MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 26 स्थानीय मानचित्र का अध्ययन

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 26 स्थानीय मानचित्र का अध्ययन

MP Board Class 8th Social Science Chapter 26 अभ्यास प्रश्न

MP Board Class 8th Social Science Chapter 26 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
(1) धरातल की तीन प्रमुख स्थलाकृतियाँ कौन-सी हैं ?
उत्तर:
ऊँचाई के आधार पर धरातल की तीन प्रमुख स्थलाकृतियों को मैदान, पठार और पहाड़ नाम दिये हैं।’

(2) मानचित्र पर स्थलाकृतियों को दर्शाने के कौन-से दो माध्यम हैं ?
उत्तर:
चूँकि मानचित्र समतल पटल पर बनाया जाता है इसलिए ऊँचाई-नीचाई को दिखाना कठिन होता है। इस कठिनाई को दूर करने के लिए मानचित्र में स्थलाकृतियों को दिखाने के लिए ‘समोच्च रेखाओं’ और विभिन्न रंगों का प्रयोग किया जाता

(3) समोच्च रेखा किसे कहते हैं ?
उत्तर:
धरातल की बनावट और ढाल सम्बन्धी छोटी-छोटी बातों को भी पूरी शुद्धता से मानचित्र पर प्रदर्शित करने वाले माध्यम या विधि को समोच्च रेखाएँ कहा जाता है। ये वे रेखाएँ हैं, जो समुद्र तल से एकसमान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाती हुई मानचित्र में खींची जाती हैं।

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(4) मानचित्र में मैदान, पठार और पर्वत किन-किन रंगों से दर्शाए जाते हैं ?
उत्तर:
इन बड़ी स्थल आकृतियों को पहली नजर में ही समझ लेने के लिए मानचित्र में हरा रंग मैदान के लिए, पीला रंग अथवा भूरा रंग पठारों के लिए व कत्थई रंग पर्वतों या ऊँची . चोटियों के लिए प्रयोग किया जाता है।

(5) हल्का नीला और गहरा नीला रंग क्या दर्शाता है ?
उत्तर:
मानचित्र में समुद्र नीले रंग से प्रदर्शित किया जाता है। कम गहरे समुद्र को हल्के नीले रंग से दिखाया जाता है व समुद्र की गहराई जैसे-जैसे बढ़ती जाती है रंग का नीलापन वैसे-वैसे गहरा होता जाता है।

(6) शंक्वाकार पहाड़ी और पठार को समोच्च रेखाओं द्वारा दर्शाइए।
उत्तर:
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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 26 स्थानीय मानचित्र का अध्ययन img 2

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 6 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 95-96

प्रश्न 1.
निम्न संख्याओं और उनके वर्गों के बारे में विचार कीजिए –
क्या आप इसे पूरा कर सकते हैं?
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions img-1
उपर्युक्त सारणी से क्या आप 1 से 100 के बीच की वर्ग संख्याओं को लिख सकते हैं? क्या 100 तक कोई प्राकृत वर्ग संख्या छूट गई है?
हल:
सारणी को पूरा करना –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions img-2
1 से 100 के बीच वर्ग संख्याएँ 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64 और 81 हैं।
हाँ, 100 तक दो प्राकृत वर्ग संख्याएँ छूट गई हैं। ये प्राकृत वर्ग संख्याएँ 1 और 100 हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 96

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.1)

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प्रश्न 1.
दी गई संख्याओं के बीच की पूर्ण वर्ग संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

  1. 30 और 40
  2. 50 और 60

हल:
1. ∴ 5 x 5 = 25; 6 x 6 = 36; 7×7 = 49.
∴ 30 और 40 के बीच अभीष्ट पूर्ण वर्ग संख्या 36 है।

2. ∴ 7 x 7 = 49; 8 x 8 = 64
∴ 50 और 60 के बीच कोई भी पूर्ण वर्ग संख्या नहीं

वर्ग संख्याओं के गुणधर्म

प्रश्न 1.
निम्नलिखित सारणी में 1 से 20 तक की वर्ग संख्याओं को दिखाया गया है।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions img-3
उपर्युक्त सारणी में वर्ग संख्याओं का अध्ययन कीजिए। वर्ग संख्याओं का अन्तिम अंक (यानी वर्ग संख्याओं के इकाई स्थान का अंक) क्या है?
क्या हम कह सकते हैं कि यदि एक संख्या 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होती है, तो वह एक वर्ग संख्या होगी? इस बारे में सोचिए।
हल:
वर्ग संख्याओं का अन्तिम अंक या तो 0, 1, 4, 5, 6 है या 9 है। और इनमें से किसी भी संख्या के वर्ग का अन्तिम अंक 2, 3, 7 या 8 नहीं है।

हम यह नहीं कह सकते हैं कि यदि एक संख्या 0, 1, 4, 5, 6 या 9 पर समाप्त होती है, तो वह एक वर्ग संख्या ही होगी। वास्तव में जिन संख्याओं के अन्तिम अंक 0, 1, 4, 5, 6 या 9 हैं वे संख्याएँ वर्ग हो भी सकती है और वर्ग नहीं भी हो सकती हैं। जैसे-10, 11, 14, 15, 19, 21, 24, 29 इत्यादि वर्ग संख्याएँ नहीं हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 97

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.2)

प्रश्न 1.
क्या हम कह सकते हैं कि निम्न संख्याएँ पूर्ण वर्ग संख्याएँ हैं? हम कैसे जानते हैं?

  1. 1057
  2. 23453
  3. 7928
  4. 222222
  5. 1069
  6. 2061.

पाँच ऐसी संख्याएँ लिखिए जिनके इकाई स्थान को देखकर आप बता सकें कि ये संख्याएँ वर्ग संख्याएँ नहीं हैं।
हल:
संख्याओं –

  1. 1057
  2. 23453
  3. 7928
  4. 222222 अन्तिम अंक अर्थात् इकाई स्थान के अंक 0, 1, 4, 5, 6 या 9 नहीं हैं। अतः ये पूर्ण संख्याएँ नहीं हैं।
  5. चूँकि संख्या 1069 का अन्तिम अंक 9 है। अतः यह संख्या पूर्ण वर्ग हो भी सकती है और पूर्ण वर्ग नहीं भी हो सकती है।
    ∴ 322 = 32 x 32 = 1024 और 332 = 33 x 33 = 1089
    ∴ 1069 पूर्ण वर्ग नहीं है।
  6. चूँकि संख्या 2061 का अन्तिम अंक 1 है, अतः यह संख्या पूर्ण वर्ग हो भी सकती है। और नहीं भी हो सकती है।
    ∴ 452 = 45 x 45 = 2025 और 462 = 46 x 46 = 2116
    ∴ 2061 पूर्ण वर्ग नहीं है।

22, 33, 57, 268 और 193 ऐसी संख्याएँ हैं जिनके इकाई स्थान को देखकर हम बता सकते हैं कि ये पूर्ण वर्ग नहीं हैं।

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प्रश्न 2.
पाँच ऐसी संख्याएँ लिखिए जिनके इकाई स्थान को देखकर आप नहीं बता सकते कि वे वर्ग संख्याएँ हैं या नहीं।
हल:
संख्याएँ 1331, 2744, 3375, 17576 एवं 24389 ऐसी संख्याएँ हैं जिनके इकाई स्थान को देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि ये वर्ग संख्याएँ हैं या नहीं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वर्ग संख्याएँ अंक 1 पर समाप्त होती है –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions img-4
इनके अलावा अगली दो वर्ग संख्याएँ लिखिए जो 1 पर उनकी संगत संख्याओं पर समाप्त होती हैं।
हल:
अगली दो वर्ग संख्याएँ 841 और 961 हैं जो 1 पर समाप्त होती हैं। इनकी संगत संख्याएँ क्रमशः 29 और 31 हैं।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.3)

प्रश्न 1.
1232, 772, 822, 1612, 1092 में से कौन-सी संख्या अंक 1 पर समाप्त होगी?
हल:
∴ जिन संख्याओं के इकाई स्थान पर 1 या 9 अंक होते हैं, उन संख्याओं के वर्ग 1 पर समाप्त होते हैं।
अतः 1612 और 1092 अंक 1 पर समाप्त होंगे।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 98

प्रश्न 1.
क्या आप इस प्रकार के कुछ और नियम, सारणी में लिखी गई संख्याओं एवं उनके वर्गों के अवलोकन से ज्ञात कर सकते हैं?
हल:
हाँ, जो संख्याएँ 0 और 5 पर समाप्त होती हैं, उन संख्याओं के वर्ग क्रमशः 0 और 5 पर ही समाप्त होंगे।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.3)

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प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याओं के इकाई स्थान पर 6 अंक होगा –

  1. 192
  2. 242
  3. 262
  4. 362
  5. 342.

हल:
वे संख्याएँ जिनके इकाई स्थान पर 4 या 6 अंक होता है, उन संख्याओं के वर्गों के इकाई स्थान पर 6 अंक होगा।

  1. (i) चूँकि संख्या 19 के इकाई स्थान पर 4 या 6 नहीं है, अतः 192 के इकाई स्थान पर 6 अंक नहीं होगा।
  2. अब चूँकि संख्याएँ (ii) 24 और (v) 34, अंक 4 पर समाप्त होती हैं, अतः इनके वर्गों के इकाई स्थान पर 6 अंक होगा।
  3. इसी प्रकार संख्याएँ (iii) 26 और (iv) 36, अंक 6 पर समाप्त होती हैं, अतः इनके वर्गों के इकाई स्थान पर, अंक 6 होगा।
  4. इस प्रकार, (ii) 242, (ii) 262, (iv) 362, (v) 342 के इकाई स्थान पर अंक 6 होगा।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.4)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं के वर्ग करने पर उनके इकाई स्थान पर क्या होगा?

  1. 1234
  2. 26387
  3. 52698
  4. 99880
  5. 21222
  6. 9106

हल:

  1. संख्या 1234 के वर्ग करने पर, इसके इकाई स्थान पर 6 होगा।
  2. संख्या 26387 के वर्ग करने पर, इसके इकाई स्थान पर 9 होगा।
  3. संख्या 52698 के वर्ग करने पर, इसके इकाई स्थान पर 4 होगा।
  4. संख्या 99880 के वर्ग करने पर, इसके इकाई स्थान पर 0 होगा।
  5. संख्या 21222 के वर्ग करने पर, इसके इकाई स्थान पर 4 होगा।
  6. संख्या 9106 के वर्ग करने पर, इसके इकाई स्थान पर 6 होगा।

प्रश्न 1.
यदि एक संख्या के अन्त में तीन शून्य हों, तो उसके वर्ग में कितने शून्य होंगे? क्या आपने, संख्या के अन्त में शून्यों की संख्या और उसके वर्ग के अन्त में शून्यों की संख्या पर ध्यान दिया?
हल:
उस संख्या के वर्ग में छह शून्य होंगे। हाँ, हमने वर्ग के अन्त में शून्यों की संख्या पर ध्यान दिया है। जिस संख्या के अन्त में जितने शून्य होते हैं, उस संख्या के वर्ग के अन्त में उससे दुगुने शून्य होते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप कह सकते हैं कि वर्ग संख्याओं के अन्त में शून्यों की संख्या केवल सम संख्या होती है।
हल:
हाँ, हम यह कह सकते हैं कि वर्ग संख्याओं के अन्त में शून्यों की संख्या केवल सम संख्या होती है।

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प्रश्न 3.
संख्या और उनके वर्गों के लिए सारणी 1(वर्ग संख्याओं के गुणधर्म) देखिए। सम संख्याओं के वर्गों एवं विषम संख्याओं के वर्गों के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
हल:
सारणी 1 से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि –

  1. सम संख्याओं के वर्ग सदैव सम होते हैं।
  2. विषम संख्याओं के वर्ग सदैव विषम होते हैं।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.5)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किन संख्याओं के वर्ग विषम संख्या/सम संख्या होंगे? क्यों?

