MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5

निम्नलिखित की रचना कीजिए –

प्रश्न 1.
एक वर्ग READ जिसमें RE = 5.1 cm है।
हल:
रचना के चरण –

  1. एक सर्वप्रथम एक रेखाखण्ड RE = 5.1 cm बनाया।
  2. रेखाखण्ड RE के R के बिन्दु पर ∠XRE = 90° बनाया।
  3. किरण RX से 5.1 cm लम्बा रेखाखण्ड काट लिया।
  4. D तथा E बिन्दुओं के केन्द्र मानकर और 4 cm त्रिज्या लेकर दो चाप लगाए जो एक-दूसरे को A पर काटते हैं।
  5. DA तथा EA को मिलाया। इस प्रकार प्राप्त आकृति READ अभीष्ट वर्ग है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5 img-1

प्रश्न 2.
एक समचतुर्भुज जिनके विकर्णों की लम्बाई 5.2 cm और 6-4 cm है।
हल:
रचना के चरण –

  1. माना कि विकर्ण AC = 5.2 cm तथा BD = 6.4 cm है।
  2. रेखाखण्ड AC = 5.2 cm बनाया।
  3. AC का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो AC को O बिन्दु पर काटता है।
    MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5 img-2
  4. O बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा \(\frac{BD}{2}\) = \(\frac{6.4}{2}\) cm = 3.2 cm त्रिज्या लेकर दो चाप लगाए जो OX को D पर तथा OY को B पर काटता है।
  5. AD, CD, CB और AB को मिलाया।
  6. प्राप्त आकृति ABCD अभीष्ट समचतुर्भुज है।

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प्रश्न 3.
एक आयत जिसकी आसन्न भुजाओं की लम्बाइयाँ 5 cm और 4 cm हैं।
हल:
रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड PQ = 5 cm बनाया।
  2. P बिन्दु पर ZQPX = 90° बनाया।
  3. बिन्दु K को केन्द्र मानकर तथा 4 cm त्रिज्या लेकर चाप लगाया जो XP सेवा को S पर प्रतिच्छेद करता है।
  4. अब S को केन्द्र मानकर तथा 5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप लगाया।
  5. Q बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 4 cm त्रिज्या लेकर एक चाप लगाया। ये दोनों चाप एक दूसरे को बिन्दु R पर प्रतिच्छेद करते हैं।
  6. SR तथा QR को मिलाया। इस प्रकार प्राप्त आकृति PQRS एक अभीष्ट आयत है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.5 img-3

प्रश्न 4.
एक समान्तर चतुर्भुज OKAY जहाँ OK = 5.5 cm और KA = 4.2 cm है। क्या यह अद्वितीय है?
हल:
किसी चतुर्भुज की रचना के लिए पाँच मापों का होना आवश्यक है।

यहाँ समान्तर चतुर्भुज की रचना के लिए दो आसन्न भुजाएँ दी गई हैं। अर्थात् चार भुजाएँ दी गई हैं। सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं। अतः चतुर्भुज की रचना के लिए एक और माप आवश्यक है। यह माप दो आसन्न भुजाओं के बीच का कोण हो सकता है या अद्वितीय चतुर्भुज के लिए यह एक विकर्ण हो सकता है।

अतः दी गई चार मापों से अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज की रचना नहीं हो सकती है।

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 7 सुविज्ञातमेव विश्वसेत्

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 7 सुविज्ञातमेव विश्वसेत् (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 7 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पदेन उत्तरं लिखत् (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) पर्कटीवृक्षः कुत्र अस्ति? (पाकर का वृक्ष कहां पर है?)
उत्तर:
पर्कटीवृक्षः गृध्रकूटनामि अस्ति। (गृध्रकूट नामक स्थान में)

(ख) पक्षिशावकं भक्षितुं कः आगतः? (पक्षी के बच्चे को खाने के लिए कौन आया?)
उत्तर:
पक्षिशावकं भक्षितुं मार्जारः आगतः। (बिल्ली)

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(ग) विश्वासस्य मार्जारः कुत्र स्थितः? (विश्वास की बिल्ली कहां थी?)
उत्तर:
विश्वासस्य मार्जारः तस्फूटते स्थितः। (उसके कोटर में)

(घ) पक्षिशावकान् खादित्वा मार्जारः कुत्र गतः? (पक्षी के बच्चे को खाकर बिलाव कहां गया?)
उत्तर:
पक्षिशावकान् खादित्वा मार्जारः कोटरान्नि सृत्य बहिः प्रलायतिः। (कोटर से बाहर चला गया।)

(ङ) गृध्रः केः हतः? (गिद्ध ने किनको मारा?)
उत्तर:
गृधः पक्षिभि हतः। (पक्षियों को)

(च) कस्यदोषेण गृध्रः हतः? (किसके दोष के कारण गिद्ध मारा गया?)
उत्तर:
मार्जारस्य हि दोषेण। (बिल्ली के दोष के कारण)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखिए)
(क) जरद्गवनामा गृध्रः कुत्र वसति? (जदर्गव नाम का गिद्ध कहां रहता था?)
उत्तर:
जरद्गवनामा गृध्रः पर्कटीवृक्षः वसति। (जरद्गव नाम का गिद्ध पाकर के वृक्ष में रहता था।)

(ख) जनः वध्यः पूज्यः वा कथं भवति? (लोगों का वध व पूजा कैसे होती थी?)
उत्तर:
जनः वध्यः पूज्यः वा कर्मणा भवति। (लोगों का वध व पूजा कर्म से होती थी।)।

(ग) कस्मै वासो न देयः? (किसको निवास करने नहीं देना चाहिए?)
उत्तर:
आज्ञात् कुलशीलस्य वासो न देयः। (अज्ञात और जिसके कुल का ज्ञान न हो ऐसे लोगों को निवास नहीं देना चाहिए।)

(घ) पञ्चतन्त्रस्य रचनाकारः कः? (पञ्चतन्त्र के रचनाकार कौन हैं?)
उत्तर:
पञ्चतन्त्रस्य रचनाकार विष्णु शर्मा आसीत। (पंचतन्त्र के रचयिता विष्णु शर्मा थे।)

प्रश्न 3.
अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
(क) पंचतन्त्र कानि पञ्चतन्त्राणि? (पंचतन्त्र में कौन-कौन से पांच तंत्र हैं?)
उत्तर:
पञ्चतंत्रे लब्धप्राणभः, मित्रभेद, मित्रलाभः, काकोलकी अपरिक्षित कारक इति पंचतन्त्राणि। (पंचतंत्र में लब्ध प्राणसा, मित्र-भेद, मित्र-प्राप्ति, काकोलुकीयम अपरिक्षित कारक नाम के पांच तंत्र हैं, (पुस्तकें हैं)

(ख) मार्जारः गृधं कथं विश्वासस्य तरुकोटरे स्थितः? (बिल्ली ने गिद्ध को किस विश्वास के साथ वृक्ष के कोटर में रहने दिया?)
उत्तर:
मार्जारः गृधं अहिंसा परमो धर्मः विश्वासस्य तरु कोटरे स्थितः। (बिल्ली ने गिद्ध को अहिंसा परम धर्म है-इस विश्वास के साथ रहने दिया।)

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(ग) कोटरे निवसन मार्जारः किं करोति स्म? (कोटर में निवास करते हुए बिल्ली क्या करती थी?)
उत्तर:
कोटरे पक्षीशावकामअभक्षयत करोति स्म? (कोटरे में निवास करते हुए बिल्ली पक्षियों के बच्चों को खाती थी।)

(घ) अस्या कथायाः सारः कः? (इस कथा का सार क्या है?)
उत्तर:
अस्या कथायाः सारः अस्ति-अज्ञात् कुलशीलस्य वासो न देयः। (इस कथा का सार है-अज्ञात एवं जिनके कुल का ज्ञान न हो ऐसे व्यक्ति को आश्रय नहीं देना चाहिए।)

प्रश्न 4.
प्रदत्तैः शब्देः रिक्तस्थानानि पूरयत
(क) गृध्रकूटनाम्नि पर्वते पर्कटीवृक्षः अस्ति। (पर्वते/गृहे)
(ख) वृक्षस्य कोटरे जरद्गवनामा गृध्रः प्रतिवसित। (सिद्धः/गृध्रः)
(ग) मार्जारः प्रतिदिनम् पक्षिशावकम् खादति। (पशुशावकम् पक्षिशावकम्)
(घ) गृध्रः पक्षिशावकान् रक्षति। (रक्षति/भक्षति)
(ङ) पक्षिभिः गृध्रः हतः। (मार्जारः/गृध्रः)

प्रश्न 5.
युग्मेलनं कुरुत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 7 सुविज्ञातमेव विश्वसेत् img-1

प्रश्न 6.
कोष्ठकात् उचितपदं चित्वा रेखाङ्गितपदै प्रश्ननिर्माणं कुरुत
(कैः, कस्य, के, कम्, केन)
उदाहरणं यथा :
अज्ञातः अविश्वसनीयः भवति।
कः अविश्वसनीयः भवति?
(अ) मार्जारस्य दोषेण गृध्रः हतः।
उत्तर:
कस्य दोषेण गृध्रः हतः?

(ब) पक्षिभिः जरद्गवः हतः।
उत्तर:
कैः जरद्गवः हतः?

(स) व्यवहारेण जनः पूज्यः भवति।
उत्तर:
केन जनः पूज्यः भवति?

(द) गृध्रः मार्जारम् उक्तवान्।
उत्तर:
गृध्रः कम् उक्तवान्?

(ङ) पक्षिणः दुःखेन विलापं कृतवन्तः।
उत्तर:
के दुःखेन विलापं कृतवन्तः?

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प्रश्न 7.
विपरीतार्थशब्दानां मेलनं कुरुत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 7 सुविज्ञातमेव विश्वसेत् img-2

प्रश्न 8.
उदाहरणानुसारं धातुं प्रत्ययं च पृथक कुरुत
उदाहरण-
दृष्ट्वा – दृश + क्त्वा
(क) हन्तव्यः
(ख) हतः
(ग) भक्षितुम्
(स) परिज्ञाय
(द) श्रोतुम्
(ङ) श्रुत्वा
उत्तर:
(क) हन्तव्यः – हन् + तव्यत्
(ख) हतः – हन् + क्त
(ग) भक्षितुम् – भक्ष् + तुमुन्
(स) परिज्ञाय – परि + ज्ञा + ल्यप्
(द) श्रोतुम् – श्रु + तुमुन्
(ङ) श्रुत्वा – श्रु + क्त्वा

प्रश्न 9.
उदाहरणानुसारं वर्तमानकालिक क्रियापदानां कालपरिवर्तनं कुरुत
उत्तर:
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 7 सुविज्ञातमेव विश्वसेत् img-3

प्रश्न 10.
निम्नलिखितानि अव्ययानि प्रयुज्य वाक्यानि स्वयत
यदि-यदि पुस्तकम् अस्ति तर्हि पठतु।
उत्तर:
सदा – सदा भूपेन्द्र पटेलः पठति तदा दुर्गेशः लिखति।
कदा – त्वम् कदा विद्यालयं गच्छसि।
अथ – अथ राम कथा श्रावयामि।
एव – अहम् एव गच्छामि।
इति – इति सः भोपालुपरम् अगच्छत्।
अपि – अहम् अपि छात्रः अस्मि।
अत्र – अत्र उत्कृष्ट विद्यालयः अस्ति।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित शब्दानां द्विवचन बहुवचनं च लिखत
उदाहरणं यथा
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सुविज्ञातमेव विश्वसेत् पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

कथाएँ प्रायः उपदेशपरक होती हैं। इनमें सरल, रोचक एवं विनोदप्रिय शैली में जीवनोपयोगी विचार व्यक्त किए गए हैं। संस्कृत साहित्य में कथा साहित्य की बहुत दीर्घ परंपरा रही है। संस्कृत कथाकारों में मूर्धन्य नारायण पंडित ने बालकों को शिक्षा के उद्देश्य से हितोपदेश की रचना की। प्रस्तुत पाठ भी हितोपदेश से ही संकलित किया गया है।

सुविज्ञातमेव विश्वसेत् पाठ का हिन्दी अर्थ

1. अस्ति भागीरथीतीरे गृध्रकूटनाम्नि पर्वते महान पर्कटीवृक्षः। तस्य कोटरे दैवदुर्विपाकाद्गलितनस्व-नयने जरद्गवनामा गृध्रः प्रतिवसति। अथ कृपया तज्जीवनाय तवृक्षवासिनः पक्षिणः स्वाहारात् किञ्चित्-किञ्चिदुद्धृत्य ददति। तेन असौ जीवति। अथ कदाचिद् दीर्घकर्णनामा मार्जारः पक्षिशावकान्भक्षितुं तत्रागतः। ततस्तमायान्तं दृष्ट्रवा पक्षिशावकैर्भयार्तेः कोलाहलः कृतः। तच्छ्रुत्वा जरद्गवेनोक्तम्-कोऽयमायाति! दीर्घकर्णो गृध्रमवलोक्य सभयमाह-“हा हतोऽस्मि’ अधुनास्य सन्निधाने पलायितुमक्षमः।

तद्यथा भवितव्यं तद्भवतु। तावविश्वासमुत्पाद्यास्य समीपं गच्छामि। इत्यालोच्योपसृत्याब्रवीत-आर्य! त्वामभिवन्दे। गृध्रोऽवदत्-कस्त्वम्? सोऽवदत्-मार्जारोऽहम्। गृध्रो ब्रूते-दूरमपसर। नो चेत् हन्तव्योऽसि मया। मार्जारोऽवदत्-श्रूयतां तावद्स्मद्वचनम्। ततो यद्यहं व ध्यस्तदा हन्तव्यः यतः

जातिमात्रेण किं कश्चित् हन्यते पूज्यते क्वचित्।
व्यवहारं परिज्ञाय वध्यः पूज्योऽथवा भवेत् ॥

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शब्दार्थ :
पर्कटीवृक्षः-पाकड़ का वृक्ष-Tree of Pakar; दैवदुर्विपाकात्-दुर्भाग्य से-Unfortunatly; किञ्चिदुधृत्य-थोड़ा-थोड़ा निकालकर-To take out of few; निरामिषाशी-मांस का भक्षण न करने वाला-Vegitarian; विद्यावयोवृद्धभ्यो-विद्या और अवस्था में बड़ी से-Knowledge and age an old; वीतरागेणेदम्-विषय वासना को छोड़ने के बाद-After living enjoyment of object of sense; चान्द्रायणव्रतम्-एक प्रकार का व्रत-The fast of karvachouth; कोलाहलः-कलरव-Noise; श्रूयतां-सुनिए-Hello; हन्तव्य-मारना चाहिए-Should kill; निते-गानना चाहिए-Should agree; परिज्ञाय-जानकार-Knowledge.

