MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 13 सौरमण्डलम्

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 13 सौरमण्डलम्

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 13 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 13 MP Board प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) स्वप्रकाशरहिताः के? [अपने प्रकाश से रहित कौन होते हैं?]
उत्तर:
ग्रहाः

(ख) सर्वे ग्रहाः कं परिभ्रमन्ति? [सभी ग्रह किसके चारों ओर घूमते हैं?]
उत्तर:
सूर्यम्.

(ग) पृथिव्याः उपग्रह कः? [पृथ्वी का उपग्रह कौन है?]
उत्तर:
चन्द्रः

(घ) कदा चन्द्रस्य दर्शनं न भवति? [चन्द्र का दर्शन कब नहीं होता है?]
उत्तर:
अमावस्यायां रात्रौ।

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MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 13 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) आकाशपिण्डेषु के के दृश्यन्ते? [आकाशपिण्डों में कौन-कौन दिखते हैं?]
उत्तर:
आकाशपिण्डेषु तारागणा: महाः उपग्रहाः च दृश्यन्ते। [आकाशपिण्डों में तारागण, ग्रह और उपग्रह दिखाई देते हैं।]

(ख) पृथिव्याः सूर्य परिक्रमण कालः कः? [पृथ्वी का सूर्य की परिक्रमा करने का समय कौन-सा है?]
उत्तर:
पृथिव्याः सूर्यपरिक्रमणकालः २३.५६ होरासु भ्रमन्ती ३६५.२५ दिवसेषु सूर्य परिक्रमणकालः वर्तते।। [पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते समय २३.५६ घंटों में घूमती है तथा ३६५.२५ दिनों में सूर्य की परिक्रमा करने का समय है।]

(ग) सूर्यम् परितः के ग्रहा: परिभ्रमन्ति? [सूर्य के चारों ओर कौन-से ग्रह घूमते हैं?]
उत्तर:
सूर्यम् परितः क्रमेण बुधः, शुक्रः, पृथिवी, मङ्गल, गुरुः, शनिः, अरुणः, वरुणः, यम इति ग्रहाः परिभ्रमन्ति। [सूर्य के चारों ओर क्रमशः बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, गुरु, शनि, अरुण, वरुण, यम इत्यादि ग्रह घूमते हैं।]

(घ) चन्द्रस्य पृथिवीं परितः भ्रमणकालः कः? [पृथ्वी के चारों ओर घूमने का चन्द्रमा का समय क्या है?]
उत्तर:
चन्द्रस्य पृथिवीं परितः भ्रमणकालः २७.३२ दिवसाः। [चन्द्रमा का पृथ्वी के चारों ओर घूमने का समय २७.३२ दिन है।]

(ङ) सौरमण्डलमिति किमर्थम् उच्यते? [सौरमण्डल किस अर्थ से कहा जाता है?]
उत्तर:
सूर्यस्य मण्डले एव एतेषां सर्वेषां ग्रहाणां उपग्रहाणां च स्थिति सौरमण्डलम् उच्यते। [सूर्यमण्डल में ही इन सभी ग्रहों और उपग्रहों की स्थिति सौरमण्डल कही जाती है।]

Class 7 Sanskrit Chapter 13 प्रश्न 3.
उचित मेल करो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 13 सौरमण्डलम् img 1
उत्तर:
(क) → (7)
(ख) → (4)
(ग) → (5)
(घ) → (1)
(ङ) → (8)
(च) → (2)
(छ) → (6)
(ज) → (3)

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 13 प्रश्न 4.
रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न बनाओ
(क) पूर्णिमायां रात्रौ चन्द्रस्यं दर्शनं भवति।
(ख) वयं प्रतिदनं सूर्यं चन्द्रं नक्षत्राणि च पश्यामः।
उत्तर:
(क) कस्याम् रात्रौ चन्द्रस्य दर्शनं भवति?
(ख) वयं प्रतिदिनम् कानि कानि पश्याम:?

Class 7th Sanskrit Chapter 13 प्रश्न 5.
आत्मनेपद धातु रूपों को लिखो
(क) याच
(ख) सेव्
(ग) शुभ् (शोभ)।
उत्तर:
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 13 सौरमण्डलम् img 2

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Class 7 Sanskrit Chapter 13 Question Answer प्रश्न 6.
रिक्त स्थानों को भरो
(क) सूर्य ………… प्रकाशयति।
(ख) सर्वे ग्रहाः ………… परिक्रमन्ति।
(ग) ………….. ग्रहं परितः भ्रमन्ति।
(घ) …………. रात्रौ पूर्णचन्द्रस्य दर्शनम् भवति।
(ङ) प्रतिदिनं चन्द्रस्य …………. दृश्यते।
उत्तर:
(क) स्वप्रकाशेन
(ख) सूर्य
(ग) उपग्रहाः
(घ) पूर्णिमायाम्
(ङ) आकारभेदः।।

Sanskrit Class 7 Chapter 13 प्रश्न 7.
भिन्न प्रकृति के क्रियारूपों का वर्गीकरण करो-
मोदते, जानाति, पठथ, याचे, गच्छामि, सेवामहे, करोषि, शोभेते।
उत्तर:
जानाति, पठथ, गच्छामि, करोषि।

सौरमण्डलम् हिन्दी अनुवाद

वयं प्रतिदिनं सूर्यं चन्द्रं नक्षत्राणि च पश्यामः, चकिताः आह्लादिताश्च भवामः। ब्रह्माण्डस्य आकाशगङ्गायाम् आकाशपिण्डानां समूहाः वर्तन्ते। तेषु आकाशपिण्डेषु तारागणाः ग्रहाः उपग्रहाः च दृश्यन्ते।

ये स्वप्रकाशयुक्ताः भवन्ति ते ताराः इति कथ्यन्ते। तेषु सूर्यः प्रमुखः। स स्वप्रकाशेन ग्रहान् उपग्रहान् च प्रकाशयति।

स्वप्रकाशरहिताः पिण्डाः ग्रहाः इति कथ्यन्ते। सर्वे ग्रहाः सूर्य परिक्रमन्ति। पृथिवी अपि सूर्यात् सुदूरे स्थित्वा स्वयं स्वधुरि २३.५६ होरासु भ्रमन्ती ३६५.२५ द्विवसेषु सूर्य परिक्रामति। पृथिव्या सह अन्ये ग्रहाः अपि सूर्यप्रकाशेनैव प्रकाशिताः भवन्ति। सूर्यः केन्द्रस्थाने तिष्ठति। सूर्यं परितः क्रमेण बुधः,शुक्रः, पृथिवी, मङ्गलः, गुरुः, शनिः, अरुणः, वरुणः, यम’ इति ग्रहाः परिभ्रमन्ति। यद्यपि अब इसे ग्रह नहीं माना जाता है।

अनुवाद :
हम प्रतिदिन सूर्य, चन्द्रमा और नक्षत्रों को देखते हैं, चकित और प्रसन्न होते हैं। ब्रह्माण्ड की आकाश गंगा में आकाश पिण्डों का समूह विद्यमान है। उन आकाशपिण्डों में तारों के समूह, ग्रह और उपग्रह दिखायी पड़ते हैं।

ये सभी अपने प्रकाश से युक्त होते हैं, उन सब को तारे कहते हैं। उनमें सूर्य प्रमुख है। वह अपने प्रकाश से ग्रहों और उपग्रहों को प्रकाशित करता है।

अपने प्रकाश से रहित पिण्ड ग्रह कहे जाते हैं। सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी भी सूर्य से बहुत दूर रहकर स्वयं अपनी धुरी पर २३.५६ घण्टों में घूमती हुई ३६५.२५ दिनों में सूर्य का चक्कर लगाती है। पृथ्वी के साथ अन्य ग्रह भी सूर्य के प्रकाश से ही प्रकाशित होते हैं। सूर्य केन्द्र स्थान में होता है। सूर्य के चारों ओर क्रमशः बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, गुरु, शनि, अरुण, वरुण, यम आदि नवग्रह (नौ ग्रह) घूमा करते हैं।

उपग्रहाः ग्रहं परितः भ्रमन्ति। प्रत्येकस्य ग्रहस्य उपग्रहाः सन्ति। चन्द्रः पृथिव्याः उपग्रहः। चन्द्रस्य पृथिवीं परितः भ्रमण कालः २७.३२ दिवसाः। प्रतिदिनं चन्द्रस्य आकारभेदः दृश्यते। पौर्णिमायाः रात्रौ पूर्णचन्दस्य दर्शनं भवति। अमावस्यायां रात्रौ तु चन्द्रस्य दर्शनं न भवति।

सूर्यस्य मण्डले एव एतेषां सर्वेषां ग्रहाणां उपग्रहाणां च स्थितिः अस्ति। अतः एतदेव सौरमण्डलम् इति उच्यते। एतान् अतिरिच्य आकाशगङ्गायाम् ईदृशानां तारागणनां अनेके समूहाः वर्तन्ते। ब्रह्माण्डस्य विशालतायाः कल्पना दुष्करा एव अस्ति।

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अनुवाद :
उपग्रह ग्रह के चारों ओर घूमते हैं। प्रत्येक ग्रह के उपग्रह होते हैं। चन्द्रमा पृथ्वी का उपग्रह है। चन्द्रमा का पृथ्वी के चारों ओर घूमने का समय २७.३२ दिन होता है। प्रत्येक दिन चन्द्रमा के आकार में भेद दिखाई देता है। पूर्णिमा की रात्रि को पूर्णचन्द्र का दर्शन होता है। अमावस्या की रात्रि को तो चन्द्रमा के दर्शन ही नहीं होते हैं।

सूर्यमण्डल में ही इन सभी ग्रहों और उपग्रहों की स्थिति होती है। इसलिए इसे ही सौरमण्डल कहा जाता है। इनके अतिरिक्त आकाशगंगा में ऐसे तारागणों के अनेक समूह होते हैं। ब्रह्माण्ड की विशालता की कल्पना अति दुष्कर ही है।

सौरमण्डलम् शब्दार्थाः

आह्लादिताः = प्रसन्न (बहुवचन)। अतिरिच्य = छोड़कर, अतिरिक्त। दृश्यन्ते = दिखाई देते हैं। कथ्यन्ते = कहे जाते हैं। होरासु = घण्टों में। परितः = चारों ओर। दुष्कराः = कठिन। ईदृशानां = इस प्रकार से।।

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MP Board Class 7th General English Practice Test Paper 1

MP Board Class 7th General English Solutions Practice Test Paper 1

Class 7 English Practice Test 1 Question 1.
Match the columns :
(सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।)

  1. a swarm of – (a) people
  2. a herd of – (b) ships
  3. a fleet of – (c) cattle
  4. a crowd of – (d) bees.

Answer:

  1. → (d)
  2. → (c)
  3. → (b)
  4. → (a)

Class 7th English Practice Test 1 Question 2.
Do as directed :
(निर्देशानुसार कार्य करें)

(i) Use articles :
Sindbad set out on his voyage. He went to ……. nearest harbour and got into ……. excellent ship.
Answer:
the, an

(ii) Give plurals of : sheep, mango
(बहुवाहन बनाओ: sheep, mango)
Answer:
Sheep, mangoes.

(iii) Change the form of narration :
(कथन का रूप बदलिए)
Mahek said, “Where do you live ?”
Answer:
Mahek asked where I lived.

(iv) Change in interrrogative :
(प्रश्नवाचक में बदलिए)
Anita likes to ride an elephant.
Answer:
Does Anita like to ride an elephant?

(v) Use the correct form of the verb given :
(दी गई क्रिया का सही रूप प्रयोग कीजिए )
It ……… yesterday.
Answer:
rained.

(vi) Give one word for :
(एक शब्द दीजिए)
One who trains a horse.
Answer:
Horse trainer.

(vii) Change the voice :
(वाच्य बदलिए)
He reads the book.
Answer:
The book is read by him.

(viii) Use appropriate prepositions in the blank spaces :
(रिक्त स्थानों में उपयुक्त भरिए)

(a) The mangoes are liked ………. my wife.
(b) She always agrees ……… my decisions.
Answer:
(a) by
(b) to.

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MP Board Class 7th English Question Paper Question 3.
Answer the questions given below (any five)
(नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। कोई पाँच)

(i) Why did Bhola and his wife decide to sell the horse?
Answer:
Bhola went to the market to sale the horse.

(ii) What bet did the thugs want to have with Bhola?
Answer:
The thugs asked Bhola if he would sell his mangoes.

(iii) Why is Anita very excited today?
Answer:
Anita is very excited today to see Appu at her door.

(iv) How did Appu drink a bucket full of water?
Answer:
Appu drank a bucketful of water at one go.

(v) Why did Vinod decide to travel by an A/C coach?
(व्हाय डिड विनोद डिसाइड टू ट्रेवल बाइ ए/सी क्लास?)
विनोद ने ए/सी क्लास से जाने का फैसला क्यों किया?
(a) He had a lot of money. (ही हैड अलॉट ऑफ मनी।)
उसके पास बहुत पैसा था।
(b) The train was overcrowded.
(द ट्रेन वॉज़ ओवरक्रोउडेड।)
गाड़ी में ज्यादा भीड़ थी।
(c) He was sick.
(ही वॉज़ सिक।)
वह बीमार था।
Answer:
(b) The train was overcrowded.

(vi) What did Vinod and other passengers think about the young man?
Answer:
They thought that the young man did not have a valid ticket for A/C class.

MP Board Class 7th English Practice Test 1 Question 4.
(a) Write the first four lines of the poem, ‘The Rainbow’.
(‘The Rainbow’ कविता की चार पंक्तियां लीखिए)
Answer:
Students can write themselves.

(b) Who is the poet of this poem?
Answer:
Christina Georgina Rossetti.

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MP Board Class 7th English Paper 2023 Question 5.
You are Anita, studying in Govt. Middle School, Bhopal. Write an application to the HeadMaster of your school requesting him to grant you leave for three days.
(आप शासकीय मिडिल स्कूल, भोपाल में अध्ययनरत अनीता हो। अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक को तीन दिन के अवकाश हेतु एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।)
Answer:
See Application in Grammar section.
OR
You are Ahmad/Mukesh. Write a letter to your sister, asking her to come and visit you on the coming festival.
(आप अहमद/मुकेश हैं। अपनी बहिन को आगामी पर्व पर आपके पास मिलने आने को एक पत्र लिखिए।)
Answer:
See Letters in Grammar section.