  1. 727
  2. 158
  3. 269
  4. 1980

हल:

  1. ∴ संख्या 727 एक विषम संख्या है, अतः इस संख्या का वर्ग विषम संख्या होगी।
  2. ∴ संख्या 158 एक सम संख्या है, अतः इस संख्या का वर्ग सम संख्या होगी।
  3. ∴ संख्या 269 एक विषम संख्या है, अतः इस संख्या का वर्ग विषम संख्या होगी।
  4. ∴ संख्या 1980 एक सम संख्या है, अतः इस संख्या का वर्ग सम संख्या होगी।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित संख्याओं के वर्ग में शून्यों की संख्या क्या होगी?

  1. 60
  2. 400

हल:

  1. संख्या 602 में दो शून्य होंगे।
  2. संख्या 4002 में चार शून्य होंगे।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 100

प्रश्न 1.
क्या तुम कह सकते हो कि 62 और 72 के बीच कितनी संख्याएँ हैं?
हल:
हाँ, 62 और 72 के बीच में 2 x 6 = 12 संख्याएँ हैं, जो वर्ग संख्याएँ नहीं हैं।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.6)

प्रश्न 1.
92 और 102 के बीच कितनी प्राकृत संख्याएँ हैं? 112 और 122 के बीच भी प्राकृत संख्याओं की संख्या बताइए।
हल:
92 और 102 के बीच प्राकृत संख्या = 2 x 9 = 18
अतः 92 और 102 के बीच 18 प्राकृत संख्याएँ हैं।
112 और 122 के बीच 2 x 11 = 22 प्राकृत संख्याएँ हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित संख्याओं के युग्मों के बीच की संख्या बताइए जो वर्ग संख्याएँ नहीं हैं –

  1. 1002 और 1012
  2. 902 और 912
  3. 1000 2 और 10012.

हल:

  1. 1002 और 1012 के बीच में 2 x 100 = 200 संख्याएँ हैं, जो पूर्ण वर्ग नहीं हैं।
  2. 902 और 912 के बीच में 2 x 90 = 180 संख्याएँ हैं, जो पूर्ण वर्ग नहीं हैं।
  3. 10002 और 10012 के बीच में 2 x 1000 = 2000 संख्याएँ हैं, जो पूर्ण वर्ग नहीं हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 101

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.7)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं में प्रत्येक पूर्ण वर्ग । संख्याएँ हैं या नहीं?

  1. 121
  2. 55
  3. 81
  4. 49
  5. 69.

हल:
1. दी हुई संख्या 121 है। इसमें से क्रमागत 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19 व 21 घटाने पर,

  • 121 – 1 = 120
  • 120 – 3 = 117
  • 117 – 5 = 112
  • 112 – 7 = 105
  • 105 – 9 = 96
  • 96 – 11 = 85
  • 85 – 13 = 72
  • 72 – 15 = 57
  • 57 – 17 = 40
  • 40 – 19 = 21
  • 21 – 21 = 0.

अर्थात् यहाँ 121 = 1 + 3 + 5 + 7 + 9 + 11 + 13 + 15 + 17 + 19 + 21; 121 को 1 से प्रारम्भ करके सभी क्रमागत विषम प्राकृत संख्याओं के योग के रूप में लिख सकते हैं।
∴ 121 पूर्ण वर्ग संख्या है।

2. दी हुई संख्या 55 है। इसमें से क्रमागत 1, 3, 5, 7, 9, __11, 13 व 15 घटाने पर,

  • 55 – 1 = 54
  • 54 – 3 = 51
  • 51 – 5 = 46
  • 46 – 7 = 39
  • 39 – 9 = 30
  • 30 – 11 = 19
  • 19 – 13 = 6
  • 6 – 15 = – 9.

यह दर्शाता है कि हम 55 को 1 से प्रारम्भ करके सभी क्रमागत विषम प्राकृत संख्याओं के योग के रूप में नहीं लिख सकते हैं।
∴ 55 पूर्ण वर्ग संख्या नहीं है।

2. दी हुई संख्या 81 है। इसमें से क्रमागत 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17 घटाने पर,

  • 81 – 1 = 80
  • 80 – 3 = 77
  • 77 – 5 = 72
  • 72 – 7 = 65
  • 65 – 9 = 56
  • 56 – 11 = 45
  • 45 – 13 = 32
  • 32 – 15 = 17
  • 17 – 17 = 0

अर्थात् यहाँ 81 = 1 + 3 + 5 + 7 + 9 + 11 + 13 + 15 + 17
∴ 81 को 1 से प्रारम्भ करके सभी क्रमागत विषम प्राकृत संख्याओं के योग के रूप में लिख सकते हैं। अतः 81 पूर्ण वर्ग संख्या है।

4. यहाँ दी हुई संख्या 49 है। इसमें से क्रमागत 1, 3, 5, 7,9, 11, 13 घटाने पर,

  • 49 – 1 = 48
  • 48 – 3 = 45
  • 45 – 5 = 40
  • 40 – 7 = 33
  • 33 – 9 = 24
  • 24 – 11 = 13
  • 13 – 13 = 0

अर्थात् 49 = 1 + 3 + 5 + 7 + 9 + 11 + 13
49 को 1 से प्रारम्भ करके सभी क्रमागत विषम प्राकृत संख्याओं के योग के रूप में लिख सकते हैं।
∴ 49 पूर्ण वर्ग संख्या है।

5. यहाँ, दी हुई संख्या = 69 है। इसमें से क्रमागत 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17 घटाने पर,

  • 69 – 1 = 68
  • 68 – 3 = 65
  • 65 – 5 = 60
  • 60 – 7 = 53
  • 53 – 9 = 44
  • 44 – 11 = 33
  • 33 – 13 = 20
  • 20 – 15 = 5
  • 5 – 17 = -12

यह दर्शाता है कि हम 69 को 1 से प्रारम्भ करके सभी क्रमागत विषम प्राकृत संख्याओं के योग के रूप में नहीं लिख सकते हैं।
∴ 69 पूर्ण वर्ग संख्या नहीं है।

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.8)

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प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं को दो क्रमागत पूर्णांकों के योग के रूप में लिखिए –

  1. 212
  2. 132
  3. 112
  4. 192.

हल:
हम किसी भी विषम संख्या के वर्ग को दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों के योग के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।

1. 212 = 441 = 220 + 221
अत: 21 के वर्ग को हम दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों 220 और 221 के योग के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।
(∴ \(\frac { 21^{ 2 }-1 }{ 2 } \) = 220 तथा 2\(\frac { 21^{ 2 }-1 }{ 2 } \)= 221)

2. 132 = 169 = 84 + 85
अतः 13 के वर्ग को हम दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों 84 और 85 के योग के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।
(∴ \(\frac { 13^{ 2 }-1 }{ 2 } \) = 84 तथा \(\frac { 13^{ 2 }-1 }{ 2 } \)= 85)

3. 112 = 121 = 60 + 61
अतः 11 के वर्ग को हम दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों 60 और 61 के योग के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।
(∴ \(\frac { 11^{ 2 }-1 }{ 2 } \) = 60 तथा 1\(\frac { 11^{ 2 }-1 }{ 2 } \) = 61)

4. 192 = 361 = 180 + 181
अतः 19 के वर्ग को हम दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों 180 और 181 के योग के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।
(∴ \(\frac { 19^{ 2 }-1 }{ 2 } \) = 180 तथा 1\(\frac { 19^{ 2 }-1 }{ 2 } \) = 181)

प्रश्न 2.
क्या आप सोचते हैं कि इसका विलोम सत्य है अर्थात् क्या दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों का योग एक पूर्ण वर्ग होता है? अपने उत्तर के पक्ष में अपने एक उदाहरण दीजिए।
हल:
इसका विलोम सत्य नहीं हैं। दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों का योग सदैव एक पूर्ण वर्ग नहीं होता है।
उदाहरणार्थ – 11 + 12 = 23.

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 102

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वर्ग संख्याओं के कुछ और प्रतिरूप प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.9)

प्रश्न 1.
उपरोक्त प्रतिरूप का उपयोग करते हुए वर्ग संख्याएँ लिखिए –

  1. 1111112
  2. 11111112.

हल:
दिए हुए प्रतिरूप का उपयोग करते हुए –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions img-5

प्रयास कीजिए (क्रमांक 6.10)

प्रश्न 1.
उपर्युक्त प्रतिरूप का उपयोग करते हुए क्या आप निम्नलिखित संख्याओं के वर्ग ज्ञात कर सकते हैं?

  1. 66666672
  2. 666666672

हल:
प्रतिरूप
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 6 वर्ग और वर्गमूल Intext Questions img-6

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 25 अन्टार्कटिका

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 25 अन्टार्कटिका

MP Board Class 8th Social Science Chapter 25 अभ्यास प्रश्न

MP Board Class 8th Social Science Chapter 25 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
(1) अन्टार्कटिका किस गोलार्द्ध में स्थित है ?
उत्तर:
अन्टार्कटिका दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।

(2) क्षेत्रफल की दृष्टि से अन्टार्कटिका का विश्व में कौन-सा स्थान है ?
उत्तर:
क्षेत्रफल की दृष्टि से अन्टार्कटिका का विश्व में पाँचौं स्थान है।

(3) हिम शैल किसे कहते हैं ?
उत्तर:
समुद्र में तैरते हुए बर्फ के बड़े-बड़े खण्ड जिनकी ऊँचाई समुद्र तल से कम से कम 5 मीटर होती है वे हिम शैल कहलाते हैं।

(4) हिम छत्रक क्या है ?
उत्तर:
कुछ वर्ग किलोमीटर का वह क्षेत्र जो हमेशा हिम और बर्फ से ढका रहता है वह हिम छत्रक कहलाता है।

(5) क्रिल क्या है ?
उत्तर:
क्रिल एक प्रकार की मछली है जो अन्टार्कटिका समुद्री जीव जगत् के विकास में एक महत्वपूर्ण साधन है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 25 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 2.
(1) अन्टार्कटिका महाद्वीप की खोज का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
इस महाद्वीप की खोज 1820 में हुई थी, परन्तु वास्तविक खोज का कार्य बीसवीं शताब्दी में शुरू हुआ। सफल प्रयासों में ब्रिटिश नौसेना के कप्तान रॉबर्ट फैल्कन स्कॉट का प्रयास रहा। 1910 में स्कॉट ने अन्टार्कटिका की ओर दक्षिण ध्रुव की खोज में प्रस्थान किया और 1912 में वे अपने दल के साथ दक्षिणी ध्रुव पहुँच गए, लेकिन वहाँ उन्हें नार्वे का झण्डा लगा मिला जिसे 20 अक्टूबर, सन् 1911 को दक्षिण ध्रुव पर पहुँचने वाले पहले यात्री रोआल्द आमन्सेन नामक नार्वेजियन ने लगाया था। इस प्रकार अन्टार्कटिका महाद्वीप की खोज हुई।

(2) अन्टार्कटिका महाद्वीप की भौतिक संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अन्टार्कटिका का लगभग 98 प्रतिशत भाग हमेशा बर्फ से ढका रहता है। यहाँ बर्फ की औसत मोटाई अनुमानतः – 2 से 5 किलोमीटर तक है। इस कारण यह सबसे ठण्डा और वीरान महाद्वीप है। अन्टार्कटिका का अधिकतम भाग ऊबड़-खाबड़ तथा पर्वतीय है। क्वीनमॉड पर्वत श्रेणी इस महाद्वीप को लगभग दो बराबर भागों में बाँटती है। पश्चिमी भाग वेडेला एवं पूर्वी भाग रॉस आलैण्ड कहलाता है। विनसन मासिफ की एल्सवर्थ पर्वत (4,897 मीटर) यहाँ की सबसे ऊँची चोटी है। यहाँ कई ज्वालामुखी पर्वत हैं और 70 से भी अधिक झीलें हैं जो बर्फ की चादर के नीचे फैली हैं।

(3) अन्टार्कटिका को श्वेत महाद्वीप क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
विश्व में अन्टार्कटिका ही एकमात्र ऐसा महाद्वीप है, जो लगभग पूरी तरह से बर्फ से वर्ष भर ढका रहता है। पूरे महाद्वीप पर श्वेत रंग की बर्फ की चादर बिछी होने के कारण इस महाद्वीप को ‘श्वेत महाद्वीप’ कहते हैं।

