MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions

MP Board Class 10th Maths Chapter 10 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Maths Chapter 10 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वृत्त के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा, स्पर्श बिन्दु से खींची गई त्रिज्या पर लम्ब होती है। सिद्ध कीजिए।
अथवा
वृत्त की स्पर्श रेखा स्पर्श बिन्दु से होकर जाने वाली त्रिज्या पर लम्ब होती है। सिद्ध कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 1
ज्ञात है : वृत्त C (O, r) की स्पर्श रेखा AB जिसका बिन्दु P स्पर्श बिन्दु है। OP स्पर्श बिन्दु से होकर जाने वाली त्रिज्या है।
सिद्ध करना है : OP ⊥ AB
रचना : रेखा AB पर P के अतिरिक्त एक अन्य बिन्दु Q लीजिए और OQ को मिलाइए।
उपपत्ति: ∵Q एस्पर्श रेखा AB पर स्पर्श बिन्दु P के अतिरिक्त कोई अन्य बिन्दु है।
∵ Q वृत्त के बाहर स्थित होगा।
∴ OQ > OP
अर्थात् OP < OQ
∵ किसी बिन्दु O से रेखा AB तक खींचे गये रेखाखण्डों में OP सबसे छोटा है।
∴ OP ⊥ AB.
इति सिद्धम्

प्रश्न 2.
किसी वृत्त के बाह्य बिन्दु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ तुल्य होती हैं। सिद्ध कीजिए।
अथवा
किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं की लम्बाइयाँ बराबर होती हैं। सिद्ध कीजिए। (2019)
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 2
ज्ञात है : वृत्त C (O, r) पर बाह्य बिन्दु P से खींचे गए दो स्पर्श रेखाखण्ड PQ और PR हैं।
सिद्ध करना है : PQ = PR
रचना : रेखाखण्ड OP, OQ और OR खींचिए।
उपपत्ति : ∵ PQ एवं PR स्पर्श रेखाएँ और OQ एवं OR त्रिज्याएँ हैं।
∴ OQ ⊥ PQ
OR ⊥ PR
∴ ∠OQP = ∠ORP = 90°
अब समकोण ∆OQP एवं ∆ORP में,
∵ कर्ण OP = कर्ण OP [उभयनिष्ठ है]
∵ भुजा OQ = भुजा OR [वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
∴ ∆OQP ≅ ∆ORP [R.H.S. सर्वांगसम प्रमेय से]
∴ PQ = PR.
इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
यदि किसी वृत्त की जीवाएँ एक-दूसरे को वृत्त के अन्तर्गत या बहिर्गत प्रतिच्छेद करती हैं, तो एक जीवा के खण्डों से निर्मित आयत दूसरी जीवा के खण्डों से निर्मित क्षेत्रफल के तुल्य होगा।
अथवा
यदि किसी वृत्त की दो जीवाएँ वृत्त के अन्दर या बढ़ाने पर वृत्त के बाहर प्रतिच्छेद करती हों, तो एक जीवा के दो खण्डों से बने आयत का क्षेत्रफल दूसरी जीवा के दो खण्डों से बने आयत के क्षेत्रफल के बराबर होता है।
हल :
ज्ञात है : वृत्त C (O,r) की दो जीवाएँ AB और CD जो वृत्त के अन्दर या बढ़ाने पर वृत्त के बाहर बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करती हैं।
सिद्ध करना है : PA.PB = PC.PD
रचना : AC और BD को मिलाइए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 3
उपपत्ति : स्थिति-I में जबकि जीवाएँ AB एवं CD वृत्त के अन्दर बिन्दु P पर परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं :
∆PAC और ∆PDB में,
∵ ∠PCA = ∠PBD [एक ही वृत्त खण्ड के कोण हैं।
∵ ∠PAC = ∠PDB [एक ही वृत्त खण्ड के कोण हैं।
∵ ∠APC = ∠BPD [शीर्षाभिमुख कोण हैं।
∴ ∆PAC ~ ∆PDB [AAA समरूपता प्रमेय]
∴ \(\frac{P A}{P D}=\frac{P C}{P B}\) [समरूप त्रिभुजों की परिभाषा से]
अर्थात् PA.PB = PC.PD.
इति सिद्धम्
स्थिति-II में जबकि जीवाएँ AB एवं CD बढ़ाने पर वृत्त के बाहर बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करती हैं :
∵ ∠PAC + ∠CAB = 180° …(1) [कोणों का रैखिक युग्म]
∵ ∠CAB + ∠CDB = 180° …(2) [चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं|
∴ ∠PAC = ∠CDB (या ∠PDB) [(1) एवं (2) से]
इसी प्रकार ∠PCA = ∠ABD (या ∠PBD)
अब ∆PAC और ∆PDB में,
∵ ∠PAC = ∠PDB [सिद्ध कर चुके हैं।
∵ ∠PCA = ∠PBD [सिद्ध कर चुके हैं।
∵ ∠APC = ∠DPB [उभयनिष्ठ हैं
∴ ∆PAC ~ ∆PDB [AAA समरूपता प्रमेय]
∴ \(\frac{P A}{P D}=\frac{P C}{P B}\) [समरूप त्रिभुजों की परिभाषा से
अर्थात् PA.PB = PC.PD.
इति सिद्धम्

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प्रश्न 4.
PAB, O केन्द्र के वृत्त की छेदक रेखा है, जो वृत्त को A एवं B पर काटती है तथा PT स्पर्श रेखा है, तो सिद्ध कीजिए कि PA.PB = PT².
अथवा
यदि PAB वृत्त की छेदक रेखा हो जो वृत्त को A और B पर प्रतिच्छेद करती है और PT एक स्पर्श रेखा हो, तो सिद्ध कीजिए कि PA.PB = PT².
हल :
ज्ञात है : वृत्त C (O, r) की एक छेदक रेखा PAB जो वृत्त को A एवं B पर प्रतिच्छेद करती है तथा PT एक स्पर्श रेखा जो वृत्त को T पर स्पर्श करती है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 4
सिद्ध करना है : PA.PB = PT²
रचना : OM ⊥ AB खींचिए। OA, OP एवं OT को मिलाइए।
उपपत्ति: PA.PB = (PM – AM) (PM + MB)
= (PM – AM) (PM+ AM)
[∵ OM ⊥ AB ⇒ AM = MB]
= PM² – AM²
= (OP² – OM²) – (OA² – OM²)
= OP² – OA² [पाइथागोरस प्रमेय]
= OP² – OT² [∵ OA = OT त्रिज्याएँ हैं।
= PT² [पाइथागोरस प्रमेय]
अतः, PA.PB = PT².
इति सिद्धम्

प्रश्न 5.
यदि कोई रेखा वृत्त को स्पर्श करे और स्पर्श बिन्दु से एक जीवा खींची जाये, तो वे कोण जो जीवा स्पर्श रेखा के साथ बनाती है, क्रमशः संगत एकान्तर वृत्त खण्ड में बने कोणों के बराबर होते हैं।
अथवा
यदि वृत्त की स्पर्श रेखा के स्पर्श बिन्दु से एक जीवा खींची जाए, तो इस जीवा द्वारा दी गई स्पर्श रेखा के साथ बनाए गए कोण, संगत एकान्तर वृत्त खण्डों में बनाए गए कोण के क्रमशः बराबर होते हैं।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 5
ज्ञात है : AB वृत्त C (O,r) की एक स्पर्श रेखा है जिसका स्पर्श बिन्दु P है। P से एक जीवा PQ खींची गई है। ∠PRO एवं ∠PSQ क्रमशः वृत्त खण्डों में बने कोण हैं।
सिद्ध करना है: ∠PRQ = ∠QPB
एवं ∠PSQ = ∠OPA
रचना : व्यास POT खींचिए और TQ को मिलाइए।
उपपत्ति: ∵ ∠TOP = 90° [अर्द्धवृत्त का कोण है]
∴ ∠TPQ + ∠PTQ = 90° …(1) [समकोण त्रिभुज के शेष कोण हैं।
∵ ∠TPQ + ∠QPB = ∠TPB = 90° …(2) [∵ TP ⊥ AB]
∴ ∠PTQ = ∠QPB [समीकरण (1) एवं (2) से]
लेकिन ∠PTQ = ∠PRQ [एक ही वृत्त खण्ड के कोण हैं]
∴ ∠PRQ = ∠QPB. इति सिद्धम
∵ ∠QPA + ∠QPB = 180° [ऋजु रेखीय युग्म]
∵ ∠PSQ + ∠PRQ = 180° [चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं]
∴ ∠PSQ + ∠PRQ = ∠QPB + ∠QPA
लेकिन ∠PRQ = ∠QPB [सिद्ध कर चुके हैं।
∴ ∠PSQ = ∠QPA.
इति सिद्धम्

प्रश्न 6.
यदि दो वृत्त एक-दूसरे को (अन्तः या बाह्य रूप से) स्पर्श करते हैं, तो स्पर्श बिन्दु वृत्तों के केन्द्रों को मिलाने वाली सरल रेखा पर स्थित होता है।
अथवा
यदि दो वृत्त एक-दूसरे को (आन्तरिकतः या बाह्यतः) स्पर्श करते हों, तो स्पर्श बिन्दु केन्द्रों से होकर जाने वाली रेखा पर स्थित होता है।
हल :
ज्ञात है : दो वृत्त C (O, r) एवं C (O’, r’) एक-दूसरे को बिन्दु P पर स्पर्श करते हैं।
सिद्ध करना है : O, P एवं O’ सरेख हैं।
रचना : बिन्दु P पर दोनों वृत्तों की सामान्य स्पर्शी APB खींचिए। OP एवं O’P को मिलाइए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 6
उपपत्ति: स्थिति-I में,
∵ त्रिज्या OP के सिरे P पर APB वृत्त की स्पर्श रेखा है।
∴OP ⊥ APB
इसी प्रकार O’P ⊥ APB
किसी रेखा के किसी बिन्दु पर एक ही ओर एक और केवल एक लम्ब खींचा जा सकता है।
इसीलिए OP एवं O’ P संपाती होंगी।
अतः O,O’,P संरेख हैं। इति सिद्धम्
स्थिति-II में,
∵ त्रिज्या OP के सिरे P पर APB वृत्त की स्पर्श रेखा है।
∴ OP ⊥ APB
अर्थात् ∠OPA = 90°
इसी प्रकार ∠APO’ = 90°
∴ ∠OPA + ∠APO’ = 180°
इसलिए O, P एवं O’ संरेख हैं। इति सिद्धम्

प्रश्न 7.
संलग्न आकृति में दो वृत्त जिनके केन्द्र O एवं O’ हैं, एक-दूसरे को A पर स्पर्श करते हैं। A से एक सरल रेखा खींची गई है जो वृत्तों को B और C पर काटती है। सिद्ध कीजिए कि B और C पर स्पर्श रेखाएँ समानान्तर हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 7
हल :
ज्ञात है : O एवं O’ केन्द्र वाले दो वृत्त एक-दूसरे को A पर स्पर्श करते हैं। A से एक रेखा खींची गई है, जो वृत्तों को क्रमश: B एवं C पर काटती है। B तथा C पर स्पर्श रेखाएँ क्रमशः DE एवं FG खींची गई हैं।
सिद्ध करना है : रेखा DE || रेखा FG
रचना : OB एवं O’C को मिलाया।
उपपत्ति : ∵ OB = OA [एक ही वृत्त की त्रिज्या हैं।
∴ ∠OBA = ∠OAB …..(1)
[समान भुजाओं के सामने के कोण हैं।
∴ O’A = O’C [एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
∵ ∠O’AC = ∠O’CA …(2)
[समान भुजाओं के सामने के कोण हैं।
∠OAB = ∠O’CA …(3)
[शीर्षाभिमुख कोण हैं
समीकरण (1) एवं (3) से,
∠OBA = ∠O’CA …(4)
∵ ∠OBA + ∠ABE = ∠O’CA + ∠ACF …(5)
[क्योंकि OB ⊥ DE एवं O’C ⊥ FG]
समीकरण (4) एवं (5) से,
∠ABE = ∠ACF
लेकिन ये कोण एकान्तर कोण हैं।
अतः, DE || FG.
इति सिद्धम्

प्रश्न 8.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB = AC, त्रिभुज का परिगत वृत्त खींचा गया है। सिद्ध कीजिए कि वृत्त के बिन्दु A पर खींची गई स्पर्श रेखा BC के समानान्तर है।
अथवा
यदि ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज हो, जहाँ AB = AC हो, तो सिद्ध कीजिए कि ∆ABC के परिवृत्त के बिन्दु A पर स्पर्श रेखा BC के समानान्तर होती है।
हल :
दिया है : समद्विबाहु ∆ABC, जिसमें AB = AC
∆ABC के परिवृत्त C (O, r) के बिन्दु A से जाने वाली स्पर्श रेखा PQ
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 8
सिद्ध करना है : PQ || BC
रचना : A से BC पर लम्ब AM खींचिए।
उपपत्ति : ∵ AM ⊥ BC
∴ ∠AMB = 90° …(1)
चूँकि समद्विबाहु त्रिभुज के शीर्ष से डाला गया लम्ब आधार को समद्विभाजित करता है, अत: AM, BC का लम्ब समद्विभाजक है। चूँकि चाप BC का लम्ब समद्विभाजक AM है।
अतः AM परिवृत्त के केन्द्र O से होकर जायेगा।
∵ ∠MAQ = ∠OAQ = 90° [∵ PQ स्पर्श रेखा है] …(2)
∴ ∠AMB = ∠MAQ [OA ⊥ PQ]
लेकिन ये एकान्तर कोण हैं।
∴ PQ || BC.
इति सिद्धम्

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प्रश्न 9.
AB वृत्त का व्यास और AC जीवा है। ∠BAC = 30°, C बिन्दु पर वृत्त की स्पर्श रेखा AB को उसके बढ़े हुए भाग से D पर मिलती है। सिद्ध कीजिए कि
BC = BD.
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 9
ज्ञात है : एक वृत्त जिसका केन्द्र O है।
इसका व्यास AOB है। एक जीवा AC है तथा ∠BAC = 30° है। C पर एक स्पर्श रेखा खींची गई है, जो AB को बढ़ाने पर D बिन्दु पर काटती है।
सिद्ध करना है : BC = BD
रचना : OC को मिलाया।
उपपत्ति : ∵ चाप BC द्वारा केन्द्र पर बना
कोण ∠BOC तथा शेष परिधि पर बना कोण ∠BAC है।
∴ ∠BOC = 2 ∠BAC = 2 x 30° = 60°
∵ OB = OC [वृत्त की त्रिज्याएँ हैं|
∴ ∠OBC = ∠OCB = 60° [: ∠BOC = 60°]
∵ OC त्रिज्या एवं CD स्पर्श रेखा है।
∴ ∠OCB + ∠BCD = ∠OCD = 90°
⇒ 60° + ∠BCD = 90°
⇒ ∠BCD = 90° – 60° = 30°
∆OCD में, ∠OCD + ∠COD + ∠ODC = 180°
⇒ 90° +60° + ∠BDC = 180°
∠BDC = 180° – 90° – 60° = 30°
∆BCD में,
∵ ∠BCD = ∠BDC = 30°
∴ भुजा BC = भुजा BD [समान कोणों की सम्मुख भुजाएँ हैं।
अतः, BC = BD.
इति सिद्धम्

प्रश्न 10.
दी हुई आकृति चित्र 10.26 में चतुर्भुज ABCD की सभी भुजाओं को स्पर्श करता हुआ वृत्त खींचा गया है। AB = 6 सेमी, BC = 7 सेमी और CD = 4 सेमी। AD का मान ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 10
दी हुई आकृति के अनुसार,
∵ \(x+y=\overline{A B}=6\) …(1)
∵ \(y+z=\overline{B C}=7\) ….(2)
∵ \(z+t=\overline{C D}=4\) …(3)
समीकरण (1) एवं (3) को जोड़ने पर,
x + y + z + t = 6 + 4 = 10 …(4)
समीकरण (4) में से समीकरण (2) को घटाने पर,
x + t = 10 – 7 = 3
⇒ AD = 3 सेमी
अतः, AD का अभीष्ट मान = 3 सेमी।

प्रश्न 11.
त्रिभुज ABC के अन्तर्गत वृत्त भुजाओं AB = 12 सेमी, BC = 16 सेमी और CA = 8 सेमी को क्रमशः D, E और F . बिन्दुओं पर स्पर्श करता है। AD, BE और CF के मान बताइए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 11
हल :
मान लीजिए AD = x, BE = y एवं CF = z हैं|
⇒ AD = AF = x, BE = BD = y एवं CF = CE = z (बाह्य बिन्दु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हैं) तथा AB = 12 सेमी, BC = 16 सेमी एवं CA = 8 सेमी।
अब चित्रानुसार,
AD + DB = AB
⇒ x + y = 12
∵ BE + EC = BC
⇒ y + z = 16
∵ CF + FA = CA
⇒ z + x = 8
समीकरण (1) + (2) + (3) से,
2x + 2y + 2x = 12 + 16 + 8 = 36
⇒ x + y + z = 18
समीकरण (4) में से क्रमशः (2), (3) एवं (1) को घटाने पर,
x = 2, y = 10 एवं z = 6
अर्थात्, AD = 2 सेमी, BE = 10 सेमी तथा CF = 6 सेमी।

प्रश्न 12.
किसी वृत्त के बाह्य बिन्दु से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची जाए तो सिद्ध कीजिए कि
(i) स्पर्श रेखाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अन्तरित करती हैं।
(ii) उस बाह्य बिन्दु को केन्द्र से मिलाने वाली रेखा स्पर्श रेखाओं के बीच अन्तरित कोण को समद्विभाजित करती है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 12
ज्ञात है : वृत्त (O, r) पर बाह्य बिन्दु P से दो स्पर्श रेखाएँ PQ एवं PR खींची गई हैं जो वृत्त को क्रमशः Q एवं R बिन्दुओं पर स्पर्श करती हैं।
OQ एवं OR वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
सिद्ध करना है :
(i) ∠POQ = ∠POR
(ii)∠QPO = ∠RPO
उपपत्ति : समकोण ∆OOP एवं ∆ORP में,
∵ OQ = OR [एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
∵ कर्ण OP = कर्ण OP [उभयनिष्ठ है]
⇒∆OQP = ∆ORP [R.H.S. सर्वांमसमता]
⇒∠POQ = ∠POR [CPCT]
∠QPO = ∠RPO. [CPCT] इति सिद्धम्

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प्रश्न 13.
संलग्न आकृति में दो समान त्रिज्या के वृत्त जिनके केन्द्र O तथा O’ हैं परस्पर बिन्दु X पर स्पर्श करते हैं। OO’ को बढ़ाने पर O’ केन्द्र वाले वृत्त को बिन्दु A पर काटता है। बिन्दु A से O केन्द्र वाले वृत्त पर AC एक स्पर्श रेखा है तथा O’D ⊥ AC है। \(\frac { DO’ }{ CO }\) का मान ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 13
हल :
ज्ञात है : समान त्रिज्या वाले दो वृत्त (O, r) एवं (O’, r) जो परस्पर बिन्दु X पर स्पर्श करते हैं।
OO’ बढ़ाने पर वृत्त (O’, r) को बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करती है। बिन्दु A से वृत्त (O, r) पर स्पर्श रेखा AC खींची गयी है जो वृत्त (O, r) को बिन्दु C पर स्पर्श करती है। केन्द्र O’ से AC पर O’D ⊥ AC खींचा गया है। OC को मिलाया गया है।
O’A = O’X = OX = r …(1) बराबर वृत्तों की त्रिज्याएँ हैं
⇒AO = AO’ + O’X + XO = r + r + r = 3r …(2)
चूँकि O’D ⊥ AC एवं OC स्पर्श बिन्दु C से जाने वाली त्रिज्या है।
⇒∠ADO’ = ∠ACO = 90° …(3)
अब त्रिभुज ∆ADO’ एवं ∆ACO में,
∵ ∠ADO’ = ∠ACO = 90° [समीकरण (3) से]
∵ ∠O’AD = ∠OAC [उभयनिष्ठ है।
⇒ ∆ADO’ ~ ∆ACO
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 14
अतः, \(\frac { DO’ }{ CO }\) का अभीष्ट मान \(\frac { 1 }{ 3 }\) है।

प्रश्न 14.
दी गई आकृति में, XY तथा X’Y’, O केन्द्र वाले वृत्त की दो समान्तर स्पर्श रेखाएँ हैं तथा एक अन्य स्पर्श रेखा AB, जिसका स्पर्श बिन्दु C है, XY को A तथा X’Y’ को B पर प्रतिच्छेद करती है। सिद्ध कीजिए कि ∠AOB = 90°.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 15
हल :
ज्ञात है : वृत्त (O, r) की दो स्पर्श रेखाएँ XY || X’Y’ जो वृत्त को क्रमशः P एवं Q पर स्पर्श करती हैं। तीसरी स्पर्श रेखा AB जो वृत्त को C पर स्पर्श करती है तथा XY एवं X’Y’ को क्रमश: A एवं B बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है। OA, OB एवं OC को मिलाया गया है। POQ वृत्त का व्यास है। (आकृति देखिए)
चूँकि बाह्य बिन्दु A से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ AP एवं AC हैं तथा बिन्दु A को केन्द्र O से मिलाने वाली रेखा AO है एवं हम जानते हैं कि बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अन्तरित करती हैं।
⇒∠POA = ∠AOC ….(1)
इसी प्रकार बाह्य बिन्दु B में दो स्पर्श रेखाएँ BQ एवं BC हैं।
⇒∠COB = ∠BOQ …..(2)
लेकिन ∠POA + ∠AOC + ∠COB + ∠BOQ = 180° …..(3)
चूँकि रेखा PQ के बिन्दु O पर एक ही ओर बने कोण हैं।
⇒∠AOC + ∠COB = ∠POA + ∠BOQ = 90°
[समीकरण (1), (2) एवं (3) से]
⇒∠AOB = 90°. [चूँकि ∠AOB = ∠AOC + ∠COB]
इति सिद्धम्

प्रश्न 15.
सिद्ध कीजिए कि वृत्त की किसी चाप के मध्य-बिन्दु पर खींची गयी स्पर्श रेखा, चाप के अन्त्य बिन्दुओं को मिलाने वाली जीवा के समान्तर होती है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 16
ज्ञात है : वृत्त (O,r) के चाप APB के मध्य-बिन्दु P से स्पर्श रेखा XPY दी है। जीवा AB को मिलाया गया है।
सिद्ध करना है:
AB || XY
रचना : OA, OP एवं OB को मिलाइए, जहाँ OP, जीवा AB को बिन्दु Q पर प्रतिच्छेद करती है।
अब ∆OAQ एवं ∆OBQ में,
∵ OA = OB = r [वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
∵ ∠AOP = ∠BOP
[बराबर चाप \(\widehat{A P}\) एवं \(\widehat{B P}\) द्वारा केन्द्र O पर बने कोण हैं|
∵ OQ = OQ [उभयनिष्ठ है]
⇒∆OAQ = ∆OBQ [SAS सर्वांगसमता]
⇒∠OQA = ∠OQB [CPCT]
⇒∠OQA + ∠OQB = 180° [रैखिक युग्म]
⇒∠ODA = ∠OOB = 90° ….(1) [प्रमेय : 10.1]
⇒∠OPY = 90° …(2)
⇒∠OQB = ∠OPY [समीकरण (1) एवं (2) से]
⇒AB || XY. [चूँकि संगत कोण ∠OQB = ∠OPY]
इति सिद्धम्

प्रश्न 16.
एक समकोण त्रिभुज ABC में ∠B समकोण है। AB को व्यास मानकर एक वृत्त खींचा गया है जो कर्ण AC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है। सिद्ध कीजिए कि बिन्दु P पर खींची गयी
वृत्त की स्पर्श रेखा BC को समद्विभाजित करती है।
हल :
ज्ञात है : ABC एक समकोण त्रिभुज जिसका ∠B = 90°. AB को व्यास लेकर एक वृत्त जिसका केन्द्र O है, खींचा गया है जो AC को बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करता है। P पर स्पर्श रेखा XY खींची गयी है जो BC को बिन्दु D पर प्रतिच्छेद करती है।
सिद्ध करना है: DB = DC
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 17
रचना : OP को मिलाइए।
उपपत्ति: ∵ ∠OAP = ∠OPA …(1)
[∆OAP में, OA = OP]
∵∠APX = ∠CPD …(2)
(शीर्षाभिमुख कोण हैं)
∵∠XPA + ∠APO = ∠XPO = 90° …(3)
[स्पर्श रेखा एवं त्रिज्या के बीच कोण है]
⇒∠XPA + ∠OAP = 90° …(4)
[समीकरण (1) एवं (3) से]
⇒∠CPD + ∠OAP = 90° ….(5) [समीकरण (2) एवं (4) से]
लेकिन ∠PCD + ∠OAP = ∠ACB + ∠BAC = 90° …(6)
[समीकरण ∆ABC के न्यूनकोण हैं]
⇒∠CPD = ∠PCD [समीकरण (5) एवं (6) से]
⇒DP = DC ….(7) [बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ]
लेकिन DP = DB …(8)
[बाह्य बिन्दु D से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ।
⇒DB = DC. [समीकरण (7) एवं (8) से]
इति सिद्धम्

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प्रश्न 17.
5 cm त्रिज्या वाले वृत्त के केन्द्र O से 13 cm दूर स्थित बिन्दु A से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ AP और AQ हैं जो वृत्त को क्रमशः P एवं Q बिन्दुओं पर स्पर्श करती हैं। यदि लघु
चाप PQ के किसी बिन्दु R पर स्पर्श रेखा BC खींची गई है जो AP एवं AQ को क्रमश: B एवं C बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है तो ∆ABC की परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 18
ज्ञात है : वृत्त के केन्द्र O से OA = 13 cm दूर स्थित बिन्दु A से AP एवं AQ दो स्पर्श रेखाएँ खींची गई हैं। वृत्त के लघु चाप PQ के बिन्दु R पर तीसरी स्पर्श रेखा BC इस प्रकार है कि वह AP एवं AQ को क्रमशः B एवं C बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है। वृत्त की त्रिज्या OP = 5 cm है।
समकोण ∆OPA में पाइथागोरस प्रमेय से,
AP² = OA² – OP²
AP² = (13)² – (5)² = 169 – 25 = 144
AP = √144 = 12 cm = AQ …(1) [बाह्य बिन्दु A से खींची गई स्पर्श रेखाएँ]
BP = BR …(2) [बाह्य बिन्दु B से खींची गई स्पर्श रेखाएँ।]
CQ = CR …(3) [बाह्य बिन्दु C से खींची गई स्पर्श रेखाएँ।]
परिमाप (∆ABC) = AB + BC + AC
= AB + BR + CR + AC …(4) [∵ BC = BR + CR]
⇒ परिमाप (ABC) = AB + BP + CQ + AC
[समीकरण (2), (3) एवं (4) से]
⇒ परिमाप (ABC) = AP + AQ
[∵ AB + BP = AP एवं CQ + AC = AQ]
⇒ परिमाप (ABC) = 12 + 12 = 24 cm
[AP = AQ = 12 cm, समीकरण (1) से]
अतः ∆ABC की अभीष्ट परिमाप 24 cm है।

MP Board Class 10th Maths Chapter 10 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक वृत्त की जीवा के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ वृत्त के बाहर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं। सिद्ध कीजिए कि प्रतिच्छेद बिन्दु से वृत्त के सम्पर्क तक दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होंगी। हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 19
ज्ञात है : वृत्त O की जीवा AB के सिरों A और B पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ वृत्त के बाहर परस्पर बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करती हैं।
सिद्ध करना है : PA = PB
उपपत्ति: ∵ वृत्त के बाहर किसी बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ परस्पर बराबर होती हैं।
∴ PA = PB.
इति सिद्धम्

प्रश्न 2.
दो वृत्त एककेन्द्रीय (concentric) हैं। सिद्ध कीजिए कि बड़े वृत्त की जीवा, जो छोटे वृत्त की स्पर्श रेखा है, सम्पर्क बिन्दु (Point of Contact) पर समद्विभाजित होती है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 20
ज्ञात है : चित्रानुसार, दो एककेन्द्रीय वृत्त हैं, बड़े वृत्त की जीवा AB छोटे वृत्त को बिन्दु P पर स्पर्श करती है।
सिद्ध करना है : AP = BP
उपपत्ति : चूँकि रेखाखण्ड \(\overline{A P B}\) अन्तःवृत्त की स्पर्श रेखा है। तथा OP त्रिज्या है।
∴ OP ⊥ AB
∵ AB बाह्य वृत्त की जीवा है तथा OP केन्द्र O से इस पर डाला गया लम्ब है।
∴ AP = BP.
इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति में 3 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त के परिगत एक त्रिभुज ABC इस प्रकार खींचा गया है कि रेखाखण्ड BD एवं DC की लम्बाइयाँ क्रमश: 6 cm तथा 9 cm है। यदि ∆ABC का क्षेत्रफल 54 वर्ग सेमी है, B. तो भुजाओं AB तथा AC की लम्बाइयाँ ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 21
हल :
दिया है : O केन्द्र वाला त्रिभुज जिसके परिगत एक त्रिभुज ABC है जिसकी भुजाएँ BC, CA एवं AB क्रमश: D, E एवं F बिन्दुओं पर स्पर्श करती हैं। वृत्त की त्रिज्या OD = 3 cm, BD = 6 cm
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 22
एवं DC = 9 cm दिया है, तथा त्रिभुज का क्षेत्रफल ar (ABC) = 54 वर्ग सेमी है। मान लीजिए AF = AE = x cm वृत्त की बाह्य बिन्दु A से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हैं।)
∵BF = BD = 6 cm
[बाह्य बिन्दु B से खींची स्पर्श रेखाएँ]
CE = CD = 9 cm [बाह्य बिन्दु C से खींची गई स्पर्श रेखाएँ।
⇒ AB = (x + 6) cm, AC = (x + 9) cm
BC = 6 + 9 = 15 cm
∵ ar (∆OAB) + ar (∆OAC) + ar (∆OBC) = ar (∆ABC)
⇒ \(\frac { 1 }{ 2 }\) x OF x AB + \(\frac { 1 }{ 2 }\) x OE x AC + \(\frac { 1 }{ 2 }\) x OD x BC = 54
⇒ \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 3 x (x + 6) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 3 x (x + 9) + \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 3 x 15 = 54
⇒ \(\frac{3}{2} x+9+\frac{3}{2} x+\frac{27}{2}+\frac{45}{2}=54\)
⇒ 3x + 9 + 36 = 54
⇒ 3x = 54 – 45 = 9
⇒ x = \(\frac { 9 }{ 3 }\) = 3
⇒ AB = x + 6 = 3 + 6 = 9
⇒ AC = x + 9 = 3 + 9 = 12
अतः, AB एवं AC की अभीष्ट लम्बाइयाँ क्रमश: 9 cm एवं 12 cm हैं।

