ड।
आवर्तकाल T = \(\frac{1}{f_{c}}\) = \(\frac { 1 }{ 4 }\) = 0.25 सकण्ड।
अतः आयाम मॉडुलित तरंग चित्र-15.12 में प्रदर्शित है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 15 संचार व्यवस्था 233

संचार व्यवस्था  बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

• निम्नलिखित प्रश्नों के चार विकल्प दिए गए हैं। सही विकल्प का चयन कीजिए

1. उच्च आवृत्ति तरंगों पर सन्देश सिग्नल के अध्यारोपण की प्रक्रिया कहलाती है [2016]
(a) संचरण
(b) मॉडुलन
(c) संसूचन
(d) अभिग्रहण।
उत्तर
(b) मॉडुलन

2. किसी रेखीय ऐन्टिना द्वारा विकिरित शक्ति तरंगदैर्घ्य पर किस प्रकार निर्भर करती है [2014]
(a) P ∝ λ
(b) P∝ λ2
(c) P∝\(\frac { 1 }{ λ }\)
(d) P∝\(\frac{1}{\lambda^{2}}\)
उत्तर
(d) P∝\(\frac{1}{\lambda^{2}}\)

3. सन्देश सिग्नल को किसी ऐन्टिना द्वारा प्रेषित करने के लिए उसकी न्यूनतम लम्बाई होनी चाहिए
(a) λ
(b) \(\frac { λ }{ 2 }\)
(c) \(\frac { λ}{ 4 }\)
(d) \(\frac { λ }{ 8 }\)
उत्तर
(c) \(\frac { λ}{ 4 }\)

4. एक ऐन्टिना एक अनुनादी परिपथ की भाँति कार्य तभी करता है जबकि उसकी लम्बाई ( λ = तरंगदैर्घ्य ) हो
(a) \(\frac { λ }{ 8 }\)
(b) \(\frac { λ}{ 4 }\)
(c) \(\frac { λ }{ 2 }\) की पूर्णांक गुणज
(d) \(\frac { λ}{ 4 }\) की विषम गुणज।
उत्तर
(b) \(\frac { λ}{ 4 }\)

5. टी०वी० प्रसारण के लिए प्रयुक्त आवृत्ति परास होता है
(a) 30 मेगाहर्ट्स -300 मेगाहर्ट्स
(b) 30 गीगाहर्ट्स-300 गीगाहर्ट्स
(c) 30 किलोहर्ट्स-300 किलोहर्ट्स
(d) 30 हर्ट्स- 300 हर्ट्स।
उत्तर
(a) 30 मेगाहर्ट्स -300 मेगाहर्ट्स

6. वाहक तरंग की आवृत्ति fm के साथ श्रव्य तरंग आवृत्ति fm के आयाम मॉडुलेशन से प्राप्त बैण्ड-चौड़ाई का मान होगा [2015]
अथवा fc आवृत्ति की वाहक तरंग fm आवृत्ति की श्रव्य तरंग द्वारा आयाम मॉडुलित की जाती है। मॉडुलित तरंग की बैण्ड चौड़ाई होगी [2018]
(a) 2fc
(b) 2fm
(c) fc + fm
(d) fc – fm.
उत्तर
(b) 2fm

7. आयाम मॉडुलित तरंग में मॉडुलन सूचकांक है
(a) सदैव शून्य .
(b) 0 तथा 1 के बीच
(c) 1 तथा अनन्त के बीच
(d) सदैव अनन्त।
उत्तर
(b) 0 तथा 1 के बीच

8. आयाम मॉडुलेशन तरंग निम्न के योग के समतुल्य है [2014]
(a) दो ज्यावक्रीय तरंगें
(b) तीन ज्यावक्रीय तरंगें
(c) चार ज्यावक्रीय तरंगें
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर
(b) तीन ज्यावक्रीय तरंगें

9. रेडियो तरंग के प्रसारण के लिए मॉडुलन है [2014]
(a) आयाम माडुलन
(b) कला मॉडुलन
(c) आवृत्ति मॉडुलन
(d) इनमें से कोई नहीं।।
उत्तर
(a) आयाम माडुलन

10. 3 x 108 हर्ट्स आवृत्ति की वाहक तरंगों के लिए द्विधुवी ऐन्टिना की लम्बाई होनी चाहिए [2014] .
(a) 0.25 मीटर
(b) 0.50 मीटर
(c) 1.0 मीटर
(d) 4.0 मीटर।
उत्तर
(b) 0.50 मीटर

MP Board Solutions

11. यदि संप्रेषी ऐन्टिना की ऊँचाई h तथा अभिग्राही ऐन्टिना की ऊँचाई h2 है तो दृष्टिरेखीय (LOS) संचरण विधि में संतोषजनक संचरण के लिए दोनों ऐन्टिनों के बीच की अधिकतम दूरी होती है। (पृथ्वी की त्रिज्या R है)- [2016]
(a) \(\sqrt{2 h_{1} R+2 h_{2} R}\)
(b) \(\sqrt{h_{1} R}+\sqrt{h_{2} R}\)
(c) \(\sqrt{\left(h_{1}+h_{2}\right) R}\)
(d) \(\sqrt{2 h_{1} R}+\sqrt{2 h_{2} R}\)
उत्तर
(d) \(\sqrt{2 h_{1} R}+\sqrt{2 h_{2} R}\)

12. 200 किलोहर्ट्स की वाहक आवृत्ति और 10 किलोहर्ट्स के मॉडुलन संकेत के लिए आयाम मॉडुलित (AM) सिग्नल की बैण्ड-चौड़ाई होगी [2016]
(a) 20 किलोहर्ट्स
(b) 210 किलोहर्ट्स
(c) 400 किलोहर्ट्स
(d) 190 किलोहर्ट्स।
उत्तर
(a) 20 किलोहर्ट्स

13. 10 किलोहर्ट्स आवृत्ति तथा 10 वोल्ट शिखर वोल्टता के संदेश सिग्नल का उपयोग किसी 1 मेगाहर्ट्स आवृत्ति तथा
20 वोल्ट शिखर वोल्टता की वाहक तरंगों को मॉडुलित करने में किया गया है। उत्पन्न पार्श्व बैण्ड की आवृत्तियाँ होंगी [2018]
(a) 1000 किलोहर्ट्स तथा 900 किलोहर्ट्स
(b) 1010 किलोहर्ट्स तथा 990 किलोहर्ट्स
(c) 1010 किलोहर्ट्स तथा 1020 किलोहर्ट्स
(d) 11 मेगाहर्ट्स तथा 9 मेगाहर्ट्स।
उत्तर
(b) 1010 किलोहर्ट्स तथा 990 किलोहर्ट्स

14. व्योम तरंगों द्वारा क्षितिज से पार संचार के लिए निम्न में से कौन-सी आवृत्ति उपयुक्त होगी [2018]
(a) 10 किलोहर्ट्स
(b) 10 मेगाहर्ट्स
(c) 1 गीगाहर्ट्स
(d) 1000 गीगाहर्ट्स।
उत्तर
(b) 10 मेगाहर्ट्स

15. UHF परिसर की आवृत्तियों का प्रसारण प्रायः किस प्रकार की तरंगों द्वारा होता है [2018]
(a) भू-तरंग
(b) व्योमतरंगें
(c) पृष्ठीय तरंगें
(d) आकाश तरंगें।
उत्तर
(d) आकाश तरंगें।

16. आयन मण्डल से निम्न में से कौन-सी आवृत्ति परावर्तित हो सकती है [2018]
(a) 5 किलोहर्ट्स
(b) 5 मेगाहर्ट्स
(c) 5 गीगाहर्ट्स
(d) 500 मेगाहर्ट्स।
उत्तर
(b) 5 मेगाहर्ट्स

MP Board Class 12th Physics Important Questions

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking

MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking

1.1 Phonetic Transcription

See Workbook Pages 1-2

Exercises

I. Pronounce the following words and list them in the given table separately according to the vowel sounds used in them. Also, look up these words in a dictionary and check your answer.
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 1
Answer:
Do yourself.

II. Pronounce the following words and list them in the given table separately according to the consonant sounds used in them. Also, look up these words in a dictionary and check your answer
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 2
Answer:
Do yourself.

III. Transcribe the words in the two exercises above, using the symbols given. Also, look up these words in a dictionary and check your answer.
Answer:
Do yourself.

MP Board Solutions

IV. Look for the marked similar sound in the given words and pick the odd one out. First, one has been done.
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 3
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 4
Answer:

2. cattle
3. suit
4. suggestion
5. breathe
6. lead
7. both
8. dare
9. luck
10. zoo
11. wish
12. boy
13. curd
14. great
15. hope.

1.2 Syllable Division

See Workbook Pages 6-7

Exercises

I. Indicate the number of syllables in each of the following words.
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 5
Answer:

2. be-t-ween
3. note-book
4. a-rrange-ment
5. e-co-no-mics
6. en-gi-nee-ring
7. s-tran-ge
8. re-fresh-ment
9. pho-to-gra-phic
10. sen-sa-tio-nal.

II. Transcribe the following words, divide them into syllables with a hyphen (-) and describe the structure of each syllable in terms of CVC.
Answer:
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 6
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 7
Consonant Clusters:

See Workbook Pages 10-11

Exercises

I. Give five examples of each of the following consonant clusters. Lookup a pronouncing dictionary and correct your answers.
1. Initial : CC
2. Final : -CC
3. Initial : CCC
4. Final : -CCC
Answer:

  1. place, play, pray, scream, A school.
  2. fixed, student, pump, task, adopt.
  3. Do yourself.
  4. Do yourself.

MP Board Solutions

II. Some Indian speakers of English find it difficult to pronounce certain English consonant clusters, depending on their mother tongue. List four initial or final clusters which indian speakers find difficult to pronounce. Give three examples of words in which they occur.
Answer:
See the dictionary and find yourself.

1.3 Word Stress

See Workbook Page 12

Exercises

Try and pronounce the following words. As you pronounce them, mark the stressed syllables and refer to a pronouncing dictionary to correct your stress marks.
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 8
Answer:
Do yourself.

Workbook Pages 12-14

Exercises

I. Transcribe the following words marking primary stress on them as given in the example:
Answer:
Do yourself.

II. Mark the stress and pronounce the following words as noun/adjective with accent on the first syllable and as verb with accent on the second syllable.

complete……..
reason …………
Patent ………….
credit …………..
support ………..
cement ……………
matter ………..
contact …………
report ………….
comment …………..

Answer:
Find them in the dictionary and do yourself.

III. Write the derivatives of the following words and show the shift of stress.
MP Board Class 12th English A Voyage Workbook Solutions Unit 1 Listening and Speaking img 9
Answer:
Find in the dictionary and do yourself.

MP Board Solutions

1.4 Intonation

See Workbook Page 16

Exercises

Listen carefully and mark the correct stress and intonation, using the information given below.

  1. I like tea.
  2. The train leaves at five o’clock.
  3. What do you want?
  4. It is quite strange.
  5. You are happy, aren’t you?
  6. What a stupid mistake!
  7. Drop the letter.
  8. How did you know that?
  9. What a beautiful picture!
  10. Stand up.
  11. Do as I tell you.
  12. Well done.
  13. Can you meet me at eleven?
  14. Good Morning!

Answer:
Do yourself.

Exercises

I. Divide the following conversation, held at a medicine shop, into tone groups, using the markers
(/,*) Also locate the nucleus and mark the appropriate tone (i.e fall, rise, orfali—rise).

  • Customer : Hello.
  • Chemist : Hello. Can I help you?
  • Customer : Yes, please. Can I have these drugs?
  • Chemist : Let me look at the whole prescription. I want to make sure that we
    have all the drugs. Yes, I’ll take just five minutes to make it up.
  • Customer : Can I have a look at that face-wash?
  • Chemist : Certainly.
  • Customer : Is this effective?
  • Chemist : Yes, very much. It helps in reducing pimples.
  • Customer : How much it costs?
  • Chemist : Fifty rupees only.
  • Customer : Oh, that’s quite expensive.
  • Chemist : But it’s very effective.
  • Customer : Please give me the bill for the medicines.
  • Chemist : O.K. That’s fifty-five rupees.
  • Customer : Here’s a hundred.
  • Chemist : Here’s your change.
  • Customer : Thank you.

Answer:
Do yourself.

MP Board Solutions

II. Listen carefully and divide the following sentences into tone groups, using the markers
(/,*) Also locale the nucleus and mark the appropriate tone (i.e. fall, rise, or fall—rise).

  1. Although it was winter, the sun shone brightly.
  2. Last week they had a birthday party
  3. Suddenly they heard a loud explosion.
  4. They weren’t angry, were they?
  5. I went to see the doctor but he was not there.
  6. “Don’t play on the road,” shouted the father to his son.
  7. Its very late, I think.
  8. It was a film for adults only; so I went to the circus.
  9. I simply told him, “Truth always wins.”
  10. Your answer is correct, in my opinion.

Answer:
Do yourself.

Exercises

Mark the stressed words in the following sentences with the sign (‘). Also divide them into tone-
groups (II) necessary, showing the correct intonation.

  1. Phonetics is an interesting subject.
  2. Work hard if you want to pass the examination.
  3. I’ll see you the day after tomorrow.
  4. I met my friend after a gap of ten years.
  5. The prices of essential items are increasing day by day.
  6. If it doesn’t rain tomorrow, we’ll go for a picnic.
  7. Some of the things I enjoy most is swimming and cooking.
  8. I met with an accident, but luckily, I escaped with minor injuries.
  9. Divide it between the two of us as it is in surplus.
  10. Many foreigners who visit India are impressed with the diversity of culture it has got.
  11. Look before you leap.
  12. There is the house my father has built.
  13. Whenever you want a break, you are welcome to ask For it.
  14. Get me the book lest it might be lost.
  15. What Is allotted can’t be blotted.

Answer:
Do yourself.

Exercises.

Transcribe the sentences given in the previous exercise and underline the words which have undergone reduction.
Answer:
Do yourself.

MP Board Class 12th English Solutions

MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता

MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
वैद्युत विभव से क्या तात्पर्य है? किसी बिन्दु आवेश के कारण किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए। [2001, 02, 06, 15, 17]
अथवा
किसी बिन्दु आवेश के कारण उससे µ दूरी पर वैद्युत विभव के लिए सूत्र की गणना कीजिए। [2010]
उत्तर :
बिन्दु आवेश के कारण किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव (Electric Potential at a Point due to a Point Charge) – माना +q कूलॉम का बिन्दु आवेश, K परावैद्युतांक वाले माध्यम में बिन्दु 0 पर स्थित है (चित्र-2.19)। बिन्दु आवेश + q के कारण उत्पन्न वैद्युत क्षेत्र में बिन्दु O से r मीटर दूरी पर कोई बिन्दु A है, जहाँ पर वैद्युत विभव ज्ञात करना है।।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 1

माना रेखा OA पर, बिन्दु O से x मीटर की दूरी पर कोई बिन्दु B है, जिस पर परीक्षण आवेश +qp स्थित है। .. कूलॉम के नियमानुसार बिन्दु आवेश + q के कारण, परीक्षण आवेश +qo पर लगने वाला वैद्युत बल
\(F=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0} K} \frac{q q_{0}}{x^{2}}\)

वैद्युत विभव-वैद्युत क्षेत्र में, किसी धन परीक्षण आवेश (+ qo) को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में किए गए कार्य (W) तथा परीक्षण आवेश के अनुपात को उस बिन्दु पर वैद्युत विभव कहते हैं। इसे ‘V’ से प्रदर्शित करते हैं।

वैद्युत विभव V = \(\frac{W}{q_{0}}\)

इसका मात्रक ‘जूल/कूलॉम’ या ‘वोल्ट’ है। यह एक अदिश राशि हैं।
परीक्षण आवेश +qo को बल F के विरुद्ध, बिन्दु B से बिन्दु C तक अनन्त सूक्ष्म दूरी dx लाने में किया गया अल्पांश कार्य
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 2

प्रश्न 2.
बिन्दु आवेशों के निकाय के कारण किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
उत्तर :
बिन्दु आवेशों के निकाय के कारण किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव-वैद्युत विभव अदिश राशि है। इसकी दिशा नहीं होती है; अत: किसी बिन्दु पर कई आवेशों के कारण विभव को बीजगणितीय विधि से जोड़कर प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई बिन्दु, + q1,-q2,- -q3 तथा + q4 कूलॉम के बिन्दु आवेशों से क्रमशः r1 , r2 , r3 तथा r4 मीटर की दूरी पर हों तो उस बिन्दु पर परिणामी वैद्युत विभव, पृथक्-पृथक् वैद्युत आवेशों के कारण उत्पन्न वैद्युत विभवों के बीजगणितीय योग के बराबर होगा।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 3

MP Board Solutions

प्रश्न 3.
वैद्युत द्विध्रुव से क्या तात्पर्य है? किसी वैद्युत द्विधुव के कारण अक्षीय स्थिति में उत्पन्न वैद्युत विभव के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए। [2007, 08, 14, 18]
अथवा
किसी वैद्युत द्विध्रुव की अक्ष (अनुदैर्ध्य स्थिति) पर स्थित किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव का सूत्र स्थापित कीजिए। [2012, 14, 15, 16, 17]
उत्तर :
वैद्युत द्विध्रुव-दो समान परिमाण एवं विपरीत प्रकृति के बिन्दु आवेशों को अत्यन्त निकट रखने पर बना निकाय, वैद्युत द्विध्रुव कहलाता है।
उदाहरण-HCl का अणु, H2O का अणु आदि।
वैद्युत द्विध्रुव की अक्ष पर स्थित किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव (Electric Potential at a Point on the . Axis of the Electric Dipole) (अक्षीय अथवा अनुदैर्ध्य स्थिति : End-on Position)-माना AB वैद्युत द्विध्रुव K परावैद्युतांक के माध्यम में स्थित है, जिसके A सिरे पर + q आवेश तथा B सिरे पर -q आवेश एक-दूसरे से 21 दूरी पर स्थित हैं (चित्र 2.20)। इस वैद्युत द्विध्रुव के मध्य-बिन्दु 0 से 7 मीटर की दूरी पर इसकी अक्षीय स्थिति में कोई बिन्दु P है, जहाँ पर वैद्युत विभव ज्ञात करना है। बिन्दु P की +q आवेश से दूरी (r – 1) तथा – q आवेश से दूरी (r + 1) है। यदि इनके संगत विभव क्रमश: V1 व V2 हों तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 4
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 5
चूँकि वैद्युत विभव एक अदिश राशि है; अत: वैद्युत द्विध्रुव के कारण बिन्दु P पर परिणामी वैद्युत विभव v; दोनों विभवों V, तथा V, के बीजगणितीय योग (चिह्न सहित) के बराबर होगा।
अतः बिन्दु P पर परिणामी वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 6
परन्तु 2 ql = p (वैद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण) रखने पर, V \(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0} K} \frac{p}{\left(r^{2}-l^{2}\right)}\) वोल्ट
यदि l का मान r के सापेक्ष बहुत कम हो (l <<r) तो l2 का मान r2 की तुलना में नगण्य माना जा सकता है।
अत: वैद्युत द्विध्रुव के कारण बिन्दु P पर वैद्युत विभव \(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0} K} \frac{p}{r^{2}}\) वोल्ट
यदि माध्यम वायु अथवा निर्वात हो तो K = 1; अत: वैद्युत द्विध्रुव के कारण बिन्दु P पर वैद्युत विभव
\(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0} K} \frac{p}{r^{2}}\) वोल्ट।

प्रश्न 4.
वैद्युत द्विध्रुव-आघूर्ण से आप क्या समझते हैं? सिद्ध कीजिए कि किसी वैद्युत द्विध्रुव की अनुप्रस्थ (निरक्षीय) स्थिति में किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव शून्य होता है।
[2012, 13, 16]
उत्तर :
वैद्युत द्विध्रुव-आघूर्ण-वैद्युत द्विध्रुव के किसी एक आवेश के परिमाण तथा आवेशों के बीच की दूरी के गुणनफल को वैद्युत द्विध्रुव-आघूर्ण कहते हैं। इसे ‘p से प्रदर्शित करते हैं।
\(\overrightarrow{\mathrm{p}}=q \times 2 \vec{l}\)
इसका मात्रक ‘कूलॉम-मीटर’ है। यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा ऋणावेश से धनावेश की ओर होती है।
वैद्युत द्विध्रुव की निरक्षीय रेखा पर स्थित किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव (Electric Potential due to an Electric Dipole on Equatorial Line)-माना AB वैद्युत द्विध्रुव K परावैद्युतांक के माध्यम में स्थित है, जिसके A सिरे पर +q आवेश तथा B सिरे पर – q आवेश एक-दूसरे से 2l दूरी पर स्थित हैं (चित्र 2.21)। वैद्युत द्विध्रुव के मध्य-बिन्दु O से r मीटर की दूरी पर निरक्षीय स्थिति में कोई बिन्दु P है, जहाँ पर वैद्युत विभव ज्ञात करना है। संलग्न चित्र से स्पष्ट है कि बिन्दु P की + q व -q दोनों आवेशों से दूरी \(\sqrt{r^{2}+l^{2}}\) के बराबर है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 7
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 8
अतः वैद्युत द्विध्रुव के कारण निरक्षीय स्थिति में किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव शून्य होता है (वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता शून्य नहीं होती है)।

प्रश्न 5.
किसी वैद्युत द्विध्रुव के कारण किसी व्यापक बिन्दु पर उत्पन्न वैद्युत विभव के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।
उत्तर :
किसी वैद्युत द्विध्रुव के कारण किसी व्यापक हिन्दु पर वैद्युत विभव-माना एक वैद्युत द्विध्रुव AB, दो बिन्दु आवेशों +q तथा -q से मिलकर बना है, जिनके बीच की दूरी 2l है। हमें वैद्युत द्विध्रुव के केन्द्र O से r दूरी पर स्थित बिन्दु P, जिसके ध्रुवीय निर्देशांक (r,θ) हैं, पर वैद्युत विभव ज्ञात करना है।
अत: OP = r तथा ∠AOP = θ
बिन्दु A से रेखा OP पर तथा बिन्दु B से बढ़ती हुई रेखा OP पर
लम्ब क्रमश: AM व BN डालते हैं (चित्र-2.22)।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 9
Δ OMA तथा Δ ONB mem ,
OM = ON = I cosθ
अतः AP = MP = (r – l cos θ)
तथा BN = NP = (r + l cos तथा)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 10

प्रश्न 6.
आवेश q को a तथा b (b > a) त्रिज्या वाले दो संकेन्द्री खोखले गोलों पर इस प्रकार वितरित किया .. गया है कि तलीय आवेश घनत्व समान हैं। इन दोनों गोलों के उभयनिष्ठ केन्द्र पर विभव की गणना कीजिए। [2012]
हल :
माना गोलों को दिया गया आवेश q उन पर क्रमशः q1 व q2 के रूप में वितरित हो जाता है।
अतः q= q1 + q2 ………………(1)
दोनों गोलों के पृष्ठीय आवेश घनत्व समान हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 11
q2 का मान समीकरण (1) में रखने पर,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 12

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
विभव प्रवणता से क्या तात्पर्य है? वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा विभव प्रवणता में सम्बन्ध स्थापित कीजिए। [2012]
उत्तर :
विभव प्रवणता (Potential Gradient)—किसी वैद्युत क्षेत्र में दूरी के सापेक्ष विभव परिवर्तन की दर को विभव प्रवणता कहते हैं। विभव प्रवणता का मात्रक वोल्ट/मीटर है। यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा उच्च विभव से निम्न विभव की ओर होती है।
माना बिन्दु 0 पर स्थित बिन्दु आवेश +q के कारण X-अक्ष के अनुदिश वैद्युत क्षेत्र E की दिशा में बिन्दु 0 से x तथा (x + Ax) दूरियों पर दो बिन्दु क्रमश: A तथा B स्थित हैं, जिन पर वैद्युत विभव क्रमश: V तथा (V-ΔV) हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 13
अतः विभव प्रवणता \(\frac{(V-\Delta V)-V}{(x+\Delta x)-x}=-\frac{\Delta V}{\Delta x}\)
वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा विभव प्रवणता में सम्बन्ध (Relation between Intensity of Electric Field and Potential Gradient)—माना वैद्युत क्षेत्र E में, परीक्षण धन आवेश +qo को बिन्दु B से बिन्दु A तक लाया जाता है तथा इस परीक्षण आवेश +qo पर एक वैद्युत बल F वैद्युत क्षेत्र E की दिशा में कार्य करता है।
अतः F=qo x E ……………(1)
माना परीक्षण आवेश +qo को बिन्दु B से बिन्दु A तक ले जाने में बाह्य कर्ता द्वारा वैद्युत बल F के विरुद्ध किया गया कार्य ΔW है तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 14
समीकरण (2) तथा समीकरण (3) की तुलना करने पर,
– E x Δx = ΔV
अतः वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता E=-\frac{\Delta V}{\Delta x} वोल्ट/मीटर
ΔV/Δx को ही विभव प्रवणता कहते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता, ऋणात्मक विभव प्रवणता के बराबर होती है। यहाँ पर ऋण चिह्न यह प्रदर्शित करता है कि वैद्युत क्षेत्र की दिशा में वैद्युत विभव का मान घटता है।

प्रश्न 8.
एक आवेशित इलेक्ट्रॉन किसी एकसमान वैद्युत क्षेत्र में, क्षेत्र के लम्बवत् दिशा में गति करता हुआ प्रवेश करता है। दिखाइए कि वैद्युत क्षेत्र के भीतर इस इलेक्ट्रॉन का गमन पथ परवलयाकार होगा।
उत्तर :
एकसमान वैद्युत क्षेत्र में एक आवेशित इलेक्ट्रॉन का गमन-पथ (Path of a Charged Electron in an Uniform Electric Field) –
(i) जब इलेक्ट्रॉन का प्रारम्भिक वेग वैद्युत क्षेत्र की दिशा के लम्बवत् है (When initial velocity of an electron is perpendicular to electric field)—mana धातु की दो समान्तर प्लेटें जिन पर विपरीत आवेश हैं, एक-दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित हैं। इन प्लेटों के बीच के स्थान में वैद्युत क्षेत्र एकसमान है। माना ऊपरी प्लेटधनावेशित है, जबकि नीचे की प्लेट ऋणावेशित है; अतः वैद्युत क्षेत्र E कागज के तल में नीचे की ओर दिष्ट होगा (चित्र 2.25)।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 15
माना एक इलेक्ट्रॉन जिस पर आवेश – e तथा द्रव्यमान m है जो X-अक्ष के अनुदिश गतिमान है तथा v वेग से वैद्युत क्षेत्र E में प्रवेश करता है। चूँकि वैद्युत क्षेत्र Y-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में नीचे की ओर है; अत: इलेक्ट्रॉन पर Y-अक्ष के अनुदिश लगने वाला बल F = eE.

‘इलेक्ट्रॉन पर X-अक्ष के अनुदिश कोई बल कार्य नहीं करेगा।
इस बल के कारण इलेक्ट्रॉन की गति में उत्पन्न तवरण \(a=\frac{F}{m}=\frac{e E}{m}\)
चूँकि इलेक्ट्रॉन का X-अक्ष के अनुदिश प्रारम्भिक वेग v तथा त्वरण शून्य है; अत: X-अक्ष के अनुदिश t सेकण्ड में चली गई दूरी
x= vt
चूँकि इलेक्ट्रॉन का Y-अक्ष के अनुदिश प्रारम्भिक वेग शून्य तथा त्वरण a है; अत: Y-अक्ष के अनुदिश t सेकण्ड में चली गई दूरी
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 16
यह समीकरण y = cx2 के समरूप है तथा परवलय निरूपित करती है। अत: वैद्युत क्षेत्र में अभिलम्बवत् प्रवेश करने वाले आवेशित इलेक्ट्रॉन का गमन-पथ परवलयाकार होता है।
(ii) जब इलेक्ट्रॉन का प्रारम्भिक वेग वैद्युत क्षेत्र की दिशा के अनुदिश है-इस स्थिति में वैद्युत क्षेत्र द्वारा उत्पन्न त्वरण अथवा मन्दन इलेक्ट्रॉन के प्रारम्भिक वेग की ही दिशा में होता है; अत: आवेशित इलेक्ट्रॉन का गमन-पथ ऋजुरेखीय होता है।

प्रश्न 9.
वैद्युत स्थितिज ऊर्जा से क्या अभिप्राय है? q1 व q2 कूलॉम के दो आवेशों की स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए , जबकि उनके बीच की दूरी r मीटर है।
उत्तर :
वैद्युत स्थितिज ऊर्जा (Electric Potential Energy)—“किन्हीं दो अथवा दो से अधिक बिन्दु आवेशों को अनन्त से एक-दूसरे के समीप लाकर निकाय की रचना करने में कृत कार्य उन आवेशों से बने निकाय में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है। इस ऊर्जा को ही निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।” इसे प्रायः ‘U’ से प्रदर्शित करते हैं।
अत: “दो या दो से अधिक बिन्दु आवेशों के किसी निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा उस कार्य के बराबर होती है जो उन आवेशों को अनन्त दूरी से
परस्पर निकट लाकर निकाय की रचना करने में किया जाता है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 17
दो वैद्युत आवेशों से बने निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक-माना एक आवेश निकाय AB दो बिन्दु आवेशों + q1 व + q2 से मिलकर बना है जो कि एक-दूसरे से । दूरी पर निर्वात अथवा वायु में स्थित हैं (चित्र 2.26)।
माना +q2 आवेश, बिन्दु B पर न होकर अनन्त पर स्थित है, तब आवेश + q1 के कारण बिन्दु B पर
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 18
वैद्युत विभव की परिभाषानुसार आवेश +q2 को अनन्त से बिन्दु B तक लाने में किया गया कार्य
W = आवेश × बिन्दु B का विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 19
यह कार्य W ही +q1 व +q2 से बने वैद्युत निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा U है।
अत: निकाय (q1 + q2) की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा \(U=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q_{1} q_{2}}{r}\) जल। ……….(2)
यदि दोनों आवेश समान प्रकार के हों तो वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगे; अत: उन्हें एक-दूसरे के समीप लाने में क्षेत्र के विरुद्ध कार्य करना पड़ेगा; अत: ऐसे निकाय की ऊर्जा धनात्मक होगी। इसके विपरीत विजातीय आवेशों को परस्पर समीप लाकर निकाय की रचना करने में, कार्य क्षेत्र के द्वारा किया जाएगा; अत: ऐसे निकाय की ऊर्जा ऋणात्मक होगी; अत: ऊर्जा का चिह्न सहित मान ज्ञात करने के लिए उपयुक्त सूत्र (2) में q1 व q2 के मान चिह्नसहित रखने चाहिए।

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
यदि किसी वैद्युत द्विध्रुव को एक समरूप वैद्युत क्षेत्र में 4 कोण से घुमाया जाता है तो इस क्रिया में किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
उत्तर :
एकसमान वैद्युत क्षेत्र में वैद्युत द्विध्रुव को घुमाने में कृत कार्य (Work Done in Rotating an Electric Dipole in an Uniform Electric Field)—माना p वैद्युत द्विध्रुव-आघूर्ण का एक वैद्युत द्विध्रुव AB किसी एकसमान वैद्युत क्षेत्र E में रखा है तथा वैद्युत द्विध्रुव को वैद्युत क्षेत्र के भीतर घुमाया जा रहा है (चित्र 2.27)। माना किसी क्षण वैद्युत द्विध्रुव-आघूर्ण p की दिशा वैद्युत क्षेत्र की दिशा से θ कोण बनाती है, तब वैद्युत द्विध्रुव पर वैद्युत क्षेत्र के कारण कार्य करने वाले बलयुग्म का आघूर्ण
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 21
t = pE sinθ
वैद्युत द्विध्रुव AB को इस स्थिति से आगे अल्पांश कोण dθ द्वारा घुमाने में वैद्युत क्षेत्र के विरुद्ध कृत कार्य
dw = बल-युग्म का आघूर्ण x कोणीय विस्थापन
= t x dθ = pE sin θ x dθ
अत: वैद्युत द्विध्रुव को प्रारम्भिक स्थिति θ = θ1 से अन्तिम स्थिति θ = θ2 तक घुमाने में कृत कार्य
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 22
यदि प्रारम्भ में वैद्युत द्विध्रुव बाह्य क्षेत्र की दिशा में अनुरेखित है अर्थात् θ1 = 0°,
तब वैद्युत द्विध्रुव को θ कोण से घुमाने में कृत कार्य W = pE (cos 0° – cosθ) [∵ θ2= θ]
अतः W = pE(1 – cos θ)
विशेष स्थितियाँ-1. यदि θ = 90° है अर्थात् वैद्युत द्विध्रुव को क्षेत्र की दिशा से 90° घुमाया जाए तो
W = pE (1 – cos 90°) = pE (1 – 0)= PE .
2. यदि θ = 180° है अर्थात् वैद्युत द्विध्रुव को क्षेत्र की दिशा से 180° घुमाया जाए तो
W = pE (1 – cos 180°) = pE [1 – (-1)] = 2pE.