(4) अन्टार्कटिका महाद्वीप के संसाधनों के बारे में लिखिए।
उत्तर:
ऐसा माना जा रहा है कि अन्टार्कटिका में बर्फ की चादर के नीचे मूल्यवान खनिज भण्डार छिपे हैं, इनकी खोज लगातार जारी है। अब तक कोयले, लौह अयस्क तथा ताँबे के थोड़े भण्डारों का पता चला है, लेकिन अनेक कठिनाइयों के कारण व्यापारिक स्तर पर इन खनिजों का उपयोग अभी नहीं हो सका है। संसार के मीठे पानी के 90 प्रतिशत भण्डार बर्फ के रूप में अन्टार्कटिका में संचित हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 25 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) अन्टार्कटिका के वनस्पति व जीव – जन्तुओं का वर्णन करते हुए समझाइए कि अन्टार्कटिका में लोग स्थायी रूप से क्यों नहीं रहते हैं ?
उत्तर:
अन्टार्कटिका की अत्यन्त ठण्डी जलवायु व न्यूनतम वर्षा, बंजर भू – भाग, सूर्य प्रकाश की कमी पेड़ – पौधों के विकास में बाधक है, इसलिए यहाँ वनस्पति लगभग नहीं के बराबर है और जिन क्षेत्रों में उगती भी है वह गर्मी के कुछ सप्ताहों में ही पनप पाती है। लिचेन, शैवाल एवं कवक (फफूंद) यहाँ की वनस्पति है। अन्टार्कटिका में लिचेन की 200 से भी अधिक प्रजातियाँ पायी जाती हैं।

भू – भाग के जीव अत्यन्त सूक्ष्म अकशेरुकी (Invertebrate) हैं, लेकिन समुद्री जीव – जन्तुओं में पेंग्विन, नीली ह्वेल, फर सील, एल्बेस्ट्रॉस एवं क्रिल मछली प्रमुख हैं। अन्टार्कटिका अत्यन्त ठण्डा व वीरान महाद्वीप है जहाँ तेज तूफानी हवाएं चलती हैं, चारों ओर बर्फ ही बर्फ है। इस कठोर जलवायु में जीवन बहुत ही कठिन है। इसलिए मनुष्य यहाँ स्थायी रूप से नहीं रह सकते।

(2) अन्टार्कटिका को विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप क्यों कहते हैं ? अन्टार्कटिका में भारत द्वारा स्थापित केन्द्रों के बारे में लिखिए।
उत्तर:
अन्टार्कटिका महाद्वीप आकार में बड़ा है लेकिन अभी भी भौतिक दृष्टि से यह मानव जाति को लाभ नहीं दे सका है। यह वैज्ञानिकों को पृथ्वी के बारे में अधिक जानकारी देने के अनोखे अवसर प्रदान करता है, इसलिए इसे विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप कहते हैं। वैज्ञानिकों ने अन्टार्कटिका के निरीक्षण केन्द्रों में रहने के लिए अच्छा वातावरण बना लिया है तथा भारत द्वारा स्थापित केन्द्र इस प्रकार हैं –

  • भारत ने अन्टार्कटिका में पहला मानवरहित केन्द्र दक्षिण गंगोत्री नाम से सन् 1982 में स्थापित किया।
  •  सन् 1988-89 में आठवें भारतीय दल ने दक्षिण गंगोत्री से 70 किलोमीटर की दूरी पर मानवयुक्त मैत्री केन्द्र की स्थापना की।

MP Board Class 8th Social Science Solutions

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2

प्रश्न 1.
निम्न में प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 1
हल:
(a) यहाँ, आधार (b) = 7 cm, ऊँचाई (h) = 4 cm
∴ समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = b × h
= (7 × 4) cm2 = 28 cm

(b) यहाँ, आधार (b) = 5 cm, ऊँचाई (h) = 3 cm.
∴ समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
= b × h = (5 × 3) cm2 = 15 cm2

(c) यहाँ, आधार (b) = 2.5 cm, ऊँचाई (h) = 3.5 cm
∴ समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = b × h
= (2.5 × 3.5) cm2 = 8.75 cm2

(d) यहाँ, आधार (b) = 5 cm, ऊँचाई (h) = 4.8 cm
∴ समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = b × h
= (5 × 4.8) cm2 = 24 cm2

(e) यहाँ, आधार (b) = 2 cm, ऊँचाई (h) = 4.4 cm
∴ समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = b × h
= (2 × 4.4) cm2 = 8.8 cm2

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प्रश्न 2.
निम्न में से प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 2
हल:
(a) यहाँ, आधार (b) = 4 cm, ऊँचाई (h) = 3 cm
∴ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × b × h
= (\(\frac { 1 }{ 2 } \) × 4 × 3) cm2
= 6 cm2

(b) यहाँ, आधार (b) = 5 cm, ऊँचाई (h) = 3.2 cm
∴ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × b × h
= (\(\frac { 1 }{ 2 } \) × 5 × 32) cm2
= 8 cm2

(c) यहाँ, आधार (b) = 3 cm, ऊँचाई (h) = 4 cm
∴ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × b × h
= (\(\frac { 1 }{ 2 } \) × 3 × 4 ) cm2
= 6 cm2

(d) यहाँ, आधार (b) = 3 cm, ऊँचाई (h) = 2 cm
∴ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × b × h
= ( \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 3 × 2) cm2
= 3 cm2

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
चूँकि हम जानते हैं कि समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
= आधार × ऊँचाई
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 3

प्रश्न 4.
रिक्त स्थानों का मान ज्ञात कीजिए :
हल:
चूँकि हम जानते हैं कि
त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आधार × ऊँचाई
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 4

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प्रश्न 5.
PQRS एक समान्तर चतुर्भुज है (संलग्न चित्र 11.17)| QM शीर्ष Q से SR तक की ऊँचाई तथा QN शीर्ष Q से PS तक की ऊँचाई है। यदि SR = 12 cm और QM = 7.6 cm, तो ज्ञात कीजिए :
(a) समान्तर चतुर्भुज PQRS का क्षेत्रफल
(b) ON यदि, PS = 8 cm
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 5
हल:
(a) यहाँ, आधार SR = 12 cm,
संगत ऊँचाई QM = 7.6 cm
समान्तर चतुर्भुज PQRS का क्षेत्रफल = b × h
= SR × QM
= (12 × 7.6) cm2
= 91.2 cm2

(b) अब, समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
= 91.2 cm2, आधार (PS) = 8 cm
माना कि संगत ऊँचाई (QN) = h cm
b × h = 91.2
या 8 × h = 91.2
या h = \(\frac { 91.2 }{ 8 } \) = 11.4 cm
∴ QN = 11.4 cm

प्रश्न 6.
DL और BM समान्तर चतुर्भुज ABCD की क्रमशः भुजाएँ AB और AD पर लम्ब हैं(संलग्न चित्र 11.18)। यदि समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 1470 cm2 है, AB = 35 cm, और AD = 49 cm है, तो BM तथा DL की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 6
हल:
यहाँ, समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल
= 1470 cm2
आधार AB = 35 cm,
∵ समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल
= आधार × ऊँचाई = AB × DL
∴ 35 × DL = 1470
या DL = \(\frac { 1470 }{ 35 } \) = 42 cm
पुनः समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई
= AD × BM
∴ 49 × BM = 1470
या BM = \(\frac { 1470 }{ 49 } \) = 30 cm

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प्रश्न 7.
त्रिभुज ABC, A पर समकोण है (संलग्न चित्र 11.19),और AD भुजा BC पर लम्ब है। यदि AB = 5cm, BC = 13 cm और AC = 12 cm है, तो ∆ABC का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। AD की लम्बाई भी ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 7
हल:
यहाँ, AB = 5 cm, BC = 13 cm, AC = 12 cm
∆ ABC का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आधार × ऊँचाई
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) AB × AC
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 5 × 12 cm2
= 30 cm2
पुन: ∆ ABC का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आधार × ऊँचाई
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) BC × AD
∴ 30 = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 13 × AD
या AD = \(\frac{30 \times 2}{13}=\frac{60}{13}\) cm

प्रश्न 8.
∆ ABC समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB = AC = 7.5 cm और BC = 9 cm है (संलग्न चित्र 11.20)। 4 से BC तक की ऊँचाई AD, 6 cm है। ∆ ABC का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। C से AB तक की ऊँचाई, अर्थात् CE क्या होगी?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 8
हल:
यहाँ, आधार BC = 9 cm,
संगत ऊँचाई AD = 6 cm
∴ ∆ ABC का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आधार × ऊँचाई
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × BC × AD
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 9 × 6 cm2
= 27 cm2
पुन: ∆ ABC का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × AB × CE
= 27 cm2
या \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 7.5 × CE = 27
या CE = \(\frac{27 \times 2}{7 \cdot 5}\) = 7.2 cm

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 236

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
संलग्न चित्र 11.21 में
(a) किस वर्ग का परिमाप अधिक है ?
(b) कौन-सा अधिक है; छोटे वर्ग का परिमाप या वृत्त की परिधि?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 9
हल:
(a) बाहरी वर्ग का परिमाप अधिक है।
(b) छोटे वर्ग के परिमाप से वृत्त की परिधि अधिक है।

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
एक चौथाई प्लेट तथा एक अर्द्ध प्लेट लीजिए। प्रत्येक को टेबल की ऊपरी सतह पर एक बार घुमाइए। कौन-सी प्लेट एक पूरे चक्कर में अधिक दूरी तय करती है? कौन-सी प्लेट कम चक्कर में टेबल की ऊपरी सतह की लम्बाई को पूरा करेगी?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 10
हल:
एक पूरे चक्कर में अर्द्ध प्लेट अधिक दूरी तय करेगी। एक चौथाई प्लेट की अपेक्षा अर्द्ध प्लेट कम चक्कर में टेबल की ऊपरी सतह की लम्बाई को पूरा करेगी।

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 237

निम्न पर विचार कीजिए

एक किसान खेत के केन्द्र पर 7 m त्रिज्या वाली एक फूलों की क्यारी खोदता है। उसे खाद को खरीदने की आवश्यकता है। यदि 1 m2 क्षेत्रफल के लिए 1 kg खाद की आवश्यकता हो, तो उसे कितने किलोग्राम खाद खरीदनी चाहिए?
हल:
यहाँ, फूलों की क्यारी की त्रिज्या r = 7 m
∵ क्यारी का क्षेत्रफल = πr2
∴ क्यारी का क्षेत्रफल = \(\frac { 22 }{ 7 } \) × 7 × 7 = 154 m2
∵ 1 वर्ग मीटर के लिए खाद चाहिए = 1 kg
∴ 154 वर्ग मीटर के लिए खाद चाहिए = 1 × 154
= 154 kg
अत: उसे 154 किलोग्राम खाद खरीदनी चाहिए।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 238

प्रश्न 1.
₹10 प्रति m2 की दर से, 2 m त्रिज्या वाले एक वृत्ताकार टेबल के ऊपरी सतह पर पॉलिश कराने का व्यय क्या होगा?
हल:
यहाँ, टेबल की त्रिज्या r = 2 m
वृत्ताकार टेबल की ऊपरी सतह का क्षेत्रफल = πr2
= \(\frac { 22 }{ 7 } \) × 2 × 2 = \(\frac { 88 }{ 7 } \) m2
अत: ₹ 10 प्रति m2 की दर से ऊपरी सतह पर पॉलिश कराने का व्यय
= ₹ 10 × \(\frac { 88 }{ 7 } \) = ₹ \(\frac { 880 }{ 7 } \)
= ₹ 125.71 (लगभग)

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 239-240

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
ग्राफ पेपर पर अलग-अलग त्रिज्याओं के वृत्तों को बनाइए। वर्गों की संख्या को गिनकर क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। सूत्र का प्रयोग करके भी क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। दोनों उत्तरों की तुलना कीजिए।
हल:
1 वर्ग सेमी के ग्राफ पर 2 सेमी तथा 3 सेमी त्रिज्या के दो वृत्त खींचे।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.2 image 11
दोनों वृत्तों के पूर्ण वर्ग को गिनने पर हमें क्रमश: 12 सेमी तथा 28 सेमी2 क्षेत्रफल प्राप्त होता है।
सूत्र का प्रयोग करने पर हमें उनका क्रमशः निम्न क्षेत्रफल प्राप्त होता है।
2 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त का क्षेत्रफल = πr2
= \(\frac { 22 }{ 7 } \) × (2)2
= \(\frac { 22 }{ 7 } \) × 4 = \(\frac { 88 }{ 7 } \) सेमी2 = 12.57 सेमी2
3 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त का क्षेत्रफल = πr2
= \(\frac { 22 }{ 7 } \) × (3)2 = \(\frac { 22 }{ 7 } \) × 9
= \(\frac { 198 }{ 7 } \) सेमी2 = 28.28 सेमी2
यहाँ हम देखते हैं कि दोनों क्षेत्रफलों के मान भिन्न-भिन्न प्राप्त होते हैं। हालांकि यह अन्तर बहुत कम है।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 11 बीजगणित Ex 11.3

