MP Board Class 12th Special Hindi गद्य साहित्य की विभिन्न विधाएँ

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MP Board Class 12th Special Hindi गद्य साहित्य की विभिन्न विधाएँ

गद्य वह वाक्यबद्ध विचारात्मक रचना है, जिसमें हमारी चेष्टाएँ, हमारी कल्पनाएँ, हमारे मनोभाव और हमारी चिन्तनशील मनःस्थितियाँ सरलतापूर्वक अभिव्यक्त की जा सकती हैं। वास्तव में आधुनिक युग गद्य साहित्य के विकास का युग है। अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होने के कारण गद्य साहित्य अपनी विभिन्न विधाओं के माध्यम से वर्तमान युग में अत्यधिक लोकप्रिय होता जा रहा है।

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गद्य की विभिन्न विधाएँ

गद्य साहित्य की विभिन्न विधाओं को निम्नलिखित दो श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है
(1) गद्य की प्रमुख विधाएँ इसके अन्तर्गत निबन्ध,कहानी,नाटक, एकांकी एवं उपन्यास जैसी लोकप्रिय विधाएँ आती हैं।
(2) गद्य की लघु विधाएँ – हिन्दी गद्य ने पुराने रूपों में परिवर्तन कर नए रूपों को अपनाया, जिनमें रिपोर्ताज, संस्मरण, जीवनी, आत्मकथा, आलोचना, रेखाचित्र, यात्रावृत्त (यात्रा साहित्य), गद्य – काव्य, भेटवार्ता,डायरी एवं पत्र – साहित्य जैसी विधाएँ सम्मिलित हैं।

गद्य की प्रमुख विधाएँ

1. निबन्ध

हिन्दी गद्य साहित्य में निबन्ध एक महत्त्वपूर्ण विधा है। हिन्दी में निबन्ध का आविर्भाव आधुनिक युग में ही हुआ। हिन्दी निबन्ध साहित्य के विकास को निम्नलिखित चार वर्गों में विभाजित किया गया है –
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1. भारतेन्दु युग (1850 – 1900)
भारतेन्दुयुगीन निबन्धों की सामान्य विशेषताएं इस प्रकार हैं –
(1) इतिहास, धर्म,समाज, राजनीति, आलोचना, यात्रा, प्रकृति वर्णन, आत्मचरित, व्यंग्य – विनोद आदि विषयों पर लिखा गया।
(2) इस युग में राजनीति और समाज – सुधार के निबन्ध अधिक लिखे गये।
(3) प्रायः व्यंग्यात्मक शैली के सहारे कटु सत्य का वर्णन किया गया।
(4) कहावतों और मुहावरों का अधिक प्रयोग हुआ।
(5) गम्भीर विषयों को भी इस युग के लेखकों ने सरल, सुबोध एवं मनोरंजक शैली में प्रस्तुत किया।
(6) इनके निबन्ध शुष्क वैज्ञानिक नहीं, वरन् आदर्श साहित्यिक निबन्ध हैं।
(7) इन निबन्धों में ज्ञानवर्द्धन और रसानुभूति दोनों विद्यमान हैं।
(8) लोक प्रचलित शब्दों का प्रयोग है।

प्रमुख रचनाकार – भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, बालकृष्ण भट्ट, बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन, प्रतापनारायण मिश्र, बालमुकुन्द गुप्त, राधाचरण गोस्वामी आदि उल्लेखनीय एवं प्रमुख नाम हैं।

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के निबन्ध – कश्मीर कुसुम’, ‘उदय – पुरोदय’, ‘कालचक्र’, ‘बादशाह दर्पण’, ‘स्वर्ग में विचार सभा का अधिवेशन’, ‘वैष्णवता’ और ‘भारतवर्ष’ हैं। इनमें ऐतिहासिक, धार्मिक एवं राजनीतिक समस्याओं के साथ व्यंग्य और आलोचना भी हैं।

बालकृष्ण भट्ट ने “हिन्दी प्रदीप’ पत्रिका में वर्णनात्मक, भावात्मक, विवरणात्मक और विचारात्मक सभी प्रकार के निबन्ध समाविष्ट किये। ‘मेला ठेला’, वकील’, सहानुभूति’,’आशा’, ‘खटका’, ‘इंगलिश पढ़े तो बाबू होय’, ‘माधुर्य’, ‘शब्द की आकर्षण शक्ति’, ‘आत्म – निर्भरता’, ‘रोटी तो किसी भाँति कमा खाय मुछन्दर’, भट्टजी के निबन्ध हैं, जिनमें विचारों की मौलिकता, विषय की व्यापकता,शैली की रोचकता आदि गुण हैं।

प्रतापनारायण मिश्र ने ‘ब्राह्मण’ पत्रिका का सम्पादन किया और अनेक निबन्ध लिखे। भौं. दाँत,पेट, मुच्छ,नाक आदि पर विनोदपूर्ण निबन्ध लिखे। ‘बुद्ध’, प्रताप’,’चरित’,’दान’, ‘जुआ, ‘अपव्यय’, ‘नास्तिक’, ‘ईश्वर की मूर्ति’, ‘शिवमूर्ति’, ‘सोने का डण्डा’,’मनोवेग’, ‘समझदार की मौत’ आदि विचारात्मक निबन्ध लिखे। इनके निबन्धों में मुहावरों का प्रयोग अत्यधिक मात्रा में हुआ है।

बदरीनारायण ‘प्रेमघन’ ने दो पत्रों का सम्पादन किया – ‘आनन्द कादम्बिनी’ और ‘नागरी – नीरद’। इनके प्रमुख निबन्ध हैं – ‘हिन्दी भाषा का विकास’, ‘उत्साह – आलम्बन’, ‘परिपूर्ण – प्रवास’। इनकी भाषा में आलंकारिकता और चमत्कार के दर्शन होते हैं।

बालमुकुन्द गुप्त और राधाचरण गोस्वामी भारतेन्दु युग और द्विवेदी युग के बीच की कड़ी थे। गुप्तजी ‘शिवशम्भु’ उपनाम से लिखते थे। ‘शिवशम्भु का चिट्ठा’ में उनके अनेक प्रसिद्ध निबन्ध संग्रहीत हैं। गोस्वामीजी का ‘यमपुर का चिह्न’ हास्य – व्यंग्य का काल्पनिक लेख है।
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2. द्विवेदी युग (1900 – 1920)
इस युग का प्रारम्भ महावीर प्रसाद द्विवेदी ने ‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक के रूप में किया। कवि और कविता’, ‘प्रतिभा’,’कविता’, ‘साहित्य की महत्ता’, ‘क्रोध आदि रोचक निबन्धों की रचना आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने की।

इस यग के प्रमख निबन्धकार थे – माधव प्रसाद मिश्र गोविन्दनारायण मिश्र श्यामसुन्दर दास, पदमसिंह शर्मा, अध्यापक पूर्णसिंह एवं चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’। माधवप्रसाद मिश्र के निबन्ध ‘धृति’ और ‘सत्य’ गम्भीर शैली के निबन्ध हैं। गोविन्दनारायण मिश्र की शैली आलंकारिक थी। श्यामसुन्दर दास ने आलोचनात्मक निबन्ध लिखे। ‘भारतीय साहित्य की विशेषताएँ’, ‘समाज और साहित्य’, ‘हमारे साहित्योदय की प्राचीन कथा’, ‘कर्त्तव्य और सत्यता’, आदि उनके प्रसिद्ध निबन्ध हैं। पदमसिंह शर्मा के दो निबन्ध संकलन प्रकाशित हुए ‘पद्म पराग’ और ‘प्रबन्ध मंजरी’। इनमें महापुरुषों का जीवन – चित्रण, समकालीन व्यक्तियों के संस्मरण, श्रद्धांजलि एवं साहित्य समीक्षा आदि विषय संग्रहीत हैं।

अध्यापक पूर्णसिंह और चन्द्रधर शर्मा गुलेरीजी की विशिष्ट शैली थी। इन दोनों ने कम निबन्ध लिखे,पर उनमें प्राचीन और नवीन का समन्वय था। ‘आचरण की सभ्यता’ और ‘कछुआ धर्म’ क्रमशः पूर्णसिंह और गुलेरीजी के प्रसिद्ध निबन्ध हैं।

द्विवेदी युग के निबन्धकारों ने विचार – प्रधान निबन्ध लिखे। ये निबन्ध मौलिकता लिये हुए नवीन विषयों पर थे और गम्भीर निबन्धों की कोटि में आते हैं।
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3. शुक्ल युग (1920 – 1940)
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के नाम पर यह युग ‘शुक्ल युग’ कहलाया। गद्य के क्षेत्र में निबन्ध की विधा में सबसे अधिक समृद्धि शुक्लजी ने ही की।

‘चिन्तामणि’ में शुक्लजी के प्रौढ़तम निबन्ध संग्रहीत हैं। उनके निबन्ध साहित्यिक और आलोचनात्मक हैं। ‘साधारणीकरण’, ‘व्यक्ति वैचित्र्यवाद’, ‘रसात्मक बोध के विविध रूप’, ‘काव्य में लोकमंगल की साधनावस्था’ आदि अनेक चिन्तापूर्ण एवं मौलिक विचारों वाले निबन्ध हैं।

शुक्ल युग के अन्य निबन्धकारों में डॉ. गुलाबराय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, माखनलाल चतुर्वेदी, डॉ. रघुवीर सिंह, वियोगी हरि, रायकृष्ण दास, वासुदेवशरण अग्रवाल, शान्तिप्रिय द्विवेदी के नाम उल्लेखनीय हैं।

गुलाबरायजी के अनेक निबन्ध संग्रह हैं। ‘फिर निराश क्यों?’, ‘मेरी असफलताएँ’,’मेरे निबन्ध’ आदि। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के निबन्ध हैं—’उत्सव’, रामलाल पण्डित’, समाज सेवा’, ‘विज्ञान’ आदि। डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल ने सांस्कृतिक विरासत और संस्कृत साहित्य पर निबन्ध लिखे। डॉ. रघुवीर सिंह ने इतिहास पर निबन्ध लिखे। ‘ताज’, ‘फतेहपुर सीकरी’ उनके प्रसिद्ध निबन्ध हैं।

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इस युग में साहित्य,मनोविज्ञान, संस्कृति, इतिहास जैसे गम्भीर विषयों पर प्रचुर संख्या में उच्चकोटि के निबन्धों की रचना हुई। इन निबन्धों की भाषा गम्भीर और क्लिष्ट है तथा तत्सम शब्दों का अधिक प्रयोग हुआ है।
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4. शुक्लोत्तर युग (1940 से अब तक)
इस युग के निबन्धकारों में आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी, नन्ददुलारे वाजपेयी, वासुदेवशरण अग्रवाल, शान्तिप्रिय द्विवेदी, डॉ. नगेन्द्र, जैनेन्द्र कुमार, डॉ. विनयमोहन शर्मा, प्रभाकर माचवे,रामवृक्ष बेनीपुरी, रामधारीसिंह ‘दिनकर’, शिवदान सिंह चौहान, प्रकाशचन्द्र गुप्त, देवेन्द्र सत्यार्थी, कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’, डॉ. भगवतशरण उपाध्याय, डॉ. भगीरथ मिश्र, डॉ. रामविलास शर्मा, धर्मवीर भारती, विद्यानिवास मिश्च एवं अज्ञेय प्रमुख हैं।

इस युग के निबन्धकारों में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का स्थान प्रमुख है। उनके निबन्ध संग्रह, अशोक के फूल’,’आलोक पर्व’, ‘कल्पलता’,’विचार और वितर्क’, विचार प्रवाह’, कुटज’ आदि हैं। इनका विषय क्षेत्र अत्यन्त व्यापक है तथा उनमें चिन्तन की गहराई और विचारों की सघनता मिलती है। अधिकांश निबन्ध ललित या कलात्मक निबन्धों की कोटि में आते हैं।

आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी ने मूलतः आलोचनात्मक निबन्ध लिखे हैं। उनके निबन्ध संग्रह हैं – ‘हिन्दी साहित्य बीसवीं सदी’, आधुनिक साहित्य’, ‘नया साहित्य : नये प्रश्न’।

इस युग के निबन्धकारों ने भावात्मक एवं आत्मपरक निबन्ध लिखे जिनमें विषय – वस्तु की विविधता सन्निहित थी। शैली विचारात्मक, भावात्मक एवं समीक्षात्मक रही।
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अन्य निबन्धकार और उनकी रचनाएँ
(1) शान्तिप्रिय द्विवेदी – ‘जीवनयात्रा’, ‘साहित्यिक’, ‘हमारे साहित्य निर्माता’, ‘कवि और काव्य’, ‘संचारिणी’, ‘युग और साहित्य’,’सामयिकी’ आदि।
(2) डॉ. नगेन्द्र – विचार और विवेचना’, ‘विचार और अनुभूति’, ‘कामायनी के अध्ययन की समस्याएँ।
(3) जैनेन्द्र कुमार – ‘जड़ की बात’, ‘जैनेन्द्र के विचार’, ‘साहित्य का श्रेय और प्रेय’, ‘प्रस्तुत दर्शन’, ‘सोच – विचार’, मन्थन’।
(4) डॉ. विनयमोहन शर्मा – ‘साहित्यावलोकन’, ‘दृष्टिकोण’, ‘कलाकार और सौन्दर्य बोध’।
(5) प्रकाश चन्द्रगुप्त ‘नया हिन्दी साहित्य एक भूमिका’, साहित्यधारा’।
(6) शिवदानसिंह चौहान – साहित्यानुशीलन’ और ‘आलोचना के मान’।
(7) डॉ. भगवतशरण उपाध्याय – भारत की संस्कृति का सामाजिक विश्लेषण’, ‘इतिहास के पृष्ठों पर’,’खून के धब्बे’, सांस्कृतिक निबन्ध।
(8) रामधारीसिंह ‘दिनकर’ – ‘मिट्टी की ओर’, अर्द्धनारीश्वर’,रती के फूल’।
(9) रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें’, ‘गेहूँ और गुलाब’।
(10) अज्ञेय’त्रिशंकु’।
(11) प्रभाकर माचवे – ‘मुँह’, ‘गला’, ‘गाली’, ‘बिल्ली’, मकान’।
(12) देवेन्द्र सत्यार्थी – ‘एक युग एक प्रतीक’, रेखाएँ बोल उठी’, ‘क्या गोरी क्या साँवरी’, कला के हस्ताक्षर।
(13) कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ – ‘जिन्दगी मुस्करायी’, ‘बाजे पायलिया के घुघरू’, ‘दीप जले शंख बजे’,’क्षण बोले कण मुस्कराये।
(14) डॉ. विद्यानिवास मिश्र – तुम चन्दन हम पानी’।
(15) हरवंशराय बच्चन’ ने ‘क्या भूलूँ, क्या याद करूँ’ आदि चार खण्डों में जीवन के मर्मस्पर्शी संस्मरण प्रस्तुत किए हैं।

2. कहानी

कहानी का शाब्दिक अर्थ है, कहना। जो कुछ भी कहा जाय, कहानी है; किन्तु विशिष्ट अर्थ में किसी रोचक घटना का वर्णन कहानी है। कहानी के अनिवार्य लक्षण हैं –
(1) गद्य में रचित होना।
(2) मनोरंजक या कौतूहलवर्द्धक होना।
(3) अन्त में किसी चमत्कारपूर्ण घटना की योजना।

हिन्दी गद्य में कहानी शीर्षक से प्रकाशित होने वाली रचना है – रानी केतकी की कहानी’ जो 1803 में लिखी गयी। इसके बाद राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिन्द’ की ‘राजा भोज का सपना’, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का अद्भुत अपूर्व स्वप्न’ है।

‘सरस्वती’ नामक पत्रिका में कहानी का विकास – क्रम इस प्रकार दिया गया है :
(1) ‘इन्दुमती’ – किशोरीलाल गोस्वामी (1900 ई)।
(2) ‘गुलबहार – किशोरी लाल गोस्वामी (1902 ई)।
(3) ‘प्लेग की चुडैल’ – मास्टर भगवान दास (1902)।
(4) ग्यारह वर्ष का समय’ – आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (1903)।
(5) ‘पण्डित और पण्डितानी’ – गिरिजादत्त वाजपेयी (1903)।
(6) ‘दुलाईवाली’ – बंग महिला (1907)।

ये सभी कहानियाँ ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हुईं। इस प्रकार प्रथम कहानीकार किशोरीलाल गोस्वामी सिद्ध होते हैं।

(1) प्रथम युग – इसके बाद हिन्दी में अनेक उच्चकोटि के कहानीकारों ने कहानियाँ लिखीं। जयशंकर प्रसाद,प्रेमचन्द, चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’,विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक’, सुदर्शन ‘पाण्डेय, बेचन शर्मा ‘उग्र’, आचार्य चतुरसेन शास्त्री आदि।

जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘ग्राम’ सन् 1909 ई. में प्रकाशित हुई। इसके बाद इनके अनेक कहानी संग्रह प्रकाशित हुए –
(1) ‘छाया’,
(2) ‘प्रतिध्वनि’,
(3) ‘आकाशदीप’,
(4) ‘आँधी’,
(5) ‘इन्द्रजाल’।

प्रेमचन्द द्वारा रचित कहानियों की संख्या तीन सौ से अधिक है,जो ‘मानसरोवर’ नामक ग्रन्थ के आठ भागों में संग्रहीत हैं। उनके कुछ स्फुट संग्रह – ‘सप्त सरोज’, ‘नवनिधि’, ‘प्रेम पच्चीसी’, ‘प्रेम पूर्णिमा’, ‘प्रेम द्वादसी’, ‘प्रेम तीर्थ’, ‘सप्त सुमन’ हैं। उनकी पहली कहानी ‘पंच परमेश्वर 1916 में प्रकाशित हुई थी। उनकी प्रसिद्ध कहानियाँ हैं –
(1) ‘आत्माराम’,
(2) ‘बड़े घर की बेटी’,
(3) ‘शतरंज के खिलाड़ी’,
(4) ‘वज्रपात’,
(5) ‘रानी सारन्धा’,
(6) ‘अलग्योझा’,
(7) ‘ईदगाह’,
(8) ‘कफन’,
(9) ‘पूस की रात’।

चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ ने केवल तीन कहानियाँ लिखी और अमर हो गये। उनकी प्रथम कहानी ‘उसने कहा था’ (1915) में प्रकाशित हुई थी,उनकी अन्य दो कहानियाँ
(1) ‘सुखमय जीवन’ और
(2) ‘बुद्धू का काँटा’ हैं।

विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ ने पहली कहानी ‘रक्षाबन्धन’ 1913 में लिखी। उनकी लगभग 300 कहानियाँ इन दो कहानी संग्रहों में संग्रहीत हैं—
(1) ‘कल्प – मन्दिर’ और
(2) ‘चित्रशाला’।

बद्रीनाथ भट्ट ‘सुदर्शन’ ने पहली कहानी ‘हार की जीत’ 1920 में लिखी। उनके कहानी संग्रह इस प्रकार हैं –
(1) ‘सुदर्शन सुधा’,
(2) सुदर्शन सुमन’,
(3) ‘तीर्थ – यात्रा’,
(4) ‘पुष्पलता’,
(5) ‘गल्प मंजरी’,
(6) ‘सुप्रभात’,
(7) ‘झरोखा’,
(8) ‘चार कहानियाँ’,
(9) ‘नगीना’,
(10) ‘पंचवटी’।

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आचार्य चतुरसेन शास्त्री के कहानी संग्रह हैं—
(1) ‘रजकण’,
(2) अक्षत’,
(3) ‘ककड़ी की कीमत’,
(4) ‘भिक्षुराज’,
(5) ‘दे खुदा की राह पर’,
(6) ‘दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी’।

(2) द्वितीय युग – हिन्दी कहानी का द्वितीय युग जैनेन्द्र कुमार से प्रारम्भ होता है। उनकी कहानियों के संग्रह हैं –
(1) ‘वातायन’,
(2) स्पर्धा’,
(3) ‘फाँसी’,
(4) पाजेब’,
(5) ‘वयःसन्धि’,
(6) “एक रात’,
(7) ‘दो चिड़ियाँ।

वृन्दावनलाल वर्मा, गोविन्दबल्लभ पन्त, सियारामशरण गुप्त और हृदयेश भी इस युग के अच्छे कहानीकार हैं। वृन्दावनलाल वर्मा की कहानियाँ कलाकार का दण्ड’ नामक शीर्षक संग्रह में प्रकाशित हैं।

(3) तृतीय युग – हिन्दी कहानी के तीसरे युग में भगवतीप्रसाद वाजपेयी ने अपनी कहानियों को मनोवैज्ञानिक ढंग से लिखा। इनके अनेक कहानी संग्रह (1) ‘हिलोर’, (2) पुष्करिणी’, (3) ‘खाली बोतल’ हैं। इनकी प्रसिद्ध कहानी ‘मिठाईवाला’, ‘वंशी वादन’, ‘झाँकी’ और ‘त्याग’ हैं। भगवतीचरण वर्मा के कहानी संग्रह ‘खिलते फूल’ तथा ‘दो बाँके’ हैं।

अज्ञेय के कहानी संग्रह हैं—
(1) ‘विपथगा’,
(2) ‘परम्परा’,
(3) ‘कोठरी की बात’,

(4) ‘जयदोल’। इलाचन्द्र जोशी ने
(1) रोमांटिक छाया’,
(2) ‘आहुति’,
(3) ‘दीवाली और होली’ नामक कहानी संग्रह लिखे।

। उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’, चन्द्रगुप्त ‘विद्यालंकार’ ने भी अच्छी कहानियाँ लिखीं। यशपाल ने साम्यवादी विचारधारा से प्रभावित होकर सामाजिक कहानियाँ लिखीं।
हास्य कहानियों में जी.पी.श्रीवास्तव, कृष्णदेव प्रसाद गौड़ ‘बेढब बनारसी’, अन्नपूर्णानन्द, जयनाथ नलिन के नाम प्रसिद्ध हैं।

महिला कहानी लेखिकाओं में सुभद्राकुमारी चौहान, शिवरानी देवी, उषादेवी मित्रा, सत्यवती मलिक, चन्द्रकिरण सौनरिक्सा आदि के नाम प्रम –

(4) वर्तमान युग – सन् 1950 से कहानी के क्षेत्र में अतियथार्थवादी दृष्टिकोण आया। नये कहानीकारों में राजेन्द्र यादव, मोहन राकेश, कमलेश्वर, मार्कण्डेय, अमरकान्त, धर्मवीर भारती,निर्मल वर्मा, ज्ञानरंजन, भीष्म साहनी, शैलेश मटियानी, फणीश्वरनाथ रेणु’, राजेन्द्र अवस्थी, शरद जोशी, हरिशंकर परसाई,रवीन्द्रनाथ त्यागी आदि प्रमुख हैं।

नयी उभरती प्रतिभाओं में कहानी लेखिकाओं का योगदान भी उल्लेखनीय है। इनमें प्रमुख हैं – मनू भण्डारी, रजनी पणिक्कर, उषा प्रियम्वदा, मृदुला गर्ग, कृष्णा सोबती, मृणाल पाण्डे, मंजुला भगत, मालती जोशी, शिवानी, ममता कालिया, सूर्यबाला, कुसुम अंसल। इन लेखिकाओं ने कथा साहित्य के इतिहास में नया मोड़ दिया है। नारी मन के अन्तर्द्वन्द्व को समझकर मनोवैज्ञानिक विश्लेषण कर जो समस्याएँ समाज को जाग्रत करें, झकझोर कर रख दें, ऐसी कहानियाँ इन महिला लेखिकाओं ने लिखकर नयी कहानी के युग को समृद्ध किया है।
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3. नाटक

नाटक एक प्रमुख दृश्य काव्य है। यह एक ऐसी अभिनयपरक विधा है, जिसमें सम्पूर्ण मानव जीवन का रोचक वर्णन होता है। [2015]
नाटक के प्रमुख तत्व हैं –
(1) कथावस्तु,
(2) पात्र एवं चरित्र – चित्रण,
(3) संवाद या कथोपकथन,
(4) भाषा – शैली,
(5) देशकाल एवं वातावरण,
(6) उद्देश्य,
(7) संकलनत्रय,
(8) अभिनेयता आदि।

वैसे तो नाटक के भी वे ही तत्त्व होते हैं जो कहानी, उपन्यास आदि के होते हैं, किन्तु नाटकों में रस की प्रधानता होती है। वास्तव में, नाटक काव्य की वह विधा है जिसमें लोक – परलोक की घटित – अपघटित घटनाओं का दृश्य दिखाने का आयोजन किया जाता है। इस कार्य के लिए अभिनय की सहायता ली जाती है। शास्त्रीय परिभाषा में नाटक को रूपक कहा जाता है। एक सफल नाटक के प्रदर्शन के लिए उसका रूप और आकार, दृश्यों और अंकों का उपयुक्त विभाजन, रस का साधारणीकरण, क्रिया व्यापार, प्रवेग तथा प्रवाह, अनुभावों और सात्विक भावों का निदर्शन, संवादों की कसावट, नृत्य और गीत, भाव, भाषा और साहित्यिक अलंकरण,वर्जित दृश्यों का अप्रदर्शन,सुरुचिपूर्ण प्रदर्शन,आलेखन,अलंकरण तथा परिधान और प्रकाश की व्यवस्था आवश्यक होती है।