हिन्दी का अर्थ :
भागीरथी नदी के तट पर स्थित गृद्धकूट नामक पर्वत पर एक विशाल पाकड़ का वृक्ष है। उस (वृक्ष) के कोटर में जरद्गव नामक एक गृद्ध रहता था जिसके दैव गति से नख आदि गल गए थे और आँखों से अंधा था। अतः उसके जीवन के रक्षार्थ उस वृक्ष पर रहने वाले पशु-पक्षी दया वश अपने आहार से थोड़ा-थोड़ा बचाकर उसे भी दे देते थे जिससे वह जीवित था। एक बार दीर्घकर्णनामक बिलाव पक्षियों के भक्षण के उद्देश्य से वहाँ आया। उस बिलाव को वहां आया देख पक्षि-शावकों ने भयभीत होकर कोलाहल किया। उसे सुन जरद्गव बोला-यह कौन आ रहा है? दीर्घकर्ण गद्ध को देख भयभीत होकर बोला-हा!

अब तो मैं मारा गया? अब तो इसके सामने से भागने में भी अक्षम हूँ। तब भी जो होगा देखा जाएगा-ऐसा विश्वास मन में भरकर उसके समीप गया और बोला-आर्य! मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ। गृद्ध ने कहा-तुम कौन हो? वह बोला-में बिलाव हूँ। गिद्ध बोला-दूर हटो अन्यथा तुम मेरे द्वारा मारे जाओगे। बिलाव बोला-मेरी दो बातें सुन लीजिए। उसके बाद यदि मैं मारने योग्य हूँ तो मार डालिए क्योंकि जाति मात्र से ही कोई मारने या पूजने योग्य नहीं हो जाता बल्कि व्यवहार के कारण मारने या पूजने योग्य होता है।

2. गृध्रो ब्रूते-ब्रूहि किमर्थमागतोऽसि? सोऽवदत्-अहमत्र गङ्गतीरे नित्यस्नायी निरामिषाशी ब्रह्मचारी चान्द्रायण व्रतमाचरंस्तिष्ठामि। “यूयं धर्मज्ञानरता विश्वासभूमयः” इति पक्षिणः सर्वे सर्वदा ममाग्रे प्रस्तुवन्ति। अतो भवद्भ्यो विद्यावयोवृद्धेभ्यो धर्म श्रोतुमिहागतः। भवन्तश्चैतादृशा धर्मज्ञा यन्मामतिथि हन्तुमुद्यताः। गृहस्थ धर्मश्चैषःयदि वा धजं नास्ति तदा प्रीतिवचसात्यतिथिः पूज्य एव।

शब्दार्थ :
किमर्थं-किस लिए-For what; अहम् अत्र-मैं यहाँ-I here; तिष्ठामि-करूँगा-Will do; हन्तुमुद्यताः-मारने के लिए तैयार-Ready to kill.

हिन्दी अर्थ :
गृद्ध बोला-बोलो, किस अर्थ से यहाँ आए हो? तब वह बोला-यहाँ मैं गंगा के तट पर आकर नित्य स्नान करता हूँ, निरामिष हूँ और ब्रह्मचर्य धारण किए हुए चान्द्रायण व्रत का अनुष्ठान करता हूँ। आप धर्म के ज्ञान से परिपूर्ण हो और विश्वास करने योग्य हो-ऐसा सभी पक्षी मेरे समक्ष आकर बोलते हैं। आप विद्या में पारंगत एवं आयु में भी बड़े हैं, धर्म-चर्चा सुनने आपके यहाँ आया हूँ। किन्तु इतना धर्म मर्मज्ञ होने पर भी मुझे मार डालने के लिए उद्यत हैं। गृहस्थ धर्म तो यह है कि अतिथि सेवा करने के लिए धन न होने पर प्रेम पूर्ण वचन से भी अतिथि की सेवा होती है।

3. गृध्रोऽवदत्-“मार्जारो हि मांसरुचिः।” पक्षिशावकाश्चात्र निवसन्ति तेनाहत्मेवं ब्रवीमि। तत्छ्रुत्वा मार्जारो भूमिं स्पृष्ट्वा कर्णौ स्पृशति ब्रूते च-मया धर्मशास्त्रं श्रुत्वा वीतरागेणेदं दुष्करं व्रतं चान्द्रायणमध्यवसितम्। परस्परं विवदमानानामपि धर्मशास्त्राणाम् “अहिंसा परमो धर्मः!” इत्यत्रैकमत्यम्।

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शब्दार्थ :
अवदत्-बोले-Spoke; तेनाहमेवं-इससे मैं इस प्रकार-I am for this, that; वीतरागेणेदं-राग आदि चले गए हों-Attachtment and aversion has gone; चान्द्रायणमध्यवसितम्-चन्द्रायण व्रत का अनुष्ठान-worship of Chandrayan fast; इत्यत्रैकमत्यम्-एक मत है-For one aim.

हिन्दी अर्थ :
तब गृद्ध बोला-बिलाव की रुचि मांस में होती है और यहाँ पक्षियों के बच्चे रहते हैं इसलिए मैंने ऐसा कहा। यह सुनकर बिलाव पृथ्वी का स्पर्श कर कानों को पकड़ता हुआ बोला-मैं धर्मशास्त्र का श्रवण करते हुए वीतराग होकर इस दुष्कर चान्द्रायण व्रत का अनुष्ठान कर रहा हूँ। परस्पर विवाद मानने वालों में भी धर्मशास्त्र कहते हैं-अहिंसा ही परम धर्म है।

4. एवं विश्वास्य स मार्जारस्तरुकोटरे स्थितः। ततो दिनेषु गच्छत्सु पक्षिशावकानाक्रम्य कोटरमानीय प्रत्यहं खादति। येषामपत्यानि खादितानि तैः शोकातैर्विलपद्भिरितस्ततो जिज्ञासा समारब्धा। तत्परिज्ञाय मार्जारः कोटरान्निः सृत्य बहिः पलायितः। पश्चात्पक्षिभिरितस्ततो निरूपयद्भिः तत्र तरु कोतरे शावकास्थीति प्राप्तानि। अनन्तरं ते ऊचुः-“अनेनैव जरद्गवेनास्माकं शावकाः खादिताः” इति सर्वैः पक्षिभिनिश्चित्य गृध्रो व्यापादितः अतोऽहं ब्रीवीमि –
अज्ञातकुलशीलस्य वासो देयो न कस्यचित्।
मार्जारस्य हि दोषेण हतो गृध्रो जरद्गवः॥

शब्दार्थ :
मार्जारस्तकोटरे-विलाव वृक्ष की कोटर में-Cat in the hole of tree; गच्छसु-जाने लगा-To going; निसृत्य-बाहर निकलकर-After get out; पलायितः-भागा-Run; प्राप्तानि-प्राप्त किया-Received; अनेनैव-एक तरह-Like that; व्यापादितः-मर गए-Death; अज्ञातकुलशीलस्य-जिसका कुल व शील ज्ञात नहीं-Who has no knowledge of family & nature; जरद्गवः-जरद्गव ने-Jaradgavaney.

हिन्दी अर्थ :
इस तरह गृद्ध को विश्वास में लेकर वह बिलाव वृक्ष के कोटर में रहने लगा। फिर कुछ दिन बीतने पर पक्षि शावकों को बिलाव खा गया था वे पक्षी शोक के कारण विलाप करते हुए अपने बच्चों को ढूँढ़ने लगे। यह जान बिलाव कोटर से निकलकर भाग गया। पक्षियों द्वारा इधर-उधर अच्छी तरह ढूँढ़े जाने पर उस वृक्ष के कोटर में शावकों की अस्थियां मिलीं तब वे बोले-इस गृद्ध ने ही हमारे बच्चों को खाया-ऐसा निश्चय कर सभी पक्षियों ने गृद्ध को मार डाला। इसीलिए मैं कहता

जिसके चरित्र एवं कुल की जानकारी न हो, उसे कभी भी अपने पास नहीं रखना चाहिए क्योंकि इसी भूल के कारण बिलाव के कर्मों का फल जरद्गव को भोगना पड़ा।

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MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 28 भारत की जनसंख्या एवं वितरण

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 28 भारत की जनसंख्या एवं वितरण

MP Board Class 6th Social Science Chapter 28 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
(अ) भारत में जनसंख्या की कौन-कौन-सी विशेषताएँ हैं ? नाम बताते हुए किसी एक को विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित –

  • व्यावसायिक भिन्नता
  • स्त्री-पुरुष अनुपात में अन्तर
  • आयु संरचना
  • साक्षरता स्तर,
  • ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता,
  • सांस्कृतिक भिन्नता।

ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता-भारत गाँवों का देश है यहाँ लगभग 5 लाख गाँव हैं और कुल आबादी का तीन चौथाई भाग अर्थात् 68.8 प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती है। 31-2 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में बसती है जहाँ के अधिकतर व्यक्ति कृषि के अतिरिक्त सेवा कार्य, उद्योग, व्यापार, परिवहन आदि से जीविका चलाते हैं।

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(ब) भारत में अधिक जनसंख्या वाले राज्य बताइए।
उत्तर:
भारत में अधिक जनसंख्या वाले राज्य हैं – उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखण्ड, बिहार, कर्नाटक।

(स) भारत की प्रमुख जनजातियों का वितरण बताइए।
उत्तर:
भारत में सर्वाधिक जनजाति वाले राज्य हैंनागालैण्ड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार आदिवासी जनसंख्या के मध्यवर्ती क्षेत्र हैं।

(द) मध्य प्रदेश में कौन-कौन-सी जनजातियाँ रहती हैं ? किन्हीं तीन के नाम लिखिए।
उत्तर:
भील, कोल और कोरकू।

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करिए
(अ) भारत की ………… प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती है।
(ब) मध्य प्रदेश की साक्षरता दर ………….. है।
(स) स्त्री व पुरुष जनसंख्या के संख्यात्मक अनुपात को ………… कहते हैं।
(द) भारत की लगभग दो तिहाई जनसंख्या …………. पर निर्भर है।
उत्तर:
(अ) 68.8
(ब) 64.3%
(स) स्त्री-पुरुष अनुपात
(द) कृषि।

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प्रश्न 3.
सही जोड़ी बनाइए –
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 28 भारत की जनसंख्या एवं वितरण img 1
उत्तर:
(अ) (iii) बिहार
(ब) (i) केरल वाला राज्य
(स) (iv) असम
(द) (ii) मध्य प्रदेश

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 4 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 64

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
क्या एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना के लिए कोई भी पाँच माप (भुजाओं और कोणों की) पर्याप्त हैं?
उत्तर:
हाँ, किसी भी अद्वितीय चतुर्भुज की रचना के लिए कोई भी पाँच माप पर्याप्त हो सकती हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 4.1) –

प्रश्न 1.
अरशद के पास एक चतुर्भुज ABCD की पाँच माप हैं। ये माप AB = 5 cm, ∠A = 50°, AC = 4 cm, BD = 5 cm और AD = 6 cm हैं। क्या वह इन मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज बना सकता है? अपने उत्तर के कारण दीजिए।
उत्तर:
दी गई मापों से चतुर्भुज ABCD नहीं बन सकता है। कारण निम्न हैं –

