MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 5 समान्तर श्रेढ़ियाँ Ex 5.1

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 5 समान्तर श्रेढ़ियाँ Ex 5.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित स्थितियों में से किन स्थितियों में सम्बद्ध संख्याओं की सूची A.P. है और क्यों?
(i) प्रत्येक किलोमीटर के बाद का टैक्सी का किराया जबकि प्रथम किलोमीटर के लिए किराया ₹ 15 है और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए किराया ₹ 8 है।
(ii) किसी बेलन (Cylinder) में उपस्थित हवा की मात्रा, जबकि वायु निकालने वाला पम्प प्रत्येक बार बेलन की शेष हवा का – भाग बाहर निकाल देता है।
(iii) प्रत्येक मीटर की खुदाई के बाद, एक कुआँ खोदने में आई लागत जबकि प्रथम मीटर खुदाई की लागत ₹ 150 है और बाद में प्रत्येक मीटर की खुदाई की लागत ₹ 50 बढ़ती जाती है।
(iv) खाते में प्रत्येक वर्ष का मिश्रधन, जबकि ₹ 10,000 की राशि 8% वार्षिक की दर से चक्रवृद्धि ब्याज पर जमा की जाती है।
हल:
(i) हाँ, 15, 23.31, 39, ………… एक A.P. बनाते हैं क्योंकि प्रत्येक अगला पद पिछले पद में एक निश्चत संख्या 8 जोड़ने से प्राप्त होता है।
(ii) नहीं, आयतन V,\(\frac { 3V }{ 4 } \),(\(\frac { 3 }{ 4 } \))2 V,(\(\frac { 3 }{ 4 } \))3 …… क्योंकि सार्वान्तर समान नहीं है।
(iii) हाँ, खुदाई की लागत ₹ 150, 200, 250, 300, ………… एक A.P. बनाते हैं क्योंकि प्रत्येक अगला पद पिछले पद में एक निश्चित संख्या 50 जोड़ने से प्राप्त होता है।
(iv) नहीं, राशियाँ 10,000 (1 + \(\frac { 8 }{ 100 } \)). 10,000 (1 + \(\frac { 8 }{ 100 } \))2 , 10,000 (1 + \(\frac { 8 }{ 100 } \))3, 10,000 (1 + \(\frac { 8 }{ 100 } \))4 …………. सार्वान्तर समान नहीं हैं।

प्रश्न 2.
दी हुई A.P. के प्रथम चार पद लिखिए, जबकि प्रथम पद और सार्वान्तर में निम्नलिखित हैं :
(i) a = 10, d = 10
(ii) a = – 2,d = 0
(iii) a = 4, d = -3
(iv) a = – 1, d =
(v) a = -1, d = \(\frac { 1 }{ 2 } \)
हल:
(i) अभीष्ट प्रथम चार पद हैं : 10, 20, 30, 40
(ii) अभीष्ट प्रथम चार पद हैं : -2, -2, -2, -2
(iii) अभीष्ट प्रथम चार पद हैं : 4, 1, -2, -5
(iv) अभीष्ट प्रथम चार पद हैं : – 1, –\(\frac { 1 }{ 2 } \), 0, \(\frac { 1 }{ 2 } \).
(v) अभीष्ट प्रथम चार पद हैं : – 1-25, -1:50, -1.75, -2.00

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से प्रत्येक A.P. के लिए प्रथम पद तथा सार्वान्तर लिखिए :
(i) 3, 1,-1,-3, ……….
(ii) -5, -1, 3, 7, ………….
(iii) \(\frac { 1 }{ 3 } \),\(\frac { 5 }{ 3 } \),\(\frac { 9 }{ 3 } \),\(\frac { 13 }{ 3 } \) ………….
(iv) 0.6, 1.7, 2.8, 3:9 ………….
हल:
(i) प्रथम पद: a = 3 एवं सार्वान्तर d = 1 – 3 = -2.
(ii) प्रथम पद a = -5 एवं सार्वान्तर d = (-1) – (-5) = -1 + 5 = 4
(iii) प्रथम पद : a = \(\frac { 1 }{ 3 } \) एवं सार्वान्तर d = \(\frac { 5 }{ 3 } \) – \(\frac { 1 }{ 3 } \) = \(\frac { 4 }{ 3 } \)
(iv) प्रथम पद : a = 0.6 एवं सार्वान्तर d = 1.7 – 0.6 = 1.1.

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन-कौन A.P. है? यदि कोई A.P. है, तो इसका सार्वान्तर ज्ञात कीजिए और इनके तीन पद और लिखिए :
(i) 2, 4, 8, 16, …………..
(ii) 2,\(\frac { 5 }{ 2 } \),3,\(\frac { 7 }{ 2 } \) ………………
(iii) -1.2, -3.2, -5.2, -7.2, ………..
(iv) -10, -6, -2, 2, ……….
(v) 3,3 + \(\sqrt { 2 }\), 3 + 2 \(\sqrt { 2 }\), 3 + 3\(\sqrt { 2 }\) ……………..
(vi) 0.2, 0.22, 0.222, 0.2222 ………………….
(vii) -1,-4,-8,-12 ……………..
(viii) –\(\frac { 1 }{ 2 } \),-\(\frac { 1 }{ 2 } \),-\(\frac { 1 }{ 2 } \),-\(\frac { 1 }{ 2 } \)
(ix) 1,3,9,27, ………..
(x) a, 2a, 3a, 4a, …………
(xi) a,a2,a3,a4, …………..
(xii) \(\sqrt { 2 }\), \(\sqrt { 8 }\), \(\sqrt { 18 }\), \(\sqrt { 32 }\), ………………..
(xiii) \(\sqrt { 3 }\), \(\sqrt { 6 }\), \(\sqrt { 9 }\), \(\sqrt { 12 }\), ………………..
(xiv) 12, 32, 52, 72, ………………
(xv) 12,52,72,73, ………………
हल:
(i) 2, 4, 8, 16,………………
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⇒ (a2 – a1) ≠ (a3 – a2) ≠ (a4 – a3)
अतः यह A.P. नही है।

(ii) 2,\(\frac { 5 }{ 2 } \),3,\(\frac { 7 }{ 2 } \) ………………
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = \(\frac { 1 }{ 2 } \) [सार्वान्तर (d)]
⇒ अगले तीन पद क्रमशः = (\(\frac { 7 }{ 2 } \) + \(\frac { 1 }{ 2 } \) = 4),(4 + \(\frac { 1 }{ 2 } \) = \(\frac { 9 }{ 2 } \)) एवं (\(\frac { 9 }{ 2 } \) + \(\frac { 1 }{ 2 } \) = 5)
अत: यह A.P. है तथा इसका सार्वान्तर d = \(\frac { 1 }{ 2 } \) है, एवं इसके अगले तीन पद क्रमशः 4,\(\frac { 9 }{ 2 } \) एवं 5 हैं।

(iii) -1.2, -3.2, -5.2, -7.2, ………..
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = – 2 [सार्वान्तर (d)]
⇒ अगले तीन पद क्रमशः (-7.2, -2 = -9.2)
(-9.2 -2 = -11.2) एवं (-11.2 – 2 = -13.2)
अतः यह A.P. है जिसका सार्वान्तर d = -2 है तथा अगले तीन पद क्रमशः -9.2, -11.2 एवं -13.2 हैं।

(iv) -10, -6, -2, 2, ……….
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = 4 [सान्तिर (d)]
⇒ अगले तीन पद क्रमशः (2 + 4) = 6, (6 + 4)= 10 एवं (10 + 4)= 14.
अत: यह एक A.P. है, जिसका सार्वान्तर d = 4 है तथा इसके अगले तीन पद क्रमशः 6, 10 एवं 14 हैं।

(v) 3,3 + \(\sqrt { 2 }\), 3 + 2 \(\sqrt { 2 }\), 3 + 3\(\sqrt { 2 }\) ……………..
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = \(\sqrt { 2 }\) [सार्वान्तर (d)]
⇒ अगले तीन पद क्रमशः (3 + 3\(\sqrt { 2 }\) + \(\sqrt { 2 }\) = 3 + 4\(\sqrt { 2 }\)), (3 + 4\(\sqrt { 2 }\) + \(\sqrt { 2 }\) = 3 + 5\(\sqrt { 2 }\)),
एवं (3 + 5\(\sqrt { 2 }\) + \(\sqrt { 2 }\) = 3 + 6\(\sqrt { 2 }\))
अत: यह एक A.P. है जिसका सार्वान्तर d = \(\sqrt { 2 }\) है तथा इसके अगले तीन पद क्रमशः
(3 + 4 \(\sqrt { 2 }\)), (3 + 5\(\sqrt { 2 }\)) एवं (3 + 6\(\sqrt { 2 }\)) हैं।

(vi) 0.2, 0.22, 0.222, 0.2222 ………………….
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अतः यह A.P. नहीं हैं।

(vii) -1,-4,-8,-12 ……………..
⇒ a2 – a1 = (-4) – (0) = -4
a3 – a2 = (-8) – (-4) = -4
a4 – a3 = (-12) – (-8) = -4
⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3)= -4 [सावन्तिर (d)]
⇒ अगले तीन पद क्रमशः (-12 -4 = -16); (-16 -4 = -20) एवं (-20 -4) = -24.
अत: यह एक A.P. है जिसका सार्वान्तर d = – 4 तथा इसके अलगे तीन पद : -16, -20 एवं -24 हैं।

(viii) –\(\frac { 1 }{ 2 } \),-\(\frac { 1 }{ 2 } \),-\(\frac { 1 }{ 2 } \),-\(\frac { 1 }{ 2 } \)
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = 0 [सान्तिर (d)]
= अगले तीन पद क्रमशः (-\(\frac { 1 }{ 2 } \) + 0 = – \(\frac { 1 }{ 2 } \)), (-\(\frac { 1 }{ 2 } \) + 0 = – \(\frac { 1 }{ 2 } \) एवं (-\(\frac { 1 }{ 2 } \) + 0 = – \(\frac { 1 }{ 2 } \))
अतः यह एक A.P. है जिसका सार्वान्तर d = 0 है तथा इसके अगले तीन पद क्रमशः – \(\frac { 1 }{ 2 } \), – \(\frac { 1 }{ 2 } \) एवं –\(\frac { 1 }{ 2 } \) हैं।

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(ix) 1,3,9,27, ………..
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अतः यह A.P. नहीं हैं।

(x) a, 2a, 3a, 4a, …………
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = a [सार्वान्तर (d)]
⇒ अगले तीन पद क्रमशः (4a + a = 5a), (5a+a = 6a) एवं (6a + a = 7a).
अतः यह एक AP है जिसका सार्वान्तर d = a है तथा अगले तीन पद 5a, 6a एवं 7a हैं।

(xi) a,a2,a3,a4, …………..
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⇒ (a2 – a1) ≠ (a3 – a2) = (a4 – a3)
अत: यह एक A.P. नहीं है।

(xii) \(\sqrt { 2 }\), \(\sqrt { 8 }\), \(\sqrt { 18 }\), \(\sqrt { 32 }\), ………………..
अर्थत \(\sqrt { 2 }\),2\(\sqrt { 2 }\),3\(\sqrt { 2 }\),4\(\sqrt { 2 }\),………………
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⇒ (a2 – a1) = (a3 – a2) = (a4 – a3) = \(\sqrt { 2 }\) [सार्वान्तर (d)]
= अगले तीन पद क्रमशः (4\(\sqrt { 2 }\) + \(\sqrt { 2 }\) = 5\(\sqrt { 2 }\) = \(\sqrt { 50 }\))
(5\(\sqrt { 2 }\) + \(\sqrt { 2 }\) = 6\(\sqrt { 2 }\) = \(\sqrt { 72 }\)) एवं (6\(\sqrt { 2 }\) + \(\sqrt { 2 \) = 7\(\sqrt { 2 }\) = \(\sqrt { 98 }\))
अत: यह एक A.P. है, जिसका सार्वान्तर d = \(\sqrt { 2 }\) तथा अगले तीन पद क्रमशः \(\sqrt { 50 }\), \(\sqrt { 72 }\) एवं \(\sqrt { 98 }\) हैं।

(xiii) \(\sqrt { 3 }\), \(\sqrt { 6 }\), \(\sqrt { 9 }\), \(\sqrt { 12 }\), ………………..
a1 = √3, a2 = √6, a3 = √9, a4 = √12
दो क्रमागत पदों का अन्तर,
a2 – a1 = √6 – √3 = √3(√2 – 1)
a3 – a2 = √9 – √6 = √3(√3 – √2)
a4 – a3 = √12 – √9 = 2√3 – 3
दो क्रमागत पदों का अन्तर नियत नहीं है।
अत: दिया गया अनुक्रम एक A.P. में नहीं है।

(xiv) 12, 32, 52, 72, ………………
अर्थत 1,9,25,49, ………………..
⇒ a2 – a1 = 9 – 1 = 8
a3 – a2 = 25 – 9 = 16
a4 – a3 = 49 – 25 = 24
= (a2 – a1) ≠ (a3 – a2) ≠ (a4 – a3)
अतः यह एक A.P. नहीं है।

(xv) 12, 52, 72, 73, ………………..
अर्थात् 1, 25, 49, 73 ……………….
a1 = 12, a2 = 52, a3 = 72, a4 = 73,
दो क्रमागत पदों का अन्तर,
a2 – a1 = 52 – 12 = 25 – 1 = 24
a3 – a2 = 72 – 52 = 49 – 25 = 24
a4 – a3 = 73 – 72 = 73 – 49 = 24
दो क्रमागत पदों का अन्तर नियत (24) है।
सार्वान्तर (d) = 24 और दिया गया अनुक्रम एक A.P. में है।
तब, पाँचवाँ पद = चौथा पद + सार्वान्तर (d) = 73 + 24 = 97
छठाँ पद = पाँचवाँ पद + सार्वान्तर (d) = 97 + 24 = 121 = (11)2
सातवाँ पद = छठा पद + सार्वान्तर (d) = (11)2 + 24 = 121 + 24 = 145
अत: दिए गए अनुक्रम के अगले तीन पद : 97, 112, 145 होंगे।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2

प्रश्न 1.
एक ठोस एक अर्द्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिसकी त्रिज्याएँ 1 cm है तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबार है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 1
ज्ञात है: r = 1 cm त्रिज्या वाले अर्द्ध गोले पर उसी आधार त्रिज्या का एक शंकु जिसकी ऊँचाई h = r = 1 cm है।
चूँकि संयुक्त ठोस का आयतन = अर्द्ध गोले का आयतन + शंकु का आयतन
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अतः, ठोस का अभीष्ट आयतन = π cm³ है

प्रश्न 2.
एक इन्जीनियरिंग के विद्यार्थी रचेल से एक पतली ऐलुमीनियम की शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया, जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हों। इस मॉडल का व्यास 3 cm और इसकी लम्बाई 12 cm है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 cm हो, तो रचेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अन्तर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए। यह मान लीजिए कि मॉडल की आन्तरिक तथा बाहरी विमाएँ लगभग बराबर हैं।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 3
ज्ञात है : 12 cm लम्बा एक बेलनाकार मॉडल जिसके दोनों सिरों पर h’ = 2 cm ऊँचाई के शंकु। शंकु एवं बेलन के व्यास d = 3 cm
अर्थात् उनकी त्रिज्याएँ r = \(\frac { 3 }{ 2 }\) cm हैं।
बेलन की ऊँचाई h = 12 – 2 x 2
= 12 – 4
= 8 cm
मॉडल का आयतन (धारिता) = बेलन का आयतन + 2 x शंकु का आयतन
= πr²h + 2 x \(\frac { 1 }{ 3 }\) πr²h’
= हवा का आयतन
मॉडल का धारिता
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 4
अतः, मॉडल में अन्तर्विष्ट हवा का अभीष्ट आयतन = 66 cm³ है।

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प्रश्न 3.
एक गुलाबजामुन में उसके आयतन की लगभग 30% चीनी की चासनी है। 45 गुलाबजामुनों में लगभग कितनी चासनी होगी यदि प्रत्येक गुलाबजामुन एक बेलन के आकार का है, जिसके दोनों सिरे अर्द्ध गोलाकार हैं तथा इसकी लम्बाई 5 cm एवं व्यास 2.8 cm है (देखिए सलंग्न आकृति)।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 5
5 cm लम्बे तथा d= 2.8 cm व्यास वाले 45 ऐसे बेलनाकार गुलाबजामुन जिसके सिरे उसी व्यास के अर्द्ध गोलाकार हैं। गुलाबजामुनों में उनके आयतन का 30% चीनी की चासनी है। बेलनाकार भाग का व्यास = अर्द्धगोलाकार भाग का व्यास
d = 2.8 cm
बेलन एवं अर्द्ध गोले की त्रिज्याएँ r = \(\frac { 2.8 }{ 2 }\) = 1.4 cm
बेलनाकार भाग की लम्बाई h = 5 cm – 2 x 1.4 cm
= 2.2 cm
एक गुलाबजामुन का आयतन = बेलन का आयतन + 2 x अर्द्ध गोले का आयतन
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 6
अतः, चासनी का अभीष्ट आयतन = 338 cm³ (लगभग) है।

प्रश्न 4.
एक कलमदान घनाभ के आकार की एक लकड़ी से बना है, जिसमें कलम रखने के लिए चार शंक्वाकार गड्ढे बने हुए हैं। घनाभ की विमाएँ 15 cm x 10 cm x 3.5 cm हैं। प्रत्येक गड्ढे की त्रिज्या 0.5 cm है और गहराई 1.4 cm है। पूरे कलमदान की लकड़ी का आयतन ज्ञात कीजिए (देखिए संलग्न आकृति)।
हल :
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दिया है : घनाभ की विमाएँ 15 cm x 10 cm x 3.5 cm जिसमें 4 शंक्वाकार गड्ढे प्रत्येक h = 1.4 cm गहरे तथा त्रिज्या r = 0.5 cm के हैं।
घनाभ का कुल आयतन = 15 cm x 10 cm x 3.5 cm
V1 = 525 cm³
4 शंक्वाकार गड्ढों का आयतन = 4 x \(\frac { 1 }{ 3 }\) πr²h
V2 = 4 x \(\frac { 1 }{ 3 }\) x \(\frac { 22 }{ 7 }\) x (0.5)² x 1.4 cm³
= \(\frac { 4.4 }{ 3 }\) cm³
= 1.47 cm³
लकड़ी का आयतन = V = V1 – V2
= 525 – 1.47
= 523.53 cm³
अतः, लकड़ी का अभीष्ट आयतन = 523.53 cm³ है।

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प्रश्न 5.
एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। इसकी ऊँचाई 8 cm है और इसके ऊपरी सिरे (जो खुला हुआ है) की त्रिज्या 5 cm है। यह ऊपर तक पानी से भरा हुआ है। जब इस बर्तन में सीसे की कुछ गोलियाँ जिसमें प्रत्येक 0.5 cm त्रिज्या वाला एक गोला है, डाली जाती हैं, तो इसमें भरे हुए पानी का \(\frac { 1 }{ 4 }\) भाग बाहर निकल जाता है। बर्तन में डाली गयी सीसे की गोलियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
शंक्वाकार बर्तन के ऊपरी तल की त्रिज्या r = 5 cm तथा इसकी ऊँचाई h = 8 cm दी है। मान लीजिए, सीसे की n गोलियाँ जिनमें प्रत्येक त्रिज्या r’ = 0.5 cm की गोलाकार गोली है डालने पर पूरे भरे बर्तन के पानी का \(\frac { 1 }{ 4 }\) आयतन बाहर निकल जाता है। प्रश्नानुसार,
n गोलियों का आयतन = \(\frac { 1 }{ 4 }\) शंक्वाकार बर्तन का आयतन (धारिता)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 8
अतः, सीसे की गोलियों की अभीष्ट संख्या = 100 है।

प्रश्न 6.
ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का एक स्तम्भ बना है। इस स्तम्भ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए जबकि दिया है 1 cm³ लोहे का द्रव्यमान 8g होता है (π = 3.14 लीजिए।)
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 9
एक लोहे का स्तम्भ दो बेलनों के संयोग से बना है जिसमें r1 = \(\frac { 24 }{ 2 }\) = 12 cm,
h1 = 220 cm, r2 = 8 cm एवं h2 = 60 cm दिए हैं।
∵ V1 = πr12h1
= π(12)² x 220
= 31680 π
∵ V2 = πr22h2
= π(8)² x 60
= 3840 π
कुल आयतन = 31680 π + 3840 π
= 35520 π
V = 35520 x 3.14
= 111532.8 cm³.
लोहे का द्रव्यमान = आयतन (cm³ में) x द्रव्यमान (g/cm³ में)
M = (111532.8 x 8)g = 892262.4 g
= 892.2624 kg
= 892.26 kg (लगभग)
अतः, लोहे का अभीष्ट द्रव्यमान = 892.26 kg (लगभग) है।

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प्रश्न 7.
एक ठोस में, ऊँचाई 120 cm और त्रिज्या 60 cm वाला एक शंक सम्मिलित है, जो 60 cm त्रिज्या वाले एक अर्द्धगोले पर आरोपित है। इस ठोस को पानी से भरे हुए एक लम्बवृत्तीय बेलन में इस प्रकार सीधा डाल दिया जाता है कि यह बेलन की तली को स्पर्श करे। यदि बेलन की त्रिज्या 60 cm है और ऊँचाई 180 cm है, तो बेलन में शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात कीजिए। हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 10
मान लीजिए h = 180 cm ऊँचे तथा r = 60 cm त्रिज्या के बेलनाकार बर्तन में जल भरा है, जिसमें एक ठोस जो r = 60 cm त्रिज्या वाले अर्द्धगोले पर r = 60 cm त्रिज्या तथा h’ = 120 cm ऊँचाई का एक शंकु से मिलकर बना है, डाला जाता है जिसमें उसके आयतन के बराबर जल बाहर निकल जाता है।
∵ बेलन का आयतन = πr²h
= π(60)² x 180
V1 = 648000 π cm³
= 0.648 π m³
शंकु का आयतन = \(\frac { 1 }{ 3 }\) πr²h’
= π(60)² x 120
V2 = 144000 π cm³
= 0.144 π m³
अर्द्धगोलीय ठोस का आयतन = \(\frac { 2 }{ 3 }\) πr³
= \(\frac { 2 }{ 3 }\) π (60)³
V3 = 144000 π cm³
= 0.144 π m³.
ठोस का आयतन = V2 + V3
= 0.144 π m³ + 0.144 π m³
(V2 + V3) = 0.288π m³.
शेष जल का आयतन = बेलन का आयतन – ठोस का आयतन
= V1 – (V2+V3)
= 0.648π – 0.2881
= 0.360π m³
= 0.360 x \(\frac { 22 }{ 7 }\) m³
= 1.131 m³.
अतः, बेलनाकार बर्तन में अवशेष जल का आयतन = 1.131 m³ (लगभग) है।