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 11 बीजगणित Ex 11.3

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 253-254

प्रश्न 1.
आप तीन संख्या 5, 7 और 8 से संख्याओं वाले (चर नहीं) जितने व्यंजक बना सकते हैं बनाइए। एक संख्या एक से अधिक बार प्रयोग नहीं की जानी चाहिए। केवल योग, व्यवकलन (घटाना) और गुणन का ही प्रयोग करें। (संकेत : तीन सम्भावित व्यंजक 5 + (8 – 7), 5 – (8 – 7) और 5 x 8 + 7 हैं। अन्य व्यंजक बनाइए।)
हल :
अन्य सम्भावित व्यंजक
(i) 5 + (7 + 8)
(ii) 7 x 5 + 8
(iii) (8 – 5) x 7
(iv) (7 – 5) x 8
(v) (5 x 7) – 8
(vi) (8 – 7) + 5
(vii) 8 – 5 + 7
(viii) (8 x 7) + 5

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-से व्यंजक केवल संख्याओं वाले व्यंजक ही हैं ?
(a) y + 3
(b) 7 × 20 – 8
(c) 5 (21 – 7) + 7 × 2
(d) 5
(e) 3x
(f) 5 – 5n
(g) 7 × 20 – 5 × 10 – 45 + P
उत्तर-
व्यंजक (c) और (d) में कोई चर नहीं है।
अतः व्यंजक (c) और (d) केवल संख्याओं वाले व्यंजक है।

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प्रश्न 3.
निम्न व्यंजकों को बनाने में प्रयुक्त संक्रियाओं (योग, व्यवकलन, गुणन, विभाजन) को पहचानिए (छाँटिए) और बताइए कि ये व्यंजक किस प्रकार बनाए गए हैं ?
(a) z + 1, z – 1, y + 17, y – 17
(b) 17y, \(\frac { y }{ 17 }\), 5z
(c) 2y + 17, 2y – 17
(d) 7m, – 7m + 3, – 7m – 3.
हल:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 11 बीजगणित Ex 11.3 image 1
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 11 बीजगणित Ex 11.3 image 2

प्रश्न 4.
निम्नलिखित स्थितियों के लिए व्यंजक दीजिए:
(a) p में 7 जोड़ना
(b) p में से 7 घटाना
(c) p को 7 से गुणा करना
(d) p को 7 से भाग देना
(e) – m में से 7 घटाना
(f) – p को 5 से गुणा करना
(g) – p को 5 से भाग देना
(h) p को – 5 से गुणा करना
उत्तर-
व्यंजक
(a) p + 7
(b) p – 7
(c) 7p
(d) \(\frac { p }{ 7 }\)
(e) – m – 7
(f) 5 (-p) = – 5p
(g) \(\frac { -p }{ 5 }\)
(h) – 5p

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित स्थितियों के लिए व्यंजक दीजिए:
(a) 2m में 11 जोड़ना
(b) 2m में से 11 घटाना
(c) y के 5 गुने में 3 जोड़ना
(d) y के 5 गुने में से 3 घटाना
(e) y का – 8 से गुणा
(f) y को – 8 से गुणा करके परिणाम में 5 जोड़ना
(g) y को 5 से गुणा करके परिणाम को 16 में से घटाना
(h) y को -5 से गुणा करके परिणाम को 16 में जोड़ना
उत्तर-
व्यंजक
(a) 2m + 11
(b) 2m – 11
(c) (5 × y) + 3 = 5y + 3
(d) (5 × y) – 3 = 5y – 3.
(e) y × (-8) = – 8y
(f) y × (-8) + 5 = – 8y + 5
(g) 16 – (5 × y) = 16 – 5y
(h) 16 + [y × (-5)] = 16 +(-5y) = – 5y + 16

प्रश्न 6.
(a) t और 4 का प्रयोग करके व्यंजक बनाइए। एक से अधिक संख्या संक्रिया का प्रयोग न करें। प्रत्येक व्यंजक में t अवश्य होना चाहिए।
(b) y, 2 और 7 का प्रयोग करके व्यंजक बनाइए। प्रत्येक व्यंजक में y अवश्य होना चाहिए। केवल दो संख्या संक्रियाओं का प्रयोग करें। ये भिन्न-भिन्न होनी चाहिए।
हल :
(a) t और 4 से बनने वाले व्यंजक t + 4, t – 4, 4t, \(\frac { t }{ 4 }\), 4 – t, \(\frac { 4 }{ t }\)

(b) 1, 2 और 7 से बनने वाले व्यंजक
2y + 7, 2y – 7, 7y + 2, 7y – 2, \(\frac { y }{ 2 }\) + 7, \(\frac { y }{ 7 }\) – 2, ………

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 15 श्रेष्ठतमं कार्यम्

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 15 श्रेष्ठतमं कार्यम् (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 15 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) कुण्डलः कः आसीत? (कुण्डल कौन था?)
उत्तर:
वृद्धः ब्राह्मणः। (वृद्ध ब्राह्मण था।)

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(ख) कुण्डलस्य पुत्रस्य नाम किम्? (कुण्डल के पुत्र का क्या नाम था?)
उत्तर:
सुकर्मा। (सुकर्मा)।।

(ग) कस्य प्रभावेण प्राणिनः जातिवैरम् परित्यज्य आनन्देन निवसन्ति स्म? (किसके प्रभाव से जीव-जाति, बैर, त्याग कर आनंदपूर्वक रहते हैं?)
उत्तर:
पिप्पलस्य। (पिप्पल के।)

(घ) कः सारसरूपं धृत्वा पिप्पलस्य समीपं गतवान्? (कौन सारस का रूप धारण कर पिप्पल के पास गया?)
उत्तर:
पितामहः ब्रह्मा। (पितामह ब्रह्मा।)

(ङ) वरम प्राप्य पिप्पलः कीदृशः जातः?(वरदान प्राप्त कर पिप्पल किस तरह हो गया?)
उत्तर:
अहङ्कारी। (अहंकारी।)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) कः महान् पितृभक्तः आसीत्? (महान पितृभक्त कौन था?)
उत्तर:
सुकुर्मा महान् पितृभक्तः आसीत्। (सुकर्मा महान पितृभक्त था।)

(ख) पिप्पलः कं वरं याचितवान्? (पिप्पल कौन-सा वरदान माँगा?)
उत्तर:
पिप्पलः अशेषं विश्वं मम अधीन भवतु वरं याचितवान्। (पिप्पल ने वरदान माँगा कि पूरा विश्व मेरे अधीन हो जाये।)

(ग) सगर्वं पिप्पलं वीक्ष्य ब्रह्मा किं निश्चितवान्? (पिप्पल को घमण्डी जानकर ब्रह्मा ने क्या निश्चय किया?)
उत्तर:
सगर्वं पिप्पलं वीक्ष्य ब्रह्मा पिप्पलस्य गर्वः निवारणीय। (पिप्पल को घमण्डी जानकर ब्रह्मा ने पिप्पलस्य के गर्व को दूर करने का निश्चय किया।)

(घ) केन प्रकारेण पिप्पलस्य गर्वः अपगतः? (किस तरह से पिप्पल का घमण्ड दूर हो गया?)
उत्तर:
सुकर्मणः वचनं श्रुतवतः पिप्पलस्य गर्वः अपगतः। (सुकर्मा के वचनों को सुनकर पिप्पल का घमण्ड दूर हो गया।)

(ङ) कस्य उपरि देवाः पुष्पवृष्टिं कृतवन्तः? (किसके ऊपर देवों ने फूलों की वर्षा की?)
उत्तर:
सुकर्मणः उपरि देवाः पुष्पवृष्टिं कृतवन्तः। (सकर्मा के ऊपर देवों ने फलों की वर्षा की।)

(च) पाठमालक्ष्य श्रेष्ठतमं कार्यं किमस्ति? (पाठ के अनुसार श्रेष्ठ कार्य क्या है?)
उत्तर:
पाठमालक्ष्य श्रेष्ठतमं कार्यं पित्रोः सेवायाः श्रेष्ठतमं। (पाठ के अनुसार श्रेष्ठ कार्य माता-पिता की सेवा करना ही है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखो)
(क) सुकर्मा कथं पित्रोः सेवां करोति स्म? (सुकर्मा किस तरह से माता-पिता की सेवा करता था?)
उत्तर:
सुकर्मा पित्रोः स्नानं कारयति, रुचिकरमं पाकं कृत्वा व्यजनेन वीजयति इदृशं सेवां करोति स्म। (सुकर्मा माता-पिता को स्नान कराता था, रुचिकर भोजन पकाकर खिलाता था तथा पंखे से हवा करके इस तरह सेवा करता था।)

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(ख) पिप्पलस्य गर्वापनयनाय पितामहः किंमुक्तवान्? (पिप्पत के घमण्ड को दूर करने के लिये ब्रह्मा ने क्या किया?)
उत्तर:
पिप्पलस्य गर्वापनयनाय पितामहः सारसरूपं धृत्वा पिप्पलस्य समीपम् अगच्छत् अवदच्च। महत् तपः कृत्वा अपि भवान् ज्ञानं न लब्धवान्। (पिप्पल के घमण्ड को दूर करने के लिये पितामह ब्रह्मा ने सारस का रूप धारण कर पिप्पल से बोले-बहुत अधिक तपस्या करके भी आप ज्ञान को प्राप्त नहीं कर सके।)

(ग) श्रेष्ठतम कार्यमिति पाठस्य आशयः कः? (श्रेष्ठतम कार्य नामक पाठ का आशय क्या है?)
उत्तर:
श्रेष्ठतं कार्यमिति पाठस्य आशयः पित्रोः सेवायाः श्रेष्ठतम् अन्यत् कार्य नास्ति। (श्रेष्ठतम कार्य नामक पाठ का आशय है कि माता-पिता की सेवा ही श्रेष्ठ कार्य है’अन्य दूसरा कोई कार्य श्रेष्ठ नहीं है।)

प्रश्न 4.
उचितशब्दैः रिक्तस्थानपूर्तिं कुरुत
(अहमेव, तपः, पितृभक्तः, विनयशीलः, पिप्पलः)
(क) कुण्डलस्य पुत्रः सुकर्गा महान् पितृभक्तः
(ख) वरप्राप्त्या पिप्पलः अहङ्कारी जातः।।
(ग) सः आश्रमे तिष्ठन् घोरं तपः आचरति।
(घ) अहमेव सर्वश्रेष्ठः इति सः चिन्तितवान्।
(ङ) सः विनयशीलः सञ्जातः।

प्रश्न 5.
निम्नलिखितशब्दानां पर्यायशब्दान् लिखत
(क) पुत्रः – वत्सः।
(ख) इन्द्रः – महेन्द्रः।
(ग) निशा – रात्रिः।
(घ) माता – जननी।
(ङ) पिता – जनकः।

प्रश्न 6
अधोलिखितपदानां विभक्तिं वचनं च लिखत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 15 श्रेष्ठतमं कार्यम् img-1

प्रश्न 7.
अधोलिखितपदानि संस्कृतवाक्येषु प्रयुज्यन्ताम्
(क) परित्यज्य – बुद्धः पितरौ परित्यज्य वनं गतवान्।
(ख) तपस्वी – सुकर्मा महान् तपस्वी आसीत्।
(ग) पितभक्तः – सुकर्मा महान पितृभक्तः आसीत्।
(घ) सर्वश्रेष्ठः – पितृ सेवाया सर्वश्रेष्ठः।
(ङ) कृतवान् – पिप्पलः कठोरमं तपः कृतवान्।

