MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 9 मृदा

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 9 मृदा

MP Board Class 7th Science Chapter 9 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1 और 2 में सबसे उपयुक्त उत्तर को चिह्नित करें।

प्रश्न 1.
शैल कणों के अतिरिक्त मृदा में होते हैं –

  1. वायु और जल
  2. जल और पादप
  3. खनिज, जैव पदार्थ, वायु और जल
  4. जल, वायु और पादप।

उत्तर:
खनिज, जैव पदार्थ, वायु और जल।

प्रश्न 2.
जल धारण क्षमता सबसे अधिक होती है –

  1. बलुई मृदा में।
  2. मृण्मय मृदा में।
  3. दुमटी मृदा में।
  4. बालू और दुमट के मिश्रण में।

उत्तर:
दुमटी मृदा में।

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प्रश्न 3.
कॉलम A में दी गई वस्तुओं का कॉलम B में दिये गुणों से मिलान कीजिए –
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 9 मृदा 2
उत्तर:
(क) → (ii)
(ख) → (iii)
(ग) → (i)
(घ) → (v)
(च) → (iv)

प्रश्न 4.
समझाइए कि मृदा कैसे बनती है?
उत्तर:
मृदा का निर्माण लाखों वर्षों की प्रक्रिया है। पवन, जल और जलवायु की क्रिया से शैलों (चट्टानों) के टूटने से मृदा का निर्माण होता है। यह क्रिया अपक्षय कहलाती है। चट्टानों की दरारों में पानी भर रहता है। तापक्रम कम होने के कारण पानी बर्फ से रूप में बदल जाता है। बर्फ के रूप में आने पर उसका आयतन बढ़ जाता है। जब यह बर्फ चट्टानों में फैलती है तो वायुदाब और ताप की प्रक्रिया द्वारा चट्टानें चटखकर छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं जिसके मृदा का निर्माण होता है।

प्रश्न 5.
मृण्मय मृदा किस प्रकार फसलों के लिए उपयोगी है?
उत्तर:
पवन, वर्षा, तापं प्रकाश आर्द्रता कुछ जलवायवी कारक हैं जो मृदा को प्रभावित करते हैं। मृण्मय मृदा में बारीक कणों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक होता है। इस मृदा की जल धारण क्षमता अच्छी है। यह मृदा ह्यूमस से समृद्ध और अत्यधिक उर्वर होती है। अतः यह फसलों के लिए उपयोगी है।

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प्रश्न 6.
मृण्मय मृदा और बलुई मृदा के बीच अन्तर बताइए।
उत्तर:
मृण्मय मृदा और बलुई मृदा में अन्तर:

मृण्मय मृदा बलुई मृदा
मृण्मय मृदा में बारीक कणों का अनुपात अधिक होता है। बलुई मृदा में बड़े कणों का अनुपात अधिक होता है।
इस मृदा में जल की अन्तः स्रवण दर सबसे कम होती है। इस मृदा में यह अन्तः स्रवण दर सबसे अधिक होती है।
इसमें ह्यूमस की मात्रा अधिक होती है अत: यह अधिक उपजाऊ है। इसमें ह्यूमस की मात्रा कम होती है अतः यह अपेक्षाकृत कम उपजाऊ है।

प्रश्न 7.
मृदा की अनुप्रस्थ काट का चित्र बनाइए और विभिन्न परतों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
मृदा की विभिन्न परतें:
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प्रश्न 8.
रजिया ने खेत में अन्तःस्रवण की दर से सम्बन्धित एक प्रयोग किया, उसने देखा कि उसके द्वारा लिए गए मृदा के नमूने में से 200 ml जल को अन्तःस्रवण करने में 40 मिनट लगे। अन्तःस्रवण दर परिकलित कीजिए।
हल:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 9 मृदा 3

प्रश्न 9.
समझाइए मृदा प्रदूषण और मृदा अपरदन को किस प्रकार रोका जा सकता है?
उत्तर:
मृदा प्रदूषण को निम्नलिखित प्रकार से रोका जा सकता है –

  1. पॉलीथीन की थैलियों और प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग पर रोक लगानी चाहिए।
  2. विभिन्न उद्योगों एवं कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों एवं रसायनों को मृदा में निर्मुक्त करने से पहले उन्हें उपचारित किया जाना चाहिए।
  3. पीड़कनाशियों का उपयोग कम से कम किया जाना चाहिए।
  4. जंगलों की कटाई को रोका जाना चाहिए।
  5. खेतों की अधिक बार जुताई नहीं करनी चाहिए।

मृदा अपरदन को रोकना:

  1. वनों की कटाई और वनोन्मूलन को रोका जाना चाहिए।
  2. हरित क्षेत्रों को बढ़ाने के प्रयास किये जाने चाहिए।

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प्रश्न 10.
निम्नलिखित वर्ग पहेली को दिए गए संकेतों की सहायता से हल कीजिए:
सीधे:
1. इसके बने थैलों के अपशिष्ट से मृदा का प्रदूषण होता है।
2. इस प्रकार की मृदा में सूक्ष्म कणों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक होता है।
4. इस प्रकार की मृदा से सूक्ष्म तथा बड़े कणों की मात्रा लगभग समान होती है।
5. मृदा परिच्छेदिका की परत।
8. वनस्पति न होने पर यह मृदा को उड़ा ले जाती है।
9. इस प्रकार की मृदा सुवातित एवं शुष्क होती है।
10. किसी मृदा द्वारा पानी को रोकने की क्षमता।

ऊपर से नीचे:
2. भूमि की ऊपरी परत, जो पौधों को आधार प्रदान करती है।
3. पवन तथा प्रवाही जल के कारण मृदा पर प्रभाव।
6. मृदा में जल के अवशोषण की प्रक्रिया।
7. किसी स्थान की मृदा की परिच्छेदिका।
उत्तर:
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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.2

प्रश्न 1.
निम्न आकृतियों में अज्ञात बाह्य कोण x का मान ज्ञात कीजिए –
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.2 image 1
हल:
(i) अन्तः सम्मुख कोण = 50° व 70°
∵ बाह्य कोण = दो अन्तः सम्मुख कोणों का योग
∴ x = 50° + 70° = 120°

(ii) ∵ अन्तः सम्मुख कोण = 65° व 45°
∴ बाह्य कोण x = 65° + 45° = 110°

(iii) ∵ अन्तः सम्मुख कोण = 30° व 40°
∴ बाह्य कोण x = 30° + 40° = 70°

(iv) ∵ अन्तः सम्मुख कोण = 60° व 60°
∴ ‘बाह्य कोण x = 60° + 60° = 120°

(v) ∵ अन्तः सम्मुख कोण = 50° व 50°
∴ बाह्य कोण x = 50° + 50° = 100°

(vi) ∵ बाह्य सम्मुख कोण = 30° व 60°
∴ बाह्य कोण x = 30° + 60° = 90°

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प्रश्न 2.
निम्न आकृतियों में अज्ञात कोणx का मान ज्ञात कीजिए –
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज और उसके गुण Ex 6.2 image 2
हल:
∵ सम्मुख अन्त: कोणों का योग = बाह्य कोण
(i) ∵ बाह्य कोण = 115°
एक सम्मुख अन्त:कोण = 50°
∴ x + 50° = 115°
या x = 1150 – 50°
= 65°

(ii) ∵ बाह्य कोण = 100%,
एक सम्मुख अन्त:कोण = 70°
∴ x + 70° = 100°
या x = 100 – 70°
= 30°

(iii) ∵ बाह्य कोण = 125°,
एक सम्मुख अन्त:कोण = 90°
∴ x + 90° = 125°
या x = 125° – 90°
= 35°

(iv) ∵ बाह्य कोण = 120°
एक सम्मुख अन्त:कोण = 60°
x + 60° = 120°
या x = 120° – 60°
= 60°

(v) ∵ बाह्य कोण = 80°
एक सम्मुख अन्त:कोण = 30°
∴ x + 30° = 80°
या x = 80°- 30°
= 50°

