MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.2

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.2

Question 1.
Look at the given map of a city.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.2 1
(a) Colour the map as follows : Blue-water, Red-fire station, Orange-library, Yellow- schools, Green-park, Pink-College, Purple- Hospital, Brown-Cemetery.
(b) Mark a green ‘X’ at the intersection of Road ‘C and Nehru Road, Green ‘Y’ at the intersection of Gandhi Road and Road A.
(c) In red, draw a short street route from Library to the bus depot.
(d) Which is further east, the city park or the market?
(e) Which is further south, the primary school or the Sr. Secondary School?
Solution:
(a), (b), (c)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.2 2
Note : Students can colour the picture marked as respective colours,
(d) City park is further east.
(e) Sr. Secondary School is further south.

Question 2.
Draw a map of your class room using proper scale and symbols for different objects.
Solution:
Left for the students.

Question 3.
Draw a map of your school compound using proper scale and symbols for various features like playground, main building, garden etc.
Solution:
Left for the students.

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Question 4.
Draw a map giving instructions to your friend so that she reaches your house without any difficulty.
Solution:
Left for the students.

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1

Question 1.
For each of the given solid, the two views are given. Match for each solid the corresponding top and front views. The first one is done for you.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 1
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 2

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Question 2.
For each of the given solid, the three views are given. Identify for each solid the corresponding top, front and side views.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 3
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 4

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Question 3.
For each given solid, identify the top view, front view and side view.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 5
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 6
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 7

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Question 4.
Draw the front view, side view and top view of the given objects.
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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 9
Solution:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 10 Visualizing Solid Shapes Ex 10.1 10

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MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 16 Sanchi Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 16 Sanchi Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 16 Sanchi Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 16 साँची प्रश्न उत्तर

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न 1. वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 16 साँची 1
उत्तर
(अ) 4, (ब) 1, (स) 2, (द) 3

(ख) सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) साँची अपने ……………….के लिए विश्व प्रसिद्ध है। (आश्रम, बौद्ध स्तूप)
(ब) साँची ……………….जिले में स्थित है।(भोपाल, रायसेन)
(स) स्तूप क्रमांक 3 में भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के अवशेष रखे गए थे। (दो, चार)
(द) साँची के निकट का सुविधा एक प्रमुख रेलवे स्टेशन ……………है। (इटारसी, विदिशा)
उत्तर
(अ) बौद्ध,
(ब) रायसेन
(स) दो
(द) विदिशा।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 2.
(क) साँची कहाँ पर स्थित है?
(ब) बौद्ध धर्म के प्रवर्तक कौन हैं?
(स) साँची के स्तूप का आकार किस प्रकार का है? ।
(द) बौद्ध धर्म विश्व के किन-किन देशों में प्रचलित है?
(ई) साँची क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर
(अ) साँची मध्य-प्रदेश के रायसेन जिला में स्थित है।
(ब) बौद्ध धर्म के प्रर्वत्तक महात्मा बुद्ध हैं।
(स) साँची के स्तूप का आकार गुम्बदनुमा है।
(द) बौद्ध धर्म भारत, चीन, जापान, मंगोलिया, तिब्बत, म्यांमार, कम्बोडिया आदि देशों में प्रचलित है।
(इ) साँची अपने स्तूपों, विहारों, मंदिरों और तोरणद्वारों के लिए प्रसिद्ध है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 3.
(अ)
साँची के स्तूपों का मुख्य आकर्षण क्या
उत्तर
साँची के स्तूपों का मुख्य आकर्षण है कि यह एक विशाल अर्द्ध गोलाकार गुम्बद है। इसके चारों ओर अलंकृत परिक्रमा पथ है जिसमें प्रवेश के लिए चार तोरण द्वार बनाए गए हैं। ये तोरण द्वार कला और स्थापत्य के उत्कृष्ट नमूने हैं। इन पर भगवान बुद्ध के जीवन को जीवन को प्रतीक रूप में उत्कीर्ण किया गया है। इसके अलावा कई जातक कथाएँ भी उत्कीर्ण हैं।

(ब)
साँची के संग्रहालय में क्या संग्रहीत हैं?
उत्तर
संग्रहालय में अनेक पुरातत्त्व महत्त्व की वस्तुएँ प्रदर्शित की गई हैं। जो साँची तथा इसके आस-पास के स्थानों की खुदाई में मिली हैं। यहाँ अनेक मूर्तियों तथा मंदिरों के भग्नावशेष व कलाकृतियाँ हैं। इनमें अशोक स्तंभ का सिंह चिन तथा बौद्ध भिक्षुओं द्वारा उपयोग किये जाने वाले पात्र देखते ही बनते हैं। यह साँची के उत्खनन में प्राप्त हुए हैं। संग्रहालय में साँची और उसके पास स्थित सतधारा की खुदाई और खोज के समय के कई चित्र लगे हैं। इनसे पता चलता है कि इन स्तूपों को संरक्षित रखने में कितना परिश्रम और कौशल लगा है।

(स)
स्तूप क्रमांक 1 की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर
स्तूप क्रमांक 1 विश्व प्रसिद्ध स्तूप है। इसमें प्रवेश के लिए जो चार तोरण द्वार बनाए गए हैं, वे कला और स्थापस्थ के श्रेष्ठ उदाहरण हैं। यही नहीं इसके चारों ओर अलंकृत परिक्रमा-पथ है।

(द)
साँची के इतिहास से जुड़ी प्रसिद्ध किंवदंतियाँ कौन-कौन-सी हैं?
उत्तर
साँची के इतिहास से जुड़ी प्रसिद्ध किंवदंतियाँ दो हैं

  • युवराज वसंतारा ने धर्म और दया के लिए अपना सर्वस्व दान कर दिया था।
  • भगवान बुद्ध ने अपने पूर्व जन्म में वानरराज के रूप में अपने दल की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया था।

(ई)
साँची के स्तूप का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर
साँची का स्तूप विश्व प्रसिद्ध है। यह विश्व के धरोहरों में से एक है। यह अपने स्तूपों, विहारों, भंदिरों, स्तंभों तथा तोरणद्वारों के लिए प्रसिद्ध है।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिएकम्बोडिया, संग्रहालय, भग्नावशेष, कलाकृतियाँ, उत्खनन,
मंजूषा।
उत्तर
कम्बोडिया, संग्रहालय, भग्नावशेष, कलाकृतियाँ, उत्खनन, मंजूषा।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से सही शब्द पहचानकर खाली स्थान में लिखिए
पर्यटक, पयर्टक, परयटक ……..
मंजूसा, मंजुशा, मंजूषा ……………
विहार, बिहार, बीहार ………………
उत्कीरन, उत्कीर्ण, उतकिर्ण ………….
उत्तर-
पर्यटक, मंजूषा, विहार, उत्कीर्ण।

प्रश्न 3.
‘सतधारा’ शब्द में ‘सत’ के साथ ‘धारा’ लगाकर नया शब्द ‘सतधारा’ बना है। इसी प्रकार ‘धारा’ लगाकर निम्नलिखित शब्दों से नए शब्द बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 16 साँची 2
उत्तर

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 16 साँची 3

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प्रमुख गणेशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. बौद्ध धर्म भारत का ही नहीं बल्कि संसार के अनेक देशों चीन, जापान, मंगोलिया, तिब्बत, नेपाल, म्यांमार, कम्बोडिया आदि का प्रमुख धर्म है। साँची का बौद्ध स्तूप विश्व धरोहरों में से एक है। बौद्धधर्म के प्रवक भगवान गौतम बुद्ध हैं। साँची प्राचीन काल में बौद्ध धर्म का प्रमुख केन्द्र था। साँची अपने स्तूपों, बिहारों, मंदिरों, स्तंभों तथा तोरणद्वारों के लिए प्रसिद्ध

शब्दार्थ
स्तूप-शिखर ।

प्रवर्तक
स्थापक। तोरणद्वारों-किसी घर या नगर का बाहरी द्वार, जिस पर सजावट की गई हो।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-8 के पाठ-16 ‘साँची’ से ली गई हैं।

प्रसंग – एस्तुत पंक्तियों में लेखक ने बौद्ध धर्म का महत्त्व बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
बौद्ध धर्म न केवल हमारे ही देश का एक महान और प्रमुख धर्म है, अपितु यह तो संसार के कई देशों का भी एक प्रमुख और बड़ा धर्म है। इस प्रकार के देश चीन, जापान, मंगालिया, तिब्बत, नेपाल, म्यांमार, कम्बोडिया आदि अधिक उल्लेखनीय हैं। संसार के बौद्ध स्तूपों में साँची का बौद्ध स्तूप भी बहुत प्रसिद्ध है। यह हम सभी जानते हैं कि महात्मा गौतम युद्ध ही बौद्ध धर्म के प्रर्वत्तक हैं। साँची बहुत पुराने सार से की बोद्ध धर्म में सुख बंन्द्रों में से एक था। वह अपने शिखरों, हारों, मंदिरों ओर स्तम्भों एवं तोरण द्वारा के लिए प्रसिद्ध है।