Practice Test 1 Class 7 English Question 6.
Write an essay on any one the topics given below :
(नीचे दिए शीर्षकों में से किसी एक पर निबन्ध लिखिए।)
1. My pet animal.
2. The festival of Holi.
3. A visit to a market.
4. Bal-sabha.

Class 7 English Question Paper With Answer Question 7.
Read the given story and answer the questions given below it:
(दी गई कहानी को पढ़िए और इसके नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।)

(A) Write answer to the following questions :
(निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए)

(a) What fell from the tree ?
Answer:
A nut fell down from the tree.

(b) Did Cutie, the cock go with Henny, the hen?
Answer:
Yes, Cutie, the cock also went with Henny the hen.

(c) Where was Rinku, the rabbit standing?
Answer:
Rinku, the rabbit was standing next to a carrot.

(d) Who did they all meet?
Answer:
They all met Furry, the fox.

(e) Where did Furry, the fox take them?
Answer:
Furry, the fox took them into a cave.

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(B) Match the two columns :
(दोनों स्तम्भों (कॉलम) का मिलान कीजिए)

  1. Henny – (a) the rabbit
  2. Furry – (b) the duck
  3. Rinku – (c) the fox
  4. Ducky – (d) the hen

Answer:

  1. → (d)
  2. → (c)
  3. → (a)
  4. → (b)

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 12 प्रहेलिकाः

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 12 प्रहेलिकाः

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 12 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 12 Prahelika प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) सुप्तोऽपि नेत्रे क: न निमीलयति? [सोते हुए भी दोनों नेत्रों को कौन बन्द नहीं करती है?]
उत्तर:
मत्स्यः

(ख) फलानाम् दाता कः अस्ति? [फलों को देने वाला कौन होता है?]
उत्तर:
वृक्षः

(ग) पक्षिराजः कः अस्ति? [पक्षियों का राजा कौन है?]
उत्तर:
गरुड़ः।

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Class 7 Sanskrit Chapter 12 MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) मूकः कथं जीवति? [गूंगा कैसे जीवित रहता है?]
उत्तर:
मूकः मौनेन जीवति। [गूंगा मौन रूप (बिना बोले) में जीवित रहता है।]

(ख) एकेन पादेन कः तिष्ठति? [एक पैर पर कौन खड़ा रहता है?]
उत्तर:
एकेन पादेन बको तिष्ठति। [बगुला एक पैर पर खड़ा रहता है।]

(ग) नारिकेलफले कति नेत्राणि भवन्ति। [नारियल के फल में कितनी आँखें होती हैं?]
उत्तर:
नारिकेलफले त्रिनेत्राणि भवन्ति। [नारियल के फल में तीन आँखें होती हैं।]

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 12 प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो(पण्डितः, मम, मूकः, शूलपाणिः, तस्यादिः)
(क) न ……….. न तस्यान्तः।
(ख) साक्षरं न च………….।
(ग) त्रिनेत्रधारी न च………….।
(घ) स्वजाति जीवाः…………. भोजननि।
(ङ) मौनेन जीवामि मुनिन …………।
उत्तर:
(क) तस्यादिः
(ख) पण्डितः
(ग) शूलपाणिः
(घ) मम
(ङ) मूकः।

Class 7th Sanskrit Chapter 12 MP Board प्रश्न 4.
उचित मेल करो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 12 प्रहेलिकाः img 1
उत्तर:
(क) → (3)
(ख) → (5)
(ग) → (1)
(घ) → (2)
(ङ) → (4)

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Class 7 Sanskrit Chapter 12 प्रश्न 5.
सन्धि विच्छेद करो
(क) तस्यादिः
(ख) तस्यान्तः
(ग) वृक्षाग्रवासी
(घ) ममाप्यस्ति
(ङ) तवाप्यस्ति।
उत्तर:
(क) तस्य + आदिः
(ख) तस्य + अन्तः
(ग) वृक्ष + अग्रवासी
(घ) मम + अपि + अस्ति
(ङ) तव + अपि + अस्ति।

Class 7 Sanskrit Chapter 12 Question Answer प्रश्न 6.
समानार्थक शब्दों का मेल करो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 12 प्रहेलिकाः img 2
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (3)
(ग) → (1)
(घ) → (2)

Class 7th Sanskrit Chapter 12 प्रश्न 7.
विपरीतार्थक शब्दों का मेल करो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 12 प्रहेलिकाः img 3
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (3)
(ग) → (1)
(घ) → (2)

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MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 12 प्रश्न 8.
उदाहरण के अनुसार अन्वय की पूर्ति करो
(क) सुप्तः………… नेत्रे न निमीलयामि, जलस्य ……… नित्यं……………मम………… स्वजा. तिजीवाः, मान्या! ………… नामधेयं …………।
(ख) …………. तिष्ठामि बकः न……….. , दाता……….. न कृतिः …………. यत्नः, मौनेन”…………. मुनिः …………. मूकः, सेव्यः ………… कः नृपतिः……….. देवः।
उत्तर:
(क) अपि, मध्ये, निवसामि, भोजनानि मम, वदन्तु।
(ख) अहं पादेन, पङ्गुः, अहं फलानां न, जीवामि न, न, अस्मि, न।

प्रहेलिकाः हिन्दी अनुवाद

अपदं दूरगामी च, साक्षरं न च पण्डितः।
अमुखं स्फुटवक्ता च, मां जानाति सः पण्डितः॥१॥

अन्वयः :
अहं पादाभ्यां विना दूरं गच्छामि। अक्षरयुक्तः। किन्तु, पण्डितः नास्मि। अहं मुखेन विना स्पष्टं वदामि। यः मां जानाति सः पण्डितः।

अनुवाद :
मैं पैरों के बिना भी दूर तक जाता हूँ। अक्षरयुक्त हूँ किन्तु पण्डित नहीं हूँ। मैं मुख के बिना स्पष्ट बोलता हूँ। जो मुझे जानता है, वह विद्वान है।

न तस्यादिः न तस्यान्तः, मध्ये यस्तस्य तिष्ठति।
ममाप्यस्ति तवाप्यस्ति, यदि जानासि तद् वद॥२॥

अन्वयः :
‘न’ तस्य आदिः। ‘न’ तस्य अन्तः। मध्ये ‘य’ अस्ति। मम अपि अस्ति। तव अपि अस्ति। यदि जानासि तद् वद।

अनुवाद :
‘न’ उसका प्रारम्भ है। न उसका अन्त है। बीच में ‘जो’ है। मेरे भी पास है। तुम्हारे भी (पास) है। यदि जो जानता है, वह बोले। [नेत्र ]

सुप्तोऽपि नेत्रे न निमीलयामि,
जलस्य मध्ये निवसामि नित्यम्।
स्वजातिजीवा: मम भोजनानि,
वदन्तु मान्याः! मम नामधेयम्॥३॥

अन्वयः :
अहं सुप्ते अपि नेत्रे न निमीलयामि। जलस्य मध्ये एव निवसामि। स्वजातिजीवाः मम भोजनानि सन्ति। मान्याः! मम नाम वदन्तु।

अनुवाद :
मैं सोते हुए भी दोनों नेत्रों को बन्द नहीं करती हूँ। जल के बीच ही रहती हूँ। अपनी जाति के जीव ही मेरे भोजन हैं। हे माननीये! मेरा नाम बतलायें। [मत्स्य (मछली)]

तिष्ठामि पादेन बको न पगुः,
दाता फलानां न कृतिर्न यत्नः।
मौनेन जीवामि मुनिर्न मूकः,
सेव्योऽस्मि कोऽहं नृपतिर्नदेवः॥ ४॥

अन्वयः :
अहं पादेन तिष्ठामि, किन्तु न बकः, न पगुः। अहं फलानां दाताः, किन्तु न कृतिः, न यत्नः। मौनेन जीवामिः, किन्तु न मुनिः, न मूकः। सेव्यः अस्मि अहं:, किन्तु न नृपतिः, न देवः। अहं कः?

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अनवाद :
मैं पैर पर (तने पर) खड़ा रहता हूँ। किन्तु बगुला नहीं हूँ, न लँगड़ा हूँ। मैं फलों को देने वाला हूँ किन्तु कोई रचना नहीं हूँ। न कोई प्रयत्न हूँ। मौन रूप में ही जीवित रहता हूँ किन्तु मैं न तो मुनि हूँ और न मूक (गँगा) हूँ। मैं सेवा किये जाने योग्य हूँ, किन्तु राजा नहीं हूँ, न (कोई) देवता हूँ। (बताओ) मैं कौन [वृक्ष]

वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः,
त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणिः।
त्वग्वस्त्रधारी न च सिद्धयोगी,
जलं च विभ्रन्न घटो न मेघः॥५॥

अन्वयः :
अहं वृक्षाग्रवासी, किन्तु न पक्षिराजः। अहं त्रिनेत्रधारी:, किन्तु न शूलपाणिः, अहं त्वग्वस्त्रधारी किन्तु न सिद्धयोगी। जलं विभ्रन् किन्तु न घटः, न मेघः।

अनुवाद :
मैं वृक्ष के अगले भाग पर रहता हूँ। किन्तु मैं पक्षिराज (गरुड़) नहीं हूँ। मैं तीन नेत्र धारण करने वाला हूँ, किन्तु हाथ में त्रिशूल धारण करने वाला ‘शिव’ नहीं हूँ। मैं छाल के वस्त्र धारण करता हूँ, किन्तु कोई सिद्धि प्राप्त करने वाला योगी नहीं हूँ। जल से परिपूर्ण हूँ परन्तु घड़ा नहीं हूँ (और) न बादल है। [नारियल]

प्रहेलिकाः शब्दार्थाः

अपदं = बिना पैर वाले। दूरयानम् = दूर तक जाने वाला वाहन। (दूरगामी = दूर तक जाने वाला।) साक्षरम् = अक्षरयुक्त। अमुखम् = बिना मुख वाले। स्फुटवक्ता = स्पष्ट बोलने वाला। तस्यादिः = उसका प्रारम्भ। तस्यान्तः = उसका अन्त। ममाप्यस्ति = मेरे पास भी है। निमीलयामि = मैं मूंद लेता हूँ। वदन्तु = कहें। नामधेयम् = नाम। कृतिः = रचना। सेव्योस्मि = सेवा योग्य हूँ। वृक्षाग्रवासी = वृक्ष के ऊपर रहने वाला। पक्षिराजः = गरुड़ (पक्षियों का राजा)। विभ्रन् = धारण करता हुआ। शूलपाणिः = हाथ में शूल (त्रिशूल) धारण करने वाले भगवान शंकर। त्वग्वस्त्रधारी = पेड़ की छाल के वस्त्र धारण करने वाले। त्वक् = पेड़ की छाल।

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 1

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi विविधप्रश्नावलिः 1

Class 7 Sanskrit Vividh Prashnavali 1 प्रश्न 1.
प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखो
(क) महतां किम् धनम्? [महापुरुषों का धन क्या होता है?]
उत्तर:
मानः

(ख) अपाठितः बाल: कुत्र न शोभते? [अशिक्षित बालक कहाँ शोभा नहीं पाता है?]
उत्तर:
सभामध्ये

(ग) शारदामठं कस्यां दिशि अस्ति? [शारदामठ किस दिशा में है?
उत्तर:
पश्चिमदिशि

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(घ) द्वावपि अग्रजौ कुतः गृहं प्रत्यागच्छताम्? [दोनों बड़े भाई कहाँ से घर को लौट आये?]
उत्तर:
इन्दौरनगरात्

(ङ) जगद्गुरुः कः आसीत्? [जगद्गुरु कौन थे?
उत्तर:
शङ्कराचार्य

(च) सप्ताहे कति दिनानि भवन्ति? [सप्ताह में कितने दिन होते हैं?]
उत्तर:
सप्तदिनानि

(छ) सिंहः कूपस्य जले किम् अपश्यत्? [सिंह ने कुएँ के जल में क्या देखा?]
उत्तर:
स्वप्रतिबिम्बम्

(ज) प्रयत्नादयोग्याः कीदृशाः भवन्ति? [प्रयत्न से अयोग्य कैसे हो जाते हैं?]
उत्तर:
योग्याः।

MP Board Class 7th Sanskrit Vividh Prashnavali 1 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) के मानम् इच्छन्ति? [कौन सम्मान चाहते हैं?]
उत्तर:
उत्तमजना: मानम् इच्छन्ति। [उत्तम श्रेणी के व्यक्ति सम्मान चाहते हैं।।]

(ख) विद्यार्थी किं न प्राप्नोति? [विद्यार्थी क्या नहीं प्राप्त करते हैं?]
उत्तर:
विद्यार्थी सुखम् न प्राप्नोति। [विद्यार्थी को सुख प्राप्त नहीं होता।]

(ग) कः कस्य एकतायाः मूलाधारः? [कौन किसकी एकता का मूल आधार है?]
उत्तर:
धर्मः भारतस्य एकतायाः मूलाधारः। [धर्म भारत की एकता का मूल आधार है।]

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(घ) आञ्चलिकविज्ञानकेन्द्रं कुत्र अस्ति? [आञ्चलिक विज्ञान केन्द्र कहाँ है?]
उत्तर:
आञ्चलिक विज्ञान केन्द्रं भोपालनगरे अस्ति।

(ङ) कर्मवती के रक्षासूत्रं प्रेषितवती? [कर्मवती ने किसके लिए रक्षासूत्र भेजा?]
उत्तर:
कर्मवती हुमायूँ नामाख्यं मुगलशासकं रक्षासूत्रं प्रेषितवती। [कर्मवती ने हुमायूँ नामक मुगलशासक के लिए राखी भेजी थी।]

(च) शङ्कराचार्यस्य चत्वारः शिष्याः के? [शंकराचार्य के चार शिष्य कौन थे?]
उत्तर:
शङ्कराचार्यस्य प्रथम शिष्यः सुरेश्वराचार्यः, द्वितीयः शिष्य हस्तामलकः, तृतीय शिष्यः त्रोटकाचार्यः, चतुर्थः शिष्यः पद्मपादः इति।
[शंकराचार्य के प्रथम शिष्य सुरेश्वराचार्य, द्वितीय शिष्य हस्तामलक, तीसरे शिष्य त्रोटकाचार्य और चौथे शिष्य पद्मपाद थे।]

(छ) चन्द्रः कदा पूर्णतां प्राप्नोति? [चन्द्रमा पूर्णता को कब प्राप्त करता है?]
उत्तर:
चन्द्रः पूर्णिमायां पूर्णतां प्राप्नोति।