प्रश्न 4.
संलग्न चित्र में दी स्पर्श रेखाएँ RQ तथा RP वृत्त के बाह्य बिन्दु R से खींची गयी हैं। वृत्त का केन्द्र O है। यदि ∠PRQ = 120° है, तो सिद्ध कीजिए कि OR = PR + RQ.
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 23
ज्ञात है : बाह्य बिन्दु R से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ RP एवं RQ हैं। ∠PRQ = 120° है।
सिद्ध करना है : OR = PR + RQ
रचना : OP एवं OQ को मिलाइए।
उपपत्ति : चूँकि RP एवं RQ बाह्य बिन्दु R से खींची गई स्पर्श रेखाएँ हैं तथा बाह्य बिन्दु R को केन्द्र O से मिलाने वाला रेखाखण्ड OR है।
∠PRO = ∠QRO = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠PRQ
∠PRO = ∠QRO = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 120°
= 60° [∵ ∠PRQ = 120°, दिया है]
अब समकोण ∆OPR में, \(\frac { PR }{ OR }\) = cosPRO
⇒\(\frac { PR }{ OR }\) = cos 60° = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ⇒ PR = \(\frac { 1 }{ 2 }\)OR
इसी प्रकार समकोण ∆OOR में, RQ = \(\frac { 1 }{ 2 }\) OR
⇒PR + RQ = \(\frac { 1 }{ 2 }\)OR + \(\frac { 1 }{ 2 }\)OR = OR
OR = PR + RQ.
इति सिद्धम्

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प्रश्न 5.
संलग्न आकृति में एक बाह्य बिन्दु P से O केन्द्र तथा r त्रिज्या वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PT तथा PS खींची गई हैं। यदि OP = 2r है, तो दर्शाइए कि
∠OTS = ∠OST = 30°.
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 24
ज्ञात है : PT एवं PS वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।
OP = 2r बाह्य बिन्दु P को वृत्त के केन्द्र O से मिलाने वाला रेखाखण्ड एवं OT = OS = r त्रिज्या हैं।
∵ समकोण ∆OTP में, \(\frac { OT }{ OP }\) = cos TOP
⇒ cos TOP = \(\frac{r}{2 r}=\frac{1}{2}\) = cos 60°
∠TOP = 60° …(1)
इसी प्रकार cos SOP = \(\frac{O S}{O P}=\frac{r}{2 r}=\frac{1}{2}\) = cos 60° ⇒ ∠SOP = 60° …(2)
चूँकि ∆OTS में, OS = OT [वृत्त की त्रिज्याएँ]
⇒ ∠OTS = ∠OST = θ [मान लीजिए] …(3)
[बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं|
∵ ∆OTS में, ∠OTS + ∠OST + ∠TOS = 180° [∆ के अन्त:कोण हैं]
⇒ ∠OTS + ∠OST + ∠TOP + ∠SOP = 180° [चित्रानुसार]
⇒ θ + θ + 60° + 60° = 180°
⇒ 2θ = 180° – 120° = 60°
⇒ θ = 30°
⇒ ∠OTS = ∠OST = 30°.
इति सिद्धम्

प्रश्न 6.
संलग्न आकृति में O केन्द्र वाले वृत्त के बिन्दु C पर PQ एक स्पर्श रेखा है। यदि AB एक व्यास है तथा ∠CAB = 30° है, तो ∠PCA ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 25
प्रथम विधि : ज्ञात है : O केन्द्र वाले वृत्त के बिन्दु C पर स्पर्श रेखा PQ है, AOB व्यास है। ∠CAB = 30° दिया है
∵∠ACB = 90°
[अर्द्धवृत्त का कोण है]
एवं ∠CAB + ∠ABC + ∠ACB = 180°
[त्रिभुज के अन्तःकोण हैं।]
⇒ 30° + ∠ABC + 90° = 180°
⇒ ∠ABC = 180 – 90° – 30° = 180° – 120° = 60° …(1)
∵∠PCA = ∠ABC …(2) [एकान्तर अवधा के कोण हैं|
⇒ ∠PCA = ∠ABC = 60° [समीकरण (1) एवं (2) से]
वैकल्पिक विधि : OC को मिलाइए।
∆OAC में, ∵OA = OC [एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
⇒ ∠OCA = ∠OAC …(1) [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं|
लेकिन ∠OAC = ∠ CAB = 30° …(2) [चित्रानुसार]
⇒ ∠OCA = 30° …(3) [समीकरण (1) एवं (2) से]
∵∠PCA + ∠OCA = ∠PCO = 90° …(4) [प्रमेय 10.1 से]
⇒ ∠PCA + 30° = 90°
⇒ ∠PCA = 90° – 30° = 60° समीकरण (3) एवं (4) से]
अतः ∠PCA का अभीष्ट मान 60° है।

प्रश्न 7.
सिद्ध कीजिए कि किसी जीवा के अन्तः बिन्दुओं पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ जीवा के साथ समान कोण बनाती हैं।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 26
मान लीजिए वृत्त (O, r) की जीवा PQ के अन्तः बिन्दु P एवं पर PR एवं QR क्रमशः दो स्पर्श रेखाएँ हैं।
सिद्ध करना है:
∠QPR = ∠PQR
रचना : OP एवं OQ को मिलाइए।
उपपत्ति : ∆OPQ में, OP = OQ
[वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
⇒ ∠OPQ = ∠OOP …(1) [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं]
⇒ ∠OPR = ∠OQR = 90° …(2) [स्पर्श रेखा एवं संगत त्रिज्या के मध्य बने कोण हैं]
⇒∠OPR – ∠OPQ = ∠OOR – ∠OOP [समीकरण (2)- (1) से]
⇒∠QPR = ∠PQR. [चित्रानुसार]
इति सिद्धम्

प्रश्न 8.
यदि एक बाह्य बिन्दु P से a त्रिज्या तथा O केन्द्र वाले वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण 60° हो, तो OP की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 27
मान लीजिए वृत्त (O, a) के बाह्य बिन्दु P से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PQ एवं PR खींची गई हैं। OP को मिलाया गया है। ∠QPR = 60° (दिया हैं) OQ एवं OR को मिलाया गया है। OQ = OR = a (दिया है)।
चूँकि बाह्य बिन्दु को वृत्त के केन्द्र से मिलाने वाली रेखाखण्ड दोनों स्पर्श रेखाओं के मध्य कोण को समद्विभाजित करती है।
∠QPO = \(\frac { 1 }{ 2 }\)∠QPR = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 60° = 30°
अब समकोण ∆OOP में,
sin QPO = \(\frac { OQ }{ OP }\)
sin 30° = \(\frac{a}{O P}=\frac{1}{2}\)
OP = 2 x a = 2a.
अतः, OP के अभीष्ट लम्बाई का मान 2a है।

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प्रश्न 9.
किसी बाह्य बिन्दु P से O केन्द्र वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PA एवं PB खींची गयी हैं। वृत्त के एक बिन्दु E पर एक अन्य स्पर्श रेखा खींची गयी है जो PA एवं PB को क्रमशः C एवं D बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है। यदि PA = 10 cm हो, तो ∆PCD की परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 28
ज्ञात है : बाह्य बिन्दु P से वृत्त पर खींची गई दो स्पर्श रेखाएँ
PA = PB = 10 cm …(1)
बिन्दु E पर अन्य स्पर्श रेखा CD जो PA एवं PB को क्रमशः बिन्दु C एवं D पर प्रतिच्छेद करती है।
चूँकि बाह्य बिन्दु C से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ CA एवं CE हैं
CA = CE [प्रमेय : 10.2]
चूँकि बाह्य बिन्दु D से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ DE एवं DB है।
DB = DE ….(3) [प्रमेय : 10.2]
परिमाप ∆(PCD) = PC + CD + PD
= PC + CE + DE + PD …(4) [∵ CD = CE + DE]
= PC + CA + PD + DB [समीकरण (2), (3) एवं (4) से]
= PA + PB [चित्रानुसार]
परिमाप ∆(PCD) = 10 + 10 = 20 cm [समीकरण (1) से मान रखने पर]
अतः, ∆PCD की अभीष्ट परिमाप 20 cm है।

प्रश्न 10.
संलग्न आकृति में यदि AB, O केन्द्र वाले एक वृत्त की एक जीवा है। AOC वृत्त का व्यास एवं AT एक स्पर्श रेखा है जो वृत्त को बिन्दु A पर स्पर्श करती है। BC को मिलाया गया है। सिद्ध कीजिए कि : ∠BAT = ∠ACB.
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 29
ज्ञात है : O केन्द्र वाला वृत्त जिसका व्यास AOC, AB एक जीवा एवं AT बिन्दु A पर एक स्पर्श रेखा है। CB को मिलाया गया है।
सिद्ध करना है: ∠BAT = ∠ACB.
उपपत्ति :
∵ ∠ABC = 90° [अर्द्धवृत्त का कोण है]
⇒ ∠BAC + ∠ACB = 90° ….(1) [समकोण ∆ के न्यूनकोण है]
∵ ∠BAT + ∠BAC = ∠OAT = 90° ….(2) [प्रमेयः 10.1 से]
⇒ ∠BAT + ∠BAC = ∠BAC + ∠ACB. [समीकरण (1) एवं (2) से]
⇒ ∠BAT = ∠ACB.
इति सिद्धम्

प्रश्न 11.
आकृति 10.45 में PQ एवं PR दो स्पर्श रेखाएँ एक वृत्त पर खींची गई हैं जिनमें ∠RPQ = 30° एक जीवा RS स्पर्श रेखा PQ के समान्तर खींची गई है। ∠RQS का मान ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 30
ज्ञात है : PQ एवं PR वृत्त की दो स्पर्श रेखाएँ हैं तथा जीवा RS || स्पर्श रेखा PQ एवं ∠RPQ = 30°.
∠RQS का मान ज्ञात करना है।
चूँकि ∆PQR में, PQ = PR
[प्रमेय : 6.2 से]
⇒∠PQR = ∠PRQ …(1) [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण]
लेकिन ∠PQR + ∠PRQ + ∠RPQ = 180° [त्रिभुज के अन्त:कोण हैं]
⇒2∠PQR + 30° = 180°
[समीकरण (1) एवं (2) से तथा ∠RPQ = 30°, दिया है]
⇒2∠PQR = 180° – 30° = 150°
⇒∠PQR = \(\frac { 150 }{ 2 }\) = 75° ….(3)
∠RSQ = ∠PRO = 75° …(4) [एकान्तर अवधा का कोण]
एवं एकान्तर कोण
∠SRQ = ∠PQR = 75° …(5)
[RS || PQ एवं RQ तिर्यक रेखा है]
∵ ∆ RQS में, ∠RQS + ∠RSQ + ∠SRQ = 180° [अन्त:कोण]
⇒∠RQS + 75° + 75° = 180°
[समीकरण (4) एवं (5) से मान रखने पर]
⇒∠RQS = 180° – 150° = 30°
अतः, ∠RQS का अभीष्ट मान = 30°.

प्रश्न 12.
एक वृत्त के बिन्दु C पर स्पर्श रेखा एवं वृत्त का व्यास AB (बढ़ाने पर) बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि ∠PCA = 110° तो ∠CBA का मान ज्ञात कीजिए। (देखिए संलग्न आकृति 10.46)
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 31
ज्ञात है : O केन्द्र वाले वृत्त के बिन्दु C पर खींची गयी स्पर्श रेखा एवं व्यास AB को बढ़ाने पर परस्पर बिन्दु P पर प्रतिच्छेद करते हैं। CO एवं CB को मिलाया गया है। ∠PCA = 110° दिया है। ∠CBA का मान ज्ञात करना है।
चूँकि ∠PCA = 110° (दिया है) …(1)
चूँकि ∠ACB = 90° [अर्द्धवृत्त का कोण है] …(2)
⇒∠OCA = 110° – 90° = 20° [समीकरण (1) – (2) से] …(3)
चूँकि ∆OAC में, OA = OC [वृत्त की त्रिज्याएँ]
⇒∠OAC = ∠OCA …(4) बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं]
⇒∠BAC = ∠OAC = 20° …(5) [समीकरण (3) एवं (4) से तथा चित्रानुसार]
∵ ∆CBA में, ∠CBA + LACB + ∠OAC = 180° [अन्त:कोण हैं]
⇒∠CBA + 90° + 20° = 180° [समीकरण (2) एवं (5) से मान रखने पर]
⇒∠CBA = 180° – 110° = 70°
अतः, ∠CBA का अभीष्ट मान = 70° है।

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प्रश्न 13.
दो संकेन्द्रीय वृत्तों में से बाह्य वृत्त की त्रिज्या 5 cm है एवं इसकी एक 8 सेमी लम्बी जीवा अन्तः वृत्त की स्पर्श रेखा है तो अन्तः वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 32
ज्ञात है : O केन्द्र वाले दो संकेन्द्रीय वृत्त जिनमें बाह्य वृत्त की जीवा PQ = 8 cm अन्त:वृत्त की स्पर्श रेखा है तथा बिन्दु R पर उसे स्पर्श करती है। बाह्य वृत्त की त्रिज्या OQ = 5 cm दी है। मान लीजिए कि अन्त:वृत्त की त्रिज्या OR = r cm है। चूँकि OR स्पर्श बिन्दु R एवं केन्द्र O को मिलाने वाली त्रिज्या है, अतः
OR ⊥ PQ अर्थात् ∠ORQ = 90° [प्रमेय : 10.1 से]
चूँकि OR केन्द्र O से बाह्य वृत्त की जीवा PQ पर डाला गया लम्ब है।
PR = RQ = \(\frac { 1 }{ 2 }\), PQ = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 8 cm = 4 cm [∴PQ = 8 cm दिया है]
अब समकोण ∆ORQ में पाइथागोरस प्रमेय से,
OR = \(\sqrt{O Q^{2}-R Q^{2}}\)
= \(r=\sqrt{(5)^{2}-(4)^{2}}=\sqrt{25-16}=\sqrt{9}\)
= 3 cm
अतः, अन्तःवृत्त की त्रिज्या की अभीष्ट लम्बाई 3 cm है।

प्रश्न 14.
बाह्य बिन्दु P से O केन्द्र वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PQ एवं PR खींची गयी हैं। सिद्ध कीजिए कि QORP चक्रीय चतुर्भुज है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 33
ज्ञात है : केन्द्र O वाले वृत्त पर बाह्य बिन्दु P से खींची गयी दो स्पर्श रेखाएँ PQ एवं PR खींची गयी हैं। OQ एवं OR को मिलाया गया है।
सिद्ध करना है : ₹QORP एक चक्रीय चतुर्भुज है।
उपपत्ति : चूँकि OQ स्पर्श रेखा PQ के स्पर्श बिन्दु Q से जाने वाली त्रिज्या है
OQ ⊥ PQ अर्थात् ∠OQP = 90° …(1) [प्रमेय : 10.1]
एवं OR, स्पर्श रेखा PR के स्पर्श बिन्दु R से जाने वाली त्रिज्या है
OR ⊥ PR अर्थात् ∠ORP = 90° ….(2) [प्रमेय : 10.1 से]
∠OQP + ∠ORP = 90° + 90° = 180° [समीकरण (1) व (2) से]
₹QORP एक चक्रीय चतुर्भुज है। [चूँकि सम्मुख कोणों का युग्म सम्पूरक है]
इति सिद्धम्

प्रश्न 15.
सिद्ध कीजिए कि दो परस्पर प्रतिच्छेदी रेखाओं को स्पर्श करने वाले वृत्त का केन्द्र उन रेखाओं के मध्य बने कोण के समद्विभाजक पर स्थित होगा।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 34
मान लीजिए दो प्रतिच्छेदी रेखाओं PQ एवं PR का प्रतिच्छेदी बिन्दु P है तथा एक केन्द्र O वाला वृत्त इनको क्रमशः Q एवं R बिन्दुओं पर स्पर्श करता है। OQ, OR एवं OP को मिलाया गया है।
सिद्ध करना है : केन्द्र O, ∠QPR के समद्विभाजक पर स्थित है अर्थात्
∠QPO = ∠RPO.
उपपत्ति : चूँकि PQ स्पर्श रेखा एवं OQ स्पर्श बिन्दु से जाने वाली त्रिज्या है।
⇒ OQ ⊥ PQ अर्थात् ∠OQP = 90° …(1) [प्रमेय 10.1 से]
OR ⊥ PR अर्थात् ∠ORP = 90° …(2) [प्रमेय 10.1 से]
⇒ ∆OQP एवं ∆ORP समकोण त्रिभुज हैं
अब समकोण ∆OQP एवं ∆ORP में,
∵ कर्ण OP = कर्ण OP [उभयनिष्ठ है]
∵ OQ = OR [एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
⇒ ∆OQP = ∆ORP [RHS सर्वांगसमता]
⇒ ∠QPO = ∠RPO [CPCT] इति सिद्धम्

प्रश्न 16.
संलग्न आकृति में, O केन्द्र वाले वृत्त की PQ एक जीवा है तथा PT एक स्पर्श रेखा है। यदि ∠QPT = 60° है, तो ∠PRQ ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 35
दिया है : O केन्द्र वाले वृत्त में PQ एक जीवा तथा PT एक स्पर्श रेखा तथा ∠OPT = 60°, OP एवं OQ को मिलाइए।
:: चूँकि ∆OPQ में, OP = OR
[वृत्त की त्रिज्याएँ हैं]
⇒∠OPQ = ∠OOP …(1) [बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण हैं।]
∵∠OPT = 90° [OP ⊥ PT] [प्रमेय 10.1 से]
∵∠QPT = 60° [दिया है।]
⇒∠OPQ = ∠OPT – ∠QPT = 90° – 60° = 30° …(2)
⇒∠OPQ+ ∠OQP = 30° + 30° = 60° …(3) [समीकरण (1) एवं (2) से]
∵∠OPQ + ∠OQP + ∠POQ = 180° . …(4) [त्रिभुज के अन्तः कोण हैं]
⇒∠POQ = 180° – 60° = 120° [समीकरण (4) – (3) से]
⇒प्रतिवर्ती ∠POQ = 360° – ∠POQ = 360° – 120° = 240°
चूँकि ∠PRQ = \(\frac { 1 }{ 2 }\) प्रतिवर्ती ∠POQ [चूँकि वृत्त के केन्द्र पर बना कोण शेष परिधि पर बने कोण का दूना होता है।]
⇒∠PRQ = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 240° = 120°
अतः, ∠PRQ का अभीष्ट मान = 120°.

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MP Board Class 10th Maths Chapter 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में सत्य एवं असत्य कथन लिखिए तथा अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

प्रश्न 1.
यदि एक जीवा वृत्त के केन्द्र पर 60° का कोण अन्तरित करती है तो A एवं B पर खींची गई स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण भी 60° होगा।
हल :
असत्य कथन है, क्योंकि यह कोण 120° होगा।

प्रश्न 2.
किसी वृत्त पर बाह्य बिन्दु से खींची गयी स्पर्श रेखा की लम्बाई सदैव उसकी त्रिज्या से अधिक होगी।
हल :
कथन असत्य है, क्योंकि यह अधिक हो सकती है और नहीं भी हो सकती।

प्रश्न 3.
किसी O केन्द्र वाले वृत्त पर बाह्य बिन्दु P से खींची गयी स्पर्श रेखा की लम्बाई सदैव OP से कम होगी।
हल :
कथन सत्य है क्योंकि OP कर्ण होगी।

प्रश्न 4.
किसी वृत्त की दो स्पर्श रेखाओं के बीच बना कोण 0° भी हो सकता है।
हल :
कथन सत्य है, क्योंकि दो समानान्तर स्पर्श रेखाओं के बीच बना कोण शून्य (0) होगा।

प्रश्न 5.
यदि 0 केन्द्र एवं a त्रिज्या वाले किसी वृत्त पर बाह्य बिन्दु P से खींची गयी दो स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण 90° हो, तो OP = a √2 होगा।
हल :
कथन सत्य है क्योंकि दोनों स्पर्श रेखाएँ एवं संगत त्रिज्याएँ a भुजा वाला वर्ग बनाएँगे तथा OP उसका विकर्ण होगा।

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प्रश्न 6.
यदि केन्द्र O एवं त्रिज्या a वाले वृत्त पर बाह्य बिन्दु P से खींची गई स्पर्श रेखाओं के बीच बना कोण 60° हो तो OP = a √3.
हल :
कथन असत्य है, क्योंकि इसी स्थिति में OP = 2a होगा।

प्रश्न 7.
एक समद्विबाहु ∆ABC जिसमें AB = AC है के परिवृत्त के बिन्दु A पर खींची गयी स्पर्श रेखा BC के समान्तर होती है।
हल :
कथन सत्य है, क्योंकि AB आधार BC एवं स्पर्श रेखा AX के साथ बराबर एकान्तर कोण बनाते हैं।

प्रश्न 8.
यदि अनेक वृत्त रेखाखण्ड PQ को बिन्दु A पर स्पर्श करते हैं तो उनके केन्द्र PQ के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित होंगे।
हल :
कथन असत्य हैं, क्योंकि यह तभी होगा जब कि स्पर्श बिन्दु A, PQ का मध्य बिन्दु हो।

प्रश्न 9.
यदि अनेक वृत्त रेखाखण्ड PQ के अन्त्यः बिन्दु P एवं Q से गुजरते हैं, तो उनके केन्द्र PQ के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित होंगे।
हल :
कथन सत्य है, क्योंकि रेखाखण्ड PQ उन वृत्तों की एक जीवा होगी और वृत्तों के केन्द्र जीवा के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित होते हैं।

प्रश्न 10.
AB किसी वृत्त का व्यास है तथा AC उसकी एक जीवा इस प्रकार है कि ∠BAC = 30° यदि C पर खींची गई स्पर्श रेखा AB को बढ़ाने पर उसे D पर प्रतिच्छेद करती है तो BC = BD
हल :
कथन सत्य है क्योंकि ∆ACB में, ∠ACB = 90° [अर्द्ध वृत्त का कोण है।
एवं ∠BAC = 30° [दिया है
तो शेष कोण ∠ABC = 60° = ∠BCD + ∠BDC [∆BDC का बहिष्कोण है]
लेकिन ∠BCD = ∠BAC = 30° [एकान्तर अवधान कोण है।
⇒∠BDC = 60° – 30° = 30°
⇒∠BCD = ∠BDC = 30°
⇒BC = BD.

MP Board Class 10th Maths Chapter 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

MP Board Class 10th Maths Chapter 10 बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यदि दो संकेन्द्रीय वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमश: 4 cm एवं 5 cm हैं तो बाह्य वृत्त की प्रत्येक वह जीवा जो अन्तः वृत्त की स्पर्श रेखा हो, की लम्बाई होगी :
(a) 3 cm
(b) 6 cm
(c) 9 cm
(d) 1 cm.
उत्तर:
(b) 6 cm

प्रश्न 2.
किसी वृत्त के व्यास AB के सिरे पर XAY स्पर्श रेखा खींची गयी है। वृत्त की त्रिज्या 5 cm है। A से 8 cm की दूरी पर स्थित जीवा CD || XY की लम्बाई होगी :
(a) 4 cm
(b) 5 cm
(c) 6 cm
(d) 8 cm.
उत्तर:
(d) 8 cm.

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प्रश्न 3.
यदि 60° कोण पर झुकी दो स्पर्श रेखाएँ 3 cm त्रिज्या वाले वृत्त पर खींची जाती है तो प्रत्येक स्पर्श रेखा की लम्बाई बराबर है :
(a) \(\frac{3 \sqrt{3}}{2}\) cm
(b) 6 cm
(c) 3 cm
(d) 3√3 cm.
उत्तर:
(d) 3√3 cm.

प्रश्न 4.
किसी वृत्त के बाह्य बिन्दु से अधिकतम स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं :
(a) 1
(b) 2
(c) 3
(d) कोई नहीं।
उत्तर:
(b) 2

प्रश्न 5.
किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ परस्पर होती हैं :
(a) लम्बवत्
(b) समानान्तर
(c) समान
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(c) समान

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाएँ परस्पर ……… होती हैं।
2. स्पर्श बिन्दु से जाने वाली त्रिज्या स्पर्श रेखा पर ……… होती है।
3. बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची स्पर्श रेखाओं के बीच बना कोण एवं स्पर्श बिन्दुओं से जाने वाली त्रिज्याओं के बीच बने कोण आपस में ……… होते हैं।
4. बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाएँ केन्द्र पर ……… कोण अन्तरित करती हैं।
5. केन्द्र को बाह्य बिन्दुओं से मिलाने वाली रेखा उस बिन्दु से खींची गयी स्पर्श रेखाओं के मध्य कोण को ……. करती है।
उत्तर-
1. बराबर,
2. लम्ब,
3. सम्पूरक,
4. बराबर,
5. समद्विभाजित।

जोड़ी मिलाइए

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 10 वृत्त Additional Questions 36
उत्तर-
1. →(c),
2. →(d),
3. →(e),
4. →(a),
5. →(b).

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सत्य/असत्य कथन

1. किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं।
2. किसी बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाएँ असमान होती हैं।
3. बाह्य बिन्दु से किसी वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अन्तरित करती हैं।
4. बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाओं की लम्बाइयाँ सदैव वृत्त की त्रिज्या के बराबर होती हैं।
5. बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी स्पर्श रेखाएँ स्पर्श बिन्दुओं को मिलाने वाली जीवा के साथ बराबर कोण आन्तरित करती हैं।
6. वृत्त के केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब, जीवा को समद्विभाजित करता है। (2019)
7. वृत्त को दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखा को छेदक रेखा कहते हैं। (2019)
उत्तर-
1. सत्य,
2. असत्य
3. सत्य,
4. असत्य,
5. सत्य,
6. सत्य,
7. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

1. किसी वृत्त को केवल एक बिन्दु पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखा क्या कहलाती है।
2. स्पर्श रेखा और वृत्त के उभयनिष्ठ बिन्दु को क्या कहते हैं?
3. किसी वृत्त पर कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
4. एक वृत्त की कितनी समान्तर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं? (2019)
उत्तर-
1. स्पर्श रेखा,
2. स्पर्श बिन्दु,
3. अनन्तशः अनेक,
4. दो।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1

In this article, we will share MP Board Class 10th Maths Book Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 Pdf, These solutions are solved subject experts from the latest edition books.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1

प्रश्न 1.
सर्कस का एक कलाकार एक 20 m लम्बी डोर पर चढ़ रहा है, जो अच्छी तरह से तनी हुई है और भूमि पर सीधे लगे खम्भे के शिखर से बँधा हुआ है। यदि भूमि स्तर के साथ डोर द्वारा बनाया गया कोण 30° का हो, तो खम्भे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (देखिए संलग्न आकृति : 9.3)
हल :
∆ABC में ∠B समकोण है एवं कोण C = 30° तथा डोरी की लम्बाई AC = 20 m (दिया हुआ है) चूँकि
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 1
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 2
अतः, खम्भे की अभीष्ट ऊँचाई = 10 m है।

प्रश्न 2.
आँधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है कि पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30° का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिन्दु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8 m है। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए एक पेड़ PQ = h m लम्बा आँधी के कारण QR = x m की ऊँचाई पर स्थित R बिन्दु से टूट जाता है तथा इसका शीर्ष P पृथ्वी पर बिन्दु S पर टिक जाता है तथा पेड़ का यह भाग पृथ्वी के साथ ∠RSQ = 30° का कोण बनाता है तथा इस भाग की लम्बाई SR = PR = (h – x) m होगी अब समकोण ∆RQS में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 3
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 4
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 5
समीकरण (1) से \(x=\frac{8}{\sqrt{3}}\) का मान समीकरण (2) में रखने पर,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 6
अतः, पेड की अभीष्ट ऊँचाई = 8√3 m है।

प्रश्न 3.
एक ठेकेदार बच्चों को खेलने के लिए एक पार्क में दो फिसलन-पट्टी लगाना चाहती है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए वह एक ऐसी फिसलन पट्टी लगाना चाहती है जिसका शिखर 1.5 m की ऊँचाई पर हो और भूमि के साथ 30° के कोण पर झुका हुआ हो, जबकि इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए वह 3 m की ऊँचाई पर एक अधिक ढाल की फिसलनपट्टी लगाना चाहती है, जो भूमि के साथ 60° का कोण बनाती है। प्रत्येक स्थिति में फिसलन-पट्टी की लम्बाई क्या होनी चाहिए?
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 7
मान लीजिए 5 वर्ष से कम उम्र की बच्चों के लिए AC = l1, m की लम्बाई की फिसलन-पट्टी लगायी जाती है जिसका शिखर A, AB = 1.5 m ऊँचाई पर है तथा फिसलन-पट्टी पृथ्वी के साथ ∠ACB = 30° का कोण बनाती है। [देखिए आकृति 9.5 (a)]
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 8
अतः, छोटी फिसलन-पट्टी की अभीष्ट लम्बाई = 3 m है।
अब मान लीजिए 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए PR = l2, m की लम्बाई की फिसलनपट्टी लगायी जाती है जिसका शिखर P, PQ = 3 m की ऊँचाई पर है तथा यह फिसलन-पट्टी पृथ्वी के साथ ∠PRQ = 60° का कोण बनाती है। [देखिए आकृति : 9.5 (b)]
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 9
अतः, बड़ी फिसलन-पट्टी की अभीष्ट लम्बाई = 2√3 m है।