हिन्दी नाटक साहित्य का काल विभाजन विद्वानों ने अनेक प्रकार से किया है, लेकिन निम्नलिखित विभाजन को सर्वमान्य रूप से स्वीकारा गया है-
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1. भारतेन्दु काल (1837 – 1904)
हिन्दी में रंगमंच नाटकों का आरम्भ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से माना गया है। भारतेन्दु के साथ हिन्दी नाट्य – साहित्य की परम्परा प्रारम्भ हुई,जो अब तक चली आ रही है। इस काल में नाटकों की रचना का मूल उद्देश्य मनोरंजन के साथ – साथ जनमानस को जाग्रत करना था। इस काल के नाटककारों में भारतेन्दु का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण स्थान है। __ भारतेन्दु के अतिरिक्त इस काल के अन्य प्रमुख नाटककारों में बालकृष्ण भट्ट, राधाचरण गोस्वामी, लाला श्री निवासदास, राधाकृष्ण दास, किशोरी लाल गोस्वामी इत्यादि के नाम प्रमुख हैं।

2. संधि काल (1904 – 1915)
इस काल में भारतेन्दु काल की धाराओं के साथ – साथ नवीन धाराओं का आविर्भाव भी हुआ। इस काल में बंगाली, अंग्रेजी, संस्कृत नाटकों के हिन्दी अनुवाद हुए। बदरीनाथ भट्ट, जयशंकर प्रसाद आदि इस काल के प्रमुख नाटककार थे। करुणालय’ जैसी रचना इसी काल में सृजित हुई।

3. प्रसाद युग (1915 – 1933)
जयशंकर प्रसाद के नाम पर इस युग को ‘प्रसाद युग’ कहा गया। इस युग को हिन्दी नाटक साहित्य के विकास युग की संज्ञा प्रदान की गई है। हिन्दी नाटक साहित्य को सुदृढ़ बनाने में प्रसाद का महत्त्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय योगदान रहा है। इस युग के नाटकों में ऐतिहासिक नाटकों की अधिकता रही। इस युग के प्रमुख नाटककारों में दुर्गादत्त पांडे,वियोगी हरि, कौशिक, सुदर्शन, गोविन्द वल्लभ पंत, पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’, सेठ गोविन्द दास, लक्ष्मी नारायण मिश्र जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

4. वर्तमान युग (1933 – अब तक)
इस युग को प्रसादोत्तर युग भी कहा गया। इस युग में समस्या – प्रधान एवं नए पुराने जीवन मूल्यों पर आधारित नाटक लिखे गये। इस युग में कई प्रतिभाशाली नाटककारों ने अपनी प्रबल लेखनी और कल्पनाशीलता से हिन्दी नाटक की विधा को और भी परिष्कृत किया।
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4. एकांकी

एकांकी एक अंक का वह दृश्य काव्य है जिसमें एक कथा तथा एक उद्देश्य को कुछ पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
एकांकी के प्रमुख तत्त्व हैं –
(1) कथावस्तु,
(2) पात्र एवं चरित्र – चित्रण,
(3) संकलन – त्रय,
(4) द्वन्द्व संघर्ष,
(5) संवाद या कथोपकथन,
(6) भाषा – शैली,
(7) अभिनेयता आदि।

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हिन्दी एकांकी का आरम्भ भारतेन्दु युग से होता है। भारतेन्दुजी ने ‘अन्धेर नगरी’, ‘विषस्य विषमौषधम्’, ‘वैदिकी हिंसा – हिंसा न भवति’ आदि की रचना की। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के
अतिरिक्त निम्नलिखित लेखकों के एकांकी भी प्रसिद्ध हैं
(1) ‘तन, मन, धन, गुसाईजी के अर्पण’ – राधाचरण गोस्वामी,
(2) कलयुगी जनेऊ’ देवकीनन्दन त्रिपाठी,
(3) ‘शिक्षादान’ – बालकृष्ण भट्ट,
(4) ‘दुखिनी बाला’ – रायकृष्ण दास,
(5) रेल का विकट खेल’ – कार्तिक प्रसाद,
(6) ‘चौपट – चपेट’ – किशोरीलाल गोस्वामी।

द्विवेदी युग में हिन्दी एकांकियों पर पाश्चात्य प्रभाव पड़ने लगा। इनका प्रमुख उद्देश्य समाज – सुधार था। ऐसे एकांकी एवं एकांकीकार इस प्रकार हैं :
(1) ‘शेरसिंह’ – मंगलाप्रसाद विश्वकर्मा,
(2) ‘कृष्ण’ – सियारामशरण गुप्त,
(3) रेशमी’ – रामसिंह वर्मा,
(4) ‘भयंकर भूल’ – सरयूप्रसाद मिश्र,
(5) ‘चार बेचारे’–पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’,
(6) ऑनरेरी मजिस्ट्रेट’ – सुदर्शन।

जयशंकर प्रसाद ने 1930 के लगभग प्रसिद्ध एकांकी ‘एक घुट’ की रचना की,जो एकांकी तकनीक की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

मौलिक एकांकियों की परम्परा में डॉ. रामकुमार वर्मा ने ‘बादल की मृत्यु’ सर्वप्रथम एकांकी लिखा। उनके कुछ सफल एकांकी हैं—
(1) ‘पृथ्वीराज की आँखें’,
(2) रेशमी टाई’,
(3) ‘चारुमित्रा’,
(4) ‘विभूति’,
(5) ‘सप्तकिरण’,
(6) ‘रूपरंग’,
(7) ‘कौमुदी – महोत्सव’,
(8) ‘ध्रुवतारिका’,
(9) ऋतुराज’,
(10) ‘रजत रश्मि’,
(11) ‘दीपदान’,
(12) ‘काम कंदला’,
(13) ‘बापू’,
(14) ‘इन्द्रधनुष’,
(15) ‘रिमझिम’।

उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ के सामाजिक, प्रतीकात्मक और मनोवैज्ञानिक एकांकी सर्वाधिक लोकप्रिय हुए। उनके एकांकी इस प्रकार हैं –
(1) पासी’,
(2) लक्ष्मी का स्वागत’,
(3) ‘आपस का समझौता’,
(4) ‘स्वर्ग की झलक’,
(5) ‘विवाह के दिन’,
(6) ‘जोक’,
(7) ‘चरवाहे’,
(8) ‘चिलमन’,
(9) ‘चमत्कार’,
(10) ‘सूखी डाली’,
(11) ‘अन्धी गली’,
(12) ‘भँवर’,
(13) ‘जीवन साथी’।

उदयशंकर भट्ट ने अनेक एकांकी लिखे –
(1) ‘नकली और असली’,
(2) ‘आदमी की मृत्यु’,
(3) ‘विष की पुड़िया’,
(4) ‘मुंशीलाल अनोखेलाल’,
(5) ‘समस्या का अन्त’,
(6) ‘पिशाचों का नाच’,
(7) ‘वापसी’,
(8) ‘नये मेहमान’,
(9) ‘पर्दे के पीछे’,
(10) ‘दो अतिथि’,
(11) ‘विस्फोट’,
(12) ‘धूम्र – शिखा’,
(13) ‘एकला चलो रे’,
(14) ‘अमर अर्चना’,
(15) ‘मालती माधव’,
(16) ‘मदन – दहन’,
(17) ‘वन महोत्सव’,
(18) ‘धर्म परम्परा’ आदि।

सेठ गोविन्ददास ने सभी विषयों पर नाटक और एकांकी लिखे,जो संख्या में 100 से भी अधिक हैं। कुछ एकांकी इस प्रकार हैं :
(1) ऐतिहासिक एकांकी –
(1) ‘बुद्ध की एक शिष्या’,
(2) ‘बुद्ध के सच्चे स्नेही कौन’,
(3) ‘नानक की नमाज’,
(4) तेगबहादुर की भविष्यवाणी’,
(5) ‘परमहंस का पत्नी – प्रेमी’।

(2) सामाजिक एकांकी–
(1) ‘स्पर्द्धा’
(2) ‘मानव – मन’,
(3) ‘मैत्री’,
(4) ‘ईद और होली’,
(5) जाति उत्थान’,
(6) वह मरा क्यों?’।

(3) राजनैतिक एकांकी–’सच्चा काँग्रेसी’।
(4) पौराणिक – ‘कृषि – यज्ञ’ आदि।

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जगदीशचन्द्र माथुर का प्रथम एकांकी ‘मेरी बाँसुरी’ 1936 में प्रकाशित हुआ। माथुरजी ने रंगमंच की दृष्टि से बड़े सफल एकांकी लिखे। उन्होंने समस्या उठाकर समाधान भी प्रस्तुत किये। उनके एकांकियों में हास्य – व्यंग्य का पुट भी है। उनके एकांकी इस प्रकार हैं –
(1) ‘भोर का तारा’,
(2) ‘कलिंग विजय’,
(3) रीढ़ की हड्डी’,
(4) ‘मकड़ी का जाला’,
(5) ‘खण्डहर’,
(6) ‘खिड़की राह’,
(7) ‘घोंसले’,
(8) ‘कबूतरखाना’,
(9) भाषण’,
(10) ‘ओ मेरे सपने’,
(11) ‘शारदीया’,
(12) ‘बन्दी’।

हरिकृष्ण प्रेमी और वृन्दावनलाल वर्मा ने उत्कृष्ट एकांकियों की रचना की। इनके बाद जो और एकांकीकार हुए, उनके नाम इस प्रकार हैं – भगवतीचरण वर्मा, डॉ. लक्ष्मीनारायण लाल, विनोद रस्तोगी, चिरंजीत, सत्येन्द्र शरत, देवराज दिनेश, विष्णु प्रभाकर, मन्नू भण्डारी आदि।
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5. उपन्यास

उपन्यास शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ है – ‘उप’ + ‘न्यास’ अर्थात् ‘पास रखा हुआ’। उपन्यास गद्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। उपन्यास एक वृहत् आकार का आख्यान या वृत्तान्त है जिसके अन्तर्गत वास्तविक जीवन के पात्रों और कार्यों का चित्रण किया जाता है।

उपन्यास के प्रमुख तत्त्व हैं –
(1) कथावस्तु,
(2) पात्र या चरित्र – चित्रण,
(3) कथोपकथन या संवाद,
(4) देशकाल – परिस्थिति,
(5) शैली,
(6) उद्देश्य।

शैली की दृष्टि से उपन्यासों में भेद हैं—
(1) आत्मकथात्मक शैली,
(2) कथात्मक शैली,
(3) पत्र शैली,
(4) डायरी शैली।

हिन्दी उपन्यासों के विकास में तीन लेखकों को श्रेय है –
(1) देवकीनन्दन खत्री,
(2) गोपालराम गहमरी,
(3) किशोरीलाल गोस्वामी।

खत्रीजी ने ‘चन्द्रकान्ता सन्तति’ और ‘भूतनाथ’ तक एक लम्बी उपन्यास की श्रृंखला लिखी, जो बेहद लोकप्रिय हुई। गोस्वामीजी ने 65 छोटे – बड़े उपन्यास लिखे। गहमरीजी ने ‘जासूस’ नाम की पत्रिका निकालकर 60 से भी अधिक जासूसी उपन्यास लिखे।

प्रेमचन्दजी का नाम ‘उपन्यास सम्राट’ के रूप में जाना जाता है। इन्होंने अनेक प्रसिद्ध उपन्यास लिखे। जिनमें ‘गोदान’, ‘गबन’, ‘निर्मला’, ‘कर्मभूमि’ प्रसिद्ध हैं। जयशंकर प्रसाद ने ‘तितली और कंकाल’ नामक उपन्यास की रचना की।

इसके बाद आचार्य चतुरसेन शास्त्री, वृन्दावनलाल वर्मा और उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ आये। बाद के प्रसिद्ध उपन्यास लेखक जैनेन्द्र कुमार, यशपाल, भगवतीचरण वर्मा, इलाचन्द्र जोशी, भगवती प्रसाद वाजपेयी, अज्ञेय, राहुल सांकृत्यायन, रांगेय राघव, भीष्म साहनी, फणीश्वरनाथ ‘रेणु’, नागार्जुन, अमृतलाल नागर, श्रीलाल शुक्ल, राजेन्द्र यादव, कमलेश्वर, मोहन राकेश, नरेश मेहता, शानी, शैलेश मटियानी, धर्मवीर भारती, निर्मला वर्मा, श्रीलाल शुक्ल, राही मासूम रजा, मनोहरश्याम जोशी, रमेश बक्षी, रामदरश मिश्र, मन्नू भण्डारी और शिवानी प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं। डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी ने ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’,’चारु – चन्द्रलेख’ तथा ‘अनामदास का पोथा’ नामक उपन्यासों की रचना की।
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गद्य की लघु विधाएँ

1. रिपोर्ताज

गद्य की इस विधा में किसी विषय का आँखों देखा या कानों सुना वर्णन इतने प्रभावशाली ढंग से किया जाता है कि उसकी अमिट छाप हृदय – पटल पर अंकित हो जाती है। रिपोर्ताज में तथ्य वर्णन पर बल होता है, उसमें कलात्मकता पर ध्यान नहीं दिया जाता है।।

इस विधा का आरम्भ शिवदानसिंह चौहान की ‘लक्ष्मीपुरा’ से हुआ। रांगेय राघव द्वारा बंगाल के दुर्भिक्ष एवं महामारी के बारे में लिखे गये रिपोर्ताज काफी मार्मिक बन पड़े हैं। इनका संकलन ‘तूफानों के बीच’ नामक रचना में हुआ है। प्रकाशचन्द्र गुप्त, उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’, . रामनारायण उपाध्याय, अमृतराय, निर्मल वर्मा, विष्णु प्रभाकर, कुबेरनाथ राय, प्रभाकर माचवे के रिपोर्ताज भी प्रसिद्ध हैं। भदन्त आनन्द कौसल्यायन देश की मिट्टी बोलती है’, शिवसागर मिश्र ‘वे लड़ेंगे हजारों साल’,धर्मवीर भारती ‘युद्ध यात्रा’, कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ ‘क्षण बोले कण मुस्काए’ तथा शमशेर बहादुर सिंह ‘प्लाट का मोर्चा’ इस विधा की समर्थ रचनाएँ हैं।

इस विधा के विकास में पत्र – पत्रिकाओं ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘हंस’ के ‘समाचार विचार’ तथा ‘धर्मयुग’,’हिन्दुस्तान’, ‘दिनमान’, रविवार में जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी, निर्मल वर्मा, कमलेश्वर, विष्णुकान्त शास्त्री, उदयन शर्मा, लक्ष्मीकान्त वर्मा ने रिपोर्ताज लिखे हैं।

2. संस्मरण

संस्मरण जीवनी लेखन का एक विशेष रूप है। इसमें लेखक अपने जीवन के विशेष प्रसंगों और अनुभवों का उल्लेख करता है। जीवन की मर्मस्पर्शी स्मृतियों के आधार पर प्रभावशाली भाषा का लेखन ही संस्मरण है। संस्मरण का अर्थ है – भलीभाँति याद करना। जीवन में कभी कोई विशिष्ट व्यक्ति,घटना या वस्तु इस प्रकार प्रभाव डालती है कि हम उन्हें कभी भी भूल नहीं पाते। संस्मरण लिखते समय लेखक अपने बारे में अधिक लिखता है। उसका विशिष्ट स्वरूप, आकृति, आचार – विचार, रंग, रूप, उसका कौशल, उसकी भावना, उसके आस – पास के अन्य लोगों पर किस प्रकार प्रभाव डालता है; इस सबका मनोयोगपूर्वक वर्णन ही संस्मरण है। इसमें या तो व्यक्तिपरकता या प्राकृतिक सौन्दर्य उपादान या घटना विशेष की मर्मस्पर्शी छवि लेखक के मन में पूरे समय रहती है और लेखक संस्मरण लिखते समय पूर्ण रूप से उसी पर केन्द्रित रहता है और उससे सम्बन्धित छोटी से छोटी बात या घटना लिखना नहीं भूलता। यह यथार्थपरक होती है। संस्मरण लेखन में श्री पदमसिंह शर्मा ने साहित्यकारों और रसिकों के लिए आकर्षक और रोचक संस्मरण लिखकर अपना स्थान अग्रणी रखा है। महादेवी वर्मा ने ‘अतीत के चलचित्र’ और ‘स्मृति की रेखाएँ’ नामक संस्मरण लिखे हैं। श्री बनारसीदास चतुर्वेदी, नगेन्द्र, यशपाल, श्रीनारायण चतुर्वेदी, उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ आदि अनेक लेखकों ने संस्मरण लिखे हैं।

3. जीवनी

जीवनी में लेखक इतिहासकार की तरह पूरी सच्चाई से किसी व्यक्ति के जीवन की जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी घटनाओं के बारे में लिखता है। वह व्यक्ति विशेष के जीवन का परिचय इस तरह प्रस्तुत करता है कि उसके जीवन के सभी अच्छे – बुरे पहलू सामने आयें और जीवनी पढ़ते – पढ़ते हम उस व्यक्ति से अपनापन अनुभव करने लगते हैं। जीवनी लेखन में लेखक तटस्थ रहकर लिखता है। वह अपने विचार और प्रतिक्रियाएँ नहीं दर्शाता। उसके जीवन के उन तथ्यों पर विशेष ध्यान देता है जिससे हमें कुछ प्रेरणा प्राप्त हो सके। उसके जीवन की उस घटना से हम अपने जीवन में उन्नति कर सकते हैं। साहित्यिक विधा के रूप में जीवनी लेखन की शुरूआत भारतेन्दु युग से ही हुई। जीवनी का प्रामाणिक होना आवश्यक है। इस युग में प्राचीन सन्तों, महापुरुषों, कवियों और साहित्यकारों की जीवनियाँ लिखी गयीं। बाद में राष्ट्रीय महापुरुषों और नेताओं की जीवनियाँ लिखी गयीं।

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4. आत्मकथा

आत्मकथा में लेखक स्वयं अपने जीवन की कथा पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करता है। वह पूरी निष्पक्षता और सच्चाई से अपने जीवन में घटित प्रत्येक घटना का वर्णन अपनी स्मरण शक्ति के आधार पर प्रस्तुत करता है। जब वह अपनी कहानी कहता है तब उसके जीवन में आने वाले हर पहलू का वह चित्रण करता है। अपने जीवन पर जिन व्यक्तियों, पुस्तकों की छाप है, जिससे उसे प्रेरणा मिली यह सब भी वह लिखता है। जब वह अपनी आत्मकथा लिखता है तो उस समय उसके जीवन काल में जो भी पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक घटनाक्रम होते हैं उसके भी दर्शन होते हैं। उसके जीवन काल में क्या नैतिक मूल्य थे, क्या परम्पराएँ थीं, क्या अन्धविश्वास थे,कौन – से सामाजिक बन्धन थे, यह सब हमें उसकी आत्मकथा से पता चलता है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने – ‘कुछ आप बीती कुछ जग बीती’ नामक आत्मकथा लिखी। श्यामसुन्दर दास, वियोगी हरि, गुलाबराय, यशपाल आदि ने भी आत्मकथाएँ विभिन्न रूप में लिखीं।

महात्मा गाँधी की आत्मकथा’, जवाहरलाल नेहरू की ‘मेरी कहानी’, ‘राजेन्द्र प्रसाद की आत्मकथा’ श्रेष्ठ साहित्य हैं। चतुरसेन शास्त्री तथा सेठ गोविन्ददास ने भी आत्मकथा लिखीं। आधुनिक काल में श्री हरिवंशराय बच्चन ने चार भागों में अपनी आत्मकथा लिखी जो लोकप्रिय हुई।

5. आलोचना

आलोचना साहित्य का इतिहास आधुनिक काल से ही प्रारम्भ हुआ है। डॉ. श्यामसुन्दर दास के अनुसार, “आलोचना किसी भी साहित्यिक कृति या रचना को भली – भाँति पढ़कर उसका मूल्यांकन करना है। यदि साहित्य जीवन की व्याख्या है तो आलोचना उस व्याख्या की व्याख्या है। आलोचना लेखक की रचना और पाठक के बीच पुल का काम करती है। आलोचना किसी भी रचना का सही मूल्यांकन करके पाठकों तक उसकी विशेषता और गहराई प्रस्तुत कर उस कृति को पढ़ने की प्रेरणा देती है।।

भारतेन्दु युग में वास्तविक समीक्षा का विकास नहीं हो पाया था। प्रारम्भ अवश्य हो गया था। पत्र – पत्रिकाओं में समीक्षात्मक निबन्धों का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ था। आलोचना की दृष्टि से द्विवेदी युग महत्त्वपूर्ण है। स्वयं द्विवेदीजी ने आलोचना लिखी। इनमें भाषा के शुद्ध रूप और विचारों को व्यवस्थित रूप से अभिव्यक्त करने की प्रेरणा दी गयी।

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सर्वश्रेष्ठ आलोचक माने गये। बाद में बाबू गुलाबराय, आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी, डॉ. नगेन्द्र आदि समीक्षक हुए।

6. रेखाचित्र

इसे अंग्रेजी में ‘स्कैच’ कहा जाता है। चित्रकार जिस प्रकार अपनी तूलिका से चित्र बनाता है उसी प्रकार लेखक अपने शब्दों के रंगों के द्वारा ऐसे चित्र उपस्थित करता है जिससे वर्णन योग्य वस्तु की आकृति का चित्र हमारी आँखों के सामने घूमने लगे। चित्रकार की सफलता उसके रेखांकन तथा रंगों के तालमेल पर निर्भर करती है, जबकि रेखाचित्र के लेखक की उसके शब्दों को गूंथने की कला पर। रेखाचित्र का लेखक अपने शब्दों में ऐसा चित्र बनाता है जो हमारे मानस पटल पर उभरकर मूर्त रूप धारण कर लेता है। इस विधा के प्रमुख लेखक हैं श्रीराम शर्मा, बनारसीदास चतुर्वेदी, रामवृक्ष बेनीपुरी, कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’, निराला तथा महादेवी वर्मा।

7. यात्रावृत्त (यात्रा साहित्य)। यह साहित्य की एक रोचक तथा मनोरंजन – प्रधान विधा है। इसमें लेखक विशेष स्थलों की यात्रा का सरस तथा सुन्दर वर्णन इस दृष्टि से करता है कि जो पाठक उन स्थलों की यात्रा करने में समर्थ न हों वे उसका मानसिक आनन्द उठा सकें और घर बैठे ही उन स्थलों के प्राकृतिक दृश्यों, वहाँ के निवासियों के आचार – विचार,खान – पान, रहन – सहन आदि से परिचित हो सकें। इस विधा का यह लक्ष्य रहता है कि लेखक अपनो यात्रा में प्राप्त किये हुए आनन्द तथा ज्ञान को पाठकों तक पहुँचा सकें। यह विधा आत्मपरक, अनौपचारिक,संस्मरणात्मक तथा मनोरंजक होती है। इसकी सफलता लेखक के स्वरूप – निरीक्षण तथा उसकी वर्णन – शैली के सौष्ठव एवं सौन्दर्य पर अधिक निर्भर रहती है। इसमें लेखक अपनी यात्रा की कठिनाई,सम्बन्धों तथा उपलब्धियों का रोचक विवरण पाठकों के समक्ष रखता है। यात्रा साहित्य की रचना की दृष्टि से राहुल सांकृत्यायन, अज्ञेय, देवेन्द्र सत्यार्थी, डॉ. नगेन्द्र, यशपाल और विनय मोहन शर्मा के नाम उल्लेखनीय हैं। इस संकलन में विनयमोहन शर्मा का ‘दक्षिण भारत की एक झलक’ यात्रा वत्तान्त पर्याप्त रोचक और ज्ञानवर्धक होने के कारण सफल यात्रा वृत्तान्त का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

8. गद्य – काव्य

गद्य – काव्य,गद्य तथा काव्य के बीच की विधा है। इसमें गद्य के माध्यम से किसी भावपूर्ण विषय की काव्यात्मक अभिव्यक्ति होती है। इसका गद्य भी सामान्य गद्य से अधिक सरस, भावात्मक, अलंकृत, संवेदनात्मक तथा संगीतात्मक होता है। इसमें लेखक अपने हृदय की संवेदना की अभिव्यक्ति इस प्रकार करता है कि पाठक उसे पढ़कर रसमय हो जाता है। इसमें विचारों की अभिव्यक्ति की अपेक्षा भावों की सरस अभिव्यक्ति की ओर लेखक का अधिक ध्यान रहता है। यह निबन्ध की अपेक्षा संक्षिप्त,वैयक्तिक तथा एकतथ्यता लिए होता है। इसका ध्येय प्रायः निश्चित होता है तथा इसमें केवल केन्द्रीय भाव की प्रधानता होती है। इसकी शैली प्रायः चमत्कारपूर्ण एवं कवित्वपूर्ण होती है तथा विचारों का समावेश भी प्रायः भावों के ही रूप में होता है। गद्य – काव्य के लेखकों में वियोगी हरि तथा रामवृक्ष बेनीपुरी के नाम उल्लेखनीय हैं।

9. भेटवार्ता

भेंटवार्ता वह रचना है जिसमें लेखक किसी व्यक्ति विशेष से साक्षात्कार करके उसके सम्बन्ध में कतिपय जानकारियों को तथा उसके सम्बन्ध में अपनी क्रिया – प्रतिक्रियाओं को अपनी पूर्व धारणाओं,आस्थाओं और रुचियों से रंजित कर सरस एवं भावपूर्ण शैली में व्यक्त करता है। यह एक प्रकार से संस्मरण का ही रूप है। पद्मसिंह शर्मा ‘कमलेश’ और रणवीर रांगा ने वास्तविक भेंटवार्ताएँ लिखी हैं। राजेन्द्र यादव तथा लक्ष्मीचन्द जैन ने कल्पना के आधार पर भेंटवार्ताएँ लिखी हैं।

10. डायरी

अपने जीवन के दैनिक प्रसंगों को या किसी प्रसंग विशेष को डायरी के रूप में लिखा जाता है। इनमें जीवन की यथार्थ घटनाओं का वर्णन संक्षेप में रहता है। व्यंजना, व्यंग्य और वर्णन डायरी की विशेताएँ हैं।

हिन्दी में डायरी विधा में लेखन को आरम्भ करने का श्रेय डॉ. धीरेन्द्र वर्मा की ‘मेरी कॉलेज डायरी’ नामक रचना को है। इस विधा में रामधारी सिंह दिनकर, शमशेर बहादुर सिंह, इलाचन्द्र जोशी,सुन्दरलाल त्रिपाठी तथा मोहन राकेश के नाम महत्त्वपू हैं।

11. पत्र – साहित्य

पत्र – साहित्य भी गद्य की एक सशक्त विधा है : उर्दू में ‘गुबारे खातिर’ (आजाद का पत्र संग्रह) और रूसी भाषा में ‘टालस्टाय की डायरी’ स्थायी साहित्य की निधि हैं। पत्र के द्वारा आत्म – प्रदर्शन, विचारों की अभिव्यक्ति को अच्छी दिशा प्राप्त होती है। हिन्दी में ‘द्विवेदी पत्रावली’, ‘द्विवेदी युग के साहित्यकारों के पत्र’, ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ आदि रचनाएँ उल्लेखनीय हैं। इस विधा के प्रवर्तन में बैजनाथ सिंह, विनोद, बनारसीदास चतुर्वेदी, जवाहरलाल नेहरू आदि का योगदान महत्त्वपूर्ण है।

(क) वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  • बहु – विकल्पीय प्रश्न

1. गद्य साहित्य के विकास का युग माना जाता है –
(अ) आधुनिक युग, (ब) भारतेन्दु युग, (स) द्विवेदी युग, (द) कहानी।

2. गद्य की प्रमुख विधा है
(अ) रिपोर्ताज, (ब) संस्मरण, (स) पत्र – साहित्य, (द) शुक्ल युग।

3. गद्य की लघु विधा है
(अ) कहानी, (ब) जीवनी, (स) उपन्यास, (द) निबन्ध।

4. हिन्दी निबन्ध साहित्य के विकास को कितने वर्गों में बाँटा गया है?
(अ) एक, (ब) दो, (स) चार, (द) छः।

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5. भारतेन्दुयुगीन सुप्रसिद्ध निबन्धकार हैं
(अ) बालकृष्ण भट्ट, (ब) श्यामसुन्दर दास, (स) डॉ.वासुदेवशरण अग्रवाल, (द) प्रेमचन्द।

6. भारतेन्दु काल के नाटककार हैं [2009]
(अ) जयशंकर प्रसाद, (ब) बालकृष्ण भट्ट, (स) शम्भूनाथ सिंह, (द) डॉ.रामकुमार वर्मा।

7. प्रसादजी ने लगभग कहानियाँ लिखी हैं [2009]
(अ) 49, (ब) 59, (स) 69, (द) 79.