(ज) अस्माभिः कः विधेयः? [हमें क्या करना चाहिए?]
उत्तर:
अस्माभिः पुनः पुनः प्रयत्नः विधेयः।

Class 7th Sanskrit Vividh Prashnavali 1 प्रश्न 3.
कोष्ठक से उचित शब्दों को चुनकर रिक्त स्थानों को पूरा करो
(क) विद्यार्थिनः कुतः ………….। (दुःखम्/सुखम्)
(ख) वृश्चिकस्य विषं ………….। (दन्ते/पुच्छे)
(ग) ज्योतिर्मठं ……….. दिशायाम् अस्ति।(उत्तर दक्षिण)
(घ) भोपालस्य सरोवरे जनाः ………….. कुर्वन्ति। (नौकाविहारं/भ्रमणं)
(ङ) सर्वे तूष्णी …………। (भवतु/भवन्तु)
(च) वर्षागीतानि गायन्ति …………..। (गायकः/ गायकाः)
(छ) शुक्लपक्षे ………… तिथिः भवति। (अमावस्या/पूर्णिमा)
उत्तर:
(क) सुखम्
(ख) पुच्छे
(ग) उत्तर
(घ) नौकाविहारम्
(ङ) भवन्तु
(च) गायकाः
(छ) पूर्णिमा।

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Class 7th Sanskrit Vividh Prashnawali 1 प्रश्न 4.
अधोलिखित शब्दों के विलोम लिखो
(क) गुणः
(ख) धैर्यम्
(ग) सत्यम्
(घ) केतुम्
(ङ) कठोरः
(च) विज्ञः।
उत्तर:
(क) दुर्गुणः
(ख) अधैर्यम्
(ग) अनृतम्
(घ) विक्रेतुम्
(ङ) मृदुः
(च) अविज्ञः।

Class 7th Sanskrit MP Board Solution प्रश्न 5.
शब्दों के समानार्थक शब्द लिखो-
(क) माता
(ख) वनम्
(ग) मनोहरम्
(घ) परिश्रमः।
उत्तर:
(क) जननी
(ख) अरण्यम्
(ग) आकर्षकम्
(घ) प्रयत्नः।

MP Board Sanskrit Class 7 प्रश्न 6.
सन्धि विच्छेद करो-
(क) विद्यैव
(ख) परोपकारः
(ग) महौषधिः
(घ) महेशः
(ङ) ज्येष्ठाषाढयोः।
उत्तर:
(क) विद्या + एव
(ख) पर + उपकारः
(ग) महा + औषधिः
(घ) महा + ईशः
(ङ) ज्येष्ठ + आषाढयोः।

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MP Board Class 7th Sanskrit प्रश्न 7.
सन्धि करो-
(क) द्वौ + अपि
(ख) विद्या + आलयः
(ग) नृत्यन्ति + अपि
(घ) सत् + चित्।
उत्तर:
(क) द्वावपि
(ख) विद्यालयः
(ग) नृत्यन्त्यपि
(घ) सच्चित्।

Sanskrit 7th Class MP Board प्रश्न 8.
अर्थ के अनुसार जोड़ो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 1 img 1
उत्तर:
(क) → (2)
(ख) → (1)
(ग) → (4)
(घ) → (3)

Class 7th Sanskrit MP Board प्रश्न 9.
धातु रूपों के सामने धातु, लकार, पुरुष और वचन लिखो
(क) आसीत्
(ख) करिष्यामः
(ग) अकुर्वन्
(घ) भवति
(ङ) लभन्ते
(च) नृत्यतः।
उत्तर:
(क) अस्-अन्य पुरुष-लङ्-एकवचन।
(ख) कृ-उत्तम पुरुष-लुट्-बहुवचन।
(ग) कृ-अन्य पुरुष-लङ्-बहुवचन।
(घ) भू-अन्य पुरुष-लट्-एकवचन।
(ङ) लभ्-अन्य पुरुष-लट्-बहुवचन।
(च) नृत्-अन्य पुरुष-लट्-द्विवचन।

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MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 1 प्रश्न 10.
शुद्ध शब्द लिखो
(क) विशेषः-विषेशः
(ख) अत्याधिकम्-अत्यधिकम्
(ग) रवीन्द्रः-रविन्द्रः
(घ) उपर्युक्तः-उपरोक्तः
(ङ) कालिदासः-कालीदासः।
उत्तर:
(क) विशेषः
(ख) अत्यधिकम्
(ग) रवीन्द्रः
(घ) उपर्युक्तः
(ङ) कालिदासः।

Class 7 MP Board Sanskrit प्रश्न 11.
श्लोक की पूर्ति करो
(1) प्रयत्नेन ………. समुद्रं ………. , प्रयत्नेन वीराः ………… लङ्घयन्ति, …………. विज्ञाः वियति ………… , प्रयत्नः ………. , ……….. विधेयः।
(2) सुखार्थी चेत् ……….. त्यजेत्, विद्यार्थी ……….. सुखं ………. , सुखार्थिनः विद्या ………… , विद्यार्थिनः ……….. कुतः।
उत्तर:
(1) धीरा, तरन्ति, गिरीन्, प्रयत्नेन, उत्पतन्ति, विधेयः, प्रयत्नः।
(2) विद्या, चेत्, त्यजेत्, त्यजेत्, सुखम्।

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MP Board Class 7th General English Revision Exercises 1

MP Board Class 7th General English Solutions Revision Exercises 1

Read and Learn (पढ़ो और याद करो):
Students should do themselves.
छात्र स्वयं करें।

Comprehension (बोध प्रश्न):

(A) Answer these questions :
(निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए)

Class 7 English Revision Exercise 1 Question 1.
Where do boats and ships sail?
MP Board Class 7th General English Revision Exercises 1 1
Answer:
(c) Boats sail on river.
(बोट्स सेल ऑन रिवर।)
नावें नदी में तैरती हैं।
(b) Ships sail on sea.
(शिप्स सेल ऑन सी।)
जहाज समुद्र में यात्रा करते हैं।

Class 7th English Revision Exercise 1 Question 2.
Where did Bhola go to sell the horse ?
Answer:
Bhola went to the market to sale the horse.

Revision Exercise 1 Class 7 English Question 3.
Who won the bet?
Answer:
Bhola won the bet.

MP Board Class 7th English Revision Exercise 1 Question 4.
What did Appu do with his trunk?
Answer:
Appu took the bananas in his trunk and put them into his mouth with it.

Where Do Boats And Ships Sail Class 7th Question 5.
Where did Vinod go?
Answer:
Bhopal.

(B) Tick the correct option:
(सही विकल्प पर निशान लगाएँ)

Class 7 Revision Exercise 1 Question 1.
How many colours are there in a rainbow?
(a) six
(b) seven
(c) ten
Answer:
(b) seven.

Class 7th English Reader Book Question 2.
Who was Bhola’s wife?
(a) Shanti
(b) Asha
(c) Meena
Answer:
(a) Shanti.

Revision Exercise 1 Question 3.
What did the thugs say to Bhola?
(a) to have a bet
(b) to throw the mangoes
(c) to sell the mangoes 0
Answer:
(c) to sell the mangoes.

7th English MP Board Question 4.
Who is Appu?
(a) a lion
(b) a camel
(c) an elephant
Answer:
(c) an elephant.

Class 7th English Solutions MP Board Question 5.
Who did not have a valid ticket?
(a) Vinod
(b) all other passengers
(c) the youngman
Answer:
(a) Vinod.

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(C) Read the given story and answer the questions given below it :
(दी गई कहानी को पढ़िए और इसके नीचे दिये गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए।)

Class 5 English Revision Exercise 1 Question 1.
Where were the goats?
Answer:
The goats were in the middle of the bridge.

MP Board 7th Class English Book Solutions Question 2.
What did the first goat say?
Answer:
The first goat said, “Please step aside and let me pass.”

Class 7th English Reader Question 3.
What did the second goat say?
Answer:
The second goat said “Why should I ? You had better let me pass first.”

Class 7th MP Board English Question 4.
What happened in the end?
Answer:
In the end one goat lied down and the other crossed over her.

Class 7 English MP Board Question 5.
If they had not been wise what could have happened?
Answer:
If they had not been wise they could have fought and fallen down into the stream.

(D) Match the opposites from column ‘A’ and ‘B’.
(कॉलम A और कॉलम B से विपरीत शब्दों का मिलान कीजिए।)
MP Board Class 7th General English Revision Exercises 1 2
Answer:

  1. → (b)
  2. → (a)
  3. → (d)
  4. → (e)
  5. → (c)

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Word Power (शब्द सामर्थ) :

(A) Write one word for each phrase given below:
(दिए गए प्रत्येक शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखिए।)

  1. One who looks after the sheep.
  2. One who controls wild animals in a circus.

Answer:

  1. Shepherd
  2. Ring master.

(B) Match the two columns :
(दोनों कालमों का मिलान कीजिए)
Answers:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (a)
  4. → (b)

(C) Pick the odd word and encircle it :
(विषम शब्द को छाँटो और इस पर गोला बनाइए।)
Answer:

(D) Fill in the blanks with the words given below :
(दिए गए शब्दों से रिक्त स्थानों को भरिए।)
(ride, rainbow, overcrowded, to feed)

  1. I saw a ………. in the sky yesterday.
  2. Bhola spend little money …….. his horse.
  3. The Mahout took the children for a ………..
  4. Rashid found that the train was ………..

Answers:

  1. rainbow
  2. to feed
  3. ride
  4. overcrowded.

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Grammar in Use (व्याकरण का प्रयोग):

(A) Write three degrees of comparison for these adjectives :
(इन विशेषणों के लिए तुलनात्मक तीन डिग्री लिखिए)
Answers:
(i) good – better – best
(ii) thin – thinner – thinnest
(iii) big – bigger – biggest
(iv) high – higher – highest
(v) bad – worse – worst

(B) Combine the pairs of sentences using “who”
(‘who’ का प्रयोग कर वाक्यों को जोड़िए)

(i) (a) The girl is wearing a red sweater.
(b) The girl is Sarita.
Answer:
The girl, who is wearing a red sweater, is Sarita.

(ii) (a) Yusuf is wearing a blue cap.
(b) Yusuf is the tallest boy in the class.
Answer:
Yusuf, who is wearing a blue cap, is the tallest boy in the class.

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(C) Fill in the blanks with these words :
(इन शब्दों से खाली स्थान भरिए)
(little, a little, few, a few)

  1. I have ……. time to stay.
  2. He knows …….. of this story.
  3. They have …….. coins.
  4. He has ……… friends, as he is new to Indore.

Answer:

  1. little
  2. a little
  3. a few
  4. few.

(D) Make sentences using the following phrases
(निम्न वाक्यांशों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाएँ।)

  1. a loaf of bread
  2. a piece of paper

Answer:

  1. Reena bought a loaf of bread from the bakery shop.
  2. My daughter gave a piece of paper to me to wrap the book.

(E) Rearrange the following words to make meaningful sentences and use capitals whereever necessary :
(निम्न शब्दों को पुन: व्यवस्थित कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए और आवश्यकतानुसार बड़े अक्षरों का प्रयोग करें।)

(i) Indore/in/lived/Vinod.
Answer:
Vinod lived in Indore.

(ii) young man/the/dressed/was/poorly.
Answer:
The young man was poorly dressed.

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Let’s Write (आओ लिखें) :

(A) Write 2-3 sentences using the words given below:
(नीचे दिए शब्दों से 2-3 वाक्य बनाइए।)
(the horse trainer, market, sell, horse, buy, donkey.)
Answer:
The horse trainer, called Bhola took his horse to sell in the market. He first exchanged his horse for a donkey then he exchanged donkey for a sheep and then sheep for a hen. When he saw a girl selling green mangoes he exchanged his hen for the green mangoes as his wife loved to eat mango chutney. Thus, finally with green mangoes in exchange of a horse he went back to his way home.

(B) Using the given clues write a paragraph about a journey which you undertook :
(निम्न संकेतों का प्रयोग कर आपके द्वारा की गयी एक यात्रा के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए।)
Answer:
I went to Jaipur in the month of January 2006. I had to attend a marriage there. I with my friend Mohit planned to go by bus and requested my mother to prepare some poories and pack them in a wrapper with some jam. We were only two friends who started from house but on the bus stand of Gwalior we found other people about ten in number were also going there. We both knew all of them because they were also our relatives. We reached Jaipur and attended the party. At 12 in the night we started back because we had to give our preparatory test on next day. Both of us enjoyed the journey very much.

