MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत

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MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत

वंशागति और विविधता के सिध्दांत NCERT प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मेण्डल द्वारा प्रयोगों के लिए मटर के पौधे चुनने से क्या लाभ हुये?
उत्तर
मेण्डल ने अपने आनुवंशिक प्रयोगों के लिए मटर के पौधों का चयन निम्नलिखित आधार पर किया

  1. मटर का जीवन-चक्र छोटा होता है, जिससे प्रयोग करने में कम समय लगता है।
  2. इसमें पर-परागण द्वारा सरलतापूर्वक संकरण किया जा सकता है।
  3. मटर में काफी स्पष्ट विपर्यायी या विपरीत लक्षण होते हैं।
  4. सामान्यतः मटर में स्व-परागण एवं निषेचन होता है, जिसके कारण पौधे समयुग्मजी होते हैं और पीढ़ी-दर-पीढ़ी इसके पौधे शुद्ध लक्षण वाले बने रहते हैं।
  5. इसका पौधा द्विलिंगी होता है और स्व-परागण द्वारा गुणों की शुद्धता को बनाये रखता है, लेकिन यदि इसके पुष्प के पुमंगों को हटा दिया जाय तो वह एकलिंगी के समान व्यवहार करने लगता है।
  6. संकरण से प्राप्त संकर पौधे पूर्णत: जननक्षम होते हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में भेद कीजिये
(क) प्रभाविता और अप्रभाविता
(ख) समयुग्मजी और विषमयुग्मजी
(ग) एक संकर और द्विसंकार।
उत्तर
(क) प्रभाविता एवं अप्रभाविता-
जब एक जोड़ी विपर्यायी अर्थात् दो वैकल्पिक लक्षणों वाले शुद्ध नस्ल के जीवों में संकरण कराया जाता है, तब पहली पीढ़ी में केवल एक ही लक्षण प्रकट होता है, इसे प्रभावी लक्षण कहते हैं। दूसरे अर्थात् प्रकट न होने वाले लक्षण को अप्रभावी लक्षण कहते हैं । जैसे-जब शुद्ध लाल पुष्प वाले मटर के पौधे का संकरण शुद्ध सफेद पुष्प वाले मटर के पौधे से कराया जाता है तो पहली पीढ़ी ‘ में केवल लाल पुष्प वाले मटर के पौधे बनते हैं।
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(ख) समयुग्मजी तथा विषमयुग्मजीसमयुग्मजी-
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(ग) एक संकर और द्विसंकर-
जब एक जीन की वंशागति का अध्ययन किया जाता है या प्रयोग में केवल एक ही लक्षण को मुख्य रूप से लिया जाता है तो इसे एक संकर संकरण कहते है। ऐसे संकरण में F2, पीढ़ी में 3:1 का अनुपात प्राप्त होता है। जब दो जीन की वंशागति का अध्ययन किया जाता है या प्रयोग संकरण में दो जोड़े युग्म विकल्पी लिये जाते हों तब इसे द्विसंकर संकरण कहते हैं। इसमें F2, पीढ़ी में 9:3 : 3 : 1 का अनुपात मिलता है।

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प्रश्न 3.
कोई द्विगुणित जीन 6 स्थलों के लिए विषमयुग्मजी है, कितने प्रकार के युग्मकों का उत्पादन संभव है ?
उत्तर
ज्ञात करने के लिए 2″ सत्र का उपयोग करते हैंजहाँ n = स्थल है।
विषमयुग्मजी जीव में 6 स्थल हैं, अतःn=6
2n = 26 अर्थात् 2x2x2x2x2x2 = 64
अतः विषमयुग्मजी जीव में 64 प्रकार के युग्मकों का उत्पादन संभव होगा।

प्रश्न 4.
एक संकर क्रॉस का प्रयोग करते हुए प्रभाविता नियम की व्याख्या कीजिए।
उत्तर
एक संकर क्रॉस वह क्रॉस या संकरण है, जिसमें केवल एक जोड़ी विपरीत गुणों की वंशागति का ही अध्ययन किया जाता है, जैसे-मटर के लम्बे पौधे (TT) का बौने पौधे (tt) के साथ कराया गया संकरण । इस संकरण में पहली पीढ़ी में केवल लम्बे पौधे बनते हैं, जबकि F2 पीढ़ी के लम्बे एवं बौने पौधों के बीच फीनोटाइपिक अनुपात 3 : 1 का अनुपात प्राप्त होता है।
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जबकि इसका जीनोटाइपिक अनुपात 1: 2 : 1 अर्थात् एक शुद्ध लम्बा दो संकर लम्बे तथा एक शुद्ध बौने का होता है।

प्रश्न 5.
परीक्षार्थ संकरण की परिभाषा लिखिए और चित्र बनाइए।
उत्तर
जब F1 पीढ़ी या किसी अज्ञात आनुवंशिक व्यक्तिगत का संकरण अप्रभावी जनक के साथ कराया जाता है, तब इस संकरण को परीक्षण (परीक्षार्थ) संकरण कहते हैं ।
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इस संकरण का उपयोग यह देखने के लिए  किया जाता है कि अज्ञात आनुवंशिक व्यक्तिगत समयुग्मजी (Homozygous) है या विषमयुग्मजी (Heterozygous) यदि अज्ञात जीनोटाइप वाले लम्बे पौधे विषमयुग्मजी हों, तो इस संकरण से 50% लम्बी (संकर), 50% बौनी सन्तानें उत्पन्न होंगी।

प्रश्न 6.
एक ही जीन स्थल वाले समयुग्मजी मादा और विषमयुग्मजी नर के संकरण से प्राप्त प्रथम संतति पीढ़ी के फीनोटाइप वितरण का पुनेट वर्ग बनाकर प्रदर्शन कीजिए।
उत्तर
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प्रश्न 7.
पीले बीज वाले लम्बे पौधों (Yy Tt) का संकरण हरे बीज वाले लंबे (yyTt) पौधे से करने पर निम्नलिखित में से किस प्रकार के फीनोटाइप संतति की आशा की जा सकती है
(क) लंबे हरे
(ख) बौने हरे।
उत्तर
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प्रश्न 8.
दो विषमयुग्मजी जनकों का क्रॉस, और
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किया गया। मान लीजिये दो स्थल (loci) सहलग्न हैं, तो द्विसंकर क्रॉस में F1 पीढ़ी के फीनोटाइप के लक्षणों का वितरण क्या होगा?
उत्तर
दो स्थल (loci) सहलग्न विषमयुग्मजी जनकों में संकरण निम्नवत होता है
जनक (Heterozygous Parents)
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दिए गए क्रॉस में G ग्रे (प्रभावी) तथा g काला (अप्रभावी) को निरूपित करता है। सामान्यत: L लंबा (प्रभावी) तथा 1 बौना (अप्रभावी) को निरूपित करता है। द्विसंकर क्रॉस की F पीढ़ी 3:1 फीनोटाइप अनुपात प्रदर्शित करती है।

प्रश्न 9.
आनुवंशिकी में टी.एच. मॉर्गन के योगदान का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।
उत्तर
थामस हंट मार्गन (1866-1945) को प्रायोगिक आनुवंशिकी का पिता (Father of experimental genetics) कहा जाता है। इन्होंने ड्रोसोफिला पर किये गये अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के गुणसूत्रीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। मॉर्गन तथा वैस्टल ने सन् 1911 में इस सिद्धान्त का प्रतिपादन किया, इसकी प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं

  • सहलग्न जीन्स समूह एक ही गुणसूत्र पर स्थित होते हैं।
  • सहलग्नता की शक्ति दो सहलग्न जीन्स के बीच की दूरी पर निर्भर करती है।
  • पास-पास स्थित जीन्स में सहलग्नता अधिक होती है।
  • सभी सहलग्न जीन्स गुणसूत्र के निश्चित बिन्दु पर एक रेखीय क्रम में व्यवस्थित होते हैं।

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प्रश्न 10.
वंशावली विश्लेषण (Pedigree Analysis) क्या है ? यह विश्लेषण किस प्रकार उपयोगी है ?
उत्तर
मानव समुदाय में वंशागतिकी के अध्ययन हेतु इच्छानुसार संकरण नहीं कराया जा सकता इसके लिए इनमें वंशागतिकी के अध्ययन के लिए सम्बन्धित मनुष्य के कुल के इतिहास का अध्ययन कर वंशागतिकी लक्षणों को एकत्रित करके एक आरेख तैयार किया जाता है, जिसे वंश वृक्ष (Family tree) कहा जाता है तथा इस प्रकार किया गया अध्ययन वंशावली विश्लेषण कहलाता है। इसमें कुछ विशिष्ट चिन्हों का प्रयोग किया जाता है। इस वृक्ष में मादा को वृत तथा नर को वर्ग एवं विवाह को वर्ग एवं वृत के बीच क्षैतिज रेखा  के द्वारा व्यक्त करते हैं इस क्षैतिज रेखा से लटकती हुई समानान्तर रेखा से लटकते हुए वर्ग नर तथा वृत्त मादा सन्तान को व्यक्त करते हैं। यदि संतानों की संख्या ज्यादा हो, तो इन वर्गों तथा वृतों में सन्तानों की संख्या को लिख देते हैं । जिस लक्षण का अध्ययन किया जाता है, यदि वह किसी व्यक्ति में उपस्थित हो, तो उसके वर्ग या वृत को भरा हुआ बनाते हैं तथा इसके वाहक या विषमयुग्मजी रूप में आधे भरे वर्ग या वृत के द्वारा निरूपित किया जाता है। कुल वृक्ष में मरे हुए व्यक्तियों के वर्ग या वृत में क्रॉस (X) का निशान लगा देते हैं। कुल वृक्ष के किसी व्यक्ति के फीनोटाइप में शंका होने पर खाने के सामने प्रश्नवाचक चिन्ह (?) लगा देते हैं। एक-समान जुड़वाँ बच्चों को
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महत्व-वंशावली विश्लेषण से इस बात का पता लगाया जा सकता है कि पैदा होने वाली संतान किन गुणों वाली हो सकती है। यदि इसका उपयोग विवाह से पूर्व किया जाये तो कई विकृतियों से बचा जा सकता है। यह आनुवंशिक समस्याओं के समाधान में मदद करता है।

प्रश्न 11.
मनुष्य में लिंग निर्धारण कैसे होता है ?
उत्तर
मनुष्य की प्रत्येक कोशिका में 23 जोड़े गुणसूत्र पाये जाते हैं। इनमें 22 जोड़े एक समान होते हैं, जिन्हें ऑटोसोम्स कहते हैं, 23 वाँ जोड़ा अन्यों से भिन्न होता है इसे लिंग गुणसूत्र कहते हैं। नर के 23 वें जोड़े के गुणसूत्रों में से एक बड़ा तथा एक छोटा होता है, इन्हें ‘XY’ से व्यक्त करते हैं । मादा के 23वें जोड़े के गुणसूत्र एक समान होते हैं और इन्हें ‘XX’ से व्यक्त करते हैं। उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि नर में दो प्रकार के शुक्राणु बनते हैं एक तो वे जिनमें 22 + X तथा दूसरे वे जिनमें 22 + Y गुणसूत्र पाये । जाते हैं। इसके विपरीत मादा के सभी
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(22+x) अण्डाणुओं में 22 +X गुणसूत्र पाये जाते हैं। निषेचन के समय जब किसी अण्डाणु से ‘X’ गुणसूत्र वाला शुक्राणु मिलता है तब पैदा होने वाली सन्तान में XX’ लिंग गुणसूत्र होते हैं अर्थात् यह सन्तान मादा होती है, लेकिन जब किसी अण्डाणु से ‘Y’ गुणसूत्र वाला शक्राण मिलता है तब पैदा होने वाली सन्तान में :XY’ लिंग गणसत्र होते हैं अर्थात यह सन्तान नर होती है। इस प्रकार मनुष्यों में लिंग के निर्धारण में, नर के गुणसूत्र का बहुत अधिक महत्व होता है। दूसरे शब्दों में, यही गुणसूत्र मनुष्य की सन्तान के लिंग का निर्धारण करता है।

प्रश्न 12.
शिशु का रूधिर वर्ग 0 है। पिता का रूधिर वर्ग A और माता का B है। जनकों के जीनो टाइप मालूम कीजिए और अन्य संतति में प्रत्याशित जीनोटाइप की जानकारी दीजिये।
उत्तर
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प्रश्न 13.
निम्नलिखित शब्दों को उदाहरण सहित समझाइए
(अ) अपूर्ण प्रभाविता
(ब) सहप्रभाविता।
उत्तर
(अ) अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete Dominance)-
जब एक जोड़े गुण का प्रभावी गुण अप्रभावी गुण को पूरी तरह दबा नहीं पाता तब एक तीसरे गुण की अभिव्यक्ति होती है। इस क्रिया को अपूर्ण प्रभाविता कहते हैं। जैसे-जब मिराबिलिस जलापाके लाल और सफेद पुष्प वाले पौधों में संकरण कराया जाता है, तो पहली पीढ़ी में लाल पुष्प के गुण पूर्ण प्रभावी न होने के कारण गुलाबी पुष्प वाले पौधे बनते हैं।
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(ब) सहप्रभाविता (Co-dominance)-
सह-प्रभाविता में युग्म विकल्पी जोड़े के सदस्य प्रभावी या अप्रभावी नहीं होते हैं और दोनों ही F1 पीढ़ी में समान रूप से प्रकट होते हैं । यह प्रक्रिया सह प्रभाविता कहलाती है। उदाहरण-मानव रक्त समूह में एलील IA तथा IB सह-प्रभावी (Co-dominant) कहलाते हैं क्योंकि दोनों लक्षण प्रारूप AB में अभिव्यक्त होते हैं प्रत्येक अपना प्रतिजिन (Antigen) उत्पन्न करता है और दूसरे की अभिव्यक्ति को नहीं रोकता है।मानव में प्रभावी-अप्रभावी वंशागति की भाँति सह-प्रभाविता भी सामान्य है। एलील I तथा IB प्रभावी होते हैं और एलील Io – (IA= IB> Io) पर प्रभाव प्रदर्शित करते हैं।  ABO मानव रूधिर वर्ग बहुविकल्पता (Multiple allelism) को भी प्रदर्शित करते हैं । (लघु उ. प्र. 15 का भी अवलोकन करें।)

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प्रश्न 14.
बिन्दु उत्परिवर्तन क्या है ? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर
बिन्दु उत्परिवर्तन (Point Mutation)-जीन उत्परिवर्तन जिसमें एकल नाइट्रोजन क्षारक का प्रतिस्थापन (Substitution), विलोपन (Deletion) या निवेशन (Insertion) होता है, उसे बिन्दु उत्परिवर्तन कहते हैं । जीन उत्परिवर्तन DNA द्विगुणन के समय होते हैं, जब इसमें नई न्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं का निर्माण होता है अर्थात् DNA रज्जुक संश्लेषित होते हैं । उदाहरण के लिये, मनुष्य में दात्र कोशिका अरक्तता (Sickle cell anaemia) रोग DNA के एक नाइट्रोजन क्षार के परिवर्तन के कारण हो जाता है।

प्रश्न 15.
वंशागति के गुणसूत्रवाद को किसने प्रस्तावित किया ?
उत्तर
वंशागति के गुणसूत्रवाद को सटन और बॉवेरी (Sutton and Boveri 1902) ने प्रस्तुत किया था।

प्रश्न 16.
किन्हीं दो अलिंग सूत्री आनुवंशिक विकारों का उनके लक्षणों सहित उल्लेख कीजिए।
उत्तर
(1) दात्र कोशिका-अरक्तता (सिकल सेल एनिमिया)-यह अलिंग क्रोमोसोम लग्न अप्रभावी लक्षण है जो जनकों से संतति में तभी प्रवेश करता है जबकि दोनों जनक जीन के वाहक होते हैं (विषुमयुग्मजी)। इस रोग का नियंत्रण एलील का एकल जोड़ा HbA और HbS करता है। रोग का लक्षण (फीनोटाइप) तीन संभव जीनोटाइपों में से केवल HbS (HbS HbS) वाले समयुग्मकी व्यक्तियों में दर्शित होता है। विषमयुग्मकी (HbAHbS) व्यक्ति रोगमुक्त होते हैं लेकिन वे रोग के वाहक होते हैं।

इस विकार का कारण हीमोग्लोबिन अणु की बीटा ग्लोबिन शृंखला की छठी स्थिति में एक अमीनो अम्ल ग्लूटैमिक अम्ल (Glu) का वैलीन द्वारा प्रतिस्थापन है। ग्लोबिन प्रोटीन में अमीनो अम्ल का यह प्रतिस्थापन बीटा ग्लोबिन जीन के छठे कोडान में GAG का GUG द्वारा प्रतिस्थापन के कारण होता है। निम्न ऑक्सीजन तनाव में उत्परिवर्तित हीमोग्लोबिन अणु में बहुलकीकरण हो जाता है जिसके कारण RBC का आकार द्वि-अवतल बिंब से बदलकर दात्राकार (हँसिए के आकार का) हो जाता है।

(2) फीनाइल कीटोनूरिया-यह जन्मजात उपापचयी दोष भी अलिंग क्रोमोसोम अप्रभावी लक्षण की भाँति ही वंशागति प्रदर्शित करती है। रोगी व्यक्ति में फीनाइल ऐलेनीन अमीनो अम्ल को टाइरोसीन अमीनो अम्ल में बदलने के लिए आवश्यक एक एंजाइम की कमी हो जाती है। परिणामस्वरूप फीनाइल ऐलेनीन एकत्रित होता जाता है और फीनाइल पाइरूविक अम्ल तथा अन्य व्यत्पन्नों में बदलता जाता है। इनके एकत्रीकरण से मानसिक दुर्बलता आ जाती है। वृक्क द्वारा कम अवशोषित हो सकने के कारण ये मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं।

वंशागति और विविधता के सिध्दांत अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

वंशागति और विविधता के सिध्दांत वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. सही विकल्प का चयन कीजिए

प्रश्न 1.
युग्मविकल्पी (Allele) दृष्टि से (Aa) व्यक्ति के संकरण से उत्पन्न सन्तति का आनुवंशिक संगठन (Genetic constitution) क्या होगा
(a)AA
(b) aa
(c) 1/2 AA एवं 1/2 aa
(d) 1/4 AA, 1/2 Aa, 1/4 aa.
उत्तर
(c) 1/2 AA एवं 1/2 aa

प्रश्न 2.
AaBb जनक द्वारा ab प्रकार के युग्मकों के निर्माण का प्रतिशत होगा
(a) 75%
(b) 50%
(c) 25%
(d) 12.5%.
उत्तर
(d) 12.5%.