प्रश्न 8.
एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलनाकार गर्दन है जिसकी लम्बाई 8 cm है और व्यास 2 cm है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 cm है। इसमें भरे जा सकने वाली पानी का मात्रा मापकर एक बच्चे ने यह ज्ञात किया कि इस बर्तन का आयतन 345 cm³ है। जाँच कीजिए कि उस बच्चे का उत्तर सही है या नहीं। यह मानते हए कि उपरोक्त मापन आन्तरिक मापन है और π = 3.14 है।
हल :
गोलाकार भाग का व्यास 2R = 8.5 cm
R = \(\frac { 8.5 }{ 2 }\)
एवं बेलनाकार भाग का व्यास 2r = 2 cm
r = \(\frac { 2 }{ 2 }\) = 1 cm
गोलाकार भाग का आयतन
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन Ex 13.2 11
बेलनाकार भाग का आयतन = πr²h = 3.14 x (1)² x 8
V2 = 25.12 cm³
कुल आयतन V = V1+V2
= 321.39 + 25.12 .
= 346.51 cm³
अतः, बच्चे का उत्तर सही नहीं है क्योंकि सही आयतन 346.51 cm³ है।

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथनों को पूरा कीजिए :
(i) घटना E की प्रायिकता + घटना ‘E नहीं’ की प्रायिकता = ………. है।
(ii) उस घटना की प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती ………… है। ऐसी घटना ……….. कहलाती है।
(iii) उस घटना की प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है …………. है। ऐसी घटना …………. कहलाती है।
(iv) किसी प्रयोग की सभी प्रारम्भिक घटनाओं का योग ………… है।
(v) किसी घटना की प्रायिकता …………. से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा …………. से छोटी या उसके बराबर होती है।
हल :
(i) 1 (एक),
(ii) 0 (शून्य), असम्भव घटना
(iii) 1 (एक), अवश्य या निश्चित घटना
(iv) 1 (एक),
(v) 0 (शून्य), 1 (एक)।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रयोगों में से किन-किन प्रयोगों के परिणाम समप्रायिक हैं। स्पष्ट कीजिए।
(i) एक ड्राइवर कार चलाने का प्रयत्न करता है। कार चलना प्रारम्भ नहीं होती है।
(ii) एक खिलाड़ी बास्केटबॉल को बास्केट में डालने का प्रयत्न करती है। वह बास्केट में बॉल डाल पाती है या नहीं डाल पाती है।
(iii) एक सत्य-असत्य प्रश्न का अनुमान लगाया जाता है। उत्तर सही है या गलत होगा।
(iv) एक बच्चे का जन्म होता है। वह एक लड़का है या लड़की है।
हल :
प्रयोग (iii) एवं (iv) के परिणाम सम्प्रायिक या समसम्भावी होंगे, क्योंकि इनकी समान सम्भावनाएँ होंगी।

प्रश्न 3.
फुटबॉल के खेल को प्रारम्भ करते समय, यह निर्णय लेने के लिए कि कौन-सी टीम पहले बॉल लेगी, इसके लिए सिक्का उछालना एक न्याय संगत विधि क्यों माना जाता है?
हल :
जब हम सिक्का उछालते हैं तो चित या पट् आने का परिणाम समसम्भावी है। इसलिए यह विधि न्याय संगत है।

प्रश्न 4.
इनमें से कौन-सी संख्या किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती?
(a) \(\frac { 2 }{ 3 }\)
(b) – 1.5
(c) 15%
(d) 0.7.
हल :
(b)- 1.5, क्योंकि प्रायिकता कभी ऋणात्मक अर्थात् शून्य से कम नहीं हो सकती है।

प्रश्न 5.
यदि P(E) = 0.05 है, तो E नहीं की प्रायिकता क्या है? (2019)
हल:
\(P(\overline{E})\) = 1 – P(E) = 1 – 0.05 = 0.95
जहाँ \(P(\overline{E})\) ‘E नहीं’ की प्रायिकता है।

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प्रश्न 6.
एक थैले में केवल नीबू की महक वाली गोलियाँ हैं। मालिनी बिना थैले में झाँके उसमें से एक गोली निकालती है। इसकी क्या प्रायिकता है कि वह निकाली गयी गोली
(i) सन्तरे की महक वाली है,
(ii) नीबू की महक वाली है।
हल :
(i) प्रायिकता 0 (शून्य) होगी, क्योंकि थैले में सन्तरे की महक वाली एक भी गोली नहीं है।
(ii) प्रायिकता 1 (एक) होगी, क्योंकि थैले में सभी गोलियाँ नीबू की महक वाली हैं।

प्रश्न 7.
यह दिया हुआ है कि 3 विद्यार्थियों के एक समूह में से 2 विद्यार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन न होने की प्रायिकता 0.992 है। इसकी क्या प्रायिकता है कि इन दो विद्यार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन हों?
हल :
मान लीजिए दोनों विद्यार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन होने की घटना E और एक ही दिन नहीं होने की घटना \((\overline{E})\) है, तो
चूँकि P(E) = 1 – \(P(\overline{E})\)
P(E) = 1 – 0.992 [\(P(\overline{E})\) = 0.992 (दिया है)]
= 0.008
अतः, दोनों विद्यार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन होने की अभीष्ट प्रायिकता = 0.008 है।

प्रश्न 8.
एक थैले में 3 लाल और 5 काली गेंदें हैं। इस थैले में से एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है। इसकी प्रायिकता क्या है कि गेंद
(i) लाल हो?
(ii) लाल नहीं हो?
हल :
(i) गेंदों की कुल संख्या S = 3 + 5 = 8
अर्थात् प्रयोग के सभी सम्भावित परिणामों की संख्या S = 8
लाल गेंद होने के अनुकूल परिणामों की संख्या = 3
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 1

(ii) लाल गेंद नहीं होने की प्रायिकता
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 1
अतः, अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 3 }{ 8 }\) एवं (ii) \(\frac { 5 }{ 8 }\) हैं।

प्रश्न 9.
एक डिब्बे में 5 लाल कंचे, 8 सफेद कंचे और 4 हरे कंचे हैं। इस डिब्बे में से एक कंचा यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि निकाला गया कंचा
(i) लाल है?
(ii) सफेद है?
(iii) हरा नहीं है?
हल :
कुल कंचों की संख्या = 5 + 8 + 4 = 17
अर्थात् सभी सम्भव परिणामों की संख्या (S) = 17
(i) लाल कंचा होने के अनुकूल परिणाम
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(ii) सफेद कंचा होने के अनुकूल परिणाम
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 3

(iii) हरा कंचा होने के अनुकूल परिणाम \(n\left(E_{G}\right)=4\).
हरा कंचा न होने का परिणाम \(n\left(\overline{E}_{G}\right)=17-4=13\)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 4
अतः, अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 5 }{ 17 }\), (ii) \(\frac { 8 }{ 17 }\) और (iii) \(\frac { 13 }{ 17 }\) हैं।

प्रश्न 10.
एक पिग्गी बैंक (Piggy bank) में, 50 पैसे के 100 सिक्के, Rs 1 के 50 सिक्के, Rs 2 के 20 सिक्के और Rs 5 के 10 सिक्के हैं। यदि पिग्गी बैंक को हिलाकर एक सिक्का गिरने का परिणाम समप्रायिक है, तो इसकी क्या प्रायिकता है कि वह गिरा हुआ सिक्का
(i) 50 पैसे का होना?
(ii) Rs 5 का नहीं होगा।
हल :
मान लीजिए
n(E1) = Rs 50 पैसे के सिक्कों की संख्या = 100
n(E2) = Rs 1 के सिक्कों की संख्या = 50
n(E3) = Rs 2 के सिक्कों की संख्या = 20
n(E4) = Rs 5 के सिक्कों की संख्या = 10
कुल सिक्कों की संख्या n(S) = n(E1) + n(E2) + n(E3) + n(E4)
n(S) = 100 + 50 + 20 + 10 = 180.
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अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 5 }{ 9 }\) एवं (ii) \(\frac { 17 }{ 18 }\) हैं।

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प्रश्न 11.
गोपी अपने जल-जीव कुण्ड (aquarium) के लिए एक दुकान से मछली खरीदती है। दुकानदार एक टंकी, जिसमें 5 नर मछलियाँ एवं 8 मादा मछलियाँ है, में से एक मछली यादृच्छिक उसे देने के लिए निकालती है (देखिए संलग्न आकृति)। इसकी क्या प्रायिकता है कि निकाली गयी मछली नर मछली है।
हल :
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कुल मछलियाँ की संख्या n(S) = 5 + 8 = 13.
n(E) = नर मछलियों की संख्या = 5
\(P(E)=\frac{n(E)}{n(S)}=\frac{5}{13}\)
अतः, अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 5 }{ 13 }\) हैं।

प्रश्न 12.
संयोग (Chance) के एक खेल में एक तीर घुमाया जाता है जो विश्राम में आने के बाद संख्याओं 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 और 8 में से किसी एक संख्या को इंगित करता है (देखिए संलग्न आकृति)। यदि ये सभी परिणाम समप्रायिक हों, तो इसकी क्या प्रायिकता है कि यह तीर इंगित
(i) 8 को करेगा?
(ii) एक विषम संख्या को करेगा?
(iii) 2 से बड़ी संख्या को करेगा?
(iv) 9 से छोटी संख्या को करेगा?
हल :
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चूँकि सभी सम्भावित परिणाम S = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 एवं 8 हैं
n(S) = 8 है।
(i) n(E1) = 1 आठ का अंक
\(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n(S)}=\frac{1}{8}\)

(ii) विषम संख्याएँ हैं : E2 = 1, 3, 5, 7
n(E2) = 4
\(P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n(S)}=\frac{4}{8}=\frac{1}{2}\)

(iii) दो से बड़ी संख्याएँ हैं : E3 = 3, 4, 5, 6, 7 और 8.
n(E3) = 6
\(P\left(E_{3}\right)=\frac{n\left(E_{3}\right)}{n(S)}=\frac{6}{8}=\frac{3}{4}\)

(iv) 9 से छोटी संख्याएँ हैं : E4 = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 और 8
n(E4) = 8
\(P(E)_{4}=\frac{n\left(E_{4}\right)}{n(S)}=\frac{8}{8}=1\)
अत: अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 8 }\), (ii) \(\frac { 1 }{ 2 }\), (iii) \(\frac { 3 }{ 4 }\) एवं (iv) 1 हैं।

प्रश्न 13.
एक पासे को एक बार फेंका जाता है। निम्नलिखित को प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए
(i) एक अभाज्य संख्या।
(ii) 2 और 6 के बीच स्थित कोई संख्या।
(iii) एक विषम संख्या।
हल :
कुल सम्भावित परिणाम n(S) = 6
(i) अभाज्य संख्याएँ हैं E1 = 2, 3, 5
n(E1) = 3
\(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n(S)}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\)

(ii) 2 और 6 के बीच संख्याएँ : E2 = 3, 4, 5
n(E2) = 3
\(P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n(S)}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\)

(iii) विषम संख्याएँ हैं : E3 = 1, 3, 5
n(E3) = 3
\(P\left(E_{3}\right)=\frac{n\left(E_{3}\right)}{n(S)}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 2 }\), (ii) \(\frac { 1 }{ 2 }\), एवं (iii) \(\frac { 1 }{ 2 }\) हैं।

प्रश्न 14.
52 पत्तों की अच्छी तरह फेंटी गयी एक गड्डी में से एक पत्ता निकाला जाता है। निम्नलिखित को प्राप्त करने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए
(i) लाल रंग का बादशाह।
(ii) एक फेस कार्ड अर्थात् तस्वीर वाला पत्ता।
(iii) लाल रंग का तस्वीर वाला पत्ता।
(iv) पान का गुलाम।
(v) हुकुम का पत्ता।
(vi) एक ईंट की बेगम।
हल :
∵ ‘सभी पत्तों की संख्या n(S) = 52
(i) लाल रंग के बादशाहों की संख्या, n(E1) = 2.
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(ii) तस्वीर वाले पत्तों (फेस कार्डों) की संख्या, n(E2) = 12
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(iii) लाल रंग की तस्वीर वाले पत्तों की संख्या, n(E3) = 6
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(iv) पान के गुलाम की संख्या, n(E4) = 1
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(v) हुकुम के पत्तों की संख्या, n(E5) = 13
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(vi) एक ईंट की बेगम n(E6) = 1
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अतः, अभीष्ट प्रायिकताएँ :
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हैं।

प्रश्न 15.
ताश के पाँच पत्तों-ईंट का दहला, गुलाम, बेगम, बादशाह और इक्का को पलटकर खूब फेंट दिया जाता है। फिर इनमें से पत्ता यादृच्छया निकाला जाता है।
(i) इसकी क्या प्रायिकता है कि यह एक बेगम है?
(ii) यदि बेगम निकल आती है, तो उसे अलग रख दिया जाता है और एक अन्य पत्ता निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि दूसरा निकाला गया पत्ता (a) एक इक्का है? (b) एक बेगम है?
हल :
(i) चूँकि
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(ii) बेगम निकालकर रख दी जाती है तो n(S2) = 4.
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अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 5 }\), (ii) (a) \(\frac { 1 }{ 4 }\) (b) 0 हैं।

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प्रश्न 16.
किसी कारण 12 खराब पेन 132 अच्छे पेनों में मिलाए गए हैं। केवल देखकर यह नहीं बताया जा सकता कि कोई पेन खराब है या अच्छा है। इस मिश्रण में से एक पेन यादृच्छया निकाला जाता है। निकाले गए पेन की अच्छा होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल :
कुल परिणामों की संख्या n(S) = 12 + 132 = 144
अच्छे पेनों की संख्या n(E) = 132
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अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac { 11 }{ 12 }\) है।

प्रश्न 17.
(i) 20 बल्बों के एक समूह में 4 बल्ब खराब हैं। इस समूह में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि बल्ब खराब होगा?
(ii) मान लीजिए (i) में निकाला गया बल्ब खराब नहीं है और न ही इसे दुबारा बल्बों के साथ मिलाया जाता है। अब शेष बल्बों में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायकिता है कि यह बल्ब खराब नहीं होगा?
हल :
(i) n(S1) = 20 एवं n(E1) = 4
\(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n\left(S_{1}\right)}=\frac{4}{20}=\frac{1}{5}\)

(ii) n(S2) = 20 – 1 = 19 कुल बल्बों की संख्या
खराब बल्बों की संख्या = 4
जो बल्ब खराब नहीं हैं उनकी संख्या = 19 – 4 = 15 बल्ब
n(E2) = 15
\(P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n\left(S_{2}\right)}=\frac{15}{19}\)
अतः, अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 5 }\) एवं (ii) \(\frac { 15 }{ 19 }\) हैं।

प्रश्न 18.
एक पेटी में 90 डिस्क (discs) हैं, जिन पर 1 से 9 संख्याएँ अंकित हैं। यदि इस पेटी में से एक डिस्क यादृच्छया निकाली जाती है, तो इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि इस डिस्क पर अंकित होगी,
(i) दो अंकों की संख्या,
(ii) एक पूर्ण वर्ग संख्या,
(iii) 5 से विभाज्य एक संख्या?
हल :
कुल सम्भावित घटनाएँ = कुल संख्याएँ, n(S) = 90.
(i) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 एवं 9 इन 9 (नौ) संख्याओं को छोड़कर शेष सभी संख्याएँ 2 अंकों की होंगी।
n(E1) = 90 – 9 = 81
\(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n(S)}=\frac{81}{90}=\frac{9}{10}\)

(ii) 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81, ये 9 (नौ) संख्याएँ पूर्ण वर्ग हैं।
n(E2) = 9.
\(P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n(S)}=\frac{9}{90}=\frac{1}{10}\)

(iii) 5 से विभाज्य संख्याएँ हैं-5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40, 45, 50, 55, 60, 65, 70, 75, 80, 85 एवं 90.
अर्थात् ये 18 संख्याएँ 5 से विभाज्य हैं-n(E3) = 18
\(P\left(E_{3}\right)=\frac{n\left(E_{3}\right)}{n(S)}=\frac{18}{90}=\frac{1}{5}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 9 }{ 10 }\), (ii) \(\frac { 1 }{ 10 }\) एवं (ii) \(\frac { 1 }{ 5 }\) हैं।

प्रश्न 19.
एक बच्चे के पास ऐसा पासा है, जिसके फलकों पर निम्नलिखित अक्षर अंकित हैं
A B C D E A
इस पासे को एक बार फेंका जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि
(i) A प्राप्त हो?
(ii) D प्राप्त हो?
हल:
कुल सम्भावित घटनाएँ n(S) = 6
(i) A के अनुकूल घटनाएँ n(E1) = 2 [∴ A दो बार आया है।]
\(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n(S)}=\frac{2}{6}=\frac{1}{3}\)

(ii) ∵ \(n\left(E_{2}\right)=1 \Rightarrow P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n(S)}=\frac{1}{6}\).
अतः, अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 1 }{ 3 }\) एवं (ii) \(\frac { 1 }{ 6 }\) हैं।

प्रश्न 20.
मान लीजिए आप एक पासे को संलग्न आकृति में दर्शाए गए आयताकार क्षेत्र में यादृच्छया रूप से गिराते हैं। इसकी क्या प्रायिकता है कि वह पासा 1 m व्यास वाले वृत्त के अन्दर गिरेगा?
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 18
आयताकार क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल = 3 x 2 = 6 m²
अर्थात् कुल सम्भावनाओं का क्षेत्रफल, n(S) = 6 m²
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 19
अतः, अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac{\pi}{24}\) हैं।

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प्रश्न 21.
144 बॉल पेनों के समूह में 20 बॉल पेन खराब हैं और शेष अच्छे हैं। आप वही पेन खरीदना चाहेंगे, जो अच्छा हो, परन्तु खराब पेन आप खरीदना नहीं चाहेंगे। दुकानदार इन पेनों में से, यादृच्छया एक पेन निकालकर आपको देता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि
(i) आप पेन खरीदेंगे?
(ii) आप पेन नहीं खरीदेंगे?
हल:
कुल पेनों की संख्या n(S) = 144.
खरीदे जा सकने वाले अच्छे पेनों की संख्या, n(E) = 144 – 20 = 124.
खरीदे नहीं जा सकने वाले खराब पेनों की संख्या, \(n(\overline{E})\) = 20
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 20
अतः, अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 31 }{ 36 }\)
(ii) \(\frac { 5 }{ 36 }\)

प्रश्न 22.
उदाहरण 13 को देखिए
(i) निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 21
(ii) एक विद्यार्थी यह तर्क देता है कि यहाँ कुल 11 परिणाम 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 एवं 12 हैं। अतः प्रत्येक की प्रायिकता \(\frac { 1 }{ 11 }\) है। क्या आप इस तर्क से सहमत हैं ? सकारण उत्तर दीजिए।
हल :
(i) दी हुई अपूर्ण सारणी को पूर्ण करना :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 15 प्रायिकता Ex 15.1 22
(ii) हम सहमत नहीं हैं क्योंकि ये 11 परिणाम समसम्भावी नहीं हैं।

प्रश्न 23.
एक खेल में एक रुपए के सिक्के को तीन बार उछाला जाता है और प्रत्येक बार का परिणाम लिख लिया जाता है। तीनों परिणाम समान होने पर अर्थात् तीन चित या तीन पट प्राप्त होने पर हनीफ खेल जीत जायेगा, अन्यथा हार जायेगा। हनीफ के खेल में हार जाने की प्रायिकता परिकल्पित कीजिए।
हल :
कुल सम्भव परिणाम होंगे : (HHH), (HHT), (HTH), (THH), (TTT), (TTH), (THT), (HTT)
⇒ n(S) = 8.
यहाँ HTT का अर्थ पहले उछाल में चित, दूसरे में पट और तीसरे में पट घटने वाली घटनाएँ हैं-HHT, HTH, THH, TTH, THT एवं HTT ⇒ n(E) = 6.
अत: घटने की प्रायिकता \(P(E)=\frac{n(E)}{n(S)}=\frac{6}{8}=\frac{3}{4}\) है।

प्रश्न 24.
एक पासे को दो बार फेंका जाता है। इसकी प्रायिकता क्या है कि
(i) 5 किसी भी बार नहीं आयेगा?
(ii) 5 कम से कम एक बार आयेगा?
हल :
एक पासे को दो बार फेंकना अर्थात् दो पासों को एक साथ फेंकना समान प्रयोग है अतः कुल सम्भावनाएँ (1, 1), (1, 2), (1, 3), (1, 4), (1, 5), (1, 6), (2, 1), (2, 2), (2, 3), (2,4), (2,5), (2,6), (3, 1), (3, 2), (3,3), (3,4), (3,5), (3,6), (4, 1), (4, 2), (4,3), (4,4), (4, 5), (4,6), (5, 1), (5, 2), (5, 3), (5, 4), (5,5), (5, 6), (6, 1), (6, 2), (6, 3), (6,4), (6, 5), (6, 6).
कुल सम्भावनाएँ = n(S) = 36.