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 11 अमरवाणी संस्कृतभाषा

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 11 अमरवाणी संस्कृतभाषा

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 11 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 11 Amarvani Sanskrit Bhasha प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) का भाषा ‘देवभाषा’ इति कथ्यते? [कौन-सी भाषा ‘देवभाषा’ कही जाती है?]
उत्तर:
संस्कृत भाषा

(ख) कदा संस्कृत दिवसः आयोज्यते? [संस्कृतदिवस का आयोजन कब किया जाता है?]
उत्तर:
श्रावणी पूर्णिमायाम्

(ग) आदिज्ञानस्य आधाराः के? [प्रारम्भिक ज्ञान के आधार क्या थे?]
उत्तर:
चतुर्वेदाः, वेदाङ्गनि उपनिषदः दर्शनानि पुराणानि, चिकित्सानाट्य साहित्यशास्त्रादयः ग्रन्थाः

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(घ) किं वर्षं संस्कृतवर्षम्? [कौन-सा वर्ष संस्कृत वर्ष है?]
उत्तर:
१९९९-२००० वर्ष ‘संस्कृतवर्षम्’

(ङ) भारतस्य द्वे प्रतिष्ठे के? [भारत की दो प्रतिष्ठा क्या हैं?]
उत्तर:
संस्कृतं संस्कृतिस्तथा

(च) का भाषा सम्पूर्ण राष्ट्र एकसूत्रेण बध्नाति? [कौन-सी भाषा सम्पूर्ण राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधती हैं?]
उत्तर:
संस्कृत भाषा।

Class 7 Sanskrit Chapter 11 Mp Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) संस्कृतभाषायाः पञ्चकवीनां नामानि लिखतः। [संस्कृत भाषा के पाँच कवियों के नाम लिखो।]
उत्तर:
संस्कृतभाषायाः पञ्चकवीनां नामानि-कालिदास भारविमाघदण्डि भर्तृहरिः सन्ति। [संस्कृत भाषा के पाँच कवियों के नाम हैं-कालिदास, भारवि, माघ, दण्डि तथा भर्तृहरि।]

(ख) गूढरहस्यानि दैवीयतत्वानि कुत्र निहितानि? [गूढ़ रहस्य तथा दैवी तत्व कहाँ छिपे हुए हैं?]
उत्तर:
श्रीमद्भगवद्गीतादिभारतीय धर्मदर्शन ग्रन्थेषु गूढरहस्यानि दैवीय तत्वानि निहितानि। [श्रीमद्भगवद्गीता आदि भारतीय धर्मदर्शन के ग्रन्थों में गूढ़ रहस्य तथा दैवी तत्व छिपे हुए हैं।]

(ग) कस्मात् कारणात् सङ्गणकाय संस्कृतम् उपयुक्तम् [किस कारण से संगणक के लिए संस्कृत उपयुक्त हैं?]
उत्तर:
भाषाविज्ञान दृष्ट्या सुदृढ़सुबद्धव्याकरणकारणात् सङ्गणकाय संस्कृतम् उपयुक्तम्। [भाषा विज्ञान की दृष्टि से सुदृढ़ और सुबद्ध व्याकरण के कारण से संगणक के लिए संस्कृत भाषा उपयुक्त है।]

(घ) कयोः ग्रामयोः जनाः संस्कृतेन वदन्ति? [कौन से दो गाँवों में मनुष्य संस्कृत में बोलते हैं?]
उत्तर:
कर्नाटके ‘मत्तूर ग्रामे’, मध्य प्रदेशे ‘झीरिग्रामे’ च जनाः संस्कृतेन वदन्ति। [कर्नाटक में ‘मत्तूर’ गाँव में, तथा मध्य प्रदेश के ‘झीरि गाँव’ में लोग संस्कृत में बोलते हैं।]

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(ङ) धर्मपुराणस्मृतिग्रन्थेषु किं किं प्रतिपादितम्? [धर्मपुराण स्मृति ग्रन्थों में किस-किस बात का प्रतिपादन किया है?]
उत्तर:
चत्वारः पुरुषार्थाः, चत्वारः आश्रमाः, पोड्शसंस्काराः स्त्रीसमादरायः, सदाचारविचाराः, धर्मपुराणस्मृति ग्रन्थेषु प्रतिपादिता। [चार पुरुषार्थ, चार आश्रम, सोलह संस्कार, स्त्री सम्मान, सदाचार का विचार, धर्मपुराण तथा स्मृति ग्रन्थों में प्रतिपादन किया गया है।]

(च) चत्वारः वेदाः के? [चार वेद कौन-से हैं?]
उत्तर:
ऋग्वेदः, यजुर्वेदः, सामवेदः, अथर्ववेदः [ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद।]

Mp Board Class 7 Sanskrit Chapter 11 प्रश्न 3.
रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न बनाओ
(क) श्रावणीपूर्णिमायां संस्कृतिदिवस: आयोज्यते।
(ख) पुरा संस्कृतभाषा जनभाषा आसीत्।
(ग) आध्यात्मिकज्ञानेन भारतं जगद्गुरुः आसीत्?
(घ) समस्तभारतीय भाषाणां जननी संस्कृतम्।
(ङ) भारते पञ्चदश संस्कृतविश्वविद्यालयाः सन्ति।
उत्तर:
(क) श्रावणी पूर्णिमायां किं आयोज्यते?
(ख) पुरा संस्कृतभाषा का आसीत्?
(ग) केन कारणेन भारतं जगद्गुरु आसीत्?
(घ) केषाम् जननी संस्कृतम्?
(ङ) भारते कति संस्कृत विश्वविद्यालयाः सन्ति?

Class 7 Sanskrit Chapter 11 प्रश्न 4.
उचित का मेल कराओ
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 11 अमरवाणी संस्कृतभाषा img 1
उत्तर:
(क) → (3)
(ख) → (4)
(ग) → (5)
(घ) → (7)
(ङ) → (6)
(च) → (2)
(छ) → (8)
(ज) → (1)

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Mp Board Class 7th Sanskrit Chapter 11 प्रश्न 5.
कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रेखांकित शब्दों से प्रश्न बनाओ (कस्याः केषाम्, कीदृशी, कस्य)
(क) आर्याणाम् भाषा संस्कृतभाषा आसीत्?
(ख) भोजस्य राज्ये सर्वेजनाः संस्कृतभाषायाम् एव वदन्ति स्म।
(ग) आङ्गलभाषायाः कतिपयेषु शब्देषु संस्कृतभाषायाः प्रभावः दृश्यते।
(घ) बाणभट्टस्य कादम्बरी अपि संस्कृतभाषायाः उत्कृष्टा कृतिः अस्ति।
उत्तर:
(क) केषाम् भाषा संस्कृतभाषा आसीत्?
(ख) कस्य राज्ये सर्वेजनाः संस्कृतभाषायाम् एव वदन्ति स्म?
(ग) कस्याः कतिपयेषु शब्देषु संस्कृतभाषाः प्रभावः दृश्यते?
(घ) बाणभट्टस्य कादम्बरी अपि संस्कृतभाषायाः कीदृशी कृतिः अस्ति?

Class 7th Sanskrit Chapter 11 Mp Board प्रश्न 6.
उचित शब्द से रिक्त स्थान भरो (संस्कृतभाषायाः, संस्कृतभाषया, संस्कृतभाषाम्, संस्कृतभाषा)
(क) जनाः ……….. वदन्ति।
(ख) ……….. देववाणी कथ्यते।
(ग) ………….. विकासः आवश्यकः अस्ति।
(घ) भारतीयभाषानां उद्गम ………… एव अभवत्।
उत्तर:
(क) संस्कृतभाषाम्
(ख) संस्कृतभाषा
(ग) संस्कृतभाषायाः
(घ) संस्कृतभाषया।

Class 7th Sanskrit Chapter 11 प्रश्न 7.
उचित अव्यय पद चुनकर कथा को पूर्ण करो
(सत्वरं, पुरा, इति, अन्तः, मन्द-मन्दं, बहिः, एकदा, शीघ्रं, उच्चैः, उपरि, शनैः शनैः, परितः, पुरतः)
………… काले एकस्मिन् वने बहवः पशुपक्षिणः निवसन्ति स्म। …………. वनस्य …………. नूतनवर्षस्य सभा आसीत्। शशकः कच्छपं ………… आगच्छतु …………. उक्त्वा ………… सभां गतवान्। स्थूल: गजः …………. आगतः। मूषकः बिलात् ………… आगत्य सभां गतः। सर्वे पशुपक्षिणः आगत्य मञ्चस्य ………… उपविष्टाः। सभास्थलं …………. वानराः आसन्। सिंह ………….. गर्जनं कृत्वा मञ्चस्य  …………. उपविष्टः। सिंहः भाषणं दत्वा शुभकामना: दत्तवान्। सर्वे मिष्ठान्न खादितवन्तः कच्छपः ………. विलम्बेन आगतवान्। तं दृष्ट्वा सर्वे हसितवन्तः।
उत्तर:
पुरा, एकदा, अन्तः, सत्वरं, इति, शीघ्र, मन्द-मन्दं, बहिः, परितः, पुरतः, शीघ्रं, उपरि, शनैः शनैः।

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अमरवाणी संस्कृतभाषा हिन्दी अनुवाद

“भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाणभारती”
भी छात्राः! श्रावणमासस्य द्वादशीतः भाद्रपदमासस्य तृतीयापर्यन्तं संस्कृतसप्ताहः भवति। अद्य श्रावणीपूर्णिमा अस्ति। किं भवन्तः जानन्ति? अद्य संस्कृतदिवसः अपि आयोज्यते। संस्कृतभाषा अतिप्राचीना अस्ति। दैवीयप्रेरणया उत्पन्न अतः इयं भाषा देवभाषा इति कथ्यते। सम्पूर्णे अपि विश्वे आदिज्ञानस्य आधाराः ऋग्वेदः, यजुर्वेदः, सामवेदः, अथर्ववेदः इति चतुर्वेदाः तथा शिक्षा, कल्पः, ज्योतिष, छन्दः, व्याकरणं, निरुक्तम् इति षड् वेदाङ्गनि अष्टोत्तरशतम् उपनिषदः षड् दर्शनानि अष्टादश पुराणानि चिकित्सानाट्यसाहित्य-शास्त्रादयः ग्रन्थाः च संस्कृतभाषायाम् एव लभ्यन्ते। पुरा संस्कृतभाषा जनभाषा आसीत्, अधुना अपि प्रासङ्गिकी अस्ति। संस्कृतस्य महत्त्वं विविधकारणै अस्ति। यथा

अनुवाद :
“भाषाओं में मुख्य संस्कृत भाषा मधुर और दिव्य है।”
हे छात्रो! श्रावण महीने की द्वादशी से लेकर भादों (भाद्रपद) महीने की तृतीया तक संस्कृत भाषा का सप्ताह होता है। आज श्रावण महीने की पूर्णमासी है। क्या आप जानते हैं कि आज संस्कृतदिवस का आयोजन भी किया जा रहा है। संस्कृत-भाषा बहुत अधिक प्राचीन है। दैवी-प्रेरणा से उत्पन्न हुई है, इसलिए यह भाषा देवभाषा कही जाती है। सम्पूर्ण विश्व में ही प्रारम्भिक ज्ञान के आधार पर ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद आदि चारों वेद तथा शिक्षा, कल्प, ज्योतिष्ज्ञ, छन्द, व्याकरण, निरूक्त, छ: वेदाङ्ग, एक सौ आठ उपनिषद, छः दर्शन, अठारह पुराण, चिकित्सा, नाट्य साहित्य और शास्त्र इत्यादि ग्रन्थ संस्कृत भाषा में ही प्राप्त हैं। प्राचीन काल में संस्कृत भाषा ही जनभाषा (लोगों की भाषा) थी, (यह बाद में) आज भी प्रासङ्गिक है। संस्कृत का महत्त्व अनेक कारणों से है। जैसे-

1. आध्यात्मिकं महत्त्वम् :
आध्यात्मिकज्ञानेन भारतं जगद्गुरुः आसीत्। श्रीमद्भगवद्गीतादिभारतीयधर्म दर्शनग्रन्थेषु गूढरहस्यायानि दैवीयतत्त्ववानि निहितानि। भौतिकजगति आध्यात्मिकशान्तिनिमित्तं वैदेशिकाः अपि भारतीयदर्शनस्य अध्ययनं कुर्वन्ति।

2. सांस्कृतिकं महत्त्वम् :
“भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिस्तथा।” तत्रापि “संस्कृति ः संस्कृताश्रिता” इति उच्यते। चत्वारः पुरुषार्थाः, चत्वार : आश्रमाः, षोडश संस्काराः, स्त्रीसमादरादयः, सदाचारविचाराः धर्मपुराणस्मृतिग्रन्थेषु संस्कृतभाषायाम् एव प्रतिपादिताः।

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3. साहित्यिकं महत्त्वम् :
संस्कृतभाषायाम् आदिकविवाल्मीकिम् आरम्भ्य विष्णुशर्माकालिदासभारविमाघदण्डिभर्तृहरिजयदेवादीनां वैविध्यपूर्णकवीनां विश्वप्रसिद्धा समृद्धपरम्परा अस्ति। एतेषां कृतिषु गद्यपद्यनाट्य-काव्यगीतिनीतिस्तोत्रकथासाहित्यस्य भण्डार: दृश्यते।

4. वैज्ञानिकं महत्त्वम् :
विज्ञानस्य विभिन्न क्षेत्रेषु भारतीयवैज्ञानिकैः पाणिनिः पतञ्जलि-कणाद-आर्यभट्टवराहमिहिर-भास्कराचार्यादिभिः संस्कृते लिखिताः ग्रन्थाः अद्यापि विश्वस्य मार्गदर्शनं कुर्वन्ति। भाषाविज्ञानदृष्ट्या अपि सुदृढ़सुबद्धव्याकरणकारणात् सङ्गणकाय अस्याः भाषायाः उपयोगिता उद्घोषिता। समस्तभारतीयभाषाणां जनन्याः संस्कृतभाषायाः प्रभावः अन्यवैदेशिकभाषासु अपि दृश्यते। समृद्धशब्दभण्डारकारणात् आधुनिकप्राविधिक क्षेत्रे परिभाषिकशब्दानुवादसमये संस्कृतस्य एव साहाय्यं स्वीक्रियते। न केवलं एतानि कारणानि अपि तु संस्कृतं सम्पूर्ण राष्ट्र एकसूत्रेण बध्नाति।

अनुवाद :
1. आध्यात्मिक महत्त्व :
आध्यात्मिक ज्ञान के कारण भारतवर्ष जगद्गुरु था। श्रीमद्भगवद्गीता आदि भारतीय धर्म दर्शन ग्रन्थों में गूढ़ रहस्य तथा दैवीय तत्व छिपे हुए हैं। भौतिक संसार में आध्यात्मिक शान्ति के लिए विदेशी लोग भी भारतीय दर्शन का अध्ययन करते हैं।

2. सांस्कृतिक महत्त्व :
“भारत की प्रतिष्ठा दो में है-संस्कृत तथा संस्कृति में। वहाँ भी संस्कृति संस्कृत के आश्रित है।” ऐसा कहा जाता है। चार पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष), चार आश्रम, सोलह संस्कार, स्त्री समादर इत्यादि, सदाचार सम्बन्धी विचार, धर्म पुराण और स्मृति ग्रन्थों को संस्कृत भाषा में ही प्रतिपादित किया गया है।

3. साहित्यिक महत्त्व :
संस्कृत भाषा में आदि कवि वाल्मीकि से लेकर विष्णु शर्मा, कालिदास, भारवि, माघ, दण्डि, भर्तृहरि, जयदेव आदि विविधतापूर्ण कवियों की विश्वप्रसिद्ध समृद्ध परम्परा है। इनकी रचनाओं में गद्य-पद्य नाटक, काव्य, गीति, नीति, स्रोत, कथा साहित्य का भण्डार दिखायी देता है।

4. वैज्ञानिक महत्त्व :
विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय वैज्ञानिकों के द्वारा पाणिनि, पतञ्जलि, कणाद, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, भास्कराचार्य आदि के द्वारा संस्कृत में लिखे ग्रन्थ आज भी विश्व का मार्गदर्शन करते हैं। भाषा विज्ञान की दृष्टि से भी सुदृढ़ और सुबद्ध व्याकरण के कारण से सङ्गणक के लिए इसकी भाषा की उपयोगिता घोषित की गई थी। समस्त भारतीय भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा का प्रभाव अन्य वैदेशिक भाषाओं पर भी दिखाई पड़ता है। समृद्ध शब्द भण्डार के कारण से आधुनिक प्राविधिक (तकनीकी) क्षेत्र में पारिभाषिक शब्दों का अनुवाद करने के समय संस्कृत की ही सहायता स्वीकार की जाती है।