8. ‘आचरण की सभ्यता’ है, एक
(अ) कहानी, (ब) उपन्यास, (स) निबन्ध, (द) एकांकी।

9. ‘राजा भोज का सपना’ कहानी के कहानीकार हैं
(अ) राजा शिवप्रसाद सितारे हिन्द’, (ब) जयशंकर प्रसाद, (स) प्रेमचन्द, (द) मास्टर भगवान दास।

10. एक प्रमुख दृश्य – काव्य है
(अ) नाटक, (ब) उपन्यास, (स) कहानी, (द) जीवनी।

11. एकांकी में अंकों की संख्या होती है
(अ) एक, (ब) दो, (स) तीन, (द) कई।

12. सुप्रसिद्ध उपन्यास ‘चन्द्रकान्ता सन्तति’ के उपन्यासकार हैं [2013]
(अ) प्रेमचन्द, (ब) यशपाल, (स) वृन्दावनलाल वर्मा, (द) देवकीनन्दन खत्री।
उत्तर–
1. (अ), 2. (द), 3. (ब), 4. (स), 5. (अ), 6. (स), 7. (स), 8. (स), 9. (अ), 10. (अ), 11. (अ), 12. (द)।

  • रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. हिन्दी में निबन्ध का आविर्भाव ….. युग में हुआ।
2. ‘भारतवर्ष’ नामक निबन्ध के निबन्धकार ……… हैं।
3. प्रतापनारायण मिश्र ने ……… नामक पत्रिका का सम्पादन किया।
4. जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘ग्राम’ सन् ……. ई.में प्रकाशित हुई।
5. नाटक एक प्रमुख ……… काव्य है।
6. सुप्रसिद्ध नाटक ‘आधे – अधूरे’ के लेखक ……. हैं।
7. हिन्दी एकांकी का आरम्भ … युग से माना गया है।
8. ……. एक वृहत् आकार का आख्यान या वृत्तान्त है, जिसके अन्तर्गत वास्तविक जीवन के पात्रों और कार्यों का चित्रण किया जाता है।
9. प्रेमचन्द को ….की उपाधि प्रदान की गई है। [2015]
10. ….. में लेखक स्वयं अपने जीवन की कथा पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करता है। (2009, 11)
11. आलोचना के क्षेत्र में वरदानस्वरूप …….का आगमन हुआ। [2009]
12. …… के आगमन के साथ ही हिन्दी आलोचना का आरम्भ माना जाता है। [2013]
उत्तर–
1. आधुनिक,
2. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,
3. ब्राह्मण,
4. 1909,
5. दृश्य,
6. मोहन राकेश,
7. भारतेन्दु,
8. उपन्यास,
9. उपन्यास सम्राट,
10. आत्मकथा,
11. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल,
12. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र।

  • सत्य/असत्य

1. रेखाचित्र गद्य साहित्य की एक मख्य विधा है।
2. हास्य – व्यंग्य भारतेन्दुयुगीन निबन्धों की एक प्रमुख विशेषता है।
3. ‘हिन्दी प्रदीप’ नामक पत्रिका का सम्पादन बालकृष्ण भट्ट ने किया।
4. यशपाल ने साम्यवादी विचारधारा से प्रभावित होकर सामाजिक कहानियाँ लिखीं।
5. ‘अभिनेयता’ नाटक का एक प्रमुख तत्त्व है।
6. हिन्दी रंगमंचीय नाटकों का आरम्भ उपेन्द्रनाथ अश्क’ से माना जाता है।
7. ‘प्रसाद युग’ का नामकरण जयशंकर प्रसाद के नाम पर हुआ।
8. नाटक और एकांकी में कोई अन्तर नहीं है। [2010]
9. प्रेमचन्द ने ‘तितली और कंकाल’ नामक उपन्यास की रचना की।
10. ‘टालस्टाय की डायरी’ पत्र – साहित्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
11. एकांकी दृश्य काव्य का रूप होता है। [2009]
12. ‘रानी केतकी की कहानी’ को हिन्दी का सर्वप्रथम लघु उपन्यास मानते हैं। [2011]
13. ‘चिन्तामणि’ के लेखक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हैं। [2012]
14. जीवनी सत्य घटनाओं पर आधारित होती है। [2015]
उत्तर–
1. असत्य,
2. असत्य,
3. सत्य,
4. सत्य,
5. सत्य,
6. असत्य,
7. सत्य,
8. असत्य,
9. असत्य,
10. सत्य,
11. सत्य,
12. असत्य,
13. असत्य,
14. सत्य।

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  • सही जोड़ी मिलाइये

I. ‘क
(1) शिव शम्भू का चिट्ठा – (अ) कहानी
(2) बड़े घर की बेटी – (ब) एकांकी आषाढ़ का एक दिन
(स) निबन्ध –
(4) दीपदान – (द) उपन्यास
(5) गोदान – (इ) नाटक
(6) आत्मकथा के क्षेत्र से निकली विधा [2009] – (ई) निबन्ध
(7) हिन्दी गद्य साहित्य की धरोहर [2009] – (उ) संस्मरण
उत्तर–
(1) → (स),
(2) → (अ),
(3) → (इ),
(4)→ (ब),
(5) → (द),
(6) → (उ),
(7) → (ई)।

‘ख’
(1) संवदिया [2012] – (अ) धर्मवीर भारती
(2) पिता के पत्र पुत्री के नाम – (ब) फणीश्वरनाथ रेणु
(3) युद्ध यात्रा – (स) पं.जवाहर लाल नेहरू
(4) समाज और साहित्य – (द) जयशंकर प्रसाद
(5) एक घुट – (इ) बाबू श्यामसुन्दर दास
उत्तर–
(1) → (ब),
(2) → (स),
(3) →(अ),
(4) → (इ),
(5) → (द)।

  • एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
एक अंक वाली नाट्य कृति क्या कहलाती है?
उत्तर–
एकांकी।

प्रश्न 2.
हिन्दी की प्रथम कहानी कौन – सी मानी गयी है?
उत्तर–
इन्दुमती।

प्रश्न 3.
चन्द्रगुप्त किसकी नाट्य – रचना है? [2015]
उत्तर–
जयशंकर प्रसाद की।

प्रश्न 4.
‘आनन्द कादम्बिनी’ नामक पत्र का सम्पादन किसने किया था?
उत्तर–
बदरीनारायण ‘प्रेमधन’।

प्रश्न 5.
महावीर प्रसाद द्विवेदी ने किस पत्रिका का सम्पादन किया?
उत्तर–
सरस्वती।

प्रश्न 6.
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर निबन्ध लिखने वाले निबन्धकार कौन थे?
उत्तर–
डॉ. रघुवीर सिंह।

प्रश्न 7.
यशपाल ने साम्यधारी विचारधारा से प्रभावित होकर किस प्रकार की कहानियाँ लिखीं? [2013]
उत्तर–
सामाजिक कहानियाँ।

प्रश्न 8.
‘मुक्ति पथ’ नामक नाटक के लेखक कौन हैं?
उत्तर–
उदयशंकर भट्ट।

प्रश्न 9.
जगदीश चन्द्र माथुर का प्रथम एकांकी (1936 में प्रकाशित) कौन – सा था?
उत्तर–
मेरी बाँसुरी।

प्रश्न 10.
‘दक्षिण भारत की एक झलक’, हिन्दी साहित्य की किस विधा का उदाहरण है?
उत्तर–
यात्रावृत्त (यात्रा साहित्य)।

प्रश्न 11.
‘गणेश शंकर विद्यार्थी’ साहित्य की किस विधा में लिखा गया है? [2010]
उत्तर–
संस्मरण विधा में।

प्रश्न 12.
संकलन त्रय क्या है? [2012]
उत्तर–
देश, काल और घटनाओं को संकलन त्रय कहा जाता है।

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  • (ख) अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हिन्दी की आधुनिक कहानी का विकास कब से माना जाता है?
उत्तर–
हिन्दी की आधुनिक कहानी का विकास सन् 1900 से माना जाता है।

प्रश्न 2.
नाटक के चार तत्त्व लिखिए।
उत्तर–
(1) कथावस्तु,
(2) चरित्र – चित्रण,
(3) संवाद,
(4) अभिनेयता।

प्रश्न 3.
उपन्यास के कोई चार तत्त्व बताइये।
उत्तर–
(1) कथावस्तु,
(2) पात्र या चरित्र – चित्रण,
(3) कथोपकथन या संवाद,
(4) भाषा – शैली।

  • (ग) लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निबन्ध की परिभाषा देते हुए दो निबन्धकारों के नाम लिखिए तथा उनकी एक – एक निबन्ध रचना का नाम लिखिए।
उत्तर–
निबन्ध की परिभाषा – “निबन्ध उस गद्य रचना को कहते हैं, जिसमें सीमित आकार के भीतर किसी विषय का वर्णन या प्रतिपादन एक विशेष निजीपन,स्वच्छन्दता, सौष्ठव और सजीवता तथा आवश्यक संगति और सम्बद्धता के साथ किया गया हो।”

निबन्धकार तथा उनकी निबन्ध रचना –
(1) डॉ. नन्ददुलारे वाजपेयी – राष्ट्रीय साहित्य’,
(2) डॉ. नगेन्द्र ‘आलोचक की आस्था’।

प्रश्न 2.
निबन्ध लेखन की व्यास तथा समास शैली में अन्तर स्पष्ट कीजिए। [2009]
उत्तर–
व्यास शैली में विषय का विस्तार से विवेचन प्रस्तुत किया जाता है, जबकि समास शैली में सूत्ररूप से विषय – वस्तु प्रस्तुत कर दी जाती है।

प्रश्न 3.
डॉ. भगीरथ मिश्र के अनुसार निबन्ध की परिभाषा दीजिए।
उत्तर–
डॉ. भगीरथ मिश्र के अनुसार, “निबन्ध वह गद्य रचना है, जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वच्छन्दतापूर्वक परन्तु एक सौष्ठव सहित सजीवता और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।”

प्रश्न 4.
निबन्ध को गद्य की कसौटी क्यों कहा गया है? [2011]
उत्तर–
इस कथन का तात्पर्य यह है कि पद्य की तुलना में गद्य रचना सम्पन्न करना दुष्कर कार्य है,क्योंकि अगर आठ पंक्तियों वाली कविता में यदि एक भी पंक्ति भावपूर्ण लिख जाती है तो कवि प्रशंसा का भागी होता है,परन्तु गद्य के सन्दर्भ में ऐसा नहीं देखा जाता। गद्यकार को एक – एक वाक्य सुव्यवस्थित एवं सोच – विचारकर लिखना होता है। उसी स्थिति में गद्यकार प्रशंसनीय है। गद्य में निबन्ध लेखन बहुत ही दुष्कर कार्य है। निबन्ध को सुरुचिपूर्ण, आकर्षक एवं व्यवस्थित होना चाहिए। इसी हेतु निबन्ध को गद्य की कसौटी कहा गया है।

प्रश्न 5.
“भावों की पूर्णाभिव्यक्ति का विकास निबन्ध में ही सबसे अधिक सम्भव होता है।” इस कथन का आशय समझाइए।
उत्तर–
निबन्ध गद्य लेखन की एक उत्कृष्ट विधा है। भावों की सम्पूर्ण अभिव्यक्ति का विकास निबन्ध में ही सम्भव होता है, क्योंकि निबन्ध व्यक्ति – सापेक्ष्य होता है। वैयक्तिकता ही निबन्ध का प्रधान गुण है। लेखक के व्यक्तित्व का प्रभाव ही निबन्ध में परिलक्षित होता है। भावों के प्रकाशन (अभिव्यक्ति) का सबसे उपयुक्त साधन निबन्ध हैं, क्योंकि इसका विकास निबन्ध में ही सम्भव है।

प्रश्न 6.
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल और गुलाबराय द्वारा दी गयी निबन्ध की परिभाषाएँ लिखिए।
उत्तर–
(1) आचार्य रामचन्द्र शक्ल – “यदि गद्य लेखकों की कसौटी है. तो निबन्ध गद्य की कसौटी है।” प्रस्तुत कथन का आशय है कि निबन्ध से ही गद्यकार के लेखन की उत्कृष्टता का ज्ञान होता है।
(2) गुलाबराय–“निबन्ध उस गद्य रचना को कहते हैं, जिसमें एक सीमित आकार के भीतर किसी विषय का वर्णन या प्रतिपादन एक विशेष निजीपन, स्वच्छन्दता, सौष्ठव और सजीवता तथा आवश्यक संगति और सम्बद्धता के साथ किया गया हो।”

प्रश्न 7.
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार ‘निबन्ध’ की परिभाषा देते हुए बताइए कि हिन्दी निबन्ध साहित्य को किन – किन वर्गों में विभाजित किया गया है? [2009]
उत्तर–
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार, “यदि गद्य लेखकों की कसौटी है, तो निबन्ध गद्य की कसौटी है।”

हिन्दी निबन्ध साहित्य को निम्नलिखित चार वर्गों में विभाजित किया गया है-
MP Board Class 12th Special Hindi गद्य साहित्य की विभिन्न विधाएँ img-12

प्रश्न 8.
द्विवेदीयुगीन निबन्धों की चार प्रमुख विशेषताएँ बताते हुए इस युग के दो प्रमुख निबन्धकारों के नाम उनकी एक – एक रचना के साथ लिखिए। [2013]
उत्तर–
विशेषताएँ–
(1) विषय – वस्तु की गम्भीरता,
(2) राष्ट्रीय भावना,
(3) समाज सुधार,
(4) हास्य – व्यंग्यात्मकता।

प्रमुख निबन्धकार – रचनाएँ
महावीर प्रसाद द्विवेदी – साहित्य की महत्ता, विचार वीथी
सरदार पूर्णसिंह – कन्यादान, आचरण की सभ्यता

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प्रश्न 9.
द्विवेदीयुगीन गद्य की कोई चार विशेषताएँ लिखिए। [2012]
उत्तर–
द्विवेदीयुगीन गद्य की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं
(1) विषय – वस्तु को व्यवस्थित ढंग से प्रभावी शैली में प्रस्तुत करने पर बल दिया गया।
(2) भाषा को परिमार्जित एवं परिष्कृत किया गया।
(3) नैतिकता, राष्ट्रीयता, समाज – सुधार जैसे विषयों पर लिखा गया।
(4) इस युग के गद्य, विशेषकर निबन्धों में हास्य – व्यंग्यात्मक शैली को अपनाया गया।

प्रश्न 10.
भारतेन्दू युग और द्विवेदी युग के निबन्धों का अन्तर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
भारतेन्दु युग के निबन्धों की दो विशेषताएँ बताइए। [2014]
उत्तर–
भारतेन्दुयुगीन निबन्ध रोचक ही नहीं, प्रेरक भी थे। निबन्धों का मूल स्वर समाज – सुधार की भावना, राजनीतिक तथा सांस्कृतिक चेतना पर आधारित था। इस युग के निबन्धों में वैयक्तिकता की झलक और हास्य – व्यंग्य का समावेश विशेष रूप से लक्षित होता है।

द्विवेदी युग में भाषा, भाव – विचार के विस्तार की अपेक्षा परिष्कार पर अधिक ध्यान दिया गया। इसलिए इस युग के निबन्ध भाव, विचार और भाषा की दृष्टि से अपेक्षाकृत अधिक परिष्कृत हैं तथा उनमें स्वछन्दता के स्थान पर गम्भीरता अवलोकनीय है।

प्रश्न 11.
शुक्लयुगीन निबन्धों की तीन विशेषताएँ बताइए तथा यह भी बताइए कि निबन्ध का स्वर्णकाल’ किस युग को कहा गया है? [2009]
अथवा
शुक्ल युग के निबन्धों की दो विशेषताएँ तथा इस युग के दो लेखकों एवं उनके निबन्धों के नाम लिखिए। [2016]
उत्तर–
शुक्ल युग के निबन्धों की विशेषताएँ –
(1) साहित्य और जीवन के विविध विषयों पर विचारात्मक तथा विश्लेषणात्मक निबन्धों की रचना,
(2) निबन्धों में भाव – पक्ष की अपेक्षा चिन्तन पक्ष की प्रधानता,
(3) भाषा और शैली में परिष्कार तथा लालित्य। ‘शुक्ल युग’ को ही हिन्दी निबन्ध का स्वर्णकाल माना गया है।

प्रमुख लेखक एवं उनके निबन्ध
(1) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल – क्रोध,उत्साह,भय।
(2) बाबू गुलाबराय – मेरी असफलताएँ, सिद्धान्त और अध्ययन।

प्रश्न 12.
शुक्लोत्तर युग के निबन्धों की चार विशेषताएँ लिखिए। [2017]
उत्तर–
शुक्लोत्तर युग निबन्ध के विकास की चरम सीमा का युग है। इस युग में विषय वैविध्य अपेक्षाकृत अधिक दृष्टिगत होता है। इस युग के निबन्ध लेखक की अपनी निजी विशेषताएँ हैं।
विशेषताएँ –
(1) भावनात्मक एवं आत्मपरक निबन्ध,
(2) विषय – वस्तु की विविधता,
(3) विचारात्मक, भावात्मक,समीक्षात्मक शैली,
(4) निबन्धों के विकास का चरमोत्कर्ष।।

प्रश्न 13.
प्रेमचन्द के अनुसार कहानी की परिभाषा लिखते हुए बताइए कि सुविधा की दृष्टि से कहानी को किन – किन वर्गों में बाँटा गया है? [2009]
उत्तर–
प्रेमचन्द के अनुसार, “कहानी एक ऐसी रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंश या मनोभाव को प्रदर्शित करना ही कहानीकार का उद्देश्य होता है।”

सुविधा की दृष्टि से कहानी को निम्नलिखित चार वर्गों में बाँटा जा सकता है-
MP Board Class 12th Special Hindi गद्य साहित्य की विभिन्न विधाएँ img-13

प्रश्न 14.
श्रेष्ठ कहानी की कोई चार विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर–
(1) जीवन के सुन्दर एवं महत्त्वपूर्ण पहलुओं का वर्णन,
(2) जिज्ञासा एवं कौतूहल का समावेश,
(3) कथानक का अप्रत्याशित (चरम) विकास तथा प्रभावपूर्ण अन्त,
(4) संक्षिप्तता।

प्रश्न 15.
कहानी के तत्त्व लिखिए। [2015]
उत्तर–
कहानी के छः तत्त्व हैं –
(1) कथानक,
(2) पात्र या चरित्र – चित्रण,
(3) कथोपकथन या संवाद,
(4) देशकाल वातावरण,
(5) भाषा – शैली,
(6) उद्देश्य।

प्रश्न 16.
कहानी में कथोपकथन या संवाद की कोई चार विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर–
(1) कथोपकथन स्पष्ट हों,
(2) छोटे – छोटे सरल वाक्यों में लिखे गये हों,
(3) भाषा सीधी,चुटीली एवं मर्मस्पर्शी हो,
(4) पात्रानुकूलता हो।

प्रश्न 17.
नाटक किसे कहते हैं? नाटक और एकांकी में क्या अन्तर है?
उत्तर–
नाटक शब्द ‘नट’ से बना है जिसका अर्थ भावों का अभिनय है। इस प्रकार नाटक का सम्बन्ध रंगमंच से है। इसमें रंगमंच और अभिनय का ध्यान रखा जाता है। नाटक का कथानक कुछ अंकों और दृश्यों में विभाजित होता है।

नाटक का लघु आकार एकांकी है। इसमें मात्र एक अंक में कथावस्तु प्रस्तुत की जाती है। इस प्रकार नाटक में जीवन का वृहद् चित्रण होता है और एकांकी में एक अंश चित्रित किया जाता है।

प्रश्न 18.
हिन्दी में नाटक सम्राट किसे कहा गया है? उनके दो नाटकों के नाम लिखिए। [2009]
उत्तर–
हिन्दी में नाटक साहित्य को उत्कर्ष पर पहुँचाने का श्रेय जयशंकर प्रसाद को है। उन्होंने भारतीय तथा पाश्चात्य शैलियों का समन्वय करके एक नवीन शैली का प्रारम्भ किया। प्रसाद ने इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों को अपने नाटकों का आधार बनाया। इतिहास के कथानकों में उन्होंने वर्तमान का सन्देश दिया। राष्ट्रीयता,सांस्कृतिक – प्रेम तथा नारी के प्रति सहानुभूति का भाव आपके नाटकों में स्पष्ट दिखाई पड़ता है। ‘चन्द्रगुप्त’ एवं ‘ध्रुवस्वामिनी प्रसाद जी के प्रसिद्ध नाटक हैं।

प्रश्न 19.
हिन्दी नाट्य परम्परा में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का योगदान बताइए।
उत्तर–
आधुनिक युग में नाट्य परम्परा का विकास भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से माना जाता है। उन्होंने पूर्व परम्पराओं से हटकर नाटक को नया रूप दिया। उन्होंने ही सर्वप्रथम नाटक को रंगमंचीय रूप प्रदान किया। उन्होंने मौलिक नाटकों की रचना के साथ – साथ संस्कृत,बंगला और अंग्रेजी के नाटकों का अनुवाद किया।

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प्रश्न 20.
एकांकी किसे कहते हैं? हिन्दी के दो प्रमुख एकांकीकारों के नाम लिखिए।
उत्तर–
एक अंक वाले नाटक को एकांकी कहते हैं। ये आकार में छोटे होते हैं तथा लगभग आधा घण्टे में समाप्त हो जाते हैं। इसमें जीवन का खण्ड चित्र प्रस्तुत होता है। आधुनिक युग में एकांकी पर्याप्त मात्रा में लिखे गये हैं। डॉ. रामकुमार वर्मा तथा उपेन्द्रनाथ अश्क’ के नाम प्रमुख दो एकांकीकारों में गिनाये जा सकते हैं।