(i) 5 एक भी बार न आने की घटना n(E1) = 25
\(P\left(E_{1}\right)=\frac{n\left(E_{1}\right)}{n(S)}=\frac{25}{36}\)

(ii) n(E2) = n(S) – n(E1) = 36-25 = 11
\(P\left(E_{2}\right)=\frac{n\left(E_{2}\right)}{n(S)}=\frac{11}{36}\)
अतः अभीष्ट प्रायिकताएँ : (i) \(\frac { 25 }{ 36 }\)
(ii) \(\frac { 11 }{ 36 }\)

प्रश्न 25.
निम्नलिखित में से कौन-से तर्क सत्य हैं और कौन-से तर्क असत्य हैं? सकारण उत्तर दीजिए।
(i) यदि दो सिक्कों को एक साथ उछाला जाता है, तो इसके तीन सम्भावित परिणाम दो चित, दो पट या प्रत्येक एक बार है। अतः इनमें से प्रत्येक परिणाम की प्रायिकता \(\frac { 1 }{ 3 }\) है।
(ii) यदि एक पासे को फेंका जाता है, तो इसके दो सम्भावित परिणाम एक विषम संख्या या एक सम संख्या है। अत: एक विषम संख्या ज्ञात करने की प्रायिकता \(\frac { 1 }{ 2 }\) है।
हल :
(i) यह कथन सत्य नहीं है, क्योंकि हम इस प्रकार वर्गीकृत तो कर सकते हैं लेकिन ये सम-सम्भावी नहीं हैं। क्योंकि तीसरे केस में पहले पर चित और दूसरे पर पट तथा पहले पर पट और दूसरे पर चित ये दो अलग घटनाएँ हैं। इस प्रकार चार सम्भावनाएँ हो सकती हैं। इस प्रकार परिणामों की प्रायिकता \(\frac{1}{4}, \frac{1}{4}\) एवं \(\frac { 1 }{ 2 }\), होती है।
(ii) कथन सत्य है, क्योंकि प्रश्न में विचारित दोनों परिणाम सम-सम्भावी हैं।

MP Board Class 6th Sanskrit परिशिष्टम्

MP Board Class 6th Sanskrit परिशिष्टम्

१. मम माता देवता
(मेरी माता देवता है)

मम माता देवता।
मम माता देवता॥
अति सरला, अति मृदुला,
गृहकुशला, सा अतुला॥
मम माता॥

पाययति दुग्धं, भोजयति भक्तं
लालयति नित्यं, तोषयति चित्तम्॥
मम माता॥

अनुवाद :
मेरी माँ देवी है। वह अत्यन्त सरल, अत्यन्त कोमल, गृहकार्यों में अति कुशल है अत: वह मेरी माँ अतुलनीय है। वह दूध पिलाती है, माँ के प्रति भक्त बने हुए मुझको भोजन कराती है। प्रतिदिन लालन करती है तथा मेरे मन को प्रसन्न बनाती है। मेरी माँ ऐसी ही है।

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सायङ्काले नीराजयति
पाठयति च मां शुभकरोति
शुभं करोतु कल्याणम्

आरोग्यं धनसम्पदम्।
शत्रुबुद्धिविनाशाय
दीपज्योतिर्नमोऽस्तुयते॥

पाठयति च मां शुभङ्करोति॥
मम माता॥

रात्रौ अङ्के मां स्वापयति
मधु मधु मधुरं गीतं गायति
आ आ आ आ आऽऽ
मम माता॥

अनुवाद :
सायंकाल के समय थकान से रहित करके प्रसन्न बनाती है। पढ़ाती है और मेरा कल्याण करती है। हे माँ, तुम मेरा कल्याण करो, मुझे स्वस्थ बनाओ तथा धन सम्पत्ति से युक्त करो। मेरी दुष्ट बुद्धि का विनाश करने के लिए तुम दीप की ज्योति के समान हो। (अतः) मैं तुम्हें नमस्कार करता, हूँ। हे माँ, तुम मुझे पढ़ाती हो, और मेरा शुभ (कल्याण) करती हो।
रात्रि को मुझे अपनी गोद में सुलाती हो। मीठे-मीठे मधुर गीत गाती हो, हे मेरी माँ।

२. नैव क्लिष्टा न च कठिना
(न तो क्लिष्ट है और न कठिन)

सुरससुबोधा विश्वमनोज्ञा
ललिता हृद्या रमणीया।
अमृतवाणी संस्कृतभाषा
नैव क्लिष्टा न च कठिना॥
॥ नैव क्लिष्टा॥

अनुवाद :
यह संस्कृत भाषा देवताओं की वाणी (अमृत वाणी) है। सुरस है, सुबोध है। विश्व के लोगों के मन को जानने वाली है। ललित है। हृदय को अपने आप में रमाने वाली यह संस्कृत भाषा न तो क्लिष्ट है और न कठिन।

कविकोकिल-वाल्मीकि-विरचिता
रामायणरमणीयकथा।
अतीव-सरला मधुरमञ्जला
नैव क्लिष्टा न च कठिना॥
॥ सुरस…….॥

अनुवाद :
कवियों में कोयल के समान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की कथा अति रमणीय है। वह अत्यन्त सरल, मधुर और मञ्जुल (कोमल) संस्कृत भाषा में रचित है। वह कभी भी क्लिष्ट नहीं है और न कठिन है। (वह संस्कृत भाषा) सुरस, सुबोध और विश्व मनोज्ञा है।

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व्यासविरचिता गणेशलिखिता
महाभारते पुण्यकथा।
कौरव-पाण्डव-सङ्गरमथिता
नैव क्लिष्टा न च कठिना॥
॥सुरस……..॥

अनुवाद :
व्यास द्वारा विरचित और गणेश जी द्वारा लिखी गई महाभारत की कथा अत्यन्त पुण्यशाली है। इसमें कौरव और पाण्डवों के युद्ध का वर्णन किया गया है। उसकी संस्कृत कभी भी क्लिष्ट नहीं है और न कभी भी कठिन है। वह तो सुरस, सुबोध और विश्व मन को मोहित करने वाली है।

कुरुक्षेत्र-समराङ्गण-गीता
विश्ववन्दिता भगवद्गीता।
अमृतमधुरा कर्मदीपिका
नैव क्लिष्टा न च कठिना॥
॥सुरस…….॥

अनुवाद :
कुरुक्षेत्र के युद्ध में (भगवान श्री कृष्ण ने) विश्व बन्दनीया भगवद्गीता का गायन किया था। वह गीता मधुर अमृत है तथा कर्म की दीपिका है (कर्म को निर्दिष्ट करने वाली है) जिसकी रचना संस्कृत भाषा में हुई है। जो कभी भी क्लिष्ट नहीं है और न कभी कठिन ही है। वह भाषा तो सुरस, सुबोध तथा विश्वमन को मुग्ध करने वाली है।

कविकुलगुरु-नव-रसोन्मेषजा
ऋतु-रघु-कुमार-कविता
विक्रम-शाकुन्तल-मालविका
नैव क्लिष्टा न च कठिना॥
॥ सुरस ……..॥

अनुवाद :
कविकुल गुरु कालिदास ने नव-रसों के उन्मेष से संयुक्त संस्कृत भाषा में ऋतुसंहार, रघुवंशम्, कुमारसम्भवम् काव्य की तथा अभिज्ञानशाकुन्तलम् तथा मालविकाग्निमित्रम् नाटकों की रचना की है जो कभी भी क्लिष्ट नहीं है और न कठिन है। वह भाषा तो सुरस, सुबोध तथा विश्वमन को मुग्ध करने वाली है।

३. सुन्दरसुरभाषा
(सुन्दर देव-भाषा)

मुनिवरविकसित-कविवरविलसित
मञ्जलमञ्जूषा, सुन्दरसुरभाषा।
अयि मातस्तव पोषणक्षमता
मम वचनातीता, सुन्दरसुरभाषा॥
॥ मुनिवर……॥

अनुवाद :
श्रेष्ठ मुनियों द्वारा विकसित तथा श्रेष्ठ कवियों द्वारा विलसित अत्यन्त मञ्जुल पिटारी सदृश सुन्दर देववाणी-हे माता संस्कृत-तुम्हारी पोषण क्षमता (अन्य भाषाओं को पुष्ट करने की क्षमता) मेरे वचने से अतीत है (परे है)। तुम सुन्दर देव भाषा (वाणी) हो जिसे श्रेष्ठ मुनियों ने विकसित किया है।

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वेदव्यास-वाल्मीकि-मुनीनाम्
कालिदास-बाणादिकवीनाम्।
पौराणिक-सामान्य-जनानाम्
जीवनस्य आशा, सुन्दरसुरभाषा॥
॥ मुनिवर….॥

अनुवाद :
हे सुन्दर सुरवाणी (संस्कृत)। वेदव्यास, वाल्मीकि, मुनियों, कालिदास, बाण आदि कवियों तथा पौराणि क और सामान्य लोगों के जीवन की तुम आशा हो। तुम्हें श्रेष्ठ मुनियों ने विकसित किया है।

श्रुतिसुखननदे सकलप्रमोदे
स्मृतिहितवरदे सरसविनोदे।
गति-मति-प्रेरक-काव्यविशारदे
तव संस्कृततिरेषा, सुन्दरसुरभाषा॥
॥ मुनिवर”॥

अनुवाद :
हे सुन्दर देववाणी। वेद में आनन्द पूर्वक ध्वनित होती हो, सम्पूर्ण प्रसन्नताओं को देने वाली हो। स्मृतियों में कल्याण का वरदान देती हो। सरस हो एवं विनोद से परिपूर्ण हो। हे संस्कृत भाषा-तुम गति और मति की प्रेरक हो, काव्य रचना में कौशल प्रदान करती हो क्योंकि तुम्हारी यहीं संस्कृति है। हे संस्कृत भाषातुम्हें श्रेष्ठ मुनियों द्वारा विकसित किया गया है।

नवरस-रुचिरालङ्कृति धारा
वेदविषय-वेदान्त-विचारा।
वैद्य-व्योम-शास्त्रादि-विहारा
विजयते धरायां, सुन्दरसुरभाषा॥
॥मुनिवर…..॥

अनुवाद :
हे सुन्दर सुरभाषा संस्कृत ! तुम नवरसों से अत्यन्त सुन्दर सुसज्जित अलंकृत धारा के समान हो, जिसका विषय वेद और वेदान्त के विचार हैं। संस्कृत भाषा में वैद्यक, व्योम और शास्त्रीय ज्ञान संकलित है। ऐसी यह सुन्दर सुरभाषा इस पृथ्वी पर विजय प्राप्त कर रही है।

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४. दिव्यामेनां दैवीवाणीम्
(दिव्य देववाणी)

दिव्यामेनां दैवीवाणी, वयं वदामः। क्षणे-क्षणे।
भाषाजननी जनकल्याणी, वयं वदामः। क्षणे-क्षणे।
एकीभूयाऽखिले समाजे, बन्धुत्वं रचयामः,
भेदं-द्वन्द्वं तथा विहाय, आनन्दं जनयामः,
आदि-हर्षे, चाभ्युत्कर्षे, वयं हसामः।क्षणे-क्षणे।

अनुवाद :
प्रत्येक क्षण हम इस दिव्य देववाणी में ही बोलते हैं। यह संस्कृत अन्य भाषाओं की जननी है, मनुष्यों का कल्याण करने वाली है। हम इसे प्रत्येक क्षण बोलते हैं।

सभी समाज में एकत्व स्थापित हो जाय और बन्धुत्व की हम रचना करें तथा भेदभाव के झगड़ों को दूर करके आनन्द की उत्पत्ति करें। विपत्ति में, हर्ष में तथा उत्कर्ष में हम सदा ही हँसते रहें-प्रत्येक क्षण प्रसन्न बने रहें।

वीराधीराः स्वयंसैनिकाः, संस्कृति-सेवालग्नाः,
निजसौख्ये नहि राष्ट्रसेवने, सिद्धाः सदानिमग्नाः,
हानि, लाभ, जयाजयं वा! अभिनन्दामः क्षणे-क्षणे।

अनुवाद :
हे माता संस्कृत भाषा! हम तुम्हारा प्रतिक्षण अभिनन्दन करते हैं। हम वीर और धीर हैं, हम सभी स्वयं सैनिक हैं जो संस्कृति की सेवा में लगे हुए हैं। अपने सुख के लिए नहीं, वरन् राष्ट्र की सेवा करने में सफल हैं तथा सदा ही सेवा में संलग्न हैं। हम सबको हानि, लाभ तथा जय पराजय समान प्रतीत होती है।

गता तमिस्त्रा गतं दुर्दिनमुत्तिष्ठत जाग्रतरे,
पाषाणेऽपि नवमितिहास, निश्चयेन लिखतरे,
जने-जनेऽपि मैत्री भावं, तत्पश्यामः क्षणे-क्षणे।

अनुवाद :
अज्ञान के अन्धकार की रात्रि समाप्त हो गयी है। दुर्दिन बीत गया है। इसलिए हे भारतीय जन! उठो और जागो। पत्थरों पर भी निश्चय के साथ नया इतिहास लिखो। हम सभी प्रत्येक क्षण मनुष्य में मैत्रीभाव को देखें।

नजातिनकुलं नो वर्णः, नचगोत्रं नच गौरः कृष्णः,
नधनिकश्चाथवानिर्धनो,नवासुखी नासक्त विवर्णः,
केवलमेकं मानवधर्म, चानुभवामः, क्षणे-क्षणे।

अनुवाद :
जाति, कुल, वर्ण, गोत्र, काले और गोरे, धनवान और निर्धन, सुखी-दुखी, असक्त, विवर्ण के आधार पर कोई भेद न करें। हमारा केवल एक ही मानव धर्म का प्रत्येक क्षण अनुभव करते रहें।

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५. मृदापि चन्दनम्
(मिट्टी भी चन्दन)

मृदापि च चन्दनमस्मिन् देशे ग्रामो ग्रामः सिद्धवनम्।
यत्र च बाला देवीस्वरूपा बालां सर्वे श्रीरामाः॥
हरिमन्दिरमिदमखिलशरीरम्
धनशक्ती जनसेवायै
यत्र च क्रीडायै वनराजः
धेनुर्माता परमशिवा॥
नित्यं प्रात: शिवगुणमानं
दीपनुतिः खलु शत्रुपरा॥           ॥ मृदपि ॥

अनुवाद :
इस देश में मिट्टी भी चन्दन है तथा प्रत्येक गाँव सिद्धवन है और जहाँ की बालाएँ देवी के समान हैं तथा सभी बालक श्रीराम जैसे हैं। यह सारा शरीर हरि मन्दिर है। यहाँ का धन और शक्ति जन सेवा के लिए है तथा यहाँ सिंह खेलने के लिए खिलौने हैं। परम कल्याणी गौ माता सदृश है। नित्य प्रति प्रात:काल में शिव का गुणगान होता है तथा शत्रुओं को भगाने के लिए ज्ञान रूपी दीपक की ज्योति विद्यमान है।

भाग्यविधायि निजार्जितकर्म
यत्र श्रमः श्रियमर्जयति।
त्यागधनानां तपोनिधीनां
गाथां गायति कविवाणी
गङ्गाजलमिव नित्यनिर्मलं
ज्ञानं शंसति यतिवाणी॥             ॥ मृदपि ॥

अनुवाद :
भाग्य का विधान करने वाले अपने कर्म से तथा अपने परिश्रम से जहाँ लक्ष्मी को प्राप्त करते हैं, ऐसे यहाँ के लोग धन का त्याग करने वाले और तपोनिधि हैं जिनके (यश की) गाथा को कवियों की वाणी गाती रहती है। गंगा के जल के समान नित्य निर्मल यतियों की वाणी यहाँ के ज्ञान की प्रशंसा करती रहती है। यहाँ की (भारतवर्ष की) मिट्टी भी चन्दन है।

यत्र हि नैव स्वदेहविमोहः
युद्धरतानां वीराणाम्।
यत्र हि कृषकः कार्यरतः सन्
पश्यति जीवनसाफल्यम्
जीवनलक्ष्यं न हि धनपदवी
यत्र च परशिवपदसेवा॥           ॥मृदपि ॥

अनुवाद :
युद्ध में संलग्न वीरों को यहाँ अपने शरीर के प्रति कभी भी विद्रोह नहीं रहा है। यहाँ का किसान अपने कार्य में संलग्न होकर ही अपने जीवन की सफलता का दर्शन करता है। धन और पद की प्राप्ति उसके जीवन का लक्ष्य नहीं है। यहाँ तो दूसरों के कल्याण के लिए पद प्राप्त कर सेवा ही लक्ष्य है। यहाँ की मिट्टी भी चन्दन है।

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions

MP Board Class 12th Hindi Swati Solutions पद्य Chapter 8 जीवन दर्शन

MP Board Class 12th Hindi Swati Solutions पद्य Chapter 8 जीवन दर्शन

जीवन दर्शन अभ्यास

जीवन दर्शन अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘जगती के मधुवन’ में पुराने साथी कौन-कौन हैं?
उत्तर:
जगती के मधुवन में पुराने साथी जीवन और पुष्प हैं।

प्रश्न 2.
‘फूल और मालिन’ दोनों कब मुरझा जायेंगे? (2009, 15)
उत्तर:
संसार में समय के साथ सभी चीजें नष्ट होती हैं। फूल और मालिन दोनों मधुवर्षण करके कल (भविष्य में) मुरझा जायेंगे।

प्रश्न 3.
‘विघ्न बाधाएँ’ कब मार्ग छोड़ती हैं? (2017)
उत्तर:
जब साहस के साथ युवक अपने मार्ग पर बढ़ता है, तो विघ्न बाधाएँ उसका मार्ग छोड़ देती हैं।

प्रश्न 4.
‘बन उन्हीं-सा’ पंक्ति के माध्यम से कवि किसके समान बनने की बात कह रहा
उत्तर:
जो लोग अपनी प्रतिकूल परिस्थिति को बदल देते हैं और निर्भय होकर जय गीत गाते हुए आगे बढ़ते हैं,कवि उन्हीं-सा बनने की बात कह रहा है।

प्रश्न 5.
कवि किस बात की शपथ लेने की याद दिलाता है?
उत्तर:
कवि नवयुवक का आह्वान करते हुए कहता है कि तू प्रबलतम आँधी का अपने साहस से सामना कर और तुझे शपथ है कि आगे पैर बढ़ाकर किसी भी प्रकार पीछे मत हटना।

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जीवन दर्शन लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“हृदय तुम्हारा-सा ही मेरा, इसको यों न मरोड़ो”। इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
फूल मालिन से कहता है कि मेरा हृदय भी तुम्हारे हृदय के समान ही कोमल है, इसको यों मरोड़ कर मत तोड़ो। भावना के समक्ष फूल और मालिन एक जैसी ही परिस्थिति को अनुभव करते हैं। संसार में जीवन और फूल दोनों ही परोपकारी हैं। जिस प्रकार जीवन अपना प्रेम दूसरों में बाँटता है उसी प्रकार पुष्प अपनी सुगन्ध दूसरों को लुटाता है। कोमल हृदय में कोमल परोपकारी भावना छिपी हुई है।

प्रश्न 2.
फूल मालिन से, न तोड़ने की प्रार्थना क्यों कर रहा है?
उत्तर:
फूल संसार में और (अधिक समय तक) जिन्दा रहकर अपना मधु और सुगन्ध संसार को अर्पण करना चाहता है। फूल हमेशा प्रसन्न रहता है और लोगों में प्रसन्नता बाँटता है। वह जानता है कि उसका जीवन कभी भी समाप्त हो सकता है। पर मालिन से यही अनुरोध करता है कि वह उसे न तोड़े,तो वह संसार का और अधिक उपकार कर सकेगा। जीवन जैसे एक फूल ही है,जो सौन्दर्य और सुगन्ध चारों ओर बिखेरता है।

प्रश्न 3.
‘पुरानी धरती’ से कवि का क्या आशय है? (2016)
उत्तर:
‘पुरानी धरती’ से कवि का तात्पर्य गौरवशाली भारतभूमि से है। भारत की भूमि प्राचीन काल से ही वीरों की जन्मभूमि रही है। स्वर्ग के समान सुखदायी भूमि भारत की ही है। यहाँ पर ब्रह्म ने भी साकार रूप में अवतार लिया है। प्राचीन भारतभूमि अपनी सभ्यता,संस्कृति, धार्मिकता और ज्ञानदायिनी के रूप में विश्व में प्रसिद्ध रही है। उसी प्राचीन भूमि को कवि ने ‘पुरानी धरती’ के नाम से सम्बोधित किया है।

प्रश्न 4.
‘त्यागमय इतिहास’ कहकर कवि क्या भाव व्यक्त करना चाहता है? (2012)
उत्तर:
कवि ने संकलित कविता में भारत के नवयुवकों का आह्वान किया है कि वे अपने शौर्यपूर्ण कार्यों से देश की उन्नति करें। उन्हें अपने देश के लिए अपने सुखों का त्याग करके देशहित में कार्य करना चाहिए। जब अनेक वीरों ने बलिदान दिया तभी भारतवर्ष ने स्वतन्त्रता प्राप्त की और प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ। इतिहास में भारत के वीरों के त्याग की गाथाएँ भरी पड़ी हैं। इसलिए कवि ने भारत के इतिहास को त्यागमय कहा है।

प्रश्न 5.
विजय सुनिश्चित कब होती है?
उत्तर:
जिन लोगों को विजय का विश्वास होता है उन्हीं लोगों को विजय प्राप्त होती है। विजय का यही विश्वास जीवन दर्शन बनकर बिगड़ी परिस्थितियों को बदलने की सामर्थ्य रखता है। आत्मबल के साथ लिए हुए संकल्प के साथ ही विजय का पथ आसान होता जाता है। जिन लोगों में साहस और अपने पथ पर आगे बढ़ने की शक्ति है, विजय उनके कदमों को चूमती है। मनुष्य का शौर्य ही उसकी विजय को निश्चित करता है।

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जीवन दर्शन दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संकलित कविता के आधार पर सुमन जी के दार्शनिक विचार लिखिए।
उत्तर:
शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ का काव्य जीवन के बहुविध क्षेत्रों को प्रकट करता है। उनकी कविताओं में प्रेम और संघर्ष दोनों ही रहते हैं। संकलित कविता में सुमन जी जीवन और फूल को एक समान स्वीकार करते हैं। जिस प्रकार फूल जीवन भर अपने मधु और सुगन्ध को दान करता है उसी प्रकार जीवन भी जन-जन के प्रेम के मधु को एकत्रित करके वितरित कर देता है। कवि की चेतना, प्रिया बनकर जीवन को विस्तारमय प्रसन्नता भी देती है और कभी जीवन में विपन्नता भी लाती है। इस कविता में कवि का स्वर आशावादी है इसलिए वह जीवन के आनन्द को शाश्वत बनाने की कामना करता है।