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Question Answer

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 12 Samay Par Milne Wale Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 12 Samay Par Milne Wale Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 12 Samay Par Milne Wale Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 12 समय पर मिलने वाले प्रश्न उत्तर

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

(क) सही जोड़ी बनाइए

Class 8 Hindi Chapter 12 MP Board प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 12 समय पर मिलने वाले 1
उत्तर
(अ) 4, (ब) 1, (स) 2, (द) 3

(ख)
सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(अ) इसके बाद कुछ मुट्ठी भर ……………… बचते हैं, जो समय पर मिलते हैं। (जीवधारी/चक्रधारी)
(ब) मित्र की भावुकता और ………………… के सामने मैं भी गाफिल हो गया। (आत्मीयता/धृष्टता)
(स) इस बार आत्मा ने मनुष्य का ………… लिया है। (चोला, झोला)
(द) हमारा चेहरा ………………… हो जाता है। (नीला, लाल)
उत्तर
(अ) जीवधारी
(ब) आत्मीयता
(स) चोला
(द) लाल।

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MP Board Class 8 Hindi Chapter 12 प्रश्न 2.
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(अ) परसाई जी के अनुसार मनुष्य कितने प्रकार के होते
(ब) लेखक ने ‘टाइमपीस’ किन मनुष्यों को कहा है?
(स) समाज में किन मनुष्यों की निंदा की जाती है?
(द) समय पर न मिलने वाले यदि समय पर मिल जाएँ तो कैसा लगता है?
उत्तर
(अ) परसाई जी के अनुसार मनुष्य तीन प्रकार के होते हैं

  • समय पर न मिलने वाले
  • समय पर किसी के घर न जाने वाले और
  • न समय पर पर मिलने वाले और न समय पर किसी के घर जाने वाले।

(ब) लेखक ने ‘टाइमपीस’ उन मनुष्यों को कहा है जो समय पर घर मिलते हैं और समय पर दूसरों के घर भी जाते हैं।
(स) समाज में उन मनुष्यों की निंदा की जाती है, जो समय का ख्याल नहीं रखते और अपना तथा दूसरों का समय खराव करते हैं।
(द) समय पर न मिलने वाले यदि समय पर मिल जाएँ तो लगता है भगवान को पा लिया।

Hindi Chapter 12 Class 8 MP Board प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न
(अ) समय निर्धारित कर समय पर न मिलने वालों से क्या कठिनाई होती है?
उत्तर
समय निर्धारित कर समय पर न मिलने वालों से अनेक कठिनाई होती है। उनका लम्बे समय तक इंतजार करना पड़ता है। उनका बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। इससे जी ऊब जाता है। दूसरों की नज़र में गिर जाना पड़ता है।

(ब)
समय पर न मिलने वाले की प्रतीक्षा करने में कैसा अनुभव होता है?
उत्तर
समय पर न मिलने वाले की प्रतीक्षा करने में कठिन और दुखद अनुभव होता है। हर क्षण मन उनकी ओर लगा रहता है। आँखें फाटक पर बिछी रहती हैं।

(स)
लड़का पूछने से पहले क्या उत्तर देता है?
उत्तर
लड़का पूछने से पहले उत्तर देता है-“वे घर में नहीं हैं।”

(द)
लेखक ने कई अनुभवों के बाद क्या किया?
उत्तर
लेखक ने कई अनुभवों के बाद तय किया कि वह जिसे इस जन्म में नहीं पूरा कर पाया, उसे अगले जन्म में पूरा कर लेगा।

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भाषा की बात

Class 8 Hindi Bhasha Bharti Chapter 12 प्रश्न 1.
बोलिए एवं लिखिएमट्ठर
औपचारिकता, स्वतंत्रता, अवहेलना।
उत्तर
मट्ठर, औपचारिकता, स्वतंत्रता, अवहेलना।

Class 8 MP Board Hindi Chapter 12 प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध वर्तनी पर गोला
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 12 समय पर मिलने वाले 2
उत्तर
शिष्टता, अनिश्चित, अवमानना, अनुभव।

Class 8th Hindi Chapter 12 MP Board प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
जीवधारी, बैठक, अभ्यास, विश्वास, विज्ञापन।
उत्तर
शब्द   – वाक्य-प्रयोग
जीवधारी – मनुष्य सर्वश्रेष्ठ जीवधारी है।
वैठक – बैठक में तेज बहस हो रही थी।
अभ्यास – अभ्यास से कठिन काम आसान हो जाता है।
विश्वास – हमें सब पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन – अखबार में रोज ही विज्ञापन निकलते हैं।

MP Board Class 8th Hindi Chapter 12 प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में से उर्दू, अंग्रेजी और हिन्दी शब्द छाँटकर लिखिए
शिष्टता, अखवार, किताव, स्वतंत्रता, टाइमपीस, अफसोस, अनुचित, ऐजेन्ट, निंदा, कमेटी, तवादला, निमंत्रण, आत्मा, ऑफिस, दिलचस्पी, टेबिल।
उत्तर
उर्दू शब्द- अखवार, किताव, अफ़सोस, तवादला, दिलचस्पी।
अंग्रेजी शब्द- टाइमपीस, एजेन्ट, कमेटी, ऑफिस, टेबिल ।
हिन्दी शब्द- शिष्टता, स्वतंत्रता, अनुचित, निंदा, निमंत्रण, आत्मा।

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Class 8 Chapter 12 Hindi MP Board प्रश्न 5.
‘भव’ में ‘अनु’ उपसर्ग लगाकर अनुभव शब्द बना है। निम्नलिखित शब्दों में इसी प्रकार ‘अनु’ उपसर्ग लगाकर नए शब्द बनाइए- .
कूल, सार, करण, मोदन, मति, मान।
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 12 समय पर मिलने वाले 3
प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. इसके बाद कुछ मुट्ठी भर जीवधारी बचते हैं जो समय पर घर मिलते हैं और समय पर दूसरे के घर भी जाते हैं। सज्जनतावश हम इन्हें भी ‘आदमी’ कह देते हैं। ये असल में टाइमपीस हैं। ये घर रहेंगे तो टाइमपीस देखते रहेंगे और बाहर होंगे तो हाथ की घड़ी देखते रहेंगे। इन्हें हम बर्दाश्त कर लेते हैं। मगर इनकी चर्चा करना व्यर्थ है।।

शब्दार्थ
मुट्ठी भर-बहुत कम। जीवधारी-आदमी। सज्जनतावश-सज्जनता के कारण। टाइमपीस-घड़ी।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ . (हिन्दी-सामान्य) ‘भाग-8’ के पाठ-12 ‘समय पर मिलने वाले’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों के लेखक श्री हरिशंकर परसाई

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने समय की पाबंदी रखने वाले व्यक्तियों के बारे में बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
अधिकांश लोग ऐसे होते हैं जो न स्वयं किसी के यहाँ समय पर जाते हैं और न किसी को समय पर मिलते हैं। किंतु कुछ लोग ऐसे होते हैं जो समय पर घर मिलते हैं और समय पर दूसरे के घर जाते हैं। ऐसे लोगों को लेखक ने टाइमपीस कहा है; अर्थात् यह हमेशा घड़ी देखकर ही कार्य करते हैं। ऐसे लोग घर पर रहते हैं तो टाईमपीस देखते रहते हैं। और बाहर जाते हैं तो अपनी हाथ घड़ी देखते रहते हैं।इस प्रकार के व्यक्तियों को हम बहुत कठिनाई से झेल पाते हैं। भाव यह कि ऐसे व्यक्तियों से हमारा समय नष्ट होता है। इससे हमें दुःख पहुँचता है। इस प्रकार इनकी चर्चा हमें व्यर्थ ही सिद्ध होती है।

विशेष

  • समय के पाबंद व्यक्तियों की विशेषता को प्रकट किया गया है।
  • भाषा चटपटी और सरल है।
  • व्यंग्य प्रधान शैली है।

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2. ऐसे लोगों की निंदा भी होती है कि वे समय का कोई ख्याल नहीं रखते और अपना तथा दूसरे का वक्त खराब करते हैं। पर मेरा मत दूसरा है, ऐसे लोग ज्ञानी हैं। वे जानते हैं कि काम अनन्त हैं और आत्मा अमर है। जल्दी वे करें और समय का ख्याल वे रखें, जिनकी उम्र 50-60 साल होती है। हमारी उम्र तो करोड़ों साल है क्योंकि आत्मा कभी मरती नहीं। जो काम इस जन्म से पूरे नहीं हुए, उन्हें अगले जन्म में पूरे कर लेंगे या उसके बाद वाले में। इस बार आत्मा ने मनुष्य… का चोला लिया है। अगली बार वह मेंढक का चोला भी ले सकती है। तब मेंढक के रूप में हम वे काम पूरे कर लेंगे, जो आदमी के रूप में नहीं हो पाये। जल्दी क्या है?