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प्रश्न 3.
DNA पृथक्करण एवं शोधन की तकनीक का विकास किया था
(a) बीडल एवं टॉटम
(b) टेमिन एवं ब्लैकविथ
(c) वॉटसन एवं क्रिक
(d) ब्लैकविथ एवं साथी।
उत्तर
(c) वॉटसन एवं क्रिक

प्रश्न 4.
क्रोमोसोम शब्द किसने प्रस्तुत किया था
(a) जॉनसन
(b) वाल्डेयर
(c) वेण्डा
(d) डी डुवे।
उत्तर
(b) वाल्डेयर

प्रश्न 5.
एक यूकैरियोटिक गुणसूत्र में दो प्रकार के प्रोटीन पाये जाते हैं
(a) संयुग्मी और जटिल प्रोटीन
(b) हिस्टोनी और अहिस्टोनी प्रोटीन
(c) DNA और RNA
(d) हिस्टोन और DNAL
उत्तर
(b) हिस्टोनी और अहिस्टोनी प्रोटीन

प्रश्न 6.
कोशिकाद्रव्य में पाये जाने वाले आनुवंशिक पदार्थ को कहते हैं
(a) जीनोम
(b) प्लाज्मोन
(c)न्यूक्लियोसोम
(d) क्रोमैटिड।
उत्तर
(b) प्लाज्मोन

प्रश्न 7.
गुणसूत्रों का मुख्य कार्य है
(a) माता-पिता के लक्षणों को सन्तानों में वंशागत करना
(b) वृद्धि
(c) श्वसन
(d) जनन।
उत्तर
(a) माता-पिता के लक्षणों को सन्तानों में वंशागत करना

प्रश्न 8.
बैक्टीरियोफेज का आनुवंशिक पदार्थ है
(a) एक-रज्जुकी RNA
(b) एक-रज्जुकी DNA
(c) द्वि-रज्जुकी DNA
(d) एक-रज्जुकी RNA अथवा द्वि-रज्जुकी DNA
उत्तर
(d) एक-रज्जुकी RNA अथवा द्वि-रज्जुकी DNA

प्रश्न 9.
जीन शब्द संकेत करता है
(a) DNA के उस भाग को जो एक पॉलिपेप्टाइड को कोड कर सकें
(b)RNA का एक भाग
(c) सहलग्नता समूह
(d) प्रोटीन के अमीनो अम्लों का क्रम।
उत्तर
(a) DNA के उस भाग को जो एक पॉलिपेप्टाइड को कोड कर सकें

प्रश्न 10.
गुणसूत्रों पर जीन की व्यवस्था है
(a) रेखीय
(b) अण्डाकार
(c) प्रकीर्णित
(d) सर्पिल।
उत्तर
(a) रेखीय

प्रश्न 11.
केन्द्रक बाह्य आनुवंशिक पदार्थ किसमें पाया जाता है
(a) प्लास्टिडों में
(b) गुणसूत्रों में
(c) राइबोसोमों में
(d) गॉल्गी सम्मिश्र में।
उत्तर
(a) प्लास्टिडों में

प्रश्न 12.
हरितलवक वंशागतिकी का सबसे पहले वर्णन किसने किया था
(a) कोरेन्स ने
(b) मेण्डल ने
(c) वाटसन ने
(d) सटन तथा बोवेरी ने।
उत्तर
(a) कोरेन्स ने

प्रश्न 13.
मक्के में भ्रमणशील आनुवंशिक इकाइयों (Jumping genes) का पता किसने लगाया
(a) जैकब एवं मोनाड ने
(b) बीडल व टैटम ने
(c) खुराना ने
(d) बारबरा मैक्लिण्टान ने।
उत्तर
(d) बारबरा मैक्लिण्टान ने।

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प्रश्न 14.
आनुवंशिक सूचना जो जनकों से सन्तानों में कोशिकाद्रव्य द्वारा आती है
(a) कोशिकाद्रव्यीय वंशागति
(b) केन्द्रकीय वंशागति
(c) आनुवंशिक कोड
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर
(a) कोशिकाद्रव्यीय वंशागति

प्रश्न 15.
पैत्रागतिकी कोशिकाद्रव्यी इकाई को कहते हैं
(a) हार्मोगोन
(b) प्लाज्मोजीन
(c) जीनोम
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर
(b) प्लाज्मोजीन

प्रश्न 16.
वह समस्त पैत्रागतिकी गुण जो कोशिकाद्रव्य द्वारा ही वंशागत होते हैं, कहलाते हैं
(a) प्लाज्मोन
(b) कैरियोटाइप
(c) इडियोग्राम
(d) फीनोटाइप।
उत्तर
(a) प्लाज्मोन

प्रश्न 17.
कोशिकाद्रव्यी नियन्त्रण व बन्ध्यता पर पाया जाता है
(a) मक्का
(b) गेहूँ
(c) चना
(d) चावल।
उत्तर
(a) मक्का

प्रश्न 18.
महिलाएँ विरलता से ही हीमोफीलिया के शरीर क्रियात्मक दोष अनुभव करती हैं, जब
(a) वे दोष के लिए विषमयुग्मजी हों
(b) वे दोष के लिए समयुग्मजी हों
(c) वे दोष के लिए वाहक हों
(d) वे हीमोफीलिया ग्रसित पतियों की पत्नियाँ हों।
उत्तर
(b) वे दोष के लिए समयुग्मजी हों

प्रश्न 19.
मधुमक्खी में लिंग निर्धारण का प्रतिरूप कहलाता है
(a) मादा एकलता
(b) एकल द्विगुणिता
(c) युग्मकी द्विगुणिता
(d) युग्मकी जनन।
उत्तर
(b) एकल द्विगुणिता

प्रश्न 20.
मनुष्य के असंसेचित अण्डाणु में होता है
(a) एक Y गुणसूत्र
(b)X तथा Y गुणसूत्र
(c)xx गुणसूत्र
(d) एक X गुणसूत्र।
उत्तर
(d) एक X गुणसूत्र।

प्रश्न 21.
यदि एक रक्त स्रावीय पुरुष तथा एक सामान्य स्त्री का विवाह हो तो सन्तान होगी
(a) सभी रक्त स्रावीय
(b) लड़कियाँ रक्त स्रावीय
(c) लड़के रक्त स्रावीय
(d) सभी सामान्य।
उत्तर
(d) सभी सामान्य।

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प्रश्न 22.
एम्नियोसेण्टेसिस एक तकनीक है जिसका उपयोग किया जाता है
(a) उल्ब में अमीनो अम्ल के आंकलन में
(b) उल्ब में परिमाण माप में
(c) गर्भ के लिंग निर्धारण में
(d) गर्भ की स्थिति निर्धारण में।
उत्तर
(c) गर्भ के लिंग निर्धारण में

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. वे जीन्स जो एक ही गुणसूत्र पर रहने की प्रवृत्ति रखते हैं …………… कहलाते हैं।
2 गुणसूत्र …………….. के वाहक होते हैं।
3. उत्परिवर्तन की इकाई ………….. है।
4. कॉर्नबर्ग ने …………….. मॉडल दिया था।
5. एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में लक्षणों का बिना परिवर्तन / पुनर्योजन का स्थानान्तरण की प्रक्रिया …………… कहलाती है।
6. पैदा हुए प्रति सौ जीवों में विनिमय / पुनर्संयोजनों की संख्या को ……………. कहते हैं।
7. मनुष्य में लिंग निर्धारण …………….. गुणसूत्र द्वारा होता है।
8. मनुष्य के शुक्राणु में गुणसूत्रों की संख्या …………… होती है।
उत्तर

  1. सहलग्न
  2. पैतृक गुणों
  3. म्यूटॉन
  4. न्यूक्लियोसोम
  5. कंप्लीट लिंकेज
  6. पुनर्योगज आकृति,
  7. Y
  8. दो।

3. सही जोड़ी बनाइए

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उत्तर
1.(a), 2. (c), 3. (d), 4. (b), 5. (e).

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उत्तर
1. (c), 2. (d), 3. (a), 4. (b), 5. (e).

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उत्तर
1.(b), 2.(e), 3. (d), 4.(a), 5. (c).

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उत्तर-
1. (d), 2. (f), 3. (a), 4. (c), 5. (b).

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उत्तर-1.(d), 2. (e), 3. (b), 4. (a), 5. (c), 6. (f).

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4. एक शब्द में उत्तर दीजिए

1. मेंडल द्वारा प्रतिपादित आनुवंशिकी संबंधी नियम।
2 द्विलिंगी पुष्प में संकरण हेतु परागकोषों को निकालने की क्रिया।
3. जीवों में पायी जाने वाली विशिष्ट इकाई जो अगली पीढी में लक्षणों को निर्धारित करते हैं।
4. दो समान एलील्स का एक जीव में एक साथ पाये जाने की घटना।
5. दो भिन्न गुणों वाले जनकों के बीच संकरण से उत्पन्न संतति।
6. दो विपर्यायी लक्षणों वाले एलील्स के एक साथ उपस्थित होने पर एक एलील के प्रभाव दिखायी देने की घटना।
7. एक द्विविषमयुग्मजी द्वारा कितने प्रकार के युग्मक उत्पन्न होंगे?
8. दो क्रॉस का एक सेट जिसमें एक बार पादप A को नर तथा B को मादा एवं दूसरी बार पादप A को मादा तथा B को नर बनाया जाता है।
9. एक ऐसा क्रॉस जिसमें दो लक्षणों की वंशागति का अध्ययन किया जाता है।
10. ऐसी स्थिति जिसमें एक जीन, दो अथवा दो से अधिक लक्षणों को निर्धारित करते हैं।
11. मनुष्य में नीग्रो तथा श्वेत के बीच नियंत्रित विवाह अथवा संकरण के द्वारा त्वचा के रंग की वंशागति का अध्ययन किस वैज्ञानिक ने किया?
उत्तर

  1. मेंडलवाद
  2. विपुंसन
  3. कारक अथवा जीन
  4. होमो-जायगोसिटी
  5. संकर
  6. प्रभाविता
  7. चार
  8. व्युत्क्रम संकरण
  9. द्विसंकर क्रॉस
  10. बहुप्रभाविता
  11. डेवनपोर्ट।

वंशागति और विविधता के सिध्दांत अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी उभयलिंगी पुष्प से अपरिपक्व परागकोषों या नर जननांगों को हटाने की क्रिया को क्या कहते हैं ?
उत्तर
विपुंसन

प्रश्न 2.
एक ही गुण के दो विभिन्न विपर्यायी रूपों को व्यक्त करने वाले कारकों अर्थात् जीनों को एक-दूसरे का क्या कहा जाता है ?
उत्तर
ऐलीलोमार्फ (युग्म विकल्पी)।

प्रश्न 3.
जब दो प्रभावी स्वतंत्र अपव्यूहक जीन्स एक-दूसरे के प्रभाव को पूर्ण करके एक नया लक्षण उत्पन्न करते हैं तो इस जीन्स को कौन-सा जीन्स कहते हैं ?
उत्तर
संपूरक जीन (Complementry gene)

प्रश्न 4.
केन्द्रकीय गुणसूत्र से बाहर स्थित आनुवंशिक पदार्थ को क्या कहते हैं ?
उत्तर
प्लाज्मोजीन्स।

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प्रश्न 5.
जब दो भिन्न गुणों वाले एक ही जाति के सदस्यों या दो भिन्न जाति के नर एवं मादा को लैंगिक रूप से मिलाते हैं तो वह क्या कहलाता है ?
उत्तर
संकरण।

प्रश्न 6.
जब एक जीन अधिक प्रभाव दिखाता है उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर
प्रभावी जीन।

प्रश्न 7.
कोशिका में एक गुण को व्यक्त करने वाले कारक को क्या कहते हैं ?
उत्तर
इकाई लक्षण।

प्रश्न 8.
तद्रूप प्रजनन सम (True breeding) से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर
वह लक्षण जो अनेक पीढ़ियों तक स्व-परागण के फलस्वरूप वही लक्षण प्रकट करता है।

प्रश्न 9.
मेंडल ने मटर की कितनी तद्रूप प्रजननी (True breeding) किस्मों को चुना?
उत्तर
14 तद्रूप प्रजननी मटर किस्मों की चुना।

प्रश्न 10.
मेंडल के प्रयोगों में F1 से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर
प्रथम संतति पीढ़ी (First Filial generation)

प्रश्न 11.
द्वि संकट परीक्षण संकरण में फीनोटाइप एवं जीनोटाइप का अनुपात बताइए।
उत्तर
फीनोटाइप एवं जीनोटाइप का अनुपात 1:1:1:1 होता है।

प्रश्न 12.
‘X’ काय नाम किसने दिया, मानव में लिंग निर्धारण किससे होता है।
उत्तर
हेकिंग ने ‘X’ काय नाम दिया। मानव में XX व XY से लिंग निर्धारण होता है।

प्रश्न 13.
फ्रेम शिफ्ट उत्परिवर्तन किसके कारण होता है ?
उत्तर
DNA के क्षारयुग्मों के घटने-बढ़ने से फ्रेम शिफ्ट उत्परिवर्तन होता है।

प्रश्न 14.
सहप्रभाविता का एक उदाहरण दीजिये।
उत्तर
‘A’, ‘B’ तथा ‘O’ रुधिर वर्गों के जीन्स सहप्रभावी (Codominant) होते हैं।

प्रश्न 15.
बिन्दु उत्परिवर्तन किसे कहते हैं ?
उत्तर
डी.एन.ए. के एकल क्षार युग्म (बेस पेयर) के परिवर्तन को बिन्दु उत्परिवर्तन (Point Mutation) कहते हैं।

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प्रश्न 16.
किसी लक्षण विशेष की पीढ़ी-दर-पीढ़ी वंशागति का चित्रात्मक निरूपण को क्या कहा जाता है ?
उत्तर
वंशावली (पेडिग्री)।

प्रश्न 17.
गुणसूत्र के किसी भी खण्ड का टूटकर उससे अलग हो जाने की क्रिया क्या कहलाती है?
उत्तर
विलोपन।

प्रश्न 18.
प्राकृतिक रूप से उत्पन्न किसी एलोपॉलिप्लॉयड जाति का नाम बताइए।
उत्तर
गेहूँ (ट्रिटिकम एस्टीवम)।

प्रश्न 19.
सामान्य द्विगुणित संख्या से एक अधिक गुणसूत्र वाले जीव कहलाते हैं ?
उत्तर
ट्रायसोमिक।

प्रश्न 20.
ऐसा ड्रोसोफिला जिसमें नर तथा मादा दोनों का कायिक समन्वय उपस्थित हो।
उत्तर
गायनेन्ड्रोमार्फ।

प्रश्न 21.
वह रोग जिसमें चोट लगने पर रक्त स्राव नहीं रुक पाता है।
उत्तर
हीमोफिलिया।

प्रश्न 22.
वह विशिष्ट DNA खण्ड जो आनुवांशिक इकाई की तरह कार्य करता है।
उत्तर
जीन।

प्रश्न 23.
लिंग गुणसूत्र को छोड़कर कोशिका के सभी गुणसूत्र क्या कहलाते हैं।
उत्तर
ऑटोसोम।

प्रश्न 24.
गुणसूत्र की भुजा को क्या कहते हैं ?
उत्तर
क्रोमैटिड्स।

प्रश्न 25.
लिंगसहलग्नता के किसी एक उदाहरण को लिखिए।
उत्तर
वर्णान्धता।

प्रश्न 26.
मानव तथा ड्रोसोफिला में किस प्रकार का लिंग निर्धारण पाया जाता है ?
उत्तर
X, Y प्रकार का।

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प्रश्न 27.
मानव में पाये जाने वाले अलिंग सूत्री प्रभावी तथा अलिंग सूत्री अप्रभावी मेण्डलीय दोष से प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर
मायोटोनिक कुपोषण (डिस्ट्रोफी), दात्र कोशिका अरक्तता (सिकल-सेल ऐनीमिया)।

प्रश्न 28.
बिन्दु उत्परिवर्तन के कारण कौन-सा रोग होता है।
उत्तर
दात्र कोशिका अरक्तास (Sickle cell anaemia)

प्रश्न 29.
उत्परिवर्तन किसे कहते हैं ?
उत्तर
जिन रासायनिक और भौतिक कारकों के द्वारा उत्परिवर्तन होता है, उन्हें उत्परिवर्तजन (म्यूटाजेन) कहते हैं।

प्रश्न 30.
मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम का अपवाद क्या है ?
उत्तर
सहलग्नता।

वंशागति और विविधता के सिध्दांत लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मेण्डल की सफलता का सबसे प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर
मटर में मेण्डल ने जिन सात गुणों को चुना उन सातों गुणों में एक प्रभावी तथा दूसरा अप्रभावी होता है और उनमें प्रभावी तथा अप्रभावी के बीच की अवस्था नहीं होती है। साथ ही प्रत्येक गुण से सम्बन्धित जीन अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थापित होते हैं, जिसके कारण सांख्यिकी परिकलन आसानी से मेण्डल द्वारा सम्पन्न किया जा सका एवं ठोस तथा निश्चित निष्कर्ष प्राप्त करने में मेण्डल सफल रहे।

प्रश्न 2.
संकर पूर्वज संकरण तथा परीक्षण संकरण में भेद कीजिए।
उत्तर
जब किसी संकर (F1 संतति) का उसके किसी भी जनक से संकरण कराया जाता है तो इस संकरण को संकर पूर्वज संकरण (Back cross) कहते हैं, जबकि अप्रभावी जनक के साथ बैक क्रॉस या किसी अज्ञान आनुवंशिक व्यक्तिगत के साथ पूर्व अप्रभावी का संकरण परीक्षण संकरण कहलाता है।

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प्रश्न 3.
प्लाज्मोजीन्स एवं योज्यजीन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर
प्लाज्मोजीन्स-केन्द्रकीय गुणसूत्रों से बाहर स्थित आनुवंशिक पदार्थ को प्लाज्मोन (Plasmon) या प्लाज्मोजीन कहते हैं। सामान्य कोशिका के अन्दर लवक तथा माइटोकॉण्ड्रिया में उपस्थित आनुवंशिक पदार्थ (DNA तथा RNA) इस श्रेणी में आते हैं। योज्यजीन-कुछ जीन जोड़े में रहकर अपने गुणों की भावाकृति करते हैं। अतः ये संयुक्त रूप से उपस्थित होने पर ही गुणों को प्रदर्शित करते हैं। ऐसे जीनों के युगल को योज्य जीन कहते हैं तथा इस प्रकार की वंशागतिकी योज्यीय वंशागतिकी कहलाती है।

प्रश्न 4.
प्रभाविता (Dominance) और प्रबलता (Epistasis) में अन्तर बताइए।
उत्तर
प्रभाविता एवं प्रबलता दोनों दो क्रियाएँ हैं। इन दोनों में स्पष्ट अन्तर पाया जाता है। प्रभाविता एक ही कारक या जीन के विकल्पों के बीच की पारस्परिक या अन्योन्य क्रिया का प्रभाव है, जबकि प्रबलता दो विभिन्न कारकों या जीनों के बीच की अन्योन्य या पारस्परिक क्रिया का प्रभाव होता है।

प्रश्न 5.
मेण्डल के पृथक्करण के नियम को उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर
इस नियम के अनुसार युग्मकों के निर्माण के समय कारकों (जीवों) के जोड़ों के कारण अलगअलग हो जाते हैं और इनमें से केवल एक ही कारक ही एक युग्मक में जाता है, एक युग्मक के दोनों कारक एक साथ ही युग्मक में कभी भी नहीं जाते । इस सिद्धान्त को युग्मकों की शुद्धता का सिद्धान्त भी कहते हैं। जब मटर के लम्बे तथा बौने पौधों के बीच संकरण कराया जाता है, तो पहली पीढ़ी में सभी संकर लम्बे पौधे बनते हैं, लेकिन जब प्रथम पीढ़ी के पौधों में आपसी संकरण कराया जाता है, तो दूसरी पीढ़ी में लम्बे तथा बौने पौधों के बीच 3 : 1 का अनुपात प्राप्त होता है, जो इस बात को प्रमाणित करता है कि युग्मकों के निर्माण के समय जोड़े के जीन पृथक् हो जाते हैं।

प्रश्न 6.
जीनोटाइप एवं फीनोटाइप को उदाहरण देकर समझाइए।
अथवा
जीनोटाइप एवं फीनोटाइप के अनुपात को समझाइए।
उत्तर
जीवों का आनुवंशिक संगठन अर्थात् उनमें उपस्थित जीनों का संगठन उस जीव का जीन प्रारूप या जीनोटाइप कहलाता है, जबकि जीवों के शरीर का बाह्य संगठन अर्थात् स्वरूप उसका फीनोटाइप कहलाता है। उदाहरण-जैसे मटर के पुष्प के दो फीनोटाइप
(i) लाल पुष्प एवं
(ii) सफेद पुष्प हैं, जो संकरण के बाद F2 पीढ़ी में 3 : 1 के अनुपात में दिखाई देते है, लेकिन अगर इनमें जीनोटाइप को देखें तो F2 पीढ़ी में तीन प्रकार के जीनोटाइप

  • RR,
  • Rr और
  • rr होंगे जिनमें 1:2: 1 का अनुपात होता है।

प्रश्न 7.
क्या कारण है कि लिंग सहलग्न रोग पुरुषों में होते हैं, स्त्रियों में नहीं ?
उत्तर
मनुष्यों में लिंग सहलग्न गुण जैसे-रंग वर्णान्धता, हीमोफिलिया, मायोपिया, गंजापन, हाइपर ट्राइकोसिस (बाह्यकर्ण में बालों का उगना) आदि के जीन ‘Y’ गुणसूत्र पर पाये जाते हैं तथा ‘Y’ गुणसूत्र का स्थानान्तरण पिता से पुत्र में होता है, यही कारण है ‘Y’ गुणसूत्र सहलग्न लक्षण केवल पुरुषों में ही देखे जाते हैं।

प्रश्न 8.
जब एक सामान्य स्त्री का विवाह एक वर्णान्ध पुरुष से होता है तो उस स्त्री से होने वाली सन्तान की वर्णान्धता की वंशागतिकी को चित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 20
सामान्य स्त्री तथा वर्णान्ध पुरुष से उत्पन्न सन्तानों में सभी पुत्रियाँ वाहक तथा सभी पुत्र सामान्य पैदा होंगे। अर्थात् 50% सन्तानें वाहक और 50% सन्ताने सामान्य होंगी।