प्रश्न 2.
फूल और मालिन दोनों के सन्दर्भ में मधुवर्षण का अर्थ स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
फूल स्वयं में प्रसन्न रहकर अपना मधु और सुगन्ध औरों में वितरित करता है और मालिन रूपी कवि की चेतना जन-जन के प्रेम रूपी मधु को एकत्रित करती है। यही चेतना प्रिया बनकर जीवन को विस्तारमय प्रसन्नता भी देती है। दोनों के कार्य परोपकार को लिए हुए हैं। फूल का सम्पूर्ण जीवन मधु एकत्रित करके और सुगन्ध जुटा कर सर्वत्र वितरित करने में व्यतीत होता है। संसार में जीवन भी स्नेह रूपी मधु एकत्रित करके सर्वत्र वितरित कर परोपकार का कार्य करता है। जीवन जैसे एक फूल ही है जो अपने सौन्दर्य और सुगन्ध को बिखेरता रहता है।

प्रश्न 3.
विजय किनके चरणों में लोटती है और क्यों?
उत्तर:
संकलित कविता में कवि ने युवकों को विजय के आत्मबल से परिपूर्ण किया है। विजय उन्हें ही प्राप्त होती है जिन्हें विजय का विश्वास होता है। विजय का यही विश्वास जीवन दर्शन बनकर बिगड़ी परिस्थितियों को बदलने की सामर्थ्य रखता है। विजय उन्हीं के चरणों में लोटती है जो अपने पथ की बाधाओं पर विजय पाते हुए अपने धर्म-पथ पर आगे बढ़ते जाते हैं। वे अपने साहस और शक्ति से विश्व को भी झुका देते हैं। विजय के विश्वास को लेकर जो व्यक्ति अपने पथ पर आगे बढ़ता है विजय उसका स्वागत करती है।

प्रश्न 4.
विश्व कब झुकता है? उसे झुकाने की सामर्थ्य किसमें है? (2009)
उत्तर:
विश्व तभी झुकता है जब वीर अपनी शक्ति और सामर्थ्य के बल पर उसे झुका देता है। उसे झुकाने की सामर्थ्य उन वीर युवकों में है जो प्रतिकूल परिस्थिति को अपने अनुकूल बना लेते हैं और अभय होकर विजय के गीत गाते हुए अपने सद्मार्ग पर बढ़ते रहते हैं। उन कर्मवीरों के सामने ऐसा कोई कार्य नहीं जिसे वे नहीं कर सकते हों। वे मार्ग की आँधियों से लड़ते हुए अपना पथ सुगम बना लेते हैं और विजय का विश्वास लिये आगे बढ़ते हैं। विश्व उसी को मानता है जो शक्तिशाली है और सामर्थ्यवान है। वह अपने मार्ग से कभी हटता नहीं और विजय प्राप्त करके ही वापस लौटता है।

प्रश्न 5.
‘सृष्टि का चित्र नाश की पटभूमिका पर’ अंकित करने की बात कवि क्यों कह रहा
उत्तर:
नाश की भूमि पर नवनिर्माण की गाथा लिखने का साहस भी नवयुवक के बढ़ते हुए कदमों को है। यह ऐतिहासिक सत्य है कि नाश की पृष्ठभूमि पर ही सृजन का चित्र बनता है। जो लोग निर्भय होकर मृत्यु को अपनी हथेली पर रखकर आगे बढ़ते हैं वे ही विजयश्री का वरण करते हैं। त्याग और बलिदान के बाद ही सृजन और शान्ति स्थापित होती है। युद्ध के बाद शान्ति स्थापित होती है और नवनिर्माण होता है। इसीलिए कवि ने सृष्टि का चक्र नाश की पृष्ठभूमि पर अंकित करने की बात कही है।

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या कीजिये
(1) हम तुम बहुत पुराने साथी …………. कण-कण कर जोड़ो।
(2) जब जग मुझे तोड़ने ………….. मुझे न तोड़ो।
(3) लौटती है विजय ………… तेरी सुनिश्चित।
(4) छोड़ देंगी मार्ग …………. तेरी सुनिश्चित।
उत्तर:
(1) शब्दार्थ :
जगती = संसार; मधुवन = ब्रजभूमि के एक वन का नाम।

सन्दर्भ :
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘देखो मालिन मुझे न तोड़ो’ नामक कविता से उद्धृत हैं। इसके रचयिता शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ हैं।

प्रसंग :
प्रस्तुत पंक्तियों में कवि पुष्प से कहलवाता है कि हे मालिन ! तुम मुझे मत तोड़ो।

व्याख्या :
पुष्प मालिन से कहता है कि संसार रूपी मधुवन में हम पुराने साथी हैं। दूसरे अर्थ में जीवन और पुष्प पुराने समय से साथ-साथ हैं और अपने जीवन में परोपकार में रत हैं। हम दोनों तन-मन से कोमल हैं और अपने घर और वन में फल-फूल रहे हैं। पुष्प उपवन में मधु संचय करते हैं उसी प्रकार कवि की चेतना जन-जन के प्रेम के मधु को एकत्रित करती है। पुष्प मालिन से कहता है कि हे मालिन मुझे ! मत तोड़ो।

(2) सन्दर्भ :
पूर्ववत्।

प्रसंग:
इन पंक्तियों में फूल ने मालिन से कहा है कि जब कोई मुझे तोड़ने आता है, तो मैं सुधि-बुधि खो बैठता हूँ।

व्याख्या:
जब लोग मुझे तोड़ने आते हैं, तो मैं हँसता हुआ रो देता हूँ और हे मालिन ! जब तुम मुझे तोड़ने के लिए हाथ उठाती हो,तो मैं अपनी सुधि-बुधि खो देता हूँ। जीवन की तरह ही पुष्प का भी हृदय कोमल है,वह कामना करता है कि उसे मरोड़ कर नष्ट मत करो, हे मालिन ! मुझे न तोड़ो।

(3) सन्दर्भ :
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘बढ़ सिपाही’ नामक कविता से उद्धृत की हैं और इसके रचयिता विष्णुकान्त शास्त्री हैं।

प्रसंग :
यहाँ पर कवि नवयुवकों का आह्वान करते हुए कहता है कि वे अपने प्रगति-पथ पर आगे बढ़ते रहें, विजय उनकी सुनिश्चित है।

व्याख्या :
कवि कहता है कि हे सिपाही (नवयुवक) ! तू विजय पथ पर आगे बढ़ता जा, तेरी विजय सुनिश्चित है। जो लोग निर्भय होकर आगे बढ़ते हैं और अपने रास्ते की बाधाओं को नकारते हुए धर्मपथ पर डटे रहते हैं, उन्हीं के चरणों में विजय लोटती है अर्थात् उन्हीं साहसी व्यक्तियों को विजय प्राप्त होती है। विश्व उनके सामने ही झुकता है जो उसे झुकाने की शक्ति रखते हैं। वे अपनी प्रतिकूल परिस्थितियों को भी बदल देते हैं और अभय के गीत गाते हुए आगे बढ़ते हैं। तू आगे बढ़ और उन जैसा ही वीर बनकर अपनी इच्छानुसार फल प्राप्त कर। तेरी विजय निश्चित है।

(4) सन्दर्भ :
पूर्ववत्।

प्रसंग :
इन पंक्तियों में कवि कहता है कि तू विघ्न-बाधाओं को सहन करता हुआ चल, समय तेरा स्वागत करेगा।

व्याख्या :
कवि नवयुवक का आह्वान करते हुए कहता है कि तू मार्ग की बाधाओं को सहन कर लेगा तो वे तेरा मार्ग छोड़ देंगी और समय तेरे साहस को देखकर तेरा स्वागत करेगा। तेरी सफलता पर प्रसन्न होकर आकाश गर्व के साथ तेरी कहानी कहेगा। धरती तेरे पग चिह्नों को अपने ऊपर अंकित कर लेगी। तू अपने त्याग से गौरवपूर्ण इतिहास का निर्माण करेगा। विजय प्राप्त करना ही तेरी कहानी होगी अर्थात् तेरे भाग्य में विजय ही लिखी हुई है।

प्रश्न 7.
फूल और मालिन की किन समानताओं की ओर कवि ने संकेत किया है?
उत्तर:
फूल और मालिन की समानताओं की ओर संकेत करते हुए कवि ने कहा है कि ये दोनों पुराने साथी हैं,तन-मन से कोमल हैं, गृह और वन में फूल-फल रहे हैं, दोनों में यौवन और आकर्षण है। दोनों ही कल अपना मधुवर्षण करके मुरझा जायेंगे। फूल उपवन में मधु इकट्ठा करता है और मालिन रूपी चेतना जन-जन के मन से मधु एकत्रित करती है।

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जीवन दर्शन काव्य सौन्दर्य

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों में से तत्सम तथा तद्भव शब्दों की पृथक्-पृथक् सूची बनाइये।
सृष्टि, गर्व, तुच्छ, पट, उज्ज्वल, बादल, फूल, मधु, पुराना, पीछे।
उत्तर:
MP Board Class 12th Hindi Swati Solutions पद्य Chapter 8 जीवन दर्शन img-1

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पंक्तियों में काव्य-गुण पहचान कर लिखिए
(i) “दोनों तन-मन से कोमल हैं, फूल रहे गृह, वन में।”
(ii) “प्राण में भर अटल साहस खेल ले, इनको खिला ले।”
उत्तर:
(i) मालिन और पुष्प की समानता बताई है। ‘फूलना फलना’ मुहावरे का प्रयोग सटीक है।
(ii) वीर रस की कविता है। अनुप्रास का प्रयोग दृष्टिगत होता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पंक्तियों में कौन-सा रस प्रधान है पहचान कर लिखिए
“जब जग मुझे तोड़ने आता, मैं हँस-हँस रो देता,
जब तुम मुझ पर हाथ उठाती, मैं सुधि बुधि खो देता,
हृदय तुम्हारा सा ही मेरा, इसको यों न मरोड़ो।”
उत्तर:
करुण रस।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए
निश्चित, आदर, आकर्षण, कोमल, साहस, यौवन, मुरझाना।
उत्तर:
MP Board Class 12th Hindi Swati Solutions पद्य Chapter 8 जीवन दर्शन img-2

प्रश्न 5.
पाठ में आए पुनरुक्तिप्रकाश के उदाहरण छाँटकर लिखिए।
उत्तर:
कण-कण,हँस-हँस।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए
(क) “गगन गायेगा गरज कर गर्व से तेरी कहानी”
(ख) “काल अभिनन्दन करेगा आज तेरा समय सादर।”
उत्तर:
(क) वीर रस की पंक्तियाँ हृदय में उत्साह जाग्रत करती हैं। अनुप्रास अलंकार की छटा दर्शनीय है।
(ख) वीर रस का प्रयोग हुआ है। मानवीकरण किया गया है।

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देखो मालिन मुझे न तोड़ो भाव सारांश

प्रस्तुत कविता ‘देखो मालिन मुझे न तोड़ो’ सुप्रसिद्ध कवि ‘शिवमंगल सिंह सुमन’ द्वारा रचित है। इस कविता में कवि ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन भी पुष्प के समान सुगन्ध रूपी प्रेम लोगों में बाँटता है। कवि आशावादी है।

संकलित कविता में वे जीवन और फूल को एक समान अनुभव करते हैं। जीवन एक फूल के समान है जो सौन्दर्य और सुगन्ध को बिखेरता है। कवि मालिन को सम्बोधित करते हुए कहता है कि जैसे वह फूल-फूल से रस लेती है, वैसे ही कवि की चेतना जन-जन के प्रेम के मधु को एकत्रित करती है। जीवन और पुष्प दोनों में आकर्षण है और एक दिन यह आकर्षण समाप्त हो जायेगा और दोनों धूल में मिल जायेंगे। कवि की चेतना प्रिया बनकर जीवन को प्रसन्नता देती है और कभी जीवन में विपन्नता भी लाती है। कवि का स्वर आशावादी है, इसलिए वह जीवन के आनन्द को शाश्वत बनाने की कामना करता है।

देखो मालिन मुझे न तोड़ो संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

(1) हम तुम बहुत पुराने साश्री
जगती के मधुबन में
दोनों तन-मन से कोमल हैं।
फूल रहे गृह, बन में
हम उपवन का, तुम जन-मन का मधु, कण-कण कर जोड़ो,
देखो मालिन, मुझे न तोड़ो।

शब्दार्थ :
जगती = संसार; मधुवन = ब्रजभूमि के एक वन का नाम।

सन्दर्भ :
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘देखो मालिन मुझे न तोड़ो’ नामक कविता से उद्धृत हैं। इसके रचयिता शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ हैं।

प्रसंग :
प्रस्तुत पंक्तियों में कवि पुष्प से कहलवाता है कि हे मालिन ! तुम मुझे मत तोड़ो।

व्याख्या :
पुष्प मालिन से कहता है कि संसार रूपी मधुवन में हम पुराने साथी हैं। दूसरे अर्थ में जीवन और पुष्प पुराने समय से साथ-साथ हैं और अपने जीवन में परोपकार में रत हैं। हम दोनों तन-मन से कोमल हैं और अपने घर और वन में फल-फूल रहे हैं। पुष्प उपवन में मधु संचय करते हैं उसी प्रकार कवि की चेतना जन-जन के प्रेम के मधु को एकत्रित करती है। पुष्प मालिन से कहता है कि हे मालिन मुझे ! मत तोड़ो।

काव्य सौन्दर्य :

  1. भाषा में सरलता और प्रवाह पाठक की अनुभूति के अनुकूल है।
  2. पुष्प का मानवीकरण किया गया है।
  3. कवि की शैली में सरलता एवं स्वाभाविकता है।

2. हम-तुम दोनों में यौवन है
दोनों में आकर्षण
दोनों कल मुरझा जायेंगे
कर क्षण-भर मधुवर्षण
आओ, क्षण भर हँस खिल मिल लें, कल की कल पर छोड़ो,
देखो मालिन, मुझे न तोड़ो।

शब्दार्थ :
यौवन = जवानी; आकर्षण = खिंचाव; मधुवर्षण = शहद बरसाना।

सन्दर्भ :
पूर्ववत्।

प्रसंग:
इन पंक्तियों में कवि ने बताया है कि संसार में जीवन और पुष्प दोनों में जीवन है।

व्याख्या :
कवि कहता है कि जीवन और पुष्प दोनों में यौवन है और दोनों में ही आकर्षण है। एक दिन वे अपना प्रेम और मधु दान कर मुरझा जायेंगे। इसलिए आओ, क्षणभर हँस-खेल कर अपना जीवन सुखपूर्वक व्यतीत कर लें,कल की कल देखी जायेगी। अर्थात् भविष्य का तो पता नहीं है,क्या होगा। अतः वर्तमान को खुशी से जी लेना चाहिए।

काव्य सौन्दर्य :

  1. जीवन और पुष्प का मानवीकरण किया गया है।
  2. कवि ने वर्तमान को महत्त्वपूर्ण बताया है।
  3. अनुप्रास अलंकार से कविता की शोभा बढ़ गई है।

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(3) जब जग मुझे तोड़ने आता
मैं हँस-हँस रो देता
जब तुम मुझ पर हाथ उठाती
मैं सुधि-बुधि खो देता
हृदय तुम्हारा-सा ही मेरा इसको यों न मरोड़ो,
देखो मालिन मुझे न तोड़ो। (2011, 15)

शब्दार्थ :
सुधि-बुधि = होश-हवाश।

सन्दर्भ :
पूर्ववत्।

प्रसंग:
इन पंक्तियों में फूल ने मालिन से कहा है कि जब कोई मुझे तोड़ने आता है, तो मैं सुधि-बुधि खो बैठता हूँ।

व्याख्या:
जब लोग मुझे तोड़ने आते हैं, तो मैं हँसता हुआ रो देता हूँ और हे मालिन ! जब तुम मुझे तोड़ने के लिए हाथ उठाती हो,तो मैं अपनी सुधि-बुधि खो देता हूँ। जीवन की तरह ही पुष्प का भी हृदय कोमल है,वह कामना करता है कि उसे मरोड़ कर नष्ट मत करो, हे मालिन ! मुझे न तोड़ो।

काव्य सौन्दर्य:

  1. भाषा में सहजता और सरलता है।
  2. पुष्प का मानवीकरण किया गया है।
  3. ‘हँस-हँस’ में पुनरुक्तिप्रकाश है।

बढ़ सिपाही भाव सारांश

प्रस्तुत कविता ‘बढ़ सिपाही’ राष्ट्रीय भावनाओं के द्योतक कवि ‘आचार्य विष्णकान्त शास्त्री’ द्वारा रचित है। इस कविता के माध्यम से कवि युवकों को विजय पथ पर अग्रसित करने हेतु प्रेरित करना चाहता है।

वह उनमें आत्मबल भरना चाहता है। उनका मूल मन्त्र है कि विजय उनको ही मिलती है जिन्हें अपने आत्मबल और विजय का विश्वास होता है। विजय का यही विश्वास जीवन दर्शन बनकर प्रतिकूल परिस्थितियों को बदलने की सामर्थ्य रखता है। नाश को भूमि पर नवनिर्माण करने का साहस भी नवयुवक के आगे बढ़ते हुए कदमों को है। नवयुवक कभी कदम आगे बढ़ाकर पीछे नहीं हटते और यदि वे ऐसा सोचते भी हैं, तो कवि उन्हें शपथ दिलाता है कि वे बढ़कर पीछे न हटें। वे आगे बढ़कर ही विजय प्राप्त कर सकते हैं। तेरे त्याग से ही गौरवशाली इतिहास का निर्माण होगा। गगन और धरती तेरी विजय से धन्य हो जायेगी।

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बढ़ सिपाही संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

(1) विजय पथ पर बढ़ सिपाही
विजय है तेरी सुनिश्चित।
लोटती है विजय चरणों पर उन्हीं के, जो बढ़े हैं,
तुच्छ कर सब आपदाएँ, धर्मपथ पर जो अड़े हैं।
विश्व झुकता है उन्हीं के सामने जो हैं झुकाते,
बदलकर बिगड़ी परिस्थिति, हो अभय जय-गीत गाते।।
बढ़ सँभल कर, बन उन्हीं सा, प्राप्त कर तू फल अभीप्सित।
विजय है तेरी सुनिश्चित। (2014)

शब्दार्थ :
तुच्छ = छोटा; आपदाएँ = संकट; धर्मपक्ष = धर्म का रास्ता; अभीप्सित = वांछित।

सन्दर्भ :
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘बढ़ सिपाही’ नामक कविता से उद्धृत की हैं और इसके रचयिता विष्णुकान्त शास्त्री हैं।

प्रसंग :
यहाँ पर कवि नवयुवकों का आह्वान करते हुए कहता है कि वे अपने प्रगति-पथ पर आगे बढ़ते रहें, विजय उनकी सुनिश्चित है।

व्याख्या :
कवि कहता है कि हे सिपाही (नवयुवक) ! तू विजय पथ पर आगे बढ़ता जा, तेरी विजय सुनिश्चित है। जो लोग निर्भय होकर आगे बढ़ते हैं और अपने रास्ते की बाधाओं को नकारते हुए धर्मपथ पर डटे रहते हैं, उन्हीं के चरणों में विजय लोटती है अर्थात् उन्हीं साहसी व्यक्तियों को विजय प्राप्त होती है। विश्व उनके सामने ही झुकता है जो उसे झुकाने की शक्ति रखते हैं। वे अपनी प्रतिकूल परिस्थितियों को भी बदल देते हैं और अभय के गीत गाते हुए आगे बढ़ते हैं। तू आगे बढ़ और उन जैसा ही वीर बनकर अपनी इच्छानुसार फल प्राप्त कर। तेरी विजय निश्चित है।

काव्य सौन्दर्य :

  1. वीर रस की कविता है।
  2. कहीं कहीं अनुप्रास अलंकार की छटा दर्शनीय है।
  3. यह युवकों के लिए प्रेरणास्पद कविता है।

(2) दे रहे आह्वान तुझको मत्त होकर मेघ काले,
उठ रही झंझा प्रबलतम जोर इनका आजमा ले।
शपथ तुझको जो हटाया एक पग भी आज पीछे,
प्राण में भर अटल साहस खेल लें, इनको खिला ले।
नाश की पटभूमिका पर, सृष्टि का कर चित्र अंकित।
विजय है तेरी सुनिश्चित। (2009)

शब्दार्थ :
आह्वान = बुलाना; मत्त = मस्त; झंझा = आँधी; प्रबलतम = जोर की; सृष्टि = निर्माण।

सन्दर्भ एवं प्रसंग :
पूर्ववत्।

व्याख्या :
कवि कहता है कि हे नवयुवक ! आकाश में घिरते हुए काले बादल तेरा आह्वान कर रहे हैं। बड़े बेग से आती हुई आँधी तेरे सामने है,तू इससे लड़कर अपने बल की परीक्षा कर ले। जो लोग अपने पथ में अग्रसर होकर पीछे लौटने की सोचते हैं उनको कवि शपथ देता है कि वे अपने पैर आगे ही बढ़ाएँ,पीछे कदापि न लौटें। अपने प्राणों में अटल साहस भर लो और साथ में अन्य लोगों को भी ले लो। नाश की पटभूमि पर तू निर्माण का चित्र बना। अर्थात् नाश की परवाह न करके निर्माण का मार्ग बनाएँ। तू निरन्तर आगे बढ़ता चल,तेरी विजय निश्चित है।

काव्य सौन्दर्य :

  1. वीर रस की कविता है।
  2. सरलता है और स्वाभाविकता है।
  3. कविता ओज से दैदीप्यमान है।