शब्दार्थ
ख्याल-ध्यान। वक्त-समय। मत-विचार। चोला-शरीर।

संदर्भ – पूर्ववत्

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने समय की पाबंदी न करने वाले व्यक्तियों पर व्यंग्य कसते हुए कहा है कि

व्याख्या
जो समय का ध्यान नहीं रखते तथा अपना और दूसरों का समय नष्ट करते हैं, ऐसे लोगों की लोग निंदा करते हैं किंतु लेखक उन्हें ज्ञानी कहता है। लेखक कहते हैं कि लोग समझते हैं कि काम का कोई अंत नहीं है और आत्मा अमर है। वह कभी मरती नहीं है तो जल्दी किस बात की है। काम इस जन्म में पूरे नहीं हुए तो अगले जन्म में हो जायेंगे।

लेखक का पुनः कहना है कि इस प्रकार के लोगों की यह आम धारणा होती है कि अगर इस जन्म में आत्मा ने मनुष्य का रूप धारण किया है तो अगले जन्म में इसका कुछ भी पता नहीं कि यह कौन-सा रूप धारण करेगा। हो सकता है कि यह मेंढक का ही रूप धारण कर ले। इस रूप में ही सही हम पहले जन्म के अधूरे काम को पूरा कर लेंगे। फिर इस तरह अधूरे काम को पूरा करने के लिए किसी प्रकार जल्दीबाजी की कोई आवश्यकता नहीं दिखाई देती है।

विशेष

  • भाषा में प्रवाह है।
  • शैली व्यंग्यपूर्ण है।
  • सामान्य शब्दावली है।

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MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 23 Yug ki asha Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 23 Yug ki asha Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 23 Yug ki asha Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 23 युग की आशा प्रश्न उत्तर

गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1.

युग की आशा हो,
कुमार!
तुम युग की आशा हो।
रूप तुम्हारा दिव्य चिरन्तन,
सबने तुमको प्यार किया,
तुम भावी के कलाकार हो,
तुमने जग साकार किया।

शब्दार्थ- दिव्य-अति सुन्दर। भावी-भविष्य।

संदर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) के भाग-8 के पाठ-23 ‘युग की आशा’ से ली गई हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने भारतीय बच्चों को युग की आशा बतलाते हुए कहा है कि-

व्याख्या- हे मेरे देश के होनहार बच्चो! तुम से ही इस युग को बड़ी-बड़ी आशाएँ हैं। तुम्हारा रूप-स्वरूप अत्यन्त सुन्दर और मोहंक है। इसीलिए सभी देशवासियों ने अधिक दुलार किया है, प्यार दिया है। तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि तुम्हारीं इस देश के भविष्य के कलाकार-चमत्कार हो। ऐसा इसलिए कि तुमने सारे संसार में अपने श्रेष्ठ गुणों को फैलाया है।

विशेष-

  • बच्चों को महान बनने के लिए प्रेरित किया गया है।
  • भाषा सरल है।

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2.

तुम्हें यशोदा के पलने की,
मुधर थपकियाँ जगा रहीं,
तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ,
वृन्दावन में बुला रहीं।
कौशल्या के मातृमोह के,
बने तुम्ही उच्चारण थे,
तुम वियोगिनी शकुन्तला के,
शीतलता के कारण थे।

शब्दार्थ- यशोदा-माता। सुरभियाँ-गायें। मातृमोह-माता का दुलार।

संदर्भ- पूर्ववत्।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने भारतीय बच्चों को बालक श्रीकृष्ण, राम आदि के विविध चरित्रों के रूप में ढालते हुए कहा हैं कि

व्याख्या- हे मेरे देश के प्यारे बच्चो! तुम्हें इस समय माता यशोदा के पलने की मधुर और सुखद थपकियाँ जगा रही हैं। यही नहीं तुम्हें बाबा नंद की गायें वृन्दावन में पुकार रही हैं। तुम्हें यह अच्छी तरह से याद करना चाहिए कि तुम्ही माता कौशल्य के मातृमोह के उच्चारण थे। यही नहीं तुम्हीं वियोग मे पड़ी हुई शकुन्तला को शीतलता पहुँचाने वाले वीर भरत थे।

विशेष-

  • भाषा आकर्षक है।
  • उदाहरण अलंकार है।

3.

गुरु द्रोण की प्रतिमा पूजक,
चक्रव्यूह के विध्वंसक,
तुम प्रताप के ‘अमर’ तेज,
हो पन्ना के इतिहास प्रशंसक॥
तुम बैजू तुम तानसेन हो,
वाल्मीकि तुम तुलसी,
सूर तुम सृष्टि के आदि-रत्न हो,
नहीं क्षितिज से हो तुम दूर॥

शब्दार्थ-प्रतिमा-मूर्ति। विध्वंसक-विध्वंस (विनाश) करने . वाला। सृष्टि-संसार।

संदर्भ- पूर्ववत्। प्रसंग- पूर्ववत्।

व्याख्या- हे मेरे देश के प्यारे बच्चो! तुम्हें यह अपना रूप-स्वरूप ज्ञात होना चाहिए कि तुम्हीं द्रोणाचार्य की मूर्ति का पूजन एकमात्र धनुर्धर एकलव्य बने थे। तुम्हीं ने अभिमन्यु होकर चक्रव्यूह विनष्ट किए थे। तुम्हीं महाराणा प्रताप के ‘अमर’ तेज हो और तुम्हीं पन्ना के इतिहास की प्रशंसा करने वाले हो। यही नहीं तुम्हीं बैजू हो, तानसेन हो, वाल्मीकि, तुलसीदास और सूरदास हो। इसी प्रकार तुम्हीं इस सृष्टि के आदि रत्न हो। इस प्रकार तुम हर प्रकार से क्षितिज से मिले हुए हो।

विशेष-

  • भाषा-शैली रोचक है।
  • उदाहरण अलंकार है।

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4.

विप्लव के हो क्रांति गीत,
तुम आशाओं की आशा हो,
जीवन की चिर-शांति तुम्ही हो,
यौवन की परिभाषा हो।
युग की आशा हो,
कुमार!
तुम युग की आशा हो।

शब्दार्थ- विप्लव-उपद्रव, उथल-पुथल। क्रांति-बदलाव, उलट-फेर।

संदर्भ- पूर्ववत्। प्रसंग- पूर्ववत्।

व्याख्या-हे मेरे देश के प्यारे बच्चों! तुम्हें स्वयं को यह पहचान याद कर लेनी चाहिए कि तुम्हीं विप्लव के क्रांति-गीत हो। तुम्हीं सभी प्रकार की आशाओं को पूरा करने वाले हो। तुम्ही जीवन की चिर-शांति हो और तुम्ही जवानी क्या होती है, इसे स्पष्ट कर देने वाले हो। इस प्रकार तुम्हीं इस युग की आशा हो। तुम्हीं से यह युग आशा लगाए हुए है।

विशेष-

  • भावों में प्रवाह है।
  • यह अंश प्रेरक और भाववर्द्धक रूप में हैं।

प्रश्न अभ्यास

अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) सही जोड़ी बनाइए
(अ) कौशल्या के मातृमोह के – 1. सुरभियाँ
(ब) शकुंतला की शीतलता के – 2. थपकियाँ
(स) यशोदा के पलने की – 3. उच्चारण
(द) नंद की सकल – 4. कारण
उत्तर-
(अ) – 3
(ब) – 4
(स) – 2
(द) – 1

(ख) सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए(अ) तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ ……………….में बुला रहीं। (मथुरा/वृन्दावन)
(ब) गुरु द्रोण की प्रतिमा पूजक ……………….के विध्वंसक। (चक्रव्यूह/लक्ष्यभेद)
(स) तुम बैजू, तुम तानसेन हो, वाल्मीकि तुम ………………… सूर। – (तुलसी/कबीर)
(द) जीवन की ………………. शांति तुम्ही हो, यौवन की परिभाषा हो। (विचित्र/चिर)
उत्तर-
(अ) वृन्दावन,
(ब) चक्रव्यूह,
(स) तुलसी,
(द) चिर।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) कवि ने ‘कुमार’ संबोधन किसके लिए किया है?
(ब) ‘कौशल्या के मातृमोह के बने तुम्ही उच्चारणप’ से क्या तात्पर्य है?
(स) गुरु द्रोण की प्रतिमा की पूजा कौन करता था?
(द) ‘चक्रव्यूह के विध्वंसक’ संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
(ई) बालक को ‘भविष्य का कलाकार’ किस पंक्ति में कहा गया है?
उत्तर-
(अ) कवि ने ‘कुमार’ संबोधन भारतीय बच्चों के लिए किया है।
(ब) ‘कौशल्या मातृमोह के बने तुम्ही उच्चारण’ से तात्पर्य है-अद्भुत बाल्य सौन्दर्य।
(स) गुरु द्रोण की प्रतिमा की पूजा एकलव्य करता था।
(द) ‘चक्रव्यूह के विध्वंसक’ संबोधन का प्रयोग वीर अभिमन्यु के लिए किया गया है।
(ई) बालक को भविष्य का कलाकार’ निम्नलिखित पंक्तियों में कहा गया है-‘तुम भावी के कलाकार हो।’

