MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 1 चत्वारि धामानि

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 1 चत्वारि धामानि

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 1 अभ्यासः

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 1 प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) शारदामठं कस्यां दिशि अस्ति? [शारदामठ किस दिशा में है?]
उत्तर:
पश्चिम दिशि

(ख) शङ्कराचार्यस्य प्रथमशिष्यस्य नाम किम्? [शंकराचार्य के पहले शिष्य का नाम क्या है?]
उत्तर:
सुरेश्वराचार्यः

(ग) ज्योतिर्मठं कुत्र अस्ति? [ज्योतिर्मठ कहाँ पर है?]
उत्तर:
उत्तराञ्चलराज्ये

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(घ) द्वारका कस्मिन् राज्ये अस्ति? [द्वारका किस राज्य में है?]
उत्तर:
गुजरातराज्ये

(ङ) जगद्गुरु कः आसीत्? [जगद्गुरु कौन थे?]
उत्तर:
शङ्कराचार्यः।

Class 7 Sanskrit Chapter 1 MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) शङ्कराचार्येण स्थापितानां मठानां नामानि कानि? [शंकराचार्य के द्वारा स्थापित मठों के नाम क्या हैं?
उत्तर:
शङ्कराचार्येण स्थापितानां मठानां नामानि सन्ति
(1) शृङ्गेरिमठम्
(2) गोवर्धनमठम्
(3) शारदामठम्
(4) ज्योतिर्मठम्।
[शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठों के नाम हैं-
(1) शृङ्गेरिमठ
(2) गोवर्धनमठ
(3) शारदामठ
(4) ज्योतिर्मठ।]

(ख) कः कस्य एकतायाः मूलाधारः? [किसकी एकता का मूल आधार क्या है?]
उत्तर:
धर्मः भारतस्य एकतायाः मूलाधारः। [धर्म भारत की एकता का मूल आधार है।]

(ग) मठानि किमर्थं स्थापितानि? [मठों की स्थापना किसलिए की गई?]
उत्तर:
धर्मरक्षार्थं वेदान्ततत्वानां प्रचारार्थम् च मठानि स्थापितानि। [धर्म की रक्षा के लिए और वेदान्त तत्वों के प्रचार के लिए मठों की स्थापना की गई।]

(घ) शङ्कराचार्यस्य चत्वारः शिष्याः के? [शंकराचार्य के चार शिष्य कौन थे?]
उत्तर:
शङ्कराचार्यस्य प्रथम शिष्यः सुरेश्वराचार्यः, द्वितीयः शिष्य हस्तामलकः, तृतीय शिष्यः त्रोटकाचार्यः, चतुर्थः शिष्यः पद्मपादः इति।
[शंकराचार्य के प्रथम शिष्य सुरेश्वराचार्य, द्वितीय शिष्य हस्तामलक, तीसरे शिष्य त्रोटकाचार्य और चौथे शिष्य पद्मपाद थे।]

(ङ) भारतं कथं संरक्षितं भवति? [भारत किस तरह सुरक्षित है?]
उत्तर:
धर्मरक्षणेन एव भारतम् संरक्षितं भवति। [धर्म की रक्षा करने से ही भारत सुरक्षित है।]

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 1 प्रश्न 3.
उचित शब्दों को मिलाओ-
Image
उत्तर:
(क) → (3)
(ख) → (5)
(ग) → (4)
(घ) → (2)
(ङ) → (1)

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Class 7 Sanskrit Chapter 1 Chatvari Dhamani प्रश्न 4.
कोष्ठक के शब्दों का प्रयोग करके रिक्त स्थानों को भरो (गोवर्धनमठम्, भगवत्पादं, धर्मो, मूलाधारः, पद्मपादः)
(क) नमामि ……….. शङ्करं लोकशङ्करम्।
(ख) पूर्वदिशि ……….. अस्ति।
(ग) ………. रक्षति रक्षितः।
(घ) शङ्कराचार्यस्य चतुर्थः शिष्यः ………..।
(ङ) धर्म एव भारतस्य एकतायाः ……….. अस्ति।
उत्तर:
(क) भगवत्पादं
(ख) गोवर्धनमठम्
(ग) धर्मो
(घ) पद्मपाद
(ङ) मूलाधारः।

Class 7 Sanskrit Chapter 1 Chatvari Dhamani प्रश्न 5.
विलोम शब्द लिखो
(क) धर्मः
(ख) प्रसिद्धानि
(ग) स्मरणम्
(घ) गुरु:
(ङ) ज्ञानम्।
उत्तर:
(क) → अधर्मः
(ख) → अप्रसिद्धानि
(ग) → विस्मरणम्
(घ) → शिष्यः
(ङ) → अज्ञानम्।

Class 7 Sanskrit Chapter 1 प्रश्न 6.
प्रथमा-बहुवचन के रूप लिखो
(क) अहम्
(ख) नाम
(ग) शिष्यः
(घ) धाम
(ङ) मठम्।
उत्तर:
(क) वयम्
(ख) नामानि
(ग) शिष्याः
(घ) धामानिः
(ङ) मठानि।

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चत्वारि धामानि हिन्दी अनुवाद

शिक्षिका :
भारति! भवती जानाति किं कः अयं महापुरुषः?

भारती :
आर्ये! अयं खलु जगद्गुरु शङ्कराचार्यः।

महेश: :
आम् अहमपि जानामि एते किल तस्य चत्वारः शिष्याः।

देवेशः :
शङ्कराचार्यस्य प्रथमशिष्यस्य नाम सुरेश्वराचार्यः इति।

शिक्षिका :
देवेशः! अन्येषां त्रयाणां शिष्याणां नामानि कानि?

देवेशः :
अहं न जानामि।

शारदा :
द्वितीयः शिष्यः हस्तामलकः तृतीयः शिष्यः त्रोटकाचार्यः चतुर्थः शिष्य पद्मपादः।

अनुवाद :
शिक्षिका-हे भारती! क्या तुम जानती हो कि यह महानुभाव कौन हैं?

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भारती :
आर्ये! यह जगद्गुरु शंकराचार्य हैं। महेश-हाँ, मैं भी इन्हें जानता हूँ कि उनके चार शिष्य थे।

देवेश :
शंकराचार्य के पहले शिष्य का नाम सुरेश्वराचार्य था।

शिक्षिका :
देवेश! अन्य तीन शिष्यों के क्या-क्या नाम हैं? देवेश-मैं नहीं जानता हूँ।

शारदा :
दूसरे शिष्य हस्तामलक, तीसरे शिष्य त्रोटकाचार्य (और) चौथे शिष्य पद्मपाद थे।

शिक्षिका :
साधु, अपि जानान्ति शङ्करमठानि?

सर्वे :
न जानीमः।

शिक्षिका :
शङ्कराचार्येण चतुर्षु स्थानेषु चतसृषु दिक्षु चत्वारि मठानि स्थापितानि। तानि चत्वारि पवित्रधामानि इति प्रसिद्धानि।

महेश: :
आर्ये! उत्तरदिशि बदरीनाथः, दक्षिणदिशि रामेश्वरं, पश्चिमदिशि द्वारका, पूर्वदिशि जगन्नाथपुरी इति किल चत्वारि धामानि।

शिक्षिका :
सत्यम्! किन्तु धर्मप्रचाराय शङ्कराचार्येण स्थापितानि मठानि अपि चत्वारि धामानि इति प्रसिद्धानि। तानि चतस्तृषु दिक्षु सन्ति।

भारती :
तानि धामानि कानि?

शिक्षिका :
शृङ्गेरिमठम्, गोवर्धनमठम्, शारदामठम्, ज्योतिर्मठम्।

देवेशः :
कस्यां कस्यां दिशि सन्ति?

अनुवाद :
शिक्षिका-ठीक है, क्या शंकर के मठों को भी जानते हो?

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सभी :
नहीं जानते हैं।

शिक्षिका :
शंकराचार्य के द्वारा चार स्थानों पर चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की गई थी। वे चारों पवित्र धाम हैं, इस रूप में प्रसिद्ध हैं।

महेश :
आर्ये! उत्तर दिशा में बदरीनाथ, दक्षिण दिशा में रामेश्वर, पश्चिम दिशा में द्वारका (तथा) पूर्व दिशा में जगन्नाथपुरी-इस प्रकार ये चार धाम हैं।

शिक्षिका :
ठीक! किन्तु धर्म के प्रचार के लिए शंकराचार्य के द्वारा स्थापित किये गये मठ ही चार धाम हैं; ऐसा प्रसिद्ध है। वे चारों दिशाओं में हैं।

भारती :
वे धाम कौन-कौन से हैं?

शिक्षिका :
शृङ्गेरिमठ, गोवर्धनमठ, शारदामठ (तथा) ज्योतिर्मठ।

देवेश :
(ये) किस-किस दिशा में हैं?

शिक्षिका :
पश्यन्तु इदं कोष्ठकं, स्पष्टं भवति
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 1 चत्वारि धामानि img 1

शिक्षिका :
धर्म एव भारतस्य एकतायाः मूलाधारः। ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ अतः धर्मरक्षणेन एव भारतम् संरक्षितं भवति। धर्मरक्षणार्थं वेदान्ततत्वानां प्रचारार्थम् एतानि मठानि स्थापितानि। मठानां स्थापकं जगद्गुरुम् आदिशङ्करं स्मरामः।

“श्रुतिस्मृतिपुराणानाम् आलयं करुणालयम्।
नमामि भगवत्पादशङ्करं लोकशङ्करम्॥”

अनुवाद :
शिक्षिका-इस कोष्ठक को देखो (इससे) स्पष्ट होता है-
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 1 चत्वारि धामानि img 2

शिक्षिका :
धर्म ही भारत की एकता का मूल आधार है। ‘(धर्म की) रक्षा करने वाले की धर्म रक्षा करता है।’ इसलिए धर्म की रक्षा करने से ही भारत भली प्रकार से रक्षित होता है। धर्म की रक्षा के लिए और वेदान्त के तत्वों के प्रचार के लिए इन मठों की स्थापना की गई है। मठों की स्थापना करने वाले जगद्गुरु आदिशङ्कर का (हम) स्मरण करते हैं।

“वेद, स्मृति और पुराणों के स्थान करुणानिधान और संसार का कल्याण करने वाले भगवान शंकर के चरणों की मैं वन्दना करता हूँ।”

चत्वारि धामानि शब्दार्थाः

चत्वारः = चार (पुल्लिङ्ग)। धर्मप्रचाराय = धर्म के प्रचार के लिए। धर्मरक्षणेन = धर्मरक्षा से।

MP Board Class 8th General English Practice Test Paper 1

MP Board Class 8th General English Solutions Practice Test Paper 1

Oral Examination
(मौखिक परीक्षा)।

1. Recite any one of the following poems:
(किसी एक कविता का पाठ करों:)
(a) Another chance.
(b) The Miser and his Gold.
Answer:
Do Yourself.