प्रश्न 11.
एकसमान वैद्युत क्षेत्र में स्थित वैद्युत द्विध्रुव की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा की गणना कीजिए। वैद्युत द्विध्रुव को क्षेत्र के लम्बवत् रखने पर वैद्युत स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?
उत्तर :
एकसमान वैद्युत क्षेत्र में वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy of an Electric Dipole in an Uniform Electric Field)—“वैद्युत क्षेत्र में किसी वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा उस कार्य के बराबर होती है जो कि वैद्युत द्विध्रुव को अनन्त से वैद्युत क्षेत्र के भीतर लाने में करना पड़ता है।”
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 23
माना AB वैद्युत द्विध्रुव + q तथा -q आवेशों से मिलकर बना है जिनके बीच की दूरी 2l है। इस वैद्युत द्विध्रुव को अनन्त से किसी एकसमान वैद्युत क्षेत्र E में इस प्रकार लाया जाता है कि वैद्युत द्विध्रुव के आघूर्ण p की दिशा सदैव वैद्युत क्षेत्र E की दिशा के समान्तर रहे (चित्र-2.28)। वैद्युत क्षेत्र E के कारण + q आवेश पर बल F = qE क्षेत्र की दिशा में तथा -q आवेश पर बल F = qE क्षेत्र की विपरीत दिशा में लगता है; अत: वैद्युत
द्विध्रुव को अनन्त से वैद्युत क्षेत्र में लाने के लिए +q आवेश पर बाह्य कर्ता द्वारा कार्य किया जाएगा, जबकि -q आवेश पर स्वयं वैद्युत क्षेत्र कार्य करेगा। वैद्युत द्विध्रुव को अनन्त से वैद्युत क्षेत्र के भीतर लाने में -q आवेश; + q आवेश से 2l दूरी अधिक चलता है। इस कारण -q आवेश पर वैद्युत क्षेत्र द्वारा किया गया कार्य अधिक होगा तथा इसका मान ऋणात्मक होगा; अत: वैद्युत द्विध्रुव को अनन्त से वैद्युत क्षेत्र के भीतर लाने में वैद्युत क्षेत्र द्वारा किया गया नैट कार्य
W1= आवेश (-q) पर बल.x आवेश द्वारा चली गई अतिरिक्त दूरी (AB)
= – qE x 2l = – pE
जहाँ q x 2l =p वैद्युत द्विध्रुव-आघूर्ण है। यह कार्य ही वैद्युत क्षेत्र में क्षेत्र के समान्तर रखे वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा है। इसे ‘U0‘ से प्रदर्शित करते हैं।
अतः Uo = – pE
वैद्युत द्विध्रुव की इस स्थिति को स्थायी सन्तुलन (stable equilibrium) की स्थिति कहते हैं।
यदि वैद्युत द्विध्रुव को वैद्युत क्षेत्र के भीतर θ कोण से घुमाएँ तो वैद्युत द्विध्रुव पर किया गया कार्य
W2 = pE (1 – cos θ)
इसके कारण वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा बढ़ जाएगी; अत: θ कोण की स्थिति में वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा .
Uθ = Uo + W2 = – pE + pE (1 – cos θ) = – pE cos θ
यह वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा का व्यापक समीकरण है।
विशेष स्थितियाँ-1. यदि θ = 0° है अर्थात् वैद्युत द्विध्रुव, वैद्युत क्षेत्र की दिशा में है, तब स्थितिज ऊर्जा
Uo = – pE
इस स्थिति में वैद्युत द्विध्रुव स्थायी सन्तुलन (stable equilibrium) में होगा; अत: स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होगी।
2. यदि θ = 90° है अर्थात् वैद्युत द्विध्रुव, वैद्युत क्षेत्र E के लम्बवत् है, तब स्थितिज ऊर्जा
U90°= – pE cos 90° = 0
अर्थात् यदि वैद्युत द्विध्रुव को वैद्युत क्षेत्र E के लम्बवत् रखकर अनन्त से लाएँ तो वैद्युत द्विध्रुव पर कोई कार्य नहीं करना पड़ेगा।
3. यदि θ = 180° है अर्थात् वैद्युत द्विध्रुव को स्थायी सन्तुलन से 180° घुमाने पर स्थितिज ऊर्जा
U180° = – pE cos 180° = + pE
इस स्थिति में, वैद्युत द्विध्रुव अस्थायी सन्तुलन (unstable equilibrium) में होगा।

प्रश्न 12.
किसी आवेशित चालक में संगृहीत स्थितिज ऊर्जा के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।
अथवा
सिद्ध कीजिए कि किसी आवेशित चालक की स्थितिज ऊर्जा \(U=\frac{1}{2} C V^{2}\) अथवा \(\frac{1}{2} \frac{q^{2}}{C}\) होती है, जहाँ c चालक की धारिता, q चालक पर आवेश तथा V उसका विभव है। [2011]
उत्तर :
आवेशित चालक की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy of a Charged Conductor)- “किसी चालक को आवेशित करने में किए गए सम्पूर्ण कार्य को आवेशित चालक की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।”
माना C धारिता वाले किसी चालक को आवेशित किया जा रहा है। माना आवेशन की क्रिया में किसी क्षण चालक . . पर उपस्थित आवेश की मात्रा 41 है तथा चालक का विभव V1 है, तब
सूत्र q1 = CV1 से, V1 = q1/C
अब अनन्त सूक्ष्म आवेश dq को अनन्त से लाकर, V1 विभव पर चालक को देने में किया गया कार्य
dW = V1 x dq = (q1/C) x dq
माना आवेशन की क्रिया में चालक को कुल q आवेश दिया जाता है, तब चालक को q1 = 0 से q1 = q
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 24
विशेष स्थितियाँ-1. चालक की स्थितिज ऊर्जा सदैव धनात्मक होती है चाहे चालक को धन आवेश देकर आवेशित किया जाए अथवा ऋण आवेश देकर।
2. यदि आवेशित चालक के सम्पूर्ण आवेश को किसी चालक तार अथवा प्रतिरोध में प्रवाहित करके इसे निरावेशित कर दिया जाए तो उसकी सम्पूर्ण वैद्युत स्थितिज ऊर्जा चालक तार में ऊष्मा में बदल जाती है।

प्रश्न 13.
(i) सिद्ध कीजिए कि दो आवेशित चालकों को परस्पर स्पर्श कराके अलग कर देने से उन पर आवेश, चालकों की धारिताओं के अनुपात में बँट जाएगा।. – (ii) सिद्ध कीजिए कि आवेशों के पुनर्वितरण में ऊर्जा का ह्रास होता है। यह ऊर्जा किस रूप में लुप्त होती है? अथवा दो आवेशित चालकों को तार द्वारा जोड़ने पर ऊर्जा हानि के सूत्र का निगमन कीजिए। [2008, 17]
अथवा सिद्ध कीजिए कि दो आवेशित चालकों को तार से जोड़ने पर आवेश के पूर्ण वितरण के दौरान सदैव ऊर्जा की हानि होती है तथा ऊर्जा-हानि का व्यंजक प्राप्त कीजिए। [2018]
उत्तर :
(i) आवेशों का पुनर्वितरण (Redistribution of Charges)- माना दो पृथक्कृत चालकों A तथा B की धारिताएँ क्रमश: C1 व C2 हैं। जब इन चालकों को q1 व q2 आवेश दिया जाता है तो इनके विभव क्रमश: V1 व V2 हो जाते हैं।
अत: चालक A पर आवेश q1 = C1V1 तथा चालक B पर आवेश q2 = C2V2
यदि इन चालकों को एक चालक तार द्वारा जोड़ दें तो धन आवेश उच्च विभव वाले चालक से निम्न विभव वाले चालक की ओर तब तक बहता है जब तक कि दोनों चालकों का विभव समान नहीं हो जाता है (चित्र 2.29)। इस विभव को उभयनिष्ठ विभव (V) कहते हैं। इस प्रकार दो आवेशित चालकों को आपस में जोड़ने पर आवेश का पुनर्वितरण होता है, यद्यपि आवेश की कुल मात्रा (q1 +q2) ही रहती है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 25
माना दोनों चालक एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी पर हैं तथा जोड़ने वाले चालक तार की वैद्युत धारिता नगण्य है।
चूँकि q1= C1V1 तथा q2 = C2V2 अतः चालकों पर कुल आवेश q = q1 + q2 = C1V1 + C2V2 ………………(1)
माना चालकों को तार द्वारा जोड़ने के बाद उन पर आवेश क्रमशः q1‘ व q2‘ तथा दोनों का उभयनिष्ठ विभव V हो जाता है, तब
प्रथम च (क पर आवेश q’1 = C1V ………………(2)
तथा दूसरे चालक पर आवेश q’2 = C2V ………………(3)
समीकरण (2) को समीकरण (3) से भाग देने पर,
\(\frac{q_{1}^{\prime}}{q_{2}^{\prime}}=\frac{C_{1} V}{C_{2} V}=\frac{C_{1}}{C_{2}}\)
अर्थात् दो आवेशित चालकों को परस्पर जोड़ने पर, चालकों पर आवेश का पुनर्वितरण उनकी धारिताओं के अनुपात में होता है।
अब संयोजन पर कुल आवेशq = q’1 + q’2 = q1 + q2
अथवा C1V + C2V = C1V2 +C2V2
अथवा
V(C1 + C2) = C1V1 + C2V2
अतः उभयनिष्ठ विभव \(V=\frac{C_{1} V_{1}+C_{2} V_{2}}{C_{1}+C_{2}}=\frac{q_{1}+q_{2}}{C_{1}+C_{2}}\) ………….(4)
स्थानान्तरित आवेश की मात्रा (Quantity of Transferred Charge)-चूँकि चालकों को परस्पर जोड़ने से पहले, चालक A पर आवेश q1 है तथा चालक तार द्वारा जोड़ने के पश्चात् इस पर आवेश q’1 रह जाता है।
अत: चालक A से चालक B पर स्थानान्तरित आवेश की मात्रा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 26

(ii) आवेशों के पुनर्वितरण में ऊर्जा का ह्रास (Loss of Energy in Redistribution of Charges)—आवेशों के पुनर्वितरण की प्रक्रिया में जब आवेश चालक तार में प्रवाहित होता है तो इस क्रिया में कुछ कार्य किया जाता है। यह कार्य ऊष्मा के रूप में क्षय होता है। इस प्रकार दोनों चालकों के आवेश की कुल मात्रा तो वही रहती है, परन्तु चालकों की कुल स्थितिज ऊर्जा कम हो जाती है। जोड़ने से पूर्व
पहले चालक A की स्थितिज ऊर्जा U1 = = \(\frac { 1 }{ 2 }\)C1V12
दूसरे चालक B की स्थितिज ऊर्जा U2 = = \(\frac { 1 }{ 2 }\)C2V22
अत: जोड़ने से पूर्व दोनों चालकों की कुल स्थितिज ऊर्जा U = U1 + U2 = \(\frac { 1 }{ 2 }\)C1V12 + \(\frac { 1 }{ 2 }\)C2V22)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 27
इस समीकरण में C1 व C2 दोनों धनात्मक हैं तथा (V1~V2)2 पूर्ण वर्ग होने के कारण एक धनात्मक संख्या है; अत: ∆U = (U – U’) भी धनात्मक संख्या है। यह तभी सम्भव है जबकि U’

प्रश्न 14.
समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता के लिए सूत्र का निगमन कीजिए। इसकी धारिता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है? [2013, 14, 15, 16, 17]
अथवा
किसी समान्तर प्लेट वायु संधारित्र की धारिता का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। [2011, 18]
उत्तर :
समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता का व्यंजक (Expression for Capacitance of a Parallel Plate Capacitor)-दो समतल तथा समान्तर धातु की प्लेटों एवं उनके बीच स्थित वैद्युतरोधी माध्यम से बने संकाय को समान्तर प्लेट संधारित्र कहते हैं।
माना P1 व P2 धातु की दो समतल प्लेटें हैं, जिनके बीच की दूरी d तथा प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल A है। माना प्लेटों के बीच भरे माध्यम का परावैद्युतांक K है। जब प्लेट P1 को + q आवेश दिया जाता है तो प्लेट P2 पर प्रेरण के कारण -q आवेश उत्पन्न हो जाता है। चूंकि प्लेट P2 पृथ्वी से जुड़ी है इसीलिए इसके बाह्य तल का + q आवेश पृथ्वी से आने वाले इलेक्ट्रॉनों द्वारा निरावेशित हो जाता है। इस प्रकार प्लेटों P व P2 पर बराबर तथा विपरीत प्रकार के आवेश होंगे; अतः प्रत्येक प्लेट पर आवेश का पृष्ठ घनत्व
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 28
समीकरण (2) से स्पष्ट है कि समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता निम्नलिखित बातों पर निर्भर करती है –
1. प्लेटों के क्षेत्रफल A पर – C ∝ A अर्थात् धारिता प्लेटों के क्षेत्रफल के अनुक्रमानुपाती होती है; अत: संधारित्र की धारिता बढ़ाने के लिए प्लेटों का क्षेत्रफल A अधिक होना चाहिए अर्थात् प्लेटें बड़े क्षेत्रफल की लेनी चाहिए।
2. प्लेटों के बीच की दूरी d पर-C ∝ 1/d अर्थात् धारिता प्लेटों के बीच की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है; अतः संधारित्र की धारिता बढ़ाने के लिए प्लेटों के बीच की दूरी d कम होनी चाहिए अर्थात् प्लेटें एक-दूसरे के समीप रखनी चाहिए।
3. प्लेटों के बीच के माध्यम पर-C ∝ K अर्थात् धारिता माध्यम के परावैद्युतांक के अनुक्रमानुपाती होती है; अतः संधारित्र की धारिता बढ़ाने के लिए प्लेटों के बीच ऐसा माध्यम अर्थात् पदार्थ रखना चाहिए जिसका परावैद्युतांक (K) अधिक हो।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 29
समान्तर प्लेट वायु संधारित्र की धारिता–यदि प्लेटों के बीच निर्वात (अथवा वायु ) हो अर्थात् K = 1 तो संधारित्र की धारिता
\(C_{0}=\frac{\varepsilon_{0} A}{d}\)फैरड
संधारित्र की धारिता के पद में परावैद्युतांक की परिभाषा–जब समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत माध्यम भरा है तो संधारित्र की धारिता \(C_{0}=\frac{K\varepsilon_{0} A}{d}\) जब समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच वायु अथवा निर्वात है तो संधारित्र की धारिता \(C_{0}=\frac{\varepsilon_{0} A}{d}\)
अत: \(\frac{C}{C_{0}}=\frac{K \varepsilon_{0} A / d}{\varepsilon_{0} A / d}=K\) अथवा C = KC0
अत: यदि प्लेटों के बीच निर्वात के स्थान पर परावैद्युत माध्यम हो तो संधारित्र की धारिता K गुना बढ़ जाएगी।
अतः “किसी माध्यम का परावैद्युतांक (dielectric constant) उस माध्यम से युक्त संधारित्र की धारिता तथा उसी आकार के निर्वात अथवा वायु. संधारित्र की धारिता के अनुपात के बराबर होता है (अर्थात् K = C/C0)

MP Board Solutions

प्रश्न 15.
समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता के लिए सूत्र का निगमन कीजिए , जब इसकी प्लेटों के बीच आंशिक रूप से परावैद्युत पदार्थ रखा हो।[2013]]
अथवा
t मोटाई तथा K परावैद्युतांक वाले पदार्थ से आंशिक रूप से भरे एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।[2005, 09]
उत्तर :
समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता, जब उसकी प्लेटों के बीच आंशिक रूप से परावैद्युतांक रखा हो (Capacity of Parallel Plate Capacitor when Partially Filled with Dielectric)-माना P1 व P2 समान्तर प्लेट संधारित्र की दो प्लेटें हैं, जिनके बीच की दूरी d है एवं प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल A है। माना t मोटाई की परावैद्युत पदार्थ की एक प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच रखी है। इस प्रकार प्लेटों के बीच (d – t) मोटाई में वायु तथा t मोटाई में परावैद्युत माध्यम है। प्लेट P1 को +q आवेश देने पर प्रेरण के कारण प्लेट P2 पर -q आवेश उत्पन्न हो जाता है,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 30
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 31
चूँकि K का मान सदैव 1 से अधिक होता है; अतः प्लेटों के बीच प्रभावी दूरी d से कुछ कम हो जाती है, जिससे संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है।
विशेष स्थितियाँ-1. यदि प्लेटों के बीच पूरे स्थान में परावैद्युतांक भरा हो (अर्थात् t = d) तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 32

2. यदि प्लेटों के बीच पूरे स्थान में वायु अथवा निर्वात हो (अर्थात् t = 0) तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 33

3. यदि प्लेटों के बीच 1 मोटाई की धातु की पट्टी हो (K = ∞) तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 34

4. यदि प्लेटों के बीच K1, K2, K3,…., Kn परावैद्युतांकों की पट्टियाँ रखी हों, जिनकी मोटाइयाँ क्रमशः t1 , t2 , t3, ….. , tn हों तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 35

5. यदि प्लेटों के बीच पूरे स्थान में परावैद्युत की पट्टियाँ भरी हों तो d = t1 + t2 + t3 + …. + tn
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 36

प्रश्न 16.
श्रेणीक्रम में जुड़े तीन संधारित्रों की तुल्य धारिता के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।
उत्तर :
श्रेणीक्रम में (In Series) जुड़े संधारित्र—माना तीन संधारित्रों को, जिनकी धारिताएँ C1, C2 व C3 हैं, श्रेणीक्रम में चित्रानुसार जोड़ा गया है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 37
जब किसी वैद्युत स्रोत द्वारा संधारित्र C1की पहली प्लेट को +q आवेश देते हैं। प्रेरण द्वारा इसकी दूसरी प्लेट पर -q आवेश उत्पन्न हो जाता है तथा इस प्लेट का स्वतन्त्र आवेश + q; दूसरे संधारित्र C2 की पहली प्लेट पर चला जाता है और संधारित्र C2 की दूसरी प्लेट पर -q आवेश उत्पन्न हो जाता है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 38
अतः “श्रेणीक्रम में जुड़े संधारित्रों की तुल्य धारिता का व्युत्क्रम, उन संधारित्रों की अलग-अलग धारिताओं के व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है।” वास्तव में तुल्य धारिता का मान श्रेणीक्रम में जुड़े सबसे कम धारिता वाले संधारित्र की धारिता से भी कम होता है।
श्रेणीक्रम में जडे संधारित्रों के लिए-1. सभी संधारित्रों पर आवेश की मात्रा समान रहती है।
2. संयोजन के सिरों के बीच आरोपित कुल विभवान्तर, अलग-अलग संधारित्रों की प्लेटों के बीच उत्पन्न विभवान्तर के योग के बराबर होता है अर्थात् V = V1 + V2 +V3
इसीलिए श्रेणीक्रम संयोग का प्रयोग तब करते हैं, जबकि किसी ऊँचे वोल्टेज को (जिसे अकेला संधारित्र सहन न कर सके), अनेक संधारित्रों पर विभाजित करना होता है।
3. इस संयोजन में न्यूनतम धारिता वाले संधारित्र की प्लेटों के बीच विभवान्तर अधिकतम होता है।

प्रश्न 17.
समान्तर क्रम में जुड़े तीन संधारित्रों की तुल्य धारिता के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए। अथवा संधारित्रों के समान्तर संयोजन के तुल्य संधारित्र की धारिता के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए। [2004]
उत्तर :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 39
समान्तर क्रम में (In Parallel) जुड़े संधारित्र-माना तीन संधारित्रों को, जिनकी धारिताएँ C1,C2 व C3 हैं, समान्तर क्रम में बिन्दु A व B के बीच जोड़ा गया है। इसमें सभी संधारित्रों की पहली प्लेटों को एक बिन्दु A से तथा दूसरी प्लेटों को दूसरे बिन्दु B से जोड़ते हैं और बिन्दु B को पृथ्वी से जोड़ देते हैं। यदि किसी वैद्युत स्रोत द्वारा बिन्दु A को + q आवेश दिया जाता है तो यह आवेश तीनों संधारित्रों पर उनकी धारिताओं के अनुपात में बँट जाता है। प्रेरण की क्रिया से संधारित्रों की दूसरी प्लेटों के अन्दर वाले तलों पर बराबर व विपरीत ऋण आवेश उत्पन्न हो जाता है तथा बाहरी तलों पर उत्पन्न धन आवेश पृथ्वी से आने वाले इलेक्ट्रॉनों द्वारा निरावेशित हो जाता है। चूँकि तीनों संधारित्र बिन्दुओं A व B के बीच जुड़े हैं; अत: प्रत्येक संधारित्र की प्लेटों के बीच विभवान्तर समान होगा। माना यह विभवान्तर V है तथा संधारित्रों पर आवेश क्रमश: q1; q2व q3 हैं, तब q1 = C1V, q2 = C2V तथा q3 = C3V तीनों संधारित्रों पर कुल आवेश
q= q1 + q2 + q3
= C1V + C2V + C3V
= V (C1 + C2+ C3)………..(1)
यदि इन तीनों संधारित्रों के स्थान पर एक ऐसा संधारित्र लगाया जाए जिसे 4 आवेश देने पर उसकी प्लेटों के बीच विभवान्तर V हो जाए, तो वह तुल्य संधारित्र होगा। यदि इस संधारित्र की धारिता C हो तो
समीकरण (1) व समीकरण (2) की तुलना करने पर,
VC = V(C1 + C2 + C3)
अतः C = C1 + C2 + C3
अत: “समान्तर क्रम में जुड़े संधारित्रों की तुल्य धारिता, उन संधारित्रों की अलग-अलग धारिताओं के योग के बराबर होती है।” इस प्रकार संधारित्रों को जोड़कर धारिता बढ़ाई जा सकती है।
समान्तर क्रम में जुड़े संधारित्रों के लिए –
1. सभी संधारित्रों की प्लेटों के बीच विभवान्तर (V) समान रहता है।
2. संधारित्रों के निकाय का कुल आवेश, उनके अलग-अलग आवेशों के योग के बराबर होता है।
अर्थात् q= q1 + q2 + q3
संधारित्रों पर अलग-अलग आवेश, उनकी धारिताओं के अनुपात में होता है।
4. समान्तर-संयोजन का प्रयोग तब करते हैं, जबकि कम विभव पर अधिक धारिता की आवश्यकता होती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 18.
किसी आवेशित संधारित्र की ऊर्जा से क्या तात्पर्य है? किसी आवेशित संधारित्र की ऊर्जा के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए। यह ऊर्जा कहाँ रहती है?
अथवा
सिद्ध कीजिए कि आवेशित संधारित्र की स्थितिज ऊर्जा U = \(\frac { 1 }{ 2 }\)CV2जहाँ C संधारित्र की धारिता तथा V विभवान्तर हैं। [2016, 17]
उत्तर :
आवेशित संधारित्र की स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक (Expression for Potential Energy of a Charged Capacitor)—किसी संधारित्र को आवेशित करने में जो कार्य करना पड़ता. है, वह संधारित्र में वैद्युत स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है, जब संधारित्र को किसी प्रतिरोध तार से जोड़ा जाता है तो आवेश का प्रवाह तार में हो जाता है, जिस कारण संधारित्र विसर्जित हो जाता है तथा संधारित्र द्वारा संचित ऊर्जा ऊष्मा के रूप में प्रकट होती है।
माना C धारिता के संधारित्र को आवेशित किया जा रहा है। माना किसी क्षण संधारित्र पर q1 आवेश है तथा इसकी प्लेटों के बीच विभवान्तर V1 है।
अत: संधारित्र की प्लेटों के बीच विभवान्तर V1 = q1/C
संधारित्र को और एक अनन्त सूक्ष्म आवेश dq देने में किया गया कार्य अर्थात् संधारित्र में संचित स्थितिज ऊर्जा
dU = V1 x dq = (q1/C) x dq
अतः संधारित्र को शून्य से q आवेश देने में संचित कुल ऊर्जा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 40
अत: आवेशित संधारित्र की ऊर्जा उसकी प्लेटों के बीच स्थित माध्यम में उत्पन्न वैद्युत क्षेत्र में रहती है।

प्रश्न 19.
आवेशित संधारित्र के ऊर्जा घनत्व से क्या तात्पर्य है? समान्तर पट्ट संधारित्र के ऊर्जा घनत्व का सूत्र ज्ञात कीजिए।
अथवा
सिद्ध कीजिए कि संधारित्र का ऊर्जा घनत्व – \(\frac { 1 }{ 2 }\)ε0E2 के बराबर होता है जहाँ ε0 निर्वात की वैद्युतशीलता तथा E संधारित्र की दोनों प्लेटों के मध्य उत्पन्न वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता है। [2013]
अथवा
सिद्ध कीजिए कि एकांक आयतन में किसी समान्तर प्लेट संधारित्र में संचित ऊर्जा \(\frac { 1 }{ 2 }\)ε0E2 है। प्रतीकों के सामान्य अर्थ हैं।
उत्तर :
आवेशित संधारित्र का ऊर्जा घनत्व (Energy Density of a Charged Capacitor)-जब किसी
[2015] संधारित्र को आवेशित किया जाता है तो संधारित्र में ऊर्जा संचित हो जाती है जो प्लेटों के बीच के आयतन में वैद्युत क्षेत्र की ऊर्जा के रूप में संचित रहती है। अत: “संधारित्र के एकांक आयतन में संचित ऊर्जा को संधारित्र का ऊर्जा घनत्व कहते हैं।”
माना किसी समान्तर पट्ट संधारित्र का प्लेट क्षेत्रफल A तथा उनके बीच की दूरी d है, प्लेटों के बीच का स्थान परावैद्युत माध्यम K द्वारा भरा है तथा प्लेटों के बीच का विभवान्तर V है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 41

प्रश्न 20.
वान डे ग्राफ जनित्र का सिद्धान्त बताइए तथा चित्र की सहायता से इसकी रचना एवं कार्यविधि समझाइए। [2011, 15, 17]
अथवा
उपयुक्त चित्र की सहायता से वान डे ग्राफ जनित्र की कार्यविधि स्पष्ट कीजिए। [2018]
अथवा
वान डे ग्राफ जेनरेटर का नामांकित चित्र बनाइए। इसके कार्य करने का सिद्धान्त बताइए। बताइए यह किस तरह से उच्च वोल्टेज उत्पन्न करता है?
[2018]
उत्तर :
वान डे ग्राफ जनित्र (Van de Graff Generator)—वैज्ञानिक रॉबर्ट जे० वान डे ग्राफ ने सन् 1931 ई० में एक स्थिर वैद्युत जनित्र की रचना की जिसकी सहायता से कुछ मिलियन वोल्ट के उच्च विभव को उत्पन्न किया जा सकता है। इस उच्च विभव से प्राप्त प्रबल वैद्युत क्षेत्र का प्रयोग आवेशित कणों जैसे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन आदि को त्वरित कर उनकी ऊर्जा में वृद्धि करने में किया जाता है।
सिद्धान्त (Principle)-इस जनित्र का सिद्धान्त दो प्रमुख स्थिर वैद्युत घटनाओं पर आधारित है. –

(i) किसी खोखले चालक को दिया गया आवेश केवल उसके बाहरी पृष्ठ पर विद्यमान रहता है तथा एकसमान रूप से वितरित रहता है।
यदि r त्रिज्या के खोखले गोलीय चालक को q आवेश दिया जाए तब उसका वैद्युत विभव
\(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q}{r}\) वोल्ट

(ii) किसी आवेशित चालक से वायु में वैद्युत विसर्जन उसके तीक्ष्ण नुकीले सिरों (sharp points) से प्राथमिकता से होता है।
गोले का आवेश पृष्ठ घनत्व \(\sigma=\frac{q}{A}\)

तीक्ष्ण नुकीले सिरों का क्षेत्रफल बहुत कम होने के कारण वहाँ आवेश पृष्ठ घनत्व बहुत अधिक होता है, जिस कारण उनसे वायु में आवेश का क्षरण होने लगता है। .
संरचना (Construction)-इसमें एक धातु का एक बड़ा गोला S, दो अचालक स्तम्भों A व B पर सधा होता है तथा इसमें एक रबर अथवा सिल्क की सिरेहीन बैल्ट (endless string) होती है जो दो घिरनियों P1 व P2 द्वारा एक वैद्युत मोटर की सहायता से चलायी जा सकती है। घिरनी P1 पृथ्वी के तल में तथा घिरनी P2 गोले के केन्द्र से तल पर होती है। इसमें दो तीक्ष्ण नुकीले सिरों वाले धातु के चालक (conductor) होते हैं। निचला चालक (कंघा) C1 अति उच्च विभव वाले स्रोत (High Tension Source, HTS ) (≈ 104 वोल्ट) के धन टर्मिनल से तथा ऊपरी चालक (कंघा) C2 खोखले गोले S के आन्तरिक पृष्ठ से सम्बन्धित रहता है। इन्हें क्रमश: फुहार चालक (spray conductor) तथा संग्राहक चालक (collecting conductor) कहते हैं। एक विसर्जन नलिका गतिमान डोरी के समान्तर लगी होती है इस नलिका का ऊपरी सिरा गोले S के केन्द्र पर होता है, जहाँ आयन स्रोत स्थित होता है तथा नलिका का दूसरा सिरा पृथ्वी से सम्बन्धित रहता है।

कार्यविधि (Working)-जब चालक (कंघे) C1 को अति उच्च विभव (HTS) दिया जाता है तो तीक्ष्ण बिन्दुओं की क्रिया के फलस्वरूप यह अपने चारों ओर के स्थान में आयन उत्पन्न करता है। धन-आयनों व चालक (कंघे) C1 के बीच प्रतिकर्षण के कारण ये धन-आयन गति करती बैल्ट पर चले जाते हैं। गतिमान बैल्ट द्वारा ये आयन ऊपर ले जाए जाते हैं। चालक (कंघे) C2 के तीक्ष्ण सिरे बैल्ट को ठीक छूते हैं। इस प्रकार चालक(कंघा) C2 बैल्ट के धन आवेश को एकत्रित करता है। यह धन-आवेश शीघ्र ही गोले S के बाहरी पृष्ठ पर स्थानान्तरित हो जाता है। चूंकि बैल्ट घूमती रहती है। अत: यह धन आवेश को ऊपर की ओर ले जाती है जो चालक (कंघे) C2 द्वारा एकत्रित कर लिया जाता है तथा गोले S के बाहरी पृष्ठ पर स्थानान्तरित हो जाता है। इस प्रकार गोले S का बाहरी पृष्ठ निरन्तर धन आवेश प्राप्त करता है तथा इसका विभव अति उच्च हो जाता है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 42
जब गोले S का विभव बहुत अधिक (लगभग 3 x 106 वोल्ट/मीटर) हो जाता है, तो निकटवर्ती वायु की परावैद्युत तीव्रता (dielectric strength) टूट जाती है तथा आवेश का निकटवर्ती वायु में क्षरण (leakage) हो जाता है। अधिकतम विभव की स्थिति में आवेश के क्षरण होने की दर गोले पर स्थानान्तरित आवेश की दर के बराबर हो जाती है। गोले से आवेश का क्षरण रोकने के लिए, जनित्र को स्टील के आवरण से घिरे एक टैंक में रखा जाता है जिसमें उच्च दाब LED पर नाइट्रोजन अथवा मेथेन गैस भरी होती है।
वान डे ग्राफ जनित्र धन आवेशित कणों को अति उच्च वेग तक त्वरित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

MP Board Solutions

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
वैद्युत विभव से क्या तात्पर्य है? [2015]
उत्तर :
वैद्युत विभव-किसी बिन्दु आवेश q को अनन्त से वैद्युत क्षेत्र के भीतर किसी बिन्दु तक लाने में क्षेत्र के विरुद्ध किए गए कार्य W तथा बिन्दु आवेश q के अनुपात को उस बिन्दु का वैद्युत विभव कहते हैं, इसे ‘V’ से प्रदर्शित करते हैं।
अतः वैद्युत विभव V = \(\frac{W}{q}\) जूल/कूलॉम अथवा वोल्ट।

प्रश्न 2.
वैद्युत विभवान्तर को परिभाषित कीजिए।
उत्तर :
वैद्युत विभवान्तर–वैद्युत क्षेत्र में, किसी बिन्दु आवेश q को एक बिन्दु A से दूसरे बिन्दु B तक लाने में क्षेत्र के विरुद्ध किए गए कार्य (W) तथा बिन्दु आवेश के अनुपात को उन बिन्दुओं के बीच वैद्युत विभवान्तर कहते हैं।”
अतः बिन्दुओं A व B के बीच वैद्युत विभवान्तर VB – VA = \(\frac{W}{q}\) जूल/कूलॉम अथवा वोल्ट।

प्रश्न 3.
वैद्युत विभव तथा विभवान्तर का मात्रक बताइए तथा इसकी परिभाषा लिखिए।
उत्तर :
वैद्युत विभव तथा विभवान्तर का मात्रक वोल्ट है।
सूत्र V = \(\frac{W}{q}\) से, यदि q= 1 कूलॉम तथा W = 1 जूल हो तो V = 1 वोल्ट।
वोल्ट की परिभाषा–यदि + 1 कूलॉम के आवेश को अनन्त से किसी बिन्दु तक लाने में 1 जूल कार्य करना पड़ता है तो उस बिन्दु का वैद्युत विभव 1 वोल्ट होगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
समविभव पृष्ठ से क्या तात्पर्य है? [2015, 18]]
उत्तर :
समविभव पृष्ठ-किसी वैद्युत क्षेत्र में स्थित कोई ऐसा पृष्ठ, जिस पर स्थित किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच वैद्युत विभवान्तर शून्य है, समविभव पृष्ठ कहलाता है। परिभाषा से स्पष्ट है कि समविभव पृष्ठ पर स्थित सभी बिन्दु एक ही विभव पर होते हैं।

प्रश्न 5.
सिद्ध कीजिए कि विद्युत बल रेखाएँ समविभव सतह के लम्वबत् होती हैं। [2018]
उत्तर :
यदि, विद्युत क्षेत्र समविभव पृष्ठ के लम्बवत् नहीं है तो वैद्युत क्षेत्र का समविभव पृष्ठ के अनुदिश कोई शून्येतर (non-zero) घटक होगा। अतः किसी परीक्षण आवेश को समविभव पृष्ठ पर इस घटक के विरुद्ध गति कराने में कुछ कार्य करना होगा? जबकि समविभव पृष्ठ पर परीक्षण आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में किया गया कार्य शून्य होता है। अत: विद्युत क्षेत्र एवं विद्युत बल रेखाएँ समविभव सतह के लम्बवत् होती हैं।

प्रश्न 6.
दो समविभव पृष्ठ परस्पर काटते क्यों नहीं हैं?
उत्तर :
समविभव पृष्ठ पर वैद्युत क्षेत्र की दिशा पृष्ठ पर लम्ब होती है। यदि दो समविभव पृष्ठ एक-दूसरे को काटते हैं तो कटान बिन्दु पर दो लम्ब खींचे जा सकेंगे; अत: वैद्युत क्षेत्र की भी दो दिशाएँ होंगी, जोकि असम्भव है।

प्रश्न 7.
इलेक्ट्रॉन-वोल्ट किस भौतिक राशि का मात्रक है? इसकी परिभाषा लिखिए।
उत्तर :
इलेक्ट्रॉन-वोल्ट, ऊर्जा का मात्रक है। 1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट, ऊर्जा की उस मात्रा के बराबर होता है, जो एक इलेक्ट्रॉन, 1 वोल्ट के विभवान्तर से त्वरित किए जाने पर अर्जित करता है। .

