MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 13 भगतसिंह के पत्र

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 13 भगतसिंह के पत्र

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 13 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ट प्रश्न

प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
1. पूज्य पिताजी = (क) आशीर्वाद
2. प्रिय भाई = (ख) नमस्कार
3. साथियों = (ग) सत् श्री अकाल!
4. प्रिय पुत्र = (घ) चरण स्पर्श
उत्तर
1. (घ), 2. (ग), 3. (ख), 4. (क)

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प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. आपका पत्र पढ़कर बड़ा ………. व आश्चर्य हुआ। (सुख/दुख)
2. मैं इस स्थान को छोड़कर …………… जा रहा (यत्र/तत्र)
3. मुझसे अधिक ……………. कौन होगा। (दुर्भाग्यशाली/सौभाग्यशाली)
4. एक दिन तुम ……………….. को साथ लेकर आए। (माँ जी/पिताजी)
उत्तर
1. दुख
2. यत्र
3. सौभाग्यशाली
4. माँ जी।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए

(क)
भगतसिंह ने किस-किस को पत्र लिखे?
उत्तर
भगतसिंह ने पिताजी, भाई कुलवीर सिंह जी तथा कैदी साथियों को पत्र लिखे।

(ख)
भगतसिंह ने किस बंधन में बंधने से मना किया था?
उत्तर
भगतसिंह ने विवाह के बंधन में बंधने से मना किया था।

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(ग)
जेल में भगतसिंह से मिलने भाई के साथ कौन आया था?
उत्तर
जेल में भगतसिंह से मिलने उसकी माँ मिलने आई।

(घ)
भगतसिंह को किससे बचने का लालच कभी नहीं आया?
उत्तर
भगतसिंह को फाँसी से बचने का लालच कभी नहीं आया।

(ङ)
भगतसिंह ने अपने भाई को पत्र कहाँ से लिखा था?
उत्तर
भगतसिंह ने अपने भाई को जेल से पत्र लिखा।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन वाक्यों में दीजिए

(क)
भगतसिंह किस शर्त पर जिंदा रहना चाहते थे?
उत्तर
भगतसिंह एक शर्त पर जिंदा रह सकते थे कि वे कैद होकर या पाबंद होकर जीना नहीं चाहते थे। वे स्वयं को किसी के अधीन नहीं समझते थे।

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(ख)
भगतसिंह क्रांति का प्रतीक कैसे बने?
उत्तर
भगतसिंह दिलेराना ढंग से हंसते-हंसते उसके फाँसी चढ़ने की सूरत में हिंदुस्तानी माताएँ अपने बच्चों को भगत सिंह बनने की आरजू किया करेंगी और देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वालों की तादाद बढ़ जाएगी।

(ग)
भगतसिंह फाँसी के फंदे से क्यों नहीं घबराए?
उत्तर
भगतसिंह फाँसी के फंदे से इसलिए नहीं घबराए क्योंकि वे हजारों सपूतों के लिए प्रेरणा के स्रोत बनने जा रहे हैं। उनके बलिदान से साम्राज्यवाद की नींव कमजोर पड़ने वाली थी।

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(घ)
भगतसिंह बहादुरी से क्यों मरना चाहते थे?
उत्तर
भगतसिंह बाहदुरी से इसलिए मरना चाहते थे क्योंकि उनमें स्वाभिमान कूट-कूट भरा था और वे एक गुलामी भरी जिंदगी को बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकते थे। वे आने
वाले नौजवानों के लिए प्रेरणा के स्रोत बनना चाहते थे।

(ङ)
भगतसिंह का ‘अंतिम परीक्षा’ से क्या आशय था?
उत्तर
भगतसिंह का अंतिम परीक्षा से आशय बलिदान से था। वह चाहते थे कि वे देश की आजादी के लिए स्वयं को कुर्बान कर दे। इसीलिए उसे बड़ी बेताबी से अंतिम परीक्षा का इंतजार था।

भाषा की बात

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए
मद्धिम, तादाद, घृष्टता, प्रतीक-चिह, ख्याल, साम्राज्यवाद, हरगिज। ।
उत्तर
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध वर्तनी लिखिए
कुरबानी, आर्शीवाद, बाबजूद, क्रांती, हिंदूस्तानी, सार्माज्य
उत्तर
शब्द – शुद्ध वर्तनी
कुरबानी = कुर्बानी
आर्शीवाद = आशीर्वाद
बाबजुद = बावजूद
क्रांती = क्रांति
हिंदूस्तानी = हिंदुस्तानी
सार्माज्य = साम्राज्य

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए
कुर्बानी, मुलाकात, हरगिज, आरजू, बेताबी, तादाद
उत्तर
शब्द समानार्थी शब्द
कुर्बानी – त्याग, बलिदान
मुलाकात – गुफ्तगु
हरगिज – बिल्कुल
आरजू – तमन्ना,चाह
बेताबी. – तड़प
तादाद – भीड, अत्यधिक

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
साम्राज्यवाद, धृष्टता, सौभाग्यशाली, हसरत, गर्व,
आरजू,
उत्तर-
शब्द – वाक्य में प्रयोग
साम्राज्यवाद = यूरोप ने अफ्रीका और एशिया में साम्राज्यवाद फैलाया।
धृष्टता = तुम यह धृष्टता कैसे कर सकते हो?
सौभाग्यशाली = भगतसिंह सौभाग्यशाली व्यक्ति थे।
हसरत = यह हसरत रहेगी कि देश के अन्य कार्य नहीं कर सका।
गर्व = हमें भगतसिंह के बलिदान पर गर्व करना चाहिए
आरजू = मेरी भी आरजू है कि मैं भी भगतसिंह जैसा बलिदानी बर्नु।

प्रश्न 8. प्रधानाचार्य को पुस्तकालय से पुस्तकें प्रदान करने हेतु आवेदन

विद्यालय छात्रावास
अरेरा कॉलोनी
प्रधानाचार्य
अरेरा कॉलोनी भोपाल
सविनय निवेदन इस प्रकार है कि मैं सातवीं कक्षा में पढ़ता हूँ। मेरे पिताजी एक निर्धन व्यक्ति हैं। वे मेरी सभी किताबें खरीदने में असमर्थ हैं। कृपया आप मुझे अपने विद्यालय के पुस्कालय से विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, तथा हिंदी की पुस्तकें निर्गमित करें ताकि मैं अपनी परीक्षाओं की तैयारी भलिभांति कर सकु। आप की अति कृपा होगी।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
कनिष्क बंधु
कक्षा-VII

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पिताजी को पत्र जिसमें पढ़ाई के बारे में जानकारी
पूजनीय पिताजी
चरण स्पर्श,
आशा है आप सकुशल और स्वस्थ होंगे। मैं भी यहाँ | पूर्णतया ठीक हूँ। आपकी आज्ञानुसार मैं पढ़ाई की सूचना दे रहा हूँ। पिछले दो माह से मेरी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी, फिर भी मेंने परिक्षाओं की तैयारी की और अपनी पूरी क्षमता के साथ परिक्षाएं दी। जैसी उम्मीद थी, वैसे तो अंक प्राप्त नहीं किए, किंतु प्रथम श्रेणी तो प्राप्त कर ली। अपनी अगली कक्षा में मैं पूरे विद्यालय में प्रथम आने का प्रयल करूंगा।

आपका आज्ञाकारी पुत्र
प्रवीण

भगतसिंह के पत्र पाठ का परिचय

प्रस्तुत पाठ में लेखक भगतसिंह के कुछ पत्रों का समावेश करता है जिसमें भगतसिंह की देशभक्ति, जागृति तथा चेतना को दर्शाया गया है। प्रथम पत्र में भगतसिंह अपने पिता को जवाब लिखते हुए कहता है कि आश्चर्य की बात है आप मेरी शादी के लिए सोच रहे है। शादी उसकी मंजिल से उसे भटका सकती है। आप अपने बेटे को आशीर्वाद दें। अपने अगले पत्र में भगतसिंह ने अपने भाई कलवीर सिंह जी को लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उसकी मलाकात माँ से नहीं हो सकी, इसका उसको दुख है, लेकिन मिलने से लाभ भी क्या होगा। क्या दो-चार मुलाकातों से तृप्ति मिल सकती है! घबराने का कोई फायदा नहीं। फाँसी से एक दिन पहले अपने साथियों को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि मेरी होने वाली कुर्बानी से मुझे और क्रांतिकारियों का सर ऊँचा उठा देगी। उसे स्वयं पर गर्व है।

भगतसिंह के पत्र संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. आपका पत्र ………. क्षमा करेंगे।

शब्दार्थ- विचलित = अस्थिर; विवश = मजबूर; अन्यत्र = दूसरी जगह; घृष्टता = ढीठता।

संदर्भ-भ्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-13 ‘भगतसिंह के पत्र’ से ली गई हैं।

प्रसंग-इसमें भगतसिंह ने अपने पिता को पत्र लिखा

व्याख्या-प्रस्तुत अवतरण में भगत सिंह ने पिता के ऊपर हैरानगी जताई है कि वे स्वयं देश-भक्त हैं, तो फिर कैसे उसकी शादी तय कर सकते हैं। उसे विश्वास है कि पिता के आशीर्वाद और भगवान की कृपा से उसे सफलता प्राप्त होगी। मुझे दुःख है, मैं तुम्हारी इच्छा पूरी नहीं कर सकता। लेकिन विवाह का बंधन मेरे सारे कार्यक्रम को नष्ट कर देगा।

विशेष-भावों को पूर्णता के साथ दर्शाया गया है।

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2. मुझे यह जानकर……………क्या फायदा? (पृ. 72)

शब्दार्थ- तसल्ली = संतुष्टि, धीरत, धैर्यः खयाल = विचार, पाबंदी = रोक, प्रतिबंध, प्रतीक = चिह्न, कुर्बानी = बलिदान, हरगिज = कभी भी।

संदर्भ-पूर्ववत।

प्रसंग-इसमें भगतसिंह ने भाई कुलवीर सिंह को पत्र लिखा।

व्याख्या-भगतसिंह को बड़ी निराशा हुई जब उसकी माँ उससे मिले बिना ही चली गई। भगतसिंह ने भाई को कहा कि वे माँ को साथ लेकर क्यों आए? माँ बहुत घबरा गई होगी। इस घबराहट का कोई फायदा नहीं है। हमें साहस से हालात का मुकाबला करना चाहिए। दुनिया में हजारों व्यक्ति है जो दुखी हैं। मिलने से कोई अंतिम तृप्ति नहीं मिलती। इसलिए वे घबराए नहीं।

विशेष-भगतसिंह के दर्शन को दर्शाया गया है।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 21 हृदय परिवर्तन

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 21 हृदय परिवर्तन

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 21 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
1. राजी – (क) बसर
2. सच – (ख) दौलत
3. गुज़र – (ग) खुशी
4. धन – (घ) झूठ
उत्तर-
1. – (ग)
2. – (घ)
3. – (क)
4. – (ख)

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प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. ………………………… बोलने वाले पर हमेशा अल्लाह की मेहर रहती है। (झूठ/सच)
2. ………………………… हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। (व्यापारी/डाकू)
3. मेरे पास ………………………… हैं। अशर्फियाँ/रोटियाँ)
4. यह लड़का आज से हमारा ………………………… है। (चेला/गुरु)
उत्तर-
1. सच,
2. डाकु,
3. अशर्फियाँ,
4. गुरु।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 21 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए

(क) कादिर घर से बाहर कहाँ और क्यों जा रहा था?
उत्तर-
कादिर पढ़ने- खने कि लिए परदेश ‘बगदाद’ जा रहा था।

(ख) व्यापारी क्यों डर से थे?
उत्तर-
व्यापारियों को डाकुओं का डर लग रहा था।

(ग) कादिर ने अपनी अशर्फियों को कहाँ रखा था?
उत्तर-
कादिर की अम्मी दस अशर्फिया उसके कोट में सी दी थी।

(घ) डाकुओं से कादिर की रक्षा किस गुण के कारण हुई?
उत्तर-
डाकुओं से कादिर की रक्षा सच बोलने कारण हुई।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 21 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्य में लिखिए

(क) अब्दुल कादिर की माँ को किस बात का इंतज़ार था? .
उत्तर-
अब्दुल कादिर की माँ चाहती थी कि उसका बेटा अब्दुल कादिर पढ़ लिख कर एक सफल इंसान बन जाए। उसे कादिर के पढ़-लिखकर आने का इंतजार था।

(ख) कादिर को माँ ने कौन-सी सीख दी थी?
उत्तर-
अम्मी ने कादिर से कहा-मेरे लाल…जी लगाकर पढ़ना…बेटा, अपनी अम्मी की एक बात हमेशा याद रखना-चाहे कैसी भी मुसीबत क्यों न आए, भूलकर ही झूठ कभी न बोलना। जब बोलना, सच ही बोलना। सच बोलने वाले, पर हमेशा अल्लाह की मेहर रहती है।

(ग) सरदार ने अपनी और कादिर की तुलना किस प्रकार की?
उत्तर-
सरदार ने अपनी और कादिर की तुलना ऐसे की। भाइयो, यह लड़का आज से हमारा गुरु है। यह छोटा बच्चा अपनी माँ की आज्ञा का पालन करने में ऐसा सावधान है और हम हैं कि बूढ़े होने को आए, अब तक उस मालिक की आज्ञा का पालन नहीं करते, जिसने हमें दुनिया में भेजा।

(घ) कादिर के व्यवहार से प्रभावित होकर सरदार ने क्या करने का निश्चय किया?
उत्तर-
आओ, आज से हम यह नीच काम छोड़ दें और हमेशा सच बोलने की आदत डालें। (फिर यह व्यापारियों के निकट आता है।) भाइयो, अपराध क्षमा करो। अपना माल संभाल लो और जहाँ जाना चाहो, खुशी –से जाओ। असमद, इनका माल लौटा दो।।

(ङ) अगर आप कादिर की जगह होते तो क्या करते और क्यों?
उत्तर-
वास्तव में कादिर जैसा आज्ञाकारी और निश्चयी व्यवहार हर किसी का नहीं होता। यदि मुझे डाकु धमकाते तो पहले मैं अशर्फियाँ छिपाने की कोशिश करता।

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भाषा की बात

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध उच्चारण कीजिएहृदय, परिवर्तन, फिक्र, स्वर, आश्चर्य, आज्ञा, अशर्फियाँ
उत्तर-
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिएदिल्लगि, व्यापारीयों, बासकेट, अबदुल, परिव्रतर, डाकु
उत्तर-
शब्द – शुद्ध वर्तनी
दिल्लगि – दिल्लगी
व्यापारीयों – व्यापारियों
बासकेट – बास्केट
अबदुल – अब्दुल
परिव्रतन – परिवर्तन
डाकु – डाकू

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों को पढ़िएफिक्र, उम्र, परिवर्तन, आश्चर्य, अशर्फी, शर्म, टुण्ड्रा, राष्ट्र, टूक
उत्तर-
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों में सही रकार (रफ) का प्रयोग कीजिए
आर्शिवाद, धरम, परकार, टरक, भरम, परसाद
उत्तर-
शब्द – शुद्ध (सही रकार/रेफ)
आर्शिवाद – आशीर्वाद
धरम – धर्म
परकार – प्रकार
टरक – ट्रक
भरम – भ्रम
डरामा – ड्रामा
परसाद – प्रसाद

प्रश्न 8.
नीचे दिए गए शब्दों को पढ़िए और समास का नाम लिखिए
हृदय-परिवर्तन, राजी-खुशी, गुजर-बसर, सुख-दुख, माता-पिता, देशभक्त, पीताम्बर
उत्तर-
शब्द – समास
हृदय-परिवर्तन – वंद्व
राजी-खुशी – द्वंद्व
गुजर-बसर – द्वंद्व
सुख-दुख – वंद्व
माता-पिता – द्वंद्व
देशभक्त – तत्पुरुष
पीताम्बर – अव्ययीभाव

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हृदय परिवर्तन पाठ का परिचय

प्रस्तुत एकांकी के प्रथम दृश्य में अम्मी और उसके बेटे अब्दुल कादिर में बातचीत हो रही है। कादिर अपनी अम्मी को पुकारता है, अम्मी आती है और उसे फटा-पुराना-सा कोट देते हुए कहती है कि उसने इसमें 10 अशर्फियों सी दी हैं। इनकों सोच-समझ कर काम में लाना। अम्मी कहती है-तुम परदेश पढ़ने जा रहे हो, खूब मन लगा कर पढ़ना और कभी झूठ नहीं बोलना। इस तरह वह अपने बेटे को विदा करती है। ‘एकांकी के दूसरे अंक में कादिर दो व्यापारियों के साथ बगदाद के लिए निकलता है। रास्ते में उन्हें डाकू मिलते हैं। वे व्यापारियों को डरा धमका कर उनका धन छीन लेते है। तभी डाकू कादिर को धन के लिए पूछते हैं तो कादिर बिना देर किए कोट से अपनी 10 अशर्फियाँ उन्हें निकाल कर दे देता है और डाकुओं से कहता हैं कि माँ ने कहा था, कभी झूठ नहीं बोलना। लड़के की बात सुनकर डाकू ग्लानि से भर जाते हैं और उन्हें पश्चताप होता है। वे सारा धन व्यापारियों को लोटा देते हैं।

हृदय परिवर्तन संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. अब्दुल कादिर : (पुकारकर) ……………………….. बढ़ाए। (पृ.118-119)

शब्दार्थ-बास्केट = सदरी, एक पहननेवाला वस्त्र जिसमें रुई भरी रहती है। पैबन्द = किसी फटे कपड़े पर ऊपर से सिल गया कपड़े का टुकड़ा। अशर्फी = स्वर्णमुद्रा, सोने का सिक्का , मुहर। गुजर-बसर = खाने-पीने और रहने की व्यवस्था। रोशन = प्रकाशित। सेहत = स्वास्थ्य, तन्दुरुस्ती। मेहर = कृपा।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-21 ‘हृदय परिवर्तन’ से ली गई हैं। इसके रचयिता श्री कृष्ण हैं।

प्रसंग-इसमें माँ अपने बेटे को सच बोलने का पाठ सिखाती है।

व्याख्या-अम्मी अपने बेटे अब्दुल कादिर को बुलाती है, उसे एक फटा-पुराना-सा कोट पहनाते हुए कहती है कि उसने हमसे दस अशर्फियाँ सी दी हैं, वह इन्हें संभाल कर खर्च करे। कादिर अपनी अम्मी को पूछता है कि वह कैसे अपना खर्च चलाएगी तो वह कहती है कि जैसे-तैसे चला लेगी। अम्मी को रोते देख कादिर कहता है कि वह जल्दी लौट आएगा। अंत में अम्मी कहती है कि वह खूब मन लगा कर पढ़े। चाहे कितनी मुसीबत आए, वह कमी झूठ नहीं बोले। सच बोलने वाले पर हमेशा अल्लाह की मेहर रहती है। इस तरह कादिर अपनी अम्मी से विदा लेता है।

विशेष-

  1. भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  2. माँ की सीख को अच्छे ढंग से दर्शाया गया है।

2. एक व्यापारी : क्यों भाई ……………………….. हाय मेरी थैली। (पृ. 119-120-121)

शब्दार्थ-साया = छाया, परछाई। राजी-खुशी = स्वेच्छा से, अपनी इच्छा से, प्रसन्नतापूर्वक। घिधियाना = अटक-अटककर बोलना।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-21 ‘हृदय परिवर्तन’ से ली गई है। इसके रचयिता श्री कृष्ण हैं।

प्रसंग-इसमें डाकू व्यापारियों का माल लूट लेते हैं। व्याख्या-कादिर व्यापारियों के साथ निकल पड़ा।

व्यापारी डाकूओं की बात ही कर रहे थे कि डाकू आ गए। दोनों व्यापारी सकपका गए। उन्होंने ने भागने की कोशिश की किंतु नाकाम रहे। डाकुओं में व्यापारियों का माल लूट लिया। धीरे-धीरे और धमकी से डर कर व्यापारियों ने अपना समस्त सामान डाकूओं को दे दिया।

विशेष-

  1. भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  2. व्यापारियों को भयग्रस्त दर्शाया गया है।

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3. (डाकू से) इस. ……………………….. सम्मान लेते हैं। (पृ. 121-122)

शब्दार्थ-दिल्लगी = परिहास, मज़ाक। गुदड़ी = सिले हुए पुराने कपड़े। सीवन = सिलाई। आश्चर्य = अचरज, चकित होना। बगदाद = ईराक की राजधानी। परिवर्तन = बदलाव, बदलना।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-21 ‘हृदय परिवर्तन’ से ली गई है। इसके रचयिता श्री कृष्ण हैं।

प्रसंग-इसमें डाकुओं का पश्चाताप दिखाया गया है।

व्याख्या-डाकुओं ने व्यापारियों को लूटने के पश्चात लड़के से पूछा कि उसके पास क्या है? कादिर ने उन्हें सच बताते हुए कहा कि उसके पास दस अशर्फियाँ हैं। डाकू उस पर हँसते हैं और कहते हैं कि वह उनसे मजाक कर रहा है। तब कादिर ने कोट से दस अशर्फियाँ निकालते हुए डाकुओं से कहा कि माँ ने कहा था, कभी झूठ नहीं बोलना। बच्चे के मुँह से सत्य सुनकर सरदार पिघल गया तथा अपने आँसू पोछते हुए कहा कि यह लड़का अपनी माँ का कितना कहना मानता है जबकि हम ईश्वर से कभी नहीं डरे। उन्होंने पश्चताप करते हुए सबका माल वापस कर दिया।

विशेष-

  1. भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  2. मनुष्य पश्चताप को दर्शाया गया है।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 12 अमन-शांति है ध्येय हमारा

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 12 अमन-शांति है ध्येय हमारा

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 12 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
1. कला = (क) बलिदान
2. त्याग = (ख) फूल
3. विश्व = (ग) कौशल
4. धरा = (घ) विजय
5. फल = (ङ) गगन
उत्तर
1. (ग), 2. (क), 3. (घ), 4. (ङ), 5. (ख)

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प्रश्न (ख)
उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. विश्व-विजय तो नहीं चाहता………….है ध्येय हमारा। (अमन-शक्ति/दमन क्रांति)
2. हमने जब भी कदम बढ़ाए, कला नहीं…….. दिखलाए। (पराक्रम/कौशल)
3. धरा-गगन युग-युग से करते, अमर……….की जयकारा। (शहीदों/वैज्ञानिकों)
4. विविध भांति के …………. से, हरा-भरा है – अपना नंदन। (शूलों/फूलों)
5. विपदाओं की प्रखर ज्वाल में, तपकर मानव …………… हुआ है। (बुद्ध/मुग्ध)
उत्तर
1. अमन-शक्ति
2. कौशल
3. शहीदों
4 बुद्ध।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए

(क)
इस कविता के अनुसार हमारा ध्येय क्या है?
उत्तर
इस कविता के अनुसार हमारा ध्येय ‘अमन-शक्ति ‘ है।

(ख)
किस वैज्ञानिक परीक्षण ने विश्व को चकित किया है?
उत्तर
पोखरन के परमाणु परीक्षण ने विश्व को चकित किया है।

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(ग)
लहराता हुआ झण्डा क्या सीखा देता है?
उत्तर
लहराता हुआ झण्डा त्याग और बलिदान सिखाता

(घ)
हमारे जनमानस ने कौन-सा दीप जलाकर उजाला किया है?
उत्तर
हमारे जनमानस ने स्वाभिमान कर दीप जलाकर उजाला किया है?