प्रश्न 9.
डाउन सिण्ड्रोम से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर
जब कभी किसी व्यक्ति में गुणसूत्रीय विकृति, के कारण 21 वें जोड़े कायिक गुणसूत्र में दो के स्थान पर तीन गुणसूत्र हो तब इस प्रकार संलक्षण (सिण्ड्रोम) बनते हैं। ऐसे व्यक्ति में 45 +2 = 47 गुणसूत्र होते हैं। ऐसे व्यक्ति का ललाट चौड़ा, गर्दन छोटी, हाथ चपटे, हथेली तथा पैर मोटे एवं भद्दे, मुँह खुला, नेत्र तिरछे, जिह्वा मोटी एवं मस्तिष्क असामान्य होता है। ऐसे व्यक्ति को मंगोलियन मूर्ख कहते हैं, जिसकी 8-12 वर्ष बाद मृत्यु हो जाती है।

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प्रश्न 10.
जीनोटाइप एवं फीनोटाइप में तीन अन्तर लिखिए।
उत्तर
जीनोटाइप एवं फीनोटाइप में अन्तरक्र
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 21

प्रश्न 11.
टेस्ट क्रॉस एवं बैक क्रॉस को समझाइए।
उत्तर
टेस्ट एवं बैक क्रॉस-जब किसी संकर का किसी भी जनक से संकरण कराया जाता है, तो उसे बैक क्रॉस कहते हैं। उदाहरणस्वरूप जब शुद्ध लम्बे (TT) एवं शुद्ध बौने (tt) पौधे से प्राप्त प्रथम पीढ़ी के संकर लम्बे (Tt) का संकरण किसी भी जनक से कराया जाता है, तो इसे बैक क्रॉस कहेंगे, लेकिन जब किसी अप्रभावी जनक के साथ बैक क्रॉस या किसी अज्ञात आनुवंशिक व्यक्तिगत के साथ पूर्ण अप्रभावी का संकरण कराया जाये, जिससे यह पता लगता है कि अज्ञात व्यक्तिगत समयुग्मजी है या विषमयुग्मजी तब यह क्रॉस टेस्ट क्रॉस कहलाता है।

प्रश्न 12.
ई. कोलाई के गुणसूत्र की रचना लिखिए।
उत्तर
अन्य प्रोकैरियोट जीवों के समान ई. कोलाई में भी हिस्टोन प्रोटीन नहीं पाया जाता अर्थात् गुणसूत्रों का अभाव होता है। इनका गुणसूत्र द्विवलीय DNA का बना होता है। इसका वलित जीनोम (गुणसूत्र) DNA तन्तु, अल् मात्रा में RNA प्रोटीन का बना होता है। इसके प्रत्येक गुणसूत्र (DNA तन्तु) में 40-50 वलय पाये जाते हैं, जो FNA के द्वारा बँधे रहते हैं। इसका वलियत DNA कुण्डलित हो सकता है, इसका प्रत्येक वलय 400 क्षारीय जोड़ का बना होता है। इसके कुण्डलित वलय मध्य में स्थित एक प्रोटीन से जुड़े रहते हैं।

प्रश्न 13.
व्युत्क्रम संकरण (Reciprocal cross) किसे कहते हैं ?
उत्तर
ऐला संकरण जिसमें एक ही प्रभेद (Strain) दूसरे लिंग द्वारा व्यक्त किया जाता हो जो कि प्रथम संकरण के विपरीत हो तो उसे व्युत्क्रम संकरण कहते हैं।
उदाहरण

  • मादा विभेद (Strain)A से नर विभेद (B) के बीच क्रॉस एवं
  • नर विभेद (A) से मादा विभेद (B) के बीच का क्रॉस । दूसरा उदाहरण पहले उदाहरण का व्युत्क्रम क्रॉस है। इन संकरणों में सन्ततियाँ (Offspring) दोनों उदाहरणों में एकसमान होगी। इस क्रॉस से यह पता लगता है कि जीनों द्वारा व्यक्त गुण महत्वपूर्ण होते हैं, चाहे वह किसी भी लिंग पर आश्रित, हो, उनसे कोई अन्तर नहीं पड़ता है।

प्रश्न 14.
रूपान्तरक जीन्स या मॉडीफायर जीन्स (Modifiergenes) किसे कहते हैं ?
उत्तर
कुछ जीन मात्रात्मक रूप में दूसरे जीनों के समलक्षणीय प्रभाव को बदल देते हैं, ऐसे जीनों को रूपान्तरक या मॉडीफायर जीन कहते हैं । ये रूपान्तरक जीन प्रभावी तथा अप्रभावी दोनों रूपों में व्यवहार कर सकते हैं। उदाहरणस्वरूप-संदमक जीन जो कुक्कुटों में पंखों के रंग को रोकने के लिए उत्तरदायी होते हैं, उन्हें कुक्कुटों के सामान्य रंग के जीनों के रूपान्तरक के रूप में माना जा सकता है। जीनों को रूपान्तरक या मॉडीफायर जीन कहते हैं। ये रूपान्तरक जीन प्रभावी तथा अप्रभावी दोनों रूपों में व्यवहार कर सकते हैं। उदाहरणस्वरूप-संदमक जीन जो कुक्कुटों में पंखों के रंग को रोकने के लिए उत्तरदायी होते हैं, उन्हें कुक्कुटों के सामान्य रंग के जीनों के रूपान्तरक के रूप में माना जा सकता है।

प्रश्न 15.
बहुयुग्म विकल्पिता (Multiple allelism) किसे कहते हैं? उदाहरणसहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर
जब किसी गुण के लिए एक जोड़ी से अधिक विकल्प जिम्मेदार हो, तो इस क्रिया को बहुयुग्म विकल्पिता कहते हैं। मानव रुधिर वर्गों की वंशागतिकी बहुयुग्म विकल्पिता का एक अच्छा उदाहरण है। मनुष्य में चार रुधिर वर्ग A, B,AB एवं o पाये जाते हैं। इनकी वंशागतिकी एक ही स्थान पर स्थित एक ही जीन के तीन विकल्पों के कारण होती है, जिन्हें IA,IB एवं IO से व्यक्त करते हैं। इनमें IA की उपस्थिति से रक्त वर्ग A, IB से रक्त वर्ग B बनता है। इसके लिए आवश्यक है कि किसी भी व्यक्ति में इन तीनों विकल्पों में से केवल एक ही विकल्प हो।

प्रत्येक जनक से एक विकल्प प्राप्त होता है, लेकिन तीन प्रकार के विकल्प होने के कारण 6 प्रकार के जीनोटाइप (‘A’ के लिए IA,IA, या IA, IB के लिए ,IB, ,IBया IB,IO AB’ के लिए IA, IB Ioके लिए ) अतः रक्त वर्ग ‘A’ तथा ‘B’ एक से अधिक युग्म विकल्पों के द्वारा वंशागत होते हैं।

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प्रश्न 16.
आनुवंशिकी विभिन्नता के कारणों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर
आनुवंशिकी विभिन्नताएँ निम्नलिखित कारणों से पैदा होती है

  1. गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन-जब किसी जीव के गुणसूत्रों की संख्या बदल जाती है, तब उन पर स्थित आनुवंशिक पदार्थ की मात्रा भी बदल जाती है,
    जिसके कारण विभिन्नता पैदा होती है।
  2. जीन उत्परिवर्तन-जीन संरचना में परिवर्तन के कारण आनुवंशिक विभिन्नता पैदा होती है।
  3. गुणसूत्रों की संरचना में परिवर्तन-इसके कारण जीन के विन्यास तथा संख्या में परिवर्तन हो जाता है जिससे जीवों में विभिन्नता पैदा होती है।
  4. लैंगिक जनन-इस जनन के समय जीन विनिमय के कारण भी विभिन्नता पैदा होती है।

प्रश्न 17.
प्रबलता को उपयुक्त उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर
प्रबलता (Epistasis)-कभी-कभी दो स्वतन्त्र जीन्स जो युग्मविकल्पी नहीं होते, जीव के एक ही लक्षण को इस प्रकार प्रभावित करते हैं कि एक जीन दूसरे जीन के प्रभाव को छिपा देता है, इस क्रिया को प्रबलता कहते हैं। उदाहरण-चूहों में एक प्रभावी जीन ‘C’ अकेला काले रंग की त्वचा को अभिव्यक्त करने हेतु जिम्मेदार होता है, परन्तु इसकी उपस्थिति में दूसरा जीन ‘A’ त्वचा को ग्रे या अगौती रंग प्रदान करता है। अगर प्रभावी एलील ‘C’ और अप्रभावी ऐलील ‘c’ उपस्थित है, तो ‘A’ अगौती रंग प्रदान नहीं कर पाता, क्योंकि . अप्रभावी ऐलील ‘C’ A पर प्रबल होता है।

प्रश्न 18.
प्रायः पुरुषों में वर्णान्धता रोग हो जाता है, लेकिन स्त्रियाँ इनकी वाहक होती हैं, कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
वर्णान्धता अथवा सहलग्नता रोग के जीन ‘X’ गुणसूत्र पर अप्रभावी रूप में पाये जाते हैं। चूंकि पुरुषों में एक ही ‘X’ गुणसूत्र पाया जाता है, इस कारण जब ‘X’ गुणसूत्र पर वर्णान्धता अथवा सहलग्नता रोग का जीन होता है, तब यह गुण पुरुषों में परिलक्षित होने लगता है। इसके विपरीत स्त्रियों में दो ‘X’ गुणसूत्र होता है, इस कारण जब इनमें केवल एक ही ‘X’ गुणसूत्र वर्णान्धता (सहलग्नता) का जीन होता है, तब यह दूसरे गुणसूत्र द्वारा अप्रभावी हो जाता है और वर्णान्धता (सहलग्नता) परिलक्षित नहीं होती, लेकिन ऐसी स्त्री वर्णान्धता के गुणों के जीन का संवहन करती है और वाहक कहलाती है। स्त्रियों में वर्णान्धता तभी प्रदर्शित होती है, जब इसके जीन दोनों ‘X’ गुणसूत्रों पर हों।

प्रश्न 19.
एक हीमोफिलिया के रोगी पुरुष का विवाह यदि एक सामान्य स्त्री से कर दिया जाय तो इससे उत्पन्न संतति को रेखाचित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर
यदि एक हीमोफिलिया के रोगी पुरुष का विवाह सामान्य स्त्री से किया जाता है, तो उत्पन्न सन्तानों में सभी पुत्र सामान्य तथा पुत्रियाँ हीमोफिलिया की वाहक होंगी।
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 22

प्रश्न 20.
टर्नर सिण्ड्रोम क्या है ? इसके तीन लक्षण लिखिए।
उत्तर
टर्नर सिण्ड्रोम (Turner Syndrome) आनुवंशिक अनियमितता के कारण पैदा हुई एक विकृति है। इस संलक्षण से व्यक्ति की द्विगुणित कोशिका में 45 गुणसूत्र (44+X) होते हैं । इस संलक्षण वाले व्यक्ति में निम्नलिखित प्रमुख लक्षण विकसित होते हैं

  • इससे ग्रसित मादा में अण्डाशय विकसित नहीं होता अर्थात् यह बन्ध्य होती है।
  • इससे ग्रस्त मादा के स्तन कम विकसित होते हैं।
  • इससे ग्रस्त मादा की गर्दन जालयुक्त तथा छाती चौड़ी होती है।

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प्रश्न 21.
क्या कारण है कि पुरुषों में गंजापन होता है, स्त्रियों में नहीं?
उत्तर
मनुष्य में कुछ ऐसे गुण भी पाये जाते हैं कि जिनके जीन ऑटोसोम्स पर पाये जाते हैं, परन्तु इनकी अभिव्यक्ति लिंग द्वारा नियन्त्रित होती है जैसे-गंजापन।। मनुष्य में गंजापन विकिरण के कारण थायरॉयड ग्रन्थि की अनियमितता एवं आनुवंशिक कार्यों से हो सकता है। आनुवंशिक गंजापन एक ऑटोसोमल ऐलीलोमार्फ (Bb) पर निर्भर करता है। जब होमोजाइगस प्रभावी रूप (BB) होता है तो पुरुष तथा स्त्री दोनों में गंजापन विकसित हो सकता है, लेकिन हेटेरोजाइगस स्थिति (Bb) में यह गुण स्त्रियों में नहीं पाया जाता, लेकिन पुरुषों में विकसित होता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में इसके विकास के लिए नर हॉर्मोन्स की आवश्यकता होती है, जो स्त्रियों में नहीं पाया जाता इस कारण इनमें गंजापन नहीं होता। होमोजाइगस स्थिति ‘bb’ में गंजापन विकसित नहीं होता है।

प्रश्न 22.
वर्णान्ध पुरुष एवं वाहक स्त्री द्वारा उत्पन्न सन्तानों में वर्णान्धता की वंशागतिकी कैसी होगी ? रेखाचित्र द्वारा संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर
वर्णान्ध पुरुष एवं वाहक स्त्री द्वारा उत्पन्न सन्तानों में 25% पुत्र वर्णान्ध एवं 25% पुत्र सामान्य तथा 25% पुत्रियाँ वर्णान्ध एवं 25 पुत्रियाँ वाहक होंगी। दूसरे रूप में हम कह सकते हैं कि कुल उत्पन्न सन्तानों में 50% सन्तानों के वर्णान्ध होने तथा 25% सामान्य होने एवं 25% के वाहक होने की सम्भावना रहेगी।
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 23

प्रश्न 23.
क्लाइनफेल्टर्स संलक्षण किसे कहते हैं ?
उत्तर
क्लाइनफेल्टर्स सिण्ड्रोम (Klinefelter’s Syndrome)-इस सिण्ड्रोम या संलक्षण वाले मनुष्य ठिगनापन लिए, कमजोर मस्तिष्क, शरीर पर कम बल वाले तथा छोटे स्तन ग्रहण किए हुए बन्ध्य नर (Sterile male) होते हैं। यह सिण्ड्रोम एक अतिरिक्त गुणसूत्र के कारण होता है। ऐसे नर मनुष्यों में एक ‘X’ गुणसूत्र अधिक पाया जाता है, अर्थात् इनमें कुल 47 गुणसूत्र होते हैं, जिनमें 44 ऑटोसोम्स तथा तीन ‘XXY’ लिंग गुणसूत्र होते हैं।

प्रश्न 24.
एक हीमोफिलिक स्त्री एवं एक सामान्य पुरुष द्वारा उत्पन्न सन्तानों में हीमोफिलिया की वंशागतिकी को चित्र द्वारा समझाइए तथा हीमोफिलिया रोग की प्रमुख विशेषती लिखिए।
उत्तर
हीमोफिलिक लड़के चित्र-सामान्य पुरुष तथा हीमोफिलिक स्त्री की सन्ताने हीमोफिलिया की विशेषता-हीमोफिलिया रोग के रोगी में खून का थक्का देर से बनता है। एक सामान्य व्यक्ति के रुधिर के थक्का बनने में 2 से 8 मिनट का समय लगता है, जबकि हीमोफिलिया के रोगी में थक्का जमने की क्रिया में आधे घण्टे से 24 घण्टे तक का समय लगता है। हीमोफिलिक स्त्री एवं सामान्य पुरुष द्वारा उत्पन्न सन्तानों में सभी पुत्र हीमोफिलिक तथा पुत्रियाँ वाहक होंगी। अर्थात् इस प्रकार के जनकों से उत्पन्न सन्तानों में 50% सन्तानें हीमोफिलिया रोग से पीड़ित तथा 50% सन्तानें वाहक होंगी।
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 24

वंशागति और विविधता के सिध्दांत दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मेण्डल के स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम की व्याख्या एक उदाहरण सहित कीजिए।
अथवा
द्विसंकरण का उदाहरण देकर युग्मकों की शुद्धता के नियम को समझाइए।
उत्तर
स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार जीवों के विभिन्न जोड़े के गुण एक-दूसरे को प्रभावित किये बिना ही युग्मकों तथा सन्तानों में जाते हैं। इसे युग्मकों की शुद्धता का नियम भी कहते हैं। जब मेण्डल ने मटर के दो जोड़े गुणों की वंशागतिकी के अध्ययन के लिए गोल तथा पीले बीज वाले पौधे का संकरण झुरदार तथा हरे बीज वाले पौधे के बीच कराया तो पहली पीढ़ी में प्रभाविता के नियम के अनुसार सभी प्रभावी लक्षण प्रकट हुए और सभी पौधे गोल तथा पीले बीज वाले पैदा हुए, लेकिन जब उन्होंने पहली पीढ़ी के बीजों से उत्पन्न पौधों के बीच संकरण कराया तो चार प्रकार के बीज वाले पौधे निम्नलिखित अनुपात में बने

  • गोल तथा पीले बीज वाले-9
  • गोल तथा हरे बीज वाले-3
  • झुरींदार तथा प ले बीज वाले-3
  • झुरींदार तथा हरे बीज वाले-1

MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 25

उपर्युक्त परिणाम यह साबित करता है कि इस प्रयोग में गुणों के दो नये युग्म गोल तथा हरे बीज और झुरींदार तथा पीले बीज बने। यह तभी सम्भव है, जब जोड़े के गुण अर्थात् कारक युग्मकों के निर्माण के समय पृथक् हों और निषेचन के समय स्वतन्त्र रूप से अपव्यूहन करें। अर्थात् मेण्डल का द्विसंकरण स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम का पूर्णतः स्पष्टीकरण देता है।

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प्रश्न 2.
पूरक जीन की क्रियाशीलता का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर
पूरक फैक्टर्स या जीन्स (Complementary Factors or Genes = 9:7 Ratio)- जब दो नॉन-ऐलीलिक जीन्स अकेले-अकेले एक ही लक्षण को अभिव्यक्त करते हैं, परन्तु जब वे एक साथ हों, तो पूर्णरूपेण भिन्न लक्षण को प्रदर्शित करते हैं, तो ऐसे जीन्स को पूरक जीन्स कहते हैं।
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 26
स्वीट पी (Sweet pea = Lathyrus odoratus) में पुष्प या तो सफेद होते हैं या पर्पल (Purple) । जब जीन्स C तथा P अकेले उपस्थित होते हैं, उदाहरण-CC pp, Cc pp, cc PP, cc Pp तो पुष्पों में सफेद रंग भावाकृत होता है। दोनों प्रभावी जीन्स की अनुपस्थिति में भी (अर्थात् ccpp) सफेद रंग के पुष्प उत्पादित होते हैं। दूसरी तरफ, जब प्रभावी जीन्स एक साथ उपस्थित हों, जैसे-CCPp, CcPP, CcPp, CCPP तो पुष्पों का रंग पर्पल हो जाता है। अत: पर्पल रंग दो प्रभावी जीन्स के पूरक प्रभाव के कारण अभिव्यक्त होता है।
उपर्युक्त उदाहरण में यह स्पष्ट है कि पुष्पों के वर्णक (Pigments) की उत्पत्ति के लिए ‘C’ तथा ‘P’ दोनों प्रभावी युग्मविकल्पियों का होना आवश्यक है। दोनों जनकों में से प्रत्येक में किसी न किसी प्रभावी विकल्पी की कमी होती है इसलिए दोनों में केवल सफेद पुष्प होते हैं।F, संतति में दोनों प्रभावी गुण एक साथ होने के कारण पर्पल उत्पादित होते हैं।

प्रश्न 3.
जीवों में उत्पन्न होने वाले आनुवंशिक विभिन्नता के कारणों को लिखिए।
उत्तर
सजीवों में आनुवंशिक विभिन्नता निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न होती है
(i) गुणसूत्रों की संरचना (Structure) में परिवर्तन के फलस्वरूप (Due to chromosomal aberration)-गुणसूत्रों की संरचना में परिवर्तन जैसे-अल्पता, गुणन, स्थानांतरण एवं प्रतिलोमीकरण आदि के कारण जीनों के विन्यास तथा संख्या में परिवर्तन हो जाता है जिससे एक ही जाति के जीवों में विविधता पैदा होती है।

(ii) गुणसूत्रों की संख्या में गुणात्मक परिवर्तन के फलस्वरूप (Due to Polyploidy)-
जब किसी जीव की मूल गुणसूत्र संख्या में गुणात्मक (Numerical) परिवर्तन हो जाता है अर्थात् उसकी संख्या बदल जाती है, तो उसे बहुगुणिता (Polyploidy) कहते हैं। गुणसूत्रों की संख्या बदल जाने के कारण इनके आनुवंशिक पदार्थ जो गुणसूत्रों पर ही स्थित होते हैं भी बदल जाते हैं, जिसके कारण जीव अपने जनकों से भिन्न हो जाता है।

