MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 3 चतुर्भुजों को समझना Ex 3.4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 3 चतुर्भुजों को समझना Ex 3.4

प्रश्न 1.
बताइए कथन सत्य है या असत्य –

  1. सभी आयत वर्ग होते हैं।
  2. सभी समचतुर्भुज समान्तर चतुर्भुज होते हैं।
  3. सभी वर्ग समचतुर्भुज और आयत भी होते हैं।
  4. सभी वर्ग समान्तर चतुर्भुज नहीं होते।
  5. सभी पतंगें समचतुर्भुज होती हैं।
  6. सभी समचतुर्भुज पतंग होते हैं।
  7. सभी समान्तर चतुर्भुज समलम्ब होते हैं।
  8. सभी वर्ग समलम्ब होते हैं।

उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. असत्य
  6. सत्य
  7. सत्य
  8. सत्य।

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प्रश्न 2.
उन सभी चतुर्भुजों की पहचान कीजिए जिनमें –

  1. चारों भुजाएँ बराबर लम्बाई की हों।
  2. चार समकोण हों।

उत्तर:

  1. ऐसे चतुर्भुज जिनकी चारों भुजाएँ समान लम्बाई की हों, वर्ग और समचतुर्भुज हैं।
  2. चतुर्भुज जिनमें चार समकोण हों-वर्ग और आयत।

प्रश्न 3.
बताइए कैसे एक वर्ग –

  1. एक चतुर्भुज
  2. एक समान्तर चतुर्भुज
  3. एक समचतुर्भुज
  4. एक आयत है।

उत्तर:

  1. एक वर्ग में चार भुजाएँ होती हैं; इसलिए यह एक चतुर्भुज है;
  2. एक वर्ग की सम्मुख भुजाएँ समान्तर होती हैं; इसलिए यह एक समान्तर चतुर्भुज है।
  3. वर्ग एक ऐसा समान्तर चतुर्भुज होता है जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं; इसलिए यह एक समचतुर्भुज है।
  4. वर्ग एक ऐसा समान्तर चतुर्भुज होता है; जिसके सभी कोण समकोण होते हैं; इसलिए यह एक आयत है।

प्रश्न 4.
एक चतुर्भुज का नाम बताइए जिसके विकर्ण –

  1. एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  2. एक दूसरे पर लम्ब समद्विभाजक हों।
  3. बराबर हों।

उत्तर:

  1. एक चतुर्भुज जिसके विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं-समान्तर चतुर्भुज; समचतुर्भुज; वर्ग और आयत।
  2. एक चतुर्भुज जिसके विकर्ण एक दूसरे पर लम्ब समद्विभाजक होते हैं समचतुर्भुज; वर्ग।
  3. एक चतुर्भुज जिसके विकर्ण बराबर होते हैं-वर्ग; आयत।

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प्रश्न 5.
बताइए एक आयत उत्तल चतुर्भुज कैसे हैं?
उत्तर:
एक आयत उत्तल चतुर्भुज है क्योंकि –

  1. इसके प्रत्येक कोण की माप 180° से कम है।
  2. इसके दोनों विकर्ण अभ्यंतर में होते हैं। अतः आयत उत्तल चतुर्भुज है।

प्रश्न 6.
ABC एक समकोण त्रिभुज है और ‘o’समकोण की सम्मुख भुजा का मध्य बिन्दु है। बताइए कैसे ‘o’ बिन्दु A, B तथा C से समान दूरी पर स्थित है। (बिन्दुओं से चिह्नित अतिरिक्त भुजाएँ आपकी सहायता के लिए खींची गई हैं)।
हल:
BO को D तक इस प्रकार आगे बढ़ाते हैं कि BO = OD.
AD और DC को मिलाया।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 3 चतुर्भुजों को समझना Ex 3.4 img-1
अब ABCD एक आयत है। आयत ABCD में विकर्ण AC और BD बराबर हैं तथा एक-दूसरे को बिन्दु o पर प्रतिच्छेद करते हैं।
\(\overline { AB } \) || \(\overline { BC } \);\(\overline { AB } \) || \(\overline { DC } \)
तथा OA = OC
और OB = OD
परन्तु AC = BD
∴ OA = OB = OC
अतः बिन्दु o; A, B तथा C से समान दूरी पर है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 61

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए –

प्रश्न 1.
एक राजमिस्त्री एक पत्थर की पट्टी बनाता है। वह इसे आयताकार बनाना चाहता है। कितने अलग-अलग तरीकों से यह विश्वास हो सकता है कि यह आयताकार है?
उत्तर:
राजमिस्त्री को पत्थर की पट्टी को आयताकार बनाने के लिए निम्न प्रकार विश्वास हो सकता है –

  1. पट्टी की आमने-सामने के किनारे बराबर हों।
  2. विकर्ण बराबर हों।
  3. प्रत्येक कोण 90° का हो।

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प्रश्न 2.
वर्ग को आयत के रूप में परिभाषित किया गया था जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। क्या हम इसे समचतुर्भुज के रूप में परिभाषित कर सकते हैं जिसके कोण बराबर माप के हों? इस विचार को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हम वर्ग को समचतुर्भुज के रूप में परिभाषित नहीं कर सकते जब तक कि इसके विकर्ण बराबर नहीं होते और प्रत्येक कोण समकोण नहीं हो।

प्रश्न 3.
क्या एक समलम्ब के सभी कोण बराबर माप के हो सकते हैं? क्या इसकी सभी भुजाएँ बराबर हो सकती हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
1. समलम्ब के सभी कोण बराबर माप के हो सकते हैं जबकि सम्मुख भुजाएँ समान्तर हों। लेकिन समलम्ब में भुजा का एक युग्म ही समान्तर होता है।

2. समलम्ब की सभी भुजाएँ बराबर नहीं हो सकती जब तक कि सम्मुख भुजाएँ समान्तर न हो जाएँ। लेकिन समलम्ब एक ऐसा चतुर्भुज है जिसमें भुजाओं का एक युग्म ही समान्तर होता है।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2

प्रश्न 1.
निम्न में आप कौन-से सर्वांगसम प्रतिबन्धों का प्रयोग करेंगे ?
(a) दिया है : AC = DF AB = DE, BC = EF
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 1

इसलिए, ∆ABC ≅ ∆DEF
(b) दिया है : ZX = RP RQ = ZY
∠PRQ = ∠XZY
इसलिए, ∆PQR = ∆XYZ
(c) दिया है: ∠MLN = ∠FGH
∠NML = ∠GFH
ML = FG
इसलिए, ∆LMN ≅ ∆GFH
(d) दिया है: EB = DB
AE = BC
∠A = ∠C
इसलिए, ∆ABE ≅ ∆CDB
उत्तर:
(a) S.S.S. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध द्वारा,
∆ABC ≅ ∆DEE
(b) S.A.S. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध द्वारा,
∆PQR ≅ ∆XYZ.
(c) A.S.A. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध द्वारा,
∆LMN ≅ ∆GFH.
(d) R.H.S. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध द्वारा,
∆ABE ≅ ∆CDB.

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प्रश्न 2.
आप ∆ART ≅ ∆PEN दर्शाना चाहते हैं।
(a) यदि आप S.S.S. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध का प्रयोग करें तो आपको दर्शाने की आवश्यकता है:
(i) AR =
(ii) RT =
(iii) AT =
(b) यदि यह दिया गया है कि ∠T = ∠N और आपको S.A.S. प्रतिबन्ध का प्रयोग करना है, तो आपको आवश्यकता होगी:
(i) RT = और (ii) PN =
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 2

(c) यदि यह दिया गया है कि AT = PN और आपको A.S.A. प्रतिबन्ध का प्रयोग करना है, तो आपको आवश्यकता होगी:
(i) ? =
(ii) ? =
हल:
(a) ∆ART ≅ ∆PEN को S.S.S. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध द्वारा दर्शाने के लिए दर्शाना होगा –
(i) AR = PE
(ii) RT = EN
(iii) AT = PN
(b) ∴ ∠T = ∠N
∴ (i) RT = EN
(ii) PN = AT
(c) यदि AT = PN और A.S.A. सर्वांगसमता के लिए आवश्यकता होगी –
(i) ∠RAT = ∠EPN
(ii) ∠ATR = ∠PNE

प्रश्न 3.
आपको ∆AMP ≅ ∆AMQ दर्शाना है। निम्न चरणों में, रिक्त कारणों को भरिए:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 3
उत्तर:
(i) दिया है
(ii) दिया है
(iii) उभयनिष्ठ
(iv) S.A.S. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध।

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प्रश्न 4.
∆ABC में ∠L = 30°, ∠B = 40° और ∠C = 110°, ∆PQR में, ∠P = 30° ∠Q = 40° और ∠R = 110°. एक विद्यार्थी कहता है कि A.A.A. सर्वांगसमता प्रतिबन्ध से ∆ABC ≅ ∆PQR है।
क्या यह कथन सत्य है ? क्यों या क्यों नहीं ?
हल:
यहाँ ∆MBC के तीनों कोण ∆PQR के तीनों कोणों के बराबर हैं। तो यह आवश्यक नहीं कि त्रिभुज सर्वांगसम हों क्योंकि यदि ∆ABC में, भुजा BC = 3.0-सेमी तथा ∆POR में, भुजा QR = 4.0 सेमी हो, तो इस दशा में त्रिभुज के संगत कोण तो बराबर हैं परन्तु यह सर्वांगसम नहीं हैं। क्योंकि BC ≠ QR अतः विद्यार्थी की A.A.A. सर्वांगसमता का प्रतिबन्ध तर्कसंगत नहीं है।

प्रश्न 5.
संलग्न आकृति में दो त्रिभुज ART तथा OWN सर्वांगसम हैं जिनके संगत भागों को अंकित किया गया है। हम लिख सकते हैं ∆RAT = ?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 4

हल:
हम लिख सकते हैं ∆RAT ≅ ∆WON
(∴ O ↔ A, N ↔ T, W ↔ R)

प्रश्न 6.
कथनों को पूरा कीजिए –
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 5

∆BCA ≅ ? ∆QRS ≅ ?
उत्तर:
∆BCA ≅ ∆ABTA, ∆QRS = ∆TPQ

प्रश्न 7.
एक वर्गांकित शीट पर, बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों को इस प्रकार बनाइए कि
(i) त्रिभुज सर्वांगसम हों
(ii) त्रिभुज सर्वांगसम न हों। आप उनके परिमाप के बारे में क्या कह सकते हैं?
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 6

(i) चित्र 7.19 (1) में,
∆ ABC का क्षेत्रफल = ∆EDC का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 3 × 4 = 6 cm2
∆ ABC का परिमाप = 3 + 4 + 5 = 12 cm
∆ EDE का परिमाप = 3 + 4 + 5 = 12 cm
∆ ABC का परिमाप = ∆EDC का परिमाप,
अतः चित्र 7.19 में, ∆ABC ≅ ∆EDC है।
(ii) चित्र 7.19 (ii) में,
∆ PQR का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × PQ × PR
= \(\frac { 1 }{ 2 } \) × 3 × 4 = 6 cm2
तथा ∆ PSR का क्षेत्रफल = \(\frac { 1 }{ 2 } \) × ST × PR
\(\frac { 1 }{ 2 } \) × 3 × 4 = 6 cm2

∴ ∆ POR का क्षेत्रफल = ∆ PSR का क्षेत्रफल
अब, ∆ PQR का परिमाप = 3 + 4 + 5 = 12 cm
तथा ∆ PRS का परिमाप = 4 + 35 + 4 = 11’5 cm
∆ POR का परिमाप ≠ ∆PRS का परिमाप
अत: चित्र 7.19 (ii) में ∆POR व ∆PRS सर्वांगसम नहीं हैं क्योंकि इनके क्षेत्रफल तो समान हैं परन्तु परिमाप समान नहीं

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प्रश्न 8.
संलग्न आकृति में एक सर्वांगसम भागों का एक अतिरिक्त युग्म बताइए जिससे ∆ABC और ∆PQR सर्वांगसम हो जाएँ। आपने किस प्रतिबन्ध का प्रयोग किया ?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 7

हल:
यहाँ, ∆ABC ≅ ∆PQR
∴ ∠B = ∠Q IR ∠C = ∠R
∴ सर्वांगसम भागों का अतिरिक्त युग्म –
BC = QR
उत्तर हमने यहाँ A.S.A. सर्वांगसम प्रतिबन्ध का प्रयोग किया है।

प्रश्न 9.
चर्चा कीजिए, क्यों?
∆ABC ≅ ∆FED.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 8

हल:
∠B = ∠E = 90°,
∠A = ∠F (दिया हुआ है)
∴ ∠C = ∠D (तीसरा कोण)
BC = DE (दिया हुआ है)
अत: ASA सर्वांगसम प्रतिबन्ध से ∆ ABC ≅ ∆ FED परिणाम प्राप्त होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 163

ज्ञानवर्धक क्रियाकलाप

प्रश्न 1.
अलग-अलग माप के वर्गों के कट-आउट सोचिए। अध्यारोपण विधि का प्रयोग वर्गों की सर्वांगसमता के लिए प्रतिबन्ध ज्ञात करने के लिए कीजिए। कैसे “सर्वांगसम भागों” की संकल्पना सर्वांगसम के अंतर्गत उपयोग होती है ? क्या यहाँ संगत भुजाएँ हैं ? क्या यहाँ संगत विकर्ण हैं ?
हल:
हम जानते हैं कि समतल आकृतियाँ सर्वांगसम होती हैं। जब आकृतियों के आकार समान होते हैं तो वे एक-दूसरे की ठीक-ठीक पूरा ढक लेती हैं। सभी वर्ग समान आकृति के होते हैं लेकिन वर्ग का आकार उनकी भुजाओं की लम्बाई पर निर्भर करता है।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 9