केवल इतने ही कारण नहीं हैं अपितु (यह) संस्कृत (भाषा) सम्पूर्ण राष्ट्र को एकता के सूत्र में बाँधती है।

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अस्याः भाषायाः ऐतिहासिक-सामाजिक-राष्ट्रीयअन्ताराष्ट्रियक्षेत्रेषु अपि महत्त्वम् अस्ति। एतस्याः महत्त्वं ज्ञात्वा इदानी सर्वकारः अपि पुनः जनभाषां कर्तुं १९९९-२००० वर्ष ‘संस्कृतवर्षम्’ इति उद्घोष्य संस्कृतस्य प्रचारप्रसारे संलग्नः अस्ति। भारते इदानी पञ्चदश संस्कृतविश्वविद्यालयाः सन्ति। सर्वे प्रायः चिन्तयन्ति यत् संस्कृतं कठिनम् इति, किन्तु वस्तुतः एषा सरला सरसा सुबोधजनभाषा अस्ति। अतः कर्नाटके ‘मत्तूर ग्रामे’ मध्यप्रदेशे ‘झीरिग्रामे’ च जनाः संस्कृतेन वदन्ति। इदानीम् अस्माभि अपि संस्कृतं पठित्वा अस्याः भाषायाः प्रसाराय प्रयत्नः करणीयः।

अनुवाद :
इस भाषा का ऐतिहासिक-सामाजिक-राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में भी महत्त्व है। इसके महत्त्व को जानकर अब सरकार भी फिर से इसे जनभाषा बनाने के लिए १९९९-२००० के वर्ष को संस्कृतवर्ष’ घोषित करके संस्कृत के प्रचार और प्रसार में लगी हुई है। भारतवर्ष में अब पन्द्रह संस्कृत विश्वविद्यालय हैं। सभी प्रायः सोचा करते हैं कि संस्कृत कठिन है किन्तु वास्तव में यह भाषा सरल, सरस और सुबोध जनभाषा है। अतः कर्नाटक में ‘मत्तूर’ नामक गाँव में और मध्य प्रदेश में ‘झीरि’ गाँव में लोग संस्कृत में ही बोलते हैं। अब हम लोगों को भी संस्कृत पढ़कर इस भाषा के प्रसार के लिए प्रयत्न करने चाहिए।

अमरवाणी संस्कृतभाषा शब्दार्थाः

गीर्वाणभारती = संस्कृत भाषा। प्रासङ्गिकी = प्रासंगिक। दैवीय प्रेरणया = देवों की प्रेरणा से। पुरा = प्राचीन काल में। अधुना = अभी या वर्तमान में। प्राविधिक क्षेत्रम् = तकनीकी क्षेत्र। स्वीक्रियते = ली जाती है। सर्वकारः = सरकार। उद्घोष्य = उद्घोषणा करके। करणीय = करना चाहिए।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 2 कालबोध:

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 2 कालबोध:

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 2 अभ्यासः

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 2 प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो-
(क) सप्ताहे कति दिनानि भवन्ति? [सप्ताह में कितने दिन होते हैं?]
उत्तर:
सप्त

(ख) कति तिथयः भवन्ति?  [तिथियाँ कितनी होती हैं ?]
उत्तर:
पञ्चदश

(ग) सूर्यः कस्यां दिशि उदेति? [सूर्य किस दिशा में उदय होता है ?]
उत्तर:
पूर्वस्यां

(घ) वर्षे कति मासाः भवन्ति? [वर्ष में कितने महीने होते हैं ?]
उत्तर:
द्वादश

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(ङ) चैत्रवैशाखयोः कः ऋतुः भवति? [चैत्र-वैशाख में कौन-सी ऋतु होती है ?]
उत्तर:
बसन्तः।

Class 7 Sanskrit Chapter 2 Kalbodh प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) माघफाल्गुनयोः कः ऋतुः भवति  माघ और फागुन में कौन-सी ऋतु होती है?]
उत्तर:
माघफाल्गुनयोः शिशिरः ऋतुः भवति। [माघ और फागुन में शिशिर ऋतु होती है।]

(ख) चन्द्रः कदा पूर्णतां प्राप्नोति? [चन्द्रमा कब पूर्णता को प्राप्त करता है?]
उत्तर:
चन्द्रः पूर्णिमायां पूर्णतां प्राप्नोति।  [चन्द्रमा पूर्णमासी को पूर्णता प्राप्त करता है।]

(ग) अमावस्या कस्मिन् पक्षे भवति? [अमावस्या किस पक्ष में होती है?]
उत्तर:
अमावस्या कृष्णपक्षे भवति। [अमावस्या कृष्णपक्ष में होती है।]

(घ) कौ द्वौ पक्षौ भवतः? [कौन से दो पक्ष होते हैं ?]
उत्तर:
शुक्लपक्षः, कृष्णपक्षः च इति द्वौ पक्षौ भवतः। [शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष नामक दो पक्ष होते हैं।]

Class 7 Sanskrit Chapter 2 MP Board प्रश्न 3.
उपयुक्त जोड़े बनाइए
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 2 कालबोध img 1
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (6)
(ग) → (5)
(घ) → (1)
(ङ) → (3)
(च) → (2)

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MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 2 प्रश्न 4.
नीचे लिखे हुए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर खाली स्थानों को पूरा करो
(क) शुक्लपक्षे ……….. तिथिः भवति। (अमावस्या/पूर्णिमा)
(ख) ज्येष्ठमासानान्तरम् ………. मासः भवति। (श्रावण/आषाढः)
(ग) सप्ताहे ……….. दिनानि भवन्ति। (नव/सप्त)
(घ) शुक्लपक्षे चन्द्रः क्रमशः ……….। (क्षीयते/वर्धते)
(ङ) पक्षे तिथयः ……… भवन्ति। (षोडश/पञ्चदश)
उत्तर:
(क) पूर्णिमा
(ख) आषाढ़ः
(ग) सप्त
(घ) वर्धते
(ङ) पञ्चदश।

Class 7 Sanskrit Chapter 2 प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्दों को लिखो (चन्द्रः, पृथ्वी, वासरः, निशा)
उत्तर:
(क) चन्द्रः-शशिः, शशाङ्क।
(ख) पृथ्वी-धरा, अचला।
(ग) वासरः-दिवसः, दिनम्।
(घ) निशा-रजनी, राका।

Sanskrit Class 7 Chapter 2 MP Board प्रश्न 6.
पाठ में आये हुए अव्यय शब्दों को चुनकर पाँच वाक्य बनाओ।
उत्तर:
अव्यय शब्द :
यदा, तत्र, तदा, यथा, अत्र ।

वाक्य प्रयोग :

  1. यदा सूर्यः उदेति, तदा अहम् व्यायामम् करोमि।
  2. अहम् एकम् व्यालम् अपश्यत् तदा अहम् भयभीतः जातः।
  3. अत्र आगच्छ।
  4. तत्र सः अगच्छत्।
  5. यथा सः निर्दिष्टः तथा सः अकरोत्।
    (नामों को क्रम से लिखिए)

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Class 7th Sanskrit Chapter 2 प्रश्न 7.
रिक्त स्थानों को पूरा करो-
(क) वसन्तः ……….. वर्षा ……… , ……… , शिशिरः।
(ख) शनिवासरः ……… , ……… मङ्गलवासरः ………… , …………… , ………..।
(ग) चैत्रः ………. आषाढः ……….. आश्विनः ……….. पौषः ……….।
(घ) ……… द्वादशः ………. , ……… , पञ्चदश, ……….. , ………. , ………… , नवदश ……….।
(ङ) प्रतिपदा ……….. , ……….. , ……….. पञ्चमी …………… , …………. नवमी ……….. , ………. त्रयोदशी ………. अमावस्या।
उत्तर:
(क) ग्रीष्म, शरद, हेमन्त।
(ख) रविवासरः, सोमवासरः, बुधवासरः, गुरुवासरः, शुक्रवासरः।
(ग) वैशाखः, ज्येष्ठः, श्रावणः, भाद्रपदः, कार्तिकः, मार्गशीर्ष, माघः, फागुनः।
(घ) एकादशः, त्रयोदश, चतुर्दश, षोडशः, सप्तदश, अष्टादश, विंशति।
(ङ) द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, चतुर्दशी।।

कालबोध: हिन्दी अनुवाद :

शिष्यः :
महोदय! रात्रिदिवसयोः विभाजनं कथं भवति?

गुरुः :
पृथ्वी गोलाकारा विद्यते। एषा अहर्निशं केन्द्र परिभ्रमति। यदा अस्याः यः भागः सूर्यस्य सम्मुखे भवति तत्र सूर्यस्य किरणाः पतन्ति तदा दिनं जायते। यस्मिन् भागे किरणाः न पतन्ति तत्र अन्धकारः भवति रात्रिश्च जायते। सूर्यः प्रातः पूर्वस्यां दिशि उदेति सायं च पश्चिमदिशि अस्तं गच्छति। एवं सूर्यस्य उदयानन्तरं दिनस्य अस्तानन्तरं च रात्रेः ज्ञानं भवति। दिवानिशानुसारमेव जनाः विविधाः क्रियाः सम्पादयन्ति।

अनुवाद :
शिष्य-महोदय! रात और दिन का विभाजन कैसे होता है?

गुरु :
पृथ्वी गोल आकार की है। यह रात और दिन केन्द्र पर (अपनी कीली पर) घमती है। जब इसका जो भाग सर्य के सामने होता है, वहाँ सूर्य की किरणें गिरती हैं, तब दिन होता है। जिस भाग में किरणें नहीं गिरती हैं, वहाँ अंधेरा होता है और रात्रि हो जाती है। सूर्य प्रात:काल पूर्व दिशा में उदित होता है और सायंकाल को पश्चिम दिशा में छिप जाता है। इस प्रकार, सूर्य के उदय होने के बाद और दिन के अस्त हो जाने के बाद रात्रि का ज्ञान हो जाता है। दिन और रात्रि के अनुसार ही मनुष्य अनेक प्रकार के कार्य पूर्ण किया करते हैं।

शिष्यः :
सप्ताहे कति दिनानि भवन्ति?

गुरुः :
सप्ताहे सप्त दिनानि भवन्ति। तेषां नामानि तु-रविवासरः, सोमवासरः, मङ्गलवासरः, बुधवासरः, गुरुवासरः, शुक्रवासरः, शनिवासरः चेति। शिष्यः-वर्षे कति मासाः भवन्ति?

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गुरुः :
वर्षे द्वादश मासाः भवन्ति। तेषां नामानि तु-चैत्रः, वैशाखः, ज्येष्ठः, आषाढः, श्रावणः, भाद्रपदः, आश्विनः, कार्तिकः, मार्गशीर्षः, पौषः, माघ, फाल्गुनः चेति।

शिष्यः :
तिथयः कति भवन्ति? अनुवाद-शिष्य-एक सप्ताह में कितने दिन होते हैं?

गुरु :
एक सप्ताह में सात दिन होते हैं। उनके नाम हैंरविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार तथा शनिवार।

शिष्य :
एक वर्ष में कितने महीने होते हैं?

गुरु :
एक वर्ष में बारह महीने होते हैं। उनके नाम हैं-चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन (क्वार), कार्तिक, मार्गशीर्ष (अगहन), पौष, माघ और फाल्गुन (फागुन)।

शिष्य :
तिथियाँ कितनी होती हैं?

गुरुः :
प्रतिपक्षं तिथयः पञ्चदश भवन्ति। यथा-प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पञ्चमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा, अमावस्या वा।

मासे द्वौ पक्षौ भवतः शुक्लपक्षः, कृष्णपक्ष: चेति। शुक्लपक्षे पूर्णिमा कृष्णपक्षे च अमावस्या भवति। शुक्लपक्षे चन्द्रः क्रमशः वर्धते। पूर्णिमायां सः पूर्णतां प्राप्नोति। सः पञ्चदशभिः कलाभिः पूर्णः भवति। कृष्णपक्षे च क्रमशः क्षयं प्राप्नोति। प्रतिदिनं तस्य एका कला क्षीयते। अमावस्यायां सः पूर्णरूपेण लुप्तः भवति।

अनुवाद :
गुरु :
प्रत्येक पक्ष (पाख) में पन्द्रह तिथियाँ होती हैं। जैसे-प्रतिपदा (पड़वा), द्वितीया (दौज), तृतीया (तीज), चतुर्थी (चौथ), पञ्चमी (पाँचें), षष्ठी (छठ), सप्तमी (सातें), अष्टमी (आठ), नवमी (नौमी), दशमी, एकादशी (ग्यारस), द्वादशी, त्रयोदशी (तेरस), चतुर्दशी (चौदस), पूर्णिमा (पूर्णमासी या पूनों) अथवा अमावस्या (मावस)।

महीने में दो पक्ष होते हैं-शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष में अमावस्या होती है। शुक्ल पक्ष में चन्द्रमा धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। पूर्णमासी को वह पूर्णता को प्राप्त कर लेता है। वह पन्द्रह कलाओं से पूर्ण होता है और कृष्णपक्ष में क्रमशः क्षय (क्षीणता) को प्राप्त कर लेता है। प्रत्येक दिन उसकी एक कला क्षीण हो जाती है। अमावस्या को वह पूर्ण रूप से छिप जाता है।

शिष्यः :
वर्षे कति ऋतवः भवन्ति?

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गुरुः :
चैत्रवैशाखयोः-वसन्तः, ज्येष्ठाषाढयो:-ग्रीष्मः, श्रावणभाद्रपदयोः-वर्षा, आश्विनकार्तिकयोः-शरद्, मार्गशीर्षपौषयोः-हेमन्तः, माघफाल्गुनो:-शिशिरः एवं षड् ऋतवः भवन्ति। शिष्य! एकादशतः विंशतिपर्यन्तं संख्यां गणय।

शिष्यः :
आम्! एकादश, द्वादश, त्रयोदश, चतुर्दश, पञ्चदश, षोडश, सप्तदश, अष्टादश, नवदश, विंशतिः।

गुरु :
साधु वत्स! सम्यगुक्तम्। अनुवाद-शिष्य-वर्ष में कितनी ऋतुएँ होती हैं?