प्रश्न 4.
भूमि के एक बिन्दु से, जो मीनार के पाद-बिन्दु से 30 m की दूरी पर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 30° है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए PQ एक दी हुई मीनार है जिसकी ऊँचाई PQ = h m है तथा इसके पाद बिन्दु Q से QR = 30 m की दूरी पर स्थित बिन्दु R पर मीनार के शिखर P का उन्नयन कोण ∠PRQ = 30° है। (देखिए आकृति 9.6)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 10
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 11
अतः, मीनार की अभीष्ट ऊँचाई = 10√3 m है।

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प्रश्न 5.
भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थायी रूप से भूमि के एक बिन्दु से बाँध दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर कि डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए PR = l m की लम्बाई वाली एक डोरी के सिरे P पर एक पतंग है तथा इसका दूसरा सिरा बिन्दु R पर खूटे से बँधा है।
पतंग की पृथ्वी से ऊँचाई PQ = 60 m है। डोरी पृथ्वी के साथ ∠PRQ = 60° का कोण बनाती है (देखिए आकृति 9.7)।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 12
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 13
अतः, डोरी की अभीष्ट लम्बाई = 40√3 m है।

प्रश्न 6.
1.5 m लम्बा एक लड़का 30 m ऊँचे एक भवन से कुछ दूरी पर खड़ा है। जब वह ऊँचे भवन की ओर जाता है, तब उसकी आँख से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° से 60° हो जाता है। बताइए कि वह भवन की ओर कितनी दूरी तक चलकर गया है ?
हल :
मान लीजिए PQ = 30 m ऊँचा एक भवन है। एक लड़का AB = 1.5 m ऊँचाई का पृथ्वी पर बिन्दु B पर खड़ा है। लड़के के नेत्रों से जाने वाली क्षैतिज रेखा PQ को बिन्दु R पर प्रतिच्छेद करती है, जहाँ RQ = AB = 1.5 m
⇒ PR = PQ – RQ = 30 m – 1.5 m
= 28.5m
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 14
इस स्थिति में P का उन्नयन ∠PAR = 30° और मान लीजिए यह लड़का भवन की ओर x m चलकर CD स्थिति में आ जाता है, जहाँ P का उन्नयन कोण ∠PCR = 60° हो जाता है। यदि CR = y m हो (देखिए आकृति 9.8)
तो समकोण ∆PRC में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 15
एवं समकोण ∆PRA में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 16
समीकरण (1) से y का मान समीकरण (2) में रखने पर,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 17
अतः, लड़के द्वारा चली गयी अभीष्ट दूरी = 19√3 m है।

प्रश्न 7.
भूमि के एक बिन्दु से एक 20 m ऊँचे भवन के शिखर पर लगी एक संचार मीनार के तल और शिखर के उन्नयन कोण क्रमश: 45° और 60° हैं। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए एक भवन PQ = 20 मी ऊँचाई का दिया है जिसके ऊपर PR एक संचार मीनार लगा है। बिन्दु S के मीनार के तल एवं शिखर R के उन्नयन कोण क्रमशः 45° एवं 60° हैं।
पुनः मान लीजिए कि SQ = x m एवं PR = h m (देखिए आकृति 9.9) तो समकोण ∆PQS में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 18
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 19
एवं समकोण ∆ROS में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 20
समीकरण (1) से x = 20 m का मान समीकरण (2) में रखने पर,
⇒ \(\frac { h+20 }{ 20 }\) = √3 ⇒ h + 20 = 20√3
⇒ h = 20√3 – 20 = 20 (√3 – 1) m
अतः, संचार मीनार की अभीष्ट ऊँचाई = 20 (√3 – 1) m है।

प्रश्न 8.
एक पेडस्टल के शिखर पर एक 1.6 m ऊँची मूर्ति लगी है। भूमि के एक बिन्दु से मूर्ति के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और उसी बिन्दु से पेडस्टल के शिखर का उन्नयन कोण 45° है। पेडस्टल की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए PQ = h m की ऊँचाई का एक पेडस्टल है जिसके ऊपर RP = 1.6 m ऊँची एक मूर्ति लगी है। पेडस्टल के पाद से QS = x m की दूरी पर स्थित बिन्दु S से मूर्ति के शिखर का उन्नयन कोण 60° एवं पेडस्टल के शिखर का उन्नयन कोण 45° है (देखिए आकृति 9.10)
तो समकोण त्रिभुज PQS में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 21
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 22
एवं समकोण त्रिभुज PQS में, \(\frac{R Q}{Q S}=\frac{R P+P Q}{Q S}=\tan R S Q\)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 23
समीकरण (1) से x = h का मान समीकरण (2) में रखने पर,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 24
अतः, पेडस्टल की अभीष्ट ऊँचाई = 0.8 (√3 + 1) m है।

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प्रश्न 9.
एक मीनार के पाद बिन्दु से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है और भवन के पाद बिन्दु से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार 50 m ऊँची हो, तो भवन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए पृथ्वी पर एक मीनार PQ = 50 m ऊँची एवं उसके पाद से QS = x m दूरी पर स्थित एक भवन RS = h m है। मीनार के पाद Q से भवन के शिखर R का उन्नयन कोण ∠ROS = 30° है तथा भवन के पाद S से मीनार के शिखर P का उन्नयन कोण PSQ = 60° है (देखिए आकृति 9.11)। तो समकोण ∆RSQ में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 25
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 26
एवं समकोण ∆PQS में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 27
समीकरण (1) से x = h√3 का मान समीकरण (2) में रखने पर,
h√3 x √3 = 50 ⇒ 3h = 50
⇒ \(h=\frac { 50 }{ 3 }\) = \(16\frac { 2 }{ 3 }\) m
अतः, भवन की अभीष्ट ऊँचाई = \(16\frac { 2 }{ 3 }\) m है।

प्रश्न 10.
एक 80 m चौड़ी सड़क के दोनों ओर आमने-सामने समान लम्बाई वाले दो खम्भे लगे हुए हैं। इन दोनों खम्भों के बीच सड़क के एक बिन्दु से खम्भों के शिखर के उन्नयन कोण क्रमश:
60° और 30° हैं। खम्भों की ऊँचाई और खम्भों से बिन्दु की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए दो खम्भे PQ = RS = h m के एक-दूसरे से SQ = 80 m की दूरी पर है। QS के बिन्दु S से ST = x m की दूरी पर बिन्दु T है।
T से R का उन्नयन कोण ∠RTS = 60° एवं P का उन्नयन कोण ∠PTQ = 30° है। यहाँ TQ = SQ – ST = (80 – x)m (देखिए आकृति 9.12)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 28
अब समकोण ∆RST में,
\(\frac{R S}{S T}=\tan R T S \Rightarrow \frac{h}{x}=\tan 60^{\circ}=\sqrt{3}\)
h = x √3 …(1)
एवं समकोण ∆PQT में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 29
समीकरण (1) से h = x√3 का मान समीकरण (2) में रखने पर,
80 – x = x √3 × √3 = 3x
⇒ 4x = 80 ⇒ x = \(\frac { 80 }{ 4 }\) = 20 m ⇒ ST = 20 m
QT = 80 – x = 80 – 20 = 60 m
x का मान समीकरण (1) में रखने पर,
h = 20√3 m
अतः, प्रत्येक खम्भे की अभीष्ट ऊँचाई = 20√3 m एवं अभीष्ट बिन्दु की स्थिति एक खम्भे से 20 m तथा दूसरे खम्भे से 60 m की दूरी पर है।

प्रश्न 11.
एक नहर के एक तट पर एक टीवी टॉवर ऊर्ध्वाधरतः खड़ा है। टॉवर के ठीक सामने दूसरे तट के एक अन्य बिन्दु से टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। इसी तट पर इस बिन्दु से 20 m दूर और इस बिन्दु को मीनार के पाद से मिलाने वाली रेखा पर स्थित एक अन्य बिन्दु से टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 30° है (देखिए संलग्न आकृति 9.13)। टॉवर की ऊँचाई और नहर की चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 30
हल :
मान लीजिए कि एक नहर के एक सिरे पर एक मीनार AB = h m दिया है जिसके शिखर A का नहर के दूसरे सिरे से उन्नयन कोण ∠ACB = 60° है। C से DC = 20 m दूरी पर स्थित बिन्दु D से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण ∠ADE = 30° है तथा नहर की चौड़ाई CB =x मीटर है तो समकोण ∆ABC में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 31
एवं समकोण ∆ABD में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 32
समीकरण (1) से h = x √3 का मान समीकरण (2) में रखने पर,
⇒ 20 + x = x√3 × √3 = 3x
⇒ 2x = 20 ⇒ x = \(\frac { 20 }{ 2 }\) = 10 m
⇒ x = 10 का मान समीकरण (1) में रखने पर,
h = 10√3
अतः, मीनार की अभीष्ट ऊँचाई = 10√3 m एवं नहर की चौड़ाई = 10 m है।

प्रश्न 12.
7 m ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टॉवर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45° है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए केबल टॉवर PQ = h मीटर ऊँचा तथा भवन RS = 7m ऊँचा दिया है। भवन के शिखर से टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण ∠PRT = 60° है जहाँ RT क्षैतिज रेखा है जो PQ के बिन्दु T पर मिलती है तथा इस शिखर R से टॉवर के पाद Q का अवनयन कोण ∠TRQ = 45° है। (देखिए आकृति: 9.14)
यहाँ TQ = RS = 7 m एवं PT = (h – 7) m तथा .
RT = SQ = xm तो समकोण ∆RTQ में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 33
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 34
एवं समकोण ∆PRT में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 35
समीकरण (1) से x = 7 समीकरण (2) में रखने पर, .
h – 7 = 7√3
h = 7√3 + 7
= 7(√3 + 1) m
अतः, केबल टॉवर की अभीष्ट ऊँचाई = 7 (√3 + 1) m है।

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प्रश्न 13.
समुद्र तल से 75 m ऊँची लाइट हाउस के शिखर से देखने पर दो समुद्री जहाजों के अवनमन कोण 30° और 45° हैं। यदि लाइट हाउस के एक ही ओर एक जहाज दूसरे जहाज के ठीक
पीछे हो तो जहाजों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए लाइट हाउस PQ = 75 m ऊँची तथा उसके एक ही ओर दो जहाज R एवं S दिए हैं जिनके अवनमन कोण लाइट हाउस के शिखर P से क्रमश: ∠TPR = 30° एवं ∠TPS = 45° हैं, जहाँ TP एक क्षैतिज रेखा है। (देखिए आकृति 9.15) यहाँ ∠PRQ = ∠TPR = 30° एवं ∠PSQ = ∠TPS = 45° है तथा RS =x m एवं SQ = y m है तो समकोण ∆PQS में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 36
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 37
एवं समकोण ∆PQR में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 38
समीकरण (1) से y = 75 m का मान समीकरण (2) में रखने पर,
⇒ x + 75 = 75√5
⇒ x = 75√3 – 75 = 75 (√3 – 1) m
अतः, जहाजों के बीच की अभीष्ट दूरी = 75 (√3 – 1) m है।

प्रश्न 14.
1.2 m लम्बी एक लड़की भूमि से 88.2 m की ऊँचाई पर एक क्षैतिज रेखा में हवा में उड़ रहे गुब्बारे को देखती है। किसी भी क्षण लड़की की आँख से गुब्बारे का उन्नयन कोण 60° है। कुछ समय बाद उन्नयन कोण घटकर 30° हो जाता है (देखिए आकृति: 9.16)। इस अन्तराल के दौरान गुब्बारे द्वारा तय की गयी दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 39
मान लीजिए एक गुब्बारा P पृथ्वी से PC = 88.2 मीटर की ऊँचाई पर एक क्षैतिज रेखा में उड़ रहा है जो कुछ समय बाद वह Q स्थिति में आता है जिसकी ऊँचाई QD = PC = 88.2 m है। एक लड़की AB = 1.2 m की बिन्दु B पर खड़ी है। लड़की के नेत्रों से जाने वाली क्षैतिज रेखा AST है। A से गुब्बारे की प्रथम स्थिति P का उन्नयन कोण ∠PAS = 60° तथा स्थिति Q का उन्नयन कोण ∠QAT = 30° है। यहाँ TD = SC = AB = 1.2 m एवं PS = QT = QD – TD = 88.2 – 1.2 = 87 m तथा AS = x m एवं ST = y m .
तो समकोण ∆PSA में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 40
एवं समकोण ∆QTA में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 41
समीकरण (1) से \(x=\frac{87}{\sqrt{3}}\) का मान समीकरण (2) में रखने पर,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 42
अतः, गुब्बारे द्वारा चली गयी अभीष्ट दूरी = 58√3 m है।

प्रश्न 15.
एक सीधा राजमार्ग एक मीनार के पाद तक जाता है। मीनार के शिखर पर खड़ा एक आदमी एक कार को 30° के अवनमन कोण पर देखता है जो कि मीनार के पाद की ओर एकसमान चाल से जाती है। छः सेकण्ड बाद कार का अवनमन कोण 60° हो गया। इस बिदु से मीनार के पाद तक पहुँचने में कार द्वारा लिया गया समय ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 43
मान लीजिए कि एक आदमी RP किसी मीनार PQ के शिखर P पर खड़ा है तथा स्थिति A पर कार का अवनमन कोण ∠SRA = 30° है तथा कार v m/s की चाल से AB = 6 vm की दूरी तय करते हुए B पर आ जाती है, जहाँ उनका अवनमन कोण ∠SRB = 60° हो जाता है। इस बिन्दु से मीनार के पाद तक जाने में 1 सेकण्ड में BQ = tv m दूरी तय करती है, तो
∠RAQ = ∠SRA = 30°
एवं ∠RBQ = ∠SRB = 60°
क्योंकि उन्नयन कोण अवनमन कोण के बराबर होते हैं। यदि आदमी सहित मीनार की ऊँचाई RQ = h m हो तो समकोण ∆RQB में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 44
एवं समकोण ∆RQA में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 45
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 46
समीकरण (1) से h का मान समीकरण (2) में रखने पर,
tv√3 x √3 = 6v + tv
3tv = 6v + tv ⇒ 2t = 6 ⇒ t = \(\frac { 6 }{ 2 }\) = 3
अतः, कार द्वारा लिया गया अभीष्ट समय = 3 सेकण्ड है।

प्रश्न 16.
मीनार के आधार से एक सरल रेखा में 4m और 9 m की दूरी पर स्थित दो बिन्दुओं से मीनार के शिखर के उन्नयन कोण पूरक कोण हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई 6 m है।
हल :
मान लीजिए एक मीनार PQ = h m ऊँची है जिसके पाद से AQ = 4 m एवं BQ = 9 m की दूरी पर दो बिन्दु क्रमशः A और B स्थित हैं, जहाँ पर मीनार के शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः ∠PAQ = θ एवं ∠PBQ = (90° – θ) हैं, क्योंकि दोनों कोण पूरक कोण हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 47
अब समकोण ∆PQA में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 48
एवं समकोण ∆PQB में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग Ex 9.1 49
अतः, मीनार की ऊँचाई 6 m है।
इति सिद्धम्

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4

[ज्ञातव्य : यह प्रश्नावली परीक्षा की दृष्टि से नहीं है।]

प्रश्न 1.
बिन्दुओं A (2, – 2) और B (3, 7) को जोड़ने वाले रेखाखण्ड 2x + y – 4 = 0 को जिस अनुपात में विभाजित करती है उसे ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए कि दिए हुए रेखाखण्ड और दी गई रेखा बिन्दु P (x, y) पर परस्पर प्रतिच्छेद करती है तो ∆PAB का क्षेत्रफल शून्य होगा क्योंकि ये सरेख हैं।
⇒ \(\frac { 1 }{ 2 }\) [x (-2 – 7) + 2 (7 – y) + 3 (y + 2)] = 0
⇒ – 9x + 14 – 2y + 3y + 6 = 0
⇒ 9x – y – 20 = 0 …(1)
⇒ 2x + y – 4 = 0 (दिया है) …(2)
⇒ 11x = 24
⇒ x = \(\frac { 24 }{ 11 }\)
मान लीजिए बिन्दु P (x, y), A (2, – 2) और B (3, 7) से बने रेखाखण्ड AB को m1 एवं m2 के अनुपात में विभाजित करता है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 1
⇒ 33m1 + 22m2 = 24m1 + 24m2
⇒ 33m1 – 24m1 = 24m2 – 22m2
⇒ 9m1 = 2m2
⇒ \(\frac{m_{1}}{m_{2}}=\frac{2}{9}\)
⇒ m1 : m2 = 2 : 9
अतः अभीष्ट अनुपात 2 : 9 है।

प्रश्न 2.
x और में एक सम्बन्ध ज्ञात कीजिए यदि बिन्दु (x, y), (1, 2) और (7, 0) सरेखी हैं।
हल :
चूँकि बिन्दु (x, y), (1, 2) और (7, 0) सरेख हैं, इसलिए उनसे निर्मित त्रिभुज का क्षेत्रफल = 0 है
⇒ \(\frac { 1 }{ 2 }\) [x (2 – 0) + 1 (0 – y) + 7 (y – 2) = 0
⇒ x (2) + 1 (-y) + 7 (y – 2) = 0
⇒ 2x – y + 7y – 14 = 0
⇒ 2x + 6y – 14 = 0
⇒ x + 3y = 7
अतः x एवं का अभीष्ट सम्बन्ध x + 3y = 7 है।

प्रश्न 3.
बिन्दुओं (6,-6), (3, – 7) और (3, 3) से होकर जाने वाले वृत्त का केन्द्र ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए दिए हुए बिन्दुओं A (6, -6), B (3, – 7) और C (3, 3) से होकर जाने वाले वृत्त का केन्द्र O (x, y) है तो OA = OB = OC वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 2
⇒ (x – 6)² + (y + 6)² = (x – 3)² + (y + 7)² = (x – 3)² + (y – 3)² (दोनों ओर वर्ग करने पर)
⇒ (x – 6)² + (y + 6)² = (x – 3)² + (y + 7)² (OA = OB से)
⇒ x² – 12x + 36 + y² + 12y + 36 = x² – 6x + 9 + y² + 14y + 49
⇒ – 12x + 6x + 12y – 14y + 72 – 58 = 0
⇒ – 6x – 2y + 14 = 0
⇒ 3x + y = 7 ….(1)
⇒ (x – 3)² + (y + 7)² = (x – 3)² + (y – 3)² (OB = OC से)
⇒ x² – 6x + 9 + y² + 14y + 49 = x² – 6x + 9 + y² – 6y + 9
⇒ -6x + 6x + 14y + 6y = 18 – 58
⇒ 20y = – 40
⇒ y = \(\frac { -40 }{ 20 }\) =- 2 …..(2)
समीकरण (2) से y = – 2 का मान समीकरण (1) में रखने पर,
⇒ 3x – 2 = 7
⇒ 3x = 7 + 2
⇒ 3x = 9
⇒ x = \(\frac { 9 }{ 3 }\) = 3
अतः वृत्त के केन्द्र के अभीष्ट निर्देशांक (3, – 2) हैं।

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प्रश्न 4.
किसी वर्ग के दो सम्मुख शीर्ष (-1, 2) और (3, 2) हैं। वर्ग के अन्य दोनों शीर्ष ज्ञात कीजिए।
हल :
वर्ग ABCD में दो सम्मुख शीर्ष A (-1, 2) एवं C (3, 2) दिए हैं। मान लीजिए B (x1, y1) एवं D (x2, y2) दो अन्य शीर्ष हैं।
AB = BC (वर्ग की भुजाएँ)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 3
⇒ (x1 + 1)² + (y1 – 2)² = (x1 – 3)² + (y1 – 2)² (दोनों ओर वर्ग करने पर)
⇒ (x1 + 1)² = (x1 – 3)²
⇒ x12 + 2x1 + 1 = x12 – 6x1 + 9
⇒ 2x1 + 6x1 = 9 – 1
⇒ 8x1 = 8
⇒ x1 = \(\frac { 8 }{ 8 }\) = 1 ….(1)
∵ AB² + BC² = AC² (समकोण ∆ABC में पाइथागोरस प्रमेय से)
⇒ (x1 + 1)² + (y1 – 2)² + (x1 – 3)² + (y1 – 2)² = (3 + 1)² + (2 – 2)²
⇒ x12 + 2x1 + 1 + y12 – 4y1 + 4 + x12 – 6x1 + 9 + y12 – 4y1 + 4 = 16 – 0
⇒ 2x12 + 2y12 – 4x1 – 8y1 = 16 – 18 = -2
⇒ x12 + y12 – 2x1 – 4y1 + 1 = 0 …(2)
⇒ x1 = 1 का मान समीकरण (1) से समीकरण (2) में रखने पर,
⇒ (1)² + (y1)² – 2 (1) – 4y1 + 1 = 0
⇒ y12 – 4y1 = 0
⇒ y1 (y1 – 4) = 0
या तो y1 = 0 अथवा y1 – 4 = 0
⇒ y1 = 4
B के निर्देशांक (1, 0) अथवा (1, 4) हैं।
AD = DC (वर्ग की भुजाएँ हैं)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 4
⇒ (x2 + 1)² + (y2 – 2)² = (x2 – 3)² + (y2 – 2)² (दोनों ओर वर्ग करने पर)
⇒ (x2 + 1)² = (x2 – 3)²
⇒ x22 + 2x2 + 1 = x22 – 6x2 + 9
⇒ 8x2 = 8
⇒ x2 = \(\frac { 8 }{ 8 }\) = 1 . …(3)
AD² + CD² = AC² (समकोण ∆ADC में पाइथागोरस प्रमेय से)
⇒ (x2 + 1)² + (y2 – 2)² + (x2 – 3)² + (y2 – 2)² = (3 + 1)² + (2 – 2)²
⇒ x22 + 2x2 + 1 + y22 – 4y2 + 4 + x22 – 6x2 + 9 + y22 – 4y2 + 4 = 16 + 0
⇒ 2x22 + 2y22 – 4x2 – 8y2 = 16 – 18 = -2
⇒ x22 + y22 – 2x2 – 4y2 + 1 = 0 ….(4)
x2 = 1 का मान समीकरण (3) से समीकरण (4) में रखने पर,
⇒ (1)² + y22 – 2 (1) – 4y2 + 1 = 0
⇒ 1 + y22 – 2 – 4y2 + 1 = 0
⇒ y22 – 4y2 = 0
⇒ y2 (y2 – 4) = 0
या तो y2 = 0 अथवा y2 – 4 = 0
⇒ y2 = 4
D के निर्देशांक (1, 0) अथवा (1, 4)
अतः अभीष्ट शीर्षों के निर्देशांक क्रमशः (1, 0) एवं (1, 4) हैं।

प्रश्न 5.
कृष्णा नगर के एक सेकेंडरी स्कूल के कक्षा X के विद्यार्थियों को उनके बागवानी क्रियाकलाप के लिए एक आयताकार भू-खण्ड दिया गया है। गुलमोहर की पौध (Sapling) को परस्पर 1 m की दूरी पर इस भू-खण्ड की परिसीमा (boundary) पर लगाया जाता है। इस भू-खण्ड के अन्दर एक त्रिभुजाकार घास लगा हुआ लॉन (lawn) है, जैसा कि संलग्न आकृति 7.8 में दर्शाया गया है। विद्यार्थियों , को भू-खण्ड के शेष भाग में है फूलों के पौधे के बीज बोने हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 5
(i) A को मूलबिन्दु मानते हए, त्रिभुज के शीषों के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
(ii) यदि मूल बिन्दु C हो, तो ∆PQR के शीर्षों के निर्देशांक क्या होंगे?
साथ ही उपरोक्त दोनों स्थितियों में त्रिभुजों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। आप क्या देखते हैं?
हल :
(i) A को मूलबिन्दु लेकर लेखाचित्र के अनुसार अभीष्ट निर्देशांक P (4, 6), Q (3, 2), R (6,5) हैं। AD = X-अक्ष एवं AB = Y-अक्ष पर मानने पर।
(ii) C को मूलबिन्दु लेकर लेखाचित्र के अनुसार,
अभीष्ट निर्देशांक P (12, 2), Q (13, 6), R (10, 3) हैं। CB = X-अक्ष एवं CD = Y-अक्ष पर मानने पर।
अब प्रथम स्थिति में :
ar (PQR) = \(\frac { 1 }{ 2 }\)[4(2 – 5) + 3 (5 – 6) + 6 (6 – 2)]
ar (PQR) = \(\frac { 1 }{ 2 }\)[4(-3) + 3 (-1) + 6 (4]
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) [-12 – 3 + 24]
= \(\frac { 1 }{ 2 }\)[-15 + 24]
= \(\frac { 9 }{ 2 }\) m²
एवं द्वितीय स्थिति में :
ar (PQR) = \(\frac { 1 }{ 2 }\) [12 (6 – 3) + 13 (3 – 2) + 10 (2 – 6)]
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) [12 (3) + 13 (1) + 10 (-4)]
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) [36 + 13 – 40]
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) [49 – 40]
= \(\frac { 9 }{ 2 }\) m²
अतः प्रत्येक स्थिति में APQR का क्षेत्रफल = \(\frac { 9 }{ 2 }\) m² है।

प्रश्न 6.
एक त्रिभुज ABC के शीर्ष A (4, 6), B (1, 5) और C (7, 2) हैं। भुजाओं AB और AC को क्रमश: D और E पर प्रतिच्छेद करते हुए एक रेखा इस प्रकार खींची गयी है कि \(\frac{A D}{A B}=\frac{A E}{A C}=\frac{1}{4}\) है। ∆ADE का क्षेत्रफल परिकलित कीजिए और इसकी तुलना ∆ABC के क्षेत्रफल से कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 6
∆ADE और ∆ABC में,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 7
बिन्दु D, AB रेखाखण्ड को 1 : 3 के अनुपात में विभाजित करता है क्योंकि AD : AB = 1 : 4
AD : DB = 1 : 3. इसलिए D के निर्देशांक
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 8
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 9
अत: ∆ADE का अभीष्ट क्षेत्रफल = \(\frac { 15 }{ 32 }\) त्रक एवं ∆ADE और ∆ABC के क्षेत्रफलों का अभीष्ट अनुपात 1 : 16 है।

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प्रश्न 7.
मान लीजिए A (4, 2), B (6, 5) और C (1, 4) एक ∆ABC के शीर्ष हैं।
(i) A से जाने वाली माध्यिका BD के बिन्दु पर मिलती है। बिन्दु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
(ii) AD पर स्थित ऐसे बिन्दु P के निर्देशांक ज्ञात कीजिए कि AP : PD = 2 : 1 हो।
(iii) माध्यिकाओं BE और CF पर ऐसे बिन्दुओं Q और R के निर्देशांक ज्ञात कीजिए कि BQ : QE = 2 : 1 हो और CR : RF = 2 : 1 हो।
(iv) आप क्या देखते हैं?
(v) यदि A (x1, y1), B (x2, y2) और C (x3, y3) त्रिभुज ABC के शीर्ष हैं, तो इस त्रिभुज के केन्द्रक के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
हल :
(i) चूँकि D, BC का मध्य-बिन्दु है। इसलिए D के निर्देशांक
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 10
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 11
अतः बिन्दु D के अभीष्ट निर्देशांक \(D\left(\frac{7}{2}, \frac{9}{2}\right)\) हैं।

(ii) चूँकि P, AD रेखाखण्ड (माध्यिका) को 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करता है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 12
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 13
अत: P के अभीष्ट निर्देशांक \(P\left(\frac{11}{3}, \frac{11}{3}\right)\) है।

(iii) बिन्दु E, AC रेखाखण्ड का मध्य-बिन्दु है। इसलिए E के निर्देशांक
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 14
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 15
तथा बिन्दु F, रेखाखण्ड AB का मध्य-बिन्दु है। इसलिए बिन्दु F के निर्देशांक
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 16
चूँकि बिन्दु Q रेखाखण्ड (माध्यिका) BE को 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करता है। इसलिए Q के निर्देशांक
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 17
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 18
और बिन्दु R रेखाखण्ड (माध्यिका) CF को 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करता है। इसलिए R के निर्देशांक
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 19
अत: बिन्दु Q एवं R के अभीष्ट निर्देशांक क्रमशः \(Q\left(\frac{11}{3}, \frac{11}{3}\right)\) एवं \(R\left(\frac{11}{3}, \frac{11}{3}\right)\) हैं।

(iv) त्रिभुज की तीनों माध्यिकाओं को 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करने वाले सभी बिन्दु P, Q एवं R समानुपाती हैं अर्थात् एक ही हैं जिसे त्रिभुज का केन्द्रक कहते हैं तथा इसे प्रायः G से प्रदर्शित करते हैं।

(v) त्रिभुज का केन्द्रक उसकी माध्यिकाओं का संगामी बिन्दु होता है जो प्रत्येक माध्यिका को 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करता हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 20
चूँकि बिन्दु D (x,y) मान लीजिए है जो बिन्दुओं B (x2, y2) और C (x3, y3) को मिलाने वाले रेखाखण्ड का मध्य बिन्दु है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 21
अत: केन्द्रक G के अभीष्ट निर्देशांक G \(\left(\frac{x_{1}+x_{2}+x_{3}}{3}, \frac{y_{1}+y_{2}+y_{3}}{3}\right)\) हैं।

प्रश्न 8.
बिन्दुओं A (-1, – 1), B (-1, 4), C (5, 4) और D (5, – 1) से एक आयत ABCD बनता है। P, Q, R और S क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्य-बिन्द हैं। क्या चतुर्भुज PQRS एक वर्ग है? क्या यह एक आयत है? क्या यह एक समचतुर्भुज है? सकारण उत्तर दीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 22
चूँकि P, A (-1, – 1) और B (-1, 4) से बने रेखाखण्ड AB का मध्य-बिन्दु है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 23
चूँकि Q, B (-1, 4) और C (5, 4) से बने रेखाखण्ड BC का मध्य-बिन्दु है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 24
चूँकि R, C (5, 4) और D (5, – 1) से बने रेखाखण्ड CD का मध्य-बिन्दु है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 25
चूँकि S, D (5, – 1) और A (-1,- 1) से बने रेखाखण्ड DA का मध्य-बिन्दु है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 26
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति Ex 7.4 27
लेकिन विकर्ण PR ≠ QS अर्थात् 6 ≠ 5
अतः अभीष्ट ₹PQRS एक समचतुर्भुज है।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1

प्रश्न 1.
किसी बहुपद p (x) के लिए y = p(x) का ग्राफ नीचे आकृति में दिया है। प्रत्येक स्थिति में p (x) के शून्यकों की संख्या ज्ञात कीजिए।
MP Board Solutions
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 बहुपद Ex 2.1 1
आकृति : 2.1
हल:

  1. कोई शून्यक नहीं
  2. एक शून्यक
  3. तीन शून्यक
  4. दो शून्यक
  5. चार शून्यक
  6. तीन शून्यक

 

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions

MP Board Class 10th Maths Chapter 4 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Maths Chapter 4 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वह प्राकृत संख्या ज्ञात कीजिए जिसके वर्ग से 84 घटाने पर वह संख्या के 8 अधिक से तीन गुना रह जाता है।
हल:
मान लीजिए अभीष्ट प्राकृत संख्या x है तो प्रश्नानुसार,
x2 – 84 = 3 (x + 8)
⇒ x2 – 84 = 3x + 24
⇒ x2 – 3x – 108 = 0
⇒ x2 – 12x + 9x – 108 = 0
⇒ x (x – 12) + 9(x – 12) = 0
⇒ (x – 12)(x + 9) = 0
या तो x + 9 = 0 तब x = – 9 लेकिन
यह एक प्राकृत संख्या नहीं है।
अथवा x – 12 = 0 तब x = 12
अतः अभीष्ट प्राकृत संख्या = 12 है।

प्रश्न 2.
एक प्राकृत संख्या में जब 12 जोड़ दिए जाएँ तो इसका मान उस संख्या के व्युत्क्रम का 160 गुना हो जाएगा। उस संख्या को ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए प्राकृत संख्या x है तो प्रश्नानुसार,
x+ 12 = 160 × \(\frac { 1 }{ x } \)
⇒ x2 + 12x = 160
⇒ x2 + 12x – 160 = 0
⇒ x2 + 20x – 8x – 160 = 0
⇒ x (x + 20) – 8 (x + 20) = 0
⇒ (x + 20) (x – 8) = 0
या तो x + 20 = 0 तथा x = – 20 जो एक प्राकृत संख्या नहीं है।
अथवा x – 8 = 0 तब x = 8,
अतः अभीष्ट प्राकृत संख्या 8 है।

प्रश्न 3.
एक रेलगाड़ी एक समान चाल से गतिमान है। यह 360 km की दूरी तय करने में 48 मिनट कम समय लेती यदि इसकी चाल वास्तविक चाल से 5 km/h अधिक होती। रेलगाड़ी की वास्तविक चाल ज्ञात कीजिए। हल:
मान लीजिए रेलगाड़ी की वास्तविक चाल x km/h है तो प्रश्नानुसार,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 1
⇒ 4x2 + 20x = 9000
⇒ x2 + 5x – 2250 = 0
⇒ x2 + 50x – 45x -2250 = 0
⇒ x (x + 50) – 45 (x + 50) = 0
⇒ (x + 50) (x – 45) = 0
या तो x + 50 = 0 तब x = – 50 लेकिन रेलगाड़ी की चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती
अथवा x – 45 = 0 तब x = 45
अत: रेलगाड़ी की अभीष्ट वास्तविक चाल 45 km/h

प्रश्न 4.
यदि जेबा अपनी वास्तविक आयु से 5 वर्ष कम आयु की होती तब उसकी उस उम्र आयु (वर्षों में) का वर्ग उसकी वास्तविक आयु के 5 गुने से 11 अधिक होता। उसकी वास्तविक (वर्तमान) आयु क्या है?
हल:
मान लीजिए जेबा की वास्तविक (वर्तमान) आयु x वर्ष है तो प्रश्नानुसार,
(x – 5)2 = 5x + 11
⇒ x2 – 10x + 25 = 5x + 11
⇒ x2 – 15x + 14 = 0
⇒ x2 – 14x – x + 14 = 0
⇒ x (x – 14)- 1 (x – 14) = 0
⇒ (x – 1)(x – 14) = 0
या तो x – 1 = 0 तब x = 1 (यह असम्भव है)
अथवा x – 14 = 0 तब x = 14
अतः जेबा की वास्तविक (वर्तमान) अभीष्ट आयु = 14 वर्ष।

प्रश्न 5.
निम्नांकित को के लिए हल कीजिए:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 2
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 3
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 4
⇒ 4(x + 1)(x + 2) = (3x + 4)(x + 4)
⇒ 4(x2 + 3x + 2) = (3x2 + 16x + 16)
⇒ 4x2 + 12x + 8 = 3x2 + 16t + 16
⇒ x2 – 4x – 8 = 0
यहाँ a = 1, b = -4 एवं c = – 8 है तथा
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 5
अतःx के अभीष्ट मान 2 ± \(\sqrt { 3 }\) हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 6
अतःx के अभीष्ट मान 0 अथवा 4 हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 7
अतःx के अभीष्ट मान 1 अथवा – \(\frac { 11 }{ 17 } \)

प्रश्न 6.
एक मोटर वोट जिसकी स्थिर जल में चाल 24 किमी/घण्टा है, धारा के प्रतिकूल 32 किमी जाने में वही पूरी धारा के अनुकूल जाने की अपेक्षा 1 घण्टा अधिक समय लेती है। धारा की चाल ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए धारा की चाल = x km/h
तो धारा के अनुकूल वोट की चाल = (24 +x) km/h
एवं धारा के प्रतिकूल चाल = (24-x) km/h
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 8
अथवा x – 8 = 0, तब x = 8 km/h
अतः धारा की अभीष्ट चाल = 8 km/h.

प्रश्न 7.
दो नल एक साथ एक टैंक को 3\(\frac { 1 }{ 13 } \) घण्टे में भर सकते हैं। यदि एक नल टैंक को भरने में दूसरे नल से 3 घण्टे अधिक लेता है, तो प्रत्येक नल टैंक को भरने में कितना समय लेगा?
हल:
मान लीजिए एक नल टैंक को भरने में x घण्टे लेता है, तो दूसरा नल उसी टैंक को भरने में (x + 3) घण्टे लेगा।
चूँकि दोनों नल टैंक को भरने में 3\(\frac { 1 }{ 13 } \) = \(\frac { 40 }{ 13 } \) घण्टे लेते हैं अर्थात्
वे दोनों 1 घण्टे में \(\frac { 13 }{ 40 } \) भाग टैंक का भरेंगे।
∴ पहला नल 1 घण्टे में \(\frac { 1 }{ x } \) भाग टैंक का भरेगा।
तथा दूसरा नल 1 घण्टे में \(\frac { 1 }{ x+3 } \) भाग टैंक को भरेगा।
⇒ \(\frac { 1 }{ x } \) + \(\frac { 1 }{ x+3 } \) = \(\frac { 13 }{ 40 } \)
⇒ \(\frac { x+3+x }{ x(x+3) } \) = \(\frac { 13 }{ 40 } \)
⇒ 13x(x + 3) = 40(2x + 3)
⇒ 13x2 + 39x = 80x + 120
⇒ 13x2 – 41x – 120 = 0
⇒ 13x2 – 65x + 24x – 120 = 0
⇒ 13x (x – 5) + 24(x – 5) = 0
⇒ (13x + 24) (x – 5) = 0
या तो 13x + 24 = 0, तब x = \(\frac { -24 }{ 13 } \) (ऋणात्मक) (जो सम्भव नहीं)
अथवा x – 5 = 0, तब x = 5 घण्टे
एवं x + 3 = 5 + 3 = 8 घण्टे
अत: दोनों नल उस टैंक को अलग-अलग भरने में क्रमशः 5 घण्टे एवं 8 घण्टे का समय लेंगे।

प्रश्न 8.
‘एक रेलगाड़ी पहले 54 किलोमीटर की दूरी किसी औसत चाल से चलती है तथा उसके बाद की 63 किलोमीटर की दूरी पहले से 6 किलोमीटर प्रति घण्टा अधिक की औसत चाल से चलती है। यदि कुल दूरी 3 घण्टे में पूरी होती है, तो रेलगाड़ी की पहली चाल क्या है?
हल:
मान लीजिए रेलगाड़ी की पहली चाल = x km/h
दूसरी चाल = (x + 6) km/h
तो प्रश्नानुसार,
\(\frac { 54 }{ x } \) + \(\frac { 63 }{ x+6 } \) = 3
⇒ 54(x + 6) + 63 (x) = 3x (x + 6)
⇒ 54x + 324 + 63x = 3x2 + 18x
⇒ 3x2 + 18x – 117x – 324 = 0
⇒ 3x2 – 99x – 324 = 0
⇒ x2 – 33x – 108 = 0
⇒ x2 – 36x + 3x -108 = 0
⇒ x (x – 36)+ 3 (x – 36) = 0
⇒ (x + 3) (x – 36) = 0
या तो x + 3 = 0 तब x = -3 (ऋणात्मक) (जो असम्भव है)
अथवा x – 36 = 0, तब x = 36
अत: रेलगाड़ी की पहली अभीष्ट चाल = 36 km/h.

प्रश्न 9.
एक आयताकार खेत का विकर्ण इसकी छोटी भुजा से 16 मीटर अधिक है। यदि इसकी बड़ी भुजा छोटी भुजा से 14 मीटर अधिक है, तो खेत की भुजाओं की लम्बाइयाँ ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए खेत की छोटी भुजा b = x m
तब उसका विकर्ण d = (x + 16) m
एवं उसकी लम्बाई 1 = (x + 14) m
चूँकि हम जानते हैं कि
d2 = t2 + b2 (पाइथागोरस प्रमेय से)
⇒ (x + 16)2 = (x + 14)2 + (x)2
⇒ x2 + 32x + 256 = x2 + 28x + 196 + x2
⇒ x2 + 32x + 256 = 2x2 + 28x + 196
⇒ x2 – 4x – 60 = 0
⇒ x2 – 10x + 6x – 60 = 0
⇒ x(x – 10) + 6 (x – 10) = 0
⇒ (x + 6) (x – 10) = 0
या तो x + 6 = 0, तब x = -6 (ऋणात्मक) (जो असम्भव है)
अथवा x – 10 = 0, तब x = 10 m
एवं x + 14 = 10 + 14 = 24 m
अतः खेत की भुजाओं की अभीष्ट लम्बाइयाँ क्रमशः 10 m एवं 24 m हैं।

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MP Board Class 10th Maths Chapter 4 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
द्विघाती सूत्र का प्रयोग करके निम्न वर्ग समीकरणों के मूल ज्ञात कीजिए:
(i) 2x2 – 3x – 5 = 0
(ii) 5x2 + 13x + 8 = 0
(iii) -3x2 + 5x + 12 = 0
(iv) -x2 + 7x – 10 = 0
(v) x2 + 2\(\sqrt { 2 }\) x – 6 = 0
(vi) x2 – 3\(\sqrt { 5 }\)x + 10 = 0
(vii) \(\frac { 1 }{ 2 } \) x2 – \(\sqrt { 11 }\)x + 1 = 0
हल:
(i) 2x2 – 3x – 5 = 0
यहाँ, a = 2, b = -3 एवं c = -5 है
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 9
अतः समीकरण के अभीष मूल \(\frac { 5 }{ 2 } \) एवं -1 हैं।

(ii) 5x2 + 13x + 8 = 0
यहाँ a = 5, b = 13 एवं c = 8
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 10
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल -1 और –\(\frac { 8 }{ 5 } \) हैं।

(iii) -3x2 + 5x + 12 = 0
यहाँ a = -3, b = 5 एवं c = 12
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 11
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल –\(\frac { 4 }{ 3 } \) और 3 हैं।

(iv) – x2 + 7x – 10 = 0
यहाँ a = – 1, b = 7 एवं c = – 10
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 12
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 13
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल 2 और 5 हैं।

(v) x2 + 2\(\sqrt { 2 }\)x – 6 = 0
यहाँ a = 1, b = 2\(\sqrt { 2 }\), एवं c = – 6
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 14
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल \(\sqrt { 2 }\) और – 3\(\sqrt { 2 }\) हैं।

(vi) x2 – 3\(\sqrt { 5 }\)x + 10 = 0
यहाँ a = 1, b = -3\(\sqrt { 5 }\) एवं c = 10
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 15
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल 2\(\sqrt { 5 }\) और \(\sqrt { 5 }\) हैं।

(vii) \(\frac { 1 }{ 2 } \)x2 – \(\sqrt { 11 }\)x + 1 = 0
⇒ x2 – 2\(\sqrt { 11 }\)x + 2 = 0
यहाँ a = 1, b = -2\(\sqrt { 11 }\) एवं c = 2
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 16
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 17
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल (\(\sqrt { 11 }\) + 3) और (\(\sqrt { 11 }\) – 3) हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित द्विघात (वर्ग) समीकरणों के मूल गुणनखण्ड विधि से ज्ञात कीजिए –
(i) 2x2 + \(\frac { 5 }{ 3 } \)x – 20
(ii) \(\frac { 2 }{ 5 } \)x2 – x – \(\frac { 3 }{ 5 } \) = 0
(iii) 3\(\sqrt { 2 }\)x2 – 5x – \(\sqrt { 2 }\) = 0
(iv) 3x2 + 5\(\sqrt { 5 }\)x – 10 = 0
(v) 21x2 – 2x + \(\frac { 1 }{ 21 } \) = 0.
हल:
(i) 2x2 + \(\frac { 5 }{ 3 } \)x – 2 = 0
⇒ 6x2 + 5x – 6 = 0
⇒ 6x2 + 9x – 4x – 6 = 0
⇒ 3x(2x + 3) – 2(2x + 3) = 0
⇒ (2x + 3) (3x – 2)
या तो 2x + 3 = 0 तब x = –\(\frac { 3 }{ 2 } \)
अथवा 3x – 2 = 0 तब x = \(\frac { 2 }{ 3 } \)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल – \(\frac { 3 }{ 2 } \) और \(\frac { 2 }{ 3 } \) हैं।

(ii) \(\frac { 2 }{ 5 } \)x2 – x – \(\frac { 3 }{ 5 } \) = 0
⇒ 2x2 – 5x – 3 = 0
⇒ 2x2 – 6x + x – 3 = 0
⇒ 2x (x – 3) + 1 (x – 3) = 0
⇒ (x – 3) (2x – 1) = 0
या तो x – 3 = 0 तब x = 3
अथवा 2x + 1 = 0 तब x = –\(\frac { 1 }{ 2 } \)
अत: समीकरण के अभीष्ट मूल 3 और –\(\frac { 1 }{ 2 } \) हैं।

(iii) 3\(\sqrt { 2 }\)x2 – 5x – \(\sqrt { 2 }\) = 0
⇒ 3\(\sqrt { 2 }\)x2 – 6x + x – \(\sqrt { 2 }\) = 0
⇒ 3\(\sqrt { 2 }\)x(x – \(\sqrt { 2 }\)) + 1 (x – \(\sqrt { 2 }\)) = 0
⇒ (x – \(\sqrt { 2 }\)) (3\(\sqrt { 2 }\)x + 1) = 0
या तो x – \(\sqrt { 2 }\) = 0 तब x = \(\sqrt { 2 }\)
अथवा 3\(\sqrt { 2 }\)x + 1 = 0 तब x = –\(\frac{1}{3 \sqrt{2}}\)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल \(\sqrt { 2 }\) और –\(\frac{1}{3 \sqrt{2}}\)

(iv) 3x2 + 5\(\sqrt { 5 }\)x – 10 = 0
⇒ 3x2 + 6\(\sqrt { 5 }\)x – \(\sqrt { 5 }\)x – 10 = 0
⇒ 3x(x + 2\(\sqrt { 5 }\)) – \(\sqrt { 5 }\) (x + 2\(\sqrt { 5 }\)) = 0
या तो x + 2\(\sqrt { 5 }\) = 0 तब x = -2\(\sqrt { 5 }\)
अथवा 3x – \(\sqrt { 5 }\) = 0 तब x = \(\frac{\sqrt{5}}{3}\)
अब समीकरण के अभीष्ट मूल – 2\(\sqrt { 5 }\) और \(\frac{\sqrt{5}}{3}\) हैं।

(v) 21x2 – 2x + \(\frac { 1 }{ 21 } \) = 0
⇒ 441x2 – 42x + 1 = 0
⇒ 441x2 – 21x – 21x + 1 = 0
⇒ 21x (21x – 1)- 1(21x – 1) = 0
⇒ (21x – 1) (21x – 1) = 0
⇒ 21x – 1 = 0 ⇒ x = \(\frac { 1 }{ 21 } \)
अतः समीकरण के अभीष मूल \(\frac { 1 }{ 21 } \) एवं \(\frac { 1 }{ 21 } \) हैं।

प्रश्न 3.
ज्ञात कीजिए कि निम्न समीकरणों के वास्तविक मूल हैं या नहीं। अगर वास्तविक मूल हैं, तो उन्हें ज्ञात कीजिए:
(i) 8x2 + 2x – 3 = 0
(ii) -2x2 + 3x + 2 = 0
(iii) 5x2 – 2x – 10 = 0
(iv) \(\frac { 1 }{ 2x-3 } \) + \(\frac { 1 }{ x-5 } \) = 1
(v) x2 + 5\(\sqrt { 5 }\)x – 70 = 0
हल:
(i) 8x2 + 2x – 3 = 0
यहाँ a = 8, b = 2 एवं c = – 3
अब b2 – 4ac = (2)2 – 4(8) (-3)
= 4 + 96 = 100 (धनात्मक)
अतः समीकरण के मूल वास्तविक हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 18
अत: समीकरण के अभीष्ट मूल \(\frac { 1 }{ 2 } \) और – \(\frac { 3 }{ 4 } \)

(ii) -2x2 + 3x + 2 = 0
यहाँ a = 2,b = 3 एवं c = 2
b2 – 4ac = (3)2 – 4(-2) (2)
= 9 + 16 = 25 (धनात्मक)
अत: समीकरण के मूल वास्तविक हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 19
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल –\(\frac { 1 }{ 2 } \) और 2 हैं।

(iii) 5x2 – 2x – 10 = 0
यहाँ, a = 5, b = – 2 एवं c = -10
b2 – 4ac = (-2)2 – 4(5) (- 10)
= 4 + 200 = 204 (धनात्मक)
अतः समीकरण के मूल वास्तविक हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 20
अतः समीकरण के मूल वास्तविक हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 21
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 22

(v) x2 + 5\(\sqrt { 5 }\)x – 70 = 0
यहाँ a = 1, b = 5\(\sqrt { 5 }\) एवं c = – 70
b2 – 4ac = (5\(\sqrt { 5 }\))2 – 4(1)(-70)
= 125 + 280 = 405 (धनात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 23
अत: समीकरण के अभीष्ट मूल 2\(\sqrt { 5 }\) और – 7\(\sqrt { 5 }\) हैं।

प्रश्न 4.
यदि ad ≠ bc है, तो सिद्ध कीजिए कि समीकरण (a2 + b2) x2 + 2(ac+ bd)x + (c2 + d2) = 0
का कोई वास्तविक मूल नहीं है।
हल:
दिए हुए समीकरण में A = (a2 + b2),
B = 2(ac + bd) एवं C = (c2 + d2)
∵ विविक्तकर = B2 – 4AC
= [2(ac + bd)]2 – 4(a2 + b2)(c2 + d2)
= 4(a2c2 + b2d2 + 2abcd) – 4(a2c2 + b2d2 + a2d2 + b2c2)
= 4a2c2 +4b2d2 + 8abcd – 4a2c2 – 4b2d2 – 4a2d2 – 4b2c2
= – 4(a2d2 + b2c2 – 2abcd)
= -4(ad – bc)2
लेकिन ad ≠ bc (दिया है)
⇒ ad – bc ≠ 0
= (ad – bc)2 धनात्मक है।
⇒ B2 – 4AC ऋणात्मक है।
अतः दिए हुए समीकरण का कोई वास्तविक मूल नहीं होगा।

प्रश्न 5.
x के लिए हल कीजिए:
\(\sqrt { 3 }\)x2 – 2\(\sqrt { 2 }\)x – 2\(\sqrt { 3 }\) = 0
हल:
दिए हुए वर्ग समीकरण में a = \(\sqrt { 3 }\), b = – 2\(\sqrt { 2 }\) एवं c = -2\(\sqrt { 3 }\) हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 24
अतः x के अभीष्ट मान \(\sqrt { 6 }\) अथवा –\(\frac{\sqrt{2}}{\sqrt{3}}\) हैं।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 25
अतः x के अभीष्ट मान \(\sqrt { 6 }\) अथवा –\(\frac{\sqrt{2}}{\sqrt{3}}\) हैं।

प्रश्न 6.
निम्न द्विघात समीकरण को x के लिए हल कीजिए :
4x2 + 4bx – (a2 – b2) = 0
हल:
दिए हुए द्विघात समीकरण में A = 4, B = 4b एवं C = – (a2 – b2) = (b2 – a2)

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 26

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 27

प्रश्न 7.
p का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए द्विघात समीकरण px2 – 14x + 8 = 0 का एक मूल दूसरे का 6 गुना है।
हल:
दिए हुए द्विघात समीकरण px2 – 14x + 8 = 0 के मूल मान लीजिए α एवं β हैं, तो प्रश्नानुसार,
β = 6α
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 28
या तो p = 0 (लेकिन यह असम्भव है क्योंकि x2 का गुणांक शून्य (0) नहीं हो सकता)
अथवा p – 3 = 0 ⇒ p = 3
अतः p का अभीष्ट मान = 3 है।

प्रश्न 8.
यदि द्विघात समीकरण 2x2 + px – 15 = 0 का एक मूल -5 है तथा द्विघाती समीकरण p(x2 + x)+ k = 0 के मूल समान हैं, तो k का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
चूँकि द्विघात समीकरण 2x2 + px – 15 = 0 का एक मूल -5 है, तो
2(-5)2 + p(-5) – 15 = 0
⇒ 50 – 5p – 15 = 0
⇒ 5p = 50 – 15 = 35 ⇒ p = \(\frac { 35 }{ 5 } \) = 7 …..(1)
∴ द्विघात समीकरण p(x2 + x) + k = 0 में A = p, B = p एवं C = k
चूँकि उक्त समीकरण के मूल बराबर हैं।
⇒ B2 – 4AC = 0 ⇒ p2 – 4pk = 0
⇒ p – 4k = 0 ⇒ k = \(\frac { p }{ 4 } \) ….(2)
⇒ k = 7/4
अतःk का अभीष्ट मान = 7/4 है।

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MP Board Class 10th Maths Chapter 4 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्या निम्नलिखित वर्ग समीकरणों के दो भिन्न वास्तविक मूल हैं? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए:
(i) x2 – 3x + 4 = 0
(ii) 2x + x – 1 = 0
(iii) 2x2 – 6x + \(\frac { 9 }{ 2 } \) = 0
(iv) 3x2 – 4x + 1 = 0
(v) (x + 4)2 – 8x = 0
(vi) (x – \(\sqrt { 2 }\) )2 – 2(x + 1) = 0
(vii) \(\sqrt { 2 }\)x2 – \(\frac{3}{\sqrt{2}} x+\frac{1}{\sqrt{2}}=0\)
(viii) x(1 – x) – 2 = 0
(ix)(x – 1) (x + 2) + 2 = 0
(x)(x + 1) (x – 2) + x = 0
हल:
(i) x2 – 3x + 4 = 0
यहाँ a = 1, b = – 3 एवं c = 4
b2 – 4ac = (-3)2 – 4(1)(4)
9 – 16 = -7 < 0 (ऋणात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक नहीं हैं।

(ii) 2x2 + x – 1 = 0
यहाँ a = 2, b = 1 एवं c = – 1
⇒ b2 – 4ac = (1)2 – 4(2)(-1)
= 1 + 8 = 9 > 0 (धनात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट दो भिन्न वास्तविक मूल हैं।

(iii) 2x2 – 6x + \(\frac { 9 }{ 2 } \) = 0 ⇒ 4x2 – 12x + 9 = 0
यहाँ, a = 4, b = – 12 एवं c = 9
⇒ b2 – 4ac = (-12)2 – 4(4) (9)
= 144 – 144 = 0 (शून्य)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक हैं लेकिन भिन्न नहीं हैं।

(iv) 3x2 – 4x + 1 = 0
यहाँ a = 3, b = – 4 एवं c = 1
⇒ b2 – 4ac = (-4)2 – 4(3) (1)
= 16 – 12 = 4 > 0 (धनात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक एवं भिन्न हैं।

(v) (x + 4)2 – 8x = 0 ⇒ x2 + 8x + 16 – 8x = 0
⇒ x2 + 16 = 0
यहाँ a = 1, b = 0 एवं c = 16
⇒ b2 – 4ac = (0)2 – 4(1) (16)
= 0 – 64 = -64 < 0 (ऋणात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक नहीं हैं।

(vi) (x – \(\sqrt { 2 }\))2 – 2(x + 1) = 0
⇒ x2 – 2\(\sqrt { 2 }\)x + 2 – 2x – 2 = 0
⇒ x2 – (2\(\sqrt { 2 }\) + 2)x = 0
यहाँ a = 1, b = – (2\(\sqrt { 2 }\) + 2) एवं c = 0
⇒ b2 – 4ac = [- (2\(\sqrt { 2 }\) + 2)]2 – 4(1) (0)
= 8 + 8\(\sqrt { 2 }\) + 4 – 0 = 12 + 8\(\sqrt { 2 }\) > 0 (धनात्मक)
अत: समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक एवं भिन्न हैं।

(vii) \(\sqrt{2} x^{2}-\frac{3}{\sqrt{2}} x+\frac{1}{\sqrt{2}}=0 \Rightarrow 2 x^{2}-3 x+1=0\)
यहाँ a = 2, b = – 3 एवं c = 1
b2 – 4ac = (-3)2 – 4(2) (1) = 9 – 8 = 1 > 0(धनात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक एवं भिन्न हैं।

(viii) x(1 – x) – 2 = 0 ⇒ x – x2 – 2 = 0 ⇒ x2 – x + 2 = 0
यहाँ a = 1, b = – 1 और c = 2
b2 – 4ac = (-1)2 – 4(1) (2)
= 1 – 8 = – 7 < 0 (ऋणात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक नहीं हैं।

(ix) (x – 1) (x + 2) + 2 = 0 ⇒ x2 + 2x – x – 2 + 2 = 0
⇒ x2 + x = 0
यहाँ, a = 1, b = 1 एवं c = 0
⇒ b2 – 4ac = (1)2 – 4(1)(0) = 1 – 0 = 1 > 0 (धनात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक एवं भिन्न हैं।

(x) (x + 1) (x – 2) + x = 0
⇒ x2 – 2x + x – 2 + x = 0
⇒ x2 – 2 = 0
यहाँ a = 1, b = 0 एवं c = – 2
⇒ b2 – 4ac = (0)2 – 4(1)(-2)
= 0 + 8 = 8 > 0 (धनात्मक)
अतः समीकरण के अभीष्ट मूल वास्तविक एवं भिन्न हैं।

प्रश्न 2.
निम्न कथन सत्य हैं या असत्य? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

  1. प्रत्येक वर्ग समीकरण का ठीक एक मूल होता है।
  2. प्रत्येक वर्गसमीकरण का कम-से-कम एक वास्तविक मूल होता है।
  3. प्रत्येक वर्ग समीकरण के कम-से-कम दो मूल होते हैं।
  4. प्रत्येक वर्ग समीकरण के अधिक-से-अधिक दो मूल होते हैं।
  5. यदि किसी वर्ग समीकरण में x2 का गुणांक और स्थिरांक के चिह्न विपरीत हों, तो वर्ग समीकरण के वास्तविक मूल होंगे।
  6. यदि किसी वर्गसमीकरण में x2 का गुणांक और स्थिरांक के चिह्न समान हों और x का गुणांक शून्य हो, तो वर्ग समीकरण के वास्तविक मूल नहीं होंगे।

हल:

  1. असत्य कथन, क्योंकि x2 = 1 दो मूल वाला वर्ग समीकरण है।
  2. असत्य कथन, क्योंकि x2 + 1 = 0 का कोई वास्तविक मूल नहीं है।
  3. सत्य कथन, क्योंकि प्रत्येक वर्ग समीकरण के केवल और केवल दो ही मूल होते हैं।
  4. सत्य कथन, क्योंकि किसी द्विघात बहुपद के अधिकतम दो शून्यांक होते हैं।
  5. सत्य कथन, क्योंकि यदि समीकरण ax2 + bx + c = 0 में a और c के चिह्न विपरीत हों, तब ac < 0 और इस प्रकार b2 – 4ac > 0
  6. सत्य कथन, क्योंकि यदि समीकरण ax2 + bx + c = 0 में a और c के चिह्न समान हों और b = 0 हो तब b2 – 4ac = – 4ac < 0

प्रश्न 3.
एक वर्ग समीकरण जिसके गुणांक पूर्णांक हों, उसके मूल भी पूर्णांक होंगे? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
हल:
आवश्यक नहीं, क्योंकि वर्ग समीकरण x2 – 3x + 1 = 0 के गुणांक पूर्णांक हैं, लेकिन इसके मूल पूर्णांक नहीं है।

प्रश्न 4.
क्या कोई ऐसा वर्ग समीकरण हो सकता है, जिसके गुणांक परिमेय हों, लेकिन उसके दोनों मूल अपरिमेय हों? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
हल:
हाँ, x2 – 6x + 7 = 0 एक वर्ग समीकरण है जिसके गुणांक परिमेय हैं, लेकिन मूल 3 ± \(\sqrt { 2 }\) अपरिमेय हैं।

प्रश्न 5.
क्या कोई ऐसा वर्ग समीकरण हो सकता है, जिसके सभी गुणांक विभिन्न अपरिमेय हों, लेकिन उसके दोनों मूल परिमेय हैं? क्यों?
हल:
हाँ हो सकता है, क्योंकि वर्ग समीकरण \(\sqrt { 3 }\)x2 – 7\(\sqrt { 3 }\)x + 12\(\sqrt { 3 }\) = 0 के गुणांक विभिन्न अपरिमेय हैं लेकिन इसके दोनों मूल 3 एवं 4 हैं, जो परिमेय हैं।

प्रश्न 6.
क्या 0.2 वर्ग समीकरण x2 – 0.4 = 0 का एक मूल है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
हल:
नहीं हो सकता, क्योंकि 0.2 का वर्ग 0-4 नहीं, बल्कि 0.04 होता है।