प्रश्न 21. नाटक एवं एकांकी के चार अन्तर बताइए। [2014]
अथवा
गद्य की नाटक विधा की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर–
(1) नाटक में एक मुख्य कथा के साथ – साथ अन्य प्रासंगिक कथाएँ होती हैं, जबकि एकांकी में एक ही कथा होती है। प्रासंगिक कथाएँ नहीं होती।
(2) नाटक में अनेक घटनाएँ तथा कार्य – व्यापार होते हैं, जबकि एकांकी में एक ही घटना तथा एक ही कार्य व्यापार होता है।
(3) नाटक में अनेक अंक होते हैं, जबकि एकांकी में एक ही अंक होता है। (4) नाटक में विस्तार होता है, जबकि एकांकी में संक्षिप्तता होती है।

प्रश्न 22.
भारतेन्दु युग तथा प्रसाद युग के तीन – तीन प्रमुख एकांकीकारों के नाम एवं प्रत्येक के एक – एक उल्लेखनीय एकांकी के शीर्षक बताइए।
उत्तर–
भारतेन्दु युग
(1) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र – ‘अंधेर नगरी’,
(2) राधाकृष्णदास ‘दुःखिनी बाला’,
(3) प्रतापनारायरण मिश्र ‘कलि कौतुक’।

प्रसाद युग –
(1) जयशंकर प्रसाद – एक घूट’,
(2) वृन्दावनलाल वर्मा – राखी की लाज’,
(3) सुदर्शन – ‘ऑनरेरी मजिस्ट्रेट’।

प्रश्न 23.
रेखाचित्र किसे कहते हैं? हिन्दी के दो प्रसिद्ध रेखाचित्रकारों के नाम लिखिए। रेखाचित्र की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर–
रेखाचित्र रेखाचित्र में शब्दों की कलात्मक रेखाओं के द्वारा किसी व्यक्ति, वस्तु अथवा घटना के बाह्य तथा आन्तरिक स्वरूप का सजीव तथा वास्तविक रूप प्रस्तुत किया जाता है।
रेखाचित्रकार – दो प्रसिद्ध रेखाचित्रकार हैं –
(1) महादेवी वर्मा,
(2) रामवृक्ष बेनीपुरी।

रेखाचित्र की विशेषताएँ –
(1) रेखाचित्र कल्पना प्रधान हो सकता है।
(2) रेखाचित्र के लिये किसी भी विषय को अपनाया जा सकता है।
(3) रेखाचित्र की विषय – वस्तु विस्तृत होती है।

प्रश्न 24.
रेखाचित्र और संस्मरण में दो अन्तर [2014]
स्पष्ट करते हुए अपनी पाठ्य – पुस्तक में संकलित दोनों विधाओं की एक – एक रचना का नाम लिखिए। [2010]
अथवा
रेखाचित्र एवं संस्मरण में कोई चार अन्तर लिखिए। [2016] \
उत्तर–
रेखाचित्र और संस्मरण में अन्तर –
(1) रेखाचित्र सामान्य से सामान्य व्यक्ति का हो सकता है,जबकि संस्मरण महान व्यक्ति का ही होता है।
(2) रेखाचित्र कल्पना प्रधान होता है, जबकि संस्मरण वास्तविक होता है।
(3) रेखाचित्र में चित्रात्मक शैली प्रयुक्त होती है, जबकि संस्मरण में विवरणात्मक शैली का प्रयोग होता है।
(4) रेखाचित्र में भाषा सांकेतिक होती है, जबकि संस्मरण में भाषा अभिधामूलक होती है।

पाठ्य – पुस्तक में संकलित रचनाएँ –
(1) रेखाचित्र – गौरा (महादेवी वर्मा)।
(2) संस्मरण – गणेश शंकर विद्यार्थी (भगवतीचरण वर्मा)।

प्रश्न 25.
गद्य काव्य किसे कहते हैं? हिन्दी के दो प्रमुख गद्य संग्रहों के नाम लिखिए।
उत्तर–
गद्य काव्य में गद्य के माध्यम से किसी भावपूर्ण विषय की काव्यात्मक अभिव्यक्ति होती है। इसमें केवल एक ही भाव की प्रधानता होती है। इसकी भाषा – शैली अलंकृत, संवेदनात्मक, चमत्कारपूर्ण एवं कवित्वपूर्ण होती है। दो प्रमुख गद्य संग्रह हैं—
(1) ‘साधना’,
(2) ‘अन्तर्नाद’।

प्रश्न 26.
गद्य काव्य की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर–
किसी अनुभूति का कलात्मक लय से गद्य में प्रस्तुत किया जाना गद्य काव्य है। गद्य काव्य की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं : भावात्मक – भावना की गहनता ही इस रचना का स्रोत है। अनुभूति की प्रबलता से प्रेरित लेखक ही सफल गद्य काव्यकार हो सकते हैं। प्रवाहपूर्णता – – गद्य काव्य में कविता की सी प्रवाहपूर्णता अपेक्षित है। यह प्रवाहात्मकता भाव तथा भाषा दोनों में ही होती है। लयात्मकता – गद्य युक्त होती है। सघनता – इसमें लेखक की तन्मयता तथा भाव सघनता के सर्वत्र दर्शन होते हैं। इसके अतिरिक्त गद्य – काव्य में व्यक्त अनुभूति विचारों से युक्त होती है।

प्रश्न 27.
यात्रा – साहित्य से आप क्या समझते हैं? किसी एक यात्रा – साहित्य लेखक तथा उसके एक यात्रा – वृत्तान्त का नामोल्लेख कीजिए।
उत्तर–
यात्रावृत्त में लेखक यात्रा के किसी स्थान, घटना विशेष का सजीव एवं आकर्षक वर्णन करता है। इसमें लेखक की व्यक्तिगत विशेषताएँ भी प्रतिभाषित हो जाती हैं। यात्रा सम्बन्धी साहित्य में राहुल सांस्कृत्यायन, काका कालेलकर,श्रीराम शर्मा, अज्ञेय’,धर्मवीर भारती, मोहन राकेश,विनय मोहन शर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। राहुल जी की ‘अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा’ श्रेष्ठ यात्रा वृत्तान्त है।

प्रश्न 28.
रिपोर्ताज का क्या अर्थ है? हिन्दी के दो प्रमुख रिपोर्ताज लेखकों के नाम उनकी एक – एक रचना सहित लिखिए। [2010]
उत्तर–
रिपोर्ताज में किसी विषय का आँखों देखा या कानों सुना वर्णन इतने प्रभावशाली ढंग से किया जाता है कि उसकी अमिट छाप हृदय – पटल पर अंकित हो जाती है। रिपोर्ताज में तथ्य वर्णन पर बल होता है, उसमें कलात्मकता पर ध्यान नहीं दिया जाता है। रिपोर्ताज में सूचना के अतिरिक्त साहित्यिकता भी होती है। रिपोर्ताज का सम्बन्ध वर्तमान से होता है।

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हिन्दी के प्रमुख रिपोर्ताज लेखकों के नाम एवं उनकी रचनाएँ –
(1) शिवदान सिंह चौहान (‘लक्ष्मीपुरा),
(2) रांगेय राघव (‘तूफानों के बीच),
(3) उपेन्द्रनाथ अश्क (रेखाएँ तथा चित्र),
(4) धर्मवीर भारती (‘युद्ध यात्रा),
(5) शमशेर बहादुर सिंह (‘प्लाट का मोचा),
(6) शिवसागर मिश्र (‘वे लड़ेंगे हजारों साल) आदि।

प्रश्न 29.
रिपोर्ताज से क्या आशय है? रिपोर्ताज की विशेषताएँ लिखिए। [2012]
उत्तर–
रिपोर्ताज में किसी विषय का आँखों देखा या कानों सुना वर्णन इतने प्रभावशाली ढंग से किया जाता है कि उसकी अमिट छाप हृदय – पटल पर अंकित हो जाती है। रिपोर्ताज में तथ्य वर्णन पर बल होता है, उसमें कलात्मकता पर ध्यान नहीं दिया जाता है। रिपोर्ताज में सूचना के अतिरिक्त साहित्यिकता भी होती है। रिपोर्ताज का सम्बन्ध वर्तमान से होता है।

हिन्दी के प्रमुख रिपोर्ताज लेखकों के नाम एवं उनकी रचनाएँ –
(1) शिवदान सिंह चौहान (‘लक्ष्मीपुरा),
(2) रांगेय राघव (‘तूफानों के बीच),
(3) उपेन्द्रनाथ अश्क (रेखाएँ तथा चित्र),
(4) धर्मवीर भारती (‘युद्ध यात्रा),
(5) शमशेर बहादुर सिंह (‘प्लाट का मोचा),
(6) शिवसागर मिश्र (‘वे लड़ेंगे हजारों साल) आदि।

रिपोर्ताज की विशेषताएँ –
(1) यह किसी घटना का वास्तविक वर्णन या विवरण होता है।
(2) घटना का विवेचन तथा विश्लेषण होता है।
(3) रिपोर्ताज में रेखाचित्र,कहानी तथा निबन्धों की भी विशेषताएँ पायी जाती हैं।
(4) सरलता,रोचकता, प्रभावपूर्णता एवं आत्मीयता के गुण पाये जाते हैं।

प्रश्न 30.
उपन्यास किसे कहते हैं? तीन प्रसिद्ध उपन्यासों के नाम लिखिए।
उत्तर–
उपन्यास शब्द का अर्थ है – ‘जीवन के निकट’। इस तरह उपन्यास मानव जीवन को निकटता से प्रस्तुत करता है। इसमें जीवन का विस्तृत रूप प्रस्तुत किया जाता है। उपन्यास के विस्तृत कथानक में अनेक पात्र, घटनाएँ आदि होती हैं। हिन्दी में यह विधा बड़ी लोकप्रिय तथा विकसित है। उपन्यास सामाजिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक आदि विविध विषयों पर लिखे जाते हैं। हिन्दी के अनेक महत्त्वपूर्ण उपन्यासों में ‘गोदान’, ‘चित्रलेखा’ तथा ‘पुनर्नवा’ तीन के नाम प्रमुख हैं।

प्रश्न 31.
हिन्दी में ‘उपन्यास सम्राट’ किसे कहा गया है? उनके दो उपन्यासों के नाम लिखिए।
अथवा [2809, 14]
हिन्दी उपन्यास साहित्य के विकास में प्रेमचन्द के योगदान का निरूपण कीजिये। [2011]
उत्तर–
हिन्दी में प्रेमचन्द को ‘उपन्यास सम्राट’ कहा गया है। वास्तव में, प्रेमचन्द के अवतरण के साथ ही हिन्दी उपन्यास को सशक्त प्रतिभा का सम्बल मिला। प्रेमचन्द ने नवजात उपन्यास विधा को पूर्ण विकास तक पहुँचाया। गोदान, कर्मभूमि, रंगभूमि, सेवासदन, प्रेमाश्रय, निर्मला, गबन आदि आपके उत्कृष्ट उपन्यास हैं। विषय तथा शिल्प दोनों दृष्टियों में आपने उपन्यास साहित्य को पुष्ट किया। आप यथार्थवादी लेखक हैं। राजनीति,समाज तथा मानव की समस्याओं को उभारकर उनके समाधान दिये गये हैं।

प्रश्न 32.
कहानी और उपन्यास के तीन प्रमुख अन्तर स्पष्ट कीजिए। साथ ही, दो प्रमुख कहानीकारों तथा दो उपन्यासकारों के नाम लिखिए। [2013]
अथवा
कहानी और उपन्यास में कोई चार अन्तर लिखिए। [2017]
उत्तर–
कहानी और उपन्यास में प्रमुख अन्तर –
(1) कहानी जीवन के किसी एक खण्ड का चित्रण करती है जबकि उपन्यास में सम्पूर्ण जीवन का चित्रण होता है।
(2) कहानी में एक ही कथा होती है, उपन्यास में मुख्य कथा के साथ – साथ अन्य प्रासंगिक कथाएँ जुड़ी होती हैं।
(3) कहानी में सीमित पात्र तथा घटनाएँ होती हैं जबकि उपन्यास में अनेक पात्र एवं घटनाओं का वर्णन होता है।
(4) कहानी का कथानक संक्षिप्त होता है किन्तु उपन्यास का कथानक अत्यन्त विस्तृत होता है।

दो प्रमुख कहानीकार
(1) प्रेमचन्द,
(2) जयशंकर प्रसाद।

दो प्रमुख उपन्यासकार –
(1) प्रेमचन्द,
(2) जैनेन्द्र कुमार।

प्रश्न 33.
एकांकी के चार तत्त्व लिखिए।
उत्तर–
एकांकी के चार तत्त्व
(1) कथावस्तु,
(2) पात्र – योजना,
(3) संवाद एवं
(4) अभिनेयता।

प्रश्न 34.
जीवनी और आत्मकथा में तीन अन्तर स्पष्ट करते हुए दोनों विधाओं की एक – एक रचना लिखिए। [2009]
अथवा
जीवनी और आत्मकथा में अन्तर लिखिए। [2011]
उत्तर–
(1) जीवनी में लेखक इतिहासकार की तरह पूरी सच्चाई से किसी व्यक्ति के जीवन की जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी घटनाओं के बारे में लिखता है जबकि आत्मकथा में लेखक स्वयं अपने जीवन की कथा पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करता है।
(2) जीवनी लेखन में लेखक तटस्थ रहकर लिखता है। आत्मकथा में लेखक अपने जीवन की घटना का वर्णन अपनी स्मरण शक्ति के आधार पर करता है।
(3) जीवनी में लेखक अपने विचार और प्रतिक्रिया नहीं दर्शाता है। आत्मकथा में लेखक अपने परिवार, समाज,आर्थिक दशा,राजनैतिक घटनाक्रम का बराबर दर्शन कराता रहता है।
जीवनी – कलम का सिपाही’ (अमृतलाल)।
आत्मकथा – ‘मेरी कहानी’ (जवाहरलाल नेहरू)।

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प्रश्न 35.
आलोचना का क्या अर्थ है? हिन्दी के दो आलोचकों के नाम लिखिए। [2009]
उत्तर–
आलोचना विधा अथवा समीक्षा आधुनिक काल की देन है। गद्य साहित्य के क्षेत्र में इसका महत्त्वपूर्ण स्थान है। हिन्दी में आलोचकों का शुभारम्भ भारतेन्दु युग से ही प्रारम्भ हो
चुका है।
(1) बालकृष्ण भट्ट,
(2) चौधरी बदरी नारायण प्रेमघन’ सुप्रसिद्ध आलोचक थे।

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 9 Algebraic Expressions and Identities Ex 9.4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 9 Algebraic Expressions and Identities Ex 9.4

Question 1.
Multiply the binomials.
(i) (2x + 5) and (4x – 3)
(ii) (y – 8) and (3y – 4)
(iii) (2.5l – 0.5 m) and (2.5l +0.5 m)
(iv) (a + 3b) and (x + 5)
(v) (2pq + 3q2) and (3pq – 2q2)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 9 Algebraic Expressions and Identities Ex 9.4 1
Solution:
(i) (2x + 5) × (4x – 3) = 2x (4x – 3) + 5(4x – 3) = 8x2 – 6x + 20x – 15 = 8x2 + 14x – 15
(ii) (y – 8) × (3y – 4) = y(3y – 4) – 8(3y – 4)
= 3 y2 – 4y – 24y + 32 = 3y2 – 28y + 32
(iii) (2.5l – 0.5m) × (2.5l + 0.5m)
= 2.5l (2.5l + 0.5m) – 0.5 m (2.5l + 0.5m)
= 6.25l2 + 1.25lm – 1.25lm – 0.25m2 = 6.25l2 – 0.25m2
(iv) (a + 3b) × (x + 5) = a(x + 5) + 3b(x + 5)
= ax + 5a + 3 bx + 15 b
(v) (2pq + 3q2) × (3pq – 2q2)
= 2pq (3pq – 2q2) + 3q2 (3pq – 2q2)
= 6p2q2 – 4pq3 + 9pq3 – 6q4
= 6 p2q2 + 5pq3 – 6q4
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 9 Algebraic Expressions and Identities Ex 9.4 2
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 9 Algebraic Expressions and Identities Ex 9.4 3

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Question 2.
Find the product
(i) (5 – 2x)(3 + x)
(ii) (x + 7y)(7x – y)
(iii) (a2 + b)(a + b2)
(iv) (p2 – q2)(2p + q)
Solution:
(i) (5 – 2x) × (3 + x) = 5(3 + x) – 2x(3 + x)
= 15 + 5x – 6x – 2x2 – 15 – x – 2x2
(ii) (x + 7y)(7x – y) = x(7x – y) + 7y(7x – y)
=7x2 – xy + 49xy – 7y2 = 7x2 + 48xy – 7y2
(iii) (a2 + b) (a + b2) = a2 (a + b2) + b (a + b2)
= a3 + a2b2) + ab + b3
(iv) (p2 – q2) (2p + q) = p2 (2p + q) – q2 (2p + q)
= 2p3 + p2q – 2q2p – q3

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Question 3.
Simplify.
(i) (x2 – 5)(x + 5) + 25
(ii) (a2 + 5)(b3 + 3) + 5
(iii) (t + s2)(t2 – s)
(iv) (a + b)(c – d) + (a – b)(c + d) + 2(ac + bd)
(v) (x + y)(2x + y) + (x + 2y)(x – y)
(vi) (x + y)(x2 – xy + y2)
(vii) (1 .5x – 4y)(1 .5x + 4y + 3) – 4.5x + 12y
(viii) (a + b + c)(a + b – c)
Solution:
(i) (x2 – 5) (x + 5) + 25
= x2(x +5) – 5(x + 5) +25
=x3+ 5x2 – 5x – 25 + 25 = r3+ 5r2 – 5x

(ii) (a2 + 5)(b3 + 3) + 5
= a2 (b3 + 3) + 5(b3 + 3) + 5
= a2b3 + 3a2 + 5b3 + 15 + 5
= a2b3 + 3a2 + 5b3 + 20

(iii) (t + s2) (t2 – s) = t(t2 – s) + s2(t2 – s)
= t3 – ts +s2t2 – s3

(iv) (a + b)(c – d) + (a – b)(c + d) + 2(ac + bd)
=a(c – d) + b(c – d) + a(c + d) – b(c + d) + 2a + 2bd
= ac – ad + bc – bd + ac + ad – bc – bd + 2ac + 2bd
= 4ac

(v) (x + y)(2x + y) + (x + 2y)(x – y)
= x(2x + y) + y(2x + y) + x(x – y) + 2y(x – y)
=2x2 + xy + 2xy + y2 + x2 – xy + 2xy – 2y2
= 3x2 + 4xy – y2

(vi) (x + y) (x2 – xy + y2)
= x (x2 – xy + y2) + y (x2 – xy + y2)
= x3 – x2y + xy2 + x2y – xy2 + y3 = x3 + y3

(vii) (1.5x – 4y) (1.5x + 4y + 3) – 4.5x + 12y
= 1.5x (1.5x + 4y + 3) – 4y (1.5x + 4y + 3) – 4.5x + 12y
= 2.25x2 + 6xy + 4.5x – 6xy – 16y2 – 12y – 4.5x + 12y
= 2.25x2 – 16y2

(viii) (a + b + c) (a + b – c)
= a (a+ b – c) + b (a+ b – c) + c (a + b – c)
= a2 + ab – ac + ab + b2 – bc + ac + bc – c2
= a2 + 2 ab + b2 – c2

MP Board Class 8th Maths Solutions

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2

Question 1.
Determine if the following are in proportion.
(a) 15, 45, 40, 120
(b) 33, 121, 9, 96
(c) 24, 28, 36, 48
(d) 32, 48, 70, 210
(e) 4, 6, 8, 12
(f) 33, 44, 75, 100
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 1
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 2

Geometric Sequence Calculator is a free online tool that displays the geometric sequence for the given first term and the common ratio calculator.

Question 2.
Write True (T) or False (F) against each of the following statements:
(a) 16 : 24 :: 20 : 30
(b) 21 : 6 :: 35 : 10
(c) 12 : 18 :: 28 : 12
(d) 8 : 9 :: 24 : 27
(e) 5.2 : 3.9 :: 3 : 4
(f) 0.9 : 0.36 :: 10 : 4
Solution:
(a) True
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 3

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2

Question 3.
Are the following statements true?
(a) 40 persons : 200 persons = Rs. 15 : Rs. 75
(b) 7.5 litres: 15 litres = 5 kg : 10 kg
(c) 99 kg : 45 kg = Rs. 44 : Rs. 20
(d) 32 m: 64 m = 6 sec : 12 sec
(e) 45 km : 60 km = 12 hours : 15 hours
Solution:
(a) 40 persons : 200 persons
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 4
∴ 40 persons : 200 persons = Rs. 15 : Rs. 75
Hence, the statement is true.
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 5

Question 4.
Determine if the following ratios form a proportion. Also, write the middle terms and extreme terms where the ratios form a proportion.
(a) 25 cm : 1 m and Rs. 40: Rs. 160
(b) 39 litres: 65 litres and 6 bottles: 10 bottles
(c) 2 kg : 80 kg and 25 g : 625 g
(d) 200 ml: 2.5 litre and Rs. 4: Rs. 50
Solution:
(a) 25 cm : 1 m = 25 cm : (1 × 100) cm
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 6
Since the ratios are equal, therefore these are in proportion.
Middle terms are 1 m and Rs. 40 and extreme terms are 25 cm and Rs. 160.
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 7
Since the ratios are equal, therefore these are in proportion.
Middle terms are 65 litres and 6 bottles and extreme terms are 39 litres and 10 bottles.

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 8
Since the ratios are not equal, therefore these are not in proportion.
(d) 200 ml : 2.5 litres = 200 ml: (2.5 × 1000) ml
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.2 9
Since the ratios are equal, therefore these are in proportion.
Middle terms are 2.5 litres and Rs. 4 and extreme terms are 200 ml and Rs. 50.

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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1

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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1

प्रश्न 1.
वक्र y = x रेखाओं x = 1, x = 4 एवं x-अक्ष से घिरे क्षेत्र का प्रथम पाद में क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है y2 = x
या y = \( \sqrt{{x}} \)
वक्र का शीर्ष मूल बिन्दु है तब यह एक परवलय है।
∵ क्षेत्र POLM, x = 1, x = 4, x-अक्ष तथा वक्रों से घिरा है
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 1

Harmonic sequence formula is a mathematical progression that is created by multiplying an arithmetic progression by its reciprocals.