ABCD व PQRS दो वर्ग हैं। वर्ग ABCD के कट-आउट को वर्ग PQRS के ऊपर इस प्रकार रखते हैं कि शीर्ष A, वर्ग PQRS के शीर्ष P पर और भुजा AB भुजा PQ पर आए।

स्पष्ट है कि ABCD वर्ग PQRS को पूर्णतया ढक लेता है।

यदि AB = PQ तो दो वर्ग सर्वागसम होंगे यदि उनकी भुजाओं की लम्बाइयाँ समान हों।

अत: वर्ग ABCD ≅ वर्ग PORS यदि AB = PQ

हम एक वर्ग की किसी भी भुजा को दूसरे वर्ग की किसी भुजा के संगत ले सकते हैं। दूसरी संगत भुजाओं के युग्म इसी प्रकार बदल जाएँगे। यह बात विकर्णों के लिए भी सत्य है।

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प्रश्न 2.
यदि आप वृत्त लेते हैं तो क्या होता है ? दो वृत्तों की सर्वांगसमता के लिए प्रतिबन्ध क्या है ? क्या, आप फिर अध्यारोपण विधि का प्रयोग कर सकते हैं ? पता लगाइए।
हल:
सभी वृत्तों की समान आकृति होती है और वृत्त का आकार वृत्त की त्रिज्या पर निर्भर करता है। यहाँ दो वृत्त C1 व C2 हैं। इनमें से किसी एक वृत्त का कट-आउट (माना वृत्त C2 का) वृत्त C1 पर रखते हैं। वृत्त C2 वृत्त C1 को पूरी तरह ठीक-ठीक ढल लेता है। यदि दोनों वृत्तों की त्रिज्याएँ समान होंगी तो दोनों वृत्त सर्वांगसम होंगे।

वृत्त C1 वृत्त C2 जबकि C1 वृत्त की त्रिज्या = C2 वृत्त की त्रिज्या।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 10

प्रश्न 3.
इस संकल्पना को बढ़ाकर तल की दूसरी आकृतियाँ जैसे समषद्भुज इत्यादि के लिए प्रयत्न कीजिए।
हल:
हम जानते हैं कि समतल आकृतियाँ सर्वांगसम होती हैं यदि वे एक-दूसरे को पूर्णतया ढक लेती हैं। सभी समषट्भुज समान आकृति के होते हैं और इनका आकार समषट्भुज की भुजा की लम्बाई पर निर्भर करता है। दो समषट्भुज ABCDEF व PQRSTU लेते हैं। इनके कट-आउट लेते हैं जिनमें से प्रत्येक की सभी भुजाएँ समान हों।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 11

अब PQRSTU के कट-आउट को ABCDEF पर इस प्रकार रखते हैं कि PQRSTU का बिन्दु P बिन्दु A पर आए तथा भुजा PQ भुजा AB पर आए। यदि PQ = AB तो समषट्भुज PQRSTU, समषट्भुज ABCDEF को पूर्णतया ठीक-ठीक ढक लेता है। अत: दो समषट्भुज सर्वांगसम होते हैं यदि इनकी भुजाओं की लम्बाई समान हो।

अत: समषट्भुज ABCDEF = समषट्भुज PQRSTU.

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प्रश्न 4.
एक त्रिभुज की दो सर्वांगसम प्रतिलिपियाँ लीजिए। कागज को मोड़कर पता लगाइए कि क्या उनके शीर्ष लम्ब बराबर हैं ? क्या उनकी माध्यिकाएँ समान हैं ? आप उनके परिमाप तथा क्षेत्रफल के बारे में क्या कह सकते हैं ?
हल:
माना ∆ABC ≅ ∆DEF
कागज को मोड़कर प्रत्येक त्रिभुज के शीर्ष बनाए। हम देखते हैं कि
AL = DP BM = EQ और CN = FR
अर्थात् संगत शीर्ष लम्ब समान हैं।

इसी प्रकार हम देख सकते हैं कि सर्वांगसम त्रिभुजों में संगत माध्यिकाएँ समान होती हैं और इनके परिमाप व क्षेत्रफल समान होते हैं।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Ex 7.2 image 12

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MP Board Class 6th Social Science Model Question Paper

MP Board Class 6th Social Science Model Question Paper आदर्श प्रश्न-पत्र

नोट-सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है।
प्रश्न 1.
निम्न में से सही विकल्प चुनिए –
(अ) शिलालेख कहा जाता है –
(i) पत्थरों पर लिखे लेख
(ii) किताबों में लिखे लेख
(iii) भोजपत्र पर लिखे लेख
(iv) ताँबे के पत्रों पर लिखे लेख।
उत्तर:
(i) पत्थरों पर लिखे लेख

(ब) हमारे देश में कुल कितने राज्य हैं ?
(i) 27
(ii) 28
(iii) 29
(iv) 25
उत्तर:
(iii) 29

(स) भारत में कोयला उत्पादक क्षेत्र है –
(i) उत्तर प्रदेश
(ii) पश्चिम बंगाल
(iii) दिल्ली
(iv) जम्मू कश्मीर।
उत्तर:
(ii) पश्चिम बंगाल

(द) नगरीय व ग्रामीण स्वशासी संस्थाओं का कार्यकाल होता है –
(i) 3 वर्ष
(ii) 5 वर्ष
(iii) 2 वर्ष
(iv) 1 वर्ष।
उत्तर:
(ii) 5 वर्ष

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प्रश्न 2.
सही जोड़ी बनाइए –
MP Board Class 6th Social Science Model Question Paper img 1
उत्तर:
(i) (ब) राष्ट्रगान
(ii) (अ) शुंग शासक
(iii) (द) राष्ट्रीय गीत
(iv) (स) ज्योतिषी और खगोलशास्त्री

प्रश्न 3.
उचित शब्द को चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करिए –
1.  हड़प्पा सभ्यता में व पर्यावरण शुद्धि पर अधिक ध्यान दिया गया था। (गन्दगी / साफ सफाई)
2. लोकसभा, विधानसभाओं एवं स्थानीय निकायों में जनजातियों के लिए दिया गया है। (आरक्षण / मकान)
3. एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने के लिए उपयोगी साधनों को के साधन कहते हैं। (वायुमार्ग / परिवहन)
उत्तर:

  1. साफ – सफाई
  2. आरक्षण
  3. परिवहन

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निर्देश – निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्ति में लिखिए
प्रश्न 4.
रेशम मार्ग क्या था ?
उत्तर:
चीन और पश्चिमी एशिया के बीच का सड़क मार्ग मध्य एशिया से होकर जाता था। इसे प्राचीन रेशम मार्ग (सिल्क रूट) कहते हैं। इस काल में रेशम व्यापार की एक प्रमुख वस्तु थी। इस रास्ते से भारत के व्यापारी अरब, ईरान देशों से रेशम आदि का व्यापार करते थे।

प्रश्न 5.
अपने किन्हीं तीन पड़ोसी जिलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 6.
भारत में बोई जाने वाली खरीफ तथा रबी की फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
खरीफ-चावल, ज्वार। रबी-गेहूँ, चना। जायद-सब्जियाँ, ककड़ी, खरबूजा, तरबूज।

निर्देश-निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 30 शब्दों में लिखिए
प्रश्न 7.
पृथ्वी को जीवित ग्रह क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी सौरमण्डल का एक महत्त्वपूर्ण सदस्य है। सौर मण्डल ही नहीं बल्कि पूरे ब्रह्माण्ड में केवल पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन पाया जाता है। इसलिए इसे अनोखा और जीवित ग्रह कहते हैं।

निम्नलिखित कारणों से भी यह अनोखा व जीवित ग्रह है –

  • पृथ्वी पर जल ठोस, तरल और गैसीय अवस्था में मिलता है। यहाँ जल की उपलब्धता से जीवन का विकास हुआ है।
  • पृथ्वी पर जीवनदायिनी गैस ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में पाई जाती है जो किसी भी प्रकार के जीवन के लिए आवश्यक है।
  • पृथ्वी पर वायुमण्डल, जलमण्डल और स्थलमण्डल का विस्तार है, तीनों का आपस में उचित सन्तुलन बना हुआ है। इसके अलावा
  • पृथ्वी पर 12-12 घण्टे वाले दिन रात की आदर्श अवधि भी यहाँ जीवन के विकास में सहायक है।

प्रश्न 8.
सौरमण्डल का चित्र बनाकर, उसे नामांकित कीजिए।
उत्तर:
(अ) सौरमण्डल किसे कहते हैं ? सौरमण्डल के ग्रहों को चित्र सहित नामांकित कीजिए।
उत्तर:
सूर्य, सभी ग्रहों और उपग्रहों से मिलकर सौरमण्डल बना होता है। इसी ‘सौरमण्डल’ को सौर परिवार भी कहते हैं।

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सौरमण्डल के ग्रहों का चित्र सहित वर्णन –
(1) सूर्य-सूर्य का अपना ही प्रकाश और गर्मी होती है। यह एक तारा है। सभी ग्रह सूर्य की ही आकर्षण शक्ति से एक-दूसरे से बँधे रहते हैं और सूर्य की परिक्रमा करते हैं। सभी ग्रहों तथा उपग्रहों को ऊष्मा व प्रकाश सूर्य से ही मिलता है।

(2) ग्रह – ग्रह संख्या में आठ होते हैं, जो निम्नलिखित हैं –

  • बुध – बुध सूर्य के सबसे अधिक पास का ग्रह है। इसका कोई उपग्रह नहीं है। सूर्य की परिक्रमा करने में इसे 88 दिन का समय लगता है।
  • शुक्र – इसका कोई उपग्रह नहीं होता तथा आकार में पृथ्वी के बराबर होता है। यह 225 दिन में सूर्य की परिक्रमा करता है।
  • पृथ्वी – इसका उपग्रह चन्द्रमा होता है। सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में इसे 365 7 दिन का समय लगता है। इस ग्रह पर जीवन पाए जाने के कारण इसे जीवित ग्रह भी कहते हैं।
  • मंगल – इसके दो उपग्रह हैं। यह 687 दिन में सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेता है।
  • बृहस्पति – यह सभी ग्रहों में बड़ा है। इसके 12 उपग्रह हैं। सूर्य की परिक्रमा यह 11 वर्ष 9 महीने में पूरी करता है।
  • शनि – इसके 20 उपग्रह हैं। सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में इसे 29 वर्ष 5 माह का समय लगता है। यह सौरमण्डल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है।
  • अरुण (यूरेनस) – यह सूर्य की परिक्रमा 84 वर्ष में पूरी करता है।
  • वरुण (नेपच्यून) – इसके 8 उपग्रह हैं। यह 165 वर्ष में सूर्य की परिक्रमा करता है।MP Board Class 6th Social Science Model Question Paper img 1

प्रश्न 9.
ग्लोब / मानचित्र पर अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ क्यों खींची जाती हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी पर किसी स्थान की ठीक-ठीक स्थिति दिखाने के लिए ग्लोब तथा मानचित्र पर अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ खींची जाती हैं।

प्रश्न 10.
आर्यों के काल को वैदिक काल क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
आर्यों ने चार वेदों की रचना की थी –

  • ऋग्वेद
  • यजुर्वेद
  • सामवेद
  • अथर्ववेद

अतः आर्यों के काल में वेद लिखे जाने के कारण ही इस काल को वैदिक काल कहते हैं।

प्रश्न 11.
गणसंघ तथा जनपद क्या थे ?
उत्तर:
गणसंघ-ऐसे राज्य जहाँ वंशागत राजा नहीं होते थे ‘गणसंघ’ कहलाते थे। गणसंघ के राजा को जनता चुनती थी। मिथिला के वज्जि, कपिलवस्तु के शाक्य प्रमुख गणसंघ थे।

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प्रश्न 12.
समुदाय के विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी का क्या महत्त्व है ? लिखिए।
उत्तर:
समुदाय के विकास के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी बहुत महत्त्वपूर्ण है। यह ग्रामीण और शहरी समुदाय दोनों के लिए उपयुक्त है। ऐसा इसलिए आवश्यक है क्योंकि वे अपनी परिस्थितियों से परिचित हैं और स्थानीय जरूरतों को भली-भाँति समझते हैं। यह उनके स्वयं के हित में है कि वे एक साथ मिलकर अपनी समस्याओं का हल निकालें।

जैसे क्षेत्र में पेयजल या शिक्षा या अस्पताल जैसी मूल एवं मानवीय व्यवस्थाएँ नहीं हैं तो वे उसके लिए उचित तथा वैकल्पिक उपाय करें। वे अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझा सकें तथा किसी पर आश्रित न रहें। इस प्रकार लोगों में आत्मनिर्भरता की भावना का विकास होगा।

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निर्देश – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए –
प्रश्न 13.
सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन कैसे हुआ? समझाते हुए लिखिए कि अशोक ने प्रजा की भलाई के लिए कौन-कौन से कार्य किए ?
उत्तर:
सम्राट अशोक ने कलिंग राज्य पर आक्रमण कर उसे अपने राज्य में मिला लिया, परन्तु कलिंग के युद्ध में अनेक सैनिक घायल हुए और मारे गए। यह देखकर अशोक को बहुत दुःख हुआ। युद्ध में सिपाहियों के मरने के कारण जो स्त्रियाँ तथा बालक अनाथ हो गए थे, उन्हें देखकर अशोक के मन में दया का भाव उमड़ने लगा। उसने निश्चय किया कि वह अब कभी युद्ध नहीं करेगा। इस प्रकार सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ।