(ङ)
विपदाओं की किस ज्वाल में तप कर मानव बुद्ध बना है?
उत्तर
विपदाओं की प्रखर-ज्वाल में तपकर मानव बुद्ध बना है।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्यों में लिखिए

(क)
“हमने जब भी अपने कदम बढ़ाए हैं”, का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
“हमने जब भी अपने कदम बढ़ाए हैं,” का आशय है कि भारत ने जब कभी विकास करने की कोशिश की है तो यहाँ की कला-कौशल अपने चरमोत्कर्ष पर उभरी है।

(ख)
अखिल विश्व चकित हो उठा, से कवि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर
जब पोखरन में भारत ने परमाणु-परीक्षण किया तो भारत की वैज्ञानिक क्षमता को देखकर अखिल विश्व चकित हो उठा। सारे विश्व ने भारत का लोहा स्वीकार किया।

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(ग)
हमें कौन-सी चीजें बाँट पायेंगी, और क्यों?
उत्तर
हमारा देश इतना बड़ा है। यहाँ पर अनेक जातियाँ, विभिन्न प्रकार के धर्म तथा हजारों प्रकार की बोलियाँ विद्यमान है जो हमें बाँट नहीं पाएगी।

(घ)
विविधा में एका की माला गूंथ-गूंध कर संवारने के भाव को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
भारत एक विशाल देश है जहाँ भिन्न-भिन्न प्रकार के लोग निवास करते हैं। ऐसी विभिन्नता में हम भारतवासियों ने एकजुटता दिखाई है और भारत का रुप संवारा है।

(ङ)
अमन-शांति है ध्येय हमारा’ कविता के आधार पर अपने देश की सांस्कृतिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर
भारत एक विशाल लोकतांत्रिक देश है। इसके 28 राज्य और 7 केंद्रशाथित प्रदेश है। यहाँ पर सैकड़ों प्रकार की बोलियां बोली जाती है। कई प्रकार की जातियाँ विद्यमान है। यहाँ कई धर्म के लोग एक-साथ वास करते है। भारत विज्ञान तथा कई क्षेत्रों में विकास कर चुका है। फिर भी हमारा अमन-शांति ही प्रमुख ध्येय है।

भाषा की बात

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए
फिसड्डी, शर्मिंदगी, जिंदगी, यात्रा, ख्याल
उत्तर
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध
कीजिएविश्व, धेयय, अदभूत, चकीत, वेज्ञानिक, आदीकाल
उत्तर
शुद्ध – शुद्ध वर्तनी
विश्व = विश्व
घयेय = ध्येय
अदभूत = अद्भुत
चकीत = चकित
बेज्ञानिक = वैज्ञानिक
आदीकल = आदिकाल

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए
महूरत, उजियारा, धरम, करम
उत्तर
शब्द – तत्सम रुप
महूरत – मुर्हत
उजियारा – उजयारा
धरम – धर्म
करम – कर्म

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
विश्व, प्रगति, स्वाभिमान, वैज्ञानिक
उत्तर
विश्व-हमें विश्व शांति के लिए प्रयास करना चाहिए।
स्वाभिमान- स्वाभिमान किसी के आगे झुकने नहीं देता।
वैज्ञानिक-देश के भौतिक विकास में वैज्ञानिकों का सबसे बड़ा हाथ है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द कोष्ठक में दिए शब्दों में से छांटकर लिखिए
(अवनि, अंबर, कुसुम, मार्ग, रास्ता, पुष्प, आकाश, धरती)
उत्तर
(क) धरा = धरती, अवनि
(ख) गगन = आकाश, अंबर
(ग) फूल = पुष्प, कुसुम
(घ) पंथ – मार्ग, रास्ता

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प्रश्न 9.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए
(शान्ति, सरल, विजय, धर्म, नई)
उत्तर
(क) शांति = अशांति
(ख) सरल = कठिन
(ग) विजय = पराजय
(घ) धर्म = अधर्म
(ङ) नई = पुरानी

अमन-शांति है ध्येय हमारा पाठ का परिचय

प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से कवि देश की प्रगति और विकास की चर्चा करता है। कवि का कहना है कि हम भारतवासी विश्व को जीतने की आकांक्षा नहीं रखते, हम केवल अपनी आजादी को बरकरार रखना चाहते हैं। भारत ने नई खोजें तो की ही हैं, साथ ही संपूर्ण विश्व के सामने अपनी कुशलता का परिचय दिया है। आजादी से पूर्व ही नहीं बल्कि आज भी हम इसके लिए त्याग और बलिदान कर सकते हैं। जब हमने पोखरन में परमाणु परिक्षण किया था तो सारा विश्व हैरान रहा गया था। हम आज भी उन शहीदों को याद करते हैं जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुती दे दी। भारत में अनेक प्रकार जातियाँ तथा भाषा-भाषी है, तथा विभिन्न धर्म विद्यमान है, फिर भी हम कभी टूट नहीं पाएगें। भारत के प्रत्येक जन में देश के प्रति गर्व तथा स्वाभिमान भरा है। आदि काल से न जाने कितने लोगों ने भारत पर राज्य किया है, किंतु वर्तमान में हम विशुद्ध हो चुके हैं। यहाँ का मानव अब महात्मा बुद्ध की तरह तटस्थ बन चुका है। अमन-शक्ति है ध्येय हमारा।

अमन-शांति है ध्येय हमारा संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. विश्व-विजय तो नहीं चाहता,
अमन-शांति है ध्येय हमारा।
आजादी को कायम रखना,
सिर्फ नहीं उद्देश्य हमारा॥
हमने जब भी कदम बढ़ाए,
कला नहीं कौशल दिखलाये,
नई और अद्भुत खोजों से,
प्रगति-पंथ को सरल बनाए

शब्दार्थ- ध्येय = लक्ष्य; आजादी = स्वतंत्रता; सिर्फ = केवल, मात्र; कौशल = कुशलता, निपुणता;
अद्भुत = अनोखी प्रगति-पंथ = उन्नति का रास्ता।

संदर्भ-प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-12 ‘अमन-शांति है ध्येय हमारा’ से ली गई हैं। इसके रचयिता दिनेश कुमार पाण्डेय ‘व्यथित’ है।

व्याख्या-कवि कहता है भारत कभी विश्व-विजेता बनने के सपने नहीं देखता बल्कि वह सारे संसार में अमन-शांति कायम करना चाहता है। भारत एक प्रगतिशील राज्य है जिसमें कला तथा अद्भुत खोजों का संगम है। विशेष-सरल भाषा का प्रयोग है।

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2. त्याग और बलिदान सिखाता,
लहर-लहर कर झण्डा प्यारा।
विश्व-विजय तो नहीं चाहता,
अमन-शांति है ध्येय हमारा।।
अखिल विश्व भी चकित हो उठा,
पोखरन-परीक्षण को निहार,
वैज्ञानिक-दल सफल हुआ जब,
देश में आई खुशी अपार,

शब्दार्थ-अखिल = संपूर्ण; निहार = देखकर।

संदर्भ-पूर्ववत्।

प्रसंग-भारत की वैज्ञानिक प्रगति का वर्णन किया गया है।

व्याख्या-भारत की मिट्टी ही ऐसी है जो हमें त्याग और बलिदान से ओत-प्रोत करती है। हमारा प्यारा तिरंगा हमें गर्व करना सिखाता है। जब हमने पोखरन में परमाणु किया या तब सारा विश्व हैरान रह गया था, सारे वैज्ञानिक सफल हुए थे तथा चारों ओर खुशिया बिखर गई थी।

विशेष-सरल भाषा का प्रयोग है।

3. धरा-गगन, युग-युग से करते,
अमर शहीदों की जयकारा ।
विश्व-विजय तो नहीं चाहता,
अमन-शांति है ध्येय हमारा॥
बाँट न पायेगा हम सबको।
जाति-धर्म-भाषा का बंधन।
विविध भाँति के फल-फूलों से,
हरा-भरा हैं अपना नंदन,

शब्दार्थ-विविध = भिन्न-भिन्न; नंदन = बगीचा।

संदर्भ-पूर्ववत्

प्रसंग-भारत की एकता का वर्णन किया गया है।

व्याख्या-सैकड़ों वर्षों से भारत-भूमि ने हमारे शहीदों को अपनी गोद में सुलाया है। जाति, धर्म तथा भाषा के नाम कोई हमें बांट नहीं सकता। हमारा चमन भिन्न-भिन्न फूलों से सदैव खिलता रहेगा।

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विशेष-सरल भाषा का प्रयोग है।

4. स्वाभिमान का दीप जलाकर,
जनमानस करता उजियारा ।
विश्व-विजय तो नहीं चाहता,
अमन-शांति है ध्येय हमारा।।
आदि-काल से चलता आया,
परिवर्तन अब शुद्ध हुआ है,
विपदाओं की प्रखर-ज्वाल में,
तपकर मानव बुद्ध हुआ है,
विविधा में एका की माला,
गूंथ-गूंथ का रूप संवारा।
विश्व-विजय तो नहीं चाहता,
अमन-शांति है ध्येय हमारा।।

शब्दार्थ-परिवर्तन = बदलाव; युद्ध = पवित्र, स्वच्छ; विपदा = विपत्ति, कष्ट प्रखर = तेज, बुद्ध = ज्ञानी, विद्वान, विविधत = अनेकता; एका = एकता।

संदर्भ-पूर्ववत्

प्रसंग-इसमें भारत के जन की शक्ति को उजागर किया गया है।

व्याख्या-भारत का एक-एक जन स्वाभिमान तथा गर्व से परिपूर्ण है। आदि काल से अब तक न जाने कितने ही प्रकार के वंशों ने अपनी धाक जमानी चाही, अंत में हुआ क्या, भारतीय आखिर मजबूत होकर ही निकला। शोषण की मार खाते-खाते यहाँ का वासी बुद्ध जैसा तटस्थ बन चुका है। आज हम सब एक हैं, यह एक मिसाल ही तो है।

विशेष

  • भारत की एकता को सफलतापूर्वक दिखाया गया है।
  • भाषा का सरल रुप है।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 22 जीत

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 22 जीत

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 22 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
1. इलाज – (क) प्राचार्य
2. स्कूल – (ख) पुरस्कार
3. प्रतियोगिता – (ग) लिपि
4. ब्रेल – (घ) अस्पताल
उत्तर-
1. – (घ)
2. – (क)
3. – (ख)
4. – (ग)

प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. उसके उठे हुए अंको को ………………………. वक एकदम सही समय बता देता है। (पढ़कर/छूकर)
2. कलकत्ते में ………………………. पूजा के दिनों में चहल-पहल रहती है। (दूर्गा/लक्ष्मी)
3. वह आंखों का काम अपने ………………………. से लेता है। (हांथों/पांवों)
4. इस साल शीला ………………………. की परीक्षा दे रही है। (सातवीं/आठवीं)
उत्तर-
1. छूकर,
2. दुर्गा,
3. हाथों,
4. सातवीं।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 22 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए

(क) सोमा के घर छुट्टियाँ बिताने कौन आया था?
उत्तर-
सोमा के घर छुट्टियाँ बिताने उसकी कलकत्ते वाली मौसी और उनकी लड़की मधु आई थी।

(ख) मधु और सोमा घूमने के लिए कहाँ गए थे?
उत्तर-
मधु और सोमा शीला के घर उससे मिलने गए।

(ग) दुर्घटना के बाद शीला ने किस स्कूल में दाखिला लिया?
उत्तर-
दुर्घटना के बाद शीला ने विकलांगों के स्कूल में दाखिला लिया।

(घ) नेत्रहीन छात्र किस लिपि द्वारा पढ़ते हैं?
उत्तर-
नेत्रहीन छात्र ब्रेन लिपि पढ़ते हैं।

(ङ) शीला ने किस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार पाया?
उत्तर-
शीला ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाया था।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 22 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्य में लिखिए
(क) शीला खाली समय में क्या-क्या करती थी?
उत्तर-
कार्डस पर संदर-संदर पेंटिंग बनाती हैं और उन्हें दुकान पर बिकने के लिए दे आती है। हर महीने वह इससे इतना धन कमा लेती है कि उससे उसकी अपनी जरूरतें पूरी हो जाती हैं।

(ख) अनिल ने शीला को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर-
शीला ने कहा- “मम्मी मेरे साथ एक लड़का पढ़ता है अनिल । वह देख नहीं सकता। वह आँखों का काम हाथों से लेता है। वह छू-छू कर ब्रेल लिपि से पढ़ता है। उसके पास एक घड़ी है। उसके उठे हुए अंकों को छूकर वह एकदम सही समय बता देता है। उसे देखकर मुझे लगा कि जब वह हाथों से आंखों का काम ले सकता है, तो फिर मैं अपने पैरों से हाथों का काम क्यों नहीं ले सकती?”

(ग) किस प्रकार शीला की हार जीत में बदल गई?
उत्तर-
पढ़ने के लिए उसे छात्रवृत्ति मिल रही है। अपने मम्मी-पापा के आगे हाथ नहीं पसारती। सच कहूँ तो विकलांगता ने उसे अभी से आत्मनिर्भर बना दिया है। उसकी हार भी जीत में बदल गई है।

(घ) मधु की नज़रों में शीला महान् कैसे बन गई?
उत्तर-
मधु ठगी-सी बैठी सुनती रह गई। उसे लगा अब से कुछ देर पहले जिस लड़की को देखकर उसके मन में उपेक्षा का भाव आया था, वह उससे, कहीं अधिक महान है। मधु की नज़रों में शीला ऊँची, बहुत ऊँची उठ गई थी।

(ङ) ‘भगवान जब किसी से कुछ छीनता है तो उसे कुछ देता भी है’ इस वाक्य का आशय उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
चाची ने उसके आँसू पोंछे। फिर प्यार से समझाते हुए कहा-“देखो शीला, भगवान जब किसी से कुछ छीनता है तो उसे कुछ देता भी है। नहीं तो इंसान का जीना दूभर हो जाए। तुम भी धैर्य रखो। मैं तुम्हारा नाम विकलांग बच्चों के स्कूल में लिखवा देती हूँ। वहाँ । तुम अपनी पढ़ाई पूरी कर सकोगी। हिम्मत हारने से तो कुछ भी हाथ नहीं लगेगा बेटे।”

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भाषा की बात

4. निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध उच्चारण कीजिए
खिलौने, चूड़ियाँ, दुर्घटना, प्राचार्य, विकलांग
उत्तर-
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए-
उत्तर-
आश्र्चय – आशचर् – आश्चर्य
घड़ी – धड़ी – घडी
अपाइज – अपाहिज – अपाहीज

प्रश्न 6.
नीचे कुछ शब्द और उनके विलोम दिए गए हैं। उन्हें छाँटकर अलग कीजिए
ऊँचा, सहज, स्वर्थ, अप्रसन्न, नीचा, असहज, अस्वस्थ, अपेक्षा, उपेक्षा, प्रसन्न
उत्तर-
शब्द – विलोम
ऊंचा – नीचा
सहज – असहज
स्वस्थ – अस्वस्थ
प्रसन्न – अप्रसन्न
अपेक्षा – उपेक्षा

प्रश्न 7.
निम्नलिखित अंग्रेजी शब्दों के हिंदी अर्थ लिखिए
डॉक्टर, स्कूल, पेंटिंग, कोर्स, सीनरी,
उत्तर-
शब्द – हिंदी अर्थ
डॉक्टर – चिकित्सक
स्कूल – विद्यालय
पेंटिंग – तस्वीर (चित्रकला)
कोर्स – पाठ्यक्रम
सीनरी – दृश्य

प्रश्न 8.
नीचे दिए गए अनुच्छेद में क्रिया विशेषण शब्द छाँटकर उनके भेद लिखिए
शिवा उस पहाड़ी के नीचे रहता है। उसका कल जन्मदिन था। उसने सभी मित्रों को पार्टी में बुलाया था। एकाएक उसे याद आया कि उसने प्राची को तो बुलाया ही नहीं! हम सब जल्दी-जल्दी प्राची के घर गए। उसका घर पहाड़ी के ऊपर था। वह शाम को पार्टी में शामिल भी हो गई। सभी ने खूब खाया-पिया। मेरा पेट अक्सर खराब रहता है, इसलिए मैंने थोड़ा-सा खाया।
उत्तर-
क्रिया विशेषण – भेद
1. जल्दी-जल्दी, खाया-पिया एकाएक – रीति वाचक
2. थोड़ा-सा – परिमाण वाचक

जीत पाठ का परिचय

सोमा और शीला गहन मित्र है। वे एक दूसरे के बिना अच्छा महसूस नहीं करती। एक दिन सोमा ने घर पहुँचकर देखा कि उसकी कलकत्ते वाली मौसी और बहन मधु आई हैं तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। मौसी द्वारा सारी चीजें-खिलौने, चौड़िया, माला और फ्राक उसने अलमारी में रख लिए। दो-तीन तक उसने मधु से खूब बातें कीं। जब मधु का घूमने का मन हुआ तो सोमा उसे अपनी मित्र शीला के यहाँ ले गई। मधु ने देखा कि शीला के दोनों हाथ नहीं हैं तो उसने सोमा से कहा कि वह कैसे शीला को अपना साथी बना कर रखती है। तब सोमा ने बताया कि तीन साल पहले शीला ऐसी नहीं थी, वह भी उनकी तरह स्वस्थ और पूर्ण थी। एक बस दुर्घटना में उसके दोनों हाथ जाते रहे। जैसे-तैसे उसके माता-पिता ने स्वयं को उसको संभाला और उसे अपाहिजों के विद्यालय में डाला। अब वह न केवल पढ़ती है बल्कि सुंदर-सुंदर पेंटिग्स बनाती है। सुनकर मधु स्वयं को छोटा समझने लगी। मधु की नज़रों में शीला ऊँची, बहुत ऊँची उठ गई थी।

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जीत संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. उस दिन सोमा ………………………… ताज्जुब करोगी। (पृ. 125)

शब्दार्थ-प्रसन्न = खुश, ताज्जुब = आश्चर्य।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-22 ‘जीत’ से ली गई है। इसके रचयिता शकुन्तला वर्मा हैं।

प्रसंग-इसमें सोमा मधु को लेकर शीला के पास जाती है।

व्याख्या-स्कूल से सोमा जैसे ही घर पहुंची तो उसका खुशी के मारे ठिकाना न रहा। उसकी कलकत्ते वाली मौसी और बहन मधु आई हुई हैं। मौसी सोमा के लिए खिलौने, चूड़ियाँ, माला और फाक लाई हैं। सोमा ने सारा सामान अपने पास रख लिया। वह सोचने लगी कि अब छुट्टियाँ आराम से बीतेंगी। सोमा और मधु तीन-चार साल बाद मिली थीं। दो-तीन दिन कैसे बीते, पता ही नहीं चला। मधु अब बोर हो चुकी, उसने सोमा से घूमने के लिए कहा। सोमा ने मधु से शीला के पास चलने के लिए कहा। सोमा ने बताया कि शीला बहुत सुंदर पेंटिग बनाती है।

विशेष-

  1. भाषा प्रवाहमय है।
  2. मधुर की उत्सुकता को दिखाया गया है।

2. आहट पाकर शीला ………………………… चौपट हो जाएगी। (पृ. 126)

शब्दार्थ-अचकचाना = हैरान होना, झट = तुरंत, चौपट = बर्बाद

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-22 ‘जीत’ से ली गई हैं। इसके रचयिता शकुन्तला वर्मा हैं।

प्रसंग-सोमा ने मधु को शीला से मिलाया।

व्याख्या-शीला ने देखा कि सोमा किसी लड़की को लेकर आई है। वह थोड़ा हिचकिचा गई तथा अपना पेंटिग ब्रश रख दिया। उसने दोनों को बैठने के लिए कहा सोमा ने बताया यह मधु है कलकत्ते वाली बहन। शीला ने मधु से कहा-आपको बड़ा अजीब लग रहा होगा क्योंकि मेरे दोनों हाथ नहीं हैं। मधु नहीं कहते हुए बैठ गई। किंतु वास्तव में वह शीला को देखकर थोड़ा असहज थी। वह उठ खड़ी हुई। रात को मधु ने सोमा से कहा कि यह तुम्हारी कैसी दोस्ती है। न खेलना, न कूदना। बस सारे समय बातें। इस तरह तो तुम्हारी जिंदगी भी चौपट हो जाएगी।

विशेष-

  1. भाषा प्रवाहमय है।
  2. मधु ने सोमा से शीला के संदर्भ में बात की।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 11 योगी श्री अरविंद

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 11 योगी श्री अरविंद

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 11 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. (क)सही जोड़ी बनाइए
1. योग साधना केंद्र = (क) संदेश
2. स्वर्गिक = (ख) आंदोलन
3. स्वदेशी = (ग) नरेश
4. बड़ौदा = (घ) पांडिचेरी
उत्तर
1. (घ), 2. (क), 3. (ख), 4. (ग)

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प्रश्न (ख).
दिए गए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. अरविंद ने बड़ौदा कॉलेज में ……………. के पद पर कार्य किया। (प्रोफेसर/व्याख्याता)
2. योगीराज अरविंद का जन्म …………… में हुआ था। (दिल्ली/कोलकाता
3. श्री कृष्णघन व्यवसाय से …… (डॉक्टर/वैज्ञानिक)
4. बड़ौदा कॉलेज के प्राचार्य ……………. थे। (अरविंद/क्लार्क
उत्तर
1. प्रोफेसर
2. कोलकाता
3. डाक्टर
4. क्लार्क

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 11 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए

(क)
श्री कृष्णघन किस विचारधारा के व्यक्ति थे।
उत्तर
श्री कृष्णघन पश्चिमी विचारधारा के व्यक्ति

(ख)
श्री अरविंद ने किस परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त को?
उत्तर
श्री अरविंद ने आई.सी.एस. परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी।

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(ग)
श्री अरविंद ने अंग्रेजी सेवा से क्यों वंचित रह गए?
उत्तर
श्री अरविंद घुड़सवारी की परीक्षा में अनुपस्थित रहने के कारण अंग्रेजी सेवा से वंचित रह गए।