प्रश्न 2.
प्रथम चतुर्थांश में वक्र y2 = 9x, x = 2, x = 4 एवं x-अक्ष से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
वक्र y = 9x एक परवलय है जिसका शीर्ष (0, 0) है वक्र x-अक्ष के सममित है ।
क्षेत्र PORS, वक्र y2 = 9x,
x = 2, x = 4 तथा x-अक्ष से घिरा है।
अब,
y2 = 9x
y = 3\( \sqrt{{x}} \)
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प्रश्न 3.
प्रथम चतुर्थांश में x2 = 4y, y = 2, y = 4 एवं y-अंक्ष से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है x2 = 4y एक परवलय है
जिनका शीर्ष मूल बिन्दु है।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 3
वक्र y = 2, y = 4 तथा v-अक्ष से घिरा है।
x2 = 4y
या ⇒ x = 2\( \sqrt{{y}} \)
क्षेत्र ABCD का क्षेत्रफल
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प्रश्न 4.
दीर्घवृत्त \(\frac{x^{2}}{16}+\frac{y^{2}}{9}=1\) से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
दीर्घवृत्त का समीकरण
\(\frac{x^{2}}{16}+\frac{y^{2}}{9}=1\)
∵ समी० में x तथा ) की घात बराबर है अत: यह दोनों अक्षों के सममित हैं।
∴ दीर्घवृत्त का क्षेत्रफल = 4 × OACO का क्षेत्रफल
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प्रश्न 5.
दीर्घवृत्त \(\frac{x^{2}}{4}+\frac{y^{2}}{9}=1\) से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
दीर्घवृत्त का समीकरण
\(\frac{x^{2}}{4}+\frac{y^{2}}{9}=1\)
∵ समीकरण में x तथा y की घात बराबर है अतः दीर्घवृत्त दोनों अक्षों के सममित होगा।
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प्रश्न 6.
प्रथम चतुर्थांश में वृत्त x2 + y2 = 4 रेखा r = \( \sqrt{{3}} \)y एवं x-अक्ष द्वारा घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
वृत्त का समी० x2 + y2 = 4
वृत्त का केन्द्र (0, 0) तथा त्रिज्या 2 के समान हैं।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 7
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प्रश्न 7.
छेदक रेखा x = \(\frac{a}{\sqrt{2}}\) द्वारा वृत्त x2 + y2 = a2 के छोटे भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
वृत्त का समी० x2 + y2 = a2 …(i)
\(\frac{a}{\sqrt{2}}\) …(ii)
समी० (i) से स्पष्ट है कि यह एक वृत्त है और समी० (ii) y-अक्ष के समान्तर \(\frac{a}{\sqrt{2}}\) मात्रक दूरी पर इसके दायीं ओर एक सरल रेखा है।
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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 10

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प्रश्न 8.
यदि वक्र x = y2 एवं रेखा x = 4 से घिरा हुआ क्षेत्रफल रेखा x = a द्वारा दो बराबर भागों में विभाजित होता है तो a का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
वक्र x = y2 एक परवलय है, जिसका शीर्ष मूल बिन्दु है। y = 0 इसका अक्ष है। जिसके सापेक्ष परवलय सममित हैं तथा x = 4 एक सरल रेखा है जो ‘-अक्ष से 4 इकाई दूरी पर है।
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MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 12

प्रश्न 9.
परवलय y = x2 एवं y = |x| से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है y = x2 ….(i)
और y = |x|
समी० (i) से स्पष्ट है कि यह एक परवलय का समी० है जिसका केन्द्र मूल बिन्दु है।
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 13

प्रश्न 10.
वक्र x2 = 4y एवं रेखा x = 4y – 2 से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
वक्र का समी० x2 = 4y …(i)
तथा रेखा का समी० x = 4y – 2 …(ii)
समी० (i) व (ii) को हल करने पर वक्र तथा रेखा के प्रतिच्छेदन बिन्दु (2, 1) और (-1, 1/4) प्राप्त होते हैं।
वक्र एक ऊपरी ओर का परवलय हैं जिसका केन्द्र मूल बिन्दु हैं।
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प्रश्न 11.
वक्र y2 = 4x एवं रेखा x = 3 से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
वक्र का समी० y2 = 4x …(i)
रेखा का समी० x = 3 …(ii)
MP Board Class 12th Maths Book Solutions Chapter 8 समाकलनों के अनुप्रयोग Ex 8.1 15
समी० (i) एक परवलय का समी० है जिसका केन्द्र मूल बिन्दु है।
तथा x = 3 रेखा है जो -अक्ष के समान्तर 3 इकाई दूरी पर है।
अभीष्ट क्षेत्रफल OBCAO का क्षेत्रफल
= 2 × OBCAO का क्षेत्रफल
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प्रश्न 12 व 13 में सही उत्तर का चयन कीजिए
प्रश्न 12.
प्रथम चतुर्थांश में वृत्त x2 + y2 = 4 एवं रेखाओं x = 0, x = 2 से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल है-
(A) π
(B) \(\frac{\pi}{2}\)
(C) \(\frac{\pi}{3}\)
(D) \(\frac{\pi}{4}\)
हल:
वृत्त का समी० x2 + y2 = 4
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प्रश्न 13.
वक्र y2 = 4x, y-अक्ष एवं रेखा y = 3 से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल है-
(A) 2
(B) \(\frac{9}{4}\)
(C) \(\frac{9}{3}\)
(D) \(\frac{9}{2}\)
हल:
वक्र का समी० y = 4x
यह एक परवलय का समी० है जिसका केन्द्र मूल बिन्दु है।
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MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 1 जीवों में जनन

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MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 1 जीवों में जनन

जीवों में जनन NCERT प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
जीवों के लिए जनन क्यों आवश्यक है?
उत्तर
जनन के द्वारा ही जीवों की निरंतरता बनी रहती है। प्रत्येक जीव निश्चित अवधि के पश्चात् मृत हो जाता है किन्तु, इसके पूर्व जनन क्रिया द्वारा नई संतति का निर्माण कर देता है। यही कारण है कि हजारों वर्षों से पृथ्वी पर पादपों एवं पशु-पक्षियों की विभिन्न जातियों की विशाल संख्या बनी हुई है।

प्रश्न 2.
जनन की अच्छी विधि कौन-सी है और क्यों?
उत्तर
जनन की लैंगिक विधि (Sexual method) को अच्छा माना जाता है क्योंकि-लैंगिक जनन के कारण संतति में अधिक विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं। ये विभिन्नताएँ युग्मकजनन के समय होने वाले अर्द्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों के पृथक्करण, विनिमय तथा युग्मकों के संयोगिक संलयन के कारण उत्पन्न पुनर्संयोजन होते हैं। विभिन्नताएँ जीवों के लिए बदले पर्यावरण में अनुकूलन की संभावना पैदा करते हैं।

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प्रश्न 3.
अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न हुई संतति को क्लोन क्यों कहा जाता है ?
उत्तर
अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न हुई सन्तति आकारिकी (Morphological) व आनुवंशिक (Genetic) रूप से एकमात्र जनक के समान होती है, अतः इन्हें क्लोन कहा जाता है।

प्रश्न 4.
लैंगिक जनन के परिणामस्वरूप बनी संतति को जीवित रहने के अच्छे अवसर होते हैं। क्यों? क्या यह कथन हर समय सही रहता है ?
उत्तर
लैंगिक जनन में विभिन्नताएँ उत्पन्न होने के अनेक अवसर होते हैं। जैसे-अर्द्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों का यादृच्छिक पृथक्करण (Random segregation), विनिमय (Crossing over) तथा संलयन । अधिक विभिन्नताओं के कारण सन्तति की उत्तरजीविता (Survival) के अधिक अवसर होते हैं। नये पुनर्संयोजन (Recombinations) नयी विभिन्नताएँ पैदा करते हैं जो बदले पर्यावरण में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती हैं। लैंगिक जनन अच्छे अवसर उपलब्ध करवाता है लेकिन पर्यावरण इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संततियों को जीवित रहने के लिए प्रकृति द्वारा चयन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।।

प्रश्न 5.
अलैंगिक जनन द्वारा बनी संतति लैंगिक जनन द्वारा बनी संतति से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर
अलैंगिक जनन से उत्पन्न संतति अपने जनक के एकदम समान होते हैं। आकारिकी तथा आनुवंशिक रूप से जनक के पूर्णतः समान होती हैं। जबकि लैंगिक जनन में अर्द्धसूत्री विभाजन तथा युग्मकों का संलयन दोनों प्रक्रियाएँ शामिल हैं। युग्मकजनन के समय होने वाले अर्द्धसूत्री विभाजन व युग्मकों के यादृच्छिक (Random) संलयन से अनेक नये पुनर्संयोजन (Recombination) बनते हैं, अतः लैंगिक जनन से बनी संतति जनकों से भिन्न होती हैं।

प्रश्न 6.
अलैंगिक तथा लैंगिक जनन के मध्य विभेद स्थापित कीजिए। कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक जनन क्यों माना जाता है ?
उत्तर
अलैंगिक प्रजनन एवं लैंगिक प्रजनन में अन्तर
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 1 जीवों में जनन 1
कायिक जनन को प्रारूपिक अलैंगिक जनन माना जाता है, क्योंकि

  • इसमें एक ही जनक भाग लेता है।
  • सन्तति आकारिकी व आनुवंशिक गुणों में जनक के समान होती है।
  • युग्मक निर्माण व संलयन नहीं होता, अतः अर्द्धसूत्री विभाजन एवं संलयन नहीं होता है।

प्रश्न 7.
कायिक प्रवर्धन से क्या समझते हैं ? कोई दो उपयुक्त उदाहरण दीजिए।
उत्तर
किसी पौधों के वर्धी भागों जैसे-जड़, तना, पत्ती द्वारा नया पौधा तैयार होना कायिक प्रवर्धन .(Vegetative propagation) कहलाता है। यह अलैंगिक जनन का ही एक रूप है जिसमें पौधे के केवल वर्षी भाग (Vegetative parts) ही भाग लेते हैं।

उदाहरण-अदरक (प्रकंद Rhizome) तथा ब्रायोफिलम (Bryophyllum)। अदरक एक प्रकंद है, यह भूमिगत तना है, इसमें पर्व छोटे होते हैं अत: पर्वसंधियाँ एक-दूसरे के निकट होती हैं। पर्वसंधियों में भूरे रंग के शल्की पर्ण होते हैं। अनुकूल परिस्थितियों में अन्तस्थ कलिका से वायुवीय प्ररोह परिवर्धित होते हैं तथा कक्षस्थ कलिका भूमिगत शाखा को बनाती है।

प्रकंद की शाखाएँ एक-दूसरे से अलग होकर वृद्धि कर नये पादप का निर्माण करती है। ब्रायोफिलम की पत्ती भी वर्धी प्रजनन या कायिक प्रवर्धन का अच्छा उदाहरण है। इसी पत्ती पर उपस्थित अपस्थानिक कलिकाएँ नये पौधों को जन्म देती हैं।

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प्रश्न 8.
व्याख्या कीजिए-
(1) किशोर चरण
(2) प्रजनक चरण
(3) जीर्णता चरण या जीर्णावस्था।
उत्तर
(1) किशोर चरण (Juvenile phase)-
जब किसी बीज का अंकुरण होता है तो उससे नवजात पौधे का निर्माण होता है । यह नवजात पौधा धीरे-धीरे विकसित होते हुए व वृद्धि करते हुए अपने विभिन्न कायिक भागों को बनाता है। ये सभी किशोर अवस्था के चरण होते हैं । किशोर या कायिक प्रवस्था के अन्त होने पर जनन प्रावस्था का प्रारंभ होता है।

(2) प्रजनक चरण (Reproductive phase)-
पौधों पर पुष्प लगने पर यह ज्ञात होता है कि अब प्रजनक चरण का प्रारंभ हो गया है। कुछ पौधों में एक विशेष ऋतु में पुष्प आते हैं तो अन्य में वर्ष पर्यन्त पुष्प लगे होते हैं। कुछ पौधे अपने जीवन काल में केवल एक बार ही पुष्प उत्पन्न करते हैं । वार्षिक तथा द्विवार्षिक किस्मों में स्पष्टतः कायिक जनन तथा जीर्णता की प्रावस्थाओं को देखा जा सकता है। इस चरण में प्रजनन कार्य होता है। प्राणियों में भी मौसम और हॉर्मोन का प्रभाव पड़ता है।

(3) जीर्णता चरण या जीर्णावस्था (Senescence phase)-
जैसे-जैसे किसी जीव की आयु बढ़ती है वह वृद्धावस्था की ओर बढ़ता है। वृद्धावस्था के साथ प्रजनन क्षमता समाप्त हो जाती है, उपापचयी क्रिया मंद हो जाती है। इसे जीर्णता चरण या जीर्णावस्था कहते हैं।

प्रश्न 9.
अपनी जटिलता के बावजूद बड़े जीवों में लैंगिक प्रजनन पाया जाता है, क्यों?
उत्तर
लैंगिक जनन में विपरीत लिंग वाले जीव भाग लेते हैं। इन जीवों से नर एवं मादा युग्मक बनते हैं जो संलयन कर युग्मनज तथा बाद में भ्रूण बनाते हैं । लैंगिक जनन से सम्बद्ध संरचनाएँ जीवों में एकदम भिन्न होती हैं। इन संरचनाओं के जटिल होने के बावजूद भी लैंगिक जनन की घटनाएँ एक नियमित अनुक्रम का पालन करती हैं । लैंगिक जनन करने वाले जीवों में युग्मनज अथवा भ्रूण पूर्ण सुरक्षित होता है, इससे उत्तरजीविता के अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 10.
व्याख्या करके बताइए कि अर्द्धसूत्री विभाजन तथा युग्मकजनन सदैव अंतर्संबंधित (अंतर्बद्ध) होते हैं।
उत्तर
युग्मकजनन (Gametogenesis) नर तथा मादा दो प्रकार के युग्मकों के निर्माण की प्रक्रिया को दर्शाता है। युग्मक अगुणित होती है, इनका निर्माण द्विगुणित कोशिका में अर्द्धसूत्री कोशिका विभाजन द्वारा हुआ है। इस अर्द्धसूत्री विभाजन के कारण गुणसूत्रों का केवल एक सेट प्रत्येक युग्मक में पहुँचता है। जैसे कि मनुष्यों में द्विगुणित गुणसूत्र संख्या 46 होती है तो उनके नर युग्मक (शुक्राणु) में गुणसूत्रों की संख्या 23 होगी, इसी प्रकार मादा में मादा युग्मक (अण्ड) की गुणसूत्र संख्या 23 होगी। युग्मकों की निर्माण क्रिया को युग्मकजनन कहते हैं तथा इस क्रिया में अर्द्धसूत्री विभाजन भी होता है। इस प्रकार अर्द्धसूत्री विभाजन तथा युग्मकजनन आपस में संबंधित हैं।

प्रश्न 11.
प्रत्येक पुष्पीय पादप के भाग को पहचानें तथा लिखें कि वह अगुणित
(n) है या द्विगुणित (2n)
(i) अण्डाशय,
(ii) परागकोष,
(iii) अण्ड का डिंब (Egg Larva),
(iv) पराग (Pollen),
(v) नर युग्मक (Malegamete),
(vi) युग्मनज ।
उत्तर
(i) अण्डाशय – 2n (द्विगुणित)
(ii) परागकोष – 2n (द्विगुणित)
(iii) अण्ड का डिंब (Egg Larva) – n (अगुणित)
(iv) पराग (Pollen) – n (अगुणित)
(v) नर युग्मक (Male gamete) – n (अगुणित)
(vi) युग्मनज – 2n (द्विगुणित)।

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प्रश्न 12.
बाह्य निषेचन की व्याख्या कीजिए। इसके नुकसान बताइये।
उत्तर
जीवों के शरीर के बाहर होने वाला निषेचन बाह्य निषेचन (External fertilization) कहलाता है। अर्थात् इस प्रकार के निषेचन में नर युग्मक (Male gamete/Sperm) व अण्ड (Egg) का संलयन बाह्य माध्यम में होता है।मछलियों व उभयचर जंतुओं में निषेचन बाह्य होता है। मादा जन्तु द्वारा जल में दिये गये अण्डों पर नर जंतु शुक्राणु मुक्त कर देता है।
बाह्य निषेचन की हानियाँ/कमियाँ (Demerits of external fertilization)

  • युग्मकों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता। अनेक अण्डे व शुक्राणु जल की धारा में बह जाते हैं अथवा प्रतिकूल ताप, रसायन आदि के कारण नष्ट हो जाते हैं।
  • अण्डों का निषेचन होना निश्चित नहीं होता, केवल संयोगवश यह संभव हो पाता है।
  • कुछ अण्डों को निषेचन होने के पूर्व परभक्षियों द्वारा भक्षण कर लिया जाता है।
  • निषेचन पश्चात् बनने वाली संततियों की संख्या अधिक होती है, लेकिन इनकी सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता है।

प्रश्न 13.
जूस्पोर ( अलैंगिक चल बीजाणु) तथा युग्मनज के बीच विभेद कीजिए।
उत्तर
जूस्पोर (अलैंगिक चल बीजाणु) तथा युग्मनज के बीच विभेदजूस्पोर (Zoospore)
MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 1 जीवों में जनन 2

प्रश्न 14.
युग्मकजनन एवं भ्रूणोद्भव के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए। .
उत्तर
युग्मकों के निर्माण प्रक्रिया को युग्मकजनन कहते हैं। युग्मकों के निर्माण के समय अर्द्धसूत्री विभाजन होने से ये अगुणित होते हैं। युग्मक नर तथा मादा होते हैं जो आपस में संलयित होकर युग्मनज बनाते हैं। युग्मनज से भ्रूण के विकास की प्रक्रिया को भ्रूणोद्भव (Embryogenesis) कहते हैं । युग्मनज जो कि द्विगुणित होता है, इसके विकास से भ्रूण का निर्माण होता है। भ्रूण प्रायः द्विगुणित होता है तथा इससे नये पादप का निर्माण होता है।

प्रश्न 15.
एक पुष्प में निषेचन पश्च परिवर्तनों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर
निषेचन के बाद पुष्प के विभिन्न भागों में परिवर्तन-निषेचन के बाद पुष्प के विभिन्न भागों में निम्न परिवर्तन दिखाई देते हैं

  1. द्विगुणित जाइगोट भ्रूण (Embryo) का निर्माण करता है जो बीज में अत्यन्त सूक्ष्म रूप से मौजूद रहता है। भ्रूण प्रांकुर (Plumule), मूलांकुर (Radicle) और बीजपत्रों (Cotyledons) से मिलकर बनता है।
  2. त्रिक संलयन से बना प्राथमिक एण्डोस्पर्म केन्द्रक विभाजित होकर भ्रूणपोष (Endosperm) बनाता है। यह विकसित होते हुए भ्रूण को खाद्य या पोषण प्रदान करने का कार्य करता है।
  3. भ्रूण के पूर्ण विकसित होने तक, बीजाण्डकाय (Nucellus) पूर्णतः खत्म हो जाता है, किन्तु कुछ पौधों में जैसे, पान आदि में यह भ्रूण निर्माण के बाद भी खाद्य प्रदायी पोषक (Nutritive) ऊतक के रूप में विद्यमान रहता है, तब इसे परिभ्रूणपोष (Perisperm) कहा जाता है।
  4. बाहरी अध्यावरण (Outer integument) बीजकवच या बीजावरण (Testa) और आन्तरिक अध्यावरण टेग्मेन (Tegmen) कहलाता है। ये दोनों मिलकर बीजचोल (Seed coat) बनाते हैं ।
  5. निषेचन के पश्चात् बीजाण्ड बीज बनता है।
  6. निषेचन के बाद अण्डाशय (Ovary), फल (Fruit) में रूपान्तरित होता है । फल की दीवार फलभित्ति (Pericarp) कहलाती है। .
  7. वर्तिका (Style) गिर जाती है और फल पर अपना चिन्ह छोड़ जाती है।
  8. पुष्प के अन्य भाग जैसे-पुंकेसर, दलपुंज (Petals) गिर जाते हैं। कुछ फलों में (सोलेनेसी कुल के) कैलिक्स फल बनने पर भी लगे रहते हैं, जिन्हें चिरलग्न (Perisistent) कहा जाता है।

प्रश्न 16.
एक द्विलिंगी पुष्प क्या है ? अपने आस-पास से पाँच द्विलिंगी पुष्पों को एकत्र कीजिए और अपने शिक्षक की सहायता से इनके सामान्य (स्थानीय) एवं वैज्ञानिक नाम पता कीजिए।
उत्तर
जब किसी एक ही पौधे में दोनों लिंग एक साथ उपस्थित हों तो उसे द्विलिंगी (Bisexual) कहा जाता है। स्थानीय आवास के पाँच द्विलिंगी पुष्पों के सामान्य एवं वैज्ञानिक नाम निम्न प्रकार से हैं
सामान्य नाम – वैज्ञानिक नाम

  • धतूरा – Datura metal
  • सरसों – Brassica campestris
  • गुड़हल – Hibiscus rosa-sinensis
  • अमलताश – Cassia fistula
  • बबूल – Acacia nilotica.

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प्रश्न 17.
किसी भी कुकुरबिटा पादप के कुछ पुष्पों की जाँच कीजिए और पुंकेसरी एवं स्त्रीकेसरी पुष्पों को पहचानने की कोशिश कीजिए। क्या आप अन्य एकलिंगी पौधों के नाम जानते हैं ?
उत्तर
कुकुरबिटेसी कुल के पादपों में पुष्प एकलिंगी होते हैं। पुष्पों का निरीक्षण करने पर यदि उसमें केवल पुंकेसर उपस्थित हो अथवा केवल जायांग उपस्थित हो तो यह एकलिंगी नर अथवा मादा पुष्प होगा। अन्य एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं

  • कुकुरबिटा  मैक्सिमा (Cucurbita maxima) – सीताफल
  • रिसिनस कोम्युनिस (Ricinus communis) – अरण्ड
  • सिटुलस वल्गेरिस (Citrullus vulgaris) – तरबूज ।

प्रश्न 18.
अण्डप्रजक प्राणियों का उत्तरजीवन (सरवाइवल ) सजीव प्रजक प्राणियों की तुलना में अधिक जोखिमयुक्त क्यों होता है ? व्याख्या कीजिए।
उत्तर
यदि युग्मनज (Zygote) का मादा जनक के शरीर के बाहर विकास होता है तो उन्हें अण्डप्रजक ‘ (Oviparous) कहा जाता है। अण्डप्रजक में युग्मनज का विकास बाहर होने के कारण यह पूर्णतः जोखिमपूर्ण होता है तथा इनकी संतानों का उत्तरजीवन (सरवाइल), सजीव प्रजक प्राणियों की तुलना में कम होता है।

जीवों में जनन अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

जीवों में जनन वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1.सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. निम्नलिखित में से कैलोज की भित्ति पायी जाती है (CBSE PMT 2007)
(a) नर युग्मक में
(b) अण्ड में
(c) परागकण में
(d) गुरुबीजाणु मातृकोशिका में।
उत्तर
(d) गुरुबीजाणु मातृकोशिका में।

प्रश्न 2.
ऐसा कायिक जनन जिसमें नये पौधे पत्ती के अविच्छिन्न शीर्ष पर विकसित होते हैं, पाया जाता (AFMC2012)
(a) एस्पैरेगस में
(b) अगैव में
(c) क्राइसेन्थेमम में
(d) ब्रायोफिलम में।
उत्तर
(d) ब्रायोफिलम में।

प्रश्न 3.
केले में कायिक जनन होता है (AMU 2012)
(a) कंद से
(b) प्रकन्द से
(c) बल्ब से
(d) अंत:भूस्तारी से।
(b) प्रकन्द से

प्रश्न 4.
सजीव प्रजक प्राणी है
(a) कछुआ
(b) अस्थिल मछली
(c) गुंजन पक्षी
(d) व्हेल मछली।
उत्तर
(d) व्हेल मछली।

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प्रश्न 5.
‘क्लोन’ होते हैं
(a) आनुवंशिक लक्षणों में जनक के समान
(b) कायिक जनन से विकसित पादपों की समष्टि
(c) एक ही जनक से विकसित पादप
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर
(d) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 6.
शिशुओं को जन्म देने वाले प्राणी कहलाते हैं
(a) सजीव प्रजकता
(b) उभयचरी
(c) अण्डप्रजक
(d) प्रगुहीय।
उत्तर
(a) सजीव प्रजकता

प्रश्न 7.
युग्मनज में गुणसूत्र के सेट होते हैं
(a) X
(b) 2X
(c)3X
(d)4X.
उत्तर
(b) 2X

प्रश्न 8.
जनक पादपों के समान पादप प्राप्त किये जा सकते हैं
(a) बीज द्वारा
(b) फल द्वारा
(c) तनों के कर्तन द्वारा
(d) संकरण द्वारा।
उत्तर
(c) तनों के कर्तन द्वारा

प्रश्न 9.
आलू का कायिक प्रवर्धन किया जाता है
(a) प्रकंद द्वारा
(b) शल्ककंद द्वारा
(c) तने द्वारा
(d) कंद द्वारा।
उत्तर
(d) कंद द्वारा।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित में से अण्ड प्रजक प्राणी कौन है
(a) चमगादड़
(b) व्हेल
(c) पेंग्विन
(d) अमीबा।
उत्तर
(c) पेंग्विन

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. पौधों में जननांग ………………. प्रावस्था के अन्त में विकसित होते हैं।
2. एन्जियोस्पर्म की परागनलिका में ……………… केन्द्रक होते हैं।
3. केले तथा गुलाब में …………… नहीं बनते हैं अतः इनमें जनन केवल ………… से होता है।
4. प्राणियों में जननांग ………………. अवस्था में विभेदित हो जाते हैं।
5. तालाबों में आइकोर्निया ……………… की सहायता से वृद्धि करता है।
6. गुणन की दर ………………. जनन की अपेक्षा ………………. जनन में अधिक होती है।
उत्तर

  1. किशोरावस्था
  2. तीन
  3. बीज, कायिक विधियों
  4. भ्रूण
  5. भूस्तारिका
  6. लैंगिक, अलैंगिक।

3. सही जोड़ी बनाइए

MP Board Class 12th Biology Solutions Chapter 1 जीवों में जनन 3
उत्तर
1.(e),2. (d), 3. (1), 4. (a), 5. (c), 6. (b).