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) युग की आशा कहकर कवि ने किन-किन आदर्शों की चर्चा की है?
उत्तर-
युग की आशा कहकर कवि ने देशभक्ति, वीरता और अतीत के गौरव जैसे आदर्शों की चर्चा की है।

(ब) राष्ट्र के बच्चों को साहसी बनाने के लिए किन पंक्तियों में प्रेरित किया गया है?
उत्तर-
राष्ट्र के बच्चों को साहसी बनाने के लिए निम्नलिखित पंक्तियों में प्रेरित किया गया है गुरु द्रोण की प्रतिमा पूजक चक्रव्यूह के विध्वंसक तुम प्रताप के ‘अमर’ तेज हो पन्ना के इतिहास प्रशंसक।

(स) क्रांति गीत में कवि किस भाव को व्यक्त करना चाहता है?
उत्तर-
क्रांति गीत में कवि पुरानी मान्यताओं के स्थान पर नयी और स्वस्थ्य मान्यताओं को लाने के भाव को व्यक्त करना चाहता है।

(द) निम्नलिखित पंक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए
(1) रूप तुम्हारा दिव्य चिरंतन सबने तुमको प्यार किया।
(2) तुम्हें नंद की सकल सुरभियाँ वृन्दावन में बुला रहीं।
उत्तर-
पंक्तियों के भाव
(1) भारतीय बालक के रुप-स्वरूप अत्यन्त आकर्षक हैं। इसलिए वे सबके दुलारे-प्यारे हैं।
(2) भारतीय बालक कृष्णा के समान अत्यंत लोकप्रिय हैं। इसलिए इस युग को उनसे बड़ी-बड़ी आशाएँ हैं।

(ई) कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चहता है?
उत्तर-
विता के माध्यम से कवि भारतीय बच्चों को देश-भक्ति, सच्चरित्रता, अद्भुत वीरता और अद्भुत प्रभावशाली बनने का संदेश देना चाहता है।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिए।
चिरंतन, थपकियाँ, मातृमोह, विध्वंसक, वाल्मीकि, क्षितिज, चिरशांति, विप्लव।
उत्तर-
चिरंतन, थपकियाँ, मातृमोह, विध्वंसक, वाल्मीकि, क्षितिज, चिरशांति, विप्लव।

प्रश्न 2.
सही वर्तनी वाले शब्दों को कोष्ठक में लिखिए
(क) दीव्य, दिव्य, दिवय ()
(ख) वृन्दावन, व्रन्दावन, वनदावन ()
(ग) विधंवसक, विध्वंसक, वीध्वसंक ()
(घ) कृान्ती, क्रान्ति, कृान्ति। ()
उत्तर-
(क) दिव्य
(ख) वृन्दावन
(ग) विध्वंसक
(घ) क्रांति।

प्रश्न 3.
विलाम शब्दों की सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 युग की आशा 1
उत्तर-
विलोम शब्द
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 युग की आशा 2

प्रश्न 4.
उदाहरण के अनुसार दिए गए शब्दों में आवट, आहट प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाइए
उत्तर-
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 युग की आशा 3

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Question Answer

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 19 Haar Nahi Hoti Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 19 Haar Nahi Hoti Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 19 Haar Nahi Hoti Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 19 हार नहीं होती प्रश्न उत्तर

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न.1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती 1
उत्तर
(अ) 2, (ब) 3, (स) 4, (द) 1

(ख) दिए गए विकल्पों से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) नन्हीं चींटी जब ……………….लेकर चलती है। (खाना/दाना)
(ब) कोशिश करने वालों की ……………….नहीं होती। (हार/जीत)
(स) ……………….एक चुनौती है स्वीकार करो। (सफलता, असफलता)
(द) संघर्षों का मैदान ………………. मत भागो तुम। (छोड़/तोड़)
उत्तर
(अ) दाना
(ब) हार
(स) असफलता
(द) छोड़।

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) किसकी हार नहीं होती?
(ब) गहरे पानी में से खाली हाथ लौटने पर गोताखोर क्या करता है?
(स) कवि चैन की नींद त्यागने के लिए क्यों कह रहा है?
(द) असफलता को किस रूप में स्वीकार करना चाहिए?
उत्तर
(अ) कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
(ब) गहरे पानी में से खाली हाथ लौटने पर गोताखोर फिर इस दोगुने उत्साह से डुबकी लगाता है कि बड़ी आसानी से मोती नहीं मिलते हैं।
(स) कवि चैन की नींद त्यागने के लिए सफलता की प्राप्ति तक संघर्ष करने के लिए कह रहा है।
(द) असफलता को चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

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लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) कोशिश करते रहने की जीवन में क्या उपयोगिता है?
(य) नन्हीं चींटी किस प्रकार संघर्ष करती है?
(स) असफलता मिलने पर हमें क्या करना चाहिए?
(द) गोताखोर समुद्र में बार-बार डुबकी क्यों लगाता है?
(ई) सफलता पाने के लिए हमें क्या काम करना चाहिए?
उत्तर
(अ) कोशिश करते रहने की जीवन में बहुत बड़ी उपयोगिता है। इससे सफलता मिलती हा है।
(ब) नन्हीं चींटी दीवार पर दाना लेकर चढ़ते समय एक नहीं, दो बार नहीं बल्कि सौ बार फिसलती है। अंत में उसे सफलता मिल ही जाती है।
(स) असफलता मिलने पर हमें यह देखना चाहिए कि हमारी कोशिश में क्या कमी रह गयी है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है।
(द) सफलता पाने के लिए हमें कोशिश करते रहना चाहिए।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिए
नौका, कोशिश, मैदान, विश्वास, सिंधु, हैरानी, संघर्षों, डुबकियाँ, असफलता।
उत्तर
नौका, कोशिश, मैदान, विश्वास, सिंधु, हैरानी, संघर्षों, डुवकियाँ, असफलता।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में ‘ए’ और ‘ऐ की मात्रा संबंधी अशुद्धियाँ हैं, उन्हें सही कीजिए
उत्तर
अशुद्धियाँ – शुद्धियाँ
तेरता – तैरता
गहरै – गहरे
हेरानी – हैरानी
चेन – चौन
सेनिक – सैनिक

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में से एक बचन तथा बहुवचन छाँटकर लिखिए
रंग, डुबकियाँ, संघर्षों, कपड़ा, गाय, कथाएँ, गुड़िया
उत्तर
एकवचन – बहुवचन
रंग – इबकियाँ
कपड़ा – संघर्षों
गाय – कथाएँ
गुड़िया

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प्रश्न 4.
निम्ननिखित शब्दों में से शुद्ध शब्द छाँटकर लिखिए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती 2

प्रश्न 5.
पढ़िए, समझिए और उदाहरण के अनुसार लिखिए
उत्तर
फिसलती – फिसलना, फिसलता, फिसला
सिसकती – सिसकना, सिसकता, सिसका
लहराती – लहराना, लहराता, लहरता
अखरती – अखरना, अखरता, अखरा।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों में से शब्द और उनके विलोम शब्दों को छाँटकर जोड़ी बनाइए
हार, गिरना, असफलता, जीत, स्वीकार, सफलता, उठना, अस्वीकार, अविश्वास, भरा, विश्वास, खाली।
उत्तर
शब्द – विलोम शब्द
हार – जीत
गिरना – उठना
असफलता – सफलता
स्वीकार – अस्वीकार
अविश्वास – विश्वास
भरा – खाली

प्रश्न 7.
‘क’ वर्ग में लिखित शब्द समूहों का सही अर्थ ‘ख’ वर्ग से छाँटकर सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 19 हार नहीं होती 3
उत्तर
(अ) 5, (ब) 1, (स) 4, (द) 3, (ई) 2

प्रश्न 8.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
साहस, मेहनत, उत्साह, चुनौती, संघर्ष।
उत्तर
शब्द वाक्य-प्रयोग
साहस – साहस से काम करना चाहिए।
मेहनत – मेहनत से सफलता मिलती है।
उत्साह – उत्साह से निराशा समाप्त होने लगती है।
चुनौती – असफलता एक चुनौती है।
संघर्ष – संघर्ष करने से जीत हासिल होती है।

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पयांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती,
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सो बार फिसलती है,
मन को विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है,
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करनेवालों की हार नहीं होती।