(iii) जीन उत्परिवर्तन के द्वारा (By-Gene Mutation)-
जीन डी.एन.ए के प्रकार्यात्मक विशिष्ट आनुवंशिक खण्ड होते हैं। जीन की आण्विक संरचना में परिवर्तन के कारण भी आनुवंशिक विभिन्नता पैदा होती है।

(iv) लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)-
लैंगिक जनन के समय होने वाले जीन विनिमय (Crossing over) के कारण जीन पुनर्योजन (Gene recombination) तथा निषेचन के समय दो युग्मकों के मिलने के कारण भी आनुवंशिक विभिन्नता पैदा होती है।

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प्रश्न 4.
आनुवंशिकता के गुणसूत्रीय सिद्धान्त के प्रमुख बिन्दुओं का वर्णन कीजिए।
अथवा
आनुवंशिकता का गुणसूत्रीय सिद्धान्त किसे कहते हैं ?
उत्तर
सन् 1920 में सटन एवं बॉवेरी (Sutton and Boveri) ने एक आनुवंशिकता का गुणसूत्रीय सिद्धान्त दिया। इस सिद्धान्त की प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं|

  • द्विगुणित कोशिकाओं में गुणसूत्र एवं कारक (जीन) जोड़ों में पाये जाते हैं।
  • युग्मकों के निर्माण के समय गुणसूत्र एवं आनुवंशिक कारक (जीन) दोनों अलग-अलग हो जाते हैं।
  • सभी युग्मकों में समजात गुणसूत्रों में से एक गुणसूत्र तथा कारकों के जोड़े में से भी केवल एक कारक ही आता है।
  • निषेचन के बाद समजात गुणसूत्र तथा कारक पुनः जोड़े बना लेते हैं, जिसमें से जोड़े का एक गुणसूत्र तथा कारक माता के अण्डाणुओं द्वारा तथा दूसरा पिता के शुक्राणुओं द्वारा प्राप्त होता है, जिससे युग्मनज द्विगुणित हो जाता है। उपर्युक्त सिद्धान्त के अनुसार सट्टन एवं बॉवेरी ने बताया कि जीन गुणसूत्रों के ऊपर सवार रहते हैं, उन्हीं के साथ वंशागत होते हैं अर्थात् एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाते हैं।

प्रश्न 5.
घातकता या घातक फैक्टर का वर्णन कीजिए।
उत्तर
ऐसे जीन जो जीवन-चक्र के किसी समय अपनी उपस्थिति के कारण किसी जीव की मृत्यु का कारण बन सकते हैं, घातक जीवन या घातक कारक (Lethal factor) कहलाते हैं। ये भौतिक या जैवरासायनिक असामान्यताओं को उत्पन्न करते हैं, जिसके कारण मृत्यु होती है। उदाहरण-मनुष्यों में सिकिल सेल एनीमिया नामक रोग की वंशागति। मनुष्यों में एक प्रभावी जीन H सामान्य रूप से हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) का उत्पादन और R.B.Cs. को गोल आकार प्रदान करता है, जबकि अप्रभावी जीन (hs) सिकिल आकार के R.B.Cs. निर्मित करता है जिससे असामान्य हीमोग्लोबिन का उत्पादन होता है। समयुग्मजी अप्रभावी (hs hs) शिशु इस दुष्प्रभाव के कारण तुरन्त बाद ही मर जाता है, जो मनुष्य विषमयुग्मी (Hshs) होते हैं, वे सामान्यतः एनीमिया (रक्त की कमी) से पीढ़ित रहते हैं, क्योंकि इनमें सामान्य एवं सिकिल आकार वाले अर्थात् दोनों प्रकार के लाल रक्त कणिकाएँ विद्यमान रहती हैं।

प्रश्न 6.
जीन विनिमय क्या है ? समझाइए।
अथवा
जीन विनिमय क्या है ? इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर
अर्द्धसूत्री विभाजन की डिप्लोटीन अवस्था में होने वाली समजात गुणसूत्र खण्डों की अदलाबदली को क्रॉसिंग ओवर कहते हैं। जब डिप्लोटीन अवस्था में विकर्षण के पैदा होने के कारण समजात गुणसूत्र अलग होना प्रारम्भ करते हैं तब ये आपस में कुछ स्थानों पर संलग्न रह जाते हैं इन स्थानों को कीएज्मा कहते हैं।

किएज्मा पर चतुष्टक के सिस्टर क्रोमैटिड टूटकर फिर से क्रॉस के रूप में जुड़ जाते हैं, लेकिन गुणसूत्र खण्डों के फिर से जुड़ने की इस क्रिया में क्रोमोनिमा की अदला-बदली (पुनर्योजन) हो जाती है। गुणसूत्रों के क्रोमोनिमा की इसी अदला-बदली को परस्पर विनिमय (Crossing over) कहते हैं। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप समजात गुणसूत्रों के बीच जीन विनिमय होता है, जिसके कारण नये-नये गुणों का प्रादुर्भाव होता है और जीवों में विभिन्नता पैदा होती है।

महत्व-

  • इससे नये संयोग से युग्मक बनते हैं जिनके निषेचन से नये लक्षण युक्त जीव उत्पन्न होते हैं।
  • क्रॉसिंग ओवर द्वारा गुणसूत्रों पर जीन्स की रैखिक विन्यास की पुष्टि होती है।
  • क्रॉसिंग ओवर द्वारा गुणसूत्रों के आनुवंशिक मानचित्र बनाने में सहायता मिलती है ।
  • जीवों में विभिन्नताएँ आती हैं, जो विकास के लिए आवश्यक हैं।
  • इसका उपयोग अधिक उत्पादक जाति के पौधों के उत्पादन करने में किया जाता है।

प्रश्न 7.
हीमोफिलिया का उदाहरण देकर मनुष्य में लिंग सहलग्नता समझाइए।
अथवा
लिंग सहलग्नता क्या है ? मनुष्य में हीमोफिलिया रोग की वंशागति का इस आधार पर विवरण दीजिए।
उत्तर
ऐसे जीन्स जो लिंग गुणसूत्रों पर पाये जाते हैं, लिंग सहलग्न कहलाते हैं, जबकि इनकी वंशागति को लिंग सहलग्न वंशागति या लिंग सहलग्नता कहते हैं। रंग वर्णान्धता, हीमोफिलिया, मायोपिया, गंजापन, हाइपरट्राइकोसिस इत्यादि लक्षण मनुष्य में लिंग सहलग्नता को प्रदर्शित करते हैं।

मनुष्य में हीमोफिलिया रोग की वंशागति-मनुष्य में हीमोफिलिया रोग की जीन ‘X’ गुणसूत्र पर पाये जाते हैं। जब ये पुरुष के ‘X’ गुणसूत्र पर पाये जाते हैं, वह हमेशा हीमोफिलिक होता है, लेकिन जब ये स्त्री के एक ‘X’ गुणसूत्र पर उपस्थित होते हैं तब यह वाहक होती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में दूसरे ‘X’ गुणसूत्र का प्रभावी जीन इसे दबा देता है। मादा तभी हीमोफिलिक होती है, जब हीमोफिलिया रोग के जीन इसके दोनों ‘X’ गुणसूत्रों पर पाये जाते हैं। हीमोफिलिया की वंशागति को निम्नलिखित उदाहरणों से समझ सकते हैं

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(1) सामान्य पुरुष तथा वाहक स्त्री से उत्पन्न सन्तानों में हीमोफिलिया की वंशागतिकी-सामान्य पुरुष तथा वाहक स्त्री से उत्पन्न सन्तानों में 25% लड़के हीमोफिलिक तथा 25%, लड़के सामान्य, इसी प्रकार 25% लड़कियाँ वाहक तथा 25% सामान्य होती हैं।

MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 5 वंशागति और विविधता के सिध्दांत 27

(2) हीमोफिलिक पुरुष तथा सामान्य स्त्री से उत्पन्न सन्तानों में हीमोफिलिया की वंशागतिकीइस प्रकार से उत्पन्न सन्तानों में सभी पुत्र सामान्य तथा सभी पुत्रियाँ हीमोफिलिया की वहिक होती हैं।

(3) सामान्य पुरुष तथा हीमोफिलिक स्त्री द्वारा उत्पन्न सन्तानों में हीमोफिलिया की वंशागतिकीइस प्रकार से उत्पन्न सन्तानों से भी सभी पुत्र हीमोफिलिक तथा पुत्रियाँ वाहक होंगी।

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(4) हीमोफिलिक पुरुष तथा वाहक स्त्री से उत्पन्न सन्तानों में हीमोफिलिया की वंशागतिकी-इस प्रकार से उत्पन्न सन्तानों में 25% पुत्र वर्णान्ध व 25% पुत्र सामान्य तथा 25% पुत्रियाँ वर्णान्ध व 25% वाहक होंगी।

प्रश्न 8.
लिंग सहलग्नता किसे कहते हैं ? लिंग जीन के प्रकारों के नाम लिखकर समझाइए।
उत्तर
टी. एच. मॉर्गन के अनुसार, एक ही गुणसूत्र पर उपस्थित जीन्स में यह प्रवृत्ति होती है कि वे मौलिक संयोजन में रहते हैं और एक ही युग्मक में प्रवेश करते हैं। जीन्स की इस प्रवृत्ति को लिंग सहलग्नता कहते हैं, जबकि लिंग गुणसूत्रों पर पाये जाने वाले जीन्स को लिंग सहलग्न जीन्स तथा इनकी वंशागतिकी को लिंग सहलग्नता कहते हैं। रंग वर्णान्धता, हीमोफिलिया इत्यादि लिंग सहलग्नता के उदाहरण हैं।
लिंग सहलग्न जीन तीन प्रकार के होते हैं

  • ‘X’ सहलग्न जीन-ये लिंग सहलग्न जीन ‘X’ गुणसूत्र के असमजात खण्ड पर पाये जाते हैं।
  • ‘Y’ सहलग्न जीन-ये लिंग सहलग्न जीन ‘Y’ गुणसूत्र के असमजात खण्ड पर स्थित होते हैं। ये पिता से पुत्र में जाते हैं।
  • ‘XY’ सहलग्न जीन-ये जीन्स ‘X’ एवं ‘Y’ गुणसूत्र के समजात खण्डों पर युग्म विकल्प के रूप में पाये जाते हैं।

प्रश्न 9.
जीन म्यूटेशन क्या है ? कारणों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर
जीन म्यूटेशन-जीन आनुवंशिक गुणों को माता-पिता से सन्तानों में ले जाते हैं। कभी-कभी इन जीनों की संरचना अथवा व्यवस्था में अचानक कुछ परिवर्तन आ जाते हैं, फलतः सन्तानों के लक्षणों में अचानक कुछ परिवर्तन पैदा हो जाते हैं । जीवों में अचानक पैदा हुए इन्हीं परिवर्तनों को जो आनुवंशिक होते हैं उत्परिवर्तन अथवा जीन उत्परिवर्तन कहते हैं।
उत्परिवर्तन के कारण

  • बीडल एवं टैटम के अनुसार, प्रजनन के समय पैदा हुए भौतिक एवं रासायनिक बलों के कारण उत्परिवर्तन पैदा होते हैं।
  •  रैसावस्की के अनुसार, ‘X’ Rays भी उत्परिवर्तन पैदा करती हैं। .
  • मुलर के अनुसार, रेडियोधर्मी किरणें भी उत्परिवर्तन पैदा करती हैं।
  • गुवर व स्थिम के अनुसार, कुछ प्रतिजैविक भी उत्परिवर्तन पैदा कर सकते हैं।
  • जनन के समय ताप में अचानक होने वाला परिवर्तन भी उत्परिवर्तन के कारण हो सकते हैं।
  • सूत्रयुग्मन में असफलता तथा गुणसूत्र संख्या में परिवर्तन भी उत्परिवर्तन के कारण हो सकते हैं।

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प्रश्न 10.
गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन से मनुष्यों में क्या परिणाम हो सकते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
गुणसूत्रों के ऊपर ही आनुवंशिक गुणों की वाहक इकाइयाँ अर्थात् जीन्स स्थित होती हैं और इनकी संख्या एवं व्यवस्था ही जीवों के आनुवंशिक गुणों का निर्धारण करती हैं । जब इनकी संख्या, व्यवस्था या संरचना में किसी भी प्रकार का परिवर्तन होता है तब जीवों का गुण भी परिवर्तित हो जाता है। जब जीवों के गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन होता है तब उन पर स्थित जीवों की संख्या तथा व्यवस्था भी बदल जाती है। जिससे ऐसी परिवर्तित संख्या वाली मानव सन्तति भी परिवर्तित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे परिवर्तन हानिकारक ही होते हैं, जो विकृति के रूप में जीवों में दिखाई देते हैं। इसे निम्नलिखित उदाहरणों से समझ सकते हैं

(1) टर्नर सिण्ड्रोम-टर्नर सिण्ड्रोम (Turner Syndrome)-
आनुवंशिक अनियमितता के कारण पैदा हुई एक विकृति है। इस संलक्षण से व्यक्ति की द्विगुणित कोशिका में 45 गुणसूत्र (44+X) होते हैं। इस संलक्षण वाले व्यक्ति में निम्नलिखित प्रमुख लक्षण विकसित होते हैं

  • इससे ग्रसित मादा में अण्डाशय विकसित नहीं होता अर्थात् यह बन्ध्य होती है।
  • इससे ग्रस्त मादा के स्तन कम विकसित होते हैं।
  • इससे ग्रस्त मादा की गर्दन जालयुक्त तथा छाती चौड़ी होती है।

(2) क्लाइनफेल्टर्स सिण्ड्रोम (Klinefelter’s Syndrome)-
इस सिण्ड्रोम या संलक्षण वाले मनुष्य ठिगनापन लिए, कमजोर मस्तिष्क, शरीर पर कम बल वाले तथा छोटे स्तन ग्रहण किए हुए बन्ध्य नर (Sterile male) होते हैं। यह सिण्ड्रोम एक अतिरिक्त गुणसूत्र के कारण होता है। ऐसे नर मनुष्यों में एक ‘X’ गुणसूत्र अधिक पाया जाता है, अर्थात् इनमें कुल 47 गुणसूत्र होते हैं, जिनमें 44 ऑटोसोम्स तथा तीन ‘XXY’ लिंग गुणसूत्र होते हैं।

प्रश्न 11.
लिंग गुणसूत्र के प्रकार का वर्णन कीजिए।
उत्तर
लिंग गुणसूत्र मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं
(A) अविभाजित प्रकार
(B)XX एवं XY प्रकार।
(A) अविभाजित प्रकार (Undifferentiated type)-प्रारम्भिक प्रकार के जीवों (Primitive organism) या निम्नलिखित कोटि के जीवों में ‘X’ एवं ‘Y’ गुणसूत्र नहीं पाये जाते हैं। इनमें लिंग निर्धारण करने वाले जीन्स ऑटोसोम में पाये जाते हैं।
(B) Xx एवं XY प्रकार-ये निम्नलिखित प्रकार के होते हैं

(i)XX (Q) एवं xYo-इसमें मादा समयुग्मकी (Homogametic, XX) होता है। अत: इससे केवल एक प्रकार का अण्ड (Egg) बनता है, जबकि नर विषमयुग्मकी (Heterogametic XY) होता है। अतः इससे दो प्रकार के स्पर्म (50% X एवं 50% Y) बनते हैं। उदाहरण-ड्रोसोफिला, मनुष्य’ । पुरुषों में 22 जोड़ी ऑटोसोम एवं एक जोड़ी ‘X’ एवं ‘Y’ गुणसूत्र पाये जाते हैं, जबकि स्त्रियों में 22 जोड़ी ऑटोसोम एवं एक जोड़ी XX गुणसूत्र पाये जाते हैं।

(ii) XY(Q) एवं xxo-इसमें मादा विषमयुग्मकी होता है, क्योंकि इसमें दो प्रकार के लिंग गुणसूत्र ‘X’ एवं ‘Y’ उपस्थित होते हैं, जबकि नर समयुग्मकी (XX) होता है।
उदाहरण-पक्षियों, मछलियों एवं तितलियों में।

(iii) xYO एवंxxo-मादा में 2X गुणसूत्र होते हैं, जबकि नर में केवल एक लिंग गुणसूत्र ‘X’ होता है। उदाहरण-टिड्डों में।

प्रश्न 12.
सहलग्नता के प्रकार का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर
पूर्ण सहलग्नता (Complete linkage)-
जब सहलग्नता के कारण दोनीन्स के अलग होने की संभावना बिल्कुल ही न हो तो ऐसी सहलग्नता को पूर्ण सहलग्नता कहते हैं। यह दो जीन्स के बीच तभी पायी जाती है जब दोनों एक गुणसूत्र पर अत्यन्त निकट स्थिति में होते हैं। निकटता के कारण गैमिटोजेनेसिस अथवा मियोसिस के समय दोनों जीन्स के बीच क्रॉसिंग ओवर नहीं हो पाता, फलतः अगली पीढ़ी में पुनर्संयोजन प्रकार (Recombinants) की संतति प्राप्त नहीं होती। उदाहरण-ड्रोसोफिला अथवा फ्रुट फ्लाई में शरीर के रंग तथा पंख के आकार को निर्धारित करने वाले जीन्स आपस में पूर्ण सहलग्नता प्रदर्शित करते हैं। इसका वर्णन पूर्व में किया गया है।

अपूर्ण सहलग्नता (Incomplete linkage)-
जब एक गुणसूत्र पर पाये जाने वाले दो जीन्स के आपस में होने की संभावना रहती है, तो उसके बीच पायी जाने वाली सहलग्नता को अपूर्ण सहलग्नता कहते हैं। यह तब पायी जाती है, जब दोनों जीन्स गुणसूत्र पर दूरस्थ स्थित होते हैं। इनके बीच की दूरी के कारण मियोसिस के समय क्रॉसिंग ओवर की संभावना रहती है। इसके परिणाम स्वरूप ये एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। क्रॉसिंग ओवर होने अथवा सहलग्न जीन्स के अलग होने की संभावना जीन्स के बीच की दूरी पर निर्भर करती है। जीन्स के बीच की दूरी अधिक होने पर अधिक प्रतिशत में पुनर्संयोजन प्रकार की संतति F, पीढ़ी में प्राप्त होती हैं। उदाहरण-मक्के में भ्रूणपोष तथा बीज के आकार को नियंत्रित करने वाले जीन्स अपूर्ण सहलग्नता प्रदर्शित करते हैं। इसी प्रकार, मीठी मटर में पुष्प के रंग तथा परागकणों के आकार को निर्धारित करने वाले जीन्स अपूर्ण रूप से सहलग्न होते हैं।

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लिंग सहलग्नता (Sex linkage)-
हम जानते हैं कि मनुष्य समेत अधिकांश स्तनधारियों में X एवं Y गुणसूत्र द्वारा लिंग निर्धारित होते हैं। Y गुणसूत्र पर केवल नर होने के लिए आवश्यक जीन्स पाये जाते हैं । इसके अलावा इस पर बाह्य कान पर पाये जाने वाले बालों के लिए (Hypertrichosis) उत्तरदायी जीन भी पाया जाता है। फिर भी Y गुणसूत्र को आनुवंशिक रूप से निष्क्रिय माना जाता है । दूसरी ओर Xगुणसूत्र पर अनेकों जीन्स पाये जाते हैं ।

मादा में पाये जाने वाले लिंग गुणसूत्र XX आपस में समजात होते हैं, अतः उनके बीच क्रॉसिंग ओवर होता है। ये जीन्स पूर्ण अथवा अपूर्ण सहलग्नता प्रदर्शित करते हैं । परंतु नर में पाये जाने वाले XY लिंग गुणसूत्र आपस में समजात नहीं होते। अतः इसके बीच क्रॉसिंग ओवर अथवा जीन विनिमय नहीं होता। अत: नर के X गुणसूत्र पर पाये जाने वाले जीन्स एक साथ अगली पीढ़ी में जाते हैं। ऐसी सहलग्नता, असत्य सहलग्नता (False linkage) कहलाती है। जीव के लिंग से संबंधित होने को लिंग सहलग्नता (Sex linkage) भी कहा जाता है।