प्रश्न 8.
आवेशों के निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा से क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
वैद्युत स्थितिज ऊर्जा-आवेशों के निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा आवेशों को परस्पर अनन्त दूरी से उनकी वर्तमान स्थिति में लाकर निकाय की रचना करने में बाह्य स्रोत द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।

प्रश्न 9.
चित्र-2.35 में प्रदर्शित आवेशों के निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए। [2014]
हल :
निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 43

प्रश्न 10.
1 MeV को जूल में व्यक्त कीजिए। [2007]
हल :
∵ 1eV = 1.6 x 10-19 जूल
अतः 1MeV = 106 eV = 106 x 1.6 x 10-19 जूल = 1.6 x 10-13जूल।

प्रश्न 11.
दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 50 वोल्ट हैं। एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक 2 x 10-5 कूलॉम आवेश को ले जाने पर कितना कार्य करना होगा? [2011, 12]
हल :
दिया है, q= 2 x 10-5 कूलॉम, ∆V = 50 वोल्ट, W = ?
अतः कृत कार्य W = q∆V = 2 x 10-5 x 50 = 10-3 जूल।

प्रश्न 12.
5 सेमी की दूरी पर स्थित दो बिन्दुओं A व B के विभव +10 वोल्ट तथा -10 वोल्ट हैं। 1.0 कूलॉम आवेश को A से B तक ले जाने में कितना कार्य करना होगा? [2012]
हल :
दिया है, q= 1.0 कूलॉम, ∆V = 10-(-10) = 20 वोल्ट, W = ?
अतः किया गया कार्य W = q∆V = 1.0 x 20 = 20 जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 13.
5 सेमी की दूरी पर दो बिन्दुओं A और B में से प्रत्येक 10 वोल्ट के विभव पर है। 10 कूलॉम के धन आवेश को बिन्दु A से बिन्दु B तक ले जाने में कितना कार्य करना होगा? [2010]
हल :
किया गया कार्य W = q (VB – VA) = q x 0 [∵ VB = VA = 10 वोल्ट]

प्रश्न 14.
निर्वात में किसी बिन्दु (x, Y, 2 सभी मीटर में) पर वैद्युत विभव V = 4x2 वोल्ट है। बिन्दु (1 मीटर, 0 मीटर,.2 मीटर) पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए। [2012]
हल :
बिन्दु (x, y, 2) पर वैद्युत विभव V = 4x2
इससे स्पष्ट है कि विभव केवल x पर निर्भर करता है y अथवा z पर नहीं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 44
इसमें x = 1 मीटर, y = 0 मीटर, 2 = 2 मीटर रखने पर, बिन्दु (1 मीटर, 0 मीटर, 2 मीटर) पर
वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता E = -8 x 1 = -8 वोल्ट/मीटर।
ऋण चिह्न यह प्रदर्शित करता है कि वैद्युत क्षेत्र ऋण X-अक्ष की ओर दिष्ट है।

प्रश्न 15.
चित्र-2.36 के अनुसार दो प्लेटें A तथा B परस्पर 2 मिमी की दूरी पर रखी हैं। प्लेट A का विभव 10,000 वोल्ट है, प्लेट B पृथ्वी से सम्बन्धित है। इन प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए।[2001]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 45
हल :
दिया है, d = 2 मिमी = 2 x 10-3 मीटर,
VA = +10,000 वोल्ट, VB = 0, E = ?
सूत्र \(E=\frac{V_{A}-V_{B}}{d}\)
प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता \(E=\frac{10,000-0}{2 \times 10^{-3}}=5 \times 10^{6}\) वोल्ट/मीटर।

प्रश्न 16.
दो बिन्दुओं A तथा B के विभव क्रमशः +V तथा – V वोल्ट हैं। यदि उनके बीच की दूरीr मीटर है। तो ज्ञात कीजिए-
(i) A व B के बीच औसत वैद्युत क्षेत्र तथा
(ii) -q कूलॉम आवेश को A से B तक ले जाने में उसकी स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन।
हल :
(i) A व B के बीच औसत वैद्युत क्षेत्र
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 46
(ii) स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि = 2qV जूल।

प्रश्न 17.
आवेश q को a तथा b(b> a) त्रिज्या वाले दो संकेन्द्री खोखले गोलों पर इस प्रकार वितरित किया गया है कि पृष्ठीय आवेश घनत्व समान हैं। इन दोनों गोलों के उभयनिष्ठ केन्द्र पर विभव की गणना कीजिए। [2012]
हल :
माना a तथा b त्रिज्याओं वाले संकेन्द्री खोखले गोलों पर आवेश q1 व q2 हैं।
अतः q= q1 + q2
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 47

प्रश्न 18.
यदि दो वैद्युत द्विध्रुवों के केन्द्रों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए तो
(i) उनके बीच लगने वाले बल तथा
(ii) उनकी स्थितिज ऊर्जा का मान कितने गुना परिवर्तित हो जाएँगे? [2005]
हल :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 48

MP Board Solutions

प्रश्न 19.
चित्र-2.37 में प्रदर्शित A व B बिन्दुओं के बीच विभवान्तर ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 49
हल :
सूत्र V = iR से,
VAB = 2 × 2 + 3+ 2 × 1- 2 + 2 × 1 ,
= 9 वोल्ट।

प्रश्न 20.
संधारित्र से क्या तात्पर्य है? [2004, 14, 16]
उत्तर :
संधारित्र-संधारित्र किसी भी प्रकार के दो ऐसे चालकों का युग्म है जो कि एक-दूसरे के समीप हों, जिन पर बराबर व विपरीत आवेश हों तथा जिसकी एक प्लेट पृथ्वी से जुड़ी हो।

प्रश्न 21.
संधारित्रों के उपयोग लिखिए। [2016]
उत्तर :
संधारित्रों के उपयोग-निम्नलिखित में संधारित्रों का उपयोग किया जाता है –

  1. आवेश का संचय करने में
  2. ऊर्जा का संचय करने में
  3. वैद्युत उपकरणों में
  4. इलेक्ट्रॉनिक परिपथों में
  5. वैज्ञानिक अध्ययन में
  6. प्रत्यावर्ती धारा नियन्त्रण में।

प्रश्न 22.
फैरड क्या है? एक फैरड में कितने पिकोफैरड होते हैं?
उत्तर :
फैरड की परिभाषा-सूत्र C = q/V में,q = 1 कूलॉम, V = 1 वोल्ट रखने पर, C=1 फैरड।
“1 फैरड उस चालक की धारिता है, जिसको 1 कूलॉम का आवेश देने पर उसके विभव में 1 वोल्ट की वृद्धि हो।”
1 पिकोफैरड = 10-12 फैरड; अत: 1 फैरड = 1012 पिकोफैरड।

MP Board Solutions

प्रश्न 23.
परावैद्युत पदार्थ से आप क्या समझते हैं? (1) जर्मेनियम, (2) अभ्रक, (3) कार्बन में से कौन-सा परावैद्युत है? [2010, 12]
उत्तर :
परावैद्युत पदार्थ—“वे पदार्थ, जिनके अणुओं में इलेक्ट्रॉन नाभिक के साथ दृढ़तापूर्वक बँधे होते हैं, परावैद्युत पदार्थ कहलाते हैं।” जैसे-काँच, मोम, अभ्रक आदि। जर्मेनियम, अभ्रक तथा कार्बन में अभ्रक परावैद्युत पदार्थ है।

प्रश्न 24.
संधारित्र में परावैद्युत का क्या कार्य है? [2006]
उत्तर :
संधारित्र में परावैद्युत का कार्य-संधारित्र में परावैद्युत इसकी प्लेटों के बीच उपस्थित वैद्युत क्षेत्र की दिशा के विपरीत दिशा में ध्रुवित होकर प्लेटों के बीच के वैद्युत क्षेत्र को कम कर देता है, जिसके कारण प्लेटों के बीच विभवान्तर कम हो जाता है; अत: संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है।

प्रश्न 25.
संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत भरने अथवा उपयोग से धारिता क्यों बढ़ जाती है? [2000, 06]
अथवा
किसी संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत पदार्थ भरने पर उसकी धारिता पर क्या प्रभाव पड़ता है? [2014, 17]
उत्तर :
आवेशित संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत माध्यम भरने से उसके अणु ध्रुवित हो जाते हैं तथा माध्यम के अन्दर एक वैद्युत क्षेत्र, मुख्य वैद्युत क्षेत्र की विपरीत दिशा में उत्पन्न हो जाता है। इस कारण दोनों प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता कम हो जाती है। तीव्रता कम होने के कारण प्लेटों के बीच उत्पन्न विभवान्तर कम हो जाता है। विभवान्तर के कम होने से संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है।

प्रश्न 26.
क्या आप एक फैरड धारिता वाले समान्तर प्लेट धारित्र को एक अलमारी में रख सकते हैं? स्पष्ट कीजिए। [2018]
उत्तर :
समान्तर प्लेट धारित्र की धारिता \(C=\frac{A \varepsilon_{0}}{d}\)
या \(\frac{A}{d}=\frac{C}{\varepsilon_{0}}=\frac{1}{8.85 \times 10^{-12}}\)
= 1.13 x 1011
सामान्य संधारित्रों के लिए d मिमी कोटि का होता है।
∴ A = 1.13 x 1011 x 10-3
= 113 x 108 मीटर2
इस आकार के संधारित्र को अलमारी में रख पाना सम्भव नहीं है।

प्रश्न 27.
एक आवेशित संधारित्र की प्लेटों को एक वोल्टमीटर से जोड़ा गया है। यदि संधारित्र की प्लेटों को परस्पर दूर हटाया जाए तो वोल्टमीटर के पाठ्यांक पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर :
सूत्र C ∝ 1/d से, प्लेटों के बीच की दूरी d बढ़ाने पर धारिता C घट जाएगी। निश्चित आवेश के लिए . प्लेटों के बीच विभवान्तर V ∝ 1/C से, धारिता C के घटने पर विभवान्तर V बढ़ जाएगा; अत: वोल्टमीटर का पाठ्यांक बढ़ जाएगा।

प्रश्न 28.
सिद्ध कीजिए कि कूलॉम /न्यूटन-मीटर तथा फैरड/मीटर एक ही भौतिक राशि के मात्रक हैं। [2010]
उत्तर :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 50

MP Board Solutions

प्रश्न 29.
C1 तथा C2 धारिता वाले दो संधारित्रों पर आवेश क्रमशः q1 व q2 हैं तथा विभव क्रमशः V1 व V2 हैं। इनको स्पर्श कराकर फिर अलग करने के पश्चात् संधारित्रों का आवेश q’1 व q’2 एवं विभव में परिवर्तन क्रमशः ΔV1 तथा ΔV2 हो जाता है। सिद्ध कीजिए – [2006]
(i) \(\frac{q^{\prime}_{1}}{q_{2}^{\prime}}=\frac{C_{1}}{C_{2}}\) तथा
(ii) C1ΔV1 = C2ΔV2
हल :
(i) पहले संधारित्र पर आवेश q1 = C1V1 तथा दूसरे संधारित्र पर आवेश q2 = C2V2
दोनों पर कुल आवेश q = q1 + q2 = C1V1 + C2V2
स्पर्श कराने के बाद माना दोनों का उभयनिष्ठ विभव V है तो
q’1=C1V तथा q’2 = C2V ।
अत: \(\frac{q_{1}^{\prime}}{q_{2}^{\prime}} \doteq \frac{C_{1} V}{C_{2} V}=\frac{C_{1}}{C_{2}}\)

(ii) जोड़ने से पहले कुल आवेश q = q1 + q2 = C1V1 + C2V2| चूँकि जोड़ने पर दोनों का विभव समान हो जाता है; अत: एक का विभव बढ़ेगा तथा दूसरे का घटेगा। इसलिए जोड़ने के बाद कुल आवेश
q = C1(V1 + ∆V1) + C2 (V2 – ∆V2)

चूँकि जोड़ने से पहले तथा बाद में कुल आवेश वही रहता है।
1. C1(V1 + ∆V1) + C2 (V2– ∆V2) = C1V1 + C2V2
अथवा [C1V1 + C1∆V1] + C2V2 – C2∆V2 = C1V1 + C2V2.
अथवा C1∆V1 – C2∆V2 = 0
अतः C1∆V1 = C2∆V2

प्रश्न 30.
C1 व C2 धारिताओं वाले दो संधारित्रों को समान्तर क्रम में जोड़कर q आवेश दिया गया है। प्रत्येक संधारित्र का विभवान्तर तथा आवेश बताइए।
हल :
समान्तर क्रम में जुड़े होने के कारण विभवान्तर समान होगा। प्रत्येक संधारित्र का विभवान्तर V = q/ (C1 + C2)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 51

प्रश्न 31.
धातु की चार एकसमान प्लेटों में प्रत्येक की एक तरफ की सतह का क्षेत्रफल A है। ये प्लेटें वायु में एक-दूसरे से d दूरी पर रखी हैं। इन्हें चित्र 2.38 के अनुसार आपस में जोड़ दिया गया है। A तथा B के बीच तुल्य धारिता ज्ञात कीजिए। [2002]]
हल :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 52
दिए गए परिपथ में प्लेटें 1 व 2 एक संधारित्र तथा प्लेटें 3 व 4 दूसरा संधारित्र बनाती हैं। इनके तुल्य परिपथ संलग्न चित्रों (2.38) में प्रदर्शित हैं। स्पष्ट है कि दोनों संधारित्र समान्तरक्रम में जुड़े हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 53

प्रत्येक संधारित्र की धारिता C1 = C2 = \(\frac{\varepsilon_{0} A}{d}\)
अतः बिन्दुओं A व B के बीच तुल्य धारिता C = C1 + C2
\(=\frac{\varepsilon_{0} A}{d}+\frac{\varepsilon_{0} A}{d}=\frac{2 \varepsilon_{0} A}{d}\)

MP Board Solutions

प्रश्न 32.
संलग्न चित्र-2.40 में दिखाई गई चार प्लेटों में प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल A मीटर2 तथा संलग्न प्लेटों के बीच दूरी d मीटर है। एकान्तर प्लेटें पतले तारों से जोड़ी गई हैं। बिन्दुओं A व B के बीच तुल्य धारिता ज्ञात कीजिए। [2004]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 54
हल :
यह तीन संधारित्रों (1, 2); (2, 3) व (3, 4) का समान्तर संयोजन है। प्लेट 2, पहले व दूसरे संधारित्रों की दूसरी उभयनिष्ठ प्लेट है तथा प्लेट 3, दूसरे व तीसरे संधारित्रों की पहली उभयनिष्ठ प्लेट है।
अतः बिन्दुओं A व B के बीच तुल्य धारिता C = C1 + C2 + C3
\(=\frac{\varepsilon_{0} A}{d}+\frac{\varepsilon_{0} A}{d}+\frac{\varepsilon_{0} A}{d}=\frac{3 \varepsilon_{0} A}{d}\) फैरड

प्रश्न 33.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल A तथा प्लेटों के बीच की दूरी d है। इसकी दोनों प्लेटों के बीच t मोटाई की एक धातु की प्लेट खिसकाई जाती है। इससे निकाय की धारिता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर :
पट्टी रखने से पहले धारिता \(C_{0}=\frac{\varepsilon_{0} A}{d}\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 55
अत: निकाय की धारिता बढ़ जाएगी।

प्रश्न 34.
एक समान्तर पट्ट संधारित्र की प्लेटों के बीच की दूरी d है। प्लेटों के बीच d/2 मोटाई की एक धातु की पट्टी रख दी जाती है। धारिता पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
हल :
t मोटाई की पट्टी रखने से पहले धारिता \(C_{0}=\frac{\varepsilon_{0} A}{d}\)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 56

प्रश्न 35.
R1 व R2 त्रिज्याओं वाले दो गोलीय चालकों को आवेशित किया गया है। यदि इन्हें एक तार द्वारा जोड़ा जाए तो उनके पृष्ठ आवेश घनत्वों का अनुपात क्या होगा? किस गोले पर पृष्ठ आवेश घनत्व अधिक होगा? [2005, 06]
हल :
चूँकि दोनों गोलीय चालकों पर विभव V समान है; अत: गोलों के आवेशों का अनुपात
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 57
पृष्ठ आवेश घनत्व छोटे गोले (जिसकी त्रिज्या R2 है) पर अधिक होगा।

प्रश्न 36.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र को बैटरी से आवेशित किया जाता है। बैटरी का सम्बन्ध संधारित्र से विच्छेदित करने के उपरान्त प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी करने पर संधारित्र की
(i) धारिता तथा (ii) संगृहीत ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा? [2012]
हल :
(i) माना d1 = d अत: d2 = 2d सूत्र C ∝ 1/ d से, संधारित्र की धारिता आधी हो जाएगी।
(ii) सूत्र U ∝ 1/C से, संगृहित ऊर्जा दोगुनी हो जाएगी।

MP Board Solutions

प्रश्न 37.
स्थैतिक वैद्युत ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा तथा क्यों, जब एक आवेशित समान्तर प्लेट धारित्र की प्लेटों के बीच एक परावैद्युतांक K वाला परावैद्युतांक स्लैब डाला जाता है, जब धारित्र को बैटरी से अलग कर दिया जाता है? [2018]
हल :
धारित्र को बैटरी से अलग कर देने पर उसकी प्लेटों पर आवेश अपरिवर्तित रहेगा।
संधारित्र की धारिता \(C=\frac{A \varepsilon_{0}}{d}\)
संधारित्र में संचित स्थैतिक वैद्युत ऊर्जा \(U=\frac{1}{2} \frac{q^{2}}{C}\)
संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युतांक स्लैब रखने पर,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 58

प्रश्न 38.
धातु का एक बड़ा गोला, एक दूसरे बाहरी छोटे गोले से तार द्वारा जुड़ा है। इस समायोजन को कुछ आवेश दिया जाता है। (i) किस गोले पर अधिक आवेश होगा? (ii) किस गोले पर पृष्ठ आवेश घनत्व अधिक होगा? [2006]
उत्तर :
(i) चूँकि बड़े गोले की त्रिज्या अधिक है; अत: इसकी धारिता भी अधिक होगी जिसके कारण बड़े गोले के पृष्ठ पर अधिक आवेश होगा।
(ii) पृष्ठ आवेश घनत्व छोटे गोले पर अधिक होगा।

प्रश्न 39.
दो विभिन्न धारिता वाले गोले भिन्न-भिन्न विभवों तक आवेशित किए जाते हैं। अब इन गोलों को एक तार द्वारा जोड़ दिया जाता है। बताइए कि उनकी कुल ऊर्जा पहली स्थिति से बढ़ेगी, घटेगी अथवा समान रहेगी। ऊर्जा में यह अन्तर किस रूप में होता है?
उत्तर :
आवेश के पुनर्वितरण से सदैव ऊर्जा का ह्रास होता है; अत: कुल ऊर्जा घटेगी। ऊर्जा में यह अन्तर संयोजक तार में ऊष्मा के रूप में क्षय होगा।

प्रश्न 40.
किसी आवेशित चालक के चारों ओर परावैद्युत पदार्थ रखने पर उसके विभव तथा धारिता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर :
किसी आवेशित चालक के चारों ओर K परावैद्युतांक वाला पदार्थ रखने पर उसका विभव V से घटकर V/K रह जाता है तथा धारिता C से बढ़कर KC हो जाती है।

प्रश्न 41.
दिए गए ग्राफ में एक संधारित्र की कुल संचित ऊर्जा (U) तथा धारिता (C) का परिवर्तन प्रदर्शित है। संधारित्र की प्लेटों पर आवेश (q) तथा प्लेटों के बीच विभवान्तर (V) में से कौन-सी राशि नियत है? [2013]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 59
उत्तर :
दिए गए ग्राफ से स्पष्ट है कि U ∝ 1/C
संधारित्र में संचित कुल ऊर्जा \(\frac{1}{2} \frac{q^{2}}{C}\)
U व C के बीच ग्राफ अतिपरवलय है।
यदि q नियत है तो U ∝ 1/C
अत: संधारित्र की प्लेटों पर आवेश (q) नियत है।

MP Board Solutions

प्रश्न 42.
n समरूप संधारित्र (प्रत्येक की धारिता C) समान्तर क्रम में जुड़े हैं, जिन्हें V विभव तक आवेशित किया गया है। इस संयोजन का कुल आवेश, कुल विभवान्तर तथा कुल ऊर्जा बताइए। यदि इन्हें अलग-अलग करके श्रेणीक्रम में जोड़ें तब उपर्युक्त मान बताइए। [2013]
हल :
समान्तर क्रम में, प्रत्येक संधारित्र पर आवेश = CV
अतः कुल आवेश = n x CV = nCV
कुल विभवान्तर V है; अत: कुल ऊर्जा = \(\frac { 1 }{ 2 }\) (nC)V2 = \(\frac { 1 }{ 2 }\) nCV2
श्रेणीक्रम में, कुल आवेश = प्रत्येक संधारित्र पर आवेश = CV
कुल विभवान्तर = nv
कुल ऊर्जा = \(\frac{1}{2}\left(\frac{C}{n}\right)\)(nV)2 = InCV2

प्रश्न 43.
N समान आवेशित छोटी बूंदें मिलकर बड़ी बूँद बनाती हैं। बड़ी बूंद तथा छोटी बूंद के लिए निम्न का अनुपात ज्ञात कीजिए-(i) धारिता, (ii) विभव, (iii) आवेश, (iv) स्थैतिक वैद्युत ऊर्जा। [2018]
उत्तर :
माना प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या 7 व उस पर आवेश q है।
बड़ी बूंद पर आवेश (Q) = Nq
बड़ी बूंद का आयतन = N x छोटी बूंद का आयतन
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 60
प्रश्न 44.
यदि वायु की परावैद्युत सामर्थ्य 3.0 x 106 वोल्ट/मीटर हो तो दर्शाइए कि वान डे ग्राफ जनित्र के 0.1 मीटर त्रिज्या वाले गोले का विभव 3.0 x 105 वोल्ट से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। [2018]
उत्तर :
किसी माध्यम का परावैद्युत सामर्थ्य, वैद्युत क्षेत्र का वह अधिकतम मान है जो वह अपना परावैद्युत भंजन हुए बिना सहन कर सकता है।
अतः Emax = 3.0 x 106 वोल्ट/मीटर, r = 0.1 मीटर
गोले के पृष्ठ पर वैद्युत क्षेत्र, \(E=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \cdot \frac{q}{r^{2}}\)
गोले के पृष्ठ पर वैद्युत विभव, \(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q}{r}\)
∴ \(\frac{E}{V}=\frac{1}{r}\) या V= E.r
या Vmax = Emax.r = 3.0 x 106 x 0.1
= 3.0 x 105 वोल्ट।
अतः वान डे ग्राफ जनित्र के गोले का विभव 3.0 x 105 वोल्ट से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता है।

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
S.I. पद्धति में वैद्युत विभव का मात्रक लिखिए।
उत्तर :
S.I. पद्धति में वैद्युत विभव का मात्रक वोल्ट है।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
वैद्युत विभवान्तर तथा वैद्युत विभव की विमा लिखिए।
उत्तर :
वैद्युत विभवान्तर तथा वैद्युत विभव दोनों की विमा [ML2T-3A-1] है।

प्रश्न 3.
उस भौतिक राशि का नाम बताइए जिसका S.I. मात्रक ‘जूल/कूलॉम’ होता है। यह एक अदिश राशि है अथवा सदिश राशि?
उत्तर :
‘जूल/कूलॉम’ वैद्युत विभव अथवा विभवान्तर का मात्रक है। यह एक अदिश राशि है।

प्रश्न 4.
बताइए वैद्यत क्षेत्र तथा वैद्यत विभव सदिश राशियाँ हैं अथवा अदिश राशियाँ।
उत्तर :
वैद्युत क्षेत्र सदिश राशि है, जबकि वैद्युत विभव अदिश राशि है।

प्रश्न 5.
एक बिन्दु आवेश q सेr दूरी पर वैद्युत विभव के लिए सूत्र लिखिए।
हल :
वैद्युत विभव \(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q}{r}\)

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
एक वैद्युत द्विध्रुव के कारण उसकी अक्षीय एवं निरक्षीय स्थिति में वैद्युत विभव का व्यंजक लिखिए। [2018]
हल :
अक्षीय स्थिति में, \(V=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{p}{r^{2}}\) तथा निरक्षीय स्थिति में, V = 0

प्रश्न 7.
विभव प्रवणता तथा वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता के बीच सम्बन्ध लिखिए। [2003, 05, 13]
उत्तर :
वैद्युत क्षेत्र की ताजता \(E=-\frac{d V}{d r}\)
अर्थात् वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता ऋणात्मक विभव प्रवणता के बराबर होती है।

प्रश्न 8.
यदि दो समान्तर प्लेटों के बीच की दूरी d हो तथा उनके बीच विभवान्तर V हो तो प्लेटों के बीच विभव प्रवणता एवं वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता कितनी होगी?
उत्तर :
विभव प्रवणता तथा वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता अर्थात् दोनों का आंकिक मान E =V/d होगा।

प्रश्न 9.
विभव प्रवणता का मात्रक क्या है?
उत्तर :
विभव प्रवणता का मात्रक वोल्ट/मीटर है।

प्रश्न 10.
किसी सम वैद्युत क्षेत्र में वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा विभवान्तर में सम्बन्ध लिखिए। [2009]]
उत्तर :
वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता E = (V1 – V2)/d वोल्ट/मीटर।

प्रश्न 11.
दो बिन्दुओं A तथा B पर वैद्युत विभव क्रमशः +V वोल्ट तथा – V वोल्ट हैं। यदि उनके बीच की दूरी r मीटर हो तो A और B के बीच औसत वैद्युत क्षेत्र ज्ञात कीजिए। [2018]
हल :
बिन्दु A व B के बीच विभवान्तर = VB – VA = – V – (V) = – 2V
A व B के बीच वैद्यत क्षेत्र की तीव्रता \(E=\frac{-d V}{d r}=\frac{-(-2 V)}{r}=\frac{2 V}{r}\)

प्रश्न 12.
कोई आवेशित कण एकसमान स्थिर वैद्युत क्षेत्र में, क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करता है। कण का पथ क्या होगा?
उत्तर :
आवेशित कण का पथ परवलयाकार होगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 13.
क्षैतिज दिशा में एकसमान वेग v से गति करती हुई कैथोड किरण एक ऊर्ध्वाधर वैद्युत क्षेत्र E से गुजर रही है। किरण के ऊर्ध्वाधर विक्षेप के लिए व्यंजक लिखिए।
उत्तर :
कैथोड किरण पर आवेश q= e है; अतः कैथोड किरण का ऊर्ध्वाधर दिशा में विक्षेप \(y=\left(\frac{e E}{2 m v^{2}}\right) x^{2}\) जहाँ x क्षैतिज दिशा में चली गई दूरी है।

प्रश्न 14.
वैद्युत क्षेत्र रेखा के अनुदिश वैद्युत विभव बढ़ता है अथवा घटता है?
उत्तर :
वैद्युत क्षेत्र रेखा के अनुदिश वैद्युत विभव घटता है।

प्रश्न 15.
एक प्रोटॉन को दूसरे प्रोटॉन की ओर लाने पर, निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होता है? [2006]
उत्तर :
निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा बढ़ जाएगी।

प्रश्न 16.
किसी समविभवी पृष्ठ के दो बिन्दुओं के बीच 500 माइक्रोकूलॉम आवेश को गति कराने में कितना कार्य किया जाता है? [2003, 13]
हल :
कार्य W = qΔV = q x 0 = 0 (∵ ΔV = 0)

प्रश्न 17.
वैद्युत क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन उच्च विभव से निम्न विभव की ओर अथवा निम्न विभव से उच्च विभव में से किस ओर गति करता है? इसी क्षेत्र में प्रोटॉन किस ओर गति करेगा?.
उत्तर :
इलेक्ट्रॉन निम्न विभव से उच्च विभव की ओर गति करता है, जबकि प्रोटॉन उच्च विभव से निम्न विभव की ओर गति करेगा।

प्रश्न 18.
क्या ऐसा सम्भव है कि किसी बिन्दु पर वैद्युत क्षेत्र शून्य हो परन्तु वैद्युत विभव शून्य न हो? उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
हाँ, किसी खोखले आवेशित चालक के अन्दर वैद्युत क्षेत्र शून्य होता है, परन्तु वैद्युत विभव शून्य नहीं होता

MP Board Solutions

प्रश्न 19.
क्या ऐसा सम्भव है कि किसी बिन्दु पर वैद्युत विभव शून्य हो परन्तु वैद्युत क्षेत्र शून्य न हो? उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
हाँ, किसी वैद्युत द्विध्रव की निरक्ष पर वैद्युत विभव शून्य होता है, जबकि वैद्युत क्षेत्र शून्य नहीं होता

प्रश्न 20.
किसी बिन्दु आवेश q को एक अन्य आवेश Q के परितः r त्रिज्या के वृत्तीय पथ में घूर्णन कराया जाता है। किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
उत्तर :
बिन्दु आवेश एक समविभव पृष्ठ पर गति करता है; अत: किया गया कार्य शून्य होगा।

प्रश्न 21.
किसी धन बिन्दु आवेश के लिए दो समविभव खींचिए। .
उत्तर :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 61
चित्र 2.42 में प्रदर्शित गोलीय पृष्ठ S1 व S1 धन बिन्दु आवेश के समविभव पृष्ठ हैं।