शब्दार्य
नौका-नाव । रगो में-नसों में। अखरता-बुरा लगता।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-8 के पाठ-19 ‘हार नहीं होती’ से ली गई हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने कोशिश करके ही विजय प्राप्त होती है। इसे बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
लहरों के थपेड़ों से अगर कोई नाविक डर जाए, तो वह अपनी नौका को इस पास से उस पार नहीं लगा सकता है। उसे यह विश्वास कर लेना चाहिए कि जो कोशिश करते हैं, उनकी कभी हार नहीं होती है।
कवि का पुनः कहना है कि जब नन्हीं-सी चींटी दाना लेकर दीवार पर चढ़ती है, तो वह एक नहीं, दो नहीं बल्कि सो बार फिसलती है। फिर भी चढ़ने में सफल हो जाती है। अगर नसों में मन का विश्वास भरा हो तो उससे साहस मिलता है। चढ़कर गिरना लेकिन गिरकर फिर न चढ़ना बुरा लगता है। इस प्रकार जो मेहनत करते हैं, उनको आखिर में सफलता मिलती है। उनकी मेहनत बेकार नहीं जाती है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोशिश करने वालों की हार कभी नहीं होती है।

विशेष

  • यह अंश उत्साहवर्द्धक है।
  • वीर रस का प्रवाह है।

2. डुबकियाँ सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा-जाकर खाली हाथ लौट कर आता है।
मिलते न सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दूना उत्साह इसी हेरानी में,
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

शब्दार्थ
सिंधु-समुद्र । दूना-दो गुना।

संदर्भ – पूर्ववत्।

प्रसंग- पूर्ववत्।

व्याख्या
गोताखोर समुद्र में गहरी डुबकियाँ लगाता है। फिर भी कभी-कभी नह खाली हाथ लौटकर आता है। लेकिन वह यह भलीभाँति जानता है कि समुद्र की गहराई में इतनी आसानी से मोती नहीं मिलते हैं। वह इसी बात को समझकर हैरान हो जाता है। इस प्रयास में उसका उत्साह दो गुना बढ़ – जाता है कि उसकी मुट्ठी हर बार खाली नहीं लौटेगी। इस प्रकार कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है।

विशेष

  • भाषा में प्रभाव है।
  • वीर रस का संचार है।

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3. असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो, क्या कमी रह गयी, देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नीद चन का त्यागा तुम,
संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागो तुम ।
कुछ किये बिना ही जय-जयकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

संदर्भ – पूर्ववत्

प्रसंग – पूर्ववत्।

व्याख्या
असफलता कोशिश करने वालों के लिए एक चुनौती है। ऐसा मानकर उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए। इसके लिए उन्हें यह छानबीन करनी चाहिए। उनकी कोशिश में क्या कमी रह गयी और उसे अब कैसे दूर करके कदम बढ़ाना चाहिए। ऐसा सोच-विचार कर फिर कोशिश करनी चाहिए। इस प्रकार जब तक सफलता न मिले, चैन की नींद नहीं आनी चाहिए। इस दृढ़ संकलप के साथ संघर्षों के मैदान में डटे रहना चाहिए। यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए श्रेष्ठ और अटूट कर्मों से ही जय-जयकार होती है। यही नहीं, जो कोशिश करते है, उन्हें विजय प्राप्त होती है, हार नहीं।

विशेष

  • वीर रस प्रवाह है।
  • यह अंश प्रेरक हैं।

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Question Answer

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 24 Kaise Rahe purn Swasthya Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 24 Kaise Rahe purn Swasthya Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 24 Kaise Rahe purn Swasthya Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 24 कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ प्रश्न उत्तर

प्रश्न अभ्यास

अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(क) सही जोड़ी बनाइए
(अ) शरीर के आंतरिक अंग – 1. योग, ध्यान, प्राणायाम
(ब) नकारात्मक भावनाएँ – 2. शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य
(स) सफलता अर्नित करने – 3. हृदय, वृक्क, हेतु आवश्यक पाचन-तंत्र, कंकाल
(द) मानसिक स्वास्थ्य के लिए – 4. क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, किए गए प्रयास तनाव, चिंता, अंहकार, निर्दयता।
उत्तर-
(अ) – 3
(ब) – 4
(स) – 2
(द) – 1

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(ख) सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा ……………….पड़ता है। (परिणाम/प्रभाव)
(ब) एक्सरे से और ………………. से शरीर के भीतरी अंगों के बारे में पता चलता है। (सोनोग्राफी/रेडियोग्राफी)
(स) मनुष्य तभी पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता है जब परिस्थितियों का ……………….के साथ सामना करे। (आत्म-विश्वास/अटल विश्वास)
(द) भावनात्मक रूप से परिपक्व व्यक्ति अपनी भावनाओं ……………….कर विवेकपूर्ण कार्य करता है। (अनियंत्रण/नियंत्रण)
उत्तर-
(अ) प्रभाव,
(ब) सोनोग्राफी,
(स) आत्मविश्वास,
(द) नियंत्रण।

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) बौद्धिक स्वास्थ्य से लेखक का क्या आशय है?
(ब) व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ कब कहा जा सकता है?
(स) व्यक्ति कब हर्ष का अनुभव करता है?
(द) आध्यात्मिक स्वास्थ्य के अच्छे बने रहने के कौन-कौन से लाभ हैं?
उत्तर-
(अ) बौद्धिक स्वास्थ्य से लेखक का आशय है-बुद्धि से संबंधित स्वास्थ्य।
(ब) व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ तब कहा जा सकता है, जब परिस्थितियों का आत्म-विश्वास के साथ सामना करे और भावनात्मक रूप से विचलित न हो।
(स) व्यक्ति इच्छानुसार परिणाम प्राप्त होने पर हर्ष का अनुभव करता है।
(द) अध्यात्मिक स्वास्थ्य के अच्छे बने रहने के कई लाभ हैं, जैसे-विशेष आनंद अनुभव, भावनात्मक संवेगों पर नियंत्रण, शारीरिक व्याधियों पर नियंत्रण आदि।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

(अ) सफलता अर्जित करने के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य अच्छा होना क्यों आवश्यक है?
उत्तर-
सफलता अर्जित करने के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य अच्छा होना आवश्यक है। यह इसलिए कि संयम और धैर्य अच्छे भावनात्मक स्वास्थ्य के सूचक होते हैं, जो पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए भावनाओं के वेग को नियंत्रित करते हैं।

(ब) “भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का शारिरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
“भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।” इस कथन के द्वारा लेखक ने यह कहना चाहा है कि एक अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भावनात्मक मानसिक स्वास्थ्य का होना बहुत आवश्यक है।

(स) शरीर में हारमोन असंतुलित क्यों हो जाते हैं?
उत्तर-
क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष आदि से रक्त-दाब बढ़ जाता है। इससे शरीर में हारमोन असंतुलित हो जाते हैं।

(द) चिंता और तनाव से कौन-कौन से रोग हो सकते हैं?
उत्तर-
चिंता और तनाव से पेट में अम्लता, अल्सर, हृदय रोग, सिर दर्द, थकान आदि रोग हो सकते हैं।

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भाषा की बात

प्रश्न 1. बोलिए और लिखिएसंयम, ईर्ष्या, द्वेष, दृष्टि, स्वास्थ्य, धैर्य।
उत्तर-
संयम, ईर्ष्या, द्वेष, दृष्टि, स्वास्थ्य, धैर्य ।

प्रश्न 2,
निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध वर्तनी पर गोला लगाइए-
अनूभूति, अनुभुति, अनुभूती, अनुभूति। शंतोष, संतोष, सम्तोष, संतोश विषेश, विशेष, विशष्य, विशेश परीणाम, परिनाम, परिणाम, परीनाम।
उत्तर-
अनुभूति, संतोष, विशेष, परिणाम।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिएहृदयाघात, आत्मविश्वास, असंतुलित, परिस्थिति।
उत्तर-
शब्द – वाक्य प्रयोग
हृदय – अत्यधिक खुशी पर दुखी होने से हृदयाघात हो जाता है।
आत्मविश्वास – स्वस्थ व्यक्ति में आत्मविश्वास भरा होता है।
असंतुलित – स्वस्थ व्यक्ति संतुलित व्यवहार करता है।
परिस्थिति – जीवन में कभी-कभी कठिन परिस्थिति भी आ जाती है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों से उर्दू, अंग्रेजी और हिंदी (तत्सम) शब्द छाँटकर क्रम से लिखिए अखबार, समाचार, एक्सरे, मस्तिष्क, खराबी, खुशी, कंकाल, कमजोर, सोनोग्राफी, हारमोन, मृत्यु, दिल, दिमाग, व्यक्ति, करुण, अल्सर, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज।।
उत्तर-
उर्दू के शब्द-अखबार, खराबी, खुशी, कमजोर, दिल, दिमाग। अंग्रेजी के शब्द-एक्सरे, सोनोग्राफी, हारमोन, अल्सर, ब्लडप्रेशर, डायबिटिज। हिंदी (तत्सम) शब्द-समाचार, मस्तिष्क, कंकाल, मृत्यु, व्यक्ति, करुण।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए-
चारित्रिक, धार्मिक, योग्यता, अम्लता, कुशलता, सहायता, निर्दयता, आंतरिक, पारिवारिक, मानसिक।
उत्तर-
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Chapter 24 कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ 1