2. Read a paragraph from any one of the following lessons:
(निम्न पाठों में से किसी एक गद्यश को पढ़े:)
(a) Thrills of Kanha Kisli
(b) The Ungrateful Jeweller
(c) Trees: Our Saviours. Ans. Do Yourself.
Answer:
Do Yourself.

3. Listen to the given words carefully and write:
(दिये शब्दों को ध्यानपूर्वक सुनो:)
Answer:
Do Yourself.

4. Listen carefully and write:
(ध्यानपूर्वक सुनो और लिखो:)
Answer:
Do Yourself.

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Written Examination
(लिखित परीक्षा ):
1. All questions are compulsory.
2. Write all the answers in English only

Class 8 English Practice Test Paper 1 Question 1.
Do as directed
(निर्देशनुसार करें):

(i) Write words expressing the opposite gender for the given words:
(नीचे दिए शब्दों के विपरीत लिंग वाले शब्द लिखें:)
Madam, actor, man, horse.
Answer:

  1. madam – sir
  2. actor – actress
  3. man – woman
  4. horse – mare.

(ii) Fill in the blanks with appropriate articles (a, an, the):
(उचित आर्टिकल (a, an, the) से रिक्ता स्थान भरों:)

  1. I heard….. loud noise. It was of……. elephant.
  2. It is ….. best book available in ……… market.

Answer:

  1. a, an,
  2. the, the.

(iii) Write the comparative degree of the words given below:
(निचे देयो शब्दों की Comparative degree लिखो:)

  1. easy
  2. good
  3. small
  4. beautiful.

Answer:

  1. easier
  2. better
  3. smaller
  4. more beautiful.

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(iv) Supply appropriate pronouns to complete the sentences:
(सही सर्वनाम से वक्या पूरा करों:)

Look at Reena. …………….. is studying. Mother and father have come to see ………….
Answer:
She, her.

(V) Supply correct form of the verbs.
(क्रियाओं को सही रूप दें:)
Answer:

  1. Rohit had reached before the doctor came.
  2. The robbers had run away before the police came.

(vi) Change the tense and rewrite the following sentences:
(काल बदलकर निम्न वाक्यों को पुन: लिखो:)
Answer:

  1. I lived in Bhopal.
  2. They had done their work.

MP Board Class 8 English Practice Test Paper 1 Question 2.
(A) Match the following:
(निम्न का मिलान करों:)
MP Board Class 8th General English Practice Test Paper 1-1
Answer:
(1) → (C) tired
(2) → (d) jewellery
(3) → (b) thankless
(4) → (a) to set free

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(B) Give one word for the following:
(निम्न के लिए एक शब्द दें:)!

  1. One who makes sculptures.
  2. One who saves others.

Answer:

  1. Sculptor
  2. Saviour.

(C) Write the antonyms of the following:
(निम्न शब्द के विलोम लिखो:)

  1. win
  2. end
  3. ugly
  4. wrong.

Answer:

  1. lose
  2. start
  3. beautiful
  4. right.

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Practice Test Paper 1 Class 8 Question 3.
(A) Answer any five of the following questions in one or two sentences each:
(नीचे लिखे प्रश्नों में से किन्हीं पाँच के उत्तर एक या दो वाक्यों में दे:)

Class 8th English Practice Test Paper 1 Question 1.
What is Kanha Kisli ?
(व्हॉट इज कान्हा किसली?)
कान्हा किसली क्या है ?
Answer:
Kanha Kisli is a beautiful National Park.
(कान्हा किसली इज अ ब्यूटीफुल नेशनल पार्क।)
कान्हा किसली एक सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान है।

Class 8 MP Board English Practice Test Paper 1 Question 2.
When did Kanha National Park come into existence?
(व्हेन डिड कान्हा नेशनल पार्क कम इन्ट्र एग्जिस्टेन्स ?)
यह कब बना ?
Answer:
Kanha National Park came into existence in 1955.
(कान्हा नेशनल पार्क केम इन्टू एग्जिस्टेन्स इन 19551)
यह 1955 में बना।

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Practice Test Paper 1 Class 8 English Question 3.
When could the woodcutter not earn any money ?
(व्हेन कुड द वुडकटर नॉट अर्न ऐनी मनी ?)
लकड़हारा कब पैसे नहीं कमा पाता था ?
Answer:
The woodcutter could not earn any money during the rainy season.
(द वुडकटर कुड नॉट अर्न ऐनी मनी ड्यूरिंग द रेनी सीजन।)
लकड़हारा बरसात के मौसम में कोई पैसे नहीं कमा पाता था।.

Class 8 Practice Test Paper 1 Question 4.
Who were trapped in the well?
(हू वर ट्रैप्ड इन द वैल ?)
कुएँ में कौन फंसे हुए थे ?
Answer:
A tiger, a monkey, a snake and a jeweler were trapped in the well.
(अ टाइगर, अ मंकी, अस्नेक एण्ड अ जुअलर वर ट्रैप्ड इन द वैल।)
एक बाघ, बन्दर, साँप और जौहरी कुएँ में फंसे हुए थे।

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Class 8 English Reader Practice Test Paper 1 Question 5.
What did the villagers decide when the axe men refused to return ?
(व्हॉट डिड द विलेजर्स डिसाइड व्हेन द ऐक्समेन रिफ्यूज्ड टु रिटर्न ?)
गाँववासियों ने क्या निर्णय लिया जब कुल्हाड़ी धारियों ने लौटने से इन्कार कर दिया ?
Answer:
The villagers decided that they would not let the axes touch the trees at any cost.
(द विलेजर्स डिसाइडिड दैट दे वुड नॉट लैट द ऐक्सिज टच द ट्रीज ऐट ऐनी कॉस्ट।)
गाँववासियों ने यह तय किया कि वे किसी भी कीमत पर पेड़ों पर कुल्हाड़ी नहीं लगने देंगे।

Class 8 English Practice Test Paper 1 MP Board Question 6.
What did the axe men do when the villagers hugged the trees and shouted “chipko, chipko”?
(व्हॉट डिड द ऐक्समेन डु व्हेन द विलेजर्स हग्ड द ट्रीज एण्ड शाउटिड “चिपको चिपको” ?)
कुल्हाड़ीधारियों ने क्या किया जब गाँववासियों ने पेड़ों को गले लगा लिया और “चिपको, चिपको” चिल्लाए ?
Answer:
The axe men were frightened and they ran away.
(द ऐक्समेन वर फ्राइटन्ड एण्ड दे रैन अवे।)
कुल्हाड़ीधारी डर गये और वे भाग गए।

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(B) Answer any three of the following questions in three or four sentences each:
(नीचे लिखे प्रश्नों में से किन्हीं तीन के उत्तर 3-4 वाक्यों में दें:)

English Class 8 Practice Test Paper 1 Question 1.
What attracts the tourists there?
(व्हॉट अट्रैक्ट्स द टूरिस्ट्स देअर ?)
पर्यटकों को वहाँ क्या आकर्षित करता है ?
Answer:
Kanha Kisli’s wild life species attracts the tourists.
(कान्हा किसलीज वाइल्ड लाइफ स्पीशीज अट्रैक्ट्स द टूरिस्ट्स )
कान्हा किसली की जंगली प्रजातियाँ पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

English Reader Class 8 Practice Test Paper 1 Question 2.
How did the tiger, the monkey and the snake help the woodcutter?
(हाउ डिड द टाइगर, द मंकी एण्ड द स्नेक हैल्प द वुडकटर ?)
बाघ, बन्दर और साँप ने लकड़हारे की कैसे मदद की ?
Answer:
The tiger once gave the woodcutter a set of gold ornaments, the monkey gave him sweet fruits one day when he was very hungry and the snake helped him in coming out of the prison.
(द टाइगर वन्स गेव द वुडकटर अ सैट ऑफ गोल्ड और्नामेन्ट्स, द मंकी गेव हिम स्वीट फ्रूट्स वन डे व्हेन ही वॉज वेरी हंगरी एण्ड द स्नेक हैल्प्ड हिम इन कमिंग आउट ऑफ द प्रिजन।)
बाघ ने एक दिन लकड़हारे को सोने के आभूषण दिये, बन्दर ने उसे मीठे फल दिये जब वह बहुत भूखा था और साँप ने उसे जेल से निकलवाने में मदद की।

Class 8 Subject English Practice Test Paper 1 Question 3.
What is the work of “Dasohli Gram Swarajya Mandal ?”
(व्हॉट इट द वर्क ऑफ “दसोहली ग्राम स्वराज्य मण्डल’)
“दसोहली ग्राम स्वराज्य मण्डल” का क्या कार्य है ?
Answer:
This organisation works to regenerate the degraded forests.
(दिस ऑर्गेनाइजेशन वर्क्स टु रीजनरेट द डिग्रेडिड फॉरेस्ट्स।)
ये संस्था उन जंगलों को नवजीवन प्रदान करने का कार्य करती है जिनका पतन हो गया है।