प्रश्न 8.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्धवाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत
(क) कुण्डलः वेदशास्त्रज्ञः आसीत्।
(ख) पिप्पलः वरप्राप्त्या निरभिमानी जातः।
(ग) इन्द्रः सारसरूपं धृत्वा पिप्पलस्य समीपं गतवान।
(घ) सेवायाः श्रेष्ठतमम् अन्यत् कार्यं नास्ति।
(ङ) सुकर्मा आश्रमे तिष्ठन घोरं तपः आचरति।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) न
(ग) न
(घ) आम्
(ङ) न

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प्रश्न 9.
निम्नलिखित वाक्येषु रेखाङ्कितानि सर्वनाम पदानि कस्य स्थाने प्रयुक्तानि? पाठम् आधृत्य लिखत
(क) अहमेव सर्वश्रेष्ठः इति सः चिन्तितवान्।
उत्तर:
पिप्पलः स्थाने सः प्रयुक्तः।

(ख) पित्रो. सेवायामेव तस्य सर्वः अपि समयः व्ययित भवति।
उत्तर:
सुकर्मा स्थाने तस्य प्रयुक्तः।

(ग) तस्य गर्वः अपि अपगतः।
उत्तर:
पिप्पलस्य स्थाने तस्य प्रयुक्तः।

(घ) भवतां कथं एतादृशं ज्ञानं सम्पादितवान्।
उत्तर:
सुकर्मा स्थाने भवतां प्रयुक्तः।

(ङ) सन्तुष्टः देवाः तस्य उपरि पुष्पवृष्टिं कृतवन्तः।
उत्तर:
सुकर्मा स्थाने तस्य प्रयुक्तः।

प्रश्न 10.
अधोलिखितपदानां सन्धिं सन्धिविच्छेदं च कृत्वा सन्धि नाम लिखत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 15 श्रेष्ठतमं कार्यम् img-2

प्रश्न 11.
अधोलिखितानां शब्दानां समास विग्रहं कुरुत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 15 श्रेष्ठतमं कार्यम् img-3

श्रेष्ठतमं कार्यम् पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

कथा के माध्यम से नीति, धर्म, त्याग, सेवा, परोपकारादि भावों का शिक्षण संस्कृत साहित्य में बहुत पुराने समय से ही चलता आ रहा है। वैदिक काल से ही गद्य साहित्य में कथा-विधा का प्रचार-प्रसार एवं लेखन निरंतर आज तक चलता आ रहा है। यहाँ संभाषण संदेश से संकलित यह बाल मनोविनोदिनी कथा प्रस्तुत है।

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श्रेष्ठतमं कार्यम् पाठ का हिन्दी अर्थ

1. कुण्डलः-कश्चन् सदाचारी वृद्धः ब्राह्मणः। सः वेदशास्त्रज्ञः आसीत्। कुण्डलस्य पुत्रः सुकर्मा महान् पितृभक्तः। सः पितुः सकाशादेव वेदशास्त्रयोः अध्ययनं करोति स्म। श्रद्धया मातुः पितुश्च सेवां करोति स्म।

सुकर्मा ‘मातृदेवो भव’ ‘पितृदेवो भव’ इति वचनम् अव्यवधानेन पालयति स्म। प्रतिदिनं नदीतेः जलम् आनीय पित्रोः स्नानं कारयति। समये रुचिकरम् पाकं कृत्वा परिवेषयति। ग्रीष्मकाले तौ व्यजनेन वीजयति। रात्रौ जागरितः सन् एव तयोः सेवां करोति। एवं च पित्रोः सेवायामेव तस्य सर्वः अपि समयः व्ययितः भवतिस्म।

तस्मिन् काले एव पिप्पलः नाम कश्चन् तपस्वी निवसति स्म। सः आश्रमे निष्ठन् घोरं तपः आचरति। तस्य तपःप्रभावेण प्राणिनः अपिजातिवैरंपरित्यज्य सहैव आनन्देन निवसन्ति स्म।

पिप्पलः :
घर्षं यावत् जलम् अन्नं च अस्वीकृत्य वायुमात्रं सेवमानः तपः आचरितवान्। तपसः प्रभावेण तस्य शरीरे अपूर्वं तेजः प्राकाशत। सन्तुष्टाः देवाः तस्य उपरि पुष्प वृष्टिं कृतवन्तः। इन्द्रः प्रत्यक्षः भूत्वा “वरं याचतु” इति उक्तवान्।

शब्दार्थ :
अव्यवधानेन-बाधा के कारण-For disturbing; परिवेष्यति-ढूंढ़ता-Founds; तौ-वे दोनों-They both; वीजयति-पंखा करता है-To file fan; व्यजनेन-पंखे के द्वारा-By fan; जागरित-जाग कर-Get up; भवति स्म-हुआ था-Was happend; घोरं-बहुत अधिक-Very much; जातिवैरं-जाति बैर-Malafide intention by caste; सदैव-हमेशा-Daily; स्म-थे-Were; उक्तवान्-कहा-Invitation; अस्वीकृत्यअस्वीकार-Not accepting; उपरि-ऊपर-Upper; भूत्वा-होकर-Passing, cross.

हिन्दी अर्थ :
कहीं कुण्डल नामक ए. सदाचारी वृद्ध ब्राह्मण रहता था। वह वेदशास्त्रों का अच्छा ज्ञाता था। कण्डल का एक पुत्र सुकर्मा बहुत पित्रभक्त था। वह अपने पिता के साथ वेदशास्त्रों ५। अध्ययन करता रहता था और श्रद्धापूर्वक माता-पिता की सेवा किया करता।

सुकर्मा ‘मातृ देवो भव’, ‘पितृ देवोभव’ इस प्रकार के वचन का व्यवधान रहित पालन किया करता था। प्रतिदिन नदी से जल लाकर माता-पिता को स्नान कराता, समय पर (यथा संभव) स्वादिष्ट भोजन बनाकर परोसता। गर्मी के दिनों में उन दोनों को पंखे से हवा करता। रात्रि में जागकर भी वह उन दोनों की सेवा करता। इस प्रकार माता-पिता की सेवा करता हुआ वह अपना समय व्यतीत करता था।

उन्हीं दिनों पिप्पल नामक कोई तपस्वी निवास करता था। वह आश्रम में रह तप का आचरण करता था। उसके तप के प्रभाव से सभी प्राणी जाति-बैर त्यागकर आनन्दपूर्वक साथ-साथ निवास करते थे। पिप्पल ने एक वर्ष तक अन्न जल का त्याग कर केवल हवा पीकर तपस्या की। उसके तपके प्रभाव से शरीर में अद्वितीय तेज प्रस्फुटित होने लगा। देवगणों ने फूलों की वर्षा की, इंद्रदेव (स्वयं) प्रकट होकर ‘वरदान’ माँगने को कहा।

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2. पिप्पलः-“अशेषं विश्वं मम अधीन भवतु” इति वरमयाचत्। इन्द्रः “तथास्तु” इति उक्तवान्। परन्तु वरप्राप्त्या पिप्पलः अहङ्कारी जातः। प्रपञ्चे मत्सदृशः तपस्वी अन्यः कोऽपि नास्ति। अहमेव सर्वश्रेष्ठः इति सः अमन्यतं।

पितामहः ब्रह्मा “पिप्पलस्य गर्वः निवारणीय” इति निश्चित्य सारसरूपं धृत्वा पिप्पलस्य समीपम् अगच्छत् अवदच्च-“भवान् किमर्थम् आत्मानं श्रेष्ठं मन्यते? एषः भवतः अहङ्कारः। महत् तपः कृत्वा अपि भवान् ज्ञानं न लब्धवान्। कुण्डलस्य पुत्रः सुकर्मा भवदपेक्षया ज्ञानी अस्ति। यद्यपि सः यज्ञयागादिकं न कृतवान्, त्वत् सदृशः कठोरं तपः अपि न आचरितवान्। तथापि तेन पित्रोः सेवया तादृशं ज्ञानं लब्धम्” इति।

एतदाकर्ण्य आश्चर्यचकितः पिप्पलः तदा एव सुकर्मणः समीपं गत्वा अपृच्छत्-“भवता कथम् एतादृशं ज्ञानम् अर्जितम्?” इति।।

सुकर्मा विनयेन पिप्पलं नमस्कृत्य अवोचत्-ब्रह्मन्! अहं किमपि न जानामि। न मया यज्ञः कृतः, न वा तीर्थाटनं कृतम्, तपः अपि न आचरितम्, अहं तु पित्रोः सेवामेव कृतवान्। अहं चिन्तयामि यत् पित्रोः सेवायाः श्रेष्ठतमम् अन्यत् कार्यं नास्ति। तयोः सेवायाः परिणामतः एव मया एतादृशी सिद्धिः प्राप्ता।

सुकर्मणः :
वचनं श्रुतवतः पिप्पलस्य ज्ञाननेत्रे उद्घाटिते। तस्य गर्वः अपि अपगतः। सः विनय-शीलः सञ्जातः।।

शब्दार्थ :
अहङ्कारी-अहंकारी-Proudy; प्रपञ्चे-प्रपञ्च में-; सदृशः-के समान-Like that; अमन्यत्-माना-Obey; ब्रह्मा-ब्रह्मा-God; निवारणीय-निवारण करता हूँ-Solves; साररूपं-सार रूप में-In summary; अवदच्च-और बोला-And speak; मन्यते-मानते हैं-Obeys; कृत्वा-करके-Do; लब्धवान्-प्राप्त किया-Received; भवदपेक्षया-आपकी अपेक्षा-Than you; यज्ञभागादिकं-यज्ञ आदि-And worship; सदृशः-के समान-Like that; एतदाकर्ण्य-ऐसा सुनकर-Listen that; अहं-मैं-I; सजातः-हुआ-Happend.

हिन्दी अर्थ :
पिप्पल-पूरा संसार हमारे अधीन हो-ऐसा वर माँगा। इन्द्र-‘तथास्तु’ ऐसा होगा। किन्तु वर प्राप्त कर लेने के बाद पिप्पल अहंकार से भर उठा। उसे ऐसा प्रपंच लगने लगा कि उसके समान तपस्वी संसार में कोई दूसरा नहीं। उसे अपने सर्वश्रेष्ठ होने का अहंकार हो गया।

पितामह ब्रह्मा पिप्पल के गर्व का निवारण करने हेतु सारस का रूप धारण कर उसके पास आए और बोले-आप अपने को क्यों सर्वश्रेष्ठ मानते हो? यह तुम्हारा अहंकार है। महान तपस्वी सुकर्मा तुम्हारी अपेक्षा अधिक ज्ञानवान है इतनी तपस्या करने पर भी तुम ज्ञान को प्राप्त न हो सके। यद्यपि कुण्डल पुत्र सुकर्मा तुम्हारे समान कठोर तपस्या भी नहीं किया, न ही यज्ञ-यागादि ही किया, तो भी उसने मातृ-पितृ सेवा के ज्ञान प्राप्त कर लिया। (ब्रह्मा की) यह बात सुन आश्चर्यचकित पिप्पल सुकर्मा के निकट जाकर पूछा-आपने कैसे इस प्रकार ज्ञान अर्जित कर लिया?