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3. छोड़ देंगी मार्ग तेरा विघ्न बाधाएँ सहम कर,
काल अभिनन्दन करेगा आज तेरा समय सादर।
मगन गायेगा गरज कर गर्व से तेरी कहानी,
वक्ष पर पदचिह्न लेगी धन्य हो धरती पुरानी॥
कर रहा तू गौरवोज्ज्वल त्यागमय इतिहास निर्मित।
विजय है तेरी सुनिश्चित।। (2017)

शब्दार्थ :
विन बाधाएँ = रुकावटें; अभिनन्दन = स्वागत; वक्ष = सीने पर; पदचिह्न = पैरों के निशान; गौरवोज्वल = गौरव से उज्ज्वल; त्यागमय = त्याग से भरा; निर्मित = बना हुआ।

सन्दर्भ :
पूर्ववत्।

प्रसंग :
इन पंक्तियों में कवि कहता है कि तू विघ्न-बाधाओं को सहन करता हुआ चल, समय तेरा स्वागत करेगा।

व्याख्या :
कवि नवयुवक का आह्वान करते हुए कहता है कि तू मार्ग की बाधाओं को सहन कर लेगा तो वे तेरा मार्ग छोड़ देंगी और समय तेरे साहस को देखकर तेरा स्वागत करेगा। तेरी सफलता पर प्रसन्न होकर आकाश गर्व के साथ तेरी कहानी कहेगा। धरती तेरे पग चिह्नों को अपने ऊपर अंकित कर लेगी। तू अपने त्याग से गौरवपूर्ण इतिहास का निर्माण करेगा। विजय प्राप्त करना ही तेरी कहानी होगी अर्थात् तेरे भाग्य में विजय ही लिखी हुई है।

काव्य सौन्दर्य :

  1. कविता में वीर रस की अभिव्यक्ति सुन्दर है।
  2. अनुप्रास अलंकार की छटा अद्भुत है।
  3. वीर पुरुष के सिद्धान्त को प्रतिपादित किया गया है।

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MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रायिकता Important Questions

प्रायिकता वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

प्रश्न 1.
एक थैले में 5 भूरे तथा 4 सफेद मोजे रखे हैं। एक पुरुष थैले में से दो मोजे निकालता है। दोनों का एक ही रंग होने की प्रायिकता है –
(a) \(\frac{5}{108}\)
(b) \(\frac{18}{108}\)
(c) \(\frac{30}{108}\)
(d) \(\frac{48}{108}\)

प्रश्न 2.
एक पासे को तीन बार फेंका गया। प्रत्येक बार पूर्व प्राप्त संख्या से बड़ी संख्या प्राप्त करने की प्रायिकता है –
(a) \(\frac{5}{72}\)
(b) \(\frac{5}{34}\)
(c) \(\frac{13}{216}\)
(d) \(\frac{1}{18}\)

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 3.
यह दिया है कि घटनाएँ A तथा B ऐसी हैं कि P(A) = \(\frac{1}{4}\), P( \(\frac{A}{B}\) )  \(\frac{1}{2}\) तथा P( \(\frac{B}{A}\) ) =
\(\frac{2}{3}\) तो P(B) का मान है –
(a) \(\frac{1}{3}\)
(b) \(\frac{2}{3}\)
(c) \(\frac{1}{2}\)
(d) \(\frac{1}{6}\)

प्रश्न 4.
एक सिक्का 4 बार उछाला गया है। कम से कम एक शीर्ष आने की प्रायिकता है –
(a) \(\frac{1}{16}\)
(b) \(\frac{2}{16}\)
(c) \(\frac{14}{16}\)
(d) \(\frac{15}{16}\)

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 5.
A के सत्य बोलने की प्रायिकता है \(\frac{4}{5}\) तथा B के सत्य बोलने की प्रायिकता \(\frac{3}{4}\) है। एक ही तथ्य के पूछने पर उनके एक-दूसरे के विरोधी उत्तर देने की प्रायिकता है –
उत्तर:
(a) \(\frac{3}{10}\)
(b) \(\frac{1}{4}\)
(c) \(\frac{7}{20}\)
(d) \(\frac{2}{5}\)

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये –

  1. P \(\left(\frac{A \cup B}{C}\right)\)  = P \(\left(\frac{A}{C}\right)\)  + ………………………
  2. P(A∩B) = …………….. था ………………………..
  3. A और B दो स्वतंत्र घटनाएँ हों, तो P(A∩B) = ……………………..
  4. A और B दो स्वतंत्र घटनाएँ हों, तो P\(\left(\frac{A}{C}\right)\) = …………………………….
  5. यदि यादृच्छिक चर x के संगत प्रायिकता P(X) हो, तो घटना E का X का माध्य E(X) = ……………………….. होगा।
  6. यदि यादृच्छिक चर X के संगत P(X) हो, तो X का प्रसरण Var (X) = ……………………….. होगा।

उत्तर:

  1. P \(\left(\frac{B}{C}\right)\) – P \(\left(\frac{A \cup B}{C}\right)\)
  2. P(B).P \(\left(\frac{A}{B}\right)\)  या P(A).P \(\left(\frac{A}{B}\right)\) = या P(A).P \(\left(\frac{B}{A}\right)\)
  3. P(A).P(B)
  4. P(A), P(B) ≠ 0
  5. ΣX.P(X)
  6. ΣX2.P(X)- [ΣX.P(X)]2.

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 3.
निम्न कथनों में सत्य/असत्य बताइए –

  1. यदि A और B कोई दो घटनाएँ हों तब P(A – B) = P(A) – P (A∩B)
  2. यदि A और B कोई दो घटनाएँ हों तब P(A∪B) – P(A∩B) = P(A) + P(B).
  3. P \(\left(\frac{A}{B}\right)\)  =  \(\frac{P(A \cap B)}{P(A)}\)
  4. यदि A और B प्रतिदर्श समष्टि S की कोई दो घटनाएँ हैं और F एक अन्य घटना इस प्रकार है कि P(F) ≠ 0, तब P \(\left(\frac{A \cup B}{F}\right)\)  = P \(\left(\frac{A}{F}\right)\)  + P \(\left(\frac{B}{F}\right)\)  – P \(\left(\frac{A \cup B}{F}\right)\)
  5. किन्ही दो घटनाओं A और B के लिए P(A∪B) = P(A∩B) + P( \(\bar { A } \)∩B) + P(A∩\(\bar { B } \))

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य।

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 4.
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए –

  1. एक लीप वर्ष में 53 शुक्रवार आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
  2. एक सिक्का 4 बार उछाला गया है कम-से-कम एक शीर्ष आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
  3. A और B दो ऐसी घटनाएँ हैं जहाँ, P(A) = \(\frac{1}{4}\), P \(\left(\frac{A}{B}\right)\)  = \(\frac{1}{2}\) तथा P \(\left(\frac{B}{A}\right)\)  = \(\frac{2}{3}\), तो P(B) का मान ज्ञात कीजिए।
  4. 5 पत्र तथा 5 पते लिखे लिफाफे हैं। यदि यादृच्छया पत्रों को लिफाफे में रखा जाए, तो 3 पत्रों को सही लिफाफे में रखे जाने की प्रायिकता क्या होगी?
  5. गणित की एक समस्या को तीन विद्यार्थियों द्वारा हल करने की संभावनाएँ क्रमशः \(\frac{1}{2}\), \(\frac{1}{3}\), \(\frac{1}{4}\) हैं। समस्या हल हो जाने की प्रायिकता क्या है?

उत्तर:

  1. \(\frac{2}{7}\)
  2. \(\frac{15}{16}\)
  3. \(\frac{1}{3}\)
  4. \(\frac{1}{12}\)
  5. \(\frac{3}{4}\)

प्रायिकता लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
(A) दो पासे एक साथ एक बार उछाले जाते हैं। योगफल 8 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है:
दो पासे एक साथ एक बार उछाले जाते हैं
∴ n(S) = 62 = 36
योगफल 8 आने की घटना
A = {(2,6); (6,2); (5,3); (3,5); (4,4)}
∴ n(A) = 5
∴ योगफल 8 आने की प्रायिकता
P(A) = \(\frac { n(A) }{ n(S) } \) = \(\frac{5}{36}\)

(B) दो पासे एक साथ उछाले जाते हैं। ऊपरी फलक पर योगफल 9 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
प्रश्न क्र. 1 (A) की भाँति हल करें।

(C) दो पासे एक साथ उछाले जाते हैं। ऊपरी फलक पर योगफल 7 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
प्रश्न क्र. 1 (A) की भाँति हल करें।

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 2.
एक घटना का प्रतिकूल संयोगानुपात 3 : 4 है, तो उसके न घटने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है:
घटना के प्रतिकूल संयोगानुपात = 3 : 4
∵ घटना के न घटने की प्रायिकता P( \(\bar { A } \) ) = \(\frac{b}{a+b}\)
⇒ P( \(\bar { A } \) ) = \(\frac{4}{3+4}\) = \(\frac{4}{7}\)

प्रश्न 3.
52 ताश के पत्तों की एक गड्डी में से एक पत्ता यदृच्छया निकाला जाता है, तो उसके चेहरे वाला पत्ता होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ, प्रतिदर्श समष्टि n(S) = 52
∵ चेहरे वाले पत्ते = 4 गुलाम + 4 बेगम + 4 बादशाह
∴ n(A) = 4 + 4 + 4 = 12
अतः अभीष्ट प्रायिकता P(A) = \(\frac { n(A) }{ n(S) } \) = \(\frac{12}{52}\) = \(\frac{3}{13}\)

प्रश्न 4.
यदि किसी लीप वर्ष को यदृच्छया चुन लिया जाये तो उस वर्ष में 53 रविवार होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं अर्थात् 52 सप्ताह और 2 दिन। अब शेष दो दिन बचे जिनकी सम्भावना इस प्रकार है:
(रविवार, सोमवार), (सोमवार, मंगलवार), (मंगलवार, बुधवार); (बुधवार, गुरुवार), (गुरुवार, शुक्रवार), (शुक्रवार, शनिवार), (शनिवार, रविवार)
प्रतिदर्श समष्टि n(S) = 7
यदि रविवार की घटना E है, तो n(E) = 2
अतः 53 रविवार होने की प्रायिकता = \(\frac { n(E) }{ n(S) } \) = \(\frac{2}{7}\).

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 5.
घोड़े A के किसी दौड़ में जीतने की प्रायिकता \(\frac{1}{4}\) तथा घोड़े B के उसी दौड़ में जीतने की प्रायिकता \(\frac{1}{8}\) है, तो इनमें से किसी एक के जीतने की प्रायिकता क्या है?
हल:
घोड़े A के जीतने की प्रायिकता P(A) = \(\frac{1}{4}\)
घोड़े B के जीतने की प्रायिकता P(B) = \(\frac{1}{8}\)
∵ A और B परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं, अत: P(A∩B) = 0
∴ P(A∪B) = P(A) + P(B) = \(\frac{1}{4}\) + \(\frac{1}{8}\) = \(\frac{2+1}{8}\) = \(\frac{3}{8}\)

प्रश्न 6.
(A) 52 पत्तों की ताश की गड्डी से यदृच्छया एक पत्ता खींचने पर उसके बादशाह या हुकुम का पत्ता होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए बादशाह खींचने की घटना A तथा हुकुम का पत्ता खींचने की घटना B है, तो
n(S) = 52, n(A)= 4, n(B) = 13, n(A∩B) =1
[क्योंकि ताश की गड्डी में चार बादशाह होते हैं; 13 हुकुम के पत्ते होते हैं तथा एक हुकुम का बादशाह होता है।]
∴P(A) = \(\frac { n(A) }{ n(S) } \) = \(\frac{4}{52}\), P(B) = \(\frac { n(B) }{ n(S) } \) = \(\frac{13}{52}\)
P(A∩B) = \(\frac{1}{52}\)
∴ P(A∪B) = P(A) + P(B) – P(A∩B)
= \(\frac{4}{52}\) + \(\frac{13}{52}\) – \(\frac{1}{52}\) = \(\frac{16}{52}\) = \(\frac{4}{13}\).

(B) ताश की गड्डी में से एक पत्ता खींचा जाता है, प्रायिकता ज्ञात कीजिये कि यह न तो इक्की है न ही बादशाह।
हल:
कुल बादशाह = 4, कुल इक्का = 4
8 पत्तों में से कोई एक पत्ता प्राप्त करने की प्रायिकता = 8C1
52 पत्तों में से कोई एक पत्ता खींचने की प्रायिकता = 52C1
∴ P(A) = \(\frac { ^{ 8 }C_{ 1 } }{ ^{ 52 }C_{ 1 } } \) = \(\frac{8}{52}\) = \(\frac{2}{13}\)
इनमें से कोई पत्ता न होने की प्रायिकता = 1 – P(A) = 1 – \(\frac{2}{13}\) = \(\frac{11}{13}\).

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 7.
(A) एक पासे को एक बार उछाला जाता है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि सम अंक या 5 से कम अंक प्राप्त हो।
हल:
एक पासे को एक बार उछालने पर प्राप्त प्रतिदर्श समष्टि
S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}
n(S) = 6
E1 = {2, 4, 6} ∴ n(E1) = 3
E2 = {1, 2, 3, 4} ∴ n(E2) = 4
E1∩E2 = {2, 4} ∴ n(E1∩E2) = 2
∴ अभीष्ट प्रायिकता
P(E1∪E2) = P(E1) + P(E2) – P(E1∩E2)
= \(\frac { n(E_{ 1 }) }{ n(S) } \) + \(\frac { n(E_{ 2 }) }{ n(S) } \) – \(\frac { n(E_{ 1 }∩E_{ 2 }) }{ n(S) } \)
= \(\frac{3}{6}\) + \(\frac{4}{6}\) – \(\frac{2}{6}\) = \(\frac{7-2}{6}\) = \(\frac{5}{6}\)

(B) पासे के एक युग्म को फेंकने पर योग 9 या 11 न आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिये।
हल:
एक पासे के युग्म को एक साथ उछालने के तरीके = 6 × 6 = 36
अतः n(S) = 36
माना कि E योग 9 या 11 न आने की घटना है।
∴ E = {(1,1), (1,2), (1,3), (1,4), (1,5), (1,6), (2,1), (2,2), (2,3), (2,4), (2,5), (2,6), (3,1), (3,2), (3,3), (3,4), (3,5), (4,1), (4,2), (4,3), (4,4), (4,6), (5,1), (5, 2), (5,3), (5,5), (6,1), (6,2), (6,4), (6,6)}
∴ n(E) = 30
अतः अभीष्ट प्रायिकता P(E) = \(\frac { n(E) }{ n(S) } \) = \(\frac{30}{36}\) = \(\frac{5}{6}\)

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 8.
यदि तीन सिक्के एक साथ उछाले जायें, तो घटना में कम-से-कम एक शीर्ष प्राप्त करने की प्रायिकता क्या होगी?
हल:
तीन सिक्के एक साथ उछाले जाने पर प्रतिदर्श समष्टि की संख्या n(S) = 23 = 8
माना एक की शीर्ष न होने की घटना \(\bar { A } \) हो, तो
\(\bar { A } \) = {(T, T, T)}
∴ n( \(\bar { A } \) ) = 1
अतः एक की शीर्ष न होने की प्रायिकता
P( \(\bar { A } \) ) = \(\frac { n(\bar { A } ) }{ n(S) } \) = \(\frac{1}{8}\)
∴ कम – से – कम एक शीर्ष प्राप्त करने की प्रायिकता P(A) = 1 – P( \(\bar { A } \) )
= 1 – \(\frac{1}{8}\) = \(\frac{7}{8}\)

प्रश्न 9.
एक सिक्का दो बार उछाला जाता है। दोनों बार शीर्ष आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
माना पहली बार उछालने में शीर्ष आने की घटना E1 तथा दूसरी बार उछालने में शीर्ष आने की घटना E2 है।
∴ P(E1) = \(\frac{1}{2}\) तथा P(E2) = \(\frac{1}{2}\)
ये दोनों घटनाएँ स्वतन्त्र हैं।
∴ P(E1∩E2) = P(E1) × P(E2)
= \(\frac{1}{2}\) × \(\frac{1}{2}\) = \(\frac{1}{4}\).

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 10.
किसी दौड़ में A, B तथा C घोड़े के जीतने के अनुकूल संयोगानुपात क्रमश: 1 : 2, 1 : 3 तथा 1 : 4 हैं, तो किसी एक के जीतने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
P (E1) = प्रथम घोड़े के विजयी होने की प्रायिकता = \(\frac{1}{1+2}\) = \(\frac{1}{3}\)
P (E2) = द्वितीय घोड़े के विजयी होने की प्रायिकता = \(\frac{1}{1+3}\) = \(\frac{1}{4}\)
P(E3) = \(\frac{1}{1+4}\) = \(\frac{1}{5}\)
अतः किसी एक घोड़े के विजयी होने की प्रायिकता = P(E1) + P(E2) + P(E3)
= \(\frac{1}{3}\) + \(\frac{1}{4}\) + \(\frac{1}{5}\)
= \(\frac{20+15+12}{60}\) = \(\frac{47}{60}\).

प्रश्न 11.
गणित का एक प्रश्न तीन छात्रों A, B और C को हल करने के लिए दिया जाता है, जिसके हल करने की प्रायिकताएँ क्रमश: 1/2, 1/3 और 1/4 हैं। प्रश्न के हल न होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
यदि तीन छात्रों A, B और C द्वारा प्रश्न के हल होने की प्रायिकता क्रमश: P(A), P(B) व P(C) हो, तो
P(A) = \(\frac{1}{2}\), P(B) = \(\frac{1}{3}\), P(C) = \(\frac{1}{4}\)
∴ P( \(\bar { A } \) ) = 1 – P(A) = 1 – \(\frac{1}{2}\) = \(\frac{1}{2}\)
P( \(\bar { B } \) ) = 1 – \(\frac{1}{3}\) = \(\frac{2}{3}\)
और P( \(\bar { C } \) ) = 1 – P(C) = 1 – \(\frac{1}{4}\) = \(\frac{3}{4}\)
अतः प्रश्न के हल न होने की प्रायिकता = P( \(\bar { A } \) ) P( \(\bar { B } \) ) P( \(\bar { C } \) )
= \(\frac{1}{2}\) × \(\frac{2}{3}\) × \(\frac{3}{4}\) = \(\frac{1}{4}\)

प्रायिकता दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – I

प्रश्न 1.
रायपुर में 20% व्यक्ति अंग्रेजी का अखबार पढ़ते हैं, 40% व्यक्ति हिन्दी तथा 5% व्यक्ति दोनों प्रकार के अखबार पढ़ते हैं। कितने प्रतिशत व्यक्ति कोई भी अखबार नहीं पढ़ते हैं?
हल:
P(A) = अंग्रेजी अखबार पढ़ने वाले व्यक्ति
= \(\frac{20}{100}\) = \(\frac{1}{5}\)
P(B) = हिन्दी अखबार पढ़ने वाले व्यक्ति
= \(\frac{40}{100}\) = \(\frac{2}{5}\)
P(A∩B) = दोनों भाषाओं के अखबार पढ़ने वाले व्यक्ति
= \(\frac{5}{100}\) = \(\frac{1}{20}\)
दोनों भाषाओं के अखबार नहीं पढ़ने वाले व्यक्ति = P( \(\bar { A } \)∩\(\bar { B } \) )
= 1 – P(A∪B)
= 1 – [P(A) + P(B) – P(A∩B)]
= 1 – [ \(\frac{1}{5}\) + \(\frac{2}{5}\) – \(\frac{1}{20}\) ] = 1 – \(\frac{3}{5}\) + \(\frac{1}{20}\)
= \(\frac{20-12+1}{20}\) = \(\frac{9}{20}\).

MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 2.
A, प्रकरणों में 75% सत्य बोलता है और B, 80% सत्य बोलता है। यदि दोनों में एक ही प्रकरण पर विरोधाभास हो, तो इसका क्या प्रतिशत होगा? अथवा मोहन 75% प्रकरणों में तथा सोहन 80% प्रकरणों में सच बोलता है। इस घटना की प्रायिकता ज्ञात कीजिये जबकि मोहन सच तथा सोहन झूठ बोलता है।
हल:
A के सत्य बोलने की प्रायिकता P(A) = \(\frac{75}{100}\) = \(\frac{3}{4}\)
B के सत्य बोलने की प्रायिकता P(B) = \(\frac{80}{100}\) = \(\frac{4}{5}\)
A के सत्य न बोलने की प्रायिकता P( \(\bar { A } \) ) = 1 – \(\frac{3}{4}\) = \(\frac{1}{4}\)
B के सत्य न बोलने की प्रायिकता P( \(\bar { B } \) ) = 1 – \(\frac{4}{5}\) = \(\frac{1}{5}\)
P(A और B में विरोधाभास है) = P (A सत्य बोलता है और B असत्य बोलता है) या P(A असत्य बोलता है और B सत्य बोलता है)
= P(A)P( \(\bar { B } \) ) + P( \(\bar { A } \) )P(B)
= \(\frac{3}{4}\) × \(\frac{1}{5}\) + \(\frac{1}{4}\) × \(\frac{4}{5}\) = \(\frac{7}{20}\)
अतः विरोधाभास का प्रतिशत = \(\frac{7}{20}\) × 100 = 35%

प्रश्न 3.
सिद्ध क्रीजिए कि
P(A) + P(not A) = I.
हल:
माना प्रतिदर्श समुच्चय S है तथा घटना A, S का उपसमुच्चय है। तब,
S के सापेक्ष (A’) = A का पूरक
= not A
स्पष्ट है कि A और A’ परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं, क्योंकि
A∩A’ = ϕ
समुच्चय सिद्धान्त से किन्हीं दो समुच्चयों A और B के लिये,
n(A∪B) = n(A) + n(B) – n(A∩B)
अब B के स्थान पर A’ लिखने पर,
n(A∪A’) = n(A) + n(A’) – n(A∩A’)
⇒ n(S) = n(A) + n(A’) – n(ϕ),
∴ n(S) = n(A) + n(A’) – 0
∴ 1 = \(\frac { n(\bar { A } ) }{ n(S) } \) + \(\frac { n(\bar { A’ } ) }{ n(S) } \)
था 1 = P(A) + P(A’)
अतः P(A) + P(not A) = 1. यही सिद्ध करना था।

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प्रश्न 4.
यदि P(A) = \(\frac{1}{2}\), P(B) = \(\frac{1}{9}\) तथा P(A∩B) = \(\frac{1}{18}\) हो, तो निम्न के मान ज्ञात कीजिए –
हल:
दिया है:
P(A) = \(\frac{1}{2}\), P(B) = \(\frac{1}{9}\) तथा P(A∩B) = \(\frac{1}{18}\)
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प्रश्न 5.
10 बच्चों के एक समूह में जिसमें 6 लड़के और 4 लड़कियाँ हैं, 3 बच्चे यदृच्छया चुने जाते है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए –
(i) कोई लड़की नहीं रखता हो।
(ii) कम – से – कम 1 लड़की रखता हो।
हल: 10 बच्चों में से 3 बच्चे चुनने के तरीके 10C3 = \(\frac { 10! }{ 7!3! } \) = \(\frac{10×9×8×7!}{7!×3×2}\) = 120
(i) कोई लड़की नहीं रखता हो –
6 लड़कों में से 3 लड़के चुनने के तरीके 6C3 = 20
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac{20}{120}\) = \(\frac{1}{6}\)
(ii) कम – से – कम एक लड़की रखता हो –
2 लड़का + 1 लड़की चुनने के तरीके = 6C2, × 4C1 = 15 × 4 = 60
1 लड़का + 2 लड़की चुनने के तरीके = 6C1 × 4C2
= 6 × 6 = 36
3 लड़की चुनने के तरीके = 4C3 = 4
अतः अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac{60+36+4}{120}\) = \(\frac{100}{120}\) = \(\frac{5}{6}\).