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Class 8 English Practice Test Paper 1 Special Series Question 4.
What else can be seen at Kanha besides animals?
(व्हाट ऐल्स कैन बी सीन ऐट कान्हा बिसाइड्स एनीमल्स।)
वहाँ और क्या देखा जा सकता है ?
Answer:
Natural Scenery, Jungle life and birds can be seen there besides animals.
(नैचुरल सीनरी, जंगल लाइफ एण्ड बर्डस कैन बी सीन देअर बिसाइड्स एनीमल्स।)
प्राकृतिक सौन्दर्य, जंगल की जिन्दगी, और पक्षी देखे जा सकते हैं।

(C) Answer any three of the following questions:
(किन्ही तीन प्रशनों के उत्तर दें:)

Class 8 English Paper MP Board Question 1.
Why do we wish for another chance?
(व्हाय डू वी विश फॉर एनदर चान्स ?)
हम एक और मौके की इच्छा क्यों करते हैं?
Answer:
We wish for another chance to change our failure into winning.
(वी विश फॉर एनदर चान्स टू चेंज आवर फेल्यर इन्टू विनिंग।)
हम एक और मौके की इच्छा इसलिए करते हैं ताकि हम अपनी हार को जीत में बदल सकें।

Class 8th MP Board English Paper Question 2.
Why should we never give up in despair?
(व्हॉय शुड वी नैवर गिव अप इन डिस्पेअर?)
हमें कभी निराश होकर क्यों नहीं छोड़ देना चाहिए?
Answer:
We should never give up in despair as there is always a tomorrow to start anew.
(वी शुड नैवर गिव अप इन डिस्पेअर ऐज़ देअर इज़ औलवेज़ अ टुमौरो टू स्टार्ट अन्यू) हमें निराश इसलिए नहीं होना चाहिए क्योंकि कल अवश्य आता है।

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MP Board Class 8th English Paper Question 3.
What was the only pleasure of the miser?
(व्हॉट वॉज़ द ओन्ली प्लेज़र ऑफ द माइजर ?)
कंजूस का एकमात्र आनन्द क्या था ?
Answer:
His only pleasure was to see his treasure everyday.
(हिज ओन्ली प्लेज़र वॉज टु सी हिज़ ट्रेजर एवरीडे।)
उसे अपने खज़ाने को रोज देखने में आनन्द मिलता था।

MP Board Class 8 English Paper Question 4.
What did the neighbors ask? the miser?
(व्हॉट डिड द नेबर्स आस्क द माइज़र ?)
पड़ोसियों ने कंजूस से क्या पूछा ?
Answer:
The neighbors asked the miser what was the “matter.
(द नेबर्स आस्कड द माइजर व्हॉट वॉज द मैटर।)
पड़ोसियों ने कंजूस से पूछा कि मामला क्या था ?

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Class 8 MP Board English Paper Question 5.
Write any four lines of a poem you have read.
(Tots a fant ont ar viferrent feratii)
Answer:
Do yourself.

Class 8th English Paper 2023 MP Board Question 6.
Read the passage given in the book carefully.
(A) Now answer the following questions.
(पुस्तक में दिए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें। अब निम्न प्रश्नों के उत्तर दें:)

1. Where did the hen lay the egg?
Answer:
The hen lay. the egg upon the roof of the farmhouse.

2. Who found the egg in the end?
Answer:
A small mouse found the egg in the end.

3. Who did the hen ask about her egg?
Answer:
The hen had asked the Goat, bird and a small mouse about her egg.

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4. Why was the hen happy?
Answer:
The hen was happy because she had got a baby chick in place of the egg.

5. What did the bird tell the hen about the egg?
Answer:
The bird told that the egg rolled along the drain pipe and them into a hole.

(B) Say true or false:
(सत्य या असत्य बताएँ:)
1. The egg rolled along the table.
2. The Goat and the hen lived in a farmhouse.
Answer:
1. True
2. True.

(C) Tick the correct answer:
(सही उत्तर चिह्नित करें:)
“If you look closely, you will see that you’ve a new baby chick in its place.” Here ‘closely means’
(i) nearly
(ii) carefully
(iii) quickly
(iv) rapidly.
Answer:
(ii) carefully.

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(D) Write the past tense form of the following verbs with the help of the story:
(कहानी की सहायता से निम्न क्रियाओं के भूतकाल के रुप लिखें:)
1. fall
2. run.
Answer:
1. fell
2. ran.

Test Paper 1 Class 8 Question 7.
Write an application to your class teacher requesting him to add your name in the list of the students going to the Kanha Kisli National Park.
(कान्हा किसली राष्ट्रीय पार्क जाने वाले विद्यार्थियों की सूची 1 में अपना नाम जोड़ने के लिए प्रार्थना करते हुए अपने कक्षाध्यापक को एक पत्र लिखें।)

Or (या)

Write a letter to your friend narrating your visit to Kanha Kisli.
(अपने मित्र को कान्हा किसली की सैर का वर्णन करते हुए एक पत्र लिखें।)

Answer:

10, Prabhu Nagar
Indore
20.3.20 ……..

Dear Mahesh,
Hope you are fine there. I am also fine here. As I had been to Kanha National Park in my vacations. I wish to share my experience with you. It was a great fun. We saw many animals like deer, elephants, lions, etc. We gave bananas to monkeys and elephants. We took photographs of beautiful birds and animals. We had our lunch there. We played some outdoor games and enjoyed a lot. I missed you a lot. Rest is fine.

(or)

Ram Pal Singh
26 / 102, Ashok Nagar,
Kanpur
4 – 3 – 20 …….

Dear Raj,
I am fine here and hope the same at your end 1. also. As our exams are over, what are your plans for your vacations. I am planning to go for a picnic to the Kanha Kisli National Park on 14th of this month. If you wish, you may also join us. Rest is fine. Pay my regards to elders and love to younger. Waiting for your letter,

Yours
Ramesh

Practice Test Paper 2 Class 8 English Question 8.
Write an essay on any one of the following:
(निम्न में से किसी एक पर एक निबन्ध लिखें:)

  1. My School
  2. Importance of trees
  3. Independence Day celebration in your school.

Answer:

1. My School

I read in Senior Model School, Bhopal. It is situated in a peaceful environment as it is far from | the city. It has a red building with fifteen rooms. It has a big hall, a library, store room, games and sports room, clerks room and principal’s room. My school has a big play ground where cricket, hockey, football and other games are played. The name of my Principal is Mr. S.D. Sharma. He is a learned person.

There are 35 teachers in my school. All the teachers are well qualified The library of our school is well managed. We can read magazines and newspapers there. Annual functions are held in our school. There is a scheme of holding debate on every Saturday in my school. Sometimes picnics and tours are arranged in my school. All the children come in proper uniform to the school. I love my school very much.

कठिन शब्द –

  • Peaceful environment = शान्त वातावरण
  • situated = स्थित
  • well qualified = सुयोग्य
  • Debate = वाद – विवाद
  • Magazines = पत्रिकाएँ

2. Importance of trees

We cannot imagine life without trees. Trees . are one of the most important creations of God. Trees are essential part of our lives. They help us in several ways. They produce oxygen in the presence of sunlight which is important for our survival and take in carbon di oxdie making the environment pure. We get wood from trees for making furniture, houses and paper. They provide us food to eat. Trees act as home for many animals and birds. Some trees have medicinal value like tulsi, neem, eucalyptus etc. Trees maintain the ecological balance of nature and bring rain through transpiration. They make the environment pollution-free. So we should try our level best to preserve trees.

कठिन शब्द –

  • essential = जरूरी
  • environment = वातावरण
  • ecological = स्थिति विज्ञान का
  • balance = सन्तुलन
  • Transpiration = वाष्पोत्सर्जन
  • pollution = दूषित
  • Preserve = रक्षा

3. Independence Day celebration in your school.

Celebrations In Your School Our country got freedom on 15th August, 1947. Britishers quieted India on this day. Therefore, this day is known as Independence Day. It is our National festival. It is celebrated all over India. In schools and colleges, it is celebrated with great pomp and show. It is celebrated in my school. The school building is decorated nicely. We reach school at 7 a.m. in proper uniform. Principal hoists the flag.

Then we all sing the national anthem. After that some, cultural programme is presented and then the teachers deliver speeches to teach us to be faithful to our country. In the end, the principal delivers a speech thanking the audience, teachers and the taught .We come back home with the laddoos given to us with the feeling of patriotism.

कठिन शब्द –

  • quit= छोड़कर जाना
  • pomp and show – = ठाठबाट
  • national anthem = राष्ट्रीय गान
  • patriotism = देशभक्ति

MP Board Class 8th English Solutions

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 8 गुरुगोविन्दसिंहः

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 8 गुरुगोविन्दसिंहः

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 8 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 8 MP Board प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) सिक्खानाम् दशमः गुरुः कः आसीत्? [सिक्खों के दसवें गुरु कौन थे?]
उत्तर:
गुरुगोविन्दसिंहः

(ख) सिक्खधर्मप्रवर्तकः कः आसीत्? [सिख धर्म के प्रवर्तक कौन थे?]
उत्तर:
गुरुनानकः

(ग) गुरुगोविन्दसिंहस्य मातुः नाम किम्? [गुरुगोविन्दसिंह की माता का नाम क्या था?]
उत्तर:
गुजरी

(घ) गुरुगोविन्दसिंहस्य मुक्तिः कुत्र अभवत्? [गुरुगोविन्दसिंह की मुक्ति कहाँ हुई थी?]
उत्तर:
नान्देड़ प्रान्ते

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(ङ) ईश्वरीयदीक्षा का? [ईश्वरीय दीक्षा क्या थी?]
उत्तर:
खालसा।

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 8 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) सिक्खानां पञ्च बाह्यचिह्नानि कानि? [सिक्खों के पाँच बाहरी चिह्न कौन-कौन से हैं?]
उत्तर:
सिक्खानां पञ्च बाह्य चिह्नानि-केशबन्धनं, कङ्कतिका अस्थापनं, कङ्कणधारणं, कट्यां वस्त्रधारणं, सर्वदा खड्गंधारणम् इति।
[सिक्खों के पाँच बाहरी चिह्न हैं-केशबन्धन (पगड़ी), कंघी रखना, कड़ा धारण करना, कमर में फेंटा बांधना, सदा तलवार धारण करते रहना।]