  1. विकर्ण AC =4 cm लेने पर ∆ABC की रचना सम्भव है परन्तु ∆ACD की रचना सम्भव नहीं है। अतः चतुर्भुज ABCD नहीं बन सकता है।
  2. विकर्ण BD = 5 cm लेने पर AABD एवं ABCD सम्भव नहीं है। अतः चतुर्भुज ABCD बनना असम्भव है।

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 66

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 4.2) –

प्रश्न 1.
हमने देखा कि एक चतुर्भुज की पाँच मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है। क्या आप सोचते हैं कि चतुर्भुज की किन्हीं पाँच मापों से ऐसी रचना की जा सकती है?
उत्तर:
हाँ, एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना करने के लिए पाँच मापों का होना आवश्यक है। परन्तु इन मापों का अद्वितीय होना भी आवश्यक है। अद्वितीय चतुर्भुज की रचना के लिए निम्न मापों का होना आवश्यक है –

  1. चारों भुजाएँ और एक विकर्ण।
  2. दो विकर्ण और तीन भुजाएँ।
  3. दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोण।
  4. तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोण।
  5. अन्य विशिष्ट गुण।

प्रश्न 2.
क्या आप एक समान्तर चतुर्भुज BATS की रचना कर सकते हैं जिसमें BA = 5 cm, AT = 6 cm और AS = 6.5 cm हो? क्यों?
उत्तर:
हाँ, इन मापों से समान्तर चतुर्भुज BATS की रचना की जा सकती है। इन मापों से ∆BAS और ∆SAT की रचना करके समान्तर चतुर्भुज BATS की रचना की जा सकती है।

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प्रश्न 3.
क्या आप एक समचतुर्भुज (Rhombus) ZEAL की रचना कर सकते हैं जिसमें ZE = 3.5 cm विकर्ण EL= 5 cm है ? क्यों ?
उत्तर:
हाँ, दी गई मापों से सम-चतुर्भुज ZEAL की रचना कर सकते हैं। समचतुर्भुज की रचना ∆ZEL तथा ∆LEA की रचना करके की जा सकती है।

प्रश्न 4.
एक विद्यार्थी चतुर्भुज PLAY की रचना करने का प्रयास करता है जिसमें PL = 3 cm, LA = 4 cm, AY = 4.5 cm, PY = 2 cm और LY = 6 cm है, परन्तु वह इसकी रचना नहीं कर सका। कारण बताइए।
हल:
चतुर्भुज PLAY की रचना करने के लिए इसे दो त्रिभुजों ∆PLY तथा ∆LAY में विभाजित किया। दी हुई मापों से ∆LAY की रचना की। ∆PLY की रचना दी गई मापों से असम्भव है, क्योंकि PL + PY < LY अर्थात् 3 + 2 < 6 अतः ∆PLY की रचना सम्भव नहीं है। अत: चतुर्भुज PLAY को दो त्रिभुजों में विभाजित नहीं किया जा सकता। इसलिए चतुर्भुज PLAY की रचना नहीं की जा सकती है।
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MP Board Class 6th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 3

MP Board Class 6th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 3

MP Board Class 6th Social Science विविध प्रश्नावली 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न I.
(1) मौर्य वंश का अन्तिम शासक कौन था ?
उत्तर:
मौर्य वंश का अन्तिम शासक बृहद्रथ था।

(2) संगम साहित्य से आशय बताइए।
उत्तर:
दक्षिण में तीसरी कवि परिषद् की रचनाएँ संगम साहित्य कहलाती हैं।

(3) महाबलीपुरम के रथ मंदिरों का निर्माण किस वंश के राजाओं ने कराया ?
उत्तर:
पल्लव वंश के राजाओं ने कराया था।

(4) अलवार किसके उपासक थे ?
उत्तर:
अलवार विष्णु के उपासक थे।

(5) पल्लव वंश के दो शासकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
नर सिंह वर्मन प्रथम और महेन्द्र वर्मन प्रथम।

(6) पुलकेशिन द्वितीय कहाँ का राजा था ?
उत्तर:
पुलकेशिन द्वितीय वातापी का राजा था।

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(7) फाह्यान कौन था ? वह किसके शासन काल में भारत आया था ?
उत्तर:
फाह्यान एक विदेशी यात्री था। वह चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में भारत आया था।

(8) थाईलैण्ड का प्राचीन नाम बताइए।
उत्तर:
श्याम।

(9) नगर पंचायत का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कौन होता है ?
उत्तर:
मुख्य नगरपालिका अधिकारी।

(10) नगर पालिका के सदस्यों को क्या कहा जाता है ?
उत्तर:
नगर पालिका के सदस्यों को पार्षद कहा जाता है।

(11) जिला पंचायत के कोई दो कार्य लिखिए।
उत्तर:

  • ग्राम पंचायत के कार्यों की देख-रेख।
  • जिले के सरकारी विभागों में समन्वय।

(12) दीवानी और फौजदारी मुकदमे में क्या अन्तर है ?
उत्तर:
जमीन-जायदाद, रुपये-पैसे आदि लेन-देन सम्बन्धी विवाद दीवानी मामले कहलाते हैं। इनकी सुनवाई दीवानी न्यायालयों में होती है। चोरी, मारपीट, हत्या आदि मामले फौजदारी मामले कहलाते हैं। इनकी सुनवाई फौजदारी न्यायालयों में होती है।

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(13) मध्य प्रदेश का उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है ?
उत्तर:
जबलपुर।

(14) मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय की खंडपीठ किन दो शहरों में स्थित है ?
उत्तर:
ग्वालियर और इन्दौर।

(15) रबी फसल और खरीफ फसल में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
रबी की फसल अक्टूबर में बोकर अप्रैल में काटी जाती है जबकि खरीफ की फसल जुलाई में बोकर अक्टूबर में काटी जाती है।

(16) रेशेदार फसल से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
रेशेदार फसलें वे हैं जिनमें रेशे होते हैं, जैसे-कपास और जूट।

(17) शक्ति के साधन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जिन संसाधनों से ऊर्जा उत्पन्न की जाती है, उन्हें शक्ति के साधन कहते हैं।

(18) भारत के पड़ोसी देशों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग बताइए।
उत्तर:
दिल्ली, लाहौर, कोलकाता, बांग्लादेश।

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(19) बन्दरगाह से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
बंदरगाह समुद्र तट पर बने ऐसे स्थान होते हैं जहाँ से बड़ी-बड़ी नौकाओं तथा जलयानों द्वारा माल और यात्रियों को लाने ले जाने का कार्य किया जाता है।

(20) ह्वेनसांग ने भारत के विषय में क्या लिखा है ? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा विवरण में तत्कालीन राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक तथा आर्थिक स्थिति का वर्णन किया है।

(21) पुलकेशिन द्वितीय ने किसको हराया था ?
उत्तर:
हर्षवर्धन को।

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MP Board Class 6th Social Science विविध प्रश्नावली 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न II.
(1) हर्षवर्धन की विजयों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हर्ष ने पंजाब,. पूर्वी राजस्थान, असम और गंगाघाटी के प्रदेशों को जीतकर अपने साम्राज्य में मिला लिया। 620 ई. में पुलकेशिन द्वितीय ने हर्ष के विजय अभियान को नर्मदा नदी के किनारे पर रोक दिया। हर्ष के साम्राज्य में मगध, उड़ीसा, पूर्वी बंगाल, गजरात, सौराष्ट्र, मालवा तथा सिन्ध प्रदेश सम्मिलित थे। हर्ष ने जिन राजाओं को हराया था वे सभी हर्ष को कर देते थे और युद्ध के समय उसकी मदद के लिए अपने सैनिक भेजते थे। इस काम के बदले में वे अपने क्षेत्र के राजा बने रहे।

(2) टिप्पणी लिखिए –
(अ) भारत का पश्चिमी देशों से सम्बन्ध
(ब) भारत का अरब देशों से सम्बन्ध
(स) भारत का मध्य एशिया से सम्बन्ध
(द) भारत का चीन से सम्बन्ध।
उत्तर:
(अ) भारत का पश्चिम देशों से सम्बन्ध – ईसा से लगभग 2000 वर्ष पूर्व से ही भारत के पश्चिम से सम्बन्ध थे। भारत का मिस्र व मेसोपोटामिया के साथ सम्बन्ध था। ईसा से 600 वर्ष पूर्व से ही भारत के फारस, यूनान व रोम से सम्बन्ध थे। रोम में भारत से बढ़ते आयात से तत्कालीन इतिहासकार प्लीनी १पी चिन्तित था।

(ब) भारत का अरब देशों से सम्बन्ध – अरब देशों और भारत के सम्बन्ध अति प्राचीन रहे हैं। अरब ने भारत से अंक पद्धति तथा दशमलव प्रणाली का ज्ञान पाया। कालान्तर में अरबों ने भारत व यूरोप के बीच के स्थल मार्ग पर कब्जा कर लिया। इस प्रकार वे भारत व यूरोप के बीच एक कड़ी बन गये।

(स) भारत का मध्य एशिया से सम्बन्ध – प्राचीन गांधार प्रदेश, जिसे आज अफगानिस्तान कहते हैं, मध्य एशिया में ही है। यह प्रदेश बौद्ध धर्म व कला का बड़ा केन्द्र था। बुद्ध की प्राचीनतम प्रतिमाएँ यहीं बनी हैं। सम्राट अशोक ने अपने धर्म प्रचारकों को मध्य एशिया में ही भेजा था।

(द) भारत का चीन से सम्बन्ध – चीन में बौद्ध धर्म भारत से ही गया था। भारत की यात्रा अनेक चीनी विद्वानों ने की। इनमें चीनी यात्री फाह्यान छः वर्षों तक भारत में रहा। चीन रेशम का मुख्य उत्पादक रहा, रेशम मार्ग से भारतीय व्यापारी भी व्यापार करते थे।

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(3) त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से आप क्या समझते हैं ? ग्राम पंचायत तथा जिला पंचायत के गठन बताइए।
उत्तर:
ग्राम स्तर पर (1) ग्राम पंचायत, विकास खण्ड स्तर पर (2) जनपद पंचायत तथा जिला स्तर पर (3) जिला पंचायतें गठित की गई हैं। इन्हीं तीन स्तरों में स्थापित व्यवस्था को त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के नाम से जाना जाता है। कम-से-कम एक हजार की आबादी वाले प्रत्येक गाँव में एक ग्राम पंचायत का गठन किया जाता है। यदि किसी गाँव की आबादी एक हजार से कम है तो एक से अधिक गाँवों को मिलाकर एक ग्राम पंचायत बना दी जाती है।

ग्राम पंचायत में 10 से 20 तक सदस्य (पंच) होते हैं जिनका चुनाव गाँव की जनता करती है। चुनाव करने के लिए पंचायत क्षेत्र को जनसंख्या के आधार पर कुछ वार्डों में बाँट दिया जाता है तथा प्रत्येक वार्ड से एक सदस्य (पंच) का चुनाव होता है। इन वार्डों को पंचायत वार्ड कहते हैं। वार्ड के लोग वोट देकर पंच तथा सरपंच चुन लेते हैं। सबसे अधिक वोट पाने वाला व्यक्ति ही पंच तथा सरपंच (प्रधान) बनता है।

(4) नगर पालिका का गठन कहाँ व कैसे होता है ? समझाइए।
उत्तर:
नगर पंचायत का गठन-पाँच हजार से 20 हजार तक की आबादी वाले नगरों की व्यवस्था एवं देखभाल के लिए नगर पंचायतों का निर्माण किया जाता है।
नगर पंचायत निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनती है –

  • निर्वाचित सदस्य निर्वाचित सदस्यों को पार्षद कहते हैं। पार्षद का चुनाव नगर के मतदाताओं द्वारा बहुमत के आधार पर किया जाता है। नगरों को छोटे – छोटे कई वार्डों में बाँट दिया जाता है तथा प्रत्येक वार्ड से एक सदस्य चुना जाता है।
  • अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष – अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता करती है तथा उपाध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित पार्षदों द्वारा पार्षदों के बीच में से किया जाता है।
  • विशिष्ट सदस्य – विशिष्ट सदस्यों को एल्डरमैन भी कहते हैं। इनका चुनाव निर्वाचित सदस्यों द्वारा ऐसे व्यक्तियों में से किया जाता है जो योग्य एवं अनुभवी हों।
  • मुख्य नगरपालिका अधिकारी – यह सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है।

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(5) नगर निगम का गठन समझाइए।
उत्तर:
नगर निगम का गठन-जिन नगरों की जनसंख्या एक लाख से अधिक होती है, वहाँ नगर निगम का गठन किया जाता है। बड़े शहरों के क्षेत्र को छोटे-छोटे भागों में बाँटकर पार्षदों का चुनाव किया जाता है।