(vi) ∵ बाह्य कोण = 75°,
एक सम्मुख अन्तः कोण = 35°
∴ x + 35° = 75°
या x = 75°- 35°
= 40°

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

MP Board Class 7th Science Chapter 8 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वक्तव्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

  1. पवन ….. वायु है।
  2. पवन पृथ्वी के ………. तापन के कारण उत्पन्न होती है।
  3. पृथ्वी की सतह के निकट ……….. वायु ऊपर उठती है, जबकि ……… वायु नीचे आती है।
  4. वायु …….. दाब के क्षेत्र से ………. दाब के क्षेत्र की ओर गति करती है।

उत्तर:

  1. गतिशील।
  2. असमान।
  3. गर्म, ठण्डी।
  4. अधिक वायु, कम वायु।

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प्रश्न 2.
किसी दिए गये स्थान पर पवन की गति की दिशा पता लगाने के लिए दो विधियाँ बताइए।
उत्तर:
(1) वायु दिशा मापक यन्त्र:
किसी स्थान पर पवन की गति की दिशा ज्ञात करने के लिए वायु दिशा मापक यन्त्र उपयोग में लाते हैं। इसमें एक 75 सेमी लम्बे तीर को जिसके पीछे चौड़ी पत्तियाँ लगी होती हैं, एक सीधी धुरी पर इस, प्रकार लगाते हैं कि वह क्षैतिज दिशा में स्वतन्त्रता पूर्वक घूमकर वायु की दिशा को बता सके। लोहे की चार क्रॉस भुजाएँ इस तीर के कुछ नीचे लगा दी जाती हैं जो क्रमश: पूर्व, दक्षिण, पश्चिम व उत्तर की दिशा में रहती हैं।

इस यन्त्र को एक खड़े स्तम्भ में किसी ऊँचे स्थान पर लगा देते हैं जहाँ वायु के लिए कोई रुकावट न हो। वायु के चलने पर यन्त्र के ऊपरी भाग में लगे तीर की नोंक वायु की दिशा की ओर संकेत करती है। तीर के नीचे लगी लोहे की क्रॉस भुजाओं की सीध से तीर की नोंक की स्थिति को देखकर वायु की दिशा ज्ञात कर लेते हैं।
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात 1
वायु गति मापी यन्त्र-रोबिन्सन का कप वायु वेग मापी इस यन्त्र की सहायता से वायु की दिशा व वायु गति ज्ञात की जाती है। इस यन्त्र में चार हल्की ऐलुमीनियम या ताँबे की कटोरियाँ होती हैं जिनको एक स्तम्भ पर लगे लोहे के क्रॉस की भुजाओं में कस दिया जाता है। स्तम्भ एक डिब्बे के अन्दर धुरी के रूप में होता है। धुरी के निचले भाग में एक डायल लगा होता है जिससे किसी भी समय वायु की गति ज्ञात की जा सकती है तथा ऊपर लगे तीर की सहायता से वायु की गति की दिशा ज्ञात कर ली जाती है।
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात 2

प्रश्न 3.
ऐसे कोई दो अनुभव बताइए, जिनसे आपको ऐसा अनुभव हो कि वायु दाब डालती है।
उत्तर:
उदाहरण 1. जब हम बहुमंजिली ऊँची इमारतों में जैसे-जैसे ऊपर की ओर जाते हैं, श्वास लेने में कुछ परेशानी का अनुभव होता है। ऊँचाई के साथ-साथ वायुमण्डलीय दाब कम होता जाता है। हमारे शरीर के अन्दर का दाब वायुमण्डलीय दाब से अधिक हो जाता है जिससे परेशानी महसूस होती हैं।

उदाहरण 2. चोट लगने पर रक्त का बाहर निकलना:
मनुष्य के शरीर पर लगभग 15 मीट्रिक टन वायु का दाब पड़ता है। इतना ही दाब हमारा शरीर वायु पर डालता है। हमारे शरीर की नाड़ियों में रक्त का दाब भी वायुमण्डलीय दाब के बराबर होता है। जैसे ही हमारे शरीर में चोट लगती है तो अधिक दाब के कारण रक्त हमारे शरीर से बाहर निकलने लगता है।

प्रश्न 4.
आप एक भवन खरीदना चाहते हैं। क्या आप ऐसा भवन खरीदना चाहेंगे, जिसमें खिड़कियाँ हों लेकिन रोशनदान न हों? अपने उत्तर का कारण समझाइए।
उत्तर:
हम ऐसा भवन खरीदना पसन्द नहीं करेंगे जिसमें कि खिड़कियाँ हों और रोशनदान न हों। खिड़कियों के साथ-साथ कमरों में रोशनदानों का होना आवश्यक है। कमरे के अन्दर की वायु मनुष्य की श्वास द्वारा निष्कासित होने पर दूषित व गर्म होती है। यह गर्म वायु हल्की होने के कारण ऊपर उठती है। इसे निकालने के लिए रोशनदानों का होना आवश्यक है। गर्म वायु का स्थान लेने के लिए शुद्ध वायु खिड़कियों से पहुँचती रहती है।

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प्रश्न 5.
समझाइए कि कपड़े के बैनरों और धातु की चादर से बने विज्ञापन पट्टों में छिद्र क्यों किए जाते हैं?
उत्तर:
वायु सदैव अधिक दाब वाले क्षेत्र से कम दाब वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित होती है। जब वायु बैनरों से टकराएगी तो वह कपड़े के बैनर को फाड़ सकती है और बैनरों को अपने साथ उड़ाकर भी ले जा सकती है। अतः इसे रोकने के लिए बैनरों में छेद कर देते हैं जिससे वायु इनके छेदों में होकर आर-पार निकल जाती है और बैनरों को कोई नुकसान नहीं होने पाता।

प्रश्न 6.
यदि आपके गाँव अथवा शहर में चक्रवात आ जाए, तो आप अपने पड़ोसियों की सहायता कैसे करेंगे?
उत्तर:
पड़ोसियों की सुरक्षा के उपाय:

  1. उन्हें शीघ्रातिशीघ्र चेतावनी देंगे।
  2. अनिवार्य घरेलू साज-सामान, पालतू पशुओं, वाहनों आदि को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का प्रबन्ध करेंगे।
  3. जलमग्न सड़कों पर वाहन न चलाने देंगे।
  4. उन्हें संदूषित जल का प्रयोग न करने देंगे तथा आपात स्थिति के लिए पेय जल की व्यवस्था करेंगे।
  5. गीले स्विच, खम्भों से टूटकर गिरे बिजली के तारों को नहीं छूने देंगे।
  6. चक्रवात प्रभावित क्षेत्र में जाने से रोकेंगे।

प्रश्न 7.
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए पहले से किस प्रकार की योजना तैयार करने की आवश्यकता होती है?
उत्तर:
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएँ करना आवश्यक हैं –

  1. मौसम विज्ञान विभाग द्वारा दूरदर्शन, रेडियो, समाचार पत्रों आदि द्वारा प्रसारित चेतावनियों को नजर अन्दाज नहीं करना चाहिए।
  2. समुद्र तटों, मछुआरों, जलपोतों, सरकारी संस्थाओं तथा आम जनता को शीघ्रातिशीघ्र चेतावनी देने के लिए तीव्रगामी संचार व्यवस्था करनी चाहिए।
  3. चक्रवात सम्भावित क्षेत्रों में चक्रवात आश्रयों का निर्माण और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए।

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से किस स्थान पर चक्रवात आने की सम्भावना नहीं होती?

  1. चेन्नई।
  2. मंगलुरू (मंगलोर)।
  3. अमृतसर।
  4. पुरी।

उत्तर:
अमृतसर।

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प्रश्न 9.
नीचे दिये गए वक्तव्यों में से कौन-सा सही है?