(ख) गुरुगोविन्दस्य जननं कदा अभवत्? [गुरुगोविन्द का जन्म कब हुआ थ?]
उत्तर:
गुरुगोविन्दस्य जननं १६६६ तमे वर्षे कार्तिक शुक्ल सप्तम्यां पटना नगरे अभवत्। [गुरुगोविन्द का जन्म सन् १६६६ ई. में कार्तिक महीने की शुक्लपक्ष की सप्तमी को पटना नगर में हुआ था।

(ग) कुत्र धर्माः विकासं प्राप्ताः? [धर्मों ने कहाँ पर विकास प्राप्त किया है?]
उत्तर:
भारते बहवः धर्माः विकास प्राप्ताः। [भारत में बहुत से धर्मों ने विकास प्राप्त किया है।]

(घ) विदेशीयाः कीदृशाः आसन्? [विदेशी कैसे थे?]
उत्तर:
विदेशीयाः भारतीय संस्कृतेः विनाशकाः आसन्। [विदेशी भारतीय संस्कृति का विनाश करने वाले थे।]

(ङ) आचार्येण केषां कथा श्राविताः? [आचार्य ने किनकी कथा सुनाई?]
उत्तर:
आचार्येण गुरुगोविन्दसिंहस्य कथा श्राविताः। [आचार्य ने गुरुगोविन्दसिंह की कथा सुनाई।]

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MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 8 प्रश्न 3.
कोष्ठक के शब्दों का प्रयोग करके खाली स्थानों को भरो (गुरुजी, आत्मविश्वासेन, खड्गं, भगवतः)
(क) एकमेव …………. ज्योतिः सर्वेषु ज्वलति।
(ख) गुरुगोविन्दसिंहः …………. कार्यं कृतवान्।
(ग) वाहे …………. की फतह।
(घ) ………… गृहीत्वा युद्धं कुरू।
उत्तर:
(क) भगवतः
(ख) आत्मविश्वासेन
(ग) गुरुजी
(घ) खड्गं।

Class 7th Sanskrit Chapter 8 Guru Gobind Singh प्रश्न 4.
सम्बोधन लिखो(गुरु, आर्य, महोदय, अनुज)
उत्तर:
पुल्लिग :
गुरो!, आर्य! महोदय!, अनुज!

स्त्रीलिंग :
आर्ये!, महोदये!, अनुजे!

Sanskrit Class 7 Chapter 8 प्रश्न 5.
उचित का मेल करो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 8 गुरुगोविन्दसिंहः img 1
उत्तर:
(क) → (5)
(ख) → (4)
(ग) → (2)
(घ) → (1)
(ङ) → (3)

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Class 7 Sanskrit Chapter 8 प्रश्न 6.
क्रम स्थापित करो
(क) गुरुगोविन्दसिंहः हिन्दूशक्ति सङ्घटितवान्।
(ख) गुरुगोविन्दस्य मृत्युः १७०८ तमे वर्षे अभवत्।
(ग) माता गुजरी पिता तेगबहादुरः च आस्ताम्।
(घ) गुरु नानकः सिक्खधर्मप्रवर्तकः आसीत्।
(ङ) गुरुगोविन्दस्य जननम् कार्तिकशुक्लसप्तम्याम् अभवत्।
उत्तर:
(घ) गुरु नानकः सिक्खधर्मप्रवर्तकः आसीत्।
(ङ) गुरुगोविन्दस्य जननम् कार्तिकशुक्लसप्तम्याम् अभवत्।
(ग) माता गुजरी पिता तेगबहादुरः च आस्ताम्।
(क) गुरुगोविन्दसिंहः हिन्दूशक्ति सङ्घटितवान्।
(ख) गुरुगोविन्दस्य मृत्युः १७०८ तमे वर्षे अभवत्।

गुरुगोविन्दसिंहः हिन्दी अनुवाद

छात्रा: :
आचार्य! नमस्कार। शिक्षकः-उपविशन्तु सर्वे।

कुलदीपः :
आर्य! पूर्व धर्मसंरक्षकाणां वीरपुरुषाणां विवेकानन्द, शिवाजी, महाराणाप्रतापः इत्यादीना विषये श्रुतम्, किन्तु गुरुगोविन्दसिंहस्य विषये न जानामि।

प्रतापः :
महोदय! वय गुरुगोविन्दसिंहस्य चरिः नातुमिच्छामः।

विनीता :
श्रीमान्! तस्य चरित्रस्य किं वैशिष्ट्यम्। – शिक्षकः-गुरुगोविन्दसिंहस्य शौर्य, धैर्य, त्यागः, दूरदृष्टिः, सेवाभावनादिकं विशिष्टम् आसीत्। सः आबाल्यात् जनानां शक्तिं जागरयितुम् आत्मविश्वासेन कार्यं कृतवान्। समाजं संस्कर्तुम्, अखण्डतां स्थापयितुं धर्मे निष्ठा वर्धयितुं अहर्निशं प्रयत्नं कृतवान्। एषः सिक्खानां धर्मगुरुः आसीत्।

अनुवाद :
छात्र-आचार्य जी! नमस्कार। शिक्षक-सभी बैठ जायें।

कलदीप :
आर्य! प्राचीनकाल के धर्म की रक्षा करने वाले वीर पुरुषों में विवेकानन्द, शिवाजी, महाराणा प्रताप इत्यादि के विषय में तो सुना है, परन्तु गुरुगोविन्दसिंह के विषय में नहीं जानता हूँ।

प्रताप :
महोदय! हम गुरुगोविन्दसिंह के चरित्र को जानना चाहते हैं।

विनीता :
श्रीमन्! उनके चरित्र की क्या विशेषता है?

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शिक्षक :
गुरु गोविन्दसिंह में शूरवीरता, धैर्य, त्याग, दूरदृष्टि और सेवाभावना आदि विशेषता थी। उन्होंने बचपन से ही मनुष्यों में शक्ति जागृत करने के लिए आत्मविश्वास से कार्य किया। समाज को संस्कारित करने के लिए, अखण्डता (एकता) स्थापित करने के लिए, धर्म के प्रति निष्ठा बढ़ाने के लिए दिन और रात उन्होंने प्रयत्न किया। ये सिक्खों के धर्मगुरु थे।

प्रतापः :
सिक्खाः नाम के?

शिक्षकः :
सिक्खधर्मानुयायिनः सिक्खाः। यथा जैनधर्म तथा सिक्खधर्मः। भारते बहवः धर्माः विकासं प्राप्ताः। अतः सर्वे धर्माः समानाः।

कुलदीपः :
किं गुरुगोविन्दसिंहः सिक्खधर्मस्य प्रवर्तकः?

शिक्षकः :
गुरुनानकः एव सिक्खधर्मस्य प्रवर्तकः। सः एव तेषां प्रथमः गुरुः आसीत्। गुरुगोविन्दसिंहः तु दशमः अन्तिमश्च गुरुः आसीत्।

विनीता :
गुरुगोविन्दस्य जननं कदा अभवत्।

शिक्षकः :
१६६६ तमे वर्षे कार्तिक-शुक्ल-सप्तम्यां तस्य जननम् पटनानगरे अभवत्। गुजरी तस्य माता, महात्यागी समाजसेवकः गुरुतेगबहादुरः तस्य पिता आस्ताम्। पिता इव गुरुगोविन्दः अपि समाजसेवानिरतः आसीत्।

अनुवाद :
प्रताप-सिक्ख कौन होते हैं? शिक्षक-सिक्ख धर्म के अनुयायी सिक्ख होते हैं। जैसे जैन धर्म होता है, वैसे ही सिक्ख धर्म होता है। भारतवर्ष में बहुत से धर्मों ने विकास प्राप्त किया। इसलिए सभी धर्म समान हैं। कुलदीप-क्या गुरुगोविन्दसिंह सिक्ख धर्म के प्रवर्तक थे?

शिक्षक :
गुरुनानक ही सिक्ख धर्म के प्रवर्तक थे। वे ही उनके सबसे पहले गुरु थे। गुरु गोविन्दसिंह तो दशवें और अन्तिम गुरु थे।

विनीता :
गुरुगोविन्द का जन्म कब हुआ?

शिक्षक :
सन् १६६६ ई. के वर्ष में कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी (२२ दिसम्बर, १६६६ ई.) को उनका जन्म पटना नगर में हुआ था। गूजरी उनकी माता थीं तथा महान त्यागी, समाज सेवक गुरु तेगबहादुर उनके पिता थे। पिता की भाँति ही गुरुगोविन्द भी समाजसेवा में लगे रहने वाले थे।

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कुलदीपः :
समाजसेवार्थ गुरुगोविन्दः किं कृतवान्?

शिक्षकः :
तस्मिन् समये भारतीयसंस्कृतेः विनाशकस्य क्रूरस्य मुगलशासकस्य औरङ्गजेबस्य शासनमासीत्। तादृशस्थितौ दुष्टशक्तिं निग्रहितुं प्रजासु धर्मजागरणं कृतवान्। पीड्यमान जनानां सङ्घटनं रचितवान्। सामान्यजनानां विचारेषु परिवर्तनमानीतवान् आत्मविश्वासंचजनयितुं प्रोत्साहदत्तवान्। देशहिताय आत्मरक्षणाय च खड्गं धरन्तु इति आदिष्टवान्।

प्रतापः :
अधुना अपि सिक्खाः खड्गं धरन्ति वा?

शिक्षकः :
‘खालसा’ दीक्षा स्वीकृत्य न केवलं खड्गम् अपितु पञ्च बाह्यचिह्नानि धर्तुं गुरुगोविन्दः आदिष्टवान्। तानि च केशबन्धनं कङ्कतिका-स्थापनं, कङ्कणधारणं, कट्यां वस्त्रधारणं, सर्वदा खड्गं धारणमिति। एतानि चिह्नानि समर्पणं, परिशुद्धता, दैवभक्तिः, शीलं, शौर्यम्, इत्येतान् भवान् स्मारयन्ति।

अनुवाद :
कुलदीप :
समाज की सेवा के लिए गुरुगोविन्द ने क्या किया?