प्रश्न 13.
सहलग्नता के सिद्धान्त को विस्तार से समझाइए।
उत्तर
सटन (Sutton) ने ड्रोसोफिलापर सहलग्नता संबंधी अनेक कार्य किये। बाद में मॉर्गन (Morgan)ने इस कार्य को निरंतर जारी रखा। सन् 1910 में मॉर्गन ने सहलग्नता सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। इस सिद्धान्त के मुख्य बिंदु निम्नानुसार हैं

  • आपस में सहलग्नता प्रदर्शित करने वाले सभी जीन्स एक ही गुणसूत्र पर पाये जाते हैं। ये सहलग्न जीन्स (Linked genes) कहलाते हैं।
  • एक गुणसूत्र पर पाये जाने वाले जीन्स गुणसूत्र के ऊपर रैखिक क्रम में विन्यस्त होते हैं।
  • सहलग्न जीन्स अगली पीढ़ी में साथ जाना चाहते हैं, जिसके कारण पैतृक गुणों का संयोजन, पीढ़ी में बना रहता है। परंतु क्रॉसिंग ओवर के कारण यह संयोजन टूट जाता है, अर्थात् सहलग्न जीन्स अलग हो जाते हैं।
  • सहलग्न जीन्स के बीच पाया जाने वाला सहलग्नता बल (Linkage force) उनके बीच की दूरी का व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात् उनके बीच दूरी बढ़ने से सहलग्नता बल कम होती है एवं दूरी कम होने पर यह बल अधिक होता है।
    F α 1/d
    जहाँ F = सहलग्नता बल तथा
    d= दो जीन्स के बीच की दूरी है।

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MP Board Class 10th Hindi Vasanti Solutions Chapter 12 हँसिए और स्वस्थ रहिए

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MP Board Class 10th Hindi Vasanti Solutions Chapter 12 हँसिए और स्वस्थ रहिए (संकलित)

हँसिए और स्वस्थ रहिए पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

हँसिए और स्वस्थ लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
हास्य से कौन-सा हार्मोन्स सावित होता है?
उत्तर
हास्य से कोरेलामिन्स हार्मोन्स होता है।

प्रश्न 2.
तनाव के कारण कौन-कौन से रोग उत्पन्न होते हैं?
उत्तर
तनाव के कारण उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, पेप्टिक अल्सर, हृदय रोग आदि उत्पन्न होते हैं।

प्रश्न 3.
देर तक हँसते रहने से मनुष्य का चेहरा लाल क्यों हो जाता है?
उत्तर
देर तक हँसते रहने से रक्तवाहिनी नलिकाओं पर रक्त हृदय तक पहुँचने से मार्ग में कई जगह रुकता है। इसलिए देर तक हँसते रहने से मनुष्य का चेहरा लाल हो जाता है।

प्रश्न 4.
डॉ. कटारिया ने कितने प्रकार के हास्य-व्यायाम ईजाद किए हैं?
उत्तर
डॉ. कटारिया ने लगभग 30 प्रकार के हास्य व्यायाम ईजाद किए हैं।

प्रश्न 5.
दीर्घ जीवन के मुख्य सूत्र क्या हैं?
उत्तर
मुस्कराना, हँसना, खिलखिलाकर ठहाके लगाना, शारीरिक स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन का स्वर्णिम सूत्र हैं।

प्रश्न 6.
मुक्त हास्य से क्या-क्या लाभ हैं?
उत्तर
मुक्त हास्य से अनेक लाभ हैं। इससे परस्पर निकटता आती है। आत्मीयता के बंधन प्रगाढ़ बनते हैं और तनावों से मक्ति मिल जाती है।

हँसिए और स्वस्थ रहिए दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
अति व्यस्तता ने मानव-जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया है?
उत्तर
खिलखिलाहटों की खनकती गूंज इन दिनों कहीं खो-सी गई है। कृत्रिम सभ्यता ने मनुष्य की नींद व चैन हराम करके रख दिया है। अपनी अस्त-व्यस्तता में उसे किसी चीज के लिए फुरसत नहीं है। अगर फुरसत मिलती भी है, तो सिर्फ तनाव, चिंता एवं उद्विग्नता के लिए इसकी परिणति यह है कि शरीर भाँति-भाँति के रोगों से ग्रसित और मन तरह-तरह के शारीरिक विकारों से व्यथित है।

प्रश्न 2.
हँसी का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर
हँसी का स्वास्थ्य पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। इससे चेहरे की काँति बढ़ती है। शरीर का संतुलन ठीक होता है साथ ही पित्त का शमन होता है जो कि एसिडिटी का प्रमुख कारण है। इस तरह ठहाकों भरी हँसी से अस्त रोग का स्वयमेव खात्मा हो जाता है।

प्रश्न 3.
प्रसन्न व्यक्ति की ओर लोग क्यों आकर्षित होते हैं?
उत्तर
प्रसन्नचित्त व्यक्ति को देखकर लोग प्रसन्न होते हैं, उसकी ओर आकर्षित होते हैं, उसकी मैत्री प्राप्त करना चाहते हैं। प्रसन्नता एक आध्यात्मिक वृत्ति है, एक दैवी चेतना है। इसका आश्रय ग्रहण करने वाले के सारे शोक-संताप भाग जाते हैं। प्रमुदित मन और प्रसन्नचित्त व्यक्ति के पास बैठकर लोग अपना दुःख-दर्द भूल जाते हैं, सुख और सन्तोष का अनुभव करते हैं। मुदितात्मा व्यक्ति देवदूत होता है, संसार का कलुष दूर करने वाला होता है।

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प्रश्न 4.
‘खिलता मानव-जीवन का भीषण अभिशाप है’ कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
प्रस्तुत कथन अप्रसन्न, उदास और खिन्न रहने वाले व्यक्ति के प्रति है। इसके द्वारा लेखक ने यह स्पष्ट करना चाहा है कि इस प्रकार के व्यक्ति की सारी शक्तियाँ कमजोर पड़ जाती हैं। वे विषाद (शोक) उत्पन्न करने वाली स्थिति में एक ऐसी तपन उत्पन्न कर देती हैं कि उससे जीवन के सारे उपयोगी जल जाते हैं। फलस्वरूप जीवन भयंकर अभिशाप में बदल जाता है।

प्रश्न 5.
जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मुस्कुराना क्यों आवश्यक है?
उत्तर
जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मुस्कुराना आवश्यक है। यह इसलिए कि इससे बात कहकर सामने वाले व्यक्ति को हम जितना प्रभावित कर सकते हैं, उतना अन्य किसी उपाय से नहीं। मुस्कान में एक प्रकार का सम्मोहन होता है, जिसकी तुलना और किसी से नहीं की जा सकती है।

हँसिए और स्वस्थ रहिए भाषा-अनुशीलन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों में से तत्सम, तद्भव, और आगत शब्दों को छाँटकर लिखिए
नींद, अनुसंधान, हँसी, माइग्रेन, राहत, सन्तुलन, विध्वंसक, अनुशासन, फुरसत।
उत्तर
तत्सम शब्द – अनुसंधान, सन्तुलन, विध्वसंक, अनुसंधान
तद्भव शब्द – नींद, हँसी
आगत शब्द – माइग्रेन, राहत, फुरसत।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित संधियों का विग्रह कीजिए
स्वासोच्छवास, विषादोत्पादक, विरोधाभास, मुदितात्मक।
उत्तर
संघि – विग्रह
स्वासोच्छवास – श्वास + उछ्वास
विषादोत्पादक – विषाद + उत्पादक
विरोधाभास – विरोध + आभास
मुदितात्मक – मुदित + आत्मक।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्यों को पहचानकर सही निशान लगाइए
(क) मुस्कान में एक प्रकार का सम्मोहन होता है, जिसकी समानता किसी अन्य से नहीं की जा सकती है। (मिश्र वाक्य/संयुक्त वाक्य)
(ख) हँसने से मस्तिष्क को उत्प्रेरणा मिलती है। (सरल वाक्य/संयुक्त वाक्य)
(ग) प्रसन्नचित्त व्यक्ति की ओर लोग आकर्षित होते हैं और उसकी मैत्री प्राप्त करना चाहते थे। (संयुक्त वाक्य/मिश्र वाक्य)
(घ) शिवेश काल भोपाल नहीं जाएगा। (निषेघवाचक वाक्य/प्रश्नवाचक वाक्य)
(ङ) ईश्वर करें, आप शीघ्र स्वस्थ हो जाएँ। (संकेतवाचक वाक्य/इच्छावाचक वाक्य)
उत्तर
(क) मिश्रवाक्य
(ख) सरल वाक्य
(ग) संयुक्त वाक्य
(घ) निषेधवाचक वाक्य
(ङ) इच्छावाचक वाक्य

हँसिए और स्वस्थ रहिए योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1. अपने हमउम्र साथियों का एक ‘हास्य-क्लब’ तैयार कीजिए और प्रतिदिन कुछ समय हास्य-व्यायाम कीजिए।
प्रश्न 2. दूरदर्शन और आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले हास्य कार्यक्रमों को देखिए और सुनिए।
प्रश्न 3. हास्य पत्र-पत्रिकाएँ एवं अन्य कार्टून चित्र-कथाओं को पढ़िए।
उत्तर
उपर्युक्त प्रश्नों को छात्र/छात्रा अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से हल करें।

हँसिए और स्वस्थ रहिए परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘हँसिए और स्वस्थ रहिए’ निबंध का प्रतिपाय लिखिए।
उत्तर
‘हँसिए और स्वस्थ रहिए’ निबंध हँसी के महत्त्व और प्रभाव को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है-लेखक का मानना है कि हँसी मनुष्य के लिए वरदान है। बुद्धि, विद्या, स्वास्थ्य, प्रसन्नता और सामाजिक आबाद हँसी के माध्यम से सहज ही उपलब्ध हो जाते हैं। इस निबंध में हँसी के बहुआयामी लाभों को प्रकट किया गया है। लेखक की वैज्ञानिक दृष्टि इस निबंध में अधिक उपयोगी है। इसलिए हँसी के महत्त्व को वैज्ञानिक आलोक में प्रकट किया गया है। हँसने से शरीर की काँति बढ़ती है। इसके द्वारा अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है। हँसी मस्तिष्क को उत्प्रेरणा देती है। यह एक थेरेपी है, इस थेरेपी के स्रोत प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में भी प्राप्त होते हैं। आज जब हम अनेक तनावों के बीच जी रहे हैं, तब हँसी हमारे लिए सर्वसुलभ महाऔषधि है। इसलिए आजकल हास्य क्लब भी बनाए जाते हैं। जीवन का आनंद पाने के लिए हँसना जरूरी है। इस तरह यह निबंध रुचिकर हो गया है और हँसी के अनेक पक्षों को प्रकट करने में समर्थ और सफल है।

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प्रश्न 2.
हँसी से मानसिक और शारीरिक तनाव किस प्रकार दूर होते हैं?
उत्तर
प्रतिदिन चार-पाँच किलोमीटर दौड़ने से जो व्यायाम होता है, और उससे जो शारीरिक क्षमता बढ़ती है, उतनी ही हँसी से बढ़ती है। हँसने से स्नायुओं को अपने-आप व्यायाम करने का अवसर मिलता है। इससे शारीरिक और मानसिक तनाव दूर हो जाते हैं।

प्रश्न 3.
स्वयं हँसने और औरों को हँसाने के क्या लाभ हैं?
उत्तर
स्वयं हँसने और औरों को हँसाने के अनेक लाभ हैं। इस तरह मुस्कुराना, हँसना, खिलखिलाकर ठहाके लगाना, शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन का स्वर्णिम सूत्र है। हँसने का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष है इसकी संक्रामकता। यदि हम हँसते हैं तो सारा जग हँसने लगता है। एक साथ हँसने से संबंधों की मलिनताएँ, दुर्भावनाएँ आदि घुल जाती हैं व आपसी संबंध अधिक सरस, विश्वसनीय व सुदृढ़ ‘ बनते हैं। जो कि सामाजिक जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। हँसने के लाभ अनेक हैं, लेकिन इनका यथार्थ परिचय तभी मिल सकता है जब अपने जीवन का यही एक सूत्र हो, खूब हँसेंगे औरों को भी हँसाएँगे। देखते-देखते तनाव कम होता जाएगा एवं दुनिया और रंगीन जीने योग्य नजर आएगी।

प्रश्न 4.
रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों में से उचित शब्दों के चयन से कीजिए
1. तनाव से मुक्ति ………….. संभव हैं। (औषधि से, हँसी की गूंज से)
2. हँसने से चेहरे की ………….. बढ़ती है। (लालिमा, काँति)
3. हँसती-हँसाती जिन्दगी तमाम रोगों की …………… दवा है। (अचूक, बड़ी)
4. मुस्कान में एक प्रकार का …………… होता है। (बल, सम्मोहन)
5. एक पुस्तक में लिखा है-‘नाराज होइए तो …………….. कर। (गंभीर हो, मुस्कुरा)
उत्तर
1-हँसी की गूंज से
2. काँति
3. अचूक
4. सम्मोहन
5. मुस्कुरा।

प्रश्न 5.
दिए गए कथनों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए।

1. डॉक्टर कटारिया हँसोड़ कल्ब खोल चुके हैं
1. 100
2. 102
3. 150
4. 200
उत्तर
3. 150

2. आज रोगों का कारण तनाव है
1. 60 प्रतिशत
2. 50 प्रतिशत
3. 75 प्रतिशत
4. 100 प्रतिशत
उत्तर
1. 60 प्रतिशत

3. हँसने से राहत मिलती है
1. पित्त से
2. अपच से
3. भूल से
4. चिंता से।
उत्तर
1. पित्त से

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4. झूले की आवाज निकालकर हँसना होता है
1. सिंह हास में
2. कपोत हास में
3. हिंडोल हास में
4. किसी में नहीं।
उत्तर
3. हिंडोल हास में

5. खिन्नता मानव जीवन का है
1. बर्बादी
2. रोड़ा
3. अभिशाप
4. बंधन।
उत्तर
(3) अभिशाप।

प्रश्न 6.
सही जोड़ी का मिलान कीजिए।
उर्वशी – नरेंद्र शर्मा
चिंतामणि – डॉ. रामकुमार बेहार
बस्तर अरण्यक – रामधारी सिंह ‘दिनकर’
हिम किरीटनी – रामचंद्र शुक्ल
प्रवासी के गीत – माखन लाल चतुर्वेदी
उत्तर
उर्वशी – रामधारी सिंह ‘दिनकर’
चिंतामणि – रामचंद्र शुक्ल बस्तर
अरण्यक – डॉ. रामकुमार बेहार हिम
किरीटनी – माखनलाल चतुर्वेदी
प्रवासी के गीत – नरेंद्र शर्मा।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित वाक्य सत्य हैं या असत्य? वाक्य के आगे लिखिए।
1. डॉक्टर कटारिया विदेशी डॉक्टर हैं।
2. डॉक्टर कटारिया ने हँसोड़ क्लब बनाया है।
3. खिन्न रहने वाले व्यक्ति की सारी शक्तियाँ शिथिल हो जाती हैं।
4. हँसने से पेट पर पड़ने वाला दबाव बढ़ जाता है।
5. भोजन करते समय रोने वाले व्यक्ति की भूख बढ़ जाती है।
उत्तर
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. असत्य
5. असत्य।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित कथनों का उत्तर एक शब्द में दीजिए
1. किसने हास्य व्यायाम ईजाद किए हैं?
2. डॉ. कटारिया क्या खोल चुके हैं?
3. स्विट्जरलैण्ड और अमेरिका में किसको सराहा गया? .
4. हम हँसते हैं तो कौन हँसने लगता है?
5. अपनी ओर ध्यान दिलाने के लिए हम क्या करें?
उत्तर
1. डॉ. कटारिया ने
2. हँसोड़ क्लब
3. डॉ. कटारिया को
4. संसार
5. मुस्कुरायें।

हँसिए और स्वस्थ रहिए लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
हँसने का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
उत्तर
हँसने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसे हम जीवन का एक सूत्र मानकर खूब हँसें। दूसरों को भी हँसायें। इससे देखते-देखते तनाव कम हो जाएगा। सारी दुनिया और रंगीन जीने योग्य दिखाई देगी।

प्रश्न 2.
मानव-प्रकृति के वैज्ञानिकों का क्या मानना है?
उत्तर
मानव-प्रकृति के मर्मज्ञों का मानना है कि समस्या का शाश्वत निदान तभी संभव है जबकि मनुष्य तनावमुक्त हो सके और यह किसी औषधि से नहीं हँसी की गूंज से संभव है। ठहाकों भरी हँसी-खिलखिलाहटों की मधुर गूंज और आनंद बिखेरती मुस्कान, इन सभी समस्याओं की अचूक औषधि है।

प्रश्न 3.
किन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है?
उत्तर
ऐसे लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जो लोग अधिक तनावग्रस्त होते हैं।

प्रश्न 4.
विभिन्न अनुसंधानों से वैज्ञानिकों ने क्या निष्कर्ष निकाला है?
उत्तर
विभिन्न अनुसंधानों से वैज्ञानिकों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि हँसने से मस्तिष्क को अप्रेरणा मिलती है।

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प्रश्न 5.
कौन व्यक्ति कभी स्वस्थ नहीं रह सकता है?
उत्तर
जो व्यक्ति घर के एक कोने में चारपाई पर पड़ा है। कोई उसकी ओर ध्यान नहीं देता। भोजन वस्त्रों की उसे कमी नहीं है। सब कुछ समय से मिल जाता है, पर उसकी बात कोई सुनता नहीं, कोई मानता नहीं। ऐसा व्यक्ति कभी स्वस्थ नहीं रह सकता है।

हँसिए और स्वस्थ रहिए कविता का सारांश

प्रस्तुत निबंध में निबंधकार ने आज के तनावग्रस्त माहौल पर चिंता व्यक्त किया है। इससे छुटकारा पाने के लिए हँसी की गूंज को आवश्यक बतलायां है। उसका यह मानना है कि इससे सभी प्रकार की मानसिक और शारीरिक समस्याओं से निजात पाया जा सकता है। इसके प्रभाव और महत्त्व को केवल आज के ही वैज्ञानिक नहीं, अपितु प्राचीन ऋषिगण भी स्वीकारते रहे हैं। उनके अनुसार हास्य से लाभ-ही-लाभ हैं। इससे चेहरे की काँति बढ़ती है और शरीर का संतुलन ठीक रहता है। यही नहीं इससे पित्त का शमन भी हो जाता है। अम्ल रोग भी अपने-आप खत्म हो जाता है। हँसने से भोजन शीघ्र पचता है। हँसने से मस्तिष्क को उत्प्रेरणा मिलती है। हँसने से स्नायुओं को अपने-आप व्यायाम करने का अवसर मिलता है। इससे शारीरिक व मानसिक तनाव दूर होता है। इस प्रकार मुस्कराना, हँसना, खिलखिलाकर ठहाके लगाना, शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन का स्वर्णिम सूत्र है। सामाजिक जीवन में सफलता का मार्ग एक साथ हँसने से प्रशस्त होता है। उससे मलिनताएँ, दुर्भावनाएँ आदि दूर हो जाती हैं।

प्रसन्न व्यक्ति को सभी चाहते हैं। उसके साथ होने से सारे शोक-संताप दूर हो जाते हैं। इसके विपरीत अप्रसन्न, उदास और खिन्न रहने वाले व्यक्ति की सारी शक्तियाँ ढीली हो जाती हैं। इसलिए यदि आप व्यापारी, वक्ता, अध्यापक, उपदेशक, अधिकारी, या कर्मचारी जो कुछ भी हों, आप चाहते हैं कि आपकी ओर ध्यान दिया जाए, तो आप मुस्कराकर सामने वाले व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं, उतना अन्य किसी उपाय से नहीं। इसलिए आप कितने भी व्यस्त क्यों न हों. अपनी पत्नी-बच्चों के साथ हँसने-खिलखिलाने का बहाना अवश्य ढूँढ़ लें। इससे कुछ क्षण आत्मीयता के बँधनों को प्रगाढ़ बनाएं। यही नहीं ‘तनावों से मुक्ति प्रदान करके परिवार को स्वस्थ बनाए रखेगा।