गुरु :
चैत्र और वैशाख में बसन्त, ज्येष्ठ और आषाढ़ में ग्रीष्म, श्रावण और भाद्रपद में वर्षा, आश्विन और कार्तिक में शरद, मार्गशीर्ष (अगहन) और पौष में हेमन्त, माघ और फाल्गुन में शिशिर, इस तरह छः ऋतु होती हैं। हे शिष्य! ग्यारह से बीस तक की संख्या गिनो।

शिष्य :
जी हाँ! ग्यारह, बारह, तेरह, चौदह, पन्द्रह, सोलह, सत्रह, अठारह, उन्नीस, बीस।

गुरु :
बहुत अच्छा वत्स! ठीक बताया है।

कालबोध: शब्दार्थाः

अहर्निशम् = दिन और रात। गोलाकारा = गोल आकार की। कला = शोभा (चन्द्रमा की कला)। पक्ष = पखवारा (महीने का आधा भाग)। क्षयं = नाश, हानि को।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 9 ग्रामजीवनम्

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 9 ग्रामजीवनम्

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 9 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 9 Gram Jeevanam प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) दीपेशः कं ग्रामं भ्रमणार्थम् अगच्छत्? [दीपेश कौन-से गाँव घूमने गया था?]
उत्तर:
रामपुर ग्राम

(ख) ग्रामीणानां व्यवहारः कथम् अस्ति? [ग्रामीणों का व्यवहार कैसा था?]
उत्तर:
सरलः प्रेमपूर्णश्च

(ग) देशस्य आधारः कः? [देश का आधार क्या है?]
उत्तर:
ग्रामः एव

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(घ) देशोन्नतिः कुत्र सन्निहिता? [देश की उन्नति किसमें समाहित है?]
उत्तर:
ग्रामोन्नतौ

(ङ) दीपेशस्य छात्रावासः कस्मिन् नगरे अस्ति? [दीपेश का छात्रावास किस नगर में स्थित है?]
उत्तर:
(ङ) इन्दौर नगरे।

Class 7 Sanskrit Chapter 9 MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) ग्रामं परितः किं किम् अस्ति? [गाँव के चारों ओर क्या-क्या है?]
उत्तर:
ग्रामं परितः कृषि भूमिः, गोचारणभूमिः, विभिन्नवृक्षाश्च सन्ति। [गाँव के चारों ओर खेती करने योग्य भूमि, चरागाह भूमि तथा अनेक तरह के वृक्ष हैं।]

(ख) ग्रामे के के पशवः सन्ति? [गाँव में कौन-कौन से पशु हैं?]
उत्तर:
ग्रामे धेनवः, महिष्यः, बलीवर्दादयः पशवः सन्ति। [गाँव में गायें, भैंस, बैल आदि पशु हैं।]

(ग) झिरीग्रामस्य महद् वैशिष्ट्यं किम्? [झिरीग्राम की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?]
उत्तर:
झिरीग्रामस्य इदं महद् वैशिष्ट्यं यत् प्रायः सर्वे जनाः संस्कृतेन एव भाषन्ते। [झिरी गाँव की यह बड़ी विशेषता है कि प्रायः सभी लोग संस्कृत में ही बोलते हैं।]

(घ) हट्टे विक्रेतारः किं किं विक्रीणन्ति? [हाट में विक्रेता क्या-क्या बेचते हैं?]
उत्तर:
हट्टे विक्रेतारः नित्योपयोगिवस्तुनि, हस्तशिल्पकला वस्तूनि, गोधूमचणकादिखाद्यवस्तूनि, गृहोपयोगिवस्तूनि विक्रीणन्ति।
[हाट में विक्रेता प्रतिदिन प्रयोग में आने वाली वस्तुएँ, हस्तशिल्पकला की वस्तुएँ, गेहूँ, चना आदि खाद्य वस्तुएँ, घर के उपयोग की वस्तुएँ बेचते हैं।]

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(ङ) कृषकाः कथं कृषिकर्म कुर्वन्ति? [किसान किस तरह खेती करते हैं?]
उत्तर:
कृषकाः तापंशीतं वृष्टिं सहित्वा कृषिकर्म कुर्वन्ति। [किसान गर्मी, जाड़ा और वर्षा को सहन करके कृषिकर्म करते हैं।]

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 9 प्रश्न 3.
रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न निर्माण करो-
(क) छात्रावासे स्थित्वा सम्यक् अध्ययनं करोमि।
(ख) मासिकमूल्याङ्कने भगिन्याः प्रथमस्थानम् स्यात्।
(ग) ग्रामं परितः कृषिभूमिः अस्ति।
(घ) वास्तविक भारतं नाम ग्राम एव।
(ङ) तैः सह मिलित्वा वार्तालापं कृतवन्तः।
उत्तर:
(क) कुत्र स्थित्वा सम्यक् अध्ययनं करोमि?
(ख) कस्मिन् भगिन्याः प्रथम स्थानम्?
(ग) कम् परितः कृषिभूमिः अस्ति?
(घ) वास्तविक भारतं नाम कः एव?
(ङ) तैः सह मिलित्वा किं कृतवन्तः?

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 9 प्रश्न 4.
पाठ के आधार पर क्त्वान्त पदों को लिखो-
(क) मिलति (मिल् + क्त्वा)
(ख) पश्यति (दृश + क्त्वा)
(ग) करोति (कृ + क्त्वा)
(घ) सहति (सह् + क्त्वा)
(ङ) स्मरति (स्मृ + क्त्वा)
(च) शृणोति (श्रु + क्त्वा)
(छ) गच्छति (गम् + क्त्वा)
(ज) पठति (पठ् + क्त्वा)।
उत्तर:
(क) मिलित्वा
(ख) दृष्ट्वा
(ग) कृत्वा
(घ) सहित्वा
(ङ) स्मृत्वा
(च) श्रुत्वा
(छ) गत्वा
(ज) पठित्वा।

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Class 7 Sanskrit Chapter 9 प्रश्न 5.
उदाहरण के अनुसार ल्यबन्त रूपों को लिखो
(क) उत् + स्था + ल्यप्
(ख) वि + की + ल्यप
(ग) स्वी + कृ + ल्यप्
(घ) प्र + क्षाल् + ल्यप्
(ङ) वि + चिन्त + ल्यप्
(च) वि + ज्ञा + ल्यप्
(छ) वि + लिख् + ल्यप्
(ज) उप + कृ + ल्यप्
(झ) आ + गम् + ल्यप्।
उत्तर:
(क) उत्थाप्य
(ख) विक्रीय
(ग) स्वीकृत्य
(घ) प्रक्षाल्य
(ङ) विचिन्त्य
(च) विज्ञाप्य
(छ) विलिख्य
(ज) उपकृत्य
(झ) आगम्य।

Class 7th Sanskrit Chapter 9 MP Board प्रश्न 6.
क्त्वा/ल्यप् के योग से वाक्यों को जोड़ो-
(क) बालकः फलं खादति। – दुग्धं पिबति।
(ख) कविः संस्कृतिं जानाति। – काव्यं लिखति।
(ग) ऋचा गृहम् आगच्छति। – गृहकार्य करोति।
(घ) अर्चकः देवालयं गच्छति। – पूजां करोति।
(ङ) माता शाकानि आनयति। – पाकं करोति।
(च) जनकः प्रभाते उत्तिष्ठति। – योगाभ्यासं करोति।
(छ) दीपेशः हस्तं प्रक्षालयति। – भोजनं करोति।
(ज) समिधा मनसि विचिन्तयति। – लेखं लिखति।
(झ) आराधना स्नानं करोति। – पूजां करोति।
(ञ) विक्रेता वस्तूनि विक्रीणाति। – धनं अर्जयति।
उत्तर:
(क) बालकः फलं खादित्वा दुग्धं पिबति।
(ख) कविः संस्कृतं ज्ञात्वा काव्यं लिखति।
(ग) ऋचा गृहम् गत्वा गृहकार्यं करोति।
(घ) अर्चकः देवालयं गत्वा पूजां करोति।
(ङ) माता शाकानि आनीय पाकं करोति।
(च) जनकः प्रभाते उत्थाय योगाभ्यासं करोति।
(छ) दीपेशः हस्तं प्रक्षाल्य भोजनं करोति।
(ज) समिधा मनसि विचिन्तय लेखं लिखति।
(झ) आराधना स्नानं कृत्वा पूजां करोति।
(ञ) विक्रेता वस्तूनि विक्रीय धनं अर्जयति।

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Class 7th Sanskrit Chapter 9 प्रश्न 7.
भिन्न प्रकृति वाले शब्द को चुनो-
(क) गत्वा, पठित्वा, भूत्वा, हसित्वा, पठितुम्।
(ख) दुग्धं, दधि, नवनीतं, तक्रम्, रोटिका।
(ग) भ्राता, भगिनी, माता, पिता, शिक्षकः।
(घ) काकः, कोकिलः, कपोतः, शुकः, मत्स्यः।
उत्तर:
(क) पठितुम्
(ख) रोटिका
(ग) शिक्षकः
(घ) मत्स्यः।

ग्रामजीवनम् हिन्दी अनुवाद

(पत्रवाहक द्वारघण्टिकां वादयति। दीपिका द्वारम् उद्घाट्य पत्रवाहकात् पत्रं स्वीकृत्य मातरं प्रसन्नतया वदति, “अम्ब! अम्ब! पश्य भ्रातुः पत्रम्” इति उक्त्वा मात्रे पत्रं ददाति। माता पत्रं पठति।)

छात्रावासः
उत्कृष्टविद्यालयः
इन्दौरनगरम्
दिनाङ्क-११-१०-०५

पूज्यमातृपितृचरणयोः
सादरं प्रणामाः।
अहम् अत्र कुशली अस्मि। छात्रावासे स्थित्वा सम्यक अध्ययनं करोमि। गृहे सर्वेषां कुशलं प्रार्थयामि। भवती स्वस्था भूत्वा पूर्ववत् गृहकार्याणि करोति इति ज्ञात्वा अहं सन्तुष्टः अस्मि। मासिकमूल्याङ्कने भगिन्याः प्रथमस्थानमेव स्यात् इति चिन्तयामि।

अनुवाद :
(पत्रवाहक (डाकिया) द्वार की घण्टी बजाता है। दीपिका द्वार खोलकर पत्रवाहक से पत्र लेकर माता को प्रसन्नतापूर्वक बतलाती है,”माँ ! माँ ! देखो भाई का पत्र” ऐसा कहकर माता को पत्र दे देती है। माता पत्र पढ़ती है।)

छात्रावास
उत्कृष्टविद्यालय
इन्दौर नगर
दिनांक-११-१०-०५

पूजनीय माता-पिता,
सादर प्रणाम।
मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ। छात्रावास में रहकर ठीक तरह से अध्ययन करता हूँ। घर में सबकी कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूँ। आप स्वस्थ होकर पहले की तरह घर के कार्यों को करती हो, यह जानकर मैं सन्तुष्ट हूँ। मासिक मूल्यांकन में बहन का पहला स्थान ही होगा-ऐसा मैं सोचता हूँ।

अहं विगतसप्ताहे अस्माकं विद्यालयस्य छात्रैः सह मिलित्वा रामपुरग्रामं भ्रमणार्थम् अगच्छम्। तं ग्रामं दृष्ट्वा अहम् अतिप्रसन्न अभवम्। ग्रामं परितः कृषिभूमिः, गोचारणभूमिः विभिन्नवृक्षाश्च सन्ति। ग्रामस्य पार्वे एका नदी प्रवहति। अतः अत्र शुद्धवायुः वहति। एषः ग्रामः नगरात् दूरे स्थित्वा औद्योगिकप्रदूषणात् रहितः अस्ति। अतः पशुपक्षिणः अत्र स्वच्छन्दतया विचरन्ति। अस्मिन् ग्रामे धेनवः महिष्यः बलीवर्दादयः बहवः पशवः सन्ति। अत्र ग्रामे जनाः प्रायः कृषिकार्यं कृत्वा सरलजीवनं यापयन्ति। परिश्रमशीला एते कृषकाः ताप शीतं वृष्टिं सहित्वा कृषिकर्म कुर्वन्ति । ग्रामीणानां व्यवहार सरलः प्रेमपूर्णश्च अस्ति।

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अनुवाद :
मैं पिछले सप्ताह अपने विद्यालय के छात्रों के साथ मिलकर रामपुर गाँव को घूमने के लिए गया था। उस गाँव को देखकर मैं बहुत प्रसन्न हुआ। गाँव के चारों ओर कृषि भूमि, पशुओं के चराने की भूमि (चरागाह) तथा अनेक प्रकार के वृक्ष हैं। गाँव के पास में एक नदी बहती है। अतः यहाँ शुद्ध हवा बहती है। यह गाँव नगर (शहर) से दूर स्थित होने के कारण औद्योगिक प्रदूषित से रहित है। इसलिए पशु-पक्षी यहाँ आजादी से विचरण करते हैं। इस गाँव में गायें, भैंस, बैल आदि बहुत से पशु हैं। यहाँ गाँव में लोग प्रायः कृषि कार्य करके सरल जीवन बिताते हैं। परिश्रम करने के स्वभाव वाले ये किसान गर्मी, जाड़ा और वर्षा को सहन करके खेती के काम को करते हैं। गाँववासियों का जीवन सरल और प्रेमपूर्ण है।

वयं तैः सह मिलित्वा वार्तालापं कृत्वा ग्रामजीवनविषये ज्ञातवन्तः। तत्र प्रभूतं दुग्धं, दधि, नवनीतं, हरितशाकानि, उष्णस्निग्धरोटिकाश्च खादित्वा हट्ट अगच्छाम। तस्मिन् साप्तहिकहट्टे विविधता: आपणाः भवन्ति। एतं हट्टम् आगत्य विक्रेतारः नित्योपयोगिवस्तूनि, हस्तशिल्पकलावस्तूनि, गोधूमचणकादिखाद्यवस्तूनि, गृहोपयोगिवस्तूनि च विक्रीय धनम् अर्जयन्ति। ग्रामवासिनः हट्टात् वस्तूनि स्वीकृत्य गच्छन्ति। कक्षायां पठितम् आसीत् यत् “अस्माकं देशः कृषिप्रधानः अस्ति, देशस्य अधिकाः जनाः ग्रामे वसन्ति, ग्रामः एव देशस्य आधारः” इति स्मृत्वा इदानीं ज्ञातं यत् “वास्तविकं भारतं नाम ग्राम एव, ग्रामोन्नती एव देशोन्नतिः सन्निहिता” इति।