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प्रश्न 6.
ताश की गड्डी फेंटते समय एक-एक करके 4 ताश गिर पड़ते हैं। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि एक ताश पान का, दूसरा ईंट का, तीसरा हुकुम का तथा चौथा चिड़ी का होगा।
हल:
ताश के कुल पत्तों की संख्या = 52
पहला पत्ता 52 प्रकार से गिर सकता है।
पहले पत्ते के पान का पत्ता होने के अनुकूल प्रकारों की संख्या = 13
∴ प्रायिकता = \(\frac{13}{52}\) = \(\frac{1}{4}\)
शेष पत्ते = 52 – 1 = 51
इनमें से एक पत्ता 51 प्रकार से गिर सकता है।
इस पत्ते के ईंट का पत्ता होने के अनुकूल प्रकारों की संख्या = 13
∴ प्रायिकता = \(\frac{13}{51}\)
शेष पत्ते = 52 – 1 = 50
इनमें से एक पत्ता 51 प्रकार से गिर सकता है।
इस पत्ते के हुकुम का पत्ता होने के अनुकूल प्रकारों की संख्या = 13
∴प्रायिकता = \(\frac{13}{50}\)
शेष पत्ते = 50 – 1 = 49
इनमें से एक पत्ता 49 प्रकार से गिर सकता है।
इस पत्ते के चिड़ी का पत्ता होने के अनुकूल प्रकारों की संख्या = 13
∴ प्रायिकता = \(\frac{13}{49}\)
अतः मिश्र प्रायिकता के सिद्धान्त से अभीष्ट प्रायिकता = \(\frac{1}{4}\) × \(\frac{13}{51}\) × \(\frac{13}{50}\) × \(\frac{13}{49}\).

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प्रश्न 7.
गणित का एक प्रश्न तीन विद्यार्थियों को हल करने के लिए दिया गया। उसके हल करने की प्रायिकता \(\frac{1}{2}\), \(\frac{1}{3}\) और \(\frac{1}{4}\) हैं। यदि वे सभी हल करने का प्रयत्न करें तो किसी एक के प्रश्न हल किये जाने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
गणित का प्रश्न तीन विद्यार्थियों द्वारा हल किये जाने की प्रायिकता माना क्रमशः P1, P2, और P3, हैं।
अतः P1 = \(\frac{1}{2}\), P2 = \(\frac{1}{3}\), P3 = \(\frac{1}{4}\)
प्रश्न को उन तीनों के द्वारा हल न किये जाने की प्रायिकता क्रमशः
q1 = 1 – P1 = 1 – \(\frac{1}{2}\) = \(\frac{1}{2}\)
q2 = 1 – P2 = 1 – \(\frac{1}{3}\) = \(\frac{2}{3}\)
q3 = 1 – P3 = 1 – \(\frac{1}{4}\) = \(\frac{3}{4}\)
अतः तीनों के द्वारा साथ-साथ प्रश्न हल न किये जाने की प्रायिकता = q1 .q2.q3
= \(\frac{1}{2}\) × \(\frac{2}{3}\) × \(\frac{3}{4}\) = \(\frac{1}{4}\)
अतः प्रश्न के हल किये जाने की प्रायिकता = कम-से-कम एक विद्यार्थी के प्रश्न को हल कर सकने की
प्रायिकता = 1 – q1.q2.q3 = 1 – \(\frac{1}{4}\) = \(\frac{3}{4}\).

प्रश्न 8.
एक थैले में 6 काली गेंदें, 5 सफेद गेंदें और 2 नीली गेंदें हैं। उनमें से दो गेंदें यदृच्छया बाहर निकाली जाती हैं। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि दोनों गेंदें सफेद हों।
हल:
दिया है:
काली गेंद = 6, सफेद गेंद = 5, नीली गेंद = 2
∴ कुल गेंद = (6 + 5 + 2) = 13
अतः n(S) = 13C2
माना सफेद गेंद निकलने की घटना A है, तब
n(A) = 5C2
∴ सूत्र, P(A) = \(\frac { n(A) }{ n(S) } \) = \(\frac { ^{ 5 }C_{ 2 } }{ ^{ 13 }C_{ 2 } } \)
P(A) = \(\frac { 5!/3!.2! }{ 13!/11!.2! } \) = \(\frac { \frac { 5\times 4 }{ 2\times 1 } }{ \frac { 13\times 12 }{ 2\times 1 } } \) = \(\frac { 5\times 4 }{ 13\times 12 } \) = \(\frac{5}{39}\).

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प्रश्न 9.
एक थैले में 6 लाल, 4 सफेद और 5 नीली गेंदें हैं। यदि थैले में से एक-एक करके गेंद निकाली जाये तथा उन्हें वापस न रखा जाये तो पहले के लाल, दूसरे के सफेद और तीसरे के नीले होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है:
एक थैले में 6 लाल (R), 4 सफेद (W) और 5 नीली (B) गेंदें हैं।
इस प्रकार कुल गेंदों की संख्या = 6 + 4 + 5 = 15
∴ पहली गेंद के लाल होने की प्रायिकता P(R) = \(\frac{6}{15}\)
अब थैले में कुल 15 – 1 = 14 गेंदें हैं
∴ दूसरे गेंद के सफेद होने की प्रायिकता P(W) = 4.
इसके बाद थैले में कुल 14 – 1 = 13 गेंदें हैं।
∴ तीसरे गेंद के नीली होने की प्रायिकता P(B) = \(\frac{5}{13}\)
अत: अभीष्ट (मिश्र) प्रायिकता = \(\frac{6}{15}\) × \(\frac{4}{14}\) × \(\frac{5}{13}\) = \(\frac{2}{5}\) × \(\frac{2}{7}\) × \(\frac{5}{13}\) = \(\frac{4×1}{91}\) = \(\frac{4}{91}\).

प्रश्न 10.
दो घनाकार पासे एक साथ फेंके जाते हैं। पहले पासे पर सम संख्या अथवा दोनों का योगफल 9 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
दो घनाकार पासों को साथ-साथ उछालने के तरीके = 6 × 6 = 36
∴ n(S) = 36
मानलो E1 = पहले पासे पर सम संख्या आने की घटना
तथा E2 = योग 9 प्राप्त करने की घटना
∴ E1 = {(2, 1), (2, 2), (2, 3), (2, 4), (2,5), (2, 6), (4, 1), (4, 2), (4, 3), (4, 4), (4,5), (4, 6), (6, 1), (6, 2), (6, 3), (6, 4), (6,5), (6, 6)}
∴ n(E1) = 18
E2 = {(3, 6), (4, 5), (5, 4), (6, 3)}
∴ n(E2) = 4
(E1∩E2) = {(4, 5), (6, 3)}
∴ n(E1∩E2) = 2
अत: P(E1) = \(\frac { n(E_{ 1 }) }{ n(S) } \) = \(\frac{18}{36}\)
P(E2) = \(\frac { n(E_{ 2 }) }{ n(S) } \) = \(\frac{4}{36}\)
तथा
P(E1∩E2) = \frac { n(E_{ 1 }∩E_{ 2 }) }{ n(S) } = \(\frac{2}{36}\)
∴ P(E1∪E2) = P(E1) + P(E2) – P(E1∩E2)
= \(\frac{18}{36}\) + \(\frac{4}{36}\) – \(\frac{2}{36}\) = \(\frac{20}{36}\)
⇒ P(E1∪E2) = \(\frac{5}{9}\).

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प्रश्न 11.
दो थैलों में से एक में 3 काली और 4लाल गेंदें हैं और दूसरे में 8 काली और 10 लाल गेंदें हैं। यदि किसी एक थैले को चुनकर उसमें से एक गेंद निकाली जाये तो उसके लाल होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल: I थैला
3B + 4R = 7 कुल गेंद
दो थैले में से 1 थैला चुनने की प्रायिकता है = \(\frac{1}{2}\)
1 थैले से 1 लाल गेंद निकालने की प्रायिकता = \(\frac{4}{7}\)
अतः I थैला चुनना तथा इसी थैले से,
1 लाल गेंद निकालने की प्रायिकता P1 = \(\frac{1}{2}\) × \(\frac{4}{7}\) = \(\frac{2}{7}\)
पुनः यदि II थैला चुना गया तो, इसकी प्रायिकता = \(\frac{1}{2}\)
II थैले से 1 लाल गेंद निकालने की प्रायिकता = \(\frac{10}{18}\) = \(\frac{5}{9}\)
अतः II थैला चुनना तथा इसी थैले से,
1 लाल गेंद निकालने की प्रायिकता P2 = \(\frac{1}{2}\) × \(\frac{5}{9}\) = \(\frac{5}{18}\)
उपर्युक्त दोनों घटनाएँ परस्पर अपवर्जी हैं। इनमें से एक ही घटना घटेगी।
अतः अभीष्ट प्रायिकता P = P1 + P2 = \(\frac{2}{7}\) + \(\frac{5}{18}\) = \(\frac{36+35}{126}\) = \(\frac{71}{126}\)

प्रश्न 12.
दो थैलों में एक में 5 लाल और 7 सफेद गेंदें हैं और दूसरे में 3 लाल और 12 सफेद गेंदें हैं। दोनों थैलों में से किसी एक से एक गेंद निकाली जाती है। प्रायिकता ज्ञात कीजिये कि वह गेंद लाल है।
हलः
प्रश्न क्र. 11 की भाँति हल करें।
उत्तर:
\(\frac{37}{120}\)

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प्रश्न 13.
एक थैले में 50 बोल्ट तथा 150 नट हैं। आधे बोल्ट और आधे नट जंग लगे हैं। यदि यदृच्छया एक नट थैले से निकाला जाये तो इसके जंग लगे हुये या बोल्ट होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
माना प्रतिदर्श समष्टि S हैं। तब,
n (S) = 200, (∵ 50 बोल्ट + 150 नट = 200)
प्रश्नानुसार,
आधे बोल्ट और आधे नट जंग लगे हैं
इनकी संख्या = 25 + 75 = 100
∴ E1: जंग लगी वस्तु निकलने की घटना
तब P(E1) = \(\frac { n(E_{ 1 }) }{ n(S) } \) = \(\frac{100}{200}\)
E2: बोल्ट निकलने की घटना
तब P(E2) = \(\frac { n(E_{ 2 }) }{ n(S) } \) = \(\frac{50}{200}\)
उक्त दोनों घटनाओं E1 और E2 में 25 जंग लगे बोल्ट उभयनिष्ठ है।
∴ n(E1∩E2) = 25
∴ P(E1∪E2) = P(E1) + P(E2) – P(E1∩E2)
= \(\frac{100}{200}\) + \(\frac{50}{200}\) – \(\frac{25}{200}\) = \(\frac{125}{200}\) = \(\frac{5}{8}\).

प्रश्न 14.
A किसी लक्ष्य को 5 बार में से 4 बार भेद सकता है। B, 4 में से 3 बार और C, 3 बार में से 2 बार। वे एक साथ निशाना लगाते हैं। कम-से-कम दो व्यक्तियों द्वारा निशाना लगाये जाने की प्रायिकता ज्ञात कीजिये।
हल:
A द्वारा निशाना लगाये जाने की प्रायिकता = \(\frac{4}{5}\)
B द्वारा निशाना लगाये जाने की प्रायिकता = \(\frac{3}{4}\)
C द्वारा निशाना लगाये जाने की प्रायिकता = \(\frac{2}{3}\)
कम-से-कम दो व्यक्तियों द्वारा निशाना लगाये जाने के निम्न प्रकार होंगे –
(i) जब A, B, C तीनों निशाना लगा लें जिसकी प्रायिकता = \(\frac{4}{5}\) × \(\frac{3}{4}\) × \(\frac{2}{3}\) = \(\frac{24}{60}\)
(ii) जब B, C के निशाने लग जाये पर A का निशाना न लगे, इसकी प्रायिकता
= (1 – \(\frac{4}{5}\) × \(\frac{3}{4}\) × \(\frac{2}{3}\) = \(\frac{1}{5}\) × \(\frac{3}{4}\) × \(\frac{2}{3}\) = \(\frac{6}{60}\)
(iii) जब C, A के निशाने लग जाये पर B का निशाना न लगे, इसकी प्रायिकता
= \(\frac{4}{5}\) × (1 – \(\frac{3}{4}\) ) × \(\frac{2}{3}\) = \(\frac{4}{5}\) × \(\frac{1}{4}\) × \(\frac{2}{3}\) = \(\frac{8}{60}\)
(iv) A, B के निशाने लग जाये पर C का निशाना न लगे, इसकी प्रायिकता
= \(\frac{4}{5}\) × \(\frac{3}{4}\) × (1 – \(\frac{2}{3}\) ) = \(\frac{4}{5}\) × \(\frac{3}{4}\) × \(\frac{1}{3}\) = \(\frac{12}{60}\)
सभी घटनायें परस्पर अपवर्जी हैं अतः अभीष्ट प्रायिकता
= \(\frac{24}{60}\) + \(\frac{6}{60}\) + \(\frac{8}{60}\) + \(\frac{12}{60}\) = \(\frac{50}{60}\) = \(\frac{5}{6}\)

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प्रश्न 15.
एक कक्षा में 30% विद्यार्थी भौतिकी में, 25% गणित तथा 10% दोनों में फेल होते हैं। एक छात्र यदृच्छया चुना जाता है तो प्रायिकता ज्ञात कीजिये कि वह
(i) गणित में फेल होता है यदि भौतिकी में फेल है
(ii) भौतिकी में फेल होता है जबकि वह गणित में फेल है
हलः
भौतिकी में फेल होने की प्रायिकता P(A) = \(\frac{30}{100}\)
गणित में फेल होने की प्रायिकता P(B) = \(\frac{25}{100}\)
भौतिकी और गणित दोनों में फेल होने की प्रायिकता P(A∩B) = \(\frac{10}{100}\)
(i) P( \(\frac{B}{A}\) ) = \(\frac { P(B∩A) }{ P(A) } \) = \(\frac { \frac { 10 }{ 100 } }{ \frac { 30 }{ 100 } } \) = \(\frac{1}{3}\)
(ii) P( \(\frac{A}{B}\) ) = \(\frac { P(A∩B) }{ P(B) } \) = \(\frac { \frac { 10 }{ 100 } }{ \frac { 25 }{ 100 } } \) = \(\frac{10}{25}\) = \(\frac{2}{5}\).

प्रश्न 16.
दो थैले A और B में क्रमशः 8 हरी और 9 सफेद और 5 हरी और 4 सफेद गेंदें रखी हैं। किसी एक थैले में से यादृच्छया एक गेंद निकाली गई है जो कि हरे रंग की है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि यह गेंद थैले B से निकाली गई है। (NCERT)
हल:
माना E1: थैले A के चयन होने की घटना
∴ P(E1) = \(\frac{1}{2}\) ………………… (1)
E2: थैले B के चयन होने की घटना
P(E2) = \(\frac{1}{2}\) ………………… (2)
पुनः माना C : थैले से एक हरे रंग की गेंद निकालने की घटना
∴ सप्रतिबंधी प्रायिकता की परिभाषा से,
P( \(\frac { C }{ E_{ 1 } } \) ) = P(एक हरे रंग की गेंद थैले A से निकालना)
P( \(\frac { C }{ E_{ 2 } } \) ) = P(एक हरे रंग की गेंद थैले B से निकालना)
⇒ P( \(\frac { C }{ E_{ 1 } } \) ) = \(\frac{8}{8+9}\) = \(\frac{8}{17}\) [∴ थैले A में 8 हरी और 9 सफेद]
⇒ P( \(\frac { C }{ E_{ 2 } } \) ) = \(\frac{5}{5+4}\) = \(\frac{5}{9}\)
अब अभीष्ट प्रायिकता अर्थात् थैले B से एक गेंद निकालने की प्रायिकता, जबकि यह ज्ञात है कि वह हरे रंग की है।
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प्रश्न 17.
एक कंपनी दो फैक्टरी में साईकिल बनाती है। पहली फैक्टरी 60% और दूसरी फैक्टरी 40% साईकिल बनाती है। पहली फैक्टरी से 80% साईकिल उच्च स्तर की और 90% साईकिल दूसरी फैक्टरी उच्च स्तर की बनायी जाती है। एक साईकिल यादृच्छया उच्च स्तर की चुनी जाती है उसके दूसरी फैक्टरी से होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। [CBSE 2003]
हल:
माना E1: एक साईकिल पहली फैक्टरी से चुने जाने की घटना
∴ P(E1) = \(\frac{60}{100}\)
माना E2: एक साईकिल दूसरी फैक्टरी से चुने जाने की घटना
∴ P(E2) = \(\frac{40}{100}\)
पुनः माना E उच्च स्तर की एक साईकिल चुने जाने की घटना है, तब
P( \(\frac { E }{ E_{ 1 } } \) ) = उच्च स्तर की एक साईकिल चुने जाने की प्रायिकता जो दूसरी फैक्टरी से बनाई गयी है।
⇒ P( \(\frac { E }{ E_{ 1 } } \) ) = \(\frac{80}{100}\), [दिया है 80%]
P( \(\frac { E }{ E_{ 2 } } \) ) = उच्च स्तर की एक साईकिल चुने जाने की प्रायिकता जो दूसरी फैक्टरी से बनाई गयी है।
⇒ p( \(\frac { E }{ E_{ 2 } } \) ) = \(\frac{90}{100}\), [दिया है 90%]
∴ अब अभीष्ट प्रायिकता (अर्थात् थैले B से एक गेंद निकालने की प्रायिकता, जबकि यह ज्ञात है कि वह हरे रंग की है।
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प्रश्न 18.
एक टी. वी. (T. V.) बनाने के कारखाने में मशीनें ( यंत्र) A, B और C कुल उत्पादन का क्रमश: 30%, 20% और 50% टी. वी. (T. V.) बनाती हैं। इन मशीनों के उत्पादन का क्रमशः 7%, 5% और 2% टी. वी. खराब (त्रुटिपूर्ण ) पायी जाती हैं। टी. वी. के कुल उत्पादन में से एक टी. वी. यादृच्छया जाँच के लिए निकाला गया है और वह खराब (त्रुटिपूर्ण) पाया गया। इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि वह मशीन A द्वारा बनाया गया है। (CBSE)
हल:
माना कि घटनाएँ T1, T2, और T3, निम्नानुसार हैं –
घटना T1 : टी. वी. मशीन A द्वारा बनाया गया है।
घटना T2 : टी. वी. मशीन B द्वारा बनाया गया है।
घटना T3 : टी. वी. मशीन C द्वारा बनाया गया है।
यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि घटनाएँ परस्पर अपवर्जी हैं।
पुनः माना E : टी. वी. (T. V.) खराब होने की घटना है।
दिया है: P(T1) = 30% = \(\frac{30}{100}\)
P(T2) = 20% = \(\frac{20}{100}\)
और P(T3) = 50% = \(\frac{50}{100}\)
पुनः P( \(\frac { E }{ T_{ 1 } } \) ) = 7% = \(\frac{7}{100}\)
P( \(\frac { E }{ T_{ 2 } } \) ) = टी. वी. के खराब होने की प्रायिकता जबकि वह मशीन A द्वारा बनाया गया है।
⇒ P( \(\frac { E }{ T_{ 2 } } \) ) = 5% = \(\frac{5}{100}\)
इसी प्रकार
P( \(\frac { E }{ T_{ 3 } } \) ) = 2% = \(\frac{2}{100}\)
अब बेज़ प्रमेय (Baye’s Theorem) से,
P( \(\frac { T_{ 1 } }{ E } \) ) = मशीन A द्वारा बनाये गये टी. वी. के खराब होने की प्रायिकता
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MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता

प्रश्न 19.
मोहन द्वारा झूठ बोलने की प्रायिकता = है। एक सिक्का उछालने पर मोहन द्वारा चित (Head) बताया जाता है; इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि सिक्का उछालने पर वास्तव में चित आता (NCERT)
हल:
माना A: एक सिक्का उछालने पर चित आने की घटना
∴ P(A) = \(\frac{1}{2}\)
B: एक सिक्का चित नहीं आने की घटना है
∴ P(B) = 1 – P(A) = 1 – \(\frac{1}{2}\) = \(\frac{1}{2}\)
पुनः माना E: मोहन द्वारा एक सिक्का के एक फेंक में यह बताने कि एक सिक्का के एक फेंक में चित आने की घटना है।
अब P( \(\frac{E}{A}\) ) = 1 – \(\frac{1}{5}\) = \(\frac{4}{5}\)
अब बेज़ प्रमेय (Bayes’ theorem) से
P( \(\frac{A}{E}\) ) = मोहन द्वारा यह बताने पर कि सिक्का के एक फेंक में चित आया है।
MP Board Class 12th Maths Important Questions Chapter 13 प्रायिकता
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प्रश्न 20.
बैग A में 3 सफेद और 4 लाल गेंदें और बैग B में 5 सफेद और 6 लाल गेंदें हैं। इन थैलों से एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है और वह लाल पायी गयी। बैग B से इस गेंद के निकलने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
माना E1 = बैग A के चुनाव की घटना
E2 = बैग B के चुनाव की घटना
∴ P(E1) = \(\frac{1}{2}\); P(E2) = \(\frac{1}{2}\)
⇒ P(E1) = P(E2) = \(\frac{1}{2}\)
पुनः माना एक एक एक गंद लाल होने की घटना
अब प्रश्नानुसार,
P ( \(\frac { R }{ E_{ 1 } } \) ) = \(\frac{4}{3+4}\) = \(\frac{4}{7}\) चूँकि बैग A में 3 सफेद और 4 लाल गेंदें हैं।]
P ( \(\frac { R }{ E_{ 2 } } \) ) = \(\frac{6}{5+6}\) = \(\frac{6}{11}\) [चूँकि बैग B में 5 सफेद और 6 लाल गेंदें हैं।]
अब बेज़-प्रमेय (Bayes’ theorem) से,
P ( \(\frac { E_{ 2 } }{ R } \) ) = एक गेंद बैग B से चुने जाने की प्रायिकता जबकि वह लाल हो
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प्रश्न 21.
तीन अभिन्न थैले A, B और C दिए गए हैं, प्रत्येक में दो-दो पुस्तकें हैं। थैले A में दोनों गणित की पुस्तकें हैं, थैले B में दोनों रसायन की पुस्तकें हैं और थैले C में एक गणित और एक रसायन की पुस्तक है। एक विद्यार्थी यादृच्छया एक थैला चुनता है और उसमें से यादृच्छया एक पुस्तक निकालता है। यदि पुस्तक गणित की है, तो दूसरी पुस्तक भी थैले A से गणित की निकलने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। (NCERT)
हल:
माना कि E1, E2 और E3 क्रमशः थैले A, B और C के चयन को दर्शाता है तो उनके चयन की प्रायिकता
P(E1) = P(E2) = P(E3) = \(\frac{1}{3}\) ……… (1)
D: गणित की पुस्तक निकलने की घटना तब सप्रतिबंधी प्रायिकता की परिभाषा से
P( \(\frac { D }{ E_{ 1 } } \) ) = P (एक गणित की पुस्तक थैले A से निकलना)
= \(\frac{2}{2}\) = 1 ……….. (2)
P( \(\frac { D }{ E_{ 2 } } \) ) = P (एक गणित की पुस्तक थैले B से निकलना)
= \(\frac{0}{2}\) = 0 ………. (3) [∵ प्रश्नानुसार थैले B में दोनों रसायन की पुस्तक हैं।]
P( \(\frac { D }{ E_{ 3 } } \) ) = P (एक गणित की पुस्तक थैले C से निकलना)
= \(\frac{1}{2}\) ………. (4)
अब अभीष्ट प्रायिकता (थैले A से गणित की पुस्तक निकलने की प्रायिकता)
P ( \(\frac { E_{ 1 } }{ D } \) )
अब बेज़-प्रमेय से,
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प्रश्न 22.
एक विद्यार्थी के बारे में जाँच किया जाता है कि वह 5 में से 2 बार सत्य बोलता है। वह एक पासे को फेंकता है और रिपोर्ट करता है कि पासे के ऊपरी फलक पर संख्या 6 आयी है। इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि पासे पर सही में संख्या 6 आयी है।
हल:
माना E: उस विद्यार्थी द्वारा पासे के फेंक में यह बताने की घटना कि पासे के ऊपरी फलक पर संख्या 6 आयी है।
A: पासे के ऊपरी फलक पर संख्या 6 आने की घटना
B: पासे के ऊपरी फलक पर संख्या 6 नहीं आने की घटना …………. (1)
∴ P(A) = \(\frac{1}{6}\)
P(B) = P(नहीं A) = P( \(\bar { A } \) )
⇒ P(B) = 1 – P(A) = 1 – \(\frac{1}{6}\) ………… (2)
⇒ P(B) = \(\frac{5}{6}\)
P( \(\frac{E}{A}\) ) = विद्यार्थी द्वारा यह बताने पर कि पासे के एक फेंक में उसके ऊपरी फलक पर संख्या 6 है जबकि पासे पर वास्तव में संख्या 6 नहीं आयी है।
P( \(\frac{E}{A}\) ) = विद्यार्थी द्वारा सत्य बोलने की प्रायिकता = \(\frac{2}{5}\) ………… (3)
अब
P ( \(\frac{E}{B}\) ) = विद्यार्थी द्वारा यह बताने की प्रायिकता कि पासे के एक फेंक में उसके ऊपरी फलक पर संख्या 6 आयी है, जबकि वास्तव में संख्या 6 आयी है।
P( \(\frac{E}{B}\) ) = विद्यार्थी द्वारा सत्य नहीं (झूठ) बोलने की प्रायिकता
P( \(\frac{E}{B}\) ) = 1 – \(\frac{2}{5}\) = \(\frac{3}{5}\)
अब बेज़-प्रमेय से,
P( \(\frac{A}{E}\) ) = विद्यार्थी द्वारा यह बताने की प्रायिकता कि पासे के एक फेंक में उसके ऊपरी फलक पर संख्या 6 आयी है, जबकि वास्तव में संख्या 6 आयी है
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MP Board Class 12th Maths Important Questions

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 12 वृतों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.1

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 12 वृतों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.1

प्रश्न 1.
दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमश: 19 cm और 9 cm हैं। उस वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसकी परिधि इन दोनों वृत्तों की परिधियों के योग के बराबर हो।
उत्तर:
प्रथम वृत्त की परिधि C1 = 2πr1 = 2π (19) cm
द्वितीय वृत्त की परिधि C2 = 2πr2 = 2π (9) cm
चूंकि संयुक्त परिधि C = C1 + C2
⇒ 2πr = 2π (19) + 2π (9)
= 2π (19 + 9)
= 2π (28) cm
⇒ r = 28 cm
अतः अभीष्ट त्रिज्या = 28 cm है।

प्रश्न 2.
दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमश: 8 cm और 6 cm हैं। उस वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसका क्षेत्रफल इन दोनों वृत्तों के क्षेत्रफल के योग के बराबर है।
हल :
प्रथम वृत्त का क्षेत्रफल A1 = πr12 = π (8)² = 64π
द्वितीय वृत्त का क्षेत्रफल A2 = πr22 = π (6)² = 36π
चूँकि संयुक्त क्षेत्रफल A = A1 + A2
⇒ πr² = 64π + 36π = 100π
⇒ r² = 100
⇒ r = √100 = 10 cm
अतः अभीष्ट त्रिज्या = 10 cm है।

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प्रश्न 3.
संलग्न आकृति 12.3 एक तीरंदाजी लक्ष्य को दर्शाती है जिसमें केन्द्र से बाहर की ओर पाँच क्षेत्र Gold, Red, Blue, Black और White चिह्नित हैं, जिनसे अंक अर्जित किए जा सकते हैं। Gold अंक वाले क्षेत्र का व्यास 21 cm तथा प्रत्येक अन्य पट्टी 10.5 cm चौड़ी है। अंक प्राप्त कराने वाले इन पाँचों क्षेत्रों में से प्रत्येक का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 12 वृतों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.1 1
दिया है Gold वाले क्षेत्र का व्यास = 21 सेमी
⇒ त्रिज्या \(r=\frac { 21 }{ 2 }\) = 10.5 cm
तथा प्रत्येक पट्टी की चौड़ाई = 10.5 cm
⇒ पाँचों वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः r1 = 10.5 cm, r2 = 21 cm, r3 = 31.5 cm, r4 = 42 cm एवं r5 = 52.5 cm²
प्रथम वृत्त का क्षेत्रफल A1 = πr12 = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 10.5 x 10.5 = 346.5 cm²
द्वितीय वृत्त का क्षेत्रफल A2 = πr22 = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 21 x 21 = 1386 cm²
तृतीय वृत्त का क्षेत्रफल A3 = πr32 = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 31.5 x 31.5 = 3118.5 cm²
चतुर्थ वृत्त का क्षेत्रफल A4 = πr42 = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 42 x 42 = 5544 cm²
पंचम वृत्त का क्षेत्रफल A5 = πr52 = \(\frac { 22 }{ 7 }\) x 52.5 x 52.5 = 8662.5 cm²
Gold अंक वाले क्षेत्र का क्षेत्रफल = A1 = 346.5 cm²
Red क्षेत्र का क्षेत्रफल = A2 – A1 = 1386 – 346.5 = 1039.5 cm²
Blue क्षेत्र का क्षेत्रफल = A3 – A2 = 3118.5 – 1386 = 1732.5 cm²
Black क्षेत्र का क्षेत्रफल = A4 – A3 = 5544 – 3118.5 = 2425.5 cm²
एवं White क्षेत्र का क्षेत्रफल = A5 – A4 = 8662.5 – 5544 = 3118.5 cm²
अतःअभीष्ट क्षेत्रफलक्रमश: Gold = 346.5 cm², Red = 1039.5 cm², Blue = 1732.5 cm², Black = 2425.5 cm² एवं White = 3118.5 cm² है।

प्रश्न 4.
किसी कार के प्रत्येक पहिये का व्यास 80 cm है। यदि यह कार 66 km प्रति घण्टे की चाल से चल रही है, तो 10 मिनट में प्रत्येक पहिया कितने चक्कर लगाता है?
हल :
कार द्वारा 10 मिनट में चली गयी दूरी = \(\frac { 10 }{ 60 }\) x 66 = 11 km = 11000 m
मान लीजिए कार के प्रत्येक पहिया द्वारा लगाए गए चक्करों की संख्या n हो तो
πd x n = चली गयी दूरी
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 12 वृतों से संबंधित क्षेत्रफल Ex 12.1 2
अभीष्ट चक्करों की संख्या = 4375 है।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित में सही उत्तर चुनिए तथा अपने उत्तर का औचित्य दीजिए :
यदि एक वृत्त का परिमाप और क्षेत्रफल संख्यात्मक रूप से बराबर हैं, तो उस वृत्त की त्रिज्या है:
(A) 2 मात्रक
(B) π मात्रक
(C) 4 मात्रक
(D) 7 मात्रक
उत्तर-
(A) 2 मात्रक।
क्योंकि संख्यात्मक रूप में वृत्त का क्षेत्रफल = वृत्त की परिधि
⇒ πr² = 2πr
⇒ r = 2 मात्रक

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 1 वास्तविक संख्याएँ Ex 1.3

प्रश्न 1.
सिद्ध कीजिए कि 5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल:
हम इसके विपरीत यह मान लेते हैं कि \(\sqrt { 5 }\) एक परिमेय संख्या है। अतः हम a और b दो सह –
अभाज्य पूर्णांक ऐसे लेते हैं कि \(\sqrt { 5 }\) = \(\frac { a }{ b } \) जहाँ b ≠ 0
⇒ b \(\sqrt { 5 }\) = a ⇒ 5b2 = a2 (दोनों ओर वर्ग करने पर)
अत: a2,5 से विभाज्य है अर्थात् a, 5 से विभाज्य है।
अतः हम a = 5c ले सकते हैं, जहाँ c एक पूर्णांक हैं।
⇒ 5b2 = (5c)2 = 25c2 ⇒ b2 = 5c2
अत: b2,5 से विभाज्य है अर्थात् b भी 5 से विभाज्य है। इसलिए a और b में कम-से-कम एक उभयनिष्ठ गुणनखण्ड 5 है।
लेकिन यह इस तथ्य से विरोधाभासी है कि a और b दो सह अभाज्य पूर्णांक हैं। यह विरोधाभास त्रुटि पूर्ण कल्पना के कारण हुआ।
अतः इससे निष्कर्ष निकलता है कि \(\sqrt { 5 }\) एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धम्

प्रश्न 2.
सिद्ध कीजिए कि 3 + 2 \(\sqrt { 5 }\) एक अपरिमेय संख्या है।
हल:
हम इसके विपरीत यह मान लेते हैं कि 3 + 2\(\sqrt { 5 }\) एक परिमेय संख्या है।
अतः हम ऐसी दो सह अभाज्य पूर्णांक संख्याएँ a और b (b + 0) ज्ञात कर सकते हैं कि 3 + 2 \(\sqrt { 5 }\) = \(\frac { a }{ b } \)
⇒ 2 \(\sqrt { 5 }\) = \(\frac { a }{ b } \) – 3 ⇒ \(\sqrt { 5 }\) = \(\frac { a }{ 2b } \) – \(\frac { 3 }{ 2 } \)
चूँकि a और b दो पूर्णांक हैं, जहाँ b ≠ 0
अतः \(\frac { a }{ 2b } \) – \(\frac { 3 }{ 2 } \) एक परिमेय संख्या होगी और इसलिए \(\sqrt { 5 }\) भी एक परिमेय संख्या होगी लेकिन यह इस तथ्य के विरोधाभासी है कि \(\sqrt { 5 }\) एक अपरिमेय संख्या है। यह विरोधाभास त्रुटि पूर्ण कल्पना के कारण हुआ।
अतः, इससे निष्कर्ष निकलता है कि 3 + 2 \(\sqrt { 5 }\) एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धम्

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प्रश्न 3.
सिद्ध कीजिए कि निम्नलिखित संख्याएँ अपरिमेय हैं:
(i) \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)
(ii) 7 \(\sqrt { 5 }\)
(iii) 6 + \(\sqrt { 2 }\)
हल:
(i) हम इसके विपरीत यह मान लें कि \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) एक परिमेय संख्या है।
अर्थात् हम ऐसी सह अभाज्य अशून्य पूर्णांक संख्याएँ a और b ज्ञात कर सकते हैं कि \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) = \(\frac { a }{ b } \)
⇒ \(\sqrt { 2 }\) = \(\frac { b }{ a } \), जहाँ a और b पूर्णांक हैं
इसलिए \(\frac { b }{ a } \) एक परिमेय संख्या है और इसलिए \(\sqrt { 2 }\) भी एक परिमेय संख्या होगी।
लेकिन इससे इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि \(\sqrt { 2 }\) एक अपरिमेय संख्या है।
अतः, हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धम्

(ii) इसके विपरीत हम यह मान लें कि 7\(\sqrt { 5 }\) एक परिमेय संख्या है।
अर्थात् हम ऐसी सह अभाज्य पूर्णांक संख्याएँ और b (b ≠ 0) ज्ञात कर सकते हैं कि
7\(\sqrt { 5 }\) = \(\frac { a }{ b } \)
⇒ \(\sqrt { 5 }\) = \(\frac { a }{ 7b } \)
चूँकि 7,a एवं b पूर्णांक हैं। इसलिए \(\frac { a }{ 7b } \) एक परिमेय संख्या होगी और इसलिए \(\sqrt { 5 }\) भी एक परिमेय संख्या होगी।
लेकिन इससे इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि \(\sqrt { 5 }\) एक अपरिमेय संख्या है।
अतः, हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि 7\(\sqrt { 5 }\) एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धरण

(iii) इसके विपरीत हम यह मान लेते हैं कि 6 + \(\sqrt { 2 }\) एक परिमेय संख्या है।
अर्थात् हम सहअभाज्य ऐसी पूर्णांक संख्याएँ a और b (b ≠ 0) ज्ञात कर सकते हैं कि
6 + \(\sqrt { 2 }\) = \(\frac { a }{ b } \)
⇒ \(\sqrt { 2 }\) = \(\frac { a }{ b } \) – 6
यहाँ a, b एवं 6 पूर्णांक हैं इसलिए \(\frac { a }{ b } \) – 6 एक परिमेय संख्या है और इसलिए \(\sqrt { 2 }\) भी एक परिमेय संख्या है।
इससे इस तथ्य का विरोधाभास प्राप्त होता है कि \(\sqrt { 2 }\) एक अपरिमेय संख्या है।
अतः, हम निष्कर्ष निकालते हैं कि 6 + \(\sqrt { 2 }\) एक अपरिमेय संख्या है। इति सिद्धम्

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2

प्रश्न 1.
संलग्न आकृत्ति 6.2
(i) और
(ii) में DE || BC है।
आकृति
(i) में EC और
(ii) में AD ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 1
हल :
(i) ∵
DE || BC
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 2
1.5 EC = 1 x 3 = 3
EC = \(\frac { 3 }{ 1.5 }\)
= 2cm
⇒ अतः EC का अभीष्ट मान 2 cm है।

(ii) चूँकि DE || BC
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 3
अत: AD का अभीष्ट मान 2.4 cm है।

प्रश्न 2.
किसी ∆PQR की भुजाओं PQ और PR पर क्रमशः बिन्द E और F स्थित हैं। निम्नलिखित में से प्रत्येक स्थिति के लिए बताइए कि क्या EF || QR है?
(i) PE = 3.9 cm, EQ = 3 cm, PF = 3.6 cm और FR = 2.4 cm
(ii) PE = 4 cm, QE = 4:5 cm, PF = 8 cm और RF = 9 cm
(iii) PQ = 1.28 cm, PR = 2.56 cm, PE = 0.18 cm और PF = 0.36 cm
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 4
एक ∆PQR दिया है जिसकी भुजा PQ एवं PR पर क्रमश: E एवं F बिन्दु स्थित हैं। (देखिए संलग्न आकृति)
अब (i) ∵
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 5
अतः EF QR के समान्तर नहीं है।

(ii) ∵
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 6
अतः EF एवं QR समान्तर हैं।

(iii) ∵
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 7
अत: EF एवं QR समान्तर हैं।

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति 6.4 में यदि LM || CB और LN || CD हो, तो सिद्ध कीजिए कि \(\frac{A M}{A B}=\frac{A N}{A D}\) है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 8
चूँकि ∆ABC में LM || CB (दिया है)
\(\frac{A M}{A B}=\frac{A L}{A C}\) …(1)
चूँकि ∆ACD में, LN || CD (दिया है)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 9
[समीकरण (1) एवं (2) से]
इति सिद्धम्

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प्रश्न 4.
संलग्न आकृति 6.5 में DE || AC और DF || AE है। सिद्ध कीजिए कि \(\frac { 1 }{ 2 }\) है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 10
चूँकि ∆BAC में, DE || AC (दिया है)
\(\frac{B E}{E C}=\frac{B D}{D A}\) ……(1)
चूँकि ∆BAE में, DF || AE (दिया है)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 11
(समीकरण (1) एवं (2) से)
इति सिद्धम्

प्रश्न 5.
संलग्न आकृति 6.6 में DE || OQ और DF || OR है। दर्शाइए कि EF || QR है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 12
चूँकि ∆PQO में, ED || QO (दिया है)
\(\frac{P E}{E Q}=\frac{P D}{D O}\) …(1)
चूँकि ∆POR में, DF || OR (दिया है)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 13
[समीकरण (i) एवं (ii) से]
⇒ EF, ∆PQR की भुजाओं PQ एवं PR को क्रमशः E और F पर समानुपात में विभाजित कर रही है।
इति सिद्धम्

प्रश्न 6.
संलग्न आकृति 6.7 में क्रमशः OP, OQ और OR पर स्थित बिन्दु A, B और C इस प्रकार हैं कि AB || PQ और AC || PR है। दर्शाइए कि BC || QR.
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 14
चूँकि ∆OPQ में, AB || PQ (दिया है)
\(\frac{O B}{B Q}=\frac{O A}{A P}\) …(1)
चूँकि ∆OPR में AC || PR (दिया है)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 15
[समीकरण (1) एवं (2) से]
⇒ ∆OQR की भुजाओं OQ एवं OR को BC क्रमशः B और C पर समानुपात में विभाजित कर रही है।
BC || QR.
इति सिद्धम्

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प्रश्न 7.
प्रमेय 6.1 का प्रयोग करते हुए सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की एक भुजा के मध्य-बिन्दु से होकर दूसरी भुजा के समान्तर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 16
मान लीजिए ∆POR एक दिया हुआ त्रिभुज है जिसकी भुजा PQ के मध्य-बिन्दु S से ST||QR एक रेखा खींची गई है जो PR को बिन्दु T पर प्रतिच्छेद करती है। (देखिए संलग्न आकृति 6.8) चूँकि S, PQ का मध्य-बिन्दु दिया है।
PS = SQ
⇒\(\frac { PS }{ SQ }\) ..(1)
चूँकि ∆PQR में, ST||QR
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 17
[समीकरण (1) एवं (2) से] .
PT = TR
⇒ ST, PR को समद्विभाजित करती है।
अतः किसी त्रिभुज में एक भुजा के मध्य-बिन्दु से दूसरी भुजा के समान्तर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
इति सिद्धम्

प्रश्न 8.
प्रमेय 6.2 का प्रयोग करते हुए सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य-बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समान्तर होती है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 18
मान लीजिए ∆PQR एक दिया हुआ त्रिभुज है, जिसकी भुजाओं PQ और PR के मध्य-बिन्दु क्रमशः S एवं T हैं। ST को मिलाया गया है। (देखिए संलग्न आकृति)
चूँकि PS = SQ एवं PT = TR (दिया है)
\(\frac { PS }{ SQ }=1\) …(1)
\(\frac { PT }{ TR }\) ….(2)
समीकरण (1) व (2) से,
⇒ \(\frac{P S}{S Q}=\frac{P T}{T R}\) (समानुपाती हैं)
⇒ रेखा ST, ∆POR की दो भुजाओं PQ एवं PR को क्रमशः S एवं T बिन्दुओं पर 1 : 1 के समानुपात में विभाजित करती है।
⇒ ST || QR (प्रमेय : 6.2 से)
अतः एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य-बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समान्तर होती है।
इति सिद्धम्