शिक्षक :
उस समय भारतीय संस्कृति का विनाश करने वाले मुगल शासक औरंगजेब का शासन था। उस अवस्था में दुष्ट शक्ति को नियंत्रित करने के लिए (दबाने के लिए) प्रजा में धर्म का जागरण किया। पीड़ित किये जाते लोगों का संगठन बनाया। साधारण लोगों के विचारों में बदलाव लाया गया। आत्मविश्वास पैदा करने के लिए प्रोत्साहन भी दिया। देशहित के लिए तथा आत्मरक्षा के लिए तलवार धारण करें, ऐसा आदेश दिया।

प्रताप :
आज भी सिक्ख तलवार धारण करते हैं क्या?

शिक्षक :
“खालसा” दीक्षा को स्वीकार करके न केवल तलवार ही वरन् पाँच बाहरी (पहचान) चिह्न धारण करने के लिए गुरुगोविन्दसिंह ने आदेश दिया और वे केशबन्धन (पगड़ी), कंघी लगाये रहना, कड़ा धारण करना, कमर में वस्त्र (फेंटा) धारण करना और सदा तलवार धारण किये रहना इत्यादि थे। ये चिह्न समर्पण, पवित्रता, दैवभक्ति, शीलता, शूरवीरता इत्यादि भावों की याद दिलाते रहते हैं।

कलदीपः :
‘खालसा’ दीक्षा नाम किम्?

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शिक्षकः :
‘खालसा’ नाम ईश्वरीयदीक्षा। ईश्वरस्य निश्चल-आराधने एव तीर्थयात्रा, दानं, दया, तपः, संयमनञ्च अस्तीति यः भावयति यस्य हृदये पूर्णज्योतिषः प्रकाशोऽस्ति सः एव खालसा भवति।

विनीता :
पुनरपि कथं समाज प्रेरितवान्?

शिक्षकः :
गुरुगोविन्दसिंहः वीररसे सहजकविः आसीत्। तस्य चण्डीचरितम्’ इति काव्ये ‘स्वयं वीरगतिं प्राप्नुयाम्’ इति प्रेरणावाक्यैः समाज प्रेरितवान्। ‘विचित्रनाटकम्’ इति पुस्तके स्ववीरगाथां सूचितवान्।

अनुवाद :
कुलदीप-‘खालसा’ दीक्षा किसका नाम है?

शिक्षक :
‘खालसा’ ईश्वरीय दीक्षा का नाम है। ईश्वर की निश्चल आराधना में ही तीर्थयात्रा, दान, दया, तप और संयम के जो भाव पैदा होते हैं (तथा) जिसके हृदय में पूर्ण ज्योति का प्रकाश होता है, वही खालसा होता है।

विनीता :
फिर भी समाज को किस तरह प्रेरणा दी?

शिक्षक :
गुरुगोविन्द सिंह वीररस के सहज कवि थे। उनके ‘चण्डीचरित’ नामक काव्य में अपने आप वीरगति को’ प्राप्त करें’ ऐसे प्रेरणापरक वाक्यों से समाज को प्रेरित किया। ‘विचित्र नाटकम्’ नामक पुस्तक उनकी वीरता की गाथा को सूचित करती है।

प्रताप: :
गुरुगोविन्दस्य अन्यवैशिष्ट्यानि कानि?

शिक्षकः :
कबीर: गुरुनानक: सूरदासादयः भक्ताः आसन्। गुरुगोविन्दस्तु वीरभक्तः आसीत्। सः हिन्दूशक्ति सङ्घटितवान्। सर्वे समानाः एकमेव भगवतः ज्योतिः सर्वेषु ज्वलति इति तस्य अचलः विश्वासः आसीत्। सज्जनानां संरक्षाणाय, दुष्टानां विनाशाय ‘खड्गं गृहीत्वा युद्धं कुरु’ ‘खड्गस्यजयोऽस्तु’ इति निनादं कुर्वन् बहूनि युद्धानि कृतवान्। १६८९ वर्षस्य एप्रिल मासतः मृत्युपर्यन्यतं शत्रून् भायितवान् तेषां हृदयेषु कम्प नं जनितवान्। हिन्दूधर्मञ्च संरक्षितवान्।

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अनुवाद :
प्रताप :
गुरुगोविन्द की दूसरी विशेषताएँ क्या

शिक्षक :
कबीर, गुरुनानक, सूरदास आदि के भक्त थे। गुरुगोविन्द तो वीर (और) भक्त थे। उन्होंने हिन्दुओं की शक्ति का संगठन किया। ‘सभी में समान रूप से एक ही भगवान की ज्योति जलती है’ ऐसा उनका पक्का विश्वास था। सज्जनों की रक्षा के लिए और दुष्टों के विनाश के लिए “तलवार ग्रहण करके युद्ध करो”, “तलवार की विजय हो”, ऐसी घोषणा (युद्ध ध्वनि) करते हुए बहुत से युद्ध किए। सन् १६८९ के वर्ष के अप्रैल महीने से अपनी मृत्यु पर्यन्त (तक) शत्रुओं को भयभीत कर दिया, उनके हृदय में कम्पन पैदा कर दिया और हिन्दू धर्म की रक्षा की।

विनीता :
तस्य मुक्तिः कदा अभवत्।

शिक्षकः :
गुरुगोविन्दसिंहस्य ४२ तमे वयसि १७०८ तमे वर्षे अक्टोबर सप्तमे दिनाङ्के महाराष्ट्रस्य ‘नान्देड़’ प्रान्ते गुरुगोविन्दः मुक्तिं प्राप्तवान्।
तस्य उद्घोषं स्मरामः।
‘वाहे गुरुजी का खालसा-वाहे गुरुजी की फते’
(खालसा ईश्वरीयः भवनि-ईश्वरस्य विजयः निश्चित:)

अनुवाद :
विनीत :
की मुक्ति कब हुई?

शिक्षक :
गुरुगोविन्द के बयालीस वर्ष की आयु में सन् १७०८ के वर्ष में अक्टूबर के महीने की सातवीं दिनांक को महाराष्ट्र के ‘नान्देड़’ प्रान्त में गुरुगोविन्द ने मुक्ति प्राप्त की।

उनके उपदेश को याद करते हैं’-
वाहे गुरुजी का खालसा-वाहे गुरुजी की फते’ (जब खालसा ईश्वरीय हो जाता है, तब ईश्वर की विजय निश्चित है।)

गुरुगोविन्दसिंहः शब्दार्थाः

आबाल्यात् = बचपन से। आत्मविश्वासेन = आत्मविश्वास से। वर्धितुम् = बढ़ाने के लिए। विनाशाय = विनाश के लिए। मृत्युपर्यन्तम् = मृत्यु तक। संरक्षितवान् = संरक्षण किया। कङ्कतिका-स्थापन = कंघी लगाये रहना। भायितवान् = भयभीत कर दिया।

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित भिन्नों को दशमलव रूप में लिखिए और बताइए कि प्रत्येक का दशमलव प्रसार किस प्रकार का है:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3 2
उत्तर:
(i) 0.36 – सांत
(ii) 0.090909 …… = \(0.\overline { 09 }\) – अनवसानी पुनरावर्ती
(iii) 4.125 – सांत
(iv) 0.230769230769…. = \(0.\overline { 230769 }\) – अनवसानी पुनरावर्ती
(v) 0.181818 ….. = \(0.\overline { 18 }\) – अनवसानी पुनरावर्ती
(vi) 0.8225 – सांत
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प्रश्न 2.
आप जानते हैं कि \(\frac { 1 }{ 7 }\) = \(0.\overline { 142857 }\) है। वास्तव में, लम्बा भाग दिए बिना क्या आप यह बता
सकते हैं कि के \(\frac{2}{7}, \frac{3}{7}, \frac{4}{7}, \frac{5}{7}, \frac{6}{7}\) दशमलव प्रसार क्या हैं ? यदि हाँ तो कैसे ?
हल:
हाँ, हम बता सकते हैं
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3 1

प्रश्न 3.
निम्नलिखित को p/q के रूप में व्यक्त कीजिए, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा q ≠ 0 है:
(i) \(0.\overline { 6 }\)
(ii) \(0.4\overline { 7 }\)
(ii) \(0.\overline { 001 }\).
हल:
(i) \(0.\overline { 6 }\) = 0.6666….. = x (मान लीजिए)
⇒ 10x = 6.6666…. . = 6 + 0.6666 ….. = 6 + x
⇒ 10x – x = 6 ⇒ 9x = 6 = x = \(\frac { 6 }{ 9 }\) = \(\frac { 2 }{ 3 }\)
अतः \(0.\overline { 6 }\) का अभीष्ट \(\frac { p }{ q }\) रूप = \(\frac { 2 }{ 3 }\).

(ii) \(0.4\overline { 7 }\) = 0.4777….. = x (मान लीजिए)
⇒ 10x = 4.7777….. = 4.3 + 0.4777 = 4.3 +x
⇒ \(10 x-x=4 \cdot 3 \Rightarrow 9 x=4 \cdot 3 \Rightarrow x=\frac{4 \cdot 3}{9}=\frac{43}{90}\)
अतः \(0.4\overline { 7 }\) का अभीष्ट p/q रूप = \(\frac { 43 }{ 90 }\).

(iii) \(0.\overline { 001 }\) = 0.001 001 001 ….. = x (मान लीजिए)
⇒ 1000x = 1.001 001 001 …. = 1 + 0.001001001 …. = 1 + x
⇒ 1000x – x = 1 ⇒ 999x = 1 ⇒ x = \(\frac { 1 }{ 999 }\)
अतः \(0.\overline { 001 }\) का अभीष्ट p/q रूप= \(\frac { 1 }{ 999 }\).