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♦ गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. स्वस्थ व्यक्ति वही होगा जो नकारात्मक भावनाओं यथा क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, तनाव, चिंता, अंहकार निर्दयता, डर आदि को त्यागकर संतुलित व्यवहार करे और चिंता, तनावों से दूर रहकर साहस के साथ अपने जीवन की समस्याओं का सामना करे। पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति भावनात्मक रूप से परिपक्व माना जाता है। वह जल्दी में कोई दिशाहीन कदम नहीं उठाता, छोटी-छोटी बातों का मन पर बोझ रखकर अपने लक्ष्य से नहीं भटकता है, तथा उन बातों के लिए भी चिंतित नहीं होता, जो उसकी क्षमता के बाहर हैं। भावनात्मक रूप से परिपक्व व्यक्ति अपनी भावनाओं पर नियंत्रण कर विवेकपूर्ण कार्य करता है।

शब्दार्थ- नकारात्मक-विपरीत। परिपक्व-पका हुआ, अनुभवी। लक्ष्य-उद्देश्य । क्षमता-शक्ति।

संदर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) के भाग-8 के पाठ 24 के ‘कैसे रहें पूर्ण स्वस्थ’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों के लेखक डॉ. एस. सी. पुरोहित हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने पूर्णस्वस्थ रहने के उपाय बतलाते हुए कहा है कि-

व्याख्या-पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति की अलग ही पहचान होती है। इस प्रकार के व्यक्ति किसी प्रकार की विपरीत सोच-समझ जैसे-क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष, तनाव, चिंता, अंहकार, कठोरता, भय आदि को अपने पास नहीं आने देता है। इस प्रकार वह संतुलित और सीमित बातचीत और क्रिया-व्यापार करता है। इससे वह निश्चिंत होकार साहसपूर्वक अपने जीवन की कठिन – से -कठिन समस्याओं का सामना कर लेता है। इस प्रकार वह भावनात्मक रूप से पूरा अनुभवी समझा जाता है। यही कारण है कि वह कोई भी कदम नाप-तौलकर उठाता है। फलस्वरूप उसके मन मस्तिष्क पर किसी प्रकार की हल्की भी बातों को असर नहीं पड़ता है। इसलिए वह उन बातों से बहुत दूर रहता है जिन्हें वह करने में असमर्थ होता है। इस प्रकार वह अपने भावनाओं में बहकता नहीं है। वह तो अपनी भावनाओं पर अपनी बुद्धि-समझ से अकुंश लगाकर अपने लक्ष्य-पथ पर बढ़ता ही जाता है।

विशेष-

  • पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति की पहचान ज्ञानवर्द्धक रूप में दी गई है।
  • यह अंश प्रेरणादायकस्वरूप है।

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Question Answer

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 18 Deep Se Deep Jale Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 18 Deep Se Deep Jale Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 18 Deep Se Deep Jale Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 18 दीप से दीप जले प्रश्न उत्तर

(क) सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 1
उत्तर
(अ) 4, (ब) 3, (स) 1, (द) 2

(ख) सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) सूरज ……………….उगल रहा था। (पानी, आग)
(ब) ……………….की थैलियाँ खाकर अब कोई गाय नहीं मरनी चाहिए। (पॉलिथीन, कागज)
(स) अब इस दीप से और ……………….दीप जलाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। (सैकड़ों, हजारों)
(द) अनगिनत ………………उसकी आँखों में झिलमिला उठे। (तारे, दीप)
उत्तर
(अ) आग
(ब) पॉलिथीन
(स) सैकड़ों
(द) दीप

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अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) नितिन के बैग में क्या भरा था?
(ब) जलाने पर पॉलिथीन से कैसा धुआँ निकलता है?
(स) नितिन दोपहर में ही क्यों गया था?
(द) नितिन ने रमा को क्या सलाह दी?
उत्तर
(अ) नितिन के बैग में कपड़े का सिला हुआ एक झोला था।
(ब) जलाने पर पॉलिथीन से विषैला धुंआ निकलता था।
(स) नितिन दोपहर में गया था। यह इसलिए कि वही समय उसके पास खाली रहता था।
(द) नितिन ने रमा को यह सलाह दी कि अपने घर का रोजमर्रा का सामान कपड़े के झोले में ही लाया करें।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ) पॉलिथीन की थैलियाँ पर्यावरण को कैसे प्रभावित करती हैं?
उत्तर
(अ) पॉलिथीन की थैलियाँ पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत घातक हैं। ये जमीन का उपजाऊपन नष्ट करके उसे बंजर बना देती है। जलाने पर इससे निकलने वाला विषैला धुंआ हमारे वायुमण्डल को जहरीला बना देता है।

(ब)
नितिन ने जन्मदिन पर कौन-सा उपहार चाहा और क्यों?
उत्तर
नितिन ने जन्मदिन पर कपड़ों से सिले झोलों को उपहार लेना चाहा। यह इसलिए कि वह इन झोलों को अधिक-से-अधिक घरों में पहुँचायेगा।

(स)
नितिन की बात सुनकर रमा ने कौन-सा संकल्प लिया?
उत्तर
नितिन की बात सुनकर रमा ने यह संकल्प किया कि वह भी उसी की तरह दूसरों में पर्यावरण के चेतना जगाएगी।

(द)
नितिन को पर्यावरण प्रदूषण के विरुद्ध अभियान चलाने की प्रेरणा कैसे मिली?
उत्तर
नितिन को पर्यावरण प्रदूषण के विरुद्ध अभियान चलाने की प्रेरणा हो रहे प्रदूषण के खतरनाक परिणामों को देखकर समझने से मिली।

(इ)
‘दीप से दीप जले’ से लेखिका का क्या आशय है?
उत्तर
दीप से दीप जले’ से लेखिका का आशय है-पर्यावरण की शुद्धता के लिए देशवासियों को प्रेरित करना।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिएविषम, पर्यावरण, वायुमण्डन, विषैला।
उत्तर
विषम, पर्यावरण, वायुमण्डल, विषैला।

प्रश्न 2.
सही वर्तनी वाले शब्दों को कोष्ठक में लिखिए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 2
उत्तर
अनुरोध, धुआँ, दूषित, ठहरिए।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के हिंदी रूप लिखिएप्लीज, पोस्टमैन, होमवर्क, आंटी, प्रिंसीपल । उत्तर
शब्द – हिंदी रूप
प्लीज – कृपया
पोस्टमैन – डाकिया
होमवर्क – आंटी
चाची प्रिंसीपल – प्रधानाध्यापक

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में से एक शब्द का अर्थ असमान है।
असमान शब्द पर गोला लगाइए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 3

प्रश्न 5.
विलोम शब्दों को चुनकर जोड़ी बनाइए
उत्तर
विषम – सम
खरीदना – बेचना
प्रशंसा – निंदा
सुरखा – असुरक्षा
सुखद – दुखद

प्रश्न 6.
उदाहरण के अनुसार निम्नलिखत शब्दों में ‘दार’ प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाइए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 4
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 18 दीप से दीप जले 4a

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए
सूरज, धुओं, आग, गर्मी।
उत्तर
शब्द – तत्सम शब्द
सूरज – सूर्य
धुओं – धूम्र
आग – अग्नि
गर्मी – ग्रीष्म

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प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. सचमुच में ये पॉलिथीन की थैलियाँ हमारे पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत घातक हैं। जमीन का उपजाऊपन नष्ट करके यह उसे बंजर बना रही है। जलाने पर इनसे निकलने वाला विषेला धुआँ हमारे वायुमण्डल को जहरीला बना | रहा है। ये बैलियों पर की मोरियों और नदी-नाले में जाकर | पानी का बहाव रोकती हैं। जानबर के पेट में जाकर उनके प्राण | ले लेती हैं, फिर भी हम बाजार से सारा सामान इन्हीं थैलियों में लाना पसंद करते हैं। हम अपनी छोटी-सी सुविधा के लिए पर्यावरण को कितना दूषित कर रहे हैं।। |

शब्दार्थ
पर्यावरण-वातावरण। घातक-हानिकारक । बंजर-ऊसर, अनुपजाऊ।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियों हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) के भाग-8 के पाठ-18 के ‘दीप से दीप जले’ से ली गई है। इसकी लेखिका डॉ उषा यादव हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में लेखिका ने पॉलिथीन की धैलियों से होने वाली हानियों के बारे में बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या
वास्तव में पॉलिथीन की थैलियों जहाँ हमारे दैनिक जीवन के प्रयोग में सुविधाजनक हैं, वहीं दूसरी ओर वे हमारी जीवन सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही हानिकारक हैं। ये उपजाऊ जमीन की शक्ति को समाप्त करके उसे अनुपजाऊ बना देती हैं। अगर इन्हें जलाया जाता है, इनसे जो धुंआ निकलता है, वह साधारण नहीं होता है, अपितु बहुत ही जहरीला होता है। इससे हमारा वातावररण स्वाभाविक रूप से विषैला बना देता है। पॉलिथीन थैलियों पानी के बहाव को रोक लेती हैं। इस प्रकार घर की मोरियाँ ही नहीं, अपितु नदी-नाले के पानी के बहाव को रोक लेती हैं। अगर इन्हें कोई जानवर खा लेता है तो ये उसकी आँत में रुक जाती है। फलस्वरूप उसकी मौत हो जाती है। ऐसी जानकारी होने के बावजूद भी हम खाने-पीने की चीजें बाहर से इन्हीं पॉलिथीन की थैलियों में लाने में अधिक रुचि दिखाते हैं। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि अपनी इस प्रकार की छोटी-सी इच्छा की पूर्ति करके पर्यावरण को किस प्रकार खराव कर रहे हैं।