4. एक शब्द में उत्तर दीजिए

1. अलैंगिक प्रजनन के फलस्वरूप उत्पन्न एकजनकीय, संरचना एवं आनुवंशिक गुणों में समान सन्तति को क्या कहते हैं ?
2 जूस्पोर्स द्वारा प्रजनन करने वाले एक शैवाल का नाम लिखिए।
3. गेम्यूल द्वारा वर्षी प्रजनन करने वाला जीव कौन-सा है ?
4. कशाभिकायुक्त बीजाणुओं को क्या कहते हैं ?
5. अजूबा की पत्तियों में कौन-सी कलिकाओं के द्वारा वर्धा प्रजनन होता है ?
उत्तर

  1. क्लोन
  2. क्लैमाइडोमोनास
  3. स्पॉनजिला
  4. जूस्पोर्स
  5. अपस्थानिक कलिका।

जीवों में जनन अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जीवन अवधि से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर
प्रत्येक जीव के जन्म से उसकी प्राकृतिक मृत्यु तक का काल उस जीव की जीवन अवधि होती है।

प्रश्न 2.
निषेचन को परिभाषित कीजिये।
उत्तर
वह प्रक्रिया जिसमें नर व मादा युग्मक संलयित होकर द्विगुणित युग्मनज (Zygote) बनाते हैं, निषेचन कहलाती है।

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प्रश्न 3.
क्लोन किसे कहते हैं ?
उत्तर
एक ही जनक से उत्पन्न आकारिकी व आनुवंशिक रूप से समान जीव क्लोन कहलाते हैं।

प्रश्न 4.
एक ऐसे जीव का नाम लिखिए जिनमें अलैंगिक जनन कोनिडिया द्वारा होता है।
उत्तर
पेनिसीलियम।

प्रश्न 5.
प्रकन्द द्वारा वर्षी प्रजनन किन पौधों में होता है ?
उत्तर
अदरक, हल्दी में।

प्रश्न 6.
एक ऐसे जन्तु का नाम लिखिए जिसमें अनुप्रस्थ द्विविभाजन होता है।
उत्तर
पैरामीशियम।

प्रश्न 7.
वृद्धावस्था का क्या मापदण्ड है ?
उत्तर
प्रजनन की आयु की समाप्ति को जीर्णता या वृद्धावस्था के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 8.
उभयलिंगाश्रयी (Monoecious) पादपों के दो उदाहरण दीजिये।
उत्तर
कुकुरबिटा एवं नारियल उभयलिंगाश्रयी के उदाहरण हैं।

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MP Board Class 10th Hindi Vasanti Solutions Chapter 13 समय नहीं मिला

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MP Board Class 10th Hindi Vasanti Solutions Chapter 13 समय नहीं मिला (श्रीमन्नारायण अग्रवाल)

समय नहीं मिला पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

समय नहीं मिला लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
समय न मिलने का बहाना कैसे लोग करते हैं?
उत्तर
समय न मिलने का बहाना ज्यादातर वे लोग करते हैं, जो कछ नहीं करते हैं और उनकी टालमटोल करने की आदत पड़ जाती है।

प्रश्न 2.
समय के संबंध में अंग्रेजी की मशहूर कहावत कौन-सी है?
उत्तर
समय के संबंध में अंग्रेजी की मशहूर कहावत ‘समय धन’ है।

प्रश्न 3.
मालवीय जी द्वारा आयोजित सम्मेलन सफल क्यों न हो सका?
उत्तर
मालवीय जी द्वारा आयोजित सम्मेलन सफल न हो सका। उसका खास कारण तो ब्रिटिश सरकार के राजनैतिक दाँवपेंच ही थे। पर एक बात की ओर भी हमारा ध्यान गए बिना न रहा। सम्मेलन में शरीक होने के लिए नेता निश्चित समय पर ही आया करते थे, पर मालवीय जी की अनुपस्थिति के कारण वे थोड़ी देर राह देखकर तितर-बितर हो जाते थे। उन्हें खबर मिलती कि अभी मालवीय जी के आने में दो घण्टे की देर है। समय की इस गैर-पाबंदी के कारण मैंने कई नेताओं को हताश व परेशान होते देखा। कई लोग तो निराश होकर बीच ही में सम्मेलन का कार्य छोड़ कर चले गए।

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प्रश्न 4.
लेखक ने किन लोगों को मुबारकबाद देना चाहा है?
उत्तर
लेखक ने उन लोगों को मुबारकबाद देना चाहा है, जो अपने समय का पूरा फायदा उठाते हैं और एक मिनट भी बरबाद नहीं करते हैं।

प्रश्न 5.
सुबह जल्दी उठने से क्या लाभ होता है?
उत्तर
सुबह जल्दी उठने से अनेक लाभ होते हैं। इससे समय की काफी बचत होती है। दिन भर स्फूर्ति का अनुभव होता रहता है।

प्रश्न 6.
लेखक ने बड़ा व्यक्ति किसे कहा है?
उत्तर
लेखक ने बहुत व्यस्त रहने वाले व्यक्ति को बड़ा व्यक्ति कहा है।

समय नहीं मिला दीर्य-उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘वक्त सबके लिए बराबर है’ पंक्ति को लेखक ने किन उदाहरणों से समझाया है?
उत्तर
‘वक्त सबके लिए बराबर है’ पंक्ति को लेखक ने बैंक और शेयर बाजार के उदाहरणों से समझाया है। वह इस तरह अगर बैंक जवाब दे दें तो एक करोड़पति मिनटों में गरीब और भिखमँगा भी बन सकता है, लेकिन कुदरत का इन्तजाम नहीं बिगड़ता। समय के सागर में शेयर बाजार की तरह दिन में कितने ही बार ज्वार-भाटा नहीं आता। धन की दुनिया में अमीर-गरीब बादशाह-कंगाल का फ़र्क है। पर खुशकिस्मती से समय के साम्राज्य में ऊँच-नीच का भेदभाव नहीं है।

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प्रश्न 2.
सभा-सम्मेलनों में समय के संबंध में क्या देखा जाता है?
उत्तर
समय की तत्परता के संबंध में सभी सूबों की कहानी करीब एक-सी है। मीटिंग का समय पर शुरू होना हमेशा अपवाद रहा करता है, नियम नहीं। उड़ीसा में तो कई जगह मुकर्रर किए गए वक्त से दो घण्टे बाद मीटिंग शुरू करने का रिवाज ही पड़ गया है। वक्त बताते हुए भी मीटिंग बुलाने वाले, मीटिंग में आने वाले सभी सज्जन यही मानकर चलते हैं कि अगर चार बजे का समय दिया है तो मीटिंग छः बजे शुरू होगी। उसके बाद भले ही हो. पर छः के पहले नहीं।

प्रश्न 3.
किसी भी बैठक का समय पर आरंभ हो जाना अपवाद क्यों रहा है?
उत्तर
किसी भी बैठक का समय पर आरंभ हो जाना अपवाद ही रहा है। यह इसलिए कि देर से बैठक शुरू करने का रिवाज ही पड़ गया है।

प्रश्न 4.
लेखक ने विदेशों में समय की बरबादी के क्या उदाहरण दिए हैं?
उत्तर
इंग्लैण्ड व यूरोप के दूसरे देशों में भी समय की बरबादी दिल खोलकर की जाती है। वहाँ की सभाएँ वक्त पर होती हैं और लोग समय के पाबंद भी हैं। लेकिन अगर सिनेमा व थियेटर के टिकट लेने के लिए लंबी-लंबी कतारों का दृश्य आप देखें तो हैरान होंगे कि जो लोग इतने व्यस्त दिखते हैं और सड़कों पर भी दौड़-दौड़ कर चलते हैं, वे इन कतारों में दो-दो, तीन-तीन घण्टे लगातार किस तरह खड़े रहते हैं और केवल यही राह देखते रहते हैं कि कब टिकट घर की खिड़की खुले। इन , कतारों में जवान, बूढ़े, स्त्री, पुरुष सभी रहते हैं, कभी-कभी तीन घण्टे खड़े रहने के बाद भी थियेटर में जगह न रहने के कारण कुछ लोगों का वापस जाना पड़ता है।

प्रश्न 5.
जीवन में समय की पाबंदी के साथ-साथ कुछ लचक रखना भी जरूरी क्यों हैं?
उत्तर
जीवन में समय की पाबंदी के साथ-साथ कुछ लचक रखना भी जरूरी है। यह इसलिए कि इसके बिना कोई भी व्यक्ति अपना और अपने घरवालों का जीवन सुखी नहीं बना सकेगा। इससे वह चिड़चिड़ा और नाराज रहने लगेगा।

समय नहीं मिला भाषा-अनुशीलन

प्रश्न 1.
संधि-विच्छेद कर संघि का नाम लिखिए।
सज्जन, सदुपयोग, सम्मेलन, विद्यार्थी, मनोविकार।
उत्तर
MP Board Class 10th Hindi Vasanti Solutions Chapter 13 समय नहीं मिला img-1

प्रश्न 2.
समास-विग्रह कर प्रकार लिखिए
यवा-समय, अस्त-व्यस्त, ऊँच-नीच, अर्वव्यवस्था, पंचतंत्र, गजानन।
उत्तर
MP Board Class 10th Hindi Vasanti Solutions Chapter 13 समय नहीं मिला img-2

प्रश्न 3.
ख्याल, सिनेमा जैसे अनेक आगत शब्द इस पाठ में आए हैं। ऐसे अन्य आगत शब्दों को छाँटकर लिखिए।
उत्तर
उत्तर, अक्सर, काफी, बेशुमार, फैशन, डाकघर, बहाना, मशहूर, मुकाबला, लालसा आदि।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए
देश, आदमी, सुबह, लालसा, राह।
उत्तर
देश – वतन, राष्ट्र
आदमी – मनुष्य, मानव
सुबह – सबेरा, प्रातः
लालसा – अभिलाषा, इच्छा
राह – मार्ग, रास्ता।

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प्रश्न 5.
वाक्यों में प्रयोग कीजिए
टाल मटोल करना, तितर-बितर होना, राह देखना, मशीन बन जाना।
उत्तर
मुहावरे – वाक्य-प्रयोग
टालमटोल – आलसी मनुष्य टालमटोल करते रहते हैं।
तितर-बितर होना – घबड़ाहट में सारा सामान तितर-बितर हो गया।
राह देखना – वह देर तक अपने साथी की राह देखता रहा।
मशीन बन जाना – आज विज्ञान के युग में मनुष्य का मशीन बन जाना कोई आश्चर्य नहीं है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्य को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए
गोपाल कल आएगा।
(क) निषेधवाचक
(ख) प्रश्नवाचक
(ग) विस्मयादिवाचक
(घ) संदेहवाचक।
उत्तर
गोपाल कल आएगा।
(क) निषेधवाचक – गोपाल कल नहीं आएगा।
(ख) प्रश्नवाचक – क्या गोपाल कल आएगा?
(ग) विस्मयादिवाचक – अहा! गोपाल कल आएगा!
(घ) संदेहवाचक – शायद गोपाल कल आएगा।

समय नहीं मिला योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1.
समय का पालन करने वाले जिन महापुरुषों के नाम आप जानते हैं, उनकी सूची बनाइए।

प्रश्न 2.
समय का दुरुपयोग करने वाले लोगों को क्या-क्या दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं? संक्षिप्त लेख लिखिए।

प्रश्न 3.
समय की नियमितता से संबंधित अनुभवों को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर
उपर्युक्त प्रश्नों को छात्र/छात्रा अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से हल करें।

समय नहीं मिला परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘समय नहीं मिला’ निबंध का प्रतिपाय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
लेखक ने इस व्यंग्यात्मक लेख में समय का महत्त्व समझाने का प्रयास किया है। लेखक का मानना है कि समय के साथ चलना. जीवन को नियमित बनाना. हर कार्य को गंभीरता से समझना, उसे भली-भाँति पूरा करना आदि बातें जीवन की सफलता के लिए बहुत आवश्यक हैं। इन्हें लेखक ने विविध उदाहरणों द्वारा स्पष्ट किया है। लेखक ने यह भी बताने का प्रयास किया है कि समय का महत्त्व न समझने वाले बहुत पीछे रह जाते हैं। समाज में उनका सम्मान भी सुरक्षित नहीं रहता। समयाभाव का बहाना बनाने वाले जीवन लक्ष्य तक नहीं पहुँचते। प्रस्तुत पाठ में लेखक ने दिनचर्या की अनियमितता और बहाना बनाने की आदत से बचने का संदेश दिया है।

प्रश्न 2.
समय पर किसी का जवाब न मिलने पर लेखक क्या समझ लेता है?
उत्तर
समय पर किसी का जवाब न मिलने पर लेखक यह समझ लेता है कि शायद डाकघर की कुछ गलती से पत्र ही देर से पहुँचा या न भी पहुँचा हो। या फिर महाशयजी का जीवन ही अस्त-व्यस्त और ढीला होगा। वे पत्र पढ़कर कहीं इधर-उधर डाल देते होंगे और या फिर उन्हें जवाब देने का ख्याल अक्सर नहीं रहता होगा या उत्तर देने के वक्त पत्र ही नहीं मिलता होगा।

प्रश्न 3.
समय धन से कहीं अधिक अहम् चीज है कैसे?
उत्तर
समय धन से कहीं अधिक अहम चीज़ है। यह इसलिए कि हम अधिकसे-अधिक मेहनत करके बहुत धन कमा सकते हैं। लेकिन हजार परिश्रम करने पर भी हम चौबीस घण्टों में एक भी मिनट नहीं बढ़ा सकते हैं। इस प्रकार की बहुमूल्य चीज का सामना धन से नहीं किया जा सकता है।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित कथनों के लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।
1. श्रीमन्नारायण अग्रवाल आर्थिक सिद्धान्तों के विशेषज्ञ थे।
1. समाजवादी
2. गाँधीवादी
3. राजनीतिक
4. आध्यात्मिक।
उत्तर
2. गाँधीवादी

2. श्रीमन्नारायण अग्रवाल की रचना है
1. मानव
2. मानव और दानव
3. अभिनव मानव
4. आदि मानव
उत्तर
1. मानव

3. श्रीमन्नारायण का जन्म कहाँ हुआ था
1. वाराणसी में
2. इलाहाबाद में
3. मैनपुरी में
4. उन्नाव में।
उत्तर
3. मैनपुरी में

4. श्रीमन्नारायण का जन्म किस सन में हुआ था
1. 1900 में
2. 1901 में
3. 1910 में
4. 1912 में।
उत्तर
4. 1912 में।

5. श्रीमन्नारायण सम्पादक थे।
1. सबकी बोली के
2. सरस्वती के
3. राष्ट्रभाषा प्रचार के
4. सबकी बोली’ और ‘राष्ट्रभाषा प्रचार’ के।
उत्तर
4. सबकी बोली’ और ‘राष्ट्रभाषा प्रचार’ के।

प्रश्न 5.
रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों में से उचित शब्दों के चयन से कीजिए
1. ज्यादातर लोगों की ………….. आदत ही पड़ जाती है। (बहाना बनाने की, टालमटोल करने की)
2. बड़े लोगों का व्यवहार भी बहुत ………….. रहता है। (व्यस्त, व्यवस्थित)
3. समय न मिलने का बहाना अक्सर अपनी …………… को ढाँकने के लिए किया जाता है। (मजबूरी, कमजोरी)
4. अंग्रेजी की मशहूर कहावत है-‘समय …………… है’। (बलवान, धन)
5. धन से कहीं अधिक अहम् चीज है। (बुद्धि, समय)
उत्तर

  1. टालमटोल
  2. व्यवस्थित
  3. कमजोरी
  4. धन
  5. समय

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प्रश्न 6.
सही जोड़ी का मिलान किजिए
छोटे-छोटे सवाल – रामचंद्र शुक्ल
उत्साह – मीराबाई
रोटी का राग – तुलसीदास
वर्षा गीत – श्रीमन्नारायण अग्रवाल
विनय पत्रिका – दुष्यंत कुमार।
उत्तर
छोटे-छोटे सवाल – दुष्यंत कुमार
उत्साह – रामचंद्र शुक्ल
रोटी का राग – श्रीमन्नारायण अग्रवाल
वर्षा गीत – मीराबाई
विनय पत्रिका – तुलसीदास।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित वाक्य सत्य हैं या असत्य? वाक्य के आगे लिखिए।
1. बड़े लोगों का जीवन नियमित रहता है।
2. जो व्यक्ति खतों का जवाब देरी से देता है, वह इसी कारण बड़ा हो जाता है।
3. वक्त के लिए सब बराबर हैं।
4. ज्यादातर लोग कुछ नहीं करते हैं।
5. 1930 में मालवीय जी ने प्रयाग में ‘एकता सम्मेलन’ बुलाया था।
उत्तर

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. सत्य
  5. असत्य

प्रश्न 8.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में दीजिए
1. अधिकांश लोग क्या करते हैं?
2. अपनी कमजोरी को ढाँकने के लिए क्या न मिलने का बहाना किया जाता है?
3. किसका अपमान करके कोई बड़ा आदमी न बन सका है और न बन सकेगा?
4. मालवीय जी ने ‘एकता सम्मेलन’ कब बुलाया था?
5. सुबह जल्दी उठकर हम दिनभर क्या महसूस करेगे?
उत्तर

  1. टालमटोल
  2. समय
  3. समय का
  4. 1932 में
  5. स्फूर्ति ।

समय नहीं मिला लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
किस तरह की बातें लोगों को सुननी पड़ती हैं?
उत्तर
‘मुझे आपका काम याद था, पर क्या करूँ, बिल्कुल समय ही नहीं मिला। क्षमा करें।…कल इसी वक्त आ जाइये। समय निकालने की जरूर कोशिश करूँगा।’ कुछ इसी तरह की बातें लोगों को सननी पड़ती हैं।

प्रश्न 2.
लेखक का बड़े लोगों के बारे में क्या अनुभव है?
उत्तर
लेखक का बड़े लोगों के बारे में अनुभव है कि जो लोग सचमुच बड़े हैं और बहुत व्यस्त रहते हैं उनका पत्र-व्यवहार भी बहुत व्यवस्थित रहता है। उनका जीवन नियमित रहता है और वे रोज का काम उसी समय निपटा देते हैं।

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प्रश्न 3.
लेखक किसकी तारीफ़ करता है?
उत्तर
लेखक उन लोगों की तारीफ़ करता है, जो खुशदिल रहकर दूसरों को भी खुशदिल रखें। उससे वह अपने-आप समय का जितना उपयोग कर सकें, उतना ही वह काबिलेतारीफ़ है।

प्रश्न 4.
लेखक के मुबारकबाद का पात्र कौन है?
उत्तर
लेखक के मुबारकबाद का पात्र वह है, जो अपने-आप समय का पूरा फायदा उठाता है और एक मिनट भी बरबाद नहीं करता है।

समय नहीं मिला लेखक-परिचय

जीवन-परिचय-श्रीमन्नारायण अग्रवाल गाँधीवादी चिंतकों-विचारकों में प्रमुख हैं। आपका जन्म उत्तर-प्रदेश के मैनपुरी जिलान्तर्गत हआ था। आपकी आरंभिक शिक्षा कलकत्ता में हुई। इसके बाद आपने अपनी उच्च शिक्षा के लिए प्रयाग विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। वहीं से आपने उच्च शिक्षा प्राप्त करके आजीविका के लिए नौकरी कर ली। इस दृष्टि से आप ‘सबकी बोली’ और ‘राष्ट्र-भाषा-प्रचार’ के भी संपादक रहे। यही नहीं, आप लगातार अनेक वर्षों तक राष्ट्र भाषा-प्रचार समिति, वर्धा के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी अहं भूमिका निभाते थे। रचनाएँ-श्रीमन्नारायण अग्रवाल का गद्य और पद्य दोनों पर अधिकार रहा है। उनकी रचनाएँ इस प्रकार हैं

काव्य-संग्रह-‘सेगाँव का संत’, ‘रोटी का राग’ तथा ‘मानव’

भाषा-शैली-श्रीमन्नारायण अग्रवाल की साहित्यिक धारा अधिक सरल और सपाट शब्दों की है। उसमें बहुप्रचलित शब्दों की भरमार है। इस प्रकार के शब्दों से निर्मित भाषा के अर्थ सहज रूप से प्रकट हो जाते हैं। इनसे बने हुए वाक्य बोधगम्य हैं। श्रीमन्नारायण अग्रवाल की शैली में विविधता है। कहीं तो वह पत्रकारिता के छाँव तले पनपती है और कहीं तो अध्यापन के अधीन होकर सरकती है। इस प्रकार आपकी शैली एक पत्रकार की शैली के साथ-साथ एक अध्यापक आचार्य की शैली है। इस प्रकार की शैलियों से विषय-वस्तु का प्रतिपादन अच्छी तरह से हुआ है।

साहित्य में स्थान-श्रीमन्नारायण का हिन्दी गद्य-पद्य दोनों ही विधाओं के रचनाकारों में उल्लेखनीय स्थान है। यह सर्वविदित है कि साहित्य के प्रति इनका अनुराग शुरू से ही रहा है। गाँधीवादी दृष्टिकोण को रेखांकित करने वाले प्रमुख साहित्यकारों में से आप एक हैं।

समय नहीं मिला निबंध का सारांश

प्रस्तुत निबंध ‘समय नहीं मिला’ एक व्यंग्यात्मक निबंध है। इसमें लेखक ने समय को समझाने का प्रयास किया है। लेखक के अनुसार अधिकांश लोग समय पर न मिलने का प्रयत्न करते हैं। अपनी टालमटोल आदत से व्यस्तता का बहाना बनाकर करते हैं। इसी प्रकार पत्रों का उत्तर देने में भी अधिकांश लोग अपनी व्यस्तता का बहाना बनाकर अपनी टालमटोल की आदत से बाज नहीं आते हैं, जो हो, समय न मिलने का बहाना प्रायः अपनी कमजोरी और अनियमितता को ढाँकने के लिए किया जाता है। लेकिन समय का अपमान करके आज तक न कोई बड़ा बन सका है और न कोई बन सकेगा। समय धन है। यों तो हम अधिक मेहनत करके अधिक-से-अधिक धन तो कमा सकते हैं लेकिन वक्त को न तो बढ़ा सकते हैं और न घटा ही सकते हैं। धन की दुनिया में अमीर-गरीब बादशाह-कंगाल का फर्क है लेकिन समय के साम्राज्य में ऊँच-नीच का भेदभाव नहीं है। समय के लिए सब बराबर हैं। फिर भी हम समय का महत्त्व नहीं समझ पाते।

लेखक समय की पूरी-पूरी पाबंदी करने वालों को मुबारक बाद देते हुए यह सलाह दे रहा है कि अगर आप केवल सुबह ही जल्दी उठना शुरू कर दें, तो आप काफी समय बचा लेंगे। फिर दिन भर आप स्फूर्ति का अनुभव करेंगे। लेकिन ध्यान रहे कि आप कहीं मशीन की तरह न बन जाएँ। घड़ी के ठोके के साथ अपनी जिंदगी की ताल न बैठा लें। अगर आपने अपने कार्यक्रम में जरा भी लचक न रखी। उसमें भिन्नता की गुंजाइश न रही हो तो भी आप अपना और अपने घरवालों का जीवन सुखी न बना सकेंगे। फलस्वरूप आपका मिजाज भी चिड़चिड़ा हो जाएगा। अपना समय बर्बाद करने वालों पर आप नाराज होना शुरू कर देंगे। अंततः यह कहना है कि खुशदिल रहकर और दूसरों को भी निभाकर आप अपने समय का जितना अधिक और अच्छा उपयोग कर सकें, उतनी आपकी प्रशंसा है। और कृपया आज से किसी से न कहें ‘मुझे समय नहीं मिला।

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समय नहीं मिला संदर्भ-प्रसंग सहित व्याख्या

(1) जहाँ वक्त बढ़ाया नहीं जा सकता, वहाँ लाख कोशिश करने पर वह घटाया भी नहीं जा सकता। आजकल की विचित्र अर्थव्यवस्था में हमारे धन की कीमत रोज घट बढ़ सकती है। अगर बैंक जवाब दे दें तो एक करोड़पति मिनटों में गरीब और भिखमंगा भी बन सकता है, किंतु कुदरत का इन्तजाम नहीं बिगड़ता। समय के सागर में शेयर बाजार की तरह दिन में कितने ही बार ज्वार-भाटा नहीं आता। धन की दुनिया में अमीर-गरीब बादशाह-कंगाल का फर्क है। पर खुशकिस्मती से समय के साम्राज्य में ऊँच-नीच का भेद-भाव नहीं है। वक्त के लिए सब बराबर हैं, उसमें आदर्श लोकतंत्र है। फिर भी हम उसका महत्त्व नहीं समझते।

शब्दार्थ-कुदरत-ईश्वर ।ज्वार-भाटा-उतार-चढ़ाव,। खुशकिस्मती-सौभाग्य।

संदर्भ-प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य-पस्तक ‘हिंदी सामान्य’ 10वीं में संकलित लेखक श्रीमन्नारायण अग्रवाल लिखित व्यंग्यात्मक निबंध ‘समय नहीं मिला’ से है।

प्रसंग-प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने ‘समय पर किसी का कोई अधिकार नहीं होता है’ इसे समझाते हुए कहा है कि

व्याख्या-आज के इस विज्ञान युग में भले ही सब कुछ सम्भव हो सकता है, लेकिन समय को न तो बढ़ाया जा सकता है और न घटाया ही जा सकता है। जहाँ तक आज की अर्थव्यवस्था का प्रश्न है तो यह भी कहा जा सकता है कि हम अपने मन की कीमत जब चाहे घटा-बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई बैंक किसी करोड़पति को मदद करना बंद कर दे, तो उसे चंद मिनटों में गरीब और भिखमंगा होने में देर नहीं लगेगी। लेकिन जो ईश्वरीय विधान है, वह इससे अलग है। वह अपना प्रबंध अपने ढंग से बनाए रखता है। इस प्रकार समय का उतार-चढ़ाव ज्वार-भाटा या शेयर बाजार की तरह गिरता-उठता नहीं है। इस प्रकार समय की तुलना धन से नहीं की जा सकती है। यह इसलिए कि धन के संसार में अमीरी-गरीबी का भेदभाव भरा होता है। लेकिन समय का संसार इससे कहीं अलग ही होता है। वहाँ तो किसी प्रकार का कोई भेदभाव होता ही नहीं है। वहाँ तो सब एक समान हैं। वहाँ एक आदर्श लोकतंत्र है। अफ़सोस की बात है कि हम यह सब कुछ जानते हुए समय के महत्त्व नहीं समझ पाते हैं।

विशेष-

  1. समय के महत्त्व को बतलाया गया है।
  2. भाषा-शैली में प्रवाह है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
वक्त की क्या विशेषता है?
उत्तर
वक्त की यह विशेषता होती है कि उसे न तो हम घटा सकते हैं और न बढ़ा ही सकते हैं।

प्रश्न 2.
धन और समय की दुनिया में क्या फर्क है?
उत्तर
धन की दुनिया और समय की दुनिया में बहुत फर्क है। धन की दुनिया में अमीरी-गरीबी का भेद होता है, जबकि समय की दुनिया में सब बराबर होते हैं।

विषय-वस्तु पर आधारित बोध प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गद्यांश का मुख्य भाव लिखिए।
उत्तर
उपर्युक्त गद्यांश के द्वारा लेखक ने यह भाव प्रकट करना चाहा है कि समय को घटाया और बढ़ाया नहीं जा सकता है। इसकी तुलना धन से नहीं की जा सकती है। यह इसलिए कि धन की दुनिया में अमीरी-गरीबी का भेदभाव होता है, जबकि समय की दुनिया में सब बराबर होते हैं। अफसोस यह है कि हम समय की कीमत जानते हुए उसके महत्व को नहीं समझते हैं।

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2. पर मेहरबानी करके आप कहीं मशीन की तरह भी न बन जाएँ। घड़ी के ठोके के साथ अपनी जिंदगी की ताल न बैठा लें। अगर अपने कार्यक्रम में आपने जरा भी लचक न रखी और उसमें भिन्नता की गुंजाइश न रही हो तो भी आप अपना और अपने घरवालों का जीवन सुखी न बना सकेंगे। फिर तो शायद आपका मिजाज भी चिड़चिड़ा हो जाएगा और आप दूसरों पर, जो अपना समय जरा भी बर्बाद करते हैं, नाराज होना शुरू कर देंगे।

शब्दार्च-ताल-मेल । लचक-सरस। मिजाज़-दिमाग।

संदर्भ-पूर्ववत्।

प्रसंग-प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने समय के सदुपयोग के तरीके पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि

व्याख्या-आप समय का सदुपयोग अवश्य करें। लेकिन इससे पहले आप यह जान लें कि यह किस तरह होना चाहिए। आपके लिए यह सुझाव है कि आप कृपया समय का सदुपयोग मशीन की तरह न करें। दूसरे शब्दों में, यह कि आप समय के सदुपयोगी मशीन न बन जाएँ। यही नहीं आप अपनी जिंदगी के ताल घड़ी के ठोके के साथ न बैठा लें। यह ध्यान रहे कि आप अपने कार्यक्रम में लचक रखें। अगर आपने ऐसा नहीं किया और उसमें कोई फर्क की संभावना न रखी तो आप न केवल अपना ही, अपितु अपने घर-परिवार के जीवन को दुखमय ही बनायेंगे। फलस्वरूप आपका मिजाज चिड़चिड़ा हो जाए तो, इसमें कोई आश्चर्य नहीं। इससे जो अपना समय बर्बाद करते हैं, उन पर अपनी नाराजगी दिखाना शरू कर देंगे।

विशेष

  1. समय के सदुपयोग के तौर-तरीके पर प्रकाश डाला गया है।
  2. यह अंश ज्ञानवर्द्धक है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मशीन की तरह न बनने की क्यों सीख दी गई है?
उत्तर
मशीन की तरह न बनने की सीख दी गई है। यह इसलिए कि इससे अपना और अपने घरवालों का जीवन सुखी नहीं बन सकता है।

विषय-वस्तु पर आधारित बोध प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
उपर्युक्त गयांश का मुख्य भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
उपर्युक्त गद्यांश के द्वारा लेखक का कहना है कि हमें मशीन की तरह बनकर समय का सदुपयोग नहीं करना चाहिए। इसमें लचक न रखने से घर-परिवार का सुख-चैन समाप्त हो जायेगा। मिजाज चिड़चिड़ा हो जाएगा और नाराज होने की आदत पड़ जाती है।

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.1

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 12 Ratio and Proportion Ex 12.1

Try this useful Ratio Simplifier and find out the simplest form of given ratio numbers.