प्रश्न 22.
एक खोखले आवेशित चालक के बाहरी पृष्ठ पर वैद्युत बल क्षेत्र लम्बवत् चित्र-2.42 क्यों होता है?
उत्तर :
आवेशित चालक का बाहरी पृष्ठ समविभव पृष्ठ होता है इसीलिए उसके बाहरी पृष्ठ पर वैद्युत बल क्षेत्र .. लम्बवत् होता है।

प्रश्न 23.
समविभव पृष्ठ के सापेक्ष वैद्युत बल रेखाओं की दिशा बताइए।
उत्तर :
समविभव पृष्ठ पर वैद्युत बल रेखाएँ अभिलम्बवत् होती हैं।

प्रश्न 24.
\([latex][latex]\overrightarrow{\mathbf{p}}\)[/latex][/latex] वैद्युत द्विध्रुव आघूर्ण वाला एक वैद्युत द्विध्रुव एकसमान वैद्युत क्षेत्र \([latex][latex]\overrightarrow{\mathbf{E}}\)[/latex][/latex] में स्थायी सन्तुलन में रखा हुआ है। वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?
उत्तर :
स्थायी सन्तुलन की अवस्था में θ = 0°
अतः वैद्युत द्विध्रुव की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा U = – pE cos 0° = pE

MP Board Solutions

प्रश्न 25.
p वैद्युत द्विध्रुव आघूर्ण वाले एक वैद्युत द्विध्रुव को E तीव्रता के एकसमान वैद्युत क्षेत्र में स्थायी सन्तुलन की स्थिति से 90° तथा 180° विक्षेपित करने में कितना कार्य करना पड़ेगा?
हल :
स्थायी सन्तुलन की स्थिति से 90° विक्षेपित करने में किया गया कार्य
W1 = pE (cos 0° – cos 90° ) = pE
स्थायी सन्तुलन की स्थिति से 180° विक्षेपित करने में किया गया कार्य
W2 = pE (cos 0° – cos 180°) = 2 pE

प्रश्न 26.
एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन परस्पर 1Å की दूरी पर हैं। इस निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, q1 = -e तथा q2 = e, r = 1Å = 10-10 मीटर, U = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 62

प्रश्न 27.
दो बिन्दु आवेशों के निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा के लिए सूत्र लिखिए।
उत्तर :
परस्पर r दूरी पर निर्वात या वायु में स्थित बिन्दु आवेशों q1 व q2 के निकाय की
वैद्युत स्थितिज ऊर्जा \(U=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q_{1} q_{2}}{r}\)

प्रश्न 28.
दो समान बिन्दु आवेश q प्रत्येक कूलॉम, परस्पर r मीटर की दूरी पर हैं। इनकी वैद्युत स्थितिज ऊर्जा कितनी होगी? [2004]
उत्तर :
वैद्युत स्थितिज ऊर्जा \(U=\frac{1}{4 \pi \varepsilon_{0}} \frac{q^{2}}{r}\)जूल

प्रश्न 29.
दिखाइए कि मात्रक वोल्ट/मीटर तथा न्यूटन/कूलॉम एक ही भौतिक राशि के मात्रक हैं। ये मात्रक किस भौतिक राशि से सम्बद्ध हैं?
उत्तर :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 63
ये दोनों मात्रक वैद्यत क्षेत्र की तीव्रता के हैं।

प्रश्न 30.
बिन्दु आवेश के कारण वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा वैद्युत विभव, दूरी r के साथ कैसे विचरण करते [2002]
उत्तर :
वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता E, दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है अर्थात् E ∝ 1/r2
वैद्युत विभव V, दूरी r के व्युत्क्रमानुपाती होता है अर्थात् V ∝ 1/r ; अत: वैद्युत विभव की तुलना में, वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता, दूरी r के बढ़ने पर तेजी से घटती है।

प्रश्न 31.
बिन्दु आवेश तथा रेखीय आवेश के कारण वैद्युत क्षेत्र दूरी के साथ कैसे परिवर्तित होता है? [2005]
उत्तर :
बिन्दु आवेश के लिए वैद्युत क्षेत्र E ∝ 1/r2 तथा रेखीय आवेश के लिए वैद्युत क्षेत्र E & 1/r होता है।

प्रश्न 32.
एकसमान वैद्युत क्षेत्र में क्षेत्र की दिशा से θ कोण पर संरेखित वैद्युत द्विध्रुव की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा के लिए, सूत्र लिखिए।
उत्तर :
एकसमान वैद्युत क्षेत्र \overrightarrow{\mathrm{E}} से θ कोण पर संरेखित द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा
Uθ = – \(\overrightarrow{\mathrm{P}}\).\(\overrightarrow{\mathrm{E}}\) = – pE cosθ

MP Board Solutions

प्रश्न 33.
1 सेमी त्रिज्या के गोले को 1 कूलॉम आवेश देने से गोले के पृष्ठ पर वैद्युत विभव ज्ञात कीजिए। [2016]
हल :
दिया है, r = 1 सेमी = 10-2 मीटर, q= 1 कूलॉम, V = ?
वैद्युत विभव V = 9 x 109 x \(\frac{q}{r}\) = 9 x 109 x \(\frac{1}{10^{-2}}\) = 9 x 1011 वोल्ट।

प्रश्न 34.
धारिता का विमीय सूत्र तथा मात्रक लिखिए। [2014]
उत्तर :
धारिता का विमीय सूत्र = [M-1L-2T4A2] तथा मात्रक फैरड है।

प्रश्न 35.
M.K.S.A. पद्धति में R त्रिज्या के धातु के खोखले गोले की धारिता का सूत्र लिखिए। अथवा विलगित गोलीय चालक की धारिता का सूत्र लिखिए।
[2001, 03]
उत्तर :
R त्रिज्या के धातु के खोखले गोले की धारिता C = 4 πε0R फैरड।

प्रश्न 36.
संधारित्र के श्रेणी संयोजन का सूत्र लिखिए।
उत्तर :
संधारित्र के श्रेणी संयोजन का सूत्र
\(\frac{1}{C}=\frac{1}{C_{1}}+\frac{1}{C_{2}}\)

प्रश्न 37.
किसी आवेशित संधारित्र की ऊर्जा के लिए सूत्र लिखिए।
उत्तर :
आवेशित संधारित्र की ऊर्जा = \(\frac{1}{2} \frac{q^{2}}{C}\) जूल अथवा \(\frac{1}{2} C V^{2}\) जूल।।

प्रश्न 38.
संधारित्र में साधारणतया प्रयुक्त होने वाले किन्हीं दो परावैद्युत पदार्थों के नाम लिखिए। [2002]
उत्तर :
अभ्रक, मोम, कागज।

प्रश्न 39.
समान्तर प्लेट संधारित्र में दूसरी प्लेट का क्या कार्य है?
उत्तर :
संधारित्र में दूसरी प्लेट का कार्य, प्लेटों का आकार स्थिर रखते हुए पहली प्लेट के विभव को कम करना है, जिससे कि उसे अधिक आवेश दिया जा सके तथा धारिता बढ़ाई जा सके।

प्रश्न 40.
किसी आवेशित चालक की धारिता C फैरड तथा आवेश q के कारण उसमें संचित स्थितिज ऊर्जा U जूल है। चालक पर उपस्थित आवेश का व्यंजक लिखिए।
उत्तर :
चालक की स्थितिज ऊर्जा U = q2/2C; अत: चालक पर आवेश \(q=\sqrt{2 U C}\)

प्रश्न 41.
एक नियत विभवान्तर के लिए कौन-सा संधारित्र अधिक आवेश संगृहीत करेगा? (i) परावैद्युत से भरा संधारित्र या (ii) वायु संधारित्र।
[2018] .
उत्तर :
संधारित्र में संगृहीत आवेश q= CV = \(\frac{K A \varepsilon_{0}}{d} V\)
अत: परावैद्युत से भरा संधारित्र अधिक आवेश संगृहीत करेगा।

प्रश्न 42.
एक आवेशित छड़ के निकट एक अनावेशित धातु की छड़ रखने पर प्रथम छड़ के विभव पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर :
प्रथम छड़ का विभव घट जाएगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 43.
सिद्ध कीजिए कि दो आवेशित चालकों को परस्पर स्पर्श कराके अलग कर देने से उन पर आवेश, चालकों की धारिताओं के अनुपात में बँट जाता है।
उत्तर :
दो आवेशित चालकों को स्पर्श कराने पर उनका विभव V समान हो जाएगा इसलिए उन पर आवेश क्रमशः
q1 = C1V व q2 = C2V हो जाएगा।
अतः .
\(\frac{q_{1}}{q_{2}}=\frac{C_{1}}{C_{2}}\)

प्रश्न 44.
एक अनावेशित वैद्युतरोधी चालक A एक-दूसरे आवेशित वैद्युतरोधी चालक B के समीप लाया जाता है तो चालक B के आवेश तथा विभव में क्या परिवर्तन होगा? [2010]
उत्तर :
चालक B पर आवेश में कोई परिवर्तन नहीं होगा परन्तु विभव कम हो जाएगा क्योंकि यह चालक A पर अपने से विपरीत आवेश प्रेरित करता है।

प्रश्न 45.
किसी आवेशित संधारित्र पर नैट आवेश कितना होता है?
उत्तर :
शून्य।

प्रश्न 46.
किसी माध्यम के परावैद्युतांक से क्या तात्पर्य है?[2010]
उत्तर :
परावैद्युतांक-“किसी माध्यम की निरपेक्ष वैद्युतशीलता ६ तथा निर्वात की वैद्युतशीलता ६० के अनुपात को उस माध्यम का परावैद्युतांक K कहते हैं।” अर्थात् ε/ε0 = K

प्रश्न 47.
किसी संधारित्र की धारिता को कैसे बढ़ाया जा सकता है? [2004]
उत्तर :
संधारित्र प्लेटों का क्षेत्रफल बढ़ाकर, प्लेटों के बीच की दूरी कम करके तथा प्लेटों के बीच परावैद्युत पदार्थ रखकर संधारित्र की धारिता को बढ़ाया जा सकता है।

प्रश्न 48.
आवेशित संधारित्र में ऊर्जा किस रूप में कहाँ संचित रहती है? [2002, 04]
उत्तर :
आवेशित संधारित्र की ऊर्जा, संधारित्र की प्लेटों के बीच स्थित परावैद्युत माध्यम में वैद्युत क्षेत्र की ऊर्जा के रूप में संचित रहती है।

MP Board Solutions

प्रश्न 49.
यदि आवेशित संधारित्र की प्लेटों के बीच की दूरी को बढ़ाया जाए तो उनके बीच विभवान्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा? [2005]
उत्तर :
सूत्र V ∝ d से, विभवान्तर बढ़ जाएगा।

प्रश्न 50.
यदि आवेशित समान्तर पट्ट संधारित्र की प्लेटों को परस्पर निकट लाया जाए तो उनके विभवान्तर में क्या परिवर्तन होगा? [2003]
उत्तर :
सूत्र C ∝ 1/d से, दूरी d के कम होने से धारिता C बढ़ जाएगी तथा सूत्र V ∝ 1/C से, धारिता C के बढ़ने से विभवान्तर V कम हो जाएगा।

प्रश्न 51.
किसी संधारित्र की धारिता की परिभाषा व मात्रक लिखिए। [2014, 15, 16]
उत्तर :
संधारित्र की धारिता–“संधारित्र की एक प्लेट को दिए गए आवेश तथा दोनों प्लेटों के बीच उत्पन्न विभवान्तर के अनुपात को संधारित्र की धारिता कहते हैं।” इसका मात्रक फैरड है।

MP Board Solutions

प्रश्न 52.
किसी संधारित्र की धारिता किन-किन बातों पर निर्भर करती है?
उत्तर :
संधारित्र की धारिता प्लेटों के क्षेत्रफल, प्लेटों के बीच की दूरी तथा प्लेटों के बीच रखे परावैद्युत माध्यम पर निर्भर करती है।

प्रश्न 53.
तीन संधारित्रों के संयोग से अधिकतम तथा न्यूनतम धारिता कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर :
तीनों संधारित्रों को समान्तर क्रम में जोड़कर अधिकतम धारिता तथा श्रेणीक्रम में जोड़कर न्यूनतम धारिता प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 54.
तीन समान धारिता C के संधारित्र श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं। इनकी परिणामी धारिता कितनी होगी? यदि संधारित्र समान्तर क्रम में जुड़े हों, तब?
उत्तर :
श्रेणीक्रम में परिणामी धारिता = C/3 तथा समान्तर क्रम में परिणामी धारिता = 3C

प्रश्न 55.
किसी आवेशित चालक में संचित स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक धारिता तथा विभव के पदों में लिखिए। [2001]
अथवा
किसी चालक का विभव V तथा धारिता C है, चालक की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा का सूत्र बताइए। [2004]
उत्तर :
संचित स्थितिज ऊर्जा \(U=\frac{1}{2} C V^{2}\) जूल; जहाँ C धारिता तथा V विभव है।

प्रश्न 56.
किसी संधारित्र की धारिता C है। यदि इस पर Q आवेश हो तो इस पर संगृहीत ऊर्जा कितनी होगी? [2004]
उत्तर :
संचित स्थितिज ऊर्जा \(U=\frac{1}{2} \frac{Q^{2}}{C}\) जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 57.
C धारिता के संधारित्र को q आवेश देने पर संचित ऊर्जा U है। यदि आवेश बढ़ाकर 24 कर दिया जाए तो संचित ऊर्जा का मान क्या होगा? । [2006]
उत्तर :
सूत्र U ∝ q2 से, संचित ऊर्जा 4U होगी।

प्रश्न 58.
संधारित्रों के संयोजन की समतुल्य धारिता से क्या तात्पर्य है? [2004]
उत्तर :
संयोजन की समतुल्य धारिता-संयोजन की समतुल्य धारिता, उस एकल संधारित्र की धारिता के तुल्य होती है जो किसी बैटरी से जोड़े जाने पर उतना ही आवेश संचित करे, जितना कि उस बैटरी से जोड़े जाने पर संयोजन करता है।

प्रश्न 59.
यदि एक परिवर्ती वायु संधारित्र में n प्लेटें हों तथा दो समीपवर्ती प्लेटों के बीच की दूरी d हो तो संधारित्र की धारिता कितनी होगी? ।
उत्तर :
संधारित्र की धारिता \(C=\frac{(n-1) \varepsilon_{0} A}{d}[latex] फैरड होगी।

प्रश्न 60.
समान्तर पट्ट संधारित्र की धारिता का सूत्र लिखिए , जब उसकी प्लेटों के बीच आंशिक रूप से परावैद्युत पदार्थ रखा हो। .
उत्तर :
समान्तर पट्ट संधारित्र की धारिता C=\frac{\varepsilon_{0} A}{[(d-t)+t / K]} फैरड

प्रश्न 61.
समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता का सूत्र लिखिए। प्रयुक्त संकेतों का अर्थ स्पष्ट कीजिए। [2009]
उत्तर :
समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता [latex]C=\frac{K \varepsilon_{0} A}{d}\) फैरड।
जहाँ d प्लेटों के बीच की दूरी, A प्लेटों का क्षेत्रफल तथा K प्लेटों के बीच के माध्यम का परावैद्युतांक है।

प्रश्न 62.
निर्वात की वैद्युतशीलता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
सूत्र C = ε0A/d से, यदि A = 1 मीटर2, d = 1 मीटर है तो C = ε0
अतः निर्वात की वैद्युतशीलता उस समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता के तुल्य होती है जिसकी प्लेटों का क्षेत्रफल 1 मीटर2 तथा उनके बीच की दूरी 1 मीटर हो।

प्रश्न 63.
\(\frac{1}{2} \varepsilon_{0} E^{2}\) की विमा लिखिए, जहाँ , मुक्त स्थान की वैद्युतशीलता तथा E वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता है।
[2002]
उत्तर :
व्यंजक \(\frac{1}{2} \varepsilon_{0} E^{2}\), प्रति एकांक आयतन में संचित ऊर्जा अर्थात् ऊर्जा घनत्व को प्रदर्शित करता है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 64

MP Board Solutions

प्रश्न 64.
किसी संधारित्र को एक सीमा से अधिक आवेश देना सम्भव क्यों नहीं है? [2000]
उत्तर :
संधारित्र को लगातार आवेश देते रहने से उसकी प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र बढ़ता जाएगा। अन्त में एक स्थिति ऐसी आ जाएगी जब संधारित्र की प्लेटों के बीच के माध्यम का रोधन (insulation) टूट जाएगा और संधारित्र चिनगारी देकर निरावेशित हो जाएगा।

प्रश्न 65.
दो आवेशित चालकों को तार द्वारा जोड़ने पर ऊर्जा-हानि के लिए सूत्र लिखिए। [2005]
उत्तर :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 65

प्रश्न 66.
पृथ्वी के वैद्युत विभव को शून्य माना जाता है, क्यों?
[2003]
उत्तर :
क्योंकि पृथ्वी की धारिता अनन्त होती है; अत: सूत्र V = q/C से, पृथ्वी का वैद्युत विभव V = \(\frac{q}{\infty}\)= 0 (शून्य) होगा।

प्रश्न 67.
क्या कोई ऐसा चालक है जिसे असीमित आवेश दिया जा सके?
उत्तर :
हाँ, पृथ्वी।

प्रश्न 68.
एक आवेशित समान्तर प्लेट संधारित्र किसी पदार्थ, जिसका परावैद्युतांक 2 है, में पूर्ण रूप से डुबो , दिया जाता है। इस संधारित्र की प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता में क्या परिवर्तन होगा? [2001]
उत्तर :
सूत्र \(E=\frac{q}{K \varepsilon_{0} A}\) से, \(E \propto \frac{1}{K}\) अत: K= 2 रखने पर, वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता आधी हो जाएगी।

प्रश्न 69.
धातु का परावैद्युतांक कितना होता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
धातु का परावैद्युतांक अनन्त होता है; क्योंकि जब किसी धातु को वैद्युत क्षेत्र में रखते हैं तो धातु के भीतर वैद्युत क्षेत्र शून्य ही रहता है।

प्रश्न 70.
परावैद्युत सामर्थ्य से क्या अभिप्राय है? [2010, 13]
उत्तर :
परावैद्युत सामर्थ्य-किसी परावैद्युत पदार्थ के लिए वह महत्तम वैद्युत क्षेत्र जिसे वह बिना वैद्युत भंजन के सहन कर सकता है, परावैधत सामर्थ्य कहलाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 71.
भंजक विभवान्तर से क्या तात्पर्य है? [2010, 13, 18]
उत्तर :
भंजक विभवान्तर—किसी संधारित्र की प्लेटों के बीच वह अधिकतम विभवान्तर जिस पर प्लेटों के बीच रखे परावैद्युत पदार्थ में वैद्युत भंजन होने लगता है, भंजक विभवान्तर कहलाता है।

प्रश्न 72.
एक आवेशित संधारित्र एवं एक वैद्युत सेल में मूल अन्तर क्या है?
उत्तर :
वैद्युत सेल से ली गई धारा नियत होती है जबकि आवेशित संधारित्र से ली गई धारा क्षीण होती जाती है।

प्रश्न 73.
किसी समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता पर, उसमें परावैद्युत पदार्थ भरने से क्या प्रभाव पड़ता है? [2004]
उत्तर :
ऐसा करने से संधारित्र की धारिता बढ़ जाएगी।

प्रश्न 74.
ऊर्जा घनत्व से क्या तात्पर्य है? अथवा आवेशित समान्तर पट्ट संधारित्र की प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र में ऊर्जा घनत्व का सूत्र लिखिए। [2013]
उत्तर :
ऊर्जा घनत्व-संधारित्र के एकांक आयतन में संचित ऊर्जा को संधारित्र का ऊर्जा घनत्व कहते हैं। इसे ‘u’ से प्रदर्शित करते हैं।
ऊर्जा घनत्व \(u=\frac{1}{2} \varepsilon_{0} E^{2}\)
यहाँ E प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा ε0 निर्वात की वैद्युतशीलता है।

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता आंकिक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 50 वोल्ट है। एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक 3 x 10-5 कूलॉम आवेश को ले जाने पर कितना कार्य करना होगा? [2018]
हल :
दिया है, विभवान्तर V = 50 वोल्ट, q= 3 x 10-5 कूलॉम, W = ?
किया गया कार्य (W)= qV
= 3 x 10-5 x 50
= 1.5 x 10-3 जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
किसी α-कण को 10 वोल्ट के विभवान्तर से ले जाया जाता है। किए गए कार्य की गणना जूल में कीजिए। [2005]
हल :
दिया है, α= a-कण = 3.2 x 10-19 कूलॉम, V = 10 वोल्ट, w = ?
किया गया कार्य W = q x V = 3.2 x 10-19 x 10 = 3.2 x 10-18 जूल।

प्रश्न 3.
5 कूलॉम वाले एक वैद्युत आवेश को एक वैद्युत क्षेत्र में एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में 25 जूल ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। यदि पहले बिन्दु का विभव 10 वोल्ट हो तो दूसरे बिन्दु का विभव कितना होगा? [2010]
हल :
दिया है, q= 5 कूलॉम, W = 25 जूल, VA = 10 वोल्ट, VB = 0
सूत्र VB – VA = \(\frac{W}{q}\) से, VB – 10 = \(\frac{25}{5}\); अत: दूसरे बिन्दु का विभव VB = 15 वोल्ट।

प्रश्न 4.
+ 40 μC के दो आवेश परस्पर 0.4 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। इनके मध्य-बिन्दु पर विभव की गणना कीजिए। माध्यम का परावैद्युतांक 2 है।
[2004, 14]
हल :
दिया है, q1 = q2 = q = + 40 μC = 40 x 10-6C, K = 2
मध्य-बिन्दु की प्रत्येक आवेश से दूरी r = 0.4/2 = 0.2 मीटर, V = ?
एक आवेश के कारण मध्य-बिन्दु पर वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 66

प्रश्न 5.
दो बिन्दु आवेश +q तथा -2q एक-दूसरे से d दूरी पर स्थित हैं। दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा पर ऐसे बिन्दुओं की स्थिति ज्ञात कीजिए, जहाँ पर आवेशों के इस निकाय के कारण विभव शून्य हो। [2017]
उत्तर :
माना बिन्दु आवेशों को मिलाने वाली रेखा पर +q से आवेश – 2q की ओर x दूरी पर वैद्युत विभव शून्य है। विभव के सूत्र
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 67
इस प्रकार आवेशों को मिलाने वाली रेखा पर +q से -2q की ओर, +q से d 13 दूरी पर वैद्युत विभव शून्य है। यदि आवेशों को मिलाने वाले रेखा पर आवेशों के बाहर x दूरी पर वैद्युत विभव शून्य है, तो
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 68

CLASSROOM EXPERIENCE

प्रश्न 6.
संलग्न चित्र 2.44 के अनुसार आवेशों को मिलाने वाली रेखा के किन बिन्दुओं पर (i) वैद्युत विभव तथा (ii) वैद्युत क्षेत्र शून्य होंगे? [2005]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 69
(i) Step 1. माना + q आवेश से x सेमी दूरी पर वैद्युत विभव शून्य होगा।
सूत्र V = 9 x 109 q/r से,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 70

Step 2.
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 71
अतः = 25 सेमी की दूरी पर दोनों आवेशों के बीच में वैद्युत विभव शून्य होगा।

(ii) Step 3 माना +q आवेश से बायीं ओर × सेमी पर वैद्युत क्षेत्र शून्य होगा; अत:
सूत्र E = 9 × 109 q/r2 से,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 72

Step 4.
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 73
अत: +q आवेश से बाहर की ओर x = 136.6 सेमी की दूरी पर वैद्युत क्षेत्र शून्य होगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
एक 9μC के बिन्दु आवेश से 5 मीटर की दूरी पर – 2μC का दूसरा बिन्दु आवेश वायु में रखा हुआ है। इन दोनों आवेशों से 3 मीटर की दूरी पर स्थित बिन्दु पर वैद्युत विभव के मान की गणना कीजिए। (दिया है, 1/4πεo = 9 × 109 न्यूटन-मीटर/कूलॉम2) [2000]
हल :
दिया है, q1 = 9 μC = 9 × 10-6 कूलॉम, r1 = 3 मीटर,
q2 = -2μC = – 2 x 10-6 कूलॉम, r2 = 3 मीटर, V = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 74
चित्र-2.45 से दोनों आवेशों से समान दूरी r1 = r2 = 3 मीटर पर वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 75

प्रश्न 8.
एक वर्ग की प्रत्येक भुजा 60 सेमी लम्बी है। इसके कोनों पर क्रमशः -2, 3, -4 तथा 5 माइक्रोकूलॉम के आवेश रखे हैं। वर्ग के केन्द्र पर विभव ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, q1 = -2μ0 = – 2 × 10-6 कूलॉम, q2 = 3μC = 3 × 10-6 कूलॉम,
q3 = – 4μC = – 4 × 10-6 कूलॉम, q4 = 5μC = 5 × 10-6 कूलॉम
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 76

प्रश्न 9.
चार बिन्दु आवेश 1.0 मीटर लम्बाई की भुजा वाले वर्ग ABCD के कोनों पर चित्र-2.47 के अनुसार रखे हैं। यदि वर्ग के विकर्णों के कटान बिन्दु O तथा भुजा BC का मध्य-बिन्दु E हो तो ज्ञात कीजिए –
(i) बिन्दु O पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता का मान तथा दिशा,
(ii) बिन्दु O पर वैद्युत विभव का मान,
(iii) बिन्दु आवेश 1.0 C को बिन्दु O से बिन्दु E तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा।
(दिया है, 1/4πεo = 9 × 109 न्यूटन-मीटर2/कूलॉम2) .
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 77
हल :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 78

MP Board Solutions

EXTRA SHOTS

  • वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता एक सदिश राशि है, अत: किसी बिन्दु पर अनेक बिन्दु आवेशों के कारण उत्पन्न परिणामी . वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता, सभी आवेशों के कारण उत्पन्न वैद्युत क्षेत्र की तीव्रताओं के सदिश योग के बराबर होती है।
  • वैद्युत विभव एक अदिश राशि है, अत: किसी बिन्दु पर परिणामी विभव, अनेक बिन्दु आवेशों के कारण उस
    बिन्दु पर उत्पन्न वैद्युत विभवों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।

बिन्दुओं A व C पर स्थित आवेशों के कारण बिन्दु O पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 79
इसी प्रकार बिन्दुओं B व D पर स्थित आवेशों के कारण बिन्दु O पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 80
अतः बिन्दु O पर परिणामी वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 81

(ii) चारों कोनों पर स्थित आवेशों के कारण बिन्दु O पर परिणामी वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 82
परन्तु A0 = CO = BO = DO; अतः V0 = 0 शून्य।

(iii) चारों कोनों पर स्थित आवेशों के कारण बिन्दु E पर परिणामी वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 83
अत: बिन्दु O तथा बिन्दु E के बीच वैद्युत विभवान्तर ∆V = V0 – VE = 0 (शून्य)
अतः 1.0 कूलॉम आवेश को बिन्दु O से बिन्दु E तक ले जाने में किया गया कार्य
w= q × ∆V = 1.0 कूलॉम × 0 वोल्ट = 0 (शून्य)
अर्थात् 1.0 कूलॉम के आवेश को बिन्दु 0 से बिन्दु E तक ले जाने में किसी ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होगी।

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
किसी बिन्दु P पर वैद्युत विभव दिया गया है –
V(x, y, 2) = 6x- 8xy2 – 8y+ 6yz – 4z2 मूलबिन्दु पर स्थित 2 कूलॉम बिन्दु आवेश पर वैद्युत बल की गणना कीजिए। [2007]
हल :
V(x, y, 2) = 6x – 8xy2 – 8y + 6yz – 4z2
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 84
अत: 2 कूलॉम बिन्दु आवेश पर वैद्युत बल F = qE = 2 × 10 = 20 न्यूटन।

CLASSROOM EXPERIENCE

प्रश्न 11.
एक इलेक्ट्रॉन को 15 × 103 वोल्ट विभवान्तर से त्वरित किया जाता है। इसकी ऊर्जा में वृद्धि जूल तथा इलेक्ट्रॉन-वोल्ट में ज्ञात कीजिए। यह कितनी चाल प्राप्त करेगा? (e = 1.6 × 10-19 कूलॉम, m = 9.0 × 10-31 किग्रा)
[2001, 14] ..
हल :
Step 1. सर्वप्रथम प्रश्न में दिए गए आँकड़े नोट कर लेते हैं।
दिया है, V = 15 × 103 वोल्ट, q= e = 1.6 × 10-19 कूलॉम, K = ?, y = ?
Step 2. V विभवान्तर से त्वरित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा वृद्धि
K = q × v = (1.6 × 10-19) × (15 × 103)= 2.4 × 10-15 जूल।
Step 3. परन्तु 1.6 × 10-19 जूल = 1 eV
∴ इलेक्ट्रॉन-वोल्ट में ऊर्जा वृद्धि K = \(\frac{2.4 \times 10^{-15}}{1.6 \times 10^{-19}}\) = 15 × 103eV

Step 4.
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 85

प्रश्न 12.
एक समबाहु त्रिभुज के प्रत्येक कोने पर + 250 μC के आवेश वायु में रखे हैं। इस त्रिभुज के परिकेन्द्र पर जिसकी प्रत्येक कोने से दूरी 18 सेमी है, परिणामी वैद्युत विभव की गणना कीजिए।
हल :
दिया है, q= + 250 μC = + 250 × 10-6 कूलॉम,
r = 18 सेमी = 18 × 10-2 मीटर, V = ?
चित्र-2.48 से तीनों कोनों पर स्थित आवेशों के कारण त्रिभुज के परिकेन्द्र O पर वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 86

प्रश्न 13.
एक तार को 10 सेमी त्रिज्या के वृत्त में मोड़कर उसे 250 μC आवेश दिया जाता है जो उस पर समान रूप से फैल जाता है। इसके केन्द्र पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा विभव ज्ञात कीजिए। –
हल :
दिया है, r = 10 सेमी = 10 × 10-2 मीटर = 0.1 मीटर,
q= 250μC = 250 × 10-6 कूलॉम, E = ?,V = ?
आवेश के वृत्त पर समान रूप से फैलने के कारण यह वृत्त एक सम विभव वृत्त होगा। चूँकि सम विभव के कारण वृत्त के भीतर प्रत्येक बिन्दु पर वैद्युत क्षेत्र शून्य होता है; अत: वृत्त के केन्द्र पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता E = 0 (शून्य) होगी।
तथा वृत्त के केन्द्र पर वैद्युत विभव V = 9 × 109\(\frac{q}{r}=\frac{9 \times 10^{9} \times 250 \times 10^{-6}}{0.1}\)
= 2.25 × 107 वोल्ट। ,

प्रश्न 14.
+10μC तथा -10μC के दो बिन्दु आवेशों के बीच की दूरी 1 मीटर है। इनके मध्य-बिन्दु पर वैद्युत विभव ज्ञात कीजिए। [2004, 10]
हल :
दिया है, q1 = + 10μC, q2 = – 10μC, r = 1 मीटर, V = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 87
अत: मध्य-बिन्दु पर परिणामी वैद्युत विभव V = V1 + V2 = 0

प्रश्न 15.
+5.0 × 10-7 कूलॉम तथा – 5.0 × 10-7 कूलॉम के दो बिन्दु आवेशों के बीच की दूरी 1.0 सेमी है। इन आवेशों से बने द्विध्रुव की अक्ष पर केन्द्र से 50 सेमी की दूरी पर स्थित बिन्दु पर वैद्युत विभव की गणना कीजिए। [2007]
हल :
दिया है, q= 5.0 × 10-7 कूलॉम, 2l = 1.0 सेमी = 1.0 × 10-2 मीटर,
r= 50 सेमी = 50 × 10-2 मीटर, V= ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 88

प्रश्न 16.
दो समान्तर प्लेटें परस्पर 15 सेमी की दूरी पर हैं, उनके बीच 450 वोल्ट का विभवान्तर लगाने पर प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए। हल :
विभवान्तर V = 450 वोल्ट, दूरी d = 15 सेमी = 0.15 मीटर, E = ?
वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता \(E=\frac{V}{d}=\frac{450}{0.15}=3000\) वोल्ट/मीटर।

प्रश्न 17.
एक वैद्युत क्षेत्र में किसी बिन्दु x पर विभव V = 5x2 – 2x + 10 वोल्ट है जहाँ x मीटर में है। बिन्दु x= 1 मीटर पर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा इसकी दिशा बताइए।
हल :
V = (5x2 – 2x + 10) वोल्ट
E =- \(\frac{d V}{d x}\) = –\(\frac{d}{d x}\) (5x2 – 2x + 10)
= – [5 × 2x – 2 × 1+ 0] = – 10x + 2 वोल्ट/मीटर
x = 1 मीटर रखने पर,
E = – 10 × 1+ 2 = – 8 वोल्ट/मीटर।
ऋण चिह्न प्रदर्शित करता है कि वैद्युत क्षेत्र ऋण X-अक्ष की ओर दिष्ट है।