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प्रश्न 4.
0.99999 ….. को plq के रूप में व्यक्त कीजिए। क्या आप अपने उत्तर से चकित हैं ? अपने अध्यापक और कक्षा के सहयोगियों के साथ उत्तर की सार्थकता पर चर्चा कीजिए।
हल:
0.99999 …… = x (मान लीजिए)
⇒ 10x = 9.99999….. = 9 + 0.99999….. = 9 + x
⇒ 10x – x = 9 ⇒ 9x = 9 ⇒ x = 1
अतः 0.99999….. का अभीष्ट p/q रूप = 1.

प्रश्न 5.
\(\frac { 1 }{ 17 }\) के दशमलव प्रसार में अंकों के पुनरावर्ती खण्ड में अंकों की अधिकतम संख्या क्या हो सकती है ? अपने उत्तर की जाँच के लिए विभाजन क्रिया कीजिए।
उत्तर:
सोलह (16) अर्थात् \(0.\overline { 0588235294117647 }\)
[निर्देश: विभाजन क्रिया छात्र स्वयं करें।]

प्रश्न 6.
p/q(q ≠ 0) के रूप की परिमेय संख्याओं के अनेक उदाहरण लीजिए; जहाँ p और q पूर्णांक हैं जिनका 1 के अतिरिक्त अन्य कोई उभयनिष्ठ गुणनखण्ड नहीं हैं और जिसका सात दशमलव निरूपण (प्रसार) है। क्या आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि q को कौन-सा गुण अवश्य सन्तुष्ट करना चाहिए ?
उत्तर:
अभीष्ट उदाहरण है:
\(\frac { 3 }{ 5 }\) = 1.5, \(\frac { 5 }{ 4 }\) = 1.25, \(\frac { 4 }{ 5 }\) = 0.8, \(\frac { 3 }{ 25 }\) = 0.12, \(\frac { 7 }{ 10 }\) = 0.7, \(\frac { 11 }{ 110 }\) = 0.11 …..
हाँ, q के अभाज्य गुणनखण्डों में 2 की घात या 5 की घात अथवा दोनों की धातें होती हैं।

प्रश्न 7.
ऐसी तीन संख्याएँ लिखिए जिनके दशमलव प्रकार अनवसानी अनावर्ती हों।
उत्तर:
0.01001000100001….., 0.202002000200002….., 0.003000300003….

प्रश्न 8.
परिमेय संख्याओं \(\frac { 5 }{ 9 }\) और \(\frac { 9 }{ 11 }\) के बीच तीन अलग-अलग अपरिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
हम जानते हैं कि \(\frac { 5 }{ 9 }\) = \(0.\overline { 714285 }\) एवं \(\frac { 9 }{ 11 }\) = \(0.\overline { 81 }\)
इनके मध्य अपरिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए अनवसानी अनावर्ती संख्याओं में से कोई तीन संख्याओं का चयन करना है।
अतः अभीष्ट संख्याएँ हैं
0.75075007500075….; 0.767076700767000767…. एवं 0.8080080008….

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प्रश्न 9.
बताइए कि निम्नलिखित संख्याओं में से कौन-कौन सी संख्याएँ परिमेय और कौन-कौन सी संख्याएँ अपरिमेय हैं :
(i) \(\sqrt { 23 }\)
(ii) \(\sqrt { 225 }\)
(iii) 0.3796
(iv) 7.478478….
(v) 1.101001000100001….
उत्तर:
(i), (iv) एवं (v) अपरिमेय संख्याएँ हैं तथा (ii) एवं (iii) परिमेय संख्याएँ हैं।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.2

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.2

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए कथन सत्य हैं या असत्य। कारण के साथ अपने उत्तर दीजिए :
(i) प्रत्येक अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या होती है।
(ii) संख्या रेखा का प्रत्येक बिन्दु √m के रूप का होता है, जहाँ m एक प्राकृत संख्या है।
(iii) प्रत्येक वास्तविक संख्या एक अपरिमेय संख्या होती है।
उत्तर:
(i) सत्य है, क्योंकि वास्तविक संख्या के संग्रह में सभी अपरिमेय संख्याएँ होती हैं।
(ii) असत्य है, क्योंकि ऋणात्मक संख्याएँ किसी वास्तविक संख्या का वर्गमूल नहीं होती।
(iii) असत्य है, क्योंकि परिमेय संख्याएँ भी तो वास्तविक संख्याएँ होती हैं।
उदाहरणार्थ – 2, 3 ….. आदि वास्तविक संख्याएँ हैं लेकिन अपरिमेय नहीं हैं।

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प्रश्न 2.
क्या सभी धनात्मक पूर्णांकों के वर्गमूल अपरिमेय होते हैं ? यदि महीं, तो एक ऐसी संख्या के वर्गमूल का उदाहरण दीजिए जो एक परिमेय संख्या है।
उत्तर:
नहीं, उदाहरण: √4 = 2 एक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 3.
दिखाइए संख्या रेखा पर √5 को किस प्रकार निरूपित किया जा सकता है ?
हल:
संख्या रेखा पर √5 का निरूपण:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.2 1
अत: OB = √5, संख्या रेखा पर √5 का अभीष्ट निरूपण है।
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प्रश्न 4.
कक्षा के लिए क्रियाकलाप (वर्गमूल सर्पिल की रचना करना)।
उत्तर:
[निर्देश : छात्रों को स्वयं करना है।]

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.1

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.1

प्रश्न 1.
क्या शून्य एक परिमेय संख्या है? क्या इसे आप \(\frac { p }{ q }\) के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0. (2018)
उत्तर:
हाँ, 0 = \(\frac { p }{ q }\); जहाँ p एवं q पूर्णांक हैं तथा p = 0 एवं q ≠ 0.

प्रश्न 2.
3 और 4 के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए। (2019)
हल:
3 और 4 को हर (6 + 1) अर्थात् 7 लेकर परिमेय संख्या के रूप में लिखने पर,
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.1 1
अतः अभीष्ट छः परिमेय संख्याएँ होंगी: \(\frac { 22 }{ 7 }\), \(\frac { 23 }{ 7 }\), \(\frac { 24 }{ 7 }\), \(\frac { 25 }{ 7 }\), \(\frac { 26 }{ 7 }\) एवं \(\frac { 27 }{ 7 }\).

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प्रश्न 3.
\(\frac { 3 }{ 5 }\) एवं \(\frac { 4 }{ 5 }\) के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए। (2018)
हल:
\(\frac { 3 }{ 5 }\) एवं \(\frac { 4 }{ 5 }\) को उनके हर एवं अंश को (5 + 1) अर्थात् 6 से गुणा करके लिखने पर:
\(\frac { 3 }{ 5 }\) = \(\frac { 18 }{ 30 }\) एवं \(\frac { 4 }{ 5 }\) = \(\frac { 24 }{ 30 }\)
अतः अभीष्ट पाँच परिमेय संख्याएँ होंगी : \(\frac { 19 }{ 30 }\), \(\frac { 20 }{ 30 }\), \(\frac { 21 }{ 30 }\), \(\frac { 22 }{ 30 }\) एवं \(\frac { 23 }{ 30 }\).

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प्रश्न 4.
नीचे दिए गए कथन सत्य हैं या असत्य ? कारण के साथ अपने उत्तर लिखिए :
(i) प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है। (2018)
(ii) प्रत्येक पूर्णांक एक पूर्ण संख्या होती है।
(iii) प्रत्येक परिमेय संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
उत्तर:
(i) सत्य है, क्योंकि पूर्ण संख्या के संग्रह में सभी प्राकृत संख्याएँ समाहित हैं।
(ii) असत्य है, क्योंकि – 2 एक पूर्णांक है लेकिन पूर्ण संख्या नहीं।
(iii) असत्य है, क्योंकि \(\frac { 1 }{ 2 }\) एक परिमेय संख्या है लेकिन पूर्ण संख्या नहीं।

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MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 16 Probability Miscellaneous Exercise

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MP Board Class 11th Maths Solutions Chapter 16 Probability Ex 16.3

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 8 यक्षप्रश्नाः

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 8 यक्षप्रश्नाः

MP Board Class 8th Sanskrit Chapter 8 अभ्यासः

Class 8 Sanskrit Chapter 8 Mp Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत्. (एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) भूमेः गुरुतरा का? (पृथ्वी से भारी क्या है?)
उत्तर:
माता। (माता)

(ख) खात् उच्चतरः कः? (आकाश से अधिक ऊँचा क्या है?)
उत्तर:
पिता। (पिता)

(ग) वातात् शीघ्रतरं किम्? (वायु से तेज क्या है?)
उत्तर:
मनः। (मन)

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(घ) प्रवसतः किं मित्रम्? (विदेश में रहने वाले का मित्र क्या है?)
उत्तर:
सार्थः। (धनयुक्त होना)

(ङ) आतुरस्य मित्रं किम्? (रोगी का मित्र क्या है?)
उत्तर:
भिषग्। (वैद्य)

MP Board Class 8 Sanskrit Chapter 8 प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो-)
(क) का तृणात् बहुतरी? (तिनके से अधिक क्या है?)
उत्तर:
चिन्ता तृणात् बहुतरी। (चिन्ता तिनके से अधिक है।)

(ख) गृहे सतः किं मित्रम्? (घर में रहने वाले का मित्र क्या है?)
उत्तर:
गृहे सतः भार्या मित्रम्। (घर में रहने वाले का मित्र पत्नी है।)

(ग) युधिष्ठिरस्य मातुः नाम किम्? (युधिष्ठिर की माता का नाम क्या था?)
उत्तर:
युधिष्ठिरस्य मातुः नाम कुन्ती। (युधिष्ठिर की माता का नाम कुन्ती था।)

(घ) मरिष्यतः मित्रं किम्? (मरने वाले का मित्र क्या है?)
उत्तर:
मरिष्यतः मित्रं दानम्। (मरने वाले का मित्र दान है।)

(ङ) नकुलस्य मातुः नाम किम्? (नकुल की माता का नाम क्या था?)
उत्तर:
नकुलस्य मातुः नाम माद्री। (नकुल की माता का नाम माद्री था।)

(च) प्रसन्नो भूत्वा यक्षः किम् अकरोत्? (प्रसन्न होकर यक्ष ने क्या किया?)
उत्तर:
प्रसन्नो भूत्वा यक्षः सर्वेभ्यः जीवनं दत्तवान्। (प्रसन्न होकर यक्ष ने सभी को जीवन दे दिया।)