विशेष

  • भाषा प्रभावशाली है।
  • यह अंश ज्ञानवर्द्धक है।

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Question Answer

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 15 Shaheed Ki Maa Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 15 Shaheed Ki Maa Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 15 Shaheed Ki Maa Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 15 शहीद की माँ प्रश्न उत्तर

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 15 शहीद की माँ 1
उत्तर
(अ) 2, (ब) 3, (स) 4, (द) 1

(ख) सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) बिस्मिल को ……………….की मजा हुई थी। (फाँसी/उम्रकैद)
(ब) जेलर ………………था। (अंग्रेज/भारतीय)
(स) बिस्मिल की माँ अपने ……………….के लिए बेसन के लड्डू लाई थी। (बेटे/जेलर)
(द) बिस्मिल ने माँ से कहा “माँ, तुमने अपने बेटे को. ……………..की गोद में डाल दिया है” (भारत माँ/अंग्रेज सरकार)
उत्तर
रिक्त स्थानों की पूर्ति
(अ) फाँसी
(ब) भारतीय
(स) बेटे
(द) भारत माँ। अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

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प्रश्न 1.
(अ) रामप्रसाद बिस्मिल से जेल में कौन मिलने आया था?
(ब) माँ ने बिस्मिल को कौन-सा पाठ पढ़ाया था?
(स) विस्मिल ने अपनी माँ के सामने कौन-सी इच्छा प्रकट की?
(द) बिदा होते समय बिस्मिल से माँ ने क्या कहा?
(ई) जेलर किस स्वभाव का व्यक्ति था?
उत्तर
(अ) रामप्रसाद बिस्मिल से जेल में उनकी माँ मिलने आयी थी।
(ब) माँ ने बिस्मिल को जन्मभूमि पर न्यौछावर होने का पाठ पढ़ाया था।
(स) बिस्मिल ने अपनी माँ के सामने यह इच्छा प्रकट की कि अगले जन्म में भी वही उसकी माँ बने।
(द) विदा होते समय बिस्मिल की माँ ने कहा कि वह अपनी भारत माँ की अच्छी तरह सेवा करे। कोई चक न करे।
(ई) जेलर सरल और उदार स्वभाव का था। लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
(अ)
बिस्मिल अपनी माँ से क्यों नहीं मिलना चाहते थे?
उत्तर
बिस्मिल अपनी माँ से नहीं मिलना चाहते थे। यह इसलिए कि उन्हें डर था कि उनकी माँ को उनकी एक दिन की जिंदगी को देखकर अपार दुख होगा। उन्हें यह भी डर था कि माँ की भींगी आँखें कहीं उनके कदमों को न डगमगा दें। उनकी मौत के लिए उसे अफ़सोस न होने लगे।

(ब)
बिस्मिल ने अपनी तस्वीर सबके सामने रखने से मना क्यों किया?
उत्तर
बिस्मिल ने अपनी तस्वीर सबके सामने रखने से मना कर दिया। यह इसलिए कि उनकी तस्वीर को देखकर लोगों को उनकी याद आ जायेगी। उनकी आँखें गीली हो जायेंगी। उनके देश को आजादी मिले और उनके देशवासी उस दिन आँसू बहाएं, यह उन्हें सहन नहीं होग।

(स)
बिस्मिल आजादी का जश्न किस रूप में देखना चाहते थे?
उत्तर
बिस्मिल आजादी का जश्न अपनी तस्वीर के माध्यम से देखना चाहते थे। वे अपनी तस्वीर को ऐसी जगह रखवाकर आजादी का जश्न उसके माध्यम से देखना चाहते थे, जहाँ से उसे कोई न देख सके।

(द)
माँ को किस बात से गौरब अनुभव हो रहा था?
उत्तर
माँ को इस बात से गर्व का अनुभव हो रहा था कि वह पाल-पोसकर अपने बेटे को अपने ही हाथों से देश लिए कुर्बान कर देने में खुश हो रही है।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोलिए और लिखिए
क्रांतिकारी, खजाना, सराबोर, वार्तालाप, अफसोस, लहलहाती, स्वीकृति, न्यौछावर, अमुक।
उत्तर
क्रांतिकारी, खजाना, सराबोर, वार्तालाप, अफ़सोस, लहलहाती, स्वीकृति, न्यौछावर, अमुक।

प्रश्न 2.
सही वर्तनी वाले शब्द को कोष्ठक में लिखिए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 15 शहीद की माँ 2
उत्तर
भाँति, वेश भूषा, स्वीकृति, हृदय।

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प्रश्न 3.
नीचे लिखे सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य पहचानकर उनके आगे लिखिए- .
1. माँ से मेरी ओर से क्षमा माँगना, मैं उनसे न मिल सकूँगा।
2. मैं अपनी माँ से नहीं मिलूँगा।
3. मेरी इच्छा है कि तू मातृभूमि की रक्षा करे।
4. मेरे देश को आजादी मिले और मेरे देशवासी उस दिन आँसू बहाएं।
5. जन्मभूमि पर न्यौछावर होने वाले बहादुर इस तरह की बातें नहीं करते हैं।
उत्तर
1. सरल वाक्य
2. सरल वाक्य
3. मिश्रवाक्य
4. संयुक्त वाक्य
5. सरल वाक्य।

प्रश्न 4.
समानार्थी शब्दों को रेखा खींचकर मिलाइए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 15 शहीद की माँ 3

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प्रश्न 5.
नीचे दिए गए शब्दों में यथास्थान ता, ई त्व, इय प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञाएँ बनाइए
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 15 शहीद की माँ 4

प्रश्न 6.
नीचे लिखे मुहावरों का अर्थ लिखकर याक्यों में प्रयोग कीजिए
आँखें बिछाना, अपने पैरों पर खड़े होना, फूला न समाना, नौ दो ग्यारह होना, कदम डगमगाना, कमर सीधी करना, पत्थर की लकीर होना।
उत्तर
मुहावरे  – अर्थ
आँखें बिछाना = प्रतीक्षा करना
वाक्य-प्रयोग – हर कोई अपने प्रिय के लिए आँखें बिछाए रहता है।
अपने पैरों पर खड़ा होना = आत्मनिर्भर होना
वाक्य-प्रयोग – अपने पैरों पर खड़ा होने से ही सफलता मिलती है।
फूला समाना = अत्यधिक प्रसन्न होनः
वाक्य-प्रयोग – परीक्षा में प्रथम आने पर परीक्षार्थी फूले नहीं समाते हैं।
नौ दो ग्यारह होना = भाग जाना
वाक्य-प्रयोग – चोर पुलिस को देखकर नौ दो ग्यारह हो गए।
कदम डगमगाना = डर जाना
वाक्य-प्रयोग- बुजदिलों के कदम डगमगाते रहते हैं।
पत्थर की लकीर होना = अमिट होना
वाक्य-प्रयोग – महात्मा बुद्ध के एक-एक वाक्य पत्थर की लकीर

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प्रमुख गद्यांशों की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्याएँ

1. विस्मिल अपनी माँ से मिलना नहीं चाहते थे। उन्हें भय था कि कहीं उनसे मिलकर माँ का हृदय द्रवित न हो जाए किन्तु क्रांति वीर बिस्मिल की माँ का हृदय तो चट्टान की भाँति कठोर था। उन्हें गर्व था कि उनका बेटा भारत माँ को स्वतंत्र कराने के प्रयास में फाँसी पर झूलने जा रहा है। देशभक्ति से सराबोर उस त्यागमयी माँ ने अपने लाल को भारत-माता की बलिवेदी पर बलिदान कर दिया।

शब्दार्थ
भय-डर । द्रवित-पिघल । भाँति-तरह, समान। गर्व-स्वाभिमान। सरोवर- भरा हुआ। लाल-बेटा।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-8 के पाठ 15-‘शहीद की माँ’ से ली गई हैं। इसके लेखक श्री योगेशचन्द्र शर्मा हैं।

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने अमर शहीद बिस्मिल का अपनी माँ के प्रति भावना कैसी थी, इस ओर प्रकाश डालते हुए कहा है कि