अशोक ने लोगों की भलाई के लिए निम्नलिखित कार्य किए –

  • आने-जाने की सुविधा के लिए अनेक सड़कें बनवाईं।
  • सड़कों के किनारे छायादार वृक्ष लगवाए तथा अनेक कुएँ खुदवाए।
  •  यात्रियों की सुविधा के लिए अनेक धर्मशालाएँ बनवाई।
  • उसने मनुष्यों तथा पशुओं के इलाज के लिए अनेक अस्पताल खुलवाए।

अथवा

सिन्धु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता नाम से क्यों पुकारा जाता है ? इस सभ्यता की प्रमुख विशेषता क्या थी ? लिखिए।
उत्तर:
सिन्धु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता के नाम से पुकारा जाता है क्योंकि सबसे पहले श्री दयाराम साहनी ने हड़प्पा में खुदाई आरम्भ कर वहाँ एक नगर के भग्नावशेष प्राप्त किये।
सिन्धु घाटी सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  • सिन्धु घाटी की सभ्यता एक शहरी सभ्यता थी।
  • इस सभ्यता की प्रमुख विशेषता उसकी नगर योजना प्रणाली थी।
  • सिन्धु घाटी की जल निकास प्रणाली अद्वितीय थी।
  • मोहनजोदड़ो में सार्वजनिक विशाल स्नानागार था जो उस सभ्यता का महत्त्वपूर्ण निर्माण माना जाता है।
  • इस सभ्यता के लोग गेहूँ, जौ, सरसों, कपास व तिल आदि की फसलें उगाते थे।
  • इस सभ्यता में धातुओं के गलाने, ढालने और सम्मिश्रण की कला उन्नत थी।

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प्रश्न 14.
ग्राम एवं नगर स्तर पर जनसंख्या की दृष्टि से समितियाँ कौन-कौन सी हैं ? विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
वर्तमान में जिन क्षेत्रों में जनसहयोग की विशेष आवश्यकता है उन क्षेत्रों में कार्य करने वाली समितियों का परिचय इस प्रकार है
(1) ग्राम / वार्ड शिक्षा समिति – इस समिति का कार्य ग्राम / वार्ड में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था में अपना सहयोग देना है। यह समिति विद्यालय के प्रबंधन में भी सहयोग देती है।

(2) ग्राम / वार्ड रक्षा समिति-यह समिति ग्राम या वार्ड में लोगों की सुरक्षा सम्बन्धी कार्यों में सहयोग करती है। साथ ही यह समिति अपराधों की रोकथाम में पुलिस प्रशासन का सहयोग करती है।

(3) पालक – शिक्षक संघ – वर्तमान में मध्यप्रदेश में जन शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में पालक शिक्षक संघ का गठन किया गया है। यह संघ विद्यालयों में बच्चों के शत-प्रतिशत प्रवेश,उनकी विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, बच्चों के लिये विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था, बच्चों की शैक्षिक प्रगति, विद्यालयों में शिक्षकों की समुचित व्यवस्था एवं सहायता करने हेतु कार्य करता है।

अथवा

परस्पर निर्भरता की आवश्यकता क्यों पड़ती है ? दो देशों के मध्य पारस्परिक निर्भरता को उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
अपनी आवश्यकताओं एवं रुचियों की पूर्ति के लिए व्यक्ति को पारस्परिक निर्भरता की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार किसी एक देश में सभी आवश्यकता की चीजें उपलब्ध नहीं होती या कम मात्रा में होती हैं, इसलिए उन्हें दूसरे देशों से मँगाना पड़ता है। हम भारत का ही उदाहरण लें तो यहाँ पेट्रोलियम पदार्थ (पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल), सेना के उपयोग के लिए आधुनिक उपकरण, हथियार आदि दूसरे देशों से मँगाये जाते हैं। भारत से मसाले, चाय, सीमेण्ट, तैयार कपड़े आदि दूसरे देशों को भेजे जाते हैं।

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प्रश्न 15.
भारत में मानसून की उत्पत्ति किस प्रकार होती है ? समझाकर लिखिए।
उत्तर:
भारत उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। सूर्य जब उत्तरी गोलार्द्ध में होता है तब यहाँ ग्रीष्म ऋतु होती है तथा तापमान बढ़ने लगता है। अधिक ताप के कारण उत्तरी भारत में निम्न वायुदाब उत्पन्न होता है। इसी समय दक्षिण में स्थित हिन्द महासागर में तापमान कम होने से अधिक दाब रहता है। अधिक वायुदाब से निम्न दाब की ओर पवनें चलने लगती हैं, चूँकि ये पवनें समुद्र (हिन्द महासागर) से स्थल मार्ग (भारतीय उपमहाद्वीप) की ओर है।

अथवा

भारत की जनसंख्या की कौन-कौन सी विशेषताएँ हैं ? लिखिए।
उत्तर:
भारत में जनसंख्या की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित –

  • व्यावसायिक भिन्नता
  • स्त्री-पुरुष अनुपात में अन्तर
  • आयु संरचना
  • साक्षरता स्तर,
  • ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता,
  • सांस्कृतिक भिन्नता।

ग्रामीण व नगरीय विभिन्नता-भारत गाँवों का देश है यहाँ लगभग 5 लाख गाँव हैं और कुल आबादी का तीन चौथाई भाग अर्थात् 68.8 प्रतिशत जनसंख्या गाँवों में रहती है। 31-2 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में बसती है जहाँ के अधिकतर व्यक्ति कृषि के अतिरिक्त सेवा कार्य, उद्योग, व्यापार, परिवहन आदि से जीविका चलाते हैं।

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प्रश्न 16.
ग्लोब किसे कहते हैं व इसकी उपयोगिता लिखिए।
उत्तर:
पृथ्वी का प्रतिरूप या नमूना दिखाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले गोले को ग्लोब कहा जाता है।

  • पृथ्वी का आकार तथा महाद्वीपों व महासागरों के आकार व विस्तार का ज्ञान प्राप्त होता है।
  • दिन व रात होने की जानकारी प्राप्त होती है।
  • पृथ्वी की गतियों का ज्ञान होता है।
  • अक्षांश एवं देशांश रेखाओं की स्थिति का ज्ञान होता है।
  • जल और थल के वितरण की जानकारी भी मिलती है।

अथवा

भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए –
(i) दिल्ली-चेन्नई वायुमार्ग।
(ii) मुम्बई शहर।
(iii) चावल उत्पादक क्षेत्र।
(iv) हिमालय पर्वत।
(v) गंगा नदी।
उत्तर:
निम्न चित्र देखें –
MP Board Class 6th Social Science Model Question Paper img 3

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 11 संसर्गजाः दोषगुणाः

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 11 संसर्गजाः दोषगुणाः (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 11 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक पद में उत्तर लिखिये)
(क) ऋषिः किमर्थं भ्रमति स्म? (ऋषि किस कारण भ्रमित हुये?)
उत्तर:
शुकः भिन्न व्यवहारम् दृष्टवा। (तोतों के विभिन्न व्यवहारों को देखकर)

(ख) प्रथमः शुकः किं वदति स्म? (पहला तोता क्या बोलता था?)
उत्तर:
मारयतु कुट्टयतु। (मारो-कूटो)

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(ग) अपरः शुकः किं वदति स्म? (दूसरा तोता क्या बोलता था?)
उत्तर:
सीतारामः सीतारामः। (सीताराम-सीताराम)।

(घ) महर्षिः वाल्मीकिः किं रचितवान्? (महर्षि वाल्मीकि ने किसकी रचना की?)
उत्तर:
रामायणम्। (रामायण की)।

(ङ) केषां सङ्गात् पिपीलिका चन्द्रबिम्बं चुम्बति? (किसके सत्संग से चीटी शंकरजी के चन्द्र बिम्ब का चुम्बन करती है?)
उत्तर:
सुमनः। (फूलों के या पुष्पों के)।

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखिये)
(क) ऋषिः आश्चर्यसागरे किमर्थं निमग्नोऽभवत्? (ऋषि आश्चर्य में क्यों डूब गया?)
उत्तर:
शुकौ समानजातीयौ तथापि आचरणं पृथक-पृथक दृश्यते ऋषिः आश्चर्य सागरे निमग्नोऽभवत्। (तोतों की समान जाति होने पर भी उनके भिन्न-भिन्न व्यवहार को देखकर ऋषि आश्चर्य में डूब गया।)

(ख) महर्षिः वाल्मीकिः कथं तपस्वी जातः? (महर्षि वाल्मीकि कैसे तपस्वी हुये?)
उत्तर:
महर्षिः वाल्मीकिः सप्तर्षाणां सत्सङ्ग प्रभावात् तपस्वी जातः। (महर्षि वाल्मीकि ने सप्तर्षियों के सत्सङ्ग के प्रभाव से तपस्वी हुये।)

(ग) अश्मा कथं देवत्वं प्राप्नोति? (पत्थर कैसे देवत्व को प्राप्त करता है?)
उत्तर:
अश्मा महद्भिः सुप्रतिष्ठितः देवत्वं प्राप्नोति। (पत्थर महान लोगों के सम्पर्क से देवत्व को प्राप्त करता है।)

(घ) केषां सङ्गः करणीयः? (किनका साथ करना चाहिये?)
उत्तर:
सज्जनानां सङ्ग करणीयः। (सज्जनों का संग या साथ करना चाहिये।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत (नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिये)
(क) द्वितीयः शुकः ऋषि किम् उक्तवान्? (दूसरे तोता ने ऋषि से क्या कहा?)
उत्तर:
द्वितीयः शुकः ऋषिं उक्तवान् अहं मुनीनां वचनं शृणोमि सः गवाशनानाम् वाक्यम् शृणोति। (दूसरे तोता ने ऋषि से कहा कि मैं ऋषियों के वचनों को सुनता हूँ और वह गो-वध करने वालों के वचनों को सुनता है।)

(ख) किमर्थं सत्सङ्गः करणीयः? (किसलिये सत्सङ्ग करना चाहिये?)
उत्तर:
महनीय सुप्रतिष्ठताय सत्सङ्ग करणीयः। (महानता को प्राप्त करने के लिये सत्संग करना चाहिये।)

(ग) दोषाः गुणाश्च कथम् उत्पद्यन्ते? (गुण और दोष कैसे उत्पन्न होते हैं?)
उत्तर:
दोषाः गुणाश्च संसर्गात् उत्पद्यन्ते। (गुण और दोष सत्संग से उत्पन्न होते हैं।)

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प्रश्न 4.
यथायोग्यं योजयेत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 11 संसर्गजाः दोषगुणा img-1

प्रश्न 5.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्धवाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत
यथा- संसर्गात् स्वभावपरिर्वनं भवति – आम्
दुर्जनानां सङ्गः करणीयः – न
(क) द्वितीयः शुकः “सीताराम” इति वदति स्म।
(ख) ऋषिः लोककल्याणार्थं न भ्रमति स्म।
(ग) दुर्जनानां सङ्गात् लाभः भवति।
(घ) सज्जनानां सङ्गतिः करणीया।
(ङ) पिपीलिका सत्सङ्गात् भगवतः शिवस्य शीर्षस्थितं चन्द्रबिम्ब न चुम्बति।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) न
(ग) न
(घ) आम्
(ङ) न

प्रश्न 6.
निम्नलिखित क्रियापदानां भूतकालिकक्रियापदानि लिखत
उदहारणम्
वदति – अवदत्।
भ्रमति – अभ्रमत।
शृणोति – अशृणोत।
गच्छति – अगच्छत।
चिन्तयति – अचिन्तयत
भवति – अभवत।
करोति – अकरोत्।

प्रश्न 7.
निम्नलिखितानां मूलशब्दं विभक्तिं वचनं च लिखत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 11 संसर्गजाः दोषगुणा img-2

प्रश्न 8.
निम्नलिखितानां क्रियापदानां द्विवचन बहुवचनं लिखत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 11 संसर्गजाः दोषगुणा img-3

प्रश्न 9.
निम्नलिखिततानां धातुम् प्रत्ययं च पृथक् कृत्वा लिखत-
यथादृष्ट्वा – दृश् + क्त्वा।
श्रुत्वा – श्रु + क्त्वा।
पठित्वा – पठ् + क्त्वा।
पालितः – पाल + क्तः।
करणीयम् – कृ + अनीयर।
विरचितवान् – विरचित + वान्
उक्तवान् – उक्त + वान्

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प्रश्न 10.
निम्नलिखितानां अव्ययानां वाक्यप्रयोगं कुरुत
उदाहरणम्एकदा-
एकदा – सः ग्रामम् अगच्छत्।
सुरेशः – मोहनः च पठति। तत्र
तत्र – वायुः प्रवहति।
अपि – त्वम् अपि गच्छतु।
उच्चैः – सः उच्चैः वदति।
इति – वाल्मीकिः रामायणम् इति महाकाव्यम् अलिखत्।
तदा – तदा आचार्यः पाठं पाठितवान्।

संसर्गजाः दोषगुणाः पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

संस्कृत साहित्य में कथा साहित्य का विपुल भंडार है। उसमें पंचतंत्र, कथा सरित्सागर, बैताल पचीसी, विक्रमादित्य कथा, वृहत् मंजरी, हितोपदेश आदि प्रसिद्ध कथा-ग्रन्थ हैं। सत्संगति से किस प्रकार व्यवहार में परिवर्तन होता है, इस कथा के माध्यम से यहाँ प्रग्तुत किया जा रहा है।