भवतु, पत्रं समापयामि। ग्रीष्मावकाशे वयं सर्वे मिलित्वा समीपस्थं “झिरी” ग्रामं गत्वा तत्रत्यं प्राकृतिक सौन्दर्यं द्रक्ष्यामः। तस्य ग्रामस्य इदं महद् वैशिष्ट्यं यत् प्रायः सर्वे जनाः संस्कृतेन एव भाषनते। आगामिमासे मम अर्द्धवार्षिकपरीक्षा अस्ति। अन्यत् सर्वं शुभम्। सर्वेभ्यः पुनर्नमस्कार। पत्रोत्तरस्य प्रतीक्षारतः।

भवतः पुत्रः
दीपेशः

अनुवाद :
हमने उनके साथ मिलकर बातें करते हुए गाँव के जीवन के विषय में जानकारी ली। वहाँ बहुत-सा दूध, दही, मक्खन, हरी सब्जियाँ, गर्म चिकनी रोटियाँ खाकर हाट (पैंठ) को गये। उस साप्ताहिक हाट में (पैंठ में) अनेक प्रकार की दुकानें होती हैं। इस हाट में आकर विक्रेता (बेचने वाले) रोजाना के उपयोग में आने वाली वस्तुओं, हस्तशिल्पकला की वस्तुएँ, गेहूँ, चना आदि खाद्य वस्तुएँ और घर के उपयोग की वस्तुओं को बेचकर धन कमाते हैं। गाँव के निवासी हाट से वस्तुओं को अपने आप खरीदकर ले जाते हैं। कक्षा में पढ़ा था कि “हमारा देश कृषि प्रधान है, देश के अधिकतर लोग गाँवों में रहते हैं। गाँव ही देश के आधार हैं।” इसे स्मरण करके अब ज्ञात हुआ है कि “वास्तविक भारत तो गाँवों में ही है, गाँवों की उन्नति में ही देश की उन्नति निहित है।”

ठीक है, पत्र समाप्त करता हूँ। गर्मी के अवकाश में हम सभी मिलकर पास में स्थित ‘झिरी’ नामक गाँव को जाकर वहाँ के प्राकृतिक सौन्दर्य को देखेंगे। उस गाँव की यह बड़ी विशेषता है कि प्रायः सभी लोग संस्कृत में ही बोलते हैं। आने वाले महीने में मेरी अर्द्धवार्षिक परीक्षा है। अन्य सभी ठीक-ठाक है। सभी को फिर से नमस्ते। पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में।

आपका पुत्र
दीपेश

ग्रामजीवनम् शब्दार्थाः

विगतसप्ताहे = पिछले सप्ताह में। सहित्वा = सहन करके। गोचारणभूमिः = गाय चराने के लिए भूमि या चरागाह। स्वच्छन्दं = स्वतंत्र रूप से। बलीवाः = बैल। हट्टः = बाजार, पैंठ। द्रस्यामः = देखेंगे। प्रभूतं = अत्यधिक मात्रा में। महद् वैशिष्ट्यम् = महती विशेषता। दृष्ट्वा = देखकर। परितः = चारों ओर। महिष्यः = भैंसें। वृष्टिः = बरसात। आपणाः = दुकानें। अम्ब! = माँ (सम्बोधन)। सन्निहिता = छिपी हुई है। भाषन्ते = बोलते हैं।

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 10 महर्षिः पाणिनिः

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 10 महर्षिः पाणिनिः

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 10 अभ्यासः

Class 7 Sanskrit Chapter 10 MP Board प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो-
(क) हरिकृष्णस्य भ्राता किं पठति? [हरिकृष्ण के भाई क्या पढ़ते हैं?]
उत्तर:
माहेश्वर सूत्राणि

(ख) अष्टाध्यायिग्रन्थे कति अध्यायाः सन्ति? [अष्टाध्यायी ग्रन्थ में कितने अध्याय हैं?]
उत्तर:
अष्टाध्यायाः

(ग) पाणिनेः पितुः नाम किम्? [पाणिनी के पिता का नाम क्या था?]
उत्तर:
पाणी

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(घ) माहेश्वरसूत्रेषु किं विज्ञानम् अस्ति? [माहेश्वर सूत्रों में कौन-सा विज्ञान है?]
उत्तर:
स्वरविज्ञानम्

(ङ) शलातुर ग्रामः कुत्र अस्ति? [शलातुर गाँव कहाँ है?]
उत्तर:
पाकिस्तान देशे।

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 10 प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) पाणिनिः कः? [पाणिनि कौन थे?]
उत्तर:
पाणिनिः संस्कृत व्याकरणस्य नियमानां रचयिता। [पाणिनि संस्कृत व्याकरण के नियमों के रचयिता थे।]

(ख) त्रयः मुनयः के? [तीन मुनि कौन थे?]
उत्तर:
त्रयः मुनयः सन्ति-प्रथमः सूत्रकारः पाणिनिः, द्वितीयः वाक्यकार: वररुचिः, तृतीयः च भाष्यकार: पतञ्जलि। [तीन मुनि हैं- पहले सूत्रकार पाणिनि, दूसरे वाक्यकार वररुचि और तीसरे भाष्यकार पतञ्जलि।]

(ग) पाणिनेः जन्मस्थानं किम्? [पाणिनि का जन्म स्थान क्या है?]
उत्तर:
पाणिनेः जन्मस्थानं पाकिस्तान देशस्य शलातुर नामकं ग्रामम् अस्ति। [पाणिनि का जन्म स्थान पाकिस्तान देश का शलातुर नामक गाँव है।]

(घ) पाणिनेः कालः कः? [पाणिनि का क्या समय है?]
उत्तर:
पाणिनेः कालः प्रायः ईसा पूर्व ५२० तः ४६० पर्यन्तम् आसीत्। [पाणिनि का समय प्राय:५२० से ४६० ईसा पूर्व था।]

Class 7 Sanskrit Chapter 10 प्रश्न 3.
उचित मेल करो-
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 10 महर्षिः पाणिनिः img 1
उत्तर:
(क) → (2)
(ख) → (3)
(ग) → (4)
(घ) → (5)
(ङ) → (1)

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MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 10 प्रश्न 4.
कोष्ठक के शब्दों का प्रयोग करके रिक्त स्थानों को भरो (चत्वारः, ढक्कात्, पाणिनिः, तक्षशिला, व्याकरणम्)
(क) व्याकरण नियमानां रचयिता …………. ।
(ख) …………. विश्वविख्यातम् अध्ययनकेन्द्रमासीत्।
(ग) प्रत्येकस्मिन् अध्याये ………….. पादाः सन्ति।
(घ) कृत्स्नं …………. प्रोक्तं तस्मै पाणिनये नमः।
(ङ) ताण्डवसमये महेश्वरः ………… एतानि सूत्राणि निःसृतानि।
उत्तर:
(क) पाणिनिः
(ख) तक्षशिला
(ग) चत्वारः
(घ) व्याकरणम्
(ङ) ढक्कात्।

Class 7 Sanskrit Chapter 10 Question Answer प्रश्न 5.
उचित को लिखो
(क) विशिष्टं ज्ञानम्
(ख) पाणेः पुत्रः
(ग) महेश्वरादागतानि सूत्राणि
(घ) अष्टाध्यायाः अत्र सन्तीति।
(ङ) पाणिनिः, वररुचिः, पतञ्जलिः।
उत्तर:
(क) विज्ञानम्
(ख) पाणिनिः
(ग) माहेश्वरसूत्राणि
(घ) अष्टाध्यायी
(ङ) त्रयः मुनयः।

महर्षिः पाणिनिः हिन्दी अनुवाद

रमणः :
अइउण् ………… हल्

हरिकृष्णः :
भ्रातः! किं पठसि? वेदघोष इव श्रूयते।

रमणः :
माहेश्वरसूत्राणि पठामि।

हरिकृष्णः :
एतानि सूत्राणि महेश्वरेण रचितानि किम्?

रमणः :
शिवताण्डवसमये महेश्वरस्य ढक्कातः निस्सृतानि सूत्राणि एतानि। एवं महेश्वरात् आगतानि सन्ति, अतः माहेश्वरसूत्राणि इति कथ्यन्ते। पाणिनिना रचितानि सन्ति।

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हरिकृष्ण: :
क: अयं पाणिनिः। रमणः-पाणिनिः संस्कृतव्याकरणस्य नियमानां रचयिता। हरिकृष्णः-व्याकरणस्य नियमाः के?

रमण: :
प्रायः ४००० व्याकरणनियमाः सन्ति। तान्येव पाणिनीयसूत्राणि इति कथ्यन्ते। एतेषां सूत्राणां सङ्ग्रहग्रन्थः एव ‘अष्टाध्यायी’ इति।

अनुवाद :
रमण: :
अइउण् ………… हल्।

हरिकृष्ण :
भाई! क्या पढ़ रहे हो? वेद की स्वरध्वनिसी सुनाई देती है।

रमण :
माहेश्वर सूत्रों को पढ़ रहा हूँ।

हरिकृष्ण :
इन सूत्रों की क्या महेश्वर ने रचना की थी?

रमण :
शिव के ताण्डव के समय महेश्वर के डमरू से निकले हुए ये सूत्र हैं। इस प्रकार महेश्वर से आये हुए हैं, अतः महेश्वर सूत्र कहे जाते हैं। पाणिनि के द्वारा इनकी रचना की गई है।

हरिकृष्ण ;
ये पाणिनि कौन थे?

रमण :
पाणिनि संस्कृत व्याकरण के नियमों के रचयिता थे।

हरिकृष्ण :
व्याकरण के क्या नियम हैं?

रमण :
प्रायः चार हजार (४०००) व्याकरण के नियम हैं। वे ही पाणिनि के सूत्र कहे जाते हैं। इन सभी सूत्रों का संग्रह ग्रन्थ ही ‘अष्टाध्यायी’ है।

हरिकृष्ण :
किम् अत्र अष्ट अध्यायाः सन्ति?

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रमण :
आम्! अत्र अष्ट अध्यायाः सन्ति! प्रत्येकस्मिन् अध्याये चत्वारः पादाः भवन्ति। आहत्य प्रायः ४००० सूत्राणि।

हरिकृष्ण :
अग्रज! पाणिनेः जन्मविषये ज्ञातुम् इच्छामि।

रमण :
पाणिनेः जन्म वर्तमान पाकिस्तानस्य शलातुर ग्रामे अभवत्। सः ग्रामः तक्षशिला नगरस्य समीपे अस्ति। तक्षशिला विश्वविख्यातम्-अध्ययनकेन्द्रमासीत्।

हरिकृष्णः :
पाणिनेः कालः कदा आसीत्?

रमण :
विद्वांसः वदन्ति पाणिनेः कालः प्रायः ईसा पूर्व ५२० तः ४६० पर्यन्तम् आसीदिति।

अनुवाद :
हरिकृष्ण :
क्या इसमें आठ अध्याय हैं?

रमण :
हाँ! इसमें आठ अध्याय हैं। प्रत्येक अध्याय में चार पाद होते हैं। कुल मिलाकर ४००० (चार हजार) सूत्र हैं।

हरिकृष्ण :
हे बड़े भाई! पाणिनि के जन्म के विषय में जानना चाहता हूँ।

रमण :
पाणिनि का जन्म पाकिस्तान के शलातुर गाँव में हुआ था। वह गाँव तक्षशिला नगर के पास है। तक्षशिला विश्व में प्रसिद्ध अध्ययन केन्द्र था।

हरिकृष्ण :
पाणिनि का समय कब था?

रमण :
विद्वान बतलाते हैं कि पाणिनि का सम प्रायः ईसा पूर्व ५२० से ४६० तक था।

हरिकृष्णः :
पाणिनेः मातापित्रोः नाम किम्?

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रमणः :
मातुः नाम दाक्षिः, पितुः नाम पाणी इति। सोऽयं दाक्षीपुत्रः पाणिनिः एव महावैयाकरणः त्रिषु मुनिषु अन्यतमः अस्ति।

हरिकृष्णः :
त्रयः मुनयः के?

रमणः :
प्रथमः सूत्रकारः पाणिनिः द्वितीयः वाक्यकार: वररुचिः तृतीयः तु भाष्यकार: पतञ्जलिः इति एते त्रयः मुनयः व्याकरणस्य प्रवर्तकाः।

हरिकृष्णः :
भ्रातः व्याकरणं नाम किम्?

रमणः :
व्याकरणं नाम एक विशिष्टं शास्त्रम् अस्ति। यत्र बहुविशिष्टं ज्ञानं वर्तते।

अनुवाद :
हरिकृष्ण :
पाणिनि के माता-पिता का नाम क्या था?

रमण :
माता का नाम दाक्षी, पिता का नाम पाणी था। ऐसा यह दाक्षीपुत्र पाणिनि ही व्याकरण का महान ज्ञाता तीन मुनियों में श्रेष्ठ है।

हरिकृष्ण :
तीन मुनि कौन से हैं?

रमण :
पहले (मुनि) सूत्रकार पाणिनि, दूसरे वाक्यकार वररुचि तथा तीसरे भाष्यकार पतञ्जलि थे, ये तीन मुनि व्याकरण के प्रवर्तक थे।

हरिकृष्ण :
भाई! व्याकरण किसे कहते हैं?

रमण :
व्याकरण एक विशेष शास्त्र है, जिसमें एक बहुत ही विशेष प्रकार का ज्ञान मौजूद है।

हरिकृष्णः :
किं किं विशिष्टं ज्ञानम्?

रमणः :
विशिष्टज्ञानम् एव विज्ञानम्। माहेश्वरसूत्रेषु स्वर. विज्ञानम्, पाणिनीयसूत्रेषु गणितविज्ञानञ्च विद्यते।

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हरिकृष्णः :
भ्रातः! तर्हि पाणिनीयं व्याकरणं प्राचीनं विश्वप्रसिद्धं भारतीय विज्ञानं खलु।

रमणः :
सत्यं प्रोक्तम्। अतः तं विश्वप्रसिद्ध-व्याकरणसूत्रप्रणेतारं महर्षि पाणिनि भारतीयाः विदेशीयाश्च विज्ञानिनः सर्वदा स्मरन्ति नमन्ति च।

वयमपि शिरसा नमामः मनसा स्मरामः च-
“येनाक्षरसमाम्नायमधिगम्य महेश्वरात्।
कृत्स्नं व्याकरणं प्रोक्तं तस्मै पाणिनये नमः॥”

अनुवाद :
हरिकृष्ण :
क्या-क्या विशेष ज्ञान होता है?