हँसिए और स्वस्थ रहिए संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

(1) प्रसन्नचित्त व्यक्ति को देखकर लोग प्रसन्न होते हैं, उसकी ओर आकर्षित होते हैं, उसकी मैत्री प्राप्त करना चाहते हैं। प्रसन्नता एक आध्यात्मिक वृत्ति है, एक दैवी चेतना है। इसका आश्रय ग्रहण करने वाले के सारे शोक-संताप भाग जाते हैं। प्रमुदित मन और प्रसन्नचित्त व्यक्ति के पास बैठकर लोग अपना दुःख-दर्द भूल जाते हैं, सुख और संतोष का अनुभव करते हैं। मुदितात्मा व्यक्ति देवदूत होता है, संसार का कलुष दूर करने वाला होता है।

शब्दार्च-मैत्री-मित्रता। आध्यात्मिक-अध्यात्म से संबंधित, अथवा अध्यात्मक की। वृत्ति-चेतना। आश्रय-छाया। प्रमुदित-प्रसन्न। संताप-कष्ट। कलुष-दोष।

संदर्भ-प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिंदी सामान्य’ 10वीं में संकलित ‘हँसिए और स्वस्थ रहिए’ शीर्षक से है।

प्रसंग-इसमें लेखक ने प्रसन्नचित्त व्यक्ति की विशेषता को बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या-प्रसन्न हुए व्यक्ति का प्रभाव सुखद और आनन्ददायक होता है। उसे देखकर लोग सुख और सन्तोष का अनुभव करते हैं। उसकी ओर लोगबाग ध्यान देते हैं। उसके साथ रहना चाहते हैं। उसके प्रति सहयोग और मित्रता चाहते हैं। इस प्रकार प्रसन्नता एक आध्यात्मिक चेतना है। एक ईश्वरीय चेतना है। इस प्रकार के व्यक्ति के संपर्क या संगति में आने से बहुत बड़ा चमत्कार होता है। फलस्वरूप हर प्रकार के शोक-कष्ट दूर हो जाते हैं। प्रसन्नचित्त व्यक्ति का मन बड़ा प्रभावशाली होता है। प्रसन्न रहने वाले व्यक्ति के पास रहने वाले लोग-बाग अपने सारे अभाव और परेशानियों से निजात पा लेते हैं। इससे वे सुख, आनन्द और संतोष का अनुभव करने लगते हैं। प्रसन्नचित्त व्यक्ति ईश्वरीय दूत के समान होता है, जो संसार के लोगों के दोषों और कमियों को दूर करने के लिए इस संसार में आता है।

विशेष-

  1. प्रसन्नचित्त व्यक्ति की विशेषता प्रभावशाली रूप में है।
  2. भाव सरल और सुस्पष्ट हैं।

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अर्यग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
प्रसन्नचित्त व्यक्ति की क्या विशेषता होती है?
उत्तर
प्रसन्नचित्त व्यक्ति की बहुत बड़ी विशेषता होती है। उसे देखकर लोगबाग प्रसन्नता से झूम उठते हैं। उसकी ओर लटू होकर उसे दोस्ती करने की चाह करने लगते हैं।

प्रश्न 2.
प्रसन्नचित्त व्यक्ति का दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर
प्रसन्नचित्त व्यक्ति का दूसरों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उस प्रभाव से उसके संपर्क में आने वाले लोगों के दुख-अभाव छू मंतर हो जाते हैं। उन्हें सुख और आनंद के हिलोरें आने लगते हैं। इस प्रकार प्रसन्नचित्त व्यक्ति दूसरे के दोषों को दूर करने वाला देवदूत के समान होता है।

विषय-वस्तु पर आधारित प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गयांश का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
उपर्युक्त गद्यांश में लेखक प्रसन्नचित्त व्यक्ति की असाधारण विशेषता को बहलाने का प्रयास किया है। इसके माध्यम से उसने यह स्पष्ट करना चाहा है कि प्रसन्नचित्त दूसरों को आकर्षित करके अपनी संगति में रख लेता है। फिर वह एक देवदूत के समान उनके कष्टों, अभावों और दोषों को दूर करने लगता है।

2. अप्रसन्न, उदास तथा खिन्न रहने वाले व्यक्ति की सारी शक्तियाँ शिथिल हो जाती हैं। विषादोत्पादक स्थिति में एक ऐसी तपन होती है, जो मानवजीवन के सारे उपयोगी तत्त्वों को जला डालती है। खिन्नता मानव जीवन का भीषण अभिशाप है। यह.जीती-जागती नरक की भयानक ज्वाला की भाँति मनुष्य को दीन-हीन, दुःखी और दद्धि बनाकर रख देती है। जिसके चेहरे पर मुस्कान नहीं, हँसी नहीं, प्रसन्नता नहीं, कोई भी उसके पास बैठना, उसे याद करना, उसके संपर्क में रहना पसंद नहीं करता। हर आदमी उससे दूर भागता है, जिससे उसका जीवन एकाकीपन के भार से दबकर दुरुह बन जाता है।

शब्दार्च-खिन्न-दुखी। शिथिल-ढीली, कमजोर । विषादोत्पादक-शोक को उत्पन्न करने वाली। तपन-पीड़ा, गर्मी, जलन । भीषण-भयानका अभिशाप-लांक्षन, बड़ा दोष। दुरूह-कठिन।

संदर्भ-पूर्ववत्।

प्रसंग-प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने अप्रसन्न और उदास रहने वाले व्यक्तियों की अनुपयोगिता को बतलाते हुए कहा है कि

व्याख्या-हमेशा अप्रसन्न, उदास और दुखी रहने वाला व्यक्ति की कार्यक्षमता बड़ी कमजोर होती है। फलस्वरूप उससे शोक उत्पन्न करने वाली ही दशाएँ सामने आती हैं। ये एक तपन के समान होती हैं। फलस्वरूप जीवन की अच्छाइयाँ और उपयोगी स्वरूप इनसे जल-जलकर समाप्त होने लगते हैं। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि दुखी रहना मानव की अच्छाई नहीं अपितु एक बहुत बड़ा दोष है। एक ऐसा बड़ा दोष है, जिससे मनुष्य का जीवन नरक की भयानक ज्वाला की तरह दीन-हीन, दुखी और अभावों से भरकर रह जाता है। इस प्रकार की स्थिति में कहीं भी हँसी, मुस्कान, प्रसन्नता के चिह बिलकुल नहीं दिखाई देते हैं। फिर ऐसी स्थिति में पड़े हुए व्यक्ति के पास रहना व उसे महत्त्व देना भला कौन चाहेगा? अर्थात् कोई भी नहीं। उससे तो सभी नफ़रत करने लगते हैं। इससे वह समाज में अकेला रह जाता है। उस अकेलापन के बोझ की नीचे वह दबकर रह जाता है।

विशेष-

  1. अप्रसन्न व्यक्ति के दुष्प्रभाव को सामने रखा गया है।
  2. संपूर्ण कथन स्वाभाविक और विश्वसनीय है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
अप्रसन्न व्यक्ति की क्या विशेषता होती है?
उत्तर
अप्रसन्न व्यक्ति की शक्तियाँ कमजोर और मन्द होती हैं। फलस्वरूप वे जीवन को दुखद अभिशापग्रस्त बना डालती हैं।

प्रश्न 2.
अप्रसन्न व्यक्ति के क्या-क्या दुष्प्रभाव होते हैं?
उत्तर
अप्रसन्न व्यक्ति के अनेक दुष्प्रभाव होते हैं। कोई उसके पास न तो बैठना चाहता है और न उसे कोई याद ही करना चाहता है। इस प्रकार सभी उससे दूर ही रहना चाहते हैं। इस तरह वह समाज में अकेला रह जाता है।

विषय-वस्तु पर आधारित बोध प्रश्नोत्तर

प्रश्न उपर्युक्त गद्यांश का मुख्य भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
उपर्युक्त गद्यांश में अप्रसन्न, उदास और खिन्न व्यक्तियों की विशेषता बतलाते हुए उनके दुष्प्रभाव को सामने रखा गया है। इसके माध्यम से लेखक ने ऐसे व्यक्तियों की निंदा करते हुए इनसे दूर रहने का संकेत भी किया है।

MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण अशुद्धिसंशोधन-प्रकरण

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MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण अशुद्धिसंशोधन-प्रकरण

१. वचन सम्बन्धी अशुद्धियाँ
अशुद्ध वाक्य – शुद्ध वाक्य
१. जीवाः प्राणेन जीवन्ति। – जीवाः प्राणैः जीवन्ति।
२. सर्वः बालिकाः गच्छिन्ति। – सर्वे बालिकाः गच्छन्ति।
३. सः पुरुषाः सन्ति। – ते पुरुषाः सन्ति।
४. तौ बालकः अस्ति। – सः बालकः अस्ति।
५. बालकः चपलः भवति। – बालकाः चपलाः भवन्ति।

२. लिङ्ग सम्बन्धी अशुद्धियाँ .
१. सः देवता अस्ति। – सा देवता अस्ति।
२. चतस्त्रः बालकाः सन्ति। – चत्वारः बालकाः सन्ति।
३. द्वे छात्रौ स्तः। – द्वौ छात्रौ स्तः।।
४. शरीरः अस्वस्थं अस्ति। – शरीरं अस्वस्थम् अस्ति।
५. सुरेशः मम मित्रः अस्ति। – सुरेशः मम मित्रम् अस्ति।

३. पुरुष सम्बन्धी अशुद्धियाँ
१. अहं फलम् खादति। – अहं फलं खादामि।
३. सः विद्यालयं गच्छसि। – सः विद्यालयं गच्छति।
३. तौ ग्रामं गच्छावः। – तौ ग्रामं गच्छतः।
४. ते पुस्तकानि पठामः। – ते पुस्तकानि पठन्ति।
५. स्र्वे द्राक्षाफलानि सर्वे द्राक्षाफलानि – खादिष्यथ। खादिष्यन्ति।

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४. लकार सम्बन्धी अशुद्धियाँ
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण अशुद्धिसंशोधन-प्रकरण img t

५. सामान्य अशुद्धियाँ
१. वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
२. काल से सम्बन्धित अशुद्धियाँ।
३. कारक से सम्बन्धित अशुद्धियाँ।
४. उपसर्ग, प्रत्यय, विभक्ति सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
५. वाक्य रचना सम्बन्धी अशुद्धियाँ। अशादियाँ।
६. लिंग सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
७. वाक्य में पदों के क्रम सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
८. कर्ता, कर्म और क्रिया के अन्वय (सम्बन्ध) सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
९. विशेषण विशेष्य के अन्वय सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१०. पदों के अर्थ अवबोधन (समझना) सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
११. तथ्य सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१२. अनुच्छेद के क्रम का अभाव सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१३. सामान्य अपवाद नियमों के विषय सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१४. सन्धि करने में अशुद्धियाँ।
१५. समास बनाने में अशुद्धियाँ।
१६. हलन्त, विसर्ग सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१७. अस्पष्ट लेखन सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१८. वाच्य सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
१९. धातुओं के रूप सम्बन्धी अशुद्धियाँ।
२०. शब्द रूप सम्बन्धी अशुद्धियाँ।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय

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प्रश्न १.
‘रामः गृहं गच्छन्ति’ वाक्य में अशुद्ध है-
(अ) रामः,
(ब) गृहं,
(स) गच्छन्ति,
(द) कोई नहीं।
उत्तर-
(स) गच्छन्ति,

२. “त्वं किम् करोति” में शुद्ध होगा
(अ) करोमि,
(ब) करोषि,
(स) कुर्वन्ति,
(द) कुरुतः।
उत्तर-
(ब) करोषि,

३. ‘अहम्’ कर्ता के साथ क्रिया किस पुरुष की लगती है?
(अ) उत्तम,
(ब) मध्यम,
(स) प्रथम,
(द) अन्य।
उत्तर-
(अ) उत्तम,

४. ‘वर्तमान काल’ में लकार होता है
(अ) लृट्,
(ब) लोट
(स) लट्,
(द) लङ्।
उत्तर-
(स) लट्,

५. ‘सः’ में किस वचन का प्रयोग होता है?
(अ) एकवचन,
(ब) द्विवचन,
(स) बहुवचन,
(द) अनेक वचन।
उत्तर-
(अ) एकवचन,

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1. रिक्त स्थान पूर्ति
१. सः अद्य ग्रामं ……………………………….।
२. रामः अयोध्यायाः नृपः ……………………………….
३. वयं श्वः देवालयं ……………………………….।
४. अहम् अधुना फलं ……………………………….।
५. कृष्णः ह्यः उद्याने ……………………………….
उत्तर-
१. गमिष्यति,
२. आसीत्,
३. गमिष्यामः,
४. खादामि,
५. अभ्रमत्।

सत्य/असत्य
१. ‘सः कार्यं करोति’, शुद्ध है।
२. ‘अहं पठति’, शुद्ध है।
३. ‘त्वं विद्यालयं गच्छति’, अशुद्ध है।
४. ‘सीता दुग्धं पिबति’, अशुद्ध है।
५. ‘मातोशिशुं पालयति’, शुद्ध है।
उत्तर-
१. सत्य,
२. असत्य,
३. सत्य,
४. असत्य,
५. सत्य।

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण अशुद्धिसंशोधन-प्रकरण img t1
उत्तर-
१. → (iv)
२. → (i)
३. →(ii)
४. → (iii)
५. → (v)

MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5

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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5

प्रश्न 1.
निम्नलिखित दिए गए फलनों के उच्चतम या निम्नतम मान, यदि कोई हो तो ज्ञात कीजिए
(i) f (x) = (2x – 1)2 + 3
(ii) f (x) = 9x2 + 12x + 2
(iii) f (x) = – (x – 1)2 + 10
(iv) g (x) = x2 + 1
हल:
(i) f (x) = (2x – 1)2 + 3
(2x – 1)2 का कम – से – कम मान = 0
∴ f(x) का निम्नतम मान = 3

(ii) f (x) = 9x2 + 12x + 2 = 9x2 + 12x + 4 – 2
= (3x + 2)2 – 2
(3x + 2)2 का निम्नतम मान = 0
∴ f (x) का निम्नतम मान = – 2

(iii) f (x) = – (x – 1)2 + 10
– (x – 1)2 का अधिकतम मान = 0
∴ f का उच्चतम मान = 10

(iv) g (x) = x3 + 1
g'(x) = 3x2 जो x ϵ R के लिए धनात्मक है।
∴ g एक वर्धमान फलन है; अतः इसका कोई न्यूनतम तथा अधिकतम मान नहीं है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित दिए गए फलनों के उच्चतम मान या निम्नतम मान, यदि कोई हो तो ज्ञात कीजिए
(i) f (x) |x + 2| – 1
(ii) g (x) = – |x + 1| + 3
(iii) h (x) = sin (2x) + 5
(iv) f (x) = |sin 4x + 3|
(v) h(x) = x + 1, x ϵ ( – 1, 1)
हल:
(i) f(x) = |x + 2| – 1
|x + 2| का न्यूनतम मान 0 है।
∴ f का निम्नतम मान = – 1
अतः उच्चतम मान का अस्तित्व नहीं है।

(ii) g (x) = -|x + 1| + 3
– |x + 1| का अधिकतम मान = 0
∴ g (x) = – |x + 1| + 3 का उच्चतम मान 0 + 3 = 3
निम्नतम मान का अस्तित्व नहीं है।

(iii) h (x) = sin (2x) + 5
sin 2x का अधिकतम मान = 1
∴ h(x) = sin 2x + 5 का उच्चतम मान, 1 + 5 = 6
sin 2x का न्यूनतम मान = – 1
∴ h (x) = sin 2x + 5 का निम्नतम मान = – 1 + 5 = 4

(iv) f (x) = |sin 4x + 3|
sin 4x का अधिकतम मान = 1
f(x) = |sin 4x + 3| का उच्चतम मान = |1 + 3| = 4
तथा sin 4x का निम्नतम मान = – 1
f (x) = |sin 4x + 3| का निम्नतम मान = |- 1 + 3| = 2

(v) h (x) = x + 1 .
h'(x) = 1 = धनात्मक
h वर्धमान फलन है।
इसका कोई उच्चतम या निम्नतम मान नहीं है।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित फलनों के स्थानीय उच्चतम या निम्नतम, यदि कोई हो तो ज्ञात कीजिए तथा स्थानीय उच्चतम या स्थानीय निम्नतम मान,जैसी स्थिति हो, भी ज्ञात कीजिए।
(i) f (x) = x2
(ii) g (x) = x3 – 3x
(iii) h(x) = sin x + cos x, o < x < \(\frac{\pi}{2}\)
(iv) f (x) = sin x – cos x, 0 < x < 2π
(v) f (x) = x3 – 6x2 + 9x + 15
(vi) g (x) = \(\frac{x}{2}+\frac{2}{x}\), x > 0
(vii) g (x) = \(\frac{1}{x^{2}+2}\)
(viii) f (x) = \(x \sqrt{1-x}\), x > 0
हल:
(i) f (x) = x2
f'(x) = 2x
यदि f'(x) = 0 तब 2x = 0 या x = 0
f'(x) जैसे ही x = 0 से होकर आगे बढ़ता है तो इसका चिह्न ऋणात्मक से धनात्मक में बदल जाता है।
∴ x = 0 पर f स्थानीय निम्नतम है।
स्थानीय निम्नतम मान = f (0) = 0

(ii) g(x) = x3 – 3x
∴ g'(x) = 3x2 – 3 = 3 (x2 – 1) = 3 (x – 1) (x + 1)
यदि g’ (x) = 0 तब 3x2 – 3 = 0
⇒ x2 – 1 = 0 ⇒ x = ± 1
x = – 1 पर g'(x) का चित – – = +
– + = –
जैसे ही x, x = – 1 से होकर आगे बढ़ता है, g’ का चिह्न + ve से – ve में परिवर्तित होता है।
∴ x = – 1 पर g उच्चतम है।
उच्चतम मान = g (- 1) = (- 1)3 – 3 (- 1) = – 1 + 3 = 2
x = 1 पर g'(x) के चिह्न जैसे ही x, x = 1 से होकर आगे बढ़ता है,
– + = –
+ + = +
g’ (x), ऋणात्मक से धनात्मक में परिवर्तित हो जाता है।
x = 1 पर g निम्नतम है।
निम्नतम मान = g(1) = 13 – 3 = – 2

(iii) h(x) = sin x + cos x, 0 < x < \(\frac{\pi}{2}\)
h'(x) = cos x – sin x = cos x(1 – tan x)
यदि h'(x) = 0 तब 1 – tan x = 0 या tan x = 1 या x = \(\frac{\pi}{4}\)
x = \(\frac{\pi}{4}\) पर x का मान \(\frac{\pi}{4}\) से थोड़ा कम करने से tan x, 1 से कम होगा और x का मान \(\frac{\pi}{4}\) से थोड़ा अधिक रखने पर tan x, 1 से अधिक होगा।
इस प्रकार 1 – tan x का चिह्न + ve से – ve में परिवर्तित होता है। cos x में चिह्न में कोई परिवर्तन नहीं होता।
∴ x = \(\frac{\pi}{4}\) उच्चतम है।
स्थानीय उच्चतम मान
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 1
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 2
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 3

(v) f (x) = x3 – 6x2 + 9x + 15
∴ f'(x) = 3x2 – 12x + 9 = 3 (x2 – 4x + 3)
= 3(x – 1)(x – 3)
यदि f'(x) = 0 ⇒ x – 1 = 0 या x – 3 = 0
∴ x = 1 .या x = 3
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 4
x का मान 1 से थोड़ा कम रखने पर
x का मान 1 से थोड़ा अधिक रखने पर
इस प्रकार f'(x) का चिह्न, जैसे ही x, x = 1 से होकर आगे बढ़ता है, + ve से – ve में परिवर्तित होता है।
⇒ x = 1, पर स्थानीय उच्चतम बिन्दु है।
स्थानीय उच्चतम मान = f (1) = 1 – 6 + 9 + 15 = 19
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 5
x का मान 3 से थोड़ा कम रखने पर,
x का मान 3 से थोड़ा अधिक रखने पर,
∴ f'(x) का चिह्न धनात्मक से ऋणात्मक में परिवर्तित होता है, जब x, x = 3 बिन्दु से होकर जाता है।
∴ x = 3 पर स्थानीय निम्नतम बिन्दु है।
∴ स्थानीय निम्नतम मान = f (3) = 27 – 54 + 27 + 15
= 69 – 54 = 15
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 6
x का मान 2 से थोड़ा कम रखने पर,
x का मान 2 से थोड़ा अधिक रखने पर,
g'(x) का चिह्न – – ve से + ve में परिवर्तित होता है, जब x,x = 2 से होकर आगे बढ़ता है।
∴ f, x = 2 पर स्थानीय निम्नतम है।
स्थानीय निम्नतम मान = g (2) = \(\frac{2}{2}+\frac{2}{2}=2\)
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 7
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 8