संसर्गजाः दोषगुणाः पाठ का हिन्दी अर्थ

1. कश्चित् एकः महान् तपस्वी ऋषिः आसीत्। सः लोककल्याणार्थम् अहर्निशं भूतले भ्रमति स्म। एकदा सः परिभ्रमन् एक ग्रामम् अगच्छत्। ग्रामस्य एकस्मिन् गृहे एकः शुकः पालितः आसीत्। सः शुकः ऋषिं दृष्ट्वा “मारयतु कट्टयतु” इति वारं वारम् उच्चैः उक्तवान्। अनन्तरं सः ऋषिः अपरं स्थानम् अगच्छत् तत्रापि एकस्मिन् गृहे शुकः पालितः आसीत्। सः ऋषि दृष्ट्वा “सीताराम-सीताराम” इति उक्तवान्। एवं शुकयोः भिन्नव्यवहारं दृष्ट्वा ऋषिः आश्चर्यसागरे निमग्न अभवत्। सः चिन्तयति यद्यपि शुकौ समानजातीयौ तथापि आचरणं पृथक्-पृथक् दृश्यते, किं कारणम्? तत्र पार्श्वस्थं शुकं ऋषिः कारणं पृष्टवान्। तदा शुकः उत्तरति यत् ऋषिवर्य! शृणोतु-

अहं मुनीनां वचनं शृणोमि
गवाशनानां स शृणोति वाक्यम्।
न चास्य दोषो न च मद्गुणो वा
संसर्गजाः दोषणुणाः भवन्ति।

शब्दार्थ :
लोककल्याणार्थम्-जनता के कल्याण के लिए-For welfare of people; अहर्निशं-निरन्तर-Continue; अगच्छत्-गया-Went; ग्रामस्य-गाँव का-Of village; पालितः-पाला हुआ-Getting brought up; मारयतु कट्टयतु-मारो कूटो-Kill beat; तत्रापि-वहाँ भी-There also; चिन्तयति-सोचता है-Thinks; पृष्टवान्-देखा-Looked; शृणोतु-सुनिये-Listen; शृणोमि-सुनता हूँ-Listen; संसर्गजाः-संग रहने से उत्पन्न होने वाले-The fault with company; गवाशनानाम्-गोभक्षियों के–Eating the flash of cow.

हिन्दी अर्थ :
कहीं एक महान तपस्वी ऋषि थे। वे लोक कल्याण के निमित्त सदैव पृथ्वी पर विचरण किया करते थे। एक बार परिभ्रमण करते हुए एक ग्राम में पहुंचे। गाँव में किसी घर में एक तोता पल रहा था। वह तोता ऋषि को देखकर ‘मारो-काटो’ ऐसा तीव्र शब्दों में बार-बार बोलने लगा। थोड़ी देर में ऋषि दूसरे स्थान पर गए। वहाँ एक घर में तोता पाला गया था। वहाँ ऋषि को देख तोते ने ‘सीताराम-सीताराम’ बोलने लगा। इस प्रकार दोनों तोतों के भिन्न व्यवहार देख ऋषि आश्चर्य के सागर में डूब गए।

वे सोचने लगे-यद्यपि दोनों शुक एक ही जाति के हैं तो भी उनके आचरण भिन्न-भिन्न होने का क्या कारण है? तब समीप स्थित उस तोते से ऋषि ने इसका कारण पूछा। तब तोते ने उत्तर दिया-ऋषिवर! सुनिए मैं मुनियों के वचन सुनता हूँ, अच्छी-अच्छी नीतिप्रद बातें सुनता हूँ। वह तोता हरदम नीति विरुद्ध बातें सुनता है। इसमें उसका कोई दोष नहीं और न ही यह मेरा महान गुण है। साथ रहने से गुण-दोष पैदा होते हैं।

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2. महात्मन्! तत्र व्याधानां ग्रामः अस्ति। सः शुकः व्याधस्य गृहे निवसति। व्याधाः अहर्निशं मारणं कर्तनं हिंसात्मिकां वार्तां च कुर्वन्ति, सोऽपि तानि कार्याणि पश्यति तेषां वार्तालापं च शृणोति। अतः “मारयतु कुट्टयतु” इति वदति। अहं तु मुनेः आश्रमे निवसामि। तत्र मुनयः भगवन्नामसङ्कीर्तनं पूजां च कुर्वन्ति। अहं सर्वं खलु पश्यामि आचरामि च। अतः अहं “सीताराम-सीताराम” इति वदामि। अतः तस्य शुकस्य न कोऽपि दोषः न मम गुणश्च यतोहि दोषाः गुणाः च संसर्ग-प्रभावात् उत्पन्नाः भवन्ति।

पूर्वं महर्षिः वाल्मीकिः सप्तर्षीणां सत्सङ्गप्रभावात् महान् तपस्वी जातः अनन्तरं रामायणमहाकाव्यं विरचितवान्। महद्भिः जनैः प्रतिष्ठितो भूत्वा अश्मा, अपि देवत्वं प्राप्नोति। पुष्पाणां संसर्गात् पिपीलिका अपि भगवतः शिवस्य शीर्षस्थितं चन्द्रबिम्ब चुम्बति। अतः सज्जनानां सङ्गः करणीयः दुर्जनानां सङ्गः परिहर्तव्यश्च। कथितमपि-

कीटोऽपि सुमनः सङ्गादारोहति सतां शिरः।
अश्मापि याति देवत्वं महद्भिः सुप्रतिष्ठितः॥

शब्दार्थ :
तत्र-वहां-There; व्याधस्य-बहेलिया के-Hunter; निवसति-रहता है-Lives; अहर्निशं-दिन-रात-Day-night; हिसात्मिकां-हिसात्मक-Violent; मारयतु-कुट्टयतु-मारो कूटो-Kill beat; निवसामि-रहता हूँ-Live; खलु-निश्चित ही-Definite also; शुकस्य-तोते का-Parrot; गुणश्च-और गुण-And quality; उत्पन्नाः -उत्पन्न-Born; कीटोऽपि-कीड़ा भी-Play also; अश्मापि-पत्थर भी-Stone also.

हिन्दी अर्थ :
हे महात्मन! यहाँ शिकारियों का ग्राम है। वह तोता शिकारी के घर में निवास करता है। शिकारी रात-दिन मारने-काटने की हिंसात्मक बात करता रहता है। वह तोता भी उनके कार्य को देखता है और उनके वार्तालाप को सुनता है अतः मारो-कूटो बोलता रहता है। मैं मुनि के आश्रम में रहता हूँ। वहाँ मुनिगण ईश्वर की पूजा-आराधना-कीर्तन करते रहते हैं। मैं सभी कार्यों को देखता हूँ और उसी अनुरूप आचरण करता हूँ। इसलिए मैं ‘सीताराम’ शब्द का उच्चारण करता हूँ। इसलिए हे मुनिवर! इसमें उसका कोई दोष नहीं और मेरा कोई गुण नहीं है क्योंकि दोष और गुण संगति में उत्पन्न होते हैं।

पहले महर्षि वाल्मीकि सप्तर्षियों के सत्संग के प्रभाव से महान तपस्वी हुए। उसके बाद उन्होंने रामायण महाकाव्य की रचना की। महान लोगों के संसर्ग में पत्थर भी देवत्व को प्राप्त होता है। पुरुषों के संसर्ग से चींटी भी भगवान शिव के शीर्ष पर चढ़कर चन्द्र बिम्ब का चुम्बन करती है। अतः सज्जन पुरुषों की संगति करना चाहिए, दुजों की संगति छोड़नी चाहिए। कहा भी है-

कीड़ा भी फूलों के साथ रहकर सज्जनों के सिर पर धारण कर लिया जाता है, पत्थर भी देवत्व को प्राप्त हो जाता है और पूज्य होकर प्रतिष्ठित होता है।

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MP Board Class 6th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

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प्रश्न I.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –
(1) ताम्राश्मकाल किसे कहते हैं ?
उत्तर:
ऐसा समय जब ताँबे एवं पत्थर के औजार साथ-साथ प्रयोग किये जाते थे। ताम्राश्मकाल या पाषाण काल कहते हैं।

(2) सिन्धु घाटी सभ्यता किसे कहते हैं ?
उत्तर:
हड़प्पा सभ्यता को सिन्धु घाटी की सभ्यता भी कहते हैं।

(3) हड़प्पा सभ्यता की नगरीय विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
हड़प्पा सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता उसकी – नगर योजना प्रणाली थी। नगर अधिकतर दो अथवा तीन भागों में बँटे थे। सबसे सुरक्षित स्थान किला या दुर्ग कहलाता था। यहाँ उच्च वर्ग का परिवार रहता होगा। मध्यम व निचले भाग में मध्यम वर्ग व निम्न वर्ग का निवास था। इन नगरों में सड़कें पूरी सीधी थीं जो एक-दूसरे को लम्बवत् काटती थीं। हड़प्पा सभ्यता के नगरों में कोठार (अनाज भरने के गोदाम) का महत्वपूर्ण स्थान था।

मोहनजोदड़ो का सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल विशाल स्नानागार है। यह 11 88 मीटर लम्बा, 7.01 मी चौड़ा और 2.43 मीटर गहरा है। इसके दोनों सिरों पर तल तक सीढ़ियाँ बनी हैं। पास में कपड़े बदलने के कक्ष हैं। स्नानागार का फर्श पक्की ईंटों का बना है। पास के एक कमरे में बड़ा-सा कुआँ बना है। सम्भवतः यह स्नानागार किसी धार्मिक अनुष्ठान सम्बन्धी स्नान के लिए बना होगा। इसके अलावा भी हर छोटे-बड़े मकान में आँगन (प्रांगण) और स्नानागार होता था।

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(4) हड़प्पा सभ्यता की जीवनदायिनी नदी का नाम लिखिए।
उत्तर:
सिन्धु नदी।

(5) हड़प्पा सभ्यता की शिल्प व तकनीकी ज्ञान की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
हड़प्पा सभ्यता कांस्य युग की सभ्यता थी। हड़प्पा सभ्यता के लोग कांसा बनाना जानते थे। खुदाई से प्राप्त वस्तुओं के आधार पर पता चलता है कि इस सभ्यता के लोगों ने धातुओं के गलाने, ढालने और सम्मिश्रण की कला में विशेष उन्नति की थी। बर्तन बनाने, खिलौने बनाने और मोहरों के निर्माण में ये लोग पारंगत थे। खुदाई में मिली कांसे की नर्तकी उनकी मूर्तिकला का सुन्दर नमूना है। स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता के लोग शिल्प व तकनीकी ज्ञान में बहुत आगे थे।

(6) जनपद और महाजनपद में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
मनुष्य के बसने का एक क्षेत्र जनपद कहलाता है जबकि बड़े जनपद महाजनपद कहलाते हैं।

(7) 600 ई. पू. में मध्य प्रदेश में कौन-कौन से जनपदथे?
उत्तर:
अवन्ति एवं चेदि।

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(8) वैदिककालीन लोगों के खानपान के बारे में लिखिए।
उत्तर:
वैदिक काल में लोग चावल, गेहूँ के आटे व दालों से बने पकवान खाते थे। दूध, मक्खन, घी, फल, सब्जियाँ, माँस तथा सुरा का प्रयोग भी किया जाता था।

(9) वैदिककाल के प्रारम्भ में औजार किस धातु के बनाये जाते थे ? उत्तर वैदिकल काल में इनमें क्या अन्तर आया था ?
उत्तर:
प्रारम्भ में केवल ताँबे के औजार बनाये जाते थे। उत्तर वैदिक काल में ये लौह धातु से बनने लगे।

(10) श्रेणी किसे कहा जाता था ?
उत्तर:
एक ही पेशे से जुड़े संगठन के लोगों को श्रेणी कहा जाता था।

(11) चन्द्रगुप्त मौर्य से पराजित होने के बाद सेल्युकस ने क्या किया ?
उत्तर:
सेल्युकस ने अपनी पुत्री का विवाह चन्द्रगुप्त मौर्य से कर दिया।

(12) मध्य प्रदेश में किस स्थान पर चार सिंहों वाला अशोक का स्तम्भ मिला है ?
उत्तर:
सांची से।

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(13) सम्राट अशोक उज्जैन में कितने वर्ष रहा ?
उत्तर:
सम्राट अशोक 12 वर्ष उज्जैन में अवन्ति का गवर्नर रहा।

(14) ग्राम शिक्षा समिति के कार्य लिखिए।
उत्तर:
इस समिति का कार्य गाँव में बच्चों की प्रारम्भिक शिक्षा व स्कूल की व्यवस्था करना है।

(15) अनुसूचित जनजाति से आशय लिखिए।
उत्तर:
जनजातियों की अनुसूची प्रत्येक राज्य के संविधान में होने से इन्हें अनुसूचित जनजाति कहते हैं।

(16) राष्ट्रध्वज की लम्बाई और चौड़ाई का अनुपात बताइए?
उत्तर:
3 : 2 अनुपात है।

(17) भारत के राष्ट्रीय पशु का नाम लिखिए।
उत्तर:
बाघ।

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(18) भारत में अधिकांश वर्षा कौन-से महीनों में होती है?
उत्तर:
भारत में अधिकांश वर्षा केवल चार महीनों जून, जुलाई, अगस्त व सितम्बर में होती है।