  1. शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती हैं।
  2. ग्रीष्मकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती हैं।
  3. चक्रवात का निर्माण अति उच्च दाब तन्त्र और उसके इर्द-गिर्द अति उच्च वेग की पवन के घूमने से होती है।
  4. भारत की तटरेखा पर चक्रवातों के आने की सम्भावना नहीं रहती है।

उत्तर:
शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती हैं।

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

MP Board Class 7th Science Chapter 7 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
उन घटकों के नाम बताइए, जो किसी स्थान से मौसम को निर्धारित करते हैं।
उत्तर:
मौसम को निर्धारित करन वाले घटक हैं-तापमान, आर्द्रता, वर्षा, वायु वेग आदि।

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प्रश्न 2.
दिन में किस समय ताप के अधिकतम और न्यूनतम होने की सम्भावना होती है?
उत्तर:
दिन में अधिकतम तापमान सामान्यतः अपराह्न (दोपहर बाद) और न्यूनतम तापमान प्रातः (भोर) में होने की सम्भावना रहती है।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

  1. दीर्घ अवधि के मौसम का औसत ……….. कहलाता है।
  2. किसी स्थान पर बहुत कम वर्षा होती है और उस स्थान का तापमान वर्षभर उच्च रहता है, उस स्थान की जलवायु ……… और ………… होगी।
  3. चरम जलवायवीय परिस्थितियों वाले पृथ्वी के दो क्षेत्र ……. और ………. हैं।

उत्तर:

  1. जलवायु।
  2. गर्म, शुष्क।
  3. उष्ण कटिबन्धीय, ध्रुवीय।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित क्षेत्रों की जलवायु का प्रकार बताइए:

  1. जम्मू एवं कश्मीर।
  2. केरल।
  3. राजस्थान।
  4. उत्तर-पूर्व भारत।

उत्तर:

  1. शीत और आर्द्।
  2. मध्यम गर्म और मध्यम आर्द्र।
  3. गर्म और शुष्क।
  4. आर्द्र।

प्रश्न 5.
मौसम और जलवायु में से किसमें तेजी से परिवर्तन होता है?
उत्तर:
मौसम में।

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प्रश्न 6.
जन्तुओं की कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है –

  1. आहार मुख्यत: फल हैं।
  2. सफेद बाल/फर।
  3. प्रवास की आवश्यकता।
  4. तीव्र स्वर-ध्वनि (तेज आवाज)।
  5. पैरों के चिपचिपे तलवे।
  6. त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत।
  7. चौड़े और बड़े नखर।
  8. चटख रंग।
  9. मजबूत पूँछ।
  10. लम्बी और बड़ी चोंच।

उपरोक्त प्रत्येक विशेषता के लिए यह बताइए कि वह उष्ण कटिबन्धीय वर्षावन अथवा ध्रुवीय क्षेत्र में से किसके लिए अनुकूलित हैं? क्या आप समझते हैं कि इनमें से कुछ विशेषताएँ दोनों क्षेत्रों के लिए अनुकूलित हो सकती हैं?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षावन क्षेत्र के लिए अनुकूलित जन्तु –

  1. आहार मुख्यतः फल हैं।
  2. तीव्र स्वर-ध्वनि (तेज आवाज)।
  3. पैरों के चिपचिपे तलवे।
  4. चटख रंग।
  5. मजबूत पूँछ।
  6. लम्बी और बड़ी चोंच।

ध्रुवीय क्षेत्रों के लिए अनुकूलित जन्तु –

  1. सफेद बाल/फर।
  2. प्रवास की आवश्यकता।
  3. त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत।
  4. चौड़े और बड़े नखर।

इनमें से कुछ अधिक बाल, वसा की परत तथा मोटी त्वचा आदि विशेषता वाले जन्तु दोनों क्षेत्रों के लिए अनुकूलित हो सकते हैं।

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प्रश्न 7.
उष्णकटिबन्धीय वर्षावन जन्तुओं की विशाल जनसंख्या को आवास प्रदान करते हैं। यह समझाइए कि ऐसा क्यों है?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षावन में जलवायवी परिस्थितियाँ अनेक किस्मों के जन्तुओं की विशाल जनसंख्या के जीवनयापन के लिए अत्यधिक उपयुक्त हैं। अतः ये वर्षावन जन्तुओं की विशाल जनसंख्या को आवास प्रदान करते हैं।

प्रश्न 8.
उदाहरण सहित समझाइए कि किसी विशेष जलवायवी परिस्थिति में कुछ विशिष्ट जन्तु ही जीवनयापन करते क्यों पाए जाते हैं?
उत्तर:
किसी विशेष जलवायवी परिस्थिति में कुछ जन्तु ही अपने शरीर के अंगों की बनावट एवं आकार के कारण भोजन को प्राप्त करने के लिए अनुकूलित होते हैं। उन्हें यहाँ अन्य प्रकार के जन्तुओं से भिन्न भोजन और आश्रय मिल जाता है और उनमें परस्पर स्पर्धा कम से कम होती है।

उदाहरण के लिए, टूकन नामक पक्षी की लम्बी एवं बड़ी चोंच होती है, जिसकी सहायता से वह उन बहुत कमजोर शाखाओं से भी फलों को तोड़ सकता है जो उसके भार को सहन नहीं कर सकती हैं।

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प्रश्न 9.
उष्णकटिबन्धीय वर्षावनों में रहने वाला हाथी किस प्रकार अनुकूलित है?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षावनों में रहने वाला विशाल शरीर वाला हाथी अपने शरीर के अंगों की बनाबट के कारण अनुकूलित: है। उसकी लम्बी लँड सूंघने एवं भोजन उठाने का कार्य आसानी से कर सकती है। अपने बाह्य रूपान्तरित दाँतों की सहायता से, जिन्हें रद कहते हैं, अपनी पसन्द के वृक्षों की छाल को आसानी से छील सकता है। इसके लम्बे बड़े कान बहुत हल्की ध्वनि को सुनने में सक्षम हैं। वर्षावनों की गर्म और आर्द्र जलवायु हाथी को ठण्डा रखने में सहायक है। इस प्रकार उष्णकटिबन्धीय वर्षावनों में रहने वाले हाथी वहाँ की परिस्थितियों के लिए अनुकूलित हैं।

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए:

प्रश्न 10.
कोई माँसाहारी जन्तु, जिनके शरीर पर धारियाँ होती है, अपने शिकार को पकड़ते समय बहुत तेजी से भागता है। इसके पाये जाने की सम्भावना है किसी –

  1. ध्रुवीय क्षेत्र में।
  2. मरुस्थल में।
  3. महासागर में।
  4. उष्णकटिबन्धीय वर्षावन में।

उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षावन में।

प्रश्न 11.
ध्रुवीय भालू को अत्यधिक ठण्डी जलवायु में रहने के लिए कौन-सी विशेषताएँ अनुकूलित करती हैं –

  1. श्वेत बाल/फर, त्वचा के नीचे वसा, तीव्र सूंघने की क्षमता।
  2. पतली त्वचा, बड़े नेत्र, श्वेत फर/बाल।
  3. लम्बी पूँछ, मजबूत नखर, सफेद बड़े पंजे।
  4. श्वेत (सफेद) शरीर, तैरने के लिए पंजे, श्वसन के लिए क्लोम (गिल)।

उत्तर:
श्वेत बाल/फर, त्वचा के नीचे वसा, तीव्र सूंघने की क्षमता।

प्रश्न 12.
निम्न में से कौन-सा विकल्प उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ (सबसे अच्छा) वर्णन करता है –

  1. गर्म और आर्द्र।
  2. मध्यम तापमान-अत्यधिक वर्षा।
  3. सर्द और आर्द्र।
  4. गर्म और शुष्क।

उत्तर:
गर्म और आई।

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

MP Board Class 7th Science Chapter 18 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. जल को स्वच्छ करना ……. को दूर करने का प्रक्रम है।
  2. घरों द्वारा निर्मुक्त किए जाने वाला अपशिष्ट जल ……. कहलाता है।
  3. शुष्क ……. का उपयोग खाद के रूप में किया जाता
  4. नालियाँ ….. और ……. के द्वारा अवरुद्ध हो जाती हैं।