प्रश्न 7.
यदि b = 0 एवं c <0 तो क्या यह सत्य है कि वर्ग समीकरण x2 + bx + c = 0 के मूल संख्यात्मक रूप से बराबर लेकिन विपरीत चिह्नों वाले होंगे। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
हल:
हाँ, यह सत्य है, क्योंकि ax2 – c = 0 के मूल x = ±\(\sqrt{\frac{c}{a}}\) अर्थात् \(\sqrt{\frac{c}{a}}\) एवं –\(\sqrt{\frac{c}{a}}\) होंगे जो संख्यात्मक रूप से बराबर हैं, लेकिन उनके चिह्न विपरीत हैं।

प्रश्न 8.
यदि द्विघात समीकरण px2 – 2\(\sqrt { 5 }\) px + 15 = 0 के दो समान मूल हों, तो p का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
दिए समीकरण में a = p, b = -2\(\sqrt { 5 }\)p एवं c = 15 है तथा दोनों मूल समान हैं।
b2 – 4ac = 0 ⇒ (-2\(\sqrt { 5 }\)p)2 – 4p (15) = 0
⇒ 20p2 – 60p = 0
⇒ p2 – 3p = 0
⇒ p(p – 3) = 0
या तो p = 0 (जो असम्भव है)
अथवा p – 3 = 0 ⇒ p = 3
अतः p का अभीष्ट मान = 3 है।

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MP Board Class 10th Maths Chapter 4 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

MP Board Class 10th Maths Chapter 4 बहु-विकल्पीय

प्रश्न 1.
निम्न में कौन एक वर्ग समीकरण है?
(a) x2 + 2x + 1 = (4 – x)2 + 3
(b) – 2x2 = (5 – x) (2x – \(\frac { 2 }{ 5 } \))
(c) (k + 1)x2 + \(\frac { 3 }{ 2 } \)x = 7, जहाँ k = -1
(d) x2 – x2 = (x – 1)2
उत्तर:
(d) x2 – x2 = (x – 1)2

प्रश्न 2.
निम्न में कौन एक वर्ग समीकरण नहीं है?
(a) 2(x – 1)2 = 4x2 – 2x + 1
(b) 2x – x2 = x2 + 5
(c) (\(\sqrt { 2 }\)x + \(\sqrt { 3 }\))2 + x2 = 3x2 – 5x
(d) (x2 + 2x)2 = x4 + 3 + 4x3
उत्तर:
(c) (\(\sqrt { 2 }\)x + \(\sqrt { 3 }\))2 + x2 = 3x2 – 5x

प्रश्न 3.
निम्न में से किस वर्ग समीकरण का मूल 2 है?
(a) x2 – 4x + 5 = 0
(b) x2 + 3x – 12 = 0
(c) 2x2 – 7x + 6 = 0
(d) 3x2 – 6x – 2 = 0
उत्तर:
(c) 2x2 – 7x + 6 = 0

प्रश्न 4.
यदि \(\frac { 1 }{ 2 } \) वर्ग समीकरण x2 + kx – \(\frac { 5 }{ 4 } \) = 0 का एक मूल है, तो k का मान है :
(a) 2
(b) -2
(c) \(\frac { 1 }{ 4 } \)
(d) \(\frac { 1 }{ 2 } \)
उत्तर:
(a) 2

प्रश्न 5.
निम्न में किस वर्ग समीकरण के मूलों का योग 3 है?
(a) 2x2 – 3x + 6 = 0
(b) -x2 + 3x – 3 = 0
(c) \(\sqrt { 2 }\)x2 – \(\frac{3}{\sqrt{2}}\) + 1 = 0
(d) 3x2 – 3x + 3 = 0
उत्तर:
(b) -x2 + 3x – 3 = 0

प्रश्न 6.
k का मान जिसके लिए वर्ग समीकरण 2x2 – kx + k = 0 के दोनों मूल बराबर हों, होगा :
(a) केवल 0
(b) 4
(c) केवल 8
(d) 0,8
उत्तर:
(d) 0,8

प्रश्न 7.
पूर्ण वर्ग बनाने की विधि से वर्ग समीकरण 9x2 + \(\frac { 3 }{ 4 } \)x – \(\sqrt { 2 }\) = 0 को हल करने के लिए इसमें कौन-सा स्थिरांक जोड़ा और घटाया जाना आवश्यक है?
(a) \(\frac { 1 }{ 8 } \)
(b) \(\frac { 1 }{ 64 } \)
(c) \(\frac { 1 }{ 4 } \)
(d) \(\frac { 9 }{ 64 } \)
उत्तर:
(b) \(\frac { 1 }{ 64 } \)

प्रश्न 8.
वर्ग समीकरण 2x2 – \(\sqrt { 5 }\)x + 1 = 0 के होते है:
(a) दो विभिन्न वास्तविक मूल
(b) दो समान वास्तविक मूल
(c) कोई वास्तविक मूल नहीं
(d) दो से अधिक वास्तविक मूल
उत्तर:
(c) कोई वास्तविक मूल नहीं

प्रश्न 9.
निम्न वर्ग समीकरणों में से किसके दो विभिन्न वास्तविक मूल होते हैं?
(a) 2x2 – 3\(\sqrt { 2 }\)x + \(\frac { 9 }{ 4 } \) = 0
(b) x2 + x – 5 = 0
(c) x2 + 3x + 2\(\sqrt { 2 }\) = 0
(d) 5x2 – 3x +1= 0
उत्तर:
(b) x2 + x – 5 = 0

प्रश्न 10.
निम्न में से किस वर्ग समीकरण के मूल वास्तविक नहीं होते?
(a) x2 – 4x + 3\(\sqrt { 2 }\) = 0
(b) x2 + 4x – 3\(\sqrt { 2 }\) = 0
(c) x2 – 4x – 3\(\sqrt { 2 }\) = 0
(d) 3x2 + 4\(\sqrt { 3 }\) x + 4 = 0
उत्तर:
(a) x2 – 4x + 3\(\sqrt { 2 }\) = 0

प्रश्न 11.
समीकरण (x2 + 1)2 – x2 = 0 के होते हैं:
(a) चार वास्तविक मूल
(b) दो वास्तविक मूल
(c) कोई वास्तविक मूल नहीं
(d) एक वास्तविक मूल।
उत्तर:
(c) कोई वास्तविक मूल नहीं

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MP Board Class 10th Maths Chapter 4 रिक्त स्थानों की पूर्ति

प्रश्न 1.
यदि p(x) एक द्विघात बहुपद है तो p(x) = 0 को ………………… कहते हैं।
उत्तर:
वर्ग समीकरण

प्रश्न 2.
किसी वर्ग समीकरण में अधिकतम ………………… मूल होते हैं।
उत्तर:
दो

प्रश्न 3.
वर्ग समीकरण में ax2 + bx + c = 0 का विविक्तकर D = ………………… है।
उत्तर:
b2 – 4ac

प्रश्न 4.
वह समीकरण जिसमें अज्ञात राशि की अधिकतम घात दो हों ………………… कहलाता है।
उत्तर:
वर्ग समीकरण

प्रश्न 5.
वर्ग समीकरण (x – 4) (x -3) = 0 में मूल ………………… होंगे।
उत्तर:
4 और – 3

प्रश्न 6.
एक द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0 में कोई वास्तविक मूल नहीं होता यदि ………… (2019)
उत्तर:
b2 < 4ac

प्रश्न 7.
समीकरण 3x2 – 2x + \(\frac { 1 }{ 3 } \) = 0 का विविक्तकर ……….. है। (2019)
उत्तर:
0 (शून्य)

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 4 द्विघात समीकरण Additional Questions 29
उत्तर:

  1. → (c)
  2. → (d)
  3. → (e)
  4. → (a)
  5. → (b)

सत्य/असत्य कथन

प्रश्न 1.
वर्ग समीकरण के अनेक हल हो सकते हैं।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
वर्ग समीकरण को हल करने के लिए सूत्र के प्रणेता श्रीधराचार्य थे।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
वर्ग समीकरण में चर की अधिकतम घात कुछ भी हो सकती है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
x (x – 1)= 0 में x के मान 0 एवं 1 हैं।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
x2 – 4x + 4 = 0 के मूल बराबर हैं।
उत्तर:
सत्य।

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एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
वह समीकरण जिसमें अज्ञात राशि (चर) की अधिकतम घात दो हो क्या कहलाता है?
उत्तर:
वर्ग समीकरण

प्रश्न 2.
समीकरण ax2 + bx + c = 0 में (b2 – 4ac) को क्या कहते हैं?
उत्तर:
विविक्तकर

प्रश्न 3.
किसी वर्ग समीकरण के चर के दोनों मान उस वर्ग समीकरण के क्या कहलाते हैं?
उत्तर:
मूल

प्रश्न 4.
यदि किसी वर्ग समीकरण का विविक्तकर शून्य हो तो उसके मूल कैसे होंगे?
उत्तर:
समान एवं वास्तविक

प्रश्न 5.
यदि किसी वर्ग समीकरण का विविक्तकर धनात्मक पूर्ण वर्ग संख्या हो तो उसके मूल कैसे होंगे?
उत्तर:
परिमेय एवं असमान

प्रश्न 6.
यदि किसी वर्ग समीकरण का विविक्तकर धनात्मक हो लेकिन पूर्ण वर्ग नहीं हो तो उसके मूल कैसे होंगे?
उत्तर:
अपरिमेय एवं असमान

प्रश्न 7.
यदि किसी वर्ग समीकरण का विविक्तकर ऋणात्मक हो तो उसके मूल कैसे होंगे?
उत्तर:
अधिकल्पित (अवास्तविक, वास्तविक नहीं)

प्रश्न 8.
यदि किसी वर्ग समीकरण का विविक्तकर धनात्मक हो, तो उसके मूल कैसे होंगे?
उत्तर:
असमान एवं वास्तविक

प्रश्न 9.
वर्ग समीकरण 2x2 + 4x + 6 = 0 में मूलों का योग क्या होगा?
उत्तर:
(-2)

प्रश्न 10.
वर्ग समीकरण 2x2 + 4x + 6 = 0 में मूलों का गुणनफल क्या होगा?
उत्तर:
3

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 14 प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 14 प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ

MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है? (2009,13)
(i) तीसरा
(ii) दूसरा
(iii) सातवाँ
(iv) पाँचवाँ।
उत्तर:
(ii) दूसरा

प्रश्न 2.
आतंकवादी किन माध्यमों से अपनी गतिविधियाँ संचालित करते हैं ?
(i) शान्ति वार्ता
(ii) शिक्षा
(iii) राजनीति
(iv) हत्या, अपहरण
उत्तर:
(iv) हत्या, अपहरण

प्रश्न 3.
नशामुक्ति के लिए मद्यनिषेध अभियान किसने चलाया था ? (2009)
(i) जवाहरलाल नेहरू
(ii) महात्मा गांधी
(iii) स्वामी विवेकानन्द
(iv) लाल बहादुर शास्त्री।
उत्तर:
(ii) महात्मा गांधी

प्रश्न 4.
हाईस्कूल पास करने के बाद छात्रों की शिक्षा में बेरोजगारी दूर करने की दृष्टि से किस बात पर जोर देना चाहिए?
(i) व्यवसायिक शिक्षा
(ii) आध्यात्मिक शिक्षा
(iii) राजनैतिक शिक्षा
(iv) नैतिक शिक्षा।
उत्तर:
(i) व्यवसायिक शिक्षा

सही जोड़ी बनाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 14 प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ 1
उत्तर:

  1. → (ग)
  2. → (क)
  3. → (ख)
  4. → (ङ)
  5. → (घ)

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रजातन्त्र के समक्ष कौन-कौनसी चुनौतियाँ हैं ?
उत्तर:
साम्प्रदायिकता, जातीयता, क्षेत्रवाद, आतंकवाद, निर्धनता तथा बेरोजगारी आदि प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ हैं।

प्रश्न 2.
साम्प्रदायिकता से क्या आशय है ?
उत्तर:
अपने पंथ के प्रति निष्ठा रखकर दूसरे पथों एवं सम्प्रदायों को घृणा की दृष्टि से देखना तथा व्यापक राष्ट्रहित की उपेक्षा कर स्वयं के पंथ या सम्प्रदाय के हितों की पूर्ति में कार्य करना साम्प्रदायिकता कहलाती है।

प्रश्न 3.
मादक या नशीला पदार्थ किसे कहा जाता है ? (2018)
उत्तर:
वे पदार्थ जिनके सेवन से मस्तिष्क शिथिल हो जाए, रक्त का संचार तेज हो और उत्तेजना से क्षणिक आनन्द की अनुभूति हो, उन्हें मादक पदार्थ कहते हैं।

प्रश्न 4.
बेरोजगारी से क्या आशय है ? (2016, 18)
उत्तर:
बेरोजगारी का अर्थ-बेरोजगारी से आशय ऐसी स्थिति से है जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार होता है परन्तु उसे कार्य नहीं मिलता। बेरोजगारी की स्थिति में श्रम शक्ति और रोजगार के अवसरों की असमानता बढ़ती जाती है। इससे श्रमिकों की माँग की अपेक्षा पूर्ति अधिक होती है। ऐसी स्थिति में बहुत से व्यक्ति कार्य करने योग्य तो हैं परन्तु उन्हें कार्य नहीं मिल पाता है। इसे ही बेरोजगारी कहते हैं।

प्रश्न 5.
अशिक्षा स्वस्थ जनमत में किस प्रकार बाधक है ? लिखिए।
अथवा
“निरक्षरता प्रजातन्त्र के लिए अभिशाप है।” समझाइए।
उत्तर:
अशिक्षा के कारण नागरिकों में राजनीतिक सक्रियता और सहभागिता की कमी रहती है। राजनैतिक जागरूकता की कमी लोकतन्त्र के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। साथ ही निरक्षरता के कारण लोगों में न केवल निर्धनता अपितु साम्प्रदायिकता, जातिवाद आदि की बुरी भावनाएँ पनपती हैं। इससे उनका मानसिक एवं भौतिक विकास नहीं हो पाता। इसलिए निरक्षरता प्रजातन्त्र के लिए अभिशाप है।

प्रश्न 6.
शहरी बेरोजगारी से आशय लिखिए।
उत्तर:
शहरी बेरोजगारी – शहरों में बड़ी संख्या में शिक्षा प्राप्त कर लोग बेकार बैठे रहते हैं या उन्हें अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पाता है। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर पलायन भी इसका एक बहुत बड़ा कारण है। मशीनीकरण व आधुनिकीकरण के कारण अवसरों की संख्या कम हो गयी है। संक्षेप में, शहरी बेरोजगारी में औद्योगिक बेरोजगारी तथा शिक्षित बेरोजगारी को सम्मिलित किया जाता है।

प्रश्न 7.
सामाजिक असमानता किसे कहते हैं?
उत्तर:
सामाजिक असमानता – सामाजिक असमानता से तात्पर्य वास्तविक रूप में देश में प्रचलित जातिवाद और क्षेत्रवाद से है जो स्वतन्त्रता और समानता के अधिकार को वास्तविक नहीं बनने दे रहे हैं।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जनसंख्या विस्फोट से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर:
जनसंख्या विस्फोट – जब जनसंख्या वृद्धि दर इतनी तेज हो जाती है कि देश में उपलब्ध संसाधन आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाते तब इस स्थिति को ‘जनसंख्या विस्फोट’ कहा जाता है। जनसंख्या की तीव्र गति से वृद्धि हमारे आर्थिक विकास के सारे प्रयासों को विफल कर देती है।

हर देश में जब विकास होगा तो जन्म दर की तुलना में मृत्यु दर तीव्र गति से घटेगी और उसका परिणाम जनसंख्या में वृद्धि होगा। आज पैदा होने वाले बच्चे, जिन्हें अकाल शिशु-मृत्यु से बचा लिया जायेगा, 20-22 वर्ष बाद स्वयं बच्चे पैदा करेंगे।

प्रश्न 2.
साम्प्रदायिकता के चार कारण लिखिए। (2013)
अथवा
साम्प्रदायिकता क्या है? इसके प्रमुख कारण लिखिए। (2009)
उत्तर:
साम्प्रदायिकता मानवता और राष्ट्रीय एकता के लिये गम्भीर अभिशाप है।

साम्प्रदायिकता के कारण – साम्प्रदायिकता के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं –

  1. फूट डालो और शासन करो की नीति – ब्रिटिश सरकार की देश को विभाजित करने की नीति ने साम्प्रदायिकता को बढ़ावा दिया है। परिणामतः देश में वर्षों से साथ रह रहे विभिन्न सम्प्रदायों के लोगों में अविश्वास की भावना बढ़ गई जो कि साम्प्रदायिकता के रूप में आज भी विद्यमान है।
  2. राजनीतिक स्वार्थ – राजनीतिज्ञों, नेताओं और सरकारों द्वारा राजनीतिक स्वार्थ के तहत चुनाव जीतने के लिये धर्मों एवं सम्प्रदायों की माँगों को स्वीकार कर लिया जाता है और उन्हें खुश करने के प्रयास किये जाते हैं।
  3. अशिक्षा – साम्प्रदायिकता का एक कारण लोगों का अशिक्षित होना है। अशिक्षित व्यक्तियों का दृष्टिकोण संकुचित होता है। वे अपना निर्णय स्वयं नहीं ले पाते। वे कथित गुरुओं के बहकावे में आ जाते हैं। तथाकथित गुरु अपने स्वार्थ के लिए उन्हें गुमराह करते हैं।
  4. भ्रामक प्रचार – देश में होने वाली हर छोटी घटना को कुछ देश तूल देकर प्रसारित करते हैं। इससे देश में साम्प्रदायिकता की भावना को प्रोत्साहन मिलता है।

प्रश्न 3.
नशे पर प्रतिबन्ध क्यों होना चाहिए? समझाइए। (2009)
उत्तर:
नशे पर प्रतिबन्ध – मादक पदार्थों के सेवन पर नियन्त्रण से व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक सन्तुलन बना रहेगा। आर्थिक सम्पन्नता बढ़ेगी। परिवार में सुख शान्ति होगी। अपराध कम होंगे। कार्यकुशलता बढ़ने से देश के उत्पादन पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा और उसमें वृद्धि होगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। देश के विकास के लिये स्वस्थ नागरिक आवश्यक होते हैं हमारी भावी पीढ़ी स्वस्थ और सम्पन्न होगी। प्रत्येक राष्ट्र ने मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने के लिये नीति और नियम बनाये हैं और उन्हें लागू किया है। समाज में चेतना जगाने के लिये सामाजिक संस्थाएँ निरन्तर कार्य कर रही हैं।

प्रश्न 4.
जनसंख्या वृद्धि के चार कारण लिखिए। (2009, 13)
उत्तर:
जनसंख्या वृद्धि के कारण-भारत में जनसंख्या की तीव्र वृद्धि के कारण निम्नलिखित हैं –
(1) मृत्यु-दर में कमी – मृत्यु-दर से आशय एक वर्ष में प्रति हजार जनसंख्या के पीछे मृतकों की संख्या से है। इस दर में भारत में काफी कमी हुई है। भारत में मृत्यु-दर में कमी के अनेक कारण हैं। इनमें प्रमुख अकालों एवं महामारियों में कमी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य-सुधार कार्यक्रमों का विस्तार, स्त्रियों में शिक्षा-प्रसार, विवाह-आयु में वृद्धि, अन्धविश्वासों में कमी, जीवन-स्तर में वृद्धि आदि हैं।

(2) ऊँची जन्म-दर-जन्म-दर से आशय एक वर्ष में प्रति हजार जनसंख्या के पीछे बच्चों के जन्म से है। भारत में जनसंख्या वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि तुलनात्मक रूप से यहाँ जन्म-दर पर्याप्त ऊँची है। भारत में ऊँची जन्म-दर के अनेक कारण हैं; जैसे-बाल-विवाह, अनिवार्य विवाह, भाग्यवादिता, पारिवारिक मान्यता, धर्मान्धता, निम्न जीवन-स्तर तथा स्वास्थ्य सेवाओं का प्रसार।

(3) अशिक्षा तथा निम्न जीवन-स्तर-भारत में जनसंख्या वृद्धि का प्रमुख कारण यहाँ के निवासियों का निम्न जीवन-स्तर है। निर्धन व्यक्तियों के यहाँ धनी व्यक्तियों की अपेक्षा अधिक सन्तानें होती हैं। अशिक्षित होने के कारण ये लोग परिवार नियोजन का महत्त्व नहीं समझते। अत: जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि होती है।

(4) जलवायु-भारत में जलवायु गर्म होने के कारण युवक-युवतियाँ शीघ्रता से सन्तान उत्पन्न करने योग्य हो जाते हैं। उनके विवाह जल्दी कर दिये जाते हैं। अतः अधिक सन्तानें उत्पन्न होती हैं जिसके कारण जनसंख्या तेजी से बढ़ती है।

प्रश्न 5.
जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय लिखिए। (2010, 11, 14)
उत्तर:
जनसंख्या वृद्धि रोकने के उपाय

जनसंख्या वृद्धि को रोकने के निम्नलिखित उपाय हैं –

  1. परिवार कल्याण – परिवार कल्याण द्वारा छोटे परिवारों के लाभों का प्रचार करना चाहिए जिससे प्रभावित होकर प्रत्येक व्यक्ति विभिन्न प्रकार के कृत्रिम साधनों को प्रयोग में लाने लगे।
  2. शिक्षा तथा सामाजिक सुधार – जब तक देश में शिक्षा की उचित व्यवस्था नहीं होगी, परिवार नियोजन कभी भी सफलतापूर्वक कार्य नहीं कर सकता। एक अविकसित देश का अज्ञानी व्यक्ति जो सामाजिक व धार्मिक अन्धविश्वासों में जकड़ा हुआ है, परिवार नियोजन के लाभों को समझ नहीं सकेगा। अतः शिक्षा का प्रसार होना चाहिए। शिक्षा द्वारा बाल-विवाह, जातिवाद आदि सामाजिक कुरीतियाँ स्वयं समाप्त हो जाएँगी जो जनसंख्या वृद्धि में सहायक होती हैं।
  3. आर्थिक विकास – जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए समाज का समुचित आर्थिक विकास होना चाहिए। साथ ही कृषि, उद्योग, व्यापार, यातायात एवं संवाद-वाहन आदि सभी क्षेत्रों का सामूहिक विकास भी आवश्यक है इससे रोजगार के स्तर में वृद्धि होगी, आय और जीवन-स्तर में वृद्धि होगी, फलस्वरूप जनसंख्या वृद्धि पर रोक लग जायेगी।
  4. सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में वृद्धि – देश में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में वृद्धि की जानी चाहिए, जिससे संकटकाल या वृद्धावस्था में सहारा पाने की दृष्टि से सन्तानोत्पत्ति की प्रवृत्ति को नियन्त्रित किया जा सके।
  5. विवाह की आयु सम्बन्धी नियमों का पालन – सरकार के विवाह की आयु सम्बन्धी नियमों का कठोरता से पालन करना चाहिए। जनसंख्या नीति के अनुसार, देश में लड़के व लड़कियों के लिए विवाह योग्य आयु क्रमश: 21 व 18 वर्ष है। इस सम्बन्ध में आवश्यक दण्ड व पुरस्कार की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
  6. प्रेरणाएँ – सीमित परिवार के सन्देश को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए कुछ प्रेरणाओं को अपनाना आवश्यक होता है; जैसे-सीमित परिवार वालों को वेतन वृद्धि, मकान आवण्टन, कॉलेजों में प्रवेश, रोजगार आदि की अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
  7. मनोरंजन के साधनों में वृद्धि – सन्तति निग्रह के लिए मनोरंजन के साधनों में वृद्धि की जानी चाहिए। मनोरंजन के साधनों के अभाव में सन्तान वृद्धि को प्रोत्साहन मिलता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तराय प्रश्न

प्रश्न 1.
मादक पदार्थों का शरीर पर क्या प्रभाव होता है ? लिखिए। (2009, 11, 14)
उत्तर:
आधुनिक समय में मादक पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में किया जाने लगा है। यह चिन्ता का विषय है। मादक पदार्थों का उत्पादन विश्व के कुछ ही राष्ट्रों में होता है पर उपयोग पूरे विश्व में होता है। ऊँची कीमत पर इनकी तस्करी होती है। शराब, सिगरेट, गांजा, भाँग, अफीम, चरस, कोकीन, मारफीन तथा हेरोइन आदि मादक पदार्थ हैं।

मादक पदार्थों के प्रभाव

  1. स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव – मादक पदार्थों के सेवन से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। धीरे-धीरे शरीर शिथिल होने लगता है और रोग उसे घेर लेते हैं।
  2. मानसिक कार्यक्षमता पर प्रभाव – व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक कार्यक्षमता घट जाती है। ज्यादा कार्य करने की शक्ति नहीं रहती है।
  3. आर्थिक स्थिति पर प्रभाव – आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। परिवार पर होने वाला व्यय नशे की भेंट चढ़ जाता है। घरेलू झगड़े बढ़ जाते हैं। पारिवारिक कलह बढ़ने से बच्चों का विकास प्रभावित होता है।
  4. सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रभाव – सामाजिक प्रतिष्ठा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। नशा करने वाले व्यक्ति को समाज में अच्छी दृष्टि से नहीं देखा जाता। पूरे परिवार को इसे सहना पड़ता है। समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। परिवार अपमानित होता है।
  5. दुर्घटनाएँ – मादक पदार्थों के सेवन से दुर्घटनाएँ, झगड़े, व्यभिचार, चोरी आदि की घटनाएँ बढ़ने लगती हैं। समाज और देश में अशान्ति की स्थिति उत्पन्न हो जाती है व कानून व्यवस्था बिगड़ती है।
  6. अनैतिक व्यापार को बढ़ावा – मादक पदार्थों की तस्करी से अनैतिक व्यापार को बढ़ावा मिलता है। इससे शासन को मुश्किल होती है। इससे वर्ग संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

प्रश्न 2.
भारत में बेरोजगारी दूर करने के उपायों का वर्णन कीजिए। (2009, 15, 17)
अथवा
बेरोजगारी को दूर करने के पाँच उपाय लिखिए। (2012)
उत्तर:
भारत में बेरोजगारी दूर करने के उपाय

भारत में बेरोजगारी की समस्या के निवारण हेतु कुछ प्रमुख सुझाव निम्नलिखित हैं –

  1. जनसंख्या वृद्धि पर नियन्त्रण – बेरोजगारी की समस्या के समाधान हेतु जनसंख्या वृद्धि पर नियन्त्रण किया जाना आवश्यक है। इसके लिए परिवार कल्याण कार्यक्रम का व्यापक रूप से प्रचार व इसे क्रियान्वित किया जाना चाहिए, अन्यथा बेरोजगारी की समस्या कभी समाप्त न होने वाली समस्या बनकर रह जाएगी।
  2. कटीर एवं लघु उद्योगों का विकास – देश में अधिक-से-अधिक व्यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कुटीर तथा लघु उद्योगों का विकास किया जाना चाहिए।
  3. जन-शक्ति नियोजन – आर्थिक विकास की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षित और प्रशिक्षित एवं कार्य-कुशल, जन-शक्ति की आपूर्ति के लिए जन-शक्ति नियोजन आवश्यक है। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता एवं इच्छानुसार रोजगार उपलब्ध होगा तथा सेवायोजकों को आवश्यकतानुसार कुशल श्रमिकों की उपलब्धि हो सकेगी।
  4. शहरों की ओर ग्रामीण जनता के प्रवाह पर रोक – ग्रामीण क्षेत्र से आकर शहरों में बसने की प्रवृत्ति पर रोक लगानी चाहिए। इसके लिए गाँवों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने होंगे व अन्य आकर्षक पारिश्रमिक देना होगा।
  5. प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग – भारत में प्राकृतिक संसाधनों के विपुल भण्डार हैं जिनका यथोचित उपयोग किया जाना चाहिए। इससे अधिकाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और बेरोजगारी की समस्या को हल किया जा सकेगा।
  6. शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन-बेरोजगारी की समस्या के समाधान हेतु वर्तमान शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन करके उसे व्यवसायोन्मुख तथा विकास की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाना चाहिए, ताकि शिक्षित युवक अपना व्यवसाय प्रारम्भ कर सकें।
  7. रोजगार कार्यालयों का विस्तार-देश में रोजगार कार्यालयों की संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए ताकि बेरोजगारी व्यक्ति इनके माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें। इनके ऊपर कठोर नियन्त्रण भी होना चाहिए ताकि इनका कार्य निष्पक्ष एवं कुशलतापूर्वक हो सके।
  8. ग्रामीण निर्माण कार्यक्रमों का विस्तार- भारत के ग्रामों में सहायक धन्धों के अभाव में बड़ी मात्रा में मौसमी बेरोजगारी पाई जाती है। यदि ग्रामों में अन्य सहायक निर्माण कार्य चालू किये जायें तो मौसमी बेरोजगारी और अल्प-रोजगार कम हो सकते हैं।
  9. स्वयं रोजगार धन्धे-वर्तमान स्थिति में बेरोजगारी दूर करने के लिए हमें ऐसे कार्यों के विकास पर बल देना चाहिए जो बेरोजगार व्यक्तियों द्वारा चलाये जाएँ। भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में अनेक ऐसे छोटे-छोटे कार्य हैं जो सुगमतापूर्वक बेरोजगारों द्वारा चलाये जा सकते हैं।

प्रश्न 3.
क्षेत्रवाद का राष्ट्रीय एकता पर क्या प्रभाव पड़ता है ? लिखिए।
उत्तर:
भारत एक विशाल राष्ट्र है। विशालता के कारण भौगोलिक, भाषायी, जातीय, साम्प्रदायिक तथा धार्मिक विभिन्नताओं का होना स्वाभाविक है। देश का कोई भाग उपजाऊ तथा कोई रेतीला तथा पथरीला है। भाषा की दृष्टि से अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं। धर्म की दृष्टि से अनेक धर्मों के अनुयायी रहते हैं। इस प्रकार भारत में अनेक भाषाएँ, धर्म और रहन-सहन की विधियाँ पायी जाती हैं। परन्तु जब इन विभिन्नताओं के कारण विभिन्न वर्गों द्वारा अपनी भाषा, क्षेत्र, धर्म और अपने राज्यों के हितों को अधिक प्रधानता दी जाती है तो क्षेत्रीय आकांक्षाएँ जन्म लेती हैं।