प्रश्न 9.
ABCD एक समलम्ब है, जिसमें AB || DC है तथा इसके विकर्ण परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि \(\frac{A O}{B O}=\frac{C O}{D O}\) है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 19
ज्ञातहैः एकसमलम्बचतुर्भुज ABCD जिसकीभुजाएँ AB||DC एवं जिसके विकर्ण AC एवं BD परस्पर O बिन्दु पर प्रतिच्छेद करते हैं (देखिए संलग्न आकृति 6.10)
रचना : एक रेखा EF || AB || DC खींचिए।
अब चूँकि ∆ADC में, EF || DC (रचना से)
⇒ \(\frac{A E}{E D}=\frac{A O}{C O}\) ….(1) [प्रमेय : 6.1 से]
चूँकि ∆DAB में, EF || AB (रचना से)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 20
वैकिल्पक विधि:
समलम्ब ₹ ABCD में AB || DC एवं विकर्ण AC एवं BD बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। (देखिए संलग्न आकृति 6.11)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 21
चूँकि AB || DC (दिया है)
एवं AC तिर्यक रेखा है।
∠OAB = ∠OCD …(1) (एकान्तर कोण हैं)
चूँकि AB || DC (दिया है) एवं BD तिर्यक रेखा है।
∠OBA = ∠ODC ….(2) (एकान्तर कोण हैं)
चूँकि ∠AOB = ∠DOC …(3) (शीर्षाभिमुख कोण हैं)
∆AOB एवं ∆COD के तीनों संगत कोण बराबर हैं। [समीकरण (1), (2) एवं (3) से]
∆AOB ~ ∆COD [AAA समरूपता]
\(\frac{B O}{D O}=\frac{A O}{C O}\)
\(\frac{A O}{B O}=\frac{C O}{D O}\)
इति सिद्धम्

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प्रश्न 10.
एक चतुर्भुज ABCD के विकर्ण परस्पर बिन्दु O पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि \(\frac{A O}{B O}=\frac{C O}{D O}\) है। दर्शाइए कि ABCD एक समलम्ब है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.2 22
ABCD एक चतुर्भुज दिया है, जिसके विकर्ण AC और BD परस्पर O बिन्दु पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि
\(\frac{A O}{B O}=\frac{C O}{D O}\)
त्रिभुज OAB एवं त्रिभुज OCD में,
∠AOB = ∠COD [शीर्षाभिमुख कोण हैं]
\(\) [समानुपात में हैं।
[ये बराबर कोणों को अन्तर्गत करने वाली भुजाएँ हैं।]
⇒ ∆OAB ~ ∆OCD [SAS समरूपता]
⇒ ∠OAB = ∠OCD [संगत कोण बराबर होते हैं।]
लेकिन ये एकान्तर कोण हैं।
⇒ AB || DC
अतः ABCD एक समलम्ब है।
इति सिद्धम्

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5

प्रश्न 1.
कुछ त्रिभुजों की भुजाएँ नीचे दी गई है। निर्धारित कीजिए कि इनमें से कौन-कौन से त्रिभुज समकोण त्रिभुज हैं। इस स्थिति में कर्ण की लम्बाई भी लिखिए।
(i) 7 cm, 24 cm, 25 cm
(ii) 3 cm, 8 cm, 6 cm
(iii) 50 cm, 80 cm, 100 cm
(iv) 13 cm, 12 cm, 5 cm.
हल :
(i) (7)² = 49, (24)² = 576 एवं (25)² = 625
चूँकि 49 + 576 = 625
(7)² + (24)² = (25)²
अतः दिया हुआ त्रिभुज समकोण त्रिभुज है, जिसके कर्ण की अभीष्ट लम्बाई 25 cm है।

(ii) यहाँ (3)² = 9, (8)² = 64 एवं (6)² = 36.
चूँकि 9 + 36 = 45 ≠ 64 अर्थात् (3)² + (6)² ≠ (8)²
अतः दिया हुआ त्रिभुज समकोण त्रिभुज नहीं है।

(iii) यहाँ (50)² = 2,500, (80)² = 6,400 एवं (100)² = 10,000
चूँकि 2,500 + 6,400 = 8900 + 10,000 अर्थात् (50)² + (80)² ≠ (100)²
अतः दिया हुआ त्रिभुज समकोण त्रिभुज नहीं है।

(iv) यहाँ (13)² = 169, (12)² = 144 एवं (5)² = 25
चूँकि 144 + 25 = 169
(12)² + (5)² = (13)²
अतः दिया हुआ त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है जिसके कर्ण की अभीष्ट लम्बाई 13 cm है।

प्रश्न 2.
PQR समकोण त्रिभुज है जिसका कोण P समकोण है तथा QR पर बिन्दु M इस प्रकार स्थित है कि PM ⊥ QR है। दर्शाइए कि PM² = QM.MR है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 1
दिया है समकोण ∆PQR जिसका कोण P समकोण है। इसके समकोण वाले शीर्ष P से कर्ण QR पर लम्ब PM डाला गया है।
∆PMR ~ ∆QMP [प्रमेय 6.7 से]
\(\frac{P M}{Q M}=\frac{M R}{P M}\) [समरूप त्रिभुजों के प्रगुण]
PM² = QM.MR.
इति सिद्धम्

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति 6.34 में ABD एक समकोण त्रिभुज है, जिसका कोण A समकोण है तथा AC ⊥ BD है। दर्शाइए कि
(i) AB = BC.BD
(ii) AC² = BC.DC
(iii) AD² = BD.CD.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 2
हल :
समकोण त्रिभुज ABD में समकोण बनाने वाले शीर्ष A से BD पर लम्ब AC डाला गया है।
∆ACB ~ ∆DCA ~ ∆DAB …(1) [प्रमेय 6.7 से]
(i) ∆ACB ~ ∆DAB [समीकरण (1) से]
⇒ \(\frac{A B}{B D}=\frac{B C}{A B}\) [समरूप त्रिभुजों के प्रगुण]
⇒ AB² = BC.BD.
इति सिद्धम्

(ii) ∆ACB ~ ∆DCA [समीकरण (1) से]
⇒ \(\frac{A C}{D C}=\frac{B C}{A C}\) [समरूप त्रिभुजों के प्रगुण]
⇒ AC² = BC.DC.
इति सिद्धम्

(iii) ∆DCA ~ ∆DAB [समीकरण (1) से]
⇒ \(\frac{A D}{B D}=\frac{C D}{A D}\) [समरूप त्रिभुजों के प्रगुण]
⇒ AD² = BD.CD.
इति सिद्धम्

प्रश्न 4.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसका कोण C समकोण है। सिद्ध कीजिए कि AB² = 2AC² है। (2019)
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 3
त्रिभुज एक दिया हुआ समद्विबाहु समकोण त्रिभुज है, जहाँ ∠C समकोण है, तथा
BC = AC …(1)
AB² = BC² + AC² …(2) [पाइथागोरस प्रमेय से]
AB² = AC² + AC²
= 2AC². [समीकरण (1) एवं (2) से]
इति सिद्धम्

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प्रश्न 5.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AC = BC है। यदि AB² = 2AC² है, तो सिद्ध कीजिए कि ABC एक समकोण त्रिभुज है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 4
∵ ∆ABC में, AC = BC एवं AB² = 2AC² दिए हुए हैं।
⇒ AB² = AC² + BC² [∵ AC = BC]
⇒ ∠ACB एक समकोण है [प्रमेय 6.9, पाइथागोरस प्रमेय का विलोम]
अत: ABC एक समकोण त्रिभुज है।
इति सिद्धम्

प्रश्न 6.
एक समबाहु त्रिभुज ABC की भुजा 2a है। उसके प्रत्येक शीर्षलम्ब की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 5
∆ABC एक समबाहु त्रिभुज है जिसमें
AB = BC = CA = 2a
हम जानते हैं कि समबाहु त्रिभुजों के शीर्षलम्ब परस्पर बराबर होते हैं तथा सम्मुख भुजाओं को समद्विभाजित करते हैं। समकोण त्रिभुज ADB में ∠D समकोण है [AD ⊥ BC]
तथा कर्ण AB = 2a [दिया है]
BD = a [BD = DC]
अब समकोण ∆ADB में ∠ADB समकोण है।
⇒ AD² = AB² – BD² [पाइथागोरस प्रमेय से]
⇒ AD² = (2a)² – (a)²
⇒ AD² = 4a² – a² = 3a²
⇒ AD = √3a² = a√3
अतः दिए हुए समबाहु ∆ABC को प्रत्येक शीर्षलम्ब की लम्बाई = a√3 है।

प्रश्न 7.
सिद्ध कीजिए कि एक समचतुर्भुज की भुजाओं के वर्गों का योग उसके विकर्णों के वर्गों के योग के बराबर होता है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 6
मान लीजिए ABCD एक समचतुर्भुज है, जिसके विकर्ण AC और BD परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। हम जानते हैं कि समचतुर्भुज की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं तथा उसके विकर्ण परस्पर एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं एवं समचतुर्भुज को चार सर्वांगसम समकोण त्रिभुजों में बाँटते हैं।
अब समकोण त्रिभुज AOB में, ∠AOB = 90°
⇒ AB² = AO² + BO² [पाइथागोरस प्रमेय से]
= \(\left(\frac{A C}{2}\right)^{2}+\left(\frac{B D}{2}\right)^{2}\)
[∵ AO = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AC एवं BO = \(\frac { 1 }{ 2 }\) BD]
⇒ AB² = \(\frac { 1 }{ 4 }\)AC² + \(\frac { 1 }{ 4 }\)BD²
⇒ 4AB² = AC² + BD²
⇒ AB² + BC² + CD² + DA² = AC² + BD² [∵ AB = BC = CD = DA]
अतः एक समचतुर्भुज की भुजाओं के वर्गों का योग उसके विकर्णों के वर्गों के योग के बराबर होता है।
इति सिद्धम्

प्रश्न 8.
संलग्न आकृति 6.39 में ∆ABC के अभ्यंतर में स्थित कोई बिन्दु O है, तथा OD ⊥ BC, OE ⊥ CA और OF ⊥ AB है। दर्शाइए कि
(i) OA² + OB² + OC² – OD² – OE² – OF² = AF² + BD² + CE²
(ii) AF² + OB² + CE² = AE² + CD² + BF²
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 7
दिया है : ∆ABC के अभ्यंतर में स्थित कोई बिन्दु O तथा
OD ⊥ BC, OE ⊥ CA, OF ⊥ AB
रचना : OA, OB और OC को मिलाइए।
(i) ∵ पाइथागोरस प्रमेय से,
समकोण ∆OFA में,
OA² – OF² = AF² …(1)
समकोण ∆ODB में,
OB² – OD² = BD² ….(2)
एवं समकोण ∆OEC में,
OC² – OE² = CE² …(3)
OA² – OF² + OB² – OD² + OC² – OE² = AF² + BD² + CE²
[समीकरण (1) + (2) + (3) से]
OA² + OB² + OC² – OD² – OE² – OF² = AF² + BD² + CE² …(4)
इति सिद्धम्

(ii) चूँकि पाइथागोरस प्रमेय से,
समकोण ∆OEA में,
OA² – OE² = AE² ….(5)
समकोण ∆OFB में,
OB² – OF² = BF² ….(6)
एवं समकोण ∆ODC में,
OC² – OD² = CD² ….(7)
OA² – OE² + OB² – OF² + OC² – OD² = AE² + BF² + CD²
[समीकरण (5) + (6) + (7) से]
OA² + OB² + OC² – OD² – OE² – OF² = AE² + CD² + BF² …(8)
AF² + BD² + CE² = AE² + CD² + BF²
[समीकरण (4) एवं (8) से]
इति सिद्धम्

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प्रश्न 9.
10 m लम्बी एक सीढ़ी एक दीवार पर टिकाने पर भूमि से 8 m की ऊँचाई पर स्थित एक खिड़की तक पहुँचती है। दीवार के आधार से सीढ़ी के निचले सिरे की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 8
AB एक 10 m लम्बी सीढ़ी है जिसे दीवार BC पर टिकाया गया है। दीवार पर स्थित खिड़की B दीवार पर उसके आधार से 8 m की ऊँचाई तक जाती है। सीढ़ी का निचला सिरा A दीवार के आधार C से AC की दूरी पर है।
अब समकोण ∆BCA में, ∠C = 90°
AC² = AB² – BC² [पाइथागोरस प्रमेय से]
AC² = (10)² – (8)
= 100 – 64
= 36
AC² = √36 = 6 m
अतः सीढ़ी के निचले सिरे की दीवार के आधार से अभीष्ट दूरी = 6 m है।

प्रश्न 10.
18 m ऊँचे एक ऊर्ध्वाधर खम्भे के ऊपरी सिरे से एक तार का एक सिरा जुड़ा हुआ है तथा तार का दूसरा सिरा एक खूटे से जुड़ा हुआ है। खम्भे के आधार से खूटे को कितनी दूरी पर गाढ़ा जाए कि तार तना रहे, जबकि तार की लम्बाई 24 m है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 9
एक ऊर्ध्वाधर खम्भा AB = 18 m है जो सिरे A से एक तार AC = 24 m से एक खूटे C से जुड़ा है। खम्भे के आधार B से खूटे C की दूरी BC है।
अब समकोण ∆ABC में पाइथागोरस प्रमेय से, चूँकि
BC² = AC² – AB²
BC² = (24)² – (18)²
BC² = 576 – 324
= 252
BC = √252 = 6√7 m
अतः खूटे की खम्भे के आधार से अभीष्ट दूरी = 6√7 m.

प्रश्न 11.
एक हवाई जहाज एक हवाई अड्डे से उत्तर की ओर 1000 km/hr की चाल से उड़ता है। इसी समय एक अन्य हवाई जहाज उसी हवाई अण्डे से पश्चिम की ओर 1200 k/hr की चाल से उड़ता है। \(1\frac { 1 }{ 2 }\) घण्टे बाद दोनों हवाई जहाजों के बीच की दूरी कितनी होगी ?
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 10
पहले हवाई जहाज द्वारा \(1\frac { 1 }{ 2 }\) , घण्टे में उत्तर की ओर चली गई दूरी = \(\frac { 3 }{ 2 }\) x 1000 = 1500 km तथा
दूसरे हवाई जहाज द्वारा \(1\frac { 1 }{ 2 }\) घण्टे में पश्चिम की ओर चली गई दूरी = \(\frac { 3 }{ 2 }\) x 1200 = 1800 km जहाज A और B की स्थिति \(1\frac { 1 }{ 2 }\) घण्टे बाद दूरी की संलग्न आकृति में प्रदर्शित की गई है तथा उनके बीच की दूरी AB है।
चूँकि समकोण त्रिभुज AOB में ∠AOB समकोण है।
AB² = (AO)² + (BO)²
पाइथागोरस प्रमेय से]
AB² = (1500)² + (1800)²
= 2250000 + 3240000
= 5490000
AB = \(\sqrt{5490000}=\sqrt{90000 \times 61}\)
= 300√61 km
अतः दोनों हवाई जहाजों के बीच की अभीष्ट दूरी = 300√61 km है।

प्रश्न 12.
दो खम्भे जिनकी ऊँचाइयाँ 6 m और 11 m है तथा ये समतल भूमि पर खड़े हैं। यदि इनके बीच की दूरी 12 m है, तो इनके ऊपरी सिरों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 11
दो खंभे AB = 6m एवं CD = 11m समतल भूमि पर दूरी BD = 12 m पर स्थित है उनके ऊपरी सिरों के बीच की दूरी AC है। (देखिए संलग्न आकृति 6.43) E से AE ⊥ CD खींचिए।
अब समकोण ∆AEC में,
भुजा AE = BD = 12 m एवं ED = AB = 6 m
एवं CD = 11 m
CE = CD – ED
= 11 m – 6 m
= 5m
अब समकोण ∆AEC में (जहाँ ∠AEC = 90°),
AC² = AE² + CE² [पाइथागोरस प्रमेय से]
AC² = (12)² + (5)²
= 144 + 25
= 169
AC = √169 = 13 m
अतः खम्भों के ऊपरी सिरे के बीच की अभीष्ट दूरी = 13 m है।

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प्रश्न 13.
एक त्रिभुज ABC जिसका कोण C समकोण है, की भुजाओं CA और CB पर क्रमशः बिन्दु D और E स्थित हैं। सिद्ध कीजिए कि AE² + BD² = AB² + DE² है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 12
दिया है : ABC एक त्रिभुज जिसका ∠C = 90°. इसकी भुजाओं CA एवं CB पर क्रमशः बिन्दु D और E स्थित हैं।
AE, BD एवं DE को मिलाया गया है।
चूँकि समकोण ∆ACE में, ∠ACE समकोण है
AE² = AC² + EC² ….(1) [पाइथागोरस प्रमेय से]
समकोण ∆BCD में, ∠BCD समकोण है
BD² = BC² + DC² …(2) पाइथागोरस प्रमेय से]
AE² + BD² = AC² + BC² + EC² + DC² …(3)
[समीकरण (1) + (2) से]
समकोण ∆ACB में, ∠ACB समकोण है
AB² = AC² + BC² …(4) [पाइथागोरस प्रमेय से]
समकोण ∆DCE में, ∠DCE समकोण है
DE² = DC² + EC² …(5)
AB² + DE² = AC² + BC² + EC² + DC² …(6) [समीकरण (4) + (5) से]
AE² + BD² = AB² + DE². [समीकरण (3) एवं (6) से]
इति सिद्धम्

प्रश्न 14.
किसी त्रिभुज ABC के शीर्ष A से BC पर डाला गया लम्ब BC को बिन्दु D पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करता है कि DB = 3CD है। (देखिए संलग्न आकृति 6.45) सिद्ध कीजिए कि 2AB² = 2AC² + BC² है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 13
दिया है : ∆ABC के शीर्ष से शीर्ष लम्ब AD ⊥ BC खींचा गया है जो BC को बिन्दु D पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करता है कि DB = 3 CD
DB = \(\frac { 3 }{ 4 }\) BC
तथा CD = \(\frac { 1 }{ 4 }\) BC ….(1)
समकोण ∆ADB में ∠ADB समकोण है
AB2 = AD2 + BD2 …(2) [पाइथागोरस प्रमेय से]
समकोण ∆ADC में, LADC समकोण है
AC² = AD² + CD² …(3) [पाइथागोरस प्रमेय]
AB² – AC² = BD² – CD² [समीकरण (2) – (3) से]
AB² – AC² = (BD + CD) (BD – CD)
= \(B C\left[\frac{3}{4} B C-\frac{1}{4} B C\right]\) [समीकरण (1) से]
AB² – AC² = BC x \(\frac { 1 }{ 2 }\) BC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) BC²
2 AB² – 2AC² = BC²
2AB² = 2 AC² + BC².
इति सिद्धम्

प्रश्न 15.
किसी समाबहु त्रिभुज ABC की भुजा BC पर एक बिन्दु D इस प्रकार स्थित है कि BD = \(\frac { 1 }{ 3 }\) BC. सिद्ध कीजिए कि 9AD² = 7 AB² है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 14
दिया है : ∆ABC एक समबाहु त्रिभुज जिसकी भुजा BC पर
बिन्दु D इस प्रकार स्थित है कि BD = \(\frac { 1 }{ 3 }\) BC
यहाँ AB = BC = CA ….(1)
एवं BD = \(\frac { 1 }{ 3 }\) BC …(2)
रचना : A से AE ⊥ BC खींचिए।
चूँकि BE = EC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) BC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AB_…(3)
[∵ BC = AB]
[∵ समबाहु त्रिभुज का शीर्ष लम्ब आधार को समाद्विभाजित करता है।]
⇒ DE = BE – BD = \(\frac{B C}{2}-\frac{B C}{3}\) [समीकरण (3) एवं (2) से]
\(D E=\frac{3 B C-2 B C}{6}=\frac{B C}{6}=\frac{A B}{6}\) …..(4) [∵BC = AB]
∵समकोण ∆AEB में, ∠AEB समकोण है।
⇒ AE² = AB² – BE² ….(5)
∵समकोण ∆AED में, ∠AED समकोण है
⇒ AE² = AD² – DE² …(6)
⇒ AB² – BE² = AD² – DE² …..(7) [समीकरण (5) एवं (6) से]
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 15
⇒ 36AB² – 9AB² = 36AD² – AB²
⇒ 36AD² = 36AB² + AB² – 9AB² = 28AB²
⇒ 9AD² = 7AB².
इति सिद्धम्

प्रश्न 16.
किसी समबाहु त्रिभुज में सिद्ध कीजिए कि उसकी एक भुजा के वर्ग का तिगुना उसके एक शीर्ष लम्ब के वर्ग के चार गुने के बराबर होता है।
हल :
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 6 त्रिभुज Ex 6.5 16
मान लीजिए कि ABC एक समबाहु त्रिभुज है जिसका एक शीर्षलम्ब AD है जो BC को समद्विभाजित करता है [समबाहु ∆ का शीर्ष लम्ब है]
BD = \(\frac { 1 }{ 2 }\) BC = \(\frac { 1 }{ 2 }\) AB …(1)
चूँकि समकोण त्रिभुज ADB में, LADB समकोण है
AB² = AD² + BD² …(2)
[पाइथागोरस प्रमेय से]
AB² = AD² + \(\left(\frac{A B}{2}\right)^{2}\)
[समीकरण (1) एवं (2) से]
AB² = AD² + \(\frac{A B^{2}}{4}\)
4AB² = 4AD² + AB²
3AB² = 4AD²
अतः किसी समबाहु त्रिभुज में उसकी एक भुजा के वर्ग का तिगुना उसके एक शीर्षलम्ब के वर्ग के चार गुने के बराबर होता है।
इति सिद्धम्

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प्रश्न 17.
सही उत्तर चुनकर उसका औचित्य दीजिए : ∆ABC में AB = 6√3 cm, AC = 12 cm और BC = 6 cm है तो कोण B है :
(a) 120°
(b) 60°
(c) 90°
(d) 45°.
हल :
सही उत्तर (c) 90° है, क्योंकि
(AB)² = (6√3)² = 108
(AC)² = (12)² = 144
(BC)² = (6)² = 36
⇒ 108 + 36 = 144
⇒ (AB)² + (BC)² = (AC)²
⇒ ∠B = 90° समकोण [पाइथागोरस प्रमेय के विलोम द्वारा]