उत्तर:

  1. प्रदूषकों।
  2. वाहित मल।
  3. आपंक।
  4. चाय की पत्ती, ठोस खाद्य पदार्थ।

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प्रश्न 2.
वाहित मल क्या है? अनुपचारित वाहित मल को नदियों अथवा समुद्र में विसर्जित करना हानिकारक क्यों है, समझाइए।
उत्तर:
घरों, उद्योगों, कृषि कार्य, खेतों और अन्य मानव क्रिया कलापों में उपयोग किया हुआ अपशिष्ट जल वाहित मल कहलाता है। अनुपचारित वाहित मल को नदियों अथवा समुद्र में विसर्जित करने से जल प्रदूषित हो जाता है जिससे नहाने से त्वचा सम्बन्धी रोग तथा पीने से पेट से सम्बन्धित बीमरियाँ उत्पन्न होती हैं। कभी-कभी जल सम्बन्धित रोगों से पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है।

प्रश्न 3.
तेल और वसाओं को नाली में क्यों नहीं बहाना चाहिए? समझाइए।
उत्तर:
तेल और वसा पाइपों में कठोर पदार्थों की परत जमाकर उन्हें अवरुद्ध कर सकते हैं। खली नालियों में वसा, मदा के रन्ध्रों को बन्द कर देती है जिससे उसकी जल को फिल्टर करने की प्रभाविता कम हो जाती है। अतः तेल और वसाओं को नाली में नहीं बहाना चाहिए।

प्रश्न 4.
अपशिष्ट जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने के प्रक्रम में सम्मिलित चरणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्रथम चरण:
सर्वप्रथम अपशिष्ट जल को ऊर्ध्वाधर छड़ों से बने शलाका से गुजारा जाता है। यहाँ अपशिष्ट जल में उपस्थित बड़े साइज के संदूषक, जैसे- कपड़ों के टुकड़े, प्लास्टिक के पैकेट, नैपकिन, इंडियाँ आदि अलग हो जाते हैं।

द्वितीय चरण:
अब वाहित जल को ग्रिट और बालू को अलग करने की टंकी में ले जाया जाता है। इस टंकी में अपशिष्ट जल को कम प्रवाह से छोड़ा जाता है जिससे उसमें उपस्थित बालू, ग्रिट और कंकड़-पत्थर उसकी पेंदी में बैठ जाते हैं।

तृतीय चरण:
द्वितीय चरण से प्राप्त जल को एक ऐसी टंकी में ले जाया जाता है जिसका पेंदा मध्य भाग की ओर ढलानदार होता है। जल को इस टंकी में कई घण्टों तक रखा जाता है जिससे मल जैसे ठोस मध्य भाग की तली में बैठ जाते हैं। इन अशुद्धियों को खुरचकर बाहर निकाल दिया जाता है। यह आपंक (स्लज) होता है।

जल में तैरने वाले तेल और ग्रीज जैसी अशद्धियों को अपमथित्र (स्किमर) द्वारा अलग कर लिया जाता है। इस प्रकार प्राप्त जल निर्मलीकृत जल कहलाता है। आपंक को पृथक टंकी में स्थानान्तरित कर दिया जाता है, जहाँ यह अवायवीय जीवाणुओं द्वारा अपघटित हो जाता है तथा इस प्रक्रम में उत्पन्न बायोगैस को ईंधन अथवा विद्युत् उत्पादन के लिए किया जाता है।

चतुर्थ चरण:
निर्मलीकृत जल में पम्प द्वारा वायु प्रवाहित की जाती है जिससे वायवीय जीवाणुओं की वृद्धि होती है। ये जीवाणु निर्मलीकृत जल में बचे हुए मानव एवं खाद्य अपशिष्ट पदार्थों, साबुन व अन्य अवांछित पदार्थों का उपयोग कर लेते हैं। अब शीर्ष भाग से जल को निकाल कर उसे रोगाणुमुक्त करने के लिए क्लोरीन अथवा ओजोन से गुजार कर शुद्ध कर लिया जाता है।

प्रश्न 5.
आपंक क्या है? समझाइए इसे कैसे उपचारित किया जाता है?
उत्तर:
आपंक अपशिष्ट जल का सह-उत्पाद है। यह मल जैसा ठोस अपशिष्ट है। टंकी की पेंदी में एकत्रित सक्रियित आपंक में लगभग 97% जल होता है। जल को बालू द्वारा बनाए गए शुष्कन तलों द्वारा अथवा मशीनों द्वारा हटा दिया जाता है। इससे आपंक शुष्क हो जाता है। इसका उपयोग खाद से रूप में करते हैं जिससे कार्बनिक पदार्थ और पोषक तत्त्व पुनः मृदा में चले जाते है।

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प्रश्न 6.
अनुपचारित मानव मल एक स्वास्थ्य संकट है। समझाइए।
उत्तर:
अनुपचारित मानव मल के वातावरण में बने रहने से विषैले पदार्थ उत्पन्न हो जाते हैं। इससे दुर्गन्ध आने लगती है जिससे श्वास सम्बन्धी एवं अन्य रोग होने की सम्भावना रहती है। मल के ढेर पर मक्खियाँ, मच्छर एवं विभिन्न रोगाणु पनपने लगते हैं जो हैजा, तपेदिक, हेपैटाइटिस, पोलियो, पेचिश, मेनिन्जाइटिस आदि बीमारियाँ फैलाते हैं। इससे जल और मृदा भी प्रदूषित होते हैं। अतः अनुपचारित मानव मल स्वास्थ्य संकट का एक कारक है।

प्रश्न 7.
जल को रोगाणुनाशित (रोगाणुमुक्त) करने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो रसायनों के नाम बताइए।
उत्तर:
रोगाणुनाशित रसायन-ओजोन और क्लोरीन।

प्रश्न 8.
अपशिष्ट जल उपचार संयन्त्र में शलाका छन्नों के कार्यों को समझाइए।
उत्तर:
शलाका छन्नों (बार स्क्रीन) द्वारा अपशिष्ट जल में उपस्थित कपड़ों के टुकड़े, डंडियाँ, डिब्बे, प्लास्टिक पैकेट, नैपकिन आदि बड़े साइज के सन्दूषक अलग कर दिए जाते हैं।

प्रश्न 9.
स्वच्छता और रोग के बीच सम्बन्ध को समझाइए।
उत्तर:
स्वच्छता की कमी और सन्दूषित पेयजल अनेक रोगों को जन्म देते हैं। हमारी जनसंख्या का बहुत बड़ा भाग खुले स्थानों, नदी के किनारों, रेल की पटरियों, खेतों, जल स्रोतों आदि में ही मल त्याग करते हैं। इससे जल और मृदा दोनों ही प्रदूषित हो जाते हैं। इससे दुर्गन्ध फैलती है तथा अनुपचारित मल पर विभिन्न रोगाणु पनपते हैं जिससे अनेक रोग उत्पन्न होते हैं।

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प्रश्न 10.
स्वच्छता के सन्दर्भ में एक सक्रिय नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को समझाइए।
उत्तर:
स्वच्छता के सन्दर्भ में सक्रिय नागरिक की भूमिका:

  1. अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा और उनकी विविधता को कम करने का प्रयास करना चाहिए।
  2. अपने पास-पड़ोस, सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर फैले हुए कूड़े-कचरे के ढेरों की जानकारी नगरपालिका अथवा ग्राम पंचायत को देनी चाहिए तथा उनसे यथोचित कदम उठाने के लिए आग्रह करना चाहिए।
  3. यदि किसी के घर से निकलने वाला वाहित जल पास-पड़ोस में गन्दगी फैला रहा हो, तो उन्हें अन्य नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति समझाना चाहिए।