प्रश्न 18.
U238 नाभिक में दो प्रोटॉन 6.0 × 10-15 मीटर की दूरी पर हैं। उनकी पारस्परिक वैद्युत स्थितिज ऊर्जा की गणना कीजिए।
हल :
दिया है, r = 6.0 × 10-15 मीटर, q1 = q2 = 1.6 × 10-19 जूल, U = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 89
= 3:84 × 10-14 जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 19.
6.0 × 10-8 कूलॉम का एक बिन्दु आवेश निर्देशांक मूलबिन्दु पर स्थित है। एक इलेक्ट्रॉन को बिन्दु x = 3 मीटर से x= 6 मीटर तक ले जाने में कितना कार्य करना होगा?
हल :
मूलबिन्दु पर स्थित आवेश के कारण x = 3 मीटर पर,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 90

प्रश्न 20.
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन व प्रोटॉन के बीच की दूरी 0.5A है। इनकी पारस्परिक वैद्युत स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?
हल :
दिया है, q1 = +1.6 × 10-19 कूलॉम, q2 = -1.6 × 10-19 कूलॉम,
r = 0.5 Å = 5 × 10-11 मीटर, U = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 91

प्रश्न 21.
+ 1 × 10-6 कूलॉम और – 1 × 10-6 कूलॉम के दो बिन्दु आवेश परस्पर 2.0 सेमी की दूरी पर स्थित हैं। यह वैद्युत द्विध्रुव 1 × 105 वोल्ट/मीटर के एक समान वैद्युत क्षेत्र में स्थित है। द्विधुव की स्थायी सन्तुलन की स्थिति में स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए। [2012, 18]
हल :
दिया है, q = 1 × 10-6 कूलॉम, 2l = 2.0 सेमी = 2.0 × 10-2 मीटर
E = 1 × 105 वोल्ट/मीटर
वैद्युत क्षेत्र में वैद्युत द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा U = – pE cos θ
स्थायी सन्तुलन की अवस्था में, θ = 0°
U = – pE = – (q × 2l) E –
= -1 × 10-6 × 2 × 10-2 × 1 × 105
= – 2 × 10-3 जूल।

प्रश्न 22.
एक गेंद जिसका द्रव्यमान 1 ग्राम है तथा जिस पर 10-8C आवेश है, एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु की ओर चलती है। यदि पहले बिन्दु का विभव 600 वोल्ट हो तथा दूसरे बिन्दु का विभव शून्य हो तथा दूसरे बिन्दु पर गेंद का वेग 20 सेमी/सेकण्ड हो तो पहले बिन्दु पर गेंद का वेग क्या होगा? [2009]
हल :
दिया है, m = 1 ग्राम = 10-3 किग्रा, q = 10-8C, V1 = 600 वोल्ट, V2 = 0,
V2 = 20 सेमी/सेकण्ड = 0.2 मीटर/सेकण्ड, V1 = ?
गतिज ऊर्जा में वृद्धि = किया गया कार्य
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 92

MP Board Solutions

प्रश्न 23.
जब एक आवेशित कण को 100 वोल्ट विभव के बिन्दु से 200 वोल्ट विभव के बिन्दु तक ले जाया जाता है तो इसकी गतिज ऊर्जा 10 जूल कम हो जाती है। कण पर आवेश की गणना कीजिए।
हल :
दिया है, विभवान्तर V = (200-100) = 100 वोल्ट, K = 10 जूल, q= ?
सूत्र गतिज ऊर्जा K = qV से, कण पर आवेश \(q=\frac{K}{V}=\frac{10}{100}=0.1\) कूलॉम।
चूँकि उच्च विभव की ओर जाने में ऊर्जा में कमी होती है; अतः कण पर आवेश धनात्मक होगा।

प्रश्न 24.
एक प्रोटॉन 500 वोल्ट के विभवान्तर से त्वरित किया जाता है। प्रोटॉन का वेग ज्ञात कीजिए। [2018]
हल :
दिया है, V = 500 वोल्ट
प्रोटॉन का द्रव्यमान (m) = 1.66 × 10-24 kg, q = 1.6 × 10-19 कूलॉम
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 93

प्रश्न 25.
+ q, + 2q तथा + 4q आवेशों को a मीटर भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुज के कोणों पर रखने में कितना कार्य करना होगा? निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?
हल :
+q व + 2q के निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 94
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 95

प्रश्न 26.
दो समान आवेश +q, 2 a दूरी पर रखे गए हैं। एक तीसरा आवेश – 2q इन दोनों के मध्य बिन्दु पर रखा जाता है। निकाय की स्थितिज ऊर्जा की गणना कीजिए। [2013]
हल :
माना q1 = q2 = q, 43 = – 2q
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 96
निकाय की स्थितिज ऊर्जा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 97

प्रश्न 27.
दो समान आवेशों में प्रत्येक 2.0 × 10-7 कूलॉम है। दोनों आवेश परस्पर 20 सेमी की दूरी पर हैं। उसी परिमाण का एक तीसरा आवेश दोनों आवेशों के ठीक बीच में स्थित है। इसे दोनों आवेशों से 20 सेमी दूर एक बिन्दु तक ले जाया जाता है। इस प्रक्रिया में वैद्युत क्षेत्र द्वारा कितना कार्य किया जाता है?
हल :
चित्र-2.50 से A व B पर स्थित बिन्दु आवेशों के कारण इनके मध्य-बिन्दु O पर परिणामी वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 190
P एक ऐसा बिन्दु है जो दोनों आवेशों से समान दूरी 20 सेमी पर है; अत: A तथा B आवेशों के कारण बिन्दु P पर परिणामी वैद्युत विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 99
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 100
एक अन्य समान परिमाण के आवेश को बिन्दु O से बिन्दु P तक ले जाने में वैद्युत क्षेत्र के विरुद्ध किया गया कार्य
W = q × (Vp  – Vo )
= 2.0 × 10-7 × (18 – 36) × 103 जूल
= -2.0 × 18 x 10-4
=-3.6 × 10-3 जूल।
ऋण चिह्न प्रदर्शित करता है कि कार्य वैद्युत क्षेत्र द्वारा किया गया है। अतः
अभीष्ट कार्य W = 3.6 × 10-3 जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 28.
दो इलेक्ट्रॉन 106 मीटर/सेकण्ड के वेग से एक-दूसरे की ओर छोड़े गए। वे अधिक-से-अधिक एक-दूसरे के कितने समीप आ सकते हैं?
हल :
दिया है, q = 1.6 × 10-19 कूलॉम, v = 106 मीटर/सेकण्ड, m = 9.0 × 10-31 किग्रा, r = ?
दो इलेक्ट्रॉनों की कुल गतिज ऊर्जा = अधिकतम समीप की स्थितिज ऊर्जा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 101

प्रश्न 29.
विभवमापी के 10 मीटर लम्बे तार के सिरों के बीच 1.0 वोल्ट का विभवान्तर लगाया जाता है। तार में विभव प्रवणता तथा वैद्युत क्षेत्र का मान लिखिए।।
[2003]
हल :
दिया है, Δx= 10 मीटर, ΔV = 1.0 वोल्ट, E = ? ..
चूँकि विभव प्रवणता = वैद्युत क्षेत्र = ΔV/Δ x = 1.0/10 = 0.1वोल्ट/मीटर।

प्रश्न 30.
धातु की दो प्लेटें एक-दूसरे से 5 सेमी की दूरी पर समान्तर स्थित हैं। इनके बीच 200 वोल्ट की एक बैटरी जुड़ी है। गणना कीजिए-(i) इन प्लेटों के बीच गुजरने वाले -कण पर कार्यरत बल तथा (ii) एक प्लेट से दूसरी प्लेट तक पहुँचने में α-कण की गतिज ऊर्जा में वृद्धि। [2007]
हल :
दिया है, d = 5 सेमी = 0.05 मीटर, V = 200 वोल्ट
α-कण का आवेश q= + 2e = 2 × 1.6 × 10-19 कूलॉम, F = ?, ΔK = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 102

प्रश्न 31.
107 मीटर/सेकण्ड की चाल से गतिमान इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा, इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) में ज्ञात . कीजिए। (m = 9.1 × 10-31 किग्रा)।[2004]
हल :
दिया है, v = 107 मीटर/सेकण्ड, m = 9.1 × 10-31 किग्रा, K = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 103

प्रश्न 32.
एक इलेक्ट्रॉन 500 वोल्ट के विभवान्तर पर त्वरित किया जाता है। उसकी गतिज ऊर्जा की गणना कीजिए। वह कितनी चाल प्राप्त कर लेगा?
हल :
दिया है, (q) = 1.6 × 10-19 कूलॉम, V = 500 वोल्ट, K = ?, v = ?
गतिज ऊर्जा K = Vq = 500 × 1.6 × 10-19 जूल = 8.0 × 10-17 जूल।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 104

प्रश्न 33.
एक इलेक्ट्रॉन धारा में इलेक्ट्रॉन का वेग 2.0 × 107 मीटर/सेकण्ड, 1.6 × 103 वोल्ट/मीटर के वैद्युत क्षेत्र के लम्बवत् दिशा में 10 सेमी चलने में 3.4 मिमी विक्षेपित हो जाती है। इलेक्ट्रॉन का विशिष्ट आवेश (e/m) ज्ञात कीजिए। [2013]
हल :
दिया है, v = 2.0 × 107 मीटर/सेकण्ड, E = 1.6 × 103 वोल्ट/मीटर, e / m = ?
x = 10 सेमी = 10 × 10-2 मीटर, y = 3.4 मिमी = 3.4 × 10-3मीटर
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 105

MP Board Solutions

प्रश्न 34.
आसुत जल की 64 छोटी बूंदें, प्रत्येक की त्रिज्या 0.1 मिमी तथा आवेश (2/3) × 10-12 कूलॉम है, मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़ी बूंद पर विभव ज्ञात कीजिए। [2007]
हल :
दिया है, r = 0.1 मिमी = 10-4 मीटर, q= (2/3) × 10-12 कूलॉम, V= ?
एक बड़ी बूंद का आयतन = 64 × छोटी बूंदों का आयतन
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 106

प्रश्न 35.
समान रूप से आवेशित तथा समान त्रिज्या वाली जल की 64 छोटी बूंदें मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़ी बूंद के लिए-(i) त्रिज्या, (ii) विभव तथा (iii) स्थितिज ऊर्जा के मान एक छोटी बूँद की तुलना में कितने-कितने होंगे?.
[2005]
हल :
माना छोटी बूंद की त्रिज्या r तथा बड़ी बूंद की त्रिज्या R है।
(i) एक बड़ी बूंद का आयतन = 64 × छोटी बूंदों का आयतन
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 107
(ii)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 108
(iii)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 109

प्रश्न 36.
एक संधारित्र को 1000 वोल्ट से आवेशित करने पर वह 2 माइक्रोकूलॉम आवेश ग्रहण करता है। संधारित्र की धारिता ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, V = 1000 वोल्ट, q= 2 माइक्रोकूलॉम = 2 × 10-6 कूलॉम, C = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 110

प्रश्न 37.
25 μF धारिता के संधारित्र की प्लेटों के बीच 250 वोल्ट का विभवान्तर लगाने से संधारित्र प्लेटों पर कितना आवेश एकत्रित होगा?
हल :
दिया है, C = 25 μF = 25 × 10-6 फैरड़, V = 250 वोल्ट, q = ?
प्लेटों पर आवेश q= CV = 25 × 10-6 × 250 = 6250 × 10-6 कूलॉम ।
= 6.250 × 10-3 कूलॉम।
अत: संधारित्र की पहली प्लेट पर + 6.250 × 10-3 कूलॉम तथा दूसरी प्लेट पर -6.250 × 10-3 कूलॉम आवेश होगा।

MP Board Solutions

प्रश्न 38.
एक धातु के गोले को, जिसकी त्रिज्या 1 सेमी है, 1 कूलॉम का आवेश देने पर उसका विभव कितना हो जाएगा? [2001]
हल :
दिया है, q= 1 कूलॉम, R= 1 सेमी = 10-2 मीटर, V = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 111

प्रश्न 39.
पृथ्वी को 1.28 × 104 किमी व्यास का गोलाकार चालक मानकर उसकी वैद्युत धारिता की गणना कीजिए। [2007]
हल :
दिया है, = 6.4 × 103 किमी = 6.4 × 106 मीटर, C = ?
गोलाकार चालक की धारिता C = 4 πεoR = \(\frac{1}{9 \times 10^{9}}\) × 6.4 × 106
= 711 × 10-6 फैरड = 711μF.

प्रश्न 40.
0.9 मीटर त्रिज्या के एक धनावेशित गोले का विभव 960 वोल्ट है। गोले पर कितने इलेक्ट्रॉनों की कमी है?
हल :
दिया है, R= 0.9 मीटर, V = 960 वोल्ट, n= ? . माना
गोले पर n इलेक्ट्रॉनों की कमी है।
गोले की धारिता C = 4 πεo R; अत: गोले पर आवेश q = CV = πεoRV
परन्तु q= ne अत: ne = 4 πεo RV
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 112
= 6.0 × 1011 इलेक्ट्रॉनों की कमी।

प्रश्न 41.
धातु के दो गोलों के व्यास 12 सेमी तथा 8 सेमी हैं। इन्हें समान विभव तक आवेशित किया गया है। इन पर आवेश के पृष्ठ घनत्वों का अनुपात बताइए।
[2012]
हल :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 113
प्रश्न 42.
धातु के दो आवेशित गोलों की त्रिज्याएँ 5 सेमी तथा 10 सेमी हैं। दोनों पर अलग-अलग 75 μC का आवेश है। किसी चालक तार द्वारा दोनों गोलों को जोड़ दिया जाता है। गणना कीजिए- (i) जोड़ने के पश्चात् गोलों का उभयनिष्ठ विभव, (ii) प्रत्येक गोले पर आवेश की मात्रा, (iii) तार में से होकर स्थानान्तरित आवेश की मात्रा तथा (iv) जोड़ने के बाद ऊर्जा में ह्रास (क्षय)। [2004, 05]
हल :
दिया है, R1 = 5 सेमी = 5 × 10-2 मीटर, R2 = 10 सेमी = 10 × 10-2 मीटर,q1 = q2 = 75 μC = 75 × 10-6 कूलॉम
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 114
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 115
(i) दोनों गोलों को जोड़ने पर उभयनिष्ठ विभव
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 116

(ii) पहले गोले पर नया आवेश q’1 = C1V = \(\frac{5}{9}\) × 10-11 × 9.0 × 106 = 50 μC.
दूसरे गोले पर नया आवेश q’2 = C2V = \(\frac{10}{9}\) × 10-11 × 9.0 × 106 = 100 μC.

(iii) तार में होकर स्थानान्तरित आवेश की मात्रा = 75 – 50 = 25 μC छोटे गोले से।
(iv)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 117

प्रश्न 43.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 100 सेमी2 है तथा दोनों प्लेटों के बीच की दूरी 0.05 सेमी है। इनके बीच एक परावैद्युत पदार्थ भर देने पर संधारित्र की धारिता 3.54 × 1010 फैरड हो । जाती है। पंदार्थ के परावैद्युतांक की गणना कीजिए।
हल :
दिया है, A = 100 सेमी 2 = 1 × 10-2 मीटर2, d = 0.05 सेमी = 5 × 10-4 मीटर, C = 3.54 × 10-10 फैरड, K = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 118

MP Board Solutions

प्रश्न 44.
एक वायु संधारित्र की धारिता 2.0μF है। यदि इसकी प्लेटों के बीच कोई अन्य माध्यम रखने पर धारिता 12 μF हो जाए तो माध्यम के परावैद्युतांक की गणना कीजिए।
हल :
दिया है, Co = 2.0 μr, C = 12 μF, K = ?
अत: माध्यम का परावैद्युतांक K = \(\frac{C}{C_{0}}=\frac{12}{2}\) = 6

प्रश्न 45.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र को 500 वोल्ट तक आवेशित किया जाता है, अब इसकी प्लेटों के बीच की . . दूरी को घटाकर आधा कर दिया जाता है। संधारित्र पर नए विभवान्तर की गणना कीजिए।
हल :
दिया है, V1 = 500 वोल्ट, d1 = d, d2 = d/2, V2 = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 119

प्रश्न 46.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों का व्यास 8 सेमी है तथा उसमें परावैद्युत के रूप में वायु है। यदि इस संधारित्र की धारिता 100 सेमी त्रिज्या वाले गोले की धारिता के समान हो तो इसकी प्लेटों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए। [2010, 14]
हल :
दिया है, r = 4 सेमी = 4 × 10-2 मीटर, R = 100 सेमी = 1 मीटर, d = ?
प्लेट का क्षेत्रफल A = Tr2 = n × (4 × 10-2)2 = 16 n × 10-4 मीटर2
समान्तर प्लेटसंधारित्र की धारिता C = Aεo /d
तथा गोले की धारिता C = 4πεo R
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 120

प्रश्न 47.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच की दूरी 1.0 सेमी तथा प्लेट क्षेत्रफल 0.01 मीटर2 है। इसको 150 वोल्ट विभवान्तर से आवेशित किया गया है। आवेशन बैटरी को हटाकर संधारित्र की प्लेटों के बीच में 7 परावैद्युत स्थिरांक का एक गुटका रख दिया जाता है। परावैद्युत माध्यम में वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता की गणना कीजिए।
[2007]
हल :
दिया है, V0 = 150 वोल्ट, d = 1.0 सेमी = 1.0 × 10-2 मीटर, A = 0.01 मीटर2, K = 7, E = ?
चूँकि बैटरी हटा ली गई है; अतः आवेश नियत रहेगा।
अर्थात् q= C0V0 = CV अथवा C0 V0 = KC0 V
[∵ C = KC0]
अत: नया विभवान्तर V=\frac{V_{0}}{K}=\frac{150}{7} = 21.43 वोल्ट।
परावैद्युत माध्यम में वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता
E=\frac{V}{d}=\frac{21.43}{10^{-2}}
= 2.143 × 103 वोल्ट/मीटर।

MP Board Solutions

प्रश्न 48.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 3.0 × 10-2 मीटर2 है तथा प्लेटों के बीच की दूरी 0.6 मिमी है। इसे 1000 वोल्ट विभवान्तर तक आवेशित किया जाता है। इसमें कितनी ऊर्जा संचित होगी? [2009]]
हल :
दिया है, A = 3.0 × 10-2 मीटर2, d = 0.6 मिमी = 6 × 10-4 मीटर, Vo = 1000 वोल्ट, U = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 121

प्रश्न 49.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 40 सेमी2 है तथा दोनों प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता 50 न्यूटन/कूलॉम है। प्रत्येक प्लेट पर कितना आवेश है? [2009, 14]
हल :
दिया है, A= 40 सेमी2 = 40 × 10-4 मीटर2, E = 50 न्यूटन/कूलॉम, q= ?
सूत्र E = q/εoA से, q= E× εoA .
अतः प्रत्येक प्लेट पर आवेश q= 50 × (8.85 × 10-12) × 40 × 10-4
= 1.77 × 10-12 कूलॉम।।

प्रश्न 50.
एक समान्तर प्लेट वायु संधारित्र की धारिता 2 μF है। जब इसकी प्लेटों के बीच, प्लेटों के बीच की दूरी की तीन-चौथाई मोटाई की K परावैद्युतांक की प्लेट रखी जाती है, तब संधारित्र की धारिता 4 μF हो जाती है। K का मान ज्ञात कीजिए जहाँ प्लेटों का तथा परावैद्युत प्लेट का क्षेत्रफल समान है। [2014]
हल :
दिया है, Co = 2μF, C = 4 μF, \(t=\frac{3}{4} d\)
समान्तर प्लेट वायु संधारित्र की धारिता \(C_{0}=\frac{A \varepsilon_{0}}{d}\)
t मोटाई तथा K परावैद्युतांक की प्लेट संधारित्र के बीच रखने पर संधारित्र की धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 122

प्रश्न 51.
100μF समान्तर प्लेट संधारित्र 400 वोल्ट तक आवेशित है। यदि इसकी प्लेटों के बीच की दूरी आधी कर दी जाए तो प्लेटों के बीच नया विभवान्तर क्या होगा तथा इसकी संचित ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा? [2004, 06, 14]
हल :
दिया है, C = 100 μF = 100 × 10-6 F = 10-4F, V1= 400 वोल्ट, d1=d, d2 = d/2, V2= ? ∆U = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 123

प्रश्न 52.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 100 सेमी है तथा दोनों प्लेटों के बीच अन्तराल 0.025 सेमी है। यदि संधारित्र को 3.54 μC आवेश दिया जाए, तो इसकी प्लेटों के बीच विभवान्तर कितना होगा? यदि प्लेटों के बीच अन्तराल बढ़ाकर 0.05 सेमी कर दिया जाए तो नया विभवान्तर कितना होगा? [2018]
हल :
A = 100 सेमी2 = 100 × 10-4 मीटर2, d = 0.025 सेमी = 2.5 × 10-4 मीटर
q = 3.54 μC= 3.54 × 10-6C, V= ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 124

MP Board Solutions

प्रश्न 53.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र 300pF है तथा इसकी दोनों प्लेटों के बीच 1 मिमी की दूरी है। प्लेटों के बीच वायु है—(i) यदि संधारित्र को 1200 वोल्ट तक आवेशित किया जाए तो इसकी ऊर्जा क्या होगी? (ii) यदि प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए तो प्लेटों के बीच विभवान्तर कितना हो जाएगा? [2007]]
हल :
दिया है, C = 300pF = 300 × 10-12F, d = 1 मिमी = 10-3 मीटर,V = 1200 वोल्ट,U = ?,V = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 125

प्रश्न 54.
20 μF के एक संधारित्र को, जिसे 500 वोल्ट तक आवेशित किया गया है, एक अन्य 10 uF के संधारित्र के साथ, जिसे 200 वोल्ट तक आवेशित किया गया है, समान्तर क्रम में जोड़ दिया जाता है। उनका उभयनिष्ठ विभव ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, C1= 20 μF, V1 = 500 वोल्ट, C2 = 10 μr, V2 = 200 वोल्ट, V = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 126

प्रश्न 55.
4 तथा 2 माइक्रोफैरड धारिता के दो संधारित्र 6 वोल्ट की बैटरी के समान्तर क्रम में जोड़ दिए गए हैं—
(i) प्रत्येक संधारित्र की प्लेटों के बीच विभवान्तर बताइए तथा
(ii) प्रत्येक संधारित्र पर आवेश ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) चूँकि संधारित्र बैटरी के समान्तर क्रम में लगे हैं; अतः प्रत्येक संधारित्र की प्लेटों के बीच विभवान्तर बैटरी के विद्युत वाहक बल अर्थात् 6 वोल्ट के बराबर होगा।
(ii) 4μF धारिता वाले संधारित्र पर आवेश q1 = 4 μF × 6V = 24 μC.
2 μF धारिता वाले संधारित्र पर आवेश q2 = 2 μF × 6V = 12 μC.

MP Board Solutions

प्रश्न 56.
दो संधारित्र, जिनकी धारिताएँ 4 μF तथा 12 μF हैं, 120 वोल्ट की लाइन से श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। संयोजन की प्रभावी धारिता तथा प्रत्येक संधारित्र के विभवान्तर व आवेश की गणना कीजिए। ..
हल :
दिया है, C1 = 4 uF, C2 = 12 uF, V = 120 वोल्ट, C = ?, q= ?, V1 = ?, V2 = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 127

प्रश्न 57.
तीन समरूप संधारित्र C1,C2तथा C3 जिनकी प्रत्येक की धारिता 6 μF है, 12 वोल्ट की बैटरी से जुड़े हैं जो कि चित्र में प्रदर्शित है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 128
ज्ञात कीजिए-(i) प्रत्येक संधारित्र का आवेश,
(ii) परिपथ की समतुल्य धारिता। – [2018]
हल :
(i) संधारित्र C1 व C2 परस्पर श्रेणीक्रम में हैं। अत: इनकी तुल्य धारिता,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 129
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 130

(ii) संधारित्र C’ व C3 परस्पर समान्तर क्रम में हैं।
अतः इनकी समतुल्य धारिता C = C’ + C3 = 3+ 6 = 9μF

प्रश्न 58.
दो संधारित्र जिनकी धारिताएँ क्रमशः 2 व 3 माइक्रोफैरड हैं, श्रेणीक्रम में लगे हैं। पहले संधारित्र की बाहरी प्लेट 1000 वोल्ट पर है और दूसरे संधारित्र की बाहरी प्लेट पृथ्वी से जुड़ी है। प्रत्येक संधारित्र की भीतरी प्लेट का विभव तथा आवेश ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 131
इस संधारित्र की भीतरी प्लेट 1000 वोल्ट पर है; अत: बाहरी प्लेट (1000 – 600)
= 400 वोल्ट पर होगी।
∵ दूसरे संधारित्र की भीतरी प्लेट पहले संधारित्र की बाहरी प्लेट से जुड़ी है। अत: दूसरे संधारित्र की भीतरी प्लेट भी 400 वोल्ट पर होगी।

प्रश्न 59.
20 वोल्ट की एक बैटरी को एक वायु संधारित्र से जोड़ने पर संधारित्र पर 30 µC आवेश आ जाता है। यदि प्लेटों के बीच तेल भर दिया जाए तो प्लेटों पर 75µC आवेश आ जाता है-(i) तेल का परावैद्युतांक तथा (ii) तेल से भरे संधारित्र में संचित ऊर्जा की गणना कीजिए।
हल :
(i) दिया है, V = 20 वोल्ट तथा q= 30 µC
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 132

(ii)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 133

प्रश्न 60.
किसी वायु संधारित्र को 5 वोल्ट के स्रोत से आवेशित करके स्रोत से अलग कर दिया गया। अब संधारित्र की प्लेटों के बीच एक परावैद्युत भर दिया गया जिसका परावैद्युतांक 2 है। यदि वायु संधारित्र की धारिता 10 uF हो तो परावैद्युत पदार्थ भरने के पश्चात् इस संधारित्र में संचित ऊर्जा की गणना कीजिए।
[2006]
हल :
दिया है, Vo = 5 वोल्ट, Co = 10 uF, K = 2, U = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 134

MP Board Solutions

प्रश्न 61.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता 50 पिकोफैरड व प्लेटों के बीच की दूरी 4 मिमी है। इसे बैटरी द्वारा 200 वोल्ट तक आवेशित करके बैटरी को हटा लिया जाता है। फिर प्लेटों के बीच 2 मिमी मोटी परावैद्युत की पट्टी (K = 4) रखी जाती है। ज्ञात कीजिए
(i) प्रत्येक प्लेट पर अन्तिम आवेश, (ii) प्लेटों के बीच अन्तिम विभवान्तर, (iii) ऊर्जा-हानि। [2018]
हल :
दिया है, C = 50 पिकोफैरड = 50 × 10-12 फैरड, d = 4 मिमी = 4 × 10-3 मीटर,
V= 200 वोल्ट, t = 2 मिमी = 2 × 10-3 मीटर, K = 4
(i) संधारित्र को आवेशित कर बैटरी हटा ली गई है; अतः प्लेटों पर प्रारिम्भक आवेश
= प्लेटों पर अन्तिम आवेश
q= CV = 50 × 10-12 × 200 कूलॉम
= 1 × 10-8 कूलॉम।
(ii)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 135

(iii)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 136

प्रश्न 62.
समान धारिता के चार संधारित्र समान्तर क्रम में जुड़े हैं। जब इन्हें 1.5 वोल्ट के सेल से जोड़ते हैं तो प्रत्येक पर 1.5µC आवेश संचित हो जाता है। यदि इन्हें श्रेणीक्रम में जोड़कर उसी सेल से आवेशित किया जाए तब उन संधारित्रों पर कितना आवेश संचित होगा? [2009, 16]]
हल :
दिया है, V = 1.5 वोल्ट, q= 1.5 µC, Q= ?
प्रत्येक संधारित्र की धारिता \(C=\frac{q}{V}=\frac{1.5}{1.5}\)= 1 µF
श्रेणीक्रम में जोड़ने पर तुल्य धारिता C1 = 0.25µF
अतः संधारित्रों पर आवेश Q = C1 V = 0.25 × 1.5 = 0.375µc

MP Board Solutions

प्रश्न 63.
एक 100 pF धारिता के संधारित्र को 100 वोल्ट के विभवान्तर तक आवेशित किया गया है। इसे एक-दूसरे संधारित्र के समान्तर क्रम में जोड़ा गया है। यदि अन्तिम वोल्टेज 30 वोल्ट हो तो संधारित्र की धारिता क्या होगी? कितनी ऊर्जा का ह्रास होगा और उसका क्या होगा? .
हल :
दिया है, C= 100 pF = 100 × 10-12 F = 10-10 F, V1= 100 वोल्ट, .
V2= 0, V = 30 वोल्ट, C2 = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 137
इस ऊर्जा का ऊष्मा के रूप में ह्रास होगा।

प्रश्न 64.
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता 16 μF है तथा इस पर आवेश 3.2 × 10-4 कूलॉम है। आवेश को अपरिवर्तित रखते हुए प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी करने के लिए कितना कार्य करना होगा? [2012]
हल :
दिया है , C1 = 16 μF = 16 × 10-6 F, q= 3.2 × 10-4 कूलॉम,
d1 = d, d2 = 2 d, W = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 138

प्रश्न 65.
एक 10 μF के संधारित्र का विभवान्तर 100 वोल्ट से 200 वोल्ट कर देने पर उसकी ऊर्जा में वृद्धि की गणना कीजिए।
[2007, 12, 13, 14]
हल :
दिया है, C = 10 μF = 10 × 10-6 F, V2 = 200 वोल्ट, V1 = 100 वोल्ट, ΔU = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 139
प्रश्न 66.
एक 8 माइक्रोफैरड के संधारित्र का विभवान्तर 20 वोल्ट से बढ़कर 25 वोल्ट कर देने पर उसकी स्थितिज ऊर्जा में हुई वृद्धि की गणना कीजिए। [2018]]
हल :
दिया है, C = 8 माइक्रोफैरड = 8 × 10-6 फैरड, V1 = 20 वोल्ट, V2 = 25 वोल्ट
संधारित्र की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि ΔU = \(\frac{1}{2} C V_{2}^{2}-\frac{1}{2} C V_{1}^{2}\)
= \(\frac{1}{2}\) C(V22 – V12
= \(\frac{1}{2}\) × 8 × 10-6 [(25)2 – (20)2] = 4 × 10-6 [625 – 400]
= 4 × 10-6 × 225
= 9.0 × 10-4 जूल।

प्रश्न 67.
0.5μF के संधारित्र को इतना आवेशित किया गया कि उसकी प्लेटों के बीच विभवान्तर 25 वोल्ट हो जाता है। संधारित्र में संचित ऊर्जा की गणना कीजिए।
[2005, 06, 09]
हल :
दिया है, C = 0.5μF = 5 × 10-7F, V = 25 वोल्ट, U = ?
संचित ऊर्जा U = \(\frac { 1 }{ 2 }\)CV2 ==\(\frac { 1 }{ 2 }\) × (5 x 10-7) × (25)2 = 1.5625 × 10-4 जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 68.
4.0 μF तथा 6.0 μF के दो संधारित्र 20 V की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। 4.0 uF धारिता के संधारित्र में संगृहीत ऊर्जा तथा प्रति सेकण्ड बैटरी द्वारा दी गयी ऊर्जा का मान ज्ञात कीजिए। [2017]
हल :
4.0 μF व 6.0 μF श्रेणीक्रम में हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 140

प्रश्न 69.
एक आवेशित समान्तर प्लेट संधारित्र द्वारा संचित ऊर्जा घनत्व 17.70 जूल/मीटर3 है। संधारित्र की प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए। (εo = 8.85 x 10-12 कूलॉम2/न्यूटन-मीटर2) [2000, 04]
हल :
दिया है, U = 17.70 जूल/मीटर3 εo = 8.85 × 10-12 कूलॉम2/न्यूटन-मीटर2, E = ?
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 141

प्रश्न 70.
3 μF, 3 μF और 6 μF धारिता के संधारित्रों को किस प्रकार संयुक्त करें कि तुल्य धारिता 5μF हो?
हल :
3 μF व 6 μF को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर, तुल्य धारिता C = \(\frac{3 \times 6}{3+6}\) = 2 μF
2 μF व 3 μF को समान्तर क्रम में जोड़ने पर, तुल्य धारिता C = 2+ 3 = 5μF

प्रश्न 71.
दो संधारित्रों की तुल्य धारिता समान्तर क्रम में 24 μF तथा श्रेणीक्रम में 6μF है। उनकी अलग-अलग धारिताएँ क्या हैं?
हल :
समान्तर क्रम में, C = C1+C2; अतः 24 = C1 + C2 …………(1)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 142
∴  C1C2 = 24 × 6 = 144
सूत्र (C1 – C2)2 = (C1+C2)2 – 4 C1C2 से,
(C1 – C2)2 = (24)2-4 × 144 = 576 – 576 = 0
अतः C1 = C2
अतः दोनों संधारित्रों की धारिताएँ C1 = C2 = 12 μF.