प्रश्न 4.
सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित फलनों का उच्चतम यो निम्नतम मान नहीं है
(i) f (x) = ex
(ii) g (x) = log x
(iii) h(x) = x3 + x2 + x + 1
हल:
(i) f(x) = ex
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 9
अतः दिया गया फलन न तो उच्चतम है और न ही न्यूनतम
(iii) h(x) = x3 + x2 + x + 1
= h'(x) = 3x2 + 2x + 1
यदि h'(x) = 0
⇒ 3x2 + 2x + 1 = 0
⇒ \(\frac{-2 \pm \sqrt{4-12}}{6}=\frac{-1 \pm \sqrt{-2}}{3}\)
जो कि काल्पनिक संख्या है
अत: ∀ x ϵ R, h'(x) ≠0
अतः h का कोई भी मान उच्चतम या निम्नतम नहीं है।

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प्रश्न 5.
प्रदत्त अन्तरालों में निम्नलिखित फलनों के निरपेक्ष उच्चतम मान और निरपेक्ष निम्नतम मान ज्ञात कीजिए।
(i) f (x) = x3, x ϵ [- 2,2]
(ii) f (x) = sin x + cos x x ϵ [0, 1]
(iii) f (x) = 4x – \(\frac{1}{2}\)x2, x ϵ [-2, \(\frac{9}{2}\)]
(iv) f (x) = (x – 1)2 + 3, x ϵ [- 3, 1]
हल:
(i) f (x) = x3, अन्तराल [ – 2, 2]
∴ (x) = 3x2
यदि f’ (x) = 0, तब 3x2 = 0 ∴ x = 0
f(- 2) = (- 2)3 = – 8
f (0) = (0)3 = 0
तथा f (2) = (2)3 = 8
निरपेक्ष उच्चतम मान = 8
निरपेक्ष निम्नतम मान = – 8

(ii) f(x) = sinx + cosx, x ϵ [0, π]
⇒ f'(x) = cosx – sin x
उच्चतम व निम्नतम मान के लिए
f'(x) = 0
⇒ cosx – sin x = 0
⇒ tan x = 1
⇒ x = π/4
अब x = \(\frac{\pi}{4}\), 0, π पर f(x) का मान ज्ञात करना है।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 10
f(0) = sin 0° + cos0° = 0 + 1 = 1
f(π) = sin π + cos π = 0 – 1 = – 1
अत: फलन f(x) का निरपेक्ष उच्चतम मान x = \(\frac{\pi}{4}\) पर \( \sqrt{{2}} \) है।
तथा x = π पर f(x) का निरपेक्ष निम्नतम मान – 1 है।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 11
अंत: x = 4 पर f(x) का निरपेक्ष उच्चतम मान = 8
तथा x = – 2 पर f(x) का निरपेक्ष निम्नतम मान = – 10

(iv) यहाँ f (x) = (x – 1)2 + 3, [- 3, 1]
∴ f'(x) = 2(x – 1)
यदि f'(x) = 0, 2(x – 1) = 0, x = 1
f(1) = (1 – 1)2 + 3 = 0 + 3 = 3
f(- 3) = (- 3 – 1)2 + 3 = 16 + 3 = 19
अतः निरपेक्ष उच्चतम मान = 19
तथा निरपेक्ष निम्नतम मान = 3

प्रश्न 6.
यदि लाभ फलन P(x) = 41 – 72x – 18x2 से प्रदत्त है तो किसी कम्पनी द्वारा अर्जित उच्चतम लाभ ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है लाभ फलन
P(x) = 41 – 72x – 18x2
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 12
⇒ 36x = – 72
x = – 2
∴ x = – 2 पर
\(\frac{d^{2} P}{d x^{2}}\) = – 36 < 0
अतः x = – 2 पर लाभ फलन का मान उच्चतम है।
अतः उच्चतम लाभ = P( – 2)
= 41 – 72(- 2) – 18(- 2)2
= 41 + 144 – 72
= 113

प्रश्न 7.
अन्तराल [0, 3] पर 3x4 – 8x3 + 12x2 – 48x + 25 के उच्चतम मान और निम्नतम मान ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ f(x) = 3x4 – 8x2 + 12x2 – 48x + 25
∴ f'(x) = 12x3 – 24x2 + 24x – 48
= 12[x3 – 2x2 + 2x – 4] = 12[x2 (x – 2) + 2(x – 2)]
= 12(x – 2)(x2 + 2)
यदि f'(x) = 0, तब
x – 2 = 0 ∴ x = 2
अन्तराल (0, 3) पर,
f (0) = 25
f(2) = 3(2)4 – 8(2)3 + 12(2)2 – 48(2) + 25
= 3 × 16 – 8 × 8 + 12 × 4 – 48 × 2 + 25
= 48 – 64 + 48 – 96 + 25 = – 39
तथा f(3) = 3(3)4 – 8(3)3 + 12(3)2 – 48(3) + 25
= 3 × 81 – 8 × 27 + 12 × 9 – 48 × 3 + 25
= 243 – 216 + 108 – 144 + 25 = 16
∴ निरपेक्ष उच्चतम मान = 25
निरपेक्ष निम्नतम मान = – 39

प्रश्न 8.
अन्तराल [0, 2 π] के किन बिन्दुओं पर फलन sin 2x अपना उच्चतम मान प्राप्त करता है।
हल:
यहाँ f (x) = sin 2x,[0, π] पर
∴ (x) = 2cos 2x
यदि f'(x) = 0 ⇒ 2cos 2x = 0
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 13
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 14

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प्रश्न 9.
फलन sin x + cos x का उच्चतम मान क्या है?
हल:
यहाँ f(x) = sin x + cos x, [0, 2π] पर,
∴ f(x) = cos x – sin x
f'(x) = 0 = cos x – sin x = 0 ⇒ tan x = 1
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 15

प्रश्न 10.
अन्तराल [1,3] में 2x3 – 24x + 107 का महत्तम मान ज्ञात कीजिए।इसी फलन का अन्तराल [- 3, – 1]में भी महत्तम मान ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ f (x) = 2x3 – 24x + 107, [1, 3]
∴ f(x) = 6x2 – 24
उच्चतम व निम्नतम मान के लिए,
f'(x) = 0
⇒ 6x2 – 24 = 0 ⇒ 6x2 = 24 ⇒ x2 = 4 ∴ x = ± 2
अन्तराल [1, 3] के लिए,
f(1) = 2(1)3 – 24 (1) + 107 = 2 – 24 + 107 = 85
f(2) = 2(2)3 – 24 (2) + 107 = 16 – 48 + 107 = 75
f(3) = 2(3)3 – 24 (3) + 107 = 54 – 72 + 107 = 89
इस प्रकार अधिकतम f (x) = 89, x = 3 पर, अन्तराल [- 3, – 1] के लिए हम x = – 3, – 2, – 1 पर f (x) का मान ज्ञात करते हैं।
f(- 3) = 2(- 3)3 – 24(- 3) + 107
= – 54 + 72 + 107 = – 54 + 179 = 125
f(- 2) = 2(- 2)3 – 24 (- 2) + 107
= – 16 + 48 + 107 = 139
f(- 1) = 2(- 1)3 – 24(- 1) + 107 = – 2 + 24 + 107 = 129
इस प्रकार अधिकतम मान f (x) = 139, x = – 2 पर

प्रश्न 11.
यदि दिया है कि अन्तराल [0, 2] में x = 1 पर फलन x4 – 62x3 + ax + 9 उच्चतम मान प्राप्त करता है तो a का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ f (x) = x4 – 62x3 + ax + 9
∴ f'(x) = 4x3 – 124x + a
उच्चतम व निम्नतम मान के लिए, f'(x) = 0
⇒ 4x3 – 124x + a = 0
x = 1, पर f उच्चतम है ⇒ f (1) = 0
∴ 4 × – 124 × 1 + a = 0 ⇒ 4 – 124 + a = 0
⇒ – 120 + a = 0
∴ a = 120
f(x) = 4x3 = 124x + a
f(x) = 12x2 – 124
f(1) = 12 – 124 = – 112 < 0
अतः x = 1, उच्चतम है जब a = 120

प्रश्न 12.
[0, 2π] पर x + sin 2x का उच्चतम और निम्नतम मान ज्ञात कीजिए।
हल:
माना f(x) = x + sin 2x
∴ f(x) = 1 + 2cos 2x
उच्चतम व निम्नतम बिन्दु के लिए, f'(x) = 0
⇒ 1 + cos 2x = 0 ⇒ cos 2x = – 1
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 16
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 17
f(x) का उच्चतम मान = 2π
f (x) का उच्चतम मान = 0

प्रश्न 13.
ऐसी दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योग 24 है और जिनका गुणनफल उच्चतम हो।
हल:
माना अभीष्ट संख्याएँ x तथा 24 – x हैं।
माना उनका गुणनफल P है।
∴ P = x(24 – x)
P = 24x – x2
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 18
अतः x = 12 के लिए P (संख्याओं का गुणनफल) उच्चतम है।

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प्रश्न 14.
ऐसी दो धन संख्याएँ x और y ज्ञात कीजिए ताकि x + y = 60 और xy3 उच्चतम हो।
हल:
∵ x + y = 60
माना P = xy3
⇒ P = (60 – y) y3
(∵ x + y = 60
⇒ x = 60 – y)
⇒ P = 60y3 – y4
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 19
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 20
अत: x = 15, y = 45 के लिए P = xy3 उच्चतम है।

प्रश्न 15.
ऐसी दो धन संख्याएँ x और y ज्ञात कीजिए जिनका योग 35 हो और गुणनफल x2y2 उच्चतम हो।
हल:
दो धन संख्याएँ x, y हैं।
x + y – 35
∴ y = 35 – x
गुणनफल P = x2y5
y का मान समी० (2) में रखने पर
P = x2 (35 – x)5
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 21
केवल 10 स्वीकृत मान है जैसे कि x = 0, 35 अस्वीकृत कर दिए जाते हैं।
x = 10 पर,
जब x, 10 के निकट और 10 की बाईं ओर हो तो
\(\frac{d P}{d x}\) = (1)(+ 1)(+ 1) = + ve
जब x, 10 के निकट और 10 की दाई ओर हो तो
\(\frac{d P}{d x}\) = (+)(+)(-) = – ve
इस प्रकार x, 10 से होता हुआ आगे बढ़ता है
\(\frac{d P}{d x}\) + ve से – ve को परिवर्तित होता है।
x = 10 पर P उच्चतम है।
∴ y = 35 – 10 = 25
अतः अभीष्ट संख्याएँ 10 और 25 हैं।

प्रश्न 16.
ऐसी दो धन संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योग 16 हो और जिनके घनों का योग निम्नतम हो।
हल:
माना x और 16 – x दो धन संख्याएँ हैं।
प्रश्नानुसार, घनों का योग S = x3 + (16 – x)3
अवकलन करने पर,
\(\frac{d S}{d x}\) = 3x2 + 3(16 – x)2 ( – 1)
= 3x2 – 3(16 – x)2
= 3x2 – 3(256 + x2 – 32x)
= 3x2 – 3 × 256 – 3x2 + 3 × 32x
= 3(32x – 256)
उच्चतम व निम्नतम बिन्दु के लिए,
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 22
अतः अभीष्ट संख्याएँ 8 और (16 – 8)अर्थात् 8 और 8 हैं।

प्रश्न 17.
18 cm भुजा के टिन के किसी वर्गाकार टुकड़े से प्रत्येक कोने पर एक वर्ग काटकर तथा इस प्रकार बने टिन के फलकों को मोड़कर ढक्कन रहित एक सन्दूक बनाना है। काटे जाने वाले वर्ग की भुजा कितनी होगी जिससे सन्दूक का आयतन उच्चतम हो?
हल:
माना वर्ग की प्रत्येक भुजा x सेमी काटी गई है।
∴ सन्दूक के लिए,
लम्बाई = 18 – 2x
चौड़ाई = 18 – 2x
ऊँचाई = x
∴ आयतन V = ल० × चौ० × ॐ
= x (18 – 2x)(18 – 2x) = x (18 – 2x)2.1
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 23
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 24
∴ x = 3 पर आयतन अधिकतम होगा। अर्थात् वर्ग की भुजा प्रत्येक कोने से 3 सेमी काटी गई है तो आयतन उच्चतम होगा।

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प्रश्न 18.
45 cm × 24 cm की टिन की आयताकार चादर के कोनों पर वर्ग काटकर तथा इस प्रकार बने टिन के फलकों को मोड़कर ढक्कन रहित एक सन्दूक बनाना है। काटे जाने वाले वर्ग की भुजा कितनी होगी जिससे सन्दूक का आयतन उच्चतम हो?
हल:
माना प्रत्येक कोने से x सेमी भुजा काटी गई है।
∴ आयताकार सन्दूक की भुजाएँ
l = 45 – 2x
b = 24 – 2x
h = x सेमी
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 25
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 26
अतः x = 5 के लिए आयतन उच्चतम है।

प्रश्न 19.
सिद्ध कीजिए कि एक दिए वृत्त के अन्तर्गत सभी आयतों में वर्ग का क्षेत्रफल उच्चतम होता है।
हल:
माना a त्रिज्या के वृत्त के अन्तर्गत आयतन की लम्बाई x तथा चौड़ाई y है।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 27
∴ x2 + y2 = (2a)2
⇒ x2 + y2 = 4a2 …(1)
∴ आयतन का क्षेत्रफल = xy
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 28
जब x बिन्दु x = \( \sqrt{{2}} \) a से होकर जाता है तो A’ (x) का चिह्न धनात्मक से ऋणात्मक में बदल जाता है। अतः आयत का क्षेत्रफल उच्चतम होगा, जब x = \( \sqrt{{2}} \)a और y = \( \sqrt{{2}} \)a होगा। अर्थात् आयत वर्ग होगा।

प्रश्न 20.
सिद्ध कीजिए कि प्रदत्त पृष्ठ एवं महत्तम आयतन के बेलन की ऊँचाई आधार के व्यास के बराबर होती है।
हल:
माना बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = S
त्रिज्या = r
ऊँचाई = h
आयतन = V
पृष्ठीय क्षेत्रफल S = 2πr2 + 2πrh
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 29
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 30
अतः जब बेलन की ऊँचाई आधार के व्यास के बराबर है तो आयतन अधिकतम होता है।

प्रश्न 21.
100 cm3 आयतन वाले डिब्बे सभी बंद बेलनाकार (लम्ब वृत्तीय) डिब्बों में से न्यूनतम पृष्ठ क्षेत्रफल वाले डिब्बे की विमाएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
माना बेलनाकार डिब्बों की त्रिज्या और ऊँचाई क्रमश: r और h है।
आयतन = πr2h = 100 cm3
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 31
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 32
⇒ S न्यूनतम होगा।
अतः कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल न्यूनतम होगा।

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प्रश्न 22.
एक 28 cm लम्बे तार को दो टुकड़ों में विभक्त किया जाना है। एक टुकड़े से वर्ग तथा दूसरे से वृत्त बनाया जाना है। दोनों टुकड़ों की लम्बाई कितनी होनी चाहिए जिससे वर्ग एवं वृस का सम्मिलित क्षेत्रफल न्यूनतम हो?
हल:
माना तार के एक भाग की लम्बाई x सेमी है तब दूसरा भाग = (28 – x) सेमी होगा।
माना x लम्बाई वाला भाग । त्रिज्या वाले वृत्त में बदला गया है।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 32
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.5 34

प्रश्न 23.
सिद्ध कीजिए कि R त्रिज्या के गोले के अन्तर्गत विशालतम शंकु का आयतन गोले के आयतन का \(\frac{8}{27}\) होता है।
हल:
माना V AB गोले के अन्तर्गत विशालतम शंकु का आयतन है।
स्पष्टतयाः अधिकतम आयतन के लिए शंकु का अक्ष गोले . की ऊँचाई के साथ होना चाहिए।
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 32
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 33
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प्रश्न 24.
सिद्ध कीजिए कि न्यूनतम पृष्ठ पर दिए आयतन के लम्ब वृत्तीय शंकु की ऊँचाई, आधार की त्रिज्या की 72 गुनी होती है।
हल:
माना शंकु की त्रिज्या = r
शंकु की ऊँचाई = h
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 36
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 37
∴ S न्यूनतम है जब h = \( \sqrt{{2}} \)r
अतः न्यूनतम वक्र पृष्ठ वाला लम्ब वृत्तीय शंकु की ऊँचाई, त्रिज्या की \( \sqrt{{2}} \) गुनी है।

प्रश्न 25.
सिद्ध कीजिए कि दी हुई तिर्यक ऊँचाई और महत्तम आयतन वाले शंकु का अर्थ शीर्ष कोण tan-1\( \sqrt{{2}} \) होता है।
हल:
माना शंकु की त्रिज्या = r
ऊँचाई = l
ऊर्ध्वाधर ऊँचाई = AM = lcosθ
शंकु की त्रिज्या = MC = lsinθ
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 38
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 39

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प्रश्न 26.
सिद्ध कीजिए कि दिए हुए पृष्ठ और महत्तम आयतन वाले लम्ब वृत्तीय शंकु का अर्द्ध शीर्ष कोण sin-1\(\left(\frac{1}{3}\right)\) होता है।
हल:
माना शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल S तथा आयतन V है। शंकु की त्रिज्या , ऊँचाई h तथा तिर्यक ऊँचाई l है।
शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl + πr2
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 40
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 41
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 42

नोट – प्रश्न संख्या 27 से 29 में सही उत्तर का चुनाव कीजिए।
प्रश्न 27.
वक्र x2 = 2y पर (0, 5) से न्यूनतम दूरी पर स्थित बिन्दु है
(A) (2\( \sqrt{{2}} \), 4)
(B) (2\( \sqrt{{2}} \), 0)
(C) (0, 0)
(D) (2, 2)
हल:
माना वक्र x2 = 2y पर कोई बिन्दु P (x, y) है।
दिया हुआ बिन्दु A (0, 5) है।
PA2 = (x – 0) + (y – 5)2 = Z (माना)
∴ Z = x2 + (y – 5) …(1)
तथा वक्र x2 = 2y …(2)
x2 का मान समी० (1) में रखने पर,
Z = 2y + (y – 5)2 = 2y + y2 + 25 – 10y
= y2 + 25 – 8y
अवकलन करने पर,
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 43
अतः विकल्प (A) सही है।

प्रश्न 28.
x के सभी वास्तविक मानों के लिए \(\frac{1-x+x^{2}}{1+x+x^{2}}\) का न्यूनतम मान है
(A) 0
(B) 1
(C) 3
(D) \(\frac{1}{3}\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 44
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 45

प्रश्न 29.
[x(x – 1) + 1]1/3, 0 ≤ x ≤ 1का उच्चतम मान है-
(A) \(\left(\frac{1}{3}\right)^{\frac{1}{3}}\)
(B) \(\frac{1}{2}\)
(C) 1
(D) 0
हल:
यहाँ y = [x(x – 1) + 1]1/3
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
MP Board Class 12th Maths Solutions Chapter 6 अवकलज के अनुप्रयोग Ex 6.3 46
उच्चतम मान = 1
अतः विकल्प (C) सही है।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Use π = \(\frac{22}{7}\), unless stated otherwise.

Question 1.
A drinking glass is in the shape of a frustum of a cone of height 14 cm. The diameters of its two circular ends are 4 cm and 2 cm. Find the capacity of the glass.
Solution:
We have,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 1
d1 = 4 cm
∴ r1 = \(\frac{d_{1}}{2}\) = 2 cm
and d2 = 2 cm
r2 = \(\frac{d_{2}}{2}\) = 1 cm
and h = 14 cm
Volume of the glass
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 2

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Question 2.
The slant height of a frustum of a cone is 4 cm and the perimeters (circumference) of its circular ends are 18 cm and 6 cm. Find the curved surface area of the frustum.
Solution:
We have,
Slant height (l) = 4 cm
Circumference of one end = 2πr1 = 18 cm
and Circumference of other end = 2πr2 = 6 cm
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 3
⇒ πr1 = \(\frac{18}{2}\) = 9 cm
and πr2 = \(\frac{6}{2}\) = 3 cm
∴ Curved surface area of the frustum of the cone
= π(r1 + r2) l = (πr1 + πr2) l = (9 + 3 ) × 4 cm2
= 12 × 4 cm2 = 48 cm2.