नगर निगम निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनता है –

  • निर्वाचित सदस्य – नगर निगम में चुने हुए सदस्यों की संख्या 50 से 150 तक होती है। नगरों को छोटे-छोटे कई वार्डों में बाँट दिया जाता है तथा प्रत्येक वार्ड से एक सदस्य चुना जाता है।
  • अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष – नगर निगम के अध्यक्ष को ‘महापौर’ अथवा ‘मेयर’ कहते हैं जिसका चुनाव सीधे जनता करती है। नगर निगम में एक उपाध्यक्ष की भी व्यवस्था है जिसे ‘उपमहापौर’ कहते हैं, जिसका चुनाव निर्वाचित पार्षदों द्वारा किया जाता है।
  • विशिष्ट सदस्य – नगर निगम के निर्वाचित सदस्य कुछ अनुभवी, विशिष्ट लोगों को एल्डरमैन के रूप में चुनते हैं। ___(iv) मुख्य प्रशासनिक अधिकारी-यह सरकार द्वारा नियुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा या राज्य प्रशासनिक सेवा का वरिष्ठ अधिकारी होता है। इसे निगम आयुक्त कहते हैं।

(6) भारत को प्रमुख प्राकृतिक वनस्पति विभागों में बाँटिए तथा किसी एक विभाग का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत में पाँच प्रकार की वनस्पति पाई जाती हैं –

  • उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन
  • उष्ण कटिबन्धीय पर्णपाती वन
  • कंटीले वन तथा झाड़ियाँ
  • ज्वारीय वन
  • पर्वतीय वन

(i) उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन – यह वन पश्चिम बंगाल के मैदानों, उड़ीसा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पाये जाते हैं। इन वनों के वृक्षों की ऊँचाई अधिक होती है। ये वन घने होते हैं और सदैव हरे-भरे रहते हैं। आबनूस, महोगनी, रोजवुड, बाँस, ताड़, रबर यहाँ के मुख्य वृक्ष हैं।

(ii) ज्वारीय वन – समुद्र तट के सहारे नदियों के डेल्टाओं में ज्वारीय वन पाये जाते हैं। सुन्दर वन इसका सबसे बड़ा क्षेत्र है। ये वन पश्चिम बंगाल में गंगा के मुहाने पर पाये जाते हैं। मैंग्रोव और सुन्दरी यहाँ के मुख्य वृक्ष हैं।

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(7) टिप्पणी लिखिए –
(अ) उष्ण कटिबन्धीय पर्णपाती वन।
(ब) ज्वारीय वन।
उत्तर:
(अ) उष्ण कटिबन्धीय पर्णपाती वन – हमारे देश में ये वन पश्चिमी घाट के पूर्वी ढालों पर प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी भागों में शिवालिक पहाड़ियों पर मिलते हैं। इन वनों के वृक्ष मध्यम ऊँचाई के होते हैं। इन वनों में सागौन, साल, शीशम, चन्दन आदि के वृक्ष मिलते हैं।

(ब) ज्वारीय वन – समुद्र तट के सहारे नदियों के डेल्टाओं में ज्वारीय वन पाये जाते हैं। सुन्दर वन इसका सबसे बड़ा क्षेत्र है। ये वन पश्चिम बंगाल में गंगा के मुहाने पर पाये जाते हैं। मैंग्रोव और सुन्दरी यहाँ के मुख्य वृक्ष हैं।

(8) भारत में पाये जाने वाले खनिजों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत के प्रमुख खनिज पदार्थ लोहा, मैंगनीज, बॉक्साइट, ताँबा, अभ्रक, सोना, चाँदी हैं।

(9) भारतीय जनसंख्या की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित –

  • व्यावसायिक भिन्नता
  • स्त्री-पुरुष अनुपात में अन्तर
  • आयु संरचना
  • साक्षरता स्तर,
  • ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता,
  • सांस्कृतिक भिन्नता।

ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता-भारत गाँवों का देश है यहाँ लगभग 5 लाख गाँव हैं और कुल आबादी का तीन चौथाई भाग अर्थात् 68.8 प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती है। 31-2 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में बसती है जहाँ के अधिकतर व्यक्ति कृषि के अतिरिक्त सेवा कार्य, उद्योग, व्यापार, परिवहन आदि से जीविका चलाते हैं।

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MP Board Class 6th Social Science बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न III.
1.  शक शासकों ने अपनी राजधानी बनाई थी –
(अ) दिल्ली
(ब) उज्जैन
(स) अजमेर
(द) भोपाल।
उत्तर:
(ब) उज्जैन

2. हर्षचरित के लेखक थे –
(अ) हर्षवर्द्धन
(ब) ह्वेनसांग
(स) बाणभट्ट
(द) कालिदास।
उत्तर:
(अ) हर्षवर्द्धन

3.  भुक्ति कहा जाता था –
(अ) प्रान्त
(ब) जिला
(स) नगर
(द) ग्राम।
उत्तर:
(अ) प्रान्त

4.  बाघ की गुफा में बने चित्र किस काल की चित्रकला का उदाहरण हैं ?
(अ) कुषाण काल
(ब) गुप्त काल
(स) हड़प्पा काल
(द) वैदिक काल।
उत्तर:
(ब) गुप्त काल

5.  जिले का सर्वोच्च अधिकारी होता है –
(अ) जिला पुलिस अधीक्षक
(ब) जिला शिक्षा अधिकारी
(स) कलैक्टर
(द) जिला परियोजना अधिकारी।
उत्तर:
(स) कलैक्टर

6.  भारत में पहला आधुनिक लौह इस्पात कारखाना स्थापित हुआ था –
(अ) भिलाई
(ब) राउरकेला
(स) विशाखापट्टनम
(द) कुल्टी।
उत्तर:
(द) कुल्टी।

7.  भारत में पहला सीमेण्ट कारखाना स्थापित हुआ था –
(अ) मध्य प्रदेश
(ब) बिहार
(स) उत्तर प्रदेश
(द) तमिलनाडु।
उत्तर:
(द) तमिलनाडु।

8.  कोयला उत्पादन में संसार में भारत का स्थान है –
(अ) पहला
(ब) तीसरा
(स) पाँचवाँ
(द) दूसरा।
उत्तर:
(स) पाँचवाँ

9.  बन्दरगाह है –
(अ) चेन्नई
(ब) दिल्ली
(स) भोपाल
(द) महाबलेश्वर।
उत्तर:
(अ) चेन्नई

10.  भारत में रेलमार्गों के जोन की संख्या है –
(अ) 7
(ब)8
(स) 9
(द) 10.
उत्तर:
(स) 9

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प्रश्न IV.
असमान छाँटिए –
1. कुषाण, नाग, चेर, कण्व।
2. मेघदूत, रघुवंश, अभिज्ञान शाकुन्तलम्, नीतिसार।
3. जावा, यवद्वीप, इण्डोनेशिया, बर्मा।
4. चन्द्रगुप्त प्रथम, चन्द्रगुप्त द्वितीय, राघवेन्द्र गुप्त, समुद्रगुप्त।
5. ग्राम पंचायत, राज्य पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत।
6. सागौन, शीशम, नारियल, साल।
7. कीकर, बबूल, जलकुम्भी, नागफनी।
8. आलू, तिल, सरसों, मूंगफली।
9. चेन्नई, भोपाल, कोलकाता, मुम्बई।
उत्तर:

  1. चेर
  2. नीतिसार
  3. इण्डोनेशिया
  4. राघवेन्द्र गुप्त
  5. राज्य पंचायत
  6. नारियल
  7. जलकुम्भी
  8. आलू
  9. भोपाल।

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प्रश्न V.
खाली स्थान की पूर्ति कीजिए1. शुंग वंश का अन्तिम शासक …….. था।
2. साँची के स्तूप के तोरणद्वार का निर्माण ………….. के काल में हुआ था।
3. ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि ………….. को मिली थी।
4. ‘स्वर्ण युग ………… काल को कहा जाता था।
5. रघुवंश के रचयिता ………… थे।
6. चीनी यात्री ह्वेनसांग ………… के काल में भारत आया था।
7. नालन्दा वर्तमान में ………… राज्य में स्थित है।
8. चीनी भाषा में बौद्ध ग्रन्थों का अनुवाद सर्वप्रथम ………….. ने किया।
9. ईसाई धर्म के संस्थापक …………. थे।
10. प्राचीन काल में ईरान ………….. कहलाता था।
11. ‘अविस्ता-ए-जेंद’ नामक धार्मिक उपदेशों का संग्रह ……….. धर्म से सम्बन्धित है।
12. सरपंच …………… पंचायत का मुखिया होता है।
13. पार्षद बनने की न्यूनतम आयु ………….. वर्ष होती है।
14. ककड़ी, खरबूजा, तरबूज …………… की फसलें हैं।
15. मध्यप्रदेश का जनसंख्या घनत्व …………. व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।
उत्तर:

  1. देवभूति
  2. हर्ष
  3. चन्द्रगुप्त
  4. गुप्त काल
  5. कालिदास
  6. हर्षवर्धन
  7. बिहार
  8. कश्यप मातंग
  9. ईसा
  10. फारस
  11. फारसी
  12. ग्राम
  13. 18
  14. जायद
  15. 2361

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 2 ब्रिटिश प्रशासन, नीतियाँ और प्रभाव

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 2 ब्रिटिश प्रशासन, नीतियाँ और प्रभाव

MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) ब्रिटिश संसद ने रेग्यूलेटिंग एक्ट कब पारित किया था?
(क) 1750 ई.
(ख) 1773 ई.
(ग) 1857 ई.
(घ) 1940 ई.
उत्तर:
(ख) 1773 ई.

(2) एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना कब हुई थी ?
(क) 1784 ई. में
(ख) 1790 ई. में
(ग) 1801 ई. में
(घ) 1901 ई. में
उत्तर:
(क) 1784 ई.

(3) सन् 1793 ई. में स्थाई बन्दोबस्त व्यवस्था किसके द्वारा लागू की गई थी?
(क) विलियम पिट के द्वारा
(ख) राबर्ट क्लाइव के द्वारा
(ग) वारेन हेस्टिंग्ज के द्वारा
(घ) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा
उत्तर:
(घ) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा

(4) सन् 1813 ई. में कौन-सा एक्ट पारित किया गया ?
(क) चार्टर एक्ट
(ख) पिट इण्डिया एक्ट
(ग) रेग्यूलेटिंग एक्ट
(घ) सिविल सर्विस एक्ट
उत्तर:
(क) चार्टर एक्ट

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) क्लाइव ने निजामत का कार्य ……………. पर छोड़ दिया था।
(2) सन् 1772 ई. में …………… बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया था।
(3) भारत में सिविल सर्विस की स्थापना …………….. ने की थी।
(4) रैयतवाड़ी व्यवस्था सर्वप्रथम ……………… और बम्बई (मुम्बई) में शुरू की गई।
(5) आधुनिक डाकतार (संचार) व्यवस्था को ………………. ने शुरू किया था।
उत्तर:

  1. बंगाल के नवाब
  2. वारेन हेस्टिंग्ज को
  3. लॉर्ड कार्नवालिस
  4. चेन्नई
  5. डलहौजी।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) भूमिकर वसूल करने के लिए कम्पनी द्वारा किसे नियुक्त किया गया था ?
उत्तर:
भूमिकर वसूल करने के लिए कम्पनी द्वारा जमींदारों को नियुक्त किया गया था।

(2) कॉर्नवालिस द्वारा किये गये सुधारों को किस पुस्तक में संग्रहीत किया गया है ?
उत्तर:
कॉर्नवालिस द्वारा किये गये सुधारों को कॉर्नवालिस संहिता’ नामक पुस्तक में संग्रहीत किया गया है।

(3) किसान का भूमि पर अधिकार किस व्यवस्था के अन्तर्गत समाप्त कर दिया गया था ?
उत्तर:
महालवाड़ी व्यवस्था के अन्तर्गत किसान का भूमि पर से अधिकार समाप्त कर दिया गया था।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) दोहरी शासन व्यवस्था का बंगाल की जनता पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
बंगाल के नवाब के पास शासन का सम्पूर्ण दायित्व था, परन्तु उसके पास न तो शक्ति थी और न ही धन था। कम्पनी के पास सेना और कोष दोनों थे, किन्तु शासन और सुरक्षा के प्रति उसकी जिम्मेदारी नहीं थी। परिणामस्वरूप बंगाल की दोहरी शासन व्यवस्था ने बंगाल की जनता को अपार कष्टों में डाल दिया।

(2) रेग्यूलेटिंग एक्ट के प्रमुख उद्देश्य क्या थे?
उत्तर:
कम्पनी की गतिविधियों पर नियन्त्रण रखने के लिए ब्रिटिश संसद ने सन् 1773 ई. में रेग्यूलेटिंग एक्ट पारित किया।
इस एक्ट के दो प्रमुख उद्देश्य थे –

  • कम्पनी के संगठन के दोषों को दूर करना, और
  • भारत में कम्पनी के शासन के दोषों का निराकरण करना।