क्षेत्रवाद का प्रभाव – क्षेत्रवाद राष्ट्र की एकता में बहुत बड़ी बाधा है। क्षेत्रवाद से प्रभावित होकर अनेक राजनीतिक दलों का निर्माण हुआ है। इनमें डी. एम. के., तेलुगूदेशम, अकाली दल तथा झारखण्ड दल आदि विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ये दल क्षेत्रवाद की भावना से प्रेरित होकर कार्य करते हैं और राष्ट्रीय हितों की परवाह नहीं करते। इसी कारण मतदाता क्षेत्रवाद के आधार पर वोट डालते हैं और राष्ट्रीय हितों को अनदेखा कर देते हैं। क्षेत्रवाद आन्दोलनों को जन्म देता है। गोरखालैण्ड आन्दोलन, पंजाब के उग्रवादियों द्वारा खालिस्तान की माँग तथा कुछ वर्ष पूर्व दक्षिण के राज्यों द्वारा भारत से अलग होने की माँग इसके स्पष्ट उदाहरण हैं। अतः क्षेत्रवाद ने पृथक्वाद को जन्म दिया है। इनके कारण देश में समय-समय पर दंगे-फसाद आदि होते रहते हैं। इस प्रकार क्षेत्रवाद राष्ट्र की एकता में बाधक है।

प्रश्न 4.
आतंकवाद का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है ? इसे दूर करने के उपाय लिखिए। (2009, 15, 17)
अथवा
आतंकवाद का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है ? वर्णन कीजिए। (2010)
उत्तर:
मानव जाति के विरुद्ध कुछ व्यक्तियों या गिरोहों की हिंसा को आतंकवाद कहते हैं। यह लोकतन्त्र के विरुद्ध अपराध है। आतंकवाद पूरे विश्व की समस्या बन गया है। आतंकवादी विश्व भर में आतंकी गतिविधियाँ अपनाकर सबको भयभीत और असुरक्षित करना चाहते हैं। ये अनैतिक साधनों को भी न्यायसंगत ठहराते हैं। हिंसक गतिविधियों द्वारा राष्ट्र की अखण्डता और एकता को नष्ट करना चाहते हैं। कुछ विदेशी ताकतें, कट्टरपंथी ताकतें और अलगाववादी प्रवृत्तियाँ आतंकवाद को प्रोत्साहन दे रही हैं। ये विश्व शान्ति को भंग कर सबको भयभीत करना चाहते हैं। आतंकवादियों द्वारा अतिविकसित राष्ट्र अमेरिका की वर्ल्ड ट्रेड सेण्टर जैसी इमारत को ध्वस्त कर दिया गया। सारा विश्व इससे स्तब्ध रह गया। हजारों जानें गईं। अपार धन की हानि हुई और असुरक्षा की भावना बढ़ गई। आतंकवाद राज्य और समाज को बाँटने का कार्य करते हैं।

आतंकवाद के प्रभाव

  1. नागरिकों में असुरक्षा की भावना जागृत हो जाती है।
  2. आर्थिक विकास के मार्ग में बाधा आती है। जिस गति से विकास कार्य करने हैं उन्हें छोड़कर बचाव कार्य करने होते हैं। इससे शासकीय योजनाएँ प्रभावित होती हैं।
  3. जन-धन की बहुत हानि होती है। निरपराध लोग मारे जाते हैं। सरकारी और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुँचता है।
  4. आतंकवाद से अघोषित युद्ध जैसी स्थिति बन जाती है। कुछ राष्ट्र आतंकवाद को कूटनीतिक साधन के रूप में उपयोग करते हैं।

आतंकवाद को नियन्त्रित करने के उपाय

आज आतंकवाद एक विश्वव्यापी समस्या के रूप में खड़ा है। यह राष्ट्रों की भौगोलिक सीमाओं को लाँघ चुका है। इसके लिए सभी राष्ट्रों को मिलकर समाधान खोजना चाहिए। सरकार को कश्मीरी आतंकवाद से निपटने के लिए कड़ा रुख अपनाना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती में कमजोर बिन्दुओं की पहचान और उन्हें दूर करने की दिशा में कार्यवाही करना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए एवं सम्पूर्ण देशवासियों को एकजुट होकर आतंकवाद का सामना करना चाहिए।

प्रश्न 5.
भारत में प्रजातन्त्र की सफलता में बाधक तत्वों को बताते हुए उन्हें करने के उपायों का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय प्रजातन्त्र की सफलता में बाधक किन्हीं पाँच तत्वों को लिखिए। (2012, 16, 18)
उत्तर:
प्रजातन्त्र की सफलता में बाधक तत्व

भारतीय प्रजातन्त्र का ढाँचा संविधान पर आधारित है और राजनीतिक दलों के सहयोग से यह व्यवस्था क्रियाशील है। समय के साथ-साथ व्यवस्थाओं में कुछ कमियों आ जाती हैं जो वर्तमान व्यवस्था को चुनौती देती हैं। भारतीय प्रजातन्त्र को भी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें प्रमुख निम्नलिखित हैं –

(1) निर्धनता और बेरोजगारी – देश की जनसंख्या का लगभग 26 प्रतिशत भाग निर्धनता रेखा के नीचे जीवन-निर्वाह कर रहा है। देश में शिक्षित और अशिक्षित करोड़ों नागरिकों को नियमित रोजगार का कोई साधन नहीं है। नागरिकों के उसी बड़े वर्ग के कारण लोकतन्त्र के संचालन में कठिनाई आती है।

(2) जातीयता, क्षेत्रीयता और भाषायी समस्याएँ – हमारे देश में बिना किसी भेद-भाव के सभी नागरिकों को स्वतन्त्रता और समानता के अधिकार प्रदान किए गए हैं किन्तु यथार्थ में देश में प्रचलित जातिवाद और क्षेत्रवाद स्वतन्त्रता और समानता के अधिकार को वास्तविक नहीं बनने दे रहे हैं। भारतीय प्रजातन्त्र में विश्वास करने वाले यह मानते थे कि भारत में धीरे-धीरे जातिवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा। लेकिन व्यक्ति जब जाति को प्राथमिकता देकर राजनीतिक कार्य और व्यवहार निर्धारित करता है तब लोकतन्त्र के संचालन में अवरोध आना स्वाभाविक है।

(3) निरक्षरता – किसी भी देश में लोकतन्त्र की सफलता के लिए वहाँ के नागरिकों का साक्षर होना आवश्यक है। अशिक्षित लोग न तो अपने अधिकारों व कर्तव्यों को जानते हैं और न ही अपने मत का ठीक प्रयोग ही कर पाते हैं। इसलिए निरक्षरता प्रजातन्त्र के लिए अभिशाप है।

(4) सामाजिक कुरीतियाँ – भारतीय समाज परम्परागत समाज है। यहाँ प्रजातन्त्र की भावना के अनुकूल लोकमत की कम अभिव्यक्ति होती है। अभी भी हमारे समाज में अस्पृश्यता की भावना, महिलाओं के प्रति भेदभाव, जातीय श्रेष्ठता के भाव, सामन्तवादी मानसिकता, सामाजिक कुरीतियाँ व अन्धविश्वास आदि की भावना व्याप्त है। इस प्रकार के विचार लोकतन्त्र के मार्ग में बाधा हैं।

(5) संचार साधनों की नकारात्मक भूमिका – संचार साधनों के माध्यम से सरकार और नागरिकों के मध्य एक घनिष्ठ नाता बनता है। प्रजातन्त्र में सरकार द्वारा जनकल्याण की अनेक योजनाएँ और कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। जनसंचार के साधनों द्वारा इनका प्रसार केवल व्यावसायिक आधार पर किया जाता है। शासन और प्रशासन की सकारात्मक भूमिका के प्रति इनमें आकर्षण कम है जबकि जनमत बनाना और जनमत को दिशा देने में यह साधन प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। भारत में इनकी भूमिका इतनी सकारात्मक नहीं है जितनी होनी चाहिए।

प्रजातन्त्र की बाधाओं को दूर करने के उपाय

(1) निर्धनता और बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए शासन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की भी आवश्यकता है। व्यक्ति और समाज को मिलकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाना होगा। व्यावसायिक शिक्षा और स्वरोजगार के प्रयासों में और तेजी की आवश्यकता है।

(2) शिक्षा के प्रति लोकचेतना को और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता है। जातिवाद के विचार, क्षेत्रीयता की भावना और भाषायी अवरोधों का सम्बन्ध नागरिकों की मानसिकता से है। इन विचारों में परिवर्तन के लिए कार्य किया जा सकता है। हमें देश में निरक्षरता को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।

(3) देश में सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध कानून हैं किन्तु अनेक लोगों को इन कानूनों से भय नहीं है, सामाजिक कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के प्रयास आवश्यक हैं।

(4) प्रजातन्त्र में भ्रष्टाचार को कम करने, समाप्त करने तथा अपराधों को नियन्त्रित करने की अत्यन्त आवश्यकता है। अपराधियों को जल्दी सजा दी जाए। इसके लिए न्याय प्रणाली में सुधार करने चाहिए। राजनीतिक दलों की संख्या को कानून बनाकर कम करना चाहिए। राजनेताओं के लिए नैतिकता और नैतिक सिद्धान्तों का प्रशिक्षण आयोजित होते रहना चाहिए राजनीतिक दलों में सुधार के लिए नये कानूनों की आवश्यकता है। संचार साधनों की बढ़ती भूमिका के कारण उनके लिए दिशा-निर्देश और कानूनों की आवश्यकता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय

प्रश्न 1.
भारत का क्षेत्रफल विश्व के कुल क्षेत्रफल का है – (2009)
(i) 1.8 प्रतिशत
(ii) 2.0 प्रतिशत
(iii) 2.4 प्रतिशत
(iv) 2.9 प्रतिशत
उत्तर:
(iii) 2.4 प्रतिशत

प्रश्न 2.
2001 की जनगणना के अनुसार भारत की साक्षरता है – (2009)
(i) 53.7 प्रतिशत
(ii) 64.8 प्रतिशत
(iii) 67.5 प्रतिशत
(iv) 70.5 प्रतिशत।
उत्तर:
(ii) 64.8 प्रतिशत

प्रश्न 3.
भारत में बेरोजगारी का कारण है – (2009)
(i) जनसंख्या वृद्धि की तेज गति
(ii) दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली
(iii) उद्योगों में मशीनीकरण
(iv) उक्त सभी।
उत्तर:
(iv) उक्त सभी।

प्रश्न 4.
हथियारों की दौड़ का सम्बन्ध है – (2009)
(i) गरीबों से
(ii) बेरोजगारी से
(iii) आतंकवाद से
(iv) अशिक्षा से।
उत्तर:
(iii) आतंकवाद से

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. साम्प्रदायिकता ……………….. के मार्ग में एक बड़ी बाधा है।
  2. नशामुक्ति के लिए मद्यनिषेध अभियान ……………….. ने चलाया था। (2014)
  3. ‘फूट डालो और राज्य करो’ की नीति ……………….. सरकार की थी।
  4. ……………….. के प्रसार से हमारे देश में मृत्यु दर तेजी से कम हो रही है।
  5. जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में भारत का स्थान ……………….. है। (2012)

उत्तर:

  1. लोकतन्त्र एवं राष्ट्रीय एकता
  2. महात्मा गांधी
  3. अंग्रेज
  4. स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व शिक्षा
  5. दूसरा।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
मादक पदार्थों के सेवन से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव होता है। (2013)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में प्रथम स्थान है। (2014)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
क्षेत्रवाद राष्ट्रीय एकता का मूलाधार है। (2016)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
जनसंख्या विस्फोट से संसाधनों की कमी हो जाती है। (2010, 12, 15)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
बेरोजगारी से लोकतन्त्र को कोई खतरा नहीं है। (2015)
उत्तर:
असत्य

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 14 प्रजातन्त्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ 2
उत्तर:

  1. → (ख)
  2. → (ग)
  3. → (क)
  4. → (ङ)
  5. → (घ)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
2001 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या बताइए। (2009)
उत्तर:
102.7 करोड़

प्रश्न 2.
चीन में कितने बच्चों के परिवार को आदर्श माना गया है ?
उत्तर:
एक बच्चा

प्रश्न 3.
किसी व्यवसाय में आय प्राप्त करने के लिए धन लगाने को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
विनियोग

प्रश्न 4.
नशीले पदार्थों का प्रयोग, उसके व्यापार और लाने-ले जाने पर रोक को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
मद्य निषेध

प्रश्न 5.
विश्व की कुल जनसंख्या का कितने प्रतिशत भाग भारत में निवास करता है ? (2007)
उत्तर:
16.87 प्रतिशत

प्रश्न 6.
जनसंख्या की दृष्टि से भारत का स्थान विश्व में कौन-सा है ? (2011)
उत्तर:
दूसरा।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ग्रामीण बेरोजगारी किसे कहते हैं ?
उत्तर:
कृषि क्षेत्र में वर्ष भर कार्य नहीं रहता। छ: माह किसान बेकार रहते हैं। पूँजी का अभाव होने के कारण कुटीर उद्योगों का विकास नहीं हो पाया है। उन्हें वर्ष भर कार्य नहीं मिल पाता और उनकी कमाई में बढ़ोत्तरी नहीं हो पाती। यही ग्रामीण बेरोजगारी है।

प्रश्न 2.
विनियोग से क्या आशय है ?
उत्तर:
किसी व्यवसाय में आय प्राप्त करने के लिए धन लगाना विनियोग कहलाता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आतंकवाद के चार कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आतंकवाद के कारण–आतंकवाद के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

  1. उपनिवेशवाद – शासकों द्वारा वर्षों तक अपनाई गई दमनकारी नीतियाँ उपनिवेश में नागरिकों के विद्रोह का कारण होती हैं। वे शासकों से छुटकारा पाने के लिए आतंकी गतिविधियाँ अपनाते हैं।
  2. सूचना प्रौद्योगिकी – पिछले दो दशकों में संचार साधनों में बहुत क्रान्ति आई है-टेलीविजन, इण्टरनेट, मोबाइल, फैक्स आदि के माध्यम से आतंकवादी संगठन इसका प्रयोग कर अपनी आतंकी गतिविधियाँ संचालित करने में सफल रहे.हैं।
  3. राष्ट्रों में द्वेष की भावना – एक देश द्वारा जब दूसरे देश में आतंकवादी गतिविधियों के संचालन के लिए आतंकवादी संगठनों को संरक्षण, प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता दी जाती है तो ऐसी स्थिति में संचालित आतंकवाद सीमा पार संचालित आतंकवाद कहलाता है। भारत इससे प्रभावित है। भारत के पड़ोसी राष्ट्रों में अनेक आतंकवादी शिविर संचालित हो रहे हैं जो प्रशिक्षण देने का कार्य करते हैं और विश्व में आतंकवाद के प्रसार में मदद करते हैं।
  4. अपहरण व हथियारों का प्रयोग – आतंवादियों द्वारा हत्या, अपहरण, रायफल, हथगोले, मानव बम, जैविक हथियार, रासायनिक हथियारों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है।

प्रश्न 2.
साम्प्रदायिकता को दूर करने के उपाय बताइए। (2016)
उत्तर:
साम्प्रदायिकता को दूर करने के उपाय – साम्प्रदायिकता को दूर करने के लिए निम्न उपाय अपनाने चाहिए –

  1. शिक्षा द्वारा – शिक्षा के पाठ्यक्रम द्वारा सभी धर्मों की अच्छाइयाँ बतायी जाएँ और छात्रों को सहिष्णुता एवं सभी धर्मों के प्रति आदर भाव सिखाया जाए।
  2. सर्वधर्म कार्यक्रमों का आयोजन – सभी सम्प्रदाय के लोगों को मिल-जुलकर सामूहिक सम्मेलन व कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए, जिससे आपसी मेलजोल से लोगों की पारस्परिक घृणा कम हो, साम्प्रदायिक वैमनस्य की भावना धीरे-धीरे समाप्त हो जाए।
  3. समान कानून – सरकार को कानून बनाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे समान रूप से सभी नागरिकों पर लागू हों। इन्हें लागू करने में किसी भी प्रकार का भेद-भाव जाति, धर्म, भाषा और लिंग के आधार पर नहीं करना चाहिए।
  4. राजनीति में धर्म के प्रभाव पर नियन्त्रण – चुनाव के समय धर्म के आधार पर उम्मीदवार का चुनाव नहीं करना चाहिए। राजनीति में धर्म का प्रभाव बढ़ने से धर्मनिरपेक्षता की भावना में बाधा होती है। नेताओं को राष्ट्रहित का ध्यान रखना चाहिए न कि समुदाय के हितों का।

प्रश्न 3.
मादक पदार्थों के सेवन के कारण बताइए।
उत्तर:
मादक पदार्थों के सेवन के कारण – मादक पदार्थों के सेवन के निम्न कारण हैं –

  1. मानसिक परेशानी दूर करने के लिए भी व्यक्ति मादक पदार्थों का सेवन करता है। आज जीवन में इतनी उलझनें हैं कि व्यक्ति उनसे छुटकारा पाना चाहता है। दोस्तों के आग्रह पर भी व्यक्ति मादक पदार्थों का सेवन करने लगता है।
  2. शराब पार्टियों के बढ़ते चलन और मीडिया द्वारा इनका प्रदर्शन, मयखानों में डांस, बार रूम का बढ़ता चलन, पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव मादक पदार्थों के सेवन को बढ़ावा दे रहा है।
  3. उच्च वर्ग के समकक्ष दिखने, उनके सम्पर्क में आने और व्यावसायिक पार्टियों के आयोजन में अब मादक पदार्थों का उपयोग अधिक हो रहा है।
  4. नशे के बाद की पीड़ादायक स्थिति से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति बार-बार नशा करता है। ड्रग्स लेते रहने पर यह स्थिति अधिक विषम होती जाती है, इस कारण मादक पदार्थों का सेवन बढ़ता ही जाता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जनसंख्या विस्फोट क्या है ? समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को लिखिए। (2018)
अथवा
जनसंख्या वृद्धि के कारण उत्पन्न समस्याओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण उत्पन्न प्रमुख समस्याएँ निम्न प्रकार हैं –

  1. हमारे देश में जनसंख्या वृद्धि के परिणामस्वरूप भूमि पर दबाव निरन्तर बढ़ता जा रहा है। इससे भू-जोतों का आर्थिक विभाजन हुआ है तथा कृषि उत्पादकता में कमी आयी है।
  2. जनसंख्या में तेजी से वृद्धि होने पर प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि धीमी हो जाती है। ऐसे में निवेश का बड़ा भाग जनसंख्या के भरण-पोषण में लग जाता है तथा आर्थिक विकास के लिए निवेश का एक छोटा-सा भाग ही बचता है।
  3. जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि होने पर देश में बच्चों तथा वृद्ध व्यक्तियों की संख्या बढ़ रही है। ये लोग कार्यशील जनसंख्या (15 वर्ष 60 वर्ष तक की आयु) पर आश्रित हैं। इसका कारण यह है कि यह केवल खाने वाले होते हैं, उत्पादन करने वाले नहीं। आश्रितों की जनसंख्या बढ़ने पर देश पर भार बढ़ रहा है।
  4. जनसंख्या वृद्धि के कारण बेरोजगारी की समस्या निरन्तर बढ़ती जा रही है। सरकार जितने लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है उससे अधिक नये लोग बेरोजगारी की लाइन में आ जाते हैं!
  5. जनसंख्या वृद्धि के कारण सरकार को आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा पर अधिक व्यय करना पड़ता है। अतः विकास कार्यों के लिए धन का अभाव हो जाता है।
  6. जनसंख्या वृद्धि के परिणामस्वरूप वस्तुओं की माँग उनकी पूर्ति की अपेक्षा बहुत अधिक बढ़ जाती है जिससे वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसका आर्थिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 2.
बेरोजगारी के दुष्परिणाम समझाइए।
उत्तर:
बेरोजगारी के दुष्परिणाम

बेरोजगारी के निम्नांकित दुष्परिणाम होते हैं –

  1. मानव शक्ति का आशय – कार्य करने योग्य व्यक्ति जब बेकार रहते हैं तो उनका श्रम व्यर्थ जाता है। इस तरह से बहुत से बेरोजगारों की श्रमशक्ति का उपयोग नहीं हो पाता है।
  2. आर्थिक विकास अवरुद्ध – बेरोजगारी की दशा में माँग घटती है, माँग के घटने से उत्पादन गिर जाता है। उत्पादन के कम होने से नये कल-कारखाने व उत्पादन-तकनीक में सुधार नहीं हो पाता है क्योंकि आय कम हो जाती है। पूँजी का निर्माण और विनियोग नहीं हो पाता। इससे देश के आर्थिक विकास में रुकावट आती है।
  3. संसाधनों की बर्बादी – देश में सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बहुत बड़ी धनराशि खर्च करती है। प्रशिक्षण पर भी व्यय होता है परन्तु बेरोजगारी के कारण यह सब व्यर्थ हो जाता है।
  4. सामाजिक समस्याएँ – बेरोजगारी मानसिक और सामाजिक असन्तोष को जन्म देती है। बेरोजगार असन्तुष्ट और परेशान व अभावग्रस्त रहते हैं। इससे चोरी, डकैती, बेईमानी, नशा आदि बुराइयाँ समाज में बढ़ जाती हैं। इस प्रकार बेरोजगार व्यक्ति का नैतिक स्तर भी गिर जाता है या दूसरे शब्दों में बेरोजगारी व्यक्ति का नैतिक स्तर गिरा देती है।
  5. राजनीतिक उथल-पुथल – बेरोजगारी के कारण एक बड़ा जनसमूह सरकार के विरुद्ध हो जाता है। उनमें असन्तोष और आक्रोश उत्पन्न हो जाता है। यह स्थिति राजनैतिक अस्थिरता को जन्म देती है। सरकार पर सदा संकट बना रहता है।

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 20 आर्थिक प्रणाली

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 20 आर्थिक प्रणाली

MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में साधनों पर स्वामित्व होता है –
(i) सरकार का
(ii) निजी व्यक्तियों का
(iii) दोनों का
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ii) निजी व्यक्तियों का

प्रश्न 2.
पूँजीवाद में आर्थिक शक्तियों का संचालक होता है
(i) लोकतन्त्र
(ii) मूल्य तन्त्र
(iii) राज्यतन्त्र
(iv) उक्त सभी।
उत्तर:
(ii) मूल्य तन्त्र

प्रश्न 3.
समाजवाद में उपभोक्ता की सम्प्रभुता
(i) बढ़ जाती है
(ii) स्थिर रहती है
(iii) अप्रभावित रहती है
(iv) समाप्त हो जाती है।
उत्तर:
(iv) समाप्त हो जाती है।

प्रश्न 4.
व्यक्तिगत स्वतन्त्रता का अभाव पाया जाता है
(i) पूँजीवादी में
(ii) मिश्रित अर्थव्यवस्था में
(iii) समाजवाद में
(iv) उक्त सभी में।
उत्तर:
(iii) समाजवाद में

प्रश्न 5.
भारतीय अर्थव्यवस्था में किस प्रणाली को अपनाया गया है ?
(i) पूँजीवादी प्रणाली
(ii) समाजवादी प्रणाली
(iii) मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली
(iv) उक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(iii) मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. पूँजीवाद में उत्पादन के साधनों पर ………………… का अधिकार होता है।
  2. ………………… को समाजवाद का जनक माना जाता है। (2015)
  3. ‘संयुक्त क्षेत्र’ का संचालन सरकार एवं ………………… दोनों द्वारा मिलकर किया जाता है।
  4. समाजवाद में उत्पत्ति के साधनों पर स्वामित्व ………………… का होता है।
  5. भारत में ………………… अर्थव्यवस्था को अपनाया गया है।

उत्तर:

  1. निजी व्यक्तियों
  2. कार्ल मार्क्स
  3. निजी उद्योगपतियों
  4. सरकार या समाज
  5. मिश्रित।

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 20 आर्थिक प्रणाली 1
उत्तर:

  1. → (ग)
  2. → (क)
  3. → (ख)

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 अति लघ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पूँजीवाद में आर्थिक प्रणाली का संचालन किस यन्त्र द्वारा होता है ?
उत्तर:
पूँजीवादी अर्थव्यवस्था का संचालन मूल्य यन्त्र’ के द्वारा होता है। मूल्य तन्त्र से आशय अर्थव्यवस्था में विद्यमान माँग एवं पूर्ति की शक्तियों से है।

प्रश्न 2.
समाजवाद में उत्पत्ति के साधनों पर किसका अधिकार होता है ?
उत्तर:
समाजवाद में उत्पत्ति के साधनों का स्वामित्व सरकार या समाज के पास होता है।

प्रश्न 3.
मिश्रित अर्थव्यवस्था किन दो आर्थिक प्रणालियों का मिश्रण है ?
उत्तर:
मिश्रित अर्थव्यवस्था पूँजीवादी तथा समाजवादी आर्थिक प्रणालियों का मिश्रण है।

प्रश्न 4.
भारत में कौन-सी प्रणाली अपनाई गई है? (2009)
उत्तर:
भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया गया है।

प्रश्न 5.
मिश्रित अर्थव्यवस्था में उत्पत्ति के साधनों पर किसका अधिकार होता है?
उत्तर:
मिश्रित अर्थव्यवस्था में निजी एवं सरकारी दोनों प्रकार का नियन्त्रण होता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पूँजीवाद व समाजवाद किसे कहते हैं ? लिखिए।
उत्तर:
पूँजीवादपूँजीवाद का आशय-पूँजीवादी अर्थव्यवस्था को अनेक नामों से जाना जाता है; जैसे – बाजार अर्थव्यवस्था, निर्बाधवादी अर्थव्यवस्था, अनियोजित अर्थव्यवस्था आदि। पूँजीवाद को अग्र प्रकार से परिभाषित किया गया है –
लॉक्स तथा हट्स के अनुसार, “पूँजीवाद आर्थिक संगठन की एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें निजी स्वामित्व पाया जाता है और मनुष्यकृत तथा प्रकृतिदत्त साधनों का निजी लाभ के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रो. जॉन स्ट्रेची के अनुसार, “पूँजीवाद शब्द से आशय उस आर्थिक प्रणाली से है जिसमें कारखानों एवं खेतों पर व्यक्तियों का स्वामित्व होता है। पूँजीवाद में व्यक्ति विश्व प्रेम या स्नेह से नहीं वरन् लाभ के उद्देश्य से कार्य करता है।”

इस प्रकार स्पष्ट है कि पूँजीवाद में वस्तुओं के उत्पादन एवं वितरण पर निजी व्यक्तियों का अधिकार होता है तथा वे संग्रहित पूँजी का उपयोग अपने लाभ के लिए करते हैं।

समाजवाद का आशय – समाजवाद का जन्म पूँजीवादी प्रणाली के दोषों को दूर करने के लिए हुआ है। कार्ल मार्क्स को समाजवाद का जनक माना जाता है। इस आर्थिक प्रणाली में उत्पत्ति के साधनों पर व्यक्तिगत स्वामित्व न होकर सामाजिक स्वामित्व होता है।

प्रो. एच. डी. डिकिन्सन के अनुसार, “समाजवाद समाज का एक ऐसा आर्थिक संगठन है, जिसमें उत्पादन के भौतिक साधनों पर सम्पूर्ण समाज का स्वामित्व होता है और उनका संचालन एक सामान्य योजना के अनुसार ऐसी संस्थाओं द्वारा किया जाता है जो सम्पूर्ण समाज के प्रति उत्तरदायी होती हैं। समाज के सभी सदस्य समान अधिकारों के आधार पर ऐसे समाजीकृत आयोजित उत्पादन के परिणामों के लाभ प्राप्त करने के अधिकारी होते हैं।”

प्रश्न 2.
पूँजीवादी आर्थिक प्रणाली की विशेषताएँ बताइए। (कोई पाँच) (2012, 13, 16)
उत्तर:
पूँजीवादी अर्थव्यवस्था के लक्षण या विशेषताएँ

  1. निजी सम्पत्ति – पूँजीवादी अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत प्रत्येक व्यक्ति को सम्पत्ति प्राप्त करने, रखने, प्रयोग करने व खरीदने-बेचने का पूरा अधिकार होता है।
  2. अधिकतम लाभ – पूँजीवादी अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार अधिकतम लाभ प्राप्त करना होता है। इसमें व्यक्ति केवल उन्हें कार्यों को करता है जिनसे उसे अधिक लाभ मिलने की सम्भावना होती है।
  3. उद्यम का चुनाव करने की स्वतन्त्रता – पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार किसी भी व्यवसाय को करने की स्वतन्त्रता होती है। यह बात श्रमिक, पूँजीवादी, किसान, उत्पादक, उपभोक्ता सभी पर लागू होती है।
  4. कीमत तन्त्र-पूँजीवादी अर्थप्रणाली में आर्थिक क्रियाओं के संचालन का कार्य कीमत यन्त्र द्वारा सम्पादित होता है, उदाहरणार्थ-एक उत्पादक उसी वस्तु का उत्पादन करेगा जिसकी माँग व कीमत अधिक है, जिससे उसे अधिकतम लाभ प्राप्त हो।
  5. साहसी का महत्त्व – पूँजीवादी प्रणाली में साहसी का महत्वपूर्ण स्थान होता है क्योंकि उसी के द्वारा उत्पादन के साधनों को एकत्रित करके उत्पादन कार्य संचालित किया जाता है तथा लाभ-हानि का जोखिम उठाया जाता है।

प्रश्न 3.
मिश्रित अर्थव्यवस्था से आप क्या समझते हैं ? मिश्रित अर्थव्यवस्था के दोष बताइए। (2017)
उत्तर:
“मिश्रित अर्थव्यवस्था वह आर्थिक प्रणाली है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के आर्थिक कल्याण के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र को विशिष्ट भूमिकाएँ आबंटित की जाती हैं।”

मिश्रित अर्थव्यवस्था के दोष

(1) निर्बल नीति – मिश्रित अर्थव्यवस्था एक निर्बल आर्थिक नीति है, इसके अन्तर्गत निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य नहीं करते हैं। परिणामस्वरूप समन्वय के अभाव में दोनों ही क्षेत्र . परस्पर एक-दूसरे पर दोषारोपण करते रहते हैं जिससे अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है।