(19) शीतकाल में भारत के कौन-से राज्य में वर्षा होती है ?
उत्तर:
शीतकाल में भारत के तमिलनाडु राज्य में वर्षा होती है।

(20) भारत के पूर्व एवं पश्चिम दिशा में कौन-कौन से देश हैं ?
उत्तर:
भारत के पूर्व दिशा में बांग्लादेश और म्यांमार तथा पश्चिम दिशा में पाकिस्तान और अफगानिस्तान देश हैं।

(21) भारत की उत्तर दिशा में कौन-सा पर्वत है ?
उत्तर:
भारत की उत्तर दिशा में हिमालय पर्वत है।

प्रश्न II.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए
(1) मगध साम्राज्य का विस्तार किन-किन कारणों से हुआ ? लिखिए।
उत्तर:
मगध साम्राज्य के विस्तार के कारण निम्नलिखित हैं –

  • मगध क्षेत्र की भूमि उपजाऊ थी।
  • मगध क्षेत्र में लोह के पर्याप्त भण्डार थे, इससे सेना को हथियार बनाने में मदद मिली।
  • गंगा नदी में नौकाओं से व्यापार होता था। अत: व्यापारी भी दूर-दूर तक आते-जाते थे।

(2) हड़प्पा सभ्यता से आशय बताते हुए इस सभ्यता के पतन के कारणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
हड़प्पा सभ्यता-सिन्धु घाटी की सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता कहते हैं। यह एक शहरी सभ्यता थी। पतन के कारण-

हड़प्पा के पतन के कारण निम्नलिखित हैं –

  • भूकम्प आने के कारण सम्भवतः सिंधु नदी का मार्ग बदल गया होगा और हड़प्पा सभ्यता के नगर भूस्खलन से जमीन में दब गये होंगे।
  • सम्भवतया आर्यों के आक्रमण ने इस सभ्यता को नष्ट कर दिया होगा।
  • बढ़ते हुए रेगिस्तान के कारण इस सभ्यता का पतन हो गया होगा।
  • सिंधु नदी की बाढ़ से इस सभ्यता का अन्त हो गया होगा।

(3) वैदिक काल के सामाजिक व आर्थिक जीवन का वर्णन करो।
उत्तर:
वैदिक काल में समाज चार वर्गों में बँटा हुआ था –

  • ब्राह्मण
  • क्षत्रिय
  • वैश्य, और
  • शूद्र

वर्ण का आधार कर्म था। ब्राह्मणों का कार्य यज्ञ करना और बालकों को वेद मन्त्रों की शिक्षा देना था। क्षत्रिय शक्तिशाली होने के कारण समाज के वर्गों की रक्षा करते थे। खेती, व्यापार एवं शिल्पकारी वैश्य वर्ग के कार्य थे। शूद्र नीच समझे जाते थे। उनका कार्य अन्य वर्ण के लोगों की सेवा करना था।

वैदिक काल के लोगों का आर्थिक जीवन कृषि, कला, हस्तशिल्प और व्यापार पर केन्द्रित था। खेती के लिए बैलों और साँड़ों का उपयोग किया जाता था। पशुओं में गाय का महत्त्वपूर्ण स्थान था। बर्तन, कपड़ा, धातु के निर्माण का काम मुख्य व्यवसाय थे। दूर-दूर तक व्यापार होता था। उस समय उपयोग किए जाने वाले सिक्कों को निष्क कहते थे।

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(4) मगध साम्राज्य के आर्थिक, राजनैतिक व धार्मिक जीवन पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
आर्थिक जीवन-इस काल में आर्थिक व्यवस्था काफी उन्नत किस्म की थी। गंगा नदी में नौकाओं से व्यापार होता था, अत: बंदरगाहों से व्यापारी काफी दूर-दूर तक व्यापार करने के लिए जाते थे। व्यापारियों से माल की बिक्री पर चुंगी वसूली जाती थी। इस काल के सिक्के पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। ये प्रायः ताँबे तथा चाँदी के होते थे। इन्हें आहत या ठप्पे लगे (पंचमार्क) सिक्के कहा जाता था। राजनैतिक जीवन-इस काल में राजा का पद बहुत शक्तिशाली हो गया था।

वह अपने राज्य का प्रशासन आमात्य (मंत्री), पुरोहित (धर्मगुरु), संग्रहत्री (कोषाध्यक्ष), बलिसाधक (कर वसूलने वाला), शौल्किक (चुंगी वसूलने वाला), सेनापति आदि के द्वारा चलाता था। उसे परामर्श देने के लिए परिषद होती थी जिसके सदस्य ब्राह्मण रहते थे। धार्मिक जीवन-इस काल में धार्मिक कर्मकाण्ड और खर्चीले यज्ञों से लोग विमुख हो रहे थे, लेकिन दो नये धर्मों का उदय हुआ था, इनमें से एक बौद्ध धर्म है और दूसरा जैन धर्म है।

(5) सामुदायिक विकास और जनसहयोग के आपसी सम्बन्ध पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
समुदाय के विकास के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी बहुत महत्त्वपूर्ण है। यह ग्रामीण और शहरी समुदाय दोनों के लिए उपयुक्त है। ऐसा इसलिए आवश्यक है क्योंकि वे अपनी परिस्थितियों से परिचित हैं और स्थानीय जरूरतों को भली-भाँति समझते हैं। यह उनके स्वयं के हित में है कि वे एक साथ मिलकर अपनी समस्याओं का हल निकालें।

जैसे क्षेत्र में पेयजल या शिक्षा या अस्पताल जैसी मूल एवं मानवीय व्यवस्थाएँ नहीं हैं तो वे उसके लिए उचित तथा वैकल्पिक उपाय करें। वे अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझा सकें तथा किसी पर आश्रित न रहें। इस प्रकार लोगों में आत्मनिर्भरता की भावना का विकास होगा।

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(6) भारत को प्राकृतिक विभागों में बाँटिए तथा किसी एक प्राकृतिक विभाग का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उत्तर के विशाल मैदान की विशेषताएँ –

  • उत्तर का विशाल मैदान बहुत उपजाऊ है।
  • इस मैदान में सिन्धु, गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र नदियाँ बहती हैं।
  • यहाँ जनसंख्या अधिक पाई जाती है।
  • इस मैदान के पश्चिम में थार का मरुस्थल है।

भारत को निम्नलिखित पाँच प्राकृतिक भागों में बाँटा जा सकता है –

  • उत्तर का पर्वतीय भाग
  • उत्तर का विशाल मैदान
  • दक्षिण का पठार
  • पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट
  • तटीय मैदान एवं द्वीप समूह।

(7) भारत की जलवायु की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
भारतीय जलवायु की प्रमुख विशेषताएँ –

  • भारत की जलवायु पूर्णतः मानसूनी है।
  • अधिकांश वर्षा मात्र चार माह जून से सितम्बर में होती है।
  • उत्तरी भारत में तापान्तर अधिक तथा दक्षिणी भागों में कम पाया जाता है।
  • भारत में बाढ़ और सूखा एक साथ होता है।
  • वर्षा का वितरण बहुत ही असमान है कहीं बहुत ज्यादा तो कहीं बहुत कम होती है।
  • जलवायु सम्पूर्ण भारतीय जन-जीवन को प्रभावित करती है।
  • देश के भीतरी भागों में महाद्वीप और तटीय भागों में सम जलवायु दशाएँ पाई जाती हैं।

मानसून के पूर्व तथा उसके बाद चक्रवात आते हैं। जाड़े की ऋतु में भी चक्रवात आते हैं। ये चक्रवात वर्षा लाते हैं।

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प्रश्न III.
बहुविकल्पीय प्रश्न –
1. हड़प्पा सभ्यता के लोगों को किस धातु का ज्ञान नहीं था ?
(अ) सोना
(ब) चाँदी
(स) ताँबा
(द) लोहा।
उत्तर:
(द) लोहा।

2. मध्य प्रदेश के किस स्थल की खुदाई से हड़प्पा सभ्यता की मुहर (सील) मिली है ?
(अ) महेश्वर
(ब) नागदा
(स) कुतवार
(द) कायथा।
उत्तर:
(द) कायथा।

3. अवन्ति महाजनपद का शासक था –
(अ) बिम्बिसार
(ब) अजातशत्रु
(स) उदयन
(द) प्रद्योत।
उत्तर:
(द) प्रद्योत।

4. पंचमार्क (ठप्पे लगे सिक्के) का प्रचलन था –
(अ) हड़प्पा काल में
(ब) जनपद व महाजनपद काल में
(स) वैदिक काल में
(द) पाषाण काल में।
उत्तर:
(ब) जनपद व महाजनपद काल में

5. जन, गण, मन …………. है।
(अ) राष्ट्रीय गीत
(ब) राष्ट्रीय गान
(स) प्रादेशिक गीत
(द) राष्ट्रीय प्रतीक।
उत्तर:
(ब) राष्ट्रीय गान

6. भील किस वर्ग में आते हैं ?
(अ) अनुसूचित जाति
(ब) अनुसूचित जनजाति
(स) अन्य पिछड़ा वर्ग
(द) सामान्य।
उत्तर:
(ब) अनुसूचित जनजाति

7. भारत एशिया के किस भाग में स्थित है ?
(अ) पूर्व
(ब) पश्चिम
(स) उत्तर
(द) दक्षिण।
उत्तर:
(द) दक्षिण।

8. भारत के दक्षिण में स्थित है –
(अ) नेपाल
(ब) पाकिस्तान
(स) बांग्लादेश
(द) श्रीलंका।
उत्तर:
(द) श्रीलंका।

9. सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान किस राज्य में स्थित है?
(अ) असम
(ब) मेघालय
(स) अरुणाचल प्रदेश
(द) त्रिपुरा।
उत्तर:
(ब) मेघालय

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प्रश्न IV.
खाली स्थान की पूर्ति कीजिए –
1. सिन्धु घाटी की सभ्यता को ………….. सभ्यता भी कहते
2. हड़प्पा सभ्यता के ताम्राश्म काल को …………. युग भी कहते हैं।
3. अजातशत्रु के बाद मगध की गद्दी पर ………… बैठा।
4. उज्जैन का प्राचीन नाम ………… था।
5. नन्द वंश का संस्थापक ………… था।
6. शिशुनाग ………… प्रदेश का शासक था।
7. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर ………..थे।
8. गौतम बुद्ध के बचपन का नाम ……….. था।
9. ……….. युद्ध के बाद अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ।
10. ‘इंडिका’ पुस्तक के लेखक ………….. हैं।
11. शुंग वंश की स्थापना ………… ने की।
12. क्षेत्रफल की दृष्टि से संसार में भारत का स्थान …………
13. अण्डमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी ………….. है।
14. भारत की जलवायु …………. है।
उत्तर:

  1. हड़प्पा
  2. ताम्र-पाषाण
  3. उदयन
  4. अवन्ति
  5. नन्दिबर्धन
  6. काशी
  7. वर्धमान महावीर
  8. सिद्धार्थ
  9. कलिंग
  10. मैगस्थनीज
  11. पुष्यमित्र शुंग
  12. सातवाँ
  13. पोर्ट ब्लेयर
  14. मानसूनी।

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प्रश्न V.
असमान को अलग करिए –
1. दजला फरात, सिन्धु, नील, कालीबंगा।
2. लोथल, कालीबंगा, धौलाबीरा, भोपाल।
3. ऋषि, श्रेष्ठी, मुखिया, पुलिस।
4. ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय, सुनार।
5. भारत, अवन्ति, मगध, कौशल।
6. काशी, वत्स, अंग, अजातशत्रु।
7. भील, भगोरिया, सहरिया, पिठौरा।
8. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, अगरतला, पंजाब।
9. हिमाद्रि, हिमाचल, अरावली, शिवालिक।
उत्तर:

  1. कालीबंगा
  2. भोपाल
  3. पुलिस
  4. सुनार
  5. भारत
  6. अजातशत्रु
  7. पिठौरा
  8. अगरतला
  9. हिमाचल।

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MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 Aurangzeb and the Decline of the Mughal Empire

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 Aurangzeb and the Decline of the Mughal Empire

MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 Text Book Questions

Choose the correct alternatives:

Question 1.
Aurangzeb ruled for:
(a) 30 years
(b) 40 years
(c) 50 years
(d) 60 years
Answer:
(b) 40 years

Question 2.
The Jats lived near:
(a) Delhi and Agra
(b) Agra and Mathura
(c) Mathura and Bharatpur
(d) Arga and Jhansi
Answer:
(b) Agra and Mathura

Question 3.
The third battle of Panipat was fought in:
(a) 1526 AD
(b) 1556 AD
(c) 1560 AD
(d) 1761 AD
Answer:
(d) 1761 AD

Question 4.
The Indian goods which were in great demand in the European markets were:
(a) Clothes and spices
(b) Clothes and silver
(c) Spices and gems
(d) Spices and horses
Answer:
(a) Clothes and spices

Fill in the blanks:

  1. ……………. and …………. were die Bundela rulers who revolted against Aurangzeb.
  2. Gurudwara Sheshganj was built at the Martyrdom place of ……………
  3. Nadh  Shah invaded India in ………….
  4. Due to Aurangzeb’s policy of …………….. the Mughal administration weakend.

Answer:

  1. Compestral, Chhatrasal
  2. Guru Teg Bahadur
  3. 1739 AD
  4. Deccan

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MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 Short Answer Type Questions

Question 1.
Which taxes were imposed on the Hindus by Aurangzeb?
Answer:
Aurangzeb imposed the Jazia tax on the Hindus.