प्रश्न 11.
प्रस्तुत वर्ग पहेली को दिए गए संकेतों की सहायता से हल कीजिए।
संकेत:
बाएं से दाएँ:
2. वाहित मल उपचार संयन्त्र से प्राप्त गैसीय उत्पाद।
4. इस प्रक्रम में प्रदूषित जल से वायु को गुजारा जाता है।
7. वाहित मल ले जाने वाले पादपों की व्यवस्था।
8. उपयोग के बाद नालियों में बहता जल।

ऊपर से नीचे:
1. जल उपचार में रोगाणुनाशन के लिए प्रयुक्त एक रसायन।
3. वह सूक्ष्मजीव, जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैव पदार्थों का विघटन करते हैं।
5. सन्दूषित जल।
6. वह स्थान, जहाँ वाहित मल से प्रदूषण पृथक् किये जाते हैं।
9. अनेक व्यक्ति इसका विसर्जन खुले स्थानों में करते हैं।
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी 1

प्रश्न 12.
ओजोन के बारे में निम्नलिखित वक्तव्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए:
(क) यह सजीव जीवों के श्वसन के लिए अनिवार्य है।
(ख) इसका उपयोग जल के रोगाणुरहित करने के लिए किया जाता है।
(ग) यह पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती है।
(घ) वायु में इसका अनुपात 3% है।

इनमें से कौन-से वक्तव्य सही हैं?

  1. (क), (ख) और (ग)।
  2. (ख) और (ग)।
  3. (क) और (ग)।
  4. सभी चार।

उत्तर:
(ख) और (ग)।

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

MP Board Class 7th Science Chapter 17 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
समझाइए कि वन में रहने वाले जन्तु किस प्रकार वनों की वृद्धि करने और पुनर्जनन में सहायक होते हैं?
उत्तर:
वन में रहने वाले जन्तुओं द्वारा किए गए गोबर के ढेर पर शाकों और झाड़ियों के नवोद्भिद अंकुरित हो जाते हैं।इनको उगने के लिए पोषक तत्त्व भी गोबर से प्राप्त हो जाते हैं। ये जन्तु कुछ पादपों के बीजों को प्रकीर्णित कर देते हैं। ये बीज नये पादपों को जन्म देते हैं। पादपों की अधिक किस्में शाकाहारी जन्तुओं को भोजन और आवास के लिए अधिक अवसर प्रदान करते हैं। शाकाहारियों की अधिक संख्या माँसभक्षियों के लिए भोजन बनते हैं। इस प्रकार जन्तु वनों की वृद्धि करने और पुनर्जनन में सहायक हैं।

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प्रश्न 2.
समझाइए कि वन, बाढ़ की रोकथाम कैसे करते हैं?
उत्तर:
वन वर्षा जल के प्राकृतिक अवशोषक का काम करते हैं और उसे अवस्रावित होने देते हैं। वृक्षों तथा पौधों के मूल मृदा को एक साथ बाँधे रखते हैं। मृदा भू-तल पर गिरने वाले वर्षा जल को अवशोषित करके पृथ्वी के अन्दर भेज देती है। इस प्रकार वन बाढ़ों की रोकथाम करने में सहायक होते हैं।

प्रश्न 3.
अपघटक किन्हें कहते हैं? इनमें से किन्हीं दो के नाम बताइए। ये वन में क्या करते हैं?
उत्तर:
पादपों और जन्तुओं के मृत शरीर को ह्यूमस में परिवर्तित करने वाले सूक्ष्म जीव, अपघटक कहलाते हैं।
अपघटक: मशरूम, मिलीपीड़ों।
सूक्ष्मजीव मृत पादपों और जन्तु ऊतकों को खाते हैं और उन्हें एक गहरे रंग के पदार्थ ह्यूमस में बदल देते हैं। ह्यूमस मृदा को उर्वर बनाता है और पादपों को पोषण प्रदान करता है।

प्रश्न 4.
वायुमण्डल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के बीच सन्तुलन को बनाए रखने में वनों की भूमिका को समझाइए।
उत्तर:
सभी हरे पेड़-पौधे दिन में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करते हैं, जिसमें ये कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं तथा आक्सीजन छोड़ते हैं जिससे वायुमण्डल में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का सन्तुलन बना रहता है।

प्रश्न 5.
समझाइए कि वनों में कुछ भी व्यर्थ क्यों नहीं होता है?
उत्तर:
वनों के कारण खनिज पदार्थ एवं अन्य उपयोगी पदार्थों की मात्रा का सन्तुलन बना रहता है तथा विभिन्न पदार्थों का चक्रीकरण होता रहता है। मृदा में ह्यूमस की उपस्थिति से मृत पादपों और जन्तुओं के पोषक तत्त्व मृदा में निर्मुक्त होते रहते हैं। वहाँ से इन पोषक तत्त्वों को सजीव पादपों की मूलों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। इन पोषक तत्त्वों का चक्र चलता रहता है जिससे वन में कुछ भी व्यर्थ नहीं जाता है।

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प्रश्न 6.
ऐसे पाँच उत्पादों के नाम बताइए, जिन्हें हम वनों से प्राप्त करते हैं।
उत्तर:
वनों से प्राप्त होने वाले उत्पाद-लाख, गोंद, चन्दन, कपूर, जैव ईधन आदि।

प्रश्न 7.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. कीट, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ और पक्षी, पुष्पीय पादपों की ………. में सहायता करते हैं।
  2. वन परिशुद्ध करते हैं ……… और ……… को।
  3. शाक वन में …………. परत बनाते हैं।
  4. वन में क्षयमान पत्तियाँ और जन्तुओं की लीद ……….को समृद्ध करते हैं।

उत्तर:

  1. वृद्धि।
  2. जलवायु, वायु।
  3. सबसे नीचे की।
  4. मृदा।

प्रश्न 8.
हमें अपने से दूर स्थित वनों से सम्बन्धित परिस्थितियों और मुद्दों के विषय में चिंतित होने की क्यों आवश्यकता है?
उत्तर:
हमें वनों से सम्बन्धित परिस्थितियों और मुद्दों के विषय में चिंतित होने की आवश्यकता इसलिए है कि यदि वन नष्ट हो जाएँगे तो मनुष्य के जीवन की कल्पना नहीं की जो सकती क्योंकि –

  1. वनों के न होने से वन्य जीवों को आवास एवं भोजन उपलब्ध नहीं होगा जिससे वे नष्ट हो जायेंगे। इसके परिणामस्वरूप मनुष्य को वनों से उपलब्ध होने वाले उपयोगी औषधीय पादप, काष्ठ और अनेक उपयोगी पदार्थ प्राप्त नहीं हो सकेंगे।
  2. वन हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और मृदा को सुरक्षित रखते हैं। वातावरण में ऑक्सीजन की कमी से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाएगी। वन वायुमण्डल में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का सन्तुलन बनाए रखते हैं।
    वर्षा नहीं होगी। इससे भू-जल स्तर गिरता चला जाएगा और वर्षा के अभाव में अकाल पड़ जाएगा।
  3. पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में भोजन का निर्माण करते हैं, इस भोजन पर सभी जीव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर रहते हैं। अतः मनुष्य को भोजन नहीं मिल पाएगा।
  4. वातावरण का तापमान बढ़ता जाएगा, क्योंकि पौधे वातावरणीय तापमान को बढ़ने से रोकते हैं। एक निश्चित तापमान के बाद जीवन असम्भव है।

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प्रश्न 9.
समझाइए कि वनों में विभिन्न प्रकार के जन्तुओं और पादपों के होने की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर:
वनों में विभिन्न प्रकार के जन्तुओं और पादपों का होना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि –

  1. जन्तुओं और पादपों से हमें अनेक महत्त्वपूर्ण वस्तुएँ प्राप्त होती हैं, जैसे- लाख, गोंद, सुगन्धित पदार्थ, शहद, औषधियाँ, पशु-चारा, जैव ईधन, ऊन, फर तथा भोज्य पदार्थ इत्यादि।
  2. पादप भोजन का निर्माण करते हैं। सभी जन्तु चाहे वे शाकाहारी हों अथवा माँसाहारी अन्ततः भोजन के लिए पादपों पर ही निर्भर होते हैं। जो जीव पादपों से भोजन लेते हैं, उन्हें अन्य जन्तुओं द्वारा भोजन के रूप में लिया जाता है। इस प्रकार यह क्रम चलता रहता है।
    पादप → कीट → मेंढक → सर्प → उकाब (गरुड़)
  3. जन्तुओं और पादपों से प्राकृतिक सन्तुलन बना रहता है।

प्रश्न 10.
संलग्न चित्र में चित्रकार, चित्र को नामांकित करना और तीरों द्वारा दिशा दिखाना भूल गया है। तीरों पर दिशा को दिखाइए और चित्र को निम्नलिखित नामों द्वारा नामांकित करिए –
बादल, वर्णा, वायुमंडल, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, पादप, जन्तु, मृदा, अपघटक, मूल, भौमजल स्तर।
उत्तर:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 17 वन हमारी जीवन रेखा 1

प्रश्न 11.
निम्नलिखित में से कौन-सा वन उत्पाद नहीं है?

  1. गोंद।
  2. प्लाईवुड।
  3. सील करने का लाख।
  4. कैरोसीन।

उत्तर:
कैरोसीन।

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प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य सही नहीं है?

  1. वन, मृदा को अपरदन से बचाते हैं।
  2. वन में पादप और जन्तु एक दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।
  3. वन जलावायु और चल चक्र को प्रभावित करते हैं।
  4. मृदा, वनों की वृद्धि और पुनर्जनन में सहायक होती है।

उत्तर:
वन में पादप और जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।

प्रश्न 13.
सूक्ष्मजीवों द्वारा मृत पादपों पर क्रिया करने से बनने वाले एक उत्पाद का नाम है –

  1. बालू।
  2. मशरूम।
  3. ह्यूमस।
  4. काष्ठ।

उत्तर:
ह्यूमस।

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

MP Board Class 7th Science Chapter 16 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वक्तव्य ‘सत्य’ हैं अथवा ‘असत्य’

  1. भौमजल विश्वभर की नदियों और झीलों में पाये जाने वाले जल से कहीं अधिक है।
  2. जल की कमी की समस्या का सामना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी करते हैं।
  3. नदियों का जल खेतों में सिंचाई का एकमात्र स्रोत है।
  4. वर्षा जल का चरम स्रोत है।

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।

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प्रश्न 2.
समझाइए कि भौमजल की पुनःपूर्ति किस प्रकार होती है?
उत्तर:
भौमजल स्तर की पुन:पूर्ति वर्षा जल के द्वारा की जाती है। वर्षा के रूप में गिरने वाला अधिकांश जल नदियों तथा झरनों के द्वारा समुद्र में पहुँच जाता है। वर्षा का कुछ जल वाष्प बनकर उड़ जाता है तथा कुछ जल भूमि द्वारा सोख लिया जाता है। इस प्रकार भूमि द्वारा सोखा हुआ वर्षा जल भौमजल स्तर की पुनः पूर्ति करता है।

प्रश्न 3.
किसी गली में पचास घर हैं जिनके लिए दस नलकूप (ट्यूब वैल) लगाए गए हैं। भौमजल स्तर पर इसका दीर्घावधि प्रभाव क्या होगा?
उत्तर:
पचास घरों के लिए दस नलकूपों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इससे पानी अपव्यय अधिक होगा और दीर्घावधि में प्राकृतिक प्रक्रमों द्वारा पुन:पूर्ति न होने पर भौमजल स्तर नीचे गिर जाएगा।

प्रश्न 4.
मान लीजिए आपको किसी बगीचे का रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी जाती है। आप जल का सदुपयोग करने के लिए क्या कदम उठाएँगे?
उत्तर:
जल का सदुपयोग निम्न प्रकार किया जा सकता है –

  1. अगर बगीचे में कहीं पानी का दुरुपयोग हो रहा है तो इसे रोककर अपव्यय कम करेंगे।
  2. पेड़-पौधों को कम व्यास के पाइपों द्वारा पानी देंगे, जिससे कि उनकी जड़ों तक जल पहुँच सके। इससे आवश्यकतानुसार ही पानी का उपयोग होगा।
  3. पेड़-पौधों के लिए आवश्यक जल की आपूर्ति सुनियोजित ढंग से करेंगे।
  4. वर्षा के पानी का अधिकतम उपयोग करेंगे।

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प्रश्न 5.
भौमजल स्तर के नीचे गिरने के लिए उत्तरदायी कारकों को समझाइए।
उत्तर:
भौमजल स्तर के नीचे गिरने के लिए उत्तरदायी कारक:
(1) जनसंख्या वृद्धि:
जनसंख्या बढ़ने से भवनों, दुकानों, कार्यालयों और सड़कों के निर्माण में वृद्धि हो जाती है। इससे खुले क्षेत्रों में कमी आ जाती है। इसके कारण वर्षा जल के अवस्रवण की दर कम हो जाती है। निर्माण कार्य के लिए भी अधिक मात्रा में जल की आवश्यकता होती है। जनसंख्या वृद्धि से पानी का उपयोग भी बढ़ जाता है।

(2) बढ़ते हुए उद्योग:
उद्योगों की संख्या निरन्तर बढ़ती जा रही है। अधिकांश उद्योगों द्वारा उपयोग किये जाने वाला जल भूमि से निकाला जा रहा है। इससे जल स्तर नीचे गिर रहा है।

(3) कृषि गतिविधियाँ:
कृषि में जल अत्यन्त आवश्यक है। खेतों की सिंचाई के लिए वर्षा जल के अतिरिक्त अन्य स्रोतों से जल का उपयोग किया जाता है। अनियमित वर्षा के कारण भी जल की उपलब्धता में कमी आयी है। जनसंख्या के बढ़ते दबाव के कारण कृषि के लिए भौमजल का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप भौमजल स्तर निरन्तर गिर रहा है।

प्रश्न 6.
रिक्त स्थानों की उचित शब्द भरकर पूर्ति कीजिए।

  1. भौमजल प्राप्त करने के लिए … तथा ….. का उपयोग होता है।
  2. जल की तीन अवस्थाएँ ….., ……, और ….. हैं।
  3. भूमि की जल धारण करने वाली परत ………. कहलाती है।
  4. भूमि में जल के अवस्रवण के प्रक्रम को ……… कहते हैं।

उत्तर:

  1. नलकूप, हैण्डपम्प।
  2. ठोस, द्रव, गैस।
  3. भौमजल स्तर।
  4. जल चक्र।

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प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-सा कारक जल की कमी के लिए उत्तरदायी नहीं है?