प्रश्न 72.
बिन्दुओं A तथा B के बीच तुल्य धारिता ज्ञात कीजिए। [2017]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 143
हल :
दिए गए चित्र को निम्न रूप में व्यवस्थित करने पर
2 μF, 3 μF व 6 μF समान्तर क्रम में हैं। अतः तुल्य धारिता
C1 = 2+ 3+ 6 = 11 μF
4 μF व 5μF समान्तर-क्रम में हैं। अत: तुल्य धारिता ।
C2 = 4+ 5 = 9 μF
8 μF, 11 μF व 9 μF श्रेणीक्रम में हैं। अतः तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 144

प्रश्न 73.
संलग्न परिपथ चित्र-2.54 में यदि A तथा B बिन्दुओं के बीच 150 वोल्ट विभवान्तर लगाया जाए तो 6 μF के संधारित्र के प्लेटों के बीच उत्पन्न विभवान्तर एवं संचित ऊर्जा की गणना कीजिए। [2015]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 145
हल :
(i) 2 μF व 3 μF के संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं, अत: इनकी
तुल्य धारिता C1 = \(\frac{2 \times 3}{2+3}\) = 1.2 μF
1.8uF व 1.2uF समान्तर क्रम में हैं, अत: इनकी तुल्य धारिता
C2 = 1.8+ 1.2 = 3 μF
अब 3 μF व 6μF के संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं; अत: A व B के बीच तुल्य धारिता
C = \(\frac{3 \times 6}{3+6}\) = 2 μF
(ii) सम्पूर्ण निकाय पर आवेश Q = CV = 2μF × 150 = 300 μC
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 146

MP Board Solutions

प्रश्न 74.
3 μF की धारिता वाले तीन संधारित्रों को किस प्रकार जोड़ा जाए कि उनकी सम्मिलित धारिता-(i) 4.5 μF तथा (ii) 9 μF हो जाए? प्रत्येक का परिपथ आरेख भी खींचिए। [2010]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 147
हल :
(i) दो संधारित्रों को श्रेणीक्रम में जोड़कर तीसरा संधारित्र इनके साथ समान्तरक्रम में जोड़ने पर [चित्र-2.55],
चित्र-2.55
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 148
अतः तुल्य धारिता C = 1.5+ 3 = 4.5 μF
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 149

(ii) तीनों संधारित्रों को समान्तर-क्रम में जोड़ने पर [चित्र-2.55]
तुल्य धारिता C = 3 + 3 +3 = 9 μF.

प्रश्न 75.
चित्रानुसार संयोजन के समतुल्य संधारित्र की गणना कीजिए। [2018]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 150
हल :
संधारित्र C1 व C2 परस्पर श्रेणीक्रम में हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 151

प्रश्न 76.
संलग्न चित्र में संधारित्रों के जालक्रम में A तथा B बिन्दुओं के बीच तुल्य धारिता 1μF है। संधारित्र C की धारिता का मान ज्ञात कीजिए।[2017]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 152
हल :
6 μF व 1 μF श्रेणीक्रम में हैं, अतः तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 153
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 154

MP Board Solutions

प्रश्न 77.
दिए गए चित्र में A तथा B के मध्य विभवान्तर 100 वोल्ट का लगाया गया है। C व D के मध्य विभवान्तर ज्ञात कीजिए।
[2018]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 155
हल :
बिन्दु E व F के बीच संधारित्र C2, C3 तथा C4 परस्पर श्रेणीक्रम में हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 156
संधारित्रों C2,C3 तथा C4 पर समान आवेश q = C’V = 2 × 100 = 200μC
C व D के मध्य विभवान्तर, V = \(\frac{q}{C_{3}}=\frac{200}{6}\) वोल्ट = 33. 3 वोल्ट।

प्रश्न 78.
संलग्न परिपथ चित्र-2.62 में स्थिर अवस्था में दोनों संधारित्रों पर संचित आवेशों तथा विभव की गणना कीजिए।
[2002, 14]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 157
हल;
4 μF व 6 μF के संधारित्रों के आवेशित हो जाने पर इनमें कोई धारा नहीं बहेगी; अत: 4 μF व 6 μF कार्य नहीं करेंगे। 4Ω, 5Ω व 1Ω श्रेणीक्रम में हैं; अत: इनका तुल्य प्रतिरोध R = 4+ 5 + 1 = 10Ω
4Ω, 5Ω व 1Ω में बहने वाली धारा
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 158
4Ω व 5Ω श्रेणीक्रम में हैं; अत: इनका तुल्य प्रतिरोध
R= 4 + 5 = 9Ω
9Ω के सिरों के बीच विभवान्तर V = iR = 2 × 9 = 18 वोल्ट
4 μF व 6 μF श्रेणीक्रम में हैं; अत: इनकी तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 159
अतः 4 μF व 6 μF के संधारित्रों पर संचित आवेश q= CV = 2.4 × 18 = 43.2 μC.
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 160

प्रश्न 79.
संलग्न परिपथ चित्र-2.63 में प्रदर्शित संधारित्र में संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए। [2008]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 161
हल :
संधारित्र के आवेशित हो जाने पर इसमें कोई धारा नहीं बहेगी; अत: 2 μF कार्य नहीं करेगा।
2Ω, 3Ω व 5Ω श्रेणीक्रम में हैं; अत: इनका तुल्य प्रतिरोध
R= 2 + 3 + 5 = 10Ω
परिपथ का विभवान्तर V = iR = 2 × 10 = 20 वोल्ट
अतः संधारित्र में संचित ऊर्जा U = \(\frac { 1 }{ 2 }\) CV2
=\(\frac { 1 }{ 2 }\) × 2 x 10-6 × (20)2 = 4 × 10-4 जूल।

MP Board Solutions

प्रश्न 80.
संलग्न परिपथ चित्र-2.64 में यदि B को पृथ्वी से जोड़ दिया जाए तथा A को 1500 वोल्ट विभव पर रखा जाए तो P पर विभव की गणना कीजिए।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 162
हल :
5 μF व 5 μF श्रेणीक्रम में हैं; अत: इनकी तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 163
2.5 μF व 1 μF समान्तर क्रम में हैं; अत: इनकी तुल्य धारिता
C2 = 1+ 2.5 = 3.5 μF
3.5μF व 3.5 μF श्रेणीक्रम में हैं; अत: A व B के बीच तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 164
अतः संधारित्रों पर आवेश q= CV = 1.75 × 10-6 × 1500 = 2625 × 10-6 कूलॉम
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 165
∵ B पृथ्वी से जुड़ा है; अत: VB = 0 वोल्ट
अतः . बिन्दु P पर विभव VP = VB + 750 = 0+ 750 = 750 वोल्ट।

प्रश्न 81.
चित्र में प्रदर्शित संधारित्र C2 में विभवान्तर व संचित ऊर्जा की गणना कीजिए। बिन्दु A पर विभव 90 वोल्ट है। C1 = 20 μF, C2 = 30μF और C = 15μF हैं। [2018]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 166
हल :
संयोजन के सिरों पर विभवान्तर = 90 – 0 = 90 वोल्ट
संधारित्र C1, C2 व C3 परस्पर श्रेणीक्रम में हैं। अत: इनकी तुल्य धारिता,
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 167

प्रश्न 82.
निम्नांकित परिपथ [चित्र-2.66 (a)] में प्रदर्शित परिपथ में बिन्दु A एवं B के बीच की कुल धारिता का मान इसका सरल समतुल्य परिपथ बनाकर ज्ञात कीजिए। [2000, 04, 06]]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 168
हल :
चित्र-2.66 (a) में प्रत्येक संधारित्र की प्रथम प्लेट A बिन्दु से तथा द्वितीय प्लेट B बिन्दु से जुड़ी है। इस प्रकार तीनों संधारित्र समान्तर-क्रम में हैं चित्र-2.66 (b)। अतः इनकी तुल्य धारिता C = 3 + 4 + 5 = 12 μF.

प्रश्न 83.
निम्नांकित परिपथ चित्र-2.67 (a) में A व B के बीच तुल्य धारिता की गणना कीजिए। [2003]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 169
हल:
सर्वप्रथम चित्र-2.67 (a) को चित्र-2.67 (b) के अनुसार प्रतिस्थापित करते हैं; अतः दिया गया परिपथ एक व्हीटस्टोन सेतु की व्यवस्था है। भुजाओं MN व NO की धारिताओं का अनुपात तथा भुजाओं MP व PO की धारिताओं का अनुपात समान है; अतः सेतु सन्तुलित है।
प्रत्येक श्रेणी की संयोजन की धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 170

प्रश्न 84.
निम्नांकित परिपथ चित्र-2.68 (a) में A और B बिन्दुओं के बीच तुल्य धारिता ज्ञात कीजिए। [2015]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 171
हल :
सर्वप्रथम परिपथ-2.68 (a) को चित्र 2.64 (b) की भाँति व्यवस्थित करते हैं जो कि एक व्हीटस्टोन सेतु है। अत: 8 μF पर कोई आवेश संचित नहीं होगा। AC व CB के मध्य 3 μF व 6 μF श्रेणीक्रम में हैं तथा AD व DB के मध्य 3 μF व 6 μF श्रेणीक्रम में हैं।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 172

MP Board Solutions

प्रश्न 85.
तीन संधारित्र एक 30 वोल्ट की बैटरी से चित्र-2.69 के अनुसार जुड़े हैं। गणना कीजिए-
(i) संधारित्र की तुल्य धारिता तथा
(ii) 10 μF धारिता के संधारित्र द्वारा संचित ऊर्जा। [2011]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 173
हल :
(i) 6 μF व 12 μF श्रेणीक्रम में हैं।
अत: इनकी तुल्य धारिता C1= \frac{6 \times 12}{6+12} = 4 μF
4 μF व 10 μF समान्तर क्रम में हैं।
अत: इनकी तुल्य धारिता C = 4+ 10 = 14 μF

(ii) 10 μF में संचित ऊर्जा U = = \(\frac { 1 }{ 2 }\)C’V2
=\(\frac { 1 }{ 2 }\) × 10 × 10-6 × (30)2 = 4.5 × 10-3 जूल।

प्रश्न 86.
संलग्न परिपथ चित्र-2.70 की सहायता से ज्ञात कीजिए –
C = 100 pF
(i) संयोजन की तुल्य धारिता
(ii) C1 संधारित्र पर आवेश तथा
(iii) संयोजन की कुल संचित ऊर्जा।[2008, 13]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 174
हल :
(i) 200pF व 200pF श्रेणीक्रम में हैं; अत: इनकी तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 175
100pF व 100pF समान्तर क्रम में हैं। अत: इनकी तुल्य धारिता
C” ‘ = 100 + 100 = 200pF
200pF श्रेणीक्रम में हैं; अत: A व B के बीच तुल्य धारिता
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 176

(ii) संयोजन पर कुल आवेश q = CV = 100 × 200 = 20000 pC
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 177

(iii)
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 178

प्रश्न 87.
किसी समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता 2 μ F है, जब इसकी प्लेटों के बीच निर्वात रहता है। प्लेटों के बीच के स्थान को दो परावैद्युतों की बराबर-बराबर मात्राओं से चित्र-2.71 में प्रदर्शित गई दो विधियों से भरा जाता है। यदि उनके परावैद्युतांक 3 व 6 हों तो दोनों स्थितियों में संधारित्र की धारिता की गणना कीजिए। [2006]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 179
हल :
दिया है, K1 = 3, K2 = 6, εoA/d = 2 μF
(i) जब संधारित्र समान्तर क्रम में हैं तो क्षेत्रफल A/2 होगा।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 180
अतः प्रथम स्थिति में संधारित्र की तुल्य धारिता
CI = C1+C2 = 3 + 6 = 9 μF

(ii) श्रेणीक्रम में दूरी d/2 होगी; अत:
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 181

MP Board Solutions

प्रश्न 88.
किसी समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता 2 μF है। इसके आधे भाग को चित्रानुसार एक परावैद्युत पदार्थ से भरा जाता है तो इसकी धारिता 5 μF हो जाती है। परावैद्युतांक K का मान ज्ञात कीजिए। [2018]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 182
हल :
माना समान्तर प्लेट संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल A तथा उनके बीच की दूरी d है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 183

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के चार विकल्प दिए गए हैं। सही विकल्प का चयन कीजिए –

प्रश्न 1.
वैद्युत विभव का मात्रक है [2011]
(a) जूल/कूलॉम
(b) जूल-कूलॉम
(c) कूलॉम/जूल
(d) न्यूटन/कूलॉम।
उत्तर :
(a) जूल/कूलॉम

प्रश्न 2.
वैद्युत विभव का मात्रक [2014]
(a) जूल/कूलॉम
(b) वोल्ट/मीटर
(c) जूल-कूलॉम
(d) जूल/कूलॉम-मीटर।
उत्तर :
(a) जूल/कूलॉम

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन वैद्युत विभव का मात्रक नहीं है [2013]
(a) वोल्ट
(b) जूल/कूलॉम
(c) न्यूटन/कूलॉम
(d) न्यूटन-मीटर/कूलॉम।
उत्तर :
(c) न्यूटन/कूलॉम

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
एक-दूसरे से 0.5 मीटर की दूरी पर स्थित दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 50 वोल्ट है।2 कूलॉम आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में आवश्यक कार्य का मान होगा – [2004]
(a) 1 जूल
(b) 25 जूल
(c) 50 जूल
(d) 100 जूल।
उत्तर :
(d) 100 जूल।

प्रश्न 5.
0.45 मीटर त्रिज्या की एक अचालक वलय की परिधि पर एकसमान रूप से वितरित कुल आवेश 2 × 10-10कूलॉम है। 2 कूलॉम आवेश को अनन्त से वलय के केन्द्र तक ले जाने में आवश्यक कार्य होगा – [2005]
(a) 4 जूल
(b) 8 जूल
(c) – 4 जूल
(d) शून्य।
उत्तर :
(b) 8 जूल

प्रश्न 6.
दो प्लेटें एक-दूसरे से 1 सेमी दूरी पर हैं और उनमें विभवान्तर 10 वोल्ट है। प्लेटों के बीच वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता है – [2009]
(a) 10 न्यूटन/कूलॉम
(b) 500 न्यूटन/कूलॉम
(c) 1000 न्यूटन/कूलॉम
(d) 250 न्यूटन/कूलॉम।
उत्तर :
(c) 1000 न्यूटन/कूलॉम

प्रश्न 7.
1 वोल्ट विभवान्तर पर त्वरित करने पर इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा होती है [2007]
(a) 1 जूल
(b) 1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट
(c) 1 अर्ग
(d) 1 वाट।
उत्तर :
(b) 1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट

प्रश्न 8.
1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट का मान होता है – [2004, 08, 13]
(a) 2 × 10-18 जूल
(b) 1.6 × 10-31 जूल
(c) 1.6 × 10-19 जूल
(d) 3.1 × 10-31 जूला
उत्तर :
(c) 1.6 × 10-19 जूल

प्रश्न 9.
1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) मात्रक है [2005]
(a) ऊर्जा का
(b) वैद्युत विभव का
(c) वेग का
(d) कोणीय संवेग का।
उत्तर :
(a) ऊर्जा का

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
एक इलेक्ट्रॉन 5 वोल्ट विभवान्तर द्वारा त्वरित किया जाता है। इलेक्ट्रॉन द्वारा अर्जित ऊर्जा होगी- [2006, 07]
(a) 5 जूल
(b) 5 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट
(c) 5 अर्ग
(d) 5 वाट।
उत्तर :
(b) 5 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट

प्रश्न 11.
एक इलेक्ट्रॉन को दूसरे इलेक्ट्रॉन के अधिक समीप लाने पर निकाय की वैद्युत स्थितिज ऊर्जा [2010]
(a) घटती है
(b) बढ़ती है
(c) उतनी ही रहती है
(d) शून्य हो जाती है।
उत्तर :
(b) बढ़ती है

प्रश्न 12.
दो समान धनावेशित बिन्दु आवेशों, जिनमें प्रत्येक पर 1 μC का आवेश है, को 1 मीटर की दूरी पर वायु में रखा
जाता है। इसकी स्थितिज ऊर्जा है –
(a) 1 जूल
(b) 1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट
(c) 9 × 10-3 जूल
(d) शून्य।
उत्तर :
(c) 9 × 10-3 जूल

प्रश्न 13.
E = 0 तीव्रता वाले वैद्युत क्षेत्र में विभव V का दूरी r के साथ परिवर्तन होगा – [2012,17]
(a) V \propto \frac{1}{r}
(b) V ∝ r
(c) V \propto \frac{1}{r^{2}}
(d) V = नियत अर्थात् r पर निर्भर नहीं।
उत्तर :
(d) V = नियत अर्थात् r पर निर्भर नहीं।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य समविभव पृष्ठ के लिए सत्य नहीं है – [2009]
(a) पृष्ठ पर किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर शून्य होता है
(b) वैद्युत बल रेखाएँ पृष्ठ के सर्वथा लम्बवत् होती हैं
(c) पृष्ठ पर किसी आवेश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर कोई कार्य नहीं होता
(d) समविभव पृष्ठ सर्वदा गोलाकार होता है।
उत्तर :
(d) समविभव पृष्ठ सर्वदा गोलाकार होता है।

प्रश्न 15.
दूरी पर रखे वैद्युत द्विध्रुवों के बीच लगने वाला बल अनुक्रमानुपाती है – [2005]
(a) r2 के
(b) r4 के
(c) r-2के
(d) r-4 के।
उत्तर :
(d) r-4 के।

MP Board Solutions

प्रश्न 16.
एक इलेक्ट्रॉन एक वैद्युत क्षेत्र में, क्षेत्र के अभिलम्बवत् प्रवेश करता है। इसका गमन पथ होगा – [2006]
(a) वृत्ताकार
(b) दीर्घवृत्ताकार
(c) कुण्डलिनी के आकार का
(d) परवलयाकार।
उत्तर :
(d) परवलयाकार।

प्रश्न 17.
क्षैतिज दिशा में गति करता हुआ इलेक्ट्रॉन एक ऐसे स्थान में प्रवेश करता है जहाँ ऊर्ध्वाधर दिशा में एकसमान वैद्युत क्षेत्र है। इस स्थान में इलेक्ट्रॉन का पथ होगा – [2008]
(a) क्षैतिज से 45° के कोण पर सीधी रेखा
(b) ऊर्ध्वाधर तल में एक वृत्त
(c) क्षैतिज तल में एक परवलय
(d) ऊर्ध्वाधर तल में एक परवलय।
उत्तर :
(d) ऊर्ध्वाधर तल में एक परवलय।

प्रश्न 18.
दो बिन्दु आवेश 8μC तथा 12μC एक-दूसरे से 10 सेमी की दूरी पर वायु में रखे गए हैं। इनके बीच की दूरी 6 सेमी परिवर्तित करने के लिए कार्य आवश्यक होगा – [2018]
(a) 5.8जूल
(b) 4.8जूल
(c) 3.8जूल
(d) 2.8 जूल।
उत्तर :
(a) 5.8जूल

प्रश्न 19.
एक समान वैद्युत क्षेत्र E में रखे वैद्युत द्विध्रुव आघूर्ण pवाले वैद्युत द्विध्रुव को 90° से घुमाने में कुल कार्य है- [2018]
(a) pE/2
(b) 2pE
(c) pE
(d) √2pE.
उत्तर :
(c) pE

प्रश्न 20.
एक धातु के गोले की धारिता 1.0 μF है। उसकी त्रिज्या लगभग होगी – [2011]
(a) 9 किमी
(b) 10 मीटर
(c) 1.11 मीटर
(d) 1.11 सेमी।
उत्तर :
(a) 9 किमी

प्रश्न 21.
एक गोलाकार चालक की त्रिज्या 9 मीटर है। इसकी विद्युत-धारिता है – [2018]
(a) 109 फैरड
(b) 9 × 109 फैरड
(c) 9 × 10-9 फैरड
(d) 10-9 फैरड।
उत्तर :
(d) 10-9 फैरड।

प्रश्न 22.
दो गोलीय चालक A1 तथा A2 व उनकी त्रिज्याएँ क्रमशः तथाr हैं। चालक A1 व A2 पर क्रमशः r1 तथा r2
आवेश हैं। चित्र के अनुसार चालकों को हवा में एक ताँबे के तार द्वारा जोड़ा जाता है।
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 184
इस निकाय की तुल्य धारिता होगी
[2018]
(a) 4πεor1r2/r1 – r2
(b) 4πεo1 + r2
(c) 4πεor1
(d) 4πεor2
उत्तर :
(b) 4πεo1 + r2

MP Board Solutions

प्रश्न 23.
एक आवेशित वायुसंधारित्र में Uo ऊर्जा संचित है। एक परावैद्युत की पट्टी जिसका परावैद्युतांक K है, को इसमें प्रवेश कराने पर ऊर्जा U हो जाती है, तो – [2018]
(a) U = Uo.
(b) U = KUo.
(c) U = K2Uo.
(d) U = \(\frac{u_{0}}{K}\)
उत्तर :
(d) U = \(\frac{u_{0}}{K}\)

प्रश्न 24.
संलग्न परिपथ चित्र-2.74 में बिन्दुओं PवQ के बीच तुल्य धारिता होगी – [2004]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 185
(a) 4 μF
(b) 3/4 μF
(c) 4/3 μF
(d) 1/2 μF.
उत्तर :
(c) 4/3 μF

प्रश्न 25.
श्रेणीक्रम में जोड़े गए पाँच समान संधारित्रों की परिणामी धारिता 4 μF है। यदि इनको समान्तरक्रम में जोड़कर 400 वोल्ट तक आवेशित करें तो इसमें संगृहीत कुल ऊर्जा होगी – [2005]
(a) 80 जूल
(b) 16 जूल
(c) 8 जूल
(d) 4 जूल।
उत्तर :
(c) 8 जूल

प्रश्न 26.
एक आवेशित संधारित्र बैटरी से जुड़ा है। यदि इसकी प्लेटों के बीच परावैद्युत पदार्थ की एक पट्टी रखी जाए तो निम्नलिखित में से कौन-सी मात्रा अपरिवर्तित रहेगी [2005, 10]]
(a) आवेश
(b) विभवान्तर
(c) धारिता
(d) ऊर्जा।
उत्तर :
(b) विभवान्तर

प्रश्न 27.
संलग्न परिपथ चित्र-2.75 में यदि A व B के बीच तुल्य धारिता 5uF हो तब संधारित्र C .
की धारिता होगी –
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 186
(a) 3μF
(b) 6μF
(c) 9μF
(d) 12 μF.
उत्तर :
(b) 6μF

प्रश्न 28.
संलग्न चित्र-2.76 में बिन्दुओं A व B के बीच तुल्य धारिता है- [2009]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 187
(a) \(\frac{2}{3} \mu \mathrm{F}\)
(b) \(\frac{3}{2} \mu \mathrm{F}\)
(c) \(\frac{11}{3} \mu \mathrm{F}\)
(d) 1 µF
उत्तर :
(b) \(\frac{3}{2} \mu \mathrm{F}\)

MP Board Solutions

प्रश्न 29.
100 μF धारिता वाले संधारित्र को 10 वोल्ट तक आवेशित करने पर उसमें संचित ऊर्जा होगी – [2009,16]
(a) 5.0 × 10-3 जूल
(b) 0.5 × 10-3 जूल
(c) 0.5 जूल
(d) 5.0 जूल।
उत्तर :
(a) 5.0 × 10-3 जूल

प्रश्न 30.
संलग्न चित्र-2.77 में बिन्दुओं A व B के बीच तुल्य धारिता है- [2009]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 188
(a) 4 µF
(b) \(\frac{12}{7} \mu \mathrm{F}\)
(c) \(\frac{1}{4} \mu \mathrm{F}\)
(d) \(\frac{7}{12} \mu \mathrm{F}\)
उत्तर :
(a) 4 µF

प्रश्न 31.
60 μF धारिता वाले एक संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर 3 × 10-8C आवेश है। संधारित्र में संचित ऊर्जा होगी [2009]
(a) 2.5 × 10-15 जूल
(b) 1.5 × 10-14 जूल
(c) 3.5 × 10-13 जूल
(d) 7.5 × 10-12 जूल।
उत्तर :
(d) 7.5 × 10-12 जूल।

प्रश्न 32.
तीन बराबर धारिता वाले संधारित्रों को पहले समान्तर क्रम में तथा बाद में श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है। दोनों दशाओं में तुल्य धारिताओं का अनुपात होगा [2009]
(a) 9:1
(b) 6:1
(c) 3:1
(d) 1:9.
उत्तर :
(a) 9:1

MP Board Solutions

प्रश्न 33.
एक संधारित्र जिसकी धारिता 100 μF है, 200 वोल्ट तक आवेशित किया जाता है। उसे 22 के प्रतिरोध द्वारा विसर्जित करने पर उत्पन्न हुई ऊष्मा है [2009]
(a) 1 जूल
(b) 2 जूल
(c) 3 जूल
(d) 4 जूल।
उत्तर :
(b) 2 जूल

प्रश्न 34.
संलग्न परिपथ चित्र-2.78 में प्रदर्शित संधारित्रों की तुल्य धारिता A व B के बीच है – [2015]
MP Board Class 12th Physics Important Questions Chapter 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता 189
(a) 4 μF
(b) 2.5 μF
(c) 2 μF
(d) 0.25 μF.
उत्तर :
(b) 2.5 μF

MP Board Class 12th Physics Important Questions

MP Board Class 12th General Hindi व्याकरण मुहावरे व लोकोक्तियाँ

MP Board Class 12th General Hindi व्याकरण मुहावरे व लोकोक्तियाँ

भाषा को प्राणवान और प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यकतानुसार मुहावरे और कहावतें (लोकोक्तियों) के प्रयोग किए जाते हैं। इनके प्रयोग से भाषा न केवल सार्थक और आकर्षक दिखाई देती है अपितु वह एक अद्भुत शक्ति से परिपूर्ण भी लगने लगती है, जो एक सफल और असाधारण रचना शिल्प व शिल्पकार की अभियोजना और उद्देश्य होता है। इस प्रकार मुहावरों और कहावतों के बिना भाषा प्राणहीन, अशक्त और प्रभावहीन बन जाती है।

मुहावरों और कहावतों से एक विशिष्ट भाषा, संस्कृति, जाति, सभ्यता, लोकजीवन, रहन – सहन, चेतना और भविष्य का पूरा पता लगता है। उसकी छाप सर्वत्र पड़ने लगती है। वह सबको समुन्नत दिशा की ओर अग्रसर करने लगती है।

MP Board Solutions

मुहावरों और कहावतों से भाषा एक वाक्यांश के रूप में प्रकट होकर एक विलक्षणता और रोचकता के रूप में अपने महान उद्देश्य की ओर रती है और अंततः पाठक – श्रोता वर्ग पर अपनी पूर्व नियोजित छाप छोड़ती है। यही कारण है कि विश्व की सभी भाषाओं में मुहावरों – कहावतों के प्रयोग होते हैं। इस मुहावरों और कहावतों का प्रयोग किसी भी भाषा. के लिए नितान्त आवश्यक है।

मुहावरे
प्रचलित मुहावरे और उनका प्रयोग
1. अपना ही राग अलापना – अपनी बातें ही करते रहना।
प्रयोग – मोहन दूसरे की बात सुनता नहीं है केवल अपना ही राग अलापता रहता है।

2. आँखों का तारा – बहुत प्यारा लगना।
प्रयोग – इकलौता पुत्र अपने माता – पिता की आँखों का तारा होता है।

3. अपना उल्लू सीधा करना – केवल अपना स्वार्थ सिद्ध करना।
प्रयोग – जो मनुष्य स्वार्थी होता है वह अपना ही उल्लू सीधा करता है।

4. अपने मुँह मियाँ मिठू बनना – अपनी प्रशंसा स्वयं करना।
प्रयोग – अभिमानी मनुष्य अपने मुँह मियाँ मिठू बनते हैं।

5. अन्धे को चिराग दिखाना – व्यर्थ का कार्य करना।
प्रयोग – किसी मूर्ख और पागल मनुष्य को उपदेश देना वास्तव में अन्धे को चिराग दिखाना है।

6. अन्धे की लकड़ी – समय पर काम आना।
प्रयोग – वृद्धावस्था में बेटा अन्धे की लकड़ी के समान होता है।

7. अँगूठा दिखाना – अपमानपूर्ण अवज्ञा करना।
प्रयोग – मैंने कल तुमसे पैसा लौटाने के लिए कहा था। आज तुम मुझको अँगूठा दिखा रहे हो।

8. अक्ल पर पत्थर पड़ना – अज्ञानता से काम करना।
प्रयोग – उस समय न जाने क्यों मेरी अक्ल पर पत्थर पड़ गए थे तब मैंने अपने
बड़े भाई को कटु शब्द कहे थे।

9. अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना – स्वयं अपना नाश करना।
प्रयोग – राकेश ने अपनी जायदाद जुआ में हारकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है।

10. आगबबूला होना – अधिक क्रोधित होना।
प्रयोग – जब पिता ने अपने पुत्र को घर में चोरी करते देखा तो वे.आगबबूला हो गए।

11. आसमान टूट पड़ना – अचानक विपत्ति आ जाना।
प्रयोग – मोटर दुर्घटना में अपने पुत्र का समाचार सुनकर माँ के हृदय पर जैसे आसमान टूट पड़ा हो।

12. ईद का चाँद होना – कठिनता से दिखाई देना।
प्रयोग – रमेश ने जब दो महीने बाद अपने मित्र को सामने आता हुआ देखा तो कहा कि आजकल तुम तो ईद के चाँद हो गये हो।

13. ईंट से ईंट बजाना – बिलकुल नष्ट करना।
प्रयोग – महाराज शिवाजी ने मुगल बादशाह की ईंट से ईंट बजा दी।

14. उल्टी गंगा बहाना – नियम के विरुद्ध काम करना।
प्रयोग – आजकल लोग नियमित काम न करके उल्टी गंगा बहा रहे हैं।

15. गाल बजाना – बक – बक करना।
प्रयोग – आजकल के नेता मंचों पर गाल बजाते हैं। ठोस काम करना नहीं जानते

16. गले का हार – प्रिय वस्तु।
प्रयोग – महात्मा तुलसीदास का रामचरितमानस हिन्दुओं के गले का हार है।

17. गड़े मुर्दे उखाड़ना – पुरानी बातें दोहराना।
प्रयोग – वृद्ध मनुष्य सबके सामने गड़े मुर्दे उखाड़कर दूसरों को लज्जित करते रहते हैं।

18. कुत्ते की मौत मरना – बुरी मौत मरना।
प्रयोग – देशद्रोही मनुष्य कुत्ते की मौत मारा जाता है।

19. काम तमाम करना – मार डालना।
प्रयोग – बन्दूक की एक गोली से मैंने डाकू का काम तमाफ कर दिया।

20. छाती पर साँप लोटना – ईर्ष्या होना।
प्रयोग – महेश ने जब से नई मोटर साइकिल खरीदी है, उसके पड़ोसी की छाती पर साँप लोटने लगे हैं।

21. नौ – दो ग्यारह होना – भाग जाना।
प्रयोग – पुलिस (सिपाही) को देखकर चोर नौ – दो ग्यारह हो गए।

22. दाँत खट्टे करना – – पराजित करना।
प्रयोग – भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के दाँत खट्टे कर दिए।

23. मुँह में पानी भर आना – ललचाना।
प्रयोग – मिठाई की दुकान को देखकर बालकों के मुँह में पानी भर आता है।

MP Board Solutions

24. फूला न समाना – बहुत प्रसन्न होना।
प्रयोग – बहुत दिनों से खोये हुए बालक को अचानक देखकर माँ का हृदय फूला न समाया।

25. हाथ – पाँव फूलना – भयभीत हो जाना।
प्रयोग – जंगल में शेर को देखकर मेरे हाथ – पाँव फूल गए।

26. लोहा मानना – प्रभाव स्वीकार करना।
प्रयोग – एशिया के सभी राष्ट्र भारत की शक्ति का लोहा मानते हैं।

27. हक्का – बक्का रह जाना – आश्चर्यचकित होना।
प्रयोग – ताजमहल की सुंदरता को देखकर लोग हक्के – बक्के रह जाते हैं।