(घ)
श्री अरविंद की आरम्भिक शिक्षा कहाँ हुई थी?
उत्तर
श्री अरविंद की आरंभिक शिक्षा दार्जिलिंग में हुई थी।

(ङ)
अरविंद द्वारा संपादित पत्रों के नाम लिखिए?
उत्तर
अरविंद द्वारा संपादित पत्रों के नाम ‘युगांतर’ तथा ‘वंदेमातरम्’ थे।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 11 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्यों में लिखिए

(क)
श्री अरविंद को कौन-कौन सी भाषाएँ सीखने का अवसर मिला?
उत्तर
श्री अरविंद अंग्रेजी के अलावा ग्रीक, लैटिन, फ्रेंच भाषाएँ भी जानते थे। भारत वापस आकर इन्होंने बंगला तथा संस्कृत भाषा का भी अध्ययन किया था।

(ख)
प्राचार्य क्लार्क महोदय ने अरविंद की तुलना करते समय क्या कहा?
उत्तर
बड़ौदा कॉलेज के प्राचार्य क्लार्क महोदय ने जोन ऑफ आर्क से अरविंद की तुलना करते हुए कहा था कि यदि जोन ऑफ आर्क को स्वर्गिक संदेश सुनाई पड़ते हैं, तो श्री अरविंद को भी स्वर्गिक स्वप्न दिखाई पड़ते हैं।

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(ग)
श्री अरविंद ने नौकरी क्यों छोड़ दी थी?
उत्तर
श्री अरविंद नौकरी छोड़कर तिलक एवं विपिन चंद्रपाल के साथ मिलकर काम करने लगे। इन्होंने ‘युगांतर’ तथा ‘वंदेमातरम्’ अखबार भी निकाला।

(घ)
श्री अरविंद को योग-साधना करने का समय कब मिला?
उत्तर
1908 में दोबारा अलीपुर बम काण्ड में श्री अरविंद को शामिल माना गया, जिसकी वजह से एक वर्ष का कारावास हुआ। इसी जेल जीवन के दौरान योग-साधना करने का इनको समय मिला तथा योग के साधना पक्ष और सिद्धांत पक्ष दोनों का इन्होंने विधिवत् अध्ययन किया।

(ङ)
श्री अरविंद आश्रम की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर
श्री अरविंद के आश्रम की विशेषताएँ

  • आश्रम प्रकृति की सुरम्य स्थली है, जहाँ जाकर
    मन सहज ही सात्विक विचारों में लग जाता है।
  • आध्यात्मिक विचारों के लिए उपयोगी भूमि
  • आश्रम प्राकृतिक घटाओं से घिरा तथा शांत वातावरण लिए था।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण किजिए
विक्षुब्ध, शैशवावस्था, ख्याति, सात्विक, पुरस्कार, श्रेणी
उत्तर
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 5.
शुद्ध वर्तनी पर गोला लगाइए

  • नीधन, निधन, निघन, निःधन
  • बंचित, बन्चित, वंचित, वंचीत
  • सहधार्मिणी शहधर्मिणी, सह धरमिणी, सह धर्मीणी
  • पांडीचेरी पांडिचेरी, पान्डीचेरी, पांडिचेरी।

उत्तर

  • नीधन, निधन, निघन, निःधन
  • बंचित, बन्चित, बंचित, वंचीत
  • सहधर्मिणी शहधर्मिणी, सह धरमिणी, सह धर्मीणी
  • पांडीचेरी पांडिचेरी, पान्डीचेरी, पांडिचेरी।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए .
व्यवसाय, राष्ट्रीय, परीक्षा, स्वप्न, बंदी

व्यबसाय- मेरे पिताजी लोहे का व्यवसाय करते हैं।
राष्ट्रीय- हमें राष्ट्रीय गान का सम्मान करना चाहिए।
परीक्षा- श्री अरविंद ने आई.सी.एस. की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
स्वप्न- वास्तव में दिन के स्वप्न सच नहीं होते।
बंदी- अंग्रेजों ने कई भारतीयों को बंदी बनाया था।

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प्रश्न 7.
उदाहरण के अनुसार ‘सु’ और ‘कु’ उपसर्ग जोड़कर दिए गए शब्दों से नए शब्द बनाइए
उदाहरण : सु + पुत्र = सुपुत्र कु+पुत्रकुपुत्र पात्र, डौल, योग, पथ, मति, मार्ग, चालक
उत्तर
सुपात्र, सुडौल, सुपथ, कुमति, सुमति, सुमार्ग, कुमार्ग, कुचालक, सुचालक।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्यों में उद्देश्य और विधेय बताइए
(क) श्री कृष्णघन अरविंद के पिता थे।
(ख) अरविंद घुड़सवारी की परीक्षा में अनुपस्थित रहे।
(ग) स्वदेशी आंदोलन कोलकाता में तेज़ होने लगा।
(घ) अरविंद और सुभाष इस धरती के लाल थे।
(ङ) अरविंद आश्रम प्रकृति की सुरम्य स्थली है।
उत्तर
छात्र स्वयं करें

योगी श्री अरविंद पाठ का परिचय

प्रस्तुत पाठ में लेखक ने महान योगी श्री अरविंद का आध्यात्मिक चेतना तथा राष्ट्र के लिए योगदान को स्पष्ट किया है। श्री अरविंद का जन्म 15, अगस्त, 1872 को कोलकाता में हुआ था। इनके पिता पश्चिमी विचारधारा के व्यक्ति थे, इसीलिए इन्होंने श्री अरविंद को मात्र सात वर्ष की आयु में विदेश पढ़ने भेज दिया। 18 वर्ष की आयु में इन्होंने आई.सी.एस. की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्हें कई विदेशी भाषाओं का ज्ञान था। भारत में श्री अरविंद बड़ौदा कॉलेज में प्रोफेसर बने । वे यहाँ 13 वर्ष तक प्राचार्य बने रहे। इसी दौरान वे स्वाधीनता के दिवाने बन गए। इन्होंने अंग्रेजी विरोध में दो अखबार ‘युगांतर’ तथा ‘वंदेमातरम्’ निकाले। 1909 में इन्होंने ‘कर्मयोगी’ और ‘धर्म’ नामक दो साप्ताहिक पत्र निकाले। आंध्र विश्वविद्यालय ने 11 दिसंबर सन् 1948 को राष्ट्रीय पुरुस्कार देकर इनके प्रति श्रद्धा प्रकट की। 5 दिसंबर 1950 को इन्होंने अपनी मर्जी से महासमाधि ले ली।

योगी श्री अरविंद संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. अंग्रेजी संस्कार …. में लगाने लगे।

शब्दर्थ- शरीक = शामिल होना।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम-भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ 11 ‘योगी श्री अरविन्द’ से ली गई हैं। इसके रचयिता आर.जे. मौर्य

प्रसंग-इसमें श्री अरविंद के जेल से योग साधना को प्रकट किया गया है।

व्याख्या-1907 के बमकाण्ड में इन्हें पकड़ा गया किंतु बाद में छोड़ दिया गया। 1908 में इन्हें अलीपुर बमकाण्ड में पकड़ा गया, इन्हें एक वर्ष का कारावास हुआ। जेल में इन्होंने योग के साधना पक्ष और सिद्धांत पक्ष दोनों का अध्ययन किया। 1909 को जेल से आने के बाद उन्होंने अंग्रेजी में ‘कर्मयोगी’ और ‘धर्म’ नामक दो साप्ताहिक पत्र निकाले । अंग्रेजों से छिपकर श्री अरविंदचंद्रनगर चले गए, बाद में पाण्डिचेरी जाकर योग-साधना में लग गए।

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2. पाण्डिचेरी का ……………….. प्रभावित हुए थे।

शब्दार्थ-भूरि-भूरि = बहुत ज्यादा। संदर्भ-पूर्ववत्।

प्रसंग-इसमें श्री अरविंद आश्रम के संदर्भ में चर्चा की गई है।

व्याख्या-श्री अरविंद आश्रम अंतर्राष्ट्रीय योग-साधना केंद्र बन चुका है। इसका प्रबंध श्री अरविंद की शिष्या मीरा किया करती थी। यही वह स्थली है जहाँ उनका मन गहन विचारों में लग जाता है। इनकी पत्नी मृणालिनी देवी इनका हाथ बटाती थी। 1918 में इनकी पत्नी का देहांत हो गया। 1925 में लाला लाजपत राय ने इनकी तारीफ की। 1928 में इनकी मुलाकात रवींद्रनाथ ठाकुर से हुई तथा वे इनकी आध्यात्मिक चेतना से प्रभावित | हुए थे।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 23 मुस्कानः एक औषधि

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 23 मुस्कानः एक औषधि

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
1. व्यक्तित्व – (क) आंतरिक
2. बाह्य – (ख) आकर्षक
3. शूल – (ग) बगीचा
4. बाग – (घ) फूल
उत्तर-
1. (ख)
2. (क)
3. (घ)
4. (ग)

प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. मुस्कराने व हँसने का………..में बहुत अधिक महत्त्व है। (जीवन/प्राण)
2. साइकिल चलाना या तैरना…………जाता है। (पढ़ा/सीखा)
3. हँसने वाला व्यक्ति शारीरिक और…..दृष्टि से स्वस्थ होता है। (मानसिक/आर्थिक)
4. हँसना केवल मनुष्य को ही दिया हुआ ईश्वर का ………….. है। (अभिशाप/वरदान)
उत्तर-
1. जीवन,
2. सीखा,
3. मानसिक
4. वरदान।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए

(क) व्यक्तित्व में चमक कैसे आती है?
उत्तर-
मुस्कान से व्यक्तित्व में चमक आती है।

(ख) हँसमुख व्यक्ति कैसा होता है?
उत्तर-
हँसमुख चेहरे वाले व्यक्ति का असर अनूठा होता है।

(ग) हरबर्ट सैम्युअल का क्या कथन है?
उत्तर-
हरबर्ट सैम्युअल का कहना है-‘यह दुनिया दर्पण की तरह है, आप गुस्सा करेंगे, तो यह आप हर गुस्सा करेगी। आप इस पर मुस्कराएँगे, तो वह आप पर मुस्कराएगी।

(घ) लेखक ने कला की संज्ञा किसको दी है?
उत्तर-
हल्की-फुल्की बातों से मुस्कराहट के साथ दूसरों के मन में खुशी पैदा करना भी एक कला है।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 23 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्य में लिखिए

(क) मुस्कान को किस प्रकार का हथियार बताया गया है?
उत्तर-
मुस्कान एक ऐसा हथियार है जिसका निशाना खाली नहीं जाता। यह सदा सुखद होता है। मुस्कान के साथ आपकी दुनिया सदा रोशन रहती है।

(ख) हँसी का औषधि क्यों कहा गया है?
उत्तर-
जब तक आप अंदर से खुशी महसूस नहीं करते तब तक बाहरी हँसी हँसना मुश्किल होता है। कहा जाता है कि हंसी एक औषधि है। हँसने से दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।

(ग) बच्चों की हँसी किस प्रकार की होती है?
उत्तर-
बच्चों की हँसी निश्छल एवं खिली धूप सी सुहावनी होती है। उनकी किलकारी घर के वातावरण को महका देती है। उनकी हंसी में निर्मलता होती है। मन-मोहक हँसी से खिलखिलाते बच्चों का मुख कितना सुंदर लगता है। बच्चे की हँसी का बहुत असर होता है।