Class 8 Sanskrit Chapter 8 Yaksha Prashna प्रश्न 3.
कोष्ठकप्रदत्तैः शब्दैः सह उचितं विभक्ति प्रयुज्य रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत (कोष्ठक में दिये गये शब्दों के साथ उचित विभक्ति लगाकर रिक्त स्थान भरो-)
(क) चिन्ता ……….. बहुतरी भवति।
(ख) माता ……….. गुरुतरा अस्ति। (भूमि)
(ग) वायोः ……….. शीघ्रतरं भवति। (मन)
(घ) भार्या मम गृहे सतः ……….. भवति। (मित्र)
(ङ) ……….. भिषग् मित्रं भवति। (आतुर)
उत्तर:
(क) तृणात्
(ख) भूमेः
(ग) मनः
(घ) मित्रम्
(ङ) आतुरस्य।

Class 8th Sanskrit Chapter 8 Mp Board प्रश्न 4.
युग्मनिर्माणं कुरुत(जोड़े बनाओ-)
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 8 यक्षप्रश्नाः 1
उत्तर:
(क) → (iii)
(ख) → (iv)
(ग) → (i)
(घ) → (ii)
(ङ) → (vi)
(च)→ (v)

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Sanskrit Chapter 8 Class 8 Mp Board प्रश्न 5.
उदाहरणानुसारं निम्नलिखितपदानां समानार्थकपदानि लिखत
(उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित पदों के समानार्थक पद लिखो-)
यथा- खात् – आकाशात्
उत्तर:
भूमेः – पृथिव्याः।
वातात् – पवनात्।
आतुरस्य – रुग्णस्य।
तृणात् – बुसात्।
भ्रातृणाम् – सहोदराणाम्।
मातृभ्याम् – जननीभ्याम्।

(महाभारत के यक्ष प्रश्न अत्यन्त प्रसिद्ध हैं। वनपर्व की कथा के अनुसार, वनवास के समय एक बार पाण्डव वन में घूम रहे थे। मार्ग में द्रोपदी ने पानी माँगा। सबसे पहले सहदेव बर्तन लेकर पानी लेने पास के एक तालाब पर गया परन्तु नहीं लौटा। इसी प्रकार क्रम से नकुल, अर्जुन और भीम गये, परन्तु वे भी नहीं लौटे। अन्त में स्वयं युधिष्ठिर ने वहाँ आकर देखा कि मेरे चार छोटे भाई भूमि पर प्राणहीन गिरे हुए हैं। उन्होंने उसके कारण को जानना चाहा, अचानक एक विशालकाय यक्ष आया। उसने कहा कि “मेरे प्रश्नों के उत्तर दिये बिना यदि तुमने पानी लिया तो तुम भी ऐसे ही निष्प्राणता को प्राप्त करोगे।” इसके बाद यक्ष प्रश्न करता है। युधिष्ठिर के उत्तरों से सन्तुष्ट होकर छोटे भाइयों को जीवन दान के साथ ही पानी भी दिया।)

यक्षप्रश्नाः हिन्दी अनुवाद

यक्ष उवाच-
केनस्विच्छोत्रियो भवति केनस्विद्विन्दते महत्?
केन द्वितीयवान्भवति राजन्! केन च बुद्धिमान?

अनुवाद :
यक्ष बोला-हे राजन्! (मनुष्य) श्रोत्रिय (वेद में प्रवीण) किससे होता है? महत्पद (बड़ा स्थान) किससे प्राप्त करता है? द्वितीयवान् (दूसरे साथी से युक्त) किससे होता है और बुद्धिमान् किससे होता है?

युधिष्ठिर उवाच-
श्रुतेन श्रोत्रियो भवति, तपसा विन्दते महत्।
धृत्या द्वितीयवान्भवति, बुद्धिमान्वृद्धसेवया॥

अनुवाद :
युधिष्ठिर बोला-(मनुष्य) वेदाध्ययन से श्रोत्रिय होता है, तपस्या से महत्पद (बड़ा स्थान) प्राप्त करता है; धैर्य से द्वितीयवान् (दूसरे साथी से युक्त) होता है और वृद्धों की सेवा से बुद्धिमान् होता है।

यक्ष उवाच-
किंस्विद् गुरुतरं भूमेः किंस्विदुच्चतरं च खात्।
किंस्विच्छीघ्रतरं वायोः किस्विद बहतरं तणात्॥

अनुवाद :
यक्ष बोला-पृथ्वी से भारी क्या है (गौरव किसका है)? आकाश से अधिक ऊँचा क्या है? वायु से तेज क्या है? तिनकों से भी अधिक (असंख्य) क्या है?

युधिष्ठिर उवाच-
माता गुरुतरा भूमेः खात्यितोच्चतरस्तथा।
मनः शीघ्रतरं वाताच्चिन्ता बहतरी तणात्॥

अनुवाद :
युधिष्ठिर बोला-माता पृथ्वी से भारी है (अर्थात् माता का गौरव पृथ्वी से ज्यादा है)। पिता आकाश से अधिक ऊँचे हैं, मन वायु से तेज चलने वाला है और चिन्ता तिनकों से भी अधिक (जनसंख्या या अनन्त) है।

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यक्ष उवाच-
किंस्वित्प्रवसतो मित्रं किंस्विन्मित्रं गृहे सतः।
आतुरस्य च किं मित्रं किंस्विन्मित्रं मरिष्यतः॥

अनुवाद :
यक्ष बोला-विदेश में रहने वाले का मित्र क्या है? घर में रहने वाले (गृहस्थ) का मित्र क्या है? रोगी का मित्र क्या है और मरने वाले का मित्र क्या है?

युधिष्ठिर उवाच-
सार्थः प्रवसतोमित्रं भार्या मित्रं गृहे सतः।
आतुरस्य भिषमित्रं दानं मित्रं मरिष्यतः॥

अनुवाद :
युधिष्ठिर बोला-धन से युक्त होना विदेश में रहने का मित्र है। घर में रहने वाले (गृहस्थ) का मित्र पत्नी है। रोगी का मित्र वैद्य है और मरने वाले का मित्र दान है।

(युधिष्ठिरस्य उत्तरेण सन्तुष्टः यक्षः अवदत्)
यक्ष उवाच-
भो राजन्! त्वं भ्रातृषु यम् एकम् इच्छसि सः जीवेत्। युधिष्ठिर उवाच-नकुलो जीवेत् इति ममेच्छा अस्ति।

यक्ष उवाच-
प्रियस्ते भीमसेनोऽयमर्जुनो वः परायणम्।
तत् कस्मान्नकुलं राजन् सापलं जीवमिच्छसि॥

अनुवाद :
(युधिष्ठिर के उत्तर से सन्तुष्ट यक्ष बोला) यक्ष ने कहा-हे राजन्! भाइयों में तुम जिस एक को चाहो वह जीवित हो जाये। युधिष्ठिर ने कहा-‘नकुल जीवित हो जाये’ यह मेरी इच्छा यक्ष ने कहा-हे राजन्! तुम्हारा प्रिय भीमसेन है और अर्जुन तुम सबका अनन्य भक्त है, तो फिर किसलिए सौतेले भाई। (नकुल) को जिलाना चाहते हो?

युधिष्ठिर उवाच-
यथा कुन्ती तथा माद्री विशेषो नास्ति मे तयोः।
मातृभ्यां सममिच्छामि नकुलो यक्ष जीवितु॥
युधिष्ठिरस्य निष्पक्षतया धर्मनिष्ठया च प्रसन्नः यक्षः सर्वेभ्यः जीवनं दत्तवान्।

अनुवाद:
युधिष्ठिर ने कहा-हे यक्ष! जैसी मेरे लिए कुन्ती, वैसी माद्री हैं, दोनों में अन्तर नहीं है। दोनों के प्रति समान भाव रखना चाहता हूँ, इसलिए नकुल जीवित हो।

युधिष्ठिर की निष्पक्षता और धर्मनिष्ठा से प्रसन्न यक्ष ने सभी को जीवन दे दिया।

यक्षप्रश्नाः शब्दार्थाः

विन्दते = लाभ प्राप्त करता है। गृहे सतः = घर में रहने वाले का। किंस्विद् = क्या। आतुरस्य = बीमार का। उच्चतरम् = अधिक ऊँचा। मरिष्यतः = मरने वाले का। खात् = आकाश से। सार्थः = धनयुक्त/अर्थसहित। शीघ्रतरम् = अधिक गतिशील, तेज। भिषग् = वैद्य। वातात् = वायु से। वः = तुम सब का। बहुतरम् = बहुत फैलने वाली। परायणम् = अनन्य भक्त। तृणात् = तिनके से। सापत्नम् = सौतेले भाई (नकुल) को। प्रसतः = विदेश में रहने वाले का। साम्प्रतम् = इस समय।

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 4 चाणक्यवचनानि

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 4 चाणक्यवचनानि

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 4 अभ्यासः

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 4 प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) अपाठितः बालः कुत्र न शोभते? [अशिक्षित बालक कहाँ शोभा नहीं देता?]
उत्तर:
सभामध्ये

(ख) महतां धनं किम्? [श्रेष्ठ लोगों का धन क्या है?]
उत्तर:
मानः

(ग) तक्षकस्य विषं कुत्र वर्तते? [तक्षक प्रजाति के सर्प में विष कहाँ होता है?]
उत्तर:
दन्ते

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(घ) प्रवासे विद्या कीदृशी भवति? [परदेश में विद्या किसके समान होती है?]
उत्तर:
मातृसदृशी

(ङ) वृश्चिकस्य विषं कुत्र वर्तते? [बिच्छू में विष कहाँ होता है?]
उत्तर:
पुच्छे

(च) मक्षिकायाः विषं कुत्र वर्तते? [मक्खी में विष कहाँ होता है?]
उत्तर:
मुखे।

Class 7 Sanskrit Chapter 4 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो-
(क) के मानम् इच्छन्ति? [कौन सम्मान चाहते हैं?]
उत्तर:
उत्तमजना: मानम् इच्छन्ति। [उत्तम श्रेणी के व्यक्ति सम्मान चाहते हैं।।]