(2) अकुशलता – मिश्रित अर्थव्यवस्था से यह आशा की गयी थी कि इसमें पूँजीवाद एवं समाजवाद दोनों के गुणों का समावेश होगा परन्तु व्यवहार में इसमें एक भी व्यवस्था के गुण न आ सके। इस अर्थव्यवस्था में लालफीताशाही, भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार जैसे अवगुण आ जाने के कारण कुशलता का अभाव होता है।

(3) राष्टीयकरण का भय – मिश्रित अर्थव्यवस्था में कुछ उद्योग तो स्वयं सरकार के हाथ में होते हैं साथ ही सरकार को यह अधिकार होता है कि वह जब चाहे किसी भी उद्योग को अपने हाथ में ले सकती है, फलस्वरूप निजी उद्यमियों के मस्तिष्क में सदैव राष्ट्रीयकरण का भय रहता है जिससे आर्थिक विकास की गति मन्द रहती है।

(4) राज्य का आर्थिक प्रभुत्व – मिश्रित अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत सरकार धीरे-धीरे सार्वजनिक क्षेत्र में वृद्धि करती जाती है फलस्वरूप समाजवादी शक्तियों का प्रभुत्व बढ़ता जाता है तथा समस्त अर्थव्यवस्था परलोकतन्त्र के स्थान पर साम्यवाद की स्थापना का भय बना रहता है।

(5) आर्थिक अस्थिरता – मिश्रित अर्थव्यवस्था बहत लम्बे समय तक नहीं टिक पाती है। दीर्घकाल में यह व्यवस्था या तो पूँजीवादी व्यवस्था में बदल जाती है या फिर समाजवादी अर्थव्यस्था में। इसमें स्थायित्व की कमी होती है।

इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि मिश्रित अर्थव्यवस्था के अनेक दोष हैं। एक कहावत है, “जो व्यक्ति दो घोड़ों की सवारी करता है, गिर जाता है परन्तु मिश्रित अर्थव्यवस्था के दोषों को ध्यान से देखा जाए तो पता चलता है कि यह दोष स्वयं व्यवस्था के न होकर उस सरकारी मशीनरी के हैं जो इस व्यवस्था को लागू करती है। यही कारण है कि मिश्रित अर्थव्यवस्था में अनेक दोषों के होते हुए भी यह आधुनिक समय में सबसे लोकप्रिय प्रणाली है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आर्थिक प्रणाली का अर्थ बताते हुए इसकी विशेषताएँ लिखिए। (2009, 12, 18)
उत्तर:
आर्थिक प्रणाली का आशय

किसी राष्ट्र में आर्थिक क्रियाओं का संचालन जिस व्यवस्था से होता है उसे आर्थिक प्रणाली कहा जाता है। समाज द्वारा निर्धारित इस व्यवस्था के द्वारा ही अर्थव्यवस्था से सम्बन्धित सभी निर्णय लिए जाते हैं, जैसे किन-किन वस्तुओं का उत्पादन किया जाना है, उत्पादन कैसे किया जाना है, उत्पादन किसके लिए किया जाना है आदि। इन्हीं निर्णयों के आधार पर ही अर्थव्यवस्था में उपभोग, उत्पादन, विनिमय एवं वितरण का निर्धारण होता है। राष्ट्र के निवासियों का जन-जीवन इन्हीं निर्णयों पर निर्भर करता है। इस प्रकार आर्थिक प्रणाली को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है –

प्रो. डार्फमेन के अनुसार, “अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत उन सभी सामाजिक नियमों, परम्पराओं तथा संस्थाओं का समावेश होता है जो समाज के सदस्यों में विनिमय साध्य वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, व्यापार तथा उपभोग के लिए सहयोग पर नियन्त्रण रखते हैं।”

ए. जे. ब्राउन के अनुसार, “आर्थिक प्रणाली एक साधन है जिसके द्वारा लोग अपनी आजीविका का उपार्जन करते हैं।”

इस प्रकार आर्थिक प्रणाली वह प्रणाली है जिसके अन्तर्गत आर्थिक क्रियाओं का संचालन होता है। आर्थिक क्रियाओं के अन्तर्गत किसी राष्ट्र में वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन, इनका उपभोग, विनिमय तथा उत्पत्ति के साधनों में उनके पारिश्रमिक के वितरण का समावेश होता है। अन्य शब्दों में कहा जा सकता है कि आर्थिक प्रणाली देश के आर्थिक जीवन को नियन्त्रित करती है और इसका कार्यक्षेत्र बहुत विस्तृत होता है।

आर्थिक प्रणाली की विशेषताएँ

आर्थिक प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  1. आर्थिक प्रणाली का मुख्य उद्देश्य आर्थिक समस्याओं को हल करना है।
  2. अर्थव्यवस्था की मुख्य समस्याएँ हैं-क्या उत्पादन किया जाए, उत्पादन किसके लिए किया जाए और उत्पादन कैसे किया जाए ?
  3. अर्थव्यवस्था में मानवीय आवश्यकताओं को सन्तुष्ट करने वाले साधन सीमित मात्रा में होते हैं।
  4. आर्थिक प्रणाली के द्वारा मानवीय आवश्यकताओं की सन्तुष्टि के लिए साधनों के प्रयोग के तरीकों का चुनाव किया जाता है।
  5. आर्थिक प्रणाली परिवर्तनशील होती है।
  6. आर्थिक प्रणाली का सम्बन्ध एक देश या देशों के समूह से होता है।

प्रश्न 2.
पूँजीवाद का अर्थ बताइए तथा इसके लक्षण लिखिए।
उत्तर:
पूँजीवाद का अर्थ – पूँजीवादी अर्थव्यवस्था को अनेक नामों से जाना जाता है; जैसे – बाजार अर्थव्यवस्था, निर्बाधवादी अर्थव्यवस्था, अनियोजित अर्थव्यवस्था आदि। पूँजीवाद को अग्र प्रकार से परिभाषित किया गया है –
लॉक्स तथा हट्स के अनुसार, “पूँजीवाद आर्थिक संगठन की एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें निजी स्वामित्व पाया जाता है और मनुष्यकृत तथा प्रकृतिदत्त साधनों का निजी लाभ के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रो. जॉन स्ट्रेची के अनुसार, “पूँजीवाद शब्द से आशय उस आर्थिक प्रणाली से है जिसमें कारखानों एवं खेतों पर व्यक्तियों का स्वामित्व होता है। पूँजीवाद में व्यक्ति विश्व प्रेम या स्नेह से नहीं वरन् लाभ के उद्देश्य से कार्य करता है।”

इस प्रकार स्पष्ट है कि पूँजीवाद में वस्तुओं के उत्पादन एवं वितरण पर निजी व्यक्तियों का अधिकार होता है तथा वे संग्रहित पूँजी का उपयोग अपने लाभ के लिए करते हैं।

समाजवाद का आशय – समाजवाद का जन्म पूँजीवादी प्रणाली के दोषों को दूर करने के लिए हुआ है। कार्ल मार्क्स को समाजवाद का जनक माना जाता है। इस आर्थिक प्रणाली में उत्पत्ति के साधनों पर व्यक्तिगत स्वामित्व न होकर सामाजिक स्वामित्व होता है।

प्रो. एच. डी. डिकिन्सन के अनुसार, “समाजवाद समाज का एक ऐसा आर्थिक संगठन है, जिसमें उत्पादन के भौतिक साधनों पर सम्पूर्ण समाज का स्वामित्व होता है और उनका संचालन एक सामान्य योजना के अनुसार ऐसी संस्थाओं द्वारा किया जाता है जो सम्पूर्ण समाज के प्रति उत्तरदायी होती हैं। समाज के सभी सदस्य समान अधिकारों के आधार पर ऐसे समाजीकृत आयोजित उत्पादन के परिणामों के लाभ प्राप्त करने के अधिकारी होते हैं।”

पूँजीवाद के लक्षण –

  1. निजी सम्पत्ति
  2. अधिकतम लाभ
  3. उद्यम का चुनाव करने की स्वतन्त्रता
  4. कीमत तन्त्र
  5. साहसी का महत्त्व

प्रश्न 3.
मिश्रित अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं एवं इस प्रणाली की क्या विशेषताएँ हैं? लिखिए। (2009, 11, 15)
उत्तर:
मिश्रित अर्थव्यवस्था का अर्थ

मिश्रित अर्थव्यवस्था में समाजवादी और पूँजीवादी तत्वों का राष्ट्र की आवश्यकतानुसार मिश्रण रहता है। यह एक इस प्रकार की आर्थिक प्रणाली है जिसमें पर्याप्त मात्रा में निजी क्षेत्र तथा सार्वजनिक क्षेत्र दोनों का सहअस्तित्व होता है। दोनों के कार्यकरण का क्षेत्र निर्धारित कर दिया जाता है, दोनों अपने-अपने क्षेत्र में तथा मिलकर इस प्रकार कार्य करते हैं जिससे राष्ट्र के सभी लोगों के आर्थिक कल्याण में वृद्धि होती है तथा आर्थिक विकास तीव्र गति से होता है। भारतीय योजना आयोग के अनुसार, “मिश्रित अर्थव्यवस्था में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र घनिष्ठ रूप से सम्बन्धित होते हैं तथा दोनों एक इकाई के दो घटकों के रूप में कार्य करते हैं।”

मिश्रित अर्थव्यवस्था की विशेषताएँ

मिश्रित अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

(1) निजी और सार्वजनिक क्षेत्र का सहअस्तित्व – मिश्रित अर्थव्यवस्था में राष्ट्र की आर्थिक क्रियाओं को सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में बाँट दिया जाता है। दोनों ही क्षेत्र साथ-साथ कार्य करके राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में योगदान करते हैं। निजी क्षेत्र के उपक्रमों का स्वामित्व एवं प्रबन्ध व्यक्तियों के हाथ में होता है और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सरकार के स्वामित्व एवं प्रबन्ध में कार्य करते हैं।

(2) पूँजीवाद और समाजवाद के मध्य का मार्ग – मिश्रित अर्थव्यवस्था पूँजीवाद और समाजवाद के मध्य की एक स्थिति है। इसमें पूँजीवाद तथा समाजवाद के मिश्रित गुण पाये जाते हैं। निजी क्षेत्र में जो भी उत्पादन का कार्य किया जाता है, उसमें लाभ भावना बनी रहती है, जो पूँजीवाद की प्रमुख विशेषता है। सार्वजनिक क्षेत्र का जितना भी उत्पादन होता है अथवा सार्वजनिक क्षेत्र की जो भी सम्पत्ति होती है, उस पर सामूहिक रूप से सभी व्यक्तियों का अधिकार होता है। इस प्रकार इस व्यवस्था से समाजवाद के लाभ भी प्राप्त कर लिये जाते हैं। इस प्रकार मिश्रित अर्थव्यवस्था में पूँजीवाद व समाजवाद दोनों का तालमेल रहता है।

(3) एकाधिकारी प्रवृत्ति का नियन्त्रण – इसमें आय तथा धन के वितरण की असमानताएँ दूर करने के लिए प्रगतिशील कर, मृत्यु कर, उत्तराधिकारी कर तथा लाभों पर कर लगा दिये जाते हैं। इस दृष्टि से एकाधिकारी शक्तियों तथा प्रवृत्तियों को नियन्त्रित किया जाता है।

(4) सामाजिक सुरक्षा – मिश्रित अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत सामाजिक सुरक्षा; जैसे-वृद्धावस्था पेंशन, बीमारी, बीमा, बेरोजगारी, आश्रितों को लाभ, दुर्घटना और मृत्यु के विरुद्ध बीमा आदि की व्यवस्था होती है।

(5) आर्थिक नियोजन – मिश्रित अर्थव्यवस्था में आर्थिक विकास नियोजन द्वारा किया जाता है, ताकि समस्त अर्थव्यवस्था का कार्यकरण सामाजिक कल्याण तथा तीव्र आर्थिक विकास की दृष्टि से हो सके।

(6) नियन्त्रित कीमत प्रणाली – मिश्रित अर्थव्यवस्था में कीमत प्रणाली को न तो बिल्कुल स्वतन्त्र छोड़ा जाता है और न पूर्णतः समाप्त ही किया जाता है। विभिन्न वस्तुओं की न्यूनतम व अधिकतम कीमतें निर्धारित कर दी जाती हैं।

(7) आधारभूत उद्योगों का राष्ट्रीयकरण – मिश्रित अर्थव्यवस्था में आधारभूत उद्योगों, जैसे-सुरक्षा सम्बन्धी उद्योग, डाक-तार, रेल तथा हवाई यातायात आदि का राष्ट्रीयकरण करके इन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में रखा जाता है। इसका कारण यह है कि इन्हीं निजी क्षेत्र के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है।

प्रश्न 4. पूँजीवाद के गुण एवं दोषों की व्याख्या कीजिए। (2011)
अथवा
पूँजीवादी प्रणाली के दोष लिखिए। (2009)
उत्तर:
पूँजीवादी प्रणाली के गुण

  1. स्वयं संचालित-पूँजीवादी प्रणाली में किसी भी प्रकार का नियन्त्रण नहीं होता है, प्रत्येक व्यक्ति अपनी निजी स्वार्थ-सिद्धि के उद्देश्य से कार्य करता है। इस अर्थव्यवस्था में सभी स्वयं संचालित होते हैं।
  2. उत्पादन में वृद्धि-इस प्रणाली में प्रत्येक उत्पादन अधिकतम लाभ प्राप्त करने की दृष्टि से उत्पादन में वृद्धि करना चाहता है।
  3. जीवन-स्तर में सुधार-पूँजीवाद में अधिक उत्पादन होने के कारण व्यक्तियों की आय अधिक होती है जिसके फलस्वरूप उनका जीवन-स्तर ऊँचा हो जाता है।।
  4. लचीलापन-लचीलापन इस प्रणाली का महत्वपूर्ण गुण है। यह समय तथा परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को परिवर्तित करती रहती है। अपने इसी गुण के कारण यह आज भी अधिकांश देशों में जीवित है।
  5. योग्यतानुसार पुरस्कार-पूँजीवाद के अन्तर्गत जो व्यक्ति जितना अधिक कार्यकुशल होता है, उसे उतना ही अधिक पुरस्कार मिलता है, परिणामस्वरूप व्यक्ति और अधिक उत्साह से कार्य करता है।
  6. अधिकतम सन्तुष्टि-पूँजीवाद में उपभोक्ता को सार्वभौमिक सत्ता प्राप्त होने के कारण उसको अधिकतम सन्तुष्टि की प्राप्ति होती है।

पूँजीवादी प्रणाली के दोष

  1. आर्थिक असमानताएँ-इस प्रणाली में धनी एवं निर्धन वर्ग की आय में बहुत अन्तर पाया जाता है। इस आर्थिक असमानता के कारण धनी और धनी व निर्धन और निर्धन होते चले जाते हैं।
  2. वर्ग संघर्ष-पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में समाज दो वर्गों में विभाजित होता है। पूँजीपति व श्रमिक वर्ग। इन दोनों वर्गों के मध्य निरन्तर टकराव होता रहता है और यह टकराव धीरे-धीरे वर्ग संघर्ष का रूप धारण कर लेता है।
  3. बेरोजगारी-पूँजीवाद में श्रमिकों को सदैव बेरोजगारी का भय बना रहता है पूँजीपति जब चाहे श्रमिकों की छंटनी कर काम से निकाल देते हैं। इस तरह उनका रोजगार सुरक्षित नहीं रहता है।
  4. आर्थिक साधनों का अपव्यय-पूँजीवादी प्रणाली में एक ही वस्तु का उत्पादन अलग-अलग उत्पादों द्वारा किया जाता है जिसके प्रचार तथा विज्ञापन पर बहुत व्यय करना पड़ता है जिससे वस्तुओं का मूल्य बढ़ता है।
  5. आर्थिक शोषण-इस व्यवस्था के अन्तर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी देकर उनका अनुचित शोषण किया जाता है।

प्रश्न 5.
समाजवादी आर्थिक प्रणाली क्या है ? इसकी विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
अथवा
समाजवाद की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (2010)
अथवा
समाजवाद के कोई पाँच लक्षण समझाइए। (2009)
उत्तर:
समाजवादी आर्थिक प्रणाली से आशय – लघु उत्तरीय प्रश्न 1 के उत्तर में ‘समाजवाद का आशय’ शीर्षक देखें।

समाजवादी आर्थिक प्रणाली की विशेषताएँ

समाजवादी अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

(1) उद्देश्यपूर्ण अर्थव्यवस्था-समाजवादी अर्थव्यवस्था के सुनियोजित लक्ष्य होते हैं और इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए विवेकपूर्ण सतत् प्रयास किये जाते हैं। अतः समाजवादी अर्थव्यवस्था व्यक्तिवादी अर्थव्यवस्था की भाँति अन्धी, उद्देश्यहीन व अविवेकपूर्ण नहीं होती। इसलिए समाजवादी अर्थव्यवस्था को व्यक्तिवादी अर्थव्यवस्था से भिन्न सामूहिकवादी अर्थव्यवस्था कहा जाता है।

(2) उत्पादन के साधनों पर सरकारी स्वामित्व-समाजवादी अर्थव्यवस्था में उत्पादन के साधनों पर व्यक्तिगत स्वामित्व के स्थान पर समाज का सामूहिक या सरकार का स्वामित्व होता है। देश के बड़े-बड़े उद्योगों, बैंक, बीमा कम्पनी, यातायात तथा संचार के साधनों आदि का राष्ट्रीयकरण कर दिया जाता है और देश की सरकार को यह पूर्ण अधिकार होता है कि वह उनका संचालन अधिकतम कल्याण के लिए करे।

(3) आर्थिक नियोजन-समाजवादी अर्थव्यवस्था में आर्थिक नियोजन महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सरकार आर्थिक नियोजन की नीति को अपनाकर विभिन्न क्षेत्रों के लिए लक्ष्य निर्धारित करती है, क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करती है तथा आर्थिक निर्णय लेती है। इसके लिए सरकार एक केन्द्रीय योजना अधिकारी नियुक्त करती है।

(4) प्रतियोगिता का अभाव-समाजवादी अर्थव्यवस्था में प्रतियोगिता सम्भव नहीं होती है। उत्पादन के सभी साधनों पर राज्य का अधिकार होता है। राज्य अर्थात् सरकार स्वयं साहसी एवं पूँजीगत का कार्य करता है। वह स्वयं ही किसी वस्तु का उत्पादन करने के लिए साधनों को एकत्र करता है एवं सम्पूर्ण उत्पादन व्यवस्था को संचालित करता है। इस प्रकार समाजवादी अर्थव्यवस्था में किसी प्रकार की प्रतियोगिता सम्भव नहीं होती है।

(5) सामाजिक कल्याण-समाजवादी अर्थव्यवस्था में व्यक्तिगत हित के स्थान पर सामाजिक कल्याण को महत्त्व दिया जाता है। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में आर्थिक क्रियाओं का विश्लेषण तथा उनके बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य एक निश्चित योजना के अनुसार किया जाता है, जिसमें उत्पादन के साधनों को विभिन्न उद्योगों में इस प्रकार बाँटा जाता है कि समाज के सभी व्यक्तियों का अधिकतम कल्याण हो सके।

(6) आय की समानता-समाजवादी अर्थव्यवस्था में आय का वितरण समानता के आधार पर होता है। इस सन्दर्भ में यह महत्त्वपूर्ण है कि आय की समानता का यह आशय नहीं है कि कार्य की मात्रा या गुणवत्ता को ध्यान में रखे बिना सभी लोगों में आय का समान वितरण कर दिया जाए। इसका आशय केवल यह कि राष्ट्रीय आय को उत्पादन के सभी साधनों में उनके द्वारा दिये गये योगदान के अनुपात में समानता के आधार पर वितरित किया जाए।

(7) शोषण की समाप्ति-समाजवाद एक वर्ग रहित समाज है क्योंकि समाजवाद में उत्पादन के साधनों तथा उत्पादन पर सरकार का स्वामित्व होता है जिसके कारण समाज पूँजीपति तथा श्रमिक वर्ग में विभाजित नहीं हो पाता है। इसके अलावा उत्पादन भी सामाजिक हित में किया जाता है जिससे श्रमिकों का शोषण नहीं हो पाता है। उपभोक्ता को भी जीवन की सभी उपयोगी वस्तुएँ प्राप्त हो जाती हैं।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
समाजवाद में क्या पाया जाता है ?
(i) वर्ग-संघर्ष
(ii) आर्थिक अस्थिरता
(iii) प्रेरणा का अभाव
(iv) निजी उद्यम।
उत्तर:
(iii) प्रेरणा का अभाव

प्रश्न 2.
मिश्रित अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषता है
(i) आर्थिक नियोजन
(ii) आर्थिक समानता
(iii) शोषण
(iv) कीमत तन्त्र।
उत्तर:
(ii) आर्थिक समानता

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. किसी देश में आर्थिक क्रियाओं का संचालन जिस व्यवस्था से होता है उसे ……………. कहा जाता है।
  2. पूँजीवाद में उत्पादन से सम्बन्धित सभी निर्णय ……………. की इच्छा के आधार पर लिये जाते हैं।
  3. मिश्रित अर्थव्यवस्था एक ऐसी आर्थिक प्रणाली है जिसमें ……………. एवं ……………. दोनों क्षेत्र साथ-साथ कार्य करते हैं।

उत्तर:

  1. आर्थिक प्रणाली
  2. उपभोक्ता
  3. सार्वजनिक निजी।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
भारतीय अर्थव्यवस्था में पूँजीवादी प्रणाली को अपनाया जाता है। (2016)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
मिश्रित अर्थव्यवस्था में असीमित व्यक्तिगत स्वतन्त्रता रहती है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
पूँजीवाद में केन्द्रीय संस्था अर्थव्यवस्था का संचालन करती है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
समाजवाद में केन्द्रीय नियोजन अनिवार्य है। (2017)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
कीमत यन्त्र पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में केन्द्रीय समस्याओं का हल करता है।
उत्तर:
सत्य

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
वर्ग संघर्ष किस आर्थिक प्रणाली का लक्षण है ?
उत्तर:
पूँजीवादी

प्रश्न 2.
उत्पादन के साधनों पर समाज का स्वामित्व कौन-सी अर्थव्यवस्था में होता है ?
उत्तर:
समाजवादी

प्रश्न 3.
समाजवाद के प्रणेता का नाम लिखिए।
उत्तर:
कार्ल मार्क्स

प्रश्न 4.
समाजवादी अर्थव्यवस्था में केन्द्रीय समस्याएँ कौन हल करता है ?
उत्तर:
आर्थिक नियोजन

प्रश्न 5.
विश्व में मुख्यतः कितने प्रकार की आर्थिक प्रणालियाँ पाई जाती हैं ?
उत्तर:
तीन प्रकार की।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मूल्य तंत्र क्या है ?
उत्तर:
पूँजीवाद के अन्तर्गत किसी भी वस्तु का मूल्य उनकी माँग एवं पूर्ति की शक्तियों के द्वारा निर्धारित होता है। मूल्य निर्धारण की इस प्रक्रिया को मूल्य तंत्र कहा जाता है।

प्रश्न 2.
व्यापार चक्र किसे कहते हैं ?
उत्तर:
तेजी एवं मन्दी काल की पुनरावृत्ति होने की प्रवृत्ति को व्यापार चक्र कहा जाता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
समाजवादी आर्थिक प्रणाली के गुण बताइए।
अथवा
समाजवादी अर्थव्यवस्था के कोई चार गुण लिखिए। (2014, 16)
उत्तर:
समाजवादी आर्थिक प्रणाली के गुण-समाजवादी आर्थिक प्रणाली के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं।

  1. आर्थिक स्थायित्व – समाजवाद में आर्थिक स्थायित्व रहता है, क्योंकि इसमें व्यापार चक्रों के उत्पन्न होने की सम्भावना लगभग समाप्त हो जाती है। अतः इस प्रणाली में सरकार द्वारा देश की माँग व पूर्ति में
    सन्तुलन रखा जाता है।
  2. बेरोजगारी की समाप्ति – इस प्रकार की प्रणाली में सरकार अर्थव्यवस्था का संचालन इस प्रकार करती है कि सभी को रोजगार मिल सके। योजनाओं में रोजगार को प्राथमिकता दी जाती है।
  3. साधनों का अधिकतम उपयोग – समाजवादी प्रणाली में साधनों की सभी प्रकार की बर्बादी और अपव्यय को रोका जाता है। इस व्यवस्था में केवल उन्हीं वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन करने का प्रयास किया जाता है जिनसे अधिकतम लोगों की आवश्यकताओं को सन्तुष्ट किया जा सके।
  4. श्रमिकों की कार्यक्षमता में वृद्धि – समाजवादी अर्थव्यवस्था में चूँकि श्रमिकों को उचित स्थान दिया जाता है, उनके रहन-सहन का स्तर ऊँचा किया जाता है, उन पर उत्तरदायित्व को बोझ लादा जाता है, इसलिए उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि हो जाती है, जिसका देश की आर्थिक स्थिति पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
  5. वग-संघर्ष की समाप्ति – समाजवादी व्यवस्था में एक वर्गहीन समाज होता है, इस कारण वर्ग-संघर्ष का प्रश्न ही नहीं उठता। समाजवाद में व्यक्तिगत लाभ को पूर्णतः समाप्त कर दिया जाता है, जो वर्ग-संघर्ष का आधार होता है। समाजवाद में उत्पादन के साधनों पर सरकार का स्वामित्व होता है। अतः वर्ग-संघर्ष का अन्त हो जाता है।
  6. आर्थिक समानता – समाजवादी व्यवस्था में अनुपार्जित आय को प्रायः समाप्त कर दिया जाता है। निजी सम्पत्ति को समाप्त करके भूमि तथा पूँजी सरकार के हाथ में आ जाती है, जिसके कारण लगान, ब्याज तथा लाभ अधिकांश सरकार को प्राप्त होता है। इस प्रकार समाजवाद में धन के वितरण की असमानताओं को कम करके लोगों की आय को इस प्रकार निश्चित किया जाता है जिससे कि जनसंख्या के कुल कल्याण को अधिकतम किया जा सके।

प्रश्न 2.
समाजवाद के प्रमुख दोष बताइए।
उत्तर:
समाजवाद के दोष-समाजवाद के प्रमुख दोष निम्नवत् हैं –

(1) सत्ता का केन्द्रीयकरण – समाजवाद की प्रवृत्ति केन्द्रीयकरण की है। इस सन्दर्भ में डॉ. कुमारप्पा का कहना है कि “जिस प्रकार से पूँजीवाद ने सम्पत्ति को लिया है, जो वास्तव में व्यक्तियों की थी और इसको पूँजीपतियों के हाथ में संचित कर दिया है, उसी प्रकार समाजवाद उस शक्ति को ले लेता है जो वास्तव में व्यक्तियों की है और राज्यों में केन्द्रित कर देती है।”

(2) लाल फीताशाही व नौकरशाही-इस अर्थव्यवस्था में सभी कार्य कर्मचारियों द्वारा कराया जाता है क्योंकि सभी संस्थानों का स्वामित्व सरकार के हाथ में होता है। अतः कोई भी निर्णय शीघ्र नहीं हो पाता। एक निर्णय नीचे से ऊपर तक फाइलों में ही चक्कर काटता रहता है।

(3) प्रेरणा एवं साहस की कमी – समाजवादी अर्थव्यवस्था में व्यक्ति प्रतिस्पर्धा तथा लाभ भावना की कमी, उत्तराधिकार की समाप्ति आदि के कारण प्रेरित होकर कार्य नहीं करता है। समाजवाद के लाभ भावना की प्रेरणा को महत्व ज्यादा नहीं दिया जाता, जिसके फलस्वरूप अर्थव्यवस्था सरकारी मशीन से चलती है जो हमेशा उदासीन होकर कार्य करती है। इस अर्थव्यवस्था में प्रत्येक श्रमिक सरकारी कर्मचारी होता है, इसलिए उसे अधिक कार्य करने की प्रेरणा नहीं मिलती है।

(4) सीमित व्यक्तिगत स्वतन्त्रता – समाजवादी व्यवस्था में व्यक्ति की स्वतन्त्रता का अतिक्रमण हो जाता है। समाज के हित के लिए व्यक्ति की स्वतन्त्रता का बलिदान कर दिया जाता है। व्यक्ति की स्वतन्त्रता का इस सीमा तक अंकुश होता है कि वह अपनी इच्छानुसार अपने व्यवसाय का भी चुनाव नहीं कर सकता।

(5) साधनों का अविवेकपूर्ण वितरण – समाजवादी व्यवस्था में साधनों का वितरण मनमाने ढंग से होता है। साधनों के वितरण का कोई वैज्ञानिक व विवेकपूर्ण आधार नहीं होता है। कीमत यन्त्र के अभाव के कारण साधनों का उचित वितरण नहीं हो पाता है।

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MP Board Class 10th Social Science Chapter 20 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पूँजीवादी अर्थव्यवस्था एवं समाजवादी अर्थव्यवस्था में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
पूँजीवादी एवं समाजवादी अर्थव्यवस्था में अन्तर
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 20 आर्थिक प्रणाली 2

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2

(नोट : यह प्रश्नावली परीक्षा की दृष्टि से नहीं है।)

प्रश्न 1.
दो ग्राहक श्याम और एकता एक विशेष दुकान पर ही एक सप्ताह में जा रहे हैं (मंगलवार से शनिवार तक)। प्रत्येक द्वारा दुकान पर किसी दिन या किसी अन्य दिन जाने के परिणाम समप्रायिक हैं। इसकी क्या प्रायिकता है कि दोनों उस दुकान पर
(i) एक ही दिन जाएँगे?
(ii) क्रमागत दिनों में जाएँगे?
(iii) भिन्न दिनों में जाएँगे?
हल :
कुल दिनों की संख्या = 5 (मंगलवार से शनिवार) श्याम दुकान पर 5 तरह से जा सकता है तथा इसी प्रकार एकता भी दुकान पर 5 प्रकार से जा सकती है।
∴ कुल सम्भाव्य स्थितियाँ = n(S) = 5 x 5 = 25
(i) एक ही दिन जाने की अनुकूल स्थितियाँ = (मंगल, मंगल), (बुध, बुध), (बृह., बृह.) (शुक्र, शुक), (शनि, नि)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 1