  1. औद्योगीकरण में वृद्धि।
  2. बढ़ती जनसंख्या।
  3. अत्यधिक वर्षा।
  4. जल संसाधनों का कुप्रबन्धन।

उत्तर:
अत्यधिक वर्षा।

प्रश्न 8.
सही विकल्प का चयन कीजिए –

  1. विश्व की सभी झीलों और नदियों में कुल मात्रा नियत (स्थिर) रहती है।
  2. भूमिगत जल की कुल मात्रा नियत रहती है।
  3. विश्व के समुद्रों और महासागरों में जल की कुल मात्रा नियत है।
  4. विश्व में जल की कुल मात्रा नियत है।

उत्तर:
विश्व में जल की कुल मात्रा नियत है।

प्रश्न 9.
भौमजल और भौमजल स्तर को दिखाते हुए एक चित्र बनाइए। उसे चिह्नित कीजिए।
उत्तर:
भौमजल एवं भौमजल स्तर।
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 16 जल एक बहुमूल्य संसाधन 1

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

MP Board Class 7th Science Chapter 15 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर न प्राप्त किया जा सके, वह …………….. कहलाता है।
  2. यदि प्रतिबिम्ब सदैव आभासी तथा साइज में छोटा हो, तो यह किसी उत्तल …………….. द्वारा बना होगा।
  3. यदि प्रतिबिम्ब सदैव बिम्ब के साइज का बने, तो दर्पण …………… होगा।
  4. जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सके, वह ………………. प्रतिबिम्ब कहलाता है।
  5. अवतल ……………… द्वारा बना प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त नहीं किया का सकता।

उत्तर:

  1. आभासी प्रतिबिम्ब।
  2. दर्पण।
  3. समतल।
  4. वास्तविक।
  5. लेंस।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित वक्तव्य ‘सत्य’ हैं अथवा ‘असत्य’।

  1. हम उत्तल दर्पण से आवर्धित तथा सीधा प्रतिबिम्ब प्राप्त कर सकते हैं।
  2. अवतल लेंस सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है।
  3. अवतल दर्पण से हम वास्तविक, आवर्धित तथा उल्टा प्रतिबिम्ब प्राप्त कर सकते हैं।
  4. वास्तविक प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
  5. अवतल दर्पण सदैव वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. सत्य।
  4. असत्य।
  5. असत्य।

प्रश्न 3.
कॉलम A में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम B के एक अथवा अधिक कथनों में दीजिए:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 15 प्रकाश 1
उत्तर:
(क) → (v)
(ख) → (ii), (vi)
(ग) → (i), (iv)
(घ) → (iii), (iv)
(च) → (vi)

प्रश्न 4.
समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब के अभिलक्षण लिखिए।
उत्तर:
समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब के अभिलक्षण:

  1. प्रतिबिम्ब सीधा व वस्तु के आकार का होता है।
  2. प्रतिबिम्ब आभासी होता है एवं दर्पण के अन्दर बनता है।
  3. बने प्रतिबिम्ब पार्श्व परिवर्तित होते हैं।
  4. दर्पण से वस्तु जितनी दूरी पर होती है, उसका प्रतिबिम्ब दर्पण के अन्दर उतनी ही दूरी पर बनता है।

प्रश्न 5.
अंग्रेजी या अन्य कोई भाषा, जिसका आपको ज्ञान है, की वर्णमाला के उन अक्षरों का पता लगाइए, जिनके समतल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब बिल्कुल अक्षरों के सदृश्य लगते हैं। अपने परिणामों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
अक्षर, समतल दर्पण में जिनके प्रतिबिम्ब अक्षरों के समान लगते हैं – C, D, E, H, I, K, O और X. इन अक्षरों के पार्श्व में कोई अदला-बदली नहीं हुई है तथा प्रतिबिम्ब उल्टा नहीं दिखाई देता।

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प्रश्न 6.
आभासी प्रतिबिम्ब क्या होता है? कोई ऐसी स्थिति बताइए, जहाँ आभासी प्रतिबिम्ब बनता है।
उत्तर:
जब किसी वस्तु से परावर्तित होकर आने वाली प्रकाश की किरणों आभासी रूप में मिलती हुई प्रतीत होती हैं, तो इस प्रकार बनने वाले प्रतिबिम्ब आभासी प्रतिबिम्ब कहलाते हैं। आभासी प्रतिबिम्ब को पर्दे पर नहीं लिया जा सकता है। उत्तल दर्पण के सामने वस्तु को कहीं पर भी रखा जाए, उसका प्रतिबिम्ब सदैव आभासी बनता है।

प्रश्न 7.
उत्तल तथा अवतल लेंसों में दो अन्तर लिखिए।
उत्तर:
उत्तल तथा अवतल लेंसों में अन्तर:

उत्तल लेंस अवतल लेंस
उत्तल लेंस बीच में मोटा तथा किनारों पर पतला होता है। अवतल लेंस बीच में पतला तथा किनारों पर मोटा होता है।
यह लेंस प्रकाश किरणों को एक बिन्दु.पर एकत्रित करता है। यह लेंस प्रकाश किरणों को फैलाता है।

प्रश्न 8.
अवतल तथा उत्तल दर्पणों का एक-एक उपयोग लिखिए।
उत्तर:

  1. अवतल दर्पण का उपयोग: दन्त विशेषज्ञों द्वारा अवतल दर्पण का उपयोग दाँतों का बड़ा प्रतिबिम्ब देखने के लिए किया जाता है।
  2. उत्तल दर्पण का उपयोग: ट्रकों, बसों तथा कारों में ड्राइवर सीट के पास उत्तल दर्पण लगाते हैं जिससे कि ड्राइवर अधिक क्षेत्र में फैली हुई वस्तुओं के प्रतिबिम्ब एक साथ देख सकें।

प्रश्न 9.
किस प्रकार का दर्पण वास्तविक प्रतिबिम्ब बना सकता है?
उत्तर:
अवतल दर्पण वास्तविक प्रतिबिम्ब बना सकता है।

प्रश्न 10.
किस प्रकार का लेंस सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बना सकता है।
उत्तर:
अवतल लेंस सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बना सकता है।

प्रश्न संख्या 11 से 13 में सही विकल्प का चयन कीजिए –

प्रश्न 11.
बिम्ब के बड़े साइज का आभासी प्रतिबिम्ब बनाया जा सकता है –

  1. अवतल लेंस द्वारा
  2. अवतल दर्पण द्वारा
  3. उत्तल दर्पण द्वारा
  4. समतल दर्पण द्वारा।

उत्तर:
अवतल दर्पण द्वारा।

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प्रश्न 12.
डेविड अपने प्रतिबिम्ब को समतल दर्पण में देख रहा है। दर्पण तथा उसके प्रतिबिम्ब के बीच की दूरी 4m है। यदि वह दर्पण की ओर 1 m चलता है, तो डेविड तथा उसके प्रतिबिम्ब की दूरी होगी –

  1. 3 m
  2. 5 m
  3. 6 m
  4. 8 m

उत्तर:
6 m.

प्रश्न 13.
एक कार का पश्च दृश्य दर्पण समतल दर्पण है। ड्राइवर अपनी कार को 2 m/s की चाल से ‘बैक’ करते समय पश्च दृश्य दर्पण में अपनी कार के पीछे खड़े (पार्क किए हुये) किसी ट्रक का प्रतिबिम्ब देखता है। ड्राइवर को ट्रक का प्रतिबिम्ब जिस चाल से अपनी ओर आता प्रतीत होगा, वह है।

  1. 1 m/s
  2. 2 m/s
  3. 4 m/s
  4. 8 m/s

उत्तर:
1 m/s

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथनों में प्रत्येक कथन में उपयोग किए गए गुणधर्म का वर्णन कीजिए (संलग्न आकृति) :
(i) यदि a|| b, तो ∠1 = ∠5
(ii) यदि ∠4 = ∠6 तो, a || b .
(iii) यदि ∠4 + ∠5 = 180°, तो a || b.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2 1
उत्तर:
(i) यदि दो समान्तर रेखाओं को एक तिर्यक छेदी रेखा काटती है, तो संगत कोण बराबर होते हैं। (संगत कोण गुणधर्म)
(ii) यदि दो दी हुई रेखाएँ एक तिर्यक छेदी रेखा द्वारा इस प्रकार काटी जाएँ कि उनके अन्तः एकान्तर कोण समान हों, तो रेखाएँ समान्तर होती हैं। (अन्तः एकान्तर कोण गुणधर्म)
(iii) तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तः कोणों का प्रत्येक युग्म सम्पूरक होता है।

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प्रश्न 2.
संलग्न आकृति में निम्नलिखित की पहचान कीजिए :
(i) संगत कोणों के युग्म
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2 2
(ii) अन्तः एकान्तर कोणों के युग्म
(iii) तिर्यक छेदी रेखा के एक तरफ बने अन्तः कोणों के युग्म (iv) ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण
उत्तर:
(i) संगत कोणों के युग्म – (∠1, ∠5); (∠2, ∠6); (∠3, ∠7) और (∠ 4, ∠8)
(ii) अन्तः एकान्तर कोणों के युग्म – (∠ 2, ∠8); (∠3, ∠5)
(iii) तिर्यक छेदी रेखा के एक तरफ के बने अन्तः कोणों के युग्म – (∠2, ∠5) और (∠ 3, ∠8)
(iv) ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण – (∠ 1, ∠3); (∠2, ∠4); (∠5, ∠7) और (∠ 6, ∠8).