Question 2.
Who do you know about the Satnamis?
Answer:
Satnamis were the followers of truth. They used to dress like the purohits orpriests. They revolted due to the religious oppression of Aurangzeb. Their main center was Namaul and Mewar. However Aurangzeb suppressed their revolts ruthlessly.

Question 3.
Due to which policy of Aurangzeb his successors remained weak?
Answer:
Due to Aurangzeb’s policy of expansion his successors remained weak. The Mughal Empire was very vast and it was difficult to manage such a vast empire. The incompetent successors were not able to protect it.

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Question 4.
What were the outcomes of the invasions of Nadir shah and Ahmad Shah Abdali?
Answer:
As a result of the invasions of Nadir Shah and Ahmad Shah Abdali the Mughal Empire became weak and remained restricted to Delhi and surrounding area.

MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 Long Answer Type Questions

Question 1.
Describe the causes of the decline of the Mughal Empire.
Answer:
After the death of Aurangzeb in 1707, the Mughal Empire broke up. Its fall had already begun during Aurangzeb’s reign. But during the eighteenth century the fall was nearly complete.

The factors that led to the down-break of the Mughal empire were as follows:
1. Weak and incapable successors:
The successors of Aurangzeb were very weak and incapable. They had no capacity to rule over such a vast empire. They remained puppets in the hands of their subedars and other officers.

2. Wars of succession:
After the death of Aurangzeb war of succession broke out. They reduced the strength of the Kingdom.

3. The Suspicious nature of Aurangzeb and his rigid religious policy:
Aurabgzeb’s nature was very suspicious. Due this nature he could not provide administrative and military training to his sons. As a result they became incapable of managing the empire. His religious policy was based on intolerance. This made the Sikhs, Jats, Satnamis, Rajputs and Marathas his great enemies. They revolted against him.

4. Aurangzeb’s Deccan Policy:
Aurangzeb spent the last 25 years of his life fighting battles in the south. This made the Mughal administration in the north very weak.

5. Luxurious life styles of the Mughal rulers and Aristocrats:
Resulted in the decline of the Mughal Empire.

6. Foreign invasion:
Nadirshah, the ruler of Iran invaded the Mughal Empire in 1739. He looted the wealth about seventy crores of rupees. After his assassination in 1747 AD his general Ahmadshah Abdali, became the ruler and fought third battle of Panipat with Maratha in which Maratha were defeated. Because of these invasions Mughal Empire became weak and remained restricted to Delhi and surrounding areas.

7. Lack of Naval Power:
Neglect of navy proved fatal for the Mughal Empire.

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Project Work:
On an outline map of India mark the extent of the Mughal Empire. Also mark the areas of Bundelas, Jats and Satnamis.
Answer:

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 Aurangzeb and the Decline of the Mughal Empire

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MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 2 The Primitive Man

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 2 The Primitive Man

MP Board Class 6th Social Science Chapter 2 Text Book Exercise

MP Board Class 6th Social Science Short Answer Type Questions

Question 1.
Question (a)
How did the primitive man made their tools?
Answer:
1. In the Paleolithic Age tools were made by simply breaking the stones. In the Mesolithic Age, the tools became lighter and sharper. Hard and strong stones were used in making these tools. The speciality of these stones were that they could be easily chipped and given desired shape.

2. In the beginning tools were made of such stones which were easy to hold in hands. Gradually man learnt the art of making handles of the tools. The power of the tools were increased by fixing wooden butts as handles.

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Question (b)
What different uses of stone tools were made by primitive man?
Answer:
Primitive man used stone tools to hunt animals, to chop meat, to cut wood and to dig up tubers and roots.

Question (c)
Where are rock – paintings found in Madhya Pradesh?
Answer:
In Madhya Pradesh rock-paintings are found in the districts of Raisen, Hoshangabad and Mandsaur.

Question (d)
How did the primitive man protect themselves from animals?
Answer:
The primitive man protected themselves from animals by burning the fire at the entrance of the caves.

Question (e)
How was fire discovered? How did the primitive man benefit from it?
Answer:
It is assumed that the discovery of fire was by accident. When two flint stones were struck against each other, it created sparks which caused leaves to burn. In this way man learnt to light a fire. Fire was very useful to them for light, roasting meat and protection from wild animals.

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Question 2.
Give detailed answer to the following:

Question (a)
Explain the evolution of the primitive man?
Answer:
1. The early human beings could not talk clearly, so they might have used different sounds to convey information. When they saw fruits high up on the trees, they balanced their bodies and stretched their front limbs to pluck the fruits.

2. This way their front limbs became independent which they started using for digging, holding and picking. They started using the back limbs to walk. In this manner they had hands and legs.

3. In this way, changes gradually occurred in the body of human beings. For example, when they stood on their feet, they were able to see far, and to see nearby they turned their neck instead of the whole body.

4. They used their hands to pluck fruits, collect food and eat it. At this time they started sleeping on their back. The ability of thinking was also rapidly developed with the changes in the body. Also, at this time the sounds of laughter and cry became clear.

5. With the continuous changes occurring in human beings, he started thinking about the basic needs like food, protection and shelter.

Evolution of man:

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 2 The Primitive Man img 1

Question (b)
How did primitive man learn agriculture and animal husbandary? Elaborate.
Answer:
1. In India cultivation started 5,000 to 6,000 years ago, growing plants and grain was an important discovery. Now, man had learnt that by putting seeds into the soil and watering the soil, plants would grow. This was the beginning of agriculture. He could grow his own food. So, he started living at one place and settled him as an agriculturist.

2. Along with cultivation man also learnt animal husbandary. He began rearing a number of useful animals. He used them for different tasks:

  1. Use of dogs in hunting.
  2. Use of bullocks in farming.
  3. Cows, goats and buffaloes for milk.
  4. Sheep, bulls and goats for meat.
  5. Horses for riding.

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Question 3
Write notes:

Question (a)
Discovery of fire?
Answer:
1. In the Paleolithic Age tools were made by simply breaking the stones. In the Mesolithic Age, the tools became lighter and sharper. Hard and strong stones were used in making these tools. The speciality of these stones were that they could be easily chipped and given desired shape.

2. In the beginning tools were made of such stones which were easy to hold in hands. Gradually man learnt the art of making handles of the tools. The power of the tools were increased by fixing wooden butts as handles.

Question (b)
Discovery and uses of wheel?
Answer:
Wheel was a very important discovery of the early man. It led to a big advance in the pattern of man’s living. Its discovery made life very much easy in a number of ways. Man now discovered carts which were drawn by animals. People now could travel easily from one place to other. It also helped in movement of objects. It improved the making of pottery.

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 1 The Sources of Knowing History img 2

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 10 नीतिश्लोकाः

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 10 नीतिश्लोकाः (पद्यम्)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 10 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपेदन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) जनपदस्यार्थे कं त्यजत्? (जनपद के लिए किसका त्याग कर देना चाहिए?)
उत्तर:
ग्राम। (ग्राम का)।

(ख) विपदि किम् आवश्यकम्? (विपत्ति में क्या आवश्यक है?)
उत्तर:
धैर्यं। (धैर्य का)।

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(ग) मित्राणि रिपवः च कथं जायन्ते? (मित्र और शत्रु किससे उत्पन्न होते हैं?)
उत्तर:
व्यवहारेण। (व्यवहार द्वारा)।

(घ) सतसङ्गतिः पापं किं करोति? (अच्छी संगति पाप को क्या करती है?)
उत्तर:
अपाकरम्। (दूर करती है)।

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) कस्यार्थे एकं त्यजेत्? (किसके लिए एक का त्याग कर देना चाहिए?)
उत्तर:
कुलस्यार्थे एकं त्येजत्। (कुल के लिए एक का त्याग कर देना चाहिए।)

(ख) सदसि किम् अपेक्षते? (सभा में क्या अच्छा लगता है?)
उत्तर:
सदसि वाक्पटुता अपेक्षते। (सभा में वाणी या चातुर्य अच्छा लगता है।)

(ग) पापात् कः निवारयति? (पाप से निवारण कौन करता है?)
उत्तर:
पापात् सन्मित्रः निवारयति। (पाप से अच्छा मित्र निवारण करता है।)

(घ) धियः जाड्यं का हरतिः? (बुद्धि की जड़ता को कौन दूर करते हैं?)
उत्तर:
धियः जाड्य सतसंगति हरतिः। (बुद्धि की जड़ता अच्छी संगति से दूर होती है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
(क) महात्मनां किं किं प्रकृतिसिद्धं भवति? (महात्मा जन कौन-कौन से कार्यों में सिद्ध होते हैं?)
उत्तर:
महात्मनां विपदि धैर्यम्, अभ्युदये क्षमा, सदसि वाक्पटुता आदयः प्रकृतिसिद्धं भवति। (महात्माजन विपत्ति में धैर्य, अभ्युदय में क्षमा, सभा में वाक्पटुता आदि कार्यों के लिए सिद्ध होते हैं।)

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(ख) बान्धवः कः अस्ति? (बान्धव कौन हैं?)
उत्तर:
उत्सवे व्यसने, दुर्भिक्षे, राष्ट्रविप्लवे, राजद्वारे, श्मशाने च यः तिष्ठति सः बान्धवः अस्ति। (उत्सव में, आपत्ति में, दुर्भिक्ष में, राष्ट्र में विद्रोह होने पर, राज-दरबार और श्मशान में जो साथ देता है वही बन्धु है।)

(ग) सन्मित्रलक्षणं किम्? (अच्छे मित्र का क्या लक्षण है?)
उत्तर:
सन्मित्रलक्षणं पापात् निवारयति, हिताय योजयति, गुह्यं निगृहति, गुणान प्रकटी करोति च। (अच्छा मित्र पाप से रोकता है हित में लगाता है, गुप्त बात को छुपाता है और गुणों को प्रकट करता है।)

(घ) सत्सङ्गतिः पुंसां किं करोति? (अच्छी संगति पुरुष का क्या करती है?)
उत्तर:
सत्सङ्गतिः पुंसां धियः जाड्यं हरति, वाचि सत्यं सिञ्चयति, भावोन्नति दिशति आदयः करोति। (अच्छी संगति पुरुष की जड़ता को दूर करती है, वाणी को सत्य से सींचती है, भावों में उन्नति देती है, इस तरह से अनेक कार्य करती है।)

प्रश्न 4.
रिक्तस्थानानि पूरयत-
(क) व्यवहारेण हि मित्राणि जायन्ते रिपवस्तथा।
(ख) आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत्
(ग) गुह्यं निगृहति गुणान्प्रकटी करोति।
(घ) दिक्षु तनोति कीर्तिम्।।
(ङ) राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति सः बान्धवः।

प्रश्न 5.
युग्ममेलनं कुरुत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 10 नीतिश्लोका img-1

प्रश्न 6.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धवाक्यानां समक्षं ‘न’ इति लिखत-
यथा अभ्यागतः सर्वस्य गुरुः भवति। – (आम्)
दीर्घसूत्रता उत्तमः गुणः – (न)
(क) यत्र सम्मानः न भवति तत्र गन्तव्यम्।
(ख) आलस्यं परिवर्जनीयम्।
(ग) दुर्जने विश्वासः करणीय।
(घ) सत्सङ्गतिः मानोन्नतिं दिशति।
(ङ) सन्मित्रं गुणन्प्रकटीकरोति।
उत्तर:
(क) (न)
(ख) (आम्)
(ग) (न)
(घ) (आम्)
(ङ) (आम्)

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प्रश्न 7.
श्लोकपूर्तिं कुरुत-
(क) षडदोषाः पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता।
निद्रांतन्द्रा भयं क्रोध आलस्यं दीर्घसूत्रता।
(ख) उत्सवे व्यसने चैव, दुर्भिक्षे राष्ट्रविप्लवे।
राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः॥

प्रश्न 8.
सन्धिविच्छेदं कुरुत-
उदाहरणं यथा-
सर्वस्याभ्यागतः सर्वस्य + अभ्यागतः
विद्यागमः विद्या + आगमः
पतिरेकः पतिः + एकः
सन्मित्रम् सत् + मित्रम्
कश्चित् कः + चित्
पापान्निवारयति पापात् + निवारयति।

प्रश्न 9.
उदाहरणानुसारं शब्दानां मूलशब्दं विभक्तिं वचनं च लिखत
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 10 नीतिश्लोका img-2

प्रश्न 10.
निम्नलिखित वाक्यानि शुद्धं कुरुत(क) ते पठति।
(ख) सः गच्छसि।
(ग) त्वं खेलामि।
(घ) यूयं लिखन्ति।
(ङ) अहं वदति।
(च) वयं चलामि।
उत्तर:
(क) ते पठन्ति।
(ख) सः गच्छति।
(ग) त्वं खेलसि।
(घ) यूयं लिखथ।
(ङ) अहं वदामि।
(च) वयं चलामः।

प्रश्न 11.
निम्नलिखितक्रियापदानि भूतकाले परिवर्तयत
उदाहरणम् :
करोति – अकरोत्।
तनोति – अतनोत्।
जहाति – अजहत्।
ददाति – अददत्।
सिञ्चति – असिञ्चत्।
दिशति – अदिशत्।
तिष्ठति – अतिष्ठत्।

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नीतिश्लोकाः पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य :

सव्यवहार की शिक्षा ही नीति है। विद्वानों ने श्लोक के माध्यम से नियम अनुशासन, सदाचार, स्वास्थ्य-रक्षण, समाज-रक्षण, देश-रक्षण की शिक्षा प्रदान किया है। ऐसे श्लोक ही नीति श्लोक कहे जाते हैं। विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए ही यहाँ नीति श्लोक प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

नीतिश्लोकाः पाठ का हिन्दी अर्थ

1. यस्मिन्देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बान्धवः।
न च विद्यागमः कश्चित् तं देशं परिवर्जयेत्॥

शब्दार्थ :
बान्धव-कुटुम्बी जन-Family person; यस्मिन्देशे-जिस देश में-In that country.