सुकर्मा ने विनय पूर्वक पिप्पल को नमस्कार कर कहा-ब्रह्मन्! मैं कुछ भी नहीं जानता। न तो मैंने कोई यज्ञ किया, न तीर्थ-व्रत किया, मैंने तपस्या भी नहीं की। मैंने तो केवल माता-पिता की सेवा की है। मैं सोचता हूँ-माता-पिता की सेवा ही सर्वश्रेष्ठ है। दूसरा अन्य कोई कार्य श्रेष्ठ नहीं है। उनकी सेवा के फलस्वरूप मुझे यह ज्ञान प्राप्त हुआ। सुकर्मा के वचन सुन पिप्पल के ज्ञान चक्षु खुल गए। उसका अहंकार तिरोहित हो गया वह विनयी हो गया।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 11 आर्थिक विकास

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 11 आर्थिक विकास

MP Board Class 8th Social Science Chapter 11 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) भारत में कार्यशील जनसंख्या का लगभग कितने प्रतिशत कृषि कार्य में संलग्न है ?
(क) 50 प्रतिशत
(ख) 60 प्रतिशत
(ग) 70 प्रतिशत
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(ख) 60 प्रतिशत

(2) भारत के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान –
(क) 26 प्रतिशत
(ख) 36 प्रतिशत
(ग) 42 प्रतिशत
(घ) 100 प्रतिशत
उत्तर:
(क) 26 प्रतिशत

(3) औद्योगिक विकास से –
(क) कृषि पर निर्भरता कम होती है
(ख) जीवन स्तर में सुधार आता है
(ग) उपर्युक्त दोनों
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(ग) उपर्युक्त दोनों।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) भारत, नेपाल, चीन, पाकिस्तान ……….. देश हैं तथा जापान, सिंगापुर, ब्रिटेन, अमेरिका …………. देश हैं।
(2) औद्योगिक विकास देश व नागरिकों के लिए …………. लाता है।
(3) लोहा-इस्पात का आधुनिक कारखाना …………. में लगाया गया।
(4) अर्थव्यवस्था के मंद विकास से …………. बढ़ती है।
उत्तर:

  1. विकासशील, विकसित
  2. समृद्धि
  3. जमशेदपुर (झारखण्ड)
  4. बेरोजगारी

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 11 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) निर्धनता किसे कहते हैं ?
उत्तर:
निर्धनता वह दशा है, जिसमें किसी व्यक्ति को अपने जीवन-यापन के लिए भोजन, वस्त्र और मकान जैसी न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति करने में कठिनाई होती है।

(2) बेरोजगारी किस स्थिति को कहते हैं ?
उत्तर:
बेरोजगारी वह स्थिति है जिसमें कोई व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से कार्य करने का इच्छुक होने पर भी कार्य पाने में असमर्थ रहता है। .

(3) खनिज आधारित उद्योग कौन-कौनसे हैं ?
उत्तर:
लोहा और इस्पात, सीमेण्ट तथा रसायन उद्योग खनिज आधारित उद्योग हैं।

(4) कुटीर उद्योगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रमुख रूप से खिलौने बनाना, लिफाफे बनाना, पापड़ बनाना, बड़ी बनाना, चटाई बनाना, झाड़ बनाना, मसाले तैयार करना, बीड़ी बनाना और कपड़े बुनना आदि कार्य कुटीर उद्योगों में शामिल हैं।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 11 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) प्राचीन काल में हमारे देश की अर्थव्यवस्था कैसी थी?
उत्तर:
प्राचीनकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था समृद्ध एवं विकसित थी। भारत आर्थिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर था। ईस्ट इण्डिया कम्पनी शुरू के वर्षों में बहुमूल्य धातुओं के बदले भारत में बने कपड़े, मसाले व कुटीर उत्पाद खरीदती थी।

(2) लघु उद्योग का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
लघु उद्योग में कम पूँजी लगती है। कम मजदूरों द्वारा ही कार्य करा लिया जाता है। इनसे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है तथा बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो जाता है।

(3) आत्मनिर्वाह कृषि क्या है ?
उत्तर:
देश के बहुसंख्यक किसान छोटी और बिखरी जोतों व परम्परागत औजारों का प्रयोग करते हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उन्नत बीजों, उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग नहीं कर पाते, अतः इससे उत्पादन भी कम होता है। इनका उत्पादन खाद्यान्न के रूप में उनके परिवार के उपभोग में प्रयुक्त हो जाता है। इस प्रकार की कृषि को आत्मनिर्वाह कृषि कहते हैं।

(4) ग्रामीण रोजगार गारन्टी’ योजना क्या है ?
उत्तर:
केन्द्र सरकार द्वारा ‘ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना-2005’ विधेयक पारित किया गया है। इस विधेयक में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के एक वयस्क व्यक्ति को 100 दिवसों का रोजगार उसके निवास के निकट (पाँच किलोमीटर के दायरे में) दिये जाने हेतु प्रावधान किया गया है।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 11 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) आर्थिक विकास में कृषि किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर:
कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है –
तथा इसका भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 26 प्रतिशत का योगदान है। भारतीय कृषि खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ उद्योगों के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराती है। कृषि के अन्तर्गत खेती-बाड़ी, पशुपालन, वानिकी, मत्स्य पालन आदि भी शामिल हैं। मानसून पर कृषि की निर्भरता अभी भी बनी हुई है। प्राकृतिक विशेषताओं; जैसे-भूमि की प्रकृति, जलवायु तथा सिंचाई की सुविधाओं के कारण भारतीय किसान विभिन्न प्रकार की कृषि करते हैं।

भारत के प्रत्येक क्षेत्र में कृषि की उत्पादकता भी समान नहीं रही है। हमारे देश की बड़ी जनसंख्या कृषि कार्य करती है। इससे उन्हें रोजगार, खाद्यान्न और आय प्राप्त होती है। उद्योगों को कच्चा माल कृषि से प्राप्त होता है। फसलों में किसानों की आय बढ़ने से उनका जीवन स्तर ऊँचा होता है। खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ कृषि उत्पादों का निर्यात करके विदेशी मुद्रा प्राप्त करके राष्ट्रीय आय में वृद्धि की जा सकती है।

(2) खनिज आधारित उद्योगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
खनिज अधारित उद्योगों का वर्णन अग्र प्रकार है –
ऐसे उद्योग जो कच्चे माल के लिए खनिजों पर निर्भर हैं, जैसे-लोहा और इस्पात, सीमेण्ट तथा रसायन उद्योग खनिज आधारित उद्योग हैं। भारत में लोहा व इस्पात का पहला कारखाना सन् 1830 में पोटॉनोवा (तमिलनाडु) में लगाया गया। लोहा व इस्पात बनाने का आधुनिक कारखाना 1907 में जमशेदपुर (झारखण्ड) में लगाया गया। इसमें लौह-अयस्क, कोकिंग कोयला, चूना पत्थर और मैंगनीज अयस्क का उपयोग किया जाता है।

एल्युमीनियम एवं ताँबा प्रगलन भी भारत के बड़े उद्योग हैं। इसके अतिरिक्त रासायनिक उद्योग जिसके अन्तर्गत उर्वरक, कृत्रिम रेशे, कृत्रिम रबड़, प्लास्टिक की वस्तुएँ, रंग-रोगन तथा औषधियाँ तैयार की जाती हैं। परिवहन उपकरण; जैसे – रेल के इंजन, डिब्बे, मोटर वाहन (बस, ट्रक, कार, मोटर साइकिल आदि) वायुयान एवं पोत बनाने सम्बन्धी बड़े एवं भारी उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक उद्योग स्थापित किये गये हैं।

(3) मुख्य आर्थिक समस्याओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आज हमारे सामने जो मुख्य आर्थिक समस्याएँ खड़ी हैं उनका वर्णन इस प्रकार है –
1. जनसंख्या वृद्धि – भारत के आर्थिक विकास में तेजी से बढ़ती जनसंख्या एक बड़ी समस्या है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद केवल इसी समस्या के कारण गरीबी, बेरोजगारी जैसी समस्याएँ आज तक सुलझ नहीं सकी। वर्ष 1951 में हमारे देश की कुल जनसंख्या 36 करोड़ थी, वहीं 2001 में जनसंख्या 102 करोड़ पहुँच गई।

2. निर्धनता – निर्धनता एक ऐसी अवस्था है, जिसमें किसी व्यक्ति को अपने जीवन-यापन के लिए भोजन, वस्त्र, मकान जैसी न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति करने में कठिनाई होती है। निर्धनता का दुष्परिणाम व्यक्तिगत और परिवार के स्वास्थ्य पर भी होता है। जिससे व्यक्ति की उत्पादन क्षमता घट • जाती है, अतः निर्धनता निरन्तर बनी रहती है। .

3. बेरोजगारी – हमारे देश में बेरोजगारी का प्रथम कारण है अर्थव्यवस्था का मंद विकास। बेरोजगारी का दूसरा कारण है जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि। इसके परिणामस्वरूप 15 से 59 आयु वर्ग के सर्वाधिक व्यक्ति रोजगार की प्रतीक्षा में हैं। विगत दशकों में जनसंख्या जिस गति से बढ़ी है उस गति से रोजगार के अवसर नहीं बढ़े।

4. मूल्य वृद्धि – निरन्तर और अनियन्त्रित मूल्यवृद्धि सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को संकट में डालती है, निर्धन और अधिक निर्धन हो जाते हैं। मूल्यवृद्धि आर्थिक असमानता एवं निर्धनता को बढ़ाती है।

5. भ्रष्टाचार – भ्रष्टाचार से आर्थिक असमानता बढ़ती है और गरीब अधिक हो जाते हैं। यह उन्नति की जड़ों को कुतरकर खोखला कर देता है। सरकार ने अनेक नियम और कानून बनाकर भ्रष्टाचार रोकने के प्रयास किये हैं।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1

प्रश्न 1.
एक आयताकार भूखण्ड की लम्बाई और चौड़ाई क्रमशः 500 m तथा 300 m है। ज्ञात कीजिए :
(i) भूखण्ड का क्षेत्रफल
(ii) भूखण्ड का मूल्य, यदि 1 m2 का मूल्य ₹ 10,000
हल:
(i) भूखण्ड की लम्बाई, l = 500 m,
चौड़ाई b = 300 m
भूखण्ड का क्षेत्रफल = l × b
= 500 m × 300 m = 1,50,000 m2

(ii) भूखण्ड के 1 m2 का मूल्य = ₹10,000
∴ भूखण्ड के 1,50,000 m2 का मूल्य
= ₹ 10,000 × 1,50,000
= ₹ 1,50,00,00,000

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प्रश्न 2.
एक वर्गाकार पार्क का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसका परिमाप 320 m है।
हल:
∵ वर्गाकार पार्क का परिमाप = 320 m
अर्थात् 4 × भुजा = 320 m
भुजा = \(\frac { 320 }{ 4 } \)m = 80m
वर्गाकार पार्क का क्षेत्रफल = (भुजा)2
= 80 m × 80 m
= 6,400 m2

प्रश्न 3.
एक आयताकार भूखण्ड की चौड़ाई ज्ञात कीजिए यदि इसका क्षेत्रफल 440 m- और लम्बाई 22 m हो। इसका परिमाप भी ज्ञात कीजिए।
हल:
आयताकार भूखण्ड की लम्बाई = 22 m
माना कि भूखण्ड की चौड़ाई = b
∴ भूखण्ड का क्षेत्रफल = l × b = 22 × b
या 22 × b = 440
या b = \(\frac { 440 }{ 22 } \) = 20 m
अतः भूखण्ड की चौड़ाई = 20 m
परिमाप = 2(l + b)
= 2 × (22 + 20)
= 2 × 42 = 84 m

प्रश्न 4.
एक आयताकार शीट का परिमाप 100 cm है। यदि लम्बाई 35 cm हो, तो इसकी चौड़ाई ज्ञात कीजिए। क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए।
हल:
आयताकार शीट का परिमाप = 100 cm, लम्बाई = 35 cm, चौड़ाई b = ?
∴ 2(l + b) = 100 cm
या 2(35 + b) = 100 cm
या 35 + b = \(\frac { 100 }{ 2 } \) = 50 cm
b = 50 – 35 = 15 cm
∴ शीट की चौड़ाई = 15 cm
अब, क्षेत्रफल = l × b
∴ शीट का क्षेत्रफल = 35 × 15 = 525 cm2

प्रश्न 5.
एक वर्गाकार पार्क का क्षेत्रफल एक आयताकार पार्क के बराबर है। यदि वर्गाकार पार्क की एक भुजा 60 m हो और आयताकार पार्क की लम्बाई 90 m हो, तो आयताकार पार्क की चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
हल:
वर्गाकार पार्क की भुजा = 60 m
आयताकार पार्क की लम्बाई = 90 m
∴ वर्गाकार पार्क का क्षेत्रफल = a2 = 60 m × 60 m
= 3,600 m2
∵ आयताकार पार्क का क्षेत्रफल = वर्गाकार पार्क का क्षेत्रफल
∴ लम्बाई × चौड़ाई = 3,600 m2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 1