Question 1.
There are 20 girls and 15 boys in a class.
(a) What is the ratio of number of girls to the number of boys?
(b) What is the ratio of number of girls to the total number of students in the class?
Solution:
(a) The ratio of number of girls to that of boys = \(\frac{20}{15}=\frac{4}{3}\) = 4 : 3
(b) The ratio of number of girls to total number of students = \(\frac{20}{20+15}=\frac{20}{35}=\frac{4}{7}\) = 4 : 7

Question 2.
Out of 30 students in a class, 6 like football, 12 like cricket and remaining like tennis. Find the ratio of
(a) Number of students liking football to number of students liking tennis.
(b) Number of students liking cricket to total number of students.
Solution:
Total number of students = 30
Number of students like football = 6
Number of students like cricket = 12
Thus, number of students like tennis = 30 – 6 – 12 = 12
(a) The ratio of number of students liking football to that of tennis = \(\frac{6}{12}=\frac{1}{2}\) = 1 : 2
(b) The ratio of number of students liking cricket to that of total students = \(\frac{12}{30}=\frac{2}{5}\) = 2 : 5

Question 3.
See the figure and find the ratio of
(a) Number of triangles to the number of circles inside the rectangle.
(b) Number of squares to all the figures inside the rectangle.
(c) Number of circles to all the figures inside the rectangle.
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Solution:
(a) The ratio of number of triangles to that of circles = \(\frac{3}{2}\) = 3 : 2
(b) The ratio of number of squares to that of all figures = \(\frac{2}{7}\) = 2 : 7
(c) The ratio of number of circles to that of all figures = \(\frac{2}{7}\) = 2 : 7

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Question 4.
Distances travelled by Hamid and Akhtar in an hour are 9 km and 12 km. Find the ratio of speed of Hamid to the speed of Akhtar.
Solution:
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Question 5.
Fill in the following blanks :
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Solution:
In order to get the first missing number, we consider the fact that 18 = 3 × 6, i.e., we get 6 when we divide 18 by 3. This indicates that to get the missing number of the second ratio, 15 must also be divided by 3.
When we divide, we get 15 – 5 – 3 = 5. Hence, the second ratio is \(\frac{5}{6}\) .
Similarly, to get the third ratio, we multiply both terms of the second ratio by 2. Hence, the third ratio is \(\frac{10}{12}\).
And to get the fourth ratio, we multiply both terms of the second ratio by 5. Hence, the fourth ratio is \(\frac{25}{30}\).
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Yes, these are equivalent ratios.

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Question 6.
Find the ratio of the following :
(a) 81 to 108
(b) 98 to 63
(c) 33 km to 121 km
(d) 30 minutes to 45 minutes
Solution:
(a) The ratio of 81 to 108
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Question 7.
Find the ratio of the following:
(a) 30 minutes to 1.5 hours
(b) 40 cm to 1.5 m
(c) 55 paise to Re. 1
(d) 500 ml to 2 litres
Solution:
(a) 1.5 hours = 1.5 × 60 minutes
= 90 minutes [ ∵ 1 hour = 60 minutes]
Now, the ratio of 30 minutes to 1.5 hours = 30 minutes : 1.5 hours
= 30 minutes: 90 minutes = \(\frac{30}{90}=\frac{1}{3}\) = 1 : 3

(b) 1.5 m = 1.5 × 100 cm = 150 cm [∵ 1 m = 100 cm]
Now, the ratio of 40 cm to 1.5 m = 40 cm : 1.5 m
= 40 cm : 150 cm = \(\frac{40}{150}=\frac{4}{15}\) = 4 : 15

(c) Re. 1 = 100 paise
Now, the ratio of 55 paise to Re. 1
= 55 paise : Re. 1 = 55 paise : 100 paise
= \(\frac{55}{100}=\frac{11}{20}\) = 11 : 20

(d) 2 litres = 2 × 1000 ml = 2000 ml [∵ 1 litre = 1000 ml]
Now, the ratio of 500 ml to 2 litres = 500 ml : 2 litres
= 500 ml : 2000 ml = \(\frac{500}{2000}=\frac{1}{4}\) = 1 : 4

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Question 8.
In a year, Seema earns Rs. 1,50,000 and saves Rs. 50,000. Find the ratio of
(a) Money that Seema earns to the money she saves.
(b) Money that she saves to the money she spends.
Solution:
Total earning of Seema = Rs. 1,50,000 and savings = Rs. 50,000
∴ Money spent by her
= Rs. 1,50,000 – Rs. 50,000 = Rs. 1,00,000
(a) The ratio of money earned to the money saved by Seema = \(\frac{150000}{50000}=\frac{3}{1}\) = 3 : 1
(b) The ratio of money saved to the money spent by Seema = \(\frac{50000}{100000}=\frac{1}{2}\) = 1 : 2

Question 9.
There are 102 teachers in a school of 3300 students. Find the ratio of the number of teachers to the number of students.
Solution:
The ratio of number of teachers to that of students = \(\frac{102}{3300}=\frac{17}{550}\) = 17 : 550

Question 10.
In a college, out of 4320 students, 2300 are girls. Find the ratio of
(a) Number of girls to the total number of students.
(b) Number of boys to the number of girls.
(c) Number of boys to the total number of students.
Solution:
Total number of students in the college = 4320
Number of girls = 2300
Therefore, number of boys = 4320 – 2300
= 2020
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Question 11.
Out of 1800 students in a school, 750 opted basketball, 800 opted cricket and remaining opted table tennis. If a student can opt only one game, find the ratio of
(a) Number of students who opted basketball to the number of students who opted table tennis.
(b) Number of students who opted cricket to the number of students opting basketball.
(c) Number of students who opted basketball to the total number of students.
Solution:
Total number of students = 1800 Number of students who opted basketball = 750
Number of students who opted cricket = 800 Therefore, number of students who opted table tennis = 1800 – (750 + 800) = 250
(a) The ratio of number of students who opted basketball to that who opted table tennis
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(b) The ratio of number of students who opted cricket to that who opted basketball
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(c) The ratio of number of students who opted basketball to the total number of students
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Question 12.
Cost of a dozen pens is Rs. 180 and cost of 8 ball pens is Rs. 56. Find the ratio of the cost of a pen to the cost of a ball pen.
Solution:
Cost of a dozen pens (12 pens) = Rs. 180
∴ Cost of 1 pen = Rs. \(\frac{180}{12}\)= Rs. 15
Cost of 8 ball pens = Rs. 56
∴ Cost of 1 ball pen = Rs. \(\frac{56}{8}\) = Rs. 7
Hence, the ratio of cost of one pen to that of one ball pen = \(\frac{15}{7}\) = 15 : 7

Question 13.
Consider the statement: Ratio of breadth and length of a hall is 2 :5. Complete the following table that shows some possible breadths and lengths of the hall.
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Solution:
Ratio of breadth to length of the ball = 2 : 5 = \(\frac{2}{5}\)
∴ Other equivalent ratios are
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Question 14.
Divide 20 pens between Sheela and Sangeeta in the ratio of 3 : 2.
Solution:
The ratio of dividing pens between Sheela and Sangeeta = 3 : 2.
∴ The two parts are 3 and 2.
Sum of the parts = 3 + 2 = 5
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Question 15.
Mother wants to divide Rs. 36 between her daughters Shreya and Bhoomika in the ratio of their ages. If age of Shreya is 15 years and age of Bhoomika is 12 years, find how much Shreya and Bhoomika will get.
Solution:
The ratio of the age of Shreya to that of
Bhoomika = \(\frac{15}{12}=\frac{5}{4}\) = 5 : 4
Thus, Rs. 36 will be divided between Shreya and Bhoomika in the ratio of 5 : 4.
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Question 16.
Present age of father is 42 years and that of his son is 14 years. Find the ratio of
(a) Present age of father to the present age of son.
(b) Age of the father to the age of son, when son was 12 years old.
(c) Age of father after 10 years to the age of son after 10 years.
(d) Age of father to the age of son when father was 30 years old.
Solution:
(a) The ratio of father’s present age to that of son = \(\frac{42}{14}=\frac{3}{1}\) = 3 : 1

(b) When son was 12 years old, i.e., 2 years ago, then father was (42 – 2) = 40 years old.
Therefore, the required ratio of their ages = \(\frac{40}{12}=\frac{10}{3}\) = 10 : 3

(c) Age of father after 10 years = (42 + 10) years = 52 years
Age of son after 10 years = (14 + 10) years = 24 years
Therefore, the required ratio of their ages = \(\frac{52}{24}=\frac{13}{6}\) = 13 : 6

(d) When father was 30 years old, i.e., 12 years ago, then son was (14 – 12) = 2 years old.
Therefore, the required ratio of their ages = \(\frac{30}{2}=\frac{15}{1}\) = 15 : 1

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3

Percentage Decrease Calculator is a free online tool that displays the percentage decrease for the given amount.

Question 1.
The following frequency distribution gives the monthly consumption of electricity of 68 consumers of a locality. Find the median, mean and mode of the data and compare them.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 1
Solution:
Median:
Let us prepare a cumulative frequency table:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 2
Now, we have N = 68 ⇒ \(\frac{N}{2}=\frac{68}{2}\) = 34
The cumulative frequency just greater than 34 is 42 and it corresponds to the class 125 – 145.
∴ 125 – 145 is the median class.
∴ l = 125, cf = 22, f= 20 and h = 20
Using the formula,
Median = l + \(\left[\frac{\frac{N}{2}-c f}{f}\right] \) × h
= 125 + \(\left[\frac{34-22}{20}\right]\) × 20
= 125 + \(\frac{12}{20}\) × 20 = 125 + 12 = 137 units.
Mean: Let assumed mean, a = 135
∵ Class size, h = 20
∴ ui = \(\frac{x_{i}-a}{h}=\frac{x_{i}-135}{20}\)
Now, we have the following table:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 3
∴ \(\overline{x}\) = a + h × [\(\frac{1}{N}\) Σfiui] = 135 + 20 × \(\frac{7}{68}\)
= 135 + 2.05 = 137.05 units.
Mode:
∵ Class 125 – 145 has the highest frequency i.e., 20.
∴ 125 – 145 is the modal class.
We have: h = 20, l = 125 , f1 = 20, f0 = 13, f2 = 14
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We observe that the three measures are approximately equal.

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Question 2.
If the median of the distribution given below is 28.5, find the values of x and y.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 5
Solution:
Here, we have N = 60
Now, cumulative frequency table is:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 6
Since, median = 28.5 (Given)
∴ Median class is 20 – 30 and l = 20, f = 20, cf = 5 + x, N = 60
∴ l + \(\left[\frac{\frac{N}{2}-c f}{f}\right] \) × h
⇒ 28.5 = 20 + \(\left[\frac{30-(5+x)}{20}\right]\) × 10
⇒ 28.5 = 20 + \(\frac{25-x}{2}\)
⇒ 57 = 40 + 25 – x
⇒ x = 40 + 25 – 57 = 8
Also, 45 + x + y = 60
⇒ 45 + 8 + y = 60
⇒ y = 60 – 45 – 8 = 7.
Thus x = 8, y = 7

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The percentage difference calculator is here to help you compare two numbers.

Question 3.
A life insurance agent found the following data for distribution of ages of 100 policy holders. Calculate the median age, if policies are given only to persons having age 18 years onwards but less than 60 year.
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Solution:
The given table is cumulative frequency distribution. We write the frequency distribution as given below :
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∵ The cumulative frequency just greater than 50 is 78.
∴ The median class is 35 – 40.
Now, \(\frac{N}{2}\) = 50, l = 35, cf = 45, f = 33 and h = 5
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Thus, the median age = 35.76 years.

Also you can check the age difference between your loved ones, friends using the Age difference Calculator.

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When the positive number a is rounded to the nearest tenth, the result is the number b.

Question 4.
The lengths of 40 leaves of a plant are measured correct to the nearest millimeter, and the data obtained is represented in the following table:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 10
Find the median length of the leaves.
[Hint: The data needs to be converted to continuous classes for finding the median, since the formula assumes continuous classes. The classes then change to 117.5-126.5,
126.5 – 135.5 ………… 171.5 – 180.5.]
Solution:
After changing the given table as continuous classes we prepare the cumulative frequency table as follows:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 11
The cumulative frequency just above 20 is 29 and it corresponds to the class 144.5 – 153.5.
So, 144.5 – 153.5 is the median class.
We have: \(\frac{N}{2}\) = 20, l = 144.5, f= 12, cf = 17 and h = 9
∴ Median = l + \(\left[\frac{\frac{N}{2}-c f}{f}\right] \) × h
= 144.5 + \(\left[\frac{20-17}{12}\right]\) × 9
= 144.5 + \(\frac{3}{12}\) × 9 = 144.5 + \(\frac{9}{4}\)
= 144.5 + 2.25 = 146.75
Median length of leaves = 146.75 mm.

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Question 5.
The following table gives the distribution of the life time of 400 neon lamps:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 12
Find the median life time of a lamp.
Solution:
To compute the median, let us write the cumulative frequency distribution as given below:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 13
Since, the cumulative frequency just greater than 200 is 216.
∴ The median class is 3000-3500 and so l = 3000, cf= 130, f = 86, h = 500
∴ Median = l + \(\left[\frac{\frac{N}{2}-c f}{f}\right] \) × h
= 3000 + \(\left[\frac{200-130}{86}\right]\) × 500
= 3000 + \(\frac{70}{86}\) × 500 = 3000 + \(\frac{35000}{86}\)
= 3000 + 406.98 = 3406.98
Thus, median life time of a lamp = 3406.98 hours.

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Online frequency distribution calculator tool makes the calculation faster and it displays the frequency distribution in a fraction of seconds.

Question 6.
100 surnames were randomly picked up from a local telephone directory and the frequency distribution of the number of letters in the English alphabets in the surnames was obtained as follows:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 14
Determine the median number of letters in the surnames. Find the mean number of letters in the surnames? Also, find the modal size of the surnames.
Solution:
Median: The cumulative frequency distribution table is as follows:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 15
Since, the cumulative frequency just greater than 50 is 76.
∴ The class 7-10 is the median class.
We have, \(\frac{N}{2}\) = 50 , f = 7, cf = 36, f = 40 and h = 3
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 16
Mode:
Since the class 7 – 10 has the maximum frequency i.e., 40.
∴ The modal class is 7 – 10.
So, we have l = 7,h = 3, f1 = 40, f0 = 30, f2 = 16
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 17
Thus, the required median = 8.05, mean = 8.32 and mode = 7.88.

Guidelines for conversion of CGPA into percentage.

Question 7.
The distribution below gives the weights of 30 students of a class. Find the median weight of the students.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 18
Solution:
We have cumulative frequency table as follows:
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 19
The cumulative frequency just greater than 15 is 19, which corresponds to the class 55 – 60.
So, median class is 55-60 and we have \(\frac{N}{2}\) = 15,
l = 55, f = 6, cf = 13 and h = 5
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 14 Statistics Ex 14.3 20
Thus, the required median weight of the students = 56.67 kg.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2

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MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2

polynomial root calculator is a free online too in my website.

Question 1.
Find the zeroes of the following quadratic polynomials and verify the relationship between the zeroes and the coefficients.
Solution:
(i) we have p(x) = x2 – 2x – 8
= x2 + 2x + – 4x – 8
= x(x + 2) – 4(x + 2)
= (x – 4)(x + 2)
For p(x) = 0, we must have (x – 4)(x + 2) = 0
Either x – 4 = 0 ⇒ x = 4
or x + 2 = 0 ⇒ x = -2
∴ The zeroes of x2 – 2x – 8 are 4 and -2
Now, sum of zeroes
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 1
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 2
Thus, the relationship between the zeroes and the coefficients in the polynomial x2 – 2x – 8 is verified.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2

(ii) We have p(s) = 4s2 – 4s + 1
= 4s2 – 2s – 2s + 1
= 2s(2s – 1) – l(2s – 1)
= (2s – 1)(2s – 1)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 3
Thus, the relationship between the zeroes and coefficients in the polynomial 4s2 – 4s + 1 is verified.

(iii) We have p(x) = 6x2 – 3 – 7x
= 6x2 – 7x – 3
= 6x2 – 9x + 2x – 3
= 3x(2x – 3) + 1(2x – 3)
= (3x + 1)(2x – 3)
For p(x) = 0, we have,
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 4
Thus, the relationship between the zeroes and coefficients in the polynomial 6x2 – 3 – 7x is verified.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2

(iv) We have, p(u) = 4u2 + 8u = 4u(u + 2)
For p(u) = 0,
we have
Either 4u = 0 ⇒ u = 0
or u + 2 = 0 ⇒ u = -2
∴ The zeroes of 4u2 + 8u are 0 and – 2.
Now, 4u2 + 8u can be written as 4u2 + 8u + 0.
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 5
Thus, the relationship between the zeroes and coefficients in the polynomial 4u2 – 4s + 1 is verified.

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2

(v) We have, p(t) = t2 – 15 = (t)2 – \((\sqrt{15})^{2}\)
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 8
Thus, the relationship between zeroes and the coefficients in the polynomial t2 – 15 is verified.

(vi) We have, p(x) = 3x2 – x – 4
= 3x2 + 3x – 4x – 4
= 3x(x + 1) – 4(x + 1)
= (x + 1)(3x – 4)
For p(x) = 0 we have,
Either (x + 1) = 0 ⇒ x = -1
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 9
Thus, the relationship between the zeroes and coefficients in the polynomial 3x2 – x – 4 is verified

MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2

Solve Polynomial problems with our Polynomial calculator and problem solver.

Question 2.
Find a quadratic polynomial each with the given numbers as the sum and product of its zeroes respectively.
(i) \(\frac{1}{4}\), -1
(ii) \(\sqrt{2}, \frac{1}{3}\)
(iii) 0, \(\sqrt{5}\)
(iv) 1, 1
(v) \(-\frac{1}{4}, \frac{1}{4}\)
(vi) 4,1
Solution:
(i) Since, sum of zeroes, \((\alpha+\beta)=\frac{1}{4}\)
Product of zeroes, αβ = -1
∴ The required quadratic polynomial is
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 10
have samezeroes, therefore (4x2 – x – 4) is the required quadratic polynomial.

(ii) Since, sum of zeroes, \((\alpha+\beta)=\sqrt{2}\)
product of zeroes, αβ = \(\frac{1}{3}\)
∴ The required quadratic polynomial is
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 11

(iii) Since, sum of zeroes, (α + β) = 0
Product of zeroes, αβ = \(\sqrt{5}\)
∴ The required quadratic polynomial is
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 12

(iv) Since, sum of zeroes, (α + β) = 1
Product of zeroes, αβ = 1
∴ The required quadratic polynomial is
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 13

(v) Since, sum of zeroes, (α + β) = \(-\frac{1}{4}\)
Product of zeroes, αβ = \(\)[\frac{1}{4}/latex]
∴ The required quadratic polynomial is
MP Board Class 10th Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.2 14
same zeroes, therefore, the required quadratic polynomial is (4x2 + x + 1)

(vi) Since, sum of zeroes, (α + β) = 4 and
product of zeroes, αβ = 1
∴ The required quadratic polynomial is
x2 – (α + β)x + αβ = x2 – 4x + 1

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Intext Questions

Intext Questions Page No. 81

Question 1.
Did Dobereiner’s triads also exist in the columns of Newlands’ Octaves? Compare and find out.
Answer:
In Newland’s Octaves, the properties of lithium and sodium were found to be the same. This arrangement is also found in Dobereiner triads.

Question 2.
What were the limitations of Dobereiner’s classification?
Answer:
Dobereiner could identify only three ‘triads’ from the elements known at that time. Hence this system of classification into triads was not found to be useful.

MP Board Solutions

Question 3.
What were the limitations of Newlands’ Law of Octaves?
Answer:

The Limitations of Newlands’ Law of Oclaves is as follows:

  1. It was found that the Law of Octaves was applicable only upto calcium, as after calcium every eighth element did not possess properties similar to that of the first.
  2. It was assumed by Newlands’ that only 56 elements existed in nature and no more elements would be discovered in the future. But later on, several new elements were discovered, whose properties did not fit into the Law of Octaves.
  3. In order to fit elements into his Table, Newlands adjusted two elements in the same slot, but also put some unlike elements under the same note.

Intext Questions Page No. 85

Question 1.
Use Mendeleev’s Periodic Table to predict the formulae for the oxides of the following elements: K, C, Al, Si, Ba.
Answer:

  1. K is in I group. Its oxide is K2O
  2. C, is in IV group, its oxide is CO2
  3. Al, is in III group, its oxide is Al2O3
  4. Si, is IV group, its oxide is SiO2
  5. Ba, is in II group, its oxide is BaO

Question 2.
Besides gallium, which other elements have since been discovered that were left by Mendeleev in his Periodic Table? (any two)
Answer:
Scandium and germanium.

Question 3.
What were the criteria used by Mendeleev in creating his Periodic Table?
Answer:
Mendeleev used the relationship between the atomic masses of the elements and their physical and chemical properties. Among chemical properties, he examined the compound formed by elements with oxygen and hydrogen. He found that if the 63 elements known at that time were arranged in the increasing order of their atomic masses, the properties of elements and also formulae of their oxides and hydrides gradually changed from element to element and at a certain interval they suddenly started almost repealing relationship was expressed by Mendeleev’s periodic law. i,e the properties of examinants are the periodic functions of their atomic masses.

Question 4.
Why do you think the noble gases are placed in a separate group?
Answer:
All noble gases are inert elements. Their properties are different from other elements and are the least reactive. Therefore, the noble gases are placed in a separate group.

Intext Questions Page No. 90

Question 1.
How could the Modern Periodic Table remove various anomalies of Mendeleev’s Periodic Table?
Answer:

  1. In the Modern periodic Table atomic number of an elements is a more fundamental property than its atomic mass.
  2. The anomalous position of hydrogen can be discussed after we see what are the basis on which the position of an elements in the Modern Periodic Table depends.
  3. The elements present in any one group have the same number of valence electrons.
  4. Atoms of different elements with the same number of occupied shells are placed in the same period.
  5. In the Modern Periodic Table, a zig-zag line separated metals from non-metals.

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A valence electron calculator is a tool that helps you find the number of valence electrons in an atom.

Question 2.
Name two elements you would expect to show chemical reactions similar to magnesium. What is the basis for your choice?
Answer:
Calcium (Ca) and Strontium (Sr) is expected to show chemical reactions similar to magnesium (Mg). This is because the number of valence electrons (2) is the same in all of these three elements and since chemical properties are due to valence electrons, they show the same chemical reactions.