हिन्दी अर्थ :
जिस देश में सम्मान न हो, आजीविका का साधन न हो, जहाँ स्वजन न हों और न ही विद्यार्जन की व्यवस्था हो, ऐसे देश का परित्याग कर देना चाहिए।

2. षड्दोषाः पुरुषेणेह हातव्य भूतिमिच्छता।
निद्रा तन्द्रा भयं क्रोध आलस्यं दीर्घसूत्रता॥

शब्दार्य :
षड्दोषा-छह प्रकार के दोष-six types of default; हातव्या-छोड़ देना चाहिए-Should leave; दीर्घसूत्रता-दीर्घसूत्रता-Long theory.

हिन्दी अर्थ :
पुरुष के अपने कल्याण के लिए इस छः दोषों को छोड़ देना चाहिए-निद्रा, अर्धनिद्रा भय, क्रोध, आलस्य एवं किसी भी कार्य को देर से करना।

3. त्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजत्।
ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत्॥

शब्दार्थ :
कुलस्यार्थे-वंश के लिए-Family race; आत्मार्थे-परम तत्त्व के लिए-for great element.

हिन्दी अर्थ :
कुल (खानदान) के लिए एक व्यक्ति का त्याग कर देना चाहिए। गाँव के लिए कुल को त्याग देना चाहिए, जनपद के लिए ग्राम का त्याग कर देना चाहिए। परम तत्त्व की प्राप्ति के लिए संसार का त्याग कर देना चाहिए।

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4. विपदि धैर्यमथाभ्युदये क्षमा,
सदसि बाक्पटुता युधि विक्रमः।
यशास चाभिरुचिर्व्यसनं श्रुतौ,
प्रकृतिसिद्धमिदं हि महात्मनाम्।।

शब्दार्थ:
विपदि-आपत्ति में-In object; अभ्युदये-उन्नति में-In progress; वाक्पटुता-वाणी की चतुरता-Clever of voice; श्रुतौ-वेद शास्त्र-Medical books.

हिन्दी अर्थ :
विपत्ति में धैर्य रखना, अभ्युदय में क्षमा भाव, किसी सभा आदि में वाक्पटुता, युद्ध के समय वीरता, यश में रुचि, वेद-शास्त्र के अध्ययन का व्यसनमहात्माओं की सहज प्रवृत्ति होती है।

5. न कश्चित्कस्यचिन्मित्रं न कश्चित्कस्यचिद्रिपुः।
व्यवहारेण हि मित्राणि जायन्ते रिपवस्तथा॥

शब्दार्थ :
कस्यचित्-किसी का-any other; जायन्ते-हो जाते हैं-to become.

हिन्दी अर्थ :
न कोई किसी का मित्र होता है और न ही कोई किसी का शत्रु। व्यवहार करने पर ही शत्रु एवं मित्र की पहचान हो पाती है।

6. उत्सवे व्यसने चैव दुर्भिक्षे राष्ट्रविप्लवे।
राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः॥

शब्दार्थ :
राष्ट्रविप्लवे-राष्ट्र में विद्रोह होने पर-On the time of civil war; व्यसने-आपत्ति में-in objective; दुर्भिक्ष-अकाल में-in bad time.

हिन्दी अर्थ :
उत्सव में, व्यसन में, अकाल में, राष्ट्र में विद्रोह होने पर राजा के दरबार में और श्मशान यात्रा में जो साथी होता है, वही बंधु कहा जाता है।

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7. दुर्जनः प्रियवादी च नैतद्विश्वासकारणम्।
मधु तिष्ठति जिह्वाग्रे हृदि हालाहलं विषम्॥

शब्दार्थ :
प्रियवादी-प्रिय बोलने वाला-Sweet tongue; जिह्वाग्रे-जिवा के अन्त भाग में-tip of tounge; तिष्ठति-रहता है-Lives; हालाहलं-विष-Position.

हिन्दी अर्थ :
दुर्जन व्यक्ति का प्रिय बोलना विश्वास का कारण नहीं हो सकता क्योंकि ऐसे लोगों की जिहा के अग्रभाग पर मधु होता है किन्तु हृदय में हलाहल विष भरा होता है।

8. पापान्निवारयति योजयते हिताय,
गुहयं निगृहति गुणान्प्रकटी करोति।
आपदगतं च न जहाति ददाति काले,
सन्मित्र लक्षणमिदं प्रवदन्तिं सन्तः।।

शब्दार्थ :
निवारयति-दूर करता है-far always; हिताय-हित के लिए-for benefit; योजयते-जोड़ता है-to connect; निगृहति-छिपाता है-Hidden; प्रकटी करोति-प्रकट करता है-Appears; आपद्गतं-विपत्ति काल में-In bad time; ददाति-देता है-gives; इदं-इस तरह-this types; सन्मित्रलक्षण-अच्छे मित्र के द्वारा-for good friends; प्रवदन्ति-कहते हैं-Says.

हिन्दी अर्थ :
संतों ने सुहृद (अच्छे मित्र) के लक्षण इस प्रकार कहे हैं-जो पापों का निवारण करने वाला हो, जो सर्वदा हित करने वाला हो, गोपनीयता को नष्ट नहीं करता, सदैव सद्गुणों को ही प्रकट करता है, आपत्ति-विपत्ति में साथ नहीं छोड़ता-वही सच्चा मित्र होता है।

9. जाड्यं धियो हरति सिञ्चति वाचि सत्यम्
मानोन्नतिं दिशति पापमपाकरोति।
चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिम्।
सत्सङ्गतिः कथय किन्न करोति पुंसाम्॥

शब्दार्थ :
धियः जाड्यं-बुद्धि की जड़ता को-rust of wisdom; अपाकरोति-दूर करती है-for always; प्रसादयति-प्रसन्न करती है-to happy; सिंचति-सींचती है-to waters; मानोन्नति-मान और उन्नति-honour and development; दिशति-देती है-gives; तनोति-चलाती है-runs; कथन-कहिए-Say; सत्सङ्गति-अच्छी संगति-good company; किं न-क्या नहीं-what is not; करोति-करती है-does.

हिन्दी अर्थ :
सद् संगति मस्तिष्क की जड़ता को दूर करती है, वाणी सत्य का अनुसरण करती है जिससे सम्मान यश मिलता है, उन्नति होती है, पाप नष्ट होता है, मन (सदैव) प्रसन्न रहता है और दिग्-दिगंत तक कीर्ति फैलती है। इस तरह सत्संगति मनुष्य को सब कुछ प्रदान करती है।

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Miscellaneous Questions 2

MP Board Class 7th Social Science Solutions Miscellaneous Questions 2

Choose the correct answer

Question 1.
The founder of the slave dynasty was:
(a) Mohammed Ghori
(b) Ill-tutmish
(c) Qutub-ud-din Aibak
(d) Alauddin Khilji
Answer:
(c) Qutub-ud-din Aibak

Question 2.
The Chariman of the National Human Rights Commission is appointed by:
(a) Prime Minister
(b) President
(c) Governor
(d) Chief Minister
Answer:
(b) President

Question 3.
The first battle of Panipat was fought in:
(a) 1526 AD
(b) 1556 AD
(c) 1529 AD
(d) 1527 AD
Answer:
(a) 1526 AD

Question 4.
The percentage of land area on earth is:
(a) 71%
(b) 72%
(c) 28%
(d) 29%
Answer:
(d) 29%

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Question 5.
Spring tide occurs on:
(a) Fifth day
(b) full moon day
(c) 8th day
(d) 4th day
Answer:
(b) full moon day

Fill in the blanks:

  1. The founder of the Khilji dynasty was ………….
  2. Guru Nanak was bom in ………….. village.
  3. The tenure of the Vice President is …………….. year.
  4. ………….. is used to measure rainfall.
  5. There are …………….number of seasons in India.

Answer:

  1. Alauddin Khilji
  2. Talwandi
  3. Five years
  4. Rain grange
  5. three.

Match column ‘A’with column ‘B’

MP Board Class 7th Social Science Solutions Miscellaneous Questions 2
Answer:
1. (b) Issue of copper coins
2. (c) Riddles-mukris
3. (a) Iqta system
4. (e) Witty, advisor
5. (d) Waves

Answer the following questions in detail:

Question 1.
What are effects of ocean currents on human life?
Answer:
Ocean currents are streams of water flowing constantly in a definite direction at or near the surface of the ocean.
Ocean currents are caused by prevailing or planetary winds. They are also caused by die variation of temperature. The variation of saline water in the sea water causes ocean currents.

The ocean currents influence the climate of the regions such as coastal areas or islands. The warm currents raise the temperature whereas the cold currents reduce the temperature. Due to warm currents the harbors at higher latitudes remain, open through out the jar i. e. The harbors of Norway and Japan. The warm winds blowing over warm currents absorbs a lot of moisture and the nearby areas receive lots of rainfall.

Question 2.
Describe the administrative set up of Shershah.
Answer:
Shershah was an efficient administrator. The interest of the people ranked above everything. He started many reforms in military administration, land revenue etc that was followed by Akbar. Shershah divided his empire into Sarkars, which were again subdivided into parganas.

Officer in charge of sarkars and panganas were periodically transferred. He enforced equal law for justice and introduced a reformed system of currency. The silver coin known as the Rupee which lasted throughout the Mughal period and was maintained by the East India company down to 1835 AD.

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Question 3.
Explain the process of the formation of Vidhan Sablia.
Answer:
The representatives of the Vidhan Sabha are elected in such a way that the seats are proportionately represented. If a person is elected from more than one constituency then he will have to resign from the rest retaining only one seat If there is a controversy about the election of any candidate, then a petition can be filed in the High court. After accepting the petition, the High Court gives its verdict It can also be against the candidate.

A person can appeal to the Supreme Court if the Verdict goes against him. The verdict of the Supreme Court is final.
The term of Vidhan Sabha is 5 years. In a case of emergency, it can be dissolved, Vidhan Sabha has a speaker and a Deputy Speaker. The Speaker conducts the business of the state Vidhan Sabha. The Deputy Speaker discharges duties in the absence of the Speaker.

Question 4.
What are the advantages of Ocean?
Answer:

  • Rain on land – All the rain on land are due to the evaporation of sea water. Rains are useful for vegetation, animal life and human beings.
  • Balance of temperature – Ocean shelp to maintain balance of temperature on land.
  • Means of transport – The international trade is possible because of the oceans and seas, which joins the continents.

Question 5.
Write the main features of the architecture of the Sultanate period.
Answer:

  • The caste rules were strictly followed. The women did not enjoy much freedom and the purdah system became very common.
  • The practice of child marriage, polygamy and sati stystem was prevalent in the society.

MP Board Class 7th Social Science Solutions Miscellaneous Questions 2 Short Answer Type Questions

Question 1.
Explain the market control policy of Alauddin Khilji.
Answer:
Alauddin controlled prices in the market Those traders who did not sell goods at fixed prices or who weighed something less, were given severe punishment.

Question 2.
Write the advantages of tides.
Answer:

  • The tides help in fishing.
  • They increase the depth of the shallow harbors. This helps in bringing ships into the harbors.
  • They increase the depth of estuaries.
  • They keep rivers deep enough so to help ships placed in the rivers.

Question 3.
What is meant by ordinance?
Answer:
Ordinance is the order of the Chief Executive issued at a time when the Legislature is not in session. As soon as the legislature is convened, the ordinance is approved by it. If the legislature does not approve them, they are withdrawn.

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Question 4.
Write about the progress made in the field of architecture during the reign of Shahjahan.
Answer:
Under Shahjahan Mughal architecture reached die climax. He built magnificent buildings, forts, mosques, tombs in Agra, Lahore, Delhi, Kabul, Kandhar, Ajmer, Ahamdabad etc. He built Moti-Masjid, Diwan-e-Aam, Diwan-e-Khas in the Fort at Agra. The most famous building of his time is the Tajmahal. It is made of white marble. It is regarded as jewel in the builder’s art.

Question 5.
Write a short note on cyclonic rains.
Answer:
When the hot and cold air meet, die hot air rises upwards and the cold air rushes to occupy the low-pressure area in the center. As a result there is circular movement which causes the whirling air in the center to rise upwards. This rising air cools down, condenses and brings rains. This type of rainfall is called cyclonic rain.

Question 6.
Explain the main features of Akbar’s Mansabdari system.
Answer:
‘Mansabdari System’ was a special feature of the Mughal rule. By ‘Mansab’ is meant a post or title. Each ‘Mansabdar’ was recognised as big or small as per the number of soldiers under him. It ranged between 10,000 to 50,000 soliders and the emperor could use their armies as per his wishes.

Question 7.
What was the effect of Bhakti movement on the life of the people?
Answer:
Bhakti movement had a great effect on the Indian society. The leaders of this movement used die local language which put great impact on the minds of die common people. This movement helped in arousing consciousness among people. It removed the false notions and bad practices. It also tried to bring the society together by bridging the gap between Hindu and Muslim.