रमण :
विशेष ज्ञान ही विज्ञान होता है। महेश्वर सूत्रों में स्वर विज्ञान, पाणिनी के सूत्रों में गणित और विज्ञान विद्यमान है।

हरिकृष्ण :
हे भाई! तब तो पाणिनी का व्याकरण प्राचीन है और विश्वप्रसिद्ध भारतीय विद्वान भी है।

रमण :
सत्य कहा गया है। इसलिए उस विश्वप्रसिद्ध व्याकरण सूत्र के रचयिता महर्षि पाणिनि को भारतीय और विदेशी वैज्ञानिक सदा स्मरण करते हैं और नमस्कार करते हैं।

हम भी सिर से झुककर नमस्कार करते हैं और मन से स्मरण करते हैं

“जिसने महेश्वर से वेद को समझकर समग्र व्याकरण को बतलाया (कहा) उस पाणिनि को नमस्कार है।

महर्षिः पाणिनिः शब्दार्थाः

नियमानाम् = नियमों के। व्याकरणस्य = व्याकरण के। अष्ट = आठ। चत्वारः = चार। आहत्य = कुल मिलाकर। अग्रज : = बड़ा भाई। विश्वविख्यातम् = विश्वप्रसिद्ध। पर्यन्तम् = तक। वैयाकरणः = व्याकरण के ज्ञाता।

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते

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MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 3 अभ्यासः

MP Board Class 7 Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 1.
प्रश्नों का एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) सिंहस्य नाम किम् आसीत्? [सिंह का नाम क्या था ?]
उत्तर:
दुर्मुखः

(ख) सिंहः केषां वधं करोति स्म? [सिंह किनका वध किया करता था?]
उत्तर:
पशूनाम्

(ग) सर्वे पशवः कस्य समीपम् अगच्छन्? [सभी पशु किसके पास गये?]
उत्तर:
सिंहस्य

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(घ) सिंहः कूपस्य जले किम् अपश्यत्? [सिंह ने कुएँ के जल में क्या देखा था?]
उत्तर:
स्वप्रतिबिम्बम्

(ङ) अपरं सिंहं मत्वा दुर्मुखः किम् अकरोत्? [दूसरा सिंह मानकर दुर्मुख ने क्या किया?]
उत्तर:
गर्जनम्।

Class 7 Sanskrit Chapter 3 MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) कः पराक्रमशीलः भवति? [पराक्रमशील कौन होता है?]
उत्तर:
सिंहः पराक्रमशीलः भवति। [सिंह पराक्रमशील होता है।]

(ख) एकदा कस्य वारः समायातः? [एक दिन किसकी बारी आई?]
उत्तर:
एकदा शशकस्य वारः समायातः। [एक दिन खरगोश की बारी आई।]

(ग) शशकः सिंहं कुत्र अनयत्? [खरगोश सिंह को कहाँ ले गया?]
उत्तर:
शशकः सिंह कूपम् अनयत्। [खरगोश सिंह को कुएँ पर ले गया।]

(घ) सिंहः कया पीडितः आसीत्? [सिंह किससे पीड़ित था?]
उत्तर:
सिंहः क्षुधया पीडितः आसीत्। [सिंह भूख से पीड़ित था।]

(ङ) सिंहस्यं गर्जनस्य का भवति? [सिंह की गर्जना से क्या होता है?]
उत्तर:
सिंहस्य गर्जनस्य प्रतिध्वनिः भवति। [सिंह की गर्जना से प्रतिध्वनि होती है।]

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Class 7 Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 3.
शुद्ध कथनों के सामने ‘आम् (हाँ)’ (और) अशुद्ध कथनों के सामने ‘न’ लिखो
(क) दुर्मुखः पशुनां वधं न करोति स्म।
(ख) एकः पशुः प्रतिदिनं क्रमेण सिंहस्य समीपं गच्छति स्म।
(ग) सिंह तु क्षुधया पीडितः आसीत्।
(घ) शशक: मार्गे वस्तुतः अपरं सिंहं न अपश्यत्।
(ङ) शशकः दुर्मुखं एकस्य गभीरस्य कूपस्य समीपम् अनयत्।
उत्तर:
(क) ‘न’
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) आम्
(ङ) आम्।

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 4.
विलोम शब्दों को जोड़ो
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते img 1
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (5)
(ग) → (1)
(घ) → (2)
(ङ) → (3)

Class 7th Sanskrit Chapter 3 MP Board प्रश्न 5.
अधोलिखित शब्दों का सन्धि विच्छेद करो
(क) सदैव
(ख) मृगेन्द्रः
(ग) बलेनैव
(घ) सूर्योदयः
(ङ) महौजस्वी
(च) यथोक्तम्
(छ) एकैकम्।
उत्तर:
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते img 2
Class 7th Sanskrit Chapter 3 प्रश्न 6.
अधोलिखित शब्दों में सन्धि कीजिए
(क) देव + एकत्वम्
(ख) राजा + ईशः
(ग) बुध्या + एव
(घ) मद + उन्मत्तः
(ङ) जल + ओधः।
उत्तर:
MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 3 बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते img 3

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Surbhi Class 7 Chapter 3 प्रश्न 7.
कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों को पूरा करो
(क) त्वं किमर्थं सर्वदा पशूनां वधं ………। (करोति/करोषि)
(ख) सः सिंहस्य समीपम् ……….. (अगच्छत्/अगच्छन्)
(ग) अहम् अधुना तस्य भोजनाय …………।
(गच्छति/गच्छामि) (घ) अस्मिन् कूपे सः सिंहः ………। (वसति/वसामि)
उत्तर:
(क) करोषि
(ख) अगच्छत्
(ग) गच्छामि
(घ) वसति।

बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते हिन्दी अनुवाद :

शिक्षकः :
छात्राः! कः पशुः सर्वश्रेष्ठः अस्ति?

रमेश: :
महोदय! सिंहः सर्वश्रेष्ठ अस्ति।

शिक्षकः :
कथम्?

अखिलेश: :
सिंहः पराक्रमशीलः भवति।

शिक्षकः :
शोभनम्, परन्तु बलेनैव कोऽपि सर्वश्रेष्ठः न, अपितु बुध्यैव श्रेष्ठः भवति।

हितेश: :
किं बलापेक्षया बुद्धिः महत्त्वपूर्णा भवति?

शिक्षकः :
आम्, यः बुद्धिमान् स एव बलवान् भवति।

राजेशः :
कथम् एवम्?

शिक्षकः :
शृणोतु

अनुवाद :
शिक्षक :
हे छात्रो! कौन-सा पशु सर्वश्रेष्ठ होता है?

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रमेश :
महोदय! शेर सर्वश्रेष्ठ होता है।

शिक्षक :
कैसे?

अखिलेश :
शेर पराक्रमी होता है।

शिक्षक :
बहुत सुन्दर, परन्तु बल से ही कोई भी सर्वश्रेष्ठ नहीं होता है, अपितु बुद्धि से ही श्रेष्ठ होता है।

हितेश :
क्या बल की अपेक्षा बुद्धि महत्त्वपूर्ण होती है?

शिक्षक :
हाँ, जो बुद्धिमान होता है, वही बलवान होता है।

राजेश :
ऐसा किस प्रकार है?

शिक्षक :
सुनो

एकस्मिन् पर्वते दुर्मुखः नाम महौजस्वी सिंह वसति स्म। सः च सदैव बहूनां पशूनां वधं करोति स्म। एकदा सर्वे पशवः सिंहस्य समीपम् अगच्छन् अवदन् च-मृगेन्द्र ! त्वं सदैव पशूनां वधं कथं करोषि? प्रसीद, वयं स्वयं तव भोजनाय प्रतिदिनम् एकैकं पशुं प्रेषयिष्यामः।

ततः सिंह अवदत्-यदि यूयम् एवम् इच्छथ तर्हि तथा कुर्वन्तु। तः प्रभृति एकः पशुः प्रतिदिनं क्रमेण सिंहस्य समीपं गच्छति स्म।

एकदा एकस्य शशकस्य वारः समायातः। सूर्योदयसमये सिंहस्य समीपंगच्छन् स्ः अचिन्तयत्-‘मम मरणंतु निश्चितम् एव, अतः मन्दगत्यैव गच्छामि।’ अनन्तरं स्वजीवनरक्षायै उपायं चिन्तयित्वा सः सिंहस्य समीपम् अगच्छत्।।

अनुवाद :
एक पर्वत पर दुर्मुख नामक महान ओजवान शेर रहा करता था और वह सदा ही बहुत से पशुओं का वध किया करता था। एक दिन सभी पशु शेर के पास गये और बोले-हे मृगराज ! आप सदा ही पशुओं का वध क्यों किया करते हो ? प्रसन्न हो जाइये, हम अपने आप ही आपके भोजन के लिए प्रतिदिन एक-एक पशु भेज दिया करेंगे।

इसके बाद शेर बोला-यदि तुम सब ऐसा चाहते हो तो वैसा ही करें। तब से लेकर एक पशु प्रतिदिन क्रम से (अपनी बारी से) सिंह के पास आ जाया करता था।

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एक दिन एक खरगोश की बारी आयी। सूर्य निकलने के समय शेर के पास जाते हुए उसने विचार किया-“मेरी मृत्यु तो निश्चित है ही, अतः (मैं) धीमी गति से ही चलता हूँ।” इसके बाद अपने जीवन की रक्षा के लिए उपाय पर विचार करके वह शेर के पास गया।

तत्र सिंहः तु क्षुधया पीडितः आसीत्। अतिक्रुद्धः सः शशकम् अपृच्छत्-त्वं बिलम्वेन कथं आगतवान्? शशकः सविनयम् अवदत्-राजन्! न मम दोषः! मार्गे अपरः सिंहः आसीत्। सः माम् अपश्यत् अवदत् च “अहम् अस्य वनस्य राजा, अहं त्वां भक्षयिष्यामि।” अहं तम् अवदम्-अस्य वनस्य राजा तु दुर्मख नाम सिंहः अस्तिः। सः अद्यैव मां भक्षयिष्यति। अहम् अधुना तस्यैव भोजनाय गच्छामि। अहं तु केनापि प्रकारेण तं वञ्चयित्वा भवतः समीपं आगतः। एतत् श्रुत्वा दुर्मुखः अतिक्रुद्ध अभवत्।

क्रोधोद्धतः दुर्मुखः अवदत्-हे शठ! कुत्र अस्ति सः अपरः सिंहः? तं सत्वरं मां दर्शय। शशकः सिंहम् एकस्य गभीरस्य कूपस्य समीपम् अनयत् अकथयत् च-स्वामिन् पश्यतु! अस्मिन् कूपे एव सः सिंह वसति।।

अनुवाद :
वहाँ शेर तो भूख से बहुत कष्ट पा रहा था। बहुत क्रोधित होकर उसने खरगोश से पूछा-तुम देर से क्यों आए हो? खरगोश विनयपूर्वक बोला-हे राजा! (इसमें) मेरा दोष नहीं है। मार्ग में दूसरा शेर था। उसने मुझे देखा और (वह) बोला-“मैं इस वन का राजा हूँ, मैं तुम्हें खाऊँगा।” मैं उससे बोला-इस वन का राजा तो दुर्मुख नाम का शेर है। वह आज ही मुझको खा लेगा। मैं अब उसके भोजन के लिए ही जा रहा हूँ। मैं तो उसे किसी भी प्रकार से ठग कर (धोखा देकर) आपके पास आया हूँ। इसे सुनकर दुर्मुख बहुत क्रोधित हुआ।

क्रोध से उत्तेजित होकर दुर्मुख बोला-हे दुष्ट। वह दूसरा शेर कहाँ है? मुझे उसको शीघ्र दिखाओ। खरगोश शेर को एक गहरे कुएँ के पास ले गया और बोला-हे स्वामी! देखिए। इसी कुएँ में वह शेर रहता है।

दुर्मुखः तस्य कूपस्य जले स्वप्रतिबिम्बं पश्यति। सः स्वप्रतिबिम्बम् एव अपरं सिंह मत्वा गर्जति। तस्य गर्जनस्य प्रतिध्वनिः भवति। अतः कूपे अपरः सिंह अस्ति इति विचिन्त्य सः कूपे कूर्दति मृत्युं च प्राप्नोति।

यथोक्तम्-
“बुद्धिर्यस्य बलं तस्य, निर्बुद्धेस्तु कुतो बलम्।
पश्य सिंहो मदोन्मत्तः शशकेन निपातितः॥”

सर्वेशः :
अवगतम्, तदेव बलाद् बुद्धिः विशिष्यते। शिक्षकः-आम्, सत्यम्।

अनुवाद :
दुर्मुख उस कुएँ के जल में अपनी परछाईं देखता है। वह अपनी परछाईं को ही दूसरा शेर मानकर दहाड़ लगाता है। उसकी दहाड़ की प्रतिध्वनि होती है (उसकी दहाड़ की गूंज उठती है)। अतः कुएँ में, दूसरा शेर है, ऐसा सोचकर वह कुएँ में कूद पड़ता है और मृत्यु को प्राप्त होता है।

MP Board Solutions

जैसा कि कहा गया है-
“जिसके पास बुद्धि होती है, उसके पास ही बल होता है, बुद्धिहीन के पास बल कहाँ (होता है)? देखो, मद से मतवाला बना हुआ शेर खरगोश के द्वारा मार दिया गया।”

सर्वेश :
समझ में आ गया, इसीलिए तो बुद्धि बल से बढ़कर होती है।

शिक्षक :
हाँ, सत्य है।

बलाद् बुद्धिर्विशिष्यते शब्दार्थाः

प्रसीद = प्रसन्न होओ। प्रेषयिष्यामः = भेजेंगे। अचिन्तयत् = सोचा। चिन्तयित्वा = सोचकर। शशकः = खरगोश। अपरः = दूसरा। अद्यैव = आज ही। अधुना = इस समय, अब। श्रुत्वा = सुनकर। सत्वरम् = शीघ्र। क्षुद्यया = भूख से। क्रोधोद्धत = क्रोध से उत्तेजित होकर। मत्वा = मानकर। वञ्चयित्वा = ठगकर। अपश्यत् = देखा। विचिन्त्य = सोचकर। निपातितः = गिराया गया। अनयत् = लाया। ततः प्रभृति = तब से लेकर (अब तक)। मदोन्मत्तः = मद से मतवाला।

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