(3) पिट इण्डिया एक्ट की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:
इस एक्ट ने कम्पनी के मामलों और भारत में उसके प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार को अधिकाधिक नियन्त्रण का अधिकार दे दिया था। इस एक्ट की विशेष बात यह थी कि इसके द्वारा भारत में कम्पनी के आक्रामक युद्धों को नियन्त्रित कर दिया तथा गवर्नर जनरल एक शासक की भूमिका में आ गया था। इस एक्ट में कहा गया कि भारत में साम्राज्य का विस्तार इस राष्ट्र की इच्छा, सम्मान तथा नीति के विरुद्ध है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों का भारतीय उद्योगों पर क्या प्रभाव पड़ा ? समझाइए।
उत्तर:
भारतमें कम्पनीकीआर्थिकनीतियों के कारणव्यापारवाणिज्य, उद्योग-धन्धों तथा भू-राजस्व प्रणाली और कृषि व्यवस्था में अनेक बदलाव आये थे। अंग्रेजों ने अपने हितों में जो नीतियाँ अपनाई थीं, उनसे भारतीय अर्थव्यवस्था का परम्परागत ढाँचा चरमरा गया। भारतीय कृषि, उद्योग तथा व्यापार पर ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों का अत्यन्त बुरा प्रभाव पड़ा।

(2) स्थाई बंदोबस्त से क्या तात्पर्य है ? उसके क्या दुष्परिणाम हुए ?
उत्तर:
इस व्यवस्था में जींदारों को भू-स्वामी मान लिया गया। भूमि पर उनका वंशानुगत अधिकार हो गया था। चेन्नई और मुम्बई क्षेत्र में रैयतवाड़ी व्यवस्था लागू की गई। इसमें भूमि जोतने वाले को भू – स्वामी माना गया। इनसे कम्पनी सीधे कर लेती थी। लगान न देने पर किसानों का भूमि पर से अधिकार समाप्त कर दिया जाता था। इस व्यवस्था से कृषि का उत्पादन बहुत घट गया, किसानों पर अत्याचार बढ़ गए, किन्तु सरकारी राजस्व में भारी वृद्धि हुई। इसके चलते कुटीर उद्योग, दस्तकार और शिल्पकार पतन के गर्त में चले गये।

(3) 18वीं सदी में भारतीय समाज में कौन-कौन सी कुरीतियाँ व्याप्त थीं एवं सरकार द्वारा उनके सुधार हेतु क्या प्रयास किए गए ?
उत्तर:
18वीं सदी में भारतीय समाज में कन्यावध की कुप्रथा कुछ क्षेत्रों में प्रचलित थी। कन्या को जन्म लेते ही मार दिया जाता था। इन कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने अनेक कानूनों का निर्माण किया। भारतीय समाज में स्त्रियों की स्थिति भी दयनीय थी। पर्दा प्रथा, बाल विवाह, सती प्रथा, स्त्री अशिक्षा आदि के कारण स्त्रियों की स्थिति शोचनीय होती गई। सरकार ने सन् 1829 ई. के एक कानून द्वारा सती प्रथा पर रोक लगाई समाज में दास प्रथा के रूप में एक अन्य कुरीति पनप रही थी। गरीबी के कारण लोग अपने बच्चों को बेचने पर विवश थे। सरकार ने सन् 1843 ई. में कानून बनाकर दास प्रथा पर रोक लगाई

(4) ब्रिटिश प्रशासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए गए और उसके क्या परिणाम हुए ?
उत्तर:
ब्रिटिश प्रशासन द्वारा आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने स्तर पर शुरूआत की गई। कुछ भारतीयों ने इस प्रयास में उनका सहयोग भी किया। सन् 1781 ई. में कलकत्ता मदरसा की स्थापना की गई। इसमें अरबी और फारसी की शिक्षा दी जाती थी। इसी क्रम में सन् 1784 ई. में सर विलियम जोंस ने एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना की। इसके माध्यम से प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण प्रयास किए गए। सन् 1791 ई. में वाराणसी में हिन्दू विधि (कानून) और दर्शन के लिए संस्कृत कॉलेज की स्थापना की गई।

इसी तरह सन् 1800 ई. में कलकत्ता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की गई। सरकार द्वारा खोले गए कुछ स्कूलों में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया। धीरे-धीरे शिक्षा का प्रसार भारत में बढ़ता गया। अंग्रेजी के सम्पर्क में आने से भारतीय आधुनिक शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, स्वतन्त्रता, समानता, जनतन्त्र, राष्ट्रीयता, विशिष्ट क्रान्तियाँ और आधुनिक विचारों के सम्पर्क में आने से उनमें जागृति पैदा हुई।

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.4

प्रश्न 1.
निम्न चतुर्भुजों की रचना कीजिए –
(i) चतुर्भुज DEAR जिसमें –

  • DE = 4 cm
  • EA = 5 cm
  • AR = 4.5 cm
  • ∠E = 60°
  • और ∠A = 90° है।

(ii) चतुर्भुज TRUE जिसमें –

  • TR =3.5 cm
  • RU = 3 cm
  • UE = 4 cm
  • ∠R = 75°
  • और ∠U = 120° है।

हल:
(i) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड EA = 5 cm बनाया।
  2. E बिन्दु पर ∠XEA= 60° बनाते हुए रेखा XE खींची।
  3. E बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 4 cm त्रिज्या लेकर ED = 4 cm रेखा EX में से काट लिया।
  4. अब A बिन्दु 90° का कोण बनाते हुए रेखा AY खींची।
  5. अब A बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 4.5 cm त्रिज्या लेकर AR = 4.5 cm AY में से काट लिया।
  6. DR को मिलाया।
  7. इस प्रकार बनी हुई आकृति DEAR अभीष्ट चतुर्भुज है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.4 img-1

(ii) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड RU = 3 cm बनाया।
  2. R बिन्दु पर ∠XRU = 75° बनाया।
  3. R बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 3.5 cm की त्रिज्या लेकर एकचाप लगा जो RX को T बिन्दु पर काटता है। TR = 3.5 cm.
  4. U बिन्दु पर 120° का कोण बनाती हुई रेखा UY खींची। R को केन्द्र मानकर तथा 4 cm त्रिज्या लेकर इसमें से UE = 4 cm काट लिया।
  5. ET को मिलाया। इस प्रकार बनी हुई आकृति TRUE अभीष्ट चतुर्भुज है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.4 img-2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 72

प्रयास कीजिए

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प्रश्न 1.
आप एक आयत PQRS की रचना कैसे करेंगे यदि आप केवल PO और QR की लम्बाई जानते हैं?
हल:
हमें यहाँ आयत की केवल दो आसन्न भुजाएँ ज्ञात हैं। लेकिन यह आयत है, अतः आयत के गुणधर्म के अनुसार –

  1. इसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर होंगी।
  2. प्रत्येक कोण 90° का होगा।

अतः सर्वप्रथम हम PQ रेखाखण्ड बनाएँगे। Q बिन्दु पर ∠PQR = 90° बनाते हुए दी हुई लम्बाई की PQ रेखा खींचेंगे।
पुनः P बिन्दु पर ∠SPQ = 90° बनाएँगे तथा PS = QR बनाकर SR को मिलाएँगे।
इस प्रकार प्राप्त आकृति PQRS अभीष्ट आयत होगा।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.4 img-3

प्रश्न 2.
एक पतंग EASY की रचना कीजिए यदि AY = 8 cm, AE = 4 cm और EY = 6 cm है। रचना के दौरान आपने पतंग के कौन-से गुणों का प्रयोग किया?
हल:
पतंग की रचना के दौरान हम निम्न गुणधर्म प्रयुक्त करते हैं –

  1. पतंग के आसन्न भुजाओं के युग्म बराबर होते हैं।
  2. सम्मुख भुजाएँ असमान लम्बाई की होती हैं।

रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम 8 सेमी लम्बाई की रेखा AY खींचते हैं।
  2. अब A को केन्द्र मानकर परकार में AE = AS = 4 सेमी की त्रिज्या लेकर दो चाप (एक ऊपर व एक नीचे) लगाते हैं।
  3. अब Y को केन्द्र मानकर परकार में YE = YS = 6 सेमी की त्रिज्या लेकर दो चाप लगाते हैं जो पहले वाले चापों को क्रमशः E व S पर काटते हैं।
  4. EA, AS, SY तथा YE तथा ES को मिलाया। इस प्रकार हम अभीष्ट पतंग EASY प्राप्त करते हैं।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.4 img-4

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MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 1

MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 1

MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 1 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) 1608 ई. में प्रथम अंग्रेजी जहाजी बेड़ा किसके नेतृत्व में भारत पहुँचा था ?
(क) डूप्ले
(ख) रॉबर्ट क्लाइव
(ग) कैप्टन हॉकिन्स
(घ) चार्ल्स द्वितीय।
उत्तर:
(ग) कैप्टन हॉकिन्स

(2) इंग्लैण्ड में कानून बनाकर भारतीय कपड़े के आयात पर कब रोक लगाई गई ?
(क) 1700 ई. में
(ख) 1813 ई. में
(ग) 1793 ई. में
(घ) 1716 ई. में।
उत्तर:
(क) 1700 ई. में

(3) अंग्रेजों के विरुद्ध ‘संन्यासी विद्रोह’ का उल्लेख किस पुस्तक में मिलता है ?
(क) गीत गोविन्द
(ख) आनन्द मठ
(ग) कामायनी
(घ) आइने अकबरी।
उत्तर:
(ख) आनन्द मठ

(4) प्राचीन काल में वर्ण व्यवस्था किस पर आधारित थी?
(क) धर्म
(ख) कर्म
(ग) यज्ञ
(घ) जाति।
उत्तर:
(ख) कर्म

(5) लोकतन्त्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन है” यह कथन है –
(क) अब्राहम लिंकन
(ख) महात्मा गांधी
(ग) पं. जवाहरलाल नेहरू
(घ) कार्ल मार्क्स।
उत्तर:
(क) अब्राहम लिंकन

(6) पृथ्वी की सबसे बाहरी व ऊपरी पर्त को क्या कहते –
(क) भूपर्पटी
(ख) शैल
(ग) जलमण्डल
(घ) वायुमण्डल
उत्तर:
(क) भूपर्पटी

(7) नर्मदा नदी अपने मुहाने पर बनाती है –
(क) ज्वारनदमुख
(ख) वी-आकार की घाटी
(ग) जलप्रपात
(घ) गोखुर झील
उत्तर:
(क) ज्वारनदमुख

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) अलीवर्दी ………….. खाँ ई. में बंगाल का नवाब बना।
(2) 1843 ई. में कानून बनाकर ………… प्रथा पर रोक लगाई गई।
(3) ………….. के नेतृत्व में खासी विद्रोह हुआ था।
(4) …………. के माध्यम से शिक्षा देना अधिक सरल एवं उपयोगी होता है।
(5) हमारे देश में संविधान के अनुसार ………… शासन पद्धति की स्थापना की गई है।
(6) पृथ्वी के ऊपरी धरातल का लगभग 80 प्रतिशत भाग …………. चट्टानों से ढका है।
(7) जबलपुर के पास भेड़ाघाट ………….. दर्शनीय है।
उत्तर:

  1. 1740
  2. दास
  3. राजा तीरह सिंह
  4. मातृभाषा
  5. लोकतन्त्र
  6. अवसादी
  7. का महाखड्ड

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) डलहौजी द्वारा अवध को किस आधार पर ब्रिटिश शासन का अंग बनाया गया ?
उत्तर:
1856 ई. में अवध के नवाब पर कुशासन का आरोप लगाकर डलहौजी द्वारा अवध को ब्रिटिश शासन का अंग बनाया गया।

(2) एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना कब व किसके द्वारा की गई ?
उत्तर:
सन् 1784 ई. में सर विलियम जोंस द्वारा एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की गई।

(3) बैरकपुर में नये कारतूसों का इस्तेमाल करने से किसने मना किया था ?
उत्तर:
मंगल पांडे ने बैरकपुर में नये कारतूसों का इस्तेमाल करने से मना किया था। .

(4) हमारे राष्ट्रीय पर्व कौन-कौन से हैं ?
उत्तर:
स्वतन्त्रता दिवस, गणतन्त्र दिवस व गाँधी जयन्ती हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं।

(5) लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ किसे कहा गया है ?
उत्तर:
स्वतन्त्र प्रेस को लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है।

(6) भूकम्प की उत्पत्ति जिस स्थान पर होती है, उसे क्या कहते हैं। भूकम्प की उत्पत्ति
उत्तर:
भूकम्प की उत्पत्ति जिस स्थान पर होती है उसे ‘भूकम्प केन्द्र (फोकस)’ कहते हैं। .