(घ) मोनालिसा की खुशी का राज़ क्या था? वैज्ञानिकों ने इस विषय में क्या तर्क दिए हैं?
उत्तर-
मोनालिसा की खुशी का राज उसकी मुस्कान में था। वैज्ञानिकों की खोज के अनुसार उसकी हँसी 83 प्रतिशत, 9 प्रतिशत दुख और 6 प्रतिशत हिस्सा भय का था। उसमें 2 प्रतिशत आशंका भी थी।

(ङ) हँसी को दौलत और खज़ाने की संज्ञा क्यों दी गई है?
उत्तर-
हँसी एक दौलत है, हँसी एक खजाना है। जिसके पास यह खजाना होता है, उसके पास किसी बात की कमी नहीं होती है। हँसना ही जीतना है। घृणा, द्वेष, वैमनस्य और शत्रुता पर हास्य और प्रेम की विजय होती है। अतः बाग बगीचों में ठहाका लगाकर हँसो और जब भी अवसर मिले जी भरकर हँसते रहो।

भाषा की बात

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध उच्चारण कीजिए
हँसी, व्यक्तित्व, बाह्य, औषधि, प्रकृति, नैसर्गिक, संस्कृति
उत्तर-
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए- आकरषण, हसमुख, परिस्थति, स्वास्थ्य, बैमनस्य, दोलत।
उत्तर-
शब्द शुद्ध वर्तनी शब्द. शुद्ध वर्तनी आकरषण – आकर्षण हसमुख – हँसमुख परिस्थती – परिस्थति स्वास्थ्य – स्वास्थ्य सम्पत्ति – संपत्ति दोलत – दौलत

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग और प्रत्यय छाँटिए
मुस्कराहट, आंतरिक, सुखद, शारीरिक, मानसिक, अक्षय, अनुसार, कोमलता, निर्मला, अतिरिक्त, लोकप्रियता
उत्तर-
उपसर्ग प्रत्यय उपसर्ग प्रत्यय आंतरिक मुस्करा हटसुखद शारीरिक अक्षय मानसिक अनुसार कोमलता संस्थान निर्मलता अतिरिक्त लोकप्रियता

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प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों को वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
व्यक्तित्व, परिधान, औषधि, शूल, फूल, वरदान, नैसर्गिक, निश्छल
उत्तर-
शब्द – वाक्य
व्यक्तित्व -हँसमुख, व्यक्तित्व, जीवन के तनावों से कभी नहीं घबराता।
परिधान -हँसमुख चेहरे और अच्छे परिधान से व्यक्तित्व में आकर्षण उत्पन्न होता है।
औषधि -आयुर्वेदिक औषधि मेरे लिए रामबाण सिद्ध हुई।
शूल -जिंदगी एक शूल भी है।
फूल -बिना फूलों के बाग की कल्पना नहीं की जा सकती।
वरदान -विज्ञान की देन मनुष्य के लिए वरदान से कम नहीं।
नैसर्गिक – नैसर्गिक हंसी स्वास्थ के लिए लाभदायक होती है।
निश्छल – बच्चों की किलकारी में निश्छलता होती है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में उपयुक्त विराम चिह्नों का यथास्थान प्रयोग कीजिए-
डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे पंडित जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधान मंथी थे जो महान होते हैं वे अपने माता पिता का सदैव सम्मान करते हैं उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना कूट कूट कर भरी रहती है।
उत्तर-
डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्वंतत्र भारत के प्रथम प्रधान मंत्री थे। जो महान होते हैं वे अपने माता पिता का सदैव सम्मान करते हैं। उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना कूट कूट कर भरी रहती है।

मुस्कानः एक औषधि पाठ का परिचय

मुस्कान से व्यक्ति किसी को भी आकर्षित कर सकता है। मुस्कराने से व्यक्ति में चमक आती है। इससे आत्म-विश्वास बढ़ता है। बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक सुंदरता पर भी ध्यान देना चाहिए। मुस्कान से दुनिया हमेशा रोशन रहती है। आपके व्यक्तित्व में सुंदर कपड़ों से अधिक महत्त्व मुस्कान का होता है। यदि आप हँसते हुए उत्तर देते हैं तो उसका प्रभाव अधिक पड़ता है। हँसमुख व्यक्ति के सबसे रिश्ते अच्छे होते हैं। मुस्कराना भी सीखा जा सकता है। जब तक आप अंदर से खुशी अनुभव नहीं करते तब तक बाहरी हँसी हँसना मुश्किल होता है। हँसी एक औषधि है। कुछ लो गंभीर रहते हैं। ऐसे लोग ढलती उम्र के लगने लगते है। हँसने वाला व्यक्ति शरीरिक और मानसिक दृष्टि से स्वस्थ होता है। हँसने से खून की गति बढ़ जाती है। पशु-पक्षियों को हँसने का वरदान प्राप्त नहीं होता और इंसान इसका लाभ नहीं उठाता। हरबर्ट सैम्युअल के अनुसार-दुनिया दर्पण की तरह है, आप हँसेगे तो दुनिया आपके साथ हँसेगी । हँसकर बाल टालना भी एक कला है। घृणा, द्वेष, वैमनस्य और शत्रुता पर हास्य और प्रेम की विजय होती है।

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मुस्कानः एक औषधि संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1. आप अच्छे से अच्छे ……………………….. दिन होता है। (पृ. 132-133)

शब्दार्थ-रौनक = चमक, आभा = तेज, असर = प्रभाव, उल्लासमय = खुशीभरा, कृत्रिम = नकली, स्फूर्त = चुस्त,

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-23 ‘मुस्कान एक औषधि’ से ली गई हैं। इसके रचयिता डॉ. भीमराव शास्त्री हैं।

प्रसंग-इसमें गंभीर व्यक्तियों के बारे में बताया गया है। . व्याख्या-लेखक के अनुसार यदि हम अच्छे और मंहगें कपड़े पहन लें और मुस्कराए नहीं तो जीवन नीरस हो जाता है इसलिए हमें हँसते रहना चाहिए। हंसमुख व्यक्ति के अपने घर-परिवार के समाज के लोगों के साथ आपनी संबंध अच्छे होते हैं। जिस तरह बाकि कलाएँ सीखीं जा सकती हैं उसी तरह हँसना भी सीखा जा सकता है। यह देह एक रत्न है, उसे हँस-मुस्कराकर चमकाकर रखें। जो गंभीर रहते हैं इनका चेहरा कृत्रिम-सा लगता है। इससे व्यक्ति बूढ़ा लगने लगता है। हँसने वाला व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दृष्टि से स्वस्थ होता है।

विशेष-

  • भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  • हंसी के महत्त्व को दर्शाया गया है।

2. जीवन में हँसी ………………………..कर हँसते रहों। (पृ. 134)

शब्दार्थ-परिवेश = माहौल, आशंका = संदेह, सहजता = आसानी।

संदर्भ-पूर्ववत प्रसंग : इसमें हँसी का महत्त्व बताया गया है।

व्याख्या: हँसी जैसी संपत्ति, हँसी जैसी दौलत जिसके पास है, उसके पास किसी बात की कटौती नहीं होती है। मुस्कराने से आत्मविश्वास बढ़ता है। हँसने से व्यक्तित्व की सुंदरता बढ़ जाती है। हँसने से उदासी कौसों दूर चली जाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार उसकी हंसी में 83 प्रतिशत खुशी, 9 प्रतिशत दुख और 6 प्रतिशत हिस्सा भय का था। उसमें 2 प्रतिशत आशंका भी थी। हँसी से सारे दिन का बोझ हल्का लगने लगता है। इससे उदासी का साया हट जाता है और कार्य में आसानी उत्पन्न हो जाती है। ठहाका लगाने से तनाव दूर हो जाते हैं। मुस्कराने से घृणा, द्वेष, वैमस्य और शत्रुता पर हास्य और प्रेम की विजय होती है।

विशेष-

  • भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  • हंसी के महत्त्व को दर्शाया गया है।

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MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 24 अपनी राहें आप बचाओ

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 24 अपनी राहें आप बचाओ

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 24 प्रश्न-अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
(क) सही जोड़ी बनाइए
1. उन्नति में – (क) गान करो मल
2. अपना गौरव – (ख) आप बनाओ
3. पढ़ने में भी – (ग) अभिमान करो मत
4. अपनी राहें – (घ) चित्त लगाओ
उत्तर-
1. (ग)
2. (क)
3. (घ)
4. (ख)

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प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानो की पूर्ति कीजिए
1. दो क्षण………….ठीक नहीं है। (रूकना/चलना)
2. हंसते-हंसते…………..सीखो। (मरना/जीना)
3. संभल-संभल………….धरना सीखो। (कर/पग)
उत्तर-
1. रूकना,
2. मरना,
3. पग।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 24 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए-

(क) कवि के अनुसार हमें किसमें चित्त लगाना चाहिए?
उत्तर-
कवि के अनुसार हमें पढ़ाई में भी चित्त लगाना चाहिए।

(ख) उन्नति होने पर मन में कौन-सा भाव नहीं आना चाहिए?
उत्तर-
उन्नति होने पर मन में अभियान नहीं आना चाहिए।

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(ग) कवि ने हमें किस स्थिति में झुकने की सीख दी है?
उत्तर-
कवि ने हमें विपत्तियों के समय नहीं झुकने की सीख दी है।

(घ) कविता में हमें कहाँ रुकने की सलाह दी गई है?
उत्तर-
बिना ध्येय के पथ पर दो क्षण भी रुकना ठीक नहीं है।

MP Board Class 7th Hindi Sugam Bharti Chapter 24 लघु उत्तरीय प्रश्न

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्य में लिखिए-

(क) कविता में हमें कहाँ-कहाँ संभलकर पग रखने की समझाइश दी गई है?
उत्तर-
कवि ने बच्चों को समझाया है कि जीवन के रास्ते पर अनेक कठनाइयाँ तथा परेशानियाँ उत्पन्न होंगी, और कभी तुम्हें कई तरह के लालच मिलेंगे। परंतु तुम संभलना और ध्यानपूर्वक इनमें से ठीक रास्ते का चुनाव करना अर्थात अपने पग ध्यान से रखना।

(ख) कवि ने अपना गौरव गान न करने के लिए क्यों कहा है?
उत्तर-
कवि ने बच्चों से विशेषत्या कहा है कि अपने जीवन में चाहे जितनी भी उन्नति करो परंतु अपनी तारीक अपने मुँह से कभी नहीं करना, इससे अभियान उत्पन्न होने का खतरा रहता है।

(ग) “अपनी राहें आप बनाओ” का क्या तातर्प्य है?
उत्तर-
“अपनी राहें आप बनाओ” से कवि का तात्पर्य यह है कि बच्चों को अपने जीवन का लक्ष्य स्वयं निर्धारित करना चाहिए अर्थात हमें दूसरों की होड नहीं करनी चाहिए क्योंकि सभी लोगों की परिस्थितियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं।।

(घ) पाप कर्म करने से हमें क्यों डरना चाहिए?
उत्तर-
कवि ने कहा है कि जीवन का लक्ष्य पूर्ण करने के लिए हमें सत्कर्मे और सच्चे रास्ते को अपनाना चाहिए। इसके विपरीत यदि हम पाप कर्म को अपनाते हैं तो जीवन अवश्य भ्रष्ट हो जाता है। इसलिए हमें बुराइयों और गलत कार्यों से डरना चाहिए।