Question 3.
A fez, the cap used by the Turks, is shaped like the frustum of a cone (see figure). If its radius on the open side is 10 cm, radius at the upper base is 4 cm and its slant height is 15 cm, find the area of material used for making it.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 4
Solution:
Here, the radius of the open side (r1) = 10 cm
The radius of the upper base (r2) = 4 cm
Slant height (l) = 15 cm
∴ Area of the material required = [Curved surface area of the frustum] + [Area of the top end]
= π(r1 + r2)l + πr22
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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4

Question 4.
A container, opened from the top and made up of a metal sheet, is in the form of a frustum of a cone of height 16 cm with radii of its lower and upper ends as 8 cm and 20 cm, respectively. Find the cost of the milk which can completely fill the container, at the rate of ₹ 20 per litre. Also find the cost of metal sheet used to make the container, if it costs ₹ 8 per 100 cm2. (Take π = 3.14)
Solution:
We have, r1 = 20 cm, r2 = 8 cm and h = 16 cm
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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 7
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 8
Area of the bottom = πr22
= (\(\frac{314}{100}\) × 8 × 8) cm2 = 200.96 cm2
∴ Total area of metal required
= 1758.4 cm2 + 200.96 cm2 = 1959.36 cm2
Cost of metal required for 100 cm2 = ₹ 8
∴ Cost of metal required for 1959.36 cm2
= ₹ \(\frac{8}{100}\) × 1959.36 = ₹ 156.75

Question 5.
A metallic right circular cone 20 cm high and whose vertical angle is 60° is cut into two parts at the middle of its height by a plane parallel to its base. If the frustum so obtained be drawn into a wire of diameter \(\frac{1}{16}\) find the length of the wire
Solution:
Let us consider the frustum DECB of the metallic cone ABC
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 9
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 Surface Areas and Volumes Ex 13.4 10
Thus, the required length of the wire = 7964.44 m

MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11

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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11

निश्चित समाकलनों में गुणधर्मों का उपयोग करते हुए 1 से 19 तक के प्रश्नों में समाकलनों का मान ज्ञात कीजिए-
प्रश्न 1.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \cos ^{2} x d x\)
हल:

MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 100
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 1

प्रश्न 2.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \frac{\sqrt{\sin x}}{\sqrt{\sin x}+\sqrt{\cos x}} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 2
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 3

प्रश्न 3.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \frac{\sin ^{3 / 2} x d x}{\sin ^{3 / 2} x+\cos ^{3 / 2} x} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 4

प्रश्न 4.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \frac{\cos ^{5} x}{\sin ^{5} x+\cos ^{5} x} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 5

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
\(\int_{-5}^{5}|x+2| d x\)
हल:
\(\int_{-5}^{5}|x+2| d x\)
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 6

प्रश्न 6.
\(\int_{2}^{8}|x-5| d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 7

प्रश्न 7.
\(\int_{0}^{1} x(1-x)^{n} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 8
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 9

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प्रश्न 8.
\(\int_{0}^{\pi / 4} \log (1+\tan x) d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 10

प्रश्न 9.
\(\int_{0}^{2} x \sqrt{2-x} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 11
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 12

प्रश्न 10.
\(\int_{0}^{\pi / 2}(2 \log \sin x-\log \sin 2 x) d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 13

प्रश्न 11.
\(\int_{-\pi / 2}^{\pi / 2} \sin ^{2} x d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 14
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प्रश्न 12.
\(\int_{0}^{\pi} \frac{x d x}{1+\sin x}\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 16

प्रश्न 13.
\(\int_{-\pi / 2}^{\pi / 2} \sin ^{7} x d x\)
हल:
माना \(\int_{-\pi / 2}^{\pi / 2} \sin ^{7} x d x\)
क्योंकि sin7 x एक विषम फलन है।
अतः I = 0.

प्रश्न 14.
\(\int_{0}^{2 \pi} \cos ^{5} x d x\)
हल:
माना I = \(\int_{0}^{2 \pi} \cos ^{5} x d x\)
माना f (x) = cos5 x तब
f(2π – x) = [cos (2π – x)]5 = cos5 x = f (x)
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प्रश्न 15.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \frac{\sin x-\cos x}{1+\sin x \cos x} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 18

प्रश्न 16.
\(\int_{0}^{\pi} \log (1+\cos x) d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 19
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 20

प्रश्न 17.
\(\int_{0}^{a} \frac{\sqrt{x}}{\sqrt{x}+\sqrt{a-x}} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 21

प्रश्न 18.
\(\int_{0}^{4}|x-1| d x\)
हल:
\(\int_{0}^{4}|x-1| d x\)
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 22

MP Board Solutions

प्रश्न 19.
\(\int_{0}^{a} f(x) g(x) d x=2 \int_{0}^{a} f(x) d x\)
यदि f और g को f(x) = f(a – x) एवं g(x) + g(x – a) = 4 के रूप में परिभाषित किया गया है।
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 23

प्रश्न 20 एवं 21 में सही उत्तर का चयन कीजिए।
प्रश्न 20.
\(\int_{-\pi / 2}^{\pi / 2}\left(x^{3}+x \cos x+\tan ^{5} x+1\right) d x\) का मान है-
(A) 0
(B) 2
(C) π
(D) 1
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 24
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 25
अतः विकल्प (C) सही है।

प्रश्न 21.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \log \left(\frac{4+3 \sin x}{4+3 \cos x}\right)\) का मान है
(A) 2
(B) \(\frac{3}{4}\)
(C) 0
(D) -2
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.11 26
अतः l = 0
अतः विकल्प (C) सही है।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2

Question 1.
Find the coordinates of the point which divides the join of (-1, 7) and (4, -3) in the ratio 2 : 3.
Solution:
Let the required point be P(x, y).
Here the end points are (-1, 7) and (4, – 3)
Ratio = 2 : 3 = m1 : m2
∴ x = \(\frac{m_{1} x_{2}+m_{2} x_{1}}{m_{1}+m_{2}}\)
= \(\frac{(2 \times 4)+3 \times(-1)}{2+3}=\frac{8-3}{5}=\frac{5}{5}=1\)
And y = \(\frac{m_{1} y_{2}+m_{2} y_{1}}{m_{1}+m_{2}}\)
= \(\frac{2 \times(-3)+(3 \times 7)}{2+3}=\frac{-6+21}{5}=\frac{15}{5}=3\)
Thus, the required point is (1, 3)

Question 2.
Find the coordinates of the points of trisection of the line segment joining (4, -1) and (-2, -3).
Solution:
Let the given points be A(4, -1) and B(-2, -3)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 1
Let the points P and Q trisects AB.
i.e., AP = PQ = QB
i.e., P divides AB in the ratio of 1 : 2 and Q divides AB in the ratio of 2 : 1
Let the coordinates of P be (x, y)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 2

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2

Question 3.
To conduct Sports Day activities, in your rectangular shaped school ground ABCD, lines have been drawn with chalk powder at a distance of 1 m each. 100 flower pots have been placed at a distance of 1 m from each other along AD, as shown in the figure. Niharika runs 1/4th the distance AD on the 2nd line and posts a green flag. Preet runs 1/5th the distance AD on the eighth line and posts a red flag. What is the distance between both the flags? If Rashmi has to post a blue flag exactly halfway between the line segment joining the two flags, where should she post her flag ?.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 3
Solution:
Let us consider ‘A’ as origin, then
AB is the x-axis.
AD is the y-axis.
Now, the position of green flag-post is (2, \(\frac{100}{4}\)) or (2, 25)
And the position of the red flag-post is (8, \(\frac{100}{5}\)) or (8, 20)
Distance between both the flags
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 4
Let the mid-point of the line segment joining the two flags be M(x, y).
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 5
or x = 5 and y = 22.5
Thus, the blue flag is on the 5th line at a distance 22-5 m above AB.

Question 4.
Find the ratio in which the line segment joining the points (-3, 10) and (6, -8) is divided by (-1, 6).
Solution:
Let the given points are A(-3, 10) and B(6, -8).
Let the point P(-1, 6) divides AB in the ratio m1 : m2.
∴ Using the section formula, we have
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 6
⇒ -1(m1 + m2) = 6m1 – 3m2
and 6(m1 + m2) = – 8m1 + 10m2
⇒ -m1 – m2 – 6m1 + 3m2 = 0
and 6m1 + 6m2 + 8m1 – 10m2 = 0
⇒ -7m1 + 2m2 = 0 and 14m1 – 4m2 = 0 or 7m1 – 1m2 = 0
⇒ \(\frac{m_{1}}{m_{2}}=\frac{2}{7}\) and \(\frac{m_{1}}{m_{2}}=\frac{2}{7}\)
⇒ 2m2 = 7m1 and 7m1 = 2m2
⇒ m1 : m2 = 2 : 7 and m1 : m2 = 2 : 7
Thus, the required ratio is 2 : 7.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2

Question 5.
Find the ratio in which the line segment joining 4(1, -5) and B(-4, 5) is divided by the x-axis. Also, find the coordinates of the point of division.
Solution:
The given points are A( 1, -5) and B(-4, 5). Let the required ratio = k:l and the required point be P(x, y).
Since the point P lies on x-axis,
∴ Its y-coordinate is 0.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 7

Question 6.
If (1, 2), (4, y), (x, 6) and (3,5) are the vertices of a parallelogram taken in order, find x and y.
Solution:
Let the given points are A( 1, 2), B(4, y), C(x, 6) and D(3, 5)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 8
Since, the diagonals of a parallelogram bisect each other.
∴ The coordinates of P are :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 9
∴ The required values of x and y are 6 and 3 respectively.

Question 7.
Find the coordinates of a point A, where AB is the diameter of a circle whose centre is (2, -3) and Bis (1,4).
Solution:
Let centre of the circle is 0(2, -3) and the end points of the diameter be A(x, y) and B(1, 4)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 10
Since, the centre of a circle bisects the diameter.
∴ 2 = \(\frac{x+1}{2}\) ⇒ x + 1 = 4 or x = 3
And -3 = \(\frac{y+4}{2}\) ⇒ y + 4 = -6 or y = -10
Thus, the coordinates of A are (3, -10)

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2

Question 8.
If A and B are (-2, -2) and (2, -4) respectively, find the coordinates of P such that AP = \(\frac{3}{7}\) AB and Plies on the line segment AB.
Solution:
Here, the given points are A(-2, -2) and B(2, -4)
Let the coordinates of P are (x, y)
Since, the point P divides AB such that
AP = \(\frac{3}{7}\)AB or \(\frac{A P}{A B}\) = \(\frac{3}{7}\)
⇒ AB = AP + BP
⇒ \(\frac{A P+B P}{A P}\) = \(\frac{7}{3}\)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 11

Question 9.
Find the coordinates of the points which divide the line segment joining A(-2, 2) and B(2, 8) into four equal parts.
Solution:
Here, the given points are A(-2, 2) and B(2, 8)
Let P1, P2 and P3 divide AB in four equal parts.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 7 Coordinate Geometry Ex 7.2 12

Question 10.
Find the area of a rhombus if its vertices are (3, 0), (4, 5), (-1, 4) and (-2, -1) taken in order.
[Hint: Area of a rhombus = \(\frac{1}{2}\) (product of its diagonals)]
Solution:
Let the vertices of the given rhombus are A(3, 0), B(4, 5), C(-1, 4) and D(-2, -1)
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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.4

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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.4

प्रश्न 1. यदि \(\vec{a}=\hat{i}-7 \hat{j}+7 \hat{k}\) और \(\vec{b}=3 \hat{i}-2 \hat{j}+2 \hat{k}\) हो तो \(|\vec{a} \times \vec{b}|\) ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5

प्रश्न 2.
सदिश \(\vec{a}+\vec{b}\) और \(\vec{a}-\vec{b}\) की लम्ब दिशा में मात्रक सदिश ज्ञात कीजिए जहाँ \(\vec{a}=3 \hat{i}+2 \hat{j}+2 \hat{k}\) और \(\vec{b}=\hat{i}+2 \hat{j}-2 \hat{k}\) है।
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 1
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 2

प्रश्न 3.
यदि एक मात्रक सदिश \(\vec{a}, \hat{i}\) के साथ π/3, \(\hat{j}\) के साथ π/4 और \(\hat{k}\) के साथ एक न्यून कोण 8 बनाता है तो 0 का मान ज्ञात कीजिए और इसकी सहायता से \(\hat{a}\) के घटक भी ज्ञात कीजिए।
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 3

प्रश्न 4.
दर्शाइए कि
\((\vec{a}-\vec{b}) \times(\vec{a}+\vec{b})=2(\vec{a} \times \vec{b})\)
हल:
L.H.S. \((\vec{a}-\vec{b}) \times(\vec{a}+\vec{b})\)
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 4

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प्रश्न 5.
λ और μ ज्ञात कीजिए यदि
\((2 \hat{i}+6 \hat{j}+27 \hat{k}) \times(\hat{i}+\lambda \hat{j}+\mu \hat{k})=\overrightarrow{0}\)
हल:
दिया है
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 5

प्रश्न 6.
दिया हुआ है कि \(\vec{a} \cdot \vec{b}=0\) और \(\vec{a} \times \vec{b}=\overrightarrow{0}\) सदिश \(\vec{a}\) और \(\vec{b}\) के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं|
हल:
दिया है \(\vec{a} \cdot \vec{b}=0\)
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प्रश्न 7.
मान लीजिए सदिश \(\vec{a}, \vec{b}, \vec{c}\) क्रमशः \(a_{1} \hat{i}+a_{2} \hat{j}+a_{3} \hat{k}, b_{1} \hat{i}+b_{2} \hat{j}+b_{3} \hat{k}, c_{1} \hat{i}+c_{2} \hat{j}+c_{3} \hat{k}\) के रूप में दिए हुए हैं तब दर्शाइए कि
\(\vec{a} \times(\vec{b}+\vec{c})=\vec{a} \times \vec{b}+\vec{a} \times \vec{c}\)
हल:
सिद्ध करना है-
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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 8

प्रश्न 8.
यदि \(\vec{a}=\overrightarrow{0}\) अथवा \(\vec{b}=\overrightarrow{0}\) तब \(\vec{a} \times \vec{b}=\overrightarrow{0}\) होता है। क्या विलोम सत्य है? उदाहरण सहित अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
हल:
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प्रश्न 9.
एक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसके शीर्ष A (1, 1, 2), B(2, 3, 5) और C (1, 5, 5) हैं।
हल:
दिया है A (1, 1, 2), B (2, 3, 5) और C (1, 5, 5)
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प्रश्न 10.
एक समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी संलग्न भुजाएँ सदिश \(\vec{a}=\hat{i}-\hat{j}+3 \hat{k}\) और \(\vec{b}=2 \hat{i}-7 \hat{j}+\hat{k}\) द्वारा निर्धारित हैं।
हल:
समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल जिसकी संगत भुजाएँ सदिश \(\vec{a}\) तथा \(\vec{b}\) हैं = \(|\vec{a} \times \vec{b}|\)
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प्रश्न 11.
मान लीजिए सदिश \(\vec{a}\) और \(\vec{b}\) इस प्रकार हैं कि \(|\vec{a}|=3\) और| \(|\vec{b}|=\frac{\sqrt{2}}{3}\) तब \(\vec{a} \times \vec{b}\) एक मात्रक सदिश है। तब \(\vec{a}\) और \(\vec{b}\) के बीच का कोण है-
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हल:
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अतः विकल्प (B) सही है।

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प्रश्न 12.
एक आयत के शीर्ष A, B, C और D जिनके स्थिति सदिश क्रमशः \(-\hat{i}+\frac{1}{2} \hat{j}+4 \hat{k}, \quad \hat{i}+\frac{1}{2} \hat{j}+4 \hat{k}\) \(\hat{i}-\frac{1}{2} \hat{j}+4 \hat{k}\) और \(-\hat{i}-\frac{1}{2} \hat{j}+4 \hat{k}\) हैं, का क्षेत्रफल है
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हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 10 सदिश बीजगणित Ex 10.5 16
अतः विकल्प (C) सही है।

MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10

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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10

1 से 8 तक के प्रश्नों में समाकलनों का मान प्रतिस्थापन का उपयोग करते हुए ज्ञात कीजिए-
प्रश्न 1.
\(\int_{0}^{1} \frac{x}{x^{2}+1} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 1

प्रश्न 2.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \sqrt{\sin \phi} \cos ^{5} \phi d \phi\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 2
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 13

प्रश्न 3.
\(\int_{0}^{1} \sin ^{-1}\left(\frac{2 x}{1+x^{2}}\right) d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 3

प्रश्न 4.
\(\int_{0}^{2} x \sqrt{x+2} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 4
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 14

MP Board Solutions

प्रश्न 5.
\(\int_{0}^{\pi / 2} \frac{\sin x}{1+\cos ^{2} x} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 5

प्रश्न 6.
\(\int_{0}^{2} \frac{d x}{x+4-x^{2}}\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 6
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 7
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 16

प्रश्न 7.
\(\int_{-1}^{1} \frac{d x}{x^{2}+2 x+5}\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 8

प्रश्न 8.
\(\int_{1}^{2}\left(\frac{1}{x}-\frac{1}{2 x^{2}}\right) e^{2 x} d x\)
हल:
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 9

MP Board Solutions

प्रश्न 9 एवं 10 में सही उत्तर का चयन कीजिए
प्रश्न 9.
समाकलन \(\int_{1 / 3}^{1} \frac{\left(x-x^{3}\right)^{1 / 3}}{x^{4}} d x\) का मान है-
(A) 6
(B) 0
(C) 3
(D) 4
हल:
x = sin θ रखने पर
dx = cos θ dθ
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 10
पुनः cot θ = t प्रतिस्थापित करने पर
-cosec2θ dθ = dt
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 11
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 15
अतः विकल्प (A) सही है।

प्रश्न 10.
यदि f(x) = \(\int_{0}^{x} t \sin t d t\) है, तब f'(x) है-
(A) cos x + x sin x
(B) x sin x
(C) x cos x
(D) sin x + x cos x
हल:
f(x) = \(\int_{0}^{x} t \sin t d t\)
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 7 समाकलन Ex 7.10 img 12
अतः f'(x) = -[cos x – x sin x] + cos x
= – cos x + x sin x + cos x
= x sin x
अतः विकल्प (B) सही है।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3

Question 1.
Prove that \(\sqrt{5}\) is irrational.
Solution:
Let us assume, to the contrary, that \(\sqrt{5}\) is rational.
∴ \(\sqrt{5}=\frac{a}{b}\)
∴ b × \(\sqrt{5}\) = a
By Squaring on both sides,
5b2 = a2 …………. (i)
∴ 5 divides a2.
5 divides a.
∴ We can write a = 5c.
Substituting the value of ‘a’ in eqn. (i),
5b2 = (5c)2 = 25c2
b2 = 5c2
It means 5 divides b2.
∴ 5 divides b.
∴ ‘a’ and ‘b’ have at least 5 as a common factor.
But this contradicts the fact that a’ and ‘b’ are prime numbers.
∴ \(\sqrt{5}\) is an irrational number.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3

Question 2.
Prove that 3 +2\(\sqrt{5}\) is irrational.
Solution:
Let 3 + 2\(\sqrt{5}\) is rational.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3 2
⇒ From (1), \(\sqrt{5}\) is rational
But this contradicts the fact that \(\sqrt{5}\) is irrational.
∴ Our supposition is wrong.
Hence, 3 + 2\(\sqrt{5}\) is irrational.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3

Question 3.
Prove that the following are irrationals.
(i) \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)
(ii) 7\(\sqrt{5}\)
(iii) 6 + \(\sqrt{2}\)
Solution:
(i) We have
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3 4
From (1), \(\sqrt{2}\) is rational number which contradicts the fact that \(\sqrt{2}\) is irrational.
∴ Our assumption is wrong.
Thus, \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) is irrational.

(ii) Let \(7 \sqrt{5}\) is rational.
∴ We can find two co-prime integers a and b such that \(7 \sqrt{5}=\frac{a}{b}\), where b ≠ 0
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3 5
This contradicts the fact that \(\sqrt{5}\) is irrational.
∴ Out assumption is wrong.
Thus, we conclude that 7\(\sqrt{5}\) is irrational.

(iii) Let 6 + \(\sqrt{2}\) is rational.
∴ We can find two co-prime integers a and b
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3 6
= Rational [ ∵ a and b are integers]
From (1), \(\sqrt{2}\) is a rational number,
which contradicts the fact that \(\sqrt{2}\) is an irrational number.
∴ Our supposition is wrong.
⇒ 6 + \(\sqrt{2}\) is an irrational number.