(7) लोएस किसे कहते हैं ?
उत्तर:
अत्यन्त महीन बालू मृदा के साथ बहुत दूर जाकर जमा होती है और इस तरह जिस मैदान की रचना होती है उसे लोएस कहते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 1 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4
(1) भारत में अंग्रेजों की सफलता का कोई एक कारण बताइए।
उत्तर:
अंग्रेजों की सफलता का कारण उनके हल्के और छोटे हथियार तथा प्रशिक्षित सेनाएँ थीं। अंग्रेजों के पास एक अच्छा तोपखाना भी था जो उनकी विजय का कारण बना।

(2) रैय्यतवाड़ी व्यवस्था क्या थी ?
उत्तर:
रैय्यतवाड़ी व्यवस्था में भूमि जोतने वाले को भू-स्वामी माना गया। इनसे कम्पनी सीधे कर लेती थी। लगान न देने पर किसानों का भूमि पर से अधिकार समाप्त कर दिया जाता था।

(3) रामोसी विद्रोह का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पश्चिम घाट में बसने वाली एक आदिम जाति रामोसी ने अंग्रेजी प्रशासन के विरुद्ध 1822 ई. में अपने सरदार चित्तर सिंह के नेतृत्व में विद्रोह कर दिया और उन्होंने सतारा के आस-पास का क्षेत्र लूट लिया था।

(4) राष्ट्रीय एकीकरण में पर्यटन के महत्त्व को समझाइए।
उत्तर:
प्रारम्भ से ही पर्यटन राष्ट्रीय एकीकरण का महत्त्वपूर्ण तत्व रहा है। इतने विशाल देश को समझने में और सभी में एकता का भाव जगाने में पर्यटन सहयोगी होता है। पर्यटन से एक-दूसरे की विशेषताओं और समस्याओं को समझते हैं, जिसके कारण समान भाव, विचार और दृष्टिकोण विकसित होता है।

(5) निःशस्त्रीकरण से क्या आशय है ?
उत्तर:
निःशस्त्रीकरण का अर्थ शस्त्रों की दौड़ समाप्त करने अथवा शस्त्रों को कम या समाप्त करने से है। निःशस्त्रीकरण विश्व शान्ति की स्थापना के लिए आवश्यक है।

(6) मैदानों को ‘सभ्यता का पालना’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
मैदान मानव निवास के लिए सबसे उपयुक्त स्थल है। क्योंकि मैदान ही उसकी भोजन, वस्त्र, मकान और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं, इसलिए विश्व की लगभग सभी सभ्यताओं का जन्म मैदानी भू-भाग में हुआ है। इसीलिए मैदानों को ‘सभ्यता का पालना’ कहा जाता है।

(7) जैविक अपक्षय किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जैविक अपक्षय वनस्पतियों, जीव-जन्तुओं और मनुष्यों द्वारा होता है। वृक्षों की जड़ें चट्टानों की संधियों में पहुँचकर और अधिक चौड़ा कर उन्हें तोड़ देती हैं। चूहे, दीमक, चीटियाँ, केंचुए और जीव नरम चट्टानों को तोड़ते-फोड़ते और खुरचते हैं। मनुष्य भी कृषि उपयोग के लिए, भवन निर्माण के लिए, सड़क निर्माण के लिए चट्टानों की तोड़-फोड़ करता है। इस प्रकार के अपक्षय को ‘जैविक अपक्षय’ कहते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) बक्सर के युद्ध का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्लासी के युद्ध के बाद नवाब मीर जाफर कम्पनी के लिए एक कठपुतली शासक के समान था। नवाब का खजाना कम्पनी और उसके कर्मचारियों को भेंट और रिश्वत देने में खाली हो गया। कम्पनी की माँग में निरन्तर वृद्धि होती जा रही थी। इससे पहले कि नवाब मीर जाफर कोई कठोर निर्णय लेता, कम्पनी ने उसे गद्दी से हटाकर उसके दामाद मीर कासिम को बंगाल का नया नवाब बना दिया। मीर कासिम कम्पनी पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता था।

उसने शक्ति संचय करना शुरू कर दिया। नया सैनिक संगठन खड़ा किया। व्यापारिक चुंगी समाप्त कर दी। जिससे कम्पनी को नुकसान हुआ। परिणामस्वरूप 1736 ई. में नवाब मीर कासिम और कम्पनी के मध्य हुए युद्ध में मीर कासिम पराजित हुआ। मीर कासिम भागकर अवध चला गया। अवध का नवाब शुजाउद्दौला भी अंग्रेजों से नाराज था। मुगल सम्राट शाह आलम भी दिल्ली से भागकर अवध में ही निवास कर रहा था। तीनों ने मिलकर बक्सर नामक स्थान पर 23 अक्टूबर, 1764 ई. को कम्पनी की सेनाओं के साथ युद्ध किया। मुगल सम्राट और दोनों नवाब युद्ध में पराजित हुए।

(2) ब्रिटिश शासन की न्याय एवं कानून व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
किसी भी देश के शासन संचालन के लिए कानून का होना आवश्यक है। जिसका अनुपालन सरकार एवं जनता द्वारा किया जाना जरूरी है। ब्रिटिश शासनकाल में सरकार द्वारा न्यायालयों की स्थापना गई। न्यायालयों द्वारा कानूनों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जाती थी।

प्रारम्भ में अंग्रेजों ने भारत में प्रचलित कानूनों के साथ छेड़छाड़ नहीं की और विवाह, उत्तराधिकार सम्बन्धी कानून, रीति – रिवाज और धर्म ग्रन्थों पर आधारित पुरातन कानूनों को चलने दिया, किन्तु अंग्रेजों और भारतीयों में विवाद होने पर उसका निराकरण अंग्रेजी कानून से होता था। सन् 1793 ई. में बनाये गये बंगाल रेग्यूलेशन एक्ट के तहत न्यायालयों में भारतीयों के निजी एवं मालिकाना अधिकारों के लिए फैसले होने लगे थे। इस एक्ट में हिन्दुओं और मुसलमानों के निजी,कानूनों को शामिल किया गया। इससे भारत में लिखित कानूनों का चलन आरम्भ हुआ था।

(3) 1857 से पूर्व किसानों और दस्तकारों की स्थिति का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अंग्रेजों द्वारा लागू की गई भूमि व्यवस्थाओं से किसानों की हालत बदतर हो गई थी। पुराने जमींदारों को हटा देने पर किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बल्कि कम्पनी और उसके कर्मचारियों का किसानों पर अत्याचार बढ़ गया। कई मामलों में राजस्व की माँग में वृद्धि हुई तो किसानों के कष्ट और बढ़ गए। जब इंग्लैण्ड में तैयार हुआ माल भारत में पहुँचने लगा तो यहाँ के पुराने हस्तशिल्प बरबाद हो गये। पीड़ित किसान और कारीगर ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने की लड़ाई के लिए मजबूर हो गये।

(4) साम्प्रदायिकता देश की एकता के लिए खतरा है। समझाइए।
उत्तर:
साम्प्रदायिकता’ शब्द सम्प्रदाय से बना है। साम्प्रदायिकता का अर्थ है, ऐसी भावनाएँ व क्रियाकलाप जो अपने सम्प्रदाय और उसकी विशेषताओं को तो श्रेष्ठ समझें तथा दूसरे के सम्प्रदाय और विश्वासों को हीन समझें। ऐसा दृष्टिकोण अपने धर्म अथवा सम्प्रदाय के आधार पर किसी समूह विशेष के हितों पर बल देता है और उन हितों को राष्ट्रहितों के ऊपर समझता है – हम जानते हैं कि संकीर्ण साम्प्रदायिक विचारों के कारण 1947 में साम्प्रदायिक दंगे हुए तथा भारत दो भाग, भारत और पाकिस्तान में विभाजित हो गया।

लाखों लोग इन दंगों में मारे गए और बेघर हुए। स्वतन्त्रता के इतने वर्षों के बाद आज भी भारत में भिन्न-भिन्न स्थानों पर सामाजिक तनाव, साम्प्रदायिक दंगों में परिवर्तित हो जाते हैं। यह सब स्वार्थ, अज्ञानता और धार्मिक कट्टरता के कारण होता है। अनेक पंथ होने से कोई हानि नहीं है, लेकिन जब इन पंथों को मानने वाले अपने हितों को राष्ट्रहितों से ऊपर रखते हैं तो इससे देश की एकता और अखण्डता को खतरा पैदा हो जाता है और यह इस देश का दुर्भाग्य है।

(5) लोकतन्त्र में मतदान के महत्व को समझाइए।
उत्तर:
प्रजातान्त्रिक व्यवस्था में मतदान का बहुत अधिक महत्व है। मतदान द्वारा मतदाता यह तय करता है कि वह किस प्रकार के प्रतिनिधियों को अपने शासक के रूप में देखना चाहता है। परन्तु हमारे देश में कुछ नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते। जिसका मुख्य कारण है जागरूकता की कमी और शिक्षा का अभाव।

कुछ नागरिक उदासीनता के कारण मतदान नहीं करते। नागरिकों को समझदारी का परिचय देते हुए ऐसे राजनीतिक दलों के प्रत्याशी को अपना मत देना चाहिए, जो देश की एकता और अखण्डता बनाये रखने और सभी नागरिकों के हितों की रक्षा करने के लिए तत्पर हो। जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष की भावनाओं में प्रेरित मतदान लोकतन्त्र को कमजोर बनाता है। अतः इससे बचना चाहिए।

(6) ज्वालामुखी के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ज्वालामुखी मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं –

  • सक्रिय ज्वालामुखी – जिन ज्वालामुखियों से एक बार उद्भेदन होने के बाद निरन्तर समय-समय पर उद्भेदन होते रहते हैं, उन्हें सक्रिय ज्वालामुखी कहते हैं। इटली के एटना तथा स्ट्राम्बोली ज्वालामुखी इसके उदाहरण हैं।
  • अर्द्धसक्रिय या प्रसुप्त ज्वालामुखी – ये वे ज्वालामुखी हैं जिनसे कई बार. उद्भेदन के बाद उद्भेदन की समस्त क्रियाएँ कुछ समय के लिए बन्द हो जाती हैं। किन्तु अकस्मात् पुनः उद्भेदन हो जाता है। इन्हें अर्द्धसक्रिय या प्रसुप्त ज्वालामुखी कहते हैं। इटली का विसूवियस ज्वालामुखी इसका उदाहरण है।
  • विसुप्त या शान्त ज्वालामुखी – जिन ज्वालामुखियों में एक बार उद्भेदन होने के बाद लम्बे समय तक उद्भेदन नहीं होता तथा पुनः उद्भेदन की सम्भावना भी नहीं होती, ऐसे ज्वालामुखी विसुप्त या शान्त ज्वालामुखी कहलाते हैं। अफ्रीका का किलिमंजारो पर्वत इसका उदाहरण है।

(7) नदी अपरदन से निर्मित स्थलाकृतियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
नदी अपरदन से अग्रलिखित स्थलाकृतियों का निर्माण होता है –
1. महाखड्ड-अपने ऊपरी भाग में, उद्गम के पास और अपनी युवावस्था में नदी का प्रमुख कार्य अपनी घाटी को गहरा करना होता है। इस भाग में जल वेग अधिक होने से चट्टानों के टुकड़े अपनी तली को खुरच-खुरच कर गहरा करते रहते हैं। इसके कारण गहरी कन्दराएँ, महाखड्ड और केनियन का निर्माण होता है।

2.  वी (V) आकार की घाटी-नदी के अपरदन कार्य का लक्ष्य अपने आधार तल तक पहुँचना होता है। उस झील या समुद्र के तल को जिसमें वह गिरती है नदी अपरदन का ‘आधार तल’ कहते हैं। नदी अपनी घाटी को गहरा और किनारों को चौड़ा करती है, जिससे वी (V) आकार की घाटी का विकास होता है।

3. जल प्रपात-जब नदी का जल किसी चट्टानी कगार पर ऊपर से सीधा नीचे गिरता है तो उसे जल प्रपात कहते हैं। यदि नदी के मार्ग में कोई कठोर चट्टान लम्बवत् खड़ी पाई जाती है तो गिरने वाला जल अपनी अपरदन शक्ति से नीचे की कोमल चट्टानों को तेजी से काटता है। जलधारा के नीचे गहरा गड्ढा बन जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 10 हमारा समाज

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 10 हमारा समाज

MP Board Class 8th Social Science Chapter 10 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) समाज को उन्नत कैसे बनाया जा सकता है ?
(क) व्यक्तियों में जागृति लाकर
(ख) व्यक्तियों को आर्थिक सहायता देकर
(ग) उद्योग लगाकर
(घ) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी

(2) मौलिक अधिकारों में शामिल किया गया है –
(क) विदेश में बसने का अधिकार
(ख) विदेश में घूमने-फिरने का अधिकार
(ग) 6-14 आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार
(घ) संविधान का पालन करना।
उत्तर:
(ग) 6-14 आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार

(3) कार्यात्मक साक्षरता है –
(क) आत्मनिर्भरता
(ख) अपने अभावों के कारणों को जानना
(ग) अभाव के कारणों को दूर करना
(घ) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) हमारे देश में स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय साक्षरता दर प्रतिशत थी।
(2) नशीले पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर …………. प्रभाव पड़ता है।
(3) अस्पृश्यता को …………… घोषित किया गया है।
(4) अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए समाज की मनोवृत्ति इनके प्रति ……….. की होनी चाहिए।
(5) शिक्षा से व्यक्ति …………. व ………… नागरिक बनते हैं।
(6) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से कारखाने व होटल आदि में काम कराना कानूनी …………. है।
उत्तर:

  1. 18
  2. बुरा
  3. अपराध
  4. सहयोग
  5.  जागरूक, उत्तम
  6. अपराध

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1)मनुष्य में सामाजिकता का गुण किस कारण से है ?
उत्तर:
मनुष्य में सामाजिकता का गुण पारस्परिक निर्भरता के कारण है।

(2) हमारे प्राचीन भारत का समाज कैसा था ?
उत्तर:
हमारे प्राचीन भारत का समाज उन्नत व समृद्धशाली था।

(3) उत्तम नागरिक लोकतन्त्रीय सरकार के संचालन में कैसे सहयोग करते हैं ?
उत्तर:
उत्तम नागरिक लोकतन्त्रीय सरकार के संचालन में सहज सहयोग देते हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 10 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) लोकतन्त्रीय देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार क्यों दिये जाते हैं ?
उत्तर:
लोकतन्त्रीय देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार इसलिए दिये जाते हैं जिससे सभी अपना, अपने धर्म व अपने समाज का समुचित विकास कर सकें और सभी अपने
को समान मानते हुए परस्पर सहयोग द्वारा देश हित में कार्य कर सकें।

(2) किसी एक सामाजिक समस्या का कारण बताइए।
उत्तर:
अशिक्षा, गरीबी और बड़े परिवार के कारण प्रायः बच्चों को अपना पेट भरने एवं पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कम उम्र में ही काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि इस आयु में उन्हें स्कूल जाना चाहिए।

(3) वर्तमान समाज में क्या-क्या परिवर्तन हुए हैं ?
उत्तर:
वर्तमान समाज में शिक्षा के प्रसार और जागरूकता से स्थिति में सुधार हो रहा है। अब सभी जातियों के लोग लोक सेवकों, वैज्ञानिकों, न्यायाधीशों जैसे पदों पर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा का प्रतिशत बढ़ रहा है और आर्थिक सामाजिक दशा में सुधार हो रहा है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) मद्यपान व धूम्रपान से व्यक्ति व समाज को क्या-क्या हानियाँ हैं ?
उत्तर:
विभिन्न प्रकार के पान मसाले, गुटका पाउचों के रूप में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इनका सेवन बढ़ रहा है। ऐसे पदार्थ स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। मद्यपान एवं धूम्रपान भी एक सामाजिक बुराई है। भारत जैसे विकासशील देशों में ये आदतें परिवारों का विघटन कर रही हैं। नशे के आदी व्यक्ति घर पर बच्चों एवं महिलाओं पर अत्याचार करने लगते हैं। इससे घर एवं समाज की शान्ति भंग होती है, आर्थिक तंगी भी बढ़ती है। ऐसे परिवारों का सम्मान भी कम होता है। नशे की बुरी आदत के कारण अपराध बढ़ रहे हैं, चारित्रिक गिरावट आ रही है।

(2) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए राज्य द्वारा क्या-क्या व्यवस्थाएँ की गई हैं ?
उत्तर:
भारतीय संविधान द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए तथा शेष समाज को समान स्तर पर लाने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएँ की गई हैं –

  • संविधान में इनके हितों व अधिकारों का उल्लेख किया गया है। अस्पृश्यता को अपराध घोषित किया गया है।
  • संविधान द्वारा इन वर्गों को संरक्षण प्रदान किया गया है।
  • अन्याय तथा शोषण से मुक्ति के लिए कानून बनाये गये हैं।
  • लोक सभा, विधान सभाओं, स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं में इनकी जनसंख्या के आधार पर स्थान आरक्षित किये गये हैं।
  • इनके कल्याण के लिए अलग मन्त्रालय, विभाग, पुलिस व न्यायालय में प्रकोष्ठ बनाये गये हैं।
  • शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्थान आरक्षित हैं तथा छात्रवृत्ति आदि की व्यवस्था की गई है।
  • निर्धारित न्यूनतम योग्यता प्राप्त कर लेने पर शासकीय | सेवाओं में स्थान आरक्षित किये गये हैं।
  • इन वर्गों को योग्यता सम्बन्धी शर्तों में भी कुछ छूट दी गई है।

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 14 वीरबाला

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 14 वीरबाला (संवादः)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 14 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)-
(क) वीरबालायाः नाम किम्? (वीरबाला का क्या नाम था?)
उत्तर:
चम्पा। (वीरबाला का नाम चम्पा था)

(ख) चम्पायाः पितुः नान किम्? (चम्पा के पिता का नाम क्या था?)
उत्तर:
महाराणा प्रताप। (महाराणाप्रताप)।

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(ग) रोटिकाद्वयम् कुत्र स्थापितम्? (दोनों रोटियाँ कहाँ रखी थीं?)
उत्तर:
पाषाणतले। (पत्थर के नीचे)!

(घ) उद्वेलितः प्रतापः किं कर्तुमुद्यतः अभवत्? (दुःखी प्रताप क्या करने के जिए तैयार हो गए?)
उत्तर:
अकबरस्याधीनता। (अकबर की आधीनता स्वीकार करने के लिए)।

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) अस्माकं देशे काः काः वीरबालाः जाताः? (हमारे देश में कौन-कौन-सी वीरबालाएँ हुईं?)
उत्तर:
अस्माकं देशे चम्पा, कृष्णा, वीरमती, पद्मादयः वीरबालाः जाताः। (हमारे देश में चम्पा, कृष्णा, वीरमती, पद्ममा जैसी वीरबालाएँ हुईं।)

(ख) प्रतापेन का प्रतिज्ञा कृता? (राणा प्रताप ने क्या प्रतिज्ञा की?).
उत्तर:
प्रतापेन प्रतिज्ञा कृताः अकबरस्य अधीनतां न स्वीकृतवान्। (प्रताप ने अकबर की आधीनता न स्वीकरने की प्रतिज्ञा की।)

(ग) चम्पया रोटिकाद्वयम् किमर्थं संरक्षिता? (चम्पा दोनों रोटियों को किसलिए सुरक्षित रखी थी?)
उत्तर:
चम्पया रोटिकाद्वयम् अनुजाय भोजनार्थम् संरक्षिता। (चम्पा दोनों रोटियों को छोटे भाई के भोजन के लिए सुरक्षित रखी थी।)

(घ) राजकुमारः कथं सुप्तवान् आसीत्? (राजकुमार कैसे सो गया?)
उत्तर:
राजकुमारः बुभुक्षितः सुप्तवान् आसीत्। (राजकुमार भूखा सो गया।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
(क) महाराणाप्रतापस्य प्रतिज्ञा का आसीत्? (महाराणाप्रताप की प्रतिज्ञा क्या थी?)
उत्तर:
महाराणाप्रतापस्य प्रतिज्ञा आसीत् अकबरस्य अधीनतां न स्वीकृत। (महाराणा। प्रताप की प्रतिज्ञा थी कि अकबर की अधीनता न स्वीकारूँगा।)

(ख) चम्पा केन कारणेन मूर्छिता जाता? (चम्पा किस कारण से मूर्छित हो गई?)
उत्तर:
चम्पा दौर्बल्यात् कारणेन मूर्च्छिता जाता। (चम्पा दुर्बल होने के कारण मूर्च्छित हो गई।)

(ग) महाराणाप्रतापः किमर्थं चिन्तामग्नः आसीत्? (महाराणाप्रतापः को किस बात की चिंता थी?)
उत्तर:
महाराणाप्रतापः अतिथिः भोजनार्थम् चिन्तामग्नः आसीत्। (महाराणाप्रताप को अतिथि के लिए भोजन की व्यवस्था की चिंता थी।)

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प्रश्न 4.
यथायोग्यं योजयत
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प्रश्न 5.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धवाक्यानां समक्ष कोष्ठके ‘न’ इति लिखत
(क) अरावलीपर्वतस्य उपत्यकायां महाराणाप्रतापः एकाकी आसीत्। (आम्)
(ख) अतिथिः महाराणागृहात् अनश्नन् गतवान्।
(ग) चम्पा स्वभागस्य रोटिकां स्वानुजं ददाति स्म।
(घ) महाराणाप्रतापः आधीनताविषये पत्रं लिखितवान्।
उत्तर:
(क) (आम्)
(ख) (न)
(ग) (आम्)
(घ) (न)

प्रश्न 6.
उचितविकल्पेन वाक्यानि पूरयत
(क) अरावलीपर्वतस्य उपत्यकायाम् कष्टमनुभूतम्। (उपत्यकायाम्/गुहायाम्)
(ख) पाषाणतले रोटिकाद्वयम् संरक्षिता आसीत्। (रोटिका/रोटिकाद्वयम्)
(ग) चम्पामूर्छिता जाता अनश्नन्। (अश्नन्/अनश्नन्)
(घ) कष्टान् अवलोक्य महाराणाप्रतापः उद्वेलितः जातः। (जाता/जातः)
(ङ) राजकुमारः बुभुक्षया पीडित सुप्तवान्। (बुभुक्षया/पिपासया)

प्रश्न 7.
कोष्टकात् चित्वा वाक्यानि रचयत्
यथा- घटना – एक घटना महाराणाप्रताप कालीना आसीत्
(क) चम्पा – एषा महाराणाप्रतापस्य पुत्री आसीत्।
(ख) राजकुमारः – एषः महाराणाप्रतापस्य पुत्रः आसीत।
(ग) शपथः – महाराणाप्रतापः शपथः गृहीतवान्।
(घ) पत्रम् – महाराणाप्रतापः पत्रम् अलिखत्।
(ङ) वीरः – महाराणाप्रतापः वीरः च आसीत्।

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प्रश्न 8.
अधोलिखितशब्दानां धातुं प्रत्ययं च पृथक् कुरुत
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प्रश्न 9.
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 14 वीरबाला img-3

प्रश्न 10:
निम्नलिखत क्रियापदानां धातुं लकारं पुरुषं वचनञ्च लिखत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 14 वीरबाला img-4

प्रश्न 11.
निम्ललिखित अव्यायानां वाक्यप्रयोगं कुरुत-
उदाहरणं यथा-
कदा – सः कदा पठति? तदा-यदा अहं आगमिष्यामि तदा त्वम् गमिष्यसि
अद्य – अद्य सोमवासरः अस्ति। ह्यः-ह्यः दीपावली अस्ति।।
कृते – संस्कृतस्य कृते अहं जीवनम् ददामि।
एव – अहं दुग्धं न पिवामि, अहं चायमेव पिवामि।
च – मोहितः राशिन्तश्च विद्यालयं गच्छति।

वीरबाला पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

मेवाड़ के राजा उदयसिंह के पुत्र महाराणा प्रताप पिता के समान विशाल, वीर व पराक्रमी थे। उसने प्रतिज्ञा की कि जब तक मैं अकबर को पराजित नहीं करूँगा और चित्तौड़ के दुर्ग को नहीं जीत लूँगा तब तक पत्ते में भोजन करूँगा तथा जमीन पर शयन करूँगा परिवार पर आए संकट से विचलित होकर उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा बदलने की इच्छा की किन्तु उनकी पुत्री चम्पा के जीवन का उत्सर्ग करने के बाद महाराणा प्रताप अपनी पूर्व प्रतिज्ञा पर दृढ़ होकर मेवाड़ के गौरव की रक्षा के लिए पुनः प्रतिज्ञा की। प्रस्तुत पाठ में भारतीय बालाओं की गौरव गाथा है

वीरबाला पाठ का हिन्दी अर्थ

1. शिक्षक-भो छात्राः अस्माकं भारतदेशे बहव्यः वीरबालाः चम्पा, कृष्णा, वीरमती, पद्मा दयः सञ्जाताः।
आनन्द :
आचार्य! एतासु केयम् चम्पा? कृपया तद्विषये कथयतु। शिक्षक-आम्! शृणोतु, किं भवन्तः महाराणाप्रताप विषये जानन्ति?

वेदान्त :
किं स एव महाराणाप्रतापः यः भारतवर्षभूषणः स्वदेशस्वातन्त्र्याभिमानी च।

शिक्षक :
आम् तस्यैव पुत्री आसीत् चम्पा।

आरती :
तस्याः विषये विस्तारेण न जानीमः।

शिक्षक :
शृण्वन्तु। महाराणाप्रतापः अकबरस्य अधीनतां न स्वीकृतवान्। अनेन कारणेन अरावलीपर्वतस्य उपत्यकाय गुहासु वनेषु च सपरिवारंपरिभ्रमन् अत्यधिकं कष्टम् अन्वभवत्।

भरत :
तत्र ते कुत्र स्वपन्ति, स्म किञ्च खादन्ति स्म?