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प्रश्न 6.
एक तार आयत के आकार का है। इसकी लम्बाई 40 cm और चौड़ाई 22 cm है। यदि उसी तार को दुबारा मोड़कर एक वर्ग बनाया जाता है, तो प्रत्येक भुजा की माप क्या होगी? यह भी ज्ञात कीजिए कि किस आकार का क्षेत्रफल अधिक होगा?
हल:
लम्बाई l = 40 cm, चौड़ाई b = 22 m
परिमाप = 2(l + b)
= 2(40 + 22)
= 2 × 62 = 124cm
आयत का क्षेत्रफल = l × b
= 40 × 22
= 880 cm2
∵ तार को मोड़कर वर्ग बनाया गया है।
∴ वर्ग का परिमाप – आयत का परिमाप
4 × a= 124 cm
या वर्ग की प्रत्येक भुजा की लम्बाई a = \(\frac { 124 }{ 4 } \) = 31 cm
वर्ग का क्षेत्रफल = (a)2
= 31 × 31
= 961 cm2
∵ 961 cm2 > 880 cm2
∴ वर्ग का क्षेत्रफल आयत के क्षेत्रफल से अधिक है।

प्रश्न 7.
एक आयत का परिमाप 130 cm है। यदि आयत की चौड़ाई 30 cm हो, तो आयत की लाबाई ज्ञात कीजिए। आयत का क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए।
हल:
आयत का परिमाप = 130 cm
आयत की चौड़ाई = 30 cm
∵ आयत का परिमाप = 2 × (l + b)
∴ 2(l + 30) = 130 cm
या l + 30 = \(\frac { 130 }{ 2 } \) = 65 cm
या आयत की लम्बाई l = 65 – 30 = 35 cm
∴ आयत का क्षेत्रफल = l × b
= 35 × 30 cm2
= 1,050 cm2

प्रश्न 8.
2 m लम्बाई और 1 m चौड़ाई वाले दरवाजे को एक दीवार में लगाया जाता है। दीवार की लम्बाई 4.50 m तथा चौड़ाई 3.6m है (चित्र 11.5)।₹ 20 प्रति m’ की दर से दीवार पर सफेदी (white wash) कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 2
हल:
दरवाजे की लम्बाई = 2 m, चौड़ाई = 1 m, दीवार की लम्बाई = 4.50 m, चौड़ाई = 3.6 m.
∴ दीवार का क्षेत्रफल = l × b
= 4.50 m × 3.6m
= 16.2 m2
दरवाजे का क्षेत्रफल = 2 m × 1 m = 2 m2
दीवार पर सफेदी वाला क्षेत्रफल
= दीवार का क्षेत्रफल – दरवाजे का क्षेत्रफल
= 16.2 m2 – 2 m2 = 14.2 m2
∴ सफेदी कराने का व्यय = ₹ 14.2 × 20
= ₹ 284

प्रश्न:
08 cm और 5 cm भुजाओं वाला एक आयत लीजिए। आयत को विकर्ण के अनुदिश ऐसा काटिए जिससे दो त्रिभुज प्राप्त हों (चित्र 11.6)।
एक त्रिभुज को दूसरे पर रखिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 3

प्रश्न 1.
क्या ये दोनों पूर्णतया समान माप के हैं ?
उत्तर:
हाँ, ये दोनों पूर्णतया समान माप के हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप कह सकते हैं कि दोनों त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है ?
उत्तर:
हाँ, दोनों त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है।

प्रश्न 3.
क्या ये त्रिभुज सर्वांगसम भी हैं ?
उत्तर:
हाँ, ये त्रिभुज सर्वांगसमता के SSS गुण के अनुसार सर्वांगसम है।

प्रश्न 4.
इनमें से प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल कितना है ?
हल:
प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आयत का क्षेत्रफल
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × (l × b) = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 8 × 5 = 20 cm2
इनमें से प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल 20 cm2 है।

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प्रश्न:
अब एक 5 cm भुजा वाला वर्ग लीजिए और इसे 4 त्रिभुजों में बाँटिए जैसा कि आकृति में दिखाया गया है (चित्र 11.7)।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 4

प्रश्न 1.
क्या चारों त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है ?
उत्तर:
हाँ, चारों त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है।

प्रश्न 2.
क्या वे एक-दूसरे के सर्वांगसम हैं ?
उत्तर:
हाँ, वे एक-दूसरे के सर्वांगसम हैं।

प्रश्न 3.
प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल क्या है ?
हल:
प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 4 } \) × वर्ग का क्षेत्रफल
= \(\frac { 1 }{ 4 } \) × 5 × 5
= \(\frac { 25 }{ 4 } \) = 6.25 cm2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 226

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इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
आगे दिए गए सभी आयत जिसकी लम्बाई 6.cm और चौड़ाई 4 cm है, सर्वांगसम बहुभुज से मिलकर बने हैं। प्रत्येक बहुभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 5
हल:
आयत की लम्बाई = 6 cm, चौड़ाई = 4 cm,
आयत सर्वांगसम बहुभुज बनाते हैं।
प्रत्येक दशा में बहुभुज का क्षेत्रफल
= आयत का क्षेत्रफल
= l × b = 6 × 4 = 24 cm2

(i) चूँकि आकृति में कुल छ: बहुभुज हैं।
∴ प्रत्येक बहुभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 24 }{ 6 } \) = 4 cm2

(ii) ∵ आकृति में कुल 4 बहुभुज हैं।
∴ प्रत्येक आकृति का क्षेत्रफल = \(\frac { 24 }{ 6 } \) = 6 cm2

(iii) ∵ आकृति में 2 बहुभुज हैं।
∴ प्रत्येक आकृति का क्षेत्रफल
= \(\frac { 24 }{ 2 } \) = 12 cm2

(iv) ∵ आकृति में कुल 2 बहुभुज हैं।
∴ प्रत्येक आकृति का क्षेत्रफल
= \(\frac { 24 }{ 2 } \) = 12 cm2

(v) ∵ आकृति में कुल 8 बहुभुज हैं।
∴ प्रत्येक आकृति का क्षेत्रफल
= \(\frac { 24 }{ 8 } \) = 3 cm2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 227-228

पाठ्या-पुस्तक में दिये गये समान्तर चतुर्भुजों के बारे में सोचिए।
आकृतियों द्वारा घेरे गए वर्गों की संख्या को गिनकर समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए और भुजाओं को मापकर परिमाप भी ज्ञात कीजिए।
तालिका को पूरा कीजिए।
हल:
समान्तर चतुर्भुज की प्रत्येक आकृति में वर्गों की संख्या 15 है। इसलिए प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
= 15 वर्ग इकाई
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 6

परिमाप निकालने के लिए प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज की भुजा AD को नापते हैं।
आकृति : (a) AD = 3.2 इकाई,
∴ परिमाप = 2(l + b) = 2(5 + 3.2) = 16.4 इकाई
(b) AD = 3.6 इकाई,
∴ परिमाप = 2(5 + 3.6) = 17.2 इकाई
(c) AD = 4.2 इकाई,
∴ परिमाप = 2(5 + 4.2) = 18.4 इकाई
(d) AD = 3.2 इकाई,
∴ परिमाप = 2(5 + 3.2) = 16.4 इकाई
(e) AD = 3.6 इकाई,
∴ परिमाप = 2(5 + 3.6)
= 17.2 इकाई
(f) AD = 4.2 इकाई,
∴ परिमाप = 2(5 + 4.2) = 18.4 इकाई
(g) AD =5 इकाई,
∴ परिमाप = 2(5 + 5) = 20 इकाई

तालिका
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 7
इकाई स्पष्ट है कि क्षेत्रफल सभी चतुर्भुजों का समान है, लेकिन परिमाप भिन्न हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 228

MP Board Solutions

प्रश्न:
पाठ्य-पुस्तक में दिये गये 7 cm तथा 5 cm भुजाओं वाले समान्तर चतुर्भुजों को देखिए।
प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज का परिमाप तथा क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। अपने परिणाम का विश्लेषण कीजिए।
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 8
यहाँ, स्पष्ट है कि समान्तर चतुर्भुजों का क्षेत्रफल अलग-अलग है, लेकिन परिमाप समान हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 229

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
निम्न समान्तर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 9
(iii) समान्तर चतुर्भुज ABCD में AB = 7.2 cm और C से AB पर लम्ब 4.5 cm है।
हल:
(i) आधार = 8 cm, ऊँचाई = 3.5 cm
∴ क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई
= 8 cm × 3.5 cm = 28 cm2

(ii) आधार = 8 cm, ऊँचाई = 2.5 cm
∴ क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई
=8 cm × 2.5 cm = 20 cm2

(iii) समान्तर चतुर्भुज का आधार AB = 7.2 cm
ऊँचाई = 4.5cm
क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई
= 7.2 cm × 4.5 cm
= 32.40 cm2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 230

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
ऊपर दिए गए क्रियाकलापों को अलग-अलग प्रकार के त्रिभुज लेकर कीजिए।
हल:
दिया है, ∆ABC हम दूसरा ∆ACD इस प्रकार लेते हैं कि समान्तर चतुर्भुज ABCD दिखाई दे, जैसा कि चित्र 11:11 में दिखाया गया है :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 10
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 11

ऊपर की प्रत्येक आकृति में, ∆ABC के क्षेत्रफल का दो गुना समान्तर चतुर्भुज ABCD के क्षेत्रफल के बराबर है।
क्योंकि हम जानते हैं कि ∆ABC का क्षेत्रफल
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) (आधार × ऊँचाई)
तथा समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल
= आधार × ऊँचाई होता है।

प्रश्न 2.
अलग-अलग प्रकार के समान्तर चतुर्भुज लीजिए। प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में एक विकर्ण के अनुदिश काटिए। क्या ये त्रिभुज सर्वांगसम हैं ?
हल:
दिया है, ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। प्रत्येक चतुर्भुज दो त्रिभुजों में विकर्ण AC अथवा BD के अनुदिश काटा, जैसा कि चित्र 11.12 में दिखाया गया है। ये त्रिभुज आपस में सर्वांगसम होंगे।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 12

प्रश्न 3.
चित्र 11.13 में सभी त्रिभुज, आधार AB = 6 cm पर स्थित हैं। आधार AB पर प्रत्येक त्रिभुज की संगत ऊँचाई के बारे में आप क्या कह सकते हैं ?
क्या हम कह सकते हैं कि सभी त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 13

हल:
चित्र से स्पष्ट है कि प्रत्येक त्रिभुज की संगत ऊँचाई आधार AB पर बराबर है।
∵ त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आधार × ऊँचाई
अतः हम कह सकते हैं कि समान आधार और बराबर ऊँचाई के त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है।

प्रश्न 4.
आधार 6 cm वाले एक अधिक कोण त्रिभुज (obtuse angled triangle) त्रिभुज ABC पर विचार करते हैं।
इसकी ऊँचाई AD शीर्ष A से DC पर लम्ब है जो त्रिभुज के बाह्य स्थित है।
क्या आप इस त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कर सकते हैं ?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 परिमाप और क्षेत्रफल Ex 11.1 image 14
हल:
हाँ, इसका क्षेत्रफल ज्ञात कर सकते हैं।
∆ABC का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × आधार × ऊँचाई
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × BC × AD
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 6 × 4 = 12 cm2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 232-234

MP Board Class 7th Maths Solutions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.3

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित चतुर्भुजों की रचना कीजिए –
(i) चतुर्भुज MORE जिसमें –

  • MO = 6 cm
  • OR = 4.5 cm
  • ∠M = 60°
  • ∠0 = 105°
  • ∠R = 105° है।

(ii) चतुर्भुज PLAN जिसमें –

  • PL = 4 cm
  • ∠A = 6.5 cm
  • ∠P = 90°
  • ∠A = 110°
  • ∠N = 180° है।

(iii) समान्तर चतुर्भुज HEAR जिसमें –

  • OK = 7 cm
  • HE = 5 cm
  • KA = 5 cm है।

(iv) आयत OKAY जिसमें –

  • EA = 6 cm
  • ∠A = 85° है।

हल:
(i) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड MO = 6 cm बनाया।
  2. बिन्दु M पर ∠ZMO = 60° बनाती हुई रेखा OZ खींची।
  3. बिन्दु O पर 105° का कोण बनाती हुई रेखा OX खींची।
  4. बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 4.5 cm की त्रिज्या लेकर OR = 4.5 cm OX में से काट ली।
  5. बिन्दु R पर ∠ORY बनाती हुई रेखा RY खींची जो MZ को E पर प्रतिच्छेद करती है।
  6. इस प्रकार बनी हुई आकृति MORE अभीष्ट चतुर्भुज है।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.3 img-1