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति में p || q अज्ञात कोण ज्ञात कीजिए:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2 3
हल:
∵ ∠e + 125° = 180° (रैखिक युग्म)
∴∠e = 180° – 125° = 55°
∵ ∠e = ∠f (ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण)
∴ ∠f = 55°
साथ ही, ∠a = ∠f= 55° (एकान्तर कोण)
∠d = 125° (संगत कोण)
∠b = ∠d (ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण)
∴ ∠b = 125°
∠c =∠a (ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण)
∴ ∠c = 55°
अतः अभीष्ट अज्ञात कोण ∠a = 55°, ∠b = 125°, ∠c = 55°, ∠d = 125°, ∠e = 55°, और ∠f = 55°

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प्रश्न 4.
यदि l || m हैं, तो निम्नलिखित आकृतियों में x का मान ज्ञात कीजिए :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2 4
हल:
(i) क्योंकि l || m और t प्रतिच्छेदी तिर्यक रेखा है।
∠x + 110° = 180° (एकान्तर कोण)
∠x = 180° – 110° = 70°
अतः अभीष्ट 2x = 70°

(ii) ∠x = 100° (संगत कोण)

प्रश्न 5.
दी हुई आकृति में, दो कोणों की भुजाएँ समान्तर हैं। यदि ∠ABC = 70° तो
(i) ∠ DGC ज्ञात कीजिए।
(ii) ∠ DEF ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2 5
हल:
यहाँ, AB || DE और BC || EF
(i)∵ BC तिर्यक छेदी रेखा है
∴ ∠DGC = ∠ ABC (संगत कोण)
∴ ∠DGC = 70° (∵ ∠ABC = 70°)

(ii) ∵ BC || EF की ED तिर्यक छेदी रेखा है
∴ ∠ DEF = ∠ DGC
∴ ∠ DEF = 70°(∵ ∠DGC = 70°)

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प्रश्न 6.
नीचे दी हुई आकृतियों में निर्णय लीजिए कि क्या l, m के समान्तर है?

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 5 रेखा एवं कोण Ex 5.2 6
हल:
(i) ∵126° + 44° = 170° ≠ 180°
अर्थात् तिर्यक छेदी रेखा के एक ही ओर के अन्त:कोणों का योग 180° नहीं है।
∴ l और m समान्तर नहीं हैं।

(ii) यहाँ l और m की तिर्यक छेदी रेखा n है।
यहाँ ∠p चिह्नित किया,
∠p = 75° (ऊर्ध्वाधर सम्मुख कोण)
साथ ही, ∠p + 75° = 75° + 75° = 150° ≠ 180°
∴ l और m समान्तर नहीं हैं।

(iii) ∠p चिह्नित करने पर,
∵ ∠p + 123° = 180° (रैखिक युग्म है)
∴∠p = 180° – 123° = 57° अर्थात् संगत कोण बराबर हैं।
∴ l और m समान्तर हैं।

(iv) यहाँ ∠1 चिन्हित किया।
∵ ∠1 + 98° = 180° (रैखिक युग्म)
∠1 = 180° – 98° = 82°
चूँकि संगत कोण ∠1 ≠ 72° (∵∠1 = 82°)
अर्थात् संगत कोण बराबर नहीं हैं।
अतः l और m समान्तर नहीं हैं।

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MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग

MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग

MP Board Class 7th Science Chapter 3 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सम्भवतः आपने नर्सरी कक्षा में निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़ी होंगी:
(क) ‘बा बा ब्लेक शीप हेव यू एनी वूल’।
(ख) ‘मेरी हेड ए लिट्ल लैम्ब, हूज फ्लीस वास व्हाइट एस स्नो’।
ऊपर लिखी पंक्तियों के आधार पर यह बताइए कि:

  1. ब्लेक शीप (काली भेड़) के किन भागों में ऊन होती है?
  2. मेमने (लैम्ब) के सफेद रोमों का क्या तात्पर्य है?

उत्तर:

  1. ब्लेक शीप (काली भेड़) के दाढ़ी एवं त्वचा की पतली परत पर ऊन होती है।
  2. मेमने (लैम्ब) के सफेद रोमों से तात्पर्य मुलायम सफेद बाल (फर) से है।

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प्रश्न 2.
रेशम कीट (अ) कैटरपिलर, (ब) लार्वा है। सही विकल्प चुनिए –
(क) केवल (अ)।
(ख) केवल (ब)।
(ग) (अ) और (ब)।
(घ) न ही (अ) और न (ब)।
उत्तर:
(ग) (अ) और (ब)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किससे ऊन प्राप्त नहीं होती?

  1. याक।
  2. ऊँट।
  3. बकरी।
  4. घने बालों वाला कुत्ता।

उत्तर:
घने बालों वाला कुत्ता।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का क्या अर्थ है?

  1. पालन।
  2. ऊन कटाई।
  3. रेशमकीट पालन।

उत्तर:

  1. पालन: जन्तुओं से ऊन प्राप्त करने के लिए जन्तुओं का पालना जन्तु पालन कहलाता है।
  2. ऊन कटाई: भेड़ के बालों को त्वचा की पतली परत के साथ शरीर से उतारना ऊन की कटाई कहलाती है।
  3. रेशम कीट पालना: रेशम प्राप्त करने के लिए रेशम के कीटों को पालना रेशमकीट पालन (सेरीकल्चर) कहलाता है।

प्रश्न 5.
ऊन के संसाधन के विभिन्न चरणों के क्रम में कुछ चरण नीचे दिए गए हैं। शेष चरणों को उनके क्रम में लिखिए।
ऊन कटाई, ….. , छंटाई ….., …..।
उत्तर:
अभिमार्जन, सुखाना, रीलिंग।

प्रश्न 6.
रेशमकीट के जीवन चक्र की उन दो अवस्थाओं के चित्र बनाइए जो प्रत्यक्ष रूप से रेशम के उत्पादन से संम्बन्धित हैं।
उत्तर:
रेशम के उत्पादन से सम्बन्धित रेशम कीट के जीवन चक्र की दो अवस्थाएँ:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग 1

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन से दो शब्द रेशम उत्पादन से सम्बन्धित हैं? रेशम कीट पालन, पुष्प कृषि, शहतूत कृषि, मधुमक्खी पालन, वनवर्धन।
उत्तर:

  1. रेशम कीट पालन।
  2. शहतूत कृषि।

प्रश्न 8.
कॉलम A में दिए गए शब्दों का कॉलम B में दिए गए वाक्यों से मिलाइए:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग 2
उत्तर:
(क) → (v)
(ख) → (iii)
(ग) → (ii)
(घ) → (i)

प्रश्न 9.
इस पाठ पर आधारित एक वर्ग पहेली दी गई है। रिक्त स्थानों की उन अक्षरों से भरने के लिए संकेतों का उपयोग करिए, जो अक्षर को पूरा करते हैं –
सीधे:
2. कार्तित ऊन को अच्छी तरह से धोने का प्रक्रम।
3. एक प्रकार का जांतव रेशा।
6. लम्बी धागे जैसी संरचना जिससे बुनकर वस्त्र बनाते हैं।

ऊपर से नीचे:
1. इससे बुने वस्त्र शरीर को गर्म रखते हैं।
4. इसकी पत्तियों को रेशम कीट खाते हैं।
5. रेशम कीट के अण्डे से निकलते हैं।
उत्तर:
MP Board Class 7th Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग 3

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