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शब्दार्थ :
बहव्य-बहुत-सी-Many; आदय-आदि-and; सजाता-हुए-Happen; केयम्-यह कौन-who is that; तद्विषये-उस विषय में-in that subjects;जानन्ति-जानते हैं-knows; किं-कौन-who; भवन्त-आप सब-every body; स-वह-He, Smile, it; एव-भी-also; भूषण-भूषण-Bhushan; तस्यैव-उसका ही-His; आसीत्-था-was; तस्याः -उसके-His; शृण्वन्तु-सुनिए-listen; जानीमः-जानते हैं-knows; अनेन-इस तरह-This type; अन्वभवत्-अनुभव किया-felt; स्वपन्ति-सोते थे-were sleeping, स्म-थे-were.

हिन्दी अर्थ :
शिक्षक-हे विद्यार्थियो! हमारे देश भारत में अनेक वीर बालाएँ-कृष्णा, चंपा, वीरमती, पद्मा आदि हुई हैं।

आनन्द :
गुरुजी! इनमें चम्पा कौन थी? कृपया उसके विषय में बताएँ।

शिक्षक :
ठीक है, सुनो। क्या आप लोग महाराणा प्रताप के विषय में जानते हैं?

वेदान्त :
क्या वही महाराणा प्रताप जो भारतवर्ष के गौरव तथा अपने देश की स्वतंत्रताभिमानी थे?

शिक्षक :
हाँ, उन्हीं की पुत्री चंपा थी।

आरती :
उसके विषय में हम विस्तारपूर्वक नहीं जानते।

शिक्षक :
सुनो! महाराणा प्रताप ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता नहीं स्वीकार की जिसके कारण उन्होंने अरावली पर्वत की घाटियों, गुफाओं, उपत्यका में परिवार सहित गुप्त भ्रमण करते हुए अत्यधिक कष्ट पूर्ण जीवन बिताया।

भरत :
(उन उपत्यकाओं में) वे कहाँ सोते थे और क्या खाते थे।

2. शिक्षक-अहोरात्रं पदातिरेव ते चलन्ति स्म भूमौ शिलायां वा स्वपन्ति स्म। बहुधा उपवासं कृत्वा यदा कदा। बदरीफलानि वा तृणरोटिकांश्च खादन्ति स्म। नैकवारं ईदृशः समयः आगतः यदा तृणरोटिकाम् अपि त्यक्त्वा पलायनार्थं शत्रुभि विवशीकृताः। तस्मिन् काले प्रतापस्य पुत्री चम्पा एकादशवर्षीया पुत्रश्च चतुर्वर्षीयः आस्ताम्।

शालिनी :
आचार्य। यदि तयोः विषये कापि अस्ति तर्हि नूनं कथयतु।

शिक्षक :
एकदा राजकुमारः चम्पा च नदीतटे क्रीडतः आस्ताम्। तदैव राजकुमारः क्षुधापीडितः अभवत्। सः रोटिकां याचमानः रोदितवान!। सः न जानाति स्म यत् रोटिकायाः ग्रासमेकमपि नास्ति। चम्पा तं कथां श्रावयित्वा विनोदयामास। राजकुमारः बुभुक्षितः एव सुप्तवान्।

प्रियङ्का :
(सोत्साहेन पृच्छति) तदा किम् अभवत्?

शिक्षकः :
शृणवन्तु! सुप्तं अनुजं अङ्के नीत्वा चम्पा शयनाय मातुः समीपे आगत्य पितरं चिन्तामग्नम् अपश्यत् अपृच्छच्च भवान् किमर्थं चिन्तातुरोऽस्ति? तदा तेनोक्तम्-सुते। अस्माकं गृहे एकः अतिथिः आगतः, किं चित्तौड़महाराणागृहात् सः अनश्नन् एव गच्छेत् तदा चम्पा अवदत पितः! भवान् मा चिन्तयतु। ह्यः भवता दत्तम् रोटिकाद्वयं सुरक्षितम् अस्ति! मे बुभुक्षा नास्ति। भवान् रोटिकाद्वयम् तस्मै ददातु।

शब्दार्थ :
अहोरात्रं-रात्रि में-on night; चलन्ति-चलते हैं-walks; स्म-थे-were; स्वपन्ति-सोते थे-were slept; बहुधा-बहुत अधिक-very much; कृत्वा-करके-do; वदरीफलानि-बेर का फल-fruit of Bare; तृणरोटिकांश्च-और घास की रोटियाँ-and grass’s chapati; त्यक्त्वा -छोड़कर-After left; पलायनार्थ-भागने के लिए-for running; तस्मिन्-उस-That; प्रतापस्य-प्रताप के-famous; तयो-वे दोनों-these two; कापि-कोई भी-Anybody; वार्ता-वार्ता-Talking, conversation; नूनं-निश्चित ही-certainly;, कथयतु-कहिए-Say; च-और-and; तदेव-उसके अनुसार-According to him;अभवत्-हुआ-Happend; रोटिकां-रोटी को-for chapati; यत्-जो-who; तं-उसको-him; श्रावयित्वा-सुनकर-Listening; एव-भी-Also; मुप्तवान्-सो गया-he slept; नीत्वा-ले जाकर-for going; आगत्य-आकर-for coming; पितरं-माता-पिता-Mother and father; देखा-Seeing; अपश्यत्-देखा-seeing; भवान्-आप-you; तेनोक्तय-उसके कहे अनुसार-his according to saying; आगत-आया-came; गच्छेत्-जाने के लिए-for going; ह्य-बीता हुआ कल-Past; दत्तम्-देने के लिए-for giving; मे-मुझे-me: तस्मै-उसे-His; ददातु-दो-give.

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हिन्दी अर्थ :
शिक्षक-वे रात्रि में चलते थे, भूमि एवं शिलाओं पर सोते थे। अधिकतर उपवास करते थे। कभी-कभी बेर के फल एवं तृण आदि की रोटियाँ खाते थे। एक बार ऐसा समय आ गया जब शत्रुओं ने घास की रोटी खाता छोड़ भागने पर विवश कर दिया। उस समय प्रताप की पुत्री चम्पा ग्यारह वर्ष एवं बालक 4 वर्ष का था।

शालिनी :
गुरु जी! यदि उन दोनों के विषय में कोई कथा हो तो कहें।

शिक्षक :
एक बार राजकुमार एवं चम्पा नदी के तट पर क्रीड़ा कर रहे थे तभी राजकुमार भूख से पीड़ित हो गए और वह रोटियों की माँग करते हुए रोने लगे। उन्हें यह पता नहीं था कि रोटियों के लिए घास नहीं है। चम्पा ने उसे कहानियाँ सुनाकर मन बहलाया। राजकुमार भूखा-प्यासा ही सो गया।

प्रियंका :
(उत्साहपूर्वक) तब क्या हुआ?

शिक्षक :
सुनो! फिर चम्पा सोते हुए अनुज को गोद में लेकर माँ के पास आई तो पिता को चिंता में निमग्न देखा और पूछा-आप क्यों चिंतित हैं? उन्होंने (प्रताप) ने कहा-बेटी! हमारे घर में एक अतिथि आया है। क्या चित्तौड़गढ़ के महाराजा के घर से वह भूखा ही जाएगा? चम्पा बोली-पिताजी! आप चिंतित न हों। आपने कल जो दो रोटी मुझे दी थी, वे अब भी मसुरक्षित रखी हुई हैं। आप दोनों रोटी मेहमान को खिलाएँ। मुझे भूख नहीं है।

3. सर्वेश-ततः किम् अभवत्?

शिक्षक :
तदनन्तरं चम्पा पाषाणतले संरक्षितां तृणरोटिकाम् आनीत्य अतिथये ददाति अतिथिः उपभुज्य गतवान्। परन्तु स्वपरिवार प्रति आगतान् कष्टान् अवलोक्य उद्वेलितः महाराणा स्वप्रतिज्ञां परित्यज्य अकबरस्याधीनता विषये पत्रमलिखत्।

प्रभा :
तदनन्तरं किं जातम?

शिक्षक :
तस्यै बालायै नैक दिनान्तराले याः तृणरोटिकाः मिलन्ति स्म ताः अपि अनुजं भोजयति स्म। अनेन कारणेन क्षुत्क्षामा वीरबाला चम्पा अति दुर्बलतां प्राप्ता। एकदा दौर्बल्यात् सा मूर्छिता जाता। तदा महाराणाप्रतापः ताम् अङ्के उत्थाय रुदन्नवदत्-पुत्रि! इतोप्यधिकम! दुःखम् त्वाम् न दास्यामि। मया अकबरस्य कृते पत्रं लिखितम्। अर्धचेतनायाम् इदम् पितुर्वाक्यं श्रुत्वैव सा पितरमवदत् तात। भवान् किं कथयति, अस्मभ्यं जीवनरक्षणाय दासतां स्वीकरिष्यति भवान्। किं वयम् कदापि न मरिष्यामः? देशस्य अवमानं मा करोतु! देशस्य कुलस्य च गौरवरक्षार्थं लक्षवारमपि यदि वयम् प्राणानुत्सृजामः तदपि न्यूनमस्ति।

अतः मम आग्रहः एषः यत् भवान् कदापि अकबरस्य अधीनतां मा स्वीकरोतु। वीरबाला चम्पा एवं वदन्ती एव महाराणाङ्के चिरनिद्रां गता। ततः महाराणाप्रतापः पराधीनतायाः विचारम् अत्यजत्। इत्थं चम्पया स्वजीवनोत्सर्गेण न केवलं महाराणाप्रतापस्य विचारपरिवर्तनम् : अपितु मेवाड़गौरवस्य रक्षणमपि विहतम्।

शब्दार्थ :
अभवत्-हुआ-happen; तदनन्तरं-इसके बाद-After this; आनीत्यलाया-getting; ददाति-देता है-gives; गतवान्-गया-went; स्वपरिवारं-अपने परिवार को-for own family; आगतान्-आया-came; उद्वेलित-बहुत दुःखी-very sad; स्वप्रतिज्ञां-अपनी प्रतिज्ञा-our promise; तदनन्तरं-इसके बाद-After this; मिलन्ति-मिलते हैं-meet; स्म-थे-was; ता-उसके-his; अपि-भी-also; अनेन-इस कारण-That reason; अङ्के-गोद में-In lap; त्वाम्-तुम में-In you;मया-मेरे-my; कृते-के लिए-for; अर्धचेतनयाम्-अर्ध चेतन स्थिति में-half unconscious situation; श्रुत्वैव-सुनकर भी-to listening; भवान्-आप-you; कथयति-कहें-say; अस्मभ्यं-हमारे-our; दासतां-दासता-Slavery; वयम्-हम सब-we all; मरिष्याम-मरेंगे-will die; अवमान-अपमान-Defame; न्यूनमस्ति-थोड़ा-Little; मम-मेरा-my; आग्रह-निवेदन-Application; अधीनता-अधीनता-Under, Ruled; स्वीकरोतु-स्वीकार करो-to accept; अत्यजत्-छोड़ा-left; इत्थं-इस तरह-That type; रक्षणमपि-रक्षा में भी-In defence also; निहितम्-निहित-Constant.

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हिन्दी अर्थ :
सर्वेश-तब क्या हुआ?

शिक्षक :
तब चम्पा पत्थर के नीचे सुरक्षित रखी तृण की रोटियां निकाल कर अतिथि को प्रदान कर दी। अतिथि उसका उपभोग कर चले गए। परन्तु अपने परिवार पर आए कष्ट को देखकर राजा प्रताप का मन विचलित हो उठा और उन्होंने प्रतिज्ञा को छोड़कर अकबर की अधीनता स्वीकार करने के लिए पत्र लिखा।

प्रभा :
फिर क्या हुआ?

शिक्षक :
उनके बच्चों को प्रतिदिन रोटी न मिलकर एक दिन के अंतराल पर रोटी खाने को मिलती थी। उसे भी उसका छोटा भाई खा जाता था इसलिए वह लड़की चम्पा बहुत दुबली हो गई। एक बार दुर्बलता के कारण वह बेहोश हो गई। तब महाराणा प्रताप उसे गोद में उठा रोते हुए बोले-पुत्री! अब मैं इससे अधिक कष्ट तुम्हें नहीं दूंगा, मैं अकबर को पत्र लिखूगा। अर्द्ध मूर्छितावस्था में इस तरह (हताश) पिता के वाक्यों को सुनकर बोली-पिताजी! यह आप क्या कह रहे हैं? हमारे जीवन की रक्षा के लिए आप गुलामी स्वीकार करेंगे? क्या हम कभी मरेंगे नहीं? पिताजी! देश का अपमान न करें देश और कुल के मान की रक्षा के लिए यदि हमें लाखों बार प्राण देने पड़ें तो भी वह थोड़ा है।

मेरी प्रार्थना है कि आप इस तरह कभी भी अकबर की अधीनता स्वीकार न करें…इस प्रकार कहती हुई वह वीर बाला चम्पा महाराणा प्रताप की गोद में ही प्राण त्याग दिए। तब महाराणा ने अधीनता स्वीकार करने की बात अपने मन से निकाल दी। इस प्रकार चम्पा के प्राणोत्सर्ग से न केवल महाराणा के विचारों में परिवर्तन हुआ, बल्कि मेवाड़ के गौरव की रक्षा भी हुई।

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