(ii) वे दोनों क्रमागत दिनों में निम्न 8 प्रकार से जा सकते हैं : (मं., बु.), (बु., बृ.), (बृ., शु.), (शु., श.), (बु., मं.), (बृ., बु.), (शु., बृ.), (श., शु.)
∴ क्रमागत दिनों में जाने की अनूकूलता
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 2

(iii) भिन्न-भिन्न दिनों में जाएँगे = एक ही दिन नहीं जाएँगे
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 3
अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 5 }\), (ii) \(\frac { 8 }{ 25 }\), (iii) \(\frac { 4 }{ 5 }\) है।

प्रश्न 2.
एक पासे के फलकों पर संख्याएँ 1, 2, 2, 3, 3 और 6 लिखी हुई हैं। इसे दो बार फेंका जाता है तथा दोनों बार प्राप्त हुई संख्याओं के योग लिख लिए जाते हैं। दोनों बार फेंकने के बाद प्राप्त योग के सम्भावित कुछ मान निम्नलिखित सारणी में दिए हैं। इस सारणी को पूरा कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 4
इसकी क्या प्रायिकता है कि कुल योग
(i) एक सम संख्या होगा?
(ii) 6 है?
(iii) कम-से-कम 6 है?
हल :
सारणी को पूरा करने पर अभीष्ट सारणी है :
(i) योग सम संख्या के अनुकूल परिणाम
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 5

(ii) योग 6 के अनुकूल परिणामों की संख्या
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 6

(iii) योग कम-से-कम 6 के अनुकूल परिणामों की संख्या
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 7
अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 2 }\), (ii) \(\frac { 1 }{ 9 }\) एवं \(\frac { 5 }{ 12 }\) हैं।

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प्रश्न 3.
एक थैले में 5 लाल गेंद और कुछ नीली गेंदें हैं। यदि इस थैले में से नीली गेंद निकालने की प्रायिकता लाल गेंद निकालने की प्रायिकता की दुगनी है, तो थैले में नीली गेंदों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए थैले में नीली गेंदो की संख्या = x है।
चूँकि लाल गेंदों के अनुकूल परिणामों की संख्या
= n(ER) = 5
एवं नीली गेंदों के अनुकूल परिणामों की संख्या
= n(EB) = x है।
तो प्रश्नानुसार,
नीली गेंद निकालने की प्रायिकता P(EB) = 2 x लाल गेंद निकालने की प्रायिकता P(EB)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 8
अतः नीली गेंदों की अभीष्ट संख्या = 10 है।

प्रश्न 4.
एक पेटी में 12 गेंदें हैं, जिनमें से x गेंदें काली हैं। यदि इनमें से एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है, तो इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि यह काली है। यदि इस पेटी में 6 काली गेंदें और डाल दी जायें, तो काली गेंद निकालने की प्रायिकता पहली प्रायिकता की दुगनी हो जाती है। x का मान ज्ञात कीजिए।
हल :
कुल सम्भावित घटनाओं के परिणामों की संख्या = n(S) = 12.
काली गेंदें निकलने की अनुकूल परिणामों की संख्या n(E) = x.
⇒ \(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n(S)}=\frac{x}{12}\) ….(i)
6 काली गेंदें और मिलाने पर कुल सम्भावित घटनाओं के परिणामों की संख्या = n(S) = 12 + 6 = 18.
अब काली गेंद निकलने के अनुकूल परिणामों की नयी संख्या = n(E) = x + 6.
⇒ \(P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n\left(S_{2}\right)}=\frac{x+6}{18}\) …(ii)
प्रश्नानुसार,
⇒ P(E2) = 2 x P(E1)
⇒ \(\frac{x+6}{18}=2 \times \frac{x}{12}\)
⇒ 36x = 12x + 72
⇒ 36x – 12x = 72
⇒ 24x = 72
⇒ x = \(\frac { 72 }{ 24 }\) = 3
अतः, x का अभीष्ट मान = 3 है।

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प्रश्न 5.
एक जार में 24 कंचे हैं जिनमें कुछ हरे हैं और शेष नीले हैं। यदि इस जार में से यादृच्छया एक कंचा निकाला जाता है, तो इस कंचे के हरा होने की प्रायिकता \(\frac { 2 }{ 3 }\) है। जार में नीले कंचों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लीजिए कि नीले कंचों की संख्या x है
हरे कंचों की संख्या = (24 – x)
हरे कंचे के निकलने के अनुकूल परिणामों की संख्या = n(E) = (24 – x)
एवं कुल सम्भावित परिणामों की संख्या n(S) = 24
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.2 9
⇒ 48 = 72 – 3x
⇒ 3x = 72 – 48 = 24
⇒ x = \(\frac { 24 }{ 3 }\) = 8
अतः, नीले कंचों की अभीष्ट संख्या = 8 है।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions

MP Board Class 10th Maths Chapter 14 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Maths Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न वितरण से विद्यार्थियों के अंकों का माध्य ज्ञात कीजिए
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 1
हल :
वर्ग अन्तराल एवं बारम्बारता सारणी प्राप्त करने पर
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 2
अतः, अभीष्ट माध्य अंक = 51.75 है।

प्रश्न 2.
निम्न वितरण का माध्य ज्ञात कीजिए
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 3
हल :
वर्ग अन्तराल एवं बारम्बारता सारणी प्राप्त करने पर
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 4
अतः, अभीष्ट माध्य अंक = 48.41.

प्रश्न 3.
निम्न बारम्बारता बंटन का माध्य 50 है। लेकिन वर्ग (20-40) एवं (60-80) की बारम्बारताएँ क्रमशः f1 एवं f2 अज्ञात हैं। इन बारम्बारताओं को ज्ञात कीजिए यदि सभी बारम्बारताओं का योग 120 है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 5
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 6
अतः, एवं के अभीष्ट मान हैं क्रमशः 28 एवं 24 हैं।

प्रश्न 4.
निम्न आँकड़ों का माध्यक 50 है। p एवं q के मान ज्ञात कीजिए यदि सभी बारम्बारताओं का योग 90 है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 7
हल :
संचयी बारम्बारता सारणी बनाने पर
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 8
चूँकि बारम्बारताओं का योग n = 90 दिया है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 9
30 – p = 25 ⇒ p= 30 – 25 = 5 …(1)
⇒ ∑fi = p + q + 78 = n = 90 (दिया है)
⇒ p + q = 90 – 78 = 12 ….(2)
समीकरण (1) से p = 5 का मान समीकरण (2) में रखने पर,
⇒ 5 + q = 12
⇒ q = 12 – 5 = 7
अतः, p एवं q के अभीष्ट मान क्रमशः 5 एवं 7 हैं।

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प्रश्न 5.
96 बच्चों की ऊँचाई (cm में) का वितरण निम्न प्रकार दिया है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 10
इन आँकड़ों के लिए से कम प्रकार का संचयी बारम्बारता वक्र खींचिए और इसका प्रयोग बच्चों के माध्यक ऊँचाई ज्ञात करने में कीजिए।
हल :
‘से कम प्रकार’ का संचयी बारम्बारता वक्र खींचने के लिए हम सर्वप्रथम से कम प्रकार की संचयी बारम्बारता सारणी तैयार करते हैं
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 11 MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 12
से कम से कम प्रकार का संचयी बारम्बारता वक्र :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 13
अतः उपर्युक्त वक्र अभीष्ट से कम प्रकार का संचयी बारम्बारता वक्र’ है तथा इसके प्रयोग से ज्ञात की गयी माध्यम ऊँचाई = 139 cm है।

प्रश्न 6.
एक शहर का 66 दिन के लिए हुई वार्षिक वर्षा के आँकड़े निम्न तालिका (सारणी) में दिए गए हैं:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 14
दिए आँकड़ों से ‘से कम प्रकार’ का एवं से अधिक प्रकार’ का तोरण खींचकर माध्यक वर्षा का परिकलन कीजिए।
हल :
‘से कम’ प्रकार की संचयी बारम्बारता सारणी तैयार करने पर
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 15
‘के बराबर या से अधिक प्रकार की संचयी बारम्बारता सारणी बनाने पर,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 16
से कम प्रकार का तोरण एवं से अधिक प्रकार का तोरण :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 17
दोनों तोरणों का प्रतिच्छेद बिन्दु (21,33) है।
अतः, अभीष्ट माध्य 21 (लगभग) है।

प्रश्न 7.
भाला फेंक (Javelin throw) स्पर्धा में 50 छात्रों ने भाग लिया। उनके द्वारा फेंके गए भाले द्वारा तय की गयी दूरी (m में) निम्न प्रकार प्रेक्षित की गयी
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 18
(i) एक संचयी बारम्बारता सारणी का निर्माण कीजिए।
(ii) ‘से कम’ प्रकार का संचयी बारम्बारता वक्र (तोरण) खींचिए एवं फेंकी गयी माध्यक दूरी का परिकल्पना कीजिए।
(iii) सूत्र का प्रयोग करके माध्यक दूरी का परिकलन कीजिए।
(iv) क्या चरण (ii) एंव (iii) में ज्ञात की गयी माध्यक दूरियाँ समान हैं।
हल :
(i) संचयी बारम्बारता सारणी :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 19

(ii) से कम’ प्रकार का संचयी बारम्बारता वक्र (तोरण) :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 20
अभीष्ट माध्यक दूरी = 49.4 m (लगभग) (तोरण द्वारा) है।

(iii) सूत्र के प्रयोग द्वारा माध्यक दूरी का परिकलन :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 21
अतः, सूत्र के प्रयोग द्वारा ज्ञात की गयी अभीष्ट माध्यक दूरी = 49.41 m है।

(iv) चरण (ii) एवं (iii) में ज्ञात की गयी माध्यक दूरियाँ मापन की सीमा के अन्तर्गत लगभग समान हैं।

MP Board Class 10th Maths Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न बंटन (वितरण) का माध्य ज्ञात कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 22
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 23
अतः, बंटन (वितरण) का अभीष्ट माध्य = 5.5.

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प्रश्न 2.
20 छात्रों के गणित परीक्षा में प्राप्त अंकों का माध्य ज्ञात कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 24
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 25
अतः, अभीष्ट माध्य अंक = 35.

प्रश्न 3.
दिए गए आँकड़ों में समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए : (2019)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 26
हल :
[निर्देशः उपर्युक्त प्रश्न की तरह हल करें।]
उत्तर : अभीष्ट माध्य = 62.47]

प्रश्न 4.
निम्नलिखित तालिका (सारणी) में अपनी पुस्तक को 30 दिन में पूरा करने के लिखे गए पृष्ठों की संख्या दी गयी है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 27
प्रतिदिन लिखे गए पृष्ठों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 28
अतः प्रतिदिन लिखे गए पृष्ठों की अभीष्ट माध्य संख्या 26 है।

प्रश्न 5.
निम्न वितरण 40 व्यक्तियों के भारों (kg में) की स्थिति है :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 29
‘से कम’ प्रकार की संचयी बारम्बारता सारणी बनाइए।
हल :
से कम प्रकार की संचयी बारम्बारता सारणी:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 31
अतः उपरोक्त सारणी अभीष्ट सारणी है।

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प्रश्न 6.
निम्न सारणी संचयी बारम्बारता बंटन है, जो 800 छात्रों द्वारा एक परीक्षा में अर्जित अंकों को दर्शाती है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 32
उपरोक्त आँकड़ों के लिए बारम्बारता वितरण सारणी बनाइए।
हल:
बारम्बारता सारणी वितरण :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 33
अतः उपरोक्त सारणी अभीष्ट बारम्बारता वितरण सारणी है।

प्रश्न 7.
निम्न आँकड़ों से बारम्बारता वितरण सारणी का निर्माण कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 34
हल :
बारम्बारता वितरण सारणी :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 35
अतः उपरोक्त सारणी अभीष्ट बारम्बारता वितरण सारणी है।

प्रश्न 8.
600 परिवारों की साप्ताहिक आय निम्न सारणी में दी गयी है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 36
माध्यक आय का परिकलन कीजिए।
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 37
माध्यक = \(\frac { n }{ 2 }\) वाँ पद = \(\frac { 600 }{ 2 }\) = 300वाँ पद जो वर्ग (1,000 – 2,000) में आता है जिसमें
l = 1,000, cf = 250, f = 190, h = 1,000
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 38
= 1,000 + 263.16
= Rs 1,263.16
अत: अभीष्ट माध्यक आय = Rs 1,263.16 है।

प्रश्न 9.
एक क्रिकेट कोचिंग केन्द्र के 33 खिलाड़यों की गेंदबाजी की चाल (km/h) निम्न सारणी में दी है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 39
गेंदबाजी की माध्यक चाल का परिकलन कीजिए।
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 40
माध्यक चाल = \(\frac { 33 }{ 2 }\) = 16.5वाँ पद जो वर्ग (100 – 115) में है।
जहाँ l = 100, cf = 11, f = 9, h = 115 – 100 = 15 .
सूत्र : माध्यक चाल = \(l+\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right) \times h\)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 41
अतः अभीष्ट माध्यक चाल = 109.17 (km/h) है।

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प्रश्न 10.
100 परिवारों की मासिक आय निम्न तालिका (सारणी) में दी गयी है :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 42
बहुलक आय ज्ञात कीजिए।
हल :
बहुलक वर्ग सर्वाधिक बारम्बारता 41 वाला वर्ग (10,000 – 15,000) है जहाँ l = 10,000,
f1 = 41, f0 = 26, f2 = 16 एवं h = 15,000 – 10,000 = 5,000 है।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 43
अतः अभीष्ट बहुलक आय = Rs 11,875 है।

प्रश्न 11.
70 पैकिटों में रखी कॉफी का भार निम्न सारणी में दिया गया है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 44
बहुलक भार की गणना कीजिए।
हल :
अधिकतम बारम्बारता 26 वाला वर्ग (201 – 202) बहुलक वर्ग है, जहाँ l = 201, f1 = 26, f0 = 12, f2 = 20 एवं h = 202 – 201 = 1
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 45
अतः अभीष्ट बहुलक भार = 201.7g है।

MP Board Class 10th Maths Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अवर्गीकृत आँकड़ों से निकाले गए माध्यक एवं उन आँकड़ों को वर्गीकृत करके निकाले गए माध्यक का मान सदैव समान रहता है। क्या आप भी यह सोचते हैं कि उक्त कथन सत्य है? कारण दीजिए।
हल :
उक्त कथन सदैव सत्य नहीं होता, क्योंकि वर्गीकृत आँकड़ों से माध्यक ज्ञात करने में प्रयुक्त सूत्र इस धारणा पर आधारित है कि वर्ग में प्रेक्षण समान रूप में बराबर-बराबर वितरित हैं।

प्रश्न 2.
एक वर्गीकृत आँकड़े समान माप के वर्गों में वर्गीकृत किए गए हों, तो माध्य के परिकलन के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग कर सकते हैं।
\(\overline{x}=a+\frac{\Sigma f_{i} d_{i}}{\Sigma f_{i}}\)
जहाँ a एक कल्पित माध्य है। a किसी वर्ग का मध्य-बिन्दु होना चाहिए। क्या अन्तिम कथन सत्य है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
हल :
आवश्यक नहीं, क्योंकि किन्हीं आँकड़ों का माध्य कल्पित माध्य के चयन पर निर्भर नहीं करता है।

प्रश्न 3.
क्या यह कहना सत्य है कि वर्गीकृत आँकड़ों के माध्य, माध्यक व बहुलक सदैव भिन्न-भिन्न होंगे? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
हल :
यह सदैव सत्य नहीं है, क्योंकि ये तीनों मान किसी विशेष आँकड़ों के लिए बराबर भी हो सकते हैं क्योंकि यह उन आँकड़ों पर निर्भर करता है।

प्रश्न 4.
क्या वर्गीकृत आँकड़ों के लिए माध्यक वर्ग एवं बहुलक वर्ग सदैव भिन्न-भिन्न होंगे? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
हल :
यह सदैव सत्य नहीं है, क्योंकि यह बात आँकड़ों पर निर्भर करती है।

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प्रश्न 5.
क्या अवर्गीकृत आँकड़ों का माध्य और उन आँकड़ों को वर्गीकृत करके निकाले गए माध्य सदैव समान होते हैं? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
हल :
यह कथन सदैव सत्य नहीं है, क्योंकि जब हम वर्गीकृत आँकड़ों से माध्य ज्ञात करते हैं, तो यह मानकर चलते हैं कि बारम्बारता सम्पूर्ण वर्ग में समान रूप से वितरित होता है।

प्रश्न 6.
क्या यह कहना सत्य है कि तोरण बारम्बारता बंटन का ग्राफीय निरूपण है। अपने उत्तर का कारण दीजिए।
हल :
नहीं, क्योंकि बारम्बारता बंटन का ग्राफीय निरूपण तोरण नहीं, बल्कि आयत चित्र, बारम्बारता बहुभुज एवं बारम्बारता वक्र हो सकता है और तोरण संचयी बारम्बारता बंटन का ग्राफीय निरूपण होता है।

MP Board Class 10th Maths Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

MP Board Class 10th Maths Chapter 14 बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संचयी बारम्बारता सारणी बनाना निम्न के परिकलन में उपयोगी है
(a) माध्य
(b) माध्यक
(c) बहुलक
(d) ये सभी।
उत्तर:
(b) माध्यक

प्रश्न 2.
निम्न वितरण में :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 46
आय सीमा Rs 16,000 – 19,000 रखने वाले परिवारों की संख्या होगी :
(a) 15
(b) 16
(c) 17
(d) 19.
उत्तर:
(d) 19.

प्रश्न 3.
एक कक्षा के 60 विद्यार्थियों की ऊँचाईयों के निम्न बारम्बारता बंटन का अवलोकन कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 47
बहुलक वर्ग की निम्न सीमा एवं माध्यक वर्ग की उच्च सीमा का योग होगा :
(a) 310
(b) 315
(c) 320
(d) 330.
उत्तर:
(b) 315

प्रश्न 4.
\(\frac{\Sigma f_{i} x_{i}}{\Sigma f_{i}}\) सूत्र है:
(a) माध्य का
(b) माध्यक का
(c) बहुलक का
(d) सूचकांक का।
उत्तर:
(a) माध्य का

प्रश्न 5.
\(a+\frac{\Sigma f_{i} d_{i}}{\Sigma f_{i}}\) सूत्र है.
(a) माध्य का
(b) माध्यक का
(c) बहुलक का
(d) सूचकांक का।
उत्तर:
(a) माध्य का

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प्रश्न 6.
\(a+\frac{\Sigma f_{i} u_{i}}{\Sigma f_{i}} \times h\) सूत्र है :
(a) माध्य का
(b) माध्यक का
(c) बहुलक का
(d) सूचकांक का।
उत्तर:
(a) माध्य का

प्रश्न 7.
\(l_{1}+\left(\frac{\frac{n}{2}-c f}{f}\right) \times h\) सूत्र है:
(a) माध्य का
(b) माध्यक का
(c) बहुलक का
(d) सूचकांक का।
उत्तर:
(b) माध्यक का

प्रश्न 8.
\(l_{1}+\left(\frac{f_{1}-f_{0}}{2 f_{1}-f_{0}-f_{2}}\right) \times h\) सूत्र है:
(a) माध्य का
(b) माध्यक का
(c) बहुलक का
(d) सूचकांक का।
उत्तर:
(c) बहुलक का

प्रश्न 9.
सूत्र \(\overline{x}=a+\frac{\Sigma f_{i} d_{i}}{\Sigma f_{i}}\) में d विचलन है a से निम्न वर्ग :
(a) वर्गों की निम्न सीमाओं का
(b) वर्गों की उच्च सीमाओं का
(c) वर्गों के.मध्य-बिन्दुओं का
(d) वर्ग चिन्हों की बारम्बारताओं का।
उत्तर:
(c) वर्गों के.मध्य-बिन्दुओं का

प्रश्न 10.
जब वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य ज्ञात किया जाता है, तो हम यह कल्पना करते हैं कि बारम्बारताएँ
(a) सम्पूर्ण वर्गों में समान रूप से वितरित होती हैं
(b) वर्ग चिह्नों पर केन्द्रीकृत होती हैं
(c) उच्च वर्ग सीमाओं पर केन्द्रित होती हैं
(d) निम्न वर्ग सीमाओं पर केन्द्रित होती हैं
उत्तर:
(b) वर्ग चिह्नों पर केन्द्रीकृत होती हैं

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प्रश्न 11.
यदि xi वर्ग अन्तरालों के मध्य-बिन्दु हों, fi संगत बारम्बारताएँ एवं \(\overline{x}\) माध्य हो, तब \(\frac{\Sigma f_{i} x_{i}}{n}-\overline{x}\) बराबर होगा:
(a) 0
(b) -1
(c) 1
(d) 2.
उत्तर:
(a) 0

प्रश्न 12.
वर्गीकृत बारम्बारता बटन में प्रयुक्त सूत्र \(\overline{x}=a+h\left(\frac{\Sigma f_{i} u_{i}}{\Sigma f_{i}}\right)\) में u; बराबर होगा :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 48
उत्तर:
(c) \(\frac{x_{i}-a}{h}\)

प्रश्न 13.
‘से कम’ प्रकार के एवं ‘से अधिक’ प्रकार के संचयी बारम्बारता वक्रों के प्रतिच्छेद बिन्दु का गुण होगा:
(a) माध्य
(b) माध्यक
(c) बहुलक
(d) ये सभी।
उत्तर:
(b) माध्यक

प्रश्न 14.
निम्न वितरण :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 49
में माध्यक वर्ग एवं बहुलक वर्ग की निम्न सीमाओं का योग होगा :
(a) 15
(b) 25
(c) 30
(d) 35.
उत्तर:
(c) 30

प्रश्न 15.
निम्न बारम्बारता बंटन (वितरण) का अवलोकन कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 50
माध्यक वर्ग की उच्च सीमा है:
(a) 17
(b) 17.5
(c) 18
(d) 18.5.
उत्तर:
(b) 17.5

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प्रश्न 16.
निम्न वितरण के लिए:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 51
बहुलक का वर्ग है:
(a) 10-20
(b) 20-30
(c) 30-40
(d) 50-60.
उत्तर:
(c) 30-40

प्रश्न 17.
निम्न प्रेक्षणों का अवलोकन कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 52
माध्यक वर्ग की उच्च सीमा एवं बहलक वर्ग की निम्न सीमा का अन्तर है
(a) 0
(b) 19
(c) 20
(d) 38.
उत्तर:
(c) 20

प्रश्न 18.
150 धावकों द्वारा 110 m हर्डल दौड़ में लिए गए सेकण्ड में समयों को निम्न प्रकार सारणीकृत किया गया है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 53
14.6 सेकण्ड से कम समय में अपनी दौड़ सम्पन्न करने वाले धावकों की संख्या है
(a) 11
(b) 71
(c) 82
(d) 130.
उत्तर:
(c) 82

प्रश्न 19.
निम्न वितरण का अवलोकन कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 54
वर्ग 30-40 की बारम्बारता है:
(a) 3
(b) 4
(c) 48
(d) 57
उत्तर:
(a) 3

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रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. …………….. = 3 x माध्यक – 2 x माध्य।
2. सूत्र \(\overline{x}=a+\frac{\Sigma f_{i} d_{i}}{\Sigma f_{i}}\) में a ………………… कहलाता है।
3. माध्यक = \(l+\left(\frac{\frac{n}{2}-c f_{i}}{f}\right) h\) में l ……. होती है।
4. बहुलक = \(l+\left(\frac{f_{1}-f_{0}}{2 f_{1}-f_{0}-f_{2}}\right) \times h\) में h …………… होता है।
5. सूत्र \(\overline{x}=a+\left(\frac{\sum f_{i} u_{i}}{\Sigma f_{i}}\right) \times h\) में ui = ………. होगा।
उत्तर-
1. बहुलक,
2. कल्पित माध्य,
3. माध्यक वर्ग की निम्न सीमा,
4. बहुलक वर्ग की वर्ग माप,
5. \(\frac{x_{i}-a}{h}\)

जोड़ी मिलाना

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Additional Questions 55
उत्तर-
1.→(c),
2.→(d),
3.→(e),
4.→(a),
5. →(b).

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सत्य/असत्य कथन

1. समान प्रेक्षणों के वर्गीकृत एवं अवर्गीकृत आँकड़ों से निकाले गए माध्यमों का मान सदैव समान होता है।
2. सूत्रों द्वारा केन्द्रीय मापों के परिकलन में वर्गों का सतत होना आवश्यक है।
3. समान प्रेक्षणों के वर्गीकृत एवं अवर्गीकृत आँकड़ों से निकाले गए बहलकों का मान सदैव समान होता है।
4. संचयी बारम्बारता सारणी की आवश्यकता माध्यक का परिकलन करने में होती है।
5. बारम्बारता वक्र तोरण कहलाता है।
उत्तर-
1. असत्य,
2. सत्य
3. असत्य,
4. सत्य,
5. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

1. केन्द्रीय प्रवृत्ति की मापों माध्य, माध्यक एवं बहुलक में से कोई भी दो मापें दी हैं, तो तीसरी माप कैसे , ज्ञात करेंगे?
2. संचयी बारम्बारता वक्र को क्या कहते हैं?
3. सर्वाधिक बारम्बारता वाला वर्ग क्या कहलाता है?
4. सम्पूर्ण वितरण को दो बराबर भागों में बाँटने वाला अंक जिस वर्ग अन्तराल में होता है उस वर्ग को क्या कहते हैं?
5. तोरण कितने प्रकार के होते हैं?
6. 1, 2, 3, 4, 5 समान्तर माध्य क्या होगा? (2019)
7. माध्यिका का सूत्र लिखिए। (2019)
उत्तर-
1. बहुलक = 3 x माध्यक – 2 x माध्य सूत्र का प्रयोग करके,
2. तोरण,
3. बहुलक वर्ग,
4. माध्यक वर्ग.
5. दो प्रकार के,
6. 3 (तीन).
7. माध्यिका = \(l+\left(\frac{n / 2-c f}{f}\right) \times h\)

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित बारम्बारता बंटन किसी मोहल्ले के 68 उपभोक्तओं की बिजली की मासिक खपत दर्शाता है। इन आँकड़ों के माध्यक, माध्य और बहुलक ज्ञात कीजिए। इनकी तुलना कीजिए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 1
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 2
चूँकि बहुलक कक्षा (125 -145) है जिसमें l = 125, h = 20, बारम्बारता f1 = 20, ठीक पहले वर्ग की बारम्बारता f0 = 13 तथा ठीक बाद के वर्ग की बारम्बारता f2 = 14
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 3
अतः माध्यक, माध्य एवं बहुलक के अभीष्ट मान क्रमशः 137 इकाई, 137.06 इकाई (लगभग) एवं 135.77 इकाई (लगभग) हैं।
व्याख्या : इस स्थिति में तीनों मापक लगभग समान हैं।

प्रश्न 2.
यदि नीचे दिए हुए बंटन का माध्यक 28.5 हो, तो x और y के मान ज्ञात कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 4
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 5
चूँकि 45 + x + y = 60 ⇒ x + y = 60 – 45 = 15
चूँकि माध्यक 28.5 दिया है जो वर्ग (20-30) में स्थित है।
⇒ l = 20, f = 20, cf = 5 + x, h = 10, n = 60
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 6
अतः x एवं y के अभीष्ट मान = 8 एवं 7 (क्रमशः) हैं।

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प्रश्न 3.
एक जीवन बीमा एजेण्ट 100 पॉलिसीधारकों की आयु के बण्टन के निम्नलिखित आँकड़े ज्ञात करता है। माध्यक आयु परिकलित कीजिए, यदि पॉलिसी केवल उन्हीं व्यक्तियों को दी जाती है जिनकी आयु 18 वर्ष उससे अधिक हो, परन्तु 60 वर्ष से कम हो।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 7
हल :
माध्यक ज्ञात करने के लिए हमें वर्ग अन्तराल एवं उनकी संचयी बारम्बारताओं की आवश्यकता होती हैं इसलिए
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 8
अतः अभीष्ट माध्यक आयु = 35.76 वर्ष (लगभग) है।

प्रश्न 4.
एक पौधे की 40 पत्तियों की लम्बाइयाँ निकटतम मिलीमीटरों में मापी जाती हैं तथा प्राप्त आँकड़ों को निम्नलिखित सारणी के रूप में निरूपित किया जाता है :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 9
पत्तियों की माध्यक लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
सारणी को सतत वर्ग अन्तराल वाली सारणी में बदलते हैं :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 10
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 11
अतः अभीष्ट माध्यक लम्बाई = 146.75 mm है।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित सारणी 400 नियॉन लैंपों के जीवन कालों (life time) को प्रदर्शित करती है:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 12
एक लैंप का माध्यक जीवनकाल ज्ञात कीजिए।
हल :
माध्यक ज्ञात करने के लिए संचयी बारम्बारता सारणी की रचना करते हैं :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 13
= 3000 + 406.98
= 3406.98 घण्टे (लगभग)
अतः लैंपों का माध्यक जीवनकाल = 3406.98 घण्टे (लगभग) है।

प्रश्न 6.
एक स्थानीय टेलीफोन निर्देशिका से 100 कुलनाम (surnames) लिए गए और उनमें प्रयुक्त अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्नलिखित बारम्बारता बंटन प्राप्त हुआ :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 14
कुलनामों में माध्यक अक्षरों की संख्या ज्ञात कीजिए। कुलनामों में माध्य अक्षरों की संख्या ज्ञात कीजिए। साथ ही, कुलनामों का बहुलक ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 15
कल्पित माध्य a = 8.5, वर्ग माप h = 3
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 16
बहुलक के परिकलन के लिए : अधिकतम बारम्बारता वाला वर्ग (7-10) बहुलक वर्ग है जिसमें l = 7, f1 = 40, f0 = 30, f2 = 16 एवं h = 3
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 17
अतः अभीष्ट माध्यक = 8.05, माध्य = 8.32 एवं बहुलक = 7.88 है।

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प्रश्न 7.
नीचे दिया हुआ बंटन एक कक्षा के 30 विद्यार्थियों के भार दर्शा रहा है। विद्यार्थियों का माध्यक ज्ञात कीजिए।
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हल :
संचयी बारम्बारता सारणी बनाने पर :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 सांख्यिकी Ex 14.3 19
अतः अभीष्ट माध्यक = 56.67 kg है।