28. हवा से बातें करना – बहुत वेग से चलना।
प्रयोग – महाराणा प्रताप का चेतक घोड़ा बुद्ध के मैदान में हवा से बातें करता था।

29. लकीर का फकीर होना – अंधविश्वासी होना।
प्रयोग – आदिवासी लोग लकीर के फकीर होते हैं।

30. सिर नीचा होना – लज्जित होना।
प्रयोग – अयोग्य पुत्र के अनुचित कार्यों को देखकर माता – पिता का सिर लज्जा से नीचा हो गया।

31. टेढ़ी – सीधी सुनना – खरी – खोटी सुनना।
प्रयोग – मेरे विलम्ब से घर पहुंचने पर पिताजी ने मुझे अनेक टेढ़ी – सीधी बातें सुना डालीं।

32. धूल में मिला देना – नष्ट करना।
प्रयोग – मोहन को परीक्षा में नकल करते हुए जब. अध्यापक ने पकड़ लिया तो उसकी सारी इज्जत धूल में मिल गयी।

33. सिर पटक लेना – दहाड़ मारकर रोना।
प्रयोग – अपने भाई की असफलता का समाचार सुनकर राकेश अपना सिर जमीन पर पटककर खूब रोने लगा।

34. त्यौरियाँ चढ़ जाना – क्रोधित होना।
प्रयोग – आजकल जरा – सी बात पर लोग अपनी त्यौरियाँ चढ़ा लेते हैं।

35. आसमान सिर पर उठाना – बहुत कोलाहल करना।
प्रयोग – जिस समय शिक्षक कक्षा में नहीं होता उस समय विद्यार्थी आसमान सिर पर उठा लेते हैं।

36. आस्तीन का साँप होना – विश्वासघात करना।
प्रयोग – चीन के आक्रमण के समय अनेक लोग देश के आस्तीन के साँप बन गए।

37. आठ – आठ आँसू रोना – फूट – फूटकर रोना।
प्रयोग – माँ की मृत्यु के समय राम आठ – आठ आँसू रोया।

38. कसौटी पर कसना – परीक्षा लेना।
प्रयोग – सोने की कसौटी पर कसकर उसके खरे – खोटे की पहचान की जाती है।

39. कंगाली में आटा – गीला होना – कष्ट पर कष्ट आना।
प्रयोग – इधर मोहन के घर में आग लगी, उधर चोरी में सारा सामान चला गया, उसकी कंगाली में आटा गीला हो गया।

40. कान में तेल डालकर सोना – बात सुनने की चेष्टा न करना।
प्रयोग – मैं तुम्हें कब से बुला रहा हूँ और तुम हो कि कान में तेल डालकर बैठे हो।

41. कलई खुलना – भेद खुलना।
प्रयोग – जब मोहन का झगड़ा राकेश से हुआ तो मोहन ने राकेश की सारी कलई खोल दी।

42. गर्दन पर छुरी फेरना – अत्याचार करना।
प्रयोग – ठेकेदार गरीब मजदूरों के पैसे काटकर उनकी गर्दन पर छुरी फेरते हैं।

43. गोबर गणेश – बिलकुल मूर्ख।
प्रयोग – वह कभी परीक्षा पास नहीं कर सकता, वह तो पूरा गोबर गणेश है।

44. घी के चिराग जलाना – खुशियाँ मनाना।
प्रयोग – जब भगवान श्री राम चौदह वर्ष के बाद वनवास से अयोध्या लौटकर
आये तब पूरी प्रजा ने घी के चिराग जलाए।

45. घोड़ा बेचकर सोना – निश्चित रहना।
प्रयोग – जब परीक्षा समाप्त हो जाती है, तो विद्यार्थी घोड़े बेचकर सोते हैं।

46. छप्पर फाड़कर देना – बिना मेहनत के धन मिलना।
प्रयोग – भगवान जब देता है तो छप्पर फाड़कर देता है।

47. टेढ़ी खीर होना – कठिन कार्य होना।
प्रयोग – हिमालय पार करना टेढ़ी खीर है।

48. दाँतकाटी रोटी होना – गहरी दोस्ती होना।
प्रयोग – पहले हम दोनों में दाँतकाटी रोटी थी किंतु जब से झगड़ा हुआ है तब से हम दोनों एक – दूसरे के शत्रु बन गए हैं।

49. कलेजा मुँह को आना – बहुत दुःखी होना।
प्रयोग – अचानक पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर कलेजा मुँह को आ गया।

50. चकमा देना – धोखा देना।
प्रयोग – एक लड़का दुकानदार को चकमा देकर सामान लेकर भाग गया।

51. हाँ में हाँ मिलाना – चापलूसी करना।
प्रयोग – छोटे कर्मचारी अपनी पदोन्नति के लिए बड़े अधिकारियों की दिन – रात हाँ में हाँ मिलाते हैं।

52. सिर धुनना – पश्चात्ताप करना।
प्रयोग – हायर सेकेण्ड्री की परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर मोहन ने अपना सिर धुन लिया।

53. बाल – बाल बचना – बड़ी हानि होने से बचना।
प्रयोग – वह कुएं में गिरने से बाल – बाल बच गया।

MP Board Solutions

54. कफन सिर पर बाँधना – बलिदान के लिए तैयार रहना।
प्रयोग – वीर सैनिक युद्ध के दौरान कफन सिर पर बाँध लेते हैं।

55. लहू सूखना – शक्तिहीन होना। (म.प्र. 1991)
प्रयोग – साँप को सामने देखते ही उसका लहू सूख गया।

56. बाल बाँका न होना – कुछ भी नुकसान न होना। (म.प्र. 1991)
प्रयोग – प्रहलाद को बार – बार कष्ट देने का प्रयास करके भी हिरण्यकशिपु उसका बाल बाँका न कर सका।

57. काया पलट होना – रूप – परिवर्तन होना। (म.प्र. 1992)
प्रयोग – बड़े – बड़े सिद्ध – पुरुष मनचाही काया पलट कर लेते हैं।

58. मिट्टी में मिलाना – बरबाद करना। (म.प्र. 1992)
प्रयोग – भारत ने पाकिस्तान से युद्ध करके पूर्वी पाकिस्तान को मिट्टी में मिला दिया।

59. नेत्र लाल होना – क्रोधित होना। (म.प्र. 1993)
प्रयोग – छात्र के अशिष्टाचार से अध्यापक के नेत्र लाल हो गए।

60. हाथ के तोते उड़ना – कीमती वस्तु का खो जाना। (म.प्र. 1993)
प्रयोग – परीक्षा में भूल से कुछ प्रश्नों के छूटने पर उसने घर आते ही कहा कि मेरे हाथ के तोते उड़ गए।

61. नोन, तेल, लकड़ी के फेर में पड़ना – रोजी – रोटी के लिए परेशान होना।
प्रयोग – शादी होते ही वह नोन, तेल, लकड़ी के फेर में पड़ गया।

62. टूट जाना – बरबाद होना।। (म.प्र. 1994)
प्रयोग – मजदूर जीवनपर्यंत कड़ी मेहनत करते – करते टूट जाते हैं।

63. मौके की तलाश में रहना – स्वार्थ साधना। (म.प्र. 1994)
प्रयोग – स्वार्थी हरदम मौके की तलाश में रहते हैं।

64. भाषण की दुकान खोलना – बतंगड़ी का अड्डा होना। (म.प्र. 1994)
प्रयोग – आजकल तो जगह – जगह भाषण की दुकानें खुल गई हैं।

65. आँखें खोलना – सजग करना। (म.प्र. 1994)
प्रयोग – निंदक अक्सर आँखें खोल देते हैं।

लोकोक्तियाँ
भाषा को प्रभावशाली एवं सारगर्भित बनाने के लिए मुहावरों की भाँति लोकोक्तियों का प्रयोग किया जाता है। लोकोक्ति पारिभाषिक रूप से ऐसा मुहावरेदार वाक्य होता है जिसे व्यक्ति अपने कथन की पुष्टि में प्रमाण – स्वरूप प्रयोग करता है। लोकोक्ति . अपने में एक संपूर्ण वाक्य है और उसका प्रयोग स्वतंत्र रूप से होता है।

प्रचलित लोकोक्तियाँ और उनका प्रयोग

1. अपना हाथ जगन्नाथ – बड़ी स्वच्छन्दता से किसी वस्तु को ग्रहण करना।
प्रयोग – महावीर को आज भोजन – गृह का मालिक बना दिया है, अब तो उसका अपना हाथ जगन्नाथ है।

2. अपनी ढपली अपना राग – जब सभी लोग मिलकर काम न करें।
प्रयोग – वह संस्था अधिक दिनों तक चल नहीं सकती क्योंकि उसके सभी सदस्य अपनी ढपली अपना राग वाले हैं।

3. ऊँची दुकान फीका पकवान – दुकान तो बड़ी प्रसिद्ध परंतु माल घटिया।
प्रयोग – नगर के सबसे धनाढ्य सेठ की दुकान में घटिया मिष्टान्न देखकर वह बोला – ऊँची दुकान फीका पकवान।

4. एक हाथ से ताली नहीं बजती – कोई भी कार्य में दो पक्षों का होना आवश्यक है।
प्रयोग – मैं यह बात तुम्हारी मान ही नहीं सकता कि तुम्हें पुलिस ने बिना कसूर पीटा है। यह सम्भव नहीं, एक हाथ से ताली नहीं बजती।

5. अंधों में काना राजा – अयोग्य लोगों में अल्पबुद्धि वाला मनुष्य ही योग्य माना जाता है।
प्रयोग – ग्रामों में अधिकतर सभी लोग अशिक्षित होते हैं; किंतु जरा – सा पढ़ा – लिखा व्यक्ति ही उनके लिए अंधों में काना राजा के समान है।

6. काला अक्षर भैंस बराबर – बिलकुल निरक्षर होना।
प्रयोग – अशिक्षित लोग वेद – पुराणों की बातें क्या जाने उनके लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर होता है।

7. एक अनार सौ बीमार – वस्तु थोड़ी किंतु माँग अधिक।
प्रयोग कार्यालय में एक स्थान रिक्त है किंतु सौ से भी अधिक आवेदन – प., आने पर अधिकारी कहने लगा कि एक अनार सौ बीमार।

8. घर का भेदी लंका ढाहे – घर का भेद बताने वाला ही सबसे बड़ा शत्रु होता है।
प्रयोग – आजकल देश को बड़ी सावधानी की आवश्यकता है क्योंकि घर का भेदी लंका ढहाना चाहता है।

9. चिकने घड़े पर पानी नहीं ठहरता – निर्लज्ज व्यक्ति पर किसी बात का प्रभा. नहीं पड़ता।
प्रयोग – तुम अपने भाई को चार दिन से समझाते – समझाते थक गए किंत उसने
अपनी आदत सुधारी नहीं; सच है कि चिकने घड़े पर पानी ठहरता नहीं है।

10. दूर के ढोल सुहावने – जितनी प्रसिद्धि सुनी वैसा पाया नहीं।
प्रयोग – लखनऊ के दशहरी आम जब स्वादिष्ट न निकले तो मेरा भाई वो दूर के ढोल सुहावने होते हैं।

11. थाली के बैंगन – अस्थिर बुद्धिवाला।
प्रयोग – मैं तो उसकी मित्रता पर कोई भरोसा नहीं करता। वह तो थाली का बैंगन है, कभी इधर तो कभी उधर।।

12. थोथा चना बाजे घना – आडम्बरयुक्त व्यक्ति सारहीन होता है।
प्रयोग – वह हायर सेकंडरी तक पढ़ा नहीं है लेकिन वह बी.ए. पास होने तक की शेखी बघारता है। सच है – थोथा चना बाजे घना वाली कहावत है।

13. एक पंथ दो काज – एक साथ दो कार्य पूर्ण होना।
प्रयोग – प्रयाग पहुँचने पर गंगा स्नान भी किया और कुम्भ का मेला भी देखा; इस तरह एक पंथ दो काज पूरे हुए।

14. का वर्षा जब कृषि सुखानी – समय निकल जाने पर प्रयत्न करना व्यर्थ है।
प्रयोग – जब शहर में डाकू लोग उपद्रव और लूटपाट करके चले गए तब बहुत देर बाद वहाँ पुलिस पहुंची तो सब लोग बोले, का वर्षा जब कृषि सुखानी।

15. मुख में राम बगल में छुरी – कपटपूर्ण व्यवहार।
प्रयोग – रामनरेश सामने तो खुशामद करता फिरता है पर पाडे से वह सबकी बुराई करता है। उसका व्यवहार मुख में राम बगल में छुरी के समान है।

16. सावन सूखा न भादों हरा – सदा एक समान रहना।
प्रयोग – वीरेन्द्र नाथ को हमने जबसे देखा है वह एक समान दिखाई देता है, सच है वह न सावन सूखा न भादों हरा।

17. बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा – अचानक किसी वस्तु का प्राप्त होना।
प्रयोग – एक निर्धन व्यक्ति को अचानक मार्ग में रुपयों का भरा थेला मिल गया, वह बहुत खुश हुआ, उसे ऐसा लगा जैसे बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा हो।

18. गेहूँ के साथ घुन भी पिस जाता है – बड़े के साथ में उसके सहारे रहने वाले को भी कष्ट होता है।
प्रयोग – जब बड़े लोग चोरी में पकड़े जाते हों तो उनके साथ नौकर – चाकर भी पुलिस के हाथ पकड़े जाते हैं। सच है – गेहूँ के साथ घुन भी पिस जाता है।

19. धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का किसी काम का न होना।
प्रयोग – कोई काम न करूं तो भूखा मरता हूँ और जब काम करता हूँ तो बीमार हो जाता हूँ। इस समय मेरी स्थिति ठीक इस प्रकार है, जैसे – धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का।

20. बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद – अयोग्य व्यक्ति ज्ञान की बातें नहीं जानता।
प्रयोग – अशिक्षित लोगों के सामने छायावादी कविता सुनाने से क्या लाभ, बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद

21. हाथ कंगन को आरसी क्या – प्रत्यक्ष के लिए प्रमाण की आवश्यकता नहीं।
प्रयोग – तुमने कल मेरी बात का विश्वास नहीं किया, आज दैनिक समाचार – पत्र में वह घटना प्रकाशित हुई है। अब तो आप विश्वास करेंगे। हाथ कंगन को आरसी क्या?

22. साँच को आँच नहीं – सच्चे व्यक्ति को कोई भय नहीं होता।
प्रयोग – आप चाहे मुझे फाँसी पर चढ़ा दें, मुझे मार डालें लेकिन मैं बात सही – सही कहूँगा। साँच को आँच नहीं।

23. यह मुँह और मसूर की दाल – अपनी स्थिति से अधिक इच्छा करना।
प्रयोग – पास में नहीं है फूटी कौडी भी और चले हैं बाजार में मारुति कार खरीदने। कहावत सही है – यह मुँह और मसूर की दाल।

24. बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी – दुष्ट व्यक्ति को एक – न – एक दिन सजा अवश्य मिलेगी।

प्रयोग – चोर कब तक बचा रहेगा। एक – न – एक दिन पुलिस के हाथों पकड़ा जाएगा। आखिर बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी।

25. नौ सौ चूहे मार के विल्ली हज को चली – जीवनभर पाप किया, मरने के वक्त साधु बन गए।
प्रयोग – जवानी में तो सदा दूसरों को ठगते रहे और जब बुढ़ापा आ गया तब राम – राम का नाम लेने गए। आखिर नौ सौ चूहे मार के बिल्ली हज को चली।

26. अधजल गगरी छलकत जाय – छोटा और ओछा आदमी दिखावा अधिक करता है।
प्रयोग – सुरेश की जबसे लॉटरी खुली है तब से वह घमण्ड में ही रहता है, जैसे अधजल गगरी छलकत जाय।

MP Board Solutions

27. न रहेगा बाँस न बजेगी बाँसुरी – कारण न होने पर कोई नहीं हो सकता।
प्रयोग – जब से रमेश ने दुकान खोली है तब से घर में झगड़ा ही होता रहता है। अब उसने अपनी दुकान बन्द कर दी, न रहेगा बाँस न बजेगी बाँसुरी।

28. हाथी के दाँत दिखाने के और, और खाने के और – दिखावटी होना।
प्रयोग – महेश का रूप ऐसा है जैसे – हाथी के दाँत खाने के और, और दिखाने के और।

29. नक्कारखाने में तूती की आवाज सुनाई नहीं पड़ती – बड़ों के सामने छोटों की बात नहीं सुनी जाती।
प्रयोग – जब बड़े लोग बोल रहे थे तब मेरी बात तो किसी ने सुनी ही नहीं। नक्कारखाने में तूती की आवाज सुनाई नहीं पड़ती।

30. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता – एक व्यक्ति कोई बड़ा काम नहीं कर सकता।
प्रयोग – मैं अपने घर में अकेला व्यक्ति हूँ, जो बनता है वह करता हूँ। आखिर अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है।

31. मान न मान मैं तेरा मेहमान – जवरदस्ती किसी के गले पड़ना।
प्रयोग – एक अपरिचित व्यक्ति रात के समय घर आकर बोला, में यहाँ ठहरूँगा। मान न मान मैं तेरा मेहमान।

32. अकल बड़ी कि भैंस – शारीरिक शक्ति से मानसिक शक्ति बड़ी होती है।
प्रयोग – उस आदमी ने बुद्धि बल से एक पहलवान को पटक दिया। वास्तव में भैंस से अक्ल बड़ी होती है।

33. खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है – एक को देखकर दूसरे के विचारों में परिवर्तन होना।
प्रयोग – एक शराबी को नशे में झूमता हुआ देखकर दूसरा शराबी भी झूम – झूमकर नाचने लगा। सच ही है खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है।

34. आम के आम गुठलियों के दाम – दोनों हाथ में लाभ होना।
प्रयोग – रमेश को सरकारी नौकरी मिली साथ ही अमेरिका जाने का निमंत्रण भी मिला। आम के आम गुठलियों के दाम।

35. खोदा पहाड़ निकली चुहिया – खूब परिश्रम किया लेकिन फल थोड़ा – सा मिला।
प्रयोग – एक व्यक्ति ने पुराना गड़ा हुआ धन मिलने की लालच में सारा घर खोद डाला किंतु उसे केवल पीतल के कुछ पुराने बर्तन ही हाथ लगे; यह तो वही बात हुई, खोदा पहाड़ निकली चुहिया।

36. ऊँट के मुँह में जीरा – अधिक की तो आवश्यकता है और दिया थोड़ा।
प्रयोग – एक व्यक्ति की खुराक दस रोटी है लेकिन जब वह खाने वैटा तो केवल दो रोटी ही दी; यह तो ऊँट के मुंह में जीरे के समान है।

37. सिर मुंड़ाते ओले पड़े – काम शुरू करते ही संकट आ गया।
प्रयोग – रात को दुकान का शुभारम्भ हुआ और सुबह होते ही उसमें आग लग गई, यह तो सिर मुंड़ाते ही ओले पड़ गए।

38. ओखली में सिर दिया फिर मूसर से क्या डरना – जब जान की बाजी लगाना है तो फिर डरना क्या।
प्रयोग – जब युद्ध के मैदान में आ गया तो गोली से क्या डरना। जब ओखली में सिर दिया तो मूसर से क्या डरना।

39. आँखों का अंधा नाम नैनसुख – नाम और गुणों में अंतर।
प्रयोग – नाम तो करोड़ीमल है लेकिन पास में एक पैसा नहीं अर्थात् आँखों का अंधा और नाम नैनसुख।

40. घर की मुर्गी दाल बराबर – गुणवान् की इज्जत घर में नहीं होती है। (म.प्र. 1990)
प्रयोग – अमेरिका में भाषण देने से पहले स्वामी विवेकानंद भारतीयों के लिए घर की मुर्गी दाल बराबर थे।

41. अंधा पीसे कुत्ता खाए – मूर्ख का धन चालाक के हाथ में आना। (म.प्र. 1990)
प्रयोग – मोहन दिन – रात कड़ी मेहनत करता है लेकिन उसके बेटे मौज उड़ाते हैं। सच है अंधा पीसे कुत्ता खाए।

42. पहाड़ खड़ा होना – बड़ी मुसीबत पड़ना। (म.प्र. 1991)
प्रयोग – परीक्षा के समय मोहन को बुखारग्रस्त देखकर मैंने कहा, यार – यह बुखार क्या आया, यह तो तुम्हारे लिए पहाड़ खड़ा हो गया है।

43. बंदर के हाथ में मोतियों की माला होना – अयोग्य के हाथ में मूल्यवान वस्तु का होना। (म.प्र. 1991)
प्रयोग – आजकल तो ऐसे अनेक सरकारी पदाधिकारी हैं जो पद का दुरुपयोग … कर रहे हैं। जिन्हें आए दिन विरोधी बंदर के हाथ में मोतियों की माला होने का उदाहरण देते रहते हैं।

MP Board Solutions

अभ्यास के लिए मुहावरे व लोकोक्तियाँ
1. हवा खाना।
2. फूंक – फूंककर कदम रखना।
3. पेट में चूहे कूटना।
4. एक थैली के चट्टे – बट्टे होना।
5. अमरौती खा के आना।
6. गट्टा – सी सुना देना।
7. कब्र में पाँव लटकाए होना।
8. चार दिन के पाहुन।
9. टेढ़ी – सीधी सुनाना।
10. सिर पटक लेना।
11. कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली।
12. कहे खेत की सुने खलिहान की।
13. लंकाकाण्ड।
14. हजारों हथौड़े सहकर मूर्ति बनती है।
15. देखो ऊँट किस करवट बैठता है।
16. मूंछों पर ताव देना।
17. करवटें बदलना।
18. गाजर – मूली समझना।
19. कान में तेल डालना।
20. आटे – दाल का भाव मालूम होना।
21. कीचड़ उछालना।
22. जिधर बोले बम उधर हम।

MP Board Class 12th Hindi Solutions

MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा

MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा

प्रत्यावर्ती धारा NCERT पाठ्यपुस्तक के अध्याय में पाठ्यनिहित प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.
एक 1000 का प्रतिरोधक 220 वोल्ट, 50 हर्ट्स आपूर्ति से संयोजित है। (a) परिपथ में धारा का rms मान कितना है? (b) एक पूरे चक्र में कितनी नेट शक्ति व्यय होती है?
हल :
दिया है : Vrms = 220 वोल्ट, R= 100 Ω, v = 50 हर्ट्स
(a) परिपथ में धारा का rms मान irms =\(\frac{V_{r m s}}{R}=\frac{220}{100}\) = 2.2 ऐम्पियर
(b) ∵ परिपथ में केवल शुद्ध प्रतिरोध जुड़ा है। अतः
शक्ति-गुणांक cos Φ = cos 0° = 1 [∴ Φ = 0°]
∴ पूरे एक चक्र में नेट शक्ति क्षय P = Vrms × irms × cosΦ .
= 220 × 2.2 × 1 = 484 वाट।

प्रश्न 2.
(a) ac आपूर्ति का शिखर मान 300 वोल्ट है। rms वोल्टता कितनी है?
(b) ac परिपथ में धारा का rms मान 10 ऐम्पियर है। शिखर धारा कितनी है?
हल :
(a) दिया है : Vo = 300 वोल्ट, Vrms = ?
rms वोल्टता Vrms = \(\frac{V_{0}}{\sqrt{2}}=\frac{300}{1.414}\) = 212 वोल्ट।
(b) दिया है : irms = 10 ऐम्पियर, io = ?
धारा का शिखर मान io = irms√2 = 14.14 ऐम्पियर।

प्रश्न 3.
एक 44 मिलीहेनरी का प्रेरित्र 220 वोल्ट, 50 हर्ट्स आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ में धारा के rms मान को ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : L= 44 मिलीहेनरी = 44 × 10-3 हेनरी, v = 50 हर्ट्स, Vrms = 220 वोल्ट
प्रेरित्र में rms धारा irms = \(\frac{V_{r m s}}{X_{L}}\)
प्रेरित्र का प्रेरण प्रतिघात XL = 2πvL = 2 × \(\frac{22}{7}\) × 50 × 44 × 10-3 = 13.83Ω
irms= \(\frac{V_{r m s}}{X_{L}}\) =\(\frac{220}{13.83}[latex] = 15.90 ऐम्पियर।

प्रश्न 4.
एक 60 μF का संधारित्र 110 वोल्ट, 60 हर्ट्स ac आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ में धारा के rms मान को ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : C = 60 μF = 60 × 10-6F, Vrms = 110 वोल्ट, v = 60 हर्ट्स
संधारित्र में rms धारा irms = [latex]\frac{V_{r m s}}{X_{C}}\)
जबकि संधारित्र का धारितीय प्रतिघात
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 1

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
प्रश्न 3 व 4 में एक पूरे चक्र की अवधि में प्रत्येक परिपथ में कितनी नेट शक्ति अवशोषित होती है? अपने उत्तर का विवरण दीजिए।
हल :
प्रश्न 3 व 4 दोनों में ही पूरे चक्र में नेट शून्य शक्ति व्यय होती है।
विवरण-शुद्ध प्रेरित्र तथा शुद्ध धारिता दोनों में धारा तथा विभवान्तर के बीच 90° का कलान्तर होता है।
∴ शक्ति गुणांक cos Φ = cos 90° = 0
∴ प्रत्येक में नेट शक्ति व्यय P = Vrms × irms × cos Φ = 0.

प्रश्न 6.
एक LCR परिपथ की, जिसमें L = 2.0 हेनरी, C = 32 μF तथा R = 10Ω अनुनाद आवृत्ति ωr परिकलित कीजिए। इस परिपथ के लिए Q का क्या मान है?
हल :
दिया है : L= 2.0 हेनरी, C = 32 × 10-6F, R= 10Ω
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 2

प्रश्न 7.
30 μF का एक आवेशित संधारित्र 27 मिलीहेनरी के प्रेरित्र से जोड़ा गया है। परिपथ के मुक्त दोलनों की कोणीय आवृत्ति कितनी है?
हल :
दिया है : C = 30 × 10-6F, L= 27 × 10-3 हेनरी
मुक्त दोलनों की कोणीय आवृत्ति \(\omega_{r}=\frac{1}{\sqrt{L C}}=\frac{1}{\sqrt{27 \times 10^{-3} \times 30 \times 10^{-6}}}\)
= 1.1 × 103 रेडियन सेकण्ड-1

प्रश्न 8.
कल्पना कीजिए कि प्रश्न 7 में संधारित्र पर प्रारम्भिक आवेश 6 मिलीकूलॉम है। प्रारम्भ में परिपथ में कुल कितनी ऊर्जा संचित होती है। बाद में कुल ऊर्जा कितनी होगी?
हल
दिया है : C= 30 × 10-6F, Qo = 6 × 10-3 कूलॉम
∴ प्रारम्भ में परिपथ में संचित ऊर्जा
E = संधारित्र की ऊर्जा + प्रेरित्र की ऊर्जा
=\(\frac{1}{2} \frac{Q_{0}^{2}}{C}+\frac{1}{2} L i_{0}^{2}=\frac{1}{2} \times \frac{6 \times 10^{-3} \times 6 \times 10^{-3}}{30 \times 10^{-6}}\)
= 0.6 जूल।   [∵io = 0]
∵ परिपथ में कोई प्रतिरोध नहीं जुड़ा है तथा शुद्ध धारिता तथा शुद्ध प्रेरक में ऊर्जा-हानि नहीं होती है। अत: बाद में परिपथ में कुल 0.6 जूल ऊर्जा ही बनी रहेगी।

प्रश्न 9.
एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ को, जिसमें R= 20 Ω, L= 1.5 हेनरी तथा C = 35μF, एक परिवर्ती आवृत्ति को 200 वोल्ट ac आपूर्ति से जोड़ा गया है। जब आपूर्ति की आवृत्ति परिपथ की मूल आवृत्ति के बराबर होती है तो एक पूरे चक्र में परिपथ को स्थानान्तरित की गई माध्य शक्ति कितनी होगी?
हल :
दिया है : R = 20Ω, L = 1.5 हेनरी, C = 35μF, Vrms = 200 वोल्ट
जब आपूर्ति की आवृत्ति, परिपथ की मूल आवृत्ति के बराबर है तो
परिपथ की प्रतिबाधा Z = R = 20Ω (अनुनाद की स्थिति)
∴ परिपथ में धारा irms = \(\frac{V_{r m s}}{Z}=\frac{200}{20}\)= 10 ऐम्पियर
जबकि शक्ति गुणांक cos Φ = cos 0° = 1
∴पूरे चक्र में परिपथ को स्थानान्तरित शक्ति
P= Vrms × irms × cos Φ = 200 × 10 × 1 = 2000 वाट।

MP Board Solutions

प्रश्न 10.
एक रेडियो को मेगावाट प्रसारण बैण्ड के एक खण्ड के आवृत्ति परास के एक ओर से दूसरी ओर (800 किलोहर्ट्स से 1200 किलोहर्ट्स) तक समस्वरित किया जा सकता है। यदि इसके LC परिपथ का प्रभावकारी प्रेरकत्व 200 माइक्रोहेनरी हो तो उसके परिवर्ती संधारित्र की परास कितनी होनी चाहिए?
हल :
दिया है : प्रसारण बैण्ड की आवृत्ति v = 800 किलोहर्ट्स-1200 किलोहर्ट्स
∴ vmin in = 800 × 103 हर्ट्स, vmax = 1200 × 103 हर्ट्स, L= 200 माइक्रोहेनरी = 200 × 10-6 हेनरी
रेडियो को प्रसारण बैण्ड के साथ समस्वरित करने हेतु LC परिपथ की मूल आवृत्ति, प्रसारण की आवृत्ति के बराबर होनी चाहिए।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 3
अतः परिवर्ती संधारित्र की परास 88 pF से 198 pF होनी चाहिए।

प्रश्न 11.
चित्र-7.1 में एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ दिखलाया गया है जिसे परिवर्ती आवृत्ति के 230 वोल्ट के स्त्रोत से जोड़ा गया है। L = 5.0 हेनरी, C = 80 μF, R = 40 Ω
(a) स्रोत की आवृत्ति निकालिए जो परिपथ में अनुनाद उत्पन्न करे।
(b) परिपथ की प्रतिबाधा तथा अनुनादी आवृत्ति पर धारा का आयाम निकालिए।
(c) परिपथ के तीनों अवयवों के सिरों पर विभवपात के rms मानों को निकालिए। दिखलाइए कि अनुनादी आवृत्ति पर LC संयोग के सिरों पर विभवपात शून्य है।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 4
हल :
दिया है : L = 5.0 हेनरी, C = 80 × 10-6F, R= 40Ω, Vrms= 230 वोल्ट
(a) अनुनाद के लिए स्रोत की कोणीय आवृत्ति
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 5
= 50 रेडियन सेकण्ड-1

(b) अनुनाद की स्थिति में XL = Xc
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 6

(c) R के सिरों का rms विभवपात
VR = irms × R = 5.75 × 40 = 230 वोल्ट।
XL= ωrL = 50 × 5.0 = 250Ω
तथा
∵ XC = XL = 250Ω.
∴ प्रेरक के सिरों पर rms विभवपात
VL = irms × XL
= 5.75 x 250 = 1437.5 वोल्ट।
इसी प्रकार,
VC = irms × XC
= 5.75 × 250 = 1437.5 वोल्ट।
∵ VLतथा VC विपरीत कला में है, अत: LC संयोग के
सिरों पर विभवपात V = VL – VC
= 1437.5-1437.5= 0 वोल्ट।

प्रश्न 12.
किसी LC परिपथ में 20 मिलीहेनरी का एक प्रेरक तथा 50 μF का एक संधारित्र है जिस पर प्रारम्भिक आवेश 10 मिलीकूलॉम है। परिपथ का प्रतिरोध नगण्य है। मान लीजिए कि वह क्षण जिस पर परिपथ बन्द किया जाता है t= 0 है।
(a) प्रारम्भ में कुल कितनी ऊर्जा संचित है? क्या यह LC दोलनों की अवधि में संरक्षित है?
(b) परिपथ की मूल आवृत्ति क्या है?
(c) किसी समय पर संचित ऊर्जा?
(i) पूरी तरह से विद्युत है ( अर्थात् वह संधारित्र में संचित है)?
(ii) पूरी तरह से चुम्बकीय है (अर्थात् प्रेरक में संचित है)?
(d) किन समयों पर सम्पूर्ण ऊर्जा प्रेरक एवं संधारित्र के मध्य समान रूप से विभाजित है?
(e) यदि एक प्रतिरोधक को परिपथ में लगाया जाए तो कितनी ऊर्जा अन्ततः ऊष्मा के रूप में क्षयित होगी?
हल :
दिया है : L = 20 × 10-3 हेनरी, C = 50 × 10-6F, Qo = 10 × 10-3 कूलॉम
(a) प्रारम्भ में कुल संचित ऊर्जा
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 7
∵ परिपथ में शुद्ध प्रतिरोध नहीं लगा है; अत: परिपथ की कुल ऊर्जा संरक्षित है।