(ख) सुखार्थी किंन प्राप्नोति? [सुख चाहने वाले व्यक्ति को क्या प्राप्त नहीं होता?]
उत्तर:
सुखार्थी विद्याम् न प्राप्नोति। [सुख चाहने वाले व्यक्ति को विद्या प्राप्त नहीं होती।]

(ग) विद्यार्थी किंन प्राप्नोति? [विद्यार्थी को क्या प्राप्त नहीं होता?]
उत्तर:
विद्यार्थी सुखम् न प्राप्नोति। [विद्यार्थी को सुख प्राप्त नहीं होता।]

(घ) विद्या कीदृशं धनं भवति? [विद्या को किस प्रकार का धन कहा गया है?]
उत्तर:
विद्यां सर्वदाफलदायिनी भवति अतः सा गुप्तधनं भवति। [विद्या सदैव सुफल देने वाली होती है, अत: उसे गुप्त धन कहा गया है।]

(ङ) घटः कथं पूर्यते? [घड़ा कैसे भरता है?]
उत्तर:
जलबिन्दु निपातेन क्रमशः घटः जलेन पूर्णः भवति। [जल की बूंदें क्रमशः गिराने से घड़ा पूरा भर जाता है।

Class 7 Sanskrit Chapter 4 Mp Board प्रश्न 3.
कोष्ठक से उचित शब्द का चयन करके रिक्त स्थानों को भरो-
(क) ………… मानम् इच्छन्ति। (अधमाः/उत्तमाः)
(ख) विद्यार्थिनः कुतः ……….. (सुखमः/दुःखम्)
(ग) मक्षिकायाः ……….. विषम्। (पुच्छे/मुखे)
(घ) सुपुत्रेण ……….. यथा। (कुलं/वनम्)
(ङ) हंसमध्ये ……….. यथा। (बकः/बाल:)
उत्तर:
(क) उत्तमाः
(ख) सुखम्
(ग) मुखे
(घ) कुलं
(ङ) बकोः।

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Class 7th Sanskrit Chapter 4 प्रश्न 4.
अधोलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखो
(क) सुखार्थी
(ख) दुर्जनः
(ग) सत्यम्
(घ) गुणः
(ङ) धर्मः
(च) सुपुत्रः।
उत्तर:
(क) दुःखार्थी
(ख) सज्जनः
(ग) अनृतम्
(घ) अवगुणः
(ङ) अधर्मः
(च) कुपुत्रः।

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 4 प्रश्न 5.
समानार्थक शब्दों को लिखो-
(क) माता
(ख) वनम्
(ग) पुत्रः
(घ) धनम्।
उत्तर:
(क) जननी
(ख) अरण्यम्
(ग) सुतः
(घ) वित्तम्।

Class 7th Sanskrit Chapter 4 Mp Board प्रश्न 6.
पदों (शब्दों) की विभक्ति और वचन लिखो
(क) माता
(ख) पिता
(ग) उत्तमाः
(घ) विद्यानाम्
(ङ) पुष्पितेन।
उत्तर:
(क) प्रथमा-एकवचन
(ख) प्रथमा-एकवचन
(ग) प्रथमा-बहुवचन
(घ) षष्ठी-बहुवचन
(ङ) तृतीयाएकवचन।

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Sanskrit Class 7 Chapter 4 प्रश्न 7.
क्रिया पदों के धातु, वचन और पुरुष लिखो-
(क) पूर्यन्ते
(ख) सेवध्वे
(ग) इच्छन्ति
(घ) लभावहे।
उत्तर:
(क) पूर-अन्य पुरुषः-बहुवचन
(ख) सेव-मध्यम पुरुष-बहुवचन
(ग) इच्छ-अन्य पुरुषः-बहुवचन
(घ) लभ्- उत्तम पुरुष-द्विवचन।

Sanskrit Class 7 Chapter 4 MP Board प्रश्न 8.
श्लोकों के अंशों को उचित रूप से जोड़ो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 4 चाणक्यवचनानि img 1
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (1)
(ग) → (2)
(घ) → (3)

Class 7 Sanskrit Chapter 4 Surbhi प्रश्न 9.
उदाहरण के अनुसार अन्वय की पूर्ति करो
(1) सुखार्थी चेत् ………… त्यजेत्, विद्यार्थी ………… सुखं ……….. , सुखार्थिनः विद्यां विद्यार्थिनः ………… कुतः।
(2) तक्षकस्य ……….. विषं, ………… मुखे विषं, ……….. पुच्छे विषं दुर्जनस्य ……… विषम्।
उत्तर:
(1) विद्या, चेत्, त्यजेत्, त्यजेत्, सुखम्।
(2) दन्ते, मच्छिकायाः, वृश्चिकस्य, तु सर्वाङ्गे।

चाणक्यवचनानि हिन्दी अनुवाद 

चाणक्यः चन्द्रगुप्तमौर्यस्य गुरुः आसीत्। सः महान राजनीतिज्ञ अर्थशास्त्रज्ञश्च आसीत्। “चाणक्यनीतिः कौटिलीयमर्थशास्त्रम्” इति द्वौ ग्रन्थौ प्रसिद्धौ स्तः। चाणक्यः नन्दवंशस्य उन्मूलनं कृत्वा चन्द्रगुप्तमौर्यं सिंहासने स्थापितवान्। तस्य वचनानि अत्र प्रस्तूयन्ते

अनुवाद :
चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु थे। वे राजनीति के एक महान ज्ञाता और अर्थशास्त्र के जानकार थे। ‘चाणक्यनीति तथा कौटिलीय अर्थशास्त्र’ इनके दो प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं। चाणक्य ने नन्दवंश का विनाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को सिंहासन पर बैठाया। उनके वचनों को यहाँ प्रस्तुत किया जाता है-

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माता शत्रुः पिता वैरी, येन बालो न पाठितः।
न शोभते सभामध्ये, हंसमध्ये बको यथा॥१॥

अनुवाद :
जिन माता और पिता ने बालकों को शिक्षा नहीं दिलायी, वे (दोनों) शत्रु हुआ करते हैं। (अशिक्षित) बालक सभा में उसी तरह शोभा नहीं पाते जिस तरह हंसों के मध्य बगुला शोभा नहीं पाता।

अधमाः धनमिच्छन्ति, धनं मानं च मध्यमाः।
उत्तमाः मानमिच्छन्ति, मानो हि महतां धनम्॥ २॥

अनुवाद :
नीच व्यक्ति धन की इच्छा किया करते हैं। मध्यम श्रेणी के व्यक्ति धन और मान-सम्मान दोनों को ही चाहते हैं। उत्तम श्रेणी के व्यक्ति मात्र सम्मान ही चाहते हैं, क्योंकि सम्मान ही महापुरुषों के लिए धन हुआ करता है।

जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः।
स हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च॥३॥

अनुवाद :
जल की बूंदों को लगातार गिराते रहने से घड़ा भर जाता है। सभी विद्याओं, धर्म तथा धन के विषय में यही कारण हुआ करता है अर्थात् विद्या, धर्म तथा धन का संचय थोड़ा-थोड़ा करके भी बहुत अधिक हो जाता है।

सुखार्थी चेत्त्यजेत् विद्या, विद्यार्थी चेत्त्यजेत्सुखम्।
सुखार्थिनः कुतो विद्या विद्यार्थिनः कुतस्सुखम्॥४॥

अनुवाद :
सुख चाहने वाले को विद्या का त्याग कर देना चाहिए तथा विद्यार्थी को (विद्या की चाहना करने वाले को) सुख का त्याग कर देना चाहिए। सुख चाहने वाले को विद्या कहाँ और विद्यार्थी को सुख कहाँ? अर्थात् सुख की इच्छा करने वाले व्यक्ति को विद्या नहीं मिल सकती और विद्या चाहने वाले व्यक्ति को सुख नहीं मिल सकता।

तक्षकस्य विषं दन्ते मक्षिकायाः विषं मुखे।
वृश्चिकस्य विषं पुच्छे, सर्वाङ्गे दुर्जनस्य तु॥५॥

अनुवाद :
तक्षक प्रजाति के सर्प के दाँत में विष होता है। मक्खी के मुख में विष होता है। बिच्छू की पूँछ में विष होता है परन्तु दुष्ट व्यक्ति के तो सम्पूर्ण शरीर में ही विष होता है।

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कामधेनुगुणा विद्या सर्वदाफलदायिनी।
प्रवासे मातृसदृशी विद्या गुप्तधनं स्मृतम्॥६॥

अनुवाद :
सभी फलों को प्रदान करने वाली विद्या में कामधेनु के समान गुण होते हैं। परेदश में रहने पर माता के समान विद्या होती है। इस तरह विद्या छिपा हुआ धन कहा जाता है।

एकेनापि सुवृक्षण पुष्पितेन सुगन्धिना।
वासितं तद्वनं सर्वं सुपुत्रेण कुलं यथा॥ ७॥

अनुवाद :
एक ही श्रेष्ठ वृक्ष पर फूलों के खिल जाने से उनकी अच्छी गन्ध ने उस सम्पूर्ण वन को सुगन्धित उसी प्रकार कर दिया, जिस तरह सुपुत्र के द्वारा वंश को सुगन्धित कर दिया जाता है (श्रेष्ठ बना दिया जाता है)।

चाणक्यवचनानि शब्दार्थाः

बकः = बगुला। महताम् = श्रेष्ठ लोगों का। अधमाः = निम्न कोटि के। तक्षकः = सर्प विशेष। मक्षिका = मक्खी। वृश्चिकः = बिच्छू। पुच्छे = पूँछ में। प्रवासे = यात्रा में या परदेश में रहने पर। वासितम् = सुगन्धित। कामधेनु गुणा = इच्छा पूरी करने वाली गाय के समान गुण वाली। मातृसदृशी = माता के समान।

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