भाषा की बात

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का सही-सही उच्चारण कीजिए
चित्त, विपत्तियाँ, नम्र, ध्येय, रक्षा
उत्तर-
छात्र स्वयं करें।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिएसंभल-संभल, कांटो, पदचिन्ह, रक्छा
उत्तर-
शब्द – शुद्ध वर्तनी
संभल-संभल – सँभल-सँभल
पदचिन्ह – पद चिह्न
कांटो – काँटों
रक्क्षा – रक्षा

प्रश्न 6.
पथ के कांटो पर फूलों पर, सँभल-सँभल पग धरना सीखो।
ऊपर दी गई पंक्ति में ‘फूल’ के विपरीत अर्थ में ‘कांटों’ शब्द का प्रयोग किया गया है। इसी तरह निम्नलिखित शब्दों के विपरीत अर्थ लिखिए-
आदर, उन्नति, नम्र, पाप, अधिकार
उत्तर-
शब्द विपरीत
आदर – निरादर
पाप – पुन्य
उन्नति – अवनति
अधिकार – अनाधिकार
नम्र – उग्र

प्रश्न 7.
निम्नलिखित बहुवचन शब्दों के एकवचन रूप लिखिए
राहें, कांटों, पापों, पाप, अधिकार
उत्तर-
शब्द एकवचन
राहें – राह
पापों – पाप
काँटों – काँटा
विपत्तियों – विपत्ती
अधिकारों – अधिकार

प्रश्न 8.
पर + उपकार दोनों शब्दों के अ और उ मिलाने पर अ + उ = ओ का विकार होता है और इनके मिलने से ‘परोपकार’ शब्द बनता है। इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों की संधि कीजिए-
उत्तर-
वीर + उचित = वीरोचित
चंद + उदय = चंद्रोदय
मानव + उचित = मानवोचित
महा + उत्सव = महोत्सव
सूर्य + उदय = सूर्योदय

अपनी राहें आप बचाओ पाठ का परिचय

प्रस्तुत कविता में कवि बच्चों को प्रगतिशील रहने के संदर्भ में वर्णन करते हुए कहते हैं-खेलने-कूदने के साथ पढ़ना-लिखना भी जरूरी है। किसी की नकल न करके, स्वयं अपनी मंजिल बनानी चाहिए। रास्ते में अनेक कठनाइयाँ आएंगी किंतु तुम ध्यान से चलना। तुम कभी भी अपनी कामयाबी पर घमण्ड मत करना। हमेशा दूसरों से प्यार से बोलना चाहिए। कभी भी अपनी तारीक अपने मुँह से नहीं करना चाहिए। तुम सर्वदा भलाई के काम करो। पाप से हमेशा दूर रहो। परेशानियाँ तो जिंदगी में आती ही हैं, लेकिन तुम उनसे कभी मत घबराना नहीं। अपनी आन के लिए सब कुछ करना सीखो।

अपनी राहें आप बचाओ संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

1.

सबका आदर करना सीखो।
खेलो-कूदो खूब किंतु कुछ
पढ़ने में भी चित्त लगाओ।
मत खोजो पद चिह्न किसी के
अपनी राहें आप बनाओ।
पथ के काँटों पर, फूलों पर
संभल-संभल पग धरना सीखो।

शब्दार्थ-चित्त = मन।

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘सुगम भारती’ (हिंदी सामान्य) भाग-7 के पाठ-24 ‘अपनी राहें आप बनाओ’ से ली गई है। इसके रचयिता दुष्यंत कुमार हैं।

प्रसंग-इसमें बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए कहा गया है।

व्याख्या-कवि बच्चों को समझाते हुए कहते हैं कि तुम्हें सभी लोगों का आदर करना चाहिए। खेलना-कूदना बहुत अच्छी बात है परंतु पढ़ाई में भी उतना ही मन लगाना चाहिए। किसी भी सफलता के कारणों के पीछे मत भागो बल्कि अपनी पहचान स्वयं बनाओ। जीवन में बुराइयों और अच्छाइयों दोनों का सामना करना पड़ता है। तुम्हे हमेशा अच्छाई के रास्ते को चुनना चाहिए।

विशेष-

  • भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  • कवि ने बच्चों को सरलता से समझाया है।

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2.

कभी भूलकर भी तो अपनी
उन्नति में अभियान करो मत।
नम्र बनो अपने ही मुँह से
अपना गौरव गान करो मत।
परोपकार के कार्य मत
पर पापों से डरना को।

शब्दार्थ-अभियान = घमण्ड, गौरव = बड़प्पन, महत्त्व।।

संदर्भ-पूर्ववत्।

प्रसंग : इसमें बच्चों को घमण्डी न बनने का संदेश दिया गया है।

व्याख्या : कवि ने आगे बच्चों से कहा है कि मन लगा कर जीवन में जो कुछ भी तुम हासिल करते हो, उस पर कभी घमण्ड मत करो। सबके साथ विन्रम बनो परंतु अपने मुँह से कभी अपनी तारीफ मत करो। जीवन में पापों और बुरे कामों से दूर रहकर सर्वदा भलाई के काम करो।

विशेष-

  • भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  • कवि ने बच्चों से भलाई के कार्य करने पर बल दिया है।

3.

बिना ध्येय के पथ पर अपने
दो क्षण रुकना ठीक नहीं है।
विपत्तियाँ आती हैं लेकिन
उनमें झुकना ठीक नहीं है।
निज अधिकारों की रक्षा में
हँसते-हँसते मरना सीखो।

शब्दार्थ-ध्येय = लक्ष्य, उद्देश्य, परोपकार = दूसरों की भलाई।

संदर्भ-पूर्ववत् प्रसंग-इसमें बच्चों को आगे रहने पर बल दिया गया है।

व्याख्या-कवि ने बच्चे को समझाते हुए कहा है कि – जिस रास्ते पर कोई उद्देश्य न हो, उस और अपना समय नहीं गंवाना चाहिए। जिंदगी में कठनाइयाँ और परेशानियाँ तो आती ही रहती है किंतु कभी उनसे घबराना नहीं चाहिए और ना ही किसी कमजोरी के आगे झुकना चाहिए। अपने अधिकारों और कर्तव्यों के लिए सदैव अग्रसर रहना चाहिए।

विशेष-

  • भाषा सरल एवं प्रवाहमय है।
  • कठनाइयों के आगे नहीं झुकने पर बल दिया गया है।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2

Question 1.
Which of the following figures have rotational symmetry of order more than 1 :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 1
Solution:
(a) The given figure has its rotational symmetry of order 4.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 2

(b) The given figure has its rotational symmetry of order 3.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 3

(c) The given figure has its rotational symmetry of order 1.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 4

(d) The given figure has its rotational symmetry of order 2.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 5

(e) The given figure has its rotational symmetry of order 3.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 6

(f) The given figure has its rotational symmetry of order 4.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 7
Hence, figures (a), (b), (d), (e) and (f) have rotational symmetry of order more than 1.

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Question 2.
Give the order of rotational symmetry for each figure:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 8
Solution:
(a) The given figure has rotational symmetry of order 1.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 9

(b) The given figure has rotational symmetry of order 2.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 10

(c) The given figure has rotational symmetry of order 3.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 11

(d) The given figure has rotational symmetry of order 4.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 12

(e) The given figure has rotational symmetry of order 4.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 13

(f) The given figure has rotational symmetry of order 5.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 14

(g) The given figure has rotational symmetry of order 6.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 15

(h) The given figure has rotational symmetry of order 3.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 Symmetry Ex 14.2 16

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1

प्रश्न 1.
पाठ्य-पुस्तक में दी गई छेद की हुई आकृतियों की प्रतिलिपियाँ बनाकर (खींचकर) उनमें से प्रत्येक की सममित रेखाएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
सममित रेखाएँ बिन्दुकित रेखाओं से निरूपित हैं।

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 1
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प्रश्न 2.
पाठ्य-पुस्तक में दी गई आकृतियों में सममित रेखा (रेखाएँ) दी हुई हैं। अन्य छेद ज्ञात कीजिए।
हल:
निम्नांकित आकृतियों में अन्य छेद दर्शाए गए हैं :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 4

प्रश्न 3.
पाठ्य-पुस्तक में दी हुई आकृतियों में दर्पण रेखा (अर्थात् सममित रेखा) बिन्दुकित रेखा के रूप में दी गई है। बिन्दुकित (दर्पण) रेखा में प्रत्येक आकृति का परावर्तन करके, प्रत्येक आकृति को पूरा कीजिए। (आप बिन्दुकित रेखा के अनुदिश एक दर्पण रख सकते हैं और फिर प्रतिबिम्ब (image) के लिए दर्पण में देख सकते हैं)। क्या आपको पूरी की गई आकृति का नाम याद है ?
हल:
प्रत्येक आकृति की पूर्ण आकृति (परावर्तित आकृति) दर्शाई गई है:
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प्रश्न 4.
पाठ्य-पुस्तक में दी हुई आकृतियों में से प्रत्येक में विविध सममित रेखाओं (यदि हों तो) की पहचान कीजिए।
हल:
निम्नांकित आकृतियों में विविध सममित रेखाएँ दर्शाई गई हैं:
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प्रश्न 5.
पाठ्य-पुस्तक में दी हुई आकृति की प्रतिलिपि बनाइए। किसी एक विकर्ण की सममित रेखा लीजिए तथा कुछ और वर्गों को इस तरह छायांकित कीजिए कि यह आकृति इस विकर्ण के अनुदिश सममित हो जाए। क्या ऐसा करने की एक से अधिक विधियाँ हैं ? क्या यह आकृति दोनों विकर्णों के अनुदिश सममित होगी?
हल:

  1. आकृति विकर्ण AC के अनुदिश सममित है।
  2. चूँकि आकृति EF और GH के अनुदिश सममित हैं। अत: यह एक से अधिक रेखा के अनुदिश सममित है।
  3. यह आकृति विकर्ण BD के भी अनुदिश सममित है।
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प्रश्न 6.
पाठ्य-पुस्तक में दिये हुए आरेखों की प्रतिलिपियाँ बनाइए तथा प्रत्येक आकार को इस तरह पूरा कीजिए ताकि वह आकार दर्पण रेखा (या रेखाओं) के अनुदिश सममित हो।
हल:
आरेखों की दर्पण रेखा के अनुदिश सममिति निम्न प्रकार है:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 9

प्रश्न 7.
निम्नलिखित आकृतियों के लिए सममित रेखाओं की संख्याएँ बताइए:

(a) एक समबाहु त्रिभुज
(b) एक समद्विबाहु त्रिभुज
(c) एक विषमबाहु त्रिभुज
(d) एक वर्ग
(e) एक आयत
(f) एक समचतुर्भुज
(g) एक समान्तर चतुर्भुज
(h) एक चतुर्भुज
(i) एक समषट्भुज
(j) एक वृत्त

हल:

(a) एक समबाहु त्रिभुज – 3 सममित रेखाएँ
(b) एक समद्विबाहु त्रिभुज – 1 सममित रेखा
(c) एक विषमबाहु त्रिभुज – 0 (शून्य) समपित रेखा
(d) एक वर्ग – 4 सममित रेखाएँ
(e) एक आयत – 2 सममित रेखाएँ
(f) एक समचतुर्भुज – 2 सममित रेखाएँ
(g) एक समान्तर चतुर्भुज – 0 (शून्य) सममित रेखा
(h) एक चतुर्भुज – 0 (शून्य) सममित रेखा
(i) एक समषट्भुज – 6 सममित रेखाएँ
(j) एक वृत्त – असीमित सममित रेखाएँ

प्रश्न 8.
अंग्रेजी वर्णमाला के किन अक्षरों में निम्नलिखित के अनुदिश परावर्तन सममिति (दर्पण परावर्तन से सम्बन्धित सममिति) है :
(a) एक ऊर्ध्वाधर दर्पण
(b) एक क्षैतिज दर्पण
(c) ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज दर्पण दोनों।
हल:
(a) एक ऊर्ध्वाधर दर्पण में निम्न अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों में परावर्तन सममिति है :
A, H, I, M, O, T, U, V, W,X और Y.