व्याख्या
‘जेल में बंद फाँसी की सजा पाने वाले अमर शहीद बिस्मिल अपनी माँ के अपार प्रेम को भलीभाँति समझ रहे थे। इसलिए वे अपनी माँ से नहीं मिलना चाहते थे। यह इसलिए कि वे इस कारण से डरते थे कि उनकी माँ का हृदय पिघल जाएगा तो फिर वे भी पिघल जायेंगे। लेकिन वे तो क्रांति वीर थे। उनका हृदय दृढ़ था। उनकी माँ को यह गर्व था कि उनका बेटा देश की आजादी के लिए ही फाँसी पर झूलने जा रहा है। इस सोच-समझ से भरी-पूरी उस निस्वार्थमयी और त्यागमयी माँ ने अपने सुपुत्र को भारत माँ के लिए गर्व के साथ बलिदान कर दिया।

विशेष

  • बिस्मिल की माँ की महानता का चित्रण है
  • यह अंश ज्ञानवर्द्धक और प्रेरक है।

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2. मैं सोच भी नहीं सकती बेटा कि तुझसे अपनी माँ को पहचानने में भूल हो सकती है! कैसे भूल गया कि मैं रामप्रसाद बिस्मिल की माँ हूँ। जिस भारत माँ के लिए तू कुर्बान हो रहा है, वह अकेले तेरी ही माँ नहीं, वह तो मेरी भी माँ है, तेरे बुजुर्गों की माँ है, इस सारे देश की माँ है।

शब्दार्थ – कुर्बान-बलिदान बुर्जुर्गो-पूर्वजों।

संदर्भ- पूर्ववत।

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की ममतामयी भावना को बतलाते हुए कहा कि

व्याख्या
जेल में अपने बेटा अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल को समझाते हुए माँ ने कहा कि वह अपनी माँ को पहचानने में अब क्यों भूल कर रहा है। वह किन भावों में बहकर अपनी माँ को याद नहीं कर पा रहा है। उसे यह बात अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए कि वह जिस भारत के लिए अपना तन-मन न्यौछावर कर रहा है, वह केवल उसी की ही माँ नहीं है, अपितु वह तो पूर्वजों की माँ है। यही नहीं वह पूरे देश-प्रेमियों की भी माँ है।

विशेष

  • भारत माँ की महिमा का उल्लेख है।
  • यह अंश भावों को जगाने वाला है।

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Question Answer

MP Board Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 20 Boond Boond Se Hi ghada Bharta hai Question and Answer

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Class 8 Hindi Sugam Bharti Chapter 20 Boond Boond Se Hi ghada Bharta hai Question Answer MP Board

Hindi Sugam Bharti 8 Solutions Chapter 20 Boond Boond Se Hi ghada Bharta hai Question Answers MP Board

सुगम भारती कक्षा 8 पाठ 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है प्रश्न उत्तर

प्रश्न अभ्यास
अनुभव विस्तार

प्रश्न 1.
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 1
उत्तर
(अ) 3, (ब) 1, (स) 4, (द) 2

(ख) दिए गए शब्दों से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए

(अ) हम अपनी बचत की आदत से ……………….रूप से राष्ट्र की सेवा भी करते हैं। (प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष)
(ब) बदलते परिवेश में ……………….के ज्ञान से यौद्धिक विकास होगा। (कम्प्यूटर सिनेमा)
(स) न अधिक रुपया ….में रहेगा और न हो बर्थ की चीजें लेने को जी ललचाएगा।(हाथ/साय)
(द) छोटी-छोटी से बचत निजी बड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति में …………….. होती है। (बाधक/सहायक)
उत्तर
(अ) अप्रत्यक्ष
(ब) कम्प्यूटर
(स) हाथ
(द) सहायक।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
(अ) पवित्रा ने रुपये किस प्रकार एकत्रित किए?
(ब) पवित्रा ने किन रुपयों से कम्प्यूटर खरीदा?
(स) कम्प्यूटर से क्या लाभ हैं?
(द) पुनीत कहाँ रहता था?
उत्तर
(अ) पवित्रा ने थोड़े-थोड़े रुपये एकत्रित किए।
(ब) पवित्रा ने अपव्यय से बचाकर प्रतिमाह कुछ रुपये बचाकर कम्प्यूटर खरीदा।
(स) कम्प्यूटर से आज के तीव्रगामी परिवेश में बौद्धिक क्षमता का विकास होगा, वहीं रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
(द) पुनीत विवेकानंद विद्याभवन, तात्याटोपे नगर, भोपाल (म. प्र.) 462001 में रहता था।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

(अ)
माँ ने पत्र में पुनीत को क्या सलाह दी?
उत्तर
माँ ने पत्र में पुनीत को बचत-खाते में पैसे जमा करने की सलाह दी।

(ब)
हम अपने बचत के पैसे कहाँ-कहाँ जमा करा सकते हैं?
उत्तर
हम अपने बचत के पैसे डाकघर के बचत खाते में जमा करा सकते हैं।

(स)
बचत की राशि से किस प्रकार राष्ट्र-सेवा होती है?
उत्तर
बचत की राशि से विभिन्न सार्वजनिक-हित के कार्यों को सहयोग देने से राष्ट्र की सेवा होती है।

(द)
सोच-समझकर पेसा खर्च करने से क्या-क्या लाभ हैं?
उत्तर
सोच-समझकर पैसा खर्च करने से धन का संग्रह होता है। इससे निजी बड़ी आवश्यकता की पूर्ति में सहायता पहुँच है।

(ई)
इस पत्र में निहित शिक्षा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
इस पत्र में निहित शिक्षा यह है कि जीवन में मितव्ययता का बहुत बड़ा महत्त्व है। अपव्यय से अनेक हानियाँ होती हैं। छोटी-छोटी-सी बचत से हमारी बहुत बड़ी आवश्यकता की पूर्ति होती है।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
बोतिए और लिखिएश्रेय, व्यवस्था, मितव्ययता, राष्ट्र।
उत्तर
श्रेय, व्यवस्था, मितव्ययता, राष्ट्र। प्रश्न

प्रश्न 2.
शुद्ध वर्तनी बाले शब्द पर गोता लगाइए
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 2
उत्तर
स्थिति, प्रसन्नता, व्यावहारिक, अप्रत्यक्ष।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
एक पंथ दो काज, जिसकी लाठी उसकी भैंस, जी ललचाना, आगा-पीछा सोचना, बूंद-बूंद से घड़ा भरना।
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 3
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 4

प्रश्न 4.
प्रत्यक्ष शब्द में ‘अ’ उपसर्ग लगाने से उसका विलोम शब्द ‘अप्रत्यक्ष’ बनता है। इसी प्रकार निम्नलिखित
शब्दों में ‘अ’ लगाकर विलोम शब्द बनाइए
ज्ञान, संभव, हित, व्यवस्था, व्यावहारिक।
उत्तर
शब्द – विलोम शब्द
ज्ञान – अज्ञान
संभव – असंभव
हित – अहित
व्यवस्था – अव्यवस्था
व्यावहारिक – अव्यावहारिक

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 प्रश्न 5.
उदाहरण के अनुसार सन्धि विच्छेद किजिए

MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 5
उत्तर
MP Board Class 8th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 20 बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है 6

गयांश की संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. तुम्हें आश्चर्य होगा कि तुम्हारे द्वारा की गई छोटी-छोटी-सी बचत जहाँ तुम्हारी निजी बड़ी आवश्यकता पूर्ति में सहायक होती है, वहीं व्यापक रूप में राष्ट्रीय बचत तथा राष्ट्र के विकास का अंग बनती है। जानते हो, इस बचत राशि का उपयोग विभिन्न सार्वजनिक-हित के कार्यों में होता है। अतः हम अपनी बचत करने की एक छोटी-सी अच्छी आदत से अप्रत्यक्ष रूप में राष्ट्र की सेवा भी करते हैं।

शब्दार्थ- निजी-अपनी।

ब्यापक – बड़े रूप में। अप्रत्यक्ष-परोक्ष, जो दिखाई न दे।

संदर्भ – प्रस्तुत पक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक ‘सुगम भारती (हिंदी सामान्य) भाग-8 के पाठ 20 ‘बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है’ से ली गई हैं।

प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक ने छोटी-छोटी-सी बचत के महत्त्व को बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्य
पवित्रा देवी ने पत्र के माध्यम से अपने बेटे पुनीत को समझाते हुए कहा कि उसके द्वारा जो कुछ भी छोटी-छोटी-सी बचत भी उसकी अपनी एक बड़ी आवश्यकता को पूरा करने में अधिक सहायक होती है। इसके साथ-ही-साथ इससे पूरे राष्ट्र की भी बचत होती है। यही नहीं इससे राष्ट्र के विकास का अंग बनती है। इससे सार्वजनिक हित से संबंधित कामों में गति भी होती है। इसलिए हमें छोटी-सी-छोटी बचत करनी चाहिए। इस अच्छी आदत से परोक्ष रूप में राष्ट्र की सेवा भी हो जाती है।

विशेष

  • भाषा सरल है।
  • छोटी-सी-छोटी बचत की सीख दी गई है।

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