(b) परिपथ की कोणीय आवृत्ति
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 8

(c) संधारित्र के निरावेशन समीकरण Q= Qo cos ωt से,
आवेश Q महत्तम अर्थात् Qmax = ± Qo होगा, जबकि t = 0, \(\frac{T}{2}\), T,
\(\frac{3T}{2}\),….. आदि। (∵ cos ωt = ± 1)
इन क्षणों पर धारा i शून्य होगी।
इसके विपरीत आवेश Q शून्य होगा, यदि
cos ωt = t = 0, \(\frac{T}{4}\), T,
\(\frac{3T}{4}\), \(\frac{5T}{4}\)…..
इन क्षणों पर धारा i महत्तम होगी।
अत: (i) क्षणों t = 0, \(\frac{T}{2}\), T,
\(\frac{3T}{2}\),….. आदि पर कुल ऊर्जा विद्युतीय होगी अर्थात् संधारित्र में संचित होगी।
(ii) क्षणों t = 0, \(\frac{T}{4}\), T,
\(\frac{3T}{4}\),….. आदि पर कुल ऊर्जा चुम्बकीय होगी अर्थात् प्रेरक में संचित होगी।
जहाँ T = \(\frac{1}{v}\) = \(\frac{1}{159}\)= 0.0063 सेकण्ड।

(d) प्रारम्भ में परिपथ की कुल ऊर्जा E = \(\frac{Q_{0}^{2}}{2 C}\)
यदि किसी समय t पर संधारित्र पर आवेश Q है तथा कुल ऊर्जा संधारित्र व प्रेरक में आधी-आधी बँटी है, तब
इस क्षण संधारित्र की ऊर्जा = \(\frac{1}{2}\)E.
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 9
अतः व्यापक रूप में,
t = 0, \(\frac{T}{8}\), T,
\(\frac{3T}{8}\), \(\frac{5T}{8}\), \(\frac{7T}{8}\),…….. आदि समयों पर कुल ऊर्जा संधारित्र व प्रेरक में बराबर-बराबर बँटी होगी।
(e) यदि परिपथ में प्रतिरोध जोड़ दिया जाए तो धीरे-धीरे परिपथ की सम्पूर्ण ऊर्जा प्रतिरोधक में ऊष्मा के रूप में व्यय हो जाएगी।

MP Board Solutions

प्रश्न 13.
एक कुंडली को जिसका प्रेरण 0.50 हेनरी तथा प्रतिरोध 1002 है, 240 वोल्ट व 50 हर्ट्स की एक आपूर्ति से जोड़ा गया है।
(a) कुंडली में अधिकतम धारा कितनी है?
(b) वोल्टेज शीर्ष व धारा शीर्ष के बीच समय-पश्चता (time lag) कितनी है?
हल :
दिया है : L= 0.5 हेनरी, R= 100Ω, Vrms = 240 वोल्ट, v = 50 हर्ट्स
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 10

प्रश्न 14.
यदि परिपथ को उच्च आवृत्ति की आपूर्ति (240 वोल्ट, 10 किलोहर्ट्स) से जोड़ा जाता है तो प्रश्न 13 (a) तथा (b) के उत्तर निकालिए। इससे इस कथन की व्याख्या कीजिए कि अति उच्च आवृत्ति पर किसी परिपथ में प्रेरक लगभग खुले परिपथ के तुल्य होता है। स्थिर अवस्था के पश्चात् किसी dc परिपथ में प्रेरक किस प्रकार का व्यवहार करता है?
हल :
दिया है : Vrms = 240 वोल्ट, v = 10 किलोहर्ट्स = 10000 हर्ट्स, L= 0.5 हेनरी, R = 100Ω
(a) प्रेरक का प्रतिघात XL = 2 πVL
= 2 × 3.14 × 10000 × 0.5 = 31400Ω
∴ प्रतिबाधा \(Z=\sqrt{R^{2}+X_{L}^{2}} \approx 31400 \Omega\) [∵ R<<XL]
∴ परिपथ में महत्तम धारा io = \(\frac{V_{r m s} \sqrt{2}}{Z}=\frac{240 \sqrt{2}}{31400} \approx\) ऐम्पियर।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 11
महत्तम धारा i0 का मान अत्यन्त कम है इससे यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि अति उच्च आवृत्ति की धाराओं के लिए प्रेरक खुले परिपथ की भाँति व्यवहार करता है।
∵ दिष्ट धारा के लिए v = 0.
अत: दिष्ट धारा परिपथ में XL = 2πvL = 0
अत: दिष्ट धारा परिपथ में प्रेरक साधारण चालक की भाँति व्यवहार करता है।

प्रश्न 15.
40Ω प्रतिरोध के श्रेणीक्रम में एक 100 µ F के संधारित्र को 110 वोल्ट, 60 हर्ट्स की आपूर्ति से जोड़ा गया है।
(a) परिपथ में अधिकतम धारा कितनी है?
(b) धारा शीर्ष व वोल्टेज शीर्ष के बीच समय-पश्चता कितनी है?
हल :
दिया है : R = 40Ω, C = 100 × 10-6 F, Vrms = 110 वोल्ट, v = 60 हर्ट्स
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 12

प्रश्न 16.
यदि परिपथ को 110 वोल्ट, 12 किलोहर्ट्स आपूर्ति से जोड़ा जाए तो प्रश्न 15 (a) व (b) का उत्तर निकालिए। इससे इस कथन की व्याख्या कीजिए कि अति उच्च आवृत्तियों पर एक संधारित्र चालक होता है। इसकी तुलना उस व्यवहार से कीजिए जो किसी dc परिपथ में एक संधारित्र प्रदर्शित करता है।
हल :
दिया है : R= 40Ω, C= 100 × 10-6 F, Vrms = 110 वोल्ट, v = 12 × 103 हर्ट्स
(a)
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 13
भाग (a) के उत्तर से हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि अति उच्च आवृत्ति की धारा के लिए संधारित्र का प्रतिघात नगण्य होता है, अर्थात् यह एक शुद्ध चालक की भाँति व्यवहार करता है।
स्थायी दिष्ट धारा हेतु v = 0, अत: धारितीय प्रतिघात XC = \(\frac{1}{2 \pi \nu C}\)= ∞
इस दिष्ट धारा के लिए संधारित्र खुले परिपथ की भाँति व्यवहार करता है।

प्रश्न 17.
स्त्रोत की आवृत्ति को एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ की अनुनादी आवृत्ति के बराबर रखते हुए तीन अवयवों L, C तथा R को समान्तर क्रम में लगाते हैं। यह दशाइए कि समान्तर LCR परिपथ में इस आवृत्ति पर कुल धारा न्यूनतम है। इस आवृत्ति के लिए प्रश्न 11 में निर्दिष्ट स्रोत तथा अवयवों के लिए परिपथ की हर शाखा में धारा के rms मान को परिकलित कीजिए।
हल :
समान्तर LCR परिपथ की प्रतिबाधा Z निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्राप्त होती है –
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 14
अनुनादी आवृत्ति के लिए, XC = XC
अत: इस स्थिति में \(\frac { 1 }{ z }\) न्यूनतम होगी अतः प्रतिबाधा Z अधिकतम होगी।
∴ परिपथ में प्रवाहित कुल धारा न्यूनतम होगी।
प्रश्न 11 से, Vrms = 230 वोल्ट, R = 40Ω, L= 5.0 हेनरी, C = 80 × 10-6F, ω = 50 रेडियन सेकण्ड-1
(अनुनादी आवृत्ति)
∵ L, C व R तीनों समान्तर क्रम में जुड़े हैं।
अतः तीनों के सिरों का विभवान्तर समान (प्रत्येक Vrms = 230 वोल्ट) होगा।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 15

MP Board Solutions

प्रश्न 18.
एक परिपथ को जिसमें 80 मिलीहेनरी का एक प्रेरक तथा 60 uF का संधारित्र श्रेणीक्रम में है 230 वोल्ट, 50 हर्ट्स की आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ का प्रतिरोध नगण्य है।
(a) धारा का आयाम तथा rms मानों को निकालिए।
(b) हर अवयव के सिरों पर विभवपात के rms मानों को निकालिए।
(c) प्रेरक में स्थानान्तरित माध्य शक्ति कितनी है?
(d) संधारित्र में स्थानान्तरित माध्य शक्ति कितनी है?
(e) परिपथ द्वारा अवशोषित कुल माध्य शक्ति कितनी है? [माध्य में यह समाविष्ट है कि इसे ‘पूरे चक्र’ के लिए लिया गया है।]
हल :
दिया है : L = 80 × 10-3 हेनरी, C = 60 × 10-6 F, Vrms = 230 वोल्ट, v = 50 हर्ट्स
(a) प्रेरण प्रतिघात XL = 2 πvL = 2 × 3.14 × 50 × 80 × 10-3 = 25.12Ω
धारितीय प्रतिघात XL =\(\frac{1}{2 \pi v C}=\frac{1}{2 \times 3.14 \times 50 \times 60 \times 10^{-6}}=53.07 \Omega\)
∴ परिपथ की प्रतिबाधा Z = XC – XL = 53.07 – 25.12 = 27.95 ≈ 28Ω
∴ परिपथ में धारा irms= \(\frac{V_{r m s}}{Z}=\frac{230}{28}\) = 8.21ऐम्पियर।

धारा का शिखर मान io = irms√2 = 8.21 × 1.414 = 11.60 ऐम्पियर।

(b) प्रेरक के सिरों पर विभवपात VL = irms x XL = 8.21 × 25.12 = 206 वोल्ट।
∴ संधारित्र के सिरों पर विभवपात VC = irms x XC= 8.21 × 53.07 = 436 वोल्ट।

(c) प्रेरक के लिए धारा तथा विभवान्तर के बीच कलान्तर Φ = \(\frac { π }{ 2 }\)
प्रेरक में माध्य शक्ति PL = Vrms × irms × cos \(\frac { π }{ 2 }\) = 0

(d) संधारित्र के लिए धारा तथा विभवान्तर के बीच कलान्तर क Φ = \(\frac { π }{ 2 }\)
∴ संधारित्र में माध्य शक्ति PC = Vrms × irms × cos\(\frac { π }{ 2 }\)
(e) परिपथ द्वारा अवशोषित माध्य शक्ति भी शून्य होगी।

प्रश्न 19.
कल्पना कीजिए कि प्रश्न 18 में प्रतिरोध 15Ω है। परिपथ के हर अवयव को स्थानान्तरित माध्य शक्ति तथा सम्पूर्ण अवशोषित शक्ति को परिकलित कीजिए।
हल :
प्रश्न 18 से,XL = 25.12 2, XC = 53.07Ω तथा
R = 15Ω, Vrms = 230 वोल्ट
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 16
प्रेरक तथा संधारित्र दोनों को स्थानान्तरित माध्य शक्ति शून्य है।
प्रतिरोध को स्थानान्तरित माध्य शक्ति PR = (irms)2 × R= (7.26)2 × 15 = 791 वाट।
परिपथ द्वारा अवशोषित सम्पूर्ण माध्य शक्ति = 791 वाट।

प्रश्न 20.
एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ को जिसमें L = 0.12 हेनरी, C = 480 µF, R = 23Ω, 230 वोल्ट परिवर्ती आवृत्ति वाले स्रोत से जोड़ा गया है।।
(a) स्त्रोत की वह आवृत्ति कितनी है जिस पर धारा आयाम अधिकतम है। इस अधिकतम मान को निकालिए।
(b) स्रोत की वह आवृत्ति कितनी है जिसके लिए परिपथ द्वारा अवशोषित माध्य शक्ति अधिकतम है।
(c) स्त्रोत की किस आवृत्ति के लिए परिपथ को स्थानान्तरित शक्ति अनुनादी आवृत्ति की शक्ति की आधी है।
(d) दिए गए परिपथ के लिए Q कारक कितना है?
हल :
(a) अधिकतम धारा के लिए XL = XC
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 17

(b) ∵ प्रेरक व संधारित्र द्वारा अवशोषित माध्य शक्तियाँ शून्य हैं।
∴ परिपथ द्वारा अवशोषित माध्य शक्ति P= i2rms × R ⇒ P ∝ i2rms
स्पष्ट है कि शक्ति P महत्तम होगी यदि प्रवाहित धारा महत्तम हो।
इसके लिए XL = XC
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 18

प्रश्न 21.
एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ के लिए जिसमें L = 3.0 हेनरी, C = 27 µ F तथा R = 7.4Ω अनुनादी आवृत्ति तथा Q कारक निकालिए। परिपथ के अनुनाद की तीक्ष्णता को सुधारने की इच्छा से “अर्ध उच्चिष्ठ पर पूर्ण चौड़ाई” को 2 गुणक द्वारा घटा दिया जाता है। इसके लिए उचित उपाय सुझाइए।
हल :
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 19
अर्ध उच्चिष्ठ पर पूर्ण चौड़ाई को आधा करने अथवा समान आवृत्ति के लिए Q को दोगुना करने हेतु प्रतिरोध R का आधा कर देना चाहिए।

प्रश्न 22.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(a) क्या किसी ae परिपथ में प्रयुक्त ताक्षणिक वोल्टता परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़े गए अवयवों के सिरों पर तात्क्षणिक वोल्टताओं के बीजगणितीय योग के बराबर होता है? क्या यही बात rms वोल्टताओं में भी लागू होती है?
(b) प्रेरण कुंडली के प्राथमिक परिपथ में एक संधारित्र का उपयोग करते हैं।
(c) एक प्रयुक्त वोल्टता संकेत एक dc वोल्टता तथ उच्च आवृत्ति के एक ac वोल्टता के अध्यारोपण से निर्मित है। परिपथ एक श्रेणीबद्ध प्रेरक तथा संधारित्र से निर्मित है। दर्शाइए कि dc संकेत C तथा ac संकेत के सिरे पर प्रकट होगा।
(d) एक लैम्प में श्रेणीक्रम में जुड़ी चोक को एक dc लाइन से जोड़ा गया है। लैम्प तेजी से चमकता है। चोक में लोहे के क्रोड को प्रवेश कराने पर लैम्प की दीप्ति में कोई अन्तर नहीं पड़ता है। यदि एक ac लाइन से लैम्प का संयोजन किया जाए तो तद्नुसार प्रेक्षणों की प्रागुक्ति कीजिए।
(e) ac मेंस के साथ कार्य करने वाली फ्लोरोसेंट ट्यूब में प्रयुक्त चोक कुंडली की आवश्यकता क्यों होती है? चोक कुंडली के स्थान पर सामान्य प्रतिरोधक का उपयोग क्यों नहीं होता?
उत्तर :
(a) हाँ, परन्तु यह तथ्य rms वोल्टताओं के लिए सत्य नहीं है क्योंकि विभिन्न अवयवों की rms वोल्टताएँ समान कला में नहीं होती।
(b) संधारित्र को जोड़ने से, परिपथ को तोड़ते समय चिनगारी देने वाली धारा संधारित्र को आवेशित करती है, अत: चिनगारी नहीं निकल पाती।
(c) संधारित्र dc सिग्नल को रोक देता है, अत: dc सिग्नल वोल्टता संधारित्र के सिरों पर प्रकट होगा जबकि ac सिग्नल प्रेरक के सिरों पर प्रकट होगा।
(d) dc लाइन के लिए v = 0.
अत: चोक की प्रतिबाधा XL = 2πvL = 0
अतः चोक दिष्ट धारा के मार्ग में कोई रुकावट नहीं डालती, इससे लैम्प तेज चमकता है।
ac लाइन में चोक उच्च प्रतिघात उत्पन्न करती है (L का मान अधिक होने के कारण), अत: लैम्प में धारा घट जाती है और उसकी चमक मद्धिम पड़ जाती है।
(e) चोक कुंडली एक प्रेरक का कार्य करती है और बिना शक्ति खर्च किए ही धारा को कम कर देती है। यदि चोक के स्थान पर प्रतिरोधक का प्रयोग करें तो वह धारा को कम तो कर देगा परन्तु इसमें वैद्युत शक्ति ऊष्मा के रूप में व्यय होती रहेगी।

MP Board Solutions

प्रश्न 23.
एक शक्ति संप्रेषण लाइन अपचायी ट्रांसफॉर्मर में जिसकी प्राथमिक कुंडली में 4000 फेरे हैं, 2300 वोल्ट पर शक्ति निवेशित करती है। 230 वोल्ट की निर्गत शक्ति प्राप्त करने के लिए द्वितीयक में कितने फेरे होने चाहिए?
हल :
दिया है : Np = 4000, VP = 2300 वोल्ट, VS = 230 वोल्ट, NS = ?
सूत्र \(\frac{V_{S}}{V_{P}}=\frac{N_{S}}{N_{P}}\) से.
द्वितीयक कुंडली में फेरों की संख्या \(N_{S}=\frac{V_{S}}{V_{P}} \times N_{P}=\frac{230}{2300} \times 4000=400\)

प्रश्न 24.
एक जल विद्युत शक्ति संयंत्र में जल दाब शीर्ष 300 मीटर की ऊँचाई पर है तथा उपलब्ध जल प्रवाह 100 मीटर3 सेकण्ड -1 है। यदि टरबाइन जनित्र की दक्षता 60% हो तो संयंत्र से उपलब्ध विद्युत शक्ति का आकलन कीजिए, g= 9.8 मीटर सेकण्ड-2.
हल :
दिया है : h = 300 मीटर, g= 9.8 मीटर/सेकण्ड2, जल का आयतन V = 100 मीटर3,
समय t = 1 सेकण्ड, जनित्र की दक्षता = 60%
जल विद्युत शक्ति = जल-स्तम्भ का दाब × प्रति सेकण्ड प्रवाहित जल का आयतन
. = hρg × V = 300 x 103 × 9.8 × 100 = 29.4 x 107 वाट
∴ जनित्र द्वारा उत्पन्न वैद्युत शक्ति = कुल शक्ति × दक्षता
= 29.4 × 107 × \(\frac { 60 }{ 100 }\) = 176.4 × 106 वाट = 176. 4 मेगावाट।

प्रश्न 25.
440 वोल्ट पर शक्ति उत्पादन करने वाले किसी विद्युत संयंत्र से 15 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटे से कस्बे में 220 वोल्ट पर 800 किलोवाट शक्ति की आवश्यकता है। वैद्युत शक्ति ले जाने वाली दोनों तार की लाइनों का प्रतिरोध 0.5Ω प्रति किलोमीटर है। कस्बे को उप-स्टेशन में लगे 4000-220 वोल्ट अपचायी ट्रांसफॉर्मर से लाइन द्वारा शक्ति पहुँचती है।
(a) ऊष्मा के रूप में लाइन से होने वाली शक्ति के क्षय का आकलन कीजिए।
(b) संयंत्र से कितनी शक्ति की आपूर्ति की जानी चाहिए, यदि क्षरण द्वारा शक्ति का क्षय नगण्य है।
(c) संयंत्र के उच्चायी ट्रांसफॉर्मर की विशेषता बताइए।
हल :
(a) तार की लाइनों का प्रतिरोध R= 30 किमी × 0.5 ओम किमी-1 = 150
उप-स्टेशन पर लगे ट्रांसफॉर्मर के लिए VP = 4000 वोल्ट, VS = 220 वोल्ट
माना प्राथमिक परिपथ में धारा = ip व द्वितीयक परिपथ में धारा = is
ट्रांसफॉर्मर द्वारा द्वितीयक परिपथ में दी गई शक्ति
VS × iS = 800 किलोवाट = 800 × 103 वाट
VP × iP = VS × iS से,
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 20
यह धारा सप्लाई लाइन से होकर गुजरती है।
∴ लाइन में होने वाला शक्ति क्षय
P= i2p × R= (200)2 × 15 वाट = 600 किलोवाट।

(b) संयंत्र द्वारा आपूर्ति की जाने वाली शक्ति
= 800 किलोवाट + 600 किलोवाट = 1400 किलोवाट।

(c) सप्लाई लाइन पर विभवपात ।
V= ip × R = 200 × 15 = 3000 वोल्ट
∴ उप-स्टेशन पर लगा अपचायी ट्रांसफॉर्मर 4000 वोल्ट-220 वोल्ट प्रकार का है, अतः इस ट्रांसफॉर्मर की प्राथमिक कुंडली पर विभवपात = 4000 वोल्ट
∴ संयंत्र पर लगे उच्चायी ट्रांसफॉर्मर द्वारा प्रदान की जाने वाली वोल्टता = 3000 + 4000 = 7000 वोल्ट
अत: यह ट्रांसफॉर्मर 440 V – 7000 V प्रकार का होना चाहिए।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 21

प्रश्न 26.
प्रश्न 25 को पुनः कीजिए। इसमें पहले के ट्रांसफॉर्मर के स्थान पर 40000-220 वोल्ट की अपचायी ट्रांसफॉर्मर है। [पूर्व की भाँति क्षरण के कारण हानियों को नगण्य मानिए। यद्यपि अब यह सन्निकटन उचित नहीं है । क्योंकि इसमें उच्च वोल्टता पर संप्रेषण होता है। अतः समझाइए कि क्यों उच्च वोल्टता संप्रेषण अधिक वरीय है।
हल :
(a) पूर्व प्रश्न की भाँति
VS × iS = 800 × 103
∴\(i_{P}=\frac{V_{S} \times i_{S}}{V_{P}}=\frac{800 \times 10^{3}}{40000}\) = 20 ऐम्पियर [∵ इस बार Vp= 40000 वोल्ट]
∴ लाइन में होने वाला शक्ति व्यय P = i2 S × R
P = (20)2 × 15 = 6000 वाट = 6 किलोवाट।

(b) ∴ संयंत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली शक्ति = 800 किलावाट + 6 किलावाट = 806 किलावाट।

(c) सप्लाई लाइन पर विभवपात V = Ip × R
= 20 × 15 = 300 वोल्ट ::
∵ उप-स्टेशन पर लगा ट्रांसफॉर्मर 40000 वोल्ट – 220 वोल्ट प्रकार का है, अत: इसकी
प्राथमिक कुंडली पर विभवपात = 40000 वोल्ट.
∴ संयंत्र पर लगे उच्चायी ट्रांसफॉर्मर द्वारा प्रदान की जाने वाली वोल्टता = 40000 वोल्ट + 300 वोल्ट
= 40300 वोल्ट
∴ संयंत्र पर लगा ट्रांसफॉर्मर 440 वोल्ट – 40300 वोल्ट प्रकार का होना चाहिए।
सप्लाई लाइन में प्रतिशत शक्ति क्षय = \(\frac{6}{806} \times 100\) = 0.74%

प्रश्न 25 व 26 के हलों से स्पष्ट है कि वैद्युत शक्ति उच्च वोल्टता पर सम्प्रेषित करने से सप्लाई लाइन में होने वाला शक्ति क्षय बहुत घट जाता है। यही कारण है कि वैद्युत उत्पादन संयंत्रों से वैद्युत शक्ति का सम्प्रेषण उच्च वोल्टता पर किया जाता है।

प्रत्यावर्ती धारा NCERT भौतिक विज्ञान प्रश्न प्रदर्शिका (Physics Exemplar Problems) पुस्तक से चयनित महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के हल

प्रत्यावर्ती धारा बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
किसी वोल्टता मापक युक्ति को ac मेंस से जोड़ने पर यह युक्ति 220V स्थिर निवेश वोल्टता दर्शाती है। इसका अर्थ
यह है कि
(a) निवेश वोल्टता ac वोल्टता नहीं हो सकती, परन्तु यह dc वोल्टता है
(b) अधिकतम निवेश वोल्टता 220V है
(c) मापक युक्ति υ का पाठ्यांक नहीं देती अपितु < υ2 > का पाठ्यांक देती है और इसका अंशांकन \(\sqrt{<v^{2}>}\) का पाठ्यांक लेने के लिए किया गया है
(d) किसी यान्त्रिक दोष के कारण मापक युक्ति का संकेतक अटक जाता है।
उत्तर :
(c) मापक युक्ति υ का पाठ्यांक नहीं देती अपितु < υ2 > का पाठ्यांक देती है और इसका अंशांकन \(\sqrt{<v^{2}>}\) का पाठ्यांक लेने के लिए किया गया है

MP Board Solutions

प्रश्न 2.
किसी जनित्र से श्रेणीक्रम से जुड़े LCR परिपथ की अनुनादी आवृत्ति कम करने के लिए –
(a) जनित्र की आवृत्ति कम करनी चाहिए।
(b) परिपथ में लगे संधारित्र के पार्श्व क्रम में एक अन्य संधारित्र जोड़ना चाहिए।
(c) प्रेरक के लोह-क्रोड को हटा देना चाहिए
(d) संधारित्र के परावैद्युत को हटा देना चाहिए।
उत्तर :
(b) परिपथ में लगे संधारित्र के पार्श्व क्रम में एक अन्य संधारित्र जोड़ना चाहिए।

प्रश्न 3.
संचार में प्रयुक्त LCR परिपथ के अधिक अच्छे समस्वरण के लिए निम्नलिखित में किस संयोजन का चयन करना
चाहिए?
(a) R = 20 Ω, L = 1.5 H, C = 35μF
(b) R = 25 Ω, L= 2.5 H, C = 45μF
(c) R = 15 Ω, L= 3.5 H, C = 30μF
(d) R = 25 Ω, L= 1.5 H, C = 45μF.
उत्तर :
(c) R = 15 Ω, L= 3.5 H, C = 30μF

प्रश्न 4.
1Ω प्रतिबाधा के किसी प्रेरक तथा 2Ω प्रतिरोध के किसी प्रतिरोधक को 6 V (rms) के ac स्रोत से श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। परिपथ में क्षयित शक्ति का मान है
(a) 8w
(b) 12w
(c) 14.4W
(d) 18 W.
उत्तर :
(c) 14.4W

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
किसी अपचायी ट्रांसफार्मर का निर्गम 12W के प्रकाश बल्ब को संयोजित करने पर 24V मापा जाता है। शिखर धारा का मान है –
(a) \(\frac{1}{\sqrt{2}} \mathrm{A}\)
(b) √2 A
(c) 2 A
(d) 2√2 A.
उत्तर :
(a) \(\frac{1}{\sqrt{2}} \mathrm{A}\)

प्रत्यावर्ती धारा अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
यदि किसी LC परिपथ को आवर्ती दोलनकारी स्प्रिंग-ब्लॉक प्रणाली के तुल्य समझा जाता है तब इस LC परिपथ की कौन-सी ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के और कौन-सी गतिज ऊर्जा के तुल्य होगी?
उत्तर :
LC परिपथ की चुम्बकीय ऊर्जा, गतिज ऊर्जा के तुल्य एवं वैद्युत ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा के तुल्य होगी।

प्रश्न 2.
अत्युच्च आवृत्ति पर चित्र 7.2 में दर्शाए गए परिपथ का प्रभावी तुल्य परिपथ बनाइए और इसकी प्रभावी प्रतिबाधा ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 22
उत्तर :
अति उच्च आवृत्ति पर संधारित्र का प्रतिघात (\(X_{c}=\frac{1}{\omega_{C}}=\frac{1}{2.7 f c}\)) बहुत निम्न होगा तथा प्रेरक का प्रतिघात (XL = ωL = 2 πfL) बहुत उच्च होगा। अतः प्रेरक खुले प्रतिरोध की भाँति कार्य करेगा।
अत: दिए गए परिपथ का प्रभावी तुल्य परिपथ, चित्र में दर्शाया गया है।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 23
इस परिपथ की प्रभावी प्रतिबाधा (Z) = R1 + R3

प्रश्न 3.
चित्र 7.4 (a) एवं (b) में दर्शाए गए परिपथों का अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(a) किन दशाओं में दोनों परिपथों में rms धारा समान होगी?
(b) क्या परिपथ (a) से परिपथ (b) में rms धारा अधिक हो सकती है?
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 24
उत्तर :
(a) यदि दोनों परिपथों में लगाए गए प्रत्यावर्ती स्रोत की rms वोल्टता समान है तब अनुनाद की स्थिति में LCR परिपथ में rms धारा, केवल R वाले परिपथ में rms धारा के बराबर होगी।
(b) नहीं, परिपथ (b) में rms धारा परिपथ (a) में rms धारा से अधिक नहीं हो सकती है क्योंकि LCR परिपथ की प्रतिबाधा Z ≥ R, अतः Ia ≥ Ib.

MP Board Solutions

प्रश्न 4.
कोई युक्ति र किसी ac स्रोत से जुड़ी है। एक पूर्ण चक्र में वोल्टता, धारा एवं शक्ति के परिवर्तन चित्र 7.5 में दर्शाए गए हैं –
(a) कौन-सा वक्र एक पूर्ण वक्र में शक्ति-क्षय दर्शाता है?
(b) एक पूर्ण चक्र में औसत उपमुक्त शक्ति कितनी है?
(c) युक्ति ‘X’ की पहचान कीजिए।
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 25
उत्तर :
(a) वक्र A शक्ति-क्षय दर्शाता है।
(b) एक पूर्ण चक्र में औसत उपमुक्त शक्ति शून्य है।
(c) युक्ति ‘X’, L अथवा C अथवा LC है।

प्रश्न 5.
स्पष्ट कीजिए कि संधारित्र द्वारा प्रदत्त प्रतिघात प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति में वृद्धि करने पर कम क्यों हो जाता है?
उत्तर :
संधारित्र द्वारा प्रदत्त प्रतिघात \(\left(X_{C}\right)=\frac{1}{\omega_{C}}=\frac{1}{2 \pi f C}\)
अतः संधारित्र द्वारा प्रदत्त प्रतिघात, प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति में वृद्धि करने पर कम हो जाता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 6.
स्पष्ट कीजिए कि किसी प्रेरक द्वारा प्रदत्त प्रतिघात प्रत्यावर्ती वोल्टता की आवृत्ति में वृद्धि करने पर क्यों बढ़ता है?
उत्तर :
प्रेरक द्वारा प्रदत्त प्रतिघात (XL) = ωL= 2 πfL
अर्थात् XL∝ f
अतः प्रेरक द्वारा प्रतिघात, प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति में वृद्धि करने पर बढ़ता है।

प्रत्यावर्ती धारा आंकिक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
0.01 हेनरी प्रेरकत्व तथा 1 ओम प्रतिरोध की कोई कुंडली 200 वोल्ट, 50 हर्ट्स के ac शक्ति प्रदाय से जोड़ी गई है। परिपथ की प्रतिबाधा तथा अधिकतम प्रत्यावर्ती वोल्टता एवं धारा के बीच काल-पश्चता परिकलित कीजिए।
हल :
दिया है, L= 0.01 हेनरी, R = 1 ओम, Vrms = 200 वोल्ट, f = 50 हर्ट्स।
प्रेरण प्रतिघात XL = ωL = 2πfL = 2 x 3.14 x 50 x 0.01= 3.14Ω
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 26

प्रश्न 2.
किसी शक्ति केन्द्र से 1 MW शक्ति 10 किमी दूर स्थित किसी शहर को प्रदान की जानी है। कोई व्यक्ति इस उद्देश्य के लिए 0.5 सेमी त्रिज्या के ताँबे के तारों के जोड़े का उपयोग करता है। संचरित शक्ति की ओमीय क्षति के अंश का परिकलन कीजिए जबकि –
(i) शक्ति प्रेषण 220 वोल्ट पर किया जाता है। इस स्थिति की व्यवहार्यता पर टिप्पणी कीजिए।
(ii) किसी उच्चायी ट्रांसफॉर्मर द्वारा वोल्टता 11000 वोल्ट तक बढ़ाकर शक्ति संचरण किया जाता है और फिर अपचायी ट्रांसफॉर्मर द्वारा वोल्टता को 220 वोल्ट किया जाता है।
(ρcu = 1.7 × 10-8 SI)
उत्तर :
दिया है, शक्ति (P) = 1 MW = 106 वाट
r = 0.5 सेमी = 0.5 × 10-2 मीटर
l = 10 किमी = 10000 मीटर .
(i)
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 27
अत: 220 वोल्ट पर शक्ति प्रेषण पर समस्त ऊर्जा दूर स्थित शहर तक पहुँचने से पहले ही ऊष्मा के रूप में क्षय हो जाएगी। अत: यह विधि शक्ति प्रेषण के लिए उपयुक्त नहीं है।

(ii) उच्चायी ट्रांसफॉर्मर द्वारा वोल्टता बढ़ाने पर,
MP Board Class 12th Physics Solutions Chapter 7 प्रत्यावर्ती धारा img 28
इस प्रकार शक्ति प्रेषण में केवल 3.3% ऊर्जा क्षय हो रहा है। अत: यह विधि शक्ति प्रेषण के लिए उपयुक्त है।

MP Board Solutions

MP Board Class 12th Physics Solutions