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 22 सूक्तयः

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 22 सूक्तयः

MP Board Class 8th Sanskrit Chapter 22 अभ्यासः

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) कः सर्वत्र पूज्यते? (कौन सब जगह पूजा जाता है?)
उत्तर:
विद्वान्। (विद्वान्)

(ख) कस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता वर्तते? (किसका स्वयं स्वामित्व है?)
उत्तर:
विक्रमार्जितसत्त्वस्य। (पराक्रम के द्वारा अर्जित शक्ति)

(ग) कस्मात् परं सुखं नास्ति? (किससे बढ़कर सुख नहीं है?)
उत्तर:
ज्ञानात्। (ज्ञान से।)

(घ) सर्वत्र धनं किम् अस्ति? (सर्वत्र क्या धन है?)
उत्तर:
शीलम्। (चरित्र।)

(ङ) केषां क्रियासिद्धिः सत्त्वे भवति? (किनकी कार्य की सिद्धि साहस से होती है?)
उत्तर:
महताम्। (महान् लोगों की)

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प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत(एक वाक्य में उत्तर लिखो-)
(क) पूजास्थानं के न भवतः? (पूजा के योग्य कौन नहीं होते हैं?)
उत्तर:
पूजास्थानं लिङ्ग वयः च न भवतः। (पूजा के योग्य लिंग और आयु नहीं होती है।)

(ख) दुर्लभं वचः का? (दुर्लभ वाणी क्या है?)
उत्तर:
हितं मनोहरि च दुर्लभं वचः। (हितकारी और मनोहारी वाणी दुर्लभ है।)

(ग) केषाम् आज्ञा अविचारणीया? (किनकी आज्ञा अविचारणीय है?)
उत्तर:
गुरुणाम् आज्ञा अविचारणीय है। (गुरुओं की आज्ञा अविचारणीय है।)

(घ) किंन अन्विष्यति किंच मृग्यते? (कौन नहीं खोजता है और कौन खोजा जाता है?)
उत्तर:
रत्नं न अन्विष्यति तत् च मृग्यते। (रत्न नहीं खोजता है और वह ही खोजा जाता है।)

(ङ) महतां क्रियासिद्धिः कुत्रं भवति? कुत्र न भवति? (महान् लोगों की क्रिया की सिद्धि कहाँ होती है? कहाँ नहीं होती है?)
उत्तर:
महतां क्रियासिद्धिः सत्त्वे भवति, उपकरणे न। (महान् लोगों की क्रिया की सिद्धि साहस से होती है, साधनों से नहीं होती है।)

प्रश्न 3.
रिक्तस्थानानि पूरयत (रिक्त स्थान भरो-)
(क) ……….. एकरूपता।
(ख) ………. सर्वत्र पूज्यते।
(ग) नास्ति ……… परं सुखम्।
(घ) गुणाः पूजास्थानं गुणिषु न च ……… न च ………।
(ङ) ……….. सर्वत्र वै धनम्।
उत्तर:
(क) महताम्
(ख) विद्वान्
(ग) ज्ञानात्
(घ) लिङ्गम्, वयः
(ङ) शीलम्।

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प्रश्न 4.
विलोमपदानि पाठात् चित्त्वा लिखत- (विलोम शब्द पाठ से चुनकर लिखो-)
(क) एकत्र
(ख) दोषः
(ग) अस्ति
(घ) अनेकरूपता
(ङ) दुःखम्।
उत्तर:
(क) सर्वत्र
(ख) गुणः
(ग) नास्ति
(घ) एकरूपता
(ङ) सुखम्।।

प्रश्न 5.
उचितमेलनं कुरुत(उचित मिलान करो-)
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 22 सूक्तयः 1
उत्तर:
(क) → (iii)
(ख) → (v)
(ग) → (iv)
(घ) → (ii)
(ङ) → (i)

प्रश्न 6.
शुद्धवाक्यानां, समक्षम् “आम्” अशुद्धवाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत
(शुद्ध वाक्यों के सामने “आम्” (हाँ) और अशुद्ध वाक्यों के सामने “न” (नहीं) लिखो-)
(क) हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः।
(ख) विद्वान सर्वत्र न पूज्यते।
(ग) गुणाः पूजास्थानम्।
(घ) रत्नम् अन्विष्यति न मृग्यते।
(ङ) विक्रमार्जितसत्त्वस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) न
(ग) आम्
(घ) न
(ङ) आम्।

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प्रश्न 7.
संस्कृतवाक्येषु प्रयोगं कुरुत(संस्कृत वाक्यों में प्रयोग करो-)
(क) सर्वत्र
(ख) दुर्लभम्
(ग) मृग्यते
(घ) ज्ञानात
(ङ) एव।
उत्तर:
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 22 सूक्तयः 2

प्रश्न 8.
रेखाङ्कितम् पदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत(रेखांकित शब्द के आधार पर प्रश्न निर्माण करो-)
(क) विद्वान् सर्वत्र पूज्यते। (विद्वान सभी जगह पूजे जाते हैं।)
उत्तर:
कः सर्वत्र पूज्यते? (कौन सभी जगह पूजे जाते हैं?)

(ख) गुणाः पूजास्थानम्? (गुण पूजा के योग्य हैं।)
उत्तर:
के पूजास्थानम्? (कौन पूजा के योग्य हैं?)

(ग) आज्ञा गुरुणां ह्यविचारणीया। (गुरुओं की आज्ञा अविचारणीय है।)
उत्तर:
आज्ञा केषाम् ह्यविचारणीया? (किनकी आज्ञा अविचारणीय है?)

(घ) नास्ति ज्ञानात् परं सुखम्। (ज्ञान से बढ़कर सुख नहीं है।)
उत्तर:
नास्ति कस्मात् परं सुखम्? (किससे बढ़कर सुख नहीं है?)

(ङ) क्रियासिद्धि सत्त्वे भवति। (कार्य की सिद्धिः साहस से होती है।)
उत्तर:
किम् सत्त्वे भवति?(क्या साहस से होती है?)

(साधकों के अनुभव से निकली वाणी उक्ति या सूक्ति हो जाती है। यहाँ युक्ति की अपेक्षा जीवन के अनुभव का महत्त्व है। सूक्ति के सुनने के बाद ही कहने वाला और सुनने वाला सूक्ति के तत्व को समान रूप से अनुभव करता है। सूक्ति जीवन के सार को संक्षेप में प्रस्तुत करती है।)

सूक्तयः हिन्दी अनुवाद

(1) विद्वान सर्वत्र पूज्यते।
अनुवाद :
विद्वान् सब जगह पूजा जाता है?

व्याख्या :
कोई मूर्ख व्यक्ति है तो उसका सम्मान अपने घर तक ही होता है। कोई धनी व्यक्ति है तो उसकी सीमा अपने गाँव तक ही है अर्थात् उसका सम्मान अपने गाँव तक ही होता है। कोई राजा है तो उसकी पूजा (सम्मान) अपने देश में ही होती है, परन्तु यदि कोई विद्वान् है तो उसका सम्मान अपने घर, गाँव एवं देश में ही नहीं होता बल्कि सारे संसार में होता है।

(2) महतामेकरूपता।
अनुवाद :
महान् व्यक्ति एक समान रहते हैं।

व्याख्या :
महान् व्यक्ति चाहे सुख हो या दुःख हो एक समान ही रहते हैं क्योंकि सुख-दुःख तो आते-जाते रहते हैं इसलिए वे अपने स्वभाव को परिवर्तित नहीं करते। महान् लोग जैसा सोचते हैं वैसा ही बोलते हैं और जैसा बोलते हैं वैसा ही करते हैं। उनकी कथनी और करनी में एक समानता रहती है। जैसे सूर्य उगते समय भी लाल होता है और अस्त होते समय भी लाल होता है। वैसे ही महान लोग भी सर्वदा एक समान रहते हैं।

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(3) शीलम् सर्वत्र वै धनम्।
अनुवाद :
चरित्र (या स्वभाव) सब जगह धन है।

व्याख्या :
विदेश जाने पर विद्या ही धन होता है। विपत्ति आने पर बुद्धि ही धन होती है। मृत्यु के पश्चात् परलोक जाने पर धर्म ही धन होता है। परन्तु विचित्र सब जगह धन है। इसलिए चरित्र की रक्षा करनी चाहिए। धन का क्या है, आता है और चला जाता है। व्यक्ति धन से क्षीण है तो वह क्षीण नहीं कहलाता परन्तु चरित्र से गिरने पर उसका सब तरफ से पतन हो जाता है।

(4) नास्ति ज्ञानाम् परं सुखम्।
अनुवाद :
ज्ञान से बढ़कर सुख नहीं है।

व्याख्या :
संसार में सब वस्तुएँ नश्वर हैं, वे एक समय आने पर स्वयं ही नष्ट हो जाती हैं। केवल ईश्वर ही सत्य सनातन है। जब मनुष्य को यह ज्ञान हो जाता है तो भौतिक सुखों से उसकी अनासक्ति हो जाती है। इसलिए कहते हैं कि ज्ञान से बढ़कर सुख नहीं है।

(5) आज्ञा गुरूणां ह्यविचारणीया।
अनुवाद :
गुरु की आज्ञा को सोचना नहीं चाहिए।

व्याख्या :
गुरु सर्वदा शिष्य का कल्याण ही देखते हैं। गुरु कुम्हार के समान एवं घड़े के समान होता है। गुरु ही शिष्य के भविष्य का निर्माण करते हैं। इसलिए गुरु जो भी आज्ञा दे चाहे वह उस समय अच्छी हो या बुरी उसके बारे में नहीं सोचना चाहिए क्योंकि उसका परिणाम निश्चित रूप से अच्छा ही निकलेगा। अतः गुरु की आज्ञा पर भले-बुरे का विचार नहीं करना चाहिए।

(6) हितम् मनोहारि च दुर्लभ वचः।
अनुवाद :
हितकारी और मनोहर वचन दुर्लभ होता है।

व्याख्या :
हितकारी (कल्याणकारी) और मनोहारी (मन को अच्छी लगने वाली) बातें संसार में बहुत ही कम होती हैं। क्योंकि सत्य कड़वा होता है और असत्य मीठा होता है। जो अच्छी भी लगे और कल्याणकारी भी हो, ऐसा दुर्लभ है। अतः मनुष्य को हितकारी बातों पर ध्यान देना चाहिए, चाहे वह अप्रिय ही क्यों न हों।

(7) क्रियासिद्धिः सत्त्वे भवति महतां नोपकरणे।
अनुवाद :
महान लोगों के कार्य साहस से पूर्ण होते हैं, साधनों से नहीं।

व्याख्या :
महान् लोगों के किसी भी कार्य की सिद्धि साहस। से होती है, साधनों के होने पर नहीं। साधन तो सहायक होते हैं, | कार्य पूर्ण करने के लिए साहस परम आवश्यक है। जैसे श्रीराम
ने अल्प साधन होते हुए भी साहस से लंका पर विजय प्राप्त की।

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(8) गुणा पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्ग न च वयः।।
अनुवाद :
गुण पूजा के योग्य होते हैं, गुणियों में लिंग और अवस्था की अपेक्षा नहीं होती।

व्याख्या :
गुणों का सर्वदा आदर होता है, वह गुणी के किसी भी लिंग (पुरुष या स्त्री) या आयु (बचपन या वृद्धावस्था) के होने पर कोई प्रभाव नहीं डालते। अर्थात् गुणी व्यक्ति स्त्री या पुरुष हो अथवा किसी भी आयु का हो, उसका सर्वदा सम्मान होता है।

(9) न रत्नमन्विष्यति मृग्यते हि तत्।
अनुवाद :
रत्न किसी को खोजने नहीं जाता अपितु वह। स्वयं खोजा जाता है।

व्याख्या :
मनुष्य में यदि गुण हों तो उसे प्रकट करने की। आवश्यकता नहीं होती, गुणों के पारखी लोगों द्वारा वे स्वयं ही पहचान लिए जाते हैं। रत्न कभी अपने ग्राहक को खोजने के के लिए नहीं जाता बल्कि ग्राहक ही उसे खोजता हुआ आ जाता है। उदाहरण के लिए कुँआ प्यासे को नहीं खोजता बल्कि प्यासा ही कुँए को खोजता है।

(10) विक्रमार्जितसत्त्वस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता।
अनुवाद :
पराक्रम के द्वारा अर्जित शक्ति से स्वयं ही। स्वामित्व आता है।

व्याख्या :
मनुष्य में पराक्रम के द्वारा अर्जित शक्ति से स्वयं ही स्वामित्व (शासन) करने की क्षमता आती है। उदाहरण के लिए। जंगल में सिंह का सभी जानवर मिलकर राज्याभिषेक नहीं करते बल्कि सिंह अपने पराक्रम की शक्ति से जंगल पर राज करता है।

सूक्तयः शब्दार्थाः

एकरूपता सब को एक भाव से मानना। मृगेन्द्रता=सिंह का आधिपत्य/पशुओं का स्वामित्व। वाणी = वचन। ह्यविचारणीया = विचार करने योग्य नहीं। क्रियासिद्धिः = कार्य की सिद्धि। अन्विष्यति = ढूँढेगा। पूजास्थानम् = पूजा योग्य/आदर योग्य/पूजा का स्थान। मृग्यते = ढूँढता है। वयः = अवस्था/आयु। लिङ्गम् = पुरुष/स्त्री (पुल्लिङ्ग/स्त्रीलिङ्ग)। विक्रमार्जितसत्त्वस्य = पराक्रम द्वारा प्राप्त किये हुए स्वामित्व का। लिङ्गम् = पुरुष/स्त्री पुल्लिङ्ग/स्त्रीलिङ्ग)।

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