Question 3.
Name:

  1. Three elements that have a single electron in their outermost shells.
  2. Two elements that have two electrons in their outermost shells.
  3. Three elements with filled outermost shells.

Answer:

  1. Lithium (Li), Sodium (Na), and Potassium (K) has a single electron in their outermost shells.
  2. Magnesium (Mg) and Calcium (Ca) have two electrons in their outermost shells.
  3. Neon (Ne), Argon (Ar), and Xenon (Xe) have filled outermost shells.

Question 4.
Lithium, sodium, potassium are all metals that react with water to liberate hydrogen gas. Is there any similarity in the atoms of these elements?
Answer:

Lithium, sodium and potassium – These three elements have one electron in their outermost orbit.

b) Helium is an unreactive gas and neon is a gas of extremely low reactivity. What, if anything, do their atoms have in common?
Answer:
Both helium (He) and neon (Ne) have filled outermost shells. Helium has a duplet in its K shells, while neon has an octet in its L shells.

Question 5.
In the Modern Periodic Table, which are the metals among the first ten elements?
Answer:
In the modem periodic table, Lithium and Beryllium are the metals among the first 10 elements.

Question 6.
By considering their position in the Periodic Table, which one of the following elements would you expect to have maximum metallic characteristic?
Ga Ge As Se Be
Answer:
Since, ‘Be’ lies to the extreme left-hand side of the periodic table, ‘Be’ is the most metallic among the given elements.

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Ncert Textbook Exercises

Question 1.
Which of the following statements is not a correct statement about the trends when going from left to right across the periods of the periodic table.
(a) The elements become less metallic in nature.
(b) The number of valence electrons increases.
(c) The atoms lose their electrons more easily.
(d) The oxides become more acidic.
Answer:
(c) The atoms lose their electrons more easily.

Question 2.
Element X forms a chloride with the formula XCl2, which is solid with a high melting point. X would most likely be in the same group of the Periodic table as:
(a) Na
(b) Mg
(c) Al
(d) Si
Answer:
(b) Mg

Question 3.
Which element has:
(a) two shells, both of which are completely filled with electrons?
(b) Electronic configuration 2, 8, 2?
(c) a total of three shells, with four electrons in its valence shell?
(d) a total of two shells, with three electrons in its valence shell?
(e) twice as many electrons in its second shell as in its first shell?
Answer:
(a) Neon
(b) Magnesium
(c) Silicon
(d) Boron
(e) Carbon

Question 4.
(a) What property do all elements in the same column of the Periodic table as Boron have in common?
(b) What property do all elements in the same column of the Periodic table as Fluorine have in common?
Answer:
(a) Valency equal to 3.
(b) Valency equal to 1.

MP Board Solutions

Question 5.
An atom has electronic configuration 2, 8, 7.
(a) What is the atomic number of this element?
(b) To which of the following elements would it be chemically similar? (Atomic numbers are given in parentheses.)
N(7) F(9) P(15) Ar(18)
Answer:
(a) The atomic number of this element is 17.
(b) It would be chemically similar to F(9) with configuration as 2, 7.

Question 6.
The position of three elements A, B and C in the Periodic table is shown below:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 1
(a) State whether A is a metal or non-metal.
(b) State whether C is more reactive or less reactive than A.
(c) Will C be larger or smaller in size than B?
(d) Which type of ion, cation or anion, will be formed by element A?
Answer:
(a) A is a non-metal.
(b) C is less reactive than A because reactivity decreases down the group in halogens.
(c) C should be smaller in size than B as moving across a period, the nuclear charge increases and therefore, electrons come closer to the nucleus.
(d) A will form an anion as it will accept an electron to complete its octet.

Question 7.
Nitrogen (atomic number 7) and phosphorus (atomic number 15) belong to group 15 of the Periodic Table. Write the electronic configuration of these two elements. Which of these will be more electronegative? Why?
Answer:
Nitrogen (7) : 2, 5
Phosphorus (15) : 2, 8, 5
Nitrogen is more electronegative because Metallic character decreases across a period and increased down a group.

Question 8.
How does the electronic configuration of an atom relate to its position in the Modern Periodic table?
Answer:
In the modern periodic table, atoms with similar electronic configurations are placed in the same column. In a group, the number of valence electrons remains the same. Elements across a period show an increase in the number of valence electrons.

Question 9.
In the Modern Periodic table, calcium (atomic number 20) is surrounded by elements with atomic numbers 12, 19, 21, and 38. Which of these have physical and chemical properties resembling calcium?
Answer:
The element with atomic number 12 has the same chemical properties as that of calcium. This is because both of them have same number of valence electrons (2).

Question 10.
Compare and contrast the arrangement of elements in Mendeleev’s Periodic table and the Modern Periodic table.
Answer:

Mendeleev s Periodic table:

    1. Elements are arranged in the increasing order of their atomic mass.
    2. This table has 8 groups and 6 periods. And each group is subdivided as an A and B.
    3. In this table, Hydrogen has no position.
    4. No position for isotopes, because in Mendeleev period these are not discovered.

Modern Periodic table:

    1. Elements are arranged in the increasing order of their atomic number.
    2. It has 18 groups and 7 periods.
    3. Inert gases are placed in separate groups.
    4. In this table, a zigzag line separates Metals from Non-metals.

(or)

Mendeleev’s Periodic table vs Modern Periodic table:

  1. Elements are arranged in the increasing order of their atomic masses, while in Modern Periodic table elements are arranged in the increasing order of their atomic numbers.
  2. There are a total of 7 groups (columns) and 6 periods (rows) while in Mendeleev’s’ Periodic Table, there are a total of 18 groups (columns) and 7 periods (rows).
  3. Elements having similar properties were placed directly under one another, while in Mendeleev’s’ Periodic Table elements having the same number of valence electrons are present in the same group.
  4. In Mendeleev’s Periodic Table the position of hydrogen could not be explained, while in Modern Periodic table hydrogen is placed above alkali metals.
  5. No distinguishing positions for metals and non-metals in Mendeleev’s Periodic Table while in Modern Periodic Table metals are present at the left-hand side of the periodic table whereas nonmetals are present at the right-hand side.

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Additional Questions

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Multiple Choice Questions

Question 1.
Which of the following statements is correct about the trends when going down in a group of the periodic table?
(a) Elements become less electropositive in nature.
(b) Element oxides become more acidic.
(c) Valence electrons increases.
(d) Elements lose their electrons more easily.
Answer:
(d) Elements lose their electrons more easily.

Question 2.
Element A forms a chloride with the formula ACl3, which is a stable compound. A would most likely be the same group of the Periodic Table as –
(a) Na
(b) Mg
(c) Al
(d) Si
Answer:
(c) Al

Question 3.
Which of the following are coin metals?
(a) Ne, Ca, Na
(b) H2, N2, O2
(c) Li, Na, K
(d) Cu, Au, Ag
Answer:
(d) Cu, Au, Ag

Question 4.
Who gave the triad arrangement of elements?
(a) Mendeleev
(b) Newlands
(c) Dalton
(d) Dobereiner
Answer:
(d) Dobereiner

Question 5.
Newlands periodic table is based on the
(a) Atomic weight
(b) Atomic number
(c) Atomic radius
(d) Atomic volume
Answer:
(a) Atomic weight

Question 6.
Which of the following is not gas in normal atmospheric condition?
(a) Helium (He)
(b) Argon (Ar)
(c) Bromine (Br)
(d) Chlorine (Cl)
Answer:
(c) Bromine (Br)

Question 7.
While moving left to right across a period, the atomic radii –
(a) Remains the same
(b) Approaches zero
(c) Decreases
(d) Increases first then decreases
Answer:
(c) Decreases

Question 8.
Which element is a metalloid?
(a) Carbon
(b) Nitrogen
(c) Oxygen
(d) Silicon
Answer:
(d) Silicon

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Question 9.
Moseley’s periodic table is based on
(a) Atomic mass
(b) Mass number
(c) Atomic number
(d) Atomic volume
Answer:
(c) Atomic number

Question 10.
Which of the following is a group of highly electronegative elements?
(a) Cl, Br, I
(b) S, Se, Te
(c) Na, K, Rb
(d) Ca, Sr, Ba
Answer:
(a) Cl, Br, I

Question 11.
Which of the following elements is a non-metal?
(a) Aluminium
(b) Chlorine
(c) Sodium
(d) Silicon
Answer:
(b) Chlorine

Question 12.
As we move down in a group in Modern Periodic Table, the size of elements generally
(a) increases
(b) decreases
(c) remain the same
(d) first, increase then decrease
Answer:
(a) increases

Question 13.
As we move from top to bottom in a group in Modern Periodic Table, the electronegativity of elements
(a) Increases
(b) Decreases
(c) No change
(d) Not certain
Answer:
(b) Decreases

Question 14.
Which group of elements is considered most electropositive?
(a) Group 1
(b) Group 2
(c) Group 17
(d) Group 18
Answer:
(a) Group 1

Question 15.
Group 1 elements are also called as:
(a) Alkali metals
(b) Alkaline earth metals
(c) Halogens
(d) Noble gases
Answer:
(a) Alkali metals

Question 16.
Group 17 elements are also called as:
(a) Alkali Metals
(b) Alkaline Earth Metals
(c) Halogens
(d) Noble Gases
Answer:
(c) Halogens

Question 17.
How many elements were known when Mendeleev started his work?
(a) 100
(b) 215
(c) 65
(d) 80
Answer:
(c) 65

Question 18.
Why Mendeleev left spaces in his Periodic Table?
(a) A mistake
(b) For future elements
(c) For Isotopes
(d) For Isobars
Answer:
(b) For future elements

Question 19.
Why Lanthanoids and Actinoids are placed below in the Periodic Table?
(a) A mistake
(b) Better representation and view
(c) They were found very recently
(d) All of the above
Answer:
(c) They were found very recently

Question 20.
A period may have elements with –
(a) Variable atomic sizes
(b) Variable atomic number
(c) Variable valency
(d) All of the above
Answer:
(d) All of the above

Question 21.
Element A belongs to group 15. The formula of its hydride will:
(a) AH
(b) AH2
(c) AH3
(d) A3H
Answer:
(c) AH3

Question 22.
An electropositive element, A with 2 valence electron will form which type of oxide?
(a) AO
(b) A2O
(c) AO2
(d) AO3
Answer:
(a) AO

Question 23.
Most electronegative element in our Periodic Table:
(a) Iron
(b) Nitrogen
(c) Carbon
(d) Flourine
Answer:
(d) Flourine

Question 24.
Which of the following elements where not among metals/elements named to fill the gap of Mendeleev’s Periodic Tablespaces?
(a) Cobalt
(b) Scandium
(c) Gallium
(d) Germanium
Answer:
(a) Cobalt

Question 25.
In a group, all elements have similar ………..
(a) Electronic configuration
(b) Valence electron
(c) Electronegativity
(d) All of these
Answer:
(b) Valence electron

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Question 26.
Which among the following is a noble gas?
(a) C
(b) N
(c) O
(d) Ne
Answer:
(d) Ne

Question 27.
Which of the following elements has electronic configuration E = 2, 6?
(a) C
(b) N
(c) O
(d) Ne
Answer:
(c) O

Question 28.
Which of the following elements is a metalloid?
(a) B
(b) Al
(c) S
(d) P
Answer:
(a) B

Question 29.
Which of the following is not a halogen?
(a) Br
(b) I
(c) Te
(d) At
Answer:
(c) Te

Question 30.
Which element has a total of two shells, with four valence electrons?
(a) C
(b) N
(c) Br
(d) Co
Answer:
(a) C
(ii) Match column A’s description with column B’s Particulars.
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 2
Answers:

  1. → 12
  2. → 3
  3. → 2
  4. → 4
  5. → 5
  6. → 13
  7. → 11
  8. → 14
  9. → 10
  10. → 10
  11. → 6
  12. → 1
  13. → 7
  14. → 8

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What would be the maximum number of electrons present in the outermost shell of atoms in the first period of Periodic Table?
Answer:
Two

Question 2.
What is Solder?
Answer:
It is an alloy of lead (Pb) and tin (Sn).

Question 3.
What is anode mud?
Answer:
During electrolytic refining, the soluble impurities go into the solution, Whereas, the insoluble impurities settle down at the bottom of anode and are known as anode mud.

Question 4.
Which metal is used with iron oxide to join railway tracks or cracked machine parts?
Answer:
Aluminium.

Question 5.
Give the thermit reaction.
Answer:
Fe2O3(s) + 2Al(s) → 2 Fe(l) + Al2O3(s) + Heat

Question 6.
Roasting is used for the extraction of which ore?
Answer:
Sulphide ore.

Question 7.
Name the metal lowest inactivity series (relative reactivities of metals).
Answer:
Au or Gold.

Question 8.
Which gas is evolved when a metal reacts with nitric acid?
Answer:
Hydrogen gas.

Question 9.
Name any two metal that does not react with water at all.
Answer:
Lead, copper, gold, silver. (any two)

Question 10.
Complete the following reaction: Metal oxide + water →.
Answer:
Metal hydroxide.

Question 11.
Which material is used to coat electric wires in homes?
Answer:
PVC or Polyvinylchloride.

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Question 12.
Name any two metals that are poor conductors of heat.
Answer:
Lead and mercury.

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Short Answer Type Questions

Question 1.
What are the limitations of the Modern Periodic Table?
Answer:
The limitations of the Modern Periodic Table:
Position of hydrogen still dicey. It is not fixed till now. Position of lanthanides and actinides has not been given inside the main body of the Periodic Table. It does not reflect the exact distribution of electrons of some of the transition and inner transition elements.

Question 2.
Two elements X and Y have atomic numbers 12 and 16 respectively. Write the electronic configuration for these elements. To which period of the Modern Periodic Table do these two elements belong? What type of bond will be formed between them and why?
Answer:
Electronic configuration of X (Z= 12): 2, 8,2
Electronic configuration of Y (Z = 16): 2, 8,6
Both these elements belong to the third period. An ionic bond is formed between X and Y due to the transfer of two electrons from X to Y.

Question 3.
The present classification of elements is based on which fundamental property of elements?
Answer:
Atomic number.

Question 4.
Li, Na and K are the elements of a Dobereiner’s Triad. If the atomic mass of Li is 7 and that of K is 39, what would be the atomic mass of Na?
Answer:
According to of Dobereiner’s law of triads, the atomic mass of the middle element, in this case, Na, should be the arithmetic mean of Li and K. Thus, Arithmetic mean of Li and K = (7 + 39)/2 = 23.

Question 5.
Define Dobereiner’s law of triads.
Answer:
It states, “When elements are placed in order of the ascending order of atomic masses, groups of three elements having similar properties are obtained. The atomic mass of the middle element of the triad is equal to the mean of the atomic masses of the other two elements of the triad.”

Question 6.
Why did Dobereiner’s system of classification fail?
Answer:
The major drawback of Döbereiner’s classification was that it was valid only for a few groups of elements known during that time. He was able to identify three triads only. Also, more accurate measurements of atomic masses showed that the mid element of the triad did not really have the mean value of the sum of the other two elements of the triad. For elements of very low mass or very high mass, the law did not hold good. For example, Fluorine (F), Chlorine (Cl), Bromine (Br). The atomic mass of Cl is not an arithmetic mean of atomic masses of F and Br.

Question 7.
Explain the position of metalloids in the Modern Periodic Table.
Answer:
In the Modern Periodic Table, a zig-zag line separates metals from non-metals. The borderline elements – boron, silicon, germanium, arsenic, antimony, tellurium and polonium – are intermediate in properties and are called metalloids or semi-metals.

Question 8.
Why silicon is classified as metalloid?
Answer:
Silicon is classified as a semi-metal or metalloid because it exhibits some properties of both metals and non-metals.

Question 9.
State Newlands law of octaves.
Answer;
Elements are arranged in increasing order of their atomic masses such that the properties of the eighth element are the repetition of the properties of the first element (similar to eighth note in an octave of music).

Question 10.
X and Y are the two elements having similar properties which obey Newlands law of octaves. How many elements are there in between X and Y?
Answer:
The law states there are eight elements in an octave (row). A number of elements between X and Y are six.

Question 11.
What are the drawbacks of Newlands law of octaves?
Answer:
Following are the major drawbacks:

  1. Worked well with lighter elements (upto calcium. After those elements in the eighth column did not possess properties similar to elements in the first column.
  2. Newland assumed only 56 elements existed so far. Later, new elements were discovered which did not fit into octaves table.
  3. Newland adjusted few elements in the same slot through their properties were quite different, e.g., Cobalt and nickel are in the same slot and these are placed in the same column as fluorine, chlorine and bromine which have very different properties than these elements. Iron, which resembles cobalt and nickel in properties, has been placed far away from these elements.

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Long Answer Type Questions

Question 1.
What are the salient features of the Modern Periodic Table?
Answer:
In a period of the Periodic Table, the number of valence electrons increases as the atomic number increases. As a result, elements change from metal to metalloid to nonmetal to a noble gas. Atomic size is a periodic property. As atomic number increases in a period, the atomic radius decreases. As atomic number increases in a group, atomic radius increases.

Positive ions have smaller atomic radii than the neutral atoms from which they derive. Negative ions have larger atomic radii than their neutral atoms. Positive ions in the same group increase in size down the group. In a group, each element has the same number of valence electrons. As a result, the elements in a group show similar chemical behaviour.

Metallic character decreases from left to right in a period because of the increase in the effective nuclear charge. Non-metallic character increase from left to right in a period because of the increase in effective nuclear charge. Non-metallic character decreases down the group because of increase in the size of the atom.

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Question 2.
What periodic trends do we observe in terms of atomic radii or atomic sizes in Modern Periodic table?
Answer:
Following two trends are observed:
1. Within each column (group), atomic radius tends to increase from top to bottom. This trend results primarily from the increase in the number of the outer electrons. As we go down a column, the outer electrons have a greater probability of being farther from the nucleus, causing the atom to increase in size.

2. Within each row (period), the atomic radius tends to decrease from left to right. The major factor influencing this trend is the increase in the nuclear charge as we move across a row. The increasing effective nuclear charge steadily draws the valence electrons closer to the nucleus, causing the atomic radius to decrease.

Question 3.
An element A with atomic number 19 combines separately with NO3and (SO4)2,(PO4)3radicals:
(a) Give the electronic configuration of element A.
(b) Write the formulae of the three compounds so formed.
(c) To which group of the periodic table does the element ‘R’ belong?
(d) Does it form covalent or ionic compound? Why?
Answer:
(a) Electronic configuration of A: 2,8, 8, 1.
(b) Compounds formed are A(NO3), A2(SO4) and K3(PO4).
(c) A has one valence electron and hence, it belongs to the first group.
(d) It forms the ionic compound.

Question 4.
Describe types of periods, blocks and trends of periodic properties along periods associated with Modern Periodic Table.
Answer:
Periods:
First period (Atomic number 1 and 2): This is the shortest period. It contains only two elements (hydrogen and helium).

Second Period: (Atomic number 3 to 10): It contains eight elements (lithium to neon).

Third period (Atomic number 11 to 18): It contains eight elements (sodium to argon).

Fourth period (Atomic number 19 to 36): Row contains eighteen elements (potassium to krypton). i.e., 8 normal elements and 10 transition elements.

5th period (Atomic number 37 to 54): Contains 18 elements (rubidium to xenon) includes 8 normal elements and 10 transition elements.

Sixth period (Atomic number 55 to 86): The longest period. It contains 32 elements (caesium to radon) has 8 normal elements, 10 transition elements and 14 inner transition elements (lanthanides).

7th period (Atomic number 87 to 118): As like the sixth period, this period also can accommodate 32 elements. Till now 26 elements have been authenticated by IUPAC.

Blocks in Periodic Table:
The periodic table includes “blocks” defined in terms of which type of orbital is being filled via the Aufbau principle. This gives us the s-block, p-block, d-block, and f-block.

Blocks:
The s-, p-, d-, and f-blocks contain elements with outer electrons in the same type of orbital. Another key link between electron arrangement and position in the periodic table is that elements in any one main group have the same number of electrons in their highest energy level. The number of elements discovered so far is 118. The last element authenticated by IUPAC is Cn112 (Copernicium).

Properties of Periods: As you proceed to the left in a period or as you proceed down within a group:

  1. The metallic strength increases (Non-Metallic Strength decreases).
  2. The atomic radius increases.
  3. The ionization potential decreases.
  4. The electron affinity decreases.
  5. The electronegativity decreases.

MP Board Class 10th Science Chapter 5 Textbook Activities

Class 10 Science Activity 5.1 Page No. 84

  1. Looking at its resemblance to alkali metals and the halogen family, try to assign hydrogen a correct position in Mendeleev’s Period Table.
  2. To which group and period should hydrogen be assigned?

Observations:

  1. No position can be fixed for hydrogen in the Mendeleev’s Periodic Table.
  2. Properties of hydrogen fit with alkali metal as it combines with halogens, oxygen and sulphur to form compounds.
  3. Properties of hydrogen also fit or are similar to halogen as it exists in the form of diatomic molecules and combines with metals and non-metals forming covalent compounds.

Class 10 Science Activity 5.2 Page No. 85

  1. Consider the isotopes of chlorine, Cl-35 and CI-37.
  2. Would you place them in different slots because their atomic masses are different?
  3. Or would you place them in the same position because their chemical properties are the same?

Observations:
Two isotopes of chlorine are Cl-35 and Cl-37. Both isotopes have the same chemical properties and hence, both isotopes should be placed in the same position.

Class 10 Science Activity 5.3 Page No. 85

  1. How were the positions of cobalt and nickel resolved in the Modern Periodic Table?
  2. How were the positions of isotopes of various elements decided in the Modern Periodic Table?
  3. Is it possible to have an element with atomic number 1, 5 placed between hydrogen and helium?
  4. Where do you think should hydrogen be placed in the Modern Periodic Table?

Observations:
The position of Cobalt and Nickel were decided by placing them in the increasing order of atomic number in the Modern Periodic Table. Since isotopes are elements with the similar atomic number they are placed in the same position as its basic elements in the modern periodic table.

Class 10 Science Activity 5.4 Page No. 87

  1. Look at group 1 of the Modern Periodic Table, and name the elements present in it. Write down the electronic configuration of the first three elements of group 1.
  2. What similarity do you find in their electronic configurations?
  3. How many valence electrons are present in these three elements?

Observations:
Elements present in Group 1 are:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 3
Electronic configuration of the first three elements of Group I are as below:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 4

Class 10 Science Activity 5.6 Page No. 87

  1. If you look at the Modern Periodic Table, you will find that the elements Li, Be, B, C, N, O, F, and Ne are present in the second period. Write down their electronic configurations.
  2. Do these elements also contain the same number of valence electrons?
  3. Do they contain the same number of shells?

Observations:
No, these elements contain variable valence electrons as they belong to different groups:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 5

Class 10 Science Activity 5.6 Page No. 88

  1. How do you calculate the valency of an element from its electronic configuration?
  2. What is the valency of magnesium with atomic number 12 and sulphur with atomic number 16?
  3. Similarly, find out the valencies of the first twenty elements.
  4. How does the valency vary in a period on going from left to right?
  5. How does the valency vary in going down a group?

Observations:

  1. Valency of an element can be calculated by the numbers of valence electron present.
  2. Valency of Magnesium: 2
  3. Valency of Sulphur: 2 Variation of valency while moving left to right in a period.
    1 → 2 → 3 → 4 → 3 → 2 → 1 → 0
  4. Variation of valency while going down in a group does not change.

Class 10 Science Activity 5.7 Page No. 88

  1. Atomic radii of the elements of the second period are given below:
    MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 6
  2. Arrange them in decreasing order of their atomic radii.
  3. Are the elements now arranged in the pattern of a period in the Periodic Table?
  4. Which elements have the largest and the smallest atoms?
  5. How does the atomic radius change as you go from left to right in a period?

Observations:
Decreasing order of atomic radii of following elements:

  1. O < N < C < B < Be < Li
  2. No in pattern.
  3. Oxygen is smallest as per given data while Li is largest.
  4. Atomic radius reduces while moving right in a group a, nuclear charge increase.

Class 10 Science Activity 5.8 Page No. 89

  1. Study the variation in the atomic radii of first group elements given below and arrange them in increasing order.
    MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 7
  2. Name the elements which have the smallest and the largest atoms.
  3. How does the atomic size vary as you go down a group?

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 8

  1. Sodium (Na) has the smallest atom and calcium (Ca) has the largest atom.
  2. Atomic size increases as we go down a group.

Class 10 Science Activity 5.9 Page No. 89

  1. Examine elements of the third period and classify them as metals and non-metals.
  2. On which side of the Periodic Table do you find the metals?
  3. On which side of the Periodic Table do you find the non-metals?

Observations:
Elements of the third period are:
MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 5 Periodic Classification of Elements 9

Class 10 Science Activity 5.10 Page No. 89

  1. How do you think the tendency to lose electrons change in a group?
  2. How will this tendency change in a period?

Observations:
Metallic property reduces while moving right in a period.

Class 10 Science Activity 5.11 Page No. 90

  1. How would the tendency to gain electrons change as you go from left to right across a period? How
  2. would the tendency to gain electrons change as you go down a group?

Observations:

  1. The electrons increases as we go left to right in a period up to 17th group. It decreases in the 18th
  2. group. The tendency of gaining the electrons decreases as we go down a group.

MP Board Class 10th Science Solutions