(b) क्षैतिज दर्पण के अनुदिश अंग्रेजी अक्षर, जिनमें परावर्तन सममिति है:
B,C, D, E, H, I,O और X.

(c) अंग्रेजी अक्षर, जिनमें ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज दर्पणों के अनुदिश परावर्तन्द सममिति है :
H, I, O और X.

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प्रश्न 9.
ऐसे आकारों के तीन उदाहरण दीजिए, जिनमें कोई सममित रेखा न हो।
उत्तर:
ऐसे आकार जिनमें सममित रेखा नहीं है :

  1. एक विषमबाहु त्रिभुज
  2. एक अनियमित चतुर्भुज
  3. अक्षर F.

प्रश्न 10.
आप निम्नलिखित आकृतियों की सममित रेखा के लिए अन्य क्या नाम दे सकते हैं ?
(a) एक समद्विबाहु त्रिभुज
(b) एक वृत्त।
उत्तर:

(a) माध्यिका
(b) वृत्त का व्यास।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 288 प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
(a) क्या अब आप एक समबाहु त्रिभुज के लिए, घूर्णन सममिति के क्रम को बता सकते हैं (संलग्न आकृति) ?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 10
(b) जब उपरोक्त त्रिभुज को उसके केन्द्र के परितः (चारों ओर) 120° के कोण पर घुमाया जाता है, तो कितनी स्थितियों में त्रिभुज (स्थिति के अनुसार) पहले जैसा ही लगता है ?
हल:
(a) ∵ ऐसी तीन स्थितियाँ हैं जहाँ कि त्रिभुज एक जैसे दिखाई देंगे। अतः इसमें क्रम 3 की घूर्णन स्थितियाँ हैं। (120°,240°,360°)
(b) यहाँ केवल एक स्थिति होगी, जबकि त्रिभुज ठीक पहले जैसी स्थिति में दिखाई देगा, जबकि इसे केन्द्र के परितः 120° पर घुमाया जाएगा।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-से आकारों (संलग्न आकृति) में अंकित बिन्दुओं के परितः (चारों ओर) घूर्णन सममिति है।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 11
हल:
क्योंकि हम जानते हैं कि जब कोई आकृति एक कोण के द्वारा एक बिन्दु पर घूर्णन करती है और पहले जैसी दिखाई देती है, तो उसे घूर्णन सममिति कहते हैं। इस प्रकार, आकृति (i), (ii) व (iv) में घूर्णन सममिति है।

इन्हें कीजिए

दो एक जैसे (सर्वांगसम चतुर्भुज खींचिए, एक समान्तर चतुर्भुज ABCD एक कागज पर तथा दूसरा समान्तर चतुर्भुज A’B’C’D’ एक पारदर्शक शीट (Transparent sheet) पर। उनके विकर्णों के प्रतिच्छेद बिन्दुओं को क्रमशः 0 और 0′ से अंकित (या व्यक्त) कीजिए। समान्तर चतुर्भुजों को इस प्रकार रखिए कि A’ शीर्ष A पर रहे, B’ शीर्ष B पर रहे, इत्यादि।

इन आकारों में, अब बिन्दु O पर एक पिन लगाइए। अब पारदर्शक शीट को दक्षिणावर्त दिशा में घुमाइए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 12

प्रश्न (i) एक पूरे चक्कर में पारदर्शकशीट पर बना आकार कागज पर बने आकार से कितनी बार संपाती होता है।
(ii) इसमें घूर्णन सममिति का क्या क्रम है ?
हल:
(i) जब हम पारदर्शक शीट को दक्षिणावर्त दिशा में घुमाते हैं, तो दो स्थितियाँ प्राप्त होती हैं। पहली स्थिति में जब शीर्ष A’ शीर्ष A पर होता है और दूसरी स्थिति में शीर्ष A’ शीर्ष C पर होता है। इससे स्पष्ट होता है कि पूरा चक्कर घुमाने (360°) पर समान्तर चतुर्भुज की दो स्थितियाँ हैं, जहाँ यह एक जैसा दिखाई देगा।
(ii) इसमें क्रम 2 की घूर्णन सममिति होगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 289

प्रयास कीजिए

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प्रश्न 1.
दी हुई आकृतियों के लिए x से अंकित बिन्दु के परितः घूर्णन सममिति का क्रम बताइए (संलग्न आकृति)।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 14 सममिति Ex 14.1 image 13
हल:
जब आकृति (i) को अंकित बिन्दु के परितः घुमाया जाता है, तो यह आकृति चार स्थितियों (90°, 180°,270° और 360°) में मूल आकृति जैसी दिखती है। अतः आकृति (i) में क्रम 4 की घूर्णन सममिति होगी।

जब आकृति (ii) को अंकित बिन्दु के परितः घुमाया जाता है, तो यह आकृति तीन स्थितियों (120°, 240° और 360°) में | मूल आकृति जैसी दिखती है। अतः आकृति (ii) में क्रम 3 की घूर्णन सममिति होगी।

जब आकृति (iii) को अंकित बिन्दु के परितः घुमाया जाता है, तो यह आकृति दो स्थितियों (180° और 360°) में मूल आकृति जैसी दिखती है। अतः आकृति (iii) में क्रम 2 की घूर्णन सममिति होगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 290

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 13 घातांक और घात Ex 13.3

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 13 घातांक और घात Ex 13.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं को प्रसारित रूप में लिखिए :
279404, 3006194, 2806196, 120719, 20068
हल:
(i) 279404
= 2 × 100000 + 7 × 10000 + 9 × 1000
+ 4 × 100 + 0 × 10 + 4 × 1
= 2 × 105 + 7 × 104 + 9 × 103 + 4 × 102
+ 0 × 101 + 4 × 100

(ii) 3006194
= 3 × 1000000 + 0 × 100000 + 0 × 10000
+ 6 × 1000 + 1 × 100 + 9 × 10 + 4 × 1
= 3 × 106 + 0 × 105 + 0 × 104 + 6 × 103
+ 1 × 102 + 9 × 101 + 4 × 100

(ii) 2806196
= 2 × 1000000 + 8 × 100000 + 0 × 10000
+ 6 × 1000 + 1 × 100 + 9 × 10 + 6 × 1
= 2 × 106 + 8 × 105 + 0 × 104 + 6 × 103
+ 1 × 102 + 9 × 101 + 6 × 100

(iv) 120719
= 1 × 100000 + 2 × 10000 + 0 × 1000
+ 7 × 100 + 1 × 10 + 9 × 1
= 1 × 105 + 2 × 104 + 0 × 103 + 7 × 102
+ 1 × 101 + 9 × 100

(v) 20068
= 2 × 10000 + 0 × 1000 + 0 × 100
+ 6 × 10 + 8 × 1 = 2 × 104 + 0 × 103 + 0 × 102
+ 6 × 101 + 8 × 100

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रसारित रूपों में से प्रत्येक के लिए संख्या ज्ञात कीजिए:
(a) 8 × 104 + 6 × 103 + 0 × 102 + 4 × 101 + 5 × 100
(b) 4 × 105 + 5 × 103 + 3 × 102 + 2 × 100
(c) 3 × 104 + 7 × 102 + 5 × 100
(d) 9 × 105 + 2 × 102 + 3 × 101
हल:
(a) 8 × 104 + 6 × 103 + 0 × 102 + 4 × 101 + 5 × 100
= 8 × 10000 + 6 × 1000 + 0 × 100 +4 × 10 + 5 × 1
= 80000 + 6000 + 0 + 40 + 5
= 86045

(b) 4 × 105 + 5 × 103 + 3 × 102 + 2 × 100
= 4 × 100000 + 5 × 1000 + 3 × 100 + 2 × 1
= 400000 + 5000 + 300 + 2
= 405302

(c) 3 × 104 + 7 × 102 + 5 × 100
= 3 × 10000 + 7 × 100 + 5 × 1
= 30000 + 700 + 5
= 30705

(d) 9 × 105 + 2 × 102 + 3 × 101
= 9 × 100000 + 2 × 100 + 3 × 10
= 900000 + 200 + 30
= 900230

प्रश्न 3.
निम्नलिखित संख्याओं को मानक रूप में व्यक्त कीजिए:
(i) 5,00,00,000
(ii) 70,00,000
(iii) 3,18,65,00,000
(iv) 3,90,878
(v) 39087.8
(vi) 3908.78
हल:
(i) 5,00,00,000 = 5 × 10000000
= 5 × 107

(ii) 70,00,000 = 7 × 1000000
= 7 × 106

(iii) 3,18,65,00,000 = 3.186500000 × 109
= 3.1865 × 109

(iv) 3,90,878 = 3.90878 × 105

(v) 39087.8 = 3.90878 × 104

(vi) 3908.78 = 3.90878 × 103

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित कथनों में प्रकट होने वाली (आने वाली) संख्याओं को मानक रूप में व्यक्त कीजिए:
(a) पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच की दूरी 3,84,000,000 m है।
(b) निर्वात स्थान में प्रकाश की चाल (या वेग) 3,00,000,000 m/sec है।
(c) पृथ्वी का व्यास 1,27,56,000 m है।
(d) सूर्य का व्यास 1,400,000,000 m है।
(e) एक आकाशगंगा में औसतन 100,000,000,000 तारे हैं।
(f) विश्व मण्डल (या सौर मण्डल) 12,000,000,000 वर्ष पुराना है।
(g) आकाशगंगा के मध्य से सूर्य की दूरी 300,000,000,000,000,000,000 m आंकलित की गई है।
(h) 1.8 g भार वाली पानी की एक बूंद में 60,230,000,000,000,000,000,000 अणु (molecules) होते हैं।
(i) पृथ्वी में 1,353,000,000 km3 समुद्र जल है।
(j) मार्च 2001 में भारत की जनसंख्या 1,027,000,000 थी।
हल:
(a) पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच की दूरी
= 3,84,000,000 m
= 3.84000,000 × 108 = 3.84 m × 108 m

(b) निर्वात स्थान में प्रकाश की चाल
= 3.00,000,000 m/sec = 3 × 108 m/sec

(c) पृथ्वी का व्यास = 12756000 m
= 1.2756000 × 107 m = 1.2756 × 107 m

(d) सूर्य का व्यास = 1,400,000,000m
= 1.400,000,000 × 109 m
= 1.4 × 109 m

(e) एक आकाशगंगा में औसतन तारे
= 1,00.000.000,000 = 1 × 1011

(f) विश्वमण्डल पुराना है = 12,000,000,000
= 1.2 × 1010 वर्ष

(g) आकाश गंगा से सूर्य की दूरी
= 300,000,000,000,000,000,000 m
= 3 × 1020 m

(h) 1.8g भार वाली पानी की बँद में अण
= 60,230,000,000,000,000,000,000
= 6.023 × 1022

(i) पृथ्वी में समुद्र जल
= 1,353,000,000 km3
= 1.353 × 109 km3

(j) मार्च 2001 में भारत की जनसंख्या
= 1,027,000,000 = 1.027 × 109

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