(ii) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड PL = 4 cm बनाया।
  2. ∠PLA = 360° – (90° + 110° + 85°) = 360° – 285° = 75° प्राप्त किया।
  3. बिन्दु P पर 90° का कोण बनाती हुई रेखा PX खींची।
  4. बिन्दु L पर 75° का कोण बनाते हुए LY खींची।
  5. बिन्दु L को केन्द्र मानकर तथा 6.5 cm त्रिज्या लेकर LA = 6.5 cm, LY में से काट लिया।
  6. A बिन्दु पर ∠LAZ = 110° का कोण बनाते हुए रेखा AZ खींची; जो PX को N पर काटती है।

इस प्रकार बनी हुई आकृति PLAN अभीष्ट चतुर्भुज है।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.3 img-2
(iii) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड HE = 5 cm बनाया।
  2. E बिन्दु पर ∠HEX = 85° का कोण बनाती हुई रेखा PX खींची।
  3. E बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 6 cm त्रिज्या लेकर ox में से EA = 6 cm काट लिया।
  4. अब H व R को केन्द्र मानकर क्रमशः HR = 6 cm तथा AR = 5 cm त्रिज्याएँ चाप लगाए जो परस्पर बिन्दु R पर काटते हैं।
  5. HR तथा AR को मिलाया।

इस प्रकार बनी हुई आकृति HEAR अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज है।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.3 img-3

(iv) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड OK = 7 cm बनाया।
  2. K बिन्दु पर ∠OKX = 90° बनाती हुई रेखा OX खींची।
  3. K बिन्दु को केन्द्र मानकर तथा 5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप लगाया जो KX को A पर काटता है। AK को मिलाया।
  4. O व A बिन्दु को केन्द्र मानकर क्रमशः OY = 5 cm तथा AY = 7 cm त्रिज्याएँ लेकर चाप लगाए जो परस्पर Y बिन्दु पर काटते हैं।
  5. OY तथा AY को मिलाया।
  6. इस प्रकार बनी आकृति OKAY अभीष्ट आयत है।
    MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.3 img-4

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 71

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 4.5)

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प्रश्न 1.
उपर्युक्त उदाहरण 4 में, हमने सर्वप्रथम BC खींची। इसके स्थान पर दूसरे अन्य प्रारम्भ बिन्दु और कौन-से हो सकते हैं?
उत्तर:
BC के स्थान पर दूसरे अन्य प्रारम्भ बिन्दु AB अथवा CD रेखाखण्ड हो सकते हैं।

प्रश्न 2.
हमने अभी तक चतुर्भुजों की रचना के लिए कोई पाँच मापों का प्रयोग किया। क्या एक चतुर्भुज की रचना के लिए पाँच मापों के अलग-अलग समुच्चय (अभी तक देखे गए मापों के अतिरिक्त) हो सकते हैं?
निम्नलिखित समस्याएँ प्रश्नों के उत्तर देने में आपकी सहायता कर सकती हैं –

  1. चतुर्भुज ABCD जिसमें AB = 5 cm, BC = 5.5 cm, CD = 4 cm, AD = 6 cm और ∠B = 80° है।
  2. चतुर्भुज PQRS जिसमें PQ = 4.5 cm, ∠P= 70°, ∠Q = 100°, ZR = 80° और ∠S = 110° है।

आप स्वयं कुछ और उदाहरणों की रचना कीजिए और एक चतुर्भुज की रचना के लिए आँकड़ों की पर्याप्तता/ अपर्याप्तता ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

  1. इन आँकड़ों में चार भुजाएँ और एक कोण चतुर्भुज ABCD की रचना के लिए दिए गए हैं।
  2. इन आँकड़ों से चतुर्भुज PQRS की रचना नहीं की जा सकती है।
  3. निम्न आँकड़ों से चतुर्भुज की रचना नहीं कर सकते चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जिसमें AB = 8 cm,
    BC = 4.5 cm, CD = 4 cm, ZB = 60° और AB || CD.

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 21 सूक्तयः

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 21 सूक्तयः (स्फुट)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 21 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) सत्य क्षमाभ्यां कस्य सिद्भिः? (सत्य के क्षमाभ्यास से किसकी सिद्धि होती है?)
उत्तर:
सकलार्थः। (सभी प्रकार की)

(ख) मे मनः कीदृशः अस्तु? (मेरः मन किस तरह का हो?)
उत्तर:
शिव संकल्पमस्तु। (शिव संकल्प वाला हो)।।

(ग) कर्मसु कौशलम् किम्? (कर्म में कुशलता किससे आती है?)
उत्तर:
योगः। (योग से)

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(घ) प्रमाद कस्मात् न कर्त्तव्यः? (किसमें प्रमाद नहीं करना चाहिए?)
उत्तर:
स्वाध्याय। (स्वाध्याय में)

(ङ) कः रक्षितः रक्षति? (किसकी रक्षा ही रक्षा है?)
उत्तर:
धर्मा। (धर्म की)

प्रश्न 2.
एक वाक्येन उत्तर लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) सर्वारम्भः कः? (सबसे पहले क्या आरम्र होता है?)
उत्तर:
सर्वारम्भा मन्त्रमूलाः। (सबसे पहले मूल मंत्र आरंभ होता है।)

(ख) नरः कथं सुखी भवति? (व्यक्ति सुखी कैसे होता है?)
उत्तर:
नरः आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्। (जो व्यक्ति भोजन और शिष्टाचार में लज्जा को त्यागने वाला है, वही सुखी रहता है)

(ग) सकलं कदा नष्टं भवति? (सम्पूर्ण कब नष्ट हो जाता है?)
उत्तर:
यदि आचरणं मलिनं भ्रष्टम् तदा सकलं नष्टं भवति। (यदि आचरण सन्तोषप्रद नहीं है तो सम्पूर्ण नष्ट हो जाता है।)

प्रश्न 3.
उचितमेलनं कुरुत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 21 सूक्तय img-1

प्रश्न 4.
रेखांवित शब्दार आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
(क) धर्मो रक्षितः रक्षति
प्रश्न : धर्मों कः रक्षति?

(ख) भ्रष्टाचारण सर्वं नष्टंपति।
प्रश्न : केन आचरेण सर्वं नष्टं भवति?

(ग) द्यिा मुक्तिप्रदा अस्ति।
प्रश्न : विद्या का अस्ति?

प्रश्न 5.
रक्तस्थानानि पूरयत
(श) सा विद्या या विमुक्तये।
(ष) स्वाध्याय न प्रमदितव्यम्।
(स) आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।।
(ह) सत्यश्रमाभ्याम् सकलार्थ सिद्धिः।

प्रश्न 6.
सन्धि विच्छेदं कुरुत-
तन्न – तत्+न।
धर्मोरक्षति – धर्मः+रक्षति।
स्वाध्यायान्मा – स्वाध्याय+अयान्मा।

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प्रश्न 7.
कोष्ठकात् शब्द चित्वा सूक्तिं रचयत
धर्मो, योगः, यत्र, सकलम्
यथा-
धर्मो – धर्मो रक्षति रक्षितः।
योगः – योगः कर्मसु कौशलम्।
यत्र – यत्र नारयस्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवता।
सकलम् – सत्यश्रमाभ्याम् सकलार्थ सिद्धिः।

प्रश्न 8.
सूक्त्या पूर्ति करोतु-(सूक्ति द्वारा)
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 21 सूक्तय img-2

प्रश्न 9.
संस्कृतवाक्येषु प्रयोगं कुरुत
यत्र, तत्र, हि, च, या
यत्र – यत्र धूम्रः तत्र अग्नि।
तत्र – तत्र खगाः सन्ति।
हि – मानो हि महताम धनम।
च – अन्नं, जलं च सुभाषितम् पृथ्वियां श्रेष्ठः रत्नाः सन्ति।
या – सा विद्या या विमुक्तये।

प्रश्न 10.
समानार्थक शब्दं लिखत
लज्जा – व्रीड़ा
ल कष्टं – दुःखं
स्वाध्याय – अध्ययनम्।

प्रश्न 11.
अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-
(क) योगस्याशयः स्पष्टं करोतु?
उत्तर:
कर्मस्य कौशलम्।।

(ख) कुत्र कुत्र प्रमादः न कर्त्तव्यम्?
उत्तर:
देव पितृकार्याभ्यां।

(ग) धर्मः कथं रक्षति?
उत्तर:
सर्व प्रकारेण, धर्म क्षेत्रे, कर्म क्षेत्रे धर्मः रक्षति।

(घ) कीदृशी विद्या मुक्तिं ददाति?
उत्तर:
तपः शालिनी विद्या मुक्तिं ददाति।

(ङ) भ्रष्टाचारेण किं किं भवति?
उत्तर:
भ्रष्टाचारेण सर्वं नष्टं भवति।

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सूक्तयः पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

सुंदर उक्ति अर्थात् कथन ही सूक्ति कहलाता है। अनुभव पूर्ण हितकारक वचन ही सूक्ति कहलाता है। सूक्ति मानव स्वभाव को शोध कर सन्मार्ग पर अग्रसर करती है और श्रेष्ठ आचार-व्यवहार का उपदेश देती है। अतः शिक्षण में भी सूक्तियों का विशेष महत्त्व है। प्रस्तुत पाठ में विभिन्न ग्रन्थों से सूक्तियों का संकलन कर यहाँ प्रस्तुत किया गया है।

शब्दार्थ :
सत्यश्रमाभ्याम्-सत्य और श्रम द्वारा-through truth and labour; विमुक्तये-मुक्ति के लिए-for finished for the freedom; प्रमदितव्यम्-प्रमाद करना चाहिए-intoxication self; रमन्ते-निवास करते हैं-lives; सर्वारम्भाः-सभी कार्यों का आरम्भ-start of all work; अन्तःकरणम्-मन बुद्धि आदि-mind, wisdom; भव-होओ (हे)-happen; देवपितृकार्याभ्यां-देव और पितृ कार्यों में-God and sons work; प्रमदः-आलस्य-Ideal;,laziness; त्यक्त लज्जः-जिसने लज्जा को त्याग दिया हो-wicked; वस्तुषु-वस्तुओं में-In things;सुखी भवेत्-सुखी होता है-Happy;शक्यं-शक्ति-power.

सूक्तयः पाठ का हिन्दी अर्थ

1. मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु।
मेरा मन शुभ संकल्प वाला हो।

2. सत्यश्रमाभ्याम् सकलार्थः सिद्धिः।
सत्य एवं परिश्रम से सकलार्थ (सभी कार्यों की) सिद्धि होर्तः है।

3. सा विद्या या विमुक्तये।
विद्या वह है जो मुक्ति प्रदान करे।

4. ये.गः कर्मसु कौशलम्।
योग से कर्म करने की कुशलता आती है।

5. स्वाध्यायान्मा प्रमदः।
स्वाध्याय में प्रमाद न करें।

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6. देवपितृकार्याभ्यां न प्रमदितव्यम्।
देव और पितृकार्य में भी आलस्य न करें।

7. धर्मो रक्षति रक्षितः।
धर्म की रक्षा से ही स्व रक्षा होती है।

8. मन्त्रमूलाः सर्वारम्भाः।
सभी कार्यों का मूल मंत्र प्रारंभ करना है।

9. आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।
भोजन और शिष्टाचार में लज्जा का त्याग करने वाला ही सुखी रहता है।

10. सतां हि सन्देहपदेषु वस्तुषु प्रमाणमन्तःकरणप्रवृत्तयः।
संदेह होने पर अंतःकरण की वृत्ति ही प्रमाण होती है।

11. सकलं कष्टं निखिलं नष्टं यदि आचरणं मलिनं भ्रष्टम्।
यदि आचरण दूषित हो तो वह समस्त कष्टों को देने वाला है एवं सम्पूर्ण को नष्ट करके वाला होता है।

12. उपायेन हि यच्छक्यं तन्न शक्यं पराक्रमः।
उपाय से ही यथा शक्ति पराक्रम